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विदेह_शब्दकोषक_प्रविष्टि_आ_संरचना_सुधार.m4a
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- 0:00–0:05गजेंद्र ताकोर आहुनक सह्योगी सब कविदेह अंग्रेजी मेठली शब्द्खोष,
- 0:05–0:13अंग्रेजी आम मेठली के भीच एक दाट्यंत विशाल आ एतिहासिक भाशाई से तु तगयार करे थचे.
- 0:13–0:17तएही काजके और अदिक उप्योगी बनावा के लेल,
- 0:17–0:23हमरा सब भीना कोनो देरी के सोजे आपन पहल रचनात्मक समीखशा पर आवाएज ची.
- 0:23–0:30शब्द कोशक प्रविष्टी सब में एक के और्थ के बार-बार अबहिन-बहिन रूप में दोराल गेल आचे,
- 0:31–0:35जाही से पात्ख कलेल अनावश्षक ब्रहम पैदा बहुर आचे.
- 0:35–1:05आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ�
- 1:05–1:10यही बात पवीचार के ना ची, जे एही तरक दोराव एक ता आम पाथके कुना प्रवविद करत,
- 1:10–1:13जे तुरन्त कुनो अर्थ खुजबाक प्रयास कर रहा लग ची,
- 1:13–1:16अख्रा लेल इप पन्ना के बहुत भीषी भरल भरल बना देए तची.
- 1:16–1:21मने अकर पटन प्रवाह पुन्रुपेन बादित बहुजाई तच्ये
- 1:21–1:27इवहिना आच्ये जका के क्रो रस्ता बतेबा काल तीन भेर बामा गुमु कहब
- 1:27–1:29एक्दम सही उपमा ची
- 1:29–1:33आप, जाहिसे अव्यक्ती शंका मे पडीजाएत
- 1:33–1:37जए अख्रा एक बेर बामा गुमभा कची या तीन भेर
- 1:37–1:43आदिक्षनरी एक ता रेफ्रन्स तूल आची कोनो उपन्यास्त ता नहीं जे लोग आरामश पडदत
- 1:43–1:47उद्तकने खोले तची जोखनोख्रा कोनो आच्तुरन्त चाही
- 1:47–1:49ते एकर समथान की भहुत सके तची
- 1:49–1:57देखो, हमर सुजाव छे जे प्रतेक प्रविष्टी के एक ता सक्छत बिना दोहरावक तेमपलेत में सु वेवस्तित कल जाए.
- 1:57–2:01एकर लायल एक ता देटाबेस क्लीनआप स्क्रिप्त चलावल जासके तची,
- 2:01–2:05जाही से अस्थान कब चट होई आए अस्पष्टता आवे
- 2:05–2:08एक ता तोस उदारन दोग कब जावजे एको नालागत
- 2:08–2:13जिना सुदारक के लिए प्रविष्टी के एहतरह से राखल जासके तची
- 2:13–2:17सब से पहले अंग्रेजी शब्द उकरबात दून्यात्मक उच्चारन,
- 2:17–2:21अगर बीज वोब लेलजे अदखन सुईकार करब गराब गराब
- 2:22–2:26इग्दम बस इत्बेख इपाल तु तुट्टी पुर्न पाथ या गलिच टेक्ष्ट के पुर्न रुपेन हदा देल जाए
- 2:27–2:28इद बहुत काजक बात भेल
- 2:28–2:36except, फेर उकर फोने टिक्स, तकन भीज वोब लेल अचे, अतकन सुईकार करब, ग्रहन करब?
- 2:36–2:44एक दम, बस इत्बेख, इप फाल तो त्रुटी पुरन पाथ या गलिच्ट टेक्ष्ट के पुरन रुपेन रुपेन रडा देल जाए.
- 2:44–2:46इप बहुत काजक बात बहल.
- 2:46–2:50आब प्रविष्टी सबक भाहिसन्रचना के साव सुत्रा के लाग बाद,
- 2:50–2:53जकन हम्रा सभ एही बात पर द्यान देछची,
- 2:53–2:55जे कोन शब्द चुनल गेल अच्छे,
- 2:55–2:58ता एक दोसर महत्वपों विषें सोजा अवे तचे.
