ISSN 2229-547X VIDEHA ‘विदेह'१४८ म अंक १५ फरबरी २०१४ (वर्ष ७ मास ७४ अंक १४८) ऐ अंकमे अछि:- गजेन्द्र ठाकुरक टटका नाटक मचण्ड पात्र मुतालिफ: पैघ-पैघ आंखि बला एकटा युवा भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका) हबीबुल्ला: तस्करक सरदार एकटा खुफिया अधिकारी खुफिया अधिकारीक अधिकारी किछु सिपाही आतंकी लीडर अंक १ (मुतालिफक पैघ-पैघ आँखि... जेल जाइत कोर्टक हाजतमे, दौगि कऽ जा रहल अछि। ओतए सिपाहीकेँ खुफिया अधिकारी खेनाइक पैकेट दैत अछि। पुलिस खेनाइक पैकेट मुतालिफकेँ देलकै।ओकरा लग एकटा भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका) अछि।) मुतालिफ: (चौंकैत इशारामे पुछैत अछि, जकरा भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका) बाजि कहैत अछि)। भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका): ऐ नग्रमे क्यो ओकर नै.. भाषा सेहो नै ओ बुझैए ककरो; आ नहिये ओकर भाषा कियो आन बुझै छै। तमिल अछि। तखन ई भोजनक पैकेट ओकरा के देलक अछि से पुछि रहल अछि। सिपाही: (खुफिया अधिकारी दिस इशारा करैत) ओ देलखिन्ह। रतुका भोजन छिऐ। रातिमे जेल बला खाइले नै देतै, तैं। दिल्लीक तिहार जेलमे राखल जेतै ओकरा, ओतए तमिलनाडु पुलिसक एकटा टुकड़ी छै, चार्ल्स शोभराजक जेलसँ भगलापर ऐ टुकड़ीकेँ बजाओल गेल छलै, ऐ दुआरे जे ओ सभ स्थानीय भाषा नै बुझै छलै से कोनो अपराधीसँ मेल-पेँच नै कऽ सकतै। मुदा फेर ई हाल भेलै जे दू मासमे ओ सभ सभ गोटे स्थानीय भाषा सीख जाइ गेलै। मुदा ई ओकरा सभसँ गप कए सकत। भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका): (दर्शक दिस तकैत) तिहारमे मुतालिफ किछु बाजि सकत, ओकरा सभक संग। अपना लेल वकील रखबाक लेल ब्योंत धरा सकत। मुतालिफ: (ऐ बेर बेसी जोरसँ चौंकल, पलटि केँ खुफिया अधिकारी दिस तकलक, इशारामे बजैत अछि, जकरा भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका) बाजि कहैत अछि)। भाषा अनुवादक (बा अनुवादिका): (खुफिया अधिकारी दिस तकैत): पूछि रहल अछि जे अहाँ देने छिऐ? खुफिया अधिकारी (हाथसँ इशारामे- राखि लिअ।) मुतालिफ: (दुनू हाथ जोड़ि कऽ खुफिया अधिकारीकेँ प्रणाम केलक। आ भाव विह्वल भऽ कानऽ लागल, हिचुकि-हिचुकि, जोर-जोरसँ)। (पर्दाक पाछाँसँ ओकीलक स्वर सुनाइ दऽ रहल अछि। जे जोरसँ बाजि रहल अछि।) ओकील: मिलॉर्ड! असली अपराधी अछि ई मुतालिफ! फूसि अछि एकर खिस्सा। समुद्रक बीचपर दिनमे क्रिकेट खेलेनाइ एकर अकर्मण्यता अछि। ई, मुतालिफ, कहैए, बेरोजगार छल तैं दिनमे क्रिकेट खेलाइ छल। आ फेर एकर खिस्सा आगाँ बढ़ैए। एकरा हबीबुल्ला भेटै छै, एकरा पूछै छै… बेरोजगार छी? आ एकरा ओ काज दै छै, एकटा बैगमे प्रेशर कुकर आ ओइमे मर-मसल्ला!! कुकरक परदाक बीचमे नशाक पाउडर भरि उघै छल ई!!! हवाइ जहाजसँ एनाइ-गेनाइ, आ तै परसँ एक बेर गेल-आएल पर दस हजार टाका बैसले-बैसल भेटै छलै। आ तखन ई कहैए जे एकरा किछु बुझले नै छै, बुझले नै छै जे प्रेशर कुकरमे की लऽ जाइ छल। आ मुख्य अपराधी तखन तँ भेलै हबीबुल्लाह..) (मंचपर सभ सकदम भऽ जाइए, मुतालिफ बौक सन ठाढ़ अछि। खुफिया अधिकारीकेँ छोड़ि सभ प्रस्थान करैत अछि।) खुफिया अधिकारी: ओकील साहैब, मुतालिफ कोनो वकील नै केने अछि। मुख्य अपराधी ई नै अछि, कोनो तमिल वकीलकेँ पकड़ू आ ओकरा कहियौ जे अगिला जमानतक सुनबाइमे एकर जमानत करबेतै। (ओकील प्रवेश करैत अछि।) ओकील: हम तमिले छी, ऐ तरहक बहुत मुकदमा लड़ने छी। खास कऽ ओइ तमिल सभक, जे दिल्लीमे फँसि जाइ छथि, जिनका भाषाक संकट होइ छन्हि। हम तँ सरकारी ओकील छी, हम तँ एकर पक्षमे नै बाजि सकै छी, मुदा हमर असिसटेण्ट ओकील हमर ऑफिसे ऑफिस घुमैत रहैत अछि। ओ एकर मदति जरूर कऽ देतै। (ओकीलकक प्रस्थान। खुफिया अधिकारीक अधिकारीक प्रवेश।) खुफिया अधिकारीक अधिकारी: कतऽ फँसि गेल छी? खुफिया अधिकारी: ई मुतालिफ अपराधी अछिये नै, कोनो मादक पदार्थक माफिया फँसा लेने छलै एकरा। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: हबीबुल्ला। सूचनाक आधारपर ओकरा घरमे चेन्नैमे छापा पड़लै, किछु नै भेटलै। खुफिया अधिकारी: बरामदी तँ मुतालिफसँ भेलै। मुदा ई तँ शतरंजक गोटी अछि, पाँव-पैदल सिपाही। पाँव-पैदल। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: हमरा गामक लुल्हा पाँव-पैदल सभ साल बाबाधाम जाइए। हमरे गामक पीअर बच्चा हवागाड़ीसँ सभ साल बाबाधाम जाइ छथि। दुनू गोटे बीसो सालसँ लगातार बाबाधाम जा रहल छथि। लुल्हा बीससालसँ महीसे चरा रहल अछि आ पीअर बच्चाक घरारीपर ऐ बीस सालमे कोठा-कोठामे भेले जा रहल छन्हि। खुफिया अधिकारी: मुदा असल फल कोना भेटै छै। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: मुदा असल फल तँ पाँव-पैदल गेलेसँ होइ छै। तैँ ने लुल्हा बीस सालसँ महीसे चरा रहल अछि। परुकेँ साल तँ हम गेल रही बाबा धाम। प्रफुल्ल भाइ गामक बोलबम पार्टीक जमादार छथि। सभ साल पाँव-पैदल जाइ छथि। हुनकर बाबू सेहो जमादार छलखिन्ह। भोला भाइ डाकबम छथि, तीन दिनमे सुल्तानपुरसँ पानि भरि भोलाबाबाकेँ चढ़ा दै छथि। प्रफुल्ल भाइ सभकेँ संग लऽ चलै छथि, जे निअम भंग करैए तकरा दण्ड लगबै छथि। पीअर बच्चा तँ तते नै मोटाएल छै जे ओकरासँ पाँव-पैदल जाएल हेतै? मुदा तखन प्रफुल्ल भाइ की कोनो कम मोटाएल छथि। मुदा बाबू, लोक की अपने चलैए, ओकरा तँ बाबा चलबै छथिन्ह। खुफिया अधिकारी: अहूँ गपकेँ बड्ड नमारै छी। अहीं कहै छी जे पीअर बच्चाक घरारीपर ऐ बीस सालमे कोठा-कोठामे भेले जा रहल छन्हि आ लुल्हा बीस सालमे महीसे चरा रहल अछि तइपर अहाँक कहनाम छल जे असल फल पाँव-पैदल गेलेसँ होइ छै। पीअर बच्चा जँ कहियो पाँव-पैदल बाबाधाम गेले नै छथि, तखन किए ओ कोठा-कोठामे केने जा रहल छथि आ लुल्हा तँ सभ साल पाँव-पैदल जा रहल अछि तखन किए ओ महीसे चरा रहल अछि। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: यौ, आँखिक देखल कहै छी। कोठा कियो बान्हि ने लिऐ, बाबू भोला बाबा मानै छथिन्ह लुल्हेकेँ। खुफिया अधिकारी: से केना? खुफिया अधिकारीक अधिकारी: लुल्हा रस्तामे पाछाँ छुटि गेल। प्रफुल्ल भाइ चिन्तित छलथि जे अजश हएत। सौँसे धर्मशाला ताकि लेलन्हि। लुल्हा कोना पहिनहिये धर्मशाला आबि जाएत? ओ तँ पछुआ जाइ छल। कोना गाम घुरलापर लोककेँ मुँह देखेता। मुदा भोरमे देखै छथि जे लुल्हा धर्मशालाक कोठलीमे फोँफ काटि रहल अछि। आ जगलापर लुल्हा खिस्सा सुनबै छन्हि, चारू कात बोन रहै, हम हबोढेकार भऽ कानि रहल छलौं। तखने एकटा दाढ़ीबला बुढ़ा आएल आ चुप करेलक। पूछा-पूछी केलक आ माथपर हाथ रखलक। आ लगैए निन्न आबि गेल। निन्न खुजैए तँ देखै छी जे गौंआ सभक संग धर्मशालामे पड़ल छी। खुफिया अधिकारी: अही पाँव-पैदलक लोक सभक ताकिमे बोने-बोन फिरबाक ड्यूटी हमरा भेटल अछि। मीठ-मीठ बाजू आ पाँव-पैदल चलैबला लोक सभकेँ, मुतालिफकेँ, लुल्हाकेँ अपन मीठ गपसँ बझाबी। ओकरा बुझाबी जे सरकार देश नै छिऐ। ओ छी ई देश। पाँव-पैदल बा शतरंजक सिपाही। राजा-रानी नै छी देश। हबीबुल्ला नै छी देश। देश छी मुतालिफ। देश छी लुल्हा। