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Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० ) मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA 1
ISSN 2229-547X VIDEHA 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० )
िव दे ह िवदेह Videha িবেদহ http://www.videha.co.in िवदेह /थम मैिथली पाि7क ई पि:का Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine िवदेह /थम मैिथली पाि7क ई पि:का नव अंक देखबाक लेल पृB सभकE िरGेश कए देखू।
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ऐ अंकमे अिछ:- १. संपादकᳱय संदेश
२. ग᳒ २.१.१. डॉ. बचे᳡र झा- िमिथलाक िवभूित आयाची िम᮰ २. नारायण यादव-िग᭢ट ३.आशीष अनिच᭠हार- ᳲहदी ᳰफ᭨मी गीतमे बहर-३ २.२.डॉ. योगे᭠ᮤ पाठक ‘िवयोगी’क उप᭠यास- हमर गाम २.३.रबी᭠ᮤ नारायण िम᮰- दूटा आलेख, दूटा लघुकथा आ उप᭠यास नम᭭त᭭यै (आगाँ) २.४.जगदीश ᮧसाद म᭛डल- पंगु (उप᭠यास) धारावािहक आ दूटा लघुक था
३. पद ◌्य
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३.१. १.अᱧ ण लाल - ६ टा ᭃ िणका आ ३ टा किवता २. न᭠द िवलास रायक ᳰकछ ु किवता ३.संतोष क ु मार राय 'बटोही '- दू टा किवता ३.२.ᮧीतम क ुमार िनषादक ᳰकछ ु क िवता ३.३.राम िवलास साᱟक ᳰकछ ु किव त◌ा ३.४.डॉ. िशवक ु मार ᮧसादक ᳰकछ ु किव त◌ा
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िवदेह जालवृiक िडसकसन फोरमपर जाउ। संपादकᳱय पाठकᳱय आशीष अनिच᭠हार
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पिछला ᳰकछु समयसँ िवदेहपर देवेश झाजीक ेँ पᳰढ़ रहल छी। नीक लागल। आगुओ ᱟनकर रचनाक ेँ पढ़ैत रहब से उ᭥मेद अिछ। अंक २५९ मे संतोष क ु मार राय "बटोही" जीक किवता पᳰढ़ लागल जे भिव᭬यमे ई बᱟत दूर धᳯर जेता। आगुओ एबाक चाही िहनक रचना २. ग᳒ २.१.१. डॉ. बचे᳡र झा- िमिथलाक िवभूित आयाची िम᮰ २. नारायण यादव-िग᭢ट ३.आशीष अनिच᭠हार- ᳲहदी ᳰफ᭨मी गीतमे बहर-३ २.२.डॉ. योगे᭠ᮤ पाठक ‘िवयोगी’क उप᭠यास- हमर गाम २.३.रबी᭠ᮤ नारायण िम᮰- दूटा आलेख, दूटा लघुकथा आ उप᭠यास नम᭭त᭭यै (आगाँ) २.४.जगदीश ᮧसाद म᭛डल- पंगु (उप᭠यास) धारावािहक आ दूटा लघुक था १. डॉ. बचे᳡र झा- िमिथलाक िवभूित आयाची िम᮰ २. नारायण यादव-िग᭢ट ३.आशीष अनिच᭠हार- ᳲहदी ᳰफ᭨मी गीतमे बहर-३ १ डॉ. बचे᳡र झा िमिथलाक िवभूित आयाची िम᮰ िमिथलाक भूिम एहन अिछ जािहठाम अदौसँ माँ मैिथलीक कोिखसँ िव ᳒ा भा᭭कर लोकिन ज᭠म ᮕहण करैत रहलाह अिछ। एिह सᳯरसबक माᳯटमे माँ मैिथलीक कोिखसँ एक एहन सूयᭅक उदय भ ेल जे ज᭠म-ᮕहण कᳯरतिह अपन रि᭫मसँ िमिथला, मैिथल आ मैिथलीक ᭃेᮢक े ँ आलोᳰकत कएल। िव᳒ा᭟ययन कऽ कौिलक मयाᭅदाक रᭃा कएलि᭠ह। एहन ᮧात: ᭭मरणीय संतोषी, तप᭭वी, िनलᲃभी एवम् िन रासᲦ ᳞िᲦ भवनाथ िम᮰ छलाह। िहनकासँ पूवᭅ आ पछाितयो अनेक सर᭭वतीक वरद पुᮢ लोकिनक नाम लेल जा सक ै छ जे िमिथलाक रिहतᱟ िमिथलेᱫर ᮧा᭠तोमे अपन नामो᭔वल कएने छलाह ओ लोकिन िथकाह- “गौᱫम, कणाद, या᭄व᭨य, उदयनाचायᭅ, पᭃधर, म᭛डन िम᮰, व ाच᭭पित, जय क ृ ᭬णा, ᮢीलोचन, हᳯर िम᮰, गंगेश, िव᳒ापित, च᭠दा झा,भारती, गागᱮ, ल᭯मीनाथ ᮧभ ृित।” एᱠमे अिधकांश सᳯरवसक माᳯटमे उ᭜प᳖ भेिनहार छलाह। तप: पूत, परम ᭄ानी, शाᳫानुसार चलिनहार एव म् नव᭠यायक िन᭬णात भवनाथ िम᮰
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आजीवन ककरोसँ ᳰकछु याचना निह कयल ते ँ ई अयाचीक नामसँ बᱟ चᳶचत भऽ गेलाह। अपन उपनाम अयाची सँ जगत िवयात भेलाह। अभाव ओ असंतोषक े ँ अपना लग किहयो फटक े निह देलि᭠ह। माᮢ सवा कᲶा बाड़ी जगह खेत ओ खᳯरहानक काज करैत छलि᭠ह। एहीसँ जीिवका चलैत छ लि᭠ह। दुवाᭅसा दूिभक रस खाय रहैत छलाह। तेँ अयाची साग-पात खाय काया ठाढ़ रखने छलाह। भव नाथक ‘अयाच ी’ टेक तोड़बा लए दैिवक आ लौᳰकक ᮧलोभवन सभ आएल मुदा ई टस-सँ-मस निह भेलाह।
एिह तरह संक᭨पक पालनमे िहनक धमᭅ प᳀ी भवानीक सेहो सराहनीय सहयोग रहल। एहन आि᭭तक द᭥पितक कोिखसँ अ᭞भुत सं᭭कारी पुᮢक ज᭠म भेल कहबी छैक ‘बाढ़े पूत िपता क े धमᱷ’ बालकक नाम शंकर िम᮰ राखल गेल। शंकर शंकरे समान छल। ᭜यागसँ अमर᭜वक ᮧाि᳙ होइछ। असली सुख ᭜यागेसँ भेटैछ। ᭜यागी लोकक तुलना ककरोसँ निह कएल जा सक ै छ। अयाची ᳇ारा सांसाᳯरक सुखक ᭜याग एक ᮧेरणा पुंजक ᱨपमे अिछ। वा᭭तिवक ओ िविश᳥ आन᭠दक अनुभूित ᭜यागीक े ँ होइछ। िबना संकोच कहल जा सक ै छ जे अयाची पारखी छलाह तेँ ने ओ ᭜याग मय जीवन जीबाक आदशᭅ उपि᭭थत कएल। एिह स᭠दभᭅमे किवक उिᲦ अिछ-
“ध᭠य-ध᭠य मातृभूिम, सकल ᭄ान-गुणक खान कतᱟ सबा कᲶा माᮢ बाड़ीक साग-पात, औखन चमक ै त अिछ अयाचीक ᭭वािभमान।।” पूजा-पाठमे लीन रहिनहार अयाची पलखित भेलापर िव᳒ा िवलासमे लीन होिथ। ᱟनक याित सवᭅᮢ पसᳯर गेल छल। जखन दूर-दूरसँ िज᭄ासू छाᮢ लोकिन शंकाक समाधा नाथᭅ िहनका लग अबैत छल तँ ई अपन बालकक ेँ िभड़ा देिथ। आग᭠तुक छाᮢक े ँ झुझुआइत देिख अयाची बुिझ जािथ जे बालक शंकरक वयस कम ते ँ ई लोकिन अपन अपमान बूझैत छिथ तखन ओ किह देिथ᭠ह जे शंकरक वयस निह देखू। बालक शंकरक ᮧखड़ िव᳇ताक थाह पािब ओ लोकिन ᭭वीकारैत छला ह जे िमिथलाक जतेक नाम सुनल तािहसँ बेसी एिहठामक िवशेषता अिछ। अयाची पुᮢ शंकरक सं᭭कार देिख मुᲦ क᭛ठसँ िहनक भायक भूᳯर-भूᳯर ᮧशंसा करिथ। भवनाथ जᲅ महादेव तᲅ भवानी स᳒: पावᭅती ᮧतीक छ लीह। िनधᭅन पितक अनुगािमनी,सती सा᭟वी ओ परम सिह᭬णु छलीह। टक ु रीसँ सूत काᳯट वᳫ अपन आ पित क हेतु ओᳯरआउन कऽ लैत छलीह। अभावी घर रिहतो आित᭝य भावमे अᮕगणी छलीह। जन᮰ुित अिछ एक समय अितिथ-स᭜कारक हेतु घरमे ओᳯरआउन निह भेलापर लोटा ब᭠धकᳱ रािख भोजन सामᮕी जुटाए बा ड़ीसँ ख᭥हाᱨ उपाड़ैत छलीह ᳰक एक तमघैल ᭭वणᭅ मुᮤा ᮧा᳙ भेलि᭠ह। भवानी पुलᳰकत भऽ गेलीह जे आब दᳯरᮤीक अ᭠त भऽ जाएत। मुदा अयाची लोिह ᭭वणᭅ मुᮤाक तमघैलक ेँ अपन पुᮢ शंकरक ᳇ारा राजाक कोषमे जमा करा देलि᭠ह ᳰकएक तँ म ाᳯटक धन राजकोष िथक। एिहपर ᱟनक प᳀ी िवचिलत रिह गेलीह। एकरा दैव ी ᮧलोभन किह सक ै त छी। िमिथलाक स᭤यता ओ सं᭭क ृ ित संसारक स᭤यता ओ सं᭭क ृ ितसँ ᮰े᳧ अि छ। िविभ᳖ ठामक िव᳇ान एिहठाम वषᱷ रिह अपन ᭄ान िपपासाक े ँ शा᭠त करैत छलाह। एिहठामसँ स᭤य ओ सुसं᭭क ृ त भऽ जाइत छलाह। अपन सं᭭कारक पᳯरचय लग-भग पाँचे वषᭅक अव᭭थामे अयाची पुᮢ शंकर िम िथलेशक ेँ जखन देल तँ ओ अवाक ् रिह गेलाह आ अयाचीक तप᭫ययाक ᮧसादात् बालक बुिझ नतम᭭तक भऽ अिभ न᭠दन कएलि᭠ह- शकरक उिᲦ : “वालोहं जगदान᭠द, नमे बाला सर᭭वती, अपूणᱷ पंचमे वषᱷ वणᱷयाम जगᮢयम्।” भवनाथ ओ भवानी दुᱟक कमᭅ-कमलसँ धमᭅक जे पराग झड़ल तािहसँ िमिथलाक माᳯट अपलिखत अिछ।
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अयाचीक िनलᲃभता ᮧ᭭ट ᮧमाण तखन भेटैछ जखन िमिथलेश बालक शंक रक सं᭭कारसँ संतु᳥ भऽ अपन वेश कᳱमती र᳀क माला दगᭅिन उताᳯर शंकरक गरामे पिहरा देल आ ए क मोटरी ᭭वणᭅ मुᮤाक संग ᭭वयं हाथीपर बालक शंकरक ेँ अयाचीक डीहक माᳯट माथमे लगएबाक हेतु नेने एलाह। िमिथलो िचत ढंगसँ त᭜कालीन महाराजक स᭥मान कएल। महाराज िहनक दै᭠य दशा देिख खोᳯरस हेतु ᮧयाᭅ᳙ धन ᮧदान करबाक ई᭒छा ᮧगट कएल तँ अयाची करव कहल- “अपने हमर टेकक ेँ निह तोड़ू। हमरा कोनो व᭭तुक ᮧयोजन निह अिछ। ई ᮯत िनमिह जाय इएह हमर आक ं ᭃा।” िमिथलेश ᱟनक चरण रज लऽ अपना कए ध᭠य मानल। बादमे भवानी बालक शंकरक कमाइ पुर᭭कारसँ िभ᭄ करोलि᭠ह तँ ᮧस᳖ भेला जे आब दᳯरᮤता भािग जाएत मुदा त᭜ ᭃणिह बालक शंकरक ज᭠मक समय मरनी चमैनक ेँ िनछाउर ᳰकछु निह देने छलीह से मोन पिड़ गेलि᭠ह। तािह समय सहषᭅ कहल जे ई सभटा र᳀ ᭭वणᭅ मरनीक ेँ बाजा कए देल जाय। दुनू ᮧाणीक मतैयसँ मरनी डरीनक ेँ दऽ देल गेल। ओहो एिह ᮧा᳙ धनक े ँ धमᭅ काज बुिझ पैघ पोखᳯर खुनाए देलक। जे मधुबनी िजला᭠तगᭅत िव᳒मान अिछ, मुदा काल-ᮓमे ई पोखᳯर िवक ृ त ओ भथन भऽ गेल अि छ जे औखन चमिनया-डावर नामसँ जानल जाइछ। एखनᱟँ ई ᳣ोक अयाची िम᮰ पुᮢ शंकर आ पᭃधर िम᮰क ᮧित अिछ- “शंकर वाच᭭पितयो: शंकर वाच᭭पित सदृशी, पᭃधर ᮧित पᭃी भूतो न भवित।” अथाᭅत् शंकर ओ वाच᭭पित तँ महादेव आ वृह᭭पितये छलाह। कहल जाइ छ जे अयाचीक शंकर पᭃधर िम᮰क बाद भेल छलाह। ईहो अनुमान अिछ जे िम᮰ उपािध- ओिह सम यमे िव᳇ान लोकिनक होइत छल। खेदक िवषय अिछ जे एहन उट ᭠यायक पि᭛डत अयाचीक कᳱᳶᱫ गाथाक को नोटा ᮧमािणक पोथी- आ िहनक ज᭠म स᭥ब᭠धी ई. सनक पᳯरचय- ठोस ᱨपमे निह ᮧा᳙ अिछ। अयाचीक िनमाᭅउल भूिम सᳯरसब अ᳒ाविध म.म. सर गंगा नाथ झा ए वम् ᱟनक पुᮢ लोकिन सन िवभूितक ज᭠म देने अिछ। किव सेहो अयाचीक डीहक माᳯट माथमे लगबैत किह उठैत छिथ- “हे डीह!अमर कᳱᳶᱫक िनधान जकरा कण-कणमे ᭭वािभमान। िथक िवᮧ अयाचीक वᱫᭅमान से माᳯट िथक च᭠दन समान। सबा कᲶा बाड़ीक साग रखने छल अयाचीक पाग।।” अ᭠तमे ᮰ा सुमन चढ़बैत एिह िमिथलाक िवभूितक े ँ नमन करैत छी।
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२ नारायण यादव
िग᭢ ट ᮩᳬान᭠द काकाक उमर ढलल जा रहल छल। िबयाह भेला बᱟतो ᳰदन भय गेल छलैक। कोनो बाल बᲬा निह भय रहल छल। कतेको बेर डॉटरसँ देखा चुकल छलाह। एतेक रा स धन-स᭥पितक उपभोग क े करत? तािह सोचमे पड़ल रहैत छलाह ᮩᳬान᭠द काका। बᱟतो ओझा-बै᳒सँ सेहो आशी वाᭅद लय चुकल छलाह। िहनक प᳀ी सेहो बᱟतो देवी-देवताक ेँ कबुला-पाती कय चुकल छलीह। ᳫीगणक िवचारसँ कतेक धामीक हाथ े कायल छलाह। सासु ननद सभ ओकरा प᳀ीक े ँ बड़ उपराग दैत कहैत छल जे ई मौगी अभािगन अिछ, बाँझ अिछ त ेँ बाल-बᲬा निह भय रहल छि᭠ह। दुनू पᭃसँ माने लड़का आ लड़कᳱ पᭃक ᳫीगण ब ᱟतो देवी-देवताक ेँ कबुला पाती क े यने छल। भगवानक मिहमाक ेँ ᳰकयो निह जािन सक ै त अिछ। मखना सन मुसहरक े ँ सᱫा सोरे िधया-पुता छैक। सुभे᳡र म᭛डलक ᱶ जेकरा ने रहैक लेल घर छै आ ने घराड़ी सरकारी जमीन यािन गैरमजᱨआ जमीनमे घर बनेने अिछ। राित खाइत अिछ तँ ᳰदन लय झखैत अिछ आ ᳰदन खाईत अिछ तँ राितक लेल िच᭠ता लागल रहैत छि᭠ह। शुभे᳡र म᭛डल ᮩᳬान᭠द काकाक लगुआ जन अिछ।
ᮩᳬान᭠द काका हरबाही कय जे चाᳯर सेर धान भेटै छलै तािहसँ सभ बाल बᲬाक भोजन साजन चलैत छैक। शुभे᳡र म᭛डल िमहनितया जन अिछ। ᮩᳬान᭠द काकाक दू िबग हा खेत बटाई करैत छल। 25-30 मन धान सालमे बटैया खेतसँ आ धन-कटनी कय 10-20 मन धान कमा ल ैत छल। ओिह धानसँ सालभᳯरक लᱫा- कपड़ा, तेल, साबुन आᳰदक ᳞व᭭था भय जाइत छलै᭠ह। अिधक खचᭅक ल ेल िगरहत मदद करबा लेल तैयार रिहते छि᭠ह। ᮯᳬान᭠द काका शुभे᳡र म᭛डलक े ँ बड़ मानैत छिथ। ᮩᳬान᭠द काकाक े ँ उदास देिख शुभे᳡र म᭛डल सेहो िचि᭠तत रहैत छल। म᭛डलजीक िध या-पुता भᳯर ᳰदन ᮩᳬान᭠द काकाक अँगना घरमे टहल-ᳯटकोरा करैत रहैत अिछ। मा िलक ओकरा िधयापुताक ेँ बड़ मानैत छिथ। किहयो-किहयो पᱹट-शटᭅक ᳞व᭭था सेहो कय दैत छिथ। म᭛डलोजी भ गवानसँ गोहार लगबैत रहैत अिछ। जे हमरा िगरहतक ेँ बाल-बᲬा होइ᭠ह। ᳰकछु ᳰदनक प᳟ात् ᮩᳬान᭠द काकाक शुभिच᭠तकक ᮧाथᭅना भगवान सु नलै᭠ह। ᮯᳬान᭠द काकाक प᳀ी (लाल काकᳱ) गभᭅवती भेलीह। ई शुभ समाचार सुिन सभ शुभिच᭠तकक मन ᮧफ ु िलत भय गेलै᭠ह। चाᱨ तरफसँ शुभकामनाक संदेश आबय लागल। समय िबतैत गेल। मिहला डॉटरक संरᭃणमे लाल काकᳱ रहय लगलीह। समयपर बᲬाक ज᭠म भेल। जᲬा-बᲬा सही सालामत रहल। घरमे खुशहाली आिब गेल। सास ु-ननᳰदक उलहन-उपराग ब᭠द भय गेल। बᲬाक छᳯठहारमे िहत-अपेिᭃत आमंिᮢत भेलाह। खूब नीक जकाँ भोज भ ात भेल। बᲬाक े ँ ढेर रास उपहार भेटलैक। राितमे सभ र᭫म पूरा कय बᲬाक नाम भोला राखल गेल। ᮓमिह भोला ᳰकशोराव᭭थामे पदापᭅण कयलक। भोला बड़ सं᭭कारी ब Წा िनकलल। एक समयक बात छल। भोला बीमार भेल। ᮯᳬान᭠द काका आ लालकाक ᳱ ओकरा नीक डॉटर लग इलाजक हेतु लय गेलाह। डॉटर साहेब सभ तरहक जᱼच िलखलक। प ौथोलिजक जᱼच ᳯरपोटᭅ आयल। डॉटर
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साहेब ᳯरपोटᭅ देखलैन। जᱼचमे ई ᭄ात भेल ᳰक ᳰदलमे सहᳫ छेद अ िछ। डॉटर साहेब कहलैन जे एकर ᳰदल वदलऽ पड़त। ᳰकछ ु ᳰदन ठीक रहत, तकर बाद भोलाक ेँ ᳰदᲥत होमय लागत। ᮯᳬान᭠द काका आ लाल काकᳱ खूब कनलैथ। लालकाकᳱ मनिह मन िन ᳟य कयलक जे हम अपन कलेजा दय बेटाक जान बचायब। दबाई िलखल गेल। दबाई चलऽ लागल। भोला पूवᭅक ि᭭थितमे आिब ग ेल। डॉटर साहेबक सलाह छलै᭠ह जे चाᳯर-पाँच वषᭅ धᳯर ठीक रहत। तकर बाद ᳰदल बदलबा देबैक। चाᳯर-पाँच वषᭅक बाद जखन भेालाक उ᮫ सᮢह वषᭅक छलैक तखन मायक ेँ कहलैन जे माय हमरा उठारहम ज᭠म ᳰदनपर कोन तरहक िग᭢ट देब ही। लाल काकᳱ बजलीह- “बौआ, तोहर अठारहम ज᭠म ᳰदनपर जे िग᭢ट देबऽ से आलमारीमे राखल रहतऽ। तौ लयलीह।” भोला िज᭄ासा कयलै᭠ह- “माय हमरा किह दे जे कᳱ देमे।” लाल काकᳱ बजलीह- “बेटा, आई धᳯर िग᭢ट ᳰकयो निह देने हेतैक से तोरा देबह। अख न िग᭢टक नाम कहलासँ मजा ᳰकरᳰकरा भय जेतह।” भोला चुप भऽ गेलाह। समय िबतैत गेल। जिहया भोलाक अठारहम साल पुᳯरतै, तािहसँ ᳰकछु ᳰदन पूवᱷ ओ बीमार भऽ गेलाह। माय-बापक एकलौता स᭠तान। सभक िखक तारा । फ े र ओकर माय-बाप भोलाक ेँ पूवᭅक डॉटर लग लय गेलाह। ओ डाटर साहेब भोलाक ेँ पहचैन गेलाह। ओ ᱟनका अिभभावकक ेँ ᳰदल ᮧ᭜यारोपणक सलाह जे पूबᭅिहमे देने छल पुन: दोहरौलैथ। भ ोला माय अपन ᳰदल देबाक लेल तैयार भेलीह। ऑपरेशनक तैयारी हेतु माय-बाप घर अयल ाह। ऑपरेशनक फᳱसक ᳞व᭭था कयल गेल। भोलाक माय एकटा पᮢ िलिख एकटा िड᭣बामे ब᭠द कय आलमार ीमे रािख देलक। ऑपरेशन करयबाक हेतु भोलाक माय-बाबू डॉटर ओतय पᱟँचलाह। भोलाक ᳰदल िनकािल, ओकर मायक ᱡदयमे आ मायक ᳰदल भोलाक ᱡदयमे ᮧ᭜यारोिपत कयल गेल। माय-बेटा दुनू दुᱧ᭭त छलाह। भोलाक ᭭वा᭭᭝य ᳰदनानुᳰदन ठीक होमय लगलैक। ओ भोला मायक ᭭वा᭭᭝य ᳰ दनानुᳰदन छीन होयम लगलैक। जिहया भोलाक ज᭠म ᳰदन छल तािहसँ 25-30 ᳰदन पिहनिह भोलाक माय ᭭वगᭅवासी भय गेलीह। ᮰ा कमᭅ नीक जकाँ स᭥पाᳰदत भेल। भोलाक ज᭠म ᳰदन खूब धूम-धामस ँ मनाओल गेल। भोलाक ेँ अपन मायक ᳇ारा देल िग᭢टक बात मन परलै᭠ह। ओ आलमीराक े ँ खोललै᭠ह। तँ देखलक जे एकटा िड᭣बापर िलखल छैक जे हैपी बथᭅ डे टू यू बेटा। भोला िड᭣बा खोललै᭠ह। िड᭣बा मे एकटा पᮢ िलिख राखल छल। भोला मोरल पᮢक ेँ पसाᳯर पढ़य लगलाह। पᮢमे िलखल छल- “बेटा, हमर िजगरक टूकड़ा यᳰद तोँ एिह पᮢक ेँ पᳰढ़ रहल छह तँ तू िब᭨क ु ल ठीक भय जेबह। तोरा याद होयतह जे जखन तᲅ बीमार भेल छलह तखन हम तोरा डॉटर साहेबक पास लऽ गेल रही। डाटर साहेब बजलाह जे एकरा ᳰदलमे बᱟत रास छेद छैक। दवाई सँ ई ठीक निह होयत, ओ िह ᳰदन हम बᱟत कनलᱟँ। आ िनणᭅय लेलᱟ जे बेटाक ेँ हम अपन ᳰदल दय ओकरा जीवन ᮧदान करब। तोरा इहो याद हेत ह जे एक ᳰदन तूँ बाजल छलह जे मᱼ हमरा अपन 18म ज᭠म ᳰदनपर कोन ᮧकारक िग᭢ट देबही, से बेट ा हम तोहरा िग᭢टक ᱨपमे अपन ᳰदल दय रहल छीह। एकरा स᭥हाᳯर कऽ रिखयह। हैपी बथᭅ डे टू यू बेटा।”
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३. आशीष अनिच᭠हार ᳲहदी ᳰफ᭨मी गीतमे बहर -3
गजलक मतलामे जे रदीफ-काᳰफया-बहर लेल गेल छै तकर पालन पूरा गजलमे हेबाक चाही मुदा न᭔ममे ई कोनो जᱨरी नै छै। एक ै न᭔ममे अनेको काᳰफया लेल जा सक ै ए। अलग-अलग बंद वा अंतराक बहर सेहो अलग भ' सक ै ए संगे-संग न᭔मक शेरमे िबनु काᳰफयाक रदीफ सेहो भेटत। मुदा बᱟत न᭔ममे गजले जकाँ एक ै बहरक िनवाᭅह कएल गेल अिछ। मैिथलीमे बᱟत लोक गजलक िनयम तँ निहए जानै छिथ आ तािहपरसँ क ु तक ᭅ करै छिथ जे ᳰफ᭨मी गीत िबना कोनो िनयमक सुनबामे सुंदर लगैत छै। मुदा पिहल जे न᭔म लेल बहर अिनवायᭅ नै छै आ जािहमे छै तकर िववरण हम एिह ठाम द' रहल छी-----------------
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"सूरज" ᳰफ᭨म क े र ई न᭔म जे ᳰक मो. रफᳱजी ᳇ारा गाएल गेल अिछ। न᭔म िलखने छिथ हसरत जयपुरी। संगीतकार छिथ शंकर जयᳰकशन। ई ᳰफ᭨म 1966 मे ᳯरलीज भेलै। एिहमे राजᱶᮤ क ुमार, वैजय᭠तीमाला आᳰद कलाकार छलिथ।
बहारᲂ फ ू ल बरसाओ मेरा महबूब आया है
हवाᲐ रािगनी गाओ मेरा महबूब आया है
ओ लाली फ ू ल कᳱ मᱶहँदी लगा इन गोरे हाथᲂ मᱶ उतर आ ऐ घटा काजल, लगा इन ᭡यारी आँखᲂ मᱶ
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िसतारᲂ माँग भर जाओ मेरा महबूब आया है
नज़ारᲂ हर तरफ़ अब तान दो इक नूर कᳱ चादर बडा शमᱮला ᳰदलबर है, चला जाये न शरमा कर ज़रा तुम ᳰदल को बहलाओ मेरा महबूब आया है
सजाई है जवाँ किलयᲂ ने अब ये सेज उ᭨फ़त कᳱ इ᭠हᱶ मालूम था आएगी इक ᳰदन ऋतु मुह᭣बत कᳱ ᳰफ़ज़ाᲐ रंग िबखराओ मेरा महबूब आया है
एिह न᭔मक सभ पाँितक माᮢाᮓम 1222 1222 1222 1222 अिछ। प िहल अंतरामे "मᱶहँदी" श᭣दमे माᮢाᮓम गलत अिछ हमरा िहसाबᱶ मुदा उदूᭅमे "श᭣दक बीच बला "ह" क े र उᲬारण पिहल श᭣दमे मीिल क' ओकरा दीघᭅ बना दैत छै जेना ᳰक "लहᳯर" क े र उᲬारण "लैर" सन आᳰद, "मᱶहँदी" क े र उᲬारण तेहने भ' सक ै ए (पᲥा पता नै) ओनाᱟतो ई न᭔म छै आ ताᱠमे ᳰफ᭨मक लेल िलखल गेल। शाइर एकरा गजल घोिषत नै क े ने छिथ। एकर तᲦᳱ उदूᭅ ᳲहदी िनयमपर कएल गेल अिछ।
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"आप आये बहार आई" ᳰफ᭨म क े र ई न᭔म जे ᳰक मो. रफᳱजी ओ लता मंगेशकरजी ᳇ारा गाएल गेल अिछ। न᭔म िलखने छिथ आन᭠द बᭃी। संगीतकार छिथ ल᭯मीकांत ᭡यारेलाल। ई ᳰफ᭨म 1971 मे ᳯरलीज भेलै। एिहमे राजᱶᮤ क ु मार, साधना आᳰद कलाकार छलिथ।
ᳰदल शाद था ᳰक फ ू ल िखलᱶगे बहार मᱶ मारा गया ग़रीब इसी इंतज़ार मᱶ
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मुझे तेरी मुह᭣बत का सहारा िमल गया होता अगर तूफ़ाँ नहᱭ आता ᳰकनारा िमल गया होता
न था मंज़ूर ᳰक़᭭मत को न थी मज़ᱮ बहारᲂ कᳱ नहᱭ तो इस गुिल᭭ताँ मᱶ कमी थी या नज़ारᲂ कᳱ मेरी नज़रᲂ को भी कोई नज़ारा िमल गया होता
ख़ᰛशी से अपनी आँखᲂ को मै अ᭫को से िभगो लेता मेरे बदलᱶ तू हँस लेती तेरे बदलᱶ मᱹ रो लेता मुझे ऐ काश तेरा ददᭅ सारा िमल गया होता
िमली है चाँदनी िजनको ये उनकᳱ अपनी ᳰक़᭭मत है मुझे अपने मुक़र से फ़क़त इतनी िशकायत है मुझे टूटा ᱟआ कोई िसतारा िमल गया होता
एिह न᭔मक सभ पाँितक माᮢाᮓम 1222 1222 1222 1222 अिछ। ब ᱟत काल शाइर गजल वा न᭔मसँ पिहने माहौल बनेबाक लेल एकटा आन शेर दैत छै ओना ई अिनवायᭅ नै छै। एिह न᭔मसँ पिहने एकटा शेर "ᳰदल शाद था ᳰक फ ू ल िखलᱶगे बहार मᱶ मारा गया ग़रीब इसी इंतज़ार मᱶ" (एᱠ शेरमे बहर छै) माहौल बनेबाक लेल देल गेल छै। एकर तᲦᳱ उदूᭅ ᳲहदी िनयमपर कएल गेल अिछ।
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"दो बदन" ᳰफ᭨म क े र ई न᭔म जे ᳰक मो. रफᳱजी ᳇ारा गाएल गेल अिछ। न᭔म िलखने छिथ शकᳱल बदायूँनी। संगीतकार छिथ रिव। ई ᳰफ᭨म 1966 मे ᳯरलीज भेलै। एिहमे मनोज कु मार, आशा पारेख आᳰद कलाकार छलिथ।
भरी दुिनयाँ मᱶ आिख़र ᳰदल को समझाने कहाँ जाएं मुह᭣बत हो गई िजनको वो दीवाने कहाँ जाएं
लगे हᱹ श᭥मा पर पहरे ज़माने कᳱ िनगाहᲂ क े िज᭠हᱶ जलने कᳱ हसरत है वो परवाने कहाँ जाएं
सुनाना भी िज᭠हᱶ मुि᭫कल छुपाना भी िज᭠हᱶ मुि᭫कल ज़रा तू ही बता ऐ ᳰदल वो अफ़साने कहाँ जाएं
नजर मᱶ उलझने, ᳰदल मᱶ है आलम बेकरारी का समझ मᱶ क ु छ नहᱭ आता सुक ूँ पाने कहाँ जाएँ
एिह न᭔मक सभ पाँितक माᮢाᮓम 1222 1222 1222 1222 अिछ। ए कर तᲦᳱ उदूᭅ ᳲहदी िनयमपर कएल गेल अिछ।
ऐ रचनापर अपन मंतjय editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। डॉ. योगे᭠ᮤ पाठक ‘िवयोगी’क उप᭠यास- हमर गाम
िनवेदन
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व᭠धुवर जगदीश ᮧसाद म᭛डलक आᮕह जे 24 माचᭅ 2018क े ँ आयोिजत ‘सगर राित दीप जरय’ लेल हम एकटा बाल उप᭠यास जᱨर लीखी जकर िवमोचन ओतए कएल जाएत। ह म पिहनिह किह देने छिलएिन जे ᳰकछु िनजी ᳞᭭तताक कारण हम एिह आयोजनमे सशरीर उपि᭭थत नि ह भऽसकब। बाल उप᭠यासक एकटा खाका ᳰदमागमे तैयारो कएल मुदा आकि᭭मक च ᮓ᳞ूहमे फ ँ िस गेलासँ ओ तैयार निह भऽसकल। माᮢ दू ᳰदन बचल छल जखन दोसरे ᳰकछु फ ु रा गेल आ चाᳯर पाँती लीख बैसलᱟँ। जे अिछ, अपनेक समᭃ अिछ। एकरा उप᭠यास कहबै, उप᭠यािसका, कथा आ ᳰक गामक लेखा-जोखा से िनणᭅय अपनिह करबै। अ᭜य᭨प समयमे िच. उमेश म᭛डल एकरा पु᭭तकाकार बना िवमोचन लेल तैयार क े लिन तािह लेल ᱟनक आभारी छी।
योगे᭠ᮤ पाठक ‘िवयोगी ’ कलकᱫ ा , 21 माचᭅ 2018
1. हमरो गाम िमिथले मे छै हम कोनो पढ़ल-िलखल लोक निह छी, अिपतु यᳰद किहयै जे हमरा ग ाममे एकटा क ेँ छोिड़ ᳰकयो पढ़ल िलखल निह अिछ तऽबेसी उिचत होएत। घीच-घाँिच कए कᱟना दशमा पास क ेलᱟँ आ चल गेलᱟँ ᳰद᭨ली रोजगारक खोजमे। शुᱧएमे बुझा गेल जे एतए अपनाक े ँ दशमा पास कहलासँ लाभ निह नोकसाने अिछ तᱶ एिह बातक ेँ नुका रखलᱟँ आ जे काज हाथमे आएल से धरैत करैत गेलᱟँ। अवस र देखैत काज छोड़ैत पकड़ैत कᱟना दस साल बाद लगलᱟँ टे᭥पू चलबए। ताबत गाम ᳰदश सेहो सड़क सब सुध ᳯर रहल छलैक, फोर-लेन बनब शुᱨ भऽगेल रहै तऽसोचलᱟँ जे गामे घुᳯर चली, ओतिह टे᭥पू चलाएब। कने कमो कमाइ हैत तऽबेिसए लागत कारण गाममे कमसँ कम ᳰद᭨लीक सड़लाहा बसातसँ ᮢाण भेटत। कतबो ᳰक छु महग होउ, गाममे एखनᱟ बसात साफ े छैक आ ᮨᳱ सेहो कारण एखन तक ओिहपर कोनो मािलक हक निह जत ौलक अिछ। हमर नीक ᳰक खराप लित बूझू एतबे जे भोरमे तीन टाकाक एकटा अ खबार कᳱन लैत छी आ टे᭥पूपर जखन बैसल रहैत छी तखन ओकरा पढ़ैत रहैत छी। एक ᳰदन एहने अ खबारमे पढ़ल जे िमिथलामे नवका चलन एलैक अिछ अपना अपना गामक महान िवभूितक वणᭅन करैत ᳰकताब िलखब। ᳰकछु एहने ᳰकताब बजारसँ कᳱन अनलᱟँ। देखलᱟँतऽहषᲃ भेल आ तािहसँ बेसी इ᭬यᲃ आ लािन भेल। हषᭅ एिह लऽकए जे पिहल बेर बुझलᱟँ िमिथलामे एहन महान िवभूित सब भेलाह आ इ᭬याᭅ आ लािन एिह लेल जे हमरा अपन गाममे एहन कोनो िवभूित ᳰकएक निह भेलाह। हमरा िच᭠ता भेल- कᳱ सᱫे हमरा गाम मे कोनो िवभूित निह भेला? ᳰकछु बूढ़ पुरान सँ गप कएल। एक गोटे पूिछ देलिन- “खाली पढ़ले लीखल लोक िवभूित होइ छै कᳱ?” हम सोचए लगलᱟँ। ठीक े , से रिहतै तऽ िसनेमा ᭭टार आ ᳰक िख लाड़ी सब क ᱶ ᳰकयो िच᭠हबे निह कᳯरतै। हमरा बुझा गेल जे आन गामक िवभूित सन तऽ निह,तैयो एतेक जᱨर ज े हमरा गामक िवभूित सब एक िहसाबᱶ कतबो िविचᮢ रहथु मुदा ओहो लोकिन अपना समय मे गामक नाम को नो तरहᱶ उजागर करबे क े लिन ।
