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DECODING THE PANJI OF MITHILA MAITHILI.mp4

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Part 1 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 1
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  1. 0:00–0:06स्वागते इछ आई चर्चा मैं, आज हम सब पनजी प्रबंद पर विष्छलेषन करब, इक उनो समान ने बात नहीं ची,
  2. 0:06–0:12इभारताक नेपाला किक्ता अईसन अद्बुत वन्शावली डेटा बेसे इची, जिक्रा हम सब प्री मोडन जीनो माप कोह सके ची,
  3. 0:12–0:17सچ में, आदनिक युच्सकत्योक पहले ये एक ता अलगरिदम जसकाज करी चल.
  4. 0:17–0:20तसब सब बारा सवाल ए उठही तै जी,
  5. 0:20–0:24जे प्राचीन मैठिल विद्वान सब बिना कोनो कमपुटर
  6. 0:24–0:29आएक आदहुनिक दीने टेस्ट के सबगोत्र भिवाग के कोना रोके लेक कै?
  7. 0:29–0:38यह सोचब सच्मुक अदबूत आईची जि आदहुनिक जेनिटिकस आएस सदाब्दिन पहने उसब अनुवानशिक स्वास्त के माप का लिला ही.
  8. 0:38–0:42चलू, यही रोचक विषे में गेराए सा प्रवेस करी.
  9. 0:42–0:46सब सब एसी चवकावाईला बात की आज जाए ची,
  10. 0:46–0:50इवन्शावली रेकोड कोनो एक दूई साल नै,
  11. 0:50–0:56बलकी पिछला एक हजार पाथ साब पच्चास साल सल लगतार चली आए ची.
  12. 0:56–0:58एक दम अखन्ड रूप सा,
  13. 0:58–1:02एवन आप में क्ता विशाल आकन आश्चर ये जनक समय आए ची.
  14. 1:02–1:05एही महान परम्पारा के विगास यात्रा पर एक नजर दालू,
  15. 1:05–1:09इच्रसो पचास एदी में खगोल विद आर्ट्टा,
  16. 1:09–1:12जगा महापुरुष के मोगिक वन्चावली से श्रूब हलेल,
  17. 1:12–1:15तही के बाद, सातम शताबदी में समोह लिख्या आल,
  18. 1:15–1:23अर अंद ता थेराज़््व्ष्ट्ट्ट्टी में महराजा रही सिंग देवा दुरा इक्रा अप्चारिक रुब से राज्च्ची पन्जी करन में बडल देल गे लेल.
  19. 1:23–1:24इक ता लंबा सफर चले
  20. 1:24–1:29सात्वी शताबदी में कुमारिला भद्के एही शबद पर गवर करू
  21. 1:29–1:32ए अदबूद कोट ए अस्पष्ट कराइत आची
  22. 1:32–1:37जे कुलीन और संसकारी लोग अपन वन्ष्के रक्षाबद प्र्यास सकाएत चल
  23. 1:37–1:48मतलब सरकार दोरा कोनो कानुन ठूप्वाय सबहले समाज में वन्ष और अन्वन्षिक समिरती के बचावाय के एक तबहारी संसक्रितिक परमपरा बन चुकल चल.
