43 ISSN 2229-547X VIDEHA 'विदेह' २२९ म अंक ०१ जुलाइ २०१७ (वर्ष १० मास ११५ अंक २२९) ऐ अंकमे अछि:- १. संपादकीय संदेश २. गद्य २.१.अब्दुर रज्जाक- बिहैन कथा २.२.राजदेव मण्डल-२ टा बीहैन कथ २.३.उमेश मण्डल- ‘सगर राति दीप जरय’क ९३म आ ९४ म आयोजन २.४.उमेश मण्डल- मिथिलाक लोक संगीत/ लोक कला भगैत गबैय ३. पद्य ३.१. जगदीश चन्द्र ठाकुर 'अनिल'- ४ टा गजल ३.२.आशीष अनचिन्हार- २ टा गजल ३.३.राजेश मोहन झा 'गुंजन'-शिव भजन ३.४.राजेश वर्मा 'भवादित्य'- नवगीत ४.बालानां कृते-बृषेश चन्द्र लाल- २ टा बालगीत Go to the link below for download of old issues of VIDEHA Maithili e magazine in .pdf format and Maithili Audio/ Video/ Books/ paintings/ photo files. विदेहक पुरान अंक आ ऑडियो/ वीडियो/ पोथी/ चित्रकला/ फोटो सभक फाइल सभ डाउनलोड करबाक हेतु नीचाँक लिंक पर जाउ। VIDEHA ARCHIVE विदेह आर्काइव Join official Videha facebook group. Join Videha googlegroups Follow Official VidehaTwitter to view regular Videha Live Broadcasts through Periscope. विदेह जालवृत्तक डिसकसन फोरमपर जाउ। संपादकीय ई-पत्र ई-पत्र आदरणीय गजेंद्रजी प्रणाम विदेह के 228म अंक पढ़लहुँ। डॉ 0 कैलाश मिश्र क आलेख "मधुश्रावणी क द्वन्द" रुचिगर अछि। ओना त आशिष अनचिन्हार अपन गजल से मुग्ध करै छथि मुदा ऐ बेर हुनक आलेख तीन टा बिंदु कौतूहल पैदा कर बला अछि। भाषा के मनोविज्ञान पर कहल गेल तर्क सोचनीय अछि। बाँकि ओइ लेख में जे प्रधानमंत्री के दरभंगा में भोजपुरी बजै के बात कहल गेल से समझ नै सकलहुँ। डॉ0 शशिधर जी के बाल कविता सितुआ आ जोंक रोचक छल। विदेह के आगामी अंक लेल शुभकामना। - प्रणव झा विदेह "नेपालक वर्तमान मैथिली साहित्य" विषयक विशेषांक निकालबाक नेयार केलक अछि जकर संयोजक श्री दिनेश यादव जी रहता। अइ विशेषांकमे नेपालक वर्तमान मैथिली साहित्य केर मूल्यांकन रहत। अइ विशेषांक लेल सभ विधाक आलोचना-समीक्षा-समालोचना आदि प्रस्तावित अछि। समय-सीमा किछु नै जहिया पूरा आलेख आबि जेतै तहिये, मुदा प्रयास रहत जे एही साल मइ-जून धरि ई विशेषांक आबि जाए। उम्मेद अछि विदेहक ई प्रयास दूनू पायापर एकटा पूल जरूर बनाएत। विदेह द्वारा संचालित "आमंत्रित रचनापर आमंत्रित आलोचकक टिप्पणी" शृंखलाक दोसर भागक घोषणा कएल जा रहल अछि। दोसर भागमे अइ बेर नीलमाधव चौधरी जीक रचना आमंत्रित कएल जा रहल अछि आ नीलमाधवजीक रचना ओ रचनाधर्मितापर टिप्पणी करबा लेल कैलाश कुमार मिश्रजीकेँ आमंत्रित कएल जा रहल छनि। दूनू गोटाकेँ औपचारिक सूचना जल्दिये पठाओल जाएत। रचनाकारक रचना ओ आलोचकक आलोचना जखने आबि जाएत ओकर अगिला अंकमे ई प्रकाशित कएल जाएत। अइ शृंखलाक पहिल भाग कामिनीजीक रचनापर छल आ टिप्पणीकर्ता मधुकांत झाजी छलाह। जेना की सभ गोटा जनै छी जे विदेह २०१५ मे तीन टा विशेषांक तीन साहित्यकारपर प्रकाशित केलक जकर मापदंड छल सालमे दूटा विशेषांक जीवित साहित्यकारक उपर रहत जइमे एकटा ६०-७० वा ओइसँ बेसी सालक साहित्यकार रहता तँ दोसर ४०-५० सालक ( मैथिली साहित्यकार मने भारत आ नेपाल दूनूक)। ऐ क्रममे अरविन्द ठाकुर ओ जगदीश चंद्र ठाकुर "अनिल"जीपर विशेषांक निकलि चुकल अछि। आगूक विशेषांक किनकापर हुअए तइ लेल एक मास पहिनेसँ पाठकक सुझाव माँगल गेल छल। पाठकक सुझाव आएल आ ओइ सुझाव अंतर्गत विदेहक किछु अगिला विशेषांक परमेश्वर कापड़ि, वीरेन्द्र मल्लिक आ कमला चौधरी पर रहत। हमर सबहक प्रयास रहत जे ई विशेषांक सभ २०१७ मे प्रकाशित हुअए मुदा ई रचनाक उपलब्धतापर निर्भर करत। मने रचनाक उपलब्धताक हिसाबसँ समए ऊपर-निच्चा भऽ सकैए। सभ गोटासँ आग्रह जे ओ अपन-अपन रचना ggajendra@videha.com पर पठा दी। विदेह सम्मान विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी सम्मान १.विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०१०-११ २०१० श्री गोविन्द झा (समग्र योगदान लेल) २०११ श्री रमानन्द रेणु (समग्र योगदान लेल) २.विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार २०११-१२ २०११ मूल पुरस्कार- श्री जगदीश प्रसाद मण्डल (गामक जिनगी, कथा संग्रह) २०११ बाल साहित्य पुरस्कार- ले.क. मायानाथ झा (जकर नारी चतुर होइ, कथा संग्रह) २०११ युवा पुरस्कार- आनन्द कुमार झा (कलह, नाटक) २०१२ अनुवाद पुरस्कार- श्री रामलोचन ठाकुर- (पद्मानदीक माझी, बांग्ला- मानिक बंद्योपाध्याय, उपन्यास बांग्लासँ मैथिली अनुवाद) विदेह भाषा सम्मान २०१२-१३ (वैकल्पिक साहित्य अकादेमी पुरस्कारक रूपमे प्रसिद्ध) 1.विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार 2012 2012 श्री राजनन्दन लाल दास (समग्र योगदान लेल) 2.विदेह भाषा सम्मान २०१२-१३ (वैकल्पिक साहित्य अकादेमी पुरस्कारक रूपमे प्रसिद्ध) २०१२ बाल साहित्य पुरस्कार - श्री जगदीश प्रसाद मण्डल केँ “तरेगन” बाल प्रेरक विहनि कथा संग्रह २०१२ मूल पुरस्कार - श्री राजदेव मण्डलकेँ "अम्बरा" (कविता संग्रह) लेल। 2012 युवा पुरस्कार- श्रीमती ज्योति सुनीत चौधरीक “अर्चिस” (कविता संग्रह) 2013 अनुवाद पुरस्कार- श्री नरेश कुमार विकल "ययाति" (मराठी उपन्यास श्री विष्णु सखाराम खाण्डेकर) विदेह भाषा सम्मान २०१३-१४ (वैकल्पिक साहित्य अकादेमी पुरस्कारक रूपमे प्रसिद्ध) २०१३ बाल साहित्य पुरस्कार – श्रीमती ज्योति सुनीत चौधरी- “देवीजी” (बाल निबन्ध संग्रह) लेल। २०१३ मूल पुरस्कार - श्री बेचन ठाकुरकेँ "बेटीक अपमान आ छीनरदेवी" (नाटक संग्रह) लेल। २०१३ युवा पुरस्कार- श्री उमेश मण्डलकेँ “निश्तुकी” (कविता संग्रह)लेल। २०१४ अनुवाद पुरस्कार- श्री विनीत उत्पलकेँ “मोहनदास” (हिन्दी उपन्यास श्री उदय प्रकाश)क मैथिली अनुवाद लेल। विदेह भाषा सम्मान २०१४-२०१५ (समानान्तर साहित्य अकादेमी सम्मान) २०१४ मूल पुरस्कार- श्री नन्द विलास राय (सखारी पेटारी- लघु कथा संग्रह) २०१४ बाल पुरस्कार- श्री जगदीश प्रसाद मण्डल (नै धारैए- बाल उपन्यास) २०१४ युवा पुरस्कार - श्री आशीष अनचिन्हार (अनचिन्हार आखर- गजल संग्रह) २०१५ अनुवाद पुरस्कार - श्री शम्भु कुमार सिंह ( पाखलो - तुकाराम रामा शेटक कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद) नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान २०१२ अभिनय- मुख्य अभिनय , सुश्री शिल्पी कुमारी, उम्र- 17 पिता श्री लक्ष्मण झा श्री शोभा कान्त महतो, उम्र- 15 पिता- श्री रामअवतार महतो, हास्य-अभिनय सुश्री प्रियंका कुमारी, उम्र- 16, पिता- श्री वैद्यनाथ साह श्री दुर्गानंद ठाकुर, उम्र- 23, पिता- स्व. भरत ठाकुर नृत्य सुश्री सुलेखा कुमारी, उम्र- 16, पिता- श्री हरेराम यादव श्री अमीत रंजन, उम्र- 18, पिता- नागेश्वर कामत चित्रकला श्री पनकलाल मण्डल, उमेर- ३५, पिता- स्व. सुन्दर मण्डल, गाम छजना श्री रमेश कुमार भारती, उम्र- 23, पिता- श्री मोती मण्डल संगीत (हारमोनियम) श्री परमानन्द ठाकुर, उम्र- 30, पिता- श्री नथुनी ठाकुर संगीत (ढोलक) श्री