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सेह᭠ता भेल जे हमᱠँ अपना गामक बारेमे ᳰकछु लीखी। मुदा कᳱ ल ीखब? िलखबाक लुᳯरयो तऽनिह भेल। तैयो हम ठािन लेल जे िलखबे करब। िवभूित लोकिन जे छलाह, जेहन छलाह, भेलाह तऽिमिथलेक सुपुᮢ/सुपुᮢी ने। आ हमरो गाम जेहने अिछ, अिछ तऽओही माᳯटपर कमला बलान क ोशीसँ घेराएल, रौदी दाही भोगैत अिशᭃा आ गरीबीमे उबडुब करैत। तᱶ हम िन᳟य कएल जे िहनका लोकिनक कᳱᳶतक गाथा लीखल जाए।एखुनका युगे िव᭄ापन आ ᮧचारक िछऐ, से गामक नुकाएल िछिड़ आएल र᳀ सबक ेँ बहार करबाक चाही। हम गौआँ भऽकए यᳰद निह िलखबिन तऽअनगौआँक ेँ कोन मतलब छैक? ओना तऽिल᭭ट पैघ बिन गेल मुदा हम बᱟत पुरान लोकक े ँ पिहने छाँᳯट कए माᮢ दसटाक वणᭅन एतए ᮧ᭭तुत करए जा रहल छी। एिहमे पिहल नौटा छिथ हमरा गामक नव र᳀ आ दसम भेलाह िविश᳥ अितिथ र᳀। आशा करैत छी गौआँ लोकिन हमर एिह ᮧयासक ᮧशंसा करबे करता ह। यᳰद ᳰकछु अनगौआँ मैिथल समाजक ेँ हमर गामक एको गोटेक कᳱᳶत नीक लगलिन तऽहमर ᮧयास खूबे सफल बूझल जाएत। निह तऽकमसँ कम ᳰकछ ु िलिखत तऽरिहए जाएत जे एखनुक बूढ़ पुरानक ᳰदवंगत भऽगेलाक बा द नवका पु᭭तक ेँ पूवᭅजक यशक ᳰकछु ᭄ान देतैक। हमर िलखल व᭭तु सबक ेँ मᳯटकोरबा गामक िमिडल ᭭क ू लक हेडमा᭭टर साहेब बᱟत कटलिन छँटलिन आ शु क े लिन तािह लेल ᱟनका बᱟत ध᭠यवाद। िबना ᱟनकर सहयोग क े ई अपने सबक ेँ पढ़बा योय निहए भेल रहैत।हम अपना गामक िवभूितक फोटो निह छािप रहल छी। एकर कारण अपने सब पूरा पु᭭तक पढ़लाक बाद बुिझए जेबैक।
िवनीत
रामलाल परदेशी (गामक एक उ᭜साही युवक) गाम : खकपितया डाकघर:मᳯटकोरबा िजला : मधुबनी।
2. बीए मूल नाम : राम ᳰकसुन ᳲसह िपताक नाम : अजब लाल महतो ज᭠म ितिथ : 1 जनवरी 1940। ई ᱟनकर स᳷टᳰफक े टमे िलखल छिन, मुदा ᱟनक ि पताक अनुसार ओ तीन चाᳯर बरख जेठ जᱨरे छिथ। जखन ओ मᳯटकोरबा गामक िमिडल ᭭क ू लमे नाम िलखौलिन तऽहेडमा᭭टरक ेँ जे बूिझ पड़लै से लीख देलक ै । ᱟनकर ज᭠म तऽभरदुितया ᳰदन भेल छलिन।
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िशᭃ ा : यथा नाम, माने ओ बी.ए. पास छिथ। ओ गौरवसँ एखनᱟँ लोकक े ँ सुनबै छिथन जे मैᳯᮝक, आइ.ए. आ बी.ए.मे लगातार ओ तृतीय ᮰ेणीमे पास क े लिन। संगिह म ैᳯᮝकमे दू बेर, आइ.ए.मे तीन बेर आ बी.ए.मे चाᳯर बेर फ े ल क े लिन। उपलि᭣ध : ᱟनक सबसँ पैघ उपलि᭣ध छिन हमरा गामक पिहल आ एखन तक क े अि᭠तम ᮕेजुएट भेनाइ। पिछला करीब पचास बरखसँ एिह रेकॉडᭅक ेँ पकड़ने छिथ। ओᱠ पुरान जमानामे ᮕेजुएट भैयो कए ᱟनका जखन दस साल तक कतᱟ नोकरी निह भेलिन तखन ओ हाᳯर कए पु᭭तैनी का ज, खेती,मे लािग गेलाह। एहन निह जे सᱫे कतᱟ नोकरी निह भेलिन। पुᳶणयामे एक ठाम हाइ ᭭क ू लमे अ᭟यापक भेलाह मुदा पिहले ᳰदनक िहनक पढ़ाइ देिख कए ओतुका िव᳒ाथᱮ सबक े ँ िहनक योयताक बेस अ᭠दाज लािग गेलैक आ ओ सब हड़तालपर बैिस गेल। एमहर साँझमे िहनका जे म᭒छर कटलक से बोखार भऽगेलिन। दोसर ᳰदन ᭭क ू ल जाइ क े काजे निह पड़लिन। कᱟना एक ह᳙ापर गाम घुᳯर एलाह। िव᳒ाथᱮ स बक ेँ िवचारल बात िवचारले रिह गेलैक। फ े र दोसर बेर एहन योय िशᭃकसँ भेँ ट निहए भेलिन ᱟनका सबक ेँ।
᭭व᭭थ भेलाक बाद ओ िनयारलिन जे मा᭭टरी ᱟनका बुते पार निह लगतिन। चल गेलाह कलकᱫा भाग अजमबै लेल।कलकᱫामे एखनᱟ बीए पैघ योयता बूझल जाइत छलैक। ओना जािह समय बीए बीए क े लिन तािह समय िबहारक परीᭃा पितक चचाᭅ आन आन ठाम शुᱨ भऽगेल छलैक आ ᳰकछु लोक िबहारी बीएक ेँ ओकर उिचत हक देबा लेल तैयार निह छल। कलकᱫामे मᳯटकोरबा गाम क एक गोटे कोनो सेठक ᮟाइवर छल। ओ िहनक पैरवी क े लक सेठ लग। ᳰकछु बेिसए बढ़ा चढ़ा कए किह देलक ै सेठक ेँ । फल ई भेल जे सेठ िहनका िबना कोनो पूछताछ क े अपना गीपर मनेजर बना देलकिन। ई बᱟत खुसी भेलाह। मुदा भायक ेँ ᳰकछु दोसरे र᭭ता देखेबाक छलैक। तेसर ᳰदन सेठक एकटा िमᮢ आिब गेल आ ओकरा अनुपि᭭थितमे ओिहना िहनका संग गपसप करए लागल। ओकरा मोनम े कोनो दुभाᭅव निह छलैक मुदा सम᭭या छल घेघ कतᱟ नुकाएल रहए ! सेठक िमᮢक े ँ बीएक असली िघबही बीए हेबापर कने स᭠देह भऽगेलै आ एकर चचाᭅ ओ साँझमे अपना िमᮢ लग क े लक। अिगला ᳰदन जखन बीए गीप र बैसलाह तखन सेठ आिब कए ᱟनका पिछला तीन ᳰदनक िहसाब ᳰकताब पूिछ बैसल। बीए घबरा गेलाह। ओना ओ कोनो गड़बड़ी निह क े ने छलिखन मुदा िहनका ई बात िसखले निह छलिन जे यᳰद ᳰकओ िहसाब ᳰकताब पूछत तऽउᱫर कोना देल जाए। एखन तक ओ खाली ᳰकताबी ᮧ᳤क उᱫर रटैत आएल छलाह। ᳞ावहाᳯरक काजक उᱫर देब िसखबे निह क े लिन। से एतए ओ गड़बड़ा गेलाह। फल जे ओही ᳰदन दुपहᳯरयामे गामक गाड़ी धेलिन। एिहना ओ पटना, ᳰद᭨ली मु᭥बइ आᳰद कतेको छोट पैघ शहरमे सेहो भाय अजमौलिन मुदा भाय तऽᱟनका गाम घीचऽचाहैत छलिन से पुᳶणया रहओ ᳰक पटना,लखनउ ᳰक लुिधयाना, सब ठाम कोनो ने कोनो एहन पᳯरि᭭थित भइए गेलिन जे दू चाᳯर ᳰदनसँ बेसी निह ᳯटक सकलाह। बीए सᲅसेसँ बौआ कए गाममे खेती करए लगलाह। खेतीमे खूब नाम क मौलिन। दस ᳰकलो क े मूर आ सात ᳰकलो क े बैगन ᱟनक े खेतमे उपजल छलिन। हमरा गाममे गुलाब आ गᱶदा फ ू लक खेती ᱟनक े शुᱨ कएल िछएिन। एखन हमर गाम एकर नीक ᳞वसाय कऽरहल अिछ। आब तऽदेखादेखी अ गल बगलक गाम सबमे सेहो फ ू लक नीक खेती भऽरहलै अिछ। एिह ᮧयास लेल ᱟनका गामक पंचायतसँ िवश ेष पुर᭭कार भेटलिन। बीएक सबसँ पैघ उपलि᭣ध भेलिन गामक लोकक ेँ ᭭क ू ली आ कौलेिजया पढ़ाइक ᮧित अिव᳡ास करौनाइ। तकर बाद ᳰकयो अपना धीया-पूताक ेँ ᭭क ू ल कौलेज निह पठौलक। माᮢ साᭃर बनै लेल मᳯटकोरबाक िमिड ल ᭭क ू ल तक। हमᱠ जे दशमा पास क े लᱟँ से एही कारण स᭥भव भेल जे बाबूजी गुजᳯर गेला आ माएक ेँ हम किहयो ई बूझऽनिह देिलयै जे हम कतए जाइ छी आ कᳱ करै छी।
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दस साल तक िविभ᳖ शहर सबमे घुमैत ठोकर खाइत बीएक े ँ ᳰकछ ु नीक बुि तऽभैए गेलिन। एकर उपयोग ओ क े लिन गाममे झगड़लगौनाक ᱨपमे। ᱟनकर िवशेषता अिछ जे ᱟनका संग जे लोक पाँचो िमनट बैिस गेल आ ᱟनकर देल एक िख᭨ली पान खा लेलक ओ अपना ᳰदयादी आ ᳰ क पाᳯरवाᳯरक झगड़ामे जᱨर फ ँ सत। आ ओिह झगड़ाक पंचैतीमे बीए जᱨरे रहता। बेसी झगड़ा गामक पंचैती सँ उपर निहए जाइ छैक। ᳰकछुए एहन घटना भेलैक जे बीए बादमे स᭥हाᳯर निह सकला आ मोकदमा भऽगेलै। कतबो माँजल ओझा गुणी रहथु, ᳰकछु भूत ᱟनको हाथसँ छुᳯटए जाइ छिन ने। तिहना बूझू। हमरा गामक सीमामे जे चाᱨ कातक चाᳯर पाँच गामक लोकक जमीन जाल छैक ओहो सब एिह झगड़लगौना ᮧेतक चᲥरमे फ ँ िसये जाइत अिछ। सबक ेँ बूझल छैक जे बीए संग बैसनाइ आ ᱟनकर पान खेनाइ माने भेल कपारपर दुरमितया सवार। मुदा कहाँ ᳰकयो बिच पबैत अ िछ? बीएक मधुर स᭥भाषणक आगू सब फ े ल। बीए एिह लूिड़सँ कोनो कमाइ निह करैत छिथ, ई तऽमाᮢ ᱟनकर म नोरंजन िछएिन। एहन उदार चᳯरᮢक लोक परोपᲵामे निह भेटत। एिह ᳰकताब िलखबाक ᮓम मे एक ᳰदन ह म पूिछ देिलएिन- “एखन तक कतेक लोकक बीच झगड़ा लगा देने हेबै?” ओ तऽ सबटा लीख कए रखने छला। एकटा पैघ िल᭭ट हमरा आगू पसाᳯ र देलिन। हम चᳰकत भऽ गेलᱟँ। बीए तऽ नारदोक कान कटलिन मुदा ᳰकनको बूझल निह। जᱨर एकरा एक बेर िगनीज बुक अथवा िलमका बुक मे छपबैक कोिशश करबाक चाही। से भऽ गेला सँ अहᱭ कᱠ हमर गाम अपना िजला आ ᳰक ᮧदेश मे नाम करत कᳱ निह? q
3. खुरचन ठाक ु र मूल नाम : ᳰकसुनलाल ठाक ु र, ᮧिसि खुरचन ठाक ु र िपताक नाम : ितरिपत ठाक ु र ज᭠म ितिथ : अ᭄ात मृ᭜यु: सन उनैस सौ सतासी सालक बाᳰढ़मे उपलि᭣ध : खुरचन ठाक ु रक ᮧिसि खुरचने लऽकए भेल। ᱟनका लेल अ᭭तूरा बेक ार छल। अनेरे लोक टाका खचाᭅ करत। ओ खुरचनक ेँ िपजा लैत छलाह आ क े हनो बढ़ल क े स-दाढ़ी रहओ, काᳯट दैत छलाह।ओहीसँ नह सेहो काᳯट दैत छलाह। जखन क े श छँटबैक ᮧचलन बढ़लै तखन खुरचन ठाक ु र अपन ओही औजारसँ क े श छाँटब सेहो शुᱨ क े लिन। क े शमे ककबा सटा दैत छलिखन आ ओिह उपरसँ खुरचन च ला दैत छलिखन। देखिनहारक े ँ चकचो᭠ही लािग जाइ छलिन जे िबना क ᱹ ची क े क े श कोना एतेक सु᭠दर छँटा जाइत छलैक।
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आ क े हनो फोरा-फ ु ᭠सी रहओ खुरचन ठाक ु रक डाकदरीक आगू सब जेना सरᱶडर कऽदैत छल। फोराक डाकदर ᱨपमे खुरचन ठाक ु र परोपᲵे निह दश कोसमे नामी छलाह। किहयो कए तऽᱟनका दूरापर लोकक लाइन लािग जाइत छल। खुरचन ठाक ु रक खुरचनक ᭭पशᭅ होइतिह लोकक ेँ आरामक बोध होमए लगै छलै। बीए जखन एक बेर कोनो शहरसँ घुरलाह तऽखुरचन ठाक ु र ᱟनका देखल क ओतुका सैलूनमे क े श छँटेने। बीएक ेँ एखनᱟँ मोन छिन खुरचन ठाक ु रक ᱟथान। आ ओिह ‘अलूᳯर’ नािपतक लेल ᮧयोग कएल गेल अपश᭣द सब जे बीए हमरा सुना तऽदेलिन मुदा िलखबासँ मना कऽदेलिन। पूरा गाममे खुरचन ठाक ु र एकसर, सᲅसे गाम ᱟनकर जजमान। मुदा माᮢ एकटा औजार, खुरचन, आ गाम नेहाल। एहन छलाह र᳀ हमर खुरचन ठाक ु र। q
4. टहलू दास मूलनाम : िसयारामम᭛डल िपताक नाम : जगदेव म᭛डल ज᭠मितिथ : अ᭄ात मृ᭜यु: अकालकवषᭅ (स᭥भवतःउनैससौिछयासᳯठ) उपलि᭣ध : टहलूटहलैततऽकमेछलाहमुदाᱟनकचािलमेबड़काबड़काहाᳯरजाइतछल।बूढ़ल ोकसबिख᭭साकहैत छिथजेएकबेरककरोसारसाइᳰकलपरचᳰढ़कए हमरागामएलाह।ᱟनकरगामकरीबसात-आठकोस (एखुनकालोकलेलबूझूचौबीस - पचीसᳰकलोमीटर) दूर।साइᳰकल ओिह समय ककरो ककरो रहैत छलै, हमरा गाममे ककरो निह छलै से बूझू सᲅसे गाम जमा भऽगेल साइᳰकल देखबा लेल। टहलूᱟनकापूिछदेलिखन- “कतेकसमयलागलसाइᳰकलसँहमरागामअबैमे?” ओगवᭅसँबजलाह- “इएहगोटेकघंटाबूिझिलअऽ।” ओहो अ᭠दाजे बजलाह कारण हाथमे घड़ी तऽछलिन निह आ ने टहलूएक ेँ बूझल छलिन जे एक घंटा कतेक समय होइत छैक।टहलूᱟनकादूसैतबजलाह-
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“एतेककालमेतऽहमपएरेचलजाएबआघुᳯरकएचलोआएब, आयᳰदइ᭠तजामकएलरहततऽअहाँकघरपरभोज नोकऽलेब।” सारक ेँभेलिनजेअनगौआँबूिझकनेडᱭगहँक ै तछिथ।ओᱟनालोक गाममे आएल ककरोसारकसंगहँसीमजाककऽलैतेछल।एहनोकतᱟभेलैएजेलोकसाइᳰकलसँदूनोस ँबेसीचिललेत? मुदाएकरफᳯरछौ हᳯटकोनाहोअए?ओजमानातऽमोबाइलटेलीफोनकछलैनिहजेतुरᱫेईककरोखबᳯर कऽᳰदतिथनगाममेजँचैलेलजेसᱫेमे टहलूओिहगामपᱟँचलाहᳰकनिह। योजनाबनलजेबड़कᳱपोखᳯरकचाᱨकातदूनूगोटेघुमता।सारसाइᳰकलसँआट हलूपएरे।पोखᳯरक चाᱨ कात र᭭ता साइᳰकलो चलबै लेल नीक े छलैक। जेना ᳰक ओिह समय सब ठा म रहैत छलै, किᲬए मुदा समतल आ पीटल-पाटल। जतेकतेजअपनचिलसकिथसेचलथु।यᳰदटहलूसᱫेमेबड़तेजचलैतछिथतऽचᲥरलगबै मेकमेसमयलगतिन।ओचᲥरलग बैतरहताहजाबतसार महोदयसाइᳰकलस ◌ँएकचᲥरपूरानिहकऽलेिथ।यᳰदसारेमहोदयपिहनेएकचᲥरलगालेताहतऽओहो ताबततकचᲥरलगबैतरहता जाबतटहलूएकचᲥर पूरानिहकऽलेिथ ।अ᭠तमेजेजतेकबेसीचᲥरलगौनेरहतसेततेकसौटाकाजीतत।मानेभेलजेएकचᲥरक े समयमेयᳰदᳰकयोदूचᲥरल गालेततऽएक चᲥर बेसी भेलैक तािह लेल एकसौᱧपैयाजीतत।यᳰदआधाचᲥरबेसीलगाओततऽपचासᱧपैयाजीतत।एिहसँकम भेलापरदूनूक ेँ बरोबᳯरएबूझलजा एत। गौआँजमाभऽगेलदेखबालेल।सारकबिहनोक ेँकहलगेलिनᱟनक े पᭃमेरहैलेलजेकोनोतरहकबेइमानीकगुंजाइस निहरहै।खेलाशुᱨभेल। जतेकताकतछलिनततेक पैिडलमेलगबैतसारमहोदयसाइᳰकलदौड़ेलिन।मुदाटहलूतऽिनपᱫा।जाबतओए कमोहारटपिथताबतटहलूएक चᲥरपूराकऽलेलिन। साइᳰकलआपएरेदौड़चलैत रहल।अ᭠तमेसारमहोदयपूरेतीनसौटाकाहाᳯरगेलाह। ओजेहमरागामसँपड़ेलासेफ े रघुᳯरकएकिहयोनिहएएला।टहलूदासकएिहगुणकजानकारीगामोमेबᱟतोलोकक ेँ निहछलैक। आबतऽिहनकरगुणकबखानसबतᳯरहोमएलागल।डाकिवभागिहनकादौड़हाकनोकरीदेबालेलतैयारभऽगेलआ एिहआशयक े िचट ◌्ठीसेहोिहनकापठा देलकिन।मुदाईअ᭭वीकारकऽदेलिखन। “उᱫम खेती, म᭟यम बान, अधमचाकरी, भीखिनदान” बलाफकराजेरटनेरहिथ।ओकोनोदशामेचाकरीनिहकरताह। निहए क े लिन। एहनमहानछलाहटहलूदास।
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5. िचलमसᲂट भाइ मूलनाम : क े वलराउत िपताकनाम : बनारसीराउत ज᭠म ितिथ : अ᭄ात मृ᭜यु: करीबचालीससालपिहने। उपलि᭣ध : नामगुणकाजछलिनᱟनकर।िचलमसᲂटनामेपड़लिनजखनᱟनकािचलमसँबीत भᳯरधधराउठएलग लै।गामैकगजेरीसाᱟकअिभ᳖िमᮢ।गजेरी साᱟगाजाबेचिथआिचलमसᲂटकᳱनिथआतािहपरसᲂटलगाबिथ।सᲂटलगबैमेᳰकछुगोटेआरसंगदैतछलिखनमु दाओसबहमरासंकलनलेल मह᭜वपूणᭅनिहछिथ। एकबेरगाममेदूटाबबाजीएला।ईदूनूएकन᭥बरक े गँजेरी।ओ बरकᳱ पोखᳯरक पाकᳯर गाछ तर अपन आसन जमा लेलिन। एकटा गौआँक ेँ चेला मुड़लिन, ओिह ᳰदनक बुतातीक जोगार सेहो क े लिन आ िचलम लेल गाजाक जोगार सेहो। अपनामे म᭭त ई दूनू लगलाह िचलम सᲂटए। ᳰकछु गौआँ िहनक िचलमक सᲂट देिख रहल छल। अित साधारण ᱨपᱶ ई सब सᲂट लगा रहल छलाह। ओ ᳯट᭡पणी क ै ए देलक- “अहाँ दूनूसँ नीक तऽहमर गौआँ िचलम धुक ै त अिछ, ओकर नामे पिड़ गेलैक िचलमसᲂट भाइ।” बबाजी सबक ेँ लगलिन जे गौआँ सब िहनकर िन᭠दा कऽरहल छिन। ओ िचलमसᲂटक ेँ बजबै लेल कहलिखन। िचलमसᲂट बजाओल गेलाह। फोकट क े गाजा आ तकर सᲂट – ई बात सोिचए कए ओ मुᳰदत भेल छलाह। तैयो अपन गुणक ेँ नुकबैत बबाजी दूनूक ेँ ᳯटटकारी देलिखन नीकसँ सᲂट लगबै लेल। ओ सब पूरा दम लगा कए सᲂट िखचलिन तऽएक बेर कने दू-तीन आँगुर धᳯर धधरा उपर उठलैक । िचलमसᲂट िवन᮫ भावᱶ अपन िचलम सुनगौलिन आ लगला सᲂट खीचए। जेना जेना गाल धँसैत गेलिन तेना तेना धधरा उपर उठैत गेलै। अ᭠तमे पूरे हाथ भᳯर धधरा उᳯठ गेलै। एहन चम᭜कार तऽपिहने कोनो गौआँ निह देखने छल। बबाजी सब तऽचᳰकत आ डराएल। ओिहमे एक गोटे दोसरक ेँ कहलिखन- “एकरा चेला बना लेब ठीक रहत।” िचलमसᲂटक ेँ गाजा चᳰढ़ गेल छलिन। ओ उनटे ओिह बबाजीक ेँ भᳯर पाँज कऽधेलिन आ बजलाह-
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“रौ सार, िचलम सᲂटैक लूᳯर तऽछौक े निह, हमरेपर गुᱧआइ करमे? हमरा चेला बनेमे? ढहलेल निह तन। चल, आइसँ तो दूनू हमर चेला बिन जो आ हमर नोकर जकाँ काज कर । साँझुक पहर हम तोरा दूनूक ेँ िचलम सᲂटैक लूᳯर िसखाएल करबौ।” आब तऽदूनू बबाजीक बोलती ब᭠द। कᱟना अपनाक ेँ छोड़ा कए ओ दूनू नाङᳯर सुटकबैत गामसँ भगलाह। िचलमसᲂट भाइ अपना काजमे अि᳇तीय छलाह। इलाकामे करीब दस ग ामक बीच ᱟनकासँ हाथ िमलबै बला ᳰकयो निह भेल छल। q
6. नक ू पहलमान मूल नाम : परमेसर यादव िपताक नाम : शीतल यादव ज᭠म ितिथ : अ᭄ात मृ᭜यु: सन उनैस सौ बेरासी साल उपलि᭣ध : नक ू कने नᳰकआइत छलाह बजबामे तᱶ ई नाम भेलिन। ᱟनका हनुमा नजीक सराप आ आशीवाᭅद छलिन जे कोनो क ु᭫ती खेलामे पिहल दू बेर तोरा हारए पड़तौ। जखन तᲂ दू बेर हाᳯर जेमे तखन तेसर बेर क े हनो पहलमानसँ िभरमे, िजतबे करमे, से ओ साᭃात भीमे ᳰकएक निह आिब जाथु। बूिझ ले हम अपनिह तोरा शरीरमे ᮧवेश कऽजेबौ। ई बात ककरᱟ निह बूझल छलैक ᱟनकर बाबूजीक े ँ छोिड़। साधारण िभड़᭠तमे हाᳯर-जीत चिलते रहैत छलैक। लोक एतेक ठेकान निहए करैत छल जे कोना दू बेर हारलाक बाद नक ू िनि᳟ते तेसर बेर जीत जाइते छिथ। एक बेर दरभंगा राजक पोसुआ क ै लू पहलमान हमरा गाम ᳰदससँ जाइत छला। ᱟनका गुमान जे पूरा िजलामे ᱟनकासँ हाथ िभरबै बला ᳰकयो निह छिन। ई गप तािह ᳰ दनक छी जिहया मधुबनी िजला निह बनल छलै आ दरभंगे िजलाक सविडिवजन छलै। हमरा गाममे ᳰकयो अगᱫी छ ᲅड़ा ᱟनका ᳯटटकाᳯर देलक जे गामक नक ू पहलमानसँ एक बेर हाथ िभरा लेिथ। पिहने तऽओ अपन ᮧित᳧ा बूिझ एकरा अनठबए चाहलाह मुदा गौआँक िजदपर अखाड़ामे उतᳯर गेला। नक ू सेहो उतरला आ हनुमानजीक ेँ ᭭मरण क े लिन। खेला शुᱧ भेल। क ै लू आ नक ू अखाड़ामे चᲥᳶघ᳖ी कटैत आ एक दोसरा पर दाओ बजारैक चे᳥ामे लागल। ᳰकयो दोसराक देहमे सᳯट निह रहल छल। आ ᳰक नक ू ᳰकछु क े लिन आ ᭃणेमे क ै लू िचत, नक ू ᱟनका छातीपर सवार। लोक अकचकाएले रिह गेल। तालीपर ताली परए लागल। क ै लूक ेँ ᳰकछु बुझाइये निह रहल छलिन जे कᳱ भेलै, कोना भेलै, कोन दाओ लगलै जकर ओ स᭥हार निह कऽसकला।
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दूनू पहलमान उठलाह, देह झाड़लिन, हाथ िमलौलिन आ अपन अपन ग᭠त᳞ ᳰदस िवदा भेला। नक ू जीत गेलाह मुदा ᱟनका एकर कोनो गुमान निह छलिन। ᱟनक ा बूझल छलिन जे अिगला दू क ु ᭫ती ᱟनका हारबाक छिन। ओ अपनाक ेँ किहयो महान निह कहलिन, ई ᱟनकर न᮫ता छलिन। q
7. पि᭛डतजी मूल नाम : राधाक ृ ᭬ण िम᮰ िपताक नाम : ल᭯मण िम᮰ ज᭠म ितिथ : उनैस सौ पचास सालक फगुआ ᳰदन। उपलि᭣ध : हमरा गामक एकमाᮢ ᮩाᳬण पुरोिहत पᳯरवार, पि᭛डतजी खाली नामेसँ पि᭛डत छिथ। िहसाबᱶ Ბठा छापे रिह गेला। भᳯर गामक जजमिनका स᭥हारै लेल भािगनक ेँ बजा अनलिन। अपने ओकरा संग खाली नᲂत खेबा लेल जाइ छिथ। मुदा पि᭛डतजी अि᳇तीय भैए गेलाह। ई भेल ᱟनक अ᭞भुत गुणक कारण। ओ मᳲहसलेट भऽगेला। महᱭसपर बैसल बाधे बाध बौआइत रहबामे ओ ककरो कान काᳯट सक ै त छिथ। बᲬᳲहसँ ओ महᱭसपर जे चढ़ए लगलाह से एखन तक कइए रहल छिथ। महᱭसे पोसब ᱟनक मुय ᳞वसाय भेलिन। एकटा ᮩाᳬण क ु लमे ज᭠म लइयो कए ओ कोनो यादव पᳯरवारसँ बेसी दूधक ᳞ापार क े लिन आ ओिहना कोनो यादव पᳯरवारसँ बेसी पािन दूधमे िमलबैत रहला। तैयो िहनक दूधक िबᮓᳱ कम निह भेल। महᱭस क खरीद िबᮓᳱ क े लिन, ओकर दवाइ दाᱨ सेहो बुझैत छिथ आ सब तरहᱶ महᱭसक िवशेष᭄ ᱨपᱶ इलाकामे ᮧिस छिथ। िहनका ᮧसादᱶ कतेक महᱭस क ᱶ ᮧाण बचलै। ᭣लॉक क े मवेसी डाकदर सेहो िहनकर ᭄ानक ᮧशंसा करैत छिन। पि᭛डतजी एकटा आर गुण लेल ᮧिस छिथ– आशीवाᭅद देबाक िहनक श᭣ दकोष िब᭨क ु ल अलग अिछ। ‘जीबू जागू ढनढन पादू’ तऽ िहनकर तᳰकया कलाम अिछ मुदा जखन ᳰकयो कोनो तरहक छोट पैघ गलती कऽ बैसैत अिछ तखन िहनक मुह सँ बहराएल श᭣द िव᳡क कोनो कोष म े भेटऽ बला निह। आ सुनिनहार क े हनो मोट चामक बनल रहओ, कान मूनिह पड़ैत छैक। ओ आशीवाᭅद-वषाᭅ लोकक धैयᭅक परीᭃा सेहो लैत छैक। आ जे कने अधीर भेल तकरा तऽ भूलुि᭛ठत भेनिह क᭨याण। महᱭसक संग संग ई गायक ᳞ापार सेहो करैत छिथ। गाय दरबᲯापर पोसैत कमे छिथ, खाली खरीद िबᮓᳱक काज हाटपर करैत छिथ। मᳯटकोरबा गामक हाटपर मरदुआ ᳯर क ै ल गाय स᭭त दामपर कᳱनैत छिथ, ओकरा दस ᳰदन नीक जकाँ खुआ िपआ कए आ जिहना आइकािल लोक क े श रंगैत अिछ तिहना नवका तरीकासँ रंग चढ़ा कए कारी गायक ᱨपमे दु᳖ा-ितगु᳖ा दाममे बेिच लैत छि थ। बेचबा काल ᭟यान रखैत छिथ जे ᮕाहक बेस दूरक इलाकासँ रहए। लग पासक ᮕाहकक ेँ ओ कारी गाय निह बेचैत छिथ। एक दू बेर गौआँक ेँ सर स᭥ब᭠धीक
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मारफत सुनबामे एलै जे मासे ᳰदनक भीतर गायक रंग बदलए लगलै। म ुदा ई िशकाएित सीधे पि᭛डतजी लग ᳰकयो निह पᱟँचेलक। आशीवाᭅद-वषाᭅ मे िभजबाक डर जे रहैत छैक। एखन तक पि᭛डतजी बेदाग अपन ᳞वसायमे लागल छिथ। q
8. ल᭥बोदर मूल नाम : दᳯरᮤ नारायण झा िपताक नाम : पलटू झा ज᭠म ितिथ : अ᭄ात मृ᭜यु: पाँच वषᭅ पिहने उपलि᭣ध : ल᭥बोदर नाम गुण पैघ उदर बला छलाह। हमᱠँ देखने िछऐिन ᱟन कर शरीर। क᭛ठसँ डाँड़क बीच माᮢ एक ितहाइमे छाती आ दू ितहाइमे ल᭥ब उदर। से कोनो पैघ धोिध फ ू टल निह, सपाट। आइ कािल हीरो सब िससपैक चमकबैत रहैत अिछ मुदा ल᭥बोदरक े ँ छातीआ पाँजरक सबटा हाड़ लोक सौ मीटर दूरोसँ गिन सक ै त छल। ᱟनका बुझलो निह छलिन जे ई शारीᳯरक सौ᳧वक िवशेषता िछऐ। वृिᱫएँ ल᭥बोदर मरणोपरा᭠तक सं᭭कार करबैत छलिखन।आ पोखᳯरपर भोजन करब ᱟनक एिह वृिᱫक अंश छल। मुदा एक बेरक िख᭭सा जे बूढ़ लोक कहैत छिथ से अ᭞भुत छल । ल᭥बोदर अपन जजमिनकामे कोनो गाम गेल छलाह। ओतए चूरा-दही भोज छलैक। इ᭠तजाम तऽठीक े छलैक मुदा िहनका सबिहक भोजन बेर ᳰकछ ु क ु ᳞व᭭थाक कारण दही कने कम पिड़ गेलै कारण पोखᳯर पर सामान िहसाबे सँ पठाओल गेल छलै। ल᭥बोदर लगलाह अखरा चूरा फा ँकए। जाबत घरवारी दहीक ᳞व᭭था क े लिन ताबत ई करीब पाँच सेर चूरा सधा देलिखन। आब हाल ई छल जे जाबत दही आबए ताबत िहनका पातमे चूरा सिध जाए, ई छु᭒छे दही सुड़किथ आ तकर बाद फ े र अ खरा चूरा फाँकिथ। ई अपना दूनू कात माᳯटपर चे᭠ह दऽकए आन लोकक ेँ उᳯठ जेबाक संक े त देलिखन आ अपने खाइते रहलाह। जखन करीब एक बोरा अखरा चूरा आ चाᳯर तौला दही सधा देलिन तखन घरवारी हाथ ज ोिड़ कए ठाढ़ भऽगेलिखन। तैयो ई ढकार निहए लेलिन मुदा पᳯरि᭭थितक ेँ बूिझ घरवारीक ेँ किह देलिखन- “अहाँ पार उतᳯर गेलᱟँ, हम आब तृ᳙ छी।” एतबा किह ओ उᳯठ कए हाथ धोलिन, पान सुपारी लेलिन आ दस ᳰक लोमीटर टहलैत टहलैत गाम आिब गेलाह। ᳰकयो कखनᱟ ᱟनकर पेट उठल ᳰक फ ू लल निह देखलक। अिगला ᳰदन ल᭥बोदर फ े र कोनो भोज खेबा लेल तैयार। िहनक े भोजन देिख ने ᳰकयो फकड़ा बनौने छल – पाँच पसेरी अखरा चूरा, दही छाँछ भᳯर जलखै जकरा
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कᳱ हैत चटने पाभᳯर जोड़न? ऊ ँ टक मुहमे जीरक फोड़न !
