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खोड़रक_भीतर_परी_लोक.mp4
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- 0:00–0:04अच्छा ता अव, गजें़र ताकृर के एक ता बहुती गजब का कथा,
- 0:04–0:08खोडरक भीतर परी लोग पर गहीर सच्च्चा करे ची.
- 0:08–0:11इविष्लेषन कोनो सादारन कथा क नहीं चे,
- 0:11–0:16बलकी एते प्राछीं जादू आ एक दम आदूनिक नावकर शाहिक भीच एक ता
- 0:16–0:18अजब गजब तालमिल दिखाओल गिल चे.
- 0:19–0:21इम आत्र एक ता बाल कता नहीं चे,
- 0:21–0:23बलकी एक टाहन दून्याक सेर चे,
- 0:23–0:28जते लोग कता और विग्यान कता क सीमा सव आपस में मिले जाए चे.
- 0:28–0:32इग कता बहुती शान्द अपारमपर इक रूप से शुरू होए चे.
- 0:32–0:39एक ता दादी आपन पोता औम के दस सालक एक ता निदर बच्चा आस था कता सूनार हो लख चतिन.
- 0:39–0:44आस था चानन गाज के गनंगर गाची में आम भी चले ल गेल चे.
- 0:44–0:48इद्रिश्य एक दम गामक उई पारमपरे क परिवेशक मोन पाली देच्चे,
- 0:48–0:51जदे दादी नानी कता सबक जादूई दुन्या शुरूइ चे
- 0:51–0:57मुदा, हम सब आगो देखव, जे यी कताख कते खड़े जल्दी अपन दिशा बडल लेए चे
- 0:57–1:03आब कताख उही हिस्सा दिस बड़े ची, जदे मित्ख अ विग्यानक अस्सली संगम होए चे
- 1:03–1:14जेना जेना आस्ताक यात्रा आगु बड़ी चे इबहान होगत चे जे इदून्या केवल जादूई च़़ी से नहीं बलके विग्यान, प्रयोग, अट्तकनी की नियम से चलेई चे.
- 1:14–1:44ये दून्यो दून्याक भीच एक ता गजबक तक्राव चे, गाँक पारमपरिक शान्त लोक कला, औही आमुरत जामितिय ये आपार्ठक भीच अंतर के देखु जे आस्ताक भात जोही रहल चे, एक दिस गामक परिच्छत तून्या चे, दूसर दिस एक ता नव, तार्किक अ
- 1:44–1:48कर्या कवा सब के एक्ता अक्रामक जुंद सबजबा के लेल
- 1:48–1:51एक्ता विशाल गाज के तनाक भीटर बनल गहीर
- 1:51–1:53अश्णत कोडर में खसी जाईत छे.
- 1:53–1:55अकर खसा बहुती समोहक छे.
- 1:55–1:57इकुन न सादारन खसब नहीं चे.
- 1:57–1:59जे ते पेट में खलभली मचाए तचे.
- 1:59–2:05ये ते गुर्ट्वा कर्शन का पुन अबहाव चे, महसु सुईत चे जिना शरीर रूया से हो भेसी हलुक बगगेल है.
- 2:05–2:10ये ही अजीब अनहार शून्निता में, नत कोनो उपर चे अनकोनो नीचा,
- 2:10–2:14अता असमे से हो ये टे एक विचित्र रूप सचले चे,
- 2:14–2:18जेना लागे चे जेना बिना कोनो जटका के कते को गंटा भी दिगाल होए.
- 2:18–2:23सच में इक ता एहन यात्रा चे, जेना अंतरिखष में कोनो यात्री तैर रहल होए.
- 2:23–2:30अन्तता इए अन्तहीन भुजाएत ख़सत अब एक तवुज़्ार चम्चमाइत जगगपर बहुत कुमलतसर उगचे.
- 2:30–2:38इते कोनो चोट नहिलागे चे. और एही तरह से अदिकारिक रूप से एक तब बहुती गेर पारंपर एक परे लोक के देहरी पार बजाए चे.
- 2:38–2:43इक तो उज्जर आस्मान वाला दूनिया चे एक दम कोनो अस्पताल के उज्जर कम्राजेका.
- 2:43–2:46इते जादू प्रनाली एक दम अदवतिये चे.