बुलन राउत, उम्र- 45, पिता- स्व. चिल्टू राउत संगीत (रसनचौकी) श्री बहादुर राम, उम्र- 55, पिता- स्व. सरजुग राम शिल्पी-वस्तुकला श्री जगदीश मल्लिक,५० गाम- चनौरागंज मूर्ति-मृत्तिका कला श्री यदुनंदन पंडित, उम्र- 45, पिता- अशर्फी पंडित काष्ठ-कला श्री झमेली मुखिया,पिता स्व. मूंगालाल मुखिया, ५५, गाम- छजना किसानी-आत्मनिर्भर संस्कृति श्री लछमी दास, उमेर- ५०, पिता स्व. श्री फणी दास, गाम वेरमा विदेह मैथिली पत्रकारिता सम्मान -२०१२ श्री नवेन्दु कुमार झा नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान २०१३ मुख्य अभिनय- (1) सुश्री आशा कुमारी सुपुत्री श्री रामावतार यादव, उमेर- १८, पता- गाम+पोस्ट- चनौरागंज, भाया- तमुरिया, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) मो. समसाद आलम सुपुत्र मो. ईषा आलम, पता- गाम+पोस्ट- चनौरागंज, भाया- तमुरिया, जिला- मधुबनी (बिहार) (3) सुश्री अपर्णा कुमारी सुपुत्री श्री मनोज कुमार साहु, जन्म तिथि- १८-२-१९९८, पता- गाम- लक्ष्मिनियाँ, पोस्ट- छजना, भाया- नरहिया, थाना- लौकही,जिला- मधुबनी (बिहार) हास्य–अभिनय- (1) श्री ब्रह्मदवे पासवान उर्फ रामजानी पासवान सुपुत्र- स्व. लक्ष्मी पासवान, पता- गाम+पोस्ट- औरहा, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) टाॅसिफ आलम सुपुत्र मो. मुस्ताक आलम, पता- गाम+पोस्ट- चनौरागंज, भाया- झंझारपुर, जिला- मधुबनी (बिहार) नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान (मांगनि खबास समग्र योगदान सम्मान) शास्त्रीय संगीत सह तानपुरा : श्री रामवृक्ष सिंह सुपुत्र श्री अनिरूद्ध सिंह, उमेर- ५६, गाम- फुलवरिया, पोस्ट- बाबूबरही, जिला- मधुबनी (बिहार) मांगनि खबास सम्मान: मिथिला लोक संस्कृति संरक्षण: श्री राम लखन साहु पे. स्व. खुशीलाल साहु, उमेर- ६५, पता, गाम- पकड़िया, पोस्ट- रतनसारा, अनुमंडल- फुलपरास (मधुबनी) नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान (समग्र योगदान सम्मान): नृत्य - (1) श्री हरि नारायण मण्डल सुपुत्र- स्व. नन्दी मण्डल, उमेर- ५८, पता- गाम+पोस्ट- छजना, भाया- नरहिया, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) सुश्री संगीता कुमारी सुपुत्री श्री रामदेव पासवान, उमेर- १६, पता- गाम+पोस्ट- चनौरागंज, भाया- झंझारपुर, जिला- मधुबनी (बिहार) चित्रकला- (1) जय प्रकाश मण्डल सुपुत्र- श्री कुशेश्वर मण्डल, उमेर- ३५, पता- गाम- सनपतहा, पोस्ट– बौरहा, भाया- सरायगढ़, जिला- सुपौल (बिहार) (2) श्री चन्दन कुमार मण्डल सुपुत्र श्री भोला मण्डल, पता- गाम- खड़गपुर, पोस्ट- बेलही, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) संप्रति, छात्र स्नातक अंतिम वर्ष, कला एवं शिल्प महाविद्यालय- पटना। हरिमुनियाँ / हारमोनियम (1) श्री महादेव साह सुपुत्र रामदेव साह, उमेर- ५८, गाम- बेलहा, वार्ड- नं. ०९, पोस्ट- छजना, भाया- नरहिया, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) श्री जागेश्वर प्रसाद राउत सुपुत्र स्व. रामस्वरूप राउत, उमेर ६०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) ढोलक/ ठेकैता/ ढोलकिया (1) श्री अनुप सदाय सुपुत्र स्व. , पता- गाम- तुलसियाही, पोस्ट- मनोहर पट्टी, थाना- मरौना, जिला- सुपौल (बिहार) (2) श्री कल्लर राम सुपुत्र स्व. खट्टर राम, उमेर- ५०, गाम- लक्ष्मिनियाँ, पोस्ट- छजना, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) रसनचौकी वादक- (1) वासुदेव राम सुपुत्र स्व. अनुप राम, गाम+पोस्ट- िनर्मली, वार्ड न. ०७ , जिला- सुपौल (बिहार) शिल्पी-वस्तुकला- (1) श्री बौकू मल्लिक सुपुत्र दरबारी मल्लिक, उमेर- ७०, गाम- लक्ष्मिनियाँ, पोस्ट- छजना, भाया- नरहिया, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) श्री राम विलास धरिकार सुपुत्र स्व. ठोढ़ाइ धरिकार, उमेर- ४०, पता- गाम+पोस्ट- चनौरागंज, भाया- तमुरिया, जिला- मधुबनी (बिहार) मूर्तिकला-मृर्तिकार कला- (1) घूरन पंडित सुपुत्र- श्री मोलहू पंडित, पता- गाम+पोस्ट– बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी (बिहार) (2) श्री प्रभु पंडित सुपुत्र स्व. , पता- गाम+पोस्ट- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) काष्ठ-कला- (1) श्री जगदेव साहु सुपुत्र शनीचर साहु, उमेर- ३६, गाम- िनर्मली-पुरर्वास, जिला- सुपौल (बिहार) (2) श्री योगेन्द्र ठाकुर सुपुत्र स्व. बुद्धू ठाकुर उमेर- ४५, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) किसानी- आत्मनिर्भर संस्कृति- (1) श्री राम अवतार राउत सुपुत्र स्व. सुबध राउत, उमेर- ६६, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) (2) श्री रौशन यादव सुपुत्र स्व. कपिलेश्वर यादव, उमेर- ३५, गाम+पोस्ट– बनगामा, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) अल्हा/महराइ- (1) मो. जीबछ सुपुत्र मो. बिलट मरहूम, उमेर- ६५, पता- गाम- बसहा, पोस्ट- बड़हारा, भाया- अन्धराठाढ़ी, जिला- मधुबनी, पिन- ८४७४०१ जोगिरा- श्री बच्चन मण्डल सुपुत्र स्व. सीताराम मण्डल, उमेर- ६०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) श्री रामदेव ठाकुर सुपुत्र स्व. जागेश्वर ठाकुर, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) पराती (प्रभाती) गौनिहार आ खजरी/ खौजरी वादक- (1) श्री सुकदेव साफी सुपुत्र श्री , पता- गाम इटहरी, पोस्ट- बेलही, भाया- िनर्मली, थाना- मरौना, जिला- सुपौल (बिहार) पराती (प्रभाती) गौनिहार - (अगहनसँ माघ-फागुन तक गाओल जाइत) (1) सुकदेव साफी सुपुत्र स्व. बाबूनाथ साफी, उमेर- ७५, पता- गाम इटहरी, पोस्ट- बेलही, भाया- िनर्मली, थाना- मरौना, जिला- सुपौल (बिहार) (2) लेल्हु दास सुपुत्र स्व. सनक मण्डल पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) झरनी- (1) मो. गुल हसन सुपुत्र अब्दुल रसीद मरहूम, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) (2) मो. रहमान साहब सुपुत्र...., उमेर- ५८, गाम- नरहिया, भाया- फुलपरास, जिला- मधुबनी (बिहार) नाल वादक- (1) श्री जगत नारायण मण्डल सुपुत्र स्व. खुशीलाल मण्डल, उमेर- ४०, गाम+पोस्ट- ककरडोभ, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) श्री देव नारायण यादव सुपुत्र श्री कुशुमलाल यादव, पता- गाम- बनरझुला, पोस्ट- अमही, थाना- घोघड़डीहा, जिला- मधुबनी (बिहार) गीतहारि/ लोक गीत- (1) श्रीमती फुदनी देवी पत्नी श्री रामफल मण्डल, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) (2) सुश्री सुविता कुमारी सुपुत्री श्री गंगाराम मण्डल, उमेर- १८, पता- गाम- मछधी, पोस्ट- बलियारि, भाया- झंझारपुर, जिला- मधुबनी (बिहार) खुरदक वादक- (1) श्री सीताराम राम सुपुत्र स्व. जंगल राम, उमेर- ६२, पता- गाम- लक्ष्मिनियाँ, पोस्ट- छजना, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) श्री लक्ष्मी राम सुपुत्र स्व. पंचू