हमरा अपना गाममे ᱟनका क े खुअिबतए? मुदा ओ पᳯरि᭭थितक ेँ बुझैत छलिखन आ गामक भोजमे किहयो छूटल घोड़ा जकाँ ᳞वहार निह क े लिन। हमरा गाममे ᳰकएक ककरो बूझल रहतैक जे िगनीज बुकमे ᱟनकर नाम र ेकॉडᭅमे िलखिबतए। हमसब एिह गौरवसँ चूᳰक गेलᱟँ तᱶ हम िनयारल जे अपन संकलनमे ᱟनकर चचाᭅ जᱨर करब। q
9. नटवर लाल मूल नाम : जय᭠त क ु मार लाल दास िपताक नाम : िशव मोहन दास ज᭠म ितिथ : सन उनैस सौ अठतालीस क े चौरचन ᳰदन उपलि᭣ध : नटवर लालक िपता अ᭨प वयसमे मᳯर गेलिखन। माताक एकमाᮢ स᭠ तान ई गामक िबगड़ल छᲅड़ा सब क े संगितमे फ ँ िस गेलाह। य᳒िप हमरा गाममे बीएक अ सफलताक बाद सब गाᳶजयन अपन िधयापूताक ेँ ᭭क ू ल जेबासँ परहेज करबए लागल मुदा जय᭠त क ुमार लाल दास ᭭क ू ल गेला जिहना ᳰक िहनका टोलक ᳰकछु आर बᲬा सब करैत छल। कᱟना अठमा तक घुसकला तकर बाद हाथ उठा देलिन। बᲬᳲहसँ िहनकामे िवशेष लूᳯर छलिन लोकक े ँ ठकबाक। पिहने तऽबᱟत ᳰदन तक माएक े ँ ठकलिन आ मᳯटकोरबा गामक हाटपर िझ᭨ली कचरी बतासा ल᭙डू खाइत रहला ह। तकर बाद अनकोपर अपन मंᮢक ᮧयोग क े लिन। ल᭥बोदरक िपितयौतक ेँ जजमिनकामे भेटल रंगल धोती सब ई कामित टोलक लोकक े ँ ᳰकना दैत छलिखन, बेसी दामपर जे तोरा रंगक खचाᭅ बिच गेलᱟ, आ धोती बलाक ेँ किह दैत छलिखन जे रंगल धोती ᳰकयो निह कᳱनत, ओ तऽध᭠य कᱠ जे हम एक गोटेक े ँ फ ु सला कए राजी क े लᱟँ। धोती बेचिनहार किहयो निह बुझलिन जे क े ᳰकनलक आ कᳱनिनहार किहयो निह बुझलिन जे ककर धोती ई ᳰकनलक। एही तरहे ँ पुरना ᳰकताब िव᳒ाथᱮसँ लऽ कए ओकरा नवका भावᱶ बेचिथ। एिह ᳞वसायमे िहनका नीक आमदनी होमए लागल। अपने ई लील ᳯटनोपाल देल नीक धोती गंजी पिहरए लगलाह। एिह बीच ᳰकशोर वयसमे ᮧवेश कᳯरते िहनक आदित सब िबगड़ए लागल । ई सुनसान गाछी िबरछी आ पटुआ क ु िसयारक खेतमे िशकार करए लगलाह। हाथमे पाइ रिहतिह छलिन से िशकार भेᳯटए जाइ छलिन। सब गाममे सब तरहक लोक होइ छै आ हमरो गाम एिहसँ बचल निहए छल। मुदा जखन एक गोटेक ेँ ᳰकछु भऽगेलै आ ओकर बाप िहनका तंग करए लागल िबयाह कऽलेबा लेल तखन ई पिहल बेर डरा कए गामसँ भािग गेला।
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छओ मास बाद घुरला तऽमाएक ेँ सब बात बुझबामे आिब गेल छलिन। ओ बेचारी नीक र᭭ता धेलिन आ िहनकर िबयाह करा देलिखन। नटवर लाल प᳀ीमे रिम गेला। साल े साल पुᮢ र᳀क बरखा होमए लागल। तेरह साल पुरैत पुरैत िहनका लग छोट पैघ तेरहटा बᲬा छल– एकछाहा पुᳲ᭨लग। घरमे जगह तऽनिहए छलिन, बुतातोपर आफत आिब गेलिन। ताबत माताराम उपरक र᭭ता धेलिन आ ई लगला पु᭭तैनी जायदादक े ँ बेिच गुजर चलबए। एिह बीच िहनकर भाय जागल जखन मािᮢकक एक गोटे बᱹक मनेजर बिन कए राजनगर एलिखन। िहनकर दुदᭅशा देिख ओिह बेचाराक ेँ दया लािग गेलै आ िहनका बᱹकमे चपरासीक नोकरी भेᳯट गेलिन। आब कᳱ छल? राित ᳰदन िहनका आ᭑गनसँ माछक सुग᭠ध उठए लागल। बᱹकमे पᱟिच नटवर लालक ेँ अपन असली ᱨप देखेबाक अवसर भेᳯट गेलिन। हमरा गामसँ राजनगर दस ᳰकलोमीटर। ताबत ने रोड नीक भेल छलै आ ने टे᭥पूक चलन भेल छलै। ई लोकक ेँ फ ु िसया फ ु िसया बᱹकमे खाता खोलबौलिन आ तकर बाद ओकरा सबक े ँ लघु बचत योजनासँ जोᳯर िन᭜य साँझमे एकटकही दुटकही, जकरा जेहन जुड़ै, से जमा करए लगला। पासबुक बिन गेलै मुदा सबटा पा सबुक ई अपनिह संग राखिथ। लोकक े ँ िव᳡ासमे लेने। जᱨरित पड़लापर सौ पचास उधार सेहो दऽदैत छलि खन ई किह जे बᱹकसँ लोन भेटलᱟ। लोक लोन सधबए लागल आ अिगला ᳰक᭭त उठबए लागल। एिह बीच ई गामक संिचत टाका िनजी काजमे लगाबए लगला। पासब ुकपर ᳰकछु चढ़ै निह। लोकक ेँ ᳰकछु बुझबामे अबै निह। ᮧायः पाँच साल तक ई खेला चलैत रहल। ᳰ कयो यᳰद किहयो पासबुकक चचᲃ करए तऽई बह᳖ा बना देिथ जे बᱹकमे राखल छै। दश ᳰकलोमीटर िबना कोन ो साधन क े चिल कए जाएब कᳯठन छलै आ लोक अनठा दैत छल। एक बेर ककरो बेटीक िबयाह लेल पाँच हजार टाका िनकासी करबाक जᱨरित भेलै। ओकरा िहसाबᱶ जतेक टाका ओ जमा करैत गेल छल ओिहसँ पाँच हजार जᱨरे उठाओल जा सक ै त छलै। नटवर लाल ᳰकछु ᳰदन टालमटोर करैत रहला। मुदा बेटी बला कते ᳰदन मािनतए? अ᭠तम े हाᳯर कए ओ एक ᳰदन पᱟँिच गेल राजनगर बᱹक। तकर बाद जे हेबाक छलैक सएह भेलै। सबटा भेद खुिज गेलै आ बेटी बलाक खातामे माᮢ अढ़ाइ सौ टाका भेटलै। गामक ᮧायः सब क े टाका डुबलै। सब अपन कपार पीट कए रिह गेल। नटवर लालपर िवभागीय कारवाइ भेलिन, ओ जेल गेला। एिह बीच त ेरह पुᮢ सेहो बढ़ैत गेलिखन आ सᲅसे भारतमे िछिड़या गेलिखन। ᱟनका लोकिनक लेल बापक पापक बी च गाममे रहब कᳯठन भऽगेलिन। प᳀ी सेहो अ᭭व᭭थ रहए लगलिखन आ करीब चाᳯर सालक बाद ᭭वगᭅ गेलीह। पेरोलपर आिब नटवर लाल प᳀ीक सं᭭कार क े लिन। करीब सात साल जेलमे सरलाक बाद ओ गाम घुरला। मुदा ᱟनका मुख रापर कोनो लािनक भाव किहयो निह एलिन। एखन गामे रहैत छिथ आ बेटा सबहक पठाओल टाकापर गुजर करैत छिथ। कोिशश तऽओ एखनᱟ करैत छिथ लोकक ेँ ठकबाक, पुरान आदित जे छिन, मुदा आब लोक िहनका चीि᭠ह गेल अिछ से िहनका निह सुतरै छिन। q
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10. झलकᳱ देवी मूल नाम : अ᭄ात, सब ᳰदन लोक ओकरा एही नामसँ जनैत छैक। िपताक नाम : रतन सदाए ज᭠म ितिथ : ठीकसँ निह बूझल मुदा हमर समवय᭭क े अिछ झलकᳱ। उपलि᭣ध : झलकᳱ अपन माए-बापक एकमाᮢ स᭠तान। बᲬेसँ कने गौरवाह। किह यो कोनो समवय᭭क छᲅड़ाक ेँ गुदानलक निह। िबयाह भेलाक बाद एतिह रिह गेल। पित घर-जमाए बिन गेलिखन। झलकᳱ सु᳖ᳯर अिछ एखनᱟ। जखन ओ यौवनक देहᳯरपर डेग देलक तखन गाममे बᱟतोक ेँ मोन डोललै। कसल देह, सुगᳯठत बाँिह आ यौवनक अ᭠य सब लᭃणसँ युᲦ जखन ओ अ᭨हर भावᱶ बाध ᳰदस जाइत छल तखन हमरा उमेरक छᲅड़ा सब ओकर पछोड़ धऽलैत छल। ओकरा लेल धन सन। एक बेर चौरमे रहमतबा कने नजदीक आिब गेलै, झलकᳱ पाछू घूिम ओकरा तेहन चाट मारलक ै जे ओ ठामिह खिस पड़ल, दाँती लािग गेलै। तकर बादसँ हमरो सबक ेँ बूझल भऽगेल आ झलकᳱ अपनᱟँ आ᳡᭭त भेल जे ᳰकयो ओकरा देहमे िभरब ाक साहस निहए करतै। हम जखन ᳰद᭨ली चिल गेलᱟँ तखनुक घटना िथक। झलकᳱ एकसᳯरये छ ल घरमे। एिह बातक फाएदा उठा मᳯटकोरबा गामक भूतपूवᭅ मुिखयाक बेटा अपन एकटा उंड संगीक संग ओकरा घरमे ᮧवेश क े लक बला᭜कारक उ᳒े᭫यसँ। मुदा चल गेल यमलोक। झलकᳱ किचया हाँसूसँ दूनूक े ँ दू टुकड़ी कऽदेलक ै आ घरेमे गाᳯर देलक ै । ओतबे निह, शोिणत लगले कपड़ामे राितएमे हाँसू हाथमे लेनिह सᲅसे टोलम े िचकᳯर कए किह देलक ै जे ᳰकयो यᳰद गवाही देतै तऽओकरो यमलोक जाए पड़तैक। तकर बाद पोखᳯरमे नहा लेलक, हाँसू धोलक आ आिब कए िनि᳟᭠त भऽकए सूित रहल। ओकर एिह धमकᳱसँ कानूनक काज तऽᱧᳰकतै निह। अिगला ᳰदन थाना पुिलस ओकरा ओिह ठाम पᱟँिच गेलै। झलकᳱ घरसँ बहराएल तऽगरदिनमे सातटा किचया हाँसूक माला पिहरने। एहन रौᮤ ᱨप तऽपुिलसो किहयो निह देखने छल। दूनू पुिलस दरोगाक पाछू सुटᳰक गेल जेना मरखाहा साँढ़क ेँ अबैत देिख छोट बᲬा माएक पाछू सुटᳰक जाइत अिछ। ककरो िह᭥मते निह होइ ओकरा लग जेतै, आ ᳰक घरमे ᳰकछु सचᭅ करतै। दरोगा ओकरा पुछलक ै- “तᲂ राितमे ककरो खून क े लही?” झलकᳱ िनडर भावᱶ उᱫर देलक- “एखन तऽदुइएटा क ेँ कटलइयैए, जँ छᲅड़ा सब आबᱟ निह सीखत तऽदू सैइयोक े ँ काᳯट देबै एही किचया हाँसूसँ। जकरा जे करबाक छैक से कऽिलअए। हम ने कतᱟ जेबै आ ने कक रो अपना देहमे हाथ लगबए देबइ।” दरोगा मुि᭫कलमे पिड़ गेल। ओ दूटा िसपाही लेने आएल छल जे खूनीक ेँ हथकड़ी लगा कए िघचने आओत थाना, जेना ओ सब ᳰदनसँ करैत आएल छल। एहन काली माइसँ भेँ ट हेतै तकर सपनोमे कोनो अ᭠दाज निह छलै। एक े टा उपाय छलै जे मिहला पुिलस बजाओल जाए निह तऽई मौगी कᳱ कऽबैसत से निह जािन। दरोगा हेडᲤाटᭅरक ेँ फोन लगेलक आ ओतिह बैसल रहल, झलकᳱ चल गेल आ᭑गन अपन काज क रै लेल। ककरो िह᭥मत निह भेलै ओकरा आ᭑गन ढुक ै क े । करीब तीन घंटाक बाद मधुबनीसँ जीपपर सवार चाᳯरटा
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मिहला पुिलस एलै। ओ सब जखन झलकᳱक ेँ हथकड़ी लगा पकड़ै लेल गेलै, झलकᳱ ओकरो सबक ेँ डाँᳯट देलक ै आ हाथ तेना ने झटᳰक देलक ै जे एकटा मिहला पुिलस खिसए पड़ल। ओ बेपरवािह ओिह चाᱨसँ पुछलक ै - “तᲂ सब मौगी छᱶ ने। कह जे यᳰद राितमे ᳰकयो तोहर इᲯत लूटै लेल तोरा लग पᱟँचतौ तऽकᳱ करबही? अपन बचाव करमे, ओकरा पाठ पढ़ेमे ᳰक उतान भऽकए पिड़ रहमे?” सब सकदम। ककरो कोनो जबाबे निह फ ु रा रहल छलै झलकᳱक ᮧ᳤क । जबाब फ ु रेबो करतै तऽकोन भाषामे झलकᳱक ेँ उᱫर देतै? बड़ी कालक नाटक क े बाद झलकᳱ अपनिह मोने थाना िवदा भेल। ᳰकयो ओकरा देहमे निहए िभड़लै। आगू आगू झलकᳱ, ओिहना सातो किचया हाँसूक हँसुली पिहरने, क े श खूजल, उिड़याइत, आ पाछू दरोगा िसपाही आ ᳰकछ ु गौआँ सब। िजनकर बेटा कटलिन ितनका लोक एखन तक कतᱟ निह देखलक। झलकᳱ हाजतमे ब᭠द भेल, फ े र मधुबनी पठा देल गेल। मोकदमा चलल ै मुदा सरकारी ओकᳱल कोनो तरहक सा᭯य जुटेबामे असमथᭅ रहलाह। पूरा गाम झलकᳱक समथᭅनमे जुᳯट गेल। छओ मासक बाद झलकᳱ बरी भेल आ गाम घुᳯर आएल। पिछला पंचायत चुनावमे झलकᳱ िनᳶवरोध सरपंच चूनल गेल। आब ओ ᭣ल ॉकपर आ इलाकामे झलकᳱ देवी नामे ᮧिसि पािब रहल अिछ। एखन गामक पंचैतीपर ओकर र ौᮤ ᱨपक ᮧभाव झलक ै त रहैत छैक। फल ई जे अपराधो कम भेलैए। हम सब लािग गेल छी ᮧयास मे जे अिगला िवधान सभा चुनाव मे झलकᳱ क ᱶ एमएलए बना पटना पठाबी । हमरा सबहक िवधानसभा ᭃेᮢ अनुसूिचत जाित लेल आरिᭃत छैक े । ᭣लॉक पर ओकर लोकिᮧयता देखैत ई ल᭯य अस᭥भव निह बुझाइत अिछ । ओ अपनᱟँ एिह ᳰदस ᭟यान देलक अिछ आ ᳰकछु पढ़ब लीखब शुᱨ क े लक अिछ। गामक लोकक कहब छैक जे झलकᳱ साधारण मिहला निह, कालीक अव तार अिछ। जखन ई मरत तखन एकरा सारापर काली मंᳰदर बनाओल जाएत। q
11. राजा-रानी हमरा गाममे एकटा एलाह राजा। आ हमरे गामक पुᮢी भऽगेलिखन ᱟनकर रानी। एतए िहनक मूल नाम, ज᭠म ितिथ आᳰदसँ हमरा सबक ᱶ सरोकार निह अिछ, माᮢ िहनक अ᭞भुत चᳯरᮢ लीख रहल छी जे िहनका दूनूक ेँ वा᭭तिवक अथᭅमे हमरा गामक पू᭔य राजा-रानीक ᱨपमे ᭭थािपत कऽद ेलक आ इलाकाक अ᭠य गाम सबमे सेहो िहनकर याित बᱟत पसरल। राजा तऽजिहना नाम तिहना ᱟनक िवशाल शरीर आ उदाᱫ चᳯरᮢ। ᱟनकर चᳯरᮢक ᮧशंसा सुिन बᱟतो क ुमाᳯर क᭠या अपन भाय अजमौलिन मुदा राजाक ेँ तऽएक े टा पिस᳖ पड़लिन। भऽगेल राजा आ रानीमे ᮧेम। से एहन ᮧेम जे लोकक ेँ िव᳡ासे निह होइ। बूढ़ पुरान सब बाजए लगलाह-
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“हौ, ई कोनो साधारण ᮧेमी-युगल निह छिथ, जᱨर कोनो देव अंश छिथ। गामक ई उᱫरदािय᭜व जे िहनका दूनूक रᭃा करए।” बस, तिहना भेल। िहनकर आवास बनाओल गेल, सब तरहक सुख सुिवधा क इ᭠तजाम कएल गेल। पार बाँᳯट गौआँ सब िहनकर भोजन पठबए लागल। जिहया जकर पार होइ ओ अपनाक ेँ ध᭠य बूझए जे आइ ओकरे अ᳖-पािनसँराजा-रानी तृ᳙ भेलाह। राजा-रानी एक दोसराक लेल ᮧाण दैत। रानी तऽअपनाक े ँ अित भायशाली बूझिथ जे सब ᳰकछु होइतो ᱟनकर कोनो सौितन निह छलिन। बᱟतो लोक ᮧयास क े लक जे एको नजᳯर राजा अ᭠य क᭠यापर दऽदेिथ मुदा बेकार। राजा तऽरानीक ᮧित समᳶपत छलाह। आब ᱟनका एहन आ᭜मत ृि᳙ भेलिन जे ककरो अनका ᳰदस तकबो निह करिथ। जेना ᳰक ᮧक ृ ितक िनयम िछऐक, राजा-रानीक ᮧेमक फल भेल ᱟनकर तीन पुᮢ आ एक पुᮢी। पुᮢ लोकिन जेना जेना पैघ होइत गेलाह, अपन अपन ᳞वसाय स᭥हारलिन। बिच गेलिखन पुᮢी। ओहो तीᮯ गितए बढ़ए लगलिखन। रानीक ेँ िच᭠ता भेलिन एकर िबयाह कोना करौतीह। किहयो िबयाह निह करौलिन। अपने तऽतेहन राजक ु मारक ᮧेममे फ ँ सलीह जे िबयाहक ᮧ᳤े निह उठलैक। मुदा बेटी? रानीक ेँ डर छलिन जे जवान बेटीक ेँ देिख कतᱟ राजाक मोन डोिल ने जािन। मुदा राजा अपनिह अप नाक ेँ स᭥हारने रहलाह। ऋतुमासक समय पर बेटीक ेँ पुᱧषक जᱨरित भेलैक। ओ ए᭥हर-आ᭥हर तकलक। कतए जाएत? ओकरा माए-बापक ᮧेमक िख᭭सा तऽबूझल निह छलैक। ओ लागल ओही पुᱧषक च ाᱨ कात चᲥर काटए जे सबसँ लगमे ओकरा भेटलैक। ओ िबसᳯर गेल जे ओ पुᱧष ओकर ज᭠मदाता छलैक। पुᱧष अथाᭅत हमरा गामक राजा अपनाक े ँ बᱟत स᭥हारलिन मुदा भावीक े ँ क े रोᳰक सकलए? ओ नवयुवतीक चािलमे फ ँ िसए गेलाह। ओकरा शरीरसँ उठैत मादक ग᭠ध ᱟनका मदमᱫ कऽदेलक। ᱟनक संयमक बा᭠ह टुᳯट गेलिन। नवयुवतीक काम-िपपासा तृ᳙ भेलैक। ई दृ᭫य रानीसँ नुकाएल निह रहलैक। रानी बजली ᳰकछु निह मुदा बᱟत दुखी जᱨर भेलीह। ई घटना हमरा सबक ेँ देखल अिछ जे ओही राित रानी मᳯर गेलीह। राजा अपनाक ेँ दोषी मानए लगलाह। एिह नवयुवतीक ेँ अपन दोसर रानीक ᱨपमे ओ ᭭वीकार निहए कऽसकलाह आ एक मासक भीतरे शोकसँ डूबल ओहो शरीर ᭜याग क े लिन। राजा-रानीक एिह अमर ᮧेमक िख᭭सा इलाकाक आनो गाममे लोक सबक ेँ बूझल छैक। q
12. अ᭠तमे एखनुक समय जकाँ यᳰद पिहने ᳯरयिलटी शो क े ᮧचार भेल रिहतै आ हमरा गामक लोकक ेँ ᳰकछु बूझल रिहतैक तऽ खुरचन ठाक ु र आिचलमसᲂट भाइ जᱨरे ᭭टेजपर िसनेमा ᭭टारक सामने अपन करतब देखा कए इनाम लूटने रिहतिथ। तिहना जँ ओिलि᭥पक आ अ᭠य खेल महो᭜सव सबमे भाग लेबाक अवसर भेटल रिहतै आ ᳰक मैराथनक ᮧचार भेल रिहतैक तऽक े टहलू दासक ेँ हरा सक ै त छल? आइ िम᭨खा ᳲसहक बदला टहलू दासक
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नाम लोक जिपतए। हमरा गामक नामे ओिलि᭥पक मेडल रिहतए। ल᭥ब ोदरक भोजनक खोराक जᱨरे िगनीज बुक ऑफ व᭨डᭅ रेकॉडᭅमे िलखा गेल रिहतै। िबग बॉस सन शो लेल बीए अित उपयुᲦ ᳞िᲦ होइतिथ, सब ᮧितभागीमे झगड़ा लगा अपने जीत जइतिथ। यᳰद ᳰकयो ढंगसँ पैरवी क े ने रिहतै तऽᱟनका सरकारक क ृ िष पि᭛डत पुर᭭कार सेहो भेᳯट जइतिन। पि᭛डतजीक आशीवᭅचनक श᭣दकोष यᳰद छिप गेल रिहतिन तऽ जᱨरे अपने सब हमरा गामक एिह िवभूितसँ पᳯरिचत भऽ गेल रिहतᱟँ। छप ेबाक ᮧयासमे लागल छी। ईहो अि᳇तीये होएत से हमरा िव᳡ास अिछ। फ ू लन देवीक ओतेक नाम भेलै मुदा हमरा बुझने साहसमे ओ झलकᳱक पास᭑ग निहए होइतए। झलकᳱ एखन अिछए आ ओकरा बᱟत नाम कमेबाक छैक। हमᱠँ एिहमे ओकर म दितमे लािग गेल छी। जे समय बीत गेल से समय तऽघुराओल जेतै निह, वतᭅमानक े ँ तऽसुधारी। जिहया झलकᳱ एमएलए बिन जाएत तिहया हमर खकपितया गामक नाम अपनिह देश मे सबतᳯर ᮧचाᳯरत भऽ जेतै। आब अपने सब बुिझए गेल हेबै जे हमरा गामक एिह र᳀ सभक फोटो ᳰ कएक निह देल गेल। ᳰदवंगत लोक सबक ेँ फोटो अिबतै कतए सँ? िविभ᳖ कारणसँ बीए, नटवर लाल आ पि᭛डतज ी फोटो निह िखचौलिन। झलकᳱक फोटो तऽ छैक मुदा एखन ओ फोटो छपबए निह चाहैत अिछ। ओकर ल᭯ य पैघ छै। फ ू लन देवीपर िसनेमा बनलै तऽ झलकᳱ पर ᳰकएक निह? जखन झलकᳱ एमएलए बिन जाएत तखन अपनिह ओ ई काज कऽ लेत। ओकरो पूणᭅ इ᭒छा छैक जे गामक नाम उजागर होअए। एकर तैयारी लेल ओकर जत ेक ᮧोᮕाम होइत छैक तकर भीिडयो बना कए हम सब रखने जाइ छी। हमरा आशा अिछ जे किहयो ओकर उपयोग झलकᳱपर िसनेमा बनौिनहार करबे करता।
ऐ रचनापर अपन मंत᳞ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। रबी᭠ᮤ नारायण िम ᮰ - दूटा आलेख , दूटा लघुकथा आ उप᭠यास नम᭭त᭭यै (आगाँ)
रबी᭠ᮤ नारायण िम᮰ रबी᭠ᮤ नारायण िम᮰क दूटा आलेख
ई समय ककरो निह हम ᭫यामा भगवतीक दशᭅनक हेतु गेल रही। महाराजा रामे᳡रक िचत ापर बनल ओिह भ᳞ मि᭠दरक अ᭞भुत सौ᭠दयᭅ अिछ। टुह-टुह ᳲसदुᳯरआ रंगमे रंगल मि᭠दरक दिहना कात पोखᳯर अिछ जकर जमकल पािनमे हाथ देलासँ ᭭व᭒छता बढ़क बदला घᳯट सक ै त अिछ। मोन पिड़ गेल जे जखन सी.एम. कालेज दरभंगामे िव᳒ाथᱮ रही तँ एᳯठ ठाम आबी, भगवतीक दशᭅनक बाद पोखᳯरक घाटपर बैसल करी। ओिह समय पोखᳯरक हालक बेहतर छल।
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᭫यामा मि᭠दरमे माँकालीक भ᳞ मूᳶत ओिहना चमकै त, दमक ै त छल। भᲦगणक ᮰ा ओिहना वा ᳰक पिहनᱟँसँ बेसी बुझाइत छल। मि᭠दरमे कै ठाम भᲦसभ पूजा पाठमे त᭨लीन छलाह। “िमिथलेश रमेश᭭य िचतायं सुᮧिति᳧त। ᭫यामा रमे᳡रीपातु रमे᳡र क ु लोᮤवान्।” मि᭠दरक मुय ᳇ारपर िलखल उपरोᲦ ᳣ोक कतेक बेर पढ़ैत रहलᱟँ। ᭫यामा मि᭠दरक बाहर आ अंदरमे ᮧसादक िवᮓय होइत अिछ। अ᭠दरे मे ᮧसाद ᳰकनलᱟँ। भगबतीके ँ ᮧसाद चढ़ओलाक बाद कनीकाल ओतिह बैिस गेलᱟँ। कनी कालक बाद बाहर भेलापर ᳲ चता भेल जे ᮧसादक ेँ बानरसँ कोना बचाबी कारण एकबेर एिहना ᮧसाद चढ़ाकए िनकलल रही ᳰक एकटा बूढ़बा बानर कहाँसँ दौरल आएल आ ᮧसाद लुᳯट लेलक। हम अबाक देखैत रिह गेल रही। अ᭭तु, ᮧसादक ेँ अंगाक अंदर कᱟना कए नुकौलᱟँ। बाहर आगू बढ़लापर चाᱨकात को नो-ने-कोनो महराजक िचतापर बनल मि᭠दर सभक ेँ देखैत मोनमे दरभंगा महराजक अकूत संपिᱫ आ ओकर अप᳞यपर ᭟या न हठात चिल जाएब कोनो भारी बात निह। जँ एिह धनक उपयोग एतेक रास मि᭠दरक बजाए जनताक क᭨याणमे खचᭅ कएल जाइत तँ लोक समृ होइत, आ महाराजो यश᭭वी होइतिथ। मुदा जे हेबाक छल से भेल। महराजक राज चिल गेल। बड़का-बड़का देबार सभ ढिह गेल। राजक हाताक अ᭠दरक जमीन सभ िबका गेल। आब ओिहठाम होटल अिछ, दोकान अिछ, सामा᭠य ᳞िᲦ सभक घर अिछ। ने वो रामा ने वो खटोला। महाराजाक गौरब-गᳯरमाक बखान करए हेतु ढहैत, ढनमनाइत राज पᳯरसरक दुदᭅशा अ᭠तहीन भए गेल अिछ। ᭫यामा मि᭠दरक आस-पास बनल आओर मि᭠दर सभ कतेको बेर गेल छ ी। तᱶ ᳯरसा पकिड़ सोझे शुभंकरपुर िबदा भए गेल रही। मोनमे होइत छल जे जँ महराज वा ᱟनकर सलाहकारक जन क᭨याणमे किनको ᱨिच रहैत तँ आइ िमिथलाक लोकक भिव᭬ये ᳰकछु आओर होइत। काली मि᭠दरसँ आगा बढ़लापर िमिथला िव᳡िव᳒ालयक िवशालकाय पᳯरसर आएल। दरभंगा महराजक ओिह महल सभकेँ सरकार अिधᮕहण कए ओिहमे िव᳡िव᳒ाल ᭭थािपत कए देलक। महरा जक राज-पाट नाम सभ चिल गेल। एतबो निह भेल जे वोिह िव᳡िव᳒ालयक नाममे महराजक नाम रहैत। मुदा भावी ᮧवल। समय बलबान होइत अिछ। “जो उया सो अ᭠तवे, फ ू ᭨या सो क ु मलाही जो िचिनया सो ढही पड़े, जो आया सो जाही।” कबीरदासक उपरोᲦ कथन ᭟यानमे आिब रहल छल। संसारक िनयम अिछ जेकर उदय भेल तकर अ᭭त होएत। समय रिहते जे ᳰकछु कए गेल वएह रिह जाइत अिछ। िव᳡िव᳒ालयक दिहनाकात बदरंग भेल इ᭠ᮤपूजा ᭭थली आ तकर साम ने बड़ीटा खाली मैदान- िबना कोनो देखरेखक ᱶ । आ᳟यᭅक बात िथक जे एिह ऐितहािसक, सांसक ृ ितक धरोहरक रखरखावक उिचत ᳞व᭭था ᳰकएक निह भए रहल अिछ? कनीक आगा बढ़ब तँ बड़का-बड़का देबार जे महाराजा सभ बना गेला ह, ओिहमे यᮢ-तᮢगाछ सभ जनिम रहल अिछ। देबारक बीचमे बनल हनुमानजीक मूᳶतक ेँ लोक सभ पूजा करैत देखाइत। आ᳟यᭅक बात ई िथक जे िबना को नो देखरेखक ेँ एतेक पुरान देबार सभ अखनो ठाढ़ कोनो अिछ? ᭫यामा मि᭠दरसँ शुभंकरपुर लौटबाक ᮓममे महराजी पूलसँ पिहने जा म लािग गेल छल। ᳯरसा आगू निह बᳰढ़ सक ै त छल। संगिह साइकल, ᭭कू टर, ठेला, पैदलयाᮢी, कार आ पैदलया ᮢी तेना ने लदमलद भए गेलाह जे कनी काल लेल भेलैक जे आब एतिहसँ आपस होमए पड़त। पैरे जेबाक सेहो जगह निह बाँचल छल। चुप-चाप ᳯरसा पर बैसल रिह जेबाक अितᳯरᲦ ᳰकछु िवक᭨प निह छल।
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Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० ) मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA 29