  24. 1:48–1:52लेकिन आखिर राजा के एही में रस्तक्षिप किया करापरल,
  25. 1:52–2:22आँु बड़ाइट्खी भाग एक देजनेटिक मातमातिक्स रक्त समवन्द आनी कन संज्यों बाग आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ�
  26. 2:22–2:27यातम मैं बात थ्खी एही कदोर पीडी विभाजन के द्यान से देखों
  27. 2:27–2:29सपिन्दा एकत संस्क्रित शब्दाईची
  28. 2:30–2:33जे कर मुल आर्थची एक समान पूर्भजन के शरीर सबचाब
  29. 2:34–2:38सीथा शब्दो में कही तो एहे एक ता कत्होर गनीतिया आदार्चल
  30. 2:38–2:41जैसा एक ही खून में विवाज के रोकल जासकाया
  31. 2:42–2:43यात मैं बात छी
  32. 2:43–2:47यही कदोर पीडी विभाजन के द्यान से देखूँ
  33. 2:47–2:49मात्री पक्ष़ से पाज पीडी तक
  34. 2:49–2:52अ पित्री पक्ष़ से साथ पीडी तक
  35. 2:52–2:53विवाध रोकल गेल
  36. 2:53–2:56यह यह ज्दम आदूनिक जनेटिक साथनेच के नियमजका आची
  37. 2:56–2:57भिल्ल्कुल वईसा ही
  38. 2:57–2:59ज़े साच्मुक अद्बूत लागे आई तहीछ नहीं।
  39. 2:59–3:01कोना स्थानिया संकलपना
  40. 3:01–3:03सब आदूनिक जिनोमिक साँन्स जक काछ काछ काछ काछ काछ काछ
  41. 3:03–3:05गोद्र जे आसल में
  42. 3:05–3:07वाईक्रोमोजोम त्रैकिंच्छल
  43. 3:07–3:09पंजी जे एक ता मूल लिलेशनल देटाबेश चल
  44. 3:09–3:13अप देखे ची भाग्दूई तव्मन खम्पुटर्स पंजिकार आपुतेचित मेट्फ्रिक्स
  45. 3:13–3:17पंजिकार सबखा काज कराई के तरीका कहुता एक रिवमन अलगुरिदम जाकाचल
  46. 3:17–3:20सबसे पहीने औग बतिस पुर्वजन प्रवाजन प्रवाजन
  47. 3:20–3:25तो जोमल दीने मैपिंके रूप में काज कराए चल, दिमाग चकराए जाई जाई छी.
  48. 3:25–3:31आब देखेची भाग्दूई देहूमन कम्पुटर्स पंजिकार आखुतेचित मेट्ट्रिक्स.
  49. 3:31–3:36पान्जिकार सबह काज कराई के तरीका कहुता एक हुमन अलगुरिदम जा का चल
  50. 3:36–3:40सबसे पहीने उ बतिस पुर्वजन को उते हिद मेट्रिक्स बनावे
  51. 3:40–3:44तकर बाद सोला चतिसानी नोट्स के मिलान कराई
  52. 3:44–3:47फिर सरवजनिक सबह में प्रमानित कराई
  53. 3:47–3:50अर अंत में सिद्धान्त पत्र जारी कराई
  54. 3:50–3:55इही स्टिटिकेट के बिना कोनो भी विवाज वैद नैमान लगा सके चल
  55. 3:55–3:57एक्दम सुलिट सिस्टम
  56. 3:57–4:00ख़र, विवाज से आगु भिद्दी का सुचे
  57. 4:00–4:06इविशाल पन्ची रजिस्टर अटिहासिक महापृप्रुष सबक वन्शावली के भी बचाखर आख्लक.
  58. 4:06–4:10कहगोल विद आर्ये बद्ता, नवे नयाए के संस्तापक,
  59. 4:10–4:13गंगेशो पाद्ध्याय, और महान कवी विद्यापती ताकृ,
  60. 4:13–4:19इनहां जन देरास महापुरुषके एक दम सतीक वन्चावली आजो तक एही डाटा बेस्मची
  61. 4:19–4:23येक तब बड़ा आर अनुपम एतिहासिक आरकाई वैई ची.
  62. 4:23–4:28अब आलु बहाग तीन पर तदोशन पनजी त्रुटी रजिस्टर
  63. 4:28–4:32इस सिस्तिम कोनो बंद या गोर भेदभावावाला कखनो नहीं जल
  64. 4:32–4:34बलकी इस सच्चाई के अपनालक
  65. 4:34–4:38एही में अन्तर जात्या आनोखा विवा अपनली दर्ज आईची
  66. 4:38–4:43जिन है यावान, चर्मकालेनी, राजक, आरकच राजवंष के संगे विवा
  67. 4:43–4:49जिने की महान तरक्षास्त्री, गंगेशा, जिनकार माए एक ता चर्मकालेनी वर्ग से चली.
