VIDEHA — Issue 306 / अंक ३०६

Publication: VIDEHA · Issue: 306
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विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन मानुषीमिह संस्कृताम् ISSN 2229-547X VIDEHA ISSN 2229-547X VIDEHA वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् 'विदेह' ३०६ म अंक १५ सितम्बर २०२० (वर्ष १३ मास १५३ अंक ३०६) 'विदेह' ३०६ म अंक १५ सितम्बर २०२० (वर्ष १३ मास १५३ अंक ३०६) ऐ अंकमे अछि:- १. गजेन्द्र ठाकुर- संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] २. गद्य २.१.रबीन्द्र नारायण मिश्र- धारावाहिक उपन्यास-लजकोटर (६ म खेप) २.२.ज्ञानवर्द्धन कंठ- ३ टा बीहनि कथा २. ३.आशीष अनचिन्हार- फेसबुकक दू टा फीचर आ दू टा भ्रम ३. पद्य ३.१.प्रियंवदा तारा झा- हम  गाम  छी ३.२.ज्ञानवर्द्धन कंठ- रहमत आजु उपासल,बिरजू पियासल हे... ३.३.आशुतोष-कोना कहू? भारत एक कृषि प्रधान देश अछि। Go to the link below for download of old issues of VIDEHA Maithili e magazine in .pdf format and Maithili Audio/ Video/ Books/ paintings/ photo files. विदेहक पुरान अंक आ ऑडियो/ वीडियो/ पोथी/ चित्रकला/ फोटो सभक फाइल सभ डाउनलोड करबाक हेतु नीचाँक लिंक पर जाउ। VIDEHA ARCHIVE विदेह आर्काइव Join Videha googlegroups १. गजेन्द्र ठाकुर ........................................................................................................................ संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] Videha e-Learning MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) UPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS BPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (ऐच्छिक) मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (अनिवार्य) मैथिली प्रश्नपत्र- बी.पी.एस.सी.(ऐच्छिक) मैथिलीक वर्तनी १ भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 ........................................................................................................................ MAITHILI (OPTIONAL) TOPIC 1    (Place of Maithili in Indo-European Language Family) TOPIC 2    (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) TOPIC 3    (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतए समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होएत, लेखनीमे प्रवाह आएत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भए सकत।) TOPIC 4                (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) TOPIC 5                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) TOPIC 6                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) TOPIC 7                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) TOPIC 8                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) TOPIC 9                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) TOPIC 10               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) TOPIC 11               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) TOPIC 12               (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) ........................................................................................................................ GENERAL STUDIES (PRELIMINARY & MAINS) GS (Pre) TOPIC 1 ........................................................................................................................ GS (Mains) ................................................................................................................................................ NCERT-ENVIRONMENT CLASS XI-XII NCERT PDF I-XII TN BOARD PDF I-XII BIHAR BOARD PDF I-XII ALL INDIA RADIO ENGLISH NEWS ALL INDIA RADIO NEWS ARCHIVE ALL INDIA RADIO TALKS AND CURRENT AFFAIRS RAJYA SABHA TV NEWS DISCUSSIONS ........................................................................................................................ OTHER OPTIONALS ........................................................................................................................ IGNOU eGYANKOSH ........................................................................................................................ ........................................................................................................................ (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर २. गद्य २.१.रबीन्द्र नारायण मिश्र- धारावाहिक उपन्यास-लजकोटर (६ म खेप) २.२.ज्ञानवर्द्धन कंठ- ३ टा बीहनि कथा २. ३.आशीष अनचिन्हार- फेसबुकक दू टा फीचर आ दू टा भ्रम रबीन्द्र नारायण मिश्र- धारावाहिक उपन्यास-लजकोटर लजकोटर (प्रवासीक जीवनपर आधारित) (६ म खेप) - -6- झलफल भए रहल छल ।मालती दिनभरि असगरेपिहुआकेँ लेने समय कटलक । मंदिरमे लोकक आवागमन बहुत कमे छलैक । ओही परिसरमे  एकटा कोनपर बनल ओकर कोठरीमे अन्हार पसरि रहल छलैक । बिजलीक लाइन कटल छलैक आ लाल्टेनमे तेल नहि रहैक । राति घनगर होइत गेल । मुदा किशुन लौटि नहि आएल । मालतीक धैर्य टुटि गेलैक । ओ हमरा फोन केलक । " हम मालती बजैत छी ।" "कोना छी?" "की कहू?" "की भेल?" "काल्हि नेनाक जन्म भेलैक ।