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Atmasiddhi_Vada_Maithili_Animated.mp4
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- 0:00–0:02अत्मसिद्धिवाद
- 0:02–0:04विस्त्रत संस्करन
- 0:05–0:13आई रातिक सबह, सुत्रदार, उद्यनाचार्यत, शन्भद्र, ज्यान्मित्र, शिष्य, एक्ता किसान, परिषद
- 0:13–0:29भूमिका, च्या अंक, प्रत्तेक अनेक द्रिश्यमे, आउप्संहार में विबखक्त एक्ता मौलिक नाते रच्ना, इमुल ग्रन्त्ख अनुवाद नहीं अख्छी अपितु वोकर तरकसन रच्नापर आदारित अक्ता स्वत्ट्र स्रिजनात्मक क्रिती खेख.
- 0:29–0:44पूर्वप्रस्तुछ्चार्यंकिय आत्मसिद्धिवाद कये विस्तारित रुब थिक शन्भंवाद के आप्दुई पूल्न अंक अपोवाद के अपन स्वतन्त्र अंक आशेश तीनु विष्षे के बहुद्रिष्ष्ष्विस्तार देल्गेल अची.
- 0:44–0:47गूमिका
- 0:47–1:17ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 1:17–1:24अफी सब च्याया के हम्दूई वस्त्र में बतोरने ची, शन्भद्रक, शनक भागयवान,
- 1:24–1:32जे हरेक अही आचार्यक हे तुबच्ताजे मानने चलाजे किचुस्तिर नहीर हैत अची आहुनक यूवा सहचर जान्मित्र,
- 1:32–1:37अगायक निशेद थेख
- 1:37–1:45आएकालिक वाद नमहर चलत च्या अंक, अनेक दिशेप की एक तं उद्यनक गरन्त स्वयनमहर अखी, आउकर हरेक गिरह अपन समय मागात अखी
- 1:45–1:52अएक द्रिषेप की एक तं उद्यनत गरन्त स्वयनंवहर अची आवकर हरे गिरह अपन समय मांगआत अची
- 1:52–1:58विवाद एक ही प्रषन के च्या कोतली में पुछत पुचनिहार के अची
- 1:58–2:03विवाद एक ही प्रष्न के च्या कोतली में पुछत पूचनिहार के अची
- 2:04–2:06गतिकायंत्र आरंभ हुए
- 2:07–2:08प्रस्थान
- 2:09–2:11अंक प्रथम
- 2:12–2:14उन नदीजे अचीे नहीं
- 2:15–2:19शन्भंवादक अनुमान असामर्ठ्यक परीच्षा
- 2:20–2:22द्रिश एक प्रतिग्या
- 2:22–2:26उद्यन आचार्या सन पर आसीन च्छती
- 2:26–2:31शन्भद्र प्रवेष कर आत अची संग ज्यान्मित्र
- 2:31–2:35शिष्य उद्यनक चरन लग बैसल अची
- 2:35–2:40आचार्या गड्टिक आयंत्रक जल अप्चारिक ता में नहीं कछर्च करब
- 2:40–2:51आहा शिक्षा देछ छी जे एही आखिक पाछु एक ता अचल द्रष्टा बैसल अची, जे अनहारस दरेवाला बच्चास अनहारस नहीं दरेवाला भूड दरी एक ही रहेत अची.
- 2:51–2:59विप्रीत सिख्बैद्ख्छी, जे किछु सत अची से एक हीखषन में उपन होईद अची आ नस्थ भाजाएद अची.
- 2:59–3:12जक्रा आहा एक्ता शिक्ठ, कहेथ शी, से सक्डो शिक्ठ थेक, एक दो सर के एतेक जल्दी अभिवादन करएद, जे विदाई कते समाप्त होएद अच्टिया अभिवादन कते आरंभ्छ से देखभे नही होएद.
- 3:12–3:15कोनो एक देखनिहार नहीं अच्टि.
- 3:15–3:18अफरे आर देखभ प्रतेख भेदनव
- 3:18–3:21तक्हनो प्रष्न जकर हे तु वाद बनल अची प्रमार
- 3:21–3:23कविता नहीं प्रमार
- 3:23–3:25अनुमान पुरा विधिसन
- 3:25–3:28प्रतिग्याथ जे सत अची सेखषनिक अची
- 3:28–3:31हे तु सत्व अर्ठक्या कारित्व कार्य कर्बाक सामरत्ये
- 3:31–3:35प्रतिग्याद जे सत अच्छी से ख्षनिक अच्छी
- 3:35–3:39ले तु सत्वव अर्थकी अकारित्व कार्य कर्बाक सामर्त्ये
- 3:39–3:44व्याप्ती जे अर्थक्रिया करायत अच्छी से ख्षनिके बाका करायत अच्छी
- 3:44–3:47द्रिष्तान्त दीप शिक्हा
- 3:47–3:52जे खषनेक नहीं से किचु करिते नहीं अची जेना अकाश कुसूम.
- 3:52–3:58अविवादित वस्तु द्यल, परवत, आत्मा, सब सत अची, सब किचुन किचु करायत अची.