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: कतऽ सँ आएल छी? दिल्लीसँ तँ नै। खुफिया अधिकारी: नै, हम भारतक सिमानसँ आएल छी। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: चीन, तिब्बत, पाकिस्तान, बांग्लादेश बा म्यांमारक सिमानसँ। खुफिया अधिकारी: नै, नेपालक सिमानसँ। सीताक देशसँ। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: मिथिकल खिस्साबला, फूसिबला देशसँ। खुफिया अधिकारी: नै, ई मिथिकल नै ऐतिहासिक भऽ सकैए। किछु खिस्सामे तोड़-मरोड़ कएल गेल हएत, मुदा इतिहास प्राचीन अछि। तेँ जिनकर इतिहास ओतेक प्राचीन नै तिनका नै अरघैत हेतन्हि। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: बहस, बहस। हथियारक ट्रेनिंङ ओकरा सभकेँ भेटल छै तँ अहाँकेँ सेहो भेटल अछि, रिवॉल्वर, पिस्टलसँ स्टेनगन धरिक ट्रेनिङ। बहसस ट्रेनिंग सेहो अहाँकेँ भेटल अछि आ से खाली हमरासँ नै ओकरो सभसँ करू। एकटा आतंकी लीडर पकड़ाएल छै, बिनु ड्रगक पाइ भेने आतंकी काज नै चलि सकत। खुफिया अधिकारी: मुदा हबीबुल्ला तँ छुटि जाइए, मुतालिफ पकड़ेने ड्रगक पाइक ओर नै भेटत। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: हबीबुल्लाक घरपर किछु नै भेटल। खुफिया अधिकारी: अपनो बीच ओकर लोक हेतै जेना ओकरा बीचमे अपन लोक अछि। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: पता करू। कैदी आतंकी लीडरसँ पुछि कऽ देखू। समए ससरल जाइए, ससरल जाइए……..। अंक २ (टेबुल कुर्सीक एक कात खुफिया अधिकारी आ दोसर कात आतंकी लीडर अछि, दुनूक बीच बहस चलि रहल छै।) खुफिया अधिकारी: केना हमरा सभक काजक सूचना अहाँकेँ भेटैए, हबीबुल्लाक सहयोगी के सभ अछि? ड्रगक पाइ कोना आ ककरा लग जाइ छै। मुतालिफक सरदार हबीबुल्ला छी तँ हबीबुल्लाक सरदार के छी? आतंकी लीडर: अहींक कार्यालयसँ सूचना भेटैए। कोनो सूचनाक अधिकारक अन्तर्गत नै, अहाँक सभ काजक सूचना हमरा सभ लग आबि जाइए। हमरो बीच अहाँक लोक छथि तँ अहूँक बीचमे हमर लोक छथि। खुफिया अधिकारी: ई तँ बुझले गप अछि। मुदा ओ अछि के? आतंकी लीडर: अहाँ तैयो हथियार लऽ कऽ नै चलै छी। मिजोरमक लालडेंगा तँ हथियार लऽ कऽ चलै छला आ असामक परेश बरुआ मुदा कखनो हथियार लऽ कऽ नै चलै छथि। अहाँक देश दुनूसँ समझौता केलक। हथियारबला सँ बिन हथियारबला केना कम खतरनाक भेल? अहूँ हमरा सभ लेल बेशी खतरनाक छी। खुफिया अधिकारी: देखू, एकटा मिजोरमक छात्र मुजफ्फरपुरमे इन्जीनियरिंगमे पढ़ैत छल। ओ हमरा कहने छल जे लालडेंगा महान नेता छथि। ओइ काल लालडेंगा भूमिगत रहथि। देश हुनका आतंकी मानै छल। मुदा ओ एला, देशक सरकारसँ समझौता केलन्हि। सभ हथियार जमा कऽ देलन्हि। दुनू पक्ष समझौताक इमानदारीसँ पालन केलक आ आइ मिजोरम उत्तरपूर्वी भागक एकमात्र एहेन समझौता अछि जे पूर्ण रूपसँ सफल अछि। मृत्युक पहिने लालडेंगा अपन राज्यकेँ शान्तिक पथपर छोड़ि गेला। ओ इन्जीनियरिङक छात्र ठीके कहै छल, लालडेंगा महान नेता छथि। महान नेता अपन जनताकेँ बीच मझधारमे नै छोड़ै छै। डुबैत जहाजक कप्तान जेकाँ ओ अन्तिम समए धरि जहाजपर रहैत अछि। जखन जहाजसँ सभ बहरा जाइए तखन ओ जहाजक मस्तूल संगे समुद्रमे डुबि जाइए, जहाज छोड़ि नै भागैए। जँ लालडेंगा समझौता केलन्हि तँ ओ ओइ जनताक भावनाक अनुरूप छल, जे हुनका महान बुझैए। जँ ओ मृत्युसँ पूर्व शान्ति समझौता नै करितथि तँ भऽ सकैए ओ इन्जीनियरिङक छात्र हुनकापर ओतेक गर्व नै कऽ सकितए। ओ जखन अखनो भेटैए, हमरासँ कहैए- देखलौं, हम कहै छलौं ने, लालडेंगा इज अ ग्रेट लीडर। आतंकी लीडर: हमरा ग्रेट लीडर बनबाक सेहन्ता नै अछि। हम सभ हथियार समर्पण कऽ दी आ तखन जँ सरकार हमरा संग धोखा करए? खुफिया अधिकारी: जँ लालडेंगा ई सोचितथि तँ की शान्ति सम्भव छल? आ सरकार अछि की? जे टेलीविजनपर अहाँ सभ देखै छी, से अछि सरकार? नै, ओइमे सँ बहुतोकेँ बुझलो नै छै जे देश लेल के के, की की कऽ रहल अछि। सभ विभागमे देशभक्त सभ भरल छै, दसे प्रतिशत किए नै होउ, आ ओकरे भरोसे ई देश छै। जे टेलीविजनपर अछि, मंत्री-संत्री, ओइमेसँ ककरा की बुझल छै? अहाँ बदलि सकै छी, ई मंत्री-संत्री बदलि सकै छथि मुदा देश नै बदलत, सरकार नै बदलत। ओ समझौताक पालन करत। आतंकी लीडर: अहाँ हमरे सभ जेकाँ सोचै छी, मुदा गलत पक्षमे छी। खुफिया अधिकारी: हम नै अहाँ गलत पक्षमे छी। हथियार उठेने छी। हथियार कीनैले ड्रग बेचै छी, बेचबाबै छी। कतेक बच्चाक भविष्य खतम कऽ देलिऐ अहाँ सभ। आतंकी लीडर: कोन भविष्यक गप कऽ रहल छी अहाँ? अहाँ फैक्ट्री खोलि देबै तँ ओ दरबान बनि जाएत। अहाँ रोड बना देबै तँ ओकरा ओइपर बाढ़नि बहारबाक नोकरी लागि जेतै! खुफिया अधिकारी: अहाँक लोक बेरोजगार युवाक ताकिमे रहैत अछि, समुद्रक किनारपर, जंगलमे, रेगिस्तानमे, जेकरा काज नै छै, रोजगार नै छै ओकरा अहाँ ठकि कऽ ड्रगक धंधामे लगा दै छिऐ। मुतालिफ २० सालक बाद जेलसँ बहराएत, से रोजगार देलिऐ ओकरा अहाँ सभ। मचण्ड छी अहाँ सभ। आतंकी लीडर: ओकरा कतेक दिन अहाँक सरकार राखत जेलमे? खुफिया अधिकारी: माने.. माने.. (तमसा कऽ टेबुलपर हाथ पटकैत अछि।) आतंकी लीडर: (हँसऽ लहैए) अहूँकेँ तामस उठैए? अहाँक सिस्टममे निर्बलक सुनवाइ नै छै। मुदा तैयो ओइ सिस्टम लेल अहाँ जान अरोपने छी। की देलक अहाँक सिस्टम अहाँकेँ। अहाँक सिस्टममे जे हमरा सभले काज करैए से शहरसँ हिलबो नै करैए, आ अहाँकेँ बोनक पोस्टिंग दऽ देने अछि। अहाँ संगे अन्याय भेल अछि। आ जखन अहाँ अपना संग भेल अन्याय नै रोकि सकै छी तँ हमरा सभकेँ कोना न्याय दिया सकब? खुफिया अधिकारी: ई अहाँक मोनक भ्रम अछि, कोनो अन्याय नै भेल अछि हमरा संग। हमरा ऐ काज लेल चुनल गेल अछि। आतंकी लीडर: अहाँक दुरुपयोग कऽ रहल अछि अहाँक सिस्टम। आबि जाउ हमरा सभक संग, नोकरी ओतै करू मुदा ओतऽ रहियो कऽ हमरा सभक संग रहू। सोचू, समय लिअ… खुफिया अधिकारी: (तमसाइत) अहाँक दिमाग तँ नै खराप भऽ गेल अछि? हम एक माससँ सभ दिन अहाँकेँ बुझेबामे लागल छी मुदा अहाँक अलगे खेरहा अछि। अहाँकेँ हँसी बुझा रहल अछि? आतंकी लीडर: अहाँ हमरा एक माससँ बुझा रहल छी आ हमहूँ एक माससँ अहाँकेँ बुझाबऽमे लागल छी। मुतालिफ छूटि गेल अछि आ तइ लेल अहाँकेँ धन्यवाद। खुफिया अधिकारी: हमरा किए धन्यवाद? आतंकी लीडर: हमरा सभ गप बुझल अछि। आ ओइ काजक पुरस्कार स्वरूप अहाँकेँ संगठनमे उच्च पद देल जाएत। खुफिया अधिकारी: हमर विभागमे किछु लोक भयसँ अहाँले काज करैत हेता, तइसँ अहाँक मोन बढ़ि गेल अछि। आतंकी लीडर: ओ सभ भय बा पाइसँ कीनल जा सकैत छथि, मुदा तैयो ओ सभदेल काज करबे करता, से विश्वास हमरा नै अछि। मुदा अहाँक हृदए हमरा सभक संग अछि, मुतालिफक लेल अहाँक प्रेम तकर प्रमाण अछि आ तँइ अहाँकेँ अपन संगठनक कोर ग्रुपमे लेबाक निर्णय लेल गेल अछि। खुफिया अधिकारी: (तामसे सबिख होइत) निर्णय लेल गेल अछि? (आतंकी लीडरक ठोंठ पकड़ैत अछि।) नि….