जाबत ओिह जामकेँ हᳯट जेबाक ᮧतीᭃा करैत रही ताबतेमे ᳰकछु गोटे “राम नाम स ᭜य है, सबका यही गᱫ है”बजैत एकटा मृतककेँ का᭠हपर उठौने ओतिह आिब कए अटᳰक गेलाह। ᱟनका पाछा- पा छा कतेको लोक चिल रहल छलाह जे मृतकक अि᭠तम सं᭭कारक हेतु वएह सभ बजैत चिल रहल छलाह। कᱟना कए कनीक जाम खुजलै। उसास पिबते अि᭠तम याᮢापर िनकलल वोिह मृतक आ तकरा का᭠ह देिनहार सभक े ँ लोक सभ आगा जाए देलक। महराजी पूल पार करैत वो सभ आगा ब ᳰढ़ गेलाह। हम ताधᳯर ᳯरसेपर थामिह ᮧतीᭃा करैत रही जे आब लोक आगा बढ़त तँ ताब। कनीक े कालक बाद फ े र वएह ᭟विन। “राम नाम स᭜य है, सबका यही गᱫ है...।” ᳰकछु गोटे मृतककेँ का᭠ह देने छलाह। आगा आगा गोरहाक सुनगैत आिग, कोहा लेने क ᱫाᭅ आ तकर पाछा पाछा मृतकक महायाᮢाक गवाह सभ राम नामक मिहमा गबैत आगा बᳰढ़ निह सकब ाक कारणᱶ ओिहठाम ठमᳰक गेल रहिथ। हम ᳯरसापर रही आ ठीक हमरा सामाना᭠तरमे पीता᭥बरीसँ आवृत, गेनाक फ ू लसँ लादल वोिह मृतकक िन᭬ᮧाण शरीर छल। ओिह ᳰदवंगत आ᭜माकेँ मोने-मोन ᮧणाम कएल। ᳰकछु-ᳰकछु सोचाए लागल। मोन कनी ए महर ओमहर भेल। ताबे जाम कनी ढील भेलैक। ओ सभ राम नाम स᭜य है, सबका यही गᱫ है, बजैत आगा बᳰढ़ गेल। आ हम ᳯरसासँ महराजी पुलपर चᳰढ़ गेलᱟँ। कनीक े आगा पुलपर ᳯरसा चढ़ले छल ᳰक फ े र वएह ᭟विन। राम ना म सᱫ है, सबका यही गᱫ है। ᳰकछु गोटे एकटा मृतकक शवयाᮢाक संगे राम नामक मिहमा गबैत आगा बᳰढ़ रहल छला ह। मृतकक फ ू लक मालासँ लादल चाᳯर गोटेक का᭠हापर आगा बᳰढ़ गेल। अगल-बगल कतेको लोक मूकदशᭅक छलाह जेना कोनो खास बात निह भेल हो। तरकारी वाली तरकारी बेिच रहल छल। माछक दोकानपर ओिहना माछक ख᭛ड िबका रहल छल। को न पर चाहक दोकानपर लोक चाह पीिब रहल छलाह। कतᱟ कोनो ᮧकारक आलाप, ᮧलाप निह। ᳯरसाबला ग᭡पक ᮓममे कह लक जे एिहठाम तँ िन᭜य एहने दृ᭬य रहैत अिछ। आगा बनल ᭫मशान घाटमे ओकर दाह सं᭭कार होइत अिछ। संभवत: मृत ᳞िᲦ सभ वृ छलाह जािहसँ वातावरणमे, संगे कᳯटहार ी गेिनहार लोकोमे कोनो भाव िव᭮लता देखबामे निह आएल। ओिह ᳰदन साँझमे ओही सड़क बाटे फ े र जेबाक अवसर भेटल। हम सभ बᳯरआती जा रहल छलᱟँ। महराजीपुलसँ पिहने जाम लािग गेल छल। लोक ठसाठस भरल छल। हमरा आगा पाछा दो सर िबआहक बᳯरआती छल। लोकक ेँ आगू पाछू घसकबाक र᭭ता निह भेᳯट रहल छल। सजल- धजल बरक कार ठामिह छल ᳰक आ गूसँ अबैत कोनो दोसर गाड़ी पᲂ-पᲂ’क आबाज करए लागल। क े आगा बढ़त, के पाछा जाएत, कोनो ठेकान निह। आधा घ᭛टा धᳯर ई ि᭭थित बनल रहल। फ े र क े ना-ने-केना र᭭ता खुजल। लोकसभ आगा बढ़ल। हम अपन कारमे आगा बढ़लᱟँ। शेष बᳯ रआती, बर पाछा छुᳯट गेल छल, तथािप ओिहठाम ठाढ़ भाए ᮧतीᭃा करब उिचत निह छल। एᲥ े ᳰदनमे एकिहठामसँ तरह तर हक दृ᭬य गुजᳯर गेल छल। राम नाम स᭜य है’सँ लए शहनाइक धूनपर नचैत गबैत जाममे थकमकाएल बᳯरयातीक धमाचौकरी देखएमे आिब रहल छल। मुदा ओही ᭭थानक चाᱨकात बैसल, ठाढ़ लोक सभ हेतु धिन सन। ने हषᲃ न च िव᭬मय :। असलमे कोनो घटना िवशेष अपने आपमे ताधᳯर कोनो माने निह रखैत अिछ जाधᳯर हम ओिहसँ कोनो- ने-कोनो कारणसँ जुिड़ जाइत छी। ता᭜पयᭅ ई जे कोन व᭭तु हमरा क᳥ देत आ ककरासँ सुख होएत ओ पूणᭅत: ओिह व᭭तु िवशेष वा घटना िवशेषक ᮧित हमर ᱨिखपर नभᭅर करैत अिछ। अ᭭तु, एकिह ᳰदनमे ᭫यामा मि᭠दरसँ शुभंकरपुरक म᭟य कतेको तरहक दृ᭬य देखबामे आएल। कतेको पुरान घटना सभ ᭭मृित पटलपर फ े रसँ उिग आएल। ई समय ककरो निह अिछ। दरभंगा महराजक निह अिछ, आम आदमीक निह अिछ। मोन हो कᳯठआरी जाउ, मोन हो बᳯ रयाती भए जाउ। मुदा समय ठाढ़ निह रहत। भोर साँझमे बदिल जाएत। छोिड़ जाएत मोनक कोनो कनतोसमे एकटा आओर िनसा न जे ᳰदन भᳯरक घटनाक ᮓम देने गेल। काि᭨ह फ े र ᮧ:काल ओिहना सूयᭅ उगताह, ᳰदन भᳯर ᳰकछु ने ᳰकछु होइत रहत , साँझ होएत। सभटा होएत, मुदा हमर अहाँक िजनगीक
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एकटा आओर ᳰदन कम भए जाएत। समयकेँ कᳱ हेतै? ओ तँ एिहना आगू चलैत जाएत। गुजᳯर जाएब हम ओिहन ा जेना कतेको गुजᳯर गेलाह आ लोक राम नाम स᭜य है..., कहैत महराजीपूलक एिह पारसँ ओिह पार भए जाएत।q २/११/२०१७
घमंड जीवनमे बᱟत रास अनुभव होइत रहैत अिछ। िन᭜य ᳰकछु ने ᳰकछ ु एहन घटना घᳯटत होइत अिछ जे हमर आँिख खोिल सक ै त अिछ मुदा से होइत कहाँ अिछ? हमसभ िनयितवश चिलते जा रहल छी, सोिच निह पबैत छी जे हम एना ᳰकएक कए रहल छी? ई बात ᮧायः सभ जनैत अिछ, जे ज᭠मल अिछ से मरत। मृ᭜ यु अव᭫यंभावी अिछ, तथािप हमसभ सोचैत रहैत छी जे हम तँ अिहना रहब। युिधि᳧र ᳇ारा यᭃके ँ देल गेल एहने ᮧ᳤क उᱫर एखनो ओिहना साथᭅक अिछ जिहना ताि ह समयमे रहल होएत। आिखर एना कोना होइत अिछ जे हमस᳒ः घᳯटत होइत घटन ाक ᮧित अनजान बनल रिह जाइत छी आओर एकᳰदनसभ ᳰकछु एतिह छोिड़ कए सभᳰदनक हेतु एिह दुिनयाँसँ आँिख मुिन लैत छी। आिखर ᳰकछु तँ छैक जे मनुख माᮢके ँ िनरंतर ओझरौने रहैत अिछ। हम िनरंतर अपन आि᭭त᭜वक रᭃाक हेतु संघषᭅशील रहैत छी। हम जे कहैत छी से लोक मानए, हमर मह᭜व बुझए एव म् हमर ᮰े᳧᭜वक े ँ ᭭वीकार करए। एिहसभक पाछा हमर घमंड ᮧमुखतासँ मुखᳯरत होइत रहैत अिछ। जीवनसँ लए कए मृ᭜यु पयᲈत ह मरा लोकिनक ᳞वहारके ँपाछा ई त᭜व िव᳒मान रहैत अिछ। हम जाने-अनजाने दोसरसँ अपनाके ँ ᮰े᳧ सािबत करबाक फ े रमे पिड़ अपन जीवनक े ँ तँ अशांत के निह रहैत छी, संगिह दोसरोक ेँ तंग कए दैत छी कारण एहन ᭭वाथᭅमूलक सोचसँ ᳞िᲦक अहंमे टकराव उतप᳖ होइत अिछ आओर लोक अपनाके ँ पैघ देखेबाक ᮧयासमे दोसरकेँ छोट सािबत करए लगैत अिछ। पᳯरणाम होइत अिछ, ᳞थᭅक अनवरै त चलैत अ᭠तर᳇ंद। मान-स᭥मान, ᮧित᳧ाक िल᭡सा मनुख माᮢमे ततेक बलबती रहैत अ िछ जे ओ कोनो हालातमे तािह हेतु ᳰकछु करए हेतु तैयार रहैत अिछ। लोक हमरा बुझए, मा᭠यता ᳰदअए, हम समाजम े देखगर लोकमे गनल जाइ, एिह सम᭭त भावनाक पाछा जँ देखल जाए तँ ओकर घमंडे काज करैत रहैत अिछ। एहन घटना िन ᭜य-ᮧित देखएमे अबैत अिछ जे कतेको गोटे बेबजह अनकर मामलामे टांग अरबैत रहताह। जेना ᳰक ओ चैनसँ रिहए निह सक ै त छिथ। एहन आदमी हेतु इहो कहल जा सक ै त अिछ जे ओ
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अपन चािलसँ लाचार छिथ। कोनो, ककरो बात उठल ᳰक ओ अपनाक ेँ ओिह बीचमे ठाढ़ कए देताह। तरह-तरहक ᭣यथᭅ उदाहरण दैत रहताह जािहसँ ई कᱟना िस होउक जे ᱟनके टा सभबातक े ँ बुझए अबैत छिन ᳴कबा ओ जे कहैत छिथ सैह ᮯᳬस᭜य िथक। एहन आदमीक ेँ अहाँ कᳱ कहबैक? “एकोहं ि᳇तीयो नाि᭭त” -एिह तरहक सोच को ना कारगर भए सक ै त अिछ? हमर गाममे एकबेर ᮰ा भोज होइत रहए। एकटा ᮧिति᳧त ᳞िᲦक दे हावसान भए गेल छल। अपना जीवन कालमे ओ खूब संपिᱫ अᳶजत कएलाह। बᱟत संघषᭅ कए आगा बढ़लाह।तखन तँ मृ᭜य ु सभक होइत अिछ से ᱟनको भए गेलिन। अपने जीवनमे लीखसँ लाख करबाक पुरषाथᭅ ᱟनकामे भगवान देलिखन। मृ᭜युक बाद लोकसभक आᮕह जे जबार होउक,एतेक संपिᱫ अरिज कए गेल छिथ। मुदा से तँ निह भेलैक, गामे लए कए भोज हेबाक िन᳟य भेलैक। संयोगसँ हमᱠँ हालेमे सेवा िनवृत भेल रही आ गामे पर रही। भोज खेबाक हेतु गेलᱟँ तँ देखैत छी एकट ा हमर ᮕामीण, जे भᳯर िजनगी बाहर कमाइत रहलाह, घरक दरबाजाक ेँ गछाᳯर कए ठार भेल छिथ, गरिज रहल छिथ, बारंबार चेता रहल छिथ जे एक-एक कए लोक अ᭠दर जािथ। ᱟनकर िचकरब-भोकरब ततेक ᮧखर चल जे अनेरे ककरो ᭟यान ᱟनका पर पि ड़ जाइत छल। एवम् ᮧकारेण ᱟनका अपन मह᭜वक ᮧदशᭅन करबाक आ तािहसँ संतुि᳥बोध ᮧा᳙ करबाक पयाᭅ᳙ अवसर भेटलिन। ज ँ ओ निह िचकᳯरतिथ, ᳴कवा घरक क े बार धए ठाढ़ निह रिहतिथ, लोक अपने अबैत जाइत, तैओ भोज भए जैतैक, ᮧायः बेसी नीकसँ होइतैक कारण ओ तँ अनेरे क ेबारकेँ पकिड़ िचकᳯर कए महौलक ेँ गड़बड़ा रहल छलाह, मुदा ᱟनका तँ देखेबाक रहिन जे ओ एतेक मह᭜वपूणᭅ ᳞िᲦ छिथ, सबक े क᭭तन कए रहल छिथ, ᱟनक े आ᭄ासँ लोक भोज खाए अ᭠दर जाएत निह तँ ओतए बब ाल भए जाएत। िबचाᳯर कए देखबैक तँ एकरा ᳞िᲦ िवशेषक घमंडक अितᳯरᲦ ᳰकछु आओर निह कहल जा सक ै त अिछ। कᳱ पैघ, कᳱ छोट सभ यो कतᱟँ ने कतᱟँ, कᱟना ने कᱟना घमंडक चपेटमे पिड़ए जाइत छिथ। शाᳫ-पुराणसभमे सेहो कतेको एहन ᮧसंगक वणᭅन अिछ जािहमे एक सँ एक संत महा᭜मा, दे वी-देवता एकरᮧकोपमे पिड़ गेलाह। महाभारतमे एिह स᭥ब᭠धमे बᱟत माᳶमक घटनाक वणᭅन अिछ। एकबेर हनुमान बूढ़ बानर क ᱨपमे भीमके र᭭तामे बैिस गेलाह। भीम ᱟनका अपन नाङᳯर हटेबाक हेतु कहलिखनकारण ᱟनका ज᭨दी जेबाक रहिन मुद ा ओ बानर टस सँ मस निह भेल, उ᭨टे ᳞ंग करैत कहलकिन जे जखन अहाँ एतेक बलवान िथकᱟँ तँ नाि᭠हटा हमर नाङᳯरक े ँ उठाए ᳰकएक निह आगू बᳰढ़ जाइत छी? भीमक ेँ ई बात बᱟत अनगᭅल बुझेलिन आओर ओ ओिह बूढ़ बानरक नाङᳯरकेँ हटबएमे लािग गेलाह, सभ ᮧय᳀ कए थाᳰक गेलाह मुदा नाङᳯर ठा मिह रहल। हाᳯर कए भीम कहलिखन जे अहाँ साधारण बानर निह छी, के छी से सत-सत बाजू। तखन हनुमानजी अपन भेद खोिल कहलिखन जे हम आही ँक भाए हनुमान छी। भीम बᱟत लिᲯत भेलाह आ ᱟनकासँ घᲵीमानल िथ। एिह तरहेँ हनुमानजी ᱟनकर घमंडक ेँ चकना चूर केलाह। कहक माने जे घमंड एकटा एहन ᳞ािध िथक ज े अनेरे हमरा लोकिनक आँिखपर पᲵी लगा दैत अिछ आ हम स᭜यक ेँ देिखतᱟँ ओकरासँ फराक रिह जाइत छी। घमंड ᳴कवा अहं क े र टकरावसँ कतेकोलोकिनक पाᳯरवाᳯरक जीवान नक ᭅ भए जाइत अिछ। हम ककरासँ कम? हमरा ई कहलक, ओ कहलक, हम ओकर बात ᳰकएक सहबैक, एहने-एहने छोट-छो ट बातक ेँ पकिड़ कए लोक धए लैत छिथ जािहसँ आपसी ᮧेम ओ िव᳡ास न᳥ भए जाइत अिछ, बात ततेक बᳰढ़ जाइत अि छ जे स᭥ब᭠ध िव᭒छेद धᳯर भए जाइत अिछ। जᲅ एहन समयमे यो बुझिनक होिथ, एक डेग पाछा भए जािथ, हाᳯर मािन लेिथ तँ बᱟत रास पᳯरवार खंिडत हेबासँ बँिच सकैत अिछ, बᱟत रास धीया-पुताकेँ पाᳯरवाᳯरक आ᮰य बनल रिह जाएत एवम् पᳯरवारमे सम᭠वय, शाि᭠ त बनल रहत। मुदा ई बात बुझब आ बुिझओ कए ᳞वहारमे आनब क ै बेर बᱟत मोसᳰकल भए जाइत अिछ कारण यो अपन अहंक ेँ छोड़बाक हेतु तैयारे निह होइत अिछ। पᳯरणाम सामने अिछ। नाि᭠हटा टे᭨हक े ँ माए-बापक बीच कलहक दृ᭬य देखए पड़ैत छैक। बᲬासभ घरक वातावरणसँ तंग भए घरसँ भागल-भागल रहए लगैत अिछ आ गलत संगित मे पिड़ कए क ै बेर नशेड़ी भए जाइत अिछ। सोचए बला बात अिछ जे माए-बापक ᳞थᭅक अहंक कारण एहन वᲬाक भिव᭬ यक संगे कतेक अ᭠याय होइत अिछ? एहन निह अिछ जे कमे पढ़ल-िलखल लोक घमंडक ᮧदशᭅन करैत छिथ अ िपतु एक सँ एक िव᳇ान ओ पैघ-पैघ लोकमे एकर ᳞ापक ᮧभाव देखएमे अबैत अिछ। जे जतेक पैघ तकर घमंड तत ेक िवनासकारी भए सक ै त अिछ। इराकक रा᳦पित साम
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ओ अमेᳯरकाक रा᳦पित बुशक े बीच जे एतेक भारी यु भेल तकर पाछु कᳱ छल? महज अहंक टकराव? जिहना गाम-घरमे मूखᭅ लड़ैत अिछ तिहना ओ सभ आपसमे ताधᳯर लड़ैत रहलाहजाधᳯर साम क िवनाश एिह हदधᳯर निह भए गेल जे ओ अपन ᮧाणोसँ हाथ धोलक। बादमे पता चलल जे ओकरा लगमे कोनो रासायिनक हिथयार निह छ ल जकरा आधार बनाए इराकपर अमेᳯरका आᮓमण क े लक। कायाᭅलयमे अिधकारी लोकिन कए बेर अहं पर चोट पड़लापर अधीन᭭त कमᭅचारीकेँ तबाह करबाक कोनो ᭣यᲂत बाम निह जाए दैत छिथ। बदली कएदेब.काजसँ हटा देब आ ताᱟ सभसँ संतोष निह भेलिन तँ नौकरीसँ मुअᱫल कए देब सामा᭠य बात िथक। जे ततेक पैघ अिधकारी ितनक अहंसँ ततेक बेसी सावधान रहब जᱧरी िथक। काज करी वा निह करी मुदा ᱟनकर सलामीमे कोनो कमी निह हेबाक चाही। जँ से भेल तँ अहाँक भगवाने मािलक। असलमे घमंडी ᳞िᲦ भीतरसँ असंतु᳥ होइत छिथ। ᱟनका लगैत रहैत छिन जेना सौ ँसे दुिनयाँ ᱟनका पाछा पड़ल अिछ, जेना यो ᱟनका संगे ᭠याय निह कए रहल अिछ, एिह तरहक ᳰफजुल बातसभ ᱟनकर मोनमे बैसल रहैत अिछ जािह कारणसभ ᱟनकर ᳞वहार ᭭वयं असंतुिलत भए जाइत अिछ ᳴कवा लोकसँ बᱟत बेसीक अपेᭃा रखैत अिछ। पᳯरणामई होइत अिछ जे ओ बात-बात पर लोक सभसँ मरए-कटए हेतु तैयार रहैत छ िथ। सोचबाक बात िथक जे एहन लोकके ँ शाि᭠त कतएसँ भेᳯट सक ै त अिछ आ “अशांत᭭य कु तो सुखम्?” एिह तरहक अशांत ᮧवृितक लोकमे घमंड भरल रहैत अिछ। जािहर अि छ जे एहम लोक आस-पासक ेँ लोकक ेँ तरह-तरहसँ क᳥ पᱟँचबैत छिथ। अपने तँ दुख कᳯटते छिथ दोसरोक जीवनके ँ नक ᭅ कए दैत छिथ। घमंड कतेको कारणसँ भए सकैत अिछ आ कए बेर तँ िबना कोनो औ िच᭜यक ेँ ᭭वभाववश सेहो लोक घमंडी भए जाइत अिछ। एहन उदाहरण अहाँकेँ कतेकोठाम देखबामे आएत। हमरा गाममे एकटा िभखमंगा किहओ काल अबैत छलाह। य᳒िप ओ िभख चाहैत छलाह मुदा ᱟनक बाजबाक चहᳯटसँ यो निह कहैत जे ओ िभखमंगा िथकाह। असलमे ओ पिहने बᱟत धनीक छलाह मुदा कालᮓमे गरीब भए गेलाह। जमीन-जायदाद िबका गेलिन। कहबी छैक जे जौर जिड़ गेल मुदा एंठन अिछए। सैह ग᭡प छलैक। महाभारतमे िख᭭सा अिछ जे ᮤोपदीके ँ अपन सᲅदयᭅपर बहत घमंड रहिन आओर गाहे-बगाहे ओ एिह कारणसँ कतेको शᮢु बना लेलीह। पᳯरणामसभकेँ बुझल अिछ। मामला ᮤोपदी चीर हरणधᳯर पᱟँिच गेल। कᳱ-कᳱ तमाशा ने भेल। भयानक यु भेल आओर सम᭭त पᳯरवार िवनाशकेँ सीमानधᳯर पᱟँिच गेल। कहक माने जे घमंड चाहे िजनका होिन, आओर जािह कोनो कारणसँ होिन, एकर पᳯरणामखराबे होइत अिछ। घमंड एकटा मानिसक रोग िथक जे मनुखके ँ स᭜यक दशᭅन करएसँ ओिहना रोᳰक दैत अिछ जेना सीसीमे कोनो व᭭ तुक ेँ पैसबासँ ठेपी। घमंडी ᳞िᲦ एक िहसाबे आ᭠हर होइत अिछ जेमदांध भए सही िवचारके ँ कदािप निह सुनैत छिथ। एहने मानिसकता रावणकेँ रहैक जािह कारणसँ घरहंज भए गेलैक, सभ ᳰकछु न᳥ भए गेलैक । मेघनाद सन बीर ओ तेज᭭वी संतानसँ हाथ धोअए पड़लैक, कुंभकरण सन भातृभᲦ भाए मारल गेलैक, िवभी षण घर छोिड़ भािग गेलाह। सभ ओकरा बुझबैत रहलैक, एिह हद धᳯर जे मंदोदरीक कथन धᳯरक े ँ ओ सौितआ डाह किह अपमािनत क े लक। पᳯरणाम सभके ँ बुझल अिछ। अ᭭तु, घमंड सवᭅथा ᭜या᭔य िथक। जँ िबचाᳯरकए देखल जाए तँ एिह दुिनयाँमे कोनो तरहे ँ पार पाएब आसान निह अिछ। पढ़ले देखू तँ एक सँ एक िव᳇ान छिथ। आइ᭠सटाइन, सेसपीयर, कालीदास, राधाकृ᭬नन,कतेको नाम अिछ, ककर नाम लेब, ककर छोड़ब, प᳖ाक प᳖ा भᳯर जाएत। धिनकमे िगनती करब तँ गिनते रिह जाएब। एिहना पद, सᲅदयᭅ, वुि सभ तरहे ँ एकसँ एक लोक एिह संसारमे भेलाह आआोर छिथहो। तखनो जँ यो कथुक घमंड करैत छिथ तँ कᳱ करबै ? हँसबे करबै ने? अ᭭तु, िवन᮫ होएब सबसँ नीक ऐ᳡यᭅ अिछ जे सही कही तँ भायवाने लगमे होइत अिछ। बरसिह जलद भूिम िनअराए, नबिह यथा बुध िव᳒ा पाए।
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िवन᮫ता िव᳇ताक पᳯरचायक िथक। जᱧरी अिछ जे सही᭄ान ᮧा᳙ कए ᭭वभावमे िवन᮫ताके ँ आनल जाए आओर घमंडसँ मुिᲦ पाओल जाए, जािहसँ जीवन सुखमय होएत।q रबी᭠ᮤ ना रा यण िम᮰क दूटा लघुकथा यमलोकक दल-बदलू ओिह ᳰदन यमलोकमे जबरद᭭त गहमा गहमी छल। भेल ई जे मृ᭜यु लो कसँ हालमे आएल बᱟत रास लोक ओतए पᱟँचलाक बाद जनतंᮢ बहालीक मांग पर अिड़ गेल रहए। िन᭜य ᮧितक हंगामासँ तंग भए यमराज यमलोकक नव संिबधानक हेतु अ᭟यादेश ज ारी क े लाह। तकर बाद मृ᭜यु लोकक तजᭅपर चुनावक कायᭅवाही ᮧा᭥भ भेल। यम ᮧितिनिध बनब कतेक कᳯठन बात थीक से भुᲦभोिगये किह सक ै त छिथ। य᳒िप सᱫाᱨढ़ दलसँ लए कए िवपᭃी धᳯरक सभ ᳞िᲦ अपन-अपन सेवाक ᮧित समपᭅणक भावनाक चचᭅ करैत-करैत अपिसयाँत रहैत छिथ मुदा असलमे जे वो करैत छिथ से जगजािहर अिछ। इएह सभ ग᭡प हम ओिह ᳰदन सोचैत रही ᳰक यमलोकक अखबारमे ᮧितिनिध सभा चुनावक समाचार िनकललैक। समाचार देिखते एक बेर हमरा जेना करे᭠ट जकाँ लािग गेल। कोन ा ने लागए। यमलोकमे जिहआसँ चुनावक िसलिसला अएलैक तिहआसँ कतेक घर बिस गेल। कत ेको बेरोजगार सभ राितये-राित धिनक भए गेल। इएह कारण िथक जे आब लोक जहाँ य मलोकमे चुनावक ह᭨ला सुनैत अिछ ᳰक ᳯटकट लेबक हेतु एड़ी-चोटीक पसेना एक कए दैत अिछ। यमलोकक ᮧितिनिध सभाक चुनाव भेला एक मास भेल छलैक। कोनो दल क ᭭प᳥ बᱟमत निह आएल छलैक। ᮧधान बनए लेल बेस घमरथन भए रहल छलैक। य᳒िप दल सभहक संया तँ ९ टा छल मुदा मूलत: तीनटा दलक सद᭭य बेसी छलाह- िपसाँच द ल ,भूतनाथ दल ओ ᮧेत दल। नव िनवाᭅिचत सद᭭यमे सँ कमसँ कम पचासटा सद᭭य एहन छलाहजे कमसँ कम पाँच-सात बेर दल बदिल चूकल छलाह। यम ᮧितिनिध सभामे कोनो दलक े ँ ᭭प᳥ बᱟमत निह भेटलासँ िहनका सभहक लेल ᭭वᳶणम अवसर छलिन। नवका यम ᮧितिनिध सभ अ पन-अपन भिव᭬य सुधारबाक हेतु बेस उ᭜सुक छलाह। ᮧमुख महोदयक ेँ से बेस परेशानी छलिन। ᱟनका तीनू दलक नेता बेरा-बेरीसँ अपन -अपन समथᭅनमे आधासँ अिधक सद᭭यक सूची ᮧ᭭तुत क े ने छलाह। तीनू सूच ीमे पचासटा िसह᭭त दल-बदलू आ पचीसटा नवका यम ᮧितिनिध क े र नाम सािमल छल। ᮧ मुख महोदय भूतपूवᭅ
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इमानदार छलाह। मुदा जनताक िहसाब देिख कए रंग बदिल लेने छ लाह। ओहो मामला नीकसँ बुिझ रहल छलिखन। आिखर इमानदारीसँ होइते कᳱ छैक ? नून रोटी चिल सक ै त अिछ। घरवाली कहिथन जे किह निह कोन करम क े लᱟँ जे अहाँक संग भेल। जिहआसँ ᮧमुख महोदय अपन चािल-ढािल बदललाह तिहआसँ दुिनया ँ दोसर भए गेलिन। जे᭥हरे देखू ते᭥हरे ल᭯मीक दशᭅन। ई मौका ᱟनका हेतु ᭭वᳶणम अव सर छल। जनसेवाक ᮯतधारी लोकिनक ᮧथम अवतार भए रहल छल। यमराज तीनू नेतासँ ग᭡प-स ᭡प करबाक हेतु ितिथ िनधाᭅᳯरत कए सूिचत कए देलिखन आ अपने भूिमगत भए गेलाह। ᮧेत दलक नेता राितक बारह बजे यमराजक प᳀ीसँ भे ँ ट करए गेलाह। दोसर-तेसर ओिहठाम यो निह छल। सूटक े शसँ नोटक सभ गी िनकािल धराधर टेबुलपर रािख देलिखन।
“ई िथक पुतोᱟक मुँह देखाइ। ” फ े र ग᭡प-स᭡प आगा बढ़ल कहए लगलिखन- “राजनीितक हाल-चाल तँ अहाँक ेँ बूझले अिछ। िपसाँच दल ओ भूतनाथ दलक नेता सभ हमर पᭃक यम ᮧितिनिध सभक े ँ फोᳯर रहल छिथ। अहाँ यमराजक ेँ हमर िसफाᳯरश कए हमरा ᭠याय ᳰदआउ। ” यमराजक धमᭅ प᳀ीजीक ेँ तीनू लोक सुिझ रहल छलिन , मुदा तैयो बजलीह- “अव᭫य कहबिन। अहाँसँ बेसी योय , कमᭅठ ओ इमानदार क े भए सक ैत अिछ। ᮧधानक पद तँ अहᱭक ेँ भेटबाक चाही। ” ᮧेत नेता सहषᭅ ओिहठामसँ िबदा भेलाह। मुदा ओ सम᭭याक अ᭠त निह छल। आिखर मास ᳰदनक बादे सही , यम ᮧितिनिध सभाक सामना तँ करैक छलिन। ते ँ कमसँ कम पचासटा आओर यम यम ᮧितिनिध क े अपनामे िमलायब जᱨरी छलिन। राता-राती ओ अपन िव᳡ासपाᮢ ᮧेत नेताक सिचवक ओिहठाम पᱟँ चलाह। ओमहर िपसाँच दल ओ भूतनाथ दलक लोक सभ सेहो बैसल निह छलाह। राित भᳯर ᱟड़दंग होइत रहल। असलमे बीस-पᲬीसटा यम ᮧितिनि ध क ै गोटेसँ टाका लए लेने छलाह। तीनू नेता सोचिथ जे ओ सभ हमरा संगे छिथ मुदा असलमे वो सभ ककरो संगे निह रहिथ। ओ सभ चुनावमे खचᭅ भेल अपन पूँजी ऊपर करबाक हेतु अपिसया ँत छलाह। मुदा यमराज सेहो आब घवरायल छलाह आ यम ᮧितिनिध लोकिनक ेँ साफ कहलिखन-
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“ जँ अहाँ लोकिन ᭭प᳥ ि᭭थित निह उ᭜प᳖ करब तँ हम यमलोक ᮧितिन िध सभाक ेँ भंग करबा देब। ” ई बात सुिन नवका यम ᮧितिनिध सभहक मनमे हड़बड़ी मिच गेल। ओ सभ गोटे ᮧेत दलक ेँ अपन समथᭅन देबाक िनणᭅय ᮧमुख महोदयक ेँ अवगत करा देलिखन। ᮧात:काल ᮧेत दलक नेता मंगनूक ेँ ᮧधान पदक हेतु सपथ कराओल गेल। ᮧात:काल सपथ ᮕहण समारोह ᮧार᭥भ भेल। मनोनीत ᮧधानजी अपन जेबीमे सँ एकटा िचट िनकािल कए अपन पी.ए.क ेँ देलिखन। पी.ए. साहेब ओिह कागजक ेँ ᮧमुखक आ᳙ सिचवक े ँ दए देलिखन। ओमहर यम ᮧितिनिध लोकिन मंᮢी पद ᮧाि᳙क संभावनासँ अपिसया ँत छलाह। ᳰकछ ुए कालमे घोषणा ᮧार᭥भ भेल। नव मंᮢीम᭛डलमे तीस गोट क ै बीनेट ,बीसटा रा᭔यमंᮢी ओ बीसटा उपमंᮢीक नामक घोषणा कएल गेल। एवम्-ᮧकारेण यम ᮧितिनिध स भा क एक ितहाइ सद᭭य मंᮢी बिन रहल छलाह। शेष सद᭭यमे सँ सᱫापᭃक समथᭅक यम ᮧितिनिध क ेँ कोनो-ने-कोने पद अव᭫य देबाक ᭭प᳥ आभास भेᳯट गेल छलिन। ᮧमुख िनके तन खचाखच भर ल छल। सपथ ᮕहण समा᳙ होमएपर छल ᳰक सᱫापᭃक एकटा यम ᮧितिनिध गरिज उठला- “मंᮢी पदक हेतु चयनमे पᭃपात कएल गेल अिछ !आᳰद-आᳰद...।” ᮧधानजी मुड़ी उठेलाह आ इसारासँ ᳰकछ ु कहलिखन। ᮧधान िवᭃु᭣ध यम ᮧितिनिध सभक गु᳙ बैसार कए रहल छलाह। राि ᮢमे बारह बजे बैसार शुᱨ भेल से ᮧात: छह बजेमे स᭥प᳖ भेल। बैसारमे पचासटा यम ᮧितिन िध छलाह जे कहैत गेलाह जे जᲅ अहाँ अपन बात निह राखब तँ हमᱠँ सभ अपन बात बद लबाक हेतु मजबूर भए जाएब। हाᳯर कए ᮧधानजी ओिहमे सँ प᭠ᮤह गोटेक े ँ िविभ᳖ क ै िबनेट मंᮢीक दजाᭅ संगे अपन-अपन िजलाक ᮧशासिनक मुिखया सेहो बनाओल गेल। सभा िवसᳶजत भेल। ओमहर िपसाँच दल आ भूतनाथ दलक नेता ᮧेत दलक नेताक े ँ ᮧधान पदक सपथ क े र िवरोधमे संपूणᭅ यमलोकमे हड़ताल कए देलि᭠ह। यमलोकमे कानून /᳞व᭭थाक ग᭥भीर सम᭭या उ᭜प᳖ भए गेल। असलमे दूनू नेताक े ँ ᮧधान पद छुᳯट जयबाक आᮓोश तँ छलिनहे। सभसँ बेसी क᳥क ग᭡प छल जे ᱟनका लोकिनक े ँ ग᭥भीर आᳶथक ᭃितसँ सामना करए पड़ल छलिन। यमलोकक पचासो यम ᮧितिनिध तीनू नेतासँ यथे᳥ पाइ टािन लेने छलाह। ᮧधानक ेँ अपन क ु सᱮ बचायब पराभव भए रहल छलिन। ᮧमुखक िखलाफ दूनू िवरोधी दल य मलोक भᳯरमे ग᭥भीर
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हड़ताल कए देने छलैक। ि᭭थित स᭥हरने निह स᭥हᳯर रहल छलैक। अ ᭠ततोग᭜वा ᮧधानजी िवरोधी दलक नेता सभसँ गोपनीय बैसार करबाक िनणᭅय क े लिन। दोसर ᳰदन िवरोधी नेतासभ एक-एक कए ᮧधानजीसँ फराक-फराक भे ँ ट करए लगलाह। पाँचटा छोट-मोट नेताक ेँ शा᭠त क े लिन। मुदा िपसाँच दल ओ भूतनाथ दलक नेता ᳰकछ ु सुनबाक हेतु तैयार निह छलाह।
अ᭠ततोग᭜वा ᮧधानजी िपसाँच दलक नेताक े ँ िवपᭃक नेता बनएबाक घोषणा क े लिन। ᱟनको क ैिबनेट मंᮢीक दजाᭅ देल गेल। संगिह भूतनाथ दलक नेताक ेँ यम ᮧितिनिध सभा क उप - सभापित बनएबाक िनणᭅय कएल गेल। दूनू नेताक ेँ पᱼच-पाँच कड़ोर टाका अपन-अपन िजलाक िबकासक नामपर खचᭅ करबाक अिधकार देल गेल। एवम्-ᮧकारेण मंᮢी म᭛डलक क ृ याकलाप ᮧार᭥भ भेल। ᮧमुख महोदय सिहत यम ᮧितिनिध लोकिनक े हᳯरयरी आिब गेल। यमलोकमे यम ᮧितिनिध सभा क अिधवेशन ᮧार᭥भ भेल। कतेको नव गोटे एिह बेरक अिधवेशनमे देखबामे आिब रहल छल। सद᭭य सभक े ँ सपथ ᳰदआवोल गेल आ तकर बाद ᮧमुख महोदयक भाषण भेल। यमलोकक अिगला बखᭅक बजट क े र ᮧ᭭ताव ᮧ᭭तुत कएल गेल। एतबा कायᭅᮓम भेल छल ᳰक िवपᭃी नेता सभ वतᭅमानमंᮢी म᭛डलमे अपन अिव᳡ास ᮧ᭭ताव ᮧ᭭तुत क े लिन। यम ᮧितिनिध सभामे जबरद᭭त हंग ामा होमए लागल। हंगामा िनयंᮢणसँ बाहर भए गेल आ अ᭟यᭃक े ँ यम ᮧितिनिध सभाक कायᭅवाही ᭭थिगत कए देबए पड़ल। ओमहर िवपᭃक नेता अपन चेला-चाटीक संगे यम सभा अ᭟यᭃक िनणा ᭅयक िवᱨ यम ᮧितिनिध सभासँ विहगमᭅन कए देल। यमलोकक राजनीितक ि᭭थित कᱟना ठहᳯरये ने रहल छल। ᮧधानजी परेशान छलाह। ᮧितपᭃक नेता सभ यमलोकमे हड़तालक आ᭮वान कए देने छलाह। मु दा ᮧधानजी कोनो कᳱमतपर क ु सᱮ छोड़बाक हेतु तैयार निह छलाह। दोसर ᳰदन यम ᮧितिनिध सभा क सᮢ फ े र ᮧार᭥भ भेल आ सᱫा पᭃ ओ ᮧितपᭃक नेता एवम् सद᭭य लोकिन हंगा मा करए पर अड़ल छलाह। ᮧधानजी जतबोक ेँ मंᮢी बना सकलाह ततबो लोक गड़बड़ी निह करताह तकर कोनो ठेकान निह छल। शेष लोकिनक कहब मोसᳰकल। ओिह ᳰदन सेहो यम ᮧितिनिध सभा क बैसार ᭭थिगत भए गेल। एव म्-ᮧकारेण ᮧधानजी पाँच ᳰदन काᳯट लेलाह। ताधᳯर अनेको उ᳒ोगसँ मंᮢीम᭛डलक गठनमे ज े आᳶथक दबाब पड़लिनसे आपस भए गेल छलिन। िवपᭃक सद᭭य सभ यमराजक े ँ िव᭄ापन-पर-िव᭄ापन दैत छलाह जे यम ᮧितिनिध सभा क अिधवेशन शीᮖ बजाओल जाए। अ᭠तत ोग᭜वा यमराज ᮧधानजीक ेँ बजा कए साफ कहलिखन जे अहाँ सात ᳰदनक भीतर ᮧितिनिध सभाम े अपन बᱟमत िस कᱨ अ᭠यथा अहाँक क ु सᱮ चिल जाएत।