- 3:58–4:01तने सब खषनेक
- 4:01–4:09व्याप्तिपर हात्राखू आच्छोडू नहीं की एक तन समपुन अनुमान उही पर लटकल अची.
- 4:09–4:13जे सत्से ख्षनेक इ नियम आहा कताये देखलू,
- 4:13–4:19दीपषिखा में, अगता द्रिष्तान्त नियम नहीं होएत अची.
- 4:19–4:25वर्शों तिकल ग्यल उत्बे सत अची जत्भेख शन भरेक छिंदारी
- 4:25–4:38आखे देखाभई पडद्जे तिकभ आशत होएद में विरोद अची, आव उही विरोदख आवाक एक मात्र सुत्र अची इशामर्त्या, ता अव उक्रे छीरी का देखी
- 4:38–5:00ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 5:00–5:07जदूनु अवस्ताक भीज एक फेक, ता उ एक ही संख समर्थो भेल आ असमर्थो विरोदाभास.
- 5:07–5:18तने मानु क्रिहानक भीज आन छल, के तक भीज आन प्रतिक्षन नवम्वर से नवम्वर भीज आजाहीक शनक भीज में अंकुर जनन समर्थे चल, वह जनत.
- 5:18–5:27Ṣāmārthya ehi shabdak tīn sambhav arthh, aḥam tīnu ke bāri-bāri āhaq hātme dāka dekhab zekon tikāt āchi.
- 5:27–5:34Ṣāmārthya māne kriyā svaya jē utpan ka rahel āchi vēh Ṣāmārth.
- 5:34–5:42Ṣāmārthya māne avyavhit jan nögyata agilek shan utpan karbāk yōgyata.
- 5:42–6:12కార్నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 6:12–6:42Ṣākātṣa Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭh
- 6:42–7:12నినికికారారారినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 7:12–7:42র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 7:42–8:12ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ �
- 8:12–8:42র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 8:42–9:12వారినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 9:12–9:42র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 9:42–9:59నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 10:00–10:07अग्छि बैसल अचि, फेर थाड होएद अचि की बैसनिहार अथाड होनिहार दू मनुश्य.
- 10:07–10:13अग्छि ता सोनाक डला कंगन बनेट अचि, फेर कुंडल की तीन सोना.
- 10:13–10:18परिमानो लियत एक ही कप्रापहिने चोट, तू सुथ जोडने पैग,
- 10:18–10:48র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 10:48–11:18ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ
- 11:18–11:48ڈیت ژीक ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈ
- 11:48–12:18జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ
- 12:18–12:48వారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారాారారా
- 12:48–13:18র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 13:18–13:48র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 13:48–14:18ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 14:18–14:48઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼
- 14:48–15:00నిలినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 15:00–15:08नाश्ट होईवाला वस्तू में भेदे नाचि। नाश कोनो अलक गतना नहीं, वस्तूक अपन अंतिमक्षन स्वया।
- 15:08–15:14तने नाशक कारन्पुषब वोहिना निरर्थक जेना, वस्तूक वस्तूक कारन्पुषब
- 15:14–15:44র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 15:44–16:14ఆరారినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిని
- 16:14–16:44ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ
- 16:44–17:14র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 17:14–17:44ઇṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭ�
- 17:44–18:14ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 18:14–18:44র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 18:44–19:14ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ
- 19:14–19:44র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 19:44–20:00నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన
- 20:00–20:05अगायक निषेद तन गाय जे गायक निषेद कनिषेद
- 20:05–20:10परिभाशा में परिभाश्य गुमी का आभी गे
- 20:10–20:16इ अन्यो नियाश्रे फिक आए हिसम बच्वाक आजा लिए प्रद्वाशा
- 20:16–20:21अगायक निषेद, तन्गाय, जे गायक निषेद कनिषेद
- 20:21–20:26परिभाशा मे परिभाश्य गूमी का आभी गे
- 20:26–20:38इ अन्यो न्याश्रे थेक आए हिसम बच्बाक अहा लग एकी रस्ता कतूनेक्त हो कोनो विध्यमुक सकारात्मक अर्थ मानु जत्यस निषेदख जाल बान हल जाए.
- 20:38–20:43बाड लगेबा लेल से हो खेतक �theकान चाही.
- 20:43–20:52व्याव्रित्ती सब अपना अपनामे भिन्न, गो व्याव्रित्ती आन, अश्वव्याव्रित्ती आन आएही भेट्सं ब्यवावार चलत, कुनो विदिबिनु
- 20:52–20:57व्याव्रित्ती मे भेट, कुन आदार पर,
- 20:57–21:07दूनिशेद भिन्न होएत अच्छी अपन प्रतियोगीक भेद संद्ध्यलक अबहाव आखप्राख अबहाव भिन्न की एक तंद्यल आखप्राभिन्न.
- 21:07–21:15तंगो व्याव्रित्तिया अश्वव्याव्रित्तिक भेद तिकल गाया गोराक भेद पर आगाय गोराक भेद.
