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अँग्रेजी-मैिथली_शब्दकोश.mp4
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- 0:00–0:05नमशकार, आई हम्रा सब एक ता बवड गजवब का और एक दम नवव विषेए पर गब करव.
- 0:06–0:08अंग्रेजी मैथिली कमपूटर शब्द कोष,
- 0:09–0:14सुनके कनी आश्चरे लागे छेने, जि कोना हम्रा सबक एत्ग प्राषीन भाषा,
- 0:14–0:19अपन सम्रिद परम्पर आगे आदूनेक क्म्पूटविज्यानक्सं जोड रहला ची
- 0:19–0:30इविश्लेशन हम्रा सब के दिखाएत, जि कोना एक तव विशाल शब्द कोषक निरमान, प्राचीन, लिपी, और आईक दिजितल युगक भीच एक तव मस्वूथ पुलक काजकोर हला ची.
- 0:30–0:37इई यात्रा इतिहास, संस्क्रती अद तक्नीका के बेजो़ संगम थेक, आव इगव्षप शुभ्ष्रू करी.
- 0:37–0:48मुदद, तक्नीक अग, अग, अग, अग, उप्द ज़ूँरी आची जे मित्हिलाक इजे सम्रिद शंस्क्रतिक पहचान आची उकी ख्छे.
- 0:48–0:55अगी थेग. इजे युग्म मत्स्या मने जोडा माच्टक पारंपर एक प्रती कची इप मूल पार्ट्सा लिल गे लची.
- 0:55–0:58इप मात्र कोनो डिजाएन या चिनन न नहीं च्याए.
- 0:58–1:01इई मित्हिला चेत्रक संस्क्रतिक जीवन्तता
- 1:01–1:04अश्वब परम्पराक एक दंद्साख्षात प्रमानाची
- 1:04–1:07जे हम्रा सबक भाशाक आत्मा में बसल अची.
- 1:07–1:10तब आएक इचर्चा कोना कोना आगु बडदत
- 1:10–1:12सितनी संख्षेप में जानिलिया.
- 1:12–1:16तच्छल। सब सब खब करे थी शब्दुकोष निरमाड कला पर अखेरे बनाइत कोना आची?
- 1:17–1:20देखू शब यषव्ट सब के सहेजग अस्सुची बद्खरबाक जे इम्माड कला
- 1:20–1:23तेशर जन गनना से जुडल उही रहस से पर
- 1:23–1:26चारिम कोना एह भाशक कुनरुध्धान भेल
- 1:26–1:29आ अन्त में मैठ्लीक दिजितल भविष्षे पर
- 1:29–1:32इएक ता गहिरगर यात्रा ही तेश्ट चलू
- 1:32–1:34सब सबहले गब करे इची
- 1:34–1:36शब्द कोश निरमाड कला पर
- 1:36–1:38अखेरे बनएत कोना आची?
- 1:38–1:46देखू, शब्द सब के सहेजक अस्सुची बद्गरबाक जे इ मानविय प्रव्रती आची ने से आएक नहीं बद्द पुरान्च आए,
- 1:46–1:52लोग इतिहासक इक्दम शुर्वाथ सा शबद के अर्थ अप रह्योग के सहेजत आए लची.
- 1:52–1:57मैठिलीक इजे नव, कम्पृटर, शब्द्खोश अची से कोनो रातो रात नई बन गे लची.
- 1:57–2:01इएक ता विशाल, वेशविक और अटियासिक परमपरा के हिस्सा थेक.
- 2:01–2:06तनी सोचु, तेइस्सो इसा पूर्व में सुमेरियन, अक्कादियन, शब्द्सुची,
- 2:06–2:15सल्ले का बारत के प्रस्द चकम शताबदीक आमर्कोष आस सत्रासो पच्पन में आयल सम्योल जोंसनक अंग्रेजी शब्द्खोष दरिक ययात्रा रहलत्ची.
- 2:15–2:20मैत्टिलीक य आदूनिक शब्द्खोष अद्बेख प्यग अतिहासिक परमपरासं सीथा जोडलत्ची.
- 2:20–2:25मुदा की दिछनरी बने नहीं इत्ते का सानकाच छे? इक्दम नहीं.
- 2:25–2:28प्रोफेसर उदै नरायन सिंग जीक प्रस्तावना कनुसार,
- 2:28–2:34ब्यवहारिक शब्द्खोष विग्यान की ठिग, इमात्र शब्द और उकर अर्थ कर लिस्ट नहीं छे.
