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नाग्राम_पञ्जीक_विश्लेषण.mp4

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Part 2 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 2
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  1. 0:00–0:03नमस्कार, इविशेश विष्लेषन में आहा सब हे च्वागत अची,
  2. 0:03–0:07जताई अपन सब मितलाक नाग्राम पनजी के दीकोट करब.
  3. 0:07–0:11एक राख कोनो दूर्माती लागल पुरान पोठीक रूप में ना देकू,
  4. 0:11–0:17बलकी इतम मानवितिहास के एक ता अती परिष्क्रित अ संकुचित डाटा बेज्ठेक.
  5. 0:17–0:19इको नो सादारन चीज नहीं चैए,
  6. 0:19–0:23सो चुजे इ अभीले एक किन ना सेक्डो वर्षक स्मिर्ती के,
  7. 0:23–0:26अपन भी तर एक दम जिप फाएलजग़का समेटने अची.
  8. 0:26–0:28तचलू एकर गेराई में प्रवेश करे ची
  9. 0:28–0:33तवाओ एई दिकोडिं मैनौलक चाहथ ता रोचक हिस्सापर जल्दी सनजधाली
  10. 0:33–0:36स्मिरतिक मानचित्र, वन्शावली क्याक्रन,
  11. 0:36–0:39गाओक मार्ग, दिकोड करब, स्तरत पहिचान,
  12. 0:39–0:42आउपादी खाली स्थानक नेतिकता,
  13. 0:42–0:47आ अद्द में पहल प्रविष्टी के खुलब, बस प्रवाग देखा तब आपन सब का.
  14. 0:47–0:54तब बड़े चे पहल बाग दिस, स्म्रितिक मान चित्र, जटे आपन सब वन्शावली व्रिक्ष्के पुनर परिभाषित करव.
  15. 0:54–1:02पन्जी के नीक जका बुजबाक लेल सब सब चहले हम्रा सब के एजे आदूनिक वन्शावली व्रिख्ष्छ बला सोच अची तक्रा चोडे परत.
  16. 1:02–1:09आदूनिक वन्शावली व्रिख्छ के देखबा तो एक दम साव सुत्रा बक्सा और थाड रेखा सब मे रहे थची.
  17. 1:09–1:15मुदव पन्जी के जे निरन्तर चलत संकुचित सम्मद को नेट्वर कची, उकर अंदाज एक्दम अलग चए.
  18. 1:15–1:19पन्जी मे आदूनिक बक्सा वास्सीती रेखा नहीं होई तची.
  19. 1:19–1:23बलकी इ नाता रिष्ताक एक ता गूतल भेल विशाल जाल अची.
  20. 1:23–1:25इएक्तम सक गजब का कंट्रास च्ये.
  21. 1:25–1:29इबात एक्तम सती का चे, जे नाग्राम पनजी कुनो सादारन
  22. 1:29–1:31वन्शावली रजिस्टर नहीं आचे.
  23. 1:31–1:35इवास्तव में एक टा संकुचित सब्यतागत अभी लेग आचे.
  24. 1:35–1:38जे आपन सब एक पाथके देर्यपुर्वक पडी,
  25. 1:38–1:42तजे पहल नजरी में मात्र एक तन नामक सुची जका लागाई तजी,
  26. 1:42–1:45औएक ता गहीर अटिहासिक बयान बनी जाए तजी.
  27. 1:45–1:49इकोन न सादारन पनजी नहीं, बलकी पूरा सब्यता कहानी कहे तजे,
  28. 1:49–1:51उहो बहुत कम शबद में.
  29. 1:51–1:57अब आवी जाएची दोसर भागपर, वन्शावलिक व्याक्रन, माने एकर कोड के केना पडल जाएग.
  30. 1:57–2:05आब देखो, यी ज़शव्द चे सुत, वा सुतो, वा सुतह, यी पुत्र, वा वन्शच के लेल प्रयोग है तची.
  31. 2:05–2:11इक ता एहन शिइनो आचे जे अगिला पिडिक सीदा वन्शावली समबन्द के प्रस्थ॥ करे तची.
  32. 2:11–2:15इस सुत चिइनके पहचानब बहुत आवश्ष्यक अची.
  33. 2:15–2:21करन इस संकुछित भाश्षा मे पिडिद दर पिडि तार समबन्द जोडबाक इ मुख्य माध्यम अची.