- 21:15–21:28आख मते वो व्याव्रिप्तिसं, फेर चक्र, निषेदनिषेदख इनाच अनन्त गूमत, आग कत्फृ पयर राखभाक भूई नहीं भेटत,
- 21:28–21:45अलोकनु भवतन सोजे गवाही दैत अछी, बच्चा जकन पहल भेर गाई चिनहेत अछी, तकन की उ संसारक समस्त अगाई गोडा, हाती, उद, जे उ कही उ देख्वो नहीं के लक, उनका सबख निषेद का का चिनहेत अछी.
- 21:45–21:55उतन सोजे किचु देख़ अची शीन, तुतुन अबनावती किचु सकारात्मक, जे हरेग गाय मेजलकेट अची.
- 21:55–22:01जान विध्यमुख अची निषेद होकर चाया थेख देध नही.
- 22:01–22:04द्रिष्य दोग सामान्यक रक्षा
- 22:04–22:12तक्हन हमर कुदारेक उत्तर्दिया को सब प्रष्न्ध एक अनेक में कोना, नव गाय में गोत्व कत्यसन्।
- 22:12–22:19दैख छी आ उत्तरख सुत्र थेक सामानेके द्रव्यक तराजू पर नहीं तोलू
- 22:19–22:25जाईत अबैत द्रव्य अची सामानेक होए व्रिक्ती खेक गती नहीं
- 22:25–22:30दीपक इजोत कोटली भरी में की इजोत बंता गेल
- 22:30–22:35आखाश हरेक द्हल में की आखाश तुक्री तुक्री भेल
- 22:35–22:43एक अनेक में पूलन रूप सईद्रव्य बुद्दिके अट्पता लगात अची की एक तंद्रव्य एहन नही रहात अची
- 22:43–22:53मुदा सामानिक यह सवबहाव थिक, आसवभभव पर की एक नहीं चलात अची जेना अहा नहीं पुछठ ची जे अगिन गरम किये.
- 22:53–23:04नव गाय जनमल गोत वोते जेल नहीं, उगाय गोतवक नव आश्रे बनल जेना नव गर बनला पर आकाश उही में आईलक नहीं.
- 23:04–23:13अप्रमान, अनुगत प्रक्त्याय इगाय, इगाय, इगाय भिन्नब्यक्ति में एक ही आकारक बोद.
- 23:14–23:24इबोद निर विशय नहीं भासकायत अची, आईकर विशय विक्ति नहीं विक्ति तन भिन्नब्यक्न तने विशयो एक अनुगत दर्म सामानिय.
- 23:24–23:39जे अनुबहव अपोध के माने पड़ायत अची, से सामाने के सोजे सिद्खरायत अची, अहा सीदा रस्ता चोडी उन्ता गुमी का अथी पहुचायत ची, आरस्ता भभरी निषेदख कांट भीचयत.
- 23:39–23:46अथ नहीं चोड़ेत मुदा प्रव्रिथ्ती लोक गाय आनु सूनी गाय दिस चलाइत अची
- 23:46–23:52ज़ शब्दक विषे सामानिय तन लोक गोत्व आने एक गोत्व तरस्सीसन नहीं बानहल जाइत
- 23:52–24:03आई आमर अन्तिम उत्तर, जे गंगेश दھरी रही रहामपरा दोहराउत, शब्दक विशै सामाने विषिष्ट वियक्ती थेग, गोत्व सं युक्त गाये.
- 24:03–24:08ने कोरा गोत्व, ने कोरा व्यक्ती दूनुग गाज.
- 24:08–24:19तने गाय आनु सुनी लोक सिंवाली आनेध अची, आ अगायक निषेदख कोनो सुचीक आवश्षकता उक्रा कहीो नहीं पडआत अची.
- 24:19–24:29जान्मित्र दिस कोमलतासव, आहाक कुदारी तेस चल, दनुर्दर्क मुदा उजाही ज़िपर चलल, से ज़ी पाथर्क निकलल.
- 24:29–24:33ज्यान्मित्र प्रनाम का का बैसी जाएच्छत्छति
- 24:33–24:38शन्वद्र उठठ्छत्छति आब हुनक मुद्रा बद्लल अच्छि
- 24:38–24:41आंक चतुर्ठ्
- 24:41–24:44दर्पनक सबहागा
- 24:44–24:49बाह्यार्ठ्निशेदख विज्यान वादक परीच्षा
- 24:49–24:52द्रिष एक स्वपनक तर्ख
- 24:52–24:55आब हमर गहीरतम दूर्ग आचार्ये
- 24:55–25:00बाहर्क वस्तूपर एटेक वाद भेल् मुदा बाहर अचार्ये
- 25:00–25:02अछि।
- 25:02–25:06जखन आहा बगीचाक सपना देखआच्छी, बगीचा बाहर अछि।
- 25:06–25:08नहीं
- 25:08–25:14अठव्यो स्वपनक बगीचा उत्वे बाहर भुजाएत अछि जद्बेई सबहागार अख्चन
- 25:14–25:44సారిని నినినిని నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిని
- 25:44–26:14র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 26:14–26:44ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 26:44–27:14র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 27:14–27:44వారిల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల
- 27:44–28:14র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 28:14–28:44ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ
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- 29:44–30:00ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 30:00–30:25अग्पन्चम जानत पाषु गयता आत्माक साख्षात आ आनुमानिक सिब्दि, द्रिष एक हम क साख्षि, उद्यन आचार-या सन्सन उत्रीक शन्वद्रक बराभरी में ठाड हो एक चत्फी वादक परमपरामेई संकेट जे आप केबल प्रमान भाजक अदिकार नहीं.
