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SETUSHAM MAITHILI.mp4

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Part 1 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 1
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hi (0.432838)
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  1. 0:00–0:02स्वागत अची एक ता आवर नव्विवेचना में
  2. 0:03–0:07आई हम सब एक ता आवर विष्वेपर गब करब, जे हमरा सबखग जडी संजूरा लची
  3. 0:07–0:12मेथिली भाषाको उ अक्रषक दुन्या आवक्रा विलुप्त होईप सा बचे बाकलेल,
  4. 0:12–0:17जे आदूनिक अस्तर पर एक विशाल प्रयास भहुर हाल अची, ताई पर गेराई सचर्चा करा.
  5. 0:17–0:20तब बिना कुनो देरी के आउ श्रू करे ची.
  6. 0:20–0:24विशायक आरंब से तु शाम अर्थाद पूल निरमान सिकर अची.
  7. 0:24–0:27जे हमर सब का आजुक विवेचनाक मुख्य आदार थेक
  8. 0:27–0:33बाशा के बचाईबाक एरुपक वादर्षन कतो नहीं कतो हमरा सब कद्यान की चाईत अच्छी
  9. 0:33–0:36ता असल मैं इई सेतुशाम अच्छी की
  10. 0:36–0:39इई सामवेदक एक ता प्राछीन मंत्र अच्छी
  11. 0:39–0:42जे क्रा एक ता मार्ग दर्षक दर्षनक रूप में लेल गेल अची.
  12. 0:42–0:46इदर्षन मुख्य रूप सा दूगोट वेक्तिक लेल बहुत पैग प्रेडना बनल,
  13. 0:47–0:50जे क्रोद, लोब, अविश्वास, आँ असत्ति जका,
  14. 0:50–0:52चारी ता पैग बादा के पार कै कै,
  15. 0:52–0:56एक ता जीवन्त मेठली भाशक निर्मानक लेल काजकरे रहाल्चा थेन
  16. 0:57–1:02आई रूपक हम्रा सबख आजुक विवेचनाक पूरा सन्रचनाके अस्पस्ट का देत अच
  17. 1:02–1:32हम सब देख हब, जे कुना इब वाशिक पूल, पीर ही, दिजिटल दूरी, अप्राचीन इतिहाँसक बीच बनलच, मैठलिक लेल पूल निरमान से शुरुका के, बाल साहिते, उकर बाद दिजिटल पूल राजागरन, पंजी के दिजिटली करन, आ अंत तता अगला दिजितल
  18. 1:32–1:34सम्पून संस्क्रूतिक संवर्ख्षनक लेल
  19. 1:34–1:37एक ता मस्बूत आदार तधार करे ता ची.
  20. 1:38–1:39बाल साहेत्ते क छेत्र में
  21. 1:39–1:41अग्रनी भूमिकाक बात करी
  22. 1:41–1:43ता सबसा पहले प्रीती ताकुर जी
  23. 1:43–1:46दूरा निर्मित पीडी गत पोल कर
  24. 1:46–1:47चर्चा करब.
  25. 1:47–1:57उ एक ता आहन लेकिका च्हतिन जे बाल साहेते क माद्यम सा यूवावर्ग के हूंकर संसक्रतिक ज़दी सा जोडवाक एक ता अबहुत पुर्वकाज काईलनी च्हन.
  26. 1:57–2:04आहा बूजी सकती ची कोनो भाशाक भविषे वोकर सबस चोछ बजवया सबख कलपना पर निरभर कर अची.
  27. 2:04–2:07प्रीती जी ईबात बहुत नीक जकाम भूजलनी.
