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मिथिलाक_उपटिप_पाँजि_ग्रिड_वा_स्मृति.m4a

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Part 2 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 2
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  1. 0:00–0:30देबेट मा आहाक स्वागत अच्छे, कल्पना करू एक ता देड हाजार वर्ष पूरान एहन्दस्तावेज अक जे देड हाजार वर्ष पूर्ष अग्बगुत पे एहन्दस्तावेज जे कोनो सादारन पोथी नहीं आची, बलकी मने आदनिक कम्पुटर अख्छे रिलेशन
  2. 0:30–0:36तब च्वच्वच्वट इस्वी सन्लोकर 2009 द़रीक के अटिहासिक सक्षे प्रस्थ। करेता ची.
  3. 0:36–0:41आई सच्मुच इकता विशाल मने बहुत पैग काजा ची.
  4. 0:41–0:45मुदा आएके जी मुल प्रश्न ची हो एकर अकार पर नहीं चे.
  5. 0:45–0:59अप्ते पान्जी वास्तव में मित्लाक वन्शावलिक एक ता पुडते आ प्रमानिक अ अप्तुट जिनाहा कहिट शे सन्रचनात्मक मान्चित्र अचे वा ए मात्र एक ता सन्चाई सामाजिक अभिलेक अचे
  6. 0:59–1:06दिको, हमर सबष्ट मानना आची, जे एकर जे उप्ते पानजी आचे, उ मात्र किचु नामक सुची नहीं आचे.
  7. 1:06–1:14इजना मितलाक सब़िताक एक ता सतीक, अटूट, आ अत्यंत वेग्यानिक संद्रचनात्मक मानचित्र आचे.
  8. 1:14–1:20इएक्ता एहन ग्रिद अचे जते प्रत्तेक व्यक्ती एक्ता निष्छित कोडिनित पर अवस्त्ते अचे
  9. 1:20–1:23आध हमर द्श्टिकों एईसां सरवता भिन अचे
  10. 1:23–1:27जक्रा आध हैक्ता सतिक मान्चित्र वा देटा बेस कही रहल ची
  11. 1:27–1:33अपन समाजिक दाचा में कुलीन वर्गक प्रभाव आँ माने आदूनिक उपादिक समावेश सा बहुत रास बदलिगिल आची.
  12. 1:33–2:03अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अ�
  13. 2:03–2:33उप्टिप पाजी अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अ�
  14. 2:33–2:34इक दम!
  15. 2:34–2:37उते क्रोस रेफरन्स नम्र दील गिल अच्या
  16. 2:37–2:39जिना, अट्टाइ सथार चेसो एक
  17. 2:39–2:41या वी सथार पाच
  18. 2:41–2:45इकोनो सादारन वन्शावली नहीं अच्ये भुजल ये
  19. 2:45–2:48जगन पाँजी कार ताड पत्र पर लिखा चला
  20. 2:48–2:51तो उ एक ता परिवारक पूरा विव्रन फेर से ने लिख़े चला
  21. 2:51–2:53उ लिख़े चला
  22. 2:53–2:55देखु आट्टाई सब जार चेसो एक
  23. 2:55–2:56राग
  24. 2:56–2:57उ एक ता शोट्कत चल
  25. 2:57–2:59इक के विल शोट्कत ने
  26. 2:59–3:03इए आईकालिक अंटरनेटक रेए बाद लिंक जगा काज करी दची
  27. 3:03–3:08इक ता सतीक नविगेशनल दाचा जे अलगलक शाखा के मने गनितिये रुब से जोडे तचे.
  28. 3:08–3:13आहा एक रा हैपरलिंग कही रहाल ची, इरुपक सून्यम बहुत नीक लागे तची.
  29. 3:13–3:18मुदा तली रुकु आवही डेटाबेस का वास्तविकता पर विचार करू.
  30. 3:18–3:22तली रुकु आवही डेटाबेस का वास्तविक्ता पर विचार करू।
  31. 3:22–3:26जई य वास्तो मे एट्ती सतिक आ अटूट कोड आची
  32. 3:26–3:28तई हे मे एटेक रिक्तता की आची
  33. 3:28–3:31रिक्तता आगक ताद पर्या की एची
  34. 3:31–3:35हम गजंद्र ठाकुरक पुस्तक का प्रविष्टी 1524 दरी
  35. 3:35–3:39जब भड्याम रोपोली कलस्टर अखर बात करेच्छी
  36. 3:39–3:41उते अनेक ठाम गामक नाम ताची
  37. 3:41–3:43मुदद व्यक्तिक नाम रिक्त आची
  38. 3:43–3:46पानजी में मातर खाली अस्थान छोड देल गलेज
  39. 3:46–3:50जगन हम कमपुटर, कोड वेगानिक मानचित्रक बात करेच्छी
  40. 3:50–3:53तकोनो नोड मने खाली नहीं भह सकाई तच
  41. 3:53–3:54मुदा इत अ...
  42. 3:54–3:56एक मुनिट, हमरा पूरा करे दिओ
  43. 3:56–3:59जग कोनो गामक संगे व्यक्तिक नाम गायब अची
  44. 3:59–4:01तो अहाईट पर लिंक तूटी जाई तच
  45. 4:01–4:03इरिक्त ता अस्पस्ट रुब सद देखा रहे लची
  46. 4:03–4:33तो आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� �
  47. 4:33–4:36ती के ना भूसा कै तच्छे, इत अचमभावाला बात वेल.
  48. 4:36–4:41सो चुतने, जै इह मातर कोनो कपोल कलपिट समाजि ग्रन्त रहत,
  49. 4:41–4:44जटे पांजी कारके मातर अपन कुलीं तासिध करवाक रहत,
  50. 4:44–4:46तो एक खाली अस्ठान की एक चूरित,
  51. 4:46–4:49उ कोनु सहो मनगडनत नाम बहरी सके चल
  52. 4:49–4:50अग उता ची
  53. 4:50–4:54गजंद्र थाखुल कर सिद्धानत जे जेना पानजी अची
  54. 4:54–4:56उक्रा उहिना दीकोट क्यल जाए
  55. 4:56–4:58खालिस तान इब धावे तची
  56. 4:58–5:00जे दाचा उते मजबुत अची
  57. 5:00–5:02जेना गामक नाम मोझुद ची
  58. 5:02–5:08विवाहक मार्ग मोजुद अची केवल व्यक्तिक नाम रूपी देटा अदै अनुपलप दची.
