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पञ्जी_प्रबन्ध_आनुवंशिक_विज्ञान_वा_सामाजिक_नियन्त्रण.m4a

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Part 2 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 2
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  1. 0:00–0:02तो दिबेट में आख स्वागत आजी
  2. 0:02–0:08प्राया हद जकन हम्रा सब कोनो विषाल, डेटा बेस, वा जेनेटिक मापिंक का बात करगची
  3. 0:08–0:12ता, हम्रा सब कमन मन में अग्टा आदूनिक सरवर्रुम कच्चित रावे थेचे
  4. 0:12–0:42आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ�
  5. 0:42–1:12अद्राद्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्
  6. 1:12–1:17अदूनिक विग्यान से सद्यो पूर्व तईयार केल गेल एक ता अचुक अनूवन्शिक डेटा बेस चल,
  7. 1:17–1:22जकर काज समाजक सपिंड विवाहवा आ अ इन बीटिंग से बचानाई चल.
  8. 1:22–1:25वाज्तवेक उप्योग समाजिक स्तरीकरन वा सोषल स्ट्रातिटिकेशन निर्मान में भेल
  9. 1:25–1:30विषुद्ध्रूप से पित्रि सतात्मक नियंट्रन और कुलीन वर्गक वर्चस्वस्तापित कर्वेगा
  10. 1:30–1:33आए एह विश़े पर हमारेक्त भिन्नद्रिष्टि कोन आचे
  11. 1:33–1:36हमर तर की आची जे एह वेवस्ताग गनित्या जतीलता
  12. 1:36–1:40आँ मने आनुवन्षिक आवरनक बावजुद
  13. 1:40–1:43एकर वास्तवेक उप्योग समाजिक स्तरीकरन
  14. 1:43–1:46वा सोषल स्तरतिकेशन निर्मान में भेल
  15. 1:46–1:50अगर परिनाम समाजक्लेल विषेशका महला सबख्लेल अथ्यान्त हानिकाराक रहल
  16. 1:51–1:54तच्छलू सब सब अहले उही बायोलोगिकल फायरवाल के समजाइत ची
  17. 1:55–1:58पन जी प्रबंदा के केवल एक ता समाजक कुरीती मानब
  18. 1:58–2:02तच्छ़ूँ सब सबहले उही बायोलोगिकल फार्वाल के समजहती ची
  19. 2:03–2:06पनजी प्रबंदध के केवल एक ता समाजिक कुरीती मानब
  20. 2:07–2:11हम्रा लगे तवछी जे एकर वैग्यानिक महत्ता के बहुत कम आका बची
  21. 2:12–2:14जक्चनेक्रा संस्तागत केल गे ले
  22. 2:14–2:19अग्यान्ता वाश अपन ममेरा भाएक नतनी से विवाव का लेलनी
  23. 2:19–2:23जखनी बाद समाजक सोजा आयल ता हाहा कार मच्गेल
  24. 2:23–2:28सोचु जव्यक्ती समाजक के दर्म साज्ट्र बाईक बाईक नाद्बाईक
  25. 2:28–2:32नाद्बाईक नाद्बाईक नाद्बाईक नाद्बाईक
  26. 2:32–2:36अग्यान्तावाश उआपन ममेरा भाएक नत्नी से विवाव का लेलनी
  27. 2:37–2:40जक्हनी बाद समाजक सोजा आएल ता हाहा कार मच्गेल
  28. 2:41–2:45सोचु जे व्यक्ती समाजक के दर्म सास्त्र पडवेच्छल
  29. 2:45–2:47उक्रा से यी अनुवाइशिक चुक बहुगले
  30. 2:47–2:50यह सही प्रमानिद भेल जे मोग्खिक परमपरा
  31. 2:50–2:53माने जे लोकक अपन यादाश्त अची
  32. 2:53–2:56उ आनवान्शिक दूरी बनावक लेल पर्याप्त नहीं आची
  33. 2:56–3:00उई समय में ते लिखित रेकोड एते सुलब नाईचल जे लोक
  34. 3:00–3:02जद से मिला लेत
  35. 3:02–3:04अगरा लेल ये फायर वाल बनायाल गेल
  36. 3:04–3:09जिना, कम्फुटर में फायर वाल कोनो वाईरस के भीतर अबही से रोकाई तची
  37. 3:09–3:15तहीना पंजिकार सब समाजक नेट्वोक में आनूवन्षिक बिमारी के रोक बाक काज किलनी
  38. 3:15–3:27अगरा बिना विवाह समबहव नहीं चल, एकरा लेल पंजीकार वर आवदूक बत्तीस पूर्वच का उटेड तगर करे च्छला.
  39. 3:27–3:30जे सोला चातिक कहल जाई तछी
  40. 3:30–3:32अदूग का बत्तिस्टारी आची
  41. 3:32–3:36पन्जिकार वरक माता पिता से शुरूक रक्त, अदरी जाएच्छला
  42. 3:36–3:39जा वरक का बत्तिस्टारी में से कोनो एक्ता डारी
  43. 3:39–3:41वदूख बत्तिस्टारी से तक्राईल
  44. 3:41–3:44मने अवरलब के लक तविवाहक अनुमती नहीं बहितत
  45. 3:44–3:48अद्दा एते हम्रा एक तब पीच लगाईता ची
  46. 3:48–3:52बस एक मिनेट एब प्तीस डारिक जे गनी तची
  47. 3:52–3:56ओ इन ब्रीटिंग दिप्रेशन सा बचेबा के ले लगची
  48. 3:56–3:58आदूनिक विच्झान की कही तची
  49. 3:58–4:01जओ आहा बहुत निकत समबन न में विवाख करे ची
  50. 4:01–4:03अदूनिक विग्यान की कही तची
  51. 4:03–4:06जव आहा बहुत निकत समबन्न में विवाह करे ची
  52. 4:06–4:08तची रिसेसिव एलील होगी तची
  53. 4:08–4:10उ जग्रत भोजाए तची
  54. 4:10–4:12आचा मने सुप्त भीमारी के जीन
  55. 4:12–4:13अग्दम
  56. 4:13–4:15एक रा सादारन भासा में बूजू
  57. 4:15–4:18जे हमर आहाक दीने में
  58. 4:18–4:21अचा मैंने सुप्त भीमारी के जीन
  59. 4:21–4:22अग्दम
  60. 4:22–4:24एक रा सादारन भासा में भूजूँ
  61. 4:24–4:27जे हमर आधाग दीने में
  62. 4:27–4:29किचु सुप्त भीमारी कोड होई तची
  63. 4:29–4:31जेना कोनु किताब में
  64. 4:31–4:33कोनु पन्ना पर एक ता इस्पेलिंग मिस्ते कची
  65. 4:33–4:39जो दू अलगल किताब मिलाएत अची जे कर मिस्टेक अलग अची तकुनु दिककत नहीं।
  66. 4:39–4:43मुदा जो एके परिवार क्दू गोटे विवाह करे चती
  67. 4:43–4:47तो दूनू किताब में सेम पन्नापर सेम मिस्टेक अची
  68. 4:47–4:49अब बच्चा में अभी मारी प्रकत भोजाएत ची
  69. 4:49–4:54पाज से साथ पीडिक दूरी रखबाक जे नीम पनजी वेवस्ता देलक
  70. 4:54–4:58औए सूनिस्चित के लक जो उ मिस्टेक आ
  71. 4:58–5:00उ रिसेसिप जीन समआप्त बहेजाएं
  72. 5:00–5:02इसीदा सीदा प्योर जेनेटिक्स अची
  73. 5:02–5:06इउदारन आहा बहुत नीक तेल हो किताब के स्पैलिंग मिस्टेक वाला
  74. 5:06–5:08आहाम एही बाज से सहमत ची
  75. 5:09–5:13जे पाज साथ पीडिख दूरी आनुवान्शिक द्रिष्टी से सुरक्षित आची
  76. 5:13–5:14मुदा हमर प्रष्न ची
  77. 5:15–5:18जे की इपुरनरूप से विज्यान चिल
  78. 5:18–5:21वा विज्यानक चोगा परहेरने दर्मशास्त्रक कर्मकान्द
  79. 5:21–5:23आहा के नक्यक लगे तची?
