विशेषांक ४१ — जगदीश प्रसाद मण्डल प्रश्नोत्तरी जगदीश प्रसाद मण्डल: जीवनी पर आधारित खण्डवार बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी। कुल प्रश्न: १८० । तुरन्त प्रतिक्रिया: गलत उत्तर लाल, सही उत्तर हरियर, आ व्याख्या संग।
भूमिका आ पोथीक रूपरेखा १२ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ १–१२।
प्रश्न १. पोथीक पूर्ण अंग्रेजी शीर्षक की अछि?
क. विदेह हाइकु विशेषांक
ख. मैथिली साहित्यक सर्वेक्षण
ग. जगदीश प्रसाद मण्डल: जीवनी
घ. राजदेव मण्डल: मैथिली लेखक
व्याख्या: आरम्भिक पृष्ठसभ पोथी केँ जगदीश प्रसाद मण्डलक जीवनी रूपमे चिन्हैत अछि, जकर उपशीर्षक जीवन, साहित्य आ मिथिलासँ सम्बन्धित अछि।
प्रश्न २. शीर्षक-पृष्ठक अनुसार जीवनी के लिखलनि आ अनुवाद कयलनि?
क. राधाकृष्ण चौधरी
ख. टी.के. ओमन
ग. गजेन्द्र ठाकुर
घ. हरिमोहन झा
व्याख्या: आरम्भिक अंश कहैत अछि जे मूल मैथिली जीवनी आ अंग्रेजी अनुवाद गजेन्द्र ठाकुर द्वारा कएल गेल अछि।
प्रश्न ३. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ १) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. जगदीश प्रसाद मण्डल: जीवनी — जीवन, साहित्य आ मिथिलाक जीवित आत्मा; मूल मैथिली जीवनी — गजेन्द्र ठाकुर।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ १क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ ६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई पोथी व्यापक पाठक-वर्गक समक्ष केवल मण्डलजीक जीवन नहि, बल्कि ओ सामाजिक संसार सेहो अनैत अछि, जाहिसँ ओ जीवन अपन बल पओलक।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ ६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ ७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. मण्डलजीक जीवन केँ स्वतंत्रता-पश्चात भारतक सामाजिक संक्रमणसँ अलग कऽ बुझल नहि जा सकैत।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ ७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ ८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. एहि प्रसंगसभ द्वारा पाठक ग्रामीण मिथिलाक सम्पूर्ण जटिलतामे प्रवेश करैत अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ ८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ ८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई जमींदारीक अवशेष, बकास्त जमीनक संघर्ष, बटाइदारीक अस्पष्टता, भूदान आन्दोलनक विकृति आ ओकर बादक कानूनी उलझनसभ धरि पहुँचैत अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ ८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ ९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई देखबैत अछि जे हुनक विचार एकान्तमे नहि बनल छल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ ९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ १०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ओ पूछैत छथि—व्यवस्था केना चलैत अछि, श्रमक मूल्य केना आँकल जाइत अछि, समाज केना विकृत होइत अछि, आ लोक अपन कर्तृत्व फेर केना पाबि सकैत अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ १०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ १०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. मण्डलजीक साहित्यक सत्य विचार, जीवन आ लेखनक एकतामे निहित अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ १०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ ११) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई मैथिलीबाहिरक पाठककेँ मण्डलजीसँ केवल क्षेत्रीय व्यक्तित्व रूपमे नहि, बल्कि ओहन लेखक रूपमे मिलबाक आमन्त्रण दैत अछि, जिनकर जड़िसँ जुड़लता हुनका व्यापक प्रासंगिकता दैत अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ ११क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२. “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” (लगभग पृष्ठ १२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई पोथी केवल लेखकक जीवनकथा नहि, बल्कि ओहि लोकक जीवित दस्तावेज रूपमे पढ़बाक योग्य अछि, जिनकर श्रम, बोली, संघर्ष आ आशा एखनहुँ जारी अछि…
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूमिका आ पोथीक रूपरेखा” खण्डक लगभग पृष्ठ १२क चर्चापर आधारित अछि।
जन्म आ पृष्ठभूमि १८ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ १३–३६।
प्रश्न १३. जगदीश प्रसाद मण्डलक जन्म कोन तिथि केँ भेल?
क. १५ अगस्त १९४७
ख. ५ जुलाई १९४७
ग. १४ दिसम्बर २०२२
घ. ५ जुलाई १९५०
व्याख्या: जीवनीमे कहल गेल अछि जे जगदीश प्रसाद मण्डलक जन्म ५ जुलाई १९४७ केँ भेल।
प्रश्न १४. कोन गाम-क्षेत्र हुनक जन्मस्थान आ सामाजिक पृष्ठभूमिक केन्द्र अछि?
