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विटको_यात्रा__प्राचीन_एकालाप.mp4

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Part 8 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 8
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  1. 0:00–0:05यस विसलेश अनात्मक प्रस्त्तिमा स्वागत्स्जा, ल़, सीधें विषे वस्तूमा प्रवेष करों है ता,
  2. 0:05–0:10आजा हमी, हजारों वर्ष अगी का प्राषीन भारत्य सहर हरुका,
  3. 0:10–0:13ती अत्यंते जीवन्त, अली कती पाकहन्दी,
  4. 0:13–0:15अदा खोला हल पूरन प्राचीन सहर
  5. 0:15–0:18जाए एगे माडर नाटकी ये कथावाचक ले हामिलै
  6. 0:18–0:22त्याको समाज प्रेम राहासो को दूनिया माडर थाई रहे कोचा
  7. 0:22–0:25आजा हमिले आदार मानेका स्रोट समगरी हरू
  8. 0:25–0:36अजा हमीले आदार मानेका स्वोज समगरी हरू विषेश गरी च्थूर भाडी अन्तरगत का प्राचीन संस्क्रिद नाटक हरू को मैठिली अनुवादले हमीले तहके तही पुरानो उगमा फरकाईर लई जान्सन.
  9. 0:36–1:06तब आदग प्रड़ा प्रड़ा लई जान से तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगा
  10. 1:06–1:36अब यह बजने परने यह नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं न
  11. 1:36–1:40बार्द बने को के हो बने यो यो यो यो येस तो एकां की नाटक हो,
  12. 1:40–1:43जहां मंच माज़ मा एक जना मात्रे अबिनेता होंचा.
  13. 1:43–1:47हो, मात्र एक जना ती पात्रलग विट बनिनचा.
  14. 1:47–1:49अब खल्पना गरों यो यो ता खाली मंच चा.
  15. 1:49–1:52अब कल्पना गरों योटा खाली मन्ष्च्छा
  16. 1:52–1:57रद यह यह योटे कलाकार ले विवेन न कालपनिक पात्रा हो संग गव्फ गरी रहे कोचा
  17. 1:57–2:00हवा में प्रष्नष्चोदी रहे कोचा अन आफे उतर पनी दी रहे कोचा
  18. 2:01–2:03हमी ले जे जदी सुन्चाओ रह महसुज गर सों
  19. 2:03–2:05त्यो सबगे तेही एगटे कलाकार को स्वर
  20. 2:05–2:08रव आबिने बाटा मात्र संबब हूंचा
  21. 2:08–2:12साथचे बनुपर्दा यो एक दमे अद्वित्तिया रचुनोति पूना काला हो
  22. 2:12–2:15कंड़ा एक, वसंटको मादक तार व्यंगया
  23. 2:15–2:21शूद्रक्त्टारा रजित पद्म प्राव्रत्त्खम नाटक्ले हमिले उज्जैईनी सहर को वसंटरी तुमा लई जान्चाए.
  24. 2:21–2:28यो सहर हेर्दा जती सुन्दर चनी, तेतीने अनेक ठारी मानी सरू उने लुके का इच्चारू रपाकंदारू ले बर्ये को योटा केंद्र पनी हो.
  25. 2:28–2:34यहां हमरो मुक्य पात्र, अथात सुस्टंस्क्रित, चतूर रा डूर्डिकती दूर्त सबहाव को विट,
  26. 2:34–2:38स्ददक मा तो हली देगर्दा कस्ता कस्ता रमाईला चरीत्र हरु संग तोखींचा हे रों है ता.
  27. 2:38–2:44सबे बन्दा पहला उसले योटा कविता लेक्ना संगर्ष्गरी रहे को निराश कवि शारस्वत भद्रलाई बहिट्चा.
  28. 2:44–2:51तेस्पजी व्याकरन्का कडा नियम्हरु मात्रे बादियर रुक्हो बोलने व्याकरन् दद्त कलष्को मज्जाले खिल्गि उडाूंचा.