  80. 5:23–5:28कारन, जए यी सर्फ आनुवान्शि की वा जनेटिक्स चल,
  81. 5:28–5:32ता हम्रा ईबुजाव, जे वत्स गोत्र आ सावरनी आ गोत्रक मद्या,
  82. 5:32–5:34विवाग की एक वरजित अची?
  83. 5:34–5:36इत गोत्र कनी आम आचे?
  84. 5:36–5:41आ, मुदा दूनु गोत्र भेन चतीन, दूनुक मुद्गम भेन आचे.
  85. 5:41–5:46मुदा पंजी प्रबंद एही दूनु गोत्र भीज विवाह के प्रतिबंदित करेत आचे,
  86. 5:46–5:49कारन हिनकर प्रवर समान चनी.
  87. 5:49–5:57शोता सबवक जानकारी क्लेल हम सपष्ट कोदी जे गोत्र आहक जे विस्त्रत कुल आची उबहल,
  88. 5:57–6:02मुदा प्रवर उविषिष्ट प्राचीन रिशी वो परमपरा आची,
  89. 6:02–6:05जतैसा उगोत्र आपन उपत्ति माने तची.
  90. 6:05–6:10वद्स आसावरनिया दूनु गोत्रक पाज प्रवर समान्चतिन
  91. 6:10–6:15और्व, च्यवन, भारगव, जम्दगनी, आ आप लवान
  92. 6:15–6:20आवाहा विचार करू, चुकि इप पाचु रिषिक नाम समान अची
  93. 6:20–6:24ते पंजी कहत अची जे आहा विवान नहीं को सके ची
  94. 6:24–6:37अदूनिक विग्यान के कोनो जनेटिक मैपिंग एण आप जे हाद जे हाजारो वर्ष पूर्व जे पाच्टा रिशिक नाम चल अकर कारने आज दूगोटे आनोवन्शिक रुप्सा समान बहुगे ला
  95. 6:37–6:41इविशुद्द रूप सा एक तक कर्म कान्दिये आस समाजिक निर्मान आची
  96. 6:41–6:46जी विग्यान ककोनु प्रयोख्षाला मे एक रहा साभित नहीं को सकची
  97. 6:46–6:48हम एही बात के उना नहीं देखा ची
  98. 6:48–6:55दिखु गोत्र आप रवरक विवस्ता पेट्ट्रिक वन्षक ट्रकिंकर एक ता प्राचीन पद्धिय अची
  99. 6:55–7:00जेना आदूनिक विग्यान में हम्रा सब वाई क्रोमोजोम ट्रक कर अची
  100. 7:00–7:01वाई क्रोमोजोम?
  101. 7:01–7:05आप वाई क्रोमोजों केवल पितासा पुत्र में जाईत अची
  102. 7:05–7:09इस सद्यों द़ी बिना कोनो पाइग बडलावक आगा बड़त अची
  103. 7:09–7:13वद्स आसावरने गोत्रक प्रवर समान हो बाक अर्थ अची
  104. 7:13–7:16जे उकर मूल पेट्ट्रिक स्रोत एक अची
  105. 7:16–7:22अखर वाई क्रोमोजो में कची चाहे कालानतर में विशन गोतर में भिबखक्त की अखना बहुगेल हो थी.
  106. 7:22–7:27पनजी कार सबखक इस सुख्ष्म दिष्टी च्हूनी जे अखकेवल गोतरक नाम पर नहीं रुकला,
  107. 7:27–7:32अगर नहीं रुक्ला बलकी दीप अनसेस्ट्री वा प्रवर्द्धरी गेर जाज करे चला.
  108. 7:32–7:39मुदवाई क्रोमोजो मक्त थी कचे पित्री सत्तात्मक समाज मे केवल पिता के पक्ष पर जोर देल गेल,
  109. 7:39–7:45जे नहीं ये देख पैक जनेटिक विध्यान चल, ता महिला सब कर नाम की एक पंजी में दरज नहीं केल गेल.
  110. 7:45–7:50औहो! ये एक ता पैक मिठाक अची जक्रा हमाई तोडवा चाहे ची.
  111. 7:50–7:55मिठाक कोना आचे, रसद अर्यारिया पंजी केकाद अप्वाद के चोर दी,
  112. 7:55–8:05तस्मप्वन पन्जी व्यवस्था में महिलाक अस्तित्वक केवल पिता यपतिक संदर्व में सुद्दा वसुता यणे पुत्री कही का चोर दिलगे लल्च.
  113. 8:05–8:07इबात ता अचे जे नाम नहीं अचे.
  114. 8:07–8:12जे देटा बेस मानव अवादिक आदा हिस्चा के आपन नाम से वनचित करे तो,
  115. 8:12–8:15जे महिलाक ब्यक्तिकत पहचान मेटा देथो,
  116. 8:15–8:18उक्रा हम शुद विग्यान कोना कही सके ची?
  117. 8:18–8:22इविग्यान नही, बलकी कुलीन्ता के काएम रक्बाक लिल
  118. 8:22–8:52अदूनिक जनेटिक्स में एक ता ताम अईटो कोन्ड्रिल दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीन
  119. 8:52–8:55इदिने केवल माता सा सन्तान में आवे तची
  120. 8:56–8:58जना पूरुश सभ वाई क्रोमोजों पास करे चथिन
  121. 8:59–9:02तहला इस्त्री सब माटो कुन्रिल दिने पास करे चथिन
  122. 9:02–9:05पंजिकार सभ बना कुनो माटो स्कोप वा लाब के
  123. 9:05–9:09इही माटो कुन्रिल दिने के च्रक करे चला
  124. 9:09–9:10अच्छा!
  125. 9:10–9:13एक्दम, वदूक माता, नानी, पर नानी
  126. 9:13–9:16एही सब का रक्त रेखा के खंखालल जाएच्छल
  127. 9:16–9:20जो महिलाक जनेटिक योग्दान के महत्व नहीं देल जाएच
  128. 9:20–9:23तब स्रफ पित्रू पक्षके देखिका काज चला लेल जाएच
  129. 9:23–9:25मुदा एना नहीं भेल
  130. 9:25–9:31दूप्पक्ष्ये वा बूजू जे बायलाट्रल ट्रक्ट्पंजी का सब से बहग विग्यानिक पक्ष ची.
