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दूषण_पंजी__मिथिलाक_रहस्य.mp4

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Part 2 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 2
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  1. 0:00–0:09प्राजीन मित्हिलाक अट्यंत जतिल और अटिहासिक रूप से बिल्कुल गलत भुजल गेल पंजी वन्शावली प्रनाली के एह विषेष चर्चा में स्वागत अछि.
  2. 0:09–0:39रही आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आ�
  3. 0:39–0:41तरहत्राक बात होईत्रहला ची
  4. 0:41–0:44ते आव एही प्राचीन रहस्सेके दिकोड करी
  5. 0:44–0:46हमर सब की यात्रा शुरू होएत
  6. 0:46–0:49सब से बहेबहीत करेवाला ब्लाक बुक साँ
  7. 0:49–0:52वोकर बाद मित्लाक विशाल स्म्रिती प्रनाली
  8. 0:52–0:54विवाह योगे आलगौरिदम
  9. 0:54–1:01भी लेख्ख्ख व्याक्करन आ अन्त में इतिहास पडवाक नेटिक्तापर च्र्चाक करब, बस एक एक कैएका सब्ता बुज़ब.
  10. 1:01–1:07तसबसपहीने बात करत ची भाग एक भाएभीद करे वाला ब्लाक बुक कक,
  11. 1:07–1:14दूशन पन्जी के चारो कात पसरल किछ भ्रामक भात वा अपवाह का समजान सब श्रूवात कर अच्छी.
  12. 1:14–1:21सब समहतोपोरन बात इच्छे जे तताथ कतित ब्लाक बुक कोनो क्राब लोकक सुची नही आची.
  13. 1:21–1:28बलकी इी मुख्ये रूपसा समाजेक स्टर पर भाईल उही तूटन वा विक्हन्दनक एक ता विसिष्ट अबहिलेक है ची,
  14. 1:28–1:33जता इी समाजक अप्चारिक नीम मानव जीवनक जमीनी यतार्ध संटक्राई चला.
  15. 1:33–1:37इक्रा कोनो स्त्ठाइ निंदाक सुछी माना बिलकुल अनुचित अची
  16. 1:37–1:43आब यी प्रष्नुट है तची, जि मद्या कालिन समाज वास्तव में की नुकावे चाहे चल
  17. 1:43–1:47अग्यात मात्र वन्ष, अन्तर जातिय विवा, वा पुनर विवा,
  18. 1:47–1:51पूनर्विवा, अदलित, वा कारीगर समथायक संख समबन्द
  19. 1:51–1:54इस सब एक दम सब श्प्ष्ट रूप से प्रमानित करे तची
  20. 1:54–2:24जे वन्शावली कईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई
  21. 2:24–2:27वश्वलीक स्म्रती केवल एक ता निजी पारीवारिक विषे च्छल
  22. 2:27–2:29मतलब बस गरक बाच्छल
  23. 2:29–2:31मुदा महराजा हरीसिंडेव के समय में
  24. 2:31–2:33जैना समाजक विस्तारभेल
  25. 2:33–2:36वन्ष का अदिकारिक सत्यापनक लेल
  26. 2:36–2:38एक रा सारवजनिक असन्स्तागत अभीलेक में
  27. 2:38–2:41तब बद्ली देल गेल ये ये पैग बद्लाव चल
  28. 2:41–2:43तब जेकरा सब लोग दराएत चल
  29. 2:43–2:49उ ब्लाक बोग दरसल सात बागक विशाल परस्तितिक तन्तर क मातर ये चोट सन हिस्सा चल
  30. 2:49–2:55मूल, साखा, गोत्र, पत्र, दूषन, उतेड, आस्वंजने
  31. 2:55–3:25यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह �
  32. 3:25–3:30वो पर्वार के एक ता प्राचीन पूष पूवज वपुज रिषी परमपरासा जोडे तची.
  33. 3:30–3:32इपहिल माप्दनच्छल.
  34. 3:32–3:35वो कर बाद अवईद अच्छे मुल
  35. 3:35–3:37ये एक ता एहन जडी चले
  36. 3:37–3:39जे छित्रायल पर्वार सब के
  37. 3:39–3:43बोद्तिक रूप से कुनो दोसथाम प्रभास करबाक अनुमती देलक,
  38. 3:43–3:47मुदा अबिलेख में अक्रा सबक प्राचीन मुल ग्रामसा
  39. 3:47–3:51अस्थाई रूप से बानेग्रा कल कब एक तराह कहुता ये भूगोल के
  40. 3:51–3:54वन्शावलीक अस्थाई इस्म्रिती में बडली देलक.