  29. 2:51–2:54कता अगी बर्देजादा बाहिरा आफले एक तमें पवित्र देक्होंने,
  30. 2:54–2:59तर भित्र भित्र वेश्याले डावने नकली वैश्नव पवित्र को पर्दा प्हाँषने गरी दिन सा.
  31. 2:59–3:03अनी अन्ते मा योडा पापी बुद्द भिख्षु संखिलक्लै रंगे हाद पक्रव गर सा.
  32. 3:03–3:09इबेद्गाट रो सुन्दा जती रमाला संथ इले तत्कालिन समाज को पाकच्ण्डमाती ते तिने तीखो प्रहार पनी गरे का संथ.
  33. 3:09–3:19यो व्यंग या कती कडा चा वने योड़ द्रिश्यमा वेट ले बोडद भिख्षु संगे लक्लग ले विष्च्या ले चेट्र बात आत्तिदे लुक्दे बाईरनिस्की रहे को देखषा.
  34. 3:19–3:49ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ
  35. 3:49–4:19జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ
  36. 4:19–4:22यह तब प्रज्ट्ट्प्र्तिको ग़ेरो प्रेम् को लग्षन हो।
  37. 4:22–4:23अनी यो प्रेम् रोग को लागी विटले यो अथ्ता अथ्ते विसिस्ट्ट्र
  38. 4:23–4:53నానినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
  39. 4:53–5:23జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ
  40. 5:23–5:29अमी इश्वर दद्ध्ध्द्वारा रचित दोस्रो नाटक दूर्तवित समवादाध तर्फप्रवेश कर देचों,
  41. 5:29–5:33जहा माहोल पूरे उल्टो हुँच्छाए रो वसंट बाटः,
  42. 5:33–5:36हमी अब खुस्म्पूर सहर को अंद्यारो अकाश,
  43. 5:36–5:39बारी मंसून लाल्सा लाई अजजत्तिप रवानाई दिन्चा
  44. 5:39–5:42पानी दर की रहे को चा, बारी निसकन गारू चा,
  45. 5:42–5:44रा मानी सरु गळर्भित्रे थूनिये का चान,
  46. 5:44–5:47अब नावना हरुलाई पुरे फरक-फरक तरीकाले असर गर से
  47. 5:47–5:51खंड तीन, मंसून रा रोमान्टिक लाल्सा
  48. 5:51–5:57बारी मन्सुन ले बेश्च्या ले चेट्रमा रोमान्टिक लाल सालग अजजजजट्तीप्र बनाई दिनचा.
  49. 5:57–6:02पानिदर की रहे को चा बाईरनिसकना गारू चा रमानि सरो गर्बित्रे थूनिये का चान.
  50. 6:02–6:05इस तो बेला प्रेम रभी रहो को बावना अजज़ग गवेरो नचनी
  51. 6:05–6:10हैनरा, बीट जो सड़क मा गुमनर उचाउ तियो आजज़ा पानी का करन गर्वित्रे बसना बाद्द देषा.
  52. 6:10–6:14तर यही उडासी को बीज मा उसले सहर को येटा नया रूप देख सा.
  53. 6:14–6:18मूँसम को यो काभ्यक वरन् सून्नुस्त, बादल हरूले ड़लग बजाँने काम गर्चन,
  54. 6:18–6:23बीजुली रीसाये को महला को बहुज़स्ते चमकिन चा, रचीसो हावाले कडा अंगालो हाल्चा.
  55. 6:23–6:53यो केबल पानी परे को समन्या भीबरन उदे हूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ�
  56. 6:53–6:57उब बाग खागा चले रा आपनो प्रेमिका संग बेटन लुकि चिपिहिडी रहे गा चन.
  57. 6:57–7:01त्या वारुडि पाचिन, जो रुजदेई भिज्देः संदेस पुर्याँन रहे किछिछिन,
  58. 7:01–7:08अई बन्दू मतिका जो योगटा रोमान्टेक शान पच्षी को आपनो फूसके को कम्मर बन्द अथाद, कर्दधनी चुप चाप मिलाओ देछिन.