  131. 9:31–9:38चीन के जुपू परमपरा वो यूरोप के हेराल्टिक लिकोट दिखूड अगता है तुछ पिताक वन्ष्क बात अची.
  132. 9:38–9:42मुदा मित्लाक पंजी में माताक पाज पीडी के अनिवारे रूप से देखल गल.
  133. 9:42–9:47यहाग माटो कुड़््याल दीने वालाजे आनालोजी अची उ बहुज सुन्दर अची.
  134. 9:47–9:52हम इसविकार करे चीजे मात्री पकष की ट्रकिंग आनूवान शिक स्वास्त का लेल हो इ चल.
  135. 9:52–9:58मुदा तक्राबात पन्जी वेवस्ता, जही तरे व्यवार मे आएल उक्राहा की कहव?
  136. 9:58–10:01आँ हमरा सब दूशन पनजी के बात करी?
  137. 10:01–10:02आँ, दूशन पनजी.
  138. 10:02–10:05मने, पाल्ट रजिस्टर,
  139. 10:05–10:09जा पनजी किवल लिक्ता, नूट्रल, बायलोगिकल, फायर वाल चल,
  140. 10:09–10:11तई दूशर पन्जी की काजचल?
  141. 10:11–10:13आईक्र की कहब?
  142. 10:13–10:15विग्यान वह समाजिक दन्द?
  143. 10:15–10:20हम्रा लेल ता दूशर पन्जी पन्जी विवस्ताक सब सपपएग खुभी एची.
  144. 10:20–10:21खुभी? उ कोना?
  145. 10:21–10:25इई उकर वस्तू निष्त्ता वह अबजेक्तिवीटीक प्रमानच.
  146. 10:25–10:34हम शोता सबखके बुजहावे चाहव के जाँ पनजी कार अन्तीवारस चल, तदूशन पनजी एक ता कोरन्टाईन फुल्डर सन चल.
  147. 10:34–10:37इकोनो जातिवादी विवस्तान नहीं चल,
  148. 10:37–10:42जे गड़्ती भेलापर लोक के मारका समाज सब बाहर कदो,
  149. 10:42–10:44या एतिहाँ सो अकर नाम मितादो.
  150. 10:44–10:47मुदा उ लोक के नीचात देखाए चल.
  151. 10:47–10:49रूको, एता एक ता पेच अचे.
  152. 10:49–10:58आप आप दूशन पन्जी में अंटर जातिया विवा, यवन कन्यासा विवा, वव अग्यात कुलक महिलासा विवा के अस्पस्ट रूप से दरज केल गिल.
  153. 10:58–11:05मुदा उदारना कुलले नवे न्यायक संस्तापक, महान दार्षनिक गंगेश उपाद्याय,
  154. 11:05–11:11जकर मातायक चर्मकारेनी चली, और जकर जन् पिताक मरत्युक पाच वरस के बाद भेल चल,
  155. 11:11–11:14उक्रा समाज सा बहिष्क्रित नहीं किल गिल.
  156. 11:14–11:44वूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ�
  157. 11:44–11:55अजजे इख्वारेंटीन फुल्टर को उप्मा दिल हूँ उवास्तवेग जीवन में इत्टेक सीदा और वेग्यानिक नहीं चल, दूशन पंजी के समावेशी मानव अगे,
  158. 11:55–12:03अग, हम्रा लगाई तची जे बहुत पयग भूल अची की एक गंगेश उपाद्ध्ध्याय के उदारदता आख सामने अची
  159. 12:03–12:12गंगेश पाद्ध्ध्याय वा विद्यापतिक जिक्र इई साभित करे तची जे पंजी कारस सब आपन सुविदा से रेकोड रके चला
  160. 12:12–12:14गंगेश पाद्याय एतेख पाईक विद्वान चला,
  161. 12:15–12:18जे हुंकर समाच से बाहर करब समबव हैं चल.
  162. 12:18–12:20उएतेख शक्तीशाए चला,
  163. 12:20–12:23जे पंजी कारक के हुंकर सुईकार करे पडल.
  164. 12:24–12:25मुदा आम लोकक लेल
  165. 12:25–12:27आम लोकक लेल सहो नियमत समाच चल.
  166. 12:27–12:28इग्दम नहीं.
  167. 12:28–12:33आम लोकक लेल इदूशन, समाज में लोक के नीचा देखईबाक,
  168. 12:33–12:36वाश्रेनी कहसाभै लेल एक तक रूर हत्यार चल.
  169. 12:36–12:4218 मषताबदी में महराज माधव्सिं के समए में शाखा पंजी का प्रवेश भेल.
  170. 12:42–12:49पन्जी के श्रोत्रिय, योग्य, पन्जी बद्द, और जैएबारजका, खंड मैं विबखत का देलगेल,
  171. 12:49–12:54जैं कोनो श्रेष्ट कुलक व्यक्ती, मानो श्रोत्रिय, तनी नीचा विवाह करे चल,
  172. 12:54–12:58तो अकर श्रेनी ख्हसित कर जैएबार, वा वन्षज भजाएच्चल.
  173. 12:58–13:01मुदा इतब वेवस्ता के अनुशासित रख्वाक लेज्चल.
  174. 13:01–13:04अनुशासन के नाम पर इई अबज्ट्वितिना,
  175. 13:04–13:06बलकी सामाजिक दंद कविद्धान चल.
  176. 13:06–13:09लोक अपन दोष मितावे लेल
  177. 13:09–13:12और पनजी कार से नीक सिद्धान्त पत्र लिख्वावे लेल
  178. 13:12–13:14की की ना करे च्छला?
  179. 13:14–13:16इव्यवस्ता जेना जेना आगु बड़ल
  180. 13:17–13:19औना औना इएक टा समाजिक ब्लाक मेल
  181. 13:19–13:24आ अ खुलीन वर्गक वर्चस्वस्त्ध्पित कर्बाक यंट्र बनीगेल
  182. 13:24–13:27विग्यान जक्चन समाजक सत्टा सन्रच्ना से जुडी जाईतचे
  183. 13:27–13:29तव उन निर्पेखष नहीं रही जाई तचे
  184. 13:29–13:32दूशन पनजी लोकगे ई बतावे ले चल
  185. 13:32–13:34जे आहा हम्रा सा नीचा ची
  186. 13:34–13:39आहा आहा एही समाजिक विशमता सा की अक चिन्तिच छी
  187. 13:39–13:41अग कोनो सहो समाजिक भीत्रक
  188. 13:41–13:44पदानुक्रमक अपन दुखध पर्णाम हुई तचे
  189. 13:44–13:52मुदा कोनो सहो विशाल डेता वेवस्ता के, अगर पतनकाल या राजनी तिक दुर्प्योग के दिष्ती सा नहीं देख वाख्चा ही.
  190. 13:52–13:57बलकी अगर मुल दान्चा औगर दूरा लाओल गिल जन्सांखि किया स्तिर्ता,
  191. 13:57–14:27यह ता बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा
  192. 14:27–14:30इबात दे अची एजी ट्राकिं बहुत निक्चल.
