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बहुरा_गोढ़िन_आ_नटुआक_तांत्रिक_बलिदान.m4a
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- 0:00–0:14तो आजुक एह विमर्श्छ में, हम सब कमला बलान्त तद्पर गतल, बहुरा गोडिन आ नतुवा दयालक तन्त्र, नित्त्य, आम्मार्मिक भली दानक एक ता अत्यंत रहस्यम मैई गाता पर गब करोल ची।
- 0:14–0:17एक दम इबहुत नीक रचना आ ची
- 0:17–0:28आप्रस्तुत कताक सहायक पात्रक भूमिका और अकर समगर प्रभाव के भीच समन्जस से स्तापित करब कताक और सुद्रित करवाक लेल अनिवार्याच
- 0:28–0:30अँ, यी बहुत महत्पुरन भिन्दू आची
- 0:30–0:36मतलब, जैना अद्याय तीन में व्यापारी जैसिंके जी वासना शड्यन्त्र जची,
- 0:36–0:41माने जे कुचक्र देखाई देटे चे, उ बहुत खोफनाक लगे टचे.
- 0:41–0:45हा, उक्रसा मंत्री मलग काए चली जै टची.
- 0:45–0:47सही बात, आप पाट्कग के लगे टचे,
- 0:47–0:51जे यी व्यापारी आगा चल के कुनो पैग अनर्थ करत्
- 0:51–0:56मुदा उ जहीना कता तन्त्र अश्टन्रित्य दिस मुड़े तचे
- 0:56–1:00जैसिं अचानक कता सों माने पुरनता गाएब बज़ाई तचे
- 1:00–1:03आ, उ कते हीरा गेल से पते नहीं चले तचे
- 1:03–1:10एक दम इप रहान लेल बहुत खडके वाला बात रहेल जे एक पाएक शद्यन्त्र कारी अचानक कते चलेगल
- 1:10–1:16बुजल ये इएक ता एहन समस्स्या अची जे अखसर उही रचना सब में देखल जाएत ची
- 1:16–1:20जते लेक हक अलोकिक दून्याक निरमान करे चतीन
- 1:20–1:23अच्छा जेना जादुक दून्या में
- 1:23–1:26अग, जेखन तन्त्रमन्त्रक वरनन सुरू होई तची
- 1:26–1:31तची लेक्हक माने स्वयम उही जादुक अकर्षन में इत्टिक बन्दा जाइच्छतीन
- 1:31–1:34जे मानविय पाट्र पाच्छा चूथ जाई तची
- 1:34–1:38तो तएी सन्रच्नाक द्रिष्टी से एक ता मने खाली पन न चे
- 1:38–1:45भिल्ल्कुड, जखन हों जैसिंजका कुनो पात्र के इत्तिक शक्तिषाली नकरात्मक प्रभवक संगे स्तापित करे ची
- 1:45–1:50तो अख्रा मद्धे में अकारन चूडी देब पाथक कवपेख्षाक संगे नयाई नाय अची.
- 1:50–1:56आप ने कोनो सूरीला गी तक भीच में मुख्ध्य वाद्द्यान्त्र अचानक भाजब बवजाए.
- 1:56–1:58एक दम सती कुदारन दलों है.
- 1:58–2:02पातकक मुन में एक पात्र एक ता क्हन्दित सुत्र जकर अगाई ता ची
- 2:02–2:04मुदा हम्रा एक ता शंका आची एते
- 2:04–2:10कता में जक्हन तन्त्र आखामाख्यक जादूक एक प्रभाव स्तापिद भचुकल आची
- 2:10–2:19तक ये एक ता सादारन व्यापारी आपन दान कबल्बुते उही अलोकिक सक्ती सबक भीच आपन अस्तित्व बचाकर राखि सके तचे.
- 2:19–2:20उ, इप प्रष्नत उड़ाई तची.
- 2:20–2:26हमने ता लागे तची जादूक आगो एक ता सादारन व्यापारी कषड्यान्त्र,
- 2:26–2:28जिना बवाजे कन लागी रहाल चला
- 2:28–2:32समबवता ताही कारने लेक्ख अक्डा हता दिल थिन
- 2:32–2:36की एक तजेसिंग लगत कोनो तन्त्र मंत्र अच्छी नहीं?