  59. 5:08–5:13इवहना आची जना कुन शेहरक मानचित्र पर सडगक रेखात खिचल आची.
  60. 5:13–5:16मुदा एक ता मकानक नमबर मेटी गयल हूँ.
  61. 5:16–5:19अख्रा सों उ शेहरक मानचित्र गलत नै बहेजाई तची
  62. 5:19–5:23मुदद जक्शन उ मकानक नमबर मेट जाई तचीना
  63. 5:23–5:26तो उही मकानदरी पहुचनाए असमभब वेजाई तची
  64. 5:26–5:29और जहां मानचित्र वला एनलोगी पर ही बात करी
  65. 5:29–5:33तपान्जी में गामक नाम मात्र एक्ता थेकाना नहेची
  66. 5:33–5:37पुजलिये, इस समाजिक रुद्बाक प्रतीख से हो आची
  67. 5:37–5:39समाजिक रुद्बाक, किना?
  68. 5:39–5:42आसा पान्जी में सो शब्दक प्रियोग देखू,
  69. 5:42–5:45जेना करमहासवा दरहरासव,
  70. 5:45–5:50आहाक नज्रे में इी मात्र एक ता भबोलिक लंगर अच्छी मने आंकर अच्छी
  71. 5:50–5:55मुदा हम्रा लेल इी एक ता प्रवाही समाजिक प्रवासक गवाची
  72. 5:55–5:59जगन पानजी एक गाँ सा दोसर गाँ दिस जाई तची
  73. 5:59–6:01तो औनेक बार खन्दित होई तची
  74. 6:01–6:05आहाक पता कतित अटूट कोड में बहुत रास अरर आची
  75. 6:05–6:09जगरा कुलींताक लेप लगा कब भरवाक प्रयास के लगे आची
  76. 6:09–6:14रूकुतनी गामक भूमिका के आहा मात्र समाजेक रूतभासन ही जोरे सके ची
  77. 6:14–6:17गामक नाम वन्शावलिक लंगर आची
  78. 6:17–6:19और ये कोनो अती श्योकती नहीं आची
  79. 6:19–6:22जगन पानजी में अथक गरामा रंभोस अकोनो
  80. 6:22–6:24कलस्टर शुरू होई तची
  81. 6:24–6:26तो उएक ता नया फिल्ट तची आची
  82. 6:26–6:28आची नया फिल्ट बने तची
  83. 6:28–6:31ये एक ता बूनलगेल वस्त्र जका आची
  84. 6:31–6:35जदे गाम सुताक रंग आची आप विवाह वोकर गाडी आची
  85. 6:35–6:38गाम सा विक्तिक पहचान फिक्स होई चे
  86. 6:38–6:42बिना गामक पांजी में कोनो विक्तिक अस्तितवही नही आची
  87. 6:42–6:46इकोनो रुत्बा नहीं इता सीथा सीथा पहचानक प्रनाली आची
  88. 6:46–6:53ख़र, हम आख यी बात माने लिब, जे गाम एक ता पहिचान अची, मुदा जखन हम विवाह का मारग अद्दियन करे ची,
  89. 6:53–6:58तो उई पहिचान कजटिलता आब आयस, मैंगे पक्ष पात इची, उसामने आभे जाए दे.
  90. 6:58–7:05अव पान्जी कोई हिस्वाप बात करी, जक्रा हम दुनु गोटे बहुत महत्पुर्न माने ची, मात्रिपक्च विवाह कमार्ग.
  91. 7:05–7:08आई बहुत रोचक विशाया ची.
  92. 7:08–7:11हम इस विकार करे ची जे दोहित्र माने बेटिक बेटा,
  93. 7:11–7:17अच्छन पान्जी के अछ्टीक मारग अच्छी अगर प्रेवग पानजी के अछ्टीन्त क्रान्टीकारी विषेस्ता आच्टीक.
  94. 7:17–7:17अगर प्रेवग पानजी के अछ्टीन्त क्रान्टीकारी विषेस्ता आच्टीक.
  95. 7:17–7:20अदिकाईच आदूनिक वन्शावली केवल पित्र सथाद्द्मक होईताची
  96. 7:20–7:21बाप्सा भेटा दरी
  97. 7:21–7:25मुदा पांजी भेटिक विवागक माद्धियम सदोसर गाम दरी
  98. 7:25–7:27जयवाला संवंद के सवेजेईताची
  99. 7:27–7:28बलकोड
  100. 7:28–7:30आव इ आवक औही तरके खन्दित करेताची
  101. 7:30–7:33जे पान्जी मात्र कुलीन पूर्षार्थक दस्तावेज आची
  102. 7:33–7:36आपर माने दोसर्शाखा
  103. 7:36–7:38इक दम इस पर्ष्ट करेताची
  104. 7:38–7:40चे केना एक ता बेटिक विवा
  105. 7:40–7:42दिगाउन दसंग गंगोली
  106. 7:42–7:45या नव तोल दरी संबंदख एक ता नव सेथू बनवैद आची
  107. 7:45–7:48चे खेना एक ता बेटिक विवा दिगाउन दसां गंगोली
  108. 7:48–7:52या नव तोल दरी समबन्दाक एक ता नव सेथू बनवैत अची
  109. 7:52–7:55इक ता बहु आयामी सन्द्रचना आची
  110. 7:55–7:58दून्या कते के हैं पुरान वन्शावली आची
  111. 7:58–8:02जि मात्रिपक्ष्के इत्तेक वैज्यानिक दंख्सा क्रोस्रेफ्रन्स करेथ हो
  112. 8:02–8:07इस अबित करे तची जे पाजी कुदेशे समपूर्न समाजक जनीटिक मापिंक करप्च्छल
  113. 8:07–8:10इई अद्बूत अचे एही में कोनो शंका नहीं
  114. 8:10–8:14मुदा इ मापिंक कते जाक्त रुके तजी उक्रपत्हन देलो जाए.
  115. 8:14–8:15मनी?
