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મૈથિલી-અંગ્રેજી_થિસોરસ.mp4
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- 0:00–0:02आजना सेशन मा आपनु स्वागच्चे
- 0:02–0:06आजने आपने एक एवा प्रोजेक विषे वाथ करवाजेरे आची जे करे कर अदबूट चे
- 0:07–0:11गजेंद्र ताकृर द्वारा तेयार करायल मैइथिली अंग्रेजी थिसोरस
- 0:12–0:14आमातल कोई समाने शब्दकोष नती हों
- 0:14–0:24आतो मैठिली भाशानी गजबनी उन्डान ले उजागर करतो एक महागरन्त जे एक अक अक ती संसक्रूतीना दबकारने शब्दो मा साचवानो भगीरत प्रैयास करे चे.
- 0:24–0:54आजना आप्टा एजन्दा मा आपने जोईशु आप रोजेक्नु विशाड कद, शब्दोनी रोमान्चक रचना, खेती आने जमीन साथे जोडाईला शब्दो, स्वाद आने ख़ुराकनो शब्द्कोष आने चल ले सान्स्क्रुतिक वार्सानी जालमनी. तो चालो फता फत �
- 0:54–0:57तेमाती आ अद्बूत अपन सूर्स प्रोजेकनो जन्मत हैो जे.
- 0:57–0:59जरा आ आगगडा पर नजर्तो करो.
- 0:59–1:02एक लाक पिस्साली सजार एक सो चुमालिस.
- 1:02–1:05आ आ उठिसोरस मा रहे ला कल शब्दोनी आ संक्या चे.
- 1:05–1:08कलपना करो, एक ज भाशाना शब्दबन्वडने
- 1:08–1:38तो अगर वडिये बाग बेटरव दियाने अनेटोमी अप आप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अ�
- 1:38–1:41अगर द़जद़ सब दिनी साची उड़क चे
- 1:41–1:44अगर अगर दजद़ सब दिनी साची उड़क चे
- 1:44–1:48अब बाशानी सम्रुद दिनी साची उडख चे
- 1:48–1:51अने आई सुव्ति अगट तेनी वात एक,
- 1:51–1:54के दरेक अंट्री के तब जिन्ववड भरी मही ती आपे चे
- 1:54–1:58दरेक शबद माडे तेना समानार्ती, विरुद्दार्ती, अंगरे जी आर्द
- 1:58–2:02अने तेनो सान्स्क्रूतिक संदर्ब बहुज वेवस्तित रीते समजावा मावे अजे.
- 2:02–2:06आमात्र कोई दिक्षनरी नहीं आईक आको सान्स्क्रूतिक कोश च्याए.
- 2:06–2:11चालो, मात्र प्रत्ह मक्षर आनी व्यक्या तबासिये.
- 2:11–2:17अनो उप्योग अबाव अथ्वा विरोदाबास दर्षावा माते तो ठाएज ज़े जेम के अबोध.
- 2:17–2:23पन मजानी वात एचे के खृराक लग्योंने लगती शब्दावली मा पन अक्षर नो खुबज उप्योग ठाएचे.
- 2:23–2:27बाशाने रोजिन्दु जीवन नहीं जाने एक मेंग मा भड़ी जाएचे.
- 2:27–2:30आगरन नो मुद्दोचे, जमीन साते जोडायला शब्दो.
- 2:30–2:35मेठिली बाशा पर, केती अने ग्रामीन जीवन नो कित्लो जबर्दस्त प्रभाउ चे,
- 2:35–2:37ते आवे आपने जोईशू.
- 2:37–2:41आँ समाज पोतानी जमीन साते एटलो तो उन्डान फी जोडा लो चे,
- 2:41–2:45के रोजिन्दा वप्राषना सादनो माटे पन तेमनी पासे दगलो शब्डोचे.
- 2:45–2:49मात्र अंकुर शब्दनीज आईंई कितली बदी विविद्ता औचे.