  193. 14:30–14:33आई आई आदूनिक विग्यानक लक,
  194. 14:33–14:35वा कोनो सरकार लक से हो,
  195. 14:35–14:39कोनो एक्ता समुदायक एटिक पवग आनिरन्तर वन्शावली नहीं आची,
  196. 14:39–14:44जदे एक पंजीकार सव तार पतक पूठी पर लिख के राखिले लेनी
  197. 14:44–14:49इक टा व्रिहद समुदायक नकेवल इन ब्रीटिंग सबचे लग
  198. 14:49–14:54बलकी हस्दारो वर्ष्द हरी एक टा संसक्रतिक एक ता आप पहचान प्रदान के लग
  199. 14:54–15:06अपन्जिकारक एविलक्षन् स्मरन्षक्ती अबहि लेकन कलाक सम्मान का एची दहुत परिक्षा पास्कगगग जे पंजिकार बनेच्चला रहुंकर योग्यता पर हम्रा कोनु संदेहनेए.
  200. 15:06–15:11उआपन्स्मरन्षक्ती अगनिच से जे करेग चला उआद्बुच्चल.
  201. 15:11–15:18मुदा, आहा के कर समाजिक मुल्लिय, जिस सोषल कोस्त अची, तक्रापर गंविर्ता से विचार कर बाख चाही?
  202. 15:18–15:21जन सांखिकी एस थिर्ता कीमत कक्राचुकावे पडल.
  203. 15:21–15:22कक्राचुकावे पडल.
  204. 15:22–15:24उही समाजक महीला सब के.
  205. 15:24–15:28आप शाखा पन्जी के स्वट्टा बेस कही रहाल ची
  206. 15:28–15:32मुदा इ विषुद रूप से, हैपर्गेमी, वो अनुलों विवाग सादन बनी गेल
  207. 15:32–15:37अम चाहव जे आप आप आप इपर्गेमीख स्वोटा सब किलिए एस पष्ट करी
  208. 15:37–15:38एक दम
  209. 15:38–15:46आप आप गेमिकारत्त है जक्हन कोन लडकी आपन सवच समाजिक वा आर्थिक वर्गक लडका सा विवाख करे चे
  210. 15:46–15:51पन्जी वेवस्त्धा में नीचाक श्रेनिक लोक, जना जैबार वा पन्जी बद,
  211. 15:51–15:56आपन भेटिक विवाज उच्छ श्रेनिक स्वत्रिय सा करबाकले लालाई त्रह चला,
  212. 15:56–15:59जही सहुंकर सामाजिक प्रतिष्टा बड़ाई.
  213. 15:59–16:01एक राक क�लीन क्रता कहल्गल.
  214. 16:01–16:09अग्टा श्वत्रीय पुचास्वःटा वेवाखरे च्छल, केवल दहेज आपन सामाजिक उच्टा कारन.
  215. 16:09–16:15मुदा इप्रत्धा निष्चित रूप सदूखच्छल, इप्टप पंजी प्रबंदध मुल सिद्दान्तक देन नहीच्छल.
  216. 16:15–16:22इद्तकालीन राजनितिक आर्थिक वेवस्ताक त्रूटी चल, आर्थधबावा लोबख करन लोग एना गे लक,
  217. 16:22–16:30पन्जिक सिद्धान्त वा अनूवान्षिक गनित कही उं भहु विवाज वा पोली गेमीक के प्रोसाइत नहीं के लक.
  218. 16:30–16:34इते हम्रा सब के भिना कोनो लाग लपेटक के बात कर बाख चाही.
  219. 16:34–16:39हमेही भाद सास्यमत नहीं ची जे इमात्र लोकक लोब चल.
  220. 16:39–16:43नहीं श्रेनी विभाजने एही त्रासिदेक जननी चल.
  221. 16:43–16:46जो आहा देटाबेस के नाम पर,
  222. 16:46–16:49समाजक मूल आश्रेनी में बाटब,
  223. 16:49–16:55अखरा एक ता हाड कोडेट पदानुक्रम देदेप, तो उच्छ श्यनिक मांग बड़ब स्वभावे का ची.
  224. 16:55–17:00एकर सीथा परिनाम भेल, भाल विवाज, आहाजारो भाल विद्वाज.
  225. 17:00–17:02इब रहुत गंभी रारो पची.
  226. 17:02–17:05मुद इए अतिहासिक सत्या ची.
  227. 17:05–17:16उच्छ कुलक वर भेटे एह लेल लोक अपन चोट-चोट द्यापूतक विवाह अदेर श्रुत्रिय पूरुस्सकर दे चला जे पहला सब पच्चीस्ता विवाह कर चुकाल अची.
  228. 17:16–17:20विवाहा कि किच वर्ष बाद उपुरुष मरजाए चला
  229. 17:20–17:24अबालिका समपोन जीवन समाजिक भहिषकार
  230. 17:24–17:26अवेधव्यक शिकार होए चली
  231. 17:26–17:28उनका अपना गाँव में दायन
  232. 17:28–17:30वा कुलट्च्नी कहल जाए चली
  233. 17:30–17:31इसत्या ची
  234. 17:31–17:35जे वेवस्त्ता इते एक बाएक समाजिक त्रासिदिक कारन बनल,
  235. 17:35–17:40जे समाजक आदा आबादिके एहन आमानविय अवस्त्तामे दھकेली देलक,
  236. 17:40–17:43तक्राहा मात्र एक तवेग्यानिक चमत कार,
  237. 17:44–17:46कही ककोना महीमा मन्दित कर सके ची.
  238. 17:46–17:49हम्रा लेल इजीनो मैपिंक कम,
  239. 17:49–17:53अप प्त्री सत्तात्मक उत्पीडनक दस्तावेजि करन भेसी अची
  240. 17:53–17:54नहीं सकेची
  241. 17:54–17:57मुदा उही समएक संदरभ मे देखूँ
  242. 17:57–17:59जे सवराट सबाजका मंच्चल
  243. 17:59–18:02जते हसारो लोग एकत्र हुईत चला
  244. 18:02–18:05आप वंजी कार सिद्धान्त पत्र निरगत करिच्चला
  245. 18:05–18:07अगे बल विवाहाक मंच नही चल.
  246. 18:07–18:08तवो की चल?
  247. 18:08–18:10अग, बड़िक विमर्ष, शास्त्रार्ठ,
  248. 18:10–18:14अज समाजिक संगतनक से हो एक ता अदबुत केंद्र चल.
  249. 18:14–18:17मानो, जिना एक ता बहुत पैग,
  250. 18:17–18:19अग, फिसिकल सरवर हब हो.