क. केवल असमक ब्रह्मपुत्र घाटी
ख. पश्चिम भारतक दिल्ली
ग. मिथिलाक झंझारपुर क्षेत्रक बेरमा
घ. मात्र कोलकाता शहर
व्याख्या: जीवनीमे बेरमा आ व्यापक झंझारपुर क्षेत्र केँ मण्डलजीक सामाजिक निर्माणक केन्द्र मानल गेल अछि।
प्रश्न १५. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ १३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. जन्म आ पृष्ठभूमि — जगदीश प्रसाद मण्डलक जन्म ५ जुलाई १९४७ केँ भेल, जखन भारत स्वतंत्रताक देहरीपर ठाढ़ छल आ ब्रिटिश शासन विदा हेबाक तैयारी कऽ रहल छल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ १३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ १५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. बीसम शताब्दीक पाँचम दशक देशकेँ एतेक गहिर रूपेँ झकझोरलक जे लोक घर-परिवारक सीमासँ आगाँ बढ़ि राष्ट्रकेँ अपनेकें अर्पित करऽ लागल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ १५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ १६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ओतय उच्च कोटिक कथावाचकसभ छलाह आ एहनो लोक छलाह जे दुर्लभ कौशलसँ वार्तालाप पकड़ि सकैत छलाह।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ १६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १८. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ १८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. एहि चारिमे तीन गामसँ बाहरक विद्यालयसभमे नियुक्ति लेलनि, आ एक गोटे, पदक-विजेता होइतो, गाममे नून-तेलक छोट दोकान खोललनि…
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ १८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १९. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ २०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. जखन जगदीश प्रसाद मण्डल पाँच-छह बरखक छलाह, ओ अपन जेठ भाय कुलकुल मण्डलजीक संग विद्यालय जाए लगलाह।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ २०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २०. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ २१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. हुनक बाद परिवारमे पण्डित गौरीनाथ ठाकुर, अनिरुद्ध ठाकुर आ सुन्दर ठाकुर आएलाह।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ २१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २१. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ २३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. एहि कारण झंझारपुर केँ बेसी नीक विद्यालय मानल जाइत छल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ २३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २२. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ २४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. आन महाविद्यालयसभमे ऑनर्सक पढ़ाइ उपलब्ध छल, मुदा जनता कॉलेजमे नहि छल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ २४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २३. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ २६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. किछु गाममे “एगारही” चलैत छल, जतय आठ पसेरीक एक मन एगारह पसेरी बनि जाइत छल।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ २६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २४. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ २७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. स्वाधीन देश लेल जे आकांक्षा लोक स्वतंत्रता आन्दोलनक समय अपन हृदयमे सँजोने छल, ओ निश्चय सभमे छल; मुदा ओकर साधन एखनहुँ उभरि नहि सकल छल…
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ २७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २५. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ २९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. एकटा कुटीर उद्योगक गामसँ लुप्त भऽ जाएबो जतेक प्रभाव पारैत अछि, ततेक प्रभाव एहि बातक नहि भेल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ २९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २६. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ ३०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. गामक समाजसँ राष्ट्रीय राजनीति धरि अव्यवस्थाक स्थिति उभरय लागल।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ ३०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २७. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ ३२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. एहि समस्याक ठोस समाधान आवश्यक अछि; नहि तँ मुण्डनक भोज आ श्राद्धक भोजक बीच कोनो अन्तर नहि रहि जायत।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ ३२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २८. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ ३३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. टाकाक लेन-देन आ सिफारिशक प्रभाव बहुत बढ़ि गेल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ ३३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न २९. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ ३५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. कारण स्पष्ट छल: क्षेत्रक प्रभावशाली लोक ओहि स्थलकेँ समर्थन देलक छल।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ ३५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३०. “जन्म आ पृष्ठभूमि” (लगभग पृष्ठ ३६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. एहिना शिक्षाक क्षेत्रमे सेहो एक नव संघर्ष शुरू भेल।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जन्म आ पृष्ठभूमि” खण्डक लगभग पृष्ठ ३६क चर्चापर आधारित अछि।
१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष १८ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ ३७–६०।
प्रश्न ३१. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ३७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. १९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष — १९६०क बाद जगदीश प्रसाद मण्डल केजरीवाल उच्च विद्यालयमे नामांकन लेलनि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ३७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३२. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ३८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. हुनक एक अग्नात सम्बन्धी पहिनहिँ ओतय पहुँचि गेल छलाह आ लगभग डेढ़ बीघा जमीनक मालिक बनि ओहि जमीनसँ उपज लेबऽ लागल छलाह…
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ३८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३३. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ४०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. अपन लोटा, थारी, कपड़ा आ आन सामान सेहो पाछाँ छोड़ि देब ठीक नहि होइत।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ४०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३४. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ४२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. दिनभरिक यात्रासँ पहिने सँ थाकल आ फेर ज्वरसँ पीड़ित, गाम पहुँचते ओ जोर-जोरसँ কানय लगलाह—जेनाँ बेटा आ…
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ४२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३५. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ४३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. जेना वियतनामक लोक बम आ बारूदसँ उजड़ल जमीनक एक-एक इंच फेर खेतीयोग्य बनओलक, तेना हरिनाहीक लोक जंगल साफ करय लागल…
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ४३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३६. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ४४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. तैयो वैद्यजी अपन कर्तव्यक प्रति एक निश्चित दृढ़ता रखैत छलाह।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ४४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३७. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ४६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. गाममे चाहक दोकानक प्रश्नो नहि छल; चाह-पत्ती आ चीनी बेचऽबला दोकान धरि नहि छल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ४६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३८. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ४७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. हरिनाहीमे घर कम छल, मुदा किछु परिवार सिंहेश्वर स्थान दिससँ आबि बसल छल; हुनक सभमे तीन अनुभवी लड़ाका छलाह; तेँ ओहिठामक लोक…
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ४७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ३९. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ४९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. पितियौत भायक विदा भऽ गेलासँ केवल परिवार छोट नहि भेल; घरक व्यवसाय आ काज सेहो घटि गेल।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ४९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४०. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ५०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. वैद्यनाथ राम “अय्यर” सर्वोच्च न्यायालयक न्यायाधीश छलाह।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ५०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४१. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ५१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. रेलगाड़ीसँ उतरला बाद लोक जुलूस बनौलनि, झण्डा फहरबैत आ नारा लगबैत सभास्थल पहुँचल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ५१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४२. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ५२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई मात्र नहि जे विधानसभामे एहन परिवर्तन भेल; गाम-गामक सामान्य लोक सेहो अपन जीत आ हार केँ अनुभव कयलक…
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ५२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४३. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ५४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. की मिथिला केवल साढ़े तीन हाथक मानव-देह अछि, मात्र पेटसहित? वा ओकर दू हाथ, दू पएर आ मातृभूमि सेहो अछि?