- 2:36–2:39सताथ पर देखला सा इटर्क नीक लागे तची
- 2:39–2:42मुदा वास्तविकता किछ और अच्छे
- 2:42–2:42अच्छा
- 2:42–2:43आँ
- 2:43–2:51अलोकिक सक्ति सबक भीच मान्विय दुबलता अचलाकिक अस्तित्व माने और भेसी क्दरनाक भजाई तचे
- 2:51–2:58एक तद सादारन व्यापारी आपन दहनक प्रियोग उही ताम करे तची जटे जादू वीफल भजाई तचे
- 2:58–3:02जटे जादू काज्मने करे तची कुई ठाओ
- 3:02–3:09मनुश्षिक लोब आ एज्शा में, तन्त्र मन्त्र सा प्रक्रती वप्रेथ के वश्मे करल जासा के तची.
- 3:09–3:14मुदा मनुश्षिक भीट्रक लोब के नियन्त्रित करव जादुक वश्मे नहीं अच्छी.
- 3:14–3:17बाप्रे तो बहुत गेरा बात कहलो आहा.
- 3:17–3:22तें जैसिंग सीदे भहुरा वा नटूवा का जादूक सामना नहीं करत,
- 3:22–3:25उकर कमजोरी पर प्रहार करत,
- 3:25–3:29तें जैसिंग के शर्यंटर के कताक अंतीं चरम सीमा दरी,
- 3:29–3:32कोनो नको रूप में जोडल राखफ बहुत आवश्यक अची.
- 3:32–3:36जाएसा उकर उपस्तितिक अचित्य सिद बह सके
- 3:36–3:37एक दम
- 3:37–3:40तव एकरा कताक चरमोद कर्ष में
- 3:40–3:42कोना दिखावल जासके तची
- 3:42–3:45उदाहरनक लेल अद्याय आप्छ में
- 3:45–3:47जखन नटूवा दैयाल के
- 3:47–3:50उकर अपन शिष जिल मिल अचानाक चाकू मारे तच्
- 3:50–3:52अग, अद्रिश्छ
- 3:52–3:54तव, उई अप प्रत्याशित हम्ला के
- 3:54–3:58केवल एक ता अकस में गखतना नहीं देखावा का
- 3:58–4:01उक्रा जैसिंक लगातार चली रहल गूस
- 4:01–4:04वा शर्यन्तरक परनामक रुप में देखावाल जासकेचे.
- 4:04–4:06अउ, माने जैसिंक
- 4:06–4:10जे बहुराग भेटी के पावै लेल कोनो भी हद्दरी जासकटे जे
- 4:10–4:13उ आपन दहनक प्रलोबन जिल्मिल के देसकटे जे
- 4:13–4:17बलकु, एईसन न केवल जैसिंक कुचक्र अंतदरी सपष्ट्वेत
- 4:17–4:21बलकी मानविय, एरिश्या, अतान्तरिक शकती एक संगे जुडी जाये
- 4:21–4:27जैसिंग भले स्वैम चाकू नहीं मारे, मुदा उई चाकू पर लागल विश उकर शर्यान्तर का होईप चाही.
- 4:27–4:35इत तब बहुत का जक्सुजा वाच्छी, आ उ आजे जिल मिलक बात कहलो, ताई से हम्रा एक ता अवर गप मोन पडल.
- 4:35–4:41कताक चरमोद कर्ष में भहल विश्वास गात का बहावनात्मक प्रभाव के बड़ावे लिल,
- 4:41–4:46पात्रक मनो विग्यानिक विकास पष्ट होई बावश्यक अची.
- 4:46–4:48आप इता आवे वाला बाच्चल.
- 4:48–4:58की यक ता अद्याय आप्छ में नट्वा दयाल के अकर अपन शिष्य जिल्मिल दूरा चाकू मारल जाएव, हमरा लेले एक दम अप्रत्याशित चल.
- 4:58–5:00एक दम अचानक से बहुगल.
- 5:00–5:09आज़े से पहले जिल्मिलक उर्श्या या उकर भीतर चल रहल कोनो मान्सिक तवन्वक, कोनो सब शंकेत नहीं देल गेल अची.
- 5:09–5:15माने एक ता शान्त नदी में आचानक बाड नहीं अवेत ची, पहले पानी गेहीर होगे तची.
- 5:15–5:17आख़, सब नहीं गेलो वहा.
