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तरहरिमे_परीलोकक_विज्ञान_आ_पर्यावरण_सङ्कट.m4a
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- 0:00–0:04अग्डिए बाप्रे बिना कोनो रगडवा रोक्तो कक आएग्डम बिना कोनो रगडडग दूनिया,
- 0:04–0:09आँ मैंने एक्टा एहन संसार, जते उपर अकाश में सुर्या नहीं च्याए,
- 0:09–0:13मुदा तईो चारु देस दूद जका उजर प्रकाष पस्रल च्याए.
- 0:13–0:43अगर उद्यान तागी बाल बाल बान्यास दूगागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागा�
- 0:43–0:49अजु के हे गाहन चर्चा में आपन सब एही श्रोत सामगरी क्तहदरी जाराहल ची
- 0:49–0:54आप आप यी मातरे एक ता सादारन बाल कता न चाहे वूजलिये
- 0:54–0:58एक ता एहन रचना चाहे जब रहो तिक विग्यानक सिद्दान्त
- 0:58–1:01प्राक्रतिक विग्यानक विच्ट्र तत्या
- 1:01–1:07एक द्दाँ बिना समय गमाएने आरम करत्ची अएदी जे सबसे आकर्ष़गगप चे इग गथा कुनो वैग्यानिक प्रेज्याला सन नहीं.
- 1:07–1:08नहीं नहीं इक द्दम नहीं.
- 1:08–1:12बलकी एक ता अथ्तिंत सुरक्ष्ट पारिवारिक द्द्दिश्छ से आरम भूँई चे.
- 1:12–1:15जे कम समय में एह विश्यक ग़राए दरी पूँची.
- 1:15–1:19तता बिना समय गमाएने आरम करत ची.
- 1:19–1:22आए एदी जे सबसे आकर्षक गब चे,
- 1:22–1:25जे यी कता कुनो वैग्यानिक प्रेज्यालासन नहीं?
- 1:25–1:26नहीं नहीं, गदम नहीं.
- 1:26–1:30बलकी एक ता अट्यन्त सुरक्ष्ट पारिवारिक द्रिष्च से आरम ब हुए चे
- 1:31–1:35कताक शुर्वात में आपन सब देखेई चीज रातिक समेचे
- 1:35–1:37लाल्टेनक पीर इजोद पसरल चे
- 1:38–1:40बाहर सीयारक हुँँँँँँँभेरोहल चे
- 1:40–2:10आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आ�
- 2:10–2:14दादी और पोती के भीचिक्त पूरा कताख संचार बहरहाल चे
- 2:14–2:18इद्रिश्य भाल मनो विग्यानक एक तब होट सुन्दर चित्र प्रस्थूत करेचे
- 2:18–2:22जदे श्पर्ष्के संचारक सब से सुरक्षित माद्यम आनल्गेल चे
- 2:22–2:23एक दम
- 2:23–2:30दादीके कोरा एक ता एहन गेरा चे जदे बच्चा पून रूप से सुरक्षित महसुज करे चे
- 2:30–2:36मुदा एक ता दस बार्खख जिग्यासु बच्चिक ले ले सुरक्षित गेरा कते गदिन दरी काछ करत
- 2:36–2:43स्रोद समगरी पध्ला से अस्पष्ट होई चे नीक कताक जन्म तकने होई चे जक्ठन
- 2:43–2:49जक्ठन उई सुरक्षित गेरा के तोडी कड अग्यातक भाएदिस कडम बड़ावल जाएच्छे
- 2:49–2:50इग्डम � thik khali ye.
- 2:50–2:59तक कताक मुक्य पात्राजे आस्ताच है, उ भोरक भासक संगे चन्ना गाच्यक जमदगर भोन में आम भिच्छाईत रहे चै.
- 2:59–3:06चारुदिस आमग गन्द चै, इजोत पातर भरहल चै, सब कुछ एक दम सामान ने अखुष्नुमा लागे चै.
- 3:06–3:10मुदा, उई खुष्नुमा वातावरन मे आस्था के इबहान नहीं चै,
- 3:10–3:14जब बारी दून्याक संगर्ष कते क अप्रत्याशे द्बहासा कै जबजलिये,
- 3:14–3:17उआपन परिचे द्बहुतिक दून्याक अनन्द लोराल चै.
- 3:17–3:19अग आनन्द लोर आल चाए?