- 2:49–2:51खेडू तोना रोजिन्दा जिवन्नी आजिन्ववत
- 2:51–2:54साचेज आश्चर यप वमाडे तेवी चे.
- 2:54–2:55जर आशर्खामनी जु,
- 2:55–2:58अंगरे जी माजेने आपने मात्रे एक सामान्ने
- 2:58–3:00हुक्त आयंटूल कहने पूरू करी देए,
- 3:00–3:03तेना माते मेठिली मा केतला चवकष शब्दो चे
- 3:03–3:06कोलसो हलावा मातेनु अंकुड,
- 3:06–3:07दाम देवा मातेनु अंकुड
- 3:07–3:10अने तादीना वास्टनो उचक्वा मातेनु अंकुड
- 3:10–3:13कांबदलाए, एटले शब्दबन बदलाए जाए
- 3:13–3:14जरा विचारो,
- 3:14–3:17कोई भाशा भीज पुटवानी बराभर एजख्षन
- 3:17–3:20अने ते पचीनी खेडूतनी प्रतिक्रियाने
- 3:20–3:22केवरिते शब्दो मा उतारी सके?
- 3:22–3:24उदाहरन तरीके आशब्द जो.
- 3:24–3:26अंकृ आल अनवरत छे
- 3:26–3:28शेरदीना पाक मा अंकृ फुटिया पची
- 3:28–3:31कर्वामा आउती पहली जिन्दा मनी प्रक्रीया
- 3:31–3:34आखी खेती नी प्रक्रीया मात्र एक शब्दमा
- 3:34–3:37आख खेती विषे अक शब्दो तो जो
- 3:37–3:39पत्धर्वाडी माटी एटले अंगरा
- 3:39–3:42तो माटी उपारनार मजुर माटे आईप
- 3:42–3:45पान न चोड नी हरोड वच्चेनी खाएने अंटर केवाएचे
- 3:45–3:50ने पशो ना चारा माटे काप्वा मावता शिरदीना लीला बागने अंगेर
- 3:50–3:55आब बदा शब़्ो ज़ने आपनी सामे गाम्डानो जीवन्त चित्रो उबू करी देचे
- 3:55–4:01खेतिनी वाथ ठाई, तो हवे स्वादनी वाथ पन करीज लए, चोतो मुद्दो चे स्वादनो शब्दकोश.
- 4:01–4:05खौराक आ बाशाने की विड़े ते समथू करे चे ते करे कर जोगमषे.
- 4:05–4:09रान्दवानी अलग �alag rito अने सामगरियो माते,
- 4:09–4:12मेतिली बाशा मा जाने शब्दों कहजानो चुपायलो चे
- 4:13–4:15वताना थी लैने चोकह सुदी
- 4:15–4:17कोराकनी दरे कवस्ता माते
- 4:17–4:19नहीं अत्यांत चोकश शब्दो चे
- 4:19–4:21आव विविद्ता करेकर कमाल चे
- 4:21–4:24नाना वताना माते अंकरिया मेटर
- 4:24–4:26पालिश्वगरना चोखा माते अंक्रा चावूर
- 4:26–4:28अने अठाना माते अंचार
- 4:28–4:31पन सोथी गजबनो शब्दतो चे अंचरग
- 4:31–4:36इटलेके चुलानी आज बराभर नहो वात ही बगडी गयलो खौराक
- 4:36–4:39विचारो आटली नानी वात माते पन इक सपेष्छल शब्द चब्ट है
- 4:39–4:49अने वात मातर क्यावापुर्ती सिमित नती, आशव्द जो अ अच्छाएब इतले के जमया पाची, मोदूः अथव कोई महमान नहात पर पानी रेडी ने तेमने मोदूवामा मदत करवी.
- 4:49–4:55आशब्द, मेठिली संस्क्रूती मारहे ला आतीते सत्कार अने मिधाशनी साक्षी पूरेषे.
- 4:55–5:00हवे आपना चिल्ला मुद्दा पर आवीए, संस्क्रूतिक वार्सानी जाडावनी.
