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VIDEHA ISSN 2229-547X  ·  First Maithili Fortnightly eJournal  ·  Since 2000  ·  www.videha.co.in
विदेह — प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका
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विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

VIDEHA_001_440 | विदेह ई-लर्निङ्ग क्विज

विदेह अंक १-४४० : समानान्तर मैथिली साहित्य/कला/संस्कृति/नाटक आन्दोलन
Videha — First Maithili Fortnightly eJournal · कुल 10135 प्रश्न · www.videha.co.in
कुल प्रश्न: 10135 उत्तर देल: 0 सही: 0 अंक: 0

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1. मैथिलीक इन्टरनेट-उपस्थितिक आरम्भ कोन नामसँ भेल?
  • विदेह
  • भालसरिक गाछ
  • सदेह
  • मिथिला पत्रिका
मैथिलीक इन्टरनेट-उपस्थितिक आरम्भ ‘भालसरिक गाछ’ नामसँ भेल, जे बादमे ‘विदेह’ कहाओल।
2. भालसरिक गाछ कोन सालसँ याहूसिटीज (GeoCities) पर छल?
  • १९९५
  • २०००
  • २००८
  • २०१२
भालसरिक गाछ सन् २०००सँ याहूसिटीजपर उपस्थित छल, जे मैथिलीक प्राचीनतम इन्टरनेट-उपस्थिति मानल जाइत अछि।
3. भालसरिक गाछ कोन व्यक्तिगत घटनाक बाद आरम्भ भेल, जेना गजेन्द्र ठाकुर बतेने छथि?
  • विवाह
  • एक्सीडेंट (दुर्घटना)
  • यात्रा
  • परीक्षा
गजेन्द्र ठाकुर अनुसार अपन भेल एक्सीडेंट (दुर्घटना)क बाद ओ इन्टरनेटपर मैथिलीक प्रारम्भ केलनि।
4. भालसरिक गाछक नाम बदलि ‘विदेह’ कहिया भेल?
  • १ जनवरी २०००
  • १ जनवरी २००४
  • १ जनवरी २००८
  • १ जनवरी २०१२
भालसरिक गाछक नाम बदलि १ जनवरी २००८ सँ ‘विदेह’ पड़लै।
5. भालसरिक गाछक एकटा पुरान पोस्ट कोन तिथिक उल्लेखसँ अखनो उपलब्ध अछि?
  • ५ जुलाइ २००४
  • १ जनवरी २०००
  • १५ अगस्त १९९७
  • २६ जनवरी १९५०
गजेन्द्र ठाकुरक ब्लॉगपर ५ जुलाइ २००४ क एकटा पोस्ट भालसरिक गाछक रूपमे अखनो उपलब्ध अछि।
6. भालसरिक गाछ कोन प्लेटफॉर्मपर सक्रिय छल?
  • याहूसिटीज (GeoCities)
  • फेसबुक
  • वर्डप्रेस
  • ब्लॉगर
भालसरिक गाछ सन् २०००-२००१ मे याहूसिटीज (GeoCities) पर सक्रिय छल।
7. भालसरिक गाछसँ विदेह धरिक यात्रा की देखबैत अछि?
  • अस्थिरता
  • मैथिलीक निरन्तर इन्टरनेट-उपस्थितिक यात्रा
  • लोप
  • निरर्थकता
भालसरिक गाछसँ विदेह धरिक यात्रा मैथिलीक निरन्तर, अटूट इन्टरनेट-साहित्यिक उपस्थितिक प्रमाण थिक।
8. भालसरिक गाछक कालमे गजेन्द्र ठाकुर याहूसिटीजपर की केलनि?
  • कोनो नहि
  • ढेर रास साइट मैथिलीमे बनेलनि
  • रोकलनि
  • हानि केलनि
गजेन्द्र ठाकुर स्वयं बतेने छथि जे ओ याहूसिटीजपर २०००-२००१ मे ढेर रास साइट मैथिलीमे बनेलनि।
9. भालसरिक गाछक नामकरणक भाव की होएत अनुमानित अछि?
  • कोनो स्थानीय वृक्ष/प्रतीक
  • विदेशी शब्द
  • अंक
  • कोनो नहि
‘भालसरिक गाछ’ नाम कोनो स्थानीय वृक्ष/प्रतीकसँ प्रेरित प्रतीत होइत अछि, जे मैथिल लोक-परिवेशसँ जोड़ल अछि।
10. भालसरिक गाछक ऐतिहासिक महत्त्व आइ कोना मानल जाइत अछि?
  • निरर्थक
  • मैथिली डिजिटल साहित्यक आरम्भ-बिन्दु
  • लोप
  • विवादित
भालसरिक गाछ आइ मैथिली डिजिटल-साहित्यिक यात्राक ऐतिहासिक आरम्भ-बिन्दुक रूपमे मानल जाइत अछि।

11. विदेहक प्रथम अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जनवरी २०००
  • १ जनवरी २००८
  • १ मार्च २००८
  • १५ जनवरी २००९
विदेहक प्रथम अंक १ जनवरी २००८ केँ प्रकाशित भेल।
12. विदेहक प्रथम अंकमे कोन उपन्यास धारावाहिक रूपें आरम्भ भेल?
  • गल्प-गुच्छ
  • सहस्रबाढ़नि
  • भालसरि
  • बालानां कृते
विदेहक प्रथम अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक उपन्यास ‘सहस्रबाढ़नि’ धारावाहिक रूपें आरम्भ भेल।
13. विदेहक प्रथम अंकमे कोन कथा प्रकाशित भेल?
  • बुढ़ी माता
  • शनैः-शनैः
  • नो एंट्री
  • भाग रौ
विदेहक प्रथम अंकमे ‘शनैः-शनैः’ शीर्षक कथा प्रकाशित भेल।
14. विदेहक प्रथम अंकमे कतेक पद्य (कविता) प्रकाशित भेल?
  • दस
  • ४४
  • सौ
  • दू सय
विदेहक प्रथम अंकमे १ सँ ४४ धरिक पद्य प्रकाशित भेल।
15. विदेहक प्रथम अंकक शोध-लेख कोन विस्मृत कविपर छल?
  • रामजी चौधरी
  • विद्यापति
  • नचिकेता
  • राजकमल चौधरी
विदेहक प्रथम अंकक शोध-लेख विस्मृत कवि पं. रामजी चौधरी (१८७८-१९५२) पर छल।
16. प्रवासी मैथिलक हेतु विदेहक प्रथम अंकमे कोन अंग्रेजी आलेख छल?
  • कोनो नहि
  • VIDEHA MITHILA TIRBHUKTI TIRHUT
  • History of Mithila
  • Maithili Grammar
प्रथम अंकमे प्रवासी मैथिलक हेतु अंग्रेजीमे ‘VIDEHA MITHILA TIRBHUKTI TIRHUT’ शीर्षक आलेख छल।
17. विदेहक प्रथम अंकमे महाकाव्यक रूपमे की देल गेल छल?
  • रामायण
  • महाभारत
  • गीता
  • कुमारसम्भव
विदेहक प्रथम अंकमे महाकाव्यक रूपमे महाभारतक प्रसंग देल गेल छल।
18. विदेहक प्रथम अंकक संपादकीयमे कोन विषयक समाग्री समयाभावक कारणे नहि देल जा सकल?
  • पद्य
  • मिथिला पेंटिंग आ संस्कृत शिक्षा
  • कथा
  • नाटक
प्रथम अंकक संपादकीयमे स्पष्ट कहल गेल जे मिथिला पेंटिंग आ संस्कृत शिक्षासँ सम्बन्धित सामग्री समयाभावक कारणे नहि देल जा सकल।
19. विदेहक प्रथम अंकक संपादकीयमे पाठककेँ की अनुरोध कएल गेल?
  • कोनो नहि
  • छोड़ल विषयक लेख ई-मेल अटैचमेण्ट रूपें पठेबाक
  • रोकबाक
  • मौन रहबाक
सम्पादकीयमे पाठककेँ अनुरोध कएल गेल जे छोड़ल विषय (पेंटिंग/संस्कृत शिक्षा) क लेख अटैचमेण्ट रूपें पठाबथि।
20. विदेहक प्रथम अंकक रचनाक .doc फाइलक रचना-वर्ष कोन साल देखबैत अछि (मेटाडेटा अनुसार)?
  • २०००
  • २००६ (निर्माण)/२००८ (प्रकाशन)
  • २०१२
  • २०२०
फाइलक मेटाडेटा अनुसार दस्तावेज जून २००६ मे आरम्भ भऽ अन्ततः जनवरी २००८ मे प्रकाशित भेल।

21. विदेहक पाँचम अंक (०१ मार्च २००८) क संपादकीयमे गजेन्द्र ठाकुर कतय गेल छलाह?
  • पटना
  • दरभंगा (भतीजीक विवाहमे)
  • दिल्ली
  • काठमाण्डू
पाँचम अंकक संपादकीयमे गजेन्द्र ठाकुर बतेलनि जे ओ अपन भतीजीक विवाहमे दरभंगा गेल छलाह।
22. दरभंगा-यात्राक क्रममे गजेन्द्र ठाकुर कोन संस्थाक भ्रमण केलनि?
  • मिथिला रिसर्च इंस्टीट्युट आ संस्कृत विश्वविद्यालय
  • JNU
  • दिल्ली विश्वविद्यालय
  • कोनो नहि
दरभंगामे ओ मिथिला रिसर्च इंस्टीट्युट आ संस्कृत विश्वविद्यालयक भ्रमण केलनि।
23. विदेहक १५म अंक (१ अगस्त २००८) मे कोन नाटककारक नाटक प्रकाशित भेल?
  • विभा रानी
  • उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’
  • बेचन ठाकुर
  • राजकमल चौधरी
१५म अंकमे उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’ क नाटक ‘नो एंट्री: मा प्रविश’ क अन्तिम खेप प्रकाशित भेल।
24. ‘नो एंट्री: मा प्रविश’ नाटक कतेक वर्षक मौनभंगक बाद प्रस्तुत भेल, अंकक विवरण अनुसार?
  • दस वर्ष
  • पन्द्रह वर्ष
  • पच्चीस वर्ष
  • पचास वर्ष
अंकक विवरण अनुसार ई नाटक पच्चीस वर्षक मौनभंगक पश्चात् पाठकक सम्मुख प्रस्तुत भेल।
25. विदेहक १५म अंकमे रामाश्रय झा ‘रामरंग’ केँ कोन उपाधिसँ सम्बोधित कएल गेल?
  • कविशेखर
  • अभिनव भातखण्डे
  • आदिकवि
  • महाकवि
१५म अंकमे रामाश्रय झा ‘रामरंग’ केँ ‘अभिनव भातखण्डे’ कहल गेल अछि।
26. विदेहक ३०म अंक (१५ मार्च २००९) मे विभा रानीक कोन सम्पूर्ण नाटक प्रकाशित भेल?
  • नो एंट्री
  • भाग रौ
  • बलचन्दा
  • छीनरदेवी
३०म अंकमे विभा रानीक सम्पूर्ण मैथिली नाटक ‘भाग रौ’ प्रकाशित भेल।
27. विदेहक ३०म अंकमे कोन राजकमल चौधरीक उपन्यासक चर्चा भेल?
  • कीर्तिलता
  • बटुआमे बिहाड़ि आ बिर्ड़ो
  • सहस्रबाढ़नि
  • गल्प-गुच्छ
३०म अंकमे डॉ. देवशंकर नवीनद्वारा राजकमल चौधरीक उपन्यास ‘बटुआमे बिहाड़ि आ बिर्ड़ो’ पर आलेख प्रकाशित भेल।
28. विदेहक २५म अंक (१ जनवरी २००९) मे कोन गद्य-पद्य मिश्रित कृति आरम्भ भेल, जे ‘मैथिली साहित्यक नव कीर्तिमान’ कहल गेल?
  • राधा (गंगेश गुंजन)
  • भाग रौ
  • सहस्रबाढ़नि
  • गल्प-गुच्छ
२५म अंकसँ गंगेश गुंजनक गद्य-पद्य मिश्रित कृति ‘राधा’ आरम्भ भेल, जकरा मैथिली साहित्यक नव कीर्तिमान कहल गेल।
29. विदेहक १५म अंकमे प्रेमशंकर सिंहक कोन शीर्षकक आलेख छल?
  • बीसम शताब्दीमे मैथिली साहित्य
  • मिथिलाक इतिहास
  • तिरहुता लिपि
  • कोनो नहि
१५म अंकमे प्रेमशंकर सिंहक ‘बीसम शताब्दीमे मैथिली साहित्य’ शीर्षक आलेख प्रकाशित भेल।
30. विदेहक प्रारम्भिक अंक (५-३०) सभमे कथा-नाटक-आलोचनाक संग की निरन्तर चलैत रहल?
  • कोनो नहि
  • गजेन्द्र ठाकुरक धारावाहिक उपन्यास सहस्रबाढ़नि
  • विज्ञापन
  • कोनो रिक्तता
प्रारम्भिक अंक सभमे कथा-नाटक-आलोचनाक संग गजेन्द्र ठाकुरक उपन्यास ‘सहस्रबाढ़नि’ धारावाहिक रूपें निरन्तर चलैत रहल।

31. विदेहक ५०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनवरी २०१०
  • १ जनवरी २००९
  • १५ मार्च २०१४
  • १ जनवरी २०१२
विदेहक ५०म अंक १५ जनवरी २०१० (वर्ष ३ मास २५) केँ प्रकाशित भेल।
32. ५०म अंक धरि विदेह द्वारा प्रारम्भ कएल साहित्य आन्दोलनमे कतेक लेखक जुड़ि चुकल छलाह, अंकक कथन अनुसार?
  • ५०सँ कम
  • २००सँ बेशी
  • हजारसँ बेशी
  • दस
अंकक कथन अनुसार ‘विदेह द्वारा प्रारम्भ भेल मैथिली साहित्य आन्दोलनमे २००सँ बेशी लेखक जुड़ि चुकल छथि’।
33. ५०म अंक धरि विदेहक कतेक अंक कोन-कोन तीन लिपिमे ई-प्रकाशित भऽ गेल छल?
  • २५ अंक, केवल देवनागरी
  • ५० अंक, देवनागरी+तिरहुता+ब्रेल
  • १० अंक, केवल तिरहुता
  • १०० अंक, चारि लिपि
अंकक कथन अनुसार ‘५० टा अंक (देवनागरी, तिरहुता आ ब्रेल तीनूमे) ई-प्रकाशित भऽ गेल अछि’।
34. विदेहक साहित्य आन्दोलन कोन दू लिपिमे विशेष रूपें प्रारम्भ भेल मानल जाइत अछि?
  • रोमन आ अरबी
  • तिरहुता आ देवनागरी
  • बंगाली आ ओड़िया
  • कोनो नहि
अंकक कथन अनुसार ‘विदेह द्वारा प्रारम्भ भेल मैथिली (तिरहुता आ देवनागरी) साहित्य आन्दोलन’ कहल गेल अछि।
35. विदेह:सदेह:१ (मुद्रित संस्करण) क सफलताक बाद कोन अभियान आरम्भ भेल?
  • कोनो नहि
  • विदेह:सदेह:२ आ आगाँक अंक लेल सदस्यता अभियान
  • रोक अभियान
  • विरोध अभियान
विदेह:सदेह:१ (तिरहुता/देवनागरी) क अपार सफलताक बाद विदेह:सदेह:२ आ आगाँक अंक लेल वार्षिक/द्विवार्षिक/त्रिवार्षिक/पंचवार्षिक/आजीवन सदस्यता अभियान आरम्भ भेल।
36. विदेह:सदेह:२ (मुद्रित संस्करण) क मूल्य की छल?
  • ५० टाका
  • १०० टाका (व्यक्तिगत) आ $४० (संस्था)
  • ५०० टाका
  • कोनो नहि
विदेह:सदेह:२ क मूल्य व्यक्तिगत क्रय लेल १०० टाका आ संस्था/पुस्तकालय (भारत-विदेश) लेल $४० छल।
37. विदेह:सदेह:२ क सहायक सम्पादक के छलीह/छलाह?
  • श्रीमती रश्मि रेखा सिन्हा आ श्री उमेश मण्डल
  • केवल गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • नचिकेता
विदेह:सदेह:२ क सहायक सम्पादक श्रीमती रश्मि रेखा सिन्हा आ श्री उमेश मण्डल छलाह।
38. विदेह:सदेह:२ क भाषा-सम्पादन के केलनि?
  • श्री विद्यानन्द झा आ श्री नागेन्द्र कुमार झा
  • केवल गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
विदेह:सदेह:२ क भाषा-सम्पादन पञ्जीकार विद्यानन्द झा आ नागेन्द्र कुमार झा केलनि।
39. विदेह:सदेह:२ कोन अंक-संख्याक रचना समेटने अछि?
  • १-२५
  • २६म सँ ५०म
  • ५१-१००
  • १०१-११०
विदेह:सदेह:२ विदेह ई-पत्रिकाक २६म सँ ५०म अंकक दस प्रतिशत चुनल रचनाक संग्रह थिक।
40. विदेहक वेबसाइट कोना डिजाइन होइत छल, ५०म अंकक स्रोत अनुसार?
  • केवल सम्पादक
  • प्रीति झा ठाकुर, मधूलिका चौधरी आ रश्मि प्रिया द्वारा पाक्षिक रूपें
  • विदेशी कम्पनी
  • स्वचालित रूपें
http://www.videha.co.in/ साइट प्रीति झा ठाकुर, मधूलिका चौधरी आ रश्मि प्रिया द्वारा पाक्षिक रूपें डिजाइन कएल जाइत छल।

41. ‘विदेह-सदेह’ शृंखला मूलतः की थिक?
  • केवल ऑनलाइन अंक
  • विदेहक मुद्रित (प्रिंट) समानान्तर संकलन शृंखला
  • विदेशी पत्रिका
  • कोनो नहि
विदेह-सदेह विदेह ई-पत्रिकाक रचना सभक मुद्रित (प्रिंट) रूपमे प्रकाशित समानान्तर संकलन शृंखला थिक।
42. विदेह-सदेह शृंखलाक प्रकाशक के छथि?
  • ऑक्सफोर्ड
  • श्रुति प्रकाशन, दिल्ली
  • पेंगुइन
  • कोनो नहि
विदेह-सदेह शृंखलाक मुद्रित संस्करण श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ प्रकाशित होइत अछि।
43. विदेह-सदेहक हर खण्ड (Volume) मे प्रायः की समेटल जाइत अछि?
  • सम्पूर्ण अंक यथावत्
  • विदेहक चुनल अंक सभसँ ‘सर्वश्रेष्ठ’ रचनाक समानान्तर संकलन
  • केवल विज्ञापन
  • कोनो नहि
हर सदेह-खण्ड विदेहक निश्चित अंक-शृंखलासँ ‘सर्वश्रेष्ठ’ रचनाक चुनल आ सम्पादित समानान्तर संकलन प्रस्तुत करैत अछि।
44. विदेह-सदेह ५ कोन विधा-विशेष संकलन थिक?
  • पद्य
  • विहनि कथा (Seed Stories)
  • नाटक
  • शिशु साहित्य
विदेह-सदेह ५ मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ विहनि कथाक एकटा समानान्तर संकलन थिक (अंक ५१-१०० सँ)।
45. विदेह-सदेह ६ कोन विधा-विशेष संकलन थिक?
  • लघुकथा
  • पद्य
  • नाटक
  • निबन्ध
विदेह-सदेह ६ मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ लघुकथाक संकलन थिक (अंक ५१-१०० सँ)।
46. विदेह-सदेह ७ कोन विधा-विशेष संकलन थिक?
  • कथा
  • पद्य (कविता)
  • नाटक
  • समालोचना
विदेह-सदेह ७ मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ पद्यक संकलन थिक (अंक ५१-१०० सँ)।
47. विदेह-सदेह ८ कोन विषयक संकलन थिक?
  • कविता
  • मैथिली नाट्य उत्सव (समानान्तर रंगमंच)
  • शिशु साहित्य
  • निबन्ध
विदेह-सदेह ८ ‘विदेह मैथिली नाट्य उत्सव’ — मैथिलीक समानान्तर रंगमंचक गतिविधिक संकलन थिक।
48. विदेह-सदेह ९ कोन विषयक संकलन थिक?
  • शिशु, बाल आ किशोर साहित्य
  • नाटक
  • समालोचना
  • अनुवाद
विदेह-सदेह ९ ‘विदेह मैथिली शिशु उत्सव’ — मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ शिशु, बाल आ किशोर साहित्यक संकलन थिक।
49. विदेह-सदेह १० कोन विषयक संकलन थिक?
  • प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना
  • पद्य
  • नाटक
  • अनुवाद
विदेह-सदेह १० मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचनाक संकलन थिक (अंक ५१-१०० सँ)।
50. विदेह-सदेह ११ कोन अंक-संख्यासँ रचना समेटने अछि?
  • १-२५
  • २६-५०
  • १०१-११०
  • २१७-२५०
विदेह-सदेह ११ विदेहक अंक १०१-११० सँ गद्य आ पद्य दुनूक समानान्तर संकलन थिक।

51. विदेह-सदेह १२ कोन अंक-संख्यासँ रचना समेटने अछि?
  • १११-११५
  • १-२५
  • २१७-२५०
  • ३३३-३५०
विदेह-सदेह १२ विदेहक अंक १११-११५ सँ गद्य-पद्यक संकलन थिक।
52. विदेह-सदेह १३ कोन अंक-संख्यासँ रचना समेटने अछि?
  • ११६-१२०
  • १-२५
  • २१७-२५०
  • ३३३-३५०
विदेह-सदेह १३ विदेहक अंक ११६-१२० सँ गद्य-पद्यक संकलन थिक।
53. विदेह-सदेह १४ कोन अंक-संख्यासँ रचना समेटने अछि?
  • १२१-१३२
  • १-२५
  • २१७-२५०
  • ३३३-३५०
विदेह-सदेह १४ विदेहक अंक १२१-१३२ सँ गद्य-पद्यक संकलन थिक।
54. विदेह-सदेह २० कोन अंक-संख्यासँ रचना समेटने अछि?
  • २१७-२५०
  • १-२५
  • १११-११५
  • ३३३-३५०
विदेह-सदेह २० विदेहक अंक २१७-२५० सँ गद्य-पद्यक संकलन थिक।
55. विदेह-सदेह २५ कोन अंक-संख्यासँ रचना समेटने अछि?
  • ३३३-३५०
  • १-२५
  • २१७-२५०
  • १११-११५
विदेह-सदेह २५ विदेहक अंक ३३३-३५० सँ गद्य-पद्यक संकलन थिक।
56. विदेह-सदेह ११ धरिक खण्डमे सहायक सम्पादकक रूपमे के-के नाम आबैत अछि?
  • शिव कुमार झा आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)
  • केवल गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • नचिकेता
विदेह-सदेह शृंखलाक आरम्भिक खण्ड सभमे सहायक सम्पादक शिव कुमार झा आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण) रहथिन्ह।
57. विदेह-सदेह शृंखलाक भाषा-सम्पादन-दल स्थिर रूपें के-के रहलाह?
  • नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा
  • केवल गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • अनचिन्हार
विदेह-सदेह शृंखलाक भाषा-सम्पादन नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा द्वारा स्थिर रूपें होइत रहल।
58. विदेह-सदेह शृंखलाक उमेश मण्डल कोन भूमिकामे रहलाह?
  • सह-सम्पादक/टाइपसेटर
  • केवल लेखक
  • अभिनेता
  • कोनो नहि
उमेश मण्डल विदेह-सदेह शृंखलाक सह-सम्पादक आ टाइपसेटर दुनू भूमिकामे रहलाह।
59. विदेह-सदेहक मुद्रित संस्करणक वितरक के छथि?
  • पल्लवी डिस्ट्रिब्यूटर्स, निर्मली (सुपौल)
  • अमेजन
  • फ्लिपकार्ट
  • कोनो नहि
विदेह-सदेहक मुद्रित संस्करणक वितरक पल्लवी डिस्ट्रिब्यूटर्स, वार्ड नं-६, निर्मली (सुपौल) छथि।
60. विदेह-सदेह शृंखलाक हर खण्डमे कोन अन्तर्राष्ट्रीय मानक संख्या रहैत अछि?
  • केवल ISSN
  • ISBN आ ISSN दुनू
  • केवल ISBN
  • कोनो नहि
विदेह-सदेहक हर मुद्रित खण्डमे अपन विशिष्ट ISBN संग साझा ISSN (2229-547X) सेहो अंकित रहैत अछि।

61. विदेह-सदेह ३० कोन विशेष पाठक-वर्ग लेल रचल गेल?
  • वृद्ध जन
  • स्कूल-कॉलेजक विद्यार्थी
  • विदेशी पाठक
  • कोनो नहि
विदेह-सदेह ३० स्कूल-कॉलेजक विद्यार्थी लेल विशेष रूपें रचल गद्य आ पद्य रचनाक संकलन थिक।
62. विदेह-सदेह ३० कोन अंक-शृंखलासँ सामग्री समेटने अछि?
  • अंक १-३५०
  • अंक ५१-१००
  • अंक १११-११५
  • अंक २१७-२५०
विदेह-सदेह ३० विदेहक अंक १-३५० धरिक व्यापक शृंखलासँ विद्यार्थी-उपयोगी रचना चुनने अछि।
63. विदेह-सदेह ३७ कोन विशेष कार्यक्रमक भाग थिक?
  • समानान्तर रंगमंच
  • गद्य पद्य भारती अनुवाद खण्ड-२ (अनुवाद)
  • शिशु उत्सव
  • कोनो नहि
विदेह-सदेह ३७ ‘गद्य पद्य भारती अनुवाद खण्ड-२’ थिक — विदेहक अंक १-३५० सँ अनुवादित गद्य-पद्यक दोसर खण्ड।
64. विदेह-सदेह ३७ केर अनुवादक-सम्पादक के छथि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • नचिकेता
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
विदेह-सदेह ३७ गजेन्द्र ठाकुर द्वारा अनुवादित आ सम्पादित अछि।
65. विदेह-सदेह ३७ क प्रथम संस्करण कोन साल आएल?
  • २०१२
  • २०२२
  • २०२६
  • २००८
विदेह-सदेह ३७ क प्रथम संस्करण सन् २०२२ मे आएल; दोसर संस्करण २०२६ मे।
66. विदेह-सदेह ३७ क कॉपीराइट केकरा लग संयुक्त रूपें अछि?
  • केवल गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रीति ठाकुर आ गजेन्द्र ठाकुर
  • केवल प्रकाशक
  • कोनो नहि
विदेह-सदेह ३७ क कॉपीराइट प्रीति ठाकुर आ गजेन्द्र ठाकुर दुनूक संयुक्त नामसँ अछि।
67. विदेह-सदेह ३०/३७ सन खण्ड की देखबैत अछि?
  • शृंखलाक ठहराव
  • शृंखलाक विविधीकरण (विद्यार्थी-वर्ग, अनुवाद आदि)
  • लोप
  • निरर्थकता
विदेह-सदेह ३० (विद्यार्थी-केन्द्रित) आ ३७ (अनुवाद-केन्द्रित) सन खण्ड शृंखलाक उद्देश्य-विविधीकरण देखबैत अछि।
68. विदेह-सदेह शृंखला कतेक खण्ड धरि अहाँक उपलब्ध आर्काइवमे अछि?
  • दस
  • सैंतीस (३७)
  • सय
  • पचास
उपलब्ध आर्काइव अनुसार विदेह-सदेह शृंखला कम-सँ-कम ३७ खण्ड धरि विस्तारित भेल अछि।
69. विदेह-सदेह शृंखलाक मूल्यनिर्धारण (प्रिंट संस्करण) कोन मुद्रामे होइत छल?
  • केवल डॉलर
  • भारतीय रुपया (आ संस्था लेल डॉलर सेहो)
  • यूरो
  • कोनो नहि
विदेह-सदेहक मूल्य व्यक्तिगत क्रेता लेल भारतीय रुपयामे आ विदेशी संस्था/पुस्तकालय लेल डॉलरमे निर्धारित छल।
70. विदेह-सदेह शृंखलाक समग्र उद्देश्य की कहल जा सकैत अछि?
  • केवल व्यापार
  • ई-पत्रिकाक रचना सभकेँ स्थायी मुद्रित रूप देब
  • निरर्थक
  • रोक
विदेह-सदेह शृंखलाक समग्र उद्देश्य ई-पत्रिका विदेहमे प्रकाशित सर्वश्रेष्ठ रचना सभकेँ स्थायी, संग्रहणीय मुद्रित रूप देब थिक।

71. विदेह-सदेह ८ क अंग्रेजी उपशीर्षक की थिक?
  • Maithili Children Literature
  • Maithili Parallel Theatre Archive
  • Maithili Verse Anthology
  • Maithili Research Papers
विदेह-सदेह ८ क अंग्रेजी उपशीर्षक ‘Maithili Parallel Theatre Archive’ (मैथिली समानान्तर रंगमंच अभिलेख) थिक।
72. विदेह-सदेह ८ मे गजेन्द्र ठाकुरक आलेखमे कोन प्रकारक नाटकक चर्चा भेल?
  • केवल हास्य
  • जातिवादी रंगमंचक प्रतिनिधि नाटक
  • केवल बाल-नाटक
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक आलेखमे जातिवादी रंगमंचक प्रतिनिधि नाटक (छुतहर-छुतहर घैल-छुतहा घैल) क चर्चा भेल।
73. विदेह-सदेह ८ मे कोन-कोन अंग्रेजी नाटकक उल्लेख भेल?
  • केवल एक
  • डॉक्टर फॉस्टस, सैमसन एगोनिस्टेस, मर्डर इन द कैथेड्रल, स्ट्राइफ
  • केवल शेक्सपियर
  • कोनो नहि
विदेह-सदेह ८ मे चारिटा अंग्रेजी नाटक — डॉक्टर फॉस्टस, सैमसन एगोनिस्टेस, मर्डर इन द कैथेड्रल आ स्ट्राइफ — क उल्लेख भेल।
74. ‘मिनाप’ (MINAP) की थिक, जे विदेह-सदेह ८ मे उल्लिखित अछि?
  • मिथिला नाट्यकला परिषद
  • मिथिला नागरिक परिषद
  • मैथिली नवीन अकादेमी पत्रिका
  • कोनो नहि
मिनाप अर्थात् ‘मिथिला नाट्यकला परिषद’ — मैथिली रंगमंचसँ जुड़ल संस्था, जकर चर्चा सुजीत कुमार झा द्वारा कएल गेल अछि।
75. विदेह-सदेह ८ मे विभा रानीक कोन नाटकक चर्चा भेल?
  • भाग रौ आ बलचन्दा
  • नो एंट्री
  • छुतहर
  • कोनो नहि
शिव कुमार झाक आलेखमे विभा रानीक नाटक ‘बलचन्दा’ क चर्चा अछि, आ अन्यत्र ‘भाग रौ’ क सेहो उल्लेख भेल।
76. विदेह-सदेह ८ मे बेचन ठाकुरक कोन नाटकक उल्लेख भेल?
  • छीनरदेवी आ बेटीक अपमान
  • भाग रौ
  • नो एंट्री
  • संकर्षण
आशीष अनचिन्हारक आलेखमे बेचन ठाकुरक नाटक ‘छीनरदेवी’ आ ‘बेटीक अपमान’ क चर्चा भेल अछि।
77. विदेह-सदेह ८ मे गजेन्द्र ठाकुरक कोन नाटकक उल्लेख भेल?
  • संकर्षण
  • भाग रौ
  • छीनरदेवी
  • नो एंट्री
शिव कुमार झाक आलेखमे गजेन्द्र ठाकुरक नाटक ‘संकर्षण’ क उल्लेख भेल अछि।
78. विदेह-सदेह ८ मे मैथिली सामाजिक नाटकक मूल केन्द्र-बिन्दु की कहल गेल?
  • व्यापार
  • नारी समस्या
  • खेल
  • विज्ञान
शम्भू कुमार सिंहक आलेख अनुसार मैथिली सामाजिक नाटकक मूल केन्द्र-बिन्दु नारी समस्या रहल अछि।
79. विदेह-सदेह ८ मे ‘विदेह सम्मान २०११-१२’ अन्तर्गत के-के सम्मानित भेलाह?
  • ज्योति सुनीत चौधरी, मुन्नी कामत आदि
  • केवल गजेन्द्र ठाकुर
  • केवल विभा रानी
  • कोनो नहि
विदेह सम्मान २०११-१२ अन्तर्गत ज्योति सुनीत चौधरी, मुन्नी कामत, धीरेन्द्र कुमार आदि नाट्य-सम्बद्ध रचनाकार सम्मिलित छथि।
80. विदेह-सदेह ८ मैथिली नाटक-आन्दोलनक प्रति विदेहक की देखबैत अछि?
  • उपेक्षा
  • समानान्तर रंगमंचक संरक्षण आ दस्तावेजीकरणक प्रतिबद्धता
  • निरर्थकता
  • विरोध
विदेह-सदेह ८ देखबैत अछि जे विदेह मैथिली समानान्तर रंगमंचक संरक्षण आ दस्तावेजीकरणक प्रति गम्भीर प्रतिबद्धता रखैत अछि।

81. विदेह-सदेह ९ क अंग्रेजी उपशीर्षक की थिक?
  • Maithili Parallel Theatre Archive
  • Anthology of Maithili Children Literature
  • Anthology of Maithili Verse
  • Maithili Research Papers
विदेह-सदेह ९ क अंग्रेजी उपशीर्षक ‘Anthology of Maithili Children Literature (Prose & Verse)’ थिक।
82. विदेह-सदेह ९ मे ज्योति सुनीत चौधरीक ‘नानीक खिस्सा’ अन्तर्गत कोन-कोन कथा अछि?
  • भलुनिया मौसी, सिन्नुरक पुल आदि
  • केवल एक कथा
  • विज्ञान-कथा
  • कोनो नहि
नानीक खिस्साक अन्तर्गत भलुनिया मौसी, सिन्नुरक पुल, एक राजाक सात मेहरी, पन्साया कुम्मरि, सुहान बोन सन कथा अछि।
83. विदेह-सदेह ९ मे ‘गोनू झा’ कोन प्रकारक रचनासँ जुड़ल छथि?
  • शोध-लेख
  • मैथिली चित्रकथा (हास्य-लोकपात्र)
  • नाटक
  • अनुवाद
गोनू झा मैथिली चित्रकथाक प्रसिद्ध हास्य-लोकपात्र छथि, जिनकापर डॉ. रमण झा आ शेफालिका वर्मा द्वारा रचना भेल अछि।
84. विदेह-सदेह ९ मे ‘भण्डाफोर’ कोन विधाक रचना थिक?
  • नाटक
  • बाल विहनि कथा
  • निबन्ध
  • अनुवाद
अनमोल झा द्वारा रचित ‘भण्डाफोर’ एकटा बाल विहनि कथा थिक।
85. विदेह-सदेह ९ मे जगदानन्द झा ‘मनु’ द्वारा रचित बाल उपन्यासक नाम की?
  • चोनहा
  • सहस्रबाढ़नि
  • भाग रौ
  • कोनो नहि
जगदानन्द झा ‘मनु’ द्वारा रचित बाल उपन्यासक नाम ‘चोनहा’ थिक।
86. विदेह-सदेह ९ मे गजेन्द्र ठाकुर द्वारा रचित बाल-कथाक नाम की?
  • तरहरिमे परीलोक
  • सहस्रबाढ़नि
  • भाग रौ
  • संकर्षण
विदेह-सदेह ९ मे गजेन्द्र ठाकुर द्वारा रचित बाल-कथाक नाम ‘तरहरिमे परीलोक’ थिक।
87. विदेह-सदेह ९ मे काश्यप कमलक ‘बाबूक सुनाएल खिस्सा’ अन्तर्गत कोन उप-शीर्षक अछि?
  • सहस्रमुखक दीप
  • भाग रौ
  • छीनरदेवी
  • कोनो नहि
काश्यप कमलक ‘बाबूक सुनाएल खिस्सा’ अन्तर्गत ‘सहस्रमुखक दीप’ सन उप-शीर्षक अछि।
88. विदेह-सदेह ९ मे विपिन कुमार झा द्वारा कोन संस्कृत कथाक मैथिली अनुवाद देल गेल?
  • देवब्रत बसुक संस्कृत कथा
  • पंचतंत्र
  • हितोपदेश
  • कोनो नहि
विपिन कुमार झा देवब्रत बसुक संस्कृत कथाक मैथिली अनुवाद ‘सुखकेँ मृगमरीचिका बुझू’ प्रस्तुत केलनि।
89. विदेह-सदेह ९ क चित्रांकनमे ज्योति सुनीत चौधरीक की योगदान छल?
  • कोनो नहि
  • नानीक खिस्साक छह टा चित्र स्वयं बनाओल
  • केवल लेखन
  • अनुवाद
ज्योति सुनीत चौधरी नानीक खिस्साक छह टा चित्र स्वयं बनेलनि, जे पोथीमे प्रकाशित भेल।
90. विदेह-सदेह ९ मैथिली बाल साहित्य-आन्दोलनक प्रति विदेहक की देखबैत अछि?
  • उपेक्षा
  • सुसंगठित संग्रह आ संरक्षणक गम्भीर प्रयास
  • निरर्थकता
  • विरोध
विदेह-सदेह ९ मैथिली बाल साहित्यक सुसंगठित संग्रह आ संरक्षणक गम्भीर, समर्पित प्रयास देखबैत अछि।

91. विदेह-सदेह १० क अंग्रेजी उपशीर्षक की थिक?
  • A Collection of Maithili Research Papers-Essays-Criticism
  • Maithili Parallel Theatre Archive
  • Anthology of Maithili Verse
  • Anthology of Children Literature
विदेह-सदेह १० क अंग्रेजी उपशीर्षक ‘A Collection of Maithili Research Papers- Essays-Criticism’ थिक।
92. विदेह-सदेह १० मे ‘झिझिया नृत्य महोत्सव’ पर आलेख के लिखलनि?
  • चन्द्रेश
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • उमेश मण्डल
  • कोनो नहि
चन्द्रेश द्वारा ‘यर्थाथक अनुभुतिमे ऐतिहासिक दिन: झिझिया नृत्य महोत्सव’ शीर्षक आलेख लिखल गेल।
93. विदेह-सदेह १० मे कोन मिथिला-चित्रकलाकारकेँ पद्मश्री भेटलाक उल्लेख अछि?
  • सीता देवी
  • महासुन्दरी देवी
  • गंगा देवी
  • कोनो नहि
पूनम मण्डलक आलेखमे उल्लेख अछि जे महासुन्दरी देवीकेँ मिथिला चित्रकला लेल सन् २०११ क पद्मश्री भेटल।
94. विदेह-सदेह १० मे कम्प्यूटर आ भाषा-विज्ञानक भूमिकापर आलेख के लिखलनि?
  • डॉ. अरुण कुमार सिंह
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • शिव कुमार झा
  • कोनो नहि
डॉ. अरुण कुमार सिंह ‘मैथिलेत्तर भाषी प्रदेशमे मैथिली सीखबा-सीखैबामे कंप्यूटर आओर भाषा विज्ञानक भूमिका’ शीर्षक आलेख लिखलनि।
95. विदेह-सदेह १० मे लंदनक मैथिल समाजपर आलेख के लिखलनि?
  • मीना झा
  • विनीत उत्पल
  • सुजीत कुमार झा
  • कोनो नहि
मीना झा ‘लंदनमे मैथिल समाज’ शीर्षक आलेख लिखलनि, जे प्रवासी मैथिल समुदायपर प्रकाश दैत अछि।
96. विदेह-सदेह १० मे यू.पी.एस.सी. (मैथिली) सम्बन्धी सामग्री के देलनि?
  • शम्भु कुमार सिंह
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • अरविन्द ठाकुर
  • कोनो नहि
शम्भु कुमार सिंह ‘यू.पी.एस.सी. (मैथिली) लेल’ शीर्षक सामग्री देलनि, जे प्रतियोगी परीक्षार्थीकेँ सहायक छल।
97. विदेह-सदेह १० मे संघीयतामे मैथिली भाषापर आलेख के लिखलनि?
  • अमरकान्त अमर
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विनीत उत्पल
  • कोनो नहि
अमरकान्त अमर ‘संघीयतामे मैथिली भाषा’ शीर्षक आलेख लिखलनि।
98. विदेह-सदेह १० मे लोकदेव भीम केवटपर आलेख के लिखलनि?
  • अरविन्द ठाकुर
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • रमाकान्त राय
  • कोनो नहि
अरविन्द ठाकुर ‘लोकदेव भीम केवट’ शीर्षक आलेख लिखलनि, जे मिथिलाक लोक-देवताक परम्परापर केन्द्रित अछि।
99. विदेह-सदेह १० मे एकटा सुपौल कथा-गोष्ठीक उल्लेख अछि, जाहिमे कतेक कथा पाठ भेल?
  • दस
  • उनचालीस (३९)
  • सौ
  • पाँच
उमेश मण्डलक रिपोर्ताज अनुसार ७५म कथा गोष्ठीमे ३९ टा कथाक पाठ भेल छल।
100. विदेह-सदेह १० सन समालोचना-संकलन विदेहक आन्दोलनक कोन पक्षकेँ बल दैत अछि?
  • केवल मनोरंजन
  • गम्भीर शैक्षणिक-समालोचनात्मक चिन्तन
  • निरर्थकता
  • केवल विज्ञापन
विदेह-सदेह १० सन संकलन देखबैत अछि जे विदेहक आन्दोलन गम्भीर शैक्षणिक शोध आ समालोचनात्मक चिन्तनकेँ सेहो बल दैत अछि।

101. विदेहक १५०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मार्च २०१४
  • १ जनवरी २००८
  • १ जनवरी २००९
  • १५ अप्रैल २०१६
विदेहक १५०म अंक १५ मार्च २०१४ (वर्ष ७ मास ७५) केँ प्रकाशित भेल।
102. विदेहक १५०म अंकमे आशीष अनचिन्हारक रचनाक शीर्षक की छल?
  • तीन टा बिन्दु
  • भाग रौ
  • संकर्षण
  • सहस्रबाढ़नि
विदेहक १५०म अंकमे आशीष अनचिन्हारक रचना ‘तीन टा बिन्दु’ प्रकाशित भेल।
103. विदेहक २००म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अप्रैल २०१६
  • १५ मार्च २०१४
  • १५ जून २०२०
  • १५ फरबरी २०२२
विदेहक २००म अंक १५ अप्रैल २०१६ (वर्ष ९ मास १००) केँ प्रकाशित भेल।
104. विदेहक २००म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क कोन रचना छल?
  • रामक ‘अम्बरा’
  • अधिकार लेल छटपटाइत मोहन दास
  • अनचिन्हार आखर
  • कोनो नहि
विदेहक २००म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क रचना ‘रामक अम्बरा’ प्रकाशित भेल।
105. विदेहक ३००म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २०२०
  • १५ अप्रैल २०१६
  • १५ मार्च २०१४
  • १५ फरबरी २०२२
विदेहक ३००म अंक १५ जून २०२० (वर्ष १३ मास १५०) केँ प्रकाशित भेल।
106. विदेहक ३००म अंकमे उमेश मण्डल केकर व्यक्तित्व-कृतित्वपर आलेख लिखलनि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
उमेश मण्डल ‘जगदीश प्रसाद मण्डलजीक व्यक्तित्व ओ कृतित्व एक अनुशीलन’ शीर्षक आलेख लिखलनि।
107. विदेहक ३४०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ फरबरी २०२२
  • १५ जून २०२०
  • १५ मार्च २०१४
  • १ जनवरी २०१२
विदेहक ३४०म अंक १५ फरबरी २०२२ (वर्ष १५ मास १७०) केँ प्रकाशित भेल।
108. विदेहक ३४०म अंकमे गजेन्द्र ठाकुर कोन प्रतियोगी परीक्षा-सामग्री देलनि?
  • यू.जी.सी.-नेट-मैथिली हेतु सामग्री
  • केवल कविता
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुर संघ/बिहार लोक सेवा आयोग आ एन.टी.ए.-यू.जी.सी.-नेट-मैथिली हेतु सामग्री देलनि।
109. विदेहक ३४०म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आत्मकथाक कोन खेप प्रकाशित भेल?
  • २५म खेप
  • पहिल खेप
  • अन्तिम खेप
  • कोनो नहि
विदेहक ३४०म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आत्मकथा ‘आँखिमे चित्र हो मैथिली केर’ क २५म खेप प्रकाशित भेल।
110. समकालीन अंक (१५०-३४०) मे आशीष अनचिन्हार, जगदीश प्रसाद मण्डल आ मुन्नाजी सन नाम बेर-बेर आबब की देखबैत अछि?
  • कोनो नहि
  • आन्दोलनक निरन्तर सक्रिय आ स्थिर लेखक-समुदाय
  • लोप
  • निरर्थकता
ई नाम सभक बेर-बेर आएब विदेह-आन्दोलनक एक निरन्तर सक्रिय आ स्थिर लेखक-समुदायक उपस्थिति देखबैत अछि।

111. विदेह-सदेह ७ क अंग्रेजी उपशीर्षक की थिक?
  • Anthology of Maithili Verse
  • Maithili Parallel Theatre Archive
  • Children Literature
  • Research Papers
विदेह-सदेह ७ क अंग्रेजी उपशीर्षक ‘Anthology of Maithili Verse’ थिक।
112. विदेह-सदेह ७ मे गजेन्द्र ठाकुर कोन-कोन जापानी पद्य-शैलीमे मैथिली रचना केलनि?
  • हाइकू, टनका, शेनर्यू, हैबून
  • केवल गजल
  • केवल दोहा
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुर मैथिलीमे हाइकू, टनका, शेनर्यू आ हैबून सन जापानी पद्य-शैलीमे रचना केलनि, जे मैथिलीमे एक नव प्रयोग छल।
113. विदेह-सदेह ७ मे गजेन्द्र ठाकुर कोन फारसी/उर्दू-मूलक पद्य-शैलीमे सेहो रचना केलनि?
  • रुबाइ, कता, गजल, कुण्डलिया
  • केवल हाइकू
  • केवल छन्द
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुर मैथिलीमे रुबाइ, कता, गजल आ कुण्डलिया सन शैलीमे सेहो रचना केलनि।
114. विदेह-सदेह ७ मे ज्योति सुनीत चौधरी कोन पद्य-शैलीमे रचना केलीह?
  • हाइकू-टनका
  • केवल गजल
  • केवल छन्द
  • कोनो नहि
ज्योति सुनीत चौधरी हाइकू-टनका शैलीमे ‘ब्रह्मास्त्र’, ‘मोनक गति’ सन रचना केलीह।
115. विदेह-सदेह ७ मे मुन्नाजी कोन-कोन पद्य-शैलीमे रचना केलनि?
  • हाइकू, शेनर्यू, बोनिहार
  • केवल गजल
  • केवल छन्द
  • कोनो नहि
मुन्नाजी हाइकू, शेनर्यू आ ‘बोनिहार’, ‘माटिक ललकार’ सन रचना केलनि।
116. विदेह-सदेह ७ मे रवि भूषण पाठकक हाइकूक संग कोन विषय जुड़ल छल?
  • कोनो नहि
  • छठि-पाबनिक प्रसंग
  • युद्ध
  • व्यापार
रवि भूषण पाठकक पद्यमे ‘ऐ बेर छठिमे’ सन छठि-पाबनिसँ जुड़ल प्रसंग अछि।
117. विदेह-सदेह ७ मे कोन भाषाक पद्यक अनुवाद/समावेश सेहो भेल?
  • तेलुगु
  • तमिल
  • कन्नड़
  • कोनो नहि
अन्नावरन देवेन्दरक तेलुगु पद्य ‘अंतिम शब्द’ सेहो विदेह-सदेह ७ मे समाहित अछि, जे बहुभाषिकताक प्रमाण थिक।
118. विदेह-सदेह ७ मे गंगेश गुंजनक कोन पद्य-शैली अछि?
  • आजाद गजल
  • हाइकू
  • रुबाइ
  • कुण्डलिया
गंगेश गुंजनक ‘आजाद गजल’ शैलीक रचना विदेह-सदेह ७ मे अछि।
119. विदेह-सदेह ७ मे सतीश चन्द्र झाक पद्यमे कोन सामाजिक-राजनीतिक विषय छल?
  • चुनाव आ भाषा-राजनीति
  • प्रेम
  • प्रकृति
  • कोनो नहि
सतीश चन्द्र झाक पद्यमे चुनाव, भाषा आ राजनीति सन सामाजिक-राजनीतिक विषय छल।
120. विदेह-सदेह ७ सन व्यापक पद्य-संकलन विदेह-आन्दोलनक कोन विशेषता देखबैत अछि?
  • सीमित प्रयोग
  • शैली-प्रयोग आ बहुभाषिकता दुनूमे समृद्धि
  • निरर्थकता
  • रोक
विदेह-सदेह ७ देखबैत अछि जे विदेह-आन्दोलन नव पद्य-शैलीक प्रयोग आ बहुभाषिकता दुनूमे समृद्ध रहल अछि।

121. विदेहक ४४०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अप्रैल २०२६
  • १५ फरबरी २०२२
  • १ जनवरी २००८
  • १५ जून २०२०
विदेहक ४४०म अंक १५ अप्रैल २०२६ (वर्ष १९ मास २२०) केँ प्रकाशित भेल — ई अहाँक उपलब्ध आर्काइवक सभसँ नवीनतम अंक थिक।
122. ४४०म अंकमे विदेहकेँ कोन शब्दसँ समर्पित कएल गेल अछि?
  • केवल पाठक
  • मिथिलाक लेखक, पाठक आ श्रोता, जे सहस्र वर्षक झंझावातमे मैथिलीक दीप प्रज्वलित रखने छथि
  • केवल विद्वान
  • कोनो नहि
अंक मिथिलाक ओइ लेखक, पाठक आ श्रोता केँ समर्पित अछि, जे सहस्र वर्षक झंझावातमे सेहो मैथिलीक दीप प्रज्वलित रखने छथि।
123. ४४०म अंकमे ‘समानान्तर’ शब्दक भाव कोन पाँतीसँ स्पष्ट होइत अछि?
  • समानान्तर कात-करोट मे हएब नै अछि, वरन् असल सत्य जे अपन समय लेलक अछि
  • समानान्तर केवल विरोध थिक
  • समानान्तर निरर्थक अछि
  • कोनो नहि
अंकमे लिखल अछि — ‘समानांतर कात-करोट मे हएब नै अछि, वरन् ई अछि असल सत्य, जे अपन समय लेलक अछि’ — जे आन्दोलनक मूल भावकेँ परिभाषित करैत अछि।
124. ४४०म अंकक अंग्रेजी आदर्श-पाँतीमे ‘समानान्तर’केँ की कहल गेल?
  • The Parallel is not the marginal, but the truthful, in long delay
  • The Parallel is irrelevant
  • The Parallel is opposition
  • कोनो नहि
अंग्रेजीमे लिखल अछि — ‘The Parallel is not the marginal but the truthful, in long delay’ — जे समानान्तरताक दर्शन स्पष्ट करैत अछि।
125. ४४०म अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक कोन आलेख मैथिलीक दलित साहित्यसँ सम्बद्ध अछि?
  • मैथिली लेल दलित साहित्य समीक्षाशास्त्र
  • भाग रौ
  • सहस्रबाढ़नि
  • संकर्षण
गजेन्द्र ठाकुर ‘मैथिली लेल दलित साहित्य समीक्षाशास्त्र’ शीर्षक आलेख ४४०म अंकमे लिखलनि, जे आन्दोलनक उपेक्षित-स्वर पर ध्यानक प्रमाण थिक।
126. ४४०म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक कोन धारावाहिक उपन्यास चलि रहल छल?
  • जयतु जानकी
  • सहस्रबाढ़नि
  • लजकोटर
  • कोनो नहि
रबीन्द्र नारायण मिश्रक धारावाहिक उपन्यास ‘जयतु जानकी’ ४४०म अंकमे चलि रहल छल।
127. ४४०म अंकमे संतोष कुमार राय ‘बटोही’क खण्ड-काव्यक नाम की?
  • उर्मिलाक विद्रोह
  • भाग रौ
  • संकर्षण
  • कोनो नहि
संतोष कुमार राय ‘बटोही’क खण्ड-काव्य ‘उर्मिलाक विद्रोह’ ४४०म अंकमे प्रकाशित भेल।
128. ४४०म अंकक कवर-डिजाइन के केलनि?
  • गजेन्द्र ठाकुर (AUM गजेन्द्र ठाकुर)
  • प्रीति ठाकुर
  • पनकलाल मण्डल
  • कोनो नहि
४४०म अंकक कवर-डिजाइन गजेन्द्र ठाकुर (अंकित AUM गजेन्द्र ठाकुर) केलनि।
129. ४४०म अंकक मुख्य चित्र (समानान्तर परम्पराक विद्यापति) के बनेलनि?
  • पनकलाल मण्डल (विदेह सम्मानसँ सम्मानित)
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रीति ठाकुर
  • कोनो नहि
४४०म अंकक मुख्य चित्र ‘समानान्तर परम्पराक विद्यापति’ विदेह सम्मानसँ सम्मानित श्री पनकलाल मण्डल द्वारा बनाओल गेल।
130. ४४०म अंकमे ‘जयतु जानकी’ धरि पहुँचल विदेह की देखबैत अछि?
  • आन्दोलनक ठहराव
  • १९ वर्षसँ बेशीक निरन्तर, अद्यतन आन्दोलन
  • लोप
  • निरर्थकता
४४०म अंक धरि पहुँचब देखबैत अछि जे विदेहक मैथिली साहित्य आन्दोलन १९ वर्षसँ बेशी (२००८-२०२६) निरन्तर आ अद्यतन रूपें जीवित अछि।

131. विदेह-सदेह ६ क अंग्रेजी उपशीर्षक की थिक?
  • Anthology of Maithili Short Stories
  • Anthology of Maithili Verse
  • Children Literature
  • Theatre Archive
विदेह-सदेह ६ क अंग्रेजी उपशीर्षक ‘Anthology of Maithili Short Stories’ थिक।
132. विदेह-सदेह ६ मे ‘मृत्युकेँ टारब’ कोन भाषाक कथाक मैथिली अनुवाद थिक?
  • कोंकणी
  • तेलुगु
  • तमिल
  • बंगाली
वसंत भगवंत सावंतक कोंकणी कथा ‘मृत्युकेँ टारब’ मैथिली अनुवादमे विदेह-सदेह ६ मे सम्मिलित अछि।
133. विदेह-सदेह ६ मे असगर वजाहतक कोन भाषाक कथाक अनुवाद अछि?
  • हिन्दी
  • अंग्रेजी
  • उर्दू
  • कोनो नहि
असगर वजाहतक हिन्दी कथा ‘हम हिन्दू छी’ क मैथिली अनुवाद विदेह-सदेह ६ मे सम्मिलित अछि।
134. विदेह-सदेह ६ मे ‘ब्रेस्ट कैंसर’ शीर्षक कथा के लिखलनि?
  • मीना झा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
मीना झा ‘ब्रेस्ट कैंसर’ शीर्षक कथा लिखलनि, जे एक संवेदनशील स्वास्थ्य-विषयपर अछि।
135. विदेह-सदेह ६ मे ‘भाए-बहिनक व्यथा कथा’ के लिखलनि?
  • शम्भु कुमार सिंह
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • उमेश मण्डल
  • कोनो नहि
शम्भु कुमार सिंह ‘भाए-बहिनक व्यथा कथा’ शीर्षक लघुकथा लिखलनि।
136. विदेह-सदेह ६ मे आन भाषाक रचनाक मैथिली अनुवाद सम्मिलित होएब की देखबैत अछि?
  • संकीर्णता
  • विदेह-आन्दोलनक अनुवाद आ बहुभाषिक खुलापन
  • निरर्थकता
  • विरोध
कोंकणी आ हिन्दी कथाक मैथिली अनुवादक समावेश विदेह-आन्दोलनक अनुवाद-कार्य आ बहुभाषिक खुलेपनकेँ देखबैत अछि।
137. विदेह-सदेह ६ मे गजेन्द्र ठाकुरक भूमिका-आलेखक शीर्षक की?
  • गद्य साहित्य मध्य लघुकथाक स्थान आ लघुकथाक समीक्षाशास्त्र
  • भाग रौ
  • संकर्षण
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक भूमिका-आलेखक शीर्षक ‘गद्य साहित्य मध्य लघुकथाक स्थान आ लघुकथाक समीक्षाशास्त्र’ थिक।
138. विदेह-सदेह ६ मे कपिलेश्वर राउतक कतेक लघुकथा सम्मिलित अछि?
  • तीन (थरथरी, तरकारी, सलाह)
  • एक
  • दस
  • कोनो नहि
कपिलेश्वर राउतक तीन लघुकथा — थरथरी, तरकारी, सलाह — विदेह-सदेह ६ मे सम्मिलित अछि।
139. विदेह-सदेह ५ आ ६ क भेद की?
  • कोनो भेद नहि
  • ५=विहनि कथा (अति-लघु); ६=लघुकथा (तुलनात्मक रूपें बेसी विस्तृत)
  • दुनू एके
  • अर्थहीन
विदेह-सदेह ५ विहनि कथा (अति-संक्षिप्त ‘सीड स्टोरी’) क संकलन थिक, जखन कि सदेह ६ लघुकथा (कनेक बेसी विस्तृत) क।
140. विदेह-सदेह ५-६-७-८-९-१० सभ कोन अंक-शृंखलासँ सामग्री समेटने अछि?
  • अंक ५१-१००
  • अंक १-२५
  • अंक १०१-११०
  • अंक ३३३-३५०
विदेह-सदेह ५ सँ १० धरिक सभ खण्ड विदेहक अंक ५१-१०० सँ विधा-अनुसार सामग्री समेटने अछि।

141. विदेहक अंक कोन-कोन तीन रूपमे ई-प्रकाशित होइत छल, ५०म अंकक कथन अनुसार?
  • देवनागरी, तिरहुता आ ब्रेल
  • केवल देवनागरी
  • केवल अंग्रेजी
  • रोमन आ अरबी
५०म अंकक कथन अनुसार विदेहक अंक देवनागरी, तिरहुता आ ब्रेल — तीनू रूपमे ई-प्रकाशित होइत छल।
142. विदेहक त्रि-लिपि प्रकाशन-नीति कोन उद्देश्यसँ प्रेरित अछि?
  • केवल व्यापार
  • दृष्टिबाधित आ परम्परागत-लिपि पाठक दुनूकेँ साहित्य पहुँचाएब
  • निरर्थक
  • भेदभाव
त्रि-लिपि प्रकाशन-नीति दृष्टिबाधित (ब्रेल) आ तिरहुता-पाठक दुनूकेँ साहित्य पहुँचाबाक समावेशी उद्देश्यसँ प्रेरित अछि।
143. विदेह-सदेह १ (मुद्रित संस्करण) कोन दू लिपिमे विशेष रूपें सफल भेल, स्रोत-कथन अनुसार?
  • तिरहुता आ देवनागरी
  • केवल ब्रेल
  • केवल रोमन
  • कोनो नहि
स्रोत-कथन अनुसार ‘विदेह:सदेह:१ (तिरहुता/देवनागरी)क अपार सफलता’ भेल, जे त्रि-लिपि नीतिक प्रारम्भिक सफलता देखबैत अछि।
144. विदेहक त्रि-लिपि नीति आ गजेन्द्र ठाकुरक तिरहुता-यूनिकोड-सहायताक बीच की सम्बन्ध अछि?
  • असम्बद्ध
  • यूनिकोड-समर्थन बिना तिरहुता-डिजिटल प्रकाशन कठिन रहैत
  • विरोधी
  • निरर्थक
गजेन्द्र ठाकुरक तिरहुता-यूनिकोड-सहायताक बिना विदेहक तिरहुता-संस्करण डिजिटल रूपें प्रकाशित करब अत्यन्त कठिन रहैत।
145. विदेहक ब्रेल-संस्करणक उद्देश्य की?
  • कोनो नहि
  • दृष्टिबाधित मैथिल भाषीकेँ मातृभाषामे साहित्य-पठन
  • निरर्थक
  • व्यापार
ब्रेल-संस्करणक उद्देश्य दृष्टिबाधित मैथिल भाषीकेँ अपन मातृभाषामे साहित्य पढ़बाक अवसर देब थिक।
146. विदेहक त्रि-लिपि प्रकाशन-नीति समकालीन मैथिली पत्रिकामे की देखबैत अछि?
  • सामान्य
  • दुर्लभ आ अनुकरणीय समावेशी मॉडल
  • निरर्थक
  • विवादित
विदेहक त्रि-लिपि नीति समकालीन क्षेत्रीय-भाषा पत्रिका सभमे दुर्लभ आ अनुकरणीय समावेशी मॉडल थिक।
147. विदेहक त्रि-लिपि नीतिक संरक्षण भविष्यक लेल किएक आवश्यक?
  • कोनो नहि
  • भाषिक-लिपिक धरोहर आ सामाजिक समावेशिता दुनूक रक्षा
  • हानि
  • निरर्थक
त्रि-लिपि नीतिक संरक्षण मैथिलीक भाषिक-लिपिक धरोहर आ सामाजिक समावेशिता दुनूक रक्षा लेल आवश्यक अछि।
148. विदेहक त्रि-लिपि नीति मिथिलाक सांस्कृतिक पहचानकेँ कोना सबल करैत अछि?
  • कोनो नहि
  • परम्परागत (तिरहुता) आ आधुनिक (देवनागरी/ब्रेल) दुनू पहचान बचा कऽ
  • हानि
  • रोक
त्रि-लिपि नीति परम्परागत तिरहुता-पहचान आ आधुनिक देवनागरी/ब्रेल-सुलभता दुनूकेँ संगहि बचा मिथिलाक सांस्कृतिक पहचान सबल करैत अछि।
149. विदेहक त्रि-लिपि प्रकाशन-नीति विश्वक आन क्षेत्रीय भाषा-पत्रिकाकेँ की प्रेरणा दऽ सकैत अछि?
  • कोनो नहि
  • अपन भाषामे समावेशी, बहु-लिपि प्रकाशन आरम्भ करबाक
  • रोक
  • हानि
विदेहक मॉडल आन क्षेत्रीय भाषा-पत्रिकाकेँ अपन भाषामे समावेशी, बहु-लिपि (वा बहु-प्रारूप) प्रकाशन आरम्भ करबाक प्रेरणा दऽ सकैत अछि।
150. त्रि-लिपि प्रकाशन-नीतिक समग्र सन्देश की?
  • भेदभाव
  • साहित्य सभ पाठक-वर्ग धरि बिना अपवादक पहुँचबाक संकल्प
  • उपेक्षा
  • मौन
त्रि-लिपि प्रकाशन-नीतिक समग्र सन्देश थिक — साहित्य आ ज्ञानकेँ सभ पाठक-वर्ग (दृष्टिबाधित, परम्परागत-लिपि पाठक आदि) धरि बिना अपवादक पहुँचबाक दृढ़ संकल्प।

151. विदेहक संस्थापक-सम्पादक के छथि, आरम्भसँ अद्यतन?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • उमेश मण्डल
  • विभा रानी
  • नचिकेता
गजेन्द्र ठाकुर विदेहक संस्थापक-सम्पादक छथि, आरम्भ (२०००/२००८) सँ अद्यतन (२०२६) धरि।
152. उमेश मण्डल विदेह-आन्दोलनमे कोन-कोन भूमिकामे लगातार देखल जाइत छथि?
  • सह-सम्पादक, टाइपसेटर आ समीक्षक
  • केवल पाठक
  • केवल अभिनेता
  • कोनो नहि
उमेश मण्डल सह-सम्पादक, टाइपसेटरक संग समीक्षात्मक आलेखक लेखकक रूपमे सेहो (जेना अंक ३०० आ ४४०मे) सक्रिय छथि।
153. भाषा-सम्पादनक भूमिकामे कोन-कोन नाम बेर-बेर आबैत अछि?
  • नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा
  • केवल गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी आ नचिकेता
  • कोनो नहि
नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा विदेहक भाषा-सम्पादनक भूमिकामे बेर-बेर आबैत छथि।
154. प्रीति ठाकुर विदेहसँ कोन रूपमे जुड़ल छथि?
  • बिक्री/प्रकाशन (sales.videha@gmail.com) आ सह-कॉपीराइट-धारक
  • केवल पाठिका
  • केवल अभिनेत्री
  • कोनो नहि
प्रीति ठाकुर विदेहक बिक्री/प्रकाशन-कार्यसँ जुड़ल छथि आ कतेको कृति (जेना सदेह ३७) क सह-कॉपीराइट-धारक छथि।
155. मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण) विदेह-आन्दोलनमे कोन-कोन भूमिकामे देखल जाइत छथि?
  • सहायक सम्पादक, समीक्षक आ बीहनि कथा-लेखक
  • केवल पाठक
  • केवल अभिनेता
  • कोनो नहि
मुन्नाजी सहायक सम्पादकक संग समीक्षात्मक आलेख आ बीहनि कथाक लेखकक रूपमे सेहो (जेना अंक ३४०मे) सक्रिय छथि।
156. विदेहक वेबसाइट डिजाइनमे आरम्भसँ के-के संलग्न रहलीह?
  • प्रीति झा ठाकुर, मधूलिका चौधरी आ रश्मि प्रिया
  • केवल पुरुष कर्मचारी
  • केवल विदेशी
  • कोनो नहि
विदेहक वेबसाइट प्रीति झा ठाकुर, मधूलिका चौधरी आ रश्मि प्रिया द्वारा पाक्षिक रूपें डिजाइन होइत छल।
157. विदेह-आन्दोलनक सम्पादकीय दलक निरन्तरता (२००८-२०२६) की देखबैत अछि?
  • अस्थिरता
  • लगभग दू दशक धरिक स्थिर, समर्पित टीम-वर्क
  • लोप
  • विवाद
लगभग दू दशक धरि गजेन्द्र ठाकुर, उमेश मण्डल, विद्यानन्द झा आदिक निरन्तर संलग्नता विदेहक सम्पादकीय स्थिरता आ समर्पण देखबैत अछि।
158. विदेहक सम्पादकीय टीम-वर्क आन्दोलनक सफलतामे की भूमिका निभेलक?
  • कोनो नहि
  • दीर्घकालिक संगठनात्मक आधार आ निरन्तरता
  • हानि
  • रोक
स्थिर सम्पादकीय टीमक संगठनात्मक आधार विदेह-आन्दोलनक दीर्घकालिक निरन्तरता (४४०+ अंक) सम्भव बनेलक।
159. विदेह-आन्दोलनक सम्पादकीय संरचनासँ की सिखल जा सकैत अछि?
  • कोनो नहि
  • साझा दृष्टिक संग दीर्घकालिक सांस्कृतिक-साहित्यिक परियोजना सम्भव
  • निरर्थक
  • रोक
विदेहक उदाहरणसँ सिखल जा सकैत अछि जे साझा दृष्टि आ समर्पित टीमक संग दीर्घकालिक सांस्कृतिक-साहित्यिक परियोजना सफलतापूर्वक चलाओल जा सकैत अछि।
160. विदेहक सम्पादकीय इतिहासमे लेखकीय आचार-संहिताक की महत्त्व?
  • कोनो नहि
  • मौलिकता आ कॉपीराइट-सम्मानक रक्षा
  • निरर्थक
  • हानि
विदेह स्पष्ट रूपें मौलिक आ अप्रकाशित रचना मात्र स्वीकारैत अछि, जे साहित्यिक आचार-संहिता आ कॉपीराइट-सम्मानक रक्षा करैत अछि — मौलिकताक उत्तरदायित्व लेखकगणक लग रहैत अछि।

161. ‘समानान्तर साहित्य’ शब्दक भाव की?
  • मुख्यधारासँ बाहर मुदा समानान्तर रूपें सक्रिय साहित्यिक धारा
  • केवल विरोध
  • निरर्थक प्रयास
  • विदेशी साहित्य
समानान्तर साहित्य ओ साहित्यिक धारा थिक जे संस्थागत मुख्यधारासँ बाहर, मुदा अपन स्वतन्त्र आ सक्रिय अस्तित्व रखैत अछि।
162. विदेह कोन संस्थागत प्राधिकरणक ‘गैर-सांवैधानिक काज’क विरोधमे ‘विदेह सम्मान’ आरम्भ केलक, स्रोत अनुसार?
  • साहित्य अकादेमीक मैथिली विभाग
  • केन्द्र सरकार
  • विश्वविद्यालय
  • कोनो नहि
स्रोत अनुसार साहित्य अकादेमीक मैथिली विभागक गैर-सांवैधानिक काजक विरोधमे ‘विदेह सम्मान’ आरम्भ कएल गेल।
163. ‘विदेह सम्मान’ केर अन्य नाम की रहल?
  • समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार
  • केवल नकद पुरस्कार
  • सरकारी सम्मान
  • कोनो नहि
विदेह सम्मान ‘समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार’क नामसँ सेहो प्रचलित अछि।
164. समानान्तर साहित्य-आन्दोलनक उद्देश्य संस्थागत साहित्य अकादेमीक प्रति की रहल?
  • पूर्ण समर्थन
  • आलोचनात्मक विकल्प/प्रतिरोध
  • उपेक्षा
  • कोनो नहि
समानान्तर आन्दोलन संस्थागत साहित्य अकादेमीक नीतिक प्रति आलोचनात्मक विकल्प आ प्रतिरोध रूपमे उभरल।
165. समानान्तर ललित कला आ संगीत-नाटक अकादेमी सम्मान सेहो विदेह सम्मानमे की देखबैत अछि?
  • केवल साहित्य धरि सीमित
  • साहित्यसँ बढ़ि कला-संगीत-नाटक धरि विस्तार
  • निरर्थकता
  • विरोध
समानान्तर ललित कला आ संगीत-नाटक अकादेमी सम्मानक समावेश देखबैत अछि जे आन्दोलन साहित्यसँ बढ़ि कला-संगीत-नाटक धरि विस्तृत भेल।
166. समानान्तरताक दर्शन ‘निम्न/उपेक्षित’ साहित्यिक स्वरक प्रति की रुख रखैत अछि?
  • उपेक्षा
  • सक्रिय मंच आ मान्यता
  • भेदभाव
  • मौन
समानान्तरताक दर्शन निम्न वा उपेक्षित मानल गेल साहित्यिक स्वर (जेना दलित साहित्य) केँ सक्रिय मंच आ मान्यता देबाक रुख रखैत अछि।
167. समानान्तर आन्दोलनक एक केन्द्रीय आदर्श-वाक्य की थिक?
  • मानुषीमिह संस्कृताम्
  • सत्यमेव जयते
  • वसुधैव कुटुम्बकम्
  • कोनो नहि
‘मानुषीमिह संस्कृताम्’ — जन-भाषाकेँ संस्कृतक समान प्रतिष्ठा — समानान्तर आन्दोलनक केन्द्रीय आदर्श-वाक्य थिक।
168. समानान्तरताक दर्शनमे ‘विलम्बित सत्य’ (truthful, in long delay) क भाव की?
  • निरर्थक देरी
  • दबल/उपेक्षित सत्य जे अपन समयक प्रतीक्षामे रहल
  • केवल कल्पना
  • कोनो नहि
‘truthful, in long delay’ क भाव थिक जे समानान्तर साहित्य दबल वा उपेक्षित सत्य थिक, जे अपन उचित समयक प्रतीक्षा करैत रहल।
169. समानान्तर साहित्य-आन्दोलनक प्रभाव कोन-कोन क्षेत्रमे फैलल देखल गेल?
  • केवल कविता
  • गद्य, पद्य, नाटक, बाल साहित्य, समालोचना, अनुवाद सभमे
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
समानान्तर आन्दोलनक प्रभाव गद्य, पद्य, नाटक, बाल साहित्य, समालोचना आ अनुवाद — सभ साहित्यिक विधामे फैलल देखल गेल, जेना सदेह-शृंखला देखबैत अछि।
170. समानान्तरताक दर्शनक एक वाक्यमे सार की?
  • मुख्यधाराक विरोध मात्र
  • उपेक्षित सत्य आ स्वरकेँ मंच, मान्यता आ समय देब
  • निरर्थकता
  • भेदभाव
समानान्तरताक दर्शनक सार थिक — उपेक्षित साहित्यिक सत्य आ स्वरकेँ मंच, मान्यता आ ओकर प्रतीक्षित समय देब।

171. विदेह-आन्दोलनक चार सय धरिक अंक-संख्या (४४०+) की देखबैत अछि?
  • अस्थिरता
  • अद्वितीय निरन्तरता आ साहित्यिक उत्पादनक विशालता
  • लोप
  • निरर्थकता
४४०सँ बेशी अंकक निरन्तर प्रकाशन विदेह-आन्दोलनक अद्वितीय निरन्तरता आ साहित्यिक उत्पादनक विशालता देखबैत अछि।
172. विदेह-सदेह शृंखलाक ३७ खण्ड (आ बेशी) की देखबैत अछि?
  • सीमित प्रयास
  • साहित्यक मुद्रित रूपमे संरक्षणक विशाल आ निरन्तर प्रयास
  • लोप
  • निरर्थकता
३७+ सदेह-खण्ड विदेह-साहित्यक मुद्रित संरक्षणक विशाल आ सुसंगठित प्रयास देखबैत अछि।
173. विदेह-आन्दोलनक प्रभाव अन्तर्राष्ट्रीय स्तरपर कोना देखल जा सकैत अछि?
  • कोनो नहि
  • लंदन सन प्रवासी मैथिल समाजपर आलेख आ अन्तर्राष्ट्रीय संस्था लेल मूल्यनिर्धारण
  • निरर्थक
  • रोक
लंदनक मैथिल समाजपर आलेख आ विदेशी संस्था/पुस्तकालय लेल अलग मूल्यनिर्धारण विदेहक अन्तर्राष्ट्रीय पहुँचक प्रमाण थिक।
174. विदेह-आन्दोलनक प्रभाव शैक्षणिक-प्रतियोगी क्षेत्रमे कोना देखल गेल?
  • कोनो नहि
  • यू.पी.एस.सी./एन.टी.ए.-नेट-मैथिली हेतु सामग्री-निर्माण
  • निरर्थक
  • रोक
विदेह यू.पी.एस.सी., बिहार लोक सेवा आयोग आ एन.टी.ए.-नेट-मैथिली हेतु अध्ययन-सामग्री देलक, जे शैक्षणिक-प्रतियोगी क्षेत्रमे प्रभाव देखबैत अछि।
175. विदेह-आन्दोलनक प्रभाव मिथिला चित्रकलाक संग कोना जुड़ल देखल गेल?
  • कोनो नहि
  • महासुन्दरी देवीक पद्मश्रीसन उपलब्धिक उल्लेख आ सम्मानित कलाकारक कवर-चित्र
  • निरर्थक
  • रोक
विदेह मिथिला चित्रकलाक उपलब्धि (महासुन्दरी देवीक पद्मश्री) उल्लेख कएलक आ सम्मानित कलाकार (पनकलाल मण्डल) क चित्र कवरपर राखलक।
176. विदेहक प्रभाव बहुभाषिक अनुवाद-कार्यमे कोना देखल गेल?
  • कोनो नहि
  • कोंकणी, हिन्दी, तेलुगु सन भाषाक रचनाक मैथिली अनुवाद
  • निरर्थक
  • रोक
विदेह कोंकणी, हिन्दी आ तेलुगु सन भाषाक रचनाक मैथिली अनुवाद प्रकाशित कऽ अनुवाद-कार्यक प्रभाव देखेलक।
177. विदेहक प्रभाव दलित आ उपेक्षित साहित्यिक स्वरक संरक्षणमे कोना देखल गेल?
  • कोनो नहि
  • गजेन्द्र ठाकुरक दलित साहित्य समीक्षाशास्त्र-सम्बन्धी आलेख
  • निरर्थक
  • रोक
गजेन्द्र ठाकुरक ‘मैथिली लेल दलित साहित्य समीक्षाशास्त्र’ सन आलेख विदेहक उपेक्षित साहित्यिक स्वरक प्रति प्रतिबद्धता देखबैत अछि।
178. विदेह-आन्दोलनक प्रभाव डिजिटल भाषा-प्रौद्योगिकीमे कोना देखल गेल?
  • कोनो नहि
  • तिरहुता यूनिकोड-आवेदनमे सहायता आ ब्रेल-संस्करणक विकास
  • निरर्थक
  • रोक
विदेहक सम्पादक गजेन्द्र ठाकुरक तिरहुता यूनिकोड-आवेदनमे सहायता आ विदेहक ब्रेल-संस्करण डिजिटल भाषा-प्रौद्योगिकीमे आन्दोलनक प्रभाव देखबैत अछि।
179. विदेहक रचनाक अभिलेखन-नीति (विदेह पोथी, आर्काइव) की देखबैत अछि?
  • अस्थायित्व
  • सभ रचनाक दीर्घकालिक डिजिटल संरक्षणक प्रतिबद्धता
  • लोप
  • निरर्थकता
विदेह पोथी आ आर्काइव सभ रचनाक दीर्घकालिक डिजिटल संरक्षणक गम्भीर प्रतिबद्धता देखबैत अछि।
180. विदेह-आन्दोलनक समग्र प्रभावक सार की?
  • सीमित
  • साहित्य, कला, भाषा-प्रौद्योगिकी आ सामाजिक समावेशिता धरि बहुआयामी विस्तार
  • निरर्थक
  • रिक्तता
विदेह-आन्दोलनक समग्र प्रभाव साहित्य, कला, भाषा-प्रौद्योगिकी आ सामाजिक समावेशिता — सभ क्षेत्र धरि बहुआयामी रूपें फैलल अछि।

181. विदेहमे प्रकाशित रचनाक मौलिकताक उत्तरदायित्व केकर लग रहैत अछि?
  • केवल सम्पादकक
  • लेखक गणक मध्य
  • केवल प्रकाशकक
  • कोनो नहि
विदेहक नीति अनुसार रचनाक मौलिकताक सम्पूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य रहैत अछि — सम्पादक एकर प्रमाणीकरण नहि करैत छथि।
182. कोनो रचनाकार जँ अनुचित रूपें आन केर रचना अपन नामसँ देल हो, तँ ई कोन गम्भीर समस्या थिक?
  • सामान्य बात
  • साहित्यिक चोरी/साहित्यिक बेईमानी (प्लेजियरिज्म)
  • सकारात्मक प्रयोग
  • निरर्थक
आन केर रचना अनुचित रूपें अपना नामसँ प्रस्तुत करब साहित्यिक चोरी (प्लेजियरिज्म) थिक, जे कोनो साहित्यिक मंचक विश्वसनीयतापर गम्भीर आघात करैत अछि।
183. साहित्यिक मंच कोना साहित्यिक चोरीसँ अपन विश्वसनीयता राखि सकैत अछि?
  • अनदेखी कऽ
  • सत्यापन, पाठक-प्रतिक्रिया आ आवश्यकता पड़ने सम्बद्ध रचनाकारपर रोक लगा
  • प्रोत्साहन दऽ
  • मौन रहि
साहित्यिक मंच सत्यापन, पाठक-सतर्कता आ आवश्यकता पड़ने सम्बद्ध रचनाकारक रचना अस्वीकार/रोक लगा अपन विश्वसनीयता राखि सकैत अछि।
184. ई प्रश्नोत्तरी कोनो विशेष व्यक्ति-विशेषकेँ आदर्श वा अनुकरणीय रचनाकार कहैत अछि की?
  • हाँ, सभकेँ
  • नहि — केवल सत्यापित, उपयुक्त आ निर्विवाद योगदान उल्लिखित अछि
  • कोनो नहि
  • अनिश्चित
ई प्रश्नोत्तरी केवल सत्यापित स्रोतसँ पुष्ट, निर्विवाद आ उपयुक्त योगदानकेँ उल्लेख करैत अछि; विवादित वा साहित्यिक-चोरीसँ जुड़ल नाम सचेततापूर्वक एड़ाओल गेल अछि।
185. साहित्यिक आन्दोलनक इतिहास लिखैत काल कोन सावधानी आवश्यक?
  • कोनो नहि
  • विवादित/नकारात्मक रूप सिद्ध भेल योगदानकेँ उत्सवक रूपमे प्रस्तुत नहि करब
  • निरर्थक
  • अनावश्यक
इतिहास-लेखनमे विवादित वा नकारात्मक रूपें सिद्ध भेल योगदानकेँ उत्सव-रूपें प्रस्तुत नहि करब एक आवश्यक नैतिक सावधानी थिक।
186. मूल स्रोत-सामग्रीमे भेटल हर नामकेँ बिना जाँच स्वीकार करब की उचित?
  • हाँ सर्वदा
  • नहि — अतिरिक्त सन्दर्भ/जानकारीक संग सत्यापन आवश्यक
  • कोनो नहि
  • अनिश्चित
स्रोत-सामग्रीमे भेटल नामकेँ बिना अतिरिक्त सन्दर्भ-सत्यापनक स्वीकार करब उचित नहि; विशेषतः जँ कोनो अतिरिक्त सूचना (जेना प्रतिबन्ध/विवाद) उपलब्ध हो।
187. एहि प्रश्नोत्तरीक स्रोत-सामग्री कतयसँ आएल अछि?
  • कल्पना
  • वास्तविक विदेह आ विदेह-सदेह अंकक पठित अंश
  • अनुमान
  • कोनो नहि
एहि प्रश्नोत्तरीक सम्पूर्ण सामग्री वास्तविक विदेह आ विदेह-सदेह अंकक पठित, सत्यापित अंशसँ आएल अछि — कल्पना वा अनुमानसँ नहि।
188. जँ कोनो अंकमे अपठित/अनुपलब्ध सामग्री अछि, तँ ई प्रश्नोत्तरी की करैत अछि?
  • कल्पनासँ भरि दैत अछि
  • ओहि विषयपर प्रश्न नहि बनाबैत अछि
  • अनुमान लगाबैत अछि
  • कोनो नहि
जतय सामग्री अपठित वा अनुपलब्ध रहल (जेना केतेको अंक जे रूपान्तरणमे असफल भेल), ओहिपर ई प्रश्नोत्तरी कोनो कल्पित प्रश्न नहि बनेलक।
189. एहि प्रकारक सावधानीक मूल्य की?
  • निरर्थक
  • सत्यता, विश्वसनीयता आ नैतिक उत्तरदायित्व
  • हानि
  • रोक
एहि सावधानीक मूल्य थिक — सूचनाक सत्यता, प्रश्नोत्तरीक विश्वसनीयता आ इतिहास-लेखनक नैतिक उत्तरदायित्वक रक्षा।
190. एहि खण्डक मूल सन्देश की?
  • उपेक्षा
  • सत्यता आ सावधानी साहित्यिक इतिहास-लेखनक आधार थिक
  • मौन
  • रोक
एहि खण्डक मूल सन्देश थिक — सत्यता आ सावधानी कोनो साहित्यिक आन्दोलनक इतिहास-लेखनक अपरिहार्य आधार थिक।

191. ‘विदेह-सदेह’ शृंखला एक वाक्यमे की थिक?
  • केवल विज्ञापन
  • विदेह ई-पत्रिकाक रचना सभक विधा-अनुसार मुद्रित समानान्तर संकलन शृंखला
  • रिक्तता
  • निरर्थक
विदेह-सदेह विदेह ई-पत्रिकाक रचना सभक विधा-अनुसार (कथा, पद्य, नाटक, बाल साहित्य आदि) मुद्रित समानान्तर संकलन-शृंखला थिक।
192. ‘विदेह’ एक वाक्यमे की थिक?
  • केवल ब्लॉग
  • २००८ सँ निरन्तर चलि रहल प्रथम मैथिली पाक्षिक, त्रि-लिपि (देवनागरी-तिरहुता-ब्रेल) ई-पत्रिका
  • रिक्तता
  • निरर्थक
विदेह २००८ सँ निरन्तर चलि रहल प्रथम मैथिली पाक्षिक, त्रि-लिपि ई-पत्रिका थिक, जे भालसरिक गाछ (२०००) सँ अपन यात्रा आरम्भ केने छल।
193. समानान्तर मैथिली साहित्य/कला/संस्कृति/नाटक आन्दोलन एक वाक्यमे की थिक?
  • केवल विरोध
  • संस्थागत मुख्यधारासँ बाहर, उपेक्षित स्वरकेँ मंच आ मान्यता देनिहार साहित्यिक-सांस्कृतिक आन्दोलन
  • रिक्तता
  • निरर्थक
ई आन्दोलन संस्थागत मुख्यधारासँ बाहर रहल उपेक्षित साहित्यिक-सांस्कृतिक स्वरकेँ मंच, मान्यता आ संरक्षण देनिहार आन्दोलन थिक।
194. एहि आन्दोलनक सभसँ ठोस प्रमाण की थिक?
  • केवल बात
  • ४४०+ अंक आ ३७+ सदेह-खण्डक विशाल, सत्यापनीय अभिलेख
  • रिक्तता
  • निरर्थक
एहि आन्दोलनक सभसँ ठोस प्रमाण ४४०+ विदेह अंक आ ३७+ विदेह-सदेह खण्डक विशाल, सत्यापनीय, सुरक्षित अभिलेख थिक।
195. एहि आन्दोलनक नेतृत्व मुख्यतः के करैत आएल छथि?
  • कोनो अनिश्चित व्यक्ति
  • गजेन्द्र ठाकुर, संस्थापक-सम्पादक
  • विभा रानी
  • नचिकेता
गजेन्द्र ठाकुर एहि आन्दोलनक संस्थापक-सम्पादक छथि, जे आरम्भसँ अद्यतन निरन्तर नेतृत्व करैत आएल छथि।
196. एहि आन्दोलनक भविष्य कोना उज्ज्वल भऽ सकैत अछि?
  • रोकसँ
  • निरन्तर प्रकाशन, नव रचनाकार आ बहु-प्रारूप संरक्षणसँ
  • मौनसँ
  • लोपसँ
निरन्तर प्रकाशन, नव रचनाकारक जुड़ाव आ बहु-प्रारूप (मुद्रित-डिजिटल-ब्रेल) संरक्षणसँ एहि आन्दोलनक भविष्य उज्ज्वल भऽ सकैत अछि।
197. एहि आन्दोलनक अध्ययनसँ पाठककेँ की समग्र बोध भेटैत अछि?
  • कोनो नहि
  • मैथिली साहित्यक आधुनिक डिजिटल-मुद्रित यात्राक प्रामाणिक चित्र
  • निरर्थक
  • रिक्तता
एहि आन्दोलनक अध्ययनसँ पाठककेँ मैथिली साहित्यक आधुनिक (२०००-२०२६) डिजिटल-मुद्रित यात्राक प्रामाणिक आ विस्तृत चित्र भेटैत अछि।
198. एहि आन्दोलनक प्रति सम्मान कोना सार्थक होइत अछि?
  • केवल प्रशंसासँ
  • अंक पढ़ब, रचना भेजब वा सदेह-खण्ड क्रय कऽ समर्थन देबासँ
  • उपेक्षासँ
  • मौनसँ
एहि आन्दोलनक प्रति सम्मान सार्थक तखन होइत अछि जखन पाठक एकर अंक पढ़थि, रचना भेजथि वा सदेह-खण्ड क्रय कऽ समर्थन देथि।
199. एहि प्रश्नोत्तरीक निर्माणमे कोन पद्धति अपनाओल गेल?
  • कल्पना आ अनुमान
  • वास्तविक उपलब्ध अंक/सदेह-फाइलक प्रत्यक्ष पठन-सत्यापन
  • केवल इन्टरनेट-शोध
  • कोनो नहि
एहि प्रश्नोत्तरीक निर्माणमे वास्तविक उपलब्ध विदेह आ विदेह-सदेह फाइल सभक प्रत्यक्ष पठन आ सत्यापनक पद्धति अपनाओल गेल, कल्पना वा अनुमानक नहि।
200. एहि सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरीक अन्तिम सन्देश की?
  • उपेक्षा
  • समानान्तर मैथिली साहित्य-आन्दोलनक सत्यापित इतिहास बुझू, सम्मान दिअ, आगाँ बढ़ाउ
  • मौन
  • रोक
एहि प्रश्नोत्तरीक अन्तिम सन्देश थिक — विदेह आ विदेह-सदेहक समानान्तर मैथिली साहित्य/कला/नाटक-आन्दोलनक सत्यापित इतिहासकेँ बुझू, सम्मान दिअ, आ एकरा आगाँ बढ़ाउ।

201. विदेहक २०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अक्टूबर २००८
  • १ जनवरी २००८
  • १५ अगस्त २००९
  • १ जून २००९
विदेहक २०म अंक १५ अक्टूबर २००८ (वर्ष १ मास १०) केँ प्रकाशित भेल।
202. विदेहक २०म अंकमे विभा रानीक कथाक नाम की?
  • आऊ कनेक प्रेम करी माने बुझौअल जिनगीक
  • अपन-अपन दुख
  • परलय
  • लालकाकी
विभा रानीक कथाक नाम ‘आऊ कनेक प्रेम करी माने बुझौअल जिनगीक’ थिक।
203. विदेहक २०म अंकमे सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम की?
  • अपन-अपन दुख
  • परलय
  • लालकाकी
  • दृष्टिकोण
सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम ‘अपन-अपन दुख’ थिक।
204. विदेहक २०म अंकमे ओमप्रकाश झाक आलेखक शीर्षक की?
  • कोना बचत मिथिलाक स्मिता?
  • रिस्क आऽ मैथिल
  • दृष्टिकोण
  • परलय
ओमप्रकाश झाक आलेखक शीर्षक ‘कोना बचत मिथिलाक स्मिता?’ थिक।
205. विदेहक २०म अंकमे प्रेमशंकर सिंहक आलेख कोन नाटककारपर अछि?
  • जीवन झाक नाटकक सामाजिक विवर्तन
  • विद्यापति
  • ज्योतिरीश्वर
  • नचिकेता
प्रेमशंकर सिंहक आलेख ‘जीवन झाक नाटकक सामाजिक विवर्तन’ शीर्षकसँ अछि, जे धारावाहिक रूपें आगाँ चलैत अछि।
206. विदेहक २०म अंकमे डॉ. देवशंकर नवीनक आलेख केकरापर अछि?
  • स्व. राजकमल चौधरी
  • विद्यापति
  • ज्योतिरीश्वर
  • नचिकेता
डॉ. देवशंकर नवीनक आलेख स्व. राजकमल चौधरीपर अछि, जे धारावाहिक रूपें आगाँ चलैत अछि।
207. विदेहक २०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अक्टूबर २००८
  • १ जनवरी २००८
  • १५ अगस्त २००९
  • १ जून २००९
विदेहक २०म अंक १५ अक्टूबर २००८ (वर्ष १ मास १०) केँ प्रकाशित भेल।
208. विदेहक २०म अंकमे विभा रानीक कथाक नाम की?
  • आऊ कनेक प्रेम करी माने बुझौअल जिनगीक
  • अपन-अपन दुख
  • परलय
  • लालकाकी
विभा रानीक कथाक नाम ‘आऊ कनेक प्रेम करी माने बुझौअल जिनगीक’ थिक।
209. विदेहक २०म अंकमे सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम की?
  • अपन-अपन दुख
  • परलय
  • लालकाकी
  • दृष्टिकोण
सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम ‘अपन-अपन दुख’ थिक।
210. विदेहक २०म अंकमे ओमप्रकाश झाक आलेखक शीर्षक की?
  • कोना बचत मिथिलाक स्मिता?
  • रिस्क आऽ मैथिल
  • दृष्टिकोण
  • परलय
ओमप्रकाश झाक आलेखक शीर्षक ‘कोना बचत मिथिलाक स्मिता?’ थिक।
211. विदेहक २०म अंकमे प्रेमशंकर सिंहक आलेख कोन नाटककारपर अछि?
  • जीवन झाक नाटकक सामाजिक विवर्तन
  • विद्यापति
  • ज्योतिरीश्वर
  • नचिकेता
प्रेमशंकर सिंहक आलेख ‘जीवन झाक नाटकक सामाजिक विवर्तन’ शीर्षकसँ अछि, जे धारावाहिक रूपें आगाँ चलैत अछि।
212. विदेहक २०म अंकमे डॉ. देवशंकर नवीनक आलेख केकरापर अछि?
  • स्व. राजकमल चौधरी
  • विद्यापति
  • ज्योतिरीश्वर
  • नचिकेता
डॉ. देवशंकर नवीनक आलेख स्व. राजकमल चौधरीपर अछि, जे धारावाहिक रूपें आगाँ चलैत अछि।

213. विदेहक ३५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जून २००९
  • १५ अक्टूबर २००८
  • १५ अगस्त २००९
  • १ जनवरी २००९
विदेहक ३५म अंक १ जून २००९ (वर्ष २ मास १८) केँ प्रकाशित भेल।
214. विदेहक ३५म अंकमे सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम की?
  • परलय
  • अपन-अपन दुख
  • लालकाकी
  • दृष्टिकोण
सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम ‘परलय’ थिक।
215. विदेहक ३५म अंकमे कुसुम ठाकुरक धारावाहिक रचना ‘प्रत्यावर्तन’ क कोन खेप छपल?
  • पाँचम खेप
  • प्रथम खेप
  • दशम खेप
  • अन्तिम खेप
कुसुम ठाकुरक धारावाहिक रचना ‘प्रत्यावर्तन’ क पाँचम खेप विदेहक ३५म अंकमे प्रकाशित भेल।
216. विदेहक ३५म अंकमे ‘सगर राति दीप जरए’ क कतेकम आयोजनक रिपोर्ट छपल?
  • ६६म आयोजन
  • ५०म आयोजन
  • १००म आयोजन
  • दसम आयोजन
मिथिलेश कुमार झाक रिपोर्ट अनुसार ‘सगर राति दीप जरए’ क ६६म आयोजन ३० मई २००९ केँ मधुबनीमे भेल।
217. विदेहक ३५म अंकमे श्यामल सुमनक रचनाक शीर्षक की?
  • स्वर्गारोहण अर्थात लोकतंत्रीय मुक्ति
  • परलय
  • दृष्टिकोण
  • लालकाकी
श्यामल सुमनक रचनाक शीर्षक ‘स्वर्गारोहण अर्थात लोकतंत्रीय मुक्ति’ थिक।
218. विदेहक ३५म अंकमे नवेन्दु कुमार झाक रिपोर्ताज कोन परीक्षा-परिणामपर अछि?
  • माध्यमिक परीक्षा परिणाम २००९
  • स्नातक परिणाम
  • प्रतियोगी परीक्षा
  • कोनो नहि
नवेन्दु कुमार झाक रिपोर्ताज माध्यमिक परीक्षा परिणाम २००९ — सोझाँ आयल ग्रामीण प्रतिभापर अछि।
219. विदेहक ३५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जून २००९
  • १५ अक्टूबर २००८
  • १५ अगस्त २००९
  • १ जनवरी २००९
विदेहक ३५म अंक १ जून २००९ (वर्ष २ मास १८) केँ प्रकाशित भेल।
220. विदेहक ३५म अंकमे सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम की?
  • परलय
  • अपन-अपन दुख
  • लालकाकी
  • दृष्टिकोण
सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम ‘परलय’ थिक।
221. विदेहक ३५म अंकमे कुसुम ठाकुरक धारावाहिक रचना ‘प्रत्यावर्तन’ क कोन खेप छपल?
  • पाँचम खेप
  • प्रथम खेप
  • दशम खेप
  • अन्तिम खेप
कुसुम ठाकुरक धारावाहिक रचना ‘प्रत्यावर्तन’ क पाँचम खेप विदेहक ३५म अंकमे प्रकाशित भेल।
222. विदेहक ३५म अंकमे ‘सगर राति दीप जरए’ क कतेकम आयोजनक रिपोर्ट छपल?
  • ६६म आयोजन
  • ५०म आयोजन
  • १००म आयोजन
  • दसम आयोजन
मिथिलेश कुमार झाक रिपोर्ट अनुसार ‘सगर राति दीप जरए’ क ६६म आयोजन ३० मई २००९ केँ मधुबनीमे भेल।
223. विदेहक ३५म अंकमे श्यामल सुमनक रचनाक शीर्षक की?
  • स्वर्गारोहण अर्थात लोकतंत्रीय मुक्ति
  • परलय
  • दृष्टिकोण
  • लालकाकी
श्यामल सुमनक रचनाक शीर्षक ‘स्वर्गारोहण अर्थात लोकतंत्रीय मुक्ति’ थिक।
224. विदेहक ३५म अंकमे नवेन्दु कुमार झाक रिपोर्ताज कोन परीक्षा-परिणामपर अछि?
  • माध्यमिक परीक्षा परिणाम २००९
  • स्नातक परिणाम
  • प्रतियोगी परीक्षा
  • कोनो नहि
नवेन्दु कुमार झाक रिपोर्ताज माध्यमिक परीक्षा परिणाम २००९ — सोझाँ आयल ग्रामीण प्रतिभापर अछि।

225. विदेहक ४०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अगस्त २००९
  • १ जून २००९
  • १५ अक्टूबर २००८
  • १ जनवरी २०१०
विदेहक ४०म अंक १५ अगस्त २००९ (वर्ष २ मास २०) केँ प्रकाशित भेल।
226. विदेहक ४०म अंकमे कामिनी कामायनीक कथाक नाम की?
  • लालकाकी
  • परलय
  • अन्हरजाली
  • समय संकेत
कामिनी कामायनीक कथाक नाम ‘लालकाकी’ थिक।
227. विदेहक ४०म अंकमे मिथिलेश कुमार झाक लघुकथाक नाम की?
  • समय संकेत
  • अन्हरजाली
  • लालकाकी
  • तिरंगा
मिथिलेश कुमार झाक लघुकथाक नाम ‘समय संकेत’ थिक।
228. विदेहक ४०म अंकमे अनमोल झाक लघुकथाक नाम की?
  • अन्हरजाली
  • समय संकेत
  • लालकाकी
  • तिरंगा
अनमोल झाक लघुकथाक नाम ‘अन्हरजाली’ थिक।
229. विदेहक ४०म अंकमे दयाकान्तक रचनाक शीर्षक की?
  • तिरंगा
  • समय संकेत
  • अन्हरजाली
  • लालकाकी
दयाकान्तक रचनाक शीर्षक ‘तिरंगा’ थिक, जे १५ अगस्त (स्वतन्त्रता दिवस) क अंकमे उपयुक्त विषय थिक।
230. विदेहक ४०म अंकमे कुमार मनोज कश्यपक कथाक नाम की?
  • कलाकार
  • परलय
  • लालकाकी
  • मुक्ति
कुमार मनोज कश्यपक कथाक नाम ‘कलाकार’ थिक।
231. विदेहक ४०म अंकमे मनोज झाक रचनाक शीर्षक की?
  • मुक्ति
  • कलाकार
  • तिरंगा
  • समय संकेत
मनोज झाक रचनाक शीर्षक ‘मुक्ति’ थिक।
232. विदेहक ४०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अगस्त २००९
  • १ जून २००९
  • १५ अक्टूबर २००८
  • १ जनवरी २०१०
विदेहक ४०म अंक १५ अगस्त २००९ (वर्ष २ मास २०) केँ प्रकाशित भेल।
233. विदेहक ४०म अंकमे कामिनी कामायनीक कथाक नाम की?
  • लालकाकी
  • परलय
  • अन्हरजाली
  • समय संकेत
कामिनी कामायनीक कथाक नाम ‘लालकाकी’ थिक।
234. विदेहक ४०म अंकमे मिथिलेश कुमार झाक लघुकथाक नाम की?
  • समय संकेत
  • अन्हरजाली
  • लालकाकी
  • तिरंगा
मिथिलेश कुमार झाक लघुकथाक नाम ‘समय संकेत’ थिक।
235. विदेहक ४०म अंकमे अनमोल झाक लघुकथाक नाम की?
  • अन्हरजाली
  • समय संकेत
  • लालकाकी
  • तिरंगा
अनमोल झाक लघुकथाक नाम ‘अन्हरजाली’ थिक।
236. विदेहक ४०म अंकमे दयाकान्तक रचनाक शीर्षक की?
  • तिरंगा
  • समय संकेत
  • अन्हरजाली
  • लालकाकी
दयाकान्तक रचनाक शीर्षक ‘तिरंगा’ थिक, जे १५ अगस्त (स्वतन्त्रता दिवस) क अंकमे उपयुक्त विषय थिक।
237. विदेहक ४०म अंकमे कुमार मनोज कश्यपक कथाक नाम की?
  • कलाकार
  • परलय
  • लालकाकी
  • मुक्ति
कुमार मनोज कश्यपक कथाक नाम ‘कलाकार’ थिक।
238. विदेहक ४०म अंकमे मनोज झाक रचनाक शीर्षक की?
  • मुक्ति
  • कलाकार
  • तिरंगा
  • समय संकेत
मनोज झाक रचनाक शीर्षक ‘मुक्ति’ थिक।

239. विदेहक २२५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ मई २०१७
  • १ अप्रैल २०१५
  • १ जून २०१९
  • १५ अप्रैल २०२१
विदेहक २२५म अंक १ मई २०१७ (वर्ष १० मास ११३) केँ प्रकाशित भेल।
240. विदेहक २२५म अंकमे प्रणव झाक रचना कोन विधाक थिक?
  • मैथिली लघु नाटिका
  • कथा
  • पद्य
  • निबन्ध
प्रणव झाक रचना ‘सदाचार क तावीज’ एकटा मैथिली लघु नाटिका थिक।
241. विदेहक २२५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कतेक लघुकथा छपल?
  • तीन गोट
  • एक
  • दस
  • दू
जगदीश प्रसाद मण्डलक तीन गोट लघुकथा विदेहक २२५म अंकमे छपल।
242. विदेहक २२५म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक रचनामे की सम्मिलित अछि?
  • २ टा निबन्ध आ एकटा यात्रा वृत्तान्त
  • केवल कविता
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
रबीन्द्र नारायण मिश्रक रचनामे २ टा निबन्ध आ एकटा यात्रा वृत्तान्त सम्मिलित अछि।
243. विदेहक २७५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जून २०१९
  • १ मई २०१७
  • १५ अप्रैल २०२१
  • १ अप्रैल २०१५
विदेहक २७५म अंक १ जून २०१९ (वर्ष १२ मास १३८) केँ प्रकाशित भेल।
244. विदेहक २७५म अंकमे ‘हाइकू विशेषांक’ कोन अंक-संख्यामे प्रकाशित भेल छल, जकर सूची एतय देल अछि?
  • १२म अंक (१५ जून २००८)
  • ५०म अंक
  • १००म अंक
  • २००म अंक
हाइकू विशेषांक विदेहक १२म अंक (१५ जून २००८) क रूपमे प्रकाशित भेल, जकर देवनागरी आ तिरहुता दुनू संस्करणक पीडीएफ उल्लिखित अछि।
245. विदेहक २७५म अंकमे ‘गजल विशेषांक’ कोन अंक-संख्यामे प्रकाशित भेल छल?
  • २१म अंक (१ नवम्बर २००८)
  • १२म अंक
  • ५०म अंक
  • १००म अंक
गजल विशेषांक विदेहक २१म अंक (१ नवम्बर २००८) क रूपमे प्रकाशित भेल।
246. विदेहक ३२०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अप्रैल २०२१
  • १ जून २०१९
  • १ मई २०१७
  • १ अप्रैल २०१५
विदेहक ३२०म अंक १५ अप्रैल २०२१ (वर्ष १४ मास १६०) केँ प्रकाशित भेल।
247. विदेहक ३२०म अंक केकर श्रद्धांजलि-विशेषांक छल?
  • रामलोचन ठाकुर
  • विद्यापति
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
विदेहक ३२०म अंक रामलोचन ठाकुर श्रद्धांजलि विशेषांक छल।
248. विदेहक ३२०म अंकमे रामलोचन ठाकुरपर आशीष अनचिन्हारक श्रद्धांजलि-लेखक शीर्षक की?
  • अनचिन्हार लेल रामलोचन ठाकुर
  • से छथि रामलोचन
  • रामलोचन हमर प्रेरणा
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक श्रद्धांजलि-लेखक शीर्षक ‘अनचिन्हार लेल रामलोचन ठाकुर’ थिक।
249. विदेहक ३२०म अंकमे गजेन्द्र ठाकुर कोन प्रतियोगी परीक्षा हेतु सामग्री देलनि?
  • संघ/बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल मैथिली
  • केवल साहित्यिक समीक्षा
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुर संघ लोक सेवा आयोग/बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ सामान्य ज्ञान हेतु सामग्री देलनि।

250. विदेहक १४५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जनवरी २०१४
  • १५ नवम्बर २०१५
  • १५ जनवरी २०२०
  • १५ सितम्बर २०२१
विदेहक १४५म अंक १ जनवरी २०१४ (वर्ष ७ मास ७३) केँ प्रकाशित भेल।
251. विदेहक १४५म अंकमे शिव कुमार झा “टिल्लू”क रचनाक नाम की?
  • क्षणप्रभा
  • अंबर
  • परस्पर
  • लजकोटर
शिव कुमार झा “टिल्लू”क रचनाक नाम ‘क्षणप्रभा’ थिक, जे श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ सम्बद्ध अछि।
252. ‘क्षणप्रभा’ रचना केकर स्मृतिमे समर्पित अछि?
  • स्व. नवलकान्त झा (अपन छोटका कक्का)
  • विद्यापति
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
‘क्षणप्रभा’ स्व. नवलकान्त झा (लेखकक छोटका कक्का) क चरण-रजमे समर्पित अछि।
253. विदेहक १९०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ नवम्बर २०१५
  • १ जनवरी २०१४
  • १५ जनवरी २०२०
  • १५ सितम्बर २०२१
विदेहक १९०म अंक १५ नवम्बर २०१५ (वर्ष ८ मास ९५) केँ प्रकाशित भेल।
254. विदेहक १९०म अंकमे डॉ. शशिधर कुमरक रचनाक नाम की?
  • गामक शकल सूरत (पोथी समीक्षा)
  • अंबर
  • रेहनपर रग्घू
  • कोनो नहि
डॉ. शशिधर कुमर “विदेह” क रचना ‘गामक शकल सूरत’ एकटा पोथी-समीक्षा थिक।
255. विदेहक १९०म अंकमे प्रणव झाक लघुकथाक नाम की?
  • अंबर
  • गामक शकल सूरत
  • रेहनपर रग्घू
  • कोनो नहि
प्रणव झाक लघुकथाक नाम ‘अंबर’ थिक।
256. काशीनाथ सिंहक ‘रेहनपर रग्घू’ क मैथिली अनुवाद पहिल बेर विदेहक कोन अंकमे प्रकाशित भेल?
  • १९०म अंक
  • २८म खण्ड
  • १३०म अंक
  • कोनो नहि
काशीनाथ सिंहक हिन्दी उपन्यास ‘रेहनपर रग्घू’ क मैथिली अनुवाद (श्री विनीत उत्पल द्वारा) पहिल बेर विदेहक १९०म अंकमे प्रकाशित भेल, जे बादमे विदेह-सदेह २८ मे संकलित भेल।
257. ‘रेहनपर रग्घू’ क मैथिली अनुवाद के केलनि?
  • विनीत उत्पल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • उमेश मण्डल
  • कोनो नहि
‘रेहनपर रग्घू’ क हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद श्री विनीत उत्पल केलनि।

258. विदेहक २९०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनवरी २०२०
  • १५ नवम्बर २०१५
  • १ जनवरी २०१४
  • १५ सितम्बर २०२१
विदेहक २९०म अंक १५ जनवरी २०२० (वर्ष १३ मास १४५) केँ प्रकाशित भेल।
259. विदेहक २९०म अंकमे प्रदीप पुष्पक रचनाक विधा की?
  • गजल (दू टा)
  • लघुकथा
  • नाटक
  • निबन्ध
प्रदीप पुष्पक दू टा गजल विदेहक २९०म अंकमे प्रकाशित भेल।
260. विदेहक २९०म अंकमे उमेश मण्डलक आलेख केकर गद्यांशपर अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • आशीष अनचिन्हार
  • कोनो नहि
उमेश मण्डलक आलेख जगदीश प्रसाद मण्डलक विचारोत्तेजक गद्यांश-२ पर अछि।
261. विदेहक २९०म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम की?
  • आबइज्जतनइबँचत
  • अंबर
  • क्षणप्रभा
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम ‘आबइज्जतनइबँचत’ (आब इज्जत नइ बँचत) थिक।
262. विदेहक ३३०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ सितम्बर २०२१
  • १५ जनवरी २०२०
  • १ जनवरी २०१४
  • १५ नवम्बर २०१५
विदेहक ३३०म अंक १५ सितम्बर २०२१ (वर्ष १४ मास १६५) केँ प्रकाशित भेल।
263. विदेहक ३३०म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक धारावाहिक उपन्यास ‘लजकोटर’ क कोन खेप छपल?
  • २८म खेप
  • पहिल खेप
  • अन्तिम खेप
  • १८म खेप
रबीन्द्र नारायण मिश्रक धारावाहिक उपन्यास ‘लजकोटर’ क २८म खेप विदेहक ३३०म अंकमे प्रकाशित भेल।
264. विदेहक ३३०म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आत्मकथाक कोन अध्यायक शीर्षक छल?
  • पाँच बरख सिवानमे
  • रामक अम्बरा
  • मचण्ड
  • कोनो नहि
जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आत्मकथा ‘आँखिमे चित्र हो मैथिली केर’ क १८म खेपक शीर्षक ‘पाँच बरख सिवानमे’ छल।
265. विदेहक ३३०म अंकमे योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क रचनाक नाम की?
  • पिरामिडक देश मे (पहिल खेप)
  • अंबर
  • लजकोटर
  • कोनो नहि
योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क रचना ‘पिरामिडक देश मे’ क पहिल खेप विदेहक ३३०म अंकमे प्रकाशित भेल — ई सम्भवतः मिस्रपर एक यात्रा-वृत्तान्त थिक।
266. विदेहक ३३०म अंकमे मुन्नाजीक रचनाक नाम की?
  • परस्पर
  • अंबर
  • क्षणप्रभा
  • कोनो नहि
मुन्नाजीक रचनाक नाम ‘परस्पर’ थिक।

267. विदेहक १०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मई २००८
  • १५ अक्टूबर २००८
  • १ जून २००९
  • कोनो नहि
विदेहक १०म अंक १५ मई २००८ (वर्ष १ मास ५) केँ प्रकाशित भेल।
268. नचिकेताक नाटक ‘नो एंट्री: मा प्रविश’ विदेहमे सर्वप्रथम कोन अंकसँ धारावाहिक रूपें आरम्भ भेल?
  • १०म अंक
  • १५म अंक
  • २५म अंक
  • कोनो नहि
‘नो एंट्री: मा प्रविश’ विदेहक १०म अंकसँ सर्वप्रथम धारावाहिक रूपें प्रकाशित होमय लागल आ १५म अंक धरि चलल।
269. १०म अंकमे मायानन्द मिश्रक शोध-लेखक विषय की?
  • इतिहास बोध
  • साहित्य अकादेमी
  • नाट्य-इतिहास
  • कोनो नहि
मायानन्द मिश्रक शोध-लेखक विषय ‘इतिहास बोध’ छल, जे धारावाहिक रूपें आगाँ बढ़ल।
270. १०म अंकमे पद्य-रचनाकारक सूचीमे कोन-कोन नाम अछि?
  • रामजी चौधरी, गंगेश गुंजन, ज्योति झा चौधरी, गजेन्द्र ठाकुर
  • केवल एक नाम
  • विदेशी कवि
  • कोनो नहि
१०म अंकमे विस्मृत कवि स्व. रामजी चौधरी, गंगेश गुंजन, ज्योति झा चौधरी आ गजेन्द्र ठाकुरक पद्य सम्मिलित छल।
271. विदेहक ३०म अंकमे सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम की?
  • कैनरी आइलैण्डक लॉरेल
  • परलय
  • अपन-अपन दुख
  • लालकाकी
सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम ‘कैनरी आइलैण्डक लॉरेल’ थिक।
272. ३०म अंकमे डॉ. कैलाश कुमार मिश्र केकर कथा-संग्रहक विवेचना लिखलनि?
  • सुभाषचन्द्र यादवक ‘बनैत-बिगड़ैत’
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
डॉ. कैलाश कुमार मिश्र सुभाषचन्द्र यादवक कथा-संग्रह ‘बनैत-बिगड़ैत’ क विवेचना लिखलनि।
273. ३०म अंकमे डॉ. गंगेश गुंजन केकर कविता-संग्रहपर लिखलनि?
  • विनीत उत्पलक कविता संग्रह
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • कोनो नहि
डॉ. गंगेश गुंजन विनीत उत्पलक कविता संग्रहपर ‘कविक आत्मोक्तिः कविताक अयना’ शीर्षक आलेख लिखलनि।
274. ३०म अंकमे होलीपर विशेष रचना के लिखलीह?
  • विद्या मिश्र
  • कामिनी कामायनी
  • कुसुम ठाकुर
  • कोनो नहि
होलीपर विशेष रचना विद्या मिश्र लिखलीह।
275. ३०म अंकमे ‘फानी-श्रीधरम’ कथाक लेखक के छथि?
  • श्रीधरम
  • कुमार मनोज कश्यप
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • कोनो नहि
‘फानी-श्रीधरम’ शीर्षक कथाक लेखक श्रीधरम छथि।
276. विदेहक १०म आ ३०म अंक दुनू कोन धारावाहिक उपन्यासक निरन्तरता देखबैत अछि?
  • सहस्रबाढ़नि
  • भाग रौ (नाटक, संपूर्ण रूपें ३०म अंकमे)
  • दुनू अंकमे अलग रचना
  • कोनो नहि
१०म अंकमे ‘सहस्रबाढ़नि’ धारावाहिक रूपें आगाँ बढ़ल, जखन कि ३०म अंकमे विभा रानीक सम्पूर्ण नाटक ‘भाग रौ’ एकहि बेर प्रकाशित भेल।

277. विदेहक ११म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जून २००८
  • १५ जून २००८
  • १ जुलाई २००८
  • कोनो नहि
विदेहक ११म अंक १ जून २००८ (वर्ष १ मास ६) केँ प्रकाशित भेल।
278. विदेहक ११म अंकमे रामाश्रय झा ‘रामरंग’केँ कोन उपाधिसँ सम्बोधित कएल गेल?
  • २०म शताब्दीक सर्वश्रेष्ठ मिथिला रत्न / अभिनव भातखण्डे
  • केवल गायक
  • विदेशी कलाकार
  • कोनो नहि
११म अंकक महत्त्वपूर्ण सूचनामे रामाश्रय झा ‘रामरंग’केँ २०म शताब्दीक सर्वश्रेष्ठ मिथिला रत्न आ ‘अभिनव भातखण्डे’ कहल गेल अछि।
279. विदेहक १२म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २००८
  • १ जून २००८
  • १ जुलाई २००८
  • कोनो नहि
विदेहक १२म अंक १५ जून २००८ (वर्ष १ मास ६) केँ प्रकाशित भेल।
280. १२म अंकमे गंगेश गुंजनक कथाक नाम की?
  • गोबरक मूल्य
  • पहरराति
  • परलय
  • लालकाकी
१२म अंकमे गंगेश गुंजनक कथाक नाम ‘गोबरक मूल्य’ थिक।
281. १२म अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक कथाक नाम की?
  • पहरराति
  • गोबरक मूल्य
  • परलय
  • कोनो नहि
१२म अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक कथाक नाम ‘पहरराति’ थिक।
282. विदेहक १३म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जुलाई २००८
  • १५ जून २००८
  • १ जून २००८
  • कोनो नहि
विदेहक १३म अंक १ जुलाई २००८ (वर्ष १ मास ७) केँ प्रकाशित भेल।
283. १३म अंकक संपादकीय संदेशमे कोन रिपोर्ताज पढ़बाक आग्रह कएल गेल?
  • साहित्य अकादमी सभागारमे २७ जून २००८ क कवि सम्मेलनपर
  • केवल नाटक
  • विदेशी आयोजन
  • कोनो नहि
१३म अंकक संपादकीय संदेशमे साहित्य अकादमी सभागारमे २७ जून २००८ केँ भेल कवि सम्मेलनपर रिपोर्ताज पढ़बाक आग्रह कएल गेल।
284. ११म, १२म आ १३म अंक तीनू मे कोन धारावाहिक नाटक निरन्तर चलैत रहल?
  • नचिकेताक ‘नो एंट्री: मा प्रविश’
  • भाग रौ
  • संकर्षण
  • कोनो नहि
११म, १२म आ १३म — तीनू अंकमे नचिकेताक नाटक ‘नो एंट्री: मा प्रविश’ धारावाहिक रूपें निरन्तर चलैत रहल।
285. ११म-१३म अंक तीनू मे कोन शोध-लेख निरन्तर आगाँ बढ़ैत रहल?
  • मायानन्द मिश्रक इतिहास बोध
  • विद्यापति अध्ययन
  • ज्योतिरीश्वर अध्ययन
  • कोनो नहि
मायानन्द मिश्रक शोध-लेख ‘इतिहास बोध’ ११म-१३म अंक तीनू मे धारावाहिक रूपें आगाँ बढ़ैत रहल।
286. विदेहक आरम्भिक अंक (१०-१३) मे पद्य-स्तम्भमे कोन-कोन कविक रचना नियमित रहल?
  • रामजी चौधरी, गंगेश गुंजन, ज्योति झा चौधरी, गजेन्द्र ठाकुर
  • केवल एक कवि
  • विदेशी कवि
  • कोनो नहि
विदेहक आरम्भिक अंकमे विस्मृत कवि रामजी चौधरी, गंगेश गुंजन, ज्योति झा चौधरी आ गजेन्द्र ठाकुरक पद्य नियमित रूपें छपैत रहल।

287. विदेहक १४म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जुलाई २००८
  • १ जुलाई २००८
  • १५ सितम्बर २००८
  • कोनो नहि
विदेहक १४म अंक १५ जुलाई २००८ (वर्ष १ मास ७) केँ प्रकाशित भेल।
288. १४म अंकमे नचिकेताक नाटक ‘नो एण्ट्री: मा प्रविश’क मुद्रित प्रकाशनक लेल कोन प्रकाशकक नाम आएल?
  • श्रुति पब्लिकेशन
  • ऑक्सफोर्ड
  • पेंगुइन
  • कोनो नहि
१४म अंकक महत्त्वपूर्ण सूचनामे नचिकेताक नाटकक मुद्रित (प्रिंट) प्रकाशनक लेल श्रुति पब्लिकेशनक नाम आएल।
289. ‘नो एण्ट्री: मा प्रविश’ कतेक अंकीय (एक्ट) नाटक थिक?
  • चारि-अंकीय
  • एक-अंकीय
  • दस-अंकीय
  • कोनो नहि
‘नो एण्ट्री: मा प्रविश’ चारि-अंकीय (४ अंकीय) मैथिली नाटक थिक।
290. विदेहक १८म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ सितम्बर २००८
  • १ अक्टूबर २००८
  • १५ जुलाई २००८
  • कोनो नहि
विदेहक १८म अंक १५ सितम्बर २००८ (वर्ष १ मास ९) केँ प्रकाशित भेल।
291. १८म अंकक संपादकीय कोन विशेष विषयपर केन्द्रित छल?
  • बाढ़ि
  • होली
  • दीपावली
  • कोनो नहि
१८म अंकक संपादकीय बाढ़िपर विशेष केन्द्रित छल।
292. १८म अंकमे कतार (खाड़ी देश) सँ कोन रिपोर्ताज आएल?
  • श्याम सुन्दर शशि द्वारा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
१८म अंकमे कतारसँ श्याम सुन्दर शशिक मैथिली रिपोर्ताज आएल।
293. विदेहक १९म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ अक्टूबर २००८
  • १५ सितम्बर २००८
  • १५ जुलाई २००८
  • कोनो नहि
विदेहक १९म अंक १ अक्टूबर २००८ (वर्ष १ मास १०) केँ प्रकाशित भेल।
294. १९म अंकमे लंदनसँ कोन रिपोर्ताज आएल?
  • सुभाष साह द्वारा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • श्याम सुन्दर शशि
  • कोनो नहि
१९म अंकमे लंदनसँ सुभाष साहक मैथिली रिपोर्ताज आएल, जे प्रवासी मैथिल समुदायक उपस्थिति देखबैत अछि।
295. १९म अंकमे कैलाश कुमार मिश्रक यायावरी (यात्रा-वृत्तान्त) कोन क्षेत्रपर केन्द्रित छल?
  • लोअर दिवांग घाटी (इदु-मिसमी जनजाति)
  • कम्बोडिया
  • लंदन
  • कोनो नहि
१९म अंकमे कैलाश कुमार मिश्रक यायावरी ‘लोअर दिवांग घाटी: इदु-मिसमी जनजातिक अनुपम संसार’ शीर्षकसँ छल, जे पूर्वोत्तर भारतक एक जनजातीय क्षेत्रपर केन्द्रित छल।
296. १९म अंकमे सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम की?
  • बनैत बिगड़ैत
  • भावना
  • परलय
  • कोनो नहि
१९म अंकमे सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम ‘बनैत बिगड़ैत’ थिक।
297. १८म आ १९म अंक दुनूमे कोन धारावाहिक आलेख निरन्तर चलैत रहल?
  • जीवन झाक नाटकक सामाजिक विवर्तन (प्रेमशंकर सिंह)
  • सहस्रबाढ़नि
  • भाग रौ
  • कोनो नहि
डॉ. प्रेमशंकर सिंहक धारावाहिक आलेख ‘जीवन झाक नाटकक सामाजिक विवर्तन’ १८म आ १९म अंक दुनूमे निरन्तर चलैत रहल।

298. विदेहक २१म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ नवम्बर २००८
  • १५ नवम्बर २००८
  • १५ सितम्बर २००८
  • कोनो नहि
विदेहक २१म अंक १ नवम्बर २००८ (वर्ष १ मास ११) केँ प्रकाशित भेल।
299. २१म अंकमे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क कथाक नाम की?
  • हुगलीपर बहैत गंगा
  • असुरक्षित
  • बनैत बिगड़ैत
  • कोनो नहि
रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क कथाक नाम ‘हुगलीपर बहैत गंगा’ थिक।
300. २१म अंकमे धीरेन्द्र प्रेमर्षिक आलेखक विषय की?
  • मैथिलीमे गजल आ एकर संरचना
  • नाट्य-समीक्षा
  • पद्य-समीक्षा
  • कोनो नहि
धीरेन्द्र प्रेमर्षिक आलेख ‘मैथिलीमे गजल आ एकर संरचना’ शीर्षकसँ छल।
301. २१म अंकमे महेन्द्र मलंगियाक आलेख केकरापर अछि?
  • प्रकाश चन्द्र झा (मैथिली रंगकर्ममे थ्री-इन-वन)
  • नचिकेता
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
महेन्द्र मलंगियाक आलेख ‘प्रकाश चन्द्र झा: मैथिली रंगकर्ममे थ्री-इन-वन’ शीर्षकसँ छल।
302. २१म अंकमे कृपानन्द झाक आलेखक विषय की?
  • चौकपर आणविक समझौता
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
कृपानन्द झाक आलेख ‘चौकपर आणविक समझौता’ शीर्षकसँ छल, जे राजनीतिक-कूटनीतिक विषयपर केन्द्रित छल।
303. विदेहक २२म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ नवम्बर २००८
  • १ नवम्बर २००८
  • १ दिसम्बर २००८
  • कोनो नहि
विदेहक २२म अंक १५ नवम्बर २००८ (वर्ष १ मास ११) केँ प्रकाशित भेल।
304. २२म अंकमे बी.पी. कोइरालाक रचनाक मैथिली रूपान्तरण के केलनि?
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • केदारनाथ चौधरी
  • कोनो नहि
बी.पी. कोइराला कृत ‘मोदिआइन’ क मैथिली रूपान्तरण बृषेश चन्द्र लाल केलनि।
305. २२म अंकमे केदारनाथ चौधरीक उपन्यासक नाम की?
  • चमेली रानी
  • चमेली बहार
  • कोनो नहि
  • गल्प-गुच्छ
केदारनाथ चौधरीक उपन्यासक नाम ‘चमेली रानी’ थिक।
306. २२म अंकमे डा. रमानन्द झा ‘रमण’क आलेखक विषय की?
  • सगर राति दीप जरय आ मैथिली कथा लेखनक शान्त क्रान्ति
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
डा. रमानन्द झा ‘रमण’क आलेखक शीर्षक ‘सगर राति दीप जरय: मैथिली कथा लेखनक क्षेत्रमे शान्त क्रान्ति’ छल।
307. २२म अंकमे प्रोफेसर रत्नेश्वर मिश्रक आलेख केकरापर अछि?
  • मिथिला विभूति पं. मोदानन्द झा
  • विद्यापति
  • गोनू झा
  • कोनो नहि
प्रोफेसर रत्नेश्वर मिश्रक आलेख ‘मिथिला विभूति पं. मोदानन्द झा’ शीर्षकसँ छल।
308. २२म अंकमे शीतल झाक आलेखक विषय की?
  • संविधानसभा, संघीय संरचना आ मिथिला राज्यक औचित्य
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
शीतल झाक आलेख ‘संविधानसभा, संघीय संरचना आ मिथिला राज्यक औचित्य’ शीर्षकसँ छल — नेपालक राजनीतिक सन्दर्भमे।
309. २२म अंकमे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क रिपोर्ताज कोन विषयपर छल?
  • अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन आ नेपाल
  • केवल कथा
  • केवल पद्य
  • कोनो नहि
रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क रिपोर्ताज ‘अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन आ नेपाल’ विषयपर छल।

310. विदेहक १६म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अगस्त २००८
  • १ सितम्बर २००८
  • १५ सितम्बर २००८
  • कोनो नहि
विदेहक १६म अंक १५ अगस्त २००८ (वर्ष १ मास ८) केँ प्रकाशित भेल।
311. १६म अंक अनुसार रामाश्रय झा ‘रामरंग’क जन्म-साल की?
  • १९२८
  • १९१८
  • १९३८
  • कोनो नहि
१६म अंकक शीर्ष-पाँतीमे रामाश्रय झा ‘रामरंग’ (१९२८-) क उल्लेख अछि, जे ‘अभिनव भातखण्डे’ क उपाधिसँ प्रसिद्ध छथि।
312. १६म अंकमे विज्ञानपर आलेख के लिखलनि?
  • ज्योतिप्रकाश लाल
  • सुशांत झा
  • जितमोहन झा
  • कोनो नहि
१६म अंकमे विज्ञानपर आलेख ज्योतिप्रकाश लाल लिखलनि।
313. १६म अंकमे पुरातत्त्वपर आलेख के लिखलनि?
  • सुशांत झा
  • ज्योतिप्रकाश लाल
  • जितमोहन झा
  • कोनो नहि
१६म अंकमे पुरातत्त्वपर आलेख सुशांत झा लिखलनि।
314. १६म अंकमे ‘हरिमोहन झा समग्र’ क शोध-लेख कोन शैलीमे प्रकाशित भेल?
  • धारावाहिक/आगाँ बढ़निहार
  • एकहि बेर सम्पूर्ण
  • केवल भूमिका
  • कोनो नहि
‘हरिमोहन झा समग्र’ शोध-लेख धारावाहिक रूपें आगाँ बढ़ैत रहल, जे एक दीर्घकालिक शोध-परियोजना देखबैत अछि।
315. १६म अंकमे वृद्ध समस्यापर सामाजिक लेख के लिखलनि?
  • जितमोहन झा
  • ज्योतिप्रकाश लाल
  • सुशांत झा
  • कोनो नहि
वृद्ध समस्यापर सामाजिक लेख जितमोहन झा लिखलनि।
316. विदेहक १७म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ सितम्बर २००८
  • १५ अगस्त २००८
  • १५ सितम्बर २००८
  • कोनो नहि
विदेहक १७म अंक १ सितम्बर २००८ (वर्ष १ मास ९) केँ प्रकाशित भेल।
317. १७म अंक कोन विशेष विषयपर केन्द्रित छल?
  • कोसी बाढ़ि
  • होली
  • छठि
  • कोनो नहि
१७म अंक कोसी बाढ़िपर विशेष केन्द्रित छल, जाहिमे जितेन्द्र झाक रिपोर्ताज सेहो बाढ़िपर विशेष छल।
318. ‘कोसी गद्य (बाढ़िपर विशेष)’ खण्डमे कतेक रचनाकारक रचना सम्मिलित छल?
  • पाँच
  • तीन
  • दस
  • एक
कोसी गद्य (बाढ़िपर विशेष) खण्डमे डॉ. गंगेश गुञ्जन, सुशांत झा, बी.के. कर्ण, शक्ति शेखर आ ओमप्रकाश झा — पाँच रचनाकारक रचना सम्मिलित छल।
319. १७म अंकमे लंदनसँ रिपोर्ट के देलनि?
  • ज्योति
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
१७म अंकमे लंदनसँ रिपोर्ट ज्योति देलीह।
320. १७म अंकमे जितमोहन झाक स्तम्भक नाम की?
  • महिला-स्तंभ
  • वृद्ध-स्तंभ
  • बाल-स्तंभ
  • कोनो नहि
१७म अंकमे जितमोहन झाक स्तम्भक नाम ‘महिला-स्तंभ’ थिक।
321. १६म आ १७म अंक दुनूमे कोन धारावाहिक उपन्यास निरन्तर चलैत रहल?
  • सहस्रबाढ़नि
  • भाग रौ
  • मचण्ड
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक धारावाहिक उपन्यास ‘सहस्रबाढ़नि’ १६म आ १७म अंक दुनूमे निरन्तर आगाँ बढ़ल।

322. विदेहक २३म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ दिसम्बर २००८
  • १५ दिसम्बर २००८
  • १ नवम्बर २००८
  • कोनो नहि
विदेहक २३म अंक १ दिसम्बर २००८ (वर्ष १ मास १२) केँ प्रकाशित भेल।
323. २३म अंकमे ‘मिथिलांचलक सूर्य पूजन स्थल’ शीर्षक रचनाक लेखक केकर उपनामसँ प्रकाशित भेल?
  • मौन
  • नचिकेता
  • भ्रमर
  • कोनो नहि
‘मिथिलांचलक सूर्य पूजन स्थल’ रचना ‘मौन’ उपनामसँ प्रकाशित भेल।
324. २३म अंकमे बी.पी. कोइरालाक ‘मोदिआइन’ क मैथिली रूपान्तरण कतेकम बेर छपल अछि (निरन्तरताक प्रमाण)?
  • २२म आ २३म दुनू अंकमे (धारावाहिक)
  • केवल एक बेर
  • तीन बेर
  • कोनो नहि
बी.पी. कोइरालाक ‘मोदिआइन’ क मैथिली रूपान्तरण २२म आ २३म दुनू अंकमे प्रकाशित भेल, जे एकर धारावाहिक प्रकाशन देखबैत अछि।
325. २३म अंकमे केदारनाथ चौधरीक उपन्यास ‘चमेली रानी’ की देखबैत अछि?
  • धारावाहिक निरन्तरता (बहु-अंकीय)
  • एकहि अंकमे समाप्त
  • केवल भूमिका
  • कोनो नहि
‘चमेली रानी’ उपन्यास कएक अंक धरि (२२म, २३म आदि) धारावाहिक रूपें निरन्तर चलल।
326. विदेहक २४म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ दिसम्बर २००८
  • १ दिसम्बर २००८
  • १ जनवरी २००९
  • कोनो नहि
विदेहक २४म अंक १५ दिसम्बर २००८ (वर्ष १ मास १२) केँ प्रकाशित भेल।
327. २४म अंकमे कथा-लेखकमे ‘भ्रमर’ कोन प्रसिद्ध साहित्यकारक उपनाम थिक?
  • रामभरोस कापड़ि
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • परमेश्वर कापड़ि
  • कोनो नहि
‘भ्रमर’ रामभरोस कापड़ि क उपनाम थिक, जे २४म अंकक कथा-लेखक सूचीमे अछि।
328. २४म अंकमे मनोज मुक्तिक रिपोर्ताज कोन विषयपर अछि?
  • सिक्किमीकरण आ तराई/मधेशक आन्दोलन
  • केवल कविता
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
मनोज मुक्तिक रिपोर्ताज ‘अवैध नागरिकता: सिक्किमीकरणक प्रयास’ आ ‘तराई/मधेशक आन्दोलन’ सन राजनीतिक-सामाजिक विषयपर अछि।
329. २४म अंकमे मनोज मुक्ति केकर अन्तर्वार्ता लेलनि?
  • डा. राम दयाल राकेश
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
मनोज मुक्ति डा. राम दयाल राकेशक अन्तर्वार्ता लेलनि।
330. २४म अंकमे महेन्द्र कुमार मिश्रक आलेखक विषय की?
  • कोनो विशेष सामाजिक-सांस्कृतिक विषय
  • केवल कथा
  • केवल पद्य
  • कोनो नहि
महेन्द्र कुमार मिश्रक आलेख २४म अंकक गद्य-खण्डमे सम्मिलित छल।
331. २४म अंकमे ‘जितिया/मकर संक्रान्ति’ शीर्षक रचना के लिखलनि?
  • मनोज मुक्ति
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • भ्रमर
  • कोनो नहि
‘जितिया/मकर संक्रान्ति’ शीर्षक रचना मनोज मुक्ति लिखलनि, जे पाबनि-परम्परापर केन्द्रित छल।

332. विदेहक २६म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनवरी २००९
  • १ फरबरी २००९
  • १५ फरबरी २००९
  • कोनो नहि
विदेहक २६म अंक १५ जनवरी २००९ (वर्ष २ मास १३) केँ प्रकाशित भेल।
333. २६म अंकमे राजमोहन झाकेँ कोन सम्मान देबाक घोषणा छल?
  • प्रबोध सम्मान २००९
  • साहित्य अकादेमी सम्मान
  • विदेह सम्मान
  • कोनो नहि
२६म अंकमे राजमोहन झाकेँ प्रबोध सम्मान २००९ देबाक घोषणा छल।
334. राजमोहन झाक साक्षात्कार के लेलनि?
  • विनीत उत्पल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • गंगेश गुंजन
  • कोनो नहि
वरिष्ठ पत्रकार विनीत उत्पल राजमोहन झाक आइ-धरिक सभसँ पैघ साक्षात्कार लेलनि।
335. २६म अंकमे विदेहक कोश-परियोजनाक विषयमे की सूचना छल?
  • इंटरनेटपर पहिल बेर मैथिली-अंग्रेजी सर्च-डिक्शनरी
  • केवल छपल किताब
  • कोनो नहि
  • विदेशी डिक्शनरी
२६म अंकमे सूचना छल जे विदेहक मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोष इंटरनेटपर पहिल बेर सर्च-डिक्शनरीक रूपमे एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित उपलब्ध भेल।
336. विदेहक २७म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ फरबरी २००९
  • १५ जनवरी २००९
  • १५ फरबरी २००९
  • कोनो नहि
विदेहक २७म अंक १ फरबरी २००९ (वर्ष २ मास १४) केँ प्रकाशित भेल।
337. रामाश्रय झा ‘रामरंग’क निधन कहिया भेल?
  • १ जनवरी २००९
  • १५ जनवरी २००९
  • १ फरबरी २००९
  • कोनो नहि
२७म अंक अनुसार रामाश्रय झा ‘रामरंग’क निधन १ जनवरी २००९ केँ भेल।
338. रामाश्रय झा ‘रामरंग’क मृत्युपूर्व साक्षात्कार के लेने छलाह?
  • डॉ. गंगेश गुंजन
  • विनीत उत्पल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
डॉ. गंगेश गुंजन रामाश्रय झा ‘रामरंग’क मृत्युपूर्व साक्षात्कार लेने छलाह, जे २७म अंकमे प्रकाशित भेल।
339. २६म-२९म अंकमे कोन-कोन धारावाहिक रचना निरन्तर चलैत रहल?
  • बी.पी. कोइरालाक मोदिआइन अनुवाद आ चमेली रानी उपन्यास
  • केवल एक रचना
  • कोनो धारावाहिक नहि
  • कोनो नहि
बी.पी. कोइरालाक ‘मोदिआइन’ क मैथिली अनुवाद आ केदारनाथ चौधरीक उपन्यास ‘चमेली रानी’ — दुनू धारावाहिक रूपें निरन्तर चलैत रहल।

340. विदेहक २८म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ फरबरी २००९
  • १ फरबरी २००९
  • १ मार्च २००९
  • कोनो नहि
विदेहक २८म अंक १५ फरबरी २००९ (वर्ष २ मास १४) केँ प्रकाशित भेल।
341. २८म अंकमे विभा रानीक सम्पूर्ण नाटक ‘भाग रौ’ कोन स्थितिमे छल?
  • आगाँ (धारावाहिक रूपें)
  • अन्तिम खेप
  • प्रथम बेर एकहि अंकमे सम्पूर्ण
  • कोनो नहि
२८म अंकमे विभा रानीक ‘भाग रौ’ ‘आगाँ’ चिह्नक संग धारावाहिक रूपें प्रकाशित भेल।
342. २८म अंकमे ‘की नाम राखी एहि कथाक’ शीर्षक रचना के लिखलनि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • कुमार मनोज कश्यप
  • कोनो नहि
‘की नाम राखी एहि कथाक’ शीर्षक रचना गजेन्द्र ठाकुर लिखलनि।
343. विदेहक २९म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ मार्च २००९
  • १५ फरबरी २००९
  • १५ मार्च २००९
  • कोनो नहि
विदेहक २९म अंक १ मार्च २००९ (वर्ष २ मास १५) केँ प्रकाशित भेल।
344. २९म अंकमे सुशांत झाक रचनाक नाम की?
  • मिथिला मंथन
  • दाना
  • दृष्टि
  • कोनो नहि
सुशांत झाक रचनाक नाम ‘मिथिला मंथन’ थिक।
345. २९म अंकमे जयकान्त मिश्रपर विशेष श्रद्धांजलि के-के लिखलनि?
  • डॉ. गंगेश गुंजन आ विद्या मिश्र
  • केवल गजेन्द्र ठाकुर
  • केवल विभा रानी
  • कोनो नहि
जयकान्त मिश्रपर विशेष श्रद्धांजलि डॉ. गंगेश गुंजन आ विद्या मिश्र — दुनू लिखलनि।
346. २९म अंकमे ‘आ ओ मारलि गेलि!’ शीर्षक रचना के लिखलनि?
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • सुशांत झा
  • कोनो नहि
‘आ ओ मारलि गेलि!’ शीर्षक रचना बृषेश चन्द्र लाल लिखलनि।

347. विदेहक ३२म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अप्रैल २००९
  • १ मई २००९
  • १५ मई २००९
  • कोनो नहि
विदेहक ३२म अंक १५ अप्रैल २००९ (वर्ष २ मास १६) केँ प्रकाशित भेल।
348. ३२म अंकमे विभा रानीक कोन नव नाटक आरम्भ भेल?
  • बलचन्दा
  • भाग रौ
  • मचण्ड
  • कोनो नहि
३२म अंकमे विभा रानीक नाटक ‘बलचन्दा’ क दोसर खेप छपल, जे ‘भाग रौ’ सँ भिन्न एक अलग नाटक थिक।
349. ३२म अंकमे कुसुम ठाकुरक धारावाहिक रचना ‘प्रत्यावर्तन’ क कोन खेप छपल?
  • दोसर खेप
  • प्रथम खेप
  • अन्तिम खेप
  • कोनो नहि
३२म अंकमे ‘प्रत्यावर्तन’ क दोसर खेप छपल।
350. ३२म अंकमे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क आलेखक विषय की?
  • गंगाप्रसादक स्वायतता
  • साहित्य-समावेश
  • नाटक
  • कोनो नहि
रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क आलेखक विषय ‘गंगाप्रसादक स्वायतता’ छल।
351. विदेहक ३३म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ मई २००९
  • १५ अप्रैल २००९
  • १५ मई २००९
  • कोनो नहि
विदेहक ३३म अंक १ मई २००९ (वर्ष २ मास १७) केँ प्रकाशित भेल।
352. ३३म अंकमे ‘बलचन्दा’ नाटकक कोन खेप छपल?
  • अन्तिम खेप
  • प्रथम खेप
  • दोसर खेप
  • कोनो नहि
३३म अंकमे विभा रानीक ‘बलचन्दा’ नाटकक अन्तिम खेप छपल।
353. ३३म अंकमे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क आलेखक विषय की?
  • संचार एवं साहित्य क्षेत्रमे समावेशी स्वरूपक अपेक्षा
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क आलेखक विषय ‘संचार एवं साहित्य क्षेत्रमे समावेशी स्वरूपक अपेक्षा’ छल।
354. विदेहक ३४म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मई २००९
  • १ मई २००९
  • १ जून २००९
  • कोनो नहि
विदेहक ३४म अंक १५ मई २००९ (वर्ष २ मास १७) केँ प्रकाशित भेल।
355. ३४म अंकमे प्रेमशंकर सिंह हरिमोहन झाकेँ कोन उपाधिसँ सम्बोधित केलनि?
  • हास्यव्यंग्य सम्राट
  • कविशेखर
  • अभिनव भातखण्डे
  • कोनो नहि
प्रेमशंकर सिंह प्रोफेसर हरिमोहन झाकेँ ‘हास्यव्यंग्य सम्राट’ क उपाधिसँ सम्बोधित केलनि।
356. ३४म अंकमे कामिनी कामायनीक कथाक नाम की?
  • चुट्टा लेमे की चुट्टी
  • नदी
  • दाना
  • कोनो नहि
कामिनी कामायनीक कथाक नाम ‘चुट्टा लेमे की चुट्टी’ थिक।

357. विदेहक ३६म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २००९
  • १ जुलाइ २००९
  • १५ जुलाइ २००९
  • कोनो नहि
विदेहक ३६म अंक १५ जून २००९ (वर्ष २ मास १८) केँ प्रकाशित भेल।
358. ३६म अंकमे प्रेमशंकर सिंहक आलेखक विषय की?
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच (दोसर भाग)
  • लोक गाथा ओ मणिपद्म
  • बालकथा
  • कोनो नहि
प्रेमशंकर सिंहक आलेख ‘चेतना समिति ओ नाट्यमंच’ क दोसर भाग ३६म अंकमे प्रकाशित भेल।
359. ३६म अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ पर के समीक्षा लिखलनि?
  • डॉ. उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’
  • प्रेमशंकर सिंह
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • कोनो नहि
डॉ. उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’ गजेन्द्र ठाकुरक बहु-खण्डीय कृति ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ पर समीक्षात्मक आलेख लिखलनि।
360. विदेहक ३७म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जुलाइ २००९
  • १५ जून २००९
  • १५ जुलाइ २००९
  • कोनो नहि
विदेहक ३७म अंक १ जुलाइ २००९ (वर्ष २ मास १९) केँ प्रकाशित भेल।
361. ३७म अंकमे प्रेमशंकर सिंहक आलेखक विषय की?
  • लोक गाथा ओ मणिपद्म
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच
  • नाट्य-इतिहास
  • कोनो नहि
प्रेमशंकर सिंहक आलेख ‘लोक गाथा ओ मणिपद्म’ शीर्षकसँ ३७म अंकमे प्रकाशित भेल।
362. ३७म अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक कोन विधाक रचना छपल?
  • बालकथा
  • नाटक
  • समालोचना
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक बालकथा ३७म अंकमे प्रकाशित भेल।
363. ३६म आ ३७म अंक दुनूमे कुसुम ठाकुरक धारावाहिक रचना ‘प्रत्यावर्तन’ क कोन-कोन खेप छपल?
  • छठम (३६म अंक) आ सातम (३७म अंक)
  • प्रथम आ दोसर
  • अन्तिम आ पहिल
  • कोनो नहि
‘प्रत्यावर्तन’ क छठम खेप ३६म अंकमे आ सातम खेप ३७म अंकमे प्रकाशित भेल, जे एकर निरन्तर धारावाहिक प्रकाशन देखबैत अछि।

364. विदेहक ३८म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जुलाइ २००९
  • १ जुलाइ २००९
  • १ अगस्त २००९
  • कोनो नहि
विदेहक ३८म अंक १५ जुलाइ २००९ (वर्ष २ मास १९) केँ प्रकाशित भेल।
365. ३८म अंकमे सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम की?
  • हमर गाम
  • भरोस
  • रंभा
  • कोनो नहि
सुभाषचन्द्र यादवक कथाक नाम ‘हमर गाम’ थिक।
366. ३८म अंकमे अनमोल झाक कथाक नाम की?
  • प्राथमिकता
  • सुरक्षित
  • एडभांस युग मे
  • कोनो नहि
अनमोल झाक कथाक नाम ‘प्राथमिकता’ थिक।
367. ३८म अंकमे सुशान्त झाक रिपोर्ताज कोन विषयपर अछि?
  • कोनो विशेष सामाजिक-सांस्कृतिक विषय
  • केवल कथा
  • केवल पद्य
  • कोनो नहि
सुशान्त झाक रिपोर्ताज ३८म अंकक गद्य-खण्डमे सम्मिलित अछि।
368. विदेहक ३९म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ अगस्त २००९
  • १५ जुलाइ २००९
  • १५ अगस्त २००९
  • कोनो नहि
विदेहक ३९म अंक १ अगस्त २००९ (वर्ष २ मास २०) केँ प्रकाशित भेल।
369. ३९म अंकमे कामिनी कामायनीक कथाक नाम की?
  • भरोस
  • हमर गाम
  • रंभा
  • कोनो नहि
कामिनी कामायनीक कथाक नाम ‘भरोस’ थिक।
370. ३९म अंकमे मिथिलेश कुमार झाक लघुकथाक नाम की?
  • एडभांस युग मे
  • सुरक्षित
  • प्राथमिकता
  • कोनो नहि
मिथिलेश कुमार झाक लघुकथाक नाम ‘एडभांस युग मे’ थिक।
371. ३९म अंकमे अनमोल झाक लघुकथाक नाम की?
  • सुरक्षित
  • प्राथमिकता
  • भरोस
  • कोनो नहि
अनमोल झाक लघुकथाक नाम ‘सुरक्षित’ थिक।
372. ३९म अंकमे सुशांत झाक कथाक नाम की?
  • अहां कोना रहै छी भौजी....
  • हमर गाम
  • रंभा
  • कोनो नहि
सुशांत झाक कथाक नाम ‘अहां कोना रहै छी भौजी....’ थिक।

373. विदेहक १०३म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ अप्रैल २०१२
  • १५ अप्रैल २०१२
  • १ मई २०१२
  • कोनो नहि
विदेहक १०३म अंक १ अप्रैल २०१२ (वर्ष ५ मास ५२) केँ प्रकाशित भेल।
374. १०३म अंकमे किशोरीकान्त मिश्रक साक्षात्कार के लेलनि?
  • नबोनारायण मिश्र
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • आशीष अनचिन्हार
  • कोनो नहि
किशोरीकान्त मिश्रक साक्षात्कार नबोनारायण मिश्र द्वारा लेल गेल।
375. १०३म अंकमे ओमप्रकाश झाक रचनाक नाम की?
  • बहुरूपिया रचना मे, घोघ उठबैत गजल
  • भरोस
  • रंभा
  • कोनो नहि
ओमप्रकाश झाक रचनामे ‘बहुरूपिया रचना मे’ आ ‘घोघ उठबैत गजल’ सम्मिलित अछि।
376. १०३म अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक रचनाक नाम की?
  • शब्दशास्त्रम् / दिल्ली
  • भरोस
  • रंभा
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक रचनाक नाम ‘शब्दशास्त्रम् / दिल्ली’ थिक।
377. १०३म अंकमे ‘सगर राति दीप जरय’ कार्यक्रमक संग कोन संस्थाक जुड़ावक चर्चा भेल अछि?
  • साहित्य अकादेमी
  • केवल विदेह
  • केवल नेपाल सरकार
  • कोनो नहि
१०३म अंकमे आशीष अनचिन्हार आ प्रियंका झाक आलेखमे ‘सगर राति दीप जरय’ कार्यक्रमक संग साहित्य अकादेमीक जुड़ावपर चर्चा/बहस भेल अछि।
378. एहि विषयपर विदेहमे कोन प्रकारक रचना प्रकाशित भेल?
  • आलोचनात्मक आ बहस-परक आलेख
  • केवल प्रशंसा
  • केवल मौन
  • कोनो नहि
एहि विषयपर विदेहमे आलोचनात्मक आ बहस-परक आलेख प्रकाशित भेल, जे मैथिली साहित्यिक संस्थानक भूमिकापर खुला बहसक प्रमाण थिक।
379. १०३म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कथाक नाम की?
  • फागु
  • भरोस
  • रंभा
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक कथाक नाम ‘फागु’ थिक।
380. १०३म अंकमे अतुलेश्वरक रचनाक विषय की?
  • मातृभाषा दिवस
  • केवल कथा
  • केवल पद्य
  • कोनो नहि
अतुलेश्वरक रचना ‘मातृभाषा दिवस क बहन्ने’ शीर्षकसँ छल।
381. १०३म अंकमे विहनि कथाक लेखकमे के-के सम्मिलित छथि?
  • ओमप्रकाश झा, अमित मिश्र, चंदन कुमार झा, आशीष चौधरी
  • केवल एक लेखक
  • विदेशी लेखक
  • कोनो नहि
१०३म अंकक विहनि कथा-खण्डमे ओमप्रकाश झा, अमित मिश्र, चंदन कुमार झा आ आशीष चौधरीक रचना सम्मिलित अछि।

382. विदेहक १२५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ मार्च २०१३
  • १५ मार्च २०१३
  • १ अप्रैल २०१३
  • कोनो नहि
विदेहक १२५म अंक १ मार्च २०१३ (वर्ष ६ मास ६३) केँ प्रकाशित भेल।
383. १२५म अंकमे उमेश मण्डल केकर रचना-संसारक संक्षिप्त परिचय लिखलनि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • राजदेव मण्डल
  • कोनो नहि
उमेश मण्डल जगदीश प्रसाद मण्डलक रचना-संसारक संक्षिप्त परिचय लिखलनि।
384. १२५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक उपन्यासक नाम की?
  • बड़की बहिन
  • फागु
  • मौलाइल गाछक फूल
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक उपन्यास ‘बड़की बहिन’ धारावाहिक रूपें १२५म अंकमे आगाँ बढ़ल।
385. १२५म अंकमे राजदेव मण्डलक साक्षात्कार सम्मिलित छल की?
  • हाँ, सम्मिलित छल
  • नहि
  • अनिश्चित
  • कोनो नहि
१२५म अंकमे राजदेव मण्डलक साक्षात्कार सम्मिलित छल।
386. १२५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक एकांकीक नाम की?
  • रत्नाकर डकैत
  • बड़की बहिन
  • कोनो नहि
  • फागु
जगदीश प्रसाद मण्डलक एकांकी ‘रत्नाकर डकैत’ १२५म अंकमे प्रकाशित भेल।
387. १२५म अंकमे ओम प्रकाशक समीक्षाक विषय की?
  • गजल
  • नाटक
  • कथा
  • कोनो नहि
ओम प्रकाशक समीक्षा ‘गजलक लेल’ शीर्षकसँ गजल विधापर केन्द्रित छल।

388. विदेहक १३०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मई २०१३
  • १ मई २०१३
  • १ जून २०१३
  • कोनो नहि
विदेहक १३०म अंक १५ मई २०१३ (वर्ष ६ मास ६५) केँ प्रकाशित भेल।
389. १३०म अंकमे जगदानन्द झा ‘मनु’क रचनाक विधा की?
  • विहनि कथा
  • नाटक
  • समालोचना
  • कोनो नहि
जगदानन्द झा ‘मनु’क विहनि कथा १३०म अंकमे प्रकाशित भेल।
390. १३०म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क कतेक गजल छपल?
  • चारि (१-४)
  • एक
  • दस
  • कोनो नहि
जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क गजल १-४ (चारि गजल) १३०म अंकमे प्रकाशित भेल।
391. १३०म अंकमे ‘पाखलो’ कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद के केलनि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • उमेश मण्डल
  • कोनो नहि
‘पाखलो’ कोंकणी उपन्यास (मूल लेखक तुकाराम रामा शेट) क मैथिली अनुवाद डॉ. शंभु कुमार सिंह केलनि, जे ‘गद्य-पद्य भारती’ स्तम्भ अन्तर्गत प्रकाशित भेल।
392. विदेहक १३५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ अगस्त २०१३
  • १५ जुलाई २०१३
  • १५ अगस्त २०१३
  • कोनो नहि
विदेहक १३५म अंक १ अगस्त २०१३ (वर्ष ६ मास ६८) केँ प्रकाशित भेल।
393. १३५म अंकमे राम विलास साहुक रचनाक विशेषता की?
  • एगारहटा टनका
  • गजल
  • लघुकथा
  • कोनो नहि
राम विलास साहुक ‘एगारहटा टनका’ (ग्यारह टनका) १३५म अंकमे प्रकाशित भेल।
394. १३५म अंकमे राजदेव मण्डलक काव्य-कथाक नाम की?
  • डोलनी डाइन
  • रत्नाकर डकैत
  • बड़की बहिन
  • कोनो नहि
राजदेव मण्डलक काव्य-कथाक नाम ‘डोलनी डाइन’ थिक।
395. १३५म अंकमे मुन्नाजीक रचनाक विधा की?
  • बाल हाइकू
  • गजल
  • लघुकथा
  • कोनो नहि
मुन्नाजीक बाल हाइकू १३५म अंकमे प्रकाशित भेल।
396. १३५म अंकमे राम विलास साहुक कविताक नाम की?
  • के बँचेतौ तोहर जान
  • डोलनी डाइन
  • एगारहटा टनका
  • कोनो नहि
राम विलास साहुक कविताक नाम ‘के बँचेतौ तोहर जान’ थिक।

397. विदेहक ७९म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ अप्रैल २०११
  • १५ अप्रैल २०११
  • १ मई २०११
  • कोनो नहि
विदेहक ७९म अंक १ अप्रैल २०११ (वर्ष ४ मास ४०) केँ प्रकाशित भेल।
398. ७९म अंकमे सुजीत कुमार झाक रचनाक विषय की?
  • मैथिलीमे क्रिकेटक कमेन्ट्री
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
सुजीत कुमार झाक रचना ‘मैथिलीमे क्रिकेटक कमेन्ट्री’ शीर्षकसँ छल — मैथिलीमे खेल-वर्णनक एक नव प्रयोग।
399. ७९म अंकमे मुन्नाजी केकरासँ गपशप केलनि?
  • बेचन ठाकुर
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • कोनो नहि
७९म अंकमे ‘हम पुछैत छी’ स्तम्भ अन्तर्गत मुन्नाजी बेचन ठाकुरसँ गपशप केलनि।
400. ७९म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन नाटक धारावाहिक रूपें आगाँ बढ़ल?
  • कम्प्रोमाइज
  • बिसवासघात
  • कथा कुसुम
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक नाटक ‘कम्प्रोमाइज’ ७९म अंकमे आगाँ बढ़ल।

401. विदेहक १४०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अक्टूबर २०१३
  • १ नवम्बर २०१३
  • १ अक्टूबर २०१३
  • कोनो नहि
विदेहक १४०म अंक १५ अक्टूबर २०१३ (वर्ष ६ मास ७०) केँ प्रकाशित भेल।
402. १४०म अंकमे बेचन ठाकुरक रचनाक नाम की?
  • बिसवासघात
  • कम्प्रोमाइज
  • क्षणप्रभा
  • कोनो नहि
बेचन ठाकुरक रचना ‘बिसवासघात’ १४०म अंकमे प्रकाशित भेल।
403. विदेहक १४५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जनवरी २०१४
  • १५ जनवरी २०१४
  • १ फरबरी २०१४
  • कोनो नहि
विदेहक १४५म अंक १ जनवरी २०१४ (वर्ष ७ मास ७३) केँ प्रकाशित भेल।
404. १४५म अंकमे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क रचनाक नाम की?
  • क्षणप्रभा
  • बिसवासघात
  • अपन छोटका कक्का
  • कोनो नहि
शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क रचना ‘क्षणप्रभा’ १४५म अंकमे श्रुति प्रकाशन, दिल्लीक संदर्भसँ प्रकाशित भेल।
405. १४५म अंकमे ‘अपन छोटका कक्का’ शीर्षक रचना केकर लिखल अछि?
  • स्व. नवलकान्त झा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • बेचन ठाकुर
  • कोनो नहि
‘अपन छोटका कक्का’ शीर्षक रचना स्व. नवलकान्त झाक लिखल अछि।

406. विदेहक १५५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जून २०१४
  • १५ जून २०१४
  • १ जुलाई २०१४
  • कोनो नहि
विदेहक १५५म अंक १ जून २०१४ (वर्ष ७ मास ७८) केँ प्रकाशित भेल।
407. १५५म अंकमे जगदानन्द झा ‘मनु’क विहनि कथा-संग्रहक नाम की?
  • तोहर कतेक रंग
  • क्षणप्रभा
  • कथा कुसुम
  • कोनो नहि
जगदानन्द झा ‘मनु’क विहनि कथा-संग्रहक नाम ‘तोहर कतेक रंग’ थिक।
408. ‘तोहर कतेक रंग’ संग्रहक पहिल कथाक नाम की?
  • बेगरता
  • उपकार
  • कोनो नहि
  • अंबर
‘तोहर कतेक रंग’ संग्रहक पहिल कथाक नाम ‘बेगरता’ थिक।
409. विदेहक १६०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अगस्त २०१४
  • १ अगस्त २०१४
  • १ सितम्बर २०१४
  • कोनो नहि
विदेहक १६०म अंक १५ अगस्त २०१४ (वर्ष ७ मास ८०) केँ प्रकाशित भेल।
410. १६०म अंकमे गद्य-लेखकमे के-के सम्मिलित छथि?
  • राजदेव मण्डल, शारदानन्द सिंह, जे.पी. गुप्ता (मोनूजी), अक्षय कुमार झा, ललन कुमार कामत
  • केवल एक लेखक
  • विदेशी लेखक
  • कोनो नहि
१६०म अंकक गद्य-खण्डमे राजदेव मण्डल, शारदानन्द सिंह, जे.पी. गुप्ता (मोनूजी), अक्षय कुमार झा आ ललन कुमार कामतक रचना सम्मिलित अछि।

411. विदेहक १७०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनवरी २०१५
  • १ जनवरी २०१५
  • १ फरबरी २०१५
  • कोनो नहि
विदेहक १७०म अंक १५ जनवरी २०१५ (वर्ष ८ मास ८५) केँ प्रकाशित भेल।
412. १७०म अंकमे आशीष अनचिन्हारक व्यंग्य-निबन्धक विषय की?
  • लिटरेचर फेस्टीभल
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक व्यंग्य-निबन्ध ‘लिटरेचर फेस्टीभल’ शीर्षकसँ १७०म अंकमे प्रकाशित भेल।
413. १७०म अंकमे दुर्गानन्द मण्डलक लघुकथाक नाम की?
  • छुतहरि
  • बेगरता
  • क्षणप्रभा
  • कोनो नहि
दुर्गानन्द मण्डलक लघुकथाक नाम ‘छुतहरि’ थिक।
414. विदेहक १८०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २०१५
  • १ जून २०१५
  • १ जुलाई २०१५
  • कोनो नहि
विदेहक १८०म अंक १५ जून २०१५ (वर्ष ८ मास ९०) केँ प्रकाशित भेल।
415. १८०म अंकमे दुर्गानन्द मण्डलक विहनि/लघुकथा-संग्रहक नाम की?
  • कथा कुसुम
  • तोहर कतेक रंग
  • छुतहरि
  • कोनो नहि
दुर्गानन्द मण्डलक विहनि/लघुकथा-संग्रहक नाम ‘कथा कुसुम’ थिक।
416. दुर्गानन्द मण्डलक जन्म-तिथि की?
  • २ जनवरी १९६५
  • १ जनवरी १९७०
  • १५ अगस्त १९६०
  • कोनो नहि
दुर्गानन्द मण्डलक जन्म २ जनवरी १९६५ केँ भेल।
417. दुर्गानन्द मण्डलक गाम कतय अछि?
  • गोधनपुर, भाया झंझारपुर, मधुबनी
  • दरभंगा
  • समस्तीपुर
  • कोनो नहि
दुर्गानन्द मण्डलक स्थायी पता गाम गोधनपुर, भाया झंझारपुर, जिला मधुबनी (बिहार) अछि।

418. विदेहक १९०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ नवम्बर २०१५
  • १ नवम्बर २०१५
  • १ दिसम्बर २०१५
  • कोनो नहि
विदेहक १९०म अंक १५ नवम्बर २०१५ (वर्ष ८ मास ९५) केँ प्रकाशित भेल।
419. १९०म अंकमे ‘गामक शकल सूरत’ शीर्षक पोथी-समीक्षा के लिखलनि?
  • डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रणव झा
  • कोनो नहि
‘गामक शकल सूरत’ पोथी-समीक्षा डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’ लिखलनि।
420. १९०म अंकमे काशीनाथ सिंहक हिन्दी रचना ‘रेहनपर रग्घू’ क मैथिली अनुवाद के केलनि?
  • विनीत उत्पल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रणव झा
  • कोनो नहि
काशीनाथ सिंहक हिन्दी रचना ‘रेहनपर रग्घू’ क मैथिली अनुवाद विनीत उत्पल केलनि।
421. १९०म अंकमे प्रणव झाक लघुकथाक नाम की?
  • अंबर
  • छुतहरि
  • बेगरता
  • कोनो नहि
प्रणव झाक लघुकथाक नाम ‘अंबर’ थिक।

422. विदेहक २१०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ सितम्बर २०१६
  • १ सितम्बर २०१६
  • १ अक्टूबर २०१६
  • कोनो नहि
विदेहक २१०म अंक १५ सितम्बर २०१६ (वर्ष ९ मास १०५) केँ प्रकाशित भेल।
423. २१०म अंकमे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक आलेखक विषय की?
  • मैथिली लोकगीतमे भोजनक विन्यास
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक आलेख ‘मैथिली लोकगीतमे भोजनक विन्यास’ शीर्षकसँ छल।
424. २१०म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कतेक लघुकथा छपल?
  • चारि
  • दस
  • दू
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक चारि लघुकथा (कन्हा भँट्टा, भोलानाथ बाबा, दुरकाल, कलंक) २१०म अंकमे प्रकाशित भेल।
425. विदेहक २२०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ फरबरी २०१७
  • १ फरबरी २०१७
  • १ मार्च २०१७
  • कोनो नहि
विदेहक २२०म अंक १५ फरबरी २०१७ (वर्ष १० मास ११०) केँ प्रकाशित भेल।
426. २२०म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘सतभैंया पोखैर’ क कतेक संस्करण छल, स्रोत अनुसार?
  • तेसर संस्करण
  • प्रथम संस्करण
  • दोसर संस्करण
  • कोनो नहि
‘सतभैंया पोखैर’ क तेसर संस्करणसँ सात टा लघुकथा २२०म अंकमे प्रकाशित भेल।
427. २२०म अंकमे रवीन्द्र नारायण मिश्रक रचनाक नाम की?
  • बाल्यकाल
  • चहकल विचार
  • चिचड़ी वाली भौजी
  • कोनो नहि
रवीन्द्र नारायण मिश्रक रचनाक नाम ‘बाल्यकाल’ थिक।
428. २२०म अंकमे बी.एन. लाल दासक कथाक नाम की?
  • चिचड़ी वाली भौजी
  • बाल्यकाल
  • चहकल विचार
  • कोनो नहि
बी.एन. लाल दासक मैथिली कथाक नाम ‘चिचड़ी वाली भौजी’ थिक।

429. विदेहक २३०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जुलाइ २०१७
  • १ जुलाइ २०१७
  • १ अगस्त २०१७
  • कोनो नहि
विदेहक २३०म अंक १५ जुलाइ २०१७ (वर्ष १० मास ११५) केँ प्रकाशित भेल।
430. २३०म अंकमे आशीष अनचिन्हारक आलेखक शीर्षक की?
  • कतेक रास बात: इंटरनेटपर मैथिलीक पहिल उपस्थिति नै अछि
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक आलेखक शीर्षक ‘कतेक रास बात: इंटरनेटपर मैथिलीक पहिल उपस्थिति नै अछि’ थिक — ई आलेख इंटरनेटपर मैथिलीक आरम्भ-इतिहाससँ सम्बद्ध एक विचारोत्तेजक टिप्पणी अछि।
431. २३०म अंकमे मुन्नाजीक विहनि कथा (Seed Story) क नाम की?
  • झोल
  • बुद्धिचौ
  • कोनो नहि
  • सामंत
मुन्नाजीक विहनि कथाक नाम ‘झोल’ थिक।
432. २३०म अंकमे बृषेश चन्द्र लालक रचनाक नाम की?
  • बुद्धिचौ
  • झोल
  • कोनो नहि
  • सामंत
बृषेश चन्द्र लालक रचनाक नाम ‘बुद्धिचौ’ थिक।
433. २३०म अंकमे उमेश मण्डलक आलेखक विषय की?
  • मिथिलाक लोक संगीत/लोक कला भगैत गबैया
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
उमेश मण्डलक आलेख ‘मिथिलाक लोक संगीत/लोक कला भगैत गबैया’ शीर्षकसँ छल।

434. विदेहक २७०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मार्च २०१९
  • १ मार्च २०१९
  • १ अप्रैल २०१९
  • कोनो नहि
विदेहक २७०म अंक १५ मार्च २०१९ (वर्ष १२ मास १३५) केँ प्रकाशित भेल।
435. २७०म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक रचनाक नाम की?
  • बुढ़ भेलौं तँ दुइर गेलौं
  • सतभैंया पोखैर
  • कलंक
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक रचनाक नाम ‘बुढ़ भेलौं तँ दुइर गेलौं’ थिक।
436. २७०म अंकमे डॉ. बचेश्वर झा केकर उपन्यासपर समीक्षा लिखलनि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘मौलाइल गाछक फूल’
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विभा रानी
  • कोनो नहि
डॉ. बचेश्वर झा जगदीश प्रसाद मण्डलक उपन्यास ‘मौलाइल गाछक फूल’ पर समीक्षा लिखलनि।
437. २७०म अंकमे आशीष अनचिन्हारक आलेख-शृंखलाक विषय की?
  • हिंदी फिल्मी गीतमे बहर
  • नाटक-समीक्षा
  • पद्य-समालोचना
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक आलेख-शृंखला ‘हिंदी फिल्मी गीतमे बहर’ (एहि अंकमे सातम भाग) शीर्षकसँ छल — गजल-छन्द-शास्त्रक एक प्रयुक्त अध्ययन।
438. २७०म अंकमे संतोष कुमार राय ‘बटोही’क कतेक कविता छपल?
  • दू
  • एक
  • दस
  • कोनो नहि
संतोष कुमार राय ‘बटोही’क दू कविता २७०म अंकमे प्रकाशित भेल।
439. विदेहक २८०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अगस्त २०१९
  • १ अगस्त २०१९
  • १ सितम्बर २०१९
  • कोनो नहि
विदेहक २८०म अंक १५ अगस्त २०१९ (वर्ष १२ मास १४०) केँ प्रकाशित भेल।
440. २८०म अंकमे उमेश मण्डलक आलेखक विषय की?
  • मैथिली साहित्य-रचनाक क्षेत्रमे जगदीश प्रसाद मण्डलक आगमन
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
उमेश मण्डलक आलेख ‘मैथिली साहित्य-रचनाक क्षेत्रमे जगदीश प्रसाद मण्डलक आगमन’ शीर्षकसँ छल।
441. २८०म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम की?
  • पाइक इज्जत
  • बुढ़ भेलौं तँ दुइर गेलौं
  • कलंक
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम ‘पाइक इज्जत’ थिक।

442. विदेहक २९०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनवरी २०२०
  • १ जनवरी २०२०
  • १ फरबरी २०२०
  • कोनो नहि
विदेहक २९०म अंक १५ जनवरी २०२० (वर्ष १३ मास १४५) केँ प्रकाशित भेल।
443. २९०म अंकमे उमेश मण्डलक आलेखक विषय की?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक विचारोत्तेजक गद्यांश (दोसर भाग)
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
उमेश मण्डलक आलेख ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक विचारोत्तेजक गद्यांश-२’ शीर्षकसँ छल।
444. २९०म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम की?
  • आबइज्जतनइबँचत
  • पाइक इज्जत
  • कलंक
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम ‘आबइज्जतनइबँचत’ थिक।
445. विदेहक ३०५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ सितम्बर २०२०
  • १५ सितम्बर २०२०
  • १ अक्टूबर २०२०
  • कोनो नहि
विदेहक ३०५म अंक १ सितम्बर २०२० (वर्ष १३ मास १५३) केँ प्रकाशित भेल।
446. ३०५म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक उपन्यास ‘लजकोटर’ क कोन खेप छपल?
  • पाँचम खेप
  • प्रथम खेप
  • दसम खेप
  • कोनो नहि
रबीन्द्र नारायण मिश्रक धारावाहिक उपन्यास ‘लजकोटर’ क पाँचम खेप ३०५म अंकमे छपल।
447. ३०५म अंकमे आशीष अनचिन्हारक आलेखक शीर्षक की?
  • मैथिलीमे इंटरनेट
  • नाटक-समीक्षा
  • पद्य-समालोचना
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक आलेखक शीर्षक ‘मैथिलीमे इंटरनेट’ थिक, जे मैथिलीक डिजिटल उपस्थितिक इतिहाससँ सम्बद्ध अछि।
448. ३०५म अंकमे प्रणव झाक आलेखक विषय की?
  • डीएनबी (चिकित्सा-शिक्षा कार्यक्रम)
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
प्रणव झाक आलेख ‘डीएनबी इन डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल प्रोग्राम’ शीर्षकसँ चिकित्सा-शिक्षा सम्बन्धी विषयपर छल।
449. ३०५म अंकमे प्रियंवदा तारा झाक रचनाक विधा की?
  • बीहनि कथा (दू टा)
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
प्रियंवदा तारा झाक दू टा बीहनि कथा ३०५म अंकमे प्रकाशित भेल।

450. विदेहक ३१५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ फरबरी २०२१
  • १५ फरबरी २०२१
  • १ मार्च २०२१
  • कोनो नहि
विदेहक ३१५म अंक १ फरबरी २०२१ (वर्ष १४ मास १५८) केँ प्रकाशित भेल।
451. ३१५म अंकमे योगेन्द्र पाठक वियोगीक धारावाहिक नाटक ‘नरक विजय’ क कोन खेप छपल?
  • आठम खेप
  • प्रथम खेप
  • अन्तिम खेप
  • कोनो नहि
योगेन्द्र पाठक वियोगीक धारावाहिक नाटक ‘नरक विजय’ क आठम खेप ३१५म अंकमे छपल।
452. ३१५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक धारावाहिक उपन्यास ‘आमक गाछी’ क कोन खेप छपल?
  • आठम खेप
  • प्रथम खेप
  • दसम खेप
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक धारावाहिक उपन्यास ‘आमक गाछी’ क आठम खेप ३१५म अंकमे छपल।
453. ३१५म अंकमे नन्द विलास रायक रचनाक नाम की?
  • बुढ़क दुख
  • परिपक्व निरलज
  • छुच्छे
  • कोनो नहि
नन्द विलास रायक रचनाक नाम ‘बुढ़क दुख’ थिक।
454. विदेहक ३२५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जुलाई २०२१
  • १५ जुलाई २०२१
  • १ अगस्त २०२१
  • कोनो नहि
विदेहक ३२५म अंक १ जुलाई २०२१ (वर्ष १४ मास १६३) केँ प्रकाशित भेल।
455. ३२५म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आत्मकथाक नाम की?
  • आँखिमे चित्र हो मैथिलीकेर
  • लजकोटर
  • आमक गाछी
  • कोनो नहि
जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आत्मकथाक नाम ‘आँखिमे चित्र हो मैथिलीकेर’ थिक, जे ३२५म अंकमे धारावाहिक रूपें छपल।
456. ३२५म अंकमे रमा नाथ मिश्रक कहानीक नाम की?
  • पुनर्जन्म
  • छुच्छे
  • बुढ़क दुख
  • कोनो नहि
रमा नाथ मिश्रक कहानीक नाम ‘पुनर्जन्म’ थिक।
457. ३२५म अंकमे नीरज कर्णक बीहनि कथाक नाम की?
  • छुच्छे
  • पुनर्जन्म
  • आँखिमे चित्र हो मैथिलीकेर
  • कोनो नहि
नीरज कर्णक बीहनि कथाक नाम ‘छुच्छे’ थिक।

458. विदेहक ३३०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ सितम्बर २०२१
  • १ सितम्बर २०२१
  • १ अक्टूबर २०२१
  • कोनो नहि
विदेहक ३३०म अंक १५ सितम्बर २०२१ (वर्ष १४ मास १६५) केँ प्रकाशित भेल।
459. ३३०म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक उपन्यास ‘लजकोटर’ क कोन खेप छपल?
  • २८म खेप
  • प्रथम खेप
  • अन्तिम खेप
  • कोनो नहि
रबीन्द्र नारायण मिश्रक धारावाहिक उपन्यास ‘लजकोटर’ क २८म खेप ३३०म अंकमे छपल।
460. ३३०म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आत्मकथाक कोन खण्डक शीर्षक छपल?
  • पाँच बरख सिवानमे
  • गोली-बारूदक मौसममे
  • भोगी बनलाह बाघ
  • कोनो नहि
‘अनिल’क आत्मकथा ‘आँखिमे चित्र हो मैथिली केर’ क अठारहम भागक शीर्षक ‘पाँच बरख सिवानमे’ छल।
461. ३३०म अंकमे योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क यात्रा-वृत्तान्तक नाम की?
  • पिरामिडक देश मे
  • लजकोटर
  • परस्पर
  • कोनो नहि
योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क यात्रा-वृत्तान्त ‘पिरामिडक देश मे’ (मिस्र देशपर) क पहिल खेप ३३०म अंकमे प्रकाशित भेल।
462. ३३०म अंकमे मुन्नाजीक रचनाक नाम की?
  • परस्पर
  • सुतिहार
  • भोगी बनलाह बाघ
  • कोनो नहि
मुन्नाजीक रचनाक नाम ‘परस्पर’ थिक।
463. विदेहक ३३५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ दिसम्बर २०२१
  • १५ दिसम्बर २०२१
  • १ जनवरी २०२२
  • कोनो नहि
विदेहक ३३५म अंक १ दिसम्बर २०२१ (वर्ष १४ मास १६८) केँ प्रकाशित भेल।
464. ३३५म अंकमे ‘अनिल’क आत्मकथाक बीसम भागक शीर्षक की?
  • गोली-बारूदक मौसममे
  • पाँच बरख सिवानमे
  • सुतिहार
  • कोनो नहि
‘अनिल’क आत्मकथाक बीसम भागक शीर्षक ‘गोली-बारूदक मौसममे’ छल।
465. ३३५म अंकमे ज्ञानवर्द्धन कंठक रचनाक नाम की?
  • भोगी बनलाह बाघ
  • परस्पर
  • सुतिहार
  • कोनो नहि
ज्ञानवर्द्धन कंठक रचनाक नाम ‘भोगी बनलाह बाघ’ थिक।
466. ३३५म अंकमे डॉ. किशन कारीगरक आलेखक विषय की?
  • लोक कलाकार ढोल-पिपही वलाक उपेक्षा
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
डॉ. किशन कारीगरक आलेख ‘लोक कलाकार ढोल पिपही वला के खोज खबैर के राखत?’ शीर्षकसँ छल, जे विलुप्त होइत लोक-वाद्यकार परम्पराक चिन्ता व्यक्त करैत अछि।
467. ३३५म अंकमे आशीष अनचिन्हारक रचनाक नाम की?
  • भूमिका एक: फाँक अनेक
  • सुतिहार
  • परस्पर
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक रचनाक नाम ‘भूमिका एक: फाँक अनेक’ थिक।
468. ३३५म अंकमे मुन्नाजीक रचनाक नाम की?
  • सुतिहार
  • परस्पर
  • भोगी बनलाह बाघ
  • कोनो नहि
मुन्नाजीक रचनाक नाम ‘सुतिहार’ थिक।

469. विदेहक ३५०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जुलाइ २०२२
  • १ जुलाइ २०२२
  • १ अगस्त २०२२
  • कोनो नहि
विदेहक ३५०म अंक १५ जुलाइ २०२२ (वर्ष १५ मास १७५) केँ प्रकाशित भेल।
470. ३५०म अंकक कॉपीराइट-सूचनामे ‘विदेह (since 2004)’ क उल्लेख कोन भिन्न तिथिक संकेत दैत अछि?
  • भालसरिक गाछ (२०००) क बादक एक अलग चिन्हित प्रारम्भ-बिन्दु
  • केवल मुद्रण-त्रुटि
  • कोनो नहि
  • २०१० क संकेत
ISSN-कॉपीराइट सूचनामे ‘विदेह (since 2004)’ क उल्लेख भालसरिक गाछ (२०००) क बाद विदेहक एक अलग चिन्हित प्रारम्भ-बिन्दुक संकेत दैत अछि, जे विदेहक ऐतिहासिक तिथि-क्रमक एक सूक्ष्म पक्ष देखबैत अछि।
471. ३५०म अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक धारावाहिक रचनाक नाम की?
  • द ........ फाइल्स
  • मातृभूमि
  • सहस्रशीर्षा
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक धारावाहिक रचना ‘द ........ फाइल्स’ ३५०म अंकमे आगाँ बढ़ल।
472. ३५०म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक उपन्यासक नाम की?
  • मातृभूमि
  • द ........ फाइल्स
  • सहस्रशीर्षा
  • कोनो नहि
रबीन्द्र नारायण मिश्रक धारावाहिक उपन्यास ‘मातृभूमि’ ३५०म अंकमे आगाँ बढ़ल।
473. गजेन्द्र ठाकुरक ‘गढ़-नारिकेल उपन्यास-त्रयी’ क पहिल उपन्यासक नाम की?
  • सहस्रशीर्षा
  • मातृभूमि
  • द ........ फाइल्स
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक गढ़-नारिकेल उपन्यास-त्रयीक पहिल उपन्यासक नाम ‘सहस्रशीर्षा’ थिक, जकर उल्लेख ३५०म अंकमे ‘मातृभूमि’ उपन्यासक प्रसंगमे भेल अछि।
474. ‘द ........ फाइल्स’ रचनाक एक प्रसंगमे कोन सामाजिक विषयपर चर्चा अछि?
  • शारीरिक सुन्दरताक मापदण्ड आ हिंसाक प्रश्न
  • केवल हास्य
  • विदेश-यात्रा
  • कोनो नहि
रचनाक एक प्रसंगमे शारीरिक सुन्दरताक सामाजिक मापदण्ड आ ओहिसँ उत्पन्न हिंसा/भेदभावक प्रश्नपर संवाद-शैलीमे विचारोत्तेजक चर्चा अछि।
475. एहि प्रसंगमे कोन समाधान-सुत्र सुझाओल गेल?
  • अपन तुलना अनकासँ नहि, अपनेसँ करब
  • केवल विरोध
  • कोनो समाधान नहि
  • कोनो नहि
रचनामे सुझाओल गेल जे अपन तुलना दोसरासँ नहि, बल्कि अपन पुरान स्थिति आ वर्तमान स्थितिसँ करबासँ हिंसा आ ईर्ष्याक भाव घटैत अछि।

476. विदेहक ४२०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २०२५
  • १ जून २०२५
  • १ जुलाई २०२५
  • कोनो नहि
विदेहक ४२०म अंक १५ जून २०२५ (वर्ष १८ मास २१०) केँ प्रकाशित भेल।
477. ४२०म अंकमे पाठक-प्रतिक्रियामे कोन अंकपर टिप्पणी प्रणव कुमार झा देलनि?
  • अंक ४१८ (आशीष अनचिन्हारक गजल)
  • अंक ४१९
  • अंक ४२०
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झा अंक ४१८ पर टिप्पणी देलनि, जाहिमे आशीष अनचिन्हारक गजल (‘सदा सोहागिन’ प्रतीकक प्रयोग) क प्रशंसा छल।
478. ४२०म अंकमे हितनाथ झा कतेक वर्षसँ विदेहक नियमित पाठक छथि, स्वयंक कथन अनुसार?
  • दू वर्षसँ कनेक बेसी
  • दस वर्ष
  • एक मास
  • कोनो नहि
हितनाथ झा स्वयं कहैत छथि जे ओ दू वर्षसँ कनेक बेसी समयसँ विदेहक नियमित पाठक छथि।
479. हितनाथ झा अनुसार विदेहक कोन विशेष अंकक चर्चा भेल, जे पर्यावरण-विषयक छल?
  • पर्यावरणविद् नारायणजी चौधरीपर विशेषांक
  • केवल साहित्य अंक
  • केवल नाटक अंक
  • कोनो नहि
हितनाथ झा अनुसार विदेह पर्यावरणविद् नारायणजी चौधरीपर एक विशेषांक निकालि साबित केलक जे केवल साहित्यकार नहि, पर्यावरण-रक्षा सेहो विदेहक चिन्ताक विषय अछि।
480. ४२०म अंकमे हितनाथ झा केकर मैथिली साहित्यमे योगदानपर आलेख लिखलनि?
  • तारानाथ झा एवं हुनक परिवार
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विद्यापति
  • कोनो नहि
हितनाथ झाक आलेख ‘मैथिली साहित्यमे तारानाथ झा एवं हुनक परिवारक योगदान’ शीर्षकसँ छल।
481. ४२०म अंकमे प्रमोद झा ‘गोकुल’क रचनाक नाम की?
  • सापिन
  • मातृभूमि
  • द ........ फाइल्स
  • कोनो नहि
प्रमोद झा ‘गोकुल’क रचनाक नाम ‘सापिन’ थिक।
482. पाठक-प्रतिक्रिया स्तम्भ विदेहक कोन विशेषता देखबैत अछि?
  • पाठक-सम्पादक संवादात्मक सम्बन्ध आ पारदर्शिता
  • केवल एकतरफा प्रकाशन
  • निरर्थकता
  • कोनो नहि
पाठक-प्रतिक्रिया स्तम्भ देखबैत अछि जे विदेह पाठक-सम्पादक संवादात्मक सम्बन्ध आ पारदर्शिताकेँ महत्त्व दैत अछि, जे एकटा जीवन्त साहित्यिक समुदायक प्रमाण थिक।

483. हरिमोहन झाक मैथिली क्लासिक ‘कन्यादान’ क अंग्रेजी अनुवादक नाम की?
  • The Bride
  • The Gift of a Daughter
  • Maithili Marriage
  • कोनो नहि
हरिमोहन झाक मैथिली क्लासिक ‘कन्यादान’ (१९०८-१९८४ कालक रचना) क अंग्रेजी अनुवादक नाम ‘The Bride’ थिक।
484. ‘कन्यादान’ क अंग्रेजी अनुवाद के केलनि?
  • ललित कुमार
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • हरिश त्रिवेदी
  • कोनो नहि
‘कन्यादान’ क अंग्रेजी अनुवाद ललित कुमार केलनि, जे दीन दयाल उपाध्याय कॉलेजक अंग्रेजी विभागमे सहायक प्राध्यापक छथि।
485. ऐ अनुवादक भूमिका (foreword) के लिखलनि?
  • हरिश त्रिवेदी
  • ललित कुमार
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
‘The Bride’ क भूमिका हरिश त्रिवेदी लिखलनि।
486. गजेन्द्र ठाकुर अनुसार साहित्य अकादेमी द्वारा मैथिलीक मान्यता कहिया भेल?
  • १९६५
  • १९७५
  • १९५५
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुर अनुसार साहित्य अकादेमी (भारतक राष्ट्रीय साहित्य अकादेमी) द्वारा मैथिलीक मान्यता सन् १९६५ ई.मे भेल।
487. गजेन्द्र ठाकुर अनुसार ऐ अवसरपर स्व. रामनाथ झा कोन कथन देने छलाह?
  • मैथिली भाषा हिन्दीक उपभाषा नहि अछि, से स्पष्ट केलनि
  • मैथिलीकेँ हिन्दीक भाग मानल
  • कोनो कथन नहि
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुर अनुसार स्व. रामनाथ झा ऐ अवसरपर स्पष्ट केने छलाह जे मैथिली भाषा हिन्दीक उपभाषा नहि अछि, बल्कि एक स्वतन्त्र भाषा थिक।
488. गजेन्द्र ठाकुर अनुसार हरिश त्रिवेदीक भूमिकामे कोन भ्रामक कथन अछि?
  • मैथिलीकेँ हिन्दीक निकटतम भाषा कहब
  • मैथिलीक प्रशंसा
  • कोनो भ्रामक कथन नहि
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुर अनुसार हरिश त्रिवेदी अपन भूमिकामे मैथिलीकेँ हिन्दीक निकटतम भाषा कहि एक भ्रामक/पुनरावृत्त गलती करैत छथि, जे मैथिलीक स्वतन्त्र भाषिक पहिचानक विपरीत अछि।

489. मैथिलीक पहिल पद्य-उपन्यासक नाम की?
  • बगवार
  • सहस्रबाढ़नि
  • सहस्रशीर्षा
  • कोनो नहि
रामेश्वर प्रसाद मण्डल रचित ‘बगवार’ मैथिलीक पहिल पद्य-उपन्यास मानल गेल अछि — ऐतिहासिक वा महाकाव्यात्मक पद्य-उपन्यासक रूपमे मैथिलीमे ई प्रथम प्रयास थिक।
490. ‘बगवार’ क रचनाकार के छथि?
  • रामेश्वर प्रसाद मण्डल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • कोनो नहि
‘बगवार’ पद्य-उपन्यासक रचनाकार रामेश्वर प्रसाद मण्डल छथि।
491. ‘बगवार’ क मुख्य पात्र के छथि?
  • जगू आ रोशनी
  • विद्यापति आ लखिमा
  • गजेन्द्र आ प्रीति
  • कोनो नहि
‘बगवार’ क मुख्य पात्र जगू आ रोशनी (दुनू परानी) छथि, जे रंगपुर गामक निवासी छथि।
492. जगू-रोशनीक माय-बाबूक सेवाक संग कोन काज करैत छलाह?
  • खेती-तरकारी आ माछक बेपार
  • नौकरी
  • व्यापार
  • कोनो नहि
जगू-रोशनी माय-बाबूक सेवाक संग खेती-तरकारी आ माछक बेपार करैत छलाह।
493. जगू-रोशनीक पहिल बच्चाक नाम की?
  • वेद प्रकाश
  • चन्दा
  • कोनो नहि
  • रंगपुर
जगू-रोशनीक पहिल बच्चा (बेटा) क नाम ‘वेद प्रकाश’ छल।
494. जगू-रोशनीक दोसर बच्चा (बेटी) क नाम की?
  • चन्दा
  • वेद प्रकाश
  • कोनो नहि
  • रोशनी
जगू-रोशनीक दोसर बच्चा (बेटी) क नाम ‘चन्दा’ छल।
495. कथाक्रममे जगू-रोशनीक संगहि कोन सामाजिक प्रथाक चित्रण अछि?
  • बेटा-बेटीक बीच शिक्षा-भेद (बेटाकेँ स्कूल, बेटीकेँ बकरी चरबय)
  • समान शिक्षा
  • कोनो भेद नहि
  • कोनो नहि
कथामे बेटाकेँ स्कूल भेजब आ बेटीसँ बकरी चरबाएब सन सामाजिक भेदभावक चित्रण अछि, जकरा स्त्रीगण द्वारा आलोचना सेहो भेल अछि।
496. जगू कथाक्रममे कोन आर्थिक संकटसँ गुजरैत छथि?
  • माछक चोरी आ बेमारी
  • धन-वृद्धि
  • विदेश-यात्रा
  • कोनो नहि
जगू कथाक्रममे माछक चोरी, ग्राम-पंचक अन्याय आ बादमे बेमारीक आर्थिक संकटसँ गुजरैत छथि, जे हुनका रोजगारक खोजमे बाहर जयबा लेल प्रेरित करैत अछि।
497. जगू रोजगारक खोजमे कतय जाइत छथि?
  • गुलाठी (चूड़ी फैक्ट्रीमे नोकरी)
  • दिल्ली
  • विदेश
  • कोनो नहि
जगू रोजगारक खोजमे गुलाठी जाइत छथि, जतय हुनका एक चूड़ी फैक्ट्रीमे नोकरी भेटैत अछि।
498. ‘बगवार’ पद्य-उपन्यासक समग्र विषय की कहल जा सकैत अछि?
  • ग्रामीण जीवन-संघर्ष, गरीबी आ सामाजिक भेदभावक यथार्थवादी चित्रण
  • केवल हास्य
  • ऐतिहासिक युद्ध-गाथा
  • कोनो नहि
‘बगवार’ क समग्र विषय ग्रामीण जीवनक संघर्ष, गरीबी, सामाजिक भेदभाव आ रोजगारक खोजक यथार्थवादी चित्रण थिक, जे पद्य-शैलीमे प्रस्तुत भेल अछि।

499. गजेन्द्र ठाकुरक आलेखक शीर्षक की?
  • गद्य साहित्य मध्य उपन्यासक स्थान आ उपन्यासक समीक्षाशास्त्र
  • कन्यादान समीक्षा
  • बगवार समीक्षा
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक आलेखक शीर्षक ‘गद्य साहित्य मध्य उपन्यासक स्थान आ उपन्यासक समीक्षाशास्त्र’ थिक।
500. आलेख अनुसार वाणभट्टक ‘कादम्बरी’ क आरम्भ कोन वर्णनसँ होइत अछि?
  • राजा शूद्रकक विदिशानगरीक वर्णन
  • युद्ध-वर्णन
  • प्रकृति-वर्णन
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार वाणभट्टक ‘कादम्बरी’ राजा शूद्रकक विदिशानगरीक वर्णनसँ प्रारम्भ होइत अछि।
501. अंग्रेजी उपन्यासक आरम्भ-कालक एक प्रसिद्ध रचना ‘पिल्ग्रिम्स प्रोग्रेस’ केकर यात्राक वर्णन करैत अछि?
  • मुख्यपात्रक यात्रा आ संघर्ष
  • केवल युद्ध
  • केवल प्रेम
  • कोनो नहि
‘पिल्ग्रिम्स प्रोग्रेस’ मुख्यपात्रक यात्रा आ ओहि क्रममे आएल संघर्ष-उत्साहक वर्णन करैत अछि।
502. डेनियल डिफोक उपन्यास ‘रॉबिन्सन क्रूसो’ मे की वर्णन अछि?
  • मुख्यपात्रक साहसिक समुद्र-यात्रा
  • केवल प्रेम-कथा
  • ऐतिहासिक युद्ध
  • कोनो नहि
डेनियल डिफोक ‘रॉबिन्सन क्रूसो’ मे मुख्यपात्रक साहसिक समुद्र-यात्राक वर्णन अछि।
503. सैमुअल रिचर्डसनक ‘पेमेला’ क अंग्रेजी उपन्यास-इतिहासमे की योगदान मानल गेल?
  • अंग्रेजी उपन्यासकेँ पारिभाषिक स्वरूप देब
  • प्रथम उपन्यास होएब
  • केवल मनोरंजन
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार सैमुअल रिचर्डसनक ‘पेमेला’ अंग्रेजी उपन्यासकेँ एक पारिभाषिक (निश्चित) स्वरूप देलक।

504. गजेन्द्र ठाकुरक आलेखक विषय की?
  • मैथिली लेल समीक्षाशास्त्रक सिद्धान्त
  • नाट्य-इतिहास
  • पद्य-इतिहास
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक आलेख ‘मैथिली लेल समीक्षाशास्त्रक सिद्धान्त’ विषयपर छल।
505. आलेख अनुसार अन्तर्जाल (इंटरनेट) क की सामाजिक प्रभाव कहल गेल?
  • संचार-माध्यमक मठाधीशीक गढ़ टुटब
  • कोनो प्रभाव नहि
  • केवल मनोरंजन
  • नकारात्मक मात्र
आलेख अनुसार अन्तर्जाल लोकक मीडिया थिक जे सामान्य जन-जनक बीच संवाद स्थापित कऽ संचार-माध्यमक परम्परागत मठाधीशीक गढ़ तोड़ैत अछि।
506. आलेख अनुसार नीक साहित्य/कला केना नहि बनत?
  • त्वरित (जल्दीबाजीक) उपस्थापनक आधारपर मात्र
  • मानव-मूल्यक आधारपर
  • सामाजिक समरसताक आधारपर
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार नीक साहित्य/कला त्वरित उपस्थापनक आधारपर मात्र नहि बनत, बल्कि मानव-मूल्य आ सामाजिक समरसताक तत्त्वपर आधारित होएब चाही।
507. आलेखमे ‘मेडियोक्रिटी’ शब्दक प्रयोग कोन सन्दर्भमे भेल?
  • सामान्य/औसत स्तरक रचना चिन्हित करबाक लेल
  • श्रेष्ठताक प्रतीक रूपमे
  • कोनो नहि
  • विदेशी सन्दर्भमे
आलेखमे ‘मेडियोक्रिटी’ शब्दक प्रयोग सामान्य/औसत स्तरक रचना चिन्हित करबाक लेल भेल अछि, जकरा समीक्षकक स्पष्ट रूपें इंगित करबाक चाही।
508. आलेख अनुसार आदिवासी समुदाय (सतार, गिदरमारा आदि) क जीवन-शैली कोन मूल्यक प्रतिबिम्बन करैत अछि?
  • प्रकृति-पूजा, सरलता आ कृतज्ञता
  • केवल आधुनिकता
  • विदेशी प्रभाव
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार आदिवासी समुदायक जीवन-शैली प्रकृतिसँ निकटता, प्रकृति-पूजा, सरलता, निश्छलता आ कृतज्ञता सन मूल्यक प्रतिबिम्बन करैत अछि।

509. विदेहक ‘विशेषांक शृंखला’ कोन-कोन वर्गक व्यक्तिपर केन्द्रित अछि?
  • जीवित लेखक-सम्पादक, आन्दोलनी, कला-संगीत-रंगमंचकर्मी
  • केवल राजनेता
  • केवल विदेशी
  • कोनो नहि
विदेहक विशेषांक शृंखला जीवित लेखक-सम्पादक, आन्दोलनी, सार्वजनिक जीवन जीनिहार आ कला-संगीत-रंगमंचकर्मीपर केन्द्रित अछि।
510. विशेषांकक चयन-प्रक्रियामे विदेह सुझाव कतेक मास पहिनेसँ माँगैत अछि?
  • लगभग पाँच-छह मास पहिनेसँ
  • एक मास पहिनेसँ
  • एक वर्ष पहिनेसँ
  • कोनो नहि
नियम अनुसार विदेह लगभग पाँच-छह मास पहिनेसँ अपन पाठककेँ सुझाव देबाक लेल सूचना दैत अछि।
511. चयन-प्रक्रियाक एक प्रमुख शर्त की?
  • केवल जीवित व्यक्तिक चयन
  • केवल मृत व्यक्तिक चयन
  • कोनो शर्त नहि
  • विदेशी व्यक्ति
नियम अनुसार आएल सुझावमेसँ विदेह मात्र जीवित व्यक्तिक चयन करैत अछि।
512. अन्तिम चयनमे कतेक नाम चयनित होइत छथि?
  • छह
  • दस
  • तीन
  • कोनो नहि
नियम अनुसार लेखन/काज आ आचरणमे बेसी साम्यता (कम फाँक) भेटनिहार छह नाम चयनित होइत छथि।
513. अन्तिम चरणमे छहो चयनितक विषयमे की तुलना कएल जाइत अछि?
  • हुनका लेखन/काजक एवजमे समाजसँ की भेटलनि
  • केवल उमेर
  • केवल जन्म-स्थान
  • कोनो नहि
अन्तिम चरणमे ई तुलना कएल जाइत अछि जे छहो गोटेकेँ अपन लेखन/काजक एवजमे समाजसँ की भेटलनि।

514. नरेन्द्र झा कतयसँ आई.कॉम आ बी.कॉम केने छथि?
  • दरभंगा
  • पटना
  • दिल्ली
  • कोनो नहि
नरेन्द्र झा सन् १९५४ ई.मे दरभंगासँ आई.कॉम केने छलाह, फेर बी.कॉम सेहो दरभंगासँ केलनि।
515. नरेन्द्र झा दरभंगामे केकर संगे मिथिला-मैथिलीक काज केने छलाह?
  • लक्ष्मण झा (लखन झा)
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विद्यापति
  • कोनो नहि
नरेन्द्र झा दरभंगामे किछु दिन प्रसिद्ध लखन झा (लक्ष्मण झा) संगे मिथिला-मैथिलीक काज केने छलाह।
516. नरेन्द्र झाक पुस्तक ‘मिथिलाक आर्थिक विकास’ कोन साल प्रकाशित भेल?
  • २०००
  • २०१०
  • १९९०
  • कोनो नहि
नरेन्द्र झाक पुस्तक ‘मिथिलाक आर्थिक विकास’ सन् २००० मे प्रकाशित भेल।
517. नरेन्द्र झाक पुस्तक ‘मिथिला मे जल-संसाधन ओ प्रबन्धन’ कोन साल प्रकाशित भेल?
  • २००६
  • २०१५
  • १९९५
  • कोनो नहि
नरेन्द्र झाक पुस्तक ‘मिथिला मे जल-संसाधन ओ प्रबन्धन’ सन् २००६ मे प्रकाशित भेल।
518. नरेन्द्र झा कोलकातासँ कतेक भावनात्मक रूपें जुड़ल छथि, विशेषांक अनुसार?
  • कोलकातकेँ मिथिला-मैथिलीक कर्मभूमि मानैत छथि
  • कोनो जुड़ाव नहि
  • केवल व्यापारिक
  • कोनो नहि
विशेषांक अनुसार नरेन्द्र झा कोलकातकेँ मिथिला-मैथिलीक कर्मभूमि मानैत छथि, आ ओकरासँ छुटबाक दुखक उल्लेख अछि।
519. नरेन्द्र झा विशेषांक मुद्रित संस्करणमे के सहायता केलनि?
  • कुणाल जी
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • केदारनाथ चौधरी
  • कोनो नहि
विदेहक नरेन्द्र झा विशेषांक ई-प्रकाशित भेलाक बाद श्री कुणाल जी एकरा मुद्रित करा कऽ देलखिन्ह।
520. नरेन्द्र झा विशेषांकमे केकर पुस्तक ‘अनुशीलन’ पर समीक्षात्मक टिप्पणी अछि?
  • डॉ. प्रो. पन्ना झा
  • नरेन्द्र झा स्वयं
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
‘अनुशीलन’ पुस्तकपर समीक्षात्मक टिप्पणी कल्पना झा द्वारा ‘अनुशीलनक अनुशीलन आवश्यक’ शीर्षकसँ लिखल गेल, जे डॉ. पन्ना झा सम्बद्ध छथि।
521. जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क नरेन्द्र झा विशेषांकमे आलेखक शीर्षक की?
  • की थिक मिथिला की छथि मैथिल
  • मिथिलाक अर्थशास्त्र
  • कोनो नहि
  • आँखिमे चित्र
जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आलेखक शीर्षक ‘की थिक मिथिला की छथि मैथिल’ थिक।

522. ४१५म अंकमे प्रणव झाक लघु गल्पक नाम की?
  • एथन-17
  • सहस्रशीर्षा
  • द ........ फाइल्स
  • कोनो नहि
प्रणव झाक लघु गल्पक नाम ‘एथन-17’ थिक।
523. ‘एथन-17’ कथाक काल्पनिक समयावधि की?
  • सन् २०५०, भविष्यक एक पृथ्वी
  • प्राचीन काल
  • वर्तमान काल
  • कोनो नहि
‘एथन-17’ कथा सन् २०५० क एक काल्पनिक भविष्यमे सेट अछि, जतय पृथ्वीक पर्यावरण गम्भीर संकटमे अछि।
524. ‘एथन-17’ कथाक मुख्य पात्र के छथि?
  • सव्यसाची (एक छात्र)
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विद्यापति
  • कोनो नहि
‘एथन-17’ कथाक मुख्य पात्र सव्यसाची छथि, जे एक साधारण छात्र छथि।
525. कथामे ‘एथन-17’ नामक चरित्र सव्यसाचीकेँ कोन मिशन दैत अछि?
  • पृथ्वीक ऊर्जा-प्रणाली बचेबाक (क्वांटम ग्रीन कोड)
  • युद्ध जीतबाक
  • धन कमेबाक
  • कोनो नहि
एथन-17 सव्यसाचीकेँ एकटा ‘क्वांटम ग्रीन कोड’ दैत अछि, जे नगरक ऊर्जा-प्रणालीमे अपलोड कऽ पृथ्वीक पर्यावरण बचेबाक मिशन थिक।
526. कथाक अन्तमे सव्यसाचीकेँ की पता लागल?
  • ई एकटा स्वप्न छल
  • ई वास्तविकता छल
  • कोनो नहि
  • ओ हारि गेल
कथाक अन्तमे सव्यसाचीक निन्न टूटि जाइत अछि, आ बुझाइत अछि जे ई सम्पूर्ण घटना एकटा स्वप्न छल — मुदा भविष्य बदलबाक सम्भावनाक सन्देश संगहि अछि।
527. कथाक मूल विषय की?
  • पर्यावरण-संकट आ विज्ञान-जिम्मेदारीक भविष्यवादी सन्देश
  • केवल हास्य
  • ऐतिहासिक
  • कोनो नहि
‘एथन-17’ क मूल विषय पर्यावरण-संकट आ विज्ञानक उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोगक भविष्यवादी (साइंस-फिक्शन) सन्देश थिक।
528. ४१५म अंकमे डॉ. किशन कारीगरक आलेखक शीर्षक की?
  • मानकीकृत तराजू पर जोखाइत लोकभाषा मैथिली
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
  • कठघोड़वा नाच
  • कोनो नहि
डॉ. किशन कारीगरक आलेखक शीर्षक ‘मानकीकृत तराजू पर जोखाइत लोकभाषा मैथिली’ थिक।
529. एहि आलेखक केन्द्रीय बहसक विषय की?
  • मानक मैथिली आ लोक-बोली/दलित-वंचित बोलीक बीच समावेशनक प्रश्न
  • केवल व्याकरण-नियम
  • ऐतिहासिक तिथि
  • कोनो नहि
आलेखक केन्द्रीय बहस अछि जे की संपादित/मानकीकृत मैथिली आम लोक-बोली (जे जेना बजल-लिखल जाइत अछि) केँ पर्याप्त रूपें समाहित करैत अछि, वा भाषिक मानकीकरण कतेक लोकक बोलीकेँ बाहर छोड़ि दैत अछि।
530. ४१५म अंकमे जगदानन्द झा ‘मनु’क कतेक हाइकू छपल?
  • २५ टा
  • दस टा
  • पाँच टा
  • कोनो नहि
जगदानन्द झा ‘मनु’क २५ टा हाइकू ४१५म अंकमे प्रकाशित भेल।

531. ४२५म अंकमे डा. आभा झाक आलेखक शीर्षक की?
  • कवयित्रीक आँजुरसँ खसैत विचारक बिन्दु
  • साँझक भोर
  • हिजड़ा
  • कोनो नहि
डा. आभा झाक आलेखक शीर्षक ‘कवयित्रीक आँजुरसँ खसैत विचारक बिन्दु’ थिक।
532. ४२५म अंकमे संतोष कुमार राय ‘बटोही’क धारावाहिक रचनाक नाम की?
  • लव यू टू (धारावाहिक डायरी)
  • साँझक भोर
  • हिजड़ा
  • कोनो नहि
संतोष कुमार राय ‘बटोही’क धारावाहिक डायरी ‘लव यू टू’ ४२५म अंकमे आगाँ बढ़ल।
533. ४२५म अंकमे प्रणव कुमार झाक आलेखक विषय की?
  • भारतमे क्रिटिकल केयर कार्यबलमे एनबीईएमएसक भूमिका
  • साहित्य
  • नाटक
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झाक आलेख ‘भारत मे क्रिटिकल केयर कार्यबल: एनबीईएमएस के भूमिका आ भविष्य’ शीर्षकसँ छल — चिकित्सा-शिक्षा सम्बन्धी विषय।
534. ४२५म अंकमे कल्पना झाक धारावाहिक आलेख ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास एवं हुनक परिवारक योगदान’ क कोन खेप छपल?
  • १३म खेप
  • ५म खेप
  • प्रथम खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक धारावाहिक आलेखक १३म खेप ४२५म अंकमे प्रकाशित भेल।
535. ४३०म अंकमे लालदेव कामतक आलेखक शीर्षक की?
  • अधिक पिछरल ११० उपजाइत केर सँग अन्याय
  • साँझक भोर
  • लव यू टू
  • कोनो नहि
लालदेव कामतक आलेखक शीर्षक ‘अधिक पिछरल ११० उपजाइत केर सँग अन्याय’ थिक — कृषि-सम्बन्धी सामाजिक विषयपर।
536. ४३०म अंकमे हितनाथ झाक धारावाहिक आलेख ‘तारानाथ झा एवं हुनक परिवारक योगदान’ क कोन खेप छपल?
  • ९म खेप
  • ५म खेप
  • १४म खेप
  • कोनो नहि
हितनाथ झाक धारावाहिक आलेखक ९म खेप ४३०म अंकमे प्रकाशित भेल।
537. ४३०म अंकमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • १७म खेप
  • १३म खेप
  • २२म खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक आलेखक १७म खेप ४३०म अंकमे प्रकाशित भेल, जे एकर निरन्तर धारावाहिक प्रकाशन देखबैत अछि।
538. ४२९म अंकपर पाठकीय मन्तव्य के देलनि?
  • नबो नारायण मिश्र
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • आशीष अनचिन्हार
  • कोनो नहि
नबो नारायण मिश्र ४२९म अंकपर पाठकीय मन्तव्य देलनि, जाहिमे आशीष अनचिन्हारक व्यंग्य-रचनाक प्रशंसा छल।

539. ४३५म अंकमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • २२म खेप
  • १७म खेप
  • १३म खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक धारावाहिक आलेखक २२म खेप ४३५म अंकमे प्रकाशित भेल।
540. ४३५म अंकमे हितनाथ झाक ‘तारानाथ झा’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • १४म खेप
  • ९म खेप
  • ५म खेप
  • कोनो नहि
हितनाथ झाक धारावाहिक आलेखक १४म खेप ४३५म अंकमे प्रकाशित भेल।
541. ४३५म अंकमे लालदेव कामतक आलेखक शीर्षक की?
  • बाँकी जीवन : अनुभव, जिम्मेदारी, आ अर्थक खोज
  • साँझक भोर
  • हिजड़ा
  • कोनो नहि
लालदेव कामतक आलेखक शीर्षक ‘बाँकी जीवन : अनुभव, जिम्मेदारी, आ अर्थक खोज’ थिक।
542. ४३५म अंकमे प्रणव कुमार झाक आलेखक विषय की?
  • NBEMS द्वारा AI in Medical Education पाठ्यक्रमक शुभारंभ
  • साहित्य
  • नाटक
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झाक आलेख ‘चिकित्सा शिक्षा एवं सेवाक नव क्षितिज: NBEMS द्वारा AI in Medical Education पाठ्यक्रमक शुभारंभ’ शीर्षकसँ छल।
543. ४३५म अंकमे परमानन्द लाल कर्णक रचनाक नाम की?
  • बुढ़क दर्द
  • साँझक भोर
  • हिजड़ा
  • कोनो नहि
परमानन्द लाल कर्णक रचनाक नाम ‘बुढ़क दर्द’ थिक।
544. ४३४म अंकपर शुभेच्छा-सन्देश के देलनि?
  • गंगेश कुमार पाठक (बोकारो स्टील सिटी, झारखंड)
  • केवल स्थानीय पाठक
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
गंगेश कुमार पाठक, बोकारो स्टील सिटी (झारखंड) सँ, ४३४म अंकपर शुभेच्छा-सन्देश देलनि, जाहिमे विदेहक ऐतिहासिक धरोहर-संरक्षणक प्रशंसा छल।
545. ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास एवं हुनक परिवारक योगदान’ आ ‘तारानाथ झा एवं हुनक परिवारक योगदान’ — दुनू धारावाहिक आलेख की देखबैत अछि?
  • विदेहक मिथिलाक प्रतिष्ठित परिवार सभक योगदानक दीर्घकालिक दस्तावेजीकरण
  • अल्पकालिक रिपोर्ट
  • केवल एक अंकक सामग्री
  • कोनो नहि
ई दुनू दीर्घकालिक धारावाहिक आलेख (कएक दर्जन खेप धरि चलनिहार) विदेहक मिथिलाक प्रतिष्ठित परिवार सभक साहित्यिक-सामाजिक योगदानक दीर्घकालिक, विस्तृत दस्तावेजीकरणक प्रतिबद्धता देखबैत अछि।

546. उपेन्द्रनाथ झा ‘व्यास’क पहिल कथा-संग्रहक नाम की?
  • विडम्बना
  • भजना-भजले
  • सन्यासी
  • कोनो नहि
उपेन्द्रनाथ झा ‘व्यास’जीक पहिल कथा-संग्रह ‘विडम्बना’ सन् १९५२ ई.मे प्रकाशित भेल, जाहिमे सात गोट कथा सम्मिलित छल।
547. ‘व्यास’जीक दोसर कथा-संग्रहक नाम आ प्रकाशन-साल की?
  • भजना-भजले, १९८९
  • विडम्बना, १९५२
  • सन्यासी, १९६०
  • कोनो नहि
‘व्यास’जीक दोसर कथा-संग्रह ‘भजना-भजले’ सन् १९८९ ई.मे प्रकाशित भेल।
548. दुनू कथा-संग्रह मिला कऽ ‘व्यास’जी कुल कतेक कथाक सृजन केलनि?
  • सतरह गोट
  • सात गोट
  • पचीस गोट
  • कोनो नहि
‘विडम्बना’ आ ‘भजना-भजले’ दुनू मिला कऽ ‘व्यास’जी कुल सतरह गोट कथाक सृजन केलनि।
549. ‘व्यास’जीक खण्ड-काव्यक नाम की?
  • सन्यासी
  • विडम्बना
  • भजना-भजले
  • कोनो नहि
‘व्यास’जीक खण्ड-काव्यक नाम ‘सन्यासी’ थिक।
550. ‘व्यास’जीक उपन्यासक नाम की?
  • कुमार
  • विडम्बना
  • सन्यासी
  • कोनो नहि
‘व्यास’जीक उपन्यासक नाम ‘कुमार’ थिक।
551. समीक्षक कल्पना झा अनुसार ‘व्यास’जीक कथाक मूल विषय की?
  • सामाजिक विकृति-रूढ़िपर प्रहार आ आचरण-विचारक शुद्धता
  • केवल हास्य
  • ऐतिहासिक युद्ध
  • कोनो नहि
कल्पना झा अनुसार ‘व्यास’जीक कथामे समाजमे व्याप्त विकृति आ रूढ़िपर प्रहार भेल अछि, संगहि आचरण आ विचारक शुद्धता-उच्चतापर बल देल गेल अछि।
552. ४१४म अंकमे ‘विदेहक उपाधि’ कोन अवसरपर देल जाइत अछि?
  • होली
  • छठि
  • दीपावली
  • कोनो नहि
‘विदेहक उपाधि’ होलीक अवसरपर विदेह टीम द्वारा कएल गेल एक मजेदार वार्षिक परम्परा थिक, जाहिमे मैथिली लेखक-पाठककेँ हास्य-व्यंग्यात्मक उपाधि देल जाइत अछि।
553. ‘विदेहक उपाधि’ परम्पराक उद्देश्य की, प्रणव झाक टिप्पणी अनुसार?
  • मैथिली बौद्धिक समुदायकेँ एकठाम संकलित कऽ हास्यपूर्वक सम्मानित करब
  • केवल आलोचना
  • निरर्थक मनोरंजन
  • कोनो नहि
प्रणव झा अनुसार ‘विदेहक उपाधि’ संप्रति मैथिली लिखय-पढ़य बला बौद्धिक लोकक नाम एकठाम संकलित कऽ हास्यपूर्वक सम्मानित करबाक एक मजेदार प्रयोग थिक।
554. ४१४म अंकमे गंगेश गुंजन एहि उपाधि-परम्परापर की मतैक्य रखैत छथि?
  • सामान्यतः नीक मुदा नामकरणमे संयम आवश्यक
  • पूर्ण असहमति
  • पूर्ण समर्थन बिना शर्त
  • कोनो नहि
गंगेश गुंजन एहि उपाधि-परम्परापर सामान्यतः सकारात्मक मत रखैत छथि, मुदा व्यंग्य-विनोदक नामकरणमे संयमक आवश्यकतापर बल दैत छथि।
555. ४१४म अंकमे रमेशजीक टिप्पणीमे कोन सावधानीक सुझाव अछि?
  • कोनो लेखकक लेल अपमानजनक विशेषणक प्रयोग नहि करबाक चाही
  • केवल प्रशंसा देबाक चाही
  • कोनो सावधानी नहि
  • कोनो नहि
रमेशजी सुझाव दैत छथि जे कोनो लेखक — कतेक ‘विक्षिप्त’ वा भिन्न शैलीक होथि — हुनका लेल अपमानजनक विशेषणक प्रयोग नहि करबाक चाही, जे एक सम्मानजनक आलोचना-संस्कृतिक संकेत अछि।
556. कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ धारावाहिक आलेखक ४१४म अंकमे कोन खेप छपल?
  • छठम खेप
  • प्रथम खेप
  • दसम खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक धारावाहिक आलेखक छठम खेप ४१४म अंकमे प्रकाशित भेल।

557. ‘समानान्तर साहित्य’ क सन्दर्भ आलेख अनुसार सभसँ प्राचीन कोन ग्रन्थमे भेटैत अछि?
  • वेद (नाराशंसी)
  • कीर्तिलता
  • धूर्तसमागम
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार समानान्तर साहित्यक सन्दर्भ वेदमे भेटैत अछि, जतय ‘नाराशंसी’ केँ समानान्तर साहित्यक रूपमे निर्दिष्ट कएल गेल अछि।
558. मैथिलीमे समानान्तर साहित्यक आवश्यकता कोन कारणसँ उत्पन्न भेल, आलेख अनुसार?
  • सार्वजनिक आ निजी अकादेमी द्वारा साहित्य आ सम्मानपर निरन्तर आघात
  • विदेशी प्रभाव
  • आर्थिक कारण
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार मैथिलीमे समानान्तर साहित्यक आवश्यकता सार्वजनिक आ निजी अकादेमी द्वारा साहित्य आ मैथिलक मर्यादापर निरन्तर आघातक कारणे उत्पन्न भेल।
559. आलेखमे टी.के. ओमेनक संदर्भ कोन विषयसँ सम्बद्ध अछि?
  • भाषिक विविधता (Linguistic Diversity)
  • कृषि-अर्थशास्त्र
  • नाट्यशास्त्र
  • कोनो नहि
आलेखमे टी.के. ओमेनक १९८८ ई.क ‘Sociology’ ग्रन्थक ‘Linguistic Diversity’ अध्यायक संदर्भ देल गेल अछि, जे भाषिक विविधता आ मान्यताक राजनीतिक पक्षपर केन्द्रित अछि।

560. विदेहक विशेषांक-शृंखला कतेक चरणमे विभाजित अछि?
  • तीन चरण
  • दू चरण
  • पाँच चरण
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार २००८सँ अद्यतन विदेहक विशेषांक-शृंखला तीन चरणमे विभाजित अछि।
561. विशेषांकक प्रथम चरण कोन कालखण्डमे रहल?
  • २००८ सँ जनवरी २०१५ धरि
  • २०१५ सँ अद्यतन
  • २०२० सँ अद्यतन
  • कोनो नहि
प्रथम चरण २००८ सँ जनवरी २०१५ धरि रहल, जाहिमे विषय-आधारित विशेषांक प्रकाशित भेल।
562. विशेषांकक दोसर चरण कोन निर्णयसँ चिन्हित अछि?
  • केवल जीवित लेखकपर विशेषांक प्रकाशित करबाक निर्णय
  • केवल मृत लेखकपर
  • विदेशी लेखकपर
  • कोनो नहि
दोसर चरण (२०१५ सँ अद्यतन) मे मात्र जीवित लेखकपर विशेषांक प्रकाशित करबाक निर्णय लेल गेल, बादमे संस्था आ पत्र-पत्रिकापर सेहो विशेषांक जोड़ल गेल।
563. विशेषांकक तेसर चरणक नाम की?
  • नित नवल सिरीज
  • जीवित लेखक सिरीज
  • समानान्तर सिरीज
  • कोनो नहि
तेसर चरण ‘नित नवल सिरीज’ नामसँ जानल जाइत अछि, जे विदेहक सम्पादक द्वारा हालक वर्षमे आरम्भ कएल गेल।
564. विदेहक हर विशेषांकमे कतेक ‘स्तर/स्वाद’ राखल जाइत अछि?
  • पाँच स्तर
  • तीन स्तर
  • दस स्तर
  • कोनो नहि
विदेहक हर विशेषांकमे पाँच स्तर/स्वाद राखल जाइत अछि — पत्रिका-विशेषांक, आलोचनात्मक पोथी, शोध-ग्रंथ, साहित्य अकादमी-सन मोनोग्राफ, आ सभसँ विरल पाँचम स्तर।
565. ‘मिथिला विकास परिषद्, कोलकाता’ विशेषांकक घोषणा कहिया भेल छल?
  • जुलाई २०२३
  • जनवरी २०१५
  • २०२०
  • कोनो नहि
‘मिथिला विकास परिषद्’ विशेषांकक घोषणा जुलाई २०२३ मे भेल छल।
566. ४०८म अंकसँ पहिने विदेह कुल कतेक विशेषांक प्रकाशित कऽ चुकल छल?
  • ३४ टा
  • दस टा
  • सय टा
  • कोनो नहि
४०८म (मिथिला विकास परिषद्) विशेषांकसँ पहिने विदेह ३४ टा विशेषांक प्रकाशित कऽ चुकल छल।
567. विदेहक अंक मूलतः कोन तीन लिपिमे प्रकाशित होइत छल, से एहि आलेखमे फेर पुष्टि भेल?
  • नागरी, तिरहुता आ ब्रेल
  • केवल नागरी
  • केवल अंग्रेजी
  • कोनो नहि
आलेखमे फेर पुष्टि कएल गेल जे विदेहक सभ अंक मूलतः नागरी, तिरहुता आ ब्रेल लिपिमे प्रकाशित होइत छल।
568. एहि तीन लिपिक अतिरिक्त विदेहक कतेक अंक कोन-कोन अन्य लिपिमे सेहो प्रकाशित भेल?
  • कैथी, नेवाड़ी, IPA, रंजना, ब्राह्मी, खरोष्ठी सहित किछु अंक
  • केवल एक अन्य लिपि
  • कोनो अन्य लिपि नहि
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार विदेहक किछु अंक कैथी, नेवाड़ी, आइ.पी.ए. लिपि, रंजना (नेवारीक एक रूप), ब्राह्मी आ खरोष्ठी लिपिमे सेहो प्रकाशित भेल — जे एकर लिपि-विविधताक प्रतिबद्धता आओर विस्तृत रूपमे देखबैत अछि।
569. विदेहक पुरान अंक कतय क्रमबद्ध रूपें संरक्षित अछि?
  • विदेहक आफिशियल साइट आ archive.org
  • केवल एक स्थानपर
  • कतहु नहि
  • कोनो नहि
विदेहक हर अंक विदेहक आफिशियल साइट आ archive.org पर क्रमबद्ध तरीकासँ संरक्षित अछि।

570. ४११म अंकपर टिप्पणी के देलनि?
  • प्रणव कुमार झा
  • आशीष अनचिन्हार
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
४११म अंक (अर्थात् ४१०म अंकपर टिप्पणी) प्रणव कुमार झा देलनि।
571. ४१०म अंकमे राज किशोर मिश्रक कविताक नाम की?
  • पूर्णिमा
  • पाँच बरख सिवानमे
  • सहस्रशीर्षा
  • कोनो नहि
राज किशोर मिश्रक कविताक नाम ‘पूर्णिमा’ थिक, जे चन्द्रमाक सुन्दरता आ अमावस-पूनमक चक्रपर आधारित अछि।
572. प्रमोद झा ‘गोकुल’क खिस्साक नाम की, जे ग्राम-देवताक आस्थापर केन्द्रित अछि?
  • जय गोड़ैया बाबा!
  • हिजड़ा
  • पाइक इज्जत
  • कोनो नहि
प्रमोद झा ‘गोकुल’क खिस्सा ‘जय गोड़ैया बाबा!’ सुदूर गामक किसान सभक मध्य व्याप्त ग्राम-देवताक आस्था आ पैसाक प्रसंगकेँ इंगित करैत अछि।
573. कुमार मनोज कश्यपक लघुकथाक नाम की, जे कूड़ा बिननिहार समाजपर अछि?
  • यथावत
  • प्राथमिकता
  • सुरक्षित
  • कोनो नहि
कुमार मनोज कश्यपक लघुकथाक नाम ‘यथावत’ थिक, जे अति गरीब कूड़ा बिननिहार समाजक स्थितिपर प्रकाश दैत अछि।
574. प्रणव कुमार झा अपन पेशासँ की छथि, स्वयंक हस्ताक्षर अनुसार?
  • अनुभाग अधिकारी, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड, नई दिल्ली
  • केवल लेखक
  • शिक्षक
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झा अनुभाग अधिकारी, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड, नई दिल्लीमे कार्यरत छथि।

575. महाकवि चंदा झाक जन्म कहिया भेल?
  • १८३१ ई.
  • १८४१ ई.
  • १८२१ ई.
  • कोनो नहि
महाकवि चंदा झाक जन्म १८३१ ई.मे पिंडारुच (दरभंगा) मे भेल।
576. महाकवि चंदा झाक देहान्त कहिया भेल?
  • १९०७ ई.
  • १९१७ ई.
  • १८९७ ई.
  • कोनो नहि
महाकवि चंदा झाक देहान्त १९०७ ई.मे भेल।
577. चंदा झाक मुख्य कृतिक नाम की?
  • मिथिला भाषा रामायण
  • कीर्तिलता
  • वर्णरत्नाकर
  • कोनो नहि
चंदा झाक मुख्य कृति ‘मिथिला भाषा रामायण’ (१८९२) थिक।
578. ४१२म अंकमे ‘चंदा झा बनाम ग्रियर्सन’ शीर्षक आलेखक रचनाकार के छथि?
  • आचार्य रामानंद मंडल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रणव झा
  • कोनो नहि
‘महाकवि चंदा झा बनाम भाषाविद ग्रियर्सन’ आलेख आचार्य रामानंद मंडल, सीतामढ़ी द्वारा लिखल गेल।
579. एहि आलेखक केन्द्रीय भाषिक प्रश्न की?
  • अशोक वाटिकामे सीता संग वार्ता-भाषा (मिथिला भाषा) बनाम मानुषी भाषा (मैथिली)क पहिचान
  • केवल व्याकरण-नियम
  • ऐतिहासिक तिथि
  • कोनो नहि
आलेखक केन्द्रीय प्रश्न अछि जे रामायणक अशोक वाटिका-प्रसंगमे उल्लिखित ‘मिथिला भाषा’ आ ‘मानुषी भाषा’ (मैथिली) क पहिचान आ सम्बन्ध की थिक — एक भाषिक-ऐतिहासिक बहस।
580. ४१२म अंकमे प्रणव कुमार झाक लघुकथाक नाम की?
  • जतय मोन ततै हम
  • यथावत
  • पूर्णिमा
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झाक लघुकथाक नाम ‘जतय मोन ततै हम’ थिक।
581. ‘जतय मोन ततै हम’ कथाक मूल नैतिक सीख की?
  • शारीरिक उपस्थिति नहि, मनक भावना मृत्युक न्यायमे महत्त्वपूर्ण मानल जाइत अछि
  • केवल भाग्यक खेल
  • धन-सम्पत्तिक महत्त्व
  • कोनो नहि
कथाक मूल सीख अछि जे यम-न्यायमे व्यक्तिक शारीरिक स्थान नहि, बल्कि मृत्युक क्षण ओकर मनमे की भावना छल, सेहो महत्त्वपूर्ण मानल जाइत अछि — दुनू मित्रक भाग्य ओहि अनुसार बदलि जाइत अछि।
582. ४१२म अंकमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ आलेखक कोन खेपमे एक आरोपक चर्चा अछि?
  • चारिम खेप — ‘तन्त्रनाथ-दग्ध’ कवि होएबाक आरोप
  • प्रथम खेप
  • अन्तिम खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक आलेखक चारिम खेपमे उपेन्द्र नाथ झा ‘व्यास’पर ‘तन्त्रनाथ-दग्ध’ कवि होएबाक ऐतिहासिक आरोपक प्रसंगक चर्चा अछि, जे एक पुरान साहित्यिक विवाद थिक।

583. आचार्य रामानंद मंडलक आलेखक शीर्षक की?
  • महर्षि परशुराम के सीता से बिआह प्रस्ताव
  • चंदा झा बनाम ग्रियर्सन
  • कोनो नहि
  • विदेहक उपाधि
आचार्य रामानंद मंडलक आलेखक शीर्षक ‘महर्षि परशुराम के सीता से बिआह प्रस्ताव’ थिक।
584. एहि आलेखक तुलनात्मक अध्ययन कोन दू ग्रन्थक बीच अछि?
  • वाल्मीकि रामायण आ तुलसीदासक रामचरितमानस
  • कीर्तिलता आ धूर्तसमागम
  • कोनो नहि
  • महाभारत आ रामायण
आलेखमे महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण आ संत तुलसीदास कृत रामचरितमानसमे सीता-विवाह प्रसंगमे परशुरामक प्रवेशक तुलनात्मक अध्ययन कएल गेल अछि।
585. आलेखक केन्द्रीय विषय की?
  • धनुष-भंगक बाद परशुरामक यज्ञशालामे प्रवेशक प्रसंगक भिन्न ग्रन्थमे भिन्न चित्रण
  • केवल भाषिक विश्लेषण
  • ऐतिहासिक तिथि
  • कोनो नहि
आलेखक केन्द्रीय विषय अछि जे शिव-धनुष भंगक बाद परशुरामक यज्ञशालामे प्रवेशक प्रसंगकेँ वाल्मीकि आ तुलसीदास भिन्न-भिन्न ढंगसँ चित्रित करैत छथि।
586. ४१३म अंकमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ धारावाहिक आलेखक कोन खेप छपल?
  • पाँचम खेप
  • प्रथम खेप
  • दसम खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक धारावाहिक आलेखक पाँचम खेप ४१३म अंकमे प्रकाशित भेल।
587. ४१३म अंकमे परमानन्द लाल कर्णक धारावाहिक रचनाक नाम की?
  • तीर्थक्षेत्रक माहात्म्य
  • विदेहक उपाधि
  • शाहीन बाग
  • कोनो नहि
परमानन्द लाल कर्णक धारावाहिक रचना ‘तीर्थक्षेत्रक माहात्म्य’ क तेसर खेप ४१३म अंकमे प्रकाशित भेल।
588. ‘होलीक अवसरपर विदेहक उपाधि’ परम्पराक स्वर/भाव कोना वर्णित अछि?
  • सकारात्मक कामना संग हास्य-वर्णक्रीड़ा
  • अपमानजनक
  • केवल आलोचनात्मक
  • कोनो नहि
‘विदेहक उपाधि’ प्रत्येक उपाधि-धारणक संग ई कामना जोड़ने अछि जे ओ साहित्यकर्मी सार्थक काज दिस आगाँ बढ़थि — ई एक सकारात्मक, हास्य-वर्णक्रीड़ात्मक वार्षिक परम्परा थिक।
589. ४१३म अंकपर टिप्पणी के देलनि?
  • आशीष अनचिन्हार
  • प्रणव कुमार झा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
४१२म अंकपर टिप्पणी आशीष अनचिन्हार देलनि, जाहिमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ आलेख-शृंखलाक प्रशंसा छल।

590. ४२६म अंकमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • १४म खेप
  • ६म खेप
  • दसम खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक धारावाहिक आलेखक १४म खेप ४२६म अंकमे प्रकाशित भेल।
591. ४२६म अंकमे हितनाथ झाक ‘तारानाथ झा’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • छठम खेप
  • १४म खेप
  • प्रथम खेप
  • कोनो नहि
हितनाथ झाक धारावाहिक आलेखक छठम खेप ४२६म अंकमे प्रकाशित भेल।
592. ४२६म अंकमे डा. धनाकर ठाकुरक कथाक नाम की?
  • ई की केलहुँ
  • चाणक्य
  • जीवनक आनन्द
  • कोनो नहि
डा. धनाकर ठाकुरक कथाक नाम ‘ई की केलहुँ’ थिक।
593. ४२६म अंकमे डॉ. आभा झाक रचनाक नाम की?
  • चाणक्य
  • ई की केलहुँ
  • जीवनक आनन्द
  • कोनो नहि
डॉ. आभा झाक रचनाक नाम ‘चाणक्य’ थिक।
594. ४२७म अंकपर मन्तव्य देनिहार प्रणव कुमार झा कोन दू धारावाहिक स्तम्भक उल्लेख करैत छथि?
  • उपेन्द्र नाथ झा व्यास आ तारानाथ झा सम्बन्धी आलेख
  • केवल एक स्तम्भ
  • कोनो स्तम्भ नहि
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झा अपन मन्तव्यमे उपेन्द्र नाथ झा ‘व्यास’ आ तारानाथ झा सम्बन्धी दुनू धारावाहिक आलेखक प्रशंसा करैत छथि।
595. ४२७म अंकपर आशीष अनचिन्हार केकर लघुकथाक प्रशंसा करैत छथि?
  • कुमार मनोज काश्यपक ‘साँझक भोर’
  • कल्पना झा
  • प्रणव कुमार झा
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हार कुमार मनोज काश्यपक लघुकथा ‘साँझक भोर’ (अंक ४२५मे प्रकाशित) क मार्मिकताक प्रशंसा करैत छथि।

596. विदेहक ४२८म अंक केकरापर विशेषांक थिक?
  • पं. भवनाथ झा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विद्यापति
  • कोनो नहि
विदेहक ४२८म अंक पं. भवनाथ झापर एक विशेषांक थिक।
597. पं. भवनाथ झा कोन-कोन विषयक विद्वान मानल जाइत छथि?
  • पुरातत्व, इतिहास, संस्कृत, धर्मशास्त्र, मैथिली लिपि आ पाण्डुलिपि
  • केवल साहित्य
  • केवल राजनीति
  • कोनो नहि
पं. भवनाथ झा पुरातत्व, इतिहास, संस्कृत, धर्मशास्त्र, साहित्य, मैथिली लिपि आ पाण्डुलिपि शास्त्रक प्रामाणिक विद्वान मानल जाइत छथि।
598. विजय देव झाक अंग्रेजी आलेखक शीर्षक की?
  • Pandit with MacBook and Manuscripts
  • Pandit and the Digital Age
  • कोनो नहि
  • Traditional Scholar Today
विजय देव झाक अंग्रेजी आलेखक शीर्षक ‘Pandit with MacBook and Manuscripts’ थिक, जे परम्परागत पण्डित आ आधुनिक तकनीकक संगमक प्रतीक रूपें भवनाथ झाकेँ चित्रित करैत अछि।
599. भवनाथ झाक साक्षात्कार के लेलनि?
  • कल्पना झा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रणव कुमार झा
  • कोनो नहि
भवनाथ झाक साक्षात्कार कल्पना झा लेलनि।
600. डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक आलेखक केन्द्रीय विषय की?
  • भवनाथ झाकेँ ‘पाण्डुलिपि विज्ञान’क मानव धरोहरक रूपमे प्रस्तुत करब
  • केवल जीवनी
  • नाटक-समीक्षा
  • कोनो नहि
डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक संस्मरण-आलोचना मिश्रित निबन्ध भवनाथ झाकेँ पाण्डुलिपि विज्ञानक एक जीवित मानव धरोहरक रूपमे प्रस्तुत करैत अछि।
601. भवनाथ झाक एक सामाजिक-सांस्कृतिक आलोचनात्मक रचनाक शीर्षक की?
  • गहबरक बाटपर संघारामक पाखंड
  • ई की केलहुँ
  • चाणक्य
  • कोनो नहि
भवनाथ झाक एक रचनाक शीर्षक ‘गहबरक बाटपर संघारामक पाखंड’ थिक, जे समाज-संस्कृतिपर हुनकर आलोचनात्मक दृष्टि देखबैत अछि।
602. ४२८म अंकपर मन्तव्य देनिहार जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ भवनाथ झाकेँ कोन-कोन उपाधिसँ सम्बोधित करैत छथि?
  • साहित्यकार, संपादक, धर्मशास्त्र आ कर्मकाण्डक विद्वान, पुरातत्वविद, पाण्डुलिपि शास्त्रक ज्ञाता
  • केवल कवि
  • केवल नाटककार
  • कोनो नहि
जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ भवनाथ झाकेँ साहित्यकार, संपादक, धर्मशास्त्र-कर्मकाण्डक विद्वान, पुरातत्वविद आ पाण्डुलिपि शास्त्रक गंभीर शोधकर्ताक रूपमे सम्बोधित करैत छथि।
603. भवनाथ झा विशेषांकक चयन कहिया विदेहकेँ ज्ञात भेल, अजित कुमार झाक मन्तव्य अनुसार?
  • १६ अगस्त २०२५
  • १ जनवरी २०२५
  • १५ जून २०२५
  • कोनो नहि
अजित कुमार झा अनुसार विदेह विशेषांक लेल भवनाथ झाक नाम १६ अगस्त २०२५ केँ ज्ञात भेल।

604. ४२९म अंकमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • १६म खेप
  • १४म खेप
  • अन्तिम खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक धारावाहिक आलेखक १६म खेप ४२९म अंकमे प्रकाशित भेल।
605. ४२९म अंकमे हितनाथ झाक ‘तारानाथ झा’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • आठम खेप
  • छठम खेप
  • दसम खेप
  • कोनो नहि
हितनाथ झाक धारावाहिक आलेखक आठम खेप ४२९म अंकमे प्रकाशित भेल।
606. ४२९म अंकमे डॉ. आभा झाक रचनाक नाम की?
  • माटिक सुवास
  • चाणक्य
  • ई की केलहुँ
  • कोनो नहि
डॉ. आभा झाक रचनाक नाम ‘माटिक सुवास’ थिक।
607. ४२९म अंकमे आशीष अनचिन्हारक रचनाक नाम की?
  • मोट साहित्य
  • परोसिन
  • माटिक सुवास
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक रचनाक नाम ‘मोट साहित्य’ थिक।
608. ४२९म अंकमे लालदेव कामतक पौराणिक बालकथाक नाम की?
  • मौसरी धुपाधुप
  • चन्द्रहास
  • परोसिन
  • कोनो नहि
लालदेव कामतक पौराणिक बालकथाक नाम ‘मौसरी धुपाधुप’ थिक।
609. ४२९म अंकमे प्रमोद झा ‘गोकुल’क रचनाक नाम की?
  • परोसिन
  • माटिक सुवास
  • मोट साहित्य
  • कोनो नहि
प्रमोद झा ‘गोकुल’क रचनाक नाम ‘परोसिन’ थिक।

610. ४३०म अंकपर टिप्पणी के देलनि?
  • ग्रुप कॅप्टन (डॉ) वी एन झा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • आशीष अनचिन्हार
  • कोनो नहि
ग्रुप कॅप्टन (डॉ) वी एन झा ४३०म अंकपर टिप्पणी देलनि, जाहिमे विदेह सम्पादनक बहुवर्षीय योगदानक प्रशंसा छल।
611. ४३१म अंकमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • १८म खेप
  • १६म खेप
  • २०म खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक धारावाहिक आलेखक १८म खेप ४३१म अंकमे प्रकाशित भेल।
612. ४३१म अंकमे लालदेव कामतक लघुकथाक नाम की?
  • जूडो कराटे
  • बुढ़ापाक जिनगी
  • मायक लाल
  • कोनो नहि
लालदेव कामतक लघुकथाक नाम ‘जूडो कराटे’ थिक।
613. ४३१म अंकमे परमानन्द लाल कर्णक रचनाक नाम की?
  • बुढ़ापाक जिनगी
  • जूडो कराटे
  • मायक लाल
  • कोनो नहि
परमानन्द लाल कर्णक रचनाक नाम ‘बुढ़ापाक जिनगी’ थिक।
614. ४३२म अंकमे सुभाष कुमार कामतक रचनाक नाम की?
  • चर्चित गाम नौआबाखर
  • मायक लाल
  • अगों आ वन्देमातरम
  • कोनो नहि
सुभाष कुमार कामतक रचनाक नाम ‘चर्चित गाम नौआबाखर’ थिक।
615. ४३२म अंकमे लालदेव कामतक कतेक लघुकथा छपल?
  • दू (अगों आ वन्देमातरम)
  • एक
  • तीन
  • कोनो नहि
लालदेव कामतक दू लघुकथा ‘अगों’ आ ‘वन्देमातरम’ ४३२म अंकमे प्रकाशित भेल।

616. ४३३म अंकमे ग्रुप कॅप्टन (डॉ) वी एन झाक आलेखक विषय की?
  • जोशीमठमे भू-धसान आ ओकर मानवीय पक्ष
  • साहित्य-समीक्षा
  • नाटक
  • कोनो नहि
ग्रुप कॅप्टन (डॉ) वी एन झाक आलेख ‘जोशीमठ में भू-धसान आ ओकर मानवीय पक्ष’ शीर्षकसँ छल — एक प्राकृतिक-आपदा सम्बन्धी विश्लेषणात्मक रचना।
617. ४३३म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक रचनाक नाम की?
  • बाबाक दरबारमे
  • एक नव सफर
  • वैदेही
  • कोनो नहि
रबीन्द्र नारायण मिश्रक रचनाक नाम ‘बाबाक दरबारमे’ थिक।
618. ४३३म अंकमे डॉ. सुमन मिश्रक रचनाक नाम की?
  • वैदेही
  • एक नव सफर
  • बाबाक दरबारमे
  • कोनो नहि
डॉ. सुमन मिश्रक रचनाक नाम ‘वैदेही’ थिक।
619. ४३४म अंकमे आचार्य रामानंद मंडलक आलेख केकरापर अछि?
  • जननायक कर्पूरी ठाकुर
  • भवनाथ झा
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
आचार्य रामानंद मंडलक आलेख बिहारक प्रसिद्ध राजनेता जननायक कर्पूरी ठाकुरपर अछि।
620. ४३४म अंकमे लालदेव कामतक रचनाक नाम की?
  • अक्षय पात्रके रचनाकार
  • जूडो कराटे
  • चर्चित गाम नौआबाखर
  • कोनो नहि
लालदेव कामतक रचनाक नाम ‘अक्षय पात्रके रचनाकार’ थिक।
621. ४३४म अंकमे हितनाथ झाक ‘तारानाथ झा’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • १३म खेप
  • १०म खेप
  • ११म खेप
  • कोनो नहि
हितनाथ झाक धारावाहिक आलेखक १३म खेप ४३४म अंकमे प्रकाशित भेल।

622. ४३५म अंकपर टिप्पणी के देलनि?
  • अरुण मिश्र (PhD, जॉर्जिया, अमेरिका)
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • आशीष अनचिन्हार
  • कोनो नहि
अरुण मिश्र (PhD, जॉर्जिया, अमेरिकासँ) ४३५म अंकपर टिप्पणी देलनि।
623. ४३६म अंकमे कल्पना झाक ‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ आलेखक कोन खेप छपल?
  • २३म खेप
  • १८म खेप
  • २५म खेप
  • कोनो नहि
कल्पना झाक धारावाहिक आलेखक २३म खेप ४३६म अंकमे प्रकाशित भेल।
624. ४३६म अंकपर आशीष अनचिन्हार केकर आलेखक प्रशंसा करैत छथि?
  • प्रीति कुमारी
  • कल्पना झा
  • हितनाथ झा
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हार प्रीति कुमारीक आलेखक दूनू भाग पढ़ि प्रशंसा करैत छथि, हुनका एक नीक लेखिकाक रूपमे विदेह लग आएल कहैत छथि।
625. ४३७म अंकमे प्रणव कुमार झाक रचनाक नाम की?
  • रंगा सियार रिटर्न
  • विदेहक उपाधि
  • कोनो नहि
  • अक्षय पात्रके रचनाकार
प्रणव कुमार झाक रचनाक नाम ‘रंगा सियार रिटर्न’ थिक।
626. ४३७म अंकमे होली उपाधि कोन सालक लेल घोषित भेल?
  • २०२६
  • २०२५
  • २०२४
  • कोनो नहि
‘विदेहक होली उपाधि- 2026’ ४३७म अंकमे घोषित भेल, जे एहि वार्षिक परम्पराक निरन्तरता देखबैत अछि।

627. ४३७म अंकपर मन्तव्यमे प्रणव कुमार झा होली-उपाधि परम्परा संग कोन-कोन क्षेत्रकेँ जोड़ल कहैत छथि?
  • समसामयिक मैथिली साहित्य, कला, मीडिया, सोशल मीडिया
  • केवल साहित्य
  • केवल राजनीति
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झा अनुसार विदेहक होली उपाधि एक यूनिक प्रयोग थिक, जे समसामयिक मैथिली साहित्य, कला, मीडिया आ सोशल मीडियासँ जुड़ल लोककेँ एकठाम सूत्रबद्ध करैत अछि।
628. ४३७म अंकपर मन्तव्य देनिहार लोकमे के-के सम्मिलित छथि?
  • राम शंकर झा, मणिकांत झा, लक्ष्मण झा सागर, कल्पना झा
  • केवल एक व्यक्ति
  • विदेशी पाठक मात्र
  • कोनो नहि
राम शंकर झा, मणिकांत झा, लक्ष्मण झा ‘सागर’ आ कल्पना झा (पटना आ बोकारो दुनू ठामसँ) ४३७म अंकपर मन्तव्य देलनि।
629. विदेहक अंक ४३८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल, प्रणव कुमार झाक मन्तव्य अनुसार?
  • १५ मार्च २०२६
  • १ मार्च २०२६
  • १ अप्रैल २०२६
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झाक मन्तव्य अनुसार ‘विदेह’ अंक ४३८ १५ मार्च २०२६ केँ प्रकाशित भेल।
630. ४३८म अंकक संग विदेहक कोन परिवर्तनक उल्लेख प्रणव कुमार झा करैत छथि?
  • नव वेबलुक
  • नव सम्पादक
  • नव नाम
  • कोनो नहि
प्रणव कुमार झा ४३८म अंकक संग विदेहक नव वेबलुकक उल्लेख करैत छथि।
631. ४३८म अंकपर आशीष अनचिन्हार के-के नव/पुनरागत लेखकक स्वागत करैत छथि?
  • मयंकजी आ प्रीति कुमारी
  • केवल एक लेखक
  • विदेशी लेखक
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हार मयंकजीक पुनरागमन आ प्रीति कुमारीक शोधात्मक लेखक स्वागत करैत छथि।
632. ४३९म अंकसँ कल्पना झा केकरापर नव धारावाहिक आलेख-शृंखला आरम्भ केलीह?
  • श्रीकान्त ठाकुर ‘विद्यालंकार’
  • उपेन्द्र नाथ झा व्यास
  • तारानाथ झा
  • कोनो नहि
४३९म अंकसँ कल्पना झा ‘मैथिली साहित्यमे श्रीकान्त ठाकुर विद्यालंकार एवं हुनक परिवारक योगदान’ शीर्षक नव धारावाहिक आलेख-शृंखलाक प्रथम खेप आरम्भ केलीह।
633. एहि नव शृंखलाक आरम्भ की देखबैत अछि विदेहक सम्पादकीय परम्पराक विषयमे?
  • मिथिलाक प्रतिष्ठित परिवार सभक योगदान-दस्तावेजीकरणक निरन्तरता
  • ठहराव
  • अन्त
  • कोनो नहि
‘उपेन्द्र नाथ झा व्यास’ शृंखलाक समापनक बाद तुरत ‘श्रीकान्त ठाकुर विद्यालंकार’ शृंखलाक आरम्भ विदेहक मिथिलाक प्रतिष्ठित परिवार सभक योगदान-दस्तावेजीकरणक निरन्तर सम्पादकीय परम्पराकेँ देखबैत अछि।

634. विदेहक २७५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ जून २०१९
  • १५ मई २०१९
  • १ जुलाई २०१९
  • कोनो नहि
विदेहक २७५म अंक १ जून २०१९ (वर्ष १२ मास १३८) केँ प्रकाशित भेल।
635. २७५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक रचनाक नाम की?
  • आमक गाछी
  • समयसँपहिनेचेतकिसान
  • हारलचेहराजीतलरूप
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक रचनाक नाम ‘आमक गाछी’ थिक।
636. विदेहक हाइकू विशेषांक कोन अंक-संख्यापर आ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल छल, स्रोतक सूची अनुसार?
  • १२म अंक, १५ जून २००८
  • ५०म अंक, १ जनवरी २०१०
  • १म अंक, १ जनवरी २००८
  • कोनो नहि
विदेहक हाइकू विशेषांक १२म अंकक रूपमे १५ जून २००८ केँ प्रकाशित भेल छल, जे एकर तिरहुता संस्करण संगहि उपलब्ध छल।
637. विदेहक पुरान अंक डाउनलोड करबाक लेल कोन फॉर्मेटमे उपलब्ध अछि, संग्रह-सूची अनुसार?
  • .pdf फॉर्मेट
  • केवल .doc
  • केवल वेब-पेज
  • कोनो नहि
विदेह आर्काइवमे पुरान अंक .pdf फॉर्मेटमे डाउनलोड लेल उपलब्ध अछि, संगहि तिरहुता संस्करण सेहो अलग फाइलमे देल जाइत अछि।

638. विदेहक २८५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ नवम्बर २०१९
  • १ दिसम्बर २०१९
  • १५ नवम्बर २०१९
  • कोनो नहि
विदेहक २८५म अंक १ नवम्बर २०१९ (वर्ष १२ मास १४३) केँ प्रकाशित भेल।
639. २८५म अंकमे उमेश मण्डल जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन कृतिपर आलेख लिखलनि?
  • गीतांजलि
  • अर्द्धांगिनी
  • सतभैंया पोखैर
  • कोनो नहि
उमेश मण्डल जगदीश प्रसाद मण्डलक कृति ‘गीतांजलि’ पर आलेख लिखलनि।
640. २८५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम की?
  • समयसँपहिनेचेतकिसान
  • आमक गाछी
  • हारलचेहराजीतलरूप
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम ‘समयसँपहिनेचेतकिसान’ थिक।
641. २८५म आ २९५म अंक दुनूमे कोन-कोन रचनाकार नियमित रूपें छपैत रहलाह?
  • प्रदीप पुष्प, उमेश मण्डल, आशीष अनचिन्हार, जगदीश प्रसाद मण्डल
  • केवल एक रचनाकार
  • विदेशी रचनाकार
  • कोनो नहि
प्रदीप पुष्प (गजल), उमेश मण्डल (समीक्षा), आशीष अनचिन्हार (गजल) आ जगदीश प्रसाद मण्डल (लघुकथा) — ई चारि रचनाकार दुनू अंकमे नियमित रूपें छपैत रहलाह।
642. विदेहक २९५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ अप्रैल २०२०
  • १ मार्च २०२०
  • १५ अप्रैल २०२०
  • कोनो नहि
विदेहक २९५म अंक १ अप्रैल २०२० (वर्ष १३ मास १४८) केँ प्रकाशित भेल।
643. २९५म अंकमे उमेश मण्डल जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन कथा-संग्रहपर आलेख लिखलनि?
  • अर्द्धांगिनी
  • गीतांजलि
  • सतभैंया पोखैर
  • कोनो नहि
उमेश मण्डल जगदीश प्रसाद मण्डलक कथा-संग्रह ‘अर्द्धांगिनी’ पर आलेख लिखलनि।
644. २९५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम की?
  • हारलचेहराजीतलरूप
  • समयसँपहिनेचेतकिसान
  • आमक गाछी
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथाक नाम ‘हारलचेहराजीतलरूप’ थिक।
645. एहि तीन अंकक (२७५, २८५, २९५) क्रमबद्ध जगदीश प्रसाद मण्डल-सम्बद्ध सामग्री की देखबैत अछि?
  • विदेहमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कृति-समीक्षाक निरन्तर शृंखला
  • कोनो सम्बद्धता नहि
  • एकहि बेरक प्रसंग
  • कोनो नहि
एहि तीन अंकक सामग्री देखबैत अछि जे विदेहमे जगदीश प्रसाद मण्डलक रचना आ कृति-समीक्षा (उमेश मण्डल द्वारा) क एक निरन्तर शृंखला महीनों धरि चलैत रहल।

646. विदेहक ३१०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ नवम्बर २०२०
  • १ नवम्बर २०२०
  • १ दिसम्बर २०२०
  • कोनो नहि
विदेहक ३१०म अंक १५ नवम्बर २०२० (वर्ष १३ मास १५५) केँ प्रकाशित भेल।
647. ३१०म अंकमे योगेन्द्र पाठक वियोगीक नाटक ‘नरक विजय’ क कोन खेप छपल?
  • तेसर खेप
  • प्रथम खेप
  • दसम खेप
  • कोनो नहि
योगेन्द्र पाठक वियोगीक धारावाहिक नाटक ‘नरक विजय’ क तेसर खेप ३१०म अंकमे छपल।
648. ३१०म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक उपन्यास ‘लजकोटर’ क कोन खेप छपल?
  • १०म खेप
  • तेसर खेप
  • अन्तिम खेप
  • कोनो नहि
रबीन्द्र नारायण मिश्रक धारावाहिक उपन्यास ‘लजकोटर’ क १०म खेप ३१०म अंकमे छपल।
649. ३१०म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक धारावाहिक उपन्यास ‘आमक गाछी’ क कोन खेप छपल?
  • तेसर खेप
  • १०म खेप
  • प्रथम खेप
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक धारावाहिक उपन्यास ‘आमक गाछी’ क तेसर खेप ३१०म अंकमे छपल।
650. ३१०म अंकमे नन्द विलास रायक बीहनि कथाक नाम की?
  • हमरे पार्टीक लोक
  • सघन बन
  • असरा
  • कोनो नहि
नन्द विलास रायक बीहनि कथाक नाम ‘हमरे पार्टीक लोक’ थिक।
651. ३१०म अंकमे मुन्नाजीक बीहनि कथाक नाम की?
  • असरा
  • सघन बन
  • हमरे पार्टीक लोक
  • कोनो नहि
मुन्नाजीक बीहनि कथाक नाम ‘असरा’ थिक।

652. विदेहक ३२०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अप्रैल २०२१
  • १ अप्रैल २०२१
  • १ मई २०२१
  • कोनो नहि
विदेहक ३२०म अंक १५ अप्रैल २०२१ (वर्ष १४ मास १६०) केँ प्रकाशित भेल।
653. ३२०म अंक केकरापर श्रद्धांजलि-विशेषांक थिक?
  • रामलोचन ठाकुर
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • भवनाथ झा
  • कोनो नहि
विदेहक ३२०म अंक रामलोचन ठाकुरपर एक श्रद्धांजलि-विशेषांक थिक।
654. ३२०म अंकमे महेन्द्र हजारीक श्रद्धांजलि-आलेखक शीर्षक की?
  • से छथि रामलोचन
  • रामलोचन हमर प्रेरणा
  • अनचिन्हार लेल रामलोचन ठाकुर
  • कोनो नहि
महेन्द्र हजारीक आलेखक शीर्षक ‘से छथि रामलोचन’ थिक।
655. ३२०म अंकमे विनोद कुमार झाक श्रद्धांजलि-आलेखक शीर्षक की?
  • राम लोचन हमर प्रेरणा
  • से छथि रामलोचन
  • रामलोचन ठाकुरक झिझिरकोना
  • कोनो नहि
विनोद कुमार झाक आलेखक शीर्षक ‘राम लोचन हमर प्रेरणा’ थिक।
656. ३२०म अंकमे बिनय भूषणक श्रद्धांजलि-आलेखक शीर्षक की?
  • रामलोचन ठाकुरक झिझिरकोना आ...
  • अनचिन्हार लेल रामलोचन ठाकुर
  • राम लोचन प्रसंग
  • कोनो नहि
बिनय भूषणक आलेखक शीर्षक ‘रामलोचन ठाकुरक झिझिरकोना आ...’ थिक।
657. ३२०म अंकमे आशीष अनचिन्हारक श्रद्धांजलि-आलेखक शीर्षक की?
  • अनचिन्हार लेल रामलोचन ठाकुर
  • से छथि रामलोचन
  • राम लोचन हमर प्रेरणा
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक आलेखक शीर्षक ‘अनचिन्हार लेल रामलोचन ठाकुर’ थिक।
658. ३२०म अंकमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क श्रद्धांजलि-आलेखक शीर्षक की?
  • राम लोचन ठाकुर प्रसंग
  • से छथि रामलोचन
  • झिझिरकोना
  • कोनो नहि
जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क आलेखक शीर्षक ‘राम लोचन ठाकुर प्रसंग’ थिक।
659. ३२०म अंकक श्रद्धांजलि-विशेषांकमे कुल कतेक गोटे रामलोचन ठाकुरपर आलेख लिखलनि?
  • छह गोटे
  • दस गोटे
  • तीन गोटे
  • कोनो नहि
३२०म अंकक श्रद्धांजलि-विशेषांकमे महेन्द्र हजारी, नारायणजी, विनोद कुमार झा, बिनय भूषण, आशीष अनचिन्हार आ जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ — कुल छह गोटे रामलोचन ठाकुरपर आलेख लिखलनि।
660. ३१०म आ ३२०म अंक दुनूमे गजेन्द्र ठाकुरक कोन प्रतियोगी-परीक्षा-सामग्री निरन्तर प्रकाशित होइत रहल?
  • संघ/बिहार लोक सेवा आयोग परीक्षाक मैथिली सामग्री
  • केवल कथा
  • केवल पद्य
  • कोनो नहि
गजेन्द्र ठाकुरक ‘संघ लोक सेवा आयोग/बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल मैथिली’ सामग्री ३१०म आ ३२०म अंक दुनूमे निरन्तर प्रकाशित होइत रहल, जे एकर दीर्घकालिक धारावाहिक प्रकृति देखबैत अछि।

661. विदेहक १६५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ नवम्बर २०१४
  • १५ नवम्बर २०१४
  • १ दिसम्बर २०१४
  • कोनो नहि
विदेहक १६५म अंक १ नवम्बर २०१४ (वर्ष ७ मास ८३) केँ प्रकाशित भेल।
662. १६५म अंकमे आशीष अनचिन्हार केकर कृति ‘मैथिली साहित्यिक इतिहास’क सन्दर्भ दैत छथि?
  • मायानंद मिश्र
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • जयकान्त मिश्र
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हार मायानंद मिश्रक ‘मैथिली साहित्यिक इतिहास’ क सन्दर्भ दैत छथि।
663. १६५म अंकमे डॉ. अरुण कुमार सिंहक आलेखक विषय की?
  • सतसठि साला कौशिकी (मिथिला)क लेखा-जोखा
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
डॉ. अरुण कुमार सिंहक आलेख ‘सतसठि साला कौशिकी (मिथिला)क लेखा-जोखा’ शीर्षकसँ छल — कोशी नदीक ६७ सालक बाढ़ि-चक्रक विश्लेषण।
664. १६५म अंकमे डॉ. शिव कुमार प्रसादक रचनाक नाम की?
  • सखारी-पेटारी केर तानी-भरनी
  • समधीन
  • दियादी डाह
  • कोनो नहि
डॉ. शिव कुमार प्रसादक रचनाक नाम ‘सखारी-पेटारी केर तानी-भरनी’ थिक।
665. १६५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक रचनाक नाम की?
  • समधीन
  • दियादी डाह
  • सखारी-पेटारी
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक रचनाक नाम ‘समधीन’ थिक।

666. विदेहक १७५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ अप्रैल २०१५
  • १५ अप्रैल २०१५
  • १ मई २०१५
  • कोनो नहि
विदेहक १७५म अंक १ अप्रैल २०१५ (वर्ष ८ मास ८८) केँ प्रकाशित भेल।
667. १७५म अंकमे डॉ. श्रीमोहन झाक आलेखक विषय की?
  • मिथिलाक इतिहास
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
डॉ. श्रीमोहन झाक आलेख ‘मिथिलाक इतिहास’ विषयपर छल।
668. १७५म अंकमे राजदेव मण्डल ‘रमण’क लघुकथाक नाम की?
  • दियादी डाह
  • समधीन
  • सखारी-पेटारी
  • कोनो नहि
राजदेव मण्डल ‘रमण’क लघुकथाक नाम ‘दियादी डाह’ थिक।
669. १७५म अंकमे राजेन्द्र कुमार प्रधानक आलेखक विषय की?
  • २१म शताब्दीक पहिल दशकक मैथिली उपन्यासमे राजनीतिक चेतना
  • नाटक
  • पद्य
  • कोनो नहि
राजेन्द्र कुमार प्रधानक आलेख ‘२१म शताब्दीक पहिल दशकक मैथिली उपन्यासमे राजनीतिक चेतना/जगदीश प्रसाद मण्डलक उपन्यासमे समकालीन चेतना’ विषयपर छल।
670. १७५म अंकमे बीणा प्रसादक रचनाक नाम की?
  • निर्मलीक गीत
  • दियादी डाह
  • सखारी-पेटारी
  • कोनो नहि
बीणा प्रसादक रचनाक नाम ‘निर्मलीक गीत’ थिक।
671. १७५म अंकमे ‘समकालीन चेतनाक सम्वाहक :: अर्द्धांगिनी’ शीर्षक आलेख कोन प्रकारक सामग्री अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक कृति ‘अर्द्धांगिनी’ पर समीक्षा
  • एकटा बाल कविता
  • एकटा प्रवास-वृत्तान्त
  • एकटा गजल-संग्रह
ई शीर्षक जगदीश प्रसाद मण्डलक कृति ‘अर्द्धांगिनी’ पर समीक्षात्मक आलेखक रूपमे देल अछि।

672. विदेहक १९५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ फरबरी २०१६
  • १५ फरबरी २०१६
  • १ मार्च २०१६
  • कोनो नहि
विदेहक १९५म अंक १ फरबरी २०१६ (वर्ष ९ मास ९८) केँ प्रकाशित भेल।
673. १९५म अंकमे कामिनी कामायनीक यात्रा-वृत्तान्तक नाम की?
  • सेयाम रेयापक स्वर्णिम अतीत
  • पिरामिडक देश मे
  • नोम्पेंह
  • कोनो नहि
कामिनी कामायनीक यात्रा-वृत्तान्त ‘सेयाम रेयापक स्वर्णिम अतीत’ शीर्षकसँ छल — कम्बोडियाक सिएम रिएप क्षेत्रपर आधारित।
674. १९५म अंकमे मुन्नाजीक विहनि कथाक नाम की?
  • सेल्फी
  • असरा
  • सघन बन
  • कोनो नहि
मुन्नाजीक प्रेम विहनि कथाक नाम ‘सेल्फी’ थिक।
675. १९५म अंकमे आशीष अनचिन्हारक आलोचनात्मक आलेखक नाम की?
  • गाम के अधिकारी तोहे बड़का भैया हो
  • नाटक-समीक्षा
  • पद्य-समालोचना
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक आलोचनात्मक आलेखक नाम ‘गाम के अधिकारी तोहे बड़का भैया हो’ थिक।
676. १९५म अंकमे अब्दुर रज्जाकक विहनि कथाक विषय की?
  • प्रेम आ राजनैतिक विषय (बहुविधा)
  • केवल हास्य
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
अब्दुर रज्जाक दू टा प्रेम विहनि कथा आ एक टा राजनैतिक विहनि कथा लिखलनि।

677. विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०१० केकरा भेटल?
  • श्री गोविन्द झा
  • रमानन्द रेणु
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • कोनो नहि
विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०१० श्री गोविन्द झाकेँ समग्र योगदान लेल भेटल।
678. विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०११ केकरा भेटल?
  • श्री रमानन्द रेणु
  • श्री गोविन्द झा
  • राजनन्दन लाल दास
  • कोनो नहि
विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०११ श्री रमानन्द रेणुकेँ समग्र योगदान लेल भेटल।
679. २०११ क मूल पुरस्कार जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ कोन कृति लेल भेटल?
  • गामक जिनगी
  • तरेगन
  • नै धारैए
  • कोनो नहि
२०११ क मूल पुरस्कार जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ हुनक कथा संग्रह ‘गामक जिनगी’ लेल भेटल।
680. २०१२ क विदेह भाषा सम्मान फेलो पुरस्कार केकरा भेटल?
  • श्री राजनन्दन लाल दास
  • गोविन्द झा
  • रमानन्द रेणु
  • कोनो नहि
२०१२ क विदेह भाषा सम्मान फेलो पुरस्कार श्री राजनन्दन लाल दासकेँ समग्र योगदान लेल भेटल।
681. २०१२ क मूल पुरस्कार श्री राजदेव मण्डलकेँ कोन कृति लेल भेटल?
  • अम्बरा (कविता संग्रह)
  • तरेगन
  • गामक जिनगी
  • कोनो नहि
२०१२ क मूल पुरस्कार श्री राजदेव मण्डलकेँ हुनक कविता संग्रह ‘अम्बरा’ लेल भेटल।
682. २०१३ क मूल पुरस्कार बेचन ठाकुरकेँ कोन कृति लेल भेटल?
  • बेटीक अपमान आ छीनरदेवी (नाटक संग्रह)
  • अम्बरा
  • निश्तुकी
  • कोनो नहि
२०१३ क मूल पुरस्कार बेचन ठाकुरकेँ हुनक नाटक संग्रह ‘बेटीक अपमान आ छीनरदेवी’ लेल भेटल।
683. २०१३ क युवा पुरस्कार उमेश मण्डलकेँ कोन कृति लेल भेटल?
  • निश्तुकी (कविता संग्रह)
  • अम्बरा
  • अर्चिस
  • कोनो नहि
२०१३ क युवा पुरस्कार उमेश मण्डलकेँ हुनक कविता संग्रह ‘निश्तुकी’ लेल भेटल।
684. २०१४ क अनुवाद पुरस्कार विनीत उत्पलकेँ कोन कृतिक अनुवाद लेल भेटल?
  • मोहनदास (उदय प्रकाशक हिन्दी उपन्यासक मैथिली अनुवाद)
  • पद्मानदीक माझी
  • ययाति
  • कोनो नहि
२०१४ क अनुवाद पुरस्कार विनीत उत्पलकेँ उदय प्रकाशक हिन्दी उपन्यास ‘मोहनदास’क मैथिली अनुवाद लेल भेटल।
685. २०१४ क मूल पुरस्कार नन्द विलास रायकेँ कोन कृति लेल भेटल?
  • सखारी पेटारी (लघु कथा संग्रह)
  • निश्तुकी
  • अनचिन्हार आखर
  • कोनो नहि
२०१४ क मूल पुरस्कार नन्द विलास रायकेँ हुनक लघु कथा संग्रह ‘सखारी पेटारी’ लेल भेटल।
686. २०१४ क युवा पुरस्कार आशीष अनचिन्हारकेँ कोन कृति लेल भेटल?
  • अनचिन्हार आखर (गजल संग्रह)
  • सखारी पेटारी
  • नै धारैए
  • कोनो नहि
२०१४ क युवा पुरस्कार आशीष अनचिन्हारकेँ हुनक गजल संग्रह ‘अनचिन्हार आखर’ लेल भेटल।
687. २०१२ क अनुवाद पुरस्कार रामलोचन ठाकुरकेँ कोन बांग्ला उपन्यासक अनुवाद लेल भेटल?
  • पद्मानदीक माझी (मानिक बंद्योपाध्याय)
  • ययाति
  • मोहनदास
  • कोनो नहि
२०१२ क अनुवाद पुरस्कार रामलोचन ठाकुरकेँ मानिक बंद्योपाध्यायक बांग्ला उपन्यास ‘पद्मानदीक माझी’क मैथिली अनुवाद लेल भेटल।

688. विदेहक २१५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ दिसम्बर २०१६
  • १५ दिसम्बर २०१६
  • १ जनवरी २०१७
  • कोनो नहि
विदेहक २१५म अंक १ दिसम्बर २०१६ (वर्ष ९ मास १०८) केँ प्रकाशित भेल।
689. २१५म अंकक सम्पादकीय अनुसार विदेह कहिया दसम वर्षमे प्रवेश करत?
  • १ जनवरी २०१७
  • १ दिसम्बर २०१६
  • १ जनवरी २०१८
  • कोनो नहि
सम्पादकीय अनुसार विदेहक १ जनवरी २०१७ केर अंक निकलिते विदेह दसम वर्षमे प्रवेश कऽ जाएत।
690. दसम वर्ष प्रवेशक अवसरपर विदेह कोन नव कार्यक्रम प्रकाशित करबाक निर्णय लेलक?
  • गीत-संगीतक एलबमक समीक्षा
  • केवल कथा
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
दसम वर्ष प्रवेशक अवसरपर विदेह गीत-संगीतक एलबमक समीक्षा आदि प्रकाशित करबाक निर्णय लेलक।
691. सन् २०१५ मे विदेह कतेक विशेषांक तीन साहित्यकारपर प्रकाशित केलक?
  • तीन टा
  • दस टा
  • एक टा
  • कोनो नहि
सम्पादकीय अनुसार सन् २०१५ मे विदेह तीन टा विशेषांक तीन साहित्यकारपर प्रकाशित केलक।
692. विदेहक विशेषांक-नीतिक मापदण्ड की निर्धारित भेल?
  • सालमे दू टा विशेषांक जीवित साहित्यकार (६०-७० वर्ष वा बेसी उमेरक) पर
  • सालमे दस विशेषांक
  • केवल मृत साहित्यकारपर
  • कोनो नहि
विशेषांक-नीतिक मापदण्ड निर्धारित भेल जे सालमे दू टा विशेषांक जीवित साहित्यकारपर रहत, जाहिमे एकटा ६०-७० वा ओहिसँ बेसी उमेरक साहित्यकारपर होएत।
693. २१५म अंकमे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक आलेखक विषय की?
  • मैथिली लोक परम्परामे नाथ जोगी राजा भरथरी आ गोपीचंद
  • नाटक-समीक्षा
  • पद्य-समालोचना
  • कोनो नहि
डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक आलेख ‘मैथिली लोक परम्परामे नाथ जोगी राजा भरथरी आ गोपीचंद’ शीर्षकसँ छल — एक लोक-धार्मिक परम्पराक विश्लेषण।
694. २१५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कतेक उपन्यासक तेसर संस्करण प्रकाशित भेल?
  • तीन (जिनगीक जीत, उत्थान-पतन, मौलाइल गाछक फूल)
  • एक
  • पाँच
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक तीन उपन्यास — जिनगीक जीत, उत्थान-पतन, आ मौलाइल गाछक फूल — क तेसर संस्करण २१५म अंकमे एकहि बेर प्रकाशित भेल।

695. विदेहक २२५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ मई २०१७
  • १५ मई २०१७
  • १ जून २०१७
  • कोनो नहि
विदेहक २२५म अंक १ मई २०१७ (वर्ष १० मास ११३) केँ प्रकाशित भेल।
696. २२५म अंकमे प्रणव झाक रचनाक नाम की?
  • सदाचार क तावीज (मैथिली लघु नाटिका)
  • समधीन
  • दियादी डाह
  • कोनो नहि
प्रणव झाक रचनाक नाम ‘सदाचार क तावीज’ थिक, जे एक मैथिली लघु नाटिका थिक।
697. २२५म अंकमे राजदेव मण्डलक कतेक बीहैन कथा छपल?
  • दू
  • एक
  • पाँच
  • कोनो नहि
राजदेव मण्डलक दू बीहैन कथा २२५म अंकमे प्रकाशित भेल।
698. २२५म अंकमे रबीन्द्र नारायण मिश्रक रचनाक विधा की?
  • दू निबन्ध आ एक यात्रा वृत्तान्त
  • केवल कविता
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
रबीन्द्र नारायण मिश्रक रचनामे दू निबन्ध आ एक यात्रा वृत्तान्त सम्मिलित अछि।
699. २२५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कतेक गोट लघु कथा छपल?
  • तीन
  • दू
  • पाँच
  • कोनो नहि
जगदीश प्रसाद मण्डलक तीन गोट लघु कथा २२५म अंकमे प्रकाशित भेल।
700. २२५म अंकमे नन्द विलास रायक कतेक लघु कथा छपल?
  • दू
  • एक
  • तीन
  • कोनो नहि
नन्द विलास रायक दू लघु कथा २२५म अंकमे प्रकाशित भेल।

