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विदेह_अँग्रेजी-मैथिली_शब्दकोष.mp4

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Part 7 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 7
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  1. 0:00–0:12नमस्कार, आएक एह प्रस्तुती में हम सब एक ता बहुत गमभीर मुदा उत्बे रोचक विषे पर चर्चा करब, कोनो शब्द कोश मात्र किचु शब्द के गिनल चुनल संग्रह नहीं होईत छे,
  2. 0:12–0:17इतकोनो भाशा आवकर पूरा मानवे तिहास के आतमाके सेज के रखचे जे.
  3. 0:17–0:22विदेह अंगरेजी मेठली शब्द कोश एह दिशामे कतिक पाइग मील पद्धर चे.
  4. 0:22–0:26आई कोना एक ता पूरा संस्क्रिति के दस्तावेजी क्रित करे चे,
  5. 0:26–0:30से आई हम सब बहुत सहज और उचक तरीका समवुजबाक प्रैस करव.
  6. 0:30–0:34ता औव बिना कोनो देरी के एह भीशै में गहराई सब रवेश करी.
  7. 0:35–0:40आई हम सब जे यात्रा करव से शुरू हे ते खोश निरमानेक प्राचीन कलास.
  8. 0:40–0:42उकर बाद मैठलिक दुन्या,
  9. 0:42–0:52एकर जत्ल भाशिक संगम, फिर विदे है शब्द कोश, आ अ अंत में हम सब साख्षात एह शब्द कोश पन्नाग भीतरक सुख्ष्म विवरन पर चर्चा करब.
  10. 0:52–0:55पहिल्खन्डची कोश निरमान अक्कला
  11. 0:55–0:59मनु का आदिकालक उई स्वाभाविक सुवक के विशे में
  12. 0:59–1:02जते सं शब्द के सहजबाक परमपरा सुबहेल
  13. 1:02–1:05इ एतिहास इक समें रेखा देखी
  14. 1:05–1:09शब्द कोश बनेवाक एतिहास सच्में कतेक पुरान चे
  15. 1:09–1:13सम्योल जोंसनक अंग्रेजी टिक्षनरी 1755 में बनल
  16. 1:13–1:17अब यते एक ता बहुत महत्वोपुरन प्रस्नूथाई च्याए,
  17. 1:17–1:22जक्ञन कोनो भाशा चार करोड, यानी चालिस मिल्यन लोग तवार्जल जैत हुएद,
  18. 1:22–1:26तो अख्रा सुची बद्खर्बामिन नावाची बच्छाए,
  19. 1:26–1:56अगर नाद़ा बाजल तो बाजल जबागा नहीं जब आवाजल तो आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ
  20. 1:56–2:02आब हम सब मेठलिक, भगोलिक, आजन सांखिके वास्त्विक्ता के बुज्बाक प्र्यास करभ,
  21. 2:02–2:09जे भिहार के गंगाक मेटान से लक्व, निपालक, हिमालेक, तलहती दरी अनवरत रूप सवाजल जाईत अचे.
  22. 2:09–2:22ता एते सबसा महत्पूरन बात इचे जे समय के संग एही भाशाक भगुलिक सी मासब लगा तार बडलेट रहे लची, जेना कोसी नदी पिछला दूसो वरस में सात भेर अपन्दार बडललक ची.
  23. 2:22–2:30मुदा, एही प्राक्रतिक और जाजनितिक बदलाउ सवक बादो आई अनमानत चार करोड लोक मेठली बाजे चती.
  24. 2:30–2:35चार करोड इकुनो चोट मुट संख्या नहीं ची इक ता विशाल आबादी चे.
  25. 2:35–2:39मुदा इबहाशा बाजवाला लोकक आदिकारिग गन्ना के ते कठेन रहल चे
  26. 2:39–2:42से एही जन गन्ना अंक्रा से सपष्ट होई चे
  27. 2:42–2:45इआंक्रा सब सच्मे अच्रज मे डाले तचे
  28. 2:45–2:48कही यो मैंना 0.7% प्रतिष्षतक कमी देखाल जाए चे
  29. 2:48–2:51तक वही यो चवबीस प्रतीषतक पारी उचाल.
