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ସରକାରୀ_ଫାଇଲର_ମିଛ_ଓ_ଡିଜିଟାଲ୍_କୁମ୍ଭୀର.m4a

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Collection
Part 9 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 9
Status
asr-draft
Human verified
No
Editorial review
not-reviewed
ASR model
small
Detected language
ne (0.480955)
Duration
1:49
Source
Open preserved recording

Timestamped machine output

  1. 0:00–0:07आसुन्तु सूनिबा गजंद्र ठाकुरंको उपन्न्यास गोही सबख भीछ जल समादी उपरे आदरिता एको चोट्त सराविंख सो.
  2. 0:08–0:11एही कहनी ती मुख्छत्हो सरकरी फाइल्रो लुचकाली ख्यलो,
  3. 0:11–0:14यो आजे काली रो दिजितल ठोके भीरोदरे
  4. 0:14–0:17सादारन लोकं को सक्तिया और स्म्रूती रो
  5. 0:17–0:19एको जबर्दास्त लड़ेए कु दर साज्टीए.
  6. 0:20–0:23परथमे देखं तु, सरवकरी लेक्वर्ड केमिती
  7. 0:23–0:24अथी तर सक्तिया कु बड़लाए दिये.
  8. 0:24–0:29गुते बड़पोलः भूसुडि प्रक्रूतरे तिनी सहो स्रमिको मरी ठिले
  9. 0:29–0:32खुन्तु सरकरी कहतारे के बल तिरीस ज़ान कर नाम थिला
  10. 0:32–0:37हे लें नंदी, आरूनी, औगगरनारी के लगारो किछी अत्रुप्ता आत्मा
  11. 0:37–0:40निज़ श्म्रुतिरे एह लोक्वानंकु बन्चाई रखिचन्ति
  12. 0:41–0:43आपनो निज़ भाबन्तु तो
  13. 0:43–0:49गुटे कागजर मिछ़त्त्तियो कोन्के बे मनिसरा प्रक्रुत अस्तित्तो कु सम्फुरन लिभाई दिः पारिए बो बिल्ल्कुल नहें
  14. 0:49–0:50तुछ्तिवरे भहिति
  15. 0:50–0:54अप्र आद्धर एक नूँ आदूनिको उपर परदा उच्छी
  16. 0:54–0:57आजी काली सोसऩर तरिका पुरा बडलिगलाडी
  17. 0:57–0:58तिक कि नहीं
  18. 0:58–1:01जे मिति कहानिरे उज्जलनाम को एको जुबको
  19. 1:01–1:04अनलें जुः आउ फेक दिजितल आरेस्ट्र सिकार हूँँची
  20. 1:04–1:09अप प्लमति भली जीए निज़ परीच्यो रही मानब चालनर ना समना करू जी
  21. 1:09–1:14लेक्ष्खंको भासारे कहिले पुरना कालर खुमबिरो के भलो मनिसर शरीर खाउतिला
  22. 1:14–1:44उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उ�
  23. 1:44–1:48तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो जालमद्यो चिन्दी जीबा को बाद्द्ध हुए

Plain text

आसुन्तु सूनिबा गजंद्र ठाकुरंको उपन्न्यास गोही सबख भीछ जल समादी उपरे आदरिता एको चोट्त सराविंख सो. एही कहनी ती मुख्छत्हो सरकरी फाइल्रो लुचकाली ख्यलो, यो आजे काली रो दिजितल ठोके भीरोदरे सादारन लोकं को सक्तिया और स्म्रूती रो एको जबर्दास्त लड़ेए कु दर साज्टीए. परथमे देखं तु, सरवकरी लेक्वर्ड केमिती अथी तर सक्तिया कु बड़लाए दिये. गुते बड़पोलः भूसुडि प्रक्रूतरे तिनी सहो स्रमिको मरी ठिले खुन्तु सरकरी कहतारे के बल तिरीस ज़ान कर नाम थिला हे लें नंदी, आरूनी, औगगरनारी के लगारो किछी अत्रुप्ता आत्मा निज़ श्म्रुतिरे एह लोक्वानंकु बन्चाई रखिचन्ति आपनो निज़ भाबन्तु तो गुटे कागजर मिछ़त्त्तियो कोन्के बे मनिसरा प्रक्रुत अस्तित्तो कु सम्फुरन लिभाई दिः पारिए बो बिल्ल्कुल नहें तुछ्तिवरे भहिति अप्र आद्धर एक नूँ आदूनिको उपर परदा उच्छी आजी काली सोसऩर तरिका पुरा बडलिगलाडी तिक कि नहीं जे मिति कहानिरे उज्जलनाम को एको जुबको अनलें जुः आउ फेक दिजितल आरेस्ट्र सिकार हूँँची अप प्लमति भली जीए निज़ परीच्यो रही मानब चालनर ना समना करू जी लेक्ष्खंको भासारे कहिले पुरना कालर खुमबिरो के भलो मनिसर शरीर खाउतिला उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उगर उ� तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो जालमद्यो चिन्दी जीबा को बाद्द्ध हुए

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