- 5:00–5:05आब दू जोया पची एतो स्पष्ट चे, क्या मातरे एक सब्दोकोष बilkul नती?
- 5:05–5:10येक लाक पिस्ताली स हजार थी वदू सब्डो भेगा करवा एक उई समान न काम नती.
- 5:11–5:20आई का एक अखी जिवन्त मानव संस्क्रूती ने, पेडियों ना गनान ने, अने पर्यावरन साथेना तेमन अतुट सबंद ने, कायम माते साचवानो एक अधबूत प्रयास चे.
- 5:20–5:32अनते ज़र विचारवाजे वो प्रषना एचे के ज़रे आवा अत्यंत चोकस अने स्थानिक शब्डो बुलाई जाएचे, त्यारे अपने कितलो मोतो संसक्रूतिक इतिहास काए माते गूमावी देएचे.
- 5:32–5:37आपनो वार्सो बचावामा आवा प्रोजेकनो मुल्लिए करे कर अमुल्लिए चे
- 5:37–5:39आना पर चोक्कस विचार कर जो
Plain text
आजना सेशन मा आपनु स्वागच्चे आजने आपने एक एवा प्रोजेक विषे वाथ करवाजेरे आची जे करे कर अदबूट चे गजेंद्र ताकृर द्वारा तेयार करायल मैइथिली अंग्रेजी थिसोरस आमातल कोई समाने शब्दकोष नती हों आतो मैठिली भाशानी गजबनी उन्डान ले उजागर करतो एक महागरन्त जे एक अक अक ती संसक्रूतीना दबकारने शब्दो मा साचवानो भगीरत प्रैयास करे चे. आजना आप्टा एजन्दा मा आपने जोईशु आप रोजेक्नु विशाड कद, शब्दोनी रोमान्चक रचना, खेती आने जमीन साथे जोडाईला शब्दो, स्वाद आने ख़ुराकनो शब्द्कोष आने चल ले सान्स्क्रुतिक वार्सानी जालमनी. तो चालो फता फत � तेमाती आ अद्बूत अपन सूर्स प्रोजेकनो जन्मत हैो जे. जरा आ आगगडा पर नजर्तो करो. एक लाक पिस्साली सजार एक सो चुमालिस. आ आ उठिसोरस मा रहे ला कल शब्दोनी आ संक्या चे. कलपना करो, एक ज भाशाना शब्दबन्वडने तो अगर वडिये बाग बेटरव दियाने अनेटोमी अप आप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अप अ� अगर द़जद़ सब दिनी साची उड़क चे अगर अगर दजद़ सब दिनी साची उड़क चे अब बाशानी सम्रुद दिनी साची उडख चे अने आई सुव्ति अगट तेनी वात एक, के दरेक अंट्री के तब जिन्ववड भरी मही ती आपे चे दरेक शबद माडे तेना समानार्ती, विरुद्दार्ती, अंगरे जी आर्द अने तेनो सान्स्क्रूतिक संदर्ब बहुज वेवस्तित रीते समजावा मावे अजे. आमात्र कोई दिक्षनरी नहीं आईक आको सान्स्क्रूतिक कोश च्याए. चालो, मात्र प्रत्ह मक्षर आनी व्यक्या तबासिये. अनो उप्योग अबाव अथ्वा विरोदाबास दर्षावा माते तो ठाएज ज़े जेम के अबोध. पन मजानी वात एचे के खृराक लग्योंने लगती शब्दावली मा पन अक्षर नो खुबज उप्योग ठाएचे. बाशाने रोजिन्दु जीवन नहीं जाने एक मेंग मा भड़ी जाएचे. आगरन नो मुद्दोचे, जमीन साते जोडायला शब्दो. मेठिली बाशा पर, केती अने ग्रामीन जीवन नो कित्लो जबर्दस्त प्रभाउ चे, ते आवे आपने जोईशू. आँ समाज पोतानी जमीन साते एटलो तो उन्डान फी जोडा लो चे, के रोजिन्दा वप्राषना सादनो माटे पन