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पंजी_प्रबंध__प्राचीन_जीनोम.mp4

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Part 2 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 2
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  1. 0:00–0:30नमस्कार, आएक एही विष्लेषन में हम सव एक ता एहन गजजब कविष्षे पगव्करव, जे सुनी का आश्चर्यहित, सोचु, जै कोनो प्राचीन समाज, दीने वा आदूनिक जनेटिक्स का खोछ से, सेक्क्रडो वर्स पहले ताल पत्र पर मानव जीनोम का माप कले लह�
  2. 0:30–0:41अगराबाद दूशन पन्जी एकर समाजिक प्रभाब आंद्द में एही प्राचीन अलग़ूरिठम कडिजितल पनरुद्द्धार.
  3. 0:41–0:43ता आहु शुरू करेचे.
  4. 0:43–0:47तो सब सबहिले बात करेची प्राचीन जीनो मैपिंकक,
  5. 0:47–0:53पहले बात करे ची प्राचीन जीनोम मैपिंकक जी पन्दरसो वर्सक वन्शावली के समेटने चाए.
  6. 0:53–0:59पन्जी प्रबंद कते विशाल चाए इबुजवाग लेल एक अ ताईमलाई देखा बहुत जरूरी चाए.
  7. 0:59–1:01इखोनो सादारन वन्शावली ने चाए.
  8. 1:01–1:09इव वास्तव में महान ख़ोल शास्त्री आर्यबबध जहन अतिहासिक वेक्तिक वन्शावली के चार्सो च्यतर इस्वी दहरी पाचुल लजाएच्चे.
  9. 1:09–1:17मुदा 1326 इस्वी में करनात वन्शक महराजा हरी सिंदेव एक रागगाईदा एक तर राजज विबागक रूप में स्थापित केलने.
  10. 1:17–1:26अग, कमालक बात इच्छ है, जि 2009 में एक दिजिटल सन्रक्षन का पैक काज सहो पूरा भेल, जे एक निरन्तरता के प्रमानित करे च्छै.
  11. 1:26–1:30अब प्रषन उठाइत च्छे जि एवेवस्ता शुरू की एक भेल,
  12. 1:30–1:40जखन जन संक्या कम चल तकन समुह लेक्ये नाम सव, शुर्वाती रिकोड रक्छाच्छल, जए मुख्ये रूप सव, लोकक समरन शक्ती पर निरभर चल.
  13. 1:40–1:47सात्मी सताबदी में कुमारेल बद लिखने चला जे कुलीन लोक आपन वन्शक रक्षा बहुत यतन सकरे च्छती,
  14. 2:00–2:06उन्वाज़ा के गनित, जे अन्ताब प्रजनाक एक ता गजब के अल्गुरिदम चल.
  15. 2:06–2:09इनेम राजस्टर पर की एक लागुभेल,
  16. 2:09–2:14एकर पाचु 1326 इस्विक एक ता बद्दू रोचक गटना चाए.
  17. 2:14–2:18दर्म सास्त्र के एक ता बहुत ख्यातिप्राथ विद्वान चला,
  18. 2:18–2:20हरी नात उपाद्धे है.
  19. 2:20–2:23वन्शावलिक जानकारी भिसर्भाग कारने अनजाने में
  20. 2:23–2:26आपन ममेरा भाएक भेटी सा विवाग कलेनी.
  21. 2:26–2:29इगठना उही समेक लिल एक ता पैक जडकाचल.
  22. 2:29–2:41एक रा सा इसिद भगेल, जे जा एतेख पैक विद्वान साँई गड़बडी बहुऽ सके चई, न जटिल रक्त समबंद के मुन रख्वाग लेल, राज्जे प्रायोजित लिखित डेटा बेसक अथ्यंत आवष्षकता चए.
  23. 2:41–2:45ता आब भूजेच्छे जे इप प्रनाली काज कोन करछ चल
  24. 2:45–2:49एकर पहल आ एक्दम बेसिक नियम चल गोत्र मिलायब
  25. 2:49–2:52गोत्र मूल रूपस एक्टा पित्र सतात्मक कुल
  26. 2:52–2:57माने पेट्री लेनिल कलन जे कोनो एक्टा प्राचीन गयात पूरवच सचूरू होएचे
  27. 2:57–3:08आदूनिक आनुवंष्कीक नज्रीए सदेखाल जाए तई एक दम वाएक रोमुजोम के जाज करवाजंका चे जाए सई सूनिष्चित होईच्छल जिस समान पित्रिकूल में विवाज भूल कसहु नही हो.