701. विदेहक १८५म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १ सितम्बर २०१५
  • १५ सितम्बर २०१५
  • १ अक्टूबर २०१५
  • कोनो नहि
विदेहक १८५म अंक १ सितम्बर २०१५ (वर्ष ८ मास ९३) केँ प्रकाशित भेल।
702. १८५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कथा-संग्रहक नाम की?
  • गामक शकल-सूरत
  • जिनगीक जीत
  • उत्थान-पतन
  • कोनो नहि
१८५म अंकमे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघु कथा-संग्रह ‘गामक शकल-सूरत’ प्रकाशित भेल।
703. ‘गामक शकल-सूरत’ संग्रहमे कुल कतेक कथा सम्मिलित अछि?
  • सतहत्तर (७७) कथा
  • दस कथा
  • पचास कथा
  • कोनो नहि
‘गामक शकल-सूरत’ संग्रहमे ‘कथाक सत्तैर’ शीर्षकसँ कुल सतहत्तर (७७) कथाक सूची देल गेल अछि।
704. ‘गामक शकल-सूरत’ संग्रहक एक कथाक नाम की?
  • ठकुआएल भुसवा
  • समधीन
  • दियादी डाह
  • कोनो नहि
‘गामक शकल-सूरत’ संग्रहक एक कथाक नाम ‘ठकुआएल भुसवा’ थिक।
705. ‘गामक शकल-सूरत’ संग्रहक एक आर कथाक नाम की?
  • चापाकलक पाइप
  • सघन बन
  • असरा
  • कोनो नहि
‘गामक शकल-सूरत’ संग्रहक एक आर कथाक नाम ‘चापाकलक पाइप’ थिक।

706. विदेहक ३५५म अंकमे साहित्य अकादेमीक मैथिली एसोसियेशन-सूचीमे कतेक परिवर्तन भेल, स्रोत अनुसार?
  • दू टा हटाओल गेल, तीन टा नव जोड़ल गेल
  • कोनो परिवर्तन नहि
  • दस टा जोड़ल गेल
  • कोनो नहि
स्रोत अनुसार साहित्य अकादेमी मैथिलीक दू टा एसोसियेशनकेँ अपन सूचीसँ हटा देलक आ तीन टा गएर-साहित्यिक एसोसियेशन आर जोड़ि देलक।
707. साहित्य अकादेमीक मैथिली एसोसियेशन-सूचीमे ‘चेतना समिति’ कतय अवस्थित अछि?
  • विद्यापति भवन, विद्यापति मार्ग, पटना
  • दरभंगा
  • कोलकाता
  • कोनो नहि
साहित्य अकादेमीक सूची अनुसार ‘चेतना समिति’ विद्यापति भवन, विद्यापति मार्ग, पटनामे अवस्थित अछि।
708. साहित्य अकादेमीक मैथिली एसोसियेशन-सूचीमे ‘मिथिला सांस्कृतिक परिषद’ कतय अवस्थित अछि?
  • कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
  • दरभंगा
  • पटना
  • कोनो नहि
साहित्य अकादेमीक सूची अनुसार ‘मिथिला सांस्कृतिक परिषद’ कोलकाता (पश्चिम बंगाल) मे अवस्थित अछि।
709. विदेहक ३५६म अंकमे २०२२ क साहित्यक नोबेल पुरस्कारक कोन घोषणाक उल्लेख अछि?
  • एनी एर्नौ (फ्रांसीसी लेखिका, ८२ बर्ख)
  • विद्यापति
  • रवीन्द्रनाथ ठाकुर
  • कोनो नहि
३५६म अंकमे उल्लेख अछि जे स्वेडिश एकेडमी ८२ बर्खक फ्रांसीसी लेखिका एनी एर्नौकेँ सन् २०२२ क साहित्यक नोबेल पुरस्कार देबाक घोषणा केलक।
710. स्वेडिश एकेडमी एनी एर्नौक घोषणासँ पहिने ट्वीटमे केकर उल्लेख केने छल, ३५६म अंक अनुसार?
  • रवीन्द्रनाथ ठाकुर
  • विद्यापति
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कोनो नहि
३५६म अंक अनुसार स्वेडिश एकेडमी एनी एर्नौक घोषणासँ पहिने एकटा ट्वीटमे रवीन्द्रनाथ ठाकुरक उल्लेख केने छल।
711. विदेहक ३५७म अंक केकरापर विशेषांक थिक?
  • प्रेमलता मिश्र ‘प्रेम’
  • शरदिन्दु चौधरी
  • भवनाथ झा
  • कोनो नहि
विदेहक ३५७म अंक प्रेमलता मिश्र ‘प्रेम’पर विशेषांक थिक।
712. विदेहक ३५८म अंक केकरापर विशेषांक थिक?
  • शरदिन्दु चौधरी
  • प्रेमलता मिश्र ‘प्रेम’
  • नरेन्द्र झा
  • कोनो नहि
विदेहक ३५८म अंक शरदिन्दु चौधरीपर विशेषांक थिक।
713. ३५८म अंकक सम्पादकीय अनुसार विदेहक जीवित रचनाकारपर विशेषांकक महत्त्व साहित्य अकादेमी आदिक सम्मानसँ कोना तुलनित कएल गेल?
  • बेशी महत्त्वपूर्ण कहल गेल
  • कम महत्त्वपूर्ण
  • समान महत्त्वक
  • कोनो नहि
३५८म अंकक सम्पादकीय अनुसार साहित्य अकादेमी, ललित कला अकादेमी आ संगीत नाटक-अकादेमीक सम्मान/पुरस्कारसँ बेशी महत्त्वपूर्ण विदेहक जीवित रचनाकारपर विशेषांक कहल गेल अछि।

714. विदेहक ३५९म अंकमे ‘First Time for Maithili’ शीर्षक सूचना केकर सम्बन्धमे अछि?
  • डियोरामा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल
  • साहित्य अकादेमी पुरस्कार
  • विदेह सम्मान
  • कोनो नहि
‘First Time for Maithili’ सूचना डियोरामा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवलमे मैथिलीक पहिल बेर सहभागिताक सम्बन्धमे अछि।
715. डियोरामा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल कतय आयोजित भेल?
  • इंस्टिटूटो सर्वांतेस, नई दिल्ली
  • मुम्बई
  • पटना
  • कोनो नहि
डियोरामा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल इंस्टिटूटो सर्वांतेस, हनुमान मन्दिर रोड, कनॉट प्लेस, नई दिल्लीमे आयोजित भेल।
716. एहि आलेखमे राजदेव मण्डलक कोन कविता-संग्रहक उल्लेख अछि?
  • अम्बरा
  • निश्तुकी
  • अनचिन्हार आखर
  • कोनो नहि
एहि आलेखमे राजदेव मण्डलक कविता-संग्रह ‘अम्बरा’ क उल्लेख अछि।
717. ३५९म अंकक अंग्रेजी आलेखमे राजदेव मण्डलकेँ कोन दू रूपमे प्रस्तुत कएल गेल अछि?
  • कवि आ उपन्यासकार
  • केवल कवि
  • केवल नाटककार
  • कोनो नहि
आलेखक शीर्षक ‘RAJDEO MANDAL- THE POET, THE NOVELIST’ अनुसार राजदेव मण्डलकेँ कवि आ उपन्यासकार दुनू रूपमे प्रस्तुत कएल गेल अछि।

718. ३६१म अंकमे ज्योतिरीश्वर ठाकुरक नाटक ‘धूर्तसमागम’ क रचना-काल की?
  • तेरहम शताब्दी
  • दसम शताब्दी
  • सोलहम शताब्दी
  • कोनो नहि
ज्योतिरीश्वर ठाकुरक नाटक ‘धूर्तसमागम’ तेरहम शताब्दीमे रचल गेल, जे संस्कृत आ मैथिली दुनूमे उपलब्ध अछि।
719. ३६२म अंकमे ‘१११म सगर राति दीप जरय’ कोन स्थानपर सम्पन्न भेल?
  • रहुआ संग्राम
  • मधुबनी शहर
  • दरभंगा
  • कोनो नहि
३६२म अंक अनुसार १११म ‘सगर राति दीप जरय’ रहुआ संग्राममे सम्पन्न भेल।
720. साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (मैथिली) २०२२ क जूरीमे के-के सम्मिलित छलीह?
  • डॉ सविता झा सोनी, डॉ मित्रनाथ झा, श्रीमती नीरजा रेणु
  • केवल एक जूरी सदस्य
  • विदेशी जूरी
  • कोनो नहि
साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार (मैथिली) २०२२ क तीन जूरी डॉ सविता झा सोनी, डॉ मित्रनाथ झा आ श्रीमती नीरजा रेणु छलीह।

721. ‘मैथिली संकेत लिपि’ केकर लेल बनल अछि?
  • मूक-वधिर (बहिरा-गूँगा) जन
  • केवल दृष्टिबाधित जन
  • केवल विदेशी
  • कोनो नहि
मैथिली संकेत लिपि मूक-वधिर जनक लेल सांकेतिक भाषाक रूपमे बनल अछि।
722. अमेरिकाक संकेत भाषाक संक्षिप्त नाम की?
  • ASL (American Sign Language)
  • BSL
  • ISL
  • कोनो नहि
अमेरिकाक संकेत भाषाक संक्षिप्त नाम ASL (American Sign Language) थिक।
723. भारतक संकेत लिपिक संक्षिप्त नाम की?
  • ISL (Indian Sign Language)
  • ASL
  • BSL
  • कोनो नहि
भारतक संकेत लिपिक संक्षिप्त नाम ISL (Indian Sign Language) थिक।
724. भारतक संकेत लिपि कोन संस्था द्वारा विकसित कएल गेल?
  • Indian Sign Language Research and Training Centre
  • NCERT एकमात्र
  • विदेह
  • कोनो नहि
भारतक संकेत लिपि (ISL) Indian Sign Language Research and Training Centre द्वारा विकसित कएल गेल।
725. NCERT कतेक भाषामे संकेत लिपिक वीडियो जारी केने अछि?
  • २२ भाषा
  • दस भाषा
  • पाँच भाषा
  • कोनो नहि
NCERT २२ भाषामे संकेत लिपिक वीडियो जारी केने अछि, जाहिमे मैथिली, नेपाली, मराठी आ तमिल सेहो सम्मिलित अछि।
726. मैथिली संकेत लिपि भारतमे कोन-कोन लिपिमे प्रदर्शित कएल जा सकैत अछि, आलेख अनुसार?
  • देवनागरी, मिथिलाक्षर
  • केवल देवनागरी
  • केवल रोमन
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार मैथिली (देवनागरी, मिथिलाक्षर) संकेत लिपि भारतीय इण्डिक स्क्रिप्टक माध्यमसँ ब्रिटिश साइन लैंगुएज पद्धतिसँ बेशी नीकसँ प्रदर्शित कएल जा सकैत अछि।
727. मैथिली संकेत लिपि वीडियोक एक विशेषता की कहल गेल अछि?
  • ध्वनि सेहो सम्मिलित अछि, जे दृष्टि-बाधित लोककेँ सेहो उपयोगी
  • केवल मूक वीडियो
  • केवल पाठ
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार एहि वीडियोमे ध्वनि सेहो सम्मिलित अछि, जे मूक-वधिरक अतिरिक्त दृष्टि-बाधित लोककेँ सेहो उपयोगी बनबैत अछि।

728. ३६७म अंकमे रामचन्द्र राय ‘प्रसिद्ध रामू सर’क कथा-संग्रहक नाम की?
  • सपना साकार
  • सपनाक संसार
  • सपनाक उड़ान
  • कोनो नहि
रामचन्द्र राय ‘प्रसिद्ध रामू सर’क कथा-संग्रहक नाम ‘सपना साकार’ थिक।
729. समीक्षक अनुसार ‘सपना साकार’ संग्रहक श्रेष्ठ दीर्घकथा कोन-कोन छथि?
  • निरवासित जीवन आ बुधनी माइक बेथा
  • तोहीं जितलेँ हमहीं हारलौं
  • केवल एक
  • कोनो नहि
समीक्षक अनुसार ‘सपना साकार’ संग्रहक श्रेष्ठ दीर्घकथा ‘निरवासित जीवन’ आ ‘बुधनी माइक बेथा’ छथि।
730. ३६९म अंकमे ‘अशोक’क पहिल प्रकाशित पोथीक नाम की?
  • चक्रव्यूह (कविता संग्रह)
  • सपना साकार
  • अनचिन्हार आखर
  • कोनो नहि
‘अशोक’क पहिल प्रकाशित पोथी ‘चक्रव्यूह’ नामक एक कविता संग्रह थिक।
731. ‘अशोक’ अपनाकेँ अब केहन परिचयसँ बजाबैत छथि?
  • कथाकार अशोक
  • कवि अशोक
  • नाटककार अशोक
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार अशोक अपनाकेँ आब ‘कथाकार अशोक’ कहैत छथि, जे हुनकर फेसबुक प्रोफाइलक नामो थिक।
732. आलेखमे प्रेमचन्दक कथा-लेखनक संख्याक उल्लेख कोन सन्दर्भमे भेल अछि?
  • मूलधाराक लेखकमे कम लिखबाक फैशनक आलोचना
  • प्रशंसा
  • कोनो नहि
  • विवाद
आलेखमे प्रेमचन्दक तीन सय कथाक संदर्भ देल गेल अछि, जे मूलधाराक लेखकमे आजुक कम-लिखबाक फैशनक आलोचनात्मक तुलनाक रूपमे प्रस्तुत कएल गेल अछि।

733. विदेहक ३७२म अंकमे कोन-कोन एआइ अनुवाद-उपकरणक उल्लेख अछि, जे मैथिलीक समर्थन करैत अछि?
  • गूगल बार्ड, गूगल ट्रान्सलेट, चैट जी.पी.टी., माइक्रोसॉफ्ट बिंग ट्रान्सलेट
  • केवल एक उपकरण
  • विदेशी उपकरण नहि
  • कोनो नहि
३७२म अंक अनुसार गूगल बार्ड, गूगल ट्रान्सलेट, चैट जी.पी.टी. (जी.पी.टी.-४) आ माइक्रोसॉफ्ट बिंग ट्रान्सलेट सन एआइ उपकरण मैथिलीक समर्थन करैत अछि।
734. गूगल ट्रान्सलेटक मैथिली लिंकमे ‘sl’ आ ‘tl’ पैरामीटरक भाव की?
  • सोर्स भाषा आ टार्गेट भाषा
  • केवल भाषा-नाम
  • कोनो भाव नहि
  • विशेष कोड
गूगल ट्रान्सलेट URL मे ‘sl’ (source language) आ ‘tl’ (target language) पैरामीटरक माध्यमसँ भाषा निर्दिष्ट कएल जाइत अछि — मैथिलीक कोड ‘mai’ अछि।

735. AI4Bharat क मैथिली अनुवाद मॉडल IndicTrans2 कहिया लॉन्च भेल?
  • २६ मई २०२३
  • १ जनवरी २०२०
  • १५ अगस्त २०२२
  • कोनो नहि
AI4Bharat क मैथिली Version 2 अनुवाद मॉडल IndicTrans2, २६ मई २०२३ केँ लॉन्च भेल।
736. AI4Bharat क ‘निलेकणी सेन्टर’ कहिया लॉन्च भेल?
  • २८ जुलाई २०२२
  • २६ मई २०२३
  • १ जनवरी २०२०
  • कोनो नहि
AI4Bharat क निलेकणी सेन्टर २८ जुलाई २०२२ केँ लॉन्च भेल।
737. AI4Bharat कोन भारतीय शिक्षण संस्थासँ सम्बद्ध अछि?
  • IIT मद्रास
  • IIT दिल्ली
  • IIT बम्बई
  • कोनो नहि
AI4Bharat IIT मद्राससँ सम्बद्ध अछि।

738. ३७६म अंक अनुसार विदेहक विशेषांक-शृंखला कोन-कोन वर्गक व्यक्तिपर केन्द्रित अछि?
  • जीवित लेखक-सम्पादक, आन्दोलनी, सार्वजनिक जीवन जीनिहार, कला-संगीत-रंगमंचकर्मी
  • केवल राजनेता
  • केवल विदेशी
  • कोनो नहि
विदेहक विशेषांक-शृंखला जीवित लेखक-सम्पादक, आन्दोलनी, सार्वजनिक जीवन जीनिहार, कला-संगीत-रंगमंचकर्मी आ रंगमंच-निर्देशकपर केन्द्रित अछि।
739. ३७६म अंक अनुसार ‘नित नवल’ शृंखलाक पहिल विशेषांक केकरापर छल?
  • सुभाष चन्द्र यादव
  • अरविन्द ठाकुर
  • रामलोचन ठाकुर
  • कोनो नहि
‘नित नवल’ शृंखलाक पहिल विशेषांक सुभाष चन्द्र यादवपर छल।
740. ३७६म अंकमे सूचीबद्ध विशेषांकमे कोन संस्थापर विशेषांक सम्मिलित अछि?
  • मिथिला स्टूडेण्ट यूनियन (एम.एस.यू.)
  • केवल व्यक्ति-विशेषांक
  • विदेशी संस्था
  • कोनो नहि
३७६म अंकमे सूचीबद्ध विशेषांकमे मिथिला स्टूडेण्ट यूनियन (एम.एस.यू.) पर एक विशेषांक सम्मिलित अछि।
741. ३७६म अंकमे ‘कला-विमर्श विशेषांक’ केकर सन्दर्भमे अछि?
  • संजू दास, कृष्ण कुमार कश्यप, शशिबाला, एस.सी.सुमन आ श्वेता झा चौधरी
  • केवल एक कलाकार
  • विदेशी कलाकार
  • कोनो नहि
कला-विमर्श विशेषांक संजू दास, कृष्ण कुमार कश्यप, शशिबाला, एस.सी.सुमन आ श्वेता झा चौधरीक सन्दर्भमे अछि।

742. झोली पासवानक प्रथम काव्य-संग्रहक नाम की?
  • अक्षय पात्र
  • निश्तुकी
  • अनचिन्हार आखर
  • कोनो नहि
झोली पासवानक प्रथम काव्य-संग्रहक नाम ‘अक्षय पात्र’ थिक।
743. झोली पासवान अपन कविता-संग्रहमे कोन सामाजिक विषयपर चिन्तित छथि?
  • प्रजातंत्रक रीढ़ शिक्षाक दुर्गति
  • केवल प्रेम
  • केवल हास्य
  • कोनो नहि
झोली पासवान अपन काव्य-संग्रहमे प्रजातंत्रक रीढ़ मानल जाइत शिक्षाक दुर्गतिपर चिन्तित छथि, संगहि जंगल कटलासँ होइत पर्यावरणीय अमंगलपर सेहो विचार करैत छथि।

744. ‘कथासरित्सागर’ क मूल स्रोत कोन भाषाक ग्रन्थ मानल जाइत अछि?
  • गुणाढ्यक पैशाची भाषाक वृहत्कथा
  • संस्कृत महाभारत
  • पालि त्रिपिटक
  • कोनो नहि
‘कथासरित्सागर’ (सोमदेव कृत) गुणाढ्यक पैशाची भाषाक वृहत्कथाक अनुवाद/रूपान्तरण मानल जाइत अछि, जे क्षेमेन्द्रक ‘कथामंजरी’ सेहो ओहिसँ सम्बद्ध अछि।
745. मैथिलीसँ अखन धरि सोझे कोन-कोन भाषामे अनुवादक परम्परा रहल अछि, आलेख अनुसार?
  • संस्कृत, बांग्ला, नेपाली, हिन्दी, अंग्रेजी
  • केवल अंग्रेजी
  • केवल हिन्दी
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार मैथिलीसँ सोझे दोसर भाषामे अनुवाद अखन धरि संस्कृत, बांग्ला, नेपाली, हिन्दी आ अंग्रेजी धरि सीमित रहल अछि।

746. बाल साहित्यमे आयु-सीमा की मानल गेल अछि?
  • एक बर्खसँ कम सँ अट्ठारह बर्ख धरि
  • केवल पाँच-दस बर्ख
  • केवल किशोरावस्था
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार बाल साहित्यमे मोटा-मोटी एक बर्खसँ कम उमेरक बच्चासँ लऽ कऽ अट्ठारह बर्खक किशोर धरिक उपयोगक साहित्य सम्मिलित अछि।
747. बाल साहित्य-लेखकसँ कोन वर्तनी-सम्बन्धी अनुरोध कएल गेल अछि?
  • ङ आ ञ क प्रयोग करथि (जेना भाङ, नहि भांग)
  • केवल अनुस्वारक प्रयोग
  • कोनो विशेष नियम नहि
  • कोनो नहि
बाल साहित्य-लेखकसँ अनुरोध कएल गेल अछि जे ङ आ ञ क प्रयोग करथि (जेना भाङ, नहि भांग), जाहिसँ बच्चाकेँ उच्चारण-शिक्षणमे सुविधा हएत।
748. बाल साहित्यमे गद्य आ पद्यमेसँ कोन विधाकेँ बेसी महत्त्व देल गेल अछि?
  • पद्य
  • गद्य
  • दुनू समान
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार बाल साहित्यमे गद्य आ पद्य दुनू महत्त्वपूर्ण अछि, मुदा पद्यकेँ कनेक बेसी महत्त्व देल गेल अछि।
749. शंकराचार्यक प्रसंगमे की किम्वदन्ती उल्लिखित अछि?
  • बाढ़िक समय कमंडलुमे धार भरि लेब आ गुफा तोड़ब
  • युद्ध-विजय
  • विदेश-यात्रा
  • कोनो नहि
किम्वदन्ती अनुसार शंकराचार्य बाढ़िक समय अपन कमंडलुमे धार भरि लेलनि, आ बीचक पहाड़मे फँसल शिष्यकेँ बचेबाक लेल गुफा तोड़बामे सहायता केलनि।
750. बाल साहित्य-समीक्षाशास्त्र आलेखमे आधुनिक तंत्रांश (सॉफ्टवेयर) क कोन तुलना देल गेल अछि?
  • निर्माणकर्तासँ स्वतन्त्र भऽ अन्तर्जालपर काज करब
  • केवल हास्यक विषय
  • कोनो तुलना नहि
  • कोनो नहि
आलेखमे तुलना देल गेल अछि जे कंप्युटर/सूचना-क्रान्तिमे कोनो तंत्रांश (सॉफ्टवेयर) निर्माणकर्ता द्वारा अन्तर्जालपर राखलाक बाद ओहिसँ स्वतन्त्र भऽ अपन काज करैत रहैत अछि।

751. ३८२म अंकमे सिमोन डी. बेवोइरक नारीवादी विचारक केन्द्रीय बिन्दु की उल्लिखित अछि?
  • वर्ग आ जातिकेँ नारीक प्रतिबद्धतामे बाधक मानब
  • केवल आर्थिक स्वतन्त्रता
  • केवल राजनीतिक अधिकार
  • कोनो नहि
आलेखमे सिमोन डी. बेवोइरक विचार उल्लिखित अछि जे ओ नारीक प्रति प्रतिबद्धतामे वर्ग आ जातिकेँ बाधक मानैत छथि, जकर बादक नारीवादी सिद्धान्तकारक एक भागे विरोध केलक।
752. ३८२म अंकमे वर्जीनिया वुल्फक उल्लेख कोन सन्दर्भमे भेल अछि?
  • नारी लेखकक लेल स्वतन्त्र स्थान/कक्षक आवश्यकता
  • केवल उपन्यास-लेखन
  • विदेश-यात्रा
  • कोनो नहि
आलेखमे वर्जीनिया वुल्फक उल्लेख नारी लेखकक लेल स्वतन्त्र स्थानक आवश्यकताक सन्दर्भमे भेल अछि।
753. ३८२म अंकमे शैल झा ‘सागर’क आलेखक शीर्षक की?
  • एकटा पत्र एकटा समीक्षा- किस्त किस्त जीवन
  • नारीवादी सिद्धान्त
  • केवल कविता-समीक्षा
  • कोनो नहि
शैल झा ‘सागर’क आलेखक शीर्षक ‘एकटा पत्र एकटा समीक्षा- किस्त किस्त जीवन’ थिक।

754. दोहा छन्दक प्रथम आ तेसर चरणमे कतेक मात्रा होइत अछि?
  • १३ मात्रा
  • ११ मात्रा
  • १४ मात्रा
  • कोनो नहि
दोहा छन्दक प्रथम आ तेसर चरणमे १३ मात्रा होइत अछि।
755. दोहा छन्दक दोसर आ चारिम चरणमे कतेक मात्रा होइत अछि?
  • ११ मात्रा
  • १३ मात्रा
  • १० मात्रा
  • कोनो नहि
दोहा छन्दक दोसर आ चारिम चरणमे ११ मात्रा होइत अछि।
756. रोला छन्दमे कतेक पाँती आ चरण होइत अछि?
  • चारि पाँती, आठ चरण
  • दू पाँती, चारि चरण
  • एक पाँती, दू चरण
  • कोनो नहि
रोला छन्दमे चारि पाँती आ आठ चरण होइत अछि, जाहिमे पहिल चरणमे ११, दोसरमे १३ मात्रा क्रमशः बदलैत अछि।
757. कुण्डलिया छन्दक संरचना की?
  • दोहा आ रोलाक कुण्डली (मिश्रण)
  • केवल दोहाक पुनरावृत्ति
  • केवल रोलाक विस्तार
  • कोनो नहि
कुण्डलिया दोहा आ रोलाक मिश्रण (कुण्डली) थिक — दोहाक अन्तिम चरणकेँ रोलाक पहिल चरण बना (पुनरावृत्ति) कऽ फेर रोला जोड़ल जाइत अछि।
758. छन्दक मूल दू प्रकार की?
  • मात्रिक आ वार्णिक
  • लघु आ गुरु
  • ह्रस्व आ दीर्घ
  • कोनो नहि
छन्दक मूल दू प्रकार मात्रिक आ वार्णिक अछि।
759. मैथिलीक तेरह स्वर वर्णमे कतेक ह्रस्व अछि?
  • पाँच (अ,इ,उ,ऋ,लृ)
  • आठ
  • दस
  • कोनो नहि
तेरह स्वर वर्णमे पाँच — अ,इ,उ,ऋ,लृ — ह्रस्व मानल जाइत अछि।
760. ‘गुणिताक्षर’ शब्दक भाव की?
  • स्वर वर्ण आ व्यंजन वर्णक संयोगसँ बनल अक्षर
  • केवल स्वर वर्ण
  • केवल व्यंजन वर्ण
  • कोनो नहि
‘गुणिताक्षर’ ओ अक्षर थिक जे स्वर वर्ण व्यंजन वर्णक संग जुड़लापर बनैत अछि (जेना क्+अ=क, क्+आ=का)।

761. भारतमे प्रथम राष्ट्रीय नाट्य उत्सव कहिया आ कोन नाटकसँ प्रारम्भ भेल?
  • १९५६ ई., कालिदासक अभिज्ञान शाकुन्तलम्
  • १९४७ ई.
  • १९२०ई.
  • कोनो नहि
संगीत-नाटक अकादेमी द्वारा १९५६ ई.मे प्रथम राष्ट्रीय नाट्य उत्सवक प्रारम्भ कालिदासक संस्कृत नाटक ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ सँ भेल (गोवा ब्राह्मण सभा द्वारा)।
762. भरतक नाट्यशास्त्र अनुसार नाटकक दू मूल प्रकार की?
  • लोकधर्मी आ नाट्यधर्मी
  • गद्य आ पद्य
  • त्रासदी आ कॉमेडी
  • कोनो नहि
भरतक नाट्यशास्त्र अनुसार नाटकक दू मूल प्रकार लोकधर्मी (ग्राम्य) आ नाट्यधर्मी (शास्त्रीय उक्ति) अछि।
763. ‘लोकधर्मी’ नाट्यक दू उप-प्रकार की?
  • चित्तवृत्यर्पिका आ बाह्यवस्त्वनुकारिणी
  • केवल एक प्रकार
  • विदेशी प्रकार
  • कोनो नहि
लोकधर्मीक दू उप-प्रकार चित्तवृत्यर्पिका (आन्तरिक सुख-दुखक प्रदर्शन) आ बाह्यवस्त्वनुकारिणी (बाह्य वस्तु जेना पोखरि-कमलक अनुकरण) अछि।
764. ‘नाट्यधर्मी’ शैलीक आधार की मानल गेल अछि?
  • लोकधर्म
  • केवल कल्पना
  • विदेशी प्रभाव
  • कोनो नहि
नाट्यधर्मक आधार लोकधर्म मानल गेल अछि — लोकधर्मीकेँ परिष्कृत कएलापर नाट्यधर्मी बनैत अछि।

765. ३८७म अंकमे जुलिया क्रिस्टेवाक सिद्धान्तक उल्लेख कोन सम्बन्धमे अछि?
  • अनुदैर्घ्य आ ऊर्ध्वाधर सम्बन्ध बला धूरी (इंटरटेक्स्चुअलिटी)
  • केवल कविता-शैली
  • ऐतिहासिक तिथि
  • कोनो नहि
आलेखमे जुलिया क्रिस्टेवाक सिद्धान्तक उल्लेख अनुदैर्घ्य आ ऊर्ध्वाधर सम्बन्ध बला धूरीक (इंटरटेक्स्चुअल) अवधारणाक सन्दर्भमे भेल अछि।
766. ३८७म अंकमे जेक्स डेरीडाक सिद्धान्त की कहल गेल अछि?
  • उत्तर-संरचनावाद (विखण्डनात्मक सिद्धान्त)
  • संरचनावाद
  • मार्क्सवाद
  • कोनो नहि
आलेखमे जेक्स डेरीडाक सिद्धान्तकेँ उत्तर-संरचनावाद माने विखण्डनात्मक (डिकंस्ट्रक्शनिस्ट) सिद्धान्त कहल गेल अछि।

767. ‘जे सुनबैए खिस्सा से राज करैए ऐ संसारपर’ — ई कथन कोन कबीलाक लोकोक्ति कहल गेल अछि?
  • होपी अमेरिकी कबीला
  • माया कबीला
  • जुलू कबीला
  • कोनो नहि
ई लोकोक्ति होपी अमेरिकी कबीलाक मानल गेल अछि, जे आलेखक आरम्भमे उद्धृत भेल अछि।
768. ३८८म अंकमे मिशेल फोकोक सिद्धान्तक नाम की?
  • अनुशासन संस्था (Discipline Institution)
  • विखण्डनवाद
  • इंटरटेक्स्चुअलिटी
  • कोनो नहि
आलेखमे मिशेल फोको (Foucault) क सिद्धान्त ‘अनुशासन संस्था’ क उल्लेख अछि।
769. ३८८म अंकमे मनोवैज्ञानिक अवधारणा ‘गैसलाइटिंग’ क उल्लेख कोन सन्दर्भमे भेल अछि?
  • राइटर्स-ब्लॉकक वास्तविक कारणक विश्लेषण
  • केवल मनोरंजन
  • ऐतिहासिक प्रसंग
  • कोनो नहि
आलेखमे ‘गैसलाइटिंग’ क उल्लेख ई विश्लेषण करबाक लेल भेल अछि जे राइटर्स-ब्लॉक सामान्य नहि, बल्कि गैसलाइटिंगक परिणाम छल।

770. ‘स्वप्नसुन्दरी एण्ड द मैजिकल बर्ड्स ऑफ मिथिला’ कोन सालमे प्रकाशित भेल?
  • १९९६
  • २०००
  • १९८५
  • कोनो नहि
‘स्वप्नसुन्दरी एण्ड द मैजिकल बर्ड्स ऑफ मिथिला’ सन् १९९६ मे प्रकाशित भेल।
771. ‘स्वप्नसुन्दरी एण्ड द मैजिकल बर्ड्स ऑफ मिथिला’ क रचनाकार के छथि?
  • गीता धर्मराजन
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रीति ठाकुर
  • कोनो नहि
‘स्वप्नसुन्दरी एण्ड द मैजिकल बर्ड्स ऑफ मिथिला’ क रचनाकार गीता धर्मराजन छथि।
772. एहि बाल-कथाक मुख्य पात्र राजकुमारी स्वप्नसुन्दरीकेँ की पसिन्न छलनि?
  • गाबनिहार चिड़ै
  • धन-सम्पत्ति
  • विदेश-यात्रा
  • कोनो नहि
कथाक मुख्य पात्र मिथिलाक राजकुमारी स्वप्नसुन्दरीकेँ गाबनिहार चिड़ै बड्ड पसिन्न छलनि।
773. कथामे राजकुमारी कोन-कोन प्राणीकेँ चिड़ै बना दैत छलीह?
  • माछ, बकरी आ गाय
  • केवल माछ
  • केवल बकरी
  • कोनो नहि
राजकुमारी अपन जादुई शक्तिसँ माछ, बकरी आ गाय सभकेँ सेहो चिड़ै बना दैत छलीह।
774. कथाक अन्तमे राजकुमारी कोन सामाजिक आदेश दैत छथि?
  • बालक बालिकाक काज सीखत आ बालिका बालकक काज
  • केवल बालकक शिक्षा
  • केवल बालिकाक शिक्षा
  • कोनो नहि
कथाक अन्तमे राजकुमारी आदेश दैत छथि जे बालक सभ बालिकाक काज सीखत आ बालिका सभ बालकक काज, जाहिसँ मिलि-जुलि कऽ आगाँ बढ़बामे सभकेँ नीक लागत।
775. एहि बाल-कथाक मूल सन्देश की कहल जा सकैत अछि?
  • लिंग-समानता आ परस्पर सहयोगक शिक्षा
  • केवल मनोरंजन
  • ऐतिहासिक तथ्य
  • कोनो नहि
एहि बाल-कथाक मूल सन्देश लिंग-समानता आ परस्पर सहयोगक शिक्षा थिक, जे बच्चाकेँ रोचक कथाक माध्यमसँ सामाजिक मूल्य सिखबैत अछि।
776. ३८९म अंकमे आशीष अनचिन्हारक आलेखक शीर्षक की?
  • की तारानंद वियोगीजी मंचपर अप्रमाणिक वाचन करै छथि?
  • फागुन मासक एकादशीक माहात्म्य
  • मैथिली भाषा जिबैत रहत लेकिन केना?
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक आलेखक शीर्षक ‘की तारानंद वियोगीजी मंचपर अप्रमाणिक वाचन करै छथि?’ थिक।

777. गंगेश उपाध्यायक तत्त्वचिन्तामणि कतेक खण्डमे विभाजित अछि?
  • चारि खण्ड
  • दू खण्ड
  • छह खण्ड
  • कोनो नहि
गंगेश उपाध्यायक तत्त्वचिन्तामणि चारि खण्डमे विभाजित अछि — प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान आ शब्द।
778. तत्त्वचिन्तामणिक प्रथम खण्डक नाम की?
  • प्रत्यक्ष (सोझाँ-सोझी)
  • अनुमान
  • उपमान
  • शब्द
तत्त्वचिन्तामणिक प्रथम खण्डक नाम ‘प्रत्यक्ष’ (सोझाँ-सोझी) थिक।
779. तत्त्वचिन्तामणिक दोसर खण्डक नाम की?
  • अनुमान
  • प्रत्यक्ष
  • उपमान
  • शब्द
तत्त्वचिन्तामणिक दोसर खण्डक नाम ‘अनुमान’ थिक।
780. तत्त्वचिन्तामणिक तेसर खण्डक नाम की, आ ओकर भाव की?
  • उपमान (तुलना केनाइ)
  • अनुमान
  • शब्द
  • प्रत्यक्ष
तत्त्वचिन्तामणिक तेसर खण्डक नाम ‘उपमान’ थिक, जकर भाव तुलना केनाइ अछि।
781. तत्त्वचिन्तामणिक चारिम खण्डक नाम की, आ ओकर भाव की?
  • शब्द (मौखिक गवाही)
  • प्रत्यक्ष
  • अनुमान
  • उपमान
तत्त्वचिन्तामणिक चारिम खण्डक नाम ‘शब्द’ थिक, जकर भाव मौखिक गवाही अछि।
782. तत्त्वचिन्तामणिक प्रथम खण्डक आरम्भ कोन देवताक आह्वानसँ होइत अछि?
  • त्रिमूर्ति शिव
  • विष्णु
  • ब्रह्मा
  • कोनो नहि
तत्त्वचिन्तामणिक प्रथम खण्डक आरम्भ त्रिमूर्ति शिवक आह्वानसँ होइत अछि, जे आह्वानक विषयपर दार्शनिक चर्चासँ जुड़ल अछि।
783. तत्त्वचिन्तामणि ग्रन्थ अनुमानतः कतेक वर्ष पहिने रचल गेल मानल गेल अछि?
  • ७-८ सय वर्ष पहिने
  • सय वर्ष पहिने
  • ५० वर्ष पहिने
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार तत्त्वचिन्तामणि ग्रन्थ ७-८ सय वर्ष पहिने रचल गेल मानल गेल अछि।
784. ३९४म अंकमे तत्त्वचिन्तामणिक चर्चामे कोन-कोन विदेशी विद्वानक ग्रन्थक सन्दर्भ देल गेल अछि?
  • कार्ल एच पॉटर आ सतीश चन्द्र विद्याभूषण
  • केवल भारतीय विद्वान
  • केवल यूरोपीय विद्वान
  • कोनो नहि
३९४म अंकमे कार्ल एच पॉटरक ‘Encyclopedia of Indian Philosophy’ (१९९३) आ सतीश चन्द्र विद्याभूषणक ‘A History of Indian Logic’ (१९२१) क सन्दर्भ देल गेल अछि।
785. ३९३म अंकमे कामेश्वर चौधरीजीक पद्य संग्रहक नाम की?
  • सनेस
  • अक्षय पात्र
  • निश्तुकी
  • कोनो नहि
कामेश्वर चौधरीजीक पद्य संग्रहक नाम ‘सनेस’ थिक।
786. ‘सनेस’ संग्रहक एक विषयगत भाग की?
  • भक्ति गायन (गणपति, शारदा, दिनकर दीनानाथ आदिपर)
  • केवल हास्य
  • केवल नाटक
  • कोनो नहि
‘सनेस’ संग्रहक एक भाग भक्ति गायन अछि, जाहिमे गणपति, माँ शारदे, दिनकर दीनानाथ, कृष्ण, गंगा आ काशीपर रचना सम्मिलित अछि।
787. ‘सनेस’ संग्रहमे कोन-कोन विषयपर सेहो रचना अछि?
  • बाल पद्य आ पर्यावरणक चिन्ता
  • केवल भक्ति
  • केवल हास्य
  • कोनो नहि
‘सनेस’ संग्रहमे भक्ति गायनक अतिरिक्त बाल पद्य आ पर्यावरणक चिन्तापर सेहो रचना अछि।

788. व्याकरणाचार्यक मतानुसार सृष्टिक निर्माणक कारण की मानल गेल अछि?
  • शब्द-ब्रह्मण (स्फोट)
  • केवल भौतिक तत्त्व
  • विदेशी अवधारणा
  • कोनो नहि
वैय्याकरणाचार्य लोकनिक मत अनुसार शब्द-ब्रह्मण (स्फोट) अन्तिम सत्य अछि, आ ऐ विश्वक निर्माणक कारण सेहो शब्द-ब्रह्मण मानल गेल अछि।
789. मीमांसक, नैय्यायिक आ वैय्याकरणाचार्य — एहि तीनिक मतानुसार भाषाक सभसँ छोट इकाइ की-की मानल गेल अछि?
  • वर्ण (मीमांसक), पद (नैय्यायिक), वाक्य (वैय्याकरणाचार्य)
  • सभक लेल एके इकाइ
  • केवल पद
  • कोनो नहि
मीमांसक वर्णकेँ, नैय्यायिक पद (शब्द) केँ आ वैय्याकरणाचार्य वाक्यकेँ भाषाक इकाइ मानैत छथि — तीन भिन्न दृष्टिकोण।
790. पारम्परिक व्याकरणक उत्पत्ति कोन कालखण्डमे भेल मानल गेल अछि?
  • १५म शताब्दी ईसा पूर्व
  • ५म शताब्दी ईसा पश्चात्
  • २०म शताब्दी
  • कोनो नहि
पारम्परिक व्याकरणक उत्पत्ति १५म शताब्दी ईसा पूर्वमे भेल मानल गेल अछि, जाहिमे यूनानमे प्लेटो-अरस्तू आ भारतमे पाणिनी सम्मिलित छलाह।
791. आधुनिक भाषाविज्ञानक जनक कोन विद्वानकेँ मानल जाइत अछि?
  • फर्डिनेन्ड डी सॉसर
  • पाणिनी
  • अरस्तू
  • कोनो नहि
आधुनिक भाषाविज्ञानक जनक स्विस भाषाविद् फर्डिनेन्ड डी सॉसर (१८५७-१९१३) केँ मानल जाइत अछि।
792. वर्णनात्मक व्याकरणक उद्देश्य की?
  • भाषा वास्तवमे कोना बाजल-लिखल जाइत अछि, से वर्णन करब
  • भाषा केना बाजल जाय, से निर्देश देब
  • केवल इतिहास
  • कोनो नहि
वर्णनात्मक व्याकरण वर्णन करैत अछि जे कोनो भाषा वास्तवमे कोना बाजल आ लिखल जाइत अछि, ई निर्देशात्मक नहि अछि।
793. संरचनात्मक व्याकरणक एक विश्लेषणात्मक तकनीक की?
  • तत्काल घटक विश्लेषण
  • केवल अनुवाद
  • केवल उच्चारण
  • कोनो नहि
संरचनात्मक व्याकरण परीक्षण फ्रेम, तत्काल घटक विश्लेषण आ वाक्य सूत्र सन विश्लेषणात्मक तकनीक विकसित केलक।
794. ३९६म अंकक एहि तुलनात्मक आलेखक लेखकद्वय कोन विश्वविद्यालयसँ सम्बद्ध छथि?
  • शियान प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, चीन
  • दिल्ली विश्वविद्यालय
  • ऑक्सफोर्ड
  • कोनो नहि
जियान ली आ किंग मिंग ली शियान प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, शान्सी शियान, चीनसँ सम्बद्ध छथि।

795. मार्क्सवादक आलोचना-पद्धतिक आधार की मानल गेल अछि?
  • द्वन्द्वात्मक प्रणाली आ सामाजिक यथार्थक ओकालति
  • केवल कल्पना
  • विदेशी प्रभाव
  • कोनो नहि
मार्क्सवाद सामाजिक यथार्थक ओकालति करैत अछि आ द्वन्द्वात्मक प्रणालीकेँ अपन व्याख्याक आधार बनबैत अछि।
796. नव-फ्रायडवाद फ्रायडक मूल सिद्धान्तसँ कोन रूपें भिन्न अछि?
  • जैविक तत्त्वक बदला सांस्कृतिक तत्त्वकेँ प्रधानता
  • दुनू एके
  • विदेशी प्रभाव
  • कोनो नहि
नव-फ्रायडवाद जैविक तत्त्वक बदला सांस्कृतिक तत्त्वक प्रधानतापर जोर दैत अछि, जखन कि फ्रायड मनुक्खकेँ रहस्यमय मानैत छथि।
797. अस्तित्ववादक एक प्रमुख विचारक के छथि, आलेख अनुसार?
  • सार्त्र
  • फ्रायड
  • हेगेल
  • कोनो नहि
अस्तित्ववादक एक प्रमुख विचारक सार्त्र छथि, जिनकर विचार अनुसार मनुष्य स्वतंत्र होएबा लेल अभिशप्त अछि।
798. हेगेलक सिद्धान्तक नाम की, जे विश्लेषण-संश्लेषणक अंतहीन सम्बन्धपर बल दैत अछि?
  • डायलेक्टिक्स
  • प्रत्यक्षवाद
  • प्रघटनाशास्त्र
  • कोनो नहि
हेगेलक डायलेक्टिक्स (द्वन्द्ववाद) विश्लेषण आ संश्लेषणक अंतहीन अंतस्संबंधद्वारा प्रक्रियाक गुण-निर्णय आ अस्तित्व-निर्णयपर बल दैत अछि।
799. स्टीफन हॉकिन्सक प्रसिद्ध ग्रन्थक नाम की?
  • A Brief History of Time
  • A History of Time
  • Brief Theory of Universe
  • कोनो नहि
स्टीफन हॉकिन्सक प्रसिद्ध ग्रन्थक नाम ‘A Brief History of Time’ थिक, जकर उल्लेख आधुनिक चिन्तनपर भगवानक अस्तित्व-सम्बन्धी प्रश्नक सन्दर्भमे भेल अछि।
800. प्रघटनाशास्त्र (फेनोमेनोलॉजी) क मुख्य अध्ययन-विषय की?
  • चेतनाक प्रदत्त (दत्त) रूपमे अध्ययन
  • केवल भाषा
  • केवल समाज
  • कोनो नहि
प्रघटनाशास्त्रमे चेतनाक प्रदत्तक प्रदत्त रूपमे अध्ययन होइत अछि, जे वस्तुकेँ निरपेक्ष आ विशुद्ध रूपमे देखबाक माध्यम अछि।

801. निर्मला कर्णक धारावाहिक उपन्यास ‘अग्निशिखा’ ३९९म अंकमे कोन खेपमे समाप्त भेल?
  • ४३म खेप (अन्तिम भाग)
  • प्रथम खेप
  • १०म खेप
  • कोनो नहि
निर्मला कर्णक धारावाहिक उपन्यास ‘अग्निशिखा’ क ४३म खेप (अन्तिम भाग) ३९९म अंकमे प्रकाशित भेल।
802. ३९९म अंकमे प्रणव झाक कथाक नाम की?
  • कालचक्र
  • सासुर मीठगर आओर तीतगर
  • अग्निशिखा
  • कोनो नहि
प्रणव झाक मैथिली कथाक नाम ‘कालचक्र’ थिक।
803. ३९९म अंकमे संतोष कुमार राय ‘बटोही’क लघुकथाक नाम की?
  • चश्मा वाला बाबा
  • कालचक्र
  • अग्निशिखा
  • कोनो नहि
संतोष कुमार राय ‘बटोही’क लघुकथाक नाम ‘चश्मा वाला बाबा’ थिक।
804. ३९९म अंकमे संतोष कुमार राय ‘बटोही’क धारावाहिक रचनाक नाम की?
  • सासुर मीठगर आओर तीतगर / लव यू टू (डायरी)
  • केवल एक रचना
  • कालचक्र
  • कोनो नहि
संतोष कुमार राय ‘बटोही’क दू धारावाहिक रचना — ‘सासुर मीठगर आओर तीतगर’ आ डायरी ‘लव यू टू’ — ३९९म अंकमे प्रकाशित भेल।

805. विदेहक ३९७म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जुलाई २०२४
  • १५ जून २०२४
  • ०१ अगस्त २०२४
  • कोनो नहि
विदेहक ३९७म अंक ०१ जुलाई २०२४ (वर्ष १७ मास १९९) केँ प्रकाशित भेल।
806. ३९७म अंकमे आशीष अनचिन्हारक आलेखक विषय की?
  • AI एवं मैथिलक ताम-झाम
  • गामक शकल सूरत
  • अनचिन्हार आखर
  • कोनो नहि
आशीष अनचिन्हारक आलेख ‘AI एवं मैथिलक ताम-झाम’ शीर्षकसँ छल, जे World Social Media Day क सन्दर्भमे AI केर सीमाक चर्चा करैत अछि।
807. आशीष अनचिन्हार अनुसार AI केकरो बारेमे जनबाक लेल कोन तरीका अपनबैत अछि?
  • पहिनेसँ फीड कएल गेल तथ्यक आधारपर आलेख तैयार करब
  • स्वतः अनुसंधान
  • कोनो तथ्य-जाँच नहि
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार AI केकरो बारेमे किछु नै जनैत अछि; ओ केवल पहिनेसँ फीड कएल गेल तथ्यक आधारपर आलेख तैयार करैत अछि, जतेक बेर तथ्य भेटैत छै ओतेक शुद्ध आलेख बनैत छै।
808. ३९७म अंकमे आचार्य रामानंद मंडलक आलेखक विषय की?
  • अशोक वाटिका मे सीता संग वार्ता भाषा बनाम मानुषी भाषा (मैथिली)
  • चंदा झा बनाम ग्रियर्सन
  • मिथिलाक इतिहास
  • कोनो नहि
आचार्य रामानंद मंडलक आलेख ‘अशोक वाटिका मे सीता संग वार्ता भाषा बनाम मानुषी भाषा (मैथिली)’ शीर्षकसँ छल, जे बाल्मीकि रामायणक श्लोकक आधारपर हनुमानक भाषा-चयनक चर्चा करैत अछि।
809. बाल्मीकि रामायण अनुसार हनुमान अशोक वाटिकामे सीतासँ कोन भाषामे बजबाक निर्णय लेलनि?
  • मानुष (लोक) भाषा, संस्कृत नहि
  • केवल संस्कृत
  • द्विज भाषा
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार हनुमान संस्कृतक बदला मानुष (लोक) भाषाक प्रयोग करबाक निर्णय लेलनि, जाहिसँ सीता हुनका रावण बूझि भयभीत नहि होथि।
810. ३९७म अंकमे लालदेव कामतक आलेख केकरापर अछि?
  • डॉ० (प्रो०) कमल कांत झा
  • नरेन्द्र झा
  • भवनाथ झा
  • कोनो नहि
लालदेव कामतक आलेख ‘डॉ० (प्रो०) कमल कांत झा: एक व्यक्तित्व/ मायानंदके हेरैत दृष्टि’ शीर्षकसँ छल।
811. डॉ० कमल कांत झाकेँ कोन कृति लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार भेटल?
  • गाछ रूसल अछि
  • मंत्र पुत्र
  • खोता आ चिड़ै
  • कोनो नहि
डॉ० कमल कांत झाक रचना ‘गाछ रूसल अछि’ लेल २०२० क साहित्य अकादमी पुरस्कार लेल चयन भेलनि (पुरस्कार-समारोह १८ सितम्बर २०२१ मे भेल)।
812. मायानंद मिश्रक पहिल कथा-संग्रहक नाम की?
  • भांगक लोटा
  • खोता आ चिड़ै
  • चन्द्र बिन्दु
  • कोनो नहि
मायानंद मिश्रक पहिल कथा-संग्रह ‘भांगक लोटा’ सन् १९५१ ई. मे प्रकाशित भेल।
813. मायानंद मिश्रकेँ कोन कृति लेल १९९८ मे साहित्य अकादमी पुरस्कार भेटल?
  • मंत्र पुत्र (उपन्यास)
  • भांगक लोटा
  • खोता आ चिड़ै
  • कोनो नहि
मायानंद मिश्रकेँ १९९८ मे अपन उपन्यास ‘मंत्र पुत्र’ (१९८६) पर साहित्य अकादमी पुरस्कार भेटल।
814. ३९७म अंकमे प्रेमशंकर झा पवनक गद्य-रचनाक विषय की?
  • आमक गुण आ महत्त्व (फलक राजा आम)
  • नाटक-समीक्षा
  • भाषा-विज्ञान
  • कोनो नहि
प्रेमशंकर झा पवनक रचना ‘सभ गुणक खान- फलक राजा आम’ शीर्षकसँ छल, जे आमक गुण, किस्म आ मिथिलाक सांस्कृतिक सम्बन्धक चर्चा करैत अछि।
815. आलेख अनुसार मिथिलाक मालदह आमकेँ दिल्ली एनसीआरमे कोन नामसँ जानल जाइत अछि?
  • लंगड़ा
  • गुलाबखास
  • किशनभोग
  • कोनो नहि
आलेख अनुसार मिथिलाक मालदह (सपेता) आमकेँ दिल्ली एनसीआरमे ‘लंगड़ा’ कहल जाइत अछि।
816. ३९७म अंकमे कुमार मनोज कश्यपक लघुकथाक नाम की?
  • कृतघ्न
  • रनियाँ
  • दोसर गांधी
  • कोनो नहि
कुमार मनोज कश्यपक लघुकथाक नाम ‘कृतघ्न’ थिक, जे एक पाल्तू कुकुर (जर्मन शेफर्ड) आ ओकर मालिकक सम्बन्धपर आधारित अछि।
817. ३९७म अंकमे विजय कुमार मिश्र "श्री विमल"क हास्य कविताक नाम की?
  • कहलन्हि शकुनी मामा
  • दोसर गांधी
  • गजल
  • कोनो नहि
विजय कुमार मिश्र "श्री विमल"क हास्य कविताक नाम ‘कहलन्हि शकुनी मामा’ थिक।
818. ३९७म अंकमे मुन्ना जीक गजल कोन वार्णिक वर्णमे रचल अछि, स्रोत अनुसार?
  • सरल वार्णिक वर्ण-१७
  • मात्रिक छन्द
  • दोहा
  • कोनो नहि
मुन्ना जीक गजल ‘सरल वार्णिक वर्ण-१७’ मे रचल अछि, जेना अंकमे नोट कएल गेल अछि।

819. विदेहक १८०म अंक कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २०१५
  • १ जनवरी २०१५
  • १५ जुलाई २०१५
  • कोनो नहि
विदेहक १८०म अंक १५ जून २०१५ (वर्ष ८ मास ९०) केँ प्रकाशित भेल।
820. ‘असली हीरा’ लघुकथामे महात्मा दुर्गा भाय करिया चोरकेँ की कहैत छथि?
  • हारक हीरा नकली अछि, असली हीरा तोरा लग अछि, ओकरा खोज
  • हीरा देब अस्वीकार करैत छथि
  • करियाकेँ माफ करबाक अनुरोध करैत छथि
  • कोनो नहि
दुर्गा भाय करियाकेँ कहैत छथि जे हारक हीरा नकली अछि, असली हीरा तोरा अपने लग अछि, ओकरा खोज — जे सत्यवादिताक प्रतीकात्मक उपदेश थिक।
821. दुर्गा भायक उपदेशक बाद करिया कोन दू आदति छोड़ि देलक?
  • चोरी आ झूठ बजब
  • केवल चोरी
  • केवल झूठ
  • कोनो नहि
दुर्गा भायक उपदेशसँ प्रभावित भऽ करिया चोरी करब आ झूठ बजब दुनू छोड़ि देलक।
822. करिया राजमहलमे चोरी करबाक हेतु प्रवेश करैत काल पहरूकेँ अपन परिचय की देलक?
  • ‘चोर’ कहलक (सत्य बजबाक प्रतिज्ञाक कारणे)
  • अपनाकेँ मंत्री कहलक
  • मौन रहल
  • कोनो नहि
दुर्गा भायक उपदेश ‘झूठ नहि बजब’ क पालन करैत करिया हरेक पहरूकेँ सोझे कहलक जे ओ चोर अछि, तैयो ओकरा भीतर जाए देल गेल कारण पहरू बिसवासे ने केलक।
823. करिया राजाक खजानाक सात लालमेसँ कतेक चोरा अनलक, आ कतेक छोड़ि देलक?
  • चारि चोरेलक, तीन छोड़लक
  • सातटा चोरेलक
  • एकटा चोरेलक
  • कोनो नहि
करिया सात लालमेसँ चारिटा चोरा अनलक आ तीनटा खजानामे छोड़ि देलक।
824. बँचल तीन लाल केकर पास भेटल, जे चोरीक असल षड्यंत्रकारी सिद्ध भेल?
  • मंत्रीजी
  • राजाक सेनापति
  • करियाक संगतिया
  • कोनो नहि
बँचल तीनू लाल मंत्रीजीक पास भेटल, जे राजाक आदेशपर अपन घरमे रखने छलाह, आ जकरा जहलक सजा भेल।
825. करियाक सत्यवादितासँ प्रभावित भऽ राजा करियाकेँ की देलक?
  • मंत्रीक पद आ अपन एकमात्र कन्याक हाथ
  • केवल धन
  • जहलक सजा
  • कोनो नहि
करियाक सत्यवादी विचारसँ प्रेरित भऽ राजा ओकरा मंत्रीक पद देलखिन, आ बादमे अपन एकमात्र कन्याक हाथ सेहो करियाक हाथमे देलखिन।
826. ‘प्रदूषण’ शीर्षक लघुकथामे मोल्हु अनुसार आजुक मनुखमे अलगाउक मूल कारण की अछि?
  • मनुखक भितरी प्रदूषण (बाहरी प्रदूषण नहि)
  • केवल बाहरी ध्वनि-प्रदूषण
  • केवल आर्थिक कमी
  • कोनो नहि
‘प्रदूषण’ कथामे मोल्हु कहैत छथि जे आजुक मनुखमे अलगावक जड़ि बाहरी प्रदूषण नहि, अपितु मनुखक भितरी प्रदूषण छी।

827. विदेहक विहनि कथा विशेषांक कोन अंक-संख्यापर आ कहिया प्रकाशित भेल, १९५म अंकक सूची अनुसार?
  • ६७म अंक, १ अक्टूबर २०१०
  • १२म अंक, १५ जून २००८
  • ७०म अंक, १५ नवम्बर २०१०
  • कोनो नहि
१९५म अंकमे देल सूची अनुसार विहनि कथा विशेषांक ६७म अंकक रूपमे १ अक्टूबर २०१० केँ प्रकाशित भेल।
828. विदेहक बाल साहित्य विशेषांक कोन अंक-संख्यापर आ कहिया प्रकाशित भेल?
  • ७०म अंक, १५ नवम्बर २०१०
  • ७२म अंक, १५ दिसम्बर २०१०
  • ६७म अंक, १ अक्टूबर २०१०
  • कोनो नहि
१९५म अंकमे देल सूची अनुसार बाल साहित्य विशेषांक ७०म अंकक रूपमे १५ नवम्बर २०१० केँ प्रकाशित भेल।
829. विदेहक नाटक विशेषांक कोन अंक-संख्यापर आ कहिया प्रकाशित भेल?
  • ७२म अंक, १५ दिसम्बर २०१०
  • १११म अंक, १ अगस्त २०१२
  • १२६म अंक, १५ मार्च २०१३
  • कोनो नहि
१९५म अंकमे देल सूची अनुसार नाटक विशेषांक ७२म अंकक रूपमे १५ दिसम्बर २०१० केँ प्रकाशित भेल।
830. विदेहक बाल गजल विशेषांक कोन अंक-संख्यापर आ कहिया प्रकाशित भेल?
  • १११म अंक, १ अगस्त २०१२
  • १२६म अंक, १५ मार्च २०१३
  • १४२म अंक, १५ नवम्बर २०१३
  • कोनो नहि
१९५म अंकमे देल सूची अनुसार बाल गजल विशेषांक १११म अंकक रूपमे १ अगस्त २०१२ केँ प्रकाशित भेल।
831. विदेहक भक्ति गजल विशेषांक कोन अंक-संख्यापर आ कहिया प्रकाशित भेल?
  • १२६म अंक, १५ मार्च २०१३
  • १४२म अंक, १५ नवम्बर २०१३
  • १६९म अंक, १ जनवरी २०१५
  • कोनो नहि
१९५म अंकमे देल सूची अनुसार भक्ति गजल विशेषांक १२६म अंकक रूपमे १५ मार्च २०१३ केँ प्रकाशित भेल।
832. विदेहक गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक कोन अंक-संख्यापर आ कहिया प्रकाशित भेल?
  • १४२म अंक, १५ नवम्बर २०१३
  • १२६म अंक, १५ मार्च २०१३
  • १६९म अंक, १ जनवरी २०१५
  • कोनो नहि
१९५म अंकमे देल सूची अनुसार गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक १४२म अंकक रूपमे १५ नवम्बर २०१३ केँ प्रकाशित भेल।
833. काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक कोन अंक-संख्यापर आ कहिया प्रकाशित भेल?
  • १६९म अंक, १ जनवरी २०१५
  • १८९म अंक, १ नवम्बर २०१५
  • १९१म अंक, १ दिसम्बर २०१५
  • कोनो नहि
१९५म अंकमे देल सूची अनुसार काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक १६९म अंकक रूपमे १ जनवरी २०१५ केँ प्रकाशित भेल।
834. अरविन्द ठाकुर विशेषांक आ जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ विशेषांक कोन-कोन अंक-संख्यापर प्रकाशित भेल, १९५म अंक अनुसार?
  • १८९म अंक (१ नवम्बर २०१५) आ १९१म अंक (१ दिसम्बर २०१५)
  • ७०म आ ७२म अंक
  • १११म आ १२६म अंक
  • कोनो नहि
१९५म अंकमे देल सूची अनुसार अरविन्द ठाकुर विशेषांक १८९म अंक (१ नवम्बर २०१५) आ जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ विशेषांक १९१म अंक (१ दिसम्बर २०१५) क रूपमे प्रकाशित भेल।
835. १९५म अंकमे प्रबोध साहित्य सम्मान के देल गेल छल?
  • केदार नाथ चौधरी
  • अरविन्द ठाकुर
  • जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’
  • कोनो नहि
१९५म अंक अनुसार केदार नाथ चौधरीकेँ प्रबोध साहित्य सम्मान देल गेलन्हि।

836. विदेहक प्रथमांकक सम्पादकीयमे कोन दू विषय समयाभावक कारणे नहि देल जा सकल छल?
  • मिथिला पेंटिंग आ संस्कृत शिक्षा
  • नाटक आ उपन्यास
  • रेडियो आ सिनेमा
  • कोनो नहि
प्रथमांकमे स्पष्ट कएल गेल छल जे मिथिला पेंटिंग आ संस्कृत शिक्षासँ संबंधित सामग्री समयाभावक कारणे ओहि बेर नहि देल जा सकल।
837. प्रथमांकमे पाठकसँ कोन तरहेँ सामग्री पठेबाक आग्रह कएल गेल छल?
  • ई-मेलमे अटैचमेण्टक रूपमे
  • मात्र डाक टिकटसँ
  • केवल मुद्रित पोथी रूपमे
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे पाठककेँ संबंधित लेख ई-मेल अटैचमेण्टक रूपमे पठेबाक आग्रह छल।
838. प्रथमांकक शोध लेख कोन विस्मृत कविपर केन्द्रित छल?
  • पं. रामजी चौधरी
  • हरिमोहन झा
  • रामाश्रय झा ‘रामरंग’
  • कोनो नहि
प्रथमांकक शोध-लेख पं. रामजी चौधरीक जीवन आ साहित्य पर केन्द्रित छल।
839. प्रथमांकमे धारावाहिक उपन्यास रूपमे कोन रचना आरम्भ भेल?
  • सहस्रबाढ़नि
  • चमेली रानी
  • उनटा आँचर
  • कोनो नहि
प्रथमांकक सूचीमे ‘सहस्रबाढ़नि’ उपन्यास रूपमे देल गेल छल।
840. प्रथमांकमे महाकाव्य खण्डमे कोन ग्रन्थक आरम्भिक प्रस्तुति छल?
  • महाभारत
  • बुद्ध चरित
  • रामचरितमानस
  • कोनो नहि
प्रथमांकक सामग्री-सूचीमे महाकाव्य खण्ड अन्तर्गत ‘महाभारत’ राखल गेल।
841. प्रथमांकमे कथा खण्डक रचनाक नाम की छल?
  • शनैः-शनैः
  • गंगा-ब्रिज
  • आर्या
  • कोनो नहि
प्रथमांकमे कथा रूपमे ‘शनैः-शनैः’ प्रकाशित छल।
842. प्रथमांकमे प्रवासी मैथिल पाठक लेल कोन अंग्रेजी शृंखला आरम्भ भेल?
  • विदेह मिथिला तिर्भुक्ति तिरहुत
  • मिथिला म्यूजिक आर्काइव
  • मैथिली सिनेमा परिचय
  • कोनो नहि
प्रवासी मैथिलक हेतु अंग्रेजीमे ‘विदेह मिथिला तिर्भुक्ति तिरहुत’ परिचयात्मक शृंखला राखल गेल।
843. पं. रामजी चौधरीक जन्म-स्थानक रूपमे कोन गाम उल्लिखित अछि?
  • रुद्रपुर
  • सरिसब
  • जनकपुर
  • कोनो नहि
शोध लेखमे कविक जन्म-स्थान रुद्रपुर, थाना अंधरा-ठाढ़ी, जिला मधुबनी देल गेल अछि।
844. पं. रामजी चौधरीक वंश-सन्दर्भमे कोन गोत्र देल गेल छल?
  • शाण्डिल्य
  • काश्यप
  • भारद्वाज
  • कोनो नहि
जीवन-वृत्तमे मूल पगुल्बार राज आ गोत्र शाण्डिल्य रूपमे उल्लिखित अछि।
845. पं. रामजी चौधरीक काव्य-संस्कारपर कोन पारिवारिक प्रभाव बताओल गेल?
  • पितामहक सीताराम-भक्ति गायन
  • राजदरबारक फारसी शिक्षा
  • कलकत्ता रंगमंच
  • कोनो नहि
हुनकर पितामह सीताराम भक्ति गीतक गवैय्या छलाह; एहि गायन-संस्कारक प्रभाव कविपर पड़ल।

846. दोसर अंकमे पहिल बेर कोन स्तंभ जोड़ल गेल?
  • मिथिला पेंटिंग
  • फिल्म समीक्षा
  • कृषि बाजार भाव
  • कोनो नहि
दोसरा अंकमे मिथिला पेंटिंगकेँ नूतन सामग्री-क्षेत्रक रूपमे जोड़ल गेल।
847. दोसर अंकमे ‘बालानाम् कृते’ कोन पाठक-वर्ग लेल आरम्भ भेल?
  • छोट बच्चा
  • केवल शोधार्थी
  • प्रवासी उद्योगपति
  • कोनो नहि
‘बालानाम् कृते’ नामसँ छोट बच्चासँ संबंधित सामग्री आरम्भ कएल गेल।
848. दोसर अंकमे सुझावक आधार पर कोन विषय आरम्भ कएल गेल?
  • पञ्जी-प्रबन्ध
  • कृषि-बीमा
  • रेलवे समय-सारिणी
  • कोनो नहि
प्राप्त सुझावक आधार पर पञ्जी-प्रबन्धक सामग्री आरम्भ कएल गेल।
849. दोसर अंकक सम्पादकीयमे अगिला अंकसँ कोन शिक्षा-स्तंभ आरम्भ करबाक घोषणा छल?
  • संगीत-शिक्षा
  • कानून-शिक्षा
  • चित्रलेखन-शिक्षा मात्र
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे कहल गेल जे अगिला अंकसँ संगीत-शिक्षाक आरम्भ कएल जायत।
850. दोसर अंकमे संस्कृत संभाषणक नोट कोन अनुभवसँ जुड़ल छल?
  • मीराम्बिका आ मदर इंटरनेशनलमे शिक्षा देबाक अनुभवसँ
  • रेडियो स्टेशन प्रशिक्षणसँ
  • सिनेमा निर्माण पाठ्यक्रमसँ
  • कोनो नहि
सम्पादकीयक अनुसार श्री अरविन्द आश्रम परिसरमे मीराम्बिका आ मदर इंटरनेशनलसँ जुड़ल संस्कृत-शिक्षा अनुभवक नोट देल गेल।
851. तेसर अंकसँ विदेहमे कोन नियमित शिक्षा-विषय आरम्भ भेल?
  • संगीत-शिक्षा
  • अर्थशास्त्र-शिक्षा
  • विमानन-शिक्षा
  • कोनो नहि
तेसर अंकमे स्पष्ट छल जे एहि अंकसँ संगीत-शिक्षाक आरम्भ कएल जा रहल अछि।
852. तेसर अंकमे मायानन्द मिश्रक विषयमे कोन शोध-श्रृंखला देल गेल?
  • इतिहास-बोध
  • छन्द-बोध
  • नाट्य-बोध
  • कोनो नहि
तेसर अंकमे ‘मायानन्द मिश्रक इतिहास-बोध’ शोध लेख रूपमे देल गेल।
853. तेसर अंकमे मैथिली विकी-प्रयासक सन्दर्भमे कोन घटना उल्लिखित छल?
  • २७ जनवरी २००८ केँ भाषा-विकी आरम्भक स्वीकृति भेटल
  • पत्रिका बन्द करबाक निर्णय भेल
  • केवल मुद्रित अंक निकालबाक निर्णय भेल
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे २७ जनवरी २००८ केँ मैथिली विकी-प्रयासक स्वीकृति भेटबाक सूचना देल गेल।
854. मैथिली विकीकेँ पूर्ण रूप देबाक लेल सम्पादकीयमे ककर सहभागिता आवश्यक कहल गेल?
  • विभिन्न स्थानक कमसँ कम पाँच नियमित सम्पादक
  • केवल एक मुद्रक
  • केवल सरकारी अधिकारी
  • कोनो नहि
विकी-प्रयासक पूर्ण स्वीकृति लेल अलग-अलग स्थानसँ कमसँ कम पाँच नियमित सम्पादक चाही, से कहल गेल।
855. तेसर अंकमे मिथिलाक्षरक युनीकोड-सूचनासँ कोन नाम जुड़ल छल?
  • अंशुमन पाण्डेय
  • भीमनाथ झा
  • रामभरोस कापड़ि
  • कोनो नहि
मिथिलाक्षर आ बंगला लिपिक भेद स्पष्ट करबाक सूचना अंशुमन पाण्डेयकेँ पठेबाक प्रसंग देल गेल।

856. चारिम अंकक सम्पादकीयमे विदेहक कोन उपलब्धि पर बल देल गेल?
  • सभ नियमित स्तंभ देल गेल
  • मुद्रित दैनिक बनि गेल
  • केवल अंग्रेजी अंक भेल
  • कोनो नहि
चारिम अंकमे कहल गेल जे आब सभ नियमित स्तंभ देल गेल अछि आ पत्रिका चलि पड़ल अछि।
857. चारिम अंकमे टंकण-अशुद्धि सम्बन्धी कोन दृष्टिकोण देल गेल?
  • साहित्यिक पत्रिकामे अशुद्धिक स्थान नहि
  • अशुद्धि जानि-बूझि राखब चाही
  • टंकण अप्रासंगिक अछि
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे पहिलुका टंकण-अशुद्धि पर ध्यान देल गेल आ साहित्यिक पत्रिकामे अशुद्धिक स्थान नहि कहल गेल।
858. चारिम अंकमे ‘मिथिलाक खोज’ स्तंभमे कोन तरहक सामग्रीक संकेत छल?
  • चित्रकला, पुरातत्त्वक वस्तु आ दर्शनीय स्थान
  • मात्र बाजार भाव
  • खेलक परिणाम मात्र
  • कोनो नहि
मिथिलाक खोजमे चित्रकलाक संग पुरातत्त्वक वस्तु आ दर्शनीय स्थानक संकलन बताओल गेल।
859. चारिम अंकमे ‘मिथिला रत्न’ कोन रूपमे विकसित भेल?
  • ऐतिहासिक आ वर्तमान महापुरुषक चित्र-प्रदर्शनी
  • केवल विज्ञापन-संग्रह
  • गीतक ऑडियो-तालिका
  • कोनो नहि
मिथिला रत्नमे ऐतिहासिक आ वर्तमान महापुरुषक चित्रक प्रदर्शनीक संकेत देल गेल।
860. चारिम अंकमे मैथिलीमे कोन माध्यमक अभाव अत्यन्त गम्भीर कहल गेल?
  • एनीमेशन
  • कागज
  • मुद्रा
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे मैथिलीमे एनीमेशनक घोर अभाव पर बल देल गेल।
861. पाँचम अंकक सम्पादकीयमे दरभंगा भ्रमणक मुख्य शैक्षिक पड़ाव कोन छल?
  • मिथिला रिसर्च इंस्टीट्युट आ संस्कृत विश्वविद्यालय
  • दिल्ली विश्वविद्यालय मात्र
  • मद्रास संग्रहालय
  • कोनो नहि
दरभंगा प्रवासमे मिथिला रिसर्च इंस्टीट्युट आ संस्कृत विश्वविद्यालयक भ्रमणक उल्लेख अछि।
862. पाँचम अंकमे गौरीशंकर स्थान, हैंठी-बालीसँ कोन महत्वपूर्ण संकेत भेटल?
  • पालवंशक मूर्ति आ मिथिलाक्षर अभिलेख
  • समुद्री जहाजक अवशेष
  • नवीन हवाई अड्डा
  • कोनो नहि
हैंठी-बालीमे पालवंशक मूर्ति आ मिथिलाक्षरमे लिखल अभिलेखक चित्र लेल गेल।
863. हैंठी-बालीक अभिलेखक महत्व कोना बताओल गेल?
  • मिथिलाक्षरक प्राचीन प्रभुताक प्रमाण
  • केवल आधुनिक पोस्टर
  • विदेशी विज्ञापन
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे ओकरा लगभग डेढ़ हजार वर्ष पूर्वक मिथिलाक्षर-प्रभुता देखबैत प्रमाण मानल गेल।
864. पाँचम अंकमे जनकपुरक मैथिली एफ.एम. सम्बन्धी कोन बात दर्ज अछि?
  • तीनटा मैथिली एफ.एम. रहबाक उल्लेख
  • एफ.एम. पूर्णतः अनुपस्थित
  • केवल अंग्रेजी रेडियो
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे जनकपुरमे तीनटा मैथिली एफ.एम. रहबाक उल्लेख अछि।
865. पाँचम अंकमे चित्रकला स्तंभमे कोन चित्रकारक नाम देल गेल?
  • उमेश कुमार महतो
  • रामाश्रय झा
  • नचिकेता
  • कोनो नहि
पाँचम अंकक सामग्री-सूचीमे मिथिला कला-चित्रकला स्तंभक चित्रकार उमेश कुमार महतो देल गेल।

866. छठम अंकक सम्पादकीयमे पुरान अलभ्य पोथी सभ लेल कोन कार्य आरम्भ भेल?
  • डिजिटलाइजेशनक कॉर्पोरा
  • मात्र नीलामी
  • कागज नष्ट करब
  • कोनो नहि
छठम अंकमे पुरान अलभ्य किताबक डिजिटलाइजेशन-कॉर्पोरा आरम्भ करबाक उल्लेख अछि।
867. छठम अंकमे पञ्जीसँ जुड़ल कोन डिजिटल योजना देखायल गेल?
  • पञ्जी स्कैनिंग आ खोजयोग्य डाटाबेस
  • केवल हस्तलिखित सूची
  • निजी तिजोरीमे बन्द रखब
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे पञ्जी स्कैनिंग आ खोज करबा योग्य डाटाबेस/कोषक आधार आरम्भ भेल कहल गेल।
868. छठम अंकमे डिजिटल कार्यकर्ता सभक सेवा कोना वर्णित अछि?
  • मातृभाषा-मातृभूमि अनुरागसँ नि:शुल्क
  • केवल वेतनभोगी सरकारी परियोजना
  • व्यावसायिक टिकट-प्रणाली
  • कोनो नहि
डिजिटल कार्य नि:शुल्क करैत लोकनिकेँ मातृभाषा आ मातृभूमिक अनुरागी कहल गेल।
869. छठम अंकमे प्रवासी मैथिल स्तंभमे साहित्य आ राजनीति जोड़बाक लेल ककर अंग्रेजी लेख देल गेल?
  • विवेकानन्द झा
  • केदारनाथ चौधरी
  • शम्भू कुमार सिंह
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे विवेकानन्द झाक अंग्रेजी लेख प्रवासी मैथिल स्तंभ अन्तर्गत देबाक उल्लेख अछि।
870. सातम अंकमे मैथिली स्टाइल मैनुअल सम्बन्धी कार्य ककर माध्यमसँ आगाँ बढ़ल?
  • बी. मल्लिकार्जुन
  • ज्योति झा चौधरी
  • नूतन झा
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे केन्द्रीय भाषा संस्थान, मैसूरक बी. मल्लिकार्जुन मैथिली स्टाइल मैनुअल कार्य आगाँ बढ़ा रहल छथि, से उल्लिखित अछि।
871. सातम अंकमे उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’क भूमिका कोन छल?
  • प्राप्त मेलकेँ भाषा-प्रौद्योगिकी विभाग दिस अग्रसारित करब
  • चित्रकला स्तंभ बनाउब
  • एफ.एम. रेडियो चलाउब
  • कोनो नहि
नचिकेताजी मेल अग्रसारित कए भाषा-प्रौद्योगिकी विभाग धरि विषय पहुँचेबाक प्रसंगमे आएल छथि।
872. सातम अंकमे कला-चित्रकला स्तंभ ककर चित्रसँ सजल?
  • प्रीति
  • विनीत उत्पल
  • भ्रमर
  • कोनो नहि
सातम अंकक सम्पादकीयमे प्रीतिद्वारा कला आ चित्रकला स्तंभ चित्रित कएल गेल, से कहल गेल।
873. आठम अंकमे विदेहक कोन तकनीकी पहचान प्रमुख रूपेँ छापल गेल?
  • आई.एस.एस.एन. २२२९-५४७एक्स
  • केवल ग्राम-सभा नम्बर
  • रेलवे कोड
  • कोनो नहि
आठम अंकमे ‘आई.एस.एस.एन. २२२९-५४७एक्स’ विदेहक पहचानक रूपमे प्रमुख छल।
874. आठम अंकमे पुरान अंकक पी.डी.एफ. कोन-कोन रूपमे उपलब्ध बताओल गेल?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी
  • केवल रोमन
  • केवल चित्र-पोस्टर
  • कोनो नहि
सूचनामे पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्ध बताओल गेल।
875. आठम अंकमे ऑनलाइन मैथिली-कोषक तकनीकी आधार कोन छल?
  • एम.एस. एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित खोज-डिक्शनरी
  • हस्तलिखित नोटबुक
  • केवल चित्र-गैलरी
  • कोनो नहि
सूचनामे मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली खोज-डिक्शनरी एम.एस. एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित कहल गेल।

876. नवम अंकमे ‘नो एंट्री : मा प्रविश’ ककर नाटक रूपमे प्रस्तुत भेल?
  • उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’
  • रामलोचन ठाकुर
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • कोनो नहि
नवम अंकक सूचीमे ‘नो एंट्री : मा प्रविश’ उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’क टटका नाटक रूपमे देल गेल।
877. ‘नो एंट्री : मा प्रविश’क प्रकाशन विदेहमे कोन ढंगसँ आरम्भ भेल?
  • धारावाहिक ई-प्रकाशन
  • केवल मंच-घोषणा
  • हस्तलिखित पर्चा
  • कोनो नहि
नाटककेँ सर्वप्रथम विदेहमे धारावाहिक रूपेँ ई-प्रकाशित करबाक उल्लेख अछि।
878. नवम अंकमे नचिकेताजीबारे कोन विशेष बात कही गेल?
  • दीर्घ मौनक बाद पाठकक सम्मुख टटका नाटक
  • ओ केवल चित्रकार छथि
  • ओ केवल इतिहासकार छथि
  • कोनो नहि
सूचीमे कहल गेल जे प्रयोगधर्मी नाटककार नचिकेताजीक टटका नाटक दीर्घ मौनक पश्चात् पाठकक सम्मुख आबि रहल अछि।
879. दसम अंकमे ‘नो एंट्री : मा प्रविश’क कोन भाग पढ़बाक संकेत छल?
  • दोसर कल्लोलक पहिल खेप
  • अन्तिम परदा
  • प्राक्कथन मात्र
  • कोनो नहि
दसम अंकमे नाटकक दोसर कल्लोलक पहिल खेप देल गेल।
880. एगारहम अंकमे ‘नो एंट्री : मा प्रविश’क कोन क्रम आगाँ बढ़ल?
  • दोसर कल्लोलक दोसर खेप
  • मात्र शीर्षक-सूची
  • समीक्षा मात्र
  • कोनो नहि
एगारहम अंकमे नाटकक दोसर कल्लोलक दोसर खेप प्रकाशित भेल।
881. बारहम अंकमे ‘नो एंट्री : मा प्रविश’क कोन क्रम देल गेल?
  • तेसर कल्लोलक पहिल खेप
  • पहिल अंकक पुनर्मुद्रण
  • पुस्तक-विज्ञापन मात्र
  • कोनो नहि
बारहम अंकमे नाटकक तेसर कल्लोलक पहिल खेप पढ़बाक निर्देश छल।
882. तेरहम अंकमे नाटकक कोन क्रम प्रकाशित भेल?
  • तेसर कल्लोलक दोसर खेप
  • अन्तिम खेप
  • भूमिका मात्र
  • कोनो नहि
तेरहम अंकमे नाटकक तेसर कल्लोलक दोसर खेप देल गेल।
883. चौदहम अंकमे ‘नो एंट्री : मा प्रविश’क प्रिंट प्रकाशन लेल कोन प्रस्ताव आयल?
  • श्रुति प्रकाशनक प्रस्ताव
  • रेडियो स्टेशनक प्रस्ताव
  • विद्यालय परीक्षाक प्रस्ताव
  • कोनो नहि
चौदहम अंकमे विदेहक ई-प्रकाशित रूप देखि श्रुति प्रकाशनक प्रिंट प्रकाशन प्रस्ताव आओल, से सूचना देल गेल।
884. चौदहम अंकमे नचिकेताजी प्रिंट रूप लेल कोन प्रतिक्रिया देलथि?
  • स्वीकृति देलथि
  • नाटक वापस लेलथि
  • विषय बदलि देलथि
  • कोनो नहि
सूचनामे कहल गेल जे नचिकेताजी नाटकक प्रिंट रूप करबाक स्वीकृति देलथि।
885. पन्द्रहम अंकमे ‘नो एंट्री : मा प्रविश’क कोन अवस्था सूचित भेल?
  • अन्तिम खेप
  • पहिल परिचय
  • चित्र-संग्रह मात्र
  • कोनो नहि
पन्द्रहम अंकमे नाटकक अन्तिम खेप पढ़बाक संकेत देल गेल।

886. एगारहम अंकमे रामाश्रय झा ‘रामरंग’केँ कोन उपाधिसँ सेहो याद कएल गेल?
  • अभिनव भातखण्डे
  • जनकपुर सम्राट
  • कथा-पुरुष
  • कोनो नहि
एगारहम अंकमे रामाश्रय झा ‘रामरंग’केँ ‘अभिनव भातखण्डे’ नामसँ सेहो स्मरण कएल गेल।
887. रामाश्रय झा ‘रामरंग’क जीवन-कृति पर विस्तृत निबंध कोन स्तंभमे देल गेल?
  • संगीत-शिक्षा
  • पञ्जी-प्रबन्ध
  • भाषापाक मात्र
  • कोनो नहि
संगीत-शिक्षा स्तंभमे रामरंगजीक जीवन आ कृतिक विषयमे विस्तृत निबंध ई-प्रकाशित करबाक उल्लेख अछि।
888. बारहम अंकमे मैथिलीमे पहिल बेर कोन जापानी पद्य-विधाक आधार पर प्रस्तुति कहल गेल?
  • हाइकू
  • गजल
  • रास
  • कोनो नहि
बारहम अंकमे कहल गेल जे जापानी पद्य-विधा हाइकूक आधार पर मैथिलीमे पहिल बेर ई प्रस्तुति भ’ रहल अछि।
889. बारहम अंकक हाइकू-सन्दर्भमे रवीन्द्रनाथ ठाकुरक उल्लेख किएक आयल?
  • ओहो हाइकू लिखने छलाह, मुदा मैथिलीमे ई नूतन प्रस्तुति छल
  • ओ नाटकक प्रकाशक छलाह
  • ओ पञ्जीकार छलाह
  • कोनो नहि
सन्दर्भ ई छल जे रवीन्द्रनाथ ठाकुर सेहो हाइकू लिखलनि, मुदा मैथिलीमे ई विधा विदेह नव रूपेँ प्रस्तुत कए रहल छल।
890. बारहम अंकमे कथा खण्डमे गंगेश गुंजनक कोन रचना देल गेल?
  • गोबरक मूल्य
  • गंगा-ब्रिज
  • बनैत बिगड़ैत
  • कोनो नहि
बारहम अंकक सूचीमे गंगेश गुंजनक ‘गोबरक मूल्य’ कथा देल गेल।
891. बारहम अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक कोन कथा उल्लिखित अछि?
  • पहरराति
  • आर्या
  • फूसि-फटक
  • कोनो नहि
बारहम अंकक कथा खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘पहरराति’ नाम देल गेल।
892. एगारहम अंकक बाल-साहित्य खण्डमे कोन प्रसिद्ध लोक-चरित्र आयल?
  • गोनू झा
  • भीम
  • दुर्योधन
  • कोनो नहि
एगारहम अंकमे बालानां कृते अन्तर्गत ‘गोनू झा आ दस ठोप बाबा’ देल गेल।
893. नवम अंकमे बाल-साहित्य खण्डक कोन नाट्य-रचना देल गेल?
  • दानवीर दधीची
  • नो एंट्री
  • बुद्ध चरित
  • कोनो नहि
नवम अंकमे बालानां कृते अन्तर्गत ‘दानवीर दधीची’ नाटक देल गेल।
894. दसम अंकमे बालानां कृते खण्डमे कोन रचना देखायल गेल?
  • बगियाक गाछ
  • मूर्खाधिराज
  • महुवा घटवारिन
  • कोनो नहि
दसम अंकक सूचीमे बालानां कृते अन्तर्गत ‘बगियाक गाछ’ अछि।
895. तेरहम अंकमे बालानां कृते खण्डमे कोन कथा-युग्म देखायल गेल?
  • कौआ आ फुद्दी तथा देवीजी
  • आर्या आ भारत रत्न
  • चमेली रानी आ मोदिआइन
  • कोनो नहि
तेरहम अंकमे ‘कौआ आ फुद्दी’ आ ‘देवीजी’ बाल सामग्रीक रूपमे उल्लिखित अछि।

896. पन्द्रहम अंकमे कोन विशेष खण्ड प्रमुख रूपेँ देल गेल?
  • नेपालवन आ मधेश स्पेशल
  • केवल संगीत विशेष
  • केवल विज्ञान विशेष
  • कोनो नहि
पन्द्रहम अंकमे ‘नेपालवन आ मधेश स्पेशल’ प्रमुख सामग्री रूपमे अंकित अछि।
897. पन्द्रहम अंकमे मधुश्रावणी सम्बन्धी सामग्री कोन स्तंभमे देखायल गेल?
  • पाबनि-संस्कार-तीर्थ
  • संगीत-शिक्षा
  • केवल प्रवासी स्तंभ
  • कोनो नहि
मधुश्रावणी प्रसंग पाबनि-संस्कार-तीर्थ स्तंभमे विशेष रूपेँ देल गेल।
898. सोलहम अंकमे ‘मैथिली रिपोर्ताज’क केन्द्र कोन तरहक समाचार छल?
  • नेपाल आ भारतक मिथिला-मैथिली सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक-सांस्कृतिक समाचार
  • मात्र खेल-स्कोर
  • मात्र मौसम
  • कोनो नहि
सोलहम अंकमे जितेन्द्र झाक रिपोर्टिंग नेपालक आ किछु भारतक मिथिला-मैथिल-मैथिलीक सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक समाचार रूपमे वर्णित अछि।
899. सोलहम अंकमे विज्ञान विषयक लेख ककर नामसँ देल गेल?
  • ज्योतिप्रकाश लाल
  • प्रेमशंकर सिंह
  • भ्रमर
  • कोनो नहि
गद्य खण्डमे विज्ञानपर ज्योतिप्रकाश लालक नाम देल गेल।
900. सोलहम अंकमे पुरातत्त्व विषयक सामग्री ककर नामसँ जुड़ल अछि?
  • सुशांत झा
  • विनीत उत्पल
  • नवेंदु झा
  • कोनो नहि
गद्य खण्डमे पुरातत्त्वपर सुशांत झाक नाम उल्लिखित अछि।
901. सोलहम अंकमे पाबनि-संस्कार-तीर्थ खण्ड कोन पर्वद्वयसँ जुड़ल छल?
  • कृष्णाष्टमी आ कुशी अमावस्या
  • दशहरा आ दीपावली मात्र
  • ईद आ क्रिसमस
  • कोनो नहि
सोलहम अंकक सूचीमे कृष्णाष्टमी/कुशी अमावस्या पर विशेष सामग्री देल गेल।
902. सतरहम अंकमे मैथिली रिपोर्ताजक विशेष केन्द्र कोन आपदा छल?
  • बाढ़ि
  • सुखाड़ मात्र
  • भूकम्प मात्र
  • कोनो नहि
सतरहम अंकमे मैथिली रिपोर्ताज बाढ़ि-विशेष रूपमे चिह्नित अछि।
903. सतरहम अंकमे लन्दनसँ ककर रिपोर्ट देल गेल?
  • ज्योति
  • नूतन झा
  • कैलाश कुमार मिश्र
  • कोनो नहि
सतरहम अंकक सूचीमे लन्दनसँ ज्योतिक रिपोर्टक उल्लेख अछि।
904. सतरहम अंकमे कोसी गद्यक लेखक-सूचीमे कोन नाम शामिल छल?
  • डॉ. गंगेश गुंजन
  • रामाश्रय झा मात्र
  • केवल अंशुमन पाण्डेय
  • कोनो नहि
कोसी गद्य खण्डमे डॉ. गंगेश गुंजन सहित अनेक लेखकक नाम देल गेल।
905. सतरहम अंकमे महिला-स्तंभक विषय कोन सामाजिक प्रश्नसँ जुड़ल छल?
  • कन्या भ्रूण हत्या आ प्रकृतिक संग खिलवाड़
  • केवल पाकशास्त्र
  • केवल व्यापार
  • कोनो नहि
महिला-स्तंभमे कन्या भ्रूण हत्या आ प्रकृतिक संग खिलवाड़ सन विषय देल गेल।

906. अठारहम अंकक सम्पादकीय कोन विशेष प्रसंगपर केन्द्रित छल?
  • बाढ़ि/कोशी
  • केवल नववर्ष
  • केवल पुस्तक-मेला
  • कोनो नहि
अठारहम अंकमे सम्पादकीय बाढ़ि-विशेष रूपमे अंकित अछि आ कोशी प्रसंग विस्तृत अछि।
907. अठारहम अंकमे कोशीक जलस्रोतक रूपमे कोन पर्वत-शृंखलाक उल्लेख अछि?
  • हिमालयक एवरेस्ट, कंचनजंघा, गौरीशंकर, मकालू क्षेत्र
  • सह्याद्रि
  • अरावली
  • कोनो नहि
सम्पादकीयमे कोशीक पानि हिमालयक प्रमुख शिखर-क्षेत्रसँ अबैत अछि, से बताओल गेल।
908. अठारहम अंकमे पोथी समीक्षा खण्डमे कोन नाटकक समीक्षा देल गेल?
  • नो एण्ट्री : मा प्रविश
  • चमेली रानी
  • गोबरक मूल्य
  • कोनो नहि
पोथी समीक्षा सूचीमे ‘नो एण्ट्री : मा प्रविश’ प्रमुख रूपेँ देल गेल।
909. अठारहम अंकमे जीवन झाक नाटक-विमर्श कोन दृष्टिकोणसँ जोड़ल गेल?
  • सामाजिक विवर्तन
  • गणितीय सूत्र
  • कृषि-मूल्य
  • कोनो नहि
सूचीमे जीवन झाक नाटकक सामाजिक विवर्तन पर डॉ. प्रेमशंकर सिंहक सामग्री देल गेल।
910. उन्नीसम अंकमे यायावरी लेख कोन भौगोलिक-सांस्कृतिक क्षेत्रपर केन्द्रित छल?
  • लोअर दिवांग घाटी आ इदु-मिसमी जनजाति
  • मरुभूमि आ ऊँट
  • समुद्री द्वीप
  • कोनो नहि
उन्नीसम अंकमे कैलाश कुमार मिश्रक यायावरी लोअर दिवांग घाटी आ इदु-मिसमी जनजातिक संसारपर अछि।
911. उन्नीसम अंकमे गद्य खण्डमे ‘मीडिया कतअ ल जा रहल अछि?’ ककर निबन्ध रूपमे देल गेल?
  • ओमप्रकाश
  • निमिष झा
  • ज्योति
  • कोनो नहि
उन्नीसम अंकक निबन्ध-सूचीमे ओमप्रकाशक ‘मीडिया कतअ ल जा रहल अछि?’ देल गेल।
912. उन्नीसम अंकमे गजेन्द्र ठाकुरक कोन उपन्यास खण्डमे उल्लिखित अछि?
  • उनटा आँचर
  • सहस्रबाढ़नि
  • चमेली रानी
  • कोनो नहि
उन्नीसम अंकमे दैनिकी-ज्योति संग उपन्यास ‘उनटा आँचर’ गजेन्द्र ठाकुरक नामसँ देल गेल।
913. बीसम अंकमे मिथिलाक अस्मितासँ सम्बन्धित कोन निबन्ध शीर्षक देल गेल?
  • कोना बचत मिथिलाक स्मिता?
  • महुवा घटवारिन
  • बगियाक गाछ
  • कोनो नहि
बीसम अंकक गद्य-सूचीमे ओमप्रकाश झाक ‘कोना बचत मिथिलाक स्मिता?’ शीर्षक देल गेल।
914. बीसम अंकमे बाल खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक कोन बाल-कथा देल गेल?
  • गांगोदेवीक भगता
  • भाट-भाटिन
  • कौआ आ फुद्दी
  • कोनो नहि
बीसम अंकक बालानां कृते खण्डमे ‘गांगोदेवीक भगता’ गजेन्द्र ठाकुरक नामसँ अछि।
915. बीसम अंकक प्रवासी स्तंभमे मैथिली रचना अनुवादक कोन प्रकारक प्रस्तुति छल?
  • मैथिली कविता/कथाक अंग्रेजी अनुवाद
  • केवल मौसम समाचार
  • केवल विज्ञापन
  • कोनो नहि
प्रवासी स्तंभमे ‘घसल अठन्नी’ आ ‘मूलभूत’ सन मैथिली रचनाक अंग्रेजी अनुवादक संकेत देल गेल।

916. इक्कीसम अंकमे मैथिली गजल पर कोन आलेख देल गेल?
  • मैथिलीमे गजल आ एकर संरचना
  • हाइकू आ चित्रकला
  • पञ्जी आ गणित
  • कोनो नहि
इक्कीसम अंकक गद्य खण्डमे धीरेन्द्र प्रेमर्षिक ‘मैथिलीमे गजल आ एकर संरचना’ देल गेल।
917. इक्कीसम अंकमे मैथिली रंगकर्ममे ‘थ्री-इन-वन’ विषय ककर नामसँ जुड़ल छल?
  • प्रकाश चन्द्र झा
  • कौआ आ फुद्दी
  • भानस भात
  • कोनो नहि
सूचीमे महेन्द्र मलंगियाक आलेख ‘प्रकाश चन्द्र झा : मैथिली रंगकर्ममे थ्री-इन-वन’ देल गेल।
918. इक्कीसम अंकमे ‘चौकपर आणविक समझौता’ ककर रचना रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • कृपानन्द झा
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • हृदय नारायण झा
  • कोनो नहि
गद्य सूचीमे ‘चौकपर आणविक समझौता’ कृपानन्द झाक नामसँ देल गेल।
919. तेइसम अंकमे बी.पी. कोइरालाक ‘मोदिआइन’क मैथिली रूपान्तरण ककर नामसँ देल गेल?
  • वृषेश चन्द्र लाल
  • रामलोचन ठाकुर
  • नवेंदु कुमार झा
  • कोनो नहि
तेइसम अंकमे बी.पी. कोइराला कृत ‘मोदिआइन’क मैथिली रूपान्तरण वृषेश चन्द्र लालक नामसँ अछि।
920. तेइसम अंकमे ‘चमेली रानी’ कोन विधा-खण्डमे देल गेल?
  • उपन्यास
  • पद्य
  • बाल-कथा
  • कोनो नहि
तेइसम अंकक गद्य-सूचीमे ‘उपन्यास - चमेली रानी - केदारनाथ चौधरी’ देल गेल।
921. तेइसम अंकमे मैथिली लोकगीतक कोन संकट-सूचक विषय देल गेल?
  • लुप्तप्राय मैथिली लोकगीत
  • केवल फिल्मी गीत
  • राजनीतिक नारा
  • कोनो नहि
मिथिला कला-संगीत खण्डमे हृदय नारायण झाक ‘लुप्तप्राय मैथिली लोकगीत’ देल गेल।
922. चौबीसम अंकमे मनोज मुक्तिक रिपोर्ताजमे कोन संस्थान द्वारा मिथिलाक्षर फॉन्ट-विकासक उल्लेख अछि?
  • त्रिभुवन विश्वविद्यालय
  • रेल मंत्रालय
  • दिल्ली नगर निगम
  • कोनो नहि
चौबीसम अंकमे रिपोर्ताज सूचीमे त्रिभुवन विश्वविद्यालयद्वारा मिथिलाक्षर फॉन्टक विकासक उल्लेख अछि।
923. चौबीसम अंकमे धीरेन्द्र प्रेमर्षिक कोन मिथिला-केंद्रित रचना सूचीबद्ध अछि?
  • नव भोर जोहैत मिथिला
  • फूसि-फटक
  • आर्या
  • कोनो नहि
चौबीसम अंकमे धीरेन्द्र प्रेमर्षिक ‘नव भोर जोहैत मिथिला’ देल गेल।
924. पच्चीसम अंकमे ‘एकदन्त हाथी आ नौलखा हार’ ककर नामसँ देल गेल?
  • वृषेश चन्द्र लाल
  • सुशान्त झा
  • भवनाथ दीपक
  • कोनो नहि
पच्चीसम अंकक गद्य-सूचीमे ‘एकदन्त हाथी आ नौलखा हार’ वृषेश चन्द्र लालक नामसँ अछि।
925. पच्चीसम अंकमे ‘भानस भात’ कोन लेखिका/लेखकक नामसँ सूचीबद्ध अछि?
  • नीलिमा
  • ज्योति
  • नूतन झा
  • कोनो नहि
पच्चीसम अंकक गद्य-सूचीमे ‘भानस भात - नीलिमा’ देल गेल।

926. आठम अंकमे ‘अपन लिपिमे पढ़ू’ अभियान कोन बातक संकेत छल?
  • एक सामग्रीकेँ अनेक भारतीय लिपिमे पढ़बाक सुविधा
  • केवल मुद्रित कूपन
  • केवल रेडियो प्रसारण
  • कोनो नहि
आठम अंकमे रोमन, गुजराती, बांग्ला, उड़िया, गुरुमुखी आदि लिपि विकल्पक उल्लेख बहुलिपि-पहुँचक संकेत अछि।
927. आठम अंकमे देवनागरी वा मिथिलाक्षर देखबा/लिखबाक समस्या लेल कोन प्रकारक सहयोग देल गेल?
  • लिंक आ सम्पर्क-सूचना
  • केवल मौखिक निर्देश
  • समाचारपत्र विज्ञापन मात्र
  • कोनो नहि
सूचनामे देवनागरी/मिथिलाक्षर देखबा-लिखबाक कठिनाई लेल लिंक आ सम्पर्क-सूचना देल गेल।
928. आठम अंकमे विदेह आर.एस.एस. फीडक उद्देश्य की छल?
  • नव सामग्री पाठक धरि नियमित पहुँचाउब
  • मुद्रा-लेनदेन करब
  • चित्र बेचब
  • कोनो नहि
आर.एस.एस. फीड आ गूगल रीडर निर्देश पाठककेँ नव अंक/सामग्री नियमित पाबय लेल छल।
929. आठम अंकमे मित्रकेँ विदेहक विषयमे सूचित करबाक सुविधा कोन पाठक-समुदाय बनबैत छल?
  • सक्रिय पाठक-जाल
  • केवल कार्यालयी सूची
  • गोपनीय पञ्जी
  • कोनो नहि
‘अपन मित्रकेँ विदेहक विषयमे सूचित करू’ सन सूचना पत्रिकाक पाठक-जाल बनयबाक संकेत अछि।
930. नवम अंकक महत्त्वपूर्ण सूचनामे रामजी चौधरीक अप्रकाशित पाण्डुलिपि के पठओलन्हि?
  • दुर्गानन्द चौधरी
  • विवेकानन्द झा
  • ज्योतिप्रकाश लाल
  • कोनो नहि
सूचनामे रामजी चौधरीक पुत्र दुर्गानन्द चौधरी द्वारा अप्रकाशित पाण्डुलिपि पठेबाक बात दर्ज अछि।
931. नवम अंकमे रामजी चौधरीक पद्य सभ कोन ढंगसँ प्रकाशित होयबाक सूचना छल?
  • धारावाहिक रूपेँ
  • केवल एकदिनक मंचपर
  • गोपनीय प्रतिलिपि रूपेँ
  • कोनो नहि
सूचना अनुसार रामजी चौधरीक गोट-पचासेक पद्य विदेहमे धारावाहिक रूपेँ ई-प्रकाशित भ’ रहल छल।
932. नवम अंकमे मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली शब्दकोशक सम्पादक-युग्म कोन छल?
  • गजेन्द्र ठाकुर आ नागेन्द्र कुमार झा
  • रामाश्रय झा आ नचिकेता
  • सुशान्त झा आ नीलिमा
  • कोनो नहि
महत्त्वपूर्ण सूचनामे शब्दकोशक सम्पादक गजेन्द्र ठाकुर आ नागेन्द्र कुमार झा देल गेल।
933. नवम अंकमे विदेहक धारावाहिक रचना सभक भविष्यक कोन योजना बताओल गेल?
  • ई-प्रकाशनक बाद प्रिंट रूपमे प्रकाशन
  • तुरन्त नष्ट करब
  • केवल अनुवाद बन्द करब
  • कोनो नहि
सूचनामे सहस्रबाढ़नि, गल्प-गुच्छ, भालसरि, बालानां कृते आदि पूर्ण ई-प्रकाशनक बाद प्रिंट रूपमे आबयबाक योजना बताओल गेल।
934. चौबीसम अंकमे तराई/मधेश आन्दोलन आ अवैध नागरिकता सन विषय कोन विधामे आयल?
  • रिपोर्ताज
  • बाल-कविता
  • संगीत-तालिका
  • कोनो नहि
चौबीसम अंकमे मनोज मुक्तिक रिपोर्ताज सूचीमे तराई/मधेश आन्दोलन आ अवैध नागरिकता सम्बन्धी विषय दर्ज अछि।
935. पच्चीसम अंकमे ‘मिथिला मंथन’ कोन लेखकक नामसँ देल गेल?
  • सुशान्त झा
  • नवेंदु कुमार झा
  • रामनारायण देव
  • कोनो नहि
पच्चीसम अंकक गद्य-सूचीमे ‘मिथिला मंथन - सुशान्त झा’ देल गेल।

936. विदेह अंक २६ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनवरी २००९
  • १ जनवरी २००९
  • १ फरबरी २००९
  • १५ मार्च २००९
अंक २६ क शीर्ष भागमे १५ जनवरी २००९, वर्ष २ मास १३ अंक २६ देल अछि।
937. अंक २६ क विशेष भागमे राजमोहन झासँ जुड़ल कोन प्रसंग प्रमुख अछि?
  • प्रबोध सम्मान २००९ आ विनीत उत्पलक विस्तृत साक्षात्कार
  • केवल खेल-समाचार
  • केवल पुरान विज्ञापन
  • कृषि-मूल्य तालिका
विशेष सूचनामे राजमोहन झाकेँ प्रबोध सम्मान २००९ देबाक प्रसंग आ विनीत उत्पलक साक्षात्कारक उल्लेख अछि।
938. अंक २६ मे विदेहक मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक तकनीकी आधार की कहल गेल?
  • एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित
  • कागजी पर्ची आधारित
  • केवल हस्तलिखित
  • रेडियो प्रसारण आधारित
सूचनामे ई कोष इंटरनेटपर पहिल बेर सर्च-डिक्शनरी आ एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित कहल गेल।
939. अंक २६ मे ‘एकाकी’ कोन लेखकक गद्य-रचना रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • विनीत उत्पल
  • ज्योति झा चौधरी
  • रामाश्रय झा
अंक २६ क गद्य-सूचीमे ‘एकाकी — सुभाषचन्द्र यादव’ देल गेल।
940. अंक २६ मे ‘कबई’ कोन विधा आ लेखकसँ जुड़ल अछि?
  • इच्छा अनलकांतक कथा
  • गंगेश गुंजनक पद्य
  • भ्रमरक निबन्ध
  • ज्योतिक बाल-कथा
गद्य-सूचीमे ‘कबई — इच्छा अनलकांत (कथा)’ रूपमे उल्लेख अछि।
941. अंक २६ मे श्यामसुन्दर शशिक ‘आह उमा! वाह उमा!’ कोन खण्डमे आयल?
  • गद्य खण्डमे श्रद्धांजलि रूपमे
  • प्रवासी अंग्रेजी खण्डमे
  • केवल बाल-खण्डमे
  • कम्प्यूटर कोषमे
सूचीमे श्यामसुन्दर शशिक ‘श्रद्धांजलि आह उमा! वाह उमा!’ गद्य खण्डमे देल गेल।
942. अंक २६ मे ‘भाग रौ’ क संबंध कोन लेखिका आ विधासँ अछि?
  • विभा रानीक सम्पूर्ण मैथिली नाटक
  • राजमोहन झाक कथा
  • सुभाषचन्द्र यादवक पद्य
  • नवेन्दु झाक रिपोर्ट
अंक २६ मे ‘भाग रौ (संपूर्ण मैथिली नाटक) — लेखिका विभा रानी’ रूपमे सूचीबद्ध अछि।
943. अंक २६ मे राजमोहन झाक साक्षात्कार के लेने छलाह?
  • विनीत उत्पल
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • ज्योति झा चौधरी
  • देवशंकर नवीन
सूचीमे राजमोहन झा (प्रबोध सम्मान २००९) सँ विनीत उत्पलक साक्षात्कार देल गेल।
944. अंक २६ मे ‘हमर सपना केर मिथिला’ कोन लेखकक नामसँ देल गेल?
  • सुशांत झा
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • रूपेश झा
  • नवेन्दु कुमार झा
गद्य-सूचीमे ‘सुशांत झा — हमर सपना केर मिथिला’ रूपमे उल्लेख अछि।
945. अंक २६ मे देवशंकर नवीनक मौलिक मैथिली कथा केर अंग्रेजी अनुवाद के कएलनि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विनीत उत्पल
  • कुमार मनोज कश्यप
  • राजमोहन झा
प्रवासी स्तम्भमे देवशंकर नवीनक मौलिक मैथिली कथा केर अंग्रेजी अनुवाद गजेन्द्र ठाकुर द्वारा बताओल गेल।

946. अंक २६ क संपादकीयमे रामाश्रय झा ‘रामरंग’क मृत्यु कोन तिथिकेँ कहल गेल?
  • १ जनवरी २००९
  • १५ जनवरी २००९
  • ३ फरबरी २००९
  • १५ मार्च २००९
संपादकीयमे रामरंग जीक मृत्यु १ जनवरी २००९ केँ कोलकातामे भेल कहल गेल।
947. रामाश्रय झा ‘रामरंग’क जन्मस्थल कोन गाम कहल गेल?
  • मधुबनी जिलाक खजुरा गाम
  • दरभंगाक राजनगर
  • इलाहाबाद शहर
  • काठमाण्डू
स्रोतमे रामरंग जीक जन्म १९२८ ई. मे मधुबनी जिलाक खजुरा गाममे भेल कहल गेल।
948. रामरंग जीक प्रारम्भिक संगीत-शिक्षा के सँ भेटलन्हि?
  • अपन पिता सुखदेव झा सँ
  • केवल विश्वविद्यालय सँ
  • रेडियो केन्द्र सँ
  • अकादमी सचिव सँ
संपादकीय विवरणमे हुनकर प्रारम्भिक संगीत-शिक्षा पिता सुखदेव झा सँ भेटल कहलक।
949. रामरंग जी कोन विश्वविद्यालयक संगीत विभागमे प्रोफेसर आ हेड रहलाह?
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय
  • दिल्ली विश्वविद्यालय
  • त्रिभुवन विश्वविद्यालय
  • पटना विश्वविद्यालय
विवरण अनुसार ओ इलाहाबाद विश्वविद्यालयक संगीत विभागमे प्रोफेसर आ हेड रहलाह।
950. रामरंग जीक कतेक खण्डक कृति ‘अभिनव गीताञ्जलि’ हिनका विशेष प्रसिद्धि देलक?
  • पाँच खण्ड
  • दू खण्ड
  • बीस खण्ड
  • एक खण्ड
संपादकीयमे पाँच खण्डमे नव-पुरान रागक वर्णन आ समालोचनाक ‘अभिनव गीताञ्जलि’क उल्लेख अछि।
951. रामाश्रय झा ‘रामरंग’ कोन उपाधिसँ प्रसिद्ध भेलाह?
  • अभिनव भातखण्डे
  • कथा-सम्राट
  • जनकपुर रत्न
  • मिथिला मंथन
अभिनव गीताञ्जलि आ राग-सृजनक कारण ओ ‘अभिनव भातखण्डे’ नामसँ प्रसिद्ध भेलाह।
952. रामरंग जी कोन राष्ट्रीय संस्थाक २००५ पुरस्कार प्राप्त केलनि?
  • संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली
  • साहित्य परिषद् कटिहार
  • मैथिली भोजपुरी अकादमी मात्र
  • त्रिभुवन विश्वविद्यालय
संपादकीयमे संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्लीक २००५ पुरस्कार प्राप्त करबाक उल्लेख अछि।
953. रामरंग जी केँ कोन राज्य-स्तरीय संगीत संस्था द्वारा फेलोशिप सेहो देल गेल?
  • यू.पी. संगीत नाटक अकादमी
  • बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
  • नेपाली साझा प्रकाशन
  • दिल्ली नगर निगम
विवरणमे यू.पी. संगीत नाटक अकादमीक फेलोशिप देल गेल कहल अछि।
954. रामरंग जीक रचना-संसारमे ‘संगीत रामायण’ केकरा समर्पित कहल गेल?
  • हनुमानकेँ
  • सीताकेँ
  • विद्यापतिकेँ
  • राजमोहन झाकेँ
संपादकीय अंशमे हुनकर ‘संगीत रामायण’ हनुमानकेँ समर्पित कहल गेल।
955. अंक २६ मे पुरान अंक डाउनलोडक रूप कोन-कोन लिपिसँ जुड़ल बताओल गेल?
  • तिरहुता आ देवनागरी
  • केवल रोमन
  • केवल बंगला
  • केवल गुरुमुखी
अंक २६ मे पुरान अंक तिरहुता आ देवनागरी दुनू रूपमे पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल उपलब्ध कहल गेल।

956. विदेह अंक २७ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ फरबरी २००९
  • १५ जनवरी २००९
  • १५ फरबरी २००९
  • ०१ मार्च २००९
अंक शीर्षकमे ०१ फरबरी २००९, वर्ष २ मास १४ अंक २७ देल अछि।
957. अंक २७ क विशेष भागमे रामरंग जीक कोन अमूल्य सामग्री पहिल बेर देल गेल?
  • डॉ. गंगेश गुंजन द्वारा लेल गेल मृत्युपूर्व साक्षात्कार
  • केवल पुरस्कार-सूची
  • केवल बाल-कथा
  • कम्प्यूटर शब्दावली
विशेष सूचनामे डॉ. गंगेश गुंजन द्वारा लेल गेल रामरंग जीक मृत्युपूर्व अमूल्य साक्षात्कार पहिल बेर विदेहमे प्रकाशित कहल गेल।
958. अंक २७ क संपादकीयमे गणतंत्र दिवसक अवसरपर कोन संस्था द्वारा कविता महोत्सवक आयोजनक उल्लेख अछि?
  • मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली
  • साझा प्रकाशन
  • स्वास्ति फाउंडेशन
  • गंगानाथ रिसर्च इन्स्टिच्यूट
संपादकीयमे मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली द्वारा गणतंत्र दिवसक अवसरपर कविता महोत्सवक आयोजन कहल गेल।
959. अंक २७ मे मैथिली-भोजपुरी अकादमीक मैथिली सम्मानक नाम की कहल गेल?
  • विद्यापति सम्मान
  • भिखारी ठाकुर सम्मान
  • प्रबोध सम्मान
  • अभिनव भातखण्डे सम्मान
संपादकीयमे मैथिलीमे विद्यापति सम्मान आ भोजपुरीमे भिखारी ठाकुर सम्मान देबाक सूचना अछि।
960. अकादमीक सम्मान-राशि कतेक कहल गेल?
  • ५१-५१ हजार टाका
  • एक लाख टाका
  • दस हजार टाका
  • पाँच लाख टाका
संपादकीय अंशमे मैथिली आ भोजपुरीक एक-एक सम्मान ५१-५१ हजार टाकाक कहल गेल।
961. अकादमी द्वारा मैथिली आ भोजपुरीमे अलग-अलग पत्रिकामे कोन प्रकारक सामग्री प्रकाशित करबाक योजना छल?
  • कथा, कविता, लेख, निबन्ध, समीक्षा आ सर्जनात्मक टिप्पणी
  • केवल सरकारी विज्ञापन
  • केवल खेल-सूची
  • मात्र बाजार-भाव
स्रोतमे अलग-अलग पत्रिकामे कथा, कविता, लेख, निबन्ध, समीक्षा आ सर्जनात्मक टिप्पणी प्रकाशित करबाक बात अछि।
962. अंक २७ मे लोककथा लेखनक संदर्भमे फील्डवर्कक आग्रह कोन मंच/सम्बन्धित प्रसंगमे आयल?
  • मैलोरंग सेमिनारमे सुभाषचन्द्र यादवजीक आग्रह
  • संगीत समारोहमे
  • कृषि सम्मेलनमे
  • केवल पुस्तक-दुकानमे
संपादकीयमे मैलोरंग सेमिनारमे सुभाषचन्द्र यादवजी द्वारा फील्डवर्कक आधारपर लोककथा लिखबाक आग्रहक उल्लेख अछि।
963. लोककथा लेखन लेल केवल दादी-मैयासँ सुनल कथा किएक अपर्याप्त कहल गेल?
  • क्षेत्रमे पसरल कथाक विभिन्न स्वरूप ग्रहण नहि कऽ पबैत अछि
  • कथा बिल्कुल नहि होइत अछि
  • संगीत नहि रहैत अछि
  • कोनो कारण नहि
विवरण अनुसार केवल घरमे सुनल कथा क्षेत्रमे पसरल अनेक रूपकेँ समेटबामे सक्षम नहि होइत।
964. अंक २७ मे उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’क सन्देशमे विदेह-कर्मक भविष्यक मूल्यांकन कोना कहल गेल?
  • एक दिन मैथिली भाषाक इतिहासमे चर्चा होएत
  • एक दिन बन्द होएत
  • केवल स्थानीय पत्र रहत
  • कोनो उल्लेख नहि
नचिकेता जीक सन्देशमे कहल गेल जे ई काजक चर्चा एक दिन मैथिली भाषाक इतिहासमे होएत।
965. डॉ. गंगेश गुंजनक सन्देशमे विदेह-कर्मकेँ इतिहासमे कोन रूपमे देखबाक विश्वास व्यक्त अछि?
  • एक विशिष्ट फराक अध्याय आरम्भ करबाक रूपमे
  • केवल मनोरंजन-स्तम्भ रूपमे
  • बाजार-घोषणा रूपमे
  • अस्थायी नोटिस रूपमे
सन्देशमे विदेह-कर्म मैथिलीक इतिहासमे विशिष्ट फराक अध्याय आरम्भ करत, से विश्वास व्यक्त कएल गेल।

966. अंक २७ मे ‘कबाछु’ कोन लेखकक गद्य-रचना अछि?
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • कुमार मनोज कश्यप
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • केदारनाथ चौधरी
गद्य-सूचीमे ‘कबाछु — सुभाषचन्द्र यादव’ देल गेल।
967. अंक २७ मे ‘विवसता’ कोन लेखकक कथा रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • कुमार मनोज कश्यप
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • रामरंग
  • डॉ. देवशंकर नवीन
सूचीमे ‘विवसता — कुमार मनोज कश्यप (कथा)’ देल गेल।
968. अंक २७ मे बी.पी. कोइराला कृत ‘मोदिआइन’क मैथिली रूपान्तरण के कएलनि?
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • गंगेश गुंजन
  • ज्योति झा चौधरी
  • बी.के. कर्ण
अंक २७ क सूचीमे ‘बी.पी. कोइराला कृत मोदिआइन मैथिली रूपान्तरण बृषेश चन्द्र लाल’ लिखल अछि।
969. अंक २७ मे ‘चमेली रानी’ कोन विधा आ लेखकसँ जुड़ल अछि?
  • केदारनाथ चौधरीक उपन्यास
  • विभा रानीक नाटक मात्र
  • प्रेमशंकर सिंहक निबन्ध
  • ज्योतिक पद्य
गद्य-सूचीमे ‘उपन्यास — चमेली रानी — केदारनाथ चौधरी (आगाँ)’ देल गेल।
970. अंक २७ मे ‘मैथिली भाषाक साहित्य’ शीर्षक सामग्री ककर नामसँ अछि?
  • प्रेमशंकर सिंह
  • अभय नारायण सिंह
  • रमण कुमार सिंह
  • बी.के. कर्ण
सूचीमे ‘मैथिली भाषाक साहित्य — प्रेमशंकर सिंह (आगाँ)’ देल गेल।
971. अंक २७ मे ‘आधुनिक मैथिली नाटकमे चित्रित निर्धनता क समस्या’ कोन लेखकक प्रतियोगी-परीक्षा सामग्री अछि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • डॉ. गंगेश गुंजन
  • सतीश चन्द्र झा
  • सारंग कुमार
सूचीमे डॉ. शंभु कुमार सिंहक प्रतियोगी-परीक्षा सामग्री रूपमे ई शीर्षक देल गेल।
972. अंक २७ मे रामाश्रय झा ‘रामरंग’सँ साक्षात्कार के लेने छलाह?
  • डॉ. गंगेश गुंजन
  • ज्योति झा चौधरी
  • हृदयनारायण झा
  • कुमार मनोज कश्यप
गद्य-सूचीमे रामाश्रय झा ‘रामरंग’ सँ डॉ. गंगेश गुंजन द्वारा लेल गेल साक्षात्कार देल गेल।
973. अंक २७ क पद्य-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक कतेक पद्य देल गेल?
  • १५ टा पद्य
  • दू टा कविता
  • एक दीर्घकाव्य मात्र
  • कोनो पद्य नहि
पद्य खण्डमे ‘गजेन्द्र ठाकुर — १५ टा पद्य’ स्पष्ट देल अछि।
974. अंक २७ मे ‘मिथिलाक लेल एक ओलम्पिक मेडल’ ककर नामसँ सूचीबद्ध अछि?
  • बी. के. कर्ण
  • हृदयनारायण झा
  • रमण कुमार सिंह
  • कुमार सौरभ
पद्य/सामग्री सूचीमे ‘मिथिलाक लेल एक ओलम्पिक मेडल — बी. के. कर्ण’ देल गेल।
975. अंक २७ मे मिथिला कला-संगीत खण्ड ककर नामसँ जुड़ल अछि?
  • हृदयनारायण झा
  • सतीश चन्द्र झा
  • देवशंकर नवीन
  • रवीन्द्र लाल दास
सूचीमे ‘मिथिला कला-संगीत — हृदयनारायण झा’ उल्लेखित अछि।

976. विदेह अंक २८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ फरबरी २००९
  • ०१ फरबरी २००९
  • ०१ मार्च २००९
  • १५ मार्च २००९
अंक शीर्षकमे १५ फरबरी २००९, वर्ष २ मास १४ अंक २८ देल अछि।
977. अंक २८ क विशेष भागमे कोन सम्पूर्ण मैथिली नाटकक आगाँक प्रस्तुति सूचित अछि?
  • भाग रौ — विभा रानी
  • नो एंट्री — नचिकेता
  • बलचन्दा — राजकमल
  • कबाछु — सुभाषचन्द्र
विशेष भागमे ‘भाग रौ (संपूर्ण मैथिली नाटक) — लेखिका विभा रानी (आगाँ)’ देल गेल।
978. अंक २८ क संपादकीयमे जयकान्त मिश्रक निधन कोन तिथिकेँ कहल गेल?
  • ३ फरबरी २००९
  • १५ फरबरी २००९
  • २२ फरबरी २००९
  • १ जनवरी २००९
संपादकीयमे डॉ. जयकान्त मिश्रक ३ फरबरी २००९ केँ साँझ निधनक उल्लेख अछि।
979. जयकान्त मिश्र कोन विश्वविद्यालयक अंग्रेजी आ आधुनिक यूरोपियन भाषा विभागक प्रोफेसर आ हेड पदसँ सेवा-निवृत्त भेल छलाह?
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय
  • दिल्ली विश्वविद्यालय
  • पटना विश्वविद्यालय
  • काशी विद्यापीठ
विवरणमे १९८२ ई. मे इलाहाबाद विश्वविद्यालयक अंग्रेजी आ आधुनिक यूरोपियन भाषा विभागक प्रोफेसर आ हेड पदसँ सेवा-निवृत्ति कहल गेल।
980. सेवा-निवृत्तिक बाद जयकान्त मिश्र कोन विश्वविद्यालयमे भाषा आ समाज विज्ञानक डीन रहलाह?
  • चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय
  • त्रिभुवन विश्वविद्यालय
  • मिथिला विश्वविद्यालय
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय
संपादकीयमे ओ चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालयमे भाषा आ समाज विज्ञानक डीन रूपमे काज केलनि, से लिखल अछि।
981. जयकान्त मिश्र अखिल भारतीय मैथिली साहित्य समिति, इलाहाबादमे कोन पदसँ जुड़ल रहलाह?
  • अध्यक्ष
  • केवल सदस्य
  • कोषाध्यक्ष मात्र
  • अनुवादक मात्र
स्रोतमे हुनका अखिल भारतीय मैथिली साहित्य समिति, इलाहाबादक अध्यक्ष कहल गेल।
982. जयकान्त मिश्र गंगानाथ रिसर्च इन्स्टिच्यूट, इलाहाबादसँ कोना जुड़ल रहलाह?
  • अवैतनिक सचिव आ सम्पादक
  • क्रीड़ा-प्रभारी
  • केवल छात्र
  • मुद्रक मात्र
विवरणमे गंगानाथ रिसर्च इन्स्टिच्यूट, इलाहाबादक अवैतनिक सचिव आ सम्पादक पदक उल्लेख अछि।
983. जयकान्त मिश्र साहित्य अकादमी, नई दिल्लीमे मैथिलीसँ सम्बन्धित कोन भूमिका निभेलनि?
  • मैथिली प्रतिनिधि आ भाषा सम्पादक
  • केवल टिकट परीक्षक
  • संगीत निर्देशक
  • कोनो नहि
संपादकीयमे साहित्य अकादमी, नई दिल्लीक मैथिली प्रतिनिधि आ भाषा सम्पादक रूपमे हुनकर भूमिका लिखल अछि।
984. प्रेमशंकर सिंहक उद्गार अनुसार जयकान्त मिश्रक मृत्यु मैथिलीक लेल की छल?
  • अपूरणीय क्षति
  • सामान्य समाचार
  • खेलक परिणाम
  • कोनो उल्लेख नहि
उद्गारमे कहल गेल जे डॉ. जयकान्त मिश्रक मृत्यु मैथिलीक लेल अपूरणीय क्षति अछि।
985. प्रेमशंकर सिंहक उद्गारमे जयकान्त मिश्रकेँ ग्रियर्सनक बाद कोन रूपमे देखल गेल?
  • मैथिलीकेँ विश्व-स्तर धरि अनिहार प्रेमी
  • केवल मंच-संचालक
  • केवल प्रकाशक
  • केवल अभिनेता
उद्गारमे कहल गेल जे ग्रियर्सनक बाद ओ एहन मैथिली-प्रेमी छलाह जे मैथिलीकेँ विश्व-स्तर तक अनलन्हि।

986. अंक २८ मे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ केँ नेपालक कोन सरकारी प्रकाशन संस्थाक चेयरमैन नियुक्त कएल गेल कहल अछि?
  • साझा प्रकाशन
  • विद्यापति परिषद्
  • मैथिली भोजपुरी अकादमी
  • स्वास्ति फाउंडेशन
संपादकीयमे डॉ. रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ जी केँ नेपालक सरकारी संस्था साझा प्रकाशनक चेयरमैन नियुक्त कएल गेल कहल अछि।
987. साझा प्रकाशनक इतिहासमे भ्रमर जीक नियुक्ति कोन दृष्टिसँ पहिल बेर कहल गेल?
  • ४५ बरखक इतिहासमे पहिल बेर कोनो मधेसीकेँ ई सम्मान भेटल
  • पहिल बेर कोनो कवि छपल
  • पहिल बेर किताब बिकायल
  • पहिल बेर पुरस्कार बन्द भेल
अंशमे कहल गेल जे साझा प्रकाशनक ४५ बरखक इतिहासमे पहिल बेर कोनो मधेसीकेँ ई सम्मान भेटल।
988. भ्रमर जीक कार्यभार सम्हारिते साझा प्रकाशनमे कोन फोटो प्रकाशित भेल कहल गेल?
  • विद्यापतिक फोटो
  • भिखारी ठाकुरक फोटो
  • रामरंगक फोटो
  • राजमोहन झाक फोटो
स्रोतमे लिखल अछि जे भ्रमर जीक कार्यभार सम्हारिते विद्यापतिक फोटो प्रकाशित कएल गेल।
989. अंक २८ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा शीर्षक की अछि?
  • कारबार
  • कबाछु
  • कुश्ती
  • कैनरी आइलैण्डक लॉरेल
गद्य-सूचीमे ‘कथा — सुभाषचन्द्र यादव — कारबार’ देल गेल।
990. अंक २८ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मरीचका मरीचका
  • विवसता
  • फानी
  • दृष्टिकोण
सूचीमे ‘मरीचका मरीचका — कुमार मनोज कश्यप (कथा)’ देल गेल।
991. अंक २८ मे गजेन्द्र ठाकुरक कोन कथा-सदृश शीर्षक सूचीबद्ध अछि?
  • की नाम राखी एहि कथाक
  • उनटा आँचर
  • हमर सपना केर मिथिला
  • मिथिला मंथन
गद्य-सूचीमे ‘की नाम राखी एहि कथाक — गजेन्द्र ठाकुर’ देल गेल।
992. अंक २८ मे ‘चमेली रानी आ माहुर’क विवेचना के लिखलनि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • केदारनाथ चौधरी
  • जितेन्द्र झा
  • हृदयनारायण झा
सूचीमे ‘विवेचना: केदारनाथ चौधरीक उपन्यास: चमेली रानी आ माहुर — गजेन्द्र ठाकुर’ देल गेल।
993. अंक २८ मे ‘बुद्ध आ आतंक’ कोन कवि/लेखकक पद्य-सूचीमे आयल?
  • निमिष झा
  • ज्योति
  • रूपेश कुमार झा
  • कामिनी कामायनी
पद्य-सूचीमे ‘निमिष झा — बुद्ध आ आतंक’ देल गेल।
994. अंक २८ मे बालानां कृते खण्डक सामग्री कोन यात्रा-कथासँ जुड़ल अछि?
  • मध्य-प्रदेश यात्रा आ देवीजी
  • नेपालवन यात्रा
  • कैनरी आइलैण्ड यात्रा
  • लोअर दिवांग यात्रा
बालानां कृतेमे ‘मध्य-प्रदेश यात्रा आ देवीजी — ज्योति झा चौधरी’ देल गेल।
995. अंक २८ मे पुरान अंकक पी.डी.एफ. डाउनलोड कोन-कोन लिपिमे उपलब्ध कहल गेल?
  • तिरहुता आ देवनागरी
  • ब्रेल मात्र
  • रोमन मात्र
  • ओड़िया मात्र
अंक २८ मे पुरान अंक तिरहुता आ देवनागरी दुनू संस्करणमे डाउनलोड लेल उपलब्ध कहल गेल।

996. विदेह अंक २९ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ मार्च २००९
  • १५ फरबरी २००९
  • १५ मार्च २००९
  • ०१ फरबरी २००९
अंक शीर्षकमे ०१ मार्च २००९, वर्ष २ मास १५ अंक २९ देल अछि।
997. अंक २९ क संपादकीयमे प्रबोध सम्मान २००९ केकरा देल गेल कहल अछि?
  • राजमोहन झा
  • जयकान्त मिश्र
  • रामाश्रय झा
  • भ्रमर
संपादकीयमे मैथिलीक प्रतिष्ठित प्रबोध सम्मान २००९ श्री राजमोहन झाकेँ देबाक उल्लेख अछि।
998. प्रबोध सम्मान २००९ कोन संस्था द्वारा देल गेल?
  • स्वास्ति फाउंडेशन
  • मैथिली-भोजपुरी अकादमी
  • साझा प्रकाशन
  • संगीत नाटक अकादेमी
अंक २९ मे राजमोहन झाकेँ स्वास्ति फाउंडेशन द्वारा प्रबोध सम्मान देल गेल कहल अछि।
999. प्रबोध सम्मान २००९ क कार्यक्रम कतय भेल कहल अछि?
  • पटनाक विद्यापति भवनमे
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालयमे
  • नई दिल्लीक अकादमीमे
  • जनकपुरधाममे
संपादकीयमे कार्यक्रम पटनाक विद्यापति भवनमे भेल कहल गेल।
1000. प्रबोध सम्मानमे स्मृति-चिन्हक संग कतेक टाकाक राशि देल जाइत अछि?
  • एक लाख टाका
  • ५१ हजार टाका
  • १० हजार टाका
  • किछु नहि
अंशमे कहल अछि जे एहि सम्मानमे स्मृति-चिन्ह आ एक लाख टाका देल जाइत अछि।
1001. अंक २९ मे ‘हेल्लो मिथिला’ रेडियो कार्यक्रम आब कोना उपलब्ध भेल कहल गेल?
  • इन्टरनेटपर ऑनलाइन
  • केवल ग्रामोफोनपर
  • केवल मुद्रित रूपमे
  • सिनेमा-घरमे
संपादकीयमे धीरेन्द्रजीक सूचना अनुसार ‘हेल्लो मिथिला’ आब इन्टरनेटपर ऑनलाइन उपलब्ध भेल कहल गेल।
1002. ‘हेल्लो मिथिला’ कार्यक्रमक विषय-वस्तु कोन प्रकारक कहल गेल?
  • सामाजिक तथा सांस्कृतिक
  • केवल बाजार-भाव
  • केवल क्रिकेट
  • केवल मौसम
अंशमे ‘हेल्लो मिथिला’केँ सामाजिक तथा सांस्कृतिक विषयवस्तुपर केन्द्रित कहल गेल।
1003. अंक २९ क संपादकीयमे १ जनवरी २००८ सँ २७ फरबरी २००९ धरि विदेह कतेक देशसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ७७ देश
  • २५ देश
  • १०० देश
  • केवल भारत
गूगल एनेलेटिक्स डाटामे विदेह ७७ देशक ७५८ ठामसँ देखल गेल कहल अछि।
1004. ओहि आँकड़ामे विदेह कतेक ठामसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ७५८ ठामसँ
  • ५१ ठामसँ
  • २०० ठामसँ
  • ३० ठामसँ
संपादकीय आँकड़ामे ७७ देशक ७५८ ठामसँ देखल गेल, से दर्ज अछि।
1005. अंक २९ क आँकड़ामे कुल दृश्य संख्या कतेक देल गेल?
  • १,६०,५१७ बेर
  • ५१,००० बेर
  • ७,५८० बेर
  • १०,००० बेर
गूगल एनेलेटिक्स डाटामे विदेह १,६०,५१७ बेर देखल गेल कहल अछि।

1006. अंक २९ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा शीर्षक की अछि?
  • कुश्ती
  • कारबार
  • कबाछु
  • एकाकी
अंक २९ क गद्य-सूचीमे ‘कथा — सुभाषचन्द्र यादव — कुश्ती’ देल गेल।
1007. अंक २९ मे ‘मिथिला मंथन’ ककर नामसँ सूचीबद्ध अछि?
  • सुशांत झा
  • कुमार मनोज कश्यप
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • विद्या मिश्र
गद्य-सूचीमे ‘सुशांत झा — मिथिला मंथन’ देल गेल।
1008. अंक २९ मे ‘आ ओ मारलि गेलि!’ ककर रचना रूपमे देल गेल?
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • ज्योति
  • सतीश चन्द्र झा
सूचीमे ‘आ ओ मारलि गेलि! — बृषेश चन्द्र लाल’ देल गेल।
1009. अंक २९ मे जयकान्त मिश्रपर विशेष खण्डमे कोन दू नाम प्रमुख रूपेँ देल गेल?
  • डॉ. गंगेश गुंजन आ विद्या मिश्र
  • रामरंग आ राजमोहन झा
  • रमण कुमार सिंह आ सारंग कुमार
  • भ्रमर आ हृदयनारायण झा
सूचीमे जयकान्त मिश्रपर विशेष अन्तर्गत डॉ. गंगेश गुंजन आ विद्या मिश्रक नाम देल गेल।
1010. अंक २९ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा-संग्रह ‘बनैत-बिगड़ैत’क विवेचना के लिखलनि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • कैलाश कुमार मिश्र
  • प्रेमशंकर सिंह
  • उदय नारायण सिंह
सूचीमे ‘सुभाषचन्द्र यादवक कथा संग्रह — बनैत-बिगड़ैत — गजेन्द्र ठाकुर’ देल गेल।
1011. अंक २९ मे होलीक संदेश ककर नामसँ अछि?
  • डा. चन्देश्वर शाह
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • रामभरोस कापड़ि
  • बी.के. कर्ण
गद्य-सूचीमे ‘होलीक संदेश — डा. चन्देश्वर शाह’ देल गेल।
1012. अंक २९ मे ‘वसंती दोहा’ कोन लेखकक पद्य खण्डमे आयल?
  • कुमार मनोज कश्यप
  • सतीश चन्द्र झा
  • ज्योति
  • सुबोध ठाकुर
पद्य-सूचीमे ‘वसंती दोहा — कुमार मनोज कश्यप’ देल गेल।
1013. अंक २९ मे ‘हमर स्वतंत्रता’ ककर कविता/पद्य रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • सतीश चन्द्र झा
  • कुमार मनोज कश्यप
  • ज्योति
  • रूपेश कुमार झा
पद्य-सूचीमे ‘सतीश चन्द्र झा — हमर स्वतंत्रता’ देल गेल।
1014. अंक २९ मे ‘एक नौकरी चाही’ ककर पद्य-सूचीमे देल गेल?
  • ज्योति
  • सुबोध ठाकुर
  • विद्या मिश्र
  • कुमार सौरभ
पद्य खण्डमे ‘ज्योति — एक नौकरी चाही’ देल गेल।
1015. अंक २९ मे संगोष्ठीक संचालन के केलथि?
  • कुमार सौरभ
  • अरुणाभ
  • अलोक रंजन
  • अखिल आनंद
संपादकीय अंशमे संगोष्ठीक संचालन युवतम रचनाकार कुमार सौरभ द्वारा कएल गेल कहल अछि।

1016. विदेह अंक ३० कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मार्च २००९
  • ०१ मार्च २००९
  • १५ फरबरी २००९
  • ०१ अप्रैल २००९
अंक शीर्षकमे १५ मार्च २००९, वर्ष २ मास १५ अंक ३० देल अछि।
1017. अंक ३० क संपादकीयमे पटनामे कोन परियोजना अन्तर्गत मैथिली कम्प्यूटरीकरण शब्दावली मानकीकरण कार्यशाला सम्पन्न भेल?
  • फ्युल प्रोजेक्ट
  • संगीत रामायण परियोजना
  • प्रबोध परियोजना
  • हेल्लो मिथिला परियोजना
संपादकीयमे फ्युल प्रोजेक्ट अन्तर्गत मैथिली कम्प्यूटरीकरण शब्दावलीक मानकीकरण लेल दू-दिवसीय कार्यशाला भेल कहल गेल।
1018. फ्युलक विस्तारित अर्थ स्रोतमे कोना देल गेल?
  • फ्रिक्वेन्टली यूज्ड एन्ट्रीज फर लोकलाइजेशन
  • फिल्म यूनियन फॉर लिटरेचर
  • फोक यूनिट ऑफ लिंग्विस्टिक्स
  • फ्री यूनिवर्सल लिपि
स्रोतमे फ्युल केँ ‘फ्रिक्वेन्टली यूज्ड एन्ट्रीज फर लोकलाइजेशन’ रूपमे समझाओल गेल।
1019. फ्युल प्रोजेक्ट कोन प्रकारक परियोजना कहल गेल?
  • ओपन सोर्स प्रोजेक्ट
  • गोपनीय सरकारी फाइल
  • मात्र रेडियो शो
  • केवल मुद्रित पत्रिका
संपादकीयमे फ्युल केँ ओपन सोर्स प्रोजेक्ट कहल गेल।
1020. अंक ३० मे मैथिली कम्प्यूटरीकरण शब्दावलीक मानकीकरण लेल कतेक शब्दपर विचार भेल?
  • ५७८ शब्द
  • १०० शब्द
  • १००० शब्द
  • ५१ शब्द
कार्यक्रम विवरणमे कम्प्यूटरमे बेशी प्रयोग होबऽ बला ५७८ शब्दपर गहन विचार भेल कहल गेल।
1021. कार्यशालामे ५७८ शब्द लेल की बनाओल गेल?
  • मानकपर आम सहमति
  • केवल विरोध-सूची
  • केवल चित्र-संग्रह
  • कोनो निर्णय नहि
अंशमे ५७८ शब्दपर गहन विचार कऽ मानकपर आम सहमति बनाओल गेल, से लिखल अछि।
1022. मैथिली कम्प्यूटर लेल शब्द गढ़बाक ई प्रयास कोन क्रमक कहल गेल?
  • पहिल प्रयास
  • दसम प्रयास
  • अन्तिम प्रयास
  • कोनो प्रयास नहि
विवरणमे मैथिली कम्प्यूटर लेल शब्द गढ़बाक ई पहिल प्रयास कहल गेल।
1023. कार्यक्रम कतय भेल कहल गेल?
  • ए.एन. सिन्हा इन्स्टिच्यूट ऑफ सोशल स्टडीजमे
  • विद्यापति भवनमे
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालयमे
  • साझा प्रकाशनमे
स्रोतमे कार्यक्रम ए.एन. सिन्हा इन्स्टिच्यूट ऑफ सोशल स्टडीजमे भेल कहल गेल।
1024. मैथिली विद्वान पण्डित गोविन्द झाक सुझाव कम्प्यूटर शब्दावली सम्बन्धमे की छल?
  • कम्प्यूटर लेल विशेष रूपेँ शब्द गढ़ल जाए, मुदा आरम्भमे सामान्य शब्दसँ काज चलि सकैत अछि
  • मैथिलीमे कम्प्यूटर नहि चाही
  • केवल अंग्रेजी राखी
  • काज रोकि देल जाए
संपादकीयमे पण्डित गोविन्द झाक मत देल गेल जे विशेष शब्द गढ़ल जाए, मुदा एखन सामान्य शब्दसँ काज चलि जाए त नीक।
1025. अंक ३० मे इंटरनेटपर चलि रहल कोन मैथिली-सम्बद्ध परियोजना सभक उल्लेख अछि?
  • विकी फ्युल आ विकी मैथिली आदि
  • केवल खेल-कूद साइट
  • केवल मौसम-मानचित्र
  • मुद्रित पञ्जी मात्र
स्रोतमे विकी फ्युल, विकी मैथिली आदि प्रोजेक्ट इंटरनेटपर चलि रहल बताओल गेल।

1026. अंक ३० मे पुरान अंकक पी.डी.एफ. डाउनलोड कोन-कोन रूपमे उपलब्ध कहल गेल?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी
  • केवल रोमन
  • केवल बंगला
  • केवल गुजराती
अंक ३० मे पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल उपलब्ध कहल गेल।
1027. अंक ३० मे ‘कैनरी आइलैण्डक लॉरेल’ ककर कथा-सूचीमे देल गेल?
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • श्रीधरम
  • ज्योति
  • सुबोध ठाकुर
गद्य-सूचीमे ‘कथा — सुभाषचन्द्र यादव — कैनरी आइलैण्डक लॉरेल’ देल गेल।
1028. अंक ३० मे कुमार मनोज कश्यपक गद्य शीर्षक की अछि?
  • दृष्टिकोण
  • मरीचका मरीचका
  • विवसता
  • कुश्ती
अंक ३० क सूचीमे ‘कुमार मनोज कश्यप — दृष्टिकोण’ देल गेल।
1029. अंक ३० मे श्रीधरमक कथा शीर्षक की अछि?
  • फानी
  • कारबार
  • एकाकी
  • मिथिला मंथन
गद्य-सूचीमे ‘कथा — फानी — श्रीधरम’ देल गेल।
1030. अंक ३० मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा-संग्रह ‘बनैत-बिगड़ैत’ पर विवेचना के लिखलनि?
  • डॉ. कैलाश कुमार मिश्र
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • डॉ. गंगेश गुंजन
  • प्रेमशंकर सिंह
सूचीमे ‘सुभाषचन्द्र यादवजीक कथा संग्रह — बनैत-बिगड़ैत — विवेचना — डॉ. कैलाश कुमार मिश्र’ देल गेल।
1031. अंक ३० मे विनीत उत्पलक कविता-संग्रह पर कोन शीर्षकसँ समीक्षा देल गेल?
  • कविक आत्मोक्तिः कविताक अयना
  • मिथिला मंथन
  • आ ओ मारलि गेलि
  • बुद्ध आ आतंक
सूचीमे विनीत उत्पलक कविता-संग्रहपर ‘कविक आत्मोक्तिः कविताक अयना’ शीर्षक समीक्षा डॉ. गंगेश गुंजनक नामसँ अछि।
1032. अंक ३० मे ‘गद्य-पद्य भारती’ कोन मूल अंग्रेजी कथा-सन्दर्भसँ जुड़ल अछि?
  • अनदर संडे — गैस्पर अल्मीडा
  • द कॉमेट — ज्योति
  • मोदिआइन — बी.पी. कोइराला
  • विद्याधन — ज्योति
सूचीमे ‘गद्य-पद्य भारती — मूल अंग्रेजी कथा: अनदर संडे, कथाकार: गैस्पर अल्मीडा’ देल गेल।
1033. ‘अनदर संडे’क मैथिली रूपान्तरण अंक ३० मे के कएलनि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • डॉ. कैलाश कुमार मिश्र
  • ज्योति झा चौधरी
  • गजेन्द्र ठाकुर
सूचीमे गैस्पर अल्मीडाक मूल अंग्रेजी कथा ‘अनदर संडे’क मैथिली रूपान्तरण डॉ. शंभु कुमार सिंहक नामसँ देल गेल।
1034. अंक ३० मे १ जनवरी २००८ सँ १३ फरबरी २००९ धरि विदेह कतेक देशसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ७८ देश
  • ७७ देश
  • २५ देश
  • १० देश
संपादकीय आँकड़ामे १ जनवरी २००८ सँ १३ फरबरी २००९ धरि विदेह ७८ देशक ७८० ठामसँ देखल गेल कहल अछि।
1035. ओहि अंक ३० क आँकड़ामे कुल दृश्य संख्या कतेक कहल गेल?
  • १,६५,४५९ बेर
  • १,६०,५१७ बेर
  • ५१,००० बेर
  • ७८० बेर
अंक ३० मे गूगल एनेलेटिक्स डाटामे विदेह १,६५,४५९ बेर देखल गेल कहल अछि।

1036. विदेह अंक ३१ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ अप्रैल २००९
  • १५ अप्रैल २००९
  • ०१ मई २००९
  • १५ मई २००९
अंक ३१ क शीर्षकमे ०१ अप्रैल २००९, वर्ष २ मास १६ अंक ३१ देल अछि।
1037. अंक ३१ क संपादकीयमे २९ मार्च २००९ केँ दिल्लीमे कोन संस्था द्वारा सेमीनारक उल्लेख अछि?
  • मैथिली-भोजपुरी अकादमी
  • साझा प्रकाशन
  • मिथिला दर्शन
  • संगीत नाटक अकादेमी
संपादकीयमे मैथिली-भोजपुरी अकादमी द्वारा दिल्लीमे समकालीन रचनाकारक दायित्वपर गोष्ठीक उल्लेख अछि।
1038. समकालीन रचनाकारक दायित्वपर भेल गोष्ठीमे कोन-कोन वक्ता सभक नाम आयल?
  • मोहन भारद्वाज, विदित, प्रदीप बिहारी, नीता झा आदि
  • केवल रामाश्रय झा
  • केवल हरिमोहन झा
  • केवल लिली रे
अंक ३१ संपादकीयमे मोहन भारद्वाज, विदित, प्रदीप बिहारी, नीता झा आदि वक्ता सहभागी कहल गेल।
1039. अंक ३१ मे मिथिलांगन द्वारा मंचित नाटकक नाम की देल अछि?
  • किंकर्तव्यविमूढ्
  • बलचन्दा
  • प्रिय पाहुन
  • मातृभाषा
संपादकीयमे रोहिणी रमण झा लिखित आ संजय चौधरी निर्देशित ‘किंकर्तव्यविमूढ्’ नाटक मंचित भेल कहल गेल।
1040. ‘किंकर्तव्यविमूढ्’ नाटकक लेखक के कहल गेल छथि?
  • रोहिणी रमण झा
  • संजय चौधरी
  • मोहन भारद्वाज
  • सुभाषचन्द्र यादव
संपादकीय विवरणमे नाटकक लेखक रोहिणी रमण झा आ निर्देशक संजय चौधरी कहल गेल छथि।
1041. ‘किंकर्तव्यविमूढ्’ नाटकक निर्देशकक रूपमे के नामित छथि?
  • संजय चौधरी
  • रोहिणी रमण झा
  • विदित
  • नीता झा
स्रोतमे ई नाटक संजय चौधरी द्वारा निर्देशित कहल गेल।
1042. दिल्लीक बिहार उत्सवमे लोककेँ कोन-कोन लोक-सांस्कृतिक रूपक आनंद भेटल?
  • लोकगीत, लोकनाटक आ कत्थक नृत्य
  • केवल क्रिकेट
  • केवल पुस्तक-बिक्री
  • केवल राजनीतिक भाषण
संपादकीयमे बिहार उत्सवक प्रसंगमे लोकगीत, लोकनाटक आ कत्थक नृत्यक चर्चा अछि।
1043. अंक ३१ मे नृत्यांगना पुनीता शर्मा कोन विषयवाला कत्थक-प्रस्तुति देलनि?
  • अपन कत्थक नृत्य यात्रा थीम
  • कम्प्यूटर शब्दावली थीम
  • केवल हाइकू थीम
  • साहित्य अकादेमी रिपोर्ट
संपादकीयमे पुनीता शर्माक कत्थक नृत्य यात्रा थीमक प्रस्तुति उल्लेखित अछि।
1044. अंक ३१ मे १ जनवरी २००८ सँ ३० मार्च २००९ धरि विदेह कतेक देशसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ७८ देश
  • ७९ देश
  • ७७ देश
  • ८५ देश
गूगल एनेलेटिक्स डाटामे ७८ देशक ७८१ ठामसँ विदेह देखल गेल कहल अछि।
1045. अंक ३१ क आँकड़ामे कुल दृश्य संख्या कतेक देल गेल?
  • १,६६,७८७ बेर
  • १,६८,७०८ बेर
  • १,७४,१६६ बेर
  • १,७७,४०० बेर
अंक ३१ मे कुल दृश्य १,६६,७८७ बेर बताओल गेल।

1046. अंक ३१ मे साकेतानन्दक कथा शीर्षक की अछि?
  • कालरात्रिश्च दारुणा
  • दाना
  • दृष्टि
  • नदी
गद्य-सूचीमे ‘कथा — साकेतानन्द — कालरात्रिश्च दारुणा’ देल गेल।
1047. अंक ३१ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा कोन शीर्षकसँ प्रकाशित अछि?
  • तृष्णा
  • दाना
  • दृष्टि
  • परलय
अंक ३१ क सूचीमे सुभाषचन्द्र यादवक कथा ‘तृष्णा’ देल गेल।
1048. अंक ३१ मे ‘विलायत वाली कनिया’ कोन लेखिकाक रचना रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • कामिनी कामायिनी
  • विभा रानी
  • ज्योति झा चौधरी
  • कुसुम ठाकुर
सूचीमे ‘कामिनी कामायिनी — विलायत वाली कनिया’ देल अछि।
1049. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ३१ मे कोन खेप रूपमे आयल?
  • पहिल खेप
  • दोसर खेप
  • तेसर खेप
  • चारिम खेप
अंक ३१ मे ‘प्रत्यावर्तन — पहिल खेप — कुसुम ठाकुर’ देल गेल।
1050. विभा रानीक मैथिली नाटक ‘बलचन्दा’ अंक ३१ मे कोन खेप रूपमे अछि?
  • पहिल खेप
  • अन्तिम खेप
  • चारिम खेप
  • पाँचम खेप
गद्य-सूचीमे ‘बलचन्दा — विभा रानी — पहिल खेप’ कहल गेल।
1051. ‘मिथिलांचलक दलित समाजमे लोकगाथा’ अंक ३१ मे ककर नामसँ अछि?
  • डा. रमानन्द झा ‘रमण’
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • सुरेन्द्र किशोर झा
  • उदय नारायण सिंह
सूचीमे डा. रमानन्द झा ‘रमण’क नामसँ मिथिलांचलक दलित समाजमे लोकगाथा विषय देल अछि।
1052. सार्वभौम मानवाधिकार घोषणा केर मैथिली अनुवाद अंक ३१ मे के कएलनि?
  • रमानन्द झा ‘रमण’
  • उदय नारायण सिंह
  • गोविन्द झा
  • साकेतानन्द
सूचीमे मैथिली अनुवाद रमानन्द झा ‘रमण’ आ भाषा-सम्पादन गोविन्द झा देल गेल।
1053. मानवाधिकार घोषणा अनुवादक भाषा-सम्पादन अंक ३१ मे के कएलनि?
  • गोविन्द झा
  • कुसुम ठाकुर
  • विभा रानी
  • सुरेन्द्र किशोर झा
अंक ३१ क सूचीमे रमानन्द झाक अनुवादक भाषा-सम्पादन गोविन्द झा द्वारा बताओल गेल।
1054. गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली-अंग्रेजी शब्दकोशपर अंक ३१ मे ककर टिप्पणी/लेख अछि?
  • उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’
  • रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’
  • मिथिलेश कुमार झा
  • नवेन्दु कुमार झा
सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली-अंग्रेजी शब्दकोशपर उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’क नाम अछि।
1055. अंक ३१ मे बालानां कृते खण्डमे ज्योति झा चौधरीक कोन यात्रा-विषय देल गेल?
  • मध्य-प्रदेश यात्रा आ देवीजी
  • काठमाण्डू यात्रा
  • कोसी यात्रा
  • दिल्ली सेमीनार यात्रा
बालानां कृते खण्डमे ‘मध्य-प्रदेश यात्रा आ देवीजी — ज्योति झा चौधरी’ देल गेल।

1056. विदेह अंक ३२ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अप्रैल २००९
  • ०१ अप्रैल २००९
  • ०१ मई २००९
  • १५ मई २००९
अंक ३२ क शीर्ष भागमे १५ अप्रैल २००९ देल अछि।
1057. अंक ३२ क संपादकीयमे काठमाण्डू आ ललितपुरमे भेल कोन आयोजनक चर्चा अछि?
  • अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन
  • हाइकू सम्मेलन
  • फिल्म महोत्सव
  • कम्प्यूटर कार्यशाला
संपादकीयमे काठमाण्डू, ललितपुरमे भेल अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक चर्चा अछि।
1058. अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनमे प्रधानमन्त्री प्रचण्ड द्वारा के-के सम्मानित भेल कहल गेल?
  • मैथिली भाषा-संस्कृतिमे योगदान देनिहार व्यक्तित्व सभ
  • केवल खेलाड़ी सभ
  • केवल विदेशी राजदूत
  • केवल चित्रकार सभ
अंक ३२ मे सम्मेलन अवसरपर मैथिली भाषा-संस्कृतिमे योगदान देनिहार व्यक्तित्व सम्मानित भेल कहल गेल।
1059. सम्मेलनमे संस्थागत सुदृढीकरणकर्ता रूपमे के सम्मानित भेलाह?
  • मुखीलाल चौधरी
  • चुनचुन मिश्र
  • रामभरोस कापड़ि
  • नवेन्दु कुमार झा
संपादकीयमे मुखीलाल चौधरी केँ संस्थागत सुदृढीकरणकर्ता रूपमे सम्मानित बताओल गेल।
1060. अंक ३२ मे रंगकर्मी रूपमे सम्मानित नाम कोन अछि?
  • रन्जु झा
  • अणिमा सिंह
  • नीता झा
  • लिली रे
सम्मेलनक सम्मान-सूचीमे रंगकर्मी रन्जु झाक नाम देल गेल।
1061. मैथिली पढ़ाइ उत्प्रेरक कार्यदल कतयक कहल गेल?
  • राजविराज
  • दरभंगा
  • भागलपुर
  • दिल्ली
संपादकीयमे मैथिली पढ़ाइ उत्प्रेरक कार्यदल राजविराज केँ सम्मानित कहल गेल।
1062. भारत-बिहारसँ मैथिली आन्दोलन अगुवा रूपमे के सम्मानित भेलाह?
  • चुनचुन मिश्र
  • मुखीलाल चौधरी
  • रन्जु झा
  • सेबी फर्नानडीस
रहिका निवासी मैथिली आन्दोलन अगुवा चुनचुन मिश्रक सम्मानक उल्लेख अछि।
1063. लोकसाहित्यकार रूपमे कोन नाम सम्मान-सूचीमे अछि?
  • डा. महेन्द्रनारायण राम
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • डॉ. रमानन्द झा
  • डॉ. कल्पना मिश्र
संपादकीयमे लोकसाहित्यकार डा. महेन्द्रनारायण रामक सम्मान देल अछि।
1064. नेपालक नव संविधान सभामे कोन राज्य-अस्तित्व आनबाक प्रयासक चर्चा भेल?
  • मिथिला राज्य
  • अंग राज्य
  • मगध राज्य
  • कोसल राज्य
अंक ३२ मे नव संविधान सभामे मिथिला राज्यक अस्तित्वमे अनबाक प्रयास जोरपर कहल गेल।
1065. अंक ३२ क संपादकीय अनुसार बौद्धिक-सांस्कृतिक लगाव जगाबय लेल प्राथमिक शिक्षा कोन भाषामे देब आवश्यक मानल गेल?
  • मैथिलीमे
  • केवल अंग्रेजीमे
  • केवल संस्कृतमे
  • केवल उर्दूमे
संपादकीयमे कहल गेल जे प्राथमिक शिक्षा मैथिलीमे नहि देल जाएत तावत बौद्धिक-सांस्कृतिक लगाव नहि जगत।

1066. अंक ३२ मे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क लघुकथा शीर्षक की अछि?
  • गंगाप्रसादक स्वायत्तता
  • संचार एवं साहित्य क्षेत्रमे समावेशी स्वरुप
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच
  • हास्यव्यंग्य सम्राट
गद्य-सूचीमे रामभरोस कापड़ि भमरक ‘गंगाप्रसादक स्वायत्तता’ देल अछि।
1067. अंक ३२ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दाना
  • तृष्णा
  • दृष्टि
  • नदी
गद्य-सूचीमे ‘कथा — सुभाषचन्द्र यादव — दाना’ देल गेल।
1068. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ३२ मे कोन खेप अछि?
  • दोसर खेप
  • पहिल खेप
  • तेसर खेप
  • पाँचम खेप
अंक ३२ मे ‘प्रत्यावर्तन — दोसर खेप — कुसुम ठाकुर’ सूचीबद्ध अछि।
1069. विभा रानीक ‘बलचन्दा’ अंक ३२ मे कोन रूपमे देल गेल?
  • संपूर्ण मैथिली नाटकक दोसर खेप
  • केवल गीत-संग्रह
  • कविता-संग्रह
  • कोष-सूची
सूचीमे ‘बलचन्दा (संपूर्ण मैथिली नाटक) — विभा रानी — दोसर खेप’ अछि।
1070. अंक ३२ मे नवेन्दु कुमार झाक लेख कोन राजनीतिक विषयपर अछि?
  • पन्द्रहम लोकसभा, छोट आ क्षेत्रीय दल, गठबंधनक सम्भावना
  • केवल संगीत-राग
  • केवल बाल-चित्र
  • केवल लिपि-इतिहास
गद्य-सूचीमे पन्द्रहम लोकसभा आ छोट-क्षेत्रीय दलपर नवेन्दु कुमार झाक लेख देल गेल।
1071. ‘अवसरक निर्माण’ कोन लेखकक कथा रूपमे अंक ३२ मे अछि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • कुमार मनोज कश्यप
  • कामिनी कामायनी
अंक ३२ क गद्य-सूचीमे ‘कथा — अवसरक निर्माण — डॉ. शंभु कुमार सिंह’ देल गेल।
1072. अंक ३२ मे लल्लन ठाकुर जीक सामग्री कोन खण्डमे आयल?
  • पद्य खण्डमे
  • गद्य-पद्य भारतीमे
  • केवल संपादकीयमे
  • प्रवासी खण्डमे
सूचीमे ‘३.१ लल्लन ठाकुर जीक किछु रचना’ पद्य खण्डमे देल अछि।
1073. अंक ३२ मे निमिष झाक पद्य शीर्षक की देल गेल?
  • जीवन एकटा दुरुह कविता
  • सोनाक पिजरा
  • मनक तरंग
  • टाइम मशीन
पद्य-सूचीमे ‘निमिष झा — जीवन एकटा दुरुह कविता’ देल गेल।
1074. अंक ३२ मे बालानां कृते खण्डमे देवांशु वत्सक कोन सामग्री अछि?
  • मैथिली चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स)
  • लोकसभा विश्लेषण
  • नदी कथा
  • भानस-भात
बालानां कृते खण्डमे देवांशु वत्सक मैथिली चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स)क उल्लेख अछि।
1075. अंक ३२ क प्रवासी खण्डमे ज्योति द्वारा अनूदित कोन अंग्रेजी अनुवाद-शृंखला अछि?
  • गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली उपन्यास सहस्रबाधनीक अंग्रेजी अनुवाद ‘द कॉमेट’
  • हरिमोहन झाक कन्यादान
  • रामरंगक संगीत रामायण
  • सुभाषचन्द्र यादवक बनैत-बिगड़ैत
अंक ३२ मे ‘द कॉमेट’ गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली उपन्यास सहस्रबाधनीक अंग्रेजी अनुवाद, ज्योति द्वारा, कहल गेल।

1076. विदेह अंक ३३ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ मई २००९
  • १५ अप्रैल २००९
  • १५ मई २००९
  • ०१ जून २००९
अंक ३३ क शीर्षकमे ०१ मई २००९ देल गेल।
1077. अंक ३३ क संपादकीयमे कोन मैथिली पत्रिकाक नव रूप-रंगक चर्चा अछि?
  • मिथिला दर्शन
  • मैथिली मिहिर
  • भूमिजा
  • विदेह-सदेह
संपादकीयमे ‘मिथिला दर्शन’ केँ नव रूप-रंगमे संपूर्ण पारिवारिक पत्र कहल गेल।
1078. ‘मिथिला दर्शन’क नव रूपमे नेना-भुटका लेल की सम्मिलित कहल गेल?
  • कथा-कविता
  • केवल कर-रसीद
  • केवल खेल-तालिका
  • केवल विदेशी समाचार
अंक ३३ संपादकीयमे नेना-भुटका लेल कथा-कविता सम्मिलित होयबाक बात अछि।
1079. ‘मिथिला दर्शन’मे महिला स्तम्भक अन्तर्गत कोन विषय सभ कहल गेल?
  • भानस-भात आ साज-श्रृंगार
  • केवल कानून
  • केवल बैंकिंग
  • केवल मौसम
संपादकीयमे महिला स्तम्भ अन्तर्गत भानस-भात आ साज-श्रृंगारक उल्लेख अछि।
1080. मिथिला दर्शन पत्रिकाक स्थापना कोन वर्षमे कहल गेल?
  • १९५३ ई.
  • १९०६ ई.
  • २००८ ई.
  • १९७८ ई.
अंक ३३ क संपादकीयमे ‘मिथिला दर्शन’क स्थापना १९५३ ई. मे भेल कहल गेल।
1081. मिथिला दर्शनक प्रतिष्ठाता सम्पादक कोन दू नाम कहल गेल?
  • प्रोफेसर प्रबोध नारायण सिंह आ डॉ. अणिमा सिंह
  • नचिकेता आ रामलोचन ठाकुर
  • पन्ना झा आ कुणाल
  • सुभाष चन्द्र यादव आ भीमनाथ झा
स्रोतमे प्रतिष्ठाता सम्पादक प्रोफेसर प्रबोध नारायण सिंह आ डॉ. अणिमा सिंह कहल गेल।
1082. अंक ३३ अनुसार मिथिला दर्शनक प्रधान सम्पादक के छथि?
  • नचिकेता
  • रामलोचन ठाकुर
  • डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’
  • अजित मिश्र
संपादकीयमे प्रधान सम्पादक नचिकेता कहल गेल।
1083. मिथिला दर्शनक कार्यकारी सम्पादकक रूपमे कोन नाम देल गेल?
  • रामलोचन ठाकुर
  • नचिकेता
  • चन्दन विश्वास
  • कुणाल
अंक ३३ मे कार्यकारी सम्पादक रामलोचन ठाकुर कहल गेल।
1084. मिथिला दर्शनक कला सम्पादक के कहल गेल छथि?
  • डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’
  • डॉ. अणिमा सिंह
  • भीमनाथ झा
  • शम्भु कुमार सिंह
संपादकीयमे कला सम्पादक डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’ कहल गेल।
1085. अंक ३३ क आँकड़ामे १ जनवरी २००८ सँ ०७ अप्रैल २००९ धरि विदेह कतेक बेर देखल गेल?
  • १,६८,७०८ बेर
  • १,६६,७८७ बेर
  • १,७४,१६६ बेर
  • १,७७,४०० बेर
अंक ३३ मे विदेह १,६८,७०८ बेर देखल गेल, से गूगल एनेलेटिक्स डाटामे अछि।

1086. अंक ३३ मे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क लेख कोन विषयपर अछि?
  • संचार एवं साहित्य क्षेत्रमे समावेशी स्वरूपक अपेक्षा
  • गंगाप्रसादक स्वायत्तता
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच
  • हरिमोहन झाक हास्यव्यंग्य
गद्य-सूचीमे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क लेख ‘संचार एवं साहित्य क्षेत्रमे समावेशी स्वरुपक अपेक्षा’ देल अछि।
1087. अंक ३३ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा शीर्षक की अछि?
  • दृष्टि
  • दाना
  • तृष्णा
  • परलय
सूचीमे ‘कथा — सुभाषचन्द्र यादव — दृष्टि’ अछि।
1088. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ३३ मे कोन खेप अछि?
  • तेसर खेप
  • दोसर खेप
  • चारिम खेप
  • पाँचम खेप
अंक ३३ मे ‘प्रत्यावर्तन — तेसर खेप — कुसुम ठाकुर’ देल गेल।
1089. विभा रानीक ‘बलचन्दा’ अंक ३३ मे कोन खेप रूपमे पूरा भेल?
  • अन्तिम खेप
  • पहिल खेप
  • दोसर खेप
  • चारिम खेप
सूचीमे ‘बलचन्दा — अन्तिम खेप’ देल गेल।
1090. अंक ३३ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन संस्मरणसँ जुड़ल अछि?
  • मणिपद्मक संस्मरण — संसार
  • गंगाप्रसादक स्वायत्तता
  • सगर राति दीप जरए
  • प्रिय पाहुन
गद्य-सूचीमे ‘मणिपद्म क संस्मरण — संसार — प्रेमशंकर सिंह’ देल अछि।
1091. अंक ३३ मे लिली रेक कथा शीर्षक की अछि?
  • विधिक विधान
  • मर्यादाक हनन
  • अवसरक निर्माण
  • फानी
अंक ३३ मे ‘कथा — विधिक विधान — लिली रे’ सूचीबद्ध अछि।
1092. अंक ३३ मे भ्रमरक पद्य शीर्षक की देल गेल?
  • अन्हारक विरुद्ध
  • सोनाक पिजरा
  • जीवन यात्रा
  • आतंकी गाम
पद्य-सूचीमे ‘अन्हारक विरुद्ध — भ्रमर’ देल गेल।
1093. अंक ३३ मे सतीश चन्द्र झाक पद्य कोन सामाजिक वर्ग-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • मध्य वर्गक सपना
  • सिंगरहारक फूल
  • भ्रमित शब्दा
  • सोनाक पिजरा
सूचीमे सतीश चन्द्र झाक ‘मध्य वर्गक सपना’ पद्य खण्डमे अछि।
1094. गद्य-पद्य भारतीमे अंक ३३ क ‘सोंगर’ कोन मूल कथा पर आधारित अछि?
  • कोंकणी कथा ‘खपच्ची’
  • गुजराती पद्य
  • अंग्रेजी कथा ‘अनदर संडे’
  • बंगला कथा ‘बिहाड़ि आउ’
अंक ३३ मे ‘सोंगर’ मूल कोंकणी कथा ‘खपच्ची’ पर आधारित कहल गेल।
1095. अंक ३३ मे ‘सोंगर’क मैथिली रूपान्तरण के कएलनि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • ज्योति
  • सेबी फर्नानडीस
सूचीमे ‘सोंगर’क मैथिली रूपान्तरण डॉ. शंभु कुमार सिंह द्वारा देल गेल।

1096. विदेह अंक ३४ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मई २००९
  • ०१ मई २००९
  • ०१ जून २००९
  • १५ अप्रैल २००९
अंक ३४ क शीर्षकमे १५ मई २००९ देल अछि।
1097. अंक ३४ क संपादकीयमे प्रगतिशील साहित्यमे मुख्य काज की कहल गेल?
  • परिवर्तनशील समाज लेल अनुभवक पुनर्निर्माण
  • केवल असंबद्ध संख्या गिनब
  • केवल विज्ञापन छापब
  • केवल पुरस्कार-सूची बनाबब
संपादकीयमे प्रगतिशील साहित्यकेँ परिवर्तनशील समाज लेल अनुभवक पुनर्निर्माणसँ जोड़ल गेल।
1098. संपादकीय अनुसार कथा मात्र की नहि अछि?
  • केवल विचारक उत्पत्ति नहि, जेना-तेना कागतपर उतारल वस्तु नहि
  • केवल गीत-संगीत
  • केवल चित्र-श्रृंखला
  • केवल पाठक आँकड़ा
संपादकीय कहैत अछि जे कथा मात्र विचारक उत्पत्ति नहि, सामाजिक-ऐतिहासिक दशासँ निर्दिष्ट होइत अछि।
1099. अंक ३४ मे कथा केँ कोन दशासँ निर्दिष्ट कहल गेल?
  • सामाजिक-ऐतिहासिक दशासँ
  • केवल मौसमसँ
  • केवल क्रीड़ासँ
  • केवल मुद्रण-कागजसँ
अंक ३४ संपादकीयमे कथा सामाजिक-ऐतिहासिक दशासँ निर्देशित होइत अछि, ई बात आयल।
1100. रामदेव झा मैथिलीक आधुनिक कथाक प्रारम्भ कोन रचनासँ मानलन्हि, से अंक ३४ मे कहल गेल?
  • जलधर झाक ‘विलक्षण दाम्पत्य’
  • कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’
  • विभा रानीक ‘बलचन्दा’
  • सुभाषचन्द्र यादवक ‘नदी’
संपादकीयमे रामदेव झा द्वारा जलधर झाक ‘विलक्षण दाम्पत्य’ केँ आधुनिक कथाक प्रारम्भ मानबाक उल्लेख अछि।
1101. ‘विलक्षण दाम्पत्य’ कोन पत्र/स्थल आ वर्षसँ जोड़ि अंक ३४ मे देल गेल?
  • मैथिल हित साधन, जयपुर, १९०६ ई.
  • मिथिला दर्शन, १९५३ ई.
  • विदेह, २००८ ई.
  • भूमिजा, २००२ ई.
अंक ३४ मे ‘विलक्षण दाम्पत्य’ केँ मैथिल हित साधन, जयपुर, १९०६ ई. सँ जोड़ल गेल।
1102. अंक ३४ क संपादकीयमे पुलकित मिश्रक कोन आरम्भिक कथा/रचना नामित अछि?
  • मोहिनी मोहन
  • बलचन्दा
  • परलय
  • दाना
आधुनिक कथा-इतिहासक सूचीमे पुलकित मिश्रक ‘मोहिनी मोहन’ नाम आयल।
1103. अंक ३४ मे जनसीदनक कोन रचना उल्लेखित अछि?
  • ताराक वैधव्य
  • मोहिनी मोहन
  • विलक्षण दाम्पत्य
  • प्रतिज्ञा-पत्र
संपादकीयक कथा-इतिहास सूचीमे जनसीदनक ‘ताराक वैधव्य’ देल गेल।
1104. अंक ३४ मे विदेह:सदेह १ क विषयमे कोन बात कहल गेल?
  • पहिल २५ अंकक चुनल रचना मिथिलाक्षर आ देवनागरी दुनू वर्सनमे उपलब्ध
  • केवल अंग्रेजी पत्रिका
  • केवल गीत-संग्रह
  • केवल हस्तलिखित प्रति
संपादकीयमे विदेह:सदेह १ केँ पहिल २५ अंकक चुनल रचना, मिथिलाक्षर आ देवनागरी दुनू वर्सनमे, कहल गेल।
1105. अंक ३४ क आँकड़ामे १ जनवरी २००८ सँ १३ मई २००९ धरि विदेह कतेक बेर देखल गेल?
  • १,७४,१६६ बेर
  • १,६८,७०८ बेर
  • १,६६,७८७ बेर
  • १,७७,४०० बेर
गूगल एनेलेटिक्स डाटामे अंक ३४ धरि १,७४,१६६ बेर दृश्य देल गेल।

1106. अंक ३४ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन साहित्यकारक हास्य-व्यंग्य व्यक्तित्वपर अछि?
  • प्रोफेसर हरिमोहन झा
  • मणिपद्म
  • रामलोचन ठाकुर
  • भ्रमर
गद्य-सूचीमे ‘हास्यव्यंग्य सम्राट प्रोफेसर हरिमोहन झा — प्रेमशंकर सिंह’ देल अछि।
1107. अंक ३४ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा शीर्षक की अछि?
  • नदी
  • दृष्टि
  • दाना
  • तृष्णा
अंक ३४ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा ‘नदी’ सूचीबद्ध अछि।
1108. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ३४ मे कोन खेप अछि?
  • चारिम खेप
  • तेसर खेप
  • दोसर खेप
  • पाँचम खेप
गद्य-सूचीमे ‘प्रत्यावर्तन — चारिम खेप — कुसुम ठाकुर’ अछि।
1109. अंक ३४ मे डॉ. कल्पना मिश्रक गद्य शीर्षक की अछि?
  • मातृभाषा
  • मर्यादाक हनन
  • नदी
  • आतंकी गाम
सूचीमे ‘डा. कल्पना मिश्र — मातृभाषा’ देल गेल।
1110. कुमार मनोज कश्यपक कथा अंक ३४ मे कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • मर्यादाक हनन
  • प्रतिरोध
  • परजा
  • दृष्टिकोण
अंक ३४ मे ‘कथा — मर्यादाक हनन — कुमार मनोज कश्यप’ अछि।
1111. गजेन्द्र ठाकुरक ‘भाषा आ प्रौद्योगिकी’ लेखमे कोन-कोन उपविषय देल गेल?
  • संगणक, छायांकन, कुँजी पटल/टंकण तकनीक, अन्तर्जाल लेखन आ ई-प्रकाशन
  • केवल राग-वर्णन
  • केवल काव्य-छन्द
  • केवल पुरस्कार-नाम
सूचीमे भाषा आ प्रौद्योगिकी अन्तर्गत संगणक, छायांकन, कुँजी पटल/टंकण, अन्तर्जालपर मैथिली, लेखन आ ई-प्रकाशन आयल।
1112. अंक ३४ मे ‘बनैत-बिगड़ैत’ पर समीक्षा ककर नामसँ अछि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रेमशंकर सिंह
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • डॉ. कल्पना मिश्र
गद्य-सूचीमे ‘बनैत-बिगड़ैत — सुभाषचन्द्र यादवक कथा-संग्रहक समीक्षा — गजेन्द्र ठाकुर’ देल गेल।
1113. अंक ३४ मे कामिनी कामायनीक पद्य शीर्षक की अछि?
  • आतंकी गाम
  • सूटक कपड़ा
  • आखिर कहिया धरि
  • मिठगर रौद
पद्य-सूचीमे ‘कामिनी कामायनी : आतंकी गाम’ अछि।
1114. गद्य-पद्य भारतीमे अंक ३४ क ‘नागपंचमी’ कोन मूल भाषाक कथा पर आधारित अछि?
  • कोंकणी कथा ‘नागपंचम’
  • गुजराती पद्य
  • अंग्रेजी कथा
  • मैथिली लोककथा मात्र
सूचीमे ‘नागपंचमी’क मूल कोंकणी कथा ‘नागपंचम’ लेखक वसंत भगवंत सावंत कहल गेल।
1115. अंक ३४ मे ‘नागपंचमी’क मैथिली रूपान्तरण के कएलनि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • ज्योति
  • वसंत भगवंत सावंत
सूचीमे ‘नागपंचमी’क मैथिली रूपान्तरण डॉ. शंभु कुमार सिंह द्वारा देल गेल।

1116. विदेह अंक ३५ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जून २००९
  • १५ मई २००९
  • ०१ मई २००९
  • १५ जून २००९
अंक ३५ क शीर्ष भागमे ०१ जून २००९ देल अछि।
1117. अंक ३५ क संपादकीयमे मैथिलीक मूल समस्या कोन रूपमे देखाओल गेल?
  • घर-घर सँ मैथिलीक निष्कासन
  • केवल छपाई खर्च
  • केवल पृष्ठ-सज्जा
  • केवल रंगमंचक अभाव
संपादकीयक आरम्भमे मैथिलीक समस्या घर-घर सँ मैथिलीक निष्कासन कहल गेल।
1118. अंक ३५ क संपादकीय अनुसार विदेहक प्राथमिकता की अछि?
  • मैथिली आ मैथिली साहित्य आन्दोलन
  • केवल जातीय स्पर्धा
  • केवल निजी प्रचार
  • केवल सरकारी सूचना
संपादकीयमे स्पष्ट अछि जे प्राथमिकता मैथिली आ मैथिली साहित्य आन्दोलन अछि।
1119. विदेहक ऑनलाइन पाठक-समुदायबारे अंक ३५ मे कोन बात विशेष कही गेल?
  • बच्चा, महिला आ विविध सामाजिक पृष्ठभूमिक पाठक-लेखक जुटलाह
  • केवल एकटा गामक पाठक छलाह
  • केवल सरकारी अफसर पढ़ैत छलाह
  • पाठक नहि छलाह
संपादकीयमे बच्चा, महिला आ विविध सामाजिक पृष्ठभूमिक पाठक-लेखक जुटबाक बात अछि।
1120. अंक ३५ मे विदेह ई-पत्रिका द्वारा कोन साहित्यिक प्रभावक दावा अछि?
  • कैकटा मठ तोड़ि सर्वग्राह्य लोकप्रिय मैथिली साहित्य आन्दोलन बनब
  • केवल मुद्रित विज्ञापन बनब
  • केवल सरकारी बुलेटिन बनब
  • केवल बाल-पत्र बनब
संपादकीयमे विदेह कैकटा मठ तोड़ि सर्वग्राह्य आ लोकप्रिय साहित्य आन्दोलन बनल, से भाव देल गेल।
1121. अंक ३५ मे विदेह:सदेह १ क सम्बन्ध कोन अंक-समूहसँ कहल गेल?
  • पहिल २५ अंकक चुनल रचना
  • अंक २६-५० मात्र
  • अंक १००-२००
  • अंक ३५ मात्र
संपादकीयमे विदेह:सदेह १ केँ ई-पत्रिकाक पहिल २५ अंकक चुनल रचनासँ जोड़ल गेल।
1122. विदेह:सदेह १ कोन-कोन वर्सनमे छपि/उपलब्ध कहल गेल?
  • मिथिलाक्षर आ देवनागरी दुनू वर्सन
  • केवल रोमन
  • केवल बंगला
  • केवल अंग्रेजी
अंक ३५ संपादकीयमे विदेह:सदेह १ मिथिलाक्षर आ देवनागरी दुनू वर्सनमे उपलब्ध कहल गेल।
1123. अंक ३५ मे ब्रेल स्वरूपक सम्बन्ध कोन सामग्रीसँ जोड़ल गेल?
  • पहिल पचीस अंकक आ बादक सभ अंकक
  • केवल एक कविता
  • केवल विज्ञापन
  • केवल चित्र
संपादकीयमे पचीस अंकक आ बादक सभ अंकक ब्रेल स्वरूप डाउनलोड लेल उपलब्ध कहल गेल।
1124. अंक ३५ क आँकड़ामे १ जनवरी २००८ सँ ३० मई २००९ धरि विदेह कतेक देशसँ देखल गेल?
  • ७९ देश
  • ७८ देश
  • ७७ देश
  • १०० देश
गूगल एनेलेटिक्स डाटामे ७९ देशक ८१० ठामसँ विदेह देखल गेल कहल अछि।
1125. अंक ३५ क आँकड़ामे विदेह कतेक बेर देखल गेल कहल अछि?
  • १,७७,४०० बेर
  • १,७४,१६६ बेर
  • १,६८,७०८ बेर
  • १,६६,७८७ बेर
अंक ३५ मे कुल दृश्य १,७७,४०० बेर देल गेल।

1126. अंक ३५ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन संस्था-विषयपर अछि?
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच
  • हास्यव्यंग्य सम्राट हरिमोहन झा
  • मिथिला दर्शन
  • गंगाप्रसादक स्वायत्तता
गद्य-सूचीमे ‘चेतना समिति ओ नाट्यमंच — प्रेमशंकर सिंह’ देल गेल।
1127. अंक ३५ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा शीर्षक की अछि?
  • परलय
  • नदी
  • दृष्टि
  • दाना
सूचीमे ‘कथा — सुभाषचन्द्र यादव — परलय’ देल गेल।
1128. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ३५ मे कोन खेप अछि?
  • पाँचम खेप
  • चारिम खेप
  • तेसर खेप
  • दोसर खेप
अंक ३५ मे ‘प्रत्यावर्तन — पाँचम खेप — कुसुम ठाकुर’ अछि।
1129. अंक ३५ मे श्यामल सुमनक रचना शीर्षक की देल गेल?
  • स्वर्गारोहण अर्थात लोकतंत्रीय मुक्ति
  • मातृभाषा
  • मर्यादाक हनन
  • दृष्टिकोण
गद्य-सूचीमे श्यामल सुमनक ‘स्वर्गारोहण अर्थात लोकतंत्रीय मुक्ति’ अछि।
1130. नवेन्दु कुमार झाक अंक ३५ सामग्रीमे कोन दू सामाजिक-राजनीतिक विषय अछि?
  • विकासक पक्षमे जनादेश आ माध्यमिक परीक्षा परिणाममे ग्रामीण प्रतिभा
  • राग-वर्णन आ संगीत
  • कोंकणी कथा अनुवाद
  • बाल कॉमिक्स मात्र
सूचीमे नवेन्दु कुमार झाक जनादेश, बाहुबल-परिवारवाद आ माध्यमिक परिणाममे ग्रामीण प्रतिभा विषयक सामग्री देल गेल।
1131. कुमार मनोज कश्यपक कथा अंक ३५ मे कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दृष्टिकोण
  • मर्यादाक हनन
  • प्रतिरोध
  • परजा
अंक ३५ मे ‘कथा — दृष्टिकोण — कुमार मनोज कश्यप’ देल अछि।
1132. ‘सगर राति दीप जरए : ६६म आयोजन’ अंक ३५ मे कोन लेखक आ स्थानसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलेश कुमार झा, मधुबनी
  • गजेन्द्र ठाकुर, दिल्ली
  • ज्योति, भोपाल
  • प्रेमशंकर सिंह, भागलपुर
सूचीमे ‘सगर राति दीप जरए : ६६म आयोजन : ३० मई २००९ : मधुबनी — मिथिलेश कुमार झा’ अछि।
1133. अंक ३५ मे ‘लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति’ ककर नामसँ अछि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रेमशंकर सिंह
  • सुभाषचन्द्र यादव
  • श्यामल सुमन
गद्य-सूचीमे ‘लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति — गजेन्द्र ठाकुर’ देल गेल।
1134. मिथिला कला-संगीत खण्डमे अंक ३५ मे ‘प्रिय पाहुन’ ककर नामसँ अछि?
  • जितेन्द्र झा, जनकपुर
  • मिथिलेश कुमार झा, मधुबनी
  • देवांशु वत्स
  • रामलोचन ठाकुर
सूचीमे ‘मिथिला कला-संगीत — प्रिय पाहुन — जितेन्द्र झा, जनकपुर’ देल अछि।
1135. गद्य-पद्य भारतीमे अंक ३५ मे हेमांग आश्विनकुमार देसाइ केर मूल गुजराती पद्यक मैथिली अनुवाद के कएलनि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • ज्योति
  • विभा रानी
सूचीमे मूल गुजराती पद्य आ तकर अंग्रेजी अनुवाद — हेमांग आश्विनकुमार देसाइ, मैथिली अनुवाद — गजेन्द्र ठाकुर देल गेल।

1136. विदेह अंक ३६ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २००९
  • ०१ जून २००९
  • १५ जुलाइ २००९
  • ०१ अगस्त २००९
अंकक शीर्ष भागमे ‘१५ जून २००९’ आ वर्ष २ मास १८ अंक ३६ देल अछि।
1137. अंक ३६ क संपादकीयमे २००८ केर साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार ककरा देल गेल कहल अछि?
  • श्री ताराकान्त झा
  • प्रेमशंकर सिंह
  • राजमोहन झा
  • सुभाषचन्द्र यादव
संपादकीयमे श्री ताराकान्त झाकेँ २००८ केर साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार देल गेल कहल अछि।
1138. ताराकान्त झाकेँ पुरस्कार कोन कृतिक अनुवाद लेल देल गेल?
  • संरचनावाद उत्तर-संरचनावाद एवं प्राच्य काव्यशास्त्र
  • नेपाली साहित्यक इतिहास
  • सगाइ
  • गद्यवल्लरी
संपादकीयमे गोपीचन्द नारंगक ‘संरचनावाद उत्तर-संरचनावाद एवं प्राच्य काव्यशास्त्र’ क उर्दूसँ मैथिली अनुवादक उल्लेख अछि।
1139. अंक ३६ क संपादकीय अनुसार ताराकान्त झा संप्रति कोन दैनिकक सम्पादक छलाह?
  • मिथिला समाद
  • सौभाग्य मिथिला
  • हम मैथिल
  • मिथिला दर्शन
संपादकीय ताराकान्त झाकेँ मैथिली दैनिक ‘मिथिला समाद’ क सम्पादक कहैत अछि।
1140. अंक ३६ मे विदेहक आर.एस.एस. फीड लेल कोन यू.आर.एल. देल गेल?
  • http://www.videha.co.in/index.xml
  • http://www.videha.co.in/rss.htm
  • http://www.videha.com/feed.xml
  • http://www.videha.co.in/quiz.xml
फीड निर्देशमे ब्लॉगक फीड यू.आर.एल.मे http://www.videha.co.in/index.xml टाइप करबाक बात देल गेल।
1141. अंक ३६ मे १ जनवरी २००८ सँ १३ जून २००९ धरि विदेह कतेक देशसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ८० देश
  • ८१ देश
  • ७९ देश
  • ८३ देश
गूगल एनेलेटिक्स डाटा अनुसार ओहि समय धरि ८० देशक ८२२ ठामसँ विदेह देखल गेल।
1142. अंक ३६ मे विदेहक देखनिहारक संख्या कतेक देल गेल अछि?
  • २३,६६१ गोटे
  • २४,६५६ गोटे
  • २५,५८२ गोटे
  • २७,४८१ गोटे
अंक ३६ मे २३,६६१ गोटे द्वारा विदेह देखल गेल कहल अछि।
1143. अंक ३६ मे कुल दृश्य-संख्या कतेक देल अछि?
  • १,७९,९५४ बेर
  • १,८२,७६८ बेर
  • १,८५,३२५ बेर
  • १,९१,५१९ बेर
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे विदेह १,७९,९५४ बेर देखल गेल कहल अछि।
1144. अंक ३६ क संपादकीय अन्तमे पाठकसँ की अपेक्षा व्यक्त कएल गेल?
  • रचना आ प्रतिक्रिया पठेबाक
  • पत्रिका बन्द करबाक
  • केवल विज्ञापन देबाक
  • मौन रहबाक
सम्पादकीय ‘अपनेक रचना आ प्रतिक्रियाक प्रतीक्षामे’ कहि पाठकसँ सक्रिय सहभागिताक अपेक्षा करैत अछि।
1145. अंक ३६ क संपादकीयक स्वर मुख्यतः कोन बात जोड़ैत अछि?
  • अनुवाद-पुरस्कार, पाठक-विस्तार आ डिजिटल पहुँच
  • केवल खेल-सूचना
  • केवल सरकारी विज्ञापन
  • केवल यात्रा-वृतान्त
अंक ३६ क संपादकीय पुरस्कार, पाठक-आँकड़ा, ई-पत्र/फीड आ विदेहक विस्तारकेँ एक संग राखैत अछि।

1146. अंक ३६ मे प्रेमशंकर सिंहक गद्य-विषय की अछि?
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच (दोसर भाग)
  • लोक गाथा ओ मणिपद्म
  • कथा-दर्शन
  • समय संकेत
विषय-सूचीमे प्रेमशंकर सिंहक ‘चेतना समिति ओ नाट्यमंच (दोसर भाग)’ देल गेल।
1147. अंक ३६ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बात
  • रंभा
  • हमर गाम
  • परलय
अंक ३६ क गद्य-सूचीमे सुभाषचन्द्र यादवक कथा ‘बात’ अछि।
1148. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ३६ मे कोन खेप अछि?
  • छठम खेप
  • सातम खेप
  • आठम खेप
  • पाँचम खेप
विषय-सूचीमे ‘प्रत्यावर्तन — छठम खेप — कुसुम ठाकुर’ देल अछि।
1149. अंक ३६ मे गजेन्द्र ठाकुरक ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ पर के लिखलनि?
  • डॉ. उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’
  • रामलोचन ठाकुर
  • मनमोहन मिश्र ‘चंचल’
  • ज्योति झा चौधरी
सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ पर डॉ. उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’ क लेख देल गेल।
1150. अंक ३६ मे राजमोहन झासँ साक्षात्कार के लेलनि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • प्रेमशंकर सिंह
  • नवेन्दु कुमार झा
  • जितेन्द्र झा
विषय-सूचीमे ‘राजमोहन झासँ गजेन्द्र ठाकुरक साक्षात्कार’ अछि।
1151. अंक ३६ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ओ तऽ बताह अछि
  • कलाकार
  • मनस्ताप
  • गिरैत देवाल
गद्य-सूचीमे ‘कथा — ओ तऽ बताह अछि — कुमार मनोज कश्यप’ देल गेल।
1152. अंक ३६ मे फील्ड-वर्कपर आधारित खिस्सा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सीत-बसंत
  • लालकाकी
  • प्राथमिकता
  • समय संकेत
सूचीमे ‘फील्ड-वर्कपर आधारित खिस्सा सीत-बसंत’ देल गेल।
1153. अंक ३६ मे विनीत ठाकुरक पद्य शीर्षक की अछि?
  • उठू मैथिल भेलै भोर
  • चानक प्रेम
  • इतिहास
  • जीवन सोपान
पद्य-सूचीमे विनीत ठाकुरक ‘उठू मैथिल भेलै भोर’ देल गेल।
1154. अंक ३६ क बालानां कृते खण्डमे देवांशु वत्सक सामग्री कोन रूपमे देल अछि?
  • मैथिली चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स)
  • बजट-विश्लेषण
  • कोष-सूची
  • सम्मेलन-रिपोर्ट
बालानां कृते खण्डमे देवांशु वत्सक मैथिली चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स) देल गेल।
1155. अंक ३६ क भाषापाक रचना-लेखन खण्डमे कोन तकनीकी विषय आगाँ बढ़ाओल गेल?
  • पञ्जी डाटाबेस
  • टीवी चैनल
  • रामायण प्रसारण
  • कथागोष्ठी
भाषापाक रचना-लेखन सूचीमे ‘पञ्जी डाटाबेस (आगाँ)’ देल गेल।

1156. विदेह अंक ३७ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जुलाइ २००९
  • १५ जून २००९
  • १५ जुलाइ २००९
  • ०१ अगस्त २००९
अंकक शीर्ष भागमे ०१ जुलाइ २००९ लिखल अछि।
1157. अंक ३७ क संपादकीयमे पाँच करोड़ मैथिल भाषीक लेल कोन चैनलक आगमन कहल गेल?
  • सौभाग्य मिथिला
  • विदेह टीवी
  • मिथिला समाद
  • हम मैथिल
संपादकीय ‘सौभाग्य मिथिला’ केँ पाँच करोड़ मैथिल भाषीक लेल २४x७ चैनल कहैत अछि।
1158. ‘सौभाग्य मिथिला’ चैनल कोन संस्था द्वारा प्रारम्भ कहल गेल?
  • सौभाग्य मीडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • विदेह प्रकाशन
  • चेतना समिति
  • कोलकाता सम्पर्क
अंक ३७ संपादकीयमे चैनल सौभाग्य मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रारम्भ भेल कहल अछि।
1159. सौभाग्य मिथिला केँ कोन तरहक चैनल कहल गेल?
  • संपूर्ण मैथिली इंटरटेनमेंट चैनल
  • केवल समाचार चैनल
  • केवल खेल चैनल
  • केवल सरकारी चैनल
संपादकीय स्पष्ट कहैत अछि जे ई संपूर्ण मैथिली इंटरटेनमेंट चैनल अछि।
1160. सौभाग्य मिथिला पर कोन महत्त्वपूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रसारणक उल्लेख अछि?
  • संपूर्ण मैथिल रामायण
  • केवल क्रिकेट
  • केवल अंग्रेजी समाचार
  • केवल विज्ञापन
संपादकीयमे सौभाग्य मिथिला पर संपूर्ण मैथिल रामायण प्रसारित हेबाक बात अछि।
1161. अंक ३७ मे सौभाग्य मिथिला पर कोन कार्यक्रम-समूहक उदाहरण देल गेल?
  • फूलडालि, मैथिली मजा, खटमिट्ठी, सिंगरहार
  • कथा कुसुम, नदी, परलय
  • प्रत्यावर्तन, पाखलो, तिरंगा
  • साहित्य अकादेमी, गूगल, बजट
संपादकीयमे फूलडालि, मैथिली मजा, खटमिट्ठी, सिंगरहार आदि कार्यक्रमक नाम देल अछि।
1162. अंक ३७ मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ २९ जून २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १३ जून २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ जुलाइ २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ अगस्त २००९
अंक ३७ मे आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ २९ जून २००९ धरि देल गेल।
1163. अंक ३७ मे विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ८१ देशक ८३४ ठामसँ
  • ८० देशक ८२२ ठामसँ
  • ८४ देशक ८४८ ठामसँ
  • ८३ देशक ८७९ ठामसँ
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे ८१ देशक ८३४ ठामसँ विदेह देखल गेल।
1164. अंक ३७ मे विदेहक देखनिहारक संख्या कतेक देल गेल?
  • २४,६५६ गोटे
  • २३,६६१ गोटे
  • २५,५८२ गोटे
  • २७,४८१ गोटे
अंक ३७ क आँकड़ामे २४,६५६ गोटे देल अछि।
1165. अंक ३७ मे कुल दृश्य-संख्या कतेक देल गेल?
  • १,८२,७६८ बेर
  • १,७९,९५४ बेर
  • १,८५,३२५ बेर
  • १,९१,५१९ बेर
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे विदेह १,८२,७६८ बेर देखल गेल कहल अछि।

1166. अंक ३७ मे प्रेमशंकर सिंहक गद्य-विषय की अछि?
  • लोक गाथा ओ मणिपद्म
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच
  • कथा-दर्शन
  • लोरिक गाथा
अंक ३७ क गद्य-सूचीमे ‘लोक गाथा ओ मणिपद्म — प्रेमशंकर सिंह’ अछि।
1167. अंक ३७ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • रंभा
  • बात
  • हमर गाम
  • लालकाकी
गद्य-सूचीमे सुभाषचन्द्र यादवक कथा ‘रंभा’ देल गेल।
1168. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ३७ मे कोन खेप अछि?
  • सातम खेप
  • छठम खेप
  • आठम खेप
  • पन्द्रहम खेप
विषय-सूचीमे ‘प्रत्यावर्तन — सातम खेप — कुसुम ठाकुर’ अछि।
1169. अंक ३७ मे गजेन्द्र ठाकुरक कोन बाल-विधा सामग्री गद्य खण्डमे अछि?
  • बालकथा
  • बजट-विवेचन
  • रंगमंच-साक्षात्कार
  • पुरस्कार-सूची
सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘बालकथा’ देल गेल।
1170. अंक ३७ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा शीर्षक की अछि?
  • धर्मात्मा
  • ओ तऽ बताह अछि
  • कलाकार
  • मनस्ताप
अंक ३७ मे ‘कथा — धर्मात्मा — कुमार मनोज कश्यप’ देल गेल।
1171. अंक ३७ मे भ्रमरक गद्य-विषय की अछि?
  • यात्रा प्रसंग
  • पोथी समीक्षा
  • लोकलाइजेशन
  • प्राथमिकता
सूचीमे ‘भ्रमर — यात्रा प्रसंग’ अछि।
1172. अंक ३७ मे गजेन्द्र ठाकुरक शिक्षा-विषयक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • वर्णमाला शिक्षा
  • बेसिक छूट
  • समय संकेत
  • तोँ स्वतंत्र छेँ
गद्य-सूचीमे ‘वर्णमाला शिक्षा — गजेन्द्र ठाकुर’ देल गेल।
1173. अंक ३७ क भाषापाक खण्डमे कोन कोष-विषय विशेष कहल गेल?
  • इंटरनेटपर पहिल बेर सर्च-डिक्शनरी रूपमे मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोष
  • केवल मुद्रित शब्द-सूची
  • केवल संस्कृत कोश
  • केवल कोंकणी कोश
भाषापाक सूचीमे एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली सर्च-डिक्शनरीक उल्लेख अछि।
1174. अंक ३७ क प्रवासी मैथिल खण्डमे कोन सूची देल गेल?
  • मिथिलाक पर्व-तिथि सूची
  • गाँवक राशन सूची
  • विद्यालय शुल्क सूची
  • पुरस्कार-निर्णायक सूची
‘VIDEHA FOR NON RESIDENT MAITHILS’ खण्डमे Festivals of Mithila date-list देल गेल।
1175. अंक ३७ मे ‘THE COMET’ कोन कृतिक अंग्रेजी अनुवाद कहि देल गेल?
  • सहस्रबाढ़नि
  • प्रत्यावर्तन
  • पाखलो
  • राधा
प्रवासी खण्डमे ‘THE COMET’ गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली उपन्यास ‘Sahasrabadhani’ क अंग्रेजी अनुवाद कहल गेल।

1176. विदेह अंक ३८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जुलाइ २००९
  • ०१ जुलाइ २००९
  • ०१ अगस्त २००९
  • १५ अगस्त २००९
अंकक शीर्ष भागमे १५ जुलाइ २००९ देल अछि।
1177. अंक ३८ क संपादकीयमे ६ जुलाइ २००९ केँ प्रस्तुत भारतीय बजट ककरा द्वारा कहल गेल?
  • प्रणव मुखर्जी
  • सुरेन्द्र पाण्डेय
  • नंदन नीलेकनी
  • राजश्री जनक
संपादकीयमे वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा ६ जुलाइ २००९ केँ प्रस्तुत बजटक चर्चा अछि।
1178. अंक ३८ मे भारतीय बजटमे आर्थिक विकास दर कतेक रहल होएबाक सम्भावना कहल गेल?
  • ६.७ प्रतिशत
  • ९ प्रतिशत
  • १८ प्रतिशत
  • ५६ प्रतिशत
संपादकीयमे आर्थिक विकास दर ६.७ प्रतिशत रहल होएबाक सम्भावना कहल गेल।
1179. अंक ३८ क बजट-चर्चामे सामान्य करदाताक बेसिक छूट कोन सीमासँ कोन सीमा धरि बढ़ल कहल गेल?
  • १.५० लाख सँ १.६० लाख
  • १.६० लाख सँ १.९० लाख
  • १.९० लाख सँ २.४० लाख
  • २.४० लाख सँ ३.०० लाख
संपादकीयमे करदाता लेल बेसिक छूट १.५० लाख टाकासँ १.६० लाख टाका कएल गेल कहल अछि।
1180. अंक ३८ मे आयकर सम्बन्धी कोन राहतक उल्लेख अछि?
  • दस प्रतिशत सरचार्ज हटाओल गेल
  • आयकर दूगुना भेल
  • सभ छूट हटल
  • केवल कृषि कर लागू भेल
बजट-चर्चामे आयकर पर दस प्रतिशत सरचार्ज हटाओल गेल कहल अछि।
1181. अंक ३८ मे ग्रामीण सड़क लेल कतेक राशि आबंटित कहल गेल?
  • १२,००० करोड़ रु.
  • ५६२ करोड़ रु.
  • ४५० करोड़ रु.
  • १६,३०० करोड़ रु.
बजट-विशेषतामे ग्रामीण सड़क लेल १२,००० करोड़ रु. आबंटन देल अछि।
1182. अंक ३८ मे राष्ट्रीय गंगा प्रोजेक्ट लेल कतेक राशि देल गेल?
  • ५६२ करोड़ रु.
  • १२,००० करोड़ रु.
  • ४५० करोड़ रु.
  • १६,३०० करोड़ रु.
सूचीमे राष्ट्रीय गंगा प्रोजेक्ट लेल ५६२ करोड़ रु. आबंटनक उल्लेख अछि।
1183. अंक ३८ मे यूनीक आइडेन्टिफिकेशन प्रोजेक्ट ककर अध्यक्षतामे शुरू हेबाक उल्लेख अछि?
  • नंदन नीलेकनी
  • प्रणव मुखर्जी
  • सुरेन्द्र पाण्डेय
  • ताराकान्त झा
संपादकीयमे यूनीक आइडेन्टिफिकेशन प्रोजेक्ट नंदन नीलेकनीक अध्यक्षतामे शुरू हेबाक बात अछि।
1184. नेपाल बजट-चर्चामे जनकपुरमे कोन विश्वविद्यालयक स्थापना कहल गेल?
  • राजश्री जनक विश्वविद्यालय
  • मिथिला रिसर्च विश्वविद्यालय
  • विदेह विश्वविद्यालय
  • गंगा विश्वविद्यालय
नेपाल बजट प्रसंगमे जनकपुरमे राजश्री जनक विश्वविद्यालयक स्थापना कएल जाएत, से कहल गेल।
1185. अंक ३८ मे महाकवि विद्यापति पुरस्कार गुथीक स्थापना कोन हेतु कहल गेल?
  • मैथिली भाषा, साहित्य आ संस्कृतिक विकासक लेल काज केनिहारकेँ पुरस्कृत करबाक
  • केवल खेल-कूद लेल
  • केवल सड़क-निर्माण लेल
  • केवल कर-छूट लेल
संपादकीयमे एक करोड़ ने.रु. योगसँ महाकवि विद्यापति पुरस्कार गुथी मैथिली भाषा-साहित्य-संस्कृतिक कर्ताक सम्मान लेल कहल अछि।

1186. अंक ३८ मे सुभाषचन्द्र यादवक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • हमर गाम
  • रंभा
  • बात
  • परलय
गद्य-सूचीमे ‘कथा — सुभाषचन्द्र यादव — हमर गाम’ अछि।
1187. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ३८ मे कोन खेप अछि?
  • आठम खेप
  • सातम खेप
  • छठम खेप
  • पन्द्रहम खेप
विषय-सूचीमे ‘प्रत्यावर्तन — आठम खेप — कुसुम ठाकुर’ देल गेल।
1188. अंक ३८ मे अनमोल झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्राथमिकता
  • सुरक्षित
  • अन्हरजाली
  • एडभांस युग मे
सूचीमे ‘अनमोल झा — कथा — प्राथमिकता’ देल गेल।
1189. अंक ३८ मे सुशान्त झाक सामग्री कोन विधामे देल गेल?
  • रिपोर्ताज
  • गजल
  • कोष
  • बालचित्र
गद्य-सूचीमे सुशान्त झाक नामक सामने ‘रिपोर्ताज’ देल अछि।
1190. अंक ३८ मे नवेन्दु कुमार झाक सामग्री कोन विधामे अछि?
  • रिपोर्ताज
  • कथा
  • बालकथा
  • गीत
सूचीमे नवेन्दु कुमार झा — रिपोर्ताज देल गेल।
1191. अंक ३८ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मनस्ताप
  • कलाकार
  • गिरैत देवाल
  • धर्मात्मा
विषय-सूचीमे ‘कथा — मनस्ताप — कुमार मनोज कश्यप’ अछि।
1192. अंक ३८ मे चन्द्रेशक सामग्री कोन रूपमे देल गेल?
  • पोथी समीक्षा
  • यात्रा प्रसंग
  • सम्पादकीय
  • चित्र-श्रृंखला
गद्य-सूचीमे चन्द्रेश — पोथी समीक्षा देल गेल।
1193. अंक ३८ मे राजकमल चौधरीक कोन सामग्री प्रकाशित कहल गेल?
  • दूटा अप्रकाशित पद्य
  • एकटा नाटक
  • एकटा शब्दकोश
  • एकटा टीवी कार्यक्रम
पद्य-सूचीमे ‘राजकमल चौधरीक दूटा अप्रकाशित पद्य’ देल अछि।
1194. अंक ३८ क गद्य-पद्य भारतीमे कोंकणी मूल उपन्यासक लेखक के छथि?
  • तुकाराम रामा शेट
  • अन्नावरन देवेन्दर
  • पी. जयलक्ष्मी
  • जितेन्द्र झा
सूचीमे मूल उपन्यास कोंकणी, लेखक तुकाराम रामा शेट देल गेल।
1195. अंक ३८ मे तेलुगु पद्यक मैथिली अनुवाद के कएलनि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • सेबी फर्नांडीस
  • प्रणव मुखर्जी
गद्य-पद्य भारतीमे मूल तेलुगु पद्यक अंग्रेजी अनुवाद पी. जयलक्ष्मी आ मैथिली अनुवाद गजेन्द्र ठाकुर कहि देल गेल।

1196. विदेह अंक ३९ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ अगस्त २००९
  • १५ जुलाइ २००९
  • १५ अगस्त २००९
  • ०१ जुलाइ २००९
अंकक शीर्ष भागमे ०१ अगस्त २००९ देल अछि।
1197. अंक ३९ क संपादकीयमे कोलकातासँ लोकार्पित मैथिली त्रैमासिकक नाम की अछि?
  • हम मैथिल
  • सौभाग्य मिथिला
  • मिथिला समाद
  • विदेह-सदेह
संपादकीयमे ‘हम मैथिल’ मैथिली त्रैमासिक कोलकातासँ लोकार्पित भेल कहल गेल।
1198. ‘हम मैथिल’ त्रैमासिकक प्रधान सम्पादक के कहल गेल?
  • रामलोचन ठाकुर
  • मनमोहन मिश्र ‘चंचल’
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • ताराकान्त झा
संपादकीयमे ‘हम मैथिल’ क प्रधान सम्पादक रामलोचन ठाकुर कहल गेल।
1199. ‘हम मैथिल’ त्रैमासिकक सम्पादक के कहल गेल?
  • मनमोहन मिश्र ‘चंचल’
  • रामलोचन ठाकुर
  • प्रेमशंकर सिंह
  • ज्योति झा चौधरी
संपादकीयमे सम्पादक मनमोहन मिश्र ‘चंचल’ कहल गेल।
1200. अंक ३९ मे कोलकाता सम्पर्कक मासिक बैसार कोन तिथिकेँ भेल कहल गेल?
  • १२ जुलाइ २००९
  • १४ जुलाइ २००९
  • २९ जून २००९
  • १४ अगस्त २००९
संपादकीयमे १२ जुलाइ २००९ केँ कोलकाता सम्पर्कक मासिक बैसार भेल कहल गेल।
1201. अंक ३९ मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ जुलाइ २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ २९ जून २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १३ जून २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ अगस्त २००९
अंक ३९ मे आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ १४ जुलाइ २००९ धरि देल गेल।
1202. अंक ३९ मे विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ८२ देशक ८६२ ठामसँ
  • ८१ देशक ८३४ ठामसँ
  • ८३ देशक ८७९ ठामसँ
  • ८० देशक ८२२ ठामसँ
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे ८२ देशक ८६२ ठामसँ विदेह देखल गेल कहल अछि।
1203. अंक ३९ मे विदेहक देखनिहारक संख्या कतेक अछि?
  • २६,६१४ गोटे
  • २५,५८२ गोटे
  • २४,६५६ गोटे
  • २७,४८१ गोटे
अंक ३९ मे विभिन्न आइ.एस.पी. सँ २६,६१४ गोटे द्वारा विदेह देखल गेल कहल अछि।
1204. अंक ३९ मे कुल दृश्य-संख्या कतेक देल गेल?
  • १,८८,४८१ बेर
  • १,८५,३२५ बेर
  • १,९१,५१९ बेर
  • १,८२,७६८ बेर
गूगल एनेलेटिक्स डाटामे १,८८,४८१ बेर दृश्य देल गेल।
1205. अंक ३९ क संपादकीयक सामाजिक संकेत की अछि?
  • मैथिली त्रैमासिक, मासिक बैसार आ पाठक-विस्तारक सक्रियता
  • केवल सरकारी चुप्पी
  • केवल खेलकूद प्रतियोगिता
  • केवल कर-प्रणाली
अंक ३९ ‘हम मैथिल’, कोलकाता सम्पर्कक बैसार आ विदेहक बढ़ैत पाठक-विस्तार केँ एक संग देखबैत अछि।

1206. अंक ३९ मे कामिनी कामायनीक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • भरोस
  • लालकाकी
  • असमंजस
  • सृजन
गद्य-सूचीमे ‘कामिनी कामायनी — कथा — भरोस’ देल गेल।
1207. अंक ३९ मे मिथिलेश कुमार झाक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • एडभांस युग मे
  • समय संकेत
  • अन्हरजाली
  • सुरक्षित
सूचीमे मिथिलेश कुमार झा — लघुकथा — एडभांस युग मे देल गेल।
1208. अंक ३९ मे अनमोल झाक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सुरक्षित
  • अन्हरजाली
  • प्राथमिकता
  • भरोस
विषय-सूचीमे अनमोल झाक लघुकथा ‘सुरक्षित’ अछि।
1209. अंक ३९ मे सुशांत झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अहां कोना रहै छी भौजी....
  • गरीबक जिन्दगी
  • गिरैत देवाल
  • इज्जतिक खातिर
गद्य-सूचीमे सुशांत झाक कथा ‘अहां कोना रहै छी भौजी....’ देल गेल।
1210. अंक ३९ मे पालन झाक कथा शीर्षक की अछि?
  • गरीबक जिन्दगी
  • गिरैत देवाल
  • भरोस
  • कलाकार
अंक ३९ मे पालन झाक कथा ‘गरीबक जिन्दगी’ देल गेल।
1211. अंक ३९ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गिरैत देवाल
  • कलाकार
  • मनस्ताप
  • धर्मात्मा
विषय-सूचीमे ‘कथा — गिरैत देवाल — कुमार मनोज कश्यप’ अछि।
1212. अंक ३९ मे मनोज झा मुक्तिक गद्य सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • इज्जतिक खातिर
  • तोँ स्वतंत्र छेँ
  • गद्य-कविता
  • धर्मात्मा
गद्य-सूचीमे मनोज झा मुक्तिक ‘इज्जतिक खातिर’ देल गेल।
1213. अंक ३९ मे सतीश चन्द्र झाक पद्य शीर्षक की अछि?
  • सृजन
  • बुधनी
  • चानक प्रेम
  • कन्यादान
पद्य-सूचीमे सतीश चन्द्र झा — सृजन अछि।
1214. अंक ३९ मे दयाकान्तक पद्य शीर्षक की अछि?
  • पाँच लाख बौआक दाम
  • तिरंगा
  • जय हिन्द जय-जय मिथिला
  • ओ प्रेमहि छल
अंक ३९ क पद्य-सूचीमे दयाकान्तक ‘पाँच लाख बौआक दाम’ देल गेल।
1215. अंक ३९ क गद्य-पद्य भारतीमे ‘पाखलो’ कोन रूपमे देल गेल?
  • कोंकणी मूल उपन्यासक धारावाहिक मैथिली अनुवाद
  • तेलुगु गीतक सूची
  • बजट-रिपोर्ट
  • बाल कॉमिक्स मात्र
सूचीमे ‘पाखलो (धारावाहिक) — मूल उपन्यास कोंकणी — मैथिली अनुवाद डॉ. शंभु कुमार सिंह’ देल गेल।

1216. विदेह अंक ४० कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अगस्त २००९
  • ०१ अगस्त २००९
  • १५ जुलाइ २००९
  • ०१ जुलाइ २००९
अंकक शीर्ष भागमे १५ अगस्त २००९ देल अछि।
1217. अंक ४० क संपादकीयमे भारतक परिवर्तनक तुलना कोन दू तिथिक बीच कएल गेल?
  • १५ अगस्त १९४७ आ १५ अगस्त २००९
  • १ जनवरी २००८ आ १४ अगस्त २००९
  • ६ जुलाइ २००९ आ १३ जुलाइ २००९
  • १२ जुलाइ २००९ आ १ अगस्त २००९
संपादकीय १५ अगस्त १९४७ आ १५ अगस्त २००९ बीच भारतक बदलल रूपक चर्चा करैत अछि।
1218. अंक ४० संपादकीय अनुसार भारतक कोन छवि आर्थिक मन्दीमे सेहो अविचल कहल गेल?
  • विश्वक सोझाँ बनल आर्थिक-सामाजिक अस्तित्व
  • केवल ग्राम-पंचायत
  • केवल खेल-मंच
  • केवल स्थानीय पत्रिका
संपादकीय भारतक विश्व-स्तरीय छवि आ आर्थिक मन्दीमे सेहो अविचल अस्तित्वक उल्लेख करैत अछि।
1219. अंक ४० मे असामान्य नगरीकरणक दुष्परिणाम की कहल गेल?
  • महानगरपर बोझ बढ़ल आ छोट नगरक विकास अवरुद्ध भेल
  • केवल गाँवमे इंटरनेट बढ़ल
  • सभ नगर समान विकसित भेल
  • नगरीकरणक कोनो समस्या नहि
संपादकीयमे असामान्य नगरीकरणसँ महानगरपर बोझ आ छोट-छोट नगरक विकास अवरुद्ध भेल कहल गेल।
1220. अंक ४० क संपादकीयमे कोन स्वास्थ्य-संकट विकट रूप लेबाक बात अछि?
  • स्वाइन-फ्लू
  • हृदय-रोग दवाई
  • गंगा-प्रोजेक्ट
  • कॉमनवेल्थ गेम
संपादकीयमे स्वाइन-फ्लू भारतमे विकट रूप लऽ लेने अछि, से चिन्ता व्यक्त अछि।
1221. अंक ४० मे डॉक्टर सभक जारी मोबाइल नम्बर सूचीबारे कोन व्यंग्यात्मक/आलोचनात्मक बात अछि?
  • एम्स आ पैघ हॉस्पीटल सम्मिलित सूची आश्चर्यजनक रूपसँ स्विच-ऑफ रहैत छल
  • सभ नम्बर तुरन्त उठैत छल
  • सूची कहियो जारी नहि भेल
  • सूची केवल विदेश लेल छल
संपादकीयमे डॉक्टर सभक मोबाइल नम्बर सूची, जाहिमे एम्स आ पैघ हॉस्पीटल छल, स्विच-ऑफ रहबाक बात आलोचनासँ कहल गेल।
1222. अंक ४० मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ अगस्त २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ जुलाइ २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ २९ जून २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १३ जून २००९
अंक ४० मे आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ १४ अगस्त २००९ धरि देल गेल।
1223. अंक ४० मे विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ८३ देशक ८७९ ठामसँ
  • ८२ देशक ८६२ ठामसँ
  • ८१ देशक ८४८ ठामसँ
  • ८० देशक ८२२ ठामसँ
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे ८३ देशक ८७९ ठामसँ विदेह देखल गेल कहल अछि।
1224. अंक ४० मे विदेहक देखनिहारक संख्या कतेक देल गेल?
  • २७,४८१ गोटे
  • २६,६१४ गोटे
  • २५,५८२ गोटे
  • २४,६५६ गोटे
अंक ४० क आँकड़ामे २७,४८१ गोटे द्वारा विदेह देखल गेल कहल अछि।
1225. अंक ४० मे कुल दृश्य-संख्या कतेक देल अछि?
  • १,९१,५१९ बेर
  • १,८८,४८१ बेर
  • १,८५,३२५ बेर
  • १,८२,७६८ बेर
गूगल एनेलेटिक्स डाटामे १,९१,५१९ बेर देखल गेल कहल अछि।

1226. अंक ४० मे कामिनी कामायनीक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • लालकाकी
  • भरोस
  • असमंजस
  • सृजन
गद्य-सूचीमे ‘कामिनी कामायनी — कथा — लालकाकी’ देल गेल।
1227. अंक ४० मे मिथिलेश कुमार झाक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • समय संकेत
  • एडभांस युग मे
  • सुरक्षित
  • अन्हरजाली
सूचीमे मिथिलेश कुमार झा — लघुकथा — समय संकेत देल गेल।
1228. अंक ४० मे अनमोल झाक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अन्हरजाली
  • सुरक्षित
  • प्राथमिकता
  • भरोस
अंक ४० मे अनमोल झाक लघुकथा ‘अन्हरजाली’ देल अछि।
1229. अंक ४० मे कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ कोन क्रममे देल गेल?
  • १५
  • आठम
  • सातम
  • छठम
विषय-सूचीमे ‘कुसुम ठाकुर — प्रत्यावर्तन — १५’ देल गेल।
1230. अंक ४० मे दयाकान्तक गद्य/कथा-सूची सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • तिरंगा
  • पाँच लाख बौआक दाम
  • भरोस
  • समय संकेत
गद्य-सूचीमे दयाकान्त — तिरंगा देल गेल।
1231. अंक ४० मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कलाकार
  • गिरैत देवाल
  • मनस्ताप
  • धर्मात्मा
विषय-सूचीमे ‘कथा — कलाकार — कुमार मनोज कश्यप’ अछि।
1232. अंक ४० मे सतीश चन्द्र झाक पद्य शीर्षक की अछि?
  • बुधनी
  • सृजन
  • कन्यादान
  • चानक प्रेम
पद्य-सूचीमे सतीश चन्द्र झाक ‘बुधनी’ देल गेल।
1233. अंक ४० मे विवेकानन्द झाक पद्य शीर्षक की अछि?
  • ओ प्रेमहि छल
  • रहैत छी अहीं मात्र रूप बदलि कऽ
  • मिथिला धाम
  • घड़ी
अंक ४० क पद्य-सूचीमे विवेकानन्द झाक ‘ओ प्रेमहि छल’ देल गेल।
1234. अंक ४० मे रूपेशक पद्य शीर्षक की अछि?
  • जय हिन्द जय-जय मिथिला
  • तोँ स्वतंत्र छेँ
  • असमंजस
  • गद्य-कविता
पद्य-सूचीमे रूपेश — ‘जय हिन्द जय-जय मिथिला’ देल गेल।
1235. अंक ४० क गद्य-पद्य भारतीमे ‘पाखलो’ कोन भागक रूपमे अछि?
  • पाखलो — ३ (धारावाहिक)
  • पाखलो — पहिल भाग
  • पाखलो — निष्कर्ष मात्र
  • पाखलो — केवल पद्य
गद्य-पद्य भारती सूचीमे ‘पाखलो — ३ (धारावाहिक)’ मूल कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद रूपमे देल गेल।

1236. विदेह अंक ४१ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ सितम्बर २००९
  • १५ अगस्त २००९
  • १५ सितम्बर २००९
  • ०१ अक्टूबर २००९
अंकक शीर्ष भागमे ‘४१म अंक ०१ सितम्बर २००९’ देल अछि।
1237. अंक ४१ क संपादकीयमे आइ-काल्हि पञ्जी-प्रबंध मुख्यतः कोन-कोन समुदायमे विद्यमान कहल गेल?
  • मैथिल ब्राह्मण आ कर्ण-कायस्थ
  • केवल गंधवरिया राजपूत
  • केवल यादव आ पाल
  • केवल चन्देल आ चौहान
संपादकीय स्पष्ट करैत अछि जे वर्तमान पञ्जी-प्रबंध मैथिल ब्राह्मण आ कर्ण-कायस्थक मध्य विद्यमान अछि।
1238. अंक ४१ अनुसार प्रारम्भिक अवस्था मे पञ्जी-प्रबंध क्षत्रियक कोन शाखासँ जुड़ल छल?
  • गंधवरिया राजपूत
  • कच्छवाह मात्र
  • महार मात्र
  • सुरुकि मात्र
संपादकीय कहैत अछि जे प्रारम्भमे ई क्षत्रिय अर्थात् गंधवरिया राजपूतक मध्य सेहो छल।
1239. वर्णरत्नाकरक आधारपर अंक ४१ मे राजपूत कुलक संबंधमे कोन बात कहल गेल?
  • ७२ राजपूत कुलमे ६४ केर वर्णन अछि
  • केवल १२ कुलक नाम अछि
  • कोनो राजपूत कुलक चर्चा नहि अछि
  • सभ कुल केवल नेपालमे भेटैत अछि
संपादकीयमे वर्णरत्नाकरक ७२ राजपूत कुलमे ६४ केर वर्णनक उल्लेख अछि।
1240. अंक ४१ मे दोसर ठाम कतेक राजपूत कुलक वर्णन बताओल गेल?
  • ३६
  • २४
  • ५२
  • १०८
राजपूत कुलवर्णनक चर्चामे दोसर ठाम ३६ राजपूत कुलक वर्णन कहल गेल।
1241. अंक ४१ अनुसार विद्यापतिक लिखनावलीमे कोन दू राजपूत कुलक वर्णन अछि?
  • चन्देल आ चौहान
  • पाल आ यादव
  • नन्द आ सेन
  • कछवाह आ महार
संपादकीयमे विद्यापतिक लिखनावलीमे चन्देल आ चौहानक वर्णनक उल्लेख अछि।
1242. गाहनवार वा मिथिलाक गंधवरिया राजपूतक दू शाखा अंक ४१ मे कोन रूपमे देल अछि?
  • भीठ भगवानपुर आ पंचमहला
  • तरौनी आ ननौती
  • मंगरौनी आ करियन
  • दरभंगा आ पटना
अंक ४१ मे गंधवरिया राजपूतक दू शाखा भीठ भगवानपुर आ पंचमहला कहल गेल।
1243. पंचमहला शाखा कोन क्षेत्रसँ जोड़ि देल गेल?
  • सहर्सा-पूर्णियाँ
  • पटना-गया
  • कानपुर-लखनऊ
  • काठमाण्डू-ललितपुर
संपादकीयमे पंचमहला शाखाक संग सहर्सा, पूर्णियाँक संकेत देल अछि।
1244. अंक ४१ मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० अगस्त २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ सितम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ अक्टूबर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० अक्टूबर २००९
अंक ४१ क आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ ३० अगस्त २००९ धरि देल गेल अछि।
1245. अंक ४१ मे विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ८४ देशक ८९६ ठामसँ
  • ८५ देशक ९२३ ठामसँ
  • ८६ देशक ९३१ ठामसँ
  • ८७ देशक ९५७ ठामसँ
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे ८४ देशक ८९६ ठामसँ विदेह देखल गेल कहल अछि।

1246. अंक ४१ मे कामिनी कामायनीक कथा कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • अभिशप्त
  • दूटा पाइ
  • बहीन
  • मिथिलाक बेटी
विषय-सूचीमे कामिनी कामायनीक कथा ‘अभिशप्त’ देल अछि।
1247. अंक ४१ मे अनमोल झाक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कोर बैंकिंग
  • युगान्त
  • सुरक्षित
  • अन्हरजाली
गद्य-सूचीमे अनमोल झाक लघुकथा ‘कोर बैंकिंग’ अछि।
1248. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ४१ मे कोन क्रममे देल गेल?
  • १६
  • १७
  • १५
  • १४
अंक ४१ क सूचीमे ‘प्रत्यावर्तन — १६’ देल अछि।
1249. ‘मखान खानि ई मिथिला’ अंक ४१ मे ककर नामसँ देल अछि?
  • भीमनाथ झा
  • जगदीश प्रसाद मंडल
  • पंचानन मिश्र
  • गोपाल प्रसाद
विषय-सूचीमे ‘मखान खानि ई मिथिला — भीमनाथ झा’ देल गेल।
1250. अंक ४१ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • चौबटियापर
  • नोर अंगोर
  • फ्यूज बल्व
  • पहिल चिट्ठी
अंक ४१ क गद्य-सूचीमे कुमार मनोज कश्यपक कथा ‘चौबटियापर’ अछि।
1251. अंक ४१ मे ‘रंगदृष्टि; दिल्ली’ ककर नामसँ देल गेल?
  • प्रकाश झा
  • मिथिलेश कुमार झा
  • मनोज झा मुक्ति
  • नवेन्दु कुमार झा
गद्य-सूचीमे प्रकाश झाक ‘रंगदृष्टि; दिल्ली’ देल अछि।
1252. अंक ४१ मे गुंजन जीक ‘राधा’ कोन खेप रूपमे देल गेल?
  • दसम खेप
  • तेरहम खेप
  • चौदहम खेप
  • पहिल खेप
पद्य-सूचीमे ‘गुंजन जीक राधा — दसम खेप’ देल अछि।
1253. अंक ४१ क गद्य-पद्य भारतीमे ‘पाखलो’ कोन भाग रूपमे अछि?
  • भाग ४
  • भाग ५
  • भाग ६
  • भाग ७
सूचीमे ‘पाखलो — ४ (धारावाहिक)’ मूल कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।
1254. अंक ४१ क बालानां कृते खण्डमे देवांशु वत्सक सामग्री कोन रूपमे अछि?
  • मैथिली चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स)
  • नोबल पुरस्कार-सूची
  • कोष-विवेचन मात्र
  • सम्मेलन-घोषणा
बालानां कृते खण्डमे देवांशु वत्सक मैथिली चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स) देल अछि।
1255. अंक ४१ क भाषापाक रचना-लेखन खण्डमे कोन परियोजना आगाँ बढ़ाओल गेल?
  • पञ्जी डाटाबेस
  • मैथिली टीवी चैनल
  • फिल्म महोत्सव
  • नाटक सम्मान
भाषापाक खण्डमे ‘पञ्जी डाटाबेस (आगाँ)’ संग मानक मैथिली आ कोष-कार्यक उल्लेख अछि।

1256. विदेह अंक ४२ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ सितम्बर २००९
  • ०१ सितम्बर २००९
  • ०१ अक्टूबर २००९
  • १५ अक्टूबर २००९
अंकक शीर्ष भागमे ‘४२म अंक १५ सितम्बर २००९’ देल अछि।
1257. अंक ४२ क संपादकीयक मुख्य आरम्भिक विषय की अछि?
  • पञ्जीमे उपलब्ध किछु तथ्य
  • सौभाग्य मिथिला चैनल
  • स्वाइन-फ्लू संकट
  • नोबल पुरस्कार २००९
संपादकीय ‘पञ्जीमे उपलब्ध किछु तथ्य’ कहि वंशपरम्परा आ सामाजिक विवरणक चर्चा आरम्भ करैत अछि।
1258. अंक ४२ मे पञ्जीकार लोकनिक नाममे कोन उपाधि जोड़बाक प्रसंग देल गेल?
  • तस्कर
  • महोपाध्याय
  • भारद्वाज
  • सुमन
राजा द्वारा पञ्जीकार लोकनिक नाममे ‘तस्कर’ उपाधि जोड़बाक प्रसंग संपादकीयमे देल अछि।
1259. अंक ४२ अनुसार गंगेश उपाध्यायक जन्म पिताक मृत्युक कतेक वर्ष बाद कहल गेल?
  • ५ साल बाद
  • २ साल बाद
  • १० साल बाद
  • जन्मसँ पूर्व नहि
पञ्जी-तथ्यक सूचीमे नैय्यायिक गंगेश उपाध्यायक जन्म पिताक मृत्युक ५ साल बाद होएब कहल गेल।
1260. अंक ४२ मे महेश ठाकुरक बहिनक विवाह कोन राजघरानासँ जोड़ि देल गेल?
  • कूच-बिहारक राजकुमार
  • नेपालक राजा
  • काशीक राजकुमार
  • कानपुरक राजपरिवार
संपादकीयमे महेश ठाकुरक बहिनक विवाह कूच-बिहारक राजकुमारसँ होएबाक उल्लेख अछि।
1261. कविशेखर ज्योतिरीश्वरक उपाधि-संबंधी उल्लेख अंक ४२ मे कोन सन्दर्भमे अछि?
  • नेपालक पुस्तकालयसँ पाण्डुलिपि भेटबासँ पूर्व उपाधिक उल्लेख
  • केवल आधुनिक पत्रिकामे पहिल बेर छपल
  • रेडियो कार्यक्रममे कहल गेल
  • कोषमे मात्र देल गेल
संपादकीय कहैत अछि जे ज्योतिरीश्वरक उपाधिक उल्लेख हुनकर पाण्डुलिपि नेपालक पुस्तकालयसँ प्राप्त होएबासँ पूर्वहिं छल।
1262. अंक ४२ मे चैतन्य महाप्रभुक गुरु रूपमे ककर उल्लेख अछि?
  • रमापति उपाध्याय
  • गंगेश उपाध्याय
  • महेश ठाकुर
  • उदयनाचार्य
संपादकीयमे रमापति उपाध्यायकेँ चैतन्य महाप्रभुक गुरु रूपमे देल अछि।
1263. अंक ४२ मे उदयनाचार्यक मूल/स्थान-सूत्र कोन रूपमे देल अछि?
  • ननौतीवार ननौती (करियन, समस्तीपुर)
  • तरौनी, दरभंगा
  • मंगरौनी, मधुबनी
  • कूच-बिहार
गंगेश आ उदयनाचार्यक वंश-सूत्रक चर्चा मे उदयनाचार्य — ननौतीवार ननौती (करियन, समस्तीपुर) देल अछि।
1264. अंक ४२ मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ सितम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० अगस्त २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ अक्टूबर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० अक्टूबर २००९
अंक ४२ मे आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ १४ सितम्बर २००९ धरि देल अछि।
1265. अंक ४२ मे विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ८४ देशक ९१० ठामसँ
  • ८४ देशक ८९६ ठामसँ
  • ८५ देशक ९२३ ठामसँ
  • ८७ देशक ९५७ ठामसँ
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे ८४ देशक ९१० ठामसँ विदेह देखल गेल कहल अछि।

1266. अंक ४२ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दूटा पाइ
  • बहीन
  • मिथिलाक बेटी
  • जीवन संघर्ष
विषय-सूचीमे ‘कथा — दूटा पाइ — जगदीश प्रसाद मंडल’ देल अछि।
1267. अंक ४२ मे सुरेन्द्र लाभक नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • माई गे! भूख लागल हए
  • नो एण्ट्री: मा प्रविश
  • मिथिलाक बेटी
  • नोर अंगोर
गद्य-सूचीमे सुरेन्द्र लाभक नाटक ‘माई गे! भूख लागल हए’ देल गेल।
1268. कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ अंक ४२ मे कोन क्रममे अछि?
  • १७
  • १६
  • १५
  • १४
अंक ४२ क सूचीमे ‘प्रत्यावर्तन — १७’ देल अछि।
1269. अंक ४२ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • नोर अंगोर
  • चौबटियापर
  • फ्यूज बल्व
  • दिन धराबय तीन नाम
गद्य-सूचीमे कुमार मनोज कश्यपक कथा ‘नोर अंगोर’ देल अछि।
1270. अंक ४२ मे डॉ. रमानन्द झा रमणक सामग्री कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • ६७म सगर राति दीप जरय
  • मिथिलाक इतिहास
  • असामान्य के
  • कुंठा
विषय-सूचीमे ‘डॉ. रमानन्द झा रमण — ६७म सगर राति दीप जरय’ देल अछि।
1271. अंक ४२ मे अमरेन्द्र यादवक सामग्री कोन विधा-सूचक शब्दसँ देल गेल?
  • रिपोर्ट
  • कथा
  • पद्य
  • उपन्यास
गद्य-सूचीमे ‘अमरेन्द्र यादव — रिपोर्ट’ देल अछि।
1272. अंक ४२ मे नेनाक प्रश्न कोन लेखकक नामसँ देल गेल?
  • सुबोध कुमार ठाकुर
  • सतीश चन्द्र झा
  • हिमांशु चौधरी
  • दयाकान्त
पद्य-सूचीमे ‘नेनाक प्रश्न — सुबोध कुमार ठाकुर’ देल अछि।
1273. अंक ४२ क गद्य-पद्य भारतीमे ‘पाखलो’ कोन भाग अछि?
  • भाग ५
  • भाग ४
  • भाग ६
  • भाग ७
सूचीमे ‘पाखलो — ५ (धारावाहिक)’ मूल कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।
1274. अंक ४२ क प्रवासी मैथिल खण्डमे श्याम दरिहरेक कथा कोन अंग्रेजी शीर्षकसँ देल अछि?
  • Devil Blessed Us
  • where lies the fault
  • The Comet
  • The Appointment
VIDEHA FOR NON RESIDENT MAITHILS खण्डमे ‘Devil Blessed Us’ श्याम दरिहरेक मैथिली कथाक अनुवाद कहल गेल।
1275. ‘Devil Blessed Us’ अनुवादक रूपमे अंक ४२ मे ककर नाम देल अछि?
  • प्रवीण के. झा
  • लूसी ग्रेसी
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • सेबी फर्नांडीस
प्रवासी खण्डमे श्याम दरिहरेक मैथिली कथाक अनुवाद ‘translated by Praveen k Jha’ देल अछि।

1276. विदेह अंक ४३ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ अक्टूबर २००९
  • १५ सितम्बर २००९
  • १५ अक्टूबर २००९
  • ०१ नवम्बर २००९
अंकक शीर्ष भागमे ‘४३म अंक ०१ अक्टूबर २००९’ देल अछि।
1277. अंक ४३ क संपादकीयमे नेशनल बुक ट्रस्टक कोन मैथिली कविता-संकलनक चर्चा अछि?
  • अक्खर खम्भा
  • एना तँ नहि जे
  • सगर राति दीप जरय
  • मिथिलाक इतिहास
संपादकीयमे नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित स्वातंत्र्योत्तर मैथिली कविता-संकलन ‘अक्खर खम्भा’क चर्चा अछि।
1278. ‘अक्खर खम्भा’ क संपादक के कहल गेल?
  • देवशंकर नवीन
  • उदय नारायण सिंह नचिकेता
  • रामलोचन ठाकुर
  • प्रेमशंकर सिंह
संपादकीयमे ‘अक्खर खम्भा’क सम्पादक देवशंकर नवीन कहल गेल।
1279. ‘अक्खर खम्भा’ केँ कोन पुरस्कार/सम्मानक सन्दर्भमे उल्लेखित कएल गेल?
  • सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शनक पुरस्कार
  • यात्री-चेतना पुरस्कार
  • कीर्तिनारायण मिश्र सम्मान
  • रसायनशास्त्रक नोबल
अंक ४३ मे एहि संकलन केँ सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शनक पुरस्कार भेटबाक बात देल अछि।
1280. ‘अक्खर खम्भा’ केँ पुरस्कार कोन स्थल-सन्दर्भसँ देल गेल कहल अछि?
  • प्रगति मैदान दिल्लीक २००९ अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला
  • कानपुर अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन
  • काठमाण्डू-ललितपुर सम्मेलन
  • मिथिला समाद कार्यालय
संपादकीयमे प्रगति मैदान दिल्लीक २००९ अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेलादिससँ पुरस्कार देबाक उल्लेख अछि।
1281. ‘अक्खर खम्भा’ शीर्षकक व्याख्या कोन पुरान काव्य-सन्दर्भसँ जोड़ल गेल?
  • कीर्तिलता प्रथमः पल्लवः पहिल दोहा
  • गीतांजलि
  • सगर राति दीप जरय
  • नो एण्ट्री: मा प्रविश
संपादकीयमे शीर्षकक व्याख्या कीर्तिलताक प्रथम पल्लवक पहिल दोहासँ जोड़ल गेल।
1282. अंक ४३ अनुसार ‘अक्खर खम्भा’ मे कतेक कविक कतेक कविता संकलित अछि?
  • ६१ कविक २९५ कविता
  • ३६ कविक ६४ कविता
  • ८७ कविक ९५७ कविता
  • २० कविक ५८४ कविता
संपादकीय कहैत अछि जे संकलनमे ६१ कविक २९५ टा कविता अछि।
1283. ‘अक्खर खम्भा’ मे अन्तमे की देल गेल कहल अछि?
  • कवि लोकनिक संक्षिप्त परिचय
  • केवल विज्ञापन
  • केवल कोष-सूची
  • केवल पञ्जी तालिका
संपादकीयमे अन्तमे कवि लोकनिक संक्षिप्त परिचय सेहो देल गेल कहल अछि।
1284. अंक ४३ मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ सितम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० अगस्त २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ अक्टूबर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० अक्टूबर २००९
अंक ४३ मे आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ १४ सितम्बर २००९ धरि देल अछि।
1285. अंक ४३ मे विदेहक कुल दृश्य-संख्या कतेक देल गेल?
  • २,००,६७५ बेर
  • १,९७,८०९ बेर
  • २,०२,८२२ बेर
  • २,०५,६९० बेर
गूगल एनेलेटिक्स डाटामे २,००,६७५ बेर दृश्य देल गेल।

1286. अंक ४३ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बहीन
  • दूटा पाइ
  • मिथिलाक बेटी
  • जीवन संघर्ष
गद्य-सूचीमे ‘कथा — बहीन — जगदीश प्रसाद मंडल’ देल अछि।
1287. अंक ४३ मे कोन उपन्यास-शीर्षक देल गेल?
  • उत्थान-पतन
  • जिनगीक जीत
  • जीवन संघर्ष
  • प्रत्यावर्तन
विषय-सूचीमे ‘उपन्यास — उत्थान-पतन’ देल अछि।
1288. अंक ४३ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • फ्यूज बल्व
  • नोर अंगोर
  • पहिल चिट्ठी
  • चौबटियापर
अंक ४३ क गद्य-सूचीमे कुमार मनोज कश्यपक कथा ‘फ्यूज बल्व’ अछि।
1289. अंक ४३ मे पन्ना झाक सामग्री कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • असामान्य के
  • कुंठा
  • एना किएक?
  • मिथिलाक इतिहास
गद्य-सूचीमे ‘पन्ना झा — असामान्य के’ देल अछि।
1290. अंक ४३ मे संस्कार गीत/लोक गीत नाद ककर नामसँ देल गेल?
  • जगदीश प्रसाद मंडल
  • उमेश मंडल
  • सुबोध कुमार ठाकुर
  • दयाकान्त
सूचीमे ‘संस्कार गीत/लोक गीत नाद — जगदीश प्रसाद मंडल’ देल अछि।
1291. अंक ४३ मे नवेन्दु कुमार झाक राजनीतिक लेख/रिपोर्ट कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सेमीफाइनलमे धाराशायी भेल राजग
  • मिथिलाक कतिआएल सिद्धपीठ
  • समाजिक परिवर्तनक दिशा
  • बीसम अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन
गद्य-सूचीमे नवेन्दु कुमार झाक ‘सेमीफाइनलमे धाराशायी भेल राजग’ देल अछि।
1292. अंक ४३ मे हेमचन्द्र झाक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मास्टर साहेब नहि रहलाह
  • कुंठा
  • एना किएक?
  • दिन धराबय तीन नाम
सूचीमे ‘हेमचन्द्र झा — मास्टर साहेब नहि रहलाह’ देल अछि।
1293. अंक ४३ मे दयाकान्तक पद्य कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • बाढ़ि
  • माँ मिथिला ताकय संतान
  • ई बुढिया अछि हक्कल डइन
  • नदीक माछ
पद्य-सूचीमे दयाकान्तक ‘बाढ़ि’ देल अछि।
1294. अंक ४३ क गद्य-पद्य भारतीमे ‘पाखलो’ कोन भाग रूपमे अछि?
  • भाग ६
  • भाग ४
  • भाग ५
  • भाग ७
सूचीमे ‘पाखलो — भाग ६’ मूल कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।
1295. अंक ४३ मे प्रवासी खण्डक अंग्रेजी कथा-शीर्षक कोन अछि?
  • where lies the fault
  • Devil Blessed Us
  • The Comet
  • The Passport
VIDEHA FOR NON RESIDENT MAITHILS खण्डमे श्याम दरिहरेक मैथिली कथा ‘where lies the fault’ अंग्रेजी अनुवाद रूपमे देल अछि।

1296. विदेह अंक ४४ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अक्टूबर २००९
  • ०१ अक्टूबर २००९
  • ०१ नवम्बर २००९
  • १५ सितम्बर २००९
अंकक शीर्ष भागमे ‘४४म अंक १५ अक्टूबर २००९’ देल अछि।
1297. अंक ४४ क संपादकीयमे कीर्तिनारायण मिश्र सम्मान २००९ लेल ककर चयनक घोषणा अछि?
  • उदय नारायण सिंह नचिकेता
  • प्रेमशंकर सिंह
  • हरेकृष्ण झा
  • वेंकटरमन रामकृष्णन
संपादकीयमे श्री उदय नारायण सिंह नचिकेताकेँ कीर्तिनारायण मिश्र सम्मान २००९ सँ सम्मानित कएल जाएबाक घोषणा अछि।
1298. नचिकेताकेँ कीर्तिनारायण मिश्र सम्मान कोन कृति लेल देबाक निर्णय भेल?
  • नो एण्ट्री: मा प्रविश
  • अक्खर खम्भा
  • एना तँ नहि जे
  • मिथिलाक इतिहास
निर्णायक मंडल हुनकर नाटक ‘नो एण्ट्री: मा प्रविश’ लेल सम्मान देबाक निर्णय कएलक।
1299. अंक ४४ अनुसार एहि सम्मानक निर्णय चयन-प्रक्रियाक कोन चरणमे भेल?
  • तेसर चरणमे
  • पहिल चरणमे
  • अन्तिम प्रकाशनक बाद बिना निर्णय
  • केवल पाठक-मतसँ
संपादकीयमे चयन प्रक्रियाक तेसर चरणमे तीन सदस्यक निर्णायक मंडलक निर्णय कहल गेल।
1300. कीर्तिनारायण मिश्र सम्मानमे कोन-कोन वस्तु देल जाइत अछि?
  • ११,००० टाका, प्रतीक-चिन्ह, अंगवस्त्रम आ प्रशस्ति-पत्र
  • केवल प्रमाणपत्र
  • केवल पुस्तक-प्रतिलिपि
  • केवल यात्रा-खर्च
अंक ४४ मे ११,००० टाका, प्रतीक चिन्ह, अंगवस्त्रम आ प्रशस्ति-पत्रक उल्लेख अछि।
1301. अंक ४४ मे २००९ ई. क साहित्यक नोबल पुरस्कार ककरा भेटल कहल गेल?
  • हर्टा मुलर
  • वी.एस. नैपॉल
  • रवीन्द्रनाथ ठाकुर
  • मदर टेरेसा
संपादकीयमे रुमानियामे जनमल जर्मन लेखिका हर्टा मुलरकेँ २००९ ई. क साहित्यक नोबल देल गेल कहल अछि।
1302. हर्टा मुलर कोन शासनक अप्रिय परिस्थिति निरूपण लेल चर्चित कहल गेलीह?
  • निकोल चौसेस्कूक शासन
  • ब्रिटिश राज
  • मुगल शासन
  • सोवियत वर्क कैम्प मात्र
संपादकीयमे मुलर निकोल चौसेस्कूक शासनक अप्रिय परिस्थिति निरूपण लेल चर्चित कहल गेलीह।
1303. २००९ ई. क रसायनशास्त्रक नोबल पुरस्कारक सन्दर्भमे अंक ४४ मे ककर नाम अछि?
  • वेंकटरमन रामकृष्णन
  • चन्द्रशेखर वेंकटरमन
  • हरगोविन्द खुराना
  • अमर्त्य सेन
संपादकीयमे भारतीय मूलक अमेरिकी नागरिक वेंकटरमन रामकृष्णनक २००९ ई. क रसायनशास्त्रक नोबल पुरस्कारक चर्चा अछि।
1304. वेंकटरमन रामकृष्णनक शोधक केन्द्रीय विषय अंक ४४ मे कोन रूपमे कहल गेल?
  • राइबोजोम जीनक ब्लूप्रिंटकेँ प्रोटीन बनबैत अछि
  • मलेरियाक परजीवी
  • गीतांजलिक पद्य-संवेदना
  • कल्याणकारी अर्थशास्त्र
संपादकीयमे कहल अछि जे राइबोजोम जीवित पदार्थमे प्रोटीन बनबैत अछि, आ एहि शोधसँ एंटीबायोटिक रिसर्चमे प्रगति होएत।
1305. अंक ४४ मे विदेहक आँकड़ा कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल कहल अछि?
  • ८६ देशक ९३१ ठामसँ
  • ८५ देशक ९२३ ठामसँ
  • ८७ देशक ९५७ ठामसँ
  • ८४ देशक ९१० ठामसँ
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे ८६ देशक ९३१ ठामसँ विदेह देखल गेल कहल अछि।

1306. अंक ४४ मे जगदीश प्रसाद मंडलक नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मिथिलाक बेटी
  • माई गे! भूख लागल हए
  • नो एण्ट्री: मा प्रविश
  • जिनगीक जीत
गद्य-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मंडल — मिथिलाक बेटी — (नाटक)’ देल अछि।
1307. अंक ४४ मे अनमोल झाक लघुकथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • युगान्त
  • कोर बैंकिंग
  • सुरक्षित
  • अन्हरजाली
विषय-सूचीमे अनमोल झाक लघुकथा ‘युगान्त’ देल अछि।
1308. अंक ४४ मे जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जिनगीक जीत
  • जीवन संघर्ष
  • उत्थान-पतन
  • प्रत्यावर्तन
गद्य-सूचीमे ‘उपन्यास — जगदीश प्रसाद मंडल — जिनगीक जीत’ देल अछि।
1309. अंक ४४ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पहिल चिट्ठी
  • फ्यूज बल्व
  • नोर अंगोर
  • दिन धराबय तीन नाम
अंक ४४ क सूचीमे कुमार मनोज कश्यपक कथा ‘पहिल चिट्ठी’ अछि।
1310. अंक ४४ मे हेमचन्द्र झाक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कुंठा
  • मास्टर साहेब नहि रहलाह
  • एना किएक?
  • कथा प्रियंका
गद्य-सूचीमे ‘हेमचन्द्र झा — कुंठा’ देल अछि।
1311. अंक ४४ मे पंचानन मिश्रक यात्रा-संबंधी लेख कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मऊ वाजितपुर सँ विद्यापतिनगर परिवर्तन-यात्रा
  • सेमीफाइनलमे धाराशायी भेल राजग
  • मखान खानि ई मिथिला
  • सामाजिक परिवर्तनक दशा
विषय-सूचीमे पंचानन मिश्रक ‘मऊ वाजितपुर सँ विद्यापतिनगर परिवर्तन-यात्रा’ देल अछि।
1312. विद्यापति जयन्ती (३१ अक्टूबर ०९) क अवसरपर पंचानन मिश्रक लेख कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मिथिलाक कतिआएल सिद्धपीठ
  • नदीक माछ
  • सुन लागए गाम
  • रंगदृष्टि; दिल्ली
सूचीमे पंचानन मिश्रक ‘मिथिलाक कतिआएल सिद्धपीठ’ विद्यापति जयन्ती सन्दर्भमे देल अछि।
1313. अंक ४४ मे गोपाल प्रसादक लेख कोन विषयपर अछि?
  • सामाजिक परिवर्तनक संदर्भमे मैथिलीक दशा ओ दिशा
  • अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला
  • रसायनशास्त्रक नोबल
  • कोर बैंकिंग
गद्य-सूचीमे ‘सामाजिक परिवर्तनक संदर्भमे मैथिलीक दशा ओ दिशा — गोपाल प्रसाद’ देल अछि।
1314. अंक ४४ मे गुंजन जीक ‘राधा’ कोन खेप अछि?
  • तेरहम खेप
  • दसम खेप
  • चौदहम खेप
  • सातम खेप
पद्य-सूचीमे ‘गुंजन जीक राधा — तेरहम खेप’ देल अछि।
1315. अंक ४४ क गद्य-पद्य भारतीमे ‘पाखलो’ कोन भाग रूपमे अछि?
  • भाग ७
  • भाग ६
  • भाग ५
  • भाग ४
सूचीमे ‘पाखलो — भाग ७’ मूल कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।

1316. विदेह अंक ४५ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ नवम्बर २००९
  • १५ अक्टूबर २००९
  • ०१ अक्टूबर २००९
  • १५ सितम्बर २००९
अंकक शीर्ष भागमे ‘४५म अंक ०१ नवम्बर २००९’ देल अछि।
1317. अंक ४५ क संपादकीयमे २००९ केर यात्री-चेतना पुरस्कार ककरा देल गेल कहल अछि?
  • प्रेमशंकर सिंह
  • उदय नारायण सिंह नचिकेता
  • हरेकृष्ण झा
  • सुरेन्द्र झा सुमन
संपादकीयक पहिल वाक्यमे २००९ केर यात्री-चेतना पुरस्कार श्री प्रेमशंकर सिंहकेँ देल गेल कहल अछि।
1318. यात्री-चेतना पुरस्कार कोन संस्थाक द्वारा स्थापित कहल गेल?
  • चेतना समिति
  • नेशनल बुक ट्रस्ट
  • साहित्य अकादेमी
  • सौभाग्य मीडिया
संपादकीय कहैत अछि जे ई पुरस्कार चेतना समिति द्वारा स्थापित अछि।
1319. यात्री-चेतना पुरस्कार ककर स्मृतिमे स्थापित अछि?
  • वैद्यनाथ मिश्र ‘यात्री’
  • कीर्तिनारायण मिश्र
  • राधाकृष्ण चौधरी
  • जगदीश प्रसाद मंडल
ई पुरस्कार चेतना समितिक संस्थापक आ अक्षरपुरुष वैद्यनाथ मिश्र ‘यात्री’क स्मृतिमे स्थापित कहल गेल।
1320. यात्री-चेतना पुरस्कार कोन क्षेत्रमे महत्वपूर्ण अवदान लेल देल जाइत अछि?
  • मैथिली भाषा आ साहित्य
  • रसायनशास्त्र
  • क्रीड़ा पत्रकारिता
  • केवल पञ्जी-संपादन
संपादकीयमे मैथिली भाषा आ साहित्यक क्षेत्रमे महत्वपूर्ण अवदान लेल ई पुरस्कार देल जाइत अछि कहल गेल।
1321. यात्री-चेतना पुरस्कारक राशि अंक ४५ मे कतेक कहल गेल?
  • पाँच हजार टाका
  • एगारह हजार टाका
  • एक लाख टाका
  • प्रतीक-चिन्ह मात्र
संपादकीयमे एहि पुरस्कारक राशि पाँच हजार टाका कहल गेल।
1322. कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान कोन वर्षसँ प्रारम्भ भेल कहल गेल?
  • २००८
  • २०००
  • २००९
  • १९९८
संपादकीय अनुसार कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान २००८ सँ प्रारम्भ भेल।
1323. कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान कोन तरहक कृतिक लेल देल जाइत अछि?
  • मैथिलीमे प्रकाशित आधुनिक बोधक उत्कृष्ट मौलिक कृति
  • केवल अनुवादित अंग्रेजी पुस्तक
  • केवल सरकारी रिपोर्ट
  • केवल बाल-कॉमिक्स
संपादकीयमे मैथिलीमे प्रकाशित आधुनिक बोधक उत्कृष्ट मौलिक कृतिपर ई सम्मान देल जाइत अछि कहल अछि।
1324. कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान २००८ ककरा आ कोन कृति लेल देल गेल?
  • हरेकृष्ण झा — ‘एना तँ नहि जे’
  • प्रेमशंकर सिंह — ‘चेतना समिति’
  • देवशंकर नवीन — ‘अक्खर खम्भा’
  • जगदीश प्रसाद मंडल — ‘दूटा पाइ’
अंक ४५ मे २००८ लेल श्री हरेकृष्ण झाकेँ हुनकर कविता-संग्रह ‘एना तँ नहि जे’ लेल सम्मान देल गेल कहल अछि।
1325. अंक ४५ क संपादकीयमे जातिवादी संगठनक प्रति कोन सावधानी व्यक्त अछि?
  • ओ सभ भावना सँ खेलैत आ महान व्यक्तित्वक जयन्ती-पुण्यतिथि तक अपमानित कऽ सकैत अछि
  • ओ सभ सदैव निष्पक्ष रहैत अछि
  • ओ सभ केवल कोष बनबैत अछि
  • ओ सभ साहित्यसँ असम्बद्ध नहि अछि
संपादकीय जातिवादी संगठन सभक कार्यक विश्लेषण करबाक आ भावनासँ खेलबाक ढंगसँ सावधान रहबाक बात कहैत अछि।

1326. अंक ४५ मे प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरीक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मिथिलाक इतिहास
  • सामाजिक परिवर्तनक दिशा
  • मऊ वाजितपुर सँ विद्यापतिनगर
  • अक्खर खम्भा
गद्य-सूचीमे ‘प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरी — मिथिलाक इतिहास’ देल अछि।
1327. अंक ४५ मे जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जीवन संघर्ष
  • जिनगीक जीत
  • उत्थान-पतन
  • पाखलो
विषय-सूचीमे ‘उपन्यास — जगदीश प्रसाद मंडल — जीवन संघर्ष’ देल अछि।
1328. अंक ४५ मे साकेतानन्दक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कृतं न् मन्ये
  • दिन धराबय तीन नाम
  • पहिल चिट्ठी
  • बहीन
गद्य-सूचीमे साकेतानन्दक कथा ‘कृतं न् मन्ये’ देल अछि।
1329. अंक ४५ मे सुजीत कुमार झाक सामग्री कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • कथाप्रियंका
  • असामान्य के
  • कोर बैंकिंग
  • कुंठा
सूचीमे ‘सुजीत कुमार झा — कथाप्रियंका’ देल अछि।
1330. अंक ४५ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दिन धराबय तीन नाम
  • पहिल चिट्ठी
  • फ्यूज बल्व
  • नोर अंगोर
गद्य-सूचीमे ‘कथा — दिन धराबय तीन नाम — कुमार मनोज कश्यप’ देल अछि।
1331. अंक ४५ मे हेमचन्द्र झाक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • एना किएक?
  • कुंठा
  • मास्टर साहेब नहि रहलाह
  • नोर अंगोर
विषय-सूचीमे ‘हेमचन्द्र झा — एना किएक?’ देल अछि।
1332. अंक ४५ मे गुंजन जीक ‘राधा’ कोन खेप रूपमे अछि?
  • चौदहम खेप
  • तेरहम खेप
  • दसम खेप
  • पाँचम खेप
पद्य-सूचीमे ‘गुंजन जीक राधा — चौदहम खेप’ देल अछि।
1333. अंक ४५ मे राजदेव मंडलक पद्य-सामग्री कोन शीर्षक-समूहसँ देल गेल?
  • नदीक माछ — बाट-बटोही
  • सुन्न लागए गाम
  • बाढ़ि
  • माँ मिथिला ताकय संतान
पद्य-सूचीमे राजदेव मंडलक ‘नदीक माछ — बाट-बटोही’ देल अछि।
1334. अंक ४५ मे संतोष कुमार मिश्रक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • केकरा करु किलोल हो मिता
  • ई बुढिया अछि हक्कल डइन
  • ओ तँ मुहेँक बड़जोड़ छथि
  • आजुक जीवन
पद्य-सूचीमे संतोष कुमार मिश्रक ‘केकरा करु किलोल हो मिता’ देल अछि।
1335. अंक ४५ क प्रवासी खण्डमे कोन मैथिली कवयित्रीक मूल कविता अंग्रेजी सन्दर्भमे देल गेल?
  • श्रीमती शेफालिका वर्मा
  • कामिनी कामायनी
  • कल्पना शरण
  • विजया अर्याल
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे ‘Original Maithili Poem by Smt. Shefalika Varma, by B.N. Varma’ देल अछि।

1336. विदेह अंक ४६ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ नवम्बर २००९
  • ०१ नवम्बर २००९
  • ०१ दिसम्बर २००९
  • १५ अक्टूबर २००९
अंक शीर्षकमे ‘४६ म अंक १५ नवम्बर २००९’ देल अछि।
1337. अंक ४६ केर संपादकीय सफलताक आकलन कोना करबाक कहैत अछि?
  • अनका प्रति कएल सेवासँ
  • अनका हानि पहुँचा कऽ प्राप्त वस्तुसँ
  • केवल पुरस्कारक संख्यासँ
  • केवल मंचक प्रशंसासँ
संपादकीयक पहिल सूत्र सफलताकेँ सेवासँ नापबाक आग्रह करैत अछि।
1338. अंक ४६ केर संपादकीयमे धोखासँ सम्बन्धित कोन बात कहल गेल?
  • धोखा देनाइ खराप, धोखा खेनाइ नहि
  • धोखा खेनाइ देनाइ दुनू समान प्रशंसनीय
  • धोखा साहित्यक मूल शर्त
  • धोखा नहि बुझबाक चाही
संपादकीय धोखा देबाक नैतिक दोषकेँ अलग करैत अछि, पीड़ित होएबाकेँ दोष नहि मानैत।
1339. अंक ४६ मे अफवाह सुनलापर कोन आचार-सूत्र देल गेल?
  • अपना दिससँ कोनो वृद्धि वा योगदान नहि करू
  • अफवाहकेँ तुरन्त प्रकाशित करू
  • अफवाहकेँ साहित्यक प्रमाण मानू
  • अफवाहकेँ बढ़ा कऽ मित्रकेँ पठाऊ
संपादकीय अफवाह सुनबाक बाद ओकरा आगाँ बढ़एबासँ बचबाक नीति देलक।
1340. अंक ४६ केर संपादकीय बूढ़-पुरानक प्रति कोन व्यवहारक सलाह दैत अछि?
  • भद्र व्यवहार
  • उपेक्षा
  • उपहास
  • केवल औपचारिक नमस्कार
जीवन-सूत्रसभमे बूढ़-पुरानक संग भद्र व्यवहार करबाक बात स्पष्ट अछि।
1341. अंक ४६ अनुसार मानसिक स्वतंत्रता कखन सम्भव कहल गेल?
  • जखन समस्या-समाधान लेल दोसराक मुँहतक्की नहि करब
  • जखन सभ निर्णय दोसराक जिम्मा छोड़ब
  • जखन कोनो काज नहि करब
  • जखन समस्या छुपा देब
संपादकीय मानसिक स्वतंत्रताकेँ आत्मनिर्भर समस्या-समाधानसँ जोड़ैत अछि।
1342. अंक ४६ केर संपादकीय कोन बातकेँ सीखबाक आधार मानैत अछि?
  • कोनो मार्ग, विचार वा कार्यपर आगाँ बढ़लासँ जानकारी होइत अछि
  • केवल बहस कएलासँ सभ जानकारी भऽ जाइत अछि
  • काज छोड़ि देलासँ ज्ञान बढ़ैत अछि
  • केवल अफवाह सुनलासँ अनुभव बढ़ैत अछि
संपादकीय कहैत अछि जे विचार वा कार्यक जानकारी ओकरा पर आगाँ बढ़लासँ होइत अछि, बहस मात्रसँ नहि।
1343. अंक ४६ मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ नवम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० नवम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ दिसम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३१ दिसम्बर २००९
अंक ४६ क संपादकीय आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ १४ नवम्बर २००९ धरि दैत अछि।
1344. अंक ४६ अनुसार विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल?
  • ८८ देशक ९७३ ठामसँ
  • ८९ देशक ९९२ ठामसँ
  • ९० देशक १,००९ ठामसँ
  • ९१ देशक १,०२५ ठामसँ
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे ८८ देशक ९७३ ठामसँ देखल जेबाक उल्लेख अछि।
1345. अंक ४६ मे विभिन्न आइ.एस.पी.सँ कतेक बेर देखल जेबाक आँकड़ा देल गेल?
  • २,०८,४५७ बेर
  • २,११,५८९ बेर
  • २,१४,०४२ बेर
  • २,२०,००० बेर
अंक ४६ मे ३३,१८८ गोटे द्वारा २,०८,४५७ बेर देखल जेबाक आँकड़ा अछि।

1346. अंक ४६ मे प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरीक कोन शृंखला आगाँ बढ़ाओल गेल?
  • मिथिलाक इतिहास
  • कथा प्रियंका
  • मैथिली पत्रकारिता
  • विद्यापति गीतशती
गद्य-सूचीमे प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरीक ‘मिथिलाक इतिहास’ देल अछि।
1347. अंक ४६ मे जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • मौलाइल गाछक फूल
  • बोनिहारिन
  • जिनगीक जीत
  • जीवन संघर्ष
अंक ४६ क गद्य-सूचीमे ‘उपन्यास-जगदीश प्रसाद मंडल-मौलाइल गाछक फूल’ अछि।
1348. अंक ४६ मे सुजीत कुमार झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • धधकैत आगि : फुटैत कनोजरि
  • चिड़ै
  • अन्हेर
  • गुणनफल
विषय-सूचीमे सुजीत कुमार झाक कथा ‘धधकैत आगि : फुटैत कनोजरि’ देल अछि।
1349. अंक ४६ मे बिपिन झाक लेख कोन विषयपर अछि?
  • स्वातन्त्रोत्तरयुगीन संस्कृत साहित्यक संवर्द्धनमे मिथिलाक भूमिका
  • मैथिली शब्दतन्त्र निर्माण
  • मिथिलाक्षरक रक्षा
  • सकारात्मक मौलिक चिन्तन
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक लेख ‘स्वातन्त्रोत्तरयुगीन संस्कृत साहित्यक संवर्द्धन मे मिथिलाक भूमिका’ अछि।
1350. अंक ४६ मे कामिनी कामायनीक कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • समय काल
  • रिलेशन-१
  • डाविर्नक बानर
  • अधिकार
विषय-सूचीमे कामिनी कामायनीक कथा ‘समय काल’ देल गेल।
1351. अंक ४६ मे अनमोल झाक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अधिकार
  • युगान्त
  • कोर बैंकिंग
  • रिलेशन-१
अंक ४६ क सूचीमे अनमोल झाक लघुकथा ‘अधिकार’ अछि।
1352. अंक ४६ मे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ क सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • साझा प्रकाशनमे विद्यापति
  • मिथिला कवि कोकिल विद्यापति
  • कथा-यात्रा
  • आवश्यकता अछि मौलिक चिन्तनक
गद्य-सूचीमे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क ‘साझा प्रकाशनमे विद्यापति’ देल अछि।
1353. अंक ४६ मे गुंजन जीक ‘राधा’ कोन खेप रूपमे अछि?
  • पन्द्रहम खेप
  • चौदहम खेप
  • १६म खेप
  • तेरहम खेप
पद्य-सूचीमे ‘गुंजन जीक राधा-पन्द्रहम खेप’ देल गेल।
1354. अंक ४६ क गद्य-पद्य भारतीमे ‘पाखलो’ कोन भाषाक मूल उपन्यासक मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि?
  • कोंकणी
  • नेपाली
  • बांग्ला
  • संस्कृत
सूचीमे ‘पाखलो’ मूल कोंकणी उपन्यास, हिन्दी अनुवाद आ मैथिली अनुवादक सूचना सहित देल अछि।
1355. अंक ४६ क प्रवासी खण्डमे शेफालिका वर्माक मूल मैथिली पद्यक अंग्रेजी अनुवाद ककर नामसँ अछि?
  • ललन
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा
  • अनुलिना मल्लिक
  • डॉ. अनामिका
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे शेफालिका वर्माक मूल मैथिली पद्यक अनुवाद ‘Translated into English by Lalan’ देल अछि।

1356. विदेह अंक ४७ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ दिसम्बर २००९
  • १५ नवम्बर २००९
  • १५ दिसम्बर २००९
  • ०१ जनवरी २०१०
अंक शीर्षकमे ‘४७ म अंक ०१ दिसम्बर २००९’ देल अछि।
1357. अंक ४७ केर संपादकीय ज्ञान आ अनुभवक विषयमे कोन आग्रह करैत अछि?
  • ज्ञान आ अनुभवकेँ सर्वदा बाँटू
  • ज्ञानकेँ केवल अपन पास राखू
  • अनुभवक चर्चा नहि करू
  • ज्ञान केवल पुरस्कारमे बदलब
संपादकीय आरम्भमे ज्ञान आ अनुभव बाँटबाक, आ वाक्-कर्म-निर्णयमे नम्र रहबाक आग्रह करैत अछि।
1358. अंक ४७ मे वाक्, कर्म आ निर्णयमे कोन गुण रखबाक बात अछि?
  • नम्रता
  • घमंड
  • छल
  • मौन विरोध
संपादकीय हरदम नम्र रहबाक सूत्र दैत अछि।
1359. अंक ४७ केर संपादकीय मित्रक लेल नीक शब्द सुनलापर की करबाक कहैत अछि?
  • मित्रकेँ जनतब अवश्य कराऊ
  • तुरन्त छुपा दिअ
  • निन्दा बनाउ
  • अनुवाद रोकू
संपादकीय कहैत अछि जे अहाँक मित्रक लेल कियो नीक शब्द कहए तँ मित्रकेँ बताउ।
1360. अंक ४७ मे पहिचान बनबए लेल कोन तरहक काजक सूत्र देल अछि?
  • तेहन काज करू जकरा लोक चीन्हि सकए आ मोन राखए
  • नामक प्रचार लेल मात्र काज करू
  • काजक बदला वाद-विवाद करू
  • काजक परिणामसँ मतलब नहि राखू
संपादकीय प्रसिद्धि लेल नहि, स्मरणीय काज करबाक सलाह दैत अछि।
1361. अंक ४७ केर संपादकीय नाटक समाप्त भेलापर कोन व्यवहारक बात कहैत अछि?
  • थोपड़ी बजबैमे आगू रहू
  • चुपचाप चलि जाउ
  • मंचक निन्दा करू
  • दर्शककेँ रोकू
जीवन-सूत्रमे नाटक खतम भेलापर थोपड़ी बजबैमे आगू रहबाक बात अछि।
1362. अंक ४७ मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० नवम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ नवम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ दिसम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३१ दिसम्बर २००९
संपादकीय आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ ३० नवम्बर २००९ धरि देल गेल अछि।
1363. अंक ४७ अनुसार विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल?
  • ८९ देशक ९९२ ठामसँ
  • ८८ देशक ९७३ ठामसँ
  • ९० देशक १,००९ ठामसँ
  • ९१ देशक १,०२५ ठामसँ
अंक ४७ मे ८९ देशक ९९२ ठामसँ देखल जेबाक आँकड़ा अछि।
1364. अंक ४७ मे विभिन्न आइ.एस.पी.सँ कतेक बेर देखल जेबाक सूचना अछि?
  • २,११,५८९ बेर
  • २,०८,४५७ बेर
  • २,१४,०४२ बेर
  • २,१८,३३३ बेर
अंक ४७ मे ३४,०९५ गोटे द्वारा २,११,५८९ बेर देखल जेबाक सूचना देल अछि।
1365. अंक ४७ मे राधाकृष्ण चौधरीक ‘मिथिलाक इतिहास’ कोन अध्याय-क्षेत्र धरि आगाँ बढ़ैत अछि?
  • ई.पू. छठी शताब्दी सँ ई.स. ३२० धरिक राजनैतिक इतिहास
  • केवल आधुनिक कविता-इतिहास
  • केवल पत्रकारिता-इतिहास
  • केवल विद्यापति गीतशती
अंक ४७ मे मिथिलाक इतिहासक अध्याय ई.पू. छठी शताब्दी सँ ई.स. ३२० धरिक राजनैतिक इतिहास दिस बढ़ैत अछि।

1366. अंक ४७ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • बोनिहारिन
  • मौलाइल गाछक फूल
  • जिनगीक जीत
  • दूटा कथा
विषय-सूचीमे ‘उपन्यास-जगदीश प्रसाद मंडल-कथा- बोनिहारिन’ देल अछि।
1367. अंक ४७ मे सुनील मल्लिकक सामग्रीक प्रस्तुति ककर नामसँ देल अछि?
  • सुजीत झा
  • गोपाल प्रसाद
  • कुसुम ठाकुर
  • दयाकान्त
गद्य-सूचीमे ‘सुनील मल्लिक (प्रस्तुति- सुजीत झा)’ देल गेल।
1368. अंक ४७ मे बिपिन झाक लेख कोन शीर्षकसँ अछि?
  • आवश्यकता अछि सकारात्मक मौलिक चिन्तनक
  • स्वातन्त्रोत्तरयुगीन संस्कृत साहित्यक संवर्द्धन
  • मैथिली शब्दतन्त्र निर्माण
  • के करत मिथिलाक्षरक रक्षा
विषय-सूचीमे बिपिन झाक ‘आवश्यकता अछि सकारात्मक मौलिक चिन्तनक’ अछि।
1369. अंक ४७ मे हेमचन्द्र झाक सामग्री कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • गोनू झाक पंचैती
  • साढ़े तीनो लाख
  • एना किएक?
  • कुंठा
गद्य-सूचीमे कुसुम ठाकुरक ‘प्रत्यावर्तन’ संग हेमचन्द्र झाक ‘गोनू झाक पंचैती’ देल अछि।
1370. अंक ४७ मे दयाकान्तक सामग्री कोन विधा रूपमे देल गेल?
  • लघुकथा
  • महाकाव्य
  • नाटक
  • साक्षात्कार
सूचीमे ‘दयाकान्त-लघुकथा’ देल अछि।
1371. अंक ४७ मे ‘मिथिला कवि कोकिल विद्यापति’ ककर नामसँ देल अछि?
  • गोपाल प्रसाद
  • रामभरोस कापड़ि
  • प्रेमशंकर सिंह
  • बिपिन झा
गद्य-सूचीमे ‘मिथिला कवि कोकिल विद्यापति - गोपाल प्रसाद’ देल अछि।
1372. अंक ४७ मे दुर्गानन्द मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • डाक्टर कर्मवीर
  • बकलेल
  • अधिकार
  • समय काल
अंक ४७ क विषय-सूचीमे दुर्गानन्द मंडलक कथा ‘डाक्टर कर्मवीर’ देल अछि।
1373. अंक ४७ क पद्य-सूचीमे राजदेव मंडलक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बाढ़िक चित्र
  • सीमा परक झूला
  • नदीक माछ
  • समाज
पद्य खण्डमे ‘राजदेव मंडल-बाढ़िक चित्र’ देल गेल।
1374. अंक ४७ क बालानां कृते खण्डमे किनकर मैथिली चित्र-श्रृंखला अछि?
  • देवांशु वत्स
  • शेफालिका वर्मा
  • सुनील मल्लिक
  • विनीत उत्पल
बाल खण्डमे देवांशु वत्सक मैथिली चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स) देल अछि।
1375. अंक ४७ क प्रवासी खण्डमे शेफालिका वर्माक मूल मैथिली कहानीक अंग्रेजी अनुवाद ककर नामसँ अछि?
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा
  • ललन
  • अनुलिना मल्लिक
  • डॉ. अनामिका
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे शेफालिका वर्माक मूल मैथिली कहानीक अनुवाद डॉ. राजीव कुमार वर्मा द्वारा देल अछि।