मोची, उमेर- ७०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) काँरनेट- (1) श्री चन्दर राम सुपुत्र- स्व. जीतन राम, उमेर- ५०, पता- गाम- लक्ष्मिनियाँ, पोस्ट- छजना, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) मो. सुभान, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्ट- चनौरागंज, भाया- तमुरिया, जिला- मधुबनी (बिहार) बेन्जू वादक- (1) श्री राज कुमार महतो सुपुत्र स्व. लक्ष्मी महतो, उमेर- ४५, गाम- िनर्मली वार्ड नं. ०४, जिला- सुपौल (बिहार) (2) श्री घुरन राम, उमेर- ४३, गाम+पोस्ट- बनगामा, भाया- नरहिया, जिला- मधुबनी (बिहार) भगैत गवैया- (1) श्री जीबछ यादव सुपुत्र स्व. रूपालाल यादव, उमेर- ८०, पता- गाम इटहरी, पोस्ट- बेलही, भाया- िनर्मली, थाना- मरौना, जिला- सुपौल (बिहार) (2) श्री शम्भु मण्डल सुपुत्र स्व. लखन मण्डल, पता- गाम- बढियाघाट-रसुआर, पोस्ट– मुंगराहा, भाया- िनर्मली, िजला- सुपौल (बिहार) खिस्सकर- (खिस्सा कहैबला)- (1) श्री छुतहरू यादव उर्फ राजकुमार, सुपुत्र श्री राम खेलावन यादव, गाम- घोघरडिहा, पोस्ट- मनोहर पट्टी, थाना- मरौना, जिला- सुपौल, पिन- ८४७४५२ (2) बैजनाथ मुखिया उर्फ टहल मुखिया- (2)सुपुत्र स्व. ढोंगाइ मुखिया, पता- गाम+पोस्ट- औरहा, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) मिथिला चित्रकला- (1) सुश्री मिथिलेश कुमारी सुपुत्री श्री रामदेव प्रसाद मण्डल ‘झारूदार’ पता- गाम- रसुआर, पोस्ट-– मुंगराहा, भाया- िनर्मली, िजला- सुपौल (बिहार) (2) श्रीमती वीणा देवी पत्नी श्री दिलिप झा, उमेर- ३५, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) खजरी/ खौजरी वादक- (2) श्री किशोरी दास सुपुत्र स्व. नेबैत मण्डल, पता- गाम- रसुआर, पोस्ट-– मुंगराहा, भाया- िनर्मली, िजला- सुपौल (बिहार) तबला- श्री उपेन्द्र चौधरी सुपुत्र स्व. महावीर दास, उमेर- ५५, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) श्री देवनाथ यादव सुपुत्र स्व. सर्वजीत यादव, उमेर- ५०, गाम- झाँझपट्टी, पोस्ट- पीपराही, भाया- लदनियाँ, जिला- मधुबनी (बिहार) सारंगी- (घुना-मुना) (1) श्री पंची ठाकुर, गाम- पिपराही। झालि- (झलिबाह) (1) श्री कुन्दन कुमार कर्ण सुपुत्र श्री इन्द्र कुमार कर्ण पता- गाम- रेबाड़ी, पोस्ट- चौरामहरैल, थाना- झंझारपुर, जिला- मधुबनी, पिन- ८४७४०४ (2) श्री राम खेलावन राउत सुपुत्र स्व. कैलू राउत, उमेर- ६०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) बौसरी (बौसरी वादक) श्री रामचन्द्र प्रसाद मण्डल सुपुत्र श्री झोटन मण्डल, उमेर- ३०, बौसरी/बौसली/बासुरी बजबै छथि। पता- गाम- रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- िनर्मली, िजला- सुपौल (बिहार) श्री विभूति झा सुपुत्र स्व. कनटीर झा, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्ट- कछुबी, भाया- तमुरिया, जिला- मधुबनी (बिहार) लोक गाथा गायक श्री रविन्द्र यादव सुपुत्र सीताराम यादव, पता- गाम- तुलसियाही, पोस्ट- मनोहर पट्टी, थाना- मरौना, जिला- सुपौल (बिहार) श्री पिचकुन सदाय सुपुत्र स्व. मेथर सदाय, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) मजिरा वादक (छोकटा झालि...) श्री रामपति मण्डल सुपुत्र स्व. अर्जुन मण्डल, पता- गाम- रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- िनर्मली, िजला- सुपौल (बिहार) मृदंग वादक- (1) श्री कपिलेश्वर दास सुपुत्र स्व. सुन्नर दास, उमेर- ७०, गाम- लक्ष्मिनियाँ, पोस्ट- छजना, भाया- नरहिया, थाना- लौकही, जिला- मधुबनी (बिहार) (2) श्री खखर सदाय सुपुत्र स्व. बंठा सदाय, उमेर- ६०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) तानपुरा सह भाव संगीत (1) श्री रामविलास यादव सुपुत्र स्व. दुखरन यादव, उमेर- ४८, गाम- सिमरा, पोस्ट- सांगि, भाया- घोघड़डीहा, थाना- फुलपरास, जिला- मधुबनी (बिहार) तरसा/ तासा- श्री जोगेन्द्र राम सुपुत्र स्व. बिल्टू राम, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) श्री राजेन्द्र राम सुपुत्र कालेश्वर राम, उमेर- ५८, गाम- मझौरा, पास्ट- छजना, भाया- नरहिया, जिला- मधुबनी (बिहार) रमझालि/ कठझालि/ करताल वादक- श्री सैनी राम सुपुत्र स्व. ललित राम, उमेर- ५०, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) श्री जनक मण्डल सुपुत्र स्व. उचित मण्डल, उमेर- ६०, रमझालि/ कठझालि/ करताल वादक, १९७५ ई.सँ रमझालि बजबै छथि। पता- गाम- बढियाघाट/रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- िनर्मली, जिला- सुपौल (बिहार) गुमगुमियाँ/ ग्रुम बाजा श्री परमेश्वर मण्डल सुपुत्र स्व. बिहारी मण्डल उमेर- ४१, १९८० ई.सँ गुमगुिमयाँ बजबै छथि। श्री जुगाय साफी सुपुत्र स्व. श्री श्रीचन्द्र साफी, उमेर- ७५, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) डंका/ ढोल वादक श्री बदरी राम, उमेर- ५५, पता- गाम इटहरी, पोस्ट- बेलही, भाया- िनर्मली, थाना- मरौना, जिला- सुपौल (बिहार) श्री योगेन्द्र राम सुपुत्र स्व. बिल्टू राम, उमेर- ५५, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) डंफा (होलीमे बजाओल जाइत...) श्री जग्रनाथ चौधरी उर्फ धियानी दास सुपुत्र स्व. महावीर दास, उमेर- ६५, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर),जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) श्री महेन्द्र पोद्दार, उमेर- ६५, पता- गाम+पोस्ट- चनौरागंज, भाया- तमुरिया, जिला- मधुबनी (बिहार) नङेरा/ डिगरी- श्री राम प्रसाद राम सुपुत्र स्व. सरयुग मोची, उमेर- ५२, पता- गाम+पोस्ट- बेरमा, भाया- तमुरिया, थाना- झंझारपुर (आर.एस. शिविर), जिला- मधुबनी पिन- ८४७४१० (बिहार) विदेहक किछु विशेषांक:- १) हाइकू विशेषांक १२ म अंक, १५ जून २००८ Videha_15_06_2008.pdf Videha_15_06_2008_Tirhuta.pdf 12.pdf २) गजल विशेषांक २१ म अंक, १ नवम्बर २००८ Videha_01_11_2008.pdf Videha_01_11_2008_Tirhuta.pdf 21.pdf ३) विहनि कथा विशेषांक ६७ म अंक, १ अक्टूबर २०१० Videha_01_10_2010 Videha_01_10_2010_Tirhuta 67 ४) बाल साहित्य विशेषांक ७० म अंक, १५ नवम्बर २०१० Videha_15_11_2010 Videha_15_11_2010_Tirhuta 70 ५) नाटक विशेषांक ७२ म अंक १५ दिसम्बर२०१० Videha_15_12_2010 Videha_15_12_2010_Tirhuta 72 ६) नारी विशेषांक ७७म अंक ०१ मार्च २०११ Videha_01_03_2011 Videha_01_03_2011_Tirhuta 77 ७) बाल गजल विशेषांक विदेहक अंक १११ म अंक, १ अगस्त २०१२ Videha_01_08_2012 Videha_01_08_2012_Tirhuta 111 ८) भक्ति गजल विशेषांक १२६ म अंक, १५ मार्च २०१३ Videha_15_03_2013 Videha_15_03_2013_Tirhuta 126 ९) गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक १४२ म, अंक १५ नवम्बर २०१३ Videha_15_11_2013 Videha_15_11_2013_Tirhuta 142 १०) काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक १६९ म अंक १ जनवरी २०१५ Videha_01_01_2015 ११) अरविन्द ठाकुर विशेषांक १८९ म अंक १ नवम्बर २०१५ Videha_01_11_2015 १२) जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक १९१ म अंक १ दिसम्बर २०१५ Videha_01_12_2015 १३) विदेह सम्मान विशेषाक- २००म अक १५ अप्रैल २०१६/ २०५ म अक १ जुलाई २०१६ Videha_15_04_2016 Videha_01_07_2016 १४) मैथिली सी.