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मिथिलाक_प्राचीन_पञ्जीक_वैज्ञानिक_डिकोडिंग.m4a

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Part 2 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 2
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  1. 0:00–0:08अग, कलपना करू, जे मने हम्रा सबे लग एक ता बहुत पैक डेटा बेस चाए, वाखगुजे एक ता जिप फाईल चाए.
  2. 0:08–0:11रूग, जिप प्फाएल ये नेखुप माच्छे
  3. 0:11–0:13बलकल, ते एक ता एहन जिप प्फाएल,
  4. 0:13–0:15जकर भीतर कुनो एक दू सालक नहीं,
  5. 0:15–0:19बलकी सैकुडू सालक इतिहास, भूगोल,
  6. 0:19–0:22वेवाएक समबंत, आपुरा बोद्दिक विरासत,
  7. 0:22–0:24कंप्रेस कै के राखल गिल चै.
  8. 0:24–0:27मुदा उक्रा खुलवा के तक असान नी चे, बुजल ये?
  9. 0:27–0:30एक दम नहीं, बिना सही शाफ्ट्वर या नियमक,
  10. 0:30–0:34उही फाँल के खुलब वा पडवब, सरवता असमबव चाए.
  11. 0:34–0:36ता आएक एही विशेस चर्चा में,
  12. 0:36–0:40जदे हम सवट समगरीक एक ते बहुत रोचक स्टक परगवल ची
  13. 0:40–0:43हमर सब के केंदर मेचाए गजंदर ताकृर के पुस्तक
  14. 0:43–0:46दीकोडिं दपंजी अप मित्लाक हंद्दू
  15. 0:46–0:49हा, आई बहुत महतो पोण कारज चे
  16. 0:49–0:51ता आजुख हमर सब के मिशन इबुज़ब चाए
  17. 0:51–0:56जे मित्लाक इप्राषीन पंजी असल में कवना कारज करेच ख़ाए
  18. 0:56–1:00इप मात्र कुनो मने सादारन परीवारी गाता वो वन्शारली नहीं च़े
  19. 1:00–1:03नहीं भिलकुल नहीं, लोक प्राया इगल्ती करेच ख़ाए
  20. 1:03–1:09आँ, इता एक ता अट्तिंत सगन अनुशासित अब वैग्यानिक सोषल मैप च्याए.
  21. 1:09–1:12ता आव, उही जिप फाँल के दिकोट करबाक प्रैस करे ची.
  22. 1:12–1:15खन हम सब पंजीक श्रोथ समगरी के देखाए तच्ये,
  23. 1:16–1:18तच्बसे पैक ब्रहम इह आई च्ये,
  24. 1:18–1:22जे लोग एक्रा एक्ता सादारन सरकारी रेकोड मानी लेत चे.
  25. 1:22–1:25वाज! मैंने एक्ता सादारन दाईरी जका?
  26. 1:25–1:26राईरी जका.
  27. 1:26–1:30मुदा पनजिक मुल पात इते कतिन अजजटिल किये चे
  28. 1:30–1:34कि एक ताई कोनो सादारन गद्यमें नहीं लिखल चे.
  29. 1:34–1:38इत सुत्र में, मैंने फर्मूला में समेटल गयल सद्यक्स्म्रिती च्ये
  30. 1:38–1:40अग, फर्मूला में
  31. 1:40–2:10एक दम आजगन कोनो समाज अपना है, अपना अदिक वर्ष कर इतिहास के किचु पन्ना में समेटे चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाह
  32. 2:10–2:15भगोलिक, वेवाहिक, विद्वताक, आसमाजिक स्म्रेती
  33. 2:15–2:20आप भर थब के जे आम दारना रही चे वन्शावली मने एक ता सीथा गाच
  34. 2:20–2:29अगर नीचा दादा फेर पिता आहुनकर पुत्र
  35. 2:29–2:36मुदा, इस रोट समगरी बतार है जे पनजी कोनो गाच जका उपर से नीचा नीचा कचे.
  36. 2:36–2:37इते एक ता नेटवरक चे.
  37. 2:37–2:40ता इस यी सीथा गाच की एक नहीं जे?
  38. 2:40–2:45देखु, की एक ता सीथा गाच समाजक वस्तविक चित्रन नहीं दिखा चे चे.
  39. 2:45–2:50अदूनिक पारिवारे गाच मे की होई जे? कोनो व्यक्ती मात्रे एक बेर वेज चे?
  40. 2:50–2:53रहा, एक बर नाम आवीगेल? गब खदम.
  41. 2:53–2:57बलकुल, एक बेर पिताक नीचा नाम आवीगेल, तकाज भेगिल.
  42. 2:57–3:00मुदा, पनजी मे एके व्यक्ती कई बार आवी सकत चे.
  43. 3:00–3:02आचा, कई बेर कुना?
  44. 3:02–3:04उआपन पिताग प्रसंग में आवी सकत चे
  45. 3:04–3:06दोसद्ध्धाम आपन पुट्रक प्रसंग में
  46. 3:06–3:09तेसे ताम आपन पतनिक परिवार प्रसंग में
  47. 3:09–3:11आपह चारिम ताम आपन मात्रिक चकर में
  48. 3:11–3:13इसम्मन्दक एक ता विशाल जाल चे
  49. 3:13–3:15एक दम जता एके वक्ती कईगोटेग जीवन से जुडल चे
  50. 3:15–3:17इतो एक ता आदूनिक सोषल मीट्या नेट्वोक जगा बहेगे ले
  51. 3:17–3:19वाम न अंटनेट हाईपर लिंक जगा
  52. 3:19–3:20रहां
  53. 3:20–3:22बहुत दरी उहीना
  54. 3:22–3:52यक तो एक तो आदूनिक सोषल मीट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्
  55. 3:52–3:58कि ये ता एक ता सादारन राईपर लिंक मात्र आहाके नव पेज पर लेजाएचे
  56. 3:58–4:04मुदा पंजीक यी नोड आहाके यी हो बताएचे जे आहां उई नव पेज सब कोना जुडल ची
  57. 4:04–4:10पन्जीक जे इब भूगोल चेने, इब रोतिग भूगोल नहीं चे, इज सामाजिग भूगोल चे.