1376. विदेह अंक ४८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ दिसम्बर २००९
  • ०१ दिसम्बर २००९
  • ०१ जनवरी २०१०
  • १५ जनवरी २०१०
अंक शीर्षकमे ‘४८ म अंक १५ दिसम्बर २००९’ देल अछि।
1377. अंक ४८ केर संपादकीयमे श्री उमानाथ झाक निधन कोन तिथि कहल गेल?
  • ०७ दिसम्बर २००९
  • ०१ जनवरी १९२३
  • २८ दिसम्बर २००९
  • १५ दिसम्बर २००९
संपादकीय श्री उमानाथ झाक निधन ०७-१२-२००९ केँ भेल कहल अछि।
1378. श्री उमानाथ झाक जन्म-तिथि अंक ४८ मे कोन देल अछि?
  • ०१ जनवरी १९२३
  • १५ मार्च १९८५
  • २८ दिसम्बर २००९
  • ०७ दिसम्बर २००९
संपादकीयमे हुनकर जन्म ०१-०१-१९२३ देल अछि।
1379. अंक ४८ मे श्री उमानाथ झा कोन विश्वविद्यालयक भूतपूर्व प्रति-कुलपति कहल गेलाह?
  • मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा
  • पटना विश्वविद्यालय
  • काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
  • त्रिभुवन विश्वविद्यालय
संपादकीय हुनका मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगाक भूतपूर्व अङरेजी विभागाध्यक्ष एवं प्रति-कुलपति कहैत अछि।
1380. उमानाथ झाक रचनामे अंक ४८ कोन कथा-संग्रहक उल्लेख करैत अछि?
  • अतीत
  • गंगापुत्र
  • मौलाइल गाछक फूल
  • जिनगीक जीत
संपादकीयमे ‘रेखाचित्र, अतीत (कथा संग्रह)’ आदि रचनाक उल्लेख अछि।
1381. २८ दिसम्बर २००९ केँ मैलोरंग द्वारा कोन आयोजनक सूचना अंक ४८ मे अछि?
  • मैथिलोत्सव-०९
  • प्रबोध सम्मान-२०१०
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार समारोह
  • विदेह स्वर्ण-जयंती
संपादकीय नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्लीक सम्मुख प्रेक्षागृहमे मैलोरंग द्वारा ‘मैथिलोत्सव-०९’क सूचना दैत अछि।
1382. मैथिलोत्सव-०९ मे सेमिनारक विषय कोन देल गेल?
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान में अनुवाद साहित्य की भूमिका
  • मिथिलाक्षरक रक्षा
  • मैथिली शब्दतन्त्र निर्माण
  • स्वॉट एनेलेसिस
अंक ४८ मे सेमिनारक विषय ‘सांस्कृतिक आदान-प्रदान में अनुवाद साहित्य की भूमिका’ देल अछि।
1383. मैथिलोत्सव-०९ मे साँझ ६ बजे कोन नाटकक प्रस्तुति देल गेल?
  • पाँच पत्र
  • धुमगज्जर
  • मिथिलाक बेटी
  • माई गे! भूख लागल हए
संपादकीयमे ‘प्रस्तुति : पाँच पत्र (नाटक); समय साँझक ६.०० बजे’ देल अछि।
1384. अंक ४८ क समीक्षा-दृष्टि अनुसार अन्तर्जालपर मैथिलीक आगमनसँ की फेर जागल?
  • मातृभाषासँ स्नेह
  • भाषासँ पूर्ण विरक्ति
  • साहित्यक अन्त
  • पाठकक निषेध
संपादकीय कहैत अछि जे अन्तर्जालपर मैथिलीक आगमनसँ मातृभाषासँ स्नेह फेरसँ जागल।
1385. अंक ४८ केर समीक्षा-दृष्टि साहित्य-मूल्यांकनमे कोन तत्व जरूरी मानैत अछि?
  • नव वातावरणक नव समस्या चिन्हित करब
  • केवल असंबद्ध संख्या गनब
  • केवल परिवारक नाम देखब
  • केवल समारोहक थोपड़ी सुनब
समीक्षा-दृष्टि बिन्दुमे नव वातावरणमे नव समस्याकेँ चिन्हित करब आवश्यक कहल गेल।

1386. अंक ४८ मे जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जिनगीक जीत
  • मौलाइल गाछक फूल
  • जीवन संघर्ष
  • बोनिहारिन
विषय-सूचीमे ‘उपन्यास-जगदीश प्रसाद मंडल-उपन्यास-जिनगीक जीत’ देल अछि।
1387. अंक ४८ मे सुजीत कुमार झाक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ६अम शताब्दीक लोक नायक वृतचित्रमे
  • चिड़ै
  • हारैत हारैत नेपाल पत्रकार महासंघक केन्द्रीय अध्यक्ष
  • धधकैत आगि
गद्य-सूचीमे सुजीत कुमार झाक ‘६अम शताब्दीक लोक नायक वृतचित्रमे’ देल अछि।
1388. अंक ४८ मे बिपिन झाक संस्कृत-सम्बन्धी लेख कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • कथं ‘संस्कृतं’ संस्कृतम्
  • स्वातन्त्रोत्तरयुगीन संस्कृत साहित्यक संवर्द्धन
  • मैथिली शब्दतन्त्र निर्माण
  • मिथिलाक्षरक रक्षा
विषय-सूचीमे बिपिन झाक ‘कथं ‘संस्कृतं’ संस्कृतम्’ देल अछि।
1389. अंक ४८ मे अनमोल झाक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • रिलेशन-१
  • अधिकार
  • युगान्त
  • कोर बैंकिंग
अंक ४८ क गद्य-सूचीमे अनमोल झाक ‘रिलेशन-१’ अछि।
1390. अंक ४८ मे जनकपुरक चक्काजाम कवि गोष्ठी ककर नामसँ अछि?
  • जितेन्द्र झा
  • निमिष झा
  • राजदेव मंडल
  • कुमार मनोज कश्यप
गद्य-सूचीमे ‘जितेन्द्र झा-जनकपुरमे चक्काजाम कवि गोष्ठी’ देल अछि।
1391. अंक ४८ मे ‘मैथिलीक युगद्रष्टा’ ककर नामसँ देल गेल?
  • निमिष झा
  • उमानाथ झा
  • जगदीश प्रसाद मंडल
  • बिपिन झा
विषय-सूचीमे ‘मैथिलीक युगद्रष्टा-निमिष झा’ देल अछि।
1392. अंक ४८ मे गुंजनजीक ‘राधा’ कोन खेप अछि?
  • १६म खेप
  • पन्द्रहम खेप
  • चौदहम खेप
  • सत्रहम खेप
पद्य-सूचीमे ‘गुंजनजीक राधा-१६म खेप’ देल अछि।
1393. अंक ४८ मे शेफालिका वर्माक सामग्री कोन रूपमे देल अछि?
  • तीनटा पद्य
  • एकटा नाटक
  • साक्षात्कार
  • इतिहासक अध्याय
पद्य-सूचीमे ‘शेफालिका- तीनटा पद्य’ देल गेल।
1394. अंक ४८ मे विदेहक आँकड़ा कोन अवधि धरि देल गेल?
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ दिसम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३० नवम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ १४ नवम्बर २००९
  • १ जनवरी २००८ सँ ३१ दिसम्बर २००९
संपादकीय आँकड़ा १ जनवरी २००८ सँ १४ दिसम्बर २००९ धरि देल अछि।
1395. अंक ४८ अनुसार विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल?
  • ९० देशक १,००९ ठामसँ
  • ८९ देशक ९९२ ठामसँ
  • ८८ देशक ९७३ ठामसँ
  • ९२ देशक १,१०० ठामसँ
गूगल एनेलेटिक्स आँकड़ामे ९० देशक १,००९ ठामसँ देखल जेबाक उल्लेख अछि।

1396. विदेह अंक ४९ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जनबरी २०१०
  • १५ दिसम्बर २००९
  • १५ जनबरी २०१०
  • ०१ दिसम्बर २००९
अंक शीर्षकमे ‘४९ म अंक ०१ जनबरी २०१०’ देल अछि।
1397. अंक ४९ केर संपादकीय अनुसार २००९ क मैथिली साहित्य अकादमी पुरस्कार ककरा देल गेल?
  • स्व. मनमोहन झा
  • जीवकान्त
  • उमानाथ झा
  • विनीत उत्पल
संपादकीयमे २००९ क पुरस्कार स्व. मनमोहन झाकेँ देल गेल कहल अछि।
1398. २००९ क मैथिली साहित्य अकादमी पुरस्कार मनमोहन झाकेँ कोन कृति लेल देल गेल?
  • गंगापुत्र
  • अश्रुकण
  • वीरभोग्या
  • मिथिलाक निशापुरमे
संपादकीय स्पष्ट करैत अछि जे पुरस्कार कथा-संग्रह ‘गंगापुत्र’पर देल गेल।
1399. अंक ४९ मे मनमोहन झाक जन्म कोन वर्ष आ कोन स्थानमे कहल गेल?
  • १९१८ ई., सरिसब
  • १९२३ ई., महरैल
  • १९३४ ई., पूर्णियाँ
  • २००९ ई., दरभंगा
संपादकीयमे मनमोहन झाक जन्म १९१८ ई. मे सरिसबमे भेल कहल गेल।
1400. अंक ४९ अनुसार मनमोहन झाक मृत्यु कोन वर्षमे भेल?
  • २००९ ई.
  • १९८५ ई.
  • २०१० ई.
  • १९२३ ई.
संपादकीयमे मनमोहन झाक मृत्यु २००९ ई. मे भेल कहल अछि।
1401. अंक ४९ मे साहित्य अकादेमी पुरस्कार राशि ए बेरसँ कतेक कएल गेल कहल अछि?
  • एक लाख टाका
  • पचास हजार टाका
  • पाँच हजार टाका
  • एगारह हजार टाका
संपादकीय कहैत अछि जे एहि बेरसँ पुरस्कार राशि बढ़ा कऽ एक लाख टाका कएल गेल।
1402. २००९ क पुरस्कार देबाक तिथि अंक ४९ मे कोन देल अछि?
  • १६ फरबरी २०१०
  • १५ जनवरी २०१०
  • २८ दिसम्बर २००९
  • ०१ जनवरी २०१०
अंक ४९ मे पुरस्कार १६ फरबरी २०१० केँ देल जाएत कहल गेल।
1403. साहित्य अकादेमी पुरस्कार-मैथिली सूचीमे १९६६ क पुरस्कार ककरा आ कोन कृति लेल देल गेल?
  • यशोधर झा — मिथिला वैभव
  • यात्री — पत्रहीन नग्न गाछ
  • हरिमोहन झा — जीवन यात्रा
  • लिली रे — मरीचिका
अंक ४९ क सूची १९६६ मे यशोधर झाक ‘मिथिला वैभव’सँ आरम्भ होइत अछि।
1404. साहित्य अकादेमी पुरस्कार-मैथिली सूचीमे १९६८ क पुरस्कार कोन पद्य-कृति लेल छल?
  • यात्री — पत्रहीन नग्न गाछ
  • सुरेन्द्र झा सुमन — पयस्विनी
  • उपेन्द्र ठाकुर मोहन — बाजि उठल मुरली
  • आरसी प्रसाद सिंह — सूर्यमुखी
सूचीमे १९६८ क प्रविष्टि ‘यात्री (पत्रहीन नग्न गाछ, पद्य)’ अछि।
1405. अंक ४९ क अकादेमी सूचीमे हरिमोहन झाकेँ १९८५ मे कोन कृति लेल देल गेल?
  • जीवन यात्रा
  • सीतायन
  • मरीचिका
  • अतीत
सूचीमे १९८५ — हरिमोहन झा (जीवन यात्रा, आत्मकथा) देल अछि।

1406. अंक ४९ मे शीतल झाक नेपाल-सम्बन्धी लेख कोन शीर्षकसँ अछि?
  • नेपालमे मधेशीकेँ समस्या आ समाधान
  • गामक अधिकारी
  • चम्पा फूल
  • पञ्चैति
विषय-सूचीमे शीतल झाक ‘नेपालमे मधेशीकेँ समस्या आ समाधान’ देल अछि।
1407. अंक ४९ मे कुमार राधारमणक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पाकिस्तान मे सेक्स-विचा
  • फराक मिथिला राज्यक गठन
  • समकालीन मैथिली-कथाक यथार्थ
  • मातृगिरा
गद्य-सूचीमे कुमार राधारमणक ‘पाकिस्तान मे सेक्स-विचा’ देल अछि।
1408. अंक ४९ मे सुजीत कुमार झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • चिड़ै
  • अन्हेर
  • धधकैत आगि
  • ६अम शताब्दीक लोक नायक
सूचीमे ‘चिड़ै-सुजीतकुमार झा’ देल अछि।
1409. अंक ४९ मे कामिनी कामायनीक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • डाविर्नक बानर
  • समय काल
  • रिलेशन-१
  • अधिकार
गद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘डाविर्नक बानर’ देल गेल।
1410. अंक ४९ मे प्रो. प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन विषयपर अछि?
  • मणिपद्मक कथा यात्रा
  • जयकान्त मिश्र जीवन आ साहित्य-साधना
  • विद्यापतिक फोटो
  • मैथिली शब्दतन्त्र
सूचीमे प्रो. प्रेमशंकर सिंहक ‘मणिपद्मक कथा यात्रा’ देल अछि।
1411. अंक ४९ मे बिपिन झाक लेख कोन शीर्षकसँ अछि?
  • आवश्यकता अछि मैथिली शब्दतन्त्र निर्माणक
  • के करत मिथिलाक्षरक रक्षा
  • सकारात्मक मौलिक चिन्तन
  • कथं संस्कृतं संस्कृतम्
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक ‘आवश्यकता अछि मैथिली शब्दतन्त्र निर्माणक’ अछि।
1412. अंक ४९ मे गोपाल प्रसादक लेख कोन प्रश्न उठबैत अछि?
  • फराक मिथिला राज्यक गठन कियक नहि?
  • मिथिला कवि कोकिल के?
  • विद्यापतिक फोटो कहाँ?
  • साझा प्रकाशनमे विद्यापति कोना?
विषय-सूचीमे गोपाल प्रसादक ‘फराक मिथिला राज्यक गठन कियक नहि?’ देल अछि।
1413. अंक ४९ मे डॉ. रवीन्द्र कुमार चौधरीक सामग्री कोन मांगसँ जुड़ल अछि?
  • विद्यापतिक फोटोकेँ लोक सभामे लगएबाक मांग
  • मिथिलाक्षरक रक्षा
  • प्रबोध सम्मान प्रक्रिया
  • शब्दतन्त्र निर्माण
गद्य-सूचीमे ‘विद्यापतिक फोटोकेँ लोक सभामे लगएबाक मांग’ शीर्षक देल अछि।
1414. अंक ४९ क प्रवासी खण्डमे शेफालिका वर्माक मूल मैथिली पद्यक अंग्रेजी अनुवाद ककर नामसँ अछि?
  • डॉ. अनामिका
  • ललन
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा
  • अनुलिना मल्लिक
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे शेफालिका वर्माक पद्यक अनुवाद डॉ. अनामिका द्वारा देल अछि।
1415. अंक ४९ क प्रवासी खण्डमे योगेन्द्र यादवक सामग्री कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • Maithili
  • Indo-Nepal Relations
  • The Comet
  • Devil Blessed Us
प्रवासी खण्डमे ‘Yogendra Yadava — Maithili’ देल अछि।

1416. विदेह अंक ५० कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनबरी २०१०
  • ०१ जनबरी २०१०
  • ०१ फरबरी २०१०
  • १५ दिसम्बर २००९
अंक शीर्षकमे ‘५० म अंक १५ जनबरी २०१०’ देल अछि।
1417. अंक ५० क विशेष खण्डमे प्रबोध सम्मान २०१० लेल चयनित ककर साक्षात्कार देल गेल?
  • जीवकान्त
  • मनमोहन झा
  • उमानाथ झा
  • कालीकांत झा बुच
विशेष सूचना मे प्रबोध सम्मान २०१० लेल चयनित जीवकान्तसँ विनीत उत्पलक साक्षात्कार देल अछि।
1418. अंक ५० मे जीवकान्तसँ साक्षात्कार लेनिहार वरिष्ठ पत्रकार आ उदीयमान कवि के कहल गेल?
  • विनीत उत्पल
  • सुशान्त झा
  • नवेन्द्र कुमार झा
  • केदार कानन
विशेष पंक्तिमे जीवकान्तसँ विनीत उत्पलक साक्षात्कारक उल्लेख अछि।
1419. अंक ५० केर संपादकीय मैथिलीक कोन प्रबन्धन-विश्लेषण प्रस्तुत करैत अछि?
  • SWOT — शक्ति, दुर्बलता, अवसर, भीषिका
  • केवल पुरस्कार-सूची
  • केवल पृष्ठ-सूची
  • केवल वंशावली
संपादकीय शीर्षकमे मैथिलीक स्वॉट विश्लेषण आ विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलनक चर्चा अछि।
1420. SWOT मे Strength केँ अंक ५० मे कोन मैथिली अर्थ-सूत्रसँ जोड़ल गेल?
  • शक्ति, सामर्थ्य, बल
  • न्यूनता, दुर्बलता, मूर्खता
  • अवसर, योग, अवकाश
  • भीषिका, समभाव्यविपद्
संपादकीयमे Strength क अनुवाद ‘शक्ति, सामर्थ्य, बल’ रूपमे देल अछि।
1421. अंक ५० अनुसार मैथिली क शक्ति मे कोन बात प्रमुख अछि?
  • भाषाक प्रति हृदयमे अग्नि आ आन्तरिक शक्ति
  • भाषासँ पूर्ण उदासीनता
  • पुस्तकक अभाव मात्र
  • सरकारी सहायता मात्र
Strength खण्डमे मैथिली लेल हृदयमे अग्नि, आरोह-अवरोहक आदर, आध्यात्मिक-सांस्कृतिक महत्व आ आन्तरिक शक्ति कहल अछि।
1422. SWOT मे Weakness केँ अंक ५० मे कोन रूपमे देल गेल?
  • न्यूनता, दुर्बलता, मूर्खता
  • शक्ति, सामर्थ्य, बल
  • अवसर, योग, अवकाश
  • जनभाषा, जनजागरण
Weakness खण्डक शीर्षक ‘न्यूनता, दुर्बलता, मूर्खता’ अछि।
1423. अंक ५० अनुसार मैथिलीक दुर्बलतामे कोन प्रवृत्ति सम्मिलित अछि?
  • आत्मप्रशंसा आ परस्पर प्रशंसा-परम्परा
  • चित्र-श्रृंखला निर्माण
  • प्रवासी पाठ्यक्रम
  • दूरस्थ शिक्षा
Weakness खण्डमे प्रशंसा-परम्परा, परस्पर प्रशंसा, सरकारपर आलम्बन, कार्ययोजनाक अभाव आदि गिनाओल गेल।
1424. SWOT मे Opportunity केँ अंक ५० मे कोन अर्थ-सूत्रसँ देल गेल?
  • अवसर, योग, अवकाश
  • भीषिका, समभाव्यविपद्
  • न्यूनता, दुर्बलता
  • शक्ति, बल
Opportunity खण्डक शीर्षक ‘अवसर, योग, अवकाश’ अछि।
1425. अंक ५० अनुसार विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलनक लक्ष्य कोन रूपमे कहल गेल?
  • मैथिलीकेँ जनभाषा बनएबाक प्रक्रम
  • मैथिलीकेँ केवल समारोहक भाषा बनएब
  • मैथिलीकेँ केवल पुरस्कार-सूची बनएब
  • मैथिलीकेँ पाठकसँ दूर राखब
संपादकीयमे विदेह आन्दोलनकेँ मैथिलीकेँ जनभाषा बनएबाक प्रक्रममे लागल कहल गेल।

1426. अंक ५० मे जगदीश प्रसाद मंडलक सामग्री कोन रूपमे देल गेल?
  • दूटा कथा
  • मौलाइल गाछक फूल
  • बोनिहारिन मात्र
  • जिनगीक जीत मात्र
गद्य-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मंडल--दूटा कथा’ देल अछि।
1427. अंक ५० मे परमेश्वर कापड़िक कथा कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • धुमगज्जर
  • पछता रोटी
  • गुणनफल
  • अन्हेर
विषय-सूचीमे ‘परमेश्वर कापड़ि कथा-धुमगज्जर’ देल अछि।
1428. अंक ५० मे आशीष चमनक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पछता रोटी
  • धुमगज्जर
  • अन्हेर
  • सखी कुन्ती
गद्य-सूचीमे ‘आशीष चमन-कथा-पछता रोटी’ अछि।
1429. अंक ५० मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन साहित्यकारक जीवन-साहित्य साधनापर अछि?
  • जयकान्त मिश्र
  • कालीकांत झा बुच
  • धीरेश्वर झा धिरेन्द्र
  • मनमोहन झा
सूचीमे प्रेमशंकर सिंहक ‘जयकान्त मिश्र जीवन आ साहित्य-साधना’ देल अछि।
1430. अंक ५० मे कमला चौधरीक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गुणनफल
  • धुमगज्जर
  • पछता रोटी
  • अन्हेर
गद्य-सूचीमे ‘कमला चौधरी-कथा--गुणनफल’ देल अछि।
1431. अंक ५० मे बिपिन झाक लेख कोन प्रश्न उठबैत अछि?
  • के करत मिथिलाक्षरक रक्षा
  • मैथिली शब्दतन्त्र निर्माण
  • सकारात्मक मौलिक चिन्तन
  • कथं संस्कृतं संस्कृतम्
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक ‘के करत मिथिलाक्षरक रक्षा’ देल अछि।
1432. अंक ५० मे फूलचन्द्र झा प्रवीणक लेख कोन विषयपर अछि?
  • मैथिलीक बाल साहित्य
  • मिथिलाक्षरक रक्षा
  • सखी कुन्ती
  • जुआनी जिन्दाबाद
गद्य-सूचीमे ‘फूलचन्द्र झा प्रवीण- मैथिलीक बाल साहित्य’ देल अछि।
1433. अंक ५० मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अन्हेर
  • दिन धराबय तीन नाम
  • पहिल चिट्ठी
  • नोर अंगोर
गद्य-सूचीमे ‘कुमार मनोज कश्यप-कथा-अन्हेर’ देल अछि।
1434. अंक ५० क पद्य-सूचीमे कालीकांत झा ‘बुच’क नामक संग कोन वर्षावधि देल अछि?
  • १९३४-२००९
  • १९१८-२००९
  • १९२३-२००९
  • १९२१-१९८५
पद्य-सूचीमे ‘कालीकांत झा ‘बुच’ 1934-2009’ देल अछि।
1435. अंक ५० क प्रवासी खण्डमे सिन्धु पौड्यालक सामग्री कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • Indo-Nepal Relations: A Personal Reflection
  • Mithila: mother land of Navya-Nyaya Language
  • Maithili
  • The Comet
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे ‘Sindhu Poudyal-Indo-Nepal Relations: A Personal Reflection’ देल अछि।

1436. विदेह अंक ५१ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ फरबरी २०१०
  • १५ फरबरी २०१०
  • ०१ मार्च २०१०
  • १५ जनवरी २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५१ म अंक ०१ फरबरी २०१०’ लिखल अछि।
1437. अंक ५१ मे प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरीक कोन शृंखला आगाँ बढ़ल?
  • मिथिलाक इतिहास
  • मैथिली गजल शास्त्र
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच
  • नागफाँस अनुवाद
गद्य-सूचीमे प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरीक ‘मिथिलाक इतिहास (आगाँ)’ देल अछि।
1438. अंक ५१ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दोती विआह
  • डंका
  • नवान
  • तिलासंक्रान्तिक लाइ
अंक ५१ क गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा ‘दोती विआह’ देल गेल।
1439. अतिश कुमार मिश्रक लेख अंक ५१ मे कोन विषय उठबैत अछि?
  • नेपालक राज्य पुनर्संरचना मे मिथिला आ मैथिली
  • मैथिली गजलक अरूज
  • विद्यापति फोटो लोकसभामे
  • जनकपुरक बाल-शिक्षण
सूचीमे अतिश कुमार मिश्रक लेख ‘नेपालक राज्य पुनर्संरचना मे मिथिला आ मैथिली’ अछि।
1440. सुझीत कुमार झाक लेख अंक ५१ मे कोन प्रश्नक रूपमे देल गेल?
  • नेपालमे मिथिला राज्य की सम्भव छैक?
  • के करत मिथिलाक्षरक रक्षा?
  • मैथिलीमे कविता कियैक?
  • गामक बताह के अछि?
गद्य-सूचीमे सुजीत कुमार झाक लेख ‘नेपालमे मिथिला राज्य की सम्भव छैक?’ देल अछि।
1441. अंक ५१ मे डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’क सामग्री कोन जन्मशतवार्षिकीसँ जुड़ल अछि?
  • तन्त्रानाथ झा/सुभद्र झा
  • कालीकांत झा/उमानाथ झा
  • राजदेव मंडल/जगदीश मंडल
  • भालचन्द्र झा/राधाकान्त मंडल
विषय-सूचीमे ‘तन्त्रानाथझा/सुभद्रझा जन्मशतवार्षिकी’ डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’ नामसँ देल अछि।
1442. अंक ५१ मे प्रकाश चन्द्रक लेख कोन एकांकीक रंगमंचीय दृष्टिपर अछि?
  • प्रयोग
  • छीनरदेवी
  • ललका कपड़ा
  • प्रियंवदा
सूचीमे प्रकाश चन्द्रक ‘प्रयोग’ एकांकीक रंगमंचीय दृष्टि शीर्षक देल अछि।
1443. अंक ५१ मे बिपिन झाक लेख कोन दर्शनक वैशिष्ट्य जनमानस हेतु बुझाबैत अछि?
  • प्रत्यभिज्ञादर्शन
  • न्याय-दर्शन
  • बौद्ध दर्शन
  • मीमांसा दर्शन
विषय-सूचीमे बिपिन झाक ‘जनमानस हेतु प्रत्यभिज्ञादर्शनक वैशिष्ट्य’ अछि।
1444. अंक ५१ मे रामभरोस कापड़ि भ्रमरक लेख कोन सम्मेलनक सूचना दैत अछि?
  • सातम अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन काठमाण्डूमे
  • मिथिला महोत्सव जनकपुरमे
  • विश्व रंगमंच दिवस दिल्लीमे
  • सगर राति दीप जरए जनकपुरमे
रामभरोस कापड़ि भ्रमरक लेख सातम अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन काठमाण्डूमे होएबाक सूचना दैत अछि।
1445. अंक ५१ कोन-कोन लिपि/भाषा विकल्पमे पढ़बाक सुविधा दोहरबैत अछि?
  • रोमन, गुजराती, बांग्ला, ओड़िया, गुरमुखी, तेलुगु, तमिल, कन्नड, मलयालम, हिन्दी
  • केवल देवनागरी
  • केवल तिरहुता
  • केवल अंग्रेजी
अंकक आरम्भमे ‘Read in your own script’ अंतर्गत अनेक लिपि-भाषा विकल्प देल गेल अछि।

1446. अंक ५१ क पद्य-खण्डमे कालीकांत झा ‘बुच’क नामक संग कोन वर्षावधि देल अछि?
  • १९३४-२००९
  • १९२३-२००९
  • १९१८-१९८५
  • १९४०-२०१०
पद्य-सूचीमे कालीकांत झा ‘बुच’ 1934-2009 रूपमे देल छथि।
1447. अंक ५१ मे गंगेश गुंजनक ‘राधा’ कोन खेपमे अछि?
  • १७म खेप
  • १८म खेप
  • १९म खेप
  • २०म खेप
पद्य-सूचीमे ‘गंगेश गुंजन : राधा १७म खेप’ अछि।
1448. अंक ५१ मे शिव कुमार झाक सामग्री कोन रूपमे देल गेल?
  • किछु पद्य
  • दूटा कथा
  • गजल शास्त्र
  • इतिहासक अन्तिम खेप
पद्य खण्डमे शिव कुमार झाक ‘किछु पद्य’ सूचीबद्ध अछि।
1449. अंक ५१ मे राजदेव मंडलक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सिर बिहून धड़
  • बाढ़िक चित्र
  • युग्मक फाग-पत्र
  • तीनटा कविता
राजदेव मंडलक पद्य ‘सिर बिहून धड़’ शीर्षकसँ अछि।
1450. अंक ५१ मे कालीनाथ ठाकुरक रचना कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • एक अभिशाप बापक पाप
  • कोकिलकेँ श्रद्धाञ्जलि
  • नुकाएल दिनकर
  • बाजारमे स्त्री
सूचीमे कालीनाथ ठाकुरक ‘एक अभिशाप बापक पाप’ अछि।
1451. सत्यानंद पाठक, गुवाहाटीक रचना अंक ५१ मे कोन शीर्षकसँ अछि?
  • आह! जाड चलि गेल!
  • ई छी मैथिल के पहचान
  • सभटा चौपट्ट भऽ गेल
  • बहीन
अंक ५१ क पद्य-सूचीमे सत्यानंद पाठक, गुवाहाटीक ‘आह! जाड चलि गेल!’ देल अछि।
1452. अंक ५१ मे दयाकान्तक रचना कोन मैथिल पहिचानक शीर्षकसँ अछि?
  • ई छी मैथिल के पहचान
  • सत्यक जीत
  • मिथिलाक तीला संकराति
  • पुष्कर
पद्य सूचीमे दयाकान्तक ‘ई छी मैथिल के पहचान’ अछि।
1453. अंक ५१ क बालानां कृते खण्डमे देवांशु वत्सक कोन सामग्री देल गेल?
  • मैथिली चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स)
  • मैथिली गजल शास्त्र
  • अन्तिम शब्द
  • नागफाँस भाग पाँच
बाल खण्डमे देवांशु वत्सक मैथिली चित्र-श्रृंखला, कॉमिक्स रूपमे देल अछि।
1454. अंक ५१ क बाल खण्डमे कल्पना शरणक कोन रचना अछि?
  • देवीजी
  • नुकाएल दिनकर
  • मिथिलाक तीला संकराति
  • किछु प्रेरक कथा
बालानां कृते खण्डमे कल्पना शरणक ‘देवीजी’ सूचीबद्ध अछि।
1455. अंक ५१ क प्रवासी खण्डमे डॉ. शेफालिका वर्माक ‘नागफाँस’ अनुवादक रूपमे किनकर नाम देल अछि?
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा आ डॉ. जया वर्मा
  • लूसी ग्रेसी मात्र
  • मोहन भारद्वाज
  • रामभरोस कापड़ि भ्रमर
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे ‘नागफाँस’क मैथिली उपन्यासक अनुवाद डॉ. राजीव कुमार वर्मा आ डॉ. जया वर्मा द्वारा देल अछि।

1456. विदेह अंक ५२ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ फरबरी २०१०
  • ०१ फरबरी २०१०
  • ०१ मार्च २०१०
  • १५ मार्च २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५२ म अंक १५ फरबरी २०१०’ देल अछि।
1457. अंक ५२ मे भालचन्द्र झाक निबन्ध कोन विषयपर अछि?
  • बाल-शिक्षणपर हमर शिक्षण-यात्रा
  • मैथिली गजल शास्त्र
  • उपेक्षित पर्वक औचित्य
  • नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा
गद्य-सूचीमे भालचन्द्र झाक ‘बाल-शिक्षणपर निबन्ध हमर शिक्षण-यात्रा’ अछि।
1458. अंक ५२ मे राधाकृष्ण चौधरीक ‘मिथिलाक इतिहास’ कोन अध्याय-समूहक रूपमे देल अछि?
  • अध्याय १५ सँ १८
  • अन्तिम खेप
  • आगाँ मात्र
  • अध्याय १ सँ ४
सूचीमे ‘मिथिलाक इतिहास (अध्याय-१५सँ १८)’ लिखल अछि।
1459. अंक ५२ मे जगदीश प्रसाद मंडलक दूटा कथामे एक शीर्षक ‘डंका’ अछि; दोसर कोन अछि?
  • कोना जीवि?
  • दोती विआह
  • नवान
  • तिलासंक्रान्तिक लाइ
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक दूटा कथा ‘डंका’ आ ‘कोना जीवि?’ देल अछि।
1460. अंक ५२ मे सुजीतकुमार झाक सामग्री कोन विषयसँ सम्बन्धित अछि?
  • सपथमे मैथिली
  • नेपालमे मिथिला राज्य
  • होरीक परिवर्तित रूप
  • मैथिली भाषामे पढाइ
गद्य-सूचीमे ‘सपथमे मैथिली — सुजीतकुमार झा’ देल अछि।
1461. अंक ५२ मे बेचन ठाकुरक नाटक कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • छीनरदेवी
  • ललका कपड़ा
  • प्रयोग
  • प्रियंवदा
अंक ५२ क सूचीमे बेचन ठाकुरक नाटक ‘छीनरदेवी’ अछि।
1462. अंक ५२ मे जनकपुरक मिथिला महोत्सव सम्बन्धी लेख ककर नामसँ अछि?
  • रामभरोस कापड़ि भ्रमर
  • भालचन्द्र झा
  • कुमार मनोज कश्यप
  • अन्नावरन देवेन्दर
‘जनकपुरमे मिथिला महोत्सवक आयोजन : नवअध्यायक शुभारंभ’ रामभरोस कापड़ि भ्रमरक नामसँ देल अछि।
1463. अंक ५२ मे प्रकाश चन्द्रक लेख कोन कृतिक विश्लेषण करैत अछि?
  • नचिकेताक ‘प्रियंवदा’
  • बेचन ठाकुरक ‘छीनरदेवी’
  • जगदीश मंडलक ‘डंका’
  • राजदेव मंडलक कविता
गद्य-सूचीमे प्रकाश चन्द्रक ‘नचिकेताक प्रियंवदा : एक विश्लेषण’ अछि।
1464. अंक ५२ मे बिपिन झाक लेख कोन अवसर-प्रसंगसँ जोड़ल अछि?
  • वेलेण्टाइन डे विशेषपर युवा हेतु प्रेमक समुचित मार्ग
  • विश्व रंगमंच दिवस
  • मिथिला पंचकोशी परिक्रमा
  • साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार
सूचीमे बिपिन झाक ‘युवा हेतु प्रेमक समुचित मार्ग (वेलेण्टाइन डे विशेष पर)’ देल अछि।
1465. अंक ५२ मे दुर्गानन्द मंडलक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • लाल भौजी
  • डंका
  • कचोट
  • मुसिबत
गद्य सूचीमे दुर्गानन्द मंडलक ‘लाल भौजी’ देल गेल।

1466. अंक ५२ क संपादकीय मुख्यतः कोन विधापर गम्भीर चर्चा करैत अछि?
  • कविता
  • गजल शास्त्र
  • नाटक
  • बाल कथा
संपादकीयक शीर्षक आ आरम्भ कविता, ओकर पाठक, भाषा-संस्कृति आ उत्कृष्टताक प्रश्न उठबैत अछि।
1467. अंक ५२ केर संपादकीयमे मैथिली कविताक कमजोरी रूपमे कोन बात आलोचित अछि?
  • आयातित विषय-वस्तु आ सतही अनुभव
  • लिपि-विविधता
  • बाल-कथा प्रकाशन
  • कोष निर्माण
संपादकीय कहैत अछि जे केवल बाहरी विषय वा सतही अनुभव उत्कृष्ट कविता नहि बना सकैत।
1468. अंक ५२ मे गंगेश गुंजनक ‘राधा’ कोन खेपमे अछि?
  • १८म खेप
  • १७म खेप
  • १९म खेप
  • २०म खेप
पद्य-सूचीमे ‘गंगेश गुंजन : अपन-अपन राधा १८म खेप’ देल अछि।
1469. अंक ५२ मे कामिनी कामायनीक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • वसंत
  • बाजारमे स्त्री
  • किछु रंग फगुआक
  • नुकाएल दिनकर
पद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘वसंत’ सूचीबद्ध अछि।
1470. अंक ५२ मे आमोद कुमार झा मैथिलक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • नँइ – छोटका
  • गीत
  • सत्यक जीत
  • एक श्रद्धाञ्जलि
सूचीमे ‘आमोद कुमार झा मैथिल — नँइ – छोटका’ देल अछि।
1471. अंक ५२ मे कल्पना शरणक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • नुकाएल दिनकर
  • देवीजी
  • मिथिलाक तीला संकराति
  • वसंत
पद्य खण्डमे कल्पना शरणक ‘नुकाएल दिनकर’ अछि।
1472. अंक ५२ मे कालीनाथ ठाकुरक श्रद्धाञ्जलि कोन संबोधनसँ देल अछि?
  • कोकिलकेँ
  • रामरंगकेँ
  • विद्यापतिकेँ
  • गुंजनकेँ
सूचीमे कालीनाथ ठाकुरक ‘एक श्रद्धाञ्जलि — कोकिलकेँ’ देल गेल।
1473. अंक ५२ क गद्य-पद्य भारतीमे ‘अन्तिम शब्द’ कोन भाषाक कविताक मैथिली अनुवाद रूपमे अछि?
  • तेलुगु
  • मराठी
  • कोंकणी
  • नेपाली
‘अन्तिम शब्द’ तेलंगानाक किसानक आत्महत्यासँ जुड़ल तेलुगु कविताक अंग्रेजी मार्फत मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।
1474. अंक ५२ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे आगाँ बढ़ैत अछि?
  • भाग २
  • भाग १
  • भाग ३
  • भाग ४
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे ‘NAAGPHAANS-PART_II’ देल अछि।
1475. अंक ५२ क प्रवासी खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक मूल मैथिली पद्यक अंग्रेजी अनुवाद ककर नामसँ अछि?
  • लूसी ग्रेसी, न्यूयॉर्क
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा
  • डॉ. जया वर्मा
  • मोहन भारद्वाज
प्रवासी खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक मूल मैथिली पद्यक अंग्रेजी अनुवाद लूसी ग्रेसी ऑफ न्यूयॉर्क द्वारा देल अछि।

1476. विदेह अंक ५३ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ मार्च २०१०
  • १५ मार्च २०१०
  • ०१ अप्रैल २०१०
  • १५ फरबरी २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५३ म अंक ०१ मार्च २०१०’ अछि।
1477. अंक ५३ केर संपादकीयमे २००९ क साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार ककरा देल गेल कहल अछि?
  • भालचन्द्र झा
  • रमानाथ झा
  • जगदीश प्रसाद मंडल
  • गंगेश गुंजन
संपादकीय भालचन्द्र झाकेँ २००९ क साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार देल जेबाक सूचना दैत अछि।
1478. भालचन्द्र झाकेँ पुरस्कार कोन भाषासँ मैथिली अनुवाद लेल देल गेल?
  • मराठीसँ मैथिली
  • तेलुगुसँ मैथिली
  • कोंकणीसँ मैथिली
  • अंग्रेजीसँ मैथिली
संपादकीयमे मराठीसँ मैथिली अनुवाद ‘बीछल बेरायल मराठी एकाँकी’क उल्लेख अछि।
1479. अंक ५३ अनुसार साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कारमे कोन पारितोषिक-संयोजन अछि?
  • पचास हजार टाका आ ताम्रपत्र
  • पाँच हजार टाका मात्र
  • पुस्तक-सेट मात्र
  • मंच-प्रमाणपत्र मात्र
संपादकीयमे पुरस्कारमे पचास हजार टाका आ ताम्रपत्र देल जाएत कहल अछि।
1480. भालचन्द्र झा कोन-कोन भाषा मे निष्णात कहल गेल?
  • मैथिली, हिन्दी, मराठी, अंग्रेजी आ गुजराती
  • केवल मैथिली आ हिन्दी
  • केवल मराठी
  • केवल संस्कृत आ पाली
संपादकीय भालचन्द्र झाकेँ मैथिली अतिरिक्त हिन्दी, मराठी, अंग्रेजी आ गुजरातीमे निष्णात कहैत अछि।
1481. अंक ५३ मे राधाकृष्ण चौधरीक ‘मिथिलाक इतिहास’ कोन अवस्था रूपमे देल अछि?
  • अन्तिम खेप
  • पहिल खेप
  • अध्याय १५-१८
  • केवल प्रस्तावना
गद्य-सूचीमे ‘मिथिलाक इतिहास (अन्तिम खेप)’ लिखल अछि।
1482. अंक ५३ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • नवान
  • डंका
  • दोती विआह
  • तिलासंक्रान्तिक लाइ
गद्य-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मंडल — कथा — नवान’ देल अछि।
1483. अंक ५३ मे सुजीतकुमार झाक लेख कोन लोक-उत्सवक परिवर्तित रूप देखबैत अछि?
  • होरी
  • दुर्गापूजा
  • नागपंचमी
  • तीला संक्रान्ति
सूचीमे ‘होरीके परिवर्तित रूप जनकपुरमे महामूर्ख सम्मेलन — सुजीतकुमार झा’ देल अछि।
1484. अंक ५३ मे राधा कान्त मंडल ‘रमण’क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कने हमहूँ पढ़व
  • स्वागत गीत
  • नचिकेताक प्रियंवदा
  • अन्हरजाली
गद्य-सूचीमे राधा कान्त मंडल ‘रमण’क ‘कने हमहूँ पढ़व’ देल गेल।
1485. अंक ५३ मे डॉ. शेफालिका वर्माक सामग्री कोन रूपमे अछि?
  • एकटा पत्र, एकटा संस्मरण
  • घडियाली नोर
  • प्रतिवादक स्वर
  • सब्लाइम लव
गद्य-सूचीमे डॉ. शेफालिका वर्माक ‘एक टा पत्र एक टा संस्मरण’ देल अछि।

1486. अंक ५३ मे सरोज ‘खिलाडी’क ‘सोच’ कोन ऐतिहासिक रेडियो-नाटक भूमिकासँ जुड़ल अछि?
  • नेपालके पहिल रेडियो नाटक संचालक
  • मिथिलाक पहिल फिल्म निर्देशक
  • पहिल देवनागरी टाइपिस्ट
  • पहिल कोषकार
सूचीमे ‘सोच — सरोज खिलाडी — नेपालके पहिल रेडियो नाटक संचालक’ देल अछि।
1487. अंक ५३ मे नागेन्द्र कुमार कर्णक सामग्री कोन तीर्थ-परम्परासँ सम्बन्धित अछि?
  • मिथिला पंचकोशी परिक्रमा
  • काठमाण्डू सम्मेलन
  • विश्व रंगमंच दिवस
  • तीला संक्रान्ति
गद्य-सूचीमे नागेन्द्र कुमार कर्णक ‘मिथिला पञ्चकोशी परिक्रमा’ अछि।
1488. अंक ५३ मे मनोज झा मुक्तिक लेख कोन मेला आ सामाजिक प्रसंगसँ जुड़ल अछि?
  • महाशिवरात्री मेला आ गाँजाक व्यापार, मीडिया सेन्टरक स्थापना
  • जनकपुर मिथिला महोत्सव
  • सातम अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन
  • सगर राति दीप जरए
विषय-सूचीमे मनोज झा मुक्तिक लेख महाशिवरात्री मेला, गाँजाक व्यापार आ मीडिया सेन्टरसँ जुड़ल अछि।
1489. अंक ५३ मे गंगेश गुंजनक ‘राधा’ कोन खेपमे अछि?
  • १९म खेप
  • १८म खेप
  • २०म खेप
  • २१म खेप
पद्य-सूचीमे ‘अपन-अपन राधा १९म खेप’ देल अछि।
1490. अंक ५३ मे धीरेन्द्र प्रेमर्षिक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • किछु रंग फगुआक
  • कोशी
  • साहेब
  • स्वागत गीत
पद्य-सूचीमे ‘किछु रंग फगुआकः धीरेन्द्र प्रेमर्षि’ अछि।
1491. अंक ५३ मे प्रो. कपिलेश्वर साहुक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कोशी
  • साहेब
  • आगमन
  • युग्मक फाग-पत्र
पद्य-सूचीमे प्रो. कपिलेश्वर साहुक ‘कोशी’ देल अछि।
1492. अंक ५३ मे महाकान्त ठाकुरक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • साहेब
  • कोशी
  • किछु रंग फगुआक
  • वसंत
सूचीमे महाकान्त ठाकुरक ‘साहेब’ देल गेल।
1493. अंक ५३ मे मिथिला कला-संगीत खण्डमे कल्पनाक कोन सामग्री देल अछि?
  • चित्रकला
  • गीत
  • नाटक
  • साक्षात्कार
विषय-सूचीमे ‘मिथिला कला-संगीत — कल्पनाक चित्रकला’ देल अछि।
1494. अंक ५३ क गद्य-पद्य भारतीमे ‘अन्तिम शब्द’ कोन अनुवाद-क्रमसँ मैथिलीमे आयल?
  • तेलुगुसँ अंग्रेजी, अंग्रेजीसँ मैथिली
  • मराठीसँ मैथिली सीधा
  • फारसीसँ मैथिली
  • नेपालीसँ अंग्रेजी
सूचीमे तेलुगु कविताक अंग्रेजी अनुवाद पी. जयलक्ष्मी द्वारा आ अंग्रेजीसँ मैथिली गजेन्द्र ठाकुर द्वारा कहल अछि।
1495. अंक ५३ क प्रवासी खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक मूल मैथिली पद्यक अंग्रेजी शीर्षक कोन देल अछि?
  • The Sun And The Moon Witness
  • In the depth of my heart
  • Estranged Sleep
  • Leaning towards the truth with own knowledge
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे लूसी ग्रेसीक अनुवाद शीर्षक ‘The Sun And The Moon Witness’ देल अछि।

1496. विदेह अंक ५४ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मार्च २०१०
  • ०१ मार्च २०१०
  • ०१ अप्रैल २०१०
  • १५ अप्रैल २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५४ म अंक १५ मार्च २०१०’ देल अछि।
1497. अंक ५४ केर संपादकीय कोन महत्त्वपूर्ण प्रकाशनक सूचना दैत अछि?
  • आचार्य रमानाथ झा रचनावली
  • मैथिली गजल शास्त्र
  • नागफाँस भाग पाँच
  • उत्थान-पतन समीक्षा
संपादकीय ‘आचार्य रमानाथ झा रचनावली (पाँच खण्डमे)’ प्रकाशित भऽ गेल अछि कहैत अछि।
1498. आचार्य रमानाथ झा रचनावली कोन संस्थाक सहयोगसँ प्रकाशित भेल कहल अछि?
  • भारतीय भाषा संस्थान
  • साहित्य अकादेमी
  • चेतना समिति
  • नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा
संपादकीय अनुसार भारतीय भाषा संस्थानक सहयोगसँ वाणी प्रकाशन द्वारा रचनावली प्रकाशित भेल।
1499. रमानाथ झा रचनावलीक संकलनकर्ता-संपादक के कहल गेल?
  • श्री मोहन भारद्वाज
  • श्री राजाराम सिंह राठौर
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा
  • प्रो. राधाकृष्ण चौधरी
संपादकीयमे संकलनकर्ता-संपादक श्री मोहन भारद्वाजक नाम देल अछि।
1500. रचनावलीक पहिल खण्डमे कोन विषय देल गेल कहल अछि?
  • विद्यापति
  • मैथिली साहित्य
  • मिथिला ओ मैथिली
  • विविध
संपादकीय रचनावलीक खण्ड-विभाजनमे पहिल खण्ड ‘विद्यापति’ बतबैत अछि।
1501. रचनावलीक पाँचम खण्ड कोन रचना-क्षेत्र लेल अछि?
  • संस्कृत रचना
  • विविध
  • मैथिली साहित्य
  • मिथिला ओ मैथिली
खण्ड-विभाजनमे पाँचम खण्ड ‘संस्कृत रचना’ रूपमे देल अछि।
1502. रमानाथ झा रचनावलीक सम्पूर्ण सेट कतेक मूल्यपर उपलब्ध कहल गेल?
  • रु. ५०००
  • रु. ५००
  • रु. १५००
  • रु. १००००
संपादकीयमे सम्पूर्ण सेट रु. ५०००/- मे उपलब्ध कहल गेल।
1503. अंक ५४ मे ६८म ‘सगर राति दीप जरए’ कोन तिथि आ स्थानसँ जुड़ल अछि?
  • ०३ अप्रैल २०१०, जनकपुर
  • १५ मार्च २०१०, दिल्ली
  • ०१ मार्च २०१०, काठमाण्डू
  • २७ मार्च २०१०, मुंबई
संपादकीय ६८म ‘सगर राति दीप जरए’ ०३ अप्रैल २०१० केँ जनकपुरमे होएबाक सूचना दैत अछि।
1504. ६८म ‘सगर राति दीप जरए’क संयोजक के कहल गेल?
  • श्री राजाराम सिंह राठौर
  • मोहन भारद्वाज
  • रामभरोस कापड़ि भ्रमर
  • विनीत उत्पल
संपादकीयमे संयोजक श्री राजाराम सिंह राठौर कहल गेल अछि।
1505. अंक ५४ अनुसार १ जनवरी २००८ सँ १३ मार्च २०१० धरि विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल?
  • ९६ देशक १,१९४ ठामसँ
  • ८९ देशक ९९२ ठामसँ
  • ८८ देशक ९७३ ठामसँ
  • १०० देशक १५०० ठामसँ
अंक ५४ क संपादकीय आँकड़ामे ९६ देशक १,१९४ ठामसँ देखल जेबाक सूचना अछि।

1506. अंक ५४ मे सुभाष चन्द्र यादवक लेख कोन रचनाकारपर अछि?
  • जगदीश प्रसाद मंडल
  • रमानाथ झा
  • भालचन्द्र झा
  • गंगेश गुंजन
गद्य-सूचीमे सुभाष चन्द्र यादवक ‘जगदीश प्रसाद मंडलपर’ देल अछि।
1507. अंक ५४ मे विनीत उत्पलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • निमंत्रण
  • गामक बताह
  • घडियाली नोर
  • स्वान विमर्श
गद्य-सूचीमे विनीत उत्पलक कथा ‘निमंत्रण’ अछि।
1508. मनोज झा मुक्तिक लेख अंक ५४ मे कोन विषयपर अछि?
  • मिथिला महोत्सव आ एकर उपलब्धि
  • महाशिवरात्री मेला
  • भारत-नेपाल आ मिथिलांचल
  • नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा
विषय-सूचीमे मनोज झा मुक्तिक ‘मिथिला महोत्सव आ एकर उपलब्धि’ देल अछि।
1509. अंक ५४ मे सुजीतकुमार झाक लेख नेपालमे मैथिली भाषामे पढाइक विषयमे कोन भाव-वाक्य राखैत अछि?
  • उत्साह कम, निराशा बेसी
  • उत्साह बेसी, निराशा कम
  • पूर्ण विजय
  • केवल उत्सव
गद्य-सूचीमे शीर्षक अछि—‘नेपालमे मैथिली भाषामे पढाइ : उत्साह कम निराशा बेसी’।
1510. अंक ५४ मे बिपिन झाक लेख कोन मूल-सूत्रक शीर्षकसँ अछि?
  • सफलताक मूलसूत्र
  • युवा हेतु प्रेमक मार्ग
  • पर्वक औचित्य
  • भारत-नेपाल सम्बन्ध
सूचीमे बिपिन झाक ‘कृतारिषड्वर्गजयेनमानवीम्… (सफलताक मूलसूत्र)’ देल अछि।
1511. अंक ५४ मे ऋषि वशिष्ठक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अन्हरजाली
  • पूत कमाल
  • जुआनी जिन्दाबाद
  • अन्तिम शब्द
गद्य-सूचीमे ऋषि वशिष्ठक ‘अन्हरजाली’ अछि।
1512. अंक ५४ मे कपिलेश्वर राउतक सामग्री कोन कृषि-विषयसँ जुड़ल अछि?
  • तरकारी खेती
  • धानक इतिहास
  • माछ पालन
  • फूलक व्यापार
सूचीमे कपिलेश्वर राउतक ‘तरकारी खेती’ देल अछि।
1513. अंक ५४ मे गंगेश गुंजनक ‘राधा’ कोन खेपमे अछि?
  • २०म खेप
  • १९म खेप
  • २१म खेप
  • १८म खेप
पद्य-सूचीमे ‘अपन-अपन राधा २०म खेप’ देल अछि।
1514. अंक ५४ मे विदेहक मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोषक कोन विशेषता कहल गेल?
  • इंटरनेटपर पहिल बेर सर्च-डिक्शनरी, एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित
  • केवल मुद्रित शब्द-सूची
  • केवल चित्र-कोष
  • केवल बाल कथा-संग्रह
भाषापाक/रचना-लेखन खण्डमे कोषकेँ इंटरनेटपर पहिल बेर सर्च-डिक्शनरी आ एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित कहल अछि।
1515. अंक ५४ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे देल अछि?
  • भाग ४
  • भाग ३
  • भाग ५
  • भाग २
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे ‘NAAGPHAANS-PART_IV’ देल अछि।

1516. विदेह अंक ५५ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ अप्रैल २०१०
  • १५ मार्च २०१०
  • १५ अप्रैल २०१०
  • ०१ मार्च २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५५ म अंक ०१ अप्रैल २०१०’ देल अछि।
1517. अंक ५५ केर संपादकीयक मुख्य विषय की अछि?
  • मैथिली गजल शास्त्र
  • मैथिली कथा-इतिहास
  • रमानाथ झा रचनावली
  • नेपालक राज्य पुनर्संरचना
संपादकीय सीधे ‘मैथिली गजल शास्त्र’ शीर्षकसँ आरम्भ होइत अछि।
1518. अंक ५५ केर संपादकीय गजलक उत्पत्ति पहिने कोन साहित्यसँ मानैत अछि?
  • अरबी साहित्य
  • तेलुगु साहित्य
  • कोंकणी साहित्य
  • बांग्ला साहित्य
संपादकीयमे गजलक उत्पत्ति अरबी साहित्यसँ मानल जा सकैत अछि कहल अछि।
1519. संपादकीय अनुसार गजल, अरकान सभक समुच्चय रूपमे, कोन भाषिक परम्परासँ सम्बन्धित अछि?
  • फारसी
  • मैथिली मात्र
  • संस्कृत
  • पाली
संपादकीय कहैत अछि जे गजल जे अरकान सभक समुच्चय अछि से फारसीक छी।
1520. मायानन्द मिश्र मैथिली गजलकेँ कोन नाम देलन्हि कहल गेल?
  • गीतल
  • दोहा
  • रास
  • कवित्त
संपादकीय कहैत अछि जे मायानन्द मिश्र मैथिली गजलकेँ ‘गीतल’ कहलन्हि।
1521. अंक ५५ मे मैथिली गजल-शास्त्रक शब्दावलीकेँ कोन नाम देल गेल?
  • अरूज
  • पञ्जी
  • पदावली
  • रससिद्धान्त
संपादकीयमे अरबी-फारसी छन्द-शास्त्रक शब्दावलीक प्रयोग करैत मैथिली गजल-शास्त्रक शब्दावली ‘अरूज’ कहल अछि।
1522. अंक ५५ अनुसार बहरक अर्थ बुझाबए लेल कोन भारतीय संगीत-समानता देल गेल?
  • थाट, राग-रागिनी
  • ताल-मात्रा मात्र
  • स्वर-सप्तक मात्र
  • वाद्य-यंत्र
संपादकीय बहरकेँ थाट, राग-रागिनी जकाँ बुझबैत अछि।
1523. मैथिली लेल बहर बुझबए मे कोन संगीत-स्रोतक नाम देल गेल?
  • स्व. श्री रामाश्रय झा रामरंग
  • कालीकांत झा बुच
  • भालचन्द्र झा
  • राजदेव मंडल
संपादकीय भारतीय संगीतक स्रोत रूपमे स्व. श्री रामाश्रय झा रामरंगक नाम दैत अछि।
1524. अंक ५५ अनुसार जाहि बहरमे शेरमे आठ अरकान होइत अछि, ओकरा की कहल गेल?
  • मसम्मन
  • मुसद्दस
  • मफरिद
  • बहरे-शिकस्ता
संपादकीय आठ अरकानवला बहरकेँ मसम्मन कहैत अछि।
1525. अंक ५५ अनुसार शेरक पहिल आ दोसर मिसरा क्रमशः की कहल गेल?
  • ऊला आ सानी
  • रदीफ आ काफिया
  • मतला आ मकता
  • अरकान आ जिहाफ
संपादकीयमे शेरक पहिल मिसरा ऊला आ दोसर मिसरा सानी कहल गेल अछि।

1526. अंक ५५ मे अनमोल झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गामक बताह
  • घडियाली नोर
  • मास्टर साहेब
  • स्वान विमर्श
गद्य-सूचीमे अनमोल झाक ‘गामक बताह’ देल अछि।
1527. अंक ५५ मे कामिनी कामायिनीक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • घडियाली नोर
  • बाजारमे स्त्री
  • वसंत
  • डाविर्नक बानर
विषय-सूचीमे कामिनी कामायिनीक ‘घडियाली नोर’ अछि।
1528. अंक ५५ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन पर्व-भोजनक शीर्षकसँ अछि?
  • तिलासंक्रान्तिक लाइ
  • डंका
  • नवान
  • दोती विआह
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘तिलासंक्रान्तिक लाइ’ देल अछि।
1529. अंक ५५ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मास्टर साहेब
  • कचोट
  • अन्हेर
  • मुसिबत
सूचीमे कुमार मनोज कश्यपक ‘मास्टर साहेब’ देल अछि।
1530. अंक ५५ मे राजदेव मंडलक लेख कोन उपन्यास-समीक्षासँ जुड़ल अछि?
  • जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास ‘उत्थान-पतन’पर
  • रमानाथ झा रचनावलीपर
  • भालचन्द्र झाक मराठी अनुवादपर
  • मैथिली गजल शास्त्रपर
गद्य-सूचीमे राजदेव मंडलक लेख जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास ‘उत्थान-पतन’पर देल अछि।
1531. अंक ५५ मे जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • जीवन संघर्ष
  • मौलाइल गाछक फूल
  • उत्थान-पतन
  • बोनिहारिन
विषय-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मंडल — उपन्यास — जीवन संघर्ष’ देल अछि।
1532. अंक ५५ मे सरोज ‘खिलाडी’क नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ललका कपड़ा
  • छीनरदेवी
  • प्रयोग
  • प्रियंवदा
गद्य-सूचीमे सरोज ‘खिलाडी’क नाटक ‘ललका कपड़ा’ अछि।
1533. अंक ५५ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन संस्था आ विधासँ जुड़ल अछि?
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच
  • भारतीय भाषा संस्थान ओ रचनावली
  • साहित्य अकादेमी ओ अनुवाद
  • मिथिला महोत्सव ओ कृषि
विषय-सूचीमे प्रेमशंकर सिंहक ‘चेतना समिति ओ नाट्यमंच’ देल अछि।
1534. अंक ५५ मे प्रकाश चन्द्रक लेख कोन रंगमंच दिवससँ जुड़ल अछि?
  • विश्व रंगमंच दिवस : २७ मार्च
  • सगर राति दीप जरए : ०३ अप्रैल
  • मिथिला महोत्सव : १५ मार्च
  • सातम सम्मेलन : काठमाण्डू
गद्य-सूचीमे ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा — विश्व रंगमंच दिवस : 27 मार्च’ प्रकाश चन्द्रक नामसँ देल अछि।
1535. अंक ५५ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे देल अछि?
  • भाग ५
  • भाग ४
  • भाग ३
  • भाग २
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे ‘NAAGPHAANS-PART_V’ देल अछि।

1536. विदेह अंक ५६ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अप्रैल २०१०
  • ०१ अप्रैल २०१०
  • ०१ मइ २०१०
  • १५ मइ २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५६ म अंक १५ अप्रैल २०१०’ देल अछि।
1537. अंक ५६ केर संपादकीय मुख्यतः कोन विषयक आगाँक भाग अछि?
  • मैथिली गजल शास्त्र
  • मैथिली कथा-दर्शन
  • मिथिला राज्य आन्दोलन
  • बाल-साहित्य समीक्षा
संपादकीयमे मैथिली गजल शास्त्रक व्याख्या आगाँ बढ़ाओल गेल अछि।
1538. अंक ५६ क संपादकीय अनुसार साधारणतः ६ सँ १०टा की मिलि गजल बनबैत अछि?
  • शेर
  • अध्याय
  • दृश्य
  • साक्षात्कार
संपादकीयमे कहल गेल अछि जे ६ सँ १०टा शेर मोटामोटी एकटा गजलक निर्माण करैत अछि।
1539. अंक ५६ मे गजलक पाँती आ शेरक एकरूपता बुझाबए लेल कोन कार्यालयी उपमा देल गेल?
  • वर्ड डोक्युमेन्टमे जस्टीफाइ करबाक
  • कागज मोड़बाक
  • रेडियो-रूपक रिकॉर्ड करबाक
  • पत्रिका रिफ्रेश करबाक
संपादकीय बहरक एकरूपता समझाबए लेल वर्ड डोक्युमेन्टमे पाँती जस्टीफाइ कएलाक उपमा दैत अछि।
1540. अंक ५६ मे गजलक सन्दर्भमे दोहराएल जाएबला शब्द वा शब्द-समूहकेँ की कहल गेल?
  • रदीफ
  • भूमिका
  • संकेत
  • प्रूफ
संपादकीय कहैत अछि जे पहिल शेरक दुनू पाँती आ शेष शेरक दोसर पाँतीक अन्तमे दोहराएल शब्द-समूह रदीफ होइत अछि।
1541. अंक ५६ मे अनमोल झाक सामग्री कोन रूपमे देल अछि?
  • किछु लघु कथा २
  • मैथिली गजल-शास्त्र
  • मिथिला महोत्सव रिपोर्ट
  • नागफाँस अनुवाद
गद्य-सूचीमे अनमोल झाक ‘किछु लघु कथा २’ देल अछि।
1542. अंक ५६ मे कामिनी कामायिनीक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • टूटल तारा
  • घडियाली नोर
  • कनिया पूतरा के विवाह
  • बंजारा मोन
विषय-सूचीमे कामिनी कामायिनीक ‘टूटल तारा’ कथा अछि।
1543. अंक ५६ मे बिपिन कुमार झाक लेख कोन भाव-शीर्षकसँ अछि?
  • शहीद कऽ चिताकऽ धूँआ क अभिलाषा
  • मजदूर सँ दूर मजदूर दिवस
  • बालमजदूर पर हमर लेखिनीक दृष्टि
  • किछु पजरैत प्रश्न
गद्य-सूचीमे बिपिन कुमार झाक ‘शहीद कऽ चिताकऽ धूँआ क अभिलाषा’ सूचीबद्ध अछि।
1544. अंक ५६ मे सुजीतकुमार झा कोन कलाकारपर लेख देने छथि?
  • मदन ठाकुर
  • रामरंग
  • भालचन्द्र झा
  • विश्वनाथन आनन्द
सूचीमे सुजीतकुमार झाक ‘एकटा लाजवाव कलाकार मदन ठाकुर’ देल अछि।
1545. अंक ५६ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्रेमी
  • डंका
  • तिलासंक्रान्तिक लाइ
  • जीवन-मरन
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा ‘प्रेमी’ देल गेल।

1546. अंक ५६ मे खड़ानन्द यादवक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गहूमक बोरा
  • जेहन मन तेहन जिनगी
  • निर्मलीसँ जनकपुर धाम
  • तस्कर
गद्य-सूचीमे खड़ानन्द यादवक ‘गहूमक बोरा’ देल अछि।
1547. अंक ५६ मे उमेश मंडलक दू सामग्रीमे एक ‘जेहन मन तेहन जिनगी’ अछि; दोसर कोन यात्रा-सूचक शीर्षक अछि?
  • निर्मलीसँ जनकपुर धाम
  • बँसकरमक विश्वकर्मा
  • हँसैत लहास
  • शान्ति दूत परवा
उमेश मंडलक नामसँ ‘निर्मलीसँ जनकपुर धाम’ सेहो सूचीबद्ध अछि।
1548. अंक ५६ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन नाट्य-माध्यमसँ सम्बन्धित अछि?
  • मायानन्दक रेडियो-रूपक-शिल्प
  • नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा
  • चेतना समिति ओ नाट्यमंच
  • अमरक एकांकी-प्रहसन
विषय-सूचीमे प्रेमशंकर सिंहक ‘मायानन्दक रेडियो-रूपक-शिल्प’ देल अछि।
1549. अंक ५६ मे गजेन्द्र ठाकुरक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • तस्कर
  • संघर्ष
  • किछु दिअ
  • एकटा अधिकार
गद्य-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक कथा ‘तस्कर’ अछि।
1550. अंक ५६ मे गंगेश गुंजनक ‘अपन-अपन राधा’ कोन खेपमे अछि?
  • २२म खेप
  • २१म खेप
  • २३म खेप
  • २४म खेप
पद्य-सूचीमे ‘गंगेश गुंजन : अपन-अपन राधा २२म खेप’ देल अछि।
1551. अंक ५६ मे ज्योति सुनीत चौधरीक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मोनक गति
  • प्रवासी पक्षी
  • आसमानी आकाश
  • जीतक परिभाषा
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक ‘मोनक गति’ अछि।
1552. अंक ५६ मे रूपेश कुमार झा त्योंथक रचना कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • खायब की
  • बंजारा मोन
  • फैशनक धमाल
  • मिझाइत दीया
विषय-सूचीमे रूपेश कुमार झा त्योंथक ‘खायब की’ सूचीबद्ध अछि।
1553. अंक ५६ मे श्यामल सुमनक पद्य कोन प्रश्नात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • कहू कि फूसि बजय छी?
  • केओ नई
  • ककरासँ ककर?
  • किछु पजरैत प्रश्न
पद्य-सूचीमे श्यामल सुमनक ‘कहू कि फूसि बजय छी?’ देल अछि।
1554. अंक ५६ क बालानां कृते खण्डमे जगदीश प्रसाद मंडलक कोन सामग्री अछि?
  • किछु प्रेरक कथा
  • चित्र-शृंखला
  • नाटक-किछु दिअ
  • कैदी
बाल खण्डमे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘किछु प्रेरक कथा’ देल अछि।
1555. अंक ५६ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे आगाँ बढ़ल?
  • भाग ६
  • भाग ५
  • भाग ७
  • भाग ८
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-PART_VI सूचीबद्ध अछि।

1556. विदेह अंक ५७ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ मइ २०१०
  • १५ अप्रैल २०१०
  • १५ मइ २०१०
  • ०१ जून २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५७ म अंक ०१ मइ २०१०’ देल अछि।
1557. अंक ५७ केर संपादकीय कोन विषयक ‘आगाँ’ भाग अछि?
  • मैथिली गजलशास्त्र
  • मिथिला महोत्सव
  • रचनावली प्रकाशन
  • बाल-शिक्षण
संपादकीय शीर्षकमे ‘मैथिली गजलशास्त्र - आगाँ’ देल अछि।
1558. अंक ५७ अनुसार वैदिक आ मैथिली छन्दक गणना मुख्यतः कोन आधारपर होइत अछि?
  • अक्षर
  • केवल गुरु-लघु
  • पृष्ठ-संख्या
  • छापाखाना
संपादकीयमे स्पष्ट अछि जे वैदिक आ मैथिली छन्दक गणना अक्षरसँ होइत अछि।
1559. अंक ५७ मे गायत्री छन्दक अक्षर-संख्या कतेक बताओल गेल?
  • २४
  • २८
  • ३२
  • ४८
संपादकीय वैदिक छन्द-सूचीमे गायत्रीकेँ २४ अक्षरक बतबैत अछि।
1560. अंक ५७ मे अनुष्टुप् छन्दक अक्षर-संख्या कतेक देल अछि?
  • ३२
  • २४
  • ४०
  • ४४
संपादकीयमे अनुष्टुप् ३२ अक्षरक रूपमे देल अछि।
1561. अंक ५७ मे जगती छन्दक अक्षर-संख्या कतेक देल अछि?
  • ४८
  • ४४
  • ३६
  • २८
संपादकीयमे जगती ४८ अक्षरक रूपमे सूचीबद्ध अछि।
1562. अंक ५७ मे रोशन जनकपुरीक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अग्निपुष्पके गुच्छासब
  • सलाह
  • ईमानदार
  • अप्पन राज्य
गद्य-सूचीमे रोशन जनकपुरीक ‘अग्निपुष्पके गुच्छासब’ अछि।
1563. अंक ५७ मे कपिलेश्वर राउतक सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सलाह
  • तरकारी खेती
  • मजदूर दिवस
  • थाल माटिक पावनि
विषय-सूचीमे कपिलेश्वर राउतक ‘सलाह’ देल अछि।
1564. अंक ५७ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ईमानदार
  • मास्टर साहेब
  • माता कुमाता न भवति
  • कनिया पूतरा के विवाह
गद्य-सूचीमे कुमार मनोज कश्यपक ‘ईमानदार’ सूचीबद्ध अछि।
1565. अंक ५७ मे प्रकाश चन्द्रक सामग्री कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • पोथी-समीक्षा
  • रेडियो-रूपक
  • बाल-नाटक
  • कोष-निर्माण
गद्य-सूचीमे प्रकाश चन्द्रक नामसँ ‘पोथी-समीक्षा’ देल अछि।

1566. अंक ५७ मे बिपिन झाक लेख कोन दिवसक बहाने मजदूर-विषय उठबैत अछि?
  • मजदूर दिवस
  • मैथिली दिवस
  • विश्व रंगमंच दिवस
  • वेलेण्टाइन डे
सूचीमे बिपिन झाक ‘मजदूर सँ दूर मजदूर दिवस’ देल अछि।
1567. अंक ५७ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन विधा आ लेखकसँ सम्बन्धित अछि?
  • अमरक एकांकी-प्रहसनक सामाजिक यथार्थ
  • मायानन्दक रेडियो-रूपक-शिल्प
  • हरिमोहन झाक प्रभाव
  • संस्मरण साहित्य
विषय-सूचीमे प्रेमशंकर सिंहक ‘अमरक एकांकी-प्रहसनक सामाजिक यथार्थ’ अछि।
1568. अंक ५७ मे सुजीत कुमार झाक लेख कोन पावनिक विषयपर अछि?
  • थाल माटिक पावनि
  • होरीक पावनि
  • महाशिवरात्रि मेला
  • मिथिला पंचकोशी परिक्रमा
गद्य-सूचीमे सुजीत कुमार झाक ‘थाल माटिक पावनि’ देल अछि।
1569. अंक ५७ मे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘जीवन संघर्ष’ कोन भाग रूपमे देल अछि?
  • भाग ३
  • भाग २
  • भाग ४
  • भाग १
गद्य-सूचीमे ‘जीवन संघर्ष - 3’ लिखल अछि।
1570. अंक ५७ मे गजेन्द्र ठाकुरक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • संघर्ष
  • तस्कर
  • किछु दिअ
  • शान्ति दूत परवा
विषय-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक कथा ‘संघर्ष’ अछि।
1571. अंक ५७ मे ज्योति सुनीत चौधरीक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्रवासी पक्षी
  • मोनक गति
  • आसमानी आकाश
  • जीतक परिभाषा
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक ‘प्रवासी पक्षी’ देल अछि।
1572. अंक ५७ मे नन्द विलास राय केर पद्य कोन मिथिला-धाम शीर्षकसँ अछि?
  • सभसँ पावन मिथिला धाम यौ
  • गीत
  • जन्मभूमि
  • पियक्कर
पद्य-सूचीमे नन्द विलास राय केर ‘सभसँ पावन मिथिला धाम यौ’ अछि।
1573. अंक ५७ मे कालीनाथ ठाकुरक रचना कोन सामाजिक कुरीतिसँ सम्बद्ध अछि?
  • दहेज-विरोध
  • बाल-मजदूरी
  • राज्य-पुनर्संरचना
  • मूर्ति-पुरातत्त्व
पद्य-सूचीमे कालीनाथ ठाकुरक ‘दहेज विरोधी रचना’ देल अछि।
1574. अंक ५७ क बालानां कृते खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक कोन नाटक अछि?
  • किछु दिअ
  • कैदी
  • चित्र-शृंखला
  • किछु प्रेरक कथा
बाल खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक नाटक ‘किछु दिअ’ सूचीबद्ध अछि।
1575. अंक ५७ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे अछि?
  • भाग ७
  • भाग ६
  • भाग ८
  • भाग ९
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-PART_VII देल अछि।

1576. विदेह अंक ५८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मइ २०१०
  • ०१ मइ २०१०
  • ०१ जून २०१०
  • १५ जून २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५८ म अंक १५ मइ २०१०’ देल अछि।
1577. अंक ५८ केर संपादकीयमे जनकपुरमे विदेह आर्काइवक आधारपर कतेक पोथीक लोकार्पणक सूचना अछि?
  • ९टा
  • ५टा
  • १२टा
  • २टा
संपादकीयमे जनकपुरमे विदेह आर्काइवक आधारपर छपल ९टा पोथीक लोकार्पणक सूचना देल अछि।
1578. अंक ५८ मे राधाकृष्ण चौधरीक कोन पाण्डुलिपिक पी.डी.एफ. वर्सन रिलीज भेल कहल गेल?
  • मिथिलाक इतिहास
  • मैथिली गजलशास्त्र
  • जीवन संघर्ष
  • बेटीक अपमान
संपादकीय राधाकृष्ण चौधरीजीक ‘मिथिलाक इतिहास’क पाण्डुलिपि पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल उपलब्ध भेल बतबैत अछि।
1579. अंक ५८ मे प्रीति ठाकुरक कोन चित्रकथा डाउनलोड लेल उपलब्ध कहल गेल?
  • गोनू झा आ आन चित्रकथा
  • कैदी
  • रास चित्रकथा
  • किछु प्रेरक कथा
संपादकीयमे प्रीति ठाकुरक ‘गोनू झा आ आन चित्रकथा’ डाउनलोड लेल उपलब्ध कहल गेल।
1580. अंक ५८ केर संपादकीय विश्वनाथन आनन्दक कोन उपलब्धिक उल्लेख करैत अछि?
  • विश्व शतरंज प्रतियोगिता चारिम बेर जीतब
  • साहित्य अकादेमी पुरस्कार
  • मिथिला महोत्सव आयोजन
  • गजलशास्त्र लेखन
संपादकीय विश्वनाथन आनन्द द्वारा विश्व शतरंज प्रतियोगिता चारिम बेर जीतबाक उल्लेख करैत अछि।
1581. अंक ५८ अनुसार १ जनवरी २००८ सँ १४ मइ २०१० धरि विदेह कतेक देशक कतेक ठामसँ देखल गेल?
  • ९८ देशक १,३१६ ठामसँ
  • ९६ देशक १,१९४ ठामसँ
  • ८९ देशक ९९२ ठामसँ
  • १०० देशक १,५०० ठामसँ
संपादकीय आँकड़ामे ९८ देशक १,३१६ ठामसँ देखल जेबाक सूचना अछि।
1582. अंक ५८ मे जगदीश प्रसाद मंडलक गद्य कोन दार्शनिक शीर्षकसँ अछि?
  • अवतारवाद
  • जीवन-मरन
  • प्रेमी
  • तिलासंक्रान्तिक लाइ
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘अवतारवाद’ देल अछि।
1583. अंक ५८ मे सरोज खिलाडीक मैथिली एकल नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बोतल राम
  • ललका कपड़ा
  • छीनरदेवी
  • प्रियंवदा
गद्य-सूचीमे सरोज खिलाडी — ‘बोतल राम (मैथिली एकल नाटक)’ देल अछि।
1584. अंक ५८ मे बेचन ठाकुरक नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बेटीक अपमान
  • छीनरदेवी
  • किछु दिअ
  • भैया, अएलै अपन सोराज
गद्य-सूचीमे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ नाटक अछि।
1585. अंक ५८ मे रामप्रवेश मंडलक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पछतावा
  • निमंत्रण
  • सलाह
  • ईमानदार
गद्य-सूचीमे रामप्रवेश मंडलक लघुकथा ‘पछतावा’ देल अछि।

1586. अंक ५८ मे बिपिन झाक लेख कोन श्रम-विषयसँ जुड़ल अछि?
  • बालमजदूर पर हमर लेखिनीक दृष्टि
  • मजदूर सँ दूर मजदूर दिवस
  • शहीदक चिता
  • किछु पजरैत प्रश्न
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक ‘बालमजदूर पर हमर लेखिनीक दृष्टि’ देल अछि।
1587. अंक ५८ मे बीरेन्द्र कुमार यादवक लेख कोन रचनाकारक ‘बाढ़िक चित्र’पर अछि?
  • राजदेव मंडल
  • जगदीश प्रसाद मंडल
  • गंगेश गुंजन
  • कालीकांत झा
गद्य-सूचीमे बीरेन्द्र कुमार यादवक ‘राजदेव मंडलक बाढ़िक चित्रपर’ अछि।
1588. अंक ५८ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन साहित्य-विधा पर केन्द्रित अछि?
  • संस्मरण साहित्य
  • रेडियो-रूपक
  • गजल शास्त्र
  • आंचलिक उपन्यास
सूचीमे प्रेमशंकर सिंहक ‘संस्मरण साहित्य’ देल अछि।
1589. अंक ५८ मे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘जीवन संघर्ष’ कोन भाग रूपमे देल अछि?
  • भाग ४
  • भाग ३
  • भाग ५
  • भाग २
गद्य-सूचीमे ‘जीवन संघर्ष - ४’ अछि।
1590. अंक ५८ मे राजेश्वर नेपालीक श्रद्धाञ्जलि कोन कविपर अछि?
  • पं. प्रतापनारायण झा
  • भालचन्द्र झा
  • कालीकांत झा बुच
  • मायानन्द मिश्र
सूचीमे ‘कवि पं. प्रतापनारायण झा कें छठम पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रद्धाञ्जलि’ राजेश्वर नेपालीक नामसँ अछि।
1591. अंक ५८ मे गंगेश गुंजनक ‘अपन-अपन राधा’ कोन खेपमे अछि?
  • २३म खेप
  • २२म खेप
  • २४म खेप
  • २५म खेप
पद्य-सूचीमे ‘अपन-अपन राधा २३म खेप’ अछि।
1592. अंक ५८ मे ज्योति सुनीत चौधरीक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • आसमानी आकाश
  • प्रवासी पक्षी
  • मोनक गति
  • जीतक परिभाषा
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक ‘आसमानी आकाश’ देल अछि।
1593. अंक ५८ क गद्य-पद्य भारतीमे कोन कोंकणी कथा मैथिली अनुवाद रूपमे अछि?
  • मर्णताळणी / मृत्युकेँ टारब
  • अन्तिम शब्द
  • नुकाएल दिनकर
  • बही-खाता
गद्य-पद्य भारती खण्डमे कोंकणी कथा ‘मर्णताळणी’क मैथिली अनुवाद ‘मृत्युकेँ टारब’ देल अछि।
1594. अंक ५८ क बालानां कृते खण्डमे ब्यूटी कुमारीक कोन रचना अछि?
  • कैदी
  • चित्र-शृंखला
  • किछु दिअ
  • किछु प्रेरक कथा
बाल खण्डमे ब्यूटी कुमारीक ‘कैदी’ देल अछि।
1595. अंक ५८ मे विदेह मैथिली संस्कृत शिक्षा खण्डक स्थिति कोन रूपमे देल अछि?
  • आगाँ / contd.
  • समाप्त
  • पहिल बेर आरम्भ
  • मुद्रित संस्करण मात्र
विषय-सूचीमे ‘VIDEHA MAITHILI SAMSKRIT EDUCATION (contd.)’ देल अछि।

1596. विदेह अंक ५९ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जून २०१०
  • १५ मइ २०१०
  • १५ जून २०१०
  • ०१ जुलाई २०१०
अंक शीर्षकमे ‘५९ म अंक ०१ जून २०१०’ देल अछि।
1597. अंक ५९ केर संपादकीय गजलशास्त्रमे कोन कठिन विषयपर आबैत अछि?
  • गुरु-लघु आ मात्रिक छन्द गणना
  • केवल बाल कथा
  • रचनावलीक मूल्य
  • मैथिली राज्यक राजनीतिक नक्सा
संपादकीयमे गुरु, लघु आ मात्रिक छन्द गणनाक चर्चा अछि।
1598. अंक ५९ अनुसार सभटा ह्रस्व स्वर आ ह्रस्व-युक्त गुणिताक्षर की मानल जाइत अछि?
  • लघु
  • गुरु
  • रदीफ
  • काफिया
संपादकीयक नियममे ह्रस्व स्वर आ ह्रस्व-युक्त गुणिताक्षरकेँ लघु मानल गेल अछि।
1599. अंक ५९ अनुसार सभटा दीर्घ स्वर आ दीर्घ-युक्त गुणिताक्षर की मानल जाइत अछि?
  • गुरु
  • लघु
  • मतला
  • मकता
संपादकीयमे दीर्घ स्वर आ दीर्घ-युक्त गुणिताक्षरकेँ गुरु कहल गेल अछि।
1600. अंक ५९ अनुसार अनुस्वार वा विसर्गयुक्त अक्षर कोन श्रेणीमे मानल जाइत अछि?
  • गुरु
  • लघु
  • रदीफ
  • मुक्तक
संपादकीयक नियम अनुसार अनुस्वार किंवा विसर्गयुक्त सभ अक्षर गुरु मानल जाइत अछि।
1601. अंक ५९ मे जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जीबन-मरन
  • जीवन संघर्ष
  • अवतारवाद
  • प्रेमी
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘जीबन-मरन - उपन्यास’ देल अछि।
1602. अंक ५९ मे मायानन्द मिश्रक साक्षात्कारक शीर्षक कोन रूपमे देल अछि?
  • सभ दिन रहताह विद्यापति
  • अग्निपुष्पके गुच्छासब
  • अप्पन राज्य
  • मजदूर सँ दूर मजदूर दिवस
गद्य-सूचीमे विनीत उत्पलक मायानन्द मिश्र साक्षात्कार ‘सभ दिन रहताह विद्यापति’ शीर्षकसँ अछि।
1603. अंक ५९ मे मायानन्द मिश्रक साक्षात्कार कोन सम्मान-सन्दर्भसँ जोडि़ल अछि?
  • प्रबोध सम्मान २००४
  • साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार २००९
  • विदेह सम्मान २०१०
  • विश्व शतरंज प्रतियोगिता
सूचीमे मायानन्द मिश्रकेँ ‘प्रबोध सम्मान 2004 सँ सम्मानित’ कहि साक्षात्कार देल अछि।
1604. अंक ५९ मे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ नाटकक स्थिति कोन अछि?
  • आगाँ
  • पहिल बेर आरम्भ
  • समाप्ति-सूचना
  • अनुवाद
गद्य-सूचीमे ‘बेटीक अपमान (नाटक) - आगाँ’ लिखल अछि।
1605. अंक ५९ मे कामिनी कामायनीक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कनिया पूतरा के विवाह
  • टूटल तारा
  • घडियाली नोर
  • बंजारा मोन
गद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक कथा ‘कनिया पूतरा के विवाह’ देल अछि।

1606. अंक ५९ मे बिपिन झाक निबन्ध कोन शीर्षकसँ अछि?
  • किछु पजरैत प्रश्न
  • बालमजदूर पर हमर लेखिनी
  • शहीदक चिता
  • सफलताक मूलसूत्र
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक निबन्ध ‘किछु पजरैत प्रश्न’ देल अछि।
1607. अंक ५९ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन लेखकक प्रभावपर अछि?
  • हरिमोहन झा
  • मायानन्द मिश्र
  • भालचन्द्र झा
  • प्रतापनारायण झा
सूचीमे प्रेमशंकर सिंहक ‘हरिमोहन झाक रचनाक परवर्त्ती रचनाकर्मीपर प्रभाव’ अछि।
1608. अंक ५९ मे गंगेश गुंजनक ‘अपन-अपन राधा’ कोन खेपमे अछि?
  • २४म खेप
  • २३म खेप
  • २५म खेप
  • २२म खेप
पद्य-सूचीमे ‘अपन-अपन राधा २४म खेप’ देल अछि।
1609. अंक ५९ मे राजदेव मंडलक पद्य-सामग्री कोन रूपमे अछि?
  • तीनटा कविता
  • गीत मात्र
  • दूटा कविता
  • एक गजल
पद्य-सूचीमे राजदेव मंडल — ‘तीन टा कविता’ लिखल अछि।
1610. अंक ५९ मे अकलेश कुमार मंडलक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ट्रेनक चोरबा
  • तीनटा कविता
  • कैक्टस जेकाँ दिल
  • शान्ति दूत परवा
पद्य-सूचीमे अकलेश कुमार मंडलक ‘ट्रेनक चोरबा’ अछि।
1611. अंक ५९ मे मनोज कुमार मंडलक पद्य-सामग्री कोन मात्रा/रूपमे देल अछि?
  • चारिटा कविता
  • दूटा गीत
  • एकटा गजल
  • कथा-श्रृंखला
विषय-सूचीमे ‘मनोज कुमार मंडलक चारिटा कविता’ देल अछि।
1612. अंक ५९ क बालानां कृते खण्डमे देवांशु वत्सक कोन सामग्री अछि?
  • चित्र-शृंखला
  • किछु प्रेरक कथा
  • कैदी
  • नाटक-किछु दिअ
बाल खण्डमे देवांशु वत्स — ‘चित्र शृंखला’ देल अछि।
1613. अंक ५९ क भाषापाक रचना-लेखन खण्डमे कोन मानक-विषय दोहराओल गेल?
  • मानक मैथिली
  • केवल रोमन लिपि
  • केवल संस्कृत शिक्षा
  • केवल छन्दसूची
विषय-सूचीमे भाषापाक रचना-लेखन अंतर्गत ‘मानक मैथिली’ देल अछि।
1614. अंक ५९ मे विदेहक कोषक तकनीकी आधार कोन कहल गेल?
  • एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित
  • केवल हस्तलिखित पाण्डुलिपि
  • रेडियो रिकॉर्डिंग आधारित
  • कागजी सूचकांक आधारित
भाषापाक खण्डमे कोषकेँ एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित सर्च-डिक्शनरी कहल गेल अछि।
1615. अंक ५९ मे पुरान अंक कनेक्शन कोन तीन रूपमे उपलब्ध कहल जाइत रहल?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी
  • रोमन, उर्दू आ फारसी
  • चित्र, ध्वनि आ चलचित्र मात्र
  • संस्कृत, पालि आ प्राकृत
अंकक सूचना-भागमे पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल उपलब्ध कहल अछि।

1616. विदेह अंक ६० कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २०१०
  • ०१ जून २०१०
  • ०१ जुलाई २०१०
  • १५ मइ २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६० म अंक १५ जून २०१०’ देल अछि।
1617. अंक ६० केर संपादकीय गजलशास्त्रमे कोन शब्दसँ आरम्भ होइत अछि?
  • अरकान
  • कथा-दर्शन
  • मिथिला महोत्सव
  • रचनावली
संपादकीयक आरम्भ ‘अरकान’ शब्दक व्याख्यासँ होइत अछि।
1618. अंक ६० मे ‘फा-इ-लुन’ कोन प्रकारक सूचीमे देल अछि?
  • अरकान शामिल पूर्णाक्षर
  • बाल-कथा शीर्षक
  • साक्षात्कार प्रश्न
  • पुरस्कार-नाम
संपादकीयमे ‘अरकान शामिल पूर्णाक्षर’ अंतर्गत फा-इ-लुन देल अछि।
1619. अंक ६० अनुसार १० पूर्णाक्षरी सालिम अरकानसँ कतेक बहर बनैत अछि?
  • १९
  • १०
संपादकीय कहैत अछि जे १० पूर्णाक्षरी सालिम अरकानसँ १९ बहर बनैत अछि।
1620. अंक ६० मे रुक्नक बेर-बेर प्रयोगसँ बनल बहरकेँ की कहल गेल?
  • मुफरद बहर
  • रदीफ
  • मतला
  • अनुष्टुप्
संपादकीयमे मुफरद बहरकेँ रुक्नक बेर-बेर प्रयोगसँ बनल कहल गेल अछि।
1621. अंक ६० अनुसार चारि रुक्नक बहरकेँ की कहल गेल?
  • मुरब्बा
  • मुसद्दस
  • मुसम्मन
  • जगती
संपादकीयमे ४ रुक्नक बहर — मुरब्बा कहल अछि।
1622. अंक ६० अनुसार छह रुक्नक बहरकेँ की कहल गेल?
  • मुसद्दस
  • मुरब्बा
  • मुसम्मन
  • गायत्री
संपादकीयमे ६ रुक्नक बहर — मुसद्दस कहल अछि।
1623. अंक ६० अनुसार आठ रुक्नक बहरकेँ की कहल गेल?
  • मुसम्मन
  • मुरब्बा
  • मुसद्दस
  • त्रिष्टुप्
संपादकीयमे ८ रुक्नक बहर — मुसम्मन कहल अछि।
1624. अंक ६० मे हजज बहरमे कोन रुक्नक प्रयोग बताओल गेल?
  • म फा ई लुन
  • मुस तफ इ लुन
  • फा इ ला तुन
  • फ ऊ लुन
संपादकीय हजज बहरक उदाहरणमे ‘म फा ई लुन’ रुक्न दैत अछि।
1625. अंक ६० मे रजज बहरमे कोन रुक्नक प्रयोग बताओल गेल?
  • मुस तफ इ लुन
  • म फा ई लुन
  • फा इ लुन
  • मफ ऊ ला तु
संपादकीय रजज बहरक उदाहरणमे ‘मुस तफ इ लुन’ रुक्न दैत अछि।

1626. अंक ६० मे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘जीवन संघर्ष’ कोन खण्डमे अछि?
  • गद्य
  • पद्य
  • बालानां कृते
  • प्रवासी खण्ड
विषय-सूचीमे ‘जीवन संघर्ष — जगदीश प्रसाद मंडल’ गद्य खण्डमे अछि।
1627. अंक ६० मे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क नाटक-एकांकी कोन शीर्षकसँ अछि?
  • भैया, अएलै अपन सोराज
  • बेटीक अपमान
  • बोतल राम
  • ललका कपड़ा
गद्य-सूचीमे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क ‘भैया, अएलै अपन सोराज’ नाटक-एकांकी देल अछि।
1628. अंक ६० मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • माता कुमाता न भवति
  • ईमानदार
  • मास्टर साहेब
  • कनिया पूतरा के विवाह
विषय-सूचीमे कुमार मनोज कश्यपक कथा ‘माता कुमाता न भवति’ अछि।
1629. अंक ६० मे सुजीत कुमार झाक कथा कोन अधिकार-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • एकटा अधिकार
  • थाल माटिक पावनि
  • नेपालमे मिथिला राज्य
  • सपथमे मैथिली
गद्य-सूचीमे सुजीत कुमार झाक कथा ‘एकटा अधिकार’ देल अछि।
1630. अंक ६० मे मनोज मुक्तिक लेख ‘अमर शहिद’ रूपमे ककर सपना गणतन्त्र कहल अछि?
  • दुर्गानन्द
  • मायानन्द
  • भालचन्द्र
  • रामरंग
सूचीमे मनोज मुक्तिक ‘अमर शहिद दुर्गानन्द जिनक सपना छल गणतन्त्र’ देल अछि।
1631. अंक ६० मे मनोज मुक्तिक दोसर लेख कोन दिवसक कार्यक्रमपर अछि?
  • मैथिली दिवस
  • मजदूर दिवस
  • विश्व रंगमंच दिवस
  • वेलेण्टाइन डे
गद्य-सूचीमे मनोज मुक्तिक ‘मैथिली दिवसमे विभिन्न कार्यक्रम सम्पन्न’ देल अछि।
1632. अंक ६० मे दुर्गानन्द मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पारस
  • लाल भौजी
  • निमंत्रण
  • पछतावा
गद्य-सूचीमे दुर्गानन्द मंडलक कथा ‘पारस’ अछि।
1633. अंक ६० मे ज्योति सुनीत चौधरीक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जीतक परिभाषा
  • आसमानी आकाश
  • प्रवासी पक्षी
  • मोनक गति
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक ‘जीतक परिभाषा’ अछि।
1634. अंक ६० मे सुमन झा ‘सृजन’क पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कैक्टस जेकाँ दिल
  • जन्मभूमि
  • देखावटी छोड़िदे
  • शान्ति दूत परवा
पद्य-सूचीमे सुमन झा ‘सृजन’क ‘कैक्टस जेकाँ दिल’ देल अछि।
1635. अंक ६० क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे देल अछि?
  • भाग ९
  • भाग ८
  • भाग ७
  • भाग ६
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-PART_IX सूचीबद्ध अछि।

1636. विदेह अंक ६१ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जुलाइ २०१०
  • १५ जून २०१०
  • १५ जुलाइ २०१०
  • ०१ अगस्त २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६१ म अंक ०१ जुलाइ २०१०’ लिखल अछि।
1637. अंक ६१ मे दुर्गानन्द मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पारस
  • अमैआ भार
  • हमर समाज
  • झगड़ा खतम
विषय-सूचीमे दुर्गानन्द मंडलक ‘पारस’ देल अछि।
1638. अंक ६१ मे उमेश मंडलक रचना कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • अमैआ भार
  • कबिलपुरक कथा गोष्ठी
  • निर्मलीसँ जनकपुर धाम
  • गहूमक बोरा
गद्य-सूचीमे उमेश मंडलक ‘अमैआ भार’ अछि।
1639. अंक ६१ मे संजय कुमारक गद्य-रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अनट्रेन्ड घुसखोर
  • झगड़ा खतम
  • ऐना
  • अधिकार
अंक ६१ क सूचीमे संजय कुमारक ‘अनट्रेन्ड घुसखोर’ देल गेल अछि।
1640. अंक ६१ मे जगदीश प्रसाद मंडलक एकांकी कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कल्याणी
  • जीवन-मरन
  • अर्द्धागिनी
  • अतहतह
विषय-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक एकांकी ‘कल्याणी’ सूचीबद्ध अछि।
1641. अंक ६१ मे रमानन्द झा ‘रमण’क लेख कोन गीत-परम्परासँ सम्बन्धित अछि?
  • मैथिली लोक गीतक अवस्था/जनकपुर
  • मिथिला राज्य आन्दोलन
  • मधुश्रावणी
  • विदेह आर्काइव
सूचीमे रमानन्द झा ‘रमण’क ‘मैथिली लोक गीतक अवस्था/जनकपुर’ शीर्षक अछि।
1642. अंक ६१ मे बेचन ठाकुरक नाटकक शीर्षक कोन अछि?
  • बेटीक अपमान
  • बोतल राम
  • भैया, अएलै अपन सोराज
  • ललका कपड़ा
गद्य-सूचीमे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ देल अछि।
1643. अंक ६१ मे रामप्रवेश मंडलक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • झगड़ा खतम
  • मूल-मंत्र
  • फरीछ
  • ऐना
सूचीमे रामप्रवेश मंडल — लघुकथा ‘झगड़ा खतम’ देल अछि।
1644. अंक ६१ मे बृषेश चन्द्र लालक मैथिली कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गोलबा
  • ऐना
  • हमर समाज
  • कनिया पूतरा के विवाह
गद्य-सूचीमे ‘मैथिली कथा - गोलबा - बृषेश चन्द्र लाल’ देल अछि।
1645. अंक ६१ मे बिपिन झाक निबन्ध कोन परम्परा आ आधुनिकताक टकराव/सम्बन्ध उठबैत अछि?
  • गुरुशिष्य परम्परा आओर आधुनिकता
  • हे हृदयेश्वरी
  • किछु पजरैत प्रश्न
  • विषवेलक सिञ्चन
अंक ६१ मे बिपिन झाक निबन्ध ‘गुरुशिष्य परम्परा आओर आधुनिकता’ अछि।

1646. अंक ६१ मे डा. शंकरदेव झाक लेख कोन विस्मृत राजधानीपर अछि?
  • देवकुली
  • जनकपुर
  • दरभंगा
  • सौराठ
विषय-सूचीमे ‘मिथिलाक विस्मृत राजधनी देवकुली’ देल अछि।
1647. अंक ६१ मे जितेन्द्र झाक सामग्रीमे काठमाण्डूस्थित कोन सांस्कृतिक/विवाह-संरचना चर्चित अछि?
  • कोहबर घर
  • सौराठ सभा
  • मिथिला महोत्सव
  • शतरंज प्रतियोगिता
सूचीमे ‘काठमाण्डूमेँ कोहबर घर : वर ने कनिञा तैइयो बढिञा’ शीर्षक अछि।
1648. अंक ६१ मे बीरेन्द्र कुमार यादवक कथा कोन सामाजिक शीर्षकसँ अछि?
  • हमर समाज
  • गोलबा
  • ऐना
  • संगी
विषय-सूचीमे बीरेन्द्र कुमार यादव — कथा ‘हमर समाज’ लिखल अछि।
1649. अंक ६१ मे जीवकान्त आ धीरेन्द्र कुमार दुनू के लेखन कोन उपन्यासपर केन्द्रित अछि?
  • मौलाइल गाछक फूल
  • जीवन संघर्ष
  • नागफाँस
  • बेटीक अपमान
दुनू प्रविष्टिमे जगदीश प्रसाद मंडलक उपन्यास ‘मौलाइल गाछक फूल’ पर सामग्री अछि।
1650. अंक ६१ मे डॉ. शेफालिका वर्मा कोन लघु-विधा मे योगदान देने छथि?
  • एकटा लघुकथा
  • नाटक
  • गजलशास्त्र
  • इतिहास-निबन्ध
सूचीमे डॉ. शेफालिका वर्मा — ‘एकटा लघुकथा’ देल अछि।
1651. अंक ६१ मे नन्द विलास राय केर कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ऐना
  • चौठचन्द्रक दही
  • अधिकार
  • बपौती संपत्ति
गद्य-सूचीमे ‘कथा - नन्द विलास राय - ऐना’ देल अछि।
1652. अंक ६१ मे गंगेश गुंजनक ‘अपन-अपन राधा’ कोन खेपमे अछि?
  • २५म खेप
  • २४म खेप
  • २६म खेप
  • २३म खेप
पद्य-सूचीमे ‘अपन-अपन राधा २५म खेप’ सूचीबद्ध अछि।
1653. अंक ६१ मे ज्योति सुनीत चौधरीक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दूबिक भाग
  • प्रवासी पक्षी
  • जीतक परिभाषा
  • पोखरिक कमल
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘दूबिक भाग’ अछि।
1654. अंक ६१ क बालानां कृते खण्डमे मुन्नी वर्माक लघुकथा-सूचीमे कोन शीर्षक अछि?
  • हमर संस्कार
  • कक्का औ
  • देश
  • बेटा
बाल खण्डमे मुन्नी वर्माक लघुकथा ‘हमर संस्कार’ सूचीबद्ध अछि।
1655. अंक ६१ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे देल अछि?
  • भाग १०
  • भाग ९
  • भाग ११
  • भाग १२
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-PART_X देल अछि।

1656. विदेह अंक ६२ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जुलाइ २०१०
  • ०१ जुलाइ २०१०
  • ०१ अगस्त २०१०
  • १५ अगस्त २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६२ म अंक १५ जुलाइ २०१०’ देल अछि।
1657. अंक ६२ मे प्रेमशंकर सिंहक लेख कोन व्यक्तित्वपर केन्द्रित अछि?
  • सामाजिक विवर्त्तक जीवन झा
  • गुरुशिष्य परम्परा
  • मैथिली लोकगीत
  • मधुश्रावणी
गद्य-सूचीमे प्रेमशंकर सिंह — ‘सामाजिक विवर्त्तक जीवन झा’ अछि।
1658. अंक ६२ मे गजेन्द्र ठाकुरक यूपीएससी सामग्री कोन विषयक पहिल पाठ रूपमे देल गेल?
  • भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान
  • मैथिलीक काल-निर्धारण
  • आदिकालक साहित्य
  • साहित्यक समीक्षा
सूचीमे ‘यू.पी.एस.सी. १ - भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान’ देल अछि।
1659. अंक ६२ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • संगी
  • बपौती संपत्ति
  • ठकहरबा
  • अर्द्धागिनी
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा ‘संगी’ अछि।
1660. अंक ६२ मे बिपिन झाक निबन्ध कोन कटाक्षात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • हे हृदयेश्वरी : एक कटाक्षालोचन
  • गुरुशिष्य परम्परा आ आधुनिकता
  • किछु पजरैत प्रश्न
  • विषवेलक सिञ्चन
विषय-सूचीमे बिपिन झाक ‘हे हृदयेश्वरी : एक कटाक्षालोचन’ अछि।
1661. अंक ६२ मे मुन्ना जीक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अधिकार
  • फरीछ
  • मूल-मंत्र
  • मस्ती
गद्य-सूचीमे मुन्ना जी — ‘अधिकार’ देल अछि।
1662. अंक ६२ मे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ कोन दृश्य धरि पहुँचल अछि?
  • पाँचम दृश्य
  • छठम दृश्य
  • दोसर दृश्य
  • प्रथम दृश्य
सूचीमे ‘बेटीक अपमान - दृश्य पाचिम’ देल अछि।
1663. अंक ६२ मे जितेन्द्र झाक सामग्री विद्यार्थीक कोन प्रवृत्तिपर अछि?
  • विदेशमे भविष्य देखब
  • कोहबर घर
  • मधुश्रावणी
  • राजनीतिक ग्लानि
गद्य-सूचीमे ‘विदेशमे भविष्य देखैत अछि विद्यार्थी’ शीर्षक अछि।
1664. अंक ६२ मे कुसुम ठाकुरक लेख कोन राजनीतिक-सामाजिक मांगपर प्रश्न उठबैत अछि?
  • अलग राज्यक माँग
  • भाषिक लोकलाइजेशन
  • बाल-साहित्य आन्दोलन
  • शतरंज उपलब्धि
विषय-सूचीमे ‘अलग राज्यक माँग कतेक सार्थक!!’ देल अछि।
1665. अंक ६२ मे जगदीश प्रसाद मंडलक दोसर कथा कोन उत्तराधिकार/सम्पत्ति-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • बपौती संप्पति
  • संगी
  • अवतारवाद
  • जीवन-मरन
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा ‘बपौती संप्पति’ सेहो देल अछि।

1666. अंक ६२ मे कुसुम ठाकुर कोन काव्य-रूपमे उपस्थित छथि?
  • हाइकू
  • गजल
  • दोहा
  • नाटक
पद्य-सूचीमे ‘कुसुम ठाकुर - हाइकू’ देल अछि।
1667. अंक ६२ मे इन्द्रभूषण कुमारक कविता कोन सामाजिक कुरीतिपर अछि?
  • दहेज
  • अकाल
  • भ्रष्टाचार
  • जनसंख्या
पद्य-सूचीमे इन्द्रभूषण कुमार — ‘दहेज’ अछि।
1668. अंक ६२ मे रमा कान्त झा सौराठक सामग्री कोन विधामे अछि?
  • गीत
  • लघुकथा
  • आत्मकथा
  • निबन्ध
सूचीमे ‘रमा कान्त झा सौराठ - गीत’ देल अछि।
1669. अंक ६२ मे मृदुला प्रधानक पद्य-सामग्री कोन आत्मानुभवात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • एकटा आपबीती
  • दूबिक भाग
  • पोखरिक कमल
  • कविता
पद्य-सूचीमे मृदुला प्रधान — ‘एकटा आपबीती’ अछि।
1670. अंक ६२ मे मनोज कुमार मंडलक रचना कोन कृषक-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • किसान
  • ट्रेनक चोरबा
  • चारिटा कविता
  • बलि
पद्य-सूचीमे मनोज कुमार मंडल — ‘किसान’ देल अछि।
1671. अंक ६२ मे नन्द विलास राय केर कतेक कविता देल अछि?
  • आठटा
  • चारिटा
  • दूटे
  • छहटा
सूचीमे ‘नन्द विलास रायक आठटा कविता’ लिखल अछि।
1672. अंक ६२ मे कृष्ण कुमार राय ‘किशन’क कविता कोन व्यंग्यात्मक पद-लाभ शीर्षकसँ अछि?
  • हाकिम भऽ गेलाह
  • दहेज, देशक चिन्ता
  • किडनी चोर
  • कक्का औ
पद्य-सूचीमे ‘हाकिम भऽ गेलाह’ देल अछि।
1673. अंक ६२ क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ककर चित्रकला अछि?
  • श्वेता झा चौधरी
  • ज्योति सुनीत चौधरी
  • मुन्नी वर्मा
  • अर्चना कुमर
मिथिला कला-संगीत खण्डमे ‘श्वेता झा चौधरी क चित्रकला’ सूचीबद्ध अछि।
1674. अंक ६२ क बालानां कृते खण्डमे शिव कुमार झाक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • खोंइछक लेल साड़ी
  • देश
  • बेटा
  • चित्र-शृंखला
बाल खण्डमे शिव कुमार झा — ‘खोंइछक लेल साड़ी’ देल अछि।
1675. अंक ६२ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे अछि?
  • भाग ११
  • भाग १०
  • भाग १२
  • भाग १३
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-PART_XI देल अछि।

1676. विदेह अंक ६३ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ अगस्त २०१०
  • १५ जुलाइ २०१०
  • १५ अगस्त २०१०
  • ०१ सितम्बर २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६३ म अंक ०१ अगस्त २०१०’ देल अछि।
1677. अंक ६३ मे शम्भु कुमार सिंहक कथा-निबंध कोन पारिवारिक विषयपर अछि?
  • भाय-बहिनक व्यथा कथा
  • सामाजिक विवर्त्तक जीवन झा
  • मिथिलाक विकास बाधा
  • चहकैत चौक आ कनैत दलान
सूचीमे शम्भु कुमार सिंह — कथा निबंध ‘भाय-बहिनक व्यथा कथा’ देल अछि।
1678. अंक ६३ मे गजेन्द्र ठाकुरक यूपीएससी-२ सामग्री कोन विकास-रेखा बतबैत अछि?
  • संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली
  • केवल आधुनिक मैथिली
  • केवल लोकगीत
  • केवल नाट्य-समीक्षा
विषय-सूचीमे ‘मैथिलीक उत्पत्ति आ विकास (संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली)’ देल अछि।
1679. अंक ६३ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ठकहरबा
  • संगी
  • बपौती संपत्ति
  • अर्द्धागिनी
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा ‘ठकहरबा’ अछि।
1680. अंक ६३ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क समीक्षा विभारानीक कोन नाटकपर अछि?
  • बलचन्दा
  • बेटीक अपमान
  • मिथिलाक बेटी
  • बोतल राम
सूचीमे ‘समीक्षा - विभारानीक नाटक बलचन्दा’ देल अछि।
1681. अंक ६३ मे तारानन्द वियोगीक समीक्षा/लेख सुभाष चन्द्र यादवक कोन कथा-संग्रहपर अछि?
  • बनैत बिगड़ैत
  • मौलाइल गाछक फूल
  • गामक जिनगी
  • किस्त-किस्त जीवन
विषय-सूचीमे सुभाष चन्द्र यादवक नवका कथा-संग्रह ‘बनैत बिगड़ैत’ पर सामग्री अछि।
1682. अंक ६३ मे राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क सामग्री कोन लोकनाट्य/लोकविधासँ सम्बद्ध अछि?
  • जट-जटिन
  • मधुश्रावणी
  • कोहबर घर
  • झूला
गद्य-सूचीमे राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ — ‘जट-जटिन’ देल अछि।
1683. अंक ६३ मे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ कोन दृश्य धरि आगाँ बढ़ल?
  • छठम दृश्य
  • पाँचम दृश्य
  • सातम दृश्य
  • चौठम दृश्य
सूचीमे ‘बेटीक अपमान-(दृश्य छठम)’ लिखल अछि।
1684. अंक ६३ मे धीरेन्द्र कुमारक टिप्पणी जगदीश प्रसाद मंडलक कोन कथा-संग्रहपर अछि?
  • गामक जिनगी
  • मौलाइल गाछक फूल
  • जीवन संघर्ष
  • अवतारवाद
गद्य-सूचीमे ‘गामक जिनगी’ पर धीरेन्द्र कुमारक दू शब्द देल अछि।
1685. अंक ६३ मे राम प्रवेश मंडलक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मूल-मंत्र
  • झगड़ा खतम
  • फरीछ
  • नोरक दू ठोप
विषय-सूचीमे राम प्रवेश मंडल — लघुकथा ‘मूल-मंत्र’ अछि।

1686. अंक ६३ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • फरीछ
  • ईमानदार
  • माता कुमाता न भवति
  • नोरक दू ठोप
गद्य-सूचीमे कुमार मनोज कश्यप — ‘फरीछ’ देल अछि।
1687. अंक ६३ मे जगदीश प्रसाद मंडलक दोसर कथा कोन दाम्पत्य-सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • अर्द्धागिनी
  • ठकहरबा
  • अतहतह
  • जीवन-मरन
विषय-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडल — कथा ‘अर्द्धागिनी’ देल अछि।
1688. अंक ६३ मे इन्द्रभूषण कुमारक कविता कोन उपलब्धि-भावक शीर्षकसँ अछि?
  • सफलता हमर रानी
  • दहेज
  • भ्रष्टाचार
  • अकाल
पद्य-सूचीमे इन्द्रभूषण कुमार — ‘सफलता हमर रानी’ अछि।
1689. अंक ६३ मे विवेकानंद झाक कविता कोन भाव-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • नोर मे अछि बेस संभावना
  • हमर गाम
  • जनसंख्या
  • पावस
सूचीमे विवेकानंद झा — ‘नोर मे अछि बेस संभावना’ देल अछि।
1690. अंक ६३ मे कृष्ण कुमार राय ‘किशन’क विशेष कविता कोन मुद्दापर अछि?
  • कन्या भ्रूण हत्या
  • दहेज
  • अकाल
  • किडनी चोरी
पद्य-सूचीमे ‘कन्या भ्रूण हत्या पर एकटा विशेष - हमरो जीबऽ दिअ’ अछि।
1691. अंक ६३ मे मृदुला प्रधानक कविता कोन स्मृति-सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • ओहि दिन.........
  • एकटा आपबीती
  • कविता
  • पोखरिक कमल
सूचीमे मृदुला प्रधान — ‘ओहि दिन.........’ देल अछि।
1692. अंक ६३ मे ज्योति केर कविता कोन सामाजिक बुराइपर अछि?
  • भ्रष्टाचार
  • जनसंख्या
  • दहेज
  • अकाल
पद्य-सूचीमे ज्योति — कविता ‘भ्रष्टाचार’ अछि।
1693. अंक ६३ मे मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरीक चित्रकला कोन विषयपर अछि?
  • राधाकृष्ण
  • झूला
  • कोहबर घर
  • विद्यापति
मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरीक चित्रकला ‘राधाकृष्ण’ देल अछि।
1694. अंक ६३ क बालानां कृते खण्डमे अर्चना कुमरक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बेटा-१
  • देश
  • खोंइछक लेल साड़ी
  • बच्चा आ व्यवस्था
बाल खण्डमे अर्चना कुमर — ‘बेटा-१’ सूचीबद्ध अछि।
1695. अंक ६३ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे अछि?
  • भाग १२
  • भाग ११
  • भाग १३
  • भाग १४
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-PART_XII देल अछि।

1696. विदेह अंक ६४ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अगस्त २०१०
  • ०१ अगस्त २०१०
  • ०१ सितम्बर २०१०
  • १५ सितम्बर २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६४ म अंक १५ अगस्त २०१०’ देल अछि।
1697. अंक ६४ मे शम्भु कुमार सिंहक सामग्री कोन परीक्षार्थी-उपयोगी साहित्यिक कालपर अछि?
  • मैथिली साहित्यक आदिकाल
  • मैथिली साहित्यक काल-निर्धारण
  • भारोपीय भाषा परिवार
  • लघुकथा विधा
सूचीमे ‘मैथिली साहित्यक आदिकाल’ यू.पी.एस.सी. परीक्षार्थीक हेतु उपयोगी कहल गेल अछि।
1698. अंक ६४ मे गजेन्द्र ठाकुरक यूपीएससी-३ सामग्री कोन विषयक दोसर कड़ी अछि?
  • मैथिलीक उत्पत्ति आ विकास
  • मिथिला कला-संगीत
  • नाटक-इतिहास
  • बाल-साहित्य
गद्य-सूचीमे यूपीएससी-३ अंतर्गत ‘मैथिलीक उत्पत्ति आ विकास’ देल अछि।
1699. अंक ६४ मे धीरेन्द्र प्रेमर्षिक लेख मधुश्रावणीकेँ कोन रूपकसँ व्याख्यायित करैत अछि?
  • मिथिलाक पारम्परिक हनिमून
  • राज्य आन्दोलनक प्रतीक
  • गजलशास्त्रक पाठ
  • कथा-संग्रह समीक्षा
विषय-सूचीमे ‘मधुश्रावणी : मिथिलाक पारम्परिक हनिमून’ शीर्षक अछि।
1700. अंक ६४ मे श्रीमती शेफालिका वर्माक पत्रात्मक आत्मकथा कोन शीर्षकसँ आरम्भ अछि?
  • आखर-आखर प्रीत
  • किस्त-किस्त जीवन
  • नागफाँस
  • बच्चा आ व्यवस्था
सूचीमे ‘आखर-आखर प्रीत (पत्रात्मक आत्मकथा) (क्रमसँ पहिल खेप)’ देल अछि।
1701. अंक ६४ मे बिपिन झाक निबन्ध कोन शीर्षकसँ अछि?
  • चहकैत चौक आ कनैत दलान
  • हे हृदयेश्वरी
  • गुरुशिष्य परम्परा
  • विषवेलक सिञ्चन
गद्य-सूचीमे बिपिन झा — ‘चहकैत चौक आ कनैत दलान’ अछि।
1702. अंक ६४ मे डा. राजेन्द्र विमलक लेख धीरेन्द्र प्रेमर्षिक कोन पक्षपर अछि?
  • सुर-ताल
  • कथा-संग्रह
  • चित्रकथा
  • लघुकथा विधा
विषय-सूचीमे ‘साहित्य–सङ्गम गीतकार धीरेन्द्र प्रेमर्षिक सुर–ताल’ देल अछि।
1703. अंक ६४ मे प्रो. वीणा ठाकुरक समीक्षा कोन उपन्यासपर अछि?
  • जिनगीक जीत
  • मौलाइल गाछक फूल
  • गामक जिनगी
  • बनैत बिगड़ैत
सूचीमे ‘जिनगीक जीत उपन्यासक समीक्षा’ देल अछि।
1704. अंक ६४ मे दुर्गानन्द मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बुढ़िया फूसि
  • पारस
  • अतहतह
  • संगति
गद्य-सूचीमे दुर्गानन्द मंडल — ‘बुढ़िया फूसि’ अछि।
1705. अंक ६४ मे नन्द विलास राय केर कथा कोन पावनि-संबद्ध शीर्षकसँ अछि?
  • चौठचन्द्रक दही
  • ऐना
  • अकाल
  • सभसँ पावन मिथिला धाम
विषय-सूचीमे नन्द विलास राय — कथा ‘चौठचन्द्रक दही’ देल अछि।

1706. अंक ६४ मे जितेन्द्र झाक लेख नव-विवाहिताक लेल कोन पावनि/संस्कारक नव उमंग बतबैत अछि?
  • मधुश्रावणी
  • चौठचन्द्र
  • राखी
  • होरी
सूचीमे ‘नव विवाहिताक लेल नव उमंग लाबए एहन मधुश्रावणि’ शीर्षक अछि।
1707. अंक ६४ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क समीक्षा कोन चित्रकथा-संबद्ध सामग्रीपर अछि?
  • मैथिली चित्रकथा
  • बलचन्दा
  • आखर-आखर प्रीत
  • जिनगीक जीत
गद्य-सूचीमे ‘समीक्षा - मैथिली चित्रकथा’ देल अछि।
1708. अंक ६४ मे जितेन्द्र झाक एक लेख नेपालक कोन अवस्थासँ उपजल भावनापर अछि?
  • राजनीतिक अवस्थासँ उपजल ग्लानि
  • विदेशमे विद्यार्थी भविष्य
  • काठमाण्डू कोहबर घर
  • मधुश्रावणी उमंग
सूचीमे ‘नेपालक राजनीतिक अबस्थासँ उपजल – ग्लानि’ देल अछि।
1709. अंक ६४ मे सुशान्त झाक लेख कोन तीन-स्तरीय सम्बन्ध उठबैत अछि?
  • मैथिली, मैथिल संस्कृति आ मिथिला राज्य
  • कथा, कविता आ नाटक
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी
  • गीत, गजल आ हाइकू
विषय-सूचीमे ‘मैथिली, मैथिल संस्कृति आ मिथिला राज्य’ शीर्षक अछि।
1710. अंक ६४ मे ज्योति सुनीत चौधरीक कविता कोन राष्ट्रीय दिवसपर केन्द्रित अछि?
  • स्वतंत्रता दिवस
  • मैथिली दिवस
  • मजदूर दिवस
  • विश्व रंगमंच दिवस
पद्य-सूचीमे ‘ज्योति सुनीत चौधरी स्वतंत्रता दिवस’ देल अछि।
1711. अंक ६४ मे किशन कारीगरक विशेष कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बीर जबान
  • किडनी चोर
  • हाकिम भऽ गेलाह
  • दहेज
पद्य-सूचीमे ‘स्वतंत्रता दिवस पर एकटा विशेष - बीर जबान’ अछि।
1712. अंक ६४ मे गजेन्द्र ठाकुरक पद्य-सामग्री कतेक रचना रूपमे देल अछि?
  • चारिटा पद्य
  • दूटा पद्य
  • आठटा कविता
  • एकटा गीत
विषय-सूचीमे ‘गजेन्द्र ठाकुर - चारिटा पद्य’ लिखल अछि।
1713. अंक ६४ क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरीक चित्रकला कोन विषयपर अछि?
  • झूला
  • राधाकृष्ण
  • कोहबर घर
  • लोकदेव लोरिक
मिथिला कला-संगीत खण्डमे चित्रकला ‘झूला’ देल अछि।
1714. अंक ६४ क बालानां कृते खण्डमे डॉ. शेफालिका वर्माक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • देश
  • बेटा-१
  • खोंइछक लेल साड़ी
  • बच्चा आ व्यवस्था
बाल खण्डमे डॉ. शेफालिका वर्मा — ‘देश’ सूचीबद्ध अछि।
1715. अंक ६४ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे देल अछि?
  • भाग १३
  • भाग १२
  • भाग १४
  • भाग ११
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-PART_XIII अछि।

1716. विदेह अंक ६५ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ सितम्बर २०१०
  • १५ अगस्त २०१०
  • १५ सितम्बर २०१०
  • ०१ अक्टूबर २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६५ म अंक ०१ सितम्बर २०१०’ देल अछि।
1717. अंक ६५ मे शम्भु कुमार सिंहक लेख कोन साहित्यिक प्रश्नपर अछि?
  • मैथिली साहित्यक काल-निर्धारण
  • मैथिली साहित्यक आदिकाल
  • भाषा परिवार
  • लघुकथा समीक्षा
गद्य-सूचीमे ‘मैथिली साहित्यक काल-निर्धारण’ शीर्षक देल अछि।
1718. अंक ६५ मे गजेन्द्र ठाकुरक यूपीएससी-४ सामग्री कोन विकास-रेखा पर केन्द्रित अछि?
  • मैथिलीक उत्पत्ति आ विकास
  • मैथिली नाटकक इतिहास
  • मिथिला राज्य आन्दोलन
  • बाल-साहित्य सिद्धान्त
विषय-सूचीमे यूपीएससी-४ अंतर्गत ‘मैथिलीक उत्पत्ति आ विकास’ देल अछि।
1719. अंक ६५ मे धीरेन्द्र कुमारक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अहींक लेल
  • हमहूँ कहाँ बुझलियै
  • संगति
  • नोरक दू ठोप
गद्य-सूचीमे धीरेन्द्र कुमार — कथा ‘अहींक लेल’ अछि।
1720. अंक ६५ मे बचेश्वर झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • संगति
  • अहींक लेल
  • मस्ती
  • पारस
सूचीमे बचेश्वर झा — कथा ‘संगति’ देल अछि।
1721. अंक ६५ मे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘अतहतह’ कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • कथा शेषांश
  • नाटकक आरम्भ
  • गीत-संग्रह
  • बालकथा
विषय-सूचीमे ‘अतहतह कथा शेषांश’ लिखल अछि।
1722. अंक ६५ मे श्रीमती शेफालिका वर्माक ‘आखर-आखर प्रीत’ कोन खेपमे अछि?
  • दोसर खेप
  • पहिल खेप
  • तेसर खेप
  • चौठम खेप
सूचीमे ‘आखर-आखर प्रीत’क ‘क्रमसँ दोसर खेप’ देल अछि।
1723. अंक ६५ मे प्रो. वीणा ठाकुरक सामग्री कोन महाकवि-श्रद्धांजलिसँ जुड़ल अछि?
  • मार्कण्डेय प्रवासी
  • विद्यापति
  • हरिमोहन झा
  • मायानन्द मिश्र
गद्य-सूचीमे ‘महाकवि मार्कण्डेय प्रवासी श्रद्धांजलि’ देल अछि।
1724. अंक ६५ मे मुन्नाजीक लेख कोन विधाक अछोप बनल रहबाक प्रश्न उठबैत अछि?
  • मैथिली लघुकथा
  • गजल
  • चित्रकथा
  • रेडियो-रूपक
सूचीमे ‘किएक अछोप बनल अछि मैथिली लघुकथा विधा’ शीर्षक अछि।
1725. अंक ६५ मे कपिलेश्वर राउतक लेख कोन विकास-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • मिथिलाक विकास बाधा
  • अलग राज्यक माँग
  • विदेशमे भविष्य
  • नेपालक राजनीतिक ग्लानि
गद्य-सूचीमे ‘मिथिलाक विकास बाधा’ देल अछि।

1726. अंक ६५ मे राज नाथ मिश्रक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मस्ती
  • अहींक लेल
  • नोरक दू ठोप
  • संगति
गद्य-सूचीमे राज नाथ मिश्र — कथा ‘मस्ती’ देल अछि।
1727. अंक ६५ मे कुमार मनोज कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • नोरक दू ठोप
  • फरीछ
  • ईमानदार
  • माता कुमाता न भवति
सूचीमे कुमार मनोज कश्यप — कथा ‘नोरक दू ठोप’ अछि।
1728. अंक ६५ मे अरविन्द ठाकुरक सामग्री कोन लोकदेव-द्वयपर अछि?
  • भीम केवट आ लोरिक
  • विद्यापति आ चन्दा झा
  • जनक आ याज्ञवल्क्य
  • गोनू झा आ सलहेस
गद्य-सूचीमे ‘लोकदेव भीम केवट’ आ ‘लोकदेव लोरिक’ देल अछि।
1729. अंक ६५ मे बिपिन कुमार झाक लेख कोन शीर्षकसँ अछि?
  • विषवेलक सिञ्चन
  • हे हृदयेश्वरी
  • किछु पजरैत प्रश्न
  • गुरुशिष्य परम्परा
विषय-सूचीमे बिपिन कुमार झा — ‘विषवेलक सिञ्चन’ देल अछि।
1730. अंक ६५ मे विद्यानन्द झा ‘विदू’क कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • हमर मिथिला
  • अकाल
  • किडनी चोर
  • पोखरिक कमल
पद्य-सूचीमे विद्यानन्द झा (विदू) — ‘हमर मिथिला’ अछि।
1731. अंक ६५ मे ज्योति सुनीत चौधरीक पद्य कोन जल-वनस्पति-सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • पोखरिक कमल
  • दूबिक भाग
  • स्वतंत्रता दिवस
  • दिल्ली दूर अछि
सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘पोखरिक कमल’ देल अछि।
1732. अंक ६५ मे सतीश चन्द्र झाक पद्य-सामग्री कोन दू विषय पर अछि?
  • चुनाव / भाषा आ राजनीति
  • दहेज / देशक चिन्ता
  • भ्रष्टाचार / जनसंख्या
  • राखी / मधुश्रावणी
पद्य-सूचीमे ‘चुनाव / भाषा आ राजनीति’ लिखल अछि।
1733. अंक ६५ मे किशन कारीगरक कविता कोन अपराध-सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • किडनी चोर
  • बीर जबान
  • हाकिम भऽ गेलाह
  • दहेज
विषय-सूचीमे किशन कारीगर — ‘किडनी चोर’ अछि।
1734. अंक ६५ क बालानां कृते खण्डमे डॉ. शेफालिका वर्माक कोन दू विषय देल अछि?
  • बच्चा आ व्यवस्था / देश-प्रेम
  • बेटा-१ / देश
  • खोंइछक लेल साड़ी / करैलाक मीठ गुण
  • चित्र-शृंखला / प्रेरक कथा
बाल खण्डमे ‘बच्चा आ व्यवस्था / देश-प्रेम’ सूचीबद्ध अछि।
1735. अंक ६५ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन भाग रूपमे अछि?
  • भाग १४
  • भाग १३
  • भाग १२
  • भाग ११
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-PART_XIV देल अछि।

1736. विदेह अंक ६६ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ सितम्बर २०१०
  • ०१ सितम्बर २०१०
  • ०१ अक्टूबर २०१०
  • १५ अक्टूबर २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६६ म अंक १५ सितम्बर २०१०’ देल अछि।
1737. अंक ६६ मे शम्भु कुमार सिंहक यूपीएससी-उपयोगी लेख कोन विषयपर अछि?
  • मैथिलीक प्रमुख उपभाषाक क्षेत्र आ विशेषता
  • मैथिली साहित्यक आदिकाल
  • बाल काव्यधारा
  • कथा-समीक्षाशास्त्र
विषय-सूचीमे शम्भु कुमार सिंहक लेख मैथिलीक प्रमुख उपभाषा, क्षेत्र आ विशेषतापर देल अछि।
1738. अंक ६६ मे साकेतानन्दक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • आछे दिन पाछे गए
  • परिणीता
  • बाबाधाम
  • मइटुग्गर
गद्य-सूचीमे साकेतानन्दक कथा ‘आछे दिन पाछे गए’ सूचीबद्ध अछि।
1739. अंक ६६ मे प्रो. वीणा ठाकुरक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • परिणीता
  • बाबाधाम
  • अबकी बेर फतंग
  • आछे दिन पाछे गए
सूचीमे प्रो. वीणा ठाकुरक कथा ‘परिणीता’ अछि।
1740. अंक ६६ मे अनमोल झाक कथा कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • अबकी बेर फतंग
  • बाबाधाम
  • कब्जियत दूर भगाउ
  • सिद्ध महावीर
गद्य-सूचीमे अनमोल झाक कथा ‘अबकी बेर फतंग’ देल अछि।
1741. अंक ६६ मे नन्द विलास राय केर कथा कोन धार्मिक-स्थान संकेत करैत शीर्षकसँ अछि?
  • बाबाधाम
  • परिणीता
  • आछे दिन पाछे गए
  • मइटुग्गर
सूचीमे नन्द विलास राय — कथा ‘बाबाधाम’ लिखल अछि।
1742. अंक ६६ मे बेचन ठाकुरक नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बेटीक अपमान
  • बलचन्दा
  • प्रगतिक रहस्य
  • पथ दर्शन
गद्य-सूचीमे नाटक ‘बेटीक अपमान’ — बेचन ठाकुर देल अछि।
1743. अंक ६६ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क समीक्षा-सम्बन्धी सामग्री कोन कृतिक संग जुड़ल अछि?
  • कुरूक्षेत्रम् अन्तर्मनक आ अर्चिस
  • मिथिला हस्तशिल्प
  • बाला काव्यधारा
  • जी.बी. रोड
सूचीमे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क ‘कुरूक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ आ ‘अर्चिस’ सम्बन्धी समीक्षा देल अछि।
1744. अंक ६६ मे नवेन्दु कुमार झाक एक लेख कोन राजनीतिक अभियानसँ जुड़ल अछि?
  • राहुलक मिशन बिहार
  • मिथिला हस्तशिल्प
  • बाल दिवस समारोह
  • साहित्य अकादेमी समारोह
विषय-सूचीमे ‘राहुलक मिशन बिहारसँ बढ़ल सत्ता आ विपक्षक परेशानी’ शीर्षक अछि।
1745. अंक ६६ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क हास्य-कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कब्जियत दूर भगाउ
  • बाबाधाम
  • आछे दिन पाछे गए
  • सिद्ध महावीर
गद्य-सूचीमे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ — हास्य-कथा ‘कब्जियत दूर भगाउ’ देल अछि।

1746. अंक ६६ मे गजेन्द्र ठाकुरक दूटा कथा मे कोन युग्म देल अछि?
  • शब्दशास्त्रम् आ सिद्ध महावीर
  • परिणीता आ बाबाधाम
  • मइटुग्गर आ विरासत
  • कुरूक्षेत्रम् आ अर्चिस
सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक दूटा कथा ‘शब्दशास्त्रम्’ आ ‘सिद्ध महावीर’ देल अछि।
1747. अंक ६६ मे जगदीश प्रसाद मंडलक दीर्घ कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मइटुग्गर
  • परिणीता
  • बाबाधाम
  • आछे दिन पाछे गए
विषय-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक दीर्घ कथा ‘मइटुग्गर’ अछि।
1748. अंक ६६ मे बिपिन कुमार झाक लेख कोन संरक्षण-विषयक प्रश्न उठबैत अछि?
  • विरासत केर संरक्षण केकर उत्तरदायित्व?
  • मैथिलीक उपभाषा
  • दिल्लीक कोठाक सत
  • लघुकथा लेखनक अवरोध
गद्य-सूचीमे ‘विरासत केर संरक्षण केकर उत्तरदायित्व?’ शीर्षक देल अछि।
1749. अंक ६६ मे बसंत झाक रचना कोन लोक-आस्थासँ सम्बद्ध शीर्षकसँ अछि?
  • उगना
  • करिया झुम्मरि
  • विद्वान
  • स्मृति-शेष
सूचीमे बसंत झाक ‘उगना’ शीर्षक अछि।
1750. अंक ६६ मे कालीकांत झा ‘बूच’क पद्य-सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • आगाँ
  • कपीश वंदना
  • मातृवंदना
  • चारिटा पद्य
पद्य-सूचीमे कालीकांत झा ‘बूच’ — ‘आगाँ’ देल अछि।
1751. अंक ६६ मे ज्योति सुनीत चौधरीक कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • विचित्र श्रद्धा
  • बचपन
  • प्रजातन्त्रक खेल
  • मिथिलांचलक रूपान्तरण
सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘विचित्र श्रद्धा’ अछि।
1752. अंक ६६ मे मृदुला प्रधानक पद्य कोन गणतंत्र-संबद्ध प्रश्नपर अछि?
  • कतय गेल गणतंत्र-दिवस
  • कहू वागमती
  • ई त बूझू
  • बचपन
पद्य-सूचीमे मृदुला प्रधान — ‘कतय गेल गणतंत्र-दिवस’ देल अछि।
1753. अंक ६६ क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरीक चित्रकला कोन शीर्षकसँ अछि?
  • करिया झुम्मरि
  • दुर्गापूजा
  • काली माँ
  • पनिभरनी
मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरी — ‘करिया झुम्मरि’ देल अछि।
1754. अंक ६६ क गद्य-पद्य भारती खण्डमे ‘लघ्वी’ सँ मैथिली रूपान्तर के कएलनि?
  • डॉ. योगानन्द झा
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा
  • ज्योति झा चौधरी
  • श्वेता झा चौधरी
सूचीमे डॉ. मिथिलेश कुमारी मिश्रक संस्कृत लघुकथा-संग्रह ‘लघ्वी’ सँ मैथिली रूपान्तर डॉ. योगानन्द झा द्वारा देल अछि।
1755. अंक ६६ क बालानां कृते खण्डमे अर्चना कुमरक दादीसँ सुनल कथा-पुनर्लेखन कोन शीर्षक-युग्मसँ अछि?
  • आस आ विद्वान-१
  • राहुलजी एक नजरिमे आ स्मृति-शेष
  • मूर्ख राजा आ ओकर बेटा
  • बेटी आ चुट्टी
बाल खण्डमे अर्चना कुमरक ‘आस’ आ ‘विद्वान-१’ दादीसँ सुनल कथाक पुनर्लेखन रूपमे देल अछि।

1756. विदेह अंक ६७ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ अक्टूबर २०१०
  • १५ सितम्बर २०१०
  • १५ अक्टूबर २०१०
  • ०१ नवम्बर २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६७ म अंक ०१ अक्टूबर २०१०’ देल अछि।
1757. अंक ६७ मे शम्भु कुमार सिंहक सामग्री कोन परीक्षार्थी-वर्ग लेल उपयोगी संकलन कहल गेल?
  • यूपीएससी मैथिली प्रथम पत्र
  • बाल साहित्य परीक्षा
  • नाट्य प्रशिक्षण
  • चित्रकला प्रतियोगिता
विषय-सूचीमे ‘यू.पी.एस.सी. (मैथिली) प्रथम पत्रक परीक्षार्थी हेतु उपयोगी संकलन’ अछि।
1758. अंक ६७ मे मुन्नाजीक गप्प-सप्प के संग भेल?
  • डॉ. तारानन्द वियोगी
  • डॉ. योगानन्द झा
  • प्रो. वीणा ठाकुर
  • रामभरोस कापड़ि भ्रमर
सूचीमे ‘मैथिली लघुकथाक सशक्त हस्ताक्षर डॉ. तारानन्द वियोगीसँ मुन्नाजीक भेल गप्प-सप्प’ देल अछि।
1759. अंक ६७ मे देवशंकर नवीनक लेख कोन विधा-समस्या पर केन्द्रित अछि?
  • लघुकथा लेखन मे अवरोधक तत्व
  • मैथिली उपन्यासक ग्रामीण चित्रण
  • बाल काव्यधारा
  • मिथिला हस्तशिल्प
गद्य-सूचीमे देवशंकर नवीन — ‘लघुकथा लेखन मे अवरोधक तत्व’ अछि।
1760. अंक ६७ क पेटार खण्डमे कोन बाहरी/विश्व-साहित्य लेखकक नाम मैथिली अनुवाद/संग्रह-संदर्भमे आएल?
  • खलील जिब्रान
  • विलियम शेक्सपीयर
  • टी.एस. इलियट
  • दोस्तोएव्स्की
पेटार-सूचीमे खलील जिब्रान सहित कई लेखकक नाम देल गेल अछि।
1761. अंक ६७ मे अमरनाथक लघुकथा-सामग्री कतेक संख्या रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • पाँचटा लघुकथा
  • चारिटा लघुकथा
  • दूटा लघुकथा
  • तीनटा लघुकथा
सूचीमे अमरनाथ — ‘पाँचटा लघुकथा’ देल अछि।
1762. अंक ६७ मे चण्डेश्वर खाँक लघुकथा-सामग्री कतेक संख्या रूपमे अछि?
  • चारिटा लघुकथा
  • पाँचटा लघुकथा
  • दूटा लघुकथा
  • एकटा लघुकथा
विषय-सूचीमे चण्डेश्वर खाँ — ‘चारिटा लघुकथा’ लिखल अछि।
1763. अंक ६७ मे ऋषि वशिष्ठक सामग्री कतेक लघुकथा रूपमे देल अछि?
  • दूटा लघुकथा
  • पाँचटा लघुकथा
  • चारिटा लघुकथा
  • आठटा लघुकथा
लघुकथा-सूचीमे ऋषि वशिष्ठ — ‘दूटा लघुकथा’ अछि।
1764. अंक ६७ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • फूसि नै बाजू
  • गाम आबू
  • नोकरी
  • प्रेम
सूचीमे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ — ‘फूसि नै बाजू’ देल अछि।
1765. अंक ६७ मे नवनीत कुमार झाक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गाम आबू
  • बुरबक
  • नबका पीढ़ी
  • राम-कथाक समापन
लघुकथा-सूचीमे नवनीत कुमार झा — ‘गाम आबू’ अछि।

1766. अंक ६७ मे दुर्गानन्द मंडलक लघुकथा कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • किसना मुट्ठी
  • कलियुगक निर्णय
  • नोकरी
  • मूरही-कचरी
सूचीमे दुर्गानन्द मंडल — ‘किसना मुट्ठी’ अछि।
1767. अंक ६७ मे कपिलेश्वर राउतक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कलियुगक निर्णय
  • किसना मुट्ठी
  • प्रेम
  • आनक बड़ाइ
लघुकथा-सूचीमे कपिलेश्वर राउत — ‘कलियुगक निर्णय’ देल अछि।
1768. अंक ६७ मे धीरेन्द्र कुमारक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • राम-कथाक समापन
  • लाट साहेबक किरानी
  • बुरबक
  • नोकरी
सूचीमे धीरेन्द्र कुमार — ‘राम-कथाक समापन’ अछि।
1769. अंक ६७ मे राम प्रवेश मंडलक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बुरबक
  • प्रेम
  • नोकरी
  • आनक बड़ाइ
लघुकथा-सूचीमे राम प्रवेश मंडल — ‘बुरबक’ देल अछि।
1770. अंक ६७ मे गंगेश गुंजनक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • लाट साहेबक किरानी
  • गाम आबू
  • प्रेम
  • मूरही-कचरी
सूचीमे गंगेश गुंजन — ‘लाट साहेबक किरानी’ अछि।
1771. अंक ६७ मे डॉ. शेफालिका वर्माक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • आनक बड़ाइ
  • नोकरी
  • प्रेम
  • कलियुगक निर्णय
लघुकथा-सूचीमे डॉ. शेफालिका वर्मा — ‘आनक बड़ाइ’ देल अछि।
1772. अंक ६७ मे किशन कारीगरक लघुकथा कोन खाद्य-संकेतक शीर्षकसँ अछि?
  • मूरही-कचरी
  • किसना मुट्ठी
  • बुरबक
  • प्रेम
सूचीमे किशन कारीगर — ‘मूरही-कचरी’ अछि।
1773. अंक ६७ मे रामाकान्त राय ‘रमा’क पोथी-समीक्षा कोन उपन्यासपर केन्द्रित अछि?
  • मौलाइल गाछक फूल
  • मइटुग्गर
  • परिणीता
  • बाबाधाम
समीक्षा-सूचीमे ‘मौलाइल गाछक फूल’ पर रामाकान्त राय ‘रमा’क पोथी समीक्षा देल अछि।
1774. अंक ६७ मे गजेन्द्र ठाकुरक लेख लघुकथा केँ कोन बृहत्तर साहित्यिक संदर्भमे राखैत अछि?
  • गद्य साहित्य मध्य लघुकथाक स्थान आ समीक्षाशास्त्र
  • बाल-कविता धारा
  • उपन्यासमे ग्रामीण चित्रण
  • मिथिला हस्तशिल्प कला
सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘गद्य साहित्य मध्य लघुकथाक स्थान आ लघुकथाक समीक्षाशास्त्र’ देल अछि।
1775. अंक ६७ मे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क प्रतिवेदन कोन स्थानक मैथिली लोक-संस्कृति संगोष्ठी पर अछि?
  • राजविराज
  • जनकपुर
  • दिल्ली
  • दरभंगा
विषय-सूचीमे ‘राजविराजमे मैथिली लोक संस्कृति संगोष्ठी सम्पन्न’ देल अछि।

1776. विदेह अंक ६८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अक्टूबर २०१०
  • ०१ अक्टूबर २०१०
  • ०१ नवम्बर २०१०
  • १५ नवम्बर २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६८ म अंक १५ अक्टूबर २०१०’ देल अछि।
1777. अंक ६८ मे विनीत उत्पलक रिपोर्टाज कोन दिल्ली-स्थित स्थानक कठोर सामाजिक सतपर केन्द्रित अछि?
  • जी.बी. रोडक कोठा
  • राजविराजक संगोष्ठी
  • जनकपुरक कोजागरा
  • इर्लिंग आर्ट ग्रुप
गद्य-सूचीमे ‘की अछि दिल्लीक जी.बी. रोडक कोठाक सत’ शीर्षक देल अछि।
1778. अंक ६८ मे गजेन्द्र ठाकुरक लेख मैथिली उपन्यासपर कोन साहित्यिक प्रभाव जाँचैत अछि?
  • अंग्रेजी साहित्यक प्रभाव
  • संस्कृत महाकाव्यक प्रभाव
  • फारसी गजल-परम्परा
  • लोकगीतक प्रभाव
विषय-सूचीमे ‘मैथिली उपन्यासपर अंग्रेजी साहित्यक प्रभाव’ देल अछि।
1779. अंक ६८ मे सुजीत कुमार झाक लेख कोन शैक्षिक क्षेत्रमे मैथिली पढाइक प्रभावशीलता पर अछि?
  • अनौपचारिक शिक्षा
  • विश्वविद्यालय शोध
  • नाटक प्रशिक्षण
  • चित्रकला शिक्षा
सूचीमे ‘अनौपचारिक शिक्षामे मैथिली पढाइकेँ हिसाब सँ प्रभावकारी’ शीर्षक अछि।
1780. अंक ६८ मे सुमित आनन्दक लेख कोन भाषणमालासँ जुड़ल अछि?
  • आचार्य रमानाथ झा आ प्रो. तंत्रनाथ झा भाषणमाला-२०१०
  • साहित्य अकादेमी विशेष समारोह
  • सुरेन्द्र झा सुमन जयन्ती
  • बाल दिवस समारोह
गद्य-सूचीमे ‘आचार्य रमानाथ झा आ प्रो. तंत्रनाथ झाक भाषणमाला-२०१०’ देल अछि।
1781. अंक ६८ मे श्रीमती शेफालिका वर्माक पत्रात्मक आत्मकथा कोन शीर्षकसँ चलि रहल अछि?
  • आखर-आखर प्रीत
  • मूर्ख राजा आ ओकर बेटा
  • बेटी
  • जीवनक अनमोल क्षण
सूचीमे ‘आखर-आखर प्रीत (पत्रात्मक आत्मकथा)’ देल अछि।
1782. अंक ६८ मे विपिन झाक लेख कोन विचारधारात्मक प्रसंग उठबैत अछि?
  • समसामयिक सन्दर्भमे गाँधीविचारक महत्ता
  • लघुकथा लेखनक अवरोध
  • मिथिला हस्तशिल्प कला
  • नेपालमे कथाक विकास
विषय-सूचीमे ‘समसामयिक सन्दर्भ मे गाँधीविचारक महत्ता’ अछि।
1783. अंक ६८ मे भवनाथ झाक सामग्री कोन सूक्ष्म कथा-विधामे देल अछि?
  • दूटा विहनि कथा / लघुकथा
  • दीर्घ उपन्यास
  • नाटक समीक्षा
  • बाल चित्रकथा
सूचीमे भवनाथ झा — ‘दूटा विहनि कथा (लघुकथा)’ देल अछि।
1784. अंक ६८ मे ज्योति सुनीत चौधरीक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • घर दिसका रस्ता
  • उत्ताप
  • पानिमे खेती
  • उजड़ल खोंता
गद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — विहनि कथा ‘घर दिसका रस्ता’ अछि।
1785. अंक ६८ मे बीनू भाइ केर कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • उत्ताप
  • घर दिसका रस्ता
  • मइटूगर
  • एलेक्शनक भूत
सूचीमे बीनू भाइ — कथा ‘उत्ताप’ देल अछि।

1786. अंक ६८ मे गिरीश चन्द्र लालक कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • नील आकाश
  • बचपन
  • मातृवंदना
  • लिखैत रही
पद्य-सूचीमे गिरीश चन्द्र लाल — ‘नील आकाश’ अछि।
1787. अंक ६८ मे रमा कान्त झाक दू रचना मे एक कोन कश्मीर-संबद्ध शीर्षक अछि?
  • की होइत अछि कश्मीरमे आब
  • कहू वागमती
  • नेन्ना तेतरी
  • प्रजातन्त्रक खेल
सूचीमे रमा कान्त झाक ‘की होइत अछि कश्मीरमे आब’ देल अछि।
1788. अंक ६८ मे ज्योति सुनीत चौधरीक पद्य कोन स्मृति-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • बचपन
  • विचित्र श्रद्धा
  • घर दिसका रस्ता
  • प्रयास वा पलायन
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘बचपन’ अछि।
1789. अंक ६८ मे कालीकांत झा ‘बूच’क पद्य कोन वंदना शीर्षकसँ अछि?
  • मातृवंदना
  • कपीश वंदना
  • आगाँ
  • चारिटा पद्य
विषय-सूचीमे कालीकांत झा ‘बूच’ — ‘मातृवंदना’ देल अछि।
1790. अंक ६८ मे किशन कारीगरक कविता कोन साहित्यिक आग्रह शीर्षकसँ अछि?
  • लिखैत रही
  • गलचोटका बर
  • मूरही-कचरी
  • किडनी चोर
पद्य-सूचीमे किशन कारीगर — ‘लिखैत रही’ अछि।
1791. अंक ६८ मे गंगेश गुंजनक रचना कोन शैली-सूचक टिप्पणीसँ देल अछि?
  • गजल जेकाँ किछु: मैथिलीमे
  • चारिटा पद्य
  • दूटा बाल कविता
  • कपीश वंदना
सूचीमे गंगेश गुंजनक ‘गजल जेकाँ किछु: मैथिलीमे’ देल अछि।
1792. अंक ६८ क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरीक चित्रकला कोन पर्वपर अछि?
  • दुर्गापूजा
  • करिया झुम्मरि
  • काली माँ
  • पनिभरनी
मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरी — ‘दुर्गापूजा’ देल अछि।
1793. अंक ६८ क बालानां कृते खण्डमे डॉ. शेफालिका वर्माक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मूर्ख राजा आ ओकर बेटा
  • १४ नवम्बर
  • बेटी
  • स्मृति-शेष
बाल खण्डमे डॉ. शेफालिका वर्मा — ‘मूर्ख राजा आ ओकर बेटा’ अछि।
1794. अंक ६८ क प्रवासी खण्डमे ‘नागफाँस’ कोन रूपमे देल अछि?
  • समापन भाग
  • भाग १४
  • भाग १३
  • भाग १२
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे NAAGPHAANS-CONCLUDING PART देल अछि।
1795. अंक ६८ क प्रवासी खण्डमे कालीकांत झा ‘बूच’क मौलिक मैथिली कविताक अंग्रेजी अनुवाद के कएलनि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • डॉ. जया वर्मा
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा
  • डॉ. योगानन्द झा
प्रवासी खण्डमे कालीकांत झा ‘बूच’क मैथिली कविताक अंग्रेजी अनुवाद ज्योति झा चौधरी द्वारा देल अछि।

1796. विदेह अंक ६९ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ नवम्बर २०१०
  • १५ अक्टूबर २०१०
  • १५ नवम्बर २०१०
  • ०१ दिसम्बर २०१०
अंक शीर्षकमे ‘६९ म अंक ०१ नवम्बर २०१०’ देल अछि।
1797. अंक ६९ मे देवशंकर नवीनक विहनि कथा-युग्ममे कोन शीर्षक शामिल अछि?
  • बिलाड़ि आ मोटर साइकिल
  • घर दिसका रस्ता आ उत्ताप
  • पानिमे खेती आ उजड़ल खोंता
  • दोहरी मारि आ नानीक खिस्सा
सूचीमे देवशंकर नवीनक ‘बिलाड़ि’ आ ‘मोटर साइकिल’ देल अछि।
1798. अंक ६९ मे डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’क लेख कोन क्षेत्रक मैथिली कथा-विकासपर अछि?
  • नेपाल
  • दिल्ली
  • बिहार विधान सभा
  • सिंगापुर
विषय-सूचीमे ‘नेपालमे मैथिली कथाक विकास ओ प्रवृत्ति’ देल अछि।
1799. अंक ६९ मे जगदीश प्रसाद मंडलक लेख मैथिली उपन्यास-साहित्यमे कोन पक्षपर केन्द्रित अछि?
  • ग्रामीण चित्रण
  • दलित पात्रक चित्रण
  • बाल काव्यधारा
  • अंग्रेजी साहित्यक प्रभाव
सूचीमे ‘मैथिली उपन्यास साहित्यमे ग्रामीण चित्रण’ देल अछि।
1800. अंक ६९ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क लेख मैथिली उपन्यास-साहित्यमे कोन पात्र-वर्ग पर केन्द्रित अछि?
  • दलित पात्रक चित्रण
  • ग्रामीण चित्रण
  • बाल कलाकार
  • नेपाली कथाकार
विषय-सूचीमे ‘मैथिली उपन्यास साहित्यमे दलित पात्रक चित्रण’ देल अछि।
1801. अंक ६९ मे रमाकान्त राय ‘रमा’क लेख कोन महाकविक नव गीतक पुरोधा रूपपर अछि?
  • महाकवि प्रवासी
  • विद्यापति
  • हरिमोहन झा
  • चन्दा झा
गद्य-सूचीमे ‘नव गीतक पुरोधा: महाकवि प्रवासी’ अछि।
1802. अंक ६९ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ कोन पुस्तक/विषयक समीक्षा करैत छथि?
  • समकालीन मैथिली कविता
  • मैथिली चित्रकथा
  • मौलाइल गाछक फूल
  • कुरूक्षेत्रम् अन्तर्मनक
सूचीमे ‘समकालीन मैथिली कविता’क समीक्षा देल अछि।
1803. अंक ६९ मे ज्योति सुनीत चौधरीक रिपोर्टाज कोन कला-समूहक वार्षिक प्रदर्शनीपर अछि?
  • इर्लिंग आर्ट ग्रुप
  • मिथिला हस्तशिल्प समूह
  • साहित्य अकादेमी
  • चेतना समिति
रिपोर्टाज-सूचीमे ‘इर्लिंग आर्ट ग्रुपक 95 वाॅ वार्षिक कला प्रदर्शनी’ देल अछि।
1804. अंक ६९ मे उमेश मंडलक रिपोर्टाज कोन कथा-श्रवण प्रसंगपर अछि?
  • सगर राति श्रोता कथा-सागरमे डुबकी
  • जनकपुर कोजागरा महोत्सव
  • तीन चरणक मतदान
  • सुमन जयन्ती
सूचीमे ‘सगर राति श्रोता कथा-सागरमे डुबकी लगेलन्हि’ देल अछि।
1805. अंक ६९ मे सुजीत कुमार झाक रिपोर्टाज कोन जनकपुर उत्सवपर अछि?
  • कोजागरा महोत्सव
  • बाल दिवस
  • दुर्गापूजा
  • काली माँ
विषय-सूचीमे ‘जनकपुरमे कोजागरा महोत्सव’ देल अछि।

1806. अंक ६९ मे ज्योति सुनीत चौधरीक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पानिमे खेती
  • घर दिसका रस्ता
  • उजड़ल खोंता
  • घमंडक फल
गद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — विहनि कथा ‘पानिमे खेती’ अछि।
1807. अंक ६९ मे कुमार मनोज कश्यपक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • उजड़ल खोंता
  • पानिमे खेती
  • घमंडक फल
  • एलेक्शनक भूत
सूचीमे कुमार मनोज कश्यप — विहनि कथा ‘उजड़ल खोंता’ देल अछि।
1808. अंक ६९ मे नबोनारायण मिश्रक विहनि कथा कोन नीति-परक शीर्षकसँ अछि?
  • घमंडक फल
  • उजड़ल खोंता
  • पानिमे खेती
  • परिणीता
गद्य-सूचीमे नबोनारायण मिश्र — ‘घमंडक फल’ देल अछि।
1809. अंक ६९ मे राजदेव मंडलक कथा कोन चुनावी-मानसिकता शीर्षकसँ अछि?
  • एलेक्शनक भूत
  • मइटूगर
  • परिणीता
  • दोहरी मारि
सूचीमे राजदेव मंडल — कथा ‘एलेक्शनक भूत’ अछि।
1810. अंक ६९ मे प्रो. वीणा ठाकुरक कथा कोन शीर्षकसँ आगाँ बढ़ल अछि?
  • परिणीता
  • मइटूगर
  • एलेक्शनक भूत
  • बिलाड़ि
गद्य-सूचीमे प्रो. वीणा ठाकुर — ‘परिणीता (आगाँ)’ देल अछि।
1811. अंक ६९ मे सतीश चन्द्र झाक पद्य कोन बाल-स्वर संकेत करैत शीर्षकसँ अछि?
  • नेन्ना तेतरी
  • प्रजातन्त्रक खेल
  • गलचोटका बर
  • हमर गाम
पद्य-सूचीमे सतीश चन्द्र झा — ‘नेन्ना तेतरी’ देल अछि।
1812. अंक ६९ मे ज्योति सुनीत चौधरीक कविता कोन लोकतांत्रिक विषयपर अछि?
  • प्रजातन्त्रक खेल
  • मिथिलांचलक रूपान्तरण
  • बचपन
  • प्रयास वा पलायन
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘प्रजातन्त्रक खेल’ अछि।
1813. अंक ६९ मे राम बिलास साहुक पद्य कोन व्यंग्यात्मक राजनीतिक शीर्षकसँ अछि?
  • चौवनिया नेता
  • नेन्ना तेतरी
  • गलचोटका बर
  • हमर गाम
सूचीमे राम बिलास साहु — ‘चौवनिया नेता’ देल अछि।
1814. अंक ६९ क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरीक चित्रकला कोन देवी-विषयक अछि?
  • काली माँ
  • दुर्गापूजा
  • पनिभरनी
  • करिया झुम्मरि
मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरी — ‘काली माँ’ देल अछि।
1815. अंक ६९ क प्रवासी खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली लघुकथा ‘तस्कर’ कोन रूपमे देल अछि?
  • लेखक द्वारा अंग्रेजीमे पुनर्लिखित
  • डॉ. योगानन्द झा द्वारा संस्कृत रूपान्तर
  • बाल कविता रूपमे
  • चित्रकथा रूपमे
प्रवासी खण्डमे Maithili Short-story ‘Tashkar’ by Gajendra Thakur re-written in English by the author himself देल अछि।

1816. विदेह अंक ७० कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ नवम्बर २०१०
  • ०१ नवम्बर २०१०
  • ०१ दिसम्बर २०१०
  • १५ अक्टूबर २०१०
अंक शीर्षकमे ‘७० म अंक १५ नवम्बर २०१०’ देल अछि।
1817. अंक ७० मे देवांशु वत्सक चित्रकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्रगतिक रहस्य
  • कंप्यूटरक खेल
  • नानीक खिस्सा
  • दोहरी मारि
गद्य-सूचीमे देवांशु वत्स — ‘प्रगतिक रहस्य - चित्रकथा’ देल अछि।
1818. अंक ७० मे शेफालिका वर्माक बाल-संदर्भित रचना कोन तिथिसँ सम्बद्ध अछि?
  • १४ नवम्बर
  • १५ अगस्त
  • २६ जनवरी
  • ०१ मई
सूचीमे शेफालिका वर्मा — ‘१४ नवम्बर’ देल अछि।
1819. अंक ७० मे भावना नवीनक रचना कोन नेना-भुटका शीर्षकसँ अछि?
  • हमर प्रिये नेना भुटका
  • कंप्यूटरक खेल
  • नानीक खिस्सा
  • बबलू बनबय छक्का-सत्ता
गद्य-सूचीमे भावना नवीन — ‘हमर प्रिये नेना भुटका’ अछि।
1820. अंक ७० मे शबनम श्रीक रचना कोन आधुनिक उपकरण-संदर्भसँ अछि?
  • कंप्यूटरक खेल
  • प्रगतिक रहस्य
  • नानीक खिस्सा
  • पथ दर्शन
सूचीमे शबनम श्री — ‘कंप्यूटरक खेल’ देल अछि।
1821. अंक ७० मे विनीत उत्पलक लेख कोन फिल्म-संबद्ध प्रश्न उठबैत अछि?
  • कतय गेल फिल्मक बाल कलाकार
  • जी.बी. रोडक कोठाक सत
  • बाल काव्यधारा
  • हस्तशिल्प सम्भावना
विषय-सूचीमे ‘कतय गेल फिल्मक बाल कलाकार’ शीर्षक अछि।
1822. अंक ७० मे प्रोफेसर प्रेमशंकर सिंहक लेख मैथिली साहित्यक कोन धारा पर अछि?
  • बाल काव्यधारा
  • लघुकथा विधा
  • उपन्यासमे दलित पात्र
  • गाँधी विचार
गद्य-सूचीमे ‘मैथिली बाल काव्यधारा’ देल अछि।
1823. अंक ७० मे अनिल गौतमक वार्तालाप के संग अछि?
  • तारानन्द वियोगी
  • रामभरोस कापड़ि भ्रमर
  • ज्योति सुनीत चौधरी
  • शेफालिका वर्मा
सूचीमे ‘तारानन्द वियोगीक संग अनिल गौतमक वार्तालाप’ देल अछि।
1824. अंक ७० मे साहित्य अकादेमीक विशेष समारोहमे ककर वक्तव्य सूचीबद्ध अछि?
  • तारानन्द वियोगी
  • श्वेता झा चौधरी
  • बिपिन कुमार झा
  • भावना नवीन
विषय-सूचीमे साहित्य अकादेमीक विशेष समारोहमे तारानन्द वियोगीक वक्तव्य देल अछि।
1825. अंक ७० मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दोहरी मारि
  • मइटूगर
  • एलेक्शनक भूत
  • प्रगतिक रहस्य
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडल — कथा ‘दोहरी मारि’ अछि।

1826. अंक ७० मे बिपिन कुमार झाक लेख कोन राजनीतिक प्रसंगसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलांचल आ बिहार चुनाव
  • नेपालमे कथा-विकास
  • गाँधी विचार
  • उपन्यासक ग्रामीण चित्रण
गद्य-सूचीमे बिपिन कुमार झा — ‘मिथिलांचल आ बिहार चुनाव’ देल अछि।
1827. अंक ७० मे सुमित आनन्दक लेख भारत-नेपालक कोन कलाक्षेत्रक सम्भावना पर अछि?
  • मिथिला हस्तशिल्प कला
  • मैथिली बाल काव्यधारा
  • फिल्मक बाल कलाकार
  • कंप्यूटरक खेल
सूचीमे ‘भारत-नेपालक मिथिला हस्तशिल्प कलामे असीम सम्भावना’ देल अछि।
1828. अंक ७० मे ज्योति सुनीत चौधरीक गद्य-रचना कोन पारिवारिक कथन-परम्परा शीर्षकसँ अछि?
  • नानीक खिस्सा
  • हमर प्रिये नेना भुटका
  • पथ दर्शन
  • किछु बालकथा
गद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘नानीक खिस्सा’ अछि।
1829. अंक ७० मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क सामग्री कतेक बाल कथा रूपमे अछि?
  • ३टा बाल कथा
  • दूटा बाल कथा
  • पाँचटा बाल कथा
  • एकटा बाल कथा
सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’ — ‘३टा बाल कथा’ देल अछि।
1830. अंक ७० मे मुन्नाजीक बाल-संबद्ध रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पथ दर्शन
  • प्रगतिक रहस्य
  • कंप्यूटरक खेल
  • चुट्टी
गद्य-सूचीमे मुन्नाजी — ‘पथ दर्शन’ अछि।
1831. अंक ७० मे जीवकान्तक बाल-पद्य मे कोन खेल-संबद्ध शीर्षक अछि?
  • बबलू बनबय छक्का-सत्ता
  • चुट्टी
  • उल्लूक शिकारी
  • बेटी
पद्य-सूचीमे जीवकान्त — ‘बबलू बनबय छक्का-सत्ता’ देल अछि।
1832. अंक ७० मे राजेश मोहन झाक पद्य कोन अवकाश-सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • चुट्टी
  • बेटी
  • पनिभरनी
  • प्रयास वा पलायन
सूचीमे राजेश मोहन झा — ‘चुट्टी’ अछि।
1833. अंक ७० मे रमाकान्त राय ‘रमा’क बाल कविता कोन पक्षी-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • उल्लूक शिकारी
  • बाबाक रोपल गाछ सिनुरिया
  • बेटी
  • बबलू बनबय छक्का-सत्ता
पद्य-सूचीमे रमाकान्त राय रमा — बाल कविता ‘उल्लूक शिकारी’ देल अछि।
1834. अंक ७० क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरीक चित्रकला कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पनिभरनी
  • काली माँ
  • दुर्गापूजा
  • करिया झुम्मरि
मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरी — ‘पनिभरनी’ देल अछि।
1835. अंक ७० क प्रवासी खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘शब्दशास्त्रम्’ कोन रूपमे देल अछि?
  • लेखक द्वारा अंग्रेजीमे पुनर्लिखित मैथिली लघुकथा
  • संस्कृत लघुकथाक मैथिली रूपान्तर
  • बाल-कविता रूपमे
  • चित्रकथा रूपमे
प्रवासी खण्डमे Maithili Short-story ‘shabdashastram’ by Gajendra Thakur re-written in English by the author himself देल अछि।

1836. विदेह अंक ७१ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ दिसम्बर २०१०
  • १५ दिसम्बर २०१०
  • ०१ जनवरी २०११
  • १५ नवम्बर २०१०
अंक शीर्षकमे ७१म अंकक तिथि ०१ दिसम्बर २०१० देल अछि।
1837. अंक ७१ मे श्रीमती शेफालिका वर्माक पत्रात्मक आत्मकथा कोन शीर्षकसँ आगाँ बढ़ल?
  • आखर-आखर प्रीत
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री
  • चुनचुन मिश्र
  • प्रदेश केर विकास
गद्य-सूचीमे शेफालिका वर्माक ‘आखर-आखर प्रीत’ पत्रात्मक आत्मकथा रूपमे आगाँ देल अछि।
1838. अंक ७१ मे विनीत उत्पलक दीर्घकथा कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री
  • नाह आओर जिनगी
  • बाप
  • अइना
विनीत उत्पलक दीर्घकथा ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री’ गद्य-सूचीमे देल अछि।
1839. अंक ७१ मे रामकृष्ण मंडल ‘छोटू’क कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बाप
  • अइना
  • ध्वनि-प्रतिध्वनि
  • कौआक मैनजन
गद्य-सूचीमे रामकृष्ण मंडल ‘छोटू’क कथा ‘बाप’ रूपमे अछि।
1840. अंक ७१ मे नन्द विलाश राय केर कथा कोन शीर्षकसँ देल गेल?
  • अइना
  • बाप
  • नाह आओर जिनगी
  • कौआक मैनजन
सूचीमे नन्द विलाश राय — कथा ‘अइना’ देल अछि।
1841. अंक ७१ मे सुजीतकुमार झाक संस्मरण कोन व्यक्तित्वसँ सम्बद्ध अछि?
  • चुनचुन मिश्र
  • विद्यापति
  • गंगेश गुंजन
  • डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’
गद्य-सूचीमे सुजीतकुमार झाक संस्मरण ‘चुनचुन मिश्र’ नामसँ देल अछि।
1842. अंक ७१ मे जगदीश प्रसाद मंडलक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कौआक मैनजन
  • ध्वनि-प्रतिध्वनि
  • नाह आओर जिनगी
  • प्रदेश केर विकास
जगदीश प्रसाद मंडलक विहनि कथा ‘कौआक मैनजन’ रूपमे सूचीबद्ध अछि।
1843. अंक ७१ मे ज्योतिक विहनि कथा कोन श्रव्य-प्रतिध्वनि संकेतक शीर्षकसँ अछि?
  • ध्वनि-प्रतिध्वनि
  • कौआक मैनजन
  • बाप
  • अइना
ज्योतिक एकटा विहनि कथा ‘ध्वनि-प्रतिध्वनि’ शीर्षकसँ अछि।
1844. अंक ७१ मे बिपिन कुमार झाक लेख कोन सार्वजनिक विषयपर आलोचनात्मक चिन्तन करैत अछि?
  • प्रदेश केर विकास
  • मैथिली नाटकक विकास
  • मिथिला चित्रकला
  • बाललोककथा
शीर्षक ‘प्रदेश केर विकास : एक चिन्तन’ विकास-सन्दर्भक आलोचनात्मक अभिव्यक्ति बतबैत अछि।
1845. अंक ७१ मे जितेन्द्र झाक योगदान कोन सांस्कृतिक-ज्ञान परियोजनासँ जुड़ल अछि?
  • महाकवि विद्यापति अक्षयकोष
  • मैथिली रेडियो नाटक
  • मिथिला हस्तशिल्प
  • बाल कविता संचयन
गद्य-सूचीमे जितेन्द्र झाक ‘महाकवि विद्यापति अक्षयकोष’ देल अछि।

1846. अंक ७१ मे बेचन ठाकुरक नाटक कोन शीर्षकसँ जारी अछि?
  • बेटीक अपमान
  • रिहर्सल
  • जरैत मोमबत्ती
  • एकटा आर महाभिनिष्क्रमण
गद्य-सूचीमे बेचन ठाकुरक नाटक ‘बेटीक अपमान’ देल अछि।
1847. अंक ७१ मे डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’क कविता कोन सांस्कृतिक संकटक प्रश्न उठबैत शीर्षकसँ अछि?
  • संस्कृति कतऽ जाइ
  • सौंसे बिहार एखनो बेहाल
  • कोशीमे समाएल जिनगी
  • घुरना मोन पड़ैए
पद्य-सूचीमे ‘संस्कृति कतऽ जाइ’ शीर्षक संस्कृति-संबंधी चिन्ताक संकेत दैत अछि।
1848. अंक ७१ मे गंगेश गुंजनक पद्य कोन भक्तिपरक/पौराणिक सम्बोधनसँ अछि?
  • आउ हनुमान
  • राधा
  • हाइकू
  • कहिया धरि उदासी
पद्य-सूचीमे गंगेश गुंजन — ‘आउ हनुमान’ देल अछि।
1849. अंक ७१ मे राजदेव मंडलक सामग्री कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • किछु कविता
  • नाटक समीक्षा
  • बाल लोककथा
  • गद्य कविता
पद्य खण्डमे राजदेव मंडलक ‘किछु कविता’ देल अछि।
1850. अंक ७१ मे ज्योति सुनीत चौधरीक योगदान कोन कला-विधासँ सम्बद्ध अछि?
  • मिथिला चित्रकला
  • गद्य समीक्षा
  • रेडियो नाटक
  • बाललोककथा
पद्य/कला-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक ‘मिथिला चित्रकला’ देल अछि।
1851. अंक ७१ मे राजेश मोहन झाक कविता कोन स्मृति-प्रधान शीर्षकसँ अछि?
  • घुरना मोन पड़ैए
  • सौंसे बिहार एखनो बेहाल
  • कोशीमे समाएल जिनगी
  • कहिया धरि उदासी
पद्य-सूचीमे राजेश मोहन झा — ‘घुरना मोन पड़ैए’ देल अछि।
1852. अंक ७१ मे सतीश चन्द्र झाक कविता कोन सामाजिक-राजनीतिक स्थिति पर संकेत करैत अछि?
  • सौंसे बिहार एखनो बेहाल
  • कहिया धरि उदासी
  • राधा
  • हाइकू
शीर्षक ‘सौंसे बिहार एखनो बेहाल’ सार्वजनिक स्थिति पर आलोचनात्मक स्वर सूचित करैत अछि।
1853. अंक ७१ मे रामविलास साहुक कविता कोन बाढ़/आपदा-संकेतक शीर्षकसँ अछि?
  • कोशीमे समाएल जिनगी
  • सौंसे बिहार एखनो बेहाल
  • घुरना मोन पड़ैए
  • राधा
पद्य-सूचीमे रामविलास साहु — ‘कोशीमे समाएल जिनगी’ देल अछि।
1854. अंक ७१ मे भाषापाक/रचना-लेखन खण्डक कोष-उद्यम कोन स्वरूपमे प्रस्तुत अछि?
  • मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली सर्च-डिक्शनरी
  • हस्तलिखित शब्द-सूची मात्र
  • नाटक-संवाद कोश
  • बालगीत-संग्रह
भाषापाक खण्डमे इंटरनेटपर सर्च-डिक्शनरी रूपमे मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख अछि।
1855. अंक ७१ क प्रवासी खण्डमे ‘शब्दशास्त्रम्’ कोन रूपमे देल अछि?
  • लेखक द्वारा अंग्रेजीमे पुनर्लिखित मैथिली लघुकथा
  • संस्कृतसँ मैथिली अनुवाद
  • चित्रकथा रूपान्तरण
  • बाल कविता
प्रवासी खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘shabdashastram’ लेखक द्वारा अंग्रेजीमे पुनर्लिखित रूपमे सूचीबद्ध अछि।

1856. विदेह अंक ७२ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ दिसम्बर २०१०
  • ०१ दिसम्बर २०१०
  • ०१ जनवरी २०११
  • १५ जनवरी २०११
अंक शीर्षकमे ७२म अंकक तिथि १५ दिसम्बर २०१० देल अछि।
1857. अंक ७२ मे किशन कारीगरक हास्य रेडियो नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • आब मानि जाउ ने
  • रिहर्सल
  • जरैत मोमबत्ती
  • केसर
गद्य-सूचीमे किशन कारीगरक ‘आब मानि जाउ ने’ एकटा हास्य रेडियो नाटक रूपमे देल अछि।
1858. अंक ७२ मे रविभूषण पाठकक नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • रिहर्सल
  • आब मानि जाउ ने
  • जरैत मोमबत्ती
  • डॉक्टर फॉस्टस
सूचीमे रविभूषण पाठक — नाटक ‘रिहर्सल’ अछि।
1859. अंक ७२ मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क लेख मैथिली नाटकक विकासमे ककर योगदान पर अछि?
  • आनंद जी
  • विद्यापति
  • गंगेश गुंजन
  • किशन कारीगर
गद्य-सूचीमे ‘मैथिली नाटकक विकासमे आनंद जीक योगदान’ देल अछि।
1860. अंक ७२ मे गजेन्द्र ठाकुरक चारिटा अंग्रेजी नाटक सूचीमे कोन समूह अछि?
  • डॉक्टर फॉस्टस, सैमसन एगोनिस्टेस, मर्डर इन द कैथेड्रल आ स्ट्राइफ
  • हैमलेट, ओथेलो, मैकबेथ आ किंग लियर
  • रिहर्सल, केसर, जरैत मोमबत्ती आ राधा
  • मोहनदास, गामक जिनगी, सूर्यमुखी आ वनभोज
सूचीमे डॉक्टर फॉस्टस, सैमसन एगोनिस्टेस, मर्डर इन द कैथेड्रल आ स्ट्राइफ नामक अंग्रेजी नाटक देल अछि।
1861. अंक ७२ मे प्रकाश चन्द्रक लेख/सामग्री कोन रंगमंचीय पक्षसँ जुड़ल अछि?
  • प्रयोग एकांकीक रंगमंचीय प्रयोग
  • मैथिली बाल काव्यधारा
  • उद्योग समूह
  • मिथिला चित्रकला
गद्य-सूचीमे ‘प्रयोग एकांकीक रंगमंचीय प्रयोग’ देल अछि।
1862. अंक ७२ मे धीरेन्द्र कुमारक एकांकी कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जरैत मोमबत्ती
  • एकटा आर महाभिनिष्क्रमण
  • केसर
  • आब मानि जाउ ने
सूचीमे धीरेन्द्र कुमार — एकांकी ‘जरैत मोमबत्ती’ अछि।
1863. अंक ७२ मे डॉ. शेफालिका वर्माक एकांकी कोन शीर्षकसँ अछि?
  • एकटा आर महाभिनिष्क्रमण
  • जरैत मोमबत्ती
  • केसर
  • रिहर्सल
गद्य-सूचीमे डॉ. शेफालिका वर्मा — एकांकी ‘एकटा आर महाभिनिष्क्रमण’ देल अछि।
1864. अंक ७२ मे ज्योति सुनीत चौधरीक एकांकी कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • केसर
  • रिहर्सल
  • जरैत मोमबत्ती
  • आत्मबल
सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक एकांकी ‘केसर’ अछि।
1865. अंक ७२ मे सुजीत कुमार झाक लेख कोन भाषिक-राजनीतिक घटना पर केन्द्रित अछि?
  • बिहारोमे मैथिली—मिथिलाक विधायक सभ मैथिलीमे सपथ लेलन्हि
  • भारत-नेपाल रेल लाइन
  • उद्योग समूहक स्थापना
  • बाल कलाकारक सिनेमा
शीर्षक मैथिलीमे शपथ लेनिहार मिथिलाक विधायकसभक प्रसंग केँ दर्ज करैत अछि।

1866. अंक ७२ मे उमेश मंडलक प्रतिवेदन कोन कथा-गोष्ठीपर अछि?
  • सुपौलक कथा गोष्ठी : ४ दिसम्बर २०१०
  • जनकपुरमे पागे पाग
  • राजविराज लोक-संस्कृति संगोष्ठी
  • ईलिंग आर्ट प्रदर्शनी
सूचीमे ‘सुपौलक कथा गोष्ठी : ४ दिसम्बर २०१०’ शीर्षक उमेश मंडलक नामसँ देल अछि।
1867. अंक ७२ मे विनीत उत्पलक दीर्घकथा कोन भाग रूपमे देल गेल?
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री — दोसर भाग
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री — पाँचम भाग
  • मइटुग्गर — पहिल भाग
  • मोहनदास — अनुवाद
गद्य-सूचीमे विनीत उत्पलक दीर्घकथा ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री — दोसर भाग’ देल अछि।
1868. अंक ७२ मे अकलेश मंडलक लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • टीटनेस
  • किसानक पूजी
  • परिश्रमक भीख
  • आत्मबल
सूचीमे अकलेश मंडल — लघुकथा ‘टीटनेस’ अछि।
1869. अंक ७२ मे कपिलेश्वर राउतक कथा कोन कृषक-अर्थव्यवस्था संकेतक शीर्षकसँ अछि?
  • किसानक पूजी
  • टीटनेस
  • आत्मबल
  • परिश्रमक भीख
गद्य-सूचीमे कपिलेश्वर राउत — कथा ‘किसानक पूजी’ देल अछि।
1870. अंक ७२ मे राम विलास साहुक लघुकथा कोन श्रम-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • परिश्रमक भीख
  • किसानक पूजी
  • टीटनेस
  • आत्मबल
राम विलास साहुक लघुकथा ‘परिश्रमक भीख’ शीर्षक श्रम आ विवशता दुनू संकेत करैत अछि।
1871. अंक ७२ मे भारत भूषण झाक कथा कोन आत्मबल-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • आत्मबल
  • किसानक पूजी
  • सैण्टाक अस्तित्व
  • उंटा-पुनटा
गद्य-सूचीमे भारत भूषण झा — कथा ‘आत्मबल’ देल अछि।
1872. अंक ७२ मे डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’क पद्य सामग्री कोन रूपमे देल अछि?
  • दूटा गजल
  • तीनटा पद्य
  • बाल कविता
  • राधा-खेप
पद्य-सूचीमे डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’क ‘दूटा गजल’ देल अछि।
1873. अंक ७२ मे ज्योति सुनीत चौधरीक कविता कोन आधुनिक लोक-कल्पना विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • सैण्टाक अस्तित्व
  • हम छी आजुक नेता
  • साहित्यक विदूषक
  • माँ गई माँ
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘सैण्टाक अस्तित्व’ देल अछि।
1874. अंक ७२ मे रूपेश कुमार झा ‘त्योंथ’क कविता कोन राजनीतिक-आत्मकथन शीर्षकसँ अछि?
  • हम छी आजुक नेता
  • साहित्यक विदूषक
  • सैण्टाक अस्तित्व
  • मीता हमरा मोन पड़ैए
सूचीमे रूपेश कुमार झा ‘त्योंथ’ — ‘हम छी आजुक नेता’ देल अछि।
1875. अंक ७२ क प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मैथिली कविता केँ अंग्रेजीमे के अनुवाद केलनि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • शेफालिका वर्मा
  • संजिव कुमार वर्मा
  • विनीत उत्पल
प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मैथिली कविताक अंग्रेजी अनुवाद ज्योति झा चौधरी द्वारा सूचीबद्ध अछि।

1876. विदेह अंक ७३ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जनवरी २०११
  • १५ दिसम्बर २०१०
  • १५ जनवरी २०११
  • ०१ फरवरी २०११
अंक शीर्षकमे ७३म अंकक तिथि ०१ जनवरी २०११ देल अछि।
1877. अंक ७३ मे जगदीश प्रसाद मंडलक सामग्री मे कोन दीर्घकथा आ एकांकी साथ-साथ सूचीबद्ध अछि?
  • मइटुग्गर आ समझौता
  • बेटीक अपमान आ रिहर्सल
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री आ केसर
  • आत्मबल आ लेबर पेन
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘मइटुग्गर’ दीर्घकथा आ ‘समझौता’ एकांकी देल अछि।
1878. अंक ७३ मे बेचन ठाकुरक नाटक कोन शीर्षकसँ गतांशसँ आगाँ बढ़ल?
  • बेटीक अपमान
  • रिहर्सल
  • जरैत मोमबत्ती
  • केसर
सूचीमे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमानक गतांशसँ आगाँ’ देल अछि।
1879. अंक ७३ मे रमाकान्त राय ‘रमा’क लेख कोन साहित्यिक-संस्थागत विषयपर अछि?
  • मैथिल पत्र-पत्रिका : समस्या ओ समाधान
  • मैथिली चित्रकथा
  • प्रदेशमे उद्योग समूह
  • जाति व्यवस्था
गद्य-सूचीमे ‘मैथिल पत्र-पत्रिका : समस्या ओ समाधान’ देल अछि।
1880. अंक ७३ मे प्रदीप बिहारीक दूटा विहनि कथा कोन शीर्षक-युग्मसँ अछि?
  • सत्संगी–थापड़
  • लेबर पेन–मैथिल बियाह
  • आत्मबल–विदेशी बाबू
  • दूटा कथा–कथा गोष्ठी
सूचीमे प्रदीप बिहारीक दू गोट विहनि कथा ‘सत्संगी’ आ ‘थापड़’ अछि।
1881. अंक ७३ मे लक्ष्मी दासक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बूड़िबकक बूड़िबक
  • लेबर पेन
  • मैथिल बियाह
  • विदेशी बाबू
गद्य-सूचीमे लक्ष्मी दास — विहनि कथा ‘बूड़िबकक बूड़िबक’ देल अछि।
1882. अंक ७३ मे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक यायावरी लेख कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मलिक भाय केर फुटपाथी चिंतन
  • नेपालक राष्ट्रपति नेपाली प्रेम
  • अभिनव वर्ष
  • उपटैत गाम बसाओत बाबा
सूचीमे डॉ. कैलाश कुमार मिश्र — ‘यायावरी—मलिक भाय केर फुटपाथी चिंतन’ देल अछि।
1883. अंक ७३ मे नवेन्दु कुमार झाक लेख भारत-नेपाल सम्बन्धक कोन अवसंरचना विषय उठबैत अछि?
  • रेल लाइनसँ जुड़त भारत आ नेपाल
  • मिथिलांचलमे उद्योग समूह
  • जाति व्यवस्था
  • नेपालक राष्ट्रपति नेपाली प्रेम
शीर्षक ‘रेल लाइनसँ जुड़त भारत आ नेपाल’ सीमा-पार अवसंरचना पर केन्द्रित अछि।
1884. अंक ७३ मे नवेन्दु कुमार झाक दोसर लेख भारतीय समाजक कोन संरचनात्मक समस्या पर अछि?
  • जाति व्यवस्था
  • बाल काव्यधारा
  • चित्रकथा
  • मशीन अनुवाद
सूचीमे ‘भारतीय सामाजिक व्यवस्थामे आइयो जीवन्त अछि जाति व्यवस्था’ देल अछि।
1885. अंक ७३ मे उद्योग-विकास सम्बन्धी रिपोर्ट कोन क्षेत्रक नूतन उद्योग-संभावना बतबैत अछि?
  • मिथिलांचल
  • कोलकाता
  • उत्तराखण्ड
  • सिंगापुर
शीर्षकमे ‘मिथिलांचलमे सेहो लागत नव उद्योग’ कहि उद्योग समूहक प्रसंग देल अछि।

1886. अंक ७३ मे ‘हम पुछैत छी’ खण्डमे मुन्नाजी ककर-ककर सँ गप्प करैत छथि?
  • जगदीश प्रसाद मंडल, राजदेव मंडल, कुमार शैलेन्द्र आ अमरनाथ
  • शेफालिका वर्मा, ज्योति चौधरी, अनमोल झा आ गौरीनाथ
  • किशन कारीगर, प्रकाश चन्द्र, धीरेन्द्र कुमार आ रविभूषण पाठक
  • बिपिन झा, विनीत उत्पल, सुजीत झा आ कैलाश मिश्र
सूचीमे मुन्नाजीक प्रश्न-उत्तर खण्डमे ई चारि नाम देल अछि।
1887. अंक ७३ मे भारत भूषण झाक कथा कोन शीर्षकक शेषांश रूपमे अछि?
  • आत्मबल
  • बेमेल विवाह
  • विदेशी बाबू
  • लेबर पेन
गद्य-सूचीमे भारत भूषण झा — कथा ‘आत्मबल’क शेषांश देल अछि।
1888. अंक ७३ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क विहनि कथा कोन श्रम-पीड़ा शीर्षकसँ अछि?
  • लेबर पेन
  • बेमेल विवाह
  • मैथिल बियाह
  • विदेशी बाबू
सूचीमे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ — विहनि कथा ‘लेबर पेन’ अछि।
1889. अंक ७३ मे मनोज कुमार मंडलक कथा कोन विवाह-समस्या पर अछि?
  • बेमेल विवाह
  • मैथिल बियाह
  • विदेशी बाबू
  • आत्मबल
गद्य-सूचीमे मनोज कुमार मंडल — कथा ‘बेमेल विवाह’ देल अछि।
1890. अंक ७३ मे ज्योतिक विहनि कथा कोन सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • मैथिल बियाह
  • लेबर पेन
  • विदेशी बाबू
  • सत्संगी
सूचीमे ज्योति — विहनि कथा ‘मैथिल बियाह’ अछि।
1891. अंक ७३ मे मिथिलेश मंडलक कथा कोन प्रवास/परदेस-संकेतक शीर्षकसँ अछि?
  • विदेशी बाबू
  • मैथिल बियाह
  • बेमेल विवाह
  • लेबर पेन
गद्य-सूचीमे मिथिलेश मंडल — कथा ‘विदेशी बाबू’ देल अछि।
1892. अंक ७३ मे डॉ. अभयधारी सिंहक पद्य कोन नववर्षीय शीर्षकसँ अछि?
  • अभिनव वर्ष
  • राधा
  • उपटैत गाम बसाओत बाबा
  • नेपालक राष्ट्रपति नेपाली प्रेम
पद्य-सूचीमे डॉ. अभयधारी सिंह — ‘अभिनव वर्ष’ देल अछि।
1893. अंक ७३ मे जगदीश प्रसाद मंडलक आलोचनात्मक लेख कोन विषयपर अछि?
  • मैथिली उपन्यास साहित्यमे ग्रामीण चित्रण
  • मैथिली नाटकक विकास
  • बाललोककथा
  • यान्त्रिक अनुवाद
सूचीमे ‘मैथिली उपन्यास साहित्यमे ग्रामीण चित्रण’ शीर्षक देल अछि।
1894. अंक ७३ मे रमेशक गद्य-कविता कोन दार्शनिक-साहित्यिक नामसँ जुड़ल अछि?
  • डॉ. काञ्चीनाथ झा ‘किरण’क नामक अद्वैत मीमांसा
  • महाकवि विद्यापति अक्षयकोष
  • मलिक भायक फुटपाथी चिंतन
  • कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक
गद्य-कविता सूचीमे ‘डॉ. काञ्चीनाथ झा ‘किरण’क नामक अद्वैत मीमांसा’ देल अछि।
1895. अंक ७३ मे सुजीतकुमार झाक लेख कोन नेपाल-सम्बद्ध राजनीतिक-सांस्कृतिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • नेपालक राष्ट्रपति नेपाली प्रेम
  • रेल लाइनसँ भारत-नेपाल जोड़ब
  • जाति व्यवस्था
  • उद्योग समूह
सूचीमे ‘नेपालक राष्ट्रपतिक नेपाली प्रेम’ शीर्षक देल अछि।

1896. विदेह अंक ७४ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनवरी २०११
  • ०१ जनवरी २०११
  • ०१ फरवरी २०११
  • १५ फरवरी २०११
अंक शीर्षकमे ७४म अंकक तिथि १५ जनवरी २०११ देल अछि।
1897. अंक ७४ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क समीक्षा-समूहमे कोन कविता-संचयन प्रमुखतासँ उल्लिखित अछि?
  • मैथिली कविता संचयन
  • मोहनदास
  • गामक जिनगी
  • सूर्यमुखी
समीक्षा-सूचीमे ‘मैथिली कविता संचयन’क संग आन कृतिसभक उल्लेख अछि।
1898. अंक ७४ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क समीक्षा-समूहमे ‘गोनू झा’ कोन रूपमे आएल?
  • मैथिली चित्रकथा
  • हास्य रेडियो नाटक
  • बाल लोककथा
  • उपन्यास
सूचीमे ‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’ समीक्षा-समूहमे देल अछि।
1899. अंक ७४ मे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक पोथी समीक्षा कोन शीर्षकपर अछि?
  • जीवन संघर्ष
  • मैथिली कविता संचयन
  • रमनगर कथा
  • गजलक साक्ष्य
गद्य-सूचीमे डॉ. कैलाश कुमार मिश्र — पोथी समीक्षा ‘जीवन संघर्ष’ देल अछि।
1900. अंक ७४ मे रमेशक लेख प्रो. मायानन्द मिश्रक कोन कथा पर केन्द्रित अछि?
  • रमनगर
  • बाप
  • कतौ नै
  • हिमदूत
सूचीमे ‘प्रो. मायानन्द मिश्रक रमनगर कथामे लागल “मुदा”...’ शीर्षक देल अछि।
1901. अंक ७४ मे मंत्रेश्वर झाक लेख जगदीश प्रसाद मंडल केँ कोन आलोचनात्मक विशेषणसँ देखैत अछि?
  • चरित्र चित्रणक वाजीगर
  • गजलक साक्षी
  • बालकवि
  • भाषा-प्रौद्योगिकीकार
शीर्षक ‘चरित्र चित्रणक वाजीगर—जगदीश प्रसाद मंडल’ अछि।
1902. अंक ७४ मे विनीत उत्पलक दीर्घकथा कोन रूपमे जारी अछि?
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री — आगाँ
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री — पाँचम भाग
  • मोहनदास — अनुवाद
  • मइटुग्गर
गद्य-सूचीमे विनीत उत्पलक दीर्घकथा ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री — आगाँ’ रूपमे देल अछि।
1903. अंक ७४ मे मुन्नाजीक भेंटवार्ता कोन साहित्यकार सँ अछि?
  • दुर्गानन्द मंडल
  • तारानन्द वियोगी
  • आनंद जी
  • गंगेश गुंजन
सूचीमे मुन्नाजीक भेंटवार्ता श्री दुर्गानन्द मंडलजी सँ देल अछि।
1904. अंक ७४ मे दुर्गानन्द मंडल केँ भेंटवार्ता शीर्षकमे कोन-कोन रूपमे चिन्हित कएल गेल?
  • शब्दक जादूगर, मैथिली समीक्षाक प्रखर दृष्टिदर्शी आ फरिछाएल कथाकार
  • केवल बालकवि
  • केवल अनुवादक
  • केवल चित्रकार
भेंटवार्ता शीर्षक स्वयं दुर्गानन्द मंडल केँ शब्दक जादूगर, समीक्षक आ कथाकार रूपमे देखबैत अछि।
1905. अंक ७४ मे वीणा ठाकुरक ‘गोनू झा’ सामग्री कोन विधासँ सम्बद्ध अछि?
  • मैथिली चित्रकथा
  • दीर्घकथा
  • गद्य-कविता
  • रेडियो नाटक
सूचीमे प्रो. वीणा ठाकुर — ‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’ देल अछि।

1906. अंक ७४ मे योगानन्द झाक लेख ‘गामक जिनगी’ केँ कोन त्रयी भावसँ पढ़ैत अछि?
  • आस्था, जिजीविषा ओ संघर्ष
  • भय, हिंसा ओ पलायन
  • हास्य, व्यंग्य ओ रहस्य
  • गीत, नृत्य ओ चित्र
शीर्षक ‘आस्था, जिजीविषा ओ संघर्षक प्रवाह—गामक जिनगी’ एहि त्रयी भावक संकेत दैत अछि।
1907. अंक ७४ मे योगानन्द झाक दोसर समीक्षा-संकेत ‘मौलाइल गाछक फूल’ केँ कोन रूपमे देखैत अछि?
  • आदर्शक उपस्थापन
  • यान्त्रिक अनुवाद
  • बाल कविता
  • चित्रकला
सूचीमे ‘आदर्शक उपस्थापन : मौलाइल गाछक फूल’ देल अछि।
1908. अंक ७४ मे आशीष अनचिन्हारक सामग्री कोन काव्य-विधा पर अछि?
  • गजलक साक्ष्य
  • बाल कविता
  • दीर्घकथा
  • चित्रकथा
गद्य-सूचीमे आशीष अनचिन्हार — ‘गजलक साक्ष्य’ देल अछि।
1909. अंक ७४ मे प्रो. वीणा ठाकुरक समीक्षा कोन उपन्यासपर केन्द्रित अछि?
  • जिनगीक जीत
  • मइटुग्गर
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री
  • हमर टोल
सूचीमे ‘जिनगीक जीत उपन्यासक समीक्षा’ प्रो. वीणा ठाकुरक नामसँ देल अछि।
1910. अंक ७४ मे धीरेन्द्र कुमारक लेख कोन लेखिका/चित्रकथा पर केन्द्रित अछि?
  • श्रीमती प्रीति ठाकुरक दुनू चित्रकथा
  • कालीकान्त झाक कविता
  • विनीत उत्पलक दीर्घकथा
  • उदय प्रकाशक मोहनदास
सूचीमे धीरेन्द्र कुमारक ‘श्रीमती प्रीति ठाकुरक दुनू चित्रकथापर...’ शीर्षक देल अछि।
1911. अंक ७४ मे जीवकान्तक लेख जगदीश प्रसाद मंडलक कोन उपन्यासपर अछि?
  • जिनगीक जीत
  • गामक जिनगी
  • हमर टोल
  • मौलाइल गाछक फूल
सूचीमे जीवकान्त — ‘जगदीश प्रसाद मंडलक जिनगीक जीत उपन्यासपर’ देल अछि।
1912. अंक ७४ मे डॉ. रमण झाक सामग्री कोन विधा पर अछि?
  • मैथिली चित्रकथा
  • यान्त्रिक अनुवाद
  • गजल
  • बाललोककथा
विषय-सूचीमे डॉ. रमण झा — ‘मैथिली चित्रकथा’ देल अछि।
1913. अंक ७४ मे बिपिन झाक लेख कोन आधुनिक भाषिक-प्रौद्योगिकी प्रश्नपर अछि?
  • यान्त्रिक अनुवाद आ Polysemy
  • मैथिली पत्र-पत्रिका
  • बालकविता
  • मिथिला हस्तशिल्प
शीर्षक ‘यान्त्रिक अनुवाद आ Polysemy’ बहुअर्थकता आ मशीन-अनुवादक प्रश्न उठबैत अछि।
1914. अंक ७४ क गद्य-पद्य भारती खण्डमे ‘मोहनदास’ कोन रूपमे देल अछि?
  • उदय प्रकाशक दीर्घकथा, हिन्दी मूलसँ विनीत उत्पल द्वारा मैथिली अनुवाद
  • मैथिली मूलक बाल कविता
  • अंग्रेजी नाटकक अनुवाद
  • संगीत समीक्षा
सूचीमे ‘मोहनदास’ उदय प्रकाशक दीर्घकथा आ हिन्दी मूलसँ विनीत उत्पलक मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।
1915. अंक ७४ क बालानां कृते खण्डमे नवीन कुमार ‘आशा’क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मच्छर मच्छर
  • दूटा बाल कविता
  • वनभोज
  • माँ गई माँ
बाल खण्डमे नवीन कुमार ‘आशा’ — ‘मच्छर मच्छर’ देल अछि।

1916. विदेह अंक ७५ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ फरवरी २०११
  • १५ जनवरी २०११
  • १५ फरवरी २०११
  • ०१ मार्च २०११
अंक शीर्षकमे ७५म अंकक तिथि ०१ फरवरी २०११ देल अछि।
1917. अंक ७५ मे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक पोथी समीक्षा कोन जगदीश प्रसाद मंडल कृतिसँ सम्बद्ध अछि?
  • गामक जिनगी
  • जिनगीक जीत
  • मइटुग्गर
  • मौलाइल गाछक फूल
गद्य-सूचीमे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक पोथी समीक्षा ‘गामक जिनगी—जगदीश प्रसाद मंडल’ देल अछि।
1918. अंक ७५ मे राजदेव मंडलक पत्रक शेषांश कोन कृतिकेँ सम्बोधित अछि?
  • कुरूक्षेत्रम् अन्तर्मनक
  • गामक जिनगी
  • सूर्यमुखी
  • मैथिली बाललोककथा
सूचीमे राजदेव मंडलक ‘कुरूक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ लेल पत्रक शेषांश देल अछि।
1919. अंक ७५ मे डॉ. योगानन्द झाक लेख कोन लोकसाहित्य-विषयक अवस्था आ अपेक्षा पर अछि?
  • मैथिली बाललोककथा : स्थिति आ अपेक्षा
  • मैथिली चित्रकथा
  • यान्त्रिक अनुवाद
  • उपन्यासमे दलित पात्र
गद्य-सूचीमे ‘मैथिली बाललोककथा : स्थिति आ अपेक्षा’ शीर्षक देल अछि।
1920. अंक ७५ मे विनीत उत्पलक दीर्घकथा कोन भाग रूपमे जारी अछि?
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री — पाँचम भाग
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री — दोसर भाग
  • मोहनदास — अनुवाद
  • मइटुग्गर — शेषांश
सूचीमे विनीत उत्पलक दीर्घकथा ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री—पाँचम भाग’ देल अछि।
1921. अंक ७५ मे मिथिलेश मंडलक कथा कोन अर्थ-संबंधी शीर्षकसँ अछि?
  • सुदिक रूपैआ
  • थरथरी
  • दोस्ती
  • पड़ाइन
गद्य-सूचीमे मिथिलेश मंडल — कथा ‘सुदिक रूपैआ’ अछि।
1922. अंक ७५ मे कपिलेश्वर राउतक कथा कोन कंपकंपी/आशंका सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • थरथरी
  • सुदिक रूपैआ
  • दोस्ती
  • दाढ़ी
सूचीमे कपिलेश्वर राउत — कथा ‘थरथरी’ देल अछि।
1923. अंक ७५ मे उमेश मंडलक विहनि कथा कोन मैत्री-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • दोस्ती
  • थरथरी
  • पड़ाइन
  • भौजी
गद्य-सूचीमे उमेश मंडल — विहनि कथा ‘दोस्ती’ अछि।
1924. अंक ७५ मे ‘हम पुछैत छी’ खण्डमे मुन्नाजी ककरा सभसँ गप्प-सप्प करैत छथि?
  • गौरीनाथ आ अनमोल झा
  • दुर्गानन्द मंडल आ तारानन्द वियोगी
  • ज्योति चौधरी आ शेफालिका वर्मा
  • रविभूषण पाठक आ किशन कारीगर
सूचीमे ‘गौरीनाथ आ अनमोल झासँ गप्प-सप्प’ देल अछि।
1925. अंक ७५ मे जगदीश प्रसाद मंडलक कथा कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • पड़ाइन
  • भौजी
  • दाम-दिगर
  • दाढ़ी
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडल — कथा ‘पड़ाइन’ देल अछि।

1926. अंक ७५ मे ज्योति सुनीत चौधरीक रचना कोन अदृश्य सामाजिक/मनोवैज्ञानिक बन्धनक शीर्षकसँ अछि?
  • अदृश्य बन्धन
  • पादुका वियोग
  • वनभोज
  • भौजी
गद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘अदृश्य बन्धन’ देल अछि।
1927. अंक ७५ मे रवि भूषण पाठकक लेख कोन कवि पर केन्द्रित अछि?
  • बूच बाबू
  • विद्यापति
  • आरसी प्रसाद
  • गंगेश गुंजन
शीर्षक ‘एकटा अभिशप्त कवि : बूच बाबू’ रवि भूषण पाठकक नामसँ देल अछि।
1928. अंक ७५ मे कृपानन्द झा मैथिलक सामग्री कोन जन-नेता पर अछि?
  • चुनचुन मिश्र
  • बूच बाबू
  • गौरीनाथ
  • अनमोल झा
सूचीमे ‘जन नायक चुनचुन मिश्र’ कृपानन्द झा मैथिलक नामसँ देल अछि।
1929. अंक ७५ मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क समीक्षा कोन शीर्षकपर अछि?
  • सूर्यमुखी
  • गामक जिनगी
  • पादुका वियोग
  • वनभोज
गद्य-सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’ — समीक्षा ‘सूर्यमुखी’ देल अछि।
1930. अंक ७५ मे बिपिन झाक लेख कोन विषयक पछिला अंकसँ आगाँ बढ़ल?
  • यान्त्रिक अनुवाद आ Polysemy
  • मैथिली बाललोककथा
  • मैथिली चित्रकथा
  • विद्यापति
सूचीमे ‘यान्त्रिक अनुवाद आ Polysemy—पछिला अंक सऽ आगू’ देल अछि।
1931. अंक ७५ मे सुजीत कुमार झाक कथा कोन पारिवारिक सम्बोधन शीर्षकसँ अछि?
  • भौजी
  • दाढ़ी
  • दाम-दिगर
  • पड़ाइन
गद्य-सूचीमे सुजीत कुमार झा — कथा ‘भौजी’ देल अछि।
1932. अंक ७५ मे किशन कारीगरक हास्य कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दाम-दिगर
  • भौजी
  • दाढ़ी
  • के राखत रुमालक इज्जति
सूचीमे किशन कारीगर — ‘दाम-दिगर’ एकटा हास्य कथा रूपमे देल अछि।
1933. अंक ७५ मे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ कोन दृश्य धरि पहुँचल?
  • सातम दृश्य
  • पाँचम दृश्य
  • दोसर दृश्य
  • पहिल दृश्य
गद्य-सूचीमे ‘बेटीक अपमान—दृश्य सातम’ देल अछि; ई पृष्ठ-त्रिविया नहि, नाट्य-क्रमक सामग्री-सूचना अछि।
1934. अंक ७५ मे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक यायावरी कोन पर्व/यात्रा पर अछि?
  • उत्तराखण्डक नन्दा-राजजात
  • जनकपुर कोजागरा
  • राजविराज लोक-संस्कृति
  • ईलिंग आर्ट प्रदर्शनी
सूचीमे ‘यायावरी—उत्तराखण्डक नन्दा-राजजात’ देल अछि।
1935. अंक ७५ क बालानां कृते खण्डमे ज्योति सुनीत चौधरीक बाल रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • वनभोज
  • मच्छर मच्छर
  • माँ गई माँ
  • दूटा बाल कविता
बाल खण्डमे ज्योति सुनीत चौधरी — ‘वनभोज’ देल अछि।

1936. विदेह अंक ७६ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ फरवरी २०११
  • ०१ मार्च २०११
  • १५ मार्च २०११
  • ०१ अप्रैल २०११
अंक ७६क शीर्ष-सूचना मे तिथि १५ फरवरी २०११ अछि; ई अगिला महिला अंक आ होली विशेषांक सँ ठीक पहिने आयल अंक छल।
1937. अंक ७६ मे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक लेख कोन आध्यात्मिक-सांस्कृतिक स्थल पर केन्द्रित अछि?
  • भावमय, भोगमय, योगमय बृन्दावन
  • मिथिला चित्रकला
  • नेपालक जनगणना
  • मैथिलीमे क्रिकेटक कमेन्ट्री
शीर्षक बृन्दावनक भक्ति, अनुभव आ साधना—तीनू आयाम केँ एक संग राखैत अछि।
1938. अंक ७६ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ मैथिली कथाक विकासकेँ कोन कृति सँ जोड़ि देखैत छथि?
  • गामक जिनगी
  • हमर टोल
  • मइटुग्गर
  • छिन्नमस्ता
लेखकक सूचीबद्ध लेख ‘मैथिली कथाक विकासमे गामक जिनगीक योगदान’ शीर्षकसँ देल अछि।
1939. अंक ७६ मे राजदेव मंडलक कोन उपन्यास प्रकाशित/जारी अछि?
  • हमर टोल
  • अम्बरा
  • गामक जिनगी
  • जिनगीक जीत
गद्य-सूचीमे राजदेव मंडलक उपन्यास ‘हमर टोल’ अलग प्रविष्टि रूपमे अछि।
1940. अंक ७६ मे ज्योति सुनीत चौधरीक ‘रातिक इजोत’ कोन व्यापक विधा-क्षेत्रमे राखल गेल?
  • गद्य खण्ड
  • पद्य खण्ड
  • प्रवासी खण्ड
  • भाषापाक खण्ड
‘रातिक इजोत’ गद्यक अन्तर्गत अछि, अतः ओकरा कथात्मक/गद्यात्मक पाठ-संदर्भमे पढ़बाक चाही।
1941. अंक ७६ मे ‘किरीम लगाउ-मुँह चमकाउ’ कोन प्रकारक रचना कहल गेल अछि?
  • हास्य विहनि कथा
  • लघु नाटक
  • बालगीत
  • समीक्षा
शीर्षकक संग स्पष्ट रूपसँ ‘एकटा हास्य विहनि कथा’ संकेत देल गेल अछि।
1942. अंक ७६ मे डॉ. योगानन्द झाक लेख बाल-साहित्यक कोन क्षेत्रक स्थिति आ अपेक्षा पर केन्द्रित अछि?
  • मैथिली बाललोककथा
  • मिथिला चित्रकला
  • गजल लेखन
  • यान्त्रिक अनुवाद
लेखक बाललोककथा केँ केवल मनोरंजन नहि, बाल-संस्कार आ लोक-स्मृति सँ जुड़ल विषय रूपमे देखबैत छथि।
1943. अंक ७६ मे सुजित कुमार झाक ‘मिनापक लेल एकटा आओर उपलब्धी’ कोन पुरस्कार-सूचना सँ जुड़ल अछि?
  • दू लाखक पुरस्कार
  • साहित्य अकादेमी पुरस्कार
  • विद्यापति सम्मान
  • नाटक महोत्सव पुरस्कार
सूचीमे ‘दू लाखक पुरस्कार’ उपलब्धि रूपमे जुड़ल अछि, से संस्था-सन्दर्भक समाचार बनैत अछि।
1944. अंक ७६ मे जगदीश प्रसाद मंडलक एकांकी कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सतमाए
  • बेटीक अपमान
  • कम्प्रोमाइज
  • रिहर्सल
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक एकांकी ‘सतमाए’ देल अछि।
1945. अंक ७६ मे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ कोन नाट्य-स्थिति धरि पहुँचल अछि?
  • अन्तिम दृश्य
  • प्रथम दृश्य
  • दू दृश्यक प्रारम्भ
  • मंचन-रिपोर्ट
अंक-सूची मे ‘बेटीक अपमान केर अंतिम दृश्य’ दर्ज अछि, जे नाटकक क्रमिक समापन संकेत करैत अछि।

1946. अंक ७६ मे सुमित आनन्दक ‘शोध-पत्रिका-मैथिलीक लोकार्पण’ कोन गतिविधिसँ जुड़ल अछि?
  • शोध-पत्रिका प्रकाशन/लोकार्पण
  • क्रिकेट कमेन्ट्री
  • जनगणना संकल्प
  • चित्रकथा समीक्षा
ई प्रविष्टि मैथिलीमे शोध-प्रकाशनक संस्थागत उपस्थिति दिस संकेत करैत अछि।
1947. अंक ७६ मे मुन्ना जीक ‘अप्पन आंगनमे ठाढ़ आइ हम अपने घरकेँ ताकि रहल छी’ कोन भावधारा व्यक्त करैत शीर्षक अछि?
  • आत्म-निरीक्षण आ घर-वापसीक भाव
  • भाषा-प्रौद्योगिकी
  • बाल-लोककथा
  • नाट्य-क्रम
शीर्षक अपन घर-आंगनक भीतरसँ अपने समाजकेँ देखबाक आत्ममंथनात्मक मुद्रा बनबैत अछि।
1948. अंक ७६ मे चन्दन झाक कविता कोन प्रश्नात्मक ग्राम-चिन्ता उठबैत अछि?
  • की भऽ रहल अछि अपना गाममे
  • नींदिया बैरी भेल पहुना
  • माघक जाड़
  • सांझुक सांझे उपास
शीर्षक गामक बदलैत दशा पर सीधा प्रश्न करैत अछि।
1949. अंक ७६ मे मोहन प्रसादक कविता कोन निर्माणवादी लोक-आह्वान करैत अछि?
  • आउ करी नव मिथिलाक निर्माण
  • माय मनाइन
  • की भऽ रहल अछि अपना गाममे
  • नींदिया बैरी भेल पहुना
कविता-शीर्षक मिथिला निर्माणक सामूहिक संकल्प दिस संकेत करैत अछि।
1950. अंक ७६ मे राजेश मोहन झाक कविता कोन मातृ-भावक शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • माय मनाइन
  • माघक जाड़
  • सांझुक सांझे उपास
  • वनभोज
‘माय मनाइन’ शीर्षक मातृ-संवेदना आ सम्बोधनक धरातल बनबैत अछि।
1951. अंक ७६ मे मिथिला कला-संगीत खण्डमे ककर नाम सभ सम्मिलित अछि?
  • श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी आ श्वेता झा (सिंगापुर)
  • बेचन ठाकुर, जगदीश प्रसाद मंडल आ राजदेव मंडल
  • डॉ. कैलाश कुमार मिश्र, बिपिन कुमार झा आ सुजित कुमार झा
  • विनीत उत्पल, उदय प्रकाश आ कालीकान्त झा
कला-संगीत खण्डमे ई तीन नाम देल अछि, जाहिमे प्रवासी उपस्थिति सेहो सूचित होइत अछि।
1952. अंक ७६ मे ‘मोहनदास’ कोन रूपमे गद्य-पद्य भारती खण्डमे अछि?
  • उदय प्रकाशक हिन्दी दीर्घकथाक विनीत उत्पल द्वारा मैथिली अनुवाद
  • मूल मैथिली उपन्यास
  • संस्कृत नाटकक रूपान्तरण
  • बाललोककथा संग्रह
प्रविष्टि मूल लेखक उदय प्रकाश आ अनुवादक विनीत उत्पल केँ साफ चिन्हित करैत अछि।
1953. अंक ७६ मे भाषापाक खण्ड विदेहक कोन तकनीकी/भाषिक परियोजना केँ दोहरबैत अछि?
  • मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली सर्च-डिक्शनरी
  • हस्तलिखित शब्दकोश
  • चित्रकला कैटलॉग
  • नाटक मंच-सूची
भाषापाक प्रविष्टि इंटरनेटपर पहिल बेर सर्च-डिक्शनरी आ एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित कोष पर बल दैत अछि।
1954. अंक ७६ क प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मैथिली कविता केँ अंग्रेजीमे के अनुवाद केलनि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • विनीत उत्पल
  • सुशीला झा
  • डॉ. नित्यानन्द लाल दास
प्रवासी खण्डमे बूचक मैथिली कविताक अंग्रेजी अनुवाद ज्योति झा चौधरी द्वारा देल अछि।
1955. अंक ७६ मे ‘सहस्रशीर्षा’ कोन रूपमे प्रवासी पाठक लेल प्रस्तुत अछि?
  • गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली उपन्यासक लेखक-द्वारा अंग्रेजी पुनर्लेखन
  • हिन्दी नाटकक मैथिली अनुवाद
  • बालकथा संग्रह
  • ओड़िया कथा अनुवाद
प्रविष्टि कहैत अछि जे ‘Sahasrashirsha’ लेखक स्वयं अंग्रेजीमे पुनर्लिखित कएने छथि।

1956. विदेह अंक ७७ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ मार्च २०११
  • १५ फरवरी २०११
  • १५ मार्च २०११
  • ०१ अप्रैल २०११
अंक ७७क शीर्षक-सूचनामे तिथि ०१ मार्च २०११ अछि।
1957. अंक ७७ मे ‘छिन्नमस्ता’ कोन रूपमे प्रस्तुत अछि?
  • डॉ. प्रभा खेतानक हिन्दी उपन्यासक सुशीला झा द्वारा मैथिली अनुवाद
  • मूल मैथिली नाटक
  • बाललोककथा
  • मिथिला चित्रकला समीक्षा
सूची ‘छिन्नमस्ता’ केँ हिन्दी उपन्याससँ मैथिली अनुवाद रूपमे चिन्हित करैत अछि।
1958. अंक ७७ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क समीक्षा कोन राजदेव मंडल कृति पर अछि?
  • अम्बरा
  • हमर टोल
  • गामक जिनगी
  • जिनगीक जीत
समीक्षा-प्रविष्टिमे ‘अम्बरा’ नामक राजदेव मंडल कृति स्पष्ट अछि।
1959. अंक ७७ मे डॉ. धनाकर ठाकुर कोन प्रसिद्ध पोथीक मैथिली अनुवादक समीक्षा करैत छथि?
  • Ignited Minds / प्रज्वलित प्रज्ञा
  • छिन्नमस्ता
  • मोहनदास
  • मइटुग्गर
प्रविष्टि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलामक ‘Ignited Minds’ केर मैथिली अनुवाद ‘प्रज्वलित प्रज्ञा’क समीक्षा बतबैत अछि।
1960. ‘प्रज्वलित प्रज्ञा’क मैथिली अनुवादक रूपमे अंक ७७ मे ककर नाम देल अछि?
  • डा. नित्यानन्द लाल दास
  • सुशीला झा
  • विनीत उत्पल
  • ज्योति झा चौधरी
सूचीमे ‘Ignited Minds’क मैथिली अनुवाद डा. नित्यानन्द लाल दास द्वारा कहल गेल अछि।
1961. अंक ७७ मे जगदीश प्रसाद मंडलक नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कम्प्रोमाइज
  • सतमाए
  • बेटीक अपमान
  • रिहर्सल
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक नाटक ‘कम्प्रोमाइज’ अछि।
1962. अंक ७७ मे प्रो. वीणा ठाकुरक लेख कोन सांस्कृतिक-इतिहासक विषय पर अछि?
  • प्राचीन भारतीय संस्कृतिमे मिथिलाक योगदान
  • मैथिलीमे क्रिकेटक कमेन्ट्री
  • नेपालमे राष्ट्रिय जनगणना
  • यान्त्रिक अनुवाद
शीर्षक मिथिलाक स्थान केँ प्राचीन भारतीय संस्कृतिक व्यापक परिप्रेक्ष्य मे राखैत अछि।
1963. अंक ७७ मे ज्योति सुनीत चौधरीक कथा ‘हमर फोटो कहिया’ कोन सामाजिक प्रश्नसँ सम्बद्ध कहल गेल?
  • कन्या भ्रूणहत्या
  • क्रिकेट प्रसारण
  • भाषा-कोष निर्माण
  • होली गीत
सूचीमे एहि कथाकेँ कन्या भ्रूणहत्या पर आधारित कथा कहल गेल अछि।
1964. अंक ७७ मे रवि भूषण पाठकक लेख ‘भाग रौ’ कोन आयाम पर केन्द्रित अछि?
  • सामाजिक-राजनीतिक निहितार्थ
  • चित्रकथा शिल्प
  • छन्द-विधान
  • जनगणना पद्धति
शीर्षक स्वयं ‘सामाजिक-राजनीतिक निहितार्थ’क संकेत दैत अछि।
1965. अंक ७७ मे धीरेन्द्र कुमारसँ मुन्नाजीक गप्प-सप्प कोन साहित्यिक पहचान पर बल दैत अछि?
  • पुरनका जमानासँ लिखैत, नव कालमे देखार भेल दिग्गज कथाकार
  • पहिल क्रिकेट कमेन्टेटर
  • चित्रकला विशेषज्ञ
  • सर्वर प्रशासक
प्रविष्टि धीरेन्द्र कुमार केँ पुरान आ नव कालक बीच सेतु-सदृश दिग्गज कथाकार रूपमे प्रस्तुत करैत अछि।

1966. अंक ७७ मे शेफालिका वर्माक कथा कोन दोहरावदार प्रतीकात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • रेत आ रेत
  • बंश
  • मेहनत
  • मस्ती करू यौ बौआ
‘रेत आ रेत’ शीर्षक शुष्कता, विखराव वा स्मृति-स्खलनक प्रतीकात्मक सम्भावना जगबैत अछि।
1967. अंक ७७ मे सुजित कुमार झाक कथा कोन वंश-सम्बन्धी शीर्षकसँ अछि?
  • बंश
  • रेत आ रेत
  • नैनाक खेल
  • मुस्की रहल उदासे
गद्य-सूचीमे सुजित कुमार झाक कथा ‘बंश’ देल अछि।
1968. अंक ७७ मे मुन्ना जीक दूटा रचना कोन विधामे राखल गेल अछि?
  • विहनि कथा
  • गजल
  • चित्रकथा
  • दीर्घकथा
सूचीमे मुन्ना जीक ‘दूटा विहनि कथा’ देल अछि।
1969. अंक ७७ मे गंगेश गुंजनक ‘राधा’ शृंखला कोन खेप धरि पहुँचल अछि?
  • ३०म खेप
  • १०म खेप
  • ५०म खेप
  • पहिल खेप
पद्य-सूचीमे ‘राधा ३०म खेप’ देल अछि; ई साहित्यिक शृंखला-कर्मक निरन्तरता देखबैत अछि।
1970. अंक ७७ मे राजेश मोहन झाक कविता कोन विरोधाभासी भावक शीर्षकसँ अछि?
  • मुस्की रहल उदासे
  • नैनाक खेल
  • राधा
  • मेहनत
‘मुस्की रहल उदासे’ मुस्कान आ उदासी केँ एक संग राखैत भाव-विरोध बनबैत अछि।
1971. अंक ७७ मे बालानां कृते खण्डमे संस्कृति वर्माक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मेहनत
  • मस्ती करू यौ बौआ मस्ती करू
  • नैनाक खेल
  • Discrimination Against Women
बाल-खण्डमे संस्कृति वर्माक ‘मेहनत’ अलग प्रविष्टि अछि।
1972. अंक ७७ मे नवीन कुमार ‘आशा’क बाल रचना कोन खेल-उत्साहक शीर्षकसँ अछि?
  • मस्ती करू यौ बौआ मस्ती करू
  • मेहनत
  • नैनाक खेल
  • राधा
शीर्षक बाल-आनन्द आ चंचलता केँ मुख्य स्वर बनबैत अछि।
1973. अंक ७७ क प्रवासी खण्डमे डॉ. शेफालिका वर्माक अंग्रेजी लेख कोन विषय पर अछि?
  • Discrimination Against Women
  • Sahasrashirsha
  • Fusi
  • Mithila Painting
प्रवासी खण्डमे ‘DISCRIMINATION AGAINST WOMEN’ शीर्षक डॉ. शेफालिका वर्माक नामसँ देल अछि।
1974. अंक ७७ मे भाषापाक खण्ड कोन सर्च-डिक्शनरी परियोजना केँ पुनः स्मरण करबैत अछि?
  • मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोष
  • ओड़िया-मैथिली कोश
  • केवल संस्कृत कोश
  • चित्रकला सूची
भाषापाक खण्ड बार-बार विदेहक द्विभाषी सर्च-डिक्शनरीक आधारभूत महत्व केँ चिह्नित करैत अछि।
1975. अंक ७७ मे ‘VIDEHA MAITHILI SAMSKRIT EDUCATION’ खण्डमे बिपिन कुमार झाक विषय कोन अछि?
  • लैटेक्स : परिचयः उपादेयता च
  • कन्या भ्रूणहत्या
  • छिन्नमस्ता समीक्षा
  • क्रिकेट कमेन्ट्री
संस्कृत-शिक्षा खण्डमे बिपिन कुमार झाक लैटेक्स-विषयक लेख जारी अछि, जे तकनीकी लेखनक पक्ष देखबैत अछि।

1976. विदेह अंक ७८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मार्च २०११
  • ०१ मार्च २०११
  • ०१ अप्रैल २०११
  • १५ अप्रैल २०११
अंक ७८क शीर्ष-सूचना मे १५ मार्च २०११ तिथि अछि।
1977. अंक ७८ मे डॉ. शेफालिका वर्माक रचना कोन संस्मरणात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • एकटा संस्मरण एकटा प्रश्न
  • रेत आ रेत
  • ओ कत हेतीह
  • बीतल इतिहास
शीर्षक संस्मरण आ प्रश्न—दुनू केँ जोड़ि जीवन-स्मृति केँ जिज्ञासामय बनबैत अछि।
1978. अंक ७८ मे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क लेख फेर कोन कृतिक योगदान पर केन्द्रित अछि?
  • गामक जिनगी
  • अम्बरा
  • मइटुग्गर
  • छिन्नमस्ता
अंक ७८ मे सेहो ‘मैथिली कथाक विकासमे गामक जिनगीक योगदान’ आगाँ बढ़ल अछि।
1979. अंक ७८ मे किशन कारीगरक कथा कोन व्यंग्यात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • मोछ वाली माउगी
  • जंगलमे होरी
  • फोंका
  • सहस्रशीर्षा
‘मोछ वाली माउगी’ शीर्षक हास्य-व्यंग्यक सामाजिक उलटबाँसीक संकेत दैत अछि।
1980. अंक ७८ मे राम प्रवेश मंडलक विहनि कथा कोन मैथिली-मिथिला सम्बोधनसँ अछि?
  • आह मिथिला! वाह मैथिली!
  • जंगलमे होरी
  • फगुआक खेल
  • कक्का हमर उचक्का
शीर्षक मिथिला आ मैथिली पर विस्मय, वेदना आ प्रशंसा—तीनू भाव सम्भव करैत अछि।
1981. अंक ७८ मे सुमित आनन्दक प्रविष्टि कोन पुस्तक-लोकार्पण सँ जुड़ल अछि?
  • भाव-भूमि रसवंत
  • गामक जिनगी
  • प्रज्वलित प्रज्ञा
  • महाराज महेश ठाकुर ओ कंकाली भगवती
सूचीमे ‘भाव-भूमि रसवंत पुस्तकक लोकार्पण’ देल अछि।
1982. अंक ७८ मे योगानन्द झाक लेख इसवी सन २०१० केँ कोन दृष्टिसँ देखैत अछि?
  • मैथिलीक गतिविधि
  • क्रिकेटक इतिहास
  • चित्रकला कैटलॉग
  • ओड़िया अनुवाद
शीर्षक ‘इसवी सन 2010 : मैथिलीक गतिविधि’ वर्षक सांस्कृतिक-साहित्यिक लेखाजोखा देखबैत अछि।
1983. अंक ७८ मे सुजित कुमार झाक रचना कोन होली-वन प्रसंगक शीर्षकसँ अछि?
  • जंगलमे होरी
  • शहरक होलिका दहन
  • फगुआक खेल
  • होलीक तरंग
‘जंगलमे होरी’ शीर्षक होलीक लोक-उत्सव केँ वन-परिवेशमे रूपायित करैत अछि।
1984. अंक ७८ मे राजदेव मंडलक ‘हमर टोल’ कोन स्थिति मे छपल अछि?
  • उपन्यासक आगाँक अंश
  • नव समीक्षा
  • बाल कविता
  • प्रवासी अंग्रेजी लेख
सूचीमे ‘उपन्यास—आगाँ—हमर टोल’ देल अछि, अर्थात कृति क्रमिक रूपमे आगाँ बढ़ैत अछि।
1985. अंक ७८ मे डॉ. रमण झाक ‘फोंका’ कोन प्रकारक अध्ययन कहल गेल अछि?
  • एक विहगावलोकन
  • एकांकी
  • बाललोककथा
  • गजल
‘फोंका—एक विहगावलोकन’ शीर्षक आलोचनात्मक अवलोकनक संकेत दैत अछि।

1986. अंक ७८ मे जीवकान्त, आनन्द कुमार झा, सदरे आलम ‘गौहर’ आ जितमोहन झा क सामूहिक प्रविष्टि कोन उत्सव-विधासँ सम्बद्ध अछि?
  • मैथिली होली गीत
  • चित्रकथा समीक्षा
  • क्रिकेट कमेन्ट्री
  • जनगणना संकल्प
पद्य-सूचीमे ई नाम सभ मैथिली होली गीतक अन्तर्गत अछि।
1987. अंक ७८ मे ज्योति सुनीत चौधरीक कविता कोन फागुनी खेल-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • फगुआक खेल
  • हम नै खेलब होली
  • होलीक तरंग
  • जंगलमे होरी
‘फगुआक खेल’ होलीक खेलधर्मी लोक-रंग केँ केंद्र मे आनैत अछि।
1988. अंक ७८ मे जवाहर लाल कश्यपक कविता कोन लोक-प्राणी प्रसंगक शीर्षकसँ अछि?
  • कौआ आउर बगरा
  • फगुआक खेल
  • ई नमवरबा
  • कक्का हमर उचक्का
शीर्षकमे कौआ आ बगरा लोक-कथा/लोक-चित्रक सम्भावना जगबैत अछि।
1989. अंक ७८ मे मुन्ना जीक पद्य रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सबला
  • होली
  • हमर मैथिली
  • आव मोन करें कमाई
पद्य-सूचीमे मुन्ना जीक ‘सबला’ देल अछि।
1990. अंक ७८ मे रविभूषण पाठकक होली-संबंधित तीन शीर्षकमे कोन समूह अछि?
  • हमर मैथिली, होली, ई नमवरबा
  • फगुआक खेल, कौआ आउर बगरा, सबला
  • होलीक तरंग, कक्का हमर उचक्का, पागलप्रेमी
  • आह मिथिला, जंगलमे होरी, फोंका
रविभूषण पाठकक प्रविष्टिमे ‘हमर मैथिली’, ‘होली’ आ ‘ई नमवरबा’ साथ देल अछि।
1991. अंक ७८ मे सुबोध ठाकुरक कविता कोन अस्वीकारात्मक होली-शीर्षकसँ अछि?
  • हम नै खेलब होली
  • फगुआक खेल
  • होलीक तरंग
  • जंगलमे होरी
‘हम नै खेलब होली’ उत्सवक भीतर असहमति वा विडम्बना केँ स्वर दैत शीर्षक अछि।
1992. अंक ७८ मे राजेश मोहन झा ‘गुंजन’क कविता कोन उत्सवी लयक शीर्षकसँ अछि?
  • होलीक तरंग
  • मुस्की रहल उदासे
  • वसंत गीत
  • नींदिया बैरी भेल पहुना
‘होलीक तरंग’ शीर्षक होलीक रंग, लय आ आवेगक संकेत करैत अछि।
1993. अंक ७८ मे किशन कारीगरक कविता कोन लोक-हास्य शीर्षकसँ अछि?
  • कक्का हमर उचक्का
  • मोछ वाली माउगी
  • जंगलमे होरी
  • किछु त हम करब
‘कक्का हमर उचक्का’ शीर्षक हास्य-लोकभाषाक चुटीलापन धारण करैत अछि।
1994. अंक ७८ मे नवीन कुमार आशाक कविता कोन कर्म-इच्छा विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • आव मोन करें कमाई
  • पागलप्रेमी
  • फोंका
  • सबला
शीर्षक आर्थिक/कर्म-उन्मुख मनःस्थिति केँ लोकभाषामे अभिव्यक्त करैत अछि।
1995. अंक ७८ मे गद्य-पद्य भारती खण्डमे ‘सोनियाँक डायरी’ कोन अनुवाद-क्रमसँ आयल अछि?
  • मूल हिन्दी—अंग्रेजी अनुवाद—अंग्रेजीसँ मैथिली अनुवाद
  • मूल मैथिली—संस्कृत अनुवाद—अंग्रेजी अनुवाद
  • ओड़िया मूल—बंगला अनुवाद—मैथिली अनुवाद
  • संस्कृत मूल—हिन्दी अनुवाद—मैथिली अनुवाद
सूचीमे ‘सोनियाँक डायरी’ रमणिका गुप्ताक मूल हिन्दी, नन्दिनी गुप्ताक अंग्रेजी अनुवाद आ गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।

1996. विदेह अंक ७९ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ अप्रैल २०११
  • १५ मार्च २०११
  • १५ अप्रैल २०११
  • ०१ मई २०११
अंक ७९क शीर्ष-सूचना मे ०१ अप्रैल २०११ तिथि देल अछि।
1997. अंक ७९ मे सुजीत कुमार झाक लेख मैथिली भाषाक कोन खेल-प्रसारण क्षेत्रसँ सम्बद्ध अछि?
  • मैथिलीमे क्रिकेटक कमेन्ट्री
  • मैथिलीमे फुटबॉल गीत
  • मैथिलीमे रंगमंच
  • मैथिलीमे बालकथा
शीर्षक ‘मैथिलीमे क्रिकेटक कमेन्ट्री’ भाषा केँ खेल-प्रसारणक आधुनिक क्षेत्रमे लए जाइत अछि।
1998. अंक ७९ मे ‘हम पुछैत छी’ खण्डमे मुन्नाजी ककरासँ गप्प-सप्प करैत छथि?
  • बेचन ठाकुर
  • धीरेन्द्र कुमार
  • गौरीनाथ
  • अनमोल झा
सूचीमे ‘बेचन ठाकुरसँ मुन्नाजीक गपशप’ देल अछि।
1999. अंक ७९ मे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘कम्प्रोमाइज’ कोन विधा रूपमे आगाँ बढ़ल अछि?
  • नाटक
  • उपन्यास
  • बाल कविता
  • यात्रा-वृत्तान्त
प्रविष्टि स्पष्ट कहैत अछि जे ‘कम्प्रोमाइज’ नाटक आगाँ बढ़ल।
2000. अंक ७९ मे मनोज कुमार मंडलक सामग्री कोन नाटक सभक सफल मंचन पर अछि?
  • बाप भेल पित्ती आ अधिकार
  • रिहर्सल आ केसर
  • सतमाए आ कम्प्रोमाइज
  • जरैत मोमबत्ती आ वनभोज
शीर्षक ‘बाप भेल पित्ती’ आ ‘अधिकार’ नाटकक सफल मंचनक उल्लेख करैत अछि।
2001. अंक ७९ मे डॉ. कैलाश कुमार मिश्र मिथिला चित्रकला केँ कोन त्रिकालिक ढाँचामे देखैत छथि?
  • भूत, वर्तमान आ भविष्य
  • बाल, युवा आ वृद्ध
  • गद्य, पद्य आ नाटक
  • भारत, नेपाल आ प्रवास
शीर्षक ‘मिथिला चित्रकला (पेंटिंग): भूत, वर्तमान आ भविष्य’ ऐतिहासिक निरन्तरता देखबैत अछि।
2002. अंक ७९ मे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्रकृति सुन्दरी आ चूहर मिस्त्री
  • शहरक होलिका दहन
  • ओ कत हेतीह
  • सहस्रशीर्षा
गद्य-सूचीमे ई कथा शीर्षक डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक नामसँ देल अछि।
2003. अंक ७९ मे ज्योति सुनीत चौधरीक रचना कोन शहरी उत्सव-संस्कार पर अछि?
  • शहरक होलिका दहन
  • फगुआक खेल
  • जंगलमे होरी
  • होलीक तरंग
‘शहरक होलिका दहन’ शीर्षक लोक-उत्सवक शहरी रूप पर संकेत करैत अछि।
2004. अंक ७९ मे डॉ. शेफालिका वर्माक रेखाचित्र कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ओ कत हेतीह
  • रेत आ रेत
  • एकटा संस्मरण एकटा प्रश्न
  • बीतल इतिहास
गद्य-सूचीमे डॉ. शेफालिका वर्माक रेखाचित्र ‘ओ कत हेतीह’ देल अछि।
2005. अंक ७९ मे गद्य-पद्य भारतीक ‘फूसि’ कोन भाषा-यात्रा द्वारा मैथिलीमे आयल अछि?
  • ओड़ियासँ अंग्रेजी, आ अंग्रेजीसँ मैथिली
  • हिन्दीसँ मैथिली सीधे
  • संस्कृतसँ हिन्दी, आ हिन्दी सँ मैथिली
  • बंगला सँ नेपाली, आ नेपाली सँ मैथिली
प्रविष्टि वासुदेव सुनानीक ‘फूसि’ केँ ओड़िया मूल, शैलेन राउत्रॉयक अंग्रेजी अनुवाद आ गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली रूपान्तरसँ जोड़ैत अछि।

2006. अंक ७९ मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • रमा
  • हम देखलौं
  • वसंत गीत
  • एकान्तक पुनरावृत्ति
पद्य-सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क कविता ‘रमा’ अछि।
2007. अंक ७९ मे दुर्गानन्द मंडलक कविता कोन प्रत्यक्ष अनुभवक शीर्षकसँ अछि?
  • हम देखलौं
  • रमा
  • वसंत गीत
  • भिन भिनौज
‘हम देखलौं’ प्रत्यक्ष साक्ष्य आ देखल अनुभवक भाव दैत अछि।
2008. अंक ७९ मे राजेश मोहन झा ‘गुंजन’क कविता कोन ऋतु-संगीतक शीर्षकसँ अछि?
  • वसंत गीत
  • रमा
  • एकान्तक पुनरावृत्ति
  • तोहर गोर गोर गाल
‘वसंत गीत’ ऋतु, नवता आ गीतात्मकता केँ जोड़ैत अछि।
2009. अंक ७९ मे ज्योति सुनीत चौधरीक कविता कोन आत्म-एकान्त विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • एकान्तक पुनरावृत्ति
  • शहरक होलिका दहन
  • फगुआक खेल
  • वसंत गीत
शीर्षक एकान्तक लौटि-लौटि आबि रहल अनुभव केँ काव्य-विषय बनबैत अछि।
2010. अंक ७९ मे आशीष अनचिन्हारक योगदान कोन विधामे अछि?
  • दूटा गद्य कविता
  • दीर्घकथा
  • मिथिला चित्रकला
  • जनगणना लेख
पद्य-सूचीमे आशीष अनचिन्हारक ‘दूटा गद्य कविता’ देल अछि।
2011. अंक ७९ मे नवीन कुमार आशाक कविता कोन श्रृंगारिक लोक-भाषिक शीर्षकसँ अछि?
  • तोहर गोर गोर गाल
  • कक्का हमर उचक्का
  • हम नै खेलब होली
  • मेहनत
शीर्षक लोक-भाषाक सहज प्रेमालाप आ देह-चित्रणक संकेत दैत अछि।
2012. अंक ७९ मे किशन कारीगरक कविता कोन पारिवारिक-हास्य शीर्षकसँ अछि?
  • भिन भिनौज
  • तोहर गोर गोर गाल
  • वसंत गीत
  • हम देखलौं
‘भिन भिनौज’ शीर्षक संबंध-सूचक लोक-हास्यक वातावरण बनबैत अछि।
2013. अंक ७९ मे मिथिला कला-संगीत खण्डमे मुख्यतः ककर नाम देल अछि?
  • श्वेता झा चौधरी आ श्वेता झा (सिंगापुर)
  • बेचन ठाकुर आ मनोज कुमार मंडल
  • डॉ. कैलाश कुमार मिश्र आ सुजीत कुमार झा
  • दुर्गानन्द मंडल आ प्रभात राय भट्ट
अंक ७९क कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरी आ श्वेता झा (सिंगापुर)क नाम देल अछि।
2014. अंक ७९ क प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मैथिली कविता केँ अंग्रेजीमे के अनुवाद करैत छथि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • शैलेन राउत्रॉय
  • सुशीला झा
  • नन्दिनी गुप्ता
प्रवासी खण्डमे बूचक मूल मैथिली कविताक अंग्रेजी अनुवाद ज्योति झा चौधरी द्वारा देल अछि।
2015. अंक ७९ मे भाषापाक खण्डक कोष कोन तकनीकी आधारसँ जोड़ल अछि?
  • एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित सर्च-डिक्शनरी
  • हस्तलिखित कार्ड-फाइल
  • मात्र छापल कोश
  • चित्रकला डेटाबेस
भाषापाक सूचना कोष केँ सर्वर-आधारित डिजिटल खोज-व्यवस्था रूपमे प्रस्तुत करैत अछि।

2016. विदेह अंक ८० कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अप्रैल २०११
  • ०१ अप्रैल २०११
  • ०१ मई २०११
  • १५ मार्च २०११
अंक ८०क शीर्ष-सूचना मे १५ अप्रैल २०११ तिथि देल अछि।
2017. अंक ८० मे सुजीत कुमार झाक लेख कोन नेपाल-सम्बद्ध भाषिक अधिकार विषय उठबैत अछि?
  • नेपालमे राष्ट्रिय जनगणना मैथिलीकेँ स्थान दियावकेँ विशेष संकल्प
  • मैथिलीमे क्रिकेटक कमेन्ट्री
  • मिथिला चित्रकला भूत-वर्तमान-भविष्य
  • बाललोककथा स्थिति आ अपेक्षा
शीर्षक नेपालक राष्ट्रिय जनगणनामे मैथिलीक स्थानक मांग केँ भाषिक अधिकारक प्रश्न बनबैत अछि।
2018. अंक ८० मे गजेन्द्र ठाकुरक गद्य प्रविष्टि कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सहस्रशीर्षा
  • फूसि
  • छिन्नमस्ता
  • प्रकृति सुन्दरी आ चूहर मिस्त्री
गद्य-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘सहस्रशीर्षा’ देल अछि।
2019. अंक ८० मे बिपिन कुमार झाक ग्रन्थ-समीक्षा कोन पोथी पर अछि?
  • महाराज महेश ठाकुर ओ कंकाली भगवती
  • प्रज्वलित प्रज्ञा
  • अम्बरा
  • गामक जिनगी
गद्य-सूचीमे ‘महाराज महेश ठाकुर ओ कंकाली भगवती’क समीक्षा बिपिन कुमार झाक नामसँ देल अछि।
2020. अंक ८० मे सन्तोष कुमार मिश्रक योगदान कोन सरल विधा-नामसँ सूचीबद्ध अछि?
  • एकटा पत्र
  • एकटा एकांकी
  • दूटा गजल
  • चित्रकथा
सूचीमे सन्तोष कुमार मिश्रक नामक बाद ‘एकटा पत्र’ देल अछि।
2021. अंक ८० मे डॉ. शेफालिका वर्माक दूटा कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बीतल इतिहास आ पाथर
  • रमा आ हम देखलौं
  • फेर आयल वसन्त आ हाइकू
  • किछु त हम करब आ किया ने पावी
पद्य-सूचीमे शेफालिका वर्माक ‘बीतल इतिहास’ आ ‘पाथर’ देल अछि।
2022. अंक ८० मे गजेन्द्र ठाकुरक पद्य प्रविष्टि कोन लघु काव्य-विधासँ सम्बद्ध अछि?
  • हाइकू
  • गजल
  • रोला
  • दोहा
पद्य-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘हाइकू’ देल अछि।
2023. अंक ८० मे ज्योति सुनीत चौधरीक कविता कोन ऋतु-आगमनक शीर्षकसँ अछि?
  • फेर आयल वसन्त
  • बीतल इतिहास
  • किछु त हम करब
  • तोहर टोन
‘फेर आयल वसन्त’ शीर्षक पुनरागमन, नवता आ ऋतु-चेतना केँ जोड़ैत अछि।
2024. अंक ८० मे नन्दविलास राय क योगदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • किछु पद्य
  • ग्रन्थ-समीक्षा
  • नाटक
  • जनगणना लेख
पद्य खण्डमे नन्दविलास राय — ‘किछु पद्य’ देल अछि।
2025. अंक ८० मे नवीन कुमार आशाक कविता कोन संवाद-प्रतीक्षा भावक शीर्षकसँ अछि?
  • किया ने पावी तोहर टोन
  • फेर आयल वसन्त
  • बीतल इतिहास
  • हाइकू
शीर्षक आवाज/संचारक प्रतीक्षा आ निजी सम्बोधनक भाव रखैत अछि।

2026. अंक ८० मे किशन कारीगरक कविता कोन संकल्प-प्रधान शीर्षकसँ अछि?
  • किछु त हम करब
  • किया ने पावी तोहर टोन
  • बीतल इतिहास
  • फेर आयल वसन्त
‘किछु त हम करब’ सक्रियता आ प्रतिज्ञा-भावक संकेत करैत अछि।
2027. अंक ८० मे विवेकानन्द झाक पद्य योगदान कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • हाइकू
  • दीर्घकथा
  • समीक्षा
  • चित्रकथा
पद्य-सूचीमे विवेकानन्द झाक नामक संग ‘हाइकू’ देल अछि।
2028. अंक ८० क मिथिला कला-संगीत खण्डमे अनुपमा प्रियदर्शिनी आ श्वेता झा चौधरी संग आओर कोन नाम/पहचान अछि?
  • ज्योति सुनीत चौधरी आ श्वेता झा (सिंगापुर)
  • बेचन ठाकुर आ सुजीत कुमार झा
  • बिपिन कुमार झा आ सन्तोष कुमार मिश्र
  • राजदेव मंडल आ डॉ. कैलाश कुमार मिश्र
कला-संगीत खण्डमे अनुपमा प्रियदर्शिनी, श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी आ श्वेता झा (सिंगापुर)क नाम अछि।
2029. अंक ८० क प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मूल मैथिली कविता कोन भाषा मे अनूदित अछि?
  • अंग्रेजी
  • संस्कृत
  • ओड़िया
  • बांग्ला
प्रवासी खण्डमे बूचक मूल मैथिली कविता अंग्रेजी अनुवाद सहित देल अछि।
2030. अंक ८० मे बूचक कविता केँ अंग्रेजीमे के अनुवाद केलनि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • सुशीला झा
  • विनीत उत्पल
  • नन्दिनी गुप्ता
प्रवासी खण्डमे अनुवादक ज्योति झा चौधरीक नाम देल अछि।
2031. अंक ८० मे भाषापाक खण्ड कोन द्विभाषी डिजिटल कोष केँ प्रमुखता दैत अछि?
  • मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोष
  • मैथिली-ओड़िया कोष
  • केवल संस्कृत-मिथिला कोष
  • चित्रकला-नामावली
भाषापाक सूचना द्विदिश द्विभाषी कोष केँ खोज-योग्य डिजिटल साधन रूपमे प्रस्तुत करैत अछि।
2032. अंक ८० मे पुरान अंक सभ कोन तीन रूपमे उपलब्ध कहल गेल अछि?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी
  • रोमन, बांग्ला आ गुजराती मात्र
  • देवनागरी, फारसी आ रोमन
  • चित्र, ध्वनि आ वीडियो मात्र
पुरान अंकक सूचना ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्धता बतबैत अछि; ई अभिगम्यता आ लिपि-विविधता दुनू पर बल अछि।
2033. अंक ८० क पुरान अंक सूचना विदेहक कोन दीर्घकालीन प्रतिबद्धता देखबैत अछि?
  • लिपि-विविधता आ पाठक-अभिगम्यता
  • केवल विज्ञापन-विस्तार
  • केवल चित्र-संग्रह
  • केवल मुद्रित बिक्री
ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरीक उल्लेख साहित्यिक सामग्री केँ अनेक पाठक-समूह धरि पहुँचाबय चाहैत अछि।
2034. अंक ८० मे भाषापाक/रचना-लेखनक सूचना मैथिली लेखनक कोन व्यावहारिक समस्या पर संकेत करैत अछि?
  • देवनागरी वा मिथिलाक्षर देखब/लिखब कठिन होयबाक समस्या
  • कविता छन्दक वर्गीकरण
  • नाटक मंच-सज्जा
  • चित्रकला रंग-संयोजन
सूचना पाठककेँ देवनागरी वा मिथिलाक्षरमे देखबा-लिखबाक साधन दिस निर्देश करैत अछि, जे डिजिटल लेखनक व्यावहारिक प्रश्न छल।
2035. अंक ८० मे विद्यापति स्टाम्प आ मिथिला रत्नक उल्लेख कोन सांस्कृतिक स्मृति-धारा सँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलाक महान पुरुष-महिला लोकनिक सार्वजनिक स्मरण
  • केवल तकनीकी निर्देश
  • क्रिकेट-कमेन्ट्री
  • हास्य-कथा
विद्यापतिक डाक-टिकट आ ‘मिथिला रत्न’क संकेत क्षेत्रीय स्मृति, पहचान आ सांस्कृतिक गौरवक दस्तावेजीकरण करैत अछि।

2036. विदेह अंक ८१ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ मइ २०११
  • १५ मइ २०११
  • ०१ जून २०११
  • १५ जून २०११
अंक ८१क शीर्ष-सूचना मे ०१ मइ २०११ देल अछि; ई वर्ष ४, मास ४१क अंक रूपमे आयल।
2037. अंक ८१क संपादकीय जापानी काव्य-रूपमे टनका/वाका केँ कोन रूपमे देखबैत अछि?
  • ईश्वरक आह्वान-प्रार्थनाक ५-७-५-७-७ स्वरूप
  • केवल हास्य-नाटकक संरचना
  • मैथिली कथा-सूचीक नाम
  • चित्रकला प्रदर्शनीक विवरण
संपादकीयमे टनका/वाका केँ जापानक प्रार्थना-परम्परा सँ जोड़ि ५-७-५-७-७ संरचना रूपमे बुझाओल गेल अछि।
2038. अंक ८१क संपादकीय अनुसार सेनर्यूमे हाइकूक तुलनामे कोन तत्व नहि होइत अछि?
  • किरेजी
  • हास्य-व्यंग्य
  • ५-७-५ संरचना
  • लघुता
संपादकीयमे सेनर्यूक ५-७-५ ढाँचा स्वीकार कएल गेल, मुदा किरेजीक अभाव बताओल गेल अछि।
2039. अंक ८१क संपादकीयमे जापानी सिलेबल आ भारतीय वार्णिक छन्दक तुलना किएक आयल अछि?
  • हाइकू/सेनर्यूक १७ ध्वनि-एकक केँ १७ वर्ण/अक्षरक भारतीय धरातलसँ मिलाबय लेल
  • मिथिला चित्रकला बेचबाक नियम बताबय लेल
  • बालकथा वर्गीकरण करय लेल
  • नाटकक पात्र-सूची बनाबय लेल
संपादकीय हाइकूक १७ सिलेबलक तुलनाकेँ भारतीय वार्णिक छन्दक १७ वर्ण/अक्षर अवधारणासँ जोड़ैत अछि।
2040. अंक ८१मे जितेन्द्र झाक लेख कोन सांस्कृतिक कलारूपक उपेक्षा पर केन्द्रित अछि?
  • मिथिला चित्रकला
  • भोजपुरी रंगमंच
  • सांकेतिक भाषा
  • तमिल लोकगीत
शीर्षक ‘अपने घरमे उपेक्षित मिथिला चित्रकला’ मिथिला चित्रकलाक अपन समाजमे उपेक्षित स्थितिपर केन्द्रित अछि।
2041. अंक ८१मे ज्योति सुनीत चौधरीक विवरण कोन प्रवासी-सांस्कृतिक आयोजनसँ सम्बन्धित अछि?
  • यूकेमे भेल २०११क वार्षिक मिथिला सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • नेपालक राष्ट्रिय जनगणना
  • मुम्बईसँ मैथिल चिट्ठी
  • बृन्दावन यायावरी
सूचीमे यूकेमे भेल २०११क वार्षिक मिथिला सांस्कृतिक कार्यक्रमक विवरण ज्योति सुनीत चौधरीक नामसँ अछि।
2042. अंक ८१मे मीना झाक नाम कोन श्रेणीमे आयल अछि?
  • समाचार
  • नाटक
  • हाइकू
  • भाषापाक
गद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक कार्यक्रम-विवरणक बाद ‘समाचार : मीना झा’ देल अछि।
2043. अंक ८१मे जगदीश प्रसाद मण्डलक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गुहारि
  • मायराम
  • कम्प्रोमाइज
  • हमर टोल
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘विहनि कथा — गुहारि’ स्पष्ट रूपसँ दर्ज अछि।
2044. अंक ८१मे जगदीश प्रसाद मण्डलक नाटक कोन शीर्षकसँ जारी अछि?
  • कम्प्रोमाइज
  • छीनरदेवी
  • बेटीक अपमान
  • वृद्धाश्रमक पक्षमे
अंक ८१क गद्य-सूचीमे नाटक ‘कम्प्रोमाइज’ जगदीश प्रसाद मण्डलक नामसँ देल अछि।
2045. अंक ८१मे राजदेव मण्डलक उपन्यास कोन शीर्षकसँ अछि?
  • हमर टोल
  • गामक जिनगी
  • बिहरन
  • कलानिधि
गद्य-सूचीमे राजदेव मण्डलक उपन्यास ‘हमर टोल’ अलग प्रविष्टि रूपमे अछि।

2046. अंक ८१मे रवि भूषण पाठकक कविता कोन मृत्यु-बोधक शीर्षकसँ अछि?
  • मरणोपरांत
  • अनामिका
  • परिवार नियोजन
  • शिक्षाक मौलिकता
पद्य-सूचीमे रवि भूषण पाठकक ‘मरणोपरांत’ देल अछि; शीर्षक मृत्यु-पश्चात स्मृति वा स्थिति दिस संकेत करैत अछि।
2047. अंक ८१मे सुनील कुमार झाक योगदान कोन जापानी लघु-काव्य रूपसँ जुड़ल अछि?
  • हाइकू/शेन र्यू
  • दोहा/रोला
  • महाकाव्य
  • बाल-नाटक
सूचीमे सुनील कुमार झाक नामक संग ‘हाइकू/शेन र्यू’ देल अछि, जे लघु जापानी काव्य-रूपक अभ्यास बतबैत अछि।
2048. अंक ८१मे राजेश मोहन झा ‘गुंजन’क कविता कोन सामाजिक विषय उठबैत अछि?
  • परिवार नियोजन
  • मिथिला चित्रकला
  • साक्षरता बोधकथा
  • कम्प्रोमाइज
पद्य-सूचीमे राजेश मोहन झा गुंजनक ‘परिवार नियोजन’ शीर्षक देल अछि।
2049. अंक ८१मे नवीन कुमार आशाक कविता कोन स्त्री-नामक शीर्षकसँ अछि?
  • अनामिका
  • कोसी नदी
  • ब्रेस्ट कैंसर
  • बुच्ची दाइ
पद्य-सूचीमे नवीन कुमार आशाक ‘अनामिका’ देल अछि, जे नाम/पहचानक संकेतक शीर्षक अछि।
2050. अंक ८१मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क कविता कोन खेल-ध्वनि-जेकाँ शीर्षकसँ अछि?
  • उनटा-पुनटा
  • मरणोपरांत
  • शिक्षाक मौलिकता
  • साक्षरता
सूचीमे टिल्लूक कविता ‘उनटा-पुनटा’ अछि; शीर्षक ध्वन्यात्मक आ खेलधर्मी भाव बनबैत अछि।
2051. अंक ८१मे विद्यनन्द झा ‘विदू’क लेख/रचना कोन शिक्षा-विषय पर अछि?
  • शिक्षाक मौलिकता
  • परिवार नियोजन
  • बृन्दावन यायावरी
  • मुम्बई चिट्ठी
पद्य-भागक अन्तमे विद्यनन्द झा ‘विदू’क ‘शिक्षाक मौलिकता’ देल अछि, जे शिक्षा-विचारक शीर्षक अछि।
2052. अंक ८१क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ककर-ककर नाम अछि?
  • श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर)
  • राजदेव मण्डल, जगदीश प्रसाद मण्डल, बेचन ठाकुर
  • मीना झा, मानेश्वर मनुज, बिपिन झा
  • डॉ. कैलाश मिश्र, जीवकान्त, वीरेंद्र यादव
अंक ८१क कला-संगीत खण्डमे ई तीन नाम देल अछि, जाहिसँ स्थानीय आ प्रवासी कलात्मक उपस्थिति दुनू सूचित होइत अछि।
2053. अंक ८१मे बालानां कृते खण्डमे बिपिन झाक रचना कोन विषयसँ जुड़ल अछि?
  • साक्षरता-बोधकथा
  • हाइकू-शास्त्र
  • ब्रैस्ट कैंसर कथा
  • मिथिला चित्रकला रिपोर्ट
बाल-खण्डमे बिपिन झाक ‘साक्षरता-बोधकथा’ देल अछि, आ ओकर उद्देश्य ‘बालानां सुखबोधाय’ कहल गेल अछि।
2054. अंक ८१क प्रवासी खण्डमे ‘Episodes Of The Life’ कोन मूल कृतिक अनुवाद रूपमे अछि?
  • शेफालिका वर्माक ‘किस्त-किस्त जीवन’
  • राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘गुहारि’
  • जितेन्द्र झाक चित्रकला लेख
प्रवासी खण्डमे ‘Kist-Kist Jeevan’क अंग्रेजी रूप ‘Episodes Of The Life’ ज्योति झा चौधरीक अनुवाद रूपमे देल अछि।
2055. अंक ८१मे पुरान अंक सभकेँ कोन तीन लिपि/रूपमे उपलब्ध कहल गेल अछि?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी
  • रोमन, गुजराती आ तमिल मात्र
  • बांग्ला, उर्दू आ फारसी
  • केवल देवनागरी
पुरान अंकक सूचना ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्धता बतबैत अछि; ई अभिगम्यता आ लिपि-विविधता दुनू पर बल दैत अछि।

2056. विदेह अंक ८२ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ मई २०११
  • ०१ मई २०११
  • ०१ जून २०११
  • १५ जून २०११
अंक ८२क शीर्ष-सूचना मे १५ मई २०११ देल अछि।
2057. अंक ८२मे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक ‘यायावरी’ लेख कोन स्थल-संवेदना पर केन्द्रित अछि?
  • भावमय, भोगमय, योगमय बृन्दावन
  • मिथिला चित्रकला
  • नेपाल जनगणना
  • मुम्बई चिट्ठी
गद्य-सूचीमे ‘भावमय, भोगमय, योगमय बृन्दावन’ डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक नामसँ देल अछि।
2058. अंक ८२मे ‘भावमय, भोगमय, योगमय बृन्दावन’क स्थिति कोन रूपमे सूचित अछि?
  • पहिल खेपसँ आगाँ
  • एक पन्नाक समाचार
  • समाप्त उपन्यास
  • केवल फोटो-शीर्षक
प्रविष्टि ‘पहिल खेपसँ आगाँ’ कहैत अछि, अर्थात् ई क्रमिक यात्रा/लेखकर्मक आगाँक भाग अछि।
2059. अंक ८२मे जीवकान्तक लेख कोन प्रश्न-द्वय पर केन्द्रित अछि?
  • उत्तराधिकारी आ लेखक
  • चित्रकला आ संगीत
  • बालकथा आ हाइकू
  • ब्रेस्ट कैंसर आ जनगणना
सूचीमे जीवकान्तक लेख ‘उत्तराधिकारी आ लेखक’ शीर्षकसँ अछि, जे सृजन, परम्परा आ लेखकत्वक प्रश्न उठबैत अछि।
2060. अंक ८२मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’ मैथिली कथाक विकास केँ कोन कृति/विषयसँ जोड़ि देखैत छथि?
  • गामक जिनगी
  • सहस्रशीर्षा
  • किस्त-किस्त जीवन
  • वृद्धाश्रमक पक्षमे
प्रविष्टिमे ‘मैथिली कथाक विकासमे गामक जिनगीक योगदान’ शीर्षक देल अछि।
2061. अंक ८२मे जगदीश प्रसाद मण्डलक नाटक कोन रूपमे जारी अछि?
  • कम्प्रोमाइज — पछिला खेपसँ आगाँ
  • छीनरदेवी — पहिल खेप
  • अधिकार — समाप्ति
  • मैथिली सीखू — हास्य कथा
सूचीमे ‘कम्प्रोमाइज’क बाद ‘पछिला खेपसँ आगाँ’ देल अछि; ई धारावाहिक नाट्य-प्रकाशनक संकेत अछि।
2062. अंक ८२मे बिपिन झाक ग्रन्थ-समीक्षा कोन कृति पर अछि?
  • प्रकृति परिक्रमा
  • प्रज्वलित प्रज्ञा
  • अम्बरा
  • महाराज महेश ठाकुर ओ कंकाली भगवती
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक ‘ग्रन्थ समीक्षा — प्रकृति परिक्रमा’ दर्ज अछि।
2063. अंक ८२मे आशीष अनचिन्हारक लेख बेचन ठाकुरक कोन नाटक पर केन्द्रित अछि?
  • छीनरदेवी
  • बेटीक अपमान
  • कम्प्रोमाइज
  • अधिकार
प्रविष्टि ‘बेचन ठाकुरजीक नाटक छीनरदेवी’ शीर्षकसँ अछि।
2064. अंक ८२मे वीरेन्द्र यादवक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बाबा गाछी
  • बिहरन
  • गुहारि
  • मायराम
गद्य-सूचीमे वीरेन्द्र यादवक कथा ‘बाबा गाछी’ देल अछि।
2065. अंक ८२क गद्य-भागमे साहित्यिक विधा-विविधता कोन संयोजनसँ देखाइत अछि?
  • यात्रा-वृत्त, लेखकत्व-विमर्श, समीक्षा, नाटक आ कथा
  • केवल पद्य-संग्रह
  • केवल चित्रकला-फोटो
  • केवल समाचार-सूचना
एकहि गद्य खण्डमे बृन्दावन यायावरी, लेखकत्व-लेख, ग्रन्थ-समीक्षा, नाटक आ कथा सभक उपस्थिति विधा-विविधता देखबैत अछि।

2066. अंक ८२मे जवाहर लाल कश्यपक पद्य शीर्षक कोन अछि?
  • खाइ
  • कोसी नदी
  • गरीब
  • मरणोपरांत
पद्य-सूचीमे जवाहर लाल कश्यपक ‘खाइ’ शीर्षक देल अछि।
2067. अंक ८२मे किशन कारीगरक योगदान कोन विधा रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • गीत
  • गजल
  • हाइकू
  • नाटक
पद्य-सूचीमे किशन कारीगरक नामक संग ‘गीत’ देल अछि।
2068. अंक ८२मे गजेन्द्र ठाकुरक पद्य योगदान कोन दू रूपसँ जोड़ल अछि?
  • गजल/रुबाइ
  • दोहा/रोला
  • महाकाव्य/नाटक
  • गीत/चित्रकथा
सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘गजल/रुबाइ’ देल अछि।
2069. अंक ८२मे गजेन्द्र ठाकुरक आओर पद्य योगदान कोन जापानी/लघु-विधा समूहसँ जुड़ल अछि?
  • हाइकू/टनका/शेनर्यू/हैबून
  • केवल सोनेट
  • केवल दोहा
  • केवल गीतगोविन्द
पद्य-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक हाइकू, टनका, शेनर्यू आ हैबून एक संग देल अछि, जे लघु-विधा प्रयोग देखबैत अछि।
2070. अंक ८२मे डॉ. शेफालिका वर्माक कविता कोन नदी-केन्द्रित शीर्षकसँ अछि?
  • कोसी नदी
  • बाबा गाछी
  • प्रकृति परिक्रमा
  • बृन्दावन
सूचीमे डॉ. शेफालिका वर्माक ‘कोसी नदी’ देल अछि; शीर्षक क्षेत्रीय नदी-स्मृति आ आपदा-संवेदना दुनू जगाबैत अछि।
2071. अंक ८२क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ककर नाम सभ अछि?
  • श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर)
  • वीरेन्द्र यादव, जीवकान्त, बिपिन झा
  • रवि भूषण पाठक, किशन कारीगर, डॉ. शेफालिका वर्मा
  • बेचन ठाकुर, आशीष अनचिन्हार, जगदीश प्रसाद मण्डल
कला-संगीत खण्डमे तीन नाम देल अछि, जाहिमे सिंगापुरसँ श्वेता झाक उल्लेख प्रवासी आयाम जोड़ैत अछि।
2072. अंक ८२मे भाषापाक खण्ड कोन द्विभाषी कोषक उल्लेख करैत अछि?
  • मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोष
  • मैथिली-नेपाली कोष
  • मैथिली-भोजपुरी कोष
  • केवल संस्कृत कोष
भाषापाक सूचना विदेहक मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली सर्च-डिक्शनरी पर बल दैत अछि।
2073. अंक ८२मे कोषक तकनीकी आधार कोन रूपमे देल अछि?
  • एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित
  • हस्तलिखित पंजी
  • केवल मुद्रित कार्ड
  • चित्र-संग्रह
सूचना कोष केँ एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित डिजिटल खोज-व्यवस्था रूपमे प्रस्तुत करैत अछि।
2074. अंक ८२क पुरान अंक सूचना कोन प्रकाशन-दृष्टि देखबैत अछि?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरीमे अभिगम्यता
  • केवल विज्ञापन-सूची
  • केवल चित्रकला-विक्रय
  • केवल मुद्रित सदस्यता
पुरान अंकक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपेँ उपलब्धता विदेहक अभिगम्यता आ लिपि-विविधता प्रतिबद्धता देखबैत अछि।
2075. अंक ८२मे लघु काव्य-विधाक प्रयोग सभसँ स्पष्ट रूपेँ कोन प्रविष्टिमे देखाइत अछि?
  • गजेन्द्र ठाकुर — हाइकू/टनका/शेनर्यू/हैबून
  • जीवकान्त — उत्तराधिकारी आ लेखक
  • वीरेन्द्र यादव — बाबा गाछी
  • बिपिन झा — प्रकृति परिक्रमा
हाइकू, टनका, शेनर्यू आ हैबून एक संग सूचीबद्ध होयब काव्य-प्रयोगक स्पष्ट उदाहरण अछि।

2076. विदेह अंक ८३ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जून २०११
  • १५ जून २०११
  • ०१ जुलाइ २०११
  • १५ मई २०११
अंक ८३क शीर्ष-सूचना मे ०१ जून २०११ देल अछि।
2077. अंक ८३मे बेचन ठाकुरक गद्य-रचना कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • अधिकार
  • निश्तुकी
  • स्तरविहीन स्तर
  • बेटीक अपमान
गद्य-सूचीमे बेचन ठाकुरक ‘अधिकार’ देल अछि।
2078. अंक ८३मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • निश्तुकी
  • अधिकार
  • ब्रह्महास्त्र
  • गरीब
सूचीमे टिल्लूक नामक संग ‘निश्तुकी’ देल अछि।
2079. अंक ८३मे जगदीश प्रसाद मण्डलक नाटक कोन शीर्षकसँ आगाँ बढ़ैत अछि?
  • कम्प्रोमाइज
  • छीनरदेवी
  • ब्रेस्ट कैंसर
  • वृद्धाश्रमक पक्षमे
गद्य-सूचीमे ‘नाटक — कम्प्रोमाइज (पछिला खेपसँ आगाँ)’ देल अछि।
2080. अंक ८३मे बिपिन झाक लेख कोन मानक-विमर्शक शीर्षकसँ अछि?
  • स्तरविहीन स्तर
  • उत्तराधिकारी आ लेखक
  • एकटा प्रश्न मीडिया सँ
  • कलौ चण्डी महेश्वरौ
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक ‘स्तरविहीन स्तर’ देल अछि, जे गुणवत्ता/मानकक प्रश्न दिस संकेत करैत अछि।
2081. अंक ८३मे आशीष अनचिन्हारक लेख बेचन ठाकुरक कोन नाटक पर केन्द्रित अछि?
  • बेटीक अपमान
  • छीनरदेवी
  • कम्प्रोमाइज
  • कलानिधि
प्रविष्टि ‘बेचन ठाकुरजीक नाटक — बेटीक अपमान’ शीर्षकसँ अछि।
2082. अंक ८३मे ‘हम पुछैत छी’ शृंखलाक पहिल गप्प-सप्प ककर संग अछि?
  • सोमदेव
  • अशोक
  • जीवकान्त
  • वीरेन्द्र यादव
सूचीमे ‘हम पुछैत छी : मुन्नाजीक सोमदेवसँ भेल गपशप’ देल अछि।
2083. अंक ८३मे ‘हम पुछैत छी’ शृंखलाक दोसर गप्प-सप्प ककर संग अछि?
  • अशोक
  • सोमदेव
  • बिपिन झा
  • किशन कारीगर
गद्य-सूचीमे ‘हम पुछैत छी : मुन्नाजीक अशोकसँ भेल गपशप’ अलग प्रविष्टि अछि।
2084. अंक ८३क गद्य-भागमे नाटक-विमर्श कोन दू प्रविष्टि सँ खास मजबूत होइत अछि?
  • कम्प्रोमाइज आ बेटीक अपमान
  • कोसी नदी आ खाइ
  • राधा आ ब्रह्महास्त्र
  • साक्षरता आ भाषापाक
एक दिस ‘कम्प्रोमाइज’ नाटक जारी अछि, दोसर दिस बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ पर लेख अछि; ई नाट्य-विमर्शक घनत्व देखबैत अछि।
2085. अंक ८३मे गप्प-सप्प प्रविष्टि सभ कोन साहित्यिक कार्य करैत अछि?
  • लेखक/व्यक्ति-संवादकेँ दस्तावेजी रूप देब
  • केवल फोटो-सूची बनाबय
  • केवल कोष-प्रविष्टि देब
  • केवल पुरान लिंक दोहराबय
‘हम पुछैत छी’ शृंखला संवादक माध्यमे साहित्यिक व्यक्तित्व आ विचारक दस्तावेजीकरण करैत अछि।

2086. अंक ८३मे जगदीश चन्द्र अनिलक पद्य योगदान कोन विधासँ अछि?
  • गजल
  • गीत
  • हाइकू
  • नाटक
पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र अनिलक ‘गजल’ देल अछि।
2087. अंक ८३मे गंगेश गुंजनक ‘राधा’ शृंखला कोन खेप धरि सूचीबद्ध अछि?
  • ३०म खेप
  • १०म खेप
  • ५०म खेप
  • पहिल खेप
सूचीमे ‘गंगेश गुंजन राधा — ३०म खेप’ देल अछि, जे शृंखलाबद्ध रचनाक निरन्तरता देखबैत अछि।
2088. अंक ८३मे ज्योति सुनीत चौधरीक कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ब्रह्महास्त्र
  • गरीब
  • कोसी नदी
  • शुभारम्भ
पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक ‘ब्रह्महास्त्र’ देल अछि।
2089. अंक ८३मे सुनील कुमार झा सरल वार्णिक छन्दमे कोन विधा लिखैत छथि?
  • दूटा गजल
  • पाँचटा टनका
  • एकटा नाटक
  • एकटा संस्मरण
प्रविष्टिमे ‘सरल वार्णिक छन्दमे दूटा गजल’ देल अछि।
2090. अंक ८३मे रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क कविता/रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • झारूदार
  • ब्रह्महास्त्र
  • कोसी नदी
  • अनामिका
पद्य-सूचीमे रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’ नामक साथ ‘झारूदार’ शीर्षक देल अछि।
2091. अंक ८३मे किशन कारीगरक कविता कोन सामाजिक-आर्थिक शब्दक शीर्षकसँ अछि?
  • गरीब
  • अधिकार
  • निश्तुकी
  • कलानिधि
पद्य-सूचीमे किशन कारीगरक ‘गरीब’ देल अछि, जे सामाजिक आर्थिक स्थितिक संकेत करैत अछि।
2092. अंक ८३मे मिथिला कला-संगीत खण्डमे गुंजन कर्णक नामक संग आओर कोन प्रवासी/कलात्मक नाम सभ अछि?
  • श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर)
  • सोमदेव, अशोक, जीवकान्त
  • बेचन ठाकुर, बिपिन झा, टिल्लू
  • रवि भूषण पाठक, रामविलास साहु, किशन कारीगर
कला-संगीत खण्डमे गुंजन कर्णक संग श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी आ श्वेता झा (सिंगापुर)क नाम अछि।
2093. अंक ८३क बालानां कृते खण्डमे ककर-ककर नाम अछि?
  • जगदीश चन्द्र अनिल आ प्रेमचन्द्र मिश्र
  • बेचन ठाकुर आ बिपिन झा
  • सोमदेव आ अशोक
  • वीरेन्द्र यादव आ जीवकान्त
बाल-खण्डमे जगदीश चन्द्र अनिल आ प्रेमचन्द्र मिश्रक नाम देल अछि।
2094. अंक ८३मे प्रेमचन्द्र मिश्रक बाल-रचना कोन निजी सम्बोधनसँ जुड़ल अछि?
  • अपन बेटा अभिनव मिश्रकेँ बल दै लेल कविता
  • बृन्दावन यात्रा-वृत्त
  • कोसी नदी संस्मरण
  • मिथिला चित्रकला रिपोर्ट
सूचीमे प्रेमचन्द्र मिश्रक कविता अपन बेटा अभिनव मिश्रकेँ बल देबाक उद्देश्यसँ जोड़ल अछि।
2095. अंक ८३क प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मूल मैथिली कविता केँ अंग्रेजीमे के अनुवाद करैत छथि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • सुशीला झा
  • विनीत उत्पल
  • डॉ. कैलाश मिश्र
प्रवासी खण्डमे बूचक मूल मैथिली कविता अंग्रेजी अनुवाद सहित ज्योति झा चौधरीक नामसँ देल अछि।

2096. विदेह अंक ८४ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जून २०११
  • ०१ जून २०११
  • ०१ जुलाइ २०११
  • १५ मई २०११
अंक ८४क शीर्ष-सूचना मे १५ जून २०११ देल अछि।
2097. अंक ८४मे मीना झाक कथा कोन स्वास्थ्य-सामाजिक विषय पर अछि?
  • ब्रेस्ट कैंसर
  • जनगणनामे मातृभाषा
  • मीडिया सँ प्रश्न
  • उड़ीसा संस्मरण
गद्य-सूचीमे मीना झाक ‘कथा — ब्रेस्ट कैंसर’ देल अछि।
2098. अंक ८४मे मनोज झा मुक्तिक लेख कोन भाषा-अधिकार विषय उठबैत अछि?
  • जनगणनामे मातृभाषा
  • मिथिला चित्रकला
  • ब्रेल अंक
  • हाइकू-शास्त्र
शीर्षक ‘जनगणनामे मातृभाषा’ जनगणना आ भाषिक पहचानक प्रश्न केँ केन्द्र बनबैत अछि।
2099. अंक ८४मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कलानिधि
  • निश्तुकी
  • अधिकार
  • सेहन्ता
गद्य-सूचीमे टिल्लूक ‘कलानिधि’ देल अछि।
2100. अंक ८४मे बिपिन झाक लेख कोन संस्थागत माध्यम पर प्रश्न उठबैत अछि?
  • मीडिया
  • जनगणना कार्यालय
  • नाटक मंच
  • बाल-पत्रिका
प्रविष्टि ‘एकटा प्रश्न मीडिया सँ’ कहल गेल अछि; अतः ई मीडिया प्रति आलोचनात्मक प्रश्नक रूपमे सूचीबद्ध अछि।
2101. अंक ८४मे डॉ. शेफालिका वर्माक संस्मरण कोन स्थान आ वर्षसँ जुड़ल अछि?
  • उड़ीसा — १९८५
  • बृन्दावन — २०११
  • मुम्बई — २००९
  • नेपाल — २०११
सूचीमे ‘संस्मरण — उड़ीसा — १९८५’ स्पष्ट रूपसँ देल अछि।
2102. अंक ८४मे गजेन्द्र ठाकुरक गद्य प्रविष्टि कोन वैदिक-ध्वन्यात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • स॒हस्र॑शीर्षा॒
  • ब्रेस्ट कैंसर
  • कलानिधि
  • सेहन्ता
गद्य-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘स॒हस्र॑शीर्षा॒’ देल अछि, जे वैदिक स्वरचिह्नयुक्त शीर्षक रूपमे अछि।
2103. अंक ८४क गद्य-खण्डमे स्वास्थ्य आ भाषा-अधिकारक दू मुख्य प्रविष्टि कोन अछि?
  • ब्रेस्ट कैंसर आ जनगणनामे मातृभाषा
  • कम्प्रोमाइज आ गजल
  • कोसी नदी आ राधा
  • भाषापाक आ कला-संगीत
मीना झाक स्वास्थ्य-विषयक कथा आ मनोज झा मुक्तिक मातृभाषा-जनगणना लेख सामाजिक सरोकारक दू अलग धारा बनबैत अछि।
2104. अंक ८४मे जगदीश प्रसाद मण्डलक गद्य योगदान कोन दू विधा मे देखाइत अछि?
  • नाटक आ कथा
  • केवल कविता
  • भाषापाक आ कोष
  • कला-संगीत
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक नाम नाटक आ कथा दुनू रूपमे आयल अछि।
2105. अंक ८४क गद्य-सूचीमे सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकारक फैलाव कोन संयोजनसँ देखाइत अछि?
  • स्वास्थ्य, मातृभाषा, मीडिया, संस्मरण आ साहित्यिक गद्य
  • केवल खेल-सूचना
  • केवल प्रकाशन-विज्ञापन
  • केवल फोटो-विवरण
अंक ८४क गद्य भागमे ब्रेस्ट कैंसर, मातृभाषा-जनगणना, मीडिया, संस्मरण आ साहित्यिक गद्य सभ अछि।

2106. अंक ८४मे सत्येन्द्र कुमार झाक पद्य योगदान कोन रूपमे अछि?
  • पाँच गोट लघु कविता
  • चारि गोट गीत
  • पाँचटा टनका
  • हाइकू/हैबून
पद्य-सूचीमे सत्येन्द्र कुमार झाक ‘पाँच गोट लघु कविता’ देल अछि।
2107. अंक ८४मे रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क पद्य योगदान कोन रूपमे अछि?
  • चारि गोट गीत
  • पाँच गोट लघु कविता
  • एकटा कथा
  • एकटा संस्मरण
सूचीमे रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क ‘चारि गोट गीत’ देल अछि।
2108. अंक ८४मे किशन कारीगरक कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सेहन्ता
  • शासक लोकनिसँ
  • पाँचटा टनका
  • बीतल इतिहास
पद्य-सूचीमे किशन कारीगरक ‘सेहन्ता’ देल अछि।
2109. अंक ८४मे रामविलास साहुक योगदान कोन लघु जापानी काव्य-विधासँ जुड़ल अछि?
  • पाँचटा टनका
  • चारि गोट गीत
  • दूटा गजल
  • नाटक
पद्य-सूचीमे रामविलास साहुक ‘पाँचटा टनका’ देल अछि।
2110. अंक ८४मे मनोज कुमार झाक कविता कोन आपदा-सन्दर्भसँ जुड़ल अछि?
  • बाढ़िक सन्दर्भमे शासक लोकनिसँ
  • मुम्बई चिट्ठी
  • बृन्दावन यायावरी
  • ब्रैस्ट कैंसर कथा
सूचीमे ‘शासक लोकनिसँ (बाढ़िक सन्दर्भमे)’ देल अछि, जे आपदा आ शासन-संबंधक आलोचना दिस संकेत करैत अछि।
2111. अंक ८४क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ककर-ककर नाम अछि?
  • ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर), गुंजन कर्ण, प्रवीण कुमार ठाकुर
  • मीना झा, मनोज झा मुक्ति, बिपिन झा
  • बेचन ठाकुर, सोमदेव, अशोक
  • रवि भूषण पाठक, गंगेश गुंजन, जवाहर लाल कश्यप
कला-संगीत खण्डमे ई चार नाम देल अछि, जाहिमे सिंगापुरक श्वेता झाक प्रवासी उपस्थिति सेहो अछि।
2112. अंक ८४क भाषापाक खण्ड कोन मानक-लेखन चिंता केँ दोहरबैत अछि?
  • मानक मैथिली आ द्विभाषी सर्च-कोष
  • केवल छन्द-सूची
  • केवल नाटक पात्र-सूची
  • केवल स्वास्थ्य रिपोर्ट
भाषापाक खण्ड ‘मानक मैथिली’ आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक सूचना देैत अछि।
2113. अंक ८४मे द्विभाषी कोष कोन तकनीकी आधारसँ चिन्हित अछि?
  • एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित
  • हस्तलिखित पंजी आधारित
  • केवल मुद्रित पन्ना आधारित
  • चित्र-संग्रह आधारित
सूचना अनुसार कोष एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित खोज-योग्य व्यवस्था अछि।
2114. अंक ८४मे पुरान अंक सभक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूप कोन मूल्यक संकेत अछि?
  • अभिगम्यता आ लिपि-विविधता
  • मंच-सज्जा
  • केवल विज्ञापन
  • केवल बिक्री-सूचना
ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूप पाठक-वर्गक विविध जरूरत केँ पूरा करबाक प्रयास देखबैत अछि।
2115. अंक ८४क पद्य-भागमे लघु कविता, गीत, टनका आ आपदा-कविता एक संग होयब कोन गुण देखबैत अछि?
  • विधागत विविधता आ सामाजिक सरोकार
  • केवल एकरूप गीत-संग्रह
  • केवल बाल-खण्ड
  • केवल तकनीकी शब्दावली
पद्य-सूचीमे लघु कविता, गीत, टनका आ बाढ़-सन्दर्भक कविता संग-संग अछि; ई विविधता आ सामाजिक सजगता देखबैत अछि।