  28. 3:08–3:12मुदा आसली बुद्धिमानिता सपंड नियम में चूपल चल.
  29. 3:27–3:30अद्वाज बाख़े लेज यक तारेकर गणना होई चला
  30. 3:31–3:33एक रा लेज पनजिकार होई चला
  31. 3:33–3:35ओदेड बने बेच्छला
  32. 3:35–3:38इए उदेड एक एक आन पूरवज मेट्ग्ष्छल
  33. 3:38–3:40जकर अन्तरगत वेवाज यो गिवर
  34. 3:40–3:52इउतेड एक ता एहन पूर्वज मेट्रिक्स शल जकर अंतरगत वेवाह यो गिवर वदूक थीक बत्तिस विषिष्ट पूर्वज रेखाक एक दम सतीक मापिंक का लिजाए चला.
  35. 3:52–3:57इप पूरा प्रक्रिया आए कालि कोनो सकत भिरो क्रेसी संकत हो सक कम नहीं चल.
  36. 3:57–4:01प्रक्रिया देखु पहने परिवार पनजिकार सवतेड कलिल आविदन करेच्छला
  37. 4:01–4:03उकर बाद 16 चथी
  38. 4:03–4:08याने 16 ता चथम पीडी पुरवजक नोट्ट्खे क्रोस्चेक कराएच्छल
  39. 4:08–4:11फिर सवराट सबह में एकर पबलिक वेरिफिकेशन
  40. 4:11–4:16अगर बद्देश पाजट पीडिदरी कोनो समान पुरवज सुन्ने हो बाखचाही
  41. 4:16–4:19मने कोनो कोमन अंसेस्टर नहीं
  42. 4:19–4:24इफर्मूला आदूनिक पोपूलेशन जने टिक सां बिल्कुल मेल काएच्चै
  43. 4:24–4:28जे इन ब्रीटिंग सा होईबला कोनो हानिकारक बिमारी कोईच्चा
  44. 4:28–4:33कोनो समान पूर्वज सुन्ने हो बाखचा ही, मने कोनो कोमन अन्सेस्टर नहीं.
  45. 4:33–4:38इप्रमूला आदूनिक पोपूलेशन जनेटिक सां बिल्कुल मेल खाएच्चाई,
  46. 4:38–4:43जे इन ब्रीटिंग सा होईबला कोनो हानिकारग बिमारिक रिसके एक दाम कम कडईचे.
  47. 4:43–4:47आउ आब हम सब अपन तेसर हिस्सादिस बड़े ची दूशन पन्जी
  48. 4:47–4:52जे अप्वाद आयतिहासिक विसंगतिक एक ता अनोखा रिकोड चे
  49. 4:52–4:57अक सर समाज में जे दोश वग गडभडी होगी चे उक्रा चुपाएबा काज होगी चे
  50. 4:57–5:06मुदा पनजी प्रबन्द में प्रशासक सब अन्तर जाती ये विवा आ अग्यात मुल के बहुत भारी की आ इमान्दारी सदर्ज के लनी.
  51. 5:06–5:13इत्वाद हरी जे यवन माने मुस्ली महीला डालती जगा सभ भेहल विवाग सहो खुल्लम खुल्ला रिकोड राखाल गे लेग.
  52. 5:13–5:22अज़ सब सक कमालक बाती चल, ज़ चथम पीडिदरी पहुचे द, पहुचे द, इवंशावली फेर सक गनिती रूप सा पुन शुद्द मानल जाचचल.
  53. 5:22–5:25इदेटा बेसक गजजब का फ्लेक्सिबलीटी देखाई बेज्चा.
  54. 5:25–5:36एकर एकता आवर बदनीक उदारन चे नववे नयाय दरशनक महान तरक शास्तरी गंगेश उपाद्ध्याय के जन रूँग पिताक म्रित्युक पाच वर्ष बाद भेल चल.
  55. 5:36–5:40आप ववःटीख योगेता के बेशी प्राथ्मिक्ता देथ चल.