  116. 8:15–8:20जक्शन पाजी दिगाउन्च्स नव्टोल जाए तजी जिना प्रविस्थी त्टालीस चोवालीस में,
  117. 8:20–8:23तस्म्बन्द्ख इजन्जाल इत्टेख जकिल भजाईता ची,
  118. 8:23–8:26जे पाँजिकार केवल उही समबन्द के प्राथमिक्ता देटा ची,
  119. 8:26–8:29जे समाजिक वा आर्थिक रुप समहत्टो पुरना ची.
  120. 8:29–8:34हमी कहन चाही ची, जे जा कोनो सादारन परिवारक विवा भेल होए,
  121. 8:34–8:36तो ही सुत वदोहित्र कर लेक्हा
  122. 8:36–8:38एक या दू पीडी का बाद उजल भजाईता ची
  123. 8:38–8:42उजल भेजक्ष्ची के एक ता जानकारी नहीं भिटल होईत
  124. 8:42–8:42नहीं
  125. 8:42–8:46मुद्दा जिते प्रोफिसर महा महो पाद्ध्याई
  126. 8:46–8:48वा आचार ये जका उपादी आभी जाईता ची
  127. 8:48–8:51उते और लेखा कुब गेराई द़़ी जाई ताची
  128. 8:51–8:54तकी इस शच्मुच यक ता पुँन वेग्यानिक मैप जे
  129. 8:54–8:56या इएक ता एहन मैप जे
  130. 8:56–8:59मात्र पैग आम हत्वोपुन शड़क के दिखावाई ताची
  131. 8:59–9:01आचोट-चोट पकदन्दी के चोडी दे ताची
  132. 9:01–9:07आहा जी पक दन्दी चोडवाक बात कही रहाल ची, उखरा हम एही रूप में नहीं देखाएची.
  133. 9:07–9:13आहा उपादी आस समाजिक प्रतिष्टा के, केवल कुलींता प्रदरषन के रूप में देखी रहाल ची.
  134. 9:13–9:16हमरा एक ता दोसर दिष्टिकों रहाची देउं.
  135. 9:16–9:17तीक अचे राखु
  136. 9:17–9:23पांचिक विशाल कालखन्ड साडे चार्सो इस्वी सन्दूधार नाउ इस्वी दरी आची
  137. 9:23–9:29इत्ते पैग समवे में एकके गाम में समान नामग अनेक वक्ती भास अके च्छती
  138. 9:29–9:34कते क रास गोपाल, कते क रास रगुनात, कते क रास भवनात च्छती
  139. 9:34–9:37इंकर भीच भेद केना केल जाए
  140. 9:37–9:39गावक नाम सा
  141. 9:39–9:41मुदा गाम ता एक खे आचीना
  142. 9:41–9:43एठाम उपादी
  143. 9:43–9:44जेना महाम होपाद्याए
  144. 9:44–9:46वयाकरन वा मिमान सक
  145. 9:46–9:48मातर सजावत नहीं आची
  146. 9:48–9:51इउपादी आद द्योडी
  147. 9:51–9:52जे पैक गराना होई तचे
  148. 9:52–9:53वोकर नाम
  149. 9:53–9:54वास्तों में
  150. 10:04–10:08मुदा देटा बे सक द्रिष्टी कोर्सा ये एक ता अनिवार्या तूल आचे
  151. 10:08–10:14जग कोनो नाम गोपाल देलाचे, गाम करमहा देलाचे, असंगे वैया करन देलाचे
  152. 10:14–10:19तो अगर अदिहारसिक कोअडिनेट के एक दं फिक्स कर दे थाचे
  153. 10:19–10:22उही सब्भान मुत्पन नहीं हुईता चे जे एकोन गोपाल चते
  154. 10:22–10:26गजेंद्र तहाकृर स्वायम कहे चन जे कोनो से हो नाम के
  155. 10:26–10:32बिना पिताक नाम, गाम, विवाह मारक, अपादिके अलक कर कर नहीं पड़ाल जासके चे
  156. 10:32–10:35उत उसब्टा मिली के एक ता की बन वेगता चे
  157. 10:35–10:36बलक्ल
  158. 10:36–10:40इसब्ता मिली के एक्ता की बन्वेत छे जक्रस अ व्यक्ती फिक्स होईते चे
  159. 10:40–10:43जग आँ उपादि के हटादेप तपुरा पानजी बर में जाएते
  160. 10:43–10:46आँ उपादि हटावाग बात नहीं करहाल ची
  161. 10:46–10:49आँ उपादि क प्रक्रती पर प्रष्नट्हाड करहाल ची
  162. 10:49–10:58जए उपादि मात्र एक ता एतिहासिक अटिफायर अची जेना आ खेही रहल ची, तफेर आदूनिक उपादिक उपस्तिती के आख के ना समजाओब.
  163. 10:58–10:59आदूनिक उपादि.
  164. 10:59–11:07आउ हम सब लालगन्ज आर रामनगर दिओडी, खलस्टर, प्रविष्टी तेटिस सथ चालीस पर विचार करी.
  165. 11:07–11:14एता है हमरा सब के की भेटे तची, एता है प्राषीन कालक वईया करन वा मिमान सक नहीं आची.
  166. 11:14–11:22इता है आची, दीजीपी, चीफ एंजीन्यर, प्रफेसर, आमे, सुराज पाटी सदस्स्या, आव वाईज चान्सलर.
  167. 11:22–11:30आब हा राई बता हो जे दीजीपी वा सुराज पाटी सदस्या कोनो प्राचीन वन्शावलिक साँन्टिफेग अदिन्टिपार किना बहस्चे तची.
  168. 11:30–11:32इता एक दम सपष्ट था ची
  169. 11:32–11:35जिना जिना समे बदलल, समाजग पेशा पहजान बदलल
  170. 11:35–11:40मुदा एईसव पानजीक मुल उदेशचषपर प्रष्नट्हार होगता ची
  171. 11:40–11:45इस्सिद्ध करे तची जे पानजी पुन ता एतिहासिक वा वेग्जानिक नहीं आची
  172. 11:45–11:48इक एक ता रेट्रोस्पक्तिट सामाजे कुप करना ची
  173. 11:48–11:512009 का आदूनिक उपादिक समावेश
  174. 11:51–11:55एक रा एक तजीवित मुदा समजवाता वादी अभिलेक बना देटची
  175. 11:55–11:56समजवाता वादी किना
  176. 11:56–11:58एक रार्थ इए ची
  177. 11:58–12:01जे कुलीन वरग आपन आदूनिक सपलता के
  178. 12:01–12:05जना पूलिसके दीजीपी बनव, वा उनिवर्सिटिक वाईस चान्सलर बनव,
  179. 12:05–12:07अपन प्राचीन वन शानलिक संग जोड का,
  180. 12:07–12:09अपन वेदददा सिद्ध कर रहा ला ची.