- 3:19–3:24जते गाच, पात, आम, अभवरक प्रकाश, उकर निंट्रन मिलागे चे
- 3:24–3:27मुदा संकत कईो पुछिकत ने अबए च्या
- 3:27–3:28कईो नहीं
- 3:28–3:33तबने अचानक, बिना कोनो चे तावनिक, कारी कववाक एक ता पेग जूंद,
- 3:33–3:37अपन सोजा एक तपूरान गाचा कारी दोद्री
- 3:37–3:39मने गाच के तनामे बनलेक तगहीर्ख
- 3:39–3:41अनार खोखला जगह देखा पड़ेचे
- 3:41–3:44आ अव उई में पसी जाएच्छे
- 3:44–3:46भीना किच्छो तो तो बगाचा
- 3:46–3:48उपोड़ तबहंग भजाएचे
- 3:48–3:51तदर सम भागे तस्ताग
- 3:51–3:54अपन सोजा एक तप पुरान गाच्ध, कारी दोद्री
- 3:54–3:57मने गाच के तनामे बनलेक तगहीर्ख
- 3:57–4:00अनार खोखला जगा देखा पडेखे
- 4:00–4:02आ, ओ, उही में पसे जाएचे
- 4:02–4:04बिना किचु सुचने भूजने
- 4:04–4:06तो भी दोद्री ने प्रवेश का जाचचे
- 4:06–4:08मुदा जिना अ भीतर पसेचे
- 4:08–4:11वो कर अनुबहो बहुत विचित्र बहुजाचे
- 4:11–4:14बहुरक खोलाहल एना बन्द बहुजाचे जिना
- 4:14–4:17जिना अवाज पर एक ता मोट कंबल उडा दिल गेल है
- 4:17–4:23आदूनिक इजे शुन्नेता चे उ आदूनिक सेंसरी देप्रीवेशन तांक चगा लागे चे.
- 4:23–4:28कवा के दरस बच्बाक ले अनहार के चुनब इखतेग विरुदा बहसी चे.
- 4:28–4:33देखू आदूनिक विग्यान में आहन यंद्रक उत्करे रका काज करे चे.
- 4:33–4:40यह ते सबसा अकर्षक बात इचे जे बाल मनोविग्यान में बहाई कोना इक दो द्करे रका काज करे चे.
- 4:40–4:47जक हनो दोदरी में प्रवेश करे चे, तो उक्रा अदूनिक मनोविग्यान में एहन्यंद्रक उक्रुप में भुजल जासकेच,
- 4:47–4:52जदें मनुश्ष्य कोनो भी ज्यानेंद्री दभरी बाहरी संकेत नहीं पहुची सकेच.
- 4:52–4:57मने, नहीं आखे सकिचु देखा रहें चे, नहीं कान में अवाज आभी रहें चे.
- 4:57–5:02एक दं, जगें बाहरक सव अवाज अप्रकाष बन्द बोजाए चे,
- 5:02–5:06तम्मस्तिश कपन वास्त्विक्ता स्वैम गड़ाई लागे चे
- 5:06–5:13अगो इता एक रद़ भेल जे आस्ता पुरन रूप से भातिक दून्या से कते गिल चे,
- 5:13–5:16दोंद्रिक भीतर नहीं उपर चे नहीं नीचा,
- 5:16–5:21बस एक ता दूसर शुन्निता चे और आस्ताक ददकएत करेज.
- 5:21–5:24अग, गुर्त्वा कर्ष्रनक चे बोद हम्रा सब खें,
- 5:24–5:30इबतावे च्ये जे द्रती नीचा च्ये आा अकाश उपर उबोद होते समाप्त बोजाए च्ये.
- 5:30–5:33आसमेएक प्रवाशे हो अजीब भोजाए च्ये नहीं.
- 5:33–5:37मने ग़ी रहीते ता लागीते जे दुई गन्ता भी ती गेल,
- 5:37–5:40मुद अते समेए कोनो अंदाज नहीं च्ये.
- 5:40–5:46बूजु, जे इश्वन्यता वास्टव में एक ता नव सन्सारक प्रसव पीडा चे
- 5:46–5:50प्रसव पीडा, माने भूटिक दूनिया से पुरन रुप से अलगाओ
- 5:50–5:55आ, दोद्रिक भीतर दिशा भोदधक समाप्त होएभ इदेखावे चे
- 5:55–6:00जे आस्ता आपन परिचित भूतिक दुन्याक नियम से मुक्त भार आल चे.