- 5:17–5:24तकि हम्रा सब के जिल्मिलक मनग गड्राई में उठी रहल असन्तोषक भवर गड्ना से पहले नहीं देखाई चाही चल?
- 5:24–5:29आहाक नदी और बादवला ए विचार एक दम सतीक बआई थे तच
- 5:29–5:34विश्वाज्गात वास्तो में एक ता बाड जका आज ज़ सब किचु भशा कर लग जाई तच
- 5:34–5:36औ, बिलकुल
- 5:36–5:40मुदा जकन पाथक औई नदिक पानी गेर होईत नहीं देखे तच
- 5:40–5:43तकन आचानक आईल बाड अक्रा बनाव्टी लागे तच
- 5:43–5:48सहित्ते के एक ता नियम है, जि कोनो भी पैक गटना शुन्ने से उपन नहीं होई ता ची.
- 5:48–5:51हा, कोनो कारन तो होई भचाही?
- 5:51–5:54जगन कोनो सिष्च आपन गुरु के मारे ता ची,
- 5:54–6:00तो अकर पाचा, वरसक एर्स्या वो उपेक्षाक बावना होई ता ची.
- 6:00–6:30आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ
- 6:30–6:45अश्चर शनिक होई तची, मने आहा भखचाून भजाए ची, मुदा तनाव औए ची, जकन पाथक भुजाई तची, चिचु भ्यंकर गतल जाराल अची, मुदा उक्रा रोक बाकलेल उचिचु नहीं कर सकई तची.
- 6:45–6:48औग, जेना असहाए महसुस कर अब.
- 6:48–7:18आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आप आ� आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� �
- 7:18–7:24अद्याए च्याए आ सातक अ गटना याद अची जखन जिल्मिल इनार पर पानी बडरे जाए तची.
- 7:24–7:27अग, जगन उ दोरी चोट बजाए तची.
- 7:28–7:30उते एक ता जादूई गटना जगाचे.
- 7:30–7:33अग, वर्त्मान में उ जादूई रस्तक्षेप जगाची.
- 7:33–7:41मुदा ज़ हम एग गटना के जिलमिल्क मनोवे ज्यानेक द्रस्टि कोंस लिखी, तई बहुत शक्तिषाली बहुषके तची.
- 7:41–7:42कोना?
- 7:42–7:48जखन दोरी चोड भजाईता ची, तकन उते जिल मिलक भीतर अपन गुरू,
- 7:48–7:52माने जे अनहद आग्या चकरक सादनादरी पहुच गेल चाती,
- 7:52–7:56उनकर प्रती एक ता गेराए हीन भावना उतपन नहोई तिखाओल जाएता ची.
- 7:56–7:59बाप्रे! मने उस उची सके टची जे,
- 7:59–8:03अगर अखी चुडाबव, वा गुच ससीदे मुबात नहीं करव,
- 8:03–8:06अखर वीतर कद्वंदो के दिखा सकेता ची.
- 8:06–8:10अगर अगी समय जैसिंग दॉआरा देलगेल दन,
- 8:10–8:13अखर अखीन भावना के आगीदा सकेता ची.
- 8:13–8:17अगर अगीण भावना के आगीदा सकेता ची.