र्ण….य….. लेल गेल अछि? हम असथिरसँ गप कऽ रहल छी तँ…. आतंकी लीडर: अहूँ मचण्ड छी, सरकारी मचण्ड। (खोंखी करैत आ खुफिया अधिकारीक हाथसँ अपन कण्ठ छोड़बैत।) मुदा सिद्धान्तबला… (निसाँस छोड़ैत)… हमरे सभ जेकाँ… (हाँफी लैत) .. जकरा मचण्ड बनऽ पड़ैत अछि… आ तेँ ई निर्णय लेल गेल अछि… (कुर्सीसँ नीचाँ खसि पड़ैत अछि।) अंक ३ (खुफिया अधिकारीक माथपर एकटा भारी डण्टा बजरैए आ ओ बेहोश भऽ जाइए। किछु लोक जे ओकरा मारने छल से ओकरा उठा कऽ मंचक दोसर दिशामे लऽ जाइए। ओकरा होश अबै छै। मुतालिफ पाछाँसँ अबैत अछि। संगमे भाषा अनुवादक(बा अनुवादिका) छै।) मुतालिफ: (इशारामे बजैए) भाषा अनुवादक(बा अनुवादिका): (खुफिया अधिकारीकेँ सम्बोधित करैत) कोर्ट मुतालिफकेँ बेल दऽ देलकै। मुतालिफ कहैत अछि जे बिना ड्रगक धंधाक आतंकवाद सम्भव नै छै, ऐ लेल जतेक पाइ चाही से ड्रगक धंधेसँ अबै छै। मुतालिफ कहै छथि जे ओ जेलसँ एलाक बाद अहाँ जकाँ बनऽ चाहलक मुदा पुलिस थाना, पत्रकार ओकरा से नै करऽ देलकै। मुतालिफ कहै छथि जे सिस्टम ठीक करबाक आवश्यकता अछि, नै तँ …. खुफिया अधिकारी: (मुतालिफकेँ सम्बोधित करैत) तँ की अहाँ मुख्य खिलाड़ी छी? हमरा तँ लगै छल जे अहाँकेँ फँसाएल गेल अछि। मुतालिफ: (इशारामे बजैए) भाषा अनुवादक(बा अनुवादिका): (खुफिया अधिकारीकेँ सम्बोधित करैत) की फर्क पड़ै छै। फँसाएल गेल खिलाड़ी बा मुख्य खिलाड़ीमे की फर्क छै। ओना देखबै तँ ऐ तरहक संगठनमे अस्सी प्रतिशत फँसाएल लोक छै, मुदा तेना फँसाएल छै जे मुख्य खिलाड़ीसँ बेशी खतरनाक वएह छै। आब अहाँकेँ वएह करबाक अछि जे मुतालिफ कहता। (खुफिया अधिकारीक माथपर एकटा भारी डण्टा बजरैए आ ओ बेहोश भऽ जाइए। ओकरा छोड़ि कऽ सभक प्रस्थान। ओकरा फेरसँ होश आएल छै। मंचक दोसर कात ओ जाइए। पुलिसक प्रवेश। स्थानीय थानामे पुलिसक मोबाइलसँ खुफिया अधिकारी फोन करैए, अपन पहचान कोड बतबै लेल। फेर किछु कालक बाद ओकर हाकिमक फोन ओकरा लग अबै छै। ओ ओकरा लऽ कऽ पर्दाक पाँछा चलि जाइए। पर्दा खसैए।) अंक ४ (खुफिया अधिकारी आ ओकर अधिकारी गप कऽ रहल छथि।) खुफिया अधिकारी: हमर पहिल यात्रा निरर्थक सिद्ध भेल अछि। खुफिया अधिकारीक अधिकारी: मुतालिफ अहाँकेँ हरा देलक, अहाँक जान बकसि कऽ ओ अहाँकेँ हरा देलक। बिन हथियारबला सैनिकक हारि, ई बिध सभ सिखने जा रहल अछि। खुफिया अधिकारी: किछु मोन पड़ि रहल अछि। दुभाषियाकेँ मुतालिफ कहि रहल छल आ ओ हमरा कहि रहल छल। लगैए जेना मुतालिफ कहि रहल छल जे ई यात्रा व्यर्थ नै गेल अछि, जे हम कथा लिखै छी, से बुझू ऐ यात्रामे एकटा कथाक प्लॉटे भेट गेल। मुतालिफ जेना कहि रहल छल जे ओइ कथाक नायक मुतालिफ रहत। (पर्दा खसैए) विदेह नूतन अंक भाषापाक रचना-लेखन इंग्लिश-मैथिली-कोष / मैथिली-इंग्लिश-कोष प्रोजेक्टकेँ आगू बढ़ाऊ, अपन सुझाव आ योगदान ई-मेल द्वारा ggajendra@videha.com पर पठाऊ। Top of Form १.भारत आ नेपालक मैथिली भाषा-वैज्ञानिक लोकनि द्वारा बनाओल मानक शैली आ २.मैथिलीमे भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम १.नेपाल आ भारतक मैथिली भाषा-वैज्ञानिक लोकनि द्वारा बनाओल मानक शैली
१.१. नेपालक मैथिली भाषा वैज्ञानिक लोकनि द्वारा बनाओल मानक उच्चारण आ लेखन शैली (भाषाशास्त्री डा. रामावतार यादवक धारणाकेँ पूर्ण रूपसँ सङ्ग लऽ निर्धारित) मैथिलीमे उच्चारण तथा लेखन १.पञ्चमाक्षर आ अनुस्वार: पञ्चमाक्षरान्तर्गत ङ, ञ, ण, न एवं म अबैत अछि। संस्कृत भाषाक अनुसार शब्दक अन्तमे जाहि वर्गक अक्षर रहैत अछि ओही वर्गक पञ्चमाक्षर अबैत अछि। जेना- अङ्क (क वर्गक रहबाक कारणे अन्तमे ङ् आएल अछि।) पञ्च (च वर्गक रहबाक कारणे अन्तमे ञ् आएल अछि।) खण्ड (ट वर्गक रहबाक कारणे अन्तमे ण् आएल अछि।) सन्धि (त वर्गक रहबाक कारणे अन्तमे न् आएल अछि।) खम्भ (प वर्गक रहबाक कारणे अन्तमे म् आएल अछि।) उपर्युक्त बात मैथिलीमे कम देखल जाइत अछि। पञ्चमाक्षरक बदलामे अधिकांश जगहपर अनुस्वारक प्रयोग देखल जाइछ। जेना- अंक, पंच, खंड, संधि, खंभ आदि। व्याकरणविद पण्डित गोविन्द झाक कहब छनि जे कवर्ग, चवर्ग आ टवर्गसँ पूर्व अनुस्वार लिखल जाए तथा तवर्ग आ पवर्गसँ पूर्व पञ्चमाक्षरे लिखल जाए। जेना- अंक, चंचल, अंडा, अन्त तथा कम्पन। मुदा हिन्दीक निकट रहल आधुनिक लेखक एहि बातकेँ नहि मानैत छथि। ओ लोकनि अन्त आ कम्पनक जगहपर सेहो अंत आ कंपन लिखैत देखल जाइत छथि। नवीन पद्धति किछु सुविधाजनक अवश्य छैक। किएक तँ एहिमे समय आ स्थानक बचत होइत छैक। मुदा कतोक बेर हस्तलेखन वा मुद्रणमे अनुस्वारक छोट सन बिन्दु स्पष्ट नहि भेलासँ अर्थक अनर्थ होइत सेहो देखल जाइत अछि। अनुस्वारक प्रयोगमे उच्चारण-दोषक सम्भावना सेहो ततबए देखल जाइत अछि। एतदर्थ कसँ लऽ कऽ पवर्ग धरि पञ्चमाक्षरेक प्रयोग करब उचित अछि। यसँ लऽ कऽ ज्ञ धरिक अक्षरक सङ्ग अनुस्वारक प्रयोग करबामे कतहु कोनो विवाद नहि देखल जाइछ। २.ढ आ ढ : ढक उच्चारण “र् ह”जकाँ होइत अछि। अतः जतऽ “र् ह”क उच्चारण हो ओतऽ मात्र ढ लिखल जाए। आन ठाम खाली ढ लिखल जएबाक चाही। जेना- ढ = ढाकी, ढेकी, ढीठ, ढेउआ, ढङ्ग, ढेरी, ढाकनि, ढाठ आदि। ढ = पढ़ाइ, बढब, गढब, मढब, बुढबा, साँढ, गाढ, रीढ, चाँढ, सीढी, पीढी आदि। उपर्युक्त शब्द सभकेँ देखलासँ ई स्पष्ट होइत अछि जे साधारणतया शब्दक शुरूमे ढ आ मध्य तथा अन्तमे ढ अबैत अछि। इएह नियम ड आ डक सन्दर्भ सेहो लागू होइत अछि। ३.व आ ब : मैथिलीमे “व”क उच्चारण ब कएल जाइत अछि, मुदा ओकरा ब रूपमे नहि लिखल जएबाक चाही। जेना- उच्चारण : बैद्यनाथ, बिद्या, नब, देबता, बिष्णु, बंश, बन्दना आदि। एहि सभक स्थानपर क्रमशः वैद्यनाथ, विद्या, नव, देवता, विष्णु, वंश, वन्दना लिखबाक चाही। सामान्यतया व उच्चारणक लेल ओ प्रयोग कएल जाइत अछि। जेना- ओकील, ओजह आदि। ४.य आ ज : कतहु-कतहु “य”क उच्चारण “ज”जकाँ करैत देखल जाइत अछि, मुदा ओकरा ज नहि लिखबाक चाही। उच्चारणमे यज्ञ, जदि, जमुना, जुग, जाबत, जोगी, जदु, जम आदि कहल जाएबला शब्द सभकेँ क्रमशः यज्ञ, यदि, यमुना, युग, यावत, योगी, यदु, यम लिखबाक चाही। ५.ए आ य : मैथिलीक वर्तनीमे ए आ य दुनू लिखल जाइत अछि। प्राचीन वर्तनी- कएल, जाए, होएत, माए, भाए, गाए आदि। नवीन वर्तनी- कयल, जाय, होयत, माय, भाय, गाय आदि। सामान्यतया शब्दक शुरूमे ए मात्र अबैत अछि। जेना एहि, एना, एकर, एहन आदि। एहि शब्द सभक स्थानपर यहि, यना, यकर, यहन आदिक प्रयोग नहि करबाक चाही। यद्यपि मैथिलीभाषी थारू सहित किछु जातिमे शब्दक आरम्भोमे “ए”केँ य कहि उच्चारण कएल जाइत अछि। ए आ “य”क प्रयोगक सन्दर्भमे प्राचीने पद्धतिक अनुसरण करब उपयुक्त मानि एहि पुस्तकमे ओकरे प्रयोग कएल गेल अछि। किएक तँ दुनूक लेखनमे कोनो सहजता आ दुरूहताक बात नहि अछि। आ मैथिलीक सर्वसाधारणक उच्चारण-शैली यक अपेक्षा एसँ बेसी निकट छैक। खास कऽ कएल, हएब आदि कतिपय शब्दकेँ कैल, हैब आदि रूपमे कतहु-कतहु लिखल जाएब सेहो “ए”क प्रयोगकेँ बेसी समीचीन प्रमाणित करैत अछि। ६.