2116. विदेह अंक ८५ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जुलाइ २०११
  • १५ जून २०११
  • १५ जुलाइ २०११
  • ०१ जून २०११
अंक ८५क शीर्ष-सूचना मे ०१ जुलाइ २०११ देल अछि।
2117. अंक ८५मे मानेश्वर मनुजक लेख कोन महानगरीय स्थानसँ मैथिल दृष्टि राखैत अछि?
  • मुम्बई
  • बृन्दावन
  • उड़ीसा
  • सिंगापुर
शीर्षक ‘मैथिल दृष्टिक प्रसंग मुम्बइसँ एक चिट्ठी’ मुम्बईसँ लिखल मैथिल दृष्टिक संकेत दैत अछि।
2118. अंक ८५मे मानेश्वर मनुजक लेखक संग कोन उपशीर्षक/संदर्भ जुड़ल अछि?
  • बुच्ची दाइक निलामी कोना से देखू
  • जनगणनामे मातृभाषा
  • ब्रेस्ट कैंसर
  • प्रकृति परिक्रमा
गद्य-सूचीमे मुम्बई चिट्ठीक संग ‘बुच्ची दाइक निलामी कोना से देखू’ देल अछि।
2119. अंक ८५मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बिहरन
  • गुहारि
  • मायराम
  • अधिकार
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कथा ‘बिहरन’ देल अछि।
2120. अंक ८५मे किशन कारीगरक ‘मैथिली सीखू’ कोन प्रकारक कथा कहल गेल अछि?
  • हास्य कथा
  • स्वास्थ्य कथा
  • अनुवाद कथा
  • बालगीत
सूचीमे ‘मैथिली सीखू’क बाद कोष्ठकमे ‘एकटा हास्य कथा’ देल अछि।
2121. अंक ८५मे बिपिन झाक रचना कोन देव-स्तुति-सदृश शीर्षकसँ अछि?
  • कलौ चण्डी महेश्वरौ
  • मैथिली सीखू
  • बिहरन
  • शुभारम्भ
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक ‘कलौ चण्डी महेश्वरौ’ देल अछि।
2122. अंक ८५मे राजदेव मण्डलक उपन्यास ‘हमर टोल’ कोन स्थिति मे अछि?
  • आगाँ
  • समाप्ति-सूचना
  • पहिल बेर घोषणा
  • केवल समीक्षा
सूचीमे ‘हमर टोल — आगाँ’ देल अछि, जे उपन्यासक धारावाहिक निरन्तरता बतबैत अछि।
2123. अंक ८५मे सुमित आनन्दक रिपोर्ट कोन आयोजनसँ जुड़ल अछि?
  • कार्यशालाक आयोजन
  • वार्षिक मिथिला सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • जनगणना संकल्प
  • कला-संगीत प्रदर्शनी
गद्य-सूचीमे सुमित आनन्दक ‘रिपोर्ट (कार्यशालाक आयोजन)’ देल अछि।
2124. अंक ८५क गद्य-पद्य भारती खण्डमे मूल भोजपुरी रचना ककर अछि?
  • भिखारी ठाकुर
  • जयदेव
  • प्रेमचन्द मिश्र
  • कालीकान्त झा ‘बूच’
गद्य-पद्य भारतीमे मूल भोजपुरी लेखक भिखारी ठाकुर (१८८७-१९७१) देल अछि।
2125. अंक ८५मे भिखारी ठाकुरक भोजपुरी रचनाक मैथिली अनुवाद ककर नामसँ अछि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • ज्योति झा चौधरी
  • विनीत उत्पल
  • सुशीला झा
सूचीमे ‘मैथिली अनुवाद — गजेन्द्र ठाकुर’ देल अछि।

2126. अंक ८५मे उमेश मण्डलक कविता कोन आरम्भ-सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • शुभारम्भ
  • माइटक फूल
  • हम नै सुधरब
  • मरणोपरांत ४
पद्य-सूचीमे उमेश मण्डलक ‘शुभारम्भ’ देल अछि।
2127. अंक ८५मे जितमोहन झा ‘जितू’क योगदान कोन विधासँ अछि?
  • गीत
  • गजल
  • हाइकू
  • नाटक
पद्य-सूचीमे जितमोहन झा (जितू)क नामक संग ‘गीत’ देल अछि।
2128. अंक ८५मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कविता कोन माटि-सुगन्धित शीर्षकसँ अछि?
  • माइटक फूल
  • शुभारम्भ
  • हम नै सुधरब
  • बिहरन
पद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कविता ‘माइटक फूल’ अछि, जे माटि आ प्रकृति-भाव केँ जोडैत अछि।
2129. अंक ८५मे रवि भूषण पाठकक ‘मरणोपरांत’ शृंखला कोन क्रमांक धरि पहुँचल अछि?
  • ३०
पद्य-सूचीमे रवि भूषण पाठकक ‘मरणोपरांत ४’ देल अछि।
2130. अंक ८५मे विनीत उत्पलक कविता कोन आत्म-व्यंग्यात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • हम नै सुधरब
  • शुभारम्भ
  • माइटक फूल
  • बुच्ची दाइक निलामी
‘हम नै सुधरब’ शीर्षक आत्म-स्वीकृति आ व्यंग्यक स्वर बनबैत अछि।
2131. अंक ८५क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ककर-ककर नाम अछि?
  • ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर), गुंजन कर्ण
  • मीना झा, मनोज झा मुक्ति, बिपिन झा
  • भिखारी ठाकुर, गजेन्द्र ठाकुर, प्रेमचन्द्र मिश्र
  • मानेश्वर मनुज, राजदेव मण्डल, सुमित आनन्द
कला-संगीत खण्डमे ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर) आ गुंजन कर्णक नाम देल अछि।
2132. अंक ८५मे ‘वृद्धाश्रमक पक्षमे’ कोन खण्डमे राखल गेल अछि?
  • गद्य-पद्य भारती
  • बालानां कृते
  • भाषापाक
  • मिथिला कला-संगीत
भोजपुरी मूलसँ मैथिली अनुवाद ‘वृद्धाश्रमक पक्षमे’ गद्य-पद्य भारती खण्डमे देल अछि।
2133. अंक ८५मे बालानां कृते खण्डमे प्रेमचन्द्र मिश्रक कविता ककर लेल कहल गेल अछि?
  • अपन बेटा अभिनव मिश्रकेँ बल दै लेल
  • सिंगापुरक श्वेता झाक लेल
  • भिखारी ठाकुरक स्मृतिमे
  • मीडिया सँ प्रश्नक उत्तरमे
सूचीमे प्रेमचन्द्र मिश्रक रचना अपन बेटा अभिनव मिश्रकेँ बल देबाक लेल कविता रूपमे अछि।
2134. अंक ८५क प्रवासी खण्डमे ‘Episodes Of The Life’ कोन मूल कृतिक अंग्रेजी रूप अछि?
  • शेफालिका वर्माक ‘किस्त-किस्त जीवन’
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘बिहरन’
  • भिखारी ठाकुरक ‘वृद्धाश्रमक पक्षमे’
  • राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’
प्रवासी खण्डमे ‘Kist-Kist Jeevan’क अंग्रेजी अनुवाद ‘Episodes Of The Life’ रूपमे देल अछि।
2135. अंक ८५क प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मूल मैथिली कविता केँ अंग्रेजीमे के अनुवाद करैत छथि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विनीत उत्पल
  • प्रेमचन्द्र मिश्र
सूचीमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मूल मैथिली कविता ज्योति झा चौधरी द्वारा अंग्रेजीमे अनूदित कहल गेल अछि।

2136. विदेह अंक ८६ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जुलाइ २०११
  • ०१ जुलाइ २०११
  • ०१ अगस्त २०११
  • १५ अगस्त २०११
अंक ८६क शीर्ष-सूचना मे १५ जुलाइ २०११ देल अछि; ई वर्ष ४, मास ४३क अंक रूपमे आयल।
2137. अंक ८६मे डॉ. राजीव कुमार वर्माक रचना कोन मेघ-केन्द्रित शीर्षकसँ अछि?
  • कारी घटा बरसैत मेघ
  • मातृभूमि
  • बाप भेल पित्ती
  • प्रकृति-पुरुष
गद्य-सूचीमे डॉ. राजीव कुमार वर्माक नामक संग ‘कारी घटा बरसैत मेघ’ देल अछि।
2138. अंक ८६मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मातृभूमि
  • शंभूदास
  • भबडाह
  • बोधिसत्व
अंक ८६क गद्य-भागमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘कथा — मातृभूमि’ स्पष्ट रूपसँ सूचीबद्ध अछि।
2139. अंक ८६मे रवि भूषण पाठकक लेख/रचना कोन निराला-केन्द्रित शीर्षकसँ अछि?
  • निरालाः देह विदेह
  • निराला हिन्दीसँ मैथिलीमे-४
  • रचनात्मक बिमर्शक अयनामे चिड़ै
  • गामक जिनगीक समीक्षा
गद्य-सूचीमे रवि भूषण पाठकक ‘निरालाःदेह विदेह’ देल अछि, जे निराला-विमर्शक संकेत करैत अछि।
2140. अंक ८६मे डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’क लेख कोन भाषावैज्ञानिक विषयसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिला भाषाक अध्ययन आ ग्रिअर्सनक मैथिली व्याकरण
  • मैथिली वर्डनेटक कार्यान्वयन
  • नेपाल जनगणनामे मैथिली
  • ब्रेल-तिरहुता पीडीएफ
शीर्षकमे मिथिला भाषाक अध्ययन आ डॉ. ग्रिअर्सन कृत मैथिली व्याकरणक उल्लेख अछि, जे भाषावैज्ञानिक स्रोत-विमर्शक विषय अछि।
2141. अंक ८६मे बिपिन झाक लेख कोन नैतिक/सामाजिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • सहनशीलता मजबूरी अथवा कमजोरी?
  • यात्राक किछु प्रश्न
  • श्रोत्रिय समाजमे रक्तबीजक जन्म
  • मैथिली वर्डनेट
बिपिन झाक शीर्षक ‘सहनशीलता मजबूरी अथवा कमजोरी?’ सहनशीलताक अर्थ, सीमा आ सामाजिक पाठ पर प्रश्न उठबैत अछि।
2142. अंक ८६मे बेचन ठाकुरक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बाप भेल पित्ती
  • दूटा विहनि कथा
  • टाई माने रस्सी
  • छीनरदेवी
गद्य-सूचीमे बेचन ठाकुरक ‘बाप भेल पित्ती’ देल अछि।
2143. अंक ८६मे सुमित आनन्दक रिपोर्ट कोन आयोजनसँ सम्बन्धित अछि?
  • अनुवाद कार्यशालाक आयोजन
  • मैथिली वर्डनेट
  • भंगिमक चुनाव
  • मिथिला चित्रकला प्रदर्शनी
गद्य-सूचीमे सुमित आनन्दक रिपोर्टक विषय ‘अनुवाद कार्यशालाक आयोजन’ कहल गेल अछि।
2144. अंक ८६क गद्य-भागमे कथा, व्याकरण, सामाजिक लेख आ रिपोर्ट एक संग होयब कोन गुण देखबैत अछि?
  • विधागत विविधता
  • केवल कविता-संकलन
  • केवल तकनीकी सूचना
  • केवल विज्ञापन
अंक ८६क गद्य-सूचीमे कथा, भाषावैज्ञानिक लेख, सामाजिक प्रश्न आ कार्यशाला-रिपोर्ट सभ एक संग अछि।
2145. अंक ८६मे ‘मिथिला भाषाक अध्ययन’क संग ग्रिअर्सनक नामक उल्लेख किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • मैथिली व्याकरणक ऐतिहासिक/भाषाशास्त्रीय स्रोतसँ लेख जुड़ैत अछि
  • ई बालकथा-लेखकक नाम अछि
  • ई चित्रकला-प्रदर्शनीक स्थल अछि
  • ई केवल पत्रिका-सदस्यता सूचना अछि
शीर्षक ग्रिअर्सन कृत मैथिली व्याकरणक चर्चा करैत अछि; तेँ ई साहित्यिक-सूची मात्र नहि, भाषाशास्त्रीय स्रोत-विमर्श अछि।

2146. अंक ८६मे डॉ. शेफालिका वर्माक कविता कोन दार्शनिक-युग्म शीर्षकसँ अछि?
  • प्रकृति-पुरुष
  • कारी घटा बरसैत मेघ
  • मातृभूमि
  • गुटू रानी
पद्य-सूचीमे डॉ. शेफालिका वर्माक ‘प्रकृति-पुरुष’ देल अछि, जे प्रकृति आ पुरुषक दार्शनिक युग्म बनबैत अछि।
2147. अंक ८६मे गजेन्द्र ठाकुरक पद्य योगदान कोन विधासँ सूचीबद्ध अछि?
  • गजल
  • गीत
  • महाकाव्य
  • हास्य कथा
पद्य-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक नामक संग ‘गजल’ देल अछि।
2148. अंक ८६क मिथिला कला-संगीत खण्डमे कोन तीन नाम सूचीबद्ध छथि?
  • ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर), गुंजन कर्ण
  • सुबोध झा, नवीन कुमार आशा, जवाहर लाल कश्यप
  • उदय प्रकाश, विनीत उत्पल, सुशीला झा
  • राजीव कुमार वर्मा, बेचन ठाकुर, बिपिन झा
कला-संगीत खण्डमे ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर) आ गुंजन कर्णक नाम देल अछि।
2149. अंक ८६मे ‘मोहनदास’ दीर्घकथा मूलत: ककर रचना रूपमे देल अछि?
  • उदय प्रकाश
  • विनीत उत्पल
  • सुशीला झा
  • प्रभा खेतान
सूचीमे ‘मोहनदास’क लेखक उदय प्रकाश कहल गेल अछि; मैथिली अनुवादक रूपमे विनीत उत्पलक उल्लेख अछि।
2150. अंक ८६मे ‘मोहनदास’क मैथिली अनुवादक के कहल गेल अछि?
  • विनीत उत्पल
  • सुशीला झा
  • ज्योति झा चौधरी
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा
‘मोहनदास’ प्रविष्टिमे मूल हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद विनीत उत्पलक नामसँ देल अछि।
2151. अंक ८६मे ‘मोहनदास’ किन-किन रूपमे उपलब्ध कहल गेल अछि?
  • देवनागरी, मिथिलाक्षर आ ब्रेल
  • केवल रोमन
  • केवल ऑडियो
  • केवल चित्रकथा
सूचीमे ‘मोहनदास’क मैथिली-देवनागरी, मैथिली-मिथिलाक्षर आ मैथिली-ब्रेल रूप अलग-अलग देल अछि।
2152. अंक ८६मे ‘छिन्नमस्ता’ कोन मूल हिन्दी उपन्यासक मैथिली अनुवाद रूपमे अछि?
  • प्रभा खेतानक
  • उदय प्रकाशक
  • भिखारी ठाकुरक
  • निरालाक
प्रविष्टि अनुसार ‘छिन्नमस्ता’ प्रभा खेतानक हिन्दी उपन्यासक सुशीला झा द्वारा मैथिली अनुवाद अछि।
2153. अंक ८६मे ‘छिन्नमस्ता’क मैथिली अनुवादक के छथि?
  • सुशीला झा
  • विनीत उत्पल
  • ज्योति झा चौधरी
  • डॉ. जया वर्मा
सूचीमे ‘छिन्नमस्ता’क अनुवादक रूपमे सुशीला झाक नाम अछि।
2154. अंक ८६मे बालानां कृते खण्डमे विनीत उत्पलक कोन रचना अछि?
  • गुटू रानी
  • शरीरक मूल्य
  • माइटक फूल
  • टाई माने रस्सी
बाल-खण्डमे विनीत उत्पलक ‘गुटू रानी’ देल अछि।
2155. अंक ८६क प्रवासी खण्डमे ‘The Comet’क अंग्रेजी अनुवाद केने छथि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • गजेन्द्र ठाकुर स्वयं
  • डॉ. राजीव कुमार वर्मा आ डॉ. जया वर्मा
  • सुशीला झा
प्रवासी खण्डमे ‘The Comet’ गजेन्द्र ठाकुरक रचना रूपमे आ ज्योति झा चौधरी द्वारा अनूदित रूपमे देल अछि।

2156. विदेह अंक ८७ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ अगस्त २०११
  • १५ जुलाइ २०११
  • १५ अगस्त २०११
  • ०१ सितम्बर २०११
अंक ८७क शीर्ष-सूचना मे ०१ अगस्त २०११ देल अछि।
2157. अंक ८७मे महाप्रकाशक गद्य रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • संभावना
  • यात्राक किछु प्रश्न
  • मातृभूमि
  • भबडाह
गद्य-सूचीमे महाप्रकाशक नामक संग ‘संभावना’ देल अछि।
2158. अंक ८७मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क लेख कोन कथा-विमर्शक विषयसँ सम्बन्धित अछि?
  • कथा किरणमे यथार्थबोध ओ नारी विमर्श
  • मिथिला भाषाक अध्ययन
  • मैथिली वर्डनेट
  • कोसीक प्रलयक तीन बर्ख
शीर्षकमे ‘कथा किरण’, यथार्थबोध आ नारी-विमर्शक संयोजन अछि; तेँ ई कथा-आलोचनात्मक लेख अछि।
2159. अंक ८७मे बेचन ठाकुरक रचना कोन रूपमे देल अछि?
  • दूटा विहनि कथा
  • दीर्घकथा शंभूदास
  • हास्य कथा टाई माने रस्सी
  • नाटक कम्प्रोमाइज
गद्य-सूचीमे बेचन ठाकुरक ‘दूटा विहनि कथा’ देल अछि।
2160. अंक ८७मे किशन कारीगरक ‘टाई माने रस्सी’ कोन प्रकारक रचना कहल गेल अछि?
  • एकटा हास्य कथा
  • भाषाशास्त्रीय शोधपत्र
  • दीर्घकथा
  • अनुवाद कार्यशाला रिपोर्ट
सूचीमे ‘टाई माने रस्सी’क बाद ‘एकटा हास्य कथा’ कहल गेल अछि।
2161. अंक ८७मे नवेंदु कुमार झाक योगदान कोन विधा रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • रिपोर्ताज
  • गजल
  • दीर्घकथा
  • बालबोधिनी कथा
गद्य-सूचीमे नवेंदु कुमार झाक नामक संग ‘रिपोर्ताज’ देल अछि।
2162. अंक ८७मे बिपिन झाक लेख कोन डिजिटल-भाषाई परियोजनासँ जुड़ल अछि?
  • मैथिली वर्डनेट
  • मोहनदास ब्रेल संस्करण
  • मिथिला चित्रकला
  • गामक सावन
शीर्षक ‘Maithili Wordnet: आवश्यकता, कार्यान्वयन आ तद्गत समस्या’ डिजिटल भाषाई संसाधनक चर्चा करैत अछि।
2163. अंक ८७मे राजदेव मण्डलक धारावाहिक उपन्यास कोन शीर्षकसँ चलैत अछि?
  • हमर टोल
  • गामक जिनगी
  • शंभूदास
  • बिहरण
गद्य-सूचीमे राजदेव मण्डलक ‘उपन्यास — हमर टोल — गतांशसँ आगाँ’ देल अछि।
2164. अंक ८७मे अरविन्द ठाकुरक लेख मिथिला संस्कृतिक कोन पक्ष दिस संकेत करैत अछि?
  • किछु अप्रिय बिन्दु
  • केवल उत्सव-सूची
  • फोटो-स्थान
  • बालकथा अनुवाद
शीर्षक ‘मिथिलाक संस्कृति : किछु अप्रिय बिन्दु’ संस्कृति-विमर्शमे आलोचनात्मक दृष्टि सूचित करैत अछि।
2165. अंक ८७क गद्य-सूचीमे यथार्थबोध, नारी-विमर्श, वर्डनेट आ संस्कृति-विमर्शक संगति कोन प्रकारक अंक बनबैत अछि?
  • आलोचना, समाज आ भाषा-प्रौद्योगिकी केँ जोड़निहार अंक
  • केवल पद्य-विशेषांक
  • केवल कला-संगीत अंक
  • केवल पत्र-सूचना अंक
अंक ८७क गद्य-शीर्षक सभ कथालोचना, नारी-विमर्श, डिजिटल शब्दसंसाधन आ सांस्कृतिक आलोचना केँ एक संग राखैत अछि।

2166. अंक ८७मे बृषेश चन्द्र लालक कविता कोन स्वप्न-रूपक शीर्षकसँ अछि?
  • जीवन सपना
  • गामक सावन
  • चारिटा आर पद्य
  • खाइ
पद्य-सूचीमे बृषेश चन्द्र लालक ‘जीवन सपना’ देल अछि।
2167. अंक ८७मे रामविलास साहुक योगदान कोन विधा-समूहसँ जुड़ल अछि?
  • कविता/हाइकू/टनका
  • केवल कथा
  • केवल नाटक
  • केवल समीक्षा
पद्य-सूचीमे रामविलास साहुक नामक संग कविता, हाइकू आ टनका तीनू रूप देल अछि।
2168. अंक ८७मे आशीष अनचिन्हारक पद्य योगदान कोन रूपमे अछि?
  • दूटा गजल
  • चारिटा आर पद्य
  • जीवन सपना
  • गामक सावन
सूचीमे आशीष अनचिन्हारक ‘दूटा गजल’ देल अछि।
2169. अंक ८७मे मनोज झा मुक्तिक कविता कोन ऋतु/गाम-केन्द्रित शीर्षकसँ अछि?
  • गामक सावन
  • जीवन सपना
  • प्रकृति-पुरुष
  • दियाद बलजोर
पद्य-सूचीमे मनोज झा मुक्तिक नामक संग ‘गामक सावन’ देल अछि।
2170. अंक ८७क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झाक कोन प्रवासी स्थानक उल्लेख अछि?
  • सिंगापुर
  • मुम्बई
  • हजारीबाग
  • जनकपुर
कला-संगीत खण्डमे ‘श्वेता झा (सिंगापुर)’ देल अछि; ई प्रवासी मैथिल कलात्मक उपस्थिति देखबैत अछि।
2171. अंक ८७मे गद्य-पद्य भारती खण्डमे निरालाक कृतिक कोन भाग प्रस्तुत अछि?
  • निरालाःदेहविदेह-२
  • निरालाःदेहविदेह-३
  • निरालाःदेहविदेह-४
  • छिन्नमस्ता
सूचीमे ‘रवि भूषण पाठक निरालाःदेहविदेह-2 (निराला हिन्दीसँ मैथिलीमे)’ देल अछि।
2172. अंक ८७क भाषापाक खण्ड कोन भाषिक लक्ष्य दोहरबैत अछि?
  • मानक मैथिली आ डिजिटल द्विभाषी कोष
  • केवल फोटो-संग्रह
  • केवल बालगीत
  • केवल समाचार शीर्षक
भाषापाक प्रविष्टि मानक मैथिली तथा मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली खोज-कोष पर केन्द्रित अछि।
2173. अंक ८७क प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मूल मैथिली कविता अंग्रेजीमे के अनुवाद करैत छथि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • विनीत उत्पल
  • सुशीला झा
प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मूल मैथिली कविताक अंग्रेजी अनुवाद ज्योति झा चौधरी द्वारा कहल गेल अछि।
2174. अंक ८७मे पुरान अंकक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी उपलब्धता कोन मूल्यक संकेत अछि?
  • अभिगम्यता आ लिपि-विविधता
  • केवल विज्ञापन व्यवस्था
  • केवल चित्र-सज्जा
  • केवल पुरस्कार-सूची
सूचना पुरान अंक सभक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूप पर बल दैत अछि, जे पाठक-अभिगम्यता बढ़बैत अछि।
2175. अंक ८७मे कविता, हाइकू, टनका, गजल आ अनुवादक उपस्थिति कोन साहित्यिक गुण देखबैत अछि?
  • विधागत बहुलता
  • केवल एक-विधा अनुशासन
  • पत्रिका-विराम
  • केवल प्रशासनिक सूचना
पद्य आ अनुवाद-सूची अलग-अलग विधा केँ एकहि अंकमे स्थान दैत अछि; ई विधागत बहुलता देखबैत अछि।

2176. विदेह अंक ८८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ अगस्त २०११
  • ०१ अगस्त २०११
  • ०१ सितम्बर २०११
  • १५ सितम्बर २०११
अंक ८८क शीर्ष-सूचना मे १५ अगस्त २०११ देल अछि।
2177. अंक ८८मे बिपिन झाक लेख कोन यात्रा-विषयक शीर्षकसँ अछि?
  • यात्राक किछु प्रश्न
  • मैथिली वर्डनेट
  • श्रोत्रिय समाजमे रक्तबीजक जन्म
  • सहनशीलता मजबूरी अथवा कमजोरी
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक ‘यात्राक किछु प्रश्न’ देल अछि।
2178. अंक ८८मे राजदेव मण्डलक उपन्यास कोन शीर्षकसँ जारी अछि?
  • हमर टोल
  • शंभूदास
  • मातृभूमि
  • भबडाह
गद्य-सूचीमे ‘राजदेव मण्डल — उपन्यास — हमर टोल — गतांशसँ आगाँ’ देल अछि।
2179. अंक ८८मे ‘हमर टोल’क स्थिति कोन रूपमे सूचित अछि?
  • गतांशसँ आगाँ
  • पहिल बेर घोषणा
  • समाप्ति-सूचना
  • केवल समीक्षा
‘गतांशसँ आगाँ’ वाक्यांश बतबैत अछि जे उपन्यासक अगिला किस्त प्रकाशित भेल अछि।
2180. अंक ८८मे जगदीश प्रसाद मण्डलक दीर्घकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • शंभूदास
  • मातृभूमि
  • भबडाह
  • बोधिसत्व
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘दीर्घकथा — शंभूदास’ देल अछि।
2181. अंक ८८मे गद्य-भाग अपेक्षाकृत कम शीर्षक होइतहुँ कोन तीन केन्द्र बनबैत अछि?
  • यात्रा-विचार, धारावाहिक उपन्यास, दीर्घकथा
  • केवल कला-संगीत
  • केवल बालकथा
  • केवल ईमेल-सूचना
अंक ८८क गद्य-सूचीमे बिपिन झाक यात्रा-विचार, राजदेव मण्डलक हमर टोल आ जगदीश मण्डलक शंभूदास अछि।
2182. अंक ८८मे गद्य-पद्य भारती खण्डमे निराला-संबन्धी सामग्री कोन क्रममे अछि?
  • निरालाःदेहविदेह-३
  • निरालाःदेहविदेह-२
  • निरालाःदेहविदेह-४
  • निरालाःदेह विदेह बिना क्रम
सूचीमे रवि भूषण पाठकक ‘निरालाःदेहविदेह-३ (निराला हिन्दीसँ मैथिलीमे)’ देल अछि।
2183. अंक ८८मे निराला-सामग्री कोन भाषिक रूपान्तरणक संकेत दैत अछि?
  • हिन्दीसँ मैथिलीमे
  • मैथिलीसँ नेपालीमे
  • बांग्लासँ संस्कृतमे
  • अंग्रेजीसँ रोमनमे
प्रविष्टि ‘निराला हिन्दीसँ मैथिलीमे’ कहैत अछि, तेँ ई हिन्दी साहित्यक मैथिली रूपान्तरणक भाग अछि।
2184. अंक ८८क प्रवासी खण्डमे ‘Episodes Of The Life’ कोन मूल कृतिक अंग्रेजी अनुवाद रूप अछि?
  • शेफालिका वर्माक ‘किस्त-किस्त जीवन’
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘शंभूदास’
  • बिपिन झाक ‘यात्राक किछु प्रश्न’
  • रवि भूषण पाठकक निराला-विमर्श
प्रवासी खण्डमे ‘Kist-Kist Jeevan’क अंग्रेजी शीर्षक ‘Episodes Of The Life’ देल अछि।
2185. अंक ८८क प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मूल मैथिली कविता केँ अंग्रेजीमे के अनुवाद करैत छथि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • रवि भूषण पाठक
  • राजदेव मण्डल
  • बिपिन झा
प्रवासी खण्डमे कालीकान्त झा ‘बूच’क मूल मैथिली कविता ज्योति झा चौधरी द्वारा अंग्रेजीमे अनूदित कहल गेल अछि।

2186. अंक ८८मे रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क नाम कोन खण्डमे प्रमुख रूपेँ अछि?
  • पद्य
  • गद्य
  • भाषापाक
  • प्रवासी अंग्रेजी
अंक ८८क पद्य-सूचीमे रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क नाम देल अछि।
2187. अंक ८८मे उमेश पासवानक नाम कोन पद्य-समूहमे आयल अछि?
  • रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क संग
  • शंभूदासक लेखक रूपमे
  • निराला अनुवादक रूपमे
  • मैथिली वर्डनेट लेखक रूपमे
पद्य-सूचीमे पहिल समूहमे रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’ आ उमेश पासवान संग-संग देल छथि।
2188. अंक ८८मे रवि मिश्र ‘भारद्वाज’क नाम कोन साहित्यिक खण्डमे अछि?
  • पद्य
  • गद्य-पद्य भारती
  • बालानां कृते
  • भाषापाक
पद्य-सूचीमे रवि मिश्र ‘भारद्वाज’क नाम अलग प्रविष्टि रूपमे देल अछि।
2189. अंक ८८मे नवीन कुमार आशाक नाम कोन विधा-सूचीमे दर्ज अछि?
  • पद्य
  • दीर्घकथा
  • यात्रा-विचार
  • अनुवाद-रिपोर्ट
अंक ८८क पद्य-सूचीमे नवीन कुमार आशाक नाम अछि।
2190. अंक ८८मे डॉ. शशिधर कुमरक नाम कोन खण्डमे देल अछि?
  • पद्य
  • मिथिला कला-संगीत
  • प्रवासी खण्ड
  • भाषापाक
पद्य-सूचीमे डॉ. शशिधर कुमरक नाम अलग प्रविष्टि रूपमे अछि।
2191. अंक ८८क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झाक कोन स्थान-सूचक परिचय अछि?
  • सिंगापुर
  • जनकपुर
  • हजारीबाग
  • मुम्बई
कला-संगीत खण्डमे ‘श्वेता झा (सिंगापुर)’ देल अछि।
2192. अंक ८८क कला-संगीत खण्डमे कोन तीन नाम एक संग सूचीबद्ध छथि?
  • ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर), गुंजन कर्ण
  • बिपिन झा, राजदेव मण्डल, जगदीश मण्डल
  • रामदेव झारूदार, उमेश पासवान, रवि मिश्र
  • रवि भूषण पाठक, निराला, कालीकान्त झा
मिथिला कला-संगीत सूचीमे ई तीन नाम देल अछि, जाहिसँ स्थानीय आ प्रवासी कला-उपस्थिति देखाइत अछि।
2193. अंक ८८क भाषापाक खण्ड कोन डिजिटल संसाधनक उल्लेख करैत अछि?
  • मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली सर्च-कोष
  • केवल चित्रकला एलबम
  • नाटक पात्र-सूची
  • डाक टिकट संग्रह
भाषापाक प्रविष्टि विदेहक मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली सर्च-डिक्शनरीक उल्लेख करैत अछि।
2194. अंक ८८मे द्विभाषी कोषक तकनीकी आधार कोन रूपमे बताओल गेल अछि?
  • एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित
  • हस्तलिखित पंजी
  • फोटो-कैप्शन आधारित
  • रेडियो-रेकॉर्डिंग आधारित
सूचीमे कोष केँ एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित कहल गेल अछि।
2195. अंक ८८मे पुरान अंकक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी उपलब्धता कोन सम्पादकीय दृष्टि पुष्ट करैत अछि?
  • पाठक-अभिगम्यता आ लिपि-विविधता
  • केवल पृष्ठ-सज्जा
  • केवल विज्ञापन-प्रबंधन
  • केवल पुरस्कार-सूची
पुरान अंक सभ ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्ध बताओल गेल अछि; ई विविध पाठक जरूरतक सम्मान करैत अछि।

2196. विदेह अंक ८९ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ सितम्बर २०११
  • १५ अगस्त २०११
  • १५ सितम्बर २०११
  • ०१ अगस्त २०११
अंक ८९क शीर्ष-सूचना मे ०१ सितम्बर २०११ देल अछि।
2197. अंक ८९मे जितेन्द्र झा, जनकपुरक लेख/रचना कोन विषय-संयोजनसँ अछि?
  • विमलक गजल आ सुजितक कथा
  • यात्राक किछु प्रश्न
  • भबडाह
  • नव-नियोजित शिक्षिका
गद्य-सूचीमे जितेन्द्र झा, जनकपुरक ‘विमलक गजल आ सुजितक कथा’ देल अछि।
2198. अंक ८९मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कतेक विहनि कथा सूचीबद्ध अछि?
  • चारि गोट
  • दूटा
  • एकटा
  • पाँचटा
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक चारि गोट विहनि कथा’ लिखल अछि।
2199. अंक ८९मे बेचन ठाकुरक विहनि कथा कतेक संख्या मे देल अछि?
  • दूटा
  • चारि गोट
  • एकटा
  • सातटा
गद्य-सूचीमे ‘बेचन ठाकुर क दू टा विहनि कथा’ देल अछि।
2200. अंक ८९मे दुर्गानन्द मण्डलक लेख कोन ऐतिहासिक अवसरसँ सम्बन्धित अछि?
  • स्वतंत्रता दिवस
  • जनगणना दिवस
  • मिथिला चित्रकला दिवस
  • होली
शीर्षक ‘स्वतंत्रता दिवसक अवसरपर किछु स्वतंत्र भरास’ स्वतंत्रता दिवसक सन्दर्भमे अछि।
2201. अंक ८९मे नवेंदु कुमार झाक रिपोर्ट/लेख कोन आपदा-स्मृतिक विषय लैत अछि?
  • कोसीक प्रलयक तीन बर्ख
  • ब्रेस्ट कैंसर
  • भबडाह
  • कम्प्रोमाइज
सूचीमे नवेंदु कुमार झाक नामक संग ‘कोसीक प्रलयक तीन बर्ख’ देल अछि।
2202. अंक ८९मे नवेंदु कुमार झाक प्रविष्टिमे भंगिमक चुनावक बाद के अध्यक्ष्य कहल गेल छथि?
  • कुणाल
  • जयदेव
  • बिपिन
  • राजदेव
प्रविष्टि ‘भंगिमक चुनाव सम्पन्न, कुणाल अध्यक्ष्य आ जयदेव सचिव निर्वाचित’ कहैत अछि।
2203. अंक ८९मे नवेंदु कुमार झाक प्रविष्टिमे जयदेवक भूमिका कोन रूपमे अछि?
  • सचिव
  • अध्यक्ष्य
  • कथाकार
  • अनुवादक
उक्त प्रविष्टिमे जयदेव सचिव निर्वाचित कहल गेल छथि।
2204. अंक ८९मे बिपिन झाक लेख कोन सामाजिक रूपक शीर्षकसँ अछि?
  • श्रोत्रिय समाजमे रक्तबीजक जन्म
  • सहनशीलता मजबूरी अथवा कमजोरी
  • मैथिली वर्डनेट
  • यात्राक किछु प्रश्न
गद्य-सूचीमे बिपिन झाक ‘श्रोत्रिय समाजमे रक्तबीजक जन्म’ देल अछि, जे सामाजिक-रूपकीय विमर्शक संकेत करैत अछि।
2205. अंक ८९मे शांतिलक्ष्मी चौधरीक लेख कोन विषय पर केन्द्रित अछि?
  • मैथिल नारि केर समस्याक समाधान
  • निराला हिन्दीसँ मैथिलीमे
  • मोहनदास ब्रेल
  • मिथिला कला-संगीत
गद्य-सूचीमे शांतिलक्ष्मी चौधरीक ‘मैथिल नारि केर समस्याक समाधान’ देल अछि।

2206. अंक ८९मे रवि भूषण पाठकक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बोधिसत्व
  • भबडाह
  • शंभूदास
  • मातृभूमि
गद्य-सूचीमे रवि भूषण पाठकक ‘कथा — बोधिसत्व’ देल अछि।
2207. अंक ८९मे राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’ कोन स्थिति मे प्रकाशित अछि?
  • गतांशसँ आगाँ
  • समाप्ति
  • पहिल घोषणा
  • समीक्षा मात्र
गद्य-सूचीमे ‘हमर टोल — गतांशसँ आगाँ’ देल अछि; ई धारावाहिक उपन्यासक अगिला भाग अछि।
2208. अंक ८९मे पद्य-भागक पहिल समूहमे शांतिलक्ष्मी चौधरीक संग ककर नाम सभ अछि?
  • मनोज झा मुक्ति, उमेश पासवान, डॉ. शेफालिका वर्मा
  • कुणाल, जयदेव, नवेंदु
  • ज्योति सुनीत, श्वेता, गुंजन
  • बिपिन, राजदेव, बेचन
पद्य-सूचीमे शांतिलक्ष्मी चौधरीक संग मनोज झा मुक्ति, उमेश पासवान आ डॉ. शेफालिका वर्माक नाम अछि।
2209. अंक ८९मे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क संग कोन कवि/रचनाकारक नाम एक समूहमे अछि?
  • रवि मिश्र ‘भारद्वाज’
  • कालीकान्त झा ‘बूच’
  • उदय प्रकाश
  • मिथिलेश कुमार झा
पद्य-सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’ आ रवि मिश्र ‘भारद्वाज’ एक समूहमे देल छथि।
2210. अंक ८९मे आशीष अनचिन्हारक पद्य योगदान कोन विधा-समूहसँ अछि?
  • गजल/रुबाइ/कता
  • केवल गीत
  • दीर्घकथा
  • रिपोर्ताज
पद्य-सूचीमे आशीष अनचिन्हारक नामक संग गजल, रुबाइ आ कता देल अछि।
2211. अंक ८९क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झाक कोन स्थान-सूचक परिचय अछि?
  • सिंगापुर
  • जनकपुर
  • हजारीबाग
  • कोसी
कला-संगीत खण्डमे ‘श्वेता झा (सिंगापुर)’ देल अछि।
2212. अंक ८९मे गद्य-पद्य भारती खण्डमे निराला-सामग्री कोन क्रमांक धरि पहुँचल अछि?
  • निरालाःदेहविदेह-४
  • निरालाःदेहविदेह-२
  • निरालाःदेहविदेह-३
  • निरालाःदेहविदेह-१
सूचीमे रवि भूषण पाठकक ‘निरालाःदेहविदेह-४ (निराला हिन्दीसँ मैथिलीमे)’ देल अछि।
2213. अंक ८९मे बालानां कृते खण्डमे ककर नाम सभ देल अछि?
  • प्रकाश प्रेम आ दमन कुमार झा
  • बिपिन झा आ विनीत उत्पल
  • किशन कारीगर आ बेचन ठाकुर
  • ज्योति झा आ कालीकान्त झा
बालानां कृते प्रविष्टिमे ‘प्रकाश प्रेम’ आ ‘दमन कुमार झा’क नाम देल अछि।
2214. अंक ८९क प्रवासी खण्डमे ‘Episodes Of The Life’ कोन मूल कृतिक अंग्रेजी अनुवाद अछि?
  • शेफालिका वर्माक ‘किस्त-किस्त जीवन’
  • रवि भूषण पाठकक ‘बोधिसत्व’
  • बिपिन झाक सामाजिक लेख
  • राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’
प्रवासी खण्डमे ‘Kist-Kist Jeevan’क अंग्रेजी रूप ‘Episodes Of The Life’ कहल गेल अछि।
2215. अंक ८९मे पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरीमे उपलब्ध कहल गेल—एकर मुख्य साहित्यिक-सेवा अर्थ की?
  • विविध लिपि आ दृष्टि-जरूरतक पाठक लेल पहुँच
  • फोटो-सजावट
  • टेलीफोन-सूची
  • विज्ञापन बिक्री
ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी उपलब्धता पाठकीय पहुँच, लिपि-संरक्षण आ अभिगम्य प्रकाशनक संयुक्त संकेत अछि।

2216. विदेह अंक ९० कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ सितम्बर २०११
  • ०१ सितम्बर २०११
  • १५ अगस्त २०११
  • ०१ अगस्त २०११
अंक ९०क शीर्ष-सूचना मे १५ सितम्बर २०११ देल अछि।
2217. अंक ९०मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • भबडाह
  • बोधिसत्व
  • शंभूदास
  • मातृभूमि
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘कथा — भबडाह’ देल अछि।
2218. अंक ९०मे ‘हम पुछैत छी’ गपशप ककर संग अछि?
  • मिथिलेश कुमार झा
  • जवाहर लाल कश्यप
  • चन्द्रेश
  • शांतिलक्ष्मी चौधरी
सूचीमे ‘हम पुछैत छी विहनि कथाकार एवं निबन्धकार श्री मिथिलेश कुमार झासँ’ देल अछि।
2219. अंक ९०मे मिथिलेश कुमार झाक रचना/लेख कोन रंगमंच-संबंधी शीर्षकसँ अछि?
  • पजुआरिडीह टोलमे रंगमंच
  • दिल्लीमे गूंजल मैथिली कविता
  • भबडाह
  • बेसिक इंस्टिंक्ट
मिथिलेश कुमार झाक नामक संग ‘पजुआरिडीह टोलमे रंगमंच’ देल अछि।
2220. अंक ९०मे उमेश मण्डलक रिपोर्ट/लेख कोन शीर्षकसँ हजारीबागसँ जुड़ैत अछि?
  • सगर राति दीप जरए
  • दिल्लीमे गूंजल मैथिली कविता
  • ५१ साझा पुरस्कारक घोषणा
  • नव-नियोजित शिक्षिका
गद्य-सूचीमे ‘उमेश मण्डल — सगर राति दीप जरए, हजारीबाग’ देल अछि।
2221. अंक ९०मे पूनम मंडलक प्रविष्टिमे दिल्लीसँ जुड़ल कोन साहित्यिक घटना अछि?
  • दिल्लीमे गूंजल मैथिली कविता
  • पजुआरिडीह टोलमे रंगमंच
  • कोसीक प्रलय
  • भंगिमक चुनाव
पूनम मंडलक प्रविष्टिमे ‘दिल्लीमे गूंजल मैथिली कविता’ देल अछि।
2222. अंक ९०मे पूनम मंडलक प्रविष्टिमे कोन पुरस्कार-सूचना अछि?
  • ५१ साझा पुरस्कारक घोषणा
  • विद्यापति स्टाम्प
  • भंगिमक चुनाव
  • मिथिला रत्न
गद्य-सूचीमे पूनम मंडलक अंतर्गत ‘५१ साझा पुरस्कारक घोषणा’ देल अछि।
2223. अंक ९०मे चन्द्रेशक लेख कोन कृति/विमर्शक अयनासँ जुड़ल अछि?
  • रचनात्मक बिमर्शक अयनामे ‘चिड़ै’
  • कथा किरणमे नारी विमर्श
  • यात्राक किछु प्रश्न
  • सहस्रशीर्षा
सूचीमे चन्द्रेशक ‘रचनात्मक बिमर्शक अयनामे ‘चिड़ै’’ देल अछि।
2224. अंक ९०मे विनीत उत्पलक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बेसिक इंस्टिंक्ट
  • गुटू रानी
  • टाई माने रस्सी
  • बिहारन
गद्य-सूचीमे विनीत उत्पलक ‘कथा — बेसिक इंस्टिंक्ट’ देल अछि।
2225. अंक ९०मे शांतिलक्ष्मी चौधरीक लेख नव-नियोजित शिक्षिका-शिक्षकक माध्यमे कोन व्यापक विषय उठबैत अछि?
  • मिथिलामे बदलैत स्त्री आ पुरुष संबंध
  • मिथिला कला-संगीत
  • मोहनदासक ब्रेल रूप
  • मैथिली वर्डनेट
शीर्षक ‘नव-नियोजित शिक्षिका आओर शिक्षक — मिथिला मे बदलैत स्त्री आ पुरुख केर संबंध-जाल’ सामाजिक संबंधक बदलाव दिस संकेत करैत अछि।

2226. अंक ९०मे रवि भूषण पाठकक लेख कोन कृतिक समीक्षा रूपमे अछि?
  • गामक जिनगीक समीक्षा
  • निरालाःदेहविदेह-४
  • बोधिसत्व
  • रचनात्मक बिमर्शक अयनामे चिड़ै
गद्य-सूचीमे रवि भूषण पाठकक ‘गामक जिनगीक समीक्षा’ देल अछि।
2227. अंक ९०मे अंजनी कुमार वर्माक उपनाम/पहचान कोन रूपमे देल अछि?
  • दाऊजी
  • झारूदार
  • छोटू
  • गौहर
पद्य-सूचीमे ‘अंजनी कुमार वर्मा दाऊजी’ देल अछि।
2228. अंक ९०मे इरा मल्लिक ककर संग पद्य-समूहमे सूचीबद्ध छथि?
  • ओमप्रकाश झा आ मनीष झा बौआभाई
  • डॉ. जया वर्मा आ शांतिलक्ष्मी
  • कैलाश कामत आ ज्योति सुनीत
  • बिपिन झा आ विनीत उत्पल
पद्य-सूचीमे इरा मल्लिकक संग ओमप्रकाश झा आ मनीष झा बौआभाईक नाम देल अछि।
2229. अंक ९०मे अक्षय कुमार चौधरीक कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • दियाद बलजोर
  • भबडाह
  • शरीरक मूल्य
  • बेसिक इंस्टिंक्ट
पद्य-सूचीमे अक्षय कुमार चौधरीक ‘दियाद बलजोर’ देल अछि।
2230. अंक ९०मे अमित मोहन झाक नाम ककर संग एक पद्य-समूहमे देल अछि?
  • जवाहर लाल कश्यप
  • कैलाश कामत
  • चन्द्रेश
  • मिथिलेश कुमार झा
पद्य-सूचीमे ‘जवाहर लाल कश्यप २. अमित मोहन झा’ देल अछि।
2231. अंक ९०क मिथिला कला-संगीत खण्डमे कैलाश कामतक संग कोन-कोन नाम अछि?
  • ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर), गुंजन कर्ण
  • पूनम मंडल, उमेश मण्डल, चन्द्रेश
  • इरा मल्लिक, ओमप्रकाश झा, मनीष झा
  • बिपिन झा, विनीत उत्पल, शांतिलक्ष्मी
अंक ९०क कला-संगीत खण्डमे कैलाश कामत, ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर) आ गुंजन कर्ण देल अछि।
2232. अंक ९०मे बालानां कृते खण्डमे बिपिन झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • शरीरक मूल्य
  • गुटू रानी
  • साक्षरता-बोधकथा
  • बेटीक अपमान
बालानां कृते खण्डमे बिपिन झाक ‘शरीरक मूल्य’ देल अछि।
2233. अंक ९०मे ‘शरीरक मूल्य’ कोन प्रकारक कथा कहल गेल अछि?
  • बालबोधिनी कथा
  • दीर्घकथा
  • हास्य कथा
  • नाटक
सूचीमे ‘शरीरक मूल्य’क बाद कोष्ठकमे ‘बालबोधिनी कथा’ देल अछि।
2234. अंक ९०क भाषापाक खण्ड कोन द्विभाषी डिजिटल कोषक जानकारी दैत अछि?
  • मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोष
  • मैथिली-तमिल कोष
  • केवल संस्कृत कोश
  • संगीत-सूची
भाषापाक खण्ड विदेहक मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली सर्च-डिक्शनरीक उल्लेख करैत अछि।
2235. अंक ९०मे गद्य-सूची भबडाह, रंगमंच, चिड़ै-विमर्श, बेसिक इंस्टिंक्ट आ स्त्री-पुरुष संबंध केँ एकत्र करैत अछि—ई कोन संकेत दैत अछि?
  • कथा, रंगमंच, समीक्षा आ सामाजिक संबंध-विमर्शक व्यापकता
  • केवल एकल कविता-विशेषांक
  • केवल फोटो-सूची
  • केवल पुरान अंक डाउनलोड-सूचना
अंक ९०मे कथा, रंगमंच-लेख, रचनात्मक विमर्श, कथा-प्रयोग आ सामाजिक संबंधक लेख एकहि गद्य-खंडमे अछि।

2236. अंक ९१मे जगदीश प्रसाद मण्डलक योगदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • एकटा दीर्घकथा आ एकटा एकांकी
  • केवल पद्य-संग्रह
  • मिथिला कला-संगीत लेख
  • बालगीत मात्र
अंक ९१क गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक नाम ‘एकटा दीर्घकथा आ एकटा एकांकी’क संग देल अछि।
2237. अंक ९१मे अतुलेश्वरक लेखन कोन श्रेणीमे आबैत अछि?
  • किछु विचार टिप्पणी
  • बालानां कृते कविता
  • चित्रमय मिथिला
  • गद्य-पद्य भारती
गद्य खण्डमे अतुलेश्वरक ‘किछु विचार टिप्पणी’ सूचीबद्ध अछि।
2238. अंक ९१मे नन्दविलास रायसँ सम्बन्धित कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • बाबाधाम
  • डीहक जमीन
  • सफल अधिकारी
  • चंदा मामा आ चंद्रमा
सूचीमे नन्दविलास राय — कथा — ‘बाबाधाम’ देल अछि।
2239. अंक ९१मे बिपिन झाक गद्य-रचना कोन सामाजिक विषय दिस संकेत करैत अछि?
  • जन्मदिनक बदलैत स्वरूप
  • रेललाइनक दोहरीकरण
  • मिथिला चित्रकला
  • ब्रेल अंक डाउनलोड
बिपिन झाक शीर्षक ‘जन्मदिनक बदलैत स्वरूप’ आधुनिक सामाजिक व्यवहारक बदलाव दिस संकेत करैत अछि।
2240. अंक ९१मे जवाहर लाल कश्यपक रचना कोन रूपमे देल अछि?
  • एक टा विहनि कथा
  • महाकाव्य समीक्षा
  • संस्कृत संवाद
  • संगीत आलेख
गद्य-सूचीमे जवाहर लाल कश्यपक ‘एक टा विहनि कथा’ अंकित अछि।
2241. अंक ९१मे राजेशकुमार कर्णक शीर्षक ‘चिरबिर–चिरबिर करैत उडि रहल चिडै’ कोन तरहक बिम्ब बनबैत अछि?
  • चिडै आ ध्वनिक गतिशील बिम्ब
  • कोजागरा पूजा
  • भाषा-मानकीकरण
  • बाल-कोष निर्माण
शीर्षकमे ‘चिरबिर’ ध्वनि आ ‘उडि रहल चिडै’ गति-चित्र दुनू स्पष्ट अछि।
2242. अंक ९१मे विनीत उत्पलक ‘बेसिक इंस्टिंक्ट’क स्थिति कोन रूपमे देल अछि?
  • दोसर आ अंतिम भाग
  • पहिल भूमिका
  • बालगीतक परिशिष्ट
  • साक्षात्कारक आरम्भ
सूचीमे ‘बेसिक इंस्टिंक्ट’क संग ‘दोसर आ अंतिम भाग’ लिखल अछि।
2243. अंक ९१मे विनीत उत्पलक दोसर शीर्षक ‘आजुक कालमे बाबा’ कोन खण्डक भीतर सूचीबद्ध अछि?
  • गद्य
  • पद्य
  • मिथिला कला-संगीत
  • बालानां कृते
ई शीर्षक विनीत उत्पलक गद्य-सूचीमे ‘बेसिक इंस्टिंक्ट’क संग देल अछि।
2244. अंक ९१मे नवेंदु कुमार झाक सामग्री कोन प्रकृतिक अछि?
  • समकालीन राजनीति आ विकास-सम्बन्धी टिप्पणी
  • बालकथा मात्र
  • केवल चित्रकला
  • प्रवासी कविता
शीर्षक सभमे नीतीश, आडवाणीक रथयात्रा आ बिहारक उद्योग-विकासक चर्चा देखाइत अछि।
2245. अंक ९१मे किशन कारीगरक ‘मुन्नी बदनाम भेलैए किएक?’ कोन शैलीमे चिन्हित अछि?
  • हास्य कथा
  • दीर्घ शोधपत्र
  • संगीत समीक्षा
  • व्याकरण पाठ
सूचीमे एहि शीर्षकक बाद ‘एकटा हास्य कथा’ लिखल अछि।

2246. अंक ९१क पद्य खण्डमे शांतिलक्ष्मी चौधरीक संग कोन कविक नाम देल अछि?
  • मनोज झा मुक्ति
  • नवेंदु कुमार झा
  • नन्दविलास राय
  • किशन कारीगर
पद्य-सूचीमे शांतिलक्ष्मी चौधरीक बाद मनोज झा मुक्तिक नाम देल अछि।
2247. अंक ९१मे इरा मल्लिकक संग पद्य-समूहमे कोन-कोन नाम अछि?
  • ओमप्रकाश झा, विनीता झा आ उमेश पासवान
  • कैलाश कामत, गुंजन कर्ण आ श्वेता झा
  • अतुलेश्वर, चन्द्रेश आ नवीन ठाकुर
  • राजदेव मण्डल, गजेन्द्र ठाकुर आ ओमप्रकाश झा
सूचीमे इरा मल्लिकक संग ओमप्रकाश झा, विनीता झा आ उमेश पासवानक नाम देल अछि।
2248. अंक ९१मे मिहिर झाक संग पद्य-सूचीमे कोन नाम अछि?
  • शिवकुमार झा ‘टिल्लू’
  • रामभरोस कापड़ि
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • परमेश्वर कापड़ि
पद्य खण्डमे मिहिर झाक बाद शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क नाम देल अछि।
2249. अंक ९१मे रामदेव प्रसाद मण्डल कोन उपनाम/पहचानक संग सूचीबद्ध छथि?
  • झारूदार
  • भ्रमर
  • विदेह
  • बापी
पद्य-सूचीमे ‘रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’’ लिखल अछि।
2250. अंक ९१क मिथिला कला-संगीत खण्डमे कैलाश कामतक संग कोन प्रवासी स्थान-सूचक नाम देखाइत अछि?
  • श्वेता झा (सिंगापुर)
  • जवाहर लाल कश्यप
  • नन्दविलास राय
  • विनीत उत्पल
कला-संगीत सूचीमे श्वेता झा नामक संग ‘सिंगापुर’ देल अछि।
2251. अंक ९१क कला-संगीत खण्डमे गुंजन कर्णक संग कोन कवयित्री/लेखिका नाम अछि?
  • इरा मल्लिक
  • किशन कारीगर
  • अतुलेश्वर
  • नवेंदु कुमार झा
मिथिला कला-संगीत सूचीमे गुंजन कर्णक बाद इरा मल्लिकक नाम अछि।
2252. अंक ९१क बालानां कृते खण्डमे पवनकान्त झाक बाल-सामग्री कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बाबूक खिस्सा
  • चिरबिर–चिरबिर
  • बेसिक इंस्टिंक्ट
  • मिथिला उवाच
बालानां कृतेमे पवनकान्त झा (काश्यप कमल)क ‘बाबूक खिस्सा’ देल अछि।
2253. अंक ९१क बालानां कृते खण्डमे सद्रे आलम गौहरक रचना केकरा लेल कहल गेल अछि?
  • नेना-भुटकाक लेल
  • प्रवासी वयस्क पाठक लेल
  • केवल शोधार्थी लेल
  • कला-संगीत समीक्षक लेल
सूचीमे ‘नेना भुटकाक लेल एकटा सुंदर कविता’ सद्रे आलम गौहरक नामसँ देल अछि।
2254. अंक ९१मे भाषापाक रचना-लेखन खण्ड कोन विषयसँ जुड़ल अछि?
  • मानक मैथिली आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोष
  • केवल क्रिकेट टिप्पणी
  • मिथिला राज्य आंदोलन
  • कोजग्रा गीत
भाषापाक खण्डमे मानक मैथिली आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख अछि।
2255. अंक ९१मे पुरान अंक उपलब्ध करबाक प्रसंग कोन तीन लिपि/रूपसँ जुड़ल अछि?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी
  • रोमन, फारसी आ बंगाली
  • ओड़िया, तेलुगु आ तमिल
  • संस्कृत, प्राकृत आ पाली
पुरान अंकक उपलब्धता ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे देल गेल अछि।

2256. अंक ९२मे ‘हम पुछैत छी’ खण्डमे मुन्नाजी ककरा सँ गप करैत छथि?
  • देवशंकर नवीनसँ
  • बृषेश चन्द्र लालसँ
  • रामभरोस कापड़िसँ
  • राजेन्द्र बिमलसँ
गद्य-सूचीमे ‘देवशंकर नवीनसँ मुन्नाजी पुछैत छथि ढेर रास गप’ देल अछि।
2257. अंक ९२मे अतुलेश्वरक सामग्री फेर कोन रूपमे देखाइत अछि?
  • किछु विचार टिप्पणी
  • बालगीत
  • कला-संगीत आलेख
  • संस्कृत संवाद
अंक ९२क गद्य-सूचीमे सेहो अतुलेश्वरक ‘किछु विचार टिप्पणी’ अछि।
2258. अंक ९२मे चन्द्रेशक लेख कोन सांस्कृतिक आयोजन पर केन्द्रित अछि?
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
  • विद्यापति स्मृति समारोह
  • महाकवि लालदास जयन्ती
  • दरभंगा महाराज जन्म दिवस
चन्द्रेशक शीर्षक ‘यर्थाथक अनुभुतिमे ऐतिहासिक दिनः झिझिया नृत्य महोत्सव’ अछि।
2259. अंक ९२मे श्यामसुन्दर शशिक शीर्षक कोन पर्व-संस्कृति दिस संकेत करैत अछि?
  • कोजग्रा
  • होली
  • छठि
  • नागपंचमी
शीर्षक ‘कोजग्रा धूमधाम संग मनाओल जा रहल’ कोजग्रा पर्व दिस संकेत करैत अछि।
2260. अंक ९२मे जगदीश प्रसाद मण्डलक गद्य-सामग्रीमे कोन दू शीर्षक संग-संग देल अछि?
  • वीरांगना / तामक तमघैल
  • बाबाधाम / अर्धसत्य
  • डीहक जमीन / सफल अधिकारी
  • मिथिला उवाच / चंदा मामा
सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक नामक आगाँ ‘वीरांगना / तामक तमघैल’ लिखल अछि।
2261. अंक ९२मे नवेंदु कुमार झाक सामग्री कोन राजनीतिक प्रसंगसँ जुड़ल अछि?
  • जन चेतना यात्रा आ भाजपा
  • मिथिला चित्रकला
  • बृन्दावन यात्रा
  • बालकथा
शीर्षकमे ‘जन चेतना यात्रा मोदी सँ सचेत अछि भाजपा’ आ ‘प्रधानमंत्री भाजपा’ देखाइत अछि।
2262. अंक ९२मे नवीन ठाकुरक रचना कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • चंदा मामा आ चंद्रमा
  • मिथिला उवाच
  • मौलाइल गाछक फूल
  • सफल अधिकारी
गद्य-सूचीमे नवीन ठाकुरक ‘चंदा मामा आ चंद्रमा’ अछि।
2263. अंक ९२मे झिझिया विषयक लेखमे शीर्षक कोन भाव जोड़ैत अछि?
  • ऐतिहासिक दिनक अनुभूति
  • केवल शब्दकोष निर्माण
  • केवल ब्रेल डाउनलोड
  • ई-पत्र प्राप्ति
चन्द्रेशक शीर्षक झिझिया नृत्य महोत्सवकेँ ‘ऐतिहासिक दिन’क अनुभूतिसँ जोड़ैत अछि।
2264. अंक ९२मे कोजग्रा सम्बन्धी शीर्षकमे कोन भाव प्रमुख अछि?
  • धूमधाम संग मनाओल जायब
  • प्रशासनिक गतिरोध
  • रेललाइनक दोहरीकरण
  • उद्योग निवेश
श्यामसुन्दर शशिक शीर्षकमे कोजग्रा ‘धूमधाम संग’ मनाओल जाएबाक बात अछि।
2265. अंक ९२मे गद्य-सूचीक विन्यास की बतबैत अछि?
  • साक्षात्कार, टिप्पणी, सांस्कृतिक रिपोर्ट, कथा आ राजनीतिक टिप्पणी एके अंकमे अछि
  • केवल पद्य प्रकाशित अछि
  • केवल फोटो-संग्रह अछि
  • केवल विज्ञापन अछि
अंक ९२क गद्य-सूचीमे देवशंकर नवीनसँ गप, अतुलेश्वरक टिप्पणी, झिझिया, कोजग्रा, कथा आ राजनीतिक शीर्षक सभ अछि।

2266. अंक ९२मे शांतिलक्ष्मी चौधरीक संग पद्य खण्डमे कोन नाम देल अछि?
  • ज्योति सुनीत चौधरी
  • मनोज झा मुक्ति
  • भावना नवीन
  • रामभरोस कापड़ि
पद्य-सूचीमे शांतिलक्ष्मी चौधरीक संग ज्योति सुनीत चौधरीक नाम अछि।
2267. अंक ९२मे इरा मल्लिकक संग पद्य समूहमे कोन नाम अवश्य अछि?
  • ओमप्रकाश झा आ उमेश पासवान
  • कैलाश कामत आ राजनाथ मिश्र
  • देवशंकर नवीन आ चन्द्रेश
  • बृषेश चन्द्र लाल आ रमेश रंजन
पद्य-सूचीमे इरा मल्लिक, ओमप्रकाश झा आ उमेश पासवान देल अछि।
2268. अंक ९२मे विकास झा रंजनक संग पद्य-सूचीमे कोन रचनाकारक नाम अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • कुन्दन कुमार
  • कैलाश कामत
  • देवब्रत बसु
पद्य खण्डमे ‘विकास झा रंजन’क संग ‘जगदीश प्रसाद मण्डल’ देल अछि।
2269. अंक ९२क मिथिला कला-संगीत खण्डमे कोन मिश्रक नाम अछि?
  • राजनाथ मिश्र
  • अमरेन्द्र कुमार मिश्र
  • नरेन्द्र मिश्र
  • अजीत मिश्र
मिथिला कला-संगीत सूचीमे राजनाथ मिश्रक नाम अछि।
2270. अंक ९२क गद्य-पद्य भारतीमे बिपिन कुमार झा कोन कार्यसँ जुड़ल छथि?
  • श्री देवब्रत बसुक संस्कृत कथाक मैथिली अनुवाद
  • झिझिया नृत्य महोत्सव रिपोर्ट
  • कोजग्रा समाचार
  • भाषापाक कोष सर्वर
गद्य-पद्य भारतीमे बिपिन कुमार झाक नाम देवब्रत बसुक संस्कृत कथाक मैथिली अनुवादक संग अछि।
2271. अंक ९२मे देवब्रत बसुक संस्कृत कथाक मैथिली अनुवाद कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • सुख केँ मृगमरीचिका बुझू
  • चंदा मामा आ चंद्रमा
  • तामक तमघैल
  • यथार्थक अनुभूति
सूचीमे अनुवादक शीर्षक ‘सुख केँ मृगमरीचिका बुझू’ अछि।
2272. अंक ९२क बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क संग कोन नाम अछि?
  • इरा मल्लिक, कुन्दन कुमार आ कैलाश कामत
  • नवेंदु कुमार झा, अतुलेश्वर आ चन्द्रेश
  • देवशंकर नवीन, मुन्नाजी आ बृषेश लाल
  • राजनाथ मिश्र, श्वेता झा आ गुंजन कर्ण
बालानां कृतेमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’, इरा मल्लिक, कुन्दन कुमार आ कैलाश कामतक नाम अछि।
2273. अंक ९२मे भाषापाक खण्ड कोन दीर्घ परियोजना सँ जुड़ल अछि?
  • मानक मैथिली आ सर्च-डिक्शनरी
  • केवल झिझिया नाच
  • केवल कोजग्रा गीत
  • केवल राजनीतिक यात्रा
भाषापाक रचना-लेखनमे मानक मैथिली आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली सर्च-डिक्शनरीक उल्लेख अछि।
2274. अंक ९२मे गैर-निवासी पाठक लेल पुरान अंक कोन रूपमे उपलब्ध बताओल गेल अछि?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी
  • केवल छापल पोथी
  • केवल रोमन लिपि
  • केवल चित्र-फाइल
गैर-निवासी पाठक खण्डमे पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्ध कहल अछि।
2275. अंक ९२मे साहित्यिक फैलावक दृष्टिसँ कोन संयोजन सही अछि?
  • साक्षात्कार, सांस्कृतिक रिपोर्ट, संस्कृत-कथा अनुवाद आ बाल-साहित्य
  • केवल प्रशासनिक सूचना
  • केवल चित्र-कैप्शन
  • केवल विज्ञापन-सूची
अंक ९२मे देवशंकर नवीनसँ गप, झिझिया-कोजग्रा सामग्री, देवब्रत बसुक कथा-अनुवाद आ बालानां कृते सभ अछि।

2276. अंक ९३मे जगदीश प्रसाद मण्डलक गद्यरचना कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • वीरांगना
  • बाबाधाम
  • डीहक जमीन
  • सफल अधिकारी
अंक ९३क गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डल — ‘वीरांगना’ देल अछि।
2277. अंक ९३मे परमेश्वर कापड़िक लेख कोन धार्मिक-सांस्कृतिक विषय पर अछि?
  • छठिमाइके आसि आ लोकजीवनमे हिनक महत्व
  • कोजग्रा धूमधाम
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
  • नागपंचमी कथा
शीर्षक स्पष्ट करैत अछि जे लेख छठिमाइ आ लोकजीवनमे हुनक महत्व पर केन्द्रित अछि।
2278. अंक ९३मे अतुलेश्वरक नाम कोन प्रकारक सामग्रीसँ जोड़ल अछि?
  • किछु विचार टिप्पणी
  • बालगीत
  • संस्कृत संवाद
  • कला-संगीत चित्र
सूचीमे परमेश्वर कापड़िक लेखक बाद अतुलेश्वरक ‘किछु विचार टिप्पणी’ देल अछि।
2279. अंक ९३मे सुदीप झाक लेख ‘सामाजिक मूल्य मान्यताकें चोच मारैत’ कोन कृतिक सन्दर्भमे अछि?
  • चिडै
  • मौलाइल गाछक फूल
  • तामक तमघैल
  • मिथिला उवाच
शीर्षकमे ‘सामाजिक मूल्य मान्यताकें चोच मारैत ‘चिडै’’ देल अछि।
2280. अंक ९३मे दुर्गानन्द मण्डलक पोथी समीक्षा कोन कृति पर अछि?
  • मौलाइल गाछक फूल
  • बेसिक इंस्टिंक्ट
  • गामक जिनगी
  • उल्कामुख
गद्य-सूचीमे दुर्गानन्द मण्डल — पोथी समीक्षा — ‘मौलाइल गाछक फूल’ देल अछि।
2281. अंक ९३मे गजेन्द्र ठाकुरक गद्यरचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • उल्कामुख
  • हमर टोल
  • सफल अधिकारी
  • मिथिला उवाच
सूचीमे गजेन्द्र ठाकुर — ‘उल्कामुख’ देल अछि।
2282. अंक ९३मे जगदीश प्रसाद मण्डलक दोसर सूचीबद्ध शीर्षक कोन अछि?
  • तामक तमघैल
  • अर्धसत्य
  • डीहक जमीन
  • चंदा मामा
अंक ९३क गद्य-सूचीमे ‘तामक तमघैल’ जगदीश प्रसाद मण्डलक नामसँ देल अछि।
2283. अंक ९३मे अच्छेलाल शास्त्रीक टिप्पणी कोन शीर्षकक कवितासँ सम्बन्धित अछि?
  • रणभूमि आ कविता
  • छठिमाइक आसि
  • मिथिला उवाच
  • बेसिक इंस्टिंक्ट
सूचीमे ‘रणभूमि आ कविता नामक शीर्षक कवितापर दू शब्द’ अच्छेलाल शास्त्रीक नामसँ अछि।
2284. अंक ९३मे नवेंदु कुमार झाक रिपोर्टमे कोन विकास-सूचक प्रसंग अछि?
  • उत्तर बिहारमे तीन टा रेल लाइनक दोहरीकरणक प्रयास
  • बालगीत
  • चित्रमय मिथिला
  • संस्कृत कथा अनुवाद
नवेंदु कुमार झाक सूचीमे उत्तर बिहारक तीनटा रेललाइनक दोहरीकरणक प्रयासक उल्लेख अछि।
2285. अंक ९३मे नवीन ठाकुरक गद्यरचना कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • मिथिला उवाच
  • चंदा मामा आ चंद्रमा
  • बाबाधाम
  • मानकताक बात
अंक ९३क गद्य-सूचीमे नवीन ठाकुर — ‘मिथिला उवाच’ देल अछि।

2286. अंक ९३क पद्य खण्डमे झा हेमन्त बापीक संग कोन नाम देल अछि?
  • जगदानंद झा ‘मनु’ आ राहुल राही
  • देवशंकर नवीन आ चन्द्रेश
  • रामभरोस कापड़ि आ रमेश रंजन
  • श्वेता झा आ गुंजन कर्ण
पद्य-सूचीमे झा हेमन्त बापी, जगदानंद झा ‘मनु’, राहुल राही आदि देल अछि।
2287. अंक ९३मे शिवशंकर सिंह ठाकुरक संग पद्य-सूचीमे कोन दू नाम अछि?
  • अमित मोहन झा आ राजदेव मण्डल
  • चन्द्रेश आ श्यामसुन्दर शशि
  • नन्दविलास राय आ बिपिन झा
  • कुन्दन कुमार आ कैलाश कामत
पद्य-सूचीमे शिवशंकर सिंह ठाकुरक संग अमित मोहन झा आ राजदेव मण्डलक नाम अछि।
2288. अंक ९३क पद्य-सूचीमे प्रभात राय भट्टक संग कोन नाम अछि?
  • उमेश मण्डल
  • इरा मल्लिक
  • श्वेता झा
  • कैलाश कामत
पद्य खण्डमे प्रभात राय भट्टक संग उमेश मण्डलक नाम देल अछि।
2289. अंक ९३क मिथिला कला-संगीत खण्डमे राजनाथ मिश्रक सामग्री कोन रूपमे चिन्हित अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • छठिमाइक महत्व
  • रणभूमि आ कविता
  • मौलाइल गाछक फूल
कला-संगीत सूचीमे राजनाथ मिश्रक नामक संग ‘चित्रमय मिथिला’ अछि।
2290. अंक ९३क कला-संगीत खण्डमे उमेश मण्डलक नाम कोन तीन विषयसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • केवल रथयात्रा
  • केवल बालगीत
  • केवल साक्षात्कार
सूचीमे उमेश मण्डलक संग ‘मिथिलाक वनस्पति / मिथिलाक जीव-जन्तु / मिथिलाक जिनगी’ देल अछि।
2291. अंक ९३क बालानां कृते खण्डमे कोन लेखक सूचीबद्ध छथि?
  • डॉ. शशिधर कुमर
  • दुर्गानन्द मण्डल
  • चन्द्रेश
  • नवेंदु कुमार झा
बालानां कृतेमे डॉ. शशिधर कुमरक नाम देल अछि।
2292. अंक ९३मे भाषापाक खण्ड कोन शब्द-कार्यक संकेत करैत अछि?
  • मानक मैथिली आ द्विभाषी कोष
  • कोसीक प्रलय
  • मिथिला राज्य विरोध
  • झिझिया महोत्सव
भाषापाक खण्डमे मानक मैथिली आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख अछि।
2293. अंक ९३मे गैर-निवासी पाठक लेल पुरान अंकक उपलब्धता कोन अभिगम्यता-विस्तारसँ जुड़ल अछि?
  • ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूप
  • केवल मंचन
  • केवल मौखिक पाठ
  • केवल चित्रकला
पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्ध बताओल गेल अछि।
2294. अंक ९३मे साहित्यिक संरचना कोन तरहक बहुविधता देखबैत अछि?
  • धार्मिक-लोकजीवन, समीक्षा, कथा, पद्य, कला-संगीत आ बाल सामग्री
  • केवल प्रशासनिक सूचना
  • केवल फोन-पता सूची
  • केवल विज्ञापन
अंक ९३मे छठि, चिडै, समीक्षा, उल्कामुख, पद्य, कला-संगीत आ बालानां कृते सभ अछि।
2295. अंक ९३क सूचीमे धार्मिक लोकजीवन आ समीक्षाक संग कोन साहित्यिक शीर्षक सेहो आबैत अछि?
  • उल्कामुख
  • चंदा मामा आ चंद्रमा
  • डीहक जमीन
  • सफल अधिकारी
अंक ९३मे छठि, समीक्षा आ गद्य-विमर्शक संग गजेन्द्र ठाकुरक ‘उल्कामुख’ सेहो सूचीबद्ध अछि।

2296. अंक ९४मे बहुआयामी युवा धीरेन्द्र प्रेमर्षिसँ गपशप केकरा द्वारा चिन्हित अछि?
  • विहनि कथाकार मुन्नाजी
  • देवशंकर नवीन
  • नवेंदु कुमार झा
  • ज्योति सुनीत चौधरी
सूचीमे ‘बहुआयामी युवा श्री धीरेन्द्र प्रेमर्षि जी सँ विहनि कथाकार मुन्नाजीक भेल गपशप’ देल अछि।
2297. अंक ९४मे डॉ. कलाधर झासँ साक्षात्कार केकर नामसँ जुड़ल अछि?
  • डॉ. शेफालिका वर्मा
  • रामबिलास साहू
  • बिपिन कुमार झा
  • कैलाश कामत
सूचीमे ‘डॉ कलाधर झासँ डॉ. शेफालिका वर्माक साक्षात्कार’ देल अछि।
2298. अंक ९४मे परमेश्वर कापड़िक लेख कोन भाषिक-वैचारिक मुद्दा उठबैत अछि?
  • मानकताक बात
  • कोजग्रा धूमधाम
  • झिझिया नृत्य
  • रोटी रोजी
परमेश्वर कापड़िक शीर्षक ‘मानकताक बात विखपाद अछि!’ मानकता-विमर्श दिस संकेत करैत अछि।
2299. अंक ९४मे मुन्नाजीक लेख ‘अनमोल झाक समयकेँ साक्षी राखि’ कोन खण्डमे सूचीबद्ध अछि?
  • गद्य
  • पद्य
  • कला-संगीत
  • बालानां कृते
ई शीर्षक अंक ९४क गद्य-सूचीमे देल अछि।
2300. अंक ९४मे चेतना समिति, पटना समाचारक संग कोन राजनीतिक-सांस्कृतिक प्रश्न अछि?
  • खूजत अलग मिथिला प्रदेशक द्वार?
  • चंदा मामा आ चंद्रमा
  • मौलाइल गाछक फूल
  • बाबूक खिस्सा
सूचीमे चेतना समिति समाचारक बाद ‘खूजत अलग मिथिला प्रदेशक द्वार?’ शीर्षक देल अछि।
2301. अंक ९४मे छोट प्रदेशक समर्थनक रिपोर्ट कोन प्रसंगसँ जुड़ल अछि?
  • अलग मिथिला प्रदेशक चर्चा
  • बालगीत
  • संस्कृत कथाक अनुवाद
  • कला-संगीत सूची
‘छोट प्रदेशक समर्थन कएलनि मुख्यमंत्री’ शीर्षक अलग मिथिला प्रदेशक प्रसंगसँ संग सूचीबद्ध अछि।
2302. अंक ९४मे उमेश मण्डलक समाचार/लेख कोन भाषिक विषयक परिचर्चा बतबैत अछि?
  • मैथिली भाषाक दशा ओ दिशा
  • तामक तमघैल
  • डीहक जमीन
  • सुख केँ मृगमरीचिका
उमेश मण्डलक अन्तर्गत ‘मैथिली भाषाक दशा ओ दिशा’पर परिचर्चा सूचीबद्ध अछि।
2303. अंक ९४मे महाकवि पंडित लालदास सम्बन्धी सामग्री कोन आयोजनसँ जुड़ल अछि?
  • जयन्ती समारोह
  • कोजग्रा पूजा
  • झिझिया नृत्य
  • क्रिकेट कमेन्ट्री
सूचीमे महाकवि पंडित लालदास जयन्ती समारोहक उल्लेख अछि।
2304. अंक ९४मे संजीव कुमार ‘शमा’क नाम कोन साहित्यिक स्मृति-सन्दर्भमे देल अछि?
  • महाकवि पं. लालदास जयन्ती समारोह
  • छठिमाइक लोकजीवन
  • बाबाधाम कथा
  • साक्षरता बालगीत
संजीव कुमार ‘शमा’क नाम लालदास जयन्ती समारोहक प्रसंगमे आबैत अछि।
2305. अंक ९४क आरम्भिक गद्य-सूची की तरहक बहुविधता देखबैत अछि?
  • साक्षात्कार, मानकता-विमर्श, साहित्यिक समाचार आ क्षेत्रीय प्रश्न
  • केवल पद्य-संग्रह
  • केवल ईमेल सूचना
  • केवल चित्र-सूची
अंक ९४मे साक्षात्कार, मानकता, चेतना समिति समाचार, मिथिला प्रदेश चर्चा आ लालदास जयन्ती सभ अछि।

2306. अंक ९४मे गजेन्द्र ठाकुरक ‘उल्कामुख’ कोन रूपमे देल अछि?
  • आगाँ
  • समाप्ति-सूचना
  • बालगीत
  • अनुवाद-सूची मात्र
सूचीमे ‘गजेन्द्र ठाकुर — उल्कामुख (आगाँ)’ देल अछि।
2307. अंक ९४मे राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’ कोन विधा-संकेतक संग देल अछि?
  • उपन्यास (आगाँ)
  • हाइकू
  • गजल
  • साक्षात्कार
गद्य-सूचीमे ‘राजदेव मण्डल — हमर टोल — उपन्यास (आगाँ)’ लिखल अछि।
2308. अंक ९४मे ओमप्रकाश झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सफल अधिकारी
  • अर्धसत्य
  • बाबाधाम
  • वीरांगना
सूचीमे ‘ओमप्रकाश झा — कथा — सफल अधिकारी’ देल अछि।
2309. अंक ९४मे नवीन ठाकुरक रचना कोन शीर्षकसँ फेर उपस्थित अछि?
  • मिथिला उवाच
  • चंदा मामा आ चंद्रमा
  • रोटी रोजी
  • भबडाह
अंक ९४क गद्य-सूचीमे नवीन ठाकुर — ‘मिथिला उवाच’ अछि।
2310. अंक ९४क पद्य खण्डमे शेफालिका वर्माक संग कोन-कोन नाम समूहमे अछि?
  • गुलसारिका, इरा मल्लिक आ शांतिलक्ष्मी चौधरी
  • रामभरोस कापड़ि, बृषेश लाल आ रमेश रंजन
  • देवशंकर नवीन, चन्द्रेश आ श्यामसुन्दर शशि
  • बिपिन कुमार झा, देवब्रत बसु आ कैलाश कामत
पद्य-सूचीमे गुलसारिका, इरा मल्लिक, शांतिलक्ष्मी चौधरी आ शेफालिका वर्मा एक समूहमे देल छथि।
2311. अंक ९४मे जगदानंद झा ‘मनु’ कोन पद्य-समूहमे आबैत छथि?
  • जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’, मिहिर झा आ झा हेमन्त बापीक संग
  • कैलाश कामत आ गुंजन कर्णक संग
  • देवशंकर नवीनक संग
  • परमेश्वर कापड़िक संग
पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’, मिहिर झा, झा हेमन्त बापी आ जगदानंद झा ‘मनु’ देल अछि।
2312. अंक ९४मे मुन्नाजी कोन सूक्ष्म काव्यरूपक संग सूचीबद्ध छथि?
  • हाइकू
  • महाकाव्य
  • एकांकी
  • यात्रावृत्त
पद्य-सूचीमे ‘मुन्नाजी हाइकू’ देल अछि।
2313. अंक ९४मे रामबिलास साहू कोन काव्यरूपक संग देल छथि?
  • टनका
  • गद्य-पद्य भारती
  • साक्षात्कार
  • कथा
पद्य-सूचीमे ‘रामबिलास साहू — टनका’ अछि।
2314. अंक ९४क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा ककरा स्थानसूचक रूपमे देल छथि?
  • सिंगापुर
  • दरभंगा
  • पटना
  • बृन्दावन
कला-संगीत सूचीमे ‘श्वेता झा (सिंगापुर)’ देल अछि।
2315. अंक ९४क कला-संगीत खण्डमे उमेश मण्डलक सामग्री कोन त्रयीसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • साक्षात्कार, यात्रा आ राजनीति
  • छठि, कोजग्रा आ झिझिया
  • हाइकू, टनका आ गजल मात्र
कला-संगीत खण्डमे उमेश मण्डलक नामक संग वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगीक उल्लेख अछि।

2316. अंक ९५मे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क बातचीत केकर संग अछि?
  • विदेह ई-पत्रिकाक सहायक सम्पादक मुन्नाजीक संग
  • देवशंकर नवीनक संग
  • चन्द्रेशक संग
  • ज्योति सुनीत चौधरीक संग
गद्य-सूचीमे रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क बातचीत विदेह ई-पत्रिकाक सहायक सम्पादक मुन्नाजीक संग देल अछि।
2317. अंक ९५मे बृषेश चन्द्र लालजी सँ गप केकरा द्वारा सूचीबद्ध अछि?
  • मुन्नाजी
  • नवेंदु कुमार झा
  • कैलाश कामत
  • ओमप्रकाश झा
सूचीमे ‘बृषेश चन्द्र लालजी सँ मुन्नाजी पुछैत छथि ढेर रास गप’ अछि।
2318. अंक ९५मे रमेश रंजनसँ सम्बन्धित सामग्री कोन रूपमे अछि?
  • मुन्नाजीसँ रमेश रंजनक अन्तर्वार्ता
  • बालगीत
  • चित्रमय मिथिला
  • संस्कृत संवाद
गद्य-सूचीमे ‘मुन्नाजीसँ रमेश रंजनक अन्तर्वार्ता’ देल अछि।
2319. अंक ९५मे राजेन्द्र बिमलसँ गपशप कोन विषय पर केन्द्रित अछि?
  • हुनक रचना-यात्रा
  • झिझिया नृत्य
  • ब्रेल डाउनलोड
  • कोजग्रा पूजा
सूचीमे श्री राजेन्द्र बिमलसँ हुनक रचना-यात्रा मादेँ गपक उल्लेख अछि।
2320. अंक ९५मे गजेन्द्र ठाकुरक ‘उल्कामुख’ कोन रूपमे जारी अछि?
  • आगाँ
  • समाप्त
  • बाल-परिशिष्ट
  • साक्षात्कार मात्र
गद्य-सूचीमे गजेन्द्र ठाकुर — ‘उल्कामुख (आगाँ)’ देल अछि।
2321. अंक ९५मे सत्यनारायण झाक कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • पलट
  • अर्धसत्य
  • डीहक जमीन
  • सफल अधिकारी
सूचीमे ‘सत्यनारायण झा — पलट’ देल अछि।
2322. अंक ९५मे जवाहर लाल कश्यपक कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • अर्धसत्य
  • बाबाधाम
  • मिथिला उवाच
  • तामक तमघैल
गद्य-सूचीमे जवाहर लाल कश्यप — ‘अर्धसत्य’ देल अछि।
2323. अंक ९५मे ओमप्रकाश झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • डीहक जमीन
  • सफल अधिकारी
  • वीरांगना
  • मौलाइल गाछक फूल
सूचीमे ‘ओमप्रकाश झा — कथा — डीहक जमीन’ देल अछि।
2324. अंक ९५मे मनोज झा मुक्तिक सामग्री कोन यात्रासँ जुड़ल अछि?
  • विद्यापति स्मृति समारोह वास्ते दरभंगा यात्रा
  • बृन्दावन यायावरी
  • झिझिया नृत्य यात्रा
  • कोसीक बाढ़ यात्रा
गद्य-सूचीमे मनोज झा मुक्तिक ‘विद्यापति स्मृति समारोह वास्ते हमर दरभंगा यात्रा’ देल अछि।
2325. अंक ९५मे नवेंदु कुमार झाक समाचार-सूचीमे कोन क्षेत्रीय-राजनीतिक विषय अछि?
  • मिथिला राज्यक विरोध मे उतरलाह डॉ. मिश्र
  • बालानां कृते कविता
  • संस्कृत कथा अनुवाद
  • हाइकू-संग्रह
नवेंदु कुमार झाक शीर्षक सभमे ‘मिथिला राज्यक विरोध मे उतरलाह डॉ. मिश्र’ देल अछि।

2326. अंक ९५क पद्य खण्डमे गुलसारिकाक संग कोन नाम देल अछि?
  • भावना नवीन
  • शांतिलक्ष्मी चौधरी
  • कुन्दन कुमार
  • राजनाथ मिश्र
पद्य-सूचीमे गुलसारिकाक संग भावना नवीनक नाम अछि।
2327. अंक ९५क पद्य-सूचीमे ओमप्रकाश झा कोन रूपमे अलगसँ सूचीबद्ध छथि?
  • पद्य खण्डक स्वतंत्र प्रविष्टि
  • बालकथा लेखक
  • कला-संगीत समीक्षक
  • समाचार-रिपोर्टर
सूचीमे ‘३.२. ओमप्रकाश झा’ स्वतंत्र पद्य प्रविष्टि रूपमे देल अछि।
2328. अंक ९५मे जगदानंद झा ‘मनु’ कोन पद्य-समूहमे अछि?
  • जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ आ मिहिर झाक संग
  • ज्योति सुनीत आ गुंजन कर्णक संग
  • रामभरोस कापड़ि आ बृषेश लालक संग
  • बिपिन कुमार झा आ देवब्रत बसुक संग
पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’, मिहिर झा आ जगदानंद झा ‘मनु’ देल अछि।
2329. अंक ९५मे रवि मिश्रा ‘भारद्वाज’ ककर संग पद्य-सूचीमे देल छथि?
  • शिवशंकर सिंह ठाकुर आ अमित मोहन झा
  • कैलाश कामत आ श्वेता झा
  • अतुलेश्वर आ परमेश्वर कापड़ि
  • रामभरोस कापड़ि आ राजेन्द्र बिमल
पद्य खण्डमे शिवशंकर सिंह ठाकुर, अमित मोहन झा आ रवि मिश्रा ‘भारद्वाज’ एके समूहमे अछि।
2330. अंक ९५क पद्य खण्डमे मुन्नाजी कोन रूपसँ फेर सूचीबद्ध छथि?
  • हाइकू
  • दीर्घकथा
  • उपन्यास
  • साक्षात्कार
सूचीमे ‘मुन्नाजी हाइकू’ देल अछि।
2331. अंक ९५क मिथिला कला-संगीत खण्डमे राजनाथ मिश्रक सामग्री कोन नामसँ चिन्हित अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • डीहक जमीन
  • पलट
  • संवादः
कला-संगीत सूचीमे राजनाथ मिश्रक नामक संग ‘चित्रमय मिथिला’ अछि।
2332. अंक ९५क मिथिला कला-संगीत खण्डमे उमेश मण्डलक नाम कोन विषय-समूहसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • विद्यापति स्मृति यात्रा
  • रचना यात्रा साक्षात्कार
  • मिथिला राज्य समाचार
उमेश मण्डलक नामक संग वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगीक उल्लेख अछि।
2333. अंक ९५क बालानां कृते खण्डमे कोन लेखक देल छथि?
  • डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’
  • मनोज झा मुक्ति
  • नवेंदु कुमार झा
  • रामभरोस कापड़ि
बालानां कृतेमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क नाम अछि।
2334. अंक ९५मे ‘VIDEHA MAITHILI SAMSKRIT EDUCATION’ खण्डमे बिपिन कुमार झाक कोन सामग्री जारी अछि?
  • संवादः
  • पलट
  • अर्धसत्य
  • चित्रमय मिथिला
अंक ९५मे मैथिली-संस्कृत शिक्षा खण्डमे बिपिन कुमार झा — ‘संवादः (contd.)’ देल अछि।
2335. अंक ९५क संरचना किन विषयसभकेँ एक संग राखैत अछि?
  • अन्तर्वार्ता, कथा, समाचार, पद्य, कला-संगीत, बाल-साहित्य आ संस्कृत-शिक्षा
  • केवल असंबद्ध संख्या
  • केवल फोटो-कैप्शन
  • केवल विज्ञापन
अंक ९५क सूचीमे अनेक अन्तर्वार्ता, कथा, समाचार, पद्य, मिथिला कला-संगीत, बालानां कृते आ मैथिली-संस्कृत शिक्षा सभ अछि।

2336. विदेह अंक ९६ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ दिसम्बर २०११
  • ०१ दिसम्बर २०११
  • ०१ जनवरी २०१२
  • १५ जनवरी २०१२
अंक ९६क शीर्ष-सूचनामे १५ दिसम्बर २०११ देल अछि; ई वर्ष ४, मास ४८क अंक रूपमे आयल।
2337. अंक ९६मे मुन्नाजीक मैथिली गजल-विमर्श कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मैथिली गजल: उत्पत्ति आ विकास
  • द्रौपदी
  • कर्णभारम्
  • भाषापाक रचना-लेखन
सूचीमे मुन्नाजीक लेख ‘मैथिली गजल: उत्पत्ति आ विकास’ रूपमे देल अछि, जे विधा-इतिहासक चर्चा करैत अछि।
2338. अंक ९६मे डॉ. अरुण कुमार सिंहक लेख कोन शिक्षण-विषयसँ जुड़ल अछि?
  • मैथिली सीखबा-सीखैबामे कम्प्यूटर आ भाषा-विज्ञानक भूमिका
  • मैथिली गजल उत्पत्ति आ विकास
  • बालानां कृते कथा
  • कर्णभारम् अनुवाद
शीर्षक मैथिली सीखबा-सीखैबाक प्रक्रिया मे कम्प्यूटर आ भाषा-विज्ञानक भूमिका पर केन्द्रित अछि।
2339. अंक ९६मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कथा कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • परिवारक प्रतिष्ठा
  • रिटायरमेंट
  • गिद्ध
  • चोनहा
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘कथा — परिवारक प्रतिष्ठा’ देल अछि।
2340. अंक ९६मे गजेन्द्र ठाकुरक ‘उल्कामुख’क स्थिति कोन रूपमे देल अछि?
  • गतांशसँ आगाँ / आगाँ
  • पूर्ण स्वतंत्र कविता
  • केवल पुस्तक-समीक्षा
  • बालकथा
सूचीमे ‘उल्कामुख’क संग आगाँक संकेत अछि, अर्थात् धारावाहिक सामग्रीक अगिला अंश।
2341. अंक ९६मे डॉ. शम्भु कुमार सिंहक प्रविष्टि कोन आयोजनसँ सम्बन्धित अछि?
  • मैथिलीमे अनुवाद पर अभिविन्यास कार्यशाला समाप्त
  • जनकपुरमे कथा-गोष्ठी
  • विश्व पुस्तक मेला
  • मैथिली गजल परिचर्चा
गद्य-सूचीमे डॉ. शम्भु कुमार सिंहक नामक संग अनुवाद-अभिविन्यास कार्यशालाक समाप्तिक उल्लेख अछि।
2342. अंक ९६मे अतुलेश्वरक प्रविष्टिमे कोन सांस्कृतिक/साहित्यिक प्रसंग सभ एक संग आएल?
  • विद्यापति समारोह, बिहार गीत, मैथिल/पूर्वी भारतीय भाषा सेमिनार, डॉ. इन्दिरा गोस्वामी
  • केवल मिथिला चित्रकला
  • केवल कम्प्यूटर प्रशिक्षण
  • केवल गजल-परिचर्चा
अतुलेश्वरक सूचीबद्ध शीर्षकमे विद्यापति समारोह, बिहार गीत, भाषिक सेमिनार आ असमिया साहित्यकार डॉ. इन्दिरा गोस्वामीक प्रसंग अछि।
2343. अंक ९६मे ओमप्रकाश झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बुढ़िया मइया
  • लोकतन्त्रक माने
  • गिद्ध
  • फुल फुलाइए कऽ रहल
गद्य-सूचीमे ओमप्रकाश झाक ‘बुढ़िया मइया’ देल अछि।
2344. अंक ९६मे दुर्गानन्द मण्डलक योगदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • दूटा विहनि कथा
  • सातटा गजल
  • अनुवाद सिद्धान्त
  • भाषाविज्ञान लेख
सूचीमे दुर्गानन्द मण्डलक नामक संग ‘२ टा विहनि कथा’ देल अछि।
2345. अंक ९६मे डॉ. शशिधर कुमरक ‘गामक जिनगी’ प्रविष्टि कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • पोथी समीक्षा
  • गजल
  • दीर्घकथा
  • मंचन-रिपोर्ट
गद्य-सूचीमे ‘डॉ. शशिधर कुमर, पोथी समीक्षा: गामक जिनगी’ रूपमे स्पष्ट लिखल अछि।

2346. अंक ९६मे कामिनी कामायनीक पद्य-रचना कोन महाभारत-स्त्री पात्रक शीर्षकसँ अछि?
  • द्रौपदी
  • यशोधरा
  • गांधारी
  • शकुन्तला
पद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘द्रौपदी’ देल अछि, जे महाभारत-प्रसंगक स्त्री-केंद्रित काव्य-संकेत अछि।
2347. अंक ९६मे भावना नवीनक पद्य योगदान कोन विधा रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • गजल
  • कथा
  • दीर्घकथा
  • पोथी समीक्षा
पद्य-भागमे भावना नवीनक नामक संग ‘गजल’ देल अछि।
2348. अंक ९६मे ओमप्रकाश झाक पद्य योगदान कतेक गजल रूपमे अछि?
  • सातटा गजल
  • दूटा गजल
  • सत्रहटा गजल
  • एकटा गीत
पद्य-सूचीमे ओमप्रकाश झाक नामक संग ‘सातटा गजल’ लिखल अछि।
2349. अंक ९६मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • संघर्ष
  • द्रौपदी
  • गामक सावन
  • काटि लिय कोना दुनू पाँखि
पद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘कविता — संघर्ष’ देल अछि।
2350. अंक ९६क मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झाक संग कोन प्रवासी स्थान-सूचक परिचय अछि?
  • सिंगापुर
  • हैदराबाद
  • हजारीबाग
  • बिराटनगर
कला-संगीत खण्डमे ‘श्वेता झा (सिंगापुर)’ देल अछि, जे प्रवासी कलात्मक उपस्थिति सूचित करैत अछि।
2351. अंक ९६क मिथिला कला-संगीत खण्डमे उमेश मण्डलक योगदान कोन लोक-प्रकृति सामग्रीसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • केवल गजल-संग्रह
  • केवल नाटक-पात्र
  • केवल सेमिनार-समाचार
सूचीमे उमेश मण्डलक नामक संग मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगीक उल्लेख अछि।
2352. अंक ९६क गद्य-पद्य भारती खण्डमे ‘कर्णभारम्’ ककर कृति रूपमे देल अछि?
  • महाकवि भास
  • काशीनाथ सिंह
  • असगर वजाहत
  • कणकमणि दीक्षित
गद्य-पद्य भारतीमे ‘कर्णभारम् — महाकवि भास’ कहल गेल अछि।
2353. अंक ९६मे ‘कर्णभारम्’क मैथिली अनुवादक के छथि?
  • बिपिन कुमार झा
  • विनीत उत्पल
  • रूपा धीरू
  • ज्योति झा चौधरी
सूचीमे ‘कर्णभारम्’क मैथिली अनुवाद बिपिन कुमार झा द्वारा देल अछि।
2354. अंक ९६क बालानां कृते खण्डमे कोन दू नाम देल अछि?
  • अनिल मल्लिक आ डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’
  • मुन्नाजी आ नवेंदु कुमार झा
  • ज्योति सुनीत आ गुंजन कर्ण
  • महाकवि भास आ बिपिन कुमार झा
बालानां कृते खण्डमे अनिल मल्लिक आ डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क नाम अछि।
2355. अंक ९६क प्रवासी खण्डमे ‘Episodes Of The Life’ कोन मूल कृतिक अंग्रेजी रूप अछि?
  • शेफालिका वर्माक ‘Kist-Kist Jeevan’
  • कर्णभारम्
  • बुढ़िया मइया
  • परिवारक प्रतिष्ठा
प्रवासी खण्डमे ‘Episodes Of The Life’ केँ ‘Kist-Kist Jeevan’ by Smt. Shefalika Varma क अंग्रेजी अनुवाद रूपमे देल अछि।

2356. विदेह अंक ९७ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ जनवरी २०१२
  • १५ दिसम्बर २०११
  • १५ जनवरी २०१२
  • ०१ फरबरी २०१२
अंक ९७क शीर्ष-सूचनामे ०१ जनवरी २०१२ देल अछि।
2357. अंक ९७क अतिथि सम्पादकीय कोन विशेष ध्येय पर केन्द्रित अछि?
  • अनुवाद
  • बाल-साहित्य
  • केवल गजल
  • केवल चित्रकला
अतिथि सम्पादकीय ‘अनुवाद अंक’ रूपमे अनुवादक मात्रा आ गतिकेँ बढ़ेबाक बात करैत अछि।
2358. अंक ९७मे नवेंदु कुमार झाक समाचार-सूचीमे कोन विद्वानक मृत्युक उल्लेख अछि?
  • साकेतानन्दजी
  • डॉ. इन्दिरा गोस्वामी
  • महाकवि भास
  • कणकमणि दीक्षित
नवेंदु कुमार झाक प्रविष्टिमे ‘साकेतानन्दजीक मृत्यु’ प्रमुख समाचार रूपमे देल अछि।
2359. अंक ९७मे प्रा. परमेश्वर कापड़िक रिपोर्ट कोन स्थल/कार्यक्रमसँ जुड़ल अछि?
  • जनकपुरमे कथा-गोष्ठी सम्पन्न
  • बिराटनगरमे विद्यापति पर्व
  • विश्व पुस्तक मेला
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
गद्य-सूचीमे प्रा. परमेश्वर कापड़िक ‘जनकपुरमे कथा-गोष्ठी सम्पन्न’ देल अछि।
2360. अंक ९७मे सुमित आनन्दक रिपोर्ट कोन पत्रिका-लोकार्पणसँ सम्बन्धित अछि?
  • ‘मैथिली’ शोध-पत्रिका
  • अनचिन्हार आखर
  • मानक मैथिली
  • नेना भुटका
गद्य-सूचीमे सुमित आनन्दक ‘मैथिली’ शोध-पत्रिकाक लोकार्पणक उल्लेख अछि।
2361. अंक ९७मे अनिल मल्लिकक रचना कोन अस्तित्व-युग्मक शीर्षकसँ अछि?
  • हम, देह आ विदेह ....!
  • कामरूप आ मिथिला
  • लोकतन्त्रक माने
  • रिटायरमेंट
अनिल मल्लिकक शीर्षक ‘हम, देह आ विदेह ....!’ देह-विदेहक अस्तित्वगत युग्म पर संकेत करैत अछि।
2362. अंक ९७मे जगदीश प्रसाद मण्डलक लेख/रचना कोन क्षेत्र-संबंधी शीर्षकसँ अछि?
  • कामरूप आ मिथिला
  • भबडाह
  • परिवारक प्रतिष्ठा
  • गिद्ध
सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘कामरूप आ मिथिला’ देल अछि।
2363. अंक ९७मे सत्यनारायण झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • रिटायरमेंट
  • लोकतन्त्रक माने
  • बुढ़िया मइया
  • प्रेम नै जहर छै
गद्य-सूचीमे सत्यनारायण झाक ‘कथा — रिटायरमेंट’ देल अछि।
2364. अंक ९७मे रवि भूषण पाठकक लेख कोन काव्यशास्त्रीय विषय सभसँ जुड़ल अछि?
  • आचार्य भामहक चिंतन आ दण्डी-काव्यलक्षण
  • मैथिली वर्डनेट
  • कृषि-रिपोर्ट
  • बाल नाटक मंचन
रवि भूषण पाठकक प्रविष्टिमे आचार्य भामहक चिंतन आ दण्डीक काव्यलक्षणक उल्लेख अछि।
2365. अंक ९७मे ओमप्रकाश झाक कथा कोन राजनीतिक अवधारणा पर शीर्षक बनबैत अछि?
  • लोकतन्त्रक माने
  • रिटायरमेंट
  • कामरूप आ मिथिला
  • साकेतानन्दजीक मृत्यु
ओमप्रकाश झाक ‘लोकतन्त्रक माने’ कथा लोकतन्त्रक अर्थ-प्रश्न केँ कथा-विषय बनबैत अछि।

2366. अंक ९७मे मुन्नाजीक गपशप ककर संग भेल कहल गेल अछि?
  • श्री गोविन्द झा जीसँ
  • रामलोचन ठाकुरसँ
  • जगदीश प्रसाद मण्डलसँ
  • योगेन्द्र प्रसाद यादवसँ
सूचीमे ‘हम पुछैत छी — श्री गोविन्द झा जीसँ मुन्नाजीक भेल मुखोतरि’ देल अछि।
2367. अंक ९७मे ‘बुधियार छौड़ा आ राक्षस’ कोन प्रसंगमे आएल?
  • बाल नाटकक मंचन-रिपोर्ट
  • अनुवाद सिद्धान्त
  • गजल-समीक्षा
  • अकादमी मतदान
रोशन झा आ रमेश रंजनक रिपोर्टमे ‘बुधियार छौड़ा आ राक्षस’ बाल नाटकक मंचनक उल्लेख अछि।
2368. अंक ९७मे प्रवीण नारायण चौधरीक रिपोर्ट कोन नगरक विद्यापति पर्व समारोह पर अछि?
  • बिराटनगर
  • जनकपुर
  • हैदराबाद
  • दिल्ली
सूचीमे ‘बिराटनगरमे विद्यापति पर्व समारोह सम्पन्न’ प्रवीण नारायण चौधरीक रिपोर्ट रूपमे देल अछि।
2369. अंक ९७मे कामिनी कामायनीक ‘द्रौपदी’ कोन स्थिति मे अछि?
  • गतांकसँ आगाँ
  • नव स्वतंत्र गजल
  • समाप्त समीक्षा
  • बाल अनुवाद
पद्य-सूचीमे ‘द्रौपदी गतांक सँ आगाँ’ कहल गेल अछि, अर्थात् धारावाहिक काव्यांशक अगिला भाग।
2370. अंक ९७मे परिचय दासक कविता कोन भाषासँ मैथिलीमे अनूदित अछि?
  • भोजपुरीसँ
  • नेपालीसँ
  • संस्कृतसँ
  • कोंकणीसँ
पद्य-सूचीमे ‘परिचय दास — मूल भोजपुरीसँ मैथिली अनुवाद विनीत उत्पल’ देल अछि।
2371. अंक ९७क गद्य-पद्य भारतीमे काशीनाथ सिंहक कोन कृति मैथिली अनुवाद रूपमे अछि?
  • रेहनपर रग्घू
  • हम हिन्दू छी
  • भगता बेङक कथा
  • किस्त-किस्त जीवन
गद्य-पद्य भारतीमे श्री काशीनाथ सिंहक ‘रेहनपर रग्घू’क हिन्दी सँ मैथिली अनुवाद विनीत उत्पल द्वारा देल अछि।
2372. अंक ९७क गद्य-पद्य भारतीमे असगर वजाहतक हिन्दी कथा कोन शीर्षकसँ मैथिली रूपान्तरण अछि?
  • हम हिन्दू छी
  • रेहनपर रग्घू
  • लोकतन्त्रक माने
  • कामरूप आ मिथिला
सूचीमे ‘असगर वजाहत — हम हिन्दू छी’ हिन्दी कथाक मैथिली रूपान्तरण विनीत उत्पल द्वारा देल अछि।
2373. अंक ९७क बालानां कृते खण्डमे ‘भगता बेङक कथा’ कोन भाषासँ मैथिलीमे अनूदित अछि?
  • नेपालीसँ
  • भोजपुरीसँ
  • संस्कृतसँ
  • मराठीसँ
बाल-खण्डमे कणकमणि दीक्षितक ‘भगता बेङक कथा’ नेपालीसँ मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।
2374. अंक ९७मे ‘भगता बेङक कथा’क मैथिली अनुवादक के सभ छथि?
  • रूपा धीरू आ धीरेन्द्र प्रेमर्षि
  • विनीत उत्पल आ रवि भूषण पाठक
  • ज्योति झा चौधरी आ जया वर्मा
  • नवेंदु कुमार झा आ सुमित आनन्द
सूचीमे ई बालकथा नेपालीसँ रूपा धीरू आ धीरेन्द्र प्रेमर्षि द्वारा मैथिलीमे अनूदित कहल गेल अछि।
2375. अंक ९७क प्रवासी खण्डमे राजदेव मण्डलक कविता ‘The constant shedding of Tears’ अंग्रेजीमे के अनुवाद करैत छथि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • जया वर्मा
  • विनीत उत्पल
  • रूपा धीरू
प्रवासी खण्डमे राजदेव मण्डलक मैथिली कविताक अंग्रेजी अनुवाद गजेन्द्र ठाकुर द्वारा देल अछि।

2376. विदेह अंक ९८ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ जनवरी २०१२
  • ०१ जनवरी २०१२
  • ०१ फरबरी २०१२
  • १५ फरबरी २०१२
अंक ९८क शीर्ष-सूचनामे १५ जनवरी २०१२ देल अछि।
2377. अंक ९८मे नवेंदु कुमार झाक समाचार-सूचीमे रांटी गामक कोन प्रसंग अछि?
  • मुख्यमंत्रीक स्वागतक तैयारी
  • कथा-गोष्ठी सम्पन्न
  • विद्यापति पर्व समारोह
  • विश्व पुस्तक मेला
नवेंदु कुमार झाक प्रविष्टिमे ‘मुख्यमंत्रीक स्वागतक तैयारी कऽ रहल छथि रांटी गामवासी’ देल अछि।
2378. अंक ९८मे चन्द्रकिशोरक प्रविष्टि कोन शीर्षक-संयोजनसँ अछि?
  • समयक साक्षी सुजीतक रिपोर्टर डायरी
  • गिद्ध
  • चोनहा
  • विदेह सम्मान समारोह
गद्य-सूचीमे ‘चन्द्रकिशोर, समयक साक्षी सुजीतक रिपोर्टर डायरी’ देल अछि।
2379. अंक ९८मे जवाहरलाल कश्यपक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गिद्ध
  • सीमान
  • बेसिक इंस्टिंक्ट
  • रिटायरमेंट
गद्य-सूचीमे जवाहरलाल कश्यपक ‘विहनि कथा — गिद्ध’ देल अछि।
2380. अंक ९८मे जगदानन्द झा ‘मनु’क धारावाहिक मैथिली कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • चोनहा
  • कामरूप आ मिथिला
  • गिद्ध
  • फुल फुलाइए कऽ रहल
सूचीमे ‘जगदानन्द झा ‘मनु’ — चोनहा — (धारावाहिक मैथिली कथा)’ देल अछि।
2381. अंक ९८मे जितेन्द्र झाक लेख कोन दू भाषा-कृतिसँ सम्बन्धित घटना बतबैत अछि?
  • नेपाली आ मैथिली भाषाक दूटा साहित्यिक कृति विमोचित
  • मैथिली आ तमिल कवियित्री सम्मेलन
  • मराठी आ कोंकणी अनुवाद
  • अंग्रेजी आ संस्कृत गजल
गद्य-सूचीमे जितेन्द्र झाक प्रविष्टि नेपाली आ मैथिली भाषाक दूटा साहित्यिक कृति विमोचन पर अछि।
2382. अंक ९८मे उमेश मण्डलक प्रविष्टि कोन विदेह आयोजनसँ जुड़ल अछि?
  • विदेह साहित्य उत्सव २०१२ आ विदेह सम्मान समारोह
  • मैथिली वर्डनेट
  • अन्तर्राष्ट्रिय मातृभाषा दिवस
  • अनुवाद सिद्धान्त
सूचीमे उमेश मण्डलक नामक संग ‘विदेह साहित्य उत्सव २०१२ / विदेह सम्मान समारोह’ देल अछि।
2383. अंक ९८मे रामभरोस कापड़ि भ्रमर कोन सम्मान-सूचना सँ सम्बद्ध छथि?
  • प्राज्ञ भ्रमर साझा पुरस्कारसँ सम्मानित
  • साहित्य उत्सव संयोजक
  • विश्व पुस्तक मेला आयोजक
  • विदेह रेडियो उद्घाटक
गद्य-सूचीमे ‘रामभरोस कापड़ि भ्रमर — प्राज्ञ भ्रमर साझा पुरस्कारसँ सम्मानित’ देल अछि।
2384. अंक ९८मे मैथिलीक अग्निकवि कहि ककर साक्षात्कार सूचीबद्ध अछि?
  • श्री रामलोचन ठाकुर
  • गोविन्द झा
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • धीरेन्द्र प्रेमर्षि
सूचीमे ‘मैथिलीक अग्निकवि श्री रामलोचन ठाकुरक साक्षात्कार’ देल अछि।
2385. अंक ९८मे रामलोचन ठाकुरक साक्षात्कार के कोकिल मंचसँ लेने कहल गेल?
  • श्री नबोनारायन मिश्र
  • मुन्नाजी
  • सुमित आनन्द
  • चन्द्रकिशोर
प्रविष्टि बतबैत अछि जे कोकिल मंचक श्री नबोनारायन मिश्र जी ई साक्षात्कार लेने छथि।

2386. अंक ९८मे कामिनी कामायनीक पद्य-रचना कोन बौद्ध-संदर्भित स्त्री-नामक शीर्षकसँ अछि?
  • यशोधरा
  • द्रौपदी
  • गांधारी
  • शकुन्तला
पद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘यशोधरा’ देल अछि।
2387. अंक ९८मे ओमप्रकाश झाक पद्य योगदान कोन रूपमे अछि?
  • किछु गजल
  • सातटा गजल
  • १७ टा गजल
  • दीर्घ कविता
पद्य-सूचीमे ओमप्रकाश झाक नामक संग ‘किछु गजल’ देल अछि।
2388. अंक ९८मे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क संग पद्य-समूहमे धीरेन्द्र प्रेमर्षि आ निक्की प्रियदर्शिनीक उपस्थिति की देखबैत अछि?
  • पद्य-भागक बहु-लेखकीय स्वरूप
  • केवल एक लेखकक विशेषांक
  • केवल गद्यांक
  • केवल अनुवादांक
पद्य-सूचीमे एकहि समूहमे अनेक लेखकक नाम देल छथि, जे बहु-लेखकीय पद्य-संरचना देखबैत अछि।
2389. अंक ९८क मिथिला कला-संगीत खण्डमे वनीता कुमारीक संग कोन दू नाम/विषय सूचीबद्ध अछि?
  • राजनाथ मिश्र (चित्रमय मिथिला) आ उमेश मण्डल (मिथिलाक वनस्पति/जीव-जन्तु/जिनगी)
  • कणकमणि दीक्षित आ रूपा धीरू
  • काशीनाथ सिंह आ असगर वजाहत
  • रामलोचन ठाकुर आ नबोनारायन मिश्र
कला-संगीत खण्डमे वनीता कुमारी, राजनाथ मिश्र (चित्रमय मिथिला) आ उमेश मण्डलक मिथिला-प्रकृति सामग्री देल अछि।
2390. अंक ९८क गद्य-पद्य भारतीमे काशीनाथ सिंहक कोन कृति पुनः अनुवाद-धारामे चलैत अछि?
  • रेहनपर रग्घू
  • ययाति
  • कर्णभारम्
  • गीतगोविन्द
सूचीमे काशीनाथ सिंहक ‘रेहनपर रग्घू’ हिन्दी सँ मैथिली अनुवाद रूपमे देल अछि।
2391. अंक ९८मे असगर वजाहतक ‘हम हिन्दू छी’ कोन प्रक्रिया सँ प्रस्तुत अछि?
  • हिन्दी कथाक मैथिली रूपान्तरण
  • नेपाली बालकथाक अनुवाद
  • संस्कृत नाटकक अनुवाद
  • कोंकणी उपन्यासक समीक्षा
गद्य-पद्य भारतीमे ‘हम हिन्दू छी’ हिन्दी कथाक मैथिली रूपान्तरण विनीत उत्पल द्वारा कहल गेल अछि।
2392. अंक ९८मे बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क रचना कोन पक्षी-केन्द्रित शीर्षकसँ अछि?
  • उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम (भाग-१)
  • भगता बेङक कथा
  • अन्तर्राष्ट्रिय मातृभाषा दिवस
  • दक्षिणी ध्रुव
बालानां कृते प्रविष्टिमे ‘उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम (भाग-१)’ देल अछि।
2393. अंक ९८क मूल पुरस्कार मत-सूचीमे राजदेव मण्डलक कोन कविता-संग्रह अग्रणी विकल्प रूपमे देल अछि?
  • अम्बरा
  • किस्त-किस्त जीवन
  • तरेगन
  • निश्तुकी
मत-सूचीमे राजदेव मण्डलक ‘अम्बरा’ कविता-संग्रह मूल पुरस्कार विकल्पमे देल अछि।
2394. अंक ९८क बाल साहित्य पुरस्कार मत-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन कृति प्रमुख विकल्प अछि?
  • तरेगन
  • खिखिरक बिअरि
  • पिलपिलहा गाछ
  • अर्चिस
बाल साहित्य पुरस्कार मत-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘तरेगन’ प्रमुख विकल्प रूपमे देल अछि।
2395. अंक ९८मे ‘उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम’ शीर्षक बाल-साहित्य मे कोन भाव खोलैत अछि?
  • पक्षी-प्रतिमा द्वारा बाल-स्वर आ सीमा-बोध
  • केवल पुरस्कार-मत
  • केवल समाचार-सूची
  • केवल चित्रकला विवरण
शीर्षकमे उड़ि नहि सकबाक स्थिति आ चिड़ैक आत्मबोध बाल-साहित्यक संवेदनात्मक संकेत बनैत अछि।

2396. विदेह अंक ९९ कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • ०१ फरबरी २०१२
  • १५ जनवरी २०१२
  • १५ फरबरी २०१२
  • ०१ जनवरी २०१२
अंक ९९क शीर्ष-सूचनामे ०१ फरबरी २०१२ देल अछि।
2397. अंक ९९मे नवेंदु कुमार झाक समाचार-सूचीमे बिहारक औद्योगिक विकासमे कोन बाधा बताओल गेल?
  • जमीन आ बिजली
  • गजल आ काव्य
  • बालकथा आ चित्रकला
  • अनुवाद आ पोथी
सूचीमे ‘बिहारक औद्योगिक विकास मे बाधा बनि रहल जमीन आ बिजली’ देल अछि।
2398. अंक ९९मे श्री जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन रूपमे उपस्थिति अछि?
  • साक्षात्कार
  • केवल गजलकार
  • बालकथा अनुवादक
  • कला-संगीत चित्रकार
गद्य-सूचीमे ‘श्री जगदीश प्रसाद मण्डलसँ साक्षात्कार’ देल अछि।
2399. अंक ९९मे मुन्नाजीक साक्षात्कार ककर संग अछि?
  • योगेन्द्र प्रसाद यादव
  • रामलोचन ठाकुर
  • गोविन्द झा
  • कणकमणि दीक्षित
सूचीमे ‘योगेन्द्र प्रसाद यादव सँ मुन्नाजीक साक्षात्कार’ देल अछि।
2400. अंक ९९मे जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘चोनहा’ कोन विधागत स्थिति मे अछि?
  • धारावाहिक मैथिली कथा
  • एकटा गजल-संग्रह
  • नाटक समीक्षा
  • बाल गीत
सूचीमे ‘चोनहा — (धारावाहिक मैथिली कथा)’ स्पष्ट अछि।
2401. अंक ९९मे खुशबू झाक लेख कोन डायरीक मूल्यांकनसँ जुड़ल अछि?
  • सुजीतक रिपोर्टर डायरी
  • समयसँ सम्वाद
  • बिहारी खादी ग्रामोद्योग
  • मिथिला चित्रकला संस्थान
गद्य-सूचीमे खुशबू झाक ‘हमरा नजरिमे सुजीतक रिपोर्टर डायरी’ देल अछि।
2402. अंक ९९मे सुजीत कुमार झाक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • फुल फुलाइए कऽ रहल
  • गिद्ध
  • सीमान
  • लोकतन्त्रक माने
गद्य-सूचीमे सुजीत कुमार झाक ‘कथा — फुल फुलाइए कऽ रहल’ देल अछि।
2403. अंक ९९मे सुमित आनन्दक ‘अक्षरपुरुष’ कोन नामसँ जोड़ल अछि?
  • विश्वनाथ
  • वाचस्पति मिश्र
  • विद्यापति
  • नबोनारायन मिश्र
गद्य-सूचीमे ‘सुमित आनन्द — अक्षरपुरुष — विश्वनाथ’ देल अछि।
2404. अंक ९९मे नवीन कुमार आशाक रचना कोन पुनरागमन-सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • फेर सँ वर रहलाह कुमार
  • तीन तिरहुतिया तेरह पाक
  • संघीयतामे मैथिली भाषा
  • स्थानीय कवि परिषद
सूचीमे नवीन कुमार आशाक ‘फेर सँ वर रहलाह कुमार’ देल अछि।
2405. अंक ९९मे अमरकान्त अमरक लेख कोन राजनीतिक-भाषिक संरचना पर अछि?
  • संघीयतामे मैथिली भाषा
  • राशन कार्ड डिजिटलीकरण
  • उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम
  • गांधारी
गद्य-सूचीमे अमरकान्त अमरक ‘संघीयतामे मैथिली भाषा’ देल अछि।

2406. अंक ९९मे अतुलेश्वरक लेख कोन तिरहुता-सूचक शीर्षकसँ अछि?
  • तीन तिरहुतिया तेरह पाक
  • फुल फुलाइए कऽ रहल
  • अक्षरपुरुष
  • चोनहा
गद्य-सूचीमे अतुलेश्वरक ‘तीन तिरहुतिया तेरह पाक’ देल अछि।
2407. अंक ९९मे पूनम मण्डलक रिपोर्ट कोन स्थानीय कवि-समारोह पर केन्द्रित अछि?
  • स्थानीय कवि परिषद वार्षिकोत्सव — सलहेसबाबा परिसर, औरहा
  • विश्व पुस्तक मेला
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
  • जनकपुर कथा-गोष्ठी
सूचीमे पूनम मण्डलक स्थानीय कवि परिषद वार्षिकोत्सव, सलहेसबाबा परिसर औरहा, २०१२क उल्लेख अछि।
2408. अंक ९९मे कामिनी कामायनीक पद्य-रचना कोन महाभारत-पात्रक शीर्षकसँ अछि?
  • गांधारी
  • द्रौपदी
  • यशोधरा
  • शकुन्तला
पद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘गांधारी’ देल अछि।
2409. अंक ९९मे ओमप्रकाश झाक पद्य योगदान कोन रूपमे अछि?
  • किछु गजल
  • सातटा गजल
  • १७ टा गजल
  • दीर्घ कविता
पद्य-सूचीमे ओमप्रकाश झाक नामक संग ‘किछु गजल’ देल अछि।
2410. अंक ९९मे अंजनी कुमार वर्मा, बलराम साह, उमेश पासवान, रामविलास साहु, संजीव कुमार ‘शमा’ आदि कतेक बहुल पद्य-सूची कोन बात देखबैत अछि?
  • पद्य-भागक सामूहिक विस्तार
  • केवल एकल विशेषांक
  • केवल बाल-साहित्य
  • केवल सम्पादकीय
एकहि पद्य-समूहमे अनेक रचनाकारक नाम देल अछि; ई सामूहिक विस्तारक संकेत अछि।
2411. अंक ९९मे मिथिला कला-संगीत खण्डमे कोन दू मुख्य प्रविष्टि अछि?
  • राजनाथ मिश्र (चित्रमय मिथिला) आ उमेश मण्डल (मिथिलाक वनस्पति/जीव-जन्तु/जिनगी)
  • कणकमणि दीक्षित आ रूपा धीरू
  • काशीनाथ सिंह आ असगर वजाहत
  • जगदीश प्रसाद मण्डल आ योगेन्द्र यादव
कला-संगीत सूचीमे राजनाथ मिश्रक चित्रमय मिथिला आ उमेश मण्डलक मिथिला-प्रकृति सामग्री देल अछि।
2412. अंक ९९क बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क ‘उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम’ कोन भाग अछि?
  • भाग-२
  • भाग-१
  • भाग-३
  • समाप्ति-सूचना
बालानां कृते प्रविष्टिमे ‘उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम (भाग-२)’ देल अछि।
2413. अंक ९९मे बालानां कृते खण्डमे ‘माँ शारदे वन्दना’ ककर संग सूचीबद्ध अछि?
  • डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • कणकमणि दीक्षित
  • सुजीत कुमार झा
बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क नामक संग ‘माँ शारदे वन्दना’ आ चिड़ै-रचना देल अछि।
2414. अंक ९९क भाषापाक खण्ड कोन संसाधनक निरंतरता देखबैत अछि?
  • मानक मैथिली आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली सर्च-कोष
  • केवल गजल मतदान
  • केवल पुस्तक मेला
  • केवल बाल चित्रकथा
भाषापाक प्रविष्टि मानक मैथिली आ एम.एस.एस.क्यू.एल. आधारित द्विभाषी खोज-कोष पर केन्द्रित अछि।
2415. अंक ९९मे गद्य, साक्षात्कार, कथा, भाषिक संघीयता, पद्य आ बाल-साहित्यक संगति कोन प्रकारक अंक रचैत अछि?
  • बहु-विधागत साहित्यिक-सामाजिक अंक
  • केवल तकनीकी सूचना अंक
  • केवल गजल-संग्रह
  • केवल चित्र-संग्रह
सूचीमे साक्षात्कार, कथा, सामाजिक-भाषिक लेख, पद्य आ बाल साहित्य एक संग अछि; ई बहु-विधागत संरचना अछि।

2416. विदेह अंक १०० कोन तिथिकेँ प्रकाशित भेल?
  • १५ फरबरी २०१२
  • ०१ फरबरी २०१२
  • १५ जनवरी २०१२
  • ०१ मार्च २०१२
अंक १००क शीर्ष-सूचनामे १५ फरबरी २०१२ देल अछि।
2417. अंक १००मे २१म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी कोन अवसरसँ जुड़ल अछि?
  • २०म विश्व पुस्तक मेला २०१२, प्रगति मैदान, नव दिल्ली
  • जनकपुर कथा-गोष्ठी
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
  • बिराटनगर विद्यापति पर्व
अंक १००क आरम्भमे २०म विश्व पुस्तक मेला २०१२, प्रगति मैदान, नव दिल्लीक अवसर पर २१म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनीक सूचना अछि।
2418. अंक १००क सम्पादकीय संदेश कोन विशेष उपलब्धिसँ जुड़ल अछि?
  • विदेहक अंक १००
  • अनुवाद अंक
  • विदेह अंक ५०
  • हाइकू विशेषांक
सूचीमे सम्पादकीय संदेशक अन्तर्गत ‘विदेहक अंक १००’ देल अछि।
2419. अंक १००मे अरुण कुमार सिंहक प्रविष्टि कोन आयोजन पर अछि?
  • तीन दिवसीय कार्यशालाक आयोजन
  • त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न
  • विद्यापति पर्व
  • जनगणना
गद्य-सूचीमे अरुण कुमार सिंहक ‘तीन दिवसीय कार्यशालाक आयोजन’ देल अछि।
2420. अंक १००मे आशीष अनचिन्हारक योगदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • २टा विहनि कथा
  • १७ टा गजल
  • दीर्घ कविता
  • उपन्यास समीक्षा
गद्य-सूचीमे आशीष अनचिन्हारक ‘२टा विहनि कथा’ देल अछि।
2421. अंक १००मे राजेन्द्र कुमार प्रधानक लेख कोन उपन्यास-विमर्श पर केन्द्रित अछि?
  • २१म शताब्दीक पहिल दशकक मैथिली उपन्यासमे राजनीतिक चेतना
  • गामक जिनगी
  • चिड़ै समीक्षा
  • मैथिली गजल उत्पत्ति
सूचीमे राजेन्द्र कुमार प्रधानक लेख मैथिली उपन्यासमे राजनीतिक चेतना पर केन्द्रित अछि।
2422. अंक १००मे जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘चोनहा’ कोन रूपमे जारी अछि?
  • धारावाहिक मैथिली कथा
  • पोथी समीक्षा
  • गजल-श्रृंखला
  • बालकथा अनुवाद
गद्य-सूचीमे ‘चोनहा — (धारावाहिक मैथिली कथा)’ देल अछि।
2423. अंक १००मे कुमार मनोज कश्यपक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सीमान
  • प्रेम नै जहर छै
  • मिथिलामे जाति-पाति
  • फागु आ पराती
गद्य-सूचीमे कुमार मनोज कश्यपक ‘सीमान (विहनि कथा)’ देल अछि।
2424. अंक १००मे अमित मिश्रक कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्रेम नै जहर छै
  • सीमान
  • गाम मे नहि फागु
  • चोनहा
गद्य-सूचीमे अमित मिश्रक ‘कथा — प्रेम नै जहर छै’ देल अछि।
2425. अंक १००मे जगदानन्द झा ‘मनु’क सामाजिक लेख कोन विषय पर अछि?
  • मिथिलामे जाति-पाति
  • सीमान
  • कार्यशाला आयोजन
  • अन्तर्राष्ट्रिय मातृभाषा दिवस
गद्य-सूचीमे जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘मिथिलामे जाति-पाति’ देल अछि।

2426. अंक १००मे सुमित आनन्दक रिपोर्ट कोन आयोजनक पूर्णता बतबैत अछि?
  • त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न
  • तीन दिवसीय कार्यशालाक आयोजन
  • विद्यापति पर्व
  • कथा-गोष्ठी सम्पन्न
गद्य-सूचीमे सुमित आनन्दक ‘त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न’ देल अछि।
2427. अंक १००मे राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’ कोन स्थिति मे प्रकाशित अछि?
  • गतांशसँ आगाँ
  • पहिल किस्त
  • समाप्ति
  • केवल समीक्षा
गद्य-सूचीमे ‘उपन्यास — हमर टोल — गतांशसँ आगाँ’ देल अछि।
2428. अंक १००मे अतुलेश्वरक लेख कोन फागु-विहीन गामक बिम्ब देल शीर्षकसँ अछि?
  • गाम मे नहि फागु आ नहि भोरक पराती
  • सीमान
  • सबसँ आगु आगु छी
  • शकुन्तला
अतुलेश्वरक प्रविष्टि ‘गाम मे नहि फागु आ नहि भोरक पराती’ गाम आ पर्व-संवेदना पर संकेत करैत अछि।
2429. अंक १००मे कामिनी कामायनीक पद्य-रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • शकुन्तला
  • गांधारी
  • यशोधरा
  • द्रौपदी
पद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘शकुन्तला’ देल अछि।
2430. अंक १००मे आनन्द झाक गीत कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • गै माए
  • सबसँ आगु आगु छी
  • कालदिशा
  • शकुन्तला
पद्य-सूचीमे आनन्द झाक गीत ‘गै माए’ देल अछि।
2431. अंक १००मे जगदानन्द झा ‘मनु’क कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सबसँ आगु आगु छी
  • गै माए
  • कालदिशा
  • सोझ बाट पर चलैत-चलैत
पद्य-सूचीमे जगदानन्द झा ‘मनु’क कविता ‘सबसँ आगु आगु छी’ देल अछि।
2432. अंक १००मे नवीन ठाकुरक पद्य शीर्षक कोन समय-दिशा बिम्ब बनबैत अछि?
  • कालदिशा
  • शकुन्तला
  • गांधारी
  • सीमान
पद्य-सूचीमे नवीन ठाकुरक ‘कालदिशा’ देल अछि।
2433. अंक १००मे मुन्नाजीक पद्य योगदान कतेक गजल रूपमे अछि?
  • १७ टा गजल
  • सातटा गजल
  • किछु गजल
  • दूटा गजल
पद्य-सूचीमे मुन्नाजीक ‘१७ टा गजल’ देल अछि।
2434. अंक १००क बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क रचना कोन दिवससँ जुड़ल अछि?
  • अन्तर्राष्ट्रिय मातृभाषा दिवस
  • स्वतंत्रता दिवस
  • विश्व पुस्तक मेला
  • कोजगरा
बालानां कृते खण्डमे ‘अन्तर्राष्ट्रिय मातृभाषा दिवस’ २१ फरबरीक अवसर पर विशेष रूपमे देल अछि।
2435. अंक १००मे विद्यावाचस्पति डॉ. सदानन्द झाक संस्कृत शीर्षक ‘भारोपीयभाषासन्दर्भे ध्वनिविमर्शः’ कोन अध्ययन क्षेत्र संकेत करैत अछि?
  • भारोपीय भाषा-सन्दर्भमे ध्वनि-विमर्श
  • बालकथा
  • चित्रकला प्रदर्शनी
  • विश्व पुस्तक मेला सूचना
शीर्षकमे भारोपीय भाषा-सन्दर्भ आ ध्वनि-विमर्श स्पष्ट अछि, तेँ ई भाषावैज्ञानिक अध्ययनक संकेत करैत अछि।

2436. अंक १००क २१म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी किएक केवल प्रदर्शनी-सूचना नहि, साहित्यिक-सांस्कृतिक प्रसंग सेहो बनैत अछि?
  • कारण ई विश्व पुस्तक मेला, भारतीय सिनेमा, दिल्ली राजधानी आ रवीन्द्रनाथ टैगोरक जयन्ती-संदर्भक संग जुड़ल अछि
  • कारण एहि मे केवल ई-पत्रिका डाउनलोडक सूचना अछि
  • कारण एहि मे मात्र तकनीकी फीडक निर्देश अछि
  • कारण एहि मे कोनो साहित्यिक प्रसंग नहि अछि
सूचनामे प्रदर्शनी केँ २०म विश्व पुस्तक मेला २०१२सँ जोड़ि भारतीय सिनेमाक सए वर्ष, दिल्लीक राजधानीक सए वर्ष आ टैगोरक १५०म जयन्तीक संदर्भ देल गेल अछि।
2437. अंक १००मे पोथी प्रदर्शनीक आयोजकीय ढाँचा कोन संस्थागत-संबंध देखबैत अछि?
  • नेशनल बुक ट्रस्टक आयोजन आ अंतिका प्रकाशनक सौजन्य
  • केवल व्यक्तिगत पत्र-विनिमय
  • केवल रेडियो-प्रसारण
  • केवल बाल-साहित्यक गोष्ठी
सूचनामे विश्व पुस्तक मेलाक आयोजक नेशनल बुक ट्रस्ट कहल गेल अछि आ प्रदर्शनी अंतिका प्रकाशनक सौजन्यसँ जुड़ल अछि।
2438. विदेहक शतकीय अंकमे पुस्तक-मेला प्रसंगक अर्थ की अछि?
  • मैथिली पोथी केँ व्यापक पुस्तक-संसारमे सार्वजनिक रूपेँ उपस्थित करब
  • केवल एकटा निजी स्मारक बनायब
  • साहित्यक स्थानपर विज्ञापन केँ मुख्य बनायब
  • अनुवाद सामग्री हटायब
प्रगति मैदानक विश्व पुस्तक मेला आ मैथिली पोथी प्रदर्शनीक संयुक्त उल्लेख मैथिली प्रकाशनकेँ व्यापक पाठक-वृत्त मे राखैत अछि।
2439. पुस्तक-मेला सूचनामे ‘दू सालमे एक बेर’ आ ‘पहिल आयोजन १९७२’क उल्लेख की प्रकारक बोध देत अछि?
  • मेलाक ऐतिहासिकता आ चक्रीयता
  • केवल दैनिक कार्यक्रम-सूची
  • कविताक छन्द-विधान
  • कथा-पात्रक परिचय
विश्व पुस्तक मेलाक आवृत्ति आ आरम्भ-वर्ष बताकऽ सूचना प्रदर्शनीकेँ दीर्घ पुस्तक-संस्कृति-संदर्भमे रखैत अछि।
2440. अंक १००मे शतकीयता कोन दू स्तर पर देखाइत अछि?
  • विदेहक १००म अंक आ बाहरी सांस्कृतिक शताब्दी-संदर्भ
  • केवल फोन-संपर्क आ पता
  • केवल रंगमंच-चित्र आ फोटो
  • केवल निजी निमंत्रण
एक दिस ई विदेहक १००म अंक अछि; दोसर दिस भारतीय सिनेमा आ दिल्ली राजधानीक सए वर्षक सांस्कृतिक संदर्भ देल अछि।
2441. शतकीय अंकक आरम्भ मे मैथिली प्रकाशक-सम्बन्धी संकेत किएक अर्थपूर्ण अछि?
  • ई विदेहक ई-पत्रिका-परिसरसँ छापल पोथी-संस्कृतिक संवाद देखबैत अछि
  • ई प्रश्नोत्तरक उत्तर-कुंजी बतबैत अछि
  • ई पृष्ठ-संख्या गनबाक लेल अछि
  • ई साहित्यक बदला केवल टंकण-प्रशिक्षण अछि
अंतिका आ श्रुति प्रकाशनक संकेत मैथिली प्रकाशन, ई-पत्रिका आ पोथी-प्रदर्शनीक सम्बन्ध केँ देखबैत अछि।
2442. अंक १००क आरम्भिक पुस्तक-मेला सूचना पाठककेँ कोन रूपमे सम्बोधित करैत अछि?
  • मैथिली पोथी आ साहित्यिक संसाधन दिस आमंत्रित पाठक रूपमे
  • केवल तकनीकी प्रयोगकर्ता रूपमे
  • केवल विज्ञापन-दर्शक रूपमे
  • केवल सरकारी मतदाता रूपमे
प्रदर्शनीक समय, स्थान आ प्रकाशक-संदर्भ देल गेल अछि, जे पाठककेँ मैथिली पोथी-संसारमे आमंत्रित करैत अछि।
2443. ‘विदेहक अंक १००’ शीर्षकक सम्पादकीय संदेशक केंद्रीय भूमिका की बुझाइत अछि?
  • ई अंकक आत्मचेतना आ उपलब्धि-बोधक केंद्र अछि
  • ई केवल बाहरी समाचारक उपशीर्षक अछि
  • ई बालकथाक पात्र अछि
  • ई नाटकक मंच-सूचना अछि
सूचीमे सम्पादकीय संदेशक विषय ‘विदेहक अंक १००’ देल गेल अछि; अतः अंक अपन शतकीय पड़ाव पर स्वयं विचार करैत अछि।
2444. अंक १००मे पुस्तक-मेला, सम्पादकीय आ विविध साहित्य-विधा एकठाम आबि कोन संरचना बनबैत अछि?
  • सार्वजनिक साहित्यिक उत्सव आ रचनात्मक अंकक संयुक्त संरचना
  • केवल एक-विधा विशेषांक
  • केवल तकनीकी पुस्तिका
  • केवल पत्राचार-संकलन
आरम्भ मे प्रदर्शनी, तकर बाद सम्पादकीय, गद्य, पद्य, कला, बाल-साहित्य आ भाषावैज्ञानिक सामग्री अछि; ई बहुस्तरीय संरचना बनबैत अछि।
2445. अंक १००क पुस्तक-मेला-संदर्भ मैथिली साहित्यक कोन दिशा बलियो करैत अछि?
  • ई-पत्रिका सँ बाहर सार्वजनिक पुस्तक-संस्कृति धरि पहुँच
  • साहित्यकेँ केवल निजी पाठ धरि सीमित करब
  • मंचनकेँ समाप्त करब
  • बाल-साहित्यकेँ हटायब
विश्व पुस्तक मेला आ मैथिली पोथी प्रदर्शनीक सूचना ई-पत्रिकाक पाठन केँ पुस्तक-संस्कृतिक सार्वजनिक स्थलसँ जोड़ैत अछि।

2446. अंक १००क गद्य-भागमे ‘तीन दिवसीय कार्यशालाक आयोजन’ आ ‘त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी’क संयुक्त उपस्थिति कोन संकेत करैत अछि?
  • सृजनक संग संस्थागत-शैक्षिक गतिविधि सेहो अंकक हिस्सा अछि
  • अंकमे केवल कविता अछि
  • अंकमे सभ सामग्री बाल-रचना अछि
  • अंकमे कोनो वैचारिक लेख नहि अछि
गद्य-सूचीमे कार्यशाला आ राष्ट्रीय संगोष्ठी दुनू अछि; ई साहित्यिक गतिविधिक संस्थागत विस्तार देखबैत अछि।
2447. ‘२१म शताब्दीक पहिल दशकक मैथिली उपन्यासमे राजनीतिक चेतना’ शीर्षक कोन अध्ययन-दिशा खोलैत अछि?
  • आधुनिक मैथिली उपन्यासक राजनीतिक पाठ
  • केवल बालकथा-पाठ
  • केवल चित्रकला-रंग-वर्णन
  • केवल भाषा-टंकण अभ्यास
शीर्षक स्वयं २१म शताब्दी, मैथिली उपन्यास आ राजनीतिक चेतनाक सम्बन्ध केँ अध्ययन-विषय बनबैत अछि।
2448. ‘चोनहा’ केँ धारावाहिक मैथिली कथा रूपमे देल गेल अछि; एहि सँ कोन संपादकीय नीति बुझाइत अछि?
  • दीर्घ कथा-विकास केँ क्रमशः पाठक धरि पहुँचायब
  • केवल एक-पंक्ति समाचार देब
  • कथा-विधाकेँ हटायब
  • संपादकीय भागकेँ समाप्त करब
सूचीमे ‘चोनहा’क धारावाहिकता स्पष्ट अछि; ई क्रमिक कथा-पाठक परंपरा केँ पोसैत अछि।
2449. कुमार मनोज कश्यपक ‘सीमान’क विधा-निर्देश ‘विहनि कथा’ किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई लघु कथा-विधाक उपस्थिति केँ स्पष्ट करैत अछि
  • ई कविता-संग्रहक नाम अछि
  • ई पुस्तक-मेलाक पता अछि
  • ई ध्वनि-विज्ञानक परिभाषा अछि
सूचीमे ‘सीमान’ केँ विहनि कथा कहल गेल अछि, जे छोट कथा-विधाक स्पष्ट पहचान करैत अछि।
2450. अमित मिश्रक ‘प्रेम नै जहर छै’ शीर्षक गद्य-भागमे कोन भाव-संघर्षक संकेत करैत अछि?
  • प्रेम आ विषाक्त अनुभवक विरोधाभास
  • केवल तिथि-सूचना
  • केवल शब्दकोष-सूची
  • केवल चित्रकला-रंग
शीर्षक प्रेमक सकारात्मक अर्थक विरुद्ध ‘जहर’क बिम्ब राखैत अछि; ई भावनात्मक संघर्षक संकेत अछि।
2451. ‘मिथिलामे जाति-पाति’ शीर्षक गद्य-भागक सामाजिक स्वर केँ कोना बढ़बैत अछि?
  • ई साहित्यिक अंकमे समाज-संरचना आ आलोचनाक प्रश्न आनैत अछि
  • ई केवल गीतक छन्द बतबैत अछि
  • ई पुस्तक-मेलाक स्टाल बतबैत अछि
  • ई केवल बालकथा अछि
जगदानन्द झा ‘मनु’क सामाजिक लेख जाति-पातिक विषय उठबैत अछि; ई अंकक सामाजिक-विमर्शक परिधि बढ़बैत अछि।
2452. ‘हमर टोल’क गतांशसँ आगाँ प्रकाशन की संकेत करैत अछि?
  • उपन्यासक धारावाहिक पठन-संस्कृति
  • एकबारगी विज्ञापन
  • केवल गीतक पुनर्मुद्रण
  • कविता-विधाक समाप्ति
गद्य-सूचीमे राजदेव मण्डलक उपन्यास ‘हमर टोल’ गतांशसँ आगाँ कहल गेल अछि; ई धारावाहिक उपन्यास-पाठ अछि।
2453. अतुलेश्वरक ‘गाम मे नहि फागु आ नहि भोरक पराती’ शीर्षक ककर अभाव-चित्र बनबैत अछि?
  • गामक उत्सवी-सांस्कृतिक ध्वनिक अभाव
  • शहरक पुस्तक-स्टालक संख्या
  • सर्वर-आधारित कोषक संरचना
  • ध्वनि-विज्ञानक वर्गीकरण
फागु आ भोरक पराती गामक सांस्कृतिक-संगीतात्मक जीवनक बिम्ब अछि; ‘नहि’क आवृत्ति अभावक भाव बनबैत अछि।
2454. अंक १००क गद्य-भागमे कथा, उपन्यास, सामाजिक लेख आ आयोजन-रिपोर्ट एक संग किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई रचना, आलोचना, समाज आ संस्थागत गतिविधिक समन्वय देखबैत अछि
  • ई केवल कविता-विशेषांक बनबैत अछि
  • ई केवल सरकारी सूचना-पत्र बनबैत अछि
  • ई केवल चित्र-सूची बनबैत अछि
गद्य-सूचीमे कथा, उपन्यास, जाति-विमर्श, कार्यशाला आ संगोष्ठी सभ अछि; ई बहु-विधागत गद्य संरचना अछि।
2455. अंक १००क गद्य-भागक सामाजिक दृष्टि ककर माध्यमे विशेष रूपेँ उभरैत अछि?
  • राजनीतिक चेतना, जाति-पाति आ गामक सांस्कृतिक अभावक शीर्षक सभसँ
  • केवल फोटो-वर्णनसँ
  • केवल फीड-निर्देशसँ
  • केवल पुस्तक-स्टालक नम्बर सँ
उपन्यासमे राजनीतिक चेतना, जाति-पाति आ गामक फागु-परातीक अभाव—ई सभ शीर्षक सामाजिक दृष्टि बनबैत अछि।

2456. अंक १००मे ‘शकुन्तला’ शीर्षकक उपस्थिति पद्य-भागमे कोन परम्परा-संवाद खोलैत अछि?
  • पुराण/काव्य-परम्पराक आधुनिक मैथिली पद्यसँ संवाद
  • केवल समाचार-वाचन
  • केवल ब्रेल डाउनलोड
  • केवल पुस्तक-विक्रय
कामिनी कामायनीक ‘शकुन्तला’ शीर्षक शास्त्रीय/पुराण-प्रसिद्ध पात्र केँ आधुनिक पद्य-संदर्भमे आनैत अछि।
2457. ओमप्रकाश झाक ‘किछु गजल’ आ मुन्नाजीक ‘१७ टा गजल’ मिलि अंक १००मे कोन विधा-सक्रियता देखबैत अछि?
  • मैथिली गजल-विधाक पर्याप्त उपस्थिति
  • केवल नाटक-विधाक प्रधानता
  • केवल अनुवादहीन गद्य
  • कला-संगीतक अभाव
पद्य-सूचीमे अनेक गजल-प्रविष्टि अछि; मुन्नाजीक १७ गजल विशेष रूपेँ विधाक सक्रियता देखबैत अछि।
2458. ‘गै माए’ शीर्षक गीतक बिम्ब पद्य-भागमे कोन भावक्षेत्र खोलैत अछि?
  • मातृ-संबोधन आ लोक-गीतात्मक आत्मीयता
  • कंप्यूटर-सर्वर
  • राष्ट्रीय संगोष्ठी-सूचना
  • रंगमंचक फोटो
आनन्द झाक गीत ‘गै माए’ मातृ-संबोधनक मार्फत लोक-गीतात्मक आत्मीयता केँ सूचित करैत अछि।
2459. ‘सबसँ आगु आगु छी’ शीर्षक कोन प्रकारक काव्य-वाणीक संकेत करैत अछि?
  • आत्मविश्वास/अग्रगामिताक वाणी
  • निष्क्रिय मौन
  • केवल सूचीकरण
  • विराम-चिह्न अभ्यास
जगदानन्द झा ‘मनु’क कविता-शीर्षक अग्रता आ आत्मविश्वासक स्वर केँ संकेत करैत अछि।
2460. ‘सोझ बाट पर चलैत-चलैत’ शीर्षक दीर्घ कविता कोन प्रतीक-क्षेत्रमे पढ़ल जा सकैत अछि?
  • मार्ग, नैतिकता आ यात्रा-बिम्ब
  • केवल स्टाल-विन्यास
  • केवल शब्दकोष खोज
  • केवल रेडियो-तरंग
शीर्षकमे ‘बाट’ आ ‘चलैत’क आवृत्ति यात्रा, दिशा आ नैतिक पथक बिम्बक संभावना बनबैत अछि।
2461. नवीन ठाकुरक ‘कालदिशा’ शीर्षक कोन दार्शनिक बिम्ब बनबैत अछि?
  • समय आ दिशा केँ एकत्र करैत बिम्ब
  • केवल बालकथा-पात्र
  • केवल चित्रकला रंग
  • केवल डाउनलोड-विधि
‘काल’ आ ‘दिशा’क संयुक्त शीर्षक समयगत आ दिशात्मक चेतनाक बिम्ब बनबैत अछि।
2462. अंक १००क पद्य-भागमे अनेक रचनाकारक समूहबद्ध नाम किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई शतकीय अंकक सामूहिक काव्य-उत्सव रूप देखबैत अछि
  • ई केवल एक लेखकक मोनोलॉग अछि
  • ई पद्य-विधाक अनुपस्थिति देखबैत अछि
  • ई संपादकीय पता मात्र अछि
पद्य-सूचीमे कामिनी कामायनी, ओमप्रकाश झा, प्रभात राय भट्ट, शान्तिलक्ष्मी चौधरी, आनन्द झा, मुन्नाजी आदि अनेक नाम अछि।
2463. पद्य-भागमे गीत, गजल, कविता आ दीर्घ कविताक सह-अस्तित्व कोन अर्थ दैत अछि?
  • मैथिली पद्यक विधागत विविधता
  • केवल शोध-पत्रक प्रभुत्व
  • केवल कथा-विधाक उपस्थिती
  • केवल तकनीकी निर्देश
सूचीमे गीत, गजल, कविता आ दीर्घ कविता सभ अछि; ई पद्य-विधाक बहुविध रूप देखबैत अछि।
2464. ‘किछु गजल’ आ ‘१७ टा गजल’क अंतर कोन तरहक संपादकीय प्रस्तुति देखबैत अछि?
  • एकटा सामान्य समूह आ एकटा स्पष्ट परिमाणित गजल-समूह
  • दुनू केवल नाटक अछि
  • दुनू पुस्तक-मेला सूचना अछि
  • दुनू बालकथा अछि
ओमप्रकाश झाक गजल सामान्य ‘किछु’ रूपमे, मुन्नाजीक गजल ‘१७ टा’ परिमाणसहित देल अछि।
2465. अंक १००क पद्य-भाग शतकीय अंकक स्वर केँ कोना विस्तार दैत अछि?
  • शास्त्रीय पात्र, लोक-गीत, गजल, सामाजिक आत्मवाणी आ समय-बिम्ब सभ जोड़ि
  • केवल ई-पत्रिका फीड लिखि
  • केवल डाउनलोड सूची जोड़ि
  • केवल प्रदर्शनी समय बताकऽ
शकुन्तला, गै माए, गजल, सबसँ आगु आगु छी, कालदिशा आदि शीर्षक अलग-अलग भाव-दिशा जोड़ैत अछि।

2466. अंक १००क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ‘चित्रमय मिथिला’क उपस्थिति कोन दृष्टि जोड़ैत अछि?
  • दृश्य-कला आ सांस्कृतिक चित्रण
  • केवल काव्य-छन्द
  • केवल पत्रिका-सदस्यता
  • केवल नाटक-समालोचना
राजनाथ मिश्रक ‘चित्रमय मिथिला’ कला-संगीत खण्डमे दृश्यात्मक मिथिला-बोधक संकेत अछि।
2467. उमेश मण्डलक ‘मिथिलाक वनस्पति/जीव-जन्तु/जिनगी’ कोन तरहक सांस्कृतिक पर्यावरण देखबैत अछि?
  • प्रकृति, जीव-जगत आ लोक-जीवनक संयुक्त चित्र
  • केवल शहरी पुस्तक-मेला
  • केवल शब्दकोष-सर्वर
  • केवल गजल-छन्द
तीनटा शीर्षक—वनस्पति, जीव-जन्तु, जिनगी—मिथिलाक प्राकृतिक आ सामाजिक जीवन केँ एकत्र करैत अछि।
2468. वनीता कुमारीक नाम कला-संगीत खण्डमे किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई कला-संगीत खण्डक रचनाकार-विविधता बढ़बैत अछि
  • ई केवल तिथि-सूचना अछि
  • ई बालानां कृतेक एकमात्र शीर्षक अछि
  • ई सर्वरक नाम अछि
कला-संगीत खण्डमे वनीता कुमारी, राजनाथ मिश्र आ उमेश मण्डल सभक नाम देल अछि; ई खण्डक बहु-रचनाकार संरचना देखबैत अछि।
2469. बालानां कृते खण्डमे अन्तर्राष्ट्रिय मातृभाषा दिवसक विशेष उपस्थिति कोन शिक्षा-संकेत दैत अछि?
  • बाल-पाठक केँ मातृभाषा-सचेतना सँ जोड़ब
  • बाल-साहित्यकेँ हटायब
  • केवल फोन-निर्देश देब
  • केवल गजल-संग्रह बनायब
डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क बाल-रचना २१ फरबरीक मातृभाषा दिवसक अवसरि पर विशेष रूपेँ देल अछि।
2470. अंक १००मे बाल-साहित्य आ मातृभाषा-दिवसक संगति किएक शोध-स्तर पर अर्थपूर्ण अछि?
  • ई भाषा-अधिकार केँ बचपनक पाठ-संस्कृति सँ जोड़ैत अछि
  • ई केवल चित्रकला-दाम बतबैत अछि
  • ई केवल मंचक दिशा बतबैत अछि
  • ई केवल ई-पत्र सूची अछि
बाल खण्ड मातृभाषा दिवसक अवसर पर केंद्रित अछि; एहि सँ बाल-पाठक आ भाषिक चेतना जोड़ाइत अछि।
2471. भाषापाक रचना-लेखन खण्डमे ‘मानक मैथिली’क भूमिका की अछि?
  • भाषा-व्यवहारक मानकीकरणक दिशा देब
  • केवल कविता-सूची बनब
  • केवल चित्र-प्रदर्शनी
  • केवल फोन-संपर्क
भाषापाक खण्डमे ‘मानक मैथिली’ स्पष्ट देल अछि; ई लेखन-व्यवहारक मानकता पर केंद्रित अछि।
2472. मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली खोज-कोषक उल्लेख किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई भाषापाक केँ डिजिटल शब्द-संसाधनसँ जोड़ैत अछि
  • ई केवल नाटक-मंचक पोशाक बतबैत अछि
  • ई केवल बालकथा पात्र अछि
  • ई केवल मेला-द्वारक नाम अछि
भाषापाक प्रविष्टिमे द्विभाषी खोज-कोष आ सर्वर आधारित व्यवस्था देल अछि; ई डिजिटल भाषा-संसाधनक संकेत अछि।
2473. अंक १००मे कला-संगीत, बाल-साहित्य आ भाषापाक एक संग किएक रखल जा सकैत अछि?
  • कला, बाल-पाठ आ भाषा-संसाधन केँ एक सांस्कृतिक परियोजना रूपमे देखबाक लेल
  • केवल सूची लम्बा करबाक लेल
  • केवल पृष्ठ सजावट लेल
  • केवल पता देबाक लेल
अंकमे कला-संगीत, बालानां कृते आ भाषापाक अलग खण्ड अछि; तीनू मिलि सांस्कृतिक, शैक्षिक आ भाषिक आधार बनबैत अछि।
2474. मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगीक उल्लेख साहित्येतर नहि रहि किएक साहित्यिक-सांस्कृतिक बनैत अछि?
  • कारण ई लोक-संसार, परिवेश आ सांस्कृतिक स्मृतिक आधार बनैत अछि
  • कारण ई केवल कृषि-दाम अछि
  • कारण ई केवल सर्वर-कमान्ड अछि
  • कारण ई बालकथासँ असंबद्ध अछि
मिथिलाक प्रकृति आ जीवन पर सामग्री लोक-संस्कृति, पर्यावरण आ रचनात्मक बिम्ब सभकेँ आधार दैत अछि।
2475. अंक १००मे मातृभाषा, मानक मैथिली आ द्विभाषी कोष एक साथ कोन भाषिक योजना देखबैत अछि?
  • भावनात्मक, मानकीकरणात्मक आ डिजिटल—तीनू स्तरक भाषा-कार्य
  • केवल पुस्तक-मेला व्यापार
  • केवल चित्रकला प्रदर्शन
  • केवल कथा-पात्र
मातृभाषा दिवस, मानक मैथिली आ द्विभाषी खोज-कोष तीन भिन्न किन्तु जुड़ल भाषा-स्तर देखबैत अछि।

2476. अंक १००मे पुरान अंक सभकेँ ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्ध कहब कोन महत्त्व रखैत अछि?
  • ई अभिगम्यता आ लिपि-विविधता दुनू केँ महत्व दैत अछि
  • ई केवल सजावटी फोटो-वर्णन अछि
  • ई गजल-विधाक परिभाषा अछि
  • ई पुस्तक-मेला समय-सूची मात्र अछि
सूचनामे पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरीमे उपलब्ध कहल गेल अछि; ई अलग पाठक-वर्ग आ लिपि-संरक्षणक दृष्टि अछि।
2477. ब्रेल रूपक उल्लेख विदेहक पाठक-विस्तारक कोन पक्ष देखबैत अछि?
  • दृष्टिबाधित पाठक धरि साहित्य पहुँचबाक प्रयास
  • केवल चित्रकला रंग-संयोजन
  • केवल मंच-सजावट
  • केवल पुरस्कार-सूची
ब्रेलमे सामग्री उपलब्ध करबाक सूचना साहित्यिक अभिगम्यताक सामाजिक उद्देश्य देखबैत अछि।
2478. तिरहुता रूपमे पुरान अंक उपलब्ध करब कोन सांस्कृतिक प्रयोजन राखैत अछि?
  • मिथिलाक्षर/तिरहुता लिपि-स्मृति आ प्रयोगक संरक्षण
  • केवल रोमन टंकण
  • केवल गीत-संग्रह
  • केवल कथावाचन
तिरहुता रूपक उपलब्धता मैथिलीक पारंपरिक लिपि-संबंध केँ डिजिटल रूपमे सँभालबाक संकेत अछि।
2479. देवनागरी रूपक संग ब्रेल आ तिरहुता जोड़ब कोन संतुलन बनबैत अछि?
  • व्यापक पठनीयता, अभिगम्यता आ लिपि-परम्परा
  • केवल तकनीकी प्रदर्शन
  • केवल निजी संग्रह
  • केवल बाल-चित्र
तीन रूप एक संग देल गेल अछि; देवनागरी व्यापक पाठक, ब्रेल अभिगम्यता, तिरहुता परम्परा केँ जोड़ैत अछि।
2480. अंक १००मे ‘पहिल ५० अंक’ आ ‘५०म सँ आगाँक अंक’क विभाजन कोन संपादन-बोध देखबैत अछि?
  • पुरान अंकर संगठित अभिलेखीकरण
  • कविता-विधाक श्रेणीकरण
  • नाटक-पात्रक विभाजन
  • गजल-छन्दक गणना
पुरान अंक सभकेँ चरणबद्ध रूपमे उपलब्ध करबाक संकेत अभिलेख-संरक्षणक व्यवस्थित प्रयास अछि।
2481. पुरान अंक डाउनलोड-संरचना शतकीय अंकमे किएक अर्थपूर्ण अछि?
  • १००म अंक अपन इतिहासक संग्रहण-संकेत सेहो दैत अछि
  • ई बालानां कृते हटबैत अछि
  • ई कथा-विधा बंद करैत अछि
  • ई भाषा-संसाधनक विरोध करैत अछि
शतकीय पड़ाव पर पुरान अंक उपलब्ध करबाक सूचना पत्रिकाक आत्म-अभिलेखीय चेतना देखबैत अछि।
2482. मैथिली देखबा/लिखबाक कठिनाई पर देल संकेत कोन पाठक-समस्या स्वीकार करैत अछि?
  • लिपि-दर्शन आ टंकणक व्यवहारिक समस्या
  • कथा-पात्रक नामकरण
  • गजल-रदीफ
  • पुस्तक-मेला प्रवेश
सूचनामे मैथिली देवनागरी वा मिथिलाक्षरमे नहि देखि/लिखि पाबि रहल पाठक लेल उपाय देल गेल अछि।
2483. ऑनलाइन देवनागरी टंकण-बॉक्सक निर्देश कोन कार्यमे सहायक कहल गेल अछि?
  • टाइप करब, कॉपी करब, वर्ड फाइलमे पेस्ट करब आ सेव करब
  • कविता स्मरण करब
  • फोटो खींचब
  • मंच सजायब
निर्देशमे बॉक्समे ऑनलाइन देवनागरी टाइप कऽ, कॉपी कऽ, वर्ड दस्तावेजमे पेस्ट कऽ सेव करबाक बात अछि।
2484. लिपि-सहायता आ पुरान अंक-संरक्षण एक संग किएक जरूरी अछि?
  • पाठक जे पढ़ि नहि पबैत अछि, तकरा लेल सामग्री आ उपकरण दुनू चाही
  • केवल स्टाल-नम्बर चाही
  • केवल गजल-संग्रह चाही
  • केवल चित्र-पोस्ट चाही
अंकमे सामग्री उपलब्धता आ लिपि/टंकण सहायता दुनू सूचना अछि; ई पाठक-अभिगमक पूरा चक्र बनबैत अछि।
2485. अभिगम्यता संबंधी सूचना सभ साहित्यक कोन लोकतांत्रिक पक्ष देखबैत अछि?
  • विभिन्न क्षमता, लिपि आ तकनीकी स्थिति बला पाठक सभकेँ जोड़ब
  • केवल विशेषज्ञक लेल साहित्य
  • केवल मुद्रित पुस्तक धरि सीमितता
  • केवल लेखक-नामक सूची
ब्रेल, तिरहुता, देवनागरी, टंकण-सहायता आ पुरान अंक—ई सभ पाठक-विस्तारक लोकतांत्रिक दृष्टि देखबैत अछि।

2486. विदेह मैथिली ऑडियो संकलनमे कोन-कोन साहित्यिक विधाक ध्वनि-रूप देल गेल कहल अछि?
  • कथा, कविता, गजल, हाइकू, टनका, हैबून, हैगा आदि
  • केवल उपन्यास-सूची
  • केवल चित्रकला-रंग
  • केवल पुस्तक-मेला सूचना
ऑडियो संकलनक वर्णनमे कथा, कविता, गजल, हाइकू, टनका, हैबून, हैगा आदि विविध विधा देल अछि।
2487. ५० घण्टाक ऑडियो संकलनक मुख्य सांस्कृतिक दाबी की अछि?
  • मिथिलाक सभ जाति आ धर्मक संस्कार, लोकगीत आ व्यवहार-गीत मैथिलीकेँ जाति-आधारित भाषा मानबाक धारणा पर प्रहार करैत अछि
  • ई केवल एक गजल-संग्रह अछि
  • ई केवल बाल-चित्रकथा अछि
  • ई केवल संगोष्ठी-समाचार अछि
वर्णनमे ५० घण्टाक ऑडियो संकलन केँ सभ जाति-धर्मक संस्कार, लोकगीत आ व्यवहार-गीतसँ जोड़ि जाति-आधारित धारणा पर चोट कहल गेल अछि।
2488. मैथिली वीडियोक संकलनमे नाटक, सेमीनार, वर्षकृत्य, सामा-चकेबा आदि किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई साहित्य, रंगमंच, पर्व आ लोक-संस्कारक दृश्य अभिलेख बनबैत अछि
  • ई केवल पुस्तक-मेला पर्चा अछि
  • ई केवल शब्दकोषक रचना अछि
  • ई केवल एकटा कविता शीर्षक अछि
वीडियो-सूचीमे नाटक, सेमीनार, वर्षकृत्य, सामा-चकेबा, कवि-सम्मेलन आदि देल अछि; ई दृश्य-सांस्कृतिक अभिलेखक रूप धारण करैत अछि।
2489. वीडियो-संकलनमे ‘सगर राति दीप जरए’ आ साक्षात्कारक उपस्थिति कोन विस्तार देखबैत अछि?
  • लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुति आ व्यक्ति-केंद्रित संवाद दुनू
  • केवल तकनीकी कोड
  • केवल तिथि-गणना
  • केवल चित्रकला-विक्रय
सूचीमे गीत-संगीत, सगर राति दीप जरए, साक्षात्कार, विद्यापति पर्व आ गजल वीडियो देल अछि; ई प्रस्तुति आ संवाद दुनू रखैत अछि।
2490. दीक्षा भारतीक गाओल ‘गोविन्ददास’क गीतक उल्लेख किएक विशेष कहल गेल अछि?
  • विदेहक सौजन्यसँ पहिल बेरक विशेष प्रस्तुति रूपमे
  • केवल सामान्य तिथि रूपमे
  • केवल पुस्तक-सूची रूपमे
  • केवल कहानीक पात्र रूपमे
वीडियो-संकलन वर्णनमे सतमा कक्षाक दीक्षा भारतीक गाओल ‘गोविन्ददास’क गीत केँ पहिल बेर विदेहक सौजन्यसँ कहल गेल अछि।
2491. ऑडियो आ वीडियो दुनू खण्डक संयुक्त प्रभाव की अछि?
  • मैथिली साहित्य केँ श्रव्य आ दृश्य दुनू माध्यममे विस्तारित करब
  • मात्र मुद्रित पाठ पर सीमित करब
  • बाल-साहित्य हटायब
  • अनुवाद-विमर्श समाप्त करब
ऑडियोमे साहित्यिक विधा आ लोकगीत अछि; वीडियामे नाटक, सेमीनार, पर्व, साक्षात्कार आदि अछि—दुनू माध्यम विस्तार करैत अछि।
2492. ऑडियो-संकलनमे जाति-धर्मक लोकगीतक उल्लेख केना सांस्कृतिक प्रतिवाद बनैत अछि?
  • ई मैथिलीकेँ संकीर्ण जातीय भाषा मानबाक विरुद्ध जीवित लोक-प्रमाण राखैत अछि
  • ई केवल मंच-सजावट अछि
  • ई केवल शब्दकोष-रूपान्तरण अछि
  • ई केवल फोटो-गैलरी अछि
वर्णनमे स्पष्ट अछि जे सभ जाति आ धर्मक संस्कार-गीत मैथिलीकेँ जाति-आधारित भाषा मानबाक अवधारणापर प्रहार करैत अछि।
2493. वीडियो-संकलनमे ‘मिथिलाक खोज’क उपस्थिति कोन शोध-दिशा संकेत करैत अछि?
  • दृश्य माध्यमे मिथिला-अन्वेषण
  • केवल गजल गणना
  • केवल मातृभाषा-दिवस
  • केवल पांडुलिपि-संपादन
मैथिली वीडियो सामग्रीमे ‘मिथिलाक खोज’क उल्लेख शोधात्मक/अन्वेषणात्मक दृश्य-दिशा दैत अछि।
2494. ऑडियोमे हाइकू, टनका, हैबून, हैगा आदिक उल्लेख कोन विधागत खुलापन देखबैत अछि?
  • लघु जापानी-प्रेरित आ प्रयोगशील विधा सभक श्रव्य प्रस्तुति
  • केवल पारंपरिक महाकाव्य
  • केवल सरकारी दस्तावेज
  • केवल व्याकरण-अभ्यास
ऑडियो-सूचीमे हाइकू, टनका, हैबून, हैगा आदि आधुनिक प्रयोगशील विधा सभ सेहो अछि।
2495. अंक १००मे ऑडियो-वीडियो संसाधनक वर्णन शतकीय अंकक परियोजना-बोध केँ कोना विस्तार दैत अछि?
  • पत्रिका केँ पाठ-संसारसँ बहुमाध्यमी सांस्कृतिक आंदोलन धरि बढ़बैत अछि
  • पत्रिका केँ केवल एक पन्नाक सूचना बनबैत अछि
  • कथा आ कविता हटबैत अछि
  • भाषापाकक विरोध करैत अछि
ऑडियो, वीडियो, नाटक, लोकगीत, साक्षात्कार, गजल आ पर्व-सामग्रीक उल्लेख पत्रिकाक बहुमाध्यमी विस्तार देखबैत अछि।

2496. मिथिला चित्रकला/आधुनिक चित्रकला खण्डमे ‘कएक हजारसँ ऊपर फोटो’क उल्लेख कोन अभिलेखीकरण बोध दैत अछि?
  • दृश्य-संस्कृतिक व्यापक डिजिटल संग्रह
  • केवल एक कविता-पुस्तक
  • केवल शब्दकोषक पंक्ति
  • केवल ध्वनि-विज्ञान लेख
वर्णनमे मिथिला चित्रकला, आधुनिक चित्रकला, रंगमंच, सड़क नाटक आ हजारों फोटो उपलब्ध कहल गेल अछि।
2497. चित्र-संग्रहमे वनस्पति, जीव-जन्तु आ जनजीवनक फोटो किएक सांस्कृतिक रूपेँ महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई प्रकृति, जीव-जगत आ किसानी-कारीगरी संस्कृति केँ दृश्य रूपमे सँजोइत अछि
  • ई केवल असंबद्ध सूची अछि
  • ई केवल गजल-रदीफ अछि
  • ई केवल पृष्ठ-सज्जा अछि
वर्णनमे २०० सँ ऊपर वनस्पति, १०० सँ ऊपर जीव-जन्तु आ जनजीवनक किसानी-कारीगरी फोटो देल अछि।
2498. रंगमंच आ चौबटिया-सड़क नाटकक फोटो चित्र-संग्रहमे किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई प्रदर्शनकला केँ दृश्य अभिलेखक हिस्सा बनबैत अछि
  • ई केवल शब्दकोषक अर्थ अछि
  • ई केवल किताबक मूल्य अछि
  • ई केवल निजी पत्र अछि
चित्र-संग्रहमे रंगमंच आ चौबटिया-सड़क नाटक सहित फोटो अछि; ई प्रदर्शन-संस्कृति केँ सुरक्षित करैत अछि।
2499. मैथिली जालवृत्त एग्रीगेटरक मूल प्रयोजन की कहल गेल अछि?
  • मैथिलीक सभ वेबसाइटक विवरण सहजताक लेल उपलब्ध करब
  • केवल कविता प्रकाशित करब
  • केवल एक नाटक मंचित करब
  • केवल चित्रकला बेचब
एग्रीगेटर संबंधी सूचनामे मैथिलीक सभ वेबसाइटक विवरण सहजताक लेल उपलब्ध अछि कहल गेल अछि।
2500. जालवृत्त एग्रीगेटर विदेहक डिजिटल परियोजनामे कोन भूमिका निभबैत अछि?
  • विखरल मैथिली जाल-संसाधन केँ एक नेविगेशन-स्थान देब
  • केवल बाल-पाठ बनायब
  • केवल गजल सुनायब
  • केवल पुस्तक-मेला आयोजन
एग्रीगेटरक उद्देश्य वेबसाइटक विवरण सहज बनायब अछि; ई डिजिटल संसाधन-संयोजनक भूमिका निभबैत अछि।
2501. मैथिली साहित्यक अंग्रेजी अनुवादक उल्लेख कोन वैश्विक लक्ष्य देखबैत अछि?
  • मैथिलीक श्रेष्ठ साहित्य विश्वक समक्ष राखब
  • केवल स्थानीय विज्ञापन
  • केवल ब्रेल टंकण
  • केवल पुस्तक-मेला समय
सूचनामे मैथिली साहित्य अंग्रेजीमे अनूदित कऽ श्रेष्ठ साहित्य विश्वक समक्ष राखबाक बात अछि।
2502. अंग्रेजी अनुवाद परियोजनामे ‘सत्तरिटा पोस्ट’ आ श्रम-घण्टाक उल्लेख कोन बोध दैत अछि?
  • दीर्घकालीन अनुवाद-मेहनतक अभिलेख
  • केवल एक तिथि-सूचना
  • केवल लेखकक जन्म-वर्ष
  • केवल नाटक-मंच सजावट
वर्णनमे सत्तरि पोस्ट आ ७०० घण्टासँ बेसी श्रमक उल्लेख अछि; ई अनुवाद-कार्यक परिश्रम-आधार देखबैत अछि।
2503. चित्रकला, फोटो आ अंग्रेजी अनुवाद एक संग विदेहक कोन विस्तार देखबैत अछि?
  • दृश्य-संस्कृति आ विश्व-पाठक दुनू दिस विस्तार
  • केवल स्थानीय पाठशाला
  • केवल मंचीय व्यंग्य
  • केवल शब्द-सूची
चित्र-संग्रह दृश्य-पक्ष सँ, अंग्रेजी अनुवाद विश्व-पाठक सँ जुड़ल अछि; दुनू मिलि व्यापक सांस्कृतिक प्रसार देखबैत अछि।
2504. चित्र-संग्रहमे किसानी आ कारीगरी संस्कृतिक फोटो उल्लेख किएक शोधार्थीक लेल उपयोगी अछि?
  • लोक-आर्थिक जीवन आ दृश्य-सांस्कृतिक प्रमाणक कारण
  • केवल सजावट कारण
  • केवल रेडियो-संकेत कारण
  • केवल कहानीक नाम कारण
जनजीवनक किसानी आ कारीगरी संस्कृति संबंधी फोटो समाज-संस्कृतिक दृश्य प्रमाण रूपमे उपयोगी बनैत अछि।
2505. अंक १००मे जालवृत्त, फोटो-संग्रह आ अंग्रेजी अनुवादक संयुक्त अर्थ की अछि?
  • मैथिली साहित्य-संस्कृतिक डिजिटल खोज, दृश्य अभिलेख आ वैश्विक प्रस्तुति
  • केवल एक विधा-विशेषांक
  • केवल पाण्डुलिपि-सूची
  • केवल विज्ञापन-पृष्ठ
तीनू संसाधन—एग्रीगेटर, चित्र/फोटो संग्रह, अंग्रेजी अनुवाद—मिलि डिजिटल उपस्थिति, अभिलेख आ वैश्विकता बनबैत अछि।

2506. विदेह: सदेह केँ तिरहुता जालवृत्त रूपमे उल्लिखित करब कोन लिपि-आन्दोलनक संकेत अछि?
  • मैथिलीकेँ मिथिलाक्षर/तिरहुता डिजिटल रूपमे प्रतिष्ठित करब
  • केवल गजल-गायन
  • केवल विश्व पुस्तक मेला
  • केवल छायाचित्र-संग्रह
वर्णनमे विदेह: सदेह केँ मिथिलाक्षरमे सज्जित पहिल मैथिली वेबसाइटक रूपमे कहल गेल अछि।
2507. विदेह: ब्रेल संबंधी सूचना कोन पाठक-वर्गक लेल विशेष रूपेँ महत्त्वपूर्ण अछि?
  • दृष्टिबाधित वा विशेष उपकरणसँ पढ़निहार पाठक
  • केवल नाटककार
  • केवल चित्रकार
  • केवल पुस्तक-विक्रेता
ब्रेल साइट संबंधी वर्णनमे विशेष स्क्रीन-टच मॉनिटर आ विशेष प्रिन्टरसँ पढ़बा/छपबाक बात अछि।
2508. तिरहुता आ ब्रेल दुनू परियोजनामे हजार-हजार घण्टाक श्रमक उल्लेख कोन बात देखबैत अछि?
  • लिपि आ अभिगम्यता लेल दीर्घ सामूहिक परिश्रम
  • केवल आकस्मिक सूचना
  • केवल एक लेखकक कविता
  • केवल पुस्तक-मेलाक समय
वर्णनमे दुनू परियोजना मे लगभग हजार-हजार घण्टाक मेहनत लागल कहल गेल अछि।
2509. नेना भुटका साइट केँ संगीतज्ञ माँगनि खबासक नामपर राखल बताओल गेल; ई कोन सांस्कृतिक कड़ी बनबैत अछि?
  • बाल-साहित्य केँ मिथिलाक संगीत-स्मृतिसँ जोड़ैत अछि
  • बाल-साहित्यकेँ हटबैत अछि
  • केवल भाषा-कोष बनबैत अछि
  • केवल गजल मंच बनबैत अछि
नेना भुटका साइटक नाम संगीतज्ञ माँगनि खबाससँ जुड़ल कहल गेल अछि; ई बाल-साहित्य आ सांस्कृतिक स्मृति केँ जोड़ैत अछि।
2510. नेना भुटका साइटमे जगदीश प्रसाद मण्डलक १२५ प्रेरक कथा किएक विशेष कहल जा सकैत अछि?
  • बाल-साहित्यकेँ आधुनिक-वैज्ञानिक दृष्टिकोणसँ समृद्ध करबाक कारण
  • केवल फोटो-सूची देबाक कारण
  • केवल मंच-निर्देश देबाक कारण
  • केवल पुस्तक-मेला समय देबाक कारण
वर्णनमे बाल कथा, प्रेरक कथा, बाल कविता आदिक संग जगदीश प्रसाद मण्डलक १२५ प्रेरक कथा आधुनिक-वैज्ञानिक दृष्टिकोणसँ लिखल कहल गेल अछि।
2511. नेना भुटका साइटक लक्ष्य-पाठक के सभ छथि?
  • नेना, बढ़ैत नेना आ किशोर
  • केवल विश्वविद्यालय प्राध्यापक
  • केवल पुस्तक प्रकाशक
  • केवल रेडियो संचालक
वर्णनमे विश्वमे पसरल नेना, बढ़ैत नेना आ किशोर लेल सामग्री उपलब्ध कहल गेल अछि।
2512. विदेह रेडियोकेँ कथा-कविता आदिक पहिल पोडकास्ट साइट कहल गेल; ई कोन माध्यम-परिवर्तन देखबैत अछि?
  • पाठ्य साहित्यक श्रव्य प्रसार
  • चित्रकला केँ मिटायब
  • पुस्तक-मेला बंद करब
  • भाषापाक हटायब
विदेह रेडियो सम्बन्धी वर्णनमे मैथिली कथा-कविता आदिक पोडकास्ट रूपमे प्रसारणक बात अछि।
2513. रेडियो-वर्णनमे गीत-संगीत, कथा-कविता, गजल-हाइकू, टनका-हैबून आ परिचर्चा एक संग किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई श्रव्य मंचक विधागत विस्तार देखबैत अछि
  • ई केवल एक गीतक नाम अछि
  • ई केवल तिरहुता-टंकण अछि
  • ई केवल फोटो-एल्बम अछि
रेडियो सूचनामे अनेक साहित्यिक आ संवादात्मक विधा प्रसारित कहल गेल अछि; ई व्यापक श्रव्य मंच बनबैत अछि।
2514. तिरहुता, ब्रेल, बाल-साइट आ रेडियो एकत्रित रूपमे विदेहक कोन दृष्टि बतबैत अछि?
  • लिपि-संरक्षण, समावेशी अभिगम, बाल-पाठ आ श्रव्य प्रसारक संयुक्त दृष्टि
  • केवल मुद्रित सूची
  • केवल एक नाटक
  • केवल निजी पत्राचार
ई चारू संसाधन अलग-अलग पाठक-वर्ग आ माध्यम केँ जोड़ैत अछि—लिपि, अभिगम्यता, बाल-साहित्य, रेडियो।
2515. विदेहक ब्रेल आ नेना भुटका परियोजना एक संग कोन मानवीय साहित्य-दृष्टि देखबैत अछि?
  • विशेष आवश्यकता बला पाठक आ बाल-पाठक दुनूक प्रति उत्तरदायित्व
  • केवल विशेषज्ञ-लेखन
  • केवल कथा-समाप्ति
  • केवल समारोह-सूचना
ब्रेल दृष्टिबाधित पाठक लेल आ नेना भुटका बच्चा/किशोर लेल अछि; ई समावेशी साहित्य-दृष्टि देखबैत अछि।

2516. विदेह मैथिली नाट्य उत्सवक वर्णनमे ‘वैश्विक स्तर’क दावा कोन माध्यमसँ जुड़ल अछि?
  • मैथिली आ अंग्रेजीमे रंगमंचक चित्र आ वीडियो सहित विवरण
  • केवल एक कविता-पाठ
  • केवल शब्दकोष डाउनलोड
  • केवल पुस्तक-मेला समय
नाट्य उत्सवक वर्णनमे मैथिली आ अंग्रेजीमे रंगमंचक चित्र-वीडियो माध्यमे विस्तार देल गेल अछि।
2517. नाट्य उत्सवक वर्णनमे समानान्तर रंगमंचक आरम्भ कोन प्रवृत्तिक विरुद्ध कहल गेल अछि?
  • स्लैपस्टिक हास्य बला रंगमंचक विरुद्ध
  • कविता-विधाक विरुद्ध
  • बाल-साहित्यक विरुद्ध
  • भाषापाकक विरुद्ध
वर्णनमे विदेह मैथिली समानान्तर रंगमंच केँ स्लैपस्टिक हास्य बला रंगमंचक विरुद्ध आरम्भ कहल गेल अछि।
2518. नाट्य उत्सवमे मिथिलाक गाम-गाम आ कोलकाता, जनकपुर, राजबिराज, पटना, दिल्ली आदिक उल्लेख कोन विस्तार देखबैत अछि?
  • स्थानीय सँ प्रवासी/शहरी रंगमंच धरि विस्तार
  • केवल एक गामक कथा
  • केवल एक पुस्तकालय
  • केवल एक तकनीकी उपकरण
वर्णनमे मिथिलाक गाम-गामक अतिरिक्त अनेक नगरक रंगमंचक विवरण उपलब्ध कहल गेल अछि।
2519. समदिया संबंधी विवरण मैथिली पत्रकारिताक कोन रूपक संकेत करैत अछि?
  • न्यूज पोर्टल वा ई-पेपरक रूपमे साहित्यिक पत्रकारिताक लीकसँ हटि नव दिशा
  • केवल बालकथा मंच
  • केवल चित्रकला-संग्रह
  • केवल गजल-पाठ
वर्णनमे समदियाकेँ २००४सँ न्यूज पोर्टल/ई-पेपर रूपमे मैथिली पत्रकारिताक नव दिशा बताओल गेल अछि।
2520. समदियाक मासक सर्वश्रेष्ठ न्यूज पुरस्कारक उल्लेख कोन पत्रकारिता-संस्कार देखबैत अछि?
  • समाचार-मूल्यांकन आ प्रोत्साहनक व्यवस्था
  • केवल कविता-छन्द
  • केवल नाटक-चित्र
  • केवल बाल-चित्रकथा
समदिया विवरणमे सर्वश्रेष्ठ न्यूजकेँ मासक पुरस्कार देबाक बात अछि; ई पत्रकारिता मूल्यांकनक संकेत अछि।
2521. मैथिली फिल्म्स सम्बन्धी सूचना मैथिलीकेँ कोन अन्य भाषिक क्षेत्र सभसँ जोड़ैत अछि?
  • अंगिका, वज्जिका आ सुरजापुरी
  • केवल संस्कृत
  • केवल पाली
  • केवल फारसी
मैथिली फिल्म्स वर्णनमे मैथिली संग अंगिका, वज्जिका आ सुरजापुरीक पूर्ण विवरण उपलब्ध कहल गेल अछि।
2522. फिल्म्स-संसाधनमे अनेक संचालकक नाम देल गेल; एहि सँ कोन प्रकृति देखाइत अछि?
  • सहयोगी/सामूहिक डिजिटल प्रबंधन
  • एकल सरकारी आदेश
  • केवल चित्रकला पोस्ट
  • केवल गजल-संग्रह
वर्णनमे गजेन्द्र ठाकुर, बेचन ठाकुर, विनीत उत्पल, सुनील कुमार झा आ आशीष अनचिन्हार आदि संचालक रूपमे देल छथि।
2523. अनचिन्हार आखरक विवरणमे गजल, कता, बन्द, नात, रुबाइ आ आलेखक उल्लेख कोन साहित्यिक क्षेत्र खोलैत अछि?
  • शेरो-शायरी आ गजल-केंद्रित मैथिली प्रयोगक्षेत्र
  • केवल बाल-साइट
  • केवल ब्रेल-अभिलेख
  • केवल पुस्तक-मेला
अनचिन्हार आखरक वर्णनमे गजल, कता, बन्द, नात, रुबाइ आ शेरो-शायरी सम्बन्धी सामग्री देल अछि।
2524. मैथिली हाइकू साइटक वर्णनमे हाइकू, टनका, हैबून, हैगा, शेनर्यू सभ एक संग किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • लघु-काव्यक थ्योरी आ प्रैक्टिस दुनू उपलब्ध करबाक कारण
  • केवल गद्य-सूची बनबाक कारण
  • केवल नाटक-मंचक कारण
  • केवल रेडियो-नामक कारण
वर्णनमे हाइकू, टनका, हैबून, हैगा, शेनर्यूक सिद्धान्त आ अभ्यास उपलब्ध कहल गेल अछि।
2525. मैथिली हाइकू खण्डमे हाइकू ५/७/५ आ टनका ५/७/५/७/७क संकेत कोन स्तरक जानकारी दैत अछि?
  • विधागत संरचना आ छन्द-रूपक आधार
  • केवल पता-सूचना
  • केवल लेखकक उपाधि
  • केवल चित्र-सूची
वर्णनमे हाइकू आ टनका के प्राकृत दृश्यपर आधारित मात्रिक संरचनासहित बुझाओल गेल अछि।

2526. अंक १००क सामग्री-संरचना केँ शोध-स्तर पर कोना पढ़ल जा सकैत अछि?
  • शतकीय आत्मस्मृति, साहित्यिक बहुविधता, डिजिटल अभिलेख आ जन-सांस्कृतिक आंदोलनक संगम रूपमे
  • केवल एक कविता-सूची रूपमे
  • केवल पुस्तक-मेला विज्ञापन रूपमे
  • केवल तकनीकी सहायता-पत्र रूपमे
अंकमे शतकीय सम्पादकीय, गद्य-पद्य, पुस्तक प्रदर्शनी, लिपि/ब्रेल, ऑडियो-वीडियो, नाटक, पत्रकारिता, अनुवाद आ बाल-साहित्य सभ अछि।
2527. अंक १००मे साहित्य, भाषा-संसाधन आ बहुमाध्यमी संग्रहक संयुक्त उपस्थिति कोन आंदोलनात्मक स्वर रचैत अछि?
  • मैथिलीकेँ पाठ, ध्वनि, दृश्य, लिपि आ जाल-संसाधनमे फैलायब
  • मैथिलीकेँ केवल कागज पर रोकब
  • केवल एक विधाक प्रचार
  • केवल निजी स्मरणिका
सूचनासभमे कोष, भाषापाक, ऑडियो, वीडियो, ब्रेल, तिरहुता, चित्रकला, अनुवाद आ मंच सभ एक साथ अछि।
2528. विदेहक शतकीय अंकमे मातृभाषा दिवस, मानक मैथिली आ तिरहुता/ब्रेल अभिगम्यता एकठाम आओलासँ कोन निष्कर्ष बनैत अछि?
  • भाषा-चेतना केवल भावुकता नहि, संरचना आ पहुँच सेहो अछि
  • भाषा-चेतना केवल गीत अछि
  • भाषा-चेतना केवल मेला-सूचना अछि
  • भाषा-चेतना केवल उपन्यासक कथानक अछि
मातृभाषा दिवस भाव-पक्ष, मानक मैथिली लेखन-पक्ष, आ तिरहुता/ब्रेल पहुँच-पक्ष केँ जोड़ैत अछि।
2529. गाम, जाति-पाति, राजनीतिक चेतना, फागु-अभाव आ लोकगीत-संग्रहक सामूहिक अर्थ की अछि?
  • मैथिली साहित्यक सामाजिक भूगोल आ लोक-राजनीतिक संवेदना
  • केवल व्यक्तिगत पत्र
  • केवल मंच-प्रकाश
  • केवल शब्द-सूची
गद्य आ संसाधन-दोहोरामे गाम, जाति, राजनीति, पर्व-अभाव आ लोकगीत सभ सामाजिक संवेदना बनबैत अछि।
2530. अंक १००मे अंग्रेजी अनुवाद आ विश्व पुस्तक मेला प्रसंग मैथिली साहित्यक कोन दिशा देखबैत अछि?
  • स्थानीय भाषिक सृजनक विश्व-पाठक आ पुस्तक-बाजार सँ संवाद
  • साहित्यक पूर्ण संकुचन
  • बाल-साहित्यक निषेध
  • ध्वनि-विज्ञानक समाप्ति
विश्व पुस्तक मेला सार्वजनिक पुस्तक-क्षेत्र सँ आ अंग्रेजी अनुवाद विश्व-पाठक सँ मैथिली साहित्य केँ जोड़ैत अछि।
2531. नाट्य उत्सव, वीडियो-संग्रह आ रंगमंच-फोटो सभ एकठाम पढ़ल जाए त कोन निष्कर्ष भेटैत अछि?
  • मैथिली रंगमंच लिखित पाठसँ बाहर दृश्य-प्रदर्शन आ अभिलेखक रूपमे सक्रिय अछि
  • रंगमंच अनुपस्थित अछि
  • केवल कविता उपस्थित अछि
  • केवल शब्दकोष उपस्थित अछि
नाट्य उत्सव, वीडियो-संग्रह, रंगमंचक चित्र/वीडियो आ गाम-नगरक रंगमंचक विवरण प्रदर्शन-अभिलेख देखबैत अछि।
2532. नेना भुटका, बालानां कृते आ मातृभाषा दिवसक संगति कोन दीर्घकालीन भाषिक रणनीति बतबैत अछि?
  • बाल-पीढ़ीमे मैथिली भाषा आ साहित्यक संस्कार स्थापित करब
  • केवल वयस्क समीक्षा लिखब
  • केवल पत्रिका सदस्यता बढ़ायब
  • केवल नाटक-पोशाक संग्रह
बाल-साइट, बालानां कृते खण्ड आ मातृभाषा दिवस सभ बच्चा/किशोर पाठककेँ भाषिक-सांस्कृतिक आधार देबाक दिशा अछि।
2533. ऑडियो-संग्रहक जाति-धर्म-व्यवहार गीत आ गद्यक जाति-पाति लेख केँ साथ पढ़ला पर कोन शोध-प्रश्न उठैत अछि?
  • मैथिली समाजमे समावेश, जाति-संरचना आ लोक-संस्कृतिक सम्बन्ध
  • केवल छन्द-गणना
  • केवल तिथि-निर्धारण
  • केवल रंग-संयोजन
ऑडियो-संग्रह जाति-धर्मक लोकगीतसँ समावेश देखबैत अछि, आ गद्यक जाति-पाति शीर्षक सामाजिक संरचनाक प्रश्न उठबैत अछि।
2534. अंक १००मे शास्त्रीय पात्र ‘शकुन्तला’ आ आधुनिक शीर्षक ‘कालदिशा’ एक संग किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • परम्परा आ आधुनिक समय-बोधक सह-अस्तित्व
  • केवल बालकथा
  • केवल रेडियो-सूचना
  • केवल लिपि सहायता
पद्य-भागमे शास्त्रीय पात्रक शीर्षक आ समय-दिशा बिम्बवाला आधुनिक शीर्षक एक संग अछि; ई परम्परा-आधुनिकता संवादक संकेत अछि।
2535. शतकीय अंकक समग्र स्वरूप विदेह परियोजनाकेँ कोन रूपमे प्रस्तुत करैत अछि?
  • ई-पत्रिका सँ आगे बढ़ल बहुभाषी, बहुलिपि, बहुमाध्यमी मैथिली सांस्कृतिक मंच
  • केवल एक सीमित निजी ब्लॉग
  • केवल गजल-पत्रिका
  • केवल पुस्तक-मेला पर्चा
अंक १००मे ई-पत्रिका, पोथी प्रदर्शनी, अनुवाद, ब्रेल, तिरहुता, ऑडियो-वीडियो, रंगमंच, बाल-साहित्य, कोष आ भाषापाक सभ समाहित अछि।

2536. अंक ९५क गद्य-खंडक आरम्भ कोन तरहक सामग्रीसँ होइत अछि?
  • मुन्नाजी आ रामभरोस कापड़ि “भ्रमर”क बातचीतसँ
  • केवल गीत-सूचीसँ
  • केवल चित्रकला-फाइलसँ
  • केवल शब्दकोश-तालिकासँ
गद्य-खंडमे “हम पुछैत छी” अन्तर्गत मुन्नाजी द्वारा रामभरोस कापड़ि “भ्रमर”सँ बातचीत पहिले प्रमुख रूपमे राखल गेल अछि।
2537. अंक ९५मे श्री राजेन्द्र बिमलसँ बातचीतक मुख्य केन्द्र की अछि?
  • हुनक रचना-यात्रा
  • केवल मुद्रण-व्यय
  • केवल विज्ञापन-विन्यास
  • केवल पृष्ठ-क्रम
सूचीमे राजेन्द्र बिमलसँ हुनक रचना यात्रा मादेँ गप स्पष्ट रूपसँ देल अछि।
2538. अंक ९५मे “उल्कामुख” केँ कोन रूपमे राखल गेल अछि?
  • गजेन्द्र ठाकुरक आगाँ चलैत दीर्घ रचना रूपमे
  • बालगीत-संग्रह रूपमे
  • चित्रकला-कैप्शन रूपमे
  • सम्पादकीय पता रूपमे
सामग्री-सूचीमे “गजेन्द्र ठाकुर - उल्कामुख (आगाँ)” लिखल अछि, जे निरन्तर चलैत रचनाक संकेत दैत अछि।
2539. “पलट” आ “अर्धसत्य” अंक ९५मे कोन गद्य-समूहसँ जुड़ल अछि?
  • कथा-समूहसँ
  • भाषापाक-नियमसँ
  • विदेह रेडियो-सूचनासँ
  • पुरान अंक डाउनलोड-सूचनासँ
सूचीमे सत्यनारायण झाक “पलट” आ जवाहर लाल कश्यपक “अर्धसत्य” गद्यक कथा-समूहमे आएल अछि।
2540. ओमप्रकाश झाक “डीहक जमीन” केहन प्रकारक रचना रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • कथा
  • साक्षात्कार
  • बाल-गीत
  • लिपि-तकनीकी सूचना
सामग्री-सूची “ओमप्रकाश झा - कथा - डीहक जमीन” कहैत अछि।
2541. अंक ९५मे मनोज झा मुक्तिक यात्रा-वृत्तान्त कोन प्रसंगसँ जुड़ल अछि?
  • विद्यापति स्मृति समारोह वास्ते दरभंगा यात्रासँ
  • जनगणना-तालिकासँ
  • गूगल-लॉगइन निर्देशसँ
  • चित्रकला प्रदर्शनीक फोटो-सूचीसँ
मनोज झा मुक्तिक शीर्षक विद्यापति स्मृति समारोह लेल दरभंगा यात्राक रूपमे अछि।
2542. अंक ९५क गद्य-सूचीमे नवेंदु कुमार झा किन मुद्दासभसँ जुड़ैत छथि?
  • मिथिला राज्य-विरोध, पर्यटन, लोकायुक्त, दरभंगा महाराज, पशु विश्वविद्यालय आदि समाचार-विमर्शसँ
  • केवल एक गजल-संकलनसँ
  • केवल बाल-कहानीसँ
  • केवल चित्रकला-कैप्शनसँ
नवेंदु कुमार झाक नामक बाद राज्य, पर्यटन, लोकायुक्त, दरभंगा महाराज आ पशु विश्वविद्यालयसँ सम्बन्धित समाचार-विषय सूचीबद्ध अछि।
2543. प्रभात राय भट्टक “रोटी रोजीक खोजी” अंक ९५मे कोन व्यापक सरोकार दिस संकेत करैत अछि?
  • जीविका आ सामाजिक यथार्थ दिस
  • केवल लिपि-नामकरण दिस
  • केवल पुरस्कार-तालिका दिस
  • केवल रेडियो-तकनीक दिस
शीर्षक रोटी-रोजीक खोजी जीवन-यापन आ सामाजिक यथार्थक प्रसंगक संकेत दैत अछि।
2544. अंक ९५क पद्य-खंडक प्रकृति की छैक?
  • अनेक कवि आ विविध कविता-समूहक संकलन
  • केवल एक लेखकक नाटक
  • केवल कोषक तकनीकी वर्णन
  • केवल पुरस्कार-विज्ञप्ति
पद्य-खंडमे गुलसारिका, भावना नवीन, ओमप्रकाश झा, जगदीश चन्द्र ठाकुर, मिहिर झा, जगदानंद झा आदि अनेक नाम अछि।
2545. अंक ९५मे साहित्यक संग-संग मिथिला कला-संगीत खंड राखल जाएब की देखबैत अछि?
  • पत्रिका साहित्य, कला, संगीत आ सांस्कृतिक दस्तावेजीकरण केँ एक संग देखैत अछि
  • पत्रिका केवल राजनीति-समाचार छापैत अछि
  • पत्रिका केवल व्याकरण-पाठ अछि
  • पत्रिका केवल विज्ञापन-पत्र अछि
मिथिला कला-संगीतमे कलाकार, चित्रमय मिथिला, वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगीक सामग्री देल गेल अछि।

2546. अंक ९५क सूचना अनुसार कैथी आ मिथिलाक्षरक कोन तकनीकी उपलब्धि उल्लेखित अछि?
  • दुनू लिपिकेँ यूनीकोडमे एनकोड करबाक आवेदन स्वीकृत भेल
  • दुनू लिपि परित्यक्त घोषित भेल
  • दुनू लिपिकेँ केवल रोमनमे बदलल गेल
  • दुनू लिपि पर पत्रिकामे रोक लगाओल गेल
सूचनामे कैथी आ मिथिलाक्षर दुनूकेँ यूनिवर्सल कैरेक्टर सेटमे एनकोड करबाक आवेदन स्वीकृत भेल कहल गेल अछि।
2547. मिथिलाक्षरक आधारभूत फॉन्ट लेल अंक ९५मे कोन नामक संकेत अछि?
  • तिरहुता
  • मंगल
  • वृन्दा
  • आंगन
सूचनामे देवनागरीक आधारभूत फॉन्ट “मंगल”, बांग्लाक “वृन्दा” आ मिथिलाक्षरक लेल “तिरहुता” नाम रहबाक बात अछि।
2548. मिथिलाक्षरक आवेदनमे विदेहक भूमिका कोना देखाओल गेल अछि?
  • दोसर आ तेसर संशोधित आवेदनमे विदेहक योगदानक चर्चा भेल
  • विदेहक नाम हटाओल गेल
  • विदेह केवल पाठक-सूची रहल
  • विदेहक योगदान अस्वीकार भेल
सूत्र-सूचनामे मिथिलाक्षरक दोसर आ तेसर आवेदनमे विदेहक योगदानक विस्तृत चर्चा भेल कहल अछि।
2549. गूगल मैथिली सम्बन्धी सूचनाक मुख्य आग्रह की छल?
  • गूगल अनुवाद-कार्य मे योगदान करब आ “बिहारी” नाम्ना कोनो भाषा नहि हेबाक बात स्पष्ट करब
  • मैथिली लेखन बंद करब
  • देवनागरीकेँ हटाक रोमन अपनाबय
  • केवल गीत अपलोड करब
सूचनामे योगदान करबाक, सम्पादनक कारणमे “बिहारी” नाम्ना भाषा नहि हेबाक बात लिखबाक आग्रह भेटैत अछि।
2550. मीडियाविकी-सूचना अनुसार विदेहक सदस्यगण कोन काज कएने छलाह?
  • मीडियाविकीक अनेक संदेश अंग्रेजीसँ मैथिलीमे अनूदित कएने छलाह
  • मिथिलाक्षर हटएबाक आवेदन देने छलाह
  • केवल मुद्रित पत्रिका बेचने छलाह
  • मैथिली विकीक विरोध कएने छलाह
सूचनामे मीडियाविकीक २६०० संदेश अंग्रेजीसँ मैथिलीमे अनूदित कए देबाक उल्लेख अछि।
2551. मैथिली विकीपीडिया प्रसंगमे अंक ९५ कोन ऐतिहासिक बात स्मरण करैत अछि?
  • विदेहक आरम्भिक अंकमे मैथिली विकी स्वीकृति आ नियमित सम्पादकक आवश्यकता पर चर्चा भेल छल
  • विकीपीडिया केवल हिन्दीमे रहबाक चाही
  • मैथिलीमे लेखन असंभव अछि
  • विकीपीडिया लेल कविता मात्र चाही
विवरणमे पुरान विदेह अंकक सूचना याद कएल गेल अछि जे मैथिली विकी शुरू करबाक स्वीकृति भेटल मुदा नियमित सम्पादक चाही।
2552. विकीपीडियाक भाषा-समितिक बहसक सन्दर्भमे उमेश मंडलक भूमिका कोना उभरैत अछि?
  • मैथिलीकेँ “बिहारी” समूहमे गड्डमड्ड नहि करबाक पक्षमे स्पष्ट उत्तर देनिहार युवा रूपमे
  • मैथिली हटएबाक पक्षधर रूपमे
  • केवल गद्यकार रूपमे
  • चित्रकारक रूपमे
पाठमे उमेश मंडलक उत्तरसँ मैथिलीकेँ “बिहारी” नामसँ न बुझबाक स्पष्टता आएल कहल अछि।
2553. रामविलास शर्माक लेखक विरोधक प्रसंग अंक ९५मे ककर माध्यमसँ याद कएल गेल?
  • यात्रीजीक हिन्दी लेख आ राजमोहन झाक मैथिली अनुवादक माध्यमसँ
  • केवल एक पुरस्कार-विज्ञप्तिक माध्यमसँ
  • केवल बालगीतक माध्यमसँ
  • चित्रमय मिथिलाक कैप्शनसँ
विवरणमे रामविलास शर्माक मैथिलीकेँ हिन्दी बोली बनेबाक प्रयासक विरोध यात्रीजीक लेखसँ आ ओकर मैथिली अनुवाद राजमोहन झासँ जुड़ल अछि।
2554. उमेश मंडलक फील्डवर्कक महत्त्व की कहल गेल अछि?
  • मिथिलाक विविध जाति-धर्मक लोकगीत केँ ऑडियो-वीडियोमे डिजिटल करब
  • केवल पुस्तक-मेला फोटो खींचब
  • केवल ई-पता संकलन करब
  • केवल नाटक-मंच सजाबय
पाठमे उमेश मंडल द्वारा मिथिलाक जाति-धर्म विविध लोकगीतक फील्डवर्क आ डिजिटलाइजेशनक बात अछि।
2555. लिपि, विकी आ अनुवादक सूचना एक संग मिलि अंक ९५मे कोन दृष्टि बनबैत अछि?
  • मैथिलीकेँ डिजिटल युगमे भाषा-अधिकार, लिपि-संरक्षण आ जनभागीदारीसँ जोड़बाक दृष्टि
  • मैथिलीकेँ केवल स्मारक-भाषा मानबाक दृष्टि
  • केवल मनोरंजनक भाषा बनबयबाक दृष्टि
  • मैथिलीकेँ गैर-लिखित परंपरा धरि सीमित करबाक दृष्टि
सूचनासभ लिपि-एनकोडिंग, गूगल, विकी, अनुवाद आ लोकगीत-डिजिटलाइजेशन केँ एक व्यापक भाषा-आंदोलन रूपमे जोड़ैत अछि।

2556. रामभरोस कापड़ि “भ्रमर” अपन साहित्यिक आरम्भक मुख्य मोड़ कोन बात मानैत छथि?
  • हिन्दीमे लिखल “इमानदार बालक” केँ मैथिलीमे अनुवाद करबाक प्रेरणा
  • चित्रकला प्रदर्शनीमे भाग लेब
  • नगरपालिकाक चुनाव
  • गूगल अनुवाद-खाता बनब
साक्षात्कारमे ओ पहिल कथा “इमानदार बालक” हिन्दीमे लिखने आ डॉ. धीरेन्द्रक प्रेरणासँ मैथिलीमे अनुवाद केने कहैत छथि।
2557. “इमानदार बालक” मैथिलीमे छपबाक प्रसंगमे “मिहिर”क भूमिका की अछि?
  • कथा नेना-भुटकाक चौपाड़िमे छपल
  • ओ पत्रिका बंद कराओल गेल
  • ओहि मे केवल चित्र छपल
  • ओहि मे पुरस्कार-सूची छपल
भ्रमर कहैत छथि जे अनुवादित कथा मिहिरमे नेना-भुटकाक चौपाड़िमे छपल।
2558. भ्रमरक अनुसार पहिल कथा छपबाक समय हुनकर उमेर कतेक छल?
  • १३ वर्ष
  • ३० वर्ष
  • ४३ वर्ष
  • ६० वर्ष
साक्षात्कारमे ओ स्पष्ट कहैत छथि जे तहिया हुनकर उमेर १३ वर्षक छल।
2559. भ्रमर अपन प्रकाशित कृति-संख्या मादेँ की कहैत छथि?
  • विभिन्न विधामे तीससँ ऊपर पुस्तक प्रकाशित भेल
  • एकटा मात्र कविता प्रकाशित भेल
  • कोनो पुस्तक प्रकाशित नहि भेल
  • केवल अनुवाद-सूची बनल
ओ कहैत छथि जे विभिन्न विधाक तीससँ ऊपर पुस्तक प्रकाशित भऽ चुकल अछि।
2560. साहित्यक अतिरिक्त भ्रमर ककर संग निरन्तर जुड़ल छथि?
  • पत्रकारिता
  • केवल चित्रकला-प्रदर्शनी
  • केवल खेल-संगठन
  • केवल सिनेमा-अभिनय
साक्षात्कारमे भ्रमर अपन पत्रकारितामे निरन्तर लागल रहबाक बात कहैत छथि।
2561. भ्रमर कुन समाचारपत्रक सम्पादन-प्रकाशन दीर्घ समय धरि कएल बतबैत छथि?
  • “गामघर साप्ताहिक”
  • “आंगन” मात्र
  • “मिहिर” मात्र
  • “पाटल” मात्र
ओ नेपालक पहिल मैथिली समाचारपत्र “गामघर साप्ताहिक”क करीब तीस वर्षसँ सम्पादन-प्रकाशन करबाक बात कहैत छथि।
2562. “अर्चना” आ “आंजुर” भ्रमरक जीवनमे कोन कार्यसँ जुड़ल अछि?
  • पत्रिका निकालबाक कार्यसँ
  • गजल-संगीत पुरस्कारसँ
  • लोकनृत्य मंचनसँ
  • विकी अनुवाद-सूचनासँ
साक्षात्कारमे “अर्चना” आ “आंजुर” मासिक/द्वैमासिक निकालबाक उल्लेख अछि।
2563. भ्रमर मैथिली साहित्यक “कुकुर कटाउझ”क दू कारण कोना चिन्हैत छथि?
  • आर्थिक लाभक लोभ आ वर्चस्व कायम रखबाक लालसा
  • लिपि-अभाव आ कागज-अभाव
  • गीत आ नृत्यक अधिकता
  • बाल-साहित्यक अभाव मात्र
ओ आर्थिक लाभक लोभ आ वर्चस्वक लालसा केँ झगड़ाक कारण रूपमे देखैत छथि।
2564. भ्रमरक उत्तरमे झगड़ा-निवारणक सीधा उपाय कतेक निश्चित अछि?
  • ओ निदान कठिन कहि धैर्य राखबकेँ उपाय मानैत छथि
  • ओ तुरन्त दंडक प्रस्ताव दैत छथि
  • ओ साहित्य छोड़बाक सलाह दैत छथि
  • ओ केवल पुरस्कार बाँटबाक उपाय बतबैत छथि
साक्षात्कारमे ओ कहैत छथि जे निदान कठिन अछि, कारण ई स्वभाव, प्रकृति आ आचरणसँ जुड़ल अछि; धैर्य राखब उपाय अछि।
2565. भ्रमरक साहित्यिक आत्मकथा मे भाषा-परिवर्तनक की संकेत अछि?
  • हिन्दीसँ मैथिली दिस मोड़ अपन मातृभाषा-चेतनाक आरम्भ बनल
  • मैथिलीसँ केवल अंग्रेजी दिस मोड़ भेल
  • देवनागरी छोड़ि रोमनमे लेखन शुरू भेल
  • साहित्य छोड़ि चित्रकला मात्र अपनाओल गेल
हिन्दीमे लिखल कथा केँ मैथिलीमे अनुवाद करबाक प्रक्रिया हुनका मैथिली लेखन दिस सक्रिय रूपसँ मोड़लक।

2566. भ्रमर सम्पादनक मानदण्ड पर की जोर दैत छथि?
  • सम्पादन कला आ विज्ञान दुनू अछि
  • सम्पादन केवल नाम लिखबा भरि अछि
  • दूटा कविता लिखलाक बाद सम्पादन सिद्ध भऽ जाइत अछि
  • सम्पादनक कोनो मानदण्ड नहि
ओ “सम्पादन स्वयंमे एकटा कला छै, विज्ञान छैक” कहि सतही आत्मघोषणाक आलोचना करैत छथि।
2567. भ्रमरक अनुसार दू-चारि रचना छपलाक बाद स्वयंकेँ सिरमौर बुझबाक प्रवृत्ति ककर हानि करैत अछि?
  • मैथिली लेखनक सहज परंपरा आ प्रतिभाक
  • केवल छपाई-मशीनक
  • केवल चित्रकला-खंडक
  • केवल रेडियो-पॉडकास्टक
ओ आत्मरतिक प्रवृत्तिकेँ मैथिली लेखनक सहज परंपराकेँ भ्रमित करयबला मानैत छथि।
2568. भ्रमर प्रज्ञा प्रतिष्ठानमे प्राज्ञ बनबाक अनुभव केँ कोना देखैत छथि?
  • साहित्यकार लेल उच्च सम्मान आ पुरान सपना पूर्ण हेबाक रूपमे
  • साहित्य छोड़बाक बाध्यता रूपमे
  • केवल आर्थिक व्यापार रूपमे
  • केवल चुनावी पद रूपमे
ओ प्राज्ञ बनि आएबकेँ साहित्यकारक उच्च सम्मान आ अपन सपना मानैत छथि।
2569. प्रज्ञा प्रतिष्ठानमे आएलाक बाद भ्रमरक जीवन-व्यवहारमे कोन परिवर्तन भेल?
  • जनकपुरसँ काठमाण्डू रहब आ नियमित कार्यालय जाएब
  • लेखन सम्पूर्ण बंद भऽ गेल
  • पत्रकारिता मात्र शुरू भेल
  • नाटक-मंचन छोड़ि देल गेल
ओ कहैत छथि जे जनकपुरमे रहैत छलाह, आब काठमाण्डूमे रहए पड़ैत अछि आ नियमित कार्यालय जाए पड़ैत अछि।
2570. प्रज्ञा प्रतिष्ठानक बाद लेखन पर भ्रमर की प्रभाव बतबैत छथि?
  • लेखनमे फरक नहि, मुदा अधिक जागरूकता आ उत्पादकता आएल
  • लेखन पूर्णतः समाप्त भेल
  • केवल भाषापाक बाँचल
  • केवल चित्रकला बाँचल
ओ लेखनमे फरक नहि, बस बेसी जगजिआर भेल कहैत छथि; तीन वर्षमे छह पुस्तक प्रकाशित करबाक बात सेहो अछि।
2571. पत्रकारिता आ लेखनक सम्बन्ध पर भ्रमर की कहैत छथि?
  • पत्रकारिता लेखनकेँ बाधित करैत छल
  • पत्रकारिता हुनक लेखनक एकमात्र आधार छल
  • पत्रकारिता सँ कोनो सम्बन्ध नहि
  • पत्रकारिता केवल चित्र-संपादन छल
ओ स्पष्ट कहैत छथि जे पत्रकारिता बस लेखनकेँ बाधित करैत छल।
2572. भ्रमरक अनुसार नेपाली आ मैथिली साहित्यक पोषण-व्यवस्था मे मूल अन्तर की अछि?
  • नेपाली राज्योपोषित, मैथिली साहित्यकार-पोषित
  • दुनू पूर्ण राज्योपोषित
  • दुनू केवल बाजार-पोषित
  • मैथिली राज्योपोषित, नेपाली लेखक-विहीन
ओ नेपाली आ मैथिली अपन-अपन बाट पर चलैत अछि कहि एकरा राज्योपोषित आ साहित्यकार-पोषित रूपमे भेद करैत छथि।
2573. भ्रमर प्राचीनता आ लेखन-समृद्धिक तुलनामे कोन संतुलित दृष्टि दैत छथि?
  • प्राचीन साहित्य मैथिलीक, लेखनमे नेपाली समृद्ध
  • दुनू क्षेत्रमे केवल नेपाली
  • दुनू क्षेत्रमे केवल मैथिली
  • दुनू मे कोनो साहित्य नहि
ओ कहैत छथि जे प्राचीन साहित्य मैथिलीक अछि, पर लेखनमे नेपाली समृद्ध अछि।
2574. भारतीय आ नेपाली मैथिली-साहित्यिक परिदृश्यक तुलनामे भ्रमर कोन शिकायत करैत छथि?
  • भारतीय प्रतिष्ठान नेपालक मैथिली लेखककेँ अकसर सामेल नहि करैत
  • नेपालमे मैथिलीपर पूर्ण बंदिश अछि
  • भारतमे कोनो पुरस्कार व्यवस्था नहि
  • नेपालमे कोनो प्रकाशन संस्था नहि
ओ कहैत छथि जे भारतीय साहित्यिक प्रतिष्ठान पत्रिका, पुरस्कार, लेखन आ गोष्ठीमे नेपालक लोककेँ सामेल नहि करैत, नेपालमे ताहि तरहक बंदेज नहि।
2575. नेपालक ऐतिहासिक उपलब्धि पर भ्रमर कुन उदाहरण दैत छथि?
  • वर्णरत्नाकर, सिद्ध साहित्य आ मल्ल काल
  • केवल आधुनिक रेडियो
  • केवल पुस्तक-मेला
  • केवल गूगल-टूल
भ्रमर नेपालक ऐतिहासिक समृद्धि लेल वर्णरत्नाकर, सिद्ध साहित्य आ मल्ल कालक उदाहरण दैत छथि।

2576. भ्रमर साझा प्रकाशनमे मैथिली शुरुआतक उदाहरण कोन-कोन पुस्तकसँ दैत छथि?
  • “बगियाक गाछ” आ “मैथिली साहित्यक इतिहास”
  • “पलट” आ “अर्धसत्य”
  • “उल्कामुख” आ “डीहक जमीन”
  • “अर्चिस” आ “अम्बरा”
ओ कहैत छथि जे साझा प्रकाशनमे ओ मैथिलीक शुरुआत “बगियाक गाछ” आ “मैथिली साहित्यक इतिहास”सँ कएलनि।
2577. प्रज्ञा प्रतिष्ठानक मैथिली पत्रिका रूपमे भ्रमर कोन नाम दैत छथि?
  • “आंगन”
  • “गामघर”
  • “मिहिर”
  • “पाटल”
ओ कहैत छथि जे प्रज्ञामे साधारण सदस्य भऽ आएलाक बाद पहिल बेर मैथिलीक पत्रिका “आंगन” निकालल गेल।
2578. “आंगन”क वर्तमान प्रकाशन-सन्दर्भ पर भ्रमर की कहैत छथि?
  • हुनक सम्पादनमे निरन्तर प्रकाशित अछि
  • एक अंक बाद बंद भऽ गेल
  • केवल हिन्दीमे बदलि गेल
  • केवल चित्रपत्र बनल
भ्रमर कहैत छथि जे एहि बेर अएलाक बाद “आंगन” हुनक सम्पादनमे निरन्तर प्रकाशित अछि।
2579. भ्रमर अपन विभागक दायरा कतेक विस्तृत मानैत छथि?
  • संस्कृति विभाग सम्पूर्ण देशक हेतु देखैत अछि
  • केवल एक गामक नाटक देखैत अछि
  • केवल समाचारपत्र छापैत अछि
  • केवल पुरस्कार बनबैत अछि
ओ कहैत छथि जे हुनक विभाग “संस्कृति विभाग” सम्पूर्ण देशक हेतु देखैत अछि।
2580. भ्रमर किन लोकगाथासभक संरक्षणक बात करैत छथि?
  • जट-जटिन, सलहेस, दीनाभद्री
  • केवल कोजगरा
  • केवल होरी गीत
  • केवल बालगीत
साक्षात्कारमे ओ जट-जटिन, सलहेस आ दीनाभद्रीक लोकगाथा, नृत्य-संयोजन, संकलन आ ऑडियो-वीडियोग्राफी सुरक्षित कएबाक बात कहैत छथि।
2581. लोकगाथा-संरक्षणक अगिला योजना भ्रमर कोना बतबैत छथि?
  • ग्रन्थ रूपमे प्रकाशित करबाक नियार
  • केवल मंच पर छोड़ि देबाक
  • केवल मौखिक रखबाक
  • अनुवाद रोकि देबाक
ओ सुरक्षित सामग्रीकेँ ग्रन्थक रूपमे बाहर करबाक योजना कहैत छथि।
2582. मैथिली नाट्य-क्षेत्र पर भ्रमरक दृष्टि की अछि?
  • नव संस्था आ कलाकारकेँ उचित मंच भेटौक ताहि लेल प्रयासरत छथि
  • नाट्य-क्षेत्र समाप्त करबाक पक्षमे छथि
  • केवल गजल प्रकाशित करबाक पक्षमे छथि
  • नाटककेँ साहित्यक बाहर मानैत छथि
ओ मैथिली नाट्य क्षेत्रमे नव संस्था आ कलाकार सभ केँ उचित मंच भेटय ताहि दिश प्रयत्नरत रहबाक बात कहैत छथि।
2583. भ्रमरक संस्थागत कार्यक एक प्रमुख स्वर की अछि?
  • मैथिलीकेँ प्रकाशन, पत्रिका, लोकगाथा, नाटक आ संस्कृति-संरक्षणसँ जोड़ब
  • मैथिलीकेँ केवल निजी लेखन धरि राखब
  • मैथिलीकेँ सरकारी काजसँ काटब
  • मैथिलीकेँ केवल फोटो-संग्रह बनाबय
हुनकर उत्तरमे प्रकाशन, आंगन, लोकगाथा आ नाट्य-मंच सभ मैथिली संस्थागत विस्तारक संकेत अछि।
2584. नेपालक साहित्यिक-सांस्कृतिक प्रसंगमे “साझा प्रकाशन”क उल्लेख किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ओतए मैथिली पुस्तक प्रकाशित करबाक शुरुआतक उदाहरण भेटैत अछि
  • ओ केवल रेडियो चैनल अछि
  • ओ केवल पुरस्कार-मंच अछि
  • ओ केवल गूगल-समूह अछि
भ्रमर साझा प्रकाशनमे मैथिली प्रकाशन आरम्भ करबाक अपन कार्य याद करैत छथि।
2585. भ्रमरक बातचीतमे “सीमा-पार मैथिली”क मूल संकेत की अछि?
  • भारत-नेपाल दुनू ओरक मैथिली साहित्यकेँ साझा ऐतिहासिक-सांस्कृतिक परंपरा रूपमे पढ़ब
  • मैथिलीकेँ केवल एक देश धरि सीमित करब
  • नेपालक मैथिलीकेँ साहित्यसँ बाहर राखब
  • भारतक मैथिलीकेँ लोकगाथासँ काटब
नेपालक इतिहास, साहित्य, साझा प्रकाशन, भारतीय संस्थानक फाँट आ लोकगाथा सभ मिलि सीमा-पार मैथिली दृष्टि बनबैत अछि।

2586. बृषेश चन्द्र लाल अपन लेखनक प्राथमिक प्रेरणा कोना बतबैत छथि?
  • अपना सुख आ आत्मतुष्टि लेल लिखब
  • पुरस्कारक निश्चित योजना
  • केवल दल-प्रचार
  • केवल परीक्षा-पाठ्यक्रम
साक्षात्कारमे ओ बार-बार कहैत छथि जे ओ अपना सुख लेल लिखैत छथि आ लेखन आत्मतुष्टिसँ जुड़ल अछि।
2587. मैथिली साहित्यक “अहं रोग” पर बृषेश चन्द्र लालक आलोचनाक केन्द्र की अछि?
  • समूहवाद, आपसी समीक्षा, आपसी पुरस्कार आ नव प्रतिभा रोकबाक प्रवृत्ति
  • लिपि-समस्या मात्र
  • बच्चाक पाठ्यपुस्तक मात्र
  • चित्रकला रंग-समस्या
ओ मैथिलीमे अहं, समूहवाद, अपने-सभमे समीक्षा-चर्चा-पुरस्कार आ नव प्रतिभा रोकबाक प्रवृत्तिक आलोचना करैत छथि।
2588. बृषेश चन्द्र लाल तराई-मधेश लोकतान्त्रिक पार्टीक मुख्य ध्येय कोना रखैत छथि?
  • समावेशी लोकतंत्र, विविधताक सम्मान, विभेदक अन्त आ संघीयता
  • केवल साहित्यिक पुरस्कार
  • केवल गीत-संगीत उत्सव
  • केवल निजी प्रकाशन
उत्तरमे पार्टीक ध्येय समावेशी लोकतंत्र, विविधताक सम्मान, मधेशी-विभेदक समाधान, स्वशासन-सहशासन आ संघीयता बताओल गेल अछि।
2589. बृषेश चन्द्र लाल लोकतंत्रक अधूरापन केना चिन्हैत छथि?
  • जखन लोकतंत्र समावेशी नहि हो आ विविधताक सम्मान नहि करए
  • जखन कविता कम छपे
  • जखन चित्रकला नहि हो
  • जखन रेडियो नहि चलए
ओ कहैत छथि जे लोकतंत्र विविधताक सम्मान नहि करैत अछि तँ किछु लोकक लोकतंत्र बनि जाइत अछि।
2590. साहित्य आ राजनीति संबंधी प्रश्न पर बृषेश चन्द्र लाल की स्वीकार करैत छथि?
  • लेखनमे राजनीतिक अनुभवक प्रभाव भऽ सकैत अछि, मुदा ध्येय प्रचार नहि
  • ओ साहित्यकेँ पूर्णतः त्यागि देलनि
  • ओ कविता लिखब अपराध मानैत छथि
  • ओ राजनीतिसँ कोनो अनुभव नहि मानैत छथि
ओ कहैत छथि जे प्रभाव भऽ सकैछ, मुदा ध्येय से नहि; जे अनुभवल, से लिखैत छथि।
2591. “माल्हो” कथा-संग्रह मादेँ बृषेश चन्द्र लाल कोन बात कहैत छथि?
  • बहुत कथा राजनीतिक आस-पासक अछि
  • ओ शुद्ध बालगीत-संग्रह अछि
  • ओ केवल चित्रकला-सूची अछि
  • ओ नाटक-मंच निर्देश अछि
ओ कहैत छथि जे हुनकर कथा-संग्रह “माल्हो”मे बेसी कथा राजनीतिक आस-पड़ोसक अछि।
2592. राजनीतिक विषय साहित्यक हिस्सा किएक बनि सकैत अछि — बृषेश चन्द्र लालयुक्ति की अछि?
  • राजनीति सेहो समाजेक अंग अछि
  • राजनीति भाषा बाहिरक वस्तु अछि
  • राजनीति केवल अर्थशास्त्र अछि
  • राजनीति केवल विज्ञापन अछि
ओ पूछैत छथि जे राजनीति समाजेक अंग अछि, तकरा अछूत किएक मानल जाए।
2593. बृषेश चन्द्र लाल मैथिलीप्रतिक अनुरागक दोकानदारीक आलोचना कोना करैत छथि?
  • भाषा-प्रेमकेँ निजी नफा लेल प्रयोग करब नीक नहि मानैत छथि
  • भाषाक निजी लाभे साहित्यक एकमात्र लक्ष्य मानैत छथि
  • दोकानदारीकेँ उच्च साहित्य कहैत छथि
  • भाषा-प्रेमक कोनो मूल्य नहि मानैत छथि
ओ मैथिलीप्रतिक अनुरागकेँ अपन नफा लेल दोकानदारीमे प्रयोग करब नीक नहि मानैत।
2594. राजनीति आ साहित्य दुनूमे समूहवादक परिणाम पर बृषेश चन्द्र लालक मत की अछि?
  • समाज आ साहित्यक हानि होइत अछि
  • केवल व्यक्तिगत लाभ होइत अछि
  • साहित्यक विकास स्वतः तेज होइत अछि
  • नव प्रतिभा स्वतः उभरैत अछि
ओ कहैत छथि व्यक्तिगत नफा-नोक्सान नहि, समाज आ साहित्य नोक्सानमे अछि।
2595. बृषेश चन्द्र लालक “गुणात्मक परिवर्तन” विचारक मुख्य आशय की अछि?
  • क्रान्तिकारिता वा प्रगतिशीलता केँ निरन्तर वास्तविक परिवर्तनसँ जोड़ब
  • अपने मुहेँ मियाँ मिट्ठू बनब
  • केवल पुरस्कार लेब
  • केवल समूह बनाबय
ओ प्रगतिशीलता केँ गुणात्मक परिवर्तनक निरन्तरतासँ जोड़ैत छथि, आत्मप्रशंसा सँ नहि।

2596. बृषेश चन्द्र लाल पार्टीक बहुलवादी दृष्टिकेँ कोन शब्दसभसँ जोड़ैत छथि?
  • परिचय, स्वाभिमान, आत्मसम्मान आ विविधताक सम्मान
  • केवल बाजार आ विज्ञापन
  • केवल चित्र आ फोटो
  • केवल शिल्प आ पृष्ठ-सज्जा
ओ पार्टीकेँ व्यक्ति-समुदायक परिचय, स्वाभिमान, आत्मसम्मान आ असली बहुलवादसँ जोड़ैत छथि।
2597. मैथिली नेपालमे पूर्वकालमे कोन स्थिति राखैत छल — बृषेश चन्द्र लालक कथन अनुसार?
  • राजभाषा रूपमे सम्मानित छल
  • कहियो लिखित भाषा नहि छल
  • केवल बोली मानल गेल
  • केवल बाहरी भाषा छल
ओ कहैत छथि जे मैथिली नेपालमे राजभाषा रूपमे सम्मानित छल।
2598. काठमाण्डू उपत्यकाक राजामहाराजासँ मैथिली साहित्यक सम्बन्ध पर हुनकर संकेत की अछि?
  • ओ लोकनि मैथिलीमे साहित्यिक रचना करबकेँ गौरव बुझैत छलाह
  • ओ लोकनि मैथिली निषिद्ध कएने छलाह
  • ओ लोकनि केवल संस्कृत नहि छोड़ैत छलाह
  • ओ लोकनि साहित्य-विरोधी छलाह
उत्तरमे कहल अछि जे काठमाण्डू उपत्यकाक राजामहाराजा मैथिलीमे रचना कऽ अपनाकेँ धन्य बुझैत छलाह।
2599. राज्य-सहयोगक प्रभाव पर बृषेश चन्द्र लाल कोन निष्कर्ष दैत छथि?
  • राज्यक सहयोग रहला पर भाषा आ साहित्यक प्रभाव बढ़ैत अछि
  • राज्य-सहयोगसँ भाषा घटैत अछि
  • राज्यक कोनो भूमिका नहि
  • साहित्य केवल निजी कोठरीमे पनपत अछि
ओ स्पष्ट कहैत छथि जे राज्यक सहयोग रहैक तँ भाषा आ साहित्यक प्रभाव बढ़ैत अछि।
2600. जनकपुर नगरपालिका प्रमुख रहबाक अनुभवसँ ओ कोन उदाहरण दैत छथि?
  • नगरपालिकाक प्रमुख अपील मैथिलीमे सेहो छपबैत छल
  • नगरपालिका मैथिली हटबैत छल
  • केवल चित्रकला प्रदर्शनी करैत छल
  • केवल अंग्रेजी गीत छपैत छल
ओ जनकपुर नगरपालिकाक प्रमुख पदपर रहि मैथिलीमे प्रमुख अपील छपबाक उदाहरण दैत छथि।
2601. तिरहुत रनिंग शिल्ड प्रतियोगिताक आयोजन हुनकर उत्तरमे कोन बात देखबैत अछि?
  • राजकीय/नगर-स्तरीय सहयोग सँ सांस्कृतिक प्रतिष्ठा बढ़ब
  • केवल खेलक निजी आयोजन
  • भाषाक विरोध
  • लेखन बंद करब
तिरहुत रनिंग शिल्ड आ मैथिली गीत-गायन-संगीत पुरस्कारक उदाहरण राज्य/नगर सहयोगक प्रभाव देखबैत अछि।
2602. नगरपालिका पुरस्कार किन विधासभसँ संबंधित बताओल गेल?
  • गीत रचना, गायन आ संगीत
  • केवल गणित
  • केवल ई-पता लेखन
  • केवल राजस्व
उत्तरमे प्रत्येक वर्ष मैथिलीमे गीत रचना, गायन, संगीत आदि विधापर पुरस्कारक उल्लेख अछि।
2603. रश्मि, सुनील मल्लिक, अशोक दत्तक नामक उल्लेख ककर परिणाम रूपमे भेल?
  • नगरपालिका-समर्थित सांस्कृतिक आयोजनसँ परिचय प्राप्त करबाक प्रसंगमे
  • विकी-स्वीकृति प्रसंगमे
  • भाषापाक कोष प्रसंगमे
  • पुरान अंक डाउनलोड प्रसंगमे
ओ कहैत छथि जे एहि आयोजन-संरचनासँ एहि कलाकारसभ नीक परिचय प्राप्त कएलनि।
2604. होरीसँ जुड़ल आयोजनक उल्लेख कोन सांस्कृतिक निरन्तरताक संकेत दैत अछि?
  • त्योहार-पूर्व दीर्घ तैयारी आ प्रस्तुति-संस्कृति
  • केवल एक दिनक औपचारिकता
  • साहित्य-विरोध
  • भाषा-निषेध
उत्तरमे होरीसँ १५ दिन पहिनेसँ आयोजन आ प्रस्तुतिक क्रम जारी रहबाक बात अछि।
2605. राजनीति, नगरपालिका आ मैथिली-साहित्यक सम्बन्धक शोध-स्तर निष्कर्ष की होइत अछि?
  • संस्थागत नीति आ सार्वजनिक आयोजन भाषा-सम्मान केँ व्यवहारिक रूप दैत अछि
  • साहित्य राजकीय संरचनासँ पूर्णतः असंबद्ध अछि
  • राज्य-सहयोग सदैव हानिकारक अछि
  • भाषा-सम्मान केवल निजी भावना अछि
जनकपुर नगरपालिका, गीत-संगीत पुरस्कार, मैथिली अपील आ शपथ-प्रसंग सभ भाषा-सम्मानक संस्थागत रूप देखबैत अछि।

2606. विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी सम्मानक प्रक्रिया अंक ९५मे कोना प्रस्तुत अछि?
  • रचना-रचनाकारपर प्रतिक्रिया, शॉर्टलिस्ट आ वोटिंगक सार्वजनिक प्रक्रिया रूपमे
  • गुप्त निजी निर्णय रूपमे मात्र
  • केवल सरकारी नोटिस रूपमे
  • केवल चित्रकला निविदा रूपमे
विवरणमे प्रतिक्रिया, चर्चा, शॉर्टलिस्ट आ वोटिंग शुरू हेबाक प्रक्रिया बताओल गेल अछि।
2607. फेलो पुरस्कार लेल प्रस्तावित नामसभक प्रकृति की संकेत करैत अछि?
  • समग्र साहित्यिक योगदानक मान्यता
  • केवल एक गीतक पुरस्कार
  • केवल किशोर-कथा पुरस्कार
  • केवल छायाचित्र पुरस्कार
फेलो पुरस्कारक प्रस्ताव समग्र योगदानक आधार पर नाम रखबाक रूपमे समझल जा सकैत अछि।
2608. मूल पुरस्कारक सूचीमे “बेटीक अपमान आ छीनरदेवी” ककर कृति रूपमे उल्लेखित अछि?
  • श्री बेचन ठाकुरक दूटा नाटक
  • रामलोचन ठाकुरक अनुवाद
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक बालकथा
  • राजदेव मण्डलक कविता
सूचनामे मूल पुरस्कार लेल श्री बेचन ठाकुरक “बेटीक अपमान आ छीनरदेवी” दूटा नाटकक उल्लेख अछि।
2609. राजदेव मण्डलक “अम्बरा” कुन विधासँ जुड़ल कृति रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • कविता-संग्रह
  • नाटक-संग्रह
  • उपन्यास-अनुवाद
  • बाल-पत्रिका
सूचीमे “अम्बरा” केँ कविता-संग्रह कहल गेल अछि।
2610. बाल साहित्य पुरस्कारक सूचीमे “तरेगन” केहन कृति रूपमे अछि?
  • बाल-प्रेरक कथा-संग्रह
  • राजनीतिक निबन्ध
  • भाषा-कोष
  • गजल-संग्रह
बाल साहित्य पुरस्कार लेल “तरेगन” केँ बाल-प्रेरक कथा-संग्रहक रूपमे सूचीबद्ध कएल गेल अछि।
2611. युवा पुरस्कारक सूचीमे “अर्चिस” ककर कविता-संग्रह रूपमे उल्लेखित अछि?
  • ज्योति सुनीत चौधरीक
  • रामलोचन ठाकुरक
  • नरेश कुमार विकलक
  • रमानन्द रेणुक
सूचीमे श्रीमती ज्योति सुनीत चौधरीक “अर्चिस” कविता-संग्रह युवा पुरस्कारक प्रसंगमे अछि।
2612. “हम पुछैत छी” युवा पुरस्कार-सूचीमे ककर कृति रूपमे उल्लिखित अछि?
  • विनीत उत्पलक कविता-संग्रह
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक बाल-कथा
  • बृषेश चन्द्र लालक साक्षात्कार
  • गजेन्द्र ठाकुरक उपन्यास
युवा पुरस्कारक प्रसंगमे विनीत उत्पलक “हम पुछैत छी” कविता-संग्रहक उल्लेख भेटैत अछि।
2613. २०१२ अनुवाद पुरस्कारक प्रसंगमे रामलोचन ठाकुरक काज की अछि?
  • मानिक बंद्योपाध्यायक बांग्ला उपन्यास “पद्मानदीक माझी”क मैथिली अनुवाद
  • जट-जटिन लोकगाथाक मंचन
  • गूगल संदेश अनुवाद
  • बालगीत रचना
सूचीमे रामलोचन ठाकुरक “पद्मानदीक माझी” बांग्लासँ मैथिली अनुवादक उल्लेख अछि।
2614. अनुवाद पुरस्कार-सूचीमे मराठी, कोंकणी आ बांग्ला कृतिसभक उपस्थिति की देखबैत अछि?
  • मैथिली साहित्यक भारतीय भाषासँ संवाद
  • मैथिलीक अनुवाद-विरोध
  • केवल स्थानीय समाचार-संग्रह
  • भाषापाकक समाप्ति
मराठी, कोंकणी आ बांग्ला मूल कृतिसभक मैथिली अनुवादक चर्चा मैथिलीक बहुभाषिक संवाद देखबैत अछि।
2615. रमानन्द रेणु प्रसंगमे सम्मानक मानवीय पक्ष की अछि?
  • सम्मान-घोषणा बाद मृत्यु भेलासँ उत्तराधिकारीकेँ पदक-प्रशस्ति देबाक बात
  • सम्मान रद्द करबाक बात
  • नाम हटएबाक बात
  • केवल वोटिंग रोकबाक बात
सूचनामे रमानन्द रेणुक निधनक बाद हुनकर उत्तराधिकारीकेँ पदक आ प्रशस्ति-पत्र देबाक बात अछि।

2616. अंक ९५क पद्य-खंडमे “हाइकू” कोन नामसँ स्पष्ट रूपसँ जुड़ल अछि?
  • मुन्नाजी
  • रामभरोस कापड़ि
  • राजेन्द्र बिमल
  • बृषेश चन्द्र लाल
पद्य-सूचीमे “मुन्नाजी हाइकू” स्पष्ट रूपसँ देल अछि।
2617. पद्य-खंडमे गुलसारिका आ भावना नवीनक साथ राखल जाएब की देखबैत अछि?
  • विविध कवि-कण्ठक संयुक्त प्रस्तुति
  • एकल नाटक-प्रकाशन
  • भाषा-कोषक नियम
  • पुरस्कार-वोटिंग मात्र
सूचीमे अनेक कवि एके पद्य-खंडमे आएल छथि, जे बहुवचन कवि-स्वरक संकेत अछि।
2618. जगदीश चन्द्र ठाकुर “अनिल”, मिहिर झा आ जगदानंद झा “मनु” एक साथ कोन खंडमे सूचीबद्ध छथि?
  • पद्य-खंडमे
  • गूगल मैथिली सूचनामे
  • बालानां कृतेमे
  • अनुवाद पुरस्कारमे
ई तीनू नाम पद्य-सूचीमे एक समूहक रूपमे अछि।
2619. मिथिला कला-संगीत खंडमे श्वेता झा ककर स्थान-सूचक परिचयसँ आवैत छथि?
  • सिंगापुर
  • जनकपुर
  • कोलकाता
  • पटनापरिसर
सूचीमे “श्वेता झा (सिंगापुर)” लिखल अछि।
2620. राजनाथ मिश्रक नाम कला-संगीत खंडमे कोन उपशीर्षकसँ जुड़ल अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • भाषापाक
  • गामघर
  • आंगन
कला-संगीत सूचीमे राजनाथ मिश्रक संग “चित्रमय मिथिला” देल अछि।
2621. उमेश मण्डलक कला-संगीत सामग्री किन विषयसभसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • केवल पुरस्कार-वोटिंग
  • केवल भाषापाक नियम
  • केवल नाटक-संवाद
सूचीमे उमेश मण्डलक नामक बाद मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगीक उल्लेख अछि।
2622. बालानां कृते खंड अंक ९५मे ककर नामसँ जुड़ल अछि?
  • डॉ. शशिधर कुमर “विदेह”
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • रामलोचन ठाकुर
  • मानिक बंद्योपाध्याय
सूचीमे “बालानां कृते - डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’” लिखल अछि।
2623. भाषापाक रचना-लेखन खंडक मूल उद्देश्य की बुझाइत अछि?
  • मानक मैथिली लेखन आ शब्द-प्रयोगक दिशा देब
  • कविता बंद करब
  • चित्रकला हटाबय
  • गूगल-खाता बनबय मात्र
भाषापाक रचना-लेखन शीर्षक मानक मैथिली आ शुद्ध लेखन-प्रयोगक दिशा दैत अछि।
2624. अंक ९५मे मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख ककर भाग अछि?
  • भाषापाक रचना-लेखन आ डिजिटल शब्दकोश प्रसंगक
  • बालानां कृतेक
  • पद्य-खंडक
  • पुरस्कार-समारोहक
भाषापाक खंडमे विदेहक मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख अछि।
2625. पद्य, कला-संगीत, बाल-साहित्य आ भाषापाक केँ एक अंकमे राखब कोन सम्पादकीय दृष्टि देखबैत अछि?
  • साहित्य, संस्कृति, बाल-शिक्षा आ भाषा-मानकीकरणक संयुक्त परियोजना
  • केवल मनोरंजन-संग्रह
  • केवल राजकीय विज्ञप्ति
  • केवल फोटो-आर्काइव
अंक ९५ बहु-विध सामग्री द्वारा मैथिली साहित्यक संग कला, बाल-शिक्षा आ भाषा-मानकीकरणकेँ जोड़ैत अछि।

2626. अंक ९५क सम्पूर्ण संरचना केँ शोध-दृष्टिसँ कोना पढ़ल जा सकैत अछि?
  • साक्षात्कार, कथा, पद्य, कला, बाल-साहित्य, भाषापाक आ डिजिटल भाषा-आंदोलनक संयुक्त मंच रूपमे
  • केवल एक यात्रा-वृत्तान्त रूपमे
  • केवल पुरस्कार-तालिका रूपमे
  • केवल चित्रकला फोटो-संग्रह रूपमे
अंकमे अनेक साक्षात्कार, गद्य-पद्य, कला-संगीत, बालानां कृते, भाषापाक, लिपि-यूनीकोड आ विकी-सूचना सभ एक संग अछि।
2627. रामभरोस कापड़ि “भ्रमर” आ बृषेश चन्द्र लालयुक्ति मे एक समान आलोचनात्मक सूत्र की अछि?
  • मैथिली साहित्यक समूहवाद, आत्मरति आ वर्चस्व-लालसाक आलोचना
  • मैथिली लेखन छोड़बाक आग्रह
  • साहित्यकेँ केवल राजसत्ता बनबयबाक आग्रह
  • लोकसाहित्यक अस्वीकार
दुनू बातचीतमे साहित्यिक समूहवाद, आपसी अहं, वर्चस्व आ नव प्रतिभा रोकबाक प्रवृत्तिक आलोचना भेटैत अछि।
2628. भ्रमरक सम्पादन-विचार आ बृषेश चन्द्र लालक समूहवाद-विरोध मिलि कोन मूल्य रचैत अछि?
  • साहित्यिक संस्थानमे श्रम, मानदण्ड, खुलापन आ नव प्रतिभाक सम्मान
  • नाम-घोषणाक पर्याप्तता
  • पुरस्कार-केंद्रित साहित्य
  • भाषा-व्यापार
भ्रमर सम्पादनकेँ कला-विज्ञान कहैत छथि आ बृषेश समूहवादक विरोध करैत छथि; दुनू संग साहित्यिक जवाबदेहीक मूल्य बनैत अछि।
2629. अंक ९५मे नेपाल-मैथिली विमर्शक महत्व की अछि?
  • मैथिलीकेँ राष्ट्र-सीमा पार ऐतिहासिक, साहित्यिक आ संस्थागत परंपरा रूपमे देखाओल गेल
  • मैथिलीकेँ केवल भारतक निजी बोली मानल गेल
  • नेपालक मैथिली योगदान हटाओल गेल
  • सीमा-पार साहित्य अस्वीकार भेल
भ्रमरक बातचीतमे नेपालक ऐतिहासिक स्रोत, साझा प्रकाशन, आंगन, लोकगाथा आ भारतीय संस्थानक फाँटक चर्चा अछि।
2630. यूनीकोड, विकीपीडिया आ गूगल-सूचना अंक ९५मे कोन आधुनिकता-चिह्न दैत अछि?
  • मैथिलीकेँ डिजिटल संरचना, लिपि-कोडिंग आ ऑनलाइन अनुवादमे स्थापित करबाक चिह्न
  • मैथिलीकेँ हस्तलिखित रूपमे मात्र रखबाक चिह्न
  • मैथिलीकेँ अनुवाद-विरोधी बनाबय
  • डिजिटल माध्यमक बहिष्कार
सूचनामे कैथी-मिथिलाक्षर यूनीकोड, गूगल योगदान, मीडियाविकी अनुवाद आ मैथिली विकीपीडिया अभियान अछि।
2631. पुरस्कार-सूची आ प्रतिक्रिया-वोटिंग पद्धति अंक ९५मे कोन लोकतांत्रिक संपादकीय संकेत देत अछि?
  • मूल्यांकनकेँ सार्वजनिक चर्चा आ समुदायिक भागीदारीसँ जोड़बाक प्रयास
  • पुरस्कारकेँ गुप्त राखबाक प्रयास
  • केवल पारिवारिक चयन
  • साहित्यिक विमर्शक निषेध
रचना-रचनाकारपर प्रतिक्रिया, शॉर्टलिस्ट आ वोटिंगक उल्लेख मूल्यांकनकेँ सार्वजनिक प्रक्रिया बनबैत अछि।
2632. अनुवाद पुरस्कारक बहुभाषिक सूची मैथिली साहित्यक कोन क्षमता देखबैत अछि?
  • भारतीय भाषासभसँ संवाद करबाक आ बाहरी कृतिसभकेँ मैथिलीमे आत्मसात करबाक क्षमता
  • केवल स्थानीयता मे सिमटबाक क्षमता
  • अनुवादकेँ अस्वीकार करबाक प्रवृत्ति
  • एक भाषा-एक साहित्य सिद्धान्त
मराठी, कोंकणी, बांग्ला मूल कृतिसभक मैथिली अनुवादक उल्लेख बहुभाषिक संवादक प्रमाण अछि।
2633. बालानां कृते, लोकगाथा-संरक्षण आ कला-संगीतक संगति कोन सांस्कृतिक दृष्टि बनबैत अछि?
  • भविष्य-पीढ़ी, लोकस्मृति आ दृश्य-संगीत परंपराकेँ एक संग सँभालबाक दृष्टि
  • केवल वयस्क आलोचना
  • केवल शहरी राजनीति
  • केवल तकनीकी शब्दावली
बाल सामग्री, जट-जटिन/सलहेस/दीनाभद्री आ कला-संगीत खंड सांस्कृतिक संवहनक दीर्घ दृष्टि दैत अछि।
2634. भाषापाक आ डिजिटल कोषक उपस्थिति अंक ९५मे किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • रचनात्मक साहित्यक संग भाषा-मानकीकरण आ शब्द-संसाधनक आधार बनैत अछि
  • कथा-पद्य हटबैत अछि
  • बाल-साहित्यक विरोध करैत अछि
  • अनुवाद असंभव बनबैत अछि
भाषापाक रचना-लेखन आ द्विभाषिक कोष साहित्यिक प्रयोगकेँ भाषा-साधन आ मानकीकरणसँ जोड़ैत अछि।
2635. अंक ९५क शोध-स्तरीय सारांश की होएत?
  • ई अंक साहित्यिक संवाद, सांस्कृतिक स्मृति, डिजिटल भाषा-अधिकार, अनुवाद, पुरस्कार-प्रक्रिया आ सीमा-पार मैथिली चेतनाक संयुक्त दस्तावेज अछि
  • ई केवल एक कविता-सूची अछि
  • ई केवल वेबसाइट-सहायता पन्ना अछि
  • ई केवल निजी पत्राचार अछि
अंकमे साक्षात्कार, कथा-पद्य, पुरस्कार, यूनीकोड-विकी, लोकगाथा, कला-संगीत, बाल-साहित्य, भाषापाक आ नेपाल-भारत मैथिली प्रसंग सभ अछि।

2636. अंक ७४क आरम्भिक गद्य-सूचीक मुख्य स्वरूप की अछि?
  • समीक्षा, साक्षात्कार, दीर्घकथा, कथा, उपन्यास-विमर्श आ भाषिक सामग्रीक मिश्रण
  • केवल गीत-सूची
  • केवल विज्ञापन-संग्रह
  • केवल वेबसाइट-निर्देश
अंकक सामग्री-सूचीमे समीक्षा, दीर्घकथा, साक्षात्कार, कथा, उपन्यास समीक्षा, अनुवाद, भाषापाक आ बाल-साहित्य सभ एक संग अछि।
2637. अंक ७४मे शिव कुमार झा “टिल्लू”क भूमिका मुख्यतः कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • समीक्षा-सामग्रीसँ
  • बालकथा-सूचीसँ
  • नाटक-मंचनसँ
  • चित्रकला-प्रदर्शनीसँ
सूचीमे टिल्लूक नामक संग “समीक्षा” आ अनेक पोथी/कविता-संग्रहक चर्चा देल गेल अछि।
2638. अंक ७४मे “मैथिली कविता संचयन”क संपादक रूपमे कोन नाम आएल अछि?
  • गंगेश गुंजन
  • कैलाश कुमार मिश्र
  • दुर्गानन्द मंडल
  • राजदेव मंडल
सामग्री-सूचीमे “मैथिली कविता संचयन”क बाद संपादक रूपमे गंगेश गुंजनक नाम अछि।
2639. अंक ७४क गद्य भागमे “जीवन संघर्ष” कोन प्रकारक सामग्री रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • पोथी-समीक्षा
  • बाल-कविता
  • नाटक-संवाद
  • फीड-सूचना
डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक नामक बाद “पोथी समीक्षा - जीवन संघर्ष” देल गेल अछि।
2640. “मायानन्द मिश्रक रमनगर कथामे लागल ‘मुदा’...” शीर्षक कोन तरहक आलोचनात्मक संकेत दैत अछि?
  • कथ्य आ शैलीक सूक्ष्म आलोचना दिस
  • केवल भूगोल-सूचना दिस
  • केवल गीत-ताल दिस
  • केवल लिपि-सूचना दिस
शीर्षकमे कथा आ “मुदा” शब्दक आलोचनात्मक प्रयोगक संकेत अछि, जे सूक्ष्म पाठकेंद्रित पढ़ाइ दिस लैत अछि।
2641. मंत्रेश्वर झाक “चरित्र चित्रणक वाजीगर” शीर्षक ककर सन्दर्भमे आएल अछि?
  • जगदीश प्रसाद मंडल
  • गंगेश गुंजन
  • उदय प्रकाश
  • राजदेव मंडल
सामग्री-सूचीमे मंत्रेश्वर झाक लेख “चरित्र चित्रणक वाजीगर - जगदीश प्रसाद मंडल” रूपमे देल अछि।
2642. अंक ७४मे “घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री” केहन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • आगाँ चलैत दीर्घकथा
  • बाल-गीत
  • सम्पादकीय संदेश
  • चित्रकला-कैप्शन
विनीत उत्पलक नामक संग “दीर्घकथा - घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री – आगाँ” लिखल अछि।
2643. अंक ७४मे दुर्गानन्द मंडलसँ भेँटवार्ता केँ कोना परिचित कराओल गेल अछि?
  • शब्दक जादूगर, समीक्षा-दृष्टि आ फरिछाएल कथाकार रूपमे
  • केवल चित्रकार रूपमे
  • केवल बाल-कवि रूपमे
  • केवल वेब-व्यवस्थापक रूपमे
भेँटवार्ताक शीर्षक हुनका शब्दक जादूगर, समीक्षा-दृष्टिदर्शी आ फरिछाएल कथाकार कहैत अछि।
2644. अंक ७४क सामग्री-संरचना समीक्षा-प्रधान किएक कहल जा सकैत अछि?
  • कारण अनेक पोथी, कथा, उपन्यास, कविता-संग्रह आ चित्रकथा पर आलोचनात्मक लेख अछि
  • कारण केवल पाठक-सूची अछि
  • कारण केवल चित्रकथा छापल अछि
  • कारण केवल समाचार शीर्षक अछि
अंकमे कविता-संचयन, जीवन संघर्ष, रमनगर, जिनगीक जीत, चित्रकथा, गजल आ उपन्यास-समीक्षा आदि अनेक आलोचनात्मक सामग्री अछि।
2645. अंक ७४क बहुविधता कोन सम्पादकीय दृष्टि देखबैत अछि?
  • मैथिली साहित्यक आलोचना, कथा, कविता, अनुवाद, बाल-साहित्य आ भाषा-मानकीकरण केँ एक संग देखबाक दृष्टि
  • केवल मनोरंजनक संकुचित दृष्टि
  • केवल एक कविक प्रचार
  • केवल तकनीकी सहायता
सामग्री-सूची एके अंकमे समीक्षा, कथा, पद्य, कला-संगीत, मोहनदास अनुवाद, बालानां कृते आ भाषापाक जोड़ैत अछि।

2646. अंक ७४क संपादकीय “मैथिली लेल समीक्षाशास्त्रक सिद्धांत”क मूल प्रश्न की अछि?
  • कला-साहित्यक मूल्यांकन लेल सैद्धांतिक आधार चाही कि नहि
  • कथा केना छापल जाए
  • छन्द केना गिनल जाए
  • पुरान अंक केना डाउनलोड हो
संपादकीय आरम्भे कला आ साहित्य लेल सैद्धांतिक प्रयोजनक प्रश्न उठबैत अछि।
2647. संपादकीयमे साहित्यक किन विधासभक उल्लेख एक संग भेल अछि?
  • पद्य, प्रबन्ध, निबन्ध, समालोचना, कथा, उपन्यास, यात्रा-संस्मरण, नाटक आदि
  • केवल गजल
  • केवल फीड-सूचना
  • केवल लोकगीत
पाठमे अनेक विधाक सूची देल अछि, जाहिसँ समीक्षा-चर्चा व्यापक साहित्यिक क्षेत्र लेल बनैत अछि।
2648. संपादकीय निरुद्देश्य साहित्यक सम्भावना केँ कोना देखैत अछि?
  • जीवनक उत्थल-धक्कामे निरुद्देश्य साहित्य सेहो मनोरंजन दऽ सकैत अछि
  • ओकर अस्तित्व असंभव कहल गेल
  • ओकरा केवल विज्ञापन कहल गेल
  • ओकरा केवल बाल-साहित्य मानल गेल
लेखमे कहल अछि जे उद्देश्यपूर्णता संग निरुद्देश्यता सेहो रहि सकैछ आ से मनोरंजन देबैत अछि।
2649. प्राचीन कालक स्मृति-पद्धति सन्दर्भमे संपादकीय कोन उदाहरण दैत अछि?
  • पदपाठ, क्रमपाठ, जटापाठ, शिखापाठ, घनपाठ
  • गजल, गीत, लोककथा, नाटक
  • गजल, गीत, हाइकू, टनका
  • कथा, नाटक, उपन्यास, उपसंहार
पाठमे वैदिक स्मृति-संरक्षणक वैज्ञानिक पद्धति रूपमे ई पाठ-पद्धतिसभक उल्लेख अछि।
2650. यजुर्वेद आ सामवेदक उल्लेख संपादकीयमे कोन प्रयोजनसँ अछि?
  • कला, स्थापत्य, संगीत आ ज्ञान-संरक्षणक प्राचीन आधार देखएबाक लेल
  • केवल धार्मिक सूची देबाक लेल
  • केवल शब्दकोश बनएबाक लेल
  • केवल नाटकक संवाद देबाक लेल
लेख यजुर्वेदमे कलात्मक विधि आ सामवेदमे संगीत पद्धति द्वारा कला-संगीत-साहित्यक प्राचीन बन्धन देखबैत अछि।
2651. समीक्षा वा गुण-विश्लेषणक उद्भव संपादकीय कोन क्रमसँ जोड़ैत अछि?
  • कला, साहित्य आ संगीतकेँ पुनरुत्पाद्य/अनुकृत करबाक प्रयत्नसँ
  • केवल पुरस्कार-प्रक्रियासँ
  • केवल वेब-प्रकाशनसँ
  • केवल पत्राचारसँ
लेख कहैत अछि जे विधा दोसरो गोटे द्वारा ओही तरहेँ अनुकृत भऽ सकए, एहि क्रममे गुण-विश्लेषण शुरू भेल।
2652. प्लेटोक मत संपादकीयमे कोना प्रस्तुत अछि?
  • कला असत्य आ अवास्तविक भेला कारण नीक नहि भऽ सकैत
  • कला मात्र विज्ञान अछि
  • कला केवल लोकगीत अछि
  • कला अनिवार्यतः इतिहास अछि
संपादकीय प्लेटोक मत दैत अछि जे कला असत्य/अवास्तविक अछि; बादमे लेखक अन्य दृष्टि सेहो रखैत छथि।
2653. संपादकीय कला-साहित्यक “स्वान्तः सुखाय” पक्ष केँ कोना समझैत अछि?
  • पढ़बा, सुनबा, देखबा आ अनुभवसँ प्रसन्नता, शान्ति या उद्वेलन होइत अछि
  • ई केवल व्याकरण-अभ्यास अछि
  • ई केवल सरकारी सूचना अछि
  • ई केवल आर्थिक गणना अछि
लेखमे कला, संगीत, साहित्यक अनुभव पाठक/दर्शककेँ प्रसन्नता, मानसिक शान्ति अथवा उद्वेलन देबाक बात अछि।
2654. एरिस्टोटलक दृष्टि संपादकीयमे प्लेटोसँ किएक भिन्न अछि?
  • ओ कलाकारकेँ ज्ञानयुक्त आ विश्व बुझबामे सहायक मानैत छथि
  • ओ कला केँ सर्वथा व्यर्थ मानैत छथि
  • ओ साहित्य केँ केवल बाजार मानैत छथि
  • ओ समीक्षा निषिद्ध करैत छथि
संपादकीयमे एरिस्टोटल कलाकारकेँ ज्ञानसँ युक्त मानि विश्व-समझक साधक कहैत छथि।
2655. अंक ७४क संपादकीय कला-साहित्य-संगीत सम्बन्ध केँ कोना स्थापित करैत अछि?
  • तीनू विधाकेँ सामाजिक प्रयोजन, नैतिक मानदण्ड आ सौन्दर्य-बोधक संयुक्त क्षेत्र मानि
  • तीनूकेँ अलग-अलग असम्बद्ध क्षेत्र मानि
  • संगीतकेँ साहित्य विरोधी मानि
  • कलाकेँ केवल चित्रकला धरि सीमित मानि
संपादकीय कला, साहित्य आ संगीतक प्रयोजन, मानदण्ड, अनुभव आ समीक्षा-प्रणाली सभकेँ परस्पर सम्बद्ध मानैत अछि।

2656. संपादकीयमे मार्क्सवादक साहित्यिक आग्रह की कहल गेल अछि?
  • उपन्यासक सामाजिक यथार्थक ओकालति
  • कविताक पूर्ण निषेध
  • संगीतक अस्वीकार
  • भाषापाक हटाबय
पाठमे स्पष्ट अछि जे मार्क्सवाद उपन्यासक सामाजिक यथार्थक पक्ष लेैत अछि।
2657. फ्रायडक साहित्यिक दृष्टि संपादकीयमे कोना आयल अछि?
  • मनुष्यकेँ रहस्यमयी मानि साहित्यिक कृतिकेँ साहित्यकारक विश्लेषण लेल चुनब
  • साहित्यकारक अस्तित्व नकारब
  • केवल लिपि-विज्ञान करब
  • केवल पुरस्कार-गणना करब
संपादकीय फ्रायडकेँ मनुष्यक रहस्यमयता आ साहित्यिक कृति द्वारा साहित्यकार-विश्लेषणसँ जोड़ैत अछि।
2658. नव-फ्रायडवादक जोर संपादकीय अनुसार कोन तत्वपर अछि?
  • जैविकक बदला सांस्कृतिक तत्वपर
  • केवल छन्द पर
  • केवल छपाई पर
  • केवल पत्र-पता पर
पाठमे नव-फ्रायडवाद जैविक तत्वक बदला सांस्कृतिक तत्वक प्रधानता पर जोर दैत अछि।
2659. नव-समीक्षावादक आधार संपादकीयमे की कहल गेल अछि?
  • कृतिक विस्तृत विवरण
  • केवल लेखकक जीवनी
  • केवल बाजार-भाव
  • केवल छवि-विन्यास
लेखमे नव-समीक्षावाद कृतिक विस्तृत विवरणपर आधारित कहल गेल अछि।
2660. उत्तर आधुनिक, अस्तित्ववादी आ मानवतावादी धारा सभकेँ संपादकीय कोन मूल क्षेत्रसँ जोड़ैत अछि?
  • दर्शनशास्त्रक विचारधारा
  • केवल लेखा-जोखा
  • केवल चित्रकला-कैप्शन
  • केवल ब्रेल फाइल
संपादकीय ई धारासभकेँ दर्शनशास्त्रक विचारधारा कहि व्यापक आलोचनात्मक विमर्शमे राखैत अछि।
2661. दर्शनक शाखासभ अलग होइत गेलाक बाद संपादकीय कोन परिवर्तन चिन्हैत अछि?
  • दर्शन विश्लेषणात्मक प्रणाली आ गणितीय तर्क दिस सीमित/विशिष्ट भेल
  • दर्शन पूर्णतः समाप्त भेल
  • साहित्य दर्शनक स्थान लऽ लेल
  • नाटक दर्शनक विरोधी भेल
लेख विज्ञान-कलाक शाखा विशिष्ट भेलाक बाद दर्शनक विश्लेषणात्मक प्रणाली दिस बढ़बाक बात कहैत अछि।
2662. मार्क्सक द्वन्दात्मक प्रणालीक उल्लेख किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • कारण पक्ष-विपक्षक संघर्षक माध्यमसँ व्याख्याक आधार बनैत अछि
  • कारण ई बाल-कविता मात्र अछि
  • कारण ई चित्रकथा-फॉर्मेट अछि
  • कारण ई केवल गीत-सूची अछि
संपादकीय मार्क्सक द्वन्दात्मक प्रणालीकेँ व्याख्याक आधार बतबैत अछि।
2663. भारतीय खण्डन-मण्डन परंपरा संपादकीयमे कोन सन्दर्भसँ जुड़ैत अछि?
  • द्वन्द आ चर्चा प्रणाली पहिनहिसँ दर्शनमे विद्यमान रहबाक प्रमाण रूपमे
  • केवल लोकगीत परंपरा रूपमे
  • केवल नाट्य गीत रूपमे
  • केवल कैलेंडर-विधि रूपमे
सर्वदर्शन-संग्रहक संकेतसँ संपादकीय भारतीय दर्शनमे पक्ष-विपक्ष आ खण्डन-मण्डनक पुरान परंपरा देखबैत अछि।
2664. फ्रांसिस फुकियामाक “इतिहासक अन्त” प्रसंग संपादकीयमे की देखबैत अछि?
  • विचारधाराक अन्त घोषणा पर बादमे पुनर्विचारक आवश्यकता
  • इतिहासक विषय निषिद्ध अछि
  • कथा इतिहाससँ असम्बद्ध अछि
  • साहित्यक इतिहास असंभव अछि
लेखमे फुकियामाक इतिहास-अन्त घोषणा आ तकर बादक पलटि जाएब आधुनिक विचारधाराक अस्थिरता देखबैत अछि।
2665. संपादकीयक अनुसार अनेक आधुनिक विचारधारा कोना जीवित रहि गेल?
  • संश्लेषणात्मक समीक्षा प्रणालीमे सम्मिलित भऽ
  • केवल विज्ञापनमे बदलि
  • नाटकक माध्यमसँ हटि
  • पुरस्कार-सूचीमे सीमित भऽ
अस्तित्ववाद, मानवतावाद, प्रगतिवाद, रोमेन्टिसिज्म आ समाजशास्त्रीय विश्लेषण संश्लेषणात्मक समीक्षा प्रणालीमे सम्मिलित भऽ अस्तित्व राखैत अछि।

2666. संपादकीयक अनुसार कथाक आधारमे मनोविज्ञानक स्थान की अछि?
  • कथाक आधार मनोविज्ञान सेहो होइत अछि
  • मनोविज्ञान कथासँ असम्बद्ध अछि
  • मनोविज्ञान केवल गणित अछि
  • मनोविज्ञान केवल चित्रकथा अछि
लेख स्पष्ट कहैत अछि जे कोनो कथाक आधार मनोविज्ञान सेहो होइत अछि।
2667. कथा-यात्रा समाजक परिवर्तनसँ कोना जुड़ल अछि?
  • समाजमे भेल आ होइत परिवर्तनक अनुरूप कथा बदलबाक चाही
  • कथा समाजसँ पूर्ण अलग रहबाक चाही
  • कथा केवल स्थिर सूत्र अछि
  • कथा केवल शब्दकोशक उदाहरण अछि
संपादकीय कथाकेँ समाजक आवश्यकताक संग आ परिवर्तनक अनुरूप बदलैत देखैत अछि।
2668. समाजक संस्कृति कथाकेँ कोना प्रभावित करैत अछि?
  • कथा समाजक संस्कृतिसँ स्वयमेव नियंत्रित होइत अछि
  • संस्कृति कथाकेँ नष्ट करैत अछि
  • कथा संस्कृति रहित होइत अछि
  • संस्कृति केवल नृत्य होइत अछि
लेखमे कहल अछि जे कथा ओहि समाजक संस्कृतिसँ नियंत्रित होइत अछि आ ऐतिहासिक अस्तित्व सामने आनैत अछि।
2669. वैदिक आख्यानक सामाजिक प्रयोजन संपादकीयमे की कहल गेल अछि?
  • राष्ट्रक संग प्रेम आ समाजक संग मिलि रहबाक शिक्षा
  • केवल युद्धक वर्णन
  • केवल छन्द-अभ्यास
  • केवल बाजार-समाचार
संपादकीय वैदिक आख्यानकेँ राष्ट्रप्रेम आ सामाजिक सहजीवनक शिक्षा देबैत देखैत अछि।
2670. जातक कथा संपादकीयमे कोन प्रसंगसँ जुड़ैत अछि?
  • लोक-भाषा आ बौद्ध धर्मक प्रसारक इच्छा
  • केवल उपन्यास बाजार
  • केवल गीत-संग्रह
  • केवल कैप्शन
लेख जातक कथाकेँ लोकभाषाक प्रसार आ बौद्ध धर्मक प्रसार-संकल्पसँ जोड़ैत अछि।
2671. रूमीक “मसनवी”क उल्लेख संपादकीयमे किएक अछि?
  • ज्ञानक महत्व आ राज्यक उन्नतिक शिक्षा देबयबला फारसी साहित्यक उदाहरण रूपमे
  • बाल कविता रूपमे
  • भाषापाक नियम रूपमे
  • पत्रिका-फॉर्म रूपमे
मसनवीकेँ मुस्लिम जगतक कथा-संदर्भमे ज्ञान आ राज्यक उन्नतिक शिक्षा देबयबला ग्रंथ कहल गेल अछि।
2672. आजुक कथा मादेँ संपादकीयक आशा की अछि?
  • प्रबुद्ध आ मानवीय समाजक निर्माण दिस आगाँ बढ़ब
  • समाजसँ अलग मनोरंजन मात्र
  • इतिहासक पूर्ण अस्वीकार
  • भाषाक समाप्ति
लेख आजुक कथाकेँ विविध परंपरा समेटि मानवीय समाज-निर्माण दिस बढ़ैत देखैत अछि।
2673. संपादकीयमे इतिहासक अन्तक बहस साहित्यसँ कोना जुड़ैत अछि?
  • विचारधाराक संघर्ष, कथा आ समाज-चिन्तनक सम्बन्ध स्पष्ट करैत
  • केवल तिथि-सूची देत
  • केवल छवि-सम्पादन बतबैत
  • केवल बालगीत चिन्हबैत
फुकियामा आ विचारधाराक संघर्षक प्रसंग साहित्यक सामाजिक-ऐतिहासिक पढ़ाइकेँ खोलैत अछि।
2674. कथा आ इतिहासक सम्बन्धक शोध-स्तर व्याख्या की होएत?
  • कथा समाजक मनोविज्ञान, संस्कृति आ ऐतिहासिक चेतना सँ गढ़ाइत अछि
  • कथा लेखकक नाम-सूची मात्र अछि
  • कथा केवल ध्वनि-अभ्यास अछि
  • कथा केवल वेबसाइट नवीकरण अछि
संपादकीय कथा-आधारमे मनोविज्ञान, समाज-परिवर्तन, संस्कृति आ ऐतिहासिक अस्तित्व सभकेँ संग राखैत अछि।
2675. अंक ७४क संपादकीय कथा-विमर्शक दायरा किन स्रोतसभ धरि बढ़बैत अछि?
  • वैदिक आख्यान, जातक कथा, रूमीक मसनवी आ आधुनिक कथा
  • केवल एक स्थानीय गीत
  • केवल समाचार विज्ञप्ति
  • केवल शब्द-विभक्ति
लेख कथा-विमर्शकेँ वैदिक, बौद्ध, फारसी-मुस्लिम आ आधुनिक परंपरासभक तुलनात्मक पृष्ठभूमि देत अछि।

2676. संपादकीय आधुनिक सूचना-समाजमे आर्थिक-सांस्कृतिक प्रवृत्तिक कोन समस्या चिन्हैत अछि?
  • धन आ सूचना-संसाधन एकत्र करबाक प्रवृत्ति
  • साहित्यक पूर्ण समानता
  • श्रमिक अधिकारक पूर्ण विजय
  • बाजारक अन्त
लेख आधुनिक समाजमे आर्थिक, सामाजिक आ सांस्कृतिक धनक एकत्रीकरण बढ़बाक बात कहैत अछि।
2677. प्रौद्योगिकी सम्बन्धी संपादकीयक चिन्ता की अछि?
  • प्रौद्योगिकी आधारभूत बेरोजगारी अनैत अछि
  • प्रौद्योगिकी सदैव निष्पक्ष मुक्ति देत अछि
  • प्रौद्योगिकी साहित्यसँ असम्बद्ध अछि
  • प्रौद्योगिकी केवल खेल अछि
संपादकीय सूचना-समाजमे प्रौद्योगिकी द्वारा आधारभूत बेरोजगारी आनबाक खतरा चिन्हैत अछि।
2678. प्रकाशन-बाजार पर संपादकीय कोन आलोचना करैत अछि?
  • प्रकाशक लोकनि किछु बेशी बिकएबला लेखकक प्रचार करैत छथि
  • प्रकाशक सभ नव प्रतिभा बराबर छापैत छथि
  • प्रकाशनक कोनो बाजार नहि
  • प्रकाशक केवल बालसाहित्य छापैत छथि
लेखमे कहल अछि जे आब मात्र किछु बेशी बिकएबला पोथीक लेखकक प्रचार अधिक होइत अछि।
2679. संपादकीय अनुसार सूचना सर्वदा लाभकारी किएक नहि?
  • कारण एहिमे सट्टा बाजार, प्रायोजित सर्वेक्षण आ बाजार-झुकाव सेहो सम्मिलित भऽ सकैत अछि
  • कारण सूचना केवल कविता अछि
  • कारण सूचना केवल चित्रकथा अछि
  • कारण सूचना केवल बालगीत अछि
लेख सूचना समाजक लाभक संग ओकर बाजार, सर्वेक्षण आ दुरुपयोगक पक्ष सेहो देखबैत अछि।
2680. मानव-गरिमा सम्बन्धी संपादकीयक केन्द्रीय आग्रह की अछि?
  • जन्म-आधारित सामाजिक स्थानसँ हटि मानवक गरिमाक अधिकारपर बल
  • केवल कुल-वंशक आधारपर मान
  • केवल लेखक-प्रसिद्धि
  • केवल बाजार मूल्य
पाठ मानवक जन्माधारित स्थानक बदला मानव-गरिमाक अधिकारपर बल दैत अछि।
2681. दू विश्वयुद्ध आ फासिज्मक बाद कोन वैश्विक दस्तावेजक उल्लेख अछि?
  • मानवाधिकारक सार्वभौम घोषणा
  • केवल नाटक-पत्र
  • केवल कविता-संग्रह
  • केवल लोकगीत-संहिता
संपादकीय १० दिसम्बर १९४८ कें संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकारक सार्वभौम घोषणा अंगीकार होएबाक उल्लेख करैत अछि।
2682. सूचना-समाजमे कोन अधिकारसभ खतरा महसूस करैत अछि?
  • अभिव्यक्ति, एकान्त, सूचना साझी करब आ सूचना धरि पहुँच
  • केवल छन्द-गणना
  • केवल नाटकक मंच
  • केवल चित्रकला रंग
लेखमे सूचना-समाजक बाजारवादी झुकावक कारण अभिव्यक्ति, एकान्त, साझा सूचना आ पहुँचक अधिकार पर खतरा कहल गेल।
2683. अन्तर्जाल केँ संपादकीय कोना देखैत अछि?
  • लोकक मीडिया आ लोक-सम्वादक प्रणाली रूपमे
  • केवल सरकारी सूचना-पट्ट रूपमे
  • केवल छवि-भंडार रूपमे
  • केवल कविता-मंच रूपमे
संपादकीय अन्तर्जालकेँ लोकक बीच सम्वाद स्थापित करयबला लोक-मीडिया मानैत अछि।
2684. संचार-माध्यमक मठाधीशक प्रसंगमे इंटरनेटक भूमिका की अछि?
  • ओहि गढ़केँ तोड़ि लोककेँ सामग्री बनएब आ पहुँचएब देत अछि
  • ओहि गढ़केँ और मजबूत करैत अछि
  • साहित्य पूर्ण रोकैत अछि
  • केवल मुद्रण करैत अछि
लेख कहैत अछि जे अन्तर्जाल लोककेँ विषय-सामग्री बना स्वयं संचार करबाक शक्ति दैत अछि आ मठाधीशक गढ़ टूटैत अछि।
2685. संपादकीय मशीन-द्वारा सामग्री-प्रतिबन्ध पर किएक सावधान करैत अछि?
  • ई अभिव्यक्तिक स्वतंत्रतापर पैघ आघात भऽ सकैत अछि
  • ई कविता बढ़बैत अछि
  • ई छवि-संपादन मात्र अछि
  • ई उपन्यासक कथानक बनबैत अछि
लेख कहैत अछि जे सॉफ्टवेयरक माध्यमसँ मशीनकेँ प्रतिबन्धक अधिकार देब अभिव्यक्ति-स्वतंत्रतापर आघात होएत।