- 2:34–2:38इश्व्द कोश संकलन और समपादनक उविग्यान और कला आचे
- 2:38–2:41जै में सबज पहले अंतिम उप्योग करता
- 2:41–2:44माने जे एकर उप्योग करत उकर पहचान करिल जाते ची
- 2:44–2:47इही में शब्द के एक दम सतीक परिबाशा
- 2:47–2:50उच्छारन के लेल आई पीए प्रतीक कर प्रियोग
- 2:50–2:53आर भाशाके विविद रूपके शामिल करभ आवष्षक होईता ची
- 2:53–2:57इक टा पूरा समवुदाएक सेवा लेल, करेल, गेल, अठक परिष्रम फित
- 2:57–3:03आब वेश्वि की तिहास, तनी आपन माइइ तदीसावी आ मैठली भाशाक ज़द पर गब करी
- 3:03–3:08को नो बाशा कलेल वो कर माइंट अ भूगोल बहुत महत्वपूरन होईत चे
- 3:08–3:14मेतली एक ता बहुते जटिल, भूगोलिक, राजनाइतिक छेत्रसा जुडल बाशा आचे
- 3:14–3:19इबिहार के गंगाक मेटान सलोक, निपाल के हीमालेक तराए छेत्र दरी पसार लग चे
- 3:19–3:491816 ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ �
- 3:49–3:59एतिक विस्त्रत शेट्रा सम्रित्दी तिहास सक्भावजुद इप्राचीन भाशा आदूनिक युग में कोना हाश्या पर ठेललगेल इएक ता बडका रहस्स्य आच्छे.
- 3:59–4:04इतिहास मेही भाशा संग आंक्डाक स्थर पर बडड विच्च्त्र खेल बहल आच्छे.
- 4:04–4:11अदिकारेग जंगरना आक्डा में कतिक अस्वाभविक आआश्चर्यजनक उतार चडावचे सितनी देखूं.
- 4:11–4:191911 उ 1921 कबीच मैठिली भाशेख का संख्या में 0.77% गिरावाटायल,
- 4:19–4:26मुदा फेर 1911-1961 कबीच अचानक 22.35% कर रद्दी बहगेल.
- 4:26–4:32अवकर बाद 1971-81 मे इव रिद्दी 24.19 प्रतीषत भाईगेल.
- 4:32–4:37इव प्रत्याशित अख्डा स्पष्ट करेत अच्टे जे मेत्ली भाजेवाला लोकनिक संख्या के,
- 4:37–4:40इतिहास में लगातार कम अखिल गेल जे लच्टेए,
- 4:40–4:42आएकर गलत प्रतिनिदित्व कयल गेल अच्छे.
- 4:43–4:47मुदा उही ब्रामक सरकारी अंक्राक विप्रीत इविश्शाल संख्या देखू,
- 4:48–4:49चार करोड.
- 4:49–4:52जी हा, प्रफेसर उदैं अराएन सिंग्जिक अनुमान अच्छी,
- 4:52–4:57जे वास्तव मैं में मेठली बाजे वाला लोकनिक आबादी चार करोड़ से बेसी आची
- 4:58–5:04और एटेग बडका आबादी के इन नव अंग्रेजी मेठली कमपुटर शब्द्खोष से सीथा लाब फिततत
- 5:04–5:07इकोनो चोट मोट समदाएक बात नहीं बारहलाची
- 5:07–5:09इक करोडो लोकक बाशा थिक.
- 5:09–5:11इगव रव हमरा सब की लेजाए तच्छे
- 5:11–5:15एक ता पुनरु थानेत बाशाक विज़ाय गाथा देस.
- 5:15–5:19आक्डाक हाश्या पर रहला सिन मेठली कमजोव नहीं भेल
- 5:19–5:22बलकी साहित्यक रूप मे आरु भेसी विखसित भेल.
- 5:22–5:26प्रुप्यसर उदैनारायन सिंजी की बात हम्रा बडनीक लागगे तची
- 5:26–5:32उख़े चती समविद्ठानेक अदिकार सबख अस्विक्रिती मेठलिक लेल चद्मवेश में
- 5:32–5:37एक तवर्दान साभिद भेल अची करनजे एकर साहित्यक साज्क्रितिक गत्विदिमे
- 5:37–5:39नव उर्जाएक संचार भेल आची.