- 30:25–30:30शन्वद्र, शास्प्र सम्प्रदाय सब कात राखू
- 30:30–30:42एहीख शन्जे देल अची, अची सम्भाजु, हम थाकल ची, हम भुजलू, हम अस्विकार करे, ची जे हम ची, एही सब में, हम की कहेत अची
- 30:42–30:45सुविद्धाक कल्पना
- 30:45–30:52दाराक अपनापर लगाओल नाम, जेना नदीक नाम, यद्जपी जल्स फराक नदी किचु नहीं.
- 30:52–30:55कलपनो केख्रो होईत अची
- 30:55–31:02हम ची इज्यान आकाश नील अची जकानही, जक्रापर संशे भासकई.
- 31:02–31:11कख्रो कहीो जागल सुतल, मुर्क्पन्दित अपन अस्तित्वक विहार करायत काल अपन अस्तित्वक शंदे भेलै,
- 31:11–31:20हम नही ची इ वाक्य बाजुतं बजनिहार, हम वाक्यक पाषुथार अपन मेतायत देक है.
- 31:20–31:23व्याकरनक भूट थिकी
- 31:23–31:26बर्खाबारेहल अच्छी कोन बर्खा करता
- 31:26–31:31तहीना हम जनेट्छी के वल जानब व्याकरन्स पहरल करताक वस्त्र
- 31:31–31:37दूनुस थिके कसाउती पर कसु आबेद हाथ लागत
- 31:37–31:52बर्खध भारहल अची में हम खषवध जल के देखा का पुछी सकैच्ची एही में जल सपराक बर्खध करता कते, के अ नहीं भेटत, की एक तं बर्खध आजल खसभ एके गतना.
- 31:52–31:59अब वेः परीक्षा जान्बपर द्यलक जान भेल की जान संपराक जानक स्वामी भेटेत अची
- 31:59–32:12अप्रिय समाचार सुन्बा काल अपना के देखु एक बाग जानक उदे दो सर पलगे चिनहल जाएत प्रतिरोद काश एना नही होएत असुविदाक अपन
- 32:12–32:42ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 32:42–32:46पाँच्स्कंद्ख इजुतान एकर बाहर आत्मा किये
- 32:47–32:50तीन उम्मिद्वार, तीनुख परिच्षा
- 32:51–32:55दे, जअ आत्मग्यान देखे देखरूपे पक्डआत,
- 32:55–32:58तं हमर हात के अहाक, हात उत्भे,
- 32:58–33:01हम कह बताए देख्देज में एहन भेद नहीजे,
- 33:01–33:05अबाल दे, युवा दे, जीन दे, तीन दे, एकोता पर मानु साजा नहीं तव्यो, हम जे बच्चामे दराइत रहीं के जोडलक.
- 33:05–33:06इंद्रिये
- 33:06–33:12जे हम देखने रहीं से आब चूभी रहें चीवाद, अप विज्वानियार दे, नहीं बाशकेत अच्चक्रदोषक गर सर.
- 33:12–33:25अबाल दे, युवादे, जिन दे, तीन दे, एकोटा पर मानु साजा नहीं तईो, हम जे बच्चामे दराइत रहीं के जोडलक.
- 33:25–33:27इंद्रिया
- 33:27–33:34जे हम देखने रहीं से आब छुभी रहें ची, आखिक विषय, हाथ दھरी के अनलक.
- 33:34–33:45इंद्रि-इंद्रियक भीछ सुचनाक इहस्तान्तरन कोनो साजा स्वामी बिनो जेना दू नाकर बिनो मालिकक एक दोस्राक लिसाब जनैत हो थी.
- 33:45–33:54मन, मन करन थिक स्म्रिति सुख्दुएकक सादन अकरन करता नही, जेना कुड़री लकर हारा नही.
- 33:54–34:03तीनु उम्मीद्वार गिरल, जे बचल, देहांद्रियमनक उही पार, तीनु प्रयोक्ता तक्रे नाम आत्मा.
- 34:03–34:09द्रिष तीन स्म्रती आहमकार संसकार आहा आले विग्यान
- 34:09–34:20आचार्य, हमर उपुरान प्रष्न, आबार दारगर, अनुप्वक प्रवास फराक स्वामीक प्रमान, भीर उही में जुटल लोक सं भेसी किच्षू नहीं.
- 34:20–34:25स्म्रति आए ही भेर उकर समपून गिरह क्हूलब.