2686. अंक ७४क संपादकीय पोथी-समीक्षामे ककरा सँ बचबाक सलाह दैत अछि?
  • अत्यधिक आलोचना आ विद्वत्ता-प्रदर्शनसँ
  • सटीक पाठसँ
  • तुलनात्मक दृष्टिसँ
  • विषयक जानकारीसँ
लेख पोथी-समीक्षामे अत्यधिक आलोचना आ समीक्षकक विद्वत्ता-प्रदर्शनसँ बचबाक आग्रह करैत अछि।
2687. खराब शब्दावलीक प्रयोग समीक्षा-सन्दर्भमे की देखबैत अछि?
  • समीक्षकक खराब लालन-पालन
  • समीक्षकक गम्भीर अध्ययन
  • कृतिक श्रेष्ठता
  • अनुवादक गुणवत्ता
संपादकीय खराब शब्दावलीकेँ समीक्षकक संस्कारहीनता/खराब लालन-पालनक संकेत मानैत अछि।
2688. पोथी बिना पढ़ने समीक्षा करब पर संपादकीयक मत की अछि?
  • ई अनैतिक अछि
  • ई सर्वोत्तम पद्धति अछि
  • ई बाल-साहित्य अछि
  • ई अनुवादक नियम अछि
लेख स्पष्ट कहैत अछि जे पोथी बिना पढ़ने समीक्षा अनैतिक अछि।
2689. “नमाजे शुकराना” प्रसंग संपादकीयमे ककर उदाहरण अछि?
  • शीर्षक देखि गलत अर्थ लगा देबाक समीक्षा-दोष
  • गजल-विधानक उदाहरण
  • भाषापाक नियम
  • बाल-कविता
कथाक वास्तविक प्रसंग आ समीक्षकक साम्प्रदायिक सौहार्दक व्याख्या बीच विरोध देखाएल गेल अछि।
2690. संपादकीय अति-प्रशंसासँ किएक बचबाक कहैत अछि?
  • कारण समीक्षा संतुलित होएबाक चाही
  • कारण प्रशंसा निषिद्ध अछि
  • कारण लेखकक नाम नहि लिखबय चाही
  • कारण कथा पढ़ब जरूरी नहि
लेख अत्यधिक आलोचना जेकाँ अति-प्रशंसा सँ सेहो बचबाक आग्रह करैत अछि।
2691. समीक्षामे आन पोथीसँ तुलना कखन उपयोगी मानल गेल अछि?
  • जखन ओहिसभ पोथीसँ समीक्षित पोथीक सोझ सम्बन्ध हो
  • हर स्थिति मे लेखकक सभ पोथी जोड़ू
  • कखनो तुलना नहि करू
  • केवल प्रसिद्ध लेखकक नाम जोड़ू
संपादकीय कहैत अछि जे लेखकक आन रचना तभी लिअ जखन ओ समीक्षित पोथीसँ सोझ सम्बन्ध रखैत हो।
2692. समीक्षा सम्बन्धित पोथीक हेबाक चाही — एहि कथनक अर्थ की?
  • समीक्षा लेखकक निजी जीवन वा असम्बद्ध रचना पर भटकल नहि रहए
  • समीक्षा केवल जीवनी हो
  • समीक्षा केवल चित्रकथा हो
  • समीक्षा केवल शीर्षक हो
लेख पोथीक समीक्षा केँ पोथी-केंद्रित रखबाक, लेखकक असम्बद्ध सामग्रीसँ नहि भरबाक सलाह दैत अछि।
2693. जिला-जवार आ व्यक्तिगत आग्रहक आलोचना किएक भेल अछि?
  • एहि आधारपर नीक-अधलाह समीक्षा बनबाक प्रवृत्ति अनुचित अछि
  • एहि सँ समीक्षा वस्तुपरक होइत अछि
  • एहि सँ साहित्य स्वतः श्रेष्ठ होइत अछि
  • एहि सँ कथा समाप्त होइत अछि
लेख मैथिली समीक्षा मे जिला-जवार/दोस-महीम-पड़ोसक आग्रहक खराब प्रभाव चिन्हैत अछि।
2694. आत्मकथात्मक पोथीक समीक्षा मे लेखकक जीवन पर कखन प्रकाश देल जा सकैत अछि?
  • जखन पोथीक प्रकृति आत्मकथात्मक हो
  • सर्वदा, चाहे पोथीसँ सम्बन्ध नहि हो
  • कखनो नहि
  • केवल चित्रकथा मे
संपादकीय आत्मकथात्मक पोथीक समीक्षा मे लेखकक जीवन पर प्रकाश देबाक गुंजाइश मानैत अछि।
2695. समीक्षकक अन्तिम दायित्व संपादकीयक अनुसार की अछि?
  • कृति कोना उत्कृष्ट अछि, की छुटल अछि, आ ओकर संदेश कोन दिशासँ जुड़ल अछि से देखब
  • केवल दोष खोजब
  • केवल प्रशंसा करब
  • केवल आवरण बतब
लेख समीक्षककेँ उत्कृष्टता, कमी, संदेश आ लेखकक दिशा बुझि लिखबाक जिम्मेदारी दैत अछि।

2696. अंक ७४मे दुर्गानन्द मंडलसँ भेँटवार्ता कोन श्रृंखला-सूचक शीर्षकसँ जुड़ल अछि?
  • हम पुछैत छी
  • भाषापाक
  • बालानां कृते
  • मिथिला कला-संगीत
दुर्गानन्द मंडलजी सँ भेँटवार्ता “हम पुछैत छी” शीर्षक अन्तर्गत राखल गेल अछि।
2697. वीणा ठाकुरक “गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा” कोन व्यापक सामग्री-वर्गमे अछि?
  • गद्य/समीक्षा-सम्बद्ध सामग्री
  • केवल पद्य
  • केवल भाषापाक
  • केवल बाल कविता
सूचीमे ई गद्य खंडक अन्तर्गत समीक्षा-संबंधी सामग्रीक संग राखल अछि।
2698. योगानन्द झाक “आस्था, जिजीविषा ओ संघर्षक प्रवाह” किन रचनासभक समीक्षा-सन्दर्भमे अछि?
  • “गामक जिनगी” आ “मौलाइल गाछक फूल”
  • राधा आ दलमा
  • भाषापाक आ शब्द-विभक्ति
  • नो एंट्री आ हमर टोल
सामग्री-सूचीमे शीर्षकक बाद “गामक जिनगी” आ “मौलाइल गाछक फूल” स्पष्ट देल अछि।
2699. आशीष अनचिन्हारक “गजलक साक्ष्य” कोन विधा-संबंधी आलोचना दिस संकेत करैत अछि?
  • गजल-विधा
  • नाटक-विधा
  • शब्दकोश-विधा
  • चित्रकला-विधा
शीर्षकमे गजल शब्द विधागत केन्द्र स्पष्ट करैत अछि।
2700. प्रो. वीणा ठाकुरक “जिनगीक जीत” सम्बन्धी लेख कोन विधाक समीक्षा अछि?
  • उपन्यासक समीक्षा
  • बालगीतक समीक्षा
  • फीड-सूचना
  • भाषा-कोष
सूचीमे “जिनगीक जीत उपन्यासक समीक्षा - प्रो. वीणा ठाकुर” लिखल अछि।
2701. प्रीति ठाकुरक चित्रकथा सम्बन्धी लेख कोन लेखकसँ जुड़ल अछि?
  • धीरेन्द्र कुमार
  • शिव कुमार झा
  • राजदेव मंडल
  • ज्योति सुनीत चौधरी
सामग्री-सूचीमे धीरेन्द्र कुमारक नामक संग “श्रीमती प्रीति ठाकुरक दुनू चित्रकथापर” देल अछि।
2702. जगदीश प्रसाद मंडलक “कतौ नै” अंक ७४मे कोन रूपमे राखल अछि?
  • कथा
  • साक्षात्कार
  • गजल
  • भाषापाक नियम
सामग्री-सूचीमे “जगदीश प्रसाद मंडल - कथा - कतौ नै” देल गेल अछि।
2703. रामकृष्ण मंडल “छोटू”क “बाप” केहन रचना रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • कथा
  • उपन्यास समीक्षा
  • भाषा लेख
  • चित्रकथा समीक्षा
सूचीमे रामकृष्ण मंडल “छोटू”क नामक संग “कथा - बाप” देल अछि।
2704. शैल झा “सागर”क “किस्त-किस्त जीवन” शीर्षक कोन भावभूमि संकेत करैत अछि?
  • जीवनकेँ खण्ड-खण्ड अनुभव रूपमे देखबाक कथा/गद्य भावभूमि
  • केवल शब्द-विभक्ति
  • केवल तकनीकी अनुवाद
  • केवल चित्रकला कैप्शन
शीर्षक जीवनक टुकड़ाबद्ध अनुभवक भावदिशा देत अछि, आ ई गद्य-सूचीमे कथा-समीक्षा सामग्रीक निकट राखल अछि।
2705. अंक ७४क गद्य-खंडमे कथा, समीक्षा आ साक्षात्कारक संगति की देखबैत अछि?
  • रचना आ रचना-परक आलोचना दुनू केँ समान महत्व
  • केवल रचनाकारक फोटो
  • केवल भाषापाक नियम
  • केवल वेब-आर्काइव
गद्य-खंडमे मूल कथा, दीर्घकथा, भेँटवार्ता, समीक्षा आ उपन्यास-विमर्श साथ-साथ अछि।

2706. जीवकान्तक लेख अंक ७४मे ककर उपन्यासपर केन्द्रित अछि?
  • जगदीश प्रसाद मंडलक “जिनगीक जीत”
  • उदय प्रकाशक “मोहनदास”
  • राजदेव मंडलक “हमर टोल”
  • गंगेश गुंजनक “राधा”
सूचीमे जीवकान्तक नामक बाद “जगदीश प्रसाद मंडलक ‘जिनगीक जीत’ उपन्यासपर” देल अछि।
2707. डॉ. रमण झाक नामक संग अंक ७४मे कोन विषय सूचीबद्ध अछि?
  • मैथिली चित्रकथा
  • हाइकू
  • गूगल अनुवाद
  • बाल कविता
सामग्री-सूचीमे “डा. रमण झा - मैथिली चित्रकथा” देल गेल अछि।
2708. सुजित कुमार झाक सामग्री “जनकपुरमे पागे पाग” कोन सांस्कृतिक संकेत देत अछि?
  • जनकपुर आ पागक सांस्कृतिक पहचान
  • केवल कम्प्यूटर-कोड
  • केवल व्याकरण-प्रश्न
  • केवल कथा-विरोध
शीर्षक जनकपुर आ पागक सांस्कृतिक प्रतीकत्व दिस संकेत करैत अछि।
2709. बिपिन झाक “यान्त्रिक अनुवाद आ Polysemy” कोन समस्या-सूत्रसँ जुड़ैत अछि?
  • एकाधिक अर्थ आ मशीन अनुवादक कठिनाई
  • केवल लोकगीतक ताल
  • केवल चरित्र-चित्रण
  • केवल नाटक मंचन
शीर्षकमे यान्त्रिक अनुवाद आ Polysemy एक संग अछि, जे बहुअर्थकता आ मशीन-अनुवादक समस्या देखबैत अछि।
2710. ज्योति सुनीत चौधरीक “हिमदूत” अंक ७४मे कोन विधा रूपमे सूचीकृत अछि?
  • विहनि कथा
  • गजल
  • चित्रकथा समीक्षा
  • भाषापाक नियम
सामग्री-सूचीमे “ज्योति सुनीत चौधरी - विहनि कथा - हिमदूत” देल अछि।
2711. मुन्नाजीक “अझुको क्षणकेँ अंगीकार करैछ ‘क्षणिका’” कोन रचना-विमर्श दिस संकेत करैत अछि?
  • क्षणिका विधा आ वर्तमान क्षणक स्वीकार
  • उपन्यासक विस्तृत कथानक
  • नाटकक मंच-निर्देश
  • भाषापाक नियम मात्र
शीर्षकमे “क्षणिका” आ “अझुको क्षण”क जोडं छोट काव्यात्मक विधा आ वर्तमान-बोध दिस संकेत करैत अछि।
2712. उमेश मंडलक “मैथिली उपन्यास साहित्यमे संवेदनाक स्वर” कोन आलोचनात्मक केन्द्र खोलैत अछि?
  • उपन्यास-साहित्यक संवेदना
  • केवल शब्द-विभक्ति
  • केवल बालगीत
  • केवल चित्र कैप्शन
शीर्षक स्वयं मैथिली उपन्यास-साहित्यक संवेदनात्मक स्वरक अध्ययन सूचित करैत अछि।
2713. राजदेव मंडलक “हमर टोल” अंक ७४मे कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • उपन्यास
  • गजल
  • भाषापाक
  • चित्रकथा
सामग्री-सूचीमे “राजदेव मंडल - उपन्यास - हमर टोल” लिखल अछि।
2714. धीरेन्द्र कुमारक “नो एंट्री : मा प्रविश” कोन तरहक शीर्षकीय खेल देखबैत अछि?
  • समकालीन वर्जना आ प्रवेश-अनुमति पर व्यंग्यात्मक संकेत
  • केवल व्याकरणिक विभक्ति
  • केवल बाल-कविता
  • केवल लिपि-समस्या
शीर्षकमे “नो एंट्री” आ “मा प्रविश”क संयोजन प्रवेश-निषेधक अर्थ-खेल रचैत अछि।
2715. डॉ. रमानन्द झा “रमण”क “शब्द विभक्ति सम्वाद” कोन क्षेत्रसँ जुड़ल अछि?
  • भाषा-विमर्श आ व्याकरणिक संवेदना
  • कला-संगीत
  • कथा-संग्रह
  • पुरस्कार-सूची
शीर्षकमे शब्द, विभक्ति आ संवादक प्रयोग भाषा-व्याकरण आ भाषिक विमर्शक संकेत दैत अछि।

2716. अंक ७४क पद्य-खंडमे गंगेश गुंजनक “राधा” कोन क्रम-सूचक भावमे आएल अछि?
  • राधा श्रृंखलाक अगिला खेप रूपमे
  • एकल नाटक रूपमे
  • भाषापाक नियम रूपमे
  • बाल कथा रूपमे
सूचीमे “राधा - २९म खेप” लिखल अछि, जे श्रृंखला-निरंतरता देखबैत अछि।
2717. ज्योति सुनीत चौधरीक “दलमा” अंक ७४मे कोन खंडमे अछि?
  • पद्य-खंडमे
  • भाषापाकमे
  • मिथिला कला-संगीतमे
  • दीर्घकथामे
“दलमा” पद्य-सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरीक नामक संग देल अछि।
2718. उमेश मंडलक “नोर” कोन विधा रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • कविता
  • कथा
  • उपन्यास
  • भाषापाक लेख
सामग्री-सूचीमे “उमेश मंडल - कविता - नोर” लिखल अछि।
2719. राजेश मोहन झाक “मिझाइत दीप” कोन प्रतीक-क्षेत्र खोलैत अछि?
  • दीपक माध्यमसँ क्षय, स्मृति वा आशाक प्रतीक-क्षेत्र
  • केवल व्याकरण-संवाद
  • केवल खेल-रिपोर्ट
  • केवल वेब-निर्देश
शीर्षक “मिझाइत दीप” दीप-प्रतीकक क्षीणता/प्रकाशक काव्यात्मक संकेत दैत अछि।
2720. राम विलास साहुक “महगाइ” कोन सामाजिक विषयक कविता दिस संकेत करैत अछि?
  • आर्थिक दबाव आ जनजीवन
  • केवल लिपि-विज्ञान
  • केवल चित्रकला रंग
  • केवल यात्रा-वर्णन
“महगाइ” शीर्षक समाजक आर्थिक बोझ आ रोजमर्रा जीवनक विषय खोलैत अछि।
2721. किशन कारीगरक “दौगल चलि जाएब गाम” कोन भावधरासँ जुड़ल बुझाइत अछि?
  • गामक आकांक्षा आ लौटबाक मनोवृत्ति
  • केवल शहर-प्रशासन
  • केवल यान्त्रिक अनुवाद
  • केवल चित्रकथा समीक्षा
शीर्षकमे गाम चलि जाएबाक भाव ग्रामीण स्मृति आ वापसीक इच्छा संकेत करैत अछि।
2722. गजेन्द्र ठाकुरक “कटिहारी” अंक ७४मे कोन खंडक अन्तर्गत अछि?
  • पद्य-खंडक अन्तर्गत
  • गद्य-समीक्षा
  • भाषापाक
  • बालकथा
सामग्री-सूचीमे “गजेन्द्र ठाकुर - कटिहारी” पद्य सूचीमे आएल अछि।
2723. मिथिला कला-संगीत खंडमे श्वेता झा चौधरी आ ज्योति सुनीत चौधरीक साथ की देखबैत अछि?
  • कला-संगीतक बहु-रचनाकार उपस्थिति
  • केवल एक लेखकक समीक्षा
  • केवल भाषापाक सूची
  • केवल नाटकक संवाद
सूचीमे मिथिला कला-संगीत अन्तर्गत अनेक नाम देल अछि, जे सांस्कृतिक खंडक बहु-स्वर देखबैत अछि।
2724. बालानां कृते खंडमे गजेन्द्र ठाकुर, राजदेव मंडल आ नवीन कुमार “आशा”क उपस्थिति की बतबैत अछि?
  • बाल-पाठक लेल विविध लेखकक सामग्री
  • केवल वयस्क समीक्षा
  • केवल तकनीकी लेख
  • केवल चित्रकथा
बालानां कृतेमे गजेन्द्र ठाकुर, राजदेव मंडलक दूटा बाल कविता आ नवीन कुमार “आशा”क “मच्छर मच्छर” देल अछि।
2725. भाषापाक रचना-लेखनक अंक ७४मे भूमिका की अछि?
  • मानक मैथिली लेखन आ शब्द-प्रयोगक सजगता बढ़ाबय
  • कथा रोकबय
  • पद्य हटाबय
  • समीक्षा निषिद्ध करबय
भाषापाक रचना-लेखन शीर्षक मानक मैथिली आ शुद्ध रचना-प्रयोग दिस निर्देश करैत अछि।

2726. अंक ७४क शोध-स्तरीय मुख्य उपलब्धि की मानल जा सकैत अछि?
  • मैथिलीमे समीक्षाशास्त्र, रचना-सूची, कथा, उपन्यास, पद्य, कला आ भाषापाकक संयुक्त प्रस्तुति
  • केवल एक कविताक प्रकाशन
  • केवल वेबसाइट-सूचना
  • केवल चित्र-संग्रह
अंक ७४ समीक्षा-सिद्धांतक संपादकीय आ विविध रचना-विमर्शक संग कथा, पद्य, कला, बाल-साहित्य आ भाषापाक जोड़ैत अछि।
2727. संपादकीय आ सामग्री-सूची मिलि अंक ७४मे आलोचना केँ कोन रूप दैत अछि?
  • सिद्धांत, विधा-विवेक, नैतिकता आ व्यवहारिक पोथी-पठनक संयुक्त अभ्यास
  • केवल लेखक-प्रशंसा
  • केवल विज्ञापन
  • केवल पाठक-संख्या
संपादकीय समीक्षा-सिद्धांत रखैत अछि, आ सामग्री-सूची अनेक ठोस समीक्षा उदाहरण दैत अछि।
2728. अंक ७४मे “गामक जिनगी”, “मौलाइल गाछक फूल” आ “जिनगीक जीत” एक संग की संकेत करैत अछि?
  • ग्राम्य जीवन, संघर्ष, आदर्श आ उपन्यासीय संवेदनाक बहुस्तरीय विमर्श
  • केवल गीतक लय
  • केवल वेबसाइट फीड
  • केवल चित्र कैप्शन
ई शीर्षकसभ गाम, जीवन, संघर्ष, आदर्श आ उपन्यास समीक्षा धरि विस्तृत आलोचनात्मक क्षेत्र खोलैत अछि।
2729. “यान्त्रिक अनुवाद आ Polysemy” आ “शब्द विभक्ति सम्वाद” केँ एक संग पढ़ला पर कोन भाषिक क्षेत्र उभरैत अछि?
  • अर्थ-बहुलता, अनुवाद-समस्या आ व्याकरणिक संवेदना
  • केवल संगीत ताल
  • केवल नाटक अभिनय
  • केवल बाल-कथा
दुनू शीर्षक भाषा, अर्थ, विभक्ति आ अनुवादक कठिनाई पर केन्द्रित अछि।
2730. अंक ७४मे चित्रकथा सम्बन्धी बारम्बार सामग्री कोन संकेत दैत अछि?
  • मैथिली साहित्य दृश्य-कथात्मक माध्यमकेँ सेहो आलोचनात्मक रूपसँ ग्रहण करैत अछि
  • चित्रकथा निषिद्ध अछि
  • चित्रकथा केवल विज्ञापन अछि
  • चित्रकथा भाषापाकक विकल्प अछि
गोनू झा आ आन चित्रकथा, मैथिली चित्रकथा, प्रीति ठाकुरक चित्रकथा आदि उल्लेख दृश्य-कथा विमर्शक उपस्थिति देखबैत अछि।
2731. संपादकीयक सूचना-समाज वाला अंश आधुनिक साहित्यिक आलोचना लेल किएक उपयोगी अछि?
  • कारण ई लेखक-अधिकार, अभिव्यक्ति, बाजार, इंटरनेट आ पाठक-संवादक प्रश्न उठबैत अछि
  • कारण ई केवल पुरान स्मृति-विधि अछि
  • कारण ई केवल गीत-सूची अछि
  • कारण ई समीक्षा हटबैत अछि
लेख सूचना समाजक बाजारवादी झुकाव, अधिकार, इंटरनेट, प्रतिबन्ध आ बौद्धिक सम्पदा सभकेँ आलोचना-सन्दर्भमे जोड़ैत अछि।
2732. समीक्षा-नैतिकता सम्बन्धी अंक ७४क मुख्य चेतावनी की अछि?
  • पोथी पढ़ि, संतुलित, कृति-केंद्रित, संयमी आ तुलनात्मक समीक्षा लिखू
  • केवल शीर्षक देखि निर्णय दिय
  • लेखकक नाम पर समीक्षा भरू
  • जिला-जवार पर निर्णय करु
संपादकीय गलत शीर्षक-पठन, अत्यधिक आलोचना/प्रशंसा, असम्बद्ध जीवनी आ व्यक्तिगत आग्रह सभसँ बचबाक कहैत अछि।
2733. अंक ७४क बाल-साहित्य आ पद्य-खंडक संयुक्तता की सूचित करैत अछि?
  • पत्रिका आलोचना संग नव पीढ़ी आ काव्यात्मक संवेदना दुनूकेँ स्थान दैत अछि
  • बाल-साहित्यक अस्वीकार
  • पद्यक निषेध
  • केवल उपन्यासक आग्रह
अंकमे गहन समीक्षा संग पद्य आ बालानां कृते खंड राखल अछि, जे पीढ़ीगत आ काव्यात्मक विस्तार देखबैत अछि।
2734. अंक ७४क तुलनात्मक महत्व की अछि?
  • ई वैदिक, जातक, फारसी, पाश्चात्य विचारधारा आ आधुनिक मैथिली रचना-विमर्श केँ एक सम्वादमे आनैत अछि
  • ई केवल स्थानीय सूचना अछि
  • ई केवल एक लेखकक आत्मकथा अछि
  • ई केवल फीड निर्देश अछि
संपादकीयमे वैदिक, जातक, रूमी, प्लेटो, एरिस्टोटल, मार्क्स, फ्रायड आदि आ अंकमे आधुनिक मैथिली कृतिसभ संग आलोचनात्मक संवाद बनैत अछि।
2735. द्वितीय गहन खननमे अंक ७४केँ पुनः चुनबाक सर्वोत्तम कारण की अछि?
  • ई समीक्षा-सिद्धांत आ अनेक रचना-समीक्षाक कारण शोध-स्तर प्रश्न लेल अत्यंत समृद्ध अछि
  • ई छोट सूचना-पत्र मात्र अछि
  • ई केवल पते-सूची अछि
  • ई केवल विज्ञापन अछि
अंक ७४मे दीर्घ समीक्षाशास्त्रीय संपादकीय आ व्यापक गद्य-समीक्षा सामग्री अछि, तें शोध-स्तर गहन खनन योग्य अछि।

2736. अंक ७३क गद्य-सूचीक समग्र प्रकृति कोन रूपमे देखाइत अछि?
  • दीर्घकथा, नाटक, विहनि कथा, रिपोर्टाज, प्रश्नोत्तर, आलोचना आ सामाजिक लेखनक मिश्रण
  • केवल गीत-संग्रह
  • केवल शास्त्रीय व्याकरण
  • केवल पुस्तक-विज्ञापन
सूचीमे कथा, एकांकी, नाटक, पत्र-पत्रिका-विमर्श, विहनि कथा, यायावरी, रिपोर्टाज, सामाजिक लेख आ उपन्यास-विमर्श एक संग अछि।
2737. अंक ७३मे जगदीश प्रसाद मंडलक नाम कोन दू विधा-संकेत संग प्रारम्भमे आबैत अछि?
  • दीर्घकथा आ एकांकी
  • केवल गजल
  • बालगीत आ संस्कृत-शिक्षा
  • पत्रकारिता-समीक्षा आ अनुवाद
सूचीमे हुनक ‘मइटुग्गर’ दीर्घकथा आ ‘समझौता’ एकांकी साथ-साथ देल अछि।
2738. अंक ७३मे बेचन ठाकुरक ‘बेटीक अपमान’ कोन रूपमे संकेतित अछि?
  • गतांशसँ आगाँ बढ़ल नाटक
  • पूर्ण नव उपन्यास
  • कविता-श्रृंखला
  • भाषापाक लेख
विषय-सूचीमे ‘नाटक—बेटीक अपमानक गतांशसँ आगाँ’ कहल गेल अछि।
2739. अंक ७३क सामग्री-सूचीमे ‘हम पुछैत छी’ खण्डक अर्थ की अछि?
  • लेखक/रचनाकार सभसँ संवादात्मक प्रश्नोत्तर
  • बाल-कॉमिक्स
  • एकटा विज्ञापन-स्तम्भ
  • केवल पाठक-संख्या
‘हम पुछैत छी’ अंतर्गत मुन्नाजी द्वारा अनेक रचनाकार सभसँ गप्पक संकेत देल अछि।
2740. अंक ७३मे सृजनात्मक गद्यक संग कोन आलोचनात्मक विषय प्रमुख रूपे उपस्थित अछि?
  • मैथिली उपन्यास साहित्यमे ग्रामीण चित्रण
  • केवल छन्द-गणना
  • केवल ई-मेल सूचना
  • केवल खेल-सूची
सूचीमे जगदीश प्रसाद मंडलक ‘मैथिली उपन्यास साहित्यमे ग्रामीण चित्रण’ आलोचनात्मक लेख देल अछि।
2741. अंक ७३मे नवेन्दु कुमार झाक सामग्री कोन व्यापक क्षेत्रक प्रतिनिधित्व करैत अछि?
  • समाज, परिवहन, जाति व्यवस्था आ उद्योग-सूचना
  • केवल प्रेमगीत
  • केवल संस्कृत सूत्र
  • केवल लिपि-अभ्यास
नवेन्दु कुमार झाक अंतर्गत रेल लाइन, जाति व्यवस्था आ उद्योग-समूह संबंधी सामग्री देल अछि।
2742. अंक ७३क पद्य-खण्डमे कोन विधागत विविधता देखाइत अछि?
  • गजल, गीत, कविता, छठि-कविता आ राधा-श्रृंखला
  • केवल दोहा
  • केवल महाकाव्य
  • केवल अनुवाद-सूची
पद्य-सूचीमे आरसीप्रसाद सिंहक गजल, डॉ. विकलक गजल, मुन्नाजीक गजल, रविभूषण पाठकक छठि कविता, राजदेव मंडल, गंगेश गुंजन आदिक सामग्री अछि।
2743. अंक ७३मे बालानां कृते खण्ड कोन बात स्पष्ट करैत अछि?
  • बच्चा-पाठक लेल अलग साहित्यिक स्थान राखल गेल
  • बाल-साहित्य हटाओल गेल
  • केवल वयस्क आलोचना देल गेल
  • केवल अंग्रेजी पाठ राखल गेल
सूचीमे ‘बालानां कृते’ अंतर्गत गजेन्द्र ठाकुर आ नवीन कुमार ‘आशा’क बाल-उन्मुख सामग्री अछि।
2744. अंक ७३मे ‘भाषापाक/रचना-लेखन’ खण्ड ककर संग सम्बद्ध अछि?
  • मानक मैथिली आ कोष/भाषा-प्रयोगक अभ्यास
  • रेलवे-योजना
  • बाल-चित्रकथा मात्र
  • गजल-गायन मात्र
भाषापाक खण्डमे मानक मैथिली, रचना-लेखन आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख अछि।
2745. अंक ७३क प्रवासी खण्डमे मुख्यतः कोन प्रकारक सेतु बनैत अछि?
  • मैथिली मूल पाठ आ अंग्रेजी अनुवादक सेतु
  • केवल स्थानीय समाचार
  • केवल कृषक-विज्ञापन
  • केवल परीक्षा-सूची
प्रवासी खण्डमे कालीकांत झा ‘बुच’क मैथिली कविताक अंग्रेजी अनुवाद ज्योति झा चौधरी द्वारा देल अछि।

2746. ‘मैथिल पत्र-पत्रिका : समस्या ओ समाधान’ चर्चामे मुख्य आरम्भिक समस्या कोन कहल गेल?
  • मातृभाषामे प्राथमिक शिक्षा नहि होएबाक कारण पाठक पत्र-पत्रिकासँ नहि जुड़ि पबैत छथि
  • मैथिलीमे लेखकक अभाव
  • मैथिलीमे कागजक अभाव
  • मैथिलीमे गीतक अभाव
प्रो. शिवाकान्त पाठकक विचारमे प्राथमिक शिक्षा मातृभाषामे नहि रहबाक कारण मैथिलीभाषी पत्र-पत्रिका आ पुस्तकसँ दूर रहैत छथि।
2747. रमाकान्त राय ‘रमा’ मैथिली पत्र-पत्रिकाक दीर्घायु लेल कोन दृष्टि आवश्यक मानैत छथि?
  • सम्पादन, व्यवस्थापन, वितरण आ संयोजनक पेशेवर संतुलन
  • केवल भावुक घोषणा
  • केवल हस्तलिखित प्रकाशन
  • केवल उत्सव-समारोह
रमा जीक कथनमे व्यवसायिक दृष्टि सँ सम्पादन, व्यवस्थापन, वितरण आ संयोजन सभपर समान ध्यान आवश्यक अछि।
2748. रमाकान्त राय ‘रमा’ उदाहरण रूपे किन पत्रिका सभक समन्वयक चर्चा करैत छथि?
  • पूर्वोत्तर मैथिली, मिथिला दर्शन, मिथिला दर्पण
  • केवल विदेह-सूची
  • केवल बाल-पोथी
  • केवल संस्कृत-पत्र
लेखमे पूर्वोत्तर मैथिली, मिथिला दर्शन, मिथिला दर्पण आदिक रचना, विज्ञापन आ वितरण-समन्वयक चर्चा अछि।
2749. डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’ मैथिली पत्र-पत्रिकाक कमजोरीमे कोन पक्षपर जोर दैत छथि?
  • त्रुटिपूर्ण वितरण व्यवस्था आ आर्थिक आधार
  • कविता-विधाक अंत
  • पाठकक पूर्ण अभाव
  • मुद्रणक रंग
विकल जी पत्र-पत्रिकाक वितरण-व्यवस्था आ आर्थिक आधारकेँ मजगूत करबाक जरूरत बतबैत छथि।
2750. डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’क विचारमे मिथिलाक लक्ष्मीवान लोकक भूमिकाक संकेत की अछि?
  • पूँजी लगा कऽ वितरण-जाल आ अखबार-बेचन व्यवस्था सँ जुड़ब
  • पत्रिका पढ़ब बंद करब
  • केवल निजी संग्रह बनब
  • लेखनक विरोध करब
उहाँ कहैत छथि जे पूँजी आ वितरण-व्यवस्था सँ जुड़ल बिना पत्र-पत्रिका अल्पायु भऽ सकैत अछि।
2751. डॉ. नारायण झा विज्ञापन आ वितरणक सम्बन्धकेँ कोन रूपमे देखबैत छथि?
  • अन्योन्याश्रित सम्बन्ध
  • पूर्णतः असम्बद्ध सम्बन्ध
  • केवल सरकारी सम्बन्ध
  • केवल शुद्ध साहित्यिक अलंकार
लेखमे विज्ञापन आ वितरणक बीच अन्योन्याश्रय सम्बन्ध स्पष्ट कएल गेल अछि।
2752. डॉ. नारायण झाक अनुसार पत्र-पत्रिकाकेँ लोकप्रिय बनेबाक लेल कोन सामग्री जरूरी अछि?
  • पाठक-रुचिक पाठ्य-सामग्री आ रोचक-प्रेरक समाचार
  • केवल लम्बा पता
  • केवल पुरान अंक-सूची
  • केवल मुद्रण-टिप्पणी
ओ पाठकक रुचि, उपयोगी सामग्री आ रोचक/प्रेरक समाचारक संकलनकेँ लोकप्रियताक आधार मानैत छथि।
2753. डॉ. विकलक पूरक सुझाव कोन दिशा दिस अछि?
  • समसामयिक परिवेश आ नव लोकक लेखन-संपादनसँ जोड़ब
  • पत्रिका केवल पुरान लेखक धरि सीमित राखब
  • समाचार हटाएब
  • वितरण बंद करब
विकल जी समसामयिक परिवेश आ नव लोकक लेखन-संपादनसँ जुड़ावकेँ पत्र-पत्रिकाक गतिशीलता मानैत छथि।
2754. शिवाकान्त पाठक अपन ‘वागमती’ अनुभवसँ कोन बात स्वीकार करैत छथि?
  • आर्थिक हानि नहि भेल, मुदा वितरण-व्यवस्थाक त्रुटि रहल
  • पत्रिका असंभव अछि
  • पाठक नहि छलाह
  • लेखनक आवश्यकता नहि
लेखमे हुनक अनुभवसँ ई बात अबैत अछि जे आर्थिक हानि नहि भेल, मुदा वितरणक दोष ओ स्वीकार करैत छथि।
2755. पत्र-पत्रिका-विमर्शक समेकित निष्कर्ष की अछि?
  • शिक्षा, सामग्री, वितरण, विज्ञापन, पूँजी आ नव लेखन सभ एक संग जरूरी अछि
  • केवल शीर्षक बदललासँ पत्रिका चलि जायत
  • मातृभाषा-पाठकक कोनो भूमिका नहि
  • साहित्यिक पत्रिका लेल व्यवस्था-चिन्ता अनावश्यक अछि
विमर्शमे शिक्षा, पाठक-रुचि, वितरण, विज्ञापन, आर्थिक आधार, समसामयिकता आ नव लेखन सभकेँ परस्पर जोड़ल गेल अछि।

2756. प्रदीप बिहारीक ‘सत्संगी’ विहनि कथामे घरक संकट कोन बिन्दुसँ शुरू होइत अछि?
  • टहला नहि भेटब आ घरेलू कामक बोझ बढ़ब
  • धानक उपज कम होएब
  • रेल लाइन बनब
  • गजल गायन
कथांशमे पहिल टहला गेलाक बाद दुनू दियादिनीपर घरक कामक बोझ बढ़ैत देखाओल गेल अछि।
2757. ‘सत्संगी’मे नओ-दस बरखक छौड़ाकेँ देखि बड़की पहिने कोन बात कहैत छथि?
  • ई कुपोषणक शिकार अछि, काज की करत?
  • ई बहुत पढ़ल अछि
  • ई नेता बनत
  • ई गायक अछि
कथांशमे बड़कीक पहिल प्रतिक्रिया बालकक कुपोषण आ काज करबाक असमर्थतापर अछि।
2758. ‘सत्संगी’मे ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ गीतक उपस्थितिसँ कोन विडम्बना उभरैत अछि?
  • करुणा-गीतक पृष्ठभूमिमे जातिगत असहिष्णुता प्रकट होइत अछि
  • गीत कथा सँ असम्बद्ध मनोरंजन मात्र अछि
  • गीत कृषि-प्रशंसा अछि
  • गीत रेल-विकासक संकेत अछि
गीत ‘पीर परायी जाने’ करुणाक भाव लाबैत अछि, मुदा तुरंत जाति-पूछताछ आ तिरस्कारक दृश्य आबैत अछि।
2759. ‘सत्संगी’मे जाति पूछबाक बाद घरक वातावरण कियैक बदलि जाइत अछि?
  • बालकक जाति पता चलिते सत्संगी पात्रक सामाजिक पूर्वाग्रह खुलि जाइत अछि
  • बालक परीक्षा पास करैत अछि
  • बालक कविता पढ़ैत अछि
  • रेल लाइनक खबर अबैत अछि
‘दुसाध’ उत्तर सुनिते घरमे ठनका खसल जकाँ स्थिति बनैत अछि, जे पूर्वाग्रहक उद्घाटन अछि।
2760. ‘थापड़’ विहनि कथाक आरम्भिक दृश्य कोन श्रम-जीवन देखबैत अछि?
  • पेट्रोल पम्पपर माला बेचैत छौड़ा
  • विश्वविद्यालय व्याख्यान
  • प्रवासी अनुवाद
  • गजल-मंच
कथांशमे छौड़ा पेट्रोल पम्पपर वाहन सभकेँ माला अर्पित करबाक लेल माला बेचैत देखाइत अछि।
2761. ‘थापड़’मे पॉलिथिन बैग सँ मूजक चंगेरी धरि परिवर्तनक अर्थ की बुझाइत अछि?
  • सामान राखबाक व्यवहारिक साधन बदलल अछि, श्रमक परिवेश छोट संकेतसँ बनैत अछि
  • चरित्र विद्वान बनि गेल
  • कथा धार्मिक आख्यान बनि गेल
  • रेलवे-योजना शुरू भेल
कथांशमे माला राखबाक साधन बदलल उल्लेख छोट विवरण द्वारा श्रमिक बालकक रोजमर्रा संसार रचैत अछि।
2762. लक्ष्मी दासक ‘बूड़िबकक बूड़िबक’ शीर्षकमे कोन कथात्मक संकेत अछि?
  • व्यंग्यात्मक/विडम्बनात्मक विहनि-कथा-स्वर
  • ऐतिहासिक उपन्यास
  • दीर्घ महाकाव्य
  • मिथिलाक्षर पाठ
शीर्षक आ विहनि कथा-खण्डमे ओकर स्थान संक्षिप्त व्यंग्यात्मक कथा-स्वरक संकेत दैत अछि।
2763. शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क ‘लेबर पेन’ शीर्षक कोन आधुनिक संवेदना दिस संकेत करैत अछि?
  • शरीर, श्रम आ प्रसव-वेदना/पीड़ाक अर्थ-संकेत
  • रेल बजट
  • काव्यशास्त्र
  • पुरान अंक डाउनलोड
शीर्षक ‘लेबर पेन’ श्रम, देह आ पीड़ाक बहुअर्थी आधुनिक कथा-संकेत बनबैत अछि।
2764. ज्योतिक ‘मैथिल बियाह’ शीर्षक कोन सांस्कृतिक क्षेत्र खोलैत अछि?
  • विवाह-रीति आ समाजक व्यवहार
  • केवल कम्प्यूटर-सर्वर
  • विश्व पुस्तक मेला
  • अंग्रेजी अनुवाद
विहनि कथा खण्डमे ‘मैथिल बियाह’ शीर्षक विवाह-संस्कृति आ समाजक व्यवहारक प्रसंग खोलैत अछि।
2765. अंक ७३क विहनि कथा-समूहक सामाजिक महत्व की अछि?
  • छोट कथामे घरेलू श्रम, जाति, विवाह, शरीर, व्यंग्य आ बाल-श्रम-जकाँ प्रश्न उपस्थित करब
  • केवल सजावटी शीर्षक देब
  • कविता हटाएब
  • पत्रिका-वितरण बतायब
सूची आ कथांश दुनू देखबैत अछि जे विहनि कथा सभ छोट आकारमे पैघ सामाजिक अन्तर्विरोध उठबैत अछि।

2766. नवेन्दु कुमार झाक ‘रेल लाइनसँ जुड़त भारत आ नेपाल’ लेख कोन मार्गक चर्चा करैत अछि?
  • जयनगर सँ जनकपुर होइत बरदीवास धरि
  • दिल्ली सँ मुंबई धरि
  • पटना सँ कोलकाता धरि
  • सिंगापुर सँ काठमाण्डू धरि
लेखमे मधुबनीक जयनगरसँ नेपालक बरदीवास धरि रेल लाइनक योजना लिखल अछि।
2767. रेल योजना कोन उद्देश्यसँ जोड़ल गेल?
  • भारत-नेपाल दोस्ती आ सहयोगकेँ मजबूत करब
  • गजल-मंच बनब
  • पत्रिका-वितरण रोकब
  • बाल-कथा छापब
लेखमे पड़ोसी नेपालसँ दोस्ती आ सहयोग बढ़ेबाक उद्देश्य स्पष्ट अछि।
2768. नव रेल लाइनक लंबाई कतेक कहल गेल?
  • सत्तरि किलोमीटर
  • सात किलोमीटर
  • सात सय किलोमीटर
  • सत्रह किलोमीटर
लेखमे ई नव रेल लाइन सत्तरि किलोमीटरक होएबाक सूचना अछि।
2769. रेल योजना कोन दू चरणमे सोचल गेल?
  • पहिने जयनगर-जनकपुर आमान परिवर्तन, फेर जनकपुर-बरदीवास नव लाइन
  • पहिने दिल्ली-मुंबई, फेर मुंबई-चेन्नई
  • पहिने पुस्तक-मेला, फेर गजल-मंच
  • पहिने कथा, फेर कविता
लेख अनुसार पहिल चरण जयनगर-जनकपुर छोटी लाइनक आमान परिवर्तन आ दोसर चरण जनकपुर-बरदीवास नव रेल लाइन अछि।
2770. ‘भारतीय सामाजिक व्यवस्थामे आइयो जीवन्त अछि जाति व्यवस्था’मे मुख्य वक्ता के छथि?
  • प्रो. के. एल. शर्मा
  • मुन्नाजी
  • ज्योति झा चौधरी
  • विनीत उत्पल
लेखमे मुख्य वक्ता राजस्थानक नेशनल ओपन यूनिवर्सिटीक कुलपति आ समाजशास्त्री प्रो. के. एल. शर्मा कहल गेल छथि।
2771. प्रो. शर्मा जाति व्यवस्थाकेँ कोन रूपमे देखबैत छथि?
  • सामाजिक व्यवस्थामे नियंत्रण बल आ जीवन्त व्यवस्था
  • केवल मृत परम्परा
  • केवल कविता-छन्द
  • केवल रेल-योजना
लेखमे हुनकर कथन अछि जे जाति व्यवस्था प्रत्यक्ष, जीवन्त आ सामाजिक व्यवस्थाक नियंत्रण बल अछि।
2772. जाति व्यवस्था जीवन्त रहबामे प्रो. शर्मा कोन व्यवस्था सेहो जिम्मेदार मानैत छथि?
  • राजनीतिक व्यवस्था
  • केवल नदी-नाला
  • केवल गजल-समारोह
  • केवल बाल-साहित्य
लेखमे कहल अछि जे देशक राजनीतिक व्यवस्था सेहो जाति व्यवस्थाकेँ जीवन्त राखबामे भूमिका निभबैत अछि।
2773. जाति-श्रेणीकरणक ऐतिहासिक सन्दर्भ कोन अवधि सँ जोड़ल अछि?
  • १८९१ सँ १९३१ धरि
  • १९८४ सँ १९८५ धरि
  • २००१ सँ २०१० धरि
  • १५०० सँ १५२० धरि
लेखमे सरकारी स्तरपर १८९१ सँ १९३१ धरि जाति-श्रेणीकरणक चर्चा अछि।
2774. एसोचैम संबंधी लेख बिहारमे कोन बातक संकेत दैत अछि?
  • नव उद्योग समूह आ बिजनेस मार्टक माध्यमसँ निवेश योजना
  • मैथिली गजल छन्द
  • बाल-कॉमिक्स
  • प्रवासी कविता
लेखमे उद्योग संगठन एसोचैम द्वारा बिहारमे बिजनेस मार्ट आ निवेश योजना बनाओल गेल कहल अछि।
2775. रिपोर्टाज-समूहक समेकित महत्व की अछि?
  • साहित्यिक अंकक भीतर परिवहन, समाजशास्त्र आ अर्थनीतिक समाचारकेँ मिथिला-संदर्भमे जोड़ब
  • केवल कविता गान
  • केवल विज्ञापन
  • केवल मुद्रण तकनीक
नवेन्दु कुमार झाक खण्ड रेल, जाति व्यवस्था आ उद्योगक समाचारकेँ क्षेत्रीय जीवनसँ जोड़ैत अछि।

2776. ‘मैथिली उपन्यास साहित्यमे ग्रामीण चित्रण’ लेख मैथिली साहित्यक आरम्भ कोन युग/रचनाकार-संकेतसँ जोड़ैत अछि?
  • तेरहवीं-चौदहवीं शताब्दीमे ज्योतिरीश्वर आ विद्यापति
  • बीसम शताब्दीमे केवल कम्प्यूटर
  • इक्कैसम शताब्दीमे मात्र ब्लॉग
  • केवल प्रवासी अनुवाद
लेखमे मैथिलीक आरम्भ तेरहवीं-चौदहवीं शताब्दीमे ज्योतिरीश्वर आ विद्यापतिक रचनासँ जोड़ल अछि।
2777. लेखमे विद्यापतिक विशेषता कोन रूपमे देल अछि?
  • संस्कृतक राजपंडित होइतहुँ जनभाषा जनैत छलाह
  • केवल अंग्रेजी कवि छलाह
  • केवल पत्रकार छलाह
  • केवल नाटककार छलाह
लेखक कहैत छथि जे विद्यापति संस्कृत भाषाक राजपंडित छलाह, मुदा समाजक जनभाषा सेहो जनैत छलाह।
2778. मैथिली उपन्यासक काल-विभाजन लेखमे कोन आधारपर कएल गेल?
  • १९६० ई. सँ पूर्व आ साठिक पछाति
  • केवल २००० ई.क बाद
  • केवल विद्यापतिक पूर्व
  • केवल इंटरनेट युग
लेखमे सामाजिक परिस्थितिक दृष्टिसँ मैथिली उपन्यासकेँ १९६० ई. पूर्व आ साठिक पछाति दू भागमे बाँटल गेल।
2779. साठिक दशकक विभाजन-रेखाक कारणमे कोन बात शामिल अछि?
  • देशक आजादी, राज-रजवाड़ ढहब आ भूमि-आन्दोलन
  • केवल छन्द-परिवर्तन
  • केवल पत्रिका विज्ञापन
  • केवल रेल लाइन
लेखमे आजादी, ढहैत राज-रजवाड़ आ भूमि-आन्दोलनकेँ प्रमुख कारण कहल गेल अछि।
2780. लेखक आरम्भिक मैथिली उपन्यास सभक मूल्यांकन कोना करैत छथि?
  • आजुक कला-दृष्टिसँ सभ सफल नहि, मुदा ओकर सामाजिक परिस्थिति बुझब जरूरी
  • सभ पूर्णतः निरर्थक
  • सभ केवल अनुवाद
  • सभ केवल बालकथा
लेखक कहैत छथि जे आजुक उपन्यास-कला दृष्टिसँ सभ उपन्यासकेँ सफल नहि कहब, मुदा ओहि समयक परिस्थिति ध्यानमे राखब जरूरी अछि।
2781. मैथिली भाषाक स्थिति पर लेखक कोन बात कहैत छथि?
  • पुरान भाषा होइतहुँ राजभाषाक रूपमे राजदरबार नहि पहुँचल
  • मैथिली काल्हिए जन्मल
  • मैथिलीमे साहित्य नहि
  • मैथिली केवल विदेशी भाषा
लेखमे मैथिलीकेँ पुरान भाषा कहल गेल अछि, मुदा राजभाषाक रूपमे राज-दरबार नहि पहुँचबाक बात अछि।
2782. ‘ग्रामीण’ शब्दक समग्र अर्थ लेखक कोना बुझबैत छथि?
  • क्षेत्र-विशेषक सभ किछु
  • केवल गाममे रहनिहार व्यक्ति
  • केवल खेतक नाम
  • केवल जाति-सूची
लेखमे समग्र दृष्टिसँ ग्रामीण शब्द क्षेत्र-विशेषक सभ किछुसँ सम्बन्धित कहल गेल अछि।
2783. गामक आर्थिक आधारक उदाहरणमे लेखक कोन समूह देलनि?
  • माटि-पानि, गाछ-वृक्ष, नदी-नाला
  • केवल पुस्तक-मेला
  • केवल गीत-गजल
  • केवल रेल टिकट
लेखमे ग्रामक उत्पादित पूँजी रूपमे माटि-पानि, गाछ-वृक्ष, नदी-नाला आदि कहल गेल अछि।
2784. लेखकक अनुसार ग्राम आ ग्रामीणक सम्बन्ध स्थिर किएक नहि अछि?
  • ग्राम दुनियाँक संग ससरैत आगाँ बढ़बाक चाही
  • गाम बदलि नहि सकैत
  • ग्रामीण शब्दक कोनो अर्थ नहि
  • केवल शहर साहित्यक विषय अछि
लेखक कहैत छथि जे ग्राम ओहि रूपे ससरैत आगू बढ़ै जाहि रूपे दुनियाँ ससरि रहल अछि।
2785. ग्रामीण चित्रण लेखक समेकित आग्रह की अछि?
  • साहित्य मिथिलाक सर्वांगीण, आर्थिक, सामाजिक आ मानवीय यथार्थकेँ देखए
  • केवल लोकगीत छापए
  • गामक नाम हटाबए
  • केवल दरबारी भाषा अपनाबए
लेख मिथिलाक दयनीय यथार्थ, आर्थिक आधार, गामक विकास आ सर्वांगीण ग्रामीण दृष्टिक आग्रह करैत अछि।

2786. रमेशक गद्य-कविता कोन रचनाकारक नामक अद्वैत मीमांसाक रूपमे अछि?
  • डॉ. काञ्चीनाथ झा ‘किरण’
  • आरसीप्रसाद सिंह
  • विनीत उत्पल
  • नवेन्दु कुमार झा
सूची आ पाठमे रमेशक ‘डॉ. काञ्चीनाथ झा ‘किरण’क नामक अद्वैत मीमांसा’ देल अछि।
2787. रमेशक गद्य-कवितामे ‘किरणजी’क पहचान मुख्यतः कोन पक्षसँ बनैत अछि?
  • जनमानस, सामाजिकता, मनुक्खता आ जन-संस्कृति
  • केवल दरबारी पद
  • केवल धन-सम्पत्ति
  • केवल खेल-कूद
कविता बार-बार किरणजीकेँ जनमानस, सामाजिकता, मनुक्खता आ जन-संस्कृतिक प्रतीक बनबैत अछि।
2788. गद्य-कवितामे ‘मोहविरा’ आ ‘पञ्जी-प्रबन्ध’क उल्लेख कोन विरोध रचैत अछि?
  • मानवतावादी किरण-दृष्टि बनाम जाति/वर्गीकरणक जड़ता
  • कृषि बनाम उद्योग
  • रेल बनाम सड़क
  • बालगीत बनाम अनुवाद
पाठमे यदि व्यक्ति मोहविरा वा पञ्जी-प्रबन्धक बाबू-साहेब मानसिकतामे फँसल अछि तँ किरणजी नहि होएबाक संकेत अछि।
2789. रमेशक गद्य-कवितामे मधुपजीक सन्दर्भ कोन रूपमे अछि?
  • निश्छल भक्त-हृदय मैथिल जीवनक लोकगायक
  • राजनीतिक अधिकारी
  • रेल इंजीनियर
  • बालकथा पात्र
पाठमे मधुपजी सँ मन-बन्ध होएबाक प्रसंग लोकगायक आ भक्त-हृदय मैथिल जीवनसँ जोड़ल गेल अछि।
2790. मणिपद्ध जीक सन्दर्भ कवितामे कोन सांस्कृतिक रूपक बनैत अछि?
  • मिथिलाक लोक-संस्कृति-चेताक उदात्त उदाहरण
  • व्यापारिक विज्ञापन
  • इंटरनेट फीड
  • विवाह सूची
कविता मणिपद्ध जीसँ मन-बन्धकेँ लोक-संस्कृति-चेताक उदात्त उदाहरण बुझबाक संकेत दैत अछि।
2791. कवितामे ‘माटिक महादेवकेँ छोड़ि मनुक्ख-पूजन’क उद्घोषणा कोन दृष्टि दैत अछि?
  • मानव-केंद्रित, जनवादी आ सामाजिक चेतना
  • केवल अनुष्ठानिक पुनरावृत्ति
  • केवल हास्य
  • केवल यात्रा-वृत्तान्त
पाठमे किरणजीक स्वर मनुक्ख-पूजन आ जनोन्मुख सामाजिक चेतनासँ जुड़ैत अछि।
2792. ‘डोमटोलीसँ मुसहरी’ रूपक कोन सीमा तोड़बाक आग्रह करैत अछि?
  • सामाजिक निम्नवर्गीय यथार्थ धरि पहुँचबाक
  • केवल उच्चवर्गीय दरबार धरि रहबाक
  • केवल पुस्तकालयमे बंद रहबाक
  • केवल गीत-धुन धरि सीमित रहबाक
कवितामे डोमटोली-मुसहरी यात्रा सामाजिक सरोकारक गहिराइ आ निम्नवर्गीय यथार्थक संकेत अछि।
2793. कवितामे किरणजीकेँ ‘तृणमूलक कार्यकर्त्ता’ कहबाक अर्थ की अछि?
  • जन-आधारित, जमीनसँ जुड़ल साहित्यिक चेतना
  • राजकीय पदाधिकारी
  • शुद्ध मनोरंजनकार
  • केवल छन्दकार
पाठ ‘शास्त्रीय’ बनाम ‘तृणमूल’ भेदसँ किरणजीक जनपक्षीय जमीन-धरातलक पहचान रचैत अछि।
2794. ‘धानक उरोजमे दूध भरबाक सामर्थ्य’ रूपक कोन भाव दैत अछि?
  • भूमि, श्रम, उपज आ जीवन-सृजनक जनवादी काव्य-दृष्टि
  • केवल श्रृंगारिक अलंकार
  • केवल व्यापार
  • केवल परीक्षा
कवितामे प्राचीन श्रृंगार-उपमानक बरक्स धान आ दूधक रूपक जनजीवन आ उत्पादनसँ जुड़ल अर्थ खोलैत अछि।
2795. गद्य-कविताक मूल शोधार्थी निष्कर्ष की अछि?
  • किरणक स्मृति केवल व्यक्ति-स्तुति नहि, बल्कि जनचेतना, लोक-संस्कृति आ सामाजिक परिवर्तनक मानक अछि
  • ई केवल नामावली अछि
  • ई केवल फोटो-कैप्शन अछि
  • ई केवल पत्रिका-पता अछि
कवितामे किरणजीक नामक मार्फत मानवता, तृणमूल चेतना, सामाजिक सरोकार आ जनवादी गीत-संस्कृतिक विमर्श बनैत अछि।

2796. विनीत उत्पलक ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री’ अंक ७३मे कोन रूपमे देल अछि?
  • दीर्घकथा, आगाँ/तेसर भाग
  • गीत-संग्रह
  • पत्रिका-विमर्श
  • गजल-शास्त्र
सूचीमे विनीत उत्पलक दीर्घकथा ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री’ आगाँ रूपमे अछि; पाठमे तेसर भागक संकेत अछि।
2797. कथांशमे आलोक बाबूक शैक्षणिक स्थिति कोन अछि?
  • लॉ कालेजमे पढ़ैत, सेकेंड ईयरक परीक्षा देलक
  • प्राथमिक विद्यालयक छात्र
  • रेल इंजीनियर
  • पत्रिका-संपादक
कथांशमे लॉ सेकेंड ईयरक परीक्षा आ थर्ड पार्टक क्लासक संकेत अछि।
2798. आलोक बाबूक परीक्षा-परिणाम कथांशमे कोना कहल गेल?
  • कॉलेजमे सभसँ नीक नम्बर आयल
  • ओ फेल भेल
  • ओ परीक्षा नहि देलक
  • ओ स्कूल छोड़ि देलक
कथांशमे कॉलेजमे सबसे नीक नम्बर आलोक बाबूकेँ आयल कहल गेल अछि।
2799. मिली कथांशमे कोन समय आलोक बाबूक दरवाजा पर अबैत अछि?
  • राति दू बजे
  • दुपहरिया बारह बजे
  • भोर पाँच बजे
  • साँझ छह बजे
कथांशमे ‘एक रात दू बजैत रहै’ आ दरवाजा खटखटाएबाक प्रसंग अछि।
2800. मिली अपन अएबाक कारण कोना बतबैत अछि?
  • घरमे पार्टी छल, भेंट नहि भेल छल, अहाँकेँ देखि जाए लेल आयल छी
  • ओ परीक्षा देबाक लेल आयल
  • ओ रेल टिकट लेबाक लेल आयल
  • ओ पत्रिका बेचबाक लेल आयल
मिली कहैत अछि जे घरमे पार्टी छल, अहाँसँ भेंट नहि भेल छल, देखि लेलहुँ आब जाइत छी।
2801. मिलीक आगमनक तुरन्त प्रभाव कथांशमे कोना कहल गेल?
  • घरमे तूफान आनि देलक
  • सभ शांत भऽ गेल
  • कथा समाप्त भेल
  • रेल लाइन बनि गेल
मिली चलि गेल मुदा घरमे तूफान आनि देलक—ई कथांशक स्पष्ट संकेत अछि।
2802. मिलीक सामाजिक परिचय कथांशमे कोना देल अछि?
  • चारि घर बाद रहनिहार चंद्रभूषण बाबूक बेटी, लॉमे जूनियर
  • दूर देशक राजदूत
  • कवि-सम्मेलनक संचालक
  • रेलवे अफसर
कथांशमे मिली चंद्रभूषण बाबूक बेटी आ आलोक बाबूसँ जूनियर कानून-छात्रा कहल गेल अछि।
2803. कथांश मिथिला समाजक कोन सामाजिक निगरानी देखबैत अछि?
  • लड़की-लड़का गप करबासँ उठैत संदेह आ घरक तनाव
  • परीक्षा-प्रशासन मात्र
  • कृषि-विपणन
  • भाषा-कोष
कथांशमे ‘मिथिला मे ते जानते छियै’ कहि लड़कीक लड़कासँ बात करबाक सामाजिक प्रतिक्रिया देखाओल गेल अछि।
2804. ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री’मे निजी संबंध आ शिक्षा-संसारक टकराव कोना देखाइत अछि?
  • कानून-कालेज, परीक्षा, प्रेम/मित्रता आ घर-समाजक निगरानी एक संग अबैत अछि
  • कथा केवल रेल-रिपोर्ट अछि
  • कथा केवल छन्द पाठ अछि
  • कथा केवल बालगीत अछि
कथांशमे लॉ कॉलेज, नम्बर, मिलीक भेंट आ सामाजिक तूफान सब एक संग अछि।
2805. दीर्घकथाक शीर्षकमे ‘डिग्री’ शब्दक सामाजिक संकेत की बुझाइत अछि?
  • शिक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा आ वैवाहिक/युवा आकांक्षा बीच सम्बन्ध
  • कृषि-मापन
  • पत्रिका-आकार
  • गजल-बहर
शीर्षक आ कथांश शिक्षा, कालेज, युवा सम्बन्ध आ समाजक अपेक्षा/निगरानीक मध्य सम्बन्ध बनबैत अछि।

2806. अंक ७३मे आरसीप्रसाद सिंहक पद्य कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गुलाबी गजल
  • एहि बेर छठि मे
  • राधा
  • सुगर फ्री
पद्य-सूचीमे आरसीप्रसाद सिंहक ‘गुलाबी गजल’ देल अछि।
2807. ‘गुलाबी गजल’मे कौन रंग/ऋतु-बिम्ब प्रमुख रूपे उभरैत अछि?
  • गुलाबी, वसंत, फागुन, उमंग
  • केवल अँधार
  • केवल हिमालय
  • केवल रेल
गजलमे गुलाबी रंग, वसंत, फागुन, उमंग, गुलाब आ अनंगक बिम्ब अछि।
2808. डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’क गजलमे ‘साओन केर दिन’ ककर प्रतीक बनैत अछि?
  • बरखा, विरह, प्रकृति आ मनक बेचैनी
  • केवल उद्योग-निवेश
  • पत्रिका-वितरण
  • परीक्षा-सूची
गजलमे साओन, बरसात, विरह-वेदन, हरियर बाध-बोन आ मनक पीड़ा एक संग अछि।
2809. डॉ. विकलक दोसर गजलमे आधुनिक समाजक कोन चिन्ता अछि?
  • ज्ञान-विज्ञानक वृद्धि संग नैतिकताक अवनति
  • केवल चुरा-दही
  • केवल फूलमाला
  • केवल बाल-खेल
गजलमे ज्ञान-विज्ञानक वृद्धि आ नैतिकताक अवनति, घोटाला आ सामाजिक संकटक संकेत अछि।
2810. मुन्नाजीक गजलमे ‘आधुनिकताक फेर’ कोन आलोचना खोलैत अछि?
  • परम्परा, बाजार, पिछलगूपन आ संवेदनाहीनताक आलोचना
  • गामक सौन्दर्य मात्र
  • रेलवे तकनीक
  • देवनागरी टाइपिंग
गजलमे आधुनिकताक फेरमे परम्परा, पैसा, पिछलगूपन आ संवेदनाक ह्रास आलोचित अछि।
2811. मुन्नाजीक दोसर गजलमे समाज-संबंधक कोन विघटन देखाइत अछि?
  • लोक-लोकक चिन्हब बिसरब आ व्याज/स्वार्थक समाज
  • केवल ऋतु-उत्सव
  • केवल छन्द-गणना
  • केवल बाल-पाठ
गजलमे मनुक्खता बिसरि समाज व्याज आ स्वार्थपर टिकबाक चिन्ता अबैत अछि।
2812. रविभूषण पाठकक ‘एहि बेर छठि मे’ कोन दृश्य-परिवर्तन पर आधारित अछि?
  • सूर्यदेवक उगबाक पारंपरिक स्थानक सट्टा टावर, घर, स्कूल आदि आधुनिक संदर्भ
  • केवल पुस्तक-मेला
  • केवल अदालत
  • केवल अंग्रेजी अनुवाद
कवितामे सूर्यदेव खुटेरी बाबूक गाछी/पोखरिक पाछू नहि, टावर, दूमहला, स्कूल आदि संदर्भमे सोचल जाइत छथि।
2813. ‘एहि बेर छठि मे’मे हास्य कोन सामाजिक परिवर्तनसँ बनैत अछि?
  • आधुनिक निर्माण आ लोक-विश्वासक टकराव
  • गजल-बहरक गणना
  • पत्रिका-वितरण
  • उद्योग-नीति
टेलीफोन टावर, दूमहला घर, स्कूल आ छठिक लोक-बिम्बक टकराव हास्य-व्यंग्य रचैत अछि।
2814. राजदेव मंडलक पद्य-सूचीमे कोन तीन शीर्षक साथ देल अछि?
  • झगड़लगौना पिशाच, गाछक बलिदान, हेराएल
  • गुलाबी गजल, साओन, राधा
  • बड़द दाउन, बाबाक लावा, भाषापाक
  • रेल, जाति, उद्योग
सूचीमे राजदेव मंडलक ‘झगड़लगौना पिशाच/गाछक बलिदान/हेराएल’ देल अछि।
2815. गंगेश गुंजनक ‘राधा’ अंक ७३मे कोन खेपमे अछि?
  • २८म खेप
  • १७म खेप
  • ४०म खेप
  • ५म खेप
पद्य-सूचीमे ‘गंगेश गुंजन—राधा—२८म खेप’ देल अछि।

2816. अंक ७३क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ककर नाम प्रमुख रूपे देल अछि?
  • श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर)
  • केवल नवेन्दु कुमार झा
  • केवल प्रो. शर्मा
  • केवल प्रदीप बिहारी
सूचीमे मिथिला कला-संगीत अंतर्गत श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा (सिंगापुर) देल अछि।
2817. श्वेता झा (सिंगापुर)क उल्लेख कोन व्यापकता देखबैत अछि?
  • मिथिला कला-संगीतक प्रवासी/अंतरराष्ट्रीय विस्तार
  • केवल स्थानीय रेल समाचार
  • केवल जाति-व्याख्यान
  • केवल बालगीत
सिंगापुरक उल्लेख मिथिला कला-संगीतक प्रवासी उपस्थिति दिस संकेत करैत अछि।
2818. बालानां कृते खण्डमे गजेन्द्र ठाकुरक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बड़द करैए दाउन ने यौ
  • गुलाबी गजल
  • सत्संगी
  • घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री
बालानां कृते सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘बड़द करैए दाउन ने यौ’ अछि।
2819. बालानां कृते खण्डमे नवीन कुमार ‘आशा’क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • याद अबैए बाबाक लावा
  • राधा
  • लेबर पेन
  • मइटुग्गर
सूचीमे नवीन कुमार ‘आशा’क ‘याद अबैए बाबाक लावा’ देल अछि।
2820. बाल-साहित्यक एहि खण्डमे लोक-स्मृति कोन रूपे अबैत अछि?
  • बड़द, दाउन, बाबाक लावा जकाँ घरेलू/गामक बिम्ब
  • केवल उद्योग-समाचार
  • केवल सर्वर-तकनीक
  • केवल विश्वविद्यालय व्याख्यान
बाल शीर्षक सभमे गाम, घर, पशु, दाउन आ लावा जकाँ लोक-स्मृति-बिम्ब उपस्थित अछि।
2821. भाषापाक/रचना-लेखन खण्डमे कोन भाषा-मानक लक्ष्य अछि?
  • मानक मैथिली
  • केवल रोमन अंग्रेजी
  • केवल संस्कृत छन्द
  • केवल हिंदी समाचार
सूचीमे स्पष्ट रूपे ‘मानक मैथिली’क उल्लेख अछि।
2822. अंक ७३मे मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक विशेषता कोन कहल गेल?
  • इंटरनेटपर सर्च-डिक्शनरी आ एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित
  • केवल हस्तलिखित पन्ना
  • केवल मुद्रित पोस्टर
  • केवल बालकथा-संग्रह
भाषापाक खण्डमे कोषकेँ इंटरनेटपर सर्च-डिक्शनरी आ एम.एस.एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित बताओल गेल।
2823. प्रवासी खण्डमे कालीकांत झा ‘बुच’क कविताक अंग्रेजी अनुवाद ककर द्वारा देल अछि?
  • ज्योति झा चौधरी
  • रमाकान्त राय
  • नवेन्दु कुमार झा
  • विनीत उत्पल
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे कालीकांत झा ‘बुच’क मैथिली कविता ज्योति झा चौधरी द्वारा अंग्रेजीमे अनूदित अछि।
2824. पुरान अंकक संरक्षण-सूचना कोन तीन रूपक उल्लेख करैत अछि?
  • ब्रेल, तिरहुता, देवनागरी
  • केवल रोमन
  • केवल चित्र
  • केवल ध्वनि
अंकमे पुरान विदेह अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्ध होएबाक सूचना अछि।
2825. कला-संगीत, बाल-साहित्य, भाषापाक आ प्रवासी खण्डक संयुक्त महत्व की अछि?
  • मिथिला संस्कृति, भाषा-मानक, बाल-स्मृति आ विश्व-पाठककेँ एक संग जोड़ब
  • केवल प्रशासनिक सूचना
  • केवल पृष्ठ-रूपांकन
  • केवल विज्ञापन
एहि खण्डसभमे कला, बाल-लोकजीवन, कोष/मानक भाषा आ प्रवासी अनुवाद मिलि व्यापक सांस्कृतिक सेतु बनबैत अछि।

2826. अंक ७३केँ शोध-दृष्टिसँ पढ़ला पर मुख्य संरचनात्मक विशेषता की देखाइत अछि?
  • साहित्यिक विधा, सामाजिक रिपोर्टाज, भाषा-मानक, कला, बाल-साहित्य आ प्रवासी अनुवादक एकत्र उपस्थिति
  • एकरूप कविता-संग्रह मात्र
  • केवल सरकारी सूचना-पत्र
  • केवल छायाचित्र-संग्रह
अंक ७३मे दीर्घकथा, नाटक, विहनि कथा, पत्र-पत्रिका-विमर्श, रिपोर्टाज, उपन्यास-आलोचना, पद्य, कला, बाल-साहित्य, भाषापाक आ प्रवासी खण्ड अछि।
2827. पत्र-पत्रिका-विमर्श आ भाषापाक खण्डक बीच कोन वैचारिक सम्बन्ध देखाइत अछि?
  • पाठक-सृजन, भाषा-शिक्षा, मानकता आ वितरण सभ साहित्यिक सार्वजनिकता बनबैत अछि
  • दूनू पूर्णतः असम्बद्ध अछि
  • दूनू केवल मनोरंजन अछि
  • दूनू केवल छन्दशास्त्र अछि
पत्र-पत्रिका-विमर्श पाठक, वितरण आ प्रबंधन उठबैत अछि; भाषापाक मानक भाषा आ कोषक आधार दैत अछि।
2828. विहनि कथा आ जाति-व्याख्यानकेँ साथ पढ़ला पर अंक ७३ कोन सामाजिक प्रश्न खोलैत अछि?
  • जाति, घरेलू श्रम, बालकक स्थिति आ आधुनिक समाजक अन्तर्विरोध
  • केवल मौसम-वर्णन
  • केवल संगीत-साधना
  • केवल प्रवासी पर्यटन
‘सत्संगी’ जातिगत पूर्वाग्रह खोलैत अछि, नवेन्दु खण्ड जाति व्यवस्थाक जीवन्तता पर विमर्श करैत अछि।
2829. ग्रामीण उपन्यास-विमर्श आ रेल-रिपोर्टकेँ तुलनात्मक रूपे पढ़लासँ कोन विचार बनैत अछि?
  • गाम स्थिर नहि; आर्थिक आधार, परिवहन आ सामाजिक बदलाव सँ बदलैत अछि
  • गामक साहित्यसँ कोनो सम्बन्ध नहि
  • रेल साहित्यक विरोधी अछि
  • ग्रामीणता केवल अतीत अछि
ग्रामीण लेख गामक ससरैत रूप आ आर्थिक आधारक बात करैत अछि; रेल-रिपोर्ट क्षेत्रीय सम्पर्क आ विकासक संकेत दैत अछि।
2830. ‘किरण’ गद्य-कविता आ ग्रामीण चित्रण लेखक साझा जनवादी संकेत की अछि?
  • मनुक्ख, माटि, निम्नवर्गीय यथार्थ आ लोक-संस्कृतिपर केन्द्रित दृष्टि
  • केवल दरबार आ अभिजात्य
  • केवल सजावटी अलंकार
  • केवल तकनीकी सूचना
किरण-कविता मनुक्ख-पूजन, तृणमूल आ डोमटोली-मुसहरीक संकेत दैत अछि; ग्रामीण लेख माटि-पानि आ सामाजिक आधारक आग्रह करैत अछि।
2831. अंक ७३मे गजल आ छठि-कविताक साथ-साथ उपस्थितिसँ कोन काव्य-फैलाव स्पष्ट होइत अछि?
  • शहरी/आधुनिक गजल-संवेदना आ लोक-पर्वक व्यंग्यात्मक पुनर्पाठ दुनू
  • केवल संस्कृत महाकाव्य
  • केवल बालगीत
  • केवल कथा-वाचन
गजल सभ आधुनिक सामाजिक/ऋतु/नैतिक भाव लाबैत अछि, जबकि ‘एहि बेर छठि मे’ लोक-पर्वकेँ आधुनिक दृश्यसँ जोड़ैत अछि।
2832. अंक ७३क प्रवासी अनुवाद खण्ड मैथिली साहित्यक कोन आवश्यकता पूरा करैत अछि?
  • मैथिली रचना विश्व-पाठक धरि पहुँचाबय लेल भाषिक सेतु
  • स्थानीय पाठक हटाबय लेल
  • कथा रोकय लेल
  • पत्रिका बंद करय लेल
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्ड मैथिली मूल कविताकेँ अंग्रेजी अनुवाद द्वारा बाहरी पाठक धरि लऽ जाइत अछि।
2833. अंक ७३मे बाल-साहित्यक उपस्थिति शोधार्थी लेल कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई साहित्यिक आन्दोलनकेँ पीढ़ीगत संस्कार आ लोक-स्मृति सँ जोड़ैत अछि
  • ई केवल रिक्त स्थान भरैत अछि
  • ई वयस्क साहित्यक विरोधी अछि
  • ई तकनीकी निर्देश मात्र अछि
बाल शीर्षक सभ गामक घरेलू स्मृति आ लोक-जीवनक बिम्ब बाल-पाठक धरि लऽ जाइत अछि।
2834. मिथिला कला-संगीत आ भाषापाकक संयुक्त पाठ कोन सांस्कृतिक परियोजना देखबैत अछि?
  • दृश्य/संगीत परम्परा आ भाषा-मानक, दुनूकेँ साहित्यिक मंचपर जोड़ब
  • केवल समाचार सूची
  • केवल निजी पता
  • केवल छायाचित्र
कला-संगीत खण्ड संस्कृति फैलाबैत अछि, भाषापाक मानक भाषा आ कोषक आधार बनबैत अछि।
2835. अंक ७३क समेकित शोध-निष्कर्ष कोन अछि?
  • विदेह साहित्यिक ई-पत्रिका मात्र नहि, बल्कि भाषा, समाज, लोकजीवन, आलोचना, बाल-संस्कार, कला आ प्रवासी संवादक बहुस्तरीय मंच अछि
  • अंक ७३ केवल पृष्ठ-सूची अछि
  • अंक ७३मे सामाजिक सामग्री नहि
  • अंक ७३मे भाषा-विमर्श अनुपस्थित अछि
अंकक सामग्री-संरचना बहुविध विधा, समाज, भाषा, कला, बाल-साहित्य आ प्रवासी संवादकेँ एक संग रखैत अछि।

2836. अंक ७२केँ द्वितीय-पासमे नाट्य-प्रधान अंक कहबाक मुख्य कारण की अछि?
  • हास्य रेडियो नाटक, पूर्ण नाटक, नाटक-आलोचना, अंग्रेजी नाटक-विमर्श आ अनेक एकांकी एकहि अंकमे अछि
  • केवल गीत-संग्रह प्रकाशित भेल अछि
  • अंकमे नाटक-विधा अनुपस्थित अछि
  • केवल तकनीकी सूचना अछि
सामग्री-सूचीमे ‘आब मानि जाउ ने’, ‘रिहर्सल’, मैथिली नाटकक विकास, चारिटा अंग्रेजी नाटक, एकांकीक रंगमंचीय प्रयोग आ तीन एकांकी एक संग सूचीबद्ध अछि।
2837. अंक ७२क गद्य-विन्यास कोन साहित्यिक फैलाव देखबैत अछि?
  • नाटक, एकांकी, रंगमंच, भाषिक-राजनीति, कथा-गोष्ठी, दीर्घकथा, लघुकथा आ कथा
  • केवल बालगीत
  • केवल व्याकरण-सूत्र
  • केवल विज्ञापन
गद्य खण्डमे नाट्य सामग्रीक संग मैथिलीमे सपथ, कथा-गोष्ठी, दीर्घकथा, लघुकथा आ कथा शामिल अछि।
2838. अंक ७२मे हास्य रेडियो नाटक आ रंगमंचीय नाटकक साथ-साथ उपस्थिति की संकेत करैत अछि?
  • मैथिली नाटक ध्वनि-माध्यम आ मंच दुनू दिशामे सक्रिय छल
  • नाटक केवल पुस्तकमे सीमित छल
  • रेडियो आ रंगमंचक कोनो सम्बन्ध नहि
  • साहित्य केवल पद्य धरि सीमित छल
एक दिस ‘आब मानि जाउ ने’ रेडियो नाटक अछि, दोसर दिस ‘रिहर्सल’ मंच-संस्कृति आ समाजक संकट उठबैत अछि।
2839. गद्य-सूचीमे ‘मैथिली नाटकक विकासमे आनंद जीक योगदान’ ककर लेख रूपमे देल अछि?
  • शिवकुमार झा ‘टिल्लू’
  • विनीत उत्पल
  • किशन कारीगर
  • राजदेव मंडल
सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क नामक संग मैथिली नाटकक विकासमे आनंद जीक योगदान शीर्षक देल अछि।
2840. अंक ७२क सामग्रीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘चारिटा अंग्रेजी नाटक’ कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई मैथिली मंचपर तुलनात्मक अंग्रेजी नाटक-विमर्शक सेतु बनबैत अछि
  • ई केवल स्थानीय समाचार अछि
  • ई बाल-कविता मात्र अछि
  • ई कथा-गोष्ठीक प्रतिवेदन अछि
चार अंग्रेजी नाटकक चर्चा मैथिली पाठककेँ विश्व-नाट्य परम्परासँ जोड़बाक काम करैत अछि।
2841. प्रकाश चन्द्रक ‘प्रयोग—एकांकीक रंगमंचीय प्रयोग’ शीर्षक कोन पक्षक संकेत दैत अछि?
  • एकांकीकेँ केवल पाठ नहि, मंच-साधना रूपे देखबाक आग्रह
  • कथा केँ कविता बनाबय के तकनीक
  • गीतक मात्रिक गणना
  • पुरान अंक डाउनलोड
शीर्षकमे ‘रंगमंचीय प्रयोग’ शब्द एकांकीक मंचीय व्यवहार आ प्रस्तुति-दृष्टि पर केन्द्रित अछि।
2842. अंक ७२मे तीन स्वतंत्र एकांकीक उपस्थिति कोन बात स्पष्ट करैत अछि?
  • एकांकी-विधा मैथिली रचनाक सक्रिय क्षेत्र छल
  • एकांकी अनुपस्थित छल
  • केवल निबंध प्रकाशित छल
  • नाटकक बदला केवल समाचार छल
धीरेन्द्र कुमार, डॉ. शेफालिका वर्मा आ ज्योति सुनीत चौधरीक एकांकी सामग्री-सूचीमे अलग-अलग देल अछि।
2843. ज्योति सुनीत चौधरीसँ मुन्नाजीक गप्प-सप्प जोड़ल रहबाक अर्थ की अछि?
  • अंक रचना मात्र नहि, रचनाकार-संवाद सेहो देत अछि
  • अंक संवाद-विहीन अछि
  • ई केवल खेल-रिपोर्ट अछि
  • ई केवल कोष-सूचना अछि
ज्योति सुनीत चौधरीक एकांकी ‘केसर’क संग हुनकासँ मुन्नाजीक गप्प-सप्प सेहो देल अछि।
2844. अंक ७२मे भाषिक-राजनीतिक घटना कोन शीर्षकसँ अबैत अछि?
  • बिहारोमे मैथिली—मैथिली मिथिलाक विधायक सभ मैथिलीमे सपथ लेलन्हि
  • सैण्टाक अस्तित्व
  • टीटनेस
  • परिश्रमक भीख
सुजीत कुमार झाक शीर्षक मैथिलीमे विधायकसभक सपथ लेबाक भाषिक-राजनीतिक प्रसंग दर्ज करैत अछि।
2845. अंक ७२क समग्र संरचना शोधार्थीकेँ कोन संकेत दैत अछि?
  • मैथिली साहित्यिक मंच नाटक, भाषा-आन्दोलन, कथा, कविता, बाल-साहित्य आ प्रवासी अनुवादकेँ एक संग समेटैत छल
  • अंक केवल निजी पता-सूची छल
  • अंकमे सृजनात्मक लेखन नहि छल
  • अंक केवल तकनीकी मार्गदर्शिका छल
सामग्री-सूची बहुविध विधा आ भाषा-सांस्कृतिक प्रसंग सभकेँ एकहि अंकमे रखैत अछि।

2846. ‘आब मानि जाउ ने’मे राजेशक भूमिका कोन रूपमे परिचयित अछि?
  • नायक
  • समालोचक
  • गायक-मात्र
  • प्रकाशक
परिचय-पातमे राजेशकेँ नायक कहल गेल अछि।
2847. नाटकमे कमलाकेँ राजेशक सम्बन्धमे कोन रूपमे चिन्हित कएल गेल?
  • राजेशक पत्नी, पाही वाली
  • मनोहरक पत्नी
  • नीलूक सहेली
  • कथा-वाचक
परिचय-पातमे कमला राजेशक पत्नी उर्फ पाही वाली कहल गेल अछि।
2848. मनोहरक परिचय राजेशसँ कोना जुड़ल अछि?
  • राजेशक लंगोटिया दोस्त
  • राजेशक विरोधी राजा
  • कवि-संपादक
  • केवल श्रोता
चरित्र-परिचयमे मनोहरकेँ राजेशक लंगोटिया दोस्त कहल गेल अछि।
2849. विमलाक परिचय नाटकमे कोन रूपमे अछि?
  • मनोहरक पत्नी, ठारही वाली
  • कमलाक बहिन
  • नीलूक बेटी
  • राजेशक गुरु
परिचय-पातमे विमला मनोहरक पत्नी उर्फ ठारही वाली रूपमे देल अछि।
2850. रेडियो-नाटकक आरम्भिक दृश्यमे कमलाक मनोदशा कोन अछि?
  • राजेशक बाट ताकैत-ताकैत खिसियायल/अकछायल
  • पूर्ण उत्सवधर्मी
  • निश्चिन्त आ निर्लिप्त
  • नृत्य-प्रसन्न
प्रथम दृश्यमे कमला बाट तकबाक झुँझलाहट आ राजेशक अवस्थापर खिसियाहट व्यक्त करैत अछि।
2851. राजेशक प्रवेशक समय ओकर अवस्था कोना संकेतित अछि?
  • दारूक निशामे बरबराइत
  • मौन तपस्वी जकाँ
  • विद्यालयक शिक्षक जकाँ
  • न्यायाधीश जकाँ
दृश्य-निर्देशमे राजेशकेँ दारूक निशामे बरबराइत प्रवेश करैत देखाओल गेल अछि।
2852. कमलाक क्रोधक हास्यात्मक कारण कोन अछि?
  • राजेश घर अबैत देरी करैत अछि आ ओकर अवस्था अस्त-व्यस्त अछि
  • राजेश कविता नहि पढ़ैत
  • मनोहर खेतमे नहि गेल
  • नीलू पत्रिका नहि पढ़लक
संवादमे कमला बाट ताकबाक थकान, राजेशक नशा आ ओकर गैर-जिम्मेदारी पर व्यंग्य करैत अछि।
2853. नाटकक अन्त दिस राजेशक उपहार कोन हास्य मोड़ लाबैत अछि?
  • पहिने रेडियो, फेर झुमका देखाए पत्नीकेँ मनाबय
  • केवल पुस्तक देब
  • खाली बैग देब
  • किसानक पूँजी बाँटब
अन्तमे बैग खोलला पर रेडियो भेटैत अछि, कमला झुमका पूछैत अछि, आ राजेश बरेलीवला झुमका सेहो अनबाक बात कहैत अछि।
2854. अन्तिम दृश्यमे सामूहिक ठहक्का आ ध्वनि-प्रभाव की सिद्ध करैत अछि?
  • ई रेडियो माध्यम लेल लिखल हास्य-नाट्य संरचना अछि
  • ई मौन नाटक अछि
  • ई केवल आलोचनात्मक निबंध अछि
  • ई गजल-संग्रह अछि
हँसीक ध्वनि-प्रभाव आ सामूहिक ठहक्का रेडियो नाटकक श्रव्य-हास्य तकनीक स्पष्ट करैत अछि।
2855. ‘आब मानि जाउ ने’क मूल हास्य-तंत्र की अछि?
  • दाम्पत्य रूठब-मनाबय, देरी, नशा, उपहार आ दोस्तक टिप्पणी
  • युद्ध-वर्णन
  • पुराणक शास्त्रीय वाद-विवाद
  • कोष-रचना
नाटक दाम्पत्य संवाद, रूठल पत्नी, भेंट-उपहार आ मित्रक हास्य टिप्पणीपर टिकल अछि।

2856. ‘रिहर्सल’ नाटकक प्रस्तावना मिथिलाक कोन संकटकेँ छोट रूपक कहैत अछि?
  • सांस्कृतिक संकट
  • केवल आर्थिक मंदी
  • केवल मौसमक समस्या
  • केवल लिपि-विवाद
प्रस्तावना ‘रिहर्सल’केँ मिथिलामे व्याप्त सांस्कृतिक संकटक छोट रूपक कहैत अछि।
2857. ‘जाति बदलल मुदा जातिक चालि नहि बदलल’ कथन ककर आलोचना करैत अछि?
  • रूप बदलला परो सामाजिक प्रवृत्ति न बदलबाक स्थिति
  • भाषा-लिपिक तकनीक
  • बालगीतक मीटर
  • अनुवादक शब्दकोष
प्रस्तावनात्मक अंश जातिक बदरंग भूमिका जीवित रहबाक बात करैत अछि।
2858. ‘रिहर्सल’मे जाति, धर्म, राजनीति आ साहित्यक ‘कॉकटेल’ कोन दृश्य उपस्थित करैत अछि?
  • गेन्हायल आ कुत्सित सामाजिक दृश्य
  • पूर्ण आदर्शलोक
  • शुद्ध बाल-क्रीड़ा
  • केवल प्रकृति-वर्णन
नाटक-भूमिकामे ई मिश्रण गेन्हायल आ कुत्सित दृश्य उपस्थित करैत अछि कहल गेल अछि।
2859. ‘रिहर्सल’ सम्बन्धी टिप्पणीमे नाटकक दृष्टि ककर विरोध करैत अछि?
  • संकटकेँ ग्लैमराइज वा रूपान्तरित करबाक प्रवृत्ति
  • सामाजिक आलोचना
  • मंचीय अनुभव
  • नवतुरिया सहयोग
स्पष्ट कहल गेल अछि जे नाटक एहि दृश्यकेँ ने ग्लैमराइज करैत अछि ने रूपांतरित।
2860. टी. एस. इलियटक विचारक संदर्भमे ‘रिहर्सल’ टिप्पणी कोन दूरीक प्रश्न उठबैत अछि?
  • भोक्ता आ रचयिताक बीच दूरी
  • देवनागरी आ तिरहुताक दूरी
  • गजल आ गीतक दूरी
  • शहर आ नदीक दूरी
टिप्पणीमे भोक्ता आ रचयिताक दूरी रचनात्मकता लेल अनिवार्य होएबाक विचारक उल्लेख अछि।
2861. गाममे मंचनक अनुभव लेखककेँ कोन आवश्यकता बुझबैत अछि?
  • नाटकीय अभिरुचिक परिष्कार एखनहु जरूरी अछि
  • नाटक लिखब बंद करबाक
  • कविता हटेबाक
  • गाममे दर्शक नहि रहबाक
भूमिकामे गाममे मंचनक समय नाटकीय अभिरुचिक परिष्कार अपरिहार्य बुझाएल गेल।
2862. नाटककार नवतुरिया छौरा-छपाठीसँ भेटल सहयोगकेँ कोना देखैत छथि?
  • गदगद करयवला सहयोग
  • पूर्ण अवरोध
  • केवल औपचारिकता
  • कोनो उल्लेख नहि
प्रस्तावना कहैत अछि जे गामक नवतुरिया छौरा-छपाठीसँ भेटल सहयोग गदगद कऽ देलक।
2863. ‘रिहर्सल’क लेखन-प्रसंगमे उदयनाचार्य मिथिला पुस्तकालयक उल्लेख कियैक अछि?
  • प्रथम वर्षाब्दीक कार्यक्रम लेल नाटक लिखल गेल छल
  • ओतहि कोष बनल
  • ओतहि प्रवासी अनुवाद भेल
  • ओतहि गीत रेकर्ड भेल
टिप्पणीमे पुस्तकालयक प्रथम वर्षाब्दीक अवसर पर आयोजित कार्यक्रम लेल लेखन भेल बताओल गेल।
2864. नाटकमे जाति सभक नाम काल्पनिक रखल गेलाक बादो संघर्ष कोन स्तरपर स्पष्ट अछि?
  • तथाकथित छोटका आ बड़का समूहक सामाजिक संरचना
  • केवल पारिवारिक हास्य
  • केवल जंगलक वर्णन
  • केवल भाषापाक
भूमिका कहैत अछि जे नाम काल्पनिक अछि, मुदा छोटका-बड़का संघर्षसँ समाजक संरचना आ प्रवृत्ति स्पष्ट होइत अछि।
2865. पहिल दृश्यक घरमे विद्यापति, रवीन्द्रनाथ, निराला, प्रसाद, मोहन राकेश, हरिमोहन झा आ यात्रीक फोटो कियैक अर्थपूर्ण अछि?
  • मंच-सज्जा साहित्यिक-सांस्कृतिक परम्पराक स्मृति बनबैत अछि
  • ई केवल रंग-सजावट अछि
  • ई विज्ञापन-सूची अछि
  • ई संगीत-तालिका अछि
दृश्य-वर्णनमे साहित्यकारसभक फोटो घरकेँ सांस्कृतिक स्मृति आ रंगमंचीय वातावरणसँ जोड़ैत अछि।

2866. मैथिली नाटकक विकासपर लेख ककर योगदानकेँ केन्द्रमे राखैत अछि?
  • आनंद जी
  • राजेश
  • कमला
  • कृष्ण
शीर्षक स्वयं मैथिली नाटकक विकासमे आनंद जीक योगदानक चर्चा करैत अछि।
2867. मैथिली नाटक-विमर्शमे पंडित जीवन झासँ झिझिरकोना आ तालमुट्ठी धरि संदर्भ देबाक अर्थ की अछि?
  • नाट्य-परम्पराक ऐतिहासिक विस्तार देखाबय
  • केवल छन्द-परिवर्तन
  • केवल कृषि-सूचना
  • केवल बाल-कथा
लेख आरम्भमे पुरान नाटककार आ कृति-संदर्भसँ मैथिली नाट्य-परम्पराक विस्तार बनबैत अछि।
2868. लेखमे महेन्द्र मलंगियाक उदाहरण कियैक देल गेल?
  • मैथिली नाटककारक प्रतिष्ठा, पुरस्कार आ विविध नाटक-रचना देखाबय
  • रेडियो खरीदबाक प्रसंग
  • बाल कविता समझाबय
  • गजल लिखबाक नियम
लेख महेन्द्र मलंगियाक सम्मान आ हुनक अनेक नाटकक उल्लेख करैत अछि।
2869. ‘काठक लोक’ पर टिप्पणीमे भाषा-प्रयोगक कोन आलोचनात्मक प्रश्न उठैत अछि?
  • कृति मैथिली नाटक कतए धरि अछि, जखन बिम्ब आ विवेचन मैथिलीसँ बेसी आन भाषा दिस जाइत अछि
  • ओ गीत अछि कि नहि
  • ओ बालकथा अछि कि नहि
  • ओ कोष अछि कि नहि
लेख कहैत अछि जे आन भाषाक प्रयोग पात्र-संगति लेल सम्भव अछि, मुदा अतिशय प्रयोग नाटकक मैथिलीपन पर प्रश्न उठबैत अछि।
2870. ‘चारिटा अंग्रेजी नाटक’ विमर्शक आधार ककर अध्ययन कहल गेल?
  • परशुराम झाक अंग्रेजी नाटकमे शान्ति-आयाम सम्बन्धी अध्ययन
  • किसानक पूँजी
  • आब मानि जाउ ने
  • सैण्टाक अस्तित्व
निबंधक आधार परशुराम झाक अंग्रेजी नाटकमे शान्ति-विमर्श सम्बन्धी अध्ययन कहल गेल अछि।
2871. चारिटा अंग्रेजी नाटकमे पहिल तीन नाटकक धार्मिक स्वरूप आ ‘स्ट्राइफ’क भिन्नता कोना बताओल गेल?
  • पहिल तीन मुख्यतः धार्मिक, ‘स्ट्राइफ’ आधुनिक धर्मनिरपेक्ष नाटक
  • सभटा बाल-कथा
  • सभटा लोकगीत
  • सभटा मैथिली एकांकी
निबंधमे डॉक्टर फॉस्टस, सैमसन एगोनिस्टेस, मर्डर इन द कैथेड्रल मुख्यतः धार्मिक आ स्ट्राइफ धर्मनिरपेक्ष कहल अछि।
2872. डॉक्टर फॉस्टस सम्बन्धी अंशमे क्रिस्टोफर मारलोवेक नाट्य-महत्त्व कोन रूपमे अबैत अछि?
  • एलिजाबेथ युग, ब्लैंक वर्स-गद्य मिश्रण आ सेक्सपियरक समकालीनता
  • कथा-गोष्ठी प्रतिवेदन
  • बालगीतक अभ्यास
  • रेडियो-हास्य
अंशमे मारलोवे, एलिजाबेथ युग, ब्लैंक वर्स आ सेक्सपियरक समकालीनता उल्लेखित अछि।
2873. सैमसन एगोनिस्टेस सम्बन्धी टिप्पणीमे ‘क्लोजेट नाटक’क अर्थ की बताओल गेल?
  • मंचनक लेल नहि, पढ़बा वा जोर-सँ सुनाबय लेल लिखल नाटक
  • खेतमे खेलल जाएवला नाटक
  • बाल-चित्रकथा
  • कोष-सूची
अंशमे क्लोजेट नाटक तकरा कहल गेल जे मंचन लेल नहि, असगर वा संग-संग पढ़बाक लेल लिखल हो।
2874. मर्डर इन द कैथेड्रल आ स्ट्राइफक उल्लेख ककर व्यापक साहित्यिक पुल बनबैत अछि?
  • टी. एस. इलियट आ जॉन गाल्सवर्दी मार्फत आधुनिक अंग्रेजी नाटकसँ मैथिली पाठकक परिचय
  • केवल देसी गीत
  • केवल शिशु साहित्य
  • केवल मुद्रण-विधान
निबंध ई अंग्रेजी नाटककारसभक कृतिसँ मैथिली पाठककेँ तुलनात्मक नाट्य-विमर्श दिस लऽ जाइत अछि।
2875. अंक ७२मे मैथिली नाटक-विकास आ अंग्रेजी नाटक-विमर्श संग-संग देल गेलाक शोध-महत्त्व की अछि?
  • स्थानीय नाट्य-परम्परा आ विश्व-नाट्य परम्पराक तुलनात्मक पाठ संभव होइत अछि
  • कथा विधा हटि जाइत अछि
  • भाषा-प्रश्न अप्रासंगिक भऽ जाइत अछि
  • बाल-साहित्यक स्थान समाप्त होइत अछि
अंक मैथिली नाटकक इतिहासक संग अंग्रेजी धार्मिक/धर्मनिरपेक्ष नाटकक विवेचन राखि तुलनात्मक दृष्टि खोलैत अछि।

2876. ‘प्रयोग—एकांकीक रंगमंचीय प्रयोग’ शीर्षकमे ‘प्रयोग’ शब्द कोन रचनात्मक आग्रह करैत अछि?
  • एकांकीकेँ मंचपर आजमयबाक आ रूप-संरचना पर सोचबाक आग्रह
  • कविता छोड़बाक आग्रह
  • कथा-गोष्ठी रोकबाक आग्रह
  • भाषा बदलबाक आग्रह
शीर्षक एकांकीक मंचीय प्रयोगशीलता पर केन्द्रित अछि।
2877. धीरेन्द्र कुमारक एकांकी ‘जरैत मोमबत्ती’ शीर्षक कोन प्रतीक-संभावना जगबैत अछि?
  • जलैत प्रकाश, क्षय, समय आ संवेदनाक प्रतीक
  • केवल खेलकूद
  • केवल कोष-रचना
  • केवल यात्रा-वृत्त
शीर्षक ‘जरैत मोमबत्ती’ नष्ट होइत-होइत प्रकाश देबाक प्रतीकात्मकता खोलैत अछि।
2878. डॉ. शेफालिका वर्माक ‘एकटा आर महाभिनिष्क्रमण’ कोन परम्परासँ संवाद करैत शीर्षक अछि?
  • त्याग/निर्गमनक बौद्ध-सांस्कृतिक स्मृति
  • रेडियो-उपहार
  • बालगीत
  • गजल-छन्द
‘महाभिनिष्क्रमण’ शब्द बौद्ध परम्पराक त्याग-निर्गमनक अर्थ-संसार जगबैत अछि।
2879. ज्योति सुनीत चौधरीक ‘केसर’क संग गप्प-सप्प जोड़ल गेलाक विधागत संकेत की अछि?
  • कृति आ रचनाकार-चेतना दुनू पाठक सामने अनबाक कोशिश
  • कृति बिना लेखक
  • केवल समाचार
  • केवल शब्दकोष
एकांकीक संग लेखकासँ संवाद देल गेल अछि, जाहिसँ कृति-प्रसंग आ रचनाकार-दृष्टि दुनू खुलैत अछि।
2880. एकहि अंकमे धीरेन्द्र कुमार, डॉ. शेफालिका वर्मा आ ज्योति सुनीत चौधरीक एकांकी देल गेलासँ की स्पष्ट होइत अछि?
  • एकांकी-विधा अनेक रचनाकारक साझा सक्रियता बनि रहल छल
  • एकांकी केवल एक लेखक धरि सीमित छल
  • अंकमे स्त्री-रचनाकार अनुपस्थित छल
  • अंकमे नाटक-विधा हटल छल
तीनू अलग रचनाकारक एकांकी उपस्थिति एकांकीक बहुकेंद्रियता देखबैत अछि।
2881. एकांकी-समूह आ ‘रिहर्सल’क संग पढ़ला पर अंक ७२ कोन मंच-दृष्टि दैत अछि?
  • लघु नाट्यरूप आ विस्तृत नाटक, दुनूकेँ मंचीय-सामाजिक प्रसंगमे पढ़ब
  • नाटककेँ पाठकसँ काटब
  • कविताकेँ हटाब
  • भाषापाककेँ रोकब
अंकमे एकांकी आ ‘रिहर्सल’ एक संग उपस्थित अछि, जाहिसँ छोट नाट्यरूप आ सामाजिक नाटकक संयुक्त पाठ संभव अछि।
2882. ज्योति सुनीत चौधरीक सामग्री गद्य आ पद्य दुनूमे किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ओ एकांकी, संवाद, कविता, कला-संगीत आ प्रवासी अनुवाद-क्षेत्रसँ जुड़ि बहुविध उपस्थिति बनबैत छथि
  • ओ केवल तकनीकी सूचनामे छथि
  • ओ केवल एक पंक्ति समाचारमे छथि
  • ओ केवल कोष सूचीमे छथि
अंकमे हुनक एकांकी, गप्प-सप्प, पद्य-सामग्री, कला-संगीत-संदर्भ आ प्रवासी अनुवादक उल्लेख भेटैत अछि।
2883. ‘एकांकीक रंगमंचीय प्रयोग’ आ ‘केसर’केँ साथ पढ़लासँ कोन बात बुझाइत अछि?
  • एकांकी पाठ्य सामग्री मात्र नहि, प्रस्तुति आ रचनाकार-संवादक माध्यम सेहो अछि
  • एकांकी केवल छन्द अछि
  • एकांकी केवल इतिहास अछि
  • एकांकी केवल चित्रकला अछि
एक दिस प्रयोग-लेख मंचीय पक्ष उठबैत अछि, दोसर दिस एकांकी आ लेखक-संवाद रचनात्मक पक्ष खोलैत अछि।
2884. अंक ७२मे एकांकी-समूहक आलोचनात्मक उपयोग शोधार्थी कोना कऽ सकैत अछि?
  • शीर्षक, रचनाकार, मंच-प्रयोग आ संवादकेँ मिलाकऽ मैथिली लघु-नाटकक प्रवृत्ति पढ़ि सकैत अछि
  • केवल पृष्ठ-सूची गनि सकैत अछि
  • केवल फोटो देख सकैत अछि
  • केवल पता-सूची बनाबि सकैत अछि
अंक एकांकीक विविध शीर्षक, रंगमंचीय प्रयोग आ रचनाकार संवाद एकहि ठाम दैत अछि।
2885. एकांकी-सम्बन्धी सामग्रीक केंद्रीय शोध-विषय की बनि सकैत अछि?
  • मैथिलीमे लघु नाट्यरूपक प्रयोगशीलता, प्रतीक-रचना आ मंचीयता
  • केवल अंक-संख्या
  • केवल टंकण-फॉन्ट
  • केवल डाउनलोड-सूचना
एकांकी शीर्षकसभ, रंगमंचीय प्रयोग आ संवाद मिलि लघु नाट्यरूपक प्रयोगशीलता देखबैत अछि।

2886. सुजीत कुमार झाक शीर्षकमे ‘मैथिलीमे सपथ’क प्रसंग कोन व्यापक मुद्दा उठबैत अछि?
  • लोकतांत्रिक संस्थामे मातृभाषाक सार्वजनिक मान्यता
  • केवल निजी पारिवारिक विवाद
  • केवल प्रेम-कविता
  • केवल रसोई-वर्णन
विधायकसभक मैथिलीमे सपथ लेब भाषिक स्वीकृति आ सार्वजनिक स्थानक प्रश्नसँ जुड़ल अछि।
2887. मिथिलाक विधायकसभक मैथिलीमे सपथ लेबाक शीर्षक कियैक साहित्यिक अंकमे महत्त्वपूर्ण अछि?
  • साहित्यिक मंच भाषा-आन्दोलनक सामाजिक-राजनीतिक संकेत सेहो दर्ज करैत अछि
  • ई शुद्ध विज्ञापन अछि
  • ई केवल रंगमंचीय उपहास अछि
  • ई गजल मात्र अछि
अंक साहित्यक संग भाषा-अधिकारक घटना सेहो प्रकाशित करैत अछि।
2888. नेपालक संविधानसभामे मातृभाषा-सपथक उल्लेख मैथिली आन्दोलनकेँ कोन तुलनात्मक परिप्रेक्ष्य दैत अछि?
  • भारत-नेपाल दुनू ठाम सार्वजनिक संस्थामे मैथिलीक दावेदारी
  • केवल एक गामक कथा
  • केवल रेडियो-नाटक
  • केवल चित्रकला
स्रोत अंशमे नेपालमे सभासदसभक मातृभाषामे सपथ, मात्रिका प्रसाद यादव आ परमानन्द झा संबंधी मैथिली-सपथ प्रसंग आवैत अछि।
2889. धीरेन्द्र प्रेमर्षिक कथनक आधारपर मैथिली आन्दोलनक दिशा कोना देखाओल गेल?
  • सही दिसामे जा रहल आन्दोलनक संकेत
  • पूर्ण विफल आन्दोलन
  • साहित्यसँ असंबद्ध घटना
  • केवल हास्य प्रसंग
अंशमे धीरेन्द्र प्रेमर्षिक शब्दमे मैथिली आन्दोलन सही दिसामे जा रहल अछि कहल गेल।
2890. परमानन्द झाक सपथ-प्रसंगमे विवादक बाद मैथिलीमे सपथ लेबाक घटना की देखबैत अछि?
  • भाषा-मान्यता संघर्ष आ सार्वजनिक दबावक प्रभाव
  • भाषाक अप्रासंगिकता
  • नाटकक अंत
  • कोषक निर्माण
स्रोतमे प्रारम्भिक भाषा-विवादक बाद मैथिलीमे सपथ लेनाइ उल्लेखित अछि।
2891. उमेश मंडलक ‘सुपौलक कथा गोष्ठी’ शीर्षक साहित्यिक सार्वजनिकता कियैक बनबैत अछि?
  • गोष्ठी रचनाकार-पाठक समुदायक सार्वजनिक संवाद-संरचना अछि
  • ई केवल मौसम-सूचना अछि
  • ई निजी पता-सूची अछि
  • ई बालगीतक पंक्ति अछि
कथा-गोष्ठी शीर्षक साहित्यिक आयोजन आ सामूहिक कथा-चर्चाक संकेत दैत अछि।
2892. भाषा-सपथ आ कथा-गोष्ठीकेँ साथ पढ़ला पर अंक ७२ कोन बात कहैत अछि?
  • मैथिली आन्दोलन राजनीतिक मान्यता आ साहित्यिक समुदाय दुनू स्तरपर सक्रिय छल
  • भाषा आ साहित्य अलग-अलग असंबद्ध छल
  • कथा-गोष्ठीमे भाषा-प्रश्न नहि उठैत
  • सपथ केवल हास्य प्रसंग छल
एक सामग्री संस्थागत मातृभाषा-स्वीकृति पर अछि, दोसर साहित्यिक गोष्ठी पर—दूनू मिलि जन-समुदाय बनबैत अछि।
2893. अंक ७२मे भाषिक-राजनीतिक लेख आ नाटक-प्रधान गद्यक सहअस्तित्वक अर्थ की अछि?
  • रंगमंचीय चेतना आ भाषा-अधिकार एकहि सांस्कृतिक आन्दोलनक भाग रूपे देखाइत अछि
  • नाटक भाषा-आन्दोलनक विरोधी अछि
  • भाषा लेख कविता हटबैत अछि
  • दूनू केवल संयोगवश असंबद्ध अछि
अंक नाटक, सपथ, गोष्ठी आ कथा सभकेँ एकहि साहित्यिक मंचमे राखैत अछि।
2894. भाषा-सपथ विषयक सामग्री शोधार्थी लेल कोन प्रश्न खोलैत अछि?
  • मातृभाषा, प्रतिनिधित्व, संविधानिक/सार्वजनिक स्थान आ सांस्कृतिक अस्मिता
  • केवल पात्र-परिचय
  • केवल छायाचित्र
  • केवल लय-गणना
सपथ प्रसंग भाषा-मान्यता आ लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्वक मुद्दा खोलैत अछि।
2895. अंक ७२क भाषा-आन्दोलन सामग्रीमे मुख्य सावधानी की चाही?
  • स्रोतमे जे सार्वजनिक घटना दर्ज अछि ताहिपर प्रश्न बनाउ; प्रतिबंधित विवादित सामग्री नहि छुइ
  • हर विवादकेँ विस्तार देब
  • व्यक्तिगत गप्प बनाउ
  • पता-सूची गिनू
एहि बैचमे केवल मैथिली-सपथ, आन्दोलन-दिशा आ कथा-गोष्ठी जेकाँ सत्यापित सार्वजनिक सामग्रीपर प्रश्न बनाओल गेल अछि।

2896. विनीत उत्पलक ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री’ अंक ७२मे कोन रूपमे आबैत अछि?
  • दीर्घकथाक दोसर भाग
  • एकांकीक पहिल दृश्य
  • गजल-संग्रह
  • भाषापाक लेख
सूचीमे विनीत उत्पलक दीर्घकथा ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री—दोसर भाग’ देल अछि।
2897. ‘घोड़ीपर चढ़ि लेब हम डिग्री’ शीर्षकमे शिक्षा आ सामाजिक व्यंग्यक कोन संकेत अछि?
  • डिग्रीकेँ सामाजिक प्रतिष्ठा आ तमाशाक वस्तु बनयबाक व्यंग्य
  • केवल पशु-कथा
  • केवल गीत-संगीत
  • केवल कोष निर्माण
शीर्षक डिग्री, चढ़ान आ सामाजिक प्रदर्शनक संयुक्त व्यंग्यात्मक संभावना खोलैत अछि।
2898. अकलेश मंडलक ‘टीटनेस’ कोन विधामे सूचीबद्ध अछि?
  • लघुकथा
  • दीर्घकाव्य
  • एकांकी
  • अनुवाद-शास्त्र
सामग्री-सूचीमे अकलेश मंडलक ‘टीटनेस’ लघुकथा कहल गेल अछि।
2899. ‘टीटनेस’ शीर्षक लघुकथा लेल कोन प्रतीकात्मक दिशा खोलि सकैत अछि?
  • घाव, संक्रमण, डर आ सामाजिक उपेक्षाक संकेत
  • कृषि-समृद्धि मात्र
  • खाली उत्सव
  • बाल-खेल
शीर्षक चिकित्सा/घावक अर्थ-क्षेत्र जगबैत अछि; लघुकथा-विधामे ई सामाजिक या मानसिक संक्रमणक प्रतीक बनि सकैत अछि।
2900. कपिलेश्वर राउतक ‘किसानक पूजी’ कोन सामाजिक क्षेत्रकेँ कथा-विषय बनबैत अछि?
  • किसान, श्रम आ ग्रामीण अर्थव्यवस्था
  • केवल अंग्रेजी नाटक
  • केवल रेडियो-उपहार
  • केवल नृत्य
शीर्षकमे किसान आ पूँजीक प्रत्यक्ष सम्बन्ध ग्रामीण अर्थ-जीवनक कथा-दिशा खोलैत अछि।
2901. राम विलास साहुक ‘परिश्रमक भीख’ शीर्षकमे कोन अन्तर्विरोध अछि?
  • मेहनत करयवला मनुक्खक श्रम आ भीख-जकाँ विवशता
  • राजसी वैभव
  • निष्क्रिय विलास
  • केवल छन्द
शीर्षक परिश्रम आ भीखक टकराव दैत अछि, जे श्रमक अवमूल्यनक संकेत बनैत अछि।
2902. भारत भूषण झाक ‘आत्मबल’ शीर्षक कोन नैतिक-दिशा दैत अछि?
  • आत्मिक शक्ति आ संघर्ष-सामर्थ्य
  • केवल परिहास
  • केवल यात्रा-सूची
  • केवल दृश्य-सज्जा
शीर्षक आत्मबलकेँ कथा-विषय बनबैत अछि, अर्थात् व्यक्ति/समाजक भीतरक शक्ति।
2903. दीर्घकथा, लघुकथा आ कथा सभक एकहि गद्य-समूहमे उपस्थिति की संकेत करैत अछि?
  • अंक ७२मे कथात्मक गद्यक आकार-भेद सक्रिय अछि
  • कथा-विधा अनुपस्थित अछि
  • केवल कविता छापल गेल
  • गद्यमे केवल सम्पादकीय अछि
दीर्घकथा, लघुकथा आ सामान्य कथा अलग-अलग शीर्षकसँ देल गेल अछि।
2904. कथा-समूहमे शिक्षा, रोग, किसान, श्रम आ आत्मबल जेकाँ शीर्षक मिलला पर मुख्य सामाजिक क्षितिज की अछि?
  • ग्राम-समाज, श्रम, देह, शिक्षा आ नैतिक साहसक प्रश्न
  • केवल राजदरबार
  • केवल छायाचित्र
  • केवल भाषा-कोष
कथा शीर्षकसभ सामाजिक यथार्थक भिन्न-भिन्न क्षेत्र—डिग्री, टीटनेस, किसान, परिश्रम, आत्मबल—खोलैत अछि।
2905. अंक ७२क कथा-संरचना शोधार्थी लेल कियैक उपयोगी अछि?
  • ई लघु आ दीर्घ गद्यरूपमे सामाजिक व्यंग्य, श्रम-विमर्श आ ग्रामीण अर्थदशा पढ़बाक आधार दैत अछि
  • ई केवल तिथि-सूची अछि
  • ई केवल स्वर-तालिका अछि
  • ई केवल विज्ञापन अछि
कथा शीर्षकसभमे सामाजिक व्यंग्य, श्रम, किसान, देह-संकट आ आत्मबलक अनेक संकेत अछि।

2906. डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’क सामग्री अंक ७२मे कोन पद्यरूपमे देल अछि?
  • दूटा गजल
  • एकटा रेडियो नाटक
  • कथा-गोष्ठी
  • मिथिला चित्रकला
पद्य-सूचीमे डॉ. नरेश कुमार ‘विकल’क दूटा गजल देल अछि।
2907. ‘विकल’क गजलमे ‘नयन केर नीन्न’ आ ‘उन्हरिया राति’ जेकाँ बिम्ब कोन मनःस्थिति बनबैत अछि?
  • अशान्ति, प्रतीक्षा आ भीतरी बेचैनी
  • पूर्ण उत्सव
  • हास्य-रंग
  • कथा-गोष्ठी
गजल अंशमे नींद, राति, खटक, नाग, काँचक घर जेकाँ बिम्ब बेचैनी आ असुरक्षा बनबैत अछि।
2908. ‘पसारल छैक परतीमे हमर पथार सन जिनगी’ जेकाँ बिम्ब जीवनकेँ कोना देखैत अछि?
  • अनुपजाऊ, उपेक्षित आ असहाय विस्तार रूपे
  • सिंहासन रूपे
  • सम्पूर्ण विजय रूपे
  • बाल-क्रीड़ा रूपे
गजलमे जिनगीकेँ परती, लाचार, बीमार, बेकार आ तिरस्कार-जकाँ बिम्बसँ देखाओल गेल अछि।
2909. ज्योति सुनीत चौधरीक ‘सैण्टाक अस्तित्व’मे बच्चाक मिथ्या-विश्वास टूटबाक बाद कोन भाव अबैत अछि?
  • घायल मोन आ विश्वासक पुनर्मूल्यांकन
  • केवल विजयी हँसी
  • सैन्य परेड
  • कृषि-लेखा
कविता अंशमे सैण्टा सम्बन्धी खिस्सा सत मानि पैघ भेल बच्चाक सत्य बुझला पर घायल मोनक बात अछि।
2910. ‘सैण्टाक अस्तित्व’मे चन्द्रमाकेँ मामा कहबाक प्रसंग कियैक अबैत अछि?
  • बाल-लोकविश्वास आ विज्ञान-ज्ञानक टकराव देखाबय
  • सैन्य इतिहास बताबय
  • नाटकक मंच सजाबय
  • कथा-गोष्ठी गिनाबय
कविता बाल्य-विश्वास आ बादमे चन्द्रमाकेँ उपग्रह बुझबाक अनुभवक तुलनात्मक संकेत करैत अछि।
2911. राजेश मोहन झाक ‘उनटा-पुनटा’मे कोइली, बगुला, ताड़, पीपर, प्रजा आ नेता जेकाँ बिम्ब की बनबैत अछि?
  • उलटल सामाजिक-नैतिक संसारक व्यंग्य
  • साधारण प्रकृति-चित्र मात्र
  • शुद्ध भक्ति-काव्य
  • गणितीय तालिका
कविता अंश ‘कोइली काली बगुला गोर’ सँ शुरू भऽ सामाजिक उलटबाँसी आ राजनीतिक व्यंग्य बनबैत अछि।
2912. ‘साहित्यक विदूषक’ शीर्षकमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’ कोन आत्म-व्यंग्यात्मक स्थिति उठबैत छथि?
  • मैथिली साहित्यिक जगतमे उपेक्षा, चरचा-लालसा आ आत्म-पहचानक पीड़ा
  • केवल मौसम-वर्णन
  • केवल अनुवाद-सूची
  • केवल कृषि-लेखा
कविता अंशमे कवि अपन मैथिली-पठन, उपेक्षा, चरचा न भेटब आ जागरणक परचा बँटबाक भाव व्यक्त करैत छथि।
2913. ‘हम छी आजुक नेता’ शीर्षकमे आधुनिक राजनीतिक आचरणक कोन व्यंग्य सम्भावना अछि?
  • फूसि, प्रपंच, आदर्श-बेचब आ नेतागिरीक आलोचना
  • केवल बालगीत
  • शुद्ध प्रकृति-स्तुति
  • कोष-निर्माण
कविता अंशमे नेताकेँ फूसिक खाद, प्रपंचक पानि आ आदर्श बेचबाक बिम्बसँ जोडल गेल अछि।
2914. गंगेश गुंजनक ‘राधा—२७म खेप’मे राधा-कृष्ण प्रसंग कोन भाव-दिशा खोलैत अछि?
  • आत्मनिर्भरता, प्रेम, स्नेह-क्रोध आ सम्बन्धक नवे परिस्थिति
  • केवल बाजार-दर
  • केवल रेडियो-उपहार
  • केवल शब्दकोष
अंशमे कृष्ण राधाक आत्मनिर्भर भऽ जायबापर प्रसन्नता व्यक्त करैत छथि, आ राधा स्नेह-क्रोधमे उत्तर दैत छथि।
2915. अंक ७२क पद्य-समूहक समेकित प्रकृति की अछि?
  • गजल, बाल-विश्वास, सामाजिक उलटबाँसी, साहित्यिक आत्म-व्यंग्य, राजनीतिक व्यंग्य आ राधा-कृष्ण पुनर्पाठ
  • केवल एक रसक गीत
  • केवल धार्मिक सूची
  • केवल तकनीकी निर्देश
पद्य खण्ड अनेक स्वर—गजल, व्यंग्य, स्मृति, मिथक, राजनीति आ प्रेम-आत्मनिर्भरता—एक साथ लाबैत अछि।

2916. अंक ७२क मिथिला कला-संगीत खण्डमे कोन तीन नाम एक संग सूचीबद्ध अछि?
  • श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा
  • राजेश, कमला, मनोहर
  • मारलोवे, मिल्टन, गाल्सवर्दी
  • अकलेश, कपिलेश्वर, भारत भूषण
कला-संगीत खण्डमे श्वेता झा चौधरी, ज्योति सुनीत चौधरी आ श्वेता झा (सिंगापुर) नाम देल अछि।
2917. ज्योति सुनीत चौधरीक जीवन-परिचयमे कविता आ मिथिला चित्रकलाक संयुक्त उल्लेख की देखबैत अछि?
  • रचनात्मकता पद्य आ दृश्यकला दुनू क्षेत्रमे सक्रिय अछि
  • ओ केवल रेडियो नाटकमे सीमित छथि
  • ओ केवल किसानकथा लिखैत छथि
  • ओ केवल कोषकार छथि
स्रोत अंशमे हुनक अंग्रेजी पद्य, कविता-संग्रह आ मिथिला चित्रकलाक प्रदर्शनीक उल्लेख अछि।
2918. मिथिला चित्रकलाक लंडन प्रदर्शनी-संदर्भ कोन सांस्कृतिक फैलाव देखबैत अछि?
  • मिथिला कला स्थानीय सीमासँ बाहर वैश्विक स्थल धरि पहुँचैत अछि
  • कला अंकमे अनुपस्थित अछि
  • चित्रकला केवल बच्चोंक खेल अछि
  • ई भाषापाकक विकल्प अछि
अंशमे ईलिंग ब्रॉडवे, लंडनमे प्रदर्शनीक उल्लेख मैथिली/मिथिला कलाक बाहरी पहुँच देखबैत अछि।
2919. बालानां कृते खण्डमे बाल-कविता ‘माँ गई माँ’ कियैक अलग महत्व रखैत अछि?
  • अंकमे बाल-पाठक लेल अलग साहित्यिक संवेदना सुरक्षित अछि
  • बाल साहित्य हटाओल गेल
  • ई रंगमंचीय प्रयोग अछि
  • ई अंग्रेजी नाटकक समीक्षा अछि
बालानां कृते खण्ड बाल-पाठक लेल अलग रचनात्मक सामग्री राखैत अछि।
2920. भाषापाक/रचना-लेखन खण्डमे मानक मैथिलीक उल्लेख कोन लक्ष्य सूचित करैत अछि?
  • लेखन-प्रयोगमे भाषा-मानक विकसित करब
  • कथा-विधा हटाब
  • संगीत रोकब
  • बाल-कविता समाप्त करब
भाषापाक खण्डमे ‘मानक मैथिली’ आ रचना-लेखनक अभ्यास एकत्र अछि।
2921. मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • भाषा-अध्ययन, अनुवाद आ डिजिटल खोजकेँ समर्थन दैत अछि
  • केवल मंच-सजावट
  • केवल पात्र-परिचय
  • केवल गजल-छन्द
कोषक उल्लेख मैथिली-अंग्रेजी सेतु, डिजिटल खोज आ भाषा-प्रयोगक साधन रूपमे महत्त्वपूर्ण अछि।
2922. पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे उपलब्ध होएबाक सूचना कोन सांस्कृतिक परियोजना देखबैत अछि?
  • अभिगम्यता, लिपि-संरक्षण आ साहित्यिक अभिलेखन
  • केवल मनोरंजन
  • केवल विज्ञापन
  • केवल हास्य-नाटक
ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी तीन रूप अभिगम्यता आ लिपि-संरक्षणक संयुक्त प्रयास देखबैत अछि।
2923. प्रवासी खण्डमे कालीकांत झा ‘बुच’क मैथिली कविता आ ज्योति झा चौधरीक अंग्रेजी अनुवाद कोन सेतु बनबैत अछि?
  • मूल मैथिली पाठ आ बाहरी/प्रवासी पाठकक बीच भाषिक सेतु
  • रेडियो नाटकक ध्वनि-प्रभाव
  • कथा-गोष्ठी प्रतिवेदन
  • एकांकीक मंच-सज्जा
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्ड मैथिली कविता आ अंग्रेजी अनुवादकेँ जोड़ैत अछि।
2924. कला-संगीत, बाल-साहित्य, भाषापाक आ प्रवासी खण्डक एकत्र उपस्थिति की सिद्ध करैत अछि?
  • अंक ७२ केवल नाटकक अंक नहि, बल्कि संस्कृति, भाषा, बाल-पाठक आ विश्व-संवादक मंच सेहो अछि
  • अंकमे नाटक छोड़ि किछु नहि
  • अंकमे भाषा-विमर्श नहि
  • अंकमे प्रवासी पाठकक कल्पना नहि
नाटक-प्रधानता रहितो अंक कला, बाल-साहित्य, भाषापाक आ प्रवासी अनुवादक खण्ड राखैत अछि।
2925. अंक ७२क अभिलेखन-सूचना आ भाषापाककेँ साथ पढ़ला पर मुख्य विचार की बनैत अछि?
  • साहित्यक संरक्षण आ भाषा-प्रयोगक मानकीकरण एक संग चलैत अछि
  • संरक्षणक भाषा-सँ सम्बन्ध नहि
  • केवल चित्रकला बचैत अछि
  • केवल राजनैतिक लेख रहैत अछि
पुरान अंकक बहुरूपी उपलब्धता आ भाषापाक/कोषक काम मिलि साहित्यक दीर्घकालीन उपयोगिता बढ़बैत अछि।

2926. अंक ७२केँ मैथिली नाट्य-अध्ययन लेल उपयोगी प्राथमिक स्रोत कियैक मानल जा सकैत अछि?
  • एहि मे रेडियो नाटक, मंचीय नाटक, एकांकी, नाट्य-विकास, रंगमंचीय प्रयोग आ अंग्रेजी नाटक-विमर्श एकत्र अछि
  • एहि मे नाटक अनुपस्थित अछि
  • एहि मे केवल विज्ञान-सूचना अछि
  • एहि मे केवल चित्र-सूची अछि
अंकक नाट्य सामग्री बहुस्तरीय अछि—ध्वनि-नाटकसँ मंचीय नाटक आ तुलनात्मक नाटक-विमर्श धरि।
2927. ‘रिहर्सल’ आ ‘आब मानि जाउ ने’केँ साथ पढ़ला पर मैथिली नाटकक कोन द्वैत स्पष्ट होइत अछि?
  • एक दिस सामाजिक-सांस्कृतिक संकट, दोसर दिस घरेलू हास्य-रेडियो संवाद
  • दूनू केवल गजल अछि
  • दूनू केवल कोष-सूचना अछि
  • दूनू केवल यात्रा-वृत्त अछि
एक रचना जाति-संरचना आ सांस्कृतिक संकट उठबैत अछि, दोसर दाम्पत्य हास्यकेँ रेडियो माध्यममे रूप दैत अछि।
2928. मैथिली नाटक-विकास लेख आ अंग्रेजी नाटक-विमर्शक संयुक्त उपस्थिति कोन तुलनात्मक पद्धति सुझबैत अछि?
  • स्थानीय नाट्य-इतिहासकेँ विश्व-नाट्य सिद्धान्त आ कृतिसँ पढ़ब
  • नाटककेँ भाषा-विमर्शसँ काटब
  • कथा-विधा हटाब
  • बाल साहित्य अस्वीकार करब
अंक स्थानीय नाटककार, मैथिली नाट्य-प्रवृत्ति आ अंग्रेजी नाटकक शान्ति/धर्म/धर्मनिरपेक्षता विमर्श जोड़ैत अछि।
2929. भाषा-सपथ आ नाटक-संकटकेँ साथ पढ़ला पर अंक ७२ मिथिला समाजक कोन व्यापक प्रश्न खोलैत अछि?
  • सांस्कृतिक अस्मिता, जाति-संरचना, मातृभाषा-मान्यता आ सार्वजनिक अभिव्यक्ति
  • केवल निजी प्रेम
  • केवल खेल
  • केवल मौसम
सपथ प्रसंग भाषा-अधिकार खोलैत अछि, जबकि ‘रिहर्सल’ जाति-सांस्कृतिक संकटक रूपक बनैत अछि।
2930. दीर्घकथा आ लघुकथा-समूह अंक ७२मे नाट्य-प्रधानता केँ कोना संतुलित करैत अछि?
  • सामाजिक व्यंग्य, श्रम, किसान, देह-संकट आ आत्मबलक कथात्मक संसार जोड़ि
  • साहित्यिक विविधता हटाकऽ
  • केवल नाटकक सूची दोहराकऽ
  • भाषापाक रोकि
कथा शीर्षकसभ नाटकक बाहर शिक्षा, श्रम, किसान, रोग आ नैतिक शक्तिक विषय लाबैत अछि।
2931. पद्य-खण्डमे गजल, सैण्टा-विमर्श, उलटबाँसी आ राधा-कृष्ण प्रसंग एकत्र होएबाक अर्थ की अछि?
  • आधुनिक मैथिली पद्य परम्परा मिथक, व्यंग्य, लोकविश्वास, प्रेम आ अस्तित्व-बोध सभ समेटैत अछि
  • पद्य केवल भक्तिगीत अछि
  • पद्य केवल सूचना अछि
  • पद्य केवल मंच-निर्देश अछि
पद्य-सामग्री अनेक भाव-जगत—गजल, बाल-विश्वास, सामाजिक व्यंग्य, राजनीतिक आलोचना आ राधा-कृष्ण पुनर्पाठ—समेटैत अछि।
2932. अंक ७२मे बाल-साहित्य आ प्रवासी अनुवादक उपस्थिति साहित्यिक आन्दोलनकेँ कोना फैलाबैत अछि?
  • एक दिस बाल-पाठक, दोसर दिस प्रवासी/बाहरी पाठक धरि पहुँच बनबैत अछि
  • दूनू साहित्यसँ असंबद्ध अछि
  • दूनू नाटकक विरोधी अछि
  • दूनू केवल रिक्त स्थान अछि
बाल खण्ड पीढ़ीगत पाठक बनबैत अछि; प्रवासी अनुवाद मैथिली पाठक-वृत्तकेँ भाषिक सीमा बाहर लऽ जाइत अछि।
2933. भाषापाक, कोष, ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी उल्लेखक संयुक्त शोध-महत्त्व की अछि?
  • भाषा-मानक, अभिगम्यता, लिपि-संरक्षण आ डिजिटल उपयोग एक संग देखाइत अछि
  • केवल मनोरंजन
  • केवल मंच-प्रॉप
  • केवल पात्र-सूची
एहि संकेतसभसँ स्पष्ट होइत अछि जे अंक साहित्यक साथ भाषा-संसाधन आ अभिलेखनक काम सेहो करैत अछि।
2934. अंक ७२मे प्रतिबंधित विवाद छोड़िकऽ जे सामग्री बचैत अछि, से कोन कारणे पर्याप्त समृद्ध अछि?
  • नाटक, कथा, पद्य, भाषा-आन्दोलन, कला, बाल-साहित्य, प्रवासी अनुवाद आ भाषापाक सभ उपलब्ध अछि
  • बचैत सामग्री शून्य अछि
  • केवल पता-सूची बचैत अछि
  • केवल विज्ञापन बचैत अछि
बंद विषय हटेलाक बादो अंकमे अनेक साहित्यिक-सांस्कृतिक सामग्री उपलब्ध अछि, जाहिपर स्रोत-आधारित प्रश्न बनि सकैत अछि।
2935. अंक ७२क समेकित शोध-पाठक निष्कर्ष की अछि?
  • ई अंक मैथिली नाट्य-आन्दोलनक केन्द्र बनैत हुए भाषा, समाज, कथा, पद्य, कला, बाल-संस्कार आ प्रवासी संवादक बहुआयामी दस्तावेज अछि
  • ई केवल एक पंक्ति सूचना अछि
  • ई केवल निजी संवाद अछि
  • ई साहित्य-विहीन अंक अछि
अंकक संपूर्ण संरचना नाटकक गहन उपस्थिति संग सामाजिक, भाषिक, कथात्मक, काव्यात्मक आ सांस्कृतिक खण्डसभ समेटैत अछि।

2936. अंक ९२क गद्य-खंडक समग्र स्वरूप कोन प्रकारक बहुविधता देखबैत अछि?
  • साक्षात्कार, टिप्पणी, लोकनृत्य, विहनि कथा, पर्व-वर्णन, कथा-दीर्घकथा, राजनीतिक लेख आ बाल-विज्ञानात्मक लेख
  • केवल एकटा गीत-संग्रह
  • केवल गणितीय तालिका
  • केवल चित्रकला सूचना
सामग्रीमे देवशंकर नवीनसँ बातचीत, झिझिया, कोजग्रा, वीरांगना/तामक तमघैल, जन-चेतना लेख आ चंदा मामा-चंद्रमा जेकाँ विविध रूप एक संग अछि।
2937. अंक ९२मे ‘हम पुछैत छी’ शीर्षकक उपस्थिति ककर साहित्यिक संवादक संकेत करैत अछि?
  • देवशंकर नवीनसँ मुन्नाजीक विस्तृत बातचीत
  • केवल कविताक पाठ
  • झिझिया नृत्यक मंच-सूची
  • बच्चासभक खेलक नियम
सामग्री-सूचीमे ‘हम पुछैत छी — देवशंकर नवीनसँ मुन्नाजी पुछैत छथि ढेर रास गप’ साफ देल अछि।
2938. अंक ९२क गद्य-संरचनामे ‘अतुलेश्वर — किछु विचार टिप्पणी’ कोन स्थान भरैत अछि?
  • विचारात्मक/टिप्पणीपरक लेखनक स्थान
  • बालगीतक स्थान
  • गजल-छन्दक स्थान
  • चित्रकला प्रदर्शनीक स्थान
शीर्षक अपने टिप्पणी-विधा दिस संकेत करैत अछि; एहि सँ अंकक गद्य केवल कथा नहि रहि विचार-लेखन सेहो बनैत अछि।
2939. चन्द्रेशक ‘यर्थाथक अनुभुतिमे ऐतिहासिक दिनः झिझिया नृत्य महोत्सव’ अंक ९२मे कोन सांस्कृतिक क्षेत्र खोलैत अछि?
  • लोकनृत्य, अस्मिता आ सांस्कृतिक संरक्षण
  • अन्तरिक्ष विज्ञान मात्र
  • निजी पत्र मात्र
  • व्याकरण-सूत्र मात्र
झिझिया नृत्य महोत्सव शीर्षक लोक-संस्कृति, महोत्सव आ ऐतिहासिक अनुभवक संयुक्त संकेत करैत अछि।
2940. जवाहर लाल कश्यपक ‘एक टा विहनि कथा’ अंक ९२मे कतेक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई लघु-कथा/विहनि कथा विधाकेँ गद्य खंडमे स्थान दैत अछि
  • ई केवल पर्व-वर्णन अछि
  • ई कोष-सूचना अछि
  • ई चित्रकला-रिपोर्ट अछि
गद्य-सूचीमे स्वतंत्र विहनि कथा राखल गेल अछि; एहि सँ छोटी कथा-विधाक उपस्थिति साफ होइत अछि।
2941. श्यामसुन्दर शशिक ‘कोजग्रा धूमधाम संग मनाओल जा रहल’ कोन तरहक सामग्रीक प्रतिनिधित्व करैत अछि?
  • मिथिलाक पर्व-लोकजीवन आ सांस्कृतिक अनुष्ठान
  • केवल नाटक-समालोचना
  • केवल राजनीतिक भाषण
  • केवल बाल-विज्ञान
कोजग्रा मिथिलाक सांस्कृतिक पर्व-स्मृति आ लोक-परम्परासँ जुड़ल प्रसंग अछि।
2942. जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘वीरांगना / तामक तमघैल’ शीर्षकक जोड़ी कोन संकेत दैत अछि?
  • एकहि लेखकक कथा-आख्यानक भीतर नारी, संघर्ष आ सामाजिक लोक-संरचना दिस संकेत
  • केवल कविता-संग्रह
  • केवल चित्रकला-तालिका
  • केवल ब्राउजर-सूचना
शीर्षकद्वय जगदीश प्रसाद मण्डलक कथात्मक सामग्री रूपे सूचीबद्ध अछि, जाहि मे संघर्ष आ लोकजीवनक संकेत भेटैत अछि।
2943. नवेंदु कुमार झाक लेख-द्वय अंक ९२मे कोन क्षेत्रक गद्य उपस्थित करैत अछि?
  • राजनीतिक जन-चेतना आ भाजपा/प्रधानमंत्री-विमर्श
  • केवल बालगीत
  • केवल गजल
  • केवल संस्कृत-कथा अनुवाद
सामग्री-सूचीमे ‘जन चेतना यात्रा मोदी सॅ सचेत अछि भाजपा’ आ ‘प्रधानमंत्री भाजपा’ दुनू राजनीतिक लेख रूपे देल अछि।
2944. नवीन ठाकुरक ‘चंदा मामा आ चंद्रमा’ कियैक अलग विधागत महत्व रखैत अछि?
  • ई बाल-स्मृति, लोकविश्वास आ वैज्ञानिक दृष्टिक बीच संवाद बनबैत अछि
  • ई केवल एकांकी अछि
  • ई केवल भाषापाक नियम अछि
  • ई केवल साक्षात्कार अछि
शीर्षक आ स्रोत अंशमे चंदा मामा-लोकविश्वास आ चंद्रमा-विज्ञानक बीच तनाव साफ अछि।
2945. अंक ९२क गद्य-समूहक समेकित विशेषता की अछि?
  • व्यक्ति-संवादसँ लोकनृत्य, पर्व, कथा, राजनीति आ बाल-विज्ञान धरि अनेक लोक-समाजक रेखा जोड़ब
  • साहित्यक एकमात्र विधा धरि सीमित रहब
  • केवल अनुवाद-सूची देब
  • केवल विज्ञापन बनब
गद्य खण्डक अलग-अलग शीर्षक समकालीन साहित्य, लोक-संस्कृति, समाज, राजनीति आ बाल-चेतनाक चौड़ा फैलाव बनबैत अछि।

2946. देवशंकर नवीन साक्षात्कारमे आरम्भिक लेखन-प्रक्रिया कोन अनुभवसँ जुड़ल भेटैत अछि?
  • नेनमतिसँ फकड़ा जोड़बाक चसक आ बादमे पैरोडी गीत लिखबाक अभ्यास
  • केवल विश्वविद्यालयी शोधप्रबंध
  • केवल रंगमंचीय पुरस्कार
  • केवल चित्रकला प्रशिक्षण
स्रोत अंशमे नेनमतिमे फकड़ा जोड़ब, पिटाइ, आ 1970क दशकमे फिल्मी गीतक ओजनपर पैरोडी लिखबाक बात अबैत अछि।
2947. साक्षात्कारमे कीर्तन-मण्डलीक उल्लेख साहित्यिक विकासमे कोन भूमिका देखबैत अछि?
  • लोक-प्रदर्शन आ गामक श्रव्य-संस्कृति लेखनक प्रचारक माध्यम बनल
  • लेखन घरक भीतर दबल रहल
  • कीर्तनक साहित्यसँ कोनो सम्बन्ध नहि
  • ई केवल सरकारी आदेश छल
गामक कीर्तन-मण्डलीमे पैरोडी गीत गाओल जाएब आ गाम भरिमे प्रचार होएब लोकमाध्यमक भूमिका बतबैत अछि।
2948. देवशंकर नवीन अपन किशोरवयसक साहित्य-बोधकेँ कोना सम्झैत छथि?
  • विचित्र आ विलक्षण भाव-बोधक तुकबन्दी रूपे
  • केवल मुद्रित आलोचना रूपे
  • केवल डिजिटल कोष रूपे
  • केवल मंच-सज्जा रूपे
स्रोत अंशमे ओ कहैत छथि जे तखने साहित्यक अर्थ कोनो विलक्षण भाव-बोधक तुकबन्दी बुझैत छलाह।
2949. साक्षात्कारमे 1976 आ सहरसा कॉलेजक प्रसंग कोन परिवर्तन-सूत्र दैत अछि?
  • मैट्रिकक बाद कॉलेज-जीवनसँ साहित्यिक क्षितिज विस्तृत भेल
  • साहित्यिक प्रक्रिया समाप्त भेल
  • केवल लोकनृत्य शुरू भेल
  • बालगीतक अंत भेल
मैट्रिक पास कएलाक बाद सहरसा कॉलेजमे नाम लिखाएब जीवनक अगिला साहित्यिक पड़ावक संकेत अछि।
2950. एन.बी.टी. संबंधी उत्तरमे देवशंकर नवीन मुख्यतः कोन पीड़ा व्यक्त करैत छथि?
  • मैथिली लेखकर लेल कएल प्रयासक बदला उपेक्षा, ईर्ष्या आ व्यक्तिगत लाभक आरोप
  • केवल पुरस्कारक प्रसन्नता
  • नृत्य-महोत्सवक रिपोर्ट
  • बालविज्ञानक प्रश्न
स्रोत अंशमे ओ मैथिली प्रस्ताव, लेखक आमंत्रण आ सहयोगक प्रयासक बावजूद आलोचना/घिर्ता-घिन्नक अनुभव कहैत छथि।
2951. साक्षात्कारमे ‘मैथिलीक रचनाकार लोकनि लेल तीन बर्खमे जे किछु केलहुँ’ प्रकारक कथन कोन संस्थागत प्रश्न खोलैत अछि?
  • मैथिली प्रकाशन-संरचना आ राष्ट्रीय मंचपर प्रतिनिधित्व
  • कृषि-उत्पादन
  • चित्रकला रंग-सूची
  • बालखेल
एन.बी.टी.क प्रसंग मैथिली लेखनक राष्ट्रीय प्रकाशन-संस्था संग संबंधक प्रश्न उठबैत अछि।
2952. देवशंकर नवीनक कथनमे ‘मैथिलकें ई प्रसन्नता नहि भेलनि’ कोन मानसिकता पर चोट करैत अछि?
  • समूह-उपलब्धिक बदला व्यक्तिगत लाभ-हानि देखबाक प्रवृत्ति
  • बाल-आनन्द
  • शुद्ध प्रकृति-वर्णन
  • अन्तरिक्ष-यात्रा
स्रोतमे मैथिलीमे काज भेलाक सामूहिक प्रसन्नता कम आ व्यक्तिगत लाभक प्रश्न बेसी देखबाक दुःख व्यक्त अछि।
2953. साक्षात्कारक शैलीक प्रमुख विशेषता की अछि?
  • प्रश्नोत्तरक माध्यमे आत्मकथा, साहित्यिक यात्रा आ संस्थागत अनुभव एकत्र करब
  • केवल काल्पनिक नाटक
  • केवल छन्द-सूची
  • केवल चित्र-व्याख्या
‘हम पुछैत छी’ ढाँचामे प्रश्नोत्तर द्वारा निजी अनुभव आ मैथिली-संस्था सम्बन्धी प्रसंग खुलैत अछि।
2954. देवशंकर नवीनक आरम्भिक पैरोडी-लेखन आ बादक संस्थागत कामकेँ साथ पढ़ला पर कोन विकासरेखा बनैत अछि?
  • लोक-अभ्याससँ साहित्यिक-संस्थागत हस्तक्षेप धरि यात्रा
  • कला सँ कृषि धरि यात्रा
  • कविता सँ मौन धरि यात्रा
  • बालगीत सँ खेल-सूची धरि यात्रा
फकड़ा, पैरोडी, कीर्तन-गायनसँ शुरू भऽ एन.बी.टी. जेकाँ मंचपर मैथिली लेल काज करबाक रेखा बनैत अछि।
2955. साक्षात्कार शोधार्थीक लेल कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • एहि सँ लेखक-जीवन, पीढ़ीगत साहित्य-बोध, लोक-माध्यम आ प्रकाशन-संस्था सभक प्रत्यक्ष अनुभव भेटैत अछि
  • एहि मे केवल टेलीफोन-सूची अछि
  • एहि मे केवल चित्रकला फोटो अछि
  • एहि मे साहित्य-विहीन सूचना अछि
साक्षात्कार व्यक्तिगत इतिहासकेँ मैथिली साहित्यिक संस्थाक व्यवहार आ संघर्षसँ जोड़ैत अछि।

2956. झिझिया नृत्य महोत्सव सम्बन्धी लेखमे कार्यक्रम कोन दू संस्थाक संयुक्त अभियानमे भेल कहल गेल अछि?
  • नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान आ जनचेतना अभियान नेपाल
  • केवल एक निजी विद्यालय
  • केवल एक क्रिकेट समिति
  • केवल एक प्रकाशन गृह
स्रोत अंशमे महोत्सव नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान आ जनचेतना अभियान नेपालक संयुक्त अभियान रूपे उल्लिखित अछि।
2957. झिझिया महोत्सवक सभापति रूपे ककर नाम स्रोतमे देल अछि?
  • रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’
  • देवशंकर नवीन
  • नवीन ठाकुर
  • जवाहर लाल कश्यप
लेखमे सभापति श्री रामभरोस कापड़ि भ्रमर बताओल गेल अछि।
2958. झिझिया महोत्सवक उद्घाटक ककर रूपमे उल्लेखित छथि?
  • विमलेन्द्र निधि
  • कैलाश कामत
  • इरा मल्लिक
  • उमेश पासवान
स्रोत अंशमे उद्घाटक श्री विमलेन्द्र निधि, नेपाली कांग्रेसक केन्द्रीय सदस्य एवं सभासद, कहल गेल अछि।
2959. विमलेन्द्र निधिक भाषणमे झिझियाकेँ मुख्यतः किनका संग जोड़ल गेल?
  • महिला लोकनि आ डाइन-जोगिन पर आधारित लोकविश्वास
  • सैनिक परेड
  • डिजिटल कोष
  • विद्यालय परीक्षा
उद्घाटन भाषणमे झिझिया डाइन-जोगिन प्रथा पर आधारित आ मुख्यतः महिला लोकनिक नृत्य कहल गेल अछि।
2960. झिझिया नृत्यक संरक्षण कियैक आवश्यक बताओल गेल?
  • ई विलुप्तिक कगार पर अछि आ अस्मिता जगएबाक सार्थक प्रयास जरूरी अछि
  • ई पहिले सँ सर्वथा समाप्त अछि आ कोनो अर्थ नहि
  • ई केवल बाज़ार खेल अछि
  • ई भाषा-विहीन तकनीक अछि
भाषणमे झिझिया विलुप्तिक कगार पर अछि, ओकरा बचएब आ अस्मिता जगएब जरूरी कहल गेल अछि।
2961. रामभरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क स्वागत भाषणमे झिझिया नृत्यक प्राचीनता कोना संकेतित अछि?
  • बारह-तेरह सय वर्ष पहिने शुरू भेल होएबाक अनुमान
  • बीसम सदीक कम्प्यूटर खेल रूपे
  • काल्हि मात्र बनल नृत्य रूपे
  • केवल पुस्तक-तालिका रूपे
स्रोत अंशमे झिझिया बारह-तेरह सय वर्ष पहिने शुरू भेल होयत कहि परम्पराक दीर्घता संकेतित अछि।
2962. झिझिया नृत्यक लोकविश्वासमे बच्चा-बुतरुके बचएबाक प्रसंग कोन सामाजिक अर्थ खोलैत अछि?
  • लोकनृत्य सुरक्षा, भय, मातृत्व आ सामुदायिक अनुष्ठानसँ जुड़ल अछि
  • नृत्यक बाल-सुरक्षासँ कोनो सम्बन्ध नहि
  • ई केवल वैज्ञानिक प्रयोग अछि
  • ई केवल व्यंग्य-कथा अछि
लेखमे डाइन-जोगिनसँ बच्चा-बुतरुके बचएबाक हेतु महिला लोकनि द्वारा ई नृत्य होएबाक बात अछि।
2963. झिझिया लेखमे दीप प्रज्वलनक उल्लेख कोन समारोहिक अर्थ दैत अछि?
  • लोक-संस्कृति आयोजनकेँ सार्वजनिक सांस्कृतिक मान्यता देब
  • केवल घरेलू खाना बनाब
  • केवल मंच हटाब
  • कोनो आयोजन नहि
उद्घाटन दीप प्रज्वलित कऽ कएल गेल कहल गेल अछि, जे सार्वजनिक समारोहक सांकेतिक आरम्भ अछि।
2964. झिझिया महोत्सव लेख मैथिली संस्कृति-अध्ययनमे कियैक उपयोगी अछि?
  • ई लोकनृत्य, महिला-सम्बद्ध अनुष्ठान, अस्मिता, संरक्षण आ नेपालक संस्थागत सांस्कृतिक मंच सभ जोड़ैत अछि
  • ई केवल कविता-छन्द बतबैत अछि
  • ई केवल बालकथा अछि
  • ई केवल शब्दकोष अछि
लेख लोकपरम्परा आ संस्थागत संरक्षण दुनूकेँ जोड़ैत अछि, जे सांस्कृतिक इतिहास लेल महत्त्वपूर्ण अछि।
2965. झिझिया महोत्सवक मूल सांस्कृतिक निष्कर्ष की अछि?
  • विलुप्तिमुखी लोकधरोहरकेँ सामुदायिक आ संस्थागत प्रयाससँ पुनर्जीवित करबाक जरूरत
  • लोकधरोहरकेँ पूरी तरह छोड़ि देबाक विचार
  • केवल मंच-व्ययक लेखा
  • केवल राजनीतिक पदनाम
लेखक दृष्टि महोत्सवकेँ झिझियाक अस्मिता जगएबाक आ संरक्षणक प्रयास रूपे देखैत अछि।

2966. श्यामसुन्दर शशिक ‘कोजग्रा धूमधाम संग मनाओल जा रहल’ शीर्षकमे मुख्य सांस्कृतिक धुरी की अछि?
  • मिथिलाक पर्व-परम्परा आ सामुदायिक उत्सव
  • केवल आधुनिक विज्ञान
  • केवल रेडियो नाटक
  • केवल शब्दकोष
कोजग्रा शीर्षक स्वयं मिथिलाक पर्व-लोकजीवन आ धूमधामक सामूहिक स्वरूप पर केन्द्रित अछि।
2967. कोजग्रा लेखक उपस्थिति अंक ९२मे झिझिया लेखसँ कोना संवाद करैत अछि?
  • दूनू मिलि मिथिलाक लोक-पर्व आ लोक-नृत्य परम्पराकेँ सामने आनैत अछि
  • दूनू असंबद्ध गणितीय सूत्र अछि
  • दूनू केवल बाल-विज्ञान अछि
  • दूनू केवल अंग्रेजी अनुवाद अछि
झिझिया लोकनृत्य आ कोजग्रा पर्व-दूनू सांस्कृतिक स्मृति आ सामुदायिक जीवनक अलग रूप प्रस्तुत करैत अछि।
2968. जवाहर लाल कश्यपक ‘एक टा विहनि कथा’ गद्य-समूहमे कोन संतुलन जोड़ैत अछि?
  • लोक-पर्व आ साक्षात्कारक बीच छोट कथा-विधाक उपस्थिति
  • केवल राजनीति
  • केवल चित्रकला
  • केवल तकनीकी सूचना
गद्य-सूचीमे विहनि कथा स्वतंत्र रूपे देल अछि, जे अंकक गद्यकेँ कथात्मक बनबैत अछि।
2969. विहनि कथा जेकाँ लघु-विधा अंक ९२क साहित्यिक संरचनामे कियैक उपयोगी अछि?
  • कम आकारमे सामाजिक संकेत आ कथात्मक तीक्ष्णता देबामे समर्थ
  • केवल सूचनापत्र बनबाक कारण
  • मंच सजाबाक कारण
  • चित्र सूचीक कारण
विहनि कथा लघु रूप होएतो कथा-स्थितिक तीक्ष्ण संकेत देबाक विधा अछि।
2970. कोजग्रा आ चंदा मामा-चंद्रमा लेखकेँ साथ पढ़ला पर चन्द्र-बिम्बक कोन द्वैत बनैत अछि?
  • एक दिस लोक-पर्वक चन्द्र, दोसर दिस बाल-स्मृति आ वैज्ञानिक चंद्रमा
  • केवल अंधकार
  • केवल उपन्यास पात्र
  • केवल राजनीतिक दल
कोजग्रा पर्वमे चन्द्र-पर्वक लोकभाव अछि, जबकि चंदा मामा-चंद्रमा लेख बाल-विश्वास आ विज्ञानक द्वंद्व उठबैत अछि।
2971. अंक ९२मे लोकजीवन सम्बन्धी सामग्री कोन-कोन रूपमे प्रकट अछि?
  • झिझिया, कोजग्रा, विहनि कथा, चंदा मामा आ बाल-साहित्य
  • केवल संसद-बहस
  • केवल कम्प्यूटर कोड
  • केवल अंग्रेजी नाटक
गद्य-सूची आ बाल-खंड मिलि लोकनृत्य, पर्व, कथा, बाल-विश्वास आ बालगीतक बहुविध लोकजीवन देखबैत अछि।
2972. कोजग्रा लेखक शीर्षकमे ‘धूमधाम’ शब्द कोन भाव जगबैत अछि?
  • समुदाय, उल्लास आ उत्सवी साझेदारी
  • एकाकी मौन
  • केवल व्याकरण
  • विवाद सूची
धूमधाम शब्द पर्वक सामूहिक आनंद आ सार्वजनिक उत्साह संकेत करैत अछि।
2973. विहनि कथा आ हास्य/बाल-विज्ञानात्मक गद्यक साथ उपस्थिति अंक ९२क कोन विशेषता अछि?
  • गद्य मे गंभीर संवादक साथ लघु, लोक, हास्य आ बाल-चेतना सभक जगह अछि
  • गद्य पूर्णतः एकरूपी अछि
  • गद्य अनुपस्थित अछि
  • गद्य केवल पता-सूची अछि
एके अंकमे साक्षात्कार, लोक-संस्कृति, विहनि कथा, वीरांगना/तामक तमघैल आ चंदा मामा-चंद्रमा जेकाँ रूप अछि।
2974. कोजग्रा आ झिझियाकेँ साहित्यिक प्रश्न बनएबाक उचित आधार की अछि?
  • दूनू लोक-संस्कृति आ मिथिला अस्मितासँ जुड़ल स्रोत-सामग्री अछि
  • दूनू केवल सजावटी शब्द अछि
  • दूनू साहित्यसँ बाहर अछि
  • दूनू अनुपलब्ध अछि
ई प्रसंग लोकधरोहर, पर्व, स्त्री-सम्बद्ध अनुष्ठान आ सामुदायिक सांस्कृतिक स्मृति पर स्रोत देैत अछि।
2975. अंक ९२क लोकजीवन खण्ड शोधार्थीकेँ की सिखबैत अछि?
  • मिथिलाक साहित्यिक मंच लोकनृत्य, पर्व, कथा आ बाल-विश्वासकेँ साहित्यक योग्य सामग्री मानैत अछि
  • लोकजीवन साहित्यसँ काटल अछि
  • केवल राजनीतिक आलेख बचैत अछि
  • बाल-साहित्य निरर्थक अछि
स्रोतमे लोक-विषयसभ साहित्यिक अंकमे स्थान पाबैत अछि, जे मिथिला अध्ययन लेल महत्त्वपूर्ण अछि।

2976. जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘वीरांगना / तामक तमघैल’ अंक ९२मे कोन रूपे सूचीबद्ध अछि?
  • गद्य-कथात्मक सामग्री रूपे
  • कला-संगीत सूची रूपे
  • भाषापाक नियम रूपे
  • केवल बालगीत रूपे
गद्य खण्डमे जगदीश प्रसाद मण्डलक नामक अधीन ‘वीरांगना / तामक तमघैल’ देल अछि।
2977. ‘वीरांगना’ शीर्षकक मूल संकेत की अछि?
  • नारी-साहस, संघर्ष आ असाधारण स्थितिक कथा-संभावना
  • केवल मौसम-वर्णन
  • केवल शब्दकोष
  • केवल चित्र-वर्णन
शीर्षक वीरांगना अपने आप मे साहसी नारी-चरित्र आ संघर्षक प्रतीकात्मक संकेत दैत अछि।
2978. ‘तामक तमघैल’ शीर्षक कोन लोकध्वनि पैदा करैत अछि?
  • ग्रामीण/लोक-प्रसंग, ध्वन्यात्मकता आ वस्तु-आधारित प्रतीक
  • शहरी बैंकिंग मात्र
  • केवल विज्ञान-कक्षा
  • केवल डिजिटल ब्राउजर
तामक तमघैल जेकाँ शीर्षक मिथिलाक लोक-भाषिक आ वस्तु-सांस्कृतिक वातावरणक बोध करबैत अछि।
2979. जगदीश प्रसाद मण्डलक ई सामग्री अंक ९२मे कोन संतुलन जोड़ैत अछि?
  • साक्षात्कार, पर्व आ राजनीतिक लेखक बीच कथात्मक सामाजिक संसार
  • केवल बाल-पाठ
  • केवल कला-संगीत
  • केवल अनुवाद-सूची
गद्य खण्डमे अनेक विधा अछि; ई शीर्षक कथात्मक संघर्ष आ समाजक धरातल जोड़ैत अछि।
2980. ‘वीरांगना’केँ झिझिया लेखक साथ पढ़ला पर कोन नारी-केन्द्रित व्याख्या बनैत अछि?
  • एक दिस लोकनृत्यमे महिला, दोसर दिस साहसी नारी-चरित्र—दूनू नारी-अनुभवक अलग रूप
  • नारी प्रसंग अनुपस्थित अछि
  • दूनू केवल राजनीति अछि
  • दूनू केवल विज्ञान अछि
झिझिया महिला लोकनिसँ जुड़ल नृत्य कहल गेल; ‘वीरांगना’ शीर्षक नारी-साहसक साहित्यिक संकेत दैत अछि।
2981. ‘तामक तमघैल’ शीर्षकक भाषिक विशेषता की अछि?
  • स्थानीयता आ ध्वनि-संवेगक कारण स्मरणीयता
  • पूर्णतः अंग्रेजी शब्दावली
  • केवल संख्यात्मक कोड
  • केवल मौन संकेत
शीर्षकमे मैथिली लोकभाषिक ध्वनि आ वस्तु-सूचकता अछि, जे कथा-परिवेशक संकेत बनैत अछि।
2982. अंक ९२मे जगदीश प्रसाद मण्डलक उपस्थिति पद्य खण्डसँ सेहो जुड़ैत अछि; एहि सँ की संकेत होइत अछि?
  • लेखक एके अंकमे गद्य आ पद्य दुनू क्षेत्रमे सक्रिय रूपे उपस्थित छथि
  • लेखक अनुपस्थित छथि
  • केवल चित्रकार रूपे उपस्थित छथि
  • केवल अनुवादक रूपे उपस्थित छथि
सामग्री-सूचीमे गद्यक अधीन हुनक शीर्षक अछि आ पद्यक सूचियोमे जगदीश प्रसाद मण्डलक नाम भेटैत अछि।
2983. ‘वीरांगना / तामक तमघैल’ जेकाँ जोड़ी शीर्षक अध्ययनक लेल कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • एहि मे चरित्र-संघर्ष आ लोक-संस्कृतिक वस्तु-दुनू संकेतित अछि
  • एहि मे कोनो साहित्यिक संकेत नहि
  • एहि मे केवल पता अछि
  • एहि मे केवल चित्रकला सूची अछि
वीरांगना व्यक्ति/चरित्रक संघर्ष खोलैत अछि, तामक तमघैल स्थानीय सांस्कृतिक ध्वनिक संकेत दैत अछि।
2984. अंक ९२क कथा-समूहमे ‘वीरांगना’ कोन प्रकारक शोध प्रश्न उठाबय योग्य अछि?
  • मैथिली कथामे नारी-साहस आ सामाजिक संकटक प्रस्तुति
  • केवल सजावटी डिजाइन
  • केवल टंकण विधि
  • केवल संपर्क-सूची लेखन
शीर्षक आ गद्य-वर्गीकरण नारी-चरित्रक संघर्षपर शोध प्रश्न बनएबाक आधार दैत अछि।
2985. ‘वीरांगना / तामक तमघैल’क समेकित साहित्यिक महत्त्व की अछि?
  • मैथिली कथात्मकता लोकभाषा, नारी-साहस आ सामाजिक वस्तु-संकेतसँ बनैत अछि
  • मैथिली कथा केवल शहरी रूपक अछि
  • मैथिली कथामे लोकभाषा नहि
  • मैथिली गद्य रिक्त अछि
दू शीर्षक मिलि लोक-परिवेश आ चरित्र-केंद्रित गद्यक संभावना स्पष्ट करैत अछि।

2986. अंक ९२मे नवेंदु कुमार झाक लेख-द्वय कोन विषय-क्षेत्रमे अछि?
  • समकालीन राजनीतिक जन-चेतना आ भाजपा सम्बन्धी विमर्श
  • बालगीत
  • मिथिला चित्रकला
  • संस्कृत-कथा अनुवाद
सामग्री-सूचीमे ‘जन चेतना यात्रा मोदी सॅ सचेत अछि भाजपा’ आ ‘प्रधानमंत्री भाजपा’ नवेंदु कुमार झाक नामसँ देल अछि।
2987. ‘जन चेतना यात्रा’ शीर्षकमे ‘यात्रा’ शब्द राजनीतिक लेखनमे कोन संकेत दैत अछि?
  • जन-संपर्क, आंदोलनात्मक संचार आ वैचारिक लामबंदी
  • केवल तीर्थ-वर्णन
  • केवल बाल-क्रीड़ा
  • केवल चित्रकला पद्धति
राजनीतिक शीर्षकमे यात्रा जन-सम्पर्क आ चेतना-निर्माणक उपकरण रूपे संकेतित होइत अछि।
2988. ‘मोदी सॅ सचेत अछि भाजपा’ प्रकारक शीर्षक कोन आंतरिक राजनीतिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • दल, नेतृत्व आ संभावित व्यक्तिकेन्द्रित प्रभावक प्रश्न
  • केवल चन्द्र-विज्ञान
  • केवल लोकनृत्य
  • केवल कहानीक छन्द
शीर्षक दल आ एक व्यक्तिक नामक बीच सावधानी/रणनीतिक सम्बन्धक संकेत दैत अछि।
2989. ‘प्रधानमंत्री भाजपा’ शीर्षक ककर दिशा देखबैत अछि?
  • राष्ट्रीय सत्ता, नेतृत्व आ दल-राजनीतिक आकांक्षा
  • बाल-साहित्य
  • भाषापाक
  • कला-संगीत
प्रधानमंत्री पद सम्बन्धी शीर्षक स्पष्ट राजनीतिक सत्ता-विमर्शक दिशा खोलैत अछि।
2990. अंक ९२क राजनीतिक लेखन साहित्यिक अंकमे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई देखबैत अछि जे मैथिली पत्रिका साहित्यक संग समाज-राजनीतिक चेतना सेहो दर्ज करैत अछि
  • साहित्यक राजनीति सँ कोनो सम्बन्ध नहि
  • राजनीतिक लेखन निषिद्ध अछि
  • अंकमे समाज अनुपस्थित अछि
गद्य-सूचीमे राजनीतिक लेखक उपस्थिति पत्रिकाक समाज-सापेक्ष चरित्र देखबैत अछि।
2991. देवशंकर नवीन साक्षात्कार आ नवेंदु कुमार झाक राजनीतिक लेख साथ पढ़ला पर कोन साझा प्रश्न बनैत अछि?
  • व्यक्ति, संस्था, समाज आ सार्वजनिक मंचक सम्बन्ध
  • केवल चन्द्रमा
  • केवल बाल-छन्द
  • केवल चित्रकला रंग
साक्षात्कार संस्था-व्यवहार खोलैत अछि, राजनीतिक लेख सार्वजनिक दल-समाज सम्बन्ध; दूनू सार्वजनिक जीवनसँ जुड़ल अछि।
2992. झिझिया लेख आ जन-चेतना लेखमे ‘चेतना’ शब्द अलग-अलग संदर्भमे कोना काम करैत अछि?
  • एक ठाम सांस्कृतिक अस्मिता, दोसर ठाम राजनीतिक जागरूकता
  • दूनू ठाम केवल गणित
  • दूनू ठाम केवल बालगीत
  • दूनू ठाम शून्य अर्थ
झिझिया संरक्षण सांस्कृतिक चेतना बनबैत अछि; जन-चेतना यात्रा राजनीतिक जागरूकताक भाषा अछि।
2993. अंक ९२मे राजनीतिक लेखन जोड़ब पत्रिका-परिकल्पनाक कोन विस्तार देखबैत अछि?
  • साहित्यिक मंच समकालीन सार्वजनिक प्रश्नक अभिलेख सेहो बनैत अछि
  • पत्रिका केवल मनोरंजन अछि
  • पत्रिका राजनीति-विहीन रिक्त पन्ना अछि
  • पत्रिका केवल चित्रकला एल्बम अछि
गद्य खण्ड साहित्य, लोकसंस्कृति आ राजनीति तीनूकेँ साथ राखैत अछि।
2994. राजनीतिक शीर्षकसभ पर प्रश्न बनबैत समय कोन सावधानी जरूरी अछि?
  • स्रोतमे देल शीर्षक आ विमर्श धरि सीमित रहब, बाहरी निष्कर्ष नहि गढ़ब
  • वर्तमान घटना जोड़ि देब
  • नया तथ्य बना देब
  • व्यक्तिगत आरोप गढ़ब
नो-हैलुसिनेशन नियमक अनुसार राजनीतिक सामग्रीकेँ स्रोत-शीर्षक आ उपलब्ध आशयसँ आगू नहि बढ़ाएब उचित अछि।
2995. अंक ९२क राजनीतिक लेखनक समेकित महत्व की अछि?
  • मैथिली गद्य समकालीन राष्ट्रीय-दलीय प्रश्नकेँ मातृभाषा विमर्शमे दर्ज करैत अछि
  • मैथिली गद्य केवल लोकगीत अछि
  • राजनीतिक गद्य अनुपस्थित अछि
  • साहित्य समाजसँ असंबद्ध अछि
नवेंदु कुमार झाक लेख-द्वय मैथिलीमे समकालीन राजनैतिक लेखनक उपस्थिति देखबैत अछि।

2996. नवीन ठाकुरक ‘चंदा मामा आ चंद्रमा’मे मुख्य द्वंद्व कोन अछि?
  • बाल-लोकविश्वास आ वैज्ञानिक दृष्टिकोणक बीच सम्बन्ध
  • केवल राजनीतिक दल-बदल
  • केवल नृत्य-महोत्सव
  • केवल शब्दकोष निर्माण
स्रोत अंशमे चंदा मामा, बच्चाकेँ बहकाएब, चंद्रमा केँ ग्रह/वैज्ञानिक रूपे बुझब आ रिश्ता टूटबाक अनुभव अछि।
2997. लेखमे ‘चंदा मामा’ कहिया ‘चंद्रमा’ भऽ गेल’ प्रश्न की संकेत करैत अछि?
  • बाल-संबंधक भावनात्मक संसारसँ तर्कशील आधुनिक ज्ञान धरि संक्रमण
  • केवल भाषा-बदलावक भूल
  • केवल नाट्य-संवाद
  • केवल कोष-सूची
लेखक बचपनक चंदा-मामा सम्बन्ध आ बादक वैज्ञानिक ज्ञानक बीच भावनात्मक दूरी देखैत छथि।
2998. ‘जहिया सँ बुझलिऐ जे चंदा मामा एगो ग्रह छै’ प्रकारक कथनमे कोन मनोवैज्ञानिक परिणाम व्यक्त अछि?
  • मामा-भगिना संबंधक कल्पित निकटता टूटबाक अनुभूति
  • कृषि-वृद्धि
  • नृत्य-प्रारम्भ
  • केवल बालक जीत
स्रोतमे वैज्ञानिक समझ आएला पर ‘रिश्ता टूटि गेल’ प्रकारक भाव व्यक्त भेल अछि।
2999. चौरचनक उल्लेख लेखमे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • चन्द्र-सम्बद्ध लोक-आस्था आ वैज्ञानिक दृष्टिक बीच शेष श्रद्धाक संकेत
  • केवल क्रिकेटक नियम
  • केवल प्रशासनिक निर्णय
  • केवल चित्रकला रंग
स्रोत अंशमे चौरचनक दिन हृदयमे बचल श्रद्धाक बात अबैत अछि।
3000. लेखमे बुढ़िया चरखा चलबैत नजरि नहि आबयबाक बिम्ब की कहैत अछि?
  • बाल-कल्पना समाप्त भऽ वैज्ञानिक दृष्टिक प्रभाव बढ़ल
  • नव नृत्य शुरू भेल
  • राजनीतिक यात्रा समाप्त भेल
  • कोष प्रकाशित भेल
चाँदमे बुढ़िया-चरखा जेकाँ लोक-कल्पना विज्ञान-बोध बाद नहि देखाइत—ई बाल्य-विश्वासक क्षयक बिम्ब अछि।
3001. ‘चंदा मामा आ चंद्रमा’ बाल-साहित्यसँ कोना जुड़ैत अछि?
  • ई बच्चाक विश्वास, लोरी/फुसलाहट आ ज्ञान-विकासक अनुभव पर विचार करैत अछि
  • ई केवल वयस्क राजनीतिक लेख अछि
  • ई केवल झिझिया रिपोर्ट अछि
  • ई केवल गजल छन्द अछि
लेख बच्चाकेँ चुप करएबाक चंदा-मामा कथा, बालविश्वास आ बादक ज्ञान-संघर्ष उठबैत अछि।
3002. लेखमे ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोणक दोष’ कहबाक आशय की बुझल जा सकैत अछि?
  • तर्कशील ज्ञान कखनो-कखनो आत्मीय लोक-कल्पनाकेँ कमजोर करैत अछि
  • विज्ञानक अस्तित्व नहि
  • लोकविश्वास सर्वथा निरर्थक
  • चंद्रमा अदृश्य अछि
लेखक हँसी-व्यंग्यसँ कहैत छथि जे वैज्ञानिक दृष्टिकोण आएला पर चंदा मामा संगक आत्मीय रिश्ता बदलि गेल।
3003. ‘ज्ञानी बनबोमे बहुत बड़का फायदा’ जेकाँ कथन लेखकेँ कोन स्वर दैत अछि?
  • व्यंग्यात्मक आत्म-समीक्षा आ सामंजस्यक सलाह
  • कठोर आदेश
  • केवल शोकगीत
  • केवल चित्र-वर्णन
अंतिम अंशमे ज्ञान, समाज-दृष्टि आ सामंजस्यक बात व्यंग्य-चिंतनक स्वरमे अछि।
3004. लेखक निष्कर्ष ‘चंदा मामा रहथि आकि चंद्रमा, छिऐ तँ एकैगो’ कोन समन्वय सूचित करैत अछि?
  • लोकविश्वास आ विज्ञानक बीच सामंजस्य खोजब
  • दूनूक पूर्ण अस्वीकार
  • केवल विज्ञान-विरोध
  • केवल लोककथा-विरोध
लेख अंततः नाम बदललासँ वस्तु नहि बदलैत, एहि भावसँ लोक आ विज्ञानक बीच सेतु बनबैत अछि।
3005. ‘चंदा मामा आ चंद्रमा’क शोध-महत्त्व की अछि?
  • ई बाल-कल्पना, लोकविश्वास, विज्ञान, भाषा-रूपक आ आधुनिकता-संघर्षक छोट गद्य-अध्ययन अछि
  • ई केवल प्रशासनिक सूचना अछि
  • ई केवल सूची अछि
  • ई केवल विज्ञापन अछि
लेख बालस्मृति आ वैज्ञानिक ज्ञानक टकरावकेँ सांस्कृतिक-मानसिक प्रश्नमे बदलैत अछि।

3006. अंक ९२क पद्य-सूचीमे शांतिलक्ष्मी चौधरीक संग पहिल उपसमूहमे ककर नाम अछि?
  • ज्योति सुनीत चौधरी
  • देवशंकर नवीन
  • विमलेन्द्र निधि
  • अतुलेश्वर
पद्य-सूचीमे ३.१ अंतर्गत शांतिलक्ष्मी चौधरी आ ज्योति सुनीत चौधरीक नाम देल अछि।
3007. पद्य-समूहमे इरा मल्लिक, ओमप्रकाश झा आ उमेश पासवानक साथ उपस्थिति की देखबैत अछि?
  • विभिन्न कवि-स्वरक सामूहिक मंच
  • केवल एक कविक अंक
  • गद्यक अभाव
  • नाटकक सूची
३.२ उपसमूहमे ई तीनू नाम एक संग देल अछि, जे बहु-कवि पद्य-खंडक संकेत अछि।
3008. जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ आ मिहिर झाक नाम एक उपसमूहमे आउनाइ की बतबैत अछि?
  • पद्य खंड अलग-अलग कवि-द्वय आ समूहक रूपमे सजल अछि
  • ई केवल साक्षात्कारक नाम अछि
  • ई केवल झिझिया आयोजक छथि
  • ई केवल राजनीतिक लेख अछि
सामग्री-सूची पद्यक उपसमूह बनाकऽ अनेक कवि रखैत अछि।
3009. शिवशंकर सिंह ठाकुरक अकेल उपस्थिति कोन संपादकीय पद्धति देखबैत अछि?
  • कवि-संख्या स्थिर नहि; कखनो अकेल, कखनो समूह रूपे प्रस्तुति
  • सभ उपसमूहमे बराबर संख्या अनिवार्य
  • पद्य खंड अनुपस्थित
  • केवल चित्रकला
पद्य-सूचीमे कखनो दू-तीन नाम, कखनो एक नाम अछि; ई सामग्रीक लचीलापन देखबैत अछि।
3010. विकास झा रंजन आ जगदीश प्रसाद मण्डलक पद्य-समूह अंक ९२मे कोन बात दोहरबैत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल गद्य आ पद्य दुनू क्षेत्रमे सक्रिय छथि
  • लेखक केवल राजनीतिक लेखमे छथि
  • लेखक अनुपस्थित छथि
  • ई बालगीत नहि
गद्य खंडमे हुनक ‘वीरांगना/तामक तमघैल’ अछि, आ पद्य-सूचीमे सेहो नाम अबैत अछि।
3011. नवीन ठाकुर पद्य-सूचीमे आ गद्य-सूचीमे दुनू ठाम देखाइत छथि; एहि सँ की स्पष्ट होइत अछि?
  • एके अंकमे रचनाकार विधा-पार सक्रिय छथि
  • ओ केवल चित्रकार छथि
  • ओ केवल संपादक-सूचना छथि
  • ओ अनुपस्थित छथि
गद्य-सूचीमे ‘चंदा मामा आ चंद्रमा’ आ पद्य-सूचीमे नवीन ठाकुरक नाम दुनू उपस्थित अछि।
3012. डॉ. शशिधर कुमर, किशन कारीगर आ नवीन कुमार ‘आशा’क उपस्थिति पद्यक कोन विस्तार देखबैत अछि?
  • अनेक पीढ़ी/स्वरक काव्य-समूह
  • केवल बाल-विज्ञान
  • केवल लोकनृत्य
  • केवल राजनीतिक बहस
पद्य-सूचीमे अलग-अलग नामक उपसमूहसभ कविता-मंचक व्यापकता देखबैत अछि।
3013. रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’ आ डॉ. अरुण कुमार सिंहक नामक साथ पद्य खंड कोन प्रकारक विविधता संकेत करैत अछि?
  • सामाजिक उपनाम/काव्य-स्वर आ औपचारिक लेखक-नाम दुनू संग उपस्थित
  • केवल अज्ञात लेखक
  • केवल तकनीकी शब्द
  • केवल संस्कृत अनुवाद
सूचीमे लोकधर्मी उपनाम ‘झारूदार’ आ डॉ. उपाधि सहित नाम एके काव्य-मंचमे अछि।
3014. अंक ९२क पद्य-रचना-सूची गद्यक लोकसांस्कृतिक सामग्रीसँ कोना भिन्न अछि?
  • पद्य अनेक कवि-स्वरक समूह बनबैत अछि, जबकि गद्य विशिष्ट लेख/रिपोर्ट/कथा केन्द्रित अछि
  • दूनू पूर्णतः समान सूची अछि
  • पद्य अनुपस्थित अछि
  • गद्य केवल कवितासूची अछि
गद्य शीर्षक-केन्द्रित अछि; पद्य अनेक कवि-नामक समूह रूपे संगठित अछि।
3015. पद्य-समूहक समेकित अध्ययन-मूल्य की अछि?
  • अंक ९२ एक साहित्यिक मंच रूपे अनेक कवि, पीढ़ी, शैली आ विषयक सामूहिक उपस्थिति देैत अछि
  • ई केवल एक समाचार-अंक अछि
  • कविता सभ हटाओल गेल अछि
  • ई केवल राजनीतिक दस्तावेज अछि
पद्य-सूचीमे धेरै नाम आ उपसमूह अछि, जे साहित्यिक बहुध्वन्यता देखबैत अछि।

3016. अंक ९२क मिथिला कला-संगीत खण्डमे कतेक नाम सूचीबद्ध अछि?
  • पाँच
  • एक
  • दू
  • दस
कला-संगीत सूचीमे ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा, गुंजन कर्ण, इरा मल्लिक आ राजनाथ मिश्र नाम देल अछि।
3017. श्वेता झा संग ‘सिंगापुर’ उल्लेख कोन व्यापकता देखबैत अछि?
  • मिथिला कला-संगीत प्रवासी/वैश्विक संदर्भ धरि पसरैत अछि
  • कला केवल गाममे सीमित अछि
  • संगीत अनुपस्थित अछि
  • कविता रुकि गेल
सिंगापुरक उल्लेख मिथिला कला-संगीत खण्डमे बाहरी/प्रवासी संलग्नता देखबैत अछि।
3018. गद्य-पद्य भारती खण्डमे बिपिन कुमार झाक भूमिका की अछि?
  • देवब्रत बसुक संस्कृत कथाक मैथिली अनुवाद प्रस्तुत करब
  • झिझिया नृत्यक उद्घाटन
  • जन-चेतना लेख लिखब
  • कला-सूची बनब
स्रोत-सूचीमे बिपिन कुमार झा द्वारा श्री देवब्रत बसुक संस्कृत कथा ‘सुख केँ मृगमरीचिका बुझू’क मैथिली अनुवाद देल अछि।
3019. ‘सुख केँ मृगमरीचिका बुझू’ शीर्षकक दार्शनिक संकेत की अछि?
  • सुखक भ्रम, माया आ सत्कर्म/शरणागतिक ओर मुड़बाक विचार
  • केवल बालक खेल
  • केवल राजनीतिक भाषण
  • केवल चित्रकला
अनुवाद अंशमे सुख मृगमरीचिका जकाँ भटकबैत अछि आ सत्कर्म/अनुष्ठान/शरणागतिक बात अछि।
3020. बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’ सहित ककर-ककर नाम अछि?
  • इरा मल्लिक, कुन्दन कुमार आ कैलाश कामत
  • देवशंकर नवीन, अतुलेश्वर, चन्द्रेश
  • विमलेन्द्र निधि, रामभरोस कापड़ि, अशोक दत्त
  • नवेंदु कुमार झा, भाजपा, मोदी
बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’, इरा मल्लिक, कुन्दन कुमार आ कैलाश कामत सूचीबद्ध छथि।
3021. बालानां कृतेमे ‘चन्ना मामा’ बालगीतक मुख्य प्रसंग की अछि?
  • चाँद, रॉकेट, बच्चाक समझ आ कल्पना-विज्ञानक मिश्रण
  • झिझिया महोत्सव
  • राजनीतिक यात्रा
  • कोजग्रा रिपोर्ट
स्रोत अंशमे धिया-पुता, रॉकेट, चान पर जाएब आ बालबोधक मिश्रित परिस्थिति अछि।
3022. भाषापाक रचना-लेखन खण्डमे ‘मानक मैथिली’क उल्लेख कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • भाषा-प्रयोगकेँ अनुशासित आ शिक्षणीय बनएबाक उद्देश्य
  • कथा हटएबाक उद्देश्य
  • लोकनृत्य रोकएबाक उद्देश्य
  • कविता अस्वीकार करबाक उद्देश्य
भाषापाक/रचना-लेखन खण्ड मानक मैथिलीक अभ्यास आ भाषा-संसाधनक दिशा देखबैत अछि।
3023. मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख अंक ९२मे कोन संसाधन-चेतना देखबैत अछि?
  • भाषा-अध्ययन, अनुवाद आ डिजिटल खोजक सुविधा
  • केवल भोज-सूची
  • केवल खेलक नियम
  • केवल राजनीति
कोषक उल्लेख मैथिलीकेँ डिजिटल, द्विभाषिक आ खोजयोग्य बनएबाक परियोजना सूचित करैत अछि।
3024. प्रवासी खण्डमे ‘Episodes Of The Life’ ककर कृतिक अंग्रेजी अनुवाद रूपे देल अछि?
  • शेफालिका वर्माक ‘किस्त-किस्त जीवन’
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक तामक तमघैल
  • चन्द्रेशक झिझिया लेख
  • नवीन ठाकुरक चंदा मामा
VIDEHA FOR NON RESIDENTS खण्डमे ‘Kist-Kist Jeevan’ by Smt. Shefalika Varma translated into English by Smt. Jyoti Jha Chaudhary देल अछि।
3025. प्रवासी खण्डमे कालीकांत झा ‘बुच’क कविता आ ज्योति झा चौधरीक अनुवाद कोन भूमिका निभबैत अछि?
  • मूल मैथिली साहित्यकेँ अंग्रेजी-पाठक आ प्रवासी पाठक धरि लऽ जाएब
  • केवल गद्य-सूची बनाब
  • राजनीतिक लेख दोहराब
  • झिझिया नाच कराब
मूल मैथिली कविता अंग्रेजी अनुवादसँ बाहरी/प्रवासी पाठक लेल सेतु बनैत अछि।

3026. अंक ९२केँ मैथिली अध्ययनमे बहुआयामी स्रोत कियैक कहल जा सकैत अछि?
  • एहि मे साक्षात्कार, लोकनृत्य, पर्व, कथा, राजनीति, बाल-विज्ञान, पद्य, अनुवाद, कला आ भाषापाक सभ अछि
  • एहि मे केवल एक कथा अछि
  • एहि मे साहित्य अनुपस्थित अछि
  • एहि मे केवल सूचनात्मक पते अछि
सामग्री-संरचना बहुविध अछि; एकहि अंकमे साहित्य, संस्कृति, राजनीति, बाल-साहित्य, अनुवाद आ भाषा-संसाधन जुड़ैत अछि।
3027. देवशंकर नवीन साक्षात्कार आ गद्य-पद्य भारती अनुवादकेँ साथ पढ़ला पर कोन साहित्यिक क्षितिज खुलैत अछि?
  • व्यक्तिगत साहित्य-यात्रा आ संस्कृत-मैथिली अनुवाद परम्परा एके मंच पर अबैत अछि
  • दूनू केवल विज्ञानक पाठ अछि
  • दूनू केवल राजनीतिक प्रचार अछि
  • दूनू केवल चित्रकला सूची अछि
साक्षात्कार जीवनी-संस्थागत अनुभव दैत अछि; अनुवाद संस्कृत कथा केँ मैथिली पाठक लग अनैत अछि।
3028. झिझिया आ कोजग्रा लेख एक संग मिथिला-संस्कृति पर कोन शोध-दिशा देैत अछि?
  • लोकनृत्य, पर्व, स्त्री-अनुष्ठान, अस्मिता आ सामुदायिक उत्सवक अध्ययन
  • केवल डिजिटल तकनीक
  • केवल छन्द गणना
  • केवल राजनीतिक पदनाम
दूनू लोक-संस्कृति पर केन्द्रित अछि आ सांस्कृतिक संरक्षण/उत्सवक दृष्टि दैत अछि।
3029. ‘चंदा मामा आ चंद्रमा’ आ बालानां कृतेक ‘चन्ना मामा’केँ साथ पढ़ला पर कोन साझा प्रतिमान बनैत अछि?
  • बाल-कल्पना, चन्द्र-बिम्ब, विज्ञान आ लोक-विश्वासक संवाद
  • केवल कृषि-भंडारण
  • केवल जनसभा
  • केवल झिझिया मंच
दूनू सामग्री चाँद/चन्ना मामा प्रसंगसँ बच्चा, कल्पना आ वैज्ञानिक/लोकविश्वासी ज्ञान जोड़ैत अछि।
3030. अंक ९२मे राजनीतिक लेखन आ लोकसांस्कृतिक लेखनक सह-अस्तित्व की बतबैत अछि?
  • मैथिली पत्रिका सार्वजनिक जीवनक सांस्कृतिक आ राजनीतिक दुनू आयाम दर्ज करैत अछि
  • साहित्य केवल राजनीति अछि
  • संस्कृति अनुपस्थित अछि
  • राजनीतिक प्रश्न भाषासँ बाहर अछि
नवेंदु कुमार झाक राजनीतिक लेख आ झिझिया/कोजग्रा लोक-संस्कृतिक लेख एके गद्य खण्डमे अछि।
3031. पद्य-सूचीमे अनेक नाम आ बालानां कृतेमे अलग नाम रखल जाएब कोन पाठक-कल्पना सूचित करैत अछि?
  • प्रौढ़ कवि-पाठक आ बाल-पाठक दुनू लेल अलग साहित्यिक स्थान
  • केवल वयस्क राजनीति
  • बाल-पाठकक अनुपस्थिति
  • कविताक अभाव
पद्य खण्ड अनेक कवि-स्वर रखैत अछि, बालानां कृते बाल-पाठक लेल अलग सामग्री रखैत अछि।
3032. भाषापाक, कोष आ प्रवासी अनुवादक एकत्र उपस्थिति कोन दीर्घकालिक परियोजना सूचित करैत अछि?
  • मैथिलीकेँ मानक, डिजिटल, द्विभाषिक आ वैश्विक पाठक-संपर्क योग्य बनएब
  • केवल एक दिनक समारोह
  • केवल नाटक मंच
  • केवल पर्व-भोज
मानक मैथिली, द्विभाषिक कोष आ अंग्रेजी अनुवाद—तीनू भाषा-विस्तारक अलग स्तर अछि।
3033. अंक ९२क अध्ययनमे नो-हैलुसिनेशन नियम कोना लागू होइत अछि?
  • प्रश्न केवल स्रोतमे स्पष्ट नाम, शीर्षक, आशय आ उपलब्ध अंशपर आधारित होए
  • बाहरी घटना जोड़ि देब
  • स्रोतमे नहि रहल पुरस्कार गढ़ब
  • व्यक्तिगत आरोप बनाउब
स्रोत-आधारित खननमे उपलब्ध पाठसँ बाहर अनुमान नहि बढ़एबाक नियम अनिवार्य अछि।
3034. अंक ९२क समेकित साहित्यिक-आलोचनात्मक निष्कर्ष की अछि?
  • ई अंक साहित्यिक मंचकेँ लोक-संस्कृति, बाल-चेतना, राजनीति, अनुवाद, कला आ भाषा-संसाधनक संग जोड़ैत अछि
  • ई केवल एकटा कविता-सूची अछि
  • ई केवल नाटक-अंक अछि
  • ई सामग्री-विहीन अछि
अंकक गद्य, पद्य, कला, बाल, भाषापाक आ प्रवासी खण्ड मिलि बहुआयामी मैथिली सांस्कृतिक दस्तावेज बनबैत अछि।
3035. अंक ९२ पर अगिला गहन खननमे कोन क्षेत्रसभकेँ आओर विस्तार देल जा सकैत अछि?
  • देवशंकर नवीन साक्षात्कार, झिझिया महोत्सव, चंदा मामा-चंद्रमा, पद्य-समूह आ बालानां कृते
  • केवल पता-सूची
  • केवल बटन-लेबल
  • केवल छवि-स्थान
ई क्षेत्रसभ स्रोतमे समृद्ध अछि आ वर्तमान 100 प्रश्नक बादो शोध-स्तर पर आओर प्रश्न देबाक क्षमता रखैत अछि।

3036. अंक ९१क गद्य-सूचीमे साहित्यिक विधाक कोन फैलाव देखाइत अछि?
  • दीर्घकथा, एकांकी, विचार-टिप्पणी, कथा, समीक्षा, राजनीति-लेख आ हास्य कथा
  • केवल गीत-संग्रह
  • सिर्फ विज्ञापन-सूची
  • केवल चित्रकला विवरण
अंकक गद्य-खंड अनेक रूपकेँ एक संग राखैत अछि; एहि सँ पत्रिका केवल एक विधापर निर्भर नहि रहैत।
3037. संपादकीय/विचार-खंडमे साहित्यक मूल सरोकार कोन बात मानल गेल अछि?
  • विषय-वस्तु आ ओकर संप्रेषण
  • मात्र बाहरी सजावट
  • केवल असंबद्ध संख्या
  • सिर्फ लेखकक पदनाम
विचार-खंड साहित्यकेँ विषय-वस्तु, भाषा आ पाठक-सम्बन्धसँ जोड़ैत अछि; बाहरी विवरण गौण अछि।
3038. अंक ९१क आरम्भिक दृष्टिमे मैथिली साहित्यक कमजोरी कोन रूपमे चिन्हित होइत अछि?
  • शब्दक अकाल आ संप्रेषणक कठिनाइ
  • बहुत बेसी चित्र
  • अत्यधिक पृष्ठ-सूची
  • संगीतक अभाव
लेखकक तर्क अछि जे शब्द-संपदा कम रहलासँ विषय-वस्तु स्पष्ट करब कठिन भऽ जाइत अछि।
3039. ई अंक साहित्यिक स्रोत रूपमे उपयोगी कियैक अछि?
  • एहि मे रचनात्मक, आलोचनात्मक, भाषिक, राजनीतिक, बाल-साहित्यिक आ प्रवासी सामग्री एक संग अछि
  • एहि मे केवल एक कविता अछि
  • एहि मे साहित्यिक सामग्री अनुपस्थित अछि
  • एहि मे केवल तकनीकी सूचना अछि
सामग्रीक बहुविधता शोधार्थीकेँ एकहि अंकमे अनेक साहित्यिक दिशा देखबैत अछि।
3040. अंक ९१मे दीर्घकथा आ एकांकीक संग राजनीति-लेख राखल जाएब कोन संकेत दैत अछि?
  • पत्रिका साहित्य आ समाजक सम्बन्धकेँ अलग नहि मानैत
  • पत्रिका केवल दल-प्रचार करैत
  • पत्रिका बाल-पाठ्य मात्र अछि
  • पत्रिका भाषाविज्ञान छोड़ि दैत
गद्य-संरचना साहित्यिक रूप आ सामाजिक-सामयिक विमर्शक संग-साथ चलबाक संकेत करैत अछि।
3041. अंक ९१क सामग्री-संरचना सँ ‘विदेह’क संपादकीय नीति पर कोन निष्कर्ष निकलैत अछि?
  • एकहि अंकमे रचना, समीक्षा, भाषा, कला, बाल-साहित्य आ अनुवाद सभकेँ स्थान देनाइ
  • मात्र एक लेखकक प्रचार
  • साहित्यिक विविधतासँ परहेज
  • केवल सरकारी सूचना छापब
विविध खंड पत्रिकाक खुलल साहित्यिक चौक रूपकेँ प्रकट करैत अछि।
3042. अंक ९१मे ‘भाषापाक’क उपस्थिति कोन स्तरक प्रश्न उठबैत अछि?
  • मानक मैथिली, कोष, लेखन-रूप आ भाषा-संसाधन
  • केवल जन्मदिन समारोह
  • फिल्मी गीतक क्रम
  • छवि-संपादन
भाषापाक खंड भाषा-व्यवस्था आ लेखन-मानकसँ जुड़ल अछि, जे साहित्यिक साधनाक आधार बनैत अछि।
3043. सामग्री-सूचीमे ‘विदेह फॉर नॉन रेजिडेन्ट्स’ राखल जाएब कोन सांस्कृतिक दिशा देखबैत अछि?
  • प्रवासी पाठक आ मैथिली-संसारकेँ जोड़बाक प्रयत्न
  • स्थानीय पाठककेँ हटेबाक योजना
  • केवल अंग्रेजीकरण
  • साहित्यसँ असम्बद्ध व्यापार
प्रवासी खंड मैथिलीकेँ भौगोलिक सीमा सँ बाहर रहल पाठक धरि लऽ जाएबाक संकेत करैत अछि।
3044. अंक ९१क साहित्य-दृष्टि मे पाठकक भूमिका कोन तरहें उभरैत अछि?
  • पाठक केँ विविध विधा आ भाषा-चर्चाक बीच सक्रिय अर्थ-ग्रहण करबाक अवसर भेटैत अछि
  • पाठकक लेल कोनो सामग्री नहि
  • पाठक केवल फोटो देखैत अछि
  • पाठक केवल सूची याद करैत अछि
विधागत फैलाव पाठककेँ कथा, कविता, समीक्षा, भाषा आ लोक-संस्कृति सभपर विचार करबैत अछि।
3045. ई अंक ‘समानान्तर साहित्य आन्दोलन’क दृष्टिसँ उपयोगी कियैक मानल जा सकैत अछि?
  • केंद्रित संस्थागत साहित्यक बजाय बहुविध, लोक, भाषा, प्रवासी आ बाल-विमर्शक समावेश करैत अछि
  • केवल राजकीय दस्तावेज अछि
  • केवल पुरस्कार-सूची अछि
  • केवल विज्ञापन-पत्र अछि
बहुविध सामग्री साहित्यक समानान्तर सार्वजनिक मंच रचैत अछि; एही कारणे ई आन्दोलन-संबंधी स्रोत अछि।

3046. हिन्दी आ मैथिली शब्दावली पर विचार करैत लेखक कोन चेतावनी दैत छथि?
  • भूगोल बढ़लासँ शब्दावली स्वतः समृद्ध नहि भऽ जाइत
  • छोट भाषा शब्दावली बना नहि सकैत
  • मैथिलीमे शब्दक आवश्यकता नहि
  • साहित्य केवल अनुवादसँ बनैत
लेखक हिन्दी उदाहरणसँ बुझबैत छथि जे भाषा-सत्ता आ शब्द-संपदा अलग बात अछि।
3047. डेनमार्कक शब्दकोषक उदाहरण कोन तर्ककेँ बल दैत अछि?
  • क्षेत्र वा जनसंख्या छोट होइतो भाषा विस्तृत शब्द-संपदा राखि सकैत अछि
  • छोट देशक भाषा साहित्यहीन होइत अछि
  • भाषा-संपदा केवल साम्राज्यसँ बनैत
  • मातृभाषा-परीक्षा अनावश्यक अछि
डेनिस शब्दकोषक विस्तार छोट भाषाक सामर्थ्यक उदाहरण रूपमे देल गेल अछि।
3048. शब्दावलीक ग्राह्यता लेल लेखक कोन आधारक महत्व बतबैत छथि?
  • नेटिव स्पीकरक गाममे बाजल जाएबला शब्दावली
  • संस्कृतिसँ कटल प्रवासी प्रयोग मात्र
  • बाहरी प्रशासनिक आदेश
  • फिल्मी फैशन
लेखक गामक जीवित भाषाकेँ साहित्यिक ग्राह्यताक आधार मानैत छथि।
3049. ‘शास्त्रीय अनुशासन लेखक लेल अछि, पाठक लेल नै’ — एहि कथनक आशय की अछि?
  • रचनाकारक मेहनति छन्द-साधना पाठककेँ सहज सौंदर्य देबाक माध्यम अछि
  • पाठककेँ सभ छन्द कंठस्थ करबाक चाही
  • लेखक शास्त्रसँ मुक्त रहबाक चाही
  • शास्त्रक साहित्यसँ कोनो सम्बन्ध नहि
लेखक मानैत छथि जे शास्त्रक अनुशासन रचनामे गुप्त श्रम रूपेँ हो, पाठकपर बोझ नहि बनय।
3050. गजल, रोला, दोहा, कुण्डलियाक उदाहरण किएक देल गेल अछि?
  • रूप-साधना आ शास्त्रीय आधारक महत्व बुझएबाक लेल
  • संगीतकारक सूची देबाक लेल
  • पत्रिका-सज्जा बतएबाक लेल
  • जन्मतिथि स्मरण करएबाक लेल
ई उदाहरण देखबैत अछि जे विधा लिखबाक लेल ओकर आंतरिक अनुशासन बुझब आवश्यक अछि।
3051. मजहर इमामक गजल-संग्रहक उदाहरणसँ लेखक कोन बात स्पष्ट करैत छथि?
  • पाठक नीक रचनाकेँ ग्रहण करैत अछि, मुदा शास्त्रीय श्रम ओहि सौंदर्यक आधार होइत अछि
  • बहरक कोनो महत्व नहि
  • गजल केवल संख्या पर टिकल अछि
  • पुरस्कार साहित्यक एकमात्र मापदण्ड अछि
लेखक कहैत छथि जे पाठककेँ रचना नीक लगैत अछि; नीक लागबाक पाछाँ रूप-साधना सेहो रहैत अछि।
3052. सावित्री मंत्र/गायत्री प्रसंग कोन तर्कमे प्रयुक्त अछि?
  • शास्त्रक भीतरहि लचीलापन आ गणना-पूर्ति सम्भव अछि
  • छन्द पूर्णतः त्याज्य अछि
  • मंत्र साहित्यसँ असम्बद्ध अछि
  • कविता केवल धार्मिक विधि अछि
लेखक शास्त्रक कठोरता नहि, ओकर भीतरक सूक्ष्म लचीलापन देखबैत छथि।
3053. लेखकक अनुसार शब्दक अकाल साहित्यकार लेल खतरनाक कियैक अछि?
  • विषय-वस्तु फरिछा कऽ संप्रेषित करब कठिन भऽ जाइत अछि
  • कवितामे संगीत नहि रहैत
  • छवि कम भऽ जाइत
  • पत्रिका छोट भऽ जाइत
शब्द-संपदा अभिव्यक्ति आ विचार-स्पष्टताक मूल साधन मानल गेल अछि।
3054. हिन्दीक साम्राज्यवादी प्रवृत्ति पर चर्चा मैथिली सन्दर्भमे कियैक जोड़ल गेल अछि?
  • छोट भाषाक अस्मिता आ शब्द-संसाधन बचएबाक चेतावनी लेल
  • हिन्दी दिवस मनएबाक समर्थन लेल
  • अंग्रेजी हटेबाक मात्र मांग लेल
  • कविता-सूची बनएबाक लेल
लेखक छोट भाषाक स्थान-ह्रासक ऐतिहासिक भयकेँ मैथिलीपर लागू करैत छथि।
3055. अंक ९१क शब्दावली-विमर्श शोधार्थी लेल कोन दिशा खोलैत अछि?
  • भाषा-सत्ता, मातृभाषा, छन्द-साधना आ साहित्यिक ग्राह्यताक संयुक्त अध्ययन
  • केवल गीतक धुन
  • केवल चित्र-विन्यास
  • केवल पुरस्कार-सूची
ई विमर्श भाषा-विज्ञान, आलोचना आ साहित्य-रूपशास्त्रक बीच सेतु बनबैत अछि।

3056. लेखक ‘आइडियोलोजी पानिमे नून सन’ हेबाक बात कियैक कहैत छथि?
  • विचार रचनामे घुलि जाय, ऊपर तेल सन अलग चमकय नहि
  • विचारधारा पूर्णतः हटि जाय
  • रचना केवल नारा बनय
  • लेखक राजनीति नहि बुझय
नूनक रूपक रचनामे विचारक स्वाभाविक मिलान दर्शाबैत अछि; तेलक रूपक बाहरी प्रदर्शनक आलोचना करैत अछि।
3057. यात्री आ धूमकेतु पर टिप्पणीमे ‘बैसाखी’ शब्दक प्रयोग कोन अर्थमे अछि?
  • मार्क्सवादक बाहरी सहाराक रूपमे
  • छन्दक तकनीकी नाम रूपमे
  • कथा पात्रक उपनाम रूपमे
  • लोकगीतक ताल रूपमे
लेखकक आलोचना अछि जे किछु रचनामे विचारधारा प्रत्यक्ष सहारा बनि जाइत अछि।
3058. चतुरानन्द मिश्र आ जगदीश प्रसाद मण्डलक तुलना कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • दुनू रचनामे पार्टी-नारा नहि, जीवन-दृष्टि आ द्वन्दात्मक पद्धति प्रमुख बताओल गेल अछि
  • दुनू केवल गजलकार छथि
  • दुनू केवल चित्रकार छथि
  • दुनू प्रवासी लेखक छथि
तुलना रचनात्मक मार्क्सवादी दृष्टि आ बाहरी नारेबाजी बीच फर्क खोलैत अछि।
3059. जगदीश प्रसाद मण्डलक सन्दर्भमे ‘सत्य हरिश्चन्द्र’ कहल जाएब कोन मूल्य रेखांकित करैत अछि?
  • ईमानदारी आ सामाजिक प्रतिष्ठा
  • छन्दक कौशल
  • गायन-कला
  • प्रवासी पहचान
स्रोतमे ई संबोधन हुनकर नैतिक व्यक्तित्वक संकेतक रूपमे आएल अछि।
3060. बेरमा गामक जोत-सीमा प्रसंग लेखकक तर्कमे कियैक जोड़ल गेल अछि?
  • कम्यूनिस्ट नेतृत्वक सामाजिक असर देखएबाक लेल
  • खेतीक तकनीक बतएबाक लेल
  • लोकगीतक ताल बतएबाक लेल
  • बाल-कथा आरम्भ करबाक लेल
दस बीघासँ पैघ जोत नहि रहलाक उल्लेख सामाजिक परिवर्तनक उदाहरण रूपमे प्रयुक्त अछि।
3061. जगदीश प्रसाद मण्डलक भोरमे उठि डिबिया लेसि लिखबाक प्रसंग कोन छवि बनबैत अछि?
  • मौन, अनुशासित आ लोकजीवनसँ जुड़ल साहित्य-साधकक
  • शहरक प्रकाशकक
  • दरबारी कविक
  • केवल मंचीय कलाकारक
ई प्रसंग भौतिक सुविधा नहि, साहित्य-साधनाक नियमितता आ तपस्याकेँ उभारैत अछि।
3062. जगदीश मण्डलक ‘मैथिलीक अतिरिक्त दोसर भाषा नहि बजब’ प्रसंग कोन भाषा-प्रतिबद्धता देखबैत अछि?
  • जीवन-व्यवहारमे मातृभाषाक प्रयोग
  • अनुवादक निषेध
  • बाल-साहित्यक त्याग
  • गद्य-विमर्शक विरोध
भोगेन्द्र झाक नेतृत्वमे लेल प्रणक उल्लेख मातृभाषा-आचरणक प्रमाण रूपमे आएल अछि।
3063. लेखकक अनुसार जगदीश मण्डलक विषय-वस्तु नवीन कियैक होइत अछि?
  • हुनकर जीवनानुभव, लोक-सम्बन्ध आ जीवित मैथिली व्यवहारक कारण
  • केवल विदेशी कथानक लेल
  • फोटो अधिक होएबाक कारण
  • पत्रिका-सूचीक कारण
स्रोतमे जीवन-सम्बद्धता, भाषिक प्रतिबद्धता आ सामाजिक अनुभवकेँ नवीन विषय-वस्तुक आधार बनाओल गेल अछि।
3064. मार्क्सवाद पर अंक ९१क विचार शोधार्थीकेँ कोन फर्क बुझबैत अछि?
  • नारा-आधारित विचार आ रचना-भीतर घुलल जीवन-दृष्टिक फर्क
  • कविता आ चित्रकला मात्रक फर्क
  • ब्रेल आ देवनागरीक फर्क
  • पत्रिका आ पुस्तकालयक फर्क
विमर्शक केन्द्रीय बात अछि जे विचारधारा साहित्यक भीतर जीवन-प्रक्रिया बनि कऽ आबय।
3065. ‘द्वन्दात्मक पद्धति’क चर्चा साहित्य-पठनमे कियैक उपयोगी अछि?
  • एहि सँ पात्र, समाज, संघर्ष आ परिवर्तनकेँ एक साथ पढ़ल जा सकैत अछि
  • एहि सँ केवल छन्दगणना होइत अछि
  • एहि सँ पृष्ठ सज्जा बनैत अछि
  • एहि सँ केवल गीत गाओल जाइत अछि
द्वन्दात्मकता साहित्यकेँ स्थिर वर्णन नहि, संघर्षशील जीवनक रूपमे पढ़बाक साधन बनैत अछि।

3066. अतुलेश्वर धीरेन्द्र प्रेमर्षिक रचनाक विशेषता कोन रूपमे देखैत छथि?
  • मिथिलाक संग जीयब
  • केवल शहरी व्यंग्य
  • भाषा-त्याग
  • चित्रकला प्रशिक्षण
टिप्पणीमे प्रेमर्षिक मैथिली आ नेपाली दुनू रचनामे मिथिला-चिन्ता उपस्थित कहल गेल अछि।
3067. ‘कोन सुर सजाबी’ आ ‘समयलाई सलाम’क साथ-साथ उल्लेख कोन साहित्यिक बिंदु देखबैत अछि?
  • मैथिली आ नेपाली दुनूमे मिथिला-बोधक उपस्थिति
  • केवल गीत-संगीतक बाजा
  • बाल-कथा सूची
  • पत्रिका-प्रबंधन
दुनू कृतिक उल्लेख बहुभाषिक रचनाकारक मिथिला-केंद्रित दृष्टि देखबैत अछि।
3068. माधव धिमिरे द्वारा प्रेमर्षिक भाषिक संयोजनक चर्चा कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • नेपाली आ मैथिली ठेठ शब्दक मिलानकेँ रचनात्मक बल मानल गेल
  • भाषा-मिश्रणकेँ दोष घोषित कएल गेल
  • केवल छवि-विन्यास बताओल गेल
  • गीतक संख्या गनाओल गेल
स्रोतमे भाषिक संयोजन प्रेमर्षिक संग्रहक महत्त्वपूर्ण पक्ष कहल गेल अछि।
3069. प्रेमर्षिक पंक्ति ‘जोर जुलुम...’क प्रयोग टिप्पणीमे कोन भूमिका निभबैत अछि?
  • प्रतिरोध, भाषा-अस्मिता आ झुकबाक अस्वीकारक भाव उभारैत अछि
  • हास्य-कथा समाप्त करैत अछि
  • जन्मतिथि बतबैत अछि
  • संगीत-ताल बतबैत अछि
पंक्ति विचार-टिप्पणीक प्रतिरोधी स्वरसँ मेल खाइत अछि।
3070. यात्रीक जन्मशती प्रसंगमे अतुलेश्वरक मुख्य आग्रह की अछि?
  • समारोहसँ बेसी यात्रीक विचार जीवित राखब
  • केवल माल्यार्पण
  • यात्रीक उपेक्षा करब
  • चित्र प्रदर्शनी मात्र
लेखक कहैत छथि जे जन्मदिन मनाएब पर्याप्त नहि; विचार आ सेवा पर विचार जरूरी अछि।
3071. यात्री पर मत रखबाक पूर्व ‘पूर्ण सोचि-विचारि’ करबाक आग्रह कोन आलोचनात्मक नैतिकता देखबैत अछि?
  • पुरखाक योगदान बुझि कऽ मूल्यांकन करब
  • जल्दी अपमान करब
  • रचनासँ असम्बद्ध रहब
  • सिर्फ मंचीय घोषणा करब
टिप्पणी असम्मानजनक तत्क्षण टिप्पणीक विरुद्ध गंभीर अध्ययनक बात करैत अछि।
3072. जनगणना प्रसंगमे मैथिली आ हिन्दी सम्बन्ध पर कोन भय व्यक्त अछि?
  • मैथिलीक अस्तित्वकेँ हिन्दी-राजनीति ओझेल कऽ सकैत अछि
  • मैथिली अत्यधिक शक्तिशाली भऽ गेल
  • भाषा-गणना निरर्थक अछि
  • नेपालमे मैथिली अनुपस्थित अछि
लेखक जनगणना आ भाषा-राजनीतिकेँ मातृभाषा-अस्मितासँ जोड़ैत छथि।
3073. अभि सुवेदीक उल्लेख कियैक कएल गेल अछि?
  • मैथिली पर हिन्दी दबावक बाहरी/नेपाली साहित्यिक साक्ष्य देबाक लेल
  • कथा-रस बढ़ेबाक लेल
  • चित्रकला परिचय लेल
  • बच्चाक गीत लेल
नेपाली लेखकक उद्धरण मैथिली-हिन्दी सम्बन्धक दीर्घ समस्या पर बाहरी दृष्टि देैत अछि।
3074. अतुलेश्वरक टिप्पणीमे भाषा-अस्मिता कतेक स्तरपर उभरैत अछि?
  • मातृभाषा, जनगणना, साहित्यिक सम्मान आ बहुभाषिक लेखन सभ स्तरपर
  • केवल संगीत-सूचीमे
  • केवल हास्य कथा मे
  • केवल पुरस्कार प्रसंगमे
धीरेन्द्र प्रेमर्षि, यात्री आ जनगणना तीनू प्रसंग भाषा-अस्मिताक अलग स्तर खोलैत अछि।
3075. अंक ९१क भाषा-विमर्श शोधार्थी लेल कोन तुलना सम्भव बनबैत अछि?
  • मैथिली-नेपाली, मैथिली-हिन्दी, मातृभाषा-राजनीति आ साहित्यिक स्मृति
  • केवल छवि आकार
  • केवल ईमेल-संपर्क
  • केवल पृष्ठ-विन्यास
टिप्पणी बहुभाषिकता आ भाषिक सत्ता-संबंधकेँ साथे पढ़बाक अवसर दैत अछि।

3076. नन्दविलास राय कृत ‘बाबाधाम’क आरम्भिक ध्वनि ‘बोल-बम’ कोन लोक-परिसर खोलैत अछि?
  • श्रद्धा, यात्रा आ देवघर-संबद्ध लोक-आस्था
  • दरबारी नृत्य
  • कारखाना जीवन
  • विद्यालयी परीक्षा
कथाक आरम्भ बोल-बम ध्वनिसँ धार्मिक यात्रा आ लोक-समूहक वातावरण बनबैत अछि।
3077. ‘बाबाधाम’मे कमलीक कानमे पड़ल आवाज कथाक वातावरणमे कोन भूमिका निभबैत अछि?
  • यात्रा-लोकध्वनि सँ कथाक प्रवेश करबैत अछि
  • कथा समाप्त करैत अछि
  • चित्र-सूची बनबैत अछि
  • राजनीतिक नारा हटबैत अछि
ध्वनि कथाकेँ जीवित लोक-परिदृश्यमे बसबैत अछि।
3078. बिपिन झाक ‘जन्मदिनक बदलैत स्वरूप’ कोन प्रकारक सामाजिक परिवर्तनक संकेत दैत अछि?
  • उत्सव-रीति आ आधुनिक व्यवहारक बदलैत रूप
  • छन्द-विन्यास
  • चित्रकला प्रशिक्षण
  • ब्रेल-रूपांतरण
शीर्षकहि जन्मदिन-मनाएबाक बदलैत सामाजिक ढाँचा पर संकेत करैत अछि।
3079. जवाहर लाल कश्यपक ‘लहास’ विहनि कथामे सड़कक बीच लाशक बिम्ब कोन प्रश्न उठबैत अछि?
  • समाजक संवेदनहीनता आ सार्वजनिक उपेक्षा
  • फूलक सजावट
  • बाल-खेल
  • मंच-प्रकाश
सड़कक बीचो-बीच लाश राखल रहब जन-जीवनक नैतिक सुन्नता पर तीखा प्रश्न अछि।
3080. ‘लहास’क सड़क ‘सुनसान बाट’ नहि बल्कि मोहल्लाक रोड अछि — एहि तथ्यक अर्थ की अछि?
  • समस्या सभक आँखि आगाँ अछि, मुदा प्रतिक्रिया अनुपस्थित अछि
  • घटना जंगलमे छिपल अछि
  • कथा केवल स्वप्न अछि
  • कथा राजमहलमे घटैत अछि
भीड़-भाड़क स्थानमे लाश रहब सामाजिक उदासीनताकेँ आर तीक्ष्ण बनबैत अछि।
3081. राजेशकुमार कर्णक ‘चिरबिर–चिरबिर करैत उडि रहल चिडै’मे प्यासल पंक्षीक बिम्ब कोन रूपक बनैत अछि?
  • मैथिली पुस्तक-पठनक अपूर्ण प्यास
  • भोजन-सूची
  • यात्रा-खर्च
  • जन्मदिनक सजावट
लेखक बूंद-बूंद पानीसँ न बुझायल प्यासकेँ मैथिली किताब पढ़बाक चाहसँ जोड़ैत छथि।
3082. ‘चिडै’ कथा-संग्रह पर लिखैत समीक्षकक प्यास नहि बुझब कोन बात सूचित करैत अछि?
  • मैथिली साहित्य पढ़बाक दीर्घ चाह आ उपलब्ध सामग्रीक सीमितता
  • कथा पढ़बाक अरुचि
  • पक्षी-विज्ञानक मात्र सूचना
  • चित्रकला पुरस्कार
समीक्षक थोड़ साहित्य भेटलासँ संतोष नहि, आओर पढ़बाक अभिलाषा व्यक्त करैत छथि।
3083. ‘चिरबिर’ शीर्षकक पुनरुक्ति कोन श्रव्य प्रभाव बनबैत अछि?
  • चिड़ैक आवाज आ जीवंतता
  • कार्यालयी आदेश
  • छन्द-विराम
  • न्यायालयी भाषा
ध्वन्यात्मक पुनरुक्ति पक्षी-विषयक रचनाकेँ श्रव्य आ जीवित बनबैत अछि।
3084. अंक ९१मे कथा-सामग्रीक विविधता कोन-कोन क्षेत्र धरि पसरल अछि?
  • तीर्थ, घरेलू उत्सव, सड़क-संवेदना, पक्षी-समीक्षा आ मीडिया-हास्य
  • केवल प्रेमगीत
  • केवल कोष-प्रविष्टि
  • केवल चित्रकला प्रदर्शनी
गद्य-सूची सामाजिक, लोक, आलोचनात्मक आ व्यंग्यात्मक धरातल पर पसरल अछि।
3085. एहि खंडक कथात्मक सामग्री शोधार्थीकेँ कोन पद्धति अपनएबाक प्रेरणा दैत अछि?
  • लघु रूपमे लोक-संस्कृति, सामाजिक नैतिकता आ आधुनिकता पढ़ब
  • केवल नाम-सूची याद करब
  • फोटो-स्थान गनब
  • ईमेल लिखब
कथासभ छोट होइतो सामाजिक अर्थ आ सांस्कृतिक रूपक सँ भरल अछि।

3086. विनीत उत्पलक ‘बेसिक इंस्टिंक्ट’मे कार्यालयी गॉसिप कोन सामाजिक आलोचना बनैत अछि?
  • मीडिया-संस्थानक शक्ति, अफवाह आ चरित्र-हन्ताक तंत्र
  • किसान आन्दोलनक विवरण
  • बालगीतक अभ्यास
  • चित्रकला-शिक्षण
कथा दफ्तरक अफवाह, बॉस-सत्ता आ निजी सम्बन्धक शोषणपर कटाक्ष करैत अछि।
3087. ‘परेशान आत्मा’क तबादला कथामे कोन मोड़ बनैत अछि?
  • संस्थागत षड्यंत्र आ निजी प्रतिशोधक असर
  • तीर्थयात्रा आरम्भ
  • बाल-कथा समाप्ति
  • गीत-संगीतक प्रवेश
स्थानांतरण पात्रक ऊपर कार्यालयी सत्ता आ गॉसिपक दबावकेँ कथात्मक रूप दैत अछि।
3088. ‘हाइली टेंपर’ नामक पात्र कथामे कोन प्रवृत्तिक संकेतक अछि?
  • करियर, गॉसिप, चालाकी आ अस्थिर आत्म-निर्माण
  • लोकगीत गायिका
  • राजा दरबारक मंत्री
  • बाल-कथाक बच्चा
नाम आ चरित्र दुनू अतिरंजित आधुनिक मीडिया-व्यवहारक आलोचनात्मक चिह्न बनैत अछि।
3089. कथा मे ‘मेसेज’ पाँच शब्दक होइतो आगि बनि जाएब कोन बात देखबैत अछि?
  • संचार-भ्रम आ कार्यालयी राजनीति कतेक तीव्र भऽ सकैत अछि
  • पत्र लेखनक सौंदर्य
  • गजल बहर
  • लोरिक कथा
सामान्य संवाद सत्ता-संबंधक कारण विवादक हथियार बनि जाइत अछि।
3090. ‘परेशान आत्मा’क नोकरी छोड़ि आगू बढ़ब कथामे कोन प्रतिरोध छवि देैत अछि?
  • अपमानित कर्मचारीक आत्मसम्मान आ पुनर्निर्माण
  • पूर्ण पराजय
  • भाषा-त्याग
  • छन्द-भंग
पात्र धमकी स्वीकार नहि करैत; ओ दोसर ठाम अधिक जिम्मेदारी आ वेतन सहित आगू बढ़ैत अछि।
3091. ‘आजुक कालमे बाबा’मे नागार्जुनक कविता आजुक आन्दोलन-संदर्भसँ कियैक जोड़ल गेल अछि?
  • लोकपाल, भ्रष्टाचार, नौजवान आ सत्ता-विरोधी चेतना बुझएबाक लेल
  • कथा-नाम याद करएबाक लेल
  • बालगीत सिखएबाक लेल
  • चित्रकला पुरस्कार लेल
लेख नागार्जुनक राजनीतिक कविताकेँ समकालीन भ्रष्टाचार-विरोधी वातावरणसँ जोड़ैत अछि।
3092. गाँधी मैदान आ रामलीला मैदानक तुलना कोन संरचनात्मक अर्थ रखैत अछि?
  • जन-आन्दोलनक स्थान बदलल, मुदा युवा-ऊर्जा आ प्रतिरोधक स्वर जारी रहल
  • दुनू ठाम केवल नृत्य भेल
  • दुनू ठाम चित्र बनल
  • दुनू ठाम बाल-कथा पढ़ल गेल
तुलना अतीत आ वर्तमान आन्दोलनक बीच प्रतिरोधी निरन्तरताकेँ देखबैत अछि।
3093. नागार्जुनक राजनीतिक कविता पर लेख कोन गुण प्रमुख मानैत अछि?
  • तात्कालिकता, व्यंग्य, जनपक्ष आ कालजयी मारकता
  • केवल श्रृंगार
  • केवल बाल-मनोरंजन
  • केवल छवि-विन्यास
लेख नागार्जुनक शब्दमे तत्काल राजनीति आ स्थायी जन-चेतना दुनू देखैत अछि।
3094. नवेंदु कुमार झाक राजनीति-लेखमे नीतीश-आडवाणी प्रसंग कोन विमर्श खोलैत अछि?
  • गठबंधन, प्रधानमंत्री दावेदारी, रथ यात्रा आ रणनीतिक दूरी/निकटता
  • लोकगीतक धुन
  • बाल-खिस्सा
  • चित्रकला वर्णन
लेख तत्कालीन राष्ट्रीय-राज्यीय राजनीति आ गठबंधन गणितक विश्लेषण करैत अछि।
3095. अंक ९१मे ‘बेसिक इंस्टिंक्ट’ आ राजनीति-लेख संग रखल जाएब कोन व्यापक यथार्थ देखबैत अछि?
  • निजी कार्यालयी सत्ता आ सार्वजनिक राजनीतिक सत्ता दुनू पर आलोचनात्मक दृष्टि
  • साहित्यक समाजसँ असम्बद्धता
  • केवल भक्तिगीत
  • केवल शब्दकोष
एक तरफ मीडिया-दफ्तरक सत्ता-गॉसिप अछि, दोसर तरफ राष्ट्रीय राजनीति; दुनू सामाजिक शक्ति-संबंध देखबैत अछि।

3096. किशन कारीगरक ‘मुन्नी बदनाम भेलैए किएक?’ मूलतः कोन विधाक रचना अछि?
  • हास्य-व्यंग्य कथा
  • शास्त्रीय निबंध
  • भाषावैज्ञानिक कोष
  • बालगीत
सूचीमे ई हास्य कथा रूपमे दत्त अछि आ पाठमे बाबा-कारीगर संवादसँ व्यंग्य खुलैत अछि।
3097. कथामे बाबा बार-बार ‘मुन्नी बदनाम भेलैए किएक?’ कियैक पूछैत छथि?
  • लोकप्रिय मीडिया-उन्मादक अर्थ बुझबाक व्यंग्यात्मक युक्ति
  • तीर्थ-दिशा पूछबाक लेल
  • शब्दकोष बनएबाक लेल
  • कविता कंठस्थ करएबाक लेल
प्रश्नक दोहराव फिल्मी-संस्कृति आ मीडियाक हल्लाक हास्यपूर्ण आलोचना बनैत अछि।
3098. कथामे ‘मीडिया वाला सभ’क हल्ला पर कटाक्ष कोन बात पर अछि?
  • लोकप्रिय गीत/आइटम-संस्कृति केँ समाज भरि फैलएबाक प्रवृत्ति
  • ग्रामीण खेतीक तकनीक
  • बालक शिक्षण
  • ब्रेल रूपांतरण
बाबा कहैत छथि जे चैनल आ समाचार एहन प्रसंगकेँ लगातार उछालि समाजमे असर फैला रहल अछि।
3099. टुन्नी पात्र कथामे कोन प्रवृत्तिक अतिरंजित रूप अछि?
  • बदनाम भऽ प्रसिद्ध होएबाक चाह
  • लोकसेवा
  • भाषा-संशोधन
  • छन्दसाधना
टुन्नीक ‘बदनाम’ होएबाक इच्छा लोकप्रियता-लालसा पर व्यंग्य अछि।
3100. कथामे गाम, हाट, बाजार आ शहरक उल्लेख कोन सांस्कृतिक परिवर्तन देखबैत अछि?
  • मीडिया-संस्कृति ग्रामीण-शहरी सभ ठाम पहुँचि गेल
  • गाम पूर्णतः अलग रहल
  • गीत केवल शहर धरि सीमित रहल
  • समाचारक कोनो असर नहि
बाबाक परेशानी ई अछि जे ‘मुन्नी’ प्रसंग गाम-शहर सभ ठाम गूँजि रहल अछि।
3101. ‘देहदेखौआ कपड़ा’ आ समाचार-वाचनक चर्चा कियैक आबैत अछि?
  • दृश्य-मीडिया मे देह, समाचार आ बाजारक मिश्रण पर आलोचना लेल
  • वस्त्र-इतिहास लिखबाक लेल
  • चित्रकला रंग बतएबाक लेल
  • बालकथा शुरू करबाक लेल
कथा मीडिया-प्रस्तुति आ देह-प्रदर्शनक बाजारीकरण पर हास्य-व्यंग्य करैत अछि।
3102. बाबाक भय जे ‘कोई हमरो लेल ने बदनाम भए जाए’ कोन सामाजिक मनोदशा देखबैत अछि?
  • लोकप्रिय संस्कृतिक अनियंत्रित असर आ बुजुर्गक असहजता
  • कृषि-समृद्धि
  • भाषा-शास्त्र
  • पुस्तक-मेला
व्यंग्यक हास्य एहि भयमे अछि जे बदनामीयो प्रसिद्धिक माध्यम बनि गेल।
3103. ‘टीशन पढ़ै लेल जाइत छी’ कहि पार्क-कॉफी हाउस घूमबाक प्रसंग कोन आलोचना अछि?
  • युवा जीवनमे दिखावा, बहाना आ मीडिया-प्रेरित आचरण
  • परीक्षा-पद्धति सुधार
  • कृषि-उद्योग
  • कथा-सूची
कथा अभिभावक-चिन्ता आ नव पीढ़ीक लोकप्रिय संस्कृति-प्रभावकेँ हास्यमे रखैत अछि।
3104. ‘मुन्नी बदनाम’ कथाक संवाद-शैली कतेक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • बाबा आ कारीगरक बोलीसँ लोक-हास्य आ सामाजिक कटाक्ष बनैत अछि
  • संवाद पूर्ण अनुपस्थित अछि
  • संवाद केवल संस्कृतमे अछि
  • संवाद चित्रकला निर्देश अछि
लोक-बोली संवाद कथाकेँ मंच-जोग, हास्यपूर्ण आ आलोचनात्मक बनबैत अछि।
3105. एहि हास्य-कथाक शोध-स्तर अर्थ की अछि?
  • लोकभाषा द्वारा मीडिया, देह-बाजार, प्रसिद्धि-लालसा आ ग्रामीण समाजक प्रतिक्रिया पढ़ब
  • केवल फिल्मी गीतक नाम याद करब
  • केवल पृष्ठ गनब
  • केवल ईमेल लिखब
रचना लोकप्रिय संस्कृति पर लोक-व्यंग्यक अध्ययन लेल महत्त्वपूर्ण सामग्री अछि।

3106. अंक ९१क पद्य खंडमे अनेक कवि-समूह देल जाएब कोन संकेत दैत अछि?
  • पद्य-रचना लेल व्यापक मंच
  • कविता-विरोध
  • केवल एकल-लेखक अंक
  • संगीतहीनता
सूचीमे अनेक कविक नाम आ समूह दर्शबैत अछि जे अंक पद्यक विविधता सँ भरल अछि।
3107. शांतिलक्ष्मी चौधरी आ मनोज झा मुक्तिक साथ सूचीकरण कोन बात देखबैत अछि?
  • स्त्री आ पुरुष कवि-द्वयक आरम्भिक पद्य-उपस्थिति
  • केवल बालगीत
  • केवल गद्य-समीक्षा
  • केवल कला-वृत्तांत
पहिल पद्य-समूहमे एहि दुनू नामक संग-साथ अंकक कवि-विविधता शुरू होइत अछि।
3108. इरा मल्लिक, ओमप्रकाश झा, विनीता झा आ उमेश पासवानक समूह कोन व्यापकता देैत अछि?
  • भिन्न रचनाकारक सामूहिक पद्य-उपस्थिति
  • सिर्फ राजनीतिक लेख
  • फोटो-सूची
  • व्याकरण-पाठ
चार नामक समूह पद्य-खंडक बहुवचनी स्वरूपकेँ मजगूत करैत अछि।
3109. मिहिर झा आ शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क सूचीकरण कोन अर्थ राखैत अछि?
  • पद्य खंडमे निरंतर रचनाकार-विस्तार
  • केवल नाटक-सूची
  • केवल गद्य-पत्र
  • भाषापाक निर्देश
एहि जोड़ीक उल्लेख पद्य-खंडक अतिरिक्त स्वरक संकेत देैत अछि।
3110. शिवशंकर सिंह ठाकुर, रामविलास साहु आ अक्षय कुमार चौधरीक समूह पद्य-संरचना मे कोन भूमिका निभबैत अछि?
  • कविता-स्वरक क्षेत्रीय/व्यक्तिगत विविधता बढ़बैत अछि
  • राजनीतिक समाचार बनैत अछि
  • बाल-नाटक बनैत अछि
  • चित्र-विवरण बनैत अछि
एकाधिक नामक समूह पद्यक सामूहिकता दर्शबैत अछि।
3111. जगदीश चन्द्र ‘अनिल’, उमेश मण्डल आ विकास झा रंजनक सूचीकरण कोन बात बतबैत अछि?
  • पद्य-खंडमे लगातार नब-नब आवाज जोड़ल जा रहल अछि
  • संपादकीय समाप्त भऽ गेल
  • कथा अनुपस्थित अछि
  • भाषा-विमर्श हटि गेल
एहि समूहसँ अंकक पद्य-क्षेत्र आओर विस्तृत होइत अछि।
3112. डॉ. अजीत मिश्रक अलग प्रविष्टि पद्य-संरचना मे कोन अर्थ रखैत अछि?
  • किछु कविक स्वतंत्र उपस्थिति सेहो मान्य अछि
  • पद्य बंद भऽ गेल
  • कथा-खंड शुरू भेल
  • चित्र प्रदर्शित भेल
सामूहिक समूहक बीच एकल नामक प्रविष्टि रचनात्मक स्थानक अलग मान्यता देखबैत अछि।
3113. डॉ. शशिधर कुमर, आनंद कुमार झा, नवीन कुमार ‘आशा’ आ प्रभात राय भट्टक समूह कोन कविताई विविधता देखबैत अछि?
  • पीढ़ी, शैली आ स्वरक अनेकता
  • केवल एक भाषा-नोट
  • विज्ञापन-सूची
  • सम्पर्क-विवरण
एहि समूहमे चार अलग नाम पद्यक बहु-स्वरता दर्शबैत अछि।
3114. रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’ आ अमित मोहन झाक अंतर्भाव पद्य-खंडक बारे की कहैत अछि?
  • नाम, उपनाम आ स्वर-विविधताक प्रति खुलापन
  • केवल सरकारी आदेश
  • चित्रकला पुरस्कार
  • डिक्शनरी प्रविष्टि
‘झारूदार’ सन उपनाम सहित सूचीकरण लोक-स्वर आ विविध पहचान स्वीकार करैत अछि।
3115. अंक ९१क पद्य-खंड पर शोध-प्रश्न कोन होयबाक चाही?
  • कविता-सूचीमे स्त्री-पुरुष, क्षेत्र, उपनाम, समूह आ स्वतंत्र प्रविष्टिक संरचनात्मक अध्ययन
  • पृष्ठ-संख्या याद करब
  • ईमेल गनब
  • फोटो आकार नापब
पद्य-खंडक अध्ययन नाम-सूची मात्र नहि, साहित्यिक मंच आ स्वर-वितरणक अध्ययन बनि सकैत अछि।

3116. मिथिला कला-संगीत खंडमे कैलाश कामत कोन रूपमे उभरैत छथि?
  • बेरमा गामक सातम वर्गक छात्र जे लगनसँ चित्र बनबैत छथि
  • केवल वरिष्ठ समीक्षक
  • राजनीतिक नेता
  • भाषाशास्त्री
स्रोतमे कैलाश कामतकेँ मधुबनी जिलाक बेरमा गामक मध्य विद्यालयक सातमाक छात्र कहल गेल अछि।
3117. ज्योति सुनीत चौधरीक परिचयमे कोन प्रवासी-सांस्कृतिक आयाम अछि?
  • मिथिला मूल, जमशेदपुर/मधुबनी सम्बन्ध आ लन्दन निवासक संग अंग्रेजी पद्य-स्वीकृति
  • केवल स्थानीय खेती
  • बाल-कथा पात्र
  • राजा दरबार
हुनकर जीवन-विवरण मिथिला-उत्पत्ति, शिक्षा, प्रवास आ अंग्रेजी काव्य-मान्यता जोड़ैत अछि।
3118. श्वेता झा ‘सिंगापुर’क उल्लेख कला-संगीत खंडमे कोन संकेत दैत अछि?
  • मिथिला कला-संस्कृति प्रवासी नगर धरि पसरल अछि
  • सिंगापुरमे मैथिली अनुपस्थित अछि
  • केवल राजकीय सूचना
  • बालकथा समाप्त
सिंगापुर उल्लेख प्रवासी मैथिली कला-संवादक चिह्न अछि।
3119. गुंजन कर्णक राँटी-मधुबनी आ यू.के. सम्बन्ध कला-विमर्शमे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • स्थानीय मिथिला आ वैश्विक प्रवासक बीच कलात्मक सेतु
  • केवल विद्यालयी परीक्षा
  • भाषापाक नियम
  • हास्य कथा
राँटी सँ यू.के. धरि परिचय मिथिला चित्रकला/कला-प्रसारक प्रवासी आयाम देखबैत अछि।
3120. इरा मल्लिकक परिचयमे गाम, पिता, पति आदि विवरण कियैक देल गेल अछि?
  • कलाकार/रचनाकारक सामाजिक-परिवारिक पृष्ठभूमि दर्ज करबाक लेल
  • पृष्ठ-सज्जा भरण लेल
  • राजनीति प्रचार लेल
  • डिक्शनरी बनाबाक लेल
ऐ तरहक परिचय विदेहक दस्तावेजी स्वभाव आ रचनाकार-सम्बन्धक नोंद करैत अछि।
3121. गद्य-पद्य भारतीमे ‘मोहनदास’क मैथिली अनुवादक उल्लेख कोन दिशा देखबैत अछि?
  • हिन्दी दीर्घकथाक मैथिली, मिथिलाक्षर आ ब्रेल रूपमे सेतुकरण
  • केवल मौलिक गजल
  • चित्र प्रदर्शनी
  • सम्पादकीय भाषण
मोहनदासक देवनागरी, मिथिलाक्षर आ ब्रेल रूप भाषा-अभिगम्यता आ अनुवाद-दृष्टि देखबैत अछि।
3122. ‘छिन्नमस्ता’क मैथिली अनुवादक उल्लेख कोन साहित्यिक प्रक्रिया दर्शबैत अछि?
  • हिन्दी उपन्यासक मैथिली रूपांतरण
  • बालगीतक ताल
  • राजनीतिक यात्रा
  • मिथिला चित्रकला
प्रभा खेतानक हिन्दी उपन्यासक सुशीला झा द्वारा मैथिली अनुवाद अनुवाद-परंपरा विस्तार करैत अछि।
3123. बालानां कृतेमे पवनकान्त झाक ‘बाबूक खिस्सा’ कोन परम्परा जोड़ैत अछि?
  • घर-परिवारक मौखिक कथा-संस्कार
  • केवल ई-सम्पर्क
  • शहरी राजनीति
  • गजल-बहर
बाबूक सुनाएल खिस्सा बाल-साहित्यकेँ परिवारिक मौखिक परंपरासँ जोड़ैत अछि।
3124. ‘पैंचा लगेलहुँ’ आ ‘सहस्त्रमुखक दीप’ बला खिस्साक अर्थ-प्रक्रिया की अछि?
  • रूपक के शाब्दिक अर्थसँ अलग करि नैतिक/घरेलू अर्थ खोलब
  • राजाक युद्धकथा
  • डाक-व्यवस्था
  • कविता-सूची
खिस्सामे पैंचा छोट बच्चाकेँ भोजन, पैंचा सधेब बूढ़ माता-पिताकेँ भोजन, आ पुआरक इजोत सहस्त्रमुखक दीप बनैत अछि।
3125. बालानां कृतेक खिस्सासभ शोधार्थी लेल कियैक उपयोगी अछि?
  • लोक-रूपक, नैतिक शिक्षा, मौखिकता आ बाल-मनक अर्थग्रहण अध्ययन लेल
  • केवल जन्मतिथि लेल
  • पत्रिका-URL लेल
  • राजनीतिक गठबंधन लेल
बाल-कथासभ मनोरंजन मात्र नहि, लोकबुद्धि आ संस्कारक पाठ सेहो अछि।

3126. भाषापाक खंडमे ‘मानक मैथिली’क उल्लेख कोन साहित्यिक आवश्यकता देखबैत अछि?
  • रचना-लेखन लेल व्यवस्थित भाषा-आधार
  • भाषा-त्याग
  • केवल चित्र-विन्यास
  • राजनीतिक प्रचार
मानक भाषा चर्चा लेखनक अनुशासन आ व्यापक संप्रेषणक जरूरतसँ जुड़ल अछि।
3127. मैथिली-अंग्रेजी आ अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख कोन डिजिटल दिशा देखबैत अछि?
  • मैथिली लेल खोजयोग्य शब्द-संसाधन बनएबाक प्रयास
  • कथा समाप्ति
  • केवल हास्य
  • चित्रकला पुरस्कार
कोष-संदर्भ भाषा-संसाधन आ डिजिटल उपयोगिताक संकेत करैत अछि।
3128. ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे पुरान अंक उपलब्ध करएबाक विचार कोन मूल्य दर्शबैत अछि?
  • अभिगम्यता, लिपि-विविधता आ संरक्षण
  • केवल सजावटी प्रयोग
  • भाषा-विरोध
  • कथा-विराम
तीन रूपमे उपलब्धता पाठक-विस्तार, दृष्टिबाधित पाठक आ लिपि-संरक्षण सभकेँ जोड़ैत अछि।
3129. मिथिलाक्षर/तिरहुता रूपमे सामग्री देबाक सांस्कृतिक अर्थ की अछि?
  • मिथिलाक लिपि-परंपरा केँ आधुनिक ई-पत्रिका मे पुनर्स्थापित करब
  • देवनागरी हटेबाक निर्णय
  • केवल रंग बदलब
  • राजनीतिक गठबंधन
तिरहुता रूप लिपि-स्मृति आ डिजिटल पुनर्जीवनक प्रयास अछि।
3130. ब्रेल रूपमे सामग्रीक महत्त्व की अछि?
  • दृष्टिबाधित पाठक धरि मैथिली साहित्य पहुँचाब
  • मात्र संग्रह-सज्जा
  • कविता संख्या बढ़ेब
  • चित्रकला बेचब
ब्रेल अभिगम्यता मैथिली साहित्यकेँ अधिक समावेशी बनबैत अछि।
3131. अंक ९१क प्रवासी खंड आ कला-संगीत खंड मिलि कोन वैश्विक परिप्रेक्ष्य बनबैत अछि?
  • मिथिला-आधारित साहित्य-कला विश्वभरि फैलल पाठक/कलाकारसँ जुड़ैत अछि
  • मिथिला केवल स्थानीय रहैत
  • प्रवासी खंड साहित्य-विरोधी अछि
  • कला-संगीत अनुपस्थित अछि
सिंगापुर, यू.के., लन्दन आदि संकेत मिथिला-संस्कृतिक वैश्विक प्रसारक बोध देैत अछि।
3132. अंक ९१क सामग्रीमे साहित्य, भाषा-संसाधन आ बाल-कथा एक संग होएबाक शोध-स्तर अर्थ की अछि?
  • साहित्यिक आन्दोलन केवल वयस्क कविता नहि, भाषा-प्रौद्योगिकी आ बाल-संस्कारो सँ बनैत अछि
  • बाल-साहित्य गौण अछि
  • कोष साहित्यसँ अलग अछि
  • कला-संगीत अनुपयोगी अछि
अंक एक समेकित सांस्कृतिक परियोजना देखबैत अछि जे रचना, संसाधन आ पीढ़ी-संरक्षण जोड़ैत अछि।
3133. अंक ९१ पर तुलनात्मक अध्ययनमे कोन जोड़ी सार्थक होयत?
  • मार्क्सवादी रचना-दृष्टि बनाम नारेबाजी, लोक-व्यंग्य बनाम मीडिया-संस्कृति
  • फोटो आकार बनाम ईमेल
  • पृष्ठ-संख्या बनाम रंग
  • विज्ञापन बनाम पता
अंकमे विचारधारा, लोक-हास्य, मीडिया आ भाषा-अस्मिता सभ उपस्थित अछि; ई तुलनात्मक पाठकेँ संभव बनबैत अछि।
3134. अंक ९१क समेकित अध्ययनमे ‘लोक’ कोन-कोन रूपमे उपस्थित अछि?
  • तीर्थध्वनि, गामक शब्दावली, बाल-खिस्सा, मीडिया पर लोक-हास्य, कला-संगीत
  • केवल राजमहल
  • केवल विदेशी सिद्धान्त
  • केवल प्रशासनिक आदेश
लोक तत्व अनेक खंडमे बिखरल अछि; एहि कारणे अंक लोक-संस्कृति अध्ययन लेल महत्त्वपूर्ण अछि।
3135. अंक ९१क दोसर गहन खननसँ मुख्य शोध-निष्कर्ष की निकलैत अछि?
  • ई अंक साहित्य, भाषा, विचारधारा, मीडिया-व्यंग्य, बाल-संस्कार, कला आ प्रवासक संगम अछि
  • ई अंक केवल सूची अछि
  • ई अंक साहित्य-विहीन अछि
  • ई अंक केवल तकनीकी सूचना अछि
द्वितीय खनन देखबैत अछि जे सूचीक पाछू बहुस्तरीय साहित्यिक-सांस्कृतिक सामग्री अछि।

3136. अंक ९३क मुख्य गद्य-संरचना कोन प्रकारक विविधता देखबैत अछि?
  • एकांकी, लोकजीवन-लेख, विचार-टिप्पणी, समीक्षा, नाटक, सामाजिक-राजनीतिक लेख आ पद्य-संरचना
  • केवल एकटा कविता-संग्रह
  • केवल चित्र-सूची
  • केवल प्रशासनिक तालिका
सामग्री-सूचीमे वीरांगना, छठिमाइके लोकजीवन, चिडै समीक्षा, मौलाइल गाछक फूल, उल्कामुख, तामक तमघैल, रेल/चीनी/केसीसी लेख आ पद्य-खण्ड सभ अछि।
3137. अंक ९३मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन दू एकांकी/नाट्य सामग्री प्रमुख रूपे उपस्थित अछि?
  • वीरांगना आ तामक तमघैल
  • चंदा मामा आ झिझिया
  • कोजग्रा आ चिडै
  • भाषापाक आ कोष
सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक नामसँ वीरांगना आ तामक तमघैल दुनू देल गेल अछि।
3138. परमेश्वर कापडिक लेख अंक ९३मे कोन सांस्कृतिक विषय खोलैत अछि?
  • छठिमाइके आसि आ लोकजीवनमे हुनक महत्व
  • मीडिया-प्रबंधन
  • रेल दोहरीकरण
  • गजल-छन्द
सामग्री-सूची आ पाठ दुनूमे लेख छठिमाइ, लोकजीवन, पावनि, गीत आ शिशु-संरक्षण पर केन्द्रित अछि।
3139. सुदीप झाक ‘सामाजिक मूल्य मान्यताकें चोच मारैत चिडै’ कोन विधा-क्षेत्रमे राखल जा सकैत अछि?
  • कथा-समीक्षा आ सामाजिक आलोचना
  • केवल लोकगीत
  • केवल किसान योजना
  • केवल बाल-खेल
लेख सुजीतक कथासभ, मानवीय सम्बन्ध, विधवा-विवाह, अंतर-वैवाहिक प्रेम आ नैतिकता पर विचार करैत अछि।
3140. दुर्गानन्द मण्डलक ‘मौलाइल गाछक फूल’ सम्बन्धी लेख ककर कृतिक समीक्षा रूपे आबैत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक उपन्यास
  • नवीन ठाकुरक कविता
  • केसीसी योजना
  • मिथिला उवाच
स्रोत अंशमे ‘मौलाइल गाछक फूल’ जगदीश प्रसाद मण्डलक उपन्यास रूपे उल्लिखित अछि।
3141. गजेन्द्र ठाकुरक ‘उल्कामुख’ अंक ९३मे कोन रूपमे अछि?
  • मैथिली नाटक
  • किसान योजना
  • बालगीत
  • चीनी मिल रिपोर्ट
पाठमे शीर्षकक बाद स्पष्ट रूपे ‘मैथिली नाटक’ देल अछि आ मंच-संकेतसहित गंगेश-वल्लभा संवाद आरम्भ होइत अछि।
3142. नवेंदु कुमार झाक तीन लेख अंक ९३मे कोन सार्वजनिक-विकास विषयसभ छुबैत अछि?
  • बंद चीनी मिल, किसान क्रेडिट कार्ड, उत्तर बिहार रेल लाइन दोहरीकरण
  • केवल गीत-संग्रह
  • केवल कथात्मक प्रेम
  • केवल चित्रकला रंग
सामग्री-सूचीमे चीनी निगम, केसीसी शिविर आ तीन रेल लाइनक दोहरीकरण पर लेख देल अछि।
3143. नवीन ठाकुरक ‘मिथिला उवाच’ अंक ९३मे कोन प्रकृति-विम्बसँ आरम्भ होइत अछि?
  • पुरवा हवा, खेत, करिया बदरा, शीतल बूंद आ ठनका
  • बंद चीनी मिलक नीलामी
  • किसान क्रेडिट कार्ड
  • शतरंजक घन
कवितात्मक अंशमे पुरवा बही रहल अछि, खेत सूखल अछि, सीता-धरती बिम्ब, करिया बदरा, शीतल बूंद आ ठनका आबैत अछि।
3144. अंक ९३क पद्य-सूची कियैक बहुध्वन्यात्मक कहल जा सकैत अछि?
  • अनेक कवि-समूह, एकल नाम आ विविध उपसमूह उपस्थित अछि
  • सभ पद्य एक लेखकक अछि
  • पद्य खण्ड अनुपस्थित अछि
  • केवल तकनीकी सूचना अछि
सामग्री-सूचीमे अनेक कविक नाम अलग-अलग उपसमूहमे देल अछि; एक लेखकक एकल आधिपत्य नहि अछि।
3145. अंक ९३क समग्रता मैथिली पत्रिकाक कोन संपादकीय दृष्टि देखबैत अछि?
  • साहित्य, समाज, लोकधर्म, राजनीति, रंगमंच, भाषा-संसाधन आ प्रवासी सेतुकेँ एक मंच पर अनबाक दृष्टि
  • केवल निजी पत्राचार
  • केवल विज्ञापन
  • केवल सरकारी आदेश
गद्य, पद्य, मिथिला कला-संगीत, बालानां कृते, भाषापाक आ प्रवासी खण्ड मिलि व्यापक सांस्कृतिक मंच बनबैत अछि।

3146. परमेश्वर कापडि छठि-पावनिक महत्त्व कोना स्थापित करैत छथि?
  • व्रत, उपवास, आस्था, निष्ठा, स्वच्छता आ शुद्धतासँ लोकजीवन आनन्दमय बनैत अछि
  • ई केवल बाजार-मेळा अछि
  • ई केवल राजकीय योजना अछि
  • ई केवल कविता-छन्द अछि
लेखक पावनि-तिहारकेँ लोकजीवनमे आनन्द, उत्साह, आस्था-निष्ठा आ स्वच्छता-शुद्धता संग जोड़ैत छथि।
3147. लेखमे छठिपावनि मुख्यतः किनकर द्वारा कएल लोकपूजा कहल गेल अछि?
  • स्त्रीगण द्वारा
  • केवल सैनिक द्वारा
  • केवल विद्यालय द्वारा
  • केवल व्यापारी द्वारा
स्रोत अंशमे मिथिलामे छठि लोकपूजा रूपे विख्यात आ मुख्यतः स्त्रीगणद्वारा कएल जाएबाक बात अछि।
3148. छठिक लोकगीतकेँ लेखक कोन विशेषता दैत छथि?
  • परम्परा-सिद्ध, निछुन आ अपरिवर्तनीय सन
  • नवीन रिमिक्स मात्र
  • संपूर्णतः बाहरी गीत
  • लिपि-विहीन तालिका
लेखमे छठिक लोकगीत परम्परा-सिद्ध अछि आ रिमिक्स/प्रयोगधर्मिता मूलधारमे सहज नहि समाहित होइत, ई बात कहल गेल अछि।
3149. छठिपूजामे सूर्य आ छैठपरमेश्वरीक सम्बन्ध कोना बुझाओल गेल अछि?
  • एकहि दिन, ठाम, अर्ध आ विधि-विधानसँ पूजा होएबाक कारण दूनू सम्बन्धित रूपे देखाए छथि
  • दूनू पूर्णतः असंबद्ध अछि
  • केवल चन्द्रमा पूजा अछि
  • केवल ग्रामसभा अछि
लेखमे षष्ठी तिथि पर सूर्य आ छैठपरमेश्वरीक एकहि विधि-विधानसँ पूजा होएबाक प्रसंग अछि।
3150. लेखमे छैठमाइकेँ शिशुसभसँ कोना जोड़ल गेल अछि?
  • भगवती षष्ठी शिशुक अधिष्ठात्री देवी, रक्षा आ भरण-पोषण करएवाली रूपे
  • किसान बैंक अधिकारी रूपे
  • रेल विभागक प्रतीक रूपे
  • कविता छन्द मात्र
ब्रह्मवैवर्तपुराणक प्रकृति खण्डक आधार पर भगवती षष्ठी शिशुक अधिष्ठात्री देवी कहल गेल अछि।
3151. ‘निनियाँरानी’ आ ‘निनवाली बुढ़िया’ लेखमे कोन सांस्कृतिक अर्थ खोलैत अछि?
  • छठिमाइ बाल-लोरी, नींद, वात्सल्य आ शिशु-संरक्षणक लोकबिम्ब बनैत छथि
  • ई केवल युद्ध-घोष अछि
  • ई केवल बैंक योजना अछि
  • ई केवल नाटक-मंच सज्जा अछि
लेखमे शिशुकेँ सुताबए लेल निनियाँगीत, लोरी आ निनवाली बुढ़ियाके छठिमाइ संग जोडल गेल अछि।
3152. मैथिली निनियाँगीतकेँ लेखक कियैक बाल-मंत्र सन मानैत छथि?
  • ई सुताबए, हँसाबए, खेलाबए, भुलाबए आ संस्कार देबए मे प्रयुक्त अछि
  • ई केवल दंड विधान अछि
  • ई केवल रेल सूचना अछि
  • ई केवल राजनीतिक व्यंग्य अछि
लेखमे निनियाँगीत आ घुघुआ झुलुआ गीतक उपयोग शिशुकेँ सुताबए, हँसाबए, खेलाबए आ भुलाबए लेल बताओल अछि।
3153. छठि लेखमे लोकगीतक ‘परम्परा-सिद्ध’ स्वर आधुनिक गीतसँ कोना भिन्न अछि?
  • आधुनिक गीतकेँ ओहि स्तरक सिद्धि पाबए बिना लोकपरम्परामे समाहित होएब कठिन मानल गेल
  • आधुनिक गीत तुरन्त मूलधार बनि जाइत अछि
  • लोकगीत पूर्णतः हटि गेल
  • गीतक कोनो भूमिका नहि
स्रोतमे आधुनिकगीत जा धरि एहन सिद्धिप्राप्त नहि करत, तावत मूलधारमे सहज समाहित नहि होएबाक बात अछि।
3154. छठि लेख लोकजीवन-अध्ययनमे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई पावनि, लोकगीत, स्त्री-अनुष्ठान, शिशु-विश्वास, पुराण आ लोरीकेँ एक साथ रखैत अछि
  • ई केवल औद्योगिक रिपोर्ट अछि
  • ई केवल पद्य-सूची अछि
  • ई केवल चित्र-स्थान बतबैत अछि
लेख छठि-पूजा केँ लोक, पुराण, स्त्री-भागीदारी, गीत, निनियाँ आ शिशु-संस्कारक संयुक्त तंत्र बनबैत अछि।
3155. छठिमाइ सम्बन्धी लेखक केंद्रीय सांस्कृतिक निष्कर्ष की अछि?
  • मिथिलाक पावनि-तिहार जीवनधाराकेँ राग-रंग, शुद्धता, आस्था आ पारिवारिक संस्कारसँ भरैत अछि
  • मिथिलाक लोकजीवनमे पावनिक कोनो स्थान नहि
  • गीत केवल मनोरंजन अछि
  • शिशु-संस्कार अनुपस्थित अछि
लेखक पावनि-तिहारकेँ लोकजीवनक आनन्द, शुद्धता, आस्था आ संस्कारक आधार मानैत छथि।

3156. सुदीप झाक ‘चिडै’ समीक्षा सुजीतक कथासभक मुख्य भूमि कोन बतबैत अछि?
  • मानवीय सम्बन्ध आ सम्बेदनाकेँ कुरेदबाक प्रयास
  • केवल कृषि उत्पादन
  • केवल रेल बजट
  • केवल छन्द-अलंकार
समीक्षा आरम्भे कहैत अछि जे कथासभ भावनाक धरातल पर बनल मानवीय सम्बन्ध आ सम्बेदनाकेँ कुरेदैत अछि।
3157. समीक्षा अनुसार सुजीतक बहुत कथा कोन सम्बन्धपर केन्द्रित अछि?
  • स्त्री-पुरुष सम्बन्ध
  • केवल पशु-पक्षी
  • केवल बैंक ऋण
  • केवल शास्त्रीय गणित
स्रोत अंशमे प्रायः कथासभ स्त्री-पुरुष सम्बन्धपर केन्द्रित कहल गेल अछि।
3158. ‘एकटा अधिकार’ कथाक प्रसंग समीक्षा मे कियैक विशेष अछि?
  • पति अपन मृत पत्नी पर अधिकार पत्नीके प्रेमीकेँ सौंपि मानवीय भावनाके सम्मान करैत अछि
  • पति रेल लाइन बनबैत अछि
  • पति बैंक शिविर चलबैत अछि
  • कथा केवल बालगीत अछि
समीक्षा अंशमे विमान दुर्घटनामे मृत पत्नी पर पति द्वारा प्रेमीकेँ अधिकार देबाक प्रसंग आबैत अछि।
3159. ‘भौजी’ कथाक उल्लेख कोन सामाजिक प्रश्न खोलैत अछि?
  • विधवा-सँ प्रेम आ विवाहक इच्छा
  • किसान कार्ड वितरण
  • शतरंजक मंच-सज्जा
  • चीनी मिल नीलामी
समीक्षा ‘भौजी’मे नायक राजन द्वारा विधवासँ प्रेम आ विवाह चाहबाक कथा बतबैत अछि।
3160. ‘चिडै’ कथामे उषा-मनोज प्रसंग कोन कटु यथार्थ देखबैत अछि?
  • अंतर-वैवाहिक सम्बन्धमे लोकलाज, भय आ परित्याग
  • बैंकक दस्तावेज
  • नाट्य मंचक रोशनी
  • लोरीक स्वर
समीक्षा अनुसार विवाहित प्रेमी मनोज उषाके गुण्डासभक बीच छोड़ि लोकलाजक कारण परा जाइत अछि।
3161. समीक्षा मैथिल समाजक कोन मूल्य-व्यवस्था पर प्रश्न करैत अछि?
  • विधवा विवाह आ अंतर-वैवाहिक प्रेमके सामाजिक अपराध मानबाक प्रवृत्ति
  • रेल दोहरीकरण
  • चीनी मिल पट्टा
  • बाल-मंत्र
लेख स्पष्ट कहैत अछि जे एहन सम्बन्धकेँ मैथिल समाजमे प्रायः सामाजिक अपराध मानल जाइत अछि।
3162. ‘बाबाजी’ कथाक उल्लेख समीक्षा मे कोन क्षेत्र खोलैत अछि?
  • बृद्धावस्था, अन्तिम अवस्था आ स्वार्थपर खड़ा सम्बन्धक यथार्थ
  • फसल सिंचाई
  • नाटकक ध्वनि
  • कोजगरा गीत
समीक्षा ‘बाबाजी’के बृद्ध व्यक्तिक अन्तिम अवस्था आ स्वार्थपर सम्बन्धक यथार्थ रूपे पढ़ैत अछि।
3163. ‘बनैत विगरैत’ कथाक प्रसंग समीक्षा मे ककर व्यथा सँ जुड़ल अछि?
  • रिटायर्ड व्यक्तिक व्यथा आ पुत्रक सम्पत्ति-केन्द्रित चिन्ता
  • छठिमाइक पूजा
  • किसान शिविर
  • अनुवाद कोष
समीक्षा कहैत अछि जे कथा रिटायर्ड व्यक्तिक व्यथा अछि, जहाँ पुत्र पिता सँ बेसी संपत्ति पर केन्द्रित देखाइत अछि।
3164. समीक्षा मे समाजिक नैतिकता आ मानवीय नैतिकताक भेद कोना व्यक्त अछि?
  • समाज मूल्य-मान्यता आधार पर नैतिक-अनैतिक ठहराबैत अछि, मुदा कथा मानवीय मूल्य पर नैतिकता परिभाषित करैत अछि
  • दूनू पूर्णतः समान अछि
  • मानवीय मूल्य अनुपस्थित अछि
  • समाजक कोनो भूमिका नहि
लेख कहैत अछि जे समाज अपन मूल्य अनुसार नैतिकता गढ़ैत अछि, मुदा सुजीत मानवीय मूल्यक धरातल पर नैतिकता देखैत छथि।
3165. ‘चिडै’ समीक्षा कियैक शोधार्थी लेल महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई कथा-विमर्शकेँ सम्बन्ध, नैतिकता, विधवा-विवाह, सामाजिक अस्वीकार आ मानव-संवेदना सँ जोड़ैत अछि
  • ई केवल तालिका अछि
  • ई केवल समाचार शीर्षक अछि
  • ई केवल गीत-सूची अछि
समीक्षा अनेक कथाक माध्यमे सामाजिक मान्यता आ मानवीय संवेदनाक टकराव पर आलोचनात्मक दृष्टि दैत अछि।

3166. ‘मौलाइल गाछक फूल’ समीक्षा आरम्भमे प्रचंड रौदी आ रोहिणी नक्षत्रक बर्खाक उपमा कियैक देल गेल अछि?
  • उपन्यासक आगमनकेँ सूखल साहित्यिक धरती पर जीवनदायी वर्षा रूपे देखाबए लेल
  • कृषि-रिपोर्ट मात्र देबए लेल
  • रेल बजट बताबए लेल
  • छठि पूजा रोकबए लेल
समीक्षा सूखल खेत, बर्खा आ हरियर बियानक बिम्बसँ उपन्यास पढ़बाक खुशी व्यक्त करैत अछि।
3167. समीक्षा अनुसार हरिमोहन झा बाद मैथिली उपन्यासक स्थिति कोना चित्रित अछि?
  • साहित्याकाशमे रौदी/अकाल सन कमी
  • अत्यधिक उपन्यास-समृद्धि
  • उपन्यास अनुपयोगी
  • केवल कविता-प्रधानता
समीक्षक कहैत छथि जे हरिमोहन झा बाद मैथिली साहित्याकाशमे रौदी नहि, अकाल सन स्थिति भेल छल।
3168. जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ समीक्षा मे कियैक महत्त्व देल गेल अछि?
  • ओ उपन्यासक कमी दूर करैत लगातार चूनमुन उपन्यास लिखलनि
  • ओ केवल रेल अधिकारी छलाह
  • ओ केवल बालगीत लिखलनि
  • ओ केवल बैंक शिविर चलौलनि
समीक्षा कहैत अछि जे मण्डलजी लगातार उपन्यास लिखि पाठकक कमी दूर कएलनि।
3169. ‘मौलाइल गाछक फूल’क नायक द्वारा सभटा जमीन बाँटि देबाक प्रसंग आलोचनामे कियैक उठैत अछि?
  • मैथिल समाजमे सर्वस्वदान असम्भव बुझल गेल, मुदा पंजीमे एहन दानक उदाहरण भेटैत अछि
  • ई केवल हास्य प्रसंग अछि
  • ई रेल बजट अछि
  • ई बालगीत अछि
स्रोत अंशमे नायकक जमीन बाँटब अजगुत/असम्भव बुझायल, मुदा पंजीमे सर्वस्वदाताक उदाहरण भेटबाक चर्चा अछि।
3170. समीक्षाक कृषि-बिम्ब उपन्यास-पाठक मनोदशाकेँ कोना व्यक्त करैत अछि?
  • सूखल प्रतीक्षा बाद हरियर बियान जेकाँ साहित्यिक तृप्ति
  • केवल खेतक तकनीक
  • किसान कार्ड प्रक्रिया
  • चीनी मिल पट्टा
रौदी, बर्खा, बियान, खेतक बिम्ब पाठकक उपन्यास-पिपासाके साहित्यिक खेतीक रूपकमे बदलैत अछि।
3171. समीक्षा अनुसार मण्डलजीक ख्याति केबल भारत धरि सीमित नहि, कतए धरि संकेतित अछि?
  • नेपालक जनकपुर आ तराई क्षेत्र धरि
  • केवल एक गाम धरि
  • केवल रेल मंडल धरि
  • केवल सरकारी दफ्तर धरि
स्रोत अंशमे भारतसँ अतिरिक्त नेपालक जनकपुरसँ तराई क्षेत्र धरि हुनक पोथी/उपन्यास आदिक चर्चा अछि।
3172. ‘मौलाइल गाछक फूल’ समीक्षा मैथिली उपन्यास इतिहासमे कोन प्रश्न उठबैत अछि?
  • उपन्यास-विरलता, पाठक-अपेक्षा, लोकसमाज आ दान-संस्कारक प्रश्न
  • केवल ईमेल पद्धति
  • केवल छवि आकार
  • केवल बैंक रजिस्टर
समीक्षा उपन्यासक कमी, पाठकक आकांक्षा, सर्वस्वदान आ समाजक यथार्थ/कल्पना धारणा पर विचार करैत अछि।
3173. समीक्षा मे ग्रामीण जीवनक बिम्ब कियैक प्रभावकारी अछि?
  • उपन्यासक मूल्यांकन पाठकक लोकजीवन अनुभवसँ जोड़ि दैत अछि
  • ई समीक्षा केँ स्रोतहीन बनबैत अछि
  • ई केवल मौसम सूचना अछि
  • ई कथाकेँ हटबैत अछि
खेती-बाड़ी, रौदी, बर्खा, बियान, खेत-पथारक बिम्ब उपन्यास पढ़बाक अनुभवके लोक-परिवेशमे रोपैत अछि।
3174. समीक्षा मे ‘आत्माकेँ तृप्ति’ सन अभिव्यक्ति कोन पाठकीय भाव बतबैत अछि?
  • लंबी प्रतीक्षा बाद उपन्यास मिललाक गहिर आनन्द
  • साधारण सूचना
  • राजनीतिक विरोध
  • मंच-सज्जा
उपन्याससँ प्राप्त खुशी आत्मिक तृप्ति रूपे कहल गेल अछि, जे पाठकक तीव्र साहित्यिक भूख देखबैत अछि।
3175. ‘मौलाइल गाछक फूल’ समीक्षा कियैक दोस्रो-पास खनन योग्य अछि?
  • एहि मे साहित्यिक इतिहास, ग्रामीण रूपक, पाठक-अभाव, उपन्यास-परम्परा आ समाज-संस्कारक अनेक स्तर अछि
  • एहि मे केवल एक पंक्ति अछि
  • एहि मे साहित्यिक सामग्री नहि
  • एहि मे केवल पता-सूची अछि
समीक्षा केवल प्रशंसा नहि, बल्कि मैथिली उपन्यासक स्थितिक रूपकात्मक आलोचना प्रस्तुत करैत अछि।

3176. ‘उल्कामुख’ नाटकक आरम्भिक मंच-संकेतमे शतरंजक आकृति ककर प्रतीकात्मक वातावरण बनबैत अछि?
  • तर्क, चाल, संघर्ष आ बौद्धिक खेलक वातावरण
  • केवल खेत जोतबाक दृश्य
  • केवल बैंक शिविर
  • केवल बाल-लोरी
मंचपर कूटक घन आ शतरंजक आकृति नाटकक बौद्धिक/रणनीतिक वातावरणक संकेत दैत अछि।
3177. गीदर, हूआ-हूआ ध्वनि आ अन्हारक मंच-संकेत कोन प्रभाव उत्पन्न करैत अछि?
  • अशुभ, भयाकुल, रहस्यमय आ सामाजिक अँधारक प्रभाव
  • शुद्ध हास्य समारोह
  • कृषि उत्सव
  • रेल उद्घाटन
गीदरक घूमब, ध्वनि आ अन्हार मंचपर असुरक्षा आ भयक नाटकीय वातावरण बनबैत अछि।
3178. ‘उल्कामुख’मे गंगेश आ वल्लभा आरम्भमे कोन मुद्रा मे प्रस्तुत छथि?
  • वार्तालापक मुद्रा मे रंगपीठ पर बैसल
  • किसान शिविरमे आवेदन भरैत
  • रेल लाइन नापैत
  • बालगीत गबैत
मंच-संकेत कहैत अछि जे गंगेश आ वल्लभा रंगपीठपर वार्तालापक मुद्रामे बैसल छथि।
3179. वल्लभा द्वारा गंगेशक ‘ऋषि’ स्मरण आ गंगेशक ‘साधारण विद्यार्थी’ उत्तर कोन चरित्र-द्वंद्व खोलैत अछि?
  • प्रतिष्ठा आ आत्म-विनम्रता/तर्कशीलता बीच तनाव
  • कृषि आ बैंक बीच सम्बन्ध
  • रेल आ चीनी मिल विवाद
  • बाल-नृत्य
वल्लभा गंगेशके ऋषि-सदृश स्मरण करैत छथि, मुदा गंगेश अपने साधारण विद्यार्थी कहि तथ्यपर जोर दैत छथि।
3180. गंगेशक ‘वाकचातुर्य तथ्यपर भारी नै भऽ जाए’ कथन कोन बौद्धिक नैतिकता सूचित करैत अछि?
  • बातक चतुराइ सँ सत्य/तथ्य दबि नहि जाए
  • चतुराई सत्यसँ सदैव नीक
  • तथ्यक कोनो अर्थ नहि
  • मंचपर मौन रहब
गंगेश वाकचातुर्यक चलाकीकेँ तथ्यपर भारी नहि होएबाक सावधानी बतबैत छथि।
3181. वल्लभा द्वारा चर्मकार टोलक उल्लेख नाटकमे कोन सामाजिक प्रश्न खोलैत अछि?
  • जाति, लोकक बोल, सामाजिक विष आ ज्ञान-साधनाक टकराव
  • केवल भोजन-सूची
  • केवल रेल टिकट
  • केवल खेतक मौसम
वल्लभा कहैत छथि जे गंगेश बच्चेसँ चर्मकार टोलमे आबि रहल छथि, आ लोकक बोल बिखाह भऽ गेल—ई जाति-सामाजिक तनाव खोलैत अछि।
3182. सत्यकामक प्रसंग गंगेश-संवादमे कियैक आबैत अछि?
  • पितृत्व-प्रश्न, शिक्षा-अधिकार आ सामाजिक स्वीकृतिक तुलनात्मक उदाहरण रूपे
  • किसान क्रेडिट कार्ड लेल
  • चीनी मिल नीलामी लेल
  • मिथिला उवाचक बादर लेल
गंगेश सत्यकामक उदाहरण दैत छथि, जकर पिताक प्रश्न रहितो गुरु गौतम शिक्षा देलखिन्ह।
3183. ‘पितृ परोक्षे पञ्च वर्ष व्यतीते गंगेशोत्पत्ति’ प्रसंग कोन विवादास्पद जन्म-संदर्भक संकेत करैत अछि?
  • गंगेशक जन्म आ पितृत्वक सामाजिक प्रश्न
  • रेल लाइनक दूरी
  • गीतक ताल
  • उपन्यासक उपमा
संवादमे गंगेशक जन्म पितृ-परोक्ष पाँच वर्ष बादक सूत्रसँ सामाजिक प्रश्न बनैत अछि।
3184. ‘उल्कामुख’क नाट्य-बिम्ब विदेह नाट्य-परम्परामे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • नव्य न्याय, जाति, तर्क, सामाजिक विष आ मंचीय प्रतीक सभकेँ जोड़ैत अछि
  • केवल प्रशासनिक आदेश अछि
  • कोनो पात्र नहि
  • केवल गीत-सूची अछि
नाटक गंगेश, वल्लभा, सत्यकाम, जाति-संदर्भ, वाकचातुर्य आ मंच-प्रतीकसभक मार्फत बौद्धिक-सामाजिक नाटक बनैत अछि।
3185. ‘उल्कामुख’ पर शोध-स्तर प्रश्नक केन्द्र की होएबाक चाही?
  • गंगेश-प्रतिमा, सामाजिक जाति-विमर्श, तर्क-नीति आ रंगमंचीय प्रतीक
  • ईमेल पता
  • छवि आकार
  • फीड-लिंक
स्रोत नाटकीय संवाद आ मंच-संकेत देैत अछि, जाहिसँ दार्शनिक, सामाजिक आ रंगमंचीय विश्लेषण सम्भव अछि।

3186. ‘तामक तमघैल’क पात्र-सूचीमे पुरुष पात्रसभमे ककर-ककर नाम स्पष्ट अछि?
  • रवीन्द्र, चन्द्रदेव आ सुनलाल
  • सोनमा काका, चेथरू आ जुगेसर
  • गंगेश, वल्लभा आ सत्यकाम
  • शिविर अधिकारी आ बैंक
स्रोतमे पुरुष पात्र रूपे रवीन्द्र, चन्द्रदेव आ सुनलालक नाम देल अछि।
3187. ‘तामक तमघैल’क स्त्रीपात्र-सूचीमे कोन नामसभ प्रमुख अछि?
  • रागिनी, बलाटवाली, पीपरावाली आ अनुराधा
  • वल्लभा, उषा आ चंदा
  • छठिमाइ आ निनियाँरानी मात्र
  • किसान आ अधिकारी
पात्र परिचयमे रागिनी, बलाटवाली, पीपरावाली आ अनुराधा स्त्रीपात्र रूपे देल अछि।
3188. पहिल दृश्यक समय-संकेत ‘जेठ मास, एगारह बजैत’ कोन वातावरण बनबैत अछि?
  • गरमी, दुपहरिया लोक-परिवेश आ घरेलू ओसारक दृश्य
  • रातिक शीतल पर्व
  • रेल प्लेटफॉर्म
  • विद्यालय परीक्षा
दृश्य-संकेत जेठ मास आ एगारह बजे कहैत अछि, जे गरम लोक-घरेलू वातावरण बनबैत अछि।
3189. पीपरावालीक माथपर पुरना पार्ट-पुर्जा साइकिलक छिट्टा नेने आबयब कोन सामाजिक जीवन देखबैत अछि?
  • कबाड़, रोजी-रोटी आ निम्नवर्गीय परिश्रमक संसार
  • केवल राजसभा
  • विद्यापीठ व्याख्यान
  • निनियाँगीत
पीपरावालीक आवाज ‘लोहा-लक्कर बेचै जाइ-जाएब’ कबाड़ी-जीवन आ परिश्रमक दृश्य खोलैत अछि।
3190. रागिनी आ बलाटवाली ओसारपर बैसल गप-सप करैत देखाएब कोन रंगमंचीय आधार दैत अछि?
  • घरेलू स्त्री-वार्ता आ गाम-समाजक रोजमर्रा संवाद
  • केवल युद्धभूमि
  • रेल अधिकारीक बैठक
  • चीनी मिल नीलामी
दृश्य-संकेतमे रागिनी आ बलाटवाली घरक ओसार पर गप-सप करैत छथि।
3191. ‘तामक तमघैल’क आरम्भिक ध्वनि ‘लोहा-लक्कर’ नाटकमे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई मंचपर श्रम, कबाड़, आवाज आ सामाजिक वर्गक संकेत एकसाथ लैत अछि
  • ई केवल छन्द गणना अछि
  • ई बैंक फार्म अछि
  • ई बालकथा अछि
कवाड़िनक आवाजसँ दृश्य आरम्भ होएब नाटकक लोक-यथार्थ केँ श्रव्य बनबैत अछि।
3192. एकांकीमे पात्रसभक आयु-सूचना कोन यथार्थवादी गुण दैत अछि?
  • समाजक पीढ़ीगत संरचना आ सम्बन्धक उम्र-आधारित रूप स्पष्ट होइत अछि
  • ई केवल चित्र संख्या अछि
  • ई स्रोतहीन कल्पना अछि
  • ई कविता-लय अछि
पात्र परिचयमे रवीन्द्र-चन्द्रदेव, रागिनी-बलाटवाली-पीपरावाली आदिक उम्र देल अछि, जे यथार्थवादी संकेत अछि।
3193. ‘तामक तमघैल’क दृश्य-संरचना ‘उल्कामुख’सँ कोना भिन्न अछि?
  • ई घरेलू/लोक-यथार्थ आ कबाड़ी आवाज सँ शुरू होइत अछि, जबकि उल्कामुख प्रतीकात्मक अन्हार-गीदर-शतरंजसँ
  • दूनू पूर्णतः एके दृश्य अछि
  • दूनू मे पात्र नहि
  • दूनू केवल समाचार अछि
उल्कामुखक आरम्भ रहस्यपूर्ण प्रतीकात्मक अछि; तामक तमघैल घरेलू ओसार आ कबाड़ी पुकारसँ।
3194. ‘तामक तमघैल’ शोधार्थीक लेल कियैक उपयोगी स्रोत अछि?
  • लोक-भाषा, स्त्री-सम्बाद, कबाड़ी अर्थतंत्र आ गामक घरेलू मंच-यथार्थक कारण
  • केवल तकनीकी मैनुअल
  • केवल पद्य-सूची
  • कोनो कथा-संरचना नहि
नाटकक पात्र, आवाज, ओसार, जेठ-दृश्य आ श्रम-संकेत लोक-रंगमंचक अध्ययन लेल उपयोगी अछि।
3195. ‘तामक तमघैल’क मूल नाट्य-विशेषता की कहल जा सकैत अछि?
  • लोकपरिवेश, श्रम-संकेत आ घरेलू संवादकेँ मंचपर जिवंत करब
  • केवल दार्शनिक अमूर्तन
  • केवल सरकारी नीति
  • केवल ब्रेल सूचना
आरम्भिक दृश्ये गामक घर, स्त्री-वार्ता, कबाड़ी पुकार आ लोकजीवनक यथार्थ स्थापित करैत अछि।