- 5:39–5:41इएक ता एक दम उबबदग बात आची.
- 5:41–5:45जकन कोनो भाशा के राजनेतिक चुनातिक सामना करे पडल,
- 5:45–5:48तव उ हारल नहीं, बलकी उकर सहित्यक उप्पादकता,
- 5:48–5:51आज सांस्क्रितिक चेतना आरो तेज भेगेल.
- 5:51–6:01तएही ताम सबसे महत्वपून बात इच है, जे मेठलीक इस सहितिक उजा, अंतत आन मान्निता प्रात बाशा सब किन से हो पाचा चोर दिलक.
- 6:01–6:04एही लाम चकर संगर्षक चरम परिणाम एभेल
- 6:04–6:08जे मेठलीके बारतिय संविदानक अस्टम अनुशुची में
- 6:08–6:12शामिल कर्यल गिल. इस सर्फ एक ता राजनेटिक मानेता नहीं चल
- 6:12–6:17इब वाशक जीवनतता अवोकर सहित यक स्रिष्टताक पक्का प्रमान चल.
- 6:17–6:23आब आवी आएके सबसे महत्वपून आर अन्तिम क्हन्पर, मैठ्टलीक दिजितल भविष्च्यज.
- 6:24–6:32समविदानक अनुसुची मे एल आएक बाद, अब समय आएव गिलच जे एब हाशा बविष्च्च्यक तकनीक संग कदम से कदम मिलाएके चलए.
- 6:32–6:37ये खण्ड एही प्राषीन भाशा के आदूनिक दिजितल युग में लाबक लेल,
- 6:37–6:40कोईले गेल, अदबूट प्रयास पर केंद्रितच.
- 6:40–6:42एही अंग्रेजी मैठ्ली शब्दकोश में,
- 6:42–6:45सुंदर और पारमपर एक देवनागरी आम्मिठ्लाखषर,
- 6:45–6:49जेक्रा तिरहुता लिपी से हु कहल जाईताच, उकर उप्योग को लगे लच.
- 6:49–6:52इलिपी सब कित्तिक प्राचीन आजजटिल्च है.
- 6:52–6:55आप विचार करू जे सेक्डो वर्ष पुरान इवक्षर,
- 6:55–6:58आदूनिक कमपुटर विज्यानक शब्दावलीके परिभाषित करत.
- 6:58–7:28ये एक ता बहुत सुंदर वैचारिक संगमच्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्�
- 7:28–7:34अग्रेजीक शब्द आल्गुरितम, जे आदूनिक कम्पृ।टविज्यानक जान्थेक,
- 7:34–7:39उक्रा मेठ्ली में अब्युक्ती विदिकल्प के रूप में अनुवादित कयल जाएजी.
- 7:39–7:46इदेखते बुजना जाई तची जगजेंदर ताकृ आहुनक संगी संकलन करता लोकनी एश सब्द कोष लेल कदेग कडा परिष्वम कया लन ही आची.
- 7:46–7:51औस वड़ एहनहें सब्दाविलीक आविष्कार आनुकुलन कया लन ही आची,
- 7:51–7:56जिजितल विष्वक जटल संकल पना सब के मेत्लिक मुल प्रक्रितिक संग एक दंफिट कदेई तच्छे.
- 7:57–8:00इग अपने विप्टा दिख्शनरी कोनो सादारन काज नहीं चे.
- 8:00–8:05मित्लाकः प्चीस सतीस प्रतिषत बाजे वाला लोकनी आए द़्री मात्र एक भाशी चति.
- 8:05–8:07माने उ स्व्र्फ मैठली बाजेच छती.
- 8:07–8:11उनका लेल एे तकनीक दरी पहुचक एक ता बहुत पैग माद्ध्यम थेख
- 8:11–8:17एही शब्द कोश में अंगरीजी शब्द उकर व्याक्रन आ अ अईप्ये दूनी प्रतिक देल गेल गेल गेल गेल गेल गेल
- 8:17–8:22एकर अनुवाद देवनागरिक के संगे संगे मितलाक्शर में से होपलबद है.
- 8:22–8:28अने लोग कमपूटर अ बान्विध जेखा जटेल तकनीकी शब्द सबक सबहल अनुवाद कायल गेला चे.