- 34:25–34:30बीस बरक पहिने आमक स्वाद आए उकर स्मरन.
- 34:30–34:34चाखभ मरी चुकल गतना, स्मरन आएक
- 34:34–34:44स्मरन के हमर चाखबक स्मरन होईभा लेल आनक दाईरी सन पराया नहीं एक वस्तुके दूनु चोर पर उपस्तित होईभ चाही
- 34:44–34:51अनुबहुस संसकार, संसकार स्स्म्रती मानल, मुदा संसकार बसध कते अची
- 34:51–34:54शनतम नी गेल
- 34:54–34:57आखे हब उत्तरक्ष़ में साम्पल गे
- 34:58–35:00तन हरेक साम्पल
- 35:00–35:11अब एक शनभरिक आबीस बरक्माने अर्बो हस्तान्तरन, रेक में सम्पुन संसकार कोश अक्षत इडाकविवस्ता कोन डाक्या चल्बैत अछि?
- 35:11–35:41మారిలులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులుల
- 35:41–36:11র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 36:11–36:41র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 36:41–37:11র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র
- 37:11–37:41ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 37:41–38:11ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 38:11–38:41ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ
- 38:41–38:522. Sarksrishtikkram jivak agrishtak paripaks banhal, Ishvar nityas marth mudakariya saikari prateeksha karat achhi jena bhijh rituk.
- 38:52–39:10Ṭe Ṣar Ṭuhaq Ṭi Ṣhvarak Ṭaṁ nahi, jivak apan karmak falthik Ṭi Ṣhvar māli Ṭhati, jai jakar bīz, takar gāch, babul ropni hār ke ām nahi bhetāt āchi, ā ehy me mālik nishthūrta nahi, biavasthāk prāmanikta āchi.
- 39:10–39:40ڈриش ڈो ژ मुक்तி ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरिट्ती ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब
- 39:40–40:00ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 40:00–40:03तूवक बरावरी बाईतल आफि,
- 40:03–40:09तूवक सदा सुखख सादंसम नही आबैत आफि, मुदा सुख्ख,
- 40:09–40:14सुख्ख प्राया तूवक्ख सादंसम भीरल आबैत आफि,
- 40:14–40:18दर्मसं कमाएल वस्तु में सुखख कन के तेक छोट,
- 40:18–40:48ॐ ॐ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ
- 40:48–41:18ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ
- 41:18–41:48ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 41:48–42:18ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 42:18–42:48ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
- 42:48–43:05ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
Plain text
अत्मसिद्धिवाद विस्त्रत संस्करन आई रातिक सबह, सुत्रदार, उद्यनाचार्यत, शन्भद्र, ज्यान्मित्र, शिष्य, एक्ता किसान, परिषद भूमिका, च्या अंक, प्रत्तेक अनेक द्रिश्यमे, आउप्संहार में विबखक्त एक्ता मौलिक नाते रच्ना, इमुल ग्रन्त्ख अनुवाद नहीं अख्छी अपितु वोकर तरकसन रच्नापर आदारित अक्ता स्वत्ट्र स्रिजनात्मक क्रिती खेख. पूर्वप्रस्तुछ्चार्यंकिय आत्मसिद्धिवाद कये विस्तारित रुब थिक शन्भंवाद के आप्दुई पूल्न अंक अपोवाद के अपन स्वतन्त्र अंक आशेश तीनु विष्षे के बहुद्रिष्ष्ष्विस्तार देल्गेल अची. गूमिका ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ अफी सब च्याया के हम्दूई वस्त्र में बतोरने ची, शन्भद्रक, शनक भागयवान, जे हरेक अही आचार्यक हे तुबच्ताजे मानने चलाजे किचुस्तिर नहीर हैत अची आहुनक यूवा सहचर जान्मित्र, अगायक निशेद थेख आएकालिक वाद नमहर चलत च्या अंक, अनेक दिशेप की एक तं उद्यनक गरन्त स्वयनमहर अखी, आउकर हरेक गिरह अपन समय मागात अखी अएक द्रिषेप की एक तं उद्यनत गरन्त स्वयनंवहर अची आवकर हरे गिरह अपन समय मांगआत अची विवाद एक ही प्रषन के च्या कोतली में पुछत पुचनिहार के अची विवाद एक ही प्रष्न के च्या कोतली में पुछत पूचनिहार के अची गतिकायंत्र आरंभ हुए प्रस्थान अंक प्रथम उन नदीजे अचीे नहीं शन्भंवादक अनुमान असामर्ठ्यक परीच्षा द्रिश एक प्रतिग्या उद्यन आचार्या सन पर आसीन च्छती