  181. 12:09–12:12उचाह चतीन जे हूंकर आदूनिक रुदबाके,
  182. 12:12–12:15पन्दरासो वर्ष पुराना पांजिक प्रमानिक्ता भेटे,
  183. 12:16–12:19इक्ता एलीट ख्लास्कर अपन पहजान बचाईबाग
  184. 12:19–12:21आइ स्तापत करबाक प्रयास अची,
  185. 12:21–12:24इह में विग्यान कम भुजलिये समाज्शास्त्र भेशी अची.
  186. 12:24–12:29आँ, आँ की विष्लेशन बहुत आकर सकते जे मुदा हम्रा लागे तची,
  187. 12:29–12:33जे आँ इह में एक ता बहुत महत्तुपून तत्यके नजरन्दास करोल जे.
  188. 12:33–12:37आँ, आँ आदूनिक उपादी कुपस्तिती के समजवोता वादी कही रोल ची.
  189. 12:37–13:07अपने बाज़ा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देग
  190. 13:07–13:37अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अ�
  191. 13:37–13:40अहाँ इआलोजी तब बहुत नी कछी
  192. 13:40–13:43इक दम एक रहाग कुलीन तक प्रदर्शन कही सके ची
  193. 13:43–13:47मुदा एतिहासिक द्रिष्टी से ये वन्शावलीक अटूट श्रिंक्ला आची
  194. 13:47–13:51रामनगर द्योडी या पुरनिया जिना नवका गामक जुडब
  195. 13:51–13:55तो विस्तापनक माने माग्रेशन कर पूरा मारगके
  196. 13:55–13:58उही पुरान नविगेशनल तूल से ट्राक कर रहा लाचे
  197. 13:58–14:01आहाग इदेटाबेस वाला तरक बहुत मजबूत आची
  198. 14:01–14:02हमी माने ची
  199. 14:02–14:04दाचा समबवत उहे हच
  200. 14:04–14:18दाचा समबवत वहे हच, मुदा जखन वहे देटा बेस में देटा मानविय सम्रिती, अ सामाजिक प्रतिष्थक चच्मा से चानी का लगी रहा लगी, तो वहे में त्रुती, लोब अब बायस एक बरपृ समभावना रहा लगी तची.
  201. 14:18–14:20मुदा देटा ते देटा चे?
  202. 14:20–14:25अ, मुदा, हम यह नहीं कह रहल ची जे पानजी जुटा आची,
  203. 14:25–14:30हमर के अब यह आची, जो हम सब एही बात के नजर अंदाज नहीं कर सकेची,
  204. 14:30–14:34जे दाचा में के प्रवेश कर रहल ची अख के बहार बहर रहल ची,
  205. 14:34–14:38यह निरने पुरनत समाजी कर शक्ती आदारी तचे.
  206. 14:38–14:44जो कोनो व्यक्तिक भाएस जन्सलर रची तो कर नाम उपादिक संग दरज भजाई तच्छे,
  207. 14:44–14:48मुदा जो कोनो सादारन परिवार अची तो हुंकर पगदन्दी मेटी जाई तच्छी.
  208. 14:48–15:18इआब हिलेक आपन स्वरुप में इते एक विशाल आची, जे इएक ता ब्रहम पड़ा करे तची, जे इस समपूरन सत्ते आची, मुदा इ मात्र उईच्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्�
  209. 15:18–15:22जद्ते गेराएसा यह अपन नेट्वर्क के ट्रक करे थाची,
  210. 15:22–15:24उआ अद्वित्तिया जी.
  211. 15:24–15:26जगन प्रविष्टी भारा में,
  212. 15:26–15:28नधुवा नर्वानन का बात होई ताची,
  213. 15:28–15:30या पूवारी पार आप फावारे पार,
  214. 15:30–15:33जगा शेत्रिये शब्दक प्रयोग होई ताची,
  215. 15:33–15:43तई इस पश्ट रूप सा दिखावैत अची जे मितलाक परवार के ना नदी अभवगालिक सीमा पार्कोकग, आपन विवानेट्वर के विस्तार देलग.
  216. 15:43–15:45आप उता बहुत विस्त्रित अची.
  217. 15:45–15:48इस भात्र कुलिन्ताक प्रदर्शन नहीं आची.
  218. 15:48–15:53इसा रवाग नाई बाज़ा नहीं आची इस पारिवारे कस्म्रिती के सहेजबाग एक ता विवस्तित तरीका आची?
  219. 15:54–16:03जग कोनो व्यक्ती उपप्ति नम्बर 2550 ज़ोडा लगची, तो उन नम्बर एक ता पुल आची जे उख्रा उकर मुल शाक्ध सजोडाई तची.
  220. 16:03–16:10तची, दून्या कोनो अन्या एतिहासिक वन्शावली में आहाके एहन क्रोस्रेफरेश्ट्श्ट्श्टम भेतावाई दूलब अच्छे.
  221. 16:10–16:19अद्वित्या जे सहम सरवता सहमत ची गजेंद्र ताकुरक जे दीकोडिंग प्रयास अची उ अद्ट्टप्रश्श्ण्स नी अची
  222. 16:19–16:24के खेक ता उ एही क्लिष्ट कोड के आम जनमानस लेल सुलब बनाए रहल चाती
  223. 16:24–16:26अगर बदवाग द्रुष्टि कोन की हो बाग चाही
  224. 16:26–16:28अगर अगर अगर अगर अदेयन करिद काल
  225. 16:28–16:30हमरा सब के अगर रिक्तता
  226. 16:30–16:32अगर कुलीन केंद्रित जुकाव
  227. 16:32–16:34अदूनिक उपादिक समावेश के
  228. 16:34–16:36सुविकार कर बाच चाही
  229. 16:36–16:44जे उप्टिप पान्जी निस्चित रूप से मिथवाक समाजिक इतिहाऽक एक ता असादारन अमहित्वपूँन दस्तावेज अची.
