विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका · VIDEHA · ISSN 2229-547X

अमृतसर यात्रा

रवीन्द्र नारायण मिश्र · 2018-05-15 · अंक 250

अमृतसर याVा
पंजावक पैघ शहरमे अमृतसरक गणना अिछ। ऐठाम पिहने तुँग नामक गाम छल। िसखक चािरम गुr
रामदास १५७४ मे ७०० ’पैआमे तुँग गामक लोकसँ जमीन िकनलैथ। ओइ साल गुr रामदास ओतए घर
बना कऽ रहए लगला। ओइ समयमे ओकरा ‘गुr दा च³’ कहल जाइत छल। बादमे एकर नाम ‘च³ राम
दास’भऽ गेल।
अमृतसर पिहने ‘गुrरामदासपुर’क नाओंसँ जानल जाइत अिछ। पंजावक राजधानी चh डीगढ़सँ ई २१७
िकलोमीटर दूरीपर एवम् लाहौरसँ माV ५० िकलोमीटर दूरीपर अविa थत अिछ। भारत-पािकa तानक वाधा
वोड:र ऐठामसँ माV २८ िकलोमीटर अिछ।
कहल जाइत अिछ वािŽ मकी ऋृिषक आPम अमृतसरक रामतीथ:मे छल। लवकुश अ›मेघ य¶क
घोड़ाक– ओतइ पकैड़ लेने छला आ हनुमानक– एकटा गाछसँ बािM ह देने रहैथ। ओही a थानपर दुिग:आना मिM दर
बनल अिछ।
तेसर िसख गुr अमरदास जीक परामश:पर चािरम िसख गुrरामदासजी अमृत सरोवरक खुनाइ gारo भ
केलाह। ऐमे चा’कात पजेबाक घाटक िनम^ण पƒचम िसख गुr अज:न देवजी “ारा १५ िदसo बर १५८८ क
पूरा कएल गेल। वएह हरमM दर साहेबक िनम^ण gारo भ केलैथ। १६ अगa त १६०४ क ओइमे गुr uM थ
साहेबक a थापना भेल। िसख भ` त बाबा बुधाजी ओइ मM दरक gथम पुजेगरी िनयु` त भेल रहैथ।
हरम^M दर साहेबक िनम^णमे सव: धम: सभ भावक िवशेष िधयान राखल गेल। िसख धम:क ऐ भावनाक
अनुrप गुr अज:न देव मुिa लम सूफी सM त हजरत िमआँ मीरक– ऐ मिM दरक िशलाM यासक हेतु आमंिVत केने
छला। सन् १७६४ ई.मे जa सा िसंह अहलुवािलया आन-आन लोक सबहक सहयोगसँ एकर जीणÊÂार

