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भालसरिक_गाछ_सँ_एआई_धरि_मैथिली.m4a
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- 0:00–0:05मैथिली वेब पत्रकारिता कर रोचक इतिहास पर एजमर एक तवरिद साराव्च्छे
- 0:05–0:10दिखु, आशीश अन्छिनार कपोती सलेल गेल इजानकारी, आहक बतावोद,
- 0:10–0:14जे कोना हमर भाषा, शिर्वाती अन्ट्रनेट सलह के,
- 0:14–0:17आईकालिक आर्टेश्टिल इंटेलिजन्स द़़ी पहुचल
- 0:17–0:22आईही भीच कोना कते को ब्रामक्दाबेक पर्दाफाष्ट से हो भेल
- 0:22–0:27पहिल आहा सोचु जे जोंकिो आपन पोस्ट तारिक पाच्ठा कबबद्लि लेप
- 0:27–0:29तकि उ इतियास कप पहिल पन्ना बन जैते?
- 0:29–0:31इक्दम नहीं है ना?
- 0:31–0:36सबूटक का आदार पर कते क रास बाद जका साइटक इजूद पकडल गेल.
- 0:36–0:42असल में वर्ष् 2000 में गजंदर ताकृ दूरा याहु जीो सितिस
- 0:42–0:46मानेज अंट्रनेट्पः वैप्साइट बनेबाक एक ता बहुत शुर्वाती प्लाट्फाम चल,
- 0:46–0:52तेपः शुरुकिल गेल भाल सरी गाची अद्टनेट्बः मेठलिक वास्तविक पहल अपस्तितिचे.
- 0:52–0:57तो सर आब भाली परस्टल वेप पेज बनेला से तब वाशाक विकास नेववसके चलना,
- 0:57–1:00एक रा लेल एक ता मजबुत अदारक जरूरत चल.
- 1:00–1:05तव वर्ष 2008 में गजेंद्दाखुर विदेः इपत्रिका शुरूकिला
- 1:05–1:08जि बूजु मेत्लिक लेल एक ता नवा साम्राजिच्छल
- 1:08–1:11एक रा नसर्फ पहल ISS न भेटल
- 1:11–1:16यानी इंटनेट्प मेत्लिक पहल अंतराश्ट्रिया मानेता प्राप्त्रिका बनल
- 1:16–1:24बलकी एब्रेल अ तिरहुता लिपी में से हो आएल अ एकरे तीमक महनत सा 2014 में में विकिपीड्या से हो शुरुबहल.
- 1:24–1:29अन्त में आहा सोचे थे बैज्ग की मशीन हमर आहाक मात्र बाशा बुजी सके तची.
- 1:29–1:34तेखर जवाब अचे एक्दम, मेठली आप खाली साहिट्तिग भाशा नहीं रहल,
- 1:34–1:40जे न्वू ग्रीष नात जाद्वरा बिंग त्रान्सलेटर अ दोहाँजार अस्वौरुब हैल
- 1:40–1:43गुगल त्रान्सलेटक प्रायास इस साफ करे तची,
- 1:43–1:49जे मेठिली आब मशीन लेणिंग आ आट्टिफिष्टलिजन्स कदूनिया में मजबूती सा अपना कदम राखी चूकल अचे.
- 1:49–1:53कुल मिला कम मेठिलिक इगज़ब कदिजितल यात्रा इप्रमानित करे तची,
- 1:53–1:56जिस सही प्रयासक बल पर कोनो भी चेत्री अबाशा
- 1:56–1:59इंटरनेट के दूनिया में अपन जंडा गार सके तचे.
Plain text
मैथिली वेब पत्रकारिता कर रोचक इतिहास पर एजमर एक तवरिद साराव्च्छे दिखु, आशीश अन्छिनार कपोती सलेल गेल इजानकारी, आहक बतावोद, जे कोना हमर भाषा, शिर्वाती अन्ट्रनेट सलह के, आईकालिक आर्टेश्टिल इंटेलिजन्स द़़ी पहुचल आईही भीच कोना कते को ब्रामक्दाबेक पर्दाफाष्ट से हो भेल पहिल आहा सोचु जे जोंकिो आपन पोस्ट तारिक पाच्ठा कबबद्लि लेप तकि उ इतियास कप पहिल पन्ना बन जैते? इक्दम नहीं है ना? सबूटक का आदार पर कते क रास बाद जका साइटक इजूद पकडल गेल. असल में वर्ष् 2000 में गजंदर ताकृ दूरा याहु जीो सितिस मानेज अंट्रनेट्पः वैप्साइट बनेबाक एक ता बहुत शुर्वाती प्लाट्फाम चल, तेपः शुरुकिल गेल भाल सरी गाची अद्टनेट्बः मेठलिक वास्तविक पहल अपस्तितिचे. तो सर आब भाली परस्टल वेप पेज बनेला से तब वाशाक विकास नेववसके चलना, एक रा लेल एक ता मजबुत अदारक जरूरत चल. तव वर्ष 2008 में गजेंद्दाखुर विदेः इपत्रिका शुरूकिला जि बूजु मेत्लिक लेल एक ता नवा साम्राजिच्छल एक रा नसर्फ पहल ISS न भेटल यानी इंटनेट्प मेत्लिक पहल अंतराश्ट्रिया मानेता प्राप्त्रिका बनल बलकी एब्रेल अ तिरहुता लिपी में से हो आएल अ एकरे तीमक महनत सा 2014 में में विकिपीड्या से हो शुरुबहल. अन्त में आहा सोचे थे बैज्ग की मशीन हमर आहाक मात्र बाशा बुजी सके तची. तेखर जवाब अचे एक्दम, मेठली आप खाली साहिट्तिग भाशा नहीं रहल, जे न्वू ग्रीष नात जाद्वरा बिंग त्रान्सलेटर अ दोहाँजार अस्वौरुब हैल गुगल त्रान्सलेटक प्रायास इस साफ करे तची, जे मेठिली आब मशीन लेणिंग आ आट्टिफिष्टलिजन्स कदूनिया में मजबूती सा अपना कदम राखी चूकल अचे. कुल मिला कम मेठिलिक इगज़ब कदिजितल यात्रा इप्रमानित करे तची, जिस सही प्रयासक बल पर कोनो भी चेत्री अबाशा इंटरनेट के दूनिया में अपन जंडा गार सके तचे.