- 8:17–8:47अगर बाद्धा के अग्छोन राखभ ग़ागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागा
- 8:47–8:49अद अद अच्छ़े
- 8:49–8:53कताक अद्धयाय आप में नट्वाक जे मार्मिक भलिदान अच्छि
- 8:53–8:58म्रित्युक मुख में से हो उ कमला मया के पतोर वस्ट्र चडवाए तच्छि
- 8:58–9:01आख कमलाक दार रक्ते लाल बवजाई तच्छि
- 9:01–9:04बहुत बहुत प्रभाव शाली द्रष्य अचीो
- 9:04–9:07एक दम, हम्रा भीटर दरी हिलादे लक
- 9:07–9:11मुदा उ जेहना अद्याई नाउ शूरू होईत छी,
- 9:11–9:14कामाख्याक जादूगरनी अचानक प्रकत होएच्छतीन
- 9:14–9:17अन नतुवा के तुरन्त पूनर जी विद कर देच्छतीन
- 9:17–9:20अद्ताई कनी समस्या अच्छे
- 9:20–9:23हम्रा इपडिकर बहुत थगलजका महसुज भेल
- 9:23–9:26हमर सब्ता करूना चुमन्तर भागेल
- 9:26–9:29हम्रा लागल जे भलीदान देलगेल
- 9:29–9:31अकर कोनो मोल ना रहल
- 9:31–9:33की हमरी प्रतिक्रिया अनुचित अच्छी
- 9:33–9:35अगर प्रतिक्रिया बिल्कुल सवबाभी कची
- 9:35–9:37जो खन लेक्ख कोनो बाहरी शक्ती
- 9:37–9:39वा जादूक माद्यम से
- 9:39–9:41नायक के सब समस्याके
- 9:41–9:43अचानक समादान को दे तची
- 9:43–9:45तची उकर पाएक दोष मानल जाइत ची
- 9:45–9:47आजिना इ एक दम सब किच थीक बहगे ले
- 9:47–9:49ये एक दम सद सब किछ दिक बहगे ले
- 9:49–9:52एक दम एसे कताग डाँ कदम वड़ाईताची
- 9:52–9:55जो म्रित्यों कोन च्ताई पर पर प्रिनाम नहीं आची
- 9:55–9:57तब भली डान कोन अर्ठ नहीं रहाईताची
- 9:57–9:59उजे कमलाग दार लाल भेल
- 9:59–10:03उकर उज जादूक एक ता चमतकार से फीका पडी जाई ता ची
- 10:03–10:08मुदा मने तन्त्र अज जादूक दूनिया में चमतकार तो होई चेक ने
- 10:08–10:11कामाख्यक जादूकरनी लग असीमित शक्ती अची
- 10:11–10:13इक ता में पहिने ही अस थापी ता ची
- 10:13–10:14आची मुदा
- 10:14–10:18तकी, जादू गरनी आपन शक्तिक प्रदर्षन नहीं कर सके तची,
- 10:18–10:22तन्तर क सामर्थ देखावे लेलता इच्वमत्कार करल गल अची, बुजलिये?
- 10:22–10:25औ, जादू असमबव के समबभ कर अची,
- 10:25–10:28मुदा तन्त्रिग विद्याक आपने क्तोर नियम होईता ची
- 10:29–10:32तन्त्र में सब किचुक एक ता बारी मुल्ले चुकावे पड़ाई ता ची
- 10:32–10:35जे करा हम कर्म आपलक सिद्धानत कही सके ची
- 10:35–10:39मने बिना अहुती के सिद्धी नहीं बेटाई ची
- 10:39–10:40एक दम
- 10:40–10:45नटूवा के पुनर जीवन के एकता सादारन चमतकार जका नहीं देखाख़,
- 10:45–10:50उक्रा एकता अख्छन्त कदिन आबहारी शर्तिया प्रक्रिया के रुप में प्रस्तूत कजाए,
- 10:50–10:53जाही सब बलिदानक महत्वा अंतदरी बनल रहेग.
- 10:53–10:59जखनहां बिना मुल्ले के वापस अनाइच छे जादूक का गमविरता कम होई तचे
- 10:59–11:02आ, जादूक आपन वजन होईव चाही
- 11:02–11:07जाज जीवन वापस बहेती रहाल अची तकिचु एहन गमावे परत जे उकर बराभर होई
- 11:07–11:11तई शर्ट कोना देखा अल जाजा चे तची
- 11:11–11:16एकर स्वरुप की बहसके तची जे भलिदानक गर्मा से हो बचल रहे?
- 11:16–11:20ओ, उदारनक लेल पुनर जीवनक बदला में भूरा गोडेन
- 11:20–11:23वा स्वयम कामाख्याग जादूगरनी के
- 11:23–11:26आपन कोनो पेग तान्तरिक शकती हमेशक लेल त्याग करे परेया
- 11:26–11:30अग, जीवन देनाई कते बहारी का जा चे
- 11:30–11:34वा, एक ता और मारमेक विकल्प बहसके ता चीजे,
- 11:34–11:38नतुवा जीवित बहाजाई, मुदा तान्त्रिक शर्टक अनुसार
- 11:38–11:42अक्रा हमेशक लेल कम्ला बलान नदीक रक्षक बनल रहेव परेया
- 11:42–11:51बाप्रे! एकर अर्थ यहेत, जे उ भहराक भेटी से एकता सादारन लोकिक जीवन कखोन नहीं जीभ सके.
- 11:51–11:56एक दम. उ जीवित रहेत, मुदा उकर जीवन अब उकर अपन नहीं रहत.