  251. 18:19–18:21चोडाटा सबहाग आची में,
  252. 18:21–18:25अपने आप में मानव इतिहासक एक ता विलक्षन गटना आची
  253. 18:25–18:29बिना अख्सल शीट अकोडिंके इतिक पैक डेटा प्रोसिस करब
  254. 18:29–18:30अद चल
  255. 18:30–18:34हमर ताद्पर रे आची, जो एहे व्यवस्ता से समाज में किचु कूरीति आएल
  256. 18:34–18:38बिना अख्सल शीट अकोडिंके इतिक पैक डेटा प्रोसिस करब
  257. 18:38–18:39अद चल
  258. 18:39–18:44हमर तात्पर रे आची, जो एहे व्यवस्ता से समाज में किचु कूरीति आएल
  259. 18:44–18:47तो व्यवस्ता के कार्यानवयन का विपलता
  260. 18:47–18:49वा समाजिक पतन चल
  261. 18:49–18:53पन्जी प्रबंदख के जे मुल सान्तिफिक आरकितेक्चर अची उकर नहीं
  262. 18:53–18:59मुदा की आरकितेक्चर के उकर अउट्फुट से अलग कर के देखल जासकई तची
  263. 18:59–19:04पन्जीक गनित दुई पक्षी ए वा बिलाट्रल जरूर चल
  264. 19:04–19:08मुदाउकर सामाजिक पल एक पक्षी अचल.
  265. 19:08–19:12जे वेवस्ता राजा हरी सिंडेव सा लोका दरभंगा
  266. 19:12–19:14राजके महराजा मादव सिंग दरी
  267. 19:14–19:16अपन राजनी तिक सुविदाखले,
  268. 19:16–19:18मोरल मरोरल गेल हो,
  269. 19:18–19:21उगर हम विषुथ विग्यान को ना मानी.
  270. 19:21–19:26उ केवल कोडिग नहीं चल, उएक तटूल चल, कंट्रोल कर.
  271. 19:26–19:34आजुक दिन में जखन इपनजी प्रबन्द तिरहुता लिपिक अग्यान्ता कारन लुप्त होईवाक कगार पर अची,
  272. 19:34–19:38आप एकर दिजिटिटाइजेशन कैए का बचावाएक प्रास बहर अची.
  273. 19:38–19:45अम्रा लगेत अच्छि, जे एकर मुल्यांकन निर्मम्तासन ही मुदा पुझ इमान्दारी सा होई वाख चाही,
  274. 19:45–19:52एकर गनितिय दाचाक हम आदर करे ची मुदा एकर सामाजिक परिनामक हम एतिहासिक त्राज्दी मानेच्छी.
  275. 19:52–19:55इएक ता बहुत सन्तूलित विचार अची
  276. 19:55–19:57चर्चाक अंत दिस बड़ेद
  277. 19:57–20:00हम्रा सबन के इस्विकार करे परत
  278. 20:00–20:03जे पंजी प्रबंध अपन मूल रूप में
  279. 20:03–20:06एक ता क्रान्तिकारी देटा प्रबंधन
  280. 20:06–20:08आनुवन्षिक स्वास्त्ति प्रनाली चल
  281. 20:08–20:16इसत्ति अच्टे जे समयके संगे एकर राजनिति करन भेल, एकर दूरुप्योग भेल, मुदा बिना आदूनिक विग्यानक,
  282. 20:16–20:23हाजारो वरष्द्टरी सपिंड विवाह रोक्बाक एे लगारिदम समपुर्न विष्व के वन्शावली परमप्रा से बहुत आगा है.
  283. 20:23–20:31अदियो पुर्व जीन पूल के सुरक्छित राख्बाक यतन के लक।
  284. 20:31–20:37आहमर एत भी कहाब अची जे विग्यान्वा गनितक चमत्कारक की स्विकार करे थकाल सहो
  285. 20:37–20:43हम्रा सबन के पंजी प्रबंदख के के लग आनुवन्शिक चश्मा सदेख बाक बुल नहीं करबाक चाही
  286. 20:43–20:51या विवस्ता जेना जेना विखसित भेल इखुलीन्ता अप्पित्री सत्ताक एक ता संस्तागत दाचा बनी गेल.
  287. 20:51–20:58एक रहम आनूवन्शिक रक्षाक नाम पर भेल समाजिक नियंत्रनक एक ता ज्वलन्त उदारनक रुप में देखाएची,
  288. 20:58–21:01जते देटाबेसक उप्योब समाजके जुदबाकलेल नहीं
  289. 21:01–21:03बलकी बाटबाकलेल काईल गेल
  290. 21:03–21:06दिजितल सन्रक्षन के बात जोही रहा हो लगचे
  291. 21:06–21:09तस्रोता वर्ग स्वैम एणने लेतिन
  292. 21:09–21:12जे मित्ला की प्राषीन डेटाबेस विग्यान के भिजयचल
  293. 21:12–21:14वा समाजिक वर्चस्वकर उपकरन
  294. 21:15–21:17इविचार हम आहा सब पर चोडे ची
  295. 21:18–21:20देबेट सजुदबाकलेल दन्नेवाद
  296. 21:20–21:21एक दम

Plain text

तो दिबेट में आख स्वागत आजी प्राया हद जकन हम्रा सब कोनो विषाल, डेटा बेस, वा जेनेटिक मापिंक का बात करगची ता, हम्रा सब कमन मन में अग्टा आदूनिक सरवर्रुम कच्चित रावे थेचे आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� अद्राद्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट् अदूनिक विग्यान से सद्यो पूर्व तईयार केल गेल एक ता अचुक अनूवन्शिक डेटा बेस चल, जकर काज समाजक सपिंड विवाहवा आ अ इन बीटिंग से बचानाई चल. वाज्तवेक उप्योग समाजिक स्तरीकरन वा सोषल स्ट्रातिटिकेशन निर्मान में भेल विषुद्ध्रूप से पित्रि सतात्मक नियंट्रन और कुलीन वर्गक वर्चस्वस्तापित कर्वेगा आए एह विश़े पर हमारेक्त भिन्नद्रिष्टि कोन आचे हमर तर की आची जे एह वेवस्ताग गनित्या जतीलता आँ मने आनुवन्षिक आवरनक बावजुद एकर वास्तवेक उप्योग समाजिक स्तरीकरन वा सोषल स्तरतिकेशन निर्मान में भेल अगर परिनाम समाजक्लेल विषेशका महला सबख्लेल अथ्यान्त हानिकाराक रहल तच्छलू सब सब अहले उही बायोलोगिकल फायरवाल के समजाइत ची पन जी प्रबंदा के केवल एक ता समाजक कुरीती मानब तच्छ़ूँ सब सबहले उही बायोलोगिकल फार्वाल के समजहती ची पनजी प्रबंदध के केवल एक ता समाजिक कुरीती मानब हम्रा लगे तवछी जे एकर वैग्यानिक महत्ता के बहुत कम आका बची जक्चनेक्रा संस्तागत केल गे ले अग्यान्ता वाश अपन ममेरा भाएक नतनी से विवाव का लेलनी जखनी बाद समाजक सोजा आयल ता हाहा कार मच्गेल सोचु जव्यक्ती समाजक के दर्म