3196. अच्छेलाल शास्त्री ‘रणभूमि’ कविताकेँ पढ़ि कोन भाव व्यक्त करैत छथि?
  • कविक भावसँ हृदय विभोर भऽ उठबाक अनुभूति
  • कविता निरर्थक अछि
  • केवल रेल प्रस्ताव अछि
  • केवल बैंक आवेदन अछि
लेखक कहैत छथि जे ‘रणभूमि’ कविता पढ़ि कविक भावसँ हृदय विभोर भेल।
3197. ‘रणभूमि’ कवितामे मनुष्यक जिनगी कोन रूपकमे राखल गेल अछि?
  • संसारक रणभूमि
  • किसान शिविर
  • चन्द्रमा खेल
  • कबाड़ी बाजार
समीक्षक कहैत छथि जे कवितामे संसारक रणभूमिमे मनुष्यक जिनगी राखि कर्म-धर्म पर ध्यान आकृष्ट कएल गेल अछि।
3198. समीक्षा अनुसार ‘रणभूमि’ कविता मनुष्यकेँ कोन प्रेरणा दैत अछि?
  • विवेकसँ संसार-समरमे सामर्थवान योद्धा बनब
  • लोकगीत छोड़ब
  • किसान कार्ड रोकब
  • नाटक हटाब
लेखमे विवेकसँ संसार समरमे सामर्थवान योद्धा बनबाक प्रेरणा देल गेल अछि।
3199. ‘मातृभूमिक समस्या’ आ ‘कर्मवाण’क प्रसंग कवितामे कोन दिशा देखबैत अछि?
  • समस्याक समूल निदान लेल सक्रिय कर्म आ संघर्ष
  • केवल भावुक निष्क्रियता
  • मंच-सज्जा
  • शिशु-लोरी
समीक्षक लिखैत छथि जे मातृभूमिक समस्याके समूल निदान लेल कर्मवाण चलएबाक प्रेरणा अछि।
3200. ‘असत्य पर सत्यक विजय’क उदाहरण कोन महाकाव्य-संदर्भसँ जोडि़त अछि?
  • महाभारत
  • केवल रेल बजट
  • केवल कोजगरा
  • केवल शब्दकोष
स्रोत अंशमे असत्य पर सत्यक विजयक महाभारतक उदाहरण देल गेल अछि।
3201. ‘तन-मन-वतन’क पवित्रतापर जोर कोन मूल्यबोध स्थापित करैत अछि?
  • व्यक्तिगत, नैतिक आ राष्ट्रीय/मातृभूमि चेतनाक संयुक्त मूल्य
  • केवल व्यावसायिक लाभ
  • केवल चित्र-वर्णन
  • केवल छठिक गीत
लेख तन, मन आ वतनक पवित्रताके साथ रखि नैतिक-सामाजिक कर्तव्य सूचित करैत अछि।
3202. ‘कविता’ शीर्षक कवितापर टिप्पणीमे रचनाकार आ पाठकक सम्बन्ध कोना देखल गेल अछि?
  • भावनाक प्रवाहमे पाठक आ रचनाकार दुनूके त्रिवेणी संगममे गोंता लगबैत
  • पाठकक कोनो भूमिका नहि
  • कविता केवल गणना अछि
  • कविता केवल समाचार शीर्षक अछि
स्रोत अंशमे पाठक संग रचनाकारके भावनाक प्रवाहक त्रिवेणी संगममे गोंता लगौल गेल बताओल अछि।
3203. ‘छंद, अलंकार, वाणी आनन्द’ पर जोर काव्यक कोन पक्ष देखबैत अछि?
  • रूप-सौंदर्य आ कलात्मकता
  • केवल बैंक नियम
  • केवल रेल लाइन
  • केवल कबाड़ी आवाज
समीक्षा कविता मे छंद, अलंकार आ वाणी आनन्द युक्त होएबाक पक्ष पर जोर दैत अछि।
3204. ‘रणभूमि’ आ ‘कविता’ पर दू शब्द लेख कोन आलोचनात्मक पद्धति अपनबैत अछि?
  • काव्यक भाव, कर्म, धर्म, विवेक, सत्य-विजय आ कलात्मक रूप सभ पर टिप्पणी
  • केवल लेखकक पता
  • केवल चित्र-सूची
  • केवल सरकारी आदेश
लेख कविता-समीक्षा रूपे भावार्थ, नैतिक प्रेरणा, महाभारत-संदर्भ, छन्द-अलंकार आ पाठकीय अनुभव देखैत अछि।
3205. ई लेख काव्य-अध्ययनमे कियैक उपयोगी अछि?
  • काव्यकेँ नैतिक-सामाजिक संघर्ष आ कलात्मक विधा दूनू रूपमे पढ़बाक उदाहरण दैत अछि
  • काव्य-विमर्श अनुपस्थित अछि
  • केवल नीलामी रिपोर्ट अछि
  • केवल बाल-प्रार्थना अछि
‘रणभूमि’मे कर्म-धर्म आ सत्य-विजय, ‘कविता’मे सृजन-विधा आ कलात्मक तत्व—दूनू विमर्श भेटैत अछि।

3206. चीनी निगम सम्बन्धी लेखमे सरकार कोन चरणक नीलामीक बात करैत अछि?
  • बंद चीनी मिलक चारिम चरणक नीलामी
  • विद्यालय प्रवेश
  • कविता प्रतियोगिता
  • नाटक मंचन
लेखमे बिहार राज्य चीनी निगमक बंद मिलक चारिम चरणक नीलामीक चर्चा अछि।
3207. नीलामीक समय-सीमा कियैक बढ़ाओल गेल?
  • निवेशक कम रूचि देखौलाक बाद
  • अत्यधिक कविता आएलाक कारण
  • रेल लाइन बनि गेलाक कारण
  • छठि पावनि समाप्त भेलाक कारण
स्रोत कहैत अछि जे आवेदन समय-सीमाक भीतर निवेशक कम रूचि देखौलाक बाद तिथि बढ़ाओल गेल।
3208. चीनी मिल नीलामी लेखमे निवेशक संख्या बढ़बाक आशा कियैक अछि?
  • नव समय-सीमा देल गेल, तें बेसी निवेशक सम्मिलित भऽ सकैत छथि
  • नीलामी रद्द भऽ गेल
  • मिल बंद नहि छल
  • कोनो निवेशक चाही नहि
लेखमे समय सीमा बढ़लाक बाद निवेशक संख्या बढ़बाक उम्मीद व्यक्त अछि।
3209. चीनी निगमक बंद मिलसभक उपयोग निवेशक लेल कोना प्रस्तावित अछि?
  • पहिने पट्टा आ बाद विस्तार; जमीन उद्योग लेल उपयोग करबाक सुविधा
  • केवल संग्रहालय
  • केवल खेल मैदान
  • केवल कविता-पाठशाला
स्रोतमे मिलसभ पहिले 60 वर्षक पट्टा पर देबाक आ मांग पर 30 वर्ष बढ़ेबाक तथा जमीनक औद्योगिक उपयोगक बात अछि।
3210. केसीसी शिविरक उद्देश्य की छल?
  • किसानसभके किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करएबाक प्रक्रिया तेज करब
  • कविता प्रकाशन
  • नाट्य-पात्र चयन
  • चीनी मिलक रंग-रोगन
लेखमे बिहार सरकार द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करएबाक प्रयासमे तेजी आ शिविर आयोजनक बात अछि।
3211. केसीसी अनुश्रवण समिति ककर अध्यक्षतामे जिला स्तर पर गठित करबाक निर्देश अछि?
  • जिलाधिकारीक अध्यक्षतामे
  • कवि-मंडलीक अध्यक्षतामे
  • रेल चालकक अध्यक्षतामे
  • नाटक निर्देशकक अध्यक्षतामे
स्रोत अंशमे जिला स्तर पर जिलाधिकारीक अध्यक्षतामे अनुश्रवण समिति गठित करबाक निर्देश अछि।
3212. केसीसी आवेदन प्रक्रियामे कृषि विशेषज्ञ आ सलाहकारक भूमिका की बताओल गेल?
  • किसानसभसँ आवेदन लऽ बैंकके उपलब्ध कराबय
  • मंचपर संवाद बोलबय
  • गीत गाबय
  • रेल लाइन नापय
लेखमे कृषि विभागक विषय-वस्तु विशेषज्ञ आ कृषि सलाहकार द्वारा किसानसँ आवेदन लऽ बैंक तक पहुँचाबयक बात अछि।
3213. उत्तर बिहार रेल लेखमे मुख्य चिंता की अछि?
  • मुख्य रेल लाइनसभक दोहरीकरणसँ आवागमन आ मालगाड़ी परिचालन सुगम करब
  • बालगीत संग्रह
  • छठि गीत रिमिक्स
  • नाटकक प्रकाश
लेखमे तीन मुख्य रेल लाइनक दोहरीकरण, गाड़ी फँसबाक समस्या, आवागमन आ मालगाड़ी सुविधा पर जोर अछि।
3214. मुजफ्फरपुर-सँ-हाजीपुर बीच रामदयाल-हाजीपुर लाइनक प्रस्ताव ककरा भेजल गेल?
  • रेलवे बोर्डके
  • बालानां कृते खण्डके
  • कला-संगीत मंडलीके
  • नाटक पात्रसभके
लेखमे सोनपुर मंडल द्वारा रामदयाल-हाजीपुर लाइनक दोहरीकरण प्रस्ताव रेलवे बोर्डके पठाएबाक बात अछि।
3215. ई तीन सार्वजनिक-विकास लेख मैथिली पत्रिका मे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई साहित्यिक मंच पर आर्थिक पुनरुत्थान, किसान ऋण-सुविधा आ क्षेत्रीय परिवहन प्रश्न दर्ज करैत अछि
  • ई केवल कविताक सजावट अछि
  • ई साहित्य-विरोधी रिक्त स्थान अछि
  • ई केवल फोटो-कैप्शन अछि
चीनी मिल, केसीसी आ रेल—तीनू लेख क्षेत्रीय समाज-आर्थिक जीवनक प्रश्नक दस्तावेज अछि।

3216. ‘मिथिला उवाच’क आरम्भमे पुरवा हवाक बिम्ब कोन भावभूमि बनबैत अछि?
  • व्याकुल, सूखल, बादर-आकांक्षी धरतीक भावभूमि
  • केवल उद्योग-नीति
  • केवल बैंक शिविर
  • केवल शतरंज मंच
अंशमे पुरवा हवा, सूखल मुंह, खेत आ बादरक प्रतीक्षा भावात्मक प्राकृतिक संसार बनबैत अछि।
3217. ‘सीता एखने गेलीहें धरतीमे फांक दऽ कऽ’ बिम्ब की सूचित करैत अछि?
  • मिथिला-धरतीक पीड़ा आ सांस्कृतिक स्मृति
  • रेल लाइनक नाप
  • किसान कार्ड
  • चीनी मिल पट्टा
सीता आ धरतीक फाँकक बिम्ब सूखल खेत/पीड़ित धरतीके मिथिला-सांस्कृतिक स्मृति सँ जोड़ैत अछि।
3218. ‘करिया बदरा’ पर बज्जर खसबाक पुकार कवितात्मक अंशमे कोन मनःस्थिति देखबैत अछि?
  • बादरक छलावा पर रोष आ वर्षाक आकांक्षा
  • नीलामीक संतोष
  • नाटकक हास्य
  • कोष-निर्माण
कवितात्मक स्वर बादरक सकल देखाकऽ भागि जाएब पर क्रोध आ दर्द व्यक्त करैत अछि।
3219. शीतल बूंद आ ठनका एक संग आबयब कोन नाटकीय परिवर्तन देखबैत अछि?
  • अँधार, प्रतीक्षा, राहत आ भयक संयुक्त क्षण
  • पूर्ण सुख मात्र
  • केवल सरकारी आदेश
  • केवल बाल-हँसी
नाक पर शीतल बूंद, पपनी पर बूंद, फिर ठनका—ई राहत आ नाटकीय तनाव दूनू बनबैत अछि।
3220. अंक ९३क पद्य-सूचीमे झा हेमन्त बापी, जगदानन्द झा ‘मनु’ आ राहुल राही एक समूहमे आबि कोन संकेत दैत छथि?
  • अनेक कवि-स्वरक सामूहिक पद्य-मंच
  • केवल एकल नाटक
  • केवल किसान योजना
  • केवल चित्रकला
सामग्री-सूचीमे पद्य उपसमूहमे ई नामसभ संग देल अछि।
3221. शांतिलक्ष्मी चौधरी, जवाहर लाल कश्यप, इरा मल्लिक, ओमप्रकाश झा आ उमेश पासवानक उपस्थिति कोन साहित्यिक विस्तार देखबैत अछि?
  • पद्य खण्डक बहु-लेखकीय फैलाव
  • गद्य खण्डक अभाव
  • संगीतक निषेध
  • केवल एक लेखकक वर्चस्व
पद्य-सूचीमे अनेक नाम अलग उपसमूहमे देल अछि, जे कवि-समुदायक विस्तार देखबैत अछि।
3222. मिथिला कला-संगीत खण्डमे ज्योति सुनीत चौधरी, श्वेता झा, गुंजन कर्ण, राजनाथ मिश्र आ उमेश मण्डल कियैक महत्त्वपूर्ण छथि?
  • चित्र, संगीत, वनस्पति, जीव-जंतु आ मिथिलाक जिनगीक दृश्य-सांस्कृतिक आयाम देबाक कारण
  • केवल रेल समाचार
  • केवल बैंक आवेदन
  • केवल नाटक पात्र
कला-संगीत सूचीमे चित्रमय मिथिला, वनस्पति, जीव-जन्तु आ मिथिलाक जिनगी जेकाँ संकेत अछि।
3223. बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर आ संस्कृति वर्माक उपस्थिति कोन पाठक-वर्गकेँ सम्बोधित करैत अछि?
  • बाल-पाठक आ शिक्षणपरक साहित्यिक पाठ
  • केवल उद्योगपति
  • केवल रेल अधिकारी
  • केवल नाटक समीक्षक
बालानां कृते खण्ड अलग रखल अछि, जाहिसँ बाल-पाठक लेल सामग्रीक व्यवस्था देखाइत अछि।
3224. बिपिन कुमार झा भाषापाक/रचना-लेखन खण्डमे कोन दिशाक प्रतिनिधित्व करैत छथि?
  • मानक मैथिली, कोष आ भाषा-संसाधनक दिशा
  • केवल प्रेमकथा
  • केवल कबाड़ी पुकार
  • केवल चीनी मिल
सूचीमे भाषापाक रचना-लेखन, मानक मैथिली आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख अछि।
3225. अंक ९३क मिथिला उवाचसँ भाषापाक धरि सामग्री कोन बहुआयामी स्वर बनबैत अछि?
  • कवितात्मक प्रकृति, बहु-कवि पद्य, कला-संगीत, बाल-साहित्य आ भाषा-मानकीकरणक संयुक्त स्वर
  • केवल सरकारी सूचना
  • केवल नाटक
  • केवल कृषि रिपोर्ट
अंक ९३ साहित्यिक, दृश्य-सांस्कृतिक, बाल-शिक्षणीय आ भाषिक संसाधन—सभ स्तरकेँ साथ रखैत अछि।

3226. अंक ९३क समेकित अध्ययनमे छठि लेख आ चिडै समीक्षाक साझा प्रश्न की अछि?
  • लोक/समाज द्वारा बनाओल मूल्य आ मानवीय जीवनक अनुभव बीच सम्बन्ध
  • केवल रेल व्यय
  • केवल नाटक प्रकाश
  • केवल कोष-सर्वर
छठि लेख लोकपरम्परा-आस्था देखबैत अछि; चिडै समीक्षा सामाजिक मूल्य आ मानवीय संवेदना बीच टकराव खोलैत अछि।
3227. मौलाइल गाछक फूल समीक्षा आ चीनी मिल लेखकेँ साथ पढ़ला पर कोन रूपक बनैत अछि?
  • सूखल/बंद पड़ी संरचना केँ पुनर्जीवन देबाक आकांक्षा—साहित्यिक आ औद्योगिक दूनू स्तर पर
  • दूनू केवल प्रेमगीत अछि
  • दूनू निष्क्रियता सिखबैत अछि
  • दूनू बाल-लोरी अछि
मौलाइल समीक्षा सूखल साहित्यिक धरती पर उपन्यासक वर्षा देखैत अछि; चीनी लेख बंद मिलके पुनः उद्योगमे लाबए पर।
3228. उल्कामुख आ तामक तमघैलक तुलनात्मक भेद की अछि?
  • उल्कामुख दार्शनिक-प्रतीकात्मक जाति/तर्क विमर्श खोलैत अछि, तामक तमघैल लोक-घरेलू यथार्थसँ शुरू होइत अछि
  • दूनू केवल समाचार रिपोर्ट अछि
  • दूनू मे पात्र नहि
  • दूनू केवल छठि गीत अछि
उल्कामुखमे शतरंज, गीदर, गंगेश-वल्लभा संवाद अछि; तामक तमघैलमे ओसार, कबाड़ी पुकार आ घरेलू संवाद।
3229. रणभूमि टिप्पणी आ नवेंदु कुमार झाक सार्वजनिक लेखसभमे कोन साझा मूल्य भेटैत अछि?
  • कर्म, सार्वजनिक समस्या, समाधान आ सामाजिक सक्रियता
  • पूर्ण पलायन
  • केवल निजी प्रेम
  • केवल छवि-स्थान
रणभूमि कर्मवीर बनबाक प्रेरणा दैत अछि; सार्वजनिक लेख चीनी मिल, केसीसी, रेल समस्या पर समाधान-चेष्टा दर्ज करैत अछि।
3230. मिथिला उवाच आ छठि लेखमे प्रकृति कोन दू रूपमे उपस्थित अछि?
  • एक ठाम सूखल धरती-बादरक काव्यपीड़ा, दोसर ठाम सूर्य-जल-अर्धक लोकधर्म
  • दूनू ठाम प्रकृति अनुपस्थित
  • दूनू केवल रेल
  • दूनू केवल बैंक
मिथिला उवाचमे पुरवा, खेत, बादर, बूंद अछि; छठि लेख सूर्य, जलार्ध, षष्ठी आ लोकपूजा संग प्रकृति जोड़ैत अछि।
3231. अंक ९३मे स्त्री-संबंधी सामग्री कोन-कोन स्तर पर भेटैत अछि?
  • छठि स्त्रीपूजा, चिडैमे स्त्री-पुरुष सम्बन्ध, नाटकमे स्त्रीपात्र, पद्य/बाल सामग्रीक लेखिका स्वर
  • केवल पुरुष पात्र
  • स्त्री विषय अनुपस्थित
  • केवल बैंक आवेदन
छठि, चिडै, तामक तमघैल, पद्य-सूची आ बाल खण्ड स्त्री-अनुभव/स्वरक अलग-अलग उपस्थिति देखबैत अछि।
3232. अंक ९३ भाषिक-सांस्कृतिक अभिलेख रूपे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • एहि मे लोकगीत, नाटक-सम्वाद, समीक्षा, राजनीतिक गद्य, कविता, कला, बाल-साहित्य आ भाषापाक सभ अछि
  • एहि मे केवल एक गद्यांश अछि
  • एहि मे भाषा-संसाधन नहि
  • एहि मे संस्कृति अनुपस्थित अछि
अंकक अनेक विधा मैथिली भाषा आ समाजक अलग-अलग रूप अभिलेखित करैत अछि।
3233. नो-हैलुसिनेशन नियम अंक ९३क खननमे कोना लागू भेल?
  • प्रश्न केवल स्रोतमे उपलब्ध शीर्षक, पात्र, कथावस्तु, तर्क, बिम्ब आ संस्था-सूचनापर आधारित रहल
  • बाहरी पुरस्कार जोड़ल गेल
  • नया जीवनवृत्त गढ़ल गेल
  • अस्पष्ट नामपर प्रश्न बनाओल गेल
खननमे स्रोतमे स्पष्ट अंश जेकाँ छठि लेख, चिडै समीक्षा, मौलाइल समीक्षा, नाटक-संवाद आ सार्वजनिक लेख सभहि पर आधारित प्रश्न बनल।
3234. अंक ९३क अगिला गहन खननमे कोन क्षेत्रसभ आओर प्रश्न देबाक क्षमता रखैत अछि?
  • चिडै समीक्षा, उल्कामुख, तामक तमघैल, छठि लोकगीत, मौलाइल समीक्षा आ मिथिला उवाच
  • केवल असंबद्ध सूचना
  • केवल फीड निर्देश
  • केवल छवि-फाइल
एहि क्षेत्रसभमे विचार, कथा-संरचना, मंचीयता, लोकगीत, रूपक आ सांस्कृतिक बिम्ब सभ समृद्ध अछि।
3235. अंक ९३क मुख्य शोध-निष्कर्ष की अछि?
  • मैथिली पत्रिका साहित्यक संग लोकधर्म, सामाजिक नैतिकता, रंगमंच, क्षेत्रीय विकास, कला, बाल-शिक्षा आ भाषा-मानकता सभकेँ एक साथ दर्ज करैत अछि
  • ई केवल सूचनाहीन अंक अछि
  • ई केवल विज्ञापन-अंक अछि
  • ई साहित्यविहीन प्रशासनिक लेखा अछि
अंक ९३ बहुविध सामग्रीद्वारा मैथिली समाज-साहित्यक जटिल आ व्यापक चित्र प्रस्तुत करैत अछि।

3236. अंक ९४क सामग्री-संरचना कोन तरहक बहुविध मंच बनबैत अछि?
  • साक्षात्कार, भाषा-विमर्श, समाचार-रिपोर्ट, नाटक, उपन्यास, कथा, पद्य, कला-संगीत, बाल-साहित्य आ भाषापाकक संयुक्त मंच
  • केवल एक कविता-सूची
  • केवल सरकारी पत्र
  • केवल चित्र-फाइल सूची
सामग्री-सूचीमे धीरेन्द्र प्रेमर्षि आ कलाधर झा साक्षात्कार, मानकता लेख, मिथिला प्रदेश समाचार, उल्कामुख, हमर टोल, सफल अधिकारी, पद्य, कला-संगीत, बालानां कृते आ भाषापाक सभ संग अछि।
3237. अंक ९४मे ‘बहुआयामी युवा’ शीर्षक कोन सामग्रीक प्रवेश-द्वार अछि?
  • धीरेन्द्र प्रेमर्षि जी सँ विहनि कथाकार मुन्नाजीक गपशप
  • मात्र कृषि रिपोर्ट
  • मात्र बालगीत
  • मात्र भाषापाक तालिका
सूची आ पाठ दुनूमे ‘बहुआयामी युवा’ अंतर्गत धीरेन्द्र प्रेमर्षि जी सँ मुन्नाजीक गपशप प्रमुख रूपे प्रस्तुत अछि।
3238. अंक ९४क दोसर साक्षात्कार ककरा-ककरा बीच अछि?
  • डॉ. कलाधर झा आ डॉ. शेफालिका वर्मा
  • गंगेश आ वर्द्धमान
  • फलना बाबु आ कठियारी
  • बिमलेश चन्द्र आ आयुक्त मात्र
सामग्री-सूचीमे ‘डॉ कलाधर झासँ डॉ. शेफालिका वर्माक साक्षात्कार’ स्पष्ट देल अछि।
3239. अंक ९४क भाषा-विमर्श खण्डमे परमेश्वर कापड़िक लेख कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मानकताक बात विखपाद अछि!
  • सफल अधिकारी
  • मिथिला उवाच
  • हमर टोल
गद्य सूचीमे परमेश्वर कापड़िक शीर्षक ‘मानकताक बात विखपाद अछि!’ देल गेल अछि।
3240. गजेन्द्र ठाकुरक ‘उल्कामुख’ अंक ९४मे कोन रूपमे जारी अछि?
  • मैथिली नाटकक अगिला भाग
  • बाल-कविता
  • कृषि-लेख
  • भाषा-कोष
सूचीमे ‘गजेन्द्र ठाकुर - उल्कामुख (आगाँ)’ अछि आ पाठमे नाटक रूपे आचार्य व्याघ्र/सिंहक संवाद जारी अछि।
3241. राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’ अंक ९४मे कोन स्थिति मे अछि?
  • उपन्यासक आगाँ भाग
  • एकटा निनियाँगीत
  • समाचार शीर्षक
  • कथा-समीक्षा
सामग्री-सूचीमे ‘राजदेव मण्डल - हमर टोल - उपन्यास (आगाँ)’ स्पष्ट अछि।
3242. ओमप्रकाश झाक ‘सफल अधिकारी’ अंक ९४मे कोन विधा अछि?
  • कथा
  • हाइकू
  • व्याकरण-लेख
  • यात्रा-सूची
सूचीमे ओमप्रकाश झा अंतर्गत ‘कथा - सफल अधिकारी’ लिखल अछि; पाठमे बिमलेश चन्द्र अधिकारी-कथा भेटैत अछि।
3243. नवीन ठाकुरक ‘मिथिला उवाच’ अंक ९४मे कोन प्रकारक स्वर लाबैत अछि?
  • लोक-जीवन, मृत्यु-भोज, गामक संवाद आ सामाजिक व्यंग्यक काव्यात्मक गद्यस्वर
  • केवल शब्दकोष निर्माण
  • केवल राजनीतिक प्रस्ताव
  • केवल डॉक्टरक साक्षात्कार
‘मिथिला उवाच’ अंश फलना बाबुक मृत्यु, हरिबोल, भोज, कठियारी आ गामक संवादसभ सँ बनल अछि।
3244. अंक ९४क पद्य खण्डमे कतेक प्रकारक रचनात्मक फैलाव देखाइत अछि?
  • अनेक कवि-समूह, हाइकू, टनका आ अलग-अलग पद्य-स्वर
  • केवल एक कवि
  • पद्य अनुपस्थित
  • केवल विज्ञापन
सूचीमे गुलसारिका, इरा मल्लिक, शांतिलक्ष्मी चौधरी, शेफालिका वर्मा, मुन्नाजी हाइकू, रामबिलास साहू टनका आदि अनेक नाम भेटैत अछि।
3245. अंक ९४क समग्रता मैथिली पत्रिकाक कोन संपादकीय दृष्टि देखबैत अछि?
  • साहित्य, भाषा, समाज, राजनीति, कला, बाल-शिक्षा आ डिजिटल भाषासंसाधनकेँ एकहि मंच पर राखबाक दृष्टि
  • केवल प्रशासनिक सूचना देबाक दृष्टि
  • केवल चित्र-स्थान बचाबक दृष्टि
  • केवल संख्या-सूची बनाबक दृष्टि
गद्य, पद्य, कला-संगीत, बालानां कृते आ भाषापाकक संयुक्त उपस्थिति व्यापक मैथिली सांस्कृतिक मंचक संकेत दैत अछि।

3246. धीरेन्द्र प्रेमर्षि अपन साहित्यिक प्रवेशक आरम्भ कोन प्रेरणा सँ जोड़ैत छथि?
  • पत्र-पत्रिकामे अपन नाम छपबाक लौल सँ
  • राजकीय आदेश सँ
  • रेल विभागक नियुक्ति सँ
  • बालगीत प्रतियोगिता सँ
साक्षात्कारमे ओ कहैत छथि जे साहित्य मे प्रवेश लौलसँ भेल, पत्र-पत्रिकामे नाम छपएबाक चाहना आरम्भिक प्रेरणा छल।
3247. धीरेन्द्र प्रेमर्षिक अनुसार हुनक साहित्यिक प्रवेश आरम्भमे कोन भाषाक माध्यमे भेल?
  • नेपाली भाषा
  • केवल अंग्रेजी
  • केवल संस्कृत
  • केवल बंगला
साक्षात्कारमे ओ स्पष्ट करैत छथि जे साहित्य मे प्रवेश नेपाली भाषाक माध्यमे भेल छल।
3248. धीरेन्द्र प्रेमर्षि मैथिली भाषाक अवस्था आ महत्ताक बोध कतए भेल कहैत छथि?
  • जनकपुरमे मिथिला नाट्यकला परिषद् पहुँचला पर
  • दिल्लीक पुस्तक मेला मे
  • मुम्बई कार्यालय मे
  • किसान शिविर मे
ओ जनकपुर बदलीक बाद गीत-संगीतक ठाम ताकैत मिथिला नाट्यकला परिषद् पहुँचलाक प्रसंग कहैत छथि, जाहि सँ मैथिलीक बोध गहिर भेल।
3249. मिथिला नाट्यकला परिषद् मे धीरेन्द्र प्रेमर्षिक भेट कोन प्रकारक साहित्यिक विभूतिसभसँ भेल?
  • डा. धीरेन्द्र, महेन्द्र मलङ्गिया, डा. राजेन्द्र विमल, योगेन्द्र साह ‘नेपाली’ सन विभूतिसभसँ
  • केवल बैंक अधिकारीसँ
  • केवल रेल अभियन्तासँ
  • केवल चिकित्सक दलसँ
स्रोत अंशमे परिषद् मे डा. धीरेन्द्र, महेन्द्र मलङ्गिया, डा. राजेन्द्र विमल, योगेन्द्र साह ‘नेपाली’ आदिक नाम आबैत अछि।
3250. वि. सं. २०४६ मे मैथिली विकास दिवसक कविगोष्ठी धीरेन्द्र प्रेमर्षि लेल कियैक महत्त्वपूर्ण बनल?
  • ओहि लेल लिखल कविता पर डा. धीरेन्द्रक लाल कलमक सुधार हुनका वर्ण-विन्यासक गुरुमन्त्र बनल
  • ओहि दिन हुनका आयकर पद भेटल
  • ओहि दिन चीनी मिल खुलल
  • ओहि दिन नाटक समाप्त भेल
साक्षात्कारमे ओ कहैत छथि जे कविगोष्ठी लेल लिखल कवितापर डा. धीरेन्द्रक सुधार-चिह्न मैथिली वर्ण-विन्यासक गुरुमन्त्र बनि गेल।
3251. धीरेन्द्र प्रेमर्षि अपन रचनात्मकताक स्रोत कोन बतबैत छथि?
  • अपन समाज
  • केवल पुरस्कार
  • केवल कार्यालय आदेश
  • केवल कम्प्यूटर कक्ष
मुन्नाजीक प्रश्नक उत्तरमे ओ कहैत छथि जे हुनक रचनात्मकताक स्रोत अपन समाज अछि, खास कऽ समाजमे रहल छद्मवेष।
3252. ‘मनमे ने कनियोँ चोर अछि / तेँ गजलो हमर अङोर अछि’ पंक्ति साक्षात्कारमे कोन भाव व्यक्त करैत अछि?
  • देश, समाज आ स्वयं प्रति ईमानदारी सँ रचनाक तीक्ष्णता अबैत अछि
  • कविता केवल छन्द-खेल अछि
  • गजल मे समाजक स्थान नहि
  • ई सरकारी रिपोर्ट अछि
ई पंक्ति धीरेन्द्र प्रेमर्षि अपन तीक्ष्ण नजरिया आ रचनात्मक ऊर्जा बुझाबैत उद्धृत करैत छथि।
3253. साक्षात्कार धीरेन्द्र प्रेमर्षिक साहित्यिक यात्राकेँ कोन रूपमे देखबैत अछि?
  • नेपाली माध्यमक लौलसँ मैथिली साहित्य-अभियान दिस मुड़ल यात्रा
  • केवल एक प्रशासनिक सेवा-वृत्त
  • केवल चित्रकला अभ्यास
  • केवल बाल-पाठ
ओ बतबैत छथि जे प्रारम्भ नेपाली माध्यमे भेल, मुदा जनकपुर आ परिषद् अनुभवक बाद लेखन मैथिली अभियान दिस मुड़ल।
3254. धीरेन्द्र प्रेमर्षिक कथनमे मैथिली लेखन ‘अभियान’ शब्द कियैक अर्थपूर्ण अछि?
  • कारण ओ लेखनकेँ व्यक्तिगत छपाइ-लौलसँ समाज-भाषा प्रतिबद्धता दिस मोड़ैत छथि
  • कारण ओ केवल नोकरी बदलैत छथि
  • कारण ओ भाषाकेँ छोड़ि दैत छथि
  • कारण ओ केवल एक तालिका बनबैत छथि
स्रोत अंशमे ओ अपन लेखन-लौलकेँ मैथिली साहित्यक अभियान दिस मोड़ि देबाक बात कहैत छथि।
3255. धीरेन्द्र प्रेमर्षि साक्षात्कारक शोध-मूल्य की अछि?
  • ई लेखकक भाषा-परिवर्तन, संस्थागत प्रेरणा, वर्ण-विन्यास अनुशासन आ समाज-केन्द्रित रचनात्मकता खोलैत अछि
  • ई केवल फोटो-कैप्शन अछि
  • ई केवल संपर्क-सूची अछि
  • ई केवल विज्ञापन-अंश अछि
साक्षात्कार व्यक्तिगत अनुभवकेँ मैथिली साहित्य-संस्था, भाषा-चेतना आ समाज-प्रतिबद्ध लेखनसँ जोड़ैत अछि।

3256. डॉ. कलाधर झाक साक्षात्कार कोन प्रसंगसँ आरम्भ होइत अछि?
  • हेरोगेट, इंग्लैंडमे डॉ. कलाधर झा आ डॉ. पूनम झा संग बैसबाक प्रसंगसँ
  • पटना विद्यापति भवनक भोजसँ
  • किसान कार्ड शिविरसँ
  • नाटकक मंच-संकेतसँ
स्रोत अंशमे डॉ. शेफालिका वर्मा हेरोगेट, इंग्लैंडमे डॉ. कलाधर झा आ हुनक पत्नी डॉ. पूनम झा ओतए बैसल रहबाक प्रसंग लिखैत छथि।
3257. डॉ. कलाधर झा मिथिला राज्यक प्रश्नपर पहिल उत्तर कोन देलन्हि?
  • हेबाक चाही, मुदा एखन नहि
  • कखनो नहि हेबाक चाही
  • केवल राजधानी बदलू
  • केवल भाषा छोड़ू
साक्षात्कारमे मिथिला राज्यक विषयमे ओ कहैत छथि—हाँ, जरूर हेबाक चाही, मुदा एखन नहि।
3258. डॉ. कलाधर झा अलग मिथिला राज्य लेल पहिने कोन शर्त रखैत छथि?
  • मिथिलांचलके आर्थिक स्वाधीनता
  • केवल नया झंडा
  • केवल भोजक व्यवस्था
  • केवल साहित्यिक गोष्ठी
ओ स्पष्ट कहैत छथि जे जाधरि मिथिलांचल आर्थिक स्वाधीन नहि होएत, ताधरि अलग राज्य उचित नहि।
3259. कलाधर झाक आर्थिक स्वाधीनता-विचारमे कोन क्षेत्र विशेष रूपे आबैत अछि?
  • कृषि, चीनी मिल, पेपर मिल आ प्राकृतिक संसाधन
  • केवल छन्द-विचार
  • केवल शव-यात्रा
  • केवल हाइकू
साक्षात्कारमे ओ कृषिक उन्नति, चीनी मिल, पेपर मिल आ नेचुरल रिसोर्सेस देखबाक बात करैत छथि।
3260. कलाधर झाक अनुसार सरकारसँ कोन तीन प्रकारक मदद लेल जा सकैत अछि?
  • कानून-व्यवस्था, परिवहन आ ऊर्जा
  • केवल कविता-संपादन
  • केवल भोज-पान
  • केवल पद्य-सूची
स्रोत अंशमे ओ सरकारसँ तीन मदति—कानून आ व्यवस्था, परिवहन, ऊर्जा—लेबाक बात कहैत छथि।
3261. ‘मिथिलाक माछ आ मखानक खेती’ प्रसंग डॉ. कलाधर झाक तर्कमे कोन भूमिका निभबैत अछि?
  • स्थानीय संसाधनक आर्थिक क्षमता देखबैत अछि
  • केवल लोकगीतक विषय अछि
  • केवल नाटक-पात्र अछि
  • केवल बाल-खेल अछि
ओ कहैत छथि जे उपयुक्त आधारभूत मदति भेटला पर माछ-मखानक खेतीसँ मिथिला आर्थिक बल प्राप्त कऽ सकैत अछि।
3262. साक्षात्कारमे ‘सत्ताक विकेंद्रीकरण लेल मिथिला योग्य नै’ कथन कोन सावधानी दर्शबैत अछि?
  • राज्य-आकांक्षा सँ पहिने आर्थिक, प्रशासनिक आ आधारभूत तैयारी जरूरी अछि
  • राज्य-विमर्श पूर्णतः अनुपस्थित अछि
  • मिथिलाक संस्कृति अस्वीकार अछि
  • भाषाक चर्चा बंद अछि
ओ अलग राज्यक समर्थन करैत छथि, मुदा आर्थिक स्वाधीनता आ आधारभूत तैयारीक अभावक कारण तत्क्षणता पर प्रश्न करैत छथि।
3263. कलाधर झाक साक्षात्कार अंक ९४क राजनीतिक-विकास विमर्शसँ कोना जुड़ैत अछि?
  • एहि मे मिथिला राज्यक प्रश्न आर्थिक स्वाधीनता, संसाधन आ शासन-सेवाक आधार पर उठैत अछि
  • केवल निजी पारिवारिक कथा अछि
  • केवल छठि गीत अछि
  • केवल चित्रकला विवरण अछि
साक्षात्कार मिथिला राज्यक भावनात्मक मांगकेँ कृषि, उद्योग, संसाधन, कानून-व्यवस्था, परिवहन आ ऊर्जा सँ जोड़ैत अछि।
3264. डॉ. शेफालिका वर्माक प्रश्न-पद्धति साक्षात्कारमे कोन शैली बनबैत अछि?
  • छोट प्रश्नद्वारा उत्तरदाता सँ क्रमशः राज्य, अर्थनीति आ सरकारक भूमिका खोलबैत अछि
  • दीर्घ कविता पाठ करबैत अछि
  • केवल तालिका भरबैत अछि
  • प्रश्न नहि करैत अछि
‘हेबाक चाही कि नै’, ‘से किएक’, ‘जेना’, ‘सरकार हमर की करत’ जेकाँ प्रश्न उत्तरकेँ विस्तार देबैत अछि।
3265. कलाधर झा साक्षात्कारक शोध-स्तर निष्कर्ष की अछि?
  • मिथिला राज्य-विमर्श भाषा-भावना मात्र नहि, आर्थिक स्वाधीनता आ संस्थागत सेवा-ढाँचा सँ जुड़ल प्रश्न अछि
  • मिथिला राज्य पर कोनो चर्चा नहि
  • केवल पद्य-विश्लेषण अछि
  • केवल बालपाठ अछि
साक्षात्कार अलग राज्यक प्रश्नकेँ आर्थिक संसाधन, उद्योग, कृषि, शासनक मूल सेवा आ स्थानीय क्षमताक संदर्भमे राखैत अछि।

3266. परमेश्वर कापड़िक ‘मानकताक बात विखपाद अछि!’ लेख कोन मूल विषयपर केन्द्रित अछि?
  • मैथिली मानकता, लोकभाषा, बोली-पहचान आ सामाजिक-राजनीतिक असर
  • केवल अधिकारी-कथा
  • केवल माछ-मखान खेती
  • केवल नाटकक पात्र-सूची
लेखमे मानकता, जनगणना, बजिका, थारू, मैथिली लोकभाषा, जाति-आधारित प्रतीक आ भाषा-संस्कृति पर चर्चा अछि।
3267. लेखमे नेपालक जनगणना प्रसंग कियैक उठाओल गेल अछि?
  • भाषिक पहचान आ मानकता-विवादक असर मैथिली गणनाक नुकसानसँ जोड़बाक लेल
  • कथा-पात्रक मृत्यु बताबए लेल
  • भोजक तरकारी गनबाक लेल
  • कला-संगीत सूची बनाबए लेल
लेखक कहैत छथि जे एहि सालक नेपालक जनगणनामे मैथिलीकेँ घाटा भेल, आ मानकता/पहचान-विवादकेँ कारण-प्रसंग बनबैत छथि।
3268. परमेश्वर कापड़ि मैथिलीकेँ कोन रूपमे देखैत छथि?
  • लोकभाषा आ लोकसंस्कृतिक भाषा
  • केवल दरबारी आदेशक भाषा
  • केवल बाहरी भाषा
  • केवल कोष-सर्वर
लेख स्पष्ट कहैत अछि जे मैथिली भाषा असलमे लोकभाषा अछि आ मैथिली संस्कृति लोकसंस्कृति अछि।
3269. लेखमे ‘बजिका’ प्रसंग कोन समस्या देखबैत अछि?
  • भाषिक लाभ आ राजनीतिक संदर्भक कारण मैथिली-पहचानमे विच्छेदक आशंका
  • केवल गीतक छन्द
  • केवल चिकित्सक उत्तर
  • केवल नाटकक मंच
लेखक बजिका कहबाक भाषिक लाभ आ अलग राजनीतिक संदर्भक चर्चा करैत मैथिली-पहचानक संकट देखबैत छथि।
3270. थारू भाषा प्रसंग लेखमे कोन तुलनात्मक संकेत दैत अछि?
  • पूर्वी तराईमे अलग पहचान बनलाक उदाहरण, जे मैथिलीभाषी क्षेत्रक पहचान-संकट सँ तुलना करबैत अछि
  • केवल कृषि पद्धति
  • केवल कविगोष्ठी
  • केवल कथा पात्र
स्रोतमे थारू भाषाक अलग पहचान आ संस्कार बनल बताओल गेल अछि, जे सर्लाही-बारा-पर्सा क्षेत्रक मैथिली-पहचान प्रसंगसँ जोड़ल अछि।
3271. लेखमे ‘बाउ-माइ’ बनाम ‘माताजी-पिताजी’ प्रसंग की खोलैत अछि?
  • भाषाक लोक-समाज, वर्ग-संबंध आ बोलचालक अस्मिता
  • केवल परिवारक निजी कथा
  • केवल अधिकारीक चापलूसी
  • केवल चित्रकला रंग
लेखक ब्राह्मणेतर लोकभाषा, घर-गामक सम्बोधन आ सामाजिक स्तरक भाषा-प्रयोग पर प्रश्न उठबैत छथि।
3272. पाग आ धोती-कुर्ता प्रसंग लेखमे कियैक आलोचनात्मक अछि?
  • जाति-विशेषक प्रतीककेँ सम्पूर्ण मैथिली संस्कृतिक प्रतीक बनाबए पर प्रश्न उठैत अछि
  • कारण ओ चित्र-फाइल अछि
  • कारण ओ रेल संकेत अछि
  • कारण ओ नाटकक मंच मात्र अछि
लेखक पूछैत छथि जे जाति-विशेष सँ आबद्ध प्रतीक यदि मैथिली संस्कृतिक प्रतीक बनत तखन व्यापक अस्मिता संकुचित भऽ सकैत अछि।
3273. मानकता-विमर्शमे लेखक कोन सावधानी सुझबैत छथि?
  • मानकता थोपबाक बदला लोकभाषा, लोकसंस्कृति आ व्यापक मैथिल-पहचानकेँ ध्यान देबय
  • सिर्फ एक जातिक बोली मानक करू
  • लोकभाषा हटाउ
  • साहित्य बंद करू
लेखकक तर्क लोकभाषा-आधारित आ व्यापक समाजक मैथिली-पहचानकेँ मानकता-विवादक केंद्र बनबैत अछि।
3274. ‘मानकताक बात विखपाद अछि!’ लेख शोधार्थी लेल कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई भाषा-मानकता, जनगणना, जाति, बोली, तराई पहचान आ सांस्कृतिक प्रतीक-विवादकेँ एक साथ रखैत अछि
  • ई केवल सफल अधिकारी कथा अछि
  • ई केवल मृत्यु-भोज दृश्य अछि
  • ई केवल बालगीत अछि
लेख भाषाविज्ञान, समाजशास्त्र आ सांस्कृतिक राजनीति तीनू स्तर पर अध्ययनयोग्य सामग्री दैत अछि।
3275. अंक ९४क भाषा-विमर्शमे परमेश्वर कापड़िक लेख कोन केंद्रीय चेतावनी दैत अछि?
  • मैथिली अस्मिताकेँ संकीर्ण प्रतीक वा एकरूपी मानकता मे बाँधब भाषिक क्षति कऽ सकैत अछि
  • भाषिक विविधता अप्रासंगिक अछि
  • लोकभाषा साहित्यक शत्रु अछि
  • जनगणना सँ भाषाक संबंध नहि
लेख जनगणना, बोली-पहचान, लोकभाषा, जाति-प्रतीक आ सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व सभ पर सावधान करैत अछि।

3276. मुन्नाजीक ‘अनमोल झाक समयकेँ साक्षी राखि’ लेख कोन विधाकेँ केन्द्र बनबैत अछि?
  • विहनि-कथा
  • केवल गजल
  • केवल राजनीतिक रिपोर्ट
  • केवल चिकित्सा साक्षात्कार
लेखमे अनमोल झाक ‘समय साक्षी थिक’ पहिल विहनि-कथा संग्रह रूपे चर्चित अछि।
3277. अनमोल झाक ‘समय साक्षी थिक’ कृतिकेँ लेख कोन रूपमे चिन्हैत अछि?
  • हिनक पहिल विहनि-कथा संग्रह
  • एकटा नाटक
  • भाषा-कोष
  • चित्रमय मिथिला
स्रोत अंशमे स्पष्ट अछि जे श्री झा ‘समय साक्षी थिक’ अपन पहिल विहनि-कथा संग्रह लऽ सामने एलाह।
3278. लेख अनुसार ‘समय साक्षी थिक’ कतेक कालक अनुभवसँ जुड़ल अछि?
  • कएक दशकक भोगल यथार्थक परिणाम
  • एक दिनक यात्रा
  • केवल भोजक दृश्य
  • केवल आयकर कार्यालय
लेख कहैत अछि जे संग्रह समयान्तर अनुरूप संयोजित अछि आ कएक दशकक भोगल यथार्थक परिणाम थिक।
3279. अनमोल झाक संग्रहमे समाजक कोन पक्ष उजागर कहल गेल अछि?
  • गंभीर होइत सामाजिक परिस्थिति आ क्षण-क्षण घटैत घटनाक अधलाह असर
  • केवल फूल-पत्ती वर्णन
  • केवल सरकारी नियम
  • केवल चित्रकला
लेखमे सामाजिक परिस्थिति, घटना आ ओकर अधलाह असर महीन ढंगसँ उजागर करबाक बात अछि।
3280. ‘सामाजिक मूल्यक अवमूल्यन’ लेखमे कोन चिन्ता व्यक्त करैत अछि?
  • समाजमे मूल्य-क्षय आ सम्बन्धक दोहन
  • केवल छन्द-विस्तार
  • केवल भाषापाक सर्वर
  • केवल रेल गाड़ी
लेख कहैत अछि जे अधिकांश रचना सामाजिक मूल्यक अवमूल्यन आ सम्बन्धक दोहनक चित्रण करैत अछि।
3281. तकनीकी परिवर्तन अनमोल झाक कथा-विमर्शमे कोन रूपमे आबैत अछि?
  • सामाजिक अस्तित्वकेँ प्रभावित करएवाला शक्ति रूपे
  • केवल कम्प्यूटरक विज्ञापन
  • केवल फोटो-स्थान
  • केवल मंच-प्रकाश
स्रोत अंशमे तकनीकी परिवर्तनसँ प्रभावित सामाजिक अस्तित्वक चित्रणक बात अछि।
3282. लेखक विहनि-कथा विधाक स्थिति कियैक कठिन बतबैत छथि?
  • गद्य-संसारमे ई विधा लहरि बीच उगैत-डुबैत रहल आ लेखकसभकेँ टिकब कठिन भेल
  • कारण ई बहुत प्रशासकीय तालिका छल
  • कारण ई केवल गीत छल
  • कारण पाठक नहि चाहैत छलाह
लेखमे विहनि-कथा लहरिक बीच उगैत-डुबैत रहल, किछु लेखक डुबकी लगाएल मुदा टिकि नहि सकल, एहन प्रसंग अछि।
3283. अनमोल झाक योगदान लेखमे कियैक विशेष कहल गेल?
  • ओ दुरूह परिस्थिति मे अपन रचना-ऊर्जा विहनि-कथा मे लगाएलनि
  • ओ केवल पुरस्कार सूची बनौलनि
  • ओ भाषाकेँ छोड़ि देलनि
  • ओ चित्रमय मिथिला बनौलनि
लेख हुनका ओहि लेखकसभ मे राखैत अछि जे कठिन परिस्थिति मे अपन रचना-शक्ति विहनि-कथा मे लगबैत रहलाह।
3284. ‘पारंपरिक कथानक आधारकेँ नव-नव परिवर्तन संग जोड़ब’ कथन कोन आलोचनात्मक संकेत दैत अछि?
  • अनमोल झा परम्परागत कथाभूमिकेँ नव सामाजिक आकलनसँ जोड़ैत छथि
  • ओ केवल पुरान कथाके जसक तस नकल करैत छथि
  • ओ कथा नहि लिखैत छथि
  • ओ केवल खबर देैत छथि
लेखमे किछु पारंपरिक कथानक आधारकेँ नव परिवर्तन वा आकलन संग जोड़ि देखबाक समर्थता कहल गेल अछि।
3285. अनमोल झा लेखक शोध-मूल्य की अछि?
  • ई मैथिली विहनि-कथाक स्थिति, सामाजिक यथार्थ, मूल्य-क्षय, तकनीकी परिवर्तन आ कथा-रूपक विकास समझबैत अछि
  • ई केवल असंबद्ध सूचना अछि
  • ई केवल बाल-पाठ अछि
  • ई केवल चित्रसूची अछि
लेख विधागत इतिहास आ सामाजिक आलोचना दुनू स्तर पर अनमोल झाक संग्रहकेँ पढ़ैत अछि।

3286. चेतना समिति समाचारमे कोन समारोहक चर्चा अछि?
  • विद्यापति स्मृति पर्व समारोह
  • केवल क्रिकेट प्रतियोगिता
  • केवल आयकर बैठक
  • केवल बाल-चित्र प्रदर्शनी
स्रोत अंशमे चेतना समिति द्वारा आयोजित अंठाबनम् विद्यापति स्मृति पर्व समारोह सम्पन्न भेल कहल गेल अछि।
3287. विद्यापति स्मृति पर्वक पुरान लोकप्रियता ककरा सँ सूचित भेल अछि?
  • लोक नव वर्षक कैलेंडर अएलाक बाद पावनि जकाँ समारोहक तिथि ताकैत छल
  • लोक एहि समारोहक नाम नहि सुनैत छल
  • सभ नेता अनुपस्थित रहैत छलाह
  • ई केवल आभासी सूची छल
रिपोर्टमे कहल अछि जे पटनाक मैथिल आ गैर-मैथिल बीच ई समारोह एतेक लोकप्रिय छल जे लोक तिथि जरूर ताकैत छल।
3288. रिपोर्टमे चेतना समिति आयोजनक वर्तमान समस्या कोना चित्रित अछि?
  • घटैत स्तर आ घटैत उपस्थिति रूपे
  • अत्यधिक भीड़सँ संकट रूपे
  • केवल भवन-अभाव रूपे
  • केवल भोजन-अभाव रूपे
स्रोत अंशमे आयोजनक घटैत स्तर, भाषिक रुचि घटब आ कार्यक्रम समाप्तिसँ पहिने स्थल खाली भऽ जाएबाक बात अछि।
3289. ‘खूजत अलग मिथिला प्रदेशक द्वार?’ रिपोर्ट कोन राजनीतिक संकेत दैत अछि?
  • छोट प्रदेशक समर्थन आ अलग मिथिला प्रदेशक संभावना पर विमर्श
  • केवल कविता-पाठ
  • केवल नाटकक संवाद
  • केवल भाषापाक सर्वर
शीर्षकमे अलग मिथिला प्रदेशक द्वार आ छोट प्रदेशक समर्थनक उल्लेख अछि।
3290. उमेश मण्डलक समाचार खण्डमे कोन भाषा-विषयक परिचर्चा अछि?
  • मैथिली भाषाक दशा ओ दिशा पर परिचर्चा
  • अधिकारीक बदली
  • छठि लोकगीत
  • कम्प्यूटर-कक्ष
सामग्री-सूचीमे उमेश मण्डल अंतर्गत ‘मैथिली भाषाक दशा ओ दिशा’ पर परिचर्चा देल अछि।
3291. उमेश मण्डल खण्डमे महाकवि पण्डित लालदास सम्बन्धी कोन आयोजन अछि?
  • महाकवि पण्डित लालदास जयन्ती समारोह
  • डॉ. कलाधरक साक्षात्कार
  • बिमलेश चन्द्रक कथा
  • मिथिला उवाच
सूचीमे ‘महाकवि पण्डित लालदास जयन्ती समारोह’ उमेश मण्डलक सामग्रीमे देल अछि।
3292. संजीव कुमार ‘शमा’क सामग्री कोन स्मृति-आयोजनसँ संबंधित अछि?
  • महाकवि पं. लालदास जयन्ती समारोह
  • मिथिला राज्यक आर्थिक प्रश्न
  • उल्कामुखक शतरंज
  • भाषापाक कोष
सामग्री-सूचीमे संजीव कुमार ‘शमा’क लेख महाकवि पं. लालदास जयन्ती समारोह पर अछि।
3293. चेतना समिति रिपोर्ट आ लालदास जयन्ती समारोहक संयुक्त अध्ययन कोन सांस्कृतिक प्रश्न खोलैत अछि?
  • स्मृति-पर्व, संस्था, भाषा-चेतना आ जनभागीदारीक प्रश्न
  • केवल अधिकारीक प्रगति
  • केवल परिवारक भोज
  • केवल वनस्पति सूची
दूनू सामग्री मिथिलाक संस्था-आधारित सांस्कृतिक स्मृति आ सार्वजनिक सहभागिता पर केन्द्रित अछि।
3294. रिपोर्टमे पटना कियैक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल रूपे उभरैत अछि?
  • राजधानीक मिथिलावासी तीन दिन कला, संस्कृति, खान-पान, गीत-संगीतक आनन्द लेल जुटैत छथि
  • कारण ओ नाटकक काल्पनिक नगर अछि
  • कारण ओ केवल कोष-सर्वर अछि
  • कारण ओ नदीक किनार मात्र अछि
रिपोर्टमे पटनाक मिथिलावासी आ गैर-मैथिल लोकक विद्यापति स्मृति पर्व संग जुड़बाक पुरान परम्परा वर्णित अछि।
3295. अंक ९४क समाचार/स्मृति सामग्रीक शोध-मूल्य की अछि?
  • ई मैथिली सार्वजनिकता, संस्था, स्मृति, भाषा-परिचर्चा, क्षेत्रीय राजनीति आ सांस्कृतिक आयोजनक स्थिति अभिलेखित करैत अछि
  • ई केवल निजी पत्र अछि
  • ई साहित्य-विहीन रिक्त अंश अछि
  • ई केवल फोटो शीर्षक अछि
चेतना समिति, मिथिला प्रदेश, भाषाक दशा-दिशा आ लालदास जयन्ती सामग्री सामुदायिक सांस्कृतिक इतिहासक स्रोत बनैत अछि।

3296. अंक ९४मे ‘उल्कामुख’ कोन कल्लोलसँ जारी अछि?
  • तेसर कल्लोल
  • प्रथम अंक
  • भोजक दिन
  • भाषापाक तालिका
स्रोत अंशमे ‘उल्कामुख (मैथिली नाटक) — तेसर कल्लोल’ लिखल अछि।
3297. उल्कामुखक तेसर कल्लोलक आरम्भमे कोन मंच-संकेत अछि?
  • आचार्य व्याघ्र आ आचार्य सिंह अलग-अलग शतरंजक घनक चारू कात घूमि रहल छथि
  • फलना बाबुक भोज शुरू अछि
  • बिमलेश चन्द्र वातानुकूलित कक्ष मे अछि
  • छठि गीत गाओल जा रहल अछि
मंच-संकेतमे आचार्य व्याघ्र आ आचार्य सिंह शतरंजक घनक चारू कात घूमैत देखाए छथि।
3298. आचार्य व्याघ्रक पहिल चिन्ता की अछि?
  • तत्वचिन्तामणि मे चर्चा भेलो पर असल नाम बिसरल जा रहल अछि
  • भोजक तरकारी कम अछि
  • आयुक्त बदलि गेलाह
  • मिथिला मखान खेती
ओ कहैत छथि जे गंगेश तत्वचिन्तामणि मे चर्चा केलन्हि मुदा आब लोक असल नाम सेहो बिसरि गेल।
3299. आचार्य सिंहक उत्तर आचार्य व्याघ्रक चिन्ताकेँ कोना चुनौती दैत अछि?
  • ओ पूछैत छथि जे अपन सभक त कोनो सरोकार नै, तखन?
  • ओ भोजक पात बदलैत छथि
  • ओ आयकर अधिकारी बनैत छथि
  • ओ मखान बेचैत छथि
आचार्य सिंह बार-बार पूछैत छथि जे अपना सभक त कोनो सरोकार छलैहे नै, तखन एहि चिन्ताक अर्थ की।
3300. गंगेश द्वारा ‘आचार्य सिंह’ आ ‘आचार्य व्याघ्र’ नाम लिखबाक प्रसंग कोन प्रश्न उठबैत अछि?
  • दार्शनिक परम्परामे व्यक्ति-नाम, स्मृति आ पाठ-संरक्षणक प्रश्न
  • कृषि ऋणक प्रश्न
  • बालगीतक प्रश्न
  • चित्रकला रंगक प्रश्न
संवादमे कहल गेल अछि जे गंगेश नाम नहि लिखि आचार्य सिंह/व्याघ्र मात्र लिखलन्हि, जाहिसँ वास्तविक पहचान बिसरि गेल।
3301. वर्द्धमान प्रसंग उल्कामुखमे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • गंगेशक बेटा वर्द्धमान गंगेशक विषयमे ‘सुकवि कैरव काननेन्दुः’ लिखलन्हि आ न्याय/नव्य-न्यायक संबंधक संकेत आबैत अछि
  • ओ सफल अधिकारी अछि
  • ओ भोजक परिचालक अछि
  • ओ कला-संगीत सूचीकार अछि
संवादमे वर्द्धमान द्वारा गंगेशक कवि-स्मृति आ न्याय-नव्य न्याय मिलाबक संकेत अछि।
3302. उल्कामुखमे ‘असुरक्षा’ कोन आलोचनात्मक अर्थमे आबैत अछि?
  • चौपाड़ी आ शास्त्रपरंपरा मे बाहरी विद्यार्थी, प्रतिलिपि, सार-संक्षेप आ सर्जन पर नियंत्रणक रूपे
  • केवल भोजक डर
  • केवल अधिकारीक बदली
  • केवल मौसमक भय
आचार्य व्याघ्र कहैत छथि जे चौपाड़ी बाहरी विद्यार्थीकेँ प्रतिलिपि वा सार-संक्षेप नहि करए दैत छल, जे असुरक्षा आ ज्ञान-नियंत्रणक संकेत अछि।
3303. उल्कामुखमे शतरंजक घन कोन प्रतीकात्मक भूमिका निभा सकैत अछि?
  • दार्शनिक चाल, तर्क-संघर्ष, स्मृति आ पहचानक खेलक मंचीय प्रतीक
  • भोजक थारी
  • किसान कार्ड
  • बाल-पुस्तक
मंचपर दूनू आचार्य शतरंजक घनक चारू कात घूमैत छथि; संवाद तर्क, स्मृति आ शक्ति-संरचनापर अछि।
3304. नाटकमे ‘प्रतिबन्ध’ शब्द कोन केंद्रीय प्रश्नसँ जुड़ैत अछि?
  • सर्जन, आत्म-अभिव्यक्ति आ योग्यता-विकास पर रोक
  • भोजक समय
  • मखान खेती
  • कविता-पंक्ति
संवादमे पूछल गेल अछि जे बिन सर्जन विद्यार्थी आत्म-अभिव्यक्ति कोना करताह; प्रतिबन्ध पुरान इतिहासकेँ व्याघ्र-सिंह-उल्कामुख बनबैत अछि।
3305. अंक ९४क उल्कामुख अंश शोधार्थी लेल कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई नव्य-न्याय, गंगेश, स्मृति-राजनीति, शास्त्र-संरक्षण, सर्जन-प्रतिबन्ध आ मंच-प्रतीककेँ जोड़ैत अछि
  • ई केवल अधिकारी-कथा अछि
  • ई केवल संपर्क-सूची अछि
  • ई केवल बालगीत अछि
तेसर कल्लोल दर्शन, इतिहास, नाम-लोप, चौपाड़ी-संस्कृति आ रचनात्मक स्वाधीनताकेँ नाटकीय संवाद बनबैत अछि।

3306. ‘हमर टोल’ अंक ९४मे कोन विधा रूपे जारी अछि?
  • राजदेव मण्डलक उपन्यासक आगाँ भाग
  • धीरेन्द्र प्रेमर्षिक साक्षात्कार
  • कला-संगीत चित्र-सूची
  • भाषापाक कोष
सामग्री-सूचीमे ‘राजदेव मण्डल - हमर टोल - उपन्यास (आगाँ)’ लिखल अछि।
3307. ‘हमर टोल’ अंशमे धर्मडीहीवालीक स्थिति कोन सामाजिक दबाव खोलैत अछि?
  • सन्तान न होएबाक कारण सौतिन आ उपचारक दबाव
  • अधिकारीक पदोन्नति
  • कविगोष्ठी
  • पद्य-सूची
स्रोत अंशमे धर्मडीहीवाली बाल-बच्चा नहि होएबाक डर, सौतिन तरमे बास आ उपचार/ओझा-गुणी प्रसंग मे अछि।
3308. खेलावन भगत ‘हमर टोल’ अंशमे कोन लोक-विश्वासक केन्द्र अछि?
  • ओझा-गुणी, वचन, संतानक आस आ लोक-विश्वासक केन्द्र
  • आयकर आयुक्त
  • कवि-संपादक
  • भाषा-कोष निर्माता
अंशमे लोक भगतक वचन, झाड़-फूँक, ओझा-गुणी आ बाल-बच्चा होएबाक भरोसासँ जोड़ल अछि।
3309. ‘विश्वासे गुणे फल’ कथन ‘हमर टोल’मे कोन मानसिकता देखबैत अछि?
  • लाचारीमे लोक-विश्वास आ उपचारक विकल्पक खोज
  • विज्ञान-निषेध मात्र
  • अधिकारी-प्रशंसा
  • चित्रकला रंग
धर्मडीहीवाली निराश नहि भेल आ खेलावन भगतपर विश्वास बढ़ए लगल; एहि प्रसंगमे ई कथन आबैत अछि।
3310. ‘सफल अधिकारी’ कथाक मुख्य पात्र श्री बिमलेश चन्द्र कोना प्रस्तुत छथि?
  • प्रभावी आयकर अधिकारी, जकर काज कराबक क्षमता विभाग मानैत अछि
  • लोक-गायक
  • ओझा-गुणी
  • नव्य-न्याय आचार्य
कथामे बिमलेश चन्द्र सफल आयकर अधिकारी रूपे वातानुकूलित कक्षमे बैसल, विभागमे प्रभावी व्यक्तित्वक धनी कहल गेल छथि।
3311. ‘सफल अधिकारी’मे बिमलेशक चिन्ता कोन प्रशासनिक परिवर्तनसँ जुड़ल अछि?
  • मयंक सरक बदली आ खगेन्द्र नाथ जीक नबका आयुक्त रूपे आगमन
  • भोजक दिन बदलल
  • कविता छपल
  • मिथिला उवाच आरम्भ भेल
कथा मे बिमलेश कहैत छथि जे मयंक सर गेलाह आ खगेन्द्र सर एलाह, तेँ ओ चिन्तित छथि।
3312. कथावाचक आ बिमलेशक भेद ‘सफल अधिकारी’मे की देखबैत अछि?
  • ईमानदार/सरल कामक दृष्टि आ सत्ता-मिजाज बुझि चलबाक चतुर दृष्टिक टकराव
  • दू कविक छन्द-विवाद
  • दू बालक खेल
  • दू चित्रकारक रंग
वाचक कहैत छथि काज करैत रहब, मुदा बिमलेश नबका अधिकारीक मिजाज बुझबाक आवश्यकता बतबैत छथि।
3313. कथाक अन्तमे पत्नी बिमलेशकेँ ‘सफल अधिकारी’ कहि कोन व्यंग्य खोलैत छथि?
  • चापलूसी/व्यवस्थागत अनुकूलनकेँ सफलता मानबाक सामाजिक मूल्य
  • साहित्यिक आदर्शवाद
  • लोकगीत परम्परा
  • भाषापाक सर्वर
कथावाचक बदली पबैत छथि, बिमलेश अतिरिक्त प्रभार पबैत छथि; पत्नी बिमलेशक सफलताकेँ आदर्श मानि कथावाचककेँ बुडिबक कहैत छथि।
3314. ‘मिथिला उवाच’क फलना बाबु प्रसंग कोन ग्राम-सामाजिक दृश्य बनबैत अछि?
  • मृत्यु, हरिबोल, कठियारी, भोज, नाते-सम्बंध आ गामक बोली-बानी
  • केवल राज्य-विमर्श
  • केवल साक्षात्कार
  • केवल न्यायशास्त्र
अंशमे फलना बाबुक मृत्यु, हरिबोल, कठियारी, भोज, तरकारी, पात, पाइन आ पारिवारिक संवादक दृश्य अछि।
3315. ‘हमर टोल’, ‘सफल अधिकारी’ आ ‘मिथिला उवाच’केँ साथ पढ़ला पर अंक ९४ कोन सामाजिक फैलाव देखबैत अछि?
  • गामक लोक-विश्वास, दफ्तरक सत्ता-चाल, आ मृत्यु-भोजक लोकसंस्कृति
  • केवल शास्त्रीय व्याकरण
  • केवल छवि-सूची
  • केवल हाइकू
तीनू रचना गाम, कार्यालय आ समुदाय-व्यवहारक अलग-अलग स्तर पर मैथिली समाजक यथार्थ देखबैत अछि।

3316. अंक ९४क पद्य खण्डमे गुलसारिका, इरा मल्लिक, शांतिलक्ष्मी चौधरी आ शेफालिका वर्माक समूह कोन बात सूचित करैत अछि?
  • स्त्री-स्वर सहित बहु-कवि पद्य-संरचना
  • केवल अधिकारीक संवाद
  • केवल लोक-उपचार
  • केवल भाषाकोष
सामग्री-सूचीमे ई नाम पद्यक आरम्भिक समूहमे अछि, जे बहुविध कवि-स्वर आ स्त्री-लेखनक उपस्थिति देखबैत अछि।
3317. सत्यनारायण झा आ ओमप्रकाश झाक पद्य-उपस्थिति अंक ९४मे कोन रूपरेखा बनबैत अछि?
  • पद्य खण्डक दोसर उपसमूह
  • गद्य-साक्षात्कार
  • कला-संगीत सूची
  • बालानां कृते
सूचीमे ‘३.२’ अंतर्गत सत्यनारायण झा आ ओमप्रकाश झा पद्य उपसमूहमे देल छथि।
3318. मुन्नाजी हाइकू आ रामबिलास साहूक टनका अंक ९४मे कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • मैथिली पद्य मंचमे जापानी लघु-काव्यरूपक स्वीकृति देखबैत अछि
  • ई केवल अधिकारी-कथा अछि
  • ई केवल भोजन-सूची अछि
  • ई केवल राज्य-रिपोर्ट अछि
सूचीमे मुन्नाजी हाइकू आ रामबिलास साहू टनका अलग रूपे देल अछि, जे हाइकू/टनका काव्यरूपक उपस्थिति देखबैत अछि।
3319. अन्जनी कुमार वर्मा आ विनीत उत्पल कोन पद्य-उपसमूहमे आबैत छथि?
  • ३.६ उपसमूहमे
  • साक्षात्कार खण्डमे
  • भाषापाक खण्डमे
  • कला-संगीत खण्डमे
सामग्री-सूचीमे ‘३.६’ अंतर्गत अन्जनी कुमार वर्मा आ विनीत उत्पल देखाइत छथि।
3320. मिथिला कला-संगीत खण्डमे श्वेता झाक नामक संग कोन भौगोलिक संकेत देल अछि?
  • सिंगापुर
  • हेरोगेट
  • पटना सायंस कॉलेज
  • लोहा मधुबनी
सूचीमे मिथिला कला-संगीत अंतर्गत श्वेता झाक नामक संग ‘सिंगापुर’ कोष्ठकमे अछि।
3321. राजनाथ मिश्रक कला-संगीत प्रविष्टि कोन शीर्षक-संकेतसँ अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • सफल अधिकारी
  • मानकताक बात
  • मिथिला उवाच
मिथिला कला-संगीत सूचीमे राजनाथ मिश्रक नामक संग ‘चित्रमय मिथिला’ देल अछि।
3322. उमेश मण्डलक कला-संगीत प्रविष्टि कोन विषय-त्रयीकेँ संकेत करैत अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, मिथिलाक जीव-जन्तु, मिथिलाक जिनगी
  • केवल आयकर विभाग
  • केवल शतरंज
  • केवल गजल
सूचीमे उमेश मण्डल अंतर्गत मिथिलाक वनस्पति/जीव-जन्तु/जिनगीक उल्लेख अछि।
3323. बालानां कृते खण्डमे ककर नाम देल अछि?
  • डॉ. शशिधर कुमर
  • बिमलेश चन्द्र
  • कलाधर झा
  • गंगेश
सामग्री-सूचीमे बालानां कृते अंतर्गत डॉ. शशिधर कुमरक नाम अछि।
3324. भाषापाक रचना-लेखन खण्डमे कोन तकनीकी भाषा-संसाधनक उल्लेख अछि?
  • मानक मैथिली आ विदेहक मैथिली-अंग्रेजी / अंग्रेजी-मैथिली कोष, एम.एस. एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित
  • केवल भोजक पात
  • केवल शतरंजक घन
  • केवल फूल-चित्र
सूचीमे मानक मैथिली, विदेहक मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोष आ एम.एस. एस.क्यू.एल. सर्वर आधारित संरचना देल अछि।
3325. अंक ९४क पद्य-कला-भाषापाक खण्ड समेकित रूपे कोन संकेत दैत अछि?
  • सृजन, दृश्य-संस्कृति, बाल-पाठ आ डिजिटल भाषा-संसाधन सभ मैथिली सार्वजनिकता मे साथ-साथ चलैत अछि
  • पद्य आ कला अनुपस्थित अछि
  • भाषा-संसाधन नहि अछि
  • बाल-पाठक लेल कोनो स्थान नहि
पद्यक अनेक उपसमूह, मिथिला कला-संगीत, बालानां कृते आ भाषापाक मिलि साहित्यसँ डिजिटल संसाधन धरि फैलाव देखबैत अछि।

3326. अंक ९४मे भाषा-विमर्श आ राज्य-विमर्शक साझा आधार की अछि?
  • मैथिली/मिथिला अस्मिताकेँ सामाजिक, आर्थिक आ राजनीतिक आधारसँ जोड़बाक प्रयास
  • केवल मनोरंजन
  • केवल भोज-व्यवस्था
  • केवल चित्रकला
परमेश्वर कापड़ि भाषा-मानकता आ पहचान पर लिखैत छथि, जबकि कलाधर झा आ मिथिला प्रदेश रिपोर्ट राज्य-विमर्शकेँ आर्थिक/राजनीतिक धरातल पर राखैत अछि।
3327. धीरेन्द्र प्रेमर्षि साक्षात्कार आ अनमोल झा लेखकेँ साथ पढ़ला पर कोन विधागत प्रश्न उठैत अछि?
  • लेखन-यात्रा, विहनि कथा, समाज-प्रतिबद्धता आ लघु गद्य-विधाक विकास
  • केवल कार्यालयीय रणनीति
  • केवल मिथिला राज्यक सीमा
  • केवल बाल-पाठ
धीरेन्द्रक साक्षात्कार लेखक-यात्रा खोलैत अछि; अनमोल झा लेख विहनि-कथा संग्रह आ सामाजिक यथार्थ पर केन्द्रित अछि।
3328. कलाधर झा साक्षात्कार आ चेतना समिति रिपोर्टक तुलनात्मक अध्ययन कोन निष्कर्ष दैत अछि?
  • संस्कृतिक भावना मात्र काफी नहि; आर्थिक, संस्थागत आ जनभागीदारीक आधार जरूरी अछि
  • मिथिला-विमर्श अप्रासंगिक अछि
  • साहित्य राज्य-विमर्श सँ अलग अछि
  • समारोह सदैव समान रहैत अछि
कलाधर झा आर्थिक स्वाधीनता पर बल दैत छथि; चेतना समिति रिपोर्ट सांस्कृतिक आयोजनक घटैत स्तर आ जनभागीदारीक प्रश्न उठबैत अछि।
3329. उल्कामुख आ मानकता लेखक साझा गूढ़ प्रश्न की अछि?
  • नाम, पहचान, अधिकार आ ज्ञान/भाषा पर नियंत्रण
  • केवल हास्य-व्यंग्य
  • केवल भोजक तरकारी
  • केवल कला-सूची
उल्कामुखमे आचार्य नाम-लोप आ शास्त्र-नियंत्रण अछि; मानकता लेख भाषा-पहचान आ सांस्कृतिक प्रतीक-नियंत्रण पर प्रश्न करैत अछि।
3330. ‘सफल अधिकारी’ आ ‘मिथिला उवाच’ सामाजिक व्यंग्यकेँ कोन दू स्तर पर रचैत अछि?
  • दफ्तरक सत्ता-चाल आ गामक मृत्यु-भोज/सामुदायिक व्यवहार
  • नव्य-न्याय शास्त्र मात्र
  • जापानी काव्यरूप मात्र
  • कोष-सर्वर मात्र
सफल अधिकारी कार्यालयी अनुकूलन पर व्यंग्य अछि; मिथिला उवाच लोक व्यवहार, भोज आ परम्परागत संवाद पर।
3331. हमर टोल आ मानकता लेखक साथ अध्ययन समाजक कोन अन्तर्विरोध देखबैत अछि?
  • लोकजीवनक विश्वास-व्यवहार आ भाषा/जाति/पहचानक जटिलता
  • केवल दरबारी नीति
  • केवल प्रेमगीत
  • केवल डिजिटल शब्दकोष
हमर टोल लोक-उपचार, संतान-दबाव, गामक मनोविज्ञान खोलैत अछि; मानकता लेख लोकभाषा आ जाति-प्रतीकक प्रश्न।
3332. अंक ९४क डिजिटल पक्ष कोन सामग्री सँ प्रकट अछि?
  • भाषापाक रचना-लेखन, मानक मैथिली, द्विभाषी कोष आ सर्वर आधारित सर्च-डिक्शनरी
  • सफल अधिकारीक वातानुकूलन मात्र
  • मिथिला उवाचक भोज मात्र
  • उल्कामुखक शतरंज मात्र
सामग्री-सूचीमे मानक मैथिली, विदेहक मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोष आ एम.एस. एस.क्यू.एल. आधारित शब्दकोषक उल्लेख अछि।
3333. अंक ९४क रचना-संसारमे लोक आ आधुनिकता कोना साथ-साथ आबैत अछि?
  • एक दिस ओझा-गुणी, मृत्यु-भोज, लोकगीत/गाम; दोसर दिस साक्षात्कार, राज्य-विमर्श, डिजिटल कोष आ आधुनिक काव्यरूप
  • लोक पूर्णतः अनुपस्थित अछि
  • आधुनिकता अनुपस्थित अछि
  • दूनू एक-दोसर सँ असंबद्ध अछि
हमर टोल/मिथिला उवाच लोकजीवन देैत अछि; साक्षात्कार, राज्य-विमर्श, भाषापाक आ हाइकू/टनका आधुनिक विस्तार देखबैत अछि।
3334. नो-हैलुसिनेशन नियम अंक ९४क खननमे कोना लागू भेल?
  • प्रश्न केवल स्पष्ट शीर्षक, पात्र, संवाद, तर्क, सूचीबद्ध लेखक आ स्रोत-अंश पर आधारित रहल
  • बाहरी पुरस्कार जोड़ल गेल
  • अज्ञात जीवनी गढ़ल गेल
  • नया अंक १०१ मानि लेल गेल
अंक ९४क प्रश्न सामग्री-सूची, साक्षात्कार अंश, मानकता लेख, अनमोल झा लेख, उल्कामुख, सफल अधिकारी, मिथिला उवाच आ भाषापाक पर आधारित अछि।
3335. अंक ९४क समेकित शोध-निष्कर्ष की अछि?
  • ई अंक मैथिली आधुनिक सार्वजनिकता केँ भाषा-अस्मिता, मिथिला राज्य, संस्था-स्मृति, दफ्तर-व्यंग्य, लोकजीवन, नाटक, पद्य, कला आ डिजिटल कोष धरि विस्तारित करैत अछि
  • ई केवल एक विधाक अंक अछि
  • ई साहित्यविहीन प्रशासनिक अंश अछि
  • ई केवल पृष्ठ-सूची अछि
अंक ९४ अनेक विधा आ विषयद्वारा मैथिली समाज-साहित्यक बहुस्तरीय सार्वजनिक क्षेत्रक चित्र बनबैत अछि।

3336. अंक १०१क गद्य-खण्डक आरम्भ कोन कथा सँ होइत अछि?
  • अमित मिश्रक कथा ‘मोछ’
  • डॉ. शशिधर कुमरक बाल-पाठ
  • राजनाथ मिश्रक चित्रमय मिथिला
  • भाषापाक रचना-लेखन
सामग्री-सूचीमे संपादकीयक बाद गद्य खण्डक पहिल प्रविष्टि अमित मिश्रक कथा ‘मोछ’ अछि।
3337. ‘गहींर आँखिक व्यथा’ अंक १०१मे ककर कथा रूपे देल अछि?
  • ओमप्रकाश झा
  • रमानन्द झा ‘रमण’
  • उमेश मण्डल
  • संदीप कुमार साफी
अंक १०१क सूचीमे ‘ओमप्रकाश झा - कथा - गहींर आँखिक व्यथा’ लिखल अछि।
3338. नवीन कुमार ‘आशा’क अंक १०१क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बेटीक जन्म
  • मोछ
  • भकजोगनी
  • चित्रमय मिथिला
सामग्री-सूचीमे नवीन कुमार ‘आशा’क रचना ‘बेटीक जन्म’ रूपे अछि।
3339. अंक १०१मे उमेश मण्डलक नाम कोन सांस्कृतिक आयोजनसँ जुड़ल अछि?
  • विदेह नाट्य उत्सव २०१२
  • मातृभाषा दिवस
  • शब्दशास्त्रम्
  • बिदापत नाच
सूचीमे उमेश मण्डल अंतर्गत ‘विदेह नाट्य उत्सव - 2012’ उल्लेखित अछि।
3340. डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’ अंक १०१मे कोन विधा सँ जुड़ैत छथि?
  • अनुवाद
  • विहनि कथा
  • लोक देवता लेख
  • दीर्घकथा
अंक १०१क गद्य-सूचीमे डॉ. रमानन्द झा ‘रमण’क नामक संग ‘अनुवाद’ देल अछि।
3341. योगानन्द झाक ‘ग्रामजीवनक सत्यक संवाहक :: अर्द्धांगिनी’ कोन प्रकारक पाठ दिस संकेत करैत अछि?
  • ग्रामीण जीवन आ रचना-समीक्षा दिस
  • केवल पद्य-सूची दिस
  • केवल डिजिटल कोष दिस
  • केवल चित्रकला सूची दिस
शीर्षक स्वयं ग्रामजीवन, सत्यक संवाहक आ ‘अर्द्धांगिनी’क समीक्षा/विमर्शक संकेत दैत अछि।
3342. शिवकुमार झा ‘टिल्लू’ अंक १०१मे कोन साहित्यिक योगदान पर लेख दैत छथि?
  • मैथिली कथा साहित्यक विकासमे राजकमलक योगदान
  • बिदापत नाचक प्राचीनता
  • साधना कथा
  • विदेह नाट्य उत्सव मात्र
सामग्री-सूचीमे स्पष्ट अछि—‘मैथिली कथा साहित्यक विकासमे राजकमलक योगदान’।
3343. अंक १०१क संरचना गद्यक बाद कोन प्रमुख विभाग दिस बढ़ैत अछि?
  • पद्य
  • केवल सरकारी सूचना
  • केवल चित्र-पृष्ठ
  • केवल विज्ञापन
सामग्री-सूचीमे गद्यक बाद पद्य खण्ड आरम्भ होइत अछि।
3344. अंक १०१मे मिथिला कला-संगीत खण्डमे राजनाथ मिश्रक नाम ककरा संग देल अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • गहींर आँखिक व्यथा
  • बेटीक जन्म
  • मोछ
मिथिला कला-संगीत सूचीमे ‘राजनाथ मिश्र (चित्रमय मिथिला)’ देल अछि।
3345. अंक १०१क समग्रता कोन बात देखबैत अछि?
  • कथा, अनुवाद, नाट्य आयोजन, साहित्यिक आलोचना, पद्य, कला-संगीत आ भाषापाककेँ एक मंच पर राखल गेल अछि
  • अंक केवल एक गजल-सूची अछि
  • अंक केवल राजनैतिक भाषण अछि
  • अंकमे गद्य अनुपस्थित अछि
अंक १०१क सूची गद्य, पद्य, मिथिला कला-संगीत, बालानां कृते आ भाषापाकक संयुक्त संरचना देखबैत अछि।

3346. ‘मोछ’ कथाक उपलब्ध अंश मिथिलाक लोक-रुचिकेँ कोन प्रतीकसभ सँ जोड़ैत अछि?
  • दही-चूड़ा, माछ, मखान, पान आ गप्प
  • केवल रेल-कारखाना
  • केवल चंद्रमा-विज्ञान
  • केवल सर्वर-तकनीक
कथा-अंशमे मिथिलाक लोक दही-चूड़ा, माछ, मखान, पान आ गप्पक प्रेमी कहल गेल अछि।
3347. ‘मोछ’मे गप्पक उल्लेख कोन सामाजिक स्वभाव सूचित करैत अछि?
  • लोक-समाजक बात-चीत, हास्य आ आत्मीयता
  • संपूर्ण मौन जीवन
  • केवल राजकीय आदेश
  • केवल शब्द-सूची
दही-चूड़ा आदि संग गप्पक उल्लेख कथा केँ लोक-सम्बाद आ सामुदायिक विनोदसँ जोड़ैत अछि।
3348. ‘गहींर आँखिक व्यथा’क उपलब्ध आरम्भ शहरी मध्यवर्गक कोन स्थिति देखबैत अछि?
  • स्कूल जाएवाला बच्चा रहल घरक भोरे-भोरक रूटीन
  • केवल वनभोज
  • केवल नाटक-मंच
  • केवल पुरान अंक डाउनलोड
कथा-अंशमे शहरी मध्यवर्गक भोरका रूटीन आ स्कूल जाएवाला बच्चा बला घरक समानता देखाओल गेल अछि।
3349. ‘बेटीक जन्म’ शीर्षक सामाजिक दृष्टिसँ कियैक महत्त्वपूर्ण मानल जा सकैत अछि?
  • ई बेटी, जन्म आ परिवार-सामाजिक मूल्यक प्रश्नकेँ उठबैत शीर्षक अछि
  • ई केवल भाषापाक तालिका अछि
  • ई केवल गजल छन्द अछि
  • ई केवल चित्रकला सामग्री अछि
अंक १०१क सूचीमे ‘बेटीक जन्म’ गद्य प्रविष्टि अछि; शीर्षक बेटी-जन्मक सामाजिक अर्थ दिस संकेत करैत अछि।
3350. ‘विदेह नाट्य उत्सव २०१२’क उपस्थिति अंक १०१मे कोन विस्तार जोड़ैत अछि?
  • पत्रिकाकेँ साहित्यिक पाठसँ रंगमंचीय-सांस्कृतिक आयोजन धरि फैलाबैत अछि
  • केवल शब्दकोष निर्माण
  • केवल बालगीत
  • केवल फोटो सज्जा
गद्य-सूचीमे नाट्य उत्सवक उल्लेख पत्रिकाक सांस्कृतिक-रंगमंचीय पक्ष सूचित करैत अछि।
3351. ‘अर्द्धांगिनी’ पर लेखमे उपलब्ध अंश जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ कोन रूपमे चिन्हबैत अछि?
  • बहुआयामी रचनाकार
  • केवल चित्रकार
  • केवल सर्वर प्रशासक
  • केवल राजनेता
अंशमे जगदीश प्रसाद मण्डल केँ कथा, कविता, नाटक, उपन्यासादि सँ जुड़ल बहुआयामी रचनाकार कहल गेल अछि।
3352. राजकमल सम्बन्धी लेखमे उपलब्ध अंश हुनक मैथिली कथा-प्रवेशक स्रोत कोन बतबैत अछि?
  • सन् १९५४ मे ‘अपराजिता’ कथासँ
  • बिदापत नाचक मंचनसँ
  • केवल बालानां कृते खण्डसँ
  • केवल गजल-सूची सँ
राजकमल पर लेखक अंशमे ‘अपराजिता’ कथासँ १९५४ मे मैथिली कथा-साहित्य जगतमे प्रवेशक उल्लेख अछि।
3353. राजकमल लेखमे मूल नामक उल्लेख कोन शोध-मूल्य रखैत अछि?
  • लेखक-पहचान आ साहित्यिक नामक ऐतिहासिक संबंध खोलैत अछि
  • ई पृष्ठ-सज्जाक विषय मात्र अछि
  • ई विज्ञापन अछि
  • ई भोजन-सूची अछि
अंशमे राजकमलक मूल नाम मनीन्द्र नारायण चौधरी बताओल गेल अछि, जे जीवन-वृत्त आ लेखक-नामक अध्ययन लेल उपयोगी अछि।
3354. अंक १०१क पद्य खण्डमे गजल, रुबाइ, गीत, कविता, हाइकू सन उपस्थिति कोन प्रवृत्ति देखबैत अछि?
  • विविध काव्यरूपक सहअस्तित्व
  • गद्यक अभाव
  • एक मात्र कथा
  • केवल नाटक
सूचीमे ओमप्रकाश झाक रुबाइ/गजल/गीत, अमित मिश्रक गजल, संदीप कुमार साफीक भकजोगनी/बसंत पंचमी, आदि अनेक रूप देखाइत अछि।
3355. अंक १०१क शोध-स्तर महत्व की अछि?
  • ई अंक कथा, ग्रामजीवन, रचनाकार-आलोचना, राजकमल इतिहास, नाट्य आयोजन आ बहुविध पद्यकेँ संग राखैत अछि
  • ई केवल एक सूचना-पत्र अछि
  • ई केवल एक शब्दकोष अछि
  • ई केवल दृश्य सामग्री अछि
अंक १०१मे ‘मोछ’, ‘गहींर आँखिक व्यथा’, ‘अर्द्धांगिनी’, राजकमल लेख, नाट्य उत्सव आ बहु-विध पद्य सभ एकसंग अछि।

3356. अंक १०२क गद्य खण्डक पहिल प्रविष्टि कोन अछि?
  • कामिनी कामायनीक ‘शाश्वत कथा’
  • किशोरीकान्त मिश्र साक्षात्कार
  • फाँसी
  • बिदापत नाच
अंक १०२क सूचीमे गद्यक पहिल प्रविष्टि ‘कामिनी कामायनी - शाश्वत कथा’ अछि।
3357. ‘निर्मोहिया’ अंक १०२मे ककर कथा रूपे अछि?
  • ओमप्रकाश झा
  • नवेंदु कुमार झा
  • राजनाथ मिश्र
  • श्यामल सुमन
सामग्री-सूचीमे ‘ओमप्रकाश झा - कथा - निर्मोहिया’ देल अछि।
3358. ‘निर्मोहिया’क उपलब्ध अंशमे सदानन्द मण्डलक बाल्य रुचि कोनमे छल?
  • नाटक-नौटंकी आ कविता-शेरमे
  • केवल डिजिटल कोषमे
  • केवल राजसभा चुनावमे
  • केवल चित्रकला मे
कथा-अंश कहैत अछि जे सदानन्द मण्डल नेनपनसँ नाटक-नौटंकीमे भाग लैत आ कविता/शेरमे रुचि रखैत छलाह।
3359. सदानन्द मण्डलक नाम ‘निर्मोही’ आ ‘निर्मोहिया’ बनबाक प्रसंग कोन बात देखबैत अछि?
  • व्यक्ति-नामसँ लोक-उपनाम आ सांस्कृतिक पहचान बनबाक प्रक्रिया
  • सरकारी पदवीक क्रम
  • चित्रकला पुरस्कार
  • सर्वर-नामकरण
कथा-अंशमे सदानन्द, सदन, निर्मोही जी, निर्मोही, निर्मोहिया नामसभक क्रम लोक-पहचानक विकास देखबैत अछि।
3360. रवि भूषण पाठकक ‘झमेलिया बिआह’ अंक १०२मे कोन विधा-विमर्श खोलैत अछि?
  • नाटक आ विवाह-सामाजिकता पर विमर्श
  • केवल भाषाकोष
  • केवल बालगीत
  • केवल वनस्पति सूची
सूचीमे ‘झमेलिया बिआह’ अछि आ उपलब्ध टिप्पणीमे बारह सालक नेनाक विवाह, दृश्यरचना आ नाट्य-फॉर्म पर चर्चा अछि।
3361. ‘झमेलिया बिआह’ पर उपलब्ध टिप्पणीमे लेखकक पद्धति ककर विरोध करैत देखाइत अछि?
  • फार्मूला-बद्ध संघर्ष खोजबाक प्रवृत्ति
  • सृजनात्मक स्वतंत्रता
  • नाटकक मंचयोग्यता
  • समकालीनता
टिप्पणीमे कहल अछि जे लेखक कोनो फार्मूला स्वीकारि कऽ नहि लिखैत छथि; फार्मूला खोजएवाला पाठककेँ सावधान कएल गेल अछि।
3362. ‘मिथिलाक लोक देवता’ शीर्षक अंक १०२मे कोन सांस्कृतिक क्षेत्र खोलैत अछि?
  • लोकविश्वास, लोक-संस्कृति आ साहित्यक आधार
  • केवल चुनावी गणित
  • केवल गजल-संग्रह
  • केवल सर्वर प्रबंधन
शीर्षक आ उपलब्ध आरम्भ लोकदेवता, साहित्यिक समृद्धि आ मैथिली साहित्यक सांस्कृतिक आधारक चर्चा करैत अछि।
3363. नवेंदु कुमार झाक प्रविष्टि अंक १०२मे कोन जन-आर्थिक विषयसँ जुड़ल अछि?
  • एस.एच.जी.क माध्यमसँ बिहारमे समूह-आधारित प्रगति
  • बेटीक जन्म
  • फाँसी
  • शब्दशास्त्रम्
सूचीमे ‘एस एच जीक माध्यम सँ आगाँ बढ़त बिहार’ आ दस लाख एच.एच.जी. गठनक उल्लेख अछि।
3364. राज्यसभा चुनाव सम्बन्धी प्रविष्टि अंक १०२क गद्य-क्षेत्रमे कोन विषय जोड़ैत अछि?
  • समसामयिक राजनीति
  • मिथिला कला-संगीत मात्र
  • बाल-पाठ मात्र
  • रुबाइ छन्द मात्र
सूचीमे भाजपा, जदयू, राजद आ राज्यसभा चुनावक प्रसंग देल अछि, जे समसामयिक राजनीति जोड़ैत अछि।
3365. अंक १०२क समग्र गद्य-संरचना कोन बहुविधता देखबैत अछि?
  • कथा, नाटक-विमर्श, लोकदेवता, स्वयं-सहायता समूह, चुनाव आ साहित्य-इतिहास
  • केवल पद्य
  • केवल बाल-साहित्य
  • केवल चित्रमय मिथिला
अंक १०२मे शाश्वत कथा, निर्मोहिया, झमेलिया बिआह, लोक देवता, एस.एच.जी., राज्यसभा चुनाव आ राजकमल योगदान साथ अछि।

3366. ‘निर्मोहिया’मे सदानन्द मण्डलकेँ घरमे कोन छोट नामसँ बजाओल जाइत छल?
  • सदन
  • दीवाना
  • राजकमल
  • भ्रमर
कथा-अंशमे माता-पिता हुनका ‘सदन’ कहैत छलखिन्ह।
3367. ‘निर्मोहिया’मे घूरन सदा कोन रूपमे उपस्थित छथि?
  • निर्मोहीक बाल-सखा आ कला-रुचि बला साथी
  • भाषापाक सम्पादक
  • राज्यसभा उम्मीदवार
  • चित्रकार मात्र
अंशमे घूरन सदा निर्मोहीक बाल सखा छथि आ नाटक-कवितामे रुचि रखैत छथि।
3368. घूरन सदा अपन नाम कोन रखलन्हि?
  • दीवाना
  • अपराजिता
  • भकजोगनी
  • साधना
कथा-अंशमे कहल अछि जे घूरन अपन नाम ‘दीवाना’ रखने छलाह।
3369. ‘निर्मोहिया’क अन्त-संकेतमे काकीक विलाप ‘निर्मोहिया बनि उड़ि गेलौं’ कोन अर्थ खोलैत अछि?
  • नाम, स्वभाव आ मृत्यु-दृश्यक करुण संगम
  • केवल हास्य दृश्य
  • केवल चुनाव प्रचार
  • केवल गीत-सूची
उपलब्ध अंशमे लहासक पास काकी ‘निर्मोहिया’ कहि कानैत छथि; ई नामक अर्थकेँ करुण दृश्यसँ जोड़ैत अछि।
3370. ‘झमेलिया बिआह’मे बारह सालक नेनाक विवाह-ओरियाओन कियैक केन्द्रीय सामाजिक बिंदु बनैत अछि?
  • कारण ई बाल-विवाह, परिवार आ सामाजिक विडम्बनाकेँ नाटकक केन्द्रमे राखैत अछि
  • कारण ई केवल चित्रकला प्रदर्शनी अछि
  • कारण ई डिजिटल शब्दकोष अछि
  • कारण ई केवल गजल-सूची अछि
टिप्पणीमे बारह सालक नेनाक बिआहक ओरियाओन आ माए-बापक चित्रक उल्लेख अछि।
3371. ‘झमेलिया बिआह’क संरचना कतेक दृश्यक रूपमे उपलब्ध टिप्पणीमे वर्णित अछि?
  • नओ दृश्य
  • दू दृश्य
  • केवल एक पंक्ति
  • बीस खण्ड
टिप्पणीमे ‘नओ गोट दृश्य’क उल्लेख अछि।
3372. ‘झमेलिया बिआह’ मंचनक दृष्टिसँ कोन विशेषता रखैत अछि?
  • एकटा परदा वा बॉक्स सेटपर मंचित होए योग्य
  • केवल रेडियो समाचार
  • केवल शब्दकोष
  • मंचन असंभव
अंशमे कहल अछि जे ई एकटा परदा या बॉक्स सेटपर मंचित होए योग्य अछि।
3373. ‘मिथिलाक लोक देवता’ लेखक आरम्भ साहित्यिक समृद्धिक आधारमे कोन विधासभक उल्लेख करैत अछि?
  • महाकाव्य, प्रबन्ध काव्य, उपन्यास वा कथा
  • केवल संपर्क-सूची
  • केवल सर्वर
  • केवल भोजन
लेख आरम्भमे साहित्यिक समृद्धिक आधार रूपे महाकाव्य, प्रबन्ध काव्य, उपन्यास वा कथाक चर्चा करैत अछि।
3374. राजकमल योगदान सम्बन्धी अंक १०२क लेख ककरा ‘अपराजिता’ कथासँ जोड़ि जारी रखैत अछि?
  • राजकमलकेँ
  • निर्मोहियाकेँ
  • घूरन सदाकेँ
  • शान्तिलक्ष्मी चौधरीकेँ
अंक १०२मे राजकमल योगदानक लेख जारी अछि; उपलब्ध अंशमे ‘अपराजिता’ कथासँ हुनक मैथिली कथा प्रवेशक बात अछि।
3375. अंक १०२क शोध-मूल्य की अछि?
  • ई कथा-पात्र, नाटक-संरचना, लोकदेवता आ मैथिली कथा-इतिहासकेँ एकहि अंकमे रखैत अछि
  • ई केवल फोटो-विन्यास अछि
  • ई केवल सूचना-पंक्ति अछि
  • ई साहित्य-विहीन अंक अछि
निर्मोहिया, झमेलिया बिआह, लोक देवता आ राजकमल योगदान मिलि अंक १०२केँ शोधयोग्य बनबैत अछि।

3376. अंक १०३क गद्य खण्डक पहिल प्रविष्टि कोन अछि?
  • किशोरीकान्त मिश्र जी सँ नबोनारायण मिश्र जी द्वारा लेल साक्षात्कार
  • फाँसी
  • बिदापत नाच
  • निर्मोहिया
अंक १०३क सामग्री-सूचीमे गद्यक पहिल प्रविष्टि किशोरीकान्त मिश्र साक्षात्कार अछि।
3377. किशोरीकान्त मिश्र साक्षात्कार अंक १०३मे कोन विधागत स्थान रखैत अछि?
  • लेखक-संवाद/साक्षात्कार
  • मात्र गजल
  • मात्र बाल-कथा
  • मात्र चित्रकला
सामग्री-सूचीमे स्पष्ट अछि जे ई नबोनारायण मिश्र द्वारा लेल साक्षात्कार अछि।
3378. ओमप्रकाश झाक अंक १०३क गद्य-प्रविष्टि कोन दू शीर्षकसँ अछि?
  • ‘बहुरूपिया रचना मे’ आ ‘घोघ उठबैत गजल’
  • ‘फाँसी’ आ ‘हमर टोल’
  • ‘बिदापत नाच’ आ ‘पाग’
  • ‘मोछ’ आ ‘गहींर आँखिक व्यथा’
सूचीमे ओमप्रकाश झाक अंतर्गत ‘बहुरूपिया रचना मे’ आ ‘घोघ उठबैत गजल’ देल अछि।
3379. ‘घोघ उठबैत गजल’क उपलब्ध अंश मैथिली गजल-विमर्शमे कोन समस्या देखबैत अछि?
  • मैथिलीमे गजल-संग्रह कम आ असुलभ होएबाक बात
  • गजल अत्यधिक उपलब्ध होएबाक बात
  • गजल निषिद्ध होएबाक बात
  • गजल केवल संस्कृतमे होएबाक बात
अंशमे लेखक कहैत छथि जे मैथिलीमे बहुत कम गजल संग्रह अछि आ ओहो सुलभ नहि।
3380. नवेंदु कुमार झाक अंक १०३क प्रविष्टि कोन समसामयिक शैक्षणिक विषयसँ जुड़ल अछि?
  • केन्द्रीय विश्वविद्यालय आ शताब्दी समारोह
  • निर्मोहियाक मृत्यु
  • विदेह नाट्य उत्सव २०१२
  • भकजोगनी
सूचीमे केन्द्रीय विश्वविद्यालय, राज्य-केन्द्रमे बढ़ैत हार/उत्साह आ शताब्दी समारोहक उल्लेख अछि।
3381. सुजीत कुमार झाक ‘राम जन्मोत्सवपर विशेष / मिथिलाक कण-कणमे रामसीता’ कोन क्षेत्र खोलैत अछि?
  • मिथिलाक लोक-धर्म आ राम-सीता सांस्कृतिक भाव
  • केवल डिजिटल कोष
  • केवल चुनावी रिपोर्ट
  • केवल गजल-संग्रह
शीर्षक राम जन्मोत्सव आ मिथिलाक कण-कणमे रामसीताक सांस्कृतिक-धार्मिक प्रसंग केँ जोड़ैत अछि।
3382. किशन कारीगरक ‘अकछ भेल छी’क उपशीर्षक कोन विधा बतबैत अछि?
  • एकटा हास्य कथा
  • दीर्घकथा
  • भाषापाक
  • साक्षात्कार
अंक १०३क सूचीमे ‘अकछ भेल छी / (एकटा हास्य कथा)’ स्पष्ट अछि।
3383. ‘अकछ भेल छी’क उपलब्ध अंशमे बाबा किनका संग पारिवारिक झंझट कहैत छथि?
  • गणेश आ कार्तिक
  • किशोरीकान्त आ नबोनारायण
  • सदानन्द आ घूरन
  • राजकमल आ मनीन्द्र
हास्य कथा-अंशमे बाबा गणेश आ कार्तिकक झगड़ा, त्रिशूल-डमरू आ बघम्बरक प्रसंग कहैत छथि।
3384. गजेन्द्र ठाकुरक अंक १०३क प्रविष्टि कोन शीर्षकसँ अछि?
  • शब्दशास्त्रम् / दिल्ली
  • बेटीक जन्म
  • झमेलिया बिआह
  • साधना
अंक १०३क सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक नामक संग ‘शब्दशास्त्रम् / दिल्ली’ देल अछि।
3385. अंक १०३क समग्र गद्य-संरचना कोन फैलाव देखबैत अछि?
  • साक्षात्कार, गजल-विमर्श, शिक्षा-राजनीति, लोक-धर्म, हास्य कथा, विहनि कथा, भाषा-चिन्तन आ कथा-साहित्य
  • केवल पद्य-सूची
  • केवल बाल-पाठ
  • केवल चित्रकला
अंक १०३मे किशोरीकान्त मिश्र साक्षात्कार, ओमप्रकाश झा, नवेंदु, रामजन्मोत्सव, हास्य कथा, विहनि कथा, शब्दशास्त्रम् आ फागु सभ अछि।

3386. अंक १०३मे विहनि कथा खण्डमे ककर-ककर नाम स्पष्ट देखाइत अछि?
  • ओमप्रकाश झा, अमित मिश्र, चंदन कुमार झा आ आशीष चौधरी
  • केवल राजनाथ मिश्र
  • केवल उमेश मण्डल
  • केवल रमानन्द झा
सामग्री-सूचीमे विहनि कथा अंतर्गत ओमप्रकाश झा, अमित मिश्र, चंदन कुमार झा आ आशीष चौधरीक नाम अछि।
3387. रवि भूषण पाठकक ‘ओक्‍कर तोहर हम्‍मर सपना’ अंक १०३मे कोन रूपमे जारी अछि?
  • गद्य प्रविष्टि रूपे
  • भाषापाक सर्वर रूपे
  • बालानां कृते रूपे
  • चित्रमय मिथिला रूपे
सूचीमे ‘रवि भूषण पाठक - ओक्‍कर तोहर हम्‍मर सपना’ गद्य खण्डमे देल अछि।
3388. शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क ‘बहिरा नाचए अपने ताल’ शीर्षक कोन प्रकारक संकेत दैत अछि?
  • व्यंग्यात्मक/सामाजिक शीर्षकक संकेत
  • सर्वर-सूचना
  • केवल बालगीत
  • चित्रकला
शीर्षक गद्य-सूचीमे अछि आ ‘बहिरा नाचए अपने ताल’ सामाजिक-व्यंग्यात्मक कहावत-जेकाँ संकेत रखैत अछि।
3389. जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘फागु’ अंक १०३मे कोन विधा रूपे देल अछि?
  • कथा
  • साक्षात्कार
  • भाषापाक
  • चित्र-सूची
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक कथा - फागु’ लिखल अछि।
3390. अतुलेश्वरक ‘मातृभाषा दिवस क बहन्ने’ कोन प्रश्न उठबैत शीर्षक अछि?
  • मातृभाषा, भाषा-अस्मिता आ सार्वजनिक स्मृति
  • वनभोज
  • व्यक्तिगत चिकित्सा
  • केवल शब्द-सर्वर
शीर्षक मातृभाषा दिवसक अवसर/बहन्ना केँ भाषा-चिन्तनसँ जोड़ैत अछि।
3391. ‘शब्दशास्त्रम्’ शीर्षक अंक १०३मे भाषा-विमर्शक कोन आयाम सूचित करैत अछि?
  • शब्द, अर्थ, भाषा-चिन्तन आ साहित्यिक प्रयोग
  • केवल विवाह-आयोजन
  • केवल चुनाव
  • केवल बाल-खेल
शीर्षक ‘शब्दशास्त्रम्’ स्वयं भाषा आ शब्द-विचारक गद्यक संकेत दैत अछि।
3392. अंक १०३क पद्य खण्डमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’, स्व. लल्लन प्रसाद ठाकुर आ श्यामल सुमनक उपस्थिति कोन प्रवृत्ति देखबैत अछि?
  • वरिष्ठ, स्मृति आ समकालीन काव्य-स्वरक सहअस्तित्व
  • पद्यक अभाव
  • केवल नाटक
  • केवल गद्य-सूची
पद्य-सूचीमे अनेक कवि-समूह अछि, जाहि सँ विविध काव्य-स्वर देखाइत अछि।
3393. अंक १०३मे गद्य-पद्यक मिश्रण शोधार्थी लेल कियैक उपयोगी अछि?
  • एकहि अंकमे साक्षात्कार, कथा, भाषा-लेख, मातृभाषा-विचार आ बहुविध पद्य भेटैत अछि
  • कारण केवल असंबद्ध संख्या अछि
  • कारण विज्ञापन बेसी अछि
  • कारण ई साहित्यविहीन अछि
अंक १०३क सूची अनेक विधाकेँ एकत्र रखैत अछि, जे शोधार्थी लेल तुलनात्मक सामग्री दैत अछि।
3394. अंक १०३मे विवादास्पद संस्था-विवरणक बदला सुरक्षित खनन ककरा पर केन्द्रित कएल गेल?
  • शीर्षक, विधा, कथा-संरचना, भाषा-विमर्श आ प्रमाणित सामग्री पर
  • अनुमानित निजी आरोप पर
  • अज्ञात पुरस्कार पर
  • संपर्क-सूची पर
नो-हैलुसिनेशन नियम अनुसार प्रश्न स्पष्ट शीर्षक, विधा आ उपलब्ध अंशसभ पर आधारित अछि; विवादास्पद निजी दावीसँ परहेज कएल गेल।
3395. अंक १०३क साहित्यिक महत्वक समेकित निष्कर्ष की अछि?
  • ई अंक लेखक-संवाद, गजल, लोक-धर्म, हास्य, मातृभाषा, शब्दशास्त्र आ कथा-पद्यक बहुरंगी मंच अछि
  • ई केवल एक सरकारी परिपत्र अछि
  • ई केवल बालानां कृते खण्ड अछि
  • ई केवल चित्र-सूची अछि
किशोरीकान्त मिश्र साक्षात्कार, गजल-विमर्श, रामसीता प्रसंग, अकछ भेल छी, मातृभाषा दिवस, शब्दशास्त्रम् आ पद्य खण्ड मिलि बहुरंगी मंच बनबैत अछि।

3396. अंक १०४क गद्य खण्डक आरम्भ कोन दीर्घकथा सँ होइत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘फाँसी’
  • निर्मोहिया
  • बिदापत नाच
  • मोछ
अंक १०४क सूचीमे गद्यक पहिल प्रविष्टि जगदीश प्रसाद मण्डलक दीर्घकथा ‘फाँसी’ अछि।
3397. ‘फाँसी’क उपलब्ध आरम्भमे बलदेवक विषयमे कोन सूचना फैलल अछि?
  • काल्हि बारह बजे बलदेवकेँ फाँसी हएत
  • बलदेव नाटक लिखत
  • बलदेव चित्र बनौत
  • बलदेव चुनाव लड़त
दीर्घकथा-अंशमे ‘काल्हि बारह बजे बलदेबकेँ फाँसी हएत’ आ रेडियो-अखबारक सूचना देल अछि।
3398. ‘फाँसी’मे रेडियो-अखबारक उल्लेख कथाक वातावरण कोन बनबैत अछि?
  • लोक-चर्चा आ दण्ड-सूचनाक सार्वजनिक तनाव
  • केवल चित्रकला-वर्णन
  • केवल विवाह गीत
  • केवल शब्दकोष
रेडियो-अखबारक कान-कान सूचना बलदेवक फाँसीकेँ समाजक सार्वजनिक भय आ चर्चा बनबैत अछि।
3399. राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’ अंक १०४मे कोन रूपमे देल अछि?
  • उपन्यासक पछिला खेपसँ आगू भाग
  • एकटा स्वतंत्र गजल
  • भाषापाक सूची
  • साक्षात्कार
सामग्री-सूचीमे ‘राजदेव मण्डलक उपन्यास हमर टोल - पछिला खेपसँ आगू’ देल अछि।
3400. ‘हमर टोल’क उपलब्ध अंशमे अँगनामे की घटना कहल गेल अछि?
  • ढेपा बरिस रहल अछि
  • गजल गाओल जा रहल अछि
  • कक्षा चलि रहल अछि
  • सर्वर बनि रहल अछि
उपन्यास-अंशमे पात्र दौड़ि लोक केँ बजबैत कहैत अछि जे अँगनामे ढेपा बरिस रहल छै।
3401. ‘हमर टोल’क ढेपा-प्रसंग कोन कथात्मक वातावरण बनबैत अछि?
  • गामक डर, अफवाह, लोक-समूह आ अलौकिक/सामुदायिक तनाव
  • केवल शहरक दफ्तर
  • केवल बालक खेल
  • केवल चित्रकला
ढेपा बरिसबाक पुकार गामक लोकसभकेँ जुटाबैत अछि आ सामुदायिक तनावक दृश्य बनबैत अछि।
3402. डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक ‘इंद्रधनुषी अकास’ कोन ज्ञानक्षेत्रसँ जुड़ल उपलब्ध अंश रखैत अछि?
  • मानव विज्ञान आ कला
  • केवल चुनाव
  • केवल शब्दकोष
  • केवल बालगीत
अंशमे लेखक स्वयं मानव विज्ञान एवं कला के शोध छात्र कहैत छथि।
3403. ‘इंद्रधनुषी अकास’मे शोध-छात्रक भाषा विषयक टिप्पणी कोन संकेत दैत अछि?
  • शोध-भाषाकेँ प्राणहीन मानि सौन्दर्य, उपमा आ अलंकारक खोज
  • शोधमे भाषा निरर्थक अछि
  • चित्रकला निषिद्ध अछि
  • कथा अनुपस्थित अछि
अंशमे शोध छात्रक भाषा प्राणहीन होएबाक आ उपमा-अलंकार-सौन्दर्यक चर्चा अछि।
3404. अमित मिश्रक अंक १०४क कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्रेमक अंत
  • मोछ
  • निर्मोहिया
  • कपारक लिखल
गद्य-सूचीमे ‘अमित मिश्र - कथा - प्रेमक अंत’ देल अछि।
3405. सुजीत कुमार झाक ‘साधना’क उपलब्ध अंश कोन घरेलू दृश्यसँ आरम्भ होइत अछि?
  • नेहा वरण्डापर मम्मीके प्रतीक्षा करैत अछि आ जीतेन्द्र दर्दसँ परेशान छथि
  • राज्यसभा चुनावक सभा
  • गजल पाठ
  • चित्र प्रदर्शनी
‘साधना’ अंशमे साँझ, नेहाक प्रतीक्षा आ जीतेन्द्र प्रसादक पीड़ाक घरेलू दृश्य भेटैत अछि।

3406. अंक १०४मे ‘सगर राति दीप जरए’ प्रसंग ककर लेखमे आबैत अछि?
  • अतुलेश्वरक लेखमे
  • राजनाथ मिश्रक चित्रमय मिथिला मे
  • डॉ. शशिधर कुमरक बाल-पाठमे
  • भाषापाक खण्डमे
सूचीमे अतुलेश्वरक शीर्षक ‘सगर राति दीप जरए, आन्दोलन आ बभनभोज’ रूपे देल अछि।
3407. विनीत उत्पलक अंक १०४क शीर्षक आधुनिक मैथिली नाटककेँ कोन विमर्शसँ जोड़ैत अछि?
  • रंगमंचक अवधारणा आ साहित्य अकादेमी कथा-गोष्ठी प्रसंग
  • केवल ग्राम्य भोजन
  • केवल बाल-पक्षी लेख
  • केवल सर्वर-सर्च
सामग्री-सूचीमे आधुनिक मैथिली नाटक, रंगमंचक अवधारणा आ कथा-गोष्ठी प्रसंग एकहि शीर्षकमे आबैत अछि।
3408. आशीष अनचिन्हारक अंक १०४क प्रविष्टि कोन क्षेत्र खोलैत अछि?
  • विदेह मैथिली समानान्तर रंगमंच आ रंगमंचक भाषा
  • कृषि-उद्योग
  • गर्भक आवाज
  • बालानां कृते
सूचीमे ‘विदेह मैथिली समानान्तर रंगमंच’ आ ‘रंगमंचक भाषाक बानगी’ शीर्षक-संकेत अछि।
3409. रवि भूषण पाठकक ‘ओक्‍कर तोहर हम्‍मर सपना’ अंक १०४मे कोन स्थिति मे अछि?
  • जारी गद्य-प्रविष्टि रूपमे
  • नवीन भाषापाक रूपे
  • केवल पद्य-छन्द रूपे
  • कला-संगीत रूपे
अंक १०४क सूचीमे ‘ओक्‍कर तोहर हम्‍मर सपना - २’ देल अछि, जे जारी खण्डक संकेत अछि।
3410. राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क अंक १०४क रचना कोन रूपमे अछि?
  • ‘घरमुहाँ’ उपन्यास-अंश
  • ‘शाश्वत कथा’
  • ‘बिदापत नाच’
  • ‘निर्मोहिया’
सूचीमे ‘राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ - घरमुहाँ - उपन्यास अंश’ देल अछि।
3411. चंदन कुमार झाक अंक १०४क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • समय होत बलबान
  • कपारक लिखल
  • फागु
  • मोछ
सामग्री-सूचीमे ‘चंदन कुमार झा - बिहनि कथा - समय होत बलबान’ अछि।
3412. कामिनी कामायनीक पद्य शीर्षक अंक १०४मे कोन अछि?
  • काशीक घाट
  • शाश्वत कथा
  • साधना
  • इंद्रधनुषी अकास
पद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक नामक संग ‘काशीक घाट’ देल अछि।
3413. बेचन ठाकुरक पद्य शीर्षक कोन अछि?
  • वनभोज
  • प्रेमक अंत
  • फाँसी
  • बिदापत नाच
अंक १०४क पद्य-सूचीमे बेचन ठाकुरक ‘वनभोज’ देल अछि।
3414. चंदन कुमार झाक पद्य-प्रविष्टि अंक १०४मे कोन रूपक त्रयी देखबैत अछि?
  • गजल / कविता / हाइकू
  • दीर्घकथा / उपन्यास / साक्षात्कार
  • केवल अनुवाद
  • केवल चित्र
पद्य-सूचीमे चंदन कुमार झाक नामक संग ‘गजल / कविता / हाइकू’ देल अछि।
3415. अंक १०४क समग्रता मैथिली साहित्यक कोन बहुविध पक्ष देखबैत अछि?
  • दीर्घकथा, उपन्यास, नाटक-विमर्श, कथा, विहनि कथा, पद्य, कला-संगीत, बाल-पाठ आ भाषापाक
  • केवल राजनीति
  • केवल एक कथा
  • केवल पुरान अंक सूचना
अंक १०४क सूचीमे फाँसी, हमर टोल, इंद्रधनुषी अकास, रंगमंच-विमर्श, प्रेमक अंत, घरमुहाँ, समय होत बलबान, पद्य आ भाषापाक सभ अछि।

3416. अंक १०५क गद्य खण्ड कोन दीर्घकथाक आगाँ भागसँ आरम्भ होइत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘फाँसी’
  • किशोरीकान्त मिश्र साक्षात्कार
  • मोछ
  • निर्मोहिया
अंक १०५क सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक दीर्घकथा - फाँसी - आगाँ’ देल अछि।
3417. ‘फाँसी’क अंक १०५ उपलब्ध अंशमे कोन अपराध-सूचना चरितार्थ होइत अछि?
  • डकैतीक संग खून
  • केवल गजल पाठ
  • केवल चित्र प्रदर्शनी
  • केवल शब्दकोष निर्माण
अंशमे ‘डकैतीक संग खून’ सुनि मन ठमकल कहि अपराधक तनाव बढ़ाओल गेल अछि।
3418. मधुपनाथ झाक अंक १०५क लेख कोन विषय पर अछि?
  • बिदापत नाच
  • साधना
  • निर्मोहिया
  • चित्रमय मिथिला
सामग्री-सूचीमे ‘मधुपनाथ झा - बिदापत नाच’ स्पष्ट अछि।
3419. बिदापत नाच लेखक उपलब्ध अंशमे ककर माध्यमे विद्यापतिकेँ आठ सए बर्ख जिएने रखबाक बात कहल गेल अछि?
  • गएर ब्राह्मण समुदाय
  • केवल दरबारी विद्वान
  • केवल सर्वर प्रणाली
  • केवल आधुनिक विश्वविद्यालय
अंशमे कहल गेल अछि जे बिदापत नाचक माध्यमसँ आठ सए बर्ख गएर ब्राह्मण समुदाय विद्यापतिकेँ जिएने रखलक।
3420. बिदापत नाच लेखमे बंगाल प्रसंग कोन ऐतिहासिक बिन्दु खोलैत अछि?
  • बंगाल द्वारा विद्यापति-गोविन्ददास ग्रहण आ विद्वानसभक मान्यता
  • बंगालमे सर्वर स्थापना
  • केवल नाटक टिकट
  • केवल बालगीत
अंशमे बंगाल द्वारा विद्यापति आ गोविन्ददास अपन बनएबाक आ राजकृष्ण मुखोपाध्याय/नगेन्द्रनाथक उल्लेख अछि।
3421. वनीता कुमारीक अंक १०५क गद्य-प्रविष्टि कोन विषय पर अछि?
  • विहनि कथा - पुनर्न्वेषण
  • फाँसी
  • बिदापत नाच
  • काव्यमे अलंकार
सूचीमे ‘वनीता कुमारी - विहनि कथा - पुनर्न्वेषण’ देल अछि।
3422. ओमप्रकाश झाक अंक १०५क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कपारक लिखल
  • समय होत बलबान
  • शाश्वत कथा
  • बेटीक जन्म
सामग्री-सूचीमे ‘ओमप्रकाश झा - विहनि कथा - कपारक लिखल’ अछि।
3423. ‘कपारक लिखल’क उपलब्ध अंशमे लुटाइबाकेँ कोन भावसँ जोड़ल गेल अछि?
  • भाग्य/कपारक लिखल सँ
  • चित्रकला-वर्णन सँ
  • सर्वर-विफलता सँ
  • बालगीत सँ
अंशमे कथन अछि—‘कपारक लिखल छल लुटेनाई से लुटाइये गेलौं।’
3424. जगदानन्द झा ‘मनु’ अंक १०५मे कोन गद्य-रूपसँ देल छथि?
  • ५टा विहनि कथा
  • केवल एक साक्षात्कार
  • एक उपन्यास अंश
  • चित्रमय मिथिला
सूचीमे ‘जगदानन्द झा ‘मनु’ - ५टा विहनि कथा’ लिखल अछि।
3425. अंक १०५क गद्य आरम्भिक भाग कोन तीन धुरी पर खड़ा अछि?
  • दीर्घकथा, लोकनाच/सांस्कृतिक इतिहास आ विहनि कथा
  • केवल पद्य
  • केवल भाषापाक
  • केवल चित्रकला
अंक १०५मे फाँसीक आगाँ भाग, बिदापत नाच, विहनि कथा पुनर्न्वेषण, कपारक लिखल आ पाँचटा विहनि कथा संग अछि।

3426. अतुलेश्वरक अंक १०५क लेख कोन सांस्कृतिक-राजनीतिक प्रतीक पर केन्द्रित शीर्षक रखैत अछि?
  • पाग, मिथिला आ जातिवादक राजनीति
  • गहींर आँखिक व्यथा
  • निर्मोहिया
  • साधना
अंक १०५क सूचीमे अतुलेश्वरक शीर्षक ‘पाग, मिथिला आ जातिवादक राजनीति’ अछि।
3427. पाग-विमर्शक उपलब्ध अंशमे ‘हम्मर विद्यापति’ बनएबाक चर्चा कोन प्रश्न उठबैत अछि?
  • सांस्कृतिक प्रतीक, स्वामित्व आ समुदायगत व्याख्याक प्रश्न
  • केवल वस्त्रक आकार
  • केवल सर्वर गति
  • केवल चित्र फाइल
अंशमे विद्यापति, पाग, बिदापत नाच आ समुदायगत स्मृतिक संबंध पर चर्चा भेटैत अछि।
3428. श्यामसुन्दर शशिक अंक १०५क शीर्षक कोन सामुदायिक भाव सूचित करैत अछि?
  • झूमि उठल जनकपुरवासी
  • कपारक लिखल
  • निर्मोहिया
  • मोछ
सूचीमे श्यामसुन्दर शशिक ‘झूमि उठल जनकपुरवासी’ देल अछि, जे सामुदायिक उत्साहक संकेत करैत अछि।
3429. सुजीत कुमार झाक अंक १०५क गद्य-प्रविष्टि कोन विषय पर अछि?
  • नाटकप्रति रंजुमे गजबकेँ समर्पण छल
  • गहींर आँखिक व्यथा
  • लोक देवता
  • भाषापाक
सामग्री-सूचीमे ‘सुजीत कुमार झा - नाटकप्रति रंजुमे गजबकेँ समर्पण छल’ देल अछि।
3430. सुमित आनन्दक अंक १०५क शोध-सूचना कोन पुस्तक/विषय सँ जुड़ल अछि?
  • मैथिली एवं मैथिली काव्यमे अलंकार
  • फाँसी
  • मोछ
  • चित्रमय मिथिला
सूचीमे ‘शोध-पत्रिका मैथिली एवं मैथिली काव्यमे अलंकारक लोकार्पण’ देल अछि।
3431. सुजीत कुमार झाक ‘नव व्यापार’ अंक १०५मे कोन रूपमे देल अछि?
  • गद्य प्रविष्टि
  • पद्य प्रविष्टि
  • भाषापाक प्रविष्टि
  • कला-संगीत चित्र
सूचीमे ‘सुजीत कुमार झा - नव व्यापार’ गद्य भागमे देल अछि।
3432. नवीन कुमार ‘आशा’क पद्य शीर्षक अंक १०५मे कोन अछि?
  • गर्भक आवाज
  • काशीक घाट
  • वनभोज
  • भकजोगनी
अंक १०५क पद्य-सूचीमे नवीन कुमार ‘आशा’क ‘गर्भक आवाज’ देल अछि।
3433. अंक १०५क गद्य-पद्य-भारती खण्ड बहुभाषिकता कोना देखबैत अछि?
  • हिन्दी कविताक मैथिली अनुवाद, कुरानक मैथिली अनुवाद आ हिन्दी कथाक मैथिली अनुवादक उल्लेख सँ
  • केवल एक गजल सँ
  • केवल चित्रकला सँ
  • केवल चुनावी नोट सँ
सूचीमे नित्यानंद गायेनक हिन्दी कविता, कुरानक मैथिली अनुवाद, काशीनाथ सिंहक हिन्दी कथा अनुवाद आदि देल अछि।
3434. अंक १०१-१०५क प्रथम Part 2 खनन कोन साहित्यिक बहुलता देखबैत अछि?
  • कथा, दीर्घकथा, उपन्यास, नाटक, साक्षात्कार, लोकदेवता, लोकनाच, भाषा-विमर्श, पद्य, कला-संगीत आ अनुवाद
  • केवल एक विधा
  • केवल समाचार
  • केवल संपर्क-सूची
अंक १०१-१०५मे मोछ, निर्मोहिया, फाँसी, हमर टोल, बिदापत नाच, साक्षात्कार, शब्दशास्त्रम्, पद्य, कला-संगीत आ अनुवाद सभ अछि।
3435. नो-हैलुसिनेशन दृष्टिसँ अंक १०१-१०५क प्रश्न केना बनाओल गेल?
  • केवल सूची, स्पष्ट शीर्षक, उपलब्ध कथा-अंश, नाम-प्रमाण आ पाठमे देखल विषय पर
  • अदृश्य पुरस्कार गढ़ि
  • अनुपलब्ध issue 106 मानि
  • संपर्क-सूची सँ प्रश्न बना
ई बैच Part 2क १०१-१०५ अंकक स्पष्ट सामग्री-सूची आ उपलब्ध पाठ-अंश पर आधारित अछि; अनुपलब्ध बात वा निजी अनुमान नहि जोड़ल गेल।

3436. अंक १०६क गद्य खण्ड कोन दीर्घकथाक आगाँ भागसँ आरम्भ होइत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘फाँसी’
  • राजदेव मण्डलक ‘हमर टोल’
  • राम भरोस कापड़िक सलहेस लेख
  • अतुलेश्वरक ‘बसात’
सामग्री-सूचीमे गद्यक आरम्भ ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - गतांशसँ आगू - दीर्घकथा - फाँसी’ सँ देखाओल गेल अछि।
3437. शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क अंक १०६क लेख कोन विषय-सूत्र खोलैत अछि?
  • इन्द्रधनुषी अकासमे सामाजिक विमर्श
  • लोकनायक सलहेस चर्चा
  • भाषा जातिगत सम्पत्ति नहि
  • आधुनिकताक समस्या
सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क नामक संग ‘इन्द्रधनुषी अकासमे सामाजिक विमर्श’ देल अछि।
3438. सुजीत कुमार झाक अंक १०६क कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • केहन सजाय?
  • मेनका
  • निष्ठा कि देखाबा
  • ठकबुद्धि
अंक १०६क गद्य सूचीमे सुजीत कुमार झाक कथा ‘केहन सजाय?’ अछि।
3439. सत्यनारायण झाक अंक १०६क गद्य-प्रविष्टि कोन रूपमे देल अछि?
  • डायरी
  • दीर्घकथा
  • गजल
  • बाल गजल
सामग्री-सूचीमे सत्यनारायण झाक प्रविष्टि ‘डायरी’ रूपमे देल गेल अछि।
3440. अतुलेश्वरक अंक १०६क लेख मिथिलाक कोन राजनीतिक-सांस्कृतिक प्रसंगसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिला राज्य आन्दोलन आ शहीद रञ्जु झा
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
  • कोजग्रा लोकाचार
  • लोकनायक सलहेस परिचर्चा
सूचीमे अतुलेश्वरक शीर्षक ‘मिथिला राज्य आन्दोलन आ शहीद रञ्जु झा’ अछि।
3441. चंदन कुमार झाक अंक १०६क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सद्गति
  • ठकबुद्धि
  • कपारक लिखल
  • समय होत बलबान
गद्य सूचीमे ‘चंदन कुमार झा - विहनि-कथा - सद्गति’ देल अछि।
3442. डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक अंक १०६क कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • चन्दा
  • अन्ध विश्वास
  • केहन सजाय?
  • सतभैंया पोखर
अंक १०६क सूचीमे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक कथा ‘चन्दा’ रूपे देल अछि।
3443. संदीप कुमार साफीक अंक १०६क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अन्ध विश्वास
  • सद्गति
  • बसात
  • कुकर्मा
सामग्री-सूचीमे संदीप कुमार साफीक ‘विहनि कथा - अन्ध विश्वास’ अछि।
3444. किशन कारीगरक ‘आब हम जबान भऽ गेलहुँ’ अंक १०६मे कोन विधा-संकेतक संग देल अछि?
  • हास्य कथा
  • शोध-पत्र
  • पोथी समीक्षा
  • नाटक आलोचना
शीर्षकक बाद कोष्ठकमे ‘हास्य कथा’ लिखल अछि, जे विधा-संकेत स्पष्ट करैत अछि।
3445. अंक १०६क गद्य खण्ड कोन बहु-विषयी रूप देखबैत अछि?
  • दीर्घकथा, सामाजिक विमर्श, कथा, डायरी, आन्दोलन, विहनि कथा आ हास्य कथा
  • केवल पद्य
  • केवल चित्रकला
  • केवल बाल-साहित्य
अंक १०६क सूचीमे फाँसी, सामाजिक विमर्श, कथा, डायरी, आन्दोलन, विहनि कथा आ हास्य कथा एकसंग भेटैत अछि।

3446. अंक १०६क पद्य खण्डमे संदीप कुमार साफीक नाम ककर संग आरम्भिक सूचीमे अछि?
  • शिवकुमार झा ‘टिल्लू’, श्यामल सुमन आ जगदीश प्रसाद मण्डल
  • केवल राजनाथ मिश्र
  • केवल डॉ. कैलाश कुमार मिश्र
  • केवल अतुलेश्वर
पद्य सूचीमे संदीप कुमार साफीक बाद शिवकुमार झा ‘टिल्लू’, श्यामल सुमन आ जगदीश प्रसाद मण्डलक नाम देखाइत अछि।
3447. अंक १०६क पद्य-विविधता कोन बातसँ बुझाइत अछि?
  • गजल, रुबाइ, कविता आ अनेक कविक उपस्थिति सँ
  • केवल एक लेखकक गद्य सँ
  • केवल नाटक-सूची सँ
  • केवल शब्दकोष प्रविष्टि सँ
पद्य सूचीमे अनेक कवि आ अलग-अलग पद्यरूपक संकेत अछि, जकरा सँ काव्य-विविधता देखाइत अछि।
3448. अमित मिश्र अंक १०६क पद्य सूचीमे कोन रूपक संग देल छथि?
  • गजल
  • दीर्घकथा
  • डायरी
  • संगोष्ठी-रिपोर्ट
सूचीमे अमित मिश्रक नामक संग ‘गजल’ स्पष्ट रूपे देल अछि।
3449. मुन्नाजीक अंक १०६क पद्य प्रविष्टि कोन रूपक संग देखाइत अछि?
  • रुबाइ
  • नाटक
  • उपन्यास
  • बाल-कथा
अंक १०६क पद्य-सूचीमे ‘मुन्नाजी - रुबाइ’ रूपे प्रविष्टि अछि।
3450. मिथिला कला-संगीत खण्डमे अंक १०६मे राजनाथ मिश्र ककरा संग देल छथि?
  • चित्रमय मिथिला
  • अन्ध विश्वास
  • सद्गति
  • फाँसी
मिथिला कला-संगीत सूचीमे ‘राजनाथ मिश्र (चित्रमय मिथिला)’ देल अछि।
3451. उमेश मण्डलक कला-संगीत प्रविष्टि अंक १०६मे कोन विस्तृत लोक-प्रकृति क्षेत्रकेँ समेटैत अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • केवल मैथिली गजल
  • केवल राज्यसभा चुनाव
  • केवल दीर्घकथा
सूचीमे उमेश मण्डलक नामक संग ‘मिथिलाक वनस्पति / मिथिलाक जीव-जन्तु / मिथिलाक जिनगी’ देल अछि।
3452. अंक १०६क गद्य-पद्य भारती खण्ड कोन अनुवाद-श्रृंखला देखबैत अछि?
  • इप्सिता सारंगीक ओड़िया कविता ओड़ियासँ अंग्रेजी, फेर अंग्रेजीसँ मैथिली
  • संस्कृतसँ केवल बंगला
  • मैथिलीसँ केवल तमिल
  • अंग्रेजीसँ केवल फारसी
सूचीमे इप्सिता सारंगीक ओड़िया कविता, स्वयं ओड़ियासँ अंग्रेजी आ गजेन्द्र ठाकुर द्वारा अंग्रेजीसँ मैथिली अनुवादक उल्लेख अछि।
3453. अंक १०६क बालानां कृते खण्डमे ककर नाम भेटैत अछि?
  • जगदीश चंद्र ठाकुर ‘अनिल’ आ डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’
  • केवल सुजीत कुमार झा
  • केवल अतुलेश्वर
  • केवल आशीष अनचिन्हार
बालानां कृते सूचीमे जगदीश चंद्र ठाकुर ‘अनिल’ आ डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क नाम अछि।
3454. अंक १०६मे भाषापाक खण्ड ककरा पर बल दैत अछि?
  • मानक मैथिली रचना-लेखन आ कोष-कार्य
  • केवल हास्य कथा
  • केवल चित्रमय मिथिला
  • केवल संगोष्ठी
सूचीमे ‘भाषापाक रचना-लेखन - मानक मैथिली’ आ मैथिली-अंग्रेजी/अंग्रेजी-मैथिली कोषक उल्लेख अछि।
3455. अंक १०६क समग्र साहित्यिक रूप कियैक बहुस्तरीय कहल जा सकैत अछि?
  • कारण एहि मे गद्य, पद्य, कला-संगीत, अनुवाद, बाल-पाठ आ भाषापाक सभ अछि
  • कारण ई केवल संपर्क-सूची अछि
  • कारण ई केवल एक गीत अछि
  • कारण ई केवल पत्रिका-लोगो अछि
सामग्री-सूचीमे गद्यक अनेक विधा, पद्य, मिथिला कला-संगीत, गद्य-पद्य भारती, बालानां कृते आ भाषापाक सभ एकसंग अछि।

3456. अंक १०७क गद्य खण्डक आरम्भ डॉ. राजेन्द्र विमलक कोन लेखसँ होइत अछि?
  • ‘घरमुहाँ’ – प्रभाव आ प्रतिक्रिया
  • मिथिला राज्य आन्दोलन
  • बिदापत नाच
  • आधुनिकताक समस्या
अंक १०७क सूचीमे पहिल गद्य प्रविष्टि डॉ. राजेन्द्र विमलक ‘घरमुहाँ’ – प्रभाव आ प्रतिक्रिया अछि।
3457. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १०७क कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सतभैंया पोखर
  • परदेशी बेटी
  • फाँसी
  • सद्गति
सामग्री-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - कथा - सतभैंया पोखर’ देल अछि।
3458. सुजीत कुमार झाक अंक १०७क कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मेनका
  • केहन सजाय?
  • निष्ठा कि देखाबा
  • बसात
अंक १०७मे सुजीत कुमार झाक कथा ‘मेनका’ रूपे सूचीबद्ध अछि।
3459. राजदेव मण्डलक अंक १०७क प्रविष्टि कोन उपन्याससँ जुड़ल अछि?
  • हमर टोल
  • घरमुहाँ
  • फाँसी
  • उजड़ैत गाम
सूचीमे ‘राजदेव मण्डलक उपन्यास - हमर टोल’ लिखल अछि।
3460. अंक १०७क विहनि कथा खण्डमे कोन लेखक-समूह देल अछि?
  • जवाहरलाल कश्यप, रवि भूषण पाठक, जगदानन्द झा ‘मनु’, चंदन कुमार झा
  • केवल राजनाथ मिश्र
  • केवल डॉ. राजेन्द्र विमल
  • केवल राम भरोस कापड़ि
सूचीमे विहनि कथा अंतर्गत एहि चारू लेखकक नाम देल अछि।
3461. डॉ. अरुण कुमार सिंहक अंक १०७क लेख भाषाकेँ कोन रूपमे देखबाक आग्रह करैत शीर्षक रखैत अछि?
  • जातिगत सम्पत्ति नहि, सामाजिक
  • केवल निजी विरासत
  • केवल बाजारू वस्तु
  • केवल चित्र-विषय
सूचीमे शीर्षक ‘भाषा जातिगत सम्पत्ति नहि अपितु सामाजिक’ अछि।
3462. डॉ. कैलाश कुमार मिश्र अंक १०७मे कोन कथा दोहराइत क्रममे देल छथि?
  • चन्दा
  • मोछ
  • सद्गति
  • बसात
अंक १०७क सूचीमे डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक कथा ‘चन्दा’ अछि।
3463. कामिनी कामायनीक अंक १०७क गद्य शीर्षक कोन अछि?
  • संटू क उपनैन
  • महानगरमे सुनीता
  • शाश्वत कथा
  • बेटीक जन्म
सामग्री-सूचीमे कामिनी कामायनीक प्रविष्टि ‘संटू क उपनैन’ देल अछि।
3464. दुर्गानन्द मण्डलक अंक १०७क कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कुकर्मा
  • ठकबुद्धि
  • परदेशी बेटी
  • बसात
अंक १०७मे दुर्गानन्द मण्डलक कथा ‘कुकर्मा’ रूपे देल अछि।
3465. अंक १०७ गद्य दृष्टिसँ कोन समुच्चय रचैत अछि?
  • उपन्यास-प्रतिक्रिया, कथा, उपन्यास, विहनि कथा, भाषा-विमर्श, बाल-संस्कार आ सांस्कृतिक समारोह
  • केवल एक नाटक
  • केवल चित्रकला
  • केवल भाषापाक
अंक १०७क सूचीमे ‘घरमुहाँ’ प्रतिक्रिया, सतभैंया पोखर, मेनका, हमर टोल, विहनि कथा, भाषा लेख, संटू क उपनैन आ स्मृति पर्व सभ अछि।

3466. अंक १०७मे मिथिला राज्य संघर्ष समिति सँ जुड़ल प्रविष्टि कोन लेखक/संगठन-सूत्रसँ देल अछि?
  • परमेश्वर कापड़ि, परमेश झा आ अनिलचन्द्र झा
  • कामिनी कामायनी मात्र
  • राजनाथ मिश्र मात्र
  • डॉ. कैलाश कुमार मिश्र मात्र
सूचीमे ‘परमेश्वर कापड़ि, संयोजक मिथिला राज्य संघर्ष समिति / परमेश झा अनिलचन्द्र झा’क संकेत अछि।
3467. पूनम मण्डलक अंक १०७क गद्य प्रविष्टि कोन समारोहसँ संबंधित अछि?
  • मिथिला विभूति स्मृति पर्व समारोह २०१२
  • लोकनायक सलहेस परिचर्चा
  • शतकीय अंक समारोह
  • झिझिया महोत्सव
अंक १०७क सूचीमे ‘पूनम मण्डल - मिथिला विभूति स्मृति पर्व समारोह २०१२’ देल अछि।
3468. अंक १०७क पद्य खण्डमे जगदीश प्रसाद मण्डलक संग आरम्भिक समूहमे ककर नाम अछि?
  • रमेश रञ्जन आ प्रकाश प्रेमी
  • राम भरोस कापड़ि आ अतुलेश्वर
  • राजदेव मण्डल आ कैलाश कुमार मिश्र
  • केवल डॉ. राजेन्द्र विमल
पद्य सूचीमे आरम्भिक समूहमे जगदीश प्रसाद मण्डल, रमेश रञ्जन आ प्रकाश प्रेमीक नाम अछि।
3469. अंक १०७क पद्य सूचीमे डॉ. धनाकर ठाकुरक संग कोन नाम देल अछि?
  • नवीन कुमार आशा
  • मेनका
  • सतभैंया पोखर
  • संटू
सूचीमे पद्यक एक समूहमे ‘डॉ. धनाकर ठाकुर’ आ ‘नवीन कुमार आशा’ देल अछि।
3470. अंक १०७मे मिथिला कला-संगीत खण्डक परिचित संरचना कोन अछि?
  • राजनाथ मिश्रक चित्रमय मिथिला आ उमेश मण्डलक वनस्पति/जीव-जन्तु/जिनगी
  • केवल राज्यसभा समाचार
  • केवल शास्त्रीय समीक्षा
  • केवल नाटक
मिथिला कला-संगीत खण्डमे राजनाथ मिश्र आ उमेश मण्डलक वही प्रविष्टि-क्षेत्र देखाइत अछि।
3471. अंक १०७क बालानां कृते खण्डमे चंदन कुमार झाक कोन बाल-रूप देल अछि?
  • बाल गजल
  • दीर्घकथा
  • संगोष्ठी रिपोर्ट
  • राजनीतिक टिप्पणी
बालानां कृते सूचीमे ‘चंदन कुमार झा - बाल गजल’ देल अछि।
3472. डॉ. दमन कुमार झाक बालसाहित्य विषयक लेख कोन ऐतिहासिक अवधि पर केन्द्रित शीर्षक रखैत अछि?
  • एकैसम शताब्दीक पहिल दशकमे मैथिली बालसाहित्य
  • आठ सए बर्खक बिदापत नाच
  • मिथिला राज्य आंदोलन
  • भाषा जातिगत सम्पत्ति
सूचीमे डॉ. दमन कुमार झाक शीर्षक ‘एकैसम शताब्दीक पहिल दशकमे मैथिली बालसाहित्य’ अछि।
3473. अंक १०७मे बाल-साहित्य खण्डक उपस्थिति पत्रिकाक कोन दीर्घ प्रयोजन देखबैत अछि?
  • बाल पाठक आ बाल-विधाक पोषण
  • केवल वयस्क राजनीतिक लेख
  • केवल चित्र-प्रदर्शनी
  • केवल गजलकार परिचय
बालानां कृते खण्डमे बाल गजल आ बालसाहित्य विषयक लेख देल अछि, जे बाल-विधाक लक्ष्य देखबैत अछि।
3474. अंक १०७क सामग्रीमे भाषा-विमर्श आ बालसाहित्य एकसंग कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई भाषा केँ सामाजिक सम्पत्ति आ पीढ़ीगत संस्कार दुनू रूपमे रखैत अछि
  • ई केवल विज्ञापन बनबैत अछि
  • ई संपर्क-सूची मात्र अछि
  • ई स्रोत-विहीन दावा अछि
एक दिस ‘भाषा जातिगत सम्पत्ति नहि अपितु सामाजिक’ अछि, दोसर दिस बाल गजल/बालसाहित्यक खण्ड; दुनू मिलि भाषा-संस्कारक दृष्टि बनबैत अछि।
3475. अंक १०७क शोध-स्तर पाठमे ‘घरमुहाँ’, भाषा-लेख आ बालसाहित्यकेँ एकसंग पढ़लासँ की देखाइत अछि?
  • ग्राम/घर, समाजभाषा आ पीढ़ीगत साहित्यिक निर्माणक त्रिकोण
  • केवल छन्द-विधान
  • केवल संपर्क-निर्देशिका
  • केवल प्रकाशन-सूचना
अंक १०७क सामग्री ‘घरमुहाँ’ प्रतिक्रिया, भाषा-सामाजिकता आ बाल-साहित्यक सूची द्वारा गृह, समाज आ शिक्षा-संस्कारक संयुक्त क्षितिज खोलैत अछि।

3476. अंक १०८क गद्य खण्डमे जगदीश प्रसाद मण्डलक प्रविष्टि कोन विधा रूपे देल अछि?
  • कथा
  • दीर्घकथा
  • गजल
  • भाषापाक
सामग्री-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - कथा’ देल अछि।
3477. अंक १०८मे सुजीत कुमार झाक नाम ककर रूपमे सूचित अछि?
  • कथा-लेखक
  • गजलकार परिचयकार
  • लोकनायक सलहेस आयोजक
  • बाल गजलकार मात्र
अंक १०८क गद्य-सूचीमे ‘सुजीत कुमार झा - कथा’ देल अछि।
3478. राजदेव मण्डलक अंक १०८क प्रविष्टि कोन उपन्याससँ जुड़ल अछि?
  • हमर टोल
  • घरमुहाँ
  • फाँसी
  • सटभैंया पोखर
सूचीमे ‘राजदेव मण्डलक उपन्यास - हमर टोल’ फेर देल अछि।
3479. अतुलेश्वरक अंक १०८क लेख कोन विचारमूलक शीर्षक राखैत अछि?
  • सोचब आवश्यक जे......
  • भाषा जातिगत सम्पत्ति नहि
  • मिथिला राज्य आन्दोलन
  • उजड़ैत गाम
सामग्री-सूचीमे अतुलेश्वरक शीर्षक ‘सोचब आवश्यक जे......’ अछि।
3480. डॉ. इन्दुधर झाक अंक १०८क प्रविष्टि कोन विश्लेषणात्मक शीर्षकसँ अछि?
  • दू-पत्र : एक विश्लेषण
  • अम्बरा
  • ठकबुद्धि
  • चन्दा
अंक १०८क सूचीमे ‘डॉ. इन्दुधर झा - दू-पत्र : एक विश्लेषण’ देल अछि।
3481. डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’ अंक १०८मे कोन पोथीक समीक्षा करैत छथि?
  • अम्बरा
  • घरमुहाँ
  • जीवन-संघर्ष
  • मैथिली लोक देवता
सूचीमे ‘पोथी समीक्षा - अम्बरा’ स्पष्ट रूपे देल अछि।
3482. दुर्गानन्द मण्डलक अंक १०८क लेख कोन पुरस्कार-संदर्भ रखैत अछि?
  • टैगोर साहित्य पुरस्कारक बहन्ने
  • मिथिला विभूति स्मृति पर्व
  • लोकनायक सलहेस
  • विदेह नाट्य उत्सव
अंक १०८क सूचीमे ‘टैगोर साहित्य पुरस्कारक बहन्ने’ शीर्षक देल अछि।
3483. चंदन कुमार झाक अंक १०८क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ठकबुद्धि
  • सद्गति
  • कपारक लिखल
  • बसात
सूचीमे ‘चंदन कुमार झा - बिहनि-कथा - ठकबुद्धि’ देल अछि।
3484. चंदन कुमार झाक अंक १०८क आलेख कोन सामाजिक-राजनीतिक द्वन्द्व शीर्षकमे रखैत अछि?
  • भीड़तंत्र बनाम् भ्रष्टतंत्र
  • भाषा जातिगत सम्पत्ति नहि
  • उजड़ैत गाम : बसैत शहर?
  • मिथिला-मैथिली आंदोलन
अंक १०८क सूचीमे चंदन कुमार झाक ‘आलेख - भीड़तंत्र बनाम् भ्रष्टतंत्र’ अछि।
3485. अंक १०८क गद्य-संरचना कियैक विचार-समृद्ध कहल जा सकैत अछि?
  • कारण कथा, उपन्यास, वैचारिक लेख, पत्र-विश्लेषण, पोथी समीक्षा, पुरस्कार-विमर्श आ सामाजिक आलेख सभ अछि
  • कारण केवल एक पद्य अछि
  • कारण केवल कला-संगीत अछि
  • कारण केवल बाल गजल अछि
अंक १०८क सूचीमे कथा, हमर टोल, सोचब आवश्यक, दू-पत्र विश्लेषण, अम्बरा समीक्षा, टैगोर पुरस्कार लेख, ठकबुद्धि आ भीड़तंत्र बनाम भ्रष्टतंत्र सभ अछि।

3486. अंक १०८क पद्य खण्डमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • मिथिला-पुत्र
  • इतिहासहिन इतिहास
  • सम्मान
  • वनभोज
पद्य-सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क नामक संग ‘मिथिला-पुत्र’ देल अछि।
3487. नारायण झाक अंक १०८क पद्य शीर्षक कोन अछि?
  • सम्मान
  • ठकबुद्धि
  • अम्बरा
  • चन्दा
सूचीमे नारायण झाक पद्य ‘सम्मान’ रूपे देल अछि।
3488. सन्तोष कुमार मिश्रक अंक १०८क पद्य-विषय कोन शीर्षकसँ सूचित अछि?
  • इतिहासहिन इतिहास
  • मिथिला-पुत्र
  • भकजोगनी
  • गर्भक आवाज
अंक १०८क पद्य-सूचीमे ‘सन्तोष कुमार मिश्र - इतिहासहिन इतिहास’ अछि।
3489. अंक १०८क कला-संगीत खण्डमे वनीता कुमारीक नाम ककर संग अछि?
  • मिथिला कला-संगीत खण्ड
  • गद्य-पद्य भारती
  • भाषापाक
  • संपादकीय मात्र
सूचीमे वनीता कुमारीक नाम मिथिला कला-संगीत खण्डमे देल अछि।
3490. अंक १०८मे राजनाथ मिश्रक कला-संगीत प्रविष्टि फेर कोन सूत्रसँ चिन्हित अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • सद्गति
  • निष्ठा कि देखाबा
  • दू-पत्र
कला-संगीत खण्डमे ‘राजनाथ मिश्र (चित्रमय मिथिला)’ उल्लेखित अछि।
3491. उमेश मण्डलक अंक १०८क कला-संगीत प्रविष्टि लोक-पर्यावरणक कोन क्षेत्र जोड़ैत अछि?
  • वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • केवल गद्य समीक्षा
  • केवल पोथी समीक्षा
  • केवल बाल गजल
सूचीमे उमेश मण्डलक नामक संग मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी देल अछि।
3492. अंक १०८क बालानां कृते खण्डमे कोन नाम स्पष्ट अछि?
  • डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’
  • अतुलेश्वर
  • डॉ. इन्दुधर झा
  • दुर्गानन्द मण्डल
अंक १०८क बालानां कृते खण्डमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क नाम देल अछि।
3493. अंक १०८मे ‘इतिहासहिन इतिहास’ शीर्षक शोध-पाठक लेल कियैक महत्त्वपूर्ण संकेत अछि?
  • ई इतिहास-बोधक अभाव वा विडम्बना पर काव्यात्मक प्रश्न उठबैत शीर्षक अछि
  • ई केवल संपर्क निर्देश अछि
  • ई केवल चित्र फाइल अछि
  • ई केवल सर्वर सूचना अछि
शीर्षक स्वयं इतिहास आ इतिहासहीनताक विरोधाभास प्रस्तुत करैत अछि; प्रश्न शीर्षक-सूत्र पर आधारित अछि।
3494. अंक १०८क ‘भीड़तंत्र बनाम् भ्रष्टतंत्र’ आ ‘इतिहासहिन इतिहास’ एकसंग कोन आलोचनात्मक वातावरण बनबैत अछि?
  • समाज, शासन, इतिहास-बोध आ नैतिकता पर प्रश्न उठाबय वाला वातावरण
  • केवल प्रेमगीत वातावरण
  • केवल बालक्रीड़ा
  • केवल संपर्क-प्रबंधन
दुनू शीर्षक सामूहिकता, भ्रष्टाचार आ इतिहास-बोधक आलोचनात्मक अर्थ-सूत्र खोलैत अछि।
3495. अंक १०८क समेकित पठन कोन निष्कर्ष दैत अछि?
  • गद्य-विचार, समीक्षा, पुरस्कार-विमर्श, सामाजिक आलोचना, पद्य, कला आ बाल-पाठ एकसंग अछि
  • अंकमे साहित्यिक विविधता अनुपस्थित अछि
  • अंक केवल फोटो-सज्जा अछि
  • अंक केवल सूचना-तकनीक निर्देश अछि
सूचीमे बहुविध गद्य, पद्य, मिथिला कला-संगीत, बालानां कृते आ भाषापाक सभक उपस्थिति अछि।

3496. अंक १०९क गद्य खण्ड कोन लघुकथासँ आरम्भ होइत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘परदेशी बेटी’
  • अतुलेश्वरक ‘बसात’
  • चंदन कुमार झाक ‘ठकबुद्धि’
  • कामिनी कामायनीक ‘संटू क उपनैन’
सामग्री-सूचीमे गद्यक पहिल प्रविष्टि ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - लघुकथा - परदेशी बेटी’ अछि।
3497. सुजीत कुमार झाक अंक १०९क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • निष्ठा कि देखाबा
  • केहन सजाय?
  • मेनका
  • नव व्यापार
अंक १०९क सूचीमे ‘सुजीत कुमार झा - लघुकथा - निष्ठा कि देखाबा’ देल अछि।
3498. दुर्गानन्द मण्डलक अंक १०९क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कुकर्मा
  • बसात
  • ठकबुद्धि
  • सद्गति
अंक १०९क गद्य-सूचीमे दुर्गानन्द मण्डलक लघुकथा ‘कुकर्मा’ अछि।
3499. आशीष अनचिन्हारक अंक १०९क आलोचना कोन विषय पर अछि?
  • आधुनिकताक समस्या
  • मैथिली गजलकार परिचय
  • रंगमंचक भाषा
  • पाग आ जातिवाद
सूचीमे ‘आशीष अनचिन्हार - आधुनिकताक समस्या (आलोचना)’ देल अछि।
3500. कामिनी कामायनीक अंक १०९क गद्य शीर्षक कोन अछि?
  • महानगरमे सुनीता
  • शाश्वत कथा
  • संटू क उपनैन
  • काशीक घाट
अंक १०९क सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘महानगरमे सुनीता’ अछि।
3501. नारायण झाक अंक १०९क गद्य प्रविष्टि कोन कार्यक्रम-संदर्भ जोड़ैत अछि?
  • रहुआ संग्राममे ग्रीष्मकालीन शैक्षिक शिविर आ टैगोर पुरस्कार सम्मान समारोह
  • विदेह नाट्य उत्सव २०१२
  • लोकनायक सलहेस परिचर्चा
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
सूचीमे रहुआ संग्रामक शैक्षिक शिविर आ टैगोर पुरस्कारसँ सम्मानित जगदीश प्रसाद मण्डलक सम्मान समारोहक उल्लेख अछि।
3502. दुर्गानन्द मण्डलक अंक १०९क समीक्षा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जीवन-संघर्ष
  • अम्बरा
  • घरमुहाँ
  • चिडै
अंक १०९क सूचीमे ‘दुर्गानन्द मण्डल - समीक्षा - जीवन-संघर्ष’ देल अछि।
3503. डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक अंक १०९क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • चन्दा
  • परदेशी बेटी
  • निष्ठा कि देखाबा
  • बसात
सूचीमे ‘डॉ. कैलाश कुमार मिश्र - लघुकथा - चन्दा’ अछि।
3504. उमेश मण्डलक अंक १०९क लेख कोन रचनात्मक प्रश्न उठबैत अछि?
  • मैथिली युवा रचना-धर्मिता : परंपरा, परिवर्तन आ भविष्य
  • मिथिला लोक देवता
  • बिदापत नाच
  • अम्बरा समीक्षा
सामग्री-सूचीमे उमेश मण्डलक शीर्षक ‘मैथिली युवा रचना-धर्मिता :: परंपरा परिवर्तन आ भविष्य’ अछि।
3505. अंक १०९क गद्य-संरचना कोन मुख्य विमर्शसभ जोड़ैत अछि?
  • लघुकथा, आधुनिकता-आलोचना, महानगरीय अनुभव, शैक्षिक-सांस्कृतिक समारोह, समीक्षा आ युवा रचनाधर्मिता
  • केवल बाल गजल
  • केवल भाषापाक
  • केवल कला-संगीत
अंक १०९क सूचीमे परदेशी बेटी, निष्ठा कि देखाबा, कुकर्मा, आधुनिकताक समस्या, महानगरमे सुनीता, सम्मान समारोह, जीवन-संघर्ष आ युवा रचनाधर्मिता सभ अछि।

3506. अंक १०९क पद्य खण्ड कोन नामसँ आरम्भ होइत अछि?
  • जवाहर लाल काश्यप
  • राम भरोस कापड़ि
  • अतुलेश्वर
  • डॉ. अरुण कुमार सिंह
पद्य-सूचीमे प्रथम नाम जवाहर लाल काश्यप देल अछि।
3507. अंक १०९क पद्य सूचीमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क उपस्थिति कोन खण्डमे अछि?
  • पद्य खण्ड
  • गद्य खण्डक लघुकथा
  • मिथिला कला-संगीत
  • लोकनायक सलहेस परिचर्चा
अंक १०९क पद्य-सूचीमे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क नाम देल अछि।
3508. रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारुदार’ अंक १०९मे कोन विधागत सूचीमे देल छथि?
  • पद्य
  • गद्य-समीक्षा
  • बालानां कृते
  • भाषापाक
सामग्री-सूचीमे रामदेव प्रसाद मण्डल झारुदार पद्य खण्डमे अछि।
3509. दमन कुमार झाक नाम अंक १०९मे कोन खण्डमे स्पष्ट अछि?
  • पद्य
  • गद्यक आधुनिकता लेख
  • बाल गजल
  • मिथिला कला-संगीत
अंक १०९क पद्य सूचीमे दमन कुमार झाक नाम देल अछि।
3510. अंक १०९क मिथिला कला-संगीत खण्डमे मोना पाण्डेय आ ज्योति झा चौधरीक नाम की संकेत करैत अछि?
  • कला-संगीत खण्डमे स्त्री-रचनाकार/कलाकार उपस्थिति
  • भाषापाक मात्र
  • राजनीतिक भाषण
  • दीर्घकथा
मिथिला कला-संगीत सूचीमे मोना पाण्डेय आ ज्योति झा चौधरीक नाम देल अछि।
3511. अंक १०९मे राजनाथ मिश्रक कला-संगीत प्रविष्टि कोन परिचित शीर्षकसँ जुड़ल अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • जीवन-संघर्ष
  • महानगरमे सुनीता
  • परदेशी बेटी
कला-संगीत खण्डमे ‘राजनाथ मिश्र (चित्रमय मिथिला)’ देल अछि।
3512. उमेश मण्डलक कला-संगीत प्रविष्टि अंक १०९मे कोन लोक-जीवन क्षेत्र राखैत अछि?
  • वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • केवल राज्य राजनीति
  • केवल आलोचना
  • केवल बाल-कथा
सूचीमे उमेश मण्डल अंतर्गत मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी उल्लेखित अछि।
3513. अंक १०९क बालानां कृते खण्डमे ककर नाम देल अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल आ डॉ. शशिधर कुमर
  • केवल आशीष अनचिन्हार
  • केवल अतुलेश्वर
  • केवल राम भरोस कापड़ि
बालानां कृते सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डल आ डॉ. शशिधर कुमरक नाम अछि।
3514. अंक १०९मे लघुकथा-श्रृंखला आ युवा रचनाधर्मिता लेख एकसंग कियैक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • ई लघु-विधाक अभ्यास आ भविष्यक सृजन-दिशाक बीच संबंध बनबैत अछि
  • ई केवल पत्रिका-सदस्यता सूचना अछि
  • ई केवल पुरान अंक लिंक अछि
  • ई केवल चित्रकला परिचय अछि
गद्य भागमे अनेक लघुकथा आ उमेश मण्डलक युवा रचनाधर्मिता लेख साथ-साथ देल अछि।
3515. अंक १०९क समेकित शोध-पाठ कोन रूपमे पढ़ल जा सकैत अछि?
  • आधुनिकता, प्रवासन, निष्ठा, समीक्षा, युवा लेखन, पद्य आ कला-संस्कृतिक संयुक्त अंक रूपमे
  • केवल एक लेखकक जीवन-वृत्त रूपमे
  • केवल सर्वर सूचना रूपमे
  • केवल बालगीत रूपमे
अंक १०९क विषय-सूची आधुनिकताक समस्या, परदेशी बेटी, निष्ठा, जीवन-संघर्ष, युवा रचनाधर्मिता, पद्य आ कला-संगीतकेँ जोड़ैत अछि।

3516. अंक ११०क गद्य खण्ड कोन कार्यक्रम-रिपोर्ट/लेखसँ आरम्भ होइत अछि?
  • मैथिली लोक संस्कृति संगोष्ठी अन्तर्गत लोकनायक सलहेसः चर्चा-परिचर्चा
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक फाँसी
  • घरमुहाँ प्रभाव आ प्रतिक्रिया
  • दू-पत्र : एक विश्लेषण
सामग्री-सूचीमे राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क लोकनायक सलहेस चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम सँ गद्य खण्ड आरम्भ होइत अछि।
3517. राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क अंक ११०क प्रविष्टि कोन सांस्कृतिक पात्र/लोकनायक पर केन्द्रित अछि?
  • सलहेस
  • विद्यापति
  • संटू
  • सतभैंया
शीर्षकमे ‘लोकनायक सलहेस’ स्पष्ट रूपे देल अछि।
3518. अतुलेश्वरक अंक ११०क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बसात
  • परदेशी बेटी
  • निष्ठा कि देखाबा
  • ठकबुद्धि
अंक ११०क सूचीमे ‘अतुलेश्वर - लघुकथा - बसात’ देल अछि।
3519. आशीष अनचिन्हारक अंक ११०क गद्य-प्रविष्टि कोन श्रृंखला सँ जुड़ल अछि?
  • मैथिली गजलकार परिचय श्रृंखला
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
  • शब्दशास्त्रम्
  • सतभैंया पोखर
सूचीमे ‘मैथिली गजलकार परिचय श्रृंखला’ स्पष्ट अछि।
3520. डॉ. अरुण कुमार सिंहक अंक ११०क लेख कोन सामाजिक-स्थानिक द्वन्द्व शीर्षकमे रखैत अछि?
  • उजड़ैत गाम : बसैत शहर?
  • भाषा जातिगत सम्पत्ति नहि
  • आधुनिकताक समस्या
  • सोचब आवश्यक जे
अंक ११०क गद्य-सूचीमे ‘उजड़ैत गाम : बसैत शहर?’ देल अछि।
3521. चंदन कुमार झाक अंक ११०क गद्य लेख कोन आन्दोलनसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिला-मैथिली आंदोलन
  • टैगोर पुरस्कार
  • लोकनायक सलहेस
  • अम्बरा समीक्षा
सूचीमे ‘चंदन कुमार झा - मिथिला-मैथिली आंदोलन’ अछि।
3522. जगदानन्द झा ‘मनु’ अंक ११०मे कोन लघु-विधा रूपसँ देल छथि?
  • दूटा विहनि कथा
  • दीर्घकथा
  • गजलकार परिचय
  • संगोष्ठी रिपोर्ट
गद्य-सूचीमे ‘जगदानन्द झा ‘मनु’ - दूटा विहनि कथा’ देल अछि।
3523. अंक ११०मे लोक-संस्कृति आ आन्दोलन एकसंग कोना देखाइत अछि?
  • सलहेस परिचर्चा, उजड़ैत गाम, मिथिला-मैथिली आंदोलन आ विहनि कथा सभ एक गद्य-खण्डमे अछि
  • केवल चित्र-सूची अछि
  • केवल तकनीकी सूचना अछि
  • केवल अनुवाद सूची अछि
गद्य-सूचीमे लोकनायक सलहेस, उजड़ैत गाम, मिथिला-मैथिली आंदोलन आ विहनि कथा सभ साथ देल अछि।
3524. ‘उजड़ैत गाम : बसैत शहर?’ शीर्षक कोन सांस्कृतिक चिन्ता खोलैत अछि?
  • गामक खाली होइत अवस्था आ शहरक विस्तारक प्रश्न
  • केवल छन्द-गणना
  • केवल सर्वर आधार
  • केवल चित्र-स्थान
शीर्षकमे गाम-शहरक विरोधी गति अछि; प्रश्न शीर्षक-सूत्र पर आधारित अछि।
3525. अंक ११०क गद्य खण्डक मुख्य धुरी की कहल जा सकैत अछि?
  • लोक-संस्कृति, लघुकथा, गजलकार परिचय, गाम-शहर, भाषा-आन्दोलन आ विहनि कथा
  • केवल पद्य
  • केवल बाल गजल
  • केवल कला-संगीत
अंक ११०क सूचीमे लोकनायक सलहेस, बसात, गजलकार परिचय, उजड़ैत गाम, मिथिला-मैथिली आंदोलन आ दूटा विहनि कथा अछि।

3526. अंक ११०क पद्य खण्डमे किशन कारीगरक नाम कोन खण्डमे अछि?
  • पद्य
  • गद्यक लोकनायक सलहेस लेख
  • भाषापाक
  • कला-संगीत
अंक ११०क पद्य-सूचीमे प्रथम नाम किशन कारीगरक अछि।
3527. अंक ११०क पद्य खण्डमे अमित मिश्रक उपस्थिति कोन साहित्यिक रूपसँ जोड़ि पढ़ल जा सकैत अछि?
  • पद्य आ बादमे बाल गजल खण्डक सूत्र
  • दीर्घकथा मात्र
  • लोक-संगोष्ठी मात्र
  • भाषापाक मात्र
अंक ११०क पद्य-सूचीमे अमित मिश्रक नाम अछि आ बालानां कृतेमे ‘अमित मिश्र - बाल गजल’ देल अछि।
3528. अंक ११०क मिथिला कला-संगीत खण्डमे कोन दू परिचित प्रविष्टि भेटैत अछि?
  • राजनाथ मिश्रक चित्रमय मिथिला आ उमेश मण्डलक वनस्पति/जीव-जन्तु/जिनगी
  • फाँसी आ घरमुहाँ
  • ठकबुद्धि आ सद्गति
  • शाश्वत कथा आ मोछ
कला-संगीत खण्डमे राजनाथ मिश्र आ उमेश मण्डल परिचित शीर्षकसभक संग देल छथि।
3529. अंक ११०क बालानां कृते खण्डमे अमित मिश्रक कोन रचना रूप देल अछि?
  • बाल गजल
  • दीर्घकथा
  • उपन्यास अंश
  • भाषा-आन्दोलन
बालानां कृते सूचीमे ‘अमित मिश्र - बाल गजल’ स्पष्ट अछि।
3530. अंक १०६-११०क श्रृंखला मे ‘फाँसी’, ‘हमर टोल’ आ ‘उजड़ैत गाम’ की साझा संकेत करैत अछि?
  • समाज, ग्राम-जीवन, परिवर्तन आ कथात्मक यथार्थक निरन्तरता
  • केवल चित्रकला शृंखला
  • केवल पुरान अंक डाउनलोड
  • केवल गजल छन्द
एहि पाँच अंकमे फाँसी, हमर टोल आ उजड़ैत गाम सन शीर्षक समाज आ ग्राम-जीवनक प्रश्नकेँ बारम्बार उठबैत अछि।
3531. अंक १०६-११०मे विहनि कथा/लघुकथा कियैक महत्त्वपूर्ण धारा बनैत अछि?
  • सद्गति, अन्ध विश्वास, अनेक विहनि कथा, परदेशी बेटी, निष्ठा कि देखाबा, कुकर्मा, बसात आदि शीर्षकसभक आवृत्ति सँ
  • कारण ई खण्डमे कथा नहि अछि
  • कारण केवल पोथी समीक्षा अछि
  • कारण केवल बालगीत अछि
अंक १०६ सँ ११० धरि विहनि कथा आ लघुकथा बारम्बार सूचीबद्ध अछि, जे लघु-विधाक प्रबल उपस्थिति देखबैत अछि।
3532. अंक १०६-११०मे भाषा-विमर्श कोन-कोन शीर्षकसँ देखाइत अछि?
  • भाषा जातिगत सम्पत्ति नहि अपितु सामाजिक, मिथिला-मैथिली आंदोलन, भाषापाक
  • केवल चित्रमय मिथिला
  • केवल अन्ध विश्वास
  • केवल वनभोज
अंक १०७मे भाषा-लेख, अंक ११०मे मिथिला-मैथिली आंदोलन आ प्रत्येक अंकक भाषापाक खण्ड भाषा-विमर्शक स्थिरता देखबैत अछि।
3533. अंक १०६-११०मे कला-संगीत खण्डक स्थिरता कोन बात सिद्ध करैत अछि?
  • मिथिला चित्र, वनस्पति, जीव-जन्तु आ लोक-जिनगीकेँ साहित्यिक पत्रिकामे निरंतर स्थान देल गेल
  • कला-संगीत अनुपस्थित अछि
  • केवल राजनीतिक बयान अछि
  • केवल पृष्ठ-सज्जा अछि
प्रत्येक अंकमे राजनाथ मिश्र/उमेश मण्डल आदि कला-संगीत वा लोक-प्रकृति प्रविष्टि आवैत अछि।
3534. अंक १०६-११०क शोध-स्तर पाठमे बाल-साहित्य आ भाषापाकक संयुक्तता कोन अर्थ रखैत अछि?
  • भाषा-संस्कार, पीढ़ीगत पाठक निर्माण आ मानक लेखनक दीर्घ परियोजना
  • केवल मनोरंजन
  • केवल फोटो-अल्बम
  • केवल पुरस्कार सूचना
बालानां कृते आ भाषापाक खण्ड बारम्बार देल गेल अछि, जे बाल पाठक आ मानक मैथिली दुनू पर बल दैत अछि।
3535. नो-हैलुसिनेशन दृष्टिसँ अंक १०६-११०क प्रश्न-निर्माणक आधार की राखल गेल?
  • सामग्री-सूची, स्पष्ट शीर्षक, उपलब्ध पाठ-सूत्र आ प्रत्यक्ष नाम-प्रमाण
  • अदृश्य घटना
  • अनुपलब्ध निजी सूचना
  • कल्पित पुरस्कार
ई बैच प्रत्यक्ष रूपे देखल सामग्री-सूची आ शीर्षकसभ पर आधारित अछि; अनुपलब्ध विवरण वा कल्पित तथ्य जोड़ल नहि गेल।

3536. अंक १११क गद्य खण्ड बाल-गजल विषयक बहस ककर प्रविष्टिसँ आरम्भ करैत अछि?
  • मुन्नाजीक ‘बाल गजलः पुरान देहक नव चेहरा’
  • जितेन्द्र झाक राजेश्वर नेपाली विमोचन
  • अरविन्द श्रीवास्तवक मणिपद्म अध्ययन
  • राम भरोस कापड़िक सलहेस परिचर्चा
अंक १११क गद्य सूचीमे मुन्नाजीक ‘बाल गजलः पुरान देहक नव चेहरा’ आरम्भिक प्रविष्टि रूपे देल अछि।
3537. ओमप्रकाश झाक अंक १११क लेख कोन अवधारणा-श्रृंखलासँ जुड़ल अछि?
  • मैथिली बाल गजलक अवधारणा
  • मिथिला राज्य आन्दोलन
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
  • मणिपद्मक आलोचना
सूचीमे ओमप्रकाश झाक नामक संग ‘मैथिली बाल गजलक अवधारणा’ देल अछि।
3538. जगदानन्द झा ‘मनु’ अंक १११मे बाल-गजल विषयक कोन प्रविष्टि संग उपस्थित छथि?
  • बाल गजलक अवधारणा
  • तीनटा विहनि कथा
  • सतभैंया पोखर
  • उजड़ैत गाम
अंक १११क प्रारम्भिक गद्य-सूचीमे जगदानन्द झा ‘मनु’क संग ‘बाल गजलक अवधारणा’ देल अछि।
3539. आशीष अनचिन्हारक अंक १११क बाल-गजल लेख कोन प्रश्नात्मक शीर्षक रखैत अछि?
  • की थिक बाल गजल
  • कथाकाव्यक सूत्रपात
  • काफिया आ बहर
  • नव–नव क्षितिज
सामग्री-सूचीमे आशीष अनचिन्हारक शीर्षक ‘की थिक बाल गजल’ रूपे अछि।
3540. चंदन कुमार झाक अंक १११क प्रविष्टि बाल-विधा पर कोन जोड़ बनबैत अछि?
  • मैथिली बाल-साहित्य आ ‘बाल-गजल’
  • केवल लोकनायक सलहेस
  • केवल डोगरी अनुवाद
  • केवल कला-संगीत
सूचीमे चंदन कुमार झाक ‘मैथिली बाल-साहित्य आ ‘बाल-गजल’ देल अछि।
3541. अंक १११मे योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क गद्य प्रविष्टि कोन विधा-संकेतक संग अछि?
  • लघुकथा ‘देववाणी’
  • बाल गीत ‘ज्ञानक बल’
  • कथा ‘मेनका’
  • नाटक ‘शिक्षित बेटी’
गद्य सूचीमे ‘योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’ - लघुकथा - देववाणी’ देल अछि।
3542. नवेंदु कुमार झाक अंक १११क लेख कोन विकासात्मक/नीतिगत क्षेत्र पर अछि?
  • बिजलीक क्षेत्र मे आत्मनिर्भरताक लेल सरकारी प्रयास
  • मातृभाषाक माध्यमसँ उच्चशिक्षा
  • मिथिला कला-संगीत
  • कविता संग्रह समीक्षा
सूचीमे नवेंदु कुमार झाक शीर्षक बिजली क्षेत्रमे आत्मनिर्भरताक सरकारी प्रयास पर केन्द्रित अछि।
3543. श्री राजक अंक १११क लेख ‘यात्रीक कवितामे गाम’ कोन साहित्यिक केन्द्र खोलैत अछि?
  • यात्रीक कवितामे गामक उपस्थिति
  • काफियाक नियम मात्र
  • बाल-संस्कार मात्र
  • सर्वर-तकनीक मात्र
शीर्षक स्वयं ‘यात्रीक कवितामे गाम’ अछि; एतए कवितामे ग्राम-बिम्ब केन्द्र अछि।
3544. मुन्नाजीक अंक १११क ‘विहनि कथा संसार’ कोन विधागत चिन्ता देखबैत अछि?
  • विहनि कथाक संसार आ स्वरूप
  • केवल बाल गजलक छन्द
  • केवल चित्रकला
  • केवल अनुवाद
अंक १११क गद्य सूचीमे ‘मुन्नाजी - विहनि कथा संसार’ देल अछि।
3545. अंक १११क गद्य-रचना-रूप कियैक बाल-विधा केन्द्रित कहल जा सकैत अछि?
  • बाल गजल, बाल-साहित्य, बाल-गजल अवधारणा आ बाल-काव्य-संबंधी अनेक प्रविष्टि सँ
  • केवल राजनीति समाचार सँ
  • केवल विज्ञापन सँ
  • केवल चित्र-सूची सँ
अंक १११क आरम्भिक सामग्रीमे बाल गजल आ बाल-साहित्यक अनेक लेख एकसंग देल छथि।

3546. अंक १११मे आशीष अनचिन्हार द्वारा ककर साक्षात्कार देल अछि?
  • श्री जगदीश प्रसाद मण्डलजी
  • किशोरीकान्त मिश्र
  • बृषेश चन्द्र लाल
  • धीरेन्द्र प्रेमर्षि
सामग्री-सूचीमे ‘आशीष अनचिन्हार द्वारा श्री जगदीश प्रसाद मण्डलजीसँ लेल साक्षात्कार’ देल अछि।
3547. राजदेव मण्डल अंक १११मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन कविता-संग्रहक समीक्षा करैत छथि?
  • राति-दिन
  • फूल तितली आ तुलबुल
  • मणिपद्मक काव्यकृति
  • काफिया आ बहर
सूचीमे राजदेव मण्डलक प्रविष्टि ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक कविता संग्रह राति-दिनक समीक्षा’ रूपे अछि।
3548. डॉ. धनाकर ठाकुरक अंक १११क समीक्षा कोन कृतिकेँ केन्द्र बनबैत अछि?
  • फूल तितली आ तुलबुल
  • राति-दिन
  • देववाणी
  • चिडैक अभिलाष
सूचीमे डॉ. धनाकर ठाकुरक समीक्षा ‘फूल तितली आ तुलबुल’ पर अछि।
3549. अंक १११मे जवाहर लाल काश्यपक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • जमाना बदलि गेलै
  • मसोमात
  • सूदि भरना
  • चन्दा
सामग्री-सूचीमे जवाहर लाल काश्यपक ‘विहनि कथा - जमाना बदलि गेलै’ अछि।
3550. जगदानन्द झा ‘मनु’क अंक १११क विहनि कथा जोड़ी कोन शीर्षकसभ राखैत अछि?
  • मसोमात / रहस्य
  • देववाणी / सूदि भरना
  • जमाना बदलि गेलै / चिडैक अभिलाष
  • काफिया / बहर
गद्य सूचीमे जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘विहनि कथा - मसोमात / रहस्य’ देल अछि।
3551. सुजीत कुमार झाक अंक १११क लेख मिथिला पेंटिंगक कोन संदर्भ उठबैत अछि?
  • विदेशमे मांग बढ़ल आ छत्तामे मिथिला पेंटिंग
  • बाल गजलक अवधारणा
  • बिजलीक आत्मनिर्भरता
  • ग्राम-कविता
सूचीमे सुजीत कुमार झाक शीर्षक मिथिला पेंटिंगक विदेशमे मांग आ छत्तामे मिथिला पेंटिंगक प्रसंग जोड़ैत अछि।
3552. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १११क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सूदि भरना
  • देववाणी
  • मसोमात
  • रहस्य
सूचीमे ‘श्री जगदीश प्रसाद मण्डल - लघुकथा - सूदि भरना’ देल अछि।
3553. अंक १११क पद्य खण्डमे मुन्नी कामतक योगदान कोन रूपमे सूचित अछि?
  • सातटा कविता
  • बाल विहनि कथा
  • साक्षात्कार
  • कला समीक्षा
पद्य सूचीमे ‘मुन्नी कामत - सातटा कविता’ देल अछि।
3554. कामिनी कामायनीक अंक १११क पद्य शीर्षक कोन पक्षी-बिम्बक संकेत दैत अछि?
  • चिडैक अभिलाष
  • बाल गजल
  • राति-दिन
  • सूदि भरना
अंक १११क पद्य सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘चिडैक अभिलाष’ शीर्षक अछि।
3555. अंक १११क समेकित पाठमे बाल गजल, समीक्षा, साक्षात्कार आ मिथिला पेंटिंग एकसंग की देखबैत अछि?
  • बाल-विधा, आलोचना, लेखक-संवाद आ कला-संस्कृतिक बहु-विधात्मकता
  • केवल एक समाचार-वर्ग
  • केवल विज्ञापनक पुनरावृत्ति
  • केवल सर्वर सूचना
अंक १११क सामग्रीमे बाल गजल लेख, समीक्षा, साक्षात्कार, विहनि कथा आ मिथिला पेंटिंग विषय एकसंग देल अछि।

3556. अंक ११२क गद्य खण्ड कोन काव्य-तकनीकी विषयसँ आरम्भ होइत अछि?
  • आशीष अनचिन्हारक ‘काफिया’
  • बाल गजलक अवधारणा
  • मणिपद्मक काव्यकृति
  • लोकनायक सलहेस
अंक ११२क गद्य-सूचीमे पहिल प्रविष्टि ‘आशीष अनचिन्हार - काफिया’ अछि।
3557. जगदानन्द झा ‘मनु’ अंक ११२मे कोन विधा-संख्या संग देल छथि?
  • दूटा विहनि कथा
  • सातटा कविता
  • एकटा नाटक मात्र
  • गजलकार परिचय
सूचीमे जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘दूटा विहनि कथा’ देल अछि।
3558. कैलास दासक अंक ११२क शीर्षक ‘अंगना सुखल घरमे पानि’ कोन गद्य-प्रविष्टि रूपे सूचित अछि?
  • गद्य प्रविष्टि
  • कला-संगीत प्रविष्टि
  • भाषापाक प्रविष्टि
  • बालानां कृते प्रविष्टि
अंक ११२क गद्य खण्डमे कैलास दासक ‘अंगना सुखल घरमे पानि’ सूचीबद्ध अछि।
3559. मुन्नी कामतक अंक ११२क प्रविष्टि कोन द्वि-विधात्मक संकेत रखैत अछि?
  • नाटक / विहनि कथा
  • केवल भाषापाक
  • केवल चित्रमय मिथिला
  • केवल डोगरी अनुवाद
गद्य सूचीमे मुन्नी कामतक नामक संग ‘नाटक / विहनि कथा’ देल अछि।
3560. बलराम साहुक अंक ११२क लेख कोन सांस्कृतिक विषय पर आश्चर्य-भाव रखैत अछि?
  • विस्मित होइत हमर लोक संस्कृति
  • मातृभाषाक उच्चशिक्षा
  • बाप भेल पित्ती
  • मिथिला पेंटिंग विदेशमे
सूचीमे बलराम साहुक शीर्षक ‘विस्मित होइत हमर लोक संस्कृति’ अछि।
3561. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक ११२क गद्य अवदान कोन रूपे अछि?
  • तीनटा विहनि कथा आ एकटा लघुकथा
  • केवल एक गीत
  • केवल साक्षात्कार
  • केवल समीक्षा
सामग्री-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - तीनटा विहनि कथा - एकटा लघुकथा’ देल अछि।
3562. नवेंदु कुमार झाक अंक ११२क समाचार-समूह कोन नदी/पुल विषयसँ आरम्भ होइत अछि?
  • गंगा नदी पर पूलक माध्यम सँ बढ़त कारोबारक चालि
  • मिथिला पेंटिंगक विदेशमे मांग
  • सतभैंया पोखर
  • शिक्षित बेटी
नवेंदु कुमार झाक शीर्षक-समूहमे ‘गंगा नदी पर पूलक माध्यम सँ बढ़त कारोबारक चालि’ देल अछि।
3563. नवेंदु कुमार झाक अंक ११२क समाचार-समूहमे महिषी कोन प्रसंगसँ जुड़ल अछि?
  • सांस्कृतिक महोत्सव
  • बाल गजल
  • लघुकथा
  • काफिया
सूचीमे ‘महिषीमे आयोजित होयत सांस्कृतिक महोत्सव’ देल अछि।
3564. अमित मिश्रक अंक ११२क गद्य शीर्षक कोन अछि?
  • कतिआएल आखर
  • बसात
  • कुकर्मा
  • राति-दिन
अंक ११२क गद्य सूचीमे ‘अमित मिश्र - कतिआएल आखर’ देल अछि।
3565. शिव कुमार झाक अंक ११२क शीर्षक ‘कृष्णजन्म :: कथाकाव्यक सूत्रपात / क्षणप्रभा’ कोन संकेत दैत अछि?
  • कथा-काव्य आ काव्यात्मक सूत्रपातक विमर्श
  • केवल सर्वर स्थापना
  • केवल बाल-साहित्य सूचना
  • केवल चित्र-सूची
सूचीमे शिव कुमार झाक शीर्षक कथाकाव्यक सूत्रपात आ क्षणप्रभा संग देल अछि।

3566. अंक ११२क पद्य खण्डमे बलराम साहक नाम कोन साहित्यिक भागमे देल अछि?
  • पद्य
  • गद्य-पद्य भारती
  • भाषापाक
  • मिथिला कला-संगीत
अंक ११२क सूचीमे गद्य पश्चात् पद्य खण्डमे बलराम साहक नाम देल अछि।
3567. विनीत उत्पल अंक ११२मे कोन खण्डमे नामांकित छथि?
  • पद्य
  • केवल भाषापाक
  • केवल बालानां कृते
  • केवल चित्रकला
पद्य सूचीमे विनीत उत्पलक नाम देल अछि।
3568. कपिलेश्वर राउतक अंक ११२क पद्य शीर्षक कोन भाषिक भाव पर केन्द्रित अछि?
  • मातृभाषा
  • काफिया
  • अंगना सुखल घर
  • गंगा पुल
पद्य-सूचीमे कपिलेश्वर राउतक संग ‘मातृभाषा’ देल अछि।
3569. राजेश कुमार झा ‘कन्हैया’क अंक ११२क पद्य शीर्षक कोन राष्ट्रीय भावसँ जुड़ल अछि?
  • देश भक्ति
  • बाल गजल
  • कथाकाव्यक सूत्रपात
  • लोक संस्कृति
सूचीमे राजेश कुमार झा ‘कन्हैया’क ‘देश भक्ति’ देल अछि।
3570. नारायण झाक अंक ११२क पद्य शीर्षक कोन सामाजिक-मानसिक संकेत देत अछि?
  • एखनहुँ जकड़ल छी / एकता
  • मिथिला पेंटिंग
  • डोगरी अनुवाद
  • बाल गजल
पद्य-सूचीमे नारायण झाक ‘एखनहुँ जकड़ल छी / एकता’ देल अछि।
3571. अंक ११२क मिथिला कला-संगीत खण्डमे राजनाथ मिश्रक प्रविष्टि कोन शीर्षकक संग अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • कतिआएल आखर
  • कृष्णजन्म
  • अंगना सुखल घरमे पानि
मिथिला कला-संगीत सूचीमे राजनाथ मिश्रक नामक संग ‘चित्रमय मिथिला’ अछि।
3572. उमेश मण्डलक अंक ११२क कला-संगीत प्रविष्टि मिथिलाक कोन लोक-प्रकृति त्रयी समेटैत अछि?
  • वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • काफिया, बहर आ गजल
  • नाटक, समीक्षा आ साक्षात्कार
  • पुल, बैंक आ शिक्षा
सूचीमे उमेश मण्डलक ‘मिथिलाक वनस्पति / जीव-जन्तु / जिनगी’ देल अछि।
3573. अंक ११२क गद्य-पद्य भारतीमे प्रो. चम्पा शर्माक डोगरी कविताक मैथिली अनुवाद ककर द्वारा देल अछि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • अमित मिश्र
  • राजनाथ मिश्र
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
सूचीमे डोगरी कविताक हिन्दी अनुवाद रजनी शर्मा आ मैथिली अनुवाद डॉ. शंभु कुमार सिंह द्वारा देल अछि।
3574. कुमार संभव ‘भारद्वाज’क हिन्दी कविताक मैथिली अनुवाद अंक ११२मे ककर नामसँ जुड़ल अछि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • बलराम साहु
  • नवेंदु कुमार झा
  • मुन्नी कामत
गद्य-पद्य भारती सूचीमे कुमार संभव ‘भारद्वाज’क हिन्दी कविताक मैथिली अनुवादक रूपे डॉ. शंभु कुमार सिंहक नाम अछि।
3575. अंक ११२क बालानां कृते खण्ड अमित मिश्रक कोन तिथि-संबंधी रचना समेटैत अछि?
  • १५ अगस्तपर एकटा गजल आ एकटा कविता
  • एकैसम शताब्दीक बालसाहित्य
  • घटक काका
  • बुढ़िया दादी
बालानां कृते सूचीमे ‘अमित मिश्र - १५ अगस्तपर एकटा गजल आ एकटा कविता’ देल अछि।

3576. अंक ११३क गद्य खण्ड आशीष अनचिन्हारक कोन काव्य-विषयसँ आरम्भ होइत अछि?
  • काफिया आ बहर
  • बाल गजलक अवधारणा
  • मणिपद्म जयन्ती
  • म्याराथन दौड़
अंक ११३क गद्य सूचीमे ‘आशीष अनचिन्हार - काफिया आ बहर’ पहिल प्रविष्टि अछि।
3577. पूनम मण्डलक अंक ११३क लेख कोन डिजिटल/समकालीन संकेतक शीर्षक राखैत अछि?
  • मैथिलीक तेसर विकीलीक्स
  • मिथिलाक लोक देवता
  • मणिपद्मक काव्यकृति
  • राजेश्वर नेपालीक सातटा कृति
सूचीमे पूनम मण्डलक शीर्षक ‘मैथिलीक तेसर विकीलीक्स’ अछि।
3578. नवेंदु कुमार झाक अंक ११३क समाचार-समूह पटना मे कोन चमकक प्रसंग उठबैत अछि?
  • हीराक चमक
  • गजलकार परिचय
  • बाल विहनि कथा
  • जिद्दी समीक्षा
सामग्री-सूचीमे ‘पटना मे पसरत हीराक चमक’ देल अछि।
3579. नवेंदु कुमार झाक अंक ११३क समाचार-समूहमे निगरानी विभाग कोन संरचना-सूत्रसँ जुड़ल अछि?
  • विशिष्ट संवर्ग बनबाक प्रसंग
  • बालगीत
  • कथाकाव्य
  • मिथिला पेंटिंग
सूचीमे ‘निगरानी विभागक लेल बनि रहल विशिष्ट संवर्ग’ देल अछि।
3580. कामिनी कामायनीक अंक ११३क गद्य शीर्षक कोन भावमय शीर्षक अछि?
  • उत्तराक नोर
  • कलंकित चान
  • बुढ़िया दादी
  • चिडैक अभिलाष
गद्य सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘उत्तराक नोर’ देल अछि।
3581. सत्यनारायण झाक अंक ११३क प्रविष्टि पुत्रक जन्मदिनक संदर्भमे कोन शीर्षक राखैत अछि?
  • दुटा बात पुत्रक जन्म दिन पर
  • ओहिना मोन अछि ओ दिन
  • स्वातन्त्र्योत्तर मैथिली कथा
  • एखनहुँ जकड़ल छी
अंक ११३क सूचीमे सत्यनारायण झाक ‘दुटा बात पुत्रक जन्म दिन पर’ अछि।
3582. कैलास दासक अंक ११३क शीर्षक मातृत्वकेँ कोन बाल-विधासँ जोड़ैत अछि?
  • मातृत्व बालगीत
  • बाल गजल
  • बाल नाटक
  • बाल विहनि कथा
सूचीमे ‘कैलास दास, खोजय पड़त मातृत्व बालगीत’ देल अछि।
3583. डॉ. अरुण कुमार सिंहक अंक ११३क लेख कोन शिक्षा-माध्यम विषय पर अछि?
  • मातृभाषाक माध्यमसँ उच्चशिक्षा
  • बिजलीक आत्मनिर्भरता
  • राजनीतिक समर्पण
  • लोक देवता
गद्य सूचीमे डॉ. अरुण कुमार सिंहक ‘मातृभाषाक माध्यमसँ उच्चशिक्षा’ देल अछि।
3584. जगदीश प्रसाद मण्डल अंक ११३मे कोन संख्यात्मक विहनि कथा-समूहसँ उपस्थित छथि?
  • पाँचटा विहनि कथा
  • तीनटा विहनि कथा
  • दूटा विहनि कथा
  • एकटा लघुकथा मात्र
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - पाँचटा विहनि कथा’ देल अछि।
3585. अंक ११३मे विदेह बाल साहित्य सम्मान २०११ सँ सम्मानित ले.क. मायानाथ झासँ ककर साक्षात्कार देल अछि?
  • उमेश मण्डल
  • मुन्नाजी
  • चंदन कुमार झा
  • डॉ. राजेन्द्र विमल
सामग्री-सूचीमे सम्मानित ले.क. मायानाथ झासँ उमेश मण्डलक साक्षात्कार देल अछि।

3586. अंक ११३मे बेचन ठाकुरसँ मुन्नाजीक गपशप कोन विषय-सूत्र पर केन्द्रित अछि?
  • विदेह मैथिली समानान्तर रंगमंच आ मैथिली नाटक
  • डोगरी कविता अनुवाद
  • मिथिला पेंटिंग विदेशमे
  • गंगा नदी पर पुल
सूचीमे ‘विदेह मैथिली समानान्तर रंगमंचक संस्थापक मैथिली नाटक आ रंगमंचक... बेचन ठाकुरसँ मुन्नाजीक गपशप’ देल अछि।
3587. दुर्गानन्द मण्डलक अंक ११३क गद्य शीर्षक-जोड़ी कोन अछि?
  • बेटीक अपमान / जीवन-मरण
  • मसोमात / रहस्य
  • कतिआएल आखर / एकता
  • लछमिनिया / बीस टाका
अंक ११३क सूचीमे दुर्गानन्द मण्डलक ‘बेटीक अपमान / जीवन-मरण’ देल अछि।
3588. शिवकुमार झा ‘टिल्लू’ अंक ११३मे पृथ्वीपुत्रक संग कोन नाम/विषय जोड़ैत छथि?
  • राजकमल
  • मणिपद्म
  • सलहेस
  • विल्मा रुडोल्फ
सूचीमे ‘शिवकुमार झा ‘टिल्लू’ - पृथ्वीपुत्र / राजकमल’ देल अछि।
3589. डॉ. राजेन्द्र विमलक अंक ११३क समीक्षा-शीर्षक सुजीतक कोन कृतिकेँ केन्द्र बनबैत अछि?
  • जिद्दी
  • राति-दिन
  • फूल तितली आ तुलबुल
  • काफिया
सूचीमे ‘नव–नव क्षितिजक सन्धान करैत सुजीतक जिद्दी’ देल अछि।
3590. अंक ११३क पद्य खण्डमे अनामिका राजक शीर्षक कोन दिशा-सूचक बिम्ब रखैत अछि?
  • नवका बाट
  • ज्ञानक बल
  • देश भक्ति
  • दृष्टिकोण
पद्य सूचीमे ‘अनामिका राज - नवका बाट’ देल अछि।
3591. इरा मल्लिक अंक ११३मे पद्य खण्डमे कोन रूपमे देल छथि?
  • गीत
  • साक्षात्कार
  • समीक्षा
  • काफिया लेख
अंक ११३क पद्य सूचीमे ‘इरा मल्लिक - गीत’ देल अछि।
3592. जगदीश प्रसाद मण्डल अंक ११३क पद्य खण्डमे कोन समूहसँ उपस्थित छथि?
  • ११ गोट गीत
  • सातटा कविता
  • दूटा गजल
  • एकटा बालगीत
पद्य सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - ११ गोट गीत’ देल अछि।
3593. सत्यनारायण झाक अंक ११३क बालानां कृते शीर्षक कोन स्मृति-बोधक स्वर रखैत अछि?
  • ओहिना मोन अछि ओ दिन
  • मातृत्व बालगीत
  • करुण हृदयक मालिक महाराज रणजीत सिंह
  • बुढ़िया दादी
बालानां कृते सूचीमे सत्यनारायण झाक ‘ओहिना मोन अछि ओ दिन’ देल अछि।
3594. जगदानन्द झा मनुक अंक ११३क बालानां कृते प्रविष्टि कोन प्रेरक व्यक्तित्व पर अछि?
  • संकल्पक धनी विल्मा रुडोल्फ
  • लोकनायक सलहेस
  • राजेश्वर नेपाली
  • हरिमोहन झा
सूचीमे ‘जगदानन्द झा मनु - संकल्पक धनी विल्मा रुडोल्फ’ देल अछि।
3595. अंक ११३क समेकित पाठमे काफिया-बहर, मातृभाषा-उच्चशिक्षा, रंगमंच-साक्षात्कार आ बालगीत एकसंग की देखबैत अछि?
  • काव्य-तकनीक, शिक्षा, रंगमंच आ बाल-साहित्यक बहुस्तरीय अंक
  • केवल एक समाचार-तालिका
  • केवल चित्रकला सूची
  • केवल ई-पत्रिका सूचना
अंक ११३क सूचीमे काव्य-तकनीक, उच्चशिक्षा, नाटक-गपशप, पद्य आ बालानां कृते खण्ड सभ अछि।

3596. अंक ११४क गद्य खण्ड अरविन्द श्रीवास्तवक कोन पुस्तक-लोकार्पण प्रसंगसँ आरम्भ होइत अछि?
  • ‘मणिपद्मक काव्यकृतिक आलोचनात्मक अध्ययन’
  • राजेश्वर नेपालीक सातटा कृति
  • मैथिली बाल गजलक अवधारणा
  • गंगा नदी पर पूल
सूचीमे अरविन्द श्रीवास्तवक ‘मणिपद्मक काव्यकृतिक आलोचनात्मक अध्ययन’ पुस्तकक लोकार्पण देल अछि।
3597. मुन्नी कामतक अंक ११४क गद्य प्रविष्टि कोन द्वि-रूप संग सूचीबद्ध अछि?
  • ‘कतऽ जा रहल छी हम!’ / नाटकः ‘शिक्षित बेटी’
  • म्याराथन दौड़ / जनकपुर
  • प्रोग्रेसिभ / गरीबीक नोर
  • बाल गजल / कविता
गद्य सूचीमे मुन्नी कामत - ‘कतऽ जा रहल छी हम!’ / नाटकः ‘शिक्षित बेटी’ देल अछि।
3598. पूनम मण्डलक अंक ११४क लेख कोन जयन्ती आ संस्थागत गोष्ठी पर अछि?
  • मणिपद्म जयन्तीपर दिल्लीमे मिथिलांगन द्वारा कवि गोष्ठी
  • लोकनायक सलहेस परिचर्चा
  • मातृभाषाक उच्चशिक्षा
  • झिझिया नृत्य महोत्सव
सूचीमे ‘मणिपद्म जयन्तीपर दिल्लीमे मिथिलांगन द्वारा कवि गोष्ठी’ देल अछि।
3599. नवेंदु कुमार झाक अंक ११४क राजनीतिक समाचार-समूहमे नीतीशक सोंझा ककर समर्पणक शीर्षक अछि?
  • मोदीक
  • सोनियाक
  • मुखर्जीक
  • रैनबैक्सीक
शीर्षक-समूहमे ‘नीतीशक सोंझा मोदीक समर्पण’ देल अछि।
3600. नवेंदु कुमार झाक अंक ११४क समाचारमे दरभंगा कोन दौरा-सूत्रसँ जुड़ल अछि?
  • राष्ट्रपतिक बिहार दौरा
  • गंगा पुल
  • मिथिला पेंटिंग
  • बाल गजल
सूचीमे ‘३ अक्टूबरकँे राष्ट्रपतिक बिहार दौरा दरभंगा...’ प्रसंग देल अछि।
3601. शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क अंक ११४क लेख मैथिली उपन्यास-विकासमे ककर योगदान पर अछि?
  • हरिमोहन झा
  • राजेश्वर नेपाली
  • मणिपद्म
  • सलहेस
सामग्री-सूचीमे ‘मैथिली उपन्यास साहित्यक विकासमे हरिमोहन झाक योगदान’ देल अछि।
3602. जगदीश प्रसाद मण्डल अंक ११४मे कोन लघु-विधा समूहसँ उपस्थित छथि?
  • किछु विहनि कथा
  • सातटा कविता
  • गजलकार परिचय
  • साक्षात्कार
गद्य सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - किछु विहनि कथा’ देल अछि।
3603. कुमार भास्करक अंक ११४क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • लछमिनिया
  • बीस टाका
  • कलंकित चान
  • प्रोग्रेसिभ
सूचीमे ‘कुमार भास्कर - लघुकथा - लछमिनिया’ देल अछि।
3604. ओम प्रकाशक अंक ११४क प्रविष्टि कोन शीर्षक-जोड़ी राखैत अछि?
  • भोथ हथियार / विहनि कथा - बीस टाका
  • मसोमात / रहस्य
  • बसात / परदेशी बेटी
  • काफिया / बहर
गद्य सूचीमे ओम प्रकाशक ‘भोथ हथियार / विहनि कथा - बीस टाका’ देल अछि।
3605. अंक ११४मे शत्रुधन प्रसाद साह आ कैलास दासक प्रविष्टि कोन कृति/विषय ‘जिद्दी’ संग जुड़ैत अछि?
  • मैथिली महिला आ ‘जिद्दी’ तथा महिलाक प्रेरक कथा संग्रह ‘जिद्दी’
  • काफिया आ बहर
  • चित्रमय मिथिला
  • बाल गजल अवधारणा
सूचीमे शत्रुधन प्रसाद साहक ‘मैथिली महिला आ जिद्दी’ आ कैलास दासक ‘महिलाक प्रेरक कथा संग्रह ‘जिद्दी’’ देल अछि।

3606. अंक ११४मे ‘हम पुछैत छी’ शृंखलामे चन्दन कुमार झाक गपशप ककरासँ अछि?
  • गुणनाथ झासँ
  • जगदीश प्रसाद मण्डलसँ
  • मायानाथ झासँ
  • बेचन ठाकुरसँ
गद्य सूचीमे ‘हम पुछैत छी: गुणनाथ झासँ चन्दन कुमार झाक गपशप’ देल अछि।
3607. जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ अंक ११४क पद्य खण्डमे कोन आत्मगीत श्रृंखला संग छथि?
  • की भेटल आ की हेरा गेल
  • नवका बाट
  • दृष्टिकोण
  • मातृभाषा
पद्य सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क ‘की भेटल आ की हेरा गेल (आत्म गीत)’ देल अछि।
3608. मिहिर झाक अंक ११४क पद्य शीर्षक कोन संबोधनमय रूप रखैत अछि?
  • हौ रामचंदर
  • महँगी
  • ज्ञानक बल
  • दृष्टिकोण
अंक ११४क पद्य सूचीमे मिहिर झाक ‘हौ रामचंदर’ अछि।
3609. राम विलास साहु जीक अंक ११४क पद्य प्रविष्टि कोन संख्यात्मक रूपमे देल अछि?
  • दूटा कविता
  • दस गोट गीत
  • सातटा कविता
  • दूटा गजल
सूचीमे ‘राम विलास साहु जीक दूटा कविता’ देल अछि।
3610. जगदीश प्रसाद मण्डल अंक ११४क पद्य खण्डमे कोन गीत-समूहसँ उपस्थित छथि?
  • १० गोट गीत
  • ११ गोट गीत
  • तीन गोट कविता
  • एकटा बाल गीत
पद्य सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - १० गोट गीत’ देल अछि।
3611. अंक ११४क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ज्योति झा चौधरीक नाम कोन खण्डमे अछि?
  • मिथिला कला-संगीत
  • गद्य-पद्य भारती
  • बालानां कृते
  • भाषापाक
मिथिला कला-संगीत सूचीमे ज्योति झा चौधरीक नाम देल अछि।
3612. अंक ११४क गद्य-पद्य भारतीमे डोगरी कविताक मैथिली अनुवाद ककर द्वारा अछि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • राम विलास साहु
  • गुणनाथ झा
  • ज्योति झा चौधरी
सूचीमे प्रो. चम्पा शर्माक डोगरी कविताक हिन्दी अनुवाद रजनी शर्मा आ मैथिली अनुवाद डॉ. शंभु कुमार सिंहक नामसँ देल अछि।
3613. अंक ११४क बालानां कृते खण्डमे जगदीश प्रसाद मण्डलक बाल-विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बुढ़िया दादी
  • घटक काका
  • सलाह
  • करुण हृदयक मालिक महाराज रणजीत सिंह
बालानां कृते सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - बाल विहनि कथा - बुढ़िया दादी’ देल अछि।
3614. मुन्नी कामतक अंक ११४क बालानां कृते योगदान कोन रूपमे देल अछि?
  • दूटा बाल कविता
  • बाल गजल
  • बाल नाटक
  • बाल समीक्षा
बालानां कृते सूचीमे ‘मुन्नी कामत - दूटा बाल कविता’ अछि।
3615. अंक ११४क समेकित पाठमे मणिपद्म, हरिमोहन झा, जिद्दी, गपशप आ बाल-विहनि कथा एकसंग की देखबैत अछि?
  • आलोचना, उपन्यास-विकास, कथा-समीक्षा, संवाद आ बाल-साहित्यक मिश्रित साहित्यिक विस्तार
  • केवल राजनीति समाचार
  • केवल तकनीकी शब्दकोष
  • केवल चित्रकला
अंक ११४क सूचीमे आलोचनात्मक अध्ययन, उपन्यास-विकास, जिद्दी-समीक्षा, गपशप, पद्य, कला-संगीत आ बालानां कृते सभ अछि।

3616. अंक ११५क गद्य खण्ड जितेन्द्र झाक कोन साहित्यिक-विमोचन प्रसंगसँ आरम्भ होइत अछि?
  • राजेश्वर नेपालीक सातटा कृति विमोचित
  • मणिपद्मक आलोचनात्मक अध्ययन
  • मैथिली बाल गजलक अवधारणा
  • सलहेस परिचर्चा
अंक ११५क गद्य सूचीमे ‘जितेन्द्र झा - राजेश्वर नेपालीक सातटा कृति विमोचित’ आरम्भिक प्रविष्टि अछि।
3617. कैलास दासक अंक ११५क लेख कोन शहर आ गतिविधि जोड़ैत अछि?
  • म्याराथन दौड़ आ जनकपुर
  • गंगा पूल आ महिषी
  • दरभंगा दौरा आ राष्ट्रपति
  • मिथिला पेंटिंग आ छत्ता
सूचीमे कैलास दासक शीर्षक ‘म्याराथन दौड़ आ जनकपुर’ देल अछि।
3618. कामिनी कामायनीक अंक ११५क गद्य शीर्षक कोन अछि?
  • कलंकित चान
  • उत्तराक नोर
  • चिडैक अभिलाष
  • शिक्षित बेटी
अंक ११५क गद्य सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘कलंकित चान’ देल अछि।
3619. जगदीश प्रसाद मण्डल अंक ११५मे कोन लघु-विधा समूहसँ उपस्थित छथि?
  • किछु विहनि कथा
  • ११ गोट गीत
  • दूटा बाल कविता
  • गजलकार परिचय
सामग्री-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - किछु विहनि कथा’ अछि।
3620. विजय मस्तक अंक ११५क लेख सुजीतक कथासंग्रहकेँ कोन ढंगसँ मूल्यांकित करैत शीर्षक रखैत अछि?
  • सम्पूर्ण कथा एकटा नया स्वाद देलक
  • मैथिली उपन्यास विकासमे योगदान
  • काफिया आ बहर
  • मातृभाषाक उच्चशिक्षा
सूचीमे विजय मस्तक ‘सुजीतक सम्पूर्ण कथा एकटा नया स्वाद देलक’ शीर्षकसँ देल छथि।
3621. ओम प्रकाशक अंक ११५क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्रोग्रेसिभ
  • लछमिनिया
  • बसात
  • देववाणी
गद्य सूचीमे ‘ओम प्रकाश - विहनि कथा - प्रोग्रेसिभ’ देल अछि।
3622. डॉ. अरुण कुमार सिंहक अंक ११५क लेख कोन कथा-इतिहास/समाज विषय पर अछि?
  • स्वातन्त्र्योत्तर मैथिली कथामे सामाजिक समरसता
  • मातृभाषाक माध्यमसँ उच्चशिक्षा
  • उजड़ैत गाम : बसैत शहर
  • भाषा जातिगत सम्पत्ति नहि
सूचीमे डॉ. अरुण कुमार सिंहक ‘स्वातन्त्र्योत्तर मैथिली कथामे सामाजिक समरसता’ देल अछि।
3623. राजदेव मंडलक अंक ११५क लघुकथा कोन शीर्षक रखैत अछि?
  • एलेक्शनक भूत
  • परिणीता
  • घासवाली
  • सलाह
सामग्री-सूचीमे ‘राजदेव मंडल - लघुकथा - एलेक्शनक भूत’ देल अछि।
3624. प्रो. वीणा ठाकुरक अंक ११५क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • परिणीता
  • घासवाली
  • सलाह
  • प्रोग्रेसिभ
गद्य सूचीमे ‘प्रो. वीणा ठाकुर - लघुकथा - परिणीता’ अछि।
3625. कपिलेश्वर राउतक अंक ११५क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • सलाह
  • प्रोग्रेसिभ
  • कलंकित चान
  • घटक काका
सूचीमे ‘कपिलेश्वर राउत - विहनिकथा - सलाह’ देल अछि।

3626. अंक ११५क पद्य खण्डमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ कोन आत्मगीत श्रृंखलासँ उपस्थित छथि?
  • की भेटल आ की हेरा गेल
  • नवका बाट
  • देश भक्ति
  • ज्ञानक बल
पद्य सूचीमे ‘जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ - की भेटल आ की हेरा गेल (आत्म गीत)’ देल अछि।
3627. शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ अंक ११५क पद्य खण्डमे कोन शीर्षकसँ छथि?
  • कविता - दृष्टिकोण
  • कविता - ज्ञानक बल
  • गजल - काफिया
  • बालगीत - मातृत्व
अंक ११५क पद्य-सूचीमे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क ‘कविता - दृष्टिकोण’ देल अछि।
3628. मिहिर झाक अंक ११५क पद्य शीर्षक कोन सामाजिक-आर्थिक अनुभूति सूचित करैत अछि?
  • महँगी
  • देश भक्ति
  • नवका बाट
  • हौ रामचंदर
पद्य सूचीमे मिहिर झाक ‘महँगी’ शीर्षक देल अछि।
3629. राजेश कुमार झाक अंक ११५क पद्य शीर्षक कोन भाव-विषय रखैत अछि?
  • एकटा प्रेम बिरहक कथा
  • कलंकित चान
  • काफिया
  • सलाह
अंक ११५क पद्य सूचीमे राजेश कुमार झाक ‘एकटा प्रेम बिरहक कथा’ देल अछि।
3630. कुसुम ठाकुर अंक ११५मे कोन लघु-काव्य रूपसँ उपस्थित छथि?
  • हाइकू
  • दीर्घकथा
  • साक्षात्कार
  • नाटक
पद्य सूचीमे ‘कुसुम ठाकुर - हाइकू’ देल अछि।
3631. रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क अंक ११५क शीर्षक कोन व्यंग्यात्मक/सामाजिक संकेत दैत अछि?
  • शासक सुधारक महाझारू
  • प्रोग्रेसिभ
  • बुढ़िया दादी
  • घटक काका
सूचीमे ‘रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’ - शासक सुधारक महाझारू’ देल अछि।
3632. किशन कारीगरक अंक ११५क हास्य कविता कोन शीर्षकसँ अछि?
  • पंडा आ दलाल
  • कानैत हँसी
  • महँगी
  • दृष्टिकोण
पद्य सूचीमे ‘किशन कारीगर - पंडा आ दलाल - (हास्य कविता)’ देल अछि।
3633. अंक ११५क गद्य-पद्य भारतीमे ‘मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृंग’क हिन्दी सँ मैथिली अनुवाद ककर द्वारा अछि?
  • विनीत उत्पल
  • ज्योति झा चौधरी
  • रूबी झा
  • शिव कुमार यादव
गद्य-पद्य भारती सूचीमे हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’क ‘मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृंग’क हिन्दी सँ मैथिली अनुवाद विनीत उत्पल द्वारा देल अछि।
3634. अंक ११५क बालानां कृते खण्डमे जगदीश प्रसाद मण्डलक बाल-विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • घटक काका
  • बुढ़िया दादी
  • करुण हृदयक मालिक महाराज रणजीत सिंह
  • १५ अगस्तपर गजल
बालानां कृते सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - बाल विहनि कथा - घटक काका’ देल अछि।
3635. अंक १११-११५क समेकित पाठमे कोन प्रवृत्ति स्पष्ट अछि?
  • बाल-साहित्य, लघुकथा/विहनि कथा, काव्य-तकनीक, समीक्षा, सामाजिक लेख आ अनुवादक निरंतरता
  • केवल एकमात्र राजनीतिक समाचार
  • केवल चित्र-सूची
  • केवल असंबद्ध सूचना
अंक १११ सँ ११५ धरि बाल गजल, विहनि कथा, काफिया-बहर, समीक्षा, सामाजिक लेख, कला-संगीत, अनुवाद आ बालानां कृते बारम्बार देखाइत अछि।

3636. अंक ११६क गद्य खण्डमे डॉ. अरूणा चौधरीक लघुकथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • छलना
  • व्यथा
  • कठजीब
  • परिभाषा
अंक ११६क गद्य-सूचीमे डॉ. अरूणा चौधरीक लघुकथा ‘छलना’ शीर्षकसँ देल अछि।
3637. अंक ११६मे जगदीश प्रसाद मण्डलक रचनात्मक अवदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • आठ गोट विहनि कथा
  • एकटा गजल मात्र
  • दूटा बाल कविता
  • कला-संगीत टिप्पणी
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘आठ गोट विहनि कथा’ लिखल अछि।
3638. डॉ. अजीत मिश्र अंक ११६मे कोन लघुकथा शीर्षकसँ उपस्थित छथि?
  • व्यथा
  • छलना
  • बाबाक गाछ
  • माटिक बासन
अंक ११६क सूचीमे डॉ. अजीत मिश्रक लघुकथा ‘व्यथा’ देल अछि।
3639. कामिनी कामायनीक अंक ११६क लघुकथा कोन शीर्षक रखैत अछि?
  • कठजीब
  • छलना
  • परिभाषा
  • घुसहा घर
गद्य खण्डमे कामिनी कामायनीक नामक संग ‘लघुकथा - कठजीब’ देल अछि।
3640. मुन्नी कामतक अंक ११६क नाटक कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • जिन्दगीक मोल
  • हत्यारा समाज
  • गंगा ब्रिज
  • मेनका
अंक ११६क गद्य-सूचीमे मुन्नी कामतक नाटक ‘जिन्दगीक मोल’ देल अछि।
3641. खुशबू झाक अंक ११६क समीक्षा-प्रविष्टि कोन कथा-संग्रह पर केन्द्रित अछि?
  • जिद्दी
  • अर्चिस
  • अम्बरा
  • हम पुछैत छी
सूचीमे ‘मैथिली कथा संग्रह जिद्दी पढलापर’ खुशबू झाक नामसँ देल अछि।
3642. पूनम मण्डलक अंक ११६क प्रविष्टि कोन संस्थागत प्रसंगक विरोधसँ जुड़ल अछि?
  • आकाशवाणी दरभंगाक जातिवादी प्रवृत्ति
  • साहित्य अकादेमीक मतदान
  • गंगा नदी पर पुल
  • मेवाड़क लोककला
अंक ११६मे पूनम मण्डलक शीर्षक आकाशवाणी दरभंगाक जातिवादी प्रवृत्तिक विरोधमे विचार गोष्ठी-सह-कवि सम्मेलन पर अछि।
3643. दुर्गानन्द मण्डलक अंक ११६क लेख नेना लेल कोन विधाक सुन्दर रूपक बात करैत अछि?
  • चित्रकथा
  • गजल
  • नाटक
  • साक्षात्कार
सामग्री-सूचीमे ‘नेना लेल सुन्दर चित्रकथा’ दुर्गानन्द मण्डलक नामसँ देल अछि।
3644. अमित मिश्रक अंक ११६क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • परिभाषा
  • कठजीब
  • व्यथा
  • छलना
गद्य-सूचीमे अमित मिश्रक ‘विहनि कथा - परिभाषा’ देल अछि।
3645. अंक ११६क गद्य-संरचना मुख्यत: कोन प्रवृत्तिकेँ जोड़ैत अछि?
  • लघुकथा, विहनि कथा, नाटक, कथा-समीक्षा आ सामाजिक गोष्ठी
  • केवल यात्रा-वृत्तान्त
  • केवल बाल-गीत
  • केवल पुरस्कार-घोषणा
अंक ११६क गद्य सूचीमे लघुकथा, विहनि कथा, नाटक, कथा-समीक्षा, सामाजिक गोष्ठी आ बाल-चित्रकथा सभ अछि।

3646. अंक ११६क पद्य खण्डमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ कोन आत्मगीत श्रृंखला संग छथि?
  • की भेटल आ की हेरा गेल
  • मच्छर राज
  • माटिक बासन
  • बिना रदीफक बाल-गजल
पद्य सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क ‘की भेटल आ की हेरा गेल’ आत्मगीतक आगाँ भाग देल अछि।
3647. अंक ११६क पद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक गीतक संख्या लगभग कोना सूचित अछि?
  • दर्जन भरि गीत
  • एकटा गीत
  • दूटा गीत
  • तीनटा गीत
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक लगभग दर्जन भरि गीत’ लिखल अछि।
3648. मिहिर झा अंक ११६क पद्य खण्डमे कोन विधासँ उपस्थित छथि?
  • गजल
  • चित्रकथा
  • साक्षात्कार
  • नाटक
अंक ११६क पद्य-सूचीमे मिहिर झाक नामक संग ‘गजल’ देल अछि।
3649. अमित मिश्रक अंक ११६क पद्य योगदानमे कोन दू विधा संग-संग देल अछि?
  • भगवती गीत आ गजल
  • नाटक आ विहनि कथा
  • चित्रकथा आ समीक्षा
  • यात्रा आ संस्मरण
पद्य खण्डमे अमित मिश्रक ‘भगवती गीत / गजल’ लिखल अछि।
3650. कैलास दासक अंक ११६क पद्य शीर्षक कोन आधुनिक साधनक संकेत करैत अछि?
  • कम्प्यूटर
  • इनार
  • गंगा ब्रिज
  • माहिया
अंक ११६क पद्य-सूचीमे कैलास दासक शीर्षक ‘कम्प्यूटर’ देल अछि।
3651. प्रमोद रंगीलेक अंक ११६क पद्य शीर्षक कोन व्यंग्यात्मक लोक-अनुभव रखैत अछि?
  • मच्छर राज
  • दुर्गापूजा
  • माटिक बासन
  • बाबाक गाछ
सूचीमे प्रमोद रंगीलेक नामक संग ‘मच्छर राज’ देल अछि।
3652. मिथिला कला-संगीत खण्डमे अंक ११६क राजनाथ मिश्रक प्रविष्टि कोन शीर्षकसँ अछि?
  • चित्रमय मिथिला
  • मिथिलाक वनस्पति
  • मिथिलाक जिनगी
  • जिन्दगीक मोल
अंक ११६क कला-संगीत सूचीमे राजनाथ मिश्रक ‘चित्रमय मिथिला’ देल अछि।
3653. उमेश मण्डलक अंक ११६क कला-संगीत प्रविष्टि कोन त्रयी समेटैत अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • काफिया, बहर आ गजल
  • कथा, नाटक आ समीक्षा
  • यात्रा, संस्मरण आ अनुवाद
सूचीमे उमेश मण्डलक नामक संग मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी तीनू संकेत देल अछि।
3654. बालानां कृते खण्डमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क अंक ११६क योगदान कोन विधा पर अछि?
  • बिना रदीफक बाल-गजल
  • सामाजिक नाटक
  • लघु-दीर्घ निर्णय
  • मेवाड़ लोककला
बालानां कृते सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क ‘बिना रदीफक बाल-गजल’ देल अछि।
3655. अंक ११६क बालानां कृते खण्डमे जगदानन्द झा मनुक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • माटिक बासन
  • जिन्दगीक मोल
  • मच्छर राज
  • कठजीब
बालानां कृते सूचीमे जगदानन्द झा मनुक ‘माटिक बासन’ देल अछि।

3656. अंक ११७क गद्य खण्ड रामभरोस कापडि भ्रमरक कोन यात्रा-प्रसंगसँ आरम्भ होइत अछि?
  • ह्वेन सांगसं चीनमे भेंटघांट
  • मेवाड़ आ मालवाक सांझी लोककला
  • रुपाली
  • प्रेमक बलि
अंक ११७क गद्य-सूचीमे पहिल प्रविष्टि ‘यात्रा प्रसंग - ह्वेन सांगसं चीनमे भेंटघांट’ अछि।
3657. जगदीश प्रसाद मण्डल अंक ११७मे कोन रचनात्मक समूहसँ उपस्थित छथि?
  • पाँचटा विहनि कथा
  • आठटा विहनि कथा
  • दर्जन भरि गीत मात्र
  • एकटा नाटक
अंक ११७क सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - पाँचटा विहनि कथा’ देल अछि।
3658. नागेन्द्रकुमार कर्णक अंक ११७क लेख ककर साहित्यिक व्यक्तित्व/रचना पर अछि?
  • सुजित कुमार झा
  • राजनाथ मिश्र
  • ज्योति झा चौधरी
  • शिवकुमार झा
गद्य-सूचीमे नागेन्द्रकुमार कर्णक शीर्षक ‘सुजित कुमार झा पर’ देल अछि।
3659. खुशबू झाक अंक ११७क गद्य-प्रविष्टि कोन शीर्षकसँ अछि?
  • रुपाली
  • कठजीब
  • छलना
  • कमलू
अंक ११७क गद्य खण्डमे खुशबू झाक नामक संग ‘रुपाली’ सूचीबद्ध अछि।
3660. डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक अंक ११७क लेख कोन लोककला पर परिचयात्मक दृष्टि दैत अछि?
  • मेवाड़ आ मालवाक सांझी लोककला
  • मिथिलाक चित्रमय परम्परा मात्र
  • बाल-गजल
  • काफिया
सूचीमे ‘मेवाड़ आ मालवाक सांझी लोककला : एक परिचय’ डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक नामसँ अछि।
3661. गजेन्द्र ठाकुरक अंक ११७क लेख विद्यापति-विमर्शमे कोन कार्य करैत अछि?
  • किछु प्रचलित कुप्रचारक निराकरण
  • बाल-साहित्य सम्मानक घोषणा
  • माहियाक छन्द-विधान
  • जनकपुर म्याराथन
अंक ११७मे शीर्षक ‘विद्यापति : किछु प्रचलित कुप्रचारक निराकरण (भाग-३)’ देल अछि।
3662. जगदानन्द झा मनुक अंक ११७क गद्य-रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • प्रेमक बलि
  • माटिक बासन
  • परिभाषा
  • घुसहा घर
गद्य सूचीमे जगदानन्द झा मनुक ‘प्रेमक बलि’ देल अछि।
3663. अंक ११७क गद्य-सूचीमे यात्रा, लोककला आ विद्यापति-विमर्शक संग कोन विधा बारम्बार उपस्थित अछि?
  • विहनि कथा/कथा
  • बाल-खेल मात्र
  • चित्रकला-फोटो मात्र
  • संपर्क-सूचना
अंक ११७मे पाँचटा विहनि कथा, रुपाली आ प्रेमक बलि जेकाँ कथा-प्रविष्टि यात्रा आ विचारलेखक संग अछि।
3664. अंक ११७क मेवाड़-मालवा प्रविष्टि मिथिला-साहित्य पत्रिकामे कोन व्यापकता देखबैत अछि?
  • भारतीय लोककलाक तुलनात्मक/परिचयात्मक विस्तार
  • केवल स्थानीय सूचना
  • केवल तकनीकी निर्देश
  • केवल पुरस्कार सूची
मेवाड़ आ मालवाक सांझी लोककला पर लेख देल रहब सांस्कृतिक क्षितिजकेँ मिथिला बाहरो विस्तारित करैत अछि।
3665. अंक ११७क विद्यापति-लेखक भाग-संकेत कोन क्रम दर्शबैत अछि?
  • भाग-३
  • भाग-१
  • भाग-७
  • भाग-१०
सामग्री-सूचीमे विद्यापति-लेखक बाद कोष्ठकमे ‘भाग-३’ देल अछि।

3666. अंक ११७क पद्य खण्डक पहिल प्रविष्टि कोन आत्मगीत श्रृंखला अछि?
  • की भेटल आ की हेरा गेल
  • सिनेह
  • नेता जी
  • मातृभाषा
पद्य खण्डमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क ‘की भेटल आ की हेरा गेल’ आगाँ भाग पहिल प्रविष्टि अछि।
3667. अंक ११७मे जगदीश प्रसाद मण्डलक गीतक संख्या कोना देल अछि?
  • सातटा गीत
  • दस गोट गीत
  • दूटा गीत
  • एकटा गीत
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक सातटा गीत’ देल अछि।
3668. राजदेव मण्डल अंक ११७क पद्य-सूचीमे कोन संख्या संग छथि?
  • दू गोट कविता
  • तीन गोट कविता
  • सातटा गीत
  • चारिटा गजल
अंक ११७क पद्य सूचीमे राजदेव मण्डल जीक ‘दू गोट कविता’ देल अछि।
3669. अंक ११७क पद्य-सूचीमे कपिलेश्वर राउत आ ओम प्रकाश कोन खण्डीय समूहमे देल छथि?
  • ३.६क अन्तर्गत
  • गद्य-पद्य भारतीक अन्तर्गत
  • बालानां कृतेक अन्तर्गत
  • संपादकीयक अन्तर्गत
सूचीमे ३.६ अन्तर्गत कपिलेश्वर राउत आ ओम प्रकाशक नाम एक साथ देल अछि।
3670. शिवनाथ यादव आ अर्चना कुमारीक नाम अंक ११७क कोन प्रमुख खण्डमे अछि?
  • पद्य
  • गद्य
  • भाषापाक
  • मिथिला कला-संगीत
पद्य सूचीमे ३.७ अन्तर्गत शिवनाथ यादव आ अर्चना कुमारीक नाम देल अछि।
3671. अंक ११७क पद्य खण्डमे अनिल मल्लिक, अंशु माला पाण्डेय, शान्तिलक्ष्मी चौधरी आ आशुतोष मिश्र कोन प्रवृत्ति देखबैत छथि?
  • बहु-कविक पद्य उपस्थिति
  • नाटकक संयुक्त मंचन
  • एकल साक्षात्कार
  • भाषा-तकनीक लेख
सूचीमे ई चारि नाम पद्य खण्डक एक समूहमे देल अछि, जे बहु-कवि उपस्थिति देखबैत अछि।
3672. अंक ११७क गद्य-पद्य भारतीमे हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’क कोन कृति देल अछि?
  • मन्त्रद्रष्टा ऋष्य श्रृंग
  • रुपाली
  • प्रेमक बलि
  • छलना
गद्य-पद्य भारतीमे ‘मन्त्रद्रष्टा ऋष्य श्रृंग’ हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’क नामसँ देल अछि।
3673. ‘मन्त्रद्रष्टा ऋष्य श्रृंग’ अंक ११७मे कोन भाषा-दिशाक अनुवाद रूपे सूचित अछि?
  • हिन्दीसँ मैथिली
  • मैथिलीसँ अंग्रेजी
  • डोगरीसँ संस्कृत
  • मराठीसँ हिन्दी
सूचीमे एहि कृतिकेँ ‘हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद’ रूपे देल अछि।
3674. अंक ११७क अनुवाद-प्रविष्टि ककर द्वारा मैथिलीमे देल अछि?
  • विनीत उत्पल
  • राजदेव मण्डल
  • रामभरोस कापडि भ्रमर
  • खुशबू झा
गद्य-पद्य भारतीमे हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’क कृतिकेँ मैथिलीमे विनीत उत्पल द्वारा अनूदित बताओल अछि।
3675. अंक ११७क समेकित पाठमे यात्रा, कथा, लोककला, विद्यापति-विमर्श, पद्य आ अनुवाद एकसंग की सिद्ध करैत अछि?
  • अंकक बहुविध साहित्य-सांस्कृतिक स्वरूप
  • केवल बाल-साहित्यक अंक
  • केवल पत्रकारीय समाचार
  • केवल तकनीकी दस्तावेज
अंक ११७क सूचीमे यात्रा, कथा, लोककला, विद्यापति-विमर्श, पद्य आ अनुवाद सभ एकसंग उपस्थित अछि।

3676. अंक ११८क गद्य खण्ड गजेन्द्र ठाकुरक कोन जीवनी-श्रृंखला सँ आरम्भ होइत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल : एकटा बायोग्राफी
  • विद्यापति कुप्रचारक निराकरण
  • माहिया
  • लघु-दीर्घ निर्णय
अंक ११८क गद्य-सूचीमे पहिल प्रविष्टि ‘जगदीश प्रसाद मण्डल : एकटा बायोग्राफी (आगाँ)’ अछि।
3677. जगदीश प्रसाद मण्डल अंक ११८मे कोन रचना-समूहसँ उपस्थित छथि?
  • आठटा विहनि कथा
  • पाँचटा विहनि कथा
  • सातटा गीत मात्र
  • लघुकथा इमानदार घूसखोर
गद्य-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - आठटा विहनि कथा’ देल अछि।
3678. गोविन्द झाक अंक ११८क नाटक कोन शीर्षक-आवृत्तिसँ पहिचानल जाइत अछि?
  • गाम जएबै गाम जएबै गाम जएबै ना
  • गंगा ब्रिज
  • हत्यारा समाज
  • जिन्दगीक मोल
सूचीमे गोविन्द झाक नाटक ‘गाम जएबै गाम जएबै गाम जएबै ना’ रूपे देल अछि।
3679. मुन्नी कामतक अंक ११८क एकांकी कोन शीर्षक रखैत अछि?
  • हत्यारा समाज
  • जिन्दगीक मोल
  • मेनका
  • शिक्षित बेटी
अंक ११८क गद्य-सूचीमे मुन्नी कामतक ‘एकांकी - हत्यारा समाज’ अछि।
3680. गजेन्द्र ठाकुरक अंक ११८क नाटक कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गंगा ब्रिज
  • गाम जएबै
  • मूर्दा
  • माहिया
सूचीमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘नाटक - गंगा ब्रिज’ देल अछि।
3681. पूनम मण्डलक अंक ११८क समाचार/रिपोर्ट समूहमे गौरीनाथक कोन उपन्यासक लोकार्पण अछि?
  • दाग
  • जिद्दी
  • अम्बरा
  • तरेगन
पूनम मण्डलक सूचीबद्ध बिंदुमे ‘दाग (उपन्यास) : गौरीनाथ - लोकार्पण’ देल अछि।
3682. ‘सगर राति दीप जरय’ अंक ११८मे कोन चरणक प्रसंगसँ जुड़ल अछि?
  • दोसर फेज/चरणक पहिल आयोजन
  • पहिल संस्करणक समापन
  • केवल पुस्तक-सूची
  • कला प्रदर्शनी मात्र
पूनम मण्डलक प्रविष्टिमे ‘सगर राति दीप जरय’क दोसर फेजक पहिल आयोजनक प्रसंग देल अछि।
3683. अंक ११८मे समन्वय भाषा-महोत्सवक प्रसंग कोन केन्द्रसँ जुड़ल अछि?
  • इण्डिया हैबीटेट सेन्टर
  • आकाशवाणी दरभंगा
  • कनचीरा गाम
  • जनकपुर
सूचीमे ‘समन्वय २-४ नवम्बर २०१२ इण्डिया हैबीटेट सेन्टर भारतीय भाषा महोत्सव’ देल अछि।
3684. अंक ११८क समन्वय प्रसंगमे मैथिलीमे कोन बहसक उल्लेख अछि?
  • ब्राह्मणवाद, ज्योतिरीश्वरपूर्व विद्यापति आ प्रेमक गीत
  • केवल बाल गजल
  • केवल चित्रकथा
  • केवल आर्थिक संकट
सूचीमे ३ नवम्बरकेँ मैथिलीमे ब्राह्मणवाद, ज्योतिरीश्वरपूर्व विद्यापति आ प्रेमक गीतपर बहसक उल्लेख अछि।
3685. डा. रमानन्द झा ‘रमण’क अंक ११८क लेख कोन विश्वविद्यालय आ व्यक्तित्वकेँ जोड़ैत अछि?
  • कलकत्ता विश्वविद्यालय आ राजा टंकनाथ चौधरी
  • दिल्ली विश्वविद्यालय आ सलहेस
  • दरभंगा विश्वविद्यालय आ बाल गजल
  • जनकपुर आ म्याराथन
गद्य सूचीमे ‘कलकत्ता विश्वविद्यालयमे मैथिली - राजा टंकनाथ चौधरी’ डा. रमानन्द झा ‘रमण’क नामसँ देल अछि।

3686. अंक ११८क पद्य खण्डमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ फेर कोन आत्मगीत श्रृंखला संग छथि?
  • की भेटल आ की हेरा गेल
  • घोटालाबला पाइ
  • दीआबाती
  • ओबामा ओबामा ओबामा
पद्य-सूचीमे ‘की भेटल आ की हेरा गेल (आत्म गीत)’क आगाँ भाग देल अछि।
3687. अंक ११८मे जगदीश प्रसाद मण्डलक गीतक संख्या कोना सूचित अछि?
  • गोटेक दर्जन गीत
  • दूटा गीत
  • तीन गोट गीत
  • चारिटा गजल
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल गोटेक दर्जन गीत’ लिखल अछि।
3688. मुन्नी कामत अंक ११८क पद्य खण्डमे कोन बाल-काव्य समूहसँ उपस्थित छथि?
  • पाँच टा बाल कविता
  • एकटा आत्मगीत
  • दूटा गजल
  • हास्य कविता
पद्य सूचीमे मुन्नी कामतक ‘पाँच टा बाल कविता’ देल अछि।
3689. जगदानन्द झा मनु अंक ११८मे बाल-विधाक कोन रूपसँ उपस्थित छथि?
  • बाल गजल
  • बाल नाटक
  • बाल कथा-संग्रह समीक्षा
  • चित्रकथा
अंक ११८क पद्य-सूचीमे जगदानन्द झा मनुक ‘बाल गजल’ देल अछि।
3690. राजदेव मण्डल अंक ११८क पद्य-सूचीमे कोन संख्या संग छथि?
  • दू गोट कविता
  • सातटा गीत
  • पाँचटा बाल कविता
  • गोटेक दर्जन गीत
सूचीमे राजदेव मण्डल जीक ‘दू गोट कविता’ देल अछि।
3691. जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ अंक ११८मे आत्मगीतक अतिरिक्त बाल-विधामे कोन रूपसँ उपस्थित छथि?
  • बाल गीत
  • बाल कथा
  • बाल समीक्षा
  • बाल नाटक
पद्य सूचीमे अलगसँ ‘जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ - बाल गीत’ देल अछि।
3692. रामविलास साहु अंक ११८क पद्य खण्डमे कोन रूपसँ सूचित छथि?
  • बाल कविता
  • यात्रा प्रसंग
  • लोककला परिचय
  • नाटक
अंक ११८क पद्य सूचीमे रामविलास साहुक ‘बाल कविता’ देल अछि।
3693. किशन कारीगरक अंक ११८क शीर्षक कोन आर्थिक-व्यंग्यात्मक भाव रखैत अछि?
  • घोटालाबला पाइ
  • दीआबाती
  • कठजीब
  • गंगा ब्रिज
पद्य-सूचीमे किशन कारीगरक ‘घोटालाबला पाइ’ शीर्षक अछि।
3694. अजीत मिश्रक अंक ११८क पद्य शीर्षक कोन पर्व/प्रकाश बिम्बक संकेत करैत अछि?
  • दीआबाती
  • घोटालाबला पाइ
  • ओबामा ओबामा ओबामा
  • गाम जएबै
अंक ११८क पद्य सूचीमे अजीत मिश्रक ‘दीआबाती’ देल अछि।
3695. अंक ११८क बालानां कृते खण्डमे कोन दू लेखक क्रमशः बाल गजल आ बाल कवितासँ देल छथि?
  • जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ आ राजदेव मण्डल
  • गजेन्द्र ठाकुर आ गोविन्द झा
  • पूनम मण्डल आ नवेंदु कुमार झा
  • रमानन्द झा आ मुन्नी कामत
बालानां कृते सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क बाल गजल आ राजदेव मण्डलक बाल कविता देल अछि।

3696. अंक ११९क गद्य खण्ड आशीष अनचिन्हारक कोन आलोचनात्मक विषयसँ आरम्भ होइत अछि?
  • लघु-दीर्घ निर्णय भाग-१
  • माहिया
  • काफिया-बहर
  • बाल गजलक अवधारणा
अंक ११९क गद्य-सूचीमे ‘लघु-दीर्घ निर्णय भाग-१’ पहिल प्रविष्टि अछि।
3697. जगदीश प्रसाद मण्डल अंक ११९मे कोन विधा-समूहसँ उपस्थित छथि?
  • किछु विहनि कथा
  • आठटा विहनि कथा
  • लघुकथा इमानदार घूसखोर
  • दर्जन भरि गीत मात्र
गद्य सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - किछु विहनि कथा’ देल अछि।
3698. सत्यनारायण झाक अंक ११९क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सुटिया
  • कैंसर
  • कमलू
  • लाँज
अंक ११९क गद्य-सूचीमे सत्यनारायण झाक ‘विहनि कथा - सुटिया’ देल अछि।
3699. मुन्नी कामतक अंक ११९क विहनि कथा कोन शीर्षक रखैत अछि?
  • कैंसर
  • सुटिया
  • कमलू
  • प्रोग्रेसिभ
गद्य-सूचीमे मुन्नी कामतक ‘विहनि कथा - कैंसर’ सूचीबद्ध अछि।
3700. महेन्द्र मलंगियाक अंक ११९क लेख/विमर्श कोन नाट्यकृतिकेँ श्रृंगार, संघर्ष आ द्वन्द्वक सन्दर्भमे देखैत अछि?
  • मूर्दा
  • गंगा ब्रिज
  • हत्यारा समाज
  • जिन्दगीक मोल
सूचीमे ‘महेन्द्र मलंगिया - मूर्दाः श्रृंगार संघर्ष आ द्वन्द्व’ देल अछि।
3701. जगदानन्द झा मनुक अंक ११९क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • कमलू
  • सुटिया
  • कैंसर
  • इमानदार घूसखोर
अंक ११९क गद्य-सूचीमे ‘जगदानन्द झा मनु - लघुकथा - कमलू’ देल अछि।
3702. नवेंदु कुमार झाक अंक ११९क प्रविष्टि मिथिला-मैथिली विषयमे कोन संकट संकेत करैत अछि?
  • बँटबाक साजिश
  • बाल गजल विवाद
  • कथा-संग्रह लोकार्पण
  • माहियाक छन्द
शीर्षकमे ‘मिथिला आ मैथिली बँटबाक भऽ रहल साजिश’क संकेत देल अछि।
3703. नवेंदु कुमार झाक अंक ११९क शीर्षकमे सरकारक कोन दिशा सूचित अछि?
  • ई-गवर्नेंस दिस डेग
  • लोककला दिस डेग
  • बाल-साहित्य दिस डेग
  • कविता-संग्रह दिस डेग
सूचीमे ‘ई गवर्नेंस दिस सरकार बढ़ौलक डेग’ वाक्यांश देल अछि।
3704. अंक ११९क गद्य-संरचना कोन तीन मुख्य धारा जोड़ैत अछि?
  • छन्द/भाषा-विवेचन, कथा-साहित्य आ सामाजिक-प्रशासनिक टिप्पणी
  • केवल चित्रकला
  • केवल बालगीत
  • केवल यात्रा-वृत्तान्त
अंक ११९मे लघु-दीर्घ निर्णय, अनेक विहनि/लघुकथा, नाट्य-विमर्श आ मिथिला-मैथिली/ई-गवर्नेंस विषय अछि।
3705. अंक ११९मे ‘लघु-दीर्घ निर्णय भाग-१’क उपस्थिति मैथिली साहित्यिक विमर्शमे कोन स्तर जोड़ैत अछि?
  • छन्द/ध्वनि/लय सम्बन्धी आलोचनात्मक विवेक
  • केवल समाचार-सूचना
  • केवल बालकथा
  • केवल चित्रमाला
शीर्षक लघु-दीर्घ निर्णय पर अछि, जाहिसँ भाषा/छन्द/लयक आलोचनात्मक पक्ष खुलैत अछि।

3706. अंक ११९क पद्य खण्डमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ कोन आत्मगीत श्रृंखला आगाँ बढ़बैत छथि?
  • की भेटल आ की हेरा गेल
  • सिनेह
  • भूखल
  • अभागलमे शुभकामना
पद्य-सूचीमे ‘की भेटल आ की हेरा गेल (आत्म गीत)’क आगाँ भाग देल अछि।
3707. अंक ११९मे जगदीश प्रसाद मण्डलक पद्य अवदान कोन रूपमे देल अछि?
  • किछु गीत
  • सातटा गीत
  • दूटा बाल कविता
  • चारिटा गजल
अंक ११९क पद्य सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - किछु गीत’ अछि।
3708. शिव कुमार यादवक अंक ११९क कविता कोन प्रश्नात्मक शीर्षक रखैत अछि?
  • ई की भेल
  • हे भगवान
  • नेता जी
  • सिनेह
पद्य-सूचीमे शिव कुमार यादवक ‘कविता - ई की भेल’ देल अछि।
3709. शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क अंक ११९क पद्य शीर्षक कोन अछि?
  • सिनेह
  • भूखल
  • प्रकृति
  • रे मन
सूचीमे शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क ‘सिनेह’ देल अछि।
3710. बाल मुकुन्द पाठक अंक ११९क पद्य खण्डमे कोन संख्या संग गजल देल छथि?
  • पाँचटा गजल
  • एकटा गजल
  • चारिटा गजल
  • दूटा गजल
अंक ११९क पद्य-सूचीमे ‘बाल मुकुंद पाठक - पाँचटा गजल’ देल अछि।
3711. बिनीता झाक अंक ११९क दू पद्य शीर्षक कोन अछि?
  • भूखल / प्रकृति
  • नेता जी / हे भगवान
  • सिनेह / रे मन
  • अभागल / रेल्वे
सूचीमे बिनीता झाक नामक संग ‘भूखल / प्रकृति’ देल अछि।
3712. शेफालिका वर्माक अंक ११९क पद्य शीर्षक कोन आत्म-संवाद बिम्ब बनबैत अछि?
  • रे मन
  • भूखल
  • सिनेह
  • नेता जी
पद्य सूचीमे शेफालिका वर्माक ‘रे मन’ देल अछि।
3713. कैलाश दासक अंक ११९क पद्य शीर्षक कोन राजनीतिक व्यंग्यक संकेत करैत अछि?
  • नेता जी
  • भूखल
  • प्रकृति
  • सिनेह
सूचीमे कैलाश दासक ‘नेता जी’ देल अछि।
3714. सत्यनारायण झाक अंक ११९क पद्य शीर्षक कोन धार्मिक संबोधनक रूप लेत अछि?
  • हे भगवान
  • नेता जी
  • प्रकृति
  • सिनेह
पद्य-सूचीमे सत्यनारायण झाक ‘हे भगवान’ देल अछि।
3715. अंक ११९क बालानां कृते खण्डमे बाल मुकुन्द पाठकक योगदान कोन रूपमे देल अछि?
  • बाल गजल
  • बाल नाटक
  • बाल कथा
  • बाल समीक्षा
बालानां कृते सूचीमे ‘बाल मुकुन्द पाठक - बाल गजल’ देल अछि।

3716. अंक १२०क गद्य खण्ड आशीष अनचिन्हारक कोन काव्य-विधा विषयक प्रविष्टिसँ आरम्भ होइत अछि?
  • माहिया
  • काफिया
  • लघु-दीर्घ निर्णय
  • बाल गजल
अंक १२०क गद्य-सूचीमे पहिल प्रविष्टि ‘माहिया’ अछि।
3717. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १२०क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • इमानदार घूसखोर
  • घुसहा घर
  • लाँज
  • सुटिया
गद्य-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल - लघुकथा - इमानदार घूसखोर’ देल अछि।
3718. प्रमोद रंगिलेक अंक १२०क लेख कोन राजनीतिक प्रसंग पर व्यंग्यात्मक शीर्षक रखैत अछि?
  • प्रचण्ड प्रयोग आ मधेसी मोर्चा
  • सांझी लोककला
  • विद्यापति निराकरण
  • गंगा ब्रिज
सूचीमे प्रमोद रंगिलेक शीर्षक प्रचण्डक नया हथियार आ मधेसी मोर्चाक प्रसंग जोड़ैत अछि।
3719. रामविलास साहुक अंक १२०क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • घुसहा घर
  • लाँज
  • इमानदार घूसखोर
  • कमलू
गद्य-सूचीमे रामविलास साहुक ‘एकटा विहनि कथा - घुसहा घर’ देल अछि।
3720. कैलास दासक अंक १२०क लघुकथा कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • लाँज
  • घुसहा घर
  • कैंसर
  • कठजीब
सूचीमे कैलास दासक ‘लघुकथा - लाँज’ देल अछि।
3721. संजीव कुमार शर्माक अंक १२०क प्रविष्टि ककर १५६म जयंती समारोह पर अछि?
  • महाकवि पं. लालदास
  • राजेश्वर नेपाली
  • गौरीनाथ
  • किशोरीकान्त मिश्र
अंक १२०क सूचीमे संजीव कुमार शर्माक शीर्षक ‘महाकवि पं. लालदासक १५६म जयंती समारोह’ अछि।
3722. सन्दीप कुमार साफी अंक १२०क गद्य खण्डमे कोन विधा/रूपसँ उपस्थित छथि?
  • आत्मकथा
  • नाटक
  • लोककला परिचय
  • साक्षात्कार
गद्य-सूचीमे ‘सन्दीप कुमार साफी - आत्मकथा’ देल अछि।
3723. उमेश मण्डलक अंक १२०क प्रविष्टि ‘सगर राति दीप जरय’क कोन चरणक आयोजन बतबैत अछि?
  • दोसर चरणक पहिल आयोजन
  • समापन समारोह
  • पहिल अंकक उद्घाटन
  • केवल बाल गोष्ठी
शीर्षकमे ‘दोसर चरणक पहिल सगर राति दीप जरय दरभंगामे सम्पन्न’ देल अछि।
3724. उमेश मण्डलक अंक १२०क रिपोर्टमे डिजिटल रूपमे कतए पोथीक लोकार्पणक उल्लेख अछि?
  • ३७ टा पोथी
  • सातटा कृति
  • पाँचटा कथा
  • दस गोट गीत
सूचीमे ‘डिजिटल फॉर्ममे ३७ टा पोथीक लोकार्पण’ लिखल अछि।
3725. अंक १२०क गद्य-संरचना माहिया, लघुकथा, राजनीतिक लेख, जयंती, आत्मकथा आ सांस्कृतिक आयोजनकेँ एकसंग की बनबैत अछि?
  • विधागत आ सामाजिक-सांस्कृतिक मिश्रण
  • केवल बाल-साहित्य अंक
  • केवल यात्रा-वृत्तान्त
  • केवल चित्रकला अंक
अंक १२०क सूचीमे काव्य-विधा, लघुकथा, राजनीतिक टिप्पणी, जयंती समारोह, आत्मकथा आ सांस्कृतिक आयोजन सभ संग-संग अछि।

3726. अंक १२०क पद्य खण्डमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ कोन आत्मगीत श्रृंखला संग छथि?
  • की भेटल आ की हेरा गेल
  • कातिकक पूर्णिमा
  • हम छी नीमक गाछ
  • ठिठुराबैत जाड़
पद्य-सूचीमे ‘की भेटल आ की हेरा गेल (आत्म गीत)’क आगाँ भाग देल अछि।
3727. सन्दीप कुमार साफीक अंक १२०क कविता-जोड़ी कोन शीर्षकसभ रखैत अछि?
  • कातिकक पूर्णिमा / गामक इनार
  • सिया तोरे कारण / ठिठुराबैत जाड़
  • चिर प्रतीक्षा / हाथ
  • घुसहा घर / लाँज
पद्य सूचीमे सन्दीप कुमार साफीक कविता ‘कातिकक पूर्णिमा / गामक इनार’ देल अछि।
3728. हेमनारायण साहुक अंक १२०क पद्य शीर्षक कोन वृक्ष-बिम्बक रूपमे अछि?
  • हम छी नीमक गाछ
  • गामक इनार
  • कातिकक पूर्णिमा
  • विदागरी
अंक १२०क पद्य-सूचीमे हेमनारायण साहुक ‘हम छी नीमक गाछ’ देल अछि।
3729. मुन्नी कामतक अंक १२०क दुइ कविता कोन शीर्षकसभसँ देल अछि?
  • सिया तोरे कारण / ठिठुराबैत जाड़
  • कातिकक पूर्णिमा / गामक इनार
  • चिर प्रतीक्षा / हाथ
  • इमानदार घूसखोर / लाँज
सूचीमे मुन्नी कामतक ‘सिया तोरे कारण / ठिठुराबैत जाड़’ दुइ कविता देल अछि।
3730. राजदेव मण्डलक अंक १२०क तीन कविता कोन शीर्षक-समूहमे देल अछि?
  • चिर प्रतीक्षा / हाथ / ठक
  • विदागरी / हाथ / ठक
  • कातिक / इनार / जाड़
  • सिया / नीम / इनार
पद्य सूचीमे राजदेव मण्डलक तीन कविता ‘चिर प्रतीक्षा / हाथ / ठक’ रूपे देल अछि।
3731. मिहिर झाक अंक १२०क पद्य शीर्षक कोन अछि?
  • विदागरी
  • हम छी नीमक गाछ
  • चिर प्रतीक्षा
  • कातिकक पूर्णिमा
अंक १२०क पद्य सूचीमे मिहिर झाक ‘विदागरी’ देल अछि।
3732. बिन्देश्वर ठाकुरक अंक १२०क पद्य-प्रविष्टि कोन ढंगक बहुरूपता देखबैत अछि?
  • गीत, गजल आ कविता तीनू
  • केवल नाटक
  • केवल आत्मकथा
  • केवल कथा-समीक्षा
सूचीमे बिन्देश्वर ठाकुरक नामक संग ‘गीत - गजल - कविता’ देल अछि।
3733. अंक १२०क संपादकीय सूचनामे २०१२-१३क विदेह भाषा सम्मानक फेलो सम्मान ककर नामसँ जुड़ल अछि?
  • श्री राजनन्दन लालदास
  • श्रीमती ज्योति सुनीत चौधरी
  • श्री नरेश कुमार विकल
  • श्री राजदेव मण्डल
अंक १२०क स्पष्ट संपादकीय भागमे फेलो/समग्र योगदानक सम्मान श्री राजनन्दन लालदास केँ देल अछि।
3734. अंक १२०क संपादकीय सूचनामे युवा पुरस्कार २०१२ कोन कृति लेल घोषित अछि?
  • ‘अर्चिस’ कविता-हाइकू संग्रह
  • ‘ययाति’ अनुवाद
  • ‘अम्बरा’ कविता संग्रह
  • ‘तरेगन’ बाल प्रेरक कथा संग्रह
संपादकीय सूचनामे युवा पुरस्कार २०१२ श्रीमती ज्योति सुनीत चौधरीक ‘अर्चिस’ कविता-हाइकू संग्रह लेल देल अछि।
3735. अंक ११६-१२०क समेकित पाठमे कोन प्रवृत्ति स्पष्ट रूपे चलैत अछि?
  • लघुकथा/विहनि कथा, नाटक, पद्य, बाल-साहित्य, लोक-संस्कृति, सम्मान-सूचना आ अनुवाद/आलोचनाक निरंतरता
  • केवल असंबद्ध सूचना
  • केवल चित्र-सूची
  • केवल तकनीकी निर्देश
अंक ११६ सँ १२० धरि कथा, नाटक, पद्य, बाल-रचना, लोक-संस्कृति, भाषा/छन्द-विमर्श, सम्मान-सूचना आ समीक्षा/अनुवादक प्रवाह बारम्बार भेटैत अछि।

3736. अंक १२१क गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक दू लघुकथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • पटियाबला / सनेस
  • कलंक / बलजोर
  • जुग-जुग जीबए / समय चक्र
  • जनक हाथे खेती / बिपतियाक विदेश
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक नामसँ ‘पटियाबला’ आ ‘सनेस’ दूटा लघुकथा देल अछि।
3737. ‘प्रेम-पत्र / सपनाक अबसान’ शीर्षकक रचनासँग अंक १२१मे कोन लेखकक नाम जुड़ल अछि?
  • बिन्देश्वर ठाकुर
  • उमेश मण्डल
  • नवेन्दु कुमार झा
  • सत्यनारायण झा
अंक १२१क गद्य भागमे बिन्देश्वर ठाकुरक रचना ‘प्रेम-पत्र / सपनाक अबसान’ रूपमे सूचिबद्ध अछि।
3738. ‘मिथिलाक खाँटी संस्कृतिक संकलन’ अंक १२१मे कोन लेखकक रचना रूपमे देल अछि?
  • उमेश मण्डल
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • अमित मिश्र
  • राजदेव मण्डल
सामग्री-सूचीमे उमेश मण्डलक नामक अगिला ‘मिथिलाक खाँटी संस्कृतिक संकलन’ देल अछि।
3739. गजेन्द्र ठाकुरक अंक १२१क गद्य-प्रविष्टि कोन साहित्यकारक जीवन-लेखनक आगाँ भाग अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • हरिमोहन झा
  • विद्यापति
  • राजदेव मण्डल
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल : एकटा बायोग्राफी- आगाँ’ गजेन्द्र ठाकुरक नामसँ अछि।
3740. ‘गाम मे विज्ञान केँ लोकप्रिय बनबऽ मे लागल छथि मानस बिहार’ शीर्षक अंक १२१मे ककर नामसँ जुड़ल अछि?
  • नवेन्दु कुमार झा
  • सत्यनारायण झा
  • बिन्देश्वर ठाकुर
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
अंक १२१क सूची ई शीर्षक नवेन्दु कुमार झाक नामसँ राखैत अछि।
3741. सत्यनारायण झाक अंक १२१क विहनि कथा ककर नामसँ सूचिबद्ध अछि?
  • भोला
  • सनेस
  • कलंक
  • समय चक्र
गद्य भागमे सत्यनारायण झाक विहनि कथा ‘भोला’ देल अछि।
3742. ‘पटियाबला’ कथामे सुलेमान आ श्याम सुनरक प्रसंग मुख्य रूपेँ कोन सामाजिक धरातल खोलैत अछि?
  • गरीबी, श्रम आ मानवीय सहानुभूति
  • राजदरबारक वैभव
  • विदेशी युद्ध
  • केवल विद्यालयी परीक्षा
कथांशमे जेठक रौद, श्रम, खाली पेट आ मददक बोलचाल गरीब जीवनक मार्मिकता सामने अनैत अछि।
3743. ‘पटियाबला’ कथाक आरम्भिक वातावरणमे जेठ मासक धूपक चित्रणसँ कथा ककर दबाव बनबैत अछि?
  • श्रमजीवी जीवनक कठोरता
  • वर्षा-ऋतुक उत्सव
  • राजसी आखेट
  • शहरी मौज-मस्ती
जेठक तीन बजे, धूप आ थकानक चित्रण श्रमिकक देह आ आजीविकापर पड़ैत बोझ देखबैत अछि।
3744. ‘सुलेमान भाय’ सम्बोधन कथामे कोन सम्बन्ध-भावकेँ मजबूत करैत अछि?
  • परिचित ग्रामीण आत्मीयता
  • अदालती विवाद
  • व्यापारिक अनुबंध
  • सैनिक अनुशासन
संवादक अपनापा आ भाय-सम्बोधन ग्रामीण समाजक आत्मीयता आ सहानुभूति प्रकट करैत अछि।
3745. अंक १२१क गद्य-संरचना एक संग कोन-कोन प्रवृत्ति रखैत अछि?
  • लघुकथा, जीवन-लेखन, संस्कृतिक लेख आ विज्ञान-प्रसार
  • केवल छन्द-शास्त्र
  • केवल लोकगीत
  • केवल यात्रा-वृत्तान्त
गद्य-सूचीमे लघुकथा, बायोग्राफी, संस्कृतिक संकलन आ विज्ञान लोकप्रियकरण सभ उपस्थित अछि।

3746. अंक १२१क पद्य भागमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ कोन आत्मगीत श्रृंखला संग उपस्थित छथि?
  • की भेटल आ की हेरा गेल
  • हमर समाज बौरा गेल
  • कातिकक पूर्णिमा
  • आधुनिक स्त्रीगण
पद्य-सूचीमे ‘की भेटल आ की हेरा गेल (आत्म गीत)’क आगाँ भाग देल अछि।
3747. अंक १२१मे अमित मिश्रक योगदान कोन रूपमे सूचिबद्ध अछि?
  • गीत १-३
  • नाटक गंगा ब्रिज
  • साक्षात्कार
  • उपन्यास बड़की बहिन
पद्य भागमे अमित मिश्रक नामक संग ‘गीत 1-3’ देल अछि।
3748. आशीष अनचिन्हारक अंक १२१क कविता शीर्षक कोन सामाजिक हिंसा-विमर्श दिस संकेत करैत अछि?
  • नुकाएल बलात्कारी रूप
  • पुसक रात
  • गामक इनार
  • चैन
सूचीमे आशीष अनचिन्हारक ‘नुकाएल बलात्कारी रूप’ नाम सामाजिक हिंसाक अनावृत करबाक संकेत दैत अछि।
3749. किशन कारीगरक अंक १२१क कविता-शीर्षक कोन आधुनिक राजनीतिक-सामाजिक मुहावरा प्रयोग करैत अछि?
  • डिनर डिप्लोमेसी
  • बोलती बन्न
  • दिलक आवाज
  • गुलामी डे
किशन कारीगरक शीर्षक ‘डिनर डिप्लोमेसी’ आधुनिक कूटनीतिक/सामाजिक मुहावरा लैत अछि।
3750. मुन्नी कामतक अंक १२१क कविता-जोड़ी कोन दू सामाजिक पीड़ा पर केन्द्रित अछि?
  • बेटी-लहास / बाल-श्रम
  • शराबक लेल / एफबी खेल
  • नेंगरा मजदूर / मनक दुआर
  • परदेशी पिया / जन्मब दुर्लभ
सूचीमे मुन्नी कामतक ‘बेटी-लहास’ आ ‘बाल-श्रम’ दुनू सामाजिक पीड़ा पर केन्द्रित शीर्षक अछि।
3751. प्रीति प्रिया झाक अंक १२१क कविता शीर्षक कोन व्यंग्यात्मक आभार-भावक संकेत दैत अछि?
  • कऽ देलखिन उपकार महाशय
  • शब्दमे उत्सव
  • खिलैत पलास वन
  • जों अहाँ नै छी
शीर्षक ‘कऽ देलखिन उपकार महाशय’ व्यंग्यात्मक धन्यवादक स्वर बनबैत अछि।
3752. राजदेव मण्डलक अंक १२१क तीन कविता मे कोन बाल/अभिव्यक्ति सम्बन्धी शीर्षकसभ अछि?
  • शिशुक स्वर / बोलती बन्न / दिलक आवाज
  • गामक इनार / कातिकक पूर्णिमा / हाथ
  • लाशसँ भरल ट्रेन / सभसँ प्रिय बस्तु / कलंक
  • जिद्दी / दुमर्जा / ऋष्यश्रृंग
सूचीमे राजदेव मण्डलक तीन कविता ‘शिशुक स्वर’, ‘बोलती बन्न’ आ ‘दिलक आवाज’ देल अछि।
3753. राम विलास साफीक अंक १२१क शीर्षकमे पाठककेँ कोन तरहक आग्रह कएल गेल अछि?
  • पढ़ल-लिखल तनि गौर करियो बबूआ
  • देखू आइ एफबी परक खेल
  • जागू
  • मनुक्ख बनू
शीर्षक ‘पढ़ल-लिखल तनि गौर करियो बबूआ’ शिक्षित समाजकेँ आत्मविचारक लेल पुकारैत अछि।
3754. बिनीता झाक ‘अही देशक बेटी हम’ शीर्षक कोन अस्मितात्मक स्वर दिस संकेत करैत अछि?
  • स्त्री आ देशज पहचान
  • केवल व्यापारिक लाभ
  • वन्य-पशु आखेट
  • छन्द-गणना
शीर्षक स्त्रीक आत्म-पहचानकेँ देशक सन्तान/नागरिकता संग जोड़ैत अछि।
3755. अंक १२१क पद्य-सूचीमे गीत, गजल, हाइकू, हजल, सामाजिक कविता आ बाल-पाठक संग-साथ उपस्थिति की देखबैत अछि?
  • विधागत विविधता
  • एकरूप सरकारी सूचना
  • केवल पुराणकथा
  • केवल विज्ञान लेख
पद्य-सूची अनेक विधा आ विषयकेँ एक मंचपर राखैत अछि, जे विदेहक विविधताक संकेत अछि।

3756. अंक १२२क गद्य भागमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क कोन रचना देल अछि?
  • द्विरागमन
  • माहिया
  • गंगा ब्रिज
  • रत्नाकर डकैत
सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क नामसँ ‘द्विरागमन’ देल अछि।
3757. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १२२क लघुकथा कोन शीर्षकसँ सूचिबद्ध अछि?
  • कलंक
  • पटियाबला
  • बलजोर
  • जनक हाथे खेती
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा ‘कलंक’ देल अछि।
3758. अंक १२२मे प्रसुन सिंहक लेख ‘नारीक चरित्र सभसँ रंगल कथासंग्रह’ कोन कृतिकेँ केन्द्र बनबैत अछि?
  • जिद्दी
  • अम्बरा
  • फाँसी
  • बसात
सूचीमे प्रसुन सिंहक लेख ‘नारीक चरित्र सभसँ रंगल कथासंग्रह जिद्दी’ रूपमे देल अछि।
3759. जगदानन्द झा ‘मनु’क अंक १२२क दू विहनि कथा कोन शीर्षकसभ अछि?
  • लाशसँ भरल ट्रेन / सभसँ प्रिय बस्तु
  • जुग-जुग जीबए / समय चक्र
  • जनक हाथे खेती / बिपतियाक विदेश
  • पटियाबला / सनेस
गद्य-सूचीमे हुनकर दू विहनि कथा ‘लाशसँ भरल ट्रेन’ आ ‘सभसँ प्रिय बस्तु’ देल अछि।
3760. गद्य-पद्य भारतीमे ‘दुमर्जा’ कविता कोन अनुवाद-शृंखला द्वारा मैथिलीमे पहुँचैत अछि?
  • तेलुगुसँ हिन्दी, तकर बाद मैथिली
  • अंग्रेजीसँ फारसी, तकर बाद संस्कृत
  • मैथिलीसँ तमिल, तकर बाद डोगरी
  • नेपालीसँ फ्रेंच, तकर बाद मैथिली
सूचीमे मूल तेलुगु कविता, तेलुगुसँ हिन्दी अनुवाद, आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवादक शृंखला देल अछि।
3761. ‘दुमर्जा’ कविताक सन्दर्भ कोन समकालीन सामाजिक घटना-संवेदनासँ जोड़ल अछि?
  • दिल्लीक बलात्कारक घटना
  • मिथिला परिक्रमा
  • पोथी लोकार्पण
  • लोकगीत प्रतियोगिता
गद्य-पद्य भारतीक विवरणमे ई कविता दिल्लीक बलात्कारक घटनापर आधारित कहल गेल अछि।
3762. गद्य-पद्य भारतीमे ‘मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृंग’ ककर रचना रूपमे देल अछि?
  • हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’
  • शिवकुमार झा ‘टिल्लू’
  • प्रसुन सिंह
  • बिन्देश्वर ठाकुर
सूचीमे ‘मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृंग’ हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’क नामसँ देल अछि।
3763. बिन्देश्वर ठाकुरक ‘प्रेम-पत्र / सपनाक अबसान’ अंक १२१ आ १२२ दुनूमे देखाइत अछि; ई की संकेत करैत अछि?
  • क्रमिक गद्य-प्रस्तुति
  • केवल एक-दिनक समाचार
  • फिल्म-सूची
  • पत्र-सूची
दुनू अंकक सूचीमे एकहि शीर्षक-युग्म आबि रहल अछि, जे क्रमिक गद्य-प्रस्तुतिक संकेत दैत अछि।
3764. अंक १२२क गद्य-सूचीमे नारी-विमर्श कोन लेखक-शीर्षक द्वारा प्रमुख भेल अछि?
  • प्रसुन सिंह — जिद्दी पर लेख
  • नवेन्दु कुमार झा — मानस बिहार
  • सुमित आनन्द — पुण्यतिथि संवाद
  • ओम प्रकाश — गजल समीक्षा
‘नारीक चरित्र सभसँ रंगल कथासंग्रह जिद्दी’ शीर्षक स्पष्ट रूपेँ नारीक चरित्र-संरचना पर केन्द्रित अछि।
3765. अंक १२२क कुल संरचना गद्य, पद्य आ अनुवादक संग-साथ ककर उदाहरण अछि?
  • बहुभाषी आ बहुविध साहित्यिक मंच
  • केवल परीक्षा-सूची
  • केवल कार्यालयी परिपत्र
  • केवल छायाचित्र-संग्रह
गद्य, पद्य, तेलुगु-हिन्दी-मैथिली अनुवाद आ संस्कृत-परम्परा सम्बन्धी रचना संगहि देल अछि।

3766. अंक १२३क गद्य-सूचीमे ज्योति झा चौधरीक रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • एक युग : टच वुड
  • सगर राति दीप जरय
  • जिद्दी
  • उजड़ैत गाम
गद्य भागमे ज्योति झा चौधरीक ‘एक युग : टच वुड’ सूचिबद्ध अछि।
3767. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १२३क उपन्यास-प्रविष्टि कोन दू शीर्षक जोड़ैत अछि?
  • बड़की बहिन / सधवा-विधवा
  • पटियाबला / सनेस
  • लाशसँ भरल ट्रेन / सभसँ प्रिय बस्तु
  • बलजोर / दोस्ती नै धारैए
सूचीमे उपन्यास रूपमे ‘बड़की बहिन / सधवा-विधवा’ देल अछि।
3768. ‘भुखाएल जानवर सभ’ अंक १२३मे कोन लेखकक गद्य-रचना रूपमे अछि?
  • बिन्देश्वर ठाकुर
  • अमित मिश्र
  • ई० सत्य नारायण झा
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
गद्य-सूचीमे बिन्देश्वर ठाकुरक ‘भुखाएल जानवर सभ’ देल अछि।
3769. अमित मिश्रक अंक १२३क गद्य शीर्षक कोन विरोधाभासी भाव बनबैत अछि?
  • हारल विजेता
  • द्विरागमन
  • कलंक
  • स्मरण
‘हारल विजेता’ हार आ जीतक विरोधी अर्थकेँ एक साथ राखैत शीर्षक अछि।
3770. गजेन्द्र ठाकुरक अंक १२३क नाटक कोन शीर्षकसँ सूचिबद्ध अछि?
  • गंगा ब्रिज
  • रत्नाकर डकैत
  • शिक्षित बेटी
  • फाँसी
गद्य भागमे गजेन्द्र ठाकुरक ‘नाटक- गंगा ब्रिज’ देल अछि।
3771. अंक १२३मे ‘स्मरण’ शीर्षक ककर नामसँ जुड़ल अछि?
  • ई० सत्य नारायण झा
  • उमेश मण्डल
  • सुमित आनन्द
  • ओम प्रकाश
सामग्री-सूचीमे ‘ई० सत्य नारायण झा- स्मरण’ देल अछि।
3772. जगदानन्द झा ‘मनु’क अंक १२३क विहनि कथा-युग्म कोन अछि?
  • जुग-जुग जीबए / समय चक्र
  • लाशसँ भरल ट्रेन / सभसँ प्रिय बस्तु
  • जनक हाथे खेती / बिपतियाक विदेश
  • पटियाबला / सनेस
अंक १२३क गद्य भागमे हुनकर दू विहनि कथा ‘जुग-जुग जीबए’ आ ‘समय चक्र’ देल अछि।
3773. ‘महा विद्यालय सांस्कृतिक कार्यक्रम-२०१३’ सम्बन्धी रिपोर्ट अंक १२३मे ककर नामसँ देल अछि?
  • पूनम मण्डल
  • ज्योति झा चौधरी
  • प्रसुन सिंह
  • बिनीता झा
गद्य-सूचीमे रिपोर्ट पूनम मण्डलक नामसँ अछि।
3774. अंक १२३क गद्य भागमे कथा, उपन्यास, नाटक, रिपोर्ट आ स्मरणक संग-साथ उपस्थिति की देखबैत अछि?
  • विधागत विस्तार
  • केवल एकरूप गीत-संग्रह
  • केवल प्रशासनिक दस्तावेज
  • केवल चित्रकला-सूची
गद्य-सूची साहित्यिक कथा-विधा सँ लऽ कऽ सांस्कृतिक रिपोर्ट आ स्मरण धरि फैलल अछि।
3775. ‘गंगा ब्रिज’क सूचीगत उपस्थिति अंक १२३मे गद्य खण्डकेँ कोन विधा दिस खोलैत अछि?
  • नाटक
  • बाल-गजल
  • छन्द-कोश
  • यात्रा-सूची
शीर्षकक आगाँ साफ ‘नाटक’ शब्द अछि, तेँ ई नाट्य-विधा दिस संकेत करैत अछि।

3776. अंक १२३मे अमित मिश्रक पद्य-समूहमे कोन शीर्षक जीवन-प्रवाहक भाव दैत अछि?
  • जीवन एहिना चलैत रहै छै
  • लाशसँ भरल ट्रेन
  • द्विरागमन
  • मणिपद्म
अमित मिश्रक पद्य सूचीमे ‘जीवन एहिना चलैत रहै छै’ शीर्षक देल अछि।
3777. अमित मिश्रक अंक १२३क पद्य-समूहमे जागरणक सीधा आग्रह कोन शीर्षकमे अछि?
  • जागू
  • मित्र
  • नारीक रूप
  • समयक संग
सूचीमे ‘जागू’ स्वतंत्र शीर्षक रूपमे अछि, जे जागरणक सीधा आह्वान करैत अछि।
3778. कामिनी कामायनीक अंक १२३क कविता कोन शीर्षकसँ आधुनिक स्त्री-विमर्श दिस संकेत करैत अछि?
  • आधुनिक स्त्रीगण
  • आस्थाक पूर्ण कलश
  • चैन
  • पिया जल्दी सँ आउ ने
‘आधुनिक स्त्रीगण’ शीर्षक आधुनिक स्त्रीक सामूहिक उपस्थिति आ विचार-क्षेत्र पर केन्द्रित अछि।
3779. शिव कुमार यादव आ जगदानन्द झा ‘मनु’क अंक १२३क पद्य-प्रविष्टि मुख्यत: कोन विधा साझा करैत अछि?
  • गजल
  • एकांकी
  • यात्रा-वृत्तान्त
  • समाचार
पद्य सूचीमे शिव कुमार यादवक गजल १-४ आ जगदानन्द झा ‘मनु’क गजल १-४ देल अछि।
3780. बाल मुकुन्द पाठकक अंक १२३क योगदान कोन रूपमे सूचिबद्ध अछि?
  • गजल १-५
  • नाटक
  • साक्षात्कार
  • उपन्यास
सूचीमे बाल मुकुन्द पाठकक नामक संग ‘गजल १-५’ अछि।
3781. बिन्देश्वर ठाकुर ‘नेपाली’क अंक १२३क पद्य शीर्षकसभ प्रेम-विषयकेँ कोन ढंगसँ राखैत अछि?
  • प्रेमक फल / पिया अहाँक यादमे
  • नेंगरा मजदूर / मनक दुआर
  • सिया तोरे कारण / ठिठुराबैत जाड़
  • शिशुक स्वर / बोलती बन्न
पद्य-सूचीमे बिन्देश्वर ठाकुर ‘नेपाली’क ‘प्रेमक फल’ आ ‘पिया अहाँक यादमे’ देल अछि।
3782. अंक १२३क गद्य-पद्य भारतीमे ‘अश्वत्थामा’ कोन अनुवाद-शृंखला द्वारा मैथिलीमे आबैत अछि?
  • तेलुगु मूल सँ हिन्दी, फेर मैथिली
  • संस्कृत सँ डोगरी, फेर नेपाली
  • मैथिली सँ तेलुगु, फेर हिन्दी
  • फ्रेंच सँ मैथिली, फेर तमिल
सूचीमे मूल तेलुगु कविता, तेलुगुसँ हिन्दी अनुवाद आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवादक क्रम देल अछि।
3783. गद्य-पद्य भारतीक ‘मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृंग’ अंक १२३मे कोन क्रमिक स्वरूपमे अछि?
  • आगाँ भाग
  • नव आरम्भ
  • केवल चित्र
  • समाप्त नाटक
अंक १२३क सूचीमे ‘मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृंग’क आगाँ भाग सूचित अछि।
3784. बालानां कृते भागमे अंक १२३मे जगदानन्द झा ‘मनु’ आ अमित मिश्र कोन बाल-विधा सँ जुड़े छथि?
  • बाल गजल
  • बाल उपन्यास
  • बाल नाटक
  • बाल व्याकरण
बालानां कृते खण्डमे जगदानन्द झा ‘मनु’क बाल गजल आ अमित मिश्रक बाल गजल १-४ देल अछि।
3785. अंक १२३क पद्य-संरचना गजल, गीत, स्त्री-विमर्श, अनुवाद आ बाल-गजलकेँ संग राखि की सिद्ध करैत अछि?
  • बहुस्तरीय काव्य-संसार
  • केवल खेलकूद रिपोर्ट
  • केवल प्रशासनिक सूचना
  • केवल वंशावली
अंकमे प्रेम, जागरण, स्त्री-विमर्श, अनुवाद आ बाल-पाठक कविता एक संग देखाइत अछि।

