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Bal_Geet_Ghazal_Album_Complete.mp4
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- 0:19–0:30बेसी चुटी का मिस्कुर्ड आब थी दूर,
- 0:30–0:53बेसी चुटी का मिस्कुर्ड आसाजाबी,
- 0:53–0:57कर पात सो गर बनाभी, बेन्तक चफ्डी बनाभी गोडा,
- 0:57–1:06जुते लो कहे चे उकाती, जुते लो कहे चे उकाती,
- 1:06–1:09देखे दिया पूता कबूल,
- 1:09–11:55बेसी चुटी का मिस्कूड, तरा चलू गूमाभी, बेन्ता कचच़ि हम की एब आभी, बेन्ता कचच़ि हम की एब आभी, बना भी बती कर्चीस, कर्ची कल मसली किखु, कर्ची कल मसली किखु, कर्ची कल मसली किखु, बेसी चुटी का मिस्कूड, चित्र लिखि, बेसी चु
- 11:55–13:09एक तार
- 15:12–15:17वैह पुना, पुना हा खटित, वैह हमर पुना हा खटित
- 15:17–15:22रार हमर, भीजे अकर, भीजे हमर, भीजे अकर
- 15:22–15:29राह लेले हु पाट्खुना, भीजे लेले हु पाट्खुना
- 15:29–15:34स्मिर्ती साम पुना पुना लो, नहेले हु पाट्खुनो
- 15:34–15:38पाट्कोनो स्पिर्ती साम पुना पुना नो
- 15:38–15:42नहेल हु पाट्कोनो स्पिर्ती साम पुना पुना
- 15:42–15:47स्पिर्ती साम पुना पुना
- 15:47–16:04सबख योग यावत नहीं
- 16:04–16:09खोईत गय सिंभी लन
- 16:09–16:15राउदक तिव्रता में मरहीत
- 16:15–16:17साजग राउद शीतल
- 16:17–16:20चाह रह सईये
- 16:20–16:22हो ये पैग़
- 16:22–24:56कर जोरी कर ये प्रणाम
- 24:56–24:58चाह बहाए
- 24:58–25:00खेच फी जिन कर
- 25:00–25:02वस्तिद वहाँ
- 25:02–25:04वहाँ वहाँ
- 25:04–25:06वहाँ वहाँ
- 25:06–25:08वहाँ वहाँ
- 25:08–28:33वहाँ वहाँ
- 28:33–28:37खेचत्छदिझन कर, हस्त्रेख में
- 28:37–28:42केचत्छदिझन कर, हस्त्रेख में
- 28:42–28:46आच्छी परिष्मस, बधभ लिखल
- 28:46–28:49बधभ लिखल
- 28:49–28:58के च्थिजन का ललाथ माद्या
- 28:58–29:08परिश्म गाता रहाएच ससक
- 29:08–29:18जे च्थिसूस्त तक्रे चम कईता
- 29:18–29:23अचिहा थक्रेखा बूजु सखा
- 29:23–29:28जिनका गाम नहीं कह सनी
- 29:28–29:34चनी ललाडद चम कइत नहीं भेजा
- 29:34–29:59अचिछ तक्रेचम कईताउ
- 29:59–30:04जे चच तिछ तक्रेचम कईत
- 30:04–30:09तश्या तखरेखा बूजु सखा
- 30:09–30:14जिन कादाम नहीं कहसनी
- 30:14–30:19नहीं कहसनी
- 30:19–30:28नहीं कहस्म कटन
- 30:28–30:39तू सखा नहीं कहसनी
- 30:39–34:04जाए तख उपर हम चही
- 34:04–34:06बदद ज्पून है
- 34:06–34:10किंच ननी जानी की एसे जल
- 34:10–34:19वो नक जरी मेराखल
- 34:19–34:24सतत कार्यक क्रम भेटल
- 34:25–34:28बर्वत सी कर सोजा
- 34:28–34:31अबएत फीया उगमा वती
- 34:32–34:36बल खटल जे कर पार दुखक सागर करएत
- 34:36–34:40कर बात सिथ दि सोजा चती जे क्यो विकल
- 34:40–34:44वोथ लाईत प्यासल अरन
- 34:44–34:46निपत में हम बे कल