- 6:00–6:03इई एक तरहक वैचारिक शुन्निता चे,
- 6:03–6:08जतै से उई ता पुन्त नव नियम वाला संसार में प्रवेश करे जार आल चे.
- 6:08–6:11आ उई नव संसार कुनो सादारन दुन्या नीचे,
- 6:11–6:14जकन उदूसर शून्निता से बहार कहजेचे,
- 6:14–6:19तब बिना कुनो चोटक एक ता उजर दब दब नरम जगःपर कहजेचे.
- 6:19–6:24इो परी लोग चाई, जे दे बहुतिक विग्यानक नियम एक दम उलत गेल चेए.
- 6:24–6:54आजा हम सब एक्रा व्यापक परी प्रेक्ष्यसे जोडी तए एक्रा व्यापक परी प्रेक्ष्यसे जोडी तए एक्रा व्यापक प्रेक्ष्यसे जोडी तए एक्रा व्यापक प्रेक्ष्यसे जोडी तए एक्रा व्यापक प्रेक्ष्यसे जोडी तए व्यापक प्रेक्ष्यस
- 6:54–7:04अद्यानाग उद्क्रिष्ट उदाहरन चाई लेक्ह के तई बहुच्च्टॉराई सब बच्च्ट सब के खेल-खेल में नुटनाग गती नियम पडाराहल चती
- 7:04–7:07नुटनाग गती नियम अखुना
- 7:07–7:37अगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर ब�
- 7:37–7:40बवाप्रे, इत बहुत गजेरा बादभेल
- 7:41–7:44एत एक केवल गतिक नियम नाई बदली रहल चे
- 7:45–7:47प्रकासक नियम सो हो विचित्र चे
- 7:48–7:50एते नीचा धरती सलग क उपर दहरी
- 7:51–7:53दूदक साडी जका उज़रा कास चे
- 7:54–7:55आप बिना कुनो सुर्यक
- 7:55–7:58अब भी ना कुनो सूर्यक
- 7:58–8:01अब ना अज्चर कबात इज़ भी ना सूर्यक प्रकास चे
- 8:01–8:04संगे संग स्रोद चित्र सब के देखला पर या अस्पस्त रूभ से देखा रहल चे
- 8:04–8:07जो पूरा परी द्रिष्ष मित्ला प्र्टिंक का शेली में वरनिथ चे
- 8:07–8:12तो बिना सुर्यक ये देक उजर प्रकास आ औह उजर प्रकास निद्छाँ
- 8:12–8:15बिना सुर्यक प्रकास देखाक लेखाक यी संकेत करहल जदिन
- 8:15–8:19जे यी संचार पूल रूप सकोनो एहन भिन उर्जा स्रोथ पर निरभर चे
- 8:19–8:21जक्रा हम सभ नहीं जानेची
- 8:21–8:25बिना सुर्यक प्रकाष देखाक लेखाक इसंकेत करहल चतिन
- 8:25–8:29जे इसंख्सार पूल रुपसा कोनो एहन भिन उर्जा स्रोथ पर निरभर चे
- 8:29–8:31जक्रा हम सब नहीं जानेची
- 8:31–8:34आम मित्ला पैंटिंक शेली कुप्योग इदेखावाए चे
- 8:34–8:37अ मित्ला पेंटिंका श्यली कुप्योग यी देखावाए चे,
- 8:37–8:40जे परी लोक कोनो विदेशी अवदारना नहीं चे.
- 8:40–8:44बलकी, हमर अपन सान्स्क्रितिक सुन्दरेक एक टा ब्रमहन्डी ये विस्तार चे.
- 8:44–8:45एक दम सही कहली आई.
- 8:45–8:50ताजे इद दून्या एतिक जादूई आब वेग्यानिक रूप से उन्नाच छे
- 8:50–8:53ता एताई जीव जन्तू हेता, उसे होता अदबूत हेता
- 8:53–8:57आई कता के एक ता बहुत रोचक मोड एताई आबएच छे
- 8:57–9:02आस्ताग भेट एक तूराकोस नामक रहीर पाखी से होएचे
- 9:02–9:06औ, तूराकोस पाखी, जे आप्रीकास आयल चे
- 9:06–9:11आप्रीकासे आयल चे, आस्पष्ट मेठली बजगत चे
- 9:11–9:12इत गजब को बाथ चे?