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ५४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४४. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ५५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. एहिना एहन स्थिति सेहो होइत अछि जाहिमे खरीददार अभावग्रस्त होइत अछि आ बेचयवाला नहि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ५५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४५. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ५६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टीक कोटासँ दू कैबिनेट मन्त्री आ दू राज्यमन्त्री नियुक्त भेलाह।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ५६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४६. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ५८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. एहि संघर्षपर चर्चा करैत ओ कहलनि जे देशक विकास अवरुद्ध भेल अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ५८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४७. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ५९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. पार्टीक सभ सदस्यकेँ एकठाम बैसि ओहि समस्यासभ पर विचार करबाक चाही।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ५९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ४८. “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” (लगभग पृष्ठ ६०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. हुनक सभद्वारा जगदीश प्रसाद मण्डलजी नव-नव तरहक ज्ञान अर्जित करय लगलाह।❑
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६०क बाद: व्यक्तित्व-निर्माणक वर्ष” खण्डक लगभग पृष्ठ ६०क चर्चापर आधारित अछि।
१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता १२ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ ६१–६७।
प्रश्न ४९. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. १९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता — १९६७क बाद गामसँ समूचा देश धरि हबाक दोसर धार उठय लागल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५०. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. तैयो की ई उचित नहि जे बिहारो स्वतंत्र भारतक भाग अछि आ किछु सीमा धरि समानता रहबाक चाही?
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५१. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. मुदा कोसी, कमला आ बलान केँ एतेक स्वागत कएल गेल, ओ दौड़ैत-खेलैत रहल आ लोक ओकरा सभ पर गीत गबैत रहल, जे ओ सभ बेसी…
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५२. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. पाबनि-तिहार आ विधि-विधानक समय भ्रम आ अव्यवस्था सदिखन होइत रहल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५३. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. बीचक जातिसभ अलग-अलग धार्मिक सम्प्रदायसँ जुड़ल छल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५४. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ननौरक लोकक शिष्यकेँ हुनक अपन शिष्य बनाओल गेल—रामौतसँ कबीरपंथी।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५५. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. रामौत सम्प्रदायक संगठन कबीरपंथक तुलनामे कमजोर छल।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५६. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. महाभारतक रणक्षेत्र जकाँ बेरमाक माटि काँपय लागल।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५७. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. हुनक परम्परा तेसर सम्प्रदाय छल: गुरु वैष्णव आ… दुनूकें अपन बनबैत छल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५८. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. सत्तासँ ओकर सम्बन्धक कारण ई छल जे मधेपुर प्रखण्डक प्रमुख स्वयं बेरमाक छलाह।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ५९. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. प्रखण्डक सभसँ छोट पंचायत बेरमा ओ स्थान बनल जतय पहिल बेर सभसँ बेसी लोक वृद्धावस्था पेंशन पओलक।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६०. “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” (लगभग पृष्ठ ६७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लाभ सोशलिस्ट पार्टीकेँ गेल, आ वासुदेव बाबू, श्री वासुदेव प्रसाद महतो, विधायक बनलाह।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “१९६७क बाद: राजनीतिक जागरण आ सामाजिक प्रतिबद्धता” खण्डक लगभग पृष्ठ ६७क चर्चापर आधारित अछि।
जाति-संरचना ८ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ ६८–६९।
प्रश्न ६१. “जाति-संरचना” (लगभग पृष्ठ ६८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. जाति-संरचना — बेरमाक ब्राह्मण पाँच भागमे बँटल छथि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जाति-संरचना” खण्डक लगभग पृष्ठ ६८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६२. “जाति-संरचना” (लगभग पृष्ठ ६८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. १९६२ मे जखन पहिल बेर कम्युनिस्ट पार्टी बनल, तँ ब्राह्मण सभे अलग भऽ ओकर गठन कएने छलाह।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जाति-संरचना” खण्डक लगभग पृष्ठ ६८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६३. “जाति-संरचना” (लगभग पृष्ठ ६८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. कथा कहब, सम्बन्ध-नाता, आ खाए-पिबएक व्यवहार धरिमे दूरी छल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जाति-संरचना” खण्डक लगभग पृष्ठ ६८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६४. “जाति-संरचना” (लगभग पृष्ठ ६८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई समानता एहि बातमे छल जे हुनक खाए-पिबएक रीति, पाबनि-तिहार आ संस्कार एके तरहक छल।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जाति-संरचना” खण्डक लगभग पृष्ठ ६८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६५. “जाति-संरचना” (लगभग पृष्ठ ६८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. मुसहर परिवार संख्या मे प्रबल छल, मुदा हुनका सभमे सेहो विभाजन उभरैत रहल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जाति-संरचना” खण्डक लगभग पृष्ठ ६८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६६. “जाति-संरचना” (लगभग पृष्ठ ६८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. मधेपुर प्रखण्डसँ गाम धरि, चारूकातसँ आएल आघात बच्चनू मिश्रकेँ भीतर धरि चोट पहुँचौलक।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जाति-संरचना” खण्डक लगभग पृष्ठ ६८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६७. “जाति-संरचना” (लगभग पृष्ठ ६८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. बच्चनू मिश्रक मन प्रभावित भेल आ ओ बिना क्रम-बन्धन एतय-ओतय बाजय लगलाह।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जाति-संरचना” खण्डक लगभग पृष्ठ ६८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ६८. “जाति-संरचना” (लगभग पृष्ठ ६९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. दरभंगामे हुनक ऑपरेशन भेल, तखनहि घाव भरि सकल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जाति-संरचना” खण्डक लगभग पृष्ठ ६९क चर्चापर आधारित अछि।
बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने १८ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ ७०–९५।
प्रश्न ६९. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ७०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने — बेरमा गाममे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने छोट-बड़ अनेक देवस्थान छल, आ एक रूपमे…