हि, हु तथा एकार, ओकार : मैथिलीक प्राचीन लेखन-परम्परामे कोनो बातपर बल दैत काल शब्दक पाछाँ हि, हु लगाओल जाइत छैक। जेना- हुनकहि, अपनहु, ओकरहु, तत्कालहि, चोट्टहि, आनहु आदि। मुदा आधुनिक लेखनमे हिक स्थानपर एकार एवं हुक स्थानपर ओकारक प्रयोग करैत देखल जाइत अछि। जेना- हुनके, अपनो, तत्काले, चोट्टे, आनो आदि। ७.ष तथा ख : मैथिली भाषामे अधिकांशतः षक उच्चारण ख होइत अछि। जेना- षड्यन्त्र (खडयन्त्र), षोडशी (खोडशी), षट्कोण (खटकोण), वृषेश (वृखेश), सन्तोष (सन्तोख) आदि। ८.ध्वनि-लोप : निम्नलिखित अवस्थामे शब्दसँ ध्वनि-लोप भऽ जाइत अछि: (क) क्रियान्वयी प्रत्यय अयमे य वा ए लुप्त भऽ जाइत अछि। ओहिमे सँ पहिने अक उच्चारण दीर्घ भऽ जाइत अछि। ओकर आगाँ लोप-सूचक चिह्न वा विकारी (’ / ऽ) लगाओल जाइछ। जेना- पूर्ण रूप : पढए (पढय) गेलाह, कए (कय) लेल, उठए (उठय) पडतौक। अपूर्ण रूप : पढ’ गेलाह, क’ लेल, उठ’ पडतौक। पढऽ गेलाह, कऽ लेल, उठऽ पडतौक। (ख) पूर्वकालिक कृत आय (आए) प्रत्ययमे य (ए) लुप्त भऽ जाइछ, मुदा लोप-सूचक विकारी नहि लगाओल जाइछ। जेना- पूर्ण रूप : खाए (य) गेल, पठाय (ए) देब, नहाए (य) अएलाह। अपूर्ण रूप : खा गेल, पठा देब, नहा अएलाह। (ग) स्त्री प्रत्यय इक उच्चारण क्रियापद, संज्ञा, ओ विशेषण तीनूमे लुप्त भऽ जाइत अछि। जेना- पूर्ण रूप : दोसरि मालिनि चलि गेलि। अपूर्ण रूप : दोसर मालिन चलि गेल। (घ) वर्तमान कृदन्तक अन्तिम त लुप्त भऽ जाइत अछि। जेना- पूर्ण रूप : पढैत अछि, बजैत अछि, गबैत अछि। अपूर्ण रूप : पढै अछि, बजै अछि, गबै अछि। (ङ) क्रियापदक अवसान इक, उक, ऐक तथा हीकमे लुप्त भऽ जाइत अछि। जेना- पूर्ण रूप: छियौक, छियैक, छहीक, छौक, छैक, अबितैक, होइक। अपूर्ण रूप : छियौ, छियै, छही, छौ, छै, अबितै, होइ। (च) क्रियापदीय प्रत्यय न्ह, हु तथा हकारक लोप भऽ जाइछ। जेना- पूर्ण रूप : छन्हि, कहलन्हि, कहलहुँ, गेलह, नहि। अपूर्ण रूप : छनि, कहलनि, कहलौँ, गेलऽ, नइ, नञि, नै। ९.ध्वनि स्थानान्तरण : कोनो-कोनो स्वर-ध्वनि अपना जगहसँ हटि कऽ दोसर ठाम चलि जाइत अछि। खास कऽ ह्रस्व इ आ उक सम्बन्धमे ई बात लागू होइत अछि। मैथिलीकरण भऽ गेल शब्दक मध्य वा अन्तमे जँ ह्रस्व इ वा उ आबए तँ ओकर ध्वनि स्थानान्तरित भऽ एक अक्षर आगाँ आबि जाइत अछि। जेना- शनि (शइन), पानि (पाइन), दालि ( दाइल), माटि (माइट), काछु (काउछ), मासु (माउस) आदि। मुदा तत्सम शब्द सभमे ई निअम लागू नहि होइत अछि। जेना- रश्मिकेँ रइश्म आ सुधांशुकेँ सुधाउंस नहि कहल जा सकैत अछि। १०.हलन्त(्)क प्रयोग : मैथिली भाषामे सामान्यतया हलन्त (्)क आवश्यकता नहि होइत अछि। कारण जे शब्दक अन्तमे अ उच्चारण नहि होइत अछि। मुदा संस्कृत भाषासँ जहिनाक तहिना मैथिलीमे आएल (तत्सम) शब्द सभमे हलन्त प्रयोग कएल जाइत अछि। एहि पोथीमे सामान्यतया सम्पूर्ण शब्दकेँ मैथिली भाषा सम्बन्धी निअम अनुसार हलन्तविहीन राखल गेल अछि। मुदा व्याकरण सम्बन्धी प्रयोजनक लेल अत्यावश्यक स्थानपर कतहु-कतहु हलन्त देल गेल अछि। प्रस्तुत पोथीमे मथिली लेखनक प्राचीन आ नवीन दुनू शैलीक सरल आ समीचीन पक्ष सभकेँ समेटि कऽ वर्ण-विन्यास कएल गेल अछि। स्थान आ समयमे बचतक सङ्गहि हस्त-लेखन तथा तकनीकी दृष्टिसँ सेहो सरल होबऽबला हिसाबसँ वर्ण-विन्यास मिलाओल गेल अछि। वर्तमान समयमे मैथिली मातृभाषी पर्यन्तकेँ आन भाषाक माध्यमसँ मैथिलीक ज्ञान लेबऽ पडि रहल परिप्रेक्ष्यमे लेखनमे सहजता तथा एकरूपतापर ध्यान देल गेल अछि। तखन मैथिली भाषाक मूल विशेषता सभ कुण्ठित नहि होइक, ताहू दिस लेखक-मण्डल सचेत अछि। प्रसिद्ध भाषाशास्त्री डा. रामावतार यादवक कहब छनि जे सरलताक अनुसन्धानमे एहन अवस्था किन्नहु ने आबऽ देबाक चाही जे भाषाक विशेषता छाँहमे पडि जाए। -(भाषाशास्त्री डा. रामावतार यादवक धारणाकेँ पूर्ण रूपसँ सङ्ग लऽ निर्धारित) १.२. मैथिली अकादमी, पटना द्वारा निर्धारित मैथिली लेखन-शैली
१. जे शब्द मैथिली-साहित्यक प्राचीन कालसँ आइ धरि जाहि वर्त्तनीमे प्रचलित अछि, से सामान्यतः ताहि वर्त्तनीमे लिखल जाय- उदाहरणार्थ-
ग्राह्य
एखन ठाम जकर, तकर तनिकर अछि
अग्राह्य अखन, अखनि, एखेन, अखनी ठिमा, ठिना, ठमा जेकर, तेकर तिनकर। (वैकल्पिक रूपेँ ग्राह्य) ऐछ, अहि, ए।
२. निम्नलिखित तीन प्रकारक रूप वैकल्पिकतया अपनाओल जाय: भऽ गेल, भय गेल वा भए गेल। जा रहल अछि, जाय रहल अछि, जाए रहल अछि। कर’ गेलाह, वा करय गेलाह वा करए गेलाह।
३. प्राचीन मैथिलीक ‘न्ह’ ध्वनिक स्थानमे ‘न’ लिखल जाय सकैत अछि यथा कहलनि वा कहलन्हि।
४. ‘ऐ’ तथा ‘औ’ ततय लिखल जाय जत’ स्पष्टतः ‘अइ’ तथा ‘अउ’ सदृश उच्चारण इष्ट हो। यथा- देखैत, छलैक, बौआ, छौक इत्यादि।
५. मैथिलीक निम्नलिखित शब्द एहि रूपे प्रयुक्त होयत: जैह, सैह, इएह, ओऐह, लैह तथा दैह।
६. ह्र्स्व इकारांत शब्दमे ‘इ’ के लुप्त करब सामान्यतः अग्राह्य थिक। यथा- ग्राह्य देखि आबह, मालिनि गेलि (मनुष्य मात्रमे)।
७. स्वतंत्र ह्रस्व ‘ए’ वा ‘य’ प्राचीन मैथिलीक उद्धरण आदिमे तँ यथावत राखल जाय, किंतु आधुनिक प्रयोगमे वैकल्पिक रूपेँ ‘ए’ वा ‘य’ लिखल जाय। यथा:- कयल वा कएल, अयलाह वा अएलाह, जाय वा जाए इत्यादि।
८. उच्चारणमे दू स्वरक बीच जे ‘य’ ध्वनि स्वतः आबि जाइत अछि तकरा लेखमे स्थान वैकल्पिक रूपेँ देल जाय। यथा- धीआ, अढैआ, विआह, वा धीया, अढैया, बियाह।
९. सानुनासिक स्वतंत्र स्वरक स्थान यथासंभव ‘ञ’ लिखल जाय वा सानुनासिक स्वर। यथा:- मैञा, कनिञा, किरतनिञा वा मैआँ, कनिआँ, किरतनिआँ।
१०. कारकक विभक्त्तिक निम्नलिखित रूप ग्राह्य:- हाथकेँ, हाथसँ, हाथेँ, हाथक, हाथमे। ’मे’ मे अनुस्वार सर्वथा त्याज्य थिक। ‘क’ क वैकल्पिक रूप ‘केर’ राखल जा सकैत अछि।
११. पूर्वकालिक क्रियापदक बाद ‘कय’ वा ‘कए’ अव्यय वैकल्पिक रूपेँ लगाओल जा सकैत अछि। यथा:- देखि कय वा देखि कए।
१२. माँग, भाँग आदिक स्थानमे माङ, भाङ इत्यादि लिखल जाय।
१३. अर्द्ध ‘न’ ओ अर्द्ध ‘म’ क बदला अनुसार नहि लिखल जाय, किंतु छापाक सुविधार्थ अर्द्ध ‘ङ’ , ‘ञ’, तथा ‘ण’ क बदला अनुस्वारो लिखल जा सकैत अछि। यथा:- अङ्क, वा अंक, अञ्चल वा अंचल, कण्ठ वा कंठ।
१४. हलंत चिह्न निअमतः लगाओल जाय, किंतु विभक्तिक संग अकारांत प्रयोग कएल जाय। यथा:- श्रीमान्, किंतु श्रीमानक।
१५. सभ एकल कारक चिह्न शब्दमे सटा क’ लिखल जाय, हटा क’ नहि, संयुक्त विभक्तिक हेतु फराक लिखल जाय, यथा घर परक।