शन्भद्र प्रवेष कर आत अची संग ज्यान्मित्र शिष्य उद्यनक चरन लग बैसल अची आचार्या गड्टिक आयंत्रक जल अप्चारिक ता में नहीं कछर्च करब आहा शिक्षा देछ छी जे एही आखिक पाछु एक ता अचल द्रष्टा बैसल अची, जे अनहारस दरेवाला बच्चास अनहारस नहीं दरेवाला भूड दरी एक ही रहेत अची. विप्रीत सिख्बैद्ख्छी, जे किछु सत अची से एक हीखषन में उपन होईद अची आ नस्थ भाजाएद अची. जक्रा आहा एक्ता शिक्ठ, कहेथ शी, से सक्डो शिक्ठ थेक, एक दो सर के एतेक जल्दी अभिवादन करएद, जे विदाई कते समाप्त होएद अच्टिया अभिवादन कते आरंभ्छ से देखभे नही होएद. कोनो एक देखनिहार नहीं अच्टि. अफरे आर देखभ प्रतेख भेदनव तक्हनो प्रष्न जकर हे तु वाद बनल अची प्रमार कविता नहीं प्रमार अनुमान पुरा विधिसन प्रतिग्याथ जे सत अची सेखषनिक अची हे तु सत्व अर्ठक्या कारित्व कार्य कर्बाक सामरत्ये प्रतिग्याद जे सत अच्छी से ख्षनिक अच्छी ले तु सत्वव अर्थकी अकारित्व कार्य कर्बाक सामर्त्ये व्याप्ती जे अर्थक्रिया करायत अच्छी से ख्षनिके बाका करायत अच्छी द्रिष्तान्त दीप शिक्हा जे खषनेक नहीं से किचु करिते नहीं अची जेना अकाश कुसूम. अविवादित वस्तु द्यल, परवत, आत्मा, सब सत अची, सब किचुन किचु करायत अची. तने सब खषनेक व्याप्तिपर हात्राखू आच्छोडू नहीं की एक तन समपुन अनुमान उही पर लटकल अची. जे सत्से ख्षनेक इ नियम आहा कताये देखलू, दीपषिखा में, अगता द्रिष्तान्त नियम नहीं होएत अची. वर्शों तिकल ग्यल उत्बे सत अची जत्भेख शन भरेक छिंदारी आखे देखाभई पडद्जे तिकभ आशत होएद में विरोद अची, आव उही विरोदख आवाक एक मात्र सुत्र अची इशामर्त्या, ता अव उक्रे छीरी का देखी ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ जदूनु अवस्ताक भीज एक फेक, ता उ एक ही संख समर्थो भेल आ असमर्थो विरोदाभास. तने मानु क्रिहानक भीज आन छल, के तक भीज आन प्रतिक्षन नवम्वर से नवम्वर भीज आजाहीक शनक भीज में अंकुर जनन समर्थे चल, वह जनत. Ṣāmārthya ehi shabdak tīn sambhav arthh, aḥam tīnu ke bāri-bāri āhaq hātme dāka dekhab zekon tikāt āchi. Ṣāmārthya māne kriyā svaya jē utpan ka rahel āchi vēh Ṣāmārth. Ṣāmārthya māne avyavhit jan nögyata agilek shan utpan karbāk yōgyata. కార్నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన Ṣākātṣa Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭhāna Ṭh నినికికారారారినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ ༀ � র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র వారినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన अग्छि बैसल अचि, फेर थाड होएद अचि की बैसनिहार अथाड होनिहार दू मनुश्य. अग्छि ता सोनाक डला कंगन बनेट अचि, फेर कुंडल की तीन सोना. परिमानो लियत एक ही कप्रापहिने चोट, तू सुथ जोडने पैग, র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ ڈیت ژीक ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈھायत ڈ జజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజజ వారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారారాారారా র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼઼ నిలినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన नाश्ट होईवाला वस्तू में भेदे नाचि। नाश कोनो अलक गतना नहीं, वस्तूक अपन अंतिमक्षन स्वया। तने नाशक कारन्पुषब वोहिना निरर्थक जेना, वस्तूक वस्तूक कारन्पुषब র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ఆరారినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిని ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ઇṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭṭ� ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిన अगायक निषेद तन गाय जे गायक निषेद कनिषेद परिभाशा में परिभाश्य गुमी का आभी गे इ अन्यो नियाश्रे फिक आए हिसम बच्वाक आजा लिए प्रद्वाशा अगायक निषेद, तन्गाय, जे गायक निषेद कनिषेद परिभाशा मे परिभाश्य गूमी