सोचैत रही जे छटिहारमे बजाएब। मुदा..." "मुदा की...?" " ओ भोरे कतहु काज करए गेलखिन से एखन धरि नहि लौटलथि। घर अन्हार छैक । कतहु किओ नहि छैक । नेनासे कानि रहल अछि । किछु नहि फुरा रहल अछि?" "चिंता नहि करू । हम चोट्टे आबि रहल छी।" हम अखनेडेरा आएल रही । स्टोपपर चाह खौल रहल छल । ओकरा बंद कए ठामहि बिदा भेलहुँ । हमर डेरा बसस्टापसँ सटले छल । तुरंत बस भेटि गेल । ओहिठामसँ मंदिर पहुँचएमे आधाघंटा लागल । मंदिरलगक चौकपर चाह-पानक दोकानबला हमरा जनैत छल। ओकरासँ किशुनक हालचाल पुछलिऐक । " हुनकाभोरे किछुगोटेक संगे ट्रकपर चढ़ैत देखने रहिआनि । तकरबाद नहि देखलिअनि ।"-ओ बाजल ।हम धरफराएल आगू बढ़लहुँ । मंदिर लग पहुँचि भगवानके गोहरेलहुँ । मालती कोठरीमे एसगरि नान्हिटा टेल्हसंगे पड़ल छलि। रातिक साढ़ेदस बाजि रहल छल । घरअन्हारछल । मोबाइल फोनसँ इजोतकेलहुँ । हमरा देखिते ओकर जान-मे-जान आएल ।हम ओहि नेनाकेँ देखैत रहि गेलहुँ । अनमन मालतीसन लगैत छल । मोबाइल फोनसँ इजोत कतेक कालधरि केने रहितहुँ? रहि-रहि कए ओ कोठरी अन्हार गुप्प भए जाइत छल ।रातिभरि हम खोठरीक बाहर पटिआपर बैसल रहि गेलहुँ । मालती हमरा ओना बैसल देखि कै बेर टोकथि मुदा कोनो आओर उपाय नहि छल । भोरे हमरा काजपर जेबाक रहए। मालतीक खेबाक हेतु किछु ओरिआन कए हम काजपर चलि गेलहुँ । साँझमे फेर मालतीक फोन आएल - " हुनकर तँ किछु पता नहि चलि रहि अछि?ने अएला,ने कोनो खबरि केलाह ।एसगरि  हमरा बहुत डर लागि रहल अछि ।" "अच्छा हम अबैत छी ।"-से कहि हम फोन राखि देलिऐक आ बस पकड़ि मंदिर दिस बिदा भेलहुँ । एहिबेर चाहबलाकेँ हम की पुछबैक, ओएह पुछलक- " की बात छैक?" "हौ की कहिअह?किशुन काल्हि गेलासे अखन धरि नहि घुरलाह ने कोनो खबरि केलाह अछि।" "हमरा ओ आदमीसभ नीक नहि बुझाए । हम हुनका किछु कहए चाहने रहिअनि मुदा से मौका नहि भेटल ।" "आब की करी? ओकर परिवार असगरे छैक । नान्हिटा टेल्ह सेहो भेलैक अछि । घर सुन्न छैक।" बड़ चिंताक गप्प अछि ,मुदा कएल की जाए ?" "पुलिसमे कहिऐक की?" "एक-दू दिन ठहरि जाउ । की पता कोनो काजमे बाझि गेल होथि?" "मुदा फोन तँ कए सकैत छलए?" “बात तँ सही कहि रहल छी ।" चाहबलासँ किछु बिस्कुट,मोमबत्ती ,चाहक पत्ती कीनलहुँ आ मंदिर दिस पहुँचलहुँ तँ देखैत छी जे मालती  कोठरीक आगूमे ठाढ़ि छथि । मोन-मोन भगवानकेँ गोहरबैतमालती लग पहुँचलहुँ। हमरा देखितहिकहए लगलीह - " हम आब एहिठाम नहि रहि सकैत छी। किशुनक किछु समाचार नहि भेटि रहल अछि।दिनभरि एसगरे नेनाकेँ धरु कि हुनकर चिंता करू किछु नहि बुझा रहल अछि?" " अगुताउ नहि । हम आइ विजयसँ भेंट करबाक प्रयास करब ।किछु तँ बात हेतैक नहि तँ ओ एना किएक चंपत भए जाइत?" " जे होइक मुदा हमरा आब एहिठाम एसगर एहि नेनासंगे रहब मोसकिल बुझा रहल अछि ।" हम गुम्म पड़ि गेलहुँ । साँझमे कारखानासँ निकलि कए हम सोझे विजय लग गेलहुँ। हमरा देखितहि ओ कहए लागल- "हमअहींकेँ फोन लगबैत रही। किशुन तँ पकड़ा गेल?" " की भेलैक?" काल्हि रातिमे कनाटप्लेसमे गहनाक दोकानमे डकैती भेलैक । संयोग एहन भेलैक जे  पुलिस डकैतसभकेँ रेलवेटीसनपर ट्रेनमेचढ़ैत काल पकड़ि लेलकैक ।" “मुदा किशुन कोना फँसि गेल । ओ तँ एना नहि लगैत छल?" “की पता? ककर बुद्धि कखन केहन भए जाएत तकर कोन ठेकान?" अखन ओ अछि कतए? -हम पुछलिऐक । विजय हाजति दिस इसारा केलक । पुलिस हाजतिमे पाँच गोटे बंद छल । सभ सँ पाछा कोनमे किशुन पड़ल छल । लगैत छल जेना सभगोटेकेँ बढ़िआँसँ मरम्मति भेलैक । सभके पुलिसक मारिसँ दोदरा फूटल छल । हमरा देखितहि किशुन हिचुकि-हिचुकि कए कानए लागल ।किशुन अपन पीठ देखाबए लागल। विजय कहलथि –“ दुखक बात जे ई सभ अपने ओहिठामक छथि। मानलहुँ जे परेसानीमे रहल हेताह मुदा तकर माने तँ ई नहि जे डकैतीसन कुकर्म करी ।" “आब की हेतैक?"-हम कहलिऐक । विजय तमसाएल छल । चुप्पे रहि गेल । असलमे पुलिसकेँ ओकरासभ केँ पछोड़ करबामे बेस मेहनति भेल रहैक । ऊपर सँ अधिकारीसभ फोन-पर-फोन करैत छल । आखिर ओ सभ पकड़ल गेल ।हम बुझि गेलहुँ जे विजयसँ अखन गप्प करबाक उचित समय नहि अछि । लाख ओ अपना ओहिठामक लोक अछि मुदा अछि तँ पुलिसे। असलमे हमरा मोनमे बेर-बेर ई होअए जे किशुन एहन लोक नहि अछि आ जरूर कोनो षड़यंत्रसँ ओकरा फँसा देल गेल अछि । डकैतीक गंभीर आरोपमे किशुनकेँ फँसि गेलाक बाद कतेकोदिन हम थाना,कोट कचहरीक चक्कर लगबैत रहलहुँ । मुदा ओकरापर ततेक गंभीर धारासभ लागल छल जे जज जमानत देबाक हेतु तैयार नहि भेलैक। हमरा पास जेकिछु टाका छल से खर्च भए गेल । एहिमास गामो मनीआर्डर नहि कए सकलिऐक । माएक तगादा आबि चुकल छल । ओमहर मालतीक हालत बेहालत छलैक । नान्हिटा टेल्हसंगे महानगरमे बिना कोनो सहाराकेँ ओ कतेक दिन रहि सकैत छलि मुदा जाइत कतए । सासुरमे झगड़ा कए आबि गेल छलि। घरबला जहल पहुँचि गेल रहैक । काज कोनो रहैक नहि । तखन ... थानासँ हम अपन काज पर चलि गेलहुँ ।साँझमे जखन मंदिरपर पहुँचलहुँ तँ मोन आशंकासँ भरि गेल। आगा बढ़लहुँ । खोठरी भम्म पड़ैत छल । किओ कतहु नहि । कतए गेल ई सभ। किछु कहबो नहि केलक । आपस गेटपर चाहबला लग अएलहुँ । ओ हमरा देखिते कहए लागल-" किछु पता लागल? "की?" "किशुन तँ डकैतीमे पकड़ल गेल आ जहलमे बंद अछि।" "आ ओकर परिवार?" " ओकरासभकेँ पुलिस दूपहरिआमे ट्रकपर चढ़ाकए लए गेलैक?" "कतए?" "किछु पता नहि? मुदा थानेदार ओकरासभकेँ देखि कए बेर-बेर मोंछ फेरिरहल छलैक।" हम चोट्टे थाना पहुँचलहुँ । हमरा देखितहि विजय हँसि पड़लाह । हम कहलिअनि॒- " किशुनक घरबाली मालतीकेँ पुलिस घरसँ उठा अनलकै ।" " से अहाँ कोना बुझैत छी?खामखा अपन जान संकटमे किएक दए रहल छी ? ई महानगरी छैक ।अपन काजसँ मतलब राखू।" " सेकी?" "बेसी बुधिआरी महग पड़ि सकैत अछि?" "हम की केलहुँ?" "तैँ ने कहि रहल छी जे अपन काजसँ मतलब राखू । सीआइडी रिपोर्टमे अहूँक नाम आबि रहलअछि ।" हमरा तँ लागल जेना माथपर नब्बेमोन पानि पड़ि गेल हो । विजयकेँ कहलिऐक-"हम तँ मानवतावश ओकरासभक मदति कए रहल छी ।" "मुदा जखन फँसब तँ किओ काज नहि देत ।" हम विजयक बात सुनैत रहि गेलहुँ ।