  58. 4:10–4:12माने, सोषिल जोगरफी?
  59. 4:12–4:14एक दम, गाँक अनुक्रमने का.
  60. 4:14–4:18माने, विलेज अंटेक्स के बिना पन्जीके पदब असमबब चे.
  61. 4:18–4:27शूथ में आहा देखबै, जे दी, वासी, आमूल ग्राम, जहन शबदक बहत गएराई से चर्चा केल गेल चे.
  62. 4:27–4:34तए इी तीनो अलगलक कोन चे? जहन् कोनो एक गाम में रही रहल ची, तकी ओह मर दी हनही भेल?
  63. 4:34–4:35ज़रूरी नहीं चे
  64. 4:36–4:37एक्रा एना बुजु
  65. 4:38–4:41दी हमाने, आहाक मूलस्तान वा पट्रेक स्तल
  66. 4:42–4:45वासी माने, जते आहा वर्त्मान मे रही रहल ची
  67. 4:45–4:48औह, वासी माने वर्त्मान निवास
  68. 4:48–4:49आहा
  69. 4:50–4:52आहा मूल ग्राम भेल उट्हाम
  70. 4:52–4:55जतेई साहक शाखा वा वन्शावली शुरू भेल
  71. 4:55–4:59उदारनक लेल कोनो व्यकती सरिसब गाम में रही रहाल चती
  72. 4:59–5:01तो वासी भेला
  73. 5:01–5:05मुदा हुंकर मुल ग्राम खंदबलाब हो सके च्छे
  74. 5:05–5:09पनजी में कोनो व्यकती मात्र अपन पिताक नामस़ नही
  75. 5:09–5:13बल की अपन गाम आमुल दीज सब पहचानल जैच चला
  76. 5:13–5:16इगाम सब तव उही विशाल नेट्वर कष सरवर जका ब होगे
  77. 5:16–5:18एक दम सही कहाला हूं
  78. 5:18–5:21जते इसां सब तदेटा प्रवाहित होए चे
  79. 5:21–5:24जाहां के वल नाम खोजब आडदीज नहीं जानब
  80. 5:24–5:27ताहा उई नेट्वोक में हीरा जाएब
  81. 5:27–5:29आब हमरा एक ता बात बुजब चे
  82. 5:30–5:33जए एट्टिक पहीग नेट्वोर्ट चे
  83. 5:33–5:35जे में सेक्डो गाम, हाजारो विक्ती
  84. 5:35–5:38आई हुंकर अलगलक समवंद दर्ज चे
  85. 5:38–5:42तए एक्रा लिखबाक शेली इत्तिक चोथा सुत्रबद की एक छे?
  86. 5:43–5:46मैंने पुस्तक का दोसर्खंडे, एही बात पर प्रकाष डल्लक है,
  87. 5:46–5:50जो पंजीक व्याक्रन आदूनिक गद्धे जका बिल्कुल नी चे.
  88. 5:50–5:52नहीं, तनी बो नहीं.
  89. 5:52–5:57एही में सन्तती, अपत्य, असुथ, जहन शब्दक बहुत विषेश अर्थ चै.
  90. 5:57–6:02आम बोल चाल में तए तीनो शब्दक अर्थ संटान वा बाल बच्चा हो इच्छे.
  91. 6:02–6:05तप पन्जी कार एक रा गलक अलक एक प्रेुच्छला,
  92. 6:05–6:09एतैं पंजी कारक बुद्दिमत्ता देखवा योगे चै.
  93. 6:10–6:14उहो सब पाल्तु गद्य लिखिका पन्ना नई बहरे चाहत चला.
  94. 6:14–6:16मने स्पेस मचवाक लेल?
  95. 6:16–6:19स्पेस से हो आ एर्थ से हो.
  96. 6:19–6:23जखन हो सनतती लिख़ित चला तो उकर एर्थ
  97. 6:23–6:26इकta nirantar chalaiwali vanshparampara se chhal,
  98. 6:26–6:28jena nadi ke kita poora prava.
  99. 6:28–6:30आ, tiiq chhe.
  100. 6:30–6:32आ, jaghan oho apat te likhait chhala,
  101. 6:32–6:34to okar arth chhal,
  102. 6:34–6:36jhe ete se ekta naushaaka haa,
  103. 6:36–6:39wa kahu je sab branch futi rahal chhe,
  104. 6:39–6:42jakar apan ekta alag pahachan banat.
  105. 6:42–6:44अ, ho, santati mane prava,
  106. 6:44–6:46apat te mane naushaaka haa.
  107. 6:46–6:49आ, jaghan oho sut likhait chhala,
  108. 6:49–6:51to okar arth chhal,
  109. 6:51–7:21अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अ�
  110. 7:21–7:51विवाह बहल था बज़ी चाएचाई चाएचाई चाएचाई चाएचाई चाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईच
  111. 7:51–7:55मात्रिक सम्मन्द, वाकत्हु मात्रनिवासी
  112. 7:55–7:58मुद-एक्ता बात कहू, जों कोनु आदूनिक अनुवादक,
  113. 7:58–8:01पंजी उठावे, अस्सोग का सामान्य अनुवाद,
  114. 8:01–8:04चारुकात मात्र फ्रोम कदाए,
  115. 8:04–8:07तकि उ कोनो परिवारक पुरा इतिहास नहीं बदली देत?
  116. 8:07–8:10उ परिवारक इतिहास बदलब मात्र नबहल
  117. 8:10–8:14उ पुरा इतिहासक आरकाव्फ के नष्ट करब भहल
  118. 8:14–8:15बाप्रे
  119. 8:15–8:18हा खल्पना करू जिप पनजी में लिखल च्याए
  120. 8:18–8:21जि कोनो विक्ती आमुक गाम सच्ठिन
  121. 8:21–8:25आसल में उही गाम में हुंकर सासुर च्ल
  122. 8:25–8:27मने हुनकर विवा उई गाम सब हिल चल
  123. 8:27–8:28एक दम
  124. 8:28–8:29मुदा अनवादक सोचल कै
  125. 8:29–8:31जे सो माने फ्रोम
  126. 8:31–8:33तो उ मानी लेलाक
  127. 8:33–8:36जे उव्यक्ती उई गामक जनमल चतिन
  128. 8:36–8:37अब सोचु
  129. 8:37–8:39जे एक ता चोट सन गलपी कारन
  130. 8:39–8:40उव्यक्ती
  131. 8:40–8:43अपन अस्ली परिवार सकति का
  132. 8:43–8:46अपन पत्निक पर्वारक वन्शावली में जोडगेला
  133. 8:46–8:49ओओ, ये पुरा सोषल माप क्राष कगेल
  134. 8:49–8:51बिलकुल क्राष कगेलेद
  135. 8:51–8:55इत्भे नहीं, पंजी में संस्क्रिता मेठलिक मश्रित व्याक्रन चे
  136. 8:55–8:59जखन पंजी कार शब्द के जोड कलिके चला
  137. 8:59–9:02तो उखरा एक ता ले या संदर रोई चलेद
  138. 9:02–9:06आदूनिक अनवादक जब भीना विचारने उखरा अलक कगदे
  139. 9:06–9:10वापन मोंस कोनो आदूनिक विराम चिन मने पंक्षौएशन लगादे
  140. 9:11–9:13तो अर्थक अनर्थ बजाएच्छे
  141. 9:13–9:15माने जना अथ शब्द भेल?
  142. 9:15–9:22आथ ज़हन शब्द नवखश्ण्डक शुवात करे चे आप्रा दोसर शाक्धा वा दोसर पतनी कलिल प्रियुक तोईचे.
  143. 9:23–9:27इप आप व्याक्रनक नियम नहीं चे इई उही समाजक वास्तू कला चे.
  144. 9:27–9:29अर्कितेक्चर, हाँ
  145. 9:29–9:32तो एते एक ता बहुत सबभेग प्रश्नूड़े थे
  146. 9:32–9:37आई जा एक ता चोडस गडलती से पुरा वन्शावली ब्रामक बहुत सकए चे
  147. 9:37–9:41तो पंजी कार इब आशा एक जतिल अ सम्वेदन्शिल रचन नहीं कि एक
  148. 9:41–9:43इब बहुतनी एक प्रशन जे
  149. 9:43–9:45मैंने उसब सीथा सीथा कीएक ने लिख दिलनी
  150. 9:46–9:48जे एही वेक्तिग विवाः एही गामक खन्या सबहल
  151. 9:49–9:50जटिल ता अखिर कीएक
  152. 9:50–9:51देखो
  153. 9:51–9:54देखो सीथा उत्ताए चे वेवाहिक अनुशासन
  154. 9:54–9:56पनजी कोनो दाईरी नहीं चल
  155. 9:56–10:00जही में क्यो आपन्द, शोक्या पारीवारी कता लिख्ध्रहाल हो.
  156. 10:00–10:05एकर निर्माडक मुल उद्देश च्यल समाज में वर्जित समबन्द,
  157. 10:05–10:08माने प्रहिबिटेड यून्यन्से बचब.
  158. 10:08–10:10औहो! वर्जित समबन्द से बचब?
  159. 10:10–10:17आप, दू गो देक मिलन से पहिने, इस सूनिष्चित करनाई जे हुनकर रक्त समबंद कतू से नहीं जुडे थो.
  160. 10:17–10:24मुदा हम्रा सबख आम्दारना तो इ़ रही चे, जे पुरान वन्शावली सब केवल पित्र सतात्मक होई चे?
  161. 10:24–10:26आप, लोगो ही ना सुचे इचे.
  162. 10:26–10:29माने पिता से पुत्र पुत्र से पुत्र,
  163. 10:29–10:32जो आहा मात्र पुरुष लाईन के ट्राक कराल ची,
  164. 10:32–10:35तो विवाहक वरजित समबन्त कोना पक्रडब.
  165. 10:35–10:39इप पंजीक विषे में सब से पैग गलत फहमी च्यबुजलिये.
  166. 10:39–10:42पंजी मात्र पित्र सतात्मक नहीं च्ये.
  167. 10:42–10:47स्रोद समागरी में मात्रिक्षक्रक जे विषलेशन देल गेल चे उ अ अदबुत चै.
  168. 10:47–10:48मात्रिक्षक्रक.
  169. 10:48–10:53राए, पनजी में स्त्री पक्षक स्म्रिती अछ्ट्यन्त महत्वोडन चै.
  170. 10:53–10:57एक रा एहना बुजु जा पनजी मात्र पिताक लाएन के देखीता,
  171. 10:57–10:59तब भेटिक विवाह भेले बाद बाद
  172. 10:59–11:02उकर नाम पनजी सतग गाएप भोजतेक
  173. 11:02–11:03इकदम गाएप भोजतेक
  174. 11:03–11:06मुदा पनजी उकरा गाएप नहीं होगे देच है
  175. 11:06–11:09इदोहित्र माने पुत्रिक पुत्रके रिकोड करेच है
  176. 11:09–11:12इदोहित्र के रिकोड किना काज करेच है
  177. 11:12–11:14एक रा किच उदारन से अस्पष्ट करूने?
  178. 11:14–11:18राँ, मानी लिया जे खंदवलाक गामक एक ता कन्याक विवाज
  179. 11:18–11:22गंगोली गाँ मे भेल, आप गंगोली मे उकर एक था पुट्रभेल
  180. 11:22–11:24उपुट्रभेल दोहित्र
  181. 11:24–11:26तीक चे, गंगोली मे पुट्रभेल
  182. 11:26–11:31खंद्वलाक पंजीकार उही दोहित्रक नाम आपन रिकोड में दर्ज करता
  183. 11:31–11:33अब सुचो जे चार पीडिक बाद
  184. 11:33–11:37खंद्वलाक एक ता लगकाक, विवाह क गंगोलिक एक ता लगकी से होई वाला चै
  185. 11:37–11:39आप की हैत
  186. 11:39–11:44जखन पन्जी कार पन्जी देखफत, तो उसीदा सीदे मात्र पिट्र लाईन नहीं देखफत.
  187. 11:44–11:46उ मात्रिक चक्र में जाएत.