१६. अनुनासिककेँ चन्द्रबिन्दु द्वारा व्यक्त कयल जाय। परंतु मुद्रणक सुविधार्थ हि समान जटिल मात्रापर अनुस्वारक प्रयोग चन्द्रबिन्दुक बदला कयल जा सकैत अछि। यथा- हिँ केर बदला हिं।
१७. पूर्ण विराम पासीसँ ( । ) सूचित कयल जाय।
१८. समस्त पद सटा क’ लिखल जाय, वा हाइफेनसँ जोडि क’ , हटा क’ नहि।
१९. लिअ तथा दिअ शब्दमे बिकारी (ऽ) नहि लगाओल जाय।
२०. अंक देवनागरी रूपमे राखल जाय।
२१.किछु ध्वनिक लेल नवीन चिन्ह बनबाओल जाय। जा' ई नहि बनल अछि ताबत एहि दुनू ध्वनिक बदला पूर्ववत् अय/ आय/ अए/ आए/ आओ/ अओ लिखल जाय। आकि ऎ वा ऒ सँ व्यक्त कएल जाय।
ह./- गोविन्द झा ११/८/७६ श्रीकान्त ठाकुर ११/८/७६ सुरेन्द्र झा "सुमन" ११/०८/७६
२. मैथिलीमे भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम २.१. उच्चारण निर्देश: (बोल्ड कएल रूप ग्राह्य):- दन्त न क उच्चारणमे दाँतमे जीह सटत- जेना बाजू नाम , मुदा ण क उच्चारणमे जीह मूर्धामे सटत (नै सटैए तँ उच्चारण दोष अछि)- जेना बाजू गणेश। तालव्य शमे जीह तालुसँ , षमे मूर्धासँ आ दन्त समे दाँतसँ सटत। निशाँ, सभ आ शोषण बाजि कऽ देखू। मैथिलीमे ष केँ वैदिक संस्कृत जकाँ ख सेहो उच्चरित कएल जाइत अछि, जेना वर्षा, दोष। य अनेको स्थानपर ज जकाँ उच्चरित होइत अछि आ ण ड जकाँ (यथा संयोग आ गणेश संजोग आ गड़ेस उच्चरित होइत अछि)। मैथिलीमे व क उच्चारण ब, श क उच्चारण स आ य क उच्चारण ज सेहो होइत अछि। ओहिना ह्रस्व इ बेशीकाल मैथिलीमे पहिने बाजल जाइत अछि कारण देवनागरीमे आ मिथिलाक्षरमे ह्रस्व इ अक्षरक पहिने लिखलो जाइत आ बाजलो जएबाक चाही। कारण जे हिन्दीमे एकर दोषपूर्ण उच्चारण होइत अछि (लिखल तँ पहिने जाइत अछि मुदा बाजल बादमे जाइत अछि), से शिक्षा पद्धतिक दोषक कारण हम सभ ओकर उच्चारण दोषपूर्ण ढंगसँ कऽ रहल छी। अछि- अ इ छ ऐछ (उच्चारण) छथि- छ इ थ – छैथ (उच्चारण) पहुँचि- प हुँ इ च (उच्चारण) आब अ आ इ ई ए ऐ ओ औ अं अः ऋ ऐ सभ लेल मात्रा सेहो अछि, मुदा ऐमे ई ऐ ओ औ अं अः ऋ केँ संयुक्ताक्षर रूपमे गलत रूपमे प्रयुक्त आ उच्चरित कएल जाइत अछि। जेना ऋ केँ री रूपमे उच्चरित करब। आ देखियौ- ऐ लेल देखिऔ क प्रयोग अनुचित। मुदा देखिऐ लेल देखियै अनुचित। क् सँ ह् धरि अ सम्मिलित भेलासँ क सँ ह बनैत अछि, मुदा उच्चारण काल हलन्त युक्त शब्दक अन्तक उच्चारणक प्रवृत्ति बढल अछि, मुदा हम जखन मनोजमे ज् अन्तमे बजैत छी, तखनो पुरनका लोककेँ बजैत सुनबन्हि- मनोजऽ, वास्तवमे ओ अ युक्त ज् = ज बजै छथि। फेर ज्ञ अछि ज् आ ञ क संयुक्त मुदा गलत उच्चारण होइत अछि- ग्य। ओहिना क्ष अछि क् आ ष क संयुक्त मुदा उच्चारण होइत अछि छ। फेर श् आ र क संयुक्त अछि श्र ( जेना श्रमिक) आ स् आ र क संयुक्त अछि स्र (जेना मिस्र)। त्र भेल त+र । उच्चारणक ऑडियो फाइल विदेह आर्काइव http://www.videha.co.in/ पर उपलब्ध अछि। फेर केँ / सँ / पर पूर्व अक्षरसँ सटा कऽ लिखू मुदा तँ / कऽ हटा कऽ। ऐमे सँ मे पहिल सटा कऽ लिखू आ बादबला हटा कऽ। अंकक बाद टा लिखू सटा कऽ मुदा अन्य ठाम टा लिखू हटा कऽ– जेना छहटा मुदा सभ टा। फेर ६अ म सातम लिखू- छठम सातम नै। घरबलामे बला मुदा घरवालीमे वाली प्रयुक्त करू। रहए- रहै मुदा सकैए (उच्चारण सकै-ए)। मुदा कखनो काल रहए आ रहै मे अर्थ भिन्नता सेहो, जेना से कम्मो जगहमे पार्किंग करबाक अभ्यास रहै ओकरा। पुछलापर पता लागल जे ढुनढुन नाम्ना ई ड्राइवर कनाट प्लेसक पार्किंगमे काज करैत रहए। छलै, छलए मे सेहो ऐ तरहक भेल। छलए क उच्चारण छल-ए सेहो। संयोगने- (उच्चारण संजोगने) केँ/ कऽ केर- क ( केर क प्रयोग गद्यमे नै करू , पद्यमे कऽ सकै छी। ) क (जेना रामक) –रामक आ संगे (उच्चारण राम के / राम कऽ सेहो) सँ- सऽ (उच्चारण) चन्द्रबिन्दु आ अनुस्वार- अनुस्वारमे कंठ धरिक प्रयोग होइत अछि मुदा चन्द्रबिन्दुमे नै। चन्द्रबिन्दुमे कनेक एकारक सेहो उच्चारण होइत अछि- जेना रामसँ- (उच्चारण राम सऽ) रामकेँ- (उच्चारण राम कऽ/ राम के सेहो)। केँ जेना रामकेँ भेल हिन्दीक को (राम को)- राम को= रामकेँ क जेना रामक भेल हिन्दीक का ( राम का) राम का= रामक कऽ जेना जा कऽ भेल हिन्दीक कर ( जा कर) जा कर= जा कऽ सँ भेल हिन्दीक से (राम से) राम से= रामसँ सऽ , तऽ , त , केर (गद्यमे) एे चारू शब्द सबहक प्रयोग अवांछित। के दोसर अर्थेँ प्रयुक्त भऽ सकैए- जेना, के कहलक? विभक्ति “क”क बदला एकर प्रयोग अवांछित। नञि, नहि, नै, नइ, नँइ, नइँ, नइं ऐ सभक उच्चारण आ लेखन - नै त्त्व क बदलामे त्व जेना महत्वपूर्ण (महत्त्वपूर्ण नै) जतए अर्थ बदलि जाए ओतहि मात्र तीन अक्षरक संयुक्ताक्षरक प्रयोग उचित। सम्पति- उच्चारण स म्प इ त (सम्पत्ति नै- कारण सही उच्चारण आसानीसँ सम्भव नै)। मुदा सर्वोत्तम (सर्वोतम नै)। राष्ट्रिय (राष्ट्रीय नै) सकैए/ सकै (अर्थ परिवर्तन) पोछैले/ पोछै लेल/ पोछए लेल पोछैए/ पोछए/ (अर्थ परिवर्तन) पोछए/ पोछै ओ लोकनि ( हटा कऽ, ओ मे बिकारी नै) ओइ/ ओहि ओहिले/ ओहि लेल/ ओही लऽ जएबेँ/ बैसबेँ पँचभइयाँ देखियौक/ (देखिऔक नै- तहिना अ मे ह्रस्व आ दीर्घक मात्राक प्रयोग अनुचित) जकाँ / जेकाँ तँइ/ तैँ/ होएत / हएत नञि/ नहि/ नँइ/ नइँ/ नै सौँसे/ सौंसे बड / बडी (झोराओल) गाए (गाइ नहि), मुदा गाइक दूध (गाएक दूध नै।) रहलेँ/ पहिरतैँ हमहीं/ अहीं सब - सभ सबहक - सभहक धरि - तक गप- बात बूझब - समझब बुझलौं/ समझलौं/ बुझलहुँ - समझलहुँ हमरा आर - हम सभ आकि- आ कि सकैछ/ करैछ (गद्यमे प्रयोगक आवश्यकता नै) होइन/ होनि जाइन (जानि नै, जेना देल जाइन) मुदा जानि-बूझि (अर्थ परिव्र्तन) पइठ/ जाइठ आउ/ जाउ/ आऊ/ जाऊ मे, केँ, सँ, पर (शब्दसँ सटा कऽ) तँ कऽ धऽ दऽ (शब्दसँ हटा कऽ) मुदा दूटा वा बेसी विभक्ति संग रहलापर पहिल विभक्ति टाकेँ सटाऊ। जेना ऐमे सँ । एकटा , दूटा (मुदा कए टा) बिकारीक प्रयोग शब्दक अन्तमे, बीचमे अनावश्यक रूपेँ नै। आकारान्त आ अन्तमे अ क बाद बिकारीक प्रयोग नै (जेना दिअ , आ/ दिय’ , आ’, आ नै ) अपोस्ट्रोफीक प्रयोग बिकारीक बदलामे करब अनुचित आ मात्र फॉन्टक तकनीकी न्यूनताक परिचायक)- ओना बिकारीक संस्कृत रूप ऽ अवग्रह कहल जाइत अछि आ वर्तनी आ उच्चारण दुनू ठाम एकर लोप रहैत अछि/ रहि सकैत अछि (उच्चारणमे लोप रहिते अछि)। मुदा अपोस्ट्रोफी सेहो अंग्रेजीमे पसेसिव केसमे होइत अछि आ फ्रेंचमे शब्दमे जतए एकर प्रयोग होइत अछि जेना raison d’etre एतए सेहो एकर उच्चारण रैजौन डेटर होइत अछि, माने अपोस्ट्रॉफी अवकाश नै दैत अछि वरन जोडैत अछि, से एकर प्रयोग बिकारीक बदला देनाइ तकनीकी रूपेँ सेहो अनुचित)। अइमे, एहिमे/ ऐमे जइमे, जाहिमे एखन/ अखन/ अइखन केँ (के नहि) मे (अनुस्वार रहित) भऽ मे दऽ तँ (तऽ, त नै) सँ ( सऽ स नै) गाछ तर गाछ लग साँझ खन जो (जो go, करै जो do) तै/तइ जेना- तै दुआरे/ तइमे/ तइले जै/जइ जेना- जै कारण/ जइसँ/ जइले ऐ/अइ जेना- ऐ कारण/ ऐसँ/ अइले/ मुदा एकर एकटा खास प्रयोग- लालति कतेक दिनसँ कहैत रहैत अइ लै/लइ जेना लैसँ/ लइले/ लै दुआरे लहँ/ लौं गेलौं/ लेलौं/ लेलँह/ गेलहुँ/ लेलहुँ/ लेलँ जइ/ जाहि/ जै जहिठाम/ जाहिठाम/ जइठाम/ जैठाम एहि/ अहि/ अइ (वाक्यक अंतमे ग्राह्य) / ऐ अइछ/ अछि/ ऐछ तइ/ तहि/ तै/ ताहि ओहि/ ओइ सीखि/ सीख जीवि/ जीवी/ जीब भलेहीं/ भलहिं तैं/ तँइ/ तँए जाएब/ जएब लइ/ लै छइ/ छै नहि/ नै/ नइ गइ/ गै छनि/ छन्हि ... समए शब्दक संग जखन कोनो विभक्ति जुटै छै तखन समै जना समैपर इत्यादि। असगरमे हृदए आ विभक्ति जुटने हृदे जना हृदेसँ, हृदेमे इत्यादि। जइ/ जाहि/ जै जहिठाम/ जाहिठाम/ जइठाम/ जैठाम एहि/ अहि/ अइ/ ऐ अइछ/ अछि/ ऐछ तइ/ तहि/ तै/ ताहि ओहि/ ओइ सीखि/ सीख जीवि/ जीवी/ जीब भले/ भलेहीं/ भलहिं तैं/ तँइ/ तँए जाएब/ जएब लइ/ लै छइ/ छै नहि/ नै/ नइ गइ/ गै छनि/ छन्हि चुकल अछि/ गेल गछि २.