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गांगोदेवीक_भगत_र_रित्तो_जालको_चमत्कार.m4a
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- 0:00–0:05आजग को समिक्ष्यमा हमी गजंज्र ताकृर को गांगो देवी भगत कथा को चर्चा कर देच्छों,
- 0:05–0:12जहां मला समुदाये को योटा ब्धिगत विष्वाज कसरी सामूहिक आस्था बन्जथ, बहने दिखाये को जा.
- 0:12–0:42నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 0:42–0:44अगर दे पाद कार को वोजन ने ग़ड़े गड़े वोगा तो के
- 0:44–0:47मैंले ये सलाई योटा तनके को रबर बान्द ज़स दे सोचे
- 0:47–0:50मतदब जती देरे रबर बान्द पचाडी तानींचा नी
- 0:50–0:53आँ जती देरे निरासार संगर सागर सागर शागर शागर वायो
- 0:53–0:55ते तिने जोडले त्यो अगाडी फरकिंचा
- 0:55–0:56हूनी
- 0:56–1:00तो भी बार बार बान्ड ले पूरे तन्किन न नपाँवदे चोडे को ज़ास्तो लागे न तो पाले
- 1:00–1:04एक दम साई उप्मावई आप आमी ले ठा चा वाचा मारना गारो हूंचा
- 1:04–1:10तर आब गारो हूंचा बहनुर गारो बहजे को महसुस कराउन फरक खुरा हूनी ता
- 1:10–1:11पक्के पने
- 1:11–1:41నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 1:41–1:47अब आप शेक्ता हो ते चरम निराशा मा हमी ले पतनी प्रती को अगात प्रेम जोलना मिल चा की
- 1:47–1:48एक दं मिल चा
- 1:48–1:52जस ते सावन को मेला मा चूरा लगाओने गांगो देवी को रहर लै
- 1:52–1:55रित तो हात रित तो दुंगा हेर्दे गर्दा
- 1:55–1:58तख के ते रहर समजीव वने कियो ला?
- 1:58–2:00आहाा, को जन्त जन्त जन्तुजा
- 2:00–2:07एक तीर चूरा लगाए दिने रहर, और को तीर रिट जाल, यो भीरोदा भासले भित्री प्रेरना दिन्चा
- 2:07–2:12अग, तेस्ले योटा सामान ने माचा मारने काम लै, प्रेम बचाँने लड़ाई बनाउ सा.
- 2:12–2:18अनी जब जाल बहरिंचानी, त्यो माचा मात्र हो देएना, त्यो ता गांगो देवी को चूरा को मुल्लिए बान सा.
- 2:18–2:48यह भी बद्या बद्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या
- 2:48–2:50ब्रित्ता रख चंकिला रगग रूचन
- 2:50–2:55मतलप चित्र बनावने रगख दादा लेकने फरक फरक व्यक्ती ज़ुस तो देखियो ज़सले कईले समबाद गरेनन
- 2:55–3:00देखगग तेस्ते है, पात माद ती चित्र को प्रतिक आत्मक ता कते पने जल्गेगो ज़ाई ना
- 3:00–3:04बहुं बची के आमी ले चित्र को मत्र वरनन गरने ता
- 3:04–3:06तैध राटो माचा चा बने रेखने उरा
- 3:06–3:09आई आई आई आई आई तेस तो बहुतिक वरनन गरने वने को रही ना
- 3:09–3:13चित्र को बाचा लाई साएतिक भिम्वम बड़लनी बता
- 3:13–3:15यह आली स्प्ष्ट पारी दिनूस ना
- 3:15–3:20जसते, बारी जाल पानी बड़ भाई राँउदा माचा मात्र ना देखाउने
- 3:20–3:24तेसलाई रंगीं त्रीबुजर विस्भोट बनन सक्यो नी
- 3:24–3:28औह रंगीं त्रीबुजर विस्भोट, यो ते सुन्दे कती राम्र सूनी यो
- 3:28–3:32अदि को चाल लाए मित्ला कलाका मसीनो रेखा आरु जस्ते बनन सक्यो
- 3:32–3:35बने पच्षी पाथक ले शब्दपडदा दिमाग माख्ख्क्क्य मित्लाको चित्र देखनू बआर्यो
- 3:35–3:41एक दम चित्र को गाडा रंग रा आकार लाए पति को आसा रजीवन संग जोडने
- 3:41–3:47पाथखले शब्दबपर्दा दिमाग माख्ख्ख्ख्ख मित्हिलाको चित्र देखनु पर्यो
- 3:47–3:52चित्रग तो गाडा रंग रा अकार लाई पतिको आसा रजीवन संगज़ जोडने
- 3:52–3:56यान बास बहरीए ज़स तें जाल पनी आसाले बहरीए को महसुस कराँन रहु रहु
- 3:56–3:59येसरी तक कथा अफ़ेम योडा मित्ला कला बन चनी
- 3:59–4:02केवल मित्ला को बारे मा लेक्खे को कथा मात्र रहा दैना
- 4:02–4:05औग, अनी यो मोलिक ता पची
- 4:05–4:08अमी कदाको तेस्ट्रो महध्तो पुष्यमा पुखच्च्चं
- 4:08–4:10योटा बेक्तिगद चमद्कार
- 4:10–4:40अदेः चार मा नहीं नहीं नहीं तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो
- 4:40–5:10నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 5:10–5:13तो आप दर्दा बिस्वास नियाता दराभ मापरेो.