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ᮧधानजी अपिसयाँत छलाह। नवका यम ᮧितिनिध-क गुटक कोनो भर ोस निह छलिन। मुदा झख माᳯर कए यम ᮧितिनिध सभामे िव᳡ास ᮧ᭭ताव रखलाह। ि नणᭅय भेल जे काि᭨ह एिहपर मतदान होएत। िवपᭃक सद᭭य सभ हषᭅसँ थपड़ी पीटए लगलाह। राित भᳯर यो यम ᮧितिनिध सुतल निह। ᮧात:काल दस बजे यम ᮧितिनिध सभा क बैसार ᮧार᭥भ भेल। यम सभा अ᭟यᭃ महोदय आशनपर िवराजमान भेला ह। मत िवभाजनक घ᭠टी बाजल। गु᳙ मतदानक ᳞व᭭था छल। आधासँ अिधक सद᭭य ᮧधानक िवरोधमे मतदान कए देलाह। यम सभा अ᭟यᭃ एिह िनणᭅयक घोषणा कए देल। ᮧधान दल बदलक ग᭥भीर िशकार भए गेल छलाह। मुदा ई सभ कोना भेल से निह कहल जा सक ैत अिछ। ᮧधानजी अपन ᭜याग पᮢ यमराजक े ँ दए देलिखन। मास ᳰदनक भीतर एक बेर फ े र नव मंᮢीम᭛डलक गठनक तैयारी जोर-सोरसँ ᮧार᭥भ भेल। मुदा आब यम ᮧितिनिध सभ सेहो िचᳲतत छलाह। ᮧितिनिध सभा भंग होयबाक समाचार जोर-सोरसँ चाᱨकात पसᳯर गेल छल। यमराज सेहो सत ᱨिख अपनौने छलाह। ते ँ हेतु सभक मत भए गेल छलैक जे एकटा ठोस मंᮢीम᭛डल बनाओल जाए।
भूतनाथ ओ िपसाँच दलक नेता आपसमे ब᭠द कोठरीमे बैसार क े लाह। तय ई भेल जे िपसाँच दलक नेता ᮧधान बनताह। मंᮢीम᭛डलमे दूटा उपᮧधान हेत ाह। एकटा उपᮧधान भूतनाथ दलक हेताह आ दोसर नव यम ᮧितिनिध गुटक नेता...। य ेन-क े न ᮧकारेण नव मंᮢीम᭛डलक गठन भेल। यम ᮧितिनिध लोकिन आ᳡᭭त भेलाह जे जन स ेवाक आब नीक अवसर ᱟनका सभहक हाथसँ निह सरकतिन। यम ᮧितिनिध सभामे एिह मंᮢी म᭛डलक ेँ िव᳡ास सेहो ᮧा᳙ भए गेलैक। ᳰकछ ु ᳰदन दोबारा यमलोकमे जनतंᮢ बहाल भेल। ¦
नक ᭅ क संसद
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“ सुनैत जाइ जाउ सभासद सभ। आजुक कारᭅवाही ᮧार᭥भ हेबासँ पूवᭅ सभाक रपट पढ़ल जाएत। तदुपरा᭠त नव सद᭭यक उ᳃ोषणा होएत आ फ े र आन-आन काय ᭅवाही। नवगᳯठत सदनक अ᭟यᭃताक भार नकᭅक वᳯर᳧तम सद᭭य मनमोहन क ेँ देल जाइत अिछ। ” ई ᭟विन होइत अिछ। जनता ᳰदिससँ आवाज आएल- “अ᭟यᭃजी अपन पᳯरचय देिथ। ” मुदा ताबते संसदक सिचव उठलाह- “बेस तँ सुिन िलअ। ई अ᭜य᭠त िन᳧ावान , नक ᭅ क वयोवृ आ वᳯर᳧तम सहयोगी िथकाह। िहनका म᭜यᭅलोकमे फाँसीक सजाए भेटल छलिन। आ ओतए ई िसह᭭त खूनी छलाह। इलाका भᳯरमे िहनक यश पसरल छल। ओना , िहनकर खाता सभ ᳰदन लाले रहलिन अिछ , मुदा एतय अएलाक बादो वो कतेको कᳱᳶतमान ᭭थािपत करैत रहलाह जािहसँ यमराजक िवशेष आ᭄ासँ नकᭅ लोकमे रहबाक अविध बढ़ैत रहलिन। िहनक दᭃताक सभसँ पैघ ᮧमाण तँ इएह िथक जे एᱠ अव᭭थामे नकᭅ लोकक सभटा सामान भयादोहन कए देल आ ककरो एकर भनकᳱ तक निह लगलैक। सौभायवश कही वा जे कही , वो सभ सामान त᭭करीक छलैक आ मृ᭜युलोकमे यो ᮧाणी अपन पूवᭅजक ᮧो᳖ितक हेतु परमा᭜माक े ँ घूस ᭭वᱨप गाया जा कए दान क े ने छल। चूँकᳱ ई सभ सामन त᭭करीक छलैक , तेँ एकरा नक ᭅ लोकसँ गुजरए पड़लैक। वो पारगमनमे छलाह ᳰक नकᭅ लोकक चुंगीक िसपाहीक ेँ मे᭠डेसक गोली खुआ िनशामे बुᱫ कए मनमोहनजी सभटा सामन ᭣लैक कए देल। मुदा धमᭅराजक खुिपया िवभाग बड़ चौकस अिछ आ मन मोहनक एिह सुक ृ ितक पुर᭭कार भेटलिन। पाँच बखᭅ अितᳯरᲦ नक ᭅ बाससँ। ” “बाह-बाह.. ! एकदम सही आदमीक ेँ अ᭟यᭃ बनाओल गेल। ” “जय हो़ !जय हो़!” आबाज आएल चाᱨकातसँ। ई िन᳟य नक ᭅ क गᳯरमा बढ़ओताह। थपड़ीक गड़गड़ाहटक बीचमे अ᭟यᭃ महोदय आसन ᮕहण कए उ᳃ोषणा कएल- “मा᭠यवर नक ᭅ वासी लोकिन , अहाँ सभ जे हमर स᭥मान कएल अिछ से युगानुक ू ल अिछ। किलयुगमे पापक पुर᭭कार धड़ाकसँ भेट जाइत छैक। त᭭करी कᱨ कोठ ा पीटू , घूस िलय , इ᭠जीनीयर जमाए कᱨ। ᭜याग , तप᭭या ओ चᳯरᮢक मह᭜वक जमाना चल गेलैक। आब तँ लूᳯट लाउ , क ु ᳯट खाउ। एिह बातमे अहाँ सभ गोटे पारंगत िथकᱟँ। ओना , मृ᭜युलोकक िनयम सभ ᳰकछ ु आओर िथक। ओतए कानूनक राज िथक , मुदा नामे क े । से जँ सᱫे रहैत तँ एिहठाम नक ᭅ मे
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कतेको भूतपूवᭅ महामिहम निह पड़ल रिहतिथ। अहाँ लोकिनक सामन े जे मंचपर छिथ से मृ᭜युलोकमे बेस स᭥मािनत जन नेता रिह चूकल छिथ। जय -जयकार होइत छलिन िहनकर। मुदा काजक िहसाबे नकᭅमे तृितय ᮰ेणी भेटल छिन। ᱟनका नक ᭅक गेटक रखबारी करबाक भाड़ भेटलिन। हमर कहब जे जहन मृ᭜युलोकमे सभ ᳰकछ ु दनादन चिलए रहल छैक , तँ नक ᭅ लोक किथ लेल पाछा रहए। एही बातक ेँ ᭟यानमे रािख कए हम नक ᭅ लोकमे पुन: भयादोहन कएल आ एकर पᳯरणामो अनुक ू ले भेल। ” चाᱨ ᳰदससँ थपड़ी पड़ए लागल। तदुपरा᭠त सिचव महोदय पूवᭅ सभाक कायᭅवाही सदनक संपुि᳥क लेल ᮧ᭭तुत करए लगलाह- “मा᭠यवर , पूवᭅ सभाक ᮧमुख-ᮧमुख कायᭅवाही ᮧ᭭तुत अिछ-१. नकᭅक बढ़ैत जनसं या वृिक ेँ देखैत एिहठाम यथाशीᮖ पᳯरवार िनयोजन पखवारा मनायल जाए। व᭭तुत: म᭜यᭅलोकमे अपराधक संयाक भारी वृिक कारणे ँ नकᭅक संतुलन गड़बड़ायल अिछ आ एिहसँ नकᭅक वᳯर᳧ वासी लोकिनक ेँ नाना ᮧकारक भयंकर क᳥क सामना करए पिड़ रहल छिन। अ᭭तु , ई ᮧ᭭ताव पाᳯरत भेल जे सामा᭠य कोᳯटक पापीक ेँ नक ᭅ सँ फराक एकर सीमानसँ बाहरे उपनगरी बनाओल जाए। ” (हषᭅ ᭟विनक बीचमे लोक ᮧ᭭तावक सहमितमे थपड़ी पीटैत छिथ।) “नकᭅक चाहरᳰदवारी छोट अिछ जािह कारणसँ ᭭वगᭅलोकसँ कतेको लोककेँ असानीसँ एिहमे फना देल जाइत अिछ। हमरा लोकिन एिह तरहक ᮧक ृ याक घोर िवरोध कए रहल छी। संगिह ई ᮧ᭭ताव पाᳯरत कएल जाइत अिछ जे नक ᭅसँ ओतबे संयामे लोकक ेँ ᭭वगᭅ जेबाक ᮧावधान कएल जाए। ” आवाज होइत अिछ- “हमरा लोकिन ᭭वगᭅ हरिगज निह जाएब। हमरा सभक े ँ नक ᱷ नीक लगैत अिछ। एिहठाम पाᳰकटमारीक खूब गुंजाइश छैक। ᭭वगᭅमे तँ ककरो पाᳰकटे निह छ ैक। ई ᮧ᭭ताव मंजूर निह अिछ। ” सिचव महोदय एकाएक ᮧ᭭ताव सभ पढ़ैत गेलाह आ उपि᭭थत नक ᭅ वासी गण बेरा-बेरी थपड़ी पीटैत गेलाह। एतबिहमे नक ᭅ क घ᭠टा सभ घनघनाय लागल। पता लगलैक जे नकᭅमे एकटा महापापीक ᮧवेश भेल अिछ। ओकरा यमदूत नाना ᮧकारक यातना दए रहल छलैक। म᭜यᭅलोकमे ओ ग᭥भीर अपराधी छल। मुदा ओकरा लेल धिन-सन। नक ᭅ लोकमे एहन यातनाक म᭟यो वो कनखी मारैत हँसैत आगू बढ़ैत सभहक अिभन᭠दन करैत चिल रहल छल। ताबितमे नक ᭅ वासीक ᳰकछ ु उचᲥा ओकरा गोिलओलक आ ओकरा जेबीमे ओकर संतित ᳇ारा दा न कएल गेल जे ᳰकछु क ᱹ चा आ व᭭तु छलैक से छीिन लेलक। ओ कनीक े आगा बढ़ल कᳱ ओकरा अपन कका नजᳯरमे
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अएलैक। ओकरा बड़ आ᳟यᭅ लगलैक। ओकर कका तँ बेस भᲦ छलैक। तीन फ Ჵा चानन करैत छलैक। भोर-साँझ ᳩान करैत छलैक। ओ घ᭠टा-घ᭠टा भᳯर पूजा करैत रहैत छलैक। अरे ! ओकर ककाका पाछा तँ एकटा वोडᭅ लागल छलैक। “म᭜यᭅलोकमे ढᲂग करबामे क ु शल रंजनजी अपना जीवन कालमे कतेको ड क ै ती वो ह᭜या का᭛डमे सि᭥मिलत रहला। ”- भाितज गु᭥म। “बाह रे कका ! ओिहठाम तँ बेस हवा बनौने छलाह। ” संसदक अिधवेशन जोरपर छलैक। नव-नव सद᭭यक पᳯरचय कराओल जाइत छलैक। प᭛डालक अᮕभागमे नव सद᭭य सभक ेँ राखल गेल छल। “ई िथकाह ‘ᮩजमोहन ’। भूतपूवᭅ मुय मंᮢी। ई अपन शासन कालमे फ ु िस बजबाक कᳱᳶतमान बनौलिथ। किहओ बैमानी करबासँ निह िहचकला। मुदा पिहरन-ओढ़न बेस ᭭व᭒छ सािᱬवक। िहनका नकᭅमे ᭭थायी ᭭थान भेटलिन अिछ। ओना सामा᭠य कोᳯटक पापीक ेँ दोसर ओ तेसर सालपर कागज-पᮢक समीᭃा होइत छैक। मामलाक े ँ फ े रसँ जाँच-पड़ताल होइत छैक , मुदा िहनकर मामलामे यमराज एकतरफा िनणᭅय सुना देल जे ई नक ᭅ क ᭭ थायी सद᭭य हेताह आ िहनकर कागज-पᮢक ेँ गोपनीय कए देल जाए ताᳰक िचᮢगु᳙क सहायक लोकिन ओिहमे कोन ो ᮧकारक हेरा-फ े री निह कए सकिथ। ” ‘ितलक ’क पार आएल। टांग टुᳯट गेल छलिन। यमराजक पूत सभ लाᳰद कए नकᭅ पुरी आिन रहल छल ᳰक अक᭭मात ओकर टांग नᭃᮢमे घुिम रहल ᭭काइलैवक टुकड़ ीसँ टकड़ा गेलैक जािहसँ भयंकर दुघᭅटना भेल ओ ितलक ᮧेतक टांग कᳯट गेलिन। ओना ,ितलक मृ᭜युलोकमे मुिखया छलाह। ᭣लौक डेबलपमे᭠ट कमीटीक कायᭅकाᳯरणीक सद᭭य छलाह ओ गा ममे बेस धाख छलिन। गाममे राजनीित कए इलाकाक लोकक े ँ अपना ᳰदिस कए अपन सहोदर भाएक े ँ राितये-राित िनपᱫा कए देलिन। ओना , बाहरमे बेस िबलाप कएलिन। छाती िपटलिन। थानामे ᳯरपोटᭅ दजᭅ करेलिन। इ᭜याᳰद-इ᭜याᳰद। मुदा संयोग जे ओिह समयमे नक ᭅ मे समयोपᳯर काज चिल रहल छलैक आ भारतक िवभागक ᳰकरानी काज कए रहल छलाह। नकᭅलोकसँ वो सभ घटनाक दूरदशᭅनपर देख रहल छलाह। नक ᭅक कागज-पᮢमे सभ िलखल छल। यम राजक कोटᭅमे पᱟँिच कए वो अवाक रिह गेलाह। “क े बाहर क े लक ई सभ.. !” सोचैत छलाह। एवम् ᮧकारेण एकसँ एक नवाग᭠तुक सद᭭यक पᳯरचय होइत गेल। एतबिहमे भयंकर ह᭨ला सुनबामे आएल। दशᭅक दीघाᭅसँ क ू ड़ा फ े कल जा रहल छल। यो गोटे जोर-जोरसँ उ᳃ोष कए रहल छल-
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“ भाई लोकिन ! यमराजक अ᭜याचारसँ हमरा लोकिन उिब गेल छी। नक ᭅक ᳞व᭭था स ाफ गड़बड़ा गेल अिछ। हमरा लोकिन २५ बखᭅसँ िबना सुनबाइ-क े हाजतमे पड़ल छी। ” एतबिहमे दसटा बेस नमगर पोरगर जवान सभ हाथमे हथकड़ी लेने ᮧवेश कएलक। हाथमे डंटा छलैक ओ आँिख लाल कए रहल छल। संसदमे िवरोधी पᭃक नेता गड़िज उठला- “ई संसदक घोर अपमान िथक। संसदक अ᭟यᭃक अनुमितक िबना एिह मे पुिलसक एिह ᮧकारक ᮧवेश ᳲनदनीय िथक। ” चाᱨ ᳰदससँ सद᭭य सभ फानय लगलाह। यमराजक ᮧितिनिध टीक पक ड़ने ᱟनका अगत-अगत कए रहल छल। भयंकर कोलाहलसँ जखन ᳰकछु ᮰ुत᳞ निह रिह गेल तँ अ᭟यᭃ महोदय ह ाᳯर कए सदनक कायᭅवाही, ओिह ᳰदनक हेतु ᭭थिगत कए देल। संसदक ᳰकछु भाँगठ सद᭭य भीड़मे डगम गा कए खिस पिड़ रहल छलाह। धᲥम- धुᲥᳱमे ᳰकछु नांगड़ सद᭭यक दोसरो टांग आहत भेल जा रहल छलिन। बड़ी मोसᳰकलसँ वोिह ᳰदन नक ᭅ वासी अपन-अपन डेरा आपस पᱟँचलाह।
रबी᭠ᮤ नारायण िम᮰ क नम᭭त᭭यै आगाँ... ३५ . जाबे अᱧणओ एडली ल᭠दनमे पढ़ाइ-िलखाइ करैत रहए ताबे दुनू गो टे दू देह आओर एक आ᭜मा छल। अᱧण सोचैक तँ एडली बजैक। एडली सोचैक तँ अᱧण बजैक। दुनूक दो᭭ती से परमान चढ़ल जे दोसर सभक ेँ इ᭬याᭅ होमए लगलैक। यो-यो चौल करैक जे ई दुनू कहᱭ आपसेमे ने िबआह कए िलअए। जाधᳯर ओ सभ संगे रहल ᳰदन राितक कोनो पता निह चलैक। दुनू संगे पढ़ए, संगे टहलए आओर संगे खाए य᳒िप दुनूके ँ छाᮢावासमे अलग-अलग कोठरी रहैक मुदा बेसी काल दुनू एᲥ ेठाम रहए। ᮧेमक पराका᳧ा कहल ज ाए तँ हजᭅ निह। मुदा एकर सभक ᮧेमक बीचमे आिब गेलैक एंगल। एंगल एडलीक िमᮢ छ लैक। ओ एडलीक िशᭃको रहैक। मुदा तािहसँ कᳱ? पा᳟ा᭜य सं᭭क ृ ितमे ई सभ चलैत छल। अᱧणक एड लीक संग घिन᳥ताक कारण एंगलक अᱧणो लग उठब बैसब होइते छल। देखए सुनएमे अᱧण आकषᭅक छलहे संगिह ओकर ᮧितभाक चचᭅ सगरे कालेजमे छल। एक ᳰदन एडली ओ एंगल िपकिनक मनाबए ल᭠दनक लगीचक झील जा रहल छल। एंगल कहलकै जे अᱧणोक ेँ संग कए लेल जाए। एडली ई ᮧ᭭ताव अᱧण लग रखलक तँ ओ सहषᭅ तैय ार भए गेल। तीनू झीलक कातमे बैसल छल। जाड़क समयमे ह᭨लुक रौद ओकरा सभपर पिड़ रहल छल। झीलक चाᱨक ात अᭅनᲨ जोड़ी सभ अपना-आपमे म᭭त छल। यो ककरो देखत से होश निह रहए।
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एहन मनमोहक ओ उᱫेजक वातावरणमे एडली, एंगल ओ अᱧण एक दोसरक ेँ देिख रहल छल। एंगलक ेँ कᳱ फ ु रेलैक जे ओ अᱧणक ेँ हाथ धए िखचलक आओर चलैत गेल। एडली देिखते रिह गेल। तिहआ सँ अᱧणक एंगलसँ आकषᭅण बᳰढ़ते गेल। साँझमे एडली, एंगलमे कहा-सुनी भेलैक। मुदा ए ंगल अपन िजपर अिड़ गेलैक। ओ अᱧणक ᮧित अपन आकषᭅणक आगू ᳰकछु निह सोिच सकल। एडली ओकर पुरान दो᭭त रहैक, मुदा सेहो पाछु रिह गेलैक। एडली बाजी हाᳯर चुकल छल। एडली बुिधयार छल। ओ बातक ेँ बतंगर बनबएमे िव᳡ास निह करैत छल। अ᭭तु ि᭭थितसँ समझौता कर ैत ओ अᱧणसँ अपन िमᮢता बनओने रहल। एंगलसँ िवचार करएमे सेहो कोनो लाभ निह छलैक। तेँ सभ चुपचाप सिह गेल। तकर लाभ ओकरा भेलैक। गाहे-बगाहे एंगल ओकरो ᭟यान रखैत रहल । एवम् ᮧकारेण अᱧण, एडली आओर एंगलक ितकड़ी बिन गेल, ताबे ओिहना रहल जाबे अᱧण ल᭠दनमे रहए।
अᱧण ᮧशासकᳱय सेवामे उᱫीणᭅ भए गेल छल। तकर बाद ओकरा अपन द ेश आपस अयबाक रहैक। एंगल संगिह जयबाक हेतु िज कए देलक ै । एडली सेहो एिह हेतु अᱧणक ेँ बुझओलक। अ᭠तगोग᭜वा अᱧण ओ एंगल संगिह दिड़भंगा आएल। एडली ओतिह रिह गेल। q ३६ . पूवᭅ िनधाᭅᳯरत कायᭅᮓमक अनुसार दिड़भंगामे ᮧगितशील जागरण मंच ओ जनजागरण मंचक रा᳦ीय कायᭅकाᳯरणीक स᭥मेलन बजाओल गेल। देश भᳯरसँ ᭄ात-अ᭄ात करीब पाँचसए ᮧितिनिधभाग लए रहल छलाह। दिड़भंगाक राज मैदान टᱶटक शहर बिन गेल छल। कतᱟ लाल, कतᱟ हᳯरअर झंडा फहरा रहल छल। रा᳦भिᲦसँ भरल ओज᭭वी गीत सभ बजाओल जा रहल छल। एिह वातावरणमे रिह -रिह कए तरह-तरहक सूचना ᮧसाᳯरत भए रहल छल। जनाधार पाटᱮक सेहो आमंिᮢत कएल गेल छल। पर᭠तु ओ सभ एिहमे भाग ली, निह ली से दुिबधामे रिह गेलाह। ᭭वतंᮢताक लड़ाइ एकजुट भए लड़ब ई तँ नीक बात रहैक, मुदा नेतु᭜वक सम᭭या ओझड़ाएल रहैक। अ᭠ततोग᭜वा तय भेल जे ओ सभ ᳰफलहाल यथावतक ि᭭थितमे रहत। म ाने अपन अलग आि᭭त᭜व बनओने रहत। मुदा जनाधार पाटᱮक नव िनवाᭅिचत मुिखआ चेतन ᳞िᲦगत ᭭तरपर आएल छ ल। ओकरा संगे दू-चाᳯर गोटे आओर आिब गेल रहए। कायᭅᮓम ᮧार᭥भ होइते बंदे मातरम्-क नारासँ धरतीसँ आकाश एक भ ए गेल। सभ एक ᭭वरसँ “सुजलां सुफलां मलयज शीतलाम्” गबैत गबैत भाव िवभार भए गेल। तकर बाद राज क ु मार िव᭭तारसँ रा᳦ीय पᳯरदृ᭬यक वणᭅन करैत दुनू मंचक अंदᱧनी ि᭭थितक चचाᭅ क ेलाह आओर घोषणा क ेलाह जे आइसँ दुनू मंचक िवलय भय गेल अिछ। आब एिह मंचक नाम रा᳦वादी दल रहत। एतबे बात ओ कहने छल ᳰक उमा अपन संगे १५-२० टा मिहलाक संगे न ारा लगबैत मंच धᳯर पᱟँच गेिल। ᱟनका सभक हाथमे पᲵ छल जािहपर मोट-मोट आखरमे िलखल छल- “ᳫीक स᭥मान िबना ᭭वतंᮢताक ग᭡प िनरथᭅक िथक।”
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उमाकेँ एिह तरहे ँ आओर मिहला सभक संगे एिह तरहे ँ आᮓमण देिख सभ सकदम भए गेलाह। बैसारक कायᭅवाही ᱧᳰक गेल। जे जेना छल, तिहना रिह गेल। लगलैक जे ना स᭥पूणᭅ वातावरणकेँ लकबा माᳯर देने हो। राजकु मार ओ मा᭭टर साहेबकेँ ᳰकछु फ ु रेबे निह करिन। बैसारमे भाग लैत अिधकांश लोक उमाक समथᭅनमे बाजए लगलाह। ओ िहमेसँ ᳰकछु गोटे तँ उमा लग आिब ओकरे संगे नारा लगबएलगलाह। आब कᳱ होएत? मा᭭टर साहेब ᭭वयं उᳯठ कए उमा लग गेलाह। जन भावनाक आदर करैत उमाक ेँ मंचपर लए अनलिखन। तकर बादे बैसारक कायᭅवाही ᮧार᭥भ भेल। चाᱨकातसँ लोक उमाक समथᭅनमे आिब गेल आओर आᮕह करए लागल जे उमाक ेँ नवोᳰदत रा᳦वादी दलक अ᭟यᭃा बनाएल जाए। मा᭭टर साहेब, राजकु मार उमासँ मंᮢणा क ए ᱟनका रा᳦वादी दलक अ᭟यᭃ चूिन लेल गेल। ‘उमा देवीक जय’ सँ वातावरण गुंजायमान भए गेल। रा᳦वादी दलक गठनसँ जनाधार पाटᱮमे आपसी िसरफ ु टौअल बᳰढ़ गे ल। पाटᱮ कतेको गुटमे बँᳯट गेल छल। पाटᱮमे ᳰकछु गोटे रा᳦वादी दलक संगे िवलएकपᭃधर रहिथ। एिहस ँ ᭭वतंᮢता आ᭠दोलन ᮧखर होइत। मुदा पाटᱮक बूढ़ नेता सभ चाहिथ जे यथावत बनाओल रहए देल जाए कारण ओ सभ अपन अपन कु सᱮक ेँ संकटमे निह देबए चाहिथ। उमाकेँ रा᳦वादी पाटᱮक अ᭟यᭃा बनबाक समाचार अᱧणक े ँ जासूसक मा᭟यमसँ भेटलैक। ओ अ᭜य᭠त िवचिलत भए गेल। उमाक एिह तरहक ᮧितकृयाक ओकरा आशा निह छल। महौलक ेँ गड़बड़ाइत देिख अᱧण एंगलक संगे ᳰकछ ु ᳰदनक हेतु ल᭠दन सरकार ी याᮢापर चिल गेलाह। हमर माए दुिखत पिड़ गेल छल। ओकरा असगरमे बᱟत ᳰदᲥत भए रहल छलैक । तेँ ᳰकछु ᳰदनक हेतु हम अपन नैहर गेलᱟँ जािहसँ माएक ेँ सेवाक अवसर भेटए। एक युगक बाद हम नैहर गेल रही। हमरा देि खते हमर माए बᱟत ᮧश᳖ भेल। लगलैक जेना तुर᭠त ठीक भए गेल। टन-टन बाजए लागिल।
असलमे ओ एकाकᳱपनसँ उिब गेल छिल। फ े र ᳰदआदसभ सेहो तंग करिन। स᭥पिᱫमे िह᭭सा निह दैक जािहसँ ओ बᱟत दुखी छिल। हमर अपन िपᱫी सेहो गुजᳯर गेलाह। ᱟनका त ीनटा बेटीए रहिन। अ᭭तु, हमर सभक सम᭭त स᭥पिᱫक ेँ हमर िपितऔत काका हरिप लेबए चाहैत छल। माएक ᭭वा᭭थ ठीक भेल। ओमहर हमरा सासुरसँ िवदािगरीक हेतु सम ाद आिब गेल छल। मासो ᳰदन नैहरमे निह भेल छल। मुदा क ै बेर िवदागरीक हेतु आदमी आिब चुकल। अ᭠तमे ओ ᭭वयं आिब गेलाह आओर हम सासुर िवदा भए गेलᱟँ। q
३७ . “वृ᭠दावन िबहारी लाल कᳱ जय।” िनरंतर भजन, कᳱतᭅन ओ ᮧवचन मे त᭨लीन भजनान᭠ददासजी महराज अ᭟याि᭜मक पराका᳧ापर पᱟँच गेल रहिथ। एकिह जीवनमे ᳞िᲦ᭜वक एहन ᱨपातंरण कमे सूनएमे अबैत अिछ।
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Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० ) मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA 44
ᳰक᭠तु ज᭠म-ज᭠मक सं᭭कार जेार मारैत अिछ। जीवनक कतेको रह᭭ य अिछ जकर गिणतीय ᳞ाया अस᭥भव। पर᭠तु स᳒: स᭜य इएह छल जे एकटा डकैत गरम ᳲसह महान कृ᭬णभᲦ भए गेलाह। ततबे निह लोक क᭨याण हेतु सवᭅ᭭व, सम᭭त साम᭝यᭅके ँ अᳶपत कए देने छलाह। जिहना ओिह आ᮰ममे धनक बखाᭅ होइत छल तिहना ओिह पैसाक जन क᭨याण हेतु खचᭅ कए देल जाइत छल। कहबी छैक : “पानी बाढ़े नावमे, घरमे बाढ़े दाम दोनो हाथ उिलिचये, एही सयानो काम।” एिह कथानकक भजनान᭠दजी महराज एकटा जीव᭠त उदाहरण छलाह। अपना लेल ᳰकछु निह। “तेरा तुझको अपᭅण” केँ चᳯरताथᭅ करैत छलाह, अपन आ᮰ममानव जाितक क᭨याण हेतु उपल᭣ ध कए देने छलाह। आ᮰ममे तँ भजन ᳰकतᭅन चिलते रहैत छल। भ᭛डारा चिलते रहैत छल । भᲦगण सभ मृदंग, ढोलक, पखावज ओ झािल बजाए कृ ᭬ण नाम संᳰकतᭅन कᳯरते रहैत छलाह। सम᭭त वातावरण ततेक धाᳶमक ओ भावनापूणᭅ रहैत छल जे ओिहठाम अएिनहार कोनो, के हनो ᳞िᲦ शाि᭠तक अनुभव करैत छल। मुदा भजनान᭠दजी एतबेपर निह ठहरल छलाह। ओ अपन रा᳦क ᮧित कतᭅ᳞सँ सेहो सचेत छलाह। ᱟनकर कहब छलिन जे जाधᳯर भारतमाता परतंᮢताक बेड़ीसँ जकड़ल छिथ, ताधᳯर ᭭वगᲃ ᳞थᭅ िथक। मुिᲦक कामना अ᭠याय िथक। “के बोले मा तुिम अबले...।” निह, निह, भारत माता अवला क दािप निह भए सकैत छिथ। कोᳯट, कोᳯट ᱟनक संतान ᱟनक ᮧित᳧ा ओ ᭭वतंᮢताक रᭃा हेतु ᭭वᭅ᭭व ᭜याग करए हेतु क ृतसंक᭨प अिछ। देश ᭭वतंᮢ भए कए रहत। “भारत माताक जय! व᭠दे मातरम्”- इएह किह ᱟनकर ᮧवच नक अ᭠त होइत छल। रा᳦वादी दलक आᳶथक सम᭭याक समाधान तँ भजनान᭠ददासजी महरा जक आ᮰मक मा᭟यमसँ भए जाइत छल। महराजजीक एकटा भᲦक दिड़भंगामे तीन महलक भवन छलैक। ओ तीनू महल भजनान᭠दजी ᮧेरणासँ रा᳦वादी दलके ँ दान कए देलक। ᭭वयं दुनू ᳞िᲦ ᳰदन-राित रा᳦ सेवामे लािग गे ल। ᳰफरंगी सभ एक िहसाबे िहिल गेल छल। ओकरा सभक ेँ रा᳦वादी दलक बढ़ैत शिᲦसँ ततेक ᳞ाक ुलता भेलैक, ततेक भय भए भेलैक जे इᲯितसँ देश छोड़बाक र᭭ता ताकय लागल। q
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अᱧण एंगल क े र संग ल᭠दन हवाइ अापर पᱟँचले छल ᳰक एडली हवा इ अापर पᱟँच गेल। लगैत छल जेना ओ बᱟत ᳰदनसँ एिह अवसरक ᮧितᭃामे छल। ओकर फाटल- फाटल हᳯर अर िख बᱟत ᳰकछु किह रहल छल। हवाइ अासँ अᱧण ओ एंगल विहगᭅमन ᳇ारपर एडलीक ᭭वागतसँ अिभभूत छल ाह। अᱧण सरकारी काजसँ जोगार लगाए ल᭠दन गेल छल। ओिहठाम आवास सिहत आओर आव᭫यक सुख- सुिवधाक ᮧब᭠ध छल। ओसभ ओतिह जेबाक हेतु उ᳒त छल पर᭠तु एडली अिड़ गेल। ओकर बात काटबओकरा सभक बसमे निह छल। अ᭭तु, ओ सभ एडलीक बात मािन ओकर घर ᳰदिस िवदा भेल। अᱧण लेल ओकर घर नव निह छल। ल᭠दन ᮧवासक दौरान ओ सभ कतेको ᳰदन ओतए रहल छल। अबैत जाइत छल। एक िहसाबे ओ सभ ओकर पाᳯरवाᳯरक िमᮢ भए गेल छल। ल᭠दन पᱟँिच अᱧणके ँ उसास तँ भेलैक। कमसँ कम उमाक घात-ᮧितघातसँ ता᭜कािलक राह त भेटलैक। संगे पुरान दो᭭त सभसँ भे ँ ट-घᱼट होइत रहलैक। ओकरा सभक संगे िबताओल मधुर, ᳩेिहल समयके ँ पुन: स᳒: जीबाक अवसर भेटलैक। सरकारी कामकाज तँ बहाना छल।