२. मैथिलीमे भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम नीचाँक सूचीमे देल विकल्पमेसँ लैंगुएज एडीटर द्वारा कोन रूप चुनल जेबाक चाही: बोल्ड कएल रूप ग्राह्य: १.होयबला/ होबयबला/ होमयबला/ हेब’बला, हेम’बला/ होयबाक/होबएबला /होएबाक २. आ’/आऽ आ ३. क’ लेने/कऽ लेने/कए लेने/कय लेने/ल’/लऽ/लय/लए ४. भ’ गेल/भऽ गेल/भय गेल/भए गेल ५. कर’ गेलाह/करऽ गेलह/करए गेलाह/करय गेलाह ६. लिअ/दिअ लिय’,दिय’,लिअ’,दिय’/ ७. कर’ बला/करऽ बला/ करय बला करैबला/क’र’ बला / करैवाली ८. बला वला (पुरूष), वाली (स्त्री) ९ . आङ्ल आंग्ल १०. प्रायः प्रायह ११. दुःख दुख १ २. चलि गेल चल गेल/चैल गेल १३. देलखिन्ह देलकिन्ह, देलखिन १४. देखलन्हि देखलनि/ देखलैन्ह १५. छथिन्ह/ छलन्हि छथिन/ छलैन/ छलनि १६. चलैत/दैत चलति/दैति १७. एखनो अखनो १८. बढ़नि बढइन बढन्हि १९. ओ’/ओऽ(सर्वनाम) ओ २० . ओ (संयोजक) ओ’/ओऽ २१. फाँगि/फाङ्गि फाइंग/फाइङ २२. जे जे’/जेऽ २३. ना-नुकुर ना-नुकर २४. केलन्हि/केलनि/कयलन्हि २५. तखनतँ/ तखन तँ २६. जा रहल/जाय रहल/जाए रहल २७. निकलय/निकलए लागल/ लगल बहराय/ बहराए लागल/ लगल निकल’/बहरै लागल २८. ओतय/ जतय जत’/ ओत’/ जतए/ ओतए २९. की फूरल जे कि फूरल जे ३०. जे जे’/जेऽ ३१. कूदि / यादि(मोन पारब) कूइद/याइद/कूद/याद/ यादि (मोन) ३२. इहो/ ओहो ३३. हँसए/ हँसय हँसऽ ३४. नौ आकि दस/नौ किंवा दस/ नौ वा दस ३५. सासु-ससुर सास-ससुर ३६. छह/ सात छ/छः/सात ३७. की की’/ कीऽ (दीर्घीकारान्तमे ऽ वर्जित) ३८. जबाब जवाब ३९. करएताह/ करेताह करयताह ४०. दलान दिशि दलान दिश/दलान दिस ४१ . गेलाह गएलाह/गयलाह ४२. किछु आर/ किछु और/ किछ आर ४३. जाइ छल/ जाइत छल जाति छल/जैत छल ४४. पहुँचि/ भेट जाइत छल/ भेट जाइ छलए पहुँच/ भेटि जाइत छल ४५. जबान (युवा)/ जवान(फौजी) ४६. लय/ लए क’/ कऽ/ लए कए / लऽ कऽ/ लऽ कए ४७. ल’/लऽ कय/ कए ४८. एखन / एखने / अखन / अखने ४९. अहींकेँ अहीँकेँ ५०. गहींर गहीँर ५१. धार पार केनाइ धार पार केनाय/केनाए ५२. जेकाँ जेँकाँ/ जकाँ ५३. तहिना तेहिना ५४. एकर अकर ५५. बहिनउ बहनोइ ५६. बहिन बहिनि ५७. बहिन-बहिनोइ बहिन-बहनउ ५८. नहि/ नै ५९. करबा / करबाय/ करबाए ६०. तँ/ त ऽ तय/तए ६१. भैयारी मे छोट-भाए/भै/, जेठ-भाय/भाइ, ६२. गिनतीमे दू भाइ/भाए/भाँइ ६३. ई पोथी दू भाइक/ भाँइ/ भाए/ लेल। यावत जावत ६४. माय मै / माए मुदा माइक ममता ६५. देन्हि/ दइन दनि/ दएन्हि/ दयन्हि दन्हि/ दैन्हि ६६. द’/ दऽ/ दए ६७. ओ (संयोजक) ओऽ (सर्वनाम) ६८. तका कए तकाय तकाए ६९. पैरे (on foot) पएरे कएक/ कैक ७०. ताहुमे/ ताहूमे ७१. पुत्रीक ७२. बजा कय/ कए / कऽ ७३. बननाय/बननाइ ७४. कोला ७५. दिनुका दिनका ७६. ततहिसँ ७७. गरबओलन्हि/ गरबौलनि/ गरबेलन्हि/ गरबेलनि ७८. बालु बालू ७९. चेन्ह चिन्ह(अशुद्ध) ८०. जे जे’ ८१ . से/ के से’/के’ ८२. एखुनका अखनुका ८३. भुमिहार भूमिहार ८४. सुग्गर / सुगरक/ सूगर ८५. झठहाक झटहाक ८६. छूबि ८७. करइयो/ओ करैयो ने देलक /करियौ-करइयौ ८८. पुबारि पुबाइ ८९. झगड़ा-झाँटी झगड़ा-झाँटि ९०. पएरे-पएरे पैरे-पैरे ९१. खेलएबाक ९२. खेलेबाक ९३. लगा ९४. होए- हो – होअए ९५. बुझल बूझल ९६. बूझल (संबोधन अर्थमे) ९७. यैह यएह / इएह/ सैह/ सएह ९८. तातिल ९९. अयनाय- अयनाइ/ अएनाइ/ एनाइ १००. निन्न- निन्द १०१. बिनु बिन १०२. जाए जाइ १०३. जाइ (in different sense)-last word of sentence १०४. छत पर आबि जाइ १०५. ने १०६. खेलाए (play) –खेलाइ १०७. शिकाइत- शिकायत १०८. ढप- ढ़प १०९ . पढ़- पढ ११०. कनिए/ कनिये कनिञे १११. राकस- राकश ११२. होए/ होय होइ ११३. अउरदा- औरदा ११४. बुझेलन्हि (different meaning- got understand) ११५. बुझएलन्हि/बुझेलनि/ बुझयलन्हि (understood himself) ११६. चलि- चल/ चलि गेल ११७. खधाइ- खधाय ११८. मोन पाड़लखिन्ह/ मोन पाड़लखिन/ मोन पारलखिन्ह ११९. कैक- कएक- कइएक १२०. लग ल’ग १२१. जरेनाइ १२२. जरौनाइ जरओनाइ- जरएनाइ/ जरेनाइ १२३. होइत १२४. गरबेलन्हि/ गरबेलनि गरबौलन्हि/ गरबौलनि १२५. चिखैत- (to test)चिखइत १२६. करइयो (willing to do) करैयो १२७. जेकरा- जकरा १२८. तकरा- तेकरा १२९. बिदेसर स्थानेमे/ बिदेसरे स्थानमे १३०. करबयलहुँ/ करबएलहुँ/ करबेलहुँ करबेलौं १३१. हारिक (उच्चारण हाइरक) १३२. ओजन वजन आफसोच/ अफसोस कागत/ कागच/ कागज १३३. आधे भाग/ आध-भागे १३४. पिचा / पिचाय/पिचाए १३५. नञ/ ने १३६. बच्चा नञ (ने) पिचा जाय १३७. तखन ने (नञ) कहैत अछि। कहै/ सुनै/ देखै छल मुदा कहैत-कहैत/ सुनैत-सुनैत/ देखैत-देखैत १३८. कतेक गोटे/ कताक गोटे १३९. कमाइ-धमाइ/ कमाई- धमाई १४० . लग ल’ग १४१. खेलाइ (for playing) १४२. छथिन्ह/ छथिन १४३. होइत होइ १४४. क्यो कियो / केओ १४५. केश (hair) १४६. केस (court-case) १४७ . बननाइ/ बननाय/ बननाए १४८. जरेनाइ १४९. कुरसी कुर्सी १५०. चरचा चर्चा १५१. कर्म करम १५२. डुबाबए/ डुबाबै/ डुमाबै डुमाबय/ डुमाबए १५३. एखुनका/ अखुनका १५४. लए/ लिअए (वाक्यक अंतिम शब्द)- लऽ १५५. कएलक/ केलक १५६. गरमी गर्मी १५७ . वरदी वर्दी १५८. सुना गेलाह सुना’/सुनाऽ १५९. एनाइ-गेनाइ १६०. तेना ने घेरलन्हि/ तेना ने घेरलनि १६१. नञि / नै १६२. डरो ड’रो १६३. कतहु/ कतौ कहीं १६४. उमरिगर-उमेरगर उमरगर १६५. भरिगर १६६. धोल/धोअल धोएल १६७. गप/गप्प १६८. के के’ १६९. दरबज्जा/ दरबजा १७०. ठाम १७१. धरि तक १७२. घूरि लौटि १७३. थोरबेक १७४. बड्ड १७५. तोँ/ तूँ १७६. तोँहि( पद्यमे ग्राह्य) १७७. तोँही / तोँहि १७८. करबाइए करबाइये १७९. एकेटा १८०. करितथि /करतथि १८१. पहुँचि/ पहुँच १८२. राखलन्हि रखलन्हि/ रखलनि १८३. लगलन्हि/ लगलनि लागलन्हि १८४. सुनि (उच्चारण सुइन) १८५. अछि (उच्चारण अइछ) १८६. एलथि गेलथि १८७. बितओने/ बितौने/ बितेने १८८. करबओलन्हि/ करबौलनि/ करेलखिन्ह/ करेलखिन १८९. करएलन्हि/ करेलनि १९०. आकि/ कि १९१. पहुँचि/ पहुँच १९२. बत्ती जराय/ जराए जरा (आगि लगा) १९३. से से’ १९४. हाँ मे हाँ (हाँमे हाँ विभक्त्तिमे हटा कए) १९५. फेल फैल १९६. फइल(spacious) फैल १९७. होयतन्हि/ होएतन्हि/ होएतनि/हेतनि/ हेतन्हि १९८. हाथ मटिआएब/ हाथ मटियाबय/हाथ मटियाएब १९९. फेका फेंका २००. देखाए देखा २०१. देखाबए २०२. सत्तरि सत्तर २०३. साहेब साहब २०४.