- 5:13–5:16तेसो भई एसला एक यो सरी समवादान गरने ता
- 5:16–5:18योडा जिवन्त द्रिष्य �thepneyo
- 5:18–5:21औग समवुदायले यो बिस्वास अपनावदे को
- 5:21–5:24चोटो तर अच्यन ते जिवन्त द्रिष्य �thepneoparcha
- 5:24–5:30ज़स्ताय, सावन को मेला मारु माजी ले आगो ताबदे काने खुषी गरे को दिखाँन सकिन जाओला?
- 5:30–5:35हो, कसे ले खिल्ली उडाउडे सयोग मात्र हो भाने रा गर्षन ले आगचाख चाख चाख.
- 5:35–5:38अनी तो गर्षन ले कताले अजे यादार्ता परडग बनाव चाख.
- 5:54–5:58यो ख़ापे को हाथ रव इक याग पलाए को आस था
- 5:58–6:00तियो च्यनलग देखाण रव था
- 6:00–6:03आखजिने सक्ति साली लिए ता
- 6:03–6:06अविस्वासी पात्र लेने पाट्खले मनाइ दिनचा
- 6:06–6:08लेख्खले गोषना गरी रहने पर देना
- 6:08–6:09तेख कै
- 6:09–6:39तो आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� �
- 6:39–6:42अद्दा को बासा मा बिम्बको रूप मा लेएवने
- 6:42–6:52रव अन्तिमा वेक्तिगद विस्वास कसरी सामूहिक बने ने रव साराम्सप को सब्ता अविस्वासी माजी को योडा जिवन्त द्रिश्य मार्फद देखाँने
- 6:52–7:12बिल्कुल, स्रोता हरुलै हम्रो हार्दिक निमंट्रना चाए, यी नया द्रिस्टि कोन रो सुजाव हरुलै लागु गरे रो, आपनो समगरे लै अजे निक्हरे रो फेरी हमें पथाचनो हो आप ज़ोग ज़ोग ज़ोग ग़ादा मा अन्तिम जाल्फ्या किन चानी तेस्ते �
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आजग को समिक्ष्यमा हमी गजंज्र ताकृर को गांगो देवी भगत कथा को चर्चा कर देच्छों, जहां मला समुदाये को योटा ब्धिगत विष्वाज कसरी सामूहिक आस्था बन्जथ, बहने दिखाये को जा. నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన अगर दे पाद कार को वोजन ने ग़ड़े गड़े वोगा तो के मैंले ये सलाई योटा तनके को रबर बान्द ज़स दे सोचे मतदब जती देरे रबर बान्द पचाडी तानींचा नी आँ जती देरे निरासार संगर सागर सागर शागर शागर वायो ते तिने जोडले त्यो अगाडी फरकिंचा हूनी तो भी बार बार बान्ड ले पूरे तन्किन न नपाँवदे चोडे को ज़ास्तो लागे न तो पाले एक दम साई उप्मावई आप आमी ले ठा चा वाचा मारना गारो हूंचा तर आब गारो हूंचा बहनुर गारो बहजे को महसुस कराउन फरक खुरा हूनी ता पक्के पने నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన अब आप शेक्ता हो ते चरम निराशा मा हमी ले पतनी प्रती को अगात प्रेम जोलना मिल चा की एक दं मिल चा जस ते सावन को मेला मा चूरा लगाओने गांगो देवी को रहर लै रित तो हात रित तो दुंगा हेर्दे गर्दा तख के ते रहर समजीव वने कियो ला? आहाा, को जन्त जन्त जन्तुजा एक तीर चूरा लगाए दिने रहर, और को तीर रिट जाल, यो भीरोदा भासले भित्री प्रेरना दिन्चा अग, तेस्ले योटा सामान ने माचा मारने काम लै, प्रेम बचाँने लड़ाई बनाउ सा. अनी जब जाल बहरिंचानी, त्यो माचा