प्रणव कुमार झा
प्रणव कुमार झा
भगवान भरोसे
लोकतन्त्र भगवान भरोसे
भोटतंत्र भगवान भरोसे ।
मार्केट खसैत रुपया गुरकैत
अर्थतन्त्र भगवान भरोसे ।
महंगाई अछि कमर तोड़ने
दालि रोटी भगवान भरोसे ।
रोज रोज स्कूल बंद होई
शिक्षा अछि भगवान भरोसे ।
डिग्री के दोकान फुजल छैक
स्किल अछि भगवान भरोसे ।
युवा रोजगार ताकि रहल अछि
ब्याह-दान भगवान भरोसे ।
कर उगाही झोरा के झोरा
डिलिवरी भगवान भरोसे ।
नव-नव रोड धसै अछि डेली
आन-जान भगवान भरोसे।
जंगल-पहाड़ सुड्डाह भऽ रहल
पर्यावरण भगवान भरोसे।
शाख शाख पर उल्लू बैसल
संस्था सभ भगवान भरोसे ।
प्रश्न पुछब आब देशद्रोह भेल
नचिकेता भगवान भरोसे ।
मारि-पीट आ गूंहा गंजन
प्रेम-भाव भगवान भरोसे ।
सगरो पसरल नारी तर्जन
बेटी बचाउ भगवान भरोसे ।
बल-छल आगाँ सत्य निरुत्तर
फैक्ट सेहो भगवान भरोसे।
न्यायालय बस ज्ञान बांटय य
न्याय भेंटय भगवान भरोसे।
मंदिर मे होई चन्दा चोरी
भगवानों भगवान भरोसे ।
-प्रणव कुमार झा, ग्राम गोरापुर जिला बेगूसराय | संप्रति: एनबीईएमएस, नई दिल्ली
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