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निरर्थकताको_यात्रा.mp4

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Part 6 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 6
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  1. 0:00–0:04पोतिक मर्म पनी बनीने आजजको ये साहितिक भिस्ले सण्द मा शवागत साहित्या,
  2. 0:04–0:07आजजको चर्चा मा हमी नियम हरो तोडने,
  3. 0:07–0:13उतर आदूनिक नाटक को योटा बिल्क्कूले फरक रो अनोथो संसार मा प्रवेस कर देश।
  4. 0:13–0:15परमपरागत कत्था बाचन मंदा,
  5. 0:15–0:20इग्दमे उल्टो सेली मा लेकिये का नाटक हरो को यात्रा साथ सेने रोमाच्ठ कोने आलाचा
  6. 0:20–0:21लदा सुरुगरों
  7. 0:22–0:28आजग को यो तुलनात्मक यात्रमा हामी भिस्वो व्याती पस्टिमिली कलास्टिक नाटक हरो बाता सुरुगर देषों
  8. 0:28–0:34तेस पच्वाजी नाटक हूड़ न्द्यमा योटा गजजब को मैठिली मास्ट्रपीस को विस्त्रित विस्लेशन मापुगने चाूं
  9. 0:34–0:39पहलो खन्द उत्तर अदूनिक नाटक को परीचाय जाहा सबै नियम होरु तोडिझचन
  10. 0:39–0:48उत्रादूनिक रंगम वंच्ले हम्रा परम्परागत अपेक्ष्या रूलै कसरी पुना रुप मा बद्काश्व भने कुरा बाटा आजजको चर्चा अगाडि बडाव।
  11. 0:48–1:18ಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈ
  12. 1:18–1:48अब लागँ दोस्श्रो खण्डदद्र्फ़, बिस्सो ब्यापी भाव प्रदान निरद्धख नाददग, जस्ले इस्को जग्बचाले, बिस्सो ब्यापी रुप मानेता प्राप्ता इपस्च्च्टिमेली क्लासिख हरूले कसरी यो निरद्धख रंगमंच को आदार कहड
  13. 1:48–2:18अद्रन उन्न्नेशे बावन्न मा फ्रन्सेली बाशा मा लेक्खिये को क्लासिक नाटक, बेकेट को खुरा नगर यो चर्चा अदरो हूंचा. यो नाटक को कता सच्छिके अनाउत हो सा. अच्ट्रागन रा व्लादिमिर जच्ता पात्र हरू योटा रूक को फेद्मा अनन्त �
  14. 2:18–2:20योटे कुरा दोबरे ये रहन्चन
  15. 2:20–2:24अनी अरको तीर, हेरोल्ट पिंटर को उन्नाइसे अंठाून नको अंगरेजी नाटक
  16. 2:24–2:26दो बर्ठ्रे पाटी चा
  17. 2:26–2:29येस मा योटा येस्टो मान्चे को लागी पाटी आएजना गरीन चा
  18. 2:29–2:31जस्ले बारम बार बनी रहन्चा की
  19. 2:31–3:01यह वट्टार बिहिन्ता को बिसे बस्तुलाय कोती कुसलता पूर्ट्ट्ट्ट्गरे का चान मनेकुरा यह बाता प्रस्त हुन सो तेस्रो खन्ध यह वम इंद्रजीत बंगाली विद्रू हा यह विश्षो यापी मान्नेता हरू लाई भारत्या संदर्बामा कसरी डालियो बन
  20. 3:01–3:31यह गजजब ले प्रएगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगग�
  21. 3:31–4:01జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ
  22. 4:01–4:05यो नाटक लाई चारोटा कल्लोल अधात अंकहर मा बिवाजन गर ये कोचा
  23. 4:05–4:09पहलो कल्लोल मा म्रित आत्मा हरु दोकामा बहला बहरा पर खिले काशन
  24. 4:09–4:39तश्रो मा योटा राजनितिगया को आगमन लूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ�
  25. 4:39–4:45उदा यवडा बीमा यजन प्रितबेक्तिः रूग बीज आपनो लागी नया बजार खुज देईचा
  26. 4:46–4:52यवडा चोर चे आपूलगे सादारन प्रिक्त मार संग यवडे श्रनी मा राख्ये कमा रीषाएर आगो बाएग वोगगगगगगगगगगगगग
  27. 4:52–4:58प्रित्दिवेखो पएशा म्रित्द्द्य। पच्षि यह बिल्कुले काम लाग्देन भनने ता चवट्द पनी बहुतिक बानियार।
  28. 4:58–5:02उस्तेचन मानव सबहाको निरत्दाक्ताला यो बन्दा राम्डो ब्यंगेर।
  29. 5:02–5:32ಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈ
  30. 5:32–5:46आप आबिक रुप में योडा भ्याईपी लाईन बनाई रवास्चन, कस्तो सतिक तिप नी, पाचजवूर अन्तिम खंड, निरव्द्धाक्ता का मुख्य तत्तोब आब येस मैठिली प्याँज़ा क्याज़ा बिसे बस्तो रवाईबे लाई कोचा.