  68. 4:49–4:53इस सब बना कोनो चिपल चपल, निश्पक्ष रूप से एहिमिददर जाची.
  69. 4:53–4:56इदेखना सच्मे बडा आश्चर ये जनगच,
  70. 4:56–5:05जे पर्वार सवब के हमेशा के लेल बहिष्कार करा यसा नाएक एही प्रनालिमो लगोरिदम के माद्धिम सा एक नियम चल, the rule of integration.
  71. 5:05–5:14चाहा पीडी के बाद जखन अनवानशिक और समाजिक दूरी बन जद्छल, तहाई आजसन परिवार के वनशज के वापस पुरहत शुद्द मान लेए जद्छल.
  72. 5:14–5:18एनियम प्राछीन परमपरा के अदबुत लचीला पन दिखाई बहीत छी.
  73. 5:18–5:23अदर भाग्गे सा खुन्हो भी विशाल डेटा सिस्तम के गलत अस्तिमाल बहस अके तैची
  74. 5:23–5:29इटींट सेंचुरी तक आया तायात, नया शाक्ठ उस तक समाज के तीं कतोर वरग में बाथ दे लक
  75. 5:29–5:33अनो भी विशाल डेटा सिस्तम के गलत अस्तिमाल बहस अके तै ची
  76. 5:33–5:39एटीण्त सेंचुरी तक आया तायात, नया शाक्फ उस तक समाज के तीं कतोर वर्ग में बाड दे लक.
  77. 5:39–5:46श्रोत्रिय, जिस सबस उचा चल, योग्य, जु मद्यम चल, आर जाईबार, जिस समान निवर्ख चल.
  78. 5:46–5:51इआचानक सपूर्त, वन्शावली के शुद्द्टा के आदार पर खोपल गेल अस्तिती चल.
  79. 5:51–5:55आपी हासिक डाता के गोर सा दिख्लापर एस पस्ट होगते ची,
  80. 5:55–6:00जिकर परेनाम सुरुप बहुविवाह बदल, बाल्विवाह में व्रिद्दीभेल,
  81. 6:00–6:05अस्प सब भ्यानक, चोट-चोट-बची सब के विद्वाहवे के गोर संकत फैलगल,
  82. 6:05–6:08लोग आपन समाजिक स्थिती बनावे के पागलपन में लाइगल.
  83. 6:08–6:13अद्वाडू आदूने कीयोग में, भाग पाच दिजिटाइसिंग पाम लीव्स, सेविंग मित्लाज मेमरी.
  84. 6:14–6:19आसल में, इसभी नाजुक तार पत्र परमपराई, तिरहुता इस्क्रिप्त अनी मित्लाख्षर में लिखा लएईची.
