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तरहरिमे_परीलोकक_अद्भुत_विज्ञान_आ_रहस्य.m4a
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- 0:00–0:07गजंद्र ताकुरक भालु पन्यास तर हरी में परीलोक का महत्वपुन तक्त्त्खी एक्ता तवरित सारान्स अची
- 0:08–0:12यी दस वर्सक बच्छी आस्ठाक रोमान्चक कता ची
- 0:12–0:15जे एक्ता गाच्ख कारी धूंदरी से ख्फसे का
- 0:15–0:18एक ता अकल्पनिया परिलोक में पहुची जाएच्छती
- 0:18–0:22जताई विग्यान अज्जादू गजब तरीका से मिलेच चे
- 0:22–0:24पहिल आओ
- 0:24–0:28आस्थाक इदुन्यांक भिच्ट्ट्र भाउतिक विग्यान के भुजी
- 0:28–0:32कववा से बच्बाक लेल उ दूंद्री में पसी जाएच छती
- 0:32–0:36आशुन्यमे ख़सेत पुन भारहिन तक अनबहुख कर अच्छती
- 0:36–0:41जेना कुनो अन्तरिक्ष यात्रा होए, जटै ग्रुत्वातरशन काजे नहीं कर अच्छे
- 0:41–0:45उताई बिना सुर्रेक उजर प्रकाष अची
- 0:58–1:03इआप्रीकी पक्षी एक्दम साव साव मनुष्षक बूली बजेई तची,
- 1:03–1:07आएकर पाखिता हर्यर अची, मुदा पानी पडल पर,
- 1:07–1:09उही से लाल रंक लख लच्छाई.
- 1:09–1:13आब एते सोचु, कि एकोनो उननत एल्यन प्रजाती चेक
- 1:13–1:17तेसर आँ सब से पाइग रहेस आची रानिक विरोदाबास
- 1:17–1:22उते क्ल दान गाहुन नहीं बलकी सोजे प्रकाश से उर्जाक खेटी करे तची
- 1:22–1:30मुदा जि दुन्या इतेक उन्नत आची उते रानी जानी भुजी कझे एक ता हिस्सा के कुडा कच्राएक देर की एक बनालन ही
- 1:43–1:50मात्र एक्ता फांटेसी नहें आफछी, बलकी विग्यान, प्रक्रती आरहेस्स्यक अवाख करे वाला मिश्रन आफछी,
- 1:50–1:53जे आहाक उच्सुक्ता के चरम पर पहुचा देत.
Plain text
गजंद्र ताकुरक भालु पन्यास तर हरी में परीलोक का महत्वपुन तक्त्त्खी एक्ता तवरित सारान्स अची यी दस वर्सक बच्छी आस्ठाक रोमान्चक कता ची जे एक्ता गाच्ख कारी धूंदरी से ख्फसे का एक ता अकल्पनिया परिलोक में पहुची जाएच्छती जताई विग्यान अज्जादू गजब तरीका से मिलेच चे पहिल आओ आस्थाक इदुन्यांक भिच्ट्ट्र भाउतिक विग्यान के भुजी कववा से बच्बाक लेल उ दूंद्री में पसी जाएच छती आशुन्यमे ख़सेत पुन भारहिन तक अनबहुख कर अच्छती जेना कुनो अन्तरिक्ष यात्रा होए, जटै ग्रुत्वातरशन काजे नहीं कर अच्छे उताई बिना सुर्रेक उजर प्रकाष अची इआप्रीकी पक्षी एक्दम साव साव मनुष्षक बूली बजेई तची, आएकर पाखिता हर्यर अची, मुदा पानी पडल पर, उही से लाल रंक लख लच्छाई. आब एते सोचु, कि एकोनो उननत एल्यन प्रजाती चेक तेसर आँ सब से पाइग रहेस आची रानिक विरोदाबास उते क्ल दान गाहुन नहीं बलकी सोजे प्रकाश से उर्जाक खेटी करे तची मुदा जि दुन्या इतेक उन्नत आची उते रानी जानी भुजी कझे एक ता हिस्सा के कुडा कच्राएक देर की एक बनालन ही मात्र एक्ता फांटेसी नहें आफछी, बलकी विग्यान, प्रक्रती आरहेस्स्यक अवाख करे वाला मिश्रन आफछी, जे आहाक उच्सुक्ता के चरम पर पहुचा देत.