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MattavilasPrahasanam Sarvam.mp3
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- 0:00–0:02ताइटल आनन्द में मत्करेबला प्रहसन
- 0:03–0:05ताइटल आनन्द में मत्करेबला प्रहसन
- 0:06–0:07श्रव्य नाटक रुपान्तरन
- 0:08–0:08फोर मेथ
- 0:09–0:11तीटीआस भाई मानव स्वर कलाकार
- 0:11–0:12मेटा
- 0:12–0:16पल्लव नरेश्वी महेंद्रविक्रम वर्मा प्रत्फम केर मुल संस्क्रित
- 0:16–0:19मत्तविलास प्रहस्नम केर मेठ्फिली अनुवाद
- 0:19–0:20गजेंद्र ताकुर
- 0:20–0:22वोईस अन्धस्कोल डाएद
- 0:22–0:28सुत्रदार, स्तिर, रंवन्चीय, मद्वम गती, प्रस्तावना साण्चा
- 0:28–0:35अभिनेत्री तेज रोष्व्प्त फिर्प्रसन पहले कताख्ष्पूर्न बादने सहीवगी
- 0:35–0:43कापालिग भाय सक्तिसों मत उर्जावान दाशनिक हास्या स्वर में दग्मगाहत लंबाश लोक साफ
- 0:43–1:13देव सुमा चंचल प्रेम्पूर्न व्यवावारिक मद्ध्यम गती हास्ट्पंक्तिने हल्का विराम, भिख्षुभाय नाखसें, चालाक, आत्मरक्षी, हास्ट्पूर्न, सन्षेया, सफाई में स्वर बद्लू, बभ्ब्रुकल्प गंभीर पाषुपट सादू, दिमा मद्
- 1:13–1:20अद्र दिनाग बाद प्रश्वेज बाद प्रश्वेच तुछदार अगा अपन दोसर पतनी दूरे तमसाल पहल पतनी के प्रसन करबाक एक ता नीक उपाई भेटल
- 1:20–1:25अपन दोसर पतनी दूरे तमसाल पहल पतनी के प्रसन करबाक एक ता नीक उपाई भेटल
- 1:25–1:29बड दिनक बाद राज दर्बार सा नाटक प्रस्तुत करबाक आदेश आयलोएच
- 1:29–1:31चलू उक्रास पुछेची
- 1:31–1:43सुत्रदार आहा आपन दोसर पतनी दूरे तमसाल पहल पतनी के प्रसन करबाक एक ता नीक उपाई भेटल, बड दिनक बाद राज दर्बार सा नाटक प्रस्तुत करबाक आदेश आयलएएच. चलु उक्रास पुछेची.
- 1:43–1:47सुत्रदार आप उब पहल पतनी जेद.
- 1:47–2:17अपने बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ �
- 2:17–2:27सुत्रदार, हा, बात्त से हैच। अबिनेत्री, तक्ञ्खन कोनो जवान अबिनेत्री के लव, आवजे इमून लगा ककरबो करता अख्रामून लगते।
- 2:27–2:43सुत्रदार, हम तई यहींक सुजा करभ, अबहिनेत्री उ दोसर की आहा के इसिखा कपतेनेच, सुत्रदार, चोडू उगप, दूनू गोते राज दरभार जाएप तकुभभे राज किय सम्मान बेटत, अबहिनेत्री से बडखा बडखा गप चोडप्त अहीं सहायत.
- 2:43–2:50सुत्रदार, हयत, मुदा आहा आपन अबिने सदर्षक सब के असीम अनन्दक सागर में दुमा देब,
- 2:50–2:57अक्तिंग अबिने त्रषन्न भा, अबिने त्री माने आदनिय महराज सब अनमती भेट गेल.
- 2:57–3:05अबिनेत्री तक्ञन एहन शुब समाचार देबाक बदला में हमाहाके की पूरसकार दिया.