- 2:46–2:51महत्वपों बात इचे जे आस्था सुत्या सब पहले जे की चु सपना मे देखाएचे.
- 2:51–2:55जे आस्ता सुत्या सब पहले जे की चु सपना में देखाएच्छे.
- 2:55–3:01जना हलीकोप्टर, लब का उपकरन आस्त्र शस्त्र अनबाक सपना उसब एते वास्त्विक्ता में बदलीच्छे.
- 3:01–3:07उगर सपनाक उसब आदूनिक वस्तू आब उही परी लोक के स्वबद कक्ष में मोझुद चे.
- 3:07–3:12इक तक गजब का विचार चे जे फांतेसिक परमतरा के पून रूप सब पतल लेई चे,
- 3:12–3:17जटे मानव तकनीक अविग्यान ही वास्तव में एही दून्या का जादू चे.
- 3:17–3:26आबे देकख बहुत दिल्च्छष्प्रता, जे इदूनिया कुना एक ता अप्रत्याशित प्रशासनिक भुल्बुलयया में बडली जैच्छे, एंद्रदनुश्षी नोकर शाही.
- 3:26–3:33इपरी लो कुनु राजा रानिक सादारन दर्बार नहीं, बलकी एक ता उच्छ स्टर ये प्रशासनिंग मुख्याले चै.
- 3:33–3:39इमुख्याले 60 तगूमाव्दार, साब जका पंक्तिक रूप मे बहुत सु विवस्तित अची,
- 3:39–3:42जे आद्दनुशक रंग सब के अदार पर बनाल गेल चै.
- 3:42–3:45हर रंग एक ता विषिच्ट नाकर शाही उदेश्छे के पूरा करे चै.
- 3:45–3:50जेना बेंगनी रंग में वेग्यानिक रहे च्छतिन, गेरा नीला रंग में सेनाग विभाग च्छतिन,
- 3:50–3:54नीला रंग में बच्च्छत सब के स्कूल, हर्या रंग में गाचबरी च्छत्शोद,
- 3:54–4:01प्यर्का में वस्तु सब कर अस्पताल, नारंगी में प्रयोख्षाला अ गेरा लाल राँ में एधेग निवासी सब के बास च्याए.
- 4:01–4:05इए एक दम से कोनो अदूनिक समाथ सिटी कक जोनिंग जका लागे च्याए.
- 4:06–4:08एह परी लोकक व्यवस्ता बहुत कडीर च्ये.
- 4:08–4:16यह ते बाहर जेवाक लेल कोरनिया अप्विंगर प्रिंट यहनी आखी अथेवनाक निशानक बायो मेट्रिक स्कनिग जरूरी चे.
- 4:16–4:24सोचु नागरिक सबखनाम नहीं बलकी नमबर होगचे जन न यूनिकोन 99995745.
- 4:24–4:28बेगनी लब द्वारा हर गत्विदिए पर पुरन निग्रानी राखल जाएच्छे.
- 4:28–4:34इआबहुत पूर्व ट्राकिंग विवस्थाचे ताकी दून्याक भीच कोनो मिलावद नाई बहुऽ सके.
- 4:34–4:38इपरी लोग से बेसी कोनो आदूनिक सर्विलान स्टेट ना लागच्छे
- 4:38–4:42मुदा एही चमक दमक पाचा एक तपएग समस्या चे
- 4:42–4:46आब रानी कच्रा दंप और परस्तितिक संकत पर नजरी देचे
- 4:46–4:49एही पूरन रूप समविवस्तित समाजक नीचा
- 4:49–4:53नीचा एक ता बहुत गमहीर अवास्तविक दुन्याक रूप चूपल चे,
- 4:53–4:56जे एक ता बहारी पर्यावरन संकत पर केंद्रिच चे.
- 4:56–5:02आद्द्दनुशी मुख्याले एक दम साव सुत्रा अथ्यदिक निंद्रित अजीवन्त रंग्वाला चे.
- 5:02–5:08मुद्दा, उकर तीक विप्रीत, उत्तरी रेगिस्तान एक दम सुन्सान, जहरीला, अग कच्रा सब ररल चे.
- 5:08–5:12आई रेगिस्तान कुनो प्राक्रूते कारन्सा नहीं बनल चे.