  230. 16:44–16:48मुदा एक रा अदेयन करित काल हमरा सब के एकर रिकतता,
  231. 16:48–16:53अगर कुलीन केंद्रित जुकाव अ आदूनिक उपादिक समवेश के सुईकार करवाख चाही.
  232. 16:54–16:58हमरा सब के इबुजबाख चाही जे इपानजी कोनो निरजीव कोड नहीं अची.
  233. 16:58–17:08इक ता प्रवाहमान स्म्रिति आफ़ी जब जब अपन इतिहास के अपन वर्तमानक अवष्शक्ता के अनुसार पूनह लिख़ित वा अद्दितन करे तची.
  234. 17:08–17:20इस पातर पर लिखल अकाट्ट्य इतिहास नहीं अच्छी, बलकी एक जीवन्त समाजक साँस लेद दस्तावेज अच्छी, जे अपना के प्रसंँगिक रक्वाक लेल समजुता के लग अस्सम्यक संगे बदलल.
  235. 17:20–17:27आहा कही सुख्श्म विश्लेशन अ समाजगग परीप्रेखषक हम पुरा सम्मान करिच्छी.
  236. 17:27–17:35इस सत्या ची जे कुनो भी इतियाच्षिक दस्तावेज समाजग प्रभावन से पूरन तह अच्छुता नेरे सके तची.
  237. 17:35–17:41मुदा तैयो हमर इद्र्ड मता ची जे उप्टिप पानजी आपन विषिष्ट व्याक्रन,
  238. 17:41–17:46जना एकर ख्रोस्रेफ्रेफ्रेंज, गामक लंगर, असुथ वा दोहित्र कर,
  239. 17:46–17:50विवाह मारगके कारन एक ता अदबुत अटियाची ग्रिटा ची.
  240. 17:50–17:51रहा, ग्रिट ता ची.
  241. 17:51–17:59एकर जटिलता रिकता और आदनिक उपादिक बाद हो मितिलाक सबवे ताक उ अटूट शिंखला प्रस्तुत करेत आची
  242. 17:59–18:03जे कोनो सादारन् स्म्रतिक बरोसे समबव नहीं चल
  243. 18:03–18:11निमक सक्ती जनाजे सुथ दोहित्र अपर आगाँ के नाम के एक संगे पड़ेब अनिवारिया अची
  244. 18:11–18:17इप्रमानिद करेत अची जे एकर मूल चरित्र एकता सन्रचनात्मक मान्चित्र कची
  245. 18:17–18:23इएक ता एहन मानचित्र आजी, जे सद्यक भगोलिक अवन्शावली यात्राके किच पन्ना में समेटने आजी.
  246. 18:23–18:30एक अर्कोड एते क मस्वुत आजी, जे पन्द्रा सवरस के बादो, हम सभ आए एक रड दीकोड करोजग जी.
  247. 18:30–18:35निस्सन्दे, आः हम्रा लागेत अची, जे स्रोटाक लेली अट्यन्त रोचक रहत,
  248. 18:35–18:37जे उस्वेम एही बात पर विचार करतीन,
  249. 18:37–18:40जे जगनो अपन पारिवारिक इतिहाज दिस्द कदिष्ट्चती,
  250. 18:40–18:43तो उगरेक्ता डेटाबेस के रुप में देखच्चती,
  251. 18:43–18:45वह एक ता समाजिक अख्यान्नक के रूप में
  252. 18:45–18:47आईविशाल अभिलेक में
  253. 18:47–18:49अवेशन लेल आबो बहुत किज्बाकी आची
  254. 18:49–18:51आईदमातर एक ता स्वर्वात आची
  255. 18:51–18:53एक तम सही कहलो
  256. 18:53–18:56देबेट सुन्बाक लेल आँस बवग बहुत भहुत द्धिवाद
  257. 18:56–19:03विचार करेत रहो अस्वयम निशकर्ष निकालो जे उप्टिप पानजी एक ता सतीक ग्रिद अची वप्रवाही स्म्रती.
  258. 19:03–19:04नमसकार

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देबेट मा आहाक स्वागत अच्छे, कल्पना करू एक ता देड हाजार वर्ष पूरान एहन्दस्तावेज अक जे देड हाजार वर्ष पूर्ष अग्बगुत पे एहन्दस्तावेज जे कोनो सादारन पोथी नहीं आची, बलकी मने आदनिक कम्पुटर अख्छे रिलेशन तब च्वच्वच्वट इस्वी सन्लोकर 2009 द़रीक के अटिहासिक सक्षे प्रस्थ। करेता ची. आई सच्मुच इकता विशाल मने बहुत पैग काजा ची. मुदा आएके जी मुल प्रश्न ची हो एकर अकार पर नहीं चे. अप्ते पान्जी वास्तव में मित्लाक वन्शावलिक एक ता पुडते आ प्रमानिक अ अप्तुट जिनाहा कहिट शे सन्रचनात्मक मान्चित्र अचे वा ए मात्र एक ता सन्चाई सामाजिक अभिलेक अचे दिको, हमर सबष्ट मानना आची, जे एकर जे उप्ते पानजी आचे, उ मात्र किचु नामक सुची नहीं आचे. इजना मितलाक सब़िताक एक ता सतीक, अटूट, आ अत्यंत वेग्यानिक संद्रचनात्मक मानचित्र आचे. इएक्ता एहन ग्रिद अचे जते प्रत्तेक व्यक्ती एक्ता निष्छित कोडिनित पर अवस्त्ते अचे आध हमर द्श्टिकों एईसां सरवता भिन अचे जक्रा आध हैक्ता सतिक मान्चित्र वा देटा बेस कही रहल ची अपन समाजिक दाचा में कुलीन वर्गक प्रभाव आँ माने आदूनिक उपादिक समावेश सा बहुत रास बदलिगिल आची. अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अ� उप्टिप पाजी अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अखिर अ� इक दम! उते क्रोस रेफरन्स नम्र दील गिल अच्या जिना, अट्टाइ सथार चेसो एक या वी सथार पाच इकोनो सादारन वन्शावली नहीं अच्ये भुजल ये जगन पाँजी कार ताड पत्र पर लिखा चला तो उ एक ता परिवारक पूरा विव्रन फेर से ने लिख़े चला उ लिख़े चला देखु आट्टाई सब जार चेसो