- 34:46–34:54मों नक ज़ी मेराखल सतत कार्यक क्रम भेटल
- 35:00–35:07पंक्ती बतश्पून है किंच ननी जानी की एसे जल
- 35:09–35:14हात्त दै तीर आनी दै करोट तकंतत
- 35:14–35:19मनसिक अनहारक मद्या विच्रन ही सतत
- 35:19–35:25प्रकासक ओते कहे उपति तामही तखन
- 35:25–35:31विपतिक पडल क्यो आब ननी होएत अबल
- 35:31–35:37कर वाक अची लोक कल ल्यानक मन वचन कर मही
- 35:37–35:42ननी अची आपन अभी मान चोडव अदह पद्धी
- 35:42–35:51अभी मानी ही हम हुची ननी तपुसी एक अभी मान ले
- 35:51–35:55बवाजी देखाओवाजी नहीं आरुनन वन नहीं सिंग
- 35:55–36:06लिरानी जिब सबाक रानी लगाओन द्यान भिख्राओन गित पानी
- 36:06–36:24खिलिरानी जिब सबाक्रानी
- 36:24–36:28लगाँ न द्यान भिख्राँ न गित पानी
- 36:28–36:36पूरे भईया बाजी के बाजी
- 36:36–36:38सब के उदेखी
- 36:38–36:41नचे चे काजी
- 36:41–36:45पूरा एक आईपे रिसून
- 36:45–36:47लाजस अभेल
- 36:47–36:49पूरे विछ बाजी
- 36:49–36:51पूरे विछ बाजी
- 36:51–36:53पूरे विछ बाजी
- 36:53–40:52अगरा एक फेल सुन्झाजस अभेल तीडित वन जन
- 40:52–40:56एलेखशन करायल मिली सब क्यो
- 40:56–41:01संख्या वानरत हरीन मिला कै
- 41:01–41:06चल वेशी से राजा भेल भानर जो
- 41:06–41:15इंग राज के तामस आयल नहीं
- 41:15–41:21वानार राजा कहलन ही बद्मासी आची सिंखग कही निकली गेल चंगल भीचही
- 41:22–41:28गाचक दारी पकड छिपी दरी खूभ माचे लक्दूँ
- 41:29–41:36माचे लक्दूँ, मम से वीखब है, सिंग राज खऐ लक्द, बच्चा अग्ट,
- 41:36–41:43माचे लग दूम
- 41:43–41:54मम से वीखभैसिंग राज खआे लक
- 41:54–41:59बच्चा सभब्ता मरिग राजक चूनी
- 41:59–42:04जखन सूनाओल जाए वन राजके
- 42:04–42:10फेर बैह दूम औफेर माचाओल
- 42:10–42:17मरिग राज कहल और उब एही हर कमपस की हो यात
- 42:17–42:25जीवित हो एत की हमर सन्तान कहल और उब हाए
- 42:25–42:30हमर महनती में अच्की कम जोरी
- 42:30–42:34करल प्रयास हम भरी सक मुदान
- 42:34–42:39बुजु हम रो मजबोरी
- 42:39–43:48अशदिक भूटी पाक ए यधेश्था
- 43:48–43:54आभ्भ्या ब्यक योग रख्चा
- 43:54–44:02इश्चेड कार्यक क्रमक
- 44:03–44:07पराभव हो ए सब शत्रू सबख
- 44:16–44:21प्रिद्धि भूथिक हो ए नाश शत्रू तवक
- 44:28–44:32त्रक उदै हो ए भरी जगत
Plain text
बेसी चुटी का मिस्कुर्ड आब थी दूर, बेसी चुटी का मिस्कुर्ड आसाजाबी, कर पात सो गर बनाभी, बेन्तक चफ्डी बनाभी गोडा, जुते लो कहे चे उकाती, जुते लो कहे चे उकाती, देखे दिया पूता कबूल, बेसी चुटी का मिस्कूड, तरा चलू गूमाभी, बेन्ता कचच़ि हम की एब आभी, बेन्ता कचच़ि हम की एब आभी, बना भी बती कर्चीस, कर्ची कल मसली किखु, कर्ची कल मसली किखु, कर्ची कल मसली किखु, बेसी चुटी का मिस्कूड, चित्र लिखि, बेसी चु एक तार वैह पुना, पुना हा खटित, वैह हमर पुना हा खटित रार