  85. 6:19–6:49अपने बाद़ा बाद़ा बाद़ा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा ल�
  86. 6:49–7:19तो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो �
  87. 7:19–7:24अजी अगी अगी रोचक सबाल के संगे हम सवाजके ही चरच सब विदाला रहा है ची

Plain text

स्वागते इछ आई चर्चा मैं, आज हम सब पनजी प्रबंद पर विष्छलेषन करब, इक उनो समान ने बात नहीं ची, इभारताक नेपाला किक्ता अईसन अद्बुत वन्शावली डेटा बेसे इची, जिक्रा हम सब प्री मोडन जीनो माप कोह सके ची, सچ में, आदनिक युच्सकत्योक पहले ये एक ता अलगरिदम जसकाज करी चल. तसब सब बारा सवाल ए उठही तै जी, जे प्राचीन मैठिल विद्वान सब बिना कोनो कमपुटर आएक आदहुनिक दीने टेस्ट के सबगोत्र भिवाग के कोना रोके लेक कै? यह सोचब सच्मुक अदबूत आईची जि आदहुनिक जेनिटिकस आएस सदाब्दिन पहने उसब अनुवानशिक स्वास्त के माप का लिला ही. चलू, यही रोचक विषे में गेराए सा प्रवेस करी. सब सब एसी चवकावाईला बात की आज जाए ची, इवन्शावली रेकोड कोनो एक दूई साल नै, बलकी पिछला एक हजार पाथ साब पच्चास साल सल लगतार चली आए ची. एक दम अखन्ड रूप सा, एवन आप में क्ता विशाल आकन आश्चर ये जनक समय आए ची. एही महान परम्पारा के विगास यात्रा पर एक नजर दालू, इच्रसो पचास एदी में खगोल विद आर्ट्टा, जगा महापुरुष के मोगिक वन्चावली से श्रूब हलेल, तही के बाद, सातम शताबदी में समोह लिख्या आल, अर अंद ता थेराज़््व्ष्ट्ट्ट्टी में महराजा रही सिंग देवा दुरा इक्रा अप्चारिक रुब से राज्च्ची पन्जी करन में बडल देल गे लेल. इक ता लंबा सफर चले सात्वी शताबदी में कुमारिला भद्के एही शबद पर गवर करू ए अदबूद कोट ए अस्पष्ट कराइत आची जे कुलीन और संसकारी लोग अपन वन्ष्के रक्षाबद प्र्यास सकाएत चल मतलब सरकार दोरा कोनो कानुन ठूप्वाय सबहले समाज में वन्ष और अन्वन्षिक समिरती के बचावाय के एक तबहारी संसक्रितिक परमपरा बन चुकल चल. लेकिन आखिर राजा के एही में रस्तक्षिप किया करापरल, आँु बड़ाइट्खी भाग एक देजनेटिक मातमातिक्स रक्त समवन्द आनी कन संज्यों बाग आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� यातम मैं बात थ्खी एही कदोर पीडी विभाजन के द्यान से देखों सपिन्दा एकत संस्क्रित शब्दाईची जे कर मुल आर्थची एक समान पूर्भजन के शरीर सबचाब सीथा शब्दो में कही तो एहे एक ता कत्होर गनीतिया आदार्चल जैसा एक ही खून में विवाज के रोकल जासकाया यात मैं बात छी यही कदोर पीडी विभाजन के द्यान से देखूँ मात्री पक्ष़ से पाज पीडी तक अ पित्री पक्ष़ से साथ पीडी तक विवाध रोकल गेल यह यह ज्दम आदूनिक जनेटिक साथनेच के नियमजका आची भिल्ल्कुल वईसा ही ज़े साच्मुक अद्बूत लागे आई तहीछ नहीं। कोना स्थानिया संकलपना सब आदूनिक जिनोमिक साँन्स जक काछ काछ काछ काछ काछ काछ गोद्र जे आसल में वाईक्रोमोजोम त्रैकिंच्छल पंजी जे एक ता मूल लिलेशनल देटाबेश चल अप देखे ची भाग्दूई तव्मन खम्पुटर्स पंजिकार आपुतेचित मेट्फ्रिक्स पंजिकार सबखा काज कराई के तरीका कहुता एक रिवमन अलगुरिदम जाकाचल सबसे पहीने औग बतिस