- 9:12–9:30आस्ता जखन आश्चर्य से पुछेच्छे, जे आहा अप्रिका से आयल चे, तो मैठली कोना बजगेच्छे, तक तूराकोस बहुत सहज्टा से उद्टर देच्छे, जे ईपरी लोग चे, ये तै आयलाक बाद सब एक बंच मनुक जखान सोचे अब भाजे लागेच्छे.
- 9:30–9:32इते एक ता बहुत महत्वपून गब इच्छे,
- 9:32–9:38जि लेक्वक तूराकोस पाखी के मात्र कोनो कल्पित जीवक रूप में गड़नी चे.
- 9:38–9:40माने इपाखी सच्मे होई चुम.
- 9:40–9:45आँ, तूराकोस वास्तव में अप्रिका में पावल जाये वला एक ता विष्ट पाखी चे.
- 9:45–9:49जी विग्यान के दिष्टी के जे हम सभे ते लगका आबी,
- 9:49–9:55ते एपाखी अपन विषेश पिँमेंटेशन माने प्रक्रतिक रंग तत्व के लेल अदुतिया चे.
- 9:55–9:58बाल रँक पानी में बहीक आस्था कहात पर लागी जाएचे
- 9:58–10:01जखन की हर्यर रँक अस्थाई रहाचे
- 10:01–10:03एक दम, तूराकोश पाखी में
- 10:03–10:07तामबा का अंश्वला एक ता विषेश प्राक्रतिक रँक तत्वा होईचे
- 10:07–10:10जे करा कारने वोकर पाखीक लाल रँक वास्तम में
- 10:25–10:27अद्राकोस कवाजा अबी का मेठिली बाजब
- 10:27–10:30इं हमरा वेश्वी करन का एक ता बहुत नीक संदेश लागच छे
- 10:30–10:32अद्राकोस अद्वी का अश्याक भीच वेश्विग जुडावक प्रतीख छे
- 10:32–10:34बाशा कोनो सीमा नहीं चे दे
- 10:34–10:40इआप्रीका आन आश्याक भीज वेश्विक जुडावक प्रतीक छे, बाशाक कोनो सीमा नहीं छे दे.
- 10:40–10:45सब समहत्वुन सन्देश तब रयावरन कचे जे तूराकोस आस्था के बतावे चे.
- 10:45–10:49तूराकोस कहे चे के एतहे दान गोमक खेती नहीं हूँए चे.
- 10:49–10:51बलकी प्रकास सव उर्जा खेती होएचे
- 10:51–10:53उर्जा की खेती
- 10:53–10:55सूनी में कत्तिक नीक लागच्चे
- 10:55–10:55नहीं
- 10:55–10:57आप, लागच्चे
- 10:57–10:58जिना इसमार
- 10:58–10:59अपना
- 10:59–11:01चरम विकास पर पहुची गेल चे
- 11:01–11:04मुदा एही सुन्दर लोक में से हो खोड चे
- 11:04–11:06तूराकोज बतावे चे
- 11:06–11:12जे रानी आपन सूविदहाक लेल एक ता हिस्साके कुडा गर मने गरभेज्दंप बना दिलनी चे.
- 11:12–11:15ये एक ता बहुत गंभीर प्रशन थाड करे चे.
- 11:15–11:20आमने, एक ता जादूई दुन्याक रानी अपने ही नीक सन्सार में कुडा गर किये बनुवत.
- 11:20–11:27इत हम्रा सबख, आदूनिक दुन्याक, अद्ध्योगी करन, अप पर्यावरन भीनाशके सीथा प्रतिरूप लागचे.
- 11:27–11:32एक दम टीक पकर लिया है, उर्जा के खेतीजका उन्नत तक्निक भिलाग बाद हो,
- 11:32–11:39जए नित्रत्व मैंगे जे रानी च्ठिन दूर दर्षी नहीं हुए तक कोनो भी स्वर्ग कुडा गर में बदली सके चे.
- 11:39–11:42आ उकर परिनाम से हो तुरन्त देखा पडेच चे.
- 11:42–11:45अन्तम एक तबहयानक कारी साब बाटक सुजाः भी जाए चे.
- 11:45–11:48उज्जर दब दब दून्या में एक ता कारी साम्
- 11:48–11:54उग कारी साम् पारिस्तितिक असन्तुलन मने इकलोगिकल इम बलान्स के परनामक प्रतीक चे
- 11:54–11:57प्रक्रतिया जीव का बीच का सन्तुलन जखन बिगड़े चे
- 11:57–11:59ता संकत भयानक रूप ले ले ले चे
- 11:59–12:05अशब सब इचारनिया बात इचे जे इशंकत उपन्नकल गेल चे पुरानी पीदी मने रानी दोरा
- 12:05–12:08मुदा एकर सामना कक्रा करे पडी रहल चे.