का आभी गे इ अन्यो न्याश्रे थेक आए हिसम बच्बाक अहा लग एकी रस्ता कतूनेक्त हो कोनो विध्यमुक सकारात्मक अर्थ मानु जत्यस निषेदख जाल बान हल जाए. बाड लगेबा लेल से हो खेतक �theकान चाही. व्याव्रित्ती सब अपना अपनामे भिन्न, गो व्याव्रित्ती आन, अश्वव्याव्रित्ती आन आएही भेट्सं ब्यवावार चलत, कुनो विदिबिनु व्याव्रित्ती मे भेट, कुन आदार पर, दूनिशेद भिन्न होएत अच्छी अपन प्रतियोगीक भेद संद्ध्यलक अबहाव आखप्राख अबहाव भिन्न की एक तंद्यल आखप्राभिन्न. तंगो व्याव्रित्तिया अश्वव्याव्रित्तिक भेद तिकल गाया गोराक भेद पर आगाय गोराक भेद. आख मते वो व्याव्रिप्तिसं, फेर चक्र, निषेदनिषेदख इनाच अनन्त गूमत, आग कत्फृ पयर राखभाक भूई नहीं भेटत, अलोकनु भवतन सोजे गवाही दैत अछी, बच्चा जकन पहल भेर गाई चिनहेत अछी, तकन की उ संसारक समस्त अगाई गोडा, हाती, उद, जे उ कही उ देख्वो नहीं के लक, उनका सबख निषेद का का चिनहेत अछी. उतन सोजे किचु देख़ अची शीन, तुतुन अबनावती किचु सकारात्मक, जे हरेग गाय मेजलकेट अची. जान विध्यमुख अची निषेद होकर चाया थेख देध नही. द्रिष्य दोग सामान्यक रक्षा तक्हन हमर कुदारेक उत्तर्दिया को सब प्रष्न्ध एक अनेक में कोना, नव गाय में गोत्व कत्यसन्। दैख छी आ उत्तरख सुत्र थेक सामानेके द्रव्यक तराजू पर नहीं तोलू जाईत अबैत द्रव्य अची सामानेक होए व्रिक्ती खेक गती नहीं दीपक इजोत कोटली भरी में की इजोत बंता गेल आखाश हरेक द्हल में की आखाश तुक्री तुक्री भेल एक अनेक में पूलन रूप सईद्रव्य बुद्दिके अट्पता लगात अची की एक तंद्रव्य एहन नही रहात अची मुदा सामानिक यह सवबहाव थिक, आसवभभव पर की एक नहीं चलात अची जेना अहा नहीं पुछठ ची जे अगिन गरम किये. नव गाय जनमल गोत वोते जेल नहीं, उगाय गोतवक नव आश्रे बनल जेना नव गर बनला पर आकाश उही में आईलक नहीं. अप्रमान, अनुगत प्रक्त्याय इगाय, इगाय, इगाय भिन्नब्यक्ति में एक ही आकारक बोद. इबोद निर विशय नहीं भासकायत अची, आईकर विशय विक्ति नहीं विक्ति तन भिन्नब्यक्न तने विशयो एक अनुगत दर्म सामानिय. जे अनुबहव अपोध के माने पड़ायत अची, से सामाने के सोजे सिद्खरायत अची, अहा सीदा रस्ता चोडी उन्ता गुमी का अथी पहुचायत ची, आरस्ता भभरी निषेदख कांट भीचयत. अथ नहीं चोड़ेत मुदा प्रव्रिथ्ती लोक गाय आनु सूनी गाय दिस चलाइत अची ज़ शब्दक विषे सामानिय तन लोक गोत्व आने एक गोत्व तरस्सीसन नहीं बानहल जाइत आई आमर अन्तिम उत्तर, जे गंगेश दھरी रही रहामपरा दोहराउत, शब्दक विशै सामाने विषिष्ट वियक्ती थेग, गोत्व सं युक्त गाये. ने कोरा गोत्व, ने कोरा व्यक्ती दूनुग गाज. तने गाय आनु सुनी लोक सिंवाली आनेध अची, आ अगायक निषेदख कोनो सुचीक आवश्षकता उक्रा कहीो नहीं पडआत अची. जान्मित्र दिस कोमलतासव, आहाक कुदारी तेस चल, दनुर्दर्क मुदा उजाही ज़िपर चलल, से ज़ी पाथर्क निकलल. ज्यान्मित्र प्रनाम का का बैसी जाएच्छत्छति शन्वद्र उठठ्छत्छति आब हुनक मुद्रा बद्लल अच्छि आंक चतुर्ठ् दर्पनक सबहागा बाह्यार्ठ्निशेदख विज्यान वादक परीच्षा द्रिष एक स्वपनक तर्ख आब हमर गहीरतम दूर्ग आचार्ये बाहर्क वस्तूपर एटेक वाद भेल् मुदा बाहर अचार्ये अछि। जखन आहा बगीचाक सपना देखआच्छी, बगीचा बाहर अछि। नहीं अठव्यो स्वपनक बगीचा उत्वे बाहर भुजाएत अछि जद्बेई सबहागार अख्चन సారిని నినినిని నినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినినిని র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র వారిల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల్ల র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ�ༀༀༀༀ� ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ अग्पन्चम जानत पाषु गयता आत्माक साख्षात आ आनुमानिक सिब्दि, द्रिष एक हम क साख्षि, उद्यन आचार-या सन्सन उत्रीक शन्वद्रक बराभरी में ठाड हो एक चत्फी वादक परमपरामेई संकेट जे आप केबल प्रमान भाजक अदिकार नहीं. शन्वद्र, शास्प्र सम्प्रदाय सब कात राखू एहीख शन्जे देल अची, अची सम्भाजु, हम थाकल ची, हम भुजलू, हम अस्विकार करे, ची जे हम ची, एही