- 11:56–12:00बलकी नदीक लेल समरपिद भोजाएत.
- 12:00–12:05इएक्ता आहन परनिती हैत, जे पात्खक मून पर अपन अमिट चाप चोडत.
- 12:05–12:08इवास्तव में बहुत मार्मिक अची.
- 12:08–12:14मतलब उजीवित रोहितो अपन प्रेमिका लेल म्रित अची, आन नदी लेल आमर अची.
- 12:14–12:17इद गाताके शाश्वत बना दे तचे.
- 12:17–12:22आद दो सर जिल मिलक विश्वास गातक मनो वैग्यानिक प्रिष्ट्बूमी
- 12:22–12:28जैना अ इनारक दोरी वलप्रसंग उ तैयार करई बाज्गाँ आप प्रवाज्गाँ
- 12:28–12:37जे कताक सन्रचनात्मक प्रवाह के मजबूत करभाक लेल व्यापारीक जैसिंग कुछक्र के अंत दरी जोरब आवश्षक अच्छे
- 12:37–12:38एक दम सही
- 12:38–12:43आद दो सर जिल मिलक विष्वास गातक मनो वैग्यानिक प्रिष्ट्पूमी
- 12:43–12:47जेना अ इनारक दोरी वलप्रसंग उ तटयार करव?
- 12:47–12:55आद तेसर नत्वाक पुनर जीवन के बिना मोल के जादुक चमतकार नहीं बनाका
- 12:55–13:00औई मे कोन पैग शर्ट रखी बलिदानक गर्मा के सुरक्षित राखब.
- 13:00–13:04भिल्कुल! एही सब सा एह रच्ना कालजेई बनी सकेतची.
- 13:04–13:06ता हम श्रोता सा आग्रह करेची,
- 13:06–13:08जे उ अपन सामगरी के,
- 13:08–13:11एहे रच्नात्मक सुजावक के आलोक में परिष्क्रित क,
- 13:11–13:14बवविश्य में पुनह एही मनच पर पथावती.
- 13:14–13:22जैना कमला बलानक दार ग़राई में अनेक रहस्से समेटने रहतची तहना हम्रा सब के एविमर्ष एकता प्रैआश्चल.
- 13:22–13:26एक संगे हम्रा सब के आजुक लेल विदा दियाओ.
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तो आजुक एह विमर्श्छ में, हम सब कमला बलान्त तद्पर गतल, बहुरा गोडिन आ नतुवा दयालक तन्त्र, नित्त्य, आम्मार्मिक भली दानक एक ता अत्यंत रहस्यम मैई गाता पर गब करोल ची। एक दम इबहुत नीक रचना आ ची आप्रस्तुत कताक सहायक पात्रक भूमिका और अकर समगर प्रभाव के भीच समन्जस से स्तापित करब कताक और सुद्रित करवाक लेल अनिवार्याच अँ, यी बहुत महत्पुरन भिन्दू आची मतलब, जैना अद्याय तीन में व्यापारी जैसिंके जी वासना शड्यन्त्र जची, माने जे कुचक्र देखाई देटे चे, उ बहुत खोफनाक लगे टचे. हा, उक्रसा मंत्री मलग काए चली जै टची. सही बात, आप पाट्कग के लगे टचे, जे यी व्यापारी आगा चल के कुनो पैग अनर्थ करत् मुदा उ जहीना कता तन्त्र अश्टन्रित्य दिस मुड़े तचे जैसिं अचानक कता सों माने पुरनता गाएब बज़ाई तचे आ, उ कते हीरा गेल से पते नहीं चले तचे एक दम इप रहान लेल बहुत खडके वाला बात रहेल जे एक पाएक शद्यन्त्र कारी अचानक कते चलेगल बुजल ये इएक ता एहन समस्स्या अची जे अखसर उही रचना सब में देखल जाएत ची जते लेक हक अलोकिक दून्याक निरमान करे चतीन अच्छा जेना जादुक दून्या में अग, जेखन तन्त्रमन्त्रक वरनन सुरू होई तची तची लेक्हक माने स्वयम उही जादुक अकर्षन में इत्टिक बन्दा जाइच्छतीन जे मानविय पाट्र पाच्छा चूथ जाई तची तो तएी सन्रच्नाक द्रिष्टी से एक ता मने खाली पन न चे भिल्ल्कुड, जखन हों जैसिंजका कुनो पात्र के