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Bal_Geet_Ghazal_Album_Complete.mp4

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Collection
Part 5 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 5
Status
asr-draft
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No
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not-reviewed
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small
Detected language
hi (0.46588)
Duration
48:38
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  1. 0:19–0:30बेसी चुटी का मिस्कुर्ड आब थी दूर,
  2. 0:30–0:53बेसी चुटी का मिस्कुर्ड आसाजाबी,
  3. 0:53–0:57कर पात सो गर बनाभी, बेन्तक चफ्डी बनाभी गोडा,
  4. 0:57–1:06जुते लो कहे चे उकाती, जुते लो कहे चे उकाती,
  5. 1:06–1:09देखे दिया पूता कबूल,
  6. 1:09–11:55बेसी चुटी का मिस्कूड, तरा चलू गूमाभी, बेन्ता कचच़ि हम की एब आभी, बेन्ता कचच़ि हम की एब आभी, बना भी बती कर्चीस, कर्ची कल मसली किखु, कर्ची कल मसली किखु, कर्ची कल मसली किखु, बेसी चुटी का मिस्कूड, चित्र लिखि, बेसी चु
  7. 11:55–13:09एक तार
  8. 15:12–15:17वैह पुना, पुना हा खटित, वैह हमर पुना हा खटित
  9. 15:17–15:22रार हमर, भीजे अकर, भीजे हमर, भीजे अकर
  10. 15:22–15:29राह लेले हु पाट्खुना, भीजे लेले हु पाट्खुना
  11. 15:29–15:34स्मिर्ती साम पुना पुना लो, नहेले हु पाट्खुनो
  12. 15:34–15:38पाट्कोनो स्पिर्ती साम पुना पुना नो
  13. 15:38–15:42नहेल हु पाट्कोनो स्पिर्ती साम पुना पुना
  14. 15:42–15:47स्पिर्ती साम पुना पुना
  15. 15:47–16:04सबख योग यावत नहीं
  16. 16:04–16:09खोईत गय सिंभी लन
  17. 16:09–16:15राउदक तिव्रता में मरहीत
  18. 16:15–16:17साजग राउद शीतल
  19. 16:17–16:20चाह रह सईये
  20. 16:20–16:22हो ये पैग़
  21. 16:22–24:56कर जोरी कर ये प्रणाम
  22. 24:56–24:58चाह बहाए
  23. 24:58–25:00खेच फी जिन कर
  24. 25:00–25:02वस्तिद वहाँ
  25. 25:02–25:04वहाँ वहाँ
  26. 25:04–25:06वहाँ वहाँ
  27. 25:06–25:08वहाँ वहाँ
  28. 25:08–28:33वहाँ वहाँ
  29. 28:33–28:37खेचत्छदिझन कर, हस्त्रेख में
  30. 28:37–28:42केचत्छदिझन कर, हस्त्रेख में
  31. 28:42–28:46आच्छी परिष्मस, बधभ लिखल
  32. 28:46–28:49बधभ लिखल
  33. 28:49–28:58के च्थिजन का ललाथ माद्या
  34. 28:58–29:08परिश्म गाता रहाएच ससक
  35. 29:08–29:18जे च्थिसूस्त तक्रे चम कईता
  36. 29:18–29:23अचिहा थक्रेखा बूजु सखा
  37. 29:23–29:28जिनका गाम नहीं कह सनी
  38. 29:28–29:34चनी ललाडद चम कइत नहीं भेजा
  39. 29:34–29:59अचिछ तक्रेचम कईताउ
  40. 29:59–30:04जे चच तिछ तक्रेचम कईत
  41. 30:04–30:09तश्या तखरेखा बूजु सखा
  42. 30:09–30:14जिन कादाम नहीं कहसनी
  43. 30:14–30:19नहीं कहसनी
  44. 30:19–30:28नहीं कहस्म कटन
  45. 30:28–30:39तू सखा नहीं कहसनी
  46. 30:39–34:04जाए तख उपर हम चही
  47. 34:04–34:06बदद ज्पून है
  48. 34:06–34:10किंच ननी जानी की एसे जल
  49. 34:10–34:19वो नक जरी मेराखल