  30. 2:51–2:54इस थिरता साव साव दिखार रहल चै,
  31. 2:54–2:56जे बास्तविक संक्याक अनुमान लगाईने,
  32. 2:56–2:59कोनो से हो राजक लेल के तेक जटिल काच्फल?
  33. 2:59–3:02तेसर खन्ड चै, बाशिक संगम.
  34. 3:02–3:07अब बात करब उही जटिल भाशिक वाटा वरनक जग्रा भीच मैठली जीवित अची
  35. 3:07–3:14इजानी के आश्चर या लागत जे मैठली क मात्र पची सतीस परस्ट लोक शुद रूप से एक भाशी चथी
  36. 3:14–3:17बाखी लोक तो सर भाशा से हो जैन चथी
  37. 3:17–3:27अब ज़ सब सं रोचक बात इते है, से इजे मैठिलिक चारू कात दस्टा अलग अलग भाशाक भारी प्रभावा जी.
  38. 3:27–3:30इसुची अस्पस्ट रूप से देखा रहाल चाए,
  39. 3:30–3:33जे मैठिली शब्दावली पर कतेक भेषी,
  40. 3:33–3:36बहुबाश्षिक दबाओ अप्रभहुर रहाल चाए.
  41. 3:36–3:39इत्बा भाशाक भिच अपन स्थन्त्र अस्तित बचे नाई,
  42. 3:39–3:41अस्म्रुद रहाई आई,
  43. 3:41–3:44इई आपने आप में एक ता बहुत पहग उपलप दिया चे
  44. 3:44–3:46प्रू उदै नारायन सिंग की ईबात
  45. 3:46–3:50हमरा सब के बहुत किछ सुचे पर विवष करे तची
  46. 3:50–3:53उकहे चथिन जे सामविदानिक अदिकारसे
  47. 3:53–3:56वंचना मैठ्लिक लेल एक ता चद्म वर्दान साभित भेल
  48. 3:56–4:00विदेश शब्द्कोष एही सब्भासिक चुनाउतिक शमादान की चाए,
  49. 4:00–4:04समादान अचाए, एक ता आदोनिक अव्यापक शब्द्कोषक निर्माड,
  50. 4:04–4:08जाही सा एब वाशा के सन्रक्ष्ट्ट्गाई,
  51. 4:08–4:12बादक्ता दोसर मानेता प्राप्त बाशा सब के पाचु चोडी दिलक.
  52. 4:12–4:16चारीम क्हन्द पर आबेच्छी, विदेः शब्द्खोच,
  53. 4:16–4:19एही सब्बाशिक चुनाउतिक च्मादान की चाए,
  54. 4:19–4:23समादान अचाए, एक ता आदोनिक अव्यापक शब्द्खोचक निरमाड,
  55. 4:23–4:28निर्माड जाहीसा ए भाशा के सन्रक्षित अ दिजिटल का इल जा सकाए
  56. 4:28–4:34हम सब दिखे रहाल ची विदे आंग्रेजी मेठली शब्द्कोष 2012 का संसकरन
  57. 4:34–4:41इकर संकलन, गजेंदर ताकृर, नागेंदर कुमार जा, आपनजिकार, विद्यानन्द जाजी दवारा कैलगेल अची.
  58. 4:41–4:48इकोनो समाने पूती नहीं आची, बुजुता इक ता बहुत पैग आसधिजोगी संसक्रितिक प्रियास्चक परिनाम आची,
  59. 4:48–4:52जि मैठली के विष्व पटल पर स्थापित करवाक लिल कैल गेल चे.
  60. 4:52–4:55एपर बनल आकर सक माचक प्रतीक पर दियान दी.
  61. 4:55–4:59इपर मुद्रित शब्द्कोष द्रिष्ष प्रामानिक्ता के दर्षावे तजेन.
  62. 4:59–5:03इपुतिक जीवन्त्ता के प्रस्तुत करे चे
  63. 5:03–5:07आब पाचम आ अन्तिम्ख्यन्द शब्द कोषक पन्ना कब पिटर
  64. 5:07–5:11आओ आगु बदि अद देखी जे इखोना विक्सित होई चे
  65. 5:11–5:15आब हम सब साख्षाट शब्द कोषक पन्ना कब पिटरक
  66. 5:15–5:28अव, आगु बदि, अद देखी जे इखोना विखसित होए चे, आब, हम सब साख्षाच शब्द कोशक पनना कभीतरक, सुख्ष्म विव्रन अद्वन्यात्मक प्रविष्टेक कक गेडाई मे जाई ची.