- 5:12–5:15इता ए लेल बनल, केक ता एतक रानी आदेश दिलनी,
- 5:15–5:20जि सब्ता कच्रा उते फेकल जाए आ उक्रा एक तविशाल दिवालक पाच्चा नुका दिल जाए.
- 5:21–5:24इपर्यावरन औरोभे से विछलित करेवेला तक्ञन लागे चेई,
- 5:24–5:28जक्ञन इपता चले चेई जे एते प्रक्रितिक हवाक नामो निशान नहीं चेई.
- 5:28–5:35परीलोक में गाज के एक ता पाथ सहों नहीं डोले चे, सवाई उई हर्यर पंक्तिक प्रेोग शालक लग,
- 5:35–5:40जते क्रित्रम एर तूब सहवाद देल जाए चे, इक ता सुन्दर मुदब बिना सास कच्ट्र चे,
- 5:40–5:44इज़े विकासक लेल हर्याली गमा देल जाएचे.
- 5:44–5:47आब कता क सब से रोचक हिस्सापर अबईच्छी.
- 5:47–5:52चलत गाच सब जदे इजी विग्यानक भीट विद्रोह सहो होईचे.
- 5:52–5:56इटेराव के अचानक से हर्यर पंक्तिक प्रयोग शाला से,
- 5:56–6:03अगराव के अचानक से हरीर पंक्तिक प्रयोग शाला से भीही लिक्ता अनूपेक्षिक्त विग्यानिक खोज्द्वाराचुनाउती बेटाइच्टेई.
- 6:03–6:09इचलगद गाछ वास्तव में अनुवन्शिक रूप से परिवर्तित वनस्पती जीवन च्याए
- 6:09–6:12जी परी लोकक शोद प्रयोग शाला में बनाल गेल चल.
- 6:12–6:15एही गाछ सब में चलबाक शमता विकसित बागेल,
- 6:15–6:19आई सब भागी कव औई सुन्सान उत्री रेगिस्टान में चलेगेल.
- 6:19–6:22इक याठ्खाख के पून रूप से रहस्स्यमए जादू से हताख,
- 6:22–6:25विग्यान कठाख कदरातल पर थाडक दिच्चे.
- 6:25–6:29आब देखु रानिक आदेश पर आस्ठा अकिचु जानवर सब के
- 6:29–6:34एक ता विशेश तीम के रेगिस्तान का पार बहुत तीवर गती से दोडे परेथ चे
- 6:34–6:37इगती हजार किलो मिटर परती गंता के चे
- 6:37–6:44कि एक ताकी इगाज सब आस्तक सपना से प्रकडभेल हलिकोप्तर के इंजन आ इंदनक नकल नहीं कर लिये
- 6:44–6:47तित्ली गाज के गत्विदी के निंद्रित करबाक प्रैस करत्
- 6:47–6:51अद्रागन्प्लाई नजर राकत्ट जे उकर गुन आन ठाम नहीं पसारे
- 6:51–6:53ये एक दम रेस अगे नजाएं चाएं चें
- 6:53–6:56मुदा एक ता विनाशकारी कच्राए एक सामना करबाक बडला में
- 6:56–6:59तीम के एक ता बहुत पैग आश्चर यक सामना करे पारे चे.
- 6:59–7:04उसब देखाइट चतिन, जे ओही चलाइत गाच सब वास्टव में
- 7:04–7:07रानिक ओही जहरीला कच्रावाला डंप के भीचो भीच एक ता
- 7:07–7:09हरीर जीवन्त गाची लगाची लगादे लाने ची.
- 7:09–7:16इता कमाल बगेल. उहलिकोप्तरक उप्योग रह्ठ्यारक रूप में नहीं, बलकी उडानक रूप में करहल चधिन.
- 7:16–7:22आब हम सब एही विष्लेशनक अन्तिम आज सब से रूमान्चिक हिस्सा में पहुची गेल ची.
- 7:22–7:27एक्ता एहन निष्कर्श जे बहुत राज सवाल ताड करेच्छ
- 7:27–7:31यी रहस्योद गातन कता के पूरन रूप से बडली दिच्छ
- 7:31–7:35यी उही बागी गाच सब के कुनो राख्षस के रूप मे नहीं
- 7:35–7:43बलकी पर्यावरन के खीक करेवला रक्षक के रूप मे प्रस्तुथ करएच ज़े एक ता बंजर भूमी के अपन गर बनाई रहल चतिन.