- 2:58–3:00सामान ने शब्दक संगे संग,
- 3:00–3:06ज़िए कोन शब्द चुनल गेल अच्छे, ता एक दोसर महत्वपोन विशै सोजा अवेद अच्छे.
- 3:07–3:12सामान ने शब्दक संगे संग, बहुत रास विष्ट सोअट्वेर अ तकनी की शब्दावली केना,
- 3:12–3:15दावली के ना बिना कोन विषे श्रेनी के शामिल के नाई
- 3:15–3:19शब्द कोशक मुल उदेश सा पात्खक के बभटकना रहा लगचे
- 3:19–3:24आ, इएक ता अथ्यंत रोचक अ समस्या गरस्त छेटर अची
- 3:24–3:27मने जगन हमरा सा पन्ना पलताई ची
- 3:27–3:31तब आब दोमन आ आब बोलिष जगा सामान ने शबदक संगे संग
- 3:31–3:36आहा के अबाउट नोम, अबाउट मोजला फाईर्फोक्स जगा शबद बहितेत अची.
- 3:36–3:41आआ आ आद अद रिमूव सुझ्टवेर आ आप तो विन्डो से हो.
- 3:41–3:50इसब देखिक्त लागेत छीजना कोनो साझट्वेर के लोकलाइसेशन्पायल के डाटा बेस के सोजे दिखषनरी में प्रतिलिपी कर देल गे लची.
- 3:50–3:56एक दम सही पकडलूँवाव, मुदा एही बात के आगु बदवएद की इनिक नहीं रहात,
- 3:56–3:59जे हम्रा सब एक्रा एक ता आम पाथख बनाम,
- 3:59–4:02एक ता साझ्ट्वेर देवलपरक द्रिष्टी कोर सदेखी.
- 4:02–4:06माने आहा कह बची जे एक ता विद्ध्यार थी,
- 4:06–4:08अगरा अबाउट जीनेमे का की काज
- 4:08–4:10अगरा अबाउट जीनेमे का कोनो आवष्षकता नहीं चे
- 4:10–4:12अगरा अबाउट जीनेमे का की काज
- 4:12–4:14अगरा अबाउट जीनेमे का कोनो अवष्षकता नहीं चे
- 4:14–4:16अगरा अवष्षकता नहीं चे
- 4:16–4:20अद्रिक्श्याना के इंदन की कीमद्सो हो लिखल होगाए.
- 4:21–4:24बोत नी कुदारन, ता एब भट्काव के दूर कर बाकलेल,
- 4:25–4:29हमर सुजाव अची जि तकनी की अग्क्म्टर लोकलाईजेश्यान,
- 4:29–4:33अद्रिक्श्याना के इंदन की कीमथ सो हो लिखल होगाए.
- 4:34–4:38बोत नी कुदारन, तए बधकाव के दूर कर बाकलेल,
- 4:39–4:43हमर सुजावची जि तकनी की अग कम्पुटर लोकलाईशेशन शब्दावली के,
- 4:43–4:47जि तक्निकी अग प्रुटर लोकलाईशेशन शब्दावली के
- 4:47–4:49आम शब्द सबसा अलग कोके
- 4:49–4:51एक ता विषिष्ट परिषिष्ट
- 4:51–4:53या अपन्टिक्स में राखल जाए.
- 4:53–4:56आ, माने सामग्रिक अन्त में
- 4:56–4:59एक ता नवक्हन्द जोडल जासके तची
- 4:59–5:03जगर नाम कम्पूटर आस सुब्टवेर शब्दावली होए
- 5:03–5:06एक दम एक तटरीक भेल
- 5:06–5:10और जा मुख्य सुची में तकनीकी शब्द राखभ अनिवार्ज अची
- 5:10–5:12ते एक तो सर विकल्प सहो अची
- 5:12–5:16आहा अपसलुत यूरल जगा शब्दक के सोजा तैक
- 5:16–5:18या कम्पूटर के ताग लगा सके ची
- 5:18–5:19औग
- 5:19–5:21जाई से पाथक तुरन्त बूजी जाई
- 5:21–5:24जे ये एक ता विषिष्ट डोमेंग शब्द ची
- 5:24–5:26आजा अकर काजक नया ची
- 5:26–5:28तो अकरा पार कच जाई
- 5:28–5:31ये ताएकस बहुत सब श्पष्ट रूप से पाथक के मदद करत
- 5:31–5:38यह सब मात्र किचु विकल पची जे आसुजा रहल ची, मुदा वर्गी करन अद्यन्त आवश्षक अची.