एक राग उ एक ता शोट्कत चल इक के विल शोट्कत ने इए आईकालिक अंटरनेटक रेए बाद लिंक जगा काज करी दची इक ता सतीक नविगेशनल दाचा जे अलगलक शाखा के मने गनितिये रुब से जोडे तचे. आहा एक रा हैपरलिंग कही रहाल ची, इरुपक सून्यम बहुत नीक लागे तची. मुदा तली रुकु आवही डेटाबेस का वास्तविकता पर विचार करू. तली रुकु आवही डेटाबेस का वास्तविक्ता पर विचार करू। जई य वास्तो मे एट्ती सतिक आ अटूट कोड आची तई हे मे एटेक रिक्तता की आची रिक्तता आगक ताद पर्या की एची हम गजंद्र ठाकुरक पुस्तक का प्रविष्टी 1524 दरी जब भड्याम रोपोली कलस्टर अखर बात करेच्छी उते अनेक ठाम गामक नाम ताची मुदद व्यक्तिक नाम रिक्त आची पानजी में मातर खाली अस्थान छोड देल गलेज जगन हम कमपुटर, कोड वेगानिक मानचित्रक बात करेच्छी तकोनो नोड मने खाली नहीं भह सकाई तच मुदा इत अ... एक मुनिट, हमरा पूरा करे दिओ जग कोनो गामक संगे व्यक्तिक नाम गायब अची तो अहाईट पर लिंक तूटी जाई तच इरिक्त ता अस्पस्ट रुब सद देखा रहे लची तो आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� � ती के ना भूसा कै तच्छे, इत अचमभावाला बात वेल. सो चुतने, जै इह मातर कोनो कपोल कलपिट समाजि ग्रन्त रहत, जटे पांजी कारके मातर अपन कुलीं तासिध करवाक रहत, तो एक खाली अस्ठान की एक चूरित, उ कोनु सहो मनगडनत नाम बहरी सके चल अग उता ची गजंद्र थाखुल कर सिद्धानत जे जेना पानजी अची उक्रा उहिना दीकोट क्यल जाए खालिस तान इब धावे तची जे दाचा उते मजबुत अची जेना गामक नाम मोझुद ची विवाहक मार्ग मोजुद अची केवल व्यक्तिक नाम रूपी देटा अदै अनुपलप दची. इवहना आची जना कुन शेहरक मानचित्र पर सडगक रेखात खिचल आची. मुदा एक ता मकानक नमबर मेटी गयल हूँ. अख्रा सों उ शेहरक मानचित्र गलत नै बहेजाई तची मुदद जक्शन उ मकानक नमबर मेट जाई तचीना तो उही मकानदरी पहुचनाए असमभब वेजाई तची और जहां मानचित्र वला एनलोगी पर ही बात करी तपान्जी में गामक नाम मात्र एक्ता थेकाना नहेची पुजलिये, इस समाजिक रुद्बाक प्रतीख से हो आची समाजिक रुद्बाक, किना? आसा पान्जी में सो शब्दक प्रियोग देखू, जेना करमहासवा दरहरासव, आहाक नज्रे में इी मात्र एक ता भबोलिक लंगर अच्छी मने आंकर अच्छी मुदा हम्रा लेल इी एक ता प्रवाही समाजिक प्रवासक गवाची जगन पानजी एक गाँ सा दोसर गाँ दिस जाई तची तो औनेक बार खन्दित होई तची आहाक पता कतित अटूट कोड में बहुत रास अरर आची जगरा कुलींताक लेप लगा कब भरवाक प्रयास के लगे आची रूकुतनी गामक भूमिका के आहा मात्र समाजेक रूतभासन ही जोरे सके ची गामक नाम वन्शावलिक लंगर आची और ये कोनो अती श्योकती नहीं आची जगन पानजी में अथक गरामा रंभोस अकोनो कलस्टर शुरू होई तची तो उएक ता नया फिल्ट तची आची आची नया फिल्ट बने तची ये एक ता बूनलगेल वस्त्र जका आची जदे गाम सुताक रंग आची आप विवाह वोकर गाडी आची गाम सा विक्तिक पहचान फिक्स होई चे बिना गामक पांजी में कोनो विक्तिक अस्तितवही नही आची इकोनो रुत्बा नहीं इता सीथा सीथा पहचानक प्रनाली आची ख़र, हम आख यी बात माने लिब, जे गाम एक ता पहिचान अची, मुदा जखन हम विवाह का मारग अद्दियन करे ची, तो उई पहिचान कजटिलता आब आयस, मैंगे पक्ष पात इची, उसामने आभे जाए दे. अव पान्जी कोई हिस्वाप बात करी, जक्रा हम दुनु गोटे बहुत महत्पुर्न माने ची, मात्रिपक्च विवाह कमार्ग. आई बहुत रोचक विशाया ची. हम इस विकार करे ची जे दोहित्र माने बेटिक बेटा, अच्छन पान्जी के अछ्टीक मारग अच्छी अगर प्रेवग पानजी के अछ्टीन्त क्रान्टीकारी विषेस्ता आच्टीक. अगर प्रेवग पानजी के अछ्टीन्त क्रान्टीकारी विषेस्ता आच्टीक. अदिकाईच आदूनिक वन्शावली केवल पित्र सथाद्द्मक होईताची बाप्सा भेटा दरी मुदा पांजी भेटिक विवागक माद्धियम सदोसर गाम दरी जयवाला संवंद के सवेजेईताची बलकोड आव इ आवक औही तरके खन्दित करेताची जे पान्जी मात्र कुलीन पूर्षार्थक दस्तावेज आची आपर माने दोसर्शाखा इक दम इस पर्ष्ट करेताची चे केना एक ता बेटिक विवा दिगाउन दसंग गंगोली या नव तोल दरी संबंदख एक ता नव सेथू बनवैद आची चे खेना एक ता बेटिक विवा दिगाउन दसां गंगोली या नव तोल दरी समबन्दाक एक ता नव सेथू बनवैत अची इक ता बहु आयामी सन्द्रचना आची दून्या कते के हैं पुरान वन्शावली आची जि मात्रिपक्ष्के इत्तेक वैज्यानिक दंख्सा क्रोस्रेफ्रन्स करेथ हो इस अबित करे तची जे पाजी कुदेशे समपूर्न समाजक जनीटिक मापिंक करप्च्छल