इत्तिक शक्तिषाली नकरात्मक प्रभवक संगे स्तापित करे ची तो अख्रा मद्धे में अकारन चूडी देब पाथक कवपेख्षाक संगे नयाई नाय अची. आप ने कोनो सूरीला गी तक भीच में मुख्ध्य वाद्द्यान्त्र अचानक भाजब बवजाए. एक दम सती कुदारन दलों है. पातकक मुन में एक पात्र एक ता क्हन्दित सुत्र जकर अगाई ता ची मुदा हम्रा एक ता शंका आची एते कता में जक्हन तन्त्र आखामाख्यक जादूक एक प्रभाव स्तापिद भचुकल आची तक ये एक ता सादारन व्यापारी आपन दान कबल्बुते उही अलोकिक सक्ती सबक भीच आपन अस्तित्व बचाकर राखि सके तचे. उ, इप प्रष्नत उड़ाई तची. हमने ता लागे तची जादूक आगो एक ता सादारन व्यापारी कषड्यान्त्र, जिना बवाजे कन लागी रहाल चला समबवता ताही कारने लेक्ख अक्डा हता दिल थिन की एक तजेसिंग लगत कोनो तन्त्र मंत्र अच्छी नहीं? सताथ पर देखला सा इटर्क नीक लागे तची मुदा वास्तविकता किछ और अच्छे अच्छा आँ अलोकिक सक्ति सबक भीच मान्विय दुबलता अचलाकिक अस्तित्व माने और भेसी क्दरनाक भजाई तचे एक तद सादारन व्यापारी आपन दहनक प्रियोग उही ताम करे तची जटे जादू वीफल भजाई तचे जटे जादू काज्मने करे तची कुई ठाओ मनुश्षिक लोब आ एज्शा में, तन्त्र मन्त्र सा प्रक्रती वप्रेथ के वश्मे करल जासा के तची. मुदा मनुश्षिक भीट्रक लोब के नियन्त्रित करव जादुक वश्मे नहीं अच्छी. बाप्रे तो बहुत गेरा बात कहलो आहा. तें जैसिंग सीदे भहुरा वा नटूवा का जादूक सामना नहीं करत, उकर कमजोरी पर प्रहार करत, तें जैसिंग के शर्यंटर के कताक अंतीं चरम सीमा दरी, कोनो नको रूप में जोडल राखफ बहुत आवश्यक अची. जाएसा उकर उपस्तितिक अचित्य सिद बह सके एक दम तव एकरा कताक चरमोद कर्ष में कोना दिखावल जासके तची उदाहरनक लेल अद्याय आप्छ में जखन नटूवा दैयाल के उकर अपन शिष जिल मिल अचानाक चाकू मारे तच् अग, अद्रिश्छ तव, उई अप प्रत्याशित हम्ला के केवल एक ता अकस में गखतना नहीं देखावा का उक्रा जैसिंक लगातार चली रहल गूस वा शर्यन्तरक परनामक रुप में देखावाल जासकेचे. अउ, माने जैसिंक जे बहुराग भेटी के पावै लेल कोनो भी हद्दरी जासकटे जे उ आपन दहनक प्रलोबन जिल्मिल के देसकटे जे बलकु, एईसन न केवल जैसिंक कुचक्र अंतदरी सपष्ट्वेत बलकी मानविय, एरिश्या, अतान्तरिक शकती एक संगे जुडी जाये जैसिंग भले स्वैम चाकू नहीं मारे, मुदा उई चाकू पर लागल विश उकर शर्यान्तर का होईप चाही. इत तब बहुत का जक्सुजा वाच्छी, आ उ आजे जिल मिलक बात कहलो, ताई से हम्रा एक ता अवर गप मोन पडल. कताक चरमोद कर्ष में भहल विश्वास गात का बहावनात्मक प्रभाव के बड़ावे लिल, पात्रक मनो विग्यानिक विकास पष्ट होई बावश्यक अची. आप इता आवे वाला बाच्चल. की यक ता अद्याय आप्छ में नट्वा दयाल के अकर अपन शिष्य जिल्मिल दूरा चाकू मारल जाएव, हमरा लेले एक दम अप्रत्याशित चल. एक दम अचानक से बहुगल. आज़े से पहले जिल्मिलक उर्श्या या उकर भीतर चल रहल कोनो मान्सिक तवन्वक, कोनो सब शंकेत नहीं देल गेल अची. माने एक ता शान्त नदी में आचानक