एक ᳰदन एडलीक ओिहठाम रिह अᱧण सरकारी अितिथ गृहमे चिल आए ल। एंगल ओ एडली ओतिह रहल। ई दुनू तँ पुरान दा᭭त छल। बᱟत ᳰदनक बाद एकठाम भेल छल। लगलै जेना िबडᲃ उᳯठ गेल। दुनूके ँ ग᭡पक अ᭠ते निह होइक। ग᭡पेटाक बात रिहतए तँ कोनो बात निह। लगबे निह करैक जे अᱧण ओकरे संगे आिब कए कतᱟँ आनठाम ᱧᳰक एंगलक ᮧतीᭃा कए रहल अिछ। आिखर ल᭠दन, ल᭠दन छैक। ओिहठामक अ᭠मुᲦ वातावरणमे बढ़ल, पढ़ल एंगल ककरो हेतु बा᭠हल छेकल कतेक रिह सᳰकतैक? एहनमे तँ अᱧण ᭭वयं सोिच सक ैत छलाह। मुदा भावी ᮧवल। जे हेबाक छल से भेल। दुखक बात तँ ई छल जे एᱠकात गाड़ी िघिसर-ᳰफिसर करैत छल। ओिहकात त ँ स᳒: उमा गरिज रहल छलैक। अᱧण सचमुचमे बेचारा भए गेल छल। कहबी ठीक े छै- ‘ने दौिड़ चली, ने ठᱶिस खसी।’ एक स᳙ाह बᱟत निह होइत छैक। देिखते देिखते शिन, रिब आिब जाइत छैक। पाँच ᳰदनका खटैनी दू ᳰदनका स᳙ाहा᭠त अवकाशमे गिल जाइत छैक। अᱧण सेहो पाँच ᳰदन ल᭠दनक सरकारी काजमे ᳞᭭त रहल मुदा शुᮓक साँझ अएलापर माथ ठनकलै। आब कᳱ कएल जाए? एंगलक अएबाक ग᭡प कोन , फोनो निह केलक ै । ओ तँ एडली संगे तेना कए रिम गेलैक जे आगा- पाछा ᳰकछुक सुिध निह रहलैक। अᱧण जखन एडलीक ओतए पᱟँचल तँ पता लगलैक जे ओ सभ ल᭠दनसँ बा हर चिल गेल अिछ। कतए गेल से घरक लोक ने अपना मोने ᳰकछु कहलक ै आ ने अᱧण पुछलक। ओिह ठामक समाजमे बेसी खोध-बेधक पर᭥परा निह छैक। बᱟत रास बात ᳞िᲦगत रिह जाइत अिछ। अᱧण गु᭥म छल। ओकरा एिह बातक े ँ आब आभास भए रहल छलैक जे अपन सभक माᳯट-पािनमे ज᭠मल, पोसाएल पुᱧखक िबआहक एहन क᭨पना रहैत छैक जािहमे ओक र ᳫी आज᭠म ओकरा ᮧित िन᳧ावान रहैक, ओ जे चाहए सएह करैक, मुदा ई तँ ल᭠दन छै। से बात बᱟत िबलंबसँ बुझए आिब रहल छलैक। एडली ओ एंगल ᭭कू टरपर ल᭠दनसँ करीब चालीस ᳰकलोमीटर दूर एकटा ᳯरजाटᭅमे ठहरए हेतु जा रहल छल ᳰक एकटा तेज गितसँ चलैत कार ओकरा टᲥर माᳯर देलकै। टᲥर ततेक जबरद᭭त छल जे ᭭क ू टर पचरा भए गेल। हेडली ओहीठाम कै पलटी खेलक मुदा कोनो बेसी चोट निह लगलैक । पर᭠तु एंगल हवामे क ै फᳱट ऊ ँ चाइ धᳯर फ े का
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गेल आओर धरामसँ नीचा बीच सड़कपर खसल। ई तँ संयोग छलैक जे प ाछुसँ अबैत दोसर कारक वाहन चालक एकाएक ᮩेक लए लेलक निह तँ ओतिह ओ टुकड़ी-टुकड़ी भए जाइत। एिह दुघᭅटनामे एंगलक दिहना जᱼघक ही टुᳯट गेल छलैक। कनी- मनी चोट तँ सᲅसे देहमे छलैक। एडलीक हालत सेहो ठीक निह छलैक। ᮓमश: दुनू पैर फ ु िल गेलैक जािहसँ चलबामे असोकयᭅ होइत छलैक। कᱟना कए ᭭थानीय पुिलस एकरा सभके ँ ल᭠दनक ᮧिति᳧त अ᭭पतालमे भतᱮ करओलक। अᱧणक े ँ सेहो पुिलस ᳇ारा सूचना भेटल। ओ तुर᭠त अ᭭पताल पᱟँचल। ओ एंगलक हालत देि ख दुखी भए गेल। जाबे एंगल अ᭭पतालमे रहल ताबे ओहो ओतिह रहल। मुदा तकर बादक िच᭠तासँ ओ ᳞ᮕ रहए लागल । शुᱨमे अᱧणक कायᭅᮓम छलैक जे ओ तीन-चाᳯर मासमे अपन देश आपस आिब जाएत। मुदा गाम-घरसँ जे समाचार सभ भेटैक आओर जािह ᮧकारे ँ उमा उᮕसँ उᮕतर भए रहल छिल, ओकर मोन बेचैन भए जाइक, कोन ो समाधान निह फ ु राइक। संयोग एहन भेलैक जे अंᮕेजसभके ँ खुᳰफआ ᳯरपोटᭅ भेटलै जे अᱧणक ेँ िहतमे निह छल। ओकरा सभके ँ अᱧणक गित-िविधपर स᭠देह भए गेल छलैक। तेँ ओकरा कम-सँ-कम साल भᳯरक हेतु ल᭠दनमे रहबाक आदेश कए देलक। सरकारी आदेश छलैक, ते ँ अᱧणके ँ कोनो िवक᭨पो निह रहैक। ओकर मोन िनर᭠तर अपन गाम-घरपर टांगल रहैत छलैक। तथािप ओ अपना आपकेँ ल᭠दनमे ᳞᭭त कए लेलक। ᳰदन भᳯर कायᭅलयमे समय बीित जाइत छल। साँझ कए समय िबताबक हेतु एतए बᱟत जोगार सभ छलैक।
एंगल अ᭭पतालसँ छुᳯट कए अᱧणक डेरापर अएलैक। मुदा ओकरा नीक सँ चलल निह होइक। डाटरक परामशᭅक अनुसार ओकरा ᳰफिजओिथरैपीक ᮧयोजन रहैक। सभ सुिवधा आसे-पासमे उपल᭣ध छल। मुदा घरमे बैसल-बैसल ओ तंग भए रहल छिल। कोनो उपायो निह रहैक। अᱧण क ायाᭅलय चिल जाइक। ᳰदन भᳯर ओ एसगᳯर कᱟनाक समय िबताबिथ। एिहना एक ᳰदन ओ उदासघरमे ᳰकछु पᳰढ़ रहल छिल ᳰक एडलीक फो न आएल। एंगल ओकरा तुर᭠त आबए हेतु आᮕह क ेलक। एडली िबना िवल᭥ब क ेने ओतए आिब गेल। ᳰदनभ ᳯर दुनू गोटाकेँ ग᭡प-स᭡पमे समय कोना बीित गेल सेपता निह चलल। साँझमे ओ अपन घर आपस जेबाक इ᭒छा ᳞Ღ केल क। ताबत अᱧण सेहो आिब गेल रहए। अᱧण ओ एंगल दुनू गोटे ततेक आᮕह क े लकै जे ओ ओहीठाम रिह गेल। एंगल, एडली संगे तेहन त᭨लीन भए जाइक जे अᱧणकेँ करए हेतु ᳰकछु रिहए निह जाइक। कखनᱟँक ओहो ग᭡पमे लाᳯर देबाक ᮧयास करैक मुदा ओकरा सभक हेतु धिनसन। q
३९ . अᱧण ल᭠दन चिल गेल से समाचार हमरा सभके ँ खबािसनीक मा᭟यमसँ भेटल। एिह बेर ओ बᱟत ᳰदनपर आएल छिल। ग᭡प-स᭡पक ᮓममे कहए लागिल जे हमर माए स᭥पिᱫमे बँटबारा हेतु बᱟत ह᭨ला क ेलकै । मुदा हमर िपितऔत काका टस सँ मस निह होइत छैक। ओकर कहब जे बेटीक ि बआह भइए गेल। तखन अहᱼके ँ खोᳯरसक
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अितᳯरᲦ ᳰकछुके अिधकार निह अिछ। कतेको बेर बैसार भेलैक। पंचस भ सेहो ओकरे संग भए गेलैक। बᱟत रास स᭥पिᱫ तँ ओ अपना नामे करा चुकल छल। ई बात सभ जखन ᱟनकर कानमे गेलिन तँ दिड़भंगामे मोकदमा कए देलाह। दिड़भंगाक नामी ओᳰकल मोना बाबू हमर सभक के स लिड़ रहल छलाह। कोटᭅसँ नोᳯटस जारी भेल । हमर िपितऔत काकाके ँ ᳰदआद सभ बᱟत कहलकै। अनततोग᭜वा ओ पसीजल आओर पाँच बीघा जमीन हमरा माए केँ देबाक हेतु तैयार भए गेल। ओ एिह ᮧ᭭तावक ेँ मािन लेलाह। जतए हम सᱫᳯर बीघाक उᱫरािधकारी रिहतᱟँ कत ए माᮢ पाँच बीघापर समझौता करए पड़ल। कोनो िवक᭨पो निह छलैक। कानूने तेहने छलैक। समय बीतैत देरी निह होइत अिछ। देिखते-देिखते हमर बᲬा सभ जबान भए गेल। तीनू बेटीक पढ़ाइ पूरा भए गेल। ओ सभ अपन अपन ᱨिचक िवषयमे एमए पास कए चुकल छिल। एकम ाᮢ पुᮢ सेहो इंजीिनयᳳरगमे पढ़ैत छल। एकरा सभक पढ़ाइ-िलखाइमे अᱧणक ग᭥भीर योगदान छलैक। आᳶथक ि च᭠ता तँ किहओ होमए निह देलक। पᳰढ़-िलिख तँ गेल मुदा आब कᳱ कएल जाए। ई सम᭭या िवकट छल। क ारण ओिह समयमे बेटीक पढ़ाइ- िलखाइ िबरलैक े यो करैत छल। से हम सभ क ेलᱟँ आओर जेना-तेन ा पार लािग गेल। मुदा भिव᭬यक संघषᭅ आओर ᮧवल लगैत छल। इएह सभ सोचैत रही ᳰक हमर तीनू बेटी गाम आएल। ओकरा सभक े ँ देिख मोन गदगद भए गेल। सभक ᳞िᲦ᭜वमे अ᭞भुत चमक छलैक। आ᭜मिव᳡ाससँ भरल छल। िव᳒ासँ ओकरा सभक ेँ बᱟत आ᭜मशिᲦ ᮧा᳙ भए गेलैक आओर ओ सभ जीवनमे ᳰकछु ᭭थान बनबए हेतु कृतसंक᭨प लगैत छिल। जिहयासँ रा᳦वादी दल बनल, जनाधार पाटᱮक जनाधार तेजीसँ ख सᳰक रहल छल। रा᳦वादी दलक कमान उमाक हाथमे पिड़ते चाᱨकातक ᳫीगण खास कए म᭟यवगᱮय पᳯरवार क, ओिह दलसँ जुड़ए लागिल। लगैक जेना देशमे ᮓाि᭠त आिब गेल अिछ। िशᭃा निह, पाᳯरवाᳯरक स᭥पिᱫमे िह᭭सा निह, घरसँ बाहरो िनक लबाक पᳯरि᭭थित निह, आिखर एिह बातक ᮧितकार तँ भेनिह रहैक। अ᭭तु, अवसर भेᳯटते एक ᳰदस तँ “ब᭠द ेमातम्”क े र नारा लगैत तँ दोसर ᳰदस ᳫी स᭥मानक रᭃाक चचाᭅ सेहो जोर पकड़ने जाइत छल। ᳰफरंगी सभ एिह बातसँ िचि᭠तत छल। ओकरा सभक े ँ ᳰकछु फ ु रेबे निह करैक जे एिह पᳯरि᭭थितसँ कोनो िनपटी। तखन ओ सभ सोचलक जे जनाधार पाटᱮक मदित लए आपसेमे उठापटक कराओल गेल। जिहआसँ चेतन जनाधार पाटᱮक अ᭟यᭃ भेल छल, ओकर ᳰफरंगी सभसँ पिहल भे ँ ट-धᱼट रहैक। मुदा ᳰफरंगीसभ ओकरा ᮧभावमे निह आिन सकल।
रा᳦वादी दलक ᮧभावसँ हमर तीनू बेटी- हीरा, वाणी ओ गंगा ᮧभ ािवत छलीह। देश ओ समाजक हेतु ᳰकछ ु करबाक इ᭒छा ᱟनका सभक े ँ उ᳇ेिलत कएने छल। उᲬ िशᭃा ᮧा᳙ कए ओ समाजक दुदᭅशाक े ँ बेसी नीकसँ बुझैत छलीह। अ᭭तु, ओ सभ सभ काजक े ँ पाछु कए उमाक संग भए गेलीह। रा᳦वादी दलक सᳰᮓय सद᭭यता ᮕ हण कए गाम-गाममे घूमए लगलीह। आब उमा एसगᳯर निह छलीह। छोट, पैघ, जवान, बूढ़ सभ ओकरा संग दए रहल छलैक। असलमे गाम-गाममे पसरल एिह अ᭠यायसँ मुिᲦपाबक एकटा अवसर आिब गेल छल। जतिह द ेखू “ब᭠दे मातरम्” के र नारा लािग रहल
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अिछ। भारत- माताक जयगान भए रहल अिछ। एकिह ᭭वरमे समाजमे युग-युगसँ पसरल वैमन᭭यता,भोदभाव, शोषणक िवᱧ आᮓोश सेहो तीᮯतर भए रहल अि छ। यो-यो कहैत छल जे समाजक े ँ िबखि᭛डत करबाक ई ᳰफरंगी सभक नव हथकंडा अिछ। रा᳦वादी दलमे मिहलाक पैठसँ सभसँ बेसी ᮧश᳖ता भजनान᭠ददासजीक ेँ भेलिन। हजारो सालसँ यातनापूणᭅ जीवन जीबए हेतु िववश ᳫीगणके ँ अिभ᳞िᲦ एकटा साधन भए गेल छल रा᳦वादी दल। जखन कखनो नव ᮧयोग होइत अिछ, चाहे ओ सही हो, गलत हो, जे हो, ओकर िवरोध, ᮧ ितरोध होइते अिछ। मुदा ओहो िवकासक एकटा पदचापे बुझबाक चाही। अ᭠ततोग᭜वा मनुखक ᮧयास सफल होइते अिछ । से निह होइत तँ मनुखक िवकास निह भए सक ै त अिछ। आᳰदकालसँ लोक पᳯरि᭭थितसँ संघषᭅ केलक आओर आगा बढ़ल अिछ। भजनान᭠ददासजी भिᲦ, अ᭟या᭜म ओ रा᳦वादक ᮧखर ᭐वजवाहक भए ग ेल छलाह। गाम घरमे भए रहल सामािजक, राजनीितक घटनाᮓमसँ आ᮰ममे अएिनहार लोकक मा᭟यमसँ ओ पूणᭅ अवगत छलाह। ᱟनकर एिह उदारताक लाभ रा᳦वादी आ᭠दोलनक ेँ भेᳯट रहल छल। एही बात सभकेँ ᭟यानमे रखैत रा᳦वादी दलक अिगला बैसार वृ᭠दावनमे करबाक िनणᭅय भेल।
ऐ रचनापर अपन म ◌ंत᳞ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। जगदीश ᮧ साद म᭛डल - पंगु (उप᭠यास ) धारावािहक आ दूटा लघुकथा १ जगदीश ᮧसाद म᭛डलक पंगु उप᭠याससँ... 9. उमेरक चलैत अपन िगरैत दैिहक शिᲦक े ँ अँक ै त देवचरण हᳯरचरणक िबआह करब अिनवायᭅ बुझलैन। अिनवायᭅक दू कारण भेलैन, पिहल- अपन आगू बढ़ैत पᳯरवारक ेँ अपना आँिखये देखब, जइसँ मनमे तृि᳙ जगैत अिछ। दोसर कारण मनमे ईहो भेलैन जे ओना हᳯरचरणक ेँ पढ़ाएब-िलखाएबसँ लऽ कऽ ओकर िबआह-दान करब धᳯरक काज राधाचरणक कतᭅ᳞क सीमामे अिछ मुदा ऊिहगर बेटाक ेँ निह रहनेआतैसंग हᳯरचरणक जीवनचयाᭅक ेँ देख देवचरणक मनमे ईहो भेलैन जे जेहेन पोता ᳰᮓयाशील अिछ, ओह ने ᳰᮓयाशील लड़कᳱक संग जँ िबआह कए देबै तँ ऐगला पीढ़ीक जीवन-यापन संतोषᮧद हेबे करत। यएह इ᭒छ ा ने सभ पᳯरवारमे वृजनक होइ छैन जे अखुनका जे पᳯरवाᳯरक िजनगी अिछ ओ ᳰदनानुᳰदन अगुआइत चलए। ओना, िमिथलांचलो तँ िमिथलांचले ने छी। जिहना क ु शाᮕ बुिधक लोक अनुक ू ल पᳯरि᭭थित भेटने नीक-सँ- नीक िव᳇ता, नीक-सँ-नीक कलाकाᳯरता, नीक-सँ-नीकटेकनोलॉजी आ नीक-सँ-नीक िजनगीक पारखी बनैए
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तिहना ने नीक-सँ-नीक भोगवाᳰदयो आ नीक-सँ-नीक जोगवाᳰदयो बिनते अिछ। अपना सबहक िमिथला वएह ने छी जे जइ प᳀ीक े ँ सहयोगी-संगी बुझै छी ओइ प᳀ीक े ँ पᳯरवाᳯरक कोनो ᳰᮓया-कलापक भार नइ पड़ैन, तँए भानस करैले भनिसया, पािन भरैले पिनभरनी, कपड़ा-लᱫासँ लऽ क ऽ घरक िनपाइ-पोताइ तक अनक े [i] िसरे- हाथे होइ। मुदा से निह, ओहनो िमिथलांचल तँ अिछए जैठाम बेटा -पुतोᱟ अपन पाछूसँ अबैत खनदानी पᳯरवारमे िपताक अनुसरण करैत सहयोगी बिन ितल-ितल, कण-कणक अनुभवक अ᭤यास करैत ितले- ितल, कणे-कण अबैबला का᭨ᱟक अनुक ू ल बनबैत अपन भिवसक ेँ अनुक ू लतामे पीअबैत, िनमाᭅण करैत आगू बढ़ैए। िमिथलांचलक ओइ िह᭭सामे देवचरण हᳯरचरणक िबआह करब मनमे रोिप लेलैन जेतए अपने सन सीमा᭠त ᳰकसान [ii ] पᳯरवार ᱟअए। जइ पᳯरवारक जन-जन अपन भिवसक पाछू लिग ᮰म -सं᭭क ृितक ेँ अंगीकार करैत ᮰मशील-िशलाक ᮓमगितसँ िनमाᭅण-कायᭅमे लागल ᱟअए। ओना, ई इ᭒छा तँ अपन मनक भेल, मुदा जैठाम बरपᭃ छी तैठाम अपने उपक ै र कऽ क े ना क᭠यागतक ेँ कहब जे अहाँ अपन क᭠याक िबआह हमरा पᳯरवारमे कᱨ। एक तँ अनेरे लोकक मनमे उठत जे जाबे लड़का खोमाह नइ छै ताब े एहेन चचᭅ ᳰकए करै छैथ। तैसंग ईहो तँ अिछए जे मनोनुक ू ल क᭠या नइ रहने एकटा-दूटा क᭠यागतक ेँ तँ बहटाᳯर सक ै छी, मुदा जँ तइसँ बेसीक ेँ बहटारए चाहब तँ अनेरे ने सभ कहबे करत जे फ᭨लᱼ लड़काक िसरे तेहेन बौगल ी [iii ] िसया कऽ रखने छैथ जे क᭠यागत जँ अपन डीहो-डाबर बेच कऽ लगा देत तैयो ने भरतैन...! संजोग बनल, हᳯरचणक िबआह सम᭭तीपुर िजलाक ओहन गामक ᳰकसान पᳯरवारमे भेल, जे पᳯरवार अपन क ृ िष ᭃेᮢक ेँ ओहन िबसवासू ᱨपमे बना कऽ ठाढ़ क े ने अिछ, जइसँ इंजीिनयर, डॉटर तकक समावेश पᳯरवारेमे होइक स᭥भावना बनल अिछ। जेहने देवचरण खेितहर पुतो ᱟ चाहै छला तेहने पुतोᱟ भेटने अपन सोलह सालक पोताक िबआह सोलह सालक क᭠या- परमेसरीक संग क ेल ैन। भुखाएल-दहेिजयाएल मन देवचरणक ेँ रहबे ने करैन, तँए हᳯरचरणक िबआहसँ सो᭨होअना तृि᳙ देवचरणक ेँ भेलैन। समयक अनुक ू ल तँ राधाचरणक सुधार निहयेँ भेलैन मुदा बेवहाᳯरक ᱨपमे दूटा महᱭिसक सेवा करैक भार िसरचढ़ भेने धीरे-धीरे सुधरए लगलैन। सुधार देख देवचरण समयक अ नुक ू ल महᱭिसक सेवाक संग आरो-आरो काज करैले राधाचरणक ेँ चᳯरया-चᳯरया चरैबेित बना लेलैन। ओना, उमेर पािब सेहो राधा चरणक मनमे पᳯरवारक ᮧित ᮧेम जागल, जइसँ बकलेल-ढहलेल जकाँ जे वौआइत रहै छल तइमे सुधार भेल। ओना, पᳯरवारमे पᳯरवारजनक बीच जे स᭥ब᭠धसूᮢ अिछ, माने पैछला पीढ़ीक बेटा-भात ीज, नाइत-पोतासँ लऽ कऽवतᭅमान पीढ़ीक भाए-भौजाइआ तिहना ऐगला पीढ़ीक काका, िपता, बाबा- नाना इ᭜याᳰद, सेहो अिछए। जिहना भᲦ आ भगवानक बीच अभᲦ ᱨप अिछ तिहना ᭄ान आ कमᭅक बीच सेहो अिछए। जखने दुनूक बीचक अभᲦ ᱨप मेटा भᲦ ᱨपमे पᳯरणत होइए तखने िजनगीक साथᭅकता सफल ᱟअ लगै छइ। ज े हᳯरचरण आ देवचरणक बीच भेल। ओना, देवचरण ᳰकसानी िजनगीक ममᭅभेदी रहनᲅ अपन िजनगीमे पंगु बनल रहला, मुदा अपन पंगुपनक कारणक ेँ बुिझ देवचरण अपनाक ेँ ओही िजनगीमे समावेश करैत पᳯरवारक गाड़ीक जुआक ेँ क᭠हेठ आगू मुहेँ ᳲखचते रहला, जइसँ अभावोक ेँ क ु भाव निह बुिझ सुभाव बना जीवन-बसर करबे क े ला, जे अपन सभ गुण-शील हᳯरचरणक ेँ दान-दैछनामे दैत ऐ दुिनयासँ िवदा भेला। देवचरणक ेँ चौदह बखᭅ मृ᭜यु भेना भऽ गेलैन। हᳯरचरण बतीस-तᱹतीस बखᭅक भऽ ग ेल। तीनटा स᭠तानो भेलइ। राधारचरण सेहो चाᳯरमपनमे पᱟँच गेला। देशमे हᳯरत ᮓाि᭠ तक ᱨपमे नव जागरण भेल। पर᭥परासँ अबैत क ृ िष-कायᭅमे बदलाउ आएल। जेतए ᳲसचाइक करीन छल ओ बदैल प᭥पसेट आएल। खेत जोतैक जे
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जनकजीक समैयक तीनिबᱫा हर छल ओइक जगहᮝेटर आएल। तेतबे निह , धान क ु टैक ढेकᳱ बदलल, चुड़ा क ु टैक उखैर बदलल, पाथरक जᱫा बदलल,तेल पेड़ैक कौ᭨ᱟ बदलल इ᭜ याᳰद-इ᭜याᳰद ᳰकसान पᳯरवारसँ लोप भेल आ नव-नव तकनीकसँ िसरजल लोहाक इंिजन लोकक हाथमे आएल, जेकर र᭢तार दसगुणासँ लऽ कऽ हजारगुणा धᳯरक अिछ। ओना, जइ गितये ᳰकसानी तकनीक आगूसँ उत रल तइ िहसाबे ᳰकसान निह उतैर सकल मुदा साफ े निहयेँ उतरल सेहो निहये ँ कहल जा सक ै ए। ᳰकयो उतरल वा निह उतरल, चढ़ल वा निह चढ़ल मुदा हᳯरचरण, जे बतीस-तᱹतीस बखᭅक जवान ᳰकसानक ᱨपमे उतरबे कएल। से ओइ भाव-ᱨपमे उतरल जिहना एक जवान हाथमे ब᭠दूक उठा अपन मातृभूिमक रᭃाथᭅ सीमापर माघक शीतलहरीक पाला, जेठक रौद आ भावदक बखाᭅक अᲶा-बᲯर सहैतअपन दािय᭜वक िनवᭅहन करै छैथ, तिहना न े जवान ᳰकसान सेहो अपन मातृभूिमक सेवाथᭅ भूख-िपयास मेटबैले माघक पाला, जेठक रौद आ भादवक गजᭅन -तजᭅनक ेँ अ᭑गेजैत अपन दािय᭜वक िनवᭅहन करै छैथ। हᳯरचरण अपन तीनू बीघा जमीनक े ँ समािजक ᱨपमे अदैल-बदैल, रकबाक िहसाबसँ दस कᲶा घाटा उठबैत अढ़ाइ बीघा खेत एकठाम क े लक। अपन िजनगीक सूᮢक े ँ पक ै ड़ चाᳯर इंचबला बोᳳरग आ पाँच हॉसᭅ पावरबला इंिजनक साधन बना अपन फिसल ᳲसचाइक बेव᭭था सेहो क े लक। तैसंग अढ़ाइयो बीघा खेतमे ओतेक काज ठाढ़ क े लक जइमे भᳯर ᳰदन दुनू परानी अपन दुिनयाँ बुिझ अ पनाक ेँ सो᭨होअना समᳶपत क े लक। तेतबे निह, अ᭭पतालक डॉटर आ क ृ िष फामᭅक क ु शल ᳰकसान जकाँ अपन बाल-बᲬाक ेँ सेहो देखा-सुनी कराइये रहल अिछ। तैसंग सालो भᳯरक खेतीपर दैत सुअ᳖, सुफल आ सुसाग-स᭣जीक क े तेक जᱨरत मनुखक े ँ अिछ, तᱠक उपाजᭅन कइये रहल अिछ। िमिथलांचलक बीच अपन िमिथला बना फलक नाᲐपर खाली आमेक गाछी -कलम निह, सालो भᳯरक जे फलक ᮓम अिछ तइ िहसाबक फल, तिहना ओइ िहसाबक तीमन-तरकारीक संग अ᳖ो उपजाइये रहल अिछ। अपन साधक जे ᳰᮓया अिछ तइमे तँ हᳯरचरण अपन सफल ᭭वᱨप देख रह ल अिछ, मुदा आगूक िजनगीक ेँ देखैत हᳯरचरण जखन अपन वृहद् ᭭वᱨप देखए लगैए तखन पंगुपन आगूम े निचते छइ। ओना, क े तबो पंगुपन हᳯरचरणक आगूमे ᳰकए ने नाच करए, मुदा ᳰकसानक समाजमे ᳰकसान वृ᭠द कहेबाक अिधकारी तँ अिछए। q श᭣द संया : 935, ितिथ : 6 जून 2018
[i] नोकरे-चाकरेक [ii] तीन बीघा जमीनबला ᳰकसान
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[iii] ᱨपैआ रखैबला
२ जगदीश ᮧ साद म᭛डल दूटा लघुकथा ◌ा हमरा नीक निह लगैए ᳰद᭨लीसँ एना रामरतन तीनू परानीक ेँ माने रामरतन अपने, प᳀ी- गुलाब आ पुᮢ- परमेसर आइ सात ᳰदन भेलैन अिछ। एक ᳰदन तँ ᮝेनक थकान मेटबैमे बीित गेलैन, तँए ने रामरतन ᳰकछु देख पेला आ ने बुिझ पेला। मुदा आइ छह ᳰदनसँ माता-िपता सिहत प᳀ीक लीला देिखयो रहल छैथ आ िवचाᳯरयो रहल छैथ मुदा बािज ᳰकछु ने रहल छैथ। एगारह बजे ᳰदनमे खाइले बैसला तखन पचीस ब खᭅक प᳀ीक ेँ देखलैन जे घरक चौकᳱपर पड़ल-पड़ल भारत-इंलᱹडक बीच मैच देख रहल छैथ आ पचपन बखᭅक माए ओसारपर पीढ़ी बैसा, लोटामे पािन रिख घरमे भोजनकथारी परोिस रहल छैथ...। गु᭥म भेल पीढ़ीपर बैसल रामरतन मने-मन िवचाᳯर रहल छला जे एक रा कᳱ कहबै, नीक कहबै आᳰक अधला कहबै? तही बीच थारी नेने सुनयना आिब बेटाक आगूमे रिख ऐ आशामे ठाढ़ भेली जे थारीक व᭭तु देख बेटा ᳰकछु बजबो करैए आᳰक शा᭠तिचᱫ खाइए। थारीक भो᭔य-पदा थᭅपर रामरतनक मन निह पᱟँच अपन प᳀ीक लीला देख तरैस रहैन छेलैन। बेर-बेर मनमे चकभौर उᳯठ र हल छेलैन जे ई क ेहेन भेल! कहाँ धᳯर एकरा उिचत कहल जा सक ै ए? पचीस बखᭅक लोक ओछाइन धेने रहए आ पचपन बखᭅक अधवेशू दौड़-दौड़ काज करए! रामरतनक मन ठमैक गेलैन। ᳰकएक तँ भोजन करैसँ पिहनेजँ कोन ो िबगड़ल बात मुहसँ िनकालब तँ हो- न-हो ओ बात मोिन फोड़ैत धार जकाँ बहए ने लगए। जखने फ ु टल मनक धार बहत तखने भोजन गड़गट भऽ जाएत। गरगट भेने समुिचत ᱨपमे ने भोजन ᳰᮓयाि᭠वत हएत आ ने मन ेक तृि᳙ भऽसकत। मुदा लगले रामरतनक मनमे ईहो उठए लगलैन जे अनुिचतक ेँ सोझमे देख चुपचाप रहबोक ेँ तँ नीक निहयेँ छी। मुदा नीक क े िनहार लग अधला क े िनहारक पर पीतो क े ना फ े कल जाए। जखने पीताएल मनक पीत फ े कब तँ ओकरा पड़बे ने करत। तोᱠमे घरक चौकᳱपर प᳀ी पड़ल छैथ। जखने ᳰकछु बोल मुहसँ िनकलए लगत ᳰक आरो क े बाड़ सरका लेती जे माए- बेटाक बीचक बात छी, ऐमे पुतोᱟक ेँ कान झᱼिप लेबा चाही...।
असमनजसमे िवचारैत रामरतन बजला- “माए, हमरा ई नीक नइ लगैए।” रामरतनक बजैक ᮓम प᳀ीक ᳰᮓया ᳰदस रहैन जे सुनयना नइ बुिझ पेल ी। िहनकर नजैर थारीमे परोसल भो᭔य-व᭭तुपर अँटकल रहैन। तैबीच ‘हमरा ई नीक निह लगैए’ सुि न माए बजली- “बौआ, अपन घरक अन-तीमन क े तबो अधला हएत तँ अनका घरसँ नीके हएत।”
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माइयक बात सुिन रामरतनक मनमे उठलैन जे ई तँ क े कर ᳰदनक पइ र भऽ गेल, गोला फकलᲅ पाकल आमपर आ चिल गेल बगुरपर जे तोिड़ अनलक बगुरक काँट! मनक े ँ माᳯर रामरतन भोजनक बाद तीनू गोरेक े ँ एकठाम बैसा अपन बात रखैक िवचारमे आगूमे आएल िवचारक ेँ चौपैत रिख बजला- “माए, अपन गाम-घरक जे अन-तीमन अिछ ओ परदेशक थोड़े हएत। क े हेन बᳰढ़याँ तरकारीमे बाड़ीक हरदीक रंग रन-रन करैए। शहर-बजारमे ते क ँ चका ईटाक गरदीमे रंग िमला हरदी बनबैए आ िमरचाइक जगह एिसडमे लोक िमरचाइक गुण तक ै ए।” रामरतनक िवचारक मोड़ सुनयना निह बुिझ पेली, मुदा अन-तीमनक ᮧशंसा तँ सुनबे क े ली तँए मुि᭭कयाइत बजली- “बौआ, हम सभ गाम-घरमे रहैबला छी, माᳯर-घुिस कऽ एक बेर ᳰद नमे आ एकबेर राितमे खाइ छी। मुदा तूँ सभ ते शहᱨआ-बजᱨआ भेलह, दस बेर चाहो पीबैत हेबह आ दस बेर न᭭तो-पान तँ कᳯरते हेबह। तँए क᭥मे- क᭥मे वौस छह,जे ᳰकछु घटह से किहहह।” बलाएक ेँ टारैत रामरतन बजला- “कोनो आनठाम छी जे खाइमे लाज-धाक हएत। जे घटत से मᱼिग लेब।” पᳯरवारक काजमे रमल-समल सुनयना ᳰकए बात-चीतमे ओझरैतैथ तँए ऐठामसँ ससैर गेली। ओना, काज ᳰदस तँ सुनयना ससैर गेली मुदा कानक े ँ कनसोहक बेटापर जगौने रहली। यएह ने भेल सजगता। अहीले ने दुिनयाँ हेरान अिछ। रामरतनक ेँ भोजनक अ᭡पन अ᭠दाज छैन जे कोन समैक भोजन क े ते माᮢामे करी, ई अ᭠दाज रामरतनक ेँ िव᳒ाथᱮए जीवनसँ रहल छैन। ओना, अपना िमिथलांचलमे एहेन अ ᭠दाज पबैमे थोड़ेक असुिवधा जᱨर अिछ, मुदा से अिछ सामुिहक भोज आ अनठामक भोजनमे। ᳰकएक तँ शु ᱨक परोसमे पिहने ओतबे भो᭔य-व᭭तु परोसल जाइए जइसँ भोजनक शुᱨआत ᱟअए आ पछाइत एका-एकᳱ दजᭅनो िव᭠यास परोसल जाइए। मुदा पᳯरवारमे तँ िनमाहले जा सक ै ए,जैठाम ᮧितᳰदनक भोजन होइए। रामरतन ईहो अ᭠दािज लेलैन जे उिचत माᮢामे परोसल गेल अिछ। उिचत माᮢाक अ᭠दाज रहने रामरतन रसे -रसे भोजनो करए लगला आ रसे-रसे प᳀ी आ माइक लीला सेहो देखए लगला। ओना,सुनयना सजग छैथ तँए दोसर काज कᳯरतो बेटाक भोजनपर सेहो सजग छेली, तँए कनी हटल रहनᲅ बीच-बीचमे बजै छेली- “बौआ, हम क े तौ अनतए नइ छी, तूँ असिथरसँ खाह।” ओना, माइक बात रामरतन अधसुन सुनै छलाᳰकएक तँ अपने भोजनो ज े करै छला तᱠपर िधयान नइ छेलैन। िधयान छेलैन प᳀ी आ माइक लीलापर। जखन प᳀ी आ माइक े ँ फ ु टा-फ ु टा देखए लगला तखन पिहल नजैर माएपर गेलैन। माएपर नजैर उᳯठते रामरतनक मनमे उठलैन जे जिहना माए सᳰदकाल पᳯरवारक काजमे सटल चिल रहल छैथ तिहना िपतो तँ छिथए, तैबीच मोटा-मोटी अपनो सएह छी।मुदा तैबीचमे प᳀ीक बेवहार एहेन ᳰकए बेदरंग [i] छैन?जखन ᳰक िसयान ओहो भऽ गेली तखन िसयनपन किहया औतैन? लगले रामरतनक मन िछटैक पᳯरवाᳯरक बनाबटपर गेलैन। जइ तरहक अखन अपन पᳯरवारक बनाबट भऽ गेल अिछ तइ अनुक ू ल तँ ओहो ठीक े -ठाक छैथ, मुदा..?