गेलैन्ह/ गेलन्हि/ गेलनि २०५. हेबाक/ होएबाक २०६.केलो/ कएलहुँ/केलौं/ केलुँ २०७. किछु न किछु/ किछु ने किछु २०८.घुमेलहुँ/ घुमओलहुँ/ घुमेलौं २०९. एलाक/ अएलाक २१०. अः/ अह २११.लय/ लए (अर्थ-परिवर्त्तन) २१२.कनीक/ कनेक २१३.सबहक/ सभक २१४.मिलाऽ/ मिला २१५.कऽ/ क २१६.जाऽ/ जा २१७.आऽ/ आ २१८.भऽ /भ’ (’ फॉन्टक कमीक द्योतक) २१९.निअम/ नियम २२० .हेक्टेअर/ हेक्टेयर २२१.पहिल अक्षर ढ/ बादक/ बीचक ढ़ २२२.तहिं/तहिँ/ तञि/ तैं २२३.कहिं/ कहीं २२४.तँइ/ तैं / तइँ २२५.नँइ/ नइँ/ नञि/ नहि/नै २२६.है/ हए / एलीहेँ/ २२७.छञि/ छै/ छैक /छइ २२८.दृष्टिएँ/ दृष्टियेँ २२९.आ (come)/ आऽ(conjunction) २३०. आ (conjunction)/ आऽ(come) २३१.कुनो/ कोनो, कोना/केना २३२.गेलैन्ह-गेलन्हि-गेलनि २३३.हेबाक- होएबाक २३४.केलौँ- कएलौँ-कएलहुँ/केलौं २३५.किछु न किछ- किछु ने किछु २३६.केहेन- केहन २३७.आऽ (come)-आ (conjunction-and)/आ। आब'-आब' /आबह-आबह २३८. हएत-हैत २३९.घुमेलहुँ-घुमएलहुँ- घुमेलाें २४०.एलाक- अएलाक २४१.होनि- होइन/ होन्हि/ २४२.ओ-राम ओ श्यामक बीच(conjunction), ओऽ कहलक (he said)/ओ २४३.की हए/ कोसी अएली हए/ की है। की हइ २४४.दृष्टिएँ/ दृष्टियेँ २४५ .शामिल/ सामेल २४६.तैँ / तँए/ तञि/ तहिं २४७.जौं / ज्योँ/ जँ/ २४८.सभ/ सब २४९.सभक/ सबहक २५०.कहिं/ कहीं २५१.कुनो/ कोनो/ कोनहुँ/ २५२.फारकती भऽ गेल/ भए गेल/ भय गेल २५३.कोना/ केना/ कन्ना/कना २५४.अः/ अह २५५.जनै/ जनञ २५६.गेलनि/ गेलाह (अर्थ परिवर्तन) २५७.केलन्हि/ कएलन्हि/ केलनि/ २५८.लय/ लए/ लएह (अर्थ परिवर्तन) २५९.कनीक/ कनेक/कनी-मनी २६०.पठेलन्हि पठेलनि/ पठेलइन/ पपठओलन्हि/ पठबौलनि/ २६१.निअम/ नियम २६२.हेक्टेअर/ हेक्टेयर २६३.पहिल अक्षर रहने ढ/ बीचमे रहने ढ २६४.आकारान्तमे बिकारीक प्रयोग उचित नै/ अपोस्ट्रोफीक प्रयोग फान्टक तकनीकी न्यूनताक परिचायक ओकर बदला अवग्रह (बिकारी) क प्रयोग उचित २६५.केर (पद्यमे ग्राह्य) / -क/ कऽ/ के २६६.छैन्हि- छन्हि २६७.लगैए/ लगैये २६८.होएत/ हएत २६९.जाएत/ जएत/ २७०.आएत/ अएत/ आओत २७१ .खाएत/ खएत/ खैत २७२.पिअएबाक/ पिएबाक/पियेबाक २७३.शुरु/ शुरुह २७४.शुरुहे/ शुरुए २७५.अएताह/अओताह/ एताह/ औताह २७६.जाहि/ जाइ/ जइ/ जै/ २७७.जाइत/ जैतए/ जइतए २७८.आएल/ अएल २७९.कैक/ कएक २८०.आयल/ अएल/ आएल २८१. जाए/ जअए/ जए (लालति जाए लगलीह।) २८२. नुकएल/ नुकाएल २८३. कठुआएल/ कठुअएल २८४. ताहि/ तै/ तइ २८५. गायब/ गाएब/ गएब २८६. सकै/ सकए/ सकय २८७.सेरा/सरा/ सराए (भात सरा गेल) २८८.कहैत रही/देखैत रही/ कहैत छलौं/ कहै छलौं- अहिना चलैत/ पढैत (पढै-पढैत अर्थ कखनो काल परिवर्तित) - आर बुझै/ बुझैत (बुझै/ बुझै छी, मुदा बुझैत-बुझैत)/ सकैत/ सकै। करैत/ करै। दै/ दैत। छैक/ छै। बचलै/ बचलैक। रखबा/ रखबाक । बिनु/ बिन। रातिक/ रातुक बुझै आ बुझैत केर अपन-अपन जगहपर प्रयोग समीचीन अछि। बुझैत-बुझैत आब बुझलिऐ। हमहूँ बुझै छी। २८९. दुआरे/ द्वारे २९०.भेटि/ भेट/ भेँट २९१. खन/ खीन/ खुना (भोर खन/ भोर खीन) २९२.तक/ धरि २९३.गऽ/ गै (meaning different-जनबै गऽ) २९४.सऽ/ सँ (मुदा दऽ, लऽ) २९५.त्त्व,(तीन अक्षरक मेल बदला पुनरुक्तिक एक आ एकटा दोसरक उपयोग) आदिक बदला त्व आदि। महत्त्व/ महत्व/ कर्ता/ कर्त्ता आदिमे त्त संयुक्तक कोनो आवश्यकता मैथिलीमे नै अछि। वक्तव्य २९६.बेसी/ बेशी २९७.बाला/वाला बला/ वला (रहैबला) २९८ .वाली/ (बदलैवाली) २९९.वार्त्ता/ वार्ता ३००. अन्तर्राष्ट्रिय/ अन्तर्राष्ट्रीय ३०१. लेमए/ लेबए ३०२.लमछुरका, नमछुरका ३०२.लागै/ लगै ( भेटैत/ भेटै) ३०३.लागल/ लगल ३०४.हबा/ हवा ३०५.राखलक/ रखलक ३०६.आ (come)/ आ (and) ३०७. पश्चाताप/ पश्चात्ताप ३०८. ऽ केर व्यवहार शब्दक अन्तमे मात्र, यथासंभव बीचमे नै। ३०९.कहैत/ कहै ३१०. रहए (छल)/ रहै (छलै) (meaning different) ३११.तागति/ ताकति ३१२.खराप/ खराब ३१३.बोइन/ बोनि/ बोइनि ३१४.जाठि/ जाइठ ३१५.कागज/ कागच/ कागत ३१६.गिरै (meaning different- swallow)/ गिरए (खसए) ३१७.राष्ट्रिय/ राष्ट्रीय DATE-LIST (year- 2013-14) (१४२१ फसली साल) Marriage Days: Nov.2013- 18, 20, 24, 25, 28, 29 Dec.2013- 1, 4, 6, 8, 12, 13 January 2014- 19, 20, 22, 23, 24, 26, 31. Feb.2014- 3, 5, 6, 9, 10, 17, 19, 24, 26, 27. March 2014- 2, 3, 5, 7, 9. April 2014- 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24. May 2014- 1, 2, 8, 9, 11, 12, 18, 19, 21, 25, 26, 28, 29, 30. June 2014- 4, 5, 8, 9, 13, 18, 22, 25. July 2014- 2, 3, 4, 6, 7. Upanayana Days: February 2014- 2, 4, 9, 10. March 2014- 3, 5, 11, 12. April 2014- 4, 9, 10. June 2014- 2, 8, 9. Dviragaman Din: November 2013- 18, 21, 22. December 2013- 4, 6, 8, 9, 12, 13. February 2014- 16, 17, 19, 20. March 2014- 2, 3, 5, 9, 10, 12. April 2014- 16, 17, 18, 20. May 2014- 1, 2, 9, 11, 12. Mundan Din: November 2013- 20, 22. December 2013- 9, 12, 13. January 2014- 16, 17. February 2014- 6, 10, 19, 20. March 2014- 5, 12. April 2014- 16. May 2014- 12, 30. June 2014- 2, 9, 30. FESTIVALS OF MITHILA (2013-14) Mauna Panchami-27 July Madhushravani- 9 August Nag Panchami- 11 August Raksha Bandhan- 21 Aug Krishnastami- 28 August Kushi Amavasya / Somvari Vrat- 5 September Hartalika Teej- 8 September ChauthChandra-8 September Vishwakarma Pooja- 17 September Anant Caturdashi- 18 Sep Pitri Paksha begins- 20 Sep Jimootavahan Vrata/ Jitia-27 Sep Matri Navami-28 Sep Kalashsthapan- 5 October Belnauti- 10 October Patrika Pravesh- 11 October Mahastami- 12 October Maha Navami - 13 October Vijaya Dashami- 14 October Kojagara- 18 Oct Dhanteras- 1 November Diyabati, shyama pooja-3 November Annakoota/ Govardhana Pooja-4 November Bhratridwitiya/ Chitragupta Pooja- 5 November Chhathi -8 November Sama Poojaarambh- 9 November Devotthan Ekadashi- 13 November ravivratarambh- 17 November Navanna parvan- 20 November KartikPoornima- Sama Visarjan- 2 December Vivaha Panchmi- 7 December Makara/ Teela Sankranti-14 Jan Naraknivaran chaturdashi- 29 January Basant Panchami/ Saraswati Pooja- 4 February Achla Saptmi- 6 February Mahashivaratri-27 February Holikadahan-Fagua-16 March Holi- 17 March Saptadora- 17 March Varuni Trayodashi-28 March Jurishital-15 April Ram Navami- 8 April Akshaya Tritiya-2 May Janaki Navami- 8 May Ravi Brat Ant- 11 May Vat Savitri-barasait- 28 May Ganga Dashhara-8 June Harivasar Vrata- 9 July Shree Guru Poornima-12 Jul VIDEHA ARCHIVE १.विदेह ई-पत्रिकाक सभटा पुरान अंक ब्रेल, तिरहुता आ देवनागरी रूपमे Videha e journal's all old issues in Braille Tirhuta and Devanagari versions विदेह ई-पत्रिकाक पहिल ५० अंक