  31. 5:46–6:16परम्परागत पवरानिक पात्रहरू रहा आदूनिक पात्रहरू भीज्को भिज्को भिन्नाता यहा चरलंग देखिन से एका तिर यम्राज राज रा चित्र गुप्त जस्ता सक्तिषाली रा सरवग याता माने नित्यो पच्छिक नियाए दिस रूँँँँँँँँँँ�
  32. 6:16–6:21अनी च्वत्टो अंका मा आँजच, सबई बंद, महत्टपुन रव अचम्म को मोड.
  33. 6:21–6:24चित्र गुप्तर यमराज ले येवटा तूल रहस्य खोल्चन.
  34. 6:24–6:29उने रू भन्चन स्वरगर नरकगो डोका किबल दिमाक येवटा ब्रम हो.
  35. 6:29–6:32खलना को लागी तेहा कुने बहुतिक तालाने चाहिना,
  36. 6:32–6:37सुन्नुबता नो आन्ट्री को बोड रब बन्द डोका पुर्नत या मनसिक सम्रचना रहुन,
  37. 6:37–6:40रब बहुतिक साचोरू यहा पुल रुप मा अर्थहिन्सन,
  38. 6:40–6:45यो यो यो यो यो ता ये स्थ बुजा यो ज़सले समप्प्रन कथा को अर्ठा लाईने उल्टाई दिन सा.
  39. 6:45–6:49नाटका अन्तेम हा स्यास्पत गटना अर्च्ट जनी रमाए लाचन.
  40. 6:49–6:54त्यो राजनित्तिक गलाई फेरी जीवित बनाई रा प्रिठिभी में फरकाईं चा किना था चा?
  41. 6:54–7:24నార్నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
  42. 7:24–7:27अन्ते माँ योड़ निके गविरो प्रष्ना उबजींचा
  43. 7:27–7:30यडि तिट ताला पुरन तया दिमाग माँमात्र चा
  44. 7:30–7:32रब होतिक रुप माख्लना सकी नेना वने
  45. 7:32–7:35सच्चे भित्र कोसरी प्रभेस करना सकी ये लाता
  46. 7:35–7:37उट्टर आदोनिक बहवप्रदान नाथक को
  47. 7:37–7:48तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो �

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पोतिक मर्म पनी बनीने आजजको ये साहितिक भिस्ले सण्द मा शवागत साहित्या, आजजको चर्चा मा हमी नियम हरो तोडने, उतर आदूनिक नाटक को योटा बिल्क्कूले फरक रो अनोथो संसार मा प्रवेस कर देश। परमपरागत कत्था बाचन मंदा, इग्दमे उल्टो सेली मा लेकिये का नाटक हरो को यात्रा साथ सेने रोमाच्ठ कोने आलाचा लदा सुरुगरों आजग को यो तुलनात्मक यात्रमा हामी भिस्वो व्याती पस्टिमिली कलास्टिक नाटक हरो बाता सुरुगर देषों तेस पच्वाजी नाटक हूड़ न्द्यमा योटा गजजब को मैठिली मास्ट्रपीस को विस्त्रित विस्लेशन मापुगने चाूं पहलो खन्द उत्तर अदूनिक नाटक को परीचाय जाहा सबै नियम होरु तोडिझचन उत्रादूनिक रंगम वंच्ले हम्रा परम्परागत अपेक्ष्या रूलै कसरी पुना रुप मा बद्काश्व भने कुरा बाटा आजजको चर्चा अगाडि बडाव। ಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈ अब लागँ दोस्श्रो खण्डदद्र्फ़, बिस्सो ब्यापी भाव प्रदान निरद्धख नाददग, जस्ले इस्को जग्बचाले, बिस्सो ब्यापी रुप मानेता प्राप्ता इपस्च्च्टिमेली क्लासिख हरूले कसरी यो निरद्धख रंगमंच को आदार कहड अद्रन उन्न्नेशे बावन्न मा फ्रन्सेली बाशा मा लेक्खिये को क्लासिक नाटक, बेकेट को खुरा नगर यो चर्चा अदरो हूंचा. यो नाटक को कता सच्छिके अनाउत हो सा. अच्ट्रागन रा व्लादिमिर