साज्ट्र बाईक बाईक नाद्बाईक नाद्बाईक नाद्बाईक नाद्बाईक नाद्बाईक अग्यान्तावाश उआपन ममेरा भाएक नत्नी से विवाव का लेलनी जक्हनी बाद समाजक सोजा आएल ता हाहा कार मच्गेल सोचु जे व्यक्ती समाजक के दर्म सास्त्र पडवेच्छल उक्रा से यी अनुवाइशिक चुक बहुगले यह सही प्रमानिद भेल जे मोग्खिक परमपरा माने जे लोकक अपन यादाश्त अची उ आनवान्शिक दूरी बनावक लेल पर्याप्त नहीं आची उई समय में ते लिखित रेकोड एते सुलब नाईचल जे लोक जद से मिला लेत अगरा लेल ये फायर वाल बनायाल गेल जिना, कम्फुटर में फायर वाल कोनो वाईरस के भीतर अबही से रोकाई तची तहीना पंजिकार सब समाजक नेट्वोक में आनूवन्षिक बिमारी के रोक बाक काज किलनी अगरा बिना विवाह समबहव नहीं चल, एकरा लेल पंजीकार वर आवदूक बत्तीस पूर्वच का उटेड तगर करे च्छला. जे सोला चातिक कहल जाई तछी अदूग का बत्तिस्टारी आची पन्जिकार वरक माता पिता से शुरूक रक्त, अदरी जाएच्छला जा वरक का बत्तिस्टारी में से कोनो एक्ता डारी वदूख बत्तिस्टारी से तक्राईल मने अवरलब के लक तविवाहक अनुमती नहीं बहितत अद्दा एते हम्रा एक तब पीच लगाईता ची बस एक मिनेट एब प्तीस डारिक जे गनी तची ओ इन ब्रीटिंग दिप्रेशन सा बचेबा के ले लगची आदूनिक विच्झान की कही तची जओ आहा बहुत निकत समबन न में विवाख करे ची अदूनिक विग्यान की कही तची जव आहा बहुत निकत समबन्न में विवाह करे ची तची रिसेसिव एलील होगी तची उ जग्रत भोजाए तची आचा मने सुप्त भीमारी के जीन अग्दम एक रा सादारन भासा में बूजू जे हमर आहाक दीने में अचा मैंने सुप्त भीमारी के जीन अग्दम एक रा सादारन भासा में भूजूँ जे हमर आधाग दीने में किचु सुप्त भीमारी कोड होई तची जेना कोनु किताब में कोनु पन्ना पर एक ता इस्पेलिंग मिस्ते कची जो दू अलगल किताब मिलाएत अची जे कर मिस्टेक अलग अची तकुनु दिककत नहीं। मुदा जो एके परिवार क्दू गोटे विवाह करे चती तो दूनू किताब में सेम पन्नापर सेम मिस्टेक अची अब बच्चा में अभी मारी प्रकत भोजाएत ची पाज से साथ पीडिक दूरी रखबाक जे नीम पनजी वेवस्ता देलक औए सूनिस्चित के लक जो उ मिस्टेक आ उ रिसेसिप जीन समआप्त बहेजाएं इसीदा सीदा प्योर जेनेटिक्स अची इउदारन आहा बहुत नीक तेल हो किताब के स्पैलिंग मिस्टेक वाला आहाम एही बाज से सहमत ची जे पाज साथ पीडिख दूरी आनुवान्शिक द्रिष्टी से सुरक्षित आची मुदा हमर प्रष्न ची जे की इपुरनरूप से विज्यान चिल वा विज्यानक चोगा परहेरने दर्मशास्त्रक कर्मकान्द आहा के नक्यक लगे तची? कारन, जए यी सर्फ आनुवान्शि की वा जनेटिक्स चल, ता हम्रा ईबुजाव, जे वत्स गोत्र आ सावरनी आ गोत्रक मद्या, विवाग की एक वरजित अची? इत गोत्र कनी आम आचे? आ, मुदा दूनु गोत्र भेन चतीन, दूनुक मुद्गम भेन आचे. मुदा पंजी प्रबंद एही दूनु गोत्र भीज विवाह के प्रतिबंदित करेत आचे, कारन हिनकर प्रवर समान चनी. शोता सबवक जानकारी क्लेल हम सपष्ट कोदी जे गोत्र आहक जे विस्त्रत कुल आची उबहल, मुदा प्रवर उविषिष्ट प्राचीन रिशी वो परमपरा आची, जतैसा उगोत्र आपन उपत्ति माने तची. वद्स आसावरनिया दूनु गोत्रक पाज प्रवर समान्चतिन और्व, च्यवन, भारगव, जम्दगनी, आ आप लवान आवाहा विचार करू, चुकि इप पाचु रिषिक नाम समान अची ते पंजी कहत अची जे आहा विवान नहीं को सके ची अदूनिक विग्यान के कोनो जनेटिक मैपिंग एण आप जे हाद जे हाजारो वर्ष पूर्व जे पाच्टा रिशिक नाम चल अकर कारने आज दूगोटे आनोवन्शिक रुप्सा समान बहुगे ला इविशुद्द रूप सा एक तक कर्म कान्दिये आस समाजिक निर्मान आची जी विग्यान ककोनु प्रयोख्षाला मे एक रहा साभित नहीं को सकची हम एही बात के उना नहीं देखा ची दिखु गोत्र आप रवरक विवस्ता पेट्ट्रिक वन्षक ट्रकिंकर एक ता प्राचीन पद्धिय अची जेना आदूनिक विग्यान में हम्रा सब वाई क्रोमोजोम ट्रक कर अची वाई क्रोमोजोम? आप वाई क्रोमोजों केवल पितासा पुत्र में जाईत अची इस सद्यों द़ी बिना कोनो पाइग बडलावक आगा बड़त अची वद्स आसावरने गोत्रक प्रवर समान हो बाक अर्थ अची जे उकर मूल पेट्ट्रिक स्रोत एक अची अखर वाई क्रोमोजो में कची चाहे कालानतर में विशन गोतर में भिबखक्त की अखना बहुगेल हो थी. पनजी कार सबखक इस सुख्ष्म दिष्टी च्हूनी जे अखकेवल गोतरक नाम पर नहीं रुकला, अगर नहीं रुक्ला बलकी दीप अनसेस्ट्री वा प्रवर्द्धरी गेर जाज करे चला. मुदवाई क्रोमोजो मक्त थी कचे पित्री सत्तात्मक समाज मे केवल पिता के पक्ष पर जोर देल गेल, जे नहीं ये देख पैक जनेटिक विध्यान चल, ता महिला सब कर नाम की एक पंजी में दरज नहीं केल गेल. औहो! ये एक ता पैक मिठाक अची जक्रा हमाई तोडवा चाहे ची. मिठाक कोना आचे, रसद अर्यारिया पंजी केकाद अप्वाद के चोर दी, तस्मप्वन पन्जी व्यवस्था में महिलाक अस्तित्वक केवल पिता यपतिक संदर्व में सुद्दा वसुता यणे पुत्री कही का चोर दिलगे लल्च. इबात ता अचे जे नाम नहीं अचे. जे देटा बेस मानव अवादिक आदा हिस्चा के आपन नाम से वनचित करे तो, जे महिलाक ब्यक्तिकत पहचान मेटा देथो, उक्रा हम शुद विग्यान कोना कही सके ची? इविग्यान नही, बलकी कुलीन्ता के काएम रक्बाक लिल अदूनिक