  34. 2:35–2:40तब आप आप दिखले हूँ भूजी लिए जे एताई से वन्शावलीक नवशाखा शुरूब है रहल आची.
  35. 2:41–2:45आब इप प्रच्ण पर द्यान दे एकर मतलब हेल प्रसिद.
  36. 2:45–2:52अब इप प्रच्च्ण पर्द्यान्दे एकर मतलब हेल प्रस्द्द, माने नामा के एक वैकल पिक, लोग प्रीय, वाज जानल मानल रूप.
  37. 2:52–2:58जदे अपर दिखल हू बूजी लिए जे एताई से वन्शावलीक नव्शाखा शूरूब है रहला ची.
  38. 2:58–3:02आब इप प्रज्च्ण पर द्यान दे एकर मतलभ लब प्रसिद्ध,
  39. 3:02–3:07माने नामा के एक ता वेकल पिक, लोग प्री ए, वा जानल मानल रूप.
  40. 3:07–3:09सोजा बाश्वा मे कही तेक्ता उपनाम,
  41. 3:09–3:11इच्छने सावेत करतची,
  42. 3:11–3:15जे इई अबिलेक के बहुआयामी पहचानक पूरा ज्यानच्छल,
  43. 3:15–3:17ए अप्चार एक संस्क्रित नामक संगी संगे,
  44. 3:17–3:21गर का स्थानी आँ लोग प्रियर नाम के सो हो स्वक्षित रक्षित रक्छी,
  45. 3:37–3:44अद्यानात्मक भूगोल अची अदे गाँ सब मात्र मानचित्रपकूनो स्थान नहीं चती, उस्म्रती नोड चती.
  46. 3:44–3:49गावक नाम कैना नाता रिष्टक विशाल आपस में जुडल प्रनाली में,
  47. 3:49–3:52कोईर्दिनेर्जका काज करे तची
  48. 3:52–3:55इब बहुत सुन्दर तरीका सायते बुजल जास सके तची
  49. 3:55–3:57गाम मात्र मार्टिक तुक्रा नहीं
  50. 3:57–4:00उ इतिहास का एक ता महत्वपों हिस्सा छती
  51. 4:00–4:03पनजी में जे बेर-बेर अबेट चेर
  52. 4:03–4:05जे आमुक गाम सां आमुक गाउदरी
  53. 4:05–4:07उकर बहुत जटिल आद्ध है थाची
  54. 4:07–4:11इं मूल इस्ठान अन्नाव बसावद बही सकई तची
  55. 4:11–4:14वकन्या देबाक, वकन्या लेबाक समबंद बहाँ सकई तची
  56. 4:14–4:16वर शाक्खा में प्रवासक्स म्रित्ती
  57. 4:16–4:20वपन्जी कार दूरा की आलगायल कोनो अभी लेक ही वर्गी करन.
  58. 4:20–4:23इएक गाँ सा दोसर गाँ कहबाक सुत्र,
  59. 4:23–4:25वास्तमे इवी लेक हक रीड है ची.
  60. 4:25–4:29एक रास बहुत रास भोगालिक अवैवाएक अर्ठकस्तर कोई जैत चै.
  61. 4:30–4:32कही उ इविस्तापन देखावे तची,
  62. 4:32–4:35तकहियो नवववाएवाएक समबन्दक गब करेई तची.
  63. 4:35–4:36चारिम भाग
  64. 4:36–4:39एस तरित पहचान आ उपादी
  65. 4:39–4:43एक ता व्यक्तिक निरमान किना होए चे पनजी में?
  66. 4:43–4:46पनजी में कोन व्यक्ती कहियों अकेला नही होई तची
  67. 4:46–4:49हुंकर पहचान चारी तचरन में बनाएच छे
  68. 4:49–4:54पहिल व्यक्तिगतनाम, दोसर वन्शावली मने पिता पुत्रक समबन्द,
  69. 4:54–4:59तीसर गामक समबन्ध्ता अचारीम सामाजिक उपादी वापेशा.