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ejournal ‘'िवदेह ' २५० म अंक १५ मई २०१८ (वषᭅ ११ मास १२५ अंक २५० )
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केलाह। उM तीसमी शता दीमे महाराजा रणजीत िसंह ७५० िकलोuाम सोनासँ ऐ मिM दरक ऊपरी भागक– पािट
देलाह जैपर एकर नाओं ‘a वण: मिM दर’ माने ‘गोŽ डेन टेo पल’ पिड़ गेल।
हरमिM द साहेबक a वण: मिM दरमे पएर रखैत गजब आनM दक अनुभूित भेल। साफ-सुथरा चक-चक करैत
पिरसर। सुरo य वातावरणमे भजन कीत:नक संगीतमय मधुर à विन। चा’कात पसरल स°कड़ोक तादादमे
सेवादारक ज_ था सभक– देखैत बनैत छल।
समूहमे जीव, सेवा करब ओ समM ¯ य पूव:क सबहक a वागत करब, ऐ वa तुक g_ य उदाहरण हरमM दर
सािहवमे भेटैत अिछ। मM दरमे gवेशसँ पूव: जूता िनकालब आ माथ झƒपब अिनवाय: अिछ। माथ झƒपबाक हेतु
मिM दर gवM धक केर तरफसँ वa V देल जाइत अिछ।
िवशाल तलाव a व¢ छ जलसँ भरल अिछ। ऐ तालावक नाओं अमृत सरोवर अिछ। सरोवरक चा’कात
लोक पिरÜमण करैत अिछ। सरोवरसँ जुड़ल अिछ हरमिM दर साहेब।
मिM दरमे िनरM तर गुणवाणीक पाठ होइत रहैत अिछ। चा’कातसँ मिM दरक दरबाजा खूजल अिछ।
ता_ पय: जे ओइठाम सबहक a वागत अिछ। हरमिM दर साहेबमे कोनो धम:क लोक जा सकैत अिछ। ऐ मामलामे
ई अÕुत अिछ। ऐठाम िनरM तर लंगर चलैत रहैत अिछ। अनुमानत: gित िदन एक लाखसँ तीन लाख लोक
तकक– मु¹तमे लंगर खुआबक बेवa था ऐठाम रहैत अिछ।
हरमिM दर साहेब हम दू बेर गेल छी। एकबेर अिधकारीक gितिनिध मh डलक संग आ दोसर बेर
Pीमतीजीक संग। दुनू बेर नीकसँ दश:न भेल। a थानीय gशासनक सहयोग रहबाक कारण मिM दरमे हमरा
सभक– सरोपा देल गेल। सरोपा देबक माने बहुत इÇ जत देब भेल।
अमृतसरक gिसÂ a वण: मिM दरक दश:नक बाद हमरा लोकिन ओइठामसँ सटले जािलयावाला बाग गेलॱ।
ओइ वागक इितहास केकरो निह बुझल छइ। ि²िटश साÑाÇ यक भारतमे कएल गेल ई šुड़तम घटना अिछ।
१३ अgैल १९१९ क ि²िटस हुकुमतक िवरोधमे a वर उठाबक हेतु जमा भेल हजारो लोकपर १० िमनट धिर
धुँआधार गेली चलौल गेल, जइमे एक हजार लोक मारल गेला आ १५ साए लोक घायल भेला। सरकारी
आँकड़ामे मृतक एवम् घायलक संÈ या बहुत कम šमश: ३६९ एवम् २०० माV देखौल गेल मुदा ओ कोनो
िहसावसँ सही निह लगैत अिछ। गोली काh डक बाद ओइ मैदानमे लाश उठौिनहार िकयो निह छल। सैकड़ो
आदमी जान बँचेबाक हेतु ओइठाम िa थत एकटा इनारमे कुिद गेल। बादमे १२० टा लाश ओइ इनारसँ
िनकालल गेल। धुँआधार चलल गोली सबहक िनशान अखनॱ ओइठामक देवाल सभपर देखल जा सकैत
अिछ।
ओइ िदन बारहे बजेसँ लोक सभ बैसारमे भाग लेबाक हेतु ओइ मैदानमे जमा होमए लागल छल। बहुत
रास िनदÊस लोक उ_ सुकतावश सेहो ओइठाम जमा भऽ गेल छल। मुदा केकरो ई अM दाज नइ छेलै जे
ि²िटश हुकुमत एतेक वव:रतापूण: काज करत! मुदा से भेल। ि²िटश हुकुमतक िखलाफ केतेको gकारक
दुघ:टनाक पछाइत राÇ यमे माश:ल लॉ लागू छल।