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ७०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७०. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ७१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. महावीर दास अफीम सेवन करैत छलाह, मुदा स्वभावसँ अत्यन्त उदार छलाह।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ७१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७१. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ७३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. एहिना प्रत्येक वर्ष दुर्गा पूजा दू अलग-अलग स्थानपर मनाओल जाइत अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ७३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७२. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ७४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. मुदा जतय सड़क आ बाट-पथ तक असुरक्षित हो, ओतय दिल्ली स्वयं आब दूर नहि लगैत; नजिक लगैत अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ७४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७३. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ७५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. पहिल स्थापना १९७१–७२ मे स्वर्गीय सत्यदेव झा द्वारा भेल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ७५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७४. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ७७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. एहिना आब प्रत्येक दू परिवार लेल पेयजलसँ जुड़ल एक स्रोत अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ७७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७५. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ७८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. बेरमाक संरचना तथापि आन गामसभसँ भिन्न अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ७८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७६. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ७९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. चारू गोटे गामक सभसँ बलिष्ठ शरीरबला पुरुषसभमे छलाह—हड्डी आ देहक साँचासँ मजबूत।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ७९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७७. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ८१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. तीन-चारि दिन धरि डोम लकड़ी ढोबामे लागल रहल।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ८१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७८. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ८२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. पंचायत बढ़ैत गेल, विवाद घटलो आ बढ़लो।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ८२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ७९. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ८३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. आन ठाम कहल गेल जे जँ कोनो लोक अपन पिता आ पितामहक संस्कार अपन ढंगसँ करैत अछि, तँ पंचक मुँह…
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ८३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८०. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ८५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. तखन दोसर प्रश्न उठल: विधि-विधान केना सम्पन्न हो?
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ८५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८१. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ८७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. तैयो जातिक भीतर राजनीतिक विभाजन सेहो बढ़य लागल छल, आ राजनीतिक पार्टीसभ ओहिसँ बल पबैत छल।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ८७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८२. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ८८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. जतेक बेर कोनो संघर्ष उभरैत, तुरन्त ओ जातिगत प्रश्नमे बदलि जाइत।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ८८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८३. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ९०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. सम्पत्ति गेल, आ एखन एकोटा सदस्य नहि बचल जे कोनो ने कोनो समय जेल नहि गेल हो आ वंशक गरिमा नहि तोड़ने हो।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ९०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८४. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ९२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. जगदीश प्रसाद मण्डल निन्दसँ उठल मात्र छलाह, तखने सुनलनि जे बिदेसर ठाकुरक मृत्यु भऽ गेल।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ९२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८५. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ९३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. हमर कमाइ समाप्त भऽ जायत, मुदा हम हुनका सभकेँ बिखरल-अब्यवस्थित लोक जकाँ भटकाएब।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ९३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८६. “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” (लगभग पृष्ठ ९४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. एम्हर सभ अग्नात, बिदेसर ठाकुरक संग, अपन नाई-समाजमे बैसल आ फेर अपन जजमानसभक घर बाँटि लेलक।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “बेरमामे दुर्गास्थान बनबासँ पहिने” खण्डक लगभग पृष्ठ ९४क चर्चापर आधारित अछि।
डायरी बिना जीवन १२ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ ९६–१०२।
प्रश्न ८७. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ ९६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. डायरी बिना जीवन — डायरीबिहीन जीवनमे तिथि मात्र घटनाक मोट-मोट रूपरेखा बनि जाइत अछि; सही दिन आ महीना नहि रहि जाइत।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ ९६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८८. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ ९६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ओ अनुभव कएने छलाह जे समाज हुनका केना परखलक, बाँधलक आ पार लगौलक।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ ९६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ८९. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ ९७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. किछु ठाम जमीनक प्रश्नकेँ छुओल धरि नहि गेल छल, आ सूदखोरीक हालत सेहो ओहि जकाँ छल।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ ९७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९०. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ ९८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. जगदीश प्रसाद मण्डल आ आन लोक उठि ठाढ़ भेल आ उत्तर देबऽ लागल।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ ९८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९१. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ ९८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. स्वभावसँ व्यापारी होएबाक कारण ओ चुपचाप नीचेसँ जमीन बेचय लगल।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ ९८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९२. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ ९९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. सुभाष बाबू सेहो अपन दृष्टिकोण देशक सामने रखि चुकल छलाह।