- 8:28–8:30इक करोडो मेठली बाषी लोकनी के,
- 8:30–8:36अनलाई इश्वद्खोश अद दिजिटल दुन्यादरी पुचाबक एक ता अद्यन्त महत्वपून सादन अचे.
- 8:36–8:42जगन हम्रा सभई चर्चा समाप्त कर रहल ची, ता एक ता बहुत पएग प्रश्न सामने आई बाई ता चे.
- 8:42–8:49जईया जईया तकनीक तेजी से आगुबड़त रहल चे विश्वबरीक मूल, भोलिया अचेत्री यब हाँशा सब,
- 8:49–8:52दिजितल योग में जीवित रहा बाकले कोना अनुकुलन करत.
- 8:52–8:57इंग्रेजी मेतली कमपुटर शब्द्खोश एक ता शान्दार उदारन अचे,
- 8:57–9:00जे हां, इं निश्चय समबव अचे.
- 9:00–9:03मुदा इं हमरा सब के सुचने पर विववष करए था चे,
- 9:03–9:07जे हमरा सब के दिजिटल भविष्ष्चक स्थानी करन के देक आवष्चक अचे,
- 9:07–9:09जा इसे कुनो बहाशा या संस्क्रती,
- 9:09–9:12यही दिजितल दोड़ में पाच्ठा ने चुडजाए.
- 9:12–9:14इश्वद कोश मात्र मैठ्ली लेल नहीं
- 9:14–9:18बलकी विश्वक सब छेट्रिया बाशाक लेल एक तब बडखा प्रेना थेक.
Plain text
नमशकार, आई हम्रा सब एक ता बवड गजवब का और एक दम नवव विषेए पर गब करव. अंग्रेजी मैथिली कमपूटर शब्द कोष, सुनके कनी आश्चरे लागे छेने, जि कोना हम्रा सबक एत्ग प्राषीन भाषा, अपन सम्रिद परम्पर आगे आदूनेक क्म्पूटविज्यानक्सं जोड रहला ची इविश्लेशन हम्रा सब के दिखाएत, जि कोना एक तव विशाल शब्द कोषक निरमान, प्राचीन, लिपी, और आईक दिजितल युगक भीच एक तव मस्वूथ पुलक काजकोर हला ची. इई यात्रा इतिहास, संस्क्रती अद तक्नीका के बेजो़ संगम थेक, आव इगव्षप शुभ्ष्रू करी. मुदद, तक्नीक अग, अग, अग, अग, उप्द ज़ूँरी आची जे मित्हिलाक इजे सम्रिद शंस्क्रतिक पहचान आची उकी ख्छे. अगी थेग. इजे युग्म मत्स्या मने जोडा माच्टक पारंपर एक प्रती कची इप मूल पार्ट्सा लिल गे लची. इप मात्र कोनो डिजाएन या चिनन न नहीं च्याए. इई मित्हिला चेत्रक संस्क्रतिक जीवन्तता अश्वब परम्पराक एक दंद्साख्षात प्रमानाची जे हम्रा सबक भाशाक आत्मा में बसल अची. तब आएक इचर्चा कोना कोना आगु बडदत सितनी संख्षेप में जानिलिया. तच्छल। सब सब खब करे थी शब्दुकोष निरमाड कला पर अखेरे बनाइत कोना आची? देखू शब यषव्ट सब के सहेजग अस्सुची बद्खरबाक जे इम्माड कला तेशर जन गनना से जुडल उही रहस से पर चारिम कोना एह भाशक कुनरुध्धान भेल आ अन्त में मैठ्लीक दिजितल भविष्षे पर इएक ता गहिरगर यात्रा ही तेश्ट चलू सब सबहले गब करे इची शब्द कोश निरमाड कला पर अखेरे बनएत कोना आची? देखू, शब्द सब के सहेजक अस्सुची बद्गरबाक जे इ मानविय प्रव्रती आची ने से आएक नहीं बद्द पुरान्च आए, लोग इतिहासक इक्दम शुर्वाथ सा शबद के अर्थ अप रह्योग के सहेजत आए लची. मैठिलीक इजे नव, कम्पृटर, शब्द्खोश अची से कोनो रातो रात नई बन गे लची. इएक ता विशाल, वेशविक और अटियासिक परमपरा के हिस्सा थेक. तनी सोचु, तेइस्सो इसा पूर्व में सुमेरियन, अक्कादियन, शब्द्सुची, सल्ले का बारत के प्रस्द चकम शताबदीक आमर्कोष आस सत्रासो