  28. 2:07–2:14गोनुजासला के विद्यापतिक पूरुष परिक्षादरी ओ मेठलीक पहल चित्र कता सबख्रचना के लानी
  29. 2:14–2:18इसब पोती आपन आप में एक ता बहुत पैग अटिहासिक कदा मचे
  30. 2:18–2:48अब आँ दिजिटल पुनर जाग्रनक नव का दून्या में प्रवेश करी आद देखीजे गजेंद्र ताकृर कोना अपन एक अपन एक प्रवेश करी अपन विरासत नव कर दूप परवेश करी अपन विरासत बाद बाद बाद बाद बाद बाद बाद बाद बाद बाद बा
  31. 2:48–3:18अगर बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्या�
  32. 3:18–3:22अदिछन अस्तापित करवाक एक तब बहुत रोमान्चक यातर रहलत्छी
  33. 3:22–3:25आँआआके सूनी का आश्चार्या लागत,
  34. 3:25–3:27जे य विदेध पत्रिका एक दू नहीं,
  35. 3:27–3:31बलकी एगारा ता भिन भिन्न लीपी में प्रकाषित होगता ची
  36. 3:31–3:35देवनागरी आत्टिर हुताजका मुख्यदाराक लिपिक संगे-संगे
  37. 3:35–3:41द्रिष्टी हीन लोकनिल ब्रेल आन निवारी तधाथ ति बतीजका लिपिक उप्योग से हो भरहल आची
  38. 3:41–3:46इप रमानित करे तचे जे मैत्फिली बाशा कतेक समावेशी आव्यापा कचे
  39. 3:46–3:53तए तए सब समहत्व पुर्नबात एबुजवाक अची जो मात्र सहिट्ट्यक दिजिटली करन नहीं के लेनी.
  40. 3:53–3:59बलकी मैत्टली केन आदूनिक बैष्विक उपकरनक संजोडबाक लेल सप्षलता पुर्वक वकालत से होगे लेनी.
  41. 3:59–4:05जकर परिनाम इभेल जे 2022 में मैठली गुगल ट्रन्स्लेट जगाप पाइक प्लेट्फार मेजोर सकल,
  42. 4:06–4:11एक रसंगे संग मोबायला कमपुटर के लेई शब्द्खोश अ दिजिटल पुस्तकालेक निरमान से अ समबभेल,
  43. 4:11–4:15निरमान से अ समबभल ये एक ता बहुत पैगुप्लप्दिया ची
  44. 4:15–4:20आई हम्रा सबखे प्राषीन पंजी करन के दिजिटली करन दिष्ल जाई ता ची
  45. 4:20–4:26जताई शताब दी पुरान वन्शावली इतिहास आदूनेक अपन सूर्स आरकाइविंच सम्मिलग ता ची
  46. 4:26–4:31तनी कल्पना करु चव्दम शताबदी सचली आभी रहल वन्शावली रिकोड,
  47. 4:31–4:33यी पन्जी प्रबन्ध अची,
  48. 4:33–4:38जे मुल रूप से मित्लाक ब्राम्वन और कर्ड कायस्त सबखक लिखल वन्शावली रिकोड थिक.
  49. 4:38–4:42इपारमपर एक रूप से विवाहक निनेक लेल उप्योग हूँएत शल.
  50. 4:42–4:47मुदा गजिंद्र ताकोर एक्रा दिजितल पबलिक डोमेन में लोके एक्ता क्रान्ती लाभी दिलैनी.
  51. 4:47–4:51और एक्रा आम जन मानस के लेल एक्दम सुलब बना दिलैनी.
  52. 4:51–4:59एकर प्रभाव कतिक पएग भेल से एसब भूजु जे 2007 में पनजी रिको़ड कर दिजितली करन्ग कारन,
  53. 4:59–5:29यून्वाँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ
  54. 5:29–5:33अगर उदिने लोगिकल सुस्टीजका संस्थाक एक अदिकार में राख्खल गेल चल.
  55. 5:33–5:37अदूसर दिस आछे गजेंद्र तहाकृर की नवका अपन सूर्स तरीका,
  56. 5:37–5:42जे पूरन रूप सं दिज्टल आछे अजीनो मैपिंग तता दूसरन पंजीजका पोथेक रूप में
  57. 5:42–5:44अद्रीवाप्त में आसानी सा उपलब दखाजी
  58. 5:44–5:47सच पुषुता इग्यान का अस्ली लोग्टन्त्री करन है
  59. 5:47–5:50लिखिल शब्द के दिजितल रूभ देवाखबाद
  60. 5:50–5:54आब हम्रा सब के अगला दिजितल चुनातिक विषेमे
  61. 5:54–5:56चर्चा करबा कावष्खता आची
  62. 5:56–6:26यह आप देखाई तो बजाएद बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी
  63. 6:26–6:36मेतली के तुरन्त पोट्कास्ट, हाई लेवल वीट्योनी बन्ध, मोखिक इतिहास पर्योजना, आज जीवन्त सोषल मेड्या प्लाट्फाम दरी अपन विस्तार करवाग चाही.