हमर, भीजे अकर, भीजे हमर, भीजे अकर राह लेले हु पाट्खुना, भीजे लेले हु पाट्खुना स्मिर्ती साम पुना पुना लो, नहेले हु पाट्खुनो पाट्कोनो स्पिर्ती साम पुना पुना नो नहेल हु पाट्कोनो स्पिर्ती साम पुना पुना स्पिर्ती साम पुना पुना सबख योग यावत नहीं खोईत गय सिंभी लन राउदक तिव्रता में मरहीत साजग राउद शीतल चाह रह सईये हो ये पैग़ कर जोरी कर ये प्रणाम चाह बहाए खेच फी जिन कर वस्तिद वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ खेचत्छदिझन कर, हस्त्रेख में केचत्छदिझन कर, हस्त्रेख में आच्छी परिष्मस, बधभ लिखल बधभ लिखल के च्थिजन का ललाथ माद्या परिश्म गाता रहाएच ससक जे च्थिसूस्त तक्रे चम कईता अचिहा थक्रेखा बूजु सखा जिनका गाम नहीं कह सनी चनी ललाडद चम कइत नहीं भेजा अचिछ तक्रेचम कईताउ जे चच तिछ तक्रेचम कईत तश्या तखरेखा बूजु सखा जिन कादाम नहीं कहसनी नहीं कहसनी नहीं कहस्म कटन तू सखा नहीं कहसनी जाए तख उपर हम चही बदद ज्पून है किंच ननी जानी की एसे जल वो नक जरी मेराखल सतत कार्यक क्रम भेटल बर्वत सी कर सोजा अबएत फीया उगमा वती बल खटल जे कर पार दुखक सागर करएत कर बात सिथ दि सोजा चती जे क्यो विकल वोथ लाईत प्यासल अरन निपत में हम बे कल मों नक ज़ी मेराखल सतत कार्यक क्रम भेटल पंक्ती बतश्पून है किंच ननी जानी की एसे जल हात्त दै तीर आनी दै करोट तकंतत मनसिक अनहारक मद्या विच्रन ही सतत प्रकासक ओते कहे उपति तामही तखन विपतिक पडल क्यो आब ननी होएत अबल कर वाक अची लोक कल ल्यानक मन वचन कर मही ननी अची आपन अभी मान चोडव अदह पद्धी अभी मानी ही हम हुची ननी तपुसी एक अभी मान ले बवाजी देखाओवाजी नहीं आरुनन वन नहीं सिंग लिरानी जिब सबाक रानी लगाओन द्यान भिख्राओन गित पानी खिलिरानी जिब सबाक्रानी लगाँ न द्यान भिख्राँ न गित पानी पूरे भईया बाजी के बाजी सब के उदेखी नचे चे काजी पूरा एक आईपे रिसून लाजस अभेल पूरे विछ बाजी पूरे विछ बाजी पूरे विछ बाजी अगरा एक फेल सुन्झाजस अभेल तीडित वन जन एलेखशन करायल मिली सब क्यो संख्या वानरत हरीन मिला कै चल वेशी से राजा भेल भानर जो इंग राज के तामस आयल नहीं वानार राजा कहलन ही बद्मासी आची सिंखग कही निकली गेल चंगल भीचही गाचक दारी पकड छिपी दरी खूभ माचे लक्दूँ माचे लक्दूँ, मम से वीखब है, सिंग राज खऐ लक्द, बच्चा अग्ट, माचे लग दूम मम से वीखभैसिंग राज खआे लक बच्चा सभब्ता मरिग राजक चूनी जखन सूनाओल जाए वन राजके फेर बैह दूम औफेर माचाओल मरिग राज कहल और उब एही हर कमपस की हो यात जीवित हो एत की हमर सन्तान कहल और उब हाए हमर महनती में अच्की कम जोरी करल प्रयास हम भरी सक मुदान बुजु हम रो मजबोरी अशदिक भूटी पाक ए यधेश्था आभ्भ्या ब्यक योग रख्चा इश्चेड कार्यक क्रमक पराभव हो ए सब शत्रू सबख प्रिद्धि भूथिक हो ए नाश शत्रू तवक त्रक उदै हो ए भरी जगत