  70. 4:59–5:02एक ते एक ता सदहरन नाम के दिरे-दिरे एक ता गेहर,
  71. 5:02–5:06तग्यहेर भज्वाईामी अटिहास्सिक विक्तित्वो में पर्रिवर्तित कहल लाईता ची
  72. 5:06–5:11कोनो नाम बिना पिता गाम असमाजिक उपादी के एक्दम अदूरा मानल गेल अची
  73. 5:11–5:13इब बहुत लोगिकल सिस्तम अची
  74. 5:14–5:16आए इत और मजजेदार अची
  75. 5:16–5:20पारमपर एक उपादि आ आदूनेक पेशाग के जे मेल एते देखल जाईता ची
  76. 5:20–5:23जते पहने जोतिषी या पन्टित रहाच्छल,
  77. 5:23–5:25उते आब एंजनेर आ दोक्तर आवी गेल आची,
  78. 5:25–5:30ताकुर सन सम्मान सुचक शबदक संख संग वकिल दर्ज भे रहा ले ची.
  79. 5:30–6:00अगर बाज्त्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्�
  80. 6:00–6:01की एचे?
  81. 6:01–6:03जगन आपन सब इव आभी लेक में
  82. 6:03–6:06काली स्थान या कंडदेत रेखा देखाएची
  83. 6:06–6:09ते इप प्रशन उधब एक दम सवभावेच चे
  84. 6:09–6:11जे की इकोनु गलती आचे?
  85. 6:11–6:13वा हेरायल स्मरतिन के देलगेल
  86. 6:13–6:16एक ता जानी भूची के बनायल गेल स्मारक आचे?
  87. 6:16–6:20इकोन भूल नहीं चे इक ता बहुत पेग प्रमान चे
  88. 6:20–6:23इता एक टा शबद बैइत ची रिक्त
  89. 6:23–6:27जे कर माने आचे एक टा खाली वा रिक्त प्रविष्टी
  90. 6:27–6:30क्रम में एक टा संख्यात्मक स्थान
  91. 6:30–6:34जते विव्रन अनुपस्तित, हिरायल या रोकल गेल आचे
  92. 6:34–6:39इरिक्त शब्द एक्ता बहुत गेर सम्पाद की एक इमान्दारी के दर्शावे तचे.
  93. 6:39–6:43इज़्िकार करे तचे जे हाँ एक ता शाक्ठ चले,
  94. 6:43–6:47मुदा उकर विषिष्ट विव्रन आब उपलप्डन नहीं आचे.
  95. 6:47–6:51कोनो बनावती गोप लिखबास लाक गुना नीक, जगा खाली चोडी देभचल.
  96. 6:51–6:54इआपन सब कपूरवजक इमान्दारी दिखावे तचे.
  97. 6:55–6:59बिना प्रमान, कोनो गाएब नाम के देल अभी लेख के विक्रित करवची.
  98. 6:59–7:02अनिश्चिता के सुरक्षित रखफ बहुत आवश्ष्च्चे.
  99. 7:02–7:05तमहत्वपों बात इब हेल, जे एक ता खाली स्थान वाख्फाली पन्ना,
  100. 7:05–7:08अपने आप में एक अटीहासिक प्रमाड आची.
  101. 7:08–7:12इवन्शावली सन्द्रक्षनक लेल एक ता उच्छन नेटिक द्रिष्टिकोन के दर्सावेत अची.
  102. 7:12–7:16जे इई सिखवःट अची, जे इतिहास में जे नहीं अची,
  103. 7:16–7:20जे हरागेल तक्रासो हो उनहाई इमान्दारी साँ स्विकार करव चही.
  104. 7:20–7:28अब आपन सब अद्व आप शथम बाग्म जीए पहल प्रविष्टी के खोलब संदहपृर से सिंगवार आव यसब नियम के एक ठम राग के देखी.
  105. 7:28–7:35संदहपृर सा सिंगवार के जोड्टिकोड करी देखू, मुख्हे नोड पूरवज आखिस शच्रू होई दचे.
  106. 7:35–7:41वो कर बाद शाखा सब लाल अगुनागर जका पुट्र दहरी तेजी सबहे लेताची.
  107. 7:41–7:45फेर नेट्वरक बाहर दिसकर महा गाम सद जुडेताची.
  108. 7:45–7:51इते खाली स्थान सहो चे, जटे गिर्दारी शाखा मे एक ता एदूरा नाम के सुरक्षित राखाल गेलाचे.
  109. 7:51–7:56अव उपादिक गब करी ता एख खवी सुखानिक बोदिक प्रतिष्टा के अंगित कर अची.
