MACHINE ASR ACCESSIBILITY AID

मिथिलाक_पञ्जी_अछि_समाजक_जीवन्त_नक्शा.m4a

Not an editorially verified transcript. This text was generated automatically from the preserved recording and may contain recognition, language-detection, spelling, segmentation or name errors. Consult the source recording for authoritative content.
Collection
Part 2 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 2
Status
asr-draft
Human verified
No
Editorial review
not-reviewed
ASR model
small
Detected language
hi (0.63603)
Duration
1:45
Source
Open preserved recording

Timestamped machine output

  1. 0:00–0:06इं मित्लाक पन्जी प्रबन्दक मुख्छ तत्य सबख एक ता एक दम छोथ अ सतीक सारान्ष अची.
  2. 0:06–0:13गजंद्र ठाक्रोग किताब, दीकोडिं तपन्जी अप मित्लाक, कशन्ट चार, सई एक दम सपष्ट भजाई तची,
  3. 0:13–0:17जि पन्जी अपन मितलाक जे यी प्राचीन पारिवारिक रिकोड अचीने
  4. 0:17–0:19से कोनो सादारन नाम वाली नहीं
  5. 0:19–0:23बलकी हमर समाजी की तिहास के एक ता गजब का जीवन्त नक्षा आची
  6. 0:23–0:27जे कर भूजाव हम्रा आहा लिल बहुत जरूरी आची
  7. 0:27–0:30पहले आव गब करेची गाम अबहुगो लगके
  8. 0:30–0:34देखू पनजी में गाम कनाम मातर कोनो टेकान नीच्ध
  9. 0:34–0:37यी ते एक ता पारिवारिक जीप्यस जगक खाज करेट अची
  10. 0:37–0:41जे यी बताए टची जे आहाक पूरवच कते से आयल चती
  11. 0:41–0:45उनक विवाह कते भेल, असमाज मे हुनक वास्त्रिक अस्थान की चनी.
  12. 0:45–0:49तो सर बात, यी पन्जी कोनो पुरान समय में जाकर रुकलन नहीं आची.
  13. 0:49–0:54यी समयक संगे-संगे बडलएत पेशा के सोब बहुत नीक जका दरज के लगाची.
  14. 0:54–0:58अदूनिक वकील और इंजीनेर दरिक रेकोड रखाईताची
  15. 0:58–1:03इतमानु सदियों से चलरहेल एक ता इतिहासिक लिंदिन प्रोफाल
  16. 1:03–1:07जका बहुगेल जे एक दम निरंतर अब्टेट भूरहाल अची
  17. 1:07–1:11अनतता एक ता बहुत रोचक बात अची पनजी खाली अस्थान
  18. 1:11–1:14अगरा उगरा उगरा उगरा खाली जोड़ देल गेल
  19. 1:14–1:17जरा सोचु एटिहास में जे चीज हम नहीं जनेज ची
  20. 1:17–1:21उखरा सुएकार का खाली चोड़ कते खब आत अची
  21. 1:21–1:23नहीं, संख्षेप में कहब ता
  22. 1:23–1:30ज़रा सोचु, एतिहास में जे चीज हम नहीं जनेज छी, उक्रा सुइकार का खाली चोडव कतेख पेग बात अची.
  23. 1:30–1:36नहीं, संख्षेप में कहवता, पनजी मितलाक सब भिताक एक ता एहन उतक्रिष्ट दस्ता वेज अची,
  24. 1:36–1:41जिवन्शावली समाजिक परिवर्तन, आम्मानवी अस्म्रीतिक सीमा सब के,
  25. 1:41–1:45बहुत बेजोड तरीकास है, हम्रा लोकनिक सोजा राखेत अची.

Plain text

इं मित्लाक पन्जी प्रबन्दक मुख्छ तत्य सबख एक ता एक दम छोथ अ सतीक सारान्ष अची. गजंद्र ठाक्रोग किताब, दीकोडिं तपन्जी अप मित्लाक, कशन्ट चार, सई एक दम सपष्ट भजाई तची, जि पन्जी अपन मितलाक जे यी प्राचीन पारिवारिक रिकोड अचीने से कोनो सादारन नाम वाली नहीं बलकी हमर समाजी की तिहास के एक ता गजब का जीवन्त नक्षा आची जे कर भूजाव हम्रा आहा लिल बहुत जरूरी आची पहले आव गब करेची गाम अबहुगो लगके देखू पनजी में गाम कनाम मातर कोनो टेकान नीच्ध यी ते एक ता पारिवारिक जीप्यस जगक खाज करेट अची जे यी बताए टची जे आहाक पूरवच कते से आयल चती उनक विवाह कते भेल, असमाज मे हुनक वास्त्रिक अस्थान की चनी. तो सर बात, यी पन्जी कोनो पुरान समय में जाकर रुकलन नहीं आची. यी समयक संगे-संगे बडलएत पेशा के सोब बहुत नीक जका दरज के लगाची. अदूनिक वकील और इंजीनेर दरिक रेकोड रखाईताची इतमानु सदियों से चलरहेल एक ता इतिहासिक लिंदिन प्रोफाल जका बहुगेल जे एक दम निरंतर अब्टेट भूरहाल अची अनतता एक ता बहुत रोचक बात अची पनजी खाली अस्थान अगरा उगरा उगरा उगरा खाली जोड़ देल गेल जरा सोचु एटिहास में जे चीज हम नहीं जनेज ची उखरा सुएकार का खाली चोड़ कते खब आत अची नहीं, संख्षेप में कहब ता ज़रा सोचु, एतिहास में जे चीज हम नहीं जनेज छी, उक्रा सुइकार का खाली चोडव कतेख पेग बात अची. नहीं, संख्षेप में कहवता, पनजी मितलाक सब भिताक एक ता एहन उतक्रिष्ट दस्ता वेज अची, जिवन्शावली समाजिक परिवर्तन, आम्मानवी अस्म्रीतिक सीमा सब के, बहुत बेजोड तरीकास है, हम्रा लोकनिक सोजा राखेत अची.

← Transcript index