- 3:05–3:09सुथ्रदार आहाक प्रसनते हमर पूरसकार भेल आर की चाही.
- 3:09–3:14अबिनेत्री तक्ञन कोन नाटक प्रस्त॥ करबाक विचार एच.
- 3:14–3:29सुत्रदार, आही तक लग, आन्द में मत्त करे एब लाप्रहसन, अक्तिंग, अभिनेत्री, स्वगत, अभिनेत्री, जे किच हम कहे ची, से उकर मोन समिल जाएचे, ता हमर तमसे नाइस से हो उकर स्वाबाविक लगेच है.
- 3:29–3:59अब आप अद़वाँ बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बा�
- 3:59–4:05अबिने त्री तकनार देई की एक, हम्रा सब के एही अद्बुत नाटक के तुरते प्रस्तृत करबाक चाही.
- 4:05–4:10सुत्रदार क्षमा करब, हमर परमपरा आएच, जे आपन पिताम अगक महीमाक स्तृती के लाग बादे अबिने प्राम्ब होईतेएच.
- 4:10–4:13अद्बूत नाटक के तुरत्ते प्रस्तृत करबाक चाही
- 4:14–4:17सुत्रदार क्शमा करब हमर परमपरा आएच
- 4:18–4:22जे आपन पितामहक महीमाक स्तृती केलाग बादे अभीने प्राम्ब होई तैएच
- 4:23–4:25सुफ्वेक्स पर्दा पाच्फासा आवाज
- 4:26–4:27नरेटर नेपत्ध्य से
- 4:27–4:30नेपत्ठ रहे प्रिये देव सुमा
- 4:30–4:36सुत्रदार लगे तएच की कपाल पात्र लगक गूमवाय। कापालिक माती गे लएच
- 4:36–4:43सुत्रदार आ अबहीनेतरी प्रस्थान करेच्छती
- 4:43–4:47लगाश्टाग, लगाश्टाग, प्रस्थाणाक समाप्ती
- 4:47–4:51आश्टाग, आश्टाग, आश्टाग, मुख्यनाटाख
- 4:51–4:53सेझे प्च्स, हल्का पद्चाब
- 4:53–4:58नरेटर, युवा कापालिक सक्तिसोम आपन संगी मीक संग प्रवेष करेच छाति
- 4:58–5:01आक्टिं, कापालिक, मत्वस्ताने
- 5:01–5:03कापालिक, हे देव सोमा
- 5:03–5:08इसत्या एच जे कोनो मनुश्य आपन तपवबल से कोनो रुप दारन का सकेताएच
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ताइटल आनन्द में मत्करेबला प्रहसन ताइटल आनन्द में मत्करेबला प्रहसन श्रव्य नाटक रुपान्तरन फोर मेथ तीटीआस भाई मानव स्वर कलाकार मेटा पल्लव नरेश्वी महेंद्रविक्रम वर्मा प्रत्फम केर मुल संस्क्रित मत्तविलास प्रहस्नम केर मेठ्फिली अनुवाद गजेंद्र ताकुर वोईस अन्धस्कोल डाएद सुत्रदार, स्तिर, रंवन्चीय, मद्वम गती, प्रस्तावना साण्चा अभिनेत्री तेज रोष्व्प्त फिर्प्रसन पहले कताख्ष्पूर्न बादने सहीवगी कापालिग भाय सक्तिसों मत उर्जावान दाशनिक हास्या स्वर में दग्मगाहत लंबाश लोक साफ देव सुमा चंचल प्रेम्पूर्न व्यवावारिक मद्ध्यम गती हास्ट्पंक्तिने हल्का विराम, भिख्षुभाय नाखसें, चालाक, आत्मरक्षी, हास्ट्पूर्न, सन्षेया, सफाई में स्वर बद्लू, बभ्ब्रुकल्प गंभीर पाषुपट सादू, दिमा मद् अद्र दिनाग बाद प्रश्वेज बाद प्रश्वेच तुछदार अगा अपन दोसर