  67. 5:28–5:37लेखख सब के एह सब्द कोस के सवरुप दिवा में कत्तिक पएग फरमाटिंच्णोद्धिक सामना करी परल से एह बाथ से बुजल जाएचे,
  68. 5:37–5:45यह में अंतर राश़््वी दून्यात्मक वर्नमाला या अप्ये देवनागरी अप्रम्परागत तिरहुता लिपिक उप्योक क्याल गेल चे.
  69. 5:45–5:53अई उदाहन बहुत नीक चंका सबस्ट करे चे खोना एक ता पश्टमी शबद के दून्यात्मक अशाबदिक रुपस से मेठली में अनुवाद केल जाएचे.
  70. 5:54–5:59अंगरेजी शबद एबआकस के मेठली में गीनेबला खिलोना के रुप में राखल गेल चे.
  71. 5:59–6:05अक्ता पश्च्मी शब्द के दुन्नियत्मक अ शब्दिक रूपस से मेठली में अनुवाद केल जाएचचे
  72. 6:05–6:10अंग्रेजी शब्द एबआकस के मेठली में गिनेबला खिलोना के रूप में राखल गेल चे
  73. 6:10–6:16इदेखार आल चे जे अनुवाद कतेग पेवहारिक असहज भाशा में कैल गेल अची
  74. 6:16–6:19जाहिसे आम लोग उक्रा आसानी से बूज सकें
  75. 6:19–6:21एक ता दोसर सीथा तुलना देखी
  76. 6:21–6:26अंग्रेजीक अनाटोमिकल या शारिरिक शब्द आप्दोमिन के
  77. 6:26–6:29पेट आ अत्री सन सुलब मेठली शब्द मेराखल गेल चे
  78. 6:29–6:34इस पष्ट करे चे जे इस शब्द कोश कोना अंग्रेजी कष्टिन शब्द सबके
  79. 6:34–6:38मेठली लिपिक विषिष्ट्ता के संग आम जन मानस दھरी पहचाए तची
  80. 6:38–6:40आग्यानक प्रसार करे चे
  81. 6:40–6:42इस यस च्छ्मुच एक ता मास्टर पीस चे.
  82. 6:42–6:46अन्त में इप्रष्न हमरा सब के सोचने पर विवष कर अजी.
  83. 6:46–6:51जे कोनो भाशा हजार वर्षक राजनीतिक उतार च़ाव
  84. 6:51–6:54आजटे लिप्पिक बादो आपन अस्तित्तू बचेने आफची
  85. 6:54–6:57तसे नव दिजितल दुन्या में कते कागु बड़त्
  86. 6:57–7:00इई चार क़ोर लोकक लेल दिजितल उपकरन
  87. 7:00–7:03आई शब्द्कोश बनेबाग अन्वरत प्र्यास
  88. 7:03–7:06मैतलिक एक ता सुरनेम भविष्षक संके दारा हल आची
  89. 7:06–7:09आई की विसलेशन हम सभ इत्वे राखभ
  90. 7:09–7:14मुदा इप्रष्न बाशाग भविष्षष्पर एक ता नोज सोच अवष्ष्वेदा करे तची.
  91. 7:15–7:16विचार ज़रूर करव.