  59. 7:08–7:38జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ
  60. 7:38–7:42अज़बनी याज़़ागी बाग़न्द, रष्वरी आ जीवन को उखु समुखुस अज़बनी तित्तिके संदर विख्छन.
  61. 7:43–7:47समया हजारों वर्ष्वागी बड़े पनी मानिस का अदारबुद भावनाध रहु फित्टिके परिवर्टन बहेका चाईनन.
  62. 7:47–7:51अज़का आदूनिक सबरका सव़ग्याले बहरीए का गल्ली हरू बन्दा कुने माने माझवारक चन्ता
  63. 7:52–7:55आजपनी सव़ग्याले बहरीए का गल्ली हरू बन्दा कुने माने माझवारक चन्ता
  64. 7:55–8:25నారినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
  65. 8:25–8:27पक्कि गन्हला ही

Plain text

यस विसलेश अनात्मक प्रस्त्तिमा स्वागत्स्जा, ल़, सीधें विषे वस्तूमा प्रवेष करों है ता, आजा हमी, हजारों वर्ष अगी का प्राषीन भारत्य सहर हरुका, ती अत्यंते जीवन्त, अली कती पाकहन्दी, अदा खोला हल पूरन प्राचीन सहर जाए एगे माडर नाटकी ये कथावाचक ले हामिलै त्याको समाज प्रेम राहासो को दूनिया माडर थाई रहे कोचा आजा हमिले आदार मानेका स्रोट समगरी हरू अजा हमीले आदार मानेका स्वोज समगरी हरू विषेश गरी च्थूर भाडी अन्तरगत का प्राचीन संस्क्रिद नाटक हरू को मैठिली अनुवादले हमीले तहके तही पुरानो उगमा फरकाईर लई जान्सन. तब आदग प्रड़ा प्रड़ा लई जान से तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगाग तब रगा अब यह बजने परने यह नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं न बार्द बने को के हो बने यो यो यो यो येस तो एकां की नाटक हो, जहां मंच माज़ मा एक जना मात्रे अबिनेता होंचा. हो, मात्र एक जना ती पात्रलग विट बनिनचा. अब खल्पना गरों यो यो ता खाली मंच चा. अब कल्पना गरों योटा खाली मन्ष्च्छा रद यह यह योटे कलाकार ले विवेन न कालपनिक पात्रा हो संग गव्फ गरी रहे कोचा हवा में प्रष्नष्चोदी रहे कोचा अन आफे उतर पनी दी रहे कोचा हमी ले जे जदी सुन्चाओ रह महसुज गर सों त्यो सबगे तेही एगटे कलाकार को स्वर रव आबिने बाटा मात्र संबब हूंचा साथचे बनुपर्दा यो एक दमे अद्वित्तिया रचुनोति पूना काला हो कंड़ा एक, वसंटको मादक तार व्यंगया शूद्रक्त्टारा रजित पद्म प्राव्रत्त्खम नाटक्ले हमिले उज्जैईनी सहर को वसंटरी तुमा लई जान्चाए. यो सहर हेर्दा जती सुन्दर चनी, तेतीने अनेक ठारी मानी सरू उने लुके का इच्चारू रपाकंदारू ले बर्ये को योटा केंद्र पनी हो. यहां हमरो मुक्य पात्र, अथात सुस्टंस्क्रित, चतूर रा डूर्डिकती दूर्त सबहाव को विट, स्ददक मा तो हली देगर्दा कस्ता कस्ता रमाईला चरीत्र हरु संग तोखींचा हे रों है ता. सबे बन्दा पहला उसले योटा कविता लेक्ना संगर्ष्गरी रहे को निराश कवि शारस्वत भद्रलाई बहिट्चा. तेस्पजी व्याकरन्का कडा नियम्हरु मात्रे बादियर रुक्हो बोलने व्याकरन् दद्त कलष्को मज्जाले खिल्गि उडाूंचा. कता अगी बर्देजादा बाहिरा आफले एक तमें