- 7:43–7:53तना उही समय अपन चरम पहुच जाएच्छो जगन दूनु चलत गाज के राजा अपन नव निरमित हर्यर चेत्र में आस्था से आमने सामने बेट करे अविच्छतिन.
- 7:53–7:58इकोनो यूद कर तयारी नहीं चै, बलकी एक ता बहुत पेग वैचारिक सामना चै.
- 7:58–8:06इविश्लेशन उते समाप्त होगत चे जते कता एक ता बहुत ही उतेजक प्रशन पर कतम होगत चे, कि रानी के नश्ट कर दिल जाए?
- 8:06–8:14इप्रशन इई सोचबाक लेल मजबूर कर देट चे, जे कि अनतता विग्यान आप बर्या वरन्च्छिज़़ल ए नवव शकती,
- 8:14–8:18इक ता ब्रष्ट आ नाउकर शाही राश्टन्त्र के उखाडे फेखत,
- 8:18–8:23इक एक ता एहन सवाल अच्छी जिन निष्चित रूप से हम्रा सब की दिमाक में गुजेत रहत,
- 8:23–8:28की विग्यान आ प्रक्रितिक एमेल पुरान वेवस्था के बद्ली पावत सोचकर देखूए।
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अच्छा ता अव, गजें़र ताकृर के एक ता बहुती गजब का कथा, खोडरक भीतर परी लोग पर गहीर सच्च्चा करे ची. इविष्लेषन कोनो सादारन कथा क नहीं चे, बलकी एते प्राछीं जादू आ एक दम आदूनिक नावकर शाहिक भीच एक ता अजब गजब तालमिल दिखाओल गिल चे. इम आत्र एक ता बाल कता नहीं चे, बलकी एक टाहन दून्याक सेर चे, जते लोग कता और विग्यान कता क सीमा सव आपस में मिले जाए चे. इग कता बहुती शान्द अपारमपर इक रूप से शुरू होए चे. एक ता दादी आपन पोता औम के दस सालक एक ता निदर बच्चा आस था कता सूनार हो लख चतिन. आस था चानन गाज के गनंगर गाची में आम भी चले ल गेल चे. इद्रिश्य एक दम गामक उई पारमपरे क परिवेशक मोन पाली देच्चे, जदे दादी नानी कता सबक जादूई दुन्या शुरूइ चे मुदा, हम सब आगो देखव, जे यी कताख कते खड़े जल्दी अपन दिशा बडल लेए चे आब कताख उही हिस्सा दिस बड़े ची, जदे मित्ख अ विग्यानक अस्सली संगम होए चे जेना जेना आस्ताक यात्रा आगु बड़ी चे इबहान होगत चे जे इदून्या केवल जादूई च़़ी से नहीं बलके विग्यान, प्रयोग, अट्तकनी की नियम से चलेई चे. ये दून्यो दून्याक भीच एक ता गजबक तक्राव चे, गाँक पारमपरिक शान्त लोक कला, औही आमुरत जामितिय ये आपार्ठक भीच अंतर के देखु जे आस्ताक भात जोही रहल चे, एक दिस गामक परिच्छत तून्या चे, दूसर दिस एक ता नव, तार्किक अ कर्या कवा सब के एक्ता अक्रामक जुंद सबजबा के लेल एक्ता विशाल गाज के तनाक भीटर बनल गहीर अश्णत कोडर में खसी जाईत छे. अकर खसा बहुती समोहक छे. इकुन न सादारन खसब नहीं चे. जे ते पेट में खलभली मचाए तचे. ये ते गुर्ट्वा कर्शन का पुन अबहाव चे, महसु सुईत चे जिना शरीर रूया से हो भेसी हलुक बगगेल है. ये ही अजीब अनहार शून्निता में, नत कोनो उपर चे अनकोनो नीचा, अता असमे से हो ये टे एक विचित्र रूप सचले चे, जेना लागे चे जेना बिना कोनो जटका के कते को गंटा भी दिगाल होए. सच में इक ता एहन यात्रा चे, जेना अंतरिखष में कोनो यात्री तैर रहल होए. अन्तता इए अन्तहीन भुजाएत ख़सत