  50. 34:19–34:24सतत कार्यक क्रम भेटल
  51. 34:25–34:28बर्वत सी कर सोजा
  52. 34:28–34:31अबएत फीया उगमा वती
  53. 34:32–34:36बल खटल जे कर पार दुखक सागर करएत
  54. 34:36–34:40कर बात सिथ दि सोजा चती जे क्यो विकल
  55. 34:40–34:44वोथ लाईत प्यासल अरन
  56. 34:44–34:46निपत में हम बे कल
  57. 34:46–34:54मों नक ज़ी मेराखल सतत कार्यक क्रम भेटल
  58. 35:00–35:07पंक्ती बतश्पून है किंच ननी जानी की एसे जल
  59. 35:09–35:14हात्त दै तीर आनी दै करोट तकंतत
  60. 35:14–35:19मनसिक अनहारक मद्या विच्रन ही सतत
  61. 35:19–35:25प्रकासक ओते कहे उपति तामही तखन
  62. 35:25–35:31विपतिक पडल क्यो आब ननी होएत अबल
  63. 35:31–35:37कर वाक अची लोक कल ल्यानक मन वचन कर मही
  64. 35:37–35:42ननी अची आपन अभी मान चोडव अदह पद्धी
  65. 35:42–35:51अभी मानी ही हम हुची ननी तपुसी एक अभी मान ले
  66. 35:51–35:55बवाजी देखाओवाजी नहीं आरुनन वन नहीं सिंग
  67. 35:55–36:06लिरानी जिब सबाक रानी लगाओन द्यान भिख्राओन गित पानी
  68. 36:06–36:24खिलिरानी जिब सबाक्रानी
  69. 36:24–36:28लगाँ न द्यान भिख्राँ न गित पानी
  70. 36:28–36:36पूरे भईया बाजी के बाजी
  71. 36:36–36:38सब के उदेखी
  72. 36:38–36:41नचे चे काजी
  73. 36:41–36:45पूरा एक आईपे रिसून
  74. 36:45–36:47लाजस अभेल
  75. 36:47–36:49पूरे विछ बाजी
  76. 36:49–36:51पूरे विछ बाजी
  77. 36:51–36:53पूरे विछ बाजी
  78. 36:53–40:52अगरा एक फेल सुन्झाजस अभेल तीडित वन जन
  79. 40:52–40:56एलेखशन करायल मिली सब क्यो
  80. 40:56–41:01संख्या वानरत हरीन मिला कै
  81. 41:01–41:06चल वेशी से राजा भेल भानर जो
  82. 41:06–41:15इंग राज के तामस आयल नहीं
  83. 41:15–41:21वानार राजा कहलन ही बद्मासी आची सिंखग कही निकली गेल चंगल भीचही
  84. 41:22–41:28गाचक दारी पकड छिपी दरी खूभ माचे लक्दूँ
  85. 41:29–41:36माचे लक्दूँ, मम से वीखब है, सिंग राज खऐ लक्द, बच्चा अग्ट,
  86. 41:36–41:43माचे लग दूम
  87. 41:43–41:54मम से वीखभैसिंग राज खआे लक
  88. 41:54–41:59बच्चा सभब्ता मरिग राजक चूनी
  89. 41:59–42:04जखन सूनाओल जाए वन राजके
  90. 42:04–42:10फेर बैह दूम औफेर माचाओल
  91. 42:10–42:17मरिग राज कहल और उब एही हर कमपस की हो यात
  92. 42:17–42:25जीवित हो एत की हमर सन्तान कहल और उब हाए
  93. 42:25–42:30हमर महनती में अच्की कम जोरी
  94. 42:30–42:34करल प्रयास हम भरी सक मुदान
  95. 42:34–42:39बुजु हम रो मजबोरी
  96. 42:39–43:48अशदिक भूटी पाक ए यधेश्था
  97. 43:48–43:54आभ्भ्या ब्यक योग रख्चा
  98. 43:54–44:02इश्चेड कार्यक क्रमक
  99. 44:03–44:07पराभव हो ए सब शत्रू सबख
  100. 44:16–44:21प्रिद्धि भूथिक हो ए नाश शत्रू तवक
  101. 44:28–44:32त्रक उदै हो ए भरी जगत

Plain text