  64. 6:36–6:40कि एक ता आएकल की यूवा पीडी इत्याया ची?
  65. 6:40–6:47साहित्ते के संगे संग श्रव्विद्रिष्ज, मने अडियो विज्वल प्रारुप में अकाद्मिक चर्चा का बारी आवश्श्च्ता ची,
  66. 6:47–6:51जा यसा इब हाशा लोकक मोन से लोकक कानदरी पहुची सके.
  67. 6:51–6:56तीक चे आव एही विवेचना के एक ता अन्तिम भीचारक संख समेटेद ची
  68. 6:56–7:01आए कोनो प्राछीन परमपरा वा भाब हाशाके बचाबक अर्थ मात्र
  69. 7:01–7:04उकरा मुदिमजका संगरक्षित कैर के राख हव नही आचे
  70. 7:04–7:26अगरा निरन्तर विखसित होग़े जाहिसा उ लोकक स्क्रीन अद्धिनिक धिजितल अददत के हिस्चा बनी सके ता सोचबाक विशा इए इचे की मैठ ली आपन इनव अडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडिय

Plain text

स्वागत अची एक ता आवर नव्विवेचना में आई हम सब एक ता आवर विष्वेपर गब करब, जे हमरा सबखग जडी संजूरा लची मेथिली भाषाको उ अक्रषक दुन्या आवक्रा विलुप्त होईप सा बचे बाकलेल, जे आदूनिक अस्तर पर एक विशाल प्रयास भहुर हाल अची, ताई पर गेराई सचर्चा करा. तब बिना कुनो देरी के आउ श्रू करे ची. विशायक आरंब से तु शाम अर्थाद पूल निरमान सिकर अची. जे हमर सब का आजुक विवेचनाक मुख्य आदार थेक बाशा के बचाईबाक एरुपक वादर्षन कतो नहीं कतो हमरा सब कद्यान की चाईत अच्छी ता असल मैं इई सेतुशाम अच्छी की इई सामवेदक एक ता प्राछीन मंत्र अच्छी जे क्रा एक ता मार्ग दर्षक दर्षनक रूप में लेल गेल अची. इदर्षन मुख्य रूप सा दूगोट वेक्तिक लेल बहुत पैग प्रेडना बनल, जे क्रोद, लोब, अविश्वास, आँ असत्ति जका, चारी ता पैग बादा के पार कै कै, एक ता जीवन्त मेठली भाशक निर्मानक लेल काजकरे रहाल्चा थेन आई रूपक हम्रा सबख आजुक विवेचनाक पूरा सन्रचनाके अस्पस्ट का देत अच हम सब देख हब, जे कुना इब वाशिक पूल, पीर ही, दिजिटल दूरी, अप्राचीन इतिहाँसक बीच बनलच, मैठलिक लेल पूल निरमान से शुरुका के, बाल साहिते, उकर बाद दिजिटल पूल राजागरन, पंजी के दिजिटली करन, आ अंत तता अगला दिजितल सम्पून संस्क्रूतिक संवर्ख्षनक लेल एक ता मस्बूत आदार तधार करे ता ची. बाल साहेत्ते क छेत्र में अग्रनी भूमिकाक बात करी ता सबसा पहले प्रीती ताकुर जी दूरा निर्मित पीडी गत पोल कर चर्चा करब. उ एक ता आहन लेकिका च्हतिन जे बाल साहेते क माद्यम सा यूवावर्ग के हूंकर संसक्रतिक ज़दी सा जोडवाक एक ता अबहुत पुर्वकाज काईलनी च्हन. आहा बूजी सकती ची कोनो भाशाक भविषे वोकर सबस चोछ बजवया सबख कलपना पर निरभर कर अची. प्रीती जी ईबात बहुत नीक जकाम भूजलनी. गोनुजासला के विद्यापतिक पूरुष परिक्षादरी ओ मेठलीक पहल चित्र कता सबख्रचना के लानी इसब पोती आपन आप में एक ता बहुत पैग अटिहासिक कदा मचे अब आँ दिजिटल पुनर जाग्रनक नव का दून्या में प्रवेश करी आद देखीजे गजेंद्र ताकृर कोना अपन एक अपन एक प्रवेश करी अपन विरासत नव कर दूप परवेश करी अपन विरासत बाद बाद बाद बाद बाद बाद बाद बाद बाद बाद बा अगर बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्यागा बाद्या� अदिछन अस्तापित करवाक एक