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ ९९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९३. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ ९९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. १९५५ सँ पहिने बिहारक राजनीतिमे जातिक प्रभाव सीमित छल, मुदा बादमे ई बेसी मजबूत भऽ उठल।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ ९९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९४. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ १००) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. फलस्वरूप मूल भूमिधरसभक विवाद ओहि लोकसभक बीच फँसि गेल जे जमीन पओने छल।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ १००क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९५. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ १००) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. कम्युनिस्ट पार्टी महादेव मण्डलसँ बटाइदारीक मुकदमा दायर करौने छल।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ १००क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९६. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ १०१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. कारण ई छल जे महादेव मण्डल बैजनाथ मण्डलक जेठ भाय छलाह।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ १०१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९७. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ १०१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. पटना उच्च न्यायालयक न्यायमूर्ति वीरेन्द्रजी एहि मामलापर काज कयलनि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ १०१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ९८. “डायरी बिना जीवन” (लगभग पृष्ठ १०२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. आन जमींदार पहिनहिँ अपन जमीन बेचि कऽ चल गेल छल।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “डायरी बिना जीवन” खण्डक लगभग पृष्ठ १०२क चर्चापर आधारित अछि।
भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न १८ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ १०३–१३०।
प्रश्न ९९. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १०३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न — बेरमामे भूदान आन्दोलन केवल सीमित आ असमान ढंगसँ चलल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १०३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १००. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १०४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. मुदा समाजक मनमे ई भाव पहिनहिँ जड़ि पकड़ि लेने छल जे ई अनुचित अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १०४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०१. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १०६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. जाहि लोकसँ रुपया आ धान उधार लेल गेल हो, वही भारी लाठीसँ माथपर मारि दे, तँ के सहि सकैत अछि?
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १०६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०२. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १०८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ओहि पंचायत चुनावमे किछु लोक हाथमे लाठी लऽ बूथपर बैसल छल, आ किछु गाममे घूमैत रहल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १०८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०३. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १०९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. बादमे ओ तमुरिया उच्च विद्यालयमे दशम वर्गमे नामांकन लेलनि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १०९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०४. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १११) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. केवल मैथिलीमे तीन शिक्षक छलाह, तेँ मैथिलीमे ऑनर्स सम्भव छल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १११क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०५. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ ११२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. एक लोक नाच-मण्डली अनबाक जिम्मेदारी लेलनि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ ११२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०६. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ ११४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. १९९८ अबैत-अबैत जगदीश प्रसाद मण्डलजीक उत्तर-पूर्व देखबाक इच्छा एतेक प्रबल भऽ गेल जे ओ अपनेकें रोकि नहि सकलाह।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ ११४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०७. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ ११६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ओकर भीतर सेहो किछु कमी स्वाभाविक रूपेँ भऽ गेल छल।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ ११६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०८. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ ११७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. जखन ओ पहुँचलाह, काली बाबू बांग्लामे कहलनि—“ई मित्र छथि।” तखन डी.एम.…
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ ११७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १०९. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ ११९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ओहि तुलनामे बेरमाक पैघ पोखरि बीसमे बीस अंक पर ठाढ़ भेल।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ ११९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११०. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १२०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. क्षेत्रमे जे प्रकारक संसाधन उपलब्ध अछि, ओकर हिसाबे विकास नहि भेल।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १२०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १११. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १२२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. प्रतिदिन बांग्लादेशी मजदूर भोरे-भोरे अगरतला प्रवेश करैत छथि आ साँझमे लौटि जाइत छथि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १२२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११२. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १२३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. स्थानक नाम सुनिते जगदीश प्रसाद मण्डलजी अत्यन्त आनन्दित भेलाह।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १२३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११३. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १२५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. दू वर्ष बाद, सेवानिवृत्तिसँ पहिने, ओ गाम लौटि अएलाह।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १२५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११४. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १२६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. अमेरिका, जे पाकिस्तानक संग दृढ़तासँ ठाढ़ छल, उचित उत्तर पओलक।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १२६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११५. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १२८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. रमेशचन्द्र उद्घाटन भाषणमे प्रेमचन्दक साहित्यक विस्तृत व्याख्या कयलनि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १२८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११६. “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” (लगभग पृष्ठ १३०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ओ कहलनि जे आगाँ चलि कोच बदलताह; हुनक संगियो ओतय छथि, आ ओ हुनका सेहो भेटि लेताह।