- 12:08–12:08आस्ता के.
- 12:09–12:11जिन नव पीदी कप्रतीक चे.
- 12:11–12:15पुरानी पीदी कक गल्तिक सजा नव पीदी बोगे.
- 12:15–12:19इप वर्त्मान जलवायु परिवर्तनक स्तिती सकते क मेल काई चै
- 12:19–12:24आजुक प्रदुषनक परिणाम अंतता आजुक बच्चा सब के ही भुगते परत
- 12:24–12:27ये एक ता बहुत गमवीर चितावनी चै
- 12:27–12:30ता, कुल मिलाका ये ये सपष्ट भाई जाए चै
- 12:30–12:39जे इमात्रे एक परीलो का कतानी जे, इक ता दस वर्षक बच्चीक माद्ध्यम सर दर पर विजे, बहुतिक विग्यानक नियमक पनर कल्पना,
- 12:39–12:44आप वेश्वी करन संगे पर्यावरन संद्रक्षनक एक ता गमभीर विमर्ष च्छे.
- 12:44–13:14अद्येन करेत काल इसोच़वावष्ष्चचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचच�
- 13:14–13:25तज़न करुजे कि परलोक में जे उर्जा खेती बाई रहल चै, रानी दोडा बनायल गेल ओ, कुडा गर वास्तब में उही सुक्छ उर्जा कोनो चिपल भेल भिसार्टिक बाई प्रडक्त न नहीं चै.
- 13:25–13:29बाप्रे इत बहुत गहरा प्रष्न चै.
- 13:29–13:34की पूरन रूप से सवक्छ उर्जा, जन कोनो गप ब्रहमान्द में समबखच्या,
- 13:34–13:38या हर जादूक, हर तकनिका अपनेक्ता कीमत होई चे.
- 13:38–13:42इप्रशन हम स्रोटा लुखने के स्वेम बिचार करबाकलेल चोर देची.
- 13:42–13:44आजो गे ही गहन चर्चा में बसत्वे.
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अग्डिए बाप्रे बिना कोनो रगडवा रोक्तो कक आएग्डम बिना कोनो रगडडग दूनिया, आँ मैंने एक्टा एहन संसार, जते उपर अकाश में सुर्या नहीं च्याए, मुदा तईो चारु देस दूद जका उजर प्रकाष पस्रल च्याए. अगर उद्यान तागी बाल बाल बान्यास दूगागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागा� अजु के हे गाहन चर्चा में आपन सब एही श्रोत सामगरी क्तहदरी जाराहल ची आप आप यी मातरे एक ता सादारन बाल कता न चाहे वूजलिये एक ता एहन रचना चाहे जब रहो तिक विग्यानक सिद्दान्त प्राक्रतिक विग्यानक विच्ट्र तत्या एक द्दाँ बिना समय गमाएने आरम करत्ची अएदी जे सबसे आकर्ष़गगप चे इग गथा कुनो वैग्यानिक प्रेज्याला सन नहीं. नहीं नहीं इक द्दम नहीं. बलकी एक ता अथ्तिंत सुरक्ष्ट पारिवारिक द्द्दिश्छ से आरम भूँई चे. जे कम समय में एह विश्यक ग़राए दरी पूँची. तता बिना समय गमाएने आरम करत ची. आए एदी जे सबसे आकर्षक गब चे, जे यी कता कुनो वैग्यानिक प्रेज्यालासन नहीं? नहीं नहीं, गदम नहीं. बलकी एक ता अट्यन्त सुरक्ष्ट पारिवारिक द्रिष्च से आरम ब हुए चे कताक शुर्वात में आपन सब देखेई चीज रातिक समेचे लाल्टेनक पीर इजोद पसरल चे बाहर सीयारक हुँँँँँँँभेरोहल चे आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आपी आ� दादी और पोती के भीचिक्त पूरा कताख संचार बहरहाल चे इद्रिश्य भाल मनो विग्यानक एक तब होट सुन्दर चित्र प्रस्थूत करेचे जदे श्पर्ष्के संचारक सब से सुरक्षित माद्यम आनल्गेल चे एक दम दादीके कोरा एक ता एहन गेरा चे जदे बच्चा