डी./ अल्बम गीत संगीत विशेषांक- २१७ म अंक ०१ जनवरी २०१७ Videha_01_01_2017 लेखकसं आमंत्रित रचनापर आमंत्रित आलोचकक टिप्पणीक शृंखला १. कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी VIDEHA 209th issue विदेहक दू सए नौम अंक Videha_01_09_2016 विदेह ई-पत्रिकाक बीछल रचनाक संग- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ रचनाक एकटा समानान्तर संकलन विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०) विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०) विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ] विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ] विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ] विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ] विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ] विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ] The readers of English translations of Maithili Novel "sahasrabadhani" and verse collection "sahasrabdik chaupar par" has intimated that the English translation has not been able to grasp the nuances of original Maithili. Therefore the Author has started translating his Maithili works in English himself. After these translations are complete these would be the official translations authorised by the Author of original work.-Editor Maithili Books can be downloaded from: https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ Maithili Books can be purchased from: http://www.amazon.in/ For the first time Maithili books can be read on kindle e-readers. Buy Maithili Books in Kindle format (courtesy Videha) from amazon kindle stores, these e books are delivered worldwide wirelessly:- http://www.amazon.com/ अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। गजेन्द्र ठाकुर ggajendra@videha.com २. गद्य २.१.अब्दुर रज्जाक- बिहैन कथा २.२.राजदेव मण्डल-२ टा बीहैन कथ २.३.उमेश मण्डल- ‘सगर राति दीप जरय’क ९३म आ ९४ म आयोजन २.४.उमेश मण्डल- मिथिलाक लोक संगीत/ लोक कला भगैत गबैय अब्दुर रज्जाक बिहैन कथा मोतिया आ जहिर दुनु बापुते मोहरम के बाद चलल परदेश कऽ। कि करतै अतेटा भरल समाज मे निक बेजाए काजला ऐच पैच लाऽसे हो दिकते अछी अहिलेल कि ओ गरिब छैथ । पर ह मोतिया इमन्दार जरुर छैथ कि आइ तक लेनि देनि लेल चौक पऽ अहि समाज मे बैस्ला पचिश बरख भऽ कहियो कोइ आङुर नै देखोलक । गाम सऽ निकलैत किछहे अगा जनकपुर पहुचल । बहुत दिनक बाद जहीर बाप सङे आइ शहर पहुँचल छैथ ।किछ खेबाक इरादा अछी जहीर के लगे मे नस्ताक होटल देखाइ देलक । " बाबू कनि किछ खेबहो" " रे का खेबहो कनि पुछ्हो अन्डा उस्नाहुवा कित्ना मे देत है " " ह बाबु चुरा भुजा हुवा हेबे है अहि जोरे खालेबै चल त पुछै छियै" दोकान के लग मे जाऽक दुनु बाप बेटा खरा भेल "हे सुनै छ्हो साउ जि तोहरे कहै छियो उस्नाहुवा अण्डा कैसे देतहो" "एकटा के ३० रुपैया कैटा लेबहो?" बाबू दिस ताकैत जहीर कहलक "बाबू लेलु दुटा" "ने बेटा बडा महगा कहत है छोरदा अगिला स्टेशन पऽ देखत है" रेल खुजल जाएत रहे दुनु बाप बेटा जब स्टेशन पऽ जलदी मे टिकट लैत चैल गेल परदेश ।दिन ह्प्ता महिना बितैत देरि नै लागल ।दुनु बाप बेटा परदेश सऽ फेर लौट्ल फेर स्टेशन के वहि लग बला होटेल लग गेल बेटा कह्ल्क बाप सऽ "उसना हुआ अन्डा ललुबाबु" "ह लेला" " नए बाबू उ त कहतै ३०रुपैया एकटा के बहुत मह्गा ने भेलै?" "ना है महगा लेला चार पाँच " "पहिने तुहि कहने रहो से बडा महङा है?" "रे बात नै बुझलही पहले परदेश जाए बेरमे पैसा कहाँ रहा रहि उतना अभि पैसा है त सस्ते है ना " @अब्दुर रज्जाक(हाल दोहा कतार ) ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। राजदेव मण्डल २ टा बीहैन कथा १ भितरिया चोट चाहक दोकान लग किछु लोक ठाढ़ छल आ किछु बैसल छल। गप्पक छरक्का छुटि रहल छेलइ। विषय छेलै- आइ-काल्हिक लोक सभटा काज स्वार्थेक कारण करै छइ। मुदा हम ऐ बातपर अड़ल छेलौं जे किछु काज लोक ओहनो करैत अछि जइमे कोनो स्वार्थ नइ रहै छइ। जइ काजकेँ ‘उपकार’ कहल जाइ छइ। एम.एल.ए.क चुनाउ होइबला छेलइ। चुनाउक समैमे तँ पुलिसकेँ जेना पाँखि लगले रहै छइ। तखैने ओइठाम एकटा पुलिसिया गाड़ी रूकल। रूकल नहि बल्कि रोकए पड़लै। कारण छेलै, एकटा साइकिल सड़केपर ठाढ़ छेलै आ साइकिलबला केतौ चलि गेल छल। एकटा सिपाही गाड़ीसँ उतैरते बाजल- “केकर साइकिल छियौ रौ? साहैबक गाड़ी रूकल छइ। हटेबें जल्दी आकि देखबीही।” मुदा कियो साइकिल हटेबाक लेल नहि आएल। सिपाही पूरा तमसा गेल छल। ओकर रौद्र रूप देख हम जेना भीतरसँ डेरा गेल रहौं। हम तेजीसँ गेलौं आ साइकिलकेँ हटबए लगलौं। कमजोर रहने कनी अस्थिरसँ हटबै छेलौं। डरेबर बारम्बार हॉर्न बजा रहल छेलइ। सिपाही डण्टासँ हमरा पजरामे गोंजी मारैत बाजल- “तोहर खतियानी रोड छियौ। टेर मारैत केना चलैए! देखै नइ छै जे साहैबकेँ लेट होइ छइ!” हड़बड़ाइत आगू बढ़लौं कि रोडक कातमे साइकिल नेने खसि पड़लौं। चाहक दोकानपर लोक ठिठिया कऽ हँसि देलक। पुलिसिया गाड़ी हॉर्न दैत चलि गेल। एक गोरे टिटकारी मारैत बाजल- “की यौ उपकारीजी, की भेल?” डण्टासँ तँ कमे चोट लगल छल मुदा ‘की यौ उपकारीजी’ सुनिते भितरिया चोट जेना कुहरा देलक। लोक दिस तकलौं तँ लगल जेना नँगटे ठाढ़ छी। लाजे मुड़ी गोंतने विदा भऽ गेलौं। २ छोटकू दोस कृष्णाष्ठीक मेला लगल छल। दू-तीनटा संगीक संगे मेलाक गेट दिस ठाढ़ छेलौं। कृष्ण-सुदामाक मित्रतापर चरचा भऽ रहल छल। एकटा संगी बाजल- “देखियो जे कृष्ण आ सुदामाक दोस्ती। एगो राजा आ दोसर रंक। दुनूक दोस्ती एकटा ऐतिहासिक उदाहरण बनल अछि ऐ जुगमे एहेन दोस्ती संभव भऽ सकै छइ।” दोसर संगी बाजल- “नहि यौ, दोस्ती बरबैरमे होइ छै, तबे निमाहलो जाइ छै, नहि तँ ओ टुटि जाइए।” हमरा बाजए पड़ल- “केना नहि भऽ सकै छइ। हमर बाबूजी आ जगाधर बाबू दुनूमे केना दोस्ती छइ। जगाधर बाबूक परिवारमे तीन-तीनटा इन्जीनियर छैन आ हमर बाबू बिलकुल गरीब, तैयो हमरा बाबूसँ हुनक परेम देखियौ।” तखैने बगलमे एकटा कार रूकल। गजाधर बाबूक संगे एकटा ऑफिसर कारसँ उतरल। हम गजाधर बाबूकेँ देखते पएर छुबि प्रणाम केलिऐन। गजाधर बाबू बजला- “की रौ बाबू ठीक छौ ने?” कहलयैन- “जी ठीके छथिन।” गजाधर बाबू सँगे आगू बढ़ैत ऑफिसर पुछलकैन- “के छी ई बालक? संस्कारी बुझाइत अछि..!” मुँह घोंकचबैत गजाधर बाबू बजला- “धुर, छोड़ू ने। एकटा छोटकू दोसक