जनेटिक्स में एक ता ताम अईटो कोन्ड्रिल दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीने अगर दीन इदिने केवल माता सा सन्तान में आवे तची जना पूरुश सभ वाई क्रोमोजों पास करे चथिन तहला इस्त्री सब माटो कुन्रिल दिने पास करे चथिन पंजिकार सभ बना कुनो माटो स्कोप वा लाब के इही माटो कुन्रिल दिने के च्रक करे चला अच्छा! एक्दम, वदूक माता, नानी, पर नानी एही सब का रक्त रेखा के खंखालल जाएच्छल जो महिलाक जनेटिक योग्दान के महत्व नहीं देल जाएच तब स्रफ पित्रू पक्षके देखिका काज चला लेल जाएच मुदा एना नहीं भेल दूप्पक्ष्ये वा बूजू जे बायलाट्रल ट्रक्ट्पंजी का सब से बहग विग्यानिक पक्ष ची. चीन के जुपू परमपरा वो यूरोप के हेराल्टिक लिकोट दिखूड अगता है तुछ पिताक वन्ष्क बात अची. मुदा मित्लाक पंजी में माताक पाज पीडी के अनिवारे रूप से देखल गल. यहाग माटो कुड़््याल दीने वालाजे आनालोजी अची उ बहुज सुन्दर अची. हम इसविकार करे चीजे मात्री पकष की ट्रकिंग आनूवान शिक स्वास्त का लेल हो इ चल. मुदा तक्राबात पन्जी वेवस्ता, जही तरे व्यवार मे आएल उक्राहा की कहव? आँ हमरा सब दूशन पनजी के बात करी? आँ, दूशन पनजी. मने, पाल्ट रजिस्टर, जा पनजी किवल लिक्ता, नूट्रल, बायलोगिकल, फायर वाल चल, तई दूशर पन्जी की काजचल? आईक्र की कहब? विग्यान वह समाजिक दन्द? हम्रा लेल ता दूशर पन्जी पन्जी विवस्ताक सब सपपएग खुभी एची. खुभी? उ कोना? इई उकर वस्तू निष्त्ता वह अबजेक्तिवीटीक प्रमानच. हम शोता सबखके बुजहावे चाहव के जाँ पनजी कार अन्तीवारस चल, तदूशन पनजी एक ता कोरन्टाईन फुल्डर सन चल. इकोनो जातिवादी विवस्तान नहीं चल, जे गड़्ती भेलापर लोक के मारका समाज सब बाहर कदो, या एतिहाँ सो अकर नाम मितादो. मुदा उ लोक के नीचात देखाए चल. रूको, एता एक ता पेच अचे. आप आप दूशन पन्जी में अंटर जातिया विवा, यवन कन्यासा विवा, वव अग्यात कुलक महिलासा विवा के अस्पस्ट रूप से दरज केल गिल. मुदा उदारना कुलले नवे न्यायक संस्तापक, महान दार्षनिक गंगेश उपाद्याय, जकर मातायक चर्मकारेनी चली, और जकर जन् पिताक मरत्युक पाच वरस के बाद भेल चल, उक्रा समाज सा बहिष्क्रित नहीं किल गिल. वूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ� अजजे इख्वारेंटीन फुल्टर को उप्मा दिल हूँ उवास्तवेग जीवन में इत्टेक सीदा और वेग्यानिक नहीं चल, दूशन पंजी के समावेशी मानव अगे, अग, हम्रा लगाई तची जे बहुत पयग भूल अची की एक गंगेश उपाद्ध्ध्याय के उदारदता आख सामने अची गंगेश पाद्ध्ध्याय वा विद्यापतिक जिक्र इई साभित करे तची जे पंजी कारस सब आपन सुविदा से रेकोड रके चला गंगेश पाद्याय एतेख पाईक विद्वान चला, जे हुंकर समाच से बाहर करब समबव हैं चल. उएतेख शक्तीशाए चला, जे पंजी कारक के हुंकर सुईकार करे पडल. मुदा आम लोकक लेल आम लोकक लेल सहो नियमत समाच चल. इग्दम नहीं. आम लोकक लेल इदूशन, समाज में लोक के नीचा देखईबाक, वाश्रेनी कहसाभै लेल एक तक रूर हत्यार चल. 18 मषताबदी में महराज माधव्सिं के समए में शाखा पंजी का प्रवेश भेल. पन्जी के श्रोत्रिय, योग्य, पन्जी बद्द, और जैएबारजका, खंड मैं विबखत का देलगेल, जैं कोनो श्रेष्ट कुलक व्यक्ती, मानो श्रोत्रिय, तनी नीचा विवाह करे चल, तो अकर श्रेनी ख्हसित कर जैएबार, वा वन्षज भजाएच्चल. मुदा इतब वेवस्ता के अनुशासित रख्वाक लेज्चल. अनुशासन के नाम पर इई अबज्ट्वितिना, बलकी सामाजिक दंद कविद्धान चल. लोक अपन दोष मितावे लेल और पनजी कार से नीक सिद्धान्त पत्र लिख्वावे लेल की की ना करे च्छला? इव्यवस्ता जेना जेना आगु बड़ल औना औना इएक टा समाजिक ब्लाक मेल आ अ खुलीन वर्गक वर्चस्वस्त्ध्पित कर्बाक यंट्र बनीगेल विग्यान जक्चन समाजक सत्टा सन्रच्ना से जुडी जाईतचे तव उन निर्पेखष नहीं रही जाई तचे दूशन पनजी लोकगे ई बतावे ले चल जे आहा हम्रा सा नीचा ची आहा आहा एही समाजिक विशमता सा की अक चिन्तिच छी अग कोनो सहो समाजिक भीत्रक पदानुक्रमक अपन दुखध पर्णाम हुई तचे मुदा कोनो सहो विशाल डेता वेवस्ता के, अगर पतनकाल या राजनी तिक दुर्प्योग के दिष्ती सा नहीं देख वाख्चा ही. बलकी अगर मुल दान्चा औगर दूरा लाओल गिल जन्सांखि किया स्तिर्ता, यह ता बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा बज़ा इबात दे अची एजी ट्राकिं बहुत निक्चल. आई आई आदूनिक विग्यानक लक, वा कोनो सरकार लक से हो, कोनो एक्ता समुदायक एटिक पवग आनिरन्तर वन्शावली नहीं आची, जदे एक पंजीकार सव तार पतक पूठी पर लिख के राखिले लेनी इक टा व्रिहद समुदायक नकेवल इन ब्रीटिंग सबचे लग बलकी हस्दारो वर्ष्द हरी एक टा संसक्रतिक एक ता आप पहचान प्रदान के लग अपन्जिकारक एविलक्षन् स्मरन्षक्ती अबहि लेकन कलाक सम्मान का एची दहुत परिक्षा पास्कगगग जे पंजिकार बनेच्चला रहुंकर योग्यता पर हम्रा कोनु संदेहनेए. उआपन्स्मरन्षक्ती अगनिच से जे करेग चला उआद्बुच्चल. मुदा, आहा के कर समाजिक मुल्लिय, जिस सोषल कोस्त अची, तक्रापर गंविर्ता से विचार कर बाख चाही? जन सांखिकी एस थिर्ता कीमत कक्राचुकावे पडल. कक्राचुकावे