  56. 5:40–5:44आब ववएची चाडिम बागपा सामाजिक प्रभाव आव अस्तरिकरन,
  57. 5:44–5:48कोनो नियमक अन अपेक्छित परनाम की बहसकच्छे,
  58. 5:48–5:51इक अर एक अर वववाश्टा एक चर्म कार महिला चली.
  59. 5:51–5:57कुलींताक दाबिक बडला, अनुबवजन्य, सत्य, आबवद्दिक योग्धाके बेशी प्राध्मिक्ता देट चल.
  60. 5:57–6:02आब आववैची चाडिम बागपा समाजिक प्रभाव आवस्तरिकरन,
  61. 6:02–6:05कोनो नियमक अन अपेक्छित परनाम की बहुऽसके चे,
  62. 6:05–6:08इक एक ता बद पाग उदारन चे.
  63. 6:08–6:11जिना की प्रतेक विवस्ताख संग होईच च्छाए,
  64. 6:11–6:14समवाएक संग एकर साईटिफेक्त सो सुजहा आएल.
  65. 6:14–6:18जकन इप्राषीन विग्यान मानव समाज शास्त्र संटटकराएल,
  66. 6:18–6:24ता 18 शटाब दिदरी आबईत आबईत एक ता कथोर समाजिक वर्गी करन बनी गेल.
  67. 6:24–6:27समाज मुखिरूपसं दू भाग मे बती गेल.
  68. 6:27–6:31एक ता श्रोत्रीये जे सबसा उच्छ वर्ग मानल गेल
  69. 6:31–6:35जकर वन्शावली में पीडी दर पीडी कोनो दूशन न नहीं चल.
  70. 6:35–6:45आदो सर जैवार जे आम आबादिक वर्ग चल, जिनका विवाहाक वैद्थात प्राप्त चल, मुदा हुनका कोनो खास्कूलीन समाजिक विषेषा दिकार नहीं बहेंते चलन.
  71. 6:46–6:50आई समाजिक अस्तरी करन्णक समाज पर किछ भ्यंकर प्रभाउसे हूपडल.
  72. 6:50–6:54उच्वर्गक, श्वत्रीय वर्क मांग, बहुत थेजी सब आदिगेल
  73. 6:54–7:01एक रा कारने, अनलोम विवाज, जेक्रा हाईपर गैमी कहल जाएच्छे, उस समाज में बहुत आम भगेल
  74. 7:01–7:07दनी आ उच्वर्क के पूरुष देज के लालच में कुब बहुविवाज वा पूलीगेमि करे लगला
  75. 7:07–7:12समाजिक प्रतिष्था पावक होड में परिवार सब बाल्विवाज दिस बहगे लगला
  76. 7:12–7:14जे कर सब से दुखद परिनाम एब हैल,
  77. 7:14–7:18जे समाज में बाल विद्वाक एक ता बहुत पैग लाहरी पएदा बहुगेल,
  78. 7:18–7:21ये एक ता पूड रूप से समाज शास्त्रिया बडलाव चैल.
  79. 7:21–7:25तो आब हम सब आपन अंतिम बहाक पर पहुची गे चिए,
  80. 7:25–7:32यही प्राषीन अलगोरितम के, दिजिटल पुनरुद्धार, जाईसन भविष्षक लेल तारपतरक पान्दूलिपी के बचाल जार है।
  81. 7:32–7:41पन्द्रोस अवरसक यह तिहासिक आईट्छुट शिंखला आब आपन सब सब यग अस्तितवक संकत सजुज रहल चे
  82. 7:41–7:48इं मूल रिकोड बहुत नाजुक तार पत्तर पर तिर हुता यानी मितलाक्षर लिपी में लिखल चे.
  83. 7:48–7:54आब समस्या इंचे जेना जेना इं लिपी के पड़ाई बला लोक कम भर रहल चतिन,
  84. 7:54–8:24अदूनिक पीडि अपन स्वेम के पैत्रिक देटा नहीं परही पारहल्चा थिन इबद गंवीर स्तिति चे जटेई लिपी हराए बाख संग पुरक पुरा इतिहास विलुप्त बहुस वेड़ चे जे वो दा नीक भात इचे जे एही डेटा के बचावाक लेल एक तततकाल जि
  85. 8:24–8:27प्राचीन काग्जी अल्गुरिदम के देवनागरी लीपी में बदली का
  86. 8:27–8:30अक अगद्दा अदुनिक धिजितल डेटाबेस में बदलल गेल चाए
  87. 8:30–8:33जाही सब इक कीडा अपानी सत बचले चाए
  88. 8:33–8:36संगे संग लोककले सुलब से हो भो गेल चाए
  89. 8:36–8:42बन्द मोखिका दस्तावेजी परमपरा के, कौईरी करग्योगी देटाबेस में बदलवाख सांदार प्रयाष चे.