हमरा चुप देखि ओ कहलक-"अपन लोक छी,नीक बुझाइत छी,तैँ कहि देलहुँ ,नहि तँ हमरा कोन मतलब । हम तँ सरकारी आदमी छी,अपन काज करब की लोकक निबेरा करैत रहब ।" विजयक बात सुनि माथपर हाथ दए थानासँ बिदा भए गेलहुँ । ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ज्ञानवर्द्धन कंठ- ३ टा बीहनि कथा १ हॉर्लिक्स ---------------------------------------- दूनू भाय-बहिन पढ़ै लेल बैसल रहय।दाइ पुछलथिन - "तोरा सभक लेल हॉर्लिक्स बना दियौक?"बहिन कहलकैक- "बौआ केँ द' दहीक।हमरा समय लागत।एखन चारि पन्ना लिखबाक अछि।" दाइ चाहक लेल एक कप दूध राखि शेष मे हॉर्लिक्स घोरि पोता केँ द' एलथिन।ओ पढ़ितो रहय आ पिबितो रहय।कनी कालक बाद बहिन केँ लीखल भ' गेलैक।बाजलि-"दाइ! हमरो हॉर्लिक्स द' दे!" एके कप दूध बाँचल रहैक।दाइ पुछलथिन- "पानि मे बना दियौक आकि दूध मे?" पोती कहलकैक- "दे ने।जथी मे मोन छौ,तथी मे!" हॉर्लिक्स पिबैत बहिनक ध्यान भायक गिलास पर गेलैक।बाजलि- "बौआ, तोरा दाइ बेसी मानैत छथुन।तोरा दूधबला आ हमरा पानिबला हॉर्लिक्स!"दाइ सुनि लेलथिन।आँखि सँ नोर बहय लगलनि।पोता लग मे आबि कहलकनि-"दाइ, हम जनैत छियौक जे दूध कम रहौक,तेँ...।तोरा मोन मे कोनो बात नहि, मुदा आगाँ सँ ध्यान रखिहें।दीदी दोसर घर चलि जेतौक।ओकरा बेसी मान-दान हेबाक चाही।" दाइ हिचुकय लगलीह। २ मेंटल ---------------------------------------- भूलेकाका निछच्छ बहीर छथि।केकरो किछु सुनै छथिन?अपने धुन मे अर्र-दर्र बजैत रहै छथिन।लोक कहै छैक जे भूलेकाका बड्ड बिसरभोर सेहो भ' गेलाह अछि।लोक केँ नहि चीन्है छथिन।अवस्था गुने प्रतिविशेष भ' गेलनि अछि।साफ 'मेंटल' छथि,'मेंटल'। ठीके।ओहिदिन हुनकर अँगना कोनो काज सँ गेल रही।कोठली सँ भूलेकाकाक स्वर आबि रहल छलनि।अकानैत देखि प्रशांत बाजल-"बाबूजी छथि।एहिना चिकरा-भोकरी करैत रहैत छथि।कोनो चीजक अख्यास नहि रहैत छनि।नूएँ-बस्तर घिना दैत छथिन।" गेलहुँ।गोर लगलियनि।नहि चिन्हलाह।हमर बाबूजीक नाम सँ हमरा संबोधित करैत कहलाह-"के छियह?बच्चन हौ?देखह ने,छौड़ा सभ ओंगरी भोंकि मेंटल फोड़ि-फाड़ि दै जाय छह।तखन राति पेट्रोमैक्स कोना जरतह?कतबो मटिया तेल भरने रहबह आ पोकर सँ खोद-बीद करबह, आगि त' धरेबह मेंटले मे?वैह अपने जरि सौंसे इजोत करतह?आकि नहि?बाजह।मेंटले फोड़ि-फाड़ि देबहक,त' इजोत हेतह?जाबत मेंटल छह, ताबते पेट्रोमैक्स इजोत करतह।तेँ कहै छियह,धीया -पूता केँ बुझाबह।नहि त' सभटा मेंटल फाड़ि क' अन्हार क' देतह।अन्हार घर साँपे-साँप!" भूलेकाका सँ भेँट क' क' अपन आँगन एना बड़ी काल भ' गेल,मुदा 'मेंटल' कतहु मोन मे हड़बिर्रो मचेने अछि। ३ बुढ़िया दाइ ---------------------------------------- बुढ़िया दाइक अपन भाषा छनि।भाव सँ भरल।अपन गढ़ल शब्द छनि।जखनि बजैत छथि, लोकक ठोर पर मुसकी आनि दैत छथिन।जेना; -"रौ चेंगरा सभ! अजगज्जर(अजगर) जकाँ सूतल रहबें कि उठबें आबो?बाबन बजे निन्न खुगतौ?" -"रौ बज्रेश(ब्रजेश)!तोरा बुधि नहि हेतौक कहियो!" -"के छियैक?बेलभद्दरक(बलभद्र) बेटी?" -"यौ किशुनमा!अहूँ बड्ड बेकूफ छी यौ?" -"रौ किरकिट देखै जाइ छें?वैह देतौ खाय लेल?" आदि-आदि। एक दिन भगवान केँ पूजा करैकाल जोर सँ बाजलि बुढ़िया दाइ- "यौ भगमान!हमर पोता केँ एहि बेर 'आइ टी आइ' पास करा दियौक!" पोता लगे मे ठाढ़ रहैक।कहलकैक-"गै बुढ़िया,सभटा नाश करेमे तों?'आइ आइ टी' के 'आइ टी आइ' कहि देलकै बुढ़िया नहितन!" दाइ कहलथिन- "भगमान हमर बात अपने पकड़ि लेथिन।हम हुनकर सभटा गलती- सलती माफ क' देने छियनि!" ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। आशीष अनचिन्हार फेसबुकक दू टा फीचर आ दू टा भ्रम

मैथिलीमे बहुत रास भ्रम छै आ ताहूमे लगभग  99% भ्रम व्यक्तिगत भ्रम छै। मुदा मैथिल बहुत चालाक होइत छथि आ ओ अपन व्यक्तिगत भ्रमकेँ सार्वजनिक भ्रम बना देबाक कला जानै छथि। मैथिलीमे सोशल मीडिया तँ एकै मुदा ओकरासँ संबंधित भ्रम सेहो एलै आ लोक ओकरा अपन व्यक्तिगत भ्रम बना पसारहो लगलै। आइ अइ ठाम हम फेसबुकसँ संबंधित दू टा भ्रमपर विचार राखब-- 1) People You May Know--- मैथिल ई भ्रम पोसने रहै छै जे लोक हमर प्रोफाइल नुका कऽ देखैए तँइ हमरा 'People You May Know' मे लोक सभ देखाइए। किछु लोकक ईहो विचार छनि जे जँ हम केकरो प्रोफाइल नुका कऽ देखबै तँ हमरो ई देखाएत। हमरा समझिसँ ई पूर्णतः भ्रम छै। भ्रमसँ बेसी आत्ममुग्धता कहल जेतै। ओना ई भ्रम आनो समाजमे छै आ गूगलपर एकर समर्थनमे सेहो लेख भेटि जाएत मुदा फेसबुकक हिसाबसँ देखल जाए तँ ओहन लोक जे कि अहाँक कोनो मित्रक लिस्टमे छथि तकरा फेसबुक 'People You May Know' मे देखाबै छै तेनाहिते जँ कियो ग्रुपमे छथि तँ ओहि ग्रुपक सभ सदस्यकेँ एक-दोसर 'People You May Know' बला खंडमे समय-समयपर देखाइ पड़तनि। फेसबुक स्थान, शिक्षण संस्थान, रुचि, कार्य आदिक आधारपर सेहो 'People You May Know' मे दै छै। सभसँ बेसी मजा केर बात ई जे 2014 मे फेसबुक ह्वाट्सएपकेँ कीनि लेलकै। आब ह्वाट्सएप कोना काज करै छै से देखियौ। जखन कियो ह्वाट्सएप शुरू करै छै तखन ह्वाट्सएप प्रयोगकर्तासँ पूछै छै जे कि ह्वाट्सएप अहाँक फोटो, कान्टेक्ट, कैमरा आदिक प्रयोग कऽ सकैए आ समान्यतः हम सभ ओकरा एलाउ कऽ दैत छियै। असल खेला एहू ठाम छै। मानू जे अहाँक कान्टेक्ट लिस्टमे एहनो आदमी छथि जे कि अहाँ संग फेसबुकपर नै छथि मुदा फेसबुक ओहि आदमीकेँ 'People You May Know' बला लिस्टमे देखेतै। एहिठाम ई धेआन राखए बला बात ई जे स्थान, शिक्षण संस्थान, रुचि, कार्य आदिक आधारपर फेसबुक लोकक सजेशन दै छै से कियो भऽ सकैए जँ इच्छा अछि तँ जूड़ू अन्यथा ओकरा रीमूभ कऽ दियौ। जुड़बै कोना जखन कि अहाँ ओकर प्रोफाइल चेक करबै आ जँ मनोनुकूल हएत। जँ मनोनुकूल नै भेल तँ अहाँ अपना घर आ लिस्ट बला तँ अपना घरमे अछिए। मुदा ई साक्षात भ्रमे छै जे 'People You May Know' बला लिस्टमे वएह आदमी आएत जे कि अहाँक प्रोफाइल चेक करत। 