पवित्र देक्होंने, तर भित्र भित्र वेश्याले डावने नकली वैश्नव पवित्र को पर्दा प्हाँषने गरी दिन सा. अनी अन्ते मा योडा पापी बुद्द भिख्षु संखिलक्लै रंगे हाद पक्रव गर सा. इबेद्गाट रो सुन्दा जती रमाला संथ इले तत्कालिन समाज को पाकच्ण्डमाती ते तिने तीखो प्रहार पनी गरे का संथ. यो व्यंग या कती कडा चा वने योड़ द्रिश्यमा वेट ले बोडद भिख्षु संगे लक्लग ले विष्च्या ले चेट्र बात आत्तिदे लुक्दे बाईरनिस्की रहे को देखषा. ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ ಈ జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ यह तब प्रज्ट्ट्प्र्तिको ग़ेरो प्रेम् को लग्षन हो। अनी यो प्रेम् रोग को लागी विटले यो अथ्ता अथ्ते विसिस्ट्ट्र నానినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ अमी इश्वर दद्ध्ध्द्वारा रचित दोस्रो नाटक दूर्तवित समवादाध तर्फप्रवेश कर देचों, जहा माहोल पूरे उल्टो हुँच्छाए रो वसंट बाटः, हमी अब खुस्म्पूर सहर को अंद्यारो अकाश, बारी मंसून लाल्सा लाई अजजत्तिप रवानाई दिन्चा पानी दर की रहे को चा, बारी निसकन गारू चा, रा मानी सरु गळर्भित्रे थूनिये का चान, अब नावना हरुलाई पुरे फरक-फरक तरीकाले असर गर से खंड तीन, मंसून रा रोमान्टिक लाल्सा बारी मन्सुन ले बेश्च्या ले चेट्रमा रोमान्टिक लाल सालग अजजजजट्तीप्र बनाई दिनचा. पानिदर की रहे को चा बाईरनिसकना गारू चा रमानि सरो गर्बित्रे थूनिये का चान. इस तो बेला प्रेम रभी रहो को बावना अजज़ग गवेरो नचनी हैनरा, बीट जो सड़क मा गुमनर उचाउ तियो आजज़ा पानी का करन गर्वित्रे बसना बाद्द देषा. तर यही उडासी को बीज मा उसले सहर को येटा नया रूप देख सा. मूँसम को यो काभ्यक वरन् सून्नुस्त, बादल हरूले ड़लग बजाँने काम गर्चन, बीजुली रीसाये को महला को बहुज़स्ते चमकिन चा, रचीसो हावाले कडा अंगालो हाल्चा. यो केबल पानी परे को समन्या भीबरन उदे हूँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँँ� उब बाग खागा चले रा आपनो प्रेमिका संग बेटन लुकि चिपिहिडी रहे गा चन. त्या वारुडि पाचिन, जो रुजदेई भिज्देः संदेस पुर्याँन रहे किछिछिन, अई बन्दू मतिका जो योगटा रोमान्टेक शान पच्षी को आपनो फूसके को कम्मर बन्द अथाद, कर्दधनी चुप चाप मिलाओ देछिन. జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ अज़बनी याज़़ागी बाग़न्द, रष्वरी आ जीवन को उखु समुखुस अज़बनी तित्तिके संदर विख्छन. समया हजारों वर्ष्वागी बड़े पनी मानिस का अदारबुद भावनाध रहु फित्टिके परिवर्टन बहेका चाईनन. अज़का आदूनिक सबरका सव़ग्याले बहरीए का गल्ली हरू बन्दा कुने माने माझवारक चन्ता आजपनी सव़ग्याले बहरीए का गल्ली हरू बन्दा कुने माने माझवारक चन्ता నారినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన पक्कि गन्हला ही

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