  90. 8:42–8:47ता मैं सब देख लों, जे कोना प्राषीन ज्यान औन आदूनिक विग्यान एक तुस्रा सच्च्छ्छुडल चे.
  91. 8:47–8:51अंत में इपुरा विषे एक ता बहुत गजबबक प्रष्न चोडी जाएच है चे
  92. 8:51–8:59सोचुई जे सद्यो पहने के एक ता प्राचीन सबहता, तार्पत्र पर जीनोम, औं समाज के एक बारीकी और कडाएसा मैप का सकई चल,
  93. 8:59–9:02ता आब जे digital footprints हम सब आई चोडी रहल ची
  94. 9:02–9:05अ बहविष्च इतिहाँसकार सब के हमरा लोकनेक विष्यमे की बताइतें
  95. 9:05–9:09इनिश्चित रूप से एक ता गहरा और विचारनी यह प्रष्न चे
  96. 9:09–9:13एही विस्लेशन में हमरा सब के संक बनल रहावाक लेल, बहुत-बहुत द्धिवाद.

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नमस्कार, आएक एही विष्लेषन में हम सव एक ता एहन गजजब कविष्षे पगव्करव, जे सुनी का आश्चर्यहित, सोचु, जै कोनो प्राचीन समाज, दीने वा आदूनिक जनेटिक्स का खोछ से, सेक्क्रडो वर्स पहले ताल पत्र पर मानव जीनोम का माप कले लह� अगराबाद दूशन पन्जी एकर समाजिक प्रभाब आंद्द में एही प्राचीन अलग़ूरिठम कडिजितल पनरुद्द्धार. ता आहु शुरू करेचे. तो सब सबहिले बात करेची प्राचीन जीनो मैपिंकक, पहले बात करे ची प्राचीन जीनोम मैपिंकक जी पन्दरसो वर्सक वन्शावली के समेटने चाए. पन्जी प्रबंद कते विशाल चाए इबुजवाग लेल एक अ ताईमलाई देखा बहुत जरूरी चाए. इखोनो सादारन वन्शावली ने चाए. इव वास्तव में महान ख़ोल शास्त्री आर्यबबध जहन अतिहासिक वेक्तिक वन्शावली के चार्सो च्यतर इस्वी दहरी पाचुल लजाएच्चे. मुदा 1326 इस्वी में करनात वन्शक महराजा हरी सिंदेव एक रागगाईदा एक तर राजज विबागक रूप में स्थापित केलने. अग, कमालक बात इच्छ है, जि 2009 में एक दिजिटल सन्रक्षन का पैक काज सहो पूरा भेल, जे एक निरन्तरता के प्रमानित करे च्छै. अब प्रषन उठाइत च्छे जि एवेवस्ता शुरू की एक भेल, जखन जन संक्या कम चल तकन समुह लेक्ये नाम सव, शुर्वाती रिकोड रक्छाच्छल, जए मुख्ये रूप सव, लोकक समरन शक्ती पर निरभर चल. सात्मी सताबदी में कुमारेल बद लिखने चला जे कुलीन लोक आपन वन्शक रक्षा बहुत यतन सकरे च्छती, उन्वाज़ा के गनित, जे अन्ताब प्रजनाक एक ता गजब के अल्गुरिदम चल. इनेम राजस्टर पर की एक लागुभेल, एकर पाचु 1326 इस्विक एक ता बद्दू रोचक गटना चाए. दर्म सास्त्र के एक ता बहुत ख्यातिप्राथ विद्वान चला, हरी नात उपाद्धे है. वन्शावलिक जानकारी भिसर्भाग कारने अनजाने में आपन ममेरा भाएक भेटी सा विवाग कलेनी. इगठना उही समेक लिल एक ता पैक जडकाचल. एक रा सा इसिद भगेल, जे जा एतेख पैक विद्वान साँई गड़बडी बहुऽ सके चई, न जटिल रक्त समबंद के मुन रख्वाग लेल, राज्जे प्रायोजित लिखित डेटा बेसक अथ्यंत आवष्षकता चए. ता आब भूजेच्छे जे इप प्रनाली