  110. 7:56–8:00इव याक्रन के बुजला सजे पाथ पहले दूबे दिल अगे चल,
  111. 8:00–8:07तो अगर बजाई चल, कुनो पहेली बुजाई चल, उ आब वानव समबन्ध का एक ता सम्रद मैट्रिक्स के रूप में प्रस्वूटित होई ताची.
  112. 8:07–8:11पूरवज आखिस लैक, कवी सुखानिक का साहितिक प्रतिष्थादरी,
  113. 8:11–8:19अँ संगे गिर्दारी शाखा में रिक्त स्थान का प्रयोग इस सब ता चीस पंजी का जीवन्तताक दरषन करवैत अची.
  114. 8:20–8:22ता अंत में एक ता प्रश्न पर विचार करू.
  115. 8:22–8:31जँ आए काल के कोनो परिवारेक स्म्रिती के पन्जीक सुन्दर सम्बन्दात्मक व्याकरन में संकुचित कयल जाए तो उकेहन लागत.
  116. 8:31–8:37इस सवाल मानवि तिहास कर नाजुक्ता लचक पर एक टक गहिर बिचार कर वाक लेल प्रेरिद करे थाच्छे.
  117. 8:37–8:47संगे, उही पन्जिकार सबक प्रती एक तक गहिर सम्मानुद्पन कर अगट जी इविशाल समाजिक संजचना के इत दे वेग्यानिक तरीका सेहेज कर अखलनी.
  118. 8:47–8:55अदूनिक पारिवारिक स्म्रिति पन्जिक ए संकुचित भाशा में किहन लागत, इवास्तम मेख्त गंभीर अ विचारनिया प्रष्न अचे.
  119. 8:56–9:00इविष्लेशन में अंददरी संग्र हवाक लेल आहा सबबकः बहुत बहुत द्धिन्नेवाद.

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नमस्कार, इविशेश विष्लेषन में आहा सब हे च्वागत अची, जताई अपन सब मितलाक नाग्राम पनजी के दीकोट करब. एक राख कोनो दूर्माती लागल पुरान पोठीक रूप में ना देकू, बलकी इतम मानवितिहास के एक ता अती परिष्क्रित अ संकुचित डाटा बेज्ठेक. इको नो सादारन चीज नहीं चैए, सो चुजे इ अभीले एक किन ना सेक्डो वर्षक स्मिर्ती के, अपन भी तर एक दम जिप फाएलजग़का समेटने अची. तचलू एकर गेराई में प्रवेश करे ची तवाओ एई दिकोडिं मैनौलक चाहथ ता रोचक हिस्सापर जल्दी सनजधाली स्मिरतिक मानचित्र, वन्शावली क्याक्रन, गाओक मार्ग, दिकोड करब, स्तरत पहिचान, आउपादी खाली स्थानक नेतिकता, आ अद्द में पहल प्रविष्टी के खुलब, बस प्रवाग देखा तब आपन सब का. तब बड़े चे पहल बाग दिस, स्म्रितिक मान चित्र, जटे आपन सब वन्शावली व्रिक्ष्के पुनर परिभाषित करव. पन्जी के नीक जका बुजबाक लेल सब सब चहले हम्रा सब के एजे आदूनिक वन्शावली व्रिख्ष्छ बला सोच अची तक्रा चोडे परत. आदूनिक वन्शावली व्रिख्छ के देखबा तो एक दम साव सुत्रा बक्सा और थाड रेखा सब मे रहे थची. मुदव पन्जी के जे निरन्तर चलत संकुचित सम्मद को नेट्वर कची, उकर अंदाज एक्दम अलग चए. पन्जी मे आदूनिक बक्सा वास्सीती रेखा नहीं होई तची. बलकी इ नाता रिष्ताक एक ता गूतल भेल विशाल जाल अची. इएक्तम सक गजब का कंट्रास च्ये. इबात एक्तम सती का चे, जे नाग्राम पनजी कुनो सादारन वन्शावली रजिस्टर नहीं आचे. इवास्तव में एक टा संकुचित सब्यतागत अभी लेग आचे. जे आपन सब एक पाथके देर्यपुर्वक पडी, तजे पहल नजरी में मात्र एक तन नामक सुची जका लागाई तजी, औएक ता गहीर अटिहासिक बयान बनी जाए तजी. इकोन न सादारन पनजी नहीं, बलकी पूरा सब्यता कहानी कहे तजे, उहो बहुत कम शबद में. अब आवी जाएची दोसर भागपर, वन्शावलिक व्याक्रन, माने एकर कोड के केना पडल जाएग. आब देखो, यी ज़शव्द चे सुत, वा सुतो, वा सुतह, यी पुत्र, वा वन्शच के लेल प्रयोग है तची. इक ता एहन शिइनो आचे जे अगिला पिडिक सीदा वन्शावली समबन्द के प्रस्थ॥ करे तची. इस सुत चिइनके पहचानब बहुत आवश्ष्यक अची. करन इस संकुछित भाश्षा मे पिडिद दर पिडि तार समबन्द जोडबाक इ मुख्य माध्यम अची. तब आप आप दिखले हूँ भूजी लिए जे एताई से वन्शावलीक नवशाखा शुरूब है रहल आची. आब इप प्रच्ण पर द्यान दे एकर मतलब हेल प्रसिद. अब इप प्रच्च्ण पर्द्यान्दे एकर मतलब हेल प्रस्द्द, माने नामा के एक वैकल पिक, लोग प्रीय, वाज जानल मानल रूप. जदे अपर दिखल हू बूजी लिए जे एताई से वन्शावलीक नव्शाखा शूरूब है रहला ची. आब इप प्रज्च्ण पर द्यान दे एकर मतलभ लब प्रसिद्ध, माने नामा के एक ता वेकल पिक, लोग प्री ए, वा जानल मानल रूप. सोजा बाश्वा मे कही तेक्ता उपनाम, इच्छने सावेत करतची, जे इई अबिलेक के बहुआयामी पहचानक पूरा ज्यानच्छल, ए अप्चार एक संस्क्रित नामक संगी संगे, गर का स्थानी आँ लोग प्रियर नाम के सो हो स्वक्षित रक्षित रक्छी, अद्यानात्मक भूगोल अची अदे गाँ सब मात्र मानचित्रपकूनो स्थान नहीं चती, उस्म्रती नोड चती. गावक नाम कैना नाता रिष्टक विशाल आपस में जुडल प्रनाली में, कोईर्दिनेर्जका काज करे तची इब बहुत सुन्दर तरीका सायते बुजल जास सके तची गाम मात्र मार्टिक तुक्रा नहीं उ इतिहास का एक ता महत्वपों हिस्सा छती पनजी में जे बेर-बेर अबेट चेर जे आमुक गाम सां आमुक गाउदरी उकर बहुत जटिल आद्ध है थाची इं मूल इस्ठान अन्नाव बसावद बही सकई तची वकन्या देबाक, वकन्या लेबाक समबंद बहाँ सकई तची वर शाक्खा में प्रवासक्स म्रित्ती वपन्जी कार दूरा की आलगायल कोनो अभी लेक ही वर्गी करन. इएक गाँ सा दोसर गाँ कहबाक सुत्र, वास्तमे इवी लेक हक रीड है ची. एक रास बहुत रास भोगालिक अवैवाएक अर्ठकस्तर कोई जैत चै. कही उ इविस्तापन देखावे तची, तकहियो नवववाएवाएक समबन्दक गब करेई तची. चारिम भाग एस तरित पहचान आ उपादी एक ता व्यक्तिक निरमान किना होए चे पनजी में? पनजी में कोन व्यक्ती कहियों अकेला नही होई तची हुंकर पहचान चारी तचरन में बनाएच छे पहिल व्यक्तिगतनाम, दोसर वन्शावली मने पिता पुत्रक समबन्द, तीसर गामक समबन्ध्ता अचारीम सामाजिक उपादी वापेशा. एक ते एक ता सदहरन नाम के दिरे-दिरे एक ता गेहर, तग्यहेर भज्वाईामी अटिहास्सिक विक्तित्वो में पर्रिवर्तित कहल लाईता ची कोनो नाम बिना पिता गाम असमाजिक उपादी के एक्दम अदूरा मानल गेल अची इब बहुत लोगिकल सिस्तम अची आए इत और मजजेदार अची पारमपर एक उपादि आ आदूनेक पेशाग के जे मेल एते देखल जाईता ची जते पहने जोतिषी या पन्टित रहाच्छल, उते आब एंजनेर आ दोक्तर आवी गेल आची, ताकुर सन सम्मान सुचक शबदक संख संग वकिल दर्ज भे रहा ले