बेटा छी।” गप करैत दुनू गोरे आगू बढ़ि गेला। गपकेँ झाँपैले हम किछु बाजए चाहलौं कि बिच्चेमे एकटा संगी चद-दे कहि देलक- “चुप रहू यौ छोटकू दोसक बेटा।” हमर बोलती बन्न भऽ गेल छल। कथाकार : श्री राजदेव मण्डल ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। उमेश मण्डल ‘सगर राति दीप जरय’क ९३म आ ९४ म आयोजन १ 25 मार्चक राति, रतनसारा गाममे जे ‘सगर राति दीप जरय’क 93म कथा-साहित्य गोष्ठी सम्पन्न भेल, तइमे बीहैन आ लघु मिला दू दर्जनसँ बेसी कथाक पाठ भेल। सात पालीमे कथा सभकेँ मंचपर पढ़ल गेल आ तैपर समीक्षक लोकैन समीक्षा करैत भरि रातिक समए केना बितौलैन से किनको नहि पता चलल। भोर नहि, भिनसर धरि गोष्ठी दनदनाइत रहल। समीक्षक, आलोचक आ कथाकारक संग श्रोता सेहो सगर राति जागि गोष्ठीक आनन्द लैत रहला। ओना तँ गोष्ठीक आरम्भ साझे, करीब छबे बजे भेल मुदा कथा पाठक क्रम रातिक आठ बजेसँ, जेकरा दोसर साँझ सेहो कहि सकै छी-भेल। दीप प्रज्वलनक पछाति स्वागत, स्वागत भाषण, पोथी लोकार्पण, लोकार्पित पोथी सभपर टिप्पणी इत्यादिमे करीब दू घन्टा लागिए जाइए। तहूमे चारिटा पोथीक लोकार्पण छल। जइमे पहिल छल श्री राजदेव मण्डल रचित उपन्यास- ‘जल भँवर’, दोसर- श्रीमती मुन्नी कामतजीक काव्य संग्रह- ‘सुखल मन तरसल आँखि’ आ तेसर तथा चारिम छल लघु कथा-संग्रह- ‘बीरांगना’ आ ‘स्मृति शेष’ जेकर रचियता छैथ- श्री जगदीश प्रसाद मण्डलजी। श्री मण्डलजी एवं डॉ योगेन्द्र पाठक वियोगी, प्रो. शिव कुमार प्रसाद तथा श्री नारायण यादवजीक अध्यक्षता एवं श्री दुर्गानन्द मण्डल, श्री उमेश पासवान तथा उमेश मण्डलक (अर्थात् अपने) संचालनमे सगर रातिक ऐ साहित्यिक कार्यक्रमकेँ मंचप सफल बनौल गेल, जइमे कथा सभ जे आएल छल तेकर शीर्षक निम्न अछि- 1. टुटैत मनक जुड़ाउ, 2. घुरि गाम चलु, 3. देशक इतिहास, 4. टुटल मन, 5. छोटकू दोस, 6. अछूत, 7. दादा, 8. स्टार्टर, 9. हमर पत्नीक मनोरथ, 10. कर्म मुक्ति, 11. लौल, 12. गामक कटान, 13. बोझ, 14. गोमुखी, 15. हिन्दु-मुस्लिम भाई-भाई, 16. ठिठर काका, 17. रोहानी, 18. मानव संग माछ, 19. शराब संगे शराबी, 20. दूध बेचनी चमेली, 21. तोबा बनल अंग्रेज, 22. लकबाबला, 23. घरक बाँस, 24. अन्धविश्वास, 25. भितरिया चोट। अखन तत्काल अपनौं लोकैन निम्न कथाक आनन्द lel jau भितरिया चोट चाहक दोकान लग किछु लोक ठाढ़ छल आ किछु बैसल छल। गप्पक छरक्का छुटि रहल छेलइ। विषय छेलै- आइ-काल्हिक लोक सभटा काज स्वार्थेक कारण करै छइ। मुदा हम ऐ बातपर अड़ल देलौं जे किछु काज लोक ओहनो करैत अछि जइमे कोनो स्वार्थ नइ रहै छइ। जइ काजकेँ ‘उपकार’ कहल जाइ छइ। एम.एल.ए.क चुनाउ होइबला छेलइ। चुनाउक समैमे तँ पुलिसकेँ जेना पाँखि लगले रहै छइ। तखैने ओइठाम एकटा पुलिसिया गाड़ी रूकल। रूकल नहि बल्कि रोकए पड़लै। कारण छेलै, एकटा साइकिल सड़केपर ठाढ़ छेलै आ साइकिलबला केतौ चलि गेल छल। एकटा सिपाही गाड़ीसँ उतैरते बाजल- “केकर साइकिल छियौ रौ? साहैबक गाड़ी रूकल छइ। हटेबें जल्दी आकि देखबीही।” मुदा कियो साइकिल हटेबाक लेल नहि आएल। सिपाही पूरा तमसा गेल छल। ओकर रौद्र रूप देख हम जेना भीतरसँ डेरा गेल रहौं। हम तेजीसँ गेलौं आ साइकिलकेँ हटबए लगलौं। कमजोर रहने कनी अस्थिरसँ हटबै छेलौं। डरेबर बारम्बार हॉर्न बजा रहल छेलइ। सिपाही डण्टासँ हमरा पजरामे गोंजी मारैत बाजल- “तोहर खतियानी रोड छियौ। टेर मारैत केना चलैए! देखै नइ छै जे साहैबकेँ लेट होइ छइ!” हड़बड़ाइत आगू बढ़लौं कि रोडक कातमे साइकिल नेने खसि पड़लौं। चाहक दोकापर लोक ठिठिया कऽ हँसि देलक। पुलिसिया गाड़ी हॉर्न दैत चलि गेल। एक गोरे टिटकारी मारैत बाजल- “की यौ उपकारीजी, की भेल?” डण्टासँ तँ कमे चोट लगल छल मुदा ‘की यौ उपकारीजी, की भेल’ सुनि भितरिया चोट जेना कुहरा देलक। लोक दिस तकलौं तँ लगल जेना नँगटे ठाढ़ छी। लाजे मुड़ी गोंतने विदा भऽ गेलौं।◌ कथाकार- श्री राजदेव मण्डल।◌ टुटैत मनक जुड़ाउ मन टुटने जहिना अपना संग दुनियाँ टुटए लगै छै तहिना हमरो भेल। हलाँकी मनो सबहक एके कारणे नइ टुटै छै, सबहक अपन-अपन-अपन-फराक-फराक कारण रहै छै। हँ, किछु कारण एहेन जरूर अछि जे एक-दोसरसँ मिलैए। तँए कारणक महत् केकरोसँ केकरो कम अछि सेहो नहियेँ कहल जा सकैए। जँ से रहैत तँ अपने चलियो जाइत आ दुनियाँसँ सम्बन्ध रखैत वा दुनियेँसँ चलि जाइत आ अपनासँ रखैत, सेहो तँ नहियेँ अछि तँए सबहक महत्वक महत अछिए। तहिना ने जुड़ाउ सेहो छी। ओना, टुटब आ जुड़व दुनू विपरीत पाशापर अछि, किन्तु पाशापर दुनू नइ अछि सेहो नहियेँ कहल जा सकैए। भलेँ एक प्रेम-स्वरूप आ दोसर वियोगे-स्वरूप किए ने हुअए। ओना, टुटैत मनक क्रिया एकरंगाहो होइए आ एकरंगाह नहियोँ होइए। भलेँ गाछ-गाछमे अन्तर रहने फलो आ फलक सुआदोमे अन्तर किए ने होइत हौउ मुदा फलाफल तँ प्राय: एकरंगाहे होइए। अर्थात् जिनगीक अन्त वा एक दुनियासँ दोसर दुनियाँ जाएब तँ एकरंगाहे होइए। तँए ने कियो अपन जान दइले कनैलक बीआ फोड़ि खाइए तँ कियो सम्पन्नता रहितो बालो-बच्चा आ विवाहित संगियोँ छोड़ि आन घर चलि जाइए। तहिना कियो रेलगाड़ीमे कटैले पहिया-तरमे गरदैन दइए तँ कियो गरदैनमे फँसरी लगा घरक धरैनमे लटैक जाइए, चाहे पंखामे झूलि जाइए। मुदा तँए कि सभ एक्केरंग अछि, सेहो नहियेँ कहल जा सकैए। किछु एहनो तँ ऐछे जेकर अपन जुड़ाउ अपना संग आनोसँ रहने दुनियोँक संग ऐछे जइसँ अपन कोन बात जे आनो-ले अपन जान गमैबते अछि। अस्तु अपनो आ अपन परिवारो आ दुनियोँक संग मन टुटैक कारण अपन अपने अछि। खाएर जे अछि सएह अहाँ सभकेँ सुनबै छी। विद्यार्थी-जीवनमे जखन रही तखन बुझिलिऐ जे अपना-ले थोड़े पढ़ै छी माइये-बाप-ले पढ़ै छी, तेकर गवाहियो भेटिये जाइत रहए। गवाही ई भेट जाइत रहए जे जँ अपना-ले पढ़ितौं तँ अपने मन ने तैयार होइतइ, माता-पिताकेँ किए कहए पड़ै छैन, हुनका सभकेँ कोन खगता छैन। जँ अपन-अपने होइए तखन हुनको सभकेँ ने अपने काज दइतैन तइले हमरा पाछू किए पड़ै छैथ..? बचकानी मन दुआरे आकि पढ़ैसँ देह चोरबै दुआरे, से नहि बुझि पबिऐ, तँए स्कूल-कौलेजक तँ खानापुरी करैत रहलौं मुदा पुरी-खाना नइ बुझि पबी। तँए भुसकौलोसँ भुसकौल होइत गेलौं। ई तँ बुझू कहुना कऽ जान बँचल जे थर्ड डिवीजनसँ बी.ए. पास कऽ गेलौं। नोकरी करै-जोगर तँ बनियेँ गेलौं, तँए जेतबे-तेतबे दिन-ले मनमे संतोखो भाइए गेल आ मातो-पिता अपन बेटाक कर्जसँ मुक्त भेला, तँए हुनको सबहक मनमे खुशी एबे केलैन जइसँ पितृ-सिनेहमे बढ़ोतरीए भेल जे कमल नहि। अपन दोसर ऋृण माता-पिता ईहो चुका लेलैन जे समैपर बिआहो काइए देलैन। ओइ समयमे माता-पितापर आश्रित जिनगी रहए, तँए बिआहक बेसी विचार अपनो किए करितौं, खुशी-खुशी बिआहो काइए लेलौं। बिआह होइते सासुर सन अड्डा भेटिये गेल। आबाजाहीमे आनसँ कनी बेसीए प्रेम रहल। बी.