2) २) प्रोफाइल रीचमे कमी-- प्रोफाइल रीच केर मतलब भेल जे अहाँक पोस्ट कतेक लोक धरि पहुँचै छै मुदा जँ पोस्टपर कोनो लाइक-कमेंट नै कएल जाए तँ पोस्टकर्ता ई नै बूझि पाबै छथि जे कतेक लोक पोस्ट देखलाह (स्टोरी एवं कोनो प्राइभेट ग्रुपमे के-के देखलाह से आबि जाइत छै, भीडियोमे कतेक लोक देखलाह से आबि जाइत छै) तँइ साधारणतः लोक लाइक-कमेंटमे कमीकेँ "प्रोफाइल रीचमे कमी" मानि लै छथि। समान्यतः फेसबुक शुरूआतमे कोनो आदमीक लिस्टक अधिकाशं लोकक पोस्टकेँ देखाबैत छलै। लोक स्क्रोल करैत छल आ ओकर लिस्टक पोस्ट देखाइत छलै तेनाहिते दोसरो आदमीकेँ हमर वा अहाँक पोस्ट देखाइत छल हेतै। मुदा बादमे फेसबुक लोकक रुचि एंव ओ अपने कतेक दोसर लोकक पोस्टपर जाइत छै ताही अनुरूप रीच दै छै। ई बदलाव लगभग 2015 केर बाद भेलै आ ताहि समयमे वा एखनो भाजपाक सरकार छै। तँइ संभवतः लोककेँ 'प्रोफाइल रीचमे कमी' केर समस्या तकनीकी नै राजनैतिक लागए लगलै। मुदा ई रीच केर समस्या भारतेमे नै आनो देशमे भेलै। ओना सभ सरकार अपना समयमे मीडियाकेँ दबा दै छै तँइ वर्तमान भाजपा सरकार सेहो केने हेतै मुदा जे बदलाव फेसबुक अपने कए रहल छै ताहि लेल राहुल-मोदी-अमित-सोनियाकेँ जिम्मेदार नै ठहराएल जा सकैए। मैथिलीमे ई समस्या ओहने लोक सभ लग छनि जिनका अपन ज्ञानक दाबी छनि आ ओ अपन हरेक पोस्टक अपन लिस्टक हरेक लोकक लाइक-कमेंट चाहै छथि मुदा ओ अपने कहियो गलतियोसँ आन लोकक पोस्टपर नै जाइ छथि। जँ हम लिस्टमे 1000 लोक छथि आ हम सभ लोकक पोस्टपर जइए (भने लाइक-कमेंट करियै कि नै करियै) तँ हमरो पोस्ट ओहि सभ लोक लग पहुँचबे टा करतै। जँ हम हजारमेसँ 200 लोकक पोस्टपर जेबै तँ हमरो पोस्ट ओही 200 लोक लग पहुँचतै आ 800  लग दस-बीस दिनमे एकटा। फेसबुकक ई वर्तमान स्वरूप बेसी व्यावहारिक छै (लोक एकरा राजनैतिक बना देलकै से बात अलग)। तँइ सी फर्स्ट आप्शन रहितो लोक ओहन पोस्टकेँ नै देखि पाबै छै। बहुत लोक अपन लिस्टमे मित्र तँ राखै छथि मुदा ओ मित्र सभ हुनका अनफालो केने रहै छनि। एहनो स्थितिमे पोस्टक रीच कम हेतै। एहिठाम लोक पेड रीच लऽ कऽ सेहो भ्रममे छथि। पेड रीच प्रोडक्ट लेल छै प्रोफाइल लेल नै मुदा बहुत लोक अपनाकेँ प्रोडक्ट बना पेड रीच केर सुविधा लऽ लै छथि। आन लोककेँ बुझाइ छनि जे हुनकर रीच बेसी आ हमर कम अछि। हरेक राजनीतिक दल केर पेज पेड रीच छै ताहूमे जे बेसी दाम देने छै ताहि पेजक रीच बहुत हेतै आ ओकर पोस्ट फेसबुक लेल महत्वपूर्ण हेतै। बहुत संभव जे भाजपा केने हो मुदा सोचियौ जँ कांग्रेसक सरकार बनतै तँ कि ओ ई सुविधा छोड़ि देतै? सोझ बात बुझियौ जे आब प्रोफाइल रीच एहि बातपर निर्भर करैत छै जे अहाँ आन कतेक लोकक पोस्टपर गेलियै एवं आन कतेक लोक अहाँक पोस्टपर आएल। दूनूमेसँ जँ कोनो एकटा शर्त पूरा हेतै तखने रीच बनल रहतै।  

ओना उपरक दूनू तथ्य सर्वज्ञात छै मुदा तकर बादो भ्रम पसरल छै। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ३. पद्य ३.१.प्रियंवदा तारा झा- हम गाम छी ३.२.ज्ञानवर्द्धन कंठ- रहमत आजु उपासल,बिरजू पियासल हे... ३.३.आशुतोष-कोना कहू? भारत एक कृषि प्रधान देश अछि। प्रियंवदा तारा झा हम गाम छी हम गाम छी ,सभ्यताक पहिल वास अति गौरवमय अछि हमर इतिहास हम शास्त्रार्थक चर्चित भूमि मंडन ,वाचस्पतिकेर ई धराधाम।। शस्य-श्यामल क्षेत्र हमर सरिता सिंचित भूमि हमर विकासक असीम संभावना सऽ ओत-प्रोत मानव संसाधन केर हम अमल स्त्रोत।। कला , साहित्यक हम छलहुं धनी हास-परिहास सऽ सदति गुंजित अवनि मधुर-भाखा ,संस्कारक मधुरावलि स्नेह,सौजन्यक रमनगर संगम-स्थली।। मुदा नहि जानि ई की भेल ? ककर नजरि लागि गेल सुन्न भेल जाइत अछि दलान कतय हेरायल सौहार्दक अनुदान ? धिया-पुता सब होइत छथि हरान शिक्षा, रोजगार हेतु भटकैत छथि देश-विदेश नहिं पबै छथि समयानुकूल समावेश लखियो मायक नोर पड़ाइ छथि परदेश‌।। हम विकासक डेगमे छी पाछू पड़ल बाढि ,रौदी,उद्योगक कमी सऽ पस्त स्वास्थ्य सुविधा केर घोर अभाव की की कहू ,भेल छी लाचार।। रहि गेलहुं गौरवमय अतीत क अवशेष मात्र अछि सिहन्ता पबितहुं विकासक आयाम रोकि रखितहुं अप्पन संततिकेँ निजकोर पुनि पबितहुं गत-गौरव ,स्वावलंबन ओ सम्मान।। हम गाम छी ,आशमे बैसल दुर्दशा‌ सऽ विकल उपेक्षा सऽ व्यथित हम गाम छी ,आशमे बैसल।। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ज्ञानवर्द्धन कंठ रहमत आजु उपासल,बिरजू पियासल हे....... -------------------------------------------------- रहमत आजु उपासल, बिरजू पियासल हे, धनी हे, दिय' चारि रोटी निकालि, खोआकय खायब हे। गाम थिक एक परिवार,केकर मुँह ताकब हे, धनी हे,हिलि-मिलि रहि देब संग,सभक दुख बाँटब हे। चलतइ चाक चकाचक,बासन बनायब हे, धनी हे,बेचि धनिक घर आयब,नीक-नीक खायब हे। कण-कण जोड़ि जुटायब,महल बनायब हे, धनी हे, रानी बनाकय राखब,नथिया गढ़ायब हे। लछमी अपन सुलच्छिन, नीक घर बियाहब हे, धनी हे, शुभ दिन शुभ शुभ आओत,मंगल गायब हे। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। आशुतोष कोना कहू? भारत एक कृषि प्रधान देश अछि। राजू क गाल पर तीन थप्पड़ लगवैत गुरू जी बजलाह उल्लू पाजी गदहा डूवि मर लाज नञि होइत छौक छोट छिन बात भारत एक कृषि प्रधान देश अछि याद नञि रहैत छौक हिचकैत राजू बाजल लाजे त होइत अछि अहि बात क क्लेश अछि तीन सॉझ क भूखल छी कोना कहू? भारत एक कृषि प्रधान देश अछि। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। गजेन्द्र ठाकुर ........................................................................................................................ संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] Videha e-Learning MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) UPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS BPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (ऐच्छिक) मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (अनिवार्य) मैथिली प्रश्नपत्र- बी.