बाड नहीं अवेत ची, पहले पानी गेहीर होगे तची. आख़, सब नहीं गेलो वहा. तकि हम्रा सब के जिल्मिलक मनग गड्राई में उठी रहल असन्तोषक भवर गड्ना से पहले नहीं देखाई चाही चल? आहाक नदी और बादवला ए विचार एक दम सतीक बआई थे तच विश्वाज्गात वास्तो में एक ता बाड जका आज ज़ सब किचु भशा कर लग जाई तच औ, बिलकुल मुदा जकन पाथक औई नदिक पानी गेर होईत नहीं देखे तच तकन आचानक आईल बाड अक्रा बनाव्टी लागे तच सहित्ते के एक ता नियम है, जि कोनो भी पैक गटना शुन्ने से उपन नहीं होई ता ची. हा, कोनो कारन तो होई भचाही? जगन कोनो सिष्च आपन गुरु के मारे ता ची, तो अकर पाचा, वरसक एर्स्या वो उपेक्षाक बावना होई ता ची. आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ अश्चर शनिक होई तची, मने आहा भखचाून भजाए ची, मुदा तनाव औए ची, जकन पाथक भुजाई तची, चिचु भ्यंकर गतल जाराल अची, मुदा उक्रा रोक बाकलेल उचिचु नहीं कर सकई तची. औग, जेना असहाए महसुस कर अब. आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आप आ� आप आ� आप आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� आ� � अद्याए च्याए आ सातक अ गटना याद अची जखन जिल्मिल इनार पर पानी बडरे जाए तची. अग, जगन उ दोरी चोट बजाए तची. उते एक ता जादूई गटना जगाचे. अग, वर्त्मान में उ जादूई रस्तक्षेप जगाची. मुदा ज़ हम एग गटना के जिलमिल्क मनोवे ज्यानेक द्रस्टि कोंस लिखी, तई बहुत शक्तिषाली बहुषके तची. कोना? जखन दोरी चोड भजाईता ची, तकन उते जिल मिलक भीतर अपन गुरू, माने जे अनहद आग्या चकरक सादनादरी पहुच गेल चाती, उनकर प्रती एक ता गेराए हीन भावना उतपन नहोई तिखाओल जाएता ची. बाप्रे! मने उस उची सके टची जे, अगर अखी चुडाबव, वा गुच ससीदे मुबात नहीं करव, अखर वीतर कद्वंदो के दिखा सकेता ची. अगर अगी समय जैसिंग दॉआरा देलगेल दन, अखर अखीन भावना के आगीदा सकेता ची. अगर अगीण भावना के आगीदा सकेता ची. अगर बाद्धा के अग्छोन राखभ ग़ागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागागा अद अद अच्छ़े कताक अद्धयाय आप में नट्वाक जे मार्मिक भलिदान अच्छि म्रित्युक मुख में से हो उ कमला मया के पतोर वस्ट्र चडवाए तच्छि आख कमलाक दार रक्ते लाल बवजाई तच्छि बहुत बहुत प्रभाव शाली द्रष्य अचीो एक दम, हम्रा भीटर दरी हिलादे लक मुदा उ जेहना अद्याई नाउ शूरू होईत छी, कामाख्याक जादूगरनी अचानक प्रकत होएच्छतीन अन नतुवा के तुरन्त पूनर जी विद कर देच्छतीन अद्ताई कनी समस्या अच्छे हम्रा इपडिकर बहुत थगलजका महसुज भेल हमर सब्ता करूना चुमन्तर भागेल हम्रा लागल जे भलीदान देलगेल अकर कोनो मोल ना रहल की हमरी प्रतिक्रिया अनुचित अच्छी अगर प्रतिक्रिया बिल्कुल सवबाभी कची जो खन लेक्ख कोनो बाहरी शक्ती वा जादूक माद्यम से नायक के सब समस्याके अचानक समादान को दे तची तची उकर पाएक दोष मानल जाइत ची आजिना इ एक दम सब किच थीक बहगे ले ये एक दम सद सब किछ दिक बहगे ले एक दम एसे कताग डाँ कदम वड़ाईताची