तेमनी पासे दगलो शब्डोचे. मात्र अंकुर शब्दनीज आईंई कितली बदी विविद्ता औचे. खेडू तोना रोजिन्दा जिवन्नी आजिन्ववत साचेज आश्चर यप वमाडे तेवी चे. जर आशर्खामनी जु, अंगरे जी माजेने आपने मात्रे एक सामान्ने हुक्त आयंटूल कहने पूरू करी देए, तेना माते मेठिली मा केतला चवकष शब्दो चे कोलसो हलावा मातेनु अंकुड, दाम देवा मातेनु अंकुड अने तादीना वास्टनो उचक्वा मातेनु अंकुड कांबदलाए, एटले शब्दबन बदलाए जाए जरा विचारो, कोई भाशा भीज पुटवानी बराभर एजख्षन अने ते पचीनी खेडूतनी प्रतिक्रियाने केवरिते शब्दो मा उतारी सके? उदाहरन तरीके आशब्द जो. अंकृ आल अनवरत छे शेरदीना पाक मा अंकृ फुटिया पची कर्वामा आउती पहली जिन्दा मनी प्रक्रीया आखी खेती नी प्रक्रीया मात्र एक शब्दमा आख खेती विषे अक शब्दो तो जो पत्धर्वाडी माटी एटले अंगरा तो माटी उपारनार मजुर माटे आईप पान न चोड नी हरोड वच्चेनी खाएने अंटर केवाएचे ने पशो ना चारा माटे काप्वा मावता शिरदीना लीला बागने अंगेर आब बदा शब़्ो ज़ने आपनी सामे गाम्डानो जीवन्त चित्रो उबू करी देचे खेतिनी वाथ ठाई, तो हवे स्वादनी वाथ पन करीज लए, चोतो मुद्दो चे स्वादनो शब्दकोश. खौराक आ बाशाने की विड़े ते समथू करे चे ते करे कर जोगमषे. रान्दवानी अलग �alag rito अने सामगरियो माते, मेतिली बाशा मा जाने शब्दों कहजानो चुपायलो चे वताना थी लैने चोकह सुदी कोराकनी दरे कवस्ता माते नहीं अत्यांत चोकश शब्दो चे आव विविद्ता करेकर कमाल चे नाना वताना माते अंकरिया मेटर पालिश्वगरना चोखा माते अंक्रा चावूर अने अठाना माते अंचार पन सोथी गजबनो शब्दतो चे अंचरग इटलेके चुलानी आज बराभर नहो वात ही बगडी गयलो खौराक विचारो आटली नानी वात माते पन इक सपेष्छल शब्द चब्ट है अने वात मातर क्यावापुर्ती सिमित नती, आशव्द जो अ अच्छाएब इतले के जमया पाची, मोदूः अथव कोई महमान नहात पर पानी रेडी ने तेमने मोदूवामा मदत करवी. आशब्द, मेठिली संस्क्रूती मारहे ला आतीते सत्कार अने मिधाशनी साक्षी पूरेषे. हवे आपना चिल्ला मुद्दा पर आवीए, संस्क्रूतिक वार्सानी जाडावनी. आब दू जोया पची एतो स्पष्ट चे, क्या मातरे एक सब्दोकोष बilkul नती? येक लाक पिस्ताली स हजार थी वदू सब्डो भेगा करवा एक उई समान न काम नती. आई का एक अखी जिवन्त मानव संस्क्रूती ने, पेडियों ना गनान ने, अने पर्यावरन साथेना तेमन अतुट सबंद ने, कायम माते साचवानो एक अधबूत प्रयास चे. अनते ज़र विचारवाजे वो प्रषना एचे के ज़रे आवा अत्यंत चोकस अने स्थानिक शब्डो बुलाई जाएचे, त्यारे अपने कितलो मोतो संसक्रूतिक इतिहास काए माते गूमावी देएचे. आपनो वार्सो बचावामा आवा प्रोजेकनो मुल्लिए करे कर अमुल्लिए चे आना पर चोक्कस विचार कर जो