जच्ता पात्र हरू योटा रूक को फेद्मा अनन्त � योटे कुरा दोबरे ये रहन्चन अनी अरको तीर, हेरोल्ट पिंटर को उन्नाइसे अंठाून नको अंगरेजी नाटक दो बर्ठ्रे पाटी चा येस मा योटा येस्टो मान्चे को लागी पाटी आएजना गरीन चा जस्ले बारम बार बनी रहन्चा की यह वट्टार बिहिन्ता को बिसे बस्तुलाय कोती कुसलता पूर्ट्ट्ट्ट्गरे का चान मनेकुरा यह बाता प्रस्त हुन सो तेस्रो खन्ध यह वम इंद्रजीत बंगाली विद्रू हा यह विश्षो यापी मान्नेता हरू लाई भारत्या संदर्बामा कसरी डालियो बन यह गजजब ले प्रएगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगग� జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ यो नाटक लाई चारोटा कल्लोल अधात अंकहर मा बिवाजन गर ये कोचा पहलो कल्लोल मा म्रित आत्मा हरु दोकामा बहला बहरा पर खिले काशन तश्रो मा योटा राजनितिगया को आगमन लूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ� उदा यवडा बीमा यजन प्रितबेक्तिः रूग बीज आपनो लागी नया बजार खुज देईचा यवडा चोर चे आपूलगे सादारन प्रिक्त मार संग यवडे श्रनी मा राख्ये कमा रीषाएर आगो बाएग वोगगगगगगगगगगगगग प्रित्दिवेखो पएशा म्रित्द्द्य। पच्षि यह बिल्कुले काम लाग्देन भनने ता चवट्द पनी बहुतिक बानियार। उस्तेचन मानव सबहाको निरत्दाक्ताला यो बन्दा राम्डो ब्यंगेर। ಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈ आप आबिक रुप में योडा भ्याईपी लाईन बनाई रवास्चन, कस्तो सतिक तिप नी, पाचजवूर अन्तिम खंड, निरव्द्धाक्ता का मुख्य तत्तोब आब येस मैठिली प्याँज़ा क्याज़ा बिसे बस्तो रवाईबे लाई कोचा. परम्परागत पवरानिक पात्रहरू रहा आदूनिक पात्रहरू भीज्को भिज्को भिन्नाता यहा चरलंग देखिन से एका तिर यम्राज राज रा चित्र गुप्त जस्ता सक्तिषाली रा सरवग याता माने नित्यो पच्छिक नियाए दिस रूँँँँँँँँँँ� अनी च्वत्टो अंका मा आँजच, सबई बंद, महत्टपुन रव अचम्म को मोड. चित्र गुप्तर यमराज ले येवटा तूल रहस्य खोल्चन. उने रू भन्चन स्वरगर नरकगो डोका किबल दिमाक येवटा ब्रम हो. खलना को लागी तेहा कुने बहुतिक तालाने चाहिना, सुन्नुबता नो आन्ट्री को बोड रब बन्द डोका पुर्नत या मनसिक सम्रचना रहुन, रब बहुतिक साचोरू यहा पुल रुप मा अर्थहिन्सन, यो यो यो यो यो ता ये स्थ बुजा यो ज़सले समप्प्रन कथा को अर्ठा लाईने उल्टाई दिन सा. नाटका अन्तेम हा स्यास्पत गटना अर्च्ट जनी रमाए लाचन. त्यो राजनित्तिक गलाई फेरी जीवित बनाई रा प्रिठिभी में फरकाईं चा किना था चा? నార్నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన अन्ते माँ योड़ निके गविरो प्रष्ना उबजींचा यडि तिट ताला पुरन तया दिमाग माँमात्र चा रब होतिक रुप माख्लना सकी नेना वने सच्चे भित्र कोसरी प्रभेस करना सकी ये लाता उट्टर आदोनिक बहवप्रदान नाथक को तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो �

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