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लोकदेवता_छेछन_महराजक_अदम्य_वीरगाथा.m4a

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Part 9 · VIDEHA MITHILA MAITHILI DISCUSSION CRITICISM SERIES PART 9
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not-reviewed
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hi (0.749729)
Duration
2:10
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  1. 0:00–0:06आहा सुन रहल फ्छी, दोम लोक देवता चेचन महराजक वीर गाता पर एक ता तवरिट साराश्च्छ।
  2. 0:06–0:11गजेंद्र ताकृर द्वारा सम्पादित विदेह पत्रिकासन लेल गेल एक आफ्छा,
  3. 0:11–0:18मित्ला के दोम जाती के लोक देवता चेचन महराजक, अदम्यबल आसंगरशक एहन्गाता थेक,
  4. 0:18–0:21जे सूनी का आहा एक दम आश्चरे चकित बोजाएब,
  5. 0:21–0:26जे एक दा लोक स्म्रिती में आएदरी किया एक जीवित अची.
  6. 0:26–0:29पहल मानिक चंदक दंकाक भ्यंकर चुनाती.
  7. 0:29–0:38देखु जे एदंका बजवैइत उक्रा सहीदापुरक दोम सर्दार मानेक चंदक पूस्वा खुखार सुगर चत्या सलडई पर एक चल.
  8. 0:38–0:47मुदद छेचल की केलन, उ एक ता बूडी सा आगी ले आपन चिलम में मेदनी पूल भरलनी, अगगजवक की निदर ता सा दंका बजा देलनी.
  9. 0:47–0:55सोचुत त, चिल्मक इप्रेोक केवल नशा नहीचल, बलकी युध्द सबहले, हुंकर कत्टिक पैग मनो वेग्यानिक तयारीचल.
  10. 0:55–1:02तो सर, दंका बजायते जे महा संग्राम भेल, उ भिल्कुल कोड शौपर हीरो फिल्मक ख्लायमाक्स जकाचल.
  11. 1:02–1:07चेचन उही भ्यंकर सुगर चत्याक दूनू पैर्दख चीर देलनी
  12. 1:07–1:11आपहेर शक्तिषाली सर्दार मानिक चन्द के दंगल में पतकी देलनी
  13. 1:11–1:13आनतीजा की भेल?
  14. 1:13–1:16मानिक चन्द हुंकर भल सैतेक प्रभविद भेला
  15. 1:16–1:17जेहार लाक के बादो
  16. 1:17–1:21खूशी खूशी आपन भहीं पन्मा कविवाह उनका सकरा देलनी,
  17. 1:21–1:25अनतता क्रिष्ना रामक रामक राथी से भेल नव्द्वन्ध्व.
  18. 1:25–1:29ग्रहस्त जीवन में से हो चेचन निदर रहला आ यादवक लोक देवता,
  19. 1:29–1:59खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खि
  20. 1:59–2:05अम्रा सबे के एब उज्वैत अची, जे अदम में सहास आनिरन्तर संगर्ष्य सबहरल जीवन,
  21. 2:05–2:09ही एक ता सादारन मनुश्यके लोक देवता का आसन पर आमर कदे च्याएक.

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आहा सुन रहल फ्छी, दोम लोक देवता चेचन महराजक वीर गाता पर एक ता तवरिट साराश्च्छ। गजेंद्र ताकृर द्वारा सम्पादित विदेह पत्रिकासन लेल गेल एक आफ्छा, मित्ला के दोम जाती के लोक देवता चेचन महराजक, अदम्यबल आसंगरशक एहन्गाता थेक, जे सूनी का आहा एक दम आश्चरे चकित बोजाएब, जे एक दा लोक स्म्रिती में आएदरी किया एक जीवित अची. पहल मानिक चंदक दंकाक भ्यंकर चुनाती. देखु जे एदंका बजवैइत उक्रा सहीदापुरक दोम सर्दार मानेक चंदक पूस्वा खुखार सुगर चत्या सलडई पर एक चल. मुदद छेचल की केलन, उ एक ता बूडी सा आगी ले आपन चिलम में मेदनी पूल भरलनी, अगगजवक की निदर ता सा दंका बजा देलनी. सोचुत त, चिल्मक इप्रेोक केवल नशा नहीचल, बलकी युध्द सबहले, हुंकर कत्टिक पैग मनो वेग्यानिक तयारीचल. तो सर, दंका बजायते जे महा संग्राम भेल, उ भिल्कुल कोड शौपर हीरो फिल्मक ख्लायमाक्स जकाचल. चेचन उही भ्यंकर सुगर चत्याक दूनू पैर्दख चीर देलनी आपहेर शक्तिषाली सर्दार मानिक चन्द के दंगल में पतकी देलनी आनतीजा की भेल? मानिक चन्द हुंकर भल सैतेक प्रभविद भेला जेहार लाक के बादो खूशी खूशी आपन भहीं पन्मा कविवाह उनका सकरा देलनी, अनतता क्रिष्ना रामक रामक राथी से भेल नव्द्वन्ध्व. ग्रहस्त जीवन में से हो चेचन निदर रहला आ यादवक लोक देवता, खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खिल खि अम्रा सबे के एब उज्वैत अची, जे अदम में सहास आनिरन्तर संगर्ष्य सबहरल जीवन, ही एक ता सादारन मनुश्यके लोक देवता का आसन पर आमर कदे च्याएक.

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