पच्पन में आयल सम्योल जोंसनक अंग्रेजी शब्द्खोष दरिक ययात्रा रहलत्ची. मैत्टिलीक य आदूनिक शब्द्खोष अद्बेख प्यग अतिहासिक परमपरासं सीथा जोडलत्ची. मुदा की दिछनरी बने नहीं इत्ते का सानकाच छे? इक्दम नहीं. प्रोफेसर उदै नरायन सिंग जीक प्रस्तावना कनुसार, ब्यवहारिक शब्द्खोष विग्यान की ठिग, इमात्र शब्द और उकर अर्थ कर लिस्ट नहीं छे. इश्व्द कोश संकलन और समपादनक उविग्यान और कला आचे जै में सबज पहले अंतिम उप्योग करता माने जे एकर उप्योग करत उकर पहचान करिल जाते ची इही में शब्द के एक दम सतीक परिबाशा उच्छारन के लेल आई पीए प्रतीक कर प्रियोग आर भाशाके विविद रूपके शामिल करभ आवष्षक होईता ची इक टा पूरा समवुदाएक सेवा लेल, करेल, गेल, अठक परिष्रम फित आब वेश्वि की तिहास, तनी आपन माइइ तदीसावी आ मैठली भाशाक ज़द पर गब करी को नो बाशा कलेल वो कर माइंट अ भूगोल बहुत महत्वपूरन होईत चे मेतली एक ता बहुते जटिल, भूगोलिक, राजनाइतिक छेत्रसा जुडल बाशा आचे इबिहार के गंगाक मेटान सलोक, निपाल के हीमालेक तराए छेत्र दरी पसार लग चे 1816 ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ � एतिक विस्त्रत शेट्रा सम्रित्दी तिहास सक्भावजुद इप्राचीन भाशा आदूनिक युग में कोना हाश्या पर ठेललगेल इएक ता बडका रहस्स्य आच्छे. इतिहास मेही भाशा संग आंक्डाक स्थर पर बडड विच्च्त्र खेल बहल आच्छे. अदिकारेग जंगरना आक्डा में कतिक अस्वाभविक आआश्चर्यजनक उतार चडावचे सितनी देखूं. 1911 उ 1921 कबीच मैठिली भाशेख का संख्या में 0.77% गिरावाटायल, मुदा फेर 1911-1961 कबीच अचानक 22.35% कर रद्दी बहगेल. अवकर बाद 1971-81 मे इव रिद्दी 24.19 प्रतीषत भाईगेल. इव प्रत्याशित अख्डा स्पष्ट करेत अच्टे जे मेत्ली भाजेवाला लोकनिक संख्या के, इतिहास में लगातार कम अखिल गेल जे लच्टेए, आएकर गलत प्रतिनिदित्व कयल गेल अच्छे. मुदा उही ब्रामक सरकारी अंक्राक विप्रीत इविश्शाल संख्या देखू, चार करोड. जी हा, प्रफेसर उदैं अराएन सिंग्जिक अनुमान अच्छी, जे वास्तव मैं में मेठली बाजे वाला लोकनिक आबादी चार करोड़ से बेसी आची और एटेग बडका आबादी के इन नव अंग्रेजी मेठली कमपुटर शब्द्खोष से सीथा लाब फिततत इकोनो चोट मोट समदाएक बात नहीं बारहलाची इक करोडो लोकक बाशा थिक. इगव रव हमरा सब की लेजाए तच्छे एक ता पुनरु थानेत बाशाक विज़ाय गाथा देस. आक्डाक हाश्या पर रहला सिन मेठली कमजोव नहीं भेल बलकी साहित्यक रूप मे आरु भेसी विखसित भेल. प्रुप्यसर उदैनारायन सिंजी की बात हम्रा बडनीक लागगे तची उख़े चती समविद्ठानेक अदिकार सबख अस्विक्रिती मेठलिक लेल चद्मवेश में एक तवर्दान साभिद भेल अची करनजे एकर साहित्यक साज्क्रितिक गत्विदिमे नव उर्जाएक संचार भेल आची. इएक ता एक दम उबबदग बात आची. जकन कोनो भाशा के राजनेतिक चुनातिक सामना करे पडल, तव उ हारल नहीं, बलकी उकर सहित्यक उप्पादकता, आज सांस्क्रितिक चेतना आरो तेज भेगेल. तएही ताम