काज कोन करछ चल एकर पहल आ एक्दम बेसिक नियम चल गोत्र मिलायब गोत्र मूल रूपस एक्टा पित्र सतात्मक कुल माने पेट्री लेनिल कलन जे कोनो एक्टा प्राचीन गयात पूरवच सचूरू होएचे आदूनिक आनुवंष्कीक नज्रीए सदेखाल जाए तई एक दम वाएक रोमुजोम के जाज करवाजंका चे जाए सई सूनिष्चित होईच्छल जिस समान पित्रिकूल में विवाज भूल कसहु नही हो. मुदा आसली बुद्धिमानिता सपंड नियम में चूपल चल. अद्वाज बाख़े लेज यक तारेकर गणना होई चला एक रा लेज पनजिकार होई चला ओदेड बने बेच्छला इए उदेड एक एक आन पूरवज मेट्ग्ष्छल जकर अन्तरगत वेवाज यो गिवर इउतेड एक ता एहन पूर्वज मेट्रिक्स शल जकर अंतरगत वेवाह यो गिवर वदूक थीक बत्तिस विषिष्ट पूर्वज रेखाक एक दम सतीक मापिंक का लिजाए चला. इप पूरा प्रक्रिया आए कालि कोनो सकत भिरो क्रेसी संकत हो सक कम नहीं चल. प्रक्रिया देखु पहने परिवार पनजिकार सवतेड कलिल आविदन करेच्छला उकर बाद 16 चथी याने 16 ता चथम पीडी पुरवजक नोट्ट्खे क्रोस्चेक कराएच्छल फिर सवराट सबह में एकर पबलिक वेरिफिकेशन अगर बद्देश पाजट पीडिदरी कोनो समान पुरवज सुन्ने हो बाखचाही मने कोनो कोमन अंसेस्टर नहीं इफर्मूला आदूनिक पोपूलेशन जने टिक सां बिल्कुल मेल काएच्चै जे इन ब्रीटिंग सा होईबला कोनो हानिकारक बिमारी कोईच्चा कोनो समान पूर्वज सुन्ने हो बाखचा ही, मने कोनो कोमन अन्सेस्टर नहीं. इप्रमूला आदूनिक पोपूलेशन जनेटिक सां बिल्कुल मेल खाएच्चाई, जे इन ब्रीटिंग सा होईबला कोनो हानिकारग बिमारिक रिसके एक दाम कम कडईचे. आउ आब हम सब अपन तेसर हिस्सादिस बड़े ची दूशन पन्जी जे अप्वाद आयतिहासिक विसंगतिक एक ता अनोखा रिकोड चे अक सर समाज में जे दोश वग गडभडी होगी चे उक्रा चुपाएबा काज होगी चे मुदा पनजी प्रबन्द में प्रशासक सब अन्तर जाती ये विवा आ अग्यात मुल के बहुत भारी की आ इमान्दारी सदर्ज के लनी. इत्वाद हरी जे यवन माने मुस्ली महीला डालती जगा सभ भेहल विवाग सहो खुल्लम खुल्ला रिकोड राखाल गे लेग. अज़ सब सक कमालक बाती चल, ज़ चथम पीडिदरी पहुचे द, पहुचे द, इवंशावली फेर सक गनिती रूप सा पुन शुद्द मानल जाचचल. इदेटा बेसक गजजब का फ्लेक्सिबलीटी देखाई बेज्चा. एकर एकता आवर बदनीक उदारन चे नववे नयाय दरशनक महान तरक शास्तरी गंगेश उपाद्ध्याय के जन रूँग पिताक म्रित्युक पाच वर्ष बाद भेल चल. आप ववःटीख योगेता के बेशी प्राथ्मिक्ता देथ चल. आब ववएची चाडिम बागपा सामाजिक प्रभाव आव अस्तरिकरन, कोनो नियमक अन अपेक्छित परनाम की बहसकच्छे, इक अर एक अर वववाश्टा एक चर्म कार महिला चली. कुलींताक दाबिक बडला, अनुबवजन्य, सत्य, आबवद्दिक योग्धाके बेशी प्राध्मिक्ता देट चल. आब आववैची चाडिम बागपा समाजिक प्रभाव आवस्तरिकरन, कोनो नियमक अन अपेक्छित परनाम की बहुऽसके चे, इक एक ता बद पाग