पतनी दूरे तमसाल पहल पतनी के प्रसन करबाक एक ता नीक उपाई भेटल अपन दोसर पतनी दूरे तमसाल पहल पतनी के प्रसन करबाक एक ता नीक उपाई भेटल बड दिनक बाद राज दर्बार सा नाटक प्रस्तुत करबाक आदेश आयलोएच चलू उक्रास पुछेची सुत्रदार आहा आपन दोसर पतनी दूरे तमसाल पहल पतनी के प्रसन करबाक एक ता नीक उपाई भेटल, बड दिनक बाद राज दर्बार सा नाटक प्रस्तुत करबाक आदेश आयलएएच. चलु उक्रास पुछेची. सुत्रदार आप उब पहल पतनी जेद. अपने बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ बज़ाँ � सुत्रदार, हा, बात्त से हैच। अबिनेत्री, तक्ञ्खन कोनो जवान अबिनेत्री के लव, आवजे इमून लगा ककरबो करता अख्रामून लगते। सुत्रदार, हम तई यहींक सुजा करभ, अबहिनेत्री उ दोसर की आहा के इसिखा कपतेनेच, सुत्रदार, चोडू उगप, दूनू गोते राज दरभार जाएप तकुभभे राज किय सम्मान बेटत, अबहिनेत्री से बडखा बडखा गप चोडप्त अहीं सहायत. सुत्रदार, हयत, मुदा आहा आपन अबिने सदर्षक सब के असीम अनन्दक सागर में दुमा देब, अक्तिंग अबिने त्रषन्न भा, अबिने त्री माने आदनिय महराज सब अनमती भेट गेल. अबिनेत्री तक्ञन एहन शुब समाचार देबाक बदला में हमाहाके की पूरसकार दिया. सुथ्रदार आहाक प्रसनते हमर पूरसकार भेल आर की चाही. अबिनेत्री तक्ञन कोन नाटक प्रस्त॥ करबाक विचार एच. सुत्रदार, आही तक लग, आन्द में मत्त करे एब लाप्रहसन, अक्तिंग, अभिनेत्री, स्वगत, अभिनेत्री, जे किच हम कहे ची, से उकर मोन समिल जाएचे, ता हमर तमसे नाइस से हो उकर स्वाबाविक लगेच है. अब आप अद़वाँ बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बाज़ा बा� अबिने त्री तकनार देई की एक, हम्रा सब के एही अद्बुत नाटक के तुरते प्रस्तृत करबाक चाही. सुत्रदार क्षमा करब, हमर परमपरा आएच, जे आपन पिताम अगक महीमाक स्तृती के लाग बादे अबिने प्राम्ब होईतेएच. अद्बूत नाटक के तुरत्ते प्रस्तृत करबाक चाही सुत्रदार क्शमा करब हमर परमपरा आएच जे आपन पितामहक महीमाक स्तृती केलाग बादे अभीने प्राम्ब होई तैएच सुफ्वेक्स पर्दा पाच्फासा आवाज नरेटर नेपत्ध्य से नेपत्ठ रहे प्रिये देव सुमा सुत्रदार लगे तएच की कपाल पात्र लगक गूमवाय। कापालिक माती गे लएच सुत्रदार आ अबहीनेतरी प्रस्थान करेच्छती लगाश्टाग, लगाश्टाग, प्रस्थाणाक समाप्ती आश्टाग, आश्टाग, आश्टाग, मुख्यनाटाख सेझे प्च्स, हल्का पद्चाब नरेटर, युवा कापालिक सक्तिसोम आपन संगी मीक संग प्रवेष करेच छाति आक्टिं, कापालिक, मत्वस्ताने कापालिक, हे देव सोमा इसत्या एच जे कोनो मनुश्य आपन तपवबल से कोनो रुप दारन का सकेताएच