तब बहुत रोमान्चक यातर रहलत्छी आँआआके सूनी का आश्चार्या लागत, जे य विदेध पत्रिका एक दू नहीं, बलकी एगारा ता भिन भिन्न लीपी में प्रकाषित होगता ची देवनागरी आत्टिर हुताजका मुख्यदाराक लिपिक संगे-संगे द्रिष्टी हीन लोकनिल ब्रेल आन निवारी तधाथ ति बतीजका लिपिक उप्योग से हो भरहल आची इप रमानित करे तचे जे मैत्फिली बाशा कतेक समावेशी आव्यापा कचे तए तए सब समहत्व पुर्नबात एबुजवाक अची जो मात्र सहिट्ट्यक दिजिटली करन नहीं के लेनी. बलकी मैत्टली केन आदूनिक बैष्विक उपकरनक संजोडबाक लेल सप्षलता पुर्वक वकालत से होगे लेनी. जकर परिनाम इभेल जे 2022 में मैठली गुगल ट्रन्स्लेट जगाप पाइक प्लेट्फार मेजोर सकल, एक रसंगे संग मोबायला कमपुटर के लेई शब्द्खोश अ दिजिटल पुस्तकालेक निरमान से अ समबभेल, निरमान से अ समबभल ये एक ता बहुत पैगुप्लप्दिया ची आई हम्रा सबखे प्राषीन पंजी करन के दिजिटली करन दिष्ल जाई ता ची जताई शताब दी पुरान वन्शावली इतिहास आदूनेक अपन सूर्स आरकाइविंच सम्मिलग ता ची तनी कल्पना करु चव्दम शताबदी सचली आभी रहल वन्शावली रिकोड, यी पन्जी प्रबन्ध अची, जे मुल रूप से मित्लाक ब्राम्वन और कर्ड कायस्त सबखक लिखल वन्शावली रिकोड थिक. इपारमपर एक रूप से विवाहक निनेक लेल उप्योग हूँएत शल. मुदा गजिंद्र ताकोर एक्रा दिजितल पबलिक डोमेन में लोके एक्ता क्रान्ती लाभी दिलैनी. और एक्रा आम जन मानस के लेल एक्दम सुलब बना दिलैनी. एकर प्रभाव कतिक पएग भेल से एसब भूजु जे 2007 में पनजी रिको़ड कर दिजितली करन्ग कारन, यून्वाँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ अगर उदिने लोगिकल सुस्टीजका संस्थाक एक अदिकार में राख्खल गेल चल. अदूसर दिस आछे गजेंद्र तहाकृर की नवका अपन सूर्स तरीका, जे पूरन रूप सं दिज्टल आछे अजीनो मैपिंग तता दूसरन पंजीजका पोथेक रूप में अद्रीवाप्त में आसानी सा उपलब दखाजी सच पुषुता इग्यान का अस्ली लोग्टन्त्री करन है लिखिल शब्द के दिजितल रूभ देवाखबाद आब हम्रा सब के अगला दिजितल चुनातिक विषेमे चर्चा करबा कावष्खता आची यह आप देखाई तो बजाएद बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी बाग़ा था वी मेतली के तुरन्त पोट्कास्ट, हाई लेवल वीट्योनी बन्ध, मोखिक इतिहास पर्योजना, आज जीवन्त सोषल मेड्या प्लाट्फाम दरी अपन विस्तार करवाग चाही. कि एक ता आएकल की यूवा पीडी इत्याया ची? साहित्ते के संगे संग श्रव्विद्रिष्ज, मने अडियो विज्वल प्रारुप में अकाद्मिक चर्चा का बारी आवश्श्च्ता ची, जा यसा इब हाशा लोकक मोन से लोकक कानदरी पहुची सके. तीक चे आव एही विवेचना के एक ता अन्तिम भीचारक संख समेटेद ची आए कोनो प्राछीन परमपरा वा भाब हाशाके बचाबक अर्थ मात्र उकरा मुदिमजका संगरक्षित कैर के राख हव नही आचे अगरा निरन्तर विखसित होग़े जाहिसा उ लोकक स्क्रीन अद्धिनिक धिजितल अददत के हिस्चा बनी सके ता सोचबाक विशा इए इचे की मैठ ली आपन इनव अडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडियोडिय

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