  41. 3:54–3:58आ अन्ततध सप्पिंद इणिष्द विवाह के रोक बाकलिल
  42. 3:58–4:01सतिक पीरिगत दूरी नापईवाला
  43. 4:01–4:03इग्धम अन्तिम मानक्छल जायसां
  44. 4:03–4:05इपका बहसके जे कोनो विवाह
  45. 4:05–4:08इपका बहसके जे कोनो विवाह इपका बहसके पार नहीं करहे लाची
  46. 4:08–4:38इे अल्गार्द्म एक ता सिद्धान्त पत्र देवासे पहले प्राचीन ग्रन्त्स सब्द्वार निर्दारिद एही च्ये विषिष्ट माप्दंदक कतोर्ता से जाजकरे चल, जेना गोत्र प्रवर मात्रिक सपिंट आदिक मिला नही होए. सिद्धान्त पत्र वास्तम में व
  47. 4:38–5:08अगर ता दिए बादिट चल नहीं बादिट चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं च
  48. 5:08–5:11तक्नी की सतिक तक संग वंशक्रेख्हंकन करिज्चल
  49. 5:11–5:14सुत माने पुत्र, सुता माने पुत्री
  50. 5:14–5:17आम मात्रिक माने माएक वंश सजुल सबाल
  51. 5:17–5:20इकोनो कमपुटर कोडिंचा कम नहीं चल
  52. 5:20–5:23मुदा एक ते एक ता बहुत पएग
  53. 5:23–5:25एतिहासिक विडंबना चुपाल अची
  54. 5:25–5:28बवद पएग अटिहास्च्छ विदंबना चुपाल अच्छी
  55. 5:28–5:31पित्र सतात्मक निंट्रक लिल बनायल गेल एक ता प्रनाली
  56. 5:31–5:34अन जाने में नुकायल महिला इतिहास के
  57. 5:34–5:38एक ता सम्वरिद और महत्वोपुरन अभिलेक सुरक्षिट कर लेलाक
  58. 5:38–5:42अप पहुच गेल चें पाच माँ अ अंतिम भाग पर इतिहासक नैटिक्ता
  59. 5:42–5:46एही कोट लिपी के खोल बाक लिल आदूनिक पाटख के दिस्सें
  60. 5:46–5:50एक ता बहुत पहीज नैटिक जिम्दारी के आवशकता ची
  61. 5:50–6:20अदिहासक उप्योग आदूनिक नेटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक
  62. 6:20–6:24अगरा आए के चश्मासे जज नहीं करबाग अची
  63. 6:24–6:28तए इतिहास पड़ेबाक इननेतिक तरीका कुना काजकरे तची
  64. 6:28–6:32इटीन कदम देखू पहल समवन्द करस्ता पहचानू
  65. 6:32–6:37तो सर अबहिलेक्क लेबल और आदोनेक जजमेंट के अलग्राएू
  66. 6:37–6:42और तेसर च्फु पीडिग बाद समाज में पुन्बाप्सी के ट्रक करूू।
  67. 6:42–6:45स्वैम अबहिलेख इस्विकार करे च्ल,
  68. 6:45–6:52जे पीडिख संकलंक मिटी जाईच्छल आ एक समएक बाद परिवार पुन्ँ समाज में पुन्रुप्सं समाहिद भोजाईच्छल.
  69. 6:52–6:58अन्ता तहाः पूरा पन्जी बेवस्ता हम्रा सबक लेल एक ता बहुत गंभीर प्रस्न चोर जैत ची,
  70. 6:58–7:02कोनो समाज आपन कतिन सते के नुका कबेसी मजबूत बनत ची,
  71. 7:02–7:05वा उक्रा साहस के संक दिकोड कगे.
  72. 7:05–7:12इएक ता एहन वीचार अची जे वास्तब में हम्रा सबके सोचने पर मजबोर करे ता चे और अदिक जान्बा के प्रे रिद करे ता ची.