  188. 11:46–11:50उ देखफत जे इगंगोलिक लगकी, उही दोछित्र क्लाईन से तनही आवी रहे लगचे,
  189. 11:50–11:52जकर माता कھन्वला से चल.
  190. 11:52–11:53बाप्रे.
  191. 11:53–11:58आजा उ मात्रिक चक्र आपस में जुडगल, तब विवाह न नई भहसकए चै.
  192. 11:58–12:01इत दिमाग सुन्न कर्दिमावाला विवस था चै.
  193. 12:01–12:07आई. आने दोहित्रक एक ता क्रोसिंग पुएंट या पूलभेल दूता अलगलग गामक भीच.
  194. 12:07–12:15एक दम सही, पूलभेल उ जन्मतलेले गंगोली में, मुदा आपन ननीहाल क्हन्दबला के सम्रती के से हो जीवित राकि लेलक.
  195. 12:15–12:22बलक्ल, अस्पष्त विवाह प्रविष्टी वा कहुजे मरेज अंट्रीज कोनो साएड नोट नहीं चे.
  196. 12:22–12:52अदनोट नहीं चार्चा पस्तक खचारिम् क्याँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ�
  197. 12:52–12:57जना मानिल्या एक सगोटे रगुनात चतिन, पचाजगोटे नारायन चतिन.
  198. 12:57–12:59रग, यी बहुत आम बाज्च आप.
  199. 12:59–13:04ता हसार पन्नाक डेटा बेस में पनजी कार इक कोना ते करे चला,
  200. 13:04–13:06जी यी रगुनात और रगुनात नहीं चतिन.
  201. 13:06–13:11एकरा दिकोड किनाईता कोनो आदूनिक पूलिस अन्वेस्टिगेशन जखागाबेल
  202. 13:11–13:12जदे फिंगर प्रिंट मिलावे पनिच है.
  203. 13:12–13:16देखो, इई अन्वेस्टिगेशन सा तनिक सो होक्कम नहीं जै.
  204. 13:16–13:20आईता काजा अविछ हे विक्तिक अन्वेस्टिल्प्रिंट,
  205. 13:50–13:52इव्यक्तिक सतिक पहचान चला
  206. 13:52–13:56रगुनात वयाकरन जे इस सरी सब गामकच्छती
  207. 13:56–13:58और रगुनात मिमान सक से बिल्कोल रग्च्छती
  208. 13:58–14:00जे जाजीवाल गामक्च्छती
  209. 14:00–14:02मैंने जा आहा अनुवाद कोर हेल ची
  210. 14:02–14:04और आहा एक्ता रगुनात के
  211. 14:04–14:08दोसर रगुनात से मातर नाम मिला पर जोड देलूं
  212. 14:08–14:11बिनाई देखने जे एक्ता जोतिषी चला अदोसर कवी
  213. 14:11–14:13ता आहा अनर्थ कदेलूं
  214. 14:13–14:16आहा इतिहास के दूईता अलग �alag vekti के एक बना देलूं
  215. 14:16–14:20इएक्ता एहन गल्ती भेल जकर बरपाए नहीं भहासके चे
  216. 14:20–14:25बिना इस्पस्त प्रमाणक, बिना पिताक नाम, गाम और उपादिक के देखेने,
  217. 14:25–14:30दूशाखा के जोडब अटिहासिक आरकाईव के दूषित करप्च्छे.
  218. 14:30–14:31एक दम सही कहलू.
  219. 14:31–14:35आए एक ता और चीज चे, जे अगर अगर च्छाए,
  220. 14:35–15:05अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अ�
  221. 15:05–15:08उगनेद के समिक्रन चे वा प्रिंटिंटिंटिक चे
  222. 15:08–15:09एकर की का चे?
  223. 15:09–15:13देखो, उ अंक प्रिंटिंटिक मिस्टेक नहीं चे
  224. 15:13–15:13बुजलिये?
  225. 15:13–15:18उ प्राचीन कोअडनेट वा क्रिप्तोग्राफिक चाभी चे
  226. 15:18–15:18चाभी चे?
  227. 15:18–15:23आखा के बुजबाक चाही जे पनजी कोनो एक ता पोती नहीं चे
  228. 15:24–15:26इए एक ता पुस्तकाले चे
  229. 15:26–15:32इज अंक चे 54-03 इबहुस अके चे जे बतार हल हो
  230. 15:33–15:35जे एही वेक्तिक वन्शावलीक आगु खिस्सा
  231. 15:35–15:39पनजी क्हन्थ चवूवन पन्ना तीन परदरज चे
  232. 15:39–15:41बाप्रे! माने अ ख्रोस रिख्रेंच शे!
  233. 15:41–15:46एक दम! अ तीप कब अर्थ चै, कोनो विषेश तिपनी वा नोट,
  234. 15:46–15:48जे दोसर रिजिस्टर मेराखल चै!
  235. 15:48–15:51गीता एक ता बहुत पेग रहस्योद गातन चै!
  236. 15:51–16:01मैंगे ज़कुनो आदूनिक आरकाविस्ट वा अनुवादक यी सोची कगे इआंक सबद्त मात्र पेजनमबर चे एकर आपकी काज एकर रब अदाद यो जाईसा किताप साफ लगे
  237. 16:01–16:02आप जे लोग करे चे
  238. 16:02–16:08तजग उ उही अंक के डिलीट कर दे चे, तो की उही आरकाविक नक्सा के जरबाइत नहीं चे?
  239. 16:08–16:10उ पूरन रूब से नक्सा के जरा रहल चे.
  240. 16:10–16:14जा आहा उ फिफ्टी फोर, दबल सलच जीरो त्री रहा देल हूँ,
  241. 16:14–16:44ता आही प्रमान मिता दिल हूँ जेक्हन्द फ्ट्फ्ट्फ्ट्फ्ट्फ्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्
  242. 16:44–16:49यी दिकोडिं भात्र किचु संस्क्रित्वा मेत्लिष्व्दक अनुवाद बहरीने रेजएच्छे?
  243. 16:49–16:51नहीं, यी उही से बहुत उपर चे.
  244. 16:51–16:57यी उही पद्दती, उही अनुशासन अ उही वास्तु कलाक सम्मान चेई,
  245. 16:57–16:59जही साई पंजी रचल गेल चल.
