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मीराांसाहेब_डिलरीनगरक_अमर_रक्षक.m4a
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- 0:00–0:08आए हम सब गजें़र ताकूर कलिकल प्रसिद्ध कता, मीरा साहिवक एक था चोट सनसाराव्ष पर गापकरव.
- 0:08–0:17इए अटिहासिक शहर दिल्री नगर के एक आहन एकाकी योड्द्धाक अदबूद गाता चे जन्म सपहिने आनात भाईगेला,
- 0:17–0:22मुदा हुनक भलिदान अ आतमा आएद हरी उही नगर कर रक्षा कर रहा लचे.
- 0:22–0:27तपहिल बात नुन्जागर कत्रास्दी अ हुनक जन्म.
- 0:27–0:32बहयंकर युध्ध में मीरांक पिता जे एक्ता प्रसिद शव्ये चला,
- 0:32–0:35आ हुनक सबता भाई एके दिन में मारल गेला.
- 0:35–0:40एही अंदार शोकक भीच एक ता विद्वा माएक कोखिसा मीरांक भ्यण्वभेल.
- 0:40–0:47आब एता तनिक सोचु जे बच्चा जन्म सपहिनै आपन सब पुरुश अभिभ्वावके गमाचुकल हो,
- 0:47–0:50कि उकर नियती पहिनै सथाईनई चलै.
- 0:50–0:54दो सर, मोहक दोरी आ उना गुप्त तैयारी
- 0:54–0:58देखू, एही बहयंकर नुक्सानिक कारन माई अ कम वयस्क कनिया
- 0:58–1:03उनका युद्द सा बचेवाक लेल ग्रियस्तिक दोरी में बंदेया चालनी
- 1:03–1:08मुदा मीरा चुप्चाःप बिना कोनो वयस्क राती में असंगर
- 1:08–1:12अपन तर्वारी सान देछ चला, अब भदलाक भाटना पच्छला,
- 1:12–1:16मने जेना ददकएत आंगिक कतबो जापी कर राकू,
- 1:16–1:19उक्रा लहक भासन नहीरोकल जासगे चे,
- 1:19–1:22तहीना हुनकी रुद्धाक मोन शान्त नहीर रहे सकल.
- 1:22–1:26अंत में हुंक वोन प्रस्थान आ आमर रक्षक बनब
- 1:26–1:29एक बोर उ चुप्चाः यूदग लेल निकली गेला
- 1:29–1:33आ मारल गेला बादो उ दिल्री नगरक द्धाल बनी गेला
- 1:33–1:38आयो हांजिन माय सव आपन बच्चा के हुनक खिस्सा सून्वाई तची
- 1:38–1:42आहा सब जनेट फी, किछ लोक इतिहासक पन्ना में भिलाजाएच फी,
- 1:42–1:47मुदा किछ मीराजका, हावा में शानती बनी का सदाक लेल आमर भोजाएच फी,
- 1:47–1:51हैने, मीरान सहब के इगठा प्रमानित करएट फी,
- 1:51–1:57जे मात्री भूमी आख्कर्तबेक पुकार, पारिवारिक मोहस़, कतो बेसी शक्तिषाली होईच्ये,
- 1:57–2:00जे म्रित्युक बादो कोनो योद्धा के आमर कर देच्यें.
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आए हम सब गजें़र ताकूर कलिकल प्रसिद्ध कता, मीरा साहिवक एक था चोट सनसाराव्ष पर गापकरव. इए अटिहासिक शहर दिल्री नगर के एक आहन एकाकी योड्द्धाक अदबूद गाता चे जन्म सपहिने आनात भाईगेला, मुदा हुनक भलिदान अ आतमा आएद हरी उही नगर कर रक्षा कर रहा लचे. तपहिल बात नुन्जागर कत्रास्दी अ हुनक जन्म. बहयंकर युध्ध में मीरांक पिता जे एक्ता प्रसिद शव्ये चला, आ हुनक सबता भाई एके दिन में मारल गेला. एही अंदार शोकक भीच एक ता विद्वा माएक कोखिसा मीरांक भ्यण्वभेल. आब एता तनिक सोचु जे बच्चा जन्म सपहिनै आपन सब पुरुश अभिभ्वावके गमाचुकल हो, कि उकर नियती पहिनै सथाईनई चलै. दो सर, मोहक दोरी आ उना गुप्त तैयारी देखू, एही बहयंकर नुक्सानिक कारन माई अ कम वयस्क कनिया उनका युद्द सा बचेवाक लेल ग्रियस्तिक दोरी में बंदेया चालनी मुदा मीरा चुप्चाःप बिना कोनो वयस्क राती में असंगर अपन तर्वारी सान देछ चला, अब भदलाक भाटना पच्छला, मने जेना ददकएत आंगिक कतबो जापी कर राकू, उक्रा लहक भासन नहीरोकल जासगे चे, तहीना हुनकी रुद्धाक मोन शान्त नहीर रहे सकल. अंत में हुंक वोन प्रस्थान आ आमर रक्षक बनब एक बोर उ चुप्चाः यूदग लेल निकली गेला आ मारल गेला बादो उ दिल्री नगरक द्धाल बनी गेला आयो हांजिन माय सव आपन बच्चा के हुनक खिस्सा सून्वाई तची आहा सब जनेट फी, किछ लोक इतिहासक पन्ना में भिलाजाएच फी, मुदा किछ मीराजका, हावा में शानती बनी का सदाक लेल आमर भोजाएच फी, हैने, मीरान सहब के इगठा प्रमानित करएट फी, जे मात्री भूमी आख्कर्तबेक पुकार, पारिवारिक मोहस़, कतो बेसी शक्तिषाली होईच्ये, जे म्रित्युक बादो कोनो योद्धा के आमर कर देच्यें.