उदारन चे. जिना की प्रतेक विवस्ताख संग होईच च्छाए, समवाएक संग एकर साईटिफेक्त सो सुजहा आएल. जकन इप्राषीन विग्यान मानव समाज शास्त्र संटटकराएल, ता 18 शटाब दिदरी आबईत आबईत एक ता कथोर समाजिक वर्गी करन बनी गेल. समाज मुखिरूपसं दू भाग मे बती गेल. एक ता श्रोत्रीये जे सबसा उच्छ वर्ग मानल गेल जकर वन्शावली में पीडी दर पीडी कोनो दूशन न नहीं चल. आदो सर जैवार जे आम आबादिक वर्ग चल, जिनका विवाहाक वैद्थात प्राप्त चल, मुदा हुनका कोनो खास्कूलीन समाजिक विषेषा दिकार नहीं बहेंते चलन. आई समाजिक अस्तरी करन्णक समाज पर किछ भ्यंकर प्रभाउसे हूपडल. उच्वर्गक, श्वत्रीय वर्क मांग, बहुत थेजी सब आदिगेल एक रा कारने, अनलोम विवाज, जेक्रा हाईपर गैमी कहल जाएच्छे, उस समाज में बहुत आम भगेल दनी आ उच्वर्क के पूरुष देज के लालच में कुब बहुविवाज वा पूलीगेमि करे लगला समाजिक प्रतिष्था पावक होड में परिवार सब बाल्विवाज दिस बहगे लगला जे कर सब से दुखद परिनाम एब हैल, जे समाज में बाल विद्वाक एक ता बहुत पैग लाहरी पएदा बहुगेल, ये एक ता पूड रूप से समाज शास्त्रिया बडलाव चैल. तो आब हम सब आपन अंतिम बहाक पर पहुची गे चिए, यही प्राषीन अलगोरितम के, दिजिटल पुनरुद्धार, जाईसन भविष्षक लेल तारपतरक पान्दूलिपी के बचाल जार है। पन्द्रोस अवरसक यह तिहासिक आईट्छुट शिंखला आब आपन सब सब यग अस्तितवक संकत सजुज रहल चे इं मूल रिकोड बहुत नाजुक तार पत्तर पर तिर हुता यानी मितलाक्षर लिपी में लिखल चे. आब समस्या इंचे जेना जेना इं लिपी के पड़ाई बला लोक कम भर रहल चतिन, अदूनिक पीडि अपन स्वेम के पैत्रिक देटा नहीं परही पारहल्चा थिन इबद गंवीर स्तिति चे जटेई लिपी हराए बाख संग पुरक पुरा इतिहास विलुप्त बहुस वेड़ चे जे वो दा नीक भात इचे जे एही डेटा के बचावाक लेल एक तततकाल जि प्राचीन काग्जी अल्गुरिदम के देवनागरी लीपी में बदली का अक अगद्दा अदुनिक धिजितल डेटाबेस में बदलल गेल चाए जाही सब इक कीडा अपानी सत बचले चाए संगे संग लोककले सुलब से हो भो गेल चाए बन्द मोखिका दस्तावेजी परमपरा के, कौईरी करग्योगी देटाबेस में बदलवाख सांदार प्रयाष चे. ता मैं सब देख लों, जे कोना प्राषीन ज्यान औन आदूनिक विग्यान एक तुस्रा सच्च्छ्छुडल चे. अंत में इपुरा विषे एक ता बहुत गजबबक प्रष्न चोडी जाएच है चे सोचुई जे सद्यो पहने के एक ता प्राचीन सबहता, तार्पत्र पर जीनोम, औं समाज के एक बारीकी और कडाएसा मैप का सकई चल, ता आब जे digital footprints हम सब आई चोडी रहल ची अ बहविष्च इतिहाँसकार सब के हमरा लोकनेक विष्यमे की बताइतें इनिश्चित रूप से एक ता गहरा और विचारनी यह प्रष्न चे एही विस्लेशन में हमरा सब के संक बनल रहावाक लेल, बहुत-बहुत द्धिवाद.

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