  246. 16:59–17:03जना की गजेंदर ताकृर आपन पुस्तक में स्पस्ट करएच छती
  247. 17:03–17:07पंजीक सगंता मेही एकर असल रहेस नुकाल चे.
  248. 17:07–17:08बलकुल.
  249. 17:08–17:11इमात्र राजा महराजा गाता नहीं चे.
  250. 17:11–17:17इवही लोक कग भूगोल, विवाज अ बोदिक्ताक एक ता अनुशासित भाशा चे,
  251. 17:17–17:20अपन स्मुर्ती के आमर बनाभे चाहच्चला
  252. 17:20–17:22आए बाशा की बुज्बाक लेल
  253. 17:22–17:25मने, दिकोड कर बाक लेल
  254. 17:25–17:27देईर्यस सब सबेसी अवष्ख चे
  255. 17:27–17:29पनजी गूवा नहीं चे
  256. 17:29–17:32ए बहुत सबष्ट रूप सबाथ कर एच चे
  257. 17:32–17:34बस एकर बाथ कर वाख तरीका सगन चे
  258. 17:34–17:40अग, गामक अनुक्रमनिका, विक्तिक अनुक्रमनिका, अउपादिक अनुक्रमनिका,
  259. 17:40–17:48बने बाग के बिना पनजी पड़ब उहीना चे, जिना बिना नक्षाक कोनो अन्जान शहर में गर खोजब.
  260. 17:48–17:49बहुत नी कुपमादिल हूँ.
  261. 17:49–17:52जखन आहास सही सोटवेर के प्रियोग करेची
  262. 17:52–17:57ता एपनजी मित्लाक समाज की एक ता एहन जीवन्त चित्र प्रस्त॥ करेचे
  263. 17:57–18:01जे दोसर कोनो एतिहासिक दस्तावेज नहीं का सकेचे
  264. 18:01–18:04तब आईके विषेश चर्चा के समाप्त करेच काल
  265. 18:04–18:09अम चाहब जे हमर श्रूता सब एक तब बाद पर विचार कर अथी
  266. 18:09–18:12आई काली हम सब अपना पुरा जीवन कर देटा
  267. 18:12–18:15हमरा सबख समपरक, हमर रिष्ते नाते,
  268. 18:15–18:18हमर फोटो, अहमर इतिहास
  269. 18:18–18:22सब किछु दिजितल सरवर पर कुनो कलाउड में सेव कर अल ची
  270. 18:22–18:27अह, अहम्वा सब के लागच चे, जे हमर्स्मिरती एक दम सुरक्षिप चे.
  271. 18:27–18:32बलकल, मुदा सोचु, जे हाजार साल बाद, भविष्ख को कोनो पीडी,
  272. 18:32–18:36हम्रा सब की दिजिटल पंजी वा सोच्यल मैप की दिकोड करत,
  273. 18:36–18:40तकी उसब अद्बे सम्मान देरे अब वैग्गानिक विदिक प्रियोग करत
  274. 18:40–18:43जही से ये प्राछीन पंजी दीकोड काल जा रहे लचे.
  275. 18:43–18:45इब वहुत पैग प्रष्नचे.
  276. 18:45–18:48रहा, या हम्रा सब पूरा जीवन काहानी से हो,
  277. 18:48–18:51मत्र किचु अनाम देटा पुएड बन कर अईजाएत
  278. 18:51–18:54की हम्रा सबखे digital zip ॐfile की खोलवाग सुफ्ट्वर
  279. 18:54–18:56उही पीटी लग सुरक्षित रहतो
  280. 18:56–18:58वह हम्रा सबख सम्रिती
  281. 18:58–19:00कोनो करओप्ट फालजका हमेशा कि लेल है राजाएत
  282. 19:00–19:02इस सोचबाक बाथ छे
  283. 19:02–19:09यी एट्टा एहन प्रष्न चे, जे हम्रा सब खे, एही बाद पर दुबारा सोचे लेलक प्रेरिट कराएच्चे,
  284. 19:09–19:12जे स्म्रिती के सुरक्षित राखव कतिक कत्हिं काच्चे,
  285. 19:12–19:17और हमर पूरवज एक राखकतिक वैग्यानिक दंखस को गेल चती.
  286. 19:17–19:22आएक एही दीब डाईव में हमरा सब से जुडवाक लेल बहुत-बहुत द्धन्नेवाद

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अग, कलपना करू, जे मने हम्रा सबे लग एक ता बहुत पैक डेटा बेस चाए, वाखगुजे एक ता जिप फाईल चाए. रूग, जिप प्फाएल ये नेखुप माच्छे बलकल, ते एक ता एहन जिप प्फाएल, जकर भीतर कुनो एक दू सालक नहीं, बलकी सैकुडू सालक इतिहास, भूगोल, वेवाएक समबंत, आपुरा बोद्दिक विरासत, कंप्रेस कै के राखल गिल चै. मुदा उक्रा खुलवा के तक असान नी चे, बुजल ये? एक दम नहीं, बिना सही शाफ्ट्वर या नियमक, उही फाँल के खुलब वा पडवब, सरवता असमबव चाए. ता आएक एही विशेस चर्चा में, जदे हम सवट समगरीक एक ते बहुत रोचक स्टक परगवल ची हमर सब के केंदर मेचाए गजंदर ताकृर के पुस्तक दीकोडिं दपंजी अप मित्लाक हंद्दू हा, आई बहुत महतो पोण कारज चे ता आजुख हमर सब के मिशन इबुज़ब चाए जे मित्लाक इप्राषीन पंजी असल में कवना कारज करेच ख़ाए इप मात्र कुनो मने सादारन परीवारी गाता वो वन्शारली नहीं च़े नहीं भिलकुल नहीं, लोक प्राया इगल्ती करेच ख़ाए आँ, इता एक ता अट्तिंत सगन अनुशासित अब वैग्यानिक सोषल मैप च्याए. ता आव, उही जिप फाँल के दिकोट करबाक प्रैस करे ची. खन हम सब पंजीक श्रोथ समगरी के देखाए तच्ये, तच्बसे पैक ब्रहम इह आई च्ये, जे लोग एक्रा एक्ता सादारन सरकारी रेकोड मानी लेत चे. वाज! मैंने एक्ता सादारन