आशीष अनचिन्हार
शुगर डैडी (Sugar Daddy), शुगर मम्मी (Sugar Mommy वा Sugar Mama), मिथिलाक बिकौआ बियाह एवं वर्तमान
शुगर डैडी (Sugar Daddy), शुगर मम्मी (Sugar Mommy वा Sugar Mama) केर वर्तमान प्रचलन विदेशसँ भारतमे एलैक अछि मुदा एकरा पूर्णतः विदेशी कहब उचित नै। पहिने ई जानि ली जे ई कोन विषय-वस्तु छै।
एहन अधवयसु वा बूढ़ पुरुष जे अपनासँ बहुत कम उम्रक लड़की संग आपसी सहमतिक संग रहैत हो अथवा रहबाक प्रयास करैत हो अथवा एहन भावना रखैत हो तकरा शुगर डैडी (Sugar Daddy) कहल जाइत छै। कम उम्रक ओहि लड़कीकेँ शुगर बेबी (Sugar Baby) कहल जाइत छै।
जँ उपर बातमे अधवयसु वा बूढ़ महिला हो आ ओ अपनासँ बहुत कम उम्रक लड़का संग आपसी सहमतिक संग रहैत हो अथवा रहबाक प्रयास करैत हो अथवा एहन भावना रखैत हो तकरा (Sugar Mommy वा Sugar Mama) कहल जाइत छै। कम उम्रक ओहि लड़काकेँ शुगर बेबी (Sugar Baby) कहल जाइत छै।
शुगर डैडी वा शुगर मम्मी बनबाक किछु कारण अछि जेना-
१) वैधानिक पति-पत्नीक आपसी संबंध खराप हएब।
२) पति वा पत्नीक मृत्युक बाद असगरे रहब।
३) चरित्रहीनता।
शुगर डैडी वा शुगर मम्मी बला संबंधक किछु मुख्य विशेषता ओ शर्ते-
१) वित्तीय सहायता: शुगर डैडी वा शुगर मम्मी समय केर बदला मे अपन संगीकेँ आर्थिक सहायता, यात्रा खर्च वा रहबा-खेबाक सुविधा दैत छै।
२ आपसी सहमति: ई संबंध आपसी सहमति (Mutual Understanding) पर आधारित होइत छै।
३ पारस्परिक लाभ: एहिमे एक पक्षकेँ वित्तीय सुरक्षा भेटैत छै आ दोसर पक्षकेँ समय ओ भावनात्मक संबल।
मिथिला ओ बंगालक संबंध अविभाज्य अछि। दूनू सभ्यता एक दोसरक नीक आ खराप वस्तु अपन संस्कृतिमे समाहित केने अछि। बंगालमे एहने एक संस्कृति छल कुलीन प्रथा जे बादमे मिथिलामे आएल आ जकर नाम भेलै "बिकौआ बियाह"।
बिकौआ बियाहमे उच्च कुलक बूढ़ ब्राह्मण सभ आन-आन छोटक कुल ब्राह्मणक बहुत छोट ओ अबोध लड़कीक संगे बियाह करैत छलाह। आ एहिमे लड़कीक सहमति नै के बराबर रहैत छल मुदा ओकर परिवारक सहमति रहैत छल। एहि प्रथासँ मैथिल ब्राह्मणकेँ कोनो लाभ तऽ नै भेलै उन्टा रक्तशुद्धता ओ आनुवांशिक परिस्थितिमे बहुत रास परिवर्तन भेल हेतै से सहजे अनुमान कएल जा सकैए। मिथिलाक ई बिकौआ बियाह एखनुक शुगर डैडी छलाह।
वर्तमान समयमे मिथिलाक समाजमे नुकाएल बहुत रास शुगर डैडी सभ छथि जकरा बारेमे हुनकर समाजकेँ पता रहैत छै।
मिथिलाक समाजमे शुगर मम्मीक उदाहरण बहुत कम अछि अथवा हमरे लग जानकारी कम अछि। किछु बर्ख पहिने पूर्णियाक लग-पासक एक घटना छल जाहिमे बियाहक बाद एक जमाए अपन सासु संगे बियाह कऽ लेने छल।
मैथिली भाषा-साहित्य लेल ई नव विषय अछि आ प्रायः मैथिलीक विद्वान सभ एहि संबंधक आलोकमे मिथिलाक प्राचीन वैवाहिक स्थितिपर नै लिखलाह अछि। उम्मेद अछि जे भविष्यमे ई काज हएत।
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