मात्र हो देएना, त्यो ता गांगो देवी को चूरा को मुल्लिए बान सा. यह भी बद्या बद्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या बच्या ब्रित्ता रख चंकिला रगग रूचन मतलप चित्र बनावने रगख दादा लेकने फरक फरक व्यक्ती ज़ुस तो देखियो ज़सले कईले समबाद गरेनन देखगग तेस्ते है, पात माद ती चित्र को प्रतिक आत्मक ता कते पने जल्गेगो ज़ाई ना बहुं बची के आमी ले चित्र को मत्र वरनन गरने ता तैध राटो माचा चा बने रेखने उरा आई आई आई आई आई तेस तो बहुतिक वरनन गरने वने को रही ना चित्र को बाचा लाई साएतिक भिम्वम बड़लनी बता यह आली स्प्ष्ट पारी दिनूस ना जसते, बारी जाल पानी बड़ भाई राँउदा माचा मात्र ना देखाउने तेसलाई रंगीं त्रीबुजर विस्भोट बनन सक्यो नी औह रंगीं त्रीबुजर विस्भोट, यो ते सुन्दे कती राम्र सूनी यो अदि को चाल लाए मित्ला कलाका मसीनो रेखा आरु जस्ते बनन सक्यो बने पच्षी पाथक ले शब्दपडदा दिमाग माख्ख्क्क्य मित्लाको चित्र देखनू बआर्यो एक दम चित्र को गाडा रंग रा आकार लाए पति को आसा रजीवन संग जोडने पाथखले शब्दबपर्दा दिमाग माख्ख्ख्ख्ख मित्हिलाको चित्र देखनु पर्यो चित्रग तो गाडा रंग रा अकार लाई पतिको आसा रजीवन संगज़ जोडने यान बास बहरीए ज़स तें जाल पनी आसाले बहरीए को महसुस कराँन रहु रहु येसरी तक कथा अफ़ेम योडा मित्ला कला बन चनी केवल मित्ला को बारे मा लेक्खे को कथा मात्र रहा दैना औग, अनी यो मोलिक ता पची अमी कदाको तेस्ट्रो महध्तो पुष्यमा पुखच्च्चं योटा बेक्तिगद चमद्कार अदेः चार मा नहीं नहीं नहीं तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన तो आप दर्दा बिस्वास नियाता दराभ मापरेो. तेसो भई एसला एक यो सरी समवादान गरने ता योडा जिवन्त द्रिष्य �thepneyo औग समवुदायले यो बिस्वास अपनावदे को चोटो तर अच्यन ते जिवन्त द्रिष्य �thepneoparcha ज़स्ताय, सावन को मेला मारु माजी ले आगो ताबदे काने खुषी गरे को दिखाँन सकिन जाओला? हो, कसे ले खिल्ली उडाउडे सयोग मात्र हो भाने रा गर्षन ले आगचाख चाख चाख. अनी तो गर्षन ले कताले अजे यादार्ता परडग बनाव चाख. यो ख़ापे को हाथ रव इक याग पलाए को आस था तियो च्यनलग देखाण रव था आखजिने सक्ति साली लिए ता अविस्वासी पात्र लेने पाट्खले मनाइ दिनचा लेख्खले गोषना गरी रहने पर देना तेख कै तो आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� � अद्दा को बासा मा बिम्बको रूप मा लेएवने रव अन्तिमा वेक्तिगद विस्वास कसरी सामूहिक बने ने रव साराम्सप को सब्ता अविस्वासी माजी को योडा जिवन्त द्रिश्य मार्फद देखाँने बिल्कुल, स्रोता हरुलै हम्रो हार्दिक निमंट्रना चाए, यी नया द्रिस्टि कोन रो सुजाव हरुलै लागु गरे रो, आपनो समगरे लै अजे निक्हरे रो फेरी हमें पथाचनो हो आप ज़ोग ज़ोग ज़ोग ग़ादा मा अन्तिम जाल्फ्या किन चानी तेस्ते �