ए. पास रहबे करी तँए मनमे आशा भरले रहए जे एतेटा देशमे जखन छी आ एते लोककेँ जखन नोकरी भेबे केलै तँ हमरा किए ने हएत। मुदा समय निकलल जाइत रहइ। बिआहक पछाइत पत्नियोँ कहलैन, आ संगियोँ-साथी हुथलक, तखन अखबारमे पढ़ि-पढ़ि भँजिया-भँजिया नोकरीक दरखास दिअ लगलौं। केतौ लिखित परीक्षामे पासो करी तँ मौखिकमे छँटा जाइ, किए तँ किताबमे पढ़ल रहैत तखन ने बिसवासक संग भरल-पूरल जवाब देतौं से तँ मने थरथरा जाए। जइसँ बोलीए बन्न भऽ जाए, फेल कऽ जाइ। अन्तो-अन्त नोकरी नहियेँ भेल। जिनगीक आशा टुटए लगल। टुटैत-टुटैत एते टुटि गेल जे जिनगीए-सँ घृणा भऽ गेल। घृणित मन अपनासँ लऽ कऽ दुनियाँ धरिसँ टुटि गेल। जखन सभसँ टुटिये गेल तखन मरबे नीक छल तँए सोचैत-विचारैत गरदैनमे फँसरी लगा धरैनमे लटकए लगलौं। मुदा पत्नी देख लेलैन। हलाँकी घरक संग खिड़कियो बन्न कऽ देने रहिऐ, पता नहि, केना देख लेलैन- लगैए खिड़कीक दोग-देने देख लेलैन। गरदैनमे फँसरी लगा जखन फाँसीपर चढ़ए लगलौं कि पत्नी हल्ला केलैन। ओना, जौड़क दोस छोर दोसर दोसर खुट्टामे नइ बन्हने छेलौं, तइ बिच्चेमे हल्ला भेल! केबाड़ तोड़ि गरदैनमे जौड़ बान्हल सभ देखलैन। अपन मने हेरा गेल जे की केलौं तँ किछु ने! हल्ला सुनि जीवन काका सेहो एला। अबिते बजला- “ईह बुड़ि कहीं केँ! जेकरा हाथमे रूखाने-बैसला नइ रहत ओ गाम कमा गुजर कऽ लेत।” ओना जीवनो काका तमसाएले बुझेला, मुदा अपनो मनमे मरैक तामस चढ़ले रहए। बिधुआएल मुहेँ की बजितौं, तैयो कहलयैन- “काका बड़ गलती भेल।” जीवन काका बजला- “बड़ गलती नइ भेलह, भेलह एतबे जे जहिना तूँ समैयक महत् नइ देलहक, तहिना समैयो तोरा छोड़ि देलकह।” ◌उमेश मण्डल◌ २ 1990 इस्वीमे आरम्भ भेल मैथिली साहित्यक प्रमुख कथा-संगोष्ठी ‘सगर राति दीप जरय’क 94म आयोजन जाल्पा मध्य विद्यालय परिसर- लौफा (मधेपुर)मे 24 जून 2017 संध्या 6 बजेमे शुरू भ’ भिनसर 6 बजेमे सम्पन्न भेल। डॉ. योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’ (वैज्ञानिकजी) केर संयोजकत्वमे आयोजित ऐ सगर रातिक कथा संगोष्ठीक उद्घाटन केलैन मैथिली साहित्यक सर्वश्रेष्ठ रचनकार श्री जगदीश प्रसाद मण्डल। श्री अरविन्द ठाकुर, डॉ योगानन्द झा, श्री केदार नाथ झा, डॉ. शिव कुमार प्रसाद एवम् डॉ. योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क संग दीप प्रज्वलन कार्यक्रमकेँ आगाँ बढ़ौल गेल। श्रीमती कुसुमलता झा, श्री फुलेन्द्र पाठक, राम सेवक ठाकुर एवम् श्री राम किशोर सिंह स्वागत गीत एवम् डॉ. योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क स्वागत भाषणक संग पोथी लोकार्पण सत्रमे प्रवेश भेल। पाँच गोट पोथीक लोकार्पण भेल। जइमे पहिल पोथी छल डॉ. योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’क द्वारा अनुदित- ‘रोबो’। रोबो चेक भाषामे कारेल चापेक द्वारा लिखित ‘RUR’ नामक नाटक अछि, जेकर अंग्रेजी अनुवाद पॉल सेल्वर नामक लेखक केलैन। रोबोक लोकार्पण श्री अरविन्द ठाकुरजीक हाथे भेल। दोसर एवम् तेसर पोथी छल श्री जगदीश प्रसाद मण्डलक मौलिक कृति लघुकथा संग्रह- ‘बेटीक पैरुख’ तथा ‘क्रान्तियोग’। बेटीक पैरुख’क लोकार्पण केलैन- डॉ. शिव कुमार प्रसाद एवम् ‘क्रान्तियोग’क लोकार्पण कर्ता छला- श्री दुर्गानन्द मण्डलजी। चारिम पोथी छल श्री राम विलास साहुक रचित काव्य संग्रह- ‘कोसीक कछेर’, जेकर लोकार्पण केलैन- श्री राजदेव मण्डल आ पाँचम पोथी छल श्री बेचन ठाकुर द्वारा रचित नाटक संचयन- ‘नबघर’। ‘नबघर’क लोकार्पण केलैन डॉ. शिव कुमार प्रसाद। लोकार्पित पाँचू पोथीक सन्दर्भमे लोर्कापण कर्ता अपन-अपन संक्षिप्त मनतव्य व्यक्त केलैन। ‘रोबो’क सन्दर्भमे श्री अरविन्द ठाकुर कहलैन- आइसँ करीब साए बर्ख पूर्व ऐ पोथीकेँ चेक भाषामे लिखल गेल छल, जेकरा मैथिली साहित्यमे डॉ. ‘वियोगी’ भावा अनुवाद केलैन। ‘रोबॉट’क कपल्पना कारेल चापेक आइसँ साए बर्ख पूर्व केने छला जे आइ अपना सबहक सोझ अछि। नाटकमे ईहो देखौल गेल अछि जे केना रोबॉट मानवक संहार करैए...। ‘बेटीक पैरुख’ कथा संग्रहक सन्दर्भमे डॉ. शिव कुमार प्रसाद कहलैन- बेटीक पैरुख संग्रहक सभटा कथा महिला सशक्तीकरणपर आधारित अछि। जँ पाठक आत्मसात् करैथ तँ स्वत: हुनकामे आत्मनिर्भता केना जागि जेतैन यएह ऐ पोथीमे संकलित सभ कथाक उत्ष अछि। ‘क्रान्तियोग’ लघु कथा संग्रहक सन्दर्भमे श्री दुर्गानन्द मण्डल कहलैन- बेकती अपने-आपमे अपन गुण-दोष केना चिन्हित करता तथा दोष मुक्त केना हेता, समयक संग चलबाक खगताकेँ केना बुझता तथा समयक संग मानवीय चेतनाकेँ जगबैत चलैले केना आ कोन बाटपर चलता इत्यादि ऐ संग्रहमे कथाकार अपन कथाक माध्यमे कहलैन अछि। ‘कोसीक कछेर’ काव्य संग्रहक सन्दर्भमे श्री राजदेव मण्डलजी कहलैन- कवि राम विलास साहुजी कोसी कातक वासी छैथ, कोसीक कछेरमे जीवन-यापन करै छैथ, अपन जीवनक अनुभवकेँ श्री साहुजी अपन काव्य सभमे बिना कोनो छान-बान्हक एव धरी-धोखाक रखलैन अछि। ‘नबघर’ पोथीक सन्दर्भमे डॉ. शिव कुमार प्रसाद कहलैन- ऐ पोथीमे चारि गोट नाटक/एकांकी अछि। चारू रचनामे वर्तमान समाजक दशा-दिशाकेँ नाटकरकार देखबैत अछि। लोकार्पण सत्रक पछाइत कथा सत्रमे प्रवेश भेल। अध्यक्ष मण्डलक गठन भेल। श्री नारायण यादव, डॉ. योगानन्द झा, श्री अरविन्द ठाकुर आ श्री जगदीश प्रसाद मण्डल चयनित भेला। एवम् मंच संचालन हेतु डॉ. योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’, श्री दुर्गानन्द मण्डल, उमेश मण्डल तथा श्री नन्द विलास राय। कुल सात पालीमे प्राय: तीन-तीन गोट कथा पाठ भेल एवम् पठित कथा सभपर आलोचक लोकैन आलोचना केलैन। विवरण निम्न अछि- पहिल पालीमे- 1. हमर भीतरका सियाना : अरविन्द ठाकुर 2. आशीर्वाद : राम विलास साहु 3. कौआ के बौआ : प्रीतम निषाद प्रथम पालीक पठित कथापर आलोचना केलैन- डॉ. शिव कुमार प्रसाद, नन्द विलास राय, डॉ. योगानन्द झा। दोसर पाली- 4. विघटन : जगदीश प्रसाद मण्डल 5. दिलजान आंटी : शम्भु सौरभ 6. कृतघ्न : आनन्द मोहन झा आलोचना- कमलेश झा, नारायण यादव, दुर्गानन्द मण्डल। तेसर पाली- 7. सरकार हम पापी छी : नन्द विलास राय 8. संवेदनाक शरण : आनन्द कुमार झा 9. घरवालीक झिरकी : लक्ष्मी दास आलोचना- राजदेव मण्डल, अरविन्द ठाकुर, राम विलास साहु तथा दुर्गानन्द मण्डल। चारिम पाली- 10. जएह अपन सएह आन : अजय कुमार दास ‘पिन्टु’ 11. गामे बीरान भऽ गेल : कपिलेश्वर राउत 12. पथिक : विद्याचन्द्र झा आलोचना- गोविन्दाचार्य, कमलेश झा, उमेश मण्डल, योगान्द झा। पाँचिम पाली- 13. उपरारि जमीन : उमेश मण्डल 14. होनी-अनहोनी : नारायण यादव 15. स्वार्थान्ध : बेचन ठाकुर आलोचना- योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’, राजदेव मण्डल, दुर्गानन्द मण्डल। छठम पाली- 16. जुड़शीतल : शारदा नन्द सिंह 17. निर्णय : योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’ 18. मानव आ माछ : राधाकान्त मण्डल आलोचना- कपिलेश्वर राउत, प्रीतम निषाद, नन्द विलास राय। सातम पाली- 19. स्वाभिमान : उमेश पासवान 20. विश्वास : आनन्द मोहन झा 21. होइ छै गोहाय : शारदा नन्द सिंह 22. कर्मक फल : दुर्गानन्द मण्डल आलोचना- कमलेश झा, आनन्द झा, संजीव कुमार ‘शमा’ डॉ. शिव कुमार प्रसाद। ऐगला आयोजन अर्थात् सगर राति दीप जरय’क 95म खेपक आयोजन लेल माला उठौलैन श्री नारायण यादवजी। नारायण यादवजी अवकाश प्राप्त शिक्षक छैथ, कथाकार एवं आलोचक सेहो छैथ। जयनगरमे रहै छैथ, डुमरा घर छिऐन। श्री यादवजी दीप-पंजी हस्तगत करैत कहलैन- ‘ओना तँ हम रहै छी जयनगरमे मुदा जहिना सगर राति दीप जरयक यात्रा किछु दिनसँ गाम दिस मुखर अछि तहिना हमहूँ गामेमे अर्थात् जलसैन डुमरामे पनचानबेअम आयोजन कराएब।’ हलाँकि भावी संयोजक आयोजनक तिथि सेहो निर्धारित क’ लेलाह मुदा ओ अखन दूमर्जा अछि तँए संभावित तिथि- सितम्बर मासक पहिल शनि। 1990 इस्वीसँ आइ धरिक 'सगर राति दीप जरय'क आयोजनक विवरण- (क्रम संख्या, स्थानक नाओं एवं तिथि सहित- उमेश मण्डल) 1. मुजफ्फरपुर 21.01.1990 2. डेओढ़ 29.04.1990 3. दरभंगा 07.07.1990 4. पटना 3.11.1990 5. बेगुसराय 13.01.1991 6. कटिहार 22.04.1991 7. नवानी 21.07.1991 8. सकरी 22.10.1991 9. नेहरा 11.10.1992 10. विराटनगर 14.04.1992 11. वाराणसी 18.07.1992 12. पटना 19.10.1992 13. सुपौल 1 18.10.1993 14. बोकारो 24.04.1993 15. पैटघाट 10.07.1993 16. जनकपुर 09.10.1994 17. इसहपुर 06.02.1994 18. सरहद 23.04.1994 19. झंझारपुर 09.07.1994 20. घोघरडीहा 22.10.1994 21. बहेरा 21.01.1995 22. सुपौल (दरभंगा) 08.04.1995 23. काठमांडू 23.09.1995 24. राजविराज 24.01.1996 25. कोलकाता रजत जयंती 28.12.1996 26. महिषी 13.04.1997 क्र.सं. स्थान तिथि 27. तरौनी 20.06.1997 28. पटना 18.07.1997 29. बेगूसराय 13.09.1997 30. खजौली 04.04.1998 31. सहरसा 18.07.1998 32 पटना 10.10.1998 33. बलाइन; नागदह 08.01.1999 34. भवानीपुर 10.04.1999 35. मधुबनी 24.07.1999 36. अन्दौली 20.10.1999 37. जनकपुर 25.03.2000 38. काठमांडू 25.06.2000 39. धनबाद 21.10.2000 40. बिटठो 21.01.2001 41. हटनी(घोघरडीहा) 19.05.2001 42. बोकारो 25.08.2001 43. पटना (किरणजयंती) 01.12.2001 44. राँची 13.04.2002 45. भागलपुर 24.08.2002 46. विद्यापति भवन पटना 16.11.2002 क्र.सं. स्थान तिथि 47. कोलकाता 22.01.2003 48. खुटौना 07.06.2003 49. बेनीपुर 20.09.2003 50. दरभंगा 21.02.2004 51. जमशेदपुर 10.07.2004 52. राँची 02.10.2004 53. देवघर 08.01.2005 54. बेगूसराय 09.04.2005 55. पूर्णियाँ 20.06.2005 56. पटना 03.11.2005 57. जनकपुर (नेपाल) 12.08.2006 58. जयनगर 02.12.2006 59. बेगूसराय 10.02.2007 60. सहरसा 21.07.2007 61. सुपौल-2 01.12.2007 62. जमशेदपुर 03.05.2008 63. राँची 19.07.2008 64. रहुआ संग्राम 08.11.2008 65. पटना कथा गंगा-3 21.02.2009 66. मधुबनी 30.05.2009 67. मानारायटोल नरहन- समस्तीपुर 05.09.2009 68. सुपौल- 3 05.12.2009 69. जनकपुर 03.04.2010 70. कबिलपुर (दरभंगा) 12.06.2010 71. बेरमा (झंझारपुर) स्थान- मध्य विद्यालय परिसर- बेरमा। (सार्वजनिक स्थलपर) 02.10.2010 72. सुपौल 04.12.2010 73. महिषी कथा राजकमल 05.03.2011 74. हजारीबाग 10.09.2011 75. पटना हीरक जयन्ती 10.12.2011 76. चेन्नै 14.07.2012 77. दरभंगा किरण जयन्ती 01.12.2012 क्र.सं. स्थान तिथि 78. घनश्यामपुर 09.03.2013 79. औरहा (लौकही) (सार्वजनिक स्थलपर) 15.5.2013 80. निर्मली (स्थान- मानिक राम-बैजनाथ बजाज धर्मशाला, सुभाष चौक, निर्मली- सुपौल) 30.11.2013 81. देवघर (स्थान- बिजली कोठी, बम्पासटॉन, देवघर) 22.03.2014 82. मेंहथ (झंझारपुर) कथा बौध सिद्ध मेहथपा 31.05.2014 83. सखुआ-भपटियाही सार्वजनिक स्थान- उत्क्रमित मध्य विद्यालयल परिसर। 30.08.2014 84. बेरमा मध्य विद्यालय परिसर (बेरमा,मधुबनी) 20.12.2014 85. भागलपुर ‘श्याम कुंज’ (द्वारिकापुरी भागलपुर) 04.04.2015 86. लकसेना उनमुक्त आश्रमक गांधी सभा कक्ष जिला- मधुबनी 20.06.2015 87. श्यामा रेसिडेन्सी कॉम विवाह हॉल (एस.बी.आइ. केम्पस) निर्मली (सुपौल) 19.09.2015 88. मध्य विद्यालय- डखराम (बेनीपुर) 30.01.2016 89. लौकही स्थान: सूर्य प्रसाद उच्च विद्यालय- लौकही 26.03.2016 90. लक्ष्मीनियाँ (मधुबनी) 18.06.2016 91. गोधनपुर (मिथिला दीपसँ उत्तर) जिला- मधुबनी 24.9.2016 92. नवानी (मधुबनी) 31.12.2016 93. रतनसारा (घोघरडीहा) जिला- मधुबनी 25.03.2017 94. लौफा (मधेपुर) जिला- मधुबनी 24.06.2017 ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। उमेश मण्डल मिथिलाक लोक संगीत/ लोक कला भगैत गबैया (धर्मराज, ज्योतिश महराज, अंदू मालि, उदय साहु, हरिया डोम, बेनी, शती अवला, कारूबाबा इत्यादि भगैत निम्नलिखित ‘रसुआर-भगैत पार्टी’ 1980 ई.सँ गबै छथि।) श्री शम्भु प्रसाद मण्डल सुपुत्र स्व. लखन मण्डल भगैत गायन सह खजरी वादन उमेर- 42 साल 1980 ई.सँ भगैत गबै छथि। पता- गाम- बढियाघाट/रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- िनर्मली, जिला- सुपौल। श्री गंगाराम मण्डल सुपुत्र श्री अशर्फी मण्डल- झालि वादक उमेर- 40 1980 ई.सँ झालि बजबै छथि। पता- गाम- बढियाघाट/रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- िनर्मली, जिला- सुपौल। श्री जनक मण्डल सुपुत्र स्व. उचित मण्डल उमेर- 60 रमझालि/ कठझालि/ करताल वादक 1975 ई.सँ रमझालि बजबै छथि। पता- गाम- बढियाघाट/रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- िनर्मली, जिला- सुपौल। श्री रविन्द्र मण्डल सुपुत्र श्री खट्टर मण्डल उमेर- 32 नाल वादक पता- गाम- बढियाघाट/रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- िनर्मली, जिला- सुपौल। श्री परमेश्वर मण्डल सुपुत्र स्व. बिहारी मण्डल उमेर- 41 ग्रुमबाजा/ गुमगुिमयाँ 1980 ई.सँ गुमगुिमयाँ बजबै छथि। पता- गाम- बढियाघाट/रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- िनर्मली, जिला- सुपौल। श्री महेन्द्र प्रसाद मण्डल सुपुत्र स्व. छेदी मण्डल उमेर- 48 कठझालि वादक बचपनसँ गेबो करै छथि आ रमझालि/कठझालि बजेबो करै छथि। पता- गाम- रसुआर, पोस्ट- मुंगराहा, भाया- निर्मली, जिला- सुपौल। ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। ३. पद्य ३.१. जगदीश चन्द्र ठाकुर 'अनिल'- ४ टा गजल ३.२.आशीष अनचिन्हार- २ टा गजल ३.३.राजेश मोहन झा 'गुंजन'-शिव भजन ३.४.