Plain text

प्राजीन मित्हिलाक अट्यंत जतिल और अटिहासिक रूप से बिल्कुल गलत भुजल गेल पंजी वन्शावली प्रनाली के एह विषेष चर्चा में स्वागत अछि. रही आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आ� तरहत्राक बात होईत्रहला ची ते आव एही प्राचीन रहस्सेके दिकोड करी हमर सब की यात्रा शुरू होएत सब से बहेबहीत करेवाला ब्लाक बुक साँ वोकर बाद मित्लाक विशाल स्म्रिती प्रनाली विवाह योगे आलगौरिदम भी लेख्ख्ख व्याक्करन आ अन्त में इतिहास पडवाक नेटिक्तापर च्र्चाक करब, बस एक एक कैएका सब्ता बुज़ब. तसबसपहीने बात करत ची भाग एक भाएभीद करे वाला ब्लाक बुक कक, दूशन पन्जी के चारो कात पसरल किछ भ्रामक भात वा अपवाह का समजान सब श्रूवात कर अच्छी. सब समहतोपोरन बात इच्छे जे तताथ कतित ब्लाक बुक कोनो क्राब लोकक सुची नही आची. बलकी इी मुख्ये रूपसा समाजेक स्टर पर भाईल उही तूटन वा विक्हन्दनक एक ता विसिष्ट अबहिलेक है ची, जता इी समाजक अप्चारिक नीम मानव जीवनक जमीनी यतार्ध संटक्राई चला. इक्रा कोनो स्त्ठाइ निंदाक सुछी माना बिलकुल अनुचित अची आब यी प्रष्नुट है तची, जि मद्या कालिन समाज वास्तव में की नुकावे चाहे चल अग्यात मात्र वन्ष, अन्तर जातिय विवा, वा पुनर विवा, पूनर्विवा, अदलित, वा कारीगर समथायक संख समबन्द इस सब एक दम सब श्प्ष्ट रूप से प्रमानित करे तची जे वन्शावली कईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई वश्वलीक स्म्रती केवल एक ता निजी पारीवारिक विषे च्छल मतलब बस गरक बाच्छल मुदा महराजा हरीसिंडेव के समय में जैना समाजक विस्तारभेल वन्ष का अदिकारिक सत्यापनक लेल एक रा सारवजनिक असन्स्तागत अभीलेक में तब बद्ली देल गेल ये ये पैग बद्लाव चल तब जेकरा सब लोग दराएत चल उ ब्लाक बोग दरसल सात बागक विशाल परस्तितिक तन्तर क मातर ये चोट सन हिस्सा चल मूल, साखा, गोत्र, पत्र, दूषन, उतेड, आस्वंजने यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह यह � वो पर्वार के एक ता प्राचीन पूष पूवज वपुज रिषी परमपरासा जोडे तची. इपहिल माप्दनच्छल. वो कर बाद अवईद अच्छे मुल ये एक ता एहन जडी चले जे छित्रायल पर्वार सब के बोद्तिक रूप से कुनो दोसथाम प्रभास करबाक अनुमती देलक, मुदा अबिलेख में अक्रा सबक प्राचीन मुल ग्रामसा अस्थाई रूप से बानेग्रा कल कब एक तराह कहुता ये भूगोल के वन्शावलीक अस्थाई इस्म्रिती में बडली देलक. आ अन्ततध सप्पिंद इणिष्द विवाह के रोक बाकलिल सतिक पीरिगत दूरी नापईवाला इग्धम अन्तिम मानक्छल जायसां इपका बहसके जे कोनो विवाह इपका बहसके जे कोनो विवाह इपका बहसके पार नहीं करहे लाची इे अल्गार्द्म एक ता सिद्धान्त पत्र देवासे पहले प्राचीन ग्रन्त्स सब्द्वार निर्दारिद एही च्ये विषिष्ट माप्दंदक कतोर्ता से जाजकरे चल, जेना गोत्र प्रवर मात्रिक सपिंट आदिक मिला नही होए. सिद्धान्त पत्र वास्तम में व अगर ता दिए बादिट चल नहीं बादिट चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं चल नहीं च तक्नी की सतिक तक संग वंशक्रेख्हंकन करिज्चल सुत माने पुत्र, सुता माने पुत्री आम मात्रिक माने माएक वंश सजुल सबाल इकोनो कमपुटर कोडिंचा कम नहीं चल मुदा एक ते एक ता बहुत पएग एतिहासिक विडंबना चुपाल अची बवद पएग अटिहास्च्छ विदंबना चुपाल अच्छी पित्र सतात्मक निंट्रक लिल बनायल गेल एक ता प्रनाली अन जाने में नुकायल महिला इतिहास के एक ता सम्वरिद और महत्वोपुरन अभिलेक सुरक्षिट कर लेलाक अप पहुच गेल चें पाच माँ अ अंतिम भाग पर इतिहासक नैटिक्ता एही कोट लिपी के खोल बाक लिल आदूनिक पाटख के दिस्सें एक ता बहुत पहीज नैटिक जिम्दारी के आवशकता ची अदिहासक उप्योग आदूनिक नेटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक निटिक अगरा आए के चश्मासे जज नहीं करबाग अची तए इतिहास पड़ेबाक इननेतिक तरीका कुना काजकरे तची इटीन कदम देखू पहल समवन्द करस्ता पहचानू तो सर अबहिलेक्क लेबल और आदोनेक जजमेंट के अलग्राएू और तेसर च्फु पीडिग बाद समाज में पुन्बाप्सी के ट्रक करूू। स्वैम अबहिलेख इस्विकार करे च्ल, जे पीडिख संकलंक मिटी जाईच्छल आ एक समएक बाद परिवार पुन्ँ समाज में पुन्रुप्सं समाहिद भोजाईच्छल. अन्ता तहाः पूरा पन्जी बेवस्ता हम्रा सबक लेल एक ता बहुत गंभीर प्रस्न चोर जैत ची, कोनो समाज आपन कतिन सते के नुका कबेसी मजबूत बनत ची, वा उक्रा साहस के संक दिकोड कगे. इएक ता एहन वीचार अची जे वास्तब में हम्रा सबके सोचने पर मजबोर करे ता चे और अदिक जान्बा के प्रे रिद करे ता ची.

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