जो म्रित्यों कोन च्ताई पर पर प्रिनाम नहीं आची तब भली डान कोन अर्ठ नहीं रहाईताची उजे कमलाग दार लाल भेल उकर उज जादूक एक ता चमतकार से फीका पडी जाई ता ची मुदा मने तन्त्र अज जादूक दूनिया में चमतकार तो होई चेक ने कामाख्यक जादूकरनी लग असीमित शक्ती अची इक ता में पहिने ही अस थापी ता ची आची मुदा तकी, जादू गरनी आपन शक्तिक प्रदर्षन नहीं कर सके तची, तन्तर क सामर्थ देखावे लेलता इच्वमत्कार करल गल अची, बुजलिये? औ, जादू असमबव के समबभ कर अची, मुदा तन्त्रिग विद्याक आपने क्तोर नियम होईता ची तन्त्र में सब किचुक एक ता बारी मुल्ले चुकावे पड़ाई ता ची जे करा हम कर्म आपलक सिद्धानत कही सके ची मने बिना अहुती के सिद्धी नहीं बेटाई ची एक दम नटूवा के पुनर जीवन के एकता सादारन चमतकार जका नहीं देखाख़, उक्रा एकता अख्छन्त कदिन आबहारी शर्तिया प्रक्रिया के रुप में प्रस्तूत कजाए, जाही सब बलिदानक महत्वा अंतदरी बनल रहेग. जखनहां बिना मुल्ले के वापस अनाइच छे जादूक का गमविरता कम होई तचे आ, जादूक आपन वजन होईव चाही जाज जीवन वापस बहेती रहाल अची तकिचु एहन गमावे परत जे उकर बराभर होई तई शर्ट कोना देखा अल जाजा चे तची एकर स्वरुप की बहसके तची जे भलिदानक गर्मा से हो बचल रहे? ओ, उदारनक लेल पुनर जीवनक बदला में भूरा गोडेन वा स्वयम कामाख्याग जादूगरनी के आपन कोनो पेग तान्तरिक शकती हमेशक लेल त्याग करे परेया अग, जीवन देनाई कते बहारी का जा चे वा, एक ता और मारमेक विकल्प बहसके ता चीजे, नतुवा जीवित बहाजाई, मुदा तान्त्रिक शर्टक अनुसार अक्रा हमेशक लेल कम्ला बलान नदीक रक्षक बनल रहेव परेया बाप्रे! एकर अर्थ यहेत, जे उ भहराक भेटी से एकता सादारन लोकिक जीवन कखोन नहीं जीभ सके. एक दम. उ जीवित रहेत, मुदा उकर जीवन अब उकर अपन नहीं रहत. बलकी नदीक लेल समरपिद भोजाएत. इएक्ता आहन परनिती हैत, जे पात्खक मून पर अपन अमिट चाप चोडत. इवास्तव में बहुत मार्मिक अची. मतलब उजीवित रोहितो अपन प्रेमिका लेल म्रित अची, आन नदी लेल आमर अची. इद गाताके शाश्वत बना दे तचे. आद दो सर जिल मिलक विश्वास गातक मनो वैग्यानिक प्रिष्ट्बूमी जैना अ इनारक दोरी वलप्रसंग उ तैयार करई बाज्गाँ आप प्रवाज्गाँ जे कताक सन्रचनात्मक प्रवाह के मजबूत करभाक लेल व्यापारीक जैसिंग कुछक्र के अंत दरी जोरब आवश्षक अच्छे एक दम सही आद दो सर जिल मिलक विष्वास गातक मनो वैग्यानिक प्रिष्ट्पूमी जेना अ इनारक दोरी वलप्रसंग उ तटयार करव? आद तेसर नत्वाक पुनर जीवन के बिना मोल के जादुक चमतकार नहीं बनाका औई मे कोन पैग शर्ट रखी बलिदानक गर्मा के सुरक्षित राखब. भिल्कुल! एही सब सा एह रच्ना कालजेई बनी सकेतची. ता हम श्रोता सा आग्रह करेची, जे उ अपन सामगरी के, एहे रच्नात्मक सुजावक के आलोक में परिष्क्रित क, बवविश्य में पुनह एही मनच पर पथावती. जैना कमला बलानक दार ग़राई में अनेक रहस्से समेटने रहतची तहना हम्रा सब के एविमर्ष एकता प्रैआश्चल. एक संगे हम्रा सब के आजुक लेल विदा दियाओ.