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कागजी_हेराफेरी_और_डिजिटल_मगरमच्छ.m4a
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- 0:00–0:06पेश है गजेंद्र ताकूर के चर्चित उपन्न्यास, गोही सबख भीज जल समादी का तवरत सार
- 0:07–0:15ये कोई आम कहानी नहीं है, वलकी गहराए से दिखाती है कैसे ब्रष्ट सिस्टम आम लोगों का वजुद कागजों से मिता देता है
- 0:15–0:20और फिर कैसे यादों के सहारे सच आपना रास्ता खुध बनाता है
- 0:20–0:24तो पहला आहम बिन्दू है कागजी हेरा फेरी के जर ये सच को दबाना
- 0:24–0:27कहानी शुरू होती है यंजिन्यर नंद अरुन से
- 0:27–0:29जो एक पुल हाजसे में मरे
- 0:29–0:32तीन सो मज्दूरों की पहचान बचाने की लड़ाई लड़ते हैं
- 0:32–0:33जबकी सरकारी फाणलें
- 0:33–0:35सर्फ तीस माते ही मानती है
- 0:35–0:36पता है
- 0:36–0:38इस में एक बड़ा दिल्चस्प टच है
- 0:38–0:40जाए गाँ के बूथ
- 0:40–0:43इन बभलाईगे नामों को जिन्दा रखने के लिट्रली कबड़ी खिलते हैं
- 0:43–0:47शीर्षक के मेठली शब्द, गोही का मतलब मगर मच है
- 0:47–0:50और यहां कागजी रिकोड उसी मगर मच की तरहा हैं
- 0:50–0:52जो सच को निगल जाते हैं
- 0:52–0:56अब आपी सुचीए, क्या फाईलों से नाम मिता देने से किसी का सच्मे अंथ होजाता है?
- 0:56–1:00तुस्रा महत्वपूर पहलू है, इस दिजिटल युग का नया मगर्मच.
- 1:00–1:04देके, शोशन कभी रुकता नहीं बस अच्मना रूभ बडल लेता है.
- 1:04–1:08आज दिजितल आरेस्ट जैसे अनलाई गोटालों से यूवाँ को लूटना
- 1:08–1:12या भूली बाली बलक्यों की तसकरी कर उने Fm जैसे कोड नाम देना
- 1:12–1:15ये सब उसी पुरानी धोकाद़ी का नया जाल है
- 1:15–1:19उब भ्रश्ट व्यवस्ता आपको स्वे कोड ये आख्डा बनादे तु आपकी सबसे बगावत आपना अस्ली नाम याद रखनाई तो है तु याद रखनाई गाद.
- 1:19–1:23अन्त तफ ये कहानी साहस और यादों की ताकत पर जोर देती हैं
- 1:23–1:25इतने खोफनाक तन्तर के बावजुद
- 1:25–1:29कहानी के कई यूवा पात्र दर के आगे बिलकुल नहीं जुकते
- 1:29–1:31वे बलाक मेल का दटकर सामना करते हैं
- 1:31–1:33और सबूतो को सहेज ते हैं
- 1:33–1:48जब भ्रष्ट व्यवस्ता आपको सर्फे कोड ये आख्रा बनादे तो आपकी सबसे बगवत आपनास्ली नाम याद रखना ही तो है तो याद रखनेगा जब तक कोई एक बिन्सान याज और आपका नाम याज रखता है अन्याए कभी भी पुरी तरा से नहीं जीट सकता.
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पेश है गजेंद्र ताकूर के चर्चित उपन्न्यास, गोही सबख भीज जल समादी का तवरत सार ये कोई आम कहानी नहीं है, वलकी गहराए से दिखाती है कैसे ब्रष्ट सिस्टम आम लोगों का वजुद कागजों से मिता देता है और फिर कैसे यादों के सहारे सच आपना रास्ता खुध बनाता है तो पहला आहम बिन्दू है कागजी हेरा फेरी के जर ये सच को दबाना कहानी शुरू होती है यंजिन्यर नंद अरुन से जो एक पुल हाजसे में मरे तीन सो मज्दूरों की पहचान बचाने की लड़ाई लड़ते हैं जबकी सरकारी फाणलें सर्फ तीस माते ही मानती है पता है इस में एक बड़ा दिल्चस्प टच है जाए गाँ के बूथ इन बभलाईगे नामों को जिन्दा रखने के लिट्रली कबड़ी खिलते हैं शीर्षक के मेठली शब्द, गोही का मतलब मगर मच है और यहां कागजी रिकोड उसी मगर मच की तरहा हैं जो सच को निगल जाते हैं अब आपी सुचीए, क्या फाईलों से नाम मिता देने से किसी का सच्मे अंथ होजाता है? तुस्रा महत्वपूर पहलू है, इस दिजिटल युग का नया मगर्मच. देके, शोशन कभी रुकता नहीं बस अच्मना रूभ बडल लेता है. आज दिजितल आरेस्ट जैसे अनलाई गोटालों से यूवाँ को लूटना या भूली बाली बलक्यों की तसकरी कर उने Fm जैसे कोड नाम देना ये सब उसी पुरानी धोकाद़ी का नया जाल है उब भ्रश्ट व्यवस्ता आपको स्वे कोड ये आख्डा बनादे तु आपकी सबसे बगावत आपना अस्ली नाम याद रखनाई तो है तु याद रखनाई गाद. अन्त तफ ये कहानी साहस और यादों की ताकत पर जोर देती हैं इतने खोफनाक तन्तर के बावजुद कहानी के कई यूवा पात्र दर के आगे बिलकुल नहीं जुकते वे बलाक मेल का दटकर सामना करते हैं और सबूतो को सहेज ते हैं जब भ्रष्ट व्यवस्ता आपको सर्फे कोड ये आख्रा बनादे तो आपकी सबसे बगवत आपनास्ली नाम याद रखना ही तो है तो याद रखनेगा जब तक कोई एक बिन्सान याज और आपका नाम याज रखता है अन्याए कभी भी पुरी तरा से नहीं जीट सकता.