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१३ अgैल १९१९ क भोरे ि²िटश हुकुमत घोषणा कए लोकक– चेतौलक जे पƒच आदमीसँ बेसी लोकक
एकठाम जमा होएब गैरकानूनी अिछ। मुदा बहुत लोकक– एकर जानकारी निह भेलै आ जेकरा भेबो केलै से
निह सोिच सकल जे आदेशक उŽ लंघनक एहेन िवनासकारी हएत!
a थानीय फौजी एवम् असैिनक अिधकारीक– जािलयावाला बागमे जमा होइत भीड़क जानकारी १२ बजे
भऽ चूकल छल। ओ सभ चाहैत तँ ओइ बैसारक शु’ए-मे िवरोध कए सकैत छल, मुदा एकटा सुिनिÆत
योजनाक तहत भीड़क– जमा होमए देल गेल आ िबना कोनो पूव: उÝोषणाक भीड़पर अM धाधून गोली चलेबाक
आदेश जनरल “ारा दए देल गेल।
सभसँ दुखद तँ ई भेल जे गोलीक बौछारमे घायल लोक सभ तरपैत-तरपैत मिर गेल आ िकयो ओकरा
सभक– असपताल उठा कऽ निह लऽ गेल। ऐ घटनाक अंजाम देिनहार जेनरल डायरे` टरक– जखन हंटर
कमीशन पुछलक जे ‘अहॉं घायल लोक सबहक इलाजक की बM दोवa त केलॱ?’ तँ ओ िनल:Ç ज भऽ कहलक
जे अa पताल सभ खूजल छल। सही िa थित तँ ई छल जे बाहरमे क¹यू: लागल छल तँए िकयो केतौ
घुसिकयो निह सकैत छल। जनरल डायर उपरो` त कमीशनक सम a वीकार केलक जे ओ सोिच-समैझ
कऽ जािलयावाला वागमे गोली चलबौलैथ। ओ चािहतैथ तँ डरा-धमका कऽ भीड़क– भगा िदतैथ, मुदा फेर ओ
सभ एकV भऽ जाइत, आ ि²िटश हुकुमतक वच:a वपर हँसैत।
एहेन वव:र घटनाक च´ मदीद गवाह देबाल सभपर पड़ल गेली सबहक िनशान अखनॱ देखल जा सकैत
अिछ।
हम सभ चा’कात देबाल सभपर पड़ल एहेन िनशान सभक– सF: देखलॱ गोलीक िनशान सभक– िचिM हत
कए देल गेल अिछ। आ जइ इनारमे सैकड़ो आदमी कुिद गेला आ जानसँ हाथ धो लेलैथ, सेहो ‘शहीदी
कुआँ’क नाओंसँ a मारक भऽ गेल अिछ। ऐ काh डमे शहीद भेल सैकड़ो लोकक यादगारमे ओतए a मारक
बनल अिछ जेकर उÝाटन भारक gथम राº Öपित a व. डॉ. राजेM s gसाद सन् १९६३ मे केलाह।
अमृतसरक दश:नीय a थानमे दुिग:आना मिM दर gमुख a थान रखैत अिछ। मूलत: दुग^माताक मिM दर
हेबाक कारण एकर नाओं दुिग:याना मिM दर पड़ल मुदा ऐ मिM दरमे आनो-आनो भगवान सबहक भ¯ य मूित:
िवरािजत अिछ। ई मिM दर अपन भ¯ यता एवम् अà याि_ मक वातावरण हेतु सo पूण: िव›मे gिस अिछ। देश-
िवदेशसँ हजारो तीथ:याVी ऐठाम अबैत रहै छैथ। मिM दर बहुत पुरान अिछ। मूल मिM दर सोलहम शता दीमे
बनल छल। तेकर बाद सन् १९२१ ई.मे a थानीय लोकिनक मदैतसँ एकर जीणÊÂार कएल गेल। नव िनिम:त
मिM दरक उÝाटन सन् १९२५ ई.मे पं. मदन मोहन मालवीय केने रहैथ। मिM दरक “ार थानीसँ बनल अिछ।
पूरा मिM दर चा’कातसँ िसमटल अिछ। मूÈ यत: मिM दरक gागणमे पहुँचबाक हेतु पूल बनौल गेल अिछ।
मिM दरक बनाबट ओ साज-सÇ जा a वण: मिM दरसँ िमलैत अिछ।