अब एक तवुज़्ार चम्चमाइत जगगपर बहुत कुमलतसर उगचे. इते कोनो चोट नहिलागे चे. और एही तरह से अदिकारिक रूप से एक तब बहुती गेर पारंपर एक परे लोक के देहरी पार बजाए चे. इक तो उज्जर आस्मान वाला दूनिया चे एक दम कोनो अस्पताल के उज्जर कम्राजेका. इते जादू प्रनाली एक दम अदवतिये चे. महत्वपों बात इचे जे आस्था सुत्या सब पहले जे की चु सपना मे देखाएचे. जे आस्ता सुत्या सब पहले जे की चु सपना में देखाएच्छे. जना हलीकोप्टर, लब का उपकरन आस्त्र शस्त्र अनबाक सपना उसब एते वास्त्विक्ता में बदलीच्छे. उगर सपनाक उसब आदूनिक वस्तू आब उही परी लोक के स्वबद कक्ष में मोझुद चे. इक तक गजब का विचार चे जे फांतेसिक परमतरा के पून रूप सब पतल लेई चे, जटे मानव तकनीक अविग्यान ही वास्तव में एही दून्या का जादू चे. आबे देकख बहुत दिल्च्छष्प्रता, जे इदूनिया कुना एक ता अप्रत्याशित प्रशासनिक भुल्बुलयया में बडली जैच्छे, एंद्रदनुश्षी नोकर शाही. इपरी लो कुनु राजा रानिक सादारन दर्बार नहीं, बलकी एक ता उच्छ स्टर ये प्रशासनिंग मुख्याले चै. इमुख्याले 60 तगूमाव्दार, साब जका पंक्तिक रूप मे बहुत सु विवस्तित अची, जे आद्दनुशक रंग सब के अदार पर बनाल गेल चै. हर रंग एक ता विषिच्ट नाकर शाही उदेश्छे के पूरा करे चै. जेना बेंगनी रंग में वेग्यानिक रहे च्छतिन, गेरा नीला रंग में सेनाग विभाग च्छतिन, नीला रंग में बच्च्छत सब के स्कूल, हर्या रंग में गाचबरी च्छत्शोद, प्यर्का में वस्तु सब कर अस्पताल, नारंगी में प्रयोख्षाला अ गेरा लाल राँ में एधेग निवासी सब के बास च्याए. इए एक दम से कोनो अदूनिक समाथ सिटी कक जोनिंग जका लागे च्याए. एह परी लोकक व्यवस्ता बहुत कडीर च्ये. यह ते बाहर जेवाक लेल कोरनिया अप्विंगर प्रिंट यहनी आखी अथेवनाक निशानक बायो मेट्रिक स्कनिग जरूरी चे. सोचु नागरिक सबखनाम नहीं बलकी नमबर होगचे जन न यूनिकोन 99995745. बेगनी लब द्वारा हर गत्विदिए पर पुरन निग्रानी राखल जाएच्छे. इआबहुत पूर्व ट्राकिंग विवस्थाचे ताकी दून्याक भीच कोनो मिलावद नाई बहुऽ सके. इपरी लोग से बेसी कोनो आदूनिक सर्विलान स्टेट ना लागच्छे मुदा एही चमक दमक पाचा एक तपएग समस्या चे आब रानी कच्रा दंप और परस्तितिक संकत पर नजरी देचे एही पूरन रूप समविवस्तित समाजक नीचा नीचा एक ता बहुत गमहीर अवास्तविक दुन्याक रूप चूपल चे, जे एक ता बहारी पर्यावरन संकत पर केंद्रिच चे. आद्द्दनुशी मुख्याले एक दम साव सुत्रा अथ्यदिक निंद्रित अजीवन्त रंग्वाला चे. मुद्दा, उकर तीक विप्रीत, उत्तरी रेगिस्तान एक दम सुन्सान, जहरीला, अग कच्रा सब ररल चे. आई रेगिस्तान कुनो प्राक्रूते कारन्सा नहीं बनल चे. इता ए लेल बनल, केक ता एतक रानी आदेश दिलनी, जि सब्ता कच्रा उते फेकल जाए आ उक्रा एक तविशाल दिवालक पाच्चा नुका दिल जाए. इपर्यावरन औरोभे से विछलित करेवेला तक्ञन लागे चेई, जक्ञन इपता चले चेई जे एते