बेसी चुटी का मिस्कुर्ड आब थी दूर, बेसी चुटी का मिस्कुर्ड आसाजाबी, कर पात सो गर बनाभी, बेन्तक चफ्डी बनाभी गोडा, जुते लो कहे चे उकाती, जुते लो कहे चे उकाती, देखे दिया पूता कबूल, बेसी चुटी का मिस्कूड, तरा चलू गूमाभी, बेन्ता कचच़ि हम की एब आभी, बेन्ता कचच़ि हम की एब आभी, बना भी बती कर्चीस, कर्ची कल मसली किखु, कर्ची कल मसली किखु, कर्ची कल मसली किखु, बेसी चुटी का मिस्कूड, चित्र लिखि, बेसी चु एक तार वैह पुना, पुना हा खटित, वैह हमर पुना हा खटित रार हमर, भीजे अकर, भीजे हमर, भीजे अकर राह लेले हु पाट्खुना, भीजे लेले हु पाट्खुना स्मिर्ती साम पुना पुना लो, नहेले हु पाट्खुनो पाट्कोनो स्पिर्ती साम पुना पुना नो नहेल हु पाट्कोनो स्पिर्ती साम पुना पुना स्पिर्ती साम पुना पुना सबख योग यावत नहीं खोईत गय सिंभी लन राउदक तिव्रता में मरहीत साजग राउद शीतल चाह रह सईये हो ये पैग़ कर जोरी कर ये प्रणाम चाह बहाए खेच फी जिन कर वस्तिद वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ खेचत्छदिझन कर, हस्त्रेख में केचत्छदिझन कर, हस्त्रेख में आच्छी परिष्मस, बधभ लिखल बधभ लिखल के च्थिजन का ललाथ माद्या परिश्म गाता रहाएच ससक जे च्थिसूस्त तक्रे चम कईता अचिहा थक्रेखा बूजु सखा जिनका गाम नहीं कह सनी चनी ललाडद चम कइत नहीं भेजा अचिछ तक्रेचम कईताउ जे चच तिछ तक्रेचम कईत तश्या तखरेखा बूजु सखा जिन कादाम नहीं कहसनी नहीं कहसनी नहीं कहस्म कटन तू सखा नहीं कहसनी जाए तख उपर हम चही बदद ज्पून है किंच ननी जानी की एसे जल वो नक जरी मेराखल सतत कार्यक क्रम भेटल बर्वत सी कर सोजा अबएत फीया उगमा वती बल खटल जे कर पार दुखक सागर करएत कर बात सिथ दि सोजा चती जे क्यो विकल वोथ लाईत प्यासल अरन निपत में हम बे कल मों नक ज़ी मेराखल सतत कार्यक क्रम भेटल पंक्ती बतश्पून है किंच ननी जानी की एसे जल हात्त दै तीर आनी दै करोट तकंतत मनसिक अनहारक मद्या विच्रन ही सतत प्रकासक ओते कहे उपति तामही तखन विपतिक पडल क्यो आब ननी होएत अबल कर वाक अची लोक कल ल्यानक मन वचन कर मही ननी अची आपन अभी मान चोडव अदह पद्धी अभी मानी ही हम हुची ननी तपुसी एक अभी मान ले बवाजी देखाओवाजी नहीं आरुनन वन नहीं सिंग लिरानी जिब सबाक रानी लगाओन द्यान भिख्राओन गित पानी खिलिरानी जिब सबाक्रानी लगाँ न द्यान भिख्राँ न गित पानी पूरे भईया बाजी के बाजी सब के उदेखी नचे चे काजी पूरा एक आईपे रिसून लाजस अभेल पूरे विछ बाजी पूरे विछ बाजी पूरे विछ बाजी अगरा एक फेल सुन्झाजस अभेल तीडित वन जन एलेखशन करायल मिली सब क्यो संख्या वानरत हरीन मिला कै चल वेशी से राजा भेल भानर जो इंग राज के तामस आयल नहीं वानार राजा कहलन ही बद्मासी आची सिंखग कही निकली गेल चंगल भीचही गाचक दारी पकड छिपी दरी खूभ माचे लक्दूँ माचे लक्दूँ, मम से वीखब है, सिंग राज खऐ लक्द, बच्चा अग्ट, माचे लग दूम मम से वीखभैसिंग राज खआे लक बच्चा सभब्ता मरिग राजक चूनी जखन सूनाओल जाए वन राजके फेर बैह दूम औफेर माचाओल मरिग राज कहल और उब एही हर कमपस की हो यात जीवित हो एत की हमर सन्तान कहल और उब हाए हमर महनती में अच्की कम जोरी करल प्रयास हम भरी सक मुदान बुजु हम रो मजबोरी अशदिक भूटी पाक ए यधेश्था आभ्भ्या ब्यक योग रख्चा इश्चेड कार्यक क्रमक पराभव हो ए सब शत्रू सबख प्रिद्धि भूथिक हो ए नाश शत्रू तवक त्रक उदै हो ए भरी जगत

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