दाईरी जका? राईरी जका. मुदा पनजिक मुल पात इते कतिन अजजटिल किये चे कि एक ताई कोनो सादारन गद्यमें नहीं लिखल चे. इत सुत्र में, मैंने फर्मूला में समेटल गयल सद्यक्स्म्रिती च्ये अग, फर्मूला में एक दम आजगन कोनो समाज अपना है, अपना अदिक वर्ष कर इतिहास के किचु पन्ना में समेटे चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाहित चाह भगोलिक, वेवाहिक, विद्वताक, आसमाजिक स्म्रेती आप भर थब के जे आम दारना रही चे वन्शावली मने एक ता सीथा गाच अगर नीचा दादा फेर पिता आहुनकर पुत्र मुदा, इस रोट समगरी बतार है जे पनजी कोनो गाच जका उपर से नीचा नीचा कचे. इते एक ता नेटवरक चे. ता इस यी सीथा गाच की एक नहीं जे? देखु, की एक ता सीथा गाच समाजक वस्तविक चित्रन नहीं दिखा चे चे. अदूनिक पारिवारे गाच मे की होई जे? कोनो व्यक्ती मात्रे एक बेर वेज चे? रहा, एक बर नाम आवीगेल? गब खदम. बलकुल, एक बेर पिताक नीचा नाम आवीगेल, तकाज भेगिल. मुदा, पनजी मे एके व्यक्ती कई बार आवी सकत चे. आचा, कई बेर कुना? उआपन पिताग प्रसंग में आवी सकत चे दोसद्ध्धाम आपन पुट्रक प्रसंग में तेसे ताम आपन पतनिक परिवार प्रसंग में आपह चारिम ताम आपन मात्रिक चकर में इसम्मन्दक एक ता विशाल जाल चे एक दम जता एके वक्ती कईगोटेग जीवन से जुडल चे इतो एक ता आदूनिक सोषल मीट्या नेट्वोक जगा बहेगे ले वाम न अंटनेट हाईपर लिंक जगा रहां बहुत दरी उहीना यक तो एक तो आदूनिक सोषल मीट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट् कि ये ता एक ता सादारन राईपर लिंक मात्र आहाके नव पेज पर लेजाएचे मुदा पंजीक यी नोड आहाके यी हो बताएचे जे आहां उई नव पेज सब कोना जुडल ची पन्जीक जे इब भूगोल चेने, इब रोतिग भूगोल नहीं चे, इज सामाजिग भूगोल चे. माने, सोषिल जोगरफी? एक दम, गाँक अनुक्रमने का. माने, विलेज अंटेक्स के बिना पन्जीके पदब असमबब चे. शूथ में आहा देखबै, जे दी, वासी, आमूल ग्राम, जहन शबदक बहत गएराई से चर्चा केल गेल चे. तए इी तीनो अलगलक कोन चे? जहन् कोनो एक गाम में रही रहल ची, तकी ओह मर दी हनही भेल? ज़रूरी नहीं चे एक्रा एना बुजु दी हमाने, आहाक मूलस्तान वा पट्रेक स्तल वासी माने, जते आहा वर्त्मान मे रही रहल ची औह, वासी माने वर्त्मान निवास आहा आहा मूल ग्राम भेल उट्हाम जतेई साहक शाखा वा वन्शावली शुरू भेल उदारनक लेल कोनो व्यकती सरिसब गाम में रही रहाल चती तो वासी भेला मुदा हुंकर मुल ग्राम खंदबलाब हो सके च्छे पनजी में कोनो व्यकती मात्र अपन पिताक नामस़ नही बल की अपन गाम आमुल दीज सब पहचानल जैच चला इगाम सब तव उही विशाल नेट्वर कष सरवर जका ब होगे एक दम सही कहाला हूं जते इसां सब तदेटा प्रवाहित होए चे जाहां के वल नाम खोजब आडदीज नहीं जानब ताहा उई नेट्वोक में हीरा जाएब आब हमरा एक ता बात बुजब चे जए एट्टिक पहीग नेट्वोर्ट चे जे में सेक्डो गाम, हाजारो विक्ती आई हुंकर अलगलक समवंद दर्ज चे तए एक्रा लिखबाक शेली इत्तिक चोथा सुत्रबद की एक छे? मैंने पुस्तक का दोसर्खंडे, एही बात पर प्रकाष डल्लक है, जो पंजीक व्याक्रन आदूनिक गद्धे जका बिल्कुल नी चे. नहीं, तनी बो नहीं. एही में सन्तती, अपत्य, असुथ, जहन शब्दक बहुत विषेश अर्थ चै. आम बोल चाल में तए तीनो शब्दक अर्थ संटान वा बाल बच्चा हो इच्छे. तप पन्जी कार एक रा गलक अलक एक प्रेुच्छला, एतैं पंजी कारक बुद्दिमत्ता देखवा योगे चै. उहो सब पाल्तु गद्य लिखिका पन्ना नई बहरे चाहत चला. मने स्पेस मचवाक लेल? स्पेस से हो आ एर्थ से हो. जखन हो सनतती लिख़ित चला तो उकर एर्थ इकta nirantar chalaiwali vanshparampara se chhal, jena nadi ke kita poora prava. आ, tiiq chhe. आ, jaghan oho apat te likhait chhala, to okar arth chhal, jhe ete se ekta naushaaka haa, wa kahu je sab branch futi rahal chhe, jakar apan ekta alag pahachan banat. अ, ho, santati mane prava, apat te mane naushaaka haa. आ, jaghan oho sut likhait chhala, to okar arth chhal, अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अ� विवाह बहल था बज़ी चाएचाई चाएचाई चाएचाई चाएचाई चाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईचाईच मात्रिक सम्मन्द, वाकत्हु मात्रनिवासी मुद-एक्ता बात कहू, जों कोनु आदूनिक अनुवादक, पंजी