सबसे महत्वपून बात इच है, जे मेठलीक इस सहितिक उजा, अंतत आन मान्निता प्रात बाशा सब किन से हो पाचा चोर दिलक. एही लाम चकर संगर्षक चरम परिणाम एभेल जे मेठलीके बारतिय संविदानक अस्टम अनुशुची में शामिल कर्यल गिल. इस सर्फ एक ता राजनेटिक मानेता नहीं चल इब वाशक जीवनतता अवोकर सहित यक स्रिष्टताक पक्का प्रमान चल. आब आवी आएके सबसे महत्वपून आर अन्तिम क्हन्पर, मैठ्टलीक दिजितल भविष्च्यज. समविदानक अनुसुची मे एल आएक बाद, अब समय आएव गिलच जे एब हाशा बविष्च्च्यक तकनीक संग कदम से कदम मिलाएके चलए. ये खण्ड एही प्राषीन भाशा के आदूनिक दिजितल युग में लाबक लेल, कोईले गेल, अदबूट प्रयास पर केंद्रितच. एही अंग्रेजी मैठ्ली शब्दकोश में, सुंदर और पारमपर एक देवनागरी आम्मिठ्लाखषर, जेक्रा तिरहुता लिपी से हु कहल जाईताच, उकर उप्योग को लगे लच. इलिपी सब कित्तिक प्राचीन आजजटिल्च है. आप विचार करू जे सेक्डो वर्ष पुरान इवक्षर, आदूनिक कमपुटर विज्यानक शब्दावलीके परिभाषित करत. ये एक ता बहुत सुंदर वैचारिक संगमच्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्च्� अग्रेजीक शब्द आल्गुरितम, जे आदूनिक कम्पृ।टविज्यानक जान्थेक, उक्रा मेठ्ली में अब्युक्ती विदिकल्प के रूप में अनुवादित कयल जाएजी. इदेखते बुजना जाई तची जगजेंदर ताकृ आहुनक संगी संकलन करता लोकनी एश सब्द कोष लेल कदेग कडा परिष्वम कया लन ही आची. औस वड़ एहनहें सब्दाविलीक आविष्कार आनुकुलन कया लन ही आची, जिजितल विष्वक जटल संकल पना सब के मेत्लिक मुल प्रक्रितिक संग एक दंफिट कदेई तच्छे. इग अपने विप्टा दिख्शनरी कोनो सादारन काज नहीं चे. मित्लाकः प्चीस सतीस प्रतिषत बाजे वाला लोकनी आए द़्री मात्र एक भाशी चति. माने उ स्व्र्फ मैठली बाजेच छती. उनका लेल एे तकनीक दरी पहुचक एक ता बहुत पैग माद्ध्यम थेख एही शब्द कोश में अंगरीजी शब्द उकर व्याक्रन आ अ अईप्ये दूनी प्रतिक देल गेल गेल गेल गेल गेल गेल एकर अनुवाद देवनागरिक के संगे संगे मितलाक्शर में से होपलबद है. अने लोग कमपूटर अ बान्विध जेखा जटेल तकनीकी शब्द सबक सबहल अनुवाद कायल गेला चे. इक करोडो मेठली बाषी लोकनी के, अनलाई इश्वद्खोश अद दिजिटल दुन्यादरी पुचाबक एक ता अद्यन्त महत्वपून सादन अचे. जगन हम्रा सभई चर्चा समाप्त कर रहल ची, ता एक ता बहुत पएग प्रश्न सामने आई बाई ता चे. जईया जईया तकनीक तेजी से आगुबड़त रहल चे विश्वबरीक मूल, भोलिया अचेत्री यब हाँशा सब, दिजितल योग में जीवित रहा बाकले कोना अनुकुलन करत. इंग्रेजी मेतली कमपुटर शब्द्खोश एक ता शान्दार उदारन अचे, जे हां, इं निश्चय समबव अचे. मुदा इं हमरा सब के सुचने पर विववष करए था चे, जे हमरा सब के दिजिटल भविष्ष्चक स्थानी करन के देक आवष्चक अचे, जा इसे कुनो बहाशा या संस्क्रती, यही दिजितल दोड़ में पाच्ठा ने चुडजाए. इश्वद कोश मात्र मैठ्ली लेल नहीं बलकी विश्वक सब छेट्रिया बाशाक लेल एक तब बडखा प्रेना थेक.