MACHINE ASR ACCESSIBILITY AID
चौहड़मल_आ_रेशमाक_खूनक_सिन्दूर.m4a
Timestamped machine output
- 0:00–0:07मुकामा गातक आमर प्रेम कता, चोहड मल आरेशमा पर इ आहाक लेल एक ता चुट सारा ची,
- 0:07–0:13गजें़ रठाकुर द्वारा समपादित इगता समाजक उच नीच के दिवाल के तो रहित,
- 0:13–0:17प्रेम अबलिदानक उही गाता के सोजा रखे तची,
- 0:17–0:20जे आई्यो मुकामाक लोक्स्म्रिती में एक्दम जिन्दाची.
- 0:20–0:25तचलू बिना कुनो देरीक एकर तींता मुख्यबात पर गब करे ची.
- 0:25–0:29पहल्बात असमभव प्रेम, असमाजिग विद्रोग.
- 0:29–0:36आहा सुचु की प्रेम कईो जाती पातिक नियम वा उचनीच दिवाल मानेत चे, एक दम नहीं.
- 0:36–0:44रेश्मा जेक्त दनी भूमि हारक भीटी चल, अच्वहडमल जे गरीभ दूसाज जातिक शेर पहल्वान चल,
- 0:44–0:46तूनुक भीज गंगागाट पर प्रेमभेल,
- 0:46–0:49जाई सर लेश्माक परिवार भोखलागेल,
- 0:49–0:52अच्वहडमल के मारबाक सच्यान्त्रम रच्लक.
- 0:52–0:55तो सर भात, शोनित कमाने,
- 0:55–0:56खून कसिन्दूर,
- 0:56–0:57आएकर दुखान्त.
- 0:57–0:59बारी विरोदक बाद हो,
- 0:59–1:01कुनाहो भाग क,
- 1:01–1:06तुनु मंदर में विवाके लक, अचोहड मल आपन खुन सरेश्माक मांगबर लक.
- 1:06–1:10शेक्सपेर कोगुनो महां ट्राजेटीजका इखुन कष्संदूर,
- 1:10–1:13समाजिक क्रानतिक सबज पयक प्रतीक अची,
- 1:13–1:16मुददुर भाग्यसव, तुरन्ते परिवारक फोजी हम्ला भेल,
- 1:31–1:38आई उही मुकामा ताल में दूनिक मन्दिर आची, जे सब जातिक लोक एक संगे पुजा करे तची, आब भारी मेला लगे तची.
- 1:38–1:43सच पुछुत तच चोहर मल आरेशमाक इकता प्रमाडित करे तची
- 1:43–1:45जे प्रेमी भले मरी जाएच्छतिन
- 1:45–1:50मुदा प्रेम एक तविशाल मेला बनीक समाजक दिवाल के सदाक लेल खऽादेची
Plain text
मुकामा गातक आमर प्रेम कता, चोहड मल आरेशमा पर इ आहाक लेल एक ता चुट सारा ची, गजें़ रठाकुर द्वारा समपादित इगता समाजक उच नीच के दिवाल के तो रहित, प्रेम अबलिदानक उही गाता के सोजा रखे तची, जे आई्यो मुकामाक लोक्स्म्रिती में एक्दम जिन्दाची. तचलू बिना कुनो देरीक एकर तींता मुख्यबात पर गब करे ची. पहल्बात असमभव प्रेम, असमाजिग विद्रोग. आहा सुचु की प्रेम कईो जाती पातिक नियम वा उचनीच दिवाल मानेत चे, एक दम नहीं. रेश्मा जेक्त दनी भूमि हारक भीटी चल, अच्वहडमल जे गरीभ दूसाज जातिक शेर पहल्वान चल, तूनुक भीज गंगागाट पर प्रेमभेल, जाई सर लेश्माक परिवार भोखलागेल, अच्वहडमल के मारबाक सच्यान्त्रम रच्लक. तो सर भात, शोनित कमाने, खून कसिन्दूर, आएकर दुखान्त. बारी विरोदक बाद हो, कुनाहो भाग क, तुनु मंदर में विवाके लक, अचोहड मल आपन खुन सरेश्माक मांगबर लक. शेक्सपेर कोगुनो महां ट्राजेटीजका इखुन कष्संदूर, समाजिक क्रानतिक सबज पयक प्रतीक अची, मुददुर भाग्यसव, तुरन्ते परिवारक फोजी हम्ला भेल, आई उही मुकामा ताल में दूनिक मन्दिर आची, जे सब जातिक लोक एक संगे पुजा करे तची, आब भारी मेला लगे तची. सच पुछुत तच चोहर मल आरेशमाक इकता प्रमाडित करे तची जे प्रेमी भले मरी जाएच्छतिन मुदा प्रेम एक तविशाल मेला बनीक समाजक दिवाल के सदाक लेल खऽादेची