व्याख्या: चयनित उत्तर “भूदान आन्दोलन आ जमीनक प्रश्न” खण्डक लगभग पृष्ठ १३०क चर्चापर आधारित अछि।
रामपट्टी जेल १६ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ १३१–१५१।
प्रश्न ११७. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १३१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. रामपट्टी जेल — रामपट्टी जेल बनि चुकल छल, मुदा उद्घाटन नहि भेलाक कारण ओ अनुपयोगी पड़ल छल।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १३१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११८. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १३२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. भावनात्मक दिशा धीरे-धीरे अधिकाधिक कल्पनाशील बनैत गेल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १३२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न ११९. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १३४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. शायद ओ मैथिलीमे बहुत नहि लिखलनि, मुदा हिन्दी आ अंग्रेजीमे अनेक पोथी लिखलनि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १३४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२०. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १३५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. कारण ई छल जे बाकी दू मुकदमा सेशन केस छल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १३५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२१. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १३७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. परीख तेज नारायण केँ कहलनि जे ओ खाली समयमे हुनका पढ़ौताह।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १३७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२२. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १३८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. अगिला भोर जगदीश प्रसाद मण्डलजीक परिचय जमींदारसँ भेल।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १३८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२३. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १३९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. जगदीश प्रसाद मण्डलजी राजस्थानमे एतेक दिन नहि रहलाह।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १३९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२४. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १४१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. हुनक मजदूरी निश्चय बहुत कम नहि छल; ओ गामक दैनिक मजदूरीसँ बेसी छल।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १४१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२५. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १४२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. हुनक मायक ससुराल बेरमा छल; हुनक जेठ बहिनक ससुराल, जिनकर बेटा नरसिंह मण्डल छल, दीपमे छल; आ सात बहिनमे जेठ बहिन…
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १४२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२६. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १४३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. पति मरलाक बाद ओ लगभग साठि वर्ष धरि जीलथि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १४३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२७. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १४४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. हुनक अपन स्थिति बहुत नीक नहि छल, मुदा हुनक छोट भायक पाँचो बेटा कमाइत छलाह, आ हुनका ओहि सहाराक भरोस छल।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १४४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२८. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १४६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ओहिसँ ओ दू सँ अढ़ाई बीघा जमीन किनने छलाह।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १४६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १२९. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १४७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. तावत धरि अट्ठाइस अभियुक्तमे किछु मरि चुकल छल, जाहिमे तीन अभियुक्त आ दू गवाह सेहो छल।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १४७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३०. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १४८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. एक बेर ओ गेलाह, तँ लोक सोचलक जे दस बरखसँ पहिने ओ कठिनेसँ बाहर निकलताह।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १४८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३१. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १५०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. समस्या केवल मुकदमाक लेल आवागमन नहि छल; समस्या सजा हेबाक सम्भावना छल।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १५०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३२. “रामपट्टी जेल” (लगभग पृष्ठ १५१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. मिथिलाक सामाजिक व्यवस्था सर्वांगीण विकास तखनहि प्राप्त करत जखन ओ वैदिक जीवन-व्यवस्थाक आधारपर आगाँ बढ़त।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “रामपट्टी जेल” खण्डक लगभग पृष्ठ १५१क चर्चापर आधारित अछि।
उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची १२ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ १५२–१६६।
प्रश्न १३३. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. उच्च विद्यालयक एक स्मृति — जगदीश प्रसाद मण्डलजी केजरीवाल उच्च विद्यालयमे नामांकित छलाह।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३४. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. किछु विद्यार्थी परीक्षा बाद प्रश्नसभक उत्तर फेर पढ़ैत छल; जे ई नहि करैत, कमसँ कम अपन उत्तर पोथीसँ मिलबैत छल…
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३५. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. विशेष नवममे जगदीश प्रसाद मण्डल पचास प्रतिशतसँ बेसी अंक प्राप्त कयलनि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३६. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. दुनूक बीच, ककर जीवन-गाड़ी बेसी सन्तुलित ढंगसँ चलत?
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३७. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. जे मन सुन्न भऽ गेल छल, ओ बसन्तक ऊष्मामे जाड़सँ ठिठुरल भौंरा जकाँ खुलि गेल।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३८. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. फलस्वरूप चारि जिला परिषद सीट आ चारि पंचायतक मुखिया पद लेल कम्युनिस्ट पार्टीक पार्टी-प्रत्याशी मैदानमे उतरलाह।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १३९. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. जँ दू कार्यकालक चुनाव एकहि बेर कएल जाए, तँ पूरा चक्र पूरा होमएमे कतेक समय लागत?
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४०. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. आ जँ केओ ओकरा सभकेँ उजागर करबो करत, कानून की करत?