पी.एस.सी.(ऐच्छिक) मैथिलीक वर्तनी १ भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 ........................................................................................................................ MAITHILI (OPTIONAL) TOPIC 1    (Place of Maithili in Indo-European Language Family) TOPIC 2    (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) TOPIC 3    (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतए समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होएत, लेखनीमे प्रवाह आएत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भए सकत।) TOPIC 4                (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) TOPIC 5                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) TOPIC 6                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) TOPIC 7                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) TOPIC 8                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) TOPIC 9                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) TOPIC 10               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) TOPIC 11               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) TOPIC 12               (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) ........................................................................................................................ GENERAL STUDIES (PRELIMINARY & MAINS) GS (Pre) TOPIC 1 ........................................................................................................................ GS (Mains) ................................................................................................................................................ NCERT-ENVIRONMENT CLASS XI-XII NCERT PDF I-XII TN BOARD PDF I-XII BIHAR BOARD PDF I-XII ALL INDIA RADIO ENGLISH NEWS ALL INDIA RADIO NEWS ARCHIVE ALL INDIA RADIO TALKS AND CURRENT AFFAIRS RAJYA SABHA TV NEWS DISCUSSIONS ........................................................................................................................ OTHER OPTIONALS ........................................................................................................................ IGNOU eGYANKOSH ........................................................................................................................ ........................................................................................................................ संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] Videha e-Learning पेटार (रिसोर्स सेन्टर) शब्द-व्याकरण-इतिहास मैथिली शब्द संचय MAITHILI DICTIONARY- RAMDEO JHA (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) MAITHILI IDIOMS & PHRASES मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश- रमाकान्त मिश्र मिहिर (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) डॉ. ललिता झा- मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) ENGLISH MAITHILI COMPUTER DICTIONARY MAITHILI ENGLISH DICTIONARY- GOVINDA JHA (IGNCA SITE) अणिमा सिंह -Shishu_Geet_Khel_Anima_Singh डॉ. रमण झा मैथिली काव्यमे अलङ्कार    अलङ्कार-भास्कर आनन्द मिश्र (सौजन्य श्री रमानन्द झा "रमण")- मिथिला भाषाक सुबोध व्याकरण BHOLALAL DAS मैथिली सुबोध व्याकरण- भोला लाल दास राधाकृष्ण चौधरी- A Survey of Maithili Literature ........................................................................................................................ मूलपाठ Surendra Jha Suman दत्त-वती (मूल)- श्री सुरेन्द्र झा सुमन (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) CIIL SITE ........................................................................................................................ समीक्षा सुभाष चन्द्र यादव-राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ शिव कुमार झा "टिल्लू" अंशु-समालोचना RAMDEO JHA रामदेव झा- सव्यसाची (अभिनन्दन ग्रन्थ) RAMDEO JHA मैथिली लोकसाहित्य: स्वरूप ओ सौन्दर्य- डॊ. रामदेव झा RAMDEO JHA दत्त-वतीक वस्तु कौशल- डॊ. श्रीरामदेवझा RAMDEO JHA उमापतिक "मैथिलेश"क अप्रमाणिकता- डॊ रामदेव झा RAMDEO JHA उमापति- डॊ रामदेव झा RAMDEO JHA मायानन्द मिश्र- डॊ रामदेव झा SHAILENDRA MOHAN JHA परिचय निचय- डॊ शैलेन्द्र मोहन झा CHANDRANATH MISHRA AMAR चन्द्रनाथ मिश्र अमर- समीक्षा डॉ बचेश्वर झा- B_JHA_Nibhand_Nikunj.pdf डॉ. देवशंकर नवीन- Adhunik_Sahityak_Paridrishya डॉ. रमण झा- भिन्न-अभिन्न प्रेमशंकर सिंह- मैथिली भाषा साहित्य:बीसम शताब्दी (आलोचना) डॉ. रमानन्द झा 'रमण' हिआओल अखियासल     CIIL SITE VIDYAPATI- BY RAMANATH JHA VIDYAPATI-BY RAMANATH JHA (SAHITYA AKADEMI SITE) सीताराम झा- लेखक भीमनाथ झा सीताराम झा- लेखक भीमनाथ झा (SAHITYA AKADEMI SITE) जगत्प्रकाशमल्ल- लेखक रामदेव झा जत्प्रकाशमल्ल- लेखक रामदेव झा (SAHITYA AKADEMI SITE) दुर्गानन्द मण्डल-चक्षु ........................................................................................................................ अतिरिक्त पाठ पहिने मिथिला मैथिलीक सामान्य जानकारी लेल एहि पोथी सभकेँ पढ़ू:- राधाकृष्ण चौधरी- मिथिलाक इतिहास THE POLITICAL AND CULTURALHERITAGE OF MITHILA फेर मनलग्गू फाइल सभकेँ सेहो पढ़ू:- केदारनाथ चौधरी चमेलीरानी   माहुर   करार   अबारा नहितन कुमार पवन पइठ (मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ कथा) (साभार अंतिका)  डायरीक खाली पन्ना (साभार अंतिका) याेगेन्द्र पाठक वियाेगी- विज्ञानक बतकही रामलोचन ठाकुर- मैथिली लोककथा SAHITYA AKADEMI http://sahitya-akademi.gov.in/publications/e-books.jsp http://sahitya-akademi.gov.in/general/Digitalbooks.jsp CIIL http://corpora.ciil.org/maisam.htm अखियासल (रमानन्द झा रमण) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI1.pdf जुआयल कनकनी- महेन्द्र http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI2.pdf प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI3.pdf सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI4.pdf मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI5.pdf JNU http://sanskrit.jnu.ac.in/maithili/index.jsp http://sanskrit.jnu.ac.in/student_projects/lexicon.jsp?lexicon=maithili BIHAR STATE TEXTBOOK PUBLISHING CORPORATION LIMITED- MAITHILI BOOKS CLASS-1 http://bstbpc.gov.in/class1secdtl.aspx CLASS-2 http://bstbpc.gov.in/class2secdtl.aspx CLASS-3 http://bstbpc.gov.in/class3secdtl.aspx CLASS-4 http://bstbpc.gov.in/class4secdtl.aspx http://www.educationbihar.gov.in/textbook/270814%20031206.pdf CLASS-5 http://bstbpc.gov.in/class5secdtl.aspx CLASS-6 http://bstbpc.gov.in/class6kachnar.aspx CLASS-7 http://bstbpc.gov.in/class7.aspx CLASS-8 http://bstbpc.gov.in/class8.aspx CLASS-9-1 http://bstbpc.gov.in/class9MthlakDharohar.aspx# http://bstbpc.gov.in/class9MthlakDharohar.aspx CLASS-9-2 http://bstbpc.gov.in/class9Duryashat.aspx# http://bstbpc.gov.in/class9Duryashat.aspx CLASS-10-1 http://bstbpc.gov.in/classXmithilaBhibhuti.aspx CLASS-10-2 http://bstbpc.gov.in/classXAripan.aspx# http://bstbpc.gov.in/classXAripan.aspx CLASS-10-3 http://bstbpc.gov.in/class10.aspx CLASS-10-4 http://bstbpc.gov.in/Class10-nw-Prawesika-gad-pad.aspx ARCHIVE.ORG https://archive.org/details/%40vijay_deo_jha?&sort=-publicdate&page=2 VIDEHA MAITHILI BOOKS/ PICTURE-AUDIO-VIDEO ARCHIVE http://videha.co.in/new_page_15.htm https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ ALL INDIA RADIO DOORDARSHAN आकाशवाणी दूरदर्शन http://prasarbharati.gov.in/ http://newsonair.com/ https://doordarshan.gov.in/ आकाशवाणी मैथिली पोडकास्ट http://prasarbharati.gov.in/podcast.php?filterlang=Maithili&from=1947-08-15&fromwp=2020-08-29&to=2050-12-31&search=GO आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-1 http://newsonair.com/RNU-NSD-Audio-Archive-Search.aspx आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-2 http://newsonair.com/Regional-Text.aspx आकाशवाणी दरभंगा http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=282 आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल https://www.youtube.com/channel/UCGdNveEFmv4pPolWiTEMxVA आकाशवाणी भागलपुर http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=359 आकाशवाणी पूर्णियाँ http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=256 आकाशवाणी पटना http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=122 IGNCA MAITHILI ENGLISH DICTIONARY- GOVINDA JHA (IGNCA SITE) http://ignca.nic.in/coilnet/mithila.htm http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/mithila.htm ........................................................................................................................ VIDEHA e-LEARNING YOUTUBE CHANNEL https://www.youtube.com/channel/UC4abVKqMj2pDWIAkXiOHp7A (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर विदेहक किछु विशेषांक:- १) हाइकू विशेषांक १२ म अंक, १५ जून २००८ Videha_15_06_2008.pdf          Videha_15_06_2008_Tirhuta.pdf       12.pdf २) गजल विशेषांक २१ म अंक,  १ नवम्बर २००८ Videha_01_11_2008.pdf       Videha_01_11_2008_Tirhuta.pdf         21.pdf ३) विहनि कथा विशेषांक ६७ म अंक, १ अक्टूबर २०१० Videha_01_10_2010        Videha_01_10_2010_Tirhuta             67 ४) बाल साहित्य विशेषांक ७० म अंक, १५ नवम्बर २०१० Videha_15_11_2010        Videha_15_11_2010_Tirhuta             70 ५) नाटक विशेषांक ७२ म अंक १५ दिसम्बर२०१० Videha_15_12_2010        Videha_15_12_2010_Tirhuta           72 ६) नारी विशेषांक ७७म अंक ०१ मार्च २०११ Videha_01_03_2011        Videha_01_03_2011_Tirhuta           77 ७) अनुवाद विशेषांक (गद्य-पद्य भारती) ९७म अंक Videha_01_01_2012 Videha_01_01_2012_Tirhuta           97 ८) बाल गजल विशेषांक विदेहक अंक १११ म अंक, १ अगस्त २०१२ Videha_01_08_2012        Videha_01_08_2012_Tirhuta           111 ९) भक्ति गजल विशेषांक १२६ म अंक, १५ मार्च २०१३ Videha_15_03_2013        Videha_15_03_2013_Tirhuta           126 १०) गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक १४२ म, अंक १५ नवम्बर २०१३ Videha_15_11_2013        Videha_15_11_2013_Tirhuta           142 ११) काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक १६९ म अंक १ जनवरी २०१५ Videha_01_01_2015 १२) अरविन्द ठाकुर विशेषांक १८९ म अंक १ नवम्बर २०१५ Videha_01_11_2015 १३) जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक १९१ म अंक १ दिसम्बर २०१५ Videha_01_12_2015 १४) विदेह सम्मान विशेषा‍क- २००म अ‍क १५ अप्रैल २०१६/ २०५ म अ‍क १ जुलाई २०१६ Videha_15_04_2016 Videha_01_07_2016 १५) मैथिली सी.