पून रूप से सुरक्षित महसुज करे चे मुदा एक ता दस बार्खख जिग्यासु बच्चिक ले ले सुरक्षित गेरा कते गदिन दरी काछ करत स्रोद समगरी पध्ला से अस्पष्ट होई चे नीक कताक जन्म तकने होई चे जक्ठन जक्ठन उई सुरक्षित गेरा के तोडी कड अग्यातक भाएदिस कडम बड़ावल जाएच्छे इग्डम � thik khali ye. तक कताक मुक्य पात्राजे आस्ताच है, उ भोरक भासक संगे चन्ना गाच्यक जमदगर भोन में आम भिच्छाईत रहे चै. चारुदिस आमग गन्द चै, इजोत पातर भरहल चै, सब कुछ एक दम सामान ने अखुष्नुमा लागे चै. मुदा, उई खुष्नुमा वातावरन मे आस्था के इबहान नहीं चै, जब बारी दून्याक संगर्ष कते क अप्रत्याशे द्बहासा कै जबजलिये, उआपन परिचे द्बहुतिक दून्याक अनन्द लोराल चै. अग आनन्द लोर आल चाए? जते गाच, पात, आम, अभवरक प्रकाश, उकर निंट्रन मिलागे चे मुदा संकत कईो पुछिकत ने अबए च्या कईो नहीं तबने अचानक, बिना कोनो चे तावनिक, कारी कववाक एक ता पेग जूंद, अपन सोजा एक तपूरान गाचा कारी दोद्री मने गाच के तनामे बनलेक तगहीर्ख अनार खोखला जगह देखा पड़ेचे आ अव उई में पसी जाएच्छे भीना किच्छो तो तो बगाचा उपोड़ तबहंग भजाएचे तदर सम भागे तस्ताग अपन सोजा एक तप पुरान गाच्ध, कारी दोद्री मने गाच के तनामे बनलेक तगहीर्ख अनार खोखला जगा देखा पडेखे आ, ओ, उही में पसे जाएचे बिना किचु सुचने भूजने तो भी दोद्री ने प्रवेश का जाचचे मुदा जिना अ भीतर पसेचे वो कर अनुबहो बहुत विचित्र बहुजाचे बहुरक खोलाहल एना बन्द बहुजाचे जिना जिना अवाज पर एक ता मोट कंबल उडा दिल गेल है आदूनिक इजे शुन्नेता चे उ आदूनिक सेंसरी देप्रीवेशन तांक चगा लागे चे. कवा के दरस बच्बाक ले अनहार के चुनब इखतेग विरुदा बहसी चे. देखू आदूनिक विग्यान में आहन यंद्रक उत्करे रका काज करे चे. यह ते सबसा अकर्षक बात इचे जे बाल मनोविग्यान में बहाई कोना इक दो द्करे रका काज करे चे. जक हनो दोदरी में प्रवेश करे चे, तो उक्रा अदूनिक मनोविग्यान में एहन्यंद्रक उक्रुप में भुजल जासकेच, जदें मनुश्ष्य कोनो भी ज्यानेंद्री दभरी बाहरी संकेत नहीं पहुची सकेच. मने, नहीं आखे सकिचु देखा रहें चे, नहीं कान में अवाज आभी रहें चे. एक दं, जगें बाहरक सव अवाज अप्रकाष बन्द बोजाए चे, तम्मस्तिश कपन वास्त्विक्ता स्वैम गड़ाई लागे चे अगो इता एक रद़ भेल जे आस्ता पुरन रूप से भातिक दून्या से कते गिल चे, दोंद्रिक भीतर नहीं उपर चे नहीं नीचा, बस एक ता दूसर शुन्निता चे और आस्ताक ददकएत करेज. अग, गुर्त्वा कर्ष्रनक चे बोद हम्रा सब खें, इबतावे च्ये जे द्रती नीचा च्ये आा अकाश उपर उबोद होते समाप्त बोजाए च्ये. आसमेएक प्रवाशे हो अजीब भोजाए च्ये नहीं. मने ग़ी रहीते ता लागीते जे दुई गन्ता भी ती गेल, मुद अते समेए कोनो अंदाज नहीं च्ये. बूजु, जे इश्वन्यता वास्टव में एक ता नव सन्सारक प्रसव पीडा चे प्रसव पीडा, माने भूटिक दूनिया से पुरन रुप से अलगाओ आ, दोद्रिक भीतर दिशा भोदधक समाप्त होएभ इदेखावे चे जे आस्ता आपन परिचित