उठावे, अस्सोग का सामान्य अनुवाद, चारुकात मात्र फ्रोम कदाए, तकि उ कोनो परिवारक पुरा इतिहास नहीं बदली देत? उ परिवारक इतिहास बदलब मात्र नबहल उ पुरा इतिहासक आरकाव्फ के नष्ट करब भहल बाप्रे हा खल्पना करू जिप पनजी में लिखल च्याए जि कोनो विक्ती आमुक गाम सच्ठिन आसल में उही गाम में हुंकर सासुर च्ल मने हुनकर विवा उई गाम सब हिल चल एक दम मुदा अनवादक सोचल कै जे सो माने फ्रोम तो उ मानी लेलाक जे उव्यक्ती उई गामक जनमल चतिन अब सोचु जे एक ता चोट सन गलपी कारन उव्यक्ती अपन अस्ली परिवार सकति का अपन पत्निक पर्वारक वन्शावली में जोडगेला ओओ, ये पुरा सोषल माप क्राष कगेल बिलकुल क्राष कगेलेद इत्भे नहीं, पंजी में संस्क्रिता मेठलिक मश्रित व्याक्रन चे जखन पंजी कार शब्द के जोड कलिके चला तो उखरा एक ता ले या संदर रोई चलेद आदूनिक अनवादक जब भीना विचारने उखरा अलक कगदे वापन मोंस कोनो आदूनिक विराम चिन मने पंक्षौएशन लगादे तो अर्थक अनर्थ बजाएच्छे माने जना अथ शब्द भेल? आथ ज़हन शब्द नवखश्ण्डक शुवात करे चे आप्रा दोसर शाक्धा वा दोसर पतनी कलिल प्रियुक तोईचे. इप आप व्याक्रनक नियम नहीं चे इई उही समाजक वास्तू कला चे. अर्कितेक्चर, हाँ तो एते एक ता बहुत सबभेग प्रश्नूड़े थे आई जा एक ता चोडस गडलती से पुरा वन्शावली ब्रामक बहुत सकए चे तो पंजी कार इब आशा एक जतिल अ सम्वेदन्शिल रचन नहीं कि एक इब बहुतनी एक प्रशन जे मैंने उसब सीथा सीथा कीएक ने लिख दिलनी जे एही वेक्तिग विवाः एही गामक खन्या सबहल जटिल ता अखिर कीएक देखो देखो सीथा उत्ताए चे वेवाहिक अनुशासन पनजी कोनो दाईरी नहीं चल जही में क्यो आपन्द, शोक्या पारीवारी कता लिख्ध्रहाल हो. एकर निर्माडक मुल उद्देश च्यल समाज में वर्जित समबन्द, माने प्रहिबिटेड यून्यन्से बचब. औहो! वर्जित समबन्द से बचब? आप, दू गो देक मिलन से पहिने, इस सूनिष्चित करनाई जे हुनकर रक्त समबंद कतू से नहीं जुडे थो. मुदा हम्रा सबख आम्दारना तो इ़ रही चे, जे पुरान वन्शावली सब केवल पित्र सतात्मक होई चे? आप, लोगो ही ना सुचे इचे. माने पिता से पुत्र पुत्र से पुत्र, जो आहा मात्र पुरुष लाईन के ट्राक कराल ची, तो विवाहक वरजित समबन्त कोना पक्रडब. इप पंजीक विषे में सब से पैग गलत फहमी च्यबुजलिये. पंजी मात्र पित्र सतात्मक नहीं च्ये. स्रोद समागरी में मात्रिक्षक्रक जे विषलेशन देल गेल चे उ अ अदबुत चै. मात्रिक्षक्रक. राए, पनजी में स्त्री पक्षक स्म्रिती अछ्ट्यन्त महत्वोडन चै. एक रा एहना बुजु जा पनजी मात्र पिताक लाएन के देखीता, तब भेटिक विवाह भेले बाद बाद उकर नाम पनजी सतग गाएप भोजतेक इकदम गाएप भोजतेक मुदा पनजी उकरा गाएप नहीं होगे देच है इदोहित्र माने पुत्रिक पुत्रके रिकोड करेच है इदोहित्र के रिकोड किना काज करेच है एक रा किच उदारन से अस्पष्ट करूने? राँ, मानी लिया जे खंदवलाक गामक एक ता कन्याक विवाज गंगोली गाँ मे भेल, आप गंगोली मे उकर एक था पुट्रभेल उपुट्रभेल दोहित्र तीक चे, गंगोली मे पुट्रभेल खंद्वलाक पंजीकार उही दोहित्रक नाम आपन रिकोड में दर्ज करता अब सुचो जे चार पीडिक बाद खंद्वलाक एक ता लगकाक, विवाह क गंगोलिक एक ता लगकी से होई वाला चै आप की हैत जखन पन्जी कार पन्जी देखफत, तो उसीदा सीदे मात्र पिट्र लाईन नहीं देखफत. उ मात्रिक चक्र में जाएत. उ देखफत जे इगंगोलिक लगकी, उही दोछित्र क्लाईन से तनही आवी रहे लगचे, जकर माता कھन्वला से चल. बाप्रे. आजा उ मात्रिक चक्र आपस में जुडगल, तब विवाह न नई भहसकए चै. इत दिमाग सुन्न कर्दिमावाला विवस था चै. आई. आने दोहित्रक एक ता क्रोसिंग पुएंट या पूलभेल दूता अलगलग गामक भीच. एक दम सही, पूलभेल उ जन्मतलेले गंगोली में, मुदा आपन ननीहाल क्हन्दबला के सम्रती के से हो जीवित राकि लेलक. बलक्ल, अस्पष्त विवाह प्रविष्टी वा कहुजे मरेज अंट्रीज कोनो साएड नोट नहीं चे. अदनोट नहीं चार्चा पस्तक खचारिम् क्याँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ� जना मानिल्या एक सगोटे रगुनात चतिन, पचाजगोटे नारायन चतिन. रग, यी बहुत आम बाज्च आप. ता हसार पन्नाक डेटा बेस में पनजी कार इक कोना ते करे चला, जी यी रगुनात और रगुनात नहीं चतिन. एकरा दिकोड किनाईता कोनो आदूनिक पूलिस अन्वेस्टिगेशन जखागाबेल जदे फिंगर प्रिंट मिलावे पनिच है. देखो, इई