राजेश वर्मा 'भवादित्य'- नवगीत जगदीश चन्द्र ठाकुर 'अनिल' ४ टा गजल १ बाघ जकां लोक आ हुराड़ जकां लोक गाम-गाम भेटता सियार जकां लोक जहां-तहां पोखरि-इनार जकां लोक सागर नदी आओर धार जकां लोक खाधि जकां लोक किछु आरि जकां लोक देखने छी नार आ पुआर जकां लोक सभठाँ करथि मोल-भाव नाप-तौल भेटि जेता हाट आ बजार जकां लोक रूसलकें बौंसय भूखलकें नोतय जामुन लताम कुसियार जकां लोक गंगाक ज’ल-सन किछु लोक भेटला भेटला हिमालय पहाड़ जकां लोक लोकेले’ जीबय आ लोकेले’ जान देत गेंदा गुलाब हरसिंगार जकां लोक ( सरल वार्णिक बहर/ वर्ण-14 ) २ गीत लीखि-लीखिक’ गजल लीखि-लीखिक’ ह’म मौन भेल छी नोरेमे भीजि-भीजिक’ लोकेकें देखि-देखि प्रेम हम करैत छी लोककें ठकैत छी लोकेकें देखि-देखिक’ संस्कृतिक ऊपर सभ्यता सवार भेल फ्लैट हम किनैत छी खेत बेचि-बेचिक’ क्यो ख़ुशीसं जान दैत अछि मातृभूमिले’ क्यो मगन रहैए देशेकें लूटि–लूटिक’ सत्यक पराजय ‘असत्यमेव जयते’ घोषणा करैछ कियो ताल ठोकि-ठोकिक’ एना किए ओना किए एहेन किये भेलै राति-दिन झकैत छी यैह सोचि-सोचिक’ (सरल वार्णिक बहर/ वर्ण-15 ) ३. अहंकारमे सदिखन छी अहाँ कंस छी रावण छी अहाँ बात सबहक काटी अहीं बाउ दुरजोधन छी महावीर मनभावन छी अहाँ राम आ लछुमन छी अहाँ चुप्प रहि जाइत छी महाधीर मनमोहन छी जते दृश्य अछि दुनियामे महाभारतक जीवन छी हमर मोन नीपल आंगन अहाँ ओहिमे अरिपन छी अबै राति आ दिन अहिना कते नीक आयोजन छी ( सभ पांतिमे मात्रा क्रम-1221-2222) ४ 1 मन अतीतमे भागि चलैए कखनो-कखनो खीर कोबरक मोन पड़ैए कखनो-कखनो ललका धोती आँखिमे काजर पाग माथपर गीत मनोहर नेह भरैए कखनो-कखनो पाकल-पाकल आम गाछमे केहेन-केहेन मोनक गाछी गमकि उठैए कखनो-कखनो कुम्हरौड़ी ब'डी सकरौड़ी द'ही आ रसगुल्ला भोज गामकेर सोर करैए कखनो-कखनो सभतरि सदिखन थाल-कीच लाठी आ भाला मिठगर डंफा ढोल बजैए कखनो-कखनो कखनो-कखनो राम अबै छथि तन-मनमे खेल जकाँ वनबास लगैए कखनो-कखनो जेठक रौदजकाँ ई जीवन-डगर 'अनिल' शीतल मीठ बसात बहैए कखनो-कखनो (सरल वार्णिक बहर/ वर्ण-17) ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। आशीष अनचिन्हार २ टा गजल 1 लूटक मंडीमे बैसल छी हम झूठक मंडीमे बैसल छी हम भेटैए रंग बिरंगक समाद दूतक मंडीमे बैसल छी हम छै हुनके थारी सभहँक हिस्सा भूखक मंडीमे बैसल छी हम अबियौ किनियौ हमरे दोकानसँ छूटक मंडीमे बैसल छी हम कोठा बनलै सौंसे दुनियाँमे खेतक मंडीमे बैसल छी हम सभ पाँतिमे 222-222-222 मात्राक्रम अछि दू टा अलग-अलग लघुकेँ नियम शैथिल्यक तहत एकटा दीर्घ मानल गेल अछि 2 दिल्ली पटना गाम लखन काजक मारल राम लखन टुक टुक ताकै जेबी सभ कोना चुकतै दाम लखन ई सभ छै अग्निपरीक्षा टप टप चूबै घाम लखन सभहँक भीतर रावण छै नाम भने हो राम लखन बनियाँ बैसल बिच्चे ठाँ बेचै अप्पन चाम लखन सभ पाँतिमे 22-22-22-2 मात्राक्रम अछि ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। राजेश मोहन झा 'गुंजन' शिव भजन ********** ठुमकि चालि मे किए चलै छी झट झट डेग बढाबू ने, औढर दानी पार लगौथिन्ह हे बम! बोलबम गाबू ने। आबि सूरूज कें झाँपल बादरि बिजुरी रहि रहि चमकै हे बाट निहारथि फूल ल' मालिन मंदार सुमन भल गमकै हे, शिव भक्ति मे गाबथि पूरबा अहूँ संग गाबि सुनाबू ने। औढर दानी....॥ केओ भूत के रूप धेने छथि जोगिन बनि केओ नाचै हे बढ़ल चलल संगक कमरथुआ अनुपम स्वांग रचाबै हे, आश पूरत दर्शन क' शिव केँ मोनहि ध्यान लगाबू ने। औढर दानी......॥ नाचिते गाबिते आओल दर्शनियाँ मंदिर गुम्बज बड़ भाबै हे नीलगगन केर भाल मे शिव ध्वज केसर तिलक लगाबै है, हे हर हमर अकारथ जीवन भब सँ पार लगाबू ने। औढर दानी.......॥ ******** :---- राजेश मोहन झा 'गुंजन'॥ "सभ शिवभक्त गण केँ परम पावन शिवप्रिय साओन मासक मंगलकामना।" ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। राजेश वर्मा 'भवादित्य' * नवगीत * ==================== जाहि चान से ईद तोहर छौ, ओहि चान से हमरो चौरचन! अही राष्ट्र केर तू पैगम्बर, अही राष्ट्र केर हम पुजारी। अही व्योम मे तोर अजान छौ, अही मे गाओल हम नचारी। जाहि बाट ईदगाहक तोहर, ओहि बाट मे हमरो तर्पण! अही धरा से हमरो जिनगी, अही धरा से तोरो जिनगी। फूसि फटक्कर चक्कर खातिर, किए पजारी द्रोहक चिनगी। शोणित हमर आ घाम तोहर लय, रची स्नेह सौहार्दक अरिपन! आ सोची उत्थानक मादे, कृषि-कर्म विज्ञानक मादे। जे अखनो छै उजड़ल बिलटल, तिनकर किछु कल्याणक मादे। आ मिली जुलि के आय शपथ ली, मातृभूमि हित पूर्ण समर्पण! •••••••••••••••••••••••••••••••••••• ----राजेश वर्मा 'भवादित्य' पटोरी (पछवारि टोल) पंचगछिया, सहरसा ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। बालानां कृते विदेह मैथिली मानक भाषा आ मैथिली भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम भाषापाक बृषेश चन्द्र लाल २ टा बालगीत १ सोन चिरैया नाना, नाना ! देखू नाना । सोन चिरैया चुगए दाना ।। फुर्र-फुर्र उड़ए खूब चकुआए । नाचि-नाचि फेर बिछि-बिछि खाए ।। चीं-चीं करैत ई गबैअ गाना । सोन चिरैया देखियौ नाना ।। २ चौरचन चौरचन उगल चान झट दए पूरी दही आन मरड़ भाङि खूब खाएब पूरी सभ भाई सभओ आङन घूरी मीठ पिरुकिआ आ अछि खीर लाबह जल्दी छूटल धीर तोड़ब तरुआ आह तिलकोर भैया जो तोँ नरिअल फोर तैपर देबै मीठगर पान बौआ कुदए देखबति शान ! ऐ रचनापर अपन मंतव्य ggajendra@videha.com पर पठाउ। विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन (c)2004-17. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथममैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। सह-सम्पादक: उमेश मंडल। सहायक सम्पादक: राम विलास साहु, नन्द विलास राय, सन्दीप कुमार साफी आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)। सम्पादक- नाटक-रंगमंच-चलचित्र- बेचन ठाकुर। सम्पादक- सूचना-सम्पर्क-समाद- पूनम मंडल। सम्पादक- अनुवाद विभाग- विनीत उत्पल। रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) ggajendra@videha.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमे .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचयआ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेता, से आशा करै छी। रचनाक अंतमे टाइप रहए, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहलअछि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार ऐ ई-पत्रिकाकेँ छै, आ से हानि-लाभ रहित आधारपर छै आ तैँ ऐ लेल कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। ऐ ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मीठाकुर द्वारा मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। (c) 2004-17 सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ता लगमे छन्हि। रचनाक अनुवाद आ पुनः प्रकाशन किंवा आर्काइवक उपयोगक अधिकार किनबाक हेतु ggajendra@videha.co.in पर संपर्क करू। ऐ साइटकेँ प्रीति झा ठाकुर, मधूलिका चौधरी आ रश्मि प्रिया द्वारा डिजाइन कएल गेल। ५ जुलाई २००४ केँhttp://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसरिक गाछ”- मैथिली जालवृत्तसँ प्रारम्भ इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा “’विदेह’- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका” धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ”जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA सिद्धिरस्तु वि दे ह www.videha.co.inविदेहप्रथम मैथिलीपाक्षिक ई पत्रिकाwww.videha.com विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal 'विदेह' २२९ म अंक ०१ जुलाइ २०१७ (वर्ष १० मास ११५ अंक २२९)मानुषीमिह संस्कृताम्ISSN 2229-547X VIDEHA
WV