भूतिक दुन्याक नियम से मुक्त भार आल चे. इई एक तरहक वैचारिक शुन्निता चे, जतै से उई ता पुन्त नव नियम वाला संसार में प्रवेश करे जार आल चे. आ उई नव संसार कुनो सादारन दुन्या नीचे, जकन उदूसर शून्निता से बहार कहजेचे, तब बिना कुनो चोटक एक ता उजर दब दब नरम जगःपर कहजेचे. इो परी लोग चाई, जे दे बहुतिक विग्यानक नियम एक दम उलत गेल चेए. आजा हम सब एक्रा व्यापक परी प्रेक्ष्यसे जोडी तए एक्रा व्यापक परी प्रेक्ष्यसे जोडी तए एक्रा व्यापक प्रेक्ष्यसे जोडी तए एक्रा व्यापक प्रेक्ष्यसे जोडी तए एक्रा व्यापक प्रेक्ष्यसे जोडी तए व्यापक प्रेक्ष्यस अद्यानाग उद्क्रिष्ट उदाहरन चाई लेक्ह के तई बहुच्च्टॉराई सब बच्च्ट सब के खेल-खेल में नुटनाग गती नियम पडाराहल चती नुटनाग गती नियम अखुना अगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर बगर ब� बवाप्रे, इत बहुत गजेरा बादभेल एत एक केवल गतिक नियम नाई बदली रहल चे प्रकासक नियम सो हो विचित्र चे एते नीचा धरती सलग क उपर दहरी दूदक साडी जका उज़रा कास चे आप बिना कुनो सुर्यक अब भी ना कुनो सूर्यक अब ना अज्चर कबात इज़ भी ना सूर्यक प्रकास चे संगे संग स्रोद चित्र सब के देखला पर या अस्पस्त रूभ से देखा रहल चे जो पूरा परी द्रिष्ष मित्ला प्र्टिंक का शेली में वरनिथ चे तो बिना सुर्यक ये देक उजर प्रकास आ औह उजर प्रकास निद्छाँ बिना सुर्यक प्रकास देखाक लेखाक यी संकेत करहल जदिन जे यी संचार पूल रूप सकोनो एहन भिन उर्जा स्रोथ पर निरभर चे जक्रा हम सभ नहीं जानेची बिना सुर्यक प्रकाष देखाक लेखाक इसंकेत करहल चतिन जे इसंख्सार पूल रुपसा कोनो एहन भिन उर्जा स्रोथ पर निरभर चे जक्रा हम सब नहीं जानेची आम मित्ला पैंटिंक शेली कुप्योग इदेखावाए चे अ मित्ला पेंटिंका श्यली कुप्योग यी देखावाए चे, जे परी लोक कोनो विदेशी अवदारना नहीं चे. बलकी, हमर अपन सान्स्क्रितिक सुन्दरेक एक टा ब्रमहन्डी ये विस्तार चे. एक दम सही कहली आई. ताजे इद दून्या एतिक जादूई आब वेग्यानिक रूप से उन्नाच छे ता एताई जीव जन्तू हेता, उसे होता अदबूत हेता आई कता के एक ता बहुत रोचक मोड एताई आबएच छे आस्ताग भेट एक तूराकोस नामक रहीर पाखी से होएचे औ, तूराकोस पाखी, जे आप्रीकास आयल चे आप्रीकासे आयल चे, आस्पष्ट मेठली बजगत चे इत गजब को बाथ चे? आस्ता जखन आश्चर्य से पुछेच्छे, जे आहा अप्रिका से आयल चे, तो मैठली कोना बजगेच्छे, तक तूराकोस बहुत सहज्टा से उद्टर देच्छे, जे ईपरी लोग चे, ये तै आयलाक बाद सब एक बंच मनुक जखान सोचे अब भाजे लागेच्छे. इते एक ता बहुत महत्वपून गब इच्छे, जि लेक्वक तूराकोस पाखी के मात्र कोनो कल्पित जीवक रूप में गड़नी चे. माने इपाखी सच्मे होई चुम. आँ, तूराकोस वास्तव में अप्रिका में पावल जाये वला एक ता विष्ट पाखी चे. जी विग्यान के दिष्टी के जे हम सभे ते लगका आबी, ते एपाखी अपन विषेश पिँमेंटेशन माने प्रक्रतिक रंग तत्व के लेल अदुतिया चे. बाल रँक पानी में बहीक आस्था