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नमस्कार, आएक एह प्रस्तुती में हम सब एक ता बहुत गमभीर मुदा उत्बे रोचक विषे पर चर्चा करब, कोनो शब्द कोश मात्र किचु शब्द के गिनल चुनल संग्रह नहीं होईत छे, इतकोनो भाशा आवकर पूरा मानवे तिहास के आतमाके सेज के रखचे जे. विदेह अंगरेजी मेठली शब्द कोश एह दिशामे कतिक पाइग मील पद्धर चे. आई कोना एक ता पूरा संस्क्रिति के दस्तावेजी क्रित करे चे, से आई हम सब बहुत सहज और उचक तरीका समवुजबाक प्रैस करव. ता औव बिना कोनो देरी के एह भीशै में गहराई सब रवेश करी. आई हम सब जे यात्रा करव से शुरू हे ते खोश निरमानेक प्राचीन कलास. उकर बाद मैठलिक दुन्या, एकर जत्ल भाशिक संगम, फिर विदे है शब्द कोश, आ अ अंत में हम सब साख्षात एह शब्द कोश पन्नाग भीतरक सुख्ष्म विवरन पर चर्चा करब. पहिल्खन्डची कोश निरमान अक्कला मनु का आदिकालक उई स्वाभाविक सुवक के विशे में जते सं शब्द के सहजबाक परमपरा सुबहेल इ एतिहास इक समें रेखा देखी शब्द कोश बनेवाक एतिहास सच्में कतेक पुरान चे सम्योल जोंसनक अंग्रेजी टिक्षनरी 1755 में बनल अब यते एक ता बहुत महत्वोपुरन प्रस्नूथाई च्याए, जक्ञन कोनो भाशा चार करोड, यानी चालिस मिल्यन लोग तवार्जल जैत हुएद, तो अख्रा सुची बद्खर्बामिन नावाची बच्छाए, अगर नाद़ा बाजल तो बाजल जबागा नहीं जब आवाजल तो आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ आब हम सब मेठलिक, भगोलिक, आजन सांखिके वास्त्विक्ता के बुज्बाक प्र्यास करभ, जे भिहार के गंगाक मेटान से लक्व, निपालक, हिमालेक, तलहती दरी अनवरत रूप सवाजल जाईत अचे. ता एते सबसा महत्पूरन बात इचे जे समय के संग एही भाशाक भगुलिक सी मासब लगा तार बडलेट रहे लची, जेना कोसी नदी पिछला दूसो वरस में सात भेर अपन्दार बडललक ची. मुदा, एही प्राक्रतिक और जाजनितिक बदलाउ सवक बादो आई अनमानत चार करोड लोक मेठली बाजे चती. चार करोड इकुनो चोट मुट संख्या नहीं ची इक ता विशाल आबादी चे. मुदा इबहाशा बाजवाला लोकक आदिकारिग गन्ना के ते कठेन रहल चे से एही जन गन्ना अंक्रा से सपष्ट होई चे इआंक्रा सब सच्मे अच्रज मे डाले तचे कही यो मैंना 0.7% प्रतिष्षतक कमी देखाल जाए चे तक वही यो चवबीस प्रतीषतक पारी उचाल. इस थिरता साव साव दिखार रहल चै, जे बास्तविक संक्याक अनुमान लगाईने, कोनो से हो राजक लेल के तेक जटिल काच्फल? तेसर खन्ड चै, बाशिक संगम. अब बात करब उही जटिल भाशिक वाटा वरनक जग्रा भीच मैठली जीवित अची इजानी के आश्चर या लागत जे मैठली क मात्र पची सतीस परस्ट लोक शुद रूप से एक भाशी चथी बाखी लोक तो सर भाशा से हो जैन चथी अब ज़ सब सं रोचक बात इते है, से इजे मैठिलिक चारू कात दस्टा अलग अलग भाशाक भारी प्रभावा जी. इसुची अस्पस्ट रूप से देखा रहाल चाए, जे मैठिली शब्दावली पर कतेक भेषी, बहुबाश्षिक दबाओ अप्रभहुर रहाल चाए. इत्बा भाशाक भिच अपन स्थन्त्र अस्तित बचे नाई, अस्म्रुद रहाई आई, इई आपने आप में एक ता बहुत पहग उपलप दिया चे प्रू उदै नारायन सिंग की ईबात हमरा सब के बहुत किछ सुचे पर विवष करे तची उकहे चथिन जे