ची. अगर बाज्त्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्टाव बाज्� की एचे? जगन आपन सब इव आभी लेक में काली स्थान या कंडदेत रेखा देखाएची ते इप प्रशन उधब एक दम सवभावेच चे जे की इकोनु गलती आचे? वा हेरायल स्मरतिन के देलगेल एक ता जानी भूची के बनायल गेल स्मारक आचे? इकोन भूल नहीं चे इक ता बहुत पेग प्रमान चे इता एक टा शबद बैइत ची रिक्त जे कर माने आचे एक टा खाली वा रिक्त प्रविष्टी क्रम में एक टा संख्यात्मक स्थान जते विव्रन अनुपस्तित, हिरायल या रोकल गेल आचे इरिक्त शब्द एक्ता बहुत गेर सम्पाद की एक इमान्दारी के दर्शावे तचे. इज़्िकार करे तचे जे हाँ एक ता शाक्ठ चले, मुदा उकर विषिष्ट विव्रन आब उपलप्डन नहीं आचे. कोनो बनावती गोप लिखबास लाक गुना नीक, जगा खाली चोडी देभचल. इआपन सब कपूरवजक इमान्दारी दिखावे तचे. बिना प्रमान, कोनो गाएब नाम के देल अभी लेख के विक्रित करवची. अनिश्चिता के सुरक्षित रखफ बहुत आवश्ष्च्चे. तमहत्वपों बात इब हेल, जे एक ता खाली स्थान वाख्फाली पन्ना, अपने आप में एक अटीहासिक प्रमाड आची. इवन्शावली सन्द्रक्षनक लेल एक ता उच्छन नेटिक द्रिष्टिकोन के दर्सावेत अची. जे इई सिखवःट अची, जे इतिहास में जे नहीं अची, जे हरागेल तक्रासो हो उनहाई इमान्दारी साँ स्विकार करव चही. अब आपन सब अद्व आप शथम बाग्म जीए पहल प्रविष्टी के खोलब संदहपृर से सिंगवार आव यसब नियम के एक ठम राग के देखी. संदहपृर सा सिंगवार के जोड्टिकोड करी देखू, मुख्हे नोड पूरवज आखिस शच्रू होई दचे. वो कर बाद शाखा सब लाल अगुनागर जका पुट्र दहरी तेजी सबहे लेताची. फेर नेट्वरक बाहर दिसकर महा गाम सद जुडेताची. इते खाली स्थान सहो चे, जटे गिर्दारी शाखा मे एक ता एदूरा नाम के सुरक्षित राखाल गेलाचे. अव उपादिक गब करी ता एख खवी सुखानिक बोदिक प्रतिष्टा के अंगित कर अची. इव याक्रन के बुजला सजे पाथ पहले दूबे दिल अगे चल, तो अगर बजाई चल, कुनो पहेली बुजाई चल, उ आब वानव समबन्ध का एक ता सम्रद मैट्रिक्स के रूप में प्रस्वूटित होई ताची. पूरवज आखिस लैक, कवी सुखानिक का साहितिक प्रतिष्थादरी, अँ संगे गिर्दारी शाखा में रिक्त स्थान का प्रयोग इस सब ता चीस पंजी का जीवन्तताक दरषन करवैत अची. ता अंत में एक ता प्रश्न पर विचार करू. जँ आए काल के कोनो परिवारेक स्म्रिती के पन्जीक सुन्दर सम्बन्दात्मक व्याकरन में संकुचित कयल जाए तो उकेहन लागत. इस सवाल मानवि तिहास कर नाजुक्ता लचक पर एक टक गहिर बिचार कर वाक लेल प्रेरिद करे थाच्छे. संगे, उही पन्जिकार सबक प्रती एक तक गहिर सम्मानुद्पन कर अगट जी इविशाल समाजिक संजचना के इत दे वेग्यानिक तरीका सेहेज कर अखलनी. अदूनिक पारिवारिक स्म्रिति पन्जिक ए संकुचित भाशा में किहन लागत, इवास्तम मेख्त गंभीर अ विचारनिया प्रष्न अचे. इविष्लेशन में अंददरी संग्र हवाक लेल आहा सबबकः बहुत बहुत द्धिन्नेवाद.

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