- 5:38–5:44एक दम आप शब्द कोषक मुख्य लिज्साक सामगरी आश्व्दावलीक विष्लेषन के लाग बाद,
- 5:44–5:48हम्रा सब पन्नाक शुर्वाती हिस्वापर बैची,
- 5:48–5:53जते पातख के एही पोथी से पहील भेर परीचाय करावल जाई तची
- 5:53–5:56आदे हमर तेसर रमिखशा ची
- 5:56–6:00प्रस्तावना अछ्यन्त विद्वता पोड आ एतियासिक अची
- 6:00–6:06मुदा इप पाथक के एही विषिष्ट शब्द कोशक उप्योख करबाक व्यवावारिक तरीका नहीं बतवेत अची.
- 6:06–6:13इएक ता एहन विषे आचे जकर सामना बहुत रास उच्छस तरीया अकादमिक प्रकाशन कराई तची.
- 6:13–6:18प्रुफिसर उदै नाराएं सिंग जीक लिखल फोरवर्ड ता बहुत उत्क्रिष्ट अचे
- 6:18–6:18प्रुफिसर उदै नाराएं सिंग जीक लिखल फोरवर्ड ता बहुत उत्क्रिष्ट अचे
- 6:18–6:24आ, इई सम्योल जोंसन से लोक, चोदहमा शताब्दीक भार्तिये कोशा की तिहास,
- 6:24–6:28और मेठलीक जन संके की एक विस्त्रत वरनन करेता चे.
- 6:28–6:30पडे का बहुत नीक लागेता ची.
- 6:30–6:31बिल्कुल.
- 6:31–6:33मुदा की यही बातक कुनो जोखिम आचे,
- 6:33–6:37जे केवल एतिहासिक संदरव पर द्यान केंद्रित करेवा से
- 6:37–6:40वही पात्खक का ततकाल अवष्खता चुट जाए
- 6:40–6:42जे मात्र इजाने चाहता चे
- 6:42–6:45पोति में देलगेल धून्यात्मक चिनहक उप्योक कोना केल जाए
- 6:45–6:56अ माने जखन आहा एंटनाशनल फोनेटिक आलपबेट या अईपीए कषुची दददएच्छी मुदा शब्दुकोष्क उप्योक कोनो निरदेशिका नहीं डएच्छी
- 6:56–7:02एक दम इव उहीना आचे चका आहा मोटर गाडिक एक ता शान्दार इतिहास्त लिकि देला हूं
- 7:02–7:06अगर मैनूल देवेले बिस्री गेल हूँ।
- 7:06–7:08इबहुत नीक बात कहल हूँ आँ।
- 7:08–7:13एक ता आम पाथक, जे अईप्ये चिनह सब से परिचित नहीं आचे
- 7:13–7:18उआँ आँँगरेजी उच्चारनक के लेल देलगेल जटिल चिनह सब के कोना पड़द
- 7:18–7:19तब के कोना पड़़?
- 7:19–7:20सही
- 7:20–7:24तई एही अंट्राल के बभरभाखलेल हमर सुजाव अची
- 7:24–7:26जे प्रस्टावना के खीक बाद
- 7:26–7:29एक तद सन्छिप्त उप्योग करता निर्देशिका
- 7:29–7:31या यूजर गाइट जोल जाए
- 7:31–7:35जे पाटख के पोथी पदबाकले ब्यवाहरेक रूप से तभार करेए,
- 7:35–7:40एक रकिच थोस उदारन दे सकेची जे एगाएद कोना डिजाएं केल जाए.
- 7:40–7:44आ, दिखो, इमातर किच्छु भिकल पची जे हम दोर हल ची.
- 7:44–7:48आ, एक दो पन्ना किक्ता गाएड बना सकेची,
- 7:48–7:50जाही में अस्पस्ट रूप से लिखल होए
- 7:50–7:56जे अज्जक्तिव, वर्ब, नाून, जका संच्छ पाख्षरक की और्ठषी?