प्रक्रितिक हवाक नामो निशान नहीं चेई. परीलोक में गाज के एक ता पाथ सहों नहीं डोले चे, सवाई उई हर्यर पंक्तिक प्रेोग शालक लग, जते क्रित्रम एर तूब सहवाद देल जाए चे, इक ता सुन्दर मुदब बिना सास कच्ट्र चे, इज़े विकासक लेल हर्याली गमा देल जाएचे. आब कता क सब से रोचक हिस्सापर अबईच्छी. चलत गाच सब जदे इजी विग्यानक भीट विद्रोह सहो होईचे. इटेराव के अचानक से हर्यर पंक्तिक प्रयोग शाला से, अगराव के अचानक से हरीर पंक्तिक प्रयोग शाला से भीही लिक्ता अनूपेक्षिक्त विग्यानिक खोज्द्वाराचुनाउती बेटाइच्टेई. इचलगद गाछ वास्तव में अनुवन्शिक रूप से परिवर्तित वनस्पती जीवन च्याए जी परी लोकक शोद प्रयोग शाला में बनाल गेल चल. एही गाछ सब में चलबाक शमता विकसित बागेल, आई सब भागी कव औई सुन्सान उत्री रेगिस्टान में चलेगेल. इक याठ्खाख के पून रूप से रहस्स्यमए जादू से हताख, विग्यान कठाख कदरातल पर थाडक दिच्चे. आब देखु रानिक आदेश पर आस्ठा अकिचु जानवर सब के एक ता विशेश तीम के रेगिस्तान का पार बहुत तीवर गती से दोडे परेथ चे इगती हजार किलो मिटर परती गंता के चे कि एक ताकी इगाज सब आस्तक सपना से प्रकडभेल हलिकोप्तर के इंजन आ इंदनक नकल नहीं कर लिये तित्ली गाज के गत्विदी के निंद्रित करबाक प्रैस करत् अद्रागन्प्लाई नजर राकत्ट जे उकर गुन आन ठाम नहीं पसारे ये एक दम रेस अगे नजाएं चाएं चें मुदा एक ता विनाशकारी कच्राए एक सामना करबाक बडला में तीम के एक ता बहुत पैग आश्चर यक सामना करे पारे चे. उसब देखाइट चतिन, जे ओही चलाइत गाच सब वास्टव में रानिक ओही जहरीला कच्रावाला डंप के भीचो भीच एक ता हरीर जीवन्त गाची लगाची लगादे लाने ची. इता कमाल बगेल. उहलिकोप्तरक उप्योग रह्ठ्यारक रूप में नहीं, बलकी उडानक रूप में करहल चधिन. आब हम सब एही विष्लेशनक अन्तिम आज सब से रूमान्चिक हिस्सा में पहुची गेल ची. एक्ता एहन निष्कर्श जे बहुत राज सवाल ताड करेच्छ यी रहस्योद गातन कता के पूरन रूप से बडली दिच्छ यी उही बागी गाच सब के कुनो राख्षस के रूप मे नहीं बलकी पर्यावरन के खीक करेवला रक्षक के रूप मे प्रस्तुथ करएच ज़े एक ता बंजर भूमी के अपन गर बनाई रहल चतिन. तना उही समय अपन चरम पहुच जाएच्छो जगन दूनु चलत गाज के राजा अपन नव निरमित हर्यर चेत्र में आस्था से आमने सामने बेट करे अविच्छतिन. इकोनो यूद कर तयारी नहीं चै, बलकी एक ता बहुत पेग वैचारिक सामना चै. इविश्लेशन उते समाप्त होगत चे जते कता एक ता बहुत ही उतेजक प्रशन पर कतम होगत चे, कि रानी के नश्ट कर दिल जाए? इप्रशन इई सोचबाक लेल मजबूर कर देट चे, जे कि अनतता विग्यान आप बर्या वरन्च्छिज़़ल ए नवव शकती, इक ता ब्रष्ट आ नाउकर शाही राश्टन्त्र के उखाडे फेखत, इक एक ता एहन सवाल अच्छी जिन निष्चित रूप से हम्रा सब की दिमाक में गुजेत रहत, की विग्यान आ प्रक्रितिक एमेल पुरान वेवस्था के बद्ली पावत सोचकर देखूए।