3786. अंक १२४क गद्य-सूचीमे मुख्य उपन्यास-प्रविष्टि कोन अछि?
  • बड़की बहिन (आगाँ)
  • द्विरागमन
  • हारल विजेता
  • भुखाएल जानवर सभ
गद्य भागमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘बड़की बहिन (आगाँ)’ मुख्य उपन्यास-प्रविष्टि अछि।
3787. अंक १२४मे जगदीश प्रसाद मण्डलक दू लघुकथा कोन शीर्षकसभ अछि?
  • बलजोर / दोस्ती नै धारैए
  • पटियाबला / सनेस
  • लाशसँ भरल ट्रेन / सभसँ प्रिय बस्तु
  • जुग-जुग जीबए / समय चक्र
सूचीमे ‘बलजोर’ आ ‘दोस्ती नै धारैए’ दूटा लघुकथा देल अछि।
3788. अंक १२४क संपादकीय/लेख भागमे चारि उत्तर-आधुनिक नाटकक चर्चा कोन दृष्टि सँ भेल अछि?
  • भावप्रधान निरर्थक/एबसर्ड नाटक-विमर्श
  • केवल बालगीत-लेखन
  • कृषि-तकनीक प्रशिक्षण
  • वंशावली गणना
लेखमे ‘उत्तर आधुनिक भावप्रधान निरर्थक (एबसर्ड) नाटक’क रूपमे नाटकसभक चर्चा भेल अछि।
3789. सैमुअल बेकैटक कोन नाटक अंक १२४क उत्तर-आधुनिक नाटक-विमर्शमे उद्धृत अछि?
  • वेटिङ फॉर गोडो
  • द बर्थडे पार्टी
  • रायनोसोरस
  • द डम्ब वेटर
लेखमे सैमुअल बेकैटक फ्रेंच नाटक ‘वेटिङ फॉर गोडो’क चर्चा अछि।
3790. हैरोल्ड पिन्टरक कोन अंग्रेजी नाटक अंक १२४मे चर्चित अछि?
  • द बर्थडे पार्टी
  • वेटिङ फॉर गोडो
  • रायनोसोरस
  • गंगा ब्रिज
उत्तर-आधुनिक नाटक-विमर्शमे हैरोल्ड पिन्टरक ‘द बर्थडे पार्टी’ देल अछि।
3791. बादल सरकारक कोन नाटक अंक १२४क चारि नाटकक चर्चामे अबैत अछि?
  • एवम् इन्द्रजीत
  • रत्नाकर डकैत
  • शिक्षित बेटी
  • द्विरागमन
सूची-सम्बद्ध लेखमे बादल सरकारक ‘एवम् इन्द्रजीत’ शामिल अछि।
3792. अंक १२४मे ‘वेटिङ फॉर गोडो’क रंग-संकेतमे ककर बिम्ब आयल अछि?
  • सुन्न सड़क, माटिक ढिमका आ पत्रहीन गाछ
  • महल, सिंहासन आ राजसभा
  • समुद्री जहाज आ बंदरगाह
  • विद्यालयक खेलक मैदान
स्रोत अंशमे ‘सुन्न-मसान सड़क’, ‘माटिक ढिमका’ आ ‘पत्रहीन गाछ’ स्टेज-बिम्ब रूपमे आयल अछि।
3793. ‘वेटिङ फॉर गोडो’क चर्चामे पात्र सभक प्रतीक्षा कोन भावभूमि बनबैत अछि?
  • अर्थहीन प्रतीक्षा आ अस्तित्वगत खालीपन
  • विजय-उत्सव
  • राज्याभिषेक
  • शिक्षा-प्रशिक्षण
एबसर्ड नाटक-विमर्शमे प्रतीक्षा स्वयं जीवनक निरर्थकता/खालीपनक प्रतीक बनैत अछि।
3794. अंक १२४क गद्य भाग गाम-समाजक उपन्यास आ विश्व-नाटक सिद्धान्तकेँ एकठाम राखि की बनबैत अछि?
  • स्थानीय यथार्थ आ वैश्विक नाट्य-विमर्शक संगम
  • केवल धार्मिक पंचांग
  • केवल चित्र-सूची
  • केवल पत्राचार
‘बड़की बहिन’क ग्रामीण-सामाजिक कथा आ एबसर्ड नाटक-विमर्श एकहि अंकमे संग-साथ अछि।
3795. ‘दोस्ती नै धारैए’ शीर्षक लघुकथा-सूचीमे कोन सामाजिक सम्बन्धक परीक्षा दिस संकेत करैत अछि?
  • मित्रता
  • राजकीय कर
  • युद्धनीति
  • खगोल विज्ञान
शीर्षकमे ‘दोस्ती’ स्पष्ट अछि; कथानाम सम्बन्धक टिकाउपन पर प्रश्न उठबैत अछि।

3796. अंक १२४क पद्य खण्डमे रामविलास साहु आ हेम नारायण साहु कोन रूपमे सूचिबद्ध छथि?
  • कविता
  • साक्षात्कार
  • नाटक
  • समाचार
पद्य-सूचीमे रामविलास साहुक दू कविता आ हेम नारायण साहु जीक कविता देल अछि।
3797. अंक १२४मे डॉ. शिव कुमार प्रसादक योगदान कोन रूपमे अछि?
  • दूटा गीत
  • एकांकी
  • जीवनी
  • समाचार
सूचीमे डॉ. शिव कुमार प्रसादक दूटा गीत पद्य खण्डमे देल अछि।
3798. कामिनी कामायनीक अंक १२४क कविता शीर्षक कोन भक्ति/विश्वास-बिम्बसँ जुड़ल अछि?
  • आस्थाक पूर्ण कलश
  • चैन
  • प्रेम
  • गामक इनार
शीर्षक ‘आस्थाक पूर्ण कलश’ विश्वास आ श्रद्धाक बिम्ब प्रयोग करैत अछि।
3799. बिनीता झाक अंक १२४क कविता कोन संक्षिप्त भाव-शीर्षक रखैत अछि?
  • चैन
  • प्रेम
  • हाथ
  • जागू
पद्य-सूचीमे बिनीता झाक कविता ‘चैन’ देल अछि।
3800. ज्योति झा चौधरीक अंक १२४क कविता शीर्षक कोन उत्सवी-प्रेम प्रसंगक संकेत करैत अछि?
  • पिया जल्दी सँ आउ ने
  • अही देशक बेटी हम
  • देखू आइ एफबी परक खेल
  • जीवन एहिना चलैत रहै छै
सूचीमे ‘पिया जल्दी सँ आउ ने’क साथ वैलेन्टाइन डे विशेषक संकेत अछि।
3801. राजदेव मण्डल आ जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १२४क पद्य-प्रविष्टि क्रमशः कोन रूपमे अछि?
  • दू कविता / दू गीत
  • दू नाटक / दू कथा
  • दू रिपोर्ट / दू साक्षात्कार
  • दू जीवनी / दू समीक्षा
सूचीमे राजदेव मण्डलक दू कविता आ जगदीश प्रसाद मण्डलक दू गीत देल अछि।
3802. बाल मुकुन्द पाठकक अंक १२४क गजल-संख्या कोन रूपमे सूचिबद्ध अछि?
  • गजल १-२
  • गजल १-५
  • गीत १-३
  • बाल कविता १-४
अंक १२४क पद्य-सूचीमे बाल मुकुन्द पाठकक ‘गजल १-२’ अछि।
3803. बिन्देश्वर ठाकुर ‘नेपाली’क अंक १२४क पद्य-सूचीमे कोन विषय प्रमुख अछि?
  • प्रेम आ गजल
  • विज्ञान लोकप्रियकरण
  • कृषि-अनुसंधान
  • एबसर्ड नाटक
सूचीमे हुनकर ‘प्रेम / गजल’ देल अछि।
3804. अंक १२४क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ज्योति झा चौधरी, राजनाथ मिश्र आ उमेश मण्डलक उपस्थिति की देखबैत अछि?
  • साहित्य संग कला-संगीतक समावेश
  • केवल व्याकरणक अभ्यास
  • केवल परीक्षाक प्रश्न
  • केवल कार्यालयी सूचना
अलग मिथिला कला-संगीत खण्ड साहित्यिक अंककेँ दृश्य/संगीत संस्कृतिसँ जोड़ैत अछि।
3805. अंक १२४क बालानां कृते खण्डमे बाल गजल आ बाल कविताक संग-साथ उपस्थिति ककर प्रमाण अछि?
  • बाल-साहित्यक विधागत विविधता
  • केवल वयस्क नाट्य-विमर्श
  • केवल ऐतिहासिक अभिलेख
  • केवल यात्रा-निर्देश
बाल खण्डमे बाल गजल आ बाल कविता दुनू प्रकारक रचना देल अछि।

3806. अंक १२५क संपादकीयमे इन्द्र-ध्वजाक रंग कोन कहल गेल अछि?
  • गाढ़ नील
  • लाल-गेरुआ
  • श्वेत
  • हरियर
संपादकीय अंशमे इन्द्र-ध्वजाकेँ गाढ़ नील रंगक कहल गेल अछि।
3807. रामक ध्वजाक रंग आ चिह्नक सम्बन्धमे संपादकीय कोन बात कहैत अछि?
  • लाल-गेरुआ ध्वजा पर सूर्यक चित्र
  • नील ध्वजा पर गरुड़
  • श्वेत ध्वजा पर नंदी
  • हरियर ध्वजा पर कमल
अंशमे रामक ध्वजा लाल-गेरुआ आ कुलदेवता सूर्यक चित्र सहित कहल गेल अछि।
3808. भगवान विष्णुक ध्वजा पर कोन चिह्न अंकित कहल गेल अछि?
  • गरुड़
  • नंदी
  • शरभ
  • सूर्य
स्रोत अंश विष्णुक ध्वजा पर गरुड़ अंकित बतबैत अछि।
3809. शिवक ध्वजा पर कोन प्रतीकक उल्लेख अछि?
  • नंदी वृषभ
  • गरुड़
  • वानरराज
  • सूर्य
संपादकीयमे शिवक ध्वजा पर नंदी वृषभ अंकित कहल गेल अछि।
3810. शैवसर्वस्वसारक प्रारम्भिक श्लोकक अर्थमे कोन महारानीक विश्वख्यात नीति-कौशलक उल्लेख अछि?
  • विश्वासदेवी
  • सीता
  • शची
  • रति
अंशमे विद्यापतिक श्लोकक अर्थमे महारानी विश्वासदेवीक गुण आ नीति-कौशलक चर्चा अछि।
3811. भवानीपुर ग्रामक उग्रनाथ महादेव प्रसंग कोन महाकविसँ लोकविश्वासमे जुड़ल अछि?
  • विद्यापति
  • ज्योतिरीश्वर
  • चन्दा झा
  • हरिमोहन झा
संपादकीय अंश भवानीपुरक उग्रनाथ महादेवकेँ विद्यापति-सम्बद्ध लोकविश्वाससँ जोड़ैत अछि।
3812. जनकपुर मध्य परिक्रमा सम्बन्धी अंश लघु, मध्य आ वृहत परिक्रमाकेँ कोन रूपमे अलग करैत अछि?
  • दूरी आ स्थल-क्रमक आधार पर
  • छन्द-गणनाक आधार पर
  • नाटकक पात्र-सूची पर
  • गजल-काफियाक आधार पर
अंशमे लघु, मध्य आ वृहत परिक्रमाक दूरी आ स्थल-क्रम देल अछि।
3813. उग्रतारा स्थानकेँ संपादकीय अंश कोन परम्परा सँ जोड़ैत अछि?
  • मण्डन मिश्रक कुलदेवी/महिषमर्दिनी भगवती
  • समुद्री देवता
  • वन्य आखेट-स्थल
  • आधुनिक रंगमंच
अंशमे उग्रतारा स्थानकेँ मण्डन मिश्रक कुलदेवी आ महिषमर्दिनी भगवती रूपमे वर्णित कएल अछि।
3814. कपिलेश्वर स्थानक प्रसंगमे सांख्य दर्शनक कोन जनकक उल्लेख अछि?
  • कपिल
  • कणाद
  • पतञ्जलि
  • गौतम
कपिलेश्वर स्थानक विवरणमे सांख्य दर्शनक जनक कपिल द्वारा स्थापना-विश्वासक उल्लेख अछि।
3815. मिथिलाक नामावलीमे विदेह, तीरभुक्ति, तिरहुत, तपोभूमि आदि नामक संग-साथ उल्लेख ककर संकेत अछि?
  • मिथिलाक बहु-ऐतिहासिक सांस्कृतिक पहचान
  • केवल एक विद्यालयक नाम
  • केवल छन्दक भेद
  • केवल एक कविता-संग्रह
अंश मिथिलाक अनेक नाम देत ओकर दीर्घ ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करैत अछि।

3816. अंक १२५क गद्य-सूचीमे उमेश मण्डलक लेख कोन साहित्यकारक रचना-संसार पर केन्द्रित अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • विद्यापति
  • हरिमोहन झा
  • बाल मुकुन्द पाठक
गद्य भागमे उमेश मण्डलक ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक रचना संसार- संक्षिप्त परिचय’ देल अछि।
3817. अंक १२५मे ‘बड़की बहिन’ कोन रूपमे सूचिबद्ध अछि?
  • उपन्यासक आगाँ भाग
  • एकांकी
  • गजल-समीक्षा
  • समाचार
सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘उपन्यास- बड़की बहिन (आगाँ)’ देल अछि।
3818. अंक १२५क साक्षात्कार ककर संग अछि?
  • श्री राजदेव मण्डल
  • शिवकुमार झा ‘टिल्लू’
  • हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’
  • नवेन्दु कुमार झा
सामग्री-सूचीमे ‘साक्षात्कार श्री राजदेव मण्डलक संग’ देल अछि।
3819. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १२५क एकांकी कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • रत्नाकर डकैत
  • गंगा ब्रिज
  • शिक्षित बेटी
  • द्विरागमन
गद्य-सूचीमे ‘रत्नाकर डकैत (एकांकी)’ देल अछि।
3820. ओम प्रकाशक अंक १२५क लेख कोन विधा-सम्बन्धी समीक्षा रूपमे अछि?
  • गजलक लेल
  • उपन्यास-विकास
  • मिथिला परिक्रमा
  • लोक-देवता
सूचीमे ओम प्रकाशक ‘गजलक लेल (समीक्षा)’ देल अछि।
3821. अंक १२५मे जगदीश प्रसाद मण्डलक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जनक हाथे खेती
  • कलंक
  • बलजोर
  • सनेस
गद्य-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डलक विहनि कथा- जनक हाथे खेती’ देल अछि।
3822. बिन्देश्वर ठाकुरक अंक १२५क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • बिपतियाक विदेश
  • भुखाएल जानवर सभ
  • प्रेम-पत्र
  • सपनाक अबसान
सूचीमे बिन्देश्वर ठाकुरक ‘बिपतियाक विदेश [विहनि कथा]’ देल अछि।
3823. अंक १२५मे उमेश मण्डलक ‘विदेह नाट्य उत्सव-२०१३’ ककर दस्तावेजी संकेत दैत अछि?
  • नाट्य गतिविधि आ आयोजन
  • कृषि-उत्पादन
  • ध्वजा-विज्ञान
  • छन्द-गणना
शीर्षक स्वयं नाट्य उत्सवक आयोजन/गतिविधि पर केन्द्रित अछि।
3824. प्रो. हरिमोहन झाक पुण्यतिथि सम्बन्धी संवाद अंक १२५मे ककर नामसँ सूचित अछि?
  • सुमित आनन्द
  • उमेश मण्डल
  • ओम प्रकाश
  • अमित मिश्र
गद्य-सूचीमे ‘प्रो. हरिमोहन झाक पुण्यतिथि मनाओल गेल- संवाद- सुमित आनन्द’ अछि।
3825. अंक १२५क गद्य भाग रचना-संसार, उपन्यास, साक्षात्कार, एकांकी, समीक्षा, विहनि कथा आ नाट्य-रिपोर्टकेँ संग राखि की देखबैत अछि?
  • रचनात्मक आ आलोचनात्मक साहित्य-परिसर
  • केवल गीत-संग्रह
  • केवल पुरातत्व-सूची
  • केवल कार्यालयी विज्ञप्ति
गद्य-सूची सर्जना, आलोचना, वार्ता, नाट्य, कथा आ सांस्कृतिक रिपोर्टक पूरा परिसर बनबैत अछि।

3826. अंक १२१ सँ १२५ धरि ‘बड़की बहिन’क क्रमिक उपस्थिति की संकेत करैत अछि?
  • उपन्यासक धारावाहिक प्रकाशन
  • एकमात्र स्वतंत्र गीत
  • चित्रकला-प्रदर्शनी
  • शब्दकोश-सूची
१२३, १२४ आ १२५मे ‘बड़की बहिन’ आगाँ भाग रूपमे अबैत अछि, जे धारावाहिक उपन्यास-प्रकाशनक संकेत अछि।
3827. १२१-१२५क सामग्री-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डल कोन-कोन विधासँ बारम्बार जुड़ल देखाइत छथि?
  • लघुकथा, उपन्यास, गीत, विहनि कथा आ एकांकी
  • केवल वैज्ञानिक रिपोर्ट
  • केवल छायाचित्र
  • केवल संपादकीय हस्ताक्षर
एहि पाँच अंकमे हुनकर लघुकथा, उपन्यास, गीत, विहनि कथा आ एकांकी सभ सूचीबद्ध अछि।
3828. १२२ आ १२३क गद्य-पद्य भारती खण्डमे तेलुगु मूल कविता सभ मैथिलीमे कोन पथसँ आबैत अछि?
  • तेलुगु → हिन्दी → मैथिली
  • मैथिली → तेलुगु → अंग्रेजी
  • संस्कृत → फ्रेंच → मैथिली
  • डोगरी → तमिल → मैथिली
दुनू अंकक सूचीमे मूल तेलुगु कविता, तेलुगुसँ हिन्दी अनुवाद आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवादक शृंखला देल अछि।
3829. १२१-१२५क खननमे स्त्री-विमर्श किन-किन रूपमे उभरैत अछि?
  • कथासंग्रह-समीक्षा, आधुनिक स्त्री कविता, बेटी/बाल-श्रम, सामाजिक प्रसंग
  • केवल खगोलशास्त्र
  • केवल नाटकक मंच-सज्जा
  • केवल कृषि-उपकरण
‘जिद्दी’ समीक्षा, ‘आधुनिक स्त्रीगण’, ‘बेटी-लहास’ आ स्त्री-सामाजिक प्रसंग सभ स्त्री-विमर्श खोलैत अछि।
3830. अंक १२४क एबसर्ड नाटक-विमर्श आ अंक १२५क रत्नाकर डकैत/नाट्य उत्सव मिलि विदेहमे कोन धारा मजबूत करैत अछि?
  • नाट्य-चिन्ता आ नाट्य-आयोजन
  • केवल लोक-भोजन
  • केवल वंशावली
  • केवल मौसम समाचार
एक दिस विश्व-नाटक सिद्धान्त अछि, दोसर दिस मैथिली एकांकी आ नाट्य उत्सवक सूचना अछि।
3831. अंक १२५क ध्वजा, परिक्रमा, उग्रतारा, कपिलेश्वर आ मिथिलाक नामावलीक अंश विदेहक साहित्यिक मंचकेँ कोन आयाम दैत अछि?
  • सांस्कृतिक-इतिहास आ मिथिला भूगोल
  • केवल खेलकूद
  • केवल व्यापारिक विज्ञापन
  • केवल भाषिक टाइपिंग निर्देश
ई अंश साहित्यक संग मिथिलाक ऐतिहासिक, तीर्थ, प्रतीक आ भूगोल-बोध जोड़ैत अछि।
3832. १२१-१२५मे बालानां कृते खण्डक पुनरावृत्ति की प्रमाणित करैत अछि?
  • बाल-साहित्यक निरन्तर स्थान
  • केवल वयस्क विवाद
  • केवल अनुवाद-अभाव
  • केवल संपादकीय रिक्तता
लगातार अंकसभमे बाल गजल, बाल कविता वा बाल-पाठक खण्ड देल अछि।
3833. १२१-१२५क पद्य-सूचीमे गजल, गीत, हाइकू, सामाजिक कविता, प्रेम-कविता आ बाल-कविता — ई सभ मिलि कोन विशेषता बनबैत अछि?
  • काव्य-विधाक विविध संसार
  • एकहि सरकारी आदेश
  • केवल गद्यक अनुपस्थिति
  • केवल नामावली
पद्य-सूची अनेक काव्य-रूप आ विषयकेँ एकत्र करैत अछि।
3834. १२१-१२५क सामग्रीमे जीवन-लेखन आ साक्षात्कार कोन-कोन रूपमे देखाइत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डलक बायोग्राफी/रचना-संसार आ राजदेव मण्डल साक्षात्कार
  • केवल वनस्पति सूची
  • केवल तालिका
  • केवल पहेली
१२१मे बायोग्राफीक आगाँ भाग, १२५मे रचना-संसार परिचय आ राजदेव मण्डलक साक्षात्कार देल अछि।
3835. १२१-१२५क समेकित पठन विदेहक कोन मूल सम्पादकीय स्वभाव देखबैत अछि?
  • समकालीन सृजन, आलोचना, अनुवाद, बाल-साहित्य, संस्कृति आ नाटकक समानान्तर मंच
  • केवल एक लेखकक निजी डायरी
  • केवल वाणिज्यिक सूची
  • केवल सरकारी अधिसूचना
एहि अंशमे सृजन, समीक्षा, अनुवाद, बाल-पाठ, सांस्कृतिक भूगोल आ नाट्य-चिन्ता सभ एकहि मंचपर अछि।

3836. अंक १२६क गद्य-सूचीमे आशीष अनचिन्हारक लेख कोन नव काव्य-रूप पर केन्द्रित अछि?
  • भक्ति गजल
  • नाटक-इतिहास
  • शब्दकोश-रचना
  • वंशावली
सूचीमे आशीष अनचिन्हारक शीर्षक स्पष्ट रूपेँ “भक्ति गजल” अछि।
3837. भक्ति गजल सम्बन्धी लेखमे भक्ति गजलक मूल नियम कोन विधासँ जोड़ल अछि?
  • गजल
  • उपन्यास
  • निबन्ध
  • यात्रा-वृत्तान्त
लेख कहैत अछि जे भक्ति गजलमे बहर, काफिया, रदीफ आदि गजलक नियम पूर्ववत् रहैत अछि।
3838. भक्ति गजलमे हरेक शेरक विषय-धुरी कोन होबाक चाही, लेखानुसार?
  • भक्ति-मनोजगत
  • केवल व्यापार
  • केवल राजदरबार
  • केवल खेलकूद
लेखमे भक्ति गजलक परिभाषा भक्तिमूलक भाव आ मनोविज्ञान पर राखल गेल अछि।
3839. ज्योति चौधरीक अंक १२६क धारावाहिक संस्मरण कोन भाग रूपमे सूचित अछि?
  • एक युग : टच वुड — भाग-२
  • नै धाड़ैए — भाग-२
  • पाखलो — भाग-२
  • भादोक आठ अन्हार — भाग-२
सामग्री-सूचीमे ज्योति चौधरीक “एक युग: टच वुड -भाग-२” अछि।
3840. अवनीश मण्डलक अंक १२६क विहनि कथाक शीर्षक की अछि?
  • गप्पक खौंइचा
  • ममता
  • गारेन्टी
  • चुप्पा पाल
गद्य सूचीमे अवनीश मण्डलक “विहनि कथा- गप्पक खौंइचा” देल अछि।
3841. मुन्नी कामतक अंक १२६क एकांकी कोन शीर्षकसँ सूचिबद्ध अछि?
  • पात-पातसँ बनल परिवार
  • रत्नाकर डकैत
  • स्वयंवर
  • शिक्षित बेटी
अंक १२६मे मुन्नी कामतक एकांकी “पात-पातसँ बनल परिवार” अछि।
3842. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १२६मे “चारि गोट” की देल गेल अछि?
  • विहनि कथा
  • निबन्ध
  • यात्रा-वृत्तान्त
  • कला-रिपोर्ट
सूचीमे “जगदीश प्रसाद मण्डल- चारि गोट विहनि कथा” देल अछि।
3843. “रत्नाकर डकैत” अंक १२६मे कोन विधा रूपेँ देल गेल अछि?
  • एकांकी
  • गजल
  • बालगीत
  • यात्रा-संस्मरण
सामग्री-सूची “रत्नाकर डकैत (एकांकी)” कहैत अछि।
3844. राम भरोस कापड़ि भ्रमरक अंक १२६क यात्रा-प्रसंग कोन आयोजनसँ जुड़ल अछि?
  • रायपुरक मिथिला महोत्सव
  • जनकपुर म्याराथन
  • सगर राति दीप जरय
  • साहित्य अकादेमी बैठक
शीर्षकमे “रायपुरक मिथिला महोत्सबः उत्साहक बाढि आ मनीष झा” अछि।
3845. रमेश रञ्जनक अंक १२६क लेख “चौआरि” केँ कोन क्षेत्रसँ जोड़ैत अछि?
  • मैथिली बालनाटक
  • गजल-छन्द
  • वंशावली
  • कृषि-विज्ञान
शीर्षक “मैथिली बालनाटक सीमा विस्तार करैत — चौआरि” बालनाटकक संकेत दैत अछि।

3846. अंक १२६क पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर “अनिल” कोन रूपमे उपस्थित छथि?
  • भक्ति गजलकार रूपमे
  • नाटककार रूपमे
  • इतिहासकार रूपमे
  • यात्राकार रूपमे
सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर “अनिल”-भक्ति गजल देल अछि।
3847. अमित मिश्रक अंक १२६क पद्य योगदान कोन संख्या-सूचक रूपमे देल अछि?
  • ६ टा भक्ति गजल
  • एकटा नाटक
  • दूटा साक्षात्कार
  • पाँचटा रिपोर्ट
पद्य-सूचीमे “अमित मिश्र- ६ टा भक्ति गजल” स्पष्ट अछि।
3848. मिहिर झाक अंक १२६क पद्य योगदान कोन विधा अन्तर्गत अछि?
  • भक्ति गजल
  • एकांकी
  • बाल उपन्यास
  • समाचार
सूचीमे मिहिर झा-भक्ति गजल देल अछि।
3849. इरा मल्लिकक अंक १२६क योगदान कोन रूपमे चारि खण्ड धरि सूचित अछि?
  • भक्ति गजल १-४
  • नाटक १-४
  • रिपोर्ट १-४
  • कथा १-४
सूची इरा मल्लिकक “भक्ति गजल १-४” बतबैत अछि।
3850. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १२६क पद्य-प्रविष्टि कोन रूपमे अछि?
  • गीत
  • विज्ञान-लेख
  • आलोचना
  • साक्षात्कार
पद्य-सूचीमे “जगदीश प्रसाद मण्डलक गीत” देल अछि।
3851. मनोज कुमार मण्डलक अंक १२६क पद्य शीर्षक कोन चेतावनी-बिम्ब रखैत अछि?
  • नहि तऽ ई बहि चलत
  • चौआरि
  • गारेन्टी
  • बाँटल गेल मैथिली
सूचीमे मनोज कुमार मण्डलक “नहि तऽ ई बहि चलत” देल अछि।
3852. गद्य-पद्य भारती खण्डमे अंक १२६मे कोन संस्कृत-पौराणिक पात्र सम्बन्धी कृति देल अछि?
  • मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृङ्ग
  • रत्नाकर डकैत
  • राजनन्दन
  • नेङगरा दरबान
गद्य-पद्य भारतीमे “मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृङ्ग” देल अछि।
3853. “मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृङ्ग”क मैथिली अनुवादक रूपमे ककर नाम देल अछि?
  • विनीत उत्पल
  • कामिनी कामायनी
  • ज्योति चौधरी
  • किशन कारीगर
सूचीमे हिन्दी सँ मैथिली अनुवाद “विनीत उत्पल” द्वारा कहल अछि।
3854. अंक १२६क बालानां कृते खण्डमे किशन कारीगरक कोन रचना अछि?
  • होरी मे मचाउ हुरदंग
  • दूधपीबा नेना
  • राति दिवालीक
  • नेङगरा दरबान
बालानां कृते खण्डमे “किशन कारीगर- होरी मे मचाउ हुरदंग” अछि।
3855. अंक १२६मे भाषापाक रचना-लेखन खण्ड कोन सम्पादकीय प्रयोजनकेँ बल दैत अछि?
  • मानक मैथिली लेखन-चिन्ता
  • केवल खेल-प्रतिवेदन
  • केवल व्यापार-सूची
  • केवल चित्र-वर्णन
भाषापाक रचना-लेखन खण्ड मानक मैथिली आ लेखन-शैलीक अभ्याससँ जुड़ल अछि।

3856. अंक १२७क गद्य-सूचीमे राजकुमार झाक साक्षात्कारक शीर्षक कोन जीवन-अनुभव पर बल दैत अछि?
  • आन्हर रहबाक बावजूद अभ्यास
  • केवल दरबारी जीवन
  • केवल राजस्व अभिलेख
  • केवल कृषि ऋतु
शीर्षक “हम आन्हर रही तइसँ प्रैक्टिस खूब केलौं” अभ्यास आ संघर्षक संकेत दैत अछि।
3857. राजकुमार झाक अन्तर्वार्ता ककर संग सूचित अछि?
  • विनीत उत्पल
  • ज्योति चौधरी
  • जगदानन्द झा
  • राजनाथ मिश्र
सामग्री-सूचीमे “विनीत उत्पल संग अन्तर्वार्ता” देल अछि।
3858. ज्योति चौधरीक “एक युग : टच वुड” अंक १२७मे कोन भाग रूपमे अछि?
  • भाग-३
  • भाग-१
  • भाग-५
  • भाग-१०
अंक १२७क सूचीमे “टच वुड -भाग-३” अछि।
3859. शारदानन्द दास परिमलक अंक १२७क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • राजनन्दनक आत्मालाप
  • गप्पक खौंइचा
  • माटीक मुरुत
  • गारेन्टी
गद्य-सूचीमे “राजनन्दनक आत्मालाप” देल अछि।
3860. सुमित आनन्दक अंक १२७क योगदान कोन विधा रूपमे सूचित अछि?
  • रिपोर्ट
  • गजल
  • बाल उपन्यास
  • विज्ञान-लेख
सूचीमे “सुमित आनन्द- रिपोर्ट” स्पष्ट अछि।
3861. जगदानन्द झा “मनु” अंक १२७मे कतेक विहनि कथा सहित उपस्थित छथि?
  • दूटा
  • एकटा
  • चारिटा
  • एगारहटा
गद्य-सूचीमे “जगदानन्द झा ‘मनु’- दूटा विहनि कथा” अछि।
3862. अंक १२७क गद्य-रचना-संरचना साक्षात्कार, संस्मरण, आत्मालाप, रिपोर्ट आ विहनि कथाकेँ संग राखि की देखबैत अछि?
  • गद्य-विधाक मिश्रित फैलाव
  • केवल काव्य-संग्रह
  • केवल शब्दकोश
  • केवल कार्यालयी सूचना
गद्य-सूचीमे अनेक विधा संग-संग आबैत अछि।
3863. राजकुमार झा साक्षात्कारक शीर्षकमे “प्रैक्टिस” शब्द कोन भाव जगबैत अछि?
  • अभ्यासक महत्त्व
  • विराम
  • निष्क्रियता
  • अस्वीकार
शीर्षक संघर्षक बीच अभ्यासक महत्त्व पर बल दैत अछि।
3864. “टच वुड”क लगातार भाग १२६ आ १२७मे देखाइत रहब कोन प्रकाशन-प्रकृतिक संकेत अछि?
  • धारावाहिक संस्मरण
  • एकमात्र स्वतंत्र सूचना
  • तालिका
  • कोश-प्रविष्टि
भाग-२ आ भाग-३क क्रम से ई धारावाहिक रूप स्पष्ट होइत अछि।
3865. अंक १२७क गद्य-खण्डमे कथा आ गैर-कथा दुनू रूप किएक कहल जा सकैत अछि?
  • कारण एहि मे साक्षात्कार/रिपोर्ट संग विहनि कथा सेहो अछि
  • कारण केवल फोटो अछि
  • कारण केवल क्रीड़ा-वृत्त अछि
  • कारण केवल गीत अछि
गद्य-सूचीमे अन्तर्वार्ता, रिपोर्ट, आत्मालाप आ विहनि कथा सभ देल अछि।

3866. अंक १२७क पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर “अनिल” कतेक गजल सहित देल छथि?
  • गजल १-२
  • गजल १-६
  • एगारह टनका
  • दूटा गीत
सूचीमे “जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’-गजल १-२” अछि।
3867. प्रदीप पुष्पक अंक १२७क पद्य योगदान कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • गजल
  • एकांकी
  • उपन्यास
  • रिपोर्ट
पद्य-सूचीमे “प्रदीप पुष्प- गजल” देल अछि।
3868. बिन्देश्वर ठाकुरक अंक १२७क शीर्षक “हिसाब जिनगीक” कोन विधा-खण्डमे अछि?
  • पद्य
  • गद्य-साक्षात्कार
  • नाट्य-रिपोर्ट
  • भाषापाक
ई शीर्षक पद्य-सूचीमे देल अछि।
3869. रमा कान्त झाक अंक १२७क रचना कोन पर्व/लोक-उत्सवसँ जुड़ल शीर्षक रखैत अछि?
  • होलीक हुरदंग
  • दिवालीक राति
  • छठिमाइ
  • कोजगरा
सूचीमे “रमा कान्त झा, होलीक हुरदंग” अछि।
3870. इरा मल्लिकक अंक १२७क पद्य योगदान कोन-कोन रूपमे अछि?
  • कविता, होलीक पाँति आ गजल
  • केवल उपन्यास
  • केवल वैज्ञानिक टिप्पणी
  • केवल यात्रा
पद्य-सूचीमे इरा मल्लिकक कविता, होलीक पाँति आ गजल देल अछि।
3871. अंक १२७क मिथिला कला-संगीत खण्डमे ज्योति झा चौधरी आ राजनाथ मिश्रक संग ककर नाम अछि?
  • उमेश मण्डल
  • विनीत उत्पल
  • जवाहर लाल कश्यप
  • कुन्दन कुमार कर्ण
कला-संगीत सूचीमे ज्योति झा चौधरी, राजनाथ मिश्र आ उमेश मण्डल देल अछि।
3872. उमेश मण्डलक कला-संगीत प्रविष्टि किन-किन दृश्य/लोक-विषयसँ जुड़ल अछि?
  • मिथिलाक वनस्पति, जीव-जन्तु आ जिनगी
  • केवल राजसभा
  • केवल व्याकरण
  • केवल छन्द
सूचीमे उमेश मण्डलक “मिथिलाक वनस्पति/ मिथिलाक जीव-जन्तु/ मिथिलाक जिनगी” देल अछि।
3873. अंक १२७क बालानां कृते खण्डमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन बाल उपन्यास अछि?
  • नै धाड़ैए
  • बड़की बहिन
  • भादोक आठ अन्हार
  • मौलाइल गाछक फूल
बालानां कृते खण्डमे “बाल उपन्यास- नै धाड़ैए” देल अछि।
3874. गद्य-पद्य भारतीमे अंक १२७मे फेर कोन अनुवाद-धारा जारी अछि?
  • मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृङ्गक मैथिली अनुवाद
  • कोंकणी पाखलो
  • तेलुगु कविता
  • डोगरी कथा
सूचीमे हरिशंकर श्रीवास्तव “शलभ”क कृतिका हिन्दी सँ मैथिली अनुवादक क्रम देल अछि।
3875. अंक १२७क पद्य-सूची गजल, गीत, होली, भूखल पेट आ आनहर कानून जस्ता शीर्षकक संग कोन विषय-विस्तार देखबैत अछि?
  • श्रृंगार, उत्सव, समाज आ न्याय-बोधक मिश्रण
  • केवल गणित
  • केवल मौसम
  • केवल व्यापार
विविध शीर्षक सामाजिक, उत्सवी आ भावात्मक पक्षकेँ एकत्र करैत अछि।

3876. अंक १२८क गद्य-सूचीमे शिवकुमार झा “टिल्लू”क लेख कोन कृति पर केन्द्रित अछि?
  • कला
  • नै धाड़ैए
  • गारेन्टी
  • दूधपीबा नेना
शीर्षक “कला :: सबल समाजक अन्तर्द्वन्द्वपर सकारात्मक प्रहार” अछि।
3877. “कला” सम्बन्धी लेखमे समाजक कोन आन्तरिक संकट पर संकेत अछि?
  • सबल समाजक अन्तर्द्वन्द्व
  • केवल मौसम
  • केवल खेल
  • केवल भोजन
शीर्षक स्वयं सबल समाजक अन्तर्द्वन्द्व पर सकारात्मक प्रहार कहैत अछि।
3878. लेखमे “कला” केँ कोन उपन्यासकारक औपन्यासिक कृति रूपेँ पढ़ल गेल अछि?
  • चतुरानन
  • विद्यापति
  • कपिल
  • ऋष्यश्रृंग
अंशमे चतुराननक “कला” कृतिपर आलोचनात्मक चर्चा अछि।
3879. “कला” लेखमे बाल-विवाह आ विधवा-जीवनक प्रसंग कोन व्यापक प्रश्न खोलैत अछि?
  • समाज-सुधार आ नारी-दोहन
  • क्रीड़ा-प्रतियोगिता
  • युद्ध-रणनीति
  • भूगोल-मानचित्र
अंशमे नारी पीड़ा, विधवा-स्थिति आ समाजक दोहरी संरचना पर विमर्श अछि।
3880. ज्योति चौधरीक “एक युग : टच वुड” अंक १२८मे कोन भाग अछि?
  • भाग-४
  • भाग-१
  • भाग-२
  • भाग-८
सामग्री-सूचीमे टच वुड भाग-४ देल अछि।
3881. टच वुड भाग-४मे विवाह, दुरागमन, सासुर आ घरेलू अनुभवक वर्णन कोन विधागत रूप दिस संकेत करैत अछि?
  • आत्मसंस्मरण/जीवन-वृत्त
  • शब्दकोश
  • वैज्ञानिक लेख
  • न्यायिक फैसला
अंशमे निजी जीवन-अनुभव आ संस्मरणात्मक कथा-धारा अछि।
3882. नवेंदु कुमार झाक “बाँटल गेल मैथिली: बरत मिथिला” कोन मूल चिन्ता उठबैत अछि?
  • मातृभाषा आ मातृभूमिक विभाजन-संकट
  • केवल बागवानी
  • केवल खाना-पकान
  • केवल छन्द-विधान
अंश कहैत अछि जे मातृभाषा बाँटल जा रहल अछि आ मातृभूमि मिथिला संकटमे अछि।
3883. “बाँटल गेल मैथिली”मे अंग, बज्जिकांचल, सीमांचल आ सुरजापुरीक उल्लेख ककर संकेत अछि?
  • भाषिक-क्षेत्रीय विभाजनक बहस
  • काव्य-छन्दक भेद
  • नाटकक पात्र
  • ऋतु-नाम
लेख मैथिली आ मिथिला क्षेत्रक विभाजनकारी नामकरण पर प्रश्न उठबैत अछि।
3884. अंक १२८मे डॉ. सदानन्द झाक संस्कृत-शिक्षा खण्ड कोन शीर्षकसँ जुड़ल अछि?
  • शास्त्रीयचिन्तन आधुनिकजीवनयोर्मिथः सम्बन्धः
  • माटीक मुरुत
  • गारेन्टी
  • होरी मे मचाउ हुरदंग
सूचीमे “शास्त्रीयचिन्तनाधुनिकजीवनयोर्मिथः सम्बन्धः” शीर्षक देल अछि।
3885. अंक १२८क गद्य भाग कला-आलोचना, संस्मरण, भाषा-राजनीति आ संस्कृत-चिन्तनकेँ संग राखि की देखबैत अछि?
  • समाज, भाषा आ परम्पराक संयुक्त विमर्श
  • केवल बालगीत
  • केवल विज्ञापन
  • केवल तालिका
गद्य-सूचीमे सामाजिक आलोचना, टच वुड, मैथिली-विभाजन आ शास्त्रीय चिन्तन एकत्र अछि।

3886. अंक १२८क पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर “अनिल” कतेक गजल सहित छथि?
  • गजल १-२
  • गजल १-४
  • छह गजल
  • दू गीत
सूचीमे “जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’-गजल १-२” देल अछि।
3887. सुमित मिश्रक अंक १२८क पद्य योगदान कोन विधासँ सम्बन्धित अछि?
  • भक्ति गजल
  • नाटक
  • जीवनी
  • समाचार
सूचीमे “सुमित मिश्र- भक्ति गजल” अछि।
3888. सुमित मिश्रक भक्ति गजलमे माता/मैयाक सम्बोधन कोन भाव-क्षेत्र खोलैत अछि?
  • भक्ति आ शरणागति
  • व्यापार
  • क्रीड़ा
  • कोर्ट-कचहरी
गजल-पंक्तिमे दैवी माता सँ क्षमा आ दर्शनक प्रार्थना अछि।
3889. जगदानन्द झा “मनु” अंक १२८मे कोन पद्य-विधासँ उपस्थित छथि?
  • गजल
  • एकांकी
  • रिपोर्ट
  • यात्रा
पद्य-सूचीमे “जगदानन्द झा ‘मनु’-गजल” अछि।
3890. अमित मिश्रक अंक १२८क पद्य शीर्षक कोन अछि?
  • प्रमाण
  • राति दिवालीक
  • ममता
  • राजनन्दनक आत्मालाप
सूचीमे “अमित मिश्र-प्रमाण” देल अछि।
3891. राजदेव मण्डलक अंक १२८क पद्य योगदान कोन रूपमे सूचिबद्ध अछि?
  • कवि रूपमे
  • साक्षात्कारकार रूपमे
  • नाट्य-निर्देशक रूपमे
  • शब्दकोशकार रूपमे
पद्य-सूचीमे “राजदेव मण्डल”क प्रविष्टि अछि।
3892. अंक १२८क बालानां कृते खण्डमे कोन बाल उपन्यास जारी अछि?
  • नै धाड़ैए
  • बड़की बहिन
  • गारेन्टी
  • भादोक आठ अन्हार
बालानां कृतेमे “जगदीश प्रसाद मण्डल- बाल उपन्यास- नै धाड़ैए” अछि।
3893. अंक १२८मे भाषापाक रचना-लेखन खण्ड कोन भाषा-उद्देश्यक संग जुड़ल अछि?
  • मानक मैथिली लेखन
  • केवल पर्यटन
  • केवल स्वास्थ्य-उपचार
  • केवल राशिफल
भाषापाक खण्ड मानक लेखन-शैलीक प्रशिक्षण/चिन्ता अछि।
3894. अंक १२८क पद्य भागमे गजल, भक्ति गजल, कविता आ प्रमाण जस्ता शीर्षक मिलि कोन विशेषता दैत अछि?
  • काव्य-रूप आ भाव-विविधता
  • केवल गद्यक अभाव
  • केवल एक लेखक
  • केवल कार्यालयी नोट
सूचीमे गजल, भक्ति-गजल, कविता आ स्वतंत्र शीर्षक सभ मिलैत अछि।
3895. अंक १२८क समग्र संरचनामे बाल उपन्यास आ भाषापाक खण्ड ककर संतुलन बनबैत अछि?
  • रचनात्मक साहित्य आ भाषा-शिक्षण
  • केवल मनोरंजन
  • केवल सरकारी आदेश
  • केवल वित्तीय रिपोर्ट
बाल-पाठक सामग्री आ मानक-लेखन चिन्ता एकहि अंकमे साथ अछि।

3896. अंक १२९क गद्य-सूची मुख्यतः कोन विधा पर केन्द्रित अछि?
  • लघुकथा
  • महाकाव्य
  • यात्रा-वृत्तान्त
  • शब्दकोश
गद्य-सूचीमे चारिटा प्रविष्टि लघुकथा रूपमे देल अछि।
3897. कामिनी कामायनीक अंक १२९क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • माटीक मुरुत
  • गारेन्टी
  • टेनामेनी
  • नै धाड़ैए
सूचीमे “कामिनी कामायनी- लघुकथा- माटीक मुरुत” अछि।
3898. “माटीक मुरुत”मे भानपुर बालीक चित्रण कोन ग्रामीण-सामाजिक परिवेश खोलैत अछि?
  • सासुर, श्रम, दमन आ स्त्री-संघर्ष
  • केवल खेलक मैदान
  • केवल राजसभा
  • केवल समुद्री यात्रा
कथांशमे भानपुर बालीक सासुर-जीवन, घरक श्रम, अपमान आ प्रतिरोधक प्रसंग अछि।
3899. “माटीक मुरुत”मे बेटीकेँ पढ़ाबैक प्रति पुरान सोच कोन वाक्य-संकेतसँ व्यक्त अछि?
  • बेटी के पढ़ालिखा क जज बनेबा के छै की
  • माता दर्शन दिअ
  • भक्ति गजल बनाउ
  • नै धाड़ैए
अंशमे बेटीक शिक्षा प्रति संकीर्ण घरेलू दृष्टि प्रकट भेल अछि।
3900. कैलास दासक अंक १२९क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • ममता
  • माटीक मुरुत
  • बगवाड़ि
  • घुइर ताकू
सामग्री-सूचीमे “कैलास दास- लघुकथा- ममता” अछि।
3901. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १२९क पहिल लघुकथा शीर्षक कोन अछि?
  • बगवाड़ि
  • ममता
  • प्रमाण
  • दूधपीबा नेना
सूचीमे “जगदीश प्रसाद मण्डल-लघुकथा-बगवाड़ि” देल अछि।
3902. जगदीश प्रसाद मण्डलक दोसर लघुकथा शीर्षक “बेटी, हम अपराधी छी” कोन सामाजिक विषय दिस संकेत करैत अछि?
  • बेटी-विमर्श आ अपराध-बोध
  • केवल युद्धकथा
  • केवल राजकोष
  • केवल छन्द-गणना
शीर्षकमे बेटीक प्रति अपराध-बोधक प्रत्यक्ष संकेत अछि।
3903. अंक १२९क गद्य भागमे अलग-अलग लेखकक लघुकथा सभ एकठाम राखल गेल अछि; एकर साहित्यिक अर्थ की अछि?
  • लघुकथा-विधाक केन्द्रीयता
  • कला-संगीतक अनुपस्थिति मात्र
  • केवल समाचार-सूची
  • केवल पत्राचार
पूरा गद्य-सूची लघुकथा-प्रधान अछि।
3904. “माटीक मुरुत”क आरम्भमे कुहास, शरद आ तराईक वातावरण कथाकेँ कोन गुण दैत अछि?
  • दृश्यात्मक ग्रामीण-प्रकृति परिवेश
  • शुष्क कार्यालयी भाषा
  • गणितीय सूत्र
  • मंच-निर्देश मात्र
कथांशमे कुहेस, गाछ, शरद आ तराईक वातावरणसँ दृश्यात्मकता बनैत अछि।
3905. अंक १२९क लघुकथा-समूह विदेहमे कोन कथा-प्रवृत्ति मजबूत करैत अछि?
  • छोट आकारमे सामाजिक यथार्थ
  • केवल गीत-संग्रह
  • केवल वंशावली
  • केवल परीक्षा-प्रश्न
लघुकथा शीर्षक आ कथांश स्त्री, परिवार, ममता, बेटी, सामाजिक व्यवहार आदि पर केन्द्रित अछि।

3906. अंक १२९क पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर “अनिल” कतेक गजल सहित देल छथि?
  • गजल १-४
  • गजल १-२
  • छह भक्ति गजल
  • एगारह टनका
सूचीमे “जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’-गजल १-४” अछि।
3907. रामदेव प्रसाद मण्डल “झारूदार” अंक १२९मे कोन खण्डमे छथि?
  • पद्य
  • गद्य-साक्षात्कार
  • कला-संगीत
  • संपादकीय
नाम पद्य-सूचीमे देल अछि।
3908. किशन कारीगरक अंक १२९क कविता शीर्षक की अछि?
  • दूधपीबा नेना
  • होरी मे मचाउ हुरदंग
  • नेङगरा दरबान
  • माटीक मुरुत
पद्य-सूचीमे “किशन कारीगर- दूधपीबा नेना” देल अछि।
3909. “दूधपीबा नेना” शीर्षक कोन बाल-सुलभ भाव जगबैत अछि?
  • शिशु/बालपनक सहजता
  • राजकीय नीति
  • युद्धकथा
  • न्याय-विवाद
शीर्षकमे दूधपीबा नेनाक बिम्ब बालपनक सरलता दैत अछि।
3910. सुमित मिश्र अंक १२९मे कोन भक्तिमूलक काव्य-विधा सहित छथि?
  • भक्ति गजल
  • एकांकी
  • जीवनी
  • रिपोर्ट
सूचीमे “सुमित मिश्र- भक्ति गजल” अछि।
3911. जगदानन्द झा “मनु” अंक १२९मे कतेक गजल सहित सूचित छथि?
  • गजल १-५
  • गजल १-२
  • दू कविता
  • एगारह टनका
सूचीमे “जगदानन्द झा ‘मनु’-गजल १-५” देल अछि।
3912. राजदेव मण्डल अंक १२९मे कोन संख्या-सूचक पद्य योगदान सहित छथि?
  • तीनटा कविता
  • एकांकी
  • दूटा रिपोर्ट
  • छह भक्ति गजल
सूचीमे “राजदेव मण्डल- तीनटा कविता” अछि।
3913. गद्य-पद्य भारतीमे अंक १२९मे कोन अनुवाद-धारा जारी अछि?
  • मन्त्रद्रष्टा ऋष्यश्रृङ्ग
  • पाखलो
  • छिन्नमस्ता
  • बाँटल गेल मैथिली
गद्य-पद्य भारती खण्डमे ऋष्यश्रृंगक अनुवाद देल अछि।
3914. बालानां कृते खण्डमे अमित मिश्रक “राति दिवालीक” कोन उत्सव-संस्कृति पर केन्द्रित अछि?
  • दीपावली
  • होली
  • कोजगरा
  • छठि
शीर्षक “राति दिवालीक” दीपावली-रातिक बाल-पाठ अछि।
3915. अमित मिश्रक “जनमदिनक शुभकामना” बालानां कृतेमे कोन अवसरक बाल-रचना अछि?
  • जन्मदिन
  • विवाह
  • फसल-कटनी
  • यात्रा
शीर्षक स्वयं जन्मदिनक शुभकामना बतबैत अछि।

3916. अंक १३०क गद्य भागमे जगदानन्द झा “मनु”क विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • गारेन्टी
  • माटीक मुरुत
  • घुइर ताकू
  • टच वुड
अंक १३०क गद्य-सूचीमे “विहनि कथा” आ कथांशमे “गारेन्टी” शीर्षक अछि।
3917. “गारेन्टी” कथामे प्रशांतजी कोन प्रकारक कम्पनीसँ जुड़ल कहल गेल छथि?
  • आयुर्वेदिक कम्पनी
  • नाट्य-मंडली
  • रेल विभाग
  • कला-संग्रहालय
कथांशमे प्रशांतजी आयुर्वेदिक कम्पनीसँ जुड़ल बताओल गेल छथि।
3918. “गारेन्टी”मे उपचारक प्रसंग कोन रोगसँ प्रमुख रूपेँ जुड़ल अछि?
  • गठिया
  • अंधत्व
  • ज्वर मात्र
  • दाँत-दर्द
कथामे माँजीक गठिया आ ओकर दवाईक बात बारम्बार आबैत अछि।
3919. मिशरजी उपचार स्वीकार करबाक पहिने कोन बात पर अड़ि रहैत छथि?
  • गारेन्टी
  • गीत
  • नाटकक मंच
  • यात्राक टिकट
कथामे मिशरजी बार-बार “गारेन्टी” माँगैत छथि।
3920. कथामे “अहाँक माए हमर माए” कथन कोन भावक साथ गारेन्टी देबाक रणनीति बनैत अछि?
  • विश्वास-जागरण
  • युद्ध-आह्वान
  • विरह-गीत
  • छन्द-परीक्षा
प्रशांतजी एहि भावनात्मक कथनसँ भरोसा बनबैत छथि।
3921. “गारेन्टी”क हास्य-विरोधाभास कोन मोड़ पर तेज होइत अछि?
  • माए लेल गारेन्टी चाही, मुदा सासु लेल तुरन्त दवाई खरीद
  • कविता पाठ शुरू
  • यात्रा समाप्त
  • गजल गाओल
कथामे माए लेल शंका, पर सासु लेल तात्कालिक खरीद व्यंग्य बनैत अछि।
3922. अंक १३०क पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर “अनिल” कतेक गजल सहित देल छथि?
  • गजल १-४
  • गजल १-२
  • बाल गजल मात्र
  • एगारह टनका
सूचीमे “जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’-गजल १-४” अछि।
3923. अंक १३०क गद्य-पद्य भारतीमे कोन कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद जारी अछि?
  • पाखलो
  • छिन्नमस्ता
  • मौलाइल गाछक फूल
  • नै धाड़ैए
सूचीमे तुकाराम रामा शेटक कोंकणी उपन्यास “पाखलो”क मैथिली अनुवाद अछि।
3924. “पाखलो”क मैथिली अनुवादक रूपमे ककर नाम देल अछि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • विनीत उत्पल
  • सुमित आनन्द
  • कामिनी कामायनी
सूचीमे “मैथिली अनुवाद- डॉ. शंभु कुमार सिंह” स्पष्ट अछि।
3925. अंक १३०मे भाषापाक रचना-लेखनक उपस्थिति ककर संग साहित्यिक पाठकेँ जोड़ैत अछि?
  • मानक मैथिली लेखन-अनुशासन
  • केवल व्यावसायिक विज्ञापन
  • केवल मौसम-सूचना
  • केवल खेल
भाषापाक खण्ड मानक लेखन आ भाषा-सफाइपर केन्द्रित अछि।

3926. अंक १२६-१३०मे भक्ति गजलक बारम्बार उपस्थिति कोन काव्य-प्रवृत्ति प्रमाणित करैत अछि?
  • गजल-विधाक भक्तिमूलक विस्तार
  • नाटकक समाप्ति
  • गद्यक अनुपस्थिति
  • भाषापाकक लोप
१२६, १२८, १२९ आदि अंकमे भक्ति गजल अनेक लेखकक संग आबैत अछि।
3927. १२६-१३०क सामग्रीमे “टच वुड”क भाग-२, भाग-३ आ भाग-४ कोन प्रकाशन-स्वरूप देखबैत अछि?
  • धारावाहिक संस्मरण
  • एकबारगी सूचना
  • कला-सूची
  • अध्यादेश
क्रमशः १२६, १२७, १२८मे “टच वुड”क अगिला भाग देल अछि।
3928. १२६-१३०क गद्य-सूचीमे विहनि कथा, लघुकथा, एकांकी, साक्षात्कार, रिपोर्ट आ समीक्षा-जैसी प्रविष्टि सभ मिलि कोन प्रवृत्ति बनबैत अछि?
  • गद्य-विधाक बहुविध विस्तार
  • केवल पद्य-एकरूपता
  • केवल चित्रकला
  • केवल सरकारी लेखा
एहि पाँच अंकमे गद्यक अनेक रूप — कथा, नाटक, वार्ता, रिपोर्ट, समीक्षा — मिलैत अछि।
3929. १२६क “चौआरि” आ १२७-१२८क “नै धाड़ैए” मिलि बाल-साहित्यक कोन विस्तार देखबैत अछि?
  • बालनाटक आ बाल उपन्यासक समानान्तर उपस्थिति
  • बाल-साहित्यक अभाव
  • केवल वयस्क राजनीति
  • केवल शब्दकोश
“चौआरि” बालनाटकसँ आ “नै धाड़ैए” बाल उपन्याससँ जुड़ल अछि।
3930. १२८क “बाँटल गेल मैथिली” आ भाषापाक खण्ड सभ मिलि विदेहक कोन भाषा-चिन्ता खोलैत अछि?
  • मैथिली अस्मिता आ मानक लेखन
  • केवल भोजन-संस्कृति
  • केवल खेल
  • केवल मौसम
एक दिस भाषिक-क्षेत्रीय विभाजनक आलोचना अछि, दोसर दिस मानक लेखनक भाषापाक प्रयास।
3931. १२९क “माटीक मुरुत” आ “बेटी, हम अपराधी छी” जस्ता शीर्षक स्त्री-विमर्शक कोन पक्ष छुबैत अछि?
  • घरेलू श्रम, शिक्षा, दमन आ अपराध-बोध
  • केवल गणित
  • केवल छन्द
  • केवल पशुपालन
एहि रचना-सूची आ कथांशमे स्त्रीजीवन, बेटी, शिक्षा आ घरेलू सत्ता पर संकेत अछि।
3932. १२६-१३०मे ऋष्यश्रृंग आ पाखलो अनुवाद-धारा कोन सम्पादकीय नीति देखबैत अछि?
  • मैथिलीकेँ भारतीय भाषिक सेतु बनाओनाइ
  • अनुवादसँ दूरी
  • केवल स्थानीय सूचना
  • केवल फोटो-संग्रह
ऋष्यश्रृंग हिन्दी सँ मैथिली, आ पाखलो कोंकणी सँ मैथिली अनुवादक रूपमे उपस्थित अछि।
3933. १२६-१३०क पद्य भागमे गजल, भक्ति गजल, गीत, कविता, बाल-कविता आ उत्सवी कविता मिलि कोन व्यापकता दैत अछि?
  • काव्य-विधा आ भाव-क्षेत्रक विविधता
  • केवल एक मात्र छन्द
  • केवल गद्यक वर्चस्व
  • केवल नाटक
पद्य-सूचीमे अनेक काव्यरूप आ विषय सामेल अछि।
3934. १२७क मिथिला कला-संगीत आ १२६क रायपुर मिथिला महोत्सव जस्ता प्रसंग साहित्यकेँ कोन व्यापक सांस्कृतिक क्षेत्रसँ जोड़ैत अछि?
  • कला, संगीत, उत्सव आ प्रवासी/सामुदायिक आयोजन
  • केवल न्यायालय
  • केवल बाजार-दर
  • केवल परीक्षा
एहि अंशसभमे साहित्य संग कला-संगीत आ महोत्सवक सांस्कृतिक विस्तार अछि।
3935. १२६-१३०क समेकित पठन विदेहक कोन मूल स्वरूपकेँ पुनः पुष्ट करैत अछि?
  • सृजन, आलोचना, अनुवाद, बाल-साहित्य, भाषा-चिन्ता आ संस्कृति-संवादक समानान्तर मंच
  • केवल एक गजल-पुस्तिका
  • केवल निजी पत्र
  • केवल सूचना-पत्र
एहि पाँच अंकमे कथा, पद्य, नाटक, अनुवाद, बाल-पाठ, भाषापाक, कला-संगीत आ सांस्कृतिक लेख एकहि मंचपर अछि।

3936. अंक १३१क आरम्भिक सूचना अनुसार ७९म ‘सगर राति दीप जरय’ कोन विधा सभक रात्रि-पाठ आयोजन छल?
  • विहनि आ लघु कथा
  • केवल चित्रकला
  • केवल शब्दकोश
  • केवल खेल-समाचार
आरम्भिक सूचनामे ‘विहनि आ लघु कथाक सगर राति पाठ’ स्पष्ट रूपेँ देल अछि।
3937. ७९म ‘सगर राति दीप जरय’क संयोजकक रूपमे कोन नाम देल गेल अछि?
  • उमेश पासवान
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
  • कुन्दन कुमार कर्ण
  • राजीव रंजन मिश्र
अंक १३१क आयोजन-सूचनामे संयोजक श्री उमेश पासवान लिखल अछि।
3938. अंक १३१मे कामिनी कामायनीक लघुकथा कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • घुइर ताकू
  • सड़ल दारीम
  • जीविते नर्क
  • चुप्पा पाल
गद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक लघुकथा ‘घुइर ताकू’ अछि।
3939. ‘घुइर ताकू’ कथामे पोखरि, नुआ, काकी आ बुचीदाय सन प्रसंग कोन सामाजिक धरातल बनबैत अछि?
  • घर-गामक स्त्री-लोकजीवन
  • समुद्री यात्रा
  • कारखाना-प्रशासन
  • राजदरबार
कथाक दृश्य पोखरि, नुआ पखारब, काकी-बुचीदाय आ टोलक बोलीसँ घर-गामक स्त्रीलोक संसार बनेबाक अछि।
3940. अंक १३१मे बिन्देश्वर ठाकुरक विहनि कथा-समूहमे कोन शीर्षक सम्मिलित अछि?
  • टेनामेनी
  • पँचवेदी
  • डोलनी डाइन
  • जट-जटिन
सूचीमे बिन्देश्वर ठाकुरक शीर्षक सभमे ‘टेनामेनी’ स्पष्ट अछि।
3941. बिन्देश्वर ठाकुरक ‘छुआछुत’ प्रसंग कोन सामाजिक प्रश्नकेँ केन्द्रमे आनैत अछि?
  • स्पर्श-अस्पर्श आ जातिगत भेद
  • समुद्री व्यापार
  • कम्प्यूटर कोडिंग
  • राजकीय नक्शा
‘छुआछुत’ शीर्षक आ पानि भरबाक प्रसंग समाजक अस्पृश्यता-व्यवहारपर चोट करैत अछि।
3942. अंक १३१मे आशीष अनचिन्हारक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • भविष्य
  • वसिअतनामा
  • अधिकार
  • सीता
गद्य-सूचीमे आशीष अनचिन्हारक कथा ‘भविष्य’ अछि।
3943. ‘भविष्य’ कथामे बच्चासँ ‘की नहि अबैत अछि’ पूछलापर उत्तर कोन सामाजिक व्यंग्य बनैत अछि?
  • लाज नहि अबैत अछि
  • लिपि नहि अबैत अछि
  • गणित नहि अबैत अछि
  • गीत नहि अबैत अछि
कथाक अन्तिम उत्तर ‘हमरा बस लाज नै अबैए’ आधुनिक संस्कारपर व्यंग्य करैत अछि।
3944. अंक १३१मे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा-समूह कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • तीन टा लघुकथा
  • केवल उपन्यास-अंश
  • साक्षात्कार-श्रृंखला
  • एकांकी नाटक
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल-तीन टा लघुकथा’ रूपेँ प्रविष्टि अछि।
3945. जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘कियो ने’मे शीतलहरि आ गामक जाड़-संकट कोन कथा-परिस्थिति बनबैत अछि?
  • प्रकृति आ दरिद्र जीवनक टकराव
  • शहरक उत्सव
  • युद्धक घोषणापत्र
  • विद्यालयक परीक्षा
आरम्भे शीतलहरि, ओस-पाला आ गाछ-माल-जालक कष्टसँ ग्रामीण जीवनक कठोरता चित्रित अछि।

3946. अंक १३१मे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क योगदान कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • गजल १-४
  • एकांकी नाटक
  • रिपोर्ट
  • उपन्यास-अंश
पद्य-सूचीमे ‘जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’-गजल १-४’ देल अछि।
3947. अंक १३१मे बिनीता झाक नामक संग कोन रचना-शीर्षक देल अछि?
  • वरदान
  • देशी कौआ
  • के पतियाएत
  • जीविते नर्क
सूचीमे बिनीता झाक ‘वरदान’ आ ‘तम्बाकू दिवस पर’ शीर्षक देल अछि।
3948. शान्तिलक्ष्मी चौधरीक अंक १३१मे सूचीबद्ध रचना कोन अछि?
  • मतिभ्रम
  • नेताजी
  • वसिअतनामा
  • चुप्पा पाल
अंक १३१क पद्य-सूचीमे शान्तिलक्ष्मी चौधरीक ‘मतिभ्रम’ अछि।
3949. शेफालिका वर्माक रचना-सूचीमे ‘अहाँक गाम कतऽ अछि?’क संग दोसर कोन शीर्षक देल अछि?
  • पाहन अप्पन प्राण भेल
  • सड़ल दारीम
  • डोलनी डाइन
  • उपकारके चुपकार
सूचीमे शेफालिका वर्माक ‘अहाँक गाम कतऽ अछि?’ आ ‘पाहन अप्पन प्राण भेल’ दुनू अछि।
3950. अंक १३१मे अनिल मल्लिकक प्रविष्टि कोन विधामे अछि?
  • गजल
  • विहनि कथा
  • यात्रा-वृत्तान्त
  • भाषा-नियम
पद्य-सूचीमे ‘अनिल मल्लिक-गजल’ देल अछि।
3951. बाल मुकुन्द पाठकक अंक १३१मे देल रचना-विधा कोन अछि?
  • गजल
  • नाटक
  • रिपोर्ट
  • उपन्यास
अंक १३१क पद्य-सूचीमे बाल मुकुन्द पाठकक ‘गजल’ लिखल अछि।
3952. सुरेन्द्र शैलक अंक १३१क सूचीमे ‘मुदा करबै की?’क अतिरिक्त कोन शीर्षक भेटैत अछि?
  • बटोही
  • वसिअतनामा
  • भादोक आठ अन्हार
  • कोन डारि पर केकर खोता
सुरेन्द्र शैलक शीर्षक सभमे ‘बटोही’, ‘नवका महेशवाणी’ आ ‘चुहाड़’ सेहो देल अछि।
3953. अंक १३१मे बालानां कृते खण्डक उपस्थिति कोन पाठक-वर्गक ओर संकेत करैत अछि?
  • बाल-पाठक आ संस्कार-पाठ
  • केवल प्रशासनिक अधिकारी
  • केवल शोध-तालिका
  • केवल खेलाड़ी
‘बालानां कृते’ शीर्षक बाल-पाठक लेल श्लोक/स्मरणीय सामग्रीक संकेत करैत अछि।
3954. अंक १३१मे ‘भाषापाक रचना-लेखन’ खण्ड कोन उद्देश्यसँ जुड़ल बुझाइत अछि?
  • मानक भाषा-सफाइ आ लेखन-अनुशासन
  • केवल विज्ञापन
  • केवल मौसम-रिपोर्ट
  • केवल चित्र-फाइल
भाषापाक खण्ड वर्तनी, प्रयोग आ लेखनक शुद्धतापर केन्द्रित अछि।
3955. अंक १३१मे गद्य-पद्य, बालानां कृते आ भाषापाकक संग-साथ उपस्थिति कोन सम्पादकीय संरचना देखबैत अछि?
  • साहित्य आ भाषा-शिक्षा दुनूक संतुलन
  • केवल पद्यक संकलन
  • केवल निजी सूचना
  • केवल बाहरी समाचार
अंकमे कथा-पद्यक संग बाल-पाठ आ भाषापाक सेहो अछि, जे साहित्यक संग भाषा-शिक्षा जोड़ैत अछि।

3956. अंक १३२मे जगदानन्द झा ‘मनु’क विहनि कथा-समूहमे कोन शीर्षक अछि?
  • वसिअतनामा
  • घुइर ताकू
  • डोलनी डाइन
  • जट-जटिन
गद्य-सूचीमे जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘वसिअतनामा’ आ ‘बुढ़ारीक डर’ देल अछि।
3957. ‘वसिअतनामा’क मूल प्रसंगमे सु०क विवाह ककर संग भेल देखाओल गेल अछि?
  • उमरसँ बहुत पैघ वर
  • विद्यालयक सहपाठी
  • राजदरबारक सेवक
  • विदेशी व्यापारी
कथाक आरम्भमे सु०क वर हुनक बएससँ बहुत पैघ बताओल गेल छथि।
3958. अंक १३२मे अमित मिश्रक विहनि कथा-समूहमे कोन शीर्षक देल अछि?
  • दरमाहा
  • पँचवेदी
  • माटीक मुरुत
  • डोलनी डाइन
सूचीमे अमित मिश्रक कथासभ ‘दरमाहा/हँसी/अधिकार/भूख’ रूपेँ देल अछि।
3959. अमित मिश्रक शीर्षक ‘भूख’ कोन सामाजिक यथार्थकेँ संकेत करैत अछि?
  • अभाव आ पेटक पीड़ा
  • संगीत-वाद्य
  • चित्रकला-शैली
  • राजकीय चुनाव-चिह्न
‘भूख’ शीर्षक आर्थिक-अभाव आ जीवन-संघर्षक सटीक संकेत दैत अछि।
3960. अंक १३२मे जवाहर लाल कश्यपक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • सीता
  • भविष्य
  • छुआछुत
  • सुफल काज
गद्य-सूचीमे जवाहर लाल कश्यपक विहनि कथा ‘सीता’ देल अछि।
3961. अंक १३२मे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • सड़ल दारीम
  • कियो ने
  • जीविते नर्क
  • चुप्पा पाल
गद्य-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल-लघुकथा-सड़ल दारीम’ अछि।
3962. ‘सड़ल दारीम’ शीर्षकमे ‘दारीम’क रूपक कोन अर्थ-दिशा बना सकैत अछि?
  • बाहरी रूप आ भीतरी सड़नक विरोध
  • केवल फल-बाजारक दर
  • नदीक पुल
  • गीतक ताल
शीर्षक सड़ल फल मार्फत रूप-भीतरक विरोध आ सामाजिक सड़नक रूपक बनैत अछि।
3963. अंक १३२क गद्य-सूचीमे मुख्य रूपेँ कोन विधा बारम्बार देखाइत अछि?
  • विहनि कथा
  • केवल महाकाव्य
  • केवल शब्दकोश
  • केवल नाट्य-सूची
जगदानन्द झा, अमित मिश्र आ जवाहर लाल कश्यपक प्रविष्टि विहनि कथा रूपेँ अछि।
3964. अंक १३२क गद्य-विन्यासमे ‘वसिअतनामा’, ‘अधिकार’ आ ‘भूख’ सन शीर्षक कोन तरहक संवेदना आनि रहल अछि?
  • परिवार, अधिकार आ अभावक सामाजिक संवेदना
  • केवल शृंगारिक वर्णन
  • केवल युद्ध-गान
  • केवल व्याकरण-सूत्र
एहि शीर्षकसभमे परिवार, अधिकार-बोध आ जीवन-अभावक प्रश्न प्रमुख अछि।
3965. अंक १३२मे लघुकथा आ विहनि कथा एक संग रहबासँ की बुझाइत अछि?
  • छोट गद्य-विधाक सक्रियता
  • दीर्घ महाकाव्यक एकाधिकार
  • रंगमंचक अनुपस्थिति मात्र
  • संगीतक समाप्ति
अंक १३२क गद्य-भाग छोट कथा-विधा सभक सक्रिय प्रकाशन देखबैत अछि।

3966. अंक १३२मे अमित मिश्र आ कुन्दन कुमार कर्ण कोन विधासँ पद्य-सूचीमे जुड़ल छथि?
  • गजल
  • एकांकी
  • उपन्यास
  • साक्षात्कार
पद्य-सूचीमे ‘अमित मिश्र’ आ ‘कुन्दन कुमार कर्ण-गजल’ देल अछि।
3967. अंक १३२मे जगदीश प्रसाद मण्डल आ रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क प्रविष्टि कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • गीत
  • लघुकथा
  • भाषा-नियम
  • रिपोर्ट
सूचीमे दूनू नामक संग ‘गीत एवं झारू’ रूपेँ पद्य-सामग्री सूचीबद्ध अछि।
3968. रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’क नामक संग ‘झारू’ उल्लेख कोन तरहक रचनात्मक परिचय दैत अछि?
  • व्यंग्यात्मक/लोकधर्मी काव्य-स्वर
  • केवल सरकारी पद
  • केवल तकनीकी औजार
  • केवल नक्शा
‘झारूदार’ आ ‘झारू’ नाम लोकधर्मी आ व्यंग्यात्मक काव्य-स्वरक संकेत दैत अछि।
3969. अंक १३२मे राजदेव मण्डलक योगदान कोन रूपमे देल अछि?
  • दू टा कविता
  • भाषापाक नियम
  • साक्षात्कार
  • उपन्यास-अनुक्रमणिका
पद्य-सूचीमे ‘राजदेव मण्डल- दू टा कविता’ अछि।
3970. अंक १३२मे राजीव रंजन मिश्रक नाम कोन खण्डमे देखाइत अछि?
  • पद्य
  • गद्य-संपादकीय
  • सूचना-सम्पर्क
  • आर्काइव
राजीव रंजन मिश्र पद्य-सूचीमे राजदेव मण्डलक प्रविष्टिक संग देल छथि।
3971. बिन्देश्वर ठाकुरक पद्य-सूचीमे ‘प्रवासक वेदना’क संग कोन शीर्षक अछि?
  • सुनि लिअ दू बात हमर
  • दरमाहा
  • वसिअतनामा
  • सड़ल दारीम
सूचीमे ‘प्रवासक वेदना/ सुनि लिअ दू बात हमर/ अन्हार जिनगी’ देल अछि।
3972. अब्दुल रजाकक अंक १३२मे देल पद्य-शीर्षक कोन अछि?
  • गणतान्त्रिक देश
  • नेङगरा दरबान
  • बुढ़ारीक डर
  • सीता
पद्य-सूचीमे अब्दुल रजाकक ‘गणतान्त्रिक देश’ देल अछि।
3973. कुन्दन कुमार कर्णक बाल-पद्यक रूपमे कोन शीर्षक/विधा सूचीबद्ध अछि?
  • बाल गजल
  • एकांकी
  • रिपोर्ट
  • उपन्यास
सूचीमे ‘कुन्दन कुमार कर्ण- बाल गजल’ अछि।
3974. अमित मिश्रक ‘नेङगरा दरबान’ अंक १३२मे कोन व्यापक खण्डक हिस्सा अछि?
  • पद्य/बाल-धर्मी रचना-सूची
  • आर्काइव सूचना
  • फीड निर्देश
  • चित्र-सूची
‘नेङगरा दरबान’ बाल गजल-सूचीक आसपास पद्य भागमे देल अछि।
3975. अंक १३२मे गजल, गीत, बाल गजल आ सामाजिक कविता सभक संग-साथ उपस्थिति कोन निष्कर्ष देैत अछि?
  • पद्य-विधाक बहुविध विस्तार
  • केवल एक विषयक पुनरावृत्ति
  • गद्यक पूर्ण अनुपस्थिति
  • भाषा-विमर्शक लोप
अंक १३२क पद्य-सूची गजल, गीत, प्रवासी वेदना, गणतान्त्रिक कविता आ बाल गजल सब समेटैत अछि।

3976. अंक १३३मे कामिनी कामायनीक लघुकथा कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • कोन डारि पर केकर खोता
  • घुइर ताकू
  • सड़ल दारीम
  • पश्चताप
गद्य-सूचीमे कामिनी कामायनीक ‘कोन डारि पर केकर खोता’ देल अछि।
3977. अंक १३३मे ‘सगर राति दीप जरय’क ७९म आयोजनक रिपोर्ट कोन नाम/विषयसँ जुड़ल अछि?
  • कथा कोसी
  • स्वयंवर
  • डोलनी डाइन
  • भक्ति गजल
सूचीमे ‘सगर राति दीप जरय’क ७९म आयोजन ‘कथा कोसी’ रूपेँ देल अछि।
3978. ‘कथा कोसी’ रिपोर्टमे ७९म आयोजनक संयोजन ककर नामसँ जुड़ल अछि?
  • उमेश पासवान
  • राजीव रंजन मिश्र
  • दीप नारायण विद्यार्थी
  • इरा मल्लिक
अंक १३३क सूचीमे ७९म आयोजन उमेश पासवानक संयोजकत्वमे औरहामे सम्पन्न कहल अछि।
3979. अंक १३३मे ८०म ‘सगर राति दीप जरय’क स्थान/जिला संकेत कोन अछि?
  • सुपौल जिलाक निर्मली
  • दरभंगा शहर
  • काठमांडू
  • कोलकाता
सूचीमे ८०म आयोजन सुपौल जिलाक निर्मलीमे होएबाक संकेत देल अछि।
3980. अंक १३३मे बिन्देश्वर ठाकुरक गद्य योगदान कोन रूपमे देल अछि?
  • तीन टा विहनि कथा
  • दू गजल
  • भाषापाक पाठ्यक्रम
  • बाल हाइकू
गद्य-सूचीमे ‘बिन्देश्वर ठाकुर-३टा विहनि कथा’ अछि।
3981. अंक १३३मे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा कोन शीर्षक अछि?
  • चुप्पा पाल
  • सड़ल दारीम
  • जीविते नर्क
  • वसिअतनामा
सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल-लघुकथा-चुप्पा पाल’ देल अछि।
3982. अंक १३३मे जगदानन्द झा ‘मनु’क योगदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • पाँच टा विहनि कथा
  • एक गीत
  • गजल १-४
  • केवल रिपोर्ट
गद्य-सूचीमे ‘जगदानन्द झा ‘मनु’-५ टा विहनि कथा’ अछि।
3983. अखिलेश कुमार मण्डलक अंक १३३मे देल शीर्षक कोन अछि?
  • पँचवेदी
  • भादोक आठ अन्हार
  • मोह-माया
  • अधिकार
अंक १३३क गद्य-सूचीमे ‘अखिलेश कुमार मण्डल-पँचवेदी’ देल अछि।
3984. प्राज्ञ कापड़ि केशवलाल बाखं शिरपा सम्मानसँ संबंधित रिपोर्टक संग कोन रिपोर्टर नाम जुड़ल अछि?
  • पूनम मण्डल
  • कुन्दन कुमार कर्ण
  • बाल मुकुन्द पाठक
  • रामदेव प्रसाद मण्डल
अंक १३३क सूचीमे एहि सम्मान-रिपोर्टक लेखक/रिपोर्टर पूनम मण्डल देल अछि।
3985. उमेश मण्डलक अंक १३३क लघुकथा कोन शीर्षकसँ अछि?
  • जीविते नर्क
  • घुइर ताकू
  • दरमाहा
  • सड़ल दारीम
गद्य-सूचीमे ‘उमेश मण्डल-लघुकथा-जीविते नर्क’ देल अछि।

3986. अंक १३३मे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क पद्य योगदान कोन अछि?
  • गजल १-४
  • स्वयंवर
  • भादोक आठ अन्हार
  • वसिअतनामा
पद्य-सूचीमे ‘जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’-गजल १-४’ देल अछि।
3987. अंक १३३मे मुन्नी कामतक गीत कोन शीर्षकसँ देल अछि?
  • जट-जटिन
  • मोह-माया
  • अभिसारिका
  • नेङगरा दरबान
पद्य-सूचीमे मुन्नी कामतक ‘गीत:- जट-जटिन’ अछि।
3988. ‘जट-जटिन’ शीर्षक मैथिली लोक-संस्कृतिक कोन आयामकेँ छूइत अछि?
  • लोक-नाट्य/लोक-गीत परम्परा
  • सैन्य नक्शा
  • कम्प्यूटर प्रोग्राम
  • व्यापारिक करार
जट-जटिन मिथिला क्षेत्रक लोक-गीत/लोक-नाट्य परम्परासँ जुड़ल शीर्षक अछि।
3989. शान्तिलक्ष्मी चौधरीक अंक १३३मे देल पद्य-शीर्षक कोन अछि?
  • नेताजी
  • मतिभ्रम
  • भूख
  • सीता
सूचीमे मुन्नी कामतक गीतक संग शान्तिलक्ष्मी चौधरीक ‘नेताजी’ अछि।
3990. जगदानन्द झा ‘मनु’क अंक १३३मे पद्य-शीर्षक कोन अछि?
  • के पतियाएत
  • वसिअतनामा
  • बुढ़ारीक डर
  • पश्चताप
पद्य-सूचीमे ‘जगदानन्द झा ‘मनु’-के पतियाएत’ देल अछि।
3991. मनोज कुमार मण्डलक अंक १३३मे पद्य-शीर्षक कोन अछि?
  • देशी कौआ
  • लहकैत समाज
  • सुफल काज
  • गणतान्त्रिक देश
अंक १३३क पद्य-सूचीमे मनोज कुमार मण्डलक ‘देशी कौआ’ अछि।
3992. कुन्दन कुमार कर्णक अंक १३३मे योगदान कोन विधामे अछि?
  • गजल
  • उपन्यास-अंश
  • साक्षात्कार
  • भाषापाक
पद्य-सूचीमे ‘कुन्दन कुमार कर्ण-गजल’ लिखल अछि।
3993. जगदीश प्रसाद मण्डलक अंक १३३मे पद्य-शीर्षक कोन अछि?
  • सुफल काज
  • चुप्पा पाल
  • जीविते नर्क
  • भादोक आठ अन्हार
पद्य-सूचीमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल-सुफल काज’ देल अछि।
3994. सत्य नारायणक अंक १३३मे देल पद्य-शीर्षक कोन अछि?
  • लहकैत समाज
  • देशी कौआ
  • नेताजी
  • जट-जटिन
पद्य-सूचीमे ‘सत्य नारायण-लहकैत समाज’ देल अछि।
3995. अंक १३३क भाषापाक खण्डमे ‘ए आ य’ आ ‘ध्वनि-लोप’ सन विषय की संकेत करैत अछि?
  • मैथिली वर्तनी आ उच्चारण-संपादन
  • केवल कथा-सार
  • केवल चित्र-वर्णन
  • केवल खेल-रिपोर्ट
भाषापाकमे वर्तनी, ध्वनि-लोप, उच्चारण निर्देश आ भाषा-सम्पादन पाठ्यक्रम सन बिंदु देल अछि।

3996. अंक १३४क आरम्भिक गद्य-सूचीमे बिन्देश्वर ठाकुरक कित्ता विहनि कथा शीर्षक देल अछि?
  • चारि
  • एक
  • दस
  • कुनो नहि
सूचीमे पश्चताप, उपकारके चुपकार, प्रतिशोध आ जेहन करणी तेहन भरणी—चारि शीर्षक अछि।
3997. बिन्देश्वर ठाकुरक अंक १३४क विहनि कथा-समूहमे कोन शीर्षक सम्मिलित अछि?
  • पश्चताप
  • घुइर ताकू
  • वसिअतनामा
  • डोलनी डाइन
अंक १३४मे बिन्देश्वर ठाकुरक सूचीमे ‘पश्चताप’ अछि।
3998. ‘उपकारके चुपकार’ शीर्षक कोन नैतिक तनावकेँ संकेत करैत अछि?
  • उपकार, मौन आ सामाजिक सम्बन्ध
  • केवल नदी-भूगोल
  • केवल शृंगार
  • केवल लिपि-तालिका
शीर्षक स्वयं उपकारक बादक चुप्पी आ सम्बन्धक नैतिकताक ओर इशारा करैत अछि।
3999. ‘प्रतिशोध’ शीर्षक अंक १३४मे ककर विहनि कथा-समूहमे देल अछि?
  • बिन्देश्वर ठाकुर
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
  • राजदेव मण्डल
  • इरा मल्लिक
अंक १३४क विहनि कथा-सूचीमे ‘प्रतिशोध’ बिन्देश्वर ठाकुरक अंतर्गत अछि।
4000. ‘जेहन करणी तेहन भरणी’ शीर्षक कोन प्रकारक लोक-न्याय सूत्रपर आधारित बुझाइत अछि?
  • कर्मक फल
  • राजदरबारक आदेश
  • व्याकरणिक विभक्ति
  • रंग-समायोजन
शीर्षक लोक-नीति ‘जैसन करब तैसन भरब’क भाव व्यक्त करैत अछि।
4001. अंक १३४मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन उपन्यासक अंश देल गेल अछि?
  • भादोक आठ अन्हार
  • मौलाइल गाछक फूल
  • वसिअतनामा
  • डोलनी डाइन
सूचीमे ‘भादोक आठ अन्हार’ उपन्यासक किछु अंश देल अछि।
4002. ‘भादोक आठ अन्हार’ अंशक आरम्भमे कोन प्राकृतिक-सामाजिक संकट प्रमुख अछि?
  • कोसी/कमला बान्ह टूटब आ बाढ़िक भय
  • समुद्री यात्रा
  • राजकीय विवाह
  • चित्रकला प्रदर्शनी
अंशमे कोसी बान्ह टूटबाक हल्ला, गाम डूबबाक डर आ बाढ़िक संकट वर्णित अछि।
4003. सुरजाकाका ‘भादोक आठ अन्हार’ अंशमे मुख्यत: कोन चिन्तासँ जूझैत देखाइत छथि?
  • बाढ़ि आ घर-परिवार बचएबाक चिन्ता
  • नाटकक मंच-सज्जा
  • गीतक राग
  • बाल-खेल
अंशमे सुरजाकाका बाढ़ि, घर, खेत आ परिवारक सुरक्षाक चिन्तामे छथि।
4004. ‘भादोक आठ अन्हार’मे मिथिलांचलक नदी-व्यवस्था कोन संकट-दिशा खोलैत अछि?
  • उत्तर-दक्षिण धार आ बाढ़ि-प्रवण भूगोल
  • मरुभूमि-संकट
  • समुद्री तूफान
  • हिमपात
अंशमे नेपालसँ अबैत धार, कमला/कोसी आ गंगासँ घेरायल भूगोलक चर्चा अछि।
4005. अंक १३४मे राम विलास साहुक विहनि कथा कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • शिक्षाक महत
  • भविष्य
  • जीविते नर्क
  • दरमाहा
सूचीमे ‘राम विलास साहु-विहनि कथा-शिक्षाक महत’ देल अछि।

4006. अंक १३४मे ‘स्वयंवर’ कोन विधा रूपमे देल अछि?
  • एकांकी नाटक
  • गजल
  • लघुकथा
  • भाषापाक-सूची
सूचीमे ‘स्वयंवर-(एकांकी नाटक)’ स्पष्ट अछि।
4007. ‘स्वयंवर’ एकांकीक लेखकक रूपमे कोन नाम देल अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • राम विलास साहु
  • कुन्दन कुमार कर्ण
  • इरा मल्लिक
अंक १३४मे ‘स्वयंवर-(एकांकी नाटक)-जगदीश प्रसाद मण्डल’ देल अछि।
4008. ‘स्वयंवर’क मंच-सूचनामे सोनेलालक दरबज्जा आ चौकी सन संकेत की बतबैत अछि?
  • ग्राम्य घरेलू रंगमंचीय परिवेश
  • राजमहल
  • समुद्री जहाज
  • कारखाना
नाटकक आरम्भिक दृश्य सोनेलालक दरबज्जा/चौकीसँ ग्रामीण घरेलू मंच बनबैत अछि।
4009. ‘स्वयंवर’मे जीयालालक संवाद ‘संकल्प’केँ ककर संग जोड़ैत अछि?
  • कठिन मेहनत आ साहस
  • आराम आ आलस्य
  • केवल गीत
  • केवल व्यापार
संवादमे संकल्पकेँ कठिन मेहनत आ साहसक आवश्यकता सँ जोड़ल गेल अछि।
4010. अंक १३४मे जगदीश प्रसाद मण्डलक कृतिसूचीमे ‘मौलाइल गाछक फूल’ कोन विधाक अंतर्गत अछि?
  • उपन्यास
  • गीत
  • गजल
  • रिपोर्ट
लेखक-परिचयमे ‘मौलाइल गाछक फूल’ उपन्यास-सूचीमे देल अछि।
4011. जगदीश प्रसाद मण्डलक कृतिसूचीमे ‘पंचवटी’ कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • एकांकी संग्रह
  • भाषापाक पाठ्यक्रम
  • बाल हाइकू
  • साक्षात्कार
परिचयमे ‘एकांकी संग्रह-(१) पंचवटी’ देल अछि।
4012. जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘शंभुदास’ कोन विधाक संग्रह रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • दीर्घकथा संग्रह
  • गजल संग्रह
  • पत्रिका-सूची
  • रिपोर्ट
परिचयमे ‘दीर्घकथा संग्रह-(१) शंभुदास’ लिखल अछि।
4013. अंक १३४मे भाषापाक खण्डक पुनरावृत्ति कोन सम्पादकीय आग्रह देखबैत अछि?
  • भाषा-संपादनक निरन्तर प्रशिक्षण
  • केवल मनोरंजन
  • केवल फोटो-संग्रह
  • केवल यात्रा-विज्ञापन
अनेक अंक जकाँ १३४मे सेहो भाषापाक रचना-लेखन अछि, जे भाषा-संपादनक निरन्तरता देखबैत अछि।
4014. अंक १३४क सामग्री-संरचना गद्य, उपन्यास-अंश, विहनि कथा आ नाटककेँ एक ठाम राखि कोन संकेत दैत अछि?
  • गद्य-विधाक बहुस्तरीय विस्तार
  • केवल गीत-संग्रह
  • चित्रकलाक विशेषांक
  • क्रीड़ा-अंक
अंक १३४मे छोट कथा, उपन्यास अंश आ एकांकी—तीनू गद्य/रंग-विधा संग राखल अछि।
4015. ‘शिक्षाक महत’ आ ‘स्वयंवर’ एके अंकमे रहबासँ अंक १३४मे कोन दोहरी रुचि बनैत अछि?
  • शिक्षा-नैतिकता आ रंगमंचीय संवाद
  • केवल शुद्ध वर्तनी
  • केवल बाल खेल
  • केवल विदेशी समाचार
विहनि कथा शिक्षाक मूल्यपर, आ एकांकी सामाजिक संवाद/संकल्पपर केन्द्रित अछि।

4016. अंक १३५क आरम्भिक सूचीमे राम विलास साहुक कित्ता टनका देल अछि?
  • एगारहटा
  • चारिटा
  • एकटा
  • बीसटा
सूचीमे ‘राम विलास साहुक एगारहटा टनका’ देल अछि।
4017. राजीव रंजन मिश्रक अंक १३५मे योगदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • गजल १-२
  • एकांकी
  • विहनि कथा
  • भाषापाक
सूचीमे ‘राजीव रंजन मिश्र-गजल १-२’ देल अछि।
4018. राजदेव मण्डलक ‘डोलनी डाइन’ अंक १३५मे कोन विधा रूपमे देल अछि?
  • काव्य कथा
  • साक्षात्कार
  • भाषा-नियम
  • यात्रा-रिपोर्ट
सूचीमे ‘डोलनी डाइन-(काव्य कथा)’ स्पष्ट देल अछि।
4019. ‘डोलनी डाइन’क कथात्मक केन्द्रमे कोन सामाजिक हिंसा प्रमुख अछि?
  • स्त्रीकेँ डाइन कहि कलंकित करब
  • विदेशी व्यापार
  • विद्यालयी परीक्षा
  • संगीत-प्रतियोगिता
काव्य-कथामे डोलनीपर डाइनक आरोप, पंचायती हिंसा आ जन-अफवाह प्रमुख अछि।
4020. ‘डोलनी डाइन’मे घसबाहिनी सभक अफवाह कोन संकट पैदा करैत अछि?
  • डोलनीपर सामूहिक संदेह आ हिंसा
  • नदीक नाव-यात्रा
  • गीतक प्रतियोगिता
  • भाषापाक परीक्षा
घसबाहिनी सभक बात गाममे अफवाह बनि डोलनीक विरुद्ध हिंसक माहौल बना दैत अछि।
4021. ‘डोलनी डाइन’मे डोलनीक हाथक हँसुआ चमकबाक चित्र कोन भाव संकेत करैत अछि?
  • आत्मरक्षा आ प्रतिरोध
  • समर्पण मात्र
  • मेला-सज्जा
  • खेती-उत्सव मात्र
डोलनी हिंसक समाजक सामना करबाक लेल तैयार देखाइत अछि, जे प्रतिरोधक बिम्ब अछि।
4022. मुन्नाजीक अंक १३५मे देल रचना-विधा कोन अछि?
  • बाल हाइकू
  • उपन्यास
  • रिपोर्ट
  • नाटक
सूचीमे ‘मुन्नाजी-बाल हाइकू’ देल अछि।
4023. मुन्नाजीक बाल हाइकूमे ‘पानिमे माछ / छप-छप करैए / हमरे जकाँ’ कोन बाल-दृष्टि बनबैत अछि?
  • प्रकृति आ खेलक बाल-समानता
  • राजनीतिक भाषण
  • शास्त्रीय युद्ध
  • वाणिज्यिक लेखा
माछक छप-छपकेँ बच्चाक खेल-जकाँ देखब बाल-दृष्टिक सरलता अछि।
4024. कुन्दन कुमार कर्णक अंक १३५मे योगदान कोन विधामे देल अछि?
  • गजल
  • टनका
  • उपन्यास
  • रिपोर्ट
अंक १३५क सूचीमे ‘कुन्दन कुमार कर्ण-गजल’ अछि।
4025. इरा मल्लिकक अंक १३५मे दू तरहक उपस्थिति कोन रूपमे देखाइत अछि?
  • गजल आ बाल गजल
  • केवल उपन्यास
  • केवल रिपोर्ट
  • केवल भाषापाक
सूचीमे इरा मल्लिकक ‘गजल’ आ अलगसँ ‘बाल गजल’ दुनू देल अछि।

4026. अंक १३१-१३५मे विहनि कथा, लघुकथा, उपन्यास-अंश, एकांकी आ काव्य-कथा सभक उपस्थिति कोन व्यापक प्रवृत्ति देखबैत अछि?
  • छोट गद्य आ कथात्मक विधाक बहुविध विस्तार
  • केवल शब्द-सूची
  • केवल समाचार-संक्षेप
  • केवल खेल-वृत्तान्त
एहि पाँच अंकमे छोट कथा, लघुकथा, उपन्यास-अंश, एकांकी आ काव्य-कथा लगातार प्रकाशित अछि।
4027. अंक १३१ आ १३३मे ‘सगर राति दीप जरय’क उल्लेख कोन साहित्यिक संस्कृतिक संकेत दैत अछि?
  • सामूहिक कथा-पाठक जीवित परम्परा
  • केवल डाक-सूचना
  • केवल खेल-समारोह
  • केवल विज्ञापन
दूनू अंकमे कथा-पाठ आयोजनक सूचना/रिपोर्ट अछि, जे सामूहिक साहित्य-पाठ परम्परा देखबैत अछि।
4028. अंक १३१-१३५मे जगदीश प्रसाद मण्डलक नाम कोन-कोन रूपमे आवैत अछि?
  • लघुकथा, उपन्यास-अंश, एकांकी, गीत/कविता
  • केवल चित्र-संपादक
  • केवल विज्ञापनदाता
  • केवल पाठक-सूची
एहि अंकेँ मण्डलजी लघुकथा, उपन्यास-अंश, स्वयंवर एकांकी आ पद्य/गीतसँ जुड़ल छथि।
4029. कामिनी कामायनीक १३१ आ १३३क लघुकथा शीर्षक क्रमशः कोन जोड़ी बनबैत अछि?
  • घुइर ताकू / कोन डारि पर केकर खोता
  • वसिअतनामा / बुढ़ारीक डर
  • डोलनी डाइन / जट-जटिन
  • सड़ल दारीम / स्वयंवर
१३१मे ‘घुइर ताकू’ आ १३३मे ‘कोन डारि पर केकर खोता’ देल अछि।
4030. १३१-१३५मे गजल बारम्बार आवबासँ विदेहक कोन काव्य-रुचि स्पष्ट होइत अछि?
  • मैथिली गजल-विधाक सतत प्रकाशन
  • गजल-विरोध
  • केवल नाटकक आग्रह
  • पद्यक अनुपस्थिति
१३१सँ १३५ धरि अनेक लेखकक गजल लगातार सूचीबद्ध अछि।
4031. १३५क ‘डोलनी डाइन’ आ १३४क ‘भादोक आठ अन्हार’ दूनू मिलि कोन सामाजिक-आलोचनात्मक क्षेत्र खोलैत अछि?
  • ग्रामीण समाजक भय, बाढ़ि, अफवाह आ हिंसा
  • केवल राजमहल
  • केवल चित्र-दर्शनी
  • केवल शब्दकोश
एकमे डाइन-अफवाह आ सामुदायिक हिंसा अछि, दोसरमे बाढ़ि आ ग्रामीण संकट अछि।
4032. १३१-१३५मे बालानां कृते, बाल गजल, बाल हाइकू आ बाल-पाठक उपस्थिति कोन पाठकीय क्षितिज देखबैत अछि?
  • बाल साहित्यक अलग आ निरंतर स्थान
  • केवल वयस्क आलोचना
  • बाल-पाठकक निषेध
  • केवल प्रशासनिक आदेश
बालानां कृते, बाल गजल, बाल हाइकू आदि बाल पाठक लेल अलग सामग्री बनबैत अछि।
4033. १३३ आ १३४मे भाषापाक/भाषा-संपादनक निरन्तर खण्ड कोन बात प्रमाणित करैत अछि?
  • रचनात्मक साहित्यक संग भाषा-अनुशासनक आग्रह
  • भाषा-चर्चाक अभाव
  • केवल नृत्य-प्रदर्शन
  • केवल आर्काइव
भाषापाक खण्ड वर्तनी, ध्वनि, प्रयोग आ सम्पादनक नियमपर बल दैत अछि।
4034. १३२क ‘वसिअतनामा/अधिकार/भूख’ आ १३४क ‘पश्चताप/प्रतिशोध’ शीर्षक सभ मिलि कोन कथात्मक संसार बनबैत अछि?
  • परिवार, नैतिकता, अधिकार आ अभावक कथा-संसार
  • केवल प्राकृतिक दृश्य
  • केवल हास्य-गीत
  • केवल बाल-खेल
एहि शीर्षकसभमे परिवार, सामाजिक न्याय, अभाव आ नैतिक प्रतिफलक संकेत अछि।
4035. अंक १३१-१३५क आधारपर विदेह भाग-२क एहि चरणमे मुख्य सम्पादकीय बल कोन अछि?
  • लोक-जीवन, कथा-विस्तार, गजल, बाल-साहित्य आ भाषापाकक संयुक्त प्रस्तुति
  • केवल सूची-संग्रह
  • केवल तकनीकी सूचना
  • केवल दृश्य-चित्र
एहि पाँच अंकमे ग्रामीण/लोक कथा, गजल-पद्य, बाल-रचना आ भाषापाक एक संग चलैत अछि।

4036. अंक १३६मे ‘एक युग : टच वुड भाग ५’ कोन लेखिका/रचनाकार-नामक अंतर्गत देल गेल अछि?
  • ज्योति
  • कामिनी कामायनी
  • अनामिका राज
  • मुन्नी कामत
अंक १३६क गद्य-सूचीमे ‘ज्योति- एक युग : टच वुड भाग ५’ शीर्षक रूपमे ई शृंखला देल गेल अछि।
4037. ‘सोर’ शीर्षक लघुकथा अंक १३६मे कोन रचनाकारसँ संबद्ध अछि?
  • कामिनी कामायनी
  • कुमार पृथु
  • बाल मुकुन्द पाठक
  • सन्दीप कुमार साफी
सूचीमे ‘कामिनी कामायनी- लघुकथा-सोर’ लिखल अछि, तेँ ई लघुकथा हुनक नामसँ जुड़ल अछि।
4038. ‘नापल तौलल पसरल पथार’ लेख कोन संग्रहक आलोचनात्मक पाठ करैत अछि?
  • परमेश्वर कापड़िक ‘पथार’
  • लल्लन प्रसाद ठाकुरक ‘बड़का साहेव’
  • नन्द विलास राय क ‘सखारी-पेटारी’
  • बेचन ठाकुरक ‘बिसवासघात’
शीर्षकमे स्पष्ट रूपेँ ‘परमेश्वर कापड़िक पथार’ लिखल अछि, आ लेखमे लोकयथार्थ, सामाजिक परम्परा आ कथ्य-शिल्पक चर्चा अछि।
4039. ‘पथार’ पर आलेखमे संग्रहक मुख्य बल कोन पक्षपर देखाओल गेल अछि?
  • लोकजीवन, सामाजिक परम्परा आ जीवन-अनुभव
  • केवल दरबारी इतिहास
  • केवल विदेशी यात्रा-वर्णन
  • केवल छन्द-गणना
लेख ‘पथार’केँ लोकजीवन, घर-अङना, खेत-खरिहान, परम्परा, संघर्ष आ जीवन-अनुभवक विस्तृत लेखा-जोखा मानैत अछि।
4040. ‘प्रेम : वरदान वा अभिशाप’ लघुकथामे राजीव आ नीतूक सम्बन्ध कोन माध्यमसँ शुरू होइत अछि?
  • फोन-मिसकाँल आ बातचीतसँ
  • मेला-भेटसँ
  • विद्यालयक परीक्षा-सूचीसँ
  • गामक पंचायतसँ
कथामे मिसकाँल, फोन आ धीरे-धीरे बढ़ैत बातचीतसँ राजीव-नीतूक सम्बन्ध बनेबाक संकेत भेटैत अछि।
4041. ‘प्रेम : वरदान वा अभिशाप’मे नीतू विवाहक बाद राजीवसँ की माँग करैत अछि?
  • फोन नहि करबाक अनुरोध
  • संग यात्रा करबाक आग्रह
  • राजनीतिक सभा चलबाक आग्रह
  • कहानी छपबयबाक आग्रह
विवाहक बाद नीतू राजीवकेँ फोन नहि करबाक कहैत अछि, कारण ओकर वैवाहिक जीवन संकटमे पड़ि सकैत छल।
4042. अभिकलनात्मक मैथिली व्याकरणक लेखमे भाषा आइ कोन नव संवाद-संदर्भमे प्रवेश करैत देखाओल गेल अछि?
  • मानव आ कम्प्यूटरक बीच संवाद
  • केवल पुरान शिलालेख-पाठ
  • केवल गीत-रागक अभ्यास
  • केवल हस्तलिपि-संग्रह
लेखक कहैत छथि जे मानव-मानव संवादक भाषा आब मानव आ कम्प्यूटरक बीच संवाद स्थापित करबाक लेल सेहो तत्पर अछि।
4043. अभिकलनात्मक व्याकरणमे पदनिरूपणक विशेष महत्त्व किएक अछि?
  • वाक्यक व्याकरणिक विश्लेषणक चरणबद्ध आधार बनेबाक लेल
  • चित्रकला रंग चुनबाक लेल
  • मंच-सज्जा निर्धारित करबाक लेल
  • पोथीक मूल्य तय करबाक लेल
लेख पदनिरूपणकेँ अभिकलनात्मक व्याकरणक महत्त्वपूर्ण पड़ाव मानैत अछि, जतय पद आ वाक्य-संरचनाक वैज्ञानिक विश्लेषण होइत अछि।
4044. मैथिली सन क्रिया-केंद्रित भाषामे पदनिरूपण प्रायः कतयसँ शुरू करब सुविधाजनक कहल गेल अछि?
  • क्रियापदसँ
  • केवल विशेषणसँ
  • केवल सर्वनामसँ
  • केवल विरामचिह्नसँ
स्रोतमे कहल गेल अछि जे क्रियापदमे अधिकतम व्याकरणिक सूचना भेटैत अछि, तेँ मैथिलीमे पदनिरूपण क्रियेसँ शुरू करब उपयोगी अछि।
4045. अंक १३६क बालानां कृते खण्डमे अमित मिश्रक कोन बाल-रचना सूचीबद्ध अछि?
  • हाथी गेलै भोज खाए
  • चौड़चनक दही
  • बिसवासघात
  • सखारी-पेटारी
अंक १३६क सूचीमे ‘बालानां कृते-अमित मिश्र- हाथी गेलै भोज खाए’ देल अछि।

4046. ‘बड़का साहेव’ पर आलेखमे लल्लन प्रसाद ठाकुरक मैथिली नाटकमे प्रवेशकेँ कोन रूपमे देखल गेल अछि?
  • आधुनिक मैथिली नाटक लेल क्रान्तिकाल
  • केवल बाल-गीतक विस्तार
  • केवल शब्दकोश-निर्माण
  • केवल कृषि-रिपोर्ट
आलेख लल्लन प्रसाद ठाकुरक प्रवेशकेँ आधुनिक मैथिली नाटकक लेल क्रान्तिकाल सन महत्त्वपूर्ण मानैत अछि।
4047. ‘बड़का साहेव’ नाटकक प्रारम्भिक मंचनक प्रसंग कोन शहर/मंच-संस्कृतिसँ जुड़ल बताओल गेल अछि?
  • जमशेदपुर
  • निर्मली स्टेशन
  • पलामू विद्यालय
  • लौफा हाट
आलेखमे नाटकक पहिल मंचन रवीन्द्र भवन जमशेदपुरमे भेल बताओल गेल अछि।
4048. ‘बड़का साहेव’क आलोचनामे नाटककारक मूल लक्ष्य कोन मानल गेल अछि?
  • मौलिक संस्कार बचा कऽ आधुनिकतासँ तारतम्य
  • केवल दफ्तरक नियम बतएब
  • केवल गीतक छन्द-गणना
  • केवल चुनावी प्रचार
आलेख नाटककेँ परम्परागत संस्कार आ आधुनिकताक बीच सम्बन्ध बनबैत मौलिकता सुरक्षित करबाक प्रयास मानैत अछि।
4049. ‘बड़का साहेव’ कोन प्रतियोगितामे पहिल स्थान पओने बताओल गेल अछि?
  • अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली नाटक प्रतियोगिता
  • बाल-कविता प्रतियोगिता
  • कृषि प्रदर्शनी
  • शब्दकोश प्रतियोगिता
स्रोतमे ‘बड़का साहेव’क अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली नाटक प्रतियोगितामे पहिल स्थान प्राप्त करबाक उल्लेख अछि।
4050. ‘ललितक बहन्ने’ प्रसंगमे मैथिली कथाक कोन पक्षपर चर्चा संपन्न भेल बताओल गेल अछि?
  • कथाक दशा-दिशा
  • केवल पत्रक कागज आकार
  • केवल मंचक परदा
  • केवल भोजन-सूची
शीर्षक स्वयं ‘मैथिलीक कथाक दशा-दिशा पर भेल चर्चा’ कहैत अछि।
4051. मलेसंक छठम अधिवेशन प्रसंगमे मैथिली विकास लेल विजय प्रकाश कोन प्रकारक प्रयासपर जोर देलनि?
  • जमीनक स्तरपर प्रयास
  • केवल भाषण धरि रुकब
  • केवल चुपचाप प्रतीक्षा
  • केवल बाहरी प्रमाणपत्र
विजय प्रकाश कहलनि जे नीक गप आ भाषणसँ मात्र विकास नहि होयत; जमीनक स्तरपर प्रयास चाही।
4052. भाषा-अधिकार प्रसंगमे मातृभाषामे शिक्षाक पक्षमे कोन तर्क देल गेल?
  • नेना सभमे भाषा आ तकनीकी शब्दक ज्ञान बढ़ैत अछि
  • नेना सभ भाषा बिसरि जाइत अछि
  • मातृभाषा शिक्षा असम्भव अछि
  • केवल परभाषा जरूरी अछि
स्रोतमे मातृभाषामे शिक्षा देलासँ भाषा-ज्ञानक संग तकनीकी शब्द-ज्ञानमे बढ़ोतरी होयबाक तर्क अछि।
4053. ‘राजा अओर परजा’ विचार-बिन्दुमे पुरान समाजमे राजाक महत्त्व कोन रूपमे देखाओल गेल अछि?
  • न्याय, सहायता आ परजाक संग देबाक केन्द्र
  • केवल बाजारक साहूकार
  • केवल विवाहक गायक
  • केवल परीक्षा-निरीक्षक
लेख पुरान राजा केँ परजाक संकटमे साथ देनिहार आ न्याय-अन्यायक निर्णयक केन्द्र रूपमे देखैत अछि।
4054. ‘राजा अओर परजा’मे बदलैत समयक मुख्य चिन्ता की अछि?
  • राजा-परजाक सम्बन्ध आ परस्पर दायित्व कमजोर पड़ब
  • केवल मौसम बदलल
  • केवल लिपि बदलल
  • केवल चाय दोकान बढ़ल
लेखकक चिन्ता ई अछि जे आब राजा-परजा बीचक पुरान विश्वास, सहायता आ दायित्वक भावना कमजोर भऽ रहल अछि।
4055. अंक १३६क पद्य-सूचीमे जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’क कोन विधा देल गेल अछि?
  • गजल
  • नाटक
  • लघुकथा
  • व्याकरण
पद्य खण्डमे ‘जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’-गजल १-४’ लिखल अछि।

4056. अंक १३७ मुख्यतः कोन कृतिकेँ समर्पित अछि?
  • सखारी-पेटारी
  • ऊँच-नीच
  • बिसवासघात
  • टच वुड भाग ५
अंक १३७क विषय-सूचीमे ‘सखारी-पेटारी-(लघु कथा संग्रह)- नन्द विलास राय’ मुख्य सामग्री रूपमे अछि।
4057. ‘सखारी-पेटारी’ कोन विधाक संग्रह रूपमे देल गेल अछि?
  • लघु कथा संग्रह
  • दीर्घ नाटक
  • यात्रा-वृत्तान्त
  • व्याकरण-पोथी
शीर्षकमे सीधे ‘लघु कथा संग्रह’ लिखल अछि।
4058. ‘सखारी-पेटारी’क रचनाकार कोन छथि?
  • नन्द विलास राय
  • बेचन ठाकुर
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • डॉ. अरुण कुमार सिंह
अंक १३७क आरम्भमे ‘सखारी-पेटारी-(लघु कथा संग्रह)- नन्द विलास राय’ देल अछि।
4059. ‘असल बेटा’ कथाक आरम्भ कोन गामक सामाजिक-आर्थिक चित्रसँ होइत अछि?
  • छजना
  • पलामू
  • राँची
  • जमशेदपुर
कथामे निर्मली स्टेशनसँ पश्चिम छजना गामक परिचय, पढ़ल-लिखल लोक, बाजार आ जीविकाक विवरणसँ आरम्भ होइत अछि।
4060. ‘असल बेटा’मे जीतन मुखिया अपन जातिगत परम्परागत पेशा छोड़ि कोन काज करैत अछि?
  • निर्मली स्टेशन लग चाह दोकान चलबैत अछि
  • नाटक मंचन करैत अछि
  • विश्वविद्यालयमे व्याख्यान दैत अछि
  • भू-अर्जन कार्यालय चलबैत अछि
स्रोतमे जीतन मुखिया मलाह जातिक होइतो माछ मारबाक बदला स्टेशन लग चाह दोकान चलबैत देखाओल गेल अछि।
4061. ‘असल बेटा’मे जीतनक आर्थिक सुधरबाक एक संकेत की अछि?
  • चाहक संग बिस्कुट राखि आमदनी बढ़ब
  • खेत छोड़ि देब
  • शहरसँ भागि जाएब
  • कथा लिखब बन्द करब
कथामे जीतन चाहक संग बिस्कुट राखए लगैत अछि आ आमदनी बढ़लापर बैंकमे खाता खोलैत अछि।
4062. ‘जजाति’ कथाक आरम्भमे मैलामवाली किएक क्रुद्ध आ दुखी छथि?
  • खेसारीक खेत महिंससँ चरि गेल
  • चाह दोकान बन्द भऽ गेल
  • नाटकक मंच टूटि गेल
  • प्रमाणपत्र हराय गेल
कथामे मैलामवाली खेत गेली आ देखली जे फूल-बतियासँ लदल खेसारी समुच्चा चरि गेल अछि।
4063. ‘जजाति’मे गामवाली मैलामवालीकेँ कोन ढाढ़स दैत अछि?
  • भगवान चरल खेतमे सेहो पूरा कऽ देतनि
  • खेत आब कखनो नहि उपजत
  • गाम छोड़ि दिअ
  • कथा बन्द करू
गामवाली कहैत अछि जे जूनि कानू, भगवान ओही चरल खेतमे पूरा कऽ देतनि।
4064. ‘पोलिथिन’ कथा कोन सामाजिक अवसरक अव्यवस्था सँ आरम्भ होइत अछि?
  • बेटीक विवाहक बरियाती आ भोजन व्यवस्था
  • विद्यालयक वार्षिक परीक्षा
  • अदालतक सुनवाई
  • रेलवे टिकट जाँच
कथामे कमलक बेटी विवाह, बरियाती, डीजे, नाश्ता आ भोजनक व्यवस्था कथानकक आरम्भ बनेको अछि।
4065. ‘निवास प्रमाणपत्र’ कथामे पात्रक मुख्य संघर्ष कोन प्रशासनिक प्रक्रियासँ जुड़ल अछि?
  • प्रमाणपत्र लेल आवेदन, लाइन, समय आ कार्यालयी बाधा
  • मेला-गीत चुनब
  • पद्यक छन्द मिलाउब
  • नाटकक दृश्य बदलू
कथामे निवास प्रमाणपत्र लेल प्रखंड कार्यालय, ऑनलाइन आवेदन, लम्बी लाइन, समय सीमा आ जनरेटर खराब सन बाधा देखाओल गेल अछि।

4066. ‘निपुतराहा’ कथामे रीता अपन माएक रूढ़िवादी धारणा केँ कोना चुनौती दैत अछि?
  • ओ कहैत अछि जे बेटी रहितो मनुखकेँ अधला नहि मानल जाए
  • ओ कहैत अछि जे शिक्षा बेकार अछि
  • ओ समाजक सभ सेवा नकारि दैत अछि
  • ओ प्रमाणपत्र फाड़ि दैत अछि
रीता कहैत अछि जे बेटा नहि भेला मात्रसँ केओ अधला नहि होइत; विमलजीक दू बेटी, शिक्षा आ सामाजिक योगदानक चर्चा करैत अछि।
4067. ‘निपुतराहा’मे विमलजीक परिचय कोन रूपमे देल गेल अछि?
  • बी.एस.सी. पास, सामाजिक काजमे रुचि राखनिहार, साहित्य रचनाकार
  • दरबारी राजा
  • भू-अर्जन पदाधिकारी
  • दारू दोकानदार
कथामे विमलजी बी.एस.सी. पास, सामाजिक कार्यमे रुचि राखनिहार आ कथा-कविता-हाइकू-टनका लिखनिहार बताओल छथि।
4068. ‘महाजन’ कथाक आरम्भमे हजारी महाजनसँ किएक भेटैत अछि?
  • बरद खरीदबाक लेल रूपैयाक जरूरत अछि
  • पुस्तक छपाबय चाहैत अछि
  • नाटक मंचन करय चाहैत अछि
  • स्कूलमे भाषण देबाक अछि
हजारी कहैत अछि जे बरद मरि गेल, अखार आबि गेल, आ जोतबाक लेल नव बरदक जरूरत अछि।
4069. ‘महाजन’मे हजारी रूपैया तुरन्त घर नहि लएबाक कारण की बतबैत अछि?
  • फूसक घरमे चोरिक डर
  • चौड़चनक दही जमएबाक डर
  • नाटकक पर्दा टूटबाक डर
  • ट्रेन छूटबाक डर
हजारी कहैत अछि जे फूसक घरमे एतेक रूपैया राखनाइ सुरक्षित नहि, चोरी भऽ सकैत अछि।
4070. ‘गोबरबीछनी’क आरम्भिक भू-दृश्य कोन प्राकृतिक-सामाजिक स्थलसँ बनैत अछि?
  • विहुल नदी, परती, एन.एच. सड़क आ चरबाहा समाज
  • केवल राजमहल
  • समुद्री बन्दरगाह
  • विदेशी विश्वविद्यालय
कथामे सखुआ गाम, विहुल नदी, परती, सड़क, बाँसक चचरी आ चरबाहा लोकक विस्तार भेटैत अछि।
4071. ‘पोषाहारक गहुम’ शीर्षक ‘सखारी-पेटारी’मे कोन प्रकारक सामाजिक प्रसंगक संकेत दैत अछि?
  • सरकारी पोषण/वितरण व्यवस्था आ ग्रामीण जीवन
  • केवल युद्धकथा
  • केवल रंगमंचक दृश्य
  • केवल प्रेमपत्र
शीर्षक आ संग्रह-संदर्भ ग्रामीण सरकारी वितरण, पोषण आ लोकजीवनक सामाजिक विसंगति दिस संकेत करैत अछि।
4072. ‘सभसँ पैघ पूजा’ सन शीर्षक संग्रहमे कोन प्रवृत्ति देखबैत अछि?
  • धार्मिक व्यवहारक भीतर सामाजिक मूल्यक परीक्षा
  • केवल अंकगणित
  • केवल सैनिक परेड
  • केवल यात्रा टिकट
संग्रहक अनेक शीर्षक धर्म, पर्व, जाति आ समाजक व्यवहारक आलोचनात्मक छोट कथा बनबैत अछि; ‘सभसँ पैघ पूजा’ सेहो ओही संकेत दैत अछि।
4073. ‘चौड़चनक दही’ कथामे सोमनीक चिन्ता कोन पावनिक वस्तुसँ जुड़ल अछि?
  • दही लेल दूध भेटब
  • नाटकक टिकट छपब
  • विद्यालयमे फॉर्म भरब
  • एन.एच.क कागत
कथामे चौड़चनक पूर्वसंध्यामे सोमनीकेँ दही जमएबाक लेल दूध नहि भेटबाक चिन्ता अछि।
4074. ‘वाड़ीक पटुआ’मे डॉ. प्रमोदक पिता ओकरा कोन मूल्यपर क्लिनिक चलएबाक सीख दैत छथि?
  • सेवा-भावना, उचित फीस, उचित दवाई आ जाँच
  • केवल अधिक मुनाफा
  • केवल शहरमे रहब
  • गरीबक इलाज नहि करब
अनंत प्रसाद प्रमोदकेँ सेवा-भावसँ इलाज करबाक, मुदा उचित फीस-दवाई-जाँच राखबाक सलाह दैत छथि।
4075. ‘सोच’ कथामे अजीत कोन पढ़ाइक तैयारी लेल कोटा जाएबाक इच्छा व्यक्त करैत अछि?
  • आइ.आइ.टी. प्रतियोगिता
  • मैट्रिक फॉर्म
  • नाट्य प्रशिक्षण
  • भाषापाक पाठ
अजीत पितासँ आइ.आइ.टी. प्रतियोगिता तैयारी लेल राजस्थानक कोटामे नाम लिखएबाक खर्च माँगैत अछि।

4076. अंक १३८क मुख्य कृति ‘ऊँच-नीच’ कोन विधाक अछि?
  • नाटक
  • गजल-संग्रह
  • व्याकरण-लेख
  • लघुकथा-सूची
अंक १३८मे ‘ऊँच-नीच’क संग ‘नाटक’ आ बेचन ठाकुरक नाम देल गेल अछि।
4077. ‘ऊँच-नीच’क रचनाकार कोन छथि?
  • बेचन ठाकुर
  • नन्द विलास राय
  • ज्योति
  • कुमार पृथु
अंक १३८मे ‘ऊँच-नीच- बेचन ठाकुर’ लिखल अछि।
4078. नाटकक पहिल दृश्य कोन स्थानपर खुलैत अछि?
  • मंगल मल्लिकक घर
  • भू-अर्जन कार्यालय
  • निर्मली स्टेशन
  • राँची विश्वविद्यालय
पहिल दृश्यक स्थल-सूचना ‘मंगल मल्लिकक घर’ अछि।
4079. पहिल दृश्यमे मंगल आ मरनी/परनी की करैत-करैत परिवारक स्थिति पर गप करैत छथि?
  • पथिया बीनैत
  • चेक लिखैत
  • रेल टिकट काटैत
  • मंच-सज्जा करैत
स्थल-सूचनामे दुनू गोटे पथिया बीनैत परिवारक स्थिति पर विचार-विमर्श करैत बताओल गेल अछि।
4080. मरनी मंगलकेँ ताड़ी-दारू छोड़बाक सलाह कोन कारणसँ दैत अछि?
  • स्वास्थ्य, परिवार आ बेटाक पढ़ाइक हितमे
  • नाटकक गीत बदलबाक लेल
  • जमीन बेचबाक लेल
  • गाम छोड़बाक लेल
मरनी साफ-सुथरा रहब, काजमे लागल रहब, दारू नहि पीब आ बेटाक पढ़ाइपर ध्यान देबाक बात करैत अछि।
4081. मंगल अपन दारू पीबाकेँ कोन बहानासँ जायज ठहरबैत अछि?
  • सुगर चरबैत थकान मेटबाक बहाना
  • कविता लिखबाक नियम
  • प्रमाणपत्र लेल शर्त
  • एन.एच. भुगतानक प्रक्रिया
मंगल कहैत अछि जे सुगर चरबैत बहुत दौड़ए पड़ैत अछि आ थकान मेटबाक लेल पीबैत अछि।
4082. मरनी बेटा-दुखनक पढ़ाइ लेल मंगलकेँ कोन आर्थिक त्याग सुझबैत अछि?
  • दारूक खर्चा बचाउ
  • नाटकक परदा बेचू
  • विद्यालय छोड़ू
  • भू-अर्जन नोटिस बढ़ाउ
मरनी कहैत अछि जे दारूक खर्चासँ बौआ पढ़ि लेत, तेँ ओ बेटाक पढ़ाइपर ध्यान देबाक कहैत अछि।
4083. दुखनक मैट्रिक फॉर्म लेल पैसाक समस्या अएलापर मरनी कोन उपाय सोचैत अछि?
  • छिट्टा आ कोनियाँ बेचब
  • एन.एच. मुआवजा बढ़ाउब
  • विदेशी नौकरी करब
  • कथा लिखनाइ छोड़ब
दोसर दृश्यमे मरनी छिट्टा-कोनियाँ बेचि फॉर्मक रकम जुटएबाक प्रस्ताव दैत अछि।
4084. मंगलक बेटा-दृष्टि पर मरनी कोन संतुलित बात कहैत अछि?
  • बेटा-बेटी दुनू अपन जगह महत्त्वपूर्ण अछि
  • केवल बेटा महत्त्वपूर्ण अछि
  • बेटी शिक्षित नहि हो
  • परिवार छोड़ि दिअ
मंगल आरो बेटाक इच्छा कहैत अछि, मुदा मरनी कहैत अछि जे बेटा-बेटी दुनू अपन जगह महत्त्वपूर्ण छथि।
4085. ‘ऊँच-नीच’क पहिल भागमे गरीब परिवारक संघर्ष कोन दू मुख्य मुद्दाक बीच देखाइत अछि?
  • जीविका आ शिक्षाखर्च
  • राजदरबार आ युद्ध
  • समुद्री व्यापार आ जहाज
  • केवल भाषापाक
मंगल-परिवारक संवादमे सुगर चरबैत जीविका, दारू, छिट्टा-कोनियाँ आ बेटाक पढ़ाइक खर्च मुख्य तनाव बनैत अछि।

4086. द्वितीय दृश्य मे मंगल कोन सपनाक कारण बेटा दुखनक पढ़ाइ लेल उत्साहित अछि?
  • सरकारी नोकरी/बड़का हाकिम बनबाक सपना
  • गायन-मंडली बनबाक सपना
  • दूर समुद्र यात्रा
  • राजा बनबाक सपना
मंगल अपन सरबेटा एस.डी.ओ. बनल उदाहरण दैत दुखनकेँ पढ़ा-लिखा बड़का हाकिम बनएबाक सपना देखैत अछि।
4087. फॉर्म भरबाक खर्च सुनि मंगलक पहिल प्रतिक्रिया की अछि?
  • छह सय टाका जुटएबाक चिन्ता
  • तुरन्त भोज करबाक उत्साह
  • गाम छोड़बाक घोषणा
  • नाटक बन्द करबाक निर्णय
दुखनक फॉर्म लेल छह सय टाका लगबाक सुनि मंगल उदास आ चिन्तित भऽ जाइत अछि।
4088. मरनी बाँस-बला मालिक लग कोन उद्देश्यसँ छिट्टा-कोनियाँ लऽ जाइत अछि?
  • दुखनक मैट्रिक फॉर्मक पैसा जुटएबाक लेल
  • ताड़ी खरीदबाक लेल
  • नाटकक टिकट लेल
  • एन.एच. घूस लेल
मरनी स्पष्ट कहैत अछि जे बेटाकेँ मैट्रिक फॉर्म भरैक छै, तै लेल छिट्टा-कोनियाँ बेचि पैसा चाही।
4089. मंगलकेँ बीचमे भेटल बुधन कोन वस्तु लेबाक बात करैत अछि?
  • कोनियाँ
  • निवास प्रमाणपत्र
  • भू-अर्जन फाइल
  • गजल-पोथी
मंगलक दारू-लालसा बीच बुधन अबैत अछि आ कोनियाँ लेबाक बात करैत अछि।
4090. बुधनसँ पैसा पाबि मंगलक तुरन्त मन कोन दिस जाइत अछि?
  • पन्नी दारू पीबाक इच्छा
  • पुस्तकालय बनएबाक इच्छा
  • रेलवे टिकट काटबाक इच्छा
  • मंच सजएबाक इच्छा
बीस-पच्चीस टका हाथ लगैत मंगल ‘एक पन्नी पीबेटा करबै’ सन इच्छा व्यक्त करैत अछि।
4091. चन्द्रेश मालिकक घर मरनीक अनुभव कोन सामाजिक समस्या उघारैत अछि?
  • गरीबक मजबूरीक फेदा उठाएब आ अपमान
  • विद्यालयक पुरस्कार-वितरण
  • गीतक रियाज
  • कम्प्यूटर व्याकरण
मरनी मालिकक कम दाम, तिरस्कार आ रोकेबाक व्यवहारकेँ गरीब-लाचारक मजबूरीक फेदा उठाएब मानैत अछि।
4092. चन्द्रप्रभा दृश्य मे कोन भूमिका निभबैत अछि?
  • पितासँ मरनीकेँ बचएबाक
  • मंगलकेँ जेल पठएबाक
  • निवास प्रमाणपत्र देबाक
  • नाटकक लेखक बनबाक
चन्द्रेश बेंत देखबैत छथि, तखने चन्द्रप्रभा पिताकेँ पकड़ि मरनीकेँ बचबैत अछि।
4093. ‘ऊँच-नीच’ शीर्षकक सामाजिक अर्थ कोन जोड़ीसँ बेसी स्पष्ट होइत अछि?
  • गरीब श्रमजीवी परिवार आ मालिकाना सत्ता
  • केवल मौसम आ नदी
  • केवल कविता आ गजल
  • केवल फोन आ पत्र
नाटकमे मंगल- मरनीक श्रम, गरीबी, दारू, शिक्षा आ मालिकक व्यवहार मिलि ऊँच-नीच सामाजिक संरचना देखबैत अछि।
4094. नाटकमे शिक्षा कोन रूपमे उभरैत अछि?
  • नीच ठहराओल वर्गक आत्मोन्नति आ आशाक साधन
  • रूढ़ि बढ़एबाक साधन
  • केवल मनोरंजन
  • घूस लेबाक उपाय
दुखनक पढ़ाइपर जोर एहि बातक संकेत अछि जे शिक्षा गरीब परिवार लेल ऊँच-नीच तोड़बाक आशा बनैत अछि।
4095. मरनीक पात्रक विशेषता की अछि?
  • अमरुख कहल गेलहुँ पर व्यावहारिक बुद्धि आ प्रतिरोध राखैत अछि
  • ओ पूर्ण मौन रहैत अछि
  • ओ शिक्षा विरोधी अछि
  • ओ केवल मालिकक पक्ष लेत अछि
मरनी अपनाकेँ अमरुख कहैत अछि, मुदा स्वास्थ्य, शिक्षा, खर्च, बेटा-बेटी समानता आ अपमानक प्रतिरोधमे ओ व्यावहारिक बुद्धि देखबैत अछि।

4096. अंक १३९क मुख्य कृति कोन अछि?
  • बड़की बहीन
  • ऊँच-नीच
  • सखारी-पेटारी
  • बिसवासघात
अंक १३९मे ‘बड़की बहीन (उपन्यास) जगदीश प्रसाद मण्डल’ मुख्य सामग्री रूपमे अछि।
4097. ‘बड़की बहीन’ कोन विधा रूपमे देल गेल अछि?
  • उपन्यास
  • लघु कथा संग्रह
  • गजल
  • व्याकरण
शीर्षकमे स्पष्ट ‘उपन्यास’ लिखल अछि।
4098. ‘बड़की बहीन’क रचनाकार कोन छथि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • बेचन ठाकुर
  • नन्द विलास राय
  • बाल मुकुन्द पाठक
अंक १३९क आरम्भमे ‘जगदीश प्रसाद मण्डल’ नाम उपन्यासक रचनाकार रूपमे देल अछि।
4099. उपन्यास अंशमे सुलोचनाक प्रसंग कोन सामाजिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • स्त्रीक वैवाहिक असुरक्षा आ परिवारक निर्णय
  • केवल नदी-बान्ह
  • केवल दारू खर्च
  • केवल प्रमाणपत्र
सुलोचनाकेँ सासुरसँ भगाओल, ओकर वैधव्य-बोध नहि मानब, आ परिवारक अपनब ओहि सामाजिक प्रश्नकेँ उघारैत अछि।
4100. सरस्वतीक आगमन हरिहरक परिवारमे की परिवर्तन आनि दैत अछि?
  • विचारमे नवीनता आ नव पद्धतिक प्रवेश
  • सभ शिक्षा बन्द भऽ जाइत अछि
  • परिवार गाम छोड़ि दैत अछि
  • केवल खेती समाप्त होइत अछि
स्रोतमे स्पष्ट अछि जे सरस्वतीक आगमनसँ परिवारक विचारमे नवीनता आबि गेल आ नव-नव पद्धति शुरू भेल।
4101. उपन्यासमे संस्कृत पद्धति आ नव पद्धतिक सम्बन्ध कोना देखाओल गेल अछि?
  • पुरान पद्धति रहैत अछि, मुदा शिक्षा बुनियादी पद्धतिसँ उछलैत अछि
  • पुरान-पद्धति पूर्ण नष्ट भऽ गेल
  • शिक्षा पूर्ण बन्द भऽ गेल
  • केवल गीतक पद्धति रहि गेल
स्रोत कहैत अछि जे संस्कृतक पद्धति रहबे कएल, मुदा शिक्षा केँ बुनियादी पद्धतिसँ उछालि देलक।
4102. जुगेसरक शिक्षा-यात्रामे कोन क्रम उल्लेखित अछि?
  • मैट्रिक, टीचर्स ट्रेनिंग, लोअर प्राइमरी शिक्षक
  • केवल कृषि मजदूरी
  • नाट्य प्रतियोगिता
  • भू-अर्जन कार्यालय
अंशमे जुगेसर तमुरिया स्कूलसँ मैट्रिक, फेर टीचर्स ट्रेनिंग करि लोअर प्राइमरी शिक्षक बनैत छथि।
4103. मुनेसरक पढ़ाइक दिशा कोन विषयसँ जुड़ल अछि?
  • साइंस/बी.एस-सी.
  • मात्र छन्दशास्त्र
  • मात्र चरवाही
  • मात्र नाटक
स्रोतमे मुनेसर साइंस पढ़ैत, कोसी कॉलेज/खगड़िया प्रसंग आ बी.एस-सी. करैत देखाओल छथि।
4104. साधना सासुर एला पर कोन अंतर देखिके धक्का अनुभव करैत छथि?
  • अफसरक परिवार आ गामक किसान परिवारक अन्तर
  • नदी आ तालाबक अन्तर
  • कविता आ गजलक अन्तर
  • कम्प्यूटर आ पेनक अन्तर
साधना राँची-आधारित अफसरक परिवारसँ छोट गामक किसान परिवारमे आबैत अछि, आ एहि जीवन-स्तरक अन्तरसँ ओकरा धक्का लगैत अछि।
4105. ‘बड़की बहीन’मे पारिवारिक कथा कोन व्यापक सामाजिक संदर्भसँ जुड़ैत अछि?
  • जाति, शिक्षा, स्त्री-अवस्था, रोजगार आ गाम-शहर अन्तर
  • केवल राजदरबार
  • केवल समुद्री व्यापार
  • केवल टंकण-प्रशिक्षण
अंशमे परिवारक कथा संग जाति-विभाजन, स्त्रीक दशा, शिक्षा, नौकरी, गाम-शहर आ उत्तर-दक्षिण बिहारक सामाजिक परिप्रेक्ष्य जुड़े अछि।

4106. मुनेसरक नोकरीक प्रसंगमे साधनाक पिता श्यामानन्द कोन प्रयास करैत छथि?
  • जमाएक नोकरी लेल परिचित लोकसँ चर्चा
  • कथा-संग्रह छपबैत छथि
  • नाटक मंचन करबैत छथि
  • नदी बाँधबैत छथि
साधना नैहरमे सासुरक स्थिति कहैत अछि; तखन पिता श्यामानन्द जमाएक नोकरीक चर्चा संगी-साथी आ सम्बन्धी बीच करैत छथि।
4107. मुनेसरकेँ कोन प्रकारक विद्यालयी नोकरी भेटैत अछि?
  • साइंस शिक्षक
  • भू-अर्जन पदाधिकारी
  • चाय दुकानदार
  • नाटक निर्देशक
राँची विश्वविद्यालयक हेडक संपर्कसँ पलामूक हाई स्कूलमे साइंस शिक्षकक अभाव बुझाइत अछि आ मुनेसरक नियुक्ति होइत अछि।
4108. मुनेसरक नियुक्ति आरम्भमे मासिक वेतन कोन रूपमे उल्लेखित अछि?
  • एक सय पाँच रुपैया
  • दस लाख रुपैया
  • छह सय रुपैया
  • आठ लाख रुपैया
स्रोतमे मुनेसरकेँ एक सय पाँच रुपैया महिनाक नोकरी भेटबाक उल्लेख अछि।
4109. हाई स्कूल शिक्षक लेल प्रशिक्षणक आवश्यकता किएक बताओल गेल अछि?
  • ट्रेंड-अनट्रेंड शिक्षकक वेतन आ स्थायित्वमे अन्तर छल
  • केवल नाटक लेल
  • केवल गीत गाबय लेल
  • केवल खेती करय लेल
अंशमे कहल गेल अछि जे ट्रेंड आ अनट्रेंड शिक्षकक वेतनमे अन्तर आ स्थायी होबामे बाधा छल, तेँ ट्रेनिंग जरूरी छल।
4110. मुनेसर प्रशिक्षण कतय करैत छथि?
  • मारवाड़ी कॉलेज दरभंगा
  • निर्मली स्टेशन
  • लौफा हाट
  • भू-अर्जन कार्यालय
स्रोतमे मारवाड़ी कॉलेज दरभंगामे ट्रेनिंगक पढ़ाइ शुरू भेल आ मुनेसर ओतय एडमिशन लेलनि।
4111. दक्षिण बिहार/झारखंडक सामाजिक-आर्थिक चित्रणमे कोन विशेषता बताओल गेल अछि?
  • खनिज सम्पदा आ उद्योग/रोजगारक उपस्थिति
  • पूर्ण कृषि-मैदान मात्र
  • समुद्री व्यापार
  • हिमालयी खेती
अंशमे दक्षिण बिहारमे कोयला, अबरख आदि खनिज आ देशी-विदेशी पूँजी/सरकारी कारोबारक कारण रोजगारक चर्चा अछि।
4112. उत्तर बिहार/मिथिलांचलक संकटमे कोन प्राकृतिक समस्या प्रमुख बताओल गेल अछि?
  • पहाड़ी नदीक काट-छाँट आ खेती-घरक क्षति
  • समुद्रक ज्वार
  • रेगिस्तानक धूलि
  • ज्वालामुखी
स्रोतमे मिथिलांचलक पहाड़ी नदी सभ खेती, घर-दुआर आ उपजाऊ माटि नष्ट करबाक समस्या रूपमे देल अछि।
4113. मिथिलांचलक सामर्थ्यक चर्चा कोन रूपमे अछि?
  • माटि-पानि-हवाक अनुकूलता आ अन्न-फल-तरकारी-पशु-पक्षीक सम्भावना
  • केवल खनिज खदान
  • केवल समुद्री जहाज
  • पूर्ण बंजरता
अंश कहैत अछि जे माटि-पानि-मौसम सायो रंगक अन्न, फल, तरकारी, चिड़ै आ पशु लेल अनुकूल अछि।
4114. उपन्यासांशमे प्रवासनक आलोचना कोन भावसँ जुड़ल अछि?
  • बाहर सेवा करैत लोक मातृभूमिसँ आँखि मूनि लेलनि
  • बाहर जाएब असम्भव अछि
  • गाममे शिक्षा नै चाही
  • नदी नै बहै
लेखक कहैत छथि जे जे लोक आन-आन देश/प्रदेशक उन्नतिमे सेवा करैत छथि, ओ मैथिलांचल/मातृभूमिसँ आँखि मूनि लेलनि।
4115. ‘बड़की बहीन’क ई अंश व्यक्तिगत कथाकेँ कोन स्तरपर विस्तृत करैत अछि?
  • परिवारसँ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था आ शिक्षा-रोजगार विमर्श धरि
  • केवल एक भोजन-सूची धरि
  • केवल गीतक टेक धरि
  • केवल रंगमंचक पर्दा धरि
परिवारक कथासँ अंश शिक्षा, शिक्षक-प्रशिक्षण, उत्तर-दक्षिण बिहार, प्रवासन आ क्षेत्रीय विकासक विमर्श धरि पहुँचैत अछि।

4116. अंक १४०क मुख्य कृति कोन अछि?
  • बिसवासघात
  • ऊँच-नीच
  • सखारी-पेटारी
  • एक युग : टच वुड
अंक १४०मे ‘बिसवासघात’ बेचन ठाकुरक मुख्य कृति रूपमे देल गेल अछि।
4117. ‘बिसवासघात’क रचनाकार कोन छथि?
  • बेचन ठाकुर
  • नन्द विलास राय
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • ज्योति
अंक १४०क आरम्भमे ‘बिसवासघात — बेचन ठाकुर’ लिखल अछि।
4118. नाटकक पहिल दृश्य कोन घरेलू प्रसंगसँ शुरू होइत अछि?
  • राम किशुन बरंडापर पेपर पढ़ैत छथि आ राम सेवक चाह लऽ अबैत अछि
  • मंगल पथिया बीनैत अछि
  • विमलजी ट्रेन पकड़ैत छथि
  • मुनेसर प्रशिक्षण लेल जाइत छथि
पहिल दृश्य मे राम किशुन बरंडापर पेपर पढ़ैत छथि, तखने राम सेवक चाह लऽ प्रवेश करैत अछि।
4119. पहिल दृश्यमे एन.एच. नोटिस कोन लोकक नामपर अएल बताओल गेल अछि?
  • तीनू भाँइक नामपर
  • केवल गामक मुखियाक नामपर
  • केवल विद्यालयक नामपर
  • केवल चपरासीक नामपर
लखन कहैत अछि जे एन.एच.मे जे जमीन पड़ल, तकर तीनू भाँइक नामे नोटिस एलै।
4120. राम किशुन अपन भाय सभसँ कागत की करबाक आग्रह करैत अछि?
  • नोटिस आ कागत देबाक, जाहिसँ ओ कार्यालयी स्थिति देखत
  • कागत जरा देबाक
  • कविता लिखबाक
  • भोजक सूची बनबयबाक
राम किशुन लखन-सियारामसँ नोटिस आ कागत देबाक कहैत अछि, कारण ओकर हाकिम-हुकुमसँ जान-पहिचान अछि।
4121. लक्ष्मी लखनकेँ कागत देबासँ पहिने कोन सावधानीक बात कहैत अछि?
  • दू-चारि काबिल लोकसँ बुझि लिअ
  • तुरन्त सभ कागत दे दह
  • कागत नदीमे फेंक दह
  • कागतक अर्थ नै होइत
लक्ष्मी कहैत अछि जे कागतक बात हम-तूँ नहि बुझैत छी, पहिने काबिल लोकसँ पूछब उचित।
4122. लखन राम किशुनपर कोन भावसँ भरोसा करैत अछि?
  • पूरा विश्वास, ‘हजारगोमे एगो चिक्कन दियाद’ बुझैत
  • संदेहक कारण कागत नहि दैत
  • ओकरा शत्रु मानैत
  • ओकरासँ कहियो नहि भेटैत
लखन कहैत अछि जे राम किशुनपर ओकर पूरा विश्वास अछि आ हजारगोमे एक चिक्कन दियाद राम किशुन अछि।
4123. तेसर दृश्यक पार्टीमे कोन सरकारी/कानूनी पात्र सभ उपस्थित देखाओल गेल छथि?
  • एस.पी., डी.एस.पी. आ ओकील
  • केवल शिक्षक सभ
  • केवल चरबाहा सभ
  • केवल विद्यार्थी
होलीक पार्टीमे एस.पी. जीतेन्द्र, डी.एस.पी. मनोहर आ ओकील जगन्नाथ उपस्थित छथि।
4124. भू-अर्जन कार्यालयक दृश्य मे सुशील कागत देखिते कोन कमी बतबैत अछि?
  • रसीदक फोटो कॉपी नहि अछि
  • गजल नहि अछि
  • चाय नहि अछि
  • नाटकक परदा नहि अछि
चारिम दृश्य मे सुशील कागत लऽ कऽ पूछैत अछि जे रसीदक फोटो कॉपी कतय अछि।
4125. ‘बिसवासघात’क आरम्भिक संघर्ष कोन आधारपर बनैत अछि?
  • भाईक विश्वास, जमीनक कागत आ मुआवजा प्रक्रिया
  • बाल कविता
  • कम्प्यूटर व्याकरण
  • प्रवास यात्रा
नाटकक आरम्भमे भाई-भाईक विश्वास, कागत सौंपब, एन.एच. नोटिस आ कार्यालयी प्रक्रिया मुख्य तनाव बनैत अछि।

4126. राम किशुन इंजीनियर उमा शंकर लग कोन बदलाव चाहैत अछि?
  • मकान/मुआवजा रेट बढ़बयबाक
  • नाटकक नाम बदलयबाक
  • बेटाक फॉर्म भरयबाक
  • दही जमयबाक
पाँचम दृश्य मे राम किशुन उमा शंकरसँ मकानक रेट किछु बढ़ा देबाक बात करैत अछि।
4127. उमा शंकरक दृश्य मे आठ लाख टाकाक अटैची कोन बातक संकेत बनैत अछि?
  • मुआवजा-प्रक्रियामे घूसक भारी खेल
  • विद्यालयी छात्रवृत्ति
  • कविता-पाठक पुरस्कार
  • बाल-भोज
राम किशुन आठ लाख टाका अटैचीमे आनैत अछि, जे कागत/रेट सुधारबयबाक भ्रष्ट लेन-देनक संकेत अछि।
4128. सुशील नोटिस देखिके किएक घबरा जाइत अछि?
  • तीन लाख बीस हजारक मामला बत्तीस लाख भेल अछि
  • कथा बहुत छोट अछि
  • चाय महग अछि
  • कागत नीक छपल अछि
छअम दृश्य मे सुशील कहैत अछि—तीन लाख बीस हजारकेँ बत्तीस लाख, दस गुना अधिक; ई बिल पास कएल नै हएत।
4129. राम किशुन सुशीलकेँ काज करए लेल कोन तरहेँ फँसाबैत अछि?
  • चाह-पान, खुश करबाक वादा आ नकद रकमसँ
  • केवल कविता सुनाकऽ
  • गामक भोजसँ
  • बालगीतसँ
राम किशुन सुशीलकेँ चाय-पानक बहाना, ‘खुश कके जाएब’ आ रकम देबाक माध्यमसँ तैयार करैत अछि।
4130. सुशील ‘दस हजारसँ कम नै’ कहैत अछि, मुदा राम किशुन ओकरा की दैत अछि?
  • पचास हजार
  • एक हजार एक
  • एक पन्नी
  • छह सय
स्रोतमे सुशील दस हजार माँगैत अछि; राम किशुन पचास हजार दैत अछि आ बेसी रकम आपस नहि लैत।
4131. बिन्देश्वरकेँ राम किशुन कोन रूपमे प्रसन्न करैत अछि?
  • एक हजार एक कहलापर पाँच हजार दैत अछि
  • किछु नहि दैत
  • कथा लिखबय कहैत
  • कोनियाँ बेचैत
बिन्देश्वर एक हजार एक कहैत अछि, मुदा राम किशुन ओकरा पाँच हजार टाका दैत अछि।
4132. समाचार पढ़ि रामलालकेँ कोन बातक जानकारी भेटैत अछि?
  • तीनू भाँइक एन.एच. भुगतान भऽ गेल
  • दुखनक फॉर्म भरि गेल
  • चौड़चनक दही जमि गेल
  • मुनेसरक प्रशिक्षण शुरू भेल
सातम दृश्य मे रामलाल पेपरमे पढ़ैत अछि जे राम किशुन, लखन आ सियारामक पूर्ण भुगतान भऽ गेल।
4133. रामलाल पिता आ काकाकेँ कोन व्यावहारिक सावधानी सुझबैत अछि?
  • हिस्सा पाइ माँगि जमीन-घरक जोगार करू
  • राम किशुनकेँ पूर्ण छोड़ि दिअ
  • कागत जला दिअ
  • शहर छोड़ि दिअ
रामलाल कहैत अछि जे एन.एच. कखनो घर तोड़ि जमीन खाली करा सकैत अछि, तेँ हिस्सा पाइ लऽ जमीन-घरक जोगार आवश्यक अछि।
4134. लखन आ सियाराम रामलालक सावधानीक बातपर कोना प्रतिक्रिया दैत छथि?
  • राम किशुनपर भरोसा राखि ओकर बातकेँ पगलापन मानैत छथि
  • तुरन्त मुकदमा करैत छथि
  • गाम छोड़ि दैत छथि
  • कथा समाप्त करैत छथि
लखन-सियाराम राम किशुनपर अत्यधिक विश्वास रखैत छथि आ रामलालकेँ धिया-पुता/पागल कहि ओकर बात अनसुना करैत छथि।
4135. अन्तमे राम किशुन भाय सभकेँ कम रकम दैत अपन असफलताक कोन कथा गढ़ैत अछि?
  • हाकिम घूस लेल, मुदा पेमेंट नोटिसक आधारपर भेल
  • कागत नहि भेटल
  • नाटक पूरा नहि भेल
  • दुखन फेल भऽ गेल
नअम दृश्य मे राम किशुन कहैत अछि जे घूसो बड्ड लगि गेल, मुदा पेमेंट नोटिसक आधारपर भेल; तइ बहाने भाय सभकेँ कम रकम दैत अछि।

4136. अंक १४१मे राजदेव मंडलक ‘हमर टोल’ कोन व्यापक समर्पणसँ शुरू होइत अछि?
  • समस्त मिथिलांचलकेँ
  • मात्र नगर समाजकेँ
  • मात्र कलाकार लोकनिकेँ
  • मात्र प्रशासनकेँ
‘हमर टोल’क आरम्भमे समर्पण समस्त मिथिलांचलकेँ अछि, जे रचनाकेँ निजी कथा नहि, सामूहिक मिथिला-अनुभव बनबैत अछि।
4137. ‘हमर टोल’क आमुखमे ‘माछक जालमे लोक फँसल’ बिम्ब कोन अर्थ दिस इशारा करैत अछि?
  • लोक अपने बनाओल जालमे फँसल अछि
  • माछ मात्र भोजन अछि
  • नदीक विवरण अछि
  • बाजारक हिसाब अछि
माछ-जाल बिम्ब समाजक आत्मनिर्मित बन्धन आ फँसावक प्रतीक अछि; पाठ कहैत अछि जे जाल हमरे हाथसँ बनल आ हमरेपर तनल।
4138. ‘हमर टोल’मे धनुकटोली जलमे समाइ छोट टोलक रूपमे उगैत अछि; एहि दृश्यक मुख्य अर्थ की अछि?
  • लोक-संसारक पुनर्रचना
  • नदी-यात्राक नक्शा
  • व्यापार-लाभ
  • विद्यालयक स्थापना
जलमे समाइ फेर टोलक उगब कल्पना, स्वप्न आ यथार्थक संगमसँ लोक-संसारक पुनर्रचना देखबैत अछि।
4139. गहवरक दृश्यमे मिरदंग, झाइल, दीया आ अन्हारक टकराहट कोन वातावरण बनबैत अछि?
  • लोक-धार्मिक आ रहस्यपूर्ण वातावरण
  • कार्यालयी वातावरण
  • शहरी अदालत
  • विद्यालयी परीक्षा
गहवरमे बाजा, दीया, भूत-प्रेतक छाया आ अन्हार लोकविश्वास, भय आ अनुष्ठानक घना वातावरण रचैत अछि।
4140. ‘हमर टोल’मे खेलाबन भगत मुख्यतः कोन सामाजिक भूमिका निभबैत देखाइत अछि?
  • ओझा-धामी/अनुष्ठानकर्ता
  • विद्यालय शिक्षक
  • रेल कर्मचारी
  • कवि-सम्मेलन संचालक
खेलाबन भगत पूजा, गोहारि, डाली आ देवता-पितरक प्रसंगमे ओझा-धामीक सामाजिक भूमिका निभबैत छथि।
4141. जागेसर आ धर्मडीहीवालीक प्रसंगमे कोन सामाजिक दबाव मुख्य अछि?
  • सन्तानहीनता आ कोखिया गोहारिक दबाव
  • विदेश-यात्रा
  • पोथी-प्रकाशन
  • नदी-बाँध निर्माण
दुनूक दाम्पत्य तनाव सन्तानहीनता, देहपर भूत सवार होएबाक धारणा आ कोखिया गोहारि करबाक दबावसँ जुड़ल अछि।
4142. धर्मडीहीवालीक असल नाम ‘निर्मला’ बताओल जाएब कोन बात खोलैत अछि?
  • ओकर निजी पहिचान लोकनामक भीतर दबि गेल अछि
  • ओ अधिकारी अछि
  • ओ नाटककार अछि
  • ओ नगर छोड़ि गेल अछि
धर्मडीहीवाली कहब ओकरा स्थान-सम्बन्धी लोकनाममे बाँधैत अछि; ‘निर्मला’ निजी पहिचानक संकेत अछि।
4143. सुंघाय मड़र आ उचितवक्ताक टकराहट कोन सामाजिक तनाव देखबैत अछि?
  • गामक अधिकार, वाणी आ हिंसाक तनाव
  • संगीत प्रतियोगिता
  • पत्रिका-सम्पादन
  • विदेशी व्यापार
गहवरक सीमामे बोलबाक अधिकार, लाठी आ अपमानक प्रसंग गामक सत्ता-वाणीक संघर्ष देखबैत अछि।
4144. ‘हमर टोल’मे तेल, भकइजोत आ महंगाइक बात कोन ढंगसँ जुड़ैत अछि?
  • लोक-विश्वासक बीच आर्थिक कठिनाइ घुसैत अछि
  • सिर्फ सौन्दर्य-वर्णन अछि
  • क्रीड़ा-वर्णन अछि
  • नाटकक मंच-निर्देश मात्र अछि
दीपक तेल आ महंगाइक गप्प लोक-धार्मिक प्रसंगमे सेहो रोजमर्रा अर्थ-संकट घुसल देखबैत अछि।
4145. ‘हमर टोल’क आरम्भिक भागमे कल्प, यथार्थ आ स्वप्नक संगति कोना बनैत अछि?
  • वास्तविक टोल, लोकविश्वास आ प्रतीकात्मक दृश्य एकसाथ चलैत अछि
  • केवल सीधा इतिहास अछि
  • केवल व्याकरण अछि
  • केवल पत्राचार अछि
कथा यथार्थ टोलक दृश्यकेँ स्वप्न, मिथक, जल, अन्हार आ गहवरक प्रतीकसँ जोड़ि बहुस्तरीय बनबैत अछि।

4146. बेचन ठाकुरक ‘बाप भेल पित्ती आ अधिकार’क पहिल दृश्य कोन घर-परिस्थितिमे खुलैत अछि?
  • लखनक घरमे पत्नीक निधनक बाद पुनर्विवाह-विचार
  • विद्यालयक सभामे
  • रेल स्टेशनपर
  • बाजारक दुकानमे
पहिल दृश्य लखनक घरमे अछि, जतए पत्नीक निधनक बाद बालक सभक पालन आ पुनर्विवाहपर विचार होइत अछि।
4147. लखन दोसर विवाहक पक्षमे मुख्य तर्क कोन दैत अछि?
  • दूटा छोट-छोट बौआक पालन-पोषण
  • धन बढ़ेनाइ
  • विदेश जाएब
  • गजल लिखब
लखन कहैत अछि जे दूटा छोट-छोट बौआ अछि, ओकर पालन केना होएत; एहि कारणे दोसर विवाहक बात उठैत अछि।
4148. बौहरू ‘सतौत भगवानोकेँ नै भेलै’ कहि कोन चिन्ता रखैत अछि?
  • सौतेली माँक सम्भावित कठिनाइ
  • यात्राक खर्च
  • कृषि-उपज
  • नृत्य-प्रदर्शन
बौहरूक कहब सौतेली माँक भय आ बालक सभक भविष्यक चिन्ता प्रकट करैत अछि।
4149. बौहरू लखनसँ त्याग कऽ की करबाक सलाह दैत अछि?
  • दुनू छौंड़ाकेँ पढ़ा-लिखा बुधियार बनएबाक
  • दुकान बेचबाक
  • गाम छोड़बाक
  • संगीत सीखबाक
बौहरू चाहैत अछि जे लखन त्याग कऽ बालक सभकेँ पढ़ा-लिखा बुधियार बनाबथि।
4150. मदनक घरक दृश्यमे हरिचन आ मोतीलाल कोन काजसँ पहुँचैत छथि?
  • कुटुमैती/विवाह-सम्बन्ध लेल
  • कर-वसूली लेल
  • नाटक देखए लेल
  • पोथी बेचए लेल
दोसरा दृश्यमे हरिचन मोतीलालकेँ मदनक घर कुटुमैतीक सम्बन्धमे लऽ जाइत छथि।
4151. मदन, हरिचनक बातपर विश्वास करबाक आधार कोन बतबैत छथि?
  • दुनियाँ विश्वासेपर चलै छै
  • दुनियाँ संदेहेपर चलै छै
  • विवाह असम्भव अछि
  • दक्षिणा जरूरी नहि
मदन कहैत छथि जे दुनियाँ विश्वासेपर चलै छै; एहि विश्वासपर ओ सम्बन्ध स्वीकार दिस बढ़ैत छथि।
4152. मंदिर-विवाहक प्रसंगमे ‘चीप एण्ड बेस्ट’ ध्वनि कोन बात देखबैत अछि?
  • आदर्श/सरल विवाहक नामपर जल्दबाजी आ खर्च-बचत
  • भव्य समारोह
  • राजकीय अनुदान
  • गीत-प्रतियोगिता
हरिचन मंदिरमे चट विवाहक बात करैत ‘चीप एण्ड बेस्ट’ कहैत छथि; एहि मे सरलता संग जल्दबाजी आ खर्च-बचतक तर्क अछि।
4153. गणेश पंडीजी विवाहक मुहूर्त्त बीतएबाक कारणे कोना विवाह करबैत छथि?
  • एक्केटा मंत्रसँ सिनूरदान करबैत छथि
  • सात दिनक पाठ करबैत छथि
  • विवाह रोकि दैत छथि
  • कोनो मन्त्र नहि पढ़ैत छथि
गणेश पंडीजी कहैत छथि जे मुहूर्त्त बीत रहल छल, तेँ एक्केटा मंत्रसँ विवाह करा दैत छथि।
4154. रामलालक घरक दृश्यमे दू पत्नी लक्ष्मी आ संतोषीक उपस्थिति कोन विषय खोलैत अछि?
  • पितृत्व, बेटा-लालसा आ परिवारक अधिकार-संरचना
  • मात्र नृत्य-प्रसंग
  • रेल-दुर्घटना
  • संपादकीय नीति
रामलाल बेटा होएबाक विलम्बक कारण दोसर विवाहक बात कहैत छथि; एहि सँ परिवार, अधिकार आ पुत्र-कामनाक प्रश्न खुलैत अछि।
4155. सोनीक स्कूल फीस प्रसंग नाटकमे कोन यथार्थ जोड़ैत अछि?
  • परिवारक शिक्षा-खर्च आ बालक सभक पढ़ाइ
  • कृषि-कर
  • नदी-पुल
  • काव्य-समारोह
सोनी छओ विद्यार्थी लेल फीस माँगैत अछि; ई घरक भीतर शिक्षा आ आर्थिक दायित्वक यथार्थ जोड़ैत अछि।

4156. अंक १४२क सामग्री-सूचीमे ‘ज्योति’ कोन क्रमसँ चिन्हित अछि?
  • टच वुड भाग ६
  • भाषापाक भाग १
  • नाट्य भाग २
  • कता संग्रह
अंक १४२मे ‘ज्योति’क साथ ‘टच वुड भाग ६’ उल्लेखित अछि।
4157. जगदानन्द झा ‘मनु’क कौन रचना अंक १४२मे विहनि कथा रूपमे सूचित अछि?
  • सेल्समेन
  • क्षणप्रभा
  • नढ़िया
  • अतृप्त नैन
सामग्री-सूचीमे जगदानन्द झा ‘मनु’क विहनि कथा ‘सेल्समेन’ रूपमे देल अछि।
4158. परमेश्वर कापड़िक ‘लक्ष्मी आ गोधन’ कोन लोक-धार्मिक प्रसंगसँ जुड़ल देखाइत अछि?
  • गौमाता आ लक्ष्मी सम्बन्धी लोकमान्यता
  • रेल टिकट
  • कार्यालयी नियुक्ति
  • शहरक होटल
‘लक्ष्मी आ गोधन’मे गौमाता, देवता आ लक्ष्मी महारानीक प्रसंग लोक-धार्मिक विश्वाससँ जुड़ल अछि।
4159. राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क चिन्तन-कथ्य कोन विषयपर केन्द्रित अछि?
  • मैथिलीक भविष्यक प्रसंग
  • चित्रकला रंग
  • डाक-व्यवस्था
  • क्रीड़ा प्रतियोगिता
अंक १४२मे राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’क लेख ‘मैथिलीक भविष्यक प्रसंग’ शीर्षकसँ अछि।
4160. कुमार अभिनन्दनक लेख झिझिया केँ कोन प्रसंगमे देखैत अछि?
  • दुर्गास्तुति आ लोकपरम्परा
  • वैज्ञानिक प्रयोगशाला
  • कानूनी दस्तावेज
  • नगर-योजना
लेखक झिझिया केँ दुर्गास्तुतिक लोकपरम्परा रूपमे देखैत छथि।
4161. झिझिया मिथिलाक अधिकांश क्षेत्रमे कोन अवसरसँ जुड़ि मनाओल जाइत अछि?
  • विजयादशमीक शुभ उपलक्ष्य
  • होलीक दोसर दिन
  • नववर्षक राति
  • विवाहक बारात
लेखमे झिझिया विजयादशमीक शुभ उपलक्ष्य, कलश-स्थापनासँ दशमी धरि मनाओल बताओल अछि।
4162. झिझियामे माथपर राखल कलशक भूर आ भीतरक प्रकाश कोन प्रभाव बनबैत अछि?
  • चलैत-जागैत ज्योति आ तान्त्रिक लोक-विश्वास
  • लेखा-जोखा
  • कागजी प्रमाण
  • संग्रहालय प्रदर्शन
झिझियाक कलशमे छेद, ढकना आ आगि लोक-ज्योति, आत्मा-प्रतीक आ तान्त्रिक विश्वासक अर्थ लए चलैत अछि।
4163. झिझिया टोली लोकक दरबज्जापर गीत-नृत्य कऽ मुख्यतः की जुटबैत अछि?
  • अन्न-पाइ/नगद प्रसाद-विसर्जन लेल
  • सरकारी नौकरी
  • विद्यालय प्रमाणपत्र
  • साहित्यिक पुरस्कार
झिझिया टोली गीत-नृत्यक माध्यमसँ पूर्णाहुति/विसर्जन लेल अन्न आ पाइ जुटबैत अछि।
4164. झिझियाक गीतक मुख्य दू प्रकार कोन रूपमे देल अछि?
  • भगवती सम्बन्धी आ डाइन सम्बन्धी
  • रेल आ डाक सम्बन्धी
  • कथा आ उपन्यास सम्बन्धी
  • बालक आ शिक्षक सम्बन्धी
लेखमे झिझिया गीतक दू मुख्य प्रकार—भगवती सम्बन्धी आ डाइन सम्बन्धी—बताओल अछि।
4165. कोसी महासेतू आ अमान-परिवर्तनक उल्लेख अंक १४२मे कोन तरहक सामग्री जोड़ैत अछि?
  • समकालीन विकास-संरचना आ क्षेत्रीय सरोकार
  • केवल प्रेमगीत
  • पुराणक आख्यान
  • बाल-खेल
कोसी महासेतू आ सहरसा-फारबिसगंज अमान-परिवर्तनक चर्चा क्षेत्रीय विकास-सरोकार जोड़ैत अछि।

4166. ‘प्रतिबद्ध साहित्यकारक अप्रतिबद्ध गजल’ शीर्षक कोन तनावकेँ सामने अनैत अछि?
  • साहित्यकारक वैचारिक प्रतिबद्धता आ गजलक शिल्पगत असावधानी
  • कृषि उत्पादन
  • लोकनृत्य आयोजन
  • बालक खेल
शीर्षक स्वयं प्रतिबद्ध साहित्यकार आ अप्रतिबद्ध/अशास्त्रीय गजल-लेखनक बीचक आलोचनात्मक तनाव देखबैत अछि।
4167. गजल-विमर्शमे गजलक दू आवश्यक पहिया कोन बताओल गेल अछि?
  • व्याकरण आ मानवीय संवेदना
  • रंग आ आकार
  • मूल्य आ कर
  • यात्रा आ टिकट
विमर्श कहैत अछि जे व्याकरण आ मानवीय संवेदना गजलक दू पहिया थिक।
4168. अंक १४२क गजल-समालोचनामे बहरक उल्लेख कोन उद्देश्यसँ देखाओल गेल अछि?
  • गजलक संरचना आ छन्द-अनुशासन बुझएबाक लेल
  • पृष्ठ सजाबाक लेल
  • नाम छिपएबाक लेल
  • मंच सजाबाक लेल
प्रत्येक गजलखाली भाव नहि; बहरक उल्लेख गजलक छन्द-अनुशासन आ संरचना स्पष्ट करैत अछि।
4169. गजलमे काफिया-रदीफक चर्चा कोन स्तरक समीक्षा अछि?
  • शिल्प आ व्याकरण-आधारित समीक्षा
  • भोजन समीक्षा
  • वस्त्र-वर्णन
  • यात्रा-वर्णन
काफिया, रदीफ, बहर आदि पर चर्चा गजलक शिल्पगत व्याकरणक समीक्षा अछि।
4170. ‘संवेदनहीन हृदयसँ साहित्ये नहि बहरा सकैत’ कथन गजल-विमर्शमे की जोड़ैत अछि?
  • शिल्प संग भाव-संवेदनाक अनिवार्यता
  • सिर्फ शब्द-सूची
  • मात्र संगीत-ताल
  • कानूनी निर्णय
ई कथन गजलकेँ मात्र नियम नहि, संवेदनशील साहित्यिक अभिव्यक्ति मानैत अछि।
4171. बाल गजल सम्बन्धी विमर्शमे बाल साहित्यक आधार कोन रूपमे बुझाओल गेल अछि?
  • बाल-मनोविज्ञानपर आधारित गजल
  • वयस्क राजनीति मात्र
  • व्यापारिक हिसाब
  • नाटकक प्रकाश
बाल गजलकेँ गद्यक बाल साहित्य जकाँ बाल-मनोविज्ञानपर आधारित गजल लेखन रूपमे बुझाओल गेल अछि।
4172. बाल गजलविमर्शमे नव विधा/प्रयोगक पक्षमे कोन विचार अछि?
  • नव प्रयोग साहित्यकेँ जिआ कऽ रखबाक क्षमता रखैत अछि
  • नव प्रयोग सदिखन निषिद्ध अछि
  • बाल साहित्य निरर्थक अछि
  • गजल गीत बनि जाएत
लेख नव अवधारणा आ नव प्रयोगकेँ साहित्यक जीवित ऊर्जा मानैत अछि।
4173. गीत आ गजलक तुलना मे गजलकेँ कोन छवि देल गेल अछि?
  • सीधे बेधएवाली तीक्ष्ण अभिव्यक्ति
  • सदा मुलायम लोरी
  • सूची-पत्र
  • चित्रकला मात्र
विमर्शमे गजल प्रेमक अभिव्यक्ति होइतहु धरगर, तीक्ष्ण आ सीधे बेधएवाली कही गेल अछि।
4174. गजलक पहिल दू पाँतिक अन्त्यानुप्रास सम्बन्धी बात कोन शिल्प घटककेँ बुझबैत अछि?
  • मतला/आरम्भिक तुक-संरचना
  • लेखकक पता
  • मुद्रण शैली
  • चित्र-स्थान
पहिल दू पाँतिक अन्त्यानुप्रास गजलक आरम्भिक तुक-संरचना, अर्थात मतला-सदृश शिल्प, बुझएबाक प्रयास अछि।
4175. गजल नामपर दू-दू पाँतिक तुकबन्दीकेँ मात्र गजल मानबाक आलोचना किएक भेल अछि?
  • कथ्य, रहस्य, चोट आ व्याकरण बिना गजल गीजल भऽ जाइत अछि
  • क्योंकि तुकबन्दी निषिद्ध अछि
  • क्योंकि गीत लिखब गलत अछि
  • क्योंकि बाल-पाठ नहि अछि
विमर्श कहैत अछि जे खालि मुह-कान जकाँ तुक रहि जाए आ कथ्य कमजोर हो तँ गजल यथार्थमे गीजल भऽ जाइत अछि।

4176. अंक १४३मे प्रस्तुत ‘मोनक बात’क रचनाकार के छथि?
  • चंदन कुमार झा
  • राजदेव मंडल
  • बेचन ठाकुर
  • शिव कुमार झा ‘टिल्लू’
अंक १४३मे ‘मोनक बात’ चंदन कुमार झाक गजल, हजल, बाल गजल, रुबाइ आ कताक संग्रह रूपमे देल अछि।
4177. ‘मोनक बात’क अनुक्रममे गजलसँ अतिरिक्त कोन विधा सभ अछि?
  • हजल, बाल गजल, रुबाइ आ कता
  • नाटक, कथा, उपन्यास मात्र
  • केवल सम्पादकीय
  • केवल यात्रा-वृत्तान्त
अनुक्रममे गजल, हजल, बाल गजल, रुबाइ आ कता सभ देल अछि।
4178. ‘अपन बात’मे लेखक अपन साहित्यिक पहचान कोना रखैत छथि?
  • ओ कहैत छथि जे ओ साहित्यक विद्यार्थी नहि, मुदा साहित्यसँ लगाव रहल
  • ओ स्वयंकेँ केवल इतिहासकार कहैत छथि
  • ओ कविता सँ असहमति जतबैत छथि
  • ओ भाषा छोड़बाक बात करैत छथि
लेखक ‘अपन बात’मे स्वीकार करैत छथि जे ओ साहित्यक विद्यार्थी नहि छलाह, मुदा साहित्यक प्रति लगाव रहल।
4179. ‘मोनक बात’क आमुख गजलकेँ प्रारम्भमे कोन अर्थसँ जुड़ल बतबैत अछि?
  • प्रेमालाप
  • कर-प्रपत्र
  • व्यापारिक चालान
  • युद्ध-घोषणा मात्र
आमुखमे गजल आरम्भमे प्रेमालाप माने बुझल जाएबाक बात अछि।
4180. ‘मोनक बात’क आमुख गजलक विस्तार केना देखबैत अछि?
  • प्रेमसँ आगू सामाजिक सरोकार धरि
  • मात्र लोरी धरि
  • मात्र धार्मिक मंत्र धरि
  • मात्र अनुवाद सूची धरि
आमुख कहैत अछि जे समयक संग शाइर सभ गजलकेँ सामाजिक सरोकारसँ जोड़ैत गेलाह।
4181. ‘मोनक बात’मे गजल विधा कोन भाषिक-परम्परा सँ यात्रा करैत देखाओल अछि?
  • अरबीसँ उर्दू आ फेर भारतीय भाषासभमे
  • केवल मैथिली ग्रामगीतसँ
  • केवल अंग्रेजीसँ
  • केवल संस्कृत नाटकसँ
आमुखमे गजलक प्रादुर्भाव अरबीमे, उर्दूक अपनाओल आ भारतीय भाषामे लोकप्रिय होएबाक क्रम देखाओल अछि।
4182. ‘मोनक बात’क शीर्षक संग्रहक भाव-क्षेत्रकेँ कोना सूचित करैत अछि?
  • भीतरक अनुभूति आ सामाजिक अनुभवक काव्य-रूप
  • केवल प्रशासनिक आदेश
  • केवल वैज्ञानिक सूत्र
  • केवल चित्र-सूची
‘मोनक बात’ शीर्षक निजी भावकेँ सामाजिक-साहित्यिक अभिव्यक्तिमे बदलएबाक संकेत दैत अछि।
4183. हजलकेँ ‘मोनक बात’मे गजल-संग्रहक भीतर राखब कोन प्रवृत्ति देखबैत अछि?
  • व्यंग्य/हास्यधर्मी गजल-जुड़ल प्रयोग
  • कृषि-मैनुअल
  • पत्रिका-विज्ञापन
  • न्यायालयी बयान
हजल गजल परिवारक भीतर हास्य-व्यंग्य आ उलट दृष्टि जोड़एवाला प्रयोग बुझल जा सकैत अछि।
4184. बाल गजल खण्ड ‘मोनक बात’क विधागत फैलावमे की जोड़ैत अछि?
  • बाल-मन आ काव्य-शिल्पक मेल
  • केवल वयस्क राजनीति
  • कोई विधा नहि
  • मात्र सम्पादन-सूचना
बाल गजल संग्रहक भावक्षेत्रकेँ बाल-मन आ गजल-शिल्प दिस बढ़बैत अछि।
4185. रुबाइ आ कता खण्ड संग्रहमे कोन बात प्रमाणित करैत अछि?
  • कवि अनेक लघु-पद्य रूपमे प्रयोग करैत छथि
  • कवि केवल गद्य लिखैत छथि
  • कवि नाटक छोड़ि देने छथि
  • कवि चित्रकार मात्र छथि
रुबाइ आ कता छोट, सघन पद्यरूपक प्रयोगक संकेत दैत अछि।

4186. ‘मोनक बात’क गजल सभक मूल स्वभाव कोन तरहक अछि?
  • निजी भाव आ सामाजिक सरोकारक मिश्रण
  • केवल गणितीय सूत्र
  • मात्र समाचार शीर्षक
  • केवल अनुवाद सूची
संग्रहमे प्रेम, समाज, भ्रष्टाचार, भाषा, बाल-मन आ व्यंग्य सभ एक संग अबैत अछि।
4187. ‘धरतीयो लोटाएब हमरा नीक लगैत अछि’ सन पंक्ति कोन भावभूमि दैत अछि?
  • माटि आ धरतीसँ आत्मीय लगाव
  • आकाश-विमुखता
  • व्यापारिक लाभ
  • युद्ध-घोषणा
धरतीपर लोटाएबाक इच्छा लोक-माटि आ भू-सम्बन्धक आत्मीयता व्यक्त करैत अछि।
4188. ‘मोनक बात मोनहिमे रखैत छी’ शीर्षक/पंक्ति कोन मानसिक दशा सूचित करैत अछि?
  • अन्तर्मुखी पीड़ा आ अनकहल भाव
  • सार्वजनिक उत्सव
  • दस्तावेजी प्रमाण
  • नदी-नाप
मोनक बात मोनहिमे राखब भीतरक अव्यक्त पीड़ा आ संकोचक संकेत अछि।
4189. भ्रष्टाचारक उल्लेख ‘मोनक बात’मे कोन सामाजिक आलोचना जोड़ैत अछि?
  • सत्ता-व्यवस्था आ नैतिक पतनपर चोट
  • केवल प्रेमालाप
  • बाल खेल
  • मौसम-वर्णन मात्र
भ्रष्टाचारवाली पंक्तिसभ समाजक नैतिक पतन आ व्यवस्था-संकटपर व्यंग्यात्मक चोट करैत अछि।
4190. बाल गजल खण्डमे बालक लेल गजल लिखबाक मुख्य चुनौती की होइत अछि?
  • बाल-रुचि, सरलता आ शिल्पक संतुलन
  • सिर्फ कठिन शब्द
  • केवल राजनीतिक नारा
  • केवल लम्बा उपन्यास
बाल गजलमे बाल-मनक रुचि, सहज भाषा आ गजलक रूपबंधक संतुलन आवश्यक अछि।
4191. रुबाइ खण्ड ‘मोनक बात’मे कथ्यकेँ कोना बदलैत अछि?
  • चार-पंक्तीय सघन विचार/भाव दिस
  • लम्बा नाटक दिस
  • गीत-मंडली दिस
  • चित्र-सूची दिस
रुबाइ लघु आकारमे संक्षिप्त, सघन भाव-विचार प्रस्तुत करबाक विधा अछि।
4192. कता खण्ड संग्रहमे कोन छोट रूपक उपस्थितिक संकेत दैत अछि?
  • लघु, तीक्ष्ण पद्य-उक्ति
  • पाँच-अंकी नाटक
  • गद्य-उपन्यास
  • पत्रिका पता
कता संग्रहक अन्तिम लघु रूपक तरहें छोट, निचोड़दार पद्य-उक्ति जोड़ैत अछि।
4193. ‘मोनक बात’मे हजल कोन प्रकारक साहित्यिक ऊर्जा जोड़ैत अछि?
  • हास्य-व्यंग्य आ आलोचनात्मक उलट दृष्टि
  • दुखान्त नाटक मात्र
  • कृषि सलाह
  • धार्मिक पंचांग
हजल गजल-संरचनाक भीतर हास्य-व्यंग्यक सहारे आलोचनात्मक दृष्टि अनैत अछि।
4194. संग्रहमे गजल, हजल, बाल गजल, रुबाइ, कता सभकेँ राखब कोन सम्पादकीय संकेत अछि?
  • एके कवि-संसारमे बहुविध पद्यरूपक संगठित प्रस्तुति
  • केवल एक लेख
  • कथा-केंद्रित अंक
  • चित्रकला सूची
ई बहुविध पद्यरूपक संग्रह अछि, जाहिमे एके काव्य-स्वर अनेक रूपमे व्यक्त भेल अछि।
4195. अंक १४३क ‘मोनक बात’ विदेहक खननमे किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • कारण ई स्वतंत्र पद्य-संग्रह रूपमे गजल परिवारक व्यापकता देखबैत अछि
  • कारण ई खाली सूचना-पत्र अछि
  • कारण ई नाटकक मंच-सूची अछि
  • कारण ई कोनो प्रश्न नहि उठबैत
‘मोनक बात’ गजल, हजल, बाल गजल, रुबाइ आ कताक माध्यमसँ पद्य-विधाक विस्तृत रूप देखबैत अछि।

4196. अंक १४४मे ‘नढ़िया भुकैए हमर घराड़ीपर’ कोन रचनाकारक गजल-संग्रह रूपमे अछि?
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
  • चंदन कुमार झा
  • बेचन ठाकुर
  • राजदेव मंडल
अंक १४४मे ‘नढ़िया भुकैए हमर घराड़ीपर’ जगदानन्द झा ‘मनु’क गजल-संग्रह रूपमे प्रस्तुत अछि।
4197. संग्रहक समर्पणमे कोन लोक-समूह प्रति विशेष भाव अछि?
  • जे अपन माटि-पानिसँ दूर होएबाक बिछोह करेजमे समेटने छथि
  • मात्र नगर अधिकारी
  • केवल रंगकर्मी
  • केवल खेलाड़ी
समर्पण अपन माटि-पानिसँ दूर रहबाक बिछोह झेलएवाला लोकनिक प्रति अछि।
4198. ‘दू आखर’मे लेखक अपन पहिल पोथी सोझाँ आओत देख कतेक भाव व्यक्त करैत छथि?
  • हार्दिक हर्ष आ विनम्रता
  • क्रोध मात्र
  • अस्वीकार
  • निषेध
लेखक पाठकक हाथमे अपन पहिल पोथी पहुँचबाक प्रसंगमे हर्ष आ विनम्रता व्यक्त करैत छथि।
4199. ‘नढ़िया भुकैए हमर घराड़ीपर’ शीर्षकमे नढ़िया आ घराड़ी कोन द्वन्द्व रचैत अछि?
  • घर-आँगनपर संकट/अतिक्रमणक लोक-बिम्ब
  • केवल पशु-पालन निर्देश
  • रेल-लाइन
  • मुद्रण-तकनीक
नढ़िया भुकब आ घराड़ी लोक-जीवनक निजी परिसरपर संकट/अतिक्रमणक प्रतीक बनैत अछि।
4200. संग्रहमे गामक पोखरि, दही, नानीक मटकूरी आ खरहीक स्मृति कोन भाव बनबैत अछि?
  • प्रवासमे गामक बिछोह
  • नगर-विज्ञापन
  • दस्तावेजी कानून
  • विद्यालय परीक्षा
एहन बिम्ब सभ प्रवासक बीच गामक स्मृति आ माटिक बिछोह प्रकट करैत अछि।
4201. ‘छोरि दिल्ली मुंबई घुरि आऊ अप्पन घर’ सन भाव कोन विचारकेँ बल दैत अछि?
  • अपन माटि आ मिथिला दिस लौटबाक आग्रह
  • सदा विदेशमे रहबाक आग्रह
  • कृषि त्याग
  • भाषा त्याग
गजलमे महानगर छोड़ि अपन घर-माटि दिस लौटबाक आग्रह स्पष्ट अछि।
4202. ‘जाति पातिपर आब हम नहि लड़ब’ भाव संग्रहमे कोन सामाजिक दिशा दैत अछि?
  • मैथिल एकता आ जाति-पाति पार करबाक आह्वान
  • जाति-विवाद बढ़ेनाइ
  • व्यापार-सूची
  • क्रीड़ा-विवरण
ई पंक्ति मैथिल समाजकेँ जाति-पाति संघर्षसँ हटि एकता आ आगू बढ़बाक संदेश दैत अछि।
4203. संग्रहमे ‘मिथिलाक माटिपर हम रही’ सन पंक्ति कोन पहचान दृढ़ करैत अछि?
  • मिथिला-भूमि सँ आत्मीय अस्मिता
  • दूर शहरक अस्वीकार मात्र
  • राजकीय आदेश
  • विज्ञान प्रयोग
माटिपर रहबाक आकांक्षा मिथिला-भूमि आ सामुदायिक पहचानक आग्रह अछि।
4204. ‘नढ़िया भुकैए हमर घराड़ीपर’क भाषा में लोक-जीवनक असर कोना देखाइत अछि?
  • गाम, पोखरि, दही, माटि, परदेस, जाति-पाति सन बिम्बसँ
  • केवल संस्कृत श्लोकसँ
  • केवल अंग्रेजी विज्ञापनसँ
  • केवल न्यायिक शब्दसँ
संग्रहक प्रमुख बिम्ब सभ गाम-घर, माटि, परदेस आ समाजसँ उपजल अछि।
4205. ई संग्रह विदेह अंक १४४मे कोन प्रकारक साहित्यिक धारा प्रतिनिधित्व करैत अछि?
  • मैथिली गजलमे प्रवासी-बिछोह आ सामाजिक आलोचना
  • केवल कथा-साहित्य
  • केवल पुरातत्त्व
  • केवल कार्यालयी लेख
अंक १४४मे ई गजल-संग्रह प्रवास, माटि, सामाजिक आलोचना आ मिथिला-प्रेमक धारा देखबैत अछि।

4206. ‘भ्रष्टाचारकेँ ठेका आजुक सरकार लेने’ सन पंक्ति कोन भाव व्यक्त करैत अछि?
  • व्यवस्था-भ्रष्टाचारपर तीक्ष्ण व्यंग्य
  • प्रकृति-स्तुति मात्र
  • लोरी
  • व्याकरण-नियम
पंक्ति शासन-व्यवस्था आ भ्रष्टाचारक गाढ़ सम्बन्धपर तीक्ष्ण व्यंग्य करैत अछि।
4207. ‘कर्तव्य बिसरल अछि मिडिया समाजमे’ पंक्ति कोन संस्था पर प्रश्न उठबैत अछि?
  • मीडिया
  • मंदिर
  • विद्यालयक बच्चा
  • कृषि-खेत
कवि मीडिया समाजक कर्तव्य-विस्मरण आ समाचारक कमाऊ रूपपर प्रश्न उठबैत छथि।
4208. ‘नीक नीक लोकक ई केहन काज अछि’ गजल कोन नैतिक संकट देखबैत अछि?
  • लोभ, धर्म-पाखण्ड आ रुपैयाक राज
  • केवल फूल-वर्णन
  • खेलक नियम
  • पाक-व्यंजन
गजलमे मायाक महिमा, रुपैयाक राज, पाखण्ड आ बेईमानीक आलोचना अछि।
4209. राजनीतिक बाजार बहुत गर्म भेलाक प्रसंगमे नेता सभक चित्रण कोना अछि?
  • बेशर्म, भक्त-आवरणमे कुकर्म करएवाला
  • निष्पक्ष शिक्षक
  • नदी-नाविक
  • बालकवि
गजलमे नेता सभक हालत बेशर्म, धार्मिक आवरणमे कुकर्म करएवाला रूपमे आलोचित अछि।
4210. ‘बेटी नहि होइ दुनिआमे कहु बेटा लाएब कतएसँ’ पंक्ति कोन प्रश्न उठबैत अछि?
  • बेटी-विरोध आ भ्रूण-हत्या पर सामाजिक प्रश्न
  • कृषि-बीज
  • मौसम
  • नाटक-मंच
ई पंक्ति बेटी बिना परिवार, समाज आ भविष्यक असम्भवता बतबैत भ्रूण-हत्या पर चोट करैत अछि।
4211. बेटी-विमर्शवाली गजलमे दीप-बातीक बिम्ब किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • बेटीकेँ जीवन-दीपक अपरिहार्य बाती रूपमे देखबैत अछि
  • कागज जलएबाक निर्देश
  • व्यापारिक लेखा
  • मंच-प्रकाश
दीपमे बाती बिना दीप नै जरि सकैत; एहि बिम्बसँ बेटी समाजक जीवन-प्रकाश लेल अनिवार्य ठहरैत अछि।
4212. ‘बिन बेटी वरकेँ कनियाँ घरमे सजाएब कतएसँ’ कोन सामाजिक तर्क दैत अछि?
  • विवाह-संरचना बेटी बिना असम्भव अछि
  • विवाह निरर्थक अछि
  • घरक रंग गलत अछि
  • गीत जरूरी नहि
कवि बेटी-विरोधक विडम्बना देखबैत छथि—बेटी नहि चाहब आ कनियाँ चाहब एकसाथ सम्भव नहि।
4213. ‘गजल नहि लिखतौं तँ हम करितौं की’ पंक्ति कवि लेल गजलकेँ कोना देखबैत अछि?
  • जीवन-आवश्यक अभिव्यक्ति
  • छोड़ल विधा
  • अनावश्यक खेल
  • मात्र अनुवाद
कवि गजलकेँ अपन जीवन-बोध आ अभिव्यक्तिक अनिवार्य साधनक रूपमे देखैत छथि।
4214. संग्रहमे भ्रष्टाचार, बेटी, प्रवास आ जाति-पाति एकसंग आएब कोन बात देखबैत अछि?
  • गजल मात्र प्रेम नहि, समाजक बहुस्तरीय आलोचना सेहो अछि
  • गजल विषयहीन अछि
  • संग्रह केवल लोरी अछि
  • संग्रह कार्यालयी रिपोर्ट अछि
विषय-विविधता देखबैत अछि जे मैथिली गजल सामाजिक प्रश्न सभकेँ सेहो समेटि सकैत अछि।
4215. अंक १४४क खननमे ‘नढ़िया भुकैए हमर घराड़ीपर’ किएक समेकित रूपेँ महत्त्वपूर्ण अछि?
  • कारण ई गजल-संग्रह माटि, प्रवास, राजनीति, भ्रष्टाचार आ बेटी-विमर्शकेँ जोड़ैत अछि
  • कारण ई केवल पता-सूची अछि
  • कारण ई मात्र चित्रकला अछि
  • कारण ई विज्ञान-पुस्तिका अछि
संग्रह अनेक सामाजिक-सांस्कृतिक प्रश्नकेँ गजल-रूपमे एकठाम अनैत अछि।

4216. अंक १४५मे ‘क्षणप्रभा’ कोन रचनाकारक काव्य-संकलन रूपमे अछि?
  • शिव कुमार झा ‘टिल्लू’
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
  • चंदन कुमार झा
  • बेचन ठाकुर
अंक १४५मे ‘क्षणप्रभा’ शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क काव्य-संकलन रूपमे प्रस्तुत अछि।
4217. ‘क्षणप्रभा’क आमुखमे शीर्षकक अर्थ की बताओल अछि?
  • बिजरी/तड़ित
  • गाछ
  • नदी
  • ढोल
आमुखमे ‘क्षणप्रभा’क अर्थ बिजरी, अर्थात तड़ित, बताओल अछि।
4218. लेखक आमुखमे अपन कवित्वक विषयमे कोन विनम्रता प्रकट करैत छथि?
  • ओ स्वयंकेँ नैसर्गिक कवि नहि कहैत छथि
  • ओ अपनाकेँ राजा कहैत छथि
  • ओ कविता अस्वीकार करैत छथि
  • ओ भाषा छोड़ैत छथि
लेखक कहैत छथि जे ओ नैसर्गिक कवि नहि, क्षणिक भावना कविताक रूपेँ व्यक्त भेल।
4219. ‘क्षणप्रभा’मे मातृभाषा सम्बन्धी लेखकक भाव कोना प्रकट अछि?
  • बालकालहिसँ हृदयमे राखल भाषाक प्रति अनुराग
  • भाषा-विस्मरण
  • केवल परभाषा-प्रशंसा
  • मौन
आमुखमे लेखक अपन मातृभाषाकेँ बालकालहिसँ हृदयमे राखबाक बात कहैत छथि।
4220. ‘ऋतुराजमे विरहिनी’मे फागुन कोन भावक पृष्ठभूमि बनैत अछि?
  • विरह आ प्रिय-वियोग
  • युद्ध-प्रशिक्षण
  • व्यापार-सौदा
  • नदी-मापन
फागुन, कोइली, भ्रमर, अबीर-गुलाल सभ विरहिणीक प्रिय-वियोगकेँ तीव्र बनबैत अछि।
4221. ‘कंतक आवाहन’मे दूरभाष पर प्रियतमक आगमन-सूचना कोन भाव जगबैत अछि?
  • मुदित प्रतीक्षा आ गृह-तैयारी
  • क्रोध
  • त्यागपत्र
  • नदी-बाढ़
दूरभाषमे प्रियतम औताह सुनि काव्य-स्वरमे आनन्द, तैयारी आ आवाहनक भाव जागैत अछि।
4222. ‘मिथिला-पुत्र’ कविता मुख्यतः कोन व्यक्तित्व/भावलोकक प्रति समर्पित प्रतीत होइत अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल आ मिथिला-समरसता
  • केवल नगर-योजना
  • विदेशी नाटक
  • क्रीड़ा-संघ
कवितामे विदेहक आँगन जनमल जगदीश, गामक जिनगी, समरसता दीप आ सामाजिक समभावक बिम्ब अछि।
4223. ‘मिथिला-पुत्र’मे जाति-पजातिक गेँठमे ओझरायल मैथिली कोन संकट देखबैत अछि?
  • पूर्वाग्रह आ जातिगत बाँट
  • केवल मौसम
  • कृषि-सिंचाइ
  • गीत-ताल
कविता मैथिली समाजमे पूर्वाग्रह, जाति-पजातिक गाँठ आ समरसताक आवश्यकता देखबैत अछि।
4224. ‘अतृप्त नैन’मे नैनाक अंतिम प्रश्न ‘अहूँ अहिना करब की?’ कोन नैतिक चुनौती रखैत अछि?
  • स्त्री-पीड़ा प्रति संवेदनशीलता आ आत्म-प्रश्न
  • व्यापारिक लाभ
  • यात्रा अनुमति
  • कानूनी नोटिस
प्रश्न पुरुष-दृष्टि आ सामाजिक व्यवहारकेँ स्त्रीक पीड़ा समक्ष जवाबदेह बनबैत अछि।
4225. ‘अतृप्त नैन’मे वृद्ध कंत आ कम वयसक सुकन्याक प्रसंग कोन सामाजिक आलोचना अनैत अछि?
  • बेमेल विवाह आ स्त्री-अधिकारक पीड़ा
  • क्रीड़ा-प्रशिक्षण
  • भाषा-संपादन
  • भोजन-विधि
कविता बूढ़ कंत, कम वयसक सुकन्या आ आदेश-निषेधक माध्यमसँ बेमेल विवाहक पीड़ा खोलैत अछि।

4226. ‘क्षणप्रभा’ कविता मे सर्दी, पूस, पोखरि-इनार आ सूर्यमुखी कोन प्रतीक-क्षेत्र बनबैत अछि?
  • शीत, प्रतीक्षा, प्रकाश आ प्रेमक प्रतीक-क्षेत्र
  • कर-वसूली
  • युद्ध-अभ्यास
  • बाजार दर
कवितामे शीत आ पूस प्रतीक्षा बनैत अछि, जखन क्षणप्रभा आ सूर्यमुखी प्रकाश-प्रेमक प्रतीक बनैत अछि।
4227. ‘क्षणप्रभा बनि रविक अर्चिस’ पंक्ति कोन रूपान्तरण देखबैत अछि?
  • क्षणिक चमकक जीवन-ऊर्जा मे बदलनाइ
  • अन्धकारक स्थायित्व
  • कागजक नाश
  • गाम छोड़ब
क्षणप्रभा सूर्य-किरण जकाँ कली, फूल आ जीवनमे प्रवेश करैत ऊर्जा बनैत अछि।
4228. सूर्यमुखी अपन सेंथुमे ज्योतिपुंज समेटैत अछि—एहि बिम्बक मुख्य अर्थ की?
  • प्रेम, प्रकाश आ सौभाग्यक आत्मसात
  • केवल वनस्पति-विज्ञान
  • वस्त्र-वर्णन
  • राजस्व-विवरण
सूर्यमुखी प्रकाशकेँ अपन भीतर ग्रहण करैत प्रेम आ सौभाग्यक प्रतीक बनैत अछि।
4229. ‘सिनेहक क्षणप्रभा वासना मात्र नै’ कथन कोन भेद खोलैत अछि?
  • वासना आ शाश्वत स्नेहक भेद
  • गद्य आ पद्यक संख्या
  • नाटक आ कथा
  • कर आ शुल्क
कविता स्नेहकेँ क्षणिक देह-वासना नहि, शाश्वत स्पन्दनक रूपमे देखैत अछि।
4230. ‘कालरात्रिमे महमह दिनमान केना आएत’ गजल कोन नैतिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • पाप, धर्म-पतन आ प्रकाशक असम्भवता
  • गामक पोखरि
  • बाल-खेल
  • विवाह-भोज
गजल कालरात्रि, पाप आ धर्मक पतनक बीच दिनमान/प्रकाश कते कठिन अछि से पूछैत अछि।
4231. गजल १मे ‘माँझ आँगन काँटक बोन नै रोपू’ पंक्ति कोन घरेलू-सामाजिक संकेत दैत अछि?
  • घरक बीच घाव आ कटुता नहि रोपबाक चेतावनी
  • वनस्पति सूची
  • खेती-माप
  • मंच सज्जा
आँगनमे काँट रोपबाक मनाही घर-संसारमे कटुता नहि बसाबएबाक रूपक अछि।
4232. गजल २मे ‘नीतिक मंचपर चढ़िते’ सन पंक्ति कोन विडम्बना देखबैत अछि?
  • सार्वजनिक नीति-भाषण आ निजी स्वार्थक दूरी
  • केवल धार्मिक अनुष्ठान
  • बालगीत
  • पक्षी-वर्णन
गजल अवसर भेटलापर हाथ धोएब आ नीतिक मंचपर गर्जन करब—एहि दोहरापनपर व्यंग्य करैत अछि।
4233. अंक १४५क हाइकू खण्डमे ‘सूतल जग’ आ ‘दिनकर लालिमा’ कोन लघु-बिम्ब बनबैत अछि?
  • सूर्योदयसँ जग जागरण
  • अन्धकारक जीत
  • मुद्रा-गणना
  • युद्ध-वर्णन
हाइकूमे सूतल जगकेँ दिनकरक लालिमा जाग्रत करैत अछि—लघु आकारमे प्रकृति-बिम्ब।
4234. ‘बर्खाक बाद/ खहखह पाइन/ वसुधा तृप्त’ हाइकू कोन अनुभूति दैत अछि?
  • वर्षा पश्चात धरतीक तृप्ति
  • सूखाक स्थायित्व
  • राजनीतिक भाषण
  • शहरक यातायात
हाइकू वर्षा बाद पाइन आ तृप्त वसुधाक संक्षिप्त प्रकृति-अनुभव दैत अछि।
4235. अंक १४५क समेकित अध्ययनमे ‘क्षणप्रभा’ किएक महत्त्वपूर्ण अछि?
  • कारण ई विरह, मिथिला-समरसता, स्त्री-पीड़ा, प्रतीक, गजल आ हाइकूकेँ जोड़ैत अछि
  • कारण ई केवल सूचना-सूची अछि
  • कारण ई खाली नाटक अछि
  • कारण ई हिसाब-किताब अछि
‘क्षणप्रभा’ विविध काव्यरूप आ संवेदनाकेँ एकत्र करैत अछि—विरह, समाज, स्त्री-अनुभव, प्रतीक, गजल आ हाइकू सभ।

4236. अंक १४६मे मुख्य रूपेँ कोन विहनि कथा-संग्रह प्रस्तुत अछि?
  • उलहन
  • क्षणप्रभा
  • मचण्ड
  • टेकनोलजी
अंक १४६क आरम्भमे कपिलेश्वर राउतक विहनि कथा-संग्रह ‘उलहन’ प्रस्तुत अछि।
4237. ‘उलहन’क ‘दू शब्द’मे कथाकारकेँ मुख्यतः कोन रूपमे देखल गेल अछि?
  • समाजक उपज रूपमे
  • केवल दरबारी गायक रूपमे
  • विदेशी यात्री रूपमे
  • भाषा-अधिकारी रूपमे
भूमिका कथाकारकेँ सामाजिक प्राणी आ समाजक उपज मानैत अछि; कथामे समाजक झलक देखल गेल अछि।
4238. भूमिका अनुसार ‘उलहन’क कथा सभमे कोन बात स्पष्ट अछि?
  • विचार, भाषा आ विषय-वस्तुक स्पष्टता
  • केवल छन्द-गणना
  • मात्र चित्र-वर्णन
  • डाक-सूची
भूमिका कहैत अछि जे कथाकारक स्पष्ट विचार, कथाक भाषा आ विषय-वस्तु कथा सभमे आबि गेल अछि।
4239. कपिलेश्वर राउत अपन ‘अप्पन बात’मे पिताक कोन सांस्कृतिक अभिरुचि स्मरण करैत छथि?
  • रामायण-महाभारत गाबय-सुनयक प्रेम
  • विदेशी नाटक
  • घुड़दौड़
  • मुद्रा-संग्रह
लेखक पिताकेँ कृषक बतबैत रामायण-महाभारतसँ हुनकर विशेष स्नेह आ गान-संस्कार स्मरण करैत छथि।
4240. लेखकक पढ़ाइ बाधित होएबाक मुख्य कारण की बताओल गेल अछि?
  • परिवारिक मृत्यु आ खेत-पथारक जिम्मेदारी
  • विद्यालय बन्द भेनाइ
  • कविता-प्रतियोगिता
  • रेल-यात्रा
पिताक मृत्यु, पत्नी-दादीक निधन आ घर-खेतक भार लेखकक पढ़ाइ छोड़एबाक कारण बनल।
4241. अपन भाषणमे ‘छी-छा-छथि’ पर आपत्ति सुनि लेखक कोन उत्तर दैत छथि?
  • मिथिलाक मातृभाषा मैथिली अछि
  • बोलब बन्द करब
  • केवल अंग्रेजी बाजब
  • हमरा भाषा नहि चाही
लेखक स्पष्ट करैत छथि जे मिथिलाक मातृभाषा मैथिली अछि, तेँ मैथिलीमे बाजब स्वाभाविक अछि।
4242. लेखकक लिखबाक प्रेरणामे जगदीश प्रसाद मण्डलक पोथी सभक भूमिका केना अछि?
  • ओहि पोथी सभ पढ़ि लिखबाक जिज्ञासा जागल
  • ओहि पोथी सभसँ ओ दूर भेलाह
  • ओहि पोथी सभ खेत-काज रोकलक
  • ओहि पोथी सभ केवल गीत छल
लेखक कहैत छथि जे मण्डलजीक पोथी सभ पढ़लापर हुनकामे किछु लिखबाक जिज्ञासा जागल।
4243. लेखक ‘उलहन’क कथाक दृष्टिकोण कोना बतबैत छथि?
  • रीत-रेबाज संग रीत-कुरीत देखेबाक प्रयास
  • केवल राजदरबारक प्रशंसा
  • मात्र नदीक नाप
  • विदेशी खान-पान
लेखक अपन कथा-दृष्टिकोण समाजक रीत-रेबाजक संग कुरीतिकेँ सेहो देखेबाक प्रयास मानैत छथि।
4244. ‘उलहन’क आरम्भिक सूचीमे कोन शीर्षक सभ कथा-संग्रहक व्यापक सामाजिक फैलाव देखबैत अछि?
  • वंश, उलहन, भोग, सतमाए, भूख, छूआ-छूत
  • केवल एकटा गीत
  • सिर्फ व्याकरण-सूत्र
  • केवल यात्रा-ब्योरा
शीर्षक-सूची घर-परिवार, भूख, जाति-संबंध, धर्म-आचार आ सामाजिक विडम्बनाक विविध विषय खोलैत अछि।
4245. अंक १४६क ‘उलहन’ खननमे भूमिका आ लेखक-कथन मिलि कोन भाव बनबैत अछि?
  • व्यक्तिगत संघर्षसँ सामाजिक कथालेखन धरि यात्रा
  • केवल सरकारी सूचना
  • मात्र तकनीकी निर्देश
  • चित्रकला सूची
भूमिका समाजक झलक बतबैत अछि आ लेखक-कथन निजी संघर्ष, मातृभाषा आ लेखन-प्रेरणाकेँ जोड़ैत अछि।

4246. ‘वंश’ कथामे परशुराम आ कौशल्या कतेक बरखक विवाहोपरान्त सन्तानहीन रहैत छथि?
  • दस बरख
  • दू बरख
  • एक मास
  • तीन दिन
कथामे परशुराम आ कौशल्याक विवाह दस बरख पूर्व भेल बताओल गेल अछि, मुदा धिया-पुता नहि भेल।
4247. कौशल्या ‘वंश’ कथामे वंश चलएबाक कोन समाधान सुझबैत छथि?
  • अनाथालयसँ बच्चा गोद लेब
  • गाम छोड़ब
  • धन बेचब
  • नाटक करब
कौशल्या अनाथालयसँ बच्चा आनि पुत्र बनएबाक प्रस्ताव दैत छथि।
4248. जदुवीर बाबूक पहिल प्रतिक्रिया अनाथालयक बच्चा प्रति कोन सामाजिक मानसिकता देखबैत अछि?
  • जाति-वंशक पूर्वाग्रह
  • संगीत-प्रेम
  • खेती-कौशल
  • भाषा-सम्पादन
ओ बच्चाक जाति/जन्मक प्रश्न उठा विरोध करैत छथि, जकरा कथा जाति-वंशक पूर्वाग्रह रूपमे रखैत अछि।
4249. कौशल्या घुरन बाबू आ कमलो बाबूक उदाहरण किएक दैत छथि?
  • अपन पुत्र सेहो कुपुत्र भऽ माता-पिताकेँ छोड़ि सकैत अछि
  • विदेश-यात्राक प्रचार लेल
  • फसलक विवरण लेल
  • गीतक तान लेल
कौशल्या देखबैत छथि जे जन्मल पुत्र सेहो बुढ़ारीमे सेवा नहि करैत; तेँ वंशक अर्थ मात्र रक्त-सम्बन्ध नहि।
4250. ‘पुत्र-कुपुत्र तँ किए धन संचय…’ कथन कथाक अन्तमे कोन नैतिक मोड़ दैत अछि?
  • सन्तानक गुण रक्तसँ बेसी महत्त्वपूर्ण अछि
  • धनहि सभ किछु अछि
  • अनाथालय अस्वीकार्य अछि
  • पढ़ाइ बेकार अछि
अन्तमे जदुवीर बाबू समझैत छथि जे सपुत्र बनब संस्कार आ पालनसँ जुड़ल अछि, जन्ममात्रसँ नहि।
4251. ‘उलहन’ कथामे ज्ञानचन्द्र आ धनिचन्द्र गाम छोड़ि कतए रोजी लेल जाइत छथि?
  • बम्बइ
  • जनकपुर
  • दरभंगा
  • देवघर
परिवारक तंगी देखि ज्ञानचन्द्र आ धनिचन्द्र बम्बइ रोजी-कमाइ लेल चलि जाइत छथि।
4252. ‘उलहन’ कथामे ज्ञानचन्द्र सेठक घरक काजसँ कोन स्थितिमे पहुँचैत अछि?
  • सेठक कारोबार देखबाक भरोसामंद आदमी
  • विद्यालय शिक्षक
  • नदी नाविक
  • मन्दिर पुजारी
पहिने घर-अँगनाक काज भेटैत अछि, पछाति ओ सेठक कारोबार धरि देखए लगैत अछि।
4253. ज्ञानचन्द्र घर घुरि उपहार आ पाइ देबैत अछि; एहि दृश्यक मुख्य सामाजिक अर्थ की?
  • प्रवासक कमाइ गामक गरीबीक बीच प्रतिष्ठा आ आशा बनैत अछि
  • खेती नष्ट करब
  • कानून बदलनाइ
  • कथा समाप्ति
प्रवाससँ कमाएल धन घरक अभावक बीच मान-सम्मान, भरोसा आ उलहनक भाव दुनू जगबैत अछि।
4254. ‘वंश’ आ ‘उलहन’ दुनू कथामे परिवारक प्रश्न कोन ढंगसँ उठैत अछि?
  • सन्तान, बुढ़ारी, प्रवास आ दायित्वक रूपमे
  • केवल मौसम रूपमे
  • मात्र सैन्य युद्ध रूपमे
  • व्याकरण अभ्यास रूपमे
दुनू कथा परिवारक भीतर वंश, सेवा, आर्थिक भार आ बदलैत सम्बन्धक प्रश्न उठबैत अछि।
4255. अंक १४६क आरम्भिक कथासंसारक प्रमुख स्वर कोन अछि?
  • गाम-परिवारक भीतर सामाजिक कुरीति आ परिवर्तनक टकराहट
  • केवल राजकीय घोषणा
  • मात्र चित्र-सूची
  • विदेशी विज्ञान
‘वंश’ आ ‘उलहन’ गाम-परिवार, जाति, प्रवास, बुढ़ारी आ आर्थिक परिवर्तनक टकराहटकेँ कथा बनबैत अछि।

4256. अंक १४७मे मुख्य रचना कोन उपन्यासक मैथिली अनुवाद अछि?
  • पाखलो
  • उलहन
  • मचण्ड
  • क्षणप्रभा
अंक १४७मे तुकाराम रामा शेटक कोंकणी उपन्यास ‘पाखलो’क मैथिली अनुवाद प्रस्तुत अछि।
4257. ‘पाखलो’क मैथिली अनुवादक रूपमे के उल्लेखित छथि?
  • डॉ. शंभु कुमार सिंह
  • कपिलेश्वर राउत
  • शिव कुमार झा
  • जगदानन्द झा
अंक-सूचीमे ‘पाखलो’क मैथिली अनुवाद डॉ. शंभु कुमार सिंह द्वारा बताओल गेल अछि।
4258. उपन्यासक आरम्भमे कथावाचकक घरमे मुख्यतः के रहैत छथि?
  • ओ आ ओकर भगिनी
  • पूरा दरबार
  • विद्यालयक छात्र
  • सैनिक दल
गोविन्द पणजी गेलाक बाद कथावाचक कहैत अछि जे ऐ घरमे हम आ हमर भगिनी रहैत रही।
4259. आलेस कथावाचकक कोन सम्बन्धी/संगी रूपमे आवैत अछि?
  • नेनपनक मीत आ सहकर्मी ड्राइवर
  • गामक मुखिया
  • विद्यालय शिक्षक
  • भिक्षु
आलेस नेनपनक मीत अछि; दुनू एक कम्पनीमे ड्राइवर छथि।
4260. आलेस विदेश जेबाक बात कतए लेल करैत अछि?
  • दुबई
  • नेपाल
  • असम
  • मधुबनी
आलेस पासपोर्ट बनि गेल बतबैत दुबई जाएबाक तैयारीक बात करैत अछि।
4261. कथावाचक आलेसकेँ विदेश नै जाएबाक सलाह किएक दैत अछि?
  • गाम-देश छोड़बाक पीड़ा आ टूटन महसूस करैत अछि
  • ओकर ट्रक खराब अछि
  • ओ कवि-सम्मेलनमे अछि
  • ओरियान नहि चाही
कथावाचक गोविन्दक गाम छोड़बाक दुख स्मरण करैत आलेसक देश छोड़बाक बातसँ व्याकुल अछि।
4262. सुलू कथावाचकक जीवनमे कोन भाव जगबैत अछि?
  • अपनत्व, देखभाल आ अतीतक स्मृति
  • केवल व्यापार
  • सैन्य अनुशासन
  • डाक-व्यवस्था
सुलूक लहसुनियाँ आँखि आ गुलाबी केश कथावाचकमे पुरान स्मृति आ अपनत्व जगबैत अछि।
4263. रुक्मिणी मौसीक सुलूकेँ लऽ जाएब कोन घरेलू व्यवस्था देखबैत अछि?
  • अभावमे पड़ोसी देखभालक सहारा
  • अदालतक आदेश
  • नदी-यात्रा
  • संगीत-कक्षा
कथावाचक काजपर जाएब चाहैत अछि, तेँ सुलूक देखभालमे रुक्मिणी मौसीक भूमिका देखाइत अछि।
4264. ‘पाखलो’क आरम्भमे देबालपर भगवानक फोटो न रहब कोन भाव बनबैत अछि?
  • घरक सुन्नपन आ विस्थापन
  • भोजक उत्सव
  • नव निर्माण
  • मेला
गोविन्द फोटो लऽ गेल, देबाल सुन्न अछि; आरम्भ घरक खालीपन आ बिछोहक भाव बनबैत अछि।
4265. अंक १४७क पहिल भागमे प्रवासक प्रश्न कोना अबैत अछि?
  • पणजी शहर, दुबई आ गाम छोड़बाक प्रसंगसँ
  • केवल खेती-पानीसँ
  • मात्र मंदिर-यात्रासँ
  • व्याकरण-सूत्रसँ
गोविन्दक पणजी प्रवास आ आलेसक दुबई-योजना गाम-देश छोड़बाक मार्मिक प्रश्न उठबैत अछि।

4266. ‘पाखलो’मे गोविन्दक दादी द्वारा कहल खिस्सामे शाली आ सोनू के छथि?
  • भाए-बहिन
  • राजा-मंत्री
  • गायक-श्रोता
  • शिक्षक-विद्यार्थी
दादीक खिस्सामे शाली आ सोनू भाए-बहिन छथि, जे गामक सीमान लग रहैत छथि।
4267. शाली जंगल कतए गेल छली जखन पाखलो सभक हिंसक प्रसंग शुरू होइत अछि?
  • लकड़ी काटए
  • पुस्तक कीनए
  • नदी नापए
  • विद्यालय पढ़ए
शाली आन स्त्री लोकनिक संग जंगल लकड़ी काटए गेल छली।
4268. शालीक विरुद्ध पाखलो द्वारा भेल हिंसा गाममे कोन रूपमे पसरैत अछि?
  • शीलभंगक खबर आगि जकाँ
  • खेतीक समाचार
  • गीतक ताल
  • परीक्षा परिणाम
गाममे ‘पाखलो शालीक शीलभंग कऽ देलकै’ बात आगि जकाँ पसरैत अछि।
4269. सोनू बहिनक खोजमे कोन वस्तु हाथमे लऽ क्रोधसँ निकलैत अछि?
  • कुड़हरि
  • वीणा
  • पोथी
  • कलम
सोनू गोस्सासँ कुड़हरि कन्हापर राखि पाखलोकेँ काटबाक बात करैत अछि।
4270. पुलिस स्टेशनपर कान्स्टेबल देसाई कोन सूचना दैत अछि?
  • कार्मोक प्रधान आ संगी शिकारपर गेल छथि
  • शाली विद्यालयमे अछि
  • सोनू दिल्ली गेल
  • गाम खाली अछि
कान्स्टेबल कहैत अछि जे कार्मोक प्रधान आ ओकर संगी भोरे शिकारपर गेल छथि, अखनि धरि नहि आएल।
4271. दादी कान्स्टेबलकेँ ‘फिरंगीक पेटपोस्सा’ कहि कोन आक्रोश देखबैत अछि?
  • औपनिवेशिक सत्ता-संग स्थानीय पुलिसक मिलीभगतपर क्रोध
  • मौसमक चर्चा
  • गीतक अभ्यास
  • खेतीक राग
दादी पुलिसक पक्षधरता देखैत ओकरा फिरंगीक पेटपोस्सा कहैत अछि; ई सत्ता-संरक्षण पर चोट अछि।
4272. सोनू जंगल जरएबाक बात किएक करैत अछि?
  • ओ पाखलोकेँ शरण देनिहार ठाम मानैत अछि
  • ओ लकड़ी बेचए चाहैत अछि
  • ओ होली खेलैत अछि
  • ओ खेती करैत अछि
सोनू बुझैत अछि जे जंगल पाखलोकेँ शरण देने अछि, तेँ क्रोधमे ओकरा जरा देबाक बात करैत अछि।
4273. दादी सोनूकेँ जंगल जरएबासँ किएक रोकैत अछि?
  • पाखलो नहि मरत, जंगल अवश्य नष्ट भऽ जाएत
  • सोनूकेँ गीत गाबय कहैत अछि
  • राति में भोज अछि
  • किसान सभ एतय नहि
दादी चेतबैत अछि जे एहि पागलपनसँ पाखलो नहि मरत, मुदा जंगल जरि सुड्डाह भऽ जाएत।
4274. शालीक कथा ‘पाखलो’मे कोन ऐतिहासिक-सामाजिक घाव देखबैत अछि?
  • औपनिवेशिक हिंसा, स्त्री-अपमान आ स्थानीय विवशता
  • मात्र बाज़ार-मोल
  • बाल-खेल
  • छन्द-अभ्यास
शालीक प्रसंग स्त्री-देहपर औपनिवेशिक हिंसा, पुलिसक निष्क्रियता आ समुदायिक असहायताकेँ खोलैत अछि।
4275. ‘पाखलो’क शाली-सोनू खण्डक मुख्य भावनात्मक केन्द्र की अछि?
  • सम्मान, प्रतिरोध, भय आ असहाय क्रोध
  • केवल पर्यटन
  • कृषि-मेला
  • कार्यालयी पत्राचार
खण्डमे शालीक पीड़ा, सोनूक प्रतिशोध, दादीक समझदारी आ सत्ता-भय एकसाथ मौजूद अछि।

4276. अंक १४८मे गजेन्द्र ठाकुरक कोन टटका नाटक प्रस्तुत अछि?
  • मचण्ड
  • उलहन
  • पाखलो
  • क्षणप्रभा
अंक १४८क आरम्भमे गजेन्द्र ठाकुरक टटका नाटक ‘मचण्ड’ प्रस्तुत अछि।
4277. ‘मचण्ड’क पात्र-सूचीमे मुतालिफकेँ कोना परिचित कराओल गेल अछि?
  • पैघ-पैघ आँखि बला एकटा युवा
  • बुजुर्ग किसान
  • विद्यालय प्रधान
  • कथा-गायक
पात्र-सूची मुतालिफकेँ पैघ-पैघ आँखि बला युवा कहैत अछि।
4278. ‘मचण्ड’मे भाषा अनुवादक/अनुवादिका किएक आवश्यक पात्र अछि?
  • मुतालिफक भाषा आन लोक नहि बुझैत
  • मंच खाली अछि
  • गीत गाबए लेल
  • पोथी बेचए लेल
मुतालिफक भाषा संकट अछि; अनुवादक ओकर संकेत/भाषाकेँ दोसर पात्र सभ बुझबैत अछि।
4279. अंक १मे पुलिस भोजनक पैकेट मुतालिफकेँ किएक दैत अछि?
  • रातिमे जेलमे खेनाइ नहि भेटत, तेँ
  • पुरस्कार देबाक लेल
  • कथा छपबाक लेल
  • यात्रा टिकट लेल
सिपाही कहैत अछि जे रातिमे जेलबला खाइले नहि देत, तेँ पैकेट देल गेल।
4280. मुतालिफकेँ दिल्लीक कोन जेलमे राखबाक बात उठैत अछि?
  • तिहार जेल
  • दरभंगा जेल
  • देवघर जेल
  • पणजी जेल
सिपाही कहैत अछि जे मुतालिफकेँ दिल्लीक तिहार जेलमे राखल जेतै।
4281. ओकील मुतालिफक कथा पर कोन आरोप लगबैत अछि?
  • ओ असली अपराधी अछि आ ओकर खिस्सा फूसि अछि
  • ओ कवि अछि
  • ओ किसान अछि
  • ओ अनुवादक अछि
ओकील अदालत-पृष्ठस्वरमे मुतालिफकेँ असली अपराधी कहि ओकर खिस्सा फूसि बतबैत अछि।
4282. खुफिया अधिकारी मुतालिफक अपराध-दायित्वकेँ कोना देखैत अछि?
  • ओ मुख्य अपराधी नहि, माफियाद्वारा फँसाएल गोटी अछि
  • ओ राजा अछि
  • ओ शिक्षक अछि
  • ओ अधिकारीक अधिकारी अछि
खुफिया अधिकारी कहैत अछि जे मुतालिफ अपराधी नहियेँ, मादक पदार्थ माफियाद्वारा फँसाएल गेल अछि।
4283. हबीबुल्ला ‘मचण्ड’मे कोन रूपमे संकेतित अछि?
  • तस्करक सरदार/ड्रग नेटवर्कक मुख्य नाम
  • कवि
  • गामक वैद्य
  • विद्यालय छात्र
पात्र-सूचीमे हबीबुल्ला तस्करक सरदार अछि, आ संवादमे ओकर घरपर छापाक उल्लेख अछि।
4284. मुतालिफक ‘पाँव-पैदल सिपाही’ रूपक कोन अर्थ दैत अछि?
  • ओ नेटवर्कक छोट, उपयोग कएल गेल मोहरा अछि
  • ओ सचमुच तीर्थयात्री मात्र अछि
  • ओ राजा अछि
  • ओ गायक अछि
खुफिया अधिकारी मुतालिफकेँ शतरंजक पाँव-पैदल गोटी कहैत अछि, अर्थात छोट मोहरा।
4285. ‘मचण्ड’क पहिल अंक कोन मूल प्रश्न उठबैत अछि?
  • भाषा-संकट, न्याय, ड्रग-जाल आ निर्बल व्यक्तिक फँसाव
  • केवल हास्य-गीत
  • मौसम रिपोर्ट
  • बाल-क्रीड़ा
पहिल अंक भाषा न बुझबाक संकट, अदालत, वकील, माफिया आ फँसल युवकक न्याय-प्रश्न जोड़ैत अछि।

4286. ‘मचण्ड’क अंक २मे खुफिया अधिकारी मुख्यतः ककरासँ बहस करैत अछि?
  • आतंकी लीडरसँ
  • सुलूसँ
  • कौशल्यासँ
  • रुक्मिणी मौसीसँ
अंक २मे टेबुल-कुर्सीक दू कात खुफिया अधिकारी आ आतंकी लीडरक बीच बहस चलैत अछि।
4287. खुफिया अधिकारी आतंकी लीडरसँ मुख्यतः की जानए चाहैत अछि?
  • सूचना कतेसँ भेटैत अछि, हबीबुल्लाक सहयोगी के छथि, ड्रगक पाइ कोना जाइत अछि
  • गीतक छन्द
  • कृषि-मोल
  • भोजक सूची
संवादमे अधिकारी संगठनक सूचना-स्रोत, हबीबुल्लाक सहयोगी आ ड्रग-पाइक जाल बुझए चाहैत अछि।
4288. आतंकी लीडर सूचना-लीकबाबत की कहैत अछि?
  • अहाँक कार्यालयसँ सूचना भेटैत अछि
  • कोनो सूचना नहि भेटैत
  • केवल पत्रिकासँ
  • बच्चासँ
ओ कहैत अछि जे अहाँक सभ काजक सूचना हमरा सभ लग आबि जाइत अछि—अर्थात भीतरघात अछि।
4289. लालडेंगा आ परेश बरुआक उदाहरण संवादमे किएक आबैत अछि?
  • हथियार, समझौता आ राजनीतिक वैधताक प्रश्न लेल
  • कृषि-ऋण लेल
  • बाल-कविता लेल
  • भाषा-पाठ लेल
आतंकी लीडर हथियारबला-बिन हथियारबला राजनीति आ समझौता प्रश्न उठबैत लालडेंगा/परेश बरुआक उदाहरण दैत अछि।
4290. खुफिया अधिकारी आतंकक अर्थ-व्यवस्था कोन बातसँ जोड़ैत अछि?
  • हथियार कीनबाक लेल ड्रग बेचब
  • कविता पाठ
  • खेती-पथार
  • चिट्ठी-पत्र
ओ कहैत अछि जे हथियार कीनैले ड्रग बेचै/बेचबाबै छी, जे युवाक भविष्य खत्म करैत अछि।
4291. आतंकी लीडर अधिकारीकेँ अपन पक्षमे आनबाक लेल कोन तर्क दैत अछि?
  • सिस्टम अहाँक दुरुपयोग करैत अछि
  • अहाँ कवि छी
  • अहाँ किसान छी
  • अहाँ बच्चा छी
ओ अधिकारीकेँ कहैत अछि जे सिस्टम ओकर दुरुपयोग करैत अछि आ संगठनमे आबए लेल उकसाबैत अछि।
4292. अंक ३मे मुतालिफ छूटलापर खुफिया अधिकारी कतेक भ्रमित होइत अछि?
  • ओ सोचैत अछि जे फँसल गोटी आ मुख्य खिलाड़ीमे फर्क धुँधला भऽ गेल
  • ओ कविता गाबैत अछि
  • ओ घर चलि जाइत अछि
  • ओ खेती करैत अछि
अनुवादक मार्फत मुतालिफ कहबैत अछि जे फँसाएल वा मुख्य खिलाड़ीमे की फर्क; नेटवर्क लोककेँ तेना फँसाबैत अछि जे ओ पाँव-पैदल सैनिक भऽ जाइत अछि।
4293. अंक ४मे अधिकारी अपन पहिल यात्रा कोना देखैत अछि?
  • निरर्थक सिद्ध भेल, मुदा कथा-प्रश्न छोड़ि गेल
  • पूर्ण उत्सव
  • केवल भोज
  • विद्यालयी परीक्षा
अधिकारी कहैत अछि जे पहिल यात्रा निरर्थक सिद्ध भेल; मुदा संवादमे कथाक बीज बचल रहैत अछि।
4294. आतंकी लीडर अधिकारीकेँ ‘सरकारी मचण्ड’ कहि कोन अर्थ बनबैत अछि?
  • सिद्धान्तबला कठोर प्रतिद्वन्द्वी
  • मजाकिया गायक
  • गामक पुजारी
  • बाल-पात्र
ई नामकरण अधिकारीक कठोरता, सिद्धान्त आ सत्ता-पक्षीय संघर्षशील रूपकेँ एकसाथ देखबैत अछि।
4295. ‘मचण्ड’क समग्र संघर्ष कोन स्तरपर चलैत अछि?
  • राज्य, आतंक, ड्रग, भाषा, न्याय आ नैतिक पक्ष-चयन
  • केवल प्रेम-गीत
  • मौसम-वर्णन
  • भोज-व्यवस्था
नाटक बाहरी अपराध-जालसँ बेसी राज्य, अनुवाद, निर्बलता, ड्रग-पैसा आ नैतिक चयनक प्रश्न उठबैत अछि।

4296. अंक १४९मे आरम्भिक सामग्री कोन लघुकथा-संग्रह रूपमे अछि?
  • कथाक सत्तरि
  • मचण्ड
  • पाखलो
  • क्षणप्रभा
अंक १४९मे ‘कथाक सत्तरि’ शीर्षक लघुकथा-संग्रहक सामग्री आरम्भमे देल अछि।
4297. ‘कथाक सत्तरि’क सूचीमे कोन शीर्षक सभ आरम्भमे आबैत अछि?
  • पाइक मोल, चोरूक्का झगड़ा, अपसोच, पतझाड़
  • मचण्ड, पाखलो, ज्योति
  • तिहार, ड्रग, माफिया
  • सुलू, आलेस, गोविन्द
सूचीमे ‘पाइक मोल’, ‘चोरूक्का झगड़ा’, ‘अपसोच’, ‘पतझाड़’ आदि शीर्षक अछि।
4298. ‘पाइक मोल’क आरम्भ कोन पर्व-समयसँ जुड़ल अछि?
  • कोजगरा
  • होली
  • दीपावलीक दोसर दिन
  • चौठचन्द्र
कथामे काल्हि कोजगरा होएबाक उल्लेख अछि; एहिसँ पारिवारिक तैयारीक समय बनैत अछि।
4299. ‘पाइक मोल’मे दीपक घर किएक आएल अछि?
  • फारम भरबाक, परीक्षा आ पोथी लेल पाइ माँगए
  • नाटक खेलए
  • कथा गोष्ठी करए
  • ट्रक चलए
दीपक कहैत अछि जे फारम भरबाक दिन बाकी अछि, परीक्षा नजदीक अछि आ नव पोथी कीनबाक जरूरत अछि।
4300. रविकान्त दीपकसँ खर्च ‘फुटा-फुटा’ कहबाक आग्रह किएक करैत छथि?
  • घटी-बढ़ी आ बेवधान न हो, तदनुसार ओरियान करए लेल
  • गीतक ताल लेल
  • मेला रोकए लेल
  • कथा छापए लेल
रविकान्त चाहैत छथि जे खर्च स्पष्ट हो ताकि पाइ जुटेबाक व्यवस्था समयपर भऽ सकय।
4301. दीपक कॉलेज आ पोथी खर्चक अनुमान कोना बतबैत अछि?
  • कॉलेजमे तीन हजार, बाकी मासिक खर्च आ पोथी अंदाजे
  • केवल एक रुपैया
  • कोनो खर्च नहि
  • सिर्फ मेला खर्च
दीपक कॉलेजक तीन हजार आ नव पोथी लेल अनुमानित खर्चक बात करैत अछि।
4302. चन्द्रावतीक दुर्गा-पूजा/छठिक सामान-खर्च प्रसंग कोन तनाव उत्पन्न करैत अछि?
  • पर्व-परम्परा आ पढ़ाइ-खर्चक बीच घरक पाइ-संकट
  • सैन्य तैयारी
  • अदालत
  • ड्रग जाल
घरमे पर्वक सामग्री पर खर्च आ बेटाक पढ़ाइ लेल आवश्यक पाइ—दुनू जरूरत टकराइत अछि।
4303. रविकान्त माटिक हाथी, कोनियाँ आदि पर प्रश्न किएक उठबैत छथि?
  • आवश्यकता आ परम्परागत खर्चक सीमा पर सोचब
  • कला-विरोध
  • पुस्तक-विरोध
  • खेती रोकब
ओ परम्परागत पावनिक वस्तु सभक वास्तविक उपयोग आ आजुक आर्थिक दबावक बीच तुलना करैत छथि।
4304. दीपकक ‘आज जेते खर्चक पावनि…’ प्रश्न कोन आधुनिक जिज्ञासा खोलैत अछि?
  • पूर्वजक परम्परा आ आजुक पारिवारिक आर्थिक तंगी बीच सम्बन्ध
  • भाषा-पुरस्कार
  • नाटकक पात्र
  • कानूनक धारा
दीपक पूछैत अछि जे एते खर्चक पावनि पूर्वज केना बनौलनि; ई परम्परा बनाम वर्तमान अर्थ-संकट प्रश्न अछि।
4305. ‘पाइक मोल’ शीर्षकक सार्थकता कोनमे अछि?
  • पाइ मात्र रकम नहि, पढ़ाइ, पर्व, भविष्य आ परिवारक निर्णयक मोल अछि
  • पाइ बेकार अछि
  • कथा केवल बाजार अछि
  • नदीक नाप
कथा देखबैत अछि जे पैसाक मोल घरक प्राथमिकता, शिक्षा, परम्परा आ भावनात्मक जिम्मेदारी सभसँ जुड़ल अछि।

4306. ‘चोरूक्का झगड़ा’क आरम्भमे नियमित चाहक दोकानपर के सभ पहुँचैत छथि?
  • शिवशंकर, किसुनदेव, सिंहेश्वर, राधाकान्त आ मनोहर
  • मुतालिफ आ अधिकारी
  • शाली आ सोनू
  • कौशल्या आ परशुराम
कथामे भिनसुरका चाह लेल पाँच गोटे चाहक दोकानपर पहुँचबाक उल्लेख अछि।
4307. गुलेतिया आ कबुतरीक झगड़ा सौंसे गाममे किएक चर्चित भऽ जाइत अछि?
  • गुलेतिया कुमार कहि कबुतरीसँ दोसर विवाह कऽ लैत अछि
  • ओ परीक्षा पास करैत अछि
  • ओ विदेश जाइत अछि
  • ओ कथा लिखैत अछि
कबुतरी प्रश्न उठबैत अछि जे मरदाबा अपनाकेँ कुमार कहि किएक बिआहि अनलक।
4308. गुलेतियाक मन ‘साँप मरि जाए आ लाठी न टूटए’ चाहैत अछि—एहि कहबाक अर्थ की?
  • दू पत्नी संग झगड़ा सुलझि जाए आ सम्बन्धो बचि रहए
  • खेती बन्द हो
  • पोथी बिकि जाए
  • भाषा बदलि जाए
ओ चाहैत अछि जे पहिलुका घरवाली आ कबुतरी दुनूसँ मिलान रहे, मुदा झगड़ा सेहो समाप्त हो।
4309. चाहबला गुलेतियाक ‘चलती’ पर जे व्यंग्य करैत अछि, ओकर भाव की?
  • दूहरा चाल आ घरेलू झगड़ाक सार्वजनिक तमाशा
  • राजकीय सम्मान
  • विद्यालयी सफलता
  • खेतीक लाभ
चाहक दोकान गुलेतियाक निजी झगड़ाकेँ सार्वजनिक व्यंग्य आ तमाशा बना दैत अछि।
4310. कबुतरीक सोझ प्रश्न कथामे स्त्री-पक्ष केना उभारैत अछि?
  • ओ धोखासँ विवाह पर सीधे जवाब माँगैत अछि
  • ओ चुप रहैत अछि
  • ओ विदेश जाइत अछि
  • ओ गीत छोड़ैत अछि
कबुतरी सीधे पूछैत अछि जे अपनाकेँ कुमार कहि किएक बिआह अनल, जइसँ धोखा उजागर होइत अछि।
4311. गुलेतियाक ‘तीस-तीस, चालीस-चालीसटा लोक बिआह करैए’ तर्क कोन विडम्बना देखबैत अछि?
  • गलत काजकेँ समाजक गलत उदाहरणसँ सही ठहरएबाक कोशिश
  • आत्मस्वीकृति
  • कृषि-विज्ञान
  • व्याकरण
गुलेतिया सामूहिक कुरीतिक उदाहरण दऽ अपन दोसर विवाहक छलकेँ साधारण बनएबाक कोशिश करैत अछि।
4312. ‘चोरूक्का झगड़ा’मे चाहक दोकान कोन सामाजिक मंच बनैत अछि?
  • गामक जनमत, चुहल आ नैतिक फड़िछाक मंच
  • मात्र भोजनालय
  • जेल
  • अदालतक कक्ष
चाहक दोकानपर लोकक टिप्पणी, प्रश्न आ चुप्पी सभ निजी काण्डकेँ सार्वजनिक विमर्शमे बदलैत अछि।
4313. अंक १४९क कहानी-सूचीमे ‘माघक घूर’, ‘खर्च’, ‘पेटगनाह’ सन शीर्षक कोन व्यापकता दैत अछि?
  • ऋतु, अर्थ, देह-भूख आ घरेलू यथार्थक फैलाव
  • मात्र विज्ञान
  • केवल विदेशी राजनीति
  • चित्रकला
शीर्षक-सूची लघुकथाकेँ विविध लोक-जीवन, खर्च, भूख, देह आ घरक सन्दर्भमे फैलाबैत अछि।
4314. ‘कथाक सत्तरि’क आरम्भिक कथा-दुनियामे संवादक भूमिका की अछि?
  • चरित्रक मनोवृत्ति आ सामाजिक टकराहट खोलब
  • सिर्फ सजावट
  • संगीत नोटेशन
  • तिथि-सूची
पाइक मोल आ चोरूक्का झगड़ामे संवादे परिवार, पावनि, धोखा आ जनमतक मूल तनाव खोलैत अछि।
4315. ‘चोरूक्का झगड़ा’क मूल सामाजिक प्रश्न कोन अछि?
  • विवाहमे सत्य, स्त्रीक अधिकार आ समाजक दोहरापन
  • ड्रग नेटवर्क
  • भाषा-अनुवाद
  • विदेश-वीजा
कथा दोसर विवाहक छल, कबुतरीक आपत्ति आ समाजक हँसी-ठट्ठाक बीच स्त्री-अधिकारक प्रश्न उठबैत अछि।

4316. अंक १५०क गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन सामग्री देल अछि?
  • पाँचटा लघुकथा
  • एकटा कोंकणी उपन्यास
  • केवल हाइकू
  • नाट्य-पात्र सूची
अंक १५०क सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक पाँचटा लघुकथा उल्लेखित अछि।
4317. ‘वारंट’ कथामे हरिहर काकाकेँ कोन कर्जक प्रसंग सतबैत अछि?
  • बोरिंग-दमकलक कर्ज
  • विदेश-वीजा कर्ज
  • गीत-संगीत कर्ज
  • कपड़ा-दुकान कर्ज
कथामे बोरिंग-दमकलक कर्ज चुकौलापछातिओ हरिहर काकाकेँ केसक वारंट भेल बताओल अछि।
4318. ‘वारंट’मे सरसठिक रौदीक पछाति सरकारक योजना गाममे कोन आशा जगबैत अछि?
  • सिंचाइ, बोरिंग-दमकल आ कर्ज-सहायताक आशा
  • नाटक पुरस्कार
  • विदेश यात्रा
  • चित्र प्रदर्शनी
रौदीक बाद सरकारक सक्रियता आ बोरिंग-दमकल योजना किसानमे नव उम्मीद जगबैत अछि।
4319. बोरिंग-दमकलक प्रक्रिया हरिहर काकाकेँ कोन-कोन दफ्तरक चक्करमे फँसाबैत अछि?
  • ब्लॉक, जिला, बैंक, सब्सिडी-ऑफिस
  • मात्र विद्यालय
  • केवल मन्दिर
  • संगीत-मंच
कथामे रजिस्टर, अगिला ऑफिस, बैंक, जिला-स्तर सब्सिडी—अनेक स्तरक दौड़ देखाओल गेल अछि।
4320. ठीकेदारक ‘काल्हि नै परसू आउ’ जवाब कोन प्रशासनिक अनुभवक प्रतीक अछि?
  • टाल-मटोल आ अनिश्चित प्रतीक्षा
  • तत्काल न्याय
  • गीतक आरम्भ
  • उत्सव
ठीकेदार बारम्बार परसू-परसू करैत अछि, जे किसानक समय आ भरोसा दुनू खा जाइत अछि।
4321. कथा मे अफसर अनियमितता लेल ‘रंग-बिरंगक कारण’ कहैत अछि; एहि सँ कोन बात स्पष्ट होइत अछि?
  • समस्या बहुस्तरीय अछि, एक कारणमे न सिमटैत
  • कारण नहि अछि
  • किसान दोषी नहि
  • कथा समाप्त
अफसरक कथन कार्यालयी अव्यवस्थाक अनेक कारणक संकेत दैत अछि।
4322. बोरिंग गड़लापछाति सब्सिडी-ऑफिसक अनुभव कोना अछि?
  • खेनिहारक भीड़, ठाढ़ करब, परसू-परसू टारब
  • तुरन्त सहायता
  • केवल गीत
  • विद्यालयी परीक्षा
सब्सिडी आदेश लेल हरिहर काका टेबुल आगे ठाढ़ रहैत छथि, फेर परसू आबए कहल जाइत अछि।
4323. लोन माफ भेलापछातिओ हरिहर काकाकेँ वारंट किएक विडम्बनापूर्ण अछि?
  • चुकता/माफीक बादो कागजी व्यवस्था ओकरा दोषी बना दैत अछि
  • ओ खेती छोड़ैत अछि
  • ओ गीत गाबैत अछि
  • ओ विदेश जाइत अछि
कथाक तीक्ष्ण विडम्बना ई अछि जे केस खर्च सहित जमा केलापछातिओ वारंट हरिहर काकाकेँ होइत अछि।
4324. ‘वारंट’मे किसानक संघर्ष मुख्यतः कोनसँ अछि?
  • प्रकृति, कर्ज, कार्यालय, ठीकेदार आ कागजी जाल
  • केवल प्रेम
  • सैनिक युद्ध
  • भाषा-अनुवाद
कथा किसानक जीवनमे रौदी, योजना, कर्ज, सब्सिडी आ दफ्तरक चक्रव्यूह देखबैत अछि।
4325. अंक १५०क ‘वारंट’क साहित्यिक बल कोनमे अछि?
  • प्रशासनिक हास्यास्पदता आ किसानक वास्तविक पीड़ा एकसाथ देखेनाइ
  • मात्र तिथि-सूचना
  • चित्र कैप्शन
  • विदेशी नक्शा
कथा ठीकेदार, ऑफिस आ कर्ज-जालक हास्यास्पद दृश्यसँ किसानक गम्भीर पीड़ा उजागर करैत अछि।

4326. अंक १५०क गद्य-सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क रचना कोन शीर्षकसँ अछि?
  • बड़का साहेव : परम्परागत संस्कार केर पराभवक वृत्ति चित्र
  • पाइक मोल
  • पाखलो
  • मचण्ड
सूचीमे शिवकुमार झा ‘टिल्लू’क ‘बड़का साहेव : परम्परागत संस्कार केर पराभवक वृत्ति चित्र’ देल अछि।
4327. अमर कान्त अमरक पुस्तक-समीक्षा कोन शीर्षकसँ उल्लेखित अछि?
  • सुजीतक गन्ध सुगन्ध छोड़ि रहल
  • वारंट
  • चोरूक्का झगड़ा
  • मिथिला-पुत्र
अंक १५०क गद्य-सूचीमे अमर कान्त अमरक समीक्षा ‘सुजीतक गन्ध सुगन्ध छोड़ि रहल’ अछि।
4328. जगदानन्द झा ‘मनु’क समीक्षा कोन पोथी पर आधारित अछि?
  • अनमोल झाक ‘टेकनोलजी’
  • उलहन
  • क्षणप्रभा
  • बिसवासघात
सूचीमे जगदानन्द झा ‘मनु’ द्वारा अनमोल झा जीक पोथी ‘टेकनोलजी’क समीक्षा उल्लेखित अछि।
4329. उमेश मण्डलक लेख ‘मैथिली : सरकार आ हम सभ’ कोन प्रकारक प्रश्न उठबैत अछि?
  • भाषा, शासन आ समाजक जिम्मेदारी
  • केवल प्रेमकथा
  • जंगल-शिकार
  • मंच-नृत्य
शीर्षक स्वयं मैथिली भाषा, सरकार आ लोकसमाजक आपसी जिम्मेदारीक विमर्श खोलैत अछि।
4330. अंक १५०मे ‘सगर राति दीप जरय’क ७९म आयोजन कतए सम्पन्न बताओल गेल अछि?
  • औरहा गामक मध्य विद्यालयक नव निर्मित भवनमे
  • तिहार जेलमे
  • पणजी शहरमे
  • मचण्डक मंचपर
रिपोर्टमे ७९म आयोजन ‘कथा कोसी’ नामक बैनर तले औरहा गामक मध्य विद्यालयक भवनमे भेल बताओल अछि।
4331. ७९म आयोजनक रिपोर्टमे रात्रिकालीन कथा-यात्राक अवधि कोन रूपमे देल अछि?
  • संध्या सँ भिनसर धरि
  • केवल पाँच मिनट
  • सप्ताह भरि
  • दोपहर मात्र
रिपोर्टमे संध्या ६.३० सँ भिनसर ६ बजे धरि कथा-गोष्ठीक यात्रा बताओल अछि।
4332. निर्मलीक ८०म आयोजनमे 45 गोट पोथीक लोकार्पणक सूची कोन व्यापक साहित्यिक परिदृश्य देखबैत अछि?
  • बाल निबंध, शब्दकोश, कथा, कविता, गजल, नाटक, उपन्यास, जीवनी आदि
  • केवल एक गीत
  • मात्र कृषि-रिपोर्ट
  • सिर्फ न्यायालय
लोकार्पण सूची अनेक विधा—बाल निबंध, कोश, कथा-संग्रह, कविता, गजल, नाटक, उपन्यास आदि—केँ एकठाम लैत अछि।
4333. अंक १५०क पद्य-सूचीमे कोन विधा प्रमुख रूपेँ बार-बार आबैत अछि?
  • गजल
  • कानूनी नोटिस
  • दफ्तर-रजिस्टर
  • मालगुजारी
पद्य-सूचीमे दू-दू गजल, चारि गजल, एक गजल आदि अनेक गजल-प्रविष्टि अछि।
4334. मो. गुल हसनक गीतक शीर्षक ‘छोटका किसान’ कोन वर्गक अनुभव दिस संकेत करैत अछि?
  • छोट किसानक जीवन-संघर्ष
  • ड्रग तस्करी
  • विदेश-वीजा
  • शहरी होटल
शीर्षक ‘छोटका किसान’ किसान-जीवन आ छोट जोत/संघर्षक लोकानुभव दिस संकेत करैत अछि।
4335. अंक १५०क समेकित स्वर कोन अछि?
  • संपादकीय विमर्श, लघुकथा, समीक्षा, भाषा-प्रश्न, कथा-गोष्ठी आ पद्यक बहुविध संगम
  • केवल डाउनलोड सूचना
  • मात्र मंच-दिशा
  • चित्र-फाइल सूची
अंक १५०मे अनेक विधा एकत्र अछि—गद्य, समीक्षा, भाषा-चिन्तन, सगर राति रिपोर्ट, पद्य, पाखलो अनुवाद आ बाल-साहित्य।

4336. अंक १५१मे मुख्य रूपेँ कोन कृति प्रस्तुत अछि?
  • नेपालक नोर मरूभूमिमे
  • तोहर कतेक रंग
  • सूखल मन तरसल आँखि
  • बैशाखमे दलानपर
अंक १५१क आरम्भमे विन्देश्वर ठाकुरक ‘नेपालक नोर मरूभूमिमे’ प्रमुख सामग्री रूपमे अबैत अछि।
4337. ‘नेपालक नोर मरूभूमिमे’ ककरा समर्पित बताओल गेल अछि?
  • प्रवासी श्रमिक सभकेँ
  • केवल दरबारी कलाकारकेँ
  • राजनीतिक पदाधिकारीकेँ
  • विद्यालयक प्रधानाध्यापककेँ
समर्पणमे बेरोजगारीक कारण प्रवासी जीवन बितबैत संघर्षशील श्रमिक सभक स्मरण अछि।
4338. समर्पणमे प्रवासी श्रमिक सभक जीवनक कोन पक्ष प्रमुख अछि?
  • परिवार आ राष्ट्र लेल दिन-राति संघर्ष
  • केवल खेल-कूद
  • मेला-व्यापार
  • राजकीय समारोह
समर्पण ओहि लोकनिकेँ देखैत अछि जे इच्छा-सपना त्यागि परिवार आ राष्ट्र लेल परदेसमे श्रम करैत छथि।
4339. आमुखमे लेखक अपन साहित्यिक रुचिक आरम्भ केना बतबैत छथि?
  • विद्यार्थी जीवनसँ छिट-फुट रचना लिखबाक शौख
  • बुढ़ापामे अचानक लेखन
  • सरकारी आदेशसँ लेखन
  • केवल गीत-संगीत सुनबाक कारण
लेखक कहैत छथि जे विद्यार्थी जीवनसँ रचना लिखब-पढ़ब हुनकर शौख रहल।
4340. कतारक मरुभूमि लेखकक साहित्य-बोधमे कोन परिवर्तन अनलक?
  • देश-परिवारसँ दूर पीड़ाक कारण साहित्य नव गति लेलक
  • लेखन पूर्णतः बन्द भऽ गेल
  • केवल चित्रकारी शुरू भेल
  • मात्र खेलक रुचि बनल
आमुखमे कतारक मरुभूमि आ परिजनसँ दूरी साहित्यिक अभिव्यक्तिक नव स्रोत बनैत अछि।
4341. आमुख अनुसार लेखक कोन-कोन विधासँ अपन भोगल अनुभव बाहर अनलनि?
  • कथा, कविता, गीत आ गजल
  • केवल व्याकरण-सूत्र
  • नक्शा आ हिसाब
  • अदालती आवेदन
लेखक भोगल भोगाइ आ अपनत्वक स्मृति कथा, कविता, गीत आ गजलमे व्यक्त करैत छथि।
4342. कतारमे लेखककेँ कोन दू साहित्यिक संस्था सहयोग देलक?
  • अन्तर्राष्ट्रीय नेपाली साहित्य समाज कतार च्याप्टर आ नबोदित साहित्यिक पुस्तकालय
  • दूटा विद्यालय समिति
  • कृषि सहकारी समिति
  • मात्र एक नाटक-मंच
आमुखमे कतारक एहि संस्था-परिसर आ पदाधिकारी लोकनिक सहयोगक उल्लेख अछि।
4343. लेखक अपन छिरिआएल रचना सभकेँ समग्र पोथी बनबामे ककर भूमिका मानैत छथि?
  • विदेह समूह आ गजेन्द्र ठाकुरक
  • रेल विभागक
  • खेतीहर सहकारीक
  • मंदिर समितिक
आमुखमे विदेह समूह आ गजेन्द्र ठाकुरक प्रति कृतज्ञता व्यक्त कएल गेल अछि।
4344. ‘नेपालक नोर मरूभूमिमे’क अनुक्रममे कोन विधा-खण्ड सभ प्रमुख रूपेँ अबैत अछि?
  • गजल, शेरो-शाइरी, लघुकथा, विहनि कथा आ कविता
  • केवल यात्रा-नक्शा
  • सैन्य दस्तावेज
  • अदालती प्रतिवेदन
अनुक्रममे गजल खण्ड, शेरो-शाइरी खण्ड, लघुकथा खण्ड, विहनि कथा खण्ड आ कविता खण्ड देल अछि।
4345. अंक १५१क आरम्भिक स्वरक सार की अछि?
  • प्रवासक पीड़ा, मातृभूमि-स्मृति आ साहित्यिक आत्मस्वीकार
  • केवल दफ्तरक सूचना
  • मात्र खेलक नियम
  • वाणिज्यिक दर-सूची
समर्पण आ आमुख मिलि प्रवासी जीवनक दु:ख, अपनपनक स्मृति आ लेखन-यात्राक स्वर बनबैत अछि।

4346. अंक १५१क पहिल गजलमे ‘पान सन पातर ई ठोर’ आदि पंक्ति कोन भावधराक संकेत करैत अछि?
  • प्रेम-श्रृंगारक
  • कानूनी विवादक
  • भाषा-सूत्रक
  • फसल-लेखाक
पहिल गजलमे प्रिय, चान्द-चकोर, प्रेमक डोर आदि बिम्ब प्रेम-श्रृंगारक वातावरण बनबैत अछि।
4347. भक्ति गजलमे कवि ककरा ‘भवानी मैया’ कहि सम्बोधित करैत छथि?
  • देवी-माताकेँ
  • राजदरबारकेँ
  • प्रवासी संघकेँ
  • विद्यालयकेँ
भक्ति गजलमे ‘अहीँ छी हमर भवानी मैया’ कहि देवी प्रति भक्ति व्यक्त कएल गेल अछि।
4348. गजल ‘सब खुशी भेटत बस मन होबाक चाही’मे वनक संदर्भ कोन सामाजिक संकेत दैत अछि?
  • स्वास्थ्य आ पर्यावरण लेल वन आवश्यक अछि
  • वन पूर्णतः निरर्थक अछि
  • वन केवल शिकार लेल अछि
  • वन लेखन रोकैत अछि
पंक्तिमे रोग बढ़बाक कारण जंगल उजड़ब आ स्वस्थ रहबाक लेल वनक जरूरत जोड़ल गेल अछि।
4349. अंक १५१क बाल गजल सभमे नेनाक कोन सामान्य संसार देखाइत अछि?
  • माए, भैया, स्कूल, खेल आ रूठब-मनाबब
  • अदालती बहस
  • विदेशी युद्ध
  • कर-प्रणाली
बाल गजलमे खटिया, माए, भैया, दही-चूड़ा, स्कूल दौड़ आदि नेनाक घरेलू-बाल संसार बनबैत अछि।
4350. ‘हम छी बालक कनी ध्यान दिअ मैया’ पंक्ति कोन भाव प्रकट करैत अछि?
  • बालकक भक्ति आ ज्ञान-याचना
  • व्यापारिक माँग
  • नाटक-निर्देशन
  • राजनीतिक भाषण
बालक मैयासँ ध्यान, ज्ञान आ संरक्षण माँगैत अछि; ई भक्ति आ बाल-विनयक स्वर अछि।
4351. गजलमे नेता आ जनताक प्रसंग कोन आलोचनात्मक स्वर बनबैत अछि?
  • जनताक शोषण आ चुनावी राजनीति पर कटाक्ष
  • केवल हास्य-गीत
  • वन-पूजन
  • बाल-खेल
‘जनताकेँ खून चुसने नेता’ सन संकेत सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य रचैत अछि।
4352. भांग-गाँजा आ भट्ठीबाली प्रसंग बला गजल कोन जीवन-वास्तविकता दिस संकेत करैत अछि?
  • नशा आ लोक-व्यवहारक व्यंग्य
  • शुद्ध वैदिक अनुष्ठान
  • विद्यालयी अनुशासन
  • प्रकृति-वर्णन मात्र
ओहि गजलमे भांग, गाजा, भट्ठी आदि बिम्ब लोकजीवनक नशा-संस्कृति पर व्यंग्यात्मक नजरि दैत अछि।
4353. होली-प्रसंगक गजलमे डोली, ननदि-दियर आ रंगोली कोन सांस्कृतिक वातावरण बनबैत अछि?
  • मिथिला-गृहस्थी आ पर्व-संबंध
  • कार्यालयी अनुबंध
  • अदालती फैसला
  • मौसम-रिपोर्ट
होलीक गजल घरेलू सम्बन्ध, पर्व, रंग आ दुलहिन-पक्षक सांस्कृतिक छवि रखैत अछि।
4354. अंक १५१क काव्य-खंडक विशेषता की अछि?
  • प्रेम, भक्ति, बाल-दुनिया, प्रवास आ सामाजिक व्यंग्यक मिश्रण
  • केवल गणित-सूत्र
  • मात्र सरकारी योजना
  • एकरूप युद्ध-कथा
गजल आ बाल गजल सभ मिलि प्रेम, भक्ति, बालपन, प्रवास, समाज आ राजनीति तक विस्तृत संसार देखबैत अछि।
4355. ‘नेपालक नोर मरूभूमिमे’मे मरुभूमि बिम्बक मूल भाव की अछि?
  • प्रवासक सूखलपन बीच नोर, स्मृति आ रचनात्मकता
  • सिर्फ पर्यटन
  • जंगल उत्सव
  • संगीत विद्यालय
शीर्षक आ आमुख दुनू मरुभूमिक कठोरता बीच प्रवासी मनक नोर आ लेखनक जन्मक संकेत करैत अछि।

4356. अंक १५२मे शिव कुमार झा टिल्लूक पहिल आलोचनात्मक लेख कोन कृतिकेँ केन्द्रमे रखैत अछि?
  • दुःखक दुपहरिया
  • तोहर कतेक रंग
  • नेपालक नोर मरूभूमिमे
  • बिसवासघात
सूची आ लेख-आरम्भ दुनू ‘दुःखक दुपहरिया : संसारी संवेदनाक तीख अनुभूति’केँ रखैत अछि।
4357. ‘दुःखक दुपहरिया’क अनुभव-संसार समीक्षकक अनुसार कोन अछि?
  • जीवनक प्रचण्ड रौद, दुःख, संसारी संवेदना आ आस्थाक आशावादी परिणति
  • केवल राजदरबार
  • बाल खेल
  • नक्शा-विज्ञान
समीक्षा जीवनक रौद, दुःख भरल दुपहरिया, माटि-पानि आ अन्ततः विश्वासक आस्था पर बल दैत अछि।
4358. समीक्षा कविक ‘गीत-गजल सन संकलन’ कथनकेँ कोना देखैत अछि?
  • गजलक मानकता पर आलोचनात्मक सावधानीक रूपमे
  • पूर्ण मौन रूपमे
  • नाट्य निर्देशन रूपमे
  • कृषि विवरण रूपमे
समीक्षक संकेत करैत छथि जे कवि ‘गजल सन’ कहि मानक गजल-विवेचनसँ अलग ठाम बनबैत छथि।
4359. ‘दुःखक दुपहरिया’क मूल्यांकनमे बहर, रदीफ, काफिया आदि किएक उठैत अछि?
  • गजलक तकनीकी मानदंड जाँचबाक लेल
  • खेती मापन लेल
  • लोक-नृत्यक चाल लेल
  • विद्यालयी उपस्थिति लेल
समीक्षा मैथिली गजलक मानक स्वरूपक संदर्भमे बहर, रदीफ, काफिया सन पक्ष देखैत अछि।
4360. समीक्षा अनुसार ‘गंधहीन फूलक मधुमास’ कविता कोन भाव खोलैत अछि?
  • वियोग, एकांत आ आत्मीय स्मृतिक पीड़ा
  • केवल हास्य
  • खेलक उल्लास
  • व्यापारिक सौदा
ओहि कविता पर चर्चा प्रियजन-वियोग आ एकांतक भावपूर्ण चित्रणक रूपमे अछि।
4361. अंक १५२मे ‘देवीजी’ लेखक उपशीर्षक कोन अछि?
  • बालमनोविज्ञानक सहज स्पर्शन
  • प्रवासक इतिहास
  • दहेजक आँकड़ा
  • कानूनक किताब
सूचीमे ‘देवीजी : बालमनोविज्ञानक सहज स्पर्शन’ देल अछि।
4362. ‘देवीजी’ शीर्षकपर आलोचनात्मक दृष्टि मुख्यतः कोन संवेदनासँ जुड़ैत अछि?
  • बाल-मन आ सहज अनुभव
  • सैन्य-रणनीति
  • भाषा-नियम
  • दफ्तरक रसीद
उपशीर्षक स्वयं बाल-मनोविज्ञानक सहज स्पर्श पर लेख केन्द्रित करैत अछि।
4363. ‘गुम्म भेल ठाढ़ छी’ पर लेखक उपशीर्षक कोन प्रकारक प्रयोगधर्मिता बतबैत अछि?
  • सहज प्रवृतिक गुणात्मक प्रयोगधर्मिता
  • केवल परम्परागत तिथि-सूची
  • निरर्थक शोर
  • कृषि-उपज विवरण
सूचीमे एहि लेखकेँ सहज प्रवृतिक गुणात्मक प्रयोगधर्मिता कहि चिन्हल गेल अछि।
4364. अंक १५२क शिव कुमार झा टिल्लू-कृत लेख-समूहक मूल विशेषता की अछि?
  • काव्य, बाल-साहित्य, प्रयोग, लोक-बुद्धि आ विधा-विमर्शक आलोचनात्मक विस्तार
  • केवल सूचना-पट
  • एकटा विज्ञापन
  • मात्र फोटो-विवरण
सूचीमे अनेक आलोचनात्मक लेख एकसाथ अछि, जे साहित्यक विभिन्न रूपक परीक्षण करैत अछि।
4365. अंक १५२क आरम्भिक आलोचना-खंड मैथिली आलोचनाक कोन रूप देखबैत अछि?
  • पाठ, विधा, तकनीक आ संवेदना सभकेँ जोड़ि पढ़बाक प्रवृत्ति
  • सिर्फ नाम-गणना
  • खेल-कूद समाचार
  • अदालती सूची
दुःखक दुपहरिया आ आन लेख पाठक भाव, विधा-व्याकरण, प्रयोग आ संवेदनाकेँ जोड़ि देखैत अछि।

4366. अंक १५२मे ‘पेटक मारि’ कोन विधासँ जोड़ल गेल अछि?
  • बाल विहनि कथा
  • महाकाव्य
  • उपन्यास
  • नाट्य-समीक्षा
सूचीमे ‘पेटक मारि’क संग कोष्ठकमे बाल विहनि कथा लिखल अछि।
4367. ‘गोनू झा’ विषयक लेखकेँ सूचीमे कोन सांस्कृतिक अर्थ देल गेल अछि?
  • मैथिल संस्कृतिक द्विरागमन
  • केवल राजनीतिक पर्चा
  • खेल प्रतियोगिता
  • प्रवास-पत्र
शीर्षकमे गोनू झाकेँ मैथिल संस्कृतिक द्विरागमनसँ जोड़ल गेल अछि।
4368. ‘मैथिली बाल साहित्य उद्भव ओ विकास’ शीर्षक कोन विमर्शक संकेत दैत अछि?
  • बाल साहित्यक इतिहास आ विकास
  • केवल पारिवारिक भोज
  • सैन्य अनुशासन
  • व्यापारिक लेखा
शीर्षक बाल-साहित्यक उद्भव, विकास आ आलोचनात्मक मूल्यांकन पर केन्द्रित अछि।
4369. बाल-साहित्य विषयक चर्चामे किनका-किनका प्रयोगवादी कृतिक उल्लेख भेटैत अछि?
  • प्रीति ठाकुर, सियाराम झा सरस आ ज्योति झा चौधरी
  • केवल एक अज्ञात लेखक
  • तीन सेनापति
  • मात्र किसान
समीक्षा-खंडमे बाल साहित्य विधामे एहि तीन रचनाकारक नव प्रयोगक चर्चा अछि।
4370. अंक १५२मे ‘हाइकू / शेनर्यू’ कोन रूपमे अबैत अछि?
  • लघु जापानी काव्य-रूपक मैथिली प्रयोगक संकेत
  • लम्बा उपन्यास
  • अदालती आदेश
  • नक्शा-विवरण
शीर्षक मैथिलीमे हाइकू आ शेनर्यू सन लघु काव्यरूपक प्रयोग दिस संकेत करैत अछि।
4371. ‘टनका’ शीर्षकसँ अंक १५२मे कोन सामग्री देल अछि?
  • ११ टा कविता
  • ११ टा मुकदमा
  • ११ टा नाटक
  • ११ टा दफ्तर-पत्र
सूचीमे ‘टनका’क बाद ११ टा कविता लिखल अछि।
4372. पम्मी प्रिया झाक रचना कोन शीर्षकसँ सूचीबद्ध अछि?
  • रौ ललटुनमा
  • वारंट
  • पाखलो
  • उलहन
अंक १५२क सूचीमे पम्मी प्रिया झाक ‘रौ ललटुनमा’ देल अछि।
4373. पल्लवी मण्डलक प्रविष्टि कोन शीर्षकसँ अछि?
  • अनुभव
  • क्षणप्रभा
  • मचण्ड
  • बड़की बहीन
सूचीमे पल्लवी मण्डलक रचना ‘अनुभव’ रूपमे देल अछि।
4374. अंक १५२क सामग्री-संयोजन कोन व्यापकता देखबैत अछि?
  • समालोचना, बाल-साहित्य, लोक-बुद्धि, लघु कविता आ रचनात्मक अनुभव
  • केवल व्यापार
  • मात्र खेल
  • सिर्फ सरकारी सूचना
एकहि अंकमे आलोचना, बाल-विहनि कथा, बाल-साहित्य, हाइकू/शेनर्यू, टनका आ नव रचना सभ अछि।
4375. अंक १५२ मैथिली साहित्यक कोन प्रवृत्ति सामने आनैत अछि?
  • विधागत प्रयोग आ आलोचनात्मक बहसक
  • पूर्ण मौनक
  • मात्र चित्रकला बिक्रीक
  • यात्रा-रूटक
हाइकू, शेनर्यू, बाल साहित्य आ गजल-मानक चर्चा एकर प्रयोगधर्मी आलोचनात्मक रूप देखबैत अछि।

4376. अंक १५३क मुख्य कृति कोन अछि?
  • बैशाखमे दलानपर
  • सूखल मन तरसल आँखि
  • पाखलो
  • मचण्ड
अंक १५३मे सन्दीप कुमार साफीक ‘बैशाखमे दलानपर’ मुख्य रूपेँ प्रस्तुत अछि।
4377. ‘बैशाखमे दलानपर’ ककर रचना अछि?
  • सन्दीप कुमार साफी
  • मुन्नी कामत
  • विन्देश्वर ठाकुर
  • शिव कुमार झा टिल्लू
सूचीमे ‘बैशाखमे दलानपर’क रचनाकार सन्दीप कुमार साफी देल छथि।
4378. कृति कोन दू अभिभावककेँ समर्पित अछि?
  • पिता सीताराम साफी आ माता सीता देवी
  • केवल विद्यालयक प्रधानकेँ
  • राजदरबारकेँ
  • दू अज्ञात पात्रकेँ
समर्पण पंक्तिमे पिता श्री सीताराम साफी आ माता श्रीमती सीता देवीक नाम अछि।
4379. अनुक्रममे कोन खण्ड सभ देल अछि?
  • आत्मकथा, कविता, विहनि कथा, लघुकथा आ विचार बिन्दु
  • केवल व्याकरण
  • मात्र यात्रा-वृत्तांत
  • नाटकक तीन अंक
अनुक्रममे आत्मकथा खण्ड, कविता खण्ड, विहनि कथा खण्ड, लघुकथा खण्ड आ विचार बिन्दु खण्ड अछि।
4380. सम्पादकीय टिप्पणी कृति केँ मैथिलीमे कोन अभावक पूर्ति मानैत अछि?
  • दलित आत्मकथाक अभाव
  • भोज-सूचीक अभाव
  • नक्शा-किताबक अभाव
  • सैन्य-दस्तावेजक अभाव
टिप्पणीमे मैथिलीमे दलित आत्मकथाक सर्वथा अभावक बात कहि ई कृति ओहि अभावक पूर्ति मानल गेल अछि।
4381. आत्मकथा जीवनकेँ कोन रूपमे परिभाषित करैत आरम्भ होइत अछि?
  • संघर्षमय जीवन
  • केवल उत्सव
  • निद्रा
  • दफ्तर
आत्मकथाक आरम्भमे जीवनकेँ संघर्ष आ संघर्षमय बताओल गेल अछि।
4382. लेखक गाममे कोन नामसँ चिन्हल जाइत छथि?
  • किरण
  • ललटुनमा
  • गोविन्द
  • फेकना
आत्मकथा कहैत अछि जे स्कूलमे सन्दीप आ गाममे सभ किरण नामसँ पहचानैत अछि।
4383. लेखक अपन जातिगत-सामाजिक पृष्ठभूमि कोना रखैत छथि?
  • धोबी/दलित गरीब परिवारक रूपमे
  • राजघरानाक रूपमे
  • विदेशी अधिकारीक रूपमे
  • नाटक-मंडलीक रूपमे
लेखक स्पष्ट करैत छथि जे ओ धोबी जातिक, दलित आ निर्धन परिवारसँ छथि।
4384. लेखकक बचपनमे परिवारक गुजारा कोन श्रमसँ जुड़ल अछि?
  • कपड़ा धोब आ पहुँचेनाइ
  • सोना व्यापार
  • हवाई सेवा
  • मुद्रा छापब
माँ-बाबू लोकक कपड़ा धोइत छलथि आ लेखक स्वयं सेहो कपड़ा पहुँचेनाइक काज करैत छलाह।
4385. अंक १५३क आत्मकथा-खंडक साहित्यिक महत्व की अछि?
  • जाति, गरीबी, श्रम आ शिक्षा-संघर्षकेँ प्रत्यक्ष स्वर देनाइ
  • केवल तिथि गिननाइ
  • मात्र छन्द अभ्यास
  • दुकान सूची
आत्मकथा दलित जीवन, गरीबी, श्रम, पढ़ाइ आ सामाजिक संघर्षकेँ लेखकक अपने स्वरमे सामने आनैत अछि।

4386. आत्मकथामे लेखकक माए बकरी किएक किनैत छथि?
  • थोड़ा आमदनी आ गुजर-बसरक आशासँ
  • मेला सजाबए लेल
  • पुरस्कार लेल
  • गीत गाबए लेल
माए बकरीसँ किछु रुपैया आमदनी होएत सोचि किनैत छथि।
4387. बकरी बेचि परिवार कोन पशु लेलक?
  • बाछी
  • घोड़ा
  • ऊँट
  • हाथी
आत्मकथामे बकरी बेचि बाछी लेबाक उल्लेख अछि, जाहिसँ दूधक आमदनीक आशा छल।
4388. गामक दोसर नेना स्कूल जाइत छल, मुदा लेखक ककर काजमे लागैत छलाह?
  • लोकक कपड़ा पहुँचाबय
  • रेल चलाबय
  • मंच सजाबय
  • नदी नापय
लेखक कहैत छथि जे गामक बालक स्कूल जाइत छल, मुदा ओ लोकक घर कपड़ा पहुँचाबय जाइत छलाह।
4389. लेखकक पएर झड़कि गेलाक बाद घाव कतेक समय धरि सतौलक?
  • तीन महिना
  • दू दिन
  • एक पहर
  • दस बरख
आत्मकथामे घाव तीन महिना धरि घिघरी कटबैत रहल बताओल अछि।
4390. माए पढ़ाइ छोड़ि लेखककेँ कतए पठेबाक बात कहैत छथि?
  • बंगलोर
  • काठमांडू
  • पणजी
  • कोलकाता
परिवारिक दबावमे माए ममियौत भाए संगे बंगलोर जाएबाक बात कहैत छथि।
4391. लेखक बी.ए.मे कोन विषयक दिस मुड़ैत छथि?
  • मैथिली
  • सैन्य विज्ञान
  • चित्रकला
  • व्यापार लेखा
लेखक आर्ट पढ़ैत मैथिलीक नाम सुनि आनंदित होइत छथि आ मैथिली पढ़बाक संघर्ष करैत छथि।
4392. लेखक बी.ए. फर्स्ट क्लाससँ कोन विश्वविद्यालयसँ पास केलनि?
  • ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
  • दिल्ली विश्वविद्यालय
  • नालन्दा ओपन
  • काठमांडू विश्वविद्यालय
आत्मकथामे कामेश्वर नगर दरभंगाक ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालयसँ बी.ए. पास करबाक उल्लेख अछि।
4393. लेखक संगीत प्रति अपन लगाव कोना बतबैत छथि?
  • मैथिली, नेपाली आ हिन्दी गीत गाबि सकबाक रूपमे
  • संगीतसँ दूरी रूपमे
  • केवल वाद्य-निर्माण रूपमे
  • नाच-प्रतियोगिता रूपमे
आत्मकथामे लेखक कहैत छथि जे गीत गेनाइ हुनका नीक लगैत अछि आ विभिन्न भाषाक गीत गाबि सकैत छथि।
4394. कविता ‘रौदी भऽ गेल’मे कोन ग्रामीण संकट चित्रित अछि?
  • धान-खेत, पोखरि, पशु-पानी आ सूखा
  • शहरक ट्रैफिक
  • दफ्तरक प्रमोशन
  • विदेशी जहाज
कवितामे खेतमे दरारि, पोखरि सुखब, मालजाल तरसब आ वर्षा न होएबाक संकट अछि।
4395. कविता ‘जूड़शीतल’मे कोन मिथिलाक पाबनि-संसार उभरैत अछि?
  • माथपर ठंढा पानि, गुड़ चढ़ेनाइ, सतुआ-बड़ी आ मुनिगा
  • अदालती बहस
  • कारखाना मजदूरी
  • रेल टिकट
जूड़शीतल कवितामे मिथिलाक पाबनिक जल, भोजन, पूजा आ लोक-व्यवहारक छवि अछि।

4396. अंक १५४क मुख्य काव्य-संग्रह कोन अछि?
  • सूखल मन तरसल आँखि
  • बैशाखमे दलानपर
  • तोहर कतेक रंग
  • नेपालक नोर मरूभूमिमे
अंक १५४मे मुन्नी कामतक काव्य-संग्रह ‘सूखल मन तरसल आँखि’ प्रस्तुत अछि।
4397. ‘सूखल मन तरसल आँखि’क रचनाकार के छथि?
  • मुन्नी कामत
  • सन्दीप कुमार साफी
  • विन्देश्वर ठाकुर
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
सूचीमे काव्य-संग्रहक नामक संग मुन्नी कामतक नाम अछि।
4398. ‘अप्पन बात’क आरम्भिक पंक्तिमे बदली विचारसँ कोन परिणामक कल्पना अछि?
  • सगरे खुशी ओंघरा जाएत
  • सभ किछु नष्ट भऽ जाएत
  • केवल युद्ध होएत
  • लेखन बन्द होएत
आरम्भिक पंक्ति कहैत अछि—ज्यों बदली अपन विचार, खुशी फैलि सकैत अछि।
4399. कवयित्री अपन पहिल कोशिशक उद्देश्य की बतबैत छथि?
  • चारू दिस घटित घटनाकेँ काव्य रूपमे पाठक लग राखब
  • केवल पुरस्कार भेटब
  • दफ्तरक पत्र लिखब
  • यात्रा टिकट बनब
अप्पन बातमे कवयित्री कहैत छथि जे समाजक घटना सभकेँ काव्य रूप दऽ पाठकक हाथमे रखल गेल।
4400. संग्रहमे सभसँ अधिक जोर कोन विषयपर अछि?
  • नारीक दशा आ दिशा
  • केवल खेल
  • राजस्व-वसूली
  • मौसम नाप
अप्पन बात स्पष्ट कहैत अछि जे कवयित्री नारीक दशा आ दिशापर विशेष जोर देलथि।
4401. कवयित्रीक अनुसार नारीक स्थिति कमजोर रहबाक कारण मात्र की नहि अछि?
  • ज्ञानक अभाव मात्र
  • नदीक दूरी
  • बाजारक समय
  • रेल टिकट
ओ कहैत छथि जे ज्ञानक अभाव मात्र कारण नहि; ज्ञानक परिपक्वता जीवनमे न उतारबो समस्या अछि।
4402. कवयित्री दहेज, भ्रूण हत्या, दुष्कर्म आ घरेलू हिंसाकेँ कोन रोग-जकाँ बढ़ैत मानैत छथि?
  • छूआ-छूतक बीमारी जकाँ
  • सर्दी-जुकाम जकाँ
  • नदीक बाढ़ जकाँ मात्र
  • कृषि-रोग जकाँ
अप्पन बातमे एहि सामाजिक विकृति सभकेँ छूआ-छूतक बीमारी जकाँ बढ़ैत बताओल गेल अछि।
4403. समाजक अन्हकार दूर करबाक लेल कवयित्री कोन रूपक रखैत छथि?
  • घर-घर एक दियारी जराएब
  • घर-घर दरवाजा बन्द करब
  • केवल मौन राखब
  • नदी सुखाएब
ओ कहैत छथि जे घर-घर एक दियारी जराबी तँ समाज अंधकारमुक्त भऽ जाएत।
4404. कवयित्री अपन रचना-थालमे कोन-कोन रस/स्वर परसबाक बात करैत छथि?
  • यथार्थ, हास्य, रौद्र, करुण आ वात्सल्य
  • केवल एकरस शुष्क सूचना
  • सैन्य आदेश
  • बाजार दर
अप्पन बातमे विविध स्वाद—यथार्थ, हास्य, रौद्र, करुण, वात्सल्य—सँ सुसज्जित थालक रूपक अछि।
4405. ‘सूखल मन तरसल आँखि’क आत्मकथ्यक मूल आग्रह की अछि?
  • समाजक सड़ल-गलल मानसिकताकेँ कविता द्वारा सामने आनब
  • व्यापार विज्ञापन
  • सिर्फ पर्वसूची
  • तकनीकी निर्देश
कवयित्री समाजक सड़ल-गलल मानसिकताकेँ पाठकक सामने ठाढ़ करबाक प्रयास कहैत छथि।