अन्वेस्टिगेशन सा तनिक सो होक्कम नहीं जै. आईता काजा अविछ हे विक्तिक अन्वेस्टिल्प्रिंट, इव्यक्तिक सतिक पहचान चला रगुनात वयाकरन जे इस सरी सब गामकच्छती और रगुनात मिमान सक से बिल्कोल रग्च्छती जे जाजीवाल गामक्च्छती मैंने जा आहा अनुवाद कोर हेल ची और आहा एक्ता रगुनात के दोसर रगुनात से मातर नाम मिला पर जोड देलूं बिनाई देखने जे एक्ता जोतिषी चला अदोसर कवी ता आहा अनर्थ कदेलूं आहा इतिहास के दूईता अलग �alag vekti के एक बना देलूं इएक्ता एहन गल्ती भेल जकर बरपाए नहीं भहासके चे बिना इस्पस्त प्रमाणक, बिना पिताक नाम, गाम और उपादिक के देखेने, दूशाखा के जोडब अटिहासिक आरकाईव के दूषित करप्च्छे. एक दम सही कहलू. आए एक ता और चीज चे, जे अगर अगर च्छाए, अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अ� उगनेद के समिक्रन चे वा प्रिंटिंटिंटिक चे एकर की का चे? देखो, उ अंक प्रिंटिंटिक मिस्टेक नहीं चे बुजलिये? उ प्राचीन कोअडनेट वा क्रिप्तोग्राफिक चाभी चे चाभी चे? आखा के बुजबाक चाही जे पनजी कोनो एक ता पोती नहीं चे इए एक ता पुस्तकाले चे इज अंक चे 54-03 इबहुस अके चे जे बतार हल हो जे एही वेक्तिक वन्शावलीक आगु खिस्सा पनजी क्हन्थ चवूवन पन्ना तीन परदरज चे बाप्रे! माने अ ख्रोस रिख्रेंच शे! एक दम! अ तीप कब अर्थ चै, कोनो विषेश तिपनी वा नोट, जे दोसर रिजिस्टर मेराखल चै! गीता एक ता बहुत पेग रहस्योद गातन चै! मैंगे ज़कुनो आदूनिक आरकाविस्ट वा अनुवादक यी सोची कगे इआंक सबद्त मात्र पेजनमबर चे एकर आपकी काज एकर रब अदाद यो जाईसा किताप साफ लगे आप जे लोग करे चे तजग उ उही अंक के डिलीट कर दे चे, तो की उही आरकाविक नक्सा के जरबाइत नहीं चे? उ पूरन रूब से नक्सा के जरा रहल चे. जा आहा उ फिफ्टी फोर, दबल सलच जीरो त्री रहा देल हूँ, ता आही प्रमान मिता दिल हूँ जेक्हन्द फ्ट्फ्ट्फ्ट्फ्ट्फ्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट् यी दिकोडिं भात्र किचु संस्क्रित्वा मेत्लिष्व्दक अनुवाद बहरीने रेजएच्छे? नहीं, यी उही से बहुत उपर चे. यी उही पद्दती, उही अनुशासन अ उही वास्तु कलाक सम्मान चेई, जही साई पंजी रचल गेल चल. जना की गजेंदर ताकृर आपन पुस्तक में स्पस्ट करएच छती पंजीक सगंता मेही एकर असल रहेस नुकाल चे. बलकुल. इमात्र राजा महराजा गाता नहीं चे. इवही लोक कग भूगोल, विवाज अ बोदिक्ताक एक ता अनुशासित भाशा चे, अपन स्मुर्ती के आमर बनाभे चाहच्चला आए बाशा की बुज्बाक लेल मने, दिकोड कर बाक लेल देईर्यस सब सबेसी अवष्ख चे पनजी गूवा नहीं चे ए बहुत सबष्ट रूप सबाथ कर एच चे बस एकर बाथ कर वाख तरीका सगन चे अग, गामक अनुक्रमनिका, विक्तिक अनुक्रमनिका, अउपादिक अनुक्रमनिका, बने बाग के बिना पनजी पड़ब उहीना चे, जिना बिना नक्षाक कोनो अन्जान शहर में गर खोजब. बहुत नी कुपमादिल हूँ. जखन आहास सही सोटवेर के प्रियोग करेची ता एपनजी मित्लाक समाज की एक ता एहन जीवन्त चित्र प्रस्त॥ करेचे जे दोसर कोनो एतिहासिक दस्तावेज नहीं का सकेचे तब आईके विषेश चर्चा के समाप्त करेच काल अम चाहब जे हमर श्रूता सब एक तब बाद पर विचार कर अथी आई काली हम सब अपना पुरा जीवन कर देटा हमरा सबख समपरक, हमर रिष्ते नाते, हमर फोटो, अहमर इतिहास सब किछु दिजितल सरवर पर कुनो कलाउड में सेव कर अल ची अह, अहम्वा सब के लागच चे, जे हमर्स्मिरती एक दम सुरक्षिप चे. बलकल, मुदा सोचु, जे हाजार साल बाद, भविष्ख को कोनो पीडी, हम्रा सब की दिजिटल पंजी वा सोच्यल मैप की दिकोड करत, तकी उसब अद्बे सम्मान देरे अब वैग्गानिक विदिक प्रियोग करत जही से ये प्राछीन पंजी दीकोड काल जा रहे लचे. इब वहुत पैग प्रष्नचे. रहा, या हम्रा सब पूरा जीवन काहानी से हो, मत्र किचु अनाम देटा पुएड बन कर अईजाएत की हम्रा सबखे digital zip ॐfile की खोलवाग सुफ्ट्वर उही पीटी लग सुरक्षित रहतो वह हम्रा सबख सम्रिती कोनो करओप्ट फालजका हमेशा कि लेल है राजाएत इस सोचबाक बाथ छे यी एट्टा एहन प्रष्न चे, जे हम्रा सब खे, एही बाद पर दुबारा सोचे लेलक प्रेरिट कराएच्चे, जे स्म्रिती के सुरक्षित राखव कतिक कत्हिं काच्चे, और हमर पूरवज एक राखकतिक वैग्यानिक दंखस को गेल चती. आएक एही दीब डाईव में हमरा सब से जुडवाक लेल बहुत-बहुत द्धन्नेवाद

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