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मिM दरक gागणमे सीतामाता ओ हनुमानजीक मिM दर अिछ। सन् २०१३ सँ मिM दर एवम् मिM दरक
आसपासक पिरसरक जीणÊÂारक काय:šम चिल रहल अिछ जेकर पूण:तापर मिM दरक भ¯ यता ओ सौM दय:
पराकाº ठापर पहुँच जाएत।
कहल जाइत अिछ जे लवकुश हनुमानजीक– अहीठाम बािM ह देने रहैथ। अ›मेध य¶क घोड़ाक– बािM ह
देने रहैथ। लमण, भरत, शVुà न सभ एतइ परािजत भऽ गेल रहैथ। हुनका सभक– जीएबाक हेतु देवता सभ
अमृत अनने रहैथ ओ शेष अमृतक– मािटमे गािड़ देल गेल छल। जहूसँ ऐ शहरक नाओं अमृतसर पड़ल।
हम सभ अमृतसरक gिसÂ दुिग:आना मिM दरमे घM टो घुमैत रहलॱ। पूजा-पाठ केलॱ ओ एकर भ¯ यताक
आनM द उठेलॱ। पं. मदन मोहन मालवीयजीक बारo बार िधयान अबैत रहल जे ऐ मिM दरक– वत:मान a वrपक
नायक रहैथ।
घुमैत-घुमैत हम सभ थािक गेल रही। रौद बहुत करगर रहइ। हमर Pमतीजी सेहो बहुत थािक गेल
छेली। अa तु हम सभ ओइठामसँ सोझे सीपीड Ž यूडी गेº ट हाउस िa थत अपन डेरा पहुँच गेलॱ।
घर घुमैत काल रa ता भिर सोचैत रहलॱ जे एतेक भारी तीथ: a थानमे जािलयावाला वाग सन
šूड़, वव:र, नरसंहार केना भेल? सही कहल जाइत अिछ जे सXाक नशामे मनुख िपशाच भऽ जाइत अिछ।
ओकर मानवीय संवेदना नº ट भऽ जाइ छइ। मनुख ओकरा लेल माV एकटा मशीन रिह जाइत अिछ जे
आदेशक पालन करैत-करैत अपनिह बM धु-बाM धवक खूनक धार बहा सकैत अिछ। जेना िक जािलयावाला
वागमे अंuेजी हुकुमत केलक। िहM दू, मुसलमान, िसख आिद सभ धम:क लोक लोकक खून एक भऽ गेल
छल, जािलयावाला वाग िचकैर-िचकैर कऽ किह रहल छल-
“ऐ अ_ याचारी िनकृº ट अंuेजी हुकुमत, आब बद^a त जोग निह रहल। आब आर जुलुम निह सहल
जाएत..!”
जािलयावाला वागक काh ड सo पूण: देशक आ_ माक– झकझोिर देलक। एकर बदलामे उधम िसंह िवलायत
जा कऽ माइकल डायरक [1] ह_ या कऽ देलक आ a वयं फƒसी चिढ़ गेल।
दोसर िदन सƒझमे हमरा लोकिन बाधा वोड:रपर होमएबला झhडा उतारबाक काय:šम देखए गेलॱ। ओइ
काय:šमक आकष:ण अमृतसर गेिनहार g_ येक पय:टकक– रहैत छइ।
भारत ओ पािकa तानक सीमा सुरा बलक जवान सभ नाना gकारक करतब करैत आगू-पाछू बढ़ैत रहै
छैथ। कखनो टƒगक– धराम-दे आगƒ तँ कखनो हाथक– फरकबैत पाछƒ करैत ओ सभ एक-दोसरक– कखनेा
िसनेह करैत तँ कखनो आšमण मुsामे आिब जाइ छैथ। अपना देशक लोक जेतेक बेर िहM दूa तान िजM दावाद
कहैत तेतेक बेर सटले सीमापर सँ ओइ देशक नारा सभ लगैत रहैत अिछ।

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कुल िमला कऽ सo पूण: वातावरण देश-भि` तसँ भरल रहैत अिछ। उXेजक ओ भावुक महौलक वावजूद
सैिनक सभ संयत रहै छैथ आ šमश: अपन-अपन देशक झh डा उतािर कऽ वधा बोड:रक गेटक– बM द कऽ
लइ छैथ।
िवशेष अवसर जेना ईद, िदवाली आ दुनू देशक a वतंVता िदवस आिदपर एक-दोसरक– िमठाइक िड बाक
आदान-gदान सेहो होइत अिछ। कुल िमला कऽ ई काय:šम दुनू देशक नागिरकक वत:मान पिरिa थितपर
सोचबाक हेतु मजबूर कए दैत अिछ।
दुनू देशक लोक हजारोक तादादमे आमने-सामने बैसए आ शािM तपूण: महौलमे मनोरंजक काय:šम देखए
से अपना-आपमे एकटा िमसाल अिछ। भऽ सकैए एकर सकारा_ मक gभाव दुनू देशक जनता ओ सरकारपर
पड़इ।
एवम् gकारेण अमृतसरक संिl त gवासक अM त भऽ रहल छल। हमरा लोकिन gात भेने अमृतसर
िदŽ ली शता दी ए` सgेस पकैड़ कऽ िदŽ ली िवदा भऽ गेल रही। सुिवधा सo प¸ sुतगामी ई गाड़ी जŽ दीए घर
पहुँच गेल आ हम सभ अपन याVाक आनM दक चच: करैत केतेको िदन धिर आनM दमे रहलॱ।

ितिथ : ०१ अगa त २०१७, श द संÈ या : १५१६

[1] माइकल डायर जािलयावाला वाग काh डक समय पंजावक लेि¹टनेM ट जेनरल छल।

ऐ रचनापर अपन मंत¯य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ।

Suggested citation: रवीन्द्र नारायण मिश्र. “अमृतसर यात्रा.” Videha — First Maithili Fortnightly eJournal, issue 250, 2018-05-15. https://www.videha.co.in/research/2018/250/अमृतसर-यात्रा.htm

मूल विदेह अंक / Original issue