इई अद्बूत अचे एही में कोनो शंका नहीं मुदा इ मापिंक कते जाक्त रुके तजी उक्रपत्हन देलो जाए. मनी? जक्शन पाजी दिगाउन्च्स नव्टोल जाए तजी जिना प्रविस्थी त्टालीस चोवालीस में, तस्म्बन्द्ख इजन्जाल इत्टेख जकिल भजाईता ची, जे पाँजिकार केवल उही समबन्द के प्राथमिक्ता देटा ची, जे समाजिक वा आर्थिक रुप समहत्टो पुरना ची. हमी कहन चाही ची, जे जा कोनो सादारन परिवारक विवा भेल होए, तो ही सुत वदोहित्र कर लेक्हा एक या दू पीडी का बाद उजल भजाईता ची उजल भेजक्ष्ची के एक ता जानकारी नहीं भिटल होईत नहीं मुद्दा जिते प्रोफिसर महा महो पाद्ध्याई वा आचार ये जका उपादी आभी जाईता ची उते और लेखा कुब गेराई द़़ी जाई ताची तकी इस शच्मुच यक ता पुँन वेग्यानिक मैप जे या इएक ता एहन मैप जे मात्र पैग आम हत्वोपुन शड़क के दिखावाई ताची आचोट-चोट पकदन्दी के चोडी दे ताची आहा जी पक दन्दी चोडवाक बात कही रहाल ची, उखरा हम एही रूप में नहीं देखाएची. आहा उपादी आस समाजिक प्रतिष्टा के, केवल कुलींता प्रदरषन के रूप में देखी रहाल ची. हमरा एक ता दोसर दिष्टिकों रहाची देउं. तीक अचे राखु पांचिक विशाल कालखन्ड साडे चार्सो इस्वी सन्दूधार नाउ इस्वी दरी आची इत्ते पैग समवे में एकके गाम में समान नामग अनेक वक्ती भास अके च्छती कते क रास गोपाल, कते क रास रगुनात, कते क रास भवनात च्छती इंकर भीच भेद केना केल जाए गावक नाम सा मुदा गाम ता एक खे आचीना एठाम उपादी जेना महाम होपाद्याए वयाकरन वा मिमान सक मातर सजावत नहीं आची इउपादी आद द्योडी जे पैक गराना होई तचे वोकर नाम वास्तों में मुदा देटा बे सक द्रिष्टी कोर्सा ये एक ता अनिवार्या तूल आचे जग कोनो नाम गोपाल देलाचे, गाम करमहा देलाचे, असंगे वैया करन देलाचे तो अगर अदिहारसिक कोअडिनेट के एक दं फिक्स कर दे थाचे उही सब्भान मुत्पन नहीं हुईता चे जे एकोन गोपाल चते गजेंद्र तहाकृर स्वायम कहे चन जे कोनो से हो नाम के बिना पिताक नाम, गाम, विवाह मारक, अपादिके अलक कर कर नहीं पड़ाल जासके चे उत उसब्टा मिली के एक ता की बन वेगता चे बलक्ल इसब्ता मिली के एक्ता की बन्वेत छे जक्रस अ व्यक्ती फिक्स होईते चे जग आँ उपादि के हटादेप तपुरा पानजी बर में जाएते आँ उपादि हटावाग बात नहीं करहाल ची आँ उपादि क प्रक्रती पर प्रष्नट्हाड करहाल ची जए उपादि मात्र एक ता एतिहासिक अटिफायर अची जेना आ खेही रहल ची, तफेर आदूनिक उपादिक उपस्तिती के आख के ना समजाओब. आदूनिक उपादि. आउ हम सब लालगन्ज आर रामनगर दिओडी, खलस्टर, प्रविष्टी तेटिस सथ चालीस पर विचार करी. एता है हमरा सब के की भेटे तची, एता है प्राषीन कालक वईया करन वा मिमान सक नहीं आची. इता है आची, दीजीपी, चीफ एंजीन्यर, प्रफेसर, आमे, सुराज पाटी सदस्स्या, आव वाईज चान्सलर. आब हा राई बता हो जे दीजीपी वा सुराज पाटी सदस्या कोनो प्राचीन वन्शावलिक साँन्टिफेग अदिन्टिपार किना बहस्चे तची. इता एक दम सपष्ट था ची जिना जिना समे बदलल, समाजग पेशा पहजान बदलल मुदा एईसव पानजीक मुल उदेशचषपर प्रष्नट्हार होगता ची इस्सिद्ध करे तची जे पानजी पुन ता एतिहासिक वा वेग्जानिक नहीं आची इक एक ता रेट्रोस्पक्तिट सामाजे कुप करना ची 2009 का आदूनिक उपादिक समावेश एक रा एक तजीवित मुदा समजवाता वादी अभिलेक बना देटची समजवाता वादी किना एक रार्थ इए ची जे कुलीन वरग आपन आदूनिक सपलता के जना पूलिसके दीजीपी बनव, वा उनिवर्सिटिक वाईस चान्सलर बनव, अपन प्राचीन वन शानलिक संग जोड का, अपन वेदददा सिद्ध कर रहा ला ची. उचाह चतीन जे हूंकर आदूनिक रुदबाके, पन्दरासो वर्ष पुराना पांजिक प्रमानिक्ता भेटे, इक्ता एलीट ख्लास्कर अपन पहजान बचाईबाग आइ स्तापत करबाक प्रयास अची, इह में विग्यान कम भुजलिये समाज्शास्त्र भेशी अची. आँ, आँ की विष्लेशन बहुत आकर सकते जे मुदा हम्रा लागे तची, जे आँ इह में एक ता बहुत महत्तुपून तत्यके नजरन्दास करोल जे. आँ, आँ आदूनिक उपादी कुपस्तिती के समजवोता वादी कही रोल ची. अपने बाज़ा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देगा देग अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अ� अहाँ इआलोजी तब बहुत नी कछी इक दम एक रहाग कुलीन तक प्रदर्शन कही सके ची मुदा एतिहासिक द्रिष्टी से ये वन्शावलीक अटूट श्रिंक्ला आची रामनगर द्योडी या पुरनिया जिना नवका गामक जुडब तो विस्तापनक माने माग्रेशन कर पूरा मारगके उही पुरान नविगेशनल तूल से ट्राक कर