- 7:56–8:01आई से हो जे एक ही सब दक बहु और्ठख के कोना अलग-लग के बुजल जाए
- 8:01–8:04माने कोमा आ एर्द-विरामक की नीम अच्छ,
- 8:04–8:06उते इसे हो बतवनाया वःष्च
- 8:06–8:10एक दम आद थेसर बाद दन्यात्मक उच्चारन के कुना पड़ल जाए
- 8:10–8:13अप्ये छिन्ध, मेठली संदरभ में
- 8:13–8:16एक दूता भेवहारिक उदारन दो कब जाए
- 8:16–8:19मनी अद श्वनी लेल कोन छिन नची
- 8:19–8:21औद श्वनी लेल कोन छिन नची
- 8:34–8:39तए ही चर्चाक मुख्य बिन्दू सब के संख्षेत मेराखे ची
- 8:39–8:45पहल प्रविष्टी सब में भेल दोराव अद्त्रूटीपोरन पाट के हता कग एक रास्स्सूव्यवस्तित के नाई
- 8:45–8:53अद्दो सर साथट्वेर अ तकनिकी शब्दावली के अस्पप्ष्ट रूपसे अलग कब परिषिष्ट मे राखनाई वाट्टाग के नाई.
- 8:53–9:04अद्ते सर अद्तिहासिक प्रस्तावनाक संगे संगे एक तव्यवावारिक उप्योग करता निर्देशिका जे पाधख के पोठीक सही उप्योग करभामे मदद करए.
- 9:04–9:09इसब सुज्याव एही महान शब्द कोषक उप्योगिता के बहुत गुना बड़ादेद.
- 9:09–9:11आईलेल बसित्बे
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गजेंद्र ताकोर आहुनक सह्योगी सब कविदेह अंग्रेजी मेठली शब्द्खोष, अंग्रेजी आम मेठली के भीच एक दाट्यंत विशाल आ एतिहासिक भाशाई से तु तगयार करे थचे. तएही काजके और अदिक उप्योगी बनावा के लेल, हमरा सब भीना कोनो देरी के सोजे आपन पहल रचनात्मक समीखशा पर आवाएज ची. शब्द कोशक प्रविष्टी सब में एक के और्थ के बार-बार अबहिन-बहिन रूप में दोराल गेल आचे, जाही से पात्ख कलेल अनावश्षक ब्रहम पैदा बहुर आचे. आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� यही बात पवीचार के ना ची, जे एही तरक दोराव एक ता आम पाथके कुना प्रवविद करत, जे तुरन्त कुनो अर्थ खुजबाक प्रयास कर रहा लग ची, अख्रा लेल इप पन्ना के बहुत भीषी भरल भरल बना देए तची. मने अकर पटन प्रवाह पुन्रुपेन बादित बहुजाई तच्ये इवहिना आच्ये जका के क्रो रस्ता बतेबा काल तीन भेर बामा गुमु कहब एक्दम सही उपमा ची आप, जाहिसे अव्यक्ती शंका मे पडीजाएत जए अख्रा एक बेर बामा गुमभा कची या तीन भेर आदिक्षनरी एक ता रेफ्रन्स तूल आची कोनो उपन्यास्त ता नहीं जे लोग आरामश पडदत उद्तकने खोले तची जोखनोख्रा कोनो आच्तुरन्त चाही ते एकर समथान की भहुत सके तची देखो, हमर सुजाव छे जे प्रतेक प्रविष्टी के एक ता सक्छत बिना दोहरावक तेमपलेत में सु वेवस्तित कल जाए. एकर लायल एक ता देटाबेस क्लीनआप स्क्रिप्त चलावल जासके तची, जाही से अस्थान कब चट होई आए अस्पष्टता आवे एक ता तोस उदारन दोग कब जावजे एको नालागत जिना सुदारक के लिए प्रविष्टी के एहतरह से राखल जासके तची सब से पहले अंग्रेजी शब्द उकरबात दून्यात्मक उच्चारन, अगर बीज वोब लेलजे अदखन सुईकार करब गराब गराब इग्दम बस इत्बेख इपाल तु तुट्टी पुर्न पाथ या गलिच टेक्ष्ट के पुर्न रुपेन हदा देल जाए इद बहुत काजक बात भेल except, फेर उकर फोने टिक्स, तकन भीज वोब लेल अचे, अतकन सुईकार करब, ग्रहन करब? एक दम, बस इत्बेख, इप फाल तो त्रुटी पुरन पाथ या गलिच्ट टेक्ष्ट के पुरन रुपेन रुपेन रडा देल जाए. इप बहुत काजक बात बहल. आब प्रविष्टी सबक भाहिसन्रचना के साव सुत्रा के लाग बाद, जकन हम्रा सभ एही बात पर द्यान देछची, जे कोन शब्द चुनल गेल अच्छे, ता एक दोसर महत्वपों विषें सोजा अवे तचे. सामान ने शब्दक संगे संग, ज़िए कोन शब्द चुनल गेल अच्छे, ता एक दोसर महत्वपोन विशै सोजा अवेद अच्छे. सामान ने शब्दक संगे संग, बहुत रास विष्ट सोअट्वेर अ तकनी की शब्दावली केना, दावली के ना बिना कोन विषे श्रेनी के शामिल के नाई शब्द कोशक मुल उदेश सा पात्खक के बभटकना रहा लगचे आ, इएक ता अथ्यंत रोचक अ समस्या गरस्त छेटर अची मने जगन हमरा सा पन्ना पलताई ची तब आब दोमन आ आब बोलिष जगा सामान ने शबदक संगे संग आहा के अबाउट नोम, अबाउट मोजला फाईर्फोक्स जगा शबद बहितेत अची. आआ आ आद अद रिमूव सुझ्टवेर आ आप तो विन्डो से हो. इसब देखिक्त लागेत छीजना कोनो साझट्वेर के लोकलाइसेशन्पायल के डाटा बेस के सोजे दिखषनरी में प्रतिलिपी कर देल गे लची. एक दम सही पकडलूँवाव, मुदा एही बात के आगु बदवएद की इनिक नहीं रहात, जे हम्रा सब एक्रा एक ता आम पाथख बनाम, एक ता साझ्ट्वेर देवलपरक द्रिष्टी कोर सदेखी. माने आहा कह बची जे एक ता विद्ध्यार थी, अगरा अबाउट जीनेमे का की काज अगरा अबाउट जीनेमे का कोनो आवष्षकता नहीं चे अगरा अबाउट जीनेमे का की काज अगरा अबाउट जीनेमे का कोनो अवष्षकता नहीं चे अगरा अवष्षकता नहीं चे अद्रिक्श्याना के इंदन की कीमद्सो हो लिखल होगाए. बोत नी कुदारन, ता एब भट्काव के दूर कर बाकलेल, हमर सुजाव अची जि तकनी की अग्क्म्टर लोकलाईजेश्यान, अद्रिक्श्याना के इंदन की कीमथ सो हो लिखल होगाए. बोत नी कुदारन, तए बधकाव के दूर कर बाकलेल, हमर सुजावची जि तकनी की अग कम्पुटर लोकलाईशेशन शब्दावली के, जि तक्निकी अग प्रुटर लोकलाईशेशन शब्दावली के आम शब्द सबसा अलग कोके एक ता विषिष्ट परिषिष्ट या अपन्टिक्स में राखल जाए. आ, माने सामग्रिक अन्त में एक ता नवक्हन्द जोडल जासके तची जगर नाम कम्पूटर आस सुब्टवेर शब्दावली होए एक दम एक तटरीक भेल और जा मुख्य सुची में तकनीकी शब्द राखभ अनिवार्ज अची ते एक तो सर विकल्प सहो अची आहा अपसलुत यूरल जगा शब्दक के सोजा तैक या कम्पूटर के ताग लगा सके ची औग जाई से पाथक तुरन्त बूजी जाई जे ये एक ता विषिष्ट डोमेंग शब्द ची आजा अकर काजक नया ची तो अकरा पार कच जाई ये ताएकस बहुत सब श्पष्ट रूप से पाथक के मदद करत यह सब मात्र किचु विकल पची जे आसुजा रहल ची, मुदा वर्गी करन अद्यन्त आवश्षक अची. एक दम आप शब्द कोषक मुख्य लिज्साक सामगरी आश्व्दावलीक