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४१. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. पाछाँ तकलापर ओ बुझलनि जे माथपर एतेक दिनसँ पड़ल बोझ हटेबाक लेल एहि सँ नीक अवसर नहि भेटत…
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४२. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १५४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. जिला पार्टीक कार्यकर्ता हेबाक कारण जगदीश प्रसाद मण्डल स्वाभाविक रूपेँ उपस्थित छलाह।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १५४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४३. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १६१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. (कवि, उपन्यासकार आ कथाकार) जगदीश प्रसाद मण्डलक आगमनसँ पहिने आ बाद — मैथिली साहित्यिक परिदृश्य।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १६१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४४. “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” (लगभग पृष्ठ १६५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. प्रत्येक दिनक मूल्य ओहि फसलसँ नहि आँकू जे अपने काटैत छी, बल्कि ओहि बीजसँ आँकू जे अपने रोपैत छी — रॉबर्ट लुइस स्टीवेंसन … विदेह: मैथिली साहित्य आन्दोलन।
व्याख्या: चयनित उत्तर “उच्च विद्यालयक एक स्मृति आ ग्रन्थसूची” खण्डक लगभग पृष्ठ १६५क चर्चापर आधारित अछि।
जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय १८ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ १६७–२०८।
प्रश्न १४५. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १६७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. विषयसूची — अध्याय १ परिचय; अध्याय २ (कवि, उपन्यासकार आ कथाकार); अध्याय ३ जगदीश प्रसाद मण्डल: नाटककार; अध्याय ४ श्री… द्वारा पाँच कथा।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १६७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४६. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १७०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. हम सोचलहुँ जे उदयनाथ झा ‘अशोक’, जिनका ओही साहित्य अकादेमी भाषासम्मान सेहो देने अछि, किछु न्याय करताह।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १७०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४७. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १७१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ओ आगाँ लिखैत छथि जे ई सभ सूचना हुनका प्रोफेसर द्वारा देल गेल छल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १७१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४८. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १७३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. हमर पोथीक परिशिष्टमे (पंजी प्रबन्ध, खण्ड १ आ २) वंशावली-आधारित उन्नयन आदेशसभक प्रतिलिपि जोड़ल अछि (टाकाक बदला उन्नयनक प्रमाण)।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १७३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १४९. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १७५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. वासुदेवक शिष्य रघुनाथ शिरोमणि, अपन गुरु पक्षधर मिश्रकेँ शास्त्रार्थमे पराजित कएलाक बाद प्रमाणपत्र देबाक अधिकार प्राप्त कयलनि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १७५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५०. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १७६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. एकर अतिरिक्त, राजकमल चौधरी हुनका मध्यकालीन युगक कहैत छथि (राजकमल मोनोग्राफ, सुभाष चन्द्र यादव, पृष्ठ संख्या १४)।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १७६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५१. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १८०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. बढल कुकवद्या केत्रल। वर्ाश्रम कवमध ककरहु रुमच नकह श्रुमि श्रिाकेँ ठेत्रल पूजा पाठ ध्यान वकमुरा भटा वंचन खेत्रल। कह ककवचन्र कचहरी भररददन बहुि भोग कर जेत्रल, कलह कराय…
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १८०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५२. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १९२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. कोनो खास राजनीतिक पक्षधरता कृतिक प्रति न्याय नहि करैत।” जाहि उपन्यासमे राजनीति दूर-दूर धरि संलग्न नहि अछि, ओतय ‘राजनीतिक…’ प्रश्नक स्थान नहि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १९२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५३. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १९३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. आउ, हम अहाँकेँ कमलानन्द झाक स्वार्थी संसारसँ दूर, छल-छद्मसँ दूर, सुशीलक जादुई साहित्यक निर्मल संसारमे लऽ चलैत छी।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १९३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५४. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १९४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. हिन्दी मूल आ मैथिली स्क्रीनचित्र नीचाँ जोड़ल अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १९४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५५. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १९४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. मैथिलीमे संगठित छद्म-साहित्यिक आलोचनापर अन्तिम प्रहार।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १९४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५६. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १९६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. चोर पंकज झा पराशर (साहित्य अकादेमी, दिल्लीक मैथिली सलाहकार समिति सदस्य) [जलप्रांतर २०१७ (पृ.…)]
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १९६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५७. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ १९८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. शम्सुद्दीन कहियो नहि सोचने छल जे सुल्तानक सेना कोसी पार कऽ सकत; आ जखन ओ जानलक जे सुल्तानक सेना कोसी पार करयमे सफल भऽ गेल…
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ १९८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५८. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ २००) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. आओर, “मैथिली साहित्यक समानान्तर इतिहास” (विदेह — www.videha.co.in) अन्तर्गत अहाँ नमूना अंग्रेजी अनुवादसभ भेटत…
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ २००क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १५९. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ २०३) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. रामनाथ झाक पंजी-विषयक अन्धकारवाद एक उदाहरणसँ स्पष्ट अछि (कारण ललित कुमारो हुनक पदचिह्नपर चलैत देखाइत छथि, यद्यपि ओ अपन अज्ञानक श्रेय…)
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ २०३क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६०. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ २०५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. परमेश्वर झाक “मिथिला तत्त्व-विमर्श।” प्रो. राधाकृष्ण चौधरी उचिते टिप्पणी करैत छथि — “म.म.… ”