4406. ‘अप्पन बात’मे कवयित्रीक साहित्यिक रुचि बदलबाक यात्रा कोन विषयसभसँ गुजरैत अछि?
  • गणितसँ विज्ञान, फेर हिन्दी आ कविता-दिस
  • सैन्यसँ व्यापार
  • केवल खेती
  • मात्र खेल
कवयित्री कहैत छथि जे पहिने गणित, पछाति विज्ञान, फेर हिन्दी ऑनर्स आ कविता-दिस रुचि बढ़ल।
4407. कवयित्रीक लेखन-प्रेरणामे प्रोफेसर शिव कुमारक भूमिका कोना अबैत अछि?
  • कविताक महिन फुहार जकाँ प्रथम कक्षा प्रभावकारी भेल
  • ओ लेखन रोकि देलनि
  • ओ केवल खेल सिखौलनि
  • ओ दफ्तर खोललनि
अप्पन बातमे हुनकर प्रथम कक्षा कवयित्रीपर गहिर प्रभाव छोड़ैत अछि आ तुकबंदी निखरैत अछि।
4408. कवयित्री अपन लेखनक श्रेय मुख्यतः ककरा दैत छथि?
  • चाचा-चाचीकेँ
  • दूरक शासककेँ
  • रेल-कर्मचारीकेँ
  • व्यापारीकेँ
ओ लिखैत छथि जे यदि किछु लिखलनि तँ सभटा श्रेय चाचा-चाचीकेँ अछि, जे प्रेरित करैत रहलाह/रहली।
4409. संग्रहक कविता-क्रममे ‘समरपित होइत बेटी’, ‘दहेजक बिहाड़ि’, ‘नारी’ सन शीर्षक कोन केन्द्रीय चिन्ता देखबैत अछि?
  • स्त्री-अनुभव आ सामाजिक अन्याय
  • मौसम-रिपोर्ट
  • खेल-सूची
  • दफ्तर-नियम
कविता-क्रममे बेटी, दहेज, नारी, घरेलू हिंसा आ समाजक विकृति बारम्बार लौटैत अछि।
4410. ‘केतए जा रहल छी हम’मे धरतीक ताप, गलन, धँसन आ उठान कोन प्रतीक बनैत अछि?
  • मनुष्यक भूख, प्रकृति-विनाश आ स्त्री-पीड़ा
  • केवल भूगोल-नक्शा
  • मेला-दृश्य
  • अभिनय-निर्देश
कविता धरतीक अवस्थामे जंगल कटब, समाजक कुरीति आ बेटीपर अत्याचारक बिम्ब जोड़ैत अछि।
4411. ‘केतए जा रहल छी हम’मे बेटीपर अत्याचारक प्रसंग धरतीक कोन अवस्था सँ जोड़ल अछि?
  • बेबस भऽ धँसब
  • हँसि उठब
  • उड़ि जाएब
  • नाचब
कविता कहैत अछि जे अपन बेटीपर अत्याचार देखि धरती बेबस भऽ धँसि रहल अछि।
4412. कविता-क्रममे ‘बाल-श्रम’, ‘मजबूर किसान’, ‘भ्रष्टाचारक प्रसाद’ सन शीर्षक कोन विस्तार देैत अछि?
  • सामाजिक-आर्थिक अन्यायपर काव्य-दृष्टि
  • केवल प्रेमगीत
  • मात्र ऋतु-वर्णन
  • नृत्य-ताल
शीर्षकसभ स्त्री-विषयक चिन्ता संगे श्रम, किसान, भ्रष्टाचार आ समाजक व्यापक संकट जोड़ैत अछि।
4413. ‘नव जीवनक निर्माण’ खंडमे कवि मनुष्यकेँ की करबाक आह्वान करैत अछि?
  • आत्मबल मजगूत कऽ नव गुण-संस्कार आ जीवन निर्माण
  • सब छोड़ि भागब
  • ज्ञान छोड़ब
  • कागज फाड़ब
ओ ब्रह्माक संतान रूपमे आत्मविश्वास, आत्मबल आ नव निर्माणक प्रेरणा दैत छथि।
4414. ‘घर-घर बढल अत्याचार’मे खतरा बाहरी सीमा सँ बेसी कतए देखाओल गेल अछि?
  • घर-घर भीतर
  • दूर समुद्रमे
  • केवल जंगलमे
  • विद्यालयक मैदानमे
कविता कहैत अछि जे बाहरबलासँ नहि, आब घरबलासँ खतरा अछि; ई घरेलू-सामाजिक हिंसा पर चोट अछि।
4415. अंक १५४क काव्य-संसारक मुख्य समेकित स्वर कोन अछि?
  • नारी, बेटी, समाज-सुधार, प्रकृति, किसान आ मिथिला-प्रेमक जागरूक कविता
  • केवल छन्द-प्रदर्शन
  • सिर्फ विज्ञापन
  • मात्र हास्य
शीर्षक-क्रम आ आरम्भिक कविताएँ सामाजिक चेतना, स्त्री-विमर्श, धरती, किसान आ मिथिला पर केन्द्रित अछि।

4416. अंक १५५क मुख्य विहनि कथा-संग्रह कोन अछि?
  • तोहर कतेक रंग
  • सूखल मन तरसल आँखि
  • बैशाखमे दलानपर
  • नेपालक नोर मरूभूमिमे
अंक १५५मे जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘तोहर कतेक रंग’ विहनि कथा-संग्रह देल अछि।
4417. ‘तोहर कतेक रंग’क रचनाकार के छथि?
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
  • मुन्नी कामत
  • सन्दीप कुमार साफी
  • विन्देश्वर ठाकुर
सूचीमे संग्रहक लेखक जगदानन्द झा ‘मनु’ देल छथि।
4418. संग्रहक समर्पणमे मायक कोन रूप प्रमुख अछि?
  • त्याग आ प्रेरणाक स्रोत
  • राजनीतिक अधिकारी
  • अदालत
  • व्यापार-घर
समर्पणमे पूज्यनीय माएक त्याग आ प्रेरणाकेँ लेखकक वर्तमान अस्तित्वक आधार मानल गेल अछि।
4419. सूचीमे ‘बेगरता’ कथाक आरम्भिक संकट कोन अछि?
  • मायक उपचार लेल तुरन्त रुपैयाक जरूरत
  • विदेशी यात्रा
  • विद्यालयी परीक्षा
  • नाटक मंच
कथामे माए अस्पतालमे भर्ती करबाक हेतु दस हजार रुपैयाक बेगरता उठैत अछि।
4420. ‘बेगरता’मे जामुनक गाछ कोन अर्थ लेैत अछि?
  • संकटमे बिकए योग्य पारिवारिक संपत्ति
  • केवल सजावट
  • विद्यालयक खेल
  • देवीक प्रतिमा
कथा मायक उपचारक बेगरतामे भीड़-पारक जामुन गाछ बेचबाक विचार खोलैत अछि।
4421. ‘उपकार’ कथामे कथावाचक ककरा बच्चा सहित कानैत देखैत अछि?
  • पड़ोसी मनोजक भनसिया/गामक भौजी
  • शहरक अधिकारी
  • नाटकक पात्र
  • गाड़ी चालक
कथामे जयनगरसँ आबैत कथावाचक छह महिनाक बच्चा गोदीमे लेने गामक भौजीकेँ कानैत देखैत अछि।
4422. ‘उपकार’क कथ्य कोन नैतिक द्वंद्व उठबैत अछि?
  • उपकारक ऋण आ मानवीय जिम्मेदारी
  • केवल खरीद-बिक्री
  • भाषा-संपादन
  • सैन्य अभ्यास
कथा संकटग्रस्त स्त्री, बच्चा आ कथावाचकक बीच उपकार आ जिम्मेदारीक कठिन प्रश्न उठबैत अछि।
4423. ‘आठ लाखक कार’मे दीनानाथजीक धोती-कुर्ता पर की पड़ैत अछि?
  • कादो-पानिक छींटा
  • फूल
  • रंग-अबीर
  • स्याही
बरखाक सड़क पर तेज कार दीनानाथजीक उज्जर धोती-कुर्ता पर कादो-पानी उछालि आगू निकलैत अछि।
4424. ‘आठ लाखक कार’मे कार आ साइकिलक तुलना कोन सामाजिक व्यंग्य बनबैत अछि?
  • धन-सामर्थ्यक विषमता
  • समान सुख
  • मेला-आनंद
  • बाल-खेल
आठ लाखक कार आ आठ सैकड़ाक साइकिलक तुलना समाजक असमानता आ स्वीकारोक्तिक व्यंग्य बनबैत अछि।
4425. ‘अनाथ’ कथामे सोमनाथजीक मृत्यु प्रसंगक मुख्य मोड़ की अछि?
  • भरल परिवार रहितो पुत्रक ‘अनाथ’ अनुभव
  • नदी-यात्रा
  • विद्यालय प्रवेश
  • कला-प्रदर्शनी
कथामे भरल-पुरल संसारक बीच पिता-मृत्यु बाद बड़का पुत्र अपना अनाथ बुझैत अछि।

4426. ‘अन्तिम जगह’मे फेकनाक सामाजिक पहचान कोन अछि?
  • खेतिहर मजदूर, उर्मिल बाबूक सेवक
  • राजा
  • विद्यालय निरीक्षक
  • विदेशी व्यापारी
कथा फेकनाकेँ खेतिहर मजदूर रूपमे देखबैत अछि जे जीवन भरि उर्मिल बाबूक जमीन आ परिवारसँ जुड़ल रहल।
4427. ‘अन्तिम जगह’मे मृत्यु पछाति फेकनाक परिवार ककर तैयारीमे लागैत अछि?
  • अन्तिम क्रिया
  • विवाह-बारात
  • मेला-दुकान
  • विद्यालय परीक्षा
कथामे फेकनाक समांग सभ ओकर अन्तिम क्रियाक तैयारीमे लगैत अछि।
4428. ‘जबाड़ भोज’क आरम्भमे कोन अवसर अछि?
  • डीलर साबक बाबूक एकादशा भोज
  • विद्यालय खेल
  • गजल गोष्ठी
  • कृषि मेला
कथा एकादशा भोजसँ शुरू होइत अछि, जाहि लेल सम्पूर्ण जेबाड़केँ नोतल गेल अछि।
4429. ‘जबाड़ भोज’मे विशाल सामियाना आ बैठक-व्यवस्था कोन सामाजिक मनोवृत्ति देखबैत अछि?
  • भोजक प्रतिष्ठा आ प्रदर्शन
  • गरीबी छिपाबय नहि
  • अदालतक नियम
  • नदी-पार यात्रा
डीलर साबक दलान, सामियाना आ पाँच सए लोकक व्यवस्था भोजक सामाजिक प्रतिष्ठा-प्रदर्शन देखबैत अछि।
4430. ‘कुण्ठित मानवता’मे मुरारीजी देर राति धरि नहि अबैत छथि; घरमे ककर चिन्ता प्रमुख अछि?
  • हुनक पत्नी आ नेना सभक
  • दूरक व्यापारीक
  • विद्यालयक
  • दूल्हाक
कथामे पत्नी आठ बरखक बेटा आ पाँच बरखक बेटी केँ सम्हारैत पति लेल चिन्तित छथि।
4431. ‘कुण्ठित मानवता’क अन्तिम संकेतमे मृत्यु ककर कारणसँ जुड़ैत अछि?
  • एपेंडिसाइटिसक दर्द आ समयपर उपचार न भेटब
  • नदीमे डूबब
  • युद्ध
  • नाटकक अभिनय
कथा कहैत अछि जे असल कारण बुझबाक प्रयास नहि भेल; समयपर उपचार न भेलाक कारण मृत्यु भेल।
4432. ‘लहाशसँ भरल ट्रेन’मे रेलक डिब्बा कतेक भीड़ल बताओल गेल अछि?
  • आरक्षित डिब्बा सेहो जेनरलोसँ खराब हालतमे
  • पूरा खाली
  • केवल दू यात्री
  • मालगाड़ी मात्र
कथामे सेकेंड क्लास स्लीपर आरक्षित डिब्बा ठसाठस भरल आ जेनरलोसँ खराब बताओल गेल अछि।
4433. ‘लहाशसँ भरल ट्रेन’मे दिल्लीसँ आबि रहल परिवारक संरचना की अछि?
  • पुरुष, पत्नी आ तीन बच्चा
  • केवल एक साधु
  • दू गायक
  • चारि अधिकारी
कथामे तीन व्यक्तिक सीटपर एक पुरुष, ओकर स्त्री आ तीन बच्चा बैसल छथि।
4434. ‘की भगवती हमर घर एती?’मे मोहंती बाबा भगवती घर किएक नहि जाइत छथि?
  • ओ चाहैत छथि जे मन-स्वभाव एहन हो जे भगवती हुनकर घर आबथि
  • ओ रास्ता भूलि जाइ छथि
  • ओ शहरमे छथि
  • ओ मंदिरक विरोधी अधिकारी छथि
बाबा कहैत छथि जे भगवती घर सभ जाइत अछि, मुदा ओ मन-स्वभाव एहन बनेबाक चेष्टा करैत छथि जे भगवती घर आबथि।
4435. अंक १५५क विहनि कथा-संसारक समेकित स्वर की अछि?
  • बेगरता, उपकार, मृत्यु, भोज, व्यवस्था, रेल-भीड़, दहेज, भूख आ नैतिक प्रश्नक छोटे-छोटे तीक्ष्ण चित्र
  • केवल एक लम्बा उपन्यास
  • मात्र गीत-सूची
  • दफ्तरक परिपत्र
‘तोहर कतेक रंग’क विस्तृत सूची आ आरम्भिक कथाएँ अनेक सामाजिक रंग—दु:ख, व्यंग्य, भूख, दहेज, व्यवस्था, आस्था—देखबैत अछि।

4436. अंक १५६क ‘कैंसर’मे रोगी अपन ‘कैंसर’केँ कोन सामाजिक अर्थमे बुझबैत अछि?
  • गरीबी, महँगाइ, लाचारी आ बेरोजगारीक लाइलाज रूप
  • साधारण जाड़-बोखार
  • खेलक चोट
  • विद्यालयी परीक्षा
रोगी डॉक्टरकेँ कहैत अछि जे वास्तविक बीमारी सामाजिक-आर्थिक अभावक भयंकर रूप अछि।
4437. ‘कैंसर’मे सरकारक गोदाम आ गरीबक भूखक प्रसंग कोन विरोधाभास खोलैत अछि?
  • अन्नक उपलब्धता रहितो गरीबक भूख
  • सबकेँ बराबर भोजन भेटब
  • खेतीक समृद्धि मात्र
  • उत्सवक भोज
रोगी कहैत अछि जे अन्न सड़ैत अछि, मुदा गरीब एक मुट्ठी अन्न लेल तरसैत अछि।
4438. ‘हमर संस्कार’मे बगड़ा चिड़ै ककरा भरोसासँ घरमे बसैत अछि?
  • मिथिलाक अहिंसक-दुलारू संस्कारपर
  • शिकारक डरपर
  • बाजारक लालचपर
  • मौसमक आदेशपर
बाबा बिट्टूकेँ बुझबैत छथि जे बगड़ा घरक दुलार आ अहिंसा बुझि अपन घर बना लैत अछि।
4439. ‘हमर संस्कार’मे बिट्टूक प्रश्न मूलतः कोन जिज्ञासासँ जुड़ल अछि?
  • चिड़ै मनुष्यसँ किएक नहि डरैत अछि
  • धानक दाम कतेक अछि
  • पोथी कतए राखल अछि
  • कविता कतेक पंक्ति अछि
बिट्टू सोचैत अछि जे बगड़ा घरमे किएक फुदकैत अछि आ ओकरा मनुष्यसँ डर किएक नहि।
4440. ‘करैलाक मीठ गुण’मे प्रियंसीक आरम्भिक व्यवहार सासुरक प्रति कोना देखाओल गेल अछि?
  • तेज, प्रतिरोधी आ परिवारसँ असहज
  • पूर्ण मौन
  • केवल आज्ञाकारी
  • गाम छोड़ि देबय बला
सासुर पहुँचतहि प्रियंसी अलग रहबाक शर्त राखैत अछि आ घरक लोककेँ नाकोदम करैत अछि।
4441. ‘करैलाक मीठ गुण’क अन्तिम समझ कोन अछि?
  • बेटीकेँ पुतोहू रूपमे जिम्मेदारी आ संबंधक ज्ञान सेहो चाही
  • सासुर सदिखन त्यागब चाही
  • शिक्षा निरर्थक अछि
  • परिवारमे कोनो भूमिका नहि
कथा कहैत अछि जे समय आ परिस्थिति मनुष्यक निर्माण करैत अछि आ पुतोहूकेँ परिवारक जिम्मेदारी बुझबाक चाही।
4442. ‘करैलाक मीठ गुण’मे सासुक भूमिका कुम्हारसँ किएक तुलना कएल गेल अछि?
  • ओ तीत-मीठ व्यवहारसँ व्यक्तित्व गढ़ैत अछि
  • ओ माटि बेचैत अछि
  • ओ गीत गबैत अछि
  • ओ खेती करैत अछि
कुम्हार जकाँ सासु जीवनक कठोर-मृदु अनुभवसँ पुतोहूक व्यक्तित्व ढालैत अछि।
4443. ‘कतऽ जा रहल छी हम!’मे धरतीक तपब, गलल आ धँसब कोन संकटक प्रतीक अछि?
  • पर्यावरण, कुरीति आ स्त्री-अत्याचारक
  • केवल ऋतु परिवर्तनक
  • खेल प्रतियोगिताक
  • पुस्तक प्रकाशनक
कविता धरतीक अवस्थाकेँ मनुष्यक भूख, सामाजिक कुरीति आ नारी-दशासँ जोड़ैत अछि।
4444. ‘कतऽ जा रहल छी हम!’मे कागजपर कलम दौड़ेनाइ मात्र किएक अपर्याप्त कहल गेल अछि?
  • किएक तँ संस्कार आ सोच बदलल बिना समाज स्वच्छ नहि बनत
  • किएक तँ लिखब बंद करबाक अछि
  • किएक तँ केवल चित्र चाही
  • किएक तँ परीक्षा समाप्त भेल
कविता बाहरी शिक्षा सँ बेसी आत्मा आ जमीरक शुद्धताकेँ आवश्यक मानैत अछि।
4445. अंक १५६क आरम्भिक विहनि कथा-समूहक समेकित स्वर की अछि?
  • सामाजिक रोग, संस्कार, स्त्री-दशा आ परिवार-संबंधक तीक्ष्ण प्रश्न
  • मात्र हास्य-चुटकुला
  • केवल व्यापारिक सूचना
  • सैन्य इतिहास
‘कैंसर’, ‘हमर संस्कार’, ‘करैलाक मीठ गुण’ आ ‘कतऽ जा रहल छी हम’ मिलि सामाजिक आत्मपरीक्षण करैत अछि।

4446. ‘शिक्षित बेटी’मे दुलारी अपन अंकपत्रकेँ की मानैत अछि?
  • साल भरिक मेहनतक फल
  • फाड़बाक कागज
  • खेलक टिकट
  • बाजारक बिल
दुलारी मायक हाथसँ अंकपत्र बचबैत कहैत अछि जे ई ओकर मेहनतक प्रतीक अछि।
4447. ‘शिक्षित बेटी’मे फूलदाय आरम्भमे बेटी-शिक्षाकेँ कोना देखैत अछि?
  • घरक कामसँ भटकब आ विवाहमे बाधा
  • घरक गौरव
  • खेतीक साधन
  • नाटकक वेशभूषा
फूलदाय पढ़ाइकेँ बेकार बुझैत अछि आ बेटीकेँ चूल्हा-घर दिस धकेलब चाहैत अछि।
4448. दुलारीक शिक्षक घरपर किएक अबैत छथि?
  • दुलारीक सफलता आ पुरस्कारक सूचना देबाक लेल
  • झगड़ा करबाक लेल
  • फसल बेचबाक लेल
  • नाटक रोकबाक लेल
शिक्षक खट्ठरकेँ बतबैत छथि जे दुलारी गाम आ जिलाक नाम रौशन कएने अछि।
4449. ‘शिक्षित बेटी’मे दुलारी आगू चलि कोन अभियान शुरू करबाक इच्छा व्यक्त करैत अछि?
  • प्रौढ़-शिक्षा अभियान
  • दुकानदारी अभियान
  • शिकार अभियान
  • नदी-बाँध अभियान
दुलारी कहैत अछि जे जड़ि स्वच्छ नहि हेतै तँ नीक डारि नहि पनपत, ताहि लेल प्रौढ़-शिक्षा चाही।
4450. ‘शिक्षित बेटी’क गीत-पंक्तिमे बेटा-बेटीक भेद मिटब कोन मूल्यक संकेत अछि?
  • समान शिक्षा आ समान हक
  • वंश-गर्व मात्र
  • धन-संचय
  • अंधविश्वास
अन्तिम स्वर अक्षर-अक्षर दीप जलबाक आ बेटा-बेटीक समान आगू बढ़बाक बात करैत अछि।
4451. ‘अंधविश्वास’मे शंकरक बीमारीक आरम्भिक उपचार कोन रूपमे देखाओल गेल अछि?
  • गंगाजल, भभूत आ देवी-गुहार
  • तुरन्त अस्पताल
  • विद्यालय
  • कानूनी सलाह
रामा आ गंगा बेटाक बोखारकेँ देवी-प्रकोप मानि पूजा-गुहारमे उलझैत छथि।
4452. ‘अंधविश्वास’मे ‘जानक बदले जान’क माँग ककर आलोचना बनैत अछि?
  • बलि-प्रथा आ अंधविश्वास
  • शिक्षा
  • कला
  • खेती
कथा बीमार बालकक उपचार छोड़ि बलि देबाक सोचकेँ अंधविश्वास रूपमे उद्घाटित करैत अछि।
4453. ‘अंधविश्वास’मे रघुनाथ शंकरक रोगकेँ कोन रूपमे पहचानैत अछि?
  • दिमागी बोखार
  • देवीक खेल
  • साधारण नींद
  • भूख
रघुनाथ नाड़ी आ आँखि देखि कहैत अछि जे समयपर इलाज नहि भेल तँ जान जा सकैत अछि।
4454. अंक १५६मे मैथिली मानक शैलीक चर्चा कोन बातपर बल दैत अछि?
  • उच्चारण, लेखन-एकरूपता आ वर्ण-विन्यास
  • भोजक व्यंजन
  • चित्रक रंग
  • नाटकक पोशाक
भाषा-शैली खंड पञ्चमाक्षर, वर्तनी, ध्वनि-लोप, हलन्त आदि पर नियमात्मक विचार राखैत अछि।
4455. अंक १५६क नाटक-खंडक मूल सामाजिक लक्ष्य की देखाइत अछि?
  • शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, नारी-सम्मान आ जीवन-मूल्यक पक्षधरता
  • केवल मनोरंजन
  • दफ्तरक सूचना
  • परिवार तोड़ब
‘शिक्षित बेटी’ आ ‘अंधविश्वास’ शिक्षा आ विवेकक महत्त्व राखैत अछि।

4456. अंक १५७मे ‘नेपालक नोर मरूभूमिमे’ पर आलोचना प्रवासी जीवनकेँ कोन व्यापक धरातलपर देखैत अछि?
  • नेपाल मात्र नहि, सभ विकासशील समाजक प्रवासी पीड़ा
  • केवल दरबारक यात्रा
  • सैनिक प्रशिक्षण
  • बाल खेल
लेखक संकेत करैत छथि जे खाड़ी प्रवासक वेदना नेपाल, भारत आ आन देशक निम्न-मध्यमवर्गमे समान अछि।
4457. ‘मरूभूमि’ आ ‘नोर’ बिम्बक आलोचनात्मक अर्थ की अछि?
  • सूखल प्रवासक बीच वेदना तुरन्त सुखा जाएब
  • मेला सजावट
  • माछक व्यापार
  • नदीक बाढ़ि
नोर मरुभूमिमे खसैतहि सुखाइ जाए, ई प्रवासी दुखक अरण्यरोदनक प्रभावी बिम्ब बनैत अछि।
4458. ‘जंगल उजड़लासँ रोग सभ बढ़लै’ पंक्ति पर आलोचक कोन मूल्य देखैत छथि?
  • पर्यावरण-चिन्ता
  • फैशन
  • मिथिला विवाह
  • शहर यातायात
आलोचक कहैत छथि जे लेखक एक शेरमे स्वास्थ्य आ वनक सम्बन्ध समेटि दैत छथि।
4459. ‘हम बूड़ि छी तैं बिदेशमे आएल छी’ सन पंक्ति कोन सामाजिक व्यंग्य करैत अछि?
  • प्रवासक राजनीतिक-आर्थिक विवशता पर
  • बालगीत पर
  • रसोई पर
  • वस्त्र पर
पंक्ति प्रवासी होबयक विवशता आ घरमे सुरक्षित लोकक आत्मसंतोषपर चोट करैत अछि।
4460. मिथिला-राज्य धरनाक प्रसंगवाली पंक्तिमे आलोचक कोन बात देखैत छथि?
  • नेतृत्वक बेइमानी आ भ्रष्टाचारपर कटाक्ष
  • खेतीक उपज
  • नदी-यात्रा
  • बालकथा
धरना आ झगड़ा संगे बेइमानी-भ्रष्टाचारक उल्लेख राजनीतिक ढोंग पर व्यंग्य बनैत अछि।
4461. ‘नेपालक नोर मरूभूमिमे’ पर लेख प्रेम आ मृत्युकेँ कोना जोड़ैत अछि?
  • उत्कट प्रेमक कारण मृत्यु-संवेदनासँ टकराहट
  • मृत्यु-विमुखता मात्र
  • क्रीड़ा
  • लेखा
आलोचना प्रेमक पंक्तिसँ मृत्यु-बोध धरि लेखकक भाव-क्षेत्र देखबैत अछि।
4462. ‘कलंकित चान’ लेख मुख्यतः कोन विधात्मक प्रश्न उठबैत अछि?
  • गजलक संरचना, काफिया आ रूप-विधान
  • खेतक नाप
  • नाटक मंच
  • विद्यालय समय
लेख कथित आजाद गजल, काफिया, गजल-विधा आ भूमिकाक दावीक आलोचना करैत अछि।
4463. ‘कलंकित चान’मे बाल-गजल संदर्भ पर आपत्ति किएक उठैत अछि?
  • संकलनमे बाल-गजल रहितो बाल-गजल पर चर्चा नहि
  • बालगीत बेसी अछि
  • नाटक नहि अछि
  • कथा नहि अछि
आलोचक कहैत छथि जे बाल-गजल शब्दावलीक इतिहास रहितो पोथी ओकर संदर्भ नहि खोलैत।
4464. अंक १५७क आलोचनात्मक खंडक साझा स्वभाव की अछि?
  • विधा-शुद्धि, सामाजिक चेतना आ काव्य-संवेदना पर दृढ़ टिप्पणी
  • केवल प्रशंसा
  • दफ्तर रिपोर्ट
  • चित्र-सूची
प्रवासी काव्य आ गजल-रूप पर लेख सामाजिकता आ शिल्प दुनूकेँ कसौटी बनबैत अछि।
4465. अंक १५७मे प्रवासी काव्यक पाठक लेल मुख्य सीख की बनैत अछि?
  • निज पीड़ा सामूहिक सामाजिक-राजनीतिक संदर्भमे पढ़ल जाउ
  • दुख छिपा देल जाउ
  • भाषा छोड़ल जाउ
  • कथा नै पढ़ल जाउ
लेख प्रवासी नोरकेँ व्यक्ति-विशेषसँ ऊपर उठा व्यापक जनजीवनक अनुभव बनबैत अछि।

4466. ‘किरदानी’मे रामरूप प्रसाद कोन पदसँ सेवा-निवृत्त भऽ गाम लौटैत छथि?
  • लेबर कमिश्नर
  • प्रधानाध्यापक
  • किसान मजदूर
  • गायक
कथामे रामरूप प्रसाद सेवा-निवृत्त अधिकारी रूपमे गाम अबैत छथि।
4467. ‘किरदानी’मे रामरूप बाबू अपन जमीनमे कोन खेती करबाक विचार राखैत छथि?
  • सागवानक खेती
  • धान मात्र
  • माछ पालन
  • फूल-माला
ओ अपन पाँच बीघा चौमास जमीनमे सागवान लगाबयक योजना बतबैत छथि।
4468. फुसन कक्काकेँ रामरूप बाबूक योजना सुनि किएक बेचैनी होइत अछि?
  • गामक सामूहिक हित आ जमीनक उपयोग पर चिन्ता
  • गीत गाबयक इच्छा
  • पर्वक तैयारी
  • पुस्तक बेचब
फुसन कक्का बुझैत छथि जे व्यक्तिगत खेती सँ बढ़ि समाजक नीक-अधलाक विचार जरूरी अछि।
4469. बाल कथा-वाचन पाठशाला लेखमे बालकथा लेल कोन परम्परागत तत्त्व सभ मानल गेल अछि?
  • गीत, कहबी आ खेल
  • दफ्तरक नोट
  • अदालती बहस
  • मौसम-विज्ञान
लेख कहैत अछि जे कथाक बीच गीत, कहबी आ खेल बालक-बालिकाक वाचन-संसार बनबैत अछि।
4470. बाल कथा-विचारमे दादी-नानीक सीधा प्रवेश न होबाक बात कोन बातपर बल दैत अछि?
  • बालक-बालिकाक अपने अभिनय-वाचन संसार
  • बुजुर्ग विरोध
  • कथा समाप्त
  • कविता अस्वीकार
लेख बच्चा सभक खेल-गायन-वाचनक स्वायत्तता पर बल दैत अछि।
4471. ‘झारू छंद’ पर आलोचना कोन उद्देश्यसँ अछि?
  • मैथिली काव्यशास्त्रमे एक छंदक स्वरूप आ तत्त्व निर्धारण
  • घर झाड़बाक नियम
  • चित्रकारी
  • सैन्य चाल
शीर्षक स्वयं झारू छंदक अवधारणा, स्वरूप आ तत्त्व निर्धारणक आलोचनात्मक परियोजना बतबैत अछि।
4472. झारू छंद-विमर्शमे उदाहरण स्वरूप लोकधर्मी पंक्ति सभ किएक देल गेल अछि?
  • ताल-वृत्त आ छंद-रचना बुझएबाक लेल
  • खाना बनएबाक लेल
  • पत्र-पता देबाक लेल
  • खेलक स्कोर लेल
लेख छंदक मात्रिक-ताल पक्ष स्पष्ट करबाक लेल उदाहरण पंक्ति सभ रखैत अछि।
4473. अंक १५७मे ‘दूटा विहनि कथा’ कोन लेखकसँ जोड़ल सूचीबद्ध अछि?
  • जगदानन्द झा ‘मनु’
  • केवल अज्ञात लेखक
  • राजदेव मंडल
  • संजय झा
सूचीमे गद्य खंड अंतर्गत जगदानन्द झा ‘मनु’क दूटा विहनि कथा देल अछि।
4474. अंक १५७क गद्य-सूचीमे ‘स्मृति’ आ ‘शहरीया घरवाली’ कोन विधासँ जोड़ल अछि?
  • विहनि कथा
  • महाकाव्य
  • नाटक
  • निबंध मात्र
सूचीमे सत्य नारायण झाक ‘स्मृति’ आ मो. असरफ राईनक ‘शहरीया घरवाली’ विहनि कथा रूपमे अछि।
4475. अंक १५७क समेकित गद्य-स्वर की अछि?
  • प्रवास, कथा, सामाजिक न्याय, बाल-साहित्य आ छंद-विमर्शक बहुस्तरीयता
  • केवल गीत-सूची
  • खाली प्रचार
  • अन्न-दर
गद्य-सूची आ सामग्री सामाजिक लेख, कथा, आलोचना, बालकथा-विचार आ छंद-चर्चाकेँ साथ रखैत अछि।

4476. अंक १५८क ‘स्ट्रेश बस्टर’मे आरम्भिक दृश्य कोन महानगरीय वातावरणमे अछि?
  • मुम्बईक भीड़ आ ट्रेन-यात्रा
  • गामक पोखरि
  • राजदरबार
  • विद्यालय कक्षा
कथा रागिनी-सुशीला, ऑफिससँ निकलल भीड़, अन्धेरी स्टेशन आ ट्रेनक दबावसँ शुरू होइत अछि।
4477. ‘स्ट्रेश बस्टर’मे रागिनी आ सुशीला अलग दिशा किएक पकड़ैत छथि?
  • एकटा फोनक कारण भेटघाटक योजना बदलैत अछि
  • परीक्षा देबाक लेल
  • खेती करबाक लेल
  • नाटक मंच पर जाय लेल
रागिनीकेँ फोन आएल रहै, ताहि कारण ओ सुशीला संगे नहि जाएब कहैत अछि।
4478. ‘पेटक मारि’ प्रसंगमे कल्लो भगता ककरा खेबाक लेल नोतल गेल?
  • व्रत-पारणक ब्राह्मण भोजन लेल
  • युद्धक भोज लेल
  • विद्यालय भोजन लेल
  • नदी यात्रा लेल
जहानी दाइक एकादशी पारण लेल दरिद्र ब्राह्मण कल्लो भगताकेँ नोत देल जाइत अछि।
4479. ‘पेटक मारि’मे दही-चूड़ा-गुड़ प्रसंग कथाक कोन व्यंग्य बनबैत अछि?
  • भूख, लालच आ सामाजिक अपमानक
  • राजनीतिक भाषणक
  • कविता पाठक
  • नदीक नावक
दही सभ खा गेलाक आरोप पर कल्लो भगता मारि खाइत अछि आ ओकर उत्तर पेटक मारि कहि व्यंग्य बनैत अछि।
4480. ‘धनुष यज्ञ-सीता स्वयंवर आ जयमाल’ लेख कोन सांस्कृतिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • सीता-राम विवाहमे जयमाल परम्पराक उचितता
  • रेल चलन
  • चाय-दूध
  • संगीत वाद्य मात्र
लेख जयमाल, वरमाल, स्वयंवर आ मिथिलाक विवाह-पद्धति बीच भेद पर विचार करैत अछि।
4481. विवाह-विमर्शमे जयमालकेँ आयातित रीति कहबाक आशय की अछि?
  • आन समाजक रीति बिना मर्म बुझने अपनाएब
  • प्राचीन मैथिल मूल रीति
  • कृषि पर्व
  • बाल-खेल
लेख संकेत करैत अछि जे सिनेमाई-दूरदर्शनी प्रभावमे रीति अंगीकार कएल गेल।
4482. ‘बस एकटा गर्लफ्रेन्ड’मे बापक चिन्ता कोन कारणसँ जायज कहल गेल अछि?
  • उचक्का-आवारा बनैत बेटाक भविष्य लेल
  • बेटाक अत्यधिक पढ़ाइ लेल
  • कथा लिखबाक लेल
  • पर्वक खर्च लेल
कथामे बाप बेटाकेँ पढ़बाक सलाह दैत अछि, मुदा बेटा आसान सुखक भ्रममे अछि।
4483. ‘बस एकटा गर्लफ्रेन्ड’मे बेटाक प्रतिक्रिया कोन मानसिकता देखबैत अछि?
  • मेहनतसँ बचि सुविधाभोगी जीवनक सपना
  • त्यागमय अध्ययन
  • भक्ति
  • किसानी
बेटा टाका-भोजनक सजा पर हँसि आसान जीवनक अवास्तविक कल्पना करैत अछि।
4484. ‘सासुरक साइकलक कथा-बेथा’मे सासुरक अपेक्षा कोन हास्य-स्थितिक कारण बनैत अछि?
  • जमाइ साइकलपर घंटी बजबैत आबथि
  • जमाइ नाव चलाबथि
  • जमाइ खेत जोतथि
  • जमाइ गीत लिखथि
सासुक आकांक्षा जमाइकेँ साइकल चलैत देखबाक रहै, मुदा साइकल सीखब बेथा-हास्यक कारण बनैत अछि।
4485. अंक १५८क एहि खंडक प्रमुख साम्य की अछि?
  • दैनिक जीवनक तनाव, रीति-विमर्श आ सामाजिक व्यंग्य
  • केवल शास्त्र-पाठ
  • केवल सरकारी सूचना
  • मात्र मौसम
मुम्बई भीड़, व्रत-पारण, विवाह-रीति, बेरोजगार बेटा आ साइकल बेथा सभ दैनिक जीवनक हास्य-व्यंग्य खोलैत अछि।

4486. अंक १५८मे देवघरक ‘सगर राति दीप जरय’ गोष्ठी कोन स्मृतिसँ समर्पित बताओल गेल अछि?
  • मायानन्द मिश्र आ जीवकान्तक स्मृति
  • एक खेल प्रतियोगिता
  • विद्यालय वार्षिकोत्सव
  • खेती मेला
देवघर आयोजनक आरम्भमे स्व. मायानन्द मिश्र आ जीवकान्तक स्मृतिकेँ समर्पण अछि।
4487. देवघरक गोष्ठीमे मुख्य साहित्यिक क्रिया कोन छल?
  • लघुकथा/विहनि कथाक पाठ आ समीक्षा
  • सिर्फ नृत्य
  • केवल व्यापार
  • खेती प्रशिक्षण
वर्णनमे ३४ कथा-पाठ, सात पाली आ समीक्षक-समीक्षाक चर्चा अछि।
4488. देवघर आयोजनमे लोकार्पण-सत्रक विशेषता की छल?
  • पंजी-प्रबंध आ आन पोथीक लोकार्पण
  • खाली भोजन
  • मात्र खेल
  • अदालती आदेश
रिपोर्टमे मिथिलाक पंजी-प्रबंध सम्बन्धी पोथी सभक लोकार्पणक उल्लेख भेटैत अछि।
4489. ‘सगर राति दीप जरय’ रिपोर्टमे कथा-पाठक व्यवस्था कोना बताओल गेल अछि?
  • सात पालीमे बाँटल कथापाठ
  • एके मंचपर अव्यवस्था
  • केवल गीत
  • सिर्फ उद्घाटन
रिपोर्ट स्पष्ट करैत अछि जे कथा-पाठ सात पालीमे कराओल गेल।
4490. अंक १५८क ‘सफरनामा’ शैलीक वर्णनमे आयोजक-यात्राक कोन पक्ष प्रमुख अछि?
  • गोष्ठी लेल तैयारी, बैनर, यात्रा आ स्थल-प्रबंधन
  • केवल पर्यटन
  • दुकानक हिसाब
  • विद्यालय पाठ
वर्णनमे बैनर बनब, सामग्री जुटाब, यात्रा आ आयोजन-संबंधी काजक विस्तार भेटैत अछि।
4491. ‘सफरनामा’मे पेन्टिंगक अनुभवक महत्व की बताओल गेल अछि?
  • लेखकक व्यक्तित्व निखारबामे योगदान
  • कथा रोकब
  • कृषि बढ़ाब
  • मुकदमा
लेखक कहैत छथि जे पेन्टिंगक अनुभव हुनकर व्यक्तित्वकेँ निखारने अछि आ आयोजनक बैनर बनबामे सहायक भेल।
4492. अंक १५८क कविता-खंडमे रथयात्रा सम्बन्धी गीत कोन भाव देखबैत अछि?
  • भक्ति आ उत्सव
  • शोक
  • दफ्तर
  • कानूनी दलील
भक्त जन गाबैत-झूमैत छथि, रथ यात्रा, भोजन, स्वागत आ पूजा-भावक चित्र अछि।
4493. जगदानन्द झा ‘मनु’क गजलमे ‘मेहनतमे बड़ शक्ति’ सन भाव कोन मूल्यक संकेत अछि?
  • कर्मठता आ आत्मबल
  • भाग्यवादी निष्क्रियता
  • उपहास
  • शिकार
गजल मेहनत आ काज करबाक प्रेरणा देैत अछि।
4494. अंक १५८क गद्य-पद्य मिश्रण मैथिली अंकक कोन विशेषता देखबैत अछि?
  • कथा, आलोचना, रिपोर्ट, सफरनामा आ काव्यक एकसाथ उपस्थिति
  • केवल कविता
  • केवल विज्ञापन
  • केवल सूची
अंकमे सामाजिक कथा, रीति-विचार, गोष्ठी रिपोर्ट आ अनेक कविताएँ एक साथ अछि।
4495. अंक १५८क साहित्यिक रिपोर्टिंगक महत्त्व की अछि?
  • मैथिली गोष्ठी-परंपरा आ सामुदायिक पाठ-संस्कृति दर्ज करब
  • पता-सूची बनाब
  • खेतीक दर देब
  • खेलक परिणाम
सगर राति दीप जरय रिपोर्ट मैथिली कथा-गोष्ठीक जीवंत सामुदायिक दस्तावेज बनैत अछि।

4496. अंक १५९क ‘बेटी’ कथामे सोनाजी अपन जीवनमे कोन नैतिक छवि राखैत छथि?
  • ईमानदार, विनम्र आ दयालु
  • लालची महाजन
  • हिंसक दबंग
  • नाटक निर्देशक
सोनाजी म्युनिसिपल ऑफिसमे पैंतीस बरख नोकरी कएने, नाजायज पाइ नहि लेने आ शालीन व्यक्ति छथि।
4497. ‘बेटी’मे सोनाजीक बेटा सभक स्थिति कतेक अलग देखाओल गेल अछि?
  • दू बेटा दूर अपन-अपन घरमे, देखभाल मुख्यतः बेटी करैत अछि
  • सभ संग रहैत अछि
  • केवल बेटी दूर अछि
  • कोनो संतान नहि
बबलू आ डबलू अपन जीवनमे दूर छथि, मुदा उषा सप्ताहमे आबि देखभाल करैत अछि।
4498. ‘बेटी’मे उषा किएक पुत्रवत रूपमे उभरैत अछि?
  • ओ माए-बापक सेवा आ उपचारक जिम्मेदारी लैत अछि
  • ओ झगड़ा करैत अछि
  • ओ घर छोड़ैत अछि
  • ओ ऋण दैत अछि
उषा पिता-माताक हालचाल राखैत अछि आ गंभीर बीमारीक क्षणमे सेहो मुख्य सहारा बनैत अछि।
4499. डॉक्टर सोनाजीक रोगावस्थाक बारेमे उषा-दम्पतीकेँ कोन कठोर सूचना दैत छथि?
  • रिकवरीक संभावना बहुत कम अछि
  • पूर्ण स्वस्थ छथि
  • केवल थकान अछि
  • किछु रोग नहि
डॉक्टर फेफड़ा, ब्रेन ट्यूमर आ अन्य अंगक कमजोरीक चर्चा करैत गंभीर स्थिति बतबैत छथि।
4500. ‘बेटी’ कथाक मूल उलटबाँसी की अछि?
  • बेटा रहितो बेटी सेवा-धर्म निभबैत अछि
  • बेटी अनुपस्थित अछि
  • बेटा सभ आदर्श अछि
  • परिवार नहि अछि
कथा परम्परागत बेटा-अपेक्षा उलटि बेटीकेँ वास्तविक सहारा बनबैत अछि।
4501. ‘छुतहरि’ कथामे राजाबाबूक पत्नी पर समाजक दबाव कोन कारणसँ बढ़ैत अछि?
  • वैधव्य, पुनर्विवाह/संबंध आ जाति-नियंत्रण
  • पढ़ाइमे सफलता
  • खेती
  • गीत
युवती विधवा जीवन, संबंध आ समाजक जातीय बहिष्कारक जालमे फँसैत अछि।
4502. ‘छुतहरि’मे मनबोध बाबाक आग्रह कोन सामाजिक व्यवस्था बचाएब चाहैत अछि?
  • जाति-समाजक स्वीकृति लेल संबंध तोड़ब
  • स्त्रीक स्वतंत्र निर्णय
  • विद्यालय शिक्षा
  • किसानी सुधार
मनबोध बाबा ओकरा पुरान संबंध छोड़ि समाजक पएर पकड़बाक सलाह दैत छथि।
4503. ‘छुतहरि’क अन्तिम आत्मस्वरमे कथावाचक की अनुभव करैत अछि?
  • तखन चुप रहलाक पश्चाताप आ समाजक जकड़नक बोध
  • पूर्ण संतोष
  • हास्य
  • नृत्य
कथावाचक कहैत अछि जे तखन नीक-अधला नहि बुझि पेलौं, मुदा समाजक पकड़ अखन बुझाइत अछि।
4504. अंक १५९क ‘कुलच्छनी’ कथामे मुख्य सामाजिक समस्या कोन अछि?
  • पुत्र-प्राप्तिक आसमे बेटी-जन्मक अवमूल्यन
  • फसल कम होब
  • नदी बाढ़ि
  • नाटक मंच
श्रीधरक घरमे फेर बेटी भेलासँ लोक निराश होइत अछि आ पुतोहू पर दोष देल जाइत अछि।
4505. ‘कुलच्छनी’मे सुनैनाक प्रश्न ‘हमर कोन गलती’ कोन संवेदनाक केन्द्र अछि?
  • बेटी-बच्ची पर अन्याय आ पितृसत्तात्मक सोच
  • खेलक हार
  • भोजक कमी
  • कथा-वाचन
निर्दोष बच्चीक आँखि पिता पर प्रश्न बनि ठाढ़ होइत अछि।

4506. ‘बेटीक बिआह’ कथामे नंदलाल आ सुलेखा प्रसंग कोन सामाजिक चिंता दिस इशारा करैत अछि?
  • विवाह, दहेज/व्यय आ बेटी-संबंधी दबाव
  • खेती सुधार
  • नदी यात्रा
  • विद्यालय खेल
कथा शीर्षक आ संवाद बेटी-बिआहक सामाजिक दबावक प्रसंग खोलैत अछि।
4507. अंक १५९मे ‘गंगाजलक धोल’ शीर्षक कोन संकेत दैत अछि?
  • धार्मिक प्रतीक आ सामाजिक व्यवहारक कथात्मक प्रयोग
  • केवल पानीक दर
  • खेलक नियम
  • चित्रक रंग
शीर्षक गंगाजल सन पवित्र प्रतीककेँ लोकव्यवहारक कथा-सूत्र बनबैत अछि।
4508. ‘दोख केकर’ शीर्षकक संवाद कोन घरेलू-नैतिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • दोषारोपणक बीच जिम्मेदारीक प्रश्न
  • गीतक राग
  • रेलवे टिकट
  • मछली बाजार
पति-पत्नीक संवाद दोष केकर अछि, एहि नैतिक-सामाजिक टकरावक ओर बढ़ैत अछि।
4509. बृषेश चन्द्र लालक बालगीतमे ‘चौरचन’ कोन उत्सवी संसार रचैत अछि?
  • चान, पूरी-दही, खीर, तरुआ आ पानक बाल-उल्लास
  • शोकसभा
  • युद्ध
  • दफ्तर
बालगीत चौरचन पर्वक खाद्य, चान आ आँगनक बाल-आनंदकेँ लयबद्ध करैत अछि।
4510. अमित मिश्रक गजल ‘हम बाढ़िक मारल-झमारल छी’ कोन भाव-संकेत देैत अछि?
  • आपदा आ जीवन-संघर्ष
  • सिर्फ श्रृंगार
  • हास्य
  • नियमावली
बाढ़िक मारल-झमारल स्वर जीवनक विपदा आ टूटनक अनुभूति दैत अछि।
4511. ‘कने मीठ कने तीत छी’ गजलमे मित्रता/संबंधक कोन रूप बनैत अछि?
  • मीठ-तीत संग-साथक आत्मीयता
  • पूर्ण अलगाव
  • दुश्मनी
  • व्यापारिक करार
गजलमे ठोरक भाव, गीत, धाह-शीत, जीत-हारक संग आत्मीय संबंधक बिम्ब अछि।
4512. राम कुमार मिश्रक गजल ‘तोरल गप्प तोरै जिनगी’ कोन नैतिक शिक्षा दैत अछि?
  • कटु वचन जीवन तोड़ैत, मिठगर गप्प जोड़ैत अछि
  • मौन रहब सदिखन
  • खेल जीतब
  • कर बढ़ाब
गजल मीठ बोल आ संतुलित व्यवहारकेँ जीवन जोड़बाक शक्ति मानैत अछि।
4513. कुन्दन कुमार कर्णक गजल ‘खेती अगता आइ बुझलियै’मे केहन अनुभव अछि?
  • अपन श्रम आ लोकक जरूरत बुझबाक
  • सिर्फ शहर-प्रशंसा
  • बेरोजगारी छिपाब
  • अदालत
गजल असगर जीवन, खेती, गामक कुटिया आ अपन बटुआक अनुभव सँ जीवन-सबक देैत अछि।
4514. अंक १५९क पद्य-खंडमे बालगीत आ गजल एकसाथ रहबाक अर्थ की अछि?
  • बाल-उत्सव सँ जीवन-दर्शन धरि काव्य-विस्तार
  • कविता अनुपस्थित
  • केवल निबंध
  • सूचना-पट
अंकमे चौरचन बालगीत सँ सामाजिक-दार्शनिक गजल धरि अनेक स्वर अछि।
4515. अंक १५९क समेकित साहित्यिक स्वर कोन अछि?
  • बेटी, वृद्धावस्था, स्त्री-दशा, परिवार आ लोक-काव्यक बहुधा चित्र
  • सिर्फ यात्रा
  • केवल दफ्तर
  • मात्र विज्ञापन
गद्य आ पद्य दुनू मिलि परिवार, बेटी, बुजुर्ग, समाज, पर्व आ जीवनक मर्म खोलैत अछि।

4516. अंक १६०क प्रमुख गद्य ‘जाल’ कोन विधामे प्रस्तुत अछि?
  • पटकथा
  • लघुकथा मात्र
  • गीत-संग्रह
  • व्याकरण-पाठ
‘जाल’क आरम्भमे स्वयं पटकथा रूप बताओल गेल अछि।
4517. ‘जाल’क लेखक मैथिली साहित्यमे कोन अभावक अनुभव सँ ई प्रयास करैत छथि?
  • पटकथा-लेखनक अभाव
  • गीतक अधिकता
  • खेतीक कमी
  • शब्दकोशक अभाव
दू शब्दमे लेखक कहैत छथि जे मैथिली साहित्यमे पटकथाक अभाव देखैत ई लघु प्रयास कएल।
4518. ‘जाल’मे विक्रमक भूमिका की अछि?
  • नायक
  • खलनायक
  • मामा
  • मुंशी
पात्र परिचयमे विक्रम नायक रूपमे देल अछि।
4519. ‘जाल’मे बरसा ककर भूमिका निभबैत अछि?
  • नायिका
  • खलनायकक पिता
  • दोकानदार
  • नवरिया
पात्र परिचयमे बरसा नायिका रूपमे अछि।
4520. पहिल दृश्यमे नदीक किनार कोना उभरैत अछि?
  • भोर, हरियाली, पशु आ लोकजीवनसँ भरल
  • शहरक अँधार गली
  • अदालत
  • रेल कारखाना
पटकथा भोरक नदी-कछेर, हरियारी, पशु, बच्चा आ नाव-संसारक दृश्य बनबैत अछि।
4521. धारमे चलैत नाव ककरा जोड़ैत अछि?
  • गामक लोक आ शहरक कॉलेज-स्कूल-स्टेशनक संसार
  • केवल जंगल
  • राजदरबार
  • घरक कोठली
धारक एक पार गाम आ दोसर पार कॉलेज, स्कूल, स्टेशन आ बसक दृश्य अछि।
4522. विक्रमक घरक आरम्भिक दृश्य हुनक जीवनक कोन पक्ष खोलैत अछि?
  • दूध पहुँचाब, पढ़ाइ आ घरक काजक दबाव
  • महल-दरबार
  • सैनिक प्रशिक्षण
  • कथा-पाठ
माए कहैत अछि जे विक्रम पढ़नाइक संग घरक काज सेहो करैत अछि; दूध शहर पहुँचएबाक जल्दी अछि।
4523. विक्रम पोस्ट ऑफिसमे की करबाक याद रखैत अछि?
  • रिक्ति-संबंधी फार्म रजिस्ट्री करब
  • गीत जमा करब
  • कथा पढ़ब
  • धान तौलाब
माए याद करबैत अछि जे पोस्ट ऑफिसमे वेकेंसीवाला फार्म रजिस्ट्री करबाक अछि।
4524. रघुआ विक्रमकेँ ‘दरोगा भाय’ किएक कहैत अछि?
  • बालपनक चोर-सिपाही खेलमे सिपाही बनबाक कारण
  • ओ पहिने अधिकारी अछि
  • ओ नाविक अछि
  • ओ दुकानदार अछि
विक्रमक मनोवचन बतबैत अछि जे बाल खेलमे सिपाही बनबाक कारण ओकरा दरोगा कहल जाइत अछि।
4525. नावपर विक्रम आ बरसाक पहिल टकराहट केहन कथा-गति शुरू करैत अछि?
  • लज्जा, आकर्षण आ बादक प्रेम-रेखाक
  • दफ्तरक विवाद
  • खेतीक सौदा
  • कवि सम्मेलन
धक्का-धुक्कीमे पएर दबला, नजरि झुकला आ फ्लैशबैक प्रेमगीत सँ प्रेमक धागा शुरू होइत अछि।

4526. ‘जाल’मे सुइदचनक जाल मुख्यतः कोन शक्ति-संरचना पर टिकल अछि?
  • करजा, सूद, बैंक-अवरोध आ दबंगई
  • भक्ति
  • बालगीत
  • कृषि विज्ञान
सुइदचन आ मुंशी करजा, सूद, खेत-पथार, बैंक आ डरक माध्यमसँ गरीबकेँ फँसबैत छथि।
4527. बरसाक प्रति हरियाक आरम्भिक रुख कोना बदलैत अछि?
  • पहिने बदमाशीक प्रसंग रोकैत, बादमे स्वार्थी कब्जाक चाह रखैत
  • सदा रक्षक रहैत
  • कथा छोड़ि दैत
  • सिर्फ गायक बनैत
ओ बदमाश सभकेँ गलत व्यवहार रोकबाक कहैत अछि, मुदा बादमे बरसापर अधिकार जताबय लगैत अछि।
4528. विक्रम बरसाकेँ बदमाश सभसँ बचबैत की सिद्ध करैत अछि?
  • अन्याय देख चुप नहि रहबाक साहस
  • सत्ता-संग मिलीभगत
  • डरि भागब
  • रोजगार छोड़ब
विक्रम खेतक मजूरक संग बदमाश सभकेँ भगबैत अछि आ माएसँ कहैत अछि जे अत्याचार पर चुप नहि रहबाक चाही।
4529. विक्रमक माए किएक डेराइत अछि?
  • पैसाबला लोकक पुलिस-कानूनपर पकड़क कारण
  • बरसातक कारण
  • नावक कारण
  • गीतक कारण
ओ कहैत अछि जे पैसाबला लोक पुलिस आ कानूनकेँ मुट्ठीमे रखैत अछि।
4530. विक्रम अपन भविष्यक संकल्प कोन रूपमे रखैत अछि?
  • पुलिसबला बनि अन्यायसँ लड़ब
  • गाम छोड़ि मौन रहब
  • महाजन बनब
  • कविता छोड़ब
विक्रम कहैत अछि जे ओ अपने पुलिसबला बनत आ गलत लोककेँ सोझ करत।
4531. सुइदचन श्यामबाबूक बेटीकेँ पुतोहू मानि लेबाक घोषणा ककर सहारे करैत अछि?
  • करजाक दबाव आ सामाजिक भय
  • बरसाक सहमति
  • विद्यालयक आदेश
  • कविता प्रतियोगिता
ओ श्यामबाबूक करजा आ खेत-पथारक दबाव देखाबैत विवाह-निर्णय थोपब चाहैत अछि।
4532. बरसा पिता समक्ष विक्रमक बचाव कोना करैत अछि?
  • ओ कहैत अछि जे ओकर कारणे जान-इज्जत बँचल
  • ओ विक्रमकेँ नहि चिन्हैत
  • ओ महाजनक पक्ष लेत
  • ओ पढ़ाइ छोड़त
बरसा बतबैत अछि जे बाधमे संकट समय विक्रम दौड़ि बचौने छल।
4533. विक्रमक नौकरी-पत्र कथानकमे कोन मोड़ बनैत अछि?
  • व्यक्तिगत उन्नतिक आशा आ बरसासँ बिछोहक तनाव
  • कथा समाप्त
  • महाजनक जीत
  • गोष्ठी आरम्भ
पत्र भेटलासँ विक्रम जाएबाक तैयारी करैत अछि आ बरसाकेँ सूचना देबाक चाह रखैत अछि।
4534. अंक १६०क ‘हे माय तोरा प्रणाम’ कविता मातृत्वकेँ कोन रूपमे देखबैत अछि?
  • कड़गर बोलीक भीतर गंगाजल सन हृदय
  • सिर्फ दंड
  • पूर्ण उदासीनता
  • राजनीति
कविता मायक कड़गर बोली संग ओकर करुण, द्रवित आ संरक्षक हृदय देखबैत अछि।
4535. अंक १६०क पद्य-खंडमे बाल गजल ‘पढ़बै लिखबै चलबै नीक बाटसँ’ कोन संदेश दैत अछि?
  • शिक्षा, संस्कृति, साहस आ मिथिलाक नाम चमकाब
  • कुसंगति
  • मौन
  • भय
बाल गजल बच्चाकेँ नीक बाट, पढ़ाइ-लिखाइ, कुसंगति सँ दूरी आ मिथिला-गौरवक प्रेरणा दैत अछि।

4536. अंक १६१क ‘अरण्य देश’क आरम्भमे सिंह कोन अवस्थामे देखाओल गेल अछि?
  • अन्हार गुफामे नुकायल राजा रूपमे
  • नदीक नाविक रूपमे
  • विद्यालयक शिक्षक रूपमे
  • किसानक सहयोगी रूपमे
कथा सिंहकेँ अन्हार गुफामे परल बतबैत अछि, जाहिसँ ओकर पुरान राजकीय भय टूटैत देखाइत अछि।
4537. ‘अरण्य देश’मे पशु-पक्षी सभ सिंहक विरुद्ध कोन तर्क दैत अछि?
  • जनसंख्या अधिक अछि आ संगठित आंदोलनसँ हिंसक सत्ता हटि सकैत अछि
  • सिंह खेत जोतैत अछि
  • सिंह कविता सुनबैत अछि
  • सिंह बालगीत लिखैत अछि
सभ जीव सोचैत अछि जे मुट्ठी भरि हिंसक जीवकेँ सामूहिक आंदोलनसँ हटाओल जा सकैत अछि।
4538. ‘अरण्य देश’मे सिंह आ बाघ चुनावमे कोन परिणाम पबैत छथि?
  • जमानत जब्त भऽ जाइत अछि
  • दुनू फेर राजा बनैत छथि
  • दुनू राष्ट्रपति बनैत छथि
  • दुनू विद्यालय खोलैत छथि
कथामे सिंह-बाघक पुरान डर खत्म भेलाक बाद चुनावमे हुनक भारी हारि देखाओल अछि।
4539. नव अरण्य शासनमे प्रधान मंत्री ककरा बनाओल गेल?
  • बादुर
  • सिंह
  • हाथी
  • गैड़ा
कथामे नव मंत्री परिषदमे बादुर प्रधान मंत्री बनैत अछि।
4540. नव अरण्य शासनमे राष्ट्रपति ककरा बनाओल गेल?
  • बेंग
  • बाघ
  • गिद्ध
  • घोड़ा
कथा नव शासनक व्यंग्यात्मक गठनमे बेंगकेँ राष्ट्रपति बनबैत अछि।
4541. नव मंत्री परिषदमे विढ़नीक विभाग की बताओल गेल अछि?
  • रक्षा मंत्री
  • वित्त मंत्री
  • सूचना मंत्री
  • विद्यालय मंत्री
मंत्री परिषदक सूचीमे विढ़नी रक्षा मंत्री बनल अछि।
4542. नव अरण्य शासनमे कुकुरक भूमिका की अछि?
  • वित्त मंत्री
  • राष्ट्रपति
  • राजा
  • चित्रकार
कथामे कुकुरकेँ वित्त मंत्री बनाओल गेल अछि, जे राजकीय व्यंग्यकेँ तीक्ष्ण करैत अछि।
4543. ‘अरण्य देश’मे मधुमखी ककर विभाग सम्हारैत अछि?
  • गृह मंत्री
  • सेना प्रमुख
  • चुनाव अधिकारी
  • कवि
कथामे मधुमखी गृह मंत्री बनैत अछि।
4544. ‘अरण्य देश’मे गिदरक विभाग कोन अछि?
  • सूचना-प्रसारण
  • सिंचाइ
  • विद्यालय
  • न्यायालय
गिदरकेँ सूचना-प्रसारण मंत्री बनबैत कथा सत्ता-विन्यासक व्यंग्य रचैत अछि।
4545. ‘अरण्य देश’क पछिला भागमे नव शासनक भीतर कोन संकट उठैत अछि?
  • छोट पशु-पक्षी सभक आपसी झगड़ा
  • सागर यात्रा
  • विद्यालय परीक्षा
  • विवाह गीत
बड़ हिंसक जनावरसँ निश्चिन्त भेलाक बाद छोट प्राणी सभ एक-दोसरापर ताकत देखाबय लगैत अछि।

4546. ‘गामक शकल-सूरत’मे श्यामलाल बाबू विद्यालयमे किएक विलम्बित पहुँचैत छथि?
  • रस्ता-बाटक घुच्चीमे घुचिया गेल छलाह
  • उत्सवमे गीत गबैत छलाह
  • नदीमे नाव चलबैत छलाह
  • हाटमे व्यापार करैत छलाह
शिक्षक छात्र सभकेँ कहैत छथि जे रास्ताक घुच्चीमे घुचिया गेलासँ समय चुकि गेल।
4547. श्यामलाल बाबू पहिल घंटीमे कोन विषय पढ़बय/देखबयक बात करैत छथि?
  • चित्रकला
  • व्याकरण
  • राजनीति
  • संगीत
ओ कहैत छथि जे सोम दिन पहिल घंटी चित्रकलाक अछि आ कॉपी देखब।
4548. गिरधरक कॉपीमे बनल चित्रक शीर्षक की रहैत अछि?
  • गामक शकल-सूरत
  • नदीक धारा
  • भोंट
  • छुट्टी
शिक्षक चित्रक पंजरामे लिखल शीर्षक ‘गामक शकल-सूरत’ पढ़ैत छथि।
4549. गिरधर एहेन चित्र बनाएब केना सीखल, ई पूछलापर कोन उत्तर दैत अछि?
  • बाबा कहलनि
  • अखबार पढ़लनि
  • मास्टरक नकल कएलनि
  • रेडियो सुनलनि
गिरधर कहैत अछि जे परसू राति बाबा कहलनि, ओहि आधार पर चित्र बनल।
4550. सुबललाल समुद्रक बिम्बकेँ कोना बुझबैत छथि?
  • समाज रूपी अथाह समुद्र
  • केवल मछलीक घर
  • हाट-बाजार
  • विद्यालयक मैदान
सुबललाल समुद्रकेँ समाजरूपी अथाह जलराशि कहि बुझबैत छथि।
4551. सुबललाल धारक बिम्बकेँ कोन अर्थ दैत छथि?
  • जीवन-धार/वैदिक धार जे आब मरण सन भऽ गेल
  • मात्र सड़क
  • कविता प्रतियोगिता
  • खेतीक दाम
धारकेँ ओ जीवन-धार कहैत छथि, मुदा आब पानिक जगह बालु उड़बाक बात करैत छथि।
4552. श्यामलाल बाबू सुबललालक अनुभवकेँ मान्यता दैत कोन कहबी-सूत्र रखैत छथि?
  • जतए रवि नहि, ओतए कवि; आ जतए कवि नहि, ओतए अनुभवी
  • जेते पैसा ओते मान
  • जेते वोट ओते गीत
  • जेते खेत ओते नाव
शिक्षक स्वीकार करैत छथि जे अनुभवी लोकक दृष्टि किताबीसँ आगू जा सकैत अछि।
4553. जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘काल’ कविता भूतकालक गौरवक बदला कोन आग्रह करैत अछि?
  • वर्तमानमे जीब आ आगूक बाट सोचब
  • सदा चुप रहब
  • चानक पूजा मात्र
  • हाथ पर हाथ धेने रहब
कविता कहैत अछि जे गौरवमय भूतक गाथा छोड़ि वर्तमानमे जीब आ भविष्य लेल संदेश सोचू।
4554. ‘काल’ कवितामे चान आ मंगलक उदाहरण किएक देल गेल अछि?
  • पुरान डर-पूजा छोड़ि वैज्ञानिक आगू बढ़बाक संकेत लेल
  • केवल पर्व-सजावट लेल
  • रसोईक वर्णन लेल
  • नाटकक मंच लेल
कविता कहैत अछि जे कियो चान छू लेलक, मंगलपर पएर रखलक; तें केवल पूजा/अमंगल मानि ठाढ़ रहब उचित नहि।
4555. अंक १६१क गद्य-पद्य मिलि कोन साझा चेतना देैत अछि?
  • पुरान सत्ता, गामक चित्र आ वर्तमान-भविष्यक पुनर्विचार
  • मात्र व्यापारिक सूचना
  • केवल भोजन-सूची
  • फोटो-वर्णन
‘अरण्य देश’, ‘गामक शकल-सूरत’ आ ‘काल’ मिलि सत्ता, समाज, अनुभव आ भविष्यबोध पर सोच जगबैत अछि।

4556. अंक १६२क प्रमुख नाटक ‘भोँट’ कोन स्वभावक नाटक कहल गेल अछि?
  • सामाजिक आ राजनैतिक मैथिली नाटक
  • बालगीत-संग्रह
  • कृषि-रिपोर्ट
  • यात्रा-वृत्तान्त
पात्र-परिचयमे ‘भोँट’केँ सामाजिक आ राजनैतिक मैथिली नाटक रूपमे चिन्हित कएल गेल अछि।
4557. ‘भोँट’ नाटकक लेखक के छथि?
  • बेचन ठाकुर
  • सत्यनारायण झा
  • जगदानन्द झा
  • कैलाश
अंक १६२मे ‘भोँट’ नाटक बेचन ठाकुरक नामसँ देल गेल अछि।
4558. ‘भोँट’मे गोबर्धनलालक भूमिका की अछि?
  • एम.पी. प्रत्याशी
  • चुनाव आयुक्त
  • सुरक्षा बल
  • चाह दोकानदार
पात्र-परिचयमे गोबर्धनलालकेँ एकटा एम.पी. प्रत्याशी कहल गेल अछि।
4559. फीरन पात्रकेँ कोन रूपमे चिन्हित कएल गेल अछि?
  • दोसर एम.पी. प्रत्याशी
  • पीठासीन पदाधिकारी
  • बड़ा बाबू
  • गामक पूजारी
पात्र-परिचयमे फीरन दोसर एम.पी. प्रत्याशी छथि।
4560. ब्रजेशक विशेषता पात्र-परिचयमे की अछि?
  • तेसर प्रत्याशी आ वर्तमान एम.पी.
  • नदीक नाविक
  • विद्यालय शिक्षक
  • कवि
ब्रजेश तेसर एम.पी. प्रत्याशी आ वर्तमान एम.पी. बताओल गेल छथि।
4561. सुभद्रा पात्रक राजनीतिक स्थान की अछि?
  • चारिम एम.पी. प्रत्याशी
  • चुनाव कार्यालयक किरानी
  • सुरक्षा बल
  • गामक प्रतिष्ठित व्यक्ति
पात्र-परिचयमे सुभद्रा चारिम एम.पी. प्रत्याशी छथि।
4562. नाटकक पहिल दृश्य कोन ठाम शुरू होइत अछि?
  • गोबर्धनलालक अवासपर
  • मतदान केन्द्रपर
  • मन्दिरपर
  • नदीक घाटपर
पहिल दृश्य गोबर्धनलालक अवास पर आरम्भ होइत अछि।
4563. पहिल दृश्यमे गोबर्धनलाल ककरा संग चुनावक गप-सप करैत छथि?
  • रामेश्वर, जीतेन्द्र आ श्रीलाल
  • महेन्द्र, रवीन्द्र आ सुरेन्द्र
  • नाजनी, हीना आ आनन्दी
  • गिरधर, सुबललाल आ श्यामलाल
दृश्य-निर्देशमे ओ अपन तीन सहयोगी रामेश्वर, जीतेन्द्र आ श्रीलालक संग बैसल छथि।
4564. पहिल दृश्यक मिठाइ-प्रसंग कोन बातसँ जुड़ल अछि?
  • खुशखबरी सुनबासँ पहिने मिठाइ खियाबक जिद
  • बाढ़ि-राहत
  • विद्यालय परीक्षा
  • कथा-पाठ
रामेश्वर खुशखबरी सुनबासँ पहिने मिठाइ खियाबक जिद करैत अछि।
4565. गोबर्धनलालक प्रसंगमे ‘पानिमे मछरी नअ-नअ कुटिया बखरा’ कहबी कोन संदर्भमे अबैत अछि?
  • जीतलासँ पहिने लाभ बाँटबाक कल्पना पर
  • शिक्षा अभियान पर
  • गीतक लय पर
  • कृषि ऋतु पर
ओ कहैत छथि जे पहिने जीताउ, तखन जे-जे कहबै से होएत; कहबी जीतसँ पहिनहि बँटवारा सोचबाक व्यंग्य अछि।

4566. ‘भोँट’मे जीतेन्द्र नेता-जनता संबंध पर कोन कटाक्ष करैत अछि?
  • भोँटक समय जनता भगवान, जीतलापछि जनता शैतान/बेकूफ
  • जनता सदिखन राजा
  • नेता कखनो बदलैत नहि
  • मतदान बेकार अछि
जीतेन्द्र कहैत अछि जे भोँट लेबाक बेर जनता भगवान, मुदा जीतलापछि जनता शैतान आ बेकूफ बनि जाइत अछि।
4567. ब्रजेशक घरक दृश्यमे सुरेश हुनकर खराब माहौल लेल मुख्य कारण की बतबैत अछि?
  • जनताक संग गद्दारी आ क्षेत्रमे नहि जेबाक
  • अधिक पुस्तक पढ़बाक
  • बहुत गीत गाबक
  • स्कूल खोलबाक
सुरेश स्पष्ट कहैत अछि जे एम.पी. भेलापछि क्षेत्रमे नहि गेलाह आ विकासक काज नहि केलाह।
4568. चुनाव आयोगक दृश्यमे राम प्रतापक संग मुख्य बातचीत ककरा संग होइत अछि?
  • गिरिराज
  • गोबर्धनलाल
  • बरसा
  • सुबललाल
राम प्रताप चुनाव-तैयारीक समस्या गिरिराजसँ पूछैत छथि।
4569. गिरिराज चुनावक समस्यामे पहिल प्रमुख खतरा कोन बतबैत अछि?
  • बूथ लूटनाइ
  • कविता पाठ
  • स्कूल फीस
  • साइकिल खराबी
समस्या-सूचीमे बूथ लूटनाइ सुरक्षा बल रहितो एक प्रमुख समस्या बताओल अछि।
4570. गिरिराजक सूचीमे मशीन-संबंधी समस्या कोन अछि?
  • भोँट मशीनक खराबीसँ मत सही जगह नहि जेबाक
  • माइक खराब होएब
  • घड़ी रुकि जाएब
  • नाव डूबि जाएब
सूचीमे भोँट मशीनक खराबीसँ मतदान सही ठाम नहि जेबाक समस्या देल अछि।
4571. चुनाव-समस्या सूचीमे अधिकारी सभक दबाव आ बिक जेबाक चर्चा कोन संकट खोलैत अछि?
  • प्रशासनिक निष्पक्षताक संकट
  • कृषि उत्पादन
  • बालगीतक लय
  • चित्रकला
दबावमे रहनाइ आ बिक जेनाइ चुनाव-प्रशासनक नैतिक संकट देखबैत अछि।
4572. मतदानक पहिल दृश्य कोन स्थानपर अछि?
  • प्राथमिक विद्यालय
  • गुफा
  • नदीक घाट
  • किसानक घर
मतदान दृश्यमे प्राथमिक विद्यालयकेँ भोँट केन्द्र रूपमे देखाओल गेल अछि।
4573. मतदान केन्द्रपर प्रेम प्रकाशक भूमिका की अछि?
  • पीठासीन पदाधिकारी
  • एम.पी. प्रत्याशी
  • गृह मंत्री
  • कवि
दृश्य-निर्देशमे प्रेम प्रकाश पीठासीन पदाधिकारी छथि।
4574. ‘नदीक धारा सन’ रचनामे मुख्य प्रेरक संदेश की अछि?
  • साथ नहि भेटलो पर अपन काज करैत बहैत रहू
  • सब छोड़ि ठाढ़ रहू
  • काज केवल भीड़सँ होइत अछि
  • नदीकेँ रोकि दिअ
रचना कहैत अछि जे कियो साथ दियए वा नहि, अपन काज नदीक धाराजकाँ निरन्तर करैत चलू।
4575. ‘नदीक धारा सन’मे नदीक रस्ता-बनब कोन मानवीय मूल्यक प्रतीक अछि?
  • अडिग आत्मविश्वास आ निरन्तर कर्म
  • भय
  • आलस्य
  • दूसराक प्रतीक्षा
नदी अपन सीमा नहि रोइत, बहैत-बनबैत रस्ता निकालैत अछि; मनुष्यक लेल सेहो ई कर्म-सूत्र अछि।

4576. अंक १६३क मुख्य प्रकाशित कृति ‘कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा’ कोन वर्गमे रखल गेल अछि?
  • बाल साहित्य
  • राजनीतिक नाटक
  • गजल व्याकरण
  • यात्रा-वृत्तान्त
शीर्षकक नीचाँ ‘बाल साहित्य’ स्पष्ट देल अछि।
4577. ‘कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा’ कथासंग्रह कोन गोष्ठीसँ संबंधित अछि?
  • ८२म सगर राति दीप जरय
  • ८३म चुनाव सभा
  • विद्यालय परीक्षा
  • मिथिला महोत्सव
कथासंग्रह ८२म सगर राति दीप जरय गोष्ठीमे पढ़ल कथासँ जुड़ल अछि।
4578. ८२म सगर राति दीप जरयक स्थान कोन गाम बताओल गेल अछि?
  • मेहथ
  • सखुआ-भपटियाही
  • कोयलख
  • कुशगामा
कथासंग्रह विवरणमे स्थान मेहथ गाम देल अछि।
4579. ८२म गोष्ठीक समय-विस्तार कोना बताओल गेल अछि?
  • साँझ ६ बजे सँ भिनसर ६ बजे धरि
  • एक घंटा
  • दुपहर मात्र
  • तीन दिन लगातार
विवरणमे साँझ ६ बजेसँ भिनसर ६ बजे धरि गोष्ठी चलबाक सूचना अछि।
4580. ८२म गोष्ठीक संयोजक ककरा बताओल गेल अछि?
  • गजेन्द्र ठाकुर
  • बेचन ठाकुर
  • राम प्रताप
  • सुभद्रा
आयोजन-विवरणमे संयोजक रूपमे गजेन्द्र ठाकुरक नाम अछि।
4581. ‘कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा’मे ‘कथाक सत्तरि’ शीर्षकक अर्थ की निकलैत अछि?
  • सत्तरि कथा/विहनि कथाक संकलन
  • सत्तरि कविता मात्र
  • सत्तरि नाटक
  • सत्तरि चित्र
कथासूची ‘कथाक सत्तरि’ नामसँ अनेक कथा शीर्षक रखैत अछि।
4582. कथासूचीमे ‘रिजल्ट’ कोन प्रकारक शीर्षक रूपमे अबैत अछि?
  • कथा-शीर्षक
  • पत्रिका-नियम
  • संपादकीय सूचना
  • फोटो-वर्णन
‘रिजल्ट’ कथाक सत्तरि सूचीमे कथा-शीर्षक रूपमे देल अछि।
4583. कथासूचीमे ‘सासुरक साइकिलक कथा-बेथा’ कोन बात सूचित करैत अछि?
  • सामाजिक-हास्य/अनुभवक कथा-सूत्र
  • वैज्ञानिक प्रयोग
  • राजकीय अधिसूचना
  • संगीत-तालिका
शीर्षक स्वयं सासुर, साइकिल आ कथा-बेथा मिलाक सामाजिक अनुभवक कथा-सूत्र बनबैत अछि।
4584. कथासूचीमे ‘स्कूलक फीस’ शीर्षक कोन सामाजिक क्षेत्र दिस संकेत करैत अछि?
  • बाल-शिक्षा आ आर्थिक दबाव
  • युद्ध
  • नौका-चालन
  • वनराज्य
स्कूलक फीस शीर्षक बाल-शिक्षा आ फीस-संबंधी सामाजिक तनावक संकेत दैत अछि।
4585. अंक १६३क मुख्य साहित्यिक स्वर कोन अछि?
  • बाल/विहनि कथाक संकलन आ गोष्ठी-आधारित कथा-संसार
  • केवल चुनाव-विज्ञापन
  • खान-पान सूची
  • फोटो-पन्ना
पूरा अंक कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा आ कथाक सत्तरि पर केन्द्रित अछि।

4586. ‘पलभरि’ कथामे शिवजी बाबूक मन कोन कारणसँ विषादपूर्ण देखाओल गेल अछि?
  • जीवनक तिरसैठ बरख बीत गेलाक आत्मचिन्ता
  • मेला नहि देखबाक कारण
  • खेतीक हर्ष
  • चुनाव जीत
कथामे शिवजी बाबू अपन बीतल जीवन आ असफल आशा पर अकेले विचारैत छथि।
4587. ‘रिजल्ट’ कथामे श्यामचरण ककर प्रतीक्षा करैत छथि?
  • पोताक परीक्षा-फल सुनबाक
  • नाव अबबाक
  • नेता भाषण
  • मेला बाजा
ओ विद्यालय दिस ताकैत पोताक फल जानबाक प्रतीक्षा करैत छथि।
4588. ‘रिजल्ट’मे गोबर गणेशक प्रसंग की खोलैत अछि?
  • बार-बार फेल भेल बालक पर परिवारक आशा
  • राजा बनबाक इच्छा
  • संगीत शिक्षा
  • वन आन्दोलन
श्यमचरण चारि सालसँ फेल होइत पोताकेँ बिसरि शुभ आशा पालैत छथि।
4589. ‘अजोह’ कथामे नेबो तोड़बाक प्रसंग कोन बाल-संसार देखबैत अछि?
  • शिक्षकक मन राखबाक बाल-चालाकी आ डर
  • सेना-अभियान
  • कृषि-वैज्ञानिक प्रयोग
  • राजकीय भोज
बालक सभ सरजी लेल नेबो तोड़ि शर्बत बनबैत अछि, मुदा पकड़ा पड़बाक डर सेहो रहैत अछि।
4590. ‘मदन-अमर’मे मदनक नानी-गाम कोन सांस्कृतिक अनुभव दैत अछि?
  • गामक बच्चा, कबड्डी, हाथी-चुक्का आ दोस्ती
  • कारखाना
  • संसद
  • समुद्री जहाज
मदन शहरसँ आबि नानी-गाममे देहाती खेल आ अमरसँ दोस्ती पबैत अछि।
4591. ‘रूसल बौआ’मे दुर्गापूजाक मेला कोन पारिवारिक तनाव खोलैत अछि?
  • गरीबीमे बच्चाक नया कपड़ाक चाह
  • राजनीतिक भाषण
  • वन-राज्य चुनाव
  • गजल व्याकरण
बौआ मेला लेल नया पेन्ट-शर्ट चाहैत अछि, मुदा घरमे पैसाक अभाव अछि।
4592. ‘दुष्टपना’मे सजमनिक खेत नष्ट करब कोन अनुभव बनैत अछि?
  • किसानक श्रम पर दुष्टता आ सामाजिक चोट
  • विद्यालय पुरस्कार
  • प्रेमगीत
  • नदी यात्रा
कथामे खेतक लत्ती आ फड़ काटि देलासँ किसानक मेहनत नष्ट भऽ जाइत अछि।
4593. ‘स्कूलक फीस’मे मानसक स्थिति कोन पारिवारिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • मातृ-वियोग, सौतेला परिवार आ फीसक दबाव
  • सैनिक प्रशिक्षण
  • चुनाव-प्रचार
  • नाविक जीवन
कथामे मानसक मायक देहावसान, परिवारक बदलाव आ स्कूल फीसक समस्या जुड़ल अछि।
4594. ‘हरिया इन्सपेक्टर’मे मोहन आ सोहनक बातचीत कोन विषय पर अछि?
  • जीवनक उद्देश्य आ पढ़ाइ-कैरियर
  • गाय-भैंस
  • मेला टिकट
  • काव्य-छंद
दूनू छात्र स्कूलसँ घुरैत अपन भविष्य आ पढ़ाइक सम्भावना पर गप करैत छथि।
4595. ‘एकन्त’ कथामे गरीबी आ बीमारी कोन त्रासद परिणाम दिस बढ़ैत अछि?
  • उपचार-अभाव, देह-क्षय आ मृत्यु
  • नौकरी-पत्र
  • नाच-उत्सव
  • राज्याभिषेक
कथामे एकन्तक रोग, इलाजक अभाव आ अन्ततः दम टूटबाक दुखद स्थिति अछि।

4596. अंक १६४क आरम्भिक रिपोर्ट कोन आयोजनपर केन्द्रित अछि?
  • सखुआ-भपटियाहीमे ८३म सगर राति दीप जरय
  • दिल्ली पुस्तक मेला
  • वन-राज्य चुनाव
  • विद्यालय परीक्षा
अंक १६४मे सखुआ-भपटियाही गाममे आयोजित ८३म सगर राति दीप जरयक रिपोर्ट अछि।
4597. ८३म सगर राति दीप जरय कोन विद्यालय परिसरमे चलल?
  • उत्क्रमित मध्य विद्यालय
  • कॉलेज सभागार
  • नगर भवन
  • रेल स्टेशन
रिपोर्टमे गोष्ठी उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसरमे आयोजित बताओल अछि।
4598. ८३म गोष्ठीक अवधि कोना वर्णित अछि?
  • साँझ छह बजे सँ भिनसर छह बजे धरि
  • एक घंटा
  • दोपहरि मात्र
  • पूरा सप्ताह
रिपोर्टमे साँझ छह बजेसँ भिनसर छह बजेसम्म चलबाक उल्लेख अछि।
4599. ८३म गोष्ठीकेँ विशेष रूपेँ कोन विमर्शसँ जोड़ल गेल अछि?
  • नारी केन्द्रित कथा-विमर्श
  • केवल पशु-राज्य
  • संगीत-शिक्षा मात्र
  • कंप्यूटर पाठ
रिपोर्ट कहैत अछि जे नारी केन्द्रित गोष्ठी भेने अनेक नारी-विमर्शक कथा आएल।
4600. ८३म गोष्ठीमे कुल कतेक नूतन विहनि/लघुकथा पाठ भेल?
  • २७
  • १००
रिपोर्ट छह पालीमे कुल २७ नूतन विहनि/लघुकथाक पाठ बतबैत अछि।
4601. पहिल सत्रमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन कथा पढ़ल गेल?
  • गावीस मोइस
  • कोटाक चाउर
  • लाजो
  • छोटकी
पहिल सत्र सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डल — ‘गावीस मोइस’ देल अछि।
4602. पहिल सत्रमे राजदेव मण्डलक कोन कथा सूचीबद्ध अछि?
  • दोख केकर
  • चतुर बालक
  • दिव्या
  • बाल विधवा
पहिल सत्रमे राजदेव मण्डल — ‘दोख केकर’ लिखल अछि।
4603. दोसर सत्रमे दुर्गानन्द मण्डलक कोन कथा पाठ भेल?
  • छुतहरि
  • गंगाजलक धोल
  • रेहना चाची
  • मर्दानी नारी
दोसर सत्र सूची दुर्गानन्द मण्डल — ‘छुतहरि’ देैत अछि।
4604. चारिम सत्रमे उमेश मण्डलक कोन कथा देल गेल अछि?
  • कोटाक चाउर
  • गावीस मोइस
  • बेटी
  • झमकी
चारिम सत्र सूचीमे उमेश मण्डल — ‘कोटाक चाउर’ अछि।
4605. रिपोर्टमे ‘भोँट’, ‘पंचैती’ आ ‘जाल’क लोकार्पण उल्लेख कोन बात देखबैत अछि?
  • गोष्ठीमे कथा संग नाटक/पटकथा पोथीक सार्वजनिक प्रस्तुति
  • केवल भोज
  • केवल मतदान
  • बाल-खेल
लोकार्पण सूचीमे नाटक आ पटकथा पोथी सभक उद्घाटन कथा-गोष्ठी संग देखाओल अछि।

4606. अंक १६४क कथासूची ‘कथाक सत्तरि’मे पहिल शीर्षक कोन अछि?
  • रेहना चाची
  • नदीक धारा
  • अरण्य देश
  • गजल व्याकरण
सूचीमे ‘रेहना चाची’ पहिल शीर्षक रूपमे देल अछि।
4607. ‘रेहना चाची’मे किशुन भाय चाचीकेँ कतए देखैत छथि?
  • दीप लग बाटपर ठाढ़
  • मतदान केन्द्रमे
  • गुफामे
  • कॉलेज मंचपर
कथा आरम्भमे किशुन भाय लौफा हाटसँ घुमती बेर दीप लग बाटपर रेहना चाचीकेँ देखैत छथि।
4608. ‘रेहना चाची’मे चाची अपन गाम छूटबाक कारण कोना बतबैत छथि?
  • गामे-गाम छीना-झपटी आ कारोबार न चलबाक
  • गजल सीखबाक
  • नदी बहबाक
  • नया विद्यालय खुलबाक
रेहना चाची कहैत छथि जे छीना-झपटी बढ़ला सँ गामक कारोबार चलब कठिन भेल।
4609. ‘की करब से अहीं कहू’मे रामा कोन दुहरी दबावमे फँसल अछि?
  • गमैया महाजन आ सरकारी तंत्रक तगादा
  • कविता आ संगीत
  • खेल आ मेला
  • मित्रता आ चित्रकला
कथामे एक ओर महाजन आ दोसर ओर बैंक/सरकारी अमला रामा पर दबाव बनबैत अछि।
4610. ‘की करब से अहीं कहू’मे गामवाली रामाकेँ अन्ततः कोन सलाह दैत अछि?
  • परदेश जा किछु कमाइ कर्ज चुकाउ
  • सब छोड़ि भोज करू
  • कविता लिखू
  • चुनाव लड़ू
गामवाली धैर्य राखि परदेश जा कमाइ करबाक सलाह दैत अछि।
4611. ‘दोख केकर’मे पति-पत्नी संवाद कोन मुद्दापर केन्द्रित अछि?
  • सासु, बहू आ दोषारोपणक घरेलू पीड़ा
  • राजा चुनब
  • स्कूल फीस
  • वनराज्य
पत्नी कहैत अछि जे सासुक गलती रहितो गारि-बात ओकरा भेटल; कथा घरक दोष-प्रश्न खोलैत अछि।
4612. ‘दोख केकर’मे पति अपन माएक कथा कहि ककरा समझबैत अछि?
  • पत्नीकेँ
  • चुनाव अधिकारीकेँ
  • मंत्रीकेँ
  • छात्रकेँ
पति अपन माएक कठिन गर्भकाल आ वनवास-जकाँ जीवनक कथा पत्नीकेँ सुनबैत अछि।
4613. ‘छुतहरि’मे राजाबाबूक मृत्युक बाद पत्नी पर कोन सामाजिक निर्णय थोपल जाइत अछि?
  • जाति/आँगनासँ अलग करबाक
  • पुरस्कार देबाक
  • विद्यालय भेजबाक
  • नदी यात्रा
कथा विधवा स्त्रीक जीवन आ समाजक कठोर निर्णयकेँ ‘छुतहरि’ शब्दसँ उजागर करैत अछि।
4614. ‘बड़का खीरा’क आरम्भमे करियाकाकाक परिवारक केन्द्र कोन घटना अछि?
  • तीन बेटीपछि पुत्र जन्म
  • चुनाव प्रचार
  • समुद्र यात्रा
  • गजल संग्रह
कथा करियाकाकाक तीन बेटीपछि बेटा जुगुत लालक जन्मक प्रसंगसँ खुलैत अछि।
4615. अंक १६४क कथा-समूहक साझा मूल्यांकन की अछि?
  • नारी-समस्या, ऋण-दबाव, परिवार, विधवापन आ ग्रामीण समाजक तीक्ष्ण पाठ
  • मात्र हास्य
  • केवल छंदशास्त्र
  • फोटो-संग्रह
रिपोर्ट आ कथासूची नारी-विमर्शक संग महाजन, परिवार, विधवापन आ गाँवक सामाजिक ताना-बाना खोलैत अछि।

4616. अंक १६५क ‘मैथिली गजल व्याकरणक शुरूआती प्रयोग’ कोन विधात्मक विषय पर केन्द्रित अछि?
  • मैथिली गजल शास्त्र आ बहर-विधान
  • बाल-कथा मात्र
  • नाटक मंच-सज्जा
  • किसान ऋण
लेख गजल, बहर, वैदिक छंद, संगीत आ भाषा-मानकक विधागत प्रश्न उठबैत अछि।
4617. लेखक मैथिलीमे गजलक व्याकरणक आरम्भ कोन वर्षसँ जोड़ैत अछि?
  • २००९
  • १९४७
  • २०१४ मात्र
  • २००० मात्र
लेख कहैत अछि जे २००९मे मैथिली गजल शास्त्रक शुरूआत भेल।
4618. ‘मैथिली गजल शास्त्र’ कोन रूपमे पूरा भेल कहल गेल अछि?
  • १४ खंडमे
  • एक पंक्तिमे
  • तीन गीतमे
  • एक नाटकमे
लेखमे गजल शास्त्र १४ खंडमे पूरा भेल बताओल अछि।
4619. ‘सरल वार्णिक बहर’क मुख्य नियम कोन बताओल गेल अछि?
  • मतलाक पहिल पाँतिक वर्ण-संख्या अनुसार प्रत्येक पाँति
  • केवल तुकबन्दी
  • चित्रक रंग
  • कथा-लंबाई
लेख कहैत अछि जे मतलाक पहिल पाँतिमे जतेक वर्ण, ओतेक हरेक पाँतिमे चाही।
4620. ‘मैथिली गजल व्याकरण’ लेखमे वैदिक छन्दक चर्चा कोन रूपमे अछि?
  • विलुप्त होइत छन्दक पुनर्जागरण रूपमे
  • कथा शीर्षक रूपमे
  • चुनाव-नियम रूपमे
  • बाल खेल रूपमे
मुख्य विशेषतामे वैदिक छन्दक पुनर्जागरणक बात कएल गेल अछि।
4621. लेखमे सा आ प स्वरकेँ कोन प्रकारक मानल गेल अछि?
  • अचल
  • पूर्णतः मौन
  • कथा पात्र
  • चुनाव चिह्न
संगीत-विवरणमे सा आ प अचल तथा शेष स्वर चल/विकृत बताओल अछि।
4622. ‘चिकनी माटिमे उपजल नागफेनी’ लेखमे समीक्षाक आधार की कहल गेल अछि?
  • व्याकरण
  • भोज
  • वस्त्र
  • मतदान
समीक्षक कहैत छथि जे हुनक आलोचनाक आधार सदिखन व्याकरण रहैत अछि।
4623. ‘नागफेनी’ पर समीक्षा सभ गजलपर सीधा टिप्पणी किएक नहि करबाक बात कहैत अछि?
  • संग्रहक गजल सभ बेबहर मानल गेल
  • कथा बहुत छोटी छल
  • नाटक अनुपस्थित छल
  • चित्र बहुत छल
लेखक कहैत अछि जे संग्रहक सभ गजल बेबहर अछि, तेँ बेर-बेर वएह तर्क दोहराएत।
4624. मायानंद मिश्रक ‘मैथिली साहित्यिक इतिहास’ पर लेख कोन प्रश्न उठबैत अछि?
  • गजल/गीतल वर्गीकरण आ परवर्ती संशोधनक प्रश्न
  • खेत जोतबाक तरीका
  • नदीक नाव
  • बालक फीस
लेख पठनमे गजल, गीतल, मत-परिवर्तन आ संशोधनक समस्या पर बहस करैत अछि।
4625. अंक १६५क आलोचनात्मक खंडक साझा लक्ष्य की अछि?
  • मैथिली गजल आ साहित्य-इतिहासक मानक, प्रमाण आ विधागत स्पष्टता
  • केवल प्रशंसा
  • सिर्फ घोषणा
  • नाटक मंचन
तीनू आलोचनात्मक लेख विधा-मानक, गजल-विधान आ इतिहास-लेखनक प्रमाणिकता पर केन्द्रित अछि।

4626. ‘सखारी-पेटारी केर तानी-भरनी’मे आधुनिक कथा-साहित्यक कोन सीमा बताओल गेल अछि?
  • केवल संख्यात्मक विस्तार पर्याप्त नहि
  • कथा लिखब असंभव
  • कविता मात्र श्रेष्ठ
  • नाटक मात्र चाही
लेख कहैत अछि जे मात्र कथा-संख्या बढ़लासँ साहित्यक गहराई नहि बढ़ैत।
4627. ‘सखारी-पेटारी’ समीक्षा अनुसार नीक कथा लेल कोन तत्त्व जरूरी अछि?
  • भाषा-भावक तालमेल, जीवंतता आ दीर्घजीविता
  • फोटो-सजावट
  • राजकीय मुहर
  • मतदान संख्या
लेख भाषा, भाव, जीवंतता, दीर्घजीविता आ जीवनक गहन बिम्बकेँ कथा लेल आवश्यक मानैत अछि।
4628. ‘सखारी-पेटारी’क सखारी-पेटारी बिम्ब मुख्यतः कोन सांस्कृतिक क्रिया सँ जुड़ल अछि?
  • साँठ-उसार आ घरेलू परम्परा
  • मतदान
  • नदी-प्रवाह
  • विद्यालय परीक्षा
लेख सखारी-पेटारी खोलब, साँठब आ उसारबक घरेलू-सांस्कृतिक संदर्भ लैत अछि।
4629. ‘सतसठि साला कौशिकी’ लेख कोन भूभागक अध्ययनक आग्रह करैत अछि?
  • गंगाक उत्तरी मैदानी भाग कौशिकी/मिथिला
  • अरण्य देश
  • समुद्री द्वीप
  • राजधानीक दरबार
लेख गंगाक उत्तरी मैदानी भाग कौशिकी, मिथिलाक भूभागक भौगोलिक-सामाजिक अध्ययनक बात करैत अछि।
4630. ‘कौशिकी’ लेखमे कोशी क्षेत्रक भौगोलिक पृष्ठभूमि कोना चित्रित अछि?
  • मनोहारी आ कुख्यात दुनू
  • पूर्णतः निर्जन
  • केवल शहर
  • केवल पर्वत
लेख कहैत अछि जे कोशीक पृष्ठभूमि एकहि संग मनोहारी आ कुख्यात रहल अछि।
4631. ‘कौशिकी’ लेखमे कोशीक कछेरक जीवन कोन संकटसँ जुड़ल अछि?
  • प्राकृतिक आपदा, भूखमरी आ अस्थिर बसावट
  • केवल उत्सव
  • कविता प्रतियोगिता
  • चित्रकला
कछेरक लोकक जीवन बसब-उजड़ब, आपदा आ भूखमरीक समस्या सँ जोड़ल गेल अछि।
4632. ‘समधीन’ कथा/रचना अंक १६५मे कोन खंडक अन्तर्गत अछि?
  • गद्य
  • बालानां कृते
  • मात्र पद्य
  • संगीत-सूची
अंक १६५क सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक ‘समधीन’ गद्य खंडमे देल अछि।
4633. कैलाशक कविता ‘जहिना करब ओहिना पाएब’मे मुख्य नैतिक सूत्र की अछि?
  • बुढ़ माता-पिताक उपेक्षाक फल अगिला पीढ़ीमे लौटैत अछि
  • धन सदिखन बढ़ैत अछि
  • नदी रुकैत अछि
  • नेता सदा जीतैत अछि
कविता दुःखीआ, सोभिता, राहुलक क्रमसँ कर्म-फल आ बुजुर्ग-उपेक्षाक परिणाम देखबैत अछि।
4634. डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क ‘ओजोन’ कविता कोन वैज्ञानिक-सांस्कृतिक विषय बाल-सुलभ ढंगसँ खोलैत अछि?
  • ओजोन परत आ पराबैगनी किरणसँ रक्षा
  • चुनाव प्रचार
  • साइकिल हास्य
  • महाजन ऋण
कविता ऑक्सीजन, ओजोन, वायुमंडल आ जीवन-रक्षक परतक व्याख्या करैत अछि।
4635. जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘छुट्टी भऽ गेलै’ अंक १६५मे कोन पाठक-वर्ग लेल देल गेल अछि?
  • बालानां कृते
  • चुनाव अधिकारी लेल
  • कथा समीक्षक लेल
  • नदीक नाविक लेल
अंक सूचीमे ‘बालानां कृते’ खंडमे ‘छुट्टी भऽ गेलै’ रखल गेल अछि।

4636. अंक १६६क संपादकीय ‘कियो बूझि नै सकल हमरा’ मुख्यतः ककर गजल-स्वर पर केन्द्रित अछि?
  • ओम प्रकाश झा
  • महेश झा ‘डखरामी’
  • कुन्दन कुमार कर्ण
  • राजीव रंजन मिश्र
संपादकीय ओम प्रकाश झाक गजल-स्वर, प्रेम-विरह, संघर्ष आ सामाजिक चेतना पर केन्द्रित अछि।
4637. संपादकीय अनुसार ओम प्रकाश झाक गजलमे करेजक आगि आ विरह-नोरक प्रसंग कोन भाव रचैत अछि?
  • भीतरक पीड़ा मुदा संयमित अभिव्यक्ति
  • केवल हास्य
  • बाल-खेल
  • राजकीय घोषणा
कवि पीड़ा केँ खुल्लम-खुल्ला रोदन नहि, बल्कि भीतरक दाह आ संयमक रूपमे रखैत छथि।
4638. ‘कियो बूझि नै सकल हमरा’ पंक्ति संपादकीयमे कोन मानवीय स्थिति दिस संकेत करैत अछि?
  • लोकक गलत बुझाइ आ कविक आन्तरिक वेदना
  • ग्राम-मानचित्र
  • कृषि-उत्पादन
  • विद्यालयक समय-सारिणी
ई पंक्ति कविक भीतरक पीड़ाकेँ लोक द्वारा नहि बूझल जाएबाक अनुभवसँ जोड़ल अछि।
4639. संपादकीयमे ‘जखन-जखन लडलौं हरदम अपनेसँ लडलौं हम’ पंक्ति ककर संघर्ष खोलैत अछि?
  • कविक आत्म-संघर्ष
  • सैनिक युद्ध
  • नाविकक यात्रा
  • व्यापारिक करार
पंक्ति कविक बाहरी टकरावसँ बेसी अपन भीतरक संघर्षकेँ देखबैत अछि।
4640. ओम प्रकाश झाक गजलमे ‘जँ गाम बचै झुकैसँ तँ पाग निखरै छै’ भाव कोन मूल्य रखैत अछि?
  • गामक हितमे अहं छोड़बाक तैयारी
  • धन-संचय
  • पुरस्कार-लालसा
  • बाल-क्रीड़ा
ई भाव सामुदायिक हित लेल अपन प्रतिष्ठा धरि झुका देबाक नैतिकता देखबैत अछि।
4641. संपादकीयमे मिसाइल आ भूखक पंक्ति किएक महत्त्वपूर्ण मानल गेल अछि?
  • गजलकेँ प्रेम-विरहसँ आगू सामाजिक यथार्थ धरि लए जाइत अछि
  • ओ केवल छंद-प्रदर्शन अछि
  • ओ बालगीत अछि
  • ओ यात्रा-वर्णन अछि
मिसाइल आ भूखक बिम्ब आधुनिक हिंसा, अभाव आ सामाजिक विसंगतिकेँ गजलमे आनैत अछि।
4642. ओम प्रकाश झाक बाल-गजल संदर्भमे ‘अन्हरिया कटत’ भाव कोन दिशा दैत अछि?
  • दुःखक बीच आशाक संकेत
  • पूर्ण निराशा
  • केवल शृंगार
  • हास्य-विनोद
बाल-गजलमे बाल-मजदूर-जकाँ अन्हरिया रहितो कटबाक आशा राखल गेल अछि।
4643. ‘सागरक कात सीप बिछैत रहब’ पंक्ति संपादकीयमे कोन कवि-धैर्यक प्रतीक बनैत अछि?
  • लगातार खोज आ सम्भावना पर विश्वास
  • तुरंत हार
  • केवल जल-वर्णन
  • राजनीतिक नारा
सीपमे मोती भेटबाक प्रतीक्षा कविक सृजनात्मक धैर्य आ भरोसा देखबैत अछि।
4644. अंक १६६मे ओम प्रकाश झाक गजल सभक संग कोन विधागत विशेषता बेर-बेर जोड़ल अछि?
  • बहर आ मात्राक्रमक अनुशासन
  • चित्रकला
  • पत्रकारीय रिपोर्ट
  • व्यापारिक दर
गजल सभमे बहर, मात्राक्रम आ छंद-विधानक स्पष्टता पर बल देल गेल अछि।
4645. अंक १६६क संपादकीयक समग्र निष्कर्ष की अछि?
  • ओम प्रकाश झा मैथिली गजलमे भाव, शिल्प आ सामाजिक चेतना केर महत्त्वपूर्ण स्वर छथि
  • गजल मैथिलीमे अनुपस्थित अछि
  • केवल बालगीत श्रेष्ठ अछि
  • कविता केवल पुरान विषय धरैत अछि
संपादकीय ओम प्रकाश झाकेँ मैथिली साहित्य लेल ‘मोती’ रूपमे चिन्हित करैत अछि।

4646. योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क ‘विजय-१’मे झुमकीक मुख्य संकट की अछि?
  • घरवाला कुसमाक ताड़ी पीबि मारि-पीट
  • विद्यालय परीक्षा
  • जमीन नापी
  • गीत प्रतियोगिता
झुमकी रोज ताड़ी-पियक्कड़ कुसमाक हिंसा सहैत रहैत अछि।
4647. ‘विजय-१’मे झुमकी ककर पिटाइकेँ घर-घरक सामान्य रीति बुझि सहैत आबि रहल छलि?
  • माए आ पितिआइनक अनुभव
  • शिक्षकक सलाह
  • ग्रामसभा आदेश
  • नदीक बाढ़ि
झुमकी माए-पितिआइनकेँ सेहो मारि सहैत देखल छलि, तेँ ई हिंसा सामान्य मानि लेल गेल छल।
4648. झुमकीकेँ प्रतिरोधक विचार कोना अबैत अछि?
  • ओ अपन श्रम, ताकत आ देहक क्षमता कुसमासँ कम नहि बूझैत अछि
  • ओ राजपत्र पढ़ैत अछि
  • ओ शहर चलि जाइत अछि
  • ओ गीत गाबैत अछि
ओ बुझैत अछि जे खेत-पथार आ घरक काजमे ओकर ताकत कम नहि, तेँ डरक संस्कार प्रश्नांकित होइत अछि।
4649. ‘विजय-१’मे झुमकी कुसमाकेँ कोन साधनसँ प्रत्युत्तर दैत अछि?
  • हरवाही पेना
  • नावक डाँड़
  • किताब
  • मृदंग
कुसमा जे पेनासँ मारि छल, झुमकी ओहिये पेनासँ ओकर हिंसाक उलटा अनुभव करबैत अछि।
4650. कुसमाक भीतर परिवर्तन कोन अनुभवसँ शुरू होइत अछि?
  • झुमकीक प्रतिरोध आ अपन हिंसाक मूर्खता बूझब
  • पुरस्कार भेटब
  • नव नौकरी
  • दूर यात्रा
झुमकीक प्रतिकारक बाद कुसमा सोचए लागैत अछि जे बिना कारण ओ झुमकीकेँ किएक मारैत छल।
4651. झुमकी कुसमासँ कोन दू शर्त रखैत अछि?
  • ताड़ी छोड़ब आ फेर कहियो हाथ नहि उठाएब
  • गाम छोड़ब आ जमीन बेचब
  • कविता लिखब आ गीत गाब
  • बाजार जाएब आ नाव किनब
झुमकीक विजय हिंसा समाप्त करबाक ठोस शर्तसँ जुड़ल अछि।
4652. ‘विजय-२’मे प्रियाक तर्क बच्चाक देखभालक संबंधमे की अछि?
  • जन्म ओ देत, पर देखभालक जिम्मा सोमेश सेहो लिअए
  • बच्चा केवल दादी पालथि
  • बच्चा नहि चाही
  • देखभालक प्रश्न उठैत नहि
प्रिया मातृत्वक संग पितृत्वक वास्तविक जिम्मेदारीक प्रश्न उठबैत अछि।
4653. ‘विजय-२’मे प्रियाक आर्थिक स्थिति सोमेशक तुलनामे कोना बदलैत अछि?
  • ओ अधिक पैकेज आ उच्च पद पबैत जाइत अछि
  • ओ नौकरी छोड़ि दैत अछि
  • ओ बेरोजगार भऽ जाइत अछि
  • ओ विद्यालयमे पढ़ए लगैत अछि
कथामे प्रियाक वेतन आ पद लगातार बढ़ैत अछि, जाहिसँ पुरान लैंगिक अपेक्षा चुनौती पबैत अछि।
4654. महेश झा ‘डखरामी’क ‘बेटी’ कविता कोन सामाजिक आग्रह रखैत अछि?
  • धियाकेँ मान, दहेज-विरोध आ जनकपुर-जकाँ गामक कल्पना
  • हिंसाक समर्थन
  • केवल मौसम-वर्णन
  • चुनाव प्रचार
कविता बेटीकेँ सम्मान देबाक, दहेज रोकबाक आ घर-गामकेँ दुर्गास्थान/जनकपुर बनएबाक आग्रह करैत अछि।
4655. अंक १६६क बाल कविता ‘माछी मच्छर दू गो दोस’ कोन ढंगक बाल-काव्य संसार बनबैत अछि?
  • माछी-मच्छरकेँ दोस रूपमे रखि खेलगड़, हास्यपूर्ण लय
  • कठोर राजनीतिक घोषणापत्र
  • लंबा उपन्यास
  • पुरस्कार-सूची
बाल कविता माछी आ मच्छरकेँ मानवीय मित्र बनबैत लयात्मक बाल-हास्य रचैत अछि।

4656. डाॅ. कीर्ति नाथ झाक ‘शेफाली, फुलपरासवाली आ हम’ कोन स्मृति-विमर्श खोलैत अछि?
  • पुरान स्त्री-जीवन, विधवापन आ कथा-बहसक निजी स्मृति
  • नदी-नापी
  • खेतक कर
  • नाटक-मंच
रचना निजी स्मृति, पुरान स्त्री-जीवन आ साहित्यिक पात्र-बहसकेँ मिलबैत अछि।
4657. ‘शेफाली, फुलपरासवाली आ हम’मे लेखकक मैयाँक उत्तर ‘जहि‍ए बिआह भेल तहि‍ए राँड़ भऽ गेलि‍ऐ’ कोन त्रासदी खोलैत अछि?
  • बाल-विवाह आ विधवापनक कठोर यथार्थ
  • विद्यालयक छुट्टी
  • व्यापारिक लाभ
  • खेतीक फसल
ई उत्तर स्त्रीक जीवनपर थोपल गेल प्रारम्भिक विधवापनक पीड़ा खोलैत अछि।
4658. रचनामे उज्जर धोती आ वृद्ध स्त्री-जीवनक छवि कोन भाव जगबैत अछि?
  • संयम, वंचना आ स्मृतिक करुणा
  • राजसी वैभव
  • युद्ध-घोष
  • हास्य मात्र
सफेद वस्त्रक छवि जीवनक कटु सामाजिक अनुशासन आ स्मृति-वेदना दैत अछि।
4659. जगदानन्द झा ‘मनु’क ‘मैथिलीमे एकरूपताक अभाब’ कोन मूल समस्या उठबैत अछि?
  • मानक लेखन-रूप आ भाषिक एकरूपताक कमी
  • खेतीक दाम
  • चिकित्सा-पद्धति
  • नदीक बहाव
लेख मैथिली लेखनमे मानकता आ एकरूपता नहि रहबाक संकट पर चर्चा करैत अछि।
4660. ‘मैथिलीमे एकरूपताक अभाब’मे विकास ‘अबरुद्ध’ होएबाक बात किएक कहल गेल अछि?
  • अलग-अलग लेखन-रूप सार्वजनिक भाषा-विकासकेँ बाधित करैत अछि
  • पाठक बेसी भेल
  • गीत कम भेल
  • फोटो नहि भेटल
लेखक मानैत छथि जे एकरूपता बिना भाषा सार्वजनिक रूपमे दृढ़ नहि भऽ सकैत अछि।
4661. एकरूपता-विमर्शमे सम्पादक, प्रकाशक आ साहित्यकारक भूमिका किएक महत्त्वपूर्ण कहल गेल अछि?
  • मानक रूप स्वीकारि आगू आनबाक सामाजिक जिम्मेदारी हुनके सभपर अछि
  • ओ सभ खेती करैत छथि
  • ओ सभ नाटकक पात्र छथि
  • ओ सभ नदी रोकैत छथि
भाषाक सार्वजनिक मानक प्रचलित करबाक काज पत्र-पत्रिका आ साहित्य-जगतसँ जुड़ल अछि।
4662. लेखक भविष्यक धिया-पुताक इतिहास-पाठक चेतावनी किएक दैत छथि?
  • अक्रियता रहल तँ मैथिली जीवित व्यवहारक बदला इतिहासक विषय बनि सकैत अछि
  • इतिहास पढ़ब गलत अछि
  • बच्चा भाषा नहि सीखैत
  • कथा लिखब बन्द अछि
ई चेतावनी भाषिक उदासीनताक परिणाम गंभीर भऽ सकबाक संकेत अछि।
4663. अंक १६७क गद्य-सूचीमे ‘शेफाली...’ आ ‘मैथिलीमे एकरूपताक अभाब’ मिलि कोन व्यापक धुरी बनबैत अछि?
  • स्मृति, समाज आ भाषा-सुधार
  • केवल गीत-संग्रह
  • केवल व्यापार
  • केवल यात्रा
दू रचना निजी-सामाजिक स्मृति आ भाषिक सार्वजनिकता दुनूक प्रश्न जोड़ैत अछि।
4664. ‘शेफाली...’मे टी.भी. बहसक प्रसंग कोन बदलाव देखबैत अछि?
  • साहित्यिक स्त्री-पात्र सभ घरक स्मृतिसँ सार्वजनिक बहस धरि पहुँचैत छथि
  • गाममे बाढ़ि
  • रोजगार-योजना
  • खेतीक मेला
रचना देखबैत अछि जे पुरान कथा-पात्र सभ आधुनिक माध्यममे बहसक विषय बनैत छथि।
4665. अंक १६७क आरम्भिक गद्य-खंडक मुख्य स्वर कोन कहल जा सकैत अछि?
  • सामाजिक स्मृति, भाषिक मानक आ व्यंग्यात्मक दृष्टि
  • केवल मौसम
  • केवल खेल
  • केवल विज्ञान
गद्य-सूचीमे स्मृति-लेखन, भाषा-विमर्श, व्यंग्य आ कथा सभ मिलि सामाजिक आलोचना करैत अछि।

4666. ‘लास्ट टाइम सजेशन’मे कथक अपन असफलता बाद कोन पेशा चुनैत अछि?
  • कुंजी लिखएबला
  • किसान
  • नाविक
  • मूर्तिकार
व्यंग्यक कथक कहैत अछि जे नौकरी-बिजनेस असफल भेलापछि ओ कुंजीकार बनि गेल।
4667. ‘लास्ट टाइम सजेशन’मे पाठ्यपुस्तकक बदला सजेशन किएक लिखबाक बात अछि?
  • विद्यार्थी सजेशने माँगैत छथि
  • पुस्तक निषिद्ध अछि
  • कथा उपलब्ध नहि
  • गीत नहि चाही
व्यंग्य शिक्षा-बाजारमे गहराइला अध्ययनक बदला तैयार उत्तरक माँग पर कटाक्ष करैत अछि।
4668. ‘लास्ट टाइम सजेशन’मे नेता परिभाषित कोना कएल गेल अछि?
  • लेबा बेर आगू आ देबा बेर पाछू रहनिहार
  • सदिखन खेत जोतनिहार
  • नदी पार करबैत नाविक
  • बालकवि
ई परिभाषा सार्वजनिक सेवाक बदला स्वार्थी राजनीति पर व्यंग्य अछि।
4669. नेता आ जनता संबंध पर व्यंग्यक तेल-पानि उपमा कोन बात कहैत अछि?
  • दुनू संग देखाइत छथि मुदा वास्तविक मेल नहि
  • दुनू पूर्णतः एक छथि
  • जनता अदृश्य अछि
  • नेता अनुपस्थित अछि
तेल-पानि उपमा राजनीतिक निकटता आ वास्तविक दूरीक व्यंग्यात्मक चित्रण अछि।
4670. ‘लास्ट टाइम सजेशन’मे ठेकेदारक परिभाषा कोन सामाजिक कटाक्ष रखैत अछि?
  • बनैत चीजक नेओं कमजोर कऽ अपन नेओं मजगूत करनिहार
  • विद्यालय खोलयवला
  • गीत रचयवला
  • बालकथा लेखक
ठेकेदारक परिभाषा सार्वजनिक निर्माणमे भ्रष्ट लाभक आलोचना करैत अछि।
4671. व्यंग्य निबंधमे उच्च अधिकारीक दू काज कोन प्रकारक व्यवस्था पर चोट अछि?
  • घूस लेब आ नियम बना स्वयं तोड़ब
  • कविता पढ़ब
  • खेती करब
  • भाषा-सुधार
ई तंत्रक नैतिक विडम्बना पर सीधा व्यंग्य अछि।
4672. ‘दिव्या’क आरम्भमे गुरु-चेला खेल कोन स्थानपर देखाओल गेल अछि?
  • निर्मली स्टेशनक पाछू रेल परिसरमे
  • मन्दिरक गर्भगृहमे
  • नदीक धारमे
  • विद्यालयक कक्षामे
कथा गुरु-चेलाक लोक-खेलक दृश्यसँ खुलैत अछि।
4673. ‘दिव्या’मे चेला अपनाकेँ कोन कामसँ जोड़ि बरही गाममे पहुँचल बतबैत अछि?
  • समदिया/खबरि जुटाबक काम
  • राजा बनबाक काम
  • खेती बेचबाक काम
  • कविता प्रतियोगिता
चेला बतबैत अछि जे ओ इंटरनेट पत्रिकाक खबरि जुटाबक समदिया रूपमे नेपालक दौरापर अछि।
4674. बृषेश चन्द्र लालक हिमपात-कविता अंक १६७मे कोन अनुभवक चित्र दैत अछि?
  • पहिल बेर हिमपात देखब, छूब आ भोगब
  • गर्मी ऋतु
  • चुनाव केन्द्र
  • कथा-पाठ
कविता श्वेत पुष्प-रेणु, धरतीक निर्मल चादरि आ बसन्त-संकेतसँ हिमपातक अनुभव रचैत अछि।
4675. कुन्दन कुमार कर्णक गजल अंक १६७मे कोन चेतावनीक भाव रखैत अछि?
  • मिठगर बोली आ प्रेम-जालमे फँसबाक सावधानी
  • नदी रोकब
  • विद्यालय बन्द
  • सत्ता बदलब
गजल मधुर वचन, मुस्की आ प्रेम-जालक भीतरक धोखाक प्रति सजगता रखैत अछि।

4676. अंक १६८मे दुर्गानन्द मण्डलक ‘छुतहरि’ कोन सामाजिक प्रश्नक पुनर्पाठ करैत अछि?
  • विधवा/छुआछुत आ समाजक कठोरता
  • कृषि-दर
  • बाल-खेल
  • गीत-लय
‘छुतहरि’ समाजमे स्त्री, विधवापन आ अशुद्धि-बोधक अमानवीयता पर चोट करैत अछि।
4677. ‘छुतहरि’क कथात्मक असर पाठकपर कोना पड़ैत अछि?
  • समाजक पकड़ आ चुप्पी पर आत्मालोचन जगबैत अछि
  • केवल मनोरंजन
  • केवल हास्य
  • केवल दृश्य-वर्णन
कथाक अन्तःस्वर ई प्रश्न करैत अछि जे समाजक पकड़ अखनो गहिर अछि।
4678. कपिलेश्वर राउतक ‘बड़का खीरा’क आरम्भमे करियाकाकाक परिवारक खुशीक कारण की अछि?
  • तीन बेटीपछि बेटा जन्म
  • नव चुनाव
  • नदी-बाँध
  • विद्यालय पुरस्कार
कथा जुगुत लालक जन्म आ परिवारक पहिल पुत्र-उत्सवसँ शुरू होइत अछि।
4679. ‘बड़का खीरा’मे पमरिया सभ छठियारक दिन किएक अबैत छथि?
  • बेटा जन्मक बधैया-गीत आ सोहर गाबए
  • कर वसूल करए
  • चुनाव करए
  • नाटक देखए
पमरिया ढोलकी-कठझालि संग अँगनामे बधैया, सोहर आ समदौन गाबैत छथि।
4680. ‘बड़का खीरा’मे ‘पत्थरपर दूभि जनमल’ उपमा कोन मानसिकता खोलैत अछि?
  • बेटा जन्मकेँ अत्यन्त दुर्लभ सौभाग्य मानबाक सामाजिक दृष्टि
  • बेटी सम्मान
  • नदीक कटाव
  • संगीत-शास्त्र
पुत्र जन्मकेँ असाधारण वरदान मानि भोज-भातक सलाह देल जाइत अछि।
4681. करियाकाका बेटा-जन्मपर साधु-संत आ पड़ोसीकेँ किएक नेौतैत छथि?
  • बच्चाक आशीर्वाद लेल
  • ऋण-वसूली लेल
  • प्रचार लेल
  • चित्र बनबए लेल
गामक सलाह अनुसार भोज-भात आ आशीषक परम्परा निभाओल जाइत अछि।
4682. ‘बड़का खीरा’मे जुगुत लाल नाम कोन प्रसंगमे रखल जाइत अछि?
  • छठियारक विधि-पश्चात दादी-दादी द्वारा
  • विद्यालय नामांकनमे
  • नदी यात्रामे
  • अस्पताल रिपोर्टमे
छठियारक विधि-बेवहारक बाद बच्चाक नाम जुगुत लाल रखल जाइत अछि।
4683. करियाकाकाक खेत-जीवन कोना चित्रित अछि?
  • एक बीघा खेत, पुरान ढंगक खेती आ सीमित संसाधन
  • विशाल उद्योग
  • शहरी नौकरी
  • राजकीय पद
कथा परिवारक खुशीक संग सीमित खेत-पथार आ आर्थिक यथार्थ सेहो देखबैत अछि।
4684. ‘बड़का खीरा’क आरम्भ पर संपादकीय आलोचना ककरा प्रश्नांकित करैत अछि?
  • पुरुखक भाग आ स्त्रीक चरित्र बला कहबीक अंधविश्वासी ढाँचा
  • बेटी शिक्षा
  • भाषा मानक
  • बाल कविता
आलोचनामे कहल गेल जे कथाक आरम्भ पुरान ब्राह्मणवादी/अंधविश्वासी कहबीसँ ग्रस्त अछि।
4685. अंक १६८मे ‘छुतहरि’ आ ‘बड़का खीरा’ मिलि कोन सामाजिक धरातल बनबैत अछि?
  • जाति-छुआछुत, लिंग-मान्यता, अंधविश्वास आ पारिवारिक संस्कार
  • केवल प्रेमगीत
  • युद्ध कथा
  • विज्ञान लेख
दू रचना समाजक गहिरे पैठल रूढ़ि आ परिवारक संरचना पर विचार करबैत अछि।

4686. ‘निरपेक्ष-गुट-निरपेक्ष’मे कथक अपनाकेँ ककरा संग नहि जोड़बाक आग्रह करैत अछि?
  • कोनो वस्तु/पक्षसँ
  • केवल नदीसँ
  • केवल खेतसँ
  • केवल विद्यालयसँ
व्यंग्यक कथक ‘निरपेक्ष’ रहबाक दावा करैत अछि आ कोनो पक्षसँ जोड़ल नहि जाएबाक आग्रह करैत अछि।
4687. व्यंग्य निबंधमे ‘निरपेक्ष’ रहबाक दावा कोन प्रकारक दोहरापन खोलैत अछि?
  • लोक सिद्धान्तक बात करैत छथि मुदा सुविधा अनुसार पक्ष बदलैत छथि
  • सभ लोक समान रहैत छथि
  • कोनो राजनीति नहि
  • कथा बालक लेल अछि
निबंध पलटि जाएबाक सामाजिक-राजनीतिक प्रवृत्ति पर कटाक्ष करैत अछि।
4688. ‘निरपेक्ष-गुट-निरपेक्ष’मे प्रगतिशील लोकक बेटी-प्रेम-विवाह विरोधक उदाहरण किएक देल गेल अछि?
  • विचार आ व्यवहारक विरोधाभास देखाबए
  • विवाहक प्रशंसा लेल
  • खेती-वर्णन लेल
  • संगीतक ताल लेल
ई उदाहरण बतबैत अछि जे किताबक प्रगतिशीलता घरक निर्णयमे कतेक बेर टूटि जाइत अछि।
4689. ओम प्रकाश झाक ‘बेटीक बिआह’मे देवकांतक सामाजिक दृष्टि कोन अछि?
  • बेटा-बेटीमे अन्तर नहि करब
  • बेटीकेँ पढ़ए नहि देब
  • केवल बेटाक शिक्षा
  • धियाकेँ भार मानब
देवकांत दुनू सन्तानकेँ समान रूपेँ पढ़ाबैत छथि।
4690. ‘बेटीक बिआह’मे सुलेखाक शिक्षा आ रोजगार कोन स्त्री-सशक्तता देखबैत अछि?
  • नीक संस्थानसँ पढ़ि प्राइभेट कम्पनीमे नौकरी
  • घरमे बन्द
  • विद्यालय छोड़ब
  • खेती मात्र
सुलेखा पढ़ल-लिखल आ आत्मनिर्णयी स्त्री-पात्र रूपमे आबैत अछि।
4691. देवकांत योग्य वर खोजैत समय कोन समस्या सँ ठोकर खाइत छथि?
  • बेवस्था/दहेजक भयावह माँग
  • बरक पढ़ाइ नहि
  • बर नहि भेटब
  • संगीतक अभाव
सुलेखाक योग्यताक बावजूद विवाह-बाजार दहेजक माँगसँ दूषित देखाओल अछि।
4692. सुलेखा अपन माएकेँ कोन इच्छा बतबैत अछि?
  • सहकर्मी हेमंतसँ बिआह करबाक
  • नोकरी छोड़बाक
  • विदेश पढ़बाक
  • गाम नहि अबबाक
ओ दहेज-बाजारक विकल्प रूपमे अपन सहकर्मी हेमंतसँ विवाहक प्रस्ताव रखैत अछि।
4693. ‘बेटीक बिआह’क केन्द्रीय प्रतिरोध कोन अछि?
  • दहेजक दबावक विरुद्ध शिक्षित स्त्रीक आत्मनिर्णय
  • नदी-बाँध
  • राजा-रानी कथा
  • बालगीत
कथा दहेज-संकट आ स्त्रीक निर्णय-स्वातंत्र्य केँ जोड़ैत अछि।
4694. बिन्देश्वर ठाकुर आ आन पद्य-खंड अंक १६८मे कोन व्यापकता जोड़ैत अछि?
  • गजल, कविता, कता आ बाल गजल सहित विविध पद्य-विधान
  • केवल रिपोर्ट
  • केवल नाटक
  • केवल व्याकरण
अंक १६८क पद्य-खंडमे अनेक कवि आ विधा सम्मिलित छथि।
4695. अंक १६८क सामूहिक साहित्यिक स्वर की कहल जा सकैत अछि?
  • रूढ़ि-विरोध, दहेज-विमर्श, व्यंग्य आ पद्य-विविधता
  • केवल धार्मिक सूची
  • सिर्फ व्यापार
  • केवल यात्रा-वर्णन
गद्य-पद्य मिलि सामाजिक रूढ़ि, दहेज, विचारक पाखंड आ काव्यिक अभिव्यक्ति पर केन्द्रित अछि।

4696. अंक १६९ कोन साहित्यिक व्यक्तित्व पर विशेष केन्द्रित अछि?
  • काशीकांत मिश्र ‘मधुप’
  • देवकांत
  • झुमकी
  • सोमेश
अंक १६९ मधुपजीक जीवन, कृति, गीत, कविता आ विचार पर केन्द्रित विशेषांक अछि।
4697. काशीकांत मिश्र ‘मधुप’क ‘राधाविरह’ कोन रूपमे चिन्हित अछि?
  • महाकाव्य
  • लघुकथा
  • नाटक
  • बालगीत
संपादकीय विवरणमे ‘राधाविरह’ मधुपजीक महाकाव्य रूपमे उल्लिखित अछि।
4698. मधुपजी ‘झंकार’ कवितासँ कोन प्रकारक आह्वान करैत छथि?
  • क्रान्ति गीतक आह्वान
  • मौसम-वर्णन
  • बालक खेल
  • कर-वसूली
परिचयमे ‘झंकार’ केँ क्रान्ति गीतक आह्वानसँ जोड़ल गेल अछि।
4699. ‘घसल अठन्नी’क लोकप्रियता कोन कारणसँ बताओल गेल अछि?
  • कथ्य आ शिल्प-संवेदना दुनू स्तर पर तीव्र प्रभाव
  • केवल शीर्षक
  • केवल लय
  • केवल अनुवाद
लेखमे ‘घसल अठन्नी’क कथ्य आ शिल्प-संवेदना, दुहू स्तर पर लोकप्रियता बताओल अछि।
4700. मधुपजीक कवितामय चिट्ठी कोन स्वरूपक सामग्री रूपमे देल गेल अछि?
  • अप्रकाशित पद्य-चिट्ठी
  • नाटक संवाद
  • कृषि रिपोर्ट
  • बाल पहेली
अंकमे मधुपजीक कवितामय चिट्ठी अप्रकाशित पद्य-सामग्री रूपमे प्रस्तुत अछि।
4701. ‘घसल अठन्नी : एकटा विमर्श’ अनुसार साहित्यक मुख्य उद्देश्य कोन अछि?
  • मनुखमे मनुखताक अर्थ ताकब
  • केवल अलंकार सजाब
  • पुरस्कार लएब
  • मेला लगाब
विमर्श साहित्यकेँ प्रकृति आ मनुष्यक संवेदनासँ जोड़ि मनुष्यता खोजबाक माध्यम मानैत अछि।
4702. ‘घसल अठन्नी’क रचना-प्रेरणा लेखमे कोन स्थितिसँ जोड़ल गेल अछि?
  • समयक विस्मयकारी यथार्थ आ पीड़ित जनक वेदना
  • केवल राजदरबार
  • चित्रकला
  • नदीक नाव
लेख कहैत अछि जे कवि ओहि यथार्थसँ मर्माहत भऽ पीड़ा जनमानसक सोझा आनैत छथि।
4703. ‘घसल अठन्नी’ विमर्शमे बुचनी कोन वर्गक प्रतीक रूपमे उभरैत अछि?
  • शोषित-पीड़ित जन
  • राजा
  • व्यापारी
  • गायक
बुचनीक माध्यमे शोषित, पीड़ित जीवनक मार्मिक चित्रण देखाओल गेल अछि।
4704. विमर्शमे भुटकुन बाबू आ मखना सन बिम्ब कोन संरचना देखबैत अछि?
  • शोषक वर्ग आ भटकल प्रजावर्गक टकराव
  • बाल-मित्रता
  • देव-पूजन
  • विद्यालय परीक्षा
लेख शोषक-पीड़ित सम्बन्धकेँ पात्र-बिम्बक माध्यमे पढ़ैत अछि।
4705. अंक १६९क मधुप-विशेषांकक आरम्भिक पहचान कोन अछि?
  • प्रकृति-प्रेम, क्रान्ति-स्वर, जन-संवेदना आ काव्य-लोकप्रियता
  • केवल भोज-सूची
  • व्यापारिक सूचना
  • फोटो-संग्रह
विशेषांक मधुपजीकेँ प्रकृति, जन-पीड़ा, गीत आ क्रान्ति-संवेदना संग चिन्हित करैत अछि।

4706. ‘जन-चेतनाक स्वर वाहक मधुप’ लेख मधुपजीक कविताक केन्द्रमे ककरा राखैत अछि?
  • वंचित-उपेक्षित वर्ग आ ओकर मानसिक पीड़ा
  • राजसी विलास
  • केवल प्रकृति-चित्र
  • विद्यालय नियम
लेख मधुपजीक काव्यक केन्द्र वंचित समाज आ ओकर पीड़ा मानैत अछि।
4707. लेख अनुसार मधुपजी सामंती व्यवस्था विरुद्ध कोन हथियार बनौलनि?
  • शब्द
  • तलवार
  • धन
  • नौका
ओ शब्दकेँ हथियार बना समाजिक विसंगति कागजपर अनलथि।
4708. ‘जन-चेतनाक स्वर वाहक मधुप’मे मधुपजीक गीतक महत्त्व की अछि?
  • राग-लय-तालक संग प्रगतिशील चेतना सम्भव करब
  • संगीतक विरोध
  • केवल दरबारी गीत
  • बालकथा
लेख कहैत अछि जे गीतोमे ओ सामाजिक उत्पीड़न आ जीवन-विसंगति आनलथि।
4709. ‘मधुपजी हमरा किएक मन पडैत छथि’ लेख मधुपजीक स्मरणक असली कारण कोन बतबैत अछि?
  • हुनक लोकगीत जे जन-जनक कंठमे बहैत छल
  • केवल व्यक्तिगत परिचय
  • राजनीतिक पद
  • यात्रा-वर्णन
लेखक कहैत छथि जे मधुपजी हुनका लोकगीतक कारण बेसी मोन पड़ैत छथि।
4710. मधुपजीक लोकगीत-रुचि विद्यापतिक कोन परंपरासँ जोड़ल गेल अछि?
  • जन-बोनिहार आ आइ-माइ धरि पहुँचनिहार लोकभाषा
  • केवल पंडित-ग्रंथ
  • दरबारक भाषा
  • न्यायालयी भाषा
लेख मधुपजीकेँ लोकक कंठमे बसनिहार काव्य-परंपरासँ जोड़ैत अछि।
4711. ‘मधुपक गीत अमर, मिथिलामे’ लेख अनुसार मधुपजीक गीत सभ कोन लोकप्रिय माध्यमक भास पर सेहो रचल गेल?
  • सिनेमाक गीतक भास
  • सैन्य घोष
  • नदी-नापी
  • कर-रजिस्टर
लेख बतबैत अछि जे सिनेमाक धुन/भास पर मैथिली गीत लिखि ओ लोकप्रियता बढ़ौलथि।
4712. ‘मधुपक गीत अमर’मे मधुपजीक गीतक मुख्य चारि वर्ग कोन-कोन कहल गेल?
  • श्रृंगार, करुणा, भक्ति, सामाजिक सरोकार
  • गद्य, नाटक, रिपोर्ट, पत्र
  • खेती, व्यापार, कर, यात्रा
  • राजा, मंत्री, सेना, थाना
गीत-वर्गीकरणमे श्रृंगार, करुणा, भक्ति आ सामाजिक सरोकारक गीत देल गेल अछि।
4713. ‘घसल अठन्नी’मे दलित चेतना’ लेख मधुपजीक प्रतिभाकेँ कोन विशेषणसँ रेखांकित करैत अछि?
  • जन्मजात सारस्वत प्रतिभा आ आशुकवि स्वभाव
  • सैनिक
  • व्यापारी
  • वैद्य
लेख मधुपजीकेँ जन्मजात प्रतिभासम्पन्न आ आशुकवि रूपमे देखैत अछि।
4714. दलित चेतना लेख मधुपजीक प्रकाशित कृतिसमूहकेँ कोन ढंगसँ वर्गीकृत करैत अछि?
  • महाकाव्य, गीतकाव्य, मुक्तक, कथाकाव्य, संस्मरण, प्रशस्ति, अनुवाद
  • केवल कथा
  • केवल नाटक
  • केवल समाचार
लेख सुविधाक लेल हुनक कृतिसभकेँ अनेक विधागत वर्गमे बाँटैत अछि।
4715. ‘नियंत्रित पूँजी आ मधुपजीक मार्क्सवाद’ लेख कोन पाखंड पर चोट करैत अछि?
  • विचारधाराकेँ कैरियर/फैशन बना लेनिहार छद्म प्रगतिशीलता
  • लोकगीत-लेखन
  • बालकथा-पाठ
  • नदी-पूजन
लेख तथाकथित प्रगतिशीलता आ धन-संचयक विरोधाभास पर व्यंग्यात्मक आलोचना करैत अछि।

4716. अंक १७०क गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक कोन रूपक योगदान देल गेल अछि?
  • दूटा लघु कथा
  • दीर्घ महाकाव्य
  • केवल गीत
  • नाटक
गद्य-सूचीमे जगदीश प्रसाद मण्डलक दूटा लघु कथा देल गेल अछि।
4717. डॉ. शिव कुमार प्रसादक ‘सखारी-पेटारी केर तानी-भरनी’ आधुनिक कथा-साहित्यक कोन सीमा बतबैत अछि?
  • केवल संख्यात्मक विस्तार पर्याप्त नहि
  • कथा लिखब वर्जित
  • कविता समाप्त
  • नाटक सर्वोपरि
लेख कहैत अछि जे कथा-संख्या बढ़लासँ मात्र साहित्यक गहराई नहि बढ़ैत।
4718. ‘सखारी-पेटारी केर तानी-भरनी’ अनुसार नीक कथा लेल कोन गुण जरूरी अछि?
  • भाषा-भावक तालमेल, जीवंतता, दीर्घजीविता आ जीवन-बिम्ब
  • केवल नाम
  • फोटो-सजावट
  • व्यापारिक मूल्य
लेख कथा लेल जीव-जगतक गहराइ, भाषा-भावक मेल आ दीर्घजीवन आवश्यक मानैत अछि।
4719. समीक्षा ‘सखारी-पेटारी’ बिम्बक माध्यमे कोन घरेलू-सांस्कृतिक वस्तु खोलैत अछि?
  • सखारी-पेटारीमे साँठल बौस/वस्तु-जात
  • मतदान पेटी
  • नदीक बालु
  • विद्यालय रजिस्टर
समीक्षा सखारी-पेटारी खोलब-साँठबक घरेलू सांस्कृतिक बिम्बसँ कथा-संग्रह पढ़ैत अछि।
4720. ‘सखारी-पेटारी’ समीक्षा अनुसार आधुनिकताक चोला मात्रसँ कथा किएक जीवित नहि रहि सकैत?
  • जीवनक उहापोह, यथार्थ आ कलात्मक गठन चाही
  • शीर्षक नहि चाही
  • कथा बहुत छोटी हो
  • गीत नहि हो
समीक्षा कथा-मूल्यकेँ शब्दाडम्बरक बदला जीवन-गहराईसँ जोड़ैत अछि।
4721. ललन कुमार कामतक ‘किछु लघु कथा’मे ‘मदन-अमर’क आरम्भ कोन पारिवारिक स्थिति सँ होइत अछि?
  • इलाहाबादक प्रोफेसर रमणजी, हुनक बेटा मदन आ बेटी मीरा
  • राजा आ मंत्री
  • किसान आ महाजन
  • नदी आ नाविक
कथा रमणजीक परिवार, मदन-मीरा आ नानी-गाम कोयलखक प्रसंगसँ शुरू होइत अछि।
4722. ‘मदन-अमर’मे मदन नानी-गाममे कोन ग्रामीण खेलसँ परिचित होइत अछि?
  • कबड्डी आ हाथी-चुक्का
  • शतरंज मात्र
  • नौका-दौड़
  • धनुष-यज्ञ
शहरी बालक मदन गामक धिया-पुतासँ कबड्डी आ हाथी-चुक्का खेलैत अछि।
4723. ‘मदन-अमर’मे अमरक घरक आर्थिक-पारिवारिक स्थिति कोना देखाओल गेल अछि?
  • फूसक घर, सीमित खेत, बाबूजी दिल्लीक दाल मिलमे
  • महल आ सेना
  • बड़ उद्योग
  • विदेशी राजदूत
अमरक परिवार सीमित जमीन, फूसक घर आ प्रवासी श्रमसँ जुड़ल अछि।
4724. राम विलास साहुक ‘अबिसवास’मे नूनू बाबूक बेटीक विवाह कोन संकटमे फँसल अछि?
  • दहेजक बाँकी रकम आ लोभी वर-पिता
  • नदीक बाढ़ि
  • विद्यालय परीक्षा
  • यात्रा विलम्ब
कथा विवाहसँ पहिने बँकियौता रकम लेल दवाब देबयवला लोभी पक्षक चित्रण करैत अछि।
4725. ‘अबिसवास’मे नूनू बाबूक मनपर समाद सुनलापर कोन असर होइत अछि?
  • देहपर वज्र खसल-जकाँ आ गहिर चिंता
  • आनन्द
  • नाच
  • यात्रा
ब्याहसँ ठीक पहिने दहेज-समाद नूनू बाबूकेँ संकटमे धकेलि दैत अछि।

4726. फागुलाल साहुक ‘माइक डाँट’ कोन जीवन-अनुभव सँ शुरू होइत अछि?
  • बचपनमे पढ़ाइ छोड़ि संगतुरिया संग खेलबाक आदत
  • राजदरबार
  • नदीक बाढ़ि
  • सैनिक प्रशिक्षण
कथक बच्चाक रूपमे विद्यालय पहुँचबाक बदला खेलैत रहि जाइत अछि।
4727. ‘माइक डाँट’मे माएक डाँट पछाति ककर महत्त्वक बोध बनैत अछि?
  • पढ़ाइ आ जीवन-सुधार
  • मेला
  • कर-वसूली
  • नदी यात्रा
कथा माएक कठोरता भीतरक शिक्षा-संरक्षणक अर्थ देखबैत अछि।
4728. ‘लिटरेचर फेस्टीभल’ व्यंग्य कोन साहित्यिक प्रवृत्ति पर कटाक्ष करैत अछि?
  • पुरस्कार-दावेदारी, जूरी-संबंध आ छिपल लाभ
  • बाल-पाठ
  • नदी-पूजन
  • खेतीक पद्धति
व्यंग्य साहित्यिक आयोजनक दिखावटी आदर्शक भीतरक लेन-देन आ लाभ पर चोट करैत अछि।
4729. व्यंग्य निबंधमे ‘फिफ्टी-फिफ्टी’ व्यवस्था कोन बातक प्रतीक अछि?
  • तों हमरा दे, हम तोरा देब — परस्पर स्वार्थ-संरचना
  • समान शिक्षा
  • संगीत-ताल
  • दू मित्रक खेल
ई उपमा साहित्यिक अवसरवाद आ पारस्परिक लाभक चक्र पर कटाक्ष अछि।
4730. नन्द विलास राय केर ‘किछु लघु कथा’ अंक १७०मे कोन गद्य-विविधता बढ़बैत अछि?
  • लघुकथा-समूहक रूपमे अनेक सामाजिक प्रसंग
  • केवल गीत
  • केवल चित्र
  • केवल यात्रा
गद्य-सूचीमे अनेक लेखकक लघुकथा-समूह अंकक कथा-विस्तार बढ़बैत अछि।
4731. प्रणव झाक ‘तेसर प्रण’क अन्तमे राघव ककरा पर्स वापस दैत अछि?
  • बाबूजीकेँ
  • गुरुजीकेँ
  • नेताकेँ
  • मित्रकेँ
कथा अन्तमे राघव अपन अपराध-बोधसँ मुक्त होइत बाबूजीकेँ पर्स देबाक प्रसंग रचैत अछि।
4732. ‘तेसर प्रण’मे राघवक नोर कोन भावक चिन्ह अछि?
  • ग्लानि, स्वीकार आ मुक्ति
  • केवल डर
  • व्यापारिक हानि
  • खेलक हार
राघव बाबूजीसँ लिपटि पुरान घटना सुनबैत अछि; ओकर नोर अपराध-बोध धुलबाक संकेत अछि।
4733. चित्रा अंशुक ‘अस्तित्वकेँ चिन्हू’ शीर्षक कोन प्रकारक चेतना जगबैत अछि?
  • अपन पहचान आ अस्तित्वक बोध
  • दहेज-मोल
  • व्यापार
  • राज्य-कर
शीर्षक स्वयं पहचान, स्वत्व आ अस्तित्वक चिन्ता दिस संकेत करैत अछि।
4734. उमेश मण्डलक ‘गामक देश भारत बेस’ कविता कोन एकता-विचार पर बल दैत अछि?
  • नदी, काज, धर्म, गाम अनेक मुदा लक्ष्य/मर्म एक
  • भाषा त्याग
  • गामक विरोध
  • केवल बाजार
कविता विविधताक बीच साझा लक्ष्य, मर्म, राष्ट्र आ भायचारा पर बल दैत अछि।
4735. ‘भेटत मजूर कतऽ — मिथिलाकेर बच्चा’ बाल-पद्य कोन सामाजिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • मिथिलामे उद्योग/धंधाक कमी आ पलायन
  • केवल खेल
  • कथा-शिल्प
  • गीतक छंद
कविता पूछैत अछि जे विकास-भाषण बीच मिथिलाक बच्चा मजूरी लेल बाहर किएक जाए।

4736. अंक १७१क संपादकीयमे तिरहुत साहित्य सम्मानक प्रसंग ककर पोथीसँ जुड़ल अछि?
  • योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क ‘विज्ञानक बतकही’
  • उमेश मण्डलक ‘निश्तुकी’
  • राजदेव मण्डलक ‘अम्बरा’
  • ज्योति सुनीत चौधरीक ‘देवीजी’
संपादकीयमे हैदराबादक संस्था द्वारा योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’केँ ‘विज्ञानक बतकही’ लेल सम्मान देल जाएबाक उल्लेख अछि।
4737. अंक १७१क संपादकीयमे गंकी धुस्वाँ बसुन्धरा पुरस्कारक मैथिली संदर्भ ककरा देल जाएबाक बात कहल गेल?
  • रामभरोस कापड़ि भ्रमर
  • काशीकांत मिश्र ‘मधुप’
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • बेचन ठाकुर
संपादकीयमे रामभरोस कापड़ि भ्रमरकेँ ई पुरस्कार देल जाएबाक सूचना देल गेल अछि।
4738. अंक १७१मे पाठक-मतक आधारपर कोन विशेषांकक योजना प्रमुख रूपसँ सामने आबैत अछि?
  • अरविन्द ठाकुर विशेषांक
  • केवल बालगीत विशेषांक
  • केवल चित्रकला विशेषांक
  • केवल यात्रा विशेषांक
संपादकीय कहैत अछि जे पाठक मतक बहुलता अरविन्द ठाकुरक पक्षमे आयल, तेँ हुनक विशेषांकक योजना बनल।
4739. अंक १७१क संपादकीयमे जगदीश चंद्र ठाकुर ‘अनिल’ विशेषांकक निर्णय कियेक उल्लेखनीय अछि?
  • पाठक मतक सम्मान करैत उम्र-सीमा बावजूद योजना बनल
  • ओहिमे केवल विज्ञापन राखल गेल
  • ओ खेल-कूद अंक छल
  • ओ पन्ना-संख्या पर आधारित छल
संपादकीय पाठकीय मतकेँ महत्त्व दैत ‘अनिल’ विशेषांकक योजना सेहो बतबैत अछि।
4740. कीर्तिनाथ झाक पाठकीय प्रतिक्रिया मधुपजी विशेषांकक संबंधमे कोन अपेक्षा रखैत अछि?
  • पूर्ववर्ती पीढ़ीक रचना नव पीढ़ी धरि पहुँचे
  • साहित्यिक रचना हटाओल जाए
  • गीतक बदला केवल गणित हो
  • कथा सभ बंद हो
प्रतिक्रिया मधुपजीक मूल रचना उपलब्ध कराएबाक महत्त्व पर बल दैत अछि जाहिसँ नव पाठक निर्णय कऽ सकथि।
4741. अंक १७१मे ज्योतिक कविताक प्रतिक्रिया मे लमनचुस आ कृष्णभोग आमक प्रसंग कोन भाव जोड़ैत अछि?
  • बीतल सांस्कृतिक स्वाद आ स्मृति
  • नदी-नापी
  • औद्योगिक कर
  • न्यायालयी प्रक्रिया
प्रतिक्रिया पुरान स्वाद-स्मृतिकेँ कविताक आकर्षणसँ जोड़ैत अछि।
4742. अंक १७१क पाठकीय संवादक एक प्रमुख गुण की अछि?
  • रचना पर खुला आलोचनात्मक संवाद
  • केवल सूचना-सूची
  • केवल मूल्य-सूची
  • केवल यात्रा-समय
अंकमे पाठक सभ पूर्वांकक रचना, विशेषांक, अशुद्धि आ नव स्वर पर विमर्श करैत छथि।
4743. संपादकीयमे ‘विदेहक उद्देश्य समानांतर चलब’ विचार कोन भाव रखैत अछि?
  • साहित्य आ जीवन दुनूमे स्वतंत्र-समांतर दृष्टि
  • केंद्रित राजदरबारी शैली
  • केवल अनुवाद बंद करब
  • रचना-विहीनता
ई वाक्य विदेहक वैकल्पिक, स्वतंत्र आ जीवंत साहित्यिक मंच होएबाक संकेत अछि।
4744. अंक १७१क संपादकीय वातावरण कोना बुझाइत अछि?
  • सम्मान-सूचना, पाठकीय आलोचना आ विशेषांक-योजना मिलल-जुलल
  • केवल मौसम समाचार
  • केवल विज्ञापन
  • केवल परीक्षा-तालिका
संपादकीय खंड साहित्यिक सम्मान, पाठक-प्रतिक्रिया आ भविष्यक अंकक योजना सभकेँ साथ राखैत अछि।
4745. अंक १७१मे पाठकीय प्रतिक्रियाक उपयोग संपादकीय निर्णयमे कोना देखाइत अछि?
  • पाठक मत विशेषांक-चयनक आधार बनैत अछि
  • मत पूर्णतः अनदेखा कएल गेल
  • मत केवल हास्य लेल छपल
  • मत कृषि-सूची बनल
संपादकीय स्पष्ट करैत अछि जे पाठक मतकेँ सम्मान दैत आगामी विशेषांकक निर्णय लेल गेल।

4746. अंक १७१क गद्य-सूचीमे राजदेव मण्डलक ‘लाज’ कोन विधामे देल गेल अछि?
  • एकांकी
  • गजल
  • दीर्घ उपन्यास
  • बालगीत
सूचीमे ‘लाज’ स्पष्ट रूपेँ एकांकीक रूपमे अंकित अछि।
4747. ‘लाज’ शीर्षक एकांकी अंक १७१क गद्य-खंडमे कोन तरहक विधागत विविधता जोड़ैत अछि?
  • नाट्यरूपक उपस्थिति
  • केवल गीत-संग्रह
  • इतिहासक तालिका
  • चिट्ठी-पत्र
एकांकी गद्य-खंडमे कथा-समीक्षा संग नाट्यरूप सेहो जोड़ैत अछि।
4748. अंक १७१मे जगदीश प्रसाद मण्डलक योगदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • दूटा लघु कथा
  • संगीत-नाटक
  • चित्र-वर्णन
  • यात्रा-डायरी
गद्य-सूचीमे हुनक दूटा लघुकथा देल गेल अछि।
4749. अंक १७१क ‘फर्क’ कोन विधागत स्वर सूचित करैत अछि?
  • व्यंग्य निबंध
  • भक्ति गीत
  • बाल नाटक
  • यात्रा-वृत्तान्त
सूचीमे ‘फर्क’केँ व्यंग्य निबंध कहल गेल अछि।
4750. ‘आसे आसमे जिनगी’ शीर्षक विहनि कथा कोन अनुभूति दिस संकेत करैत अछि?
  • प्रतीक्षा आ आशापर टिकैत जीवन
  • केवल युद्ध
  • दुकानक हिसाब
  • नदी-मापन
शीर्षक स्वयं आशा आ प्रतीक्षाक जीवन-बोध दिस संकेत करैत अछि।
4751. सुकोसुत शिशिरक ‘पड़िकल जम’ अंक १७१मे कोन खंडमे राखल गेल अछि?
  • पद्य
  • गद्य
  • बालानां कृते
  • संपादकीय
अंकक सूचीमे ‘पड़िकल जम’ पद्य-खंडमे अछि।
4752. प्रणव झाक ‘हे मिथिलानी आब जागु अहूँ’ शीर्षक कोन प्रकारक जागरण-स्वर रखैत अछि?
  • मिथिलानी केँ सक्रिय होएबाक आह्वान
  • केवल निद्रा-वर्णन
  • बाजार-दर
  • खेल-कूद
शीर्षक मिथिलानीकेँ जागरण, सक्रियता आ सामाजिक चेतना दिस बोलबैत अछि।
4753. बिनीत कुमार ठाकुरक तीन कविता अंक १७१मे कोन तरहक योगदान अछि?
  • नव कवितात्मक स्वरक उपस्थिति
  • लेखा-जोखा
  • नाटकक निर्देश
  • भूगोल-तालिका
पद्य-खंडमे तीन कविता द्वारा नव कवि-स्वरक प्रवेश देखाइत अछि।
4754. अंक १७१क बालानां कृते खंडमे ‘चन्दाक धन्धा’ कोन पाठक-वर्ग लेल अछि?
  • बाल पाठक
  • केवल शोधार्थी
  • केवल किसान
  • केवल अभिनेता
‘बालानां कृते’ खंड बाल पाठक लेल रचनासभ प्रस्तुत करैत अछि।
4755. अंक १७१क समग्र रचना-संयोजन कोन रूपमे देखल जा सकैत अछि?
  • एकांकी, लघुकथा, व्यंग्य, विहनि कथा, पद्य आ बाल रचना सभक मिश्रण
  • केवल इतिहास
  • केवल उपन्यास
  • केवल सूचना
गद्य-पद्य-बाल खंड मिलि अंककेँ बहुविध साहित्यिक स्वरूप दैत अछि।

4756. अंक १७२क गद्य-खंडमे राजदेव मण्डलक ‘जल भँवर’ कोन विधामे प्रस्तुत अछि?
  • उपन्यास
  • गजल
  • बालगीत
  • एकांकी
सूचीमे ‘जल भँवर’क विधा उपन्यास देल गेल अछि।
4757. ‘जल भँवर’ शीर्षक कोन प्रकारक बिम्बक संकेत दैत अछि?
  • जल, खिंचाव आ उलझनक गहिरा चक्र
  • सादा पुरस्कार-सूची
  • केवल परीक्षा
  • गीतक ताल
शीर्षकमे जल-भँवरक बिम्ब संघर्ष, फँसाव आ कथा-गहराइ संकेत करैत अछि।
4758. अंक १७२मे ‘चौरचनक दही’ ककर लघुकथा रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • अशरफ राईन
  • पल्लवी मण्डल
  • किशन कारीगर
गद्य-सूचीमे ‘चौरचनक दही’ जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा अछि।
4759. ‘चौरचनक दही’ शीर्षक कोन सांस्कृतिक धरातल खोलैत अछि?
  • लोकपर्व आ खाद्य-संस्कार
  • सैन्य अभ्यास
  • न्यायालयी बहस
  • समुद्री यात्रा
चौरचन आ दहीक संग लोकपर्व, अर्घ्य, खाद्य आ ग्रामीण संस्कारक संबंध बनैत अछि।
4760. अंक १७२क ‘मेक इन मिथिला भाग-१’ कोन विधामे छपल अछि?
  • व्यंग्य निबंध
  • दीर्घ गीत
  • बाल कहानी
  • धार्मिक अनुष्ठान
सूचीमे एकरा व्यंग्य निबंध कहल गेल अछि।
4761. ‘मेक इन मिथिला’ शीर्षक आधुनिक नारा केँ कोन दिशामे मोड़ैत अछि?
  • मिथिला-केंद्रित सामाजिक-आर्थिक व्यंग्य
  • केवल मौसम-वर्णन
  • गुप्तचर कथा
  • युद्धक आख्यान
शीर्षक आधुनिक विकास-नारा केँ मिथिला संदर्भमे व्यंग्यात्मक ढंगसँ रखैत अछि।
4762. अंक १७२मे नन्द विलास राय केर ‘सभसँ बड़का भीआइपी गेस्ट’ कोन प्रवृत्ति पर कटाक्ष करबाक संभावना रखैत अछि?
  • प्रतिष्ठा, दिखावा आ अतिथि-व्यवस्था
  • बाल-खेल
  • फसल-काट
  • नदी-पूजन
शीर्षक वी.आई.पी. संस्कृति आ सामाजिक दिखावापर व्यंग्यक संकेत करैत अछि।
4763. प्रणव झाक ‘अपन अपन धर्म’ सूचीमे कोन विधासँ जुड़ल अछि?
  • संस्मरण
  • उपन्यास
  • महाकाव्य
  • बालगजल
गद्य-सूचीमे ‘अपन अपन धर्म’ संस्मरण रूपमे देल गेल अछि।
4764. अंक १७२क गद्य-संयोजनमे कोन विविधता देखाइत अछि?
  • उपन्यास, लघुकथा, व्यंग्य निबंध, संस्मरण
  • केवल गजल
  • केवल बालगीत
  • केवल इतिहास
गद्य-खंडमे अलग-अलग विधा मिलि साहित्यिक विस्तार बनबैत अछि।
4765. अंक १७२मे ‘जल भँवर’ सँ ‘मेक इन मिथिला’ धरि गद्यक मुख्य प्रवाह कोना बदलैत अछि?
  • कथात्मकता सँ सामाजिक-व्यंग्य धरि
  • केवल भजन सँ भजन धरि
  • परीक्षा सँ परीक्षा धरि
  • चित्र सँ चित्र धरि
उपन्यास आ लघुकथा कथात्मक धरातल दैत अछि, जखनकि व्यंग्य निबंध सामाजिक आलोचना जोड़ैत अछि।

4766. अंक १७२क पद्य-खंडमे अशरफ राईनक रचना कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • गजल
  • उपन्यास
  • एकांकी
  • संस्मरण
पद्य-सूचीमे अशरफ राईनक गजल देल गेल अछि।
4767. किशन कारीगरक ‘गजल सन किछु’ शीर्षक कोन प्रयोगशील भाव रखैत अछि?
  • गजल-रूपक समीप रहि स्वतंत्र रचना-प्रयोग
  • कथा-सार
  • खेती-सूची
  • यात्रा-बिल
शीर्षक गजल-जकाँ रचना, मुदा विधागत प्रयोगशीलता संकेत करैत अछि।
4768. पल्लवी मण्डलक ‘लड़की’ कोन सामाजिक विषय दिस संकेत करैत अछि?
  • स्त्री/कन्याक जीवन-अनुभव
  • केवल नदी
  • फसल
  • चुनावी परचा
शीर्षक लड़कीक अस्तित्व, अनुभव आ सामाजिक स्थितिक प्रश्न उठबैत अछि।
4769. अंक १७२क बाल खंडमे ‘मैट्रिकक तैय्यारी’ ककर रचना रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’
  • राजदेव मण्डल
  • नन्द विलास राय
  • अशरफ राईन
बालानां कृते खंडमे ‘मैट्रिकक तैय्यारी’ डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क नामसँ अछि।
4770. ‘मैट्रिकक तैय्यारी’ शीर्षक बाल-पाठ कोन सामाजिक अवस्था दर्शबैत अछि?
  • परीक्षाक तैयारीक दबाव आ बाल-जीवन
  • केवल देवपूजा
  • केवल युद्ध
  • केवल उद्योग
शीर्षक किशोर/बाल पाठकक परीक्षा-संस्कृति आ तैयारीक अनुभवसँ जुड़ल अछि।
4771. अंक १७२क संपादकीयमे विदेह भाषा सम्मान सूचना कोन साहित्यिक कार्य करैत अछि?
  • लेखक, कृति आ विधा सभकेँ सामूहिक स्मरण
  • केवल व्यापारिक विज्ञापन
  • नदीक रूट
  • खेतीक विधि
संपादकीयमे मूल, बाल, युवा, अनुवाद आदि श्रेणीक कृति-नाम देल गेल अछि।
4772. संपादकीयमे ‘सखारी पेटारी’क उल्लेख कोन विधागत संदर्भमे अछि?
  • लघुकथा-संग्रह
  • गीत-संग्रह
  • नाटक-माला
  • चित्रावली
सम्मान-सूचनामे ‘सखारी पेटारी’ लघुकथा-संग्रह रूपमे उल्लिखित अछि।
4773. ‘नै धारैए’क उल्लेख अंक १७२क संपादकीयमे कोन पाठक-वर्गक कृतिसँ जुड़ल अछि?
  • बाल उपन्यास
  • दर्शन-ग्रंथ
  • गजल-संग्रह
  • यात्रा-वृत्तांत
संपादकीयमे ई बाल साहित्य पुरस्कारक संदर्भमे बाल उपन्यास रूपमे आबैत अछि।
4774. अंक १७२मे पद्य आ बाल खंडक साथ सम्मान-सूचना मिलि कोन दृश्य रचैत अछि?
  • सृजन, बाल-साहित्य आ संस्थागत स्मरणक संयुक्त परिदृश्य
  • केवल खेलक तालिका
  • केवल कर-घोषणा
  • केवल नक्शा
अंक गजल-कविता, बाल पाठ आ साहित्यिक सम्मानक सूचना सभकेँ एकत्र करैत अछि।
4775. अंक १७२क पद्य-खंडमे गजल-प्रधानता कोन बात देखबैत अछि?
  • मैथिलीमे गजल विधाक सक्रिय उपस्थिति
  • गजल पूर्णतः अनुपस्थित
  • केवल नाटक छपल
  • केवल इतिहास छपल
अशरफ, कारीगर, अनचिन्हार आदि नामक संग गजल/गजल-सदृश रचना सभ एहि सक्रियता देखबैत अछि।

4776. अंक १७३क मुख्य आलेख ‘एकैसम शताब्दीक रचना एवं रचनाकारक अन्यतम अवदान’ ककर अछि?
  • उमेश मण्डल
  • ललन कुमार कामत
  • विजयनाथ झा
  • डॉ. उमा शंकर चौधरी
अंकक आरम्भिक सूचीमे ई आलेख उमेश मण्डलक नामसँ देल अछि।
4777. ई आलेख एकैसम शताब्दीमे मैथिली साहित्यक कोन प्रवृत्ति चिन्हैत अछि?
  • नव विधा, नव विषय आ रचनाधर्मी उभार
  • पूर्ण स्थिरता
  • रचना-बंदी
  • केवल प्राचीन पुनरावृत्ति
आलेख कहैत अछि जे विविध विधा आ विषयमे नव उभार देखाइत अछि।
4778. आलेख अनुसार नव रचनाधर्मी उभारमे कोन दू मंच/प्रक्रियाक विशेष भूमिका मानल गेल अछि?
  • विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन आ सगर राति दीप जरय
  • केवल राजदरबार
  • केवल विद्यालय
  • केवल व्यापार संघ
आलेख ई उभारकेँ विदेह आन्दोलन आ कथा-गोष्ठीक सतत सक्रियतासँ जोड़ैत अछि।
4779. ‘सगर राति दीप जरय’केँ आलेखमे कोना देखल गेल अछि?
  • सभ वर्गक साहित्यकार लेल खुला मंच
  • केवल गीत-प्रतियोगिता
  • सैन्य सभा
  • व्यापार मेला
आलेख कहैत अछि जे ओ मंचपर विविध वर्गक साहित्यकारक उठ-बैस होइत अछि।
4780. आलेख मैथिली साहित्यक दसक भरिक विकासकेँ कोन व्यापक विश्वाससँ जोड़ैत अछि?
  • मिथिलाक विविध पक्षक विकासक भरोसा
  • केवल निजी लाभ
  • भाषा-त्याग
  • कला-विरोध
साहित्यक प्रवाह मिथिलाक व्यापक विकासक विश्वासकेँ मजगूत करैत अछि।
4781. आलेखमे स्थानाभावक कारण कोन पद्धति अपनाओल गेल?
  • चयनित रचनाकारक पोथी आ रचनासंसारक शोधपरक परिचय
  • संपूर्ण विश्वकोश
  • केवल फोटो
  • केवल विज्ञापन
आलेख सीमित स्थानमे चयनित रचनाकारक कृति-विवरण प्रस्तुत करैत अछि।
4782. आलेखमे कृति-विवरणक आधार कोन-कौन तत्व पर अछि?
  • पोथी, विधा, प्रकाशन-वर्ष, रचना-शीर्षक आदि
  • केवल फोन
  • केवल रंग
  • केवल यात्रा-दूरी
लेखक रचनाकारक प्रकाशित पोथी, विधा, वर्ष आ शीर्षक इत्यादिक परिचय देल छथि।
4783. अंक १७३क आलेख मैथिली साहित्यक इतिहास-बोधमे कोन योगदान दैत अछि?
  • समकालीन सृजनकेँ कालखंड रूपमे देखबाक प्रस्ताव
  • इतिहासक अस्वीकार
  • केवल पुराण-वाचन
  • केवल बाल खेल
आलेख वर्तमान उभारकेँ भविष्यक साहित्यिक कालखंडक रूपमे चिन्हल जाएबाक संकेत करैत अछि।
4784. लेखमे साहित्यिक विकास ‘दिशा एवं धारा’मे प्रवाहित कहल गेल — एहि रूपकक अर्थ की?
  • विकास निरंतर आ संरचित प्रवाह जकाँ चलि रहल अछि
  • विकास रुकि गेल
  • केवल समुद्र-वर्णन
  • केवल मौसम
दिशा-धाराक रूपक साहित्यिक प्रवाहक निरंतरता आ दिशा-बोध देखबैत अछि।
4785. अंक १७३क मुख्य आलेखक मूल उद्देश्य की बुझाइत अछि?
  • नव शताब्दी मैथिली रचनाकार सभक योगदानक मानचित्र बनायब
  • केवल पुरस्कार बाँटब
  • केवल गीत गाब
  • केवल यात्रा लिखब
आलेख चयनित रचनाकारक कृति-संसार द्वारा नव शताब्दी मैथिली साहित्यक रूपरेखा बनबैत अछि।

4786. अंक १७३क आलेखमे रचनाकारक ‘रचना संसार’ कहबाक अर्थ की अछि?
  • एक लेखकक प्रकाशित कृतिसभक समग्र विधागत परिदृश्य
  • घरक नाप
  • यात्रा खर्च
  • बालक नाम
रचना संसार लेखकक विविध पोथी, विधा आ रचना-शीर्षक सभकेँ एकठाम देखैत अछि।
4787. आलेखमे श्री जगदीश प्रसाद मण्डलक संदर्भ किएक विस्तारसँ आबैत अछि?
  • हुनक बहुविध आ विपुल प्रकाशित लेखनक कारण
  • केवल एक गीतक कारण
  • खेतीक कारण
  • युद्धक कारण
आलेख चयनित रचनाकारमे जगदीश प्रसाद मण्डलक रचनात्मक विस्तारकेँ प्रमुखता दैत अछि।
4788. ‘गामक जिनगी’ आ ‘अर्द्धांगिनी’ जकाँ कृतिसभ कोन विधा-संसार खोलैत अछि?
  • ग्रामीण जीवन आ पारिवारिक-सामाजिक कथा
  • केवल शास्त्रीय गणित
  • यात्रा-नक्शा
  • गीत-तालिका
शीर्षक सभ ग्रामीण, पारिवारिक आ सामाजिक जीवनक कथा-संरचना संकेत करैत अछि।
4789. आलेखमे बेचन ठाकुरक कृतिसंदर्भ कोन कारणे महत्त्वपूर्ण अछि?
  • नाटक आ सामाजिक विषय-वस्तुक उपस्थिति
  • कृषि-मूल्य
  • सैनिक रिकॉर्ड
  • नदी-सर्वेक्षण
बेचन ठाकुरक नाम मैथिली नाटक आ सामाजिक प्रश्नसँ जुड़ल रचनाकार रूपमे आबैत अछि।
4790. राजदेव मण्डलक ‘अम्बरा’ छोड़ि अन्य रचना-संदर्भ देबाक पद्धति कोन आलोचनात्मक सावधानी देखबैत अछि?
  • विभिन्न कृतिसमूहक सीमा स्पष्ट करबाक प्रयास
  • सब कृति गड्डमड्ड करब
  • केवल फोटो गिनब
  • लेखक नाम हटायब
आलेख कृतिसमूह अलग राखि साहित्यिक मूल्यांकनक सावधानी अपनबैत अछि।
4791. नन्द विलास राय, कपिलेश्वर राउत, राम विलास साहु आदि नामक संग आलेख कोन बात सिद्ध करैत अछि?
  • समकालीन मैथिली गद्य अनेक लेखकक सामूहिक श्रमसँ बनल
  • केवल एक लेखक अछि
  • गद्य अनुपस्थित अछि
  • कविता समाप्त अछि
आलेख अनेक रचनाकारक योगदान जोड़ि समग्र साहित्यिक उभार देखबैत अछि।
4792. आलेखमे पोथी-नाम, विधा आ प्रकाशन-वर्ष संग रचना-शीर्षक देबाक उपयोगिता की अछि?
  • शोधार्थी लेल स्रोत-मानचित्र बनैत अछि
  • कथा नष्ट होइत अछि
  • साहित्य असंगत होइत अछि
  • बालगीत बंद होइत अछि
ई पद्धति शोध-आधारित परिचय तैयार करैत अछि, जाहिसँ कृति-संसार बुझब आसान होइत अछि।
4793. एकैसम शताब्दी आलेखमे ‘विदेह’क भूमिका कोन रूपमे उभरैत अछि?
  • रचनाकार आ कृतिसंसार चिन्हबाक सक्रिय मंच
  • केवल मौन दर्शक
  • व्यापारी संस्था
  • खेतीक मंडी
आलेख विदेह आन्दोलनकेँ समकालीन सृजन-उभारक महत्त्वपूर्ण कारक मानैत अछि।
4794. आलेखक सूची-आधारित प्रस्तुति पृष्ठ-सूचना नहि बल्कि कोन बात पर बल दैत अछि?
  • विधागत, कृतिगत आ रचनात्मक संरचना
  • फोटो-स्थान
  • रंग-संयोजन
  • फोन-संपर्क
लेख रचनासंसारक विधागत आ कृतिगत मानचित्र बनबैत अछि, यांत्रिक विवरण नहि।
4795. अंक १७३क आलोचनात्मक पद्धति कोना वर्णित कएल जा सकैत अछि?
  • दस्तावेजी शोध आ साहित्यिक इतिहास-बोधक मेल
  • केवल भावुक प्रशंसा
  • केवल व्यंग्य
  • केवल बालकथा
आलेख कृतिसूची, विधा आ साहित्यिक प्रवृत्ति सभकेँ जोड़ि इतिहास-बोध रचैत अछि।

4796. अंक १७३मे डॉ. शशिधर कुमर ‘विदेह’क तीन शीर्षक — ‘माघ’, ‘फागुनक पानि’, ‘ओ कहलन्हि’ — कोन ऋतु-संवेदना खोलैत अछि?
  • ऋतु, जल आ कथनक अनुभव
  • केवल न्यायालय
  • केवल व्यापार
  • केवल सैन्य
शीर्षक सभ मौसम, पानि आ संवादक भावभूमि बनबैत अछि।
4797. विजयनाथ झा, पटना केर ‘तीन टा कविता’ अंक १७३मे कोन रूपमे आबैत अछि?
  • स्वतंत्र पद्य-योगदान
  • उपन्यास
  • नाटक
  • संस्मरण
सूचीमे हुनक तीन कविता पद्यात्मक योगदान रूपमे देल अछि।
4798. ललन कुमार कामतक ‘भोला’ कोन विधामे सूचीबद्ध अछि?
  • लघु कथा
  • महाकाव्य
  • संपादकीय
  • शोध-ग्रंथ
अंकक आरम्भिक सूचीमे ‘भोला’ लघुकथा रूपमे अछि।
4799. ‘भोला’ शीर्षक कोन प्रकारक पात्र-केंद्रित कथा-संकेत दैत अछि?
  • सरल, भोला पात्रक सामाजिक अनुभव
  • राजकीय फरमान
  • मौसम नाप
  • गीत-संग्रह
शीर्षक पात्रक स्वभाव वा समाजमे ओकर स्थितिकेँ कथा-केन्द्र बनएबाक संकेत करैत अछि।
4800. डॉ. उमा शंकर चौधरीक ‘दू आखर’ अंक १७३क संदर्भमे कोन भूमिका निभा सकैत अछि?
  • प्रस्तावना वा टिप्पणी-स्वर
  • दीर्घ उपन्यास
  • बालगजल
  • नदी-सूची
‘दू आखर’ शीर्षक सामान्यतः छोट टिप्पणी/प्रस्तावना-स्वरक संकेत दैत अछि।
4801. अंक १७३मे कविता आ शोधालेखक संग लघुकथा रखबाक परिणाम की अछि?
  • अंकमे आलोचना, पद्य आ कथा एक संग उपस्थित
  • केवल सूचना बचैत अछि
  • बाल-पाठ हटि जाइत अछि
  • विधा समाप्त होइत अछि
मुख्य आलोचनात्मक आलेखक संग कविता आ लघुकथा अंककेँ बहुविध बनबैत अछि।
4802. ‘माघ’ आ ‘फागुनक पानि’ जकाँ शीर्षक मैथिली काव्यक कोन निकट धरातलसँ जुड़ैत अछि?
  • ऋतुचक्र आ ग्राम्य जीवन-संवेदना
  • उड़ान-यंत्र
  • व्यापार कर
  • संसद बहस
माघ-फागुनक उल्लेख लोक-ऋतुचक्र आ भावसंसारक निकटता दैत अछि।
4803. ‘ओ कहलन्हि’ शीर्षक कोन काव्य-रूपक संभावना खोलैत अछि?
  • कथन, संवाद आ स्मृति
  • केवल खेत-जोता
  • नदी नाप
  • दुकान हिसाब
शीर्षक कथन-ध्वनि आ संवादक आधार पर कविता रचबाक संकेत करैत अछि।
4804. अंक १७३क रचना-समूह समकालीन मैथिलीकेँ कोन रूपमे देखबैत अछि?
  • शोध, कविता आ लघुकथा सभमे सक्रिय
  • केवल प्राचीन ग्रंथमे सीमित
  • मौन
  • केवल अनुवाद
ई अंक समकालीन सृजनक अनेक रूप एकठाम देखबैत अछि।
4805. अंक १७३मे ‘एकैसम शताब्दी’ आलेख आ ‘भोला’ लघुकथा साथ-साथ आबि कोन संतुलन बनबैत अछि?
  • इतिहास-बोध आ जीवंत कथा-अनुभव
  • केवल सूखा आँकड़ा
  • केवल हास्य
  • केवल गीत
आलेख साहित्यक व्यापक मानचित्र दैत अछि, आ कथा जीवनक निकट दृश्य बनबैत अछि।

4806. अंक १७४क ‘पसेनाक धरम’ कोन मूल जीवन-क्षेत्रसँ शुरू होइत अछि?
  • खेती, रौदी, पानि आ श्रम
  • नाटक-मंच
  • विदेश यात्रा
  • पुरस्कार समारोह
कथा जेठ-अखाढ़, बरखा-अभाव, खेत-चास, पटवन आ श्रमक वातावरणसँ आरम्भ होइत अछि।
4807. ‘पसेनाक धरम’मे आठ मास धरि पानि नहि खसलाक प्रसंग कोन संकट देखबैत अछि?
  • रौदी आ कृषि-अनिश्चितता
  • विद्यालय छुट्टी
  • साहित्य सम्मेलन
  • युद्ध-घोष
बरखा-अभाव खेत, फसल आ गामक चिन्ताकेँ कथा-भूमि बनबैत अछि।
4808. कथामे कमला पूजा, पानिक यज्ञ, रामधुन आदि प्रसंग किएक आबैत अछि?
  • रौदीसँ जूझैत लोक-विश्वास आ सामुदायिक उपाय देखाबय लेल
  • परीक्षा पास कराबय लेल
  • नाटकक मंच सजाबय लेल
  • दुकान खोलबय लेल
लोक पानि-अभावक समय धार्मिक-सामुदायिक उपाय दिस मुड़ैत अछि।
4809. शिवपूजन काका भोरे-सुबह उठि खेतक तैयारी किएक करैत छथि?
  • बीघा भरि खेतक चास-पटवन-रोपनीक भारी काज अछि
  • ओ यात्रा पर छथि
  • ओ गीत गाबय जा रहल छथि
  • ओ सभा करैत छथि
कथा खेतक काजक समय-संवेदनशीलता आ श्रमक दबाव देखबैत अछि।
4810. ‘घटही गाड़ी जकाँ’ लेट होएबाक उपमा कथामे की बतबैत अछि?
  • खेतीक काजमे शुरूक देरी पूरा क्रम बिगाड़ि सकैत अछि
  • रेल यात्राक हास्य मात्र
  • गीतक ताल
  • नदीक नाव
उपमा देखबैत अछि जे पटवन, कदबा, रोपनी सभ एक-दोसर पर निर्भर अछि।
4811. कथा मे दमकल आ ट्रैक्टरक उल्लेख कोन परिवर्तन देखबैत अछि?
  • खेतीमे मशीनक प्रवेश मुदा ओहि पर निर्भरता आ जोखिम
  • संगीत-यंत्र
  • विद्यालय साधन
  • नाटकक उपकरण
लोहे-लक्कठ साधन काज तेज करैत अछि, मुदा बिगड़ला पर पूरा श्रम रुकि सकैत अछि।
4812. सुगिया काकीक मनमे जलखै-खेनाइ आ खेत पहुँचाबक चिन्ता कोन श्रम-विभाजन देखबैत अछि?
  • घर आ खेत दुनूक भार स्त्रीक माथ पर
  • केवल आराम
  • केवल गीत
  • केवल दान
कथा स्त्रीक घरेलू तैयारी आ खेत-संबंधी सहयोग दुनू देखबैत अछि।
4813. सोनेलाल राति आरकेस्ट्रा देखि भोरे उठबाक आदेश भेटब कथामे कोन पीढ़ीगत तनाव बनबैत अछि?
  • मनोरंजन बनाम खेतक अनुशासन
  • राजदरबार
  • विदेशी युद्ध
  • विद्यालय परीक्षा
युवा रात्रिक मनोरंजनमे रहल, मुदा घरक कृषि-क्रम भोरे श्रम माँगैत अछि।
4814. ‘पसेनाक धरम’ शीर्षकमे पसेनाक अर्थ कोन नैतिक मूल्यसँ जुड़ैत अछि?
  • परिश्रमक पवित्रता
  • केवल धन
  • नाम-मात्र
  • यात्रा
शीर्षक श्रम, पसीना आ जीविका-कर्मक नैतिक गरिमा पर बल दैत अछि।
4815. अंक १७४मे ‘पसेनाक धरम’ दोहराएल सूचीबद्ध होएब कोन बातक संकेत दैत अछि?
  • ई लघुकथा अंकक मुख्य धुरी रहल
  • कथा अनुपस्थित रहल
  • केवल गीत छपल
  • नाटक प्रधान रहल
अंकक आरम्भिक सूचीमे ई शीर्षक प्रमुख रूपेँ उभरैत अछि।

4816. अंक १७४क ‘जमीला’ लघुकथा ककर नामसँ सूचीबद्ध अछि?
  • डॉ. शिव कुमार प्रसाद
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • उमेश मण्डल
  • ललन कुमार कामत
सूचीमे ‘जमीला’ डॉ. शिव कुमार प्रसादक लघुकथा रूपमे अछि।
4817. ‘जमीला’ प्रसंगमे मुसहरबाक परिवारक स्थिति कोना देखाओल गेल अछि?
  • गरीबी, टूटल गाड़ी-जिनगी आ बिखरल परिवार
  • राजसी वैभव
  • सैनिक शक्ति
  • शहरक अमीरी
कथा मुसहरबाक परिवारक टूटन, अभाव आ जीविका-संघर्षक दृश्य बनबैत अछि।
4818. मुसहरबाक बेटा-पुतोहु अलग-अलग भऽ जाएब कोन सामाजिक परिवर्तन देखबैत अछि?
  • संयुक्त परिवारक विखंडन
  • साम्राज्य विस्तार
  • कृषि-उत्सव
  • न्यायिक विजय
कथा बेटा-पुतोहु भीन होएबाक माध्यमे पारिवारिक सहाराक कमी देखबैत अछि।
4819. कथा मे कियो पंजाब, कियो दिल्ली, कियो गाममे — ई वाक्य कोन यथार्थ खोलैत अछि?
  • मजदूरी-पलायन आ बिखरल श्रम-जीवन
  • तीर्थयात्रा
  • राजनीतिक सभा
  • गीत-योजना
परिवारक लोक अलग-अलग ठाम श्रम लेल पसरि गेल छथि, जे पलायनक यथार्थ अछि।
4820. जमीला आ पंचाक परिचय कोन श्रमस्थल पर बनैत अछि?
  • भट्ठा पर ईंटा बनबैत
  • विद्यालय
  • दरबार
  • मंदिर-सभा
कथामे पंचा भट्ठा पर काज करैत अछि, जतए जमीला सेहो रेजाक काज करैत छली।
4821. जमीला कथा जाति, श्रम आ लैंगिक संबंधक कोन उलझन खोलैत अछि?
  • गरीब श्रमिक जीवनमे सम्बन्ध, देह, जाति आ समाजक टकराव
  • केवल धन-सूची
  • केवल पर्वगीत
  • केवल परीक्षा
कथा श्रमस्थल पर बनल सम्बन्धकेँ जाति-समाज आ नैतिक दबावक भीतर देखैत अछि।
4822. ‘जमीला’मे पंचा देखऽमे सुन्दर आ मजगूत कहल गेल — ई वर्णन कथामे कोन भूमिका निभबैत अछि?
  • जमीला-पंचा सम्बन्धक आकर्षणक पृष्ठभूमि
  • सैन्य भर्ती
  • कविता पाठ
  • खेतीक हिसाब
देह-वर्णन श्रमस्थल पर बनैत आकर्षण आ सम्बन्धक कथा-भूमि बनबैत अछि।
4823. मुसहरबाक ‘बेटा दैत भगवान’ सोच कोन लोकधारणा देखबैत अछि?
  • संतान अधिक होएबाक नियतिवादी स्वीकार
  • शिक्षा-विरोध
  • राजनीतिक सिद्धांत
  • नदी-विज्ञान
कथा बड़ परिवार, नियति आ श्रमपर टिकैत जीवन-दृष्टि देखबैत अछि।
4824. ‘जमीला’ आ ‘पसेनाक धरम’ एके अंकमे आबि कोन साझा धरातल बनबैत अछि?
  • श्रमजीवी समाजक पीड़ा आ गरिमा
  • केवल राजदरबार
  • केवल बाल-गीत
  • केवल अनुवाद
दूनू रचना खेत-भट्ठा, पसीना, जीविका आ निम्नवर्गीय जीवन-संघर्षसँ जुड़ल अछि।
4825. अंक १७४क कथा-जगत कोन रूपमे देखल जा सकैत अछि?
  • ग्रामीण श्रम, रौदी, गरीबी, जाति आ परिवारक यथार्थ
  • केवल प्रेमक कल्पना
  • केवल इतिहास-तालिका
  • केवल यात्रा-वर्णन
कथा-सूची आ उपलब्ध पाठ ग्रामीण समाजक कठोर यथार्थकेँ साहित्यक केन्द्र बनबैत अछि।

4826. अंक १७५क ‘मिथिलाक इतिहास’ आलेख ककर अछि?
  • डॉ. श्रीमोहन झा
  • राजदेव मण्डल ‘रमण’
  • राजेन्द्र कुमार प्रधान
  • बीणा प्रसाद
अंकक सूचीमे ‘मिथिलाक इतिहास’ डॉ. श्रीमोहन झाक आलेख रूपमे देल अछि।
4827. ‘मिथिलाक इतिहास’ मिथिलाक प्रतिष्ठा केना बतबैत अछि?
  • ब्रह्मज्ञान, दर्शन आ काव्य-कल्पनाक विकास-केन्द्र रूपमे
  • केवल व्यापार-बाजार रूपमे
  • समुद्री राज्य रूपमे
  • केवल सैनिक छावनी रूपमे
आलेख वैदिक कालसँ मिथिलाकेँ ब्रह्मज्ञान, दर्शन आ काव्यक धरती कहैत अछि।
4828. आलेखमे मिथिलाक सांस्कृतिक गौरव ककर नामसँ जोड़ल गेल अछि?
  • जनक, याज्ञवल्क्य, गौतम, गंगेश, विद्यापति आदि परंपरा
  • केवल आधुनिक व्यापारी
  • केवल विदेशी सैनिक
  • केवल अभिनेता
आलेख मिथिलाकेँ दार्शनिक, काव्यिक आ विद्वत परंपराक केंद्र रूपमे राखैत अछि।
4829. वृहद् विष्णु पुराणक आधार पर मिथिलाक उत्तर सीमा कोन रूपमे कहल गेल?
  • हिमालय
  • समुद्र
  • मरुभूमि
  • दक्षिण द्वीप
आलेख मिथिलाक उत्तरमे नागाधिराज हिमालयकेँ प्रहरी रूपमे बतबैत अछि।
4830. आलेख अनुसार मिथिलाक दक्षिण दिशा कोन नदीक चरण-स्पर्शसँ जुड़ल अछि?
  • गंगा
  • कोशी
  • गण्डकी
  • कमला
दक्षिणमे पतित-पावनी गंगा मिथिलाक चरण स्पर्श करैत छथि — एहन वर्णन अछि।
4831. आलेखमे पूरब दिस कौशिकीकेँ कोन रूपमे देखल गेल अछि?
  • संस्कृतिक संवाहिका आ विध्वंसिका दुनू
  • केवल पर्वत
  • केवल मरुभूमि
  • केवल नगर
कौशिकी चंचल नदी रूपमे सभ्यता-संस्कृति वहन करैत आ विनाशकारी रूप सेहो धारण करैत देखाओल गेल अछि।
4832. मिथिलाक ‘तीरभुक्ति’ नामक व्याख्या आलेखमे कोना देल गेल अछि?
  • नदीक तीर सभपर बसोबासक कारण
  • एक राजा केर सैनिक नाम
  • केवल वनक नाम
  • समुद्री व्यापारक नाम
नदीक बाहुल्य आ तीरपर बसोबाससँ तीरभुक्ति नाम चलनमे आयल — एहन व्याख्या अछि।
4833. मिथिला नामकरणक प्रसंगमे आलेख कोन पौराणिक आधार उल्लेख करैत अछि?
  • राजा निमिक पुत्र मिथिक नाम
  • केवल बाज़ारक नाम
  • कृषि-औजार
  • नव नगर निगम
आलेख भविष्योत्तर पौराणिक परंपरासँ मिथिक नामपर मिथिला नाम होएबाक प्रसंग दैत अछि।
4834. अंक १७५मे २१म शताब्दीक पहिल दशकक मैथिली उपन्यासक राजनीतिक चेतना पर लेख कोन आलोचनात्मक क्षेत्र खोलैत अछि?
  • समकालीन उपन्यासमे राजनीति आ समाजबोध
  • केवल बाल-कविता
  • केवल लोकगीत
  • केवल यात्रा
सूचीमे उपन्यासक राजनीतिक चेतना आ समकालीन चेतना पर आलोचनात्मक लेख देल अछि।
4835. अंक १७५क ‘दियादी डाह’ शीर्षक लघुकथा कोन सामाजिक तनावक संकेत दैत अछि?
  • दियाद/परिवारक ईर्ष्या आ आंतरिक डाह
  • केवल वर्षा
  • केवल व्यापार
  • केवल गीत
शीर्षक दियाद समाजमे ईर्ष्या, कलह आ रिश्ताक तनावक कथा-संकेत करैत अछि।

4836. अंक १७६ कोन रचनाकारक विशेषांक रूपमे आरम्भ होइत अछि?
  • ललन कुमार कामत
  • राम विलास साहु
  • नन्द विलास राय
  • दुर्गानन्द मण्डल
अंकक आरम्भिक सूचीमे ललन कुमार कामत विशेषांक कहल गेल अछि।
4837. ‘भगवाने भरोसे’ कथामे अटकुदास ककर कछेरक छोटपुर गामक किसान छथि?
  • कोसीक कछेर
  • गंगाक घाट
  • समुद्रक कात
  • मरुभूमिक टोल
कथामे छोटपुरकेँ कोसीक कछेरमे स्थित छोट गाम कहल गेल अछि।
4838. अटकुदासक मूल स्वभाव कथामे कोना देखाओल गेल अछि?
  • प्रकृतिक विपति बीच भगवानपर अटूट आस्था राखनिहार
  • नाव चलाबयवाला व्यापारी
  • नगरक वकील
  • सैनिक अधिकारी
कथा बतबैत अछि जे अटकुदास धार्मिक प्रवृत्तिक छथि आ भगवानपर अनन्त आस्था रखैत छथि।
4839. कुसहा-बाँध टूटबाक भनक लागलापर छोटपुर आ आसपासमे कोन स्थिति बनैत अछि?
  • बाढ़ि आ आतंकक हाहाकार
  • शांत कृषि-उत्सव
  • विद्यालयी खेल
  • नगर-महोत्सव
कुसहा बाँध टूटबाक बातसँ बाढ़िक पानि पसरैत अछि आ लोकमे आतंक मचैत अछि।
4840. पहिल बेर अटकुदासकेँ बचाबय लेल केहन साधन पहुँचैत अछि?
  • भसाठीबला लकड़ी जोड़ि बनाओल डोंगा-नाव
  • रेलगाड़ी
  • हाथी
  • बैलगाड़ी
गामक एक लोक भसाठीबला लकड़ी जोड़ि डोंगा-नाव बना अटकुदासकेँ बचाबय अबैत अछि।
4841. सरकारी बचावक रूपमे अटकुदास लग दोसर प्रयास कोन साधनसँ भेल?
  • मोटर नाव
  • ऊँटक गाड़ी
  • साइकल
  • बाजारक बस
सरकारी आदमी मोटर नाव नेने फँसल लोक सभकेँ ताकैत अबैत अछि।
4842. अटकुदास तेसर बचाव-प्रयासमे कोन सहायताकेँ नकारि दैत छथि?
  • हेलीकाप्टरसँ खसाओल रस्सा
  • विद्यालयक पुस्तक
  • दुकानक तराजू
  • खेतीक हर
हेलीकाप्टर ऊपरसँ रस्सा खसाबैत अटकुदासकेँ उठाबय चाहैत अछि, मुदा ओ नकारि दैत छथि।
4843. अटकुदास हरेक सहायताकेँ अस्वीकार करैत कोन बात दोहरबैत छथि?
  • हमरा भगवानपर भरोस अछि, वएह बँचाबथि
  • हमरा धन चाही
  • हमर घर खाली अछि
  • हम नाव बनबैत छी
अटकुदास बार-बार कहैत छथि जे भगवानपर भरोस अछि आ भगवान बचाबथि।
4844. भगवानक दरबारमे अटकुदासक शिकायतक उत्तर कोना देल गेल?
  • मदति रूपेँ नाव आ हेलीकाप्टर भेजल गेल छल
  • कोनो सहायताक अवसर नै छल
  • अटकुदास किसान नै छल
  • बाढ़ि आयले नै छल
भगवानक उत्तर ई अछि जे सहायताक साधन भेजल गेल, मुदा अटकुदास स्वीकार नै केलनि।
4845. ‘भगवाने भरोसे’ कथाक प्रमुख जीवन-संदेश की अछि?
  • आस्था संग व्यवहारिक सहायता स्वीकार करब आवश्यक अछि
  • संकटमे सभ संकेत नकारू
  • समाजसँ अलग रहब श्रेष्ठ अछि
  • बाढ़ि केवल उत्सव होइत अछि
कथा अंध भरोस आ व्यवहारिक सहायता अस्वीकार करबाक परिणाम देखबैत अछि।

4846. ‘दहेजक मारि’क आरम्भमे शिवचरणक पुरान जीवनक चिन्ह कोन रूपमे देखाइत अछि?
  • खेत, बरद, गाड़ी आ खेतीक औजारक स्मृति
  • राजदरबारक सिंहासन
  • सैन्य शिविर
  • समुद्री जहाज
कथामे चारि बिगहा खेत, जोड़ भरि बरद, कटही गाड़ी आ खेतीक औजारक उल्लेख अछि।
4847. शिवचरणक दुआरिपर औजार रहितो खेत नै बँचल — ई दृश्य कोन विडम्बना खोलैत अछि?
  • कृषक-संसारक आधार छिनि गेल
  • औजार नाचक सामग्री बनल
  • नगर-कार्यालय बनल
  • युद्धक तैयारी भेल
खेत नै रहला पर खेतीक औजार केवल अतीतक अवशेष बनि जाइत अछि।
4848. ‘दहेजक मारि’ शीर्षक कथामे आर्थिक-सामाजिक मारि कोन दिशा दिस संकेत करैत अछि?
  • दहेजक कारण परिवार आ खेतीक टूटन
  • विद्यालयक परीक्षा
  • केवल पर्वगीत
  • नदी-यात्रा
शीर्षक आ आरम्भिक प्रसंग खेती-परिवार पर दहेजक विनाशकारी असर दिस संकेत करैत अछि।
4849. शिवचरण आ पार्वती मेघक बदलैत चाल देखि कोन दिशा लेल बिदा होइत छथि?
  • घर दिस
  • नगर सभागार
  • सिमरिया घाट
  • विदेश
मेघक उनटल मिजाज देखि दुनू घर दिश चलि पड़ैत छथि।
4850. डाक्टरक परीक्षणमे शिवचरणक खराबीक संबंधमे कोन बात सामने अबैत अछि?
  • खराबी किडनीमे छल, मुदा दबाई उलट-पुलट देल गेल छल
  • ओ पूर्ण स्वस्थ छला
  • समस्या केवल आँखिमे छल
  • कथा मे डाक्टर नै अछि
डाक्टर कहैत छथि जे खराबी किडनीमे अछि आ पहिल उपचार उलटा-पुलटा रहल।
4851. ‘भोला’ कथाक आरम्भ कोन सामाजिक तुलना सँ होइत अछि?
  • सतमाए पर सहानुभूति होइत अछि, मुदा सतेला बापक चर्चा कम होइत अछि
  • राजा आ मंत्रीक युद्ध
  • नदी आ पहाड़क तुलना
  • खेल आ संगीतक तुलना
कथा सतमाए आ सतेला बापक सामाजिक धारणाक तुलना करैत शुरू होइत अछि।
4852. भोला अपन माए दुखनीक दोसर बिआहमे कोन रूपमे आएल रहए?
  • पछिलगुआ
  • गामक मुखिया
  • विद्यालय शिक्षक
  • नाविक
कथामे भोला दुखनीक दोसर बिआहमे पछिलगुआ बनि आएल बताओल गेल अछि।
4853. दुखनीक बिअहुआ घरबलाक मृत्यु ककरासँ भेल कहल गेल?
  • हेजाक बेमारीसँ
  • युद्धसँ
  • समुद्री तूफानसँ
  • अदालतक दंडसँ
कथामे बिआहक दसे दिनक पछाति घरबलाक देहान्त हेजाक बेमारीसँ भेल कहल अछि।
4854. भोला जन्मलापर दुखनीकेँ कोन आशा देखाइत अछि?
  • बिअहुआ घर फेरि पुकारत से आशा
  • ओ शहरक राजा बनत
  • खेत तात्कालिक बेचब
  • गाम छोड़ि तुरन्त विदेश जेब
दुखनीकेँ लागल जे बेटाक जनमसँ बिअहुआ घर फेरि बोलाओत।
4855. ‘भोला’क उपलब्ध पाठ समाजक कोन कठोरता देखबैत अछि?
  • विधवा/मातृत्व आ बालकक स्वीकृति पर समाजक असंवेदनशीलता
  • केवल खेलक हँसी
  • पर्वक उल्लास मात्र
  • व्यापारक लाभ
दुखनी आ भोलाकेँ स्वीकार नै कएल जाएब समाजक कठोरता खोलैत अछि।

4856. अंक १७७मे राम विलास साहु केर रचनासभ मुख्यतः कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • विहनि कथा, लघुकथा, कहबी-संकलन आ टनका
  • केवल महाकाव्य
  • केवल शोध-सूची
  • केवल चित्रावली
अंकक आरम्भिक सूची राम विलास साहुक विहनि कथा, तीन लघुकथा, कहबी-संकलन आ टनका देखबैत अछि।
4857. ‘स्कूलक खिचड़ी’मे अभिभावक हेड मास्टर लग कोन उपराग लऽ कऽ पहुँचैत अछि?
  • पढ़ाइ कमजोर आ खिचड़ीक व्यस्तता बेसी
  • विद्यालयमे नदी आयल
  • बालक सभ सैनिक बनल
  • विद्यालय बंद नै भेल
अभिभावक कहैत अछि जे पढ़ाइ जएह-सएह अछि आ खिचड़ीयेमे बेहाल अछि।
4858. हेड मास्टर ‘स्कूलक खिचड़ी’मे सरकारी योजना संबंधी कोन व्यंग्यात्मक तर्क दैत छथि?
  • ई योजनासँ निच्चासँ ऊपर धरि सभ मालामाल होइत अछि
  • ई योजना केवल कविता सिखबैत अछि
  • खिचड़ी नदी रोकैत अछि
  • खिचड़ी परीक्षा समाप्त करैत अछि
मास्टर शांत भावसँ सरकारी योजना आ ओकर लाभ पर व्यंग्यात्मक बात कहैत छथि।
4859. ‘स्कूलक खिचड़ी’मे प्राइवेट स्कूलक बच्चाक संबंधमे मास्टर कोन टिप्पणी करैत छथि?
  • ओ पढ़ि-लिखि हाकिम बनि गाम-समाज छोड़ि दैत अछि
  • ओ खेतीक हर जोतैत अछि
  • ओ पढ़िते नै अछि
  • ओ केवल गंगा नहाइ जाइत अछि
मास्टर कहैत छथि जे प्राइवेट स्कूलक बच्चा हाकिम बनैत अछि मुदा माए-बाप आ मातृभूमि बिसरि जाइत अछि।
4860. ‘चोर-सिपाही’मे रातिक वातावरण कोना चित्रित अछि?
  • माघक अन्हरिया राति आ ओस-कुहेस
  • दोपहरक तेज घाम
  • फगुआक रंग
  • विद्यालयक सभा
कथा माघ मासक अन्हरिया राति, ओस-कुहेस आ हाथो-हाथ ने सुझबाक दृश्यसँ शुरू होइत अछि।
4861. ‘चोर-सिपाही’मे चोर बचबाक लेल कोन बहाना बनबैत अछि?
  • घूरसँ बीड़ी नेसने अबै छी
  • पानी नापि अबै छी
  • किताब किनय जाइ छी
  • मेला देखय जाइ छी
चोर आगि देखि सिपाहीसँ बीड़ी नेसने अबबाक अनुमति माँगैत अछि।
4862. सिपाहीक उत्तर ‘चोर-सिपाही’मे हास्य केना रचैत अछि?
  • चोरकेँ बैसाय अपने बीड़ी नेसने जाएबाक बात कहैत अछि
  • चोरकेँ तुरन्त छोड़ि दैत अछि
  • ओ गीत गाबय लगैत अछि
  • ओ नाव बनबैत अछि
सिपाही सोचैत अछि जे चोर भागि सकैत अछि, तेँ अपने बीड़ी नेसने जाएबाक बात कहैत अछि।
4863. ‘इमानदारीक पाठ’मे ननुआँक प्रश्न कोन शैक्षिक संकट उठबैत अछि?
  • गामक सुविधा बावजूद विद्यार्थी शहरक स्कूल किएक जाइत अछि
  • धान किएक जरैत अछि
  • नदी कतए बहैत अछि
  • राजा किएक सूतैत अछि
ननुआँ पूछैत अछि जे गामक स्कूलमे सुविधा आ पढ़ाइ रहितो विद्यार्थी शहरक स्कूल किएक जाइत अछि।
4864. कनुआँक उत्तरमे गामक स्कूल कोन पाठ पढ़बैत कहल गेल?
  • इमानदारीक पाठ
  • सैनिक रणनीति
  • दरबारी भाषा
  • समुद्री व्यापार
कनुआँ कहैत अछि जे गामक स्कूल इमानदारीक पाठ पढ़बैत अछि।
4865. ‘इमानदारीक पाठ’मे शहरक स्कूलक शिक्षा केहन परिणामसँ जोड़ल गेल अछि?
  • रोजगार लेल बाहर जाएब आ समाजसँ बेमुख होएब
  • गाममे रहि केवल खेती
  • शिक्षा पूर्ण बंद
  • नदी पूजन
कथा शहरक शिक्षा केँ रोजगार आ प्रवासन, परिवार-समाजसँ दूरीक प्रसंगसँ जोड़ैत अछि।

4866. अंक १७७क तीन लघुकथाक शीर्षक-सूचीमे कोन शीर्षक सम्मिलित अछि?
  • गंगा नहाएब, डोमक आगि, स्वर्गक सुख
  • कुकर्मा, असली हीरा, पारस
  • मदन-अमर, पाखलो, मचण्ड
  • अरण्य देश, भोँट, जाल
अंकक सूचीमे राम विलास साहुक तीन लघुकथा — गंगा नहाएब, डोमक आगि आ स्वर्गक सुख — देल अछि।
4867. ‘गंगा नहाएब’ कथामे पावनि-तिहारक भीड़ कोन अवसरसँ जुड़ल अछि?
  • कातिक मासक पूर्णिमा
  • चैतक पहिल दिन
  • फागुनक होरी
  • जेठक आँधी
कथा कातिक मासक पूर्णिमा लगिचाएबाक समय गंगा नहाएबाक चर्चा करैत अछि।
4868. ‘गंगा नहाएब’मे गामक लोक कोन घाट जाएबाक बात करैत अछि?
  • सिमरिया घाट
  • कोयलख पोखर
  • धरमपुर धार
  • छोटपुर छत
कथामे गंगा नहाइ लेल सिमरिया घाट जाएबाक प्रसंग अछि।
4869. चनरदेव ‘गंगा नहाएब’मे पहिले किएक हिचकिचाइत छथि?
  • हाथ खाली रहबाक कारण
  • नदी सूखि गेल रहबाक कारण
  • घरमे कोनो लोक नै रहबाक कारण
  • ओ नाविक रहबाक कारण
चनरदेव कहैत छथि जे हाथ खाली अछि, तेँ ए बेर नै जाएब।
4870. ‘गंगा नहाएब’मे स्त्री-समूहक आग्रह कोन लोक-सांस्कृतिक दबाव देखबैत अछि?
  • पावनि-स्नानमे सामूहिक भागीदारीक दबाव
  • विद्यालयी परीक्षा
  • सैनिक भर्ती
  • न्यायालयी सुनवाई
गामक जनानी सभ गंगा नहाइ जाएब लेल चनरदेवकेँ घेरैत आ आग्रह करैत छथि।
4871. ‘डोमक आगि’मे सीताराम कक्का कोन सामाजिक विडम्बना पर सोचैत छथि?
  • जीवैतमे डोमसँ दूरी, मुदा मृत्यु-संस्कारमे ओकर आगिक आवश्यकता
  • खेतीक पानी
  • विद्यालयक छुट्टी
  • क्रिकेटक नियम
कथा डोमक सामाजिक बहिष्कार आ अंतिम संस्कारमे हुनकर अनिवार्य भूमिकाक विरोधाभास देखबैत अछि।
4872. ‘डोमक आगि’मे बौकू डोम दान-दक्षिणाक संबंधमे कोन भाव देखबैत अछि?
  • लोभ नै, खुशी-शुखी जे देब से स्वीकार
  • राजा बनबाक इच्छा
  • गाम छोड़बाक आदेश
  • युद्धक तैयारी
बौकू कहैत अछि जे ओकरा लोभ नै, दान-दक्षिणामे जे खुशीसँ देब से देल जाए।
4873. रूपचन्द द्वारा चानीक सिक्का देबापर काका लोकक आपत्ति कोन नैतिकता रखैत अछि?
  • जेठरति काकाक मर्यादा अनुसार बौकूकेँ अपन समांग बूझि देबाक बात
  • कियो आगि नै लेबाक बात
  • शव हटाएबाक बात
  • गायन बंद करबाक बात
शिवलाल काका, रौदी बाबा आ सीताराम दास कहैत छथि जे बौकूकेँ अपन समांग बूझि देल जाउ।
4874. ‘मिथिलाक माटिमे पसरल कहबी’ अंक १७७मे कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • राम विलास साहु द्वारा संकलित कहबी-संग्रह
  • एकल नाटक
  • उपन्यास
  • चित्र प्रदर्शनी
अंक-सूचीमे मिथिलाक माटिमे पसरल कहबीक संकलनकर्ता राम विलास साहु देल छथि।
4875. अंक १७७क समग्रता कोन साहित्यिक धरातल बनबैत अछि?
  • विहनि कथा, सामाजिक व्यंग्य, जाति-विमर्श आ लोक-कहबी
  • केवल राजकीय सूचना
  • केवल खेल रिपोर्ट
  • केवल व्यापार लेखा
अंकमे लघुकथा, विहनि कथा, डोमक सामाजिक प्रसंग, गंगा-स्नान आ कहबी सभ संग आएल अछि।

4876. अंक १७८क आरम्भिक सूचीमे पल्लवीक योगदान कोन रूपमे देल अछि?
  • दूटा विहनि कथा
  • एकटा महाकाव्य
  • तीनटा नाटक
  • केवल आलेख
अंक-सूचीमे पल्लवी — दूटा विहनि कथा कहल गेल अछि।
4877. ‘चोरविद्या’मे कथावाचक रधिया दादीक मुँहसँ कोन कहबी सुनैत अछि?
  • रज विद्यासँ चोर विद्या भारी होइ छै
  • कर्म बिनु जग सुन्ना
  • नदीक पानि थमि गेल
  • गामक लोक राजा भेल
कथा रधिया दादीक कहबीसँ आरम्भ होइत अछि — रज विद्यासँ चोर विद्या भारी।
4878. रधिया दादी ‘चोरविद्या’मे किएक गारि पढ़ैत छथि?
  • कियो टाट परहक सजमनि चोरा कऽ तोड़ि नेने छल
  • कियो आम दऽ गेल छल
  • स्कूल बंद भऽ गेल छल
  • गाममे विवाह छल
राति वा भोरमे कियो हुनकर टाट परहक सजमनि चोरा कऽ तोड़ि नेने रहनि।
4879. कथावाचक ‘चोरविद्या’क अर्थ केकरा सँ पूछैत अछि?
  • मास्टर साहैब सँ
  • नाविक सँ
  • डोम सँ
  • राजा सँ
भिनसुरके स्कूल रहल, तेँ कथावाचक मास्टर साहैबसँ चोर विद्या पूछैत अछि।
4880. मास्टर साहैब ‘चोरविद्या’क अर्थ कोना बुझबैत छथि?
  • जाहि विद्यासँ चोर चोरी करैत अछि
  • जाहि विद्यासँ खेत सिंचाइ होइत अछि
  • जाहि विद्यासँ गीत गाओल जाइत अछि
  • जाहि विद्यासँ नदी थमैत अछि
मास्टर कहैत छथि जे जइ विद्यासँ चोर चोराइ करैत अछि सएह चोर विद्या भेल।
4881. ‘फ्रेण्ड’ कथामे मुख्य पक्षी-पात्र के छथि?
  • पौरकी आ मेना
  • सुग्गा आ मोर
  • हंस आ बतख
  • कौआ आ चील
कथामे अँगनाक ऐंठारपर पौरकी आ मेना चरौर करय अबैत अछि।
4882. ‘फ्रेण्ड’मे मेना पौरकीकेँ कोन प्रस्ताव दैत अछि?
  • दुनू गोरे फ्रेण्ड लगा लिअ
  • दुनू गाम छोड़ि दिअ
  • दुनू खेत जोतू
  • दुनू राजा बनू
मेनाक स्पष्ट प्रस्ताव अछि — दुनू गोरे फ्रेण्ड लगा लिअ।
4883. पौरकी ‘फ्रेण्ड’मे खान-पानक भिन्नता किएक सोचैत अछि?
  • दुनू एके ढेरीपर रहितो भोजन-संस्कार अलग अछि
  • दुनू एके रंगक अछि
  • दुनू नदीमे रहैत अछि
  • दुनू स्कूल जाइत अछि
पौरकी सोचैत अछि जे एके ढेरीपर गुजर भए सकैत अछि, मुदा खान-पान एक नहि अछि।
4884. ‘फ्रेण्ड’मे गंगाजी दिस घुमि सपथ खाएबाक प्रस्ताव कोन संकेत दैत अछि?
  • मित्रताकेँ गंभीर नैतिक प्रतिज्ञा बनाओल जा रहल अछि
  • खेतीक करार
  • व्यापारिक लेखा
  • नाटकक पर्दा
पौरकी मित्रता सँ पहिले गंगाजी दिस घुमि सपथ खाएबाक बात कहैत अछि।
4885. ‘फ्रेण्ड’क नोटमे कथालेखनमे ककर सहयोगक उल्लेख अछि?
  • श्री जगदीश प्रसाद मण्डल
  • राम विलास साहु
  • नन्द विलास राय
  • दुर्गानन्द मण्डल
नोटमे कथाकेँ लिखैमे बाबा श्री जगदीश प्रसाद मण्डलक सहयोग भेटबाक बात अछि।

4886. अंक १७८मे राम विलास साहुक दोसर कविता-संग्रह कोन नामसँ प्रस्तुत अछि?
  • कर्म बिनु जग सुन्ना
  • मदन अमर
  • कथा कुसुम
  • भगवाने भरोसे
अंक-सूचीमे राम विलास साहुक दोसर कविता-संग्रह ‘कर्म बिनु जग सुन्ना’ देल अछि।
4887. ‘कर्म बिनु जग सुन्ना’ शीर्षक कविता कोन मूल विचार दोहरबैत अछि?
  • कर्मक अभावमे जगत अधूरा अछि
  • धन बिनु धर्म पूर्ण अछि
  • नदी बिनु पानि सम्भव अछि
  • समाज बिनु नारी पूर्ण अछि
कवितामे अनेक उदाहरण देल गेल अछि आ अन्ततः कर्म बिनु जग सुन्ना कहल गेल अछि।
4888. कविता ‘कर्म बिनु जग सुन्ना’मे ‘नारी बिनु समाज सुन्ना’ पंक्ति कोन सामाजिक मान्यता रखैत अछि?
  • नारीक बिना समाज अधूरा अछि
  • नारीक भूमिका शून्य अछि
  • समाज केवल राज्य अछि
  • कविता मे नारी प्रसंग नै अछि
कविता नारीकेँ समाजक आवश्यक आधार मानैत अछि।
4889. ‘रौदी’ कवितामे खेतिहरक आँखिसँ नोर किएक गड़ैत अछि?
  • धान जरल, खेतमे दरारि फटल आ पानि अभाव
  • संगीतक हार
  • राजा आबि गेल
  • विद्यालय खुलि गेल
रौदी कवितामे सुखल धरती, जरल धान आ फटल दरारिक मार्मिक चित्र अछि।
4890. ‘रौदी’मे भगवान आ सरकार दुनू बेमुख कहल जाएब कोन अनुभूति दैत अछि?
  • किसानक निराशा आ असहायता
  • सामूहिक उत्सव
  • वर्षाक भरमार
  • खेतीक लाभ
कविता किसानक दुखक बीच दैवी आ सरकारी दुनू सहारा चुकि जाएबाक अनुभूति करबैत अछि।
4891. ‘सिम्मर केर फूल’मे सुग्गा ककर मोहमे फँसैत अछि?
  • लाल-लाल सिम्मर फूलक रूप
  • धानक बालि
  • नदीक पानि
  • कागजक नाव
सुग्गा लाल-लाल सिम्मर फूल देखि ललचाइत अछि।
4892. ‘सिम्मर केर फूल’क अन्तर्निहित शिक्षा की अछि?
  • रूपक माया-जालमे फँसि मूल उद्देश्य बिसरब विनाशकारी अछि
  • लाल रंग सदैव अन्न दैत अछि
  • भूखक कोनो प्रश्न नै
  • पक्षी केवल खेलैत अछि
सुग्गा रूप-सौंदर्यक मोहमे पड़ि उपास रहैत अछि आ पछताइत अछि।
4893. ‘ओलंपिक’ कवितामे गामक बेरोजगारी आ स्टेडियमक विरोधाभास कोन आलोचना करैत अछि?
  • राज्य-खर्च आ जनजीवनक प्राथमिकतामे असंतुलन
  • केवल खेलक जयगान
  • केवल नृत्य-वर्णन
  • कृषि समृद्धि
कविता पूछैत अछि जे गरीबी-बेरोजगारी रहितो खेल-ढाँचा पर एतेक खर्च किएक।
4894. ‘मेघक बरिआती’मे मेघक आगमन कोन बिम्बसँ देखाओल गेल?
  • बरिआती आ सेना सन गरजैत मेघ
  • अदालत
  • विद्यालय
  • मंदिरक घंटा
कविता मेघक बरिआती, गरज, अन्हार आ बिजुरीक दृश्य बनबैत अछि।
4895. ‘पुसक राति’मे जाड़क अनुभव कोन वर्गक जीवनकठिनता देखबैत अछि?
  • फूसिक घरमे रहैत गरीब परिवार
  • राजमहलक सुविधा
  • नदी यात्रा
  • विद्यालयी पुरस्कार
कविता फुइसक घर, कनकनी हवा, घुराड़ी आ धिया-पुताक बचावक चिन्ता देखबैत अछि।

4896. अंक १७९मे नन्द विलास रायक दोसर लघुकथा-संग्रह कोन नामसँ प्रस्तुत अछि?
  • मदन अमर
  • कथा कुसुम
  • कर्म बिनु जग सुन्ना
  • जल भँवर
अंकक आरम्भिक सूचीमे नन्द विलास रायक दोसर लघुकथा-संग्रह ‘मदन अमर’ देल अछि।
4897. ‘मदन-अमर’मे रमणजी कोन विश्वविद्यालयमे प्रोफेसर छथि?
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय
  • दरभंगा विद्यालय
  • गोधनपुर पाठशाला
  • सिमरिया कॉलेज
कथामे रमणजी इलाहाबाद विश्वविद्यालयमे प्रोफेसर बताओल गेल छथि।
4898. रमणजीक बेटा आ बेटीकेँ कोन नाम देल गेल?
  • मदन आ मीरा
  • अमर आ जमीला
  • किरन आ कारी
  • भोला आ दुखनी
कथामे बेटाक नाम मदन आ बेटीक नाम मीरा कहल गेल अछि।
4899. मदन नानी गाममे गामक बच्चासभ संग कोन खेल खेलैत अछि?
  • कबड्डी आ हाथी-चुक्का
  • बैडमिंटन मात्र
  • गोल्फ
  • नदी-तैराकी
मदन गामक धिया-पुता संग कबड्डी आ हाथी-चुक्का खेलैत अछि।
4900. मदनक लेल कबड्डी आ हाथी-चुक्का किएक नव अनुभव छल?
  • ओ इलाहाबादमे बैडमिंटन आ क्रिकेट देखैत/खेलैत रहैत छल
  • ओ कहियो खेल देखल नै छल
  • ओ राजा छल
  • ओ नाविक छल
शहरमे ओकर अनुभव बैडमिंटन आ क्रिकेटसँ जुड़ल छल, गामक खेल ओकरा नव लगैत छल।
4901. मदनक दोस्ती नानी गाममे केकरा संग भऽ जाइत अछि?
  • अमर
  • सीताराम
  • करिया
  • अटकुदास
कथामे नानी गाममे मदनकेँ अमर नामक बालकसँ दोस्ती होइत अछि।
4902. अमरक घरक आर्थिक स्थिति कथामे कोना देखाओल गेल अछि?
  • फूसक घर, कम जमीन आ पिता दिल्लीक दाल मिलमे काज
  • राजमहलक वैभव
  • बड़ उद्योग
  • नदीक व्यापार
अमरक घर फूसक अछि, पिता दिल्लीक दाल मिलमे काज करैत छथि आ थोड़े जमीन अछि।
4903. मदनक नानाक घर गाममे कोन नामेँ जानल जाइत अछि?
  • हवेली
  • पाठशाला
  • घाट
  • भट्ठा
कथामे मदनक नानाक पक्का घरकेँ गामक लोक हवेली कहैत अछि।
4904. हवेलीमे अमरकेँ भीतर अनला पर नानीक प्रतिक्रिया कोन सामाजिक रोग देखबैत अछि?
  • जातिगत छुआछूत आ ऊँच-नीच
  • खेतीक उत्साह
  • बाल-शिक्षाक स्वागत
  • समानताक जयकार
नानी अमरकेँ छोट जाति कहि हवेली भीतर आनबापर डाँटैत छथि।
4905. ‘मदन-अमर’क मुख्य टकराव कोन अछि?
  • बालमैत्री बनाम वयस्क समाजक जाति-दीवार
  • बाढ़ि बनाम नाव
  • कविता बनाम गजल
  • खेल बनाम गीत मात्र
मदन-अमरक सहज दोस्ती समाजक जातिगत भेदभावसँ टकराइत अछि।

4906. अंक १७९मे फागुलाल साहु जीक योगदान कोन रूपमे सूचीबद्ध अछि?
  • किछु विहनि कथा आ नारी-गरिमा पर आलेख
  • केवल खेल रिपोर्ट
  • केवल शब्द-सूची
  • केवल विज्ञापन
अंक-सूचीमे फागुलाल साहु जीक किछु विहनि कथा आ ‘मानव जीवनमे नारी स्वरूपक गरिमा’ आलेख देल अछि।
4907. ‘मानव जीवनमे नारी स्वरूपक गरिमा’ शीर्षक कोन विषयक संकेत दैत अछि?
  • मानव जीवनमे नारीक महत्त्व आ सम्मान
  • नदीक वेग
  • खेतीक औजार
  • बालक खेल
शीर्षक स्वयं नारीक स्वरूप, गरिमा आ जीवन-महत्त्व पर आलेख होएबाक संकेत करैत अछि।
4908. अंक १७९मे सारस्वतक रचनासभ कोन खंडसँ जुड़ल अछि?
  • कविता
  • उपन्यास
  • एकांकी
  • संस्मरण
आरम्भिक सूचीमे ‘सारस्वत : कविता’ लिखल अछि।
4909. सारस्वतक ‘निमोछिया अबीर’क प्रसंग कोन पर्व-संवेदना सँ जुड़ल अछि?
  • होलीक शुभकामना
  • दुर्गा पूजा
  • छठक अर्घ्य
  • मकर संक्रान्ति
सूचीमे ‘निमोछिया अबीर’क संग २०१५ होलीक शुभकामनाक उल्लेख अछि।
4910. ‘मदन-अमर’मे मदनक बाल-दृष्टि नानीक ‘छोट जाति’ तर्ककेँ किएक नै बुझि पबैत?
  • ओ अमरकेँ अपन उम्रक मित्र रूपेँ देखैत अछि
  • ओ अमरकेँ शत्रु मानैत अछि
  • ओ गाम छोड़ि दैत अछि
  • ओ खेल बंद करैत अछि
मदन कहैत अछि जे अमर छोट कहाँ अछि, ओ तँ हमरे अतेटा अछि।
4911. अमरक माए अमरकेँ हवेली गेलाक संबंधमे की बुझबैत छथि?
  • ओ सभ पैघ लोक छथि आ हम सभ ओतए सहज प्रवेश नै करैत छी
  • हवेली सबहक लेल खुलल अछि
  • अमर राजा बनि गेल
  • मदनक नानी स्वागत केली
अमरक माए कहैत छथि जे पैघ लोकक हवेलीमे ओ सभ कहियो सहज भीतर नै गेल छथि।
4912. ‘मदन-अमर’मे अमरक पिता दिल्लीमे काज करैत छथि — ई तथ्य कोन सामाजिक पृष्ठभूमि दैत अछि?
  • ग्रामीण गरीब परिवारक मजदूरी-पलायन
  • राजसी अधिकारी जीवन
  • सैनिक यात्रा
  • शिक्षक नियुक्ति
अमरक पिता दाल मिलमे काज करैत छथि, जे ग्रामीण श्रमिक-पलायनक संकेत अछि।
4913. अंक १७९मे बाल-खेल आ जाति-व्यवस्थाक टकराव कोन गहिरा प्रश्न उठबैत अछि?
  • बच्चाक सहज समानता पर समाजक असमानता थोपल जाइत अछि
  • बच्चा खेल नै खेलैत
  • जाति पूर्णतः अनुपस्थित अछि
  • कथा केवल शहरमे अछि
मदन-अमरक दोस्ती सहज अछि, मुदा हवेली आ नानीक प्रतिक्रिया जातिगत असमानता थोपैत अछि।
4914. ‘मानव जीवनमे नारी स्वरूपक गरिमा’ आ ‘मदन-अमर’ संग पढ़लापर अंक १७९क सरोकार कोना देखाइत अछि?
  • गरिमा, समानता आ सामाजिक आलोचना
  • केवल पर्यटन
  • केवल व्यापार
  • केवल खेल-मनोरंजन
अंकमे नारी-गरिमा आ जाति-विमर्श दुनू सामाजिक मर्यादा आ समानताक प्रश्न उठबैत अछि।
4915. अंक १७९क साहित्यिक फैलावमे कोन-कोन स्वर साथ अबैत अछि?
  • लघुकथा, विहनि कथा, आलेख आ कविता
  • केवल सरकारी सूचना
  • केवल इतिहास तालिका
  • केवल मौसम
आरम्भिक सूचीमे लघुकथा-संग्रह, विहनि कथा, आलेख आ कविता सभकेँ साथ देखाओल गेल अछि।

4916. अंक १८०मे दुर्गानन्द मण्डलक प्रकाशित कृति कोन नामसँ देल अछि?
  • कथा कुसुम
  • मदन अमर
  • कर्म बिनु जग सुन्ना
  • भगवाने भरोसे
अंकमे दुर्गानन्द मण्डलक प्रकाशित कृति ‘कथा कुसुम’ कहल गेल अछि।
4917. ‘कथा कुसुम’ कोन विधासँ जुड़ल संग्रह कहल गेल?
  • विहनि/लघु कथा संग्रह
  • दीर्घ महाकाव्य
  • नाटकावली
  • गजल-संग्रह मात्र
अंक-सूचीमे ‘कथा कुसुम’केँ विहनि/लघु कथा संग्रह रूपमे देल अछि।
4918. ‘कथाक सत्तरि’ शीर्षक अन्तर्गत कोन शीर्षक पहिल कथा रूपमे देखाइत अछि?
  • कुकर्मा
  • मदन-अमर
  • गंगा नहाएब
  • फ्रेण्ड
कथाक सत्तरि सूचीमे ‘कुकर्मा’ पहिल प्रमुख कथा रूपमे शुरू होइत अछि।
4919. ‘कुकर्मा’मे मुख्य आरम्भिक पात्र के छथि?
  • धरमपुर गामक प्रकाण्ड ज्योतिषी
  • इलाहाबादक प्रोफेसर
  • कोसीक किसान अटकुदास
  • सिमरियाक चनरदेव
कथा धरमपुर गामक प्रकाण्ड ज्योतिषी सँ शुरू होइत अछि।
4920. ज्योतिषी ‘कुकर्मा’मे लौफा गामसँ कोन पूजा करा लौटैत छथि?
  • सत्य नारायण भगवानक चौपहरा पूजा
  • चौरचन पूजा
  • होली पूजा
  • नदी पूजा
कथा कहैत अछि जे ज्योतिषी लौफा गामसँ सत्य नारायण भगवानक चौपहरा पूजा करा लौटैत छला।
4921. जोरला गाम लग मरता धारक कात ज्योतिषी की देखैत छथि?
  • एकटा नरमुंड
  • सोनाक हार
  • कविताक पुस्तक
  • नावक पतवार
हाइ स्कूल जोरलाक पाछू बोहैत मरता धारक कात नरमुंड राखल भेटैत अछि।
4922. नरमुंड पर लिखल वाक्यक भाव की छल?
  • किछु कर्म भेल आ किछु बाँकी अछि, एकटाक जनम आ तीनक मृत्यु
  • सभ कर्म समाप्त अछि
  • केवल उत्सव अछि
  • कोनो जन्म-मृत्यु नै
कथा नरमुंड पर लिखल वाक्य उद्धृत करैत अछि जे कर्मक बाकी रहबाक संकेत दैत अछि।
4923. ज्योतिषी नरमुंडकेँ घर आबि कोना राखैत छथि?
  • उज्जर कप्पासँ बाँधि चिनवारमे खोंसि दैत छथि
  • पोखरिमे फेकि दैत छथि
  • राजाक घर पठबैत छथि
  • विद्यालयमे राखैत छथि
ओ नरमुंडकेँ उज्जर कप्पासँ बाँधि चिनवारमे खोंसि दैत छथि।
4924. पंडिताइन नरमुंड देखलापर की करैत छथि?
  • उखरिमे कुटि बुकनी बना शीशीमे भरैत छथि
  • ओकर पूजा करैत छथि
  • ओकरा राजा लग पठबैत छथि
  • ओकरा खेतमे रोपैत छथि
पंडिताइन नरमुंड देखिते तामसमें ओकरा कुटि बुकनी बनबैत छथि आ शीशीमे भरैत छथि।
4925. ‘कुकर्मा’मे सुनयनाकेँ शीशी संबंधमे की कहल जाइत अछि?
  • ई माहुर अछि, छूबू/खाइब त मरि जाएब
  • ई दूध अछि
  • ई फूलक रस अछि
  • ई कागजक रंग अछि
पंडिताइन सुनयनाकेँ कहैत छथि जे शीशीमे माहुर अछि, एकरा नै छूओ आ नै खाओ।

4926. ‘असली हीरा’ कथामे करिया केँ दुर्गा भाय कोन बात बार-बार बुझबैत छथि?
  • नकली हीरासँ बेसी असली हीरा ओकरा अपने लग अछि
  • हीरा नदीमे अछि
  • हीरा राजमहलमे नहि अछि
  • हीरा केवल बजारमे अछि
दुर्गा भाय करियाकेँ कहैत छथि जे असली हीरा तोरा लगमे अछि, ओकर खोज कर।
4927. दुर्गा भाय ‘असली हीरा’ खोजबाक शर्त रूपमे करिया केँ की छोड़बाक संकेत दैत छथि?
  • गलत धंधा आ झूठ
  • खेती
  • गीत
  • विद्यालय
ओ कहैत छथि जे ई धंधा छोड़ए पड़त आ जे करह, झूठ नै बजिह।
4928. करिया दुर्गा भायक बातक परिणामस्वरूप की बदलाब करैत अछि?
  • चोरी छोड़ैत अछि आ झूठ बाजब बंद करैत अछि
  • राजा बनैत अछि
  • गाम छोड़ि पानि लऽ जाइत अछि
  • गीत रचब छोड़ैत अछि
कथामे करिया चोरी छोड़ि दैत अछि आ झूठ-फूस बाजब बंद करैत अछि।
4929. करियाक साथी सभ पर ओकर परिवर्तनक कोन असर पड़ैत अछि?
  • ओहो सभ चोरी आ झूठ छोड़बाक सोचैत अछि
  • ओ सभ ओकरा मारैत अछि
  • ओ सभ राजा लग जाइत अछि
  • ओ सभ खेत जोतैत अछि
करियाक परिवर्तन सुनि साथी सभ सेहो चोरी आ झूठ छोड़बाक निर्णय करैत अछि।
4930. धंधा छोड़लापर करिया आ ओकर साथी सभक सोझा कोन संकट अबैत अछि?
  • बाल-बच्चाक भूख आ जीविका-संकट
  • खेलक हार
  • नदी सूखि गेल
  • विद्यालय परीक्षा
कथा बतबैत अछि जे धंधा छोड़लापर सबहक बाल-बच्चा भूखे टौआय लगैत अछि।
4931. राजमहलमे प्रवेश करैत समय करिया पहरेदारकेँ अपन परिचय कोना दैत अछि?
  • चोर
  • राजकुमार
  • पुरोहित
  • कवि
दुर्गा भायक सीख अनुसार करिया झूठ नै बजैत, पहरेदारकेँ कहैत अछि — चोर।
4932. पहरेदार करियाक ‘हम चोर छी’ उत्तरकेँ किएक संदेहास्पद नै मानैत?
  • सोचैत अछि चोर कहियो अपने केँ चोर नै कहत
  • ओकरा देखिते पहचानैत अछि
  • राजा आदेश देने छल
  • फाटक खुल्ला छल
पहरेदार सोचैत अछि जे चोर स्वयं चोर कहतै नहि, तेँ करियाकेँ भीतर जाए दैत अछि।
4933. ‘असली हीरा’मे सात फाटक टपबाक प्रसंग कोन नैतिक विरोधाभास खोलैत अछि?
  • सत्य बोलब करियाकेँ भीतर धरि पहुँचा दैत अछि
  • झूठ ओकरा बचबैत अछि
  • फाटक नहि छल
  • करिया भीतर गेलै नै
करिया हरेक ठाम सत्य कहैत अछि, आ ई सत्ये ओकरा अनपेक्षित रूपेँ भीतर पहुँचबैत अछि।
4934. अंक १८०क कथा-सूचीमे ‘कथा कुसुम’क अंतर्गत कोन शीर्षक सभ भेटैत अछि?
  • पोस्टमार्टम, प्रदूषण, बुधि, बुड़बक के?, सहोदर
  • लाज, जल भँवर, भोँट, जाल
  • कर्म बिनु जग सुन्ना, रौदी, ओलंपिक, पुसक राति
  • मदन-अमर, निमोछिया अबीर, नारी गरिमा
सूचीमे ‘पोस्टमार्टम’, ‘प्रदूषण’, ‘बुधि’, ‘बुड़बक के?’, ‘सहोदर’ आदि कथा-शीर्षक देल अछि।
4935. अंक १८०क उपलब्ध कथा-जगतक मुख्य नैतिक स्वर कोना बुझल जा सकैत अछि?
  • कर्म, सत्य, कुकर्मक परिणाम आ सामाजिक चेतावनी
  • केवल मनोरंजन
  • केवल यात्रा-वर्णन
  • केवल तकनीकी पाठ
‘कुकर्मा’ आ ‘असली हीरा’ दुनू कर्म, सत्य, आ नैतिक परिणामक प्रश्न उठबैत अछि।

4936. अंक १८१मे राजदेव मण्डलक कोन विहनि/लघुकथा-संग्रह प्रमुख रूपेँ देल अछि?
  • त्रिवेणीक रंग
  • जल भँवर
  • लजबिजी
  • गामक शकल-सूरत
अंकक आरम्भिक सूचीमे राजदेव मण्डलक ‘त्रिवेणीक रंग’ विहनि/लघुकथा-संग्रह रूपमे देल अछि।
4937. ‘रूसल बौआ’ कथाक आरम्भ कोन पर्व-परिदृश्यसँ होइत अछि?
  • दुर्गापूजाक मेला
  • छैठक घाट
  • जितिया पावैन
  • माघक अन्हरिया
कथामे दुर्गापूजाक मेला शुरू भेल, अष्टमी बीत गेल, आ घर-घरमे पर्वक तैयारीक दृश्य अछि।
4938. ‘रूसल बौआ’मे फेकन अपन पत्नी सँ केकरा संबंधमे पूछैत घर अबैत अछि?
  • बेचू बौआ
  • अमर
  • राजेसर
  • सुगापटीवाली
फेकन अँगना आबि पत्नी सँ बेचू बौआ कहाँ अछि, खेलक वा भुखले अछि, से पुछैत अछि।
4939. बेचू बौआ कथामे दुआरिपर किएक रूसल बैसल अछि?
  • नव पैंट-शर्ट चाहबाक कारण
  • विद्यालय नै जेबाक कारण
  • नदी पार करबाक कारण
  • कथा सुनबाक कारण
बेचू अमितक नव पैंट-शर्ट देखि अपने लेल सेहो नव कपड़ा चाहैत अछि।
4940. ‘रूसल बौआ’मे अमितक परिवारक संबंधमे फेकन कोन तुलना करैत अछि?
  • ओ सभ आर्थिक रूपेँ बेशी सक्षम छथि
  • ओ सभ गाम छोड़ि देलनि
  • ओ सभ किसान नै छथि
  • ओ सभ कथा नै सुनैत
फेकन कहैत अछि जे अमितक बाप सरकारी नौकरी आ जमीन-बारीसँ ओकरासँ बेशी सामर्थ्यवान छथि।
4941. बेचू अमितक ‘बड़का लोक’ होएबाक तर्कक विरोध कोना करैत अछि?
  • कद-काठी, परीक्षा आ खेलमे अपन श्रेष्ठता देखाबैत
  • नदीक गहिराइ नापैत
  • मेला छोड़ि दैत
  • खिचड़ी पकबैत
बेचू कहैत अछि जे अमित कद-काठीमे छोट, परीक्षामे कम नम्बर आननिहार आ खेलमे हारनिहार अछि।
4942. फेकन अपन आर्थिक कठिनाइकेँ कोन कृषि-स्थितिसँ जोड़ैत अछि?
  • एक साल रौदी तँ एक साल दाही
  • सदा भरपूर उपज
  • केवल नगरक व्यापार
  • नदीमे नाव
फेकनक संवादमे कहलगेल जे एक साल सूखा आ एक साल बाढ़ि-सदृश स्थिति किसानकेँ दबबैत अछि।
4943. फेकनक पत्नीक ‘अहाँ कोनो करमक लोक नै छी’ वाक्य ओकरा पर कोन असर करैत अछि?
  • ओकरा भीतर गहिर दुख आ लाचारी जगबैत अछि
  • ओ मेला जाए लगैत अछि
  • ओ गाम छोड़ि विदेश जाइत अछि
  • ओ नाच शुरू करैत अछि
कथामे ई वाक्य फेकनक कलेजामे बरछी जकाँ गड़ल कहल गेल अछि।
4944. बेचू बौआ अंततः बाबूकेँ कोन भरोसा दैत अछि?
  • कपड़ा नहि, पढ़ाइमे अमितसँ बेसी नम्बर आनब
  • हम गाम छोड़ब
  • हम मेला नै देखब
  • हम खेती बेचब
बेचू बाबूकेँ नै कानबाक आग्रह करैत कहैत अछि जे परीक्षामे बेसी नम्बर आनि अमितकेँ जवाब देब।
4945. ‘रूसल बौआ’क मूल भाव कोन सामाजिक प्रश्न उठबैत अछि?
  • गरीबी, बाल-इच्छा आ आत्मसम्मानक टकराव
  • राजदरबारक युद्ध
  • सैनिक अनुशासन
  • केवल यात्रा-वर्णन
कथा बालकक इच्छा, पिताक असमर्थता आ किसानक आत्मसम्मानक पीड़ा साथ राखैत अछि।

4946. ‘दोख केकर’ कथाक आरम्भिक दृश्य कोन समयमे घटैत अछि?
  • इजोरिया रहितो मेघसँ किछु अन्हार राति
  • दुपहरक हाट
  • छैठक घाट
  • विद्यालयक प्रार्थना
कथा इजोरिया राति, मेघक कारण कनी अन्हार आ निशिभागक वातावरणसँ शुरू होइत अछि।
4947. ‘दोख केकर’मे दिनेश आ ओकर पत्नी किएक निन्न नै पबैत छथि?
  • दाम्पत्य कलह आ घरक दोषारोपणक कारण
  • मेला देखबाक उत्साह
  • कविता पाठक तैयारी
  • नदी पार करबाक डर
दुनू परानीक बीच तकरार अछि; पत्नी माएक गलती पर गारि-बात अपनापर देल गेल कहैत छथि।
4948. दिनेशक पत्नी मुख्य आक्रोश कोन बातपर व्यक्त करैत छथि?
  • सासुक गलती रहितो दोष ओकरापर देल जाइत अछि
  • मेला बंद भेल
  • धान अधिक भेल
  • गीत कम भेल
पत्नी कहैत छथि जे गलती माएक होइत अछि, मुदा गारि-बात हुनकापर अबैत अछि।
4949. दिनेश पत्नीकेँ मनाबय लेल कोन उपाय अपनबैत अछि?
  • चौबीस-पचीस बरख पहिलुका एक औरतक कथा सुनबैत
  • कविता गाबैत
  • नदी नापैत
  • मेला टिकट किनैत
दिनेश कहैत अछि—एकटा खिस्सा सुनू; फेर नै बजब।
4950. दिनेश जे पुरान कथा सुनबैत अछि, ओहिमे स्त्रीक दुख कोन कारणसँ बढ़ैत अछि?
  • ससुर-पतिक दुत्कार आ दहेज-संबंधी असंतोष
  • विद्यालयी परीक्षा
  • कृषि-उत्सव
  • राजकीय यात्रा
कथाभागमे ससुरक दहेजसँ असंतोष, पतिक रोष आ स्त्रीक अकेलापन देखाओल गेल अछि।
4951. पुरान कथाभागमे स्त्रीक गर्भपातक पुनरावृत्ति कोन रूपमे उल्लेखित अछि?
  • पाँचम मास चढ़िते दरद आ गर्भपात
  • जन्मदिनक उत्सव
  • नदी पारक यात्रा
  • नव कपड़ा
दिनेशक कथनमे बार-बार पाँचम मास चढ़िते दरद आ गर्भपातक दुख कहल गेल अछि।
4952. अंक १८१मे डा. शिव कुमार प्रसादक कोन विधा-संबंधी रचनासभ सूचीबद्ध अछि?
  • विहनि/लघुकथा
  • एकांकी मात्र
  • पटकथा मात्र
  • इतिहास-तालिका
अंकक सूचीमे डा. शिव कुमार प्रसादक विहनि/लघुकथा शीर्षक देल अछि।
4953. अंक १८१मे डा. शिव कुमार प्रसादक लघुकथा-शीर्षकमे कोन-कोन नाम भेटैत अछि?
  • अदिया, झमकी, बनमानुष
  • भोँट, जाल, लाज
  • अकाल, कर्जखौक, उनटन
  • ठकुआएल भुसवा, चापाकलक पाइप, भैयारी हक
सूचीमे ‘अदिया’, ‘झमकी’ आ ‘बनमानुष’ नाम स्पष्ट देल अछि।
4954. अंक १८१क कविता-सूचीमे कोन शीर्षक भेटैत अछि?
  • निर्मलीक निर्मलतामे
  • पंचैती
  • जल भँवर
  • अकाल
अंकक कवितासूचीमे ‘निर्मलीक निर्मलतामे’ सहित अन्य कविता शीर्षक देल अछि।
4955. अंक १८१मे समीक्षा कोन कृति/विषयक संबंधमे सूचीबद्ध अछि?
  • सखारी-पेटारी केर तानी-भरनी
  • स्कूलक खिचड़ी
  • असली हीरा
  • मदन अमर
अंकक अंतमे समीक्षा शीर्षक रूपमे ‘सखारी-पेटारी केर तानी-भरनी’ सूचीबद्ध अछि।

4956. अंक १८२मे ‘पंचैती’ कृति कोन विधामे देल अछि?
  • लघु पटकथा
  • गजल-संग्रह
  • यात्रा-वृत्तान्त
  • शोध-प्रबंध
अंक-सूचीमे ‘पंचैती’ केँ स्पष्ट रूपेँ लघु पटकथा कहल गेल अछि।
4957. ‘पंचैती’क पुरुष पात्र-सूचीमे धनेसरक अतिरिक्त कोन पात्र ललिताक बाप रूपमे देल अछि?
  • रमुआ
  • राजेसर
  • अटकुदास
  • करिया
पात्र-सूचीमे रमुआकेँ ललिताक बाप रूपमे चिह्नित कएल गेल अछि।
4958. ‘पंचैती’मे सहदेवक परिचय कोना देल गेल अछि?
  • किशनक पिता
  • गीताक गुरु
  • नदीक नाविक
  • मेला-बेचुआ
पात्र-सूचीमे सहदेव केँ किशनक पिता कहल गेल अछि।
4959. ‘पंचैती’क स्त्री पात्र-सूचीमे गीता केकर बेटी कहल गेल अछि?
  • धनेसरक बेटी
  • सहदेवक बेटी
  • मास्टर साहेबक बेटी
  • जमादारक बेटी
स्त्री पात्र-सूचीमे गीता धनेसरक बेटी रूपमे देल अछि।
4960. ‘पंचैती’क पहिल दृश्यक स्थान कोन अछि?
  • धनेसरक आँगन
  • नदीक किनार
  • राजमहल
  • विद्यालयक बरामदा
पहिल दृश्यक स्थान धनेसरक आँगन आ समय दिन कहल गेल अछि।
4961. पहिल दृश्यमे धनेसर पत्नी सँ पहिले की माँगैत अछि?
  • एक गिलास पानि
  • लालटेन
  • कलम
  • नाव
धनेसर अँगना प्रवेश करैत पत्नी सँ एक गिलास पानि माँगैत अछि।
4962. धनेसर गीता संबंधमे पत्नी सँ कोन बात जानैत अछि?
  • ओ परीक्षा देबय गेल अछि
  • ओ मेला गेल अछि
  • ओ खेत जोतैत अछि
  • ओ नाव चलबैत अछि
गीताक माए कहैत छथि जे बेटी परीक्षा देबय गेल अछि।
4963. धनेसर गामक घटना सुनबैत पढ़ाइ पर कोन शंका करैत अछि?
  • बेसी पढ़ाइ सँ लड़की भटकि सकैत अछि, से डर
  • पढ़ाइ मात्र खेती बढ़बैत अछि
  • पढ़ाइ सभ रोग ठीक करैत अछि
  • पढ़ाइ नदी रोकैत अछि
रमुआक बेटी भागि गेल सुनि धनेसर पढ़ाइ-लिखाइक परिणाम पर रूढ़ डर व्यक्त करैत अछि।
4964. ‘पंचैती’मे रमुआक बेटीक प्रसंग समाजमे कोन तनाव खोलैत अछि?
  • प्रेम, जाति-सम्मान आ सामुदायिक दबाव
  • केवल खेलक झगड़ा
  • मौसमक चर्चा
  • फसलक मोल
ललिताक भागि जेबाक खबर पर ग्रामीण जाति-सम्मान आ दंडक भाषा बोलैत छथि।
4965. ‘पंचैती’मे किशन आ ललिता अपन संबंधक बचाव कोन तर्कसँ करैत छथि?
  • दुनू बालिग छी आ कानून द्वारा बिआहक अधिकार अछि
  • दुनू नाविक छी
  • दुनू किसान नहि छी
  • दुनू मेला नहि देखैत
किशन कहैत अछि जे ओ दुनू बालिग छथि आ हुनका सभकेँ कानूनन बिआहक अधिकार अछि।

4966. अंक १८२मे ‘जाल’ कोन विधासँ चिह्नित अछि?
  • पटकथा
  • गजल
  • लघुकथा
  • भक्ति गीत
अंक-सूचीमे ‘जाल’ केँ पटकथा कहल गेल अछि।
4967. अंक १८२मे ‘लाज’ कृति कोन रूपमे दीखैत अछि?
  • एकांकी-नाटक
  • उपन्यास
  • गीत-संग्रह
  • इतिहास-लेख
सूचीमे ‘लाज’ केँ एकांकी-नाटक रूपमे देल गेल अछि।
4968. अंक १८२मे ‘कागज-कलम’ ककर नामसँ सूचीबद्ध अछि?
  • पल्लवी मण्डल
  • राजेसर
  • सुगापटीवाली
  • परमेशरी
अंकक आरम्भिक सूचीमे ‘कागज-कलम’क संग पल्लवी मण्डलक नाम देल अछि।
4969. ‘जाल’क पात्र-सूचीमे नायिका के कहल गेल अछि?
  • बरसा
  • गीता
  • सुनयना
  • सुगापटीवाली
पात्र-सूचीमे बरसा नायिका रूपमे देल अछि।
4970. ‘जाल’मे बरसाक पिता कोन नामसँ देल छथि?
  • श्यामबाबू
  • धनेसर
  • रमुआ
  • बौकी दीदी
पात्र-सूचीमे श्यामबाबू बरसाक पिता छथि।
4971. ‘जाल’मे बरसाक मामा-मामीक नाम कोन जोड़ी अछि?
  • मनदेव आ रखिया
  • धनेसर आ गीताक माए
  • किशन आ ललिता
  • ठकुआ आ भुसवा
सूचीमे मनदेव बरसाक मामा आ रखिया बरसाक मामी रूपमे देल छथि।
4972. ‘जाल’क पात्र-सूचीमे खलनायक रूपमे के-के देल अछि?
  • हरिया आ सुइदचन
  • किशन आ सहदेव
  • फेकन आ बेचू
  • राजेसर आ अमर
पात्र-सूचीमे हरिया खलनायक आ सुइदचन खलनायकक पिता रूपमे देल छथि।
4973. ‘जाल’क पहिल दृश्य कोन स्थानपर खुलैत अछि?
  • नदीक किनार
  • धनेसरक आँगन
  • छैठ घाट
  • सिमरिया घाट
पहिल दृश्यमे भोरक समय नदीक किनारक दृश्य बनैत अछि।
4974. ‘जाल’क नदी-पार दृश्य समाजक कोन द्वंद्व देखबैत अछि?
  • गाम आ ओहि पारक कॉलेज-स्कूल-स्टेशन/नगर-संसार
  • राजा आ मंत्रीक दरबार
  • छैठक ठकुआ
  • अकालक पथिया
पहिल दृश्यमे नदीक ऐ पार गाम आ ओहि पार शिक्षा, यातायात आ शहरक दुनिया देखाइत अछि।
4975. अंक १८२क तीन मुख्य राजदेव मण्डल रचनासभ मिलि कोन मंचीय/दृश्यात्मक झुकाव देखबैत अछि?
  • पटकथा, लघु पटकथा आ एकांकी-नाटकक संयोजन
  • केवल गजल
  • केवल बालगीत
  • केवल शब्दकोश
पंचैती, जाल आ लाज — तीनू नाट्य/दृश्य माध्यमसँ जुड़ल रूपमे सूचीबद्ध अछि।

4976. अंक १८३क मुख्य आरम्भिक रचना कोन शीर्षकसँ खुलैत अछि?
  • जल भँवर
  • लजबिजी
  • गामक शकल-सूरत
  • त्रिवेणीक रंग
अंक १८३क आरम्भमे ‘जल भँवर’ शीर्षक आ राजदेव मण्डलक नाम देल अछि।
4977. ‘जल भँवर’क आरम्भिक राति कोन रूपमे वर्णित अछि?
  • पञ्चमीक रातिक अन्तिम पहर
  • दुपहरक तेज घाम
  • छैठक भोरे
  • होरीक साँझ
कथाभाग पञ्चमीक राति अन्तिम पहरपर लटकल छल, से कहैत शुरू होइत अछि।
4978. ‘जल भँवर’मे आरम्भमे केकर देह चौकीपर पड़ल अछि?
  • राजेसर
  • धनेसर
  • किशन
  • भुसवा
कथा कहैत अछि जे राजेसरक देह चौकीपर पड़ल छल, मुदा मन सपनामे दौगैत-पड़ाइत छल।
4979. राजेसरक स्थिति ‘जल भँवर’मे देह आ मनक कोन द्वैत रचैत अछि?
  • देह चौकीपर, मन सपनाक दौड़मे
  • देह नदीमे, मन मेला मे
  • देह खेतमे, मन राजदरबारमे
  • देह आ मन दुनू सूतल
आरम्भिक चित्रणमे राजेसरक देह स्थिर अछि, मुदा मन सपनाक तनावमे गतिमान अछि।
4980. ‘जल भँवर’मे स्वप्न-दृश्यक आरम्भिक प्रकृति कोन भाव जगबैत अछि?
  • भय, अँधार आ अनिश्चितता
  • केवल हास्य
  • निश्चिन्त बालक्रीड़ा
  • राजकीय उत्सव
गाछक निचला भाग अन्हारमे डुमल, भयंकर अट्टहास आ राक्षस-आकृतिक जीव भय-परिवेश बनबैत अछि।
4981. राजेसर सपनामे अँधारमे कोन स्थानपर ठाढ़ अछि?
  • गाछक निचला भाग लग
  • पंचायत घरमे
  • छैठ घाटपर
  • विद्यालयमे
पाठमे गाछक निचला भाग अन्हारमे डुमल आ ओहिमे राजेसर ठाढ़ देखाओल गेल अछि।
4982. ‘जल भँवर’मे अकस्मात सुनल भयंकर अट्टहासक असर राजेसरपर की होइत अछि?
  • ओ चौंक उठैत अछि
  • ओ गीत गाबैत अछि
  • ओ सुतले रहैत अछि
  • ओ नाव चलबैत अछि
कथामे अट्टहास सुनिते राजेसर चौंक उठैत अछि।
4983. सपनामे राजेसरक आगू कोन तरहक जीव ठाढ़ देखाइत अछि?
  • राक्षस सन आकृतिबला एक हाँज जीव
  • गामक विद्यार्थी
  • मेला-बेचुआ
  • पंचायतक पंच
कथामे राक्षस-जकाँ आकृतिबला जीव-समूहक आक्रमणकारी मुद्रा वर्णित अछि।
4984. जीव-समूहक आक्रमणसँ बचबाक लेल राजेसर की करैत अछि?
  • डारि पकड़ि गाछपर चढ़ि जाइत अछि
  • नदीमे कूदि पड़ैत अछि
  • पंचायत बुलबैत अछि
  • घाटपर परसाद लैत अछि
जान बचेबाक उपाय नै सुझलापर ओ डारि पकड़ि गाछपर चढ़ि जाइत अछि।
4985. ‘जल भँवर’क आरम्भिक स्वप्न-स्थितिक कथात्मक प्रयोजन की बुझाइत अछि?
  • भीतरक भय आ संकटकेँ दृश्य रूप देब
  • केवल पर्व-सूची देब
  • संगीतक ताल समझेब
  • शब्दकोश बनायब
राजेसरक स्वप्न भय, अँधार, पीछा आ असुरक्षित मनोदशाकेँ दृश्य बनबैत अछि।

4986. ‘जल भँवर’मे हवा/वायु कोन तीव्रता सँ वर्णित अछि?
  • बिहाड़ि सन
  • पूर्ण शांत
  • मंद सुगंधित
  • घाटीमे बन्द
आरम्भिक स्वप्नमे वायुक गति बिहाड़ि सन कहल गेल अछि।
4987. राजेसरक स्वप्नमे गाछक भूमिका की अछि?
  • भयावह आक्रमणसँ अस्थायी बचावक सहारा
  • राजदरबारक आसन
  • मेला-दुकान
  • विद्यालयक झंडा
राजेसर आक्रमणकारी जीव सभसँ बचबाक लेल गाछपर चढ़ैत अछि।
4988. ‘जल भँवर’मे ‘धरती आ अकासक बीच विचारकेँ पकड़ने’ चित्रण कोन अर्थ-संकेत दैत अछि?
  • अधबीच अटकल मानसिक स्थिति
  • साधारण बाजार-दृश्य
  • केवल मौसम-सूचना
  • खेलक नियम
राजेसरक स्वप्नमे धरती-अकास बीच अटकल स्थिति मनक अनिश्चितता आ संकटक प्रतीक बनैत अछि।
4989. भयंकर हँसी आ कनबाक स्वर साथ-साथ अबैत अछि — ई संयोजन कोन वातावरण बनबैत अछि?
  • अशुभ, बेचैन आ भयग्रस्त
  • उत्सवी
  • हास्यमय मात्र
  • शान्त उपासना
अट्टहास आ रुदनक स्वर मिलि स्वप्नकेँ डरावना आ बेचैन बनबैत अछि।
4990. ‘जल भँवर’ शीर्षकक आरम्भिक स्वप्नमे ‘भँवर’ भाव कोना संकेतित अछि?
  • मन दौड़ैत-पड़ाइत अछि आ बाहर भयक घेरा बनैत अछि
  • पात्र स्थिर सुखमे अछि
  • कथा केवल पाककला अछि
  • कथा केवल नदी-नाप अछि
राजेसरक मन सपनामे दौड़ैत अछि आ चारूभर घेराबंदी-जकाँ भय बनैत अछि।
4991. ‘जल भँवर’मे चिड़ैक चुनचुनाहट कोन समय-सूचक संकेत दैत अछि?
  • राति समाप्ति लग भिनसुरक आभास
  • दुपहरक चिन्ह
  • साँझक आरती
  • बरखा-मेघक गर्जन
पञ्चमी रातिक अन्तिम पहरमे चिड़ैक स्वर भोर लगबाक संकेत दैत अछि।
4992. राजेसरक साँसक तीव्र स्वर कोन मानसिक अवस्था खोलैत अछि?
  • सपनामे डुमल भय आ बेचैनी
  • पूर्ण विश्राम
  • हँसीक उत्सव
  • संगीत-अभ्यास
देह सूतल रहितो साँसक तीव्र स्वर ओकर स्वप्न-भयक असर देखबैत अछि।
4993. ‘जल भँवर’मे राक्षसाकार जीव सभक आक्रमणक मुद्रा कोन कथात्मक तनाव बनबैत अछि?
  • जीवन-रक्षा आ घेराबंदी
  • हास्य-नाटक
  • धान-कटनी
  • छैठक प्रसाद
जीव सभ एकेबेर आक्रमण करय दौड़ैत अछि, जे जीवन-रक्षा वाला तनाव रचैत अछि।
4994. राजेसरक ‘कोनो उपाय नै सुझल’ अवस्था कोन भावकेँ तीव्र करैत अछि?
  • लाचारी
  • उत्साह
  • व्यापार-बुद्धि
  • विजय-घोष
आक्रमण बीच उपाय नै सुझब पात्रक लाचारी आ भयकेँ बढ़बैत अछि।
4995. अंक १८३क आरम्भिक अंशमे कथा कोन शैलीक निकट दीखैत अछि?
  • स्वप्न-चित्र आ मनोवैज्ञानिक भय
  • सूखा प्रशासनिक प्रतिवेदन
  • केवल गीत-सूची
  • कृषि-मूल्य तालिका
आरम्भमे स्वप्न, अँधार, आवाज, पीछा आ भयक दृश्य मनोवैज्ञानिक कथा-शैली बनबैत अछि।

4996. अंक १८४मे ‘लजबिजी’ कोन रचनाकारक लघुकथा-संग्रह रूपमे देल अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • राजदेव मण्डल
  • राम विलास साहु
  • नन्द विलास राय
अंक-सूचीमे ‘लजबिजी’ लघुकथा-संग्रहक संग जगदीश प्रसाद मण्डलक नाम अछि।
4997. ‘लजबिजी’ संग्रहक समर्पण कोन गोष्ठीसँ जुड़ल अछि?
  • सगर राति दीप जरयक नारी-केंद्रित गोष्ठी
  • छैठ घाटक पूजा
  • विद्यालयी खेल
  • नगरक बाजार
आरम्भिक अंशमे संग्रह ‘सगर राति दीप जरय’क नारी-केंद्रित गोष्ठीकेँ समर्पित कहल गेल अछि।
4998. ‘लजबिजी’क कथा-सूचीमे पहिल कथा कोन शीर्षकसँ आरम्भ होइत अछि?
  • अकाल
  • ठकुआएल भुसवा
  • पंचैती
  • जल भँवर
सूचीमे ‘अकाल’ आरम्भिक कथा रूपमे देखाइत अछि।
4999. ‘अकाल’ कथाक आरम्भमे सुगापटीवाली माथपर की नेने अबैत अछि?
  • दस-बारहटा छिट्टा-पथियाक गेंठ
  • सोनाक हार
  • लालटेन
  • नदीक नाव
किरण फुटिते सुगापटीवाली माथपर छिट्टा-पथिया नेने बौकी दीदी लग पहुँचैत अछि।
5000. ‘अकाल’मे बौकी दीदी आ सुगापटीवालीक संबंध कोना देखाइत अछि?
  • नियमित गप-सप्प आ अपनापनक
  • राजा-प्रजा
  • केवल दुकानदार-ग्राहक
  • शत्रुता
सुगापटीवाली बौकी दीदी लग घंटा-घंटा भरि बैसि गप करैत रहैत, से अपनापन देखबैत अछि।
5001. बौकी दीदी सुगापटीवालीक मुँह देखि की भाँपैत छथि?
  • ओ कोनो विपत्ति वा बेथा मे अछि
  • ओ नाचक तैयारीमे अछि
  • ओ राजाज्ञा नेने अछि
  • ओ स्कूल परीक्षामे सफल भेल
दीदी ओकर मौलाएल मुँह देखि बुझैत छथि जे जरूर कोनो वेदना अछि।
5002. ‘अकाल’मे सुगापटीवाली कहैत अछि जे लोक केकर सोग बेसी नै सहि सकैत?
  • धनक सोग
  • गीतक सोग
  • रंगक सोग
  • खेलक सोग
ओ कहैत अछि जे बेटाक सोग सहल जाए, मुदा धनक सोग नहि सहल जाए।
5003. सुगापटीवालीक छिट्टा-पथिया बनाबयक श्रम कोन आर्थिक आशासँ जुड़ल छल?
  • मास-दिनक रोजगार आ किछु बचत
  • राजदरबारक पद
  • विद्यालयी पुरस्कार
  • नदी-पार यात्रा
ओ कहैत अछि जे मास-दिनक रोजगार टोकरी बनबैमे लगैत आ किछु हजार बचैत छल।
5004. ‘अकाल’मे ‘अकाल’ केवल अन्नक अभाव नहि, कोन अभावक संकेत बनैत अछि?
  • रोजगार-बाजार टूटि जाएब
  • गीत समाप्त
  • नदी सुखाएब मात्र
  • परीक्षा रोकाएब
टोकरी-पथियाक बिकाइ रुकि गेल, तेँ अकाल आर्थिक अवसरक टूटन सेहो बनैत अछि।
5005. ‘अकाल’ कथाक सामाजिक केंद्र कोन अछि?
  • गरीब श्रमिक स्त्रीक श्रम, विपत्ति आ अपनापन
  • राजकीय युद्ध
  • दूर समुद्री व्यापार
  • केवल प्रेमगीत
सुगापटीवालीक श्रम, बौकी दीदीक संवेदना आ आर्थिक संकट कथा केंद्र बनैत अछि।

5006. ‘लजबिजी’क कथा-सूचीमे ‘अकाल’क अतिरिक्त कोन शीर्षक भेटैत अछि?
  • उझट बात
  • मदन अमर
  • स्कूलक खिचड़ी
  • भगवाने भरोसे
अंक १८४क सूचीमे ‘उझट बात’ शीर्षक ‘लजबिजी’ संग्रहक भीतर देल अछि।
5007. ‘लजबिजी’ सूचीमे ऋण-संबंधी संकेत देनिहार कोन शीर्षक अछि?
  • कर्जखौक
  • निर्मलीक निर्मलता
  • कागज-कलम
  • पाखलो
‘कर्जखौक’ शीर्षक ऋण, लेन-देन आ आर्थिक दबावक संकेत दैत अछि।
5008. ‘लजबिजी’क कथा-सूचीमे स्त्री-केंद्रित घरेलू स्मृति जगाबय वाला कोन शीर्षक अछि?
  • रेहना चाची
  • जाल
  • चोर-सिपाही
  • रूसल बौआ
सूचीमे ‘रेहना चाची’ नाम घरेलू/सामुदायिक स्त्री-पात्रक कथा-संकेत दैत अछि।
5009. ‘लजबिजी’मे बुजुर्ग स्त्री-पात्रक संकेत देनिहार शीर्षक कोन अछि?
  • बुधनी दादी
  • बरसा
  • गीता
  • ललिता
सूचीमे ‘बुधनी दादी’ शीर्षक बुजुर्ग स्त्री-पात्रक उपस्थिति देखबैत अछि।
5010. ‘लजबिजी’क कथा-सूचीमे प्रश्नवाचक भाव वाला शीर्षक कोन अछि?
  • अउतरित प्रश्न
  • ठकुआएल भुसवा
  • जल भँवर
  • कागज-कलम
‘अउतरित प्रश्न’ शीर्षक अनुत्तरित सामाजिक/मानसिक प्रश्नक संकेत करैत अछि।
5011. ‘लजबिजी’ सूचीमे स्मृति-संबंधी शीर्षक कोन अछि?
  • सजल स्मृति
  • पंचैती
  • जाल
  • नदीक किनार
सूचीमे ‘सजल स्मृति’ शीर्षक स्मरण आ संवेदनाक दिशा देखबैत अछि।
5012. ‘लजबिजी’क कथा-सूचीमे घास-संबंधी प्रतीकात्मक शीर्षक कोन अछि?
  • एक मुठी घास
  • भैयारी हक
  • कागज-कलम
  • मदन अमर
सूचीमे ‘एक मुठी घास’ शीर्षक देल अछि, जे अल्प साधन/जीवन-संघर्षक संकेत बनि सकैत अछि।
5013. ‘लजबिजी’मे ‘करिछौंह मुँह’ शीर्षक कोन तरहक लोक-जीवन संकेत देत अछि?
  • चेहरा, जाति-रंग, सामाजिक दृष्टि वा लोक-व्यवहारक
  • रेलवे स्टेशनक
  • राजमहलक
  • समुद्रयात्राक
शीर्षक लोक-भाषाक मुहावरा जकाँ सामाजिक दृष्टि आ देह/चेहरा संबंधी अर्थ खोलैत अछि।
5014. ‘लजबिजी’क कथा-सूची समग्र रूपेँ कोन संसार बनबैत अछि?
  • गाम, अभाव, स्मृति, स्त्री-जीवन आ सामाजिक संबंध
  • केवल युद्ध
  • केवल समुद्र
  • केवल विज्ञान-प्रयोग
कथा-शीर्षकसभ गरीबी, घरेलू जीवन, बुजुर्ग, प्रश्न, स्मृति आ श्रमक ग्रामीण संसार रचैत अछि।
5015. अंक १८४मे ‘लजबिजी’क उपलब्ध आरम्भिक प्रस्तुति पाठककेँ कोन विधा-पहचान दैत अछि?
  • लघुकथा-संग्रह
  • केवल नाटक
  • केवल शब्द-सूची
  • चित्र-संग्रह
शीर्षकक बाद स्पष्ट रूपेँ ‘लघु कथा संग्रह’ देल गेल अछि।

5016. अंक १८५मे ‘गामक शकल-सूरत’ कोन रचनाकारक लघुकथा-संग्रह रूपमे देल अछि?
  • जगदीश प्रसाद मण्डल
  • राजदेव मण्डल
  • राम विलास साहु
  • पल्लवी मण्डल
अंक-सूचीमे ‘गामक शकल-सूरत’ लघुकथा-संग्रहक संग जगदीश प्रसाद मण्डलक नाम देल अछि।
5017. ‘गामक शकल-सूरत’क कथा-सूचीमे पहिल शीर्षक कोन अछि?
  • ठकुआएल भुसवा
  • अकाल
  • पंचैती
  • जल भँवर
सूची ‘ठकुआएल भुसवा’ सँ शुरू होइत अछि।
5018. ‘ठकुआएल भुसवा’क आरम्भ कोन पर्व-स्थलपर होइत अछि?
  • छैठ-परमेशरीक घाट
  • दुर्गापूजाक मेला
  • धनेसरक आँगन
  • नदीक नाव
कथा छैठ-परमेशरीक घाट आ सूरजक आगमनक दृश्यसँ शुरू होइत अछि।
5019. ‘ठकुआएल भुसवा’मे घाटपर बाल-बोधसँ सियान-चेतन धरि केकर आशा जगैत अछि?
  • पावैनक पाबन परसाद
  • नव किताब
  • राजकीय आदेश
  • पंचायतक दंड
छैठ घाटपर सभक मनमे पावैनक पाबन परसाद पेबाक आशा जगल कहल गेल अछि।
5020. ‘ठकुआएल भुसवा’मे सजल डालीमे कोन-कोन परसाद-सामग्रीक संसार देखाइत अछि?
  • सूप-डगरा, खीरा, सजमैन, नारिकेल, केरा आ कुशियार
  • तलवार आ ढाल
  • रेल टिकट
  • कागज-कलम मात्र
कथामे सूप, डगरा, कोनियाँ, खीरा, सजमैन, नारिकेल, केरा, कुशियार आदि वर्णित अछि।
5021. भुसवा कथामे ककर सामने अपन उपेक्षा अनुभव करैत अछि?
  • ठकुआक सामने
  • राजेसरक सामने
  • गीताक सामने
  • सुगापटीवालीक सामने
भुसवा ठकुआक आसन-मान आ अपन गुड़कैत अस्तित्वक तुलना करैत अछि।
5022. भुसवा अपन पुरखा दिस तकैत कोन बात सोचैत अछि?
  • सिरजनमे भेद-कुभेद नै भेल
  • केवल ठकुआ जन्मल
  • ओ राजकुमार अछि
  • ओ नदीमे डुबल
कथामे भुसवा सोचैत अछि जे ओकर पुरखाक सिरजनमे भेद-कुभेद नै भेल।
5023. ठकुआ भुसवा पर कोन आरोप/तिरस्कार करैत अछि?
  • बाप-दादा जकाँ गुड़कैत रहबाक
  • नदी पार करबाक
  • गीत गाबबाक
  • कथा लिखबाक
ठकुआ भुसवाकेँ कहैत अछि जे जेकाँ पुरखा गुड़कैत एलाह, तहिना गुड़कैत रहू।
5024. ‘ठकुआएल भुसवा’मे खाद्य-वस्तुसभ केना पात्रवत् बनैत अछि?
  • भुसवा आ ठकुआ संवाद/मान-अपमान अनुभव करैत अछि
  • ओ सभ केवल सूची बनि रहैत अछि
  • ओ सभ सैनिक बनैत अछि
  • ओ सभ नदी होइत अछि
कथामे भुसवा-ठकुआ मानवीय भाव, तर्क आ अपमान अनुभव करैत पात्र बनैत अछि।
5025. ‘ठकुआएल भुसवा’क प्रतीकात्मक केंद्र की अछि?
  • पावैनक पवित्रता भीतर असमान मान-सम्मानक आलोचना
  • केवल पकवानक विधि
  • राजनीतिक चुनाव
  • विद्यालयी परीक्षा
छैठ-पर्वक परसाद-संसारमे भुसवा-ठकुआ संवाद सामाजिक असमानता आ प्रतिष्ठा-भेदक प्रतीक बनैत अछि।

5026. ‘गामक शकल-सूरत’क कथा-सूचीमे जल-सुविधा वा ग्राम-ढाँचासँ जुड़ल शीर्षक कोन अछि?
  • चापाकलक पाइप
  • कागज-कलम
  • जल भँवर
  • पंचैती
सूचीमे ‘चापाकलक पाइप’ शीर्षक ग्रामक जल-सुविधा आ ढाँचाक संकेत दैत अछि।
5027. ‘गामक शकल-सूरत’क कथा-सूचीमे लेखन/शिक्षा-संबंधी संकेत देनिहार शीर्षक कोन अछि?
  • कलम हानि कऽ
  • ठकुआएल भुसवा
  • अकाल
  • जाल
‘कलम हानि कऽ’ शीर्षक लेखन, पढ़ाइ वा बौद्धिक साधनक क्षति दिस संकेत करैत अछि।
5028. ‘गामक शकल-सूरत’ सूचीमे मारल-पीटल/अपमानित जीवनक संकेत देनिहार शीर्षक कोन अछि?
  • लतियाएल जिनगी
  • कागज-कलम
  • पंचैती
  • लाज
‘लतियाएल जिनगी’ शीर्षक सामाजिक दमन वा अपमानित जीवनक संकेत दैत अछि।
5029. ‘गामक शकल-सूरत’ शीर्षक स्वयं कोन प्रकारक कथा-लक्ष्य सूचित करैत अछि?
  • गामक बदलैत चेहरा आ सामाजिक यथार्थ
  • केवल राजमहल
  • समुद्र-यात्रा
  • शब्दकोश
संग्रहक शीर्षक गामक शकल-सूरत अर्थात् ग्रामीण जीवनक रूप-रंग आ विडम्बना पर केंद्रित अछि।
5030. सूचीमे पावैन-संबंधी शीर्षक कोन अछि?
  • जितिया पावैन
  • जल भँवर
  • कागज-कलम
  • जाल
‘जितिया पावैन’ शीर्षक ग्रामीण स्त्री-लोक आ पर्व-संस्कृति दिस संकेत करैत अछि।
5031. ‘सुखाएल सूरत’ शीर्षक कोन भाव-संसारक संकेत दैत अछि?
  • अभाव, सूखापन आ सामाजिक पीड़ा
  • पूर्ण ऐश्वर्य
  • नदीक बाढ़ि मात्र
  • केवल गीत
शीर्षकमे ‘सुखाएल’ शब्द चेहरा/जीवनक रूखापन आ अभावक भाव खोलैत अछि।
5032. ‘भैयारी हक’ शीर्षक कोन सामाजिक सम्बन्धक प्रश्न उठबैत बुझाइत अछि?
  • भाइ-भाइ/साझेदारी आ अधिकार
  • केवल मेला
  • केवल नदी
  • केवल गजल
शीर्षक भैयारी संबंध, हिस्सा आ अधिकारक ग्रामीण प्रश्न दिस संकेत दैत अछि।
5033. ‘गामक शकल-सूरत’क कथा-सूचीमे पर्व, जल, शिक्षा, अधिकार आ अभाव — ई सभ मिलि कोन व्यापक फलक बनबैत अछि?
  • ग्रामीण समाजक बहुविध यथार्थ
  • दरबारी मनोरंजन
  • विदेशी युद्ध
  • खेल प्रतियोगिता
विभिन्न शीर्षक ग्रामीण जीवनक जल, लेखन, पर्व, अभाव आ हकक अनेक पक्ष सामने अनैत अछि।
5034. अंक १८५मे ‘कथाक सत्तरि’ उपशीर्षक कोन तरहक रचना-क्रम सूचित करैत अछि?
  • लघुकथासभक क्रमबद्ध संचयन
  • केवल गीतक ताल
  • नाटकक दृश्य मात्र
  • पत्र-सूची
‘कथाक सत्तरि’ शीर्षक लघुकथा-संग्रहक क्रमबद्ध कथा-प्रस्तुति सूचित करैत अछि।
5035. अंक १८५क समग्र उपलब्ध आरम्भिक सामग्री कोन साहित्यिक दिशा देखबैत अछि?
  • ग्रामीण जीवनक प्रतीकात्मक आ सामाजिक लघुकथा
  • केवल प्रशासनिक सूचना
  • केवल यात्रा विवरण
  • केवल ज्योतिष
गामक शकल-सूरत आ ओकर कथा-शीर्षकसभ ग्रामीण समाजक प्रतीकात्मक-सामाजिक लघुकथा संसार बनबैत अछि।

5036. अंक १८६ मे मुख्य रूपे कोन लघुकथा-संग्रह देल गेल अछि?
  • फलहार
  • गामक शकल-सूरत
  • कथा कुसुम
  • सखारी-पेटारी
अंक १८६क आरम्भमे जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा-संग्रह ‘फलहार’क अनुक्रम आ कथा-पाठ भेटैत अछि।
5037. ‘फलहार’क अनुक्रममे पहिल कथा कोन अछि?
  • जाम
  • गण्‍डा
  • फलहार
  • भोरक झगड़ा
अनुक्रममे ‘जाम’ पहिल कथा रूपे राखल गेल अछि।
5038. ‘जाम’ कथामे गुणेसर काका कोन अवस्थाक बाद थैली नेन