कहात पर लागी जाएचे जखन की हर्यर रँक अस्थाई रहाचे एक दम, तूराकोश पाखी में तामबा का अंश्वला एक ता विषेश प्राक्रतिक रँक तत्वा होईचे जे करा कारने वोकर पाखीक लाल रँक वास्तम में अद्राकोस कवाजा अबी का मेठिली बाजब इं हमरा वेश्वी करन का एक ता बहुत नीक संदेश लागच छे अद्राकोस अद्वी का अश्याक भीच वेश्विग जुडावक प्रतीख छे बाशा कोनो सीमा नहीं चे दे इआप्रीका आन आश्याक भीज वेश्विक जुडावक प्रतीक छे, बाशाक कोनो सीमा नहीं छे दे. सब समहत्वुन सन्देश तब रयावरन कचे जे तूराकोस आस्था के बतावे चे. तूराकोस कहे चे के एतहे दान गोमक खेती नहीं हूँए चे. बलकी प्रकास सव उर्जा खेती होएचे उर्जा की खेती सूनी में कत्तिक नीक लागच्चे नहीं आप, लागच्चे जिना इसमार अपना चरम विकास पर पहुची गेल चे मुदा एही सुन्दर लोक में से हो खोड चे तूराकोज बतावे चे जे रानी आपन सूविदहाक लेल एक ता हिस्साके कुडा गर मने गरभेज्दंप बना दिलनी चे. ये एक ता बहुत गंभीर प्रशन थाड करे चे. आमने, एक ता जादूई दुन्याक रानी अपने ही नीक सन्सार में कुडा गर किये बनुवत. इत हम्रा सबख, आदूनिक दुन्याक, अद्ध्योगी करन, अप पर्यावरन भीनाशके सीथा प्रतिरूप लागचे. एक दम टीक पकर लिया है, उर्जा के खेतीजका उन्नत तक्निक भिलाग बाद हो, जए नित्रत्व मैंगे जे रानी च्ठिन दूर दर्षी नहीं हुए तक कोनो भी स्वर्ग कुडा गर में बदली सके चे. आ उकर परिनाम से हो तुरन्त देखा पडेच चे. अन्तम एक तबहयानक कारी साब बाटक सुजाः भी जाए चे. उज्जर दब दब दून्या में एक ता कारी साम् उग कारी साम् पारिस्तितिक असन्तुलन मने इकलोगिकल इम बलान्स के परनामक प्रतीक चे प्रक्रतिया जीव का बीच का सन्तुलन जखन बिगड़े चे ता संकत भयानक रूप ले ले ले चे अशब सब इचारनिया बात इचे जे इशंकत उपन्नकल गेल चे पुरानी पीदी मने रानी दोरा मुदा एकर सामना कक्रा करे पडी रहल चे. आस्ता के. जिन नव पीदी कप्रतीक चे. पुरानी पीदी कक गल्तिक सजा नव पीदी बोगे. इप वर्त्मान जलवायु परिवर्तनक स्तिती सकते क मेल काई चै आजुक प्रदुषनक परिणाम अंतता आजुक बच्चा सब के ही भुगते परत ये एक ता बहुत गमवीर चितावनी चै ता, कुल मिलाका ये ये सपष्ट भाई जाए चै जे इमात्रे एक परीलो का कतानी जे, इक ता दस वर्षक बच्चीक माद्ध्यम सर दर पर विजे, बहुतिक विग्यानक नियमक पनर कल्पना, आप वेश्वी करन संगे पर्यावरन संद्रक्षनक एक ता गमभीर विमर्ष च्छे. अद्येन करेत काल इसोच़वावष्ष्चचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचचच� तज़न करुजे कि परलोक में जे उर्जा खेती बाई रहल चै, रानी दोडा बनायल गेल ओ, कुडा गर वास्तब में उही सुक्छ उर्जा कोनो चिपल भेल भिसार्टिक बाई प्रडक्त न नहीं चै. बाप्रे इत बहुत गहरा प्रष्न चै. की पूरन रूप से सवक्छ उर्जा, जन कोनो गप ब्रहमान्द में समबखच्या, या हर जादूक, हर तकनिका अपनेक्ता कीमत होई चे. इप्रशन हम स्रोटा लुखने के स्वेम बिचार करबाकलेल चोर देची. आजो गे ही गहन चर्चा में बसत्वे.