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ २०५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६१. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ २०६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. दरभंगाक तथाकथित महाराजा कॉर्नवालिसक स्थायी बन्दोबस्तक जमींदार छलाह; ब्रिटिश भारतमे एहन अनेक छलाह, मुदा नेपालमे एको नहि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ २०६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६२. “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” (लगभग पृष्ठ २०८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. म्यूज़इंडिया (www.museindia.com) जकाँ साहित्यिक पत्रिका आ हार्पर कॉलिन्स जकाँ प्रकाशक सेहो हुनक दुष्ट योजना लेल इस्तेमाल कएल गेल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “जगदीश प्रसाद मण्डल: मैथिली लेखक — परिचय” खण्डक लगभग पृष्ठ २०८क चर्चापर आधारित अछि।
पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण १८ प्रश्न अपलोड कएल पी.डी.एफ.क पृष्ठ २०९–२४१।
प्रश्न १६३. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २०९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. अध्याय २ — जगदीश प्रसाद मण्डल (कवि, उपन्यासकार आ कथाकार): श्री जगदीश प्रसाद मण्डल द्वारा लिखित किछु पोथीक सर्वेक्षण। शम्भूदास मे जगदीश प्रसाद मण्डल मनमे…
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २०९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६४. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २१०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. मुदा एतहु, जे पराजय जकाँ देखल जा सकैत अछि (आर्थिक रूपेँ ओ छलो), शम्भूदास विद्रोहक झण्डा फहरओलक।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २१०क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६५. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २१२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. “नवचन्द्रिका पूर्णिमा” विकृत “बेढब रूप” विषयमे हमरा सभकेँ बहुत किछु कहैत अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २१२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६६. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २१४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. हुनक कविता तथ्यक पीड़ादायक चेतना देखबैत अछि आ निष्कर्ष धरि प्रश्न उठबैत रहैत अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २१४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६७. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २१६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. पोखरि, इनार आ बगीचाक संख्या आ क्षेत्र घटि रहल अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २१६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६८. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २१७) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लघुकथाक रातिभरि चलयवला त्रैमासिक पाठ-सत्र “सगर राति दीप जरय” मैथिलीमे अलग-अलग स्थानपर आयोजित होइत अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २१७क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १६९. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २१९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. गोवर्धन दास एक गरीब बालक छल, जकर माता-पिता ओकर बाल्यकालमे मरि गेल छलाह।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २१९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७०. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २२१) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लोक जमीन कब्जा करय लागल, जकर फलस्वरूप मुकदमेबाजी शुरू भेल।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २२१क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७१. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २२२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. उत्थान-पतन: उपन्यास, श्रुति प्रकाशन, नव राजेन्द्र नगर (नव दिल्ली), २००९ — अत्यन्त अलस लोक सेहो आर्थिक सुधारक इच्छा हो तँ आगाँ बढ़ि सकैत अछि।
ग. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २२२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७२. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २२५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. भेदभावक अनेक रूप अछि; लेखक नारीक विवाहोत्तर सम्बन्धसभक विकृतिकेँ अपन विषय बनौलनि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २२५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७३. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २२६) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. समाज गुटसभमे बँटल अछि, आ नव तकनीक, नव सोच आ नव काजक कारण नव मानवीय पहिचानसभक सृजन भऽ रहल अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २२६क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७४. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २२९) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. प्रिय काज (भारी मनक काज): ई कथा ज्ञानचन्दक कथा अछि।
घ. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २२९क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७५. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २३२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. “ओ दिन” कठिन समयमे उपजल भय केँ सजीव रूपेँ चित्रित करैत अछि, जखन लोक बूझैत अछि जे ओकर सच्चा मित्र के अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २३२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७६. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २३२) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
घ. ओ शोक व्यक्त करैत छथि जे मनुष्य अपन सह-मनुष्यसभक संग समानतापूर्ण व्यवहार नहि करैत, आ सोचब-बुझबाक कलाक सेहो अभाव अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २३२क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७७. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २३४) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. “बाढ़िक सनेशा” बाढ़क देन—जलचर वनस्पति आ जन्तु जकाँ—वर्णित करैत अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २३४क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७८. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २३५) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. “धब्बा” किछु खराब कर्मक कारण निष्कलंक अभिलेखपर पड़ल दाग अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २३५क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १७९. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २३८) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ख. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. एहिना १९६७ मे मिथिलामे भीषण अकाल पड़ल।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २३८क चर्चापर आधारित अछि।
प्रश्न १८०. “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” (लगभग पृष्ठ २४०) मे पोथी कोन कथनक समर्थन करैत अछि?
क. लेखक कहैत छथि जे ई प्रसंग मात्र विदेशी साहित्यिक फैशनक बात अछि आ एकर कोनो स्थानीय आधार नहि अछि।
ख. ई खण्ड कहैत अछि जे विषयक मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य वा ग्रामीण समाजसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
ग. ई अंश पूर्णतः शहरी-दरबारी कथा प्रस्तुत करैत अछि, जकर सामान्य लोक वा सामाजिक परिवर्तनसँ कोनो सम्बन्ध नहि अछि।
घ. ई केवल साहित्ये नहि, आर्थिक क्षेत्रमे सेहो क्रान्ति आनत।
व्याख्या: चयनित उत्तर “पोथी, नाटक, कथा, कविता आ उपसंहारक सर्वेक्षण” खण्डक लगभग पृष्ठ २४०क चर्चापर आधारित अछि।