डी./ अल्बम गीत संगीत विशेषांक- २१७ म अंक ०१ जनवरी २०१७ Videha_01_01_2017 लेखकसं आमंत्रित रचनापर आम‍ंत्रित आलोचकक टिप्पणीक शृंखला १. कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी VIDEHA 209th issue विदेहक दू सए नौम अंक Videha_01_09_2016 जगदीश प्रसाद मण्डल जीक ६५ टा पोथीक नव संस्करण विदेहक २३३ सँ २५० धरिक अंकमे धारावाहिक प्रकाशन  नीचाँक लिंकपर पढ़ू:- Videha_15_05_2018 Videha_01_05_2018 Videha_15_04_2018 Videha_01_04_2018 Videha_15_03_2018 Videha_01_03_2018 Videha_15_02_2018 Videha_01_02_2018 Videha_15_01_2018 Videha_01_01_2018 Videha_15_12_2017 Videha_01_12_2017 Videha_15_11_2017 Videha_01_11_2017 Videha_15_10_2017 Videha_01_10_2017 Videha_15_09_2017 Videha_01_09_2017 विदेह ई-पत्रिकाक  बीछल रचनाक संग- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ रचनाक एकटा समानान्तर संकलन विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) देवनागरी विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) तिरहुता विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) देवनागरी विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०) तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]देवनागरी विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]  तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]- दोसर संस्करण देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ]देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ] तिरहुता विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]देवनागरी विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]  तिरहुता विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ]देवनागरी विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ] तिरहुता विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ]देवनागरी विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ] तिरहुता विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ]देवनागरी विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ] तिरहुता विदेह:सदेह ११ विदेह:सदेह १२ विदेह:सदेह १३ The readers of English translations of Maithili Novel "sahasrabadhani" and verse collection "sahasrabdik chaupar par" has intimated that the English translation has not been able to grasp the nuances of original Maithili. Therefore the Author has started translating his Maithili works in English himself. After these translations are complete these would be the official translations authorised by the Author of the original works.-Editor Maithili Books can be downloaded from: https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ विदेह सम्मान: सम्मान-सूची अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् (c)२००४-२०२०. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHAसम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। सह-सम्पादक: उमेश मंडल। सहायक सम्पादक: राम वि‍लास साहु, नन्द विलास राय, सन्दीप कुमार साफी आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)। सम्पादक- नाटक-रंगमंच-चलचित्र- बेचन ठाकुर। सम्पादक- सूचना-सम्पर्क-समाद- पूनम मंडल। सम्पादक- अनुवाद विभाग- विनीत उत्पल। रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि)editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार ऐ ई-पत्रिकाकेँ छै, आ से हानि-लाभ रहित आधारपर छै आ तैँ ऐ लेल कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत।  एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। (c) 2004-2020 सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। ५ जुलाई २००४ केँ http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसरिक गाछ”- मैथिली जालवृत्तसँ प्रारम्भ इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA

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= _ 3 (MAIN) EXAM, 2040 . Sl. No. 86 G A-DTN-K-—JM~-0 MAITHILI { Compulsory ह Time Allowed : Three Hours | Maximum Marks : 300 | INSTRUCTIONS Candidates should attempt ALL questions. The number of marks carried by each question is indicated at the end of the question. Answers must be written in Maithili (Devanagari Script) unless otherwise directed. In the case of Question No. 3, marks will be deducted if the précis is much longer or shorter than the prescribed length. ... निम्नलिखित विषयमे fF कोनो एक विषय पर लगभग ः 300 शब्दमे Paes लिखू : ]00 (क) की कानून “मानरक्षा हत्या के रोकि aha अछि (ख) खाद्य मिलावटक खतरा (ग). ऊन्धविश्वास बनाम तर्कपरकता Ca) शिक्षा आ सामाजिक परिवर्त्तन (ड) की सूचनाक अधिकार अधिनियम स्वच्छ wa aap प्रशासन सुनिश्चित ms सकैत sifes?. ९ 423 | P.T.O.