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‘मुदा’ लग आिब रामरतनक िवचार चकभौर लेलक ै न। चकभौर लइते िवचार िछटकलैन जे ᳰद᭨लीक लेल भलेँ प᳀ी ठीक छैथ मुदा गाम लेल क ेना ठीक कहल जाए?पहाड़सँ िगर ैत जलधार समतल जमीन होइत समुᮤमे िवलीन होइए मुदा मनुखक िजनगीमे ᳰकए एकर अभाव भऽ जाइए? जᱨ र क े तौ-ने-क े तौ िवषम कारण अिछ। ई बात सत् जे मनुखक शरीर जलधार जकाँ निह अिछ, मुदा मनुखक ᭄ान- शिᲦ तँ जलधारोसँ जलधार अिछ माने पािनयोँ सँ पातर अिछ, तखन ओ ᳰकए ने सवᭅ-िहताइ भऽ पबैए? िवचारक ेँ समेट उसाᳯर रामरतन भोजन क े लैन। भोजन क े ला पछाइत जखन ओछाइनपर आराम करए गेला तखन प᳀ीक िवचार पुन: जिग गेलैन।ओना, ᳰदनमे सुतैक अ᭤यास रामरतनक ेँ निह छैन मुदा िवचारमे थाकल मन सुतैले मजबूर क े लक ै न। िवचारमे उलझल मनक ेँ ओछाइने धरब नीक होइतो अिछ। ᳰकएक तँकाजक दौड़मे अधला होइक स᭥भावना भइये जाइए, तीनक ेँ तेरह आ तेरहक ेँ तीनक परेखक बीच मन फ ँ िस जाइए।
ओछाइनपर रामरतनक देह तँ पिड़ रहलैन मुदा मन माता-िपतासँ पि त-प᳀ीक संग पᳯरवारमे दौड़ गेलैन। दौड़ते उठलैन- दुनू बेकतीमाने पित-प᳀ी, पᳯरवारक ऐगला सृजक त ँ छीहे। तैठाम जँ पैछला पीढ़ीक गुण-धमᭅक ेँ अङेज निह लेब, तखन िवषम पᳯरि᭭थितक े ँ सम क े ना बनाएब? एक ᳰदस भिवस अिछ तँ दोसर ᳰदस भूतो तँ अिछए, तैबीच तँ अपने सभ ने वतᭅमान भेिलऐ। प᳀ीक पᳯरवारपर नजैर पᱟँचते रामरतनक मन दुनू पᳯरवारक भूत, वतᭅमानआभिवसक ᳰᮓया-कलापपर गेलैन। अपन ᳰकसान पᳯरवार रहल अिछ आ प᳀ीक िपता नोकरी करै छैथ जइसँ ᱟनकर पᳯरवार नोकᳯरहाराक ᱨप पक ै ड़ नेने अिछ, जेकर उपज प᳀ी छैथ...। ऐठाम आिब रामरतनक िवचारमे िसक ुड़न तँ एबे क े लैन जे तैसंग फ ै लाव सेहो एलैन। पᳯरवार छोिड़ गामसँ िनकललᲅ। जिहना िपताक अनुकरण–मरदा-मरदी, काजक–अपने कᳯरतᲅ तिहना माइक अनुकरण तँ पि᳀यो करबे कᳯरतैथ। मुदा से भेल निह। लगले रामरतनक मनमे दुनू पᳯरवारक माने नोकᳯरहाराक आ गामक ᳰकसान पᳯरवारक िसक ु ड़न-फ ै लावक बीच फ ँ िस गेलैन। मनमे उठलैन- धारक बीच जिहना पािनक घुमाव होइए तिहना तँ पᳯरवाᳯरक काजक बीच सेहो मनक घुमाव होइते अिछ। घ ुमावो क े ना ने हएत? गामक पᳯरवारमे अनेको ᳰदशा अिछ। बेकतीसँ लऽ कऽ पᳯरवार होइत समाज धᳯर। ज इमे पᳯरवारजन अपन समय आ ᭃमताक अनुक ू ल अपनाक ेँ पीरो लइए, मुदा नोकᳯरहाराक तँ से निह अिछ। ओ तँ नोकरीक अ नुक ू ल अपन समय आ शिᲦक ेँ ओइ अनुक ू ल बना लइए। तᱠमे नोकरीक काजक बा᭠हल समय अिछ। ओना, कहैले बा᭠हले अिछमुदा ओ बा᭠हल-खुजल दुनू अिछ। सरकारी काम-काजक संग कारखानाक काज आठ घ᭠टा बा᭠हल अिछ मुदा कारखानोमे ओभर टाइम आ िबनु कारखानोक पᳯरवार वा अ᭠य अनेको तरहक काज एहनो तँ अिछए जे नोकरीदाताक अनुक ू ल करए पड़ैए...। रामरतन जेतेक िवचारक तहमे जाइ छला तेते मनमे ओझरौठ बढ़ल जाइ छेलैन। मुदा मनमे प᳀ीक ᮧित जे भरास उपैक गेल छेलैन ओ पूवᭅवते छेलैन। कछमछ करैत रामरतन घ᭠टा भᳯरक पछाइत ओछाइन छोिड़मुँह- कान धोइते छला ᳰक मनमे उठलैन- प᳀ी आ माइक े ँ एकठाम बैसा गप-स᭡प करब नीक निह हएत। ᳰकएक तँ जिहना गुलाबक संग अपन पितक ᱨपक स᭥ब᭠ध अिछ तिहना माइयोक ेँ ते सासु-पुतोᱟक स᭥ब᭠ध छै᭠हे। तैसंग दुनू माय-पुतक िवचारो तँ िनᳶणत निहये ँ अिछ जे एक राय बना बाजब। जइसँ िवचारमे िभ᳖ता एबाक स᭥भावना अिछ। जँ हम कोनो िवचार प᳀ीक े ँ अनुकरणीय ᱨप कहबैन आ माइक जँ अनुकरणीयपर सँ िधयान हᳯट अपन बेटा-पुतोᱟक सुख-भोग ᳰदस बᳰढ़ जाइन तखन तँ अनेरे द ुनू गोरेक िवचारोमे ᳇᭠᳇ शुᱨ भऽ
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जाएत, जइसँ जे मनमे अिछ, से निहये ँ हएत। तँए नीक हएत जे माएक े ँ छोिड़ पि᳀येक ेँ ᳰकए ने चेतौनी ᱨपमे किहऐन...।
रामरतनक मनक िवचारमे थीरपन एलैन। तही बीच गुलाब सेहो चाह नेने पᱟँचली। चाह देख रामरतनक मनमे उठलैन जे िबनु चाह पीने जँ गप-स᭡प चला देब तँ हो-न-हो ᮓोधमे चाहे पीब गड़गट भऽ जाए। तइसँ नीक जे पिहने दू घᲂट चाहे पीब ली। चाह पीब रामरतन बजला- “अहाँ तँ बुझै छी जे पᳯरवार अपन छी, पᳯरवारक सभ ᳰकयो अपने छ ैथ, तैबीच अधबेसू माए जे दौग-दौग काज करै छैथ आ अहाँ िबजली-पंखा तर बैस टी.बी.मे भारत-इंलᱹडक मैच देखै छी, ई क े हेन िवचार भेल?” ओना, अखन तक रामरतनक ेँ प᳀ीक परख नीक जकाँ निह आएल छेलैन जे कोन ᱨपक जीवन-संिगनी छैथ। पित-प᳀ीक बीचक जे आजुक पᳯरवेश बिन गेल अिछ ओ बᱟआयाम ी बिन गेल अिछ, जइसँ ᳰकछु-ने-ᳰकछु सभ ᮧभािवत भइये रहल छैथ। मुदा आयामोक तँ अपन ᭔वाला होइते छइ। जिहना रामरतन प᳀ीपर श᭣द-वाण फ े कलैन तिहना गुलाबो श᭣द-वाणक ेँ रोक ै त बजली- “गाम एलᲅ हेँ माता-िपताक ऐठाम पᱟनाइ करए आᳰक..?” प᳀ीक िवचार सुिन रामरतनक मन ᮓोधसँ भभैक उठलैन। बजला- “अपना जे बुिझ पड़ए मुदा हमरा नीक नइ लगैए।” q श᭣द संया : 1458, ितिथ : 19 जुलाई 2018
भारीपन भार बिन गेल िजनगीक आधा उमेर [ii ] बीतला पछाइत पचास बखᭅक चेतनाननक ेँ अपन चेतन-शिᲦ बदैल गेलैन। चेतन शिᲦ बदलने सोचनो-शिᲦ आ ᳰᮓयो-शिᲦ बदैल गेलैन। जइसँ चेतनान न अपने-आपमे समािहत भऽ गेला। जेठ मासक बेᱧका तीन बजेक समय, दरबᲯापर बैसल चेतनाननक मन अ पन िजनगीक समीᭃा करए लगलैन। समीᭃाक दौड़मे िवचार फ ु टलैन- “भारीपन भार बिन गेल..!” चेतनाननक मनसँ फ ु ᳯट कऽ िवचार बहरेबे कएल छेलैन ᳰक प᳀ी- बुि धवाᳰदनी चाह नेने दरबᲯापर पᱟँचली। ओना, सभ ᳰदनक चाह पीबैक अ᭤यास चेतनाननक े ँ सभ रंगक छैन। माने गरमी मासमे तीन बजे, म᭟यमास– आिसन-काितक आ फागुन–मे अढ़ाइ बजे आ जाड़क मा समे दू बजे बेᱧका चाह पीब चेतनानन
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दोसर उखड़ाहक काजमे लगै छैथ। अ᭤यासक िहसाबसँ चाह पीबैक इ ᭒छा समयपर जिगते छेलैन मुदा चाह पीबैसँ पिहने जे बदलल िजनगीक िवचारक मथन मनमे उᳯठ गेल छेल ैन तइसँ चेतनाननक मन थोड़ेक ओझरा गेल रहैन। माने, चाह पीबैक जेतेक इ᭒छा आन ᳰदन रहै छेलैन तइ मे आइ थोड़ेक कमी आिब गेल छेलैन। चाह पीबैक इ᭒छा कमने प᳀ीसँ गप करैक इ᭒छा सेहो किम गेल छेलैन जइ सँ आगूमे ठाढ़ प᳀ीपर एक नजैर िखरा चुपचाप चाहक िगलास देखए लगला। ओना, अपन बुइिधक ओकाितये बुिधवाᳰदनीक मनमेिवचार जिग गेल छ ेलैन जे भᳯरसक पित कोनो िच᭠तामे पिड़ गेल छैथ तँए जेहेन मन उछटगर हेबा चाही से निह छैन। फ े र भेलैन जे ᳰकए ने पुिछये िलऐन जे मन खसल देखै छी। मुदा फ े र भेलैन जे खसलो मनक (ग᭥भीर ᱨपमे) तँ अपन-अपन ᳰदशा होइते अिछ। माने ई जे एक खसब भेल जे कोनो संकटक े ँ दूर करैले ओकर समधानल र᭭ता खोजैमे खसैए आ दोसर होइए जे नी क िजनगी पेबा-ले भिवसक बाट समधािन कऽ खोजबमे सेहो मन खसबे करैए। लगले बुिधवाᳰदनीक ेँ भेलैन जे जखन ᳰकछु बािज निह रहल छैथ तखन अनेरे मधुमाछी-छᱫामे गोला माᳯ र कटाएब नीक निह। तँए, अपन जे अखुनका काज अिछ पिहने तेकरा मुसतािजसँ कऽ ली। जँ कोनो दुखो-तकली फ मनमे हेतैन तँ एᲥ े बेर िबढ़नी जकाँ थोड़े हनहना उठता...। चाहक िगलास चेतनाननक आगूमे रिख बुिधवाᳰदनी पान आनए गन ि वदा भेली। जे काज चेतनाननक ेँ सेहो सभ ᳰदनक बुझले छैन। चाह-पान पीला-खेला पछाइत जिहना चेतनानन अपन जीबनपट खोलए अपन िवचारधारा ᳰदस िवदा भेलातिहना बुिधवाᳰदनी सेहो अपन जीवनघट पार करए अपना घाट ᳰदस िवदा भेली। समु᳖त पᳯरवारक जे घट-घटवाᳯर होइए ओ जिहना चेतनाननक ेँ बुझल छैन तिहना बुिधवाᳰदनीक ेँ सेहो बुझले छैन। ओ बुझब भेल जे पᳯरवारक सभ जनक ेँ अपन-अपन शिᲦक अनुक ू ल पᳯरवारक ᳰᮓया-कलापमे लागल रहब। जि हना कोनो घरमे अपन-अपन जगहपर व᭭तु-जात सᱹत कऽ राखल रहैए जइसँ एक-दोसरमे टकराइक स᭥भावना नइ रहै छै, तिहना पᳯरवारमे मनुखोक अिछए। जे ᳰकछ ु ᳰदन पूवᭅ तक चेतनाननक पᳯरव ारमे नइ छेलैन मुदा आब से बात नइ रहलैन। आब पᳯरवारक सभ ᳰकयो अपन-अपन पᳯरवाᳯरक दािय᭜व बुि झ रहल छैन जइसँ एक-दोसराक बीच अढ़बै-चढ़बैक र᭭ता ब᳖ भऽ गेलैन। ओना, बुिधवाᳰदनी अँगनाक काज ᳰदस िवदा भऽ गेली मुदा पितक खसल चेहराक ᱨप देख मनमे िवचार जिगये गेल छेलैन जे मन ᳰकए मिलन छैन? अाᲈिगनी होइक नाते दुिनयाँमे जँ ᳰकयो लग [iii ] छैन तँ ओ हमहᱭ ने िछऐन। जाधैर हमर स᭥ब᭠ध निह बनल छल, माता-िपता जीबैत रह िथन ताधैर ओ दुनू गोरे छेलैन, मुदा ᱟनका दुनूक परोछ भेने आ हमरा एने तँ स᭥ब᭠धमे बदलाव एबे कएल। मुदा जखन मनमे कोनो तरहक पᳯरवाᳯरक उलझन आिब गेल होिन तखन जँ हमरा ᳰकछु निह किह मने-मन बेि थत बनल रहता सेहो तँ नीक निहये ँ भेल। िवचार अिबते बुिधवाᳰदनीक मनमे दोसर िवचार टपैक पड़लैन। ओ ट पकलैन ई जे जँ पᳯरवाᳯरक उलझन निहये ँ रहल होिन, समािजक वा बेकतीगते कोनो रहल होिन, तखन जँ ᳰकछु निहयेँ कहलैन तँ ओ उिचते क े लैन।
उिचत अनुिचतक बीच बुिधवाᳰदनीक िवचार समुिचत होइते अपन काजमे लिग गेली। प᳀ीक ेँ लगसँ हᳯटते चेतनाननक मनक जेना िन:साँस छुटलैन। िन:साँस छुᳯट ते मनमे उपकलैन जे भने प᳀ी लगसँ हᳯट गेली। लगमे रिहतैथ तँ िवचारमे बाधा उपि᭭थत कᳯरतैथ। एका᭠त होइते चेतनाननक मन साकांच भऽ सजगलैन। सजिगते अपन ब ीतल िजनगीपर नजैर िनछोह दौड़लैन। कᳱ जीवन छल, कᳱ सोच-िवचार छल आ आइ [iv ] कᳱ अिछ? आब तँ सोझ जीवन देख रहल छी जे दुिनयाँमे जेतेक मनुख छैथ ओ सभ ने चािह रहला अिछ जे सोझ जीव न भेटए। मुदा सोझ जीवन-ले सोझ ᭄ानक
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खगता अिछ ᳰकने,जेकर ᮧाि᳙ भेला पछाितये ने ᳰकयो सुखसँ सुखी बन ैत आ अपन ᭭वतंᮢ ᱨपमे शासनसूᮢ अपनबैत िजनगीक धारमे बहए लगैए। ऐठाम शासनसूᮢक माने भेल, िजन का ᳰकनको िजनगीमे सफलता भेटल छैन ᱟनका मनमे ईहो तँ जिगये जाइ छैन जे असफल िजनगी जीिनहा रक ेँ सही ᳰदशा देखबैत सही बाटपर आिन, कखनो आगूसँ बाँिह पक ै ड़ आगू मुहेँक िवचारक बाट धराबी तँ कखनो खᲬा-खुᲬीमे लसक ै त देख पाछूसँ बल लगा आगू मुहे ँ ठेलैक पᳯरयास सेहो करी। जइसँ जे िवचार सूᮢ बनैए वएह भेल शा सनसूᮢ। जखने मनुखक िजनगीमे ᮧकािशत मन ᭭वतंᮢ बाटक शासनसूᮢ पक ैड़ चलए लगैए तखने ओ सफल िजनगीक आन᭠दसँ आनि᭠दत सेहो हेबे करैए। जे चेतनाननक ेँ आधा िजनगी िबतला पछाइत भेलैन। मुदा आधा िजनगी जे िबतल छेलैन ओ सो᭨होअना उनटल छेलैन जेकर पछाड़सँ अखनो पछिड़ये रह ला अिछ। अखन धᳯर जे समाजक बीच मनुखक िनमाᭅण भऽ रहल अिछ ओ समािजक बेव᭭थाक अनुक ू ल भऽ रहल अिछ जइमे शासन बेव᭭थाक भरपूर ᮧभाव सेहो पिड़ते अिछ। खाएर जे अिछमुदा ई तँ हर जीवनमे अिछए जे पᳯरवारसँ समाज धᳯर अपन भारीपन [v] बनल रहए। जे चेतनाननक ेँ सेहो छेलै᭠हे। कौलेज तकक पढ़ाइ छोड़ला पछाइत चेतनानन ᭭वतंᮢ िजनगी धारण क रैक िखयालसँ नोकरी ᳰदस निह तकलैन। ओना, अपनो पᳯरवाᳯरक स᭥पैत ओतेक छेलै᭠हे जे एक पᳯरव ारक जीवन-यापनक कोन बात जे तीिनयोँ- चाᳯर पᳯरवारक जीवन-यापन भइये सक ै त छल, जँ समुिचत ढंगसँ सम ुिचत ᮰मक उपयोग कᳯरतैथ, मुदा समािजको पᳯरवेश तँ पᳯरवेश छीहे। एक े -दुइये चेतनानन समाजक बीच सेवाक ᱨपमे िबआह-दान, ᮰ा-मुड़नक संग पूजा-पाठमे आगू बढ़ए लगला। जइसँ ᳰकछु-ᳰकछु समाजक बीच जन -मतो आ जन-संघो बिनये ँ गेल छेलैन। जखने जनमत, जनसंघ बनत तखने राजसᱫाक िशकारी सभ अपना-अपनी क ेँ हिथयाबए चािहते अिछ। शुᱧहमे तँ चेतनानन अबूझ-अबोध जकाँ छला, तँए एᲥ े पᭃक बीच पᱟँचला मुद ा कनी िख-पाँिख भेने आब दोसरो- तेसरोसँ स᭥ब᭠ध बनबए लगला अिछ। जइसँ भीतरे-भीतर भले ँ बᱟᱨिपया बिन रहल होिथ मुदा ऊपरसँ (देखौआ) तँ समाजक अगुआएल लोक भइये गेला ᳰकने। जँए अगुएला तँए स बहक बीच पूछ सेहो भेलैन। तᱠमे मनुखक पूछ। ओना, जानवरक पूछ भले ँ माछी-म᭒छड़ रोमैबला ᳰकए ने ᱟअए मुदा मनुखक पूछ तँ से निहये ँ
छी, मनुखक पूछ तँ मनुखक े ँ भᳯरयेबे करैए। जखने मनुख अपन भारीपन देखैए तखने ने अपन िजनगी क सफलताक भान ओकरा होइ छइ। जे पिबते मनुख सुरसा (रामायिणक) ज काँ हनुमानसँ दोबर ᱨप अपन देखैबते अिछ।
पचास बखᭅ िबतला पछाइत चेतनाननक िवचारमे जिहना बदलाव एलैन तिहना सोचै-बुझैमे सेहो एलैन जइसँ जीवन पित सेहो बदिलये रहल छेलैन। ओना, चेतनानन गामक चौकपर साँझ-भोर चाह पीबैक बह᳖े सभ ᳰदन जाइ छैथ जइसँ भᳯर ᳰदनक गामसँ दुिनयाँ तकक उड़᭠ती समाचार साँझू पहरक ेँ भेट जाइ छैन आ भᳯर राितक समाचार भोरमे भेᳯटये जाइ छैन। समाचारक ेँ समाचार जकाँ चेतनानन एकहरफᳱ सुिन लइ छैथमुदाओइपर अपन कोनो टीका-ᳯट᭡पणी वा राय-िवचार नइ दइ छिथन। तेकर कारण ई अिछ जे ओ नीक जकाँ बुझए लगल छैथ जे जिहना रेिडयो- अखबारक उड़᭠ती समाचारक ेँ आरो उड़᭠ती आ फ ु ड़᭠ती-सुड़᭠तीक ेँ आरो फ ु ड़᭠ती-सुड़᭠ती समाचार बना बँᳯटते अिछ। जइसँ ओकर असिलयत ᱨप झँपाइये जाइ छै, तँए टीका-ᳯट᭡पण ी माᮢ बातक ेँ बतंगर बनाएब छोिड़ आर ᳰकछु ने रहैए। मुदा समाजक धारासँ अपन मुहो ँ ब᳖ कए राखब तँ उिचत निहये ँ भेल। जेकरा पुड़बैले चेतनानन चौकक उड़᭠ती समाचारक नाँगैर पक ै ड़ नेङिड़यबैत घटनाक ेँ घᳯटत बेकती लग पᱟँच अपन िवचार रखए लगला अिछ।
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आइ भोरमे जखन चेतनानन चौकपर पᱟँचला ᳰक एक गोरे चाहक िगल ास आगू बढ़ा देलक ै न। चाह देख चेतनानन बुिझ गेला जे भᳯरसक कोनो काजक भार ऊपर औत। मुदा िब नु कहने मािनयो ँ लेब तँ उिचत निहये ँ
हएत। चाहो पीबए लगला आ िख उठा-उठा ओकरोपर नचबौ लगला जे मुहसँ कᳱ िनकलै छैन। आधा िगलास चाह जखन चेतनाननक ससैर कऽ पेटमे चिल गेलैन तखन राधारमण बाजल-
“चेतन भाय, अहाँसँ एकटा भारी काज अिछ..!” काज तँ काज भेल, मुदा ‘भारी काज’ कᳱ भेल? िबनु बुझने चेतनानन बजला- “काज तँ काज भेलओ भारी कᳱ हएत?” राधारमणक मन मािन गेलैन जे काज हेबे करत। बाजल- “भाय साहैब, इ᭛टरमे बेटा फ े ल भऽ गेल हेन, ᳰदन-राित घरमे प ेटकान लािध कनैत रहैए, तीिनये ँ ᳰदनमे मरैमान भऽ गेलअिछ ने ᳰकछु खाइए आ ने पीबैए। से कनी यूिनवᳶसटीक काज सि᭨टया ᳰदअ।” चेतनानन- “बᲬा पढ़ैमे क े हेन अिछ?” राधारमण- “हाइ ᭭क ू लमे सब ᳰदन फ᭭ट करैत रहल। मैᳯᮝकमे सेहो सᱫैर ᮧितशतस ँ बेसीए न᭥बर आएल छेलइ।” राधारमणक बात सुिन चेतनानन बजला- “अ᭒छा..!” मदनानन सेहो चाहेक दोकानपर छल। चेतनाननक मुहसँ ‘अ᭒छा’ सुि न अपन न᭥बर लगबैत बाजल- “चेतन भाय, हाइ कोटᭅक काज हमरो बजैर गेल अिछ।” चेतनानन पुछलिखन- “कᳱ?” मदनानन- “दुनू भैयारीमे जमीनक िववाद अिछ, िडि᭭ᮝक कोटᭅमे क े स चलै छल, एकतरफा जजमे᭠ट भऽ गेल, सैह...।” ग᭡पक ᮓममे चेतनानन ‘अ᭒छा’ तँ किह देलिखन मुदा जखन चाहक दो कानसँ घरमुहाँ भेला तखन आइ धᳯरक िजनगी चेतनाननक नजैरपर नचलैन। अपन पैछला पचास सालक िजनगी ओहन ᳰदशाहीन भऽ गेल जे टुᳯट-टुᳯट खिस-खिस ओतेक नीचाँ खिस पड़ल जे ओकरा स᭥हाᳯर कऽ आजुक सीमापर आनब कᳯठन भऽ गेल अिछ।कᱟना-कᱟना अपन िजनगीक े ँ समयक पटरीपर चढ़ा चलबए चाहै छी, सएह ने पार लिग रहल अि छ। तैठाम अनकर काज स᭥हारब तँ आरो जपाल भइये जाएत। अपना ᳰदस जखन तक ै छी तखन बुिझ पड़ैए जे ओतेक अधला वृिᱫयो आ िवचारो अपना अपन जीवनक गाड़ी दौड़ेलᲅ जे नक ᭅ क अᲶाइसो भोगक अिधकारी बिन गेल छी, तेकरा पुराएब आ ᳰक..? घरपर पᱟँचते चेतनाननक नजैर बुिधवाᳰदनीपर पड़लैन। ओना, बुिधव ाᳰदिनयोँ चेतनेननक र᭭ता तक ै छेली। नजैर पिड़ चेतनानन बजला-
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Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० ) मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA 58
“भारीपन भार बिन गेल अिछ।” अपने बोझक तर दबाएल पितक बात सुिन बुिधवाᳰदनी ᳰकछु ने बजली। q श᭣द संया : 1471, ितिथ : 21 जुलाई 2018
[i] बेदराक रंग माने बालपन-रंग [ii] साए बखᭅक आधारपर [iii] नजदीक [iv] पचास बखᭅक पछाितक [v] गुᱧआइ वा गुᱧ᭜व
ऐ रचनापर अपन मंत᳞ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ।
३. पn ३.१. १.अᱧ ण लाल - ६ टा ᭃ िणका आ ३ टा किवता २. न᭠द िवलास रायक ᳰकछ ु किवता ३.संतोष क ु मार राय 'बटोही '- दू टा किवता ३.२.ᮧीतम क ु मार िनषादक ᳰकछु किवता ३.३.राम िवलास साᱟक ᳰकछु किवत ◌ा ३.४.डॉ. िशवक ुमार ᮧसादक ᳰकछु किवत◌ा १.अᱧण लाल- ६ टा ᭃिणका आ ३ टा किवता २. न᭠द िवलास राय क ᳰकछु किवता ३.संतोष क ुमार राय 'बटोही'- दू टा किवता १
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अᱧ ण लाल ६ टा ᭃ िणका आ ३ टा किवता १. हास ठमᳰक गेल छी तिहये स' हमरा मन मे अहा◌ॅक उनमुᲦ हॅसी छल वा पᳯरहास थाह कहा◌ॅ लागल हम तं सूरदास , मन मे अंटबैत रहलᲅ सुनैत रहलᲅ अहा◌ॅ क े र हास .
२. खास लोक तं सड़को पर मरैत अिछ वा ᭭वाभािवक मौत सेहो मुदा ककरो मन मे पइस क' जे मरैत अिछ
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ओ मौत ओकरा बनबैत छैक खास .
३. बात
श᭣द ᮩᳬ होइत छै जॅ िनकिल गेल मू◌ॅह स' अनायास जॅ सोिच -िबचाᳯर क' संधािन- तािन क' बजलᲅ तं तीर जका◌ॅ चुभैत छैक भ' जाइत छैक बात ४ तेसर नयन
यौ निञ अपन बᳰढ रहल सबतᳯर अ᳣ीलताक ᮧदशॅन
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ᳰदन दूगुना राित चौगुना असहज सब घटना हे िᮢलोचन ! खोलू अपन तेसर नयन .