विदेह ई-पत्रिकाक ५०म सँ आगाँक अंक http://sites.google.com/a/videha.com/videha/ https://sites.google.com/a/videha.com/videha-archive-part-i/ https://sites.google.com/a/videha.com/videha-archive-part-ii/ २.मैथिली पोथी डाउनलोड Maithili Books Download http://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi ३.मैथिली ऑडियो संकलन Maithili Audio Downloads http://sites.google.com/a/videha.com/videha-audio ४.मैथिली वीडियोक संकलन Maithili Videos http://sites.google.com/a/videha.com/videha-video ५.मिथिला चित्रकला/ आधुनिक चित्रकला आ चित्र Mithila Painting/ Modern Art and Photos http://sites.google.com/a/videha.com/videha-paintings-photos/ "विदेह"क एहि सभ सहयोगी लिंकपर सेहो एक बेर जाउ। ६.विदेह मैथिली क्विज : http://videhaquiz.blogspot.com/ ७.विदेह मैथिली जालवृत्त एग्रीगेटर : http://videha-aggregator.blogspot.com/ ८.विदेह मैथिली साहित्य अंग्रेजीमे अनूदित http://madhubani-art.blogspot.com/ ९.विदेहक पूर्व-रूप "भालसरिक गाछ" : http://gajendrathakur.blogspot.com/ १०.विदेह इंडेक्स : http://videha123.blogspot.com/ ११.विदेह फाइल : http://videha123.wordpress.com/ १२. विदेह: सदेह : पहिल तिरहुता (मिथिला़क्षर) जालवृत्त (ब्लॉग) http://videha-sadeha.blogspot.com/ १३. विदेह:ब्रेल: मैथिली ब्रेलमे: पहिल बेर विदेह द्वारा http://videha-braille.blogspot.com/ १४.VIDEHA IST MAITHILI FORTNIGHTLY EJOURNAL ARCHIVE http://videha-archive.blogspot.com/ १५. विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका मैथिली पोथीक आर्काइव http://videha-pothi.blogspot.com/ १६. विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका ऑडियो आर्काइव http://videha-audio.blogspot.com/ १७. विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका वीडियो आर्काइव http://videha-video.blogspot.com/ १८. विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका मिथिला चित्रकला, आधुनिक कला आ चित्रकला http://videha-paintings-photos.blogspot.com/ १९. मैथिल आर मिथिला (मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय जालवृत्त) http://maithilaurmithila.blogspot.com/ २०.श्रुति प्रकाशन http://www.shruti-publication.com/ २१.http://groups.google.com/group/videha २२.http://groups.yahoo.com/group/VIDEHA/ २३.गजेन्द्र ठाकुर इडेक्स http://gajendrathakur123.blogspot.com २४. नेना भुटका http://mangan-khabas.blogspot.com/ २५.विदेह रेडियो:मैथिली कथा-कविता आदिक पहिल पोडकास्ट साइट http://videha123radio.wordpress.com/ २६.Videha Radio २७. Join official Videha facebook group. २८. विदेह मैथिली नाट्य उत्सव http://maithili-drama.blogspot.com/ २९.समदिया http://esamaad.blogspot.com/ ३०. मैथिली फिल्म्स http://maithilifilms.blogspot.com/ ३१.अनचिन्हार आखर http://anchinharakharkolkata.blogspot.com/ ३२. मैथिली हाइकू http://maithili-haiku.blogspot.com/ ३३. मानक मैथिली http://manak-maithili.blogspot.com/ ३४. विहनि कथा http://vihanikatha.blogspot.in/ ३५. मैथिली कविता http://maithili-kavita.blogspot.in/ ३६. मैथिली कथा http://maithili-katha.blogspot.in/ ३७.मैथिली समालोचना http://maithili-samalochna.blogspot.in/ महत्त्वपूर्ण सूचना: The Maithili pdf books are AVAILABLE FOR free PDF DOWNLOAD AT
https://sites.google.com/a/videha.com/videha/ http://videha123.wordpress.com/ http://videha123.wordpress.com/about/ विदेह:सदेह:१: २: ३: ४:५:६:७:८:९:१० "विदेह"क प्रिंट संस्करण: विदेह-ई-पत्रिका (http://www.videha.co.in/) क चुनल रचना सम्मिलित। सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। Details for purchase available at publishers's (print-version) site http://www.shruti-publication.com or you may write to shruti.publication@shruti-publication.com विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन (c)२००४-१४. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतए लेखकक नाम नहि अछि ततए संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। सह-सम्पादक: उमेश मंडल। सहायक सम्पादक: शिव कुमार झा, राम विलास साहु आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)। भाषा-सम्पादन: नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा। कला-सम्पादन: ज्योति झा चौधरी आ रश्मि रेखा सिन्हा। सम्पादक-शोध-अन्वेषण: डा. जया वर्मा आ डा. राजीव कुमार वर्मा। सम्पादक- नाटक-रंगमंच-चलचित्र- बेचन ठाकुर। सम्पादक- सूचना-सम्पर्क-समाद- पूनम मंडल आ प्रियंका झा। सम्पादक- अनुवाद विभाग- विनीत उत्पल। रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) ggajendra@videha.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकैत छथि। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। ’विदेह' प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका अछि आ ऐमे मैथिली, संस्कृत आ अंग्रेजीमे मिथिला आ मैथिलीसँ संबंधित रचना प्रकाशित कएल जाइत अछि। एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। (c) २००४-१४ सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। रचनाक अनुवाद आ पुनः प्रकाशन किंवा आर्काइवक उपयोगक अधिकार किनबाक हेतु ggajendra@videha.com पर संपर्क करू। एहि साइटकेँ प्रीति झा ठाकुर, मधूलिका चौधरी आ रश्मि प्रिया द्वारा डिजाइन कएल गेल। ५ जुलाई २००४ केँ http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसरिक गाछ”- मैथिली जालवृत्तसँ प्रारम्भ इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA सिद्धिरस्तु 13 वि दे ह विदेह Videha বিদেহ www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका www.videha.com Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका‘विदेह'१४८ म अंक १५ फरबरी २०१४ (वर्ष ७ मास ७४ अंक १४८) मानुषीमिह संस्कृताम् ISSN 2229-547X VIDEHA