सामविदानिक अदिकारसे वंचना मैठ्लिक लेल एक ता चद्म वर्दान साभित भेल विदेश शब्द्कोष एही सब्भासिक चुनाउतिक शमादान की चाए, समादान अचाए, एक ता आदोनिक अव्यापक शब्द्कोषक निर्माड, जाही सा एब वाशा के सन्रक्ष्ट्ट्गाई, बादक्ता दोसर मानेता प्राप्त बाशा सब के पाचु चोडी दिलक. चारीम क्हन्द पर आबेच्छी, विदेः शब्द्खोच, एही सब्बाशिक चुनाउतिक च्मादान की चाए, समादान अचाए, एक ता आदोनिक अव्यापक शब्द्खोचक निरमाड, निर्माड जाहीसा ए भाशा के सन्रक्षित अ दिजिटल का इल जा सकाए हम सब दिखे रहाल ची विदे आंग्रेजी मेठली शब्द्कोष 2012 का संसकरन इकर संकलन, गजेंदर ताकृर, नागेंदर कुमार जा, आपनजिकार, विद्यानन्द जाजी दवारा कैलगेल अची. इकोनो समाने पूती नहीं आची, बुजुता इक ता बहुत पैग आसधिजोगी संसक्रितिक प्रियास्चक परिनाम आची, जि मैठली के विष्व पटल पर स्थापित करवाक लिल कैल गेल चे. एपर बनल आकर सक माचक प्रतीक पर दियान दी. इपर मुद्रित शब्द्कोष द्रिष्ष प्रामानिक्ता के दर्षावे तजेन. इपुतिक जीवन्त्ता के प्रस्तुत करे चे आब पाचम आ अन्तिम्ख्यन्द शब्द कोषक पन्ना कब पिटर आओ आगु बदि अद देखी जे इखोना विक्सित होई चे आब हम सब साख्षाट शब्द कोषक पन्ना कब पिटरक अव, आगु बदि, अद देखी जे इखोना विखसित होए चे, आब, हम सब साख्षाच शब्द कोशक पनना कभीतरक, सुख्ष्म विव्रन अद्वन्यात्मक प्रविष्टेक कक गेडाई मे जाई ची. लेखख सब के एह सब्द कोस के सवरुप दिवा में कत्तिक पएग फरमाटिंच्णोद्धिक सामना करी परल से एह बाथ से बुजल जाएचे, यह में अंतर राश़््वी दून्यात्मक वर्नमाला या अप्ये देवनागरी अप्रम्परागत तिरहुता लिपिक उप्योक क्याल गेल चे. अई उदाहन बहुत नीक चंका सबस्ट करे चे खोना एक ता पश्टमी शबद के दून्यात्मक अशाबदिक रुपस से मेठली में अनुवाद केल जाएचे. अंगरेजी शबद एबआकस के मेठली में गीनेबला खिलोना के रुप में राखल गेल चे. अक्ता पश्च्मी शब्द के दुन्नियत्मक अ शब्दिक रूपस से मेठली में अनुवाद केल जाएचचे अंग्रेजी शब्द एबआकस के मेठली में गिनेबला खिलोना के रूप में राखल गेल चे इदेखार आल चे जे अनुवाद कतेग पेवहारिक असहज भाशा में कैल गेल अची जाहिसे आम लोग उक्रा आसानी से बूज सकें एक ता दोसर सीथा तुलना देखी अंग्रेजीक अनाटोमिकल या शारिरिक शब्द आप्दोमिन के पेट आ अत्री सन सुलब मेठली शब्द मेराखल गेल चे इस पष्ट करे चे जे इस शब्द कोश कोना अंग्रेजी कष्टिन शब्द सबके मेठली लिपिक विषिष्ट्ता के संग आम जन मानस दھरी पहचाए तची आग्यानक प्रसार करे चे इस यस च्छ्मुच एक ता मास्टर पीस चे. अन्त में इप्रष्न हमरा सब के सोचने पर विवष कर अजी. जे कोनो भाशा हजार वर्षक राजनीतिक उतार च़ाव आजटे लिप्पिक बादो आपन अस्तित्तू बचेने आफची तसे नव दिजितल दुन्या में कते कागु बड़त् इई चार क़ोर लोकक लेल दिजितल उपकरन आई शब्द्कोश बनेबाग अन्वरत प्र्यास मैतलिक एक ता सुरनेम भविष्षक संके दारा हल आची आई की विसलेशन हम सभ इत्वे राखभ मुदा इप्रष्न बाशाग भविष्षष्पर एक ता नोज सोच अवष्ष्वेदा करे तची. विचार ज़रूर करव.

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