पुर्वजन प्रवाजन प्रवाजन तो जोमल दीने मैपिंके रूप में काज कराए चल, दिमाग चकराए जाई जाई छी. आब देखेची भाग्दूई देहूमन कम्पुटर्स पंजिकार आखुतेचित मेट्ट्रिक्स. पान्जिकार सबह काज कराई के तरीका कहुता एक हुमन अलगुरिदम जा का चल सबसे पहीने उ बतिस पुर्वजन को उते हिद मेट्रिक्स बनावे तकर बाद सोला चतिसानी नोट्स के मिलान कराई फिर सरवजनिक सबह में प्रमानित कराई अर अंत में सिद्धान्त पत्र जारी कराई इही स्टिटिकेट के बिना कोनो भी विवाज वैद नैमान लगा सके चल एक्दम सुलिट सिस्टम ख़र, विवाज से आगु भिद्दी का सुचे इविशाल पन्ची रजिस्टर अटिहासिक महापृप्रुष सबक वन्शावली के भी बचाखर आख्लक. कहगोल विद आर्ये बद्ता, नवे नयाए के संस्तापक, गंगेशो पाद्ध्याय, और महान कवी विद्यापती ताकृ, इनहां जन देरास महापुरुषके एक दम सतीक वन्चावली आजो तक एही डाटा बेस्मची येक तब बड़ा आर अनुपम एतिहासिक आरकाई वैई ची. अब आलु बहाग तीन पर तदोशन पनजी त्रुटी रजिस्टर इस सिस्तिम कोनो बंद या गोर भेदभावावाला कखनो नहीं जल बलकी इस सच्चाई के अपनालक एही में अन्तर जात्या आनोखा विवा अपनली दर्ज आईची जिन है यावान, चर्मकालेनी, राजक, आरकच राजवंष के संगे विवा जिने की महान तरक्षास्त्री, गंगेशा, जिनकार माए एक ता चर्मकालेनी वर्ग से चली. इस सब बना कोनो चिपल चपल, निश्पक्ष रूप से एहिमिददर जाची. इदेखना सच्मे बडा आश्चर ये जनगच, जे पर्वार सवब के हमेशा के लेल बहिष्कार करा यसा नाएक एही प्रनालिमो लगोरिदम के माद्धिम सा एक नियम चल, the rule of integration. चाहा पीडी के बाद जखन अनवानशिक और समाजिक दूरी बन जद्छल, तहाई आजसन परिवार के वनशज के वापस पुरहत शुद्द मान लेए जद्छल. एनियम प्राछीन परमपरा के अदबुत लचीला पन दिखाई बहीत छी. अदर भाग्गे सा खुन्हो भी विशाल डेटा सिस्तम के गलत अस्तिमाल बहस अके तैची इटींट सेंचुरी तक आया तायात, नया शाक्ठ उस तक समाज के तीं कतोर वरग में बाथ दे लक अनो भी विशाल डेटा सिस्तम के गलत अस्तिमाल बहस अके तै ची एटीण्त सेंचुरी तक आया तायात, नया शाक्फ उस तक समाज के तीं कतोर वर्ग में बाड दे लक. श्रोत्रिय, जिस सबस उचा चल, योग्य, जु मद्यम चल, आर जाईबार, जिस समान निवर्ख चल. इआचानक सपूर्त, वन्शावली के शुद्द्टा के आदार पर खोपल गेल अस्तिती चल. आपी हासिक डाता के गोर सा दिख्लापर एस पस्ट होगते ची, जिकर परेनाम सुरुप बहुविवाह बदल, बाल्विवाह में व्रिद्दीभेल, अस्प सब भ्यानक, चोट-चोट-बची सब के विद्वाहवे के गोर संकत फैलगल, लोग आपन समाजिक स्थिती बनावे के पागलपन में लाइगल. अद्वाडू आदूने कीयोग में, भाग पाच दिजिटाइसिंग पाम लीव्स, सेविंग मित्लाज मेमरी. आसल में, इसभी नाजुक तार पत्र परमपराई, तिरहुता इस्क्रिप्त अनी मित्लाख्षर में लिखा लएईची. अपने बाद़ा बाद़ा बाद़ा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा लगा ल� तो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो जो � अजी अगी अगी रोचक सबाल के संगे हम सवाजके ही चरच सब विदाला रहा है ची

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