रहा लाचे आहाग इदेटाबेस वाला तरक बहुत मजबूत आची हमी माने ची दाचा समबवत उहे हच दाचा समबवत वहे हच, मुदा जखन वहे देटा बेस में देटा मानविय सम्रिती, अ सामाजिक प्रतिष्थक चच्मा से चानी का लगी रहा लगी, तो वहे में त्रुती, लोब अब बायस एक बरपृ समभावना रहा लगी तची. मुदा देटा ते देटा चे? अ, मुदा, हम यह नहीं कह रहल ची जे पानजी जुटा आची, हमर के अब यह आची, जो हम सब एही बात के नजर अंदाज नहीं कर सकेची, जे दाचा में के प्रवेश कर रहल ची अख के बहार बहर रहल ची, यह निरने पुरनत समाजी कर शक्ती आदारी तचे. जो कोनो व्यक्तिक भाएस जन्सलर रची तो कर नाम उपादिक संग दरज भजाई तच्छे, मुदा जो कोनो सादारन परिवार अची तो हुंकर पगदन्दी मेटी जाई तच्छी. इआब हिलेक आपन स्वरुप में इते एक विशाल आची, जे इएक ता ब्रहम पड़ा करे तची, जे इस समपूरन सत्ते आची, मुदा इ मात्र उईच्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्ट्� जद्ते गेराएसा यह अपन नेट्वर्क के ट्रक करे थाची, उआ अद्वित्तिया जी. जगन प्रविष्टी भारा में, नधुवा नर्वानन का बात होई ताची, या पूवारी पार आप फावारे पार, जगा शेत्रिये शब्दक प्रयोग होई ताची, तई इस पश्ट रूप सा दिखावैत अची जे मितलाक परवार के ना नदी अभवगालिक सीमा पार्कोकग, आपन विवानेट्वर के विस्तार देलग. आप उता बहुत विस्त्रित अची. इस भात्र कुलिन्ताक प्रदर्शन नहीं आची. इसा रवाग नाई बाज़ा नहीं आची इस पारिवारे कस्म्रिती के सहेजबाग एक ता विवस्तित तरीका आची? जग कोनो व्यक्ती उपप्ति नम्बर 2550 ज़ोडा लगची, तो उन नम्बर एक ता पुल आची जे उख्रा उकर मुल शाक्ध सजोडाई तची. तची, दून्या कोनो अन्या एतिहासिक वन्शावली में आहाके एहन क्रोस्रेफरेश्ट्श्ट्श्टम भेतावाई दूलब अच्छे. अद्वित्या जे सहम सरवता सहमत ची गजेंद्र ताकुरक जे दीकोडिंग प्रयास अची उ अद्ट्टप्रश्श्ण्स नी अची के खेक ता उ एही क्लिष्ट कोड के आम जनमानस लेल सुलब बनाए रहल चाती अगर बदवाग द्रुष्टि कोन की हो बाग चाही अगर अगर अगर अगर अदेयन करिद काल हमरा सब के अगर रिक्तता अगर कुलीन केंद्रित जुकाव अदूनिक उपादिक समावेश के सुविकार कर बाच चाही जे उप्टिप पान्जी निस्चित रूप से मिथवाक समाजिक इतिहाऽक एक ता असादारन अमहित्वपूँन दस्तावेज अची. मुदा एक रा अदेयन करित काल हमरा सब के एकर रिकतता, अगर कुलीन केंद्रित जुकाव अ आदूनिक उपादिक समवेश के सुईकार करवाख चाही. हमरा सब के इबुजबाख चाही जे इपानजी कोनो निरजीव कोड नहीं अची. इक ता प्रवाहमान स्म्रिति आफ़ी जब जब अपन इतिहास के अपन वर्तमानक अवष्शक्ता के अनुसार पूनह लिख़ित वा अद्दितन करे तची. इस पातर पर लिखल अकाट्ट्य इतिहास नहीं अच्छी, बलकी एक जीवन्त समाजक साँस लेद दस्तावेज अच्छी, जे अपना के प्रसंँगिक रक्वाक लेल समजुता के लग अस्सम्यक संगे बदलल. आहा कही सुख्श्म विश्लेशन अ समाजगग परीप्रेखषक हम पुरा सम्मान करिच्छी. इस सत्या ची जे कुनो भी इतियाच्षिक दस्तावेज समाजग प्रभावन से पूरन तह अच्छुता नेरे सके तची. मुदा तैयो हमर इद्र्ड मता ची जे उप्टिप पानजी आपन विषिष्ट व्याक्रन, जना एकर ख्रोस्रेफ्रेफ्रेंज, गामक लंगर, असुथ वा दोहित्र कर, विवाह मारगके कारन एक ता अदबुत अटियाची ग्रिटा ची. रहा, ग्रिट ता ची. एकर जटिलता रिकता और आदनिक उपादिक बाद हो मितिलाक सबवे ताक उ अटूट शिंखला प्रस्तुत करेत आची जे कोनो सादारन् स्म्रतिक बरोसे समबव नहीं चल निमक सक्ती जनाजे सुथ दोहित्र अपर आगाँ के नाम के एक संगे पड़ेब अनिवारिया अची इप्रमानिद करेत अची जे एकर मूल चरित्र एकता सन्रचनात्मक मान्चित्र कची इएक ता एहन मानचित्र आजी, जे सद्यक भगोलिक अवन्शावली यात्राके किच पन्ना में समेटने आजी. एक अर्कोड एते क मस्वुत आजी, जे पन्द्रा सवरस के बादो, हम सभ आए एक रड दीकोड करोजग जी. निस्सन्दे, आः हम्रा लागेत अची, जे स्रोटाक लेली अट्यन्त रोचक रहत, जे उस्वेम एही बात पर विचार करतीन, जे जगनो अपन पारिवारिक इतिहाज दिस्द कदिष्ट्चती, तो उगरेक्ता डेटाबेस के रुप में देखच्चती, वह एक ता समाजिक अख्यान्नक के रूप में आईविशाल अभिलेक में अवेशन लेल आबो बहुत किज्बाकी आची आईदमातर एक ता स्वर्वात आची एक तम सही कहलो देबेट सुन्बाक लेल आँस बवग बहुत भहुत द्धिवाद विचार करेत रहो अस्वयम निशकर्ष निकालो जे उप्टिप पानजी एक ता सतीक ग्रिद अची वप्रवाही स्म्रती. नमसकार

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