सब में, हम की कहेत अची सुविद्धाक कल्पना दाराक अपनापर लगाओल नाम, जेना नदीक नाम, यद्जपी जल्स फराक नदी किचु नहीं. कलपनो केख्रो होईत अची हम ची इज्यान आकाश नील अची जकानही, जक्रापर संशे भासकई. कख्रो कहीो जागल सुतल, मुर्क्पन्दित अपन अस्तित्वक विहार करायत काल अपन अस्तित्वक शंदे भेलै, हम नही ची इ वाक्य बाजुतं बजनिहार, हम वाक्यक पाषुथार अपन मेतायत देक है. व्याकरनक भूट थिकी बर्खाबारेहल अच्छी कोन बर्खा करता तहीना हम जनेट्छी के वल जानब व्याकरन्स पहरल करताक वस्त्र दूनुस थिके कसाउती पर कसु आबेद हाथ लागत बर्खध भारहल अची में हम खषवध जल के देखा का पुछी सकैच्ची एही में जल सपराक बर्खध करता कते, के अ नहीं भेटत, की एक तं बर्खध आजल खसभ एके गतना. अब वेः परीक्षा जान्बपर द्यलक जान भेल की जान संपराक जानक स्वामी भेटेत अची अप्रिय समाचार सुन्बा काल अपना के देखु एक बाग जानक उदे दो सर पलगे चिनहल जाएत प्रतिरोद काश एना नही होएत असुविदाक अपन ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ पाँच्स्कंद्ख इजुतान एकर बाहर आत्मा किये तीन उम्मिद्वार, तीनुख परिच्षा दे, जअ आत्मग्यान देखे देखरूपे पक्डआत, तं हमर हात के अहाक, हात उत्भे, हम कह बताए देख्देज में एहन भेद नहीजे, अबाल दे, युवा दे, जीन दे, तीन दे, एकोता पर मानु साजा नहीं तव्यो, हम जे बच्चामे दराइत रहीं के जोडलक. इंद्रिये जे हम देखने रहीं से आब चूभी रहें चीवाद, अप विज्वानियार दे, नहीं बाशकेत अच्चक्रदोषक गर सर. अबाल दे, युवादे, जिन दे, तीन दे, एकोटा पर मानु साजा नहीं तईो, हम जे बच्चामे दराइत रहीं के जोडलक. इंद्रिया जे हम देखने रहीं से आब छुभी रहें ची, आखिक विषय, हाथ दھरी के अनलक. इंद्रि-इंद्रियक भीछ सुचनाक इहस्तान्तरन कोनो साजा स्वामी बिनो जेना दू नाकर बिनो मालिकक एक दोस्राक लिसाब जनैत हो थी. मन, मन करन थिक स्म्रिति सुख्दुएकक सादन अकरन करता नही, जेना कुड़री लकर हारा नही. तीनु उम्मीद्वार गिरल, जे बचल, देहांद्रियमनक उही पार, तीनु प्रयोक्ता तक्रे नाम आत्मा. द्रिष तीन स्म्रती आहमकार संसकार आहा आले विग्यान आचार्य, हमर उपुरान प्रष्न, आबार दारगर, अनुप्वक प्रवास फराक स्वामीक प्रमान, भीर उही में जुटल लोक सं भेसी किच्षू नहीं. स्म्रति आए ही भेर उकर समपून गिरह क्हूलब. बीस बरक पहिने आमक स्वाद आए उकर स्मरन. चाखभ मरी चुकल गतना, स्मरन आएक स्मरन के हमर चाखबक स्मरन होईभा लेल आनक दाईरी सन पराया नहीं एक वस्तुके दूनु चोर पर उपस्तित होईभ चाही अनुबहुस संसकार, संसकार स्स्म्रती मानल, मुदा संसकार बसध कते अची शनतम नी गेल आखे हब उत्तरक्ष़ में साम्पल गे तन हरेक साम्पल अब एक शनभरिक आबीस बरक्माने अर्बो हस्तान्तरन, रेक में सम्पुन संसकार कोश अक्षत इडाकविवस्ता कोन डाक्या चल्बैत अछि? మారిలులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులులుల র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র র ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ 2. Sarksrishtikkram jivak agrishtak paripaks banhal, Ishvar nityas marth mudakariya saikari prateeksha karat achhi jena bhijh rituk. Ṭe Ṣar Ṭuhaq Ṭi Ṣhvarak Ṭaṁ nahi, jivak apan karmak falthik Ṭi Ṣhvar māli Ṭhati, jai jakar bīz, takar gāch, babul ropni hār ke ām nahi bhetāt āchi, ā ehy me mālik nishthūrta nahi, biavasthāk prāmanikta āchi. ڈриش ڈो ژ मुक்तி ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरिट्ती ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ڈूहटि ڈश्वरूब ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ तूवक बरावरी बाईतल आफि, तूवक सदा सुखख सादंसम नही आबैत आफि, मुदा सुख्ख, सुख्ख प्राया तूवक्ख सादंसम भीरल आबैत आफि, दर्मसं कमाएल वस्तु में सुखख कन के तेक छोट, ॐ ॐ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ौ ༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀༀ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