पडल. उही समाजक महीला सब के. आप शाखा पन्जी के स्वट्टा बेस कही रहाल ची मुदा इ विषुद रूप से, हैपर्गेमी, वो अनुलों विवाग सादन बनी गेल अम चाहव जे आप आप आप इपर्गेमीख स्वोटा सब किलिए एस पष्ट करी एक दम आप आप गेमिकारत्त है जक्हन कोन लडकी आपन सवच समाजिक वा आर्थिक वर्गक लडका सा विवाख करे चे पन्जी वेवस्त्धा में नीचाक श्रेनिक लोक, जना जैबार वा पन्जी बद, आपन भेटिक विवाज उच्छ श्रेनिक स्वत्रिय सा करबाकले लालाई त्रह चला, जही सहुंकर सामाजिक प्रतिष्टा बड़ाई. एक राक क�लीन क्रता कहल्गल. अग्टा श्वत्रीय पुचास्वःटा वेवाखरे च्छल, केवल दहेज आपन सामाजिक उच्टा कारन. मुदा इप्रत्धा निष्चित रूप सदूखच्छल, इप्टप पंजी प्रबंदध मुल सिद्दान्तक देन नहीच्छल. इद्तकालीन राजनितिक आर्थिक वेवस्ताक त्रूटी चल, आर्थधबावा लोबख करन लोग एना गे लक, पन्जिक सिद्धान्त वा अनूवान्षिक गनित कही उं भहु विवाज वा पोली गेमीक के प्रोसाइत नहीं के लक. इते हम्रा सब के भिना कोनो लाग लपेटक के बात कर बाख चाही. हमेही भाद सास्यमत नहीं ची जे इमात्र लोकक लोब चल. नहीं श्रेनी विभाजने एही त्रासिदेक जननी चल. जो आहा देटाबेस के नाम पर, समाजक मूल आश्रेनी में बाटब, अखरा एक ता हाड कोडेट पदानुक्रम देदेप, तो उच्छ श्यनिक मांग बड़ब स्वभावे का ची. एकर सीथा परिनाम भेल, भाल विवाज, आहाजारो भाल विद्वाज. इब रहुत गंभी रारो पची. मुद इए अतिहासिक सत्या ची. उच्छ कुलक वर भेटे एह लेल लोक अपन चोट-चोट द्यापूतक विवाह अदेर श्रुत्रिय पूरुस्सकर दे चला जे पहला सब पच्चीस्ता विवाह कर चुकाल अची. विवाहा कि किच वर्ष बाद उपुरुष मरजाए चला अबालिका समपोन जीवन समाजिक भहिषकार अवेधव्यक शिकार होए चली उनका अपना गाँव में दायन वा कुलट्च्नी कहल जाए चली इसत्या ची जे वेवस्त्ता इते एक बाएक समाजिक त्रासिदिक कारन बनल, जे समाजक आदा आबादिके एहन आमानविय अवस्त्तामे दھकेली देलक, तक्राहा मात्र एक तवेग्यानिक चमत कार, कही ककोना महीमा मन्दित कर सके ची. हम्रा लेल इजीनो मैपिंक कम, अप प्त्री सत्तात्मक उत्पीडनक दस्तावेजि करन भेसी अची नहीं सकेची मुदा उही समएक संदरभ मे देखूँ जे सवराट सबाजका मंच्चल जते हसारो लोग एकत्र हुईत चला आप वंजी कार सिद्धान्त पत्र निरगत करिच्चला अगे बल विवाहाक मंच नही चल. तवो की चल? अग, बड़िक विमर्ष, शास्त्रार्ठ, अज समाजिक संगतनक से हो एक ता अदबुत केंद्र चल. मानो, जिना एक ता बहुत पैग, अग, फिसिकल सरवर हब हो. चोडाटा सबहाग आची में, अपने आप में मानव इतिहासक एक ता विलक्षन गटना आची बिना अख्सल शीट अकोडिंके इतिक पैक डेटा प्रोसिस करब अद चल हमर ताद्पर रे आची, जो एहे व्यवस्ता से समाज में किचु कूरीति आएल बिना अख्सल शीट अकोडिंके इतिक पैक डेटा प्रोसिस करब अद चल हमर तात्पर रे आची, जो एहे व्यवस्ता से समाज में किचु कूरीति आएल तो व्यवस्ता के कार्यानवयन का विपलता वा समाजिक पतन चल पन्जी प्रबंदख के जे मुल सान्तिफिक आरकितेक्चर अची उकर नहीं मुदा की आरकितेक्चर के उकर अउट्फुट से अलग कर के देखल जासकई तची पन्जीक गनित दुई पक्षी ए वा बिलाट्रल जरूर चल मुदाउकर सामाजिक पल एक पक्षी अचल. जे वेवस्ता राजा हरी सिंडेव सा लोका दरभंगा राजके महराजा मादव सिंग दरी अपन राजनी तिक सुविदाखले, मोरल मरोरल गेल हो, उगर हम विषुथ विग्यान को ना मानी. उ केवल कोडिग नहीं चल, उएक तटूल चल, कंट्रोल कर. आजुक दिन में जखन इपनजी प्रबन्द तिरहुता लिपिक अग्यान्ता कारन लुप्त होईवाक कगार पर अची, आप एकर दिजिटिटाइजेशन कैए का बचावाएक प्रास बहर अची. अम्रा लगेत अच्छि, जे एकर मुल्यांकन निर्मम्तासन ही मुदा पुझ इमान्दारी सा होई वाख चाही, एकर गनितिय दाचाक हम आदर करे ची मुदा एकर सामाजिक परिनामक हम एतिहासिक त्राज्दी मानेच्छी. इएक ता बहुत सन्तूलित विचार अची चर्चाक अंत दिस बड़ेद हम्रा सबन के इस्विकार करे परत जे पंजी प्रबंध अपन मूल रूप में एक ता क्रान्तिकारी देटा प्रबंधन आनुवन्षिक स्वास्त्ति प्रनाली चल इसत्ति अच्टे जे समयके संगे एकर राजनिति करन भेल, एकर दूरुप्योग भेल, मुदा बिना आदूनिक विग्यानक, हाजारो वरष्द्टरी सपिंड विवाह रोक्बाक एे लगारिदम समपुर्न विष्व के वन्शावली परमप्रा से बहुत आगा है. अदियो पुर्व जीन पूल के सुरक्छित राख्बाक यतन के लक। आहमर एत भी कहाब अची जे विग्यान्वा गनितक चमत्कारक की स्विकार करे थकाल सहो हम्रा सबन के पंजी प्रबंदख के के लग आनुवन्शिक चश्मा सदेख बाक बुल नहीं करबाक चाही या विवस्ता जेना जेना विखसित भेल इखुलीन्ता अप्पित्री सत्ताक एक ता संस्तागत दाचा बनी गेल. एक रहम आनूवन्शिक रक्षाक नाम पर भेल समाजिक नियंत्रनक एक ता ज्वलन्त उदारनक रुप में देखाएची, जते देटाबेसक उप्योब समाजके जुदबाकलेल नहीं बलकी बाटबाकलेल काईल गेल दिजितल सन्रक्षन के बात जोही रहा हो लगचे तस्रोता वर्ग स्वैम एणने लेतिन जे मित्ला की प्राषीन डेटाबेस विग्यान के भिजयचल वा समाजिक वर्चस्वकर उपकरन इविचार हम आहा सब पर चोडे ची देबेट सजुदबाकलेल दन्नेवाद एक दम

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