MACHINE ASR ACCESSIBILITY AID

गोही_सभक_बीच_जलसमाधि.mp4

Not an editorially verified transcript. This text was generated automatically from the preserved recording and may contain recognition, language-detection, spelling, segmentation or name errors. Consult the source recording for authoritative content.
Collection
Part 8 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 8
Status
asr-draft
Human verified
No
Editorial review
not-reviewed
ASR model
small
Detected language
ne (0.982964)
Duration
8:09
Source
Open preserved recording

Timestamped machine output

  1. 0:00–0:08ला, अब सुरुगरूं, गोजिंद्र तागर को यो अद्ट्यंते चाक्लाग्डो की सोडौपन्यास, गोही सबग भीज जल समादि को भिस्लेसन.
  2. 0:08–0:38यो यो यो यो यो वो आप बदा बबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबब
  3. 0:38–1:08अब अ एक उन्च्छी न सब ज़न्ता, के हुँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ�
  4. 1:08–1:10उसको नामे जरे दिखि मेटा इदिन सा
  5. 1:10–1:14हो, यही कहाली लाग्दो प्रष्ना ने, यो स्रोज सामगरी को मुटु हो
  6. 1:14–1:18जब अकुने भीचारा, मज्दूर, वा सिमान्तक्रित मानिस को जान जान सा
  7. 1:18–1:20तर श्रकारी द्हड़्ड़ पल्तारे हेर्दा
  8. 1:20–1:50तेहाँ उसको नाम निसान हूँदें तब अब त्यो मिर्त्यो कस को हूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ
  9. 1:50–1:53अद्रा मड्य का आत्माहरु बहने बलना बाद्य जान
  10. 1:53–1:56लेखख्ले यहां लोग कता ले कती गज़ब ले प्रयगगाचन बहने ने
  11. 1:56–1:58राद को समय माच चनना गाची
  12. 1:58–2:02अथा द्रुक को मूनी बूत प्रेट रा आत्माहरु आर खबर्टी खेल चन
  13. 2:02–2:08तरा खास मा यो द्रिष चले ती शिमान्ते क्रित प्रिडिद्धार को प्रतिनिदि तो गरी रहे को सा,
  14. 2:08–2:11ज़स ले मरे पच्षी पनी आपनो लूटिये को पहिचान रहा,
  15. 2:11–2:14रहा मेट्ये को नाम फिर्ता पाँना संगर सा गरी रहे का सा.
  16. 2:14–2:19न्याया न्पायका ती आत्माहरु कबद्टी को मदान मा आपने नाम पुकार दे लडि रए का सन.
  17. 2:19–2:25अब यो उपन्यास को चूरो कुरो बुजने अब आमिले गोही को प्रतिकलाई राम्रो संग बुजने बर सग.
  18. 2:25–2:29यहा गोही बने को पानी मा बसने समाने जनावर मत्रे है नहीं
  19. 2:29–2:32यो तेट्योडा एस तो दर लाग्दो खलनाये को
  20. 2:32–2:36जस ले कता अगी बरदे जादा अने को बयानक रुपरू फेर चा
  21. 2:36–2:40एसले लोब, जूट, करमचारी तन्तर को दिला सुस्ती,
  22. 2:40–2:44तर यह आँशम्वकी आदूनिक साईबर थगलाई समेद दर साँँचा
  23. 2:45–2:50समाजलाई भित्रबित्रे खोख्रो पारी रहे को, प्रनालिगत सिकारी को वास्तबित्रुप हो यो गोही
  24. 2:51–2:55अब जाओ खंडद दोई तर्फा, गोही रजलसमादी प्रनालिगत प्रष्टाचार
  25. 2:55–2:58यह ने राव जल समादि को कुरा
  26. 2:58–3:03जल समादि बने को सुन्दाखेरी पाने भित्र रहाँनु वा दूबनु जस्त मातर लाख्सा
  27. 3:03–3:07तरह यह यह यो योगता सामने गाओले गडना बाता सुरूभ हैरा
  28. 3:07–3:11शिंगो प्रनालीगत प्रस्टाचार को भिशाल रुपक बन्ना पुखचा.
  29. 3:11–3:13सबे वंद्दा महत्टपन कुरा के चा वने,
  30. 3:13–3:17त्यो जंगली गोही अब भिकसिद गहरा अजज़ा कहतरनाक चिज्मा बबडलिनचा.
  31. 3:17–3:20रत्यो हो हम्रो कानूनी रप्रषासनिक प्रनाली आफ़े