विष्लेषन के लाग बाद, हम्रा सब पन्नाक शुर्वाती हिस्वापर बैची, जते पातख के एही पोथी से पहील भेर परीचाय करावल जाई तची आदे हमर तेसर रमिखशा ची प्रस्तावना अछ्यन्त विद्वता पोड आ एतियासिक अची मुदा इप पाथक के एही विषिष्ट शब्द कोशक उप्योख करबाक व्यवावारिक तरीका नहीं बतवेत अची. इएक ता एहन विषे आचे जकर सामना बहुत रास उच्छस तरीया अकादमिक प्रकाशन कराई तची. प्रुफिसर उदै नाराएं सिंग जीक लिखल फोरवर्ड ता बहुत उत्क्रिष्ट अचे प्रुफिसर उदै नाराएं सिंग जीक लिखल फोरवर्ड ता बहुत उत्क्रिष्ट अचे आ, इई सम्योल जोंसन से लोक, चोदहमा शताब्दीक भार्तिये कोशा की तिहास, और मेठलीक जन संके की एक विस्त्रत वरनन करेता चे. पडे का बहुत नीक लागेता ची. बिल्कुल. मुदा की यही बातक कुनो जोखिम आचे, जे केवल एतिहासिक संदरव पर द्यान केंद्रित करेवा से वही पात्खक का ततकाल अवष्खता चुट जाए जे मात्र इजाने चाहता चे पोति में देलगेल धून्यात्मक चिनहक उप्योक कोना केल जाए अ माने जखन आहा एंटनाशनल फोनेटिक आलपबेट या अईपीए कषुची दददएच्छी मुदा शब्दुकोष्क उप्योक कोनो निरदेशिका नहीं डएच्छी एक दम इव उहीना आचे चका आहा मोटर गाडिक एक ता शान्दार इतिहास्त लिकि देला हूं अगर मैनूल देवेले बिस्री गेल हूँ। इबहुत नीक बात कहल हूँ आँ। एक ता आम पाथक, जे अईप्ये चिनह सब से परिचित नहीं आचे उआँ आँँगरेजी उच्चारनक के लेल देलगेल जटिल चिनह सब के कोना पड़द तब के कोना पड़़? सही तई एही अंट्राल के बभरभाखलेल हमर सुजाव अची जे प्रस्टावना के खीक बाद एक तद सन्छिप्त उप्योग करता निर्देशिका या यूजर गाइट जोल जाए जे पाटख के पोथी पदबाकले ब्यवाहरेक रूप से तभार करेए, एक रकिच थोस उदारन दे सकेची जे एगाएद कोना डिजाएं केल जाए. आ, दिखो, इमातर किच्छु भिकल पची जे हम दोर हल ची. आ, एक दो पन्ना किक्ता गाएड बना सकेची, जाही में अस्पस्ट रूप से लिखल होए जे अज्जक्तिव, वर्ब, नाून, जका संच्छ पाख्षरक की और्ठषी? आई से हो जे एक ही सब दक बहु और्ठख के कोना अलग-लग के बुजल जाए माने कोमा आ एर्द-विरामक की नीम अच्छ, उते इसे हो बतवनाया वःष्च एक दम आद थेसर बाद दन्यात्मक उच्चारन के कुना पड़ल जाए अप्ये छिन्ध, मेठली संदरभ में एक दूता भेवहारिक उदारन दो कब जाए मनी अद श्वनी लेल कोन छिन नची औद श्वनी लेल कोन छिन नची तए ही चर्चाक मुख्य बिन्दू सब के संख्षेत मेराखे ची पहल प्रविष्टी सब में भेल दोराव अद्त्रूटीपोरन पाट के हता कग एक रास्स्सूव्यवस्तित के नाई अद्दो सर साथट्वेर अ तकनिकी शब्दावली के अस्पप्ष्ट रूपसे अलग कब परिषिष्ट मे राखनाई वाट्टाग के नाई. अद्ते सर अद्तिहासिक प्रस्तावनाक संगे संगे एक तव्यवावारिक उप्योग करता निर्देशिका जे पाधख के पोठीक सही उप्योग करभामे मदद करए. इसब सुज्याव एही महान शब्द कोषक उप्योगिता के बहुत गुना बड़ादेद. आईलेल बसित्बे