हि ... निम्नलिखित गद्यांशकें ध्यानपूर्वक पढ़ि verre art देल गेल we सभक उत्तर लिखू। उत्तर स्पष्ट, सटीक an संक्षिप्त होयवाक चर चाही : 0>6न्60 सौर ऊर्जा, जे सम्पूर्ण ऊर्जा नवीकरणक हिस्सा ais, प्राचीन See पर हमरा सभक निर्भरता कम करवाक एकमात्र रास्ता are) पुरान इन्धन किछु समयोपरान्त अधिक महग an विरल होभय जा tet SS | सौर ऊर्जाक उपयोग हमरा प्रृथ्वी ges पर्यावरणीय संतुलन sn “ग्रीनहाउस क wera कम करवाक एकमात्र कुंजी अछि। सौर ऊर्जाक उपयोगी गुणक बावजूदों एस्बनतक, नहि as एकर व्यापक स्तर पर व्यवहार chet जा रहल अछि आ ने पुरान इन्धनक विंकल्पक eat एकरा स्वीकृति प्राप्ति as wa aa Ta कारण wen, प्रौद्योगिकीक अपेक्षाकृत अधिक महग हैब। Ta प्रौद्योगिकीमे सुगान्तकारी सुधार कैल जा ted अछि, जे एकरा दरमे कमी anh tet af) निश्चित wat चाहे मंद गति a ही सही, एकरा एक व्यवहार्थ विकल्प बना wa af) सरकार द्वारा प्रचर्त्तित “जवाहरलाल नेहरू aia सौर fier’ शहि दिशामे एक unit तथा ऊर्जाक स्वच्छ ain प्राप्तिक आदर्शवादी कदम ऊअछि। सौर ऊर्जाक क्षेत्र रोजगार सृजित करवाक दिशामे आशा aaa ऊजछि। ई शोध aaa एवं प्रौद्योगिकीक नव विधानमे भारी निवेश कौत oh तथा रोजगारक दिशामे उच्च an विशेषज्ञक पद सृजित eta Bel यद्यपि विद्युत उत्पादनमे भारत fast wan स्थान पर af तथापि भारतमे एखनो मंभीर विद्युत संकट अछि। सौर ऊर्जेटा विद्युत संकट घटा सकैत उआअछि। ई सम्पूर्ण परिस्थितिजन्य तंत्रक गठन करैत ऊर्जाक उत्पादनक aaa nines नढ़ोत्तरी करत। आजुक अत्यधिक मांगवला सौर पद सौर ऊर्जा यंत्र स्थापना ar अभियांत्रिकीय परिरूप विधिक क्षेत्रमे af: 'एहिं उद्योगक पु औैनपिनाए-चरत-0/ 28 2 Y

. विकासक लेल आवश्यक अछि जे नव कौशलक चृद्धिद्वारा Sees दाममे कमी कसय तथा व्यापारक दामक संतुलन a मूल्यमे कमी amet जाय। ह (क) हमरालोकनिकेँ goa इन्धन पर ara निर्भरता कम कियाक करवाक चाही ? (ख) सौर ऊर्जाक उपयोगक की लाभ अछि? (ग) सौर ऊर्जाक प्रयोग wre लोकप्रिय feos नहि बनाओल गेल अछि? (3) सौर aa सामान्यजनक पहुँचक क्षेत्रमे आनवाक हेतु की की कैल जा tect अछि? (ड) हमरालोकनिक युवाक हेतु उच्च पद, सौर ऊर्जा क्षेत्रमे कोना उपलब्ध कराओल जा सकैत aries? :.... Ca) सौर ऊर्जा कोन vert कम महग कैल जा सकैत अछि? 3. निम्नलिखित गद्यांशक संक्षेपण मूल teers शब्द संख्या a एक-तिहाई शब्द संख्यामे प्रस्तुत करू। शब्द-सीमाक पालन ale भेला पर अंक काटल जा सकैत अछि। संक्षेपण फराक सँ ta गेल कागज पर करू एवं Sten नीक जेकाँ उत्तर पुस्तिकाक संग बान्हि fast : 60 यदि कलाक प्रत्येक विशेष युगकें अभिव्यक्त करवाक अछि as ही लि fos निश्चित रूप @ seu बीतल ore सीमाकें तोड़य पड़तैक ai पुरान 'कल्पनाक सीमा an सानसिकताकेँ झटका देवय ashe) जीवन एक सतत प्रवाह अछि । ati गति aia प्रक्रियाक काल त्वरित होइत अछि जखन परिवर्तन तेज आ आमूलचूल होइत af! णएहन संमयमे सामाजिक आवश्यकता अपग्रगामी सांस्कृतिक waht हेतु दबाव बनबैत छैक--एक तरहें पुरान जड़िकें dra ata जे पुरान प्रारूप 3m नवजनम लयवलाक मध्य . एक Ba सृजित ata