५ उफाइंट
िजनगी जॅ भेल उफाइंट भांजब कतबो गोटी निञ हएब लाल लागत पव᳖ी मन पर स हटाउ गदा◌ॅ निञ त कोरैत रᱠ माइट
६ शूल
ककरो िजनगी
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मे शूलिह शूल ककरो जीवन कते समतूल ककरो ब िह᭭से बराबर ककरो िह᭭से बराबर किवता १ घर
घर त' सबᳰदन जाइत छलᲅ हम , बस स उतᳯर राित क े बारहो बजे िनभी◌ॅक भेल झटᳰक क' एक पेᳯरया खुरपेᳯरया बाट पकरने, पकरने थाल कᳱच िप᭓छड़ मे बरखा पािन बु᳖ी क े सामना करैत
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टह टह रौद मे घामे पसीने नहाइत पूस माघक राित मे सदी◌ॅआयल ᳯठठुरैत कनकनाइत अ᭠हᳯरया वा होइ इजोᳯरया मुदा एक राित ठकमुᳯरया लािग गेल थकमका गेलᲅ , आब कत' जाऊ ᳰक बाजू ककरा शोर कᱨ क े सूनत नदी क े बेग मे िवलीन भ' गेल घर हमरा स कᱫे दूर भ' गेल घर,,,,,. २
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जीब लए छी हम (ई रचना अपन छोटकᳱ बेटी आभा क ᱶ समिपॅत क े लᱟं ।) हंसैत हंसैत कले बले जीब लए छी हम
जीवन जं एक जहर छै तं पीब लए छी हम
अहांक सतरंगी दुिनयां अहां क ᱶ मुबारक बᱟत
हमर फाटल जं चादᳯर अपन सीब लए छी हम
खसा क' देखलᲅ बᱟत कोनो छोड़लᲅ नै दाव
मुकािबला क े र शअख एखनो रखने छी हम
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ᮧेम ᭭वगॅᱟ स' कम नै करै छी अगर सांच मे
किहयो सोचब ई बात आई कहैत छी हम
हम हंसी वा कानी मतलव कᳱ अिछ
अरैज लए छी ओतबा जतेक चाहैत छी हम
दोख हमरे िगनाबी से कोनो बात ने
अहांक लचरल हंसी पर हंसैत छी हम ३ ᮧ ेमक बाट
ᮧेम एकांत भेल चुपचाप गबदी मारने अपलक िनहारैत मगन भेल कात
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िमिल᭠द माली क े आहट मे , घुᳯरया घुᳯरया तक ै त रहल बाट कांट मे ओझरायल गुलाबक कली मने मन ᮧ᭭फ ु ᳯटत होयबाक उमंग मे नािच रहल उझᳰक उझᳰक उठा रहल गरदिन िनहाᳯर रहल अपन सᲅसे शु᮪ देह लोबान क े र खूशबू जेना पसᳯर गेल कली सब गमᳰक उठल अिभसारक आतुरता मे माली स' लगा रहल गुहाᳯर , मुदा, बसंत एखन कहा◌ॅ आयल -अᱧ ण क ु मार लाल दास , िव᳒ ापितनगर मधुबनी
२ न᭠द िवलास रायक ᳰकछु किवता इि᭠दरा आवास एक ᳰदन मुिखयाजीक चमचा एलैथ ओ हमरासँ हाथ िमलौलैथ हम ᱟनका क ु सᱮपर बेसौलयैन ᭡योर दुधक चाह िपयौलयैन खैनीमे चुन िमलेलᲅ अपनो खेलᲅ ᱟनको िखयेलᲅ खैनी खा कऽ ओ बजला
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अपना एबाक भेद खोलला।
ब मोसᳰकलसँ मुिखयाजीक ेँ मनेलᲅ हेन अहाँक नाᲐ ᱟनका डायरीमे िलखेलᲅ हेन ओ कहाँ मानै छला अहाँक ेँ कहाँ जानै छला जँ करेबाक ᱟअए काम तँ ज᭨दी कᱨ इ᭠तजाम जुिन कᱨ सोच-िवचार लाउ टका पᱼच हजार निह तँ दोसरो अिछ तैयार मुदा अहाँ अपन छी खास अहाँपर अिछ पूरा िबसवास ᳰदयाएब अहाँक ेँ इि᭠दरा आवास कᳱ यौ अहाँक ेँ निह लागल हमर बात रास। ऐ बकलेल बिन जाएत मोफतमे अहाँक ेँ मकान भऽ जाएत िधया-पुताक क᭨याण समाजमे बᳰढ़ जाएत अहाँक मान अहाँ बुझब एकरा अपन शान जँ हमर ग᭡प अहाँक ेँ कनीको पसीन अिछ तँ ज᭨दी कᱨ भैया ᳰकएक तँ समये च᭠द अिछ। निह तँ बादमे ब पचताएब आ हमर ᳰदमाग खाएब मुदा हम कᳱ ᳰकछु कऽ सकब अहाँक ेँ कᳱ ᳰकछु दऽ सकब।
आिखर हम चमचाजीक बातमे एलᲅ महाजन ल᭯मी भैयाक ओइठाम गेलᲅ हम क े िलऐन ᱟनकासँ अजᭅ यौ महाजन ᳰदअ हमरा पᱼच हजार टका कजᭅ लऽ िलअ कागजपर Ბठा िनशान
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मुदा टाका कᱨ ज᭨दी भुगतान।
महाजन ल᭯मी भैया बजला- ई िलअ ᱨपैआ कᱨ अपन काम समयेपर आपस करब निह तँ भऽ जाएत अहाँक महᱭस नीलाम।
हम देिलऐन चमचाजीक ेँ टका पᱼच हजार ओ मु᭭कᳱ दैत भऽ गेला फटफᳯटयापर सवार हम क े तेको बेर ᭣लॉकक चᲥर लगेलᲅ मुदा आइ धᳯर इि᭠दरा आवासक रािश निह पौलᲅ।
᭣लॉक दौड़ैत-दौड़ैत हमर च᭡पल िघसल ओमहर महाजनक टाका आपस करबाक समय बीतल हम चमचाजीसँ कहलयैन अपना बोलीमे साए मन िम᮰ी घोरलयैन यौ नेताजी, अ᳖दाताबड़का बौआ क ृ पाकय आपस कऽ ᳰदअ हमर पᱼच हजार ढौआ मुदा ओ करए लगला टाल-मटोल ᳰकएक तँ ᱟनकर नेित छेलैन करब पᱼच हजार टाका गोल हम सोचलᲅ जे हमरा ठकलक आ हमर महᱭस नीलाम करौलक ओकरो िबगािड़ ᳰदऐन खेल आ चमचाजीक ेँ पᱟँचए ᳰदऐन जेल मुदा हम ई काज निह कᳯर सकलᲅ चमचाजीसँ लड़ाइ निह लिड़ पेलᲅ ᳰकएक तँ आजादीक आइ 72म बखᭅक बादो हमरा
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जकाँ गरीब असहाय अनाथ छै जखन ᳰक चमचाजीक ेँ माथपर एम.एल.ए; एम.पी.क हाथ छै आिखर हमर महᱭस भऽ गेल नीलाम निह बिन सकल हमर मकान िबगड़ल हमर सभ काम दूध बेिच कऽ करै छेलᲅ गुजर आब जीरी रोपैले करै छी पंजाब ᮧ᭭थान।q
िमिथलाधाम जहाँ बहै कोसी, कमला, वागमती, वलान यौ पावण िमिथलाधाम यौ िमिथला सन निह आन यौ छैन म᭛डन, अयाचीक ब नाम यौ िव᳒ापित क े र धाम यौ पावण िमिथला धाम यौ।
जैठाम सीता सन भेली नारी छला राजा जनक सदाचारी आओर पाᱟन छेलिखन ᮰ी राम यौ पावण िमिथलाधाम यौ िमिथला सन निह आन यौ पावण िमिथलाधाम यौ...।
छैथ सखड़ामे माए सखे᳡री आओर ठाढ़ीमे परमे᳡री
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जैठाम बरहम बाबा िवराजैथ गामे-गाम यौ िमिथला सन निह आन यौ पावण िमिथलाधाम यौ...।
जैठाम आᮤाᭅ, चौठच᭠ᮤ, जीितया भाए-बिहनक ᳩेहक पाबैन अिछ भातृ-ि᳇तीया जैठाम कोजगराक ेँ ब नाम यौ बᱼटैथ पान-मखान यौ पावण िमिथलाधाम यौ िमिथला सन...।
नेहरा, सᳯरसव आओर पोखरौनी कोयलख, िपलखवाड़, मंगरौनी ओइठाम पैघ-पैघ भेल िव᳇ान यौ पावण िमिथलाधाम यौ िमिथला सन...।
जैठाम नामी माछ-मखान आओर अिछ फलक राजा आम जैठाम जमाएक ेँ बुझल जाइए भगवान यौ आओर पाᱟनक ेँ भेटए स᭥मान यौ पावण िमिथलाधाम यौ िमिथलासन...।
जैठाम ᳰकयो निह भेटत लफ ं गा सबसँ नीक शहर दरभंगा ओइठाम पैघ-पैघ दोकान यौ भेटत सभ समान यौ पावण िमिथलाधाम यौ िमिथला सन...।
िमिथला पेᳳटग मधुबनीक ेँ दुिनयाँमे ब नाम छैक
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खादी भ᭛डार मधुबनीक ेँ भᱼित-भᱼितक काम छैक जैठाम मानव सेवा करब सभसँ बड़का काम यौ पावण िमिथलाधाम यौ भेला लिलत बाबू सन नेता िमिथलाक सᲬा बेटा िवकासक खाितर देलिखन अपन ᮧाण यौ िमिथला...।
िमिथला िवभूित सूरज बाबू सन पैघ-पैघ भेला नेता अजादीक लड़ाइ लड़बामे रिसक, अन᭠त, गुरमैता देशक ेँ अजाद करबामे ऐ धरतीक ेँ ब योगदान यौ पावण िमिथलाधाम यौ िमिथला सन...।
िमिथलाक कला, िमिथलाक सािह᭜य िमिथला क े र सं᭭क ृ ित नीक फ ू िस ने बाजब दान करब ई मैिथलक ेँ ᮧवृित िथक अ᳖, वᳫ वतᭅनक संगे करै छैथ लोक गोदान यौ पावण िमिथलाधाम यौ िमिथला सन...।
ब मधुर अिछ सुनब बाजबमे िमिथलाक मैिथली भाषा िमिथलाक िवकास ᱟअए खूब हमरो अिछ अिभलाषा िमिथलाक िवकासक खाितर हमᱠँ देब योगदान यौ पावण िमिथला धाम यौ
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म᭛डन अयाची क े र छैन ब नाम यौ िव᳒ापितक धाम यौ। q
जनता अखन जनता सुतल अिछ मुदा ओ भूखल अिछ भूखलमे िन᳖ो कᳱ होइ छइ तँए ओ जागत आ बाजत बाजत अपन अव᭭थापर करत ᮧहार वᱫᭅमान बेव᭭थापर। q
ढौआ- 1 समयक संग लोकक बदैल जाइत अिछ बेवहार आन तँ आने छैथ बदैल जाइ छैथ अपनो ᳯर᭫तेदार। यएह अथᭅक युग छी भाय यौ, जँ ढौआ नै रहत संगमे तँ निह िच᭠हत अपन िजगरी यार। ३.
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संतोष क ु मार राय 'बटोही ' दू टा किवता
1. गामक दुगाᭅ मंᳰदर गामक लोकिन क ेँ सोच पर हँसी आिब रहल अिछ आइ कᳱ उिचत आओर कᳱ अनुिचत हेतै ᳰकयो निह कहिनहार आब रहलै सᳯरपᱟँ सभ ᳰकयो म᳒ पीने छिथ गाम मौिगया गेल छै
सभ ᳰकछु मे राजनीित नीक निह होएत छै ᮰ा सँ पैघ ᳰकछु निह होएत छै पूजा क ेँ पूजा रहअ ᳰदयौ फ ु िसयᲅह मे गामक बँटवारा जुिन कᱨ गामक इ᭸ज़त माᳯट मे निह िमलिबयौ बाबू-भै᭦या
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गामक सं᭭क ृ ित क ेँ बँटनै गामक आ᭜मा क ेँ हरण करनै जँका छै इ ज़मीन ᳰकनकर िछयै᭠ह जखन सभ ᳰकयो क ेँ ᳯटकट कटले छि᭠ह फसाद करनै कोनᱟ नीक गप निह िछयैए सभ ᳰकयो इएह माएक संतान छी माएक मंᳰदर जुिन बँᳯटयौ।
2. गाम -घᱧ आ गामक तीसी सेहो अमᳯरत लगैत छै नवका धानक िचउरा आओर गुँड़ मुनगा आओर बरहरक फ ू लक तरकारी पोठी माछक संग मᱧआक रोटी
बथुआ साग आओर मूरही तुलसी-फ ू लक खीरक जवाब निह आउ भाई,िमल-बाँᳯट क' खाउ िजनगी क े र कोन ᳯठकान
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Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० ) मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA 75
सभ ᳰकछु सोहनगर छै अपन मᳲह◌ंषक दूध आओर घी पोखᳯरक मखान आम,जामुन,कटहर,गु᭨लैर
सभ ᳰकछु अपन छी जीभ सँ पािन टपक ै त अिछ करब-त-करब कᳱ परदेश ओगरने छी परᲱ हम सᳯरपᱟँ गाम-घᱧआ छी। -संतोष क ु मार राय 'बटोही ', ᮕ ाम -मंगरौना , पो᭭ट -गोनौली , थाना -अंधराठाढ़ी , अनुमंडल -झंझारपुर , िजला - मधुबनी , िबहार -847401
ऐ रचनापर अपन मंत editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ᮧीतम क ु मार िनषादक ᳰकछु किवता
आहत अग᭭त
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भारत देशक धरती कᱧिणत शहीदाᲳली दऽ ᮧणमए ह᭭त। धुजाितरंगा दुलरैत बाजए अिछ एखनो आहत अग᭭त।।
चᱟँᳰदिश गूंजए प᭠ᮤह अग᭭त नेना-भुटका संग-लोक ᳞᭭त आजाद िह᭠द भए रहल ᮢ᭭त ᭭वारथ सह-सह देखैछ म᭭त तᱹ अिछ आहत प᭠ᮤहअग᭭त आहत अग᭭त आहत अग᭭त...।। 0।।
अिछ जन ᮧितिनिध मौका पर᭭त। भारत िमिथला अिछ अ᭭त-᳞᭭त।। सᱫा सेवक खुशहाल म᭭त। कोन भ᳥ पितक अिछ वरद ह᭭त।। आहत अग᭭त आहत अग᭭त...।। 0।।
ᳰकछु संिवधान सुख अिछ िनर᭭त मयाᭅᳰदत अिछ-ᳰफरका पर᭭त ᳰकए, आतंकᳱ ᳰदन-ᳰदन ᮧश᭭त रा᳦ीयताक ेँ देवए िशक᭭त...।। 0।।
आशाक ितरंगा कोᳯट ह᭭त झ᭛डोᱫोलन भए रहल स᭭त औ, सवᭅ धमᭅ समभाव प᭭त हाय, रा᳦ पवᭅ केर उदय-अ᭭त आहत अग᭭त आहत अग᭭त...।। 0।। q
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अधपेिड़याक अखराहा सतजुग, ᮢेता, ᳇ापर, किलयुग सन जेकर नाम लेल संसार वा जगतीक संभार पर सवार भेल। सृि᳥क अखराहापर स᭤यता, सं᭭क ृ ित क े र बदलैत पᳯरवेश संग एखन धᳯर सवारी कसने अिछ। तैयो, तऽड़ पड़ल अिछ मनुखक महᱬवाकांᭃा जु᭥मुस बाि᭠ह, कोनो ने कोनो दांवकेँ जुगतमे क᭒छ म᭒छ करैत, घुसकुिनयाँ मारैत अप᭭याँत भेल ᮧ᭜यᭃदशᱮ क े ँ उ᭜साह लऽ कलजुगक ᮓूरता सँ लिड़ रहल अिछ दोसर ᳰदश, ग᭣दी मारने मूकदशᱮ म᭛डली, असमथᭅ.., अधमᱨ भेल जा रहल अिछ सं᭭कारक संवेदना... द᭥भीक दुभाᭅवी... ल᭑गड़पᱶचमे ᱟकᱟकाइत... हारऽक ेँ नाम निह लऽ रहल अिछ। मुदा पिछमाही... अंगरेिजया सेह᭠ताक ेँ पिजयौने शौक औ ᭭वादकेँ संगोरैत हां हां, हᱭ हᱭ, मे रमैत... अधपेिड़याक गुनधुनी संग... घरमुहाँ भेल जा रहल अिछ। धड़ामक गूंज सूिन... देखल, ᳰक अखराहापर लंगड़क धक ेलसँ... फ ᱶ काएल अिछ दुकाᭅल! मुदा फ े रसँ टलबािह गूंजल, दु᳖ु ᳰदिश, शुᱨ भेल फ े रसँ ‘कालयु’, आओर मुँहदेखुआ सभक ेँ , गुफरा-गुफरी...
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जाइत-जाइत, घुᳯर-घुᳯर देखए कायर कापूत सभ, देखैत जाइत... अधपेिड़याक अखराहा...।। q
यश-अपयश केओ नाम कऽ गेलाह, के ओ काम कऽ गेलाह केओ धरना दऽ चᲥोके ँ जाम कऽ गेलाह केओ ᮓाि᭠त शमन लऽए फ ु सराहैट कऽए चु᭡पा चोर जकाँ दुकाᭅल दऽ गेलाह ओ के छलाह...।। 0।।
हमᱠँ टुघरैत रही दु:खे क ु हरैत रही कोनो बैसाखी धऽ क े ᱟना स᭥हरैत रही दैव जानए कोनो गᲅआँ अनगᲅआँ सन क᭠हा-कोतरा छलाह, गु᭥मा भोतरा छलाह से जानब अिछ ᭒योᲵिह ओ क े छलाह ओ के छलाह...।। 1।।
केओ छड़ैिप आिव, हमरा स᭥हारैत रहल केओ सुधरलहा िजनगी केँ िबगारैत रहल नᱶगड़ा-लु᭨हा जकाँ भाय भोगे मरी आलसी-इ᭬याᭅ-अपमान-रोगे मरी जानवर आचरण क े र गु᭥हरैनीपर आन रिहतो मुदा ओ अ᭡पन भऽ गेलाह ओ के छलाह ओ के छलाह...।। 2।।
गाम घरमे सदित लोक चरचा करए गᲅआँ-घᱧआक पुरखᲅती ᳰदन-ᳰदन मरए नीक-बेजाए घड़ी केर हर हाल मे
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लोक अपनेिह पड़ोिसयोसँ सᳰदखन जरए लोकक मनमे केहन लागल अगराही जे हमरा धुकधुᲥᳱ छातीके ँ बढ़वैत गेलाह ओ के छला...।। 3।।
बाट औ घाट के ओ िबगाड़ैत रहल ᭄ानी बाउर जकाँ बमकᳱ दैत कहल ᳰकछुयो सूझए कहाँ आब देखब कथी अगवे दु᳸दन हँसए सु᳖ कोठा महल भाव-भाषाक अकबᲥᳱ कोनटा धएने देिख कलजुग कहए काल पुरखा छलाह गाम क े र भलमानुष जकाँ ओ छलाह काल पुरखा छलाह, गाम पुरखा छलाह।। 4।। q
भिᲦक ढᲂग ᭄ान धरम घᱶट जोिड़ कऽ कानए बक ु आएल भगवान यौ... सगरो ᮰ा भिᲦ कनैए मठ-मि᭭जद सं᭭थान यौ... ᭄ानी-पि᭛डत मु᭨ला-साधु बना रहल शैतान यौ... सगरो ᮰ा...।। 0।।
केना दाव-दावा च᭠दासँ मि᭠दर मि᭭जद बनए िवशाल जन मानसमे छल-बल बढ़बैत भᲦ संचालक करए कमाल पूजा-पाठक ेँ भाव-ᮧभावो
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अगवे दुखनᱟत भऽ गेल मेला-उ᭜सव-समारोह सभ ᳰदनो-ᳰदन अपयिशया भेल मूᳶत भसानक बाऊर बमकᳱ डीजे िड᭭को क े र शान यौ सगरो ᮰ा...।। 0।।
देश औ लोक धरमसँ हᳯट कऽ जेहादीक फतवा फरमान सनक िमजाजी सतालोलुप िनरमावै आतंकᳱ शान इसकुलो-मकतबसँ कानैत भागैए आब ᭄ान-िव᭄ान लवलाइᳯटस रोिगयाहा लवगुᱧ कएल कलंᳰकत ᭄ान बथान ᮧाथᭅना आओर नमाज वृिᱫ संग ह᭜या-घृणा बखान यौ, सगरो ᮰ा...।। 0।।
अहो᮰ी युगपित बुझनुक िᮧयजन आगत ᮰ी युग देखैत कᱠ साथᭅक ᭄ान-िव᭄ान सहारे नाश बुिके ँ फ े क ैत रᱠ शुभिच᭠तक होऊ नव पीढ़ीकेँ पथ िनदᱷशक बिन बᳰढ़यौ लोक समाजक ᮰म-िवधान संग ᮧीतम उपदेशक गᳰढ़यौ जगत लोक मंगल पथ जोहए खुखदा सांझ-िवहान यौ, सगरो ᮰ा...।। 0।।
ऐ रचनापर अपन मंत᳞ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। राम िवलास साᱟक
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ᳰकछु किवता ठेँस बाट चलैत लगल ठेँस फ ु ᳯट गेल पएर ठᱶगा ठेँगहैत बाट चलै छी देख-देख केना पᱟँचब एतेक दूर गाम-घर अिछ दूर पेटमे एगो दाना निह िपयाससँ सुिख गेल क᭛ठ, मुँह-ठोर ऊपरसँ चैतक रौद गरम हवा लू चलैए तबधल धरती फ ू टल पएर बाटपर चलब क े ना कोसक-कोस दूर मन घबड़ाइत रहए देह दइए जवाब मुदा हमर कोन कसूर ई तँ ठेँसक छी दोष मुदा हम छी लचार ई बाट बनल अिछ दुगᭅम अगम अपार ठᱶगासँ ठेँगहैत चलै छी तैयो लगैए बेर-बेर ठेँस गीरैत पड़ैत भेलᲅ बेजान बीच बाटपर तेजलᲅ ᮧाण। q
आजुक ᳰदन- 2 आजुक ᳰदन मनुख कᱫᭅ᳞सँ चुकल अिछ अपनाक ेँ बीरान आ बीरानकेँ अपना बुझैए तइसँ नीक तँ जानवर अिछ जे जीिवत आ मुइलोपर सभक उपकार करैए
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मुदा मनुख एक दोसरकेँ जानक दु᭫मन बनल-ए उिचत अनुिचत नै बुिझ आफदे-आफद कᳱनैए आजुक ᳰदन...।
आइसँ पिहने नीक काि᭨ह कᳱ हएत से क े जनैए अखनो िवचार कᱨ वᱫᭅमान ᳰकए िबगड़ल-ए िव᭄ानेटा निह इितहासोक ेँ देिखयौ दुनू िमला कऽ अमृत बना कऽ दुिनयाँ लेल बाँᳯटयौ जᱨरत अिछ मानवक ेँ सुधाᳯरयौ देश समाज लेल आजुक ᳰदन...। q
धनक खाितर धन कमेबाक लेल सभक मनसा अिछ मुदा, ᭄ान कमेबाक निह जनैए ᳰकयो माए-बाप पᳯरवार छोिड़ ᳰदन-राित एक बनौने परदेशमे खटैए धनक खाितर।
᭄ानक महत् जेना भूिल गेल कᳱ उिचत कᳱ अनुिचत नइ रहल कोनो ठेकान िधया-पुताक िजनगी िबगैड़ चौपᲵ भेल पᳯरवार-समाज सेहो छुटल नइ रहल सािवकक पहचान सभ टुᳯट िछिड़याए गेल
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धनक खाितर।। q
िशवक नचारी भोला अहᱼ छी बड़ ᱨसना कोठा महलमे मनो ने लगैए वन-जंगल छी अहᱼक अँगना बाघ बघ᭥बर ओढ़ना-िबछौना मृगछ᭨ला छी अहᱼक पिहरना भोला अहᱼ छी बड़ ᱨसना।
दूध-मलाइ अहᱼकेँ मनᱟ ने भाबैए मेवा िमठाइ छोिड़ कऽघरसँ भागै छी भᳯर ᳰदन घोटबै छी भंग घᲂटना फ ू लक सुग᭠धसँ दूरे रहै छी आक-धूथूर भांग छी चखना भोला अहᱼ छी बड़ ᱨसना।
भᳯर ᳰदन रहै छी धुनी रमौने नाग साँपसँ भरल घर-अँगना देह बनौने रहै छी भूतना भᳯर ᳰदन खाइ छी भांगक गोला केना रहब हम एिह घर अँगना भोला अहᱼ छी बड़ ᱨसना।
सखी-सहेली िमिल हमरा लजबैए िपया छौ तोहर क े हेन भूतना तोड़ासँ घᲂटबै छौ भंग घᲂटना केना ᳰदन काटब हे भोलेनाथ केतेक दुख सहब तोरे संगे-ना भोला अहᱼ छी बड़ ᱨसना। q
ᳰदनक दोख ᳰदनक कोन दोख? दोख तँ लोकक छी जे हरदम बदलैत रहैए रीित-ᳯरवाज िवचारसँ मौसम बदलैए
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हवा-पािन-रौदसँ ᳯरतु बदलैए समयसँ ऐमे ᳰदनक कोन दोख? चान-सुᱧज धरती नै बदलैए कᳱए बदलैए लोकक इमान-धमᭅ जँ ᳰदनक दोख होइए तँ पािन, दूध, खून ᳰकए ने बदलैए माए-बाप छोिड़ कऽ जाित-धमᭅ बदलैए ऐमे ᳰदनक कोन दोख? हँ, ᳰदनक नाᲐ बदलैए ᳰदन-राित िबतलापर भोर-साँझ सभ ᳰदन होइए जे हेबाक छै होइत रहैए ऐ अ᭞भुत ᮧकृितमे सभ ᳰदन एक समान स᭜य छी कᳱ झूठ ऐमे ᳰदनक कोन दोख? ऐ रचनापर अपन मंत editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। डॉ . िशवक ु मार ᮧ सादक ᳰकछु किवता मैिथल निह आबैत छिन शंख बजाब घड़ी घ᭠टो सँ भेँट नै छिन पूजा पाठ शाᳫ ᭄ ान आओर पू᭔य अपु᭔यक िधयान निह छिन। मैिथल ओ िमिथला क े र िजनका रितयो भᳯर परवाह ने छिन िमिथला क े र मैिथल ओ कहावैथ अपनो क ू लक मान निह छिन। छोटकᳱ -बड़कᳱ छोटकᳱ जँ बड अगराए
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बूझू बाबू छिथ पौगराएत। बड़कᳱ सभ ᳰदन चुलही िनपए छोटकᳱ पान तमाखू खाय हर बरद क ेँ करए चाकरी पनिपयाए लऽ खेतो जाय जो गए बड़कᳱ नेना कानउ छोटकᳱ िन᭜य िसनेमा जाए मायक ममता देल हेराए।
आइ जेठकᳱ क े र बेटा बिन क ऽ सᳯरपᱟ ँ िललसा देलक पुराए अपन माय बेमातर भेलए बेमातर भेलए अपन माय जनम जे देलकए गाम ओगरने बड़कᳱ बेटा पािब मु᭭काय। q
घाघस अथवल सᲂच चलय गुड़क ु िनयाँ देखनᱟ ँ देखए ने देह झूठिह मेघ देखावए घाघस ओिहना करए ओ खेल। बात करममे मेल कतᱟ निह करए िघनौना मेल ᭭वाथᭅक पाछू अिछ बताह ओ कोना रहत कᱟ मेल। q
पर᭥परा ितिमरा᭒ छाᳰदत सकल शुभ ᳲचतन
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डेग डेग गित रोधक घटाटोप कᲯ ल िबच कखनᱟ कोना िमलत शुभ शोधक बाट घाट सभ अिछ सकबेधल पर᭥परा क ेँ बोधक हमᱠ ँ पर᭥पराक ेँ गछारल ऊ ँ च नीच िबच गोलक। सभ ᳰदन अिहना िमिथला रहलै अपन बीच िवष घोलक अपन अपन सभ पीठ ठोक ै त जाऊ भिवष ने ᳰकनको छोड़त। q
राग सुर िबनु राग ᱨ प िबनु रचना सकल पदारथ अिछ क ु रचना। यािमनी गंधा फ ु लएल भकरार गमगम गमकय बाᳯरक अँगना। च᭥पा गुलाब फ ु लल फ ु लबारी नाचए वृंत पर पािब सुरचना। मैिथल भाषाक सरस सुभाव तᱶ संसारक बनल अिछ गहना। रागमे बा᭠हल सोहर समदाऊन सुख दुख वᳶणत मैिथल बयना।
ऐ रचनापर अपन मंत᳞ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ।
िवदेहक िकछु िवशेषpक :- १) हाइकू िवशेषpक १२ म अंक , १५ जून २००८
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Videha_15_06_2008.pdf Videha_15_06_2008 _Tirhuta.pdf 12.pdf २) गजल िवशेषpक २१ म अंक , १ नव~बर २००८ Videha_01_11_2008.pdf Videha_01_11_2008_Tirhuta.pdf 21.pdf ३) िवहिन कथा िवशेषpक ६७ म अंक , १ अटूबर २०१० Videha_01_10_2010 Videha _01_10_2010_Tirhuta 67 ४) बाल सािहय िवशेषpक ७० म अंक , १५ नव~बर २०१० Videha_15_11_2010 Videha_15_11_2010_Tirhuta 70 ५) नाटक िवशेषpक ७२ म अंक १५ िदस~बर २०१० Videha_15_12_2010 Videha_15_12 _2010_Tirhuta 72 ६) नारी िवशेषpक ७७म अंक ०१ माच २०११ Videha_01_03_2011 Videha_01_03_2011_Tirhuta 77 ७) बाल गजल िवशेषpक िवदेहक अंक १११ म अंक , १ अगत २०१२ Videha_01_08_2012 Videha_01_08_2012_Tirhuta 11 1 ८) भित गजल िवशेषpक १२६ म अंक , १५ माच २०१३ Videha_15_03_2013 Videha_15_03_2013_Tirhuta 126 ९) गजल आलोचना-समालोचना-समी7ा िवशेषpक १४२ म, अंक १५ नव~बर २०१३ Videha_15_11_2013 Videha_15_11_2013_Tirhuta 142 १० ) काशीकpत िम मधुप िवशेषpक १६९ म अंक १ जनवरी २०१५ Videha_01_01_2015 ११) अरिवद ठाकुर िवशेषpक १८९ म अंक १ नव~बर २०१५ Videha_01_11_2015
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१२) जगदीश च ठाकुर अिनल िवशेषpक १९१ म अंक १ िदस~बर २०१५ Videha_01_12_2015 १३ ) िवदेह स~मान िवशेषाक- २००म अक १५ अ/ैल २०१६ / २०५ म अक १ जुलाई २०१६ Videha_15_04_2016
Videha_01_07_2016
१४ ) मैिथली सी.डी./ अबम गीत संगीत िवशेषpक - २१७ म अंक ०१ जनवरी २०१७ Videha_01_01_2017 लेखकसं आमंि:त रचनापर आम ंि:त आलोचकक िटपणीक शृंखला १. कािमनीक पpच टा किवता आ ओइपर मधुकात झाक िटपणी VIDEHA 209th issue िवदेहक दू सए नौम अंक Videha_01_09_2016 जगदीश /साद मडल जीक ६५ टा पोथीक नव संकरण िवदेहक २३३ सँ २५० धिरक अंकमे धारावािहक /काशन नीच_क िलंकपर पढ़ू:- Videha_15_05_2018
Videha_01_05_2018
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िव दे ह www.videha.co.in िवदेहᮧथम मैिथलीपािᭃक ई पिᮢका www.videha.com
Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० ) मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA 90
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िवदेह ई -पि:काक बीछल रचनाक संग - मैिथलीक सवेB रचनाक एकटा समानातर संकलन िवदेह :सदेह :२ (मैिथली /बध -िनबध -समालोचना २००९ -१० ) िवदेह :सदेह :३ (मैिथली पn २००९ -१० ) िवदेह :सदेह :४ (मैिथली कथा २००९ -१० ) िवदेह मैिथली िवहिन कथा [ िवदेह सदेह ५ ] िवदेह मैिथली लघुकथा [ िवदेह सदेह ६ ] िवदेह मैिथली पn [ िवदेह सदेह ७ ] िवदेह मैिथली नाय उसव [ िवदेह सदेह ८ ] िवदेह मैिथली िशशु उसव [ िवदेह सदेह ९ ] िवदेह मैिथली / बध -िनबध -समालोचना [ िवदेह सदेह १० ] The readers of English translations of Maithili Novel "sahasrabadhani" and verse collection "sahasrabdik chaupar par " has intimated that the English translation has not been able to grasp the nuances of original Ma ithili. Therefore the Author has started translating his Maithili works in English himself . After these translations are complete these would be the official translations authorised by the Author of original work .-Editor Maithili Books can be downloaded fr om: https://sites.google.com/a/videha.com/videha -pothi/ Maithili Books can be purchased from: http://www.amazon.in/ For the first time Maithili book s can be read on kindle e -readers. Buy Maithili Books in Kindle format (courtesy Videha) from amazon kindle stores, these e
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Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal 'िवदेह ' २६० म अंक १५ अ टूबर २०१८ (वषᭅ ११ मास १३० अंक २६० ) मानुषीिमह सं᭭क ृ ताम्ISSN 2229 -547X VIDEHA 91
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िवदेह
मैिथली सािहय आदोलन (c)2004-18. सवcिधकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अि छ ततऽ संपादकाधीन। िवदेह- /थममैिथली पाि7क ई-पि:का ISSN 2229-547X VIDEH A स~पादक: गजे ठाकुर। सह-स~पादक: उमेश मंडल। सहायक स~पादक: राम िव लास साहु, नद िवलास राय, सदीप कुमार साफी आ मुाजी (मनोज कुमार कण)। स~पादक- नाटक-रंगमंच-चलिच:- बेचन ठाकुर। स~पादक- सूचना-स~पक-समाद- पूनम मंडल। स~पादक- अनुवाद िवभाग- िवनीत उपल।
रचनाकार अपन मौिलक आ अ/कािशत रचना (जकर मौिलकताक संपूण उiरदाियव लेखक गणक मय छिह) editorial.staff.videha@gmail.com कE मेल अटैचमेटक पमे .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉम¢टमे पठा सकै छिथ। रचनाक संग रचनाकार अपन संि7त पिरचयआ अपन कैन कएल गेल फोटो पठेता, से आशा करै छी। रचनाक अंतमे टाइप रहए, जे ई रचना मौिलक अिछ, आ पिहल /काशनक हेतु िवदेह (पाि7क) ई पि:काकE देल जा रहलअिछ। एतऽ /कािशत रचना सभक कॉपीराइट लेखक/सं£हकic लोकिनक लगमे रहतिह, मा: एकर /थम /काशनक/ ि/ंट-वेब आकcइवक/ आकcइवक अनुवादक आ आकcइवक ई-/काशन/ ि/ंट-/काशनक अिधकार ऐ ई-पि:काकE छै, आ से हािन-लाभ रिहत आधारपर छै आ तैँ ऐ लेल कोनो रॊयटीक/ पािरिमकक /ावधान नै छै। तE रॉयटीक/ पािरिमकक इ¥छुक िवदेहसँ नै जुड़िथ, से आ£ह। ऐ ई पि:काकE ीमित ल§मीठाकुर ¨ारा मासक ०१ आ १५ ितिथकE ई /कािशत कएल जाइत अिछ। (c) 2004-18 सवcिधकार सुरि7त। िवदेहमे /कािशत सभटा रच ना आ आकcइवक सवcिधकार रचनाकार आ सं£हकic लगमे छिह। ५ जुलाई २००४ कEhttp://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसिरक गाछ”- मैिथली जालवृiसँ /ार~भ इंटरनेटपर मैिथलीक /थम उपिथितक या:ा “’िवदेह’- /थम
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मैिथली पाि7क ई पि:का” धिर पहुँचल अिछ,जे http://www.videha.co.in/ पर ई /कािशत होइत अिछ। आब “भालसिरक गाछ”जालवृi 'िवदेह' ई-पि:काक /वताक संग मैिथली भाषाक जालवृiक ए£ीगेटरक पमे /युत भऽ रहल अिछ। िवदेह ई-पि:का ISSN 2229-547X VIDEHA िसिरतु