  32. 3:20–3:25स्रोत ले एक दमें प्रष्ट पारे को स्थ जसरी नदी मागोही ले मानिस ले खान्च़
  33. 3:25–3:28तब के तेसे गरी सरकारी अद्डार अदलत का गोही रूले
  34. 3:28–3:31वाँईज रवाईगा नाम बाईदान नदिको किनार बाटा सरे रा शिदै अदालगत को दोका बित्र पोखषा
  35. 3:31–3:34अब यहा अद्तियार ले होईना कागज रवाँज रवाँज रवाँज
  36. 3:34–3:37नदिक वाँज रवाँज रवाँज रवाँज रवाँज रवाँज
  37. 3:37–4:07ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ
  38. 4:07–4:37ಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈ
  39. 4:37–4:41अब अगी बड़ाँ खण्ड़ा चार मा श्क्रीन का गोही रहु दिजिटल युग का अप्राध
  40. 4:42–4:46कथा ज़से या गाडी बड़्चा लेखखले आदहनिक युग मा योटा गजब को फ़द को मारचन
  41. 4:46–5:16भागी दूईश्यान्ता बडी मज्दूर होगे जान को हूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ
  42. 5:16–5:21पाल बत्रा जस्ता पात्र हो मार्फद आमी आदहुनिक दिजितल अप्रादखोरो को बहानाक सन्जाल देखना सक्सों
  43. 5:21–5:51श्रोद समगरी मा एक दमे श्पोस्ट्र रूप मा देखाई एको सागी, को सरी नकली बंखाथाज्र खोलीन्चन, साईबर थगी हूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ
  44. 5:51–6:21या प्रज्ट्टार का ब्यानक परनाम हरो लेग लुकाई लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग
  45. 6:21–6:25अब लागों हम्रो अंतिम क्हन्द, क्हन्द चाथ अर्फ, नियायर नाम फरूको फिर्ती, अर्था त्सम्जना को अदिकार.
  46. 6:25–6:28अगर गबनेता दूबे लूटिन। नहीं आजज़क नया जला समादि हो
  47. 6:29–6:36अब लागव हमरो अंतिम खन्ड, खन्ड चाटर्फः, न्यायर नाम हरो को फिर्ति, अर्ठात समजना को अदिकार
  48. 6:36–6:48अंतत्त येवटा तुलो प्रष्ना उड़चा, समाजले इई निरन्तर रूप फेरी रहने, कहले नदीमा, कहले फालमा, कहले इस्क्रिन्मा बेटिने गोई हरु संगा कषरी लड़ने, नयाय कषरी सूनेष्चित करने ता.
  49. 6:48–6:52यो पन्याश योटा एक्दमाई सक्ति साली रा यतार्थबरक संद्यष्टी रतूंगींचा.
  50. 6:52–6:59नयाय को लागी लडनू बहने को सर्म भशन्द बर्दा पिडिद को नामलाे कुनेई पनी हलत्मा डुबन न नदीनू हो.
  51. 6:59–7:04प्रष्ट्चार को त्यो काल पानी माठी पनी समजनाले सुरक्षित राखनोने य साथ सु न्याय हो.
  52. 7:04–7:10ज़सरी अंते मैए तो नरीवल को पात त्यो काल नदी मा नद्धुभी कना सांत संद संग तटीरी रहां सा,
  53. 7:10–7:20तेसे गरी गोपा कुमार, इरान रा सत्यब्रत्ता ज़ास्ता पात्रहर को अथक प्रयासले ती मिटिये का नाम हरु फेरी सता हमा आँचन, आसा अजई बाकिसा बने कुरा यसले दिखाँँज़।
  54. 7:20–7:25यो भिसले स्वन्ड को अंध्यमा योटा एक दमः गईरो रषोचनी ये प्रष्ना हमी सामू कड़ा अंचा.
  55. 7:25–7:31अनन्ता इस्क्रीन रग करमचारी तन्तर का अनगिन्ती फाणल्ड़ ले बहरिये को यो संचार मा,
  56. 7:31–7:35उने पनी बेक्तिको पविचान रहुज्खो समजना को अदिकार बास्तम्मा को संगा हूंचाता.
  57. 7:35–7:42आजको आदूनिक समय माजा, जा हमरा हरेक दिजितल डो बहु रहु रह बेक्तिको पविचान रहु निरंतर क्षत्राम आशन,
  58. 7:42–7:44अमेले तिनले कसरी सुरक्षित राखिर आगा सूं
  59. 7:44–7:47यो कता गड नरीकेल गाँको मातर पक्के होईना
  60. 7:47–7:50यो ता दिजिटल युगमा बाची रहे का हमी सबई को कता हो
  61. 7:50–7:53यसले पक्के पनी हमेले हमरो आपने पविचान
  62. 7:53–8:07रह्ँ न्यार प्रनाली बारे एक प्रटक गंभीर भारा सूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ�

Plain text

ला, अब सुरुगरूं, गोजिंद्र तागर को यो अद्ट्यंते चाक्लाग्डो की सोडौपन्यास, गोही सबग भीज जल समादि को भिस्लेसन. यो यो यो यो यो वो आप बदा बबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबबब अब अ एक उन्च्छी न सब ज़न्ता, के हुँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ� उसको नामे जरे दिखि मेटा इदिन सा हो, यही कहाली लाग्दो प्रष्ना ने, यो स्रोज सामगरी को मुटु हो जब अकुने भीचारा, मज्दूर, वा सिमान्तक्रित मानिस को जान जान सा तर श्रकारी द्हड़्ड़ पल्तारे हेर्दा तेहाँ उसको नाम निसान हूँदें तब अब त्यो मिर्त्यो कस को हूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ अद्रा मड्य का आत्माहरु बहने बलना बाद्य जान लेखख्ले यहां लोग कता ले कती गज़ब ले प्रयगगाचन बहने ने राद को समय माच चनना गाची अथा द्रुक को मूनी बूत प्रेट रा आत्माहरु आर खबर्टी खेल चन तरा खास मा यो द्रिष चले ती शिमान्ते क्रित प्रिडिद्धार को प्रतिनिदि तो गरी रहे को सा, ज़स ले मरे पच्षी पनी आपनो लूटिये को पहिचान रहा, रहा मेट्ये को नाम फिर्ता पाँना संगर सा गरी रहे का सा. न्याया न्पायका ती आत्माहरु कबद्टी को मदान मा आपने नाम पुकार दे लडि रए का सन. अब यो उपन्यास को चूरो कुरो बुजने अब आमिले गोही को प्रतिकलाई राम्रो संग बुजने बर सग. यहा गोही बने को पानी मा बसने समाने जनावर मत्रे है नहीं यो तेट्योडा एस तो दर लाग्दो खलनाये को जस ले कता अगी बरदे जादा अने को बयानक रुपरू फेर चा एसले लोब, जूट, करमचारी तन्तर को दिला सुस्ती, तर यह आँशम्वकी आदूनिक साईबर थगलाई समेद दर साँँचा समाजलाई भित्रबित्रे खोख्रो पारी रहे को, प्रनालिगत सिकारी को वास्तबित्रुप हो यो गोही अब जाओ खंडद दोई तर्फा, गोही रजलसमादी प्रनालिगत प्रष्टाचार यह ने राव जल समादि को कुरा जल समादि बने को सुन्दाखेरी पाने भित्र रहाँनु वा दूबनु जस्त मातर लाख्सा तरह यह यह यो योगता सामने गाओले गडना बाता सुरूभ हैरा शिंगो प्रनालीगत प्रस्टाचार को भिशाल रुपक बन्ना पुखचा. सबे वंद्दा महत्टपन कुरा के चा वने, त्यो जंगली गोही अब भिकसिद गहरा अजज़ा कहतरनाक चिज्मा बबडलिनचा. रत्यो हो हम्रो कानूनी रप्रषासनिक प्रनाली आफ़े स्रोत ले एक दमें प्रष्ट पारे को स्थ जसरी नदी मागोही ले मानिस ले खान्च़ तब के तेसे गरी सरकारी अद्डार अदलत का गोही रूले वाँईज रवाईगा नाम बाईदान नदिको किनार बाटा सरे रा शिदै अदालगत को दोका बित्र पोखषा अब यहा अद्तियार ले होईना कागज रवाँज रवाँज रवाँज नदिक वाँज रवाँज रवाँज रवाँज रवाँज रवाँज ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈಈ अब अगी बड़ाँ खण्ड़ा चार मा श्क्रीन का गोही रहु दिजिटल युग का अप्राध कथा ज़से या गाडी बड़्चा लेखखले आदहनिक युग मा योटा गजब को फ़द को मारचन भागी दूईश्यान्ता बडी मज्दूर होगे जान को हूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ पाल बत्रा जस्ता पात्र हो मार्फद आमी आदहुनिक दिजितल अप्रादखोरो को बहानाक सन्जाल देखना सक्सों श्रोद समगरी मा एक दमे श्पोस्ट्र रूप मा देखाई एको सागी, को सरी नकली बंखाथाज्र खोलीन्चन, साईबर थगी हूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ या प्रज्ट्टार का ब्यानक परनाम हरो लेग लुकाई लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग लेग अब लागों हम्रो अंतिम क्हन्द, क्हन्द चाथ अर्फ, नियायर नाम फरूको फिर्ती, अर्था त्सम्जना को अदिकार. अगर गबनेता दूबे लूटिन। नहीं आजज़क नया जला समादि हो अब लागव हमरो अंतिम खन्ड, खन्ड चाटर्फः, न्यायर नाम हरो को फिर्ति, अर्ठात समजना को अदिकार अंतत्त येवटा तुलो प्रष्ना उड़चा, समाजले इई निरन्तर रूप फेरी रहने, कहले नदीमा, कहले फालमा, कहले इस्क्रिन्मा बेटिने गोई हरु संगा कषरी लड़ने, नयाय कषरी सूनेष्चित करने ता. यो पन्याश योटा एक्दमाई सक्ति साली रा यतार्थबरक संद्यष्टी रतूंगींचा. नयाय को लागी लडनू बहने को सर्म भशन्द बर्दा पिडिद को नामलाे कुनेई पनी हलत्मा डुबन न नदीनू हो. प्रष्ट्चार को त्यो काल पानी माठी पनी समजनाले सुरक्षित राखनोने य साथ सु न्याय हो. ज़सरी अंते मैए तो नरीवल को पात त्यो काल नदी मा नद्धुभी कना सांत संद संग तटीरी रहां सा, तेसे गरी गोपा कुमार, इरान रा सत्यब्रत्ता ज़ास्ता पात्रहर को अथक प्रयासले ती मिटिये का नाम हरु फेरी सता हमा आँचन, आसा अजई बाकिसा बने कुरा यसले दिखाँँज़। यो भिसले स्वन्ड को अंध्यमा योटा एक दमः गईरो रषोचनी ये प्रष्ना हमी सामू कड़ा अंचा. अनन्ता इस्क्रीन रग करमचारी तन्तर का अनगिन्ती फाणल्ड़ ले बहरिये को यो संचार मा, उने पनी बेक्तिको पविचान रहुज्खो समजना को अदिकार बास्तम्मा को संगा हूंचाता. आजको आदूनिक समय माजा, जा हमरा हरेक दिजितल डो बहु रहु रह बेक्तिको पविचान रहु निरंतर क्षत्राम आशन, अमेले तिनले कसरी सुरक्षित राखिर आगा सूं यो कता गड नरीकेल गाँको मातर पक्के होईना यो ता दिजिटल युगमा बाची रहे का हमी सबई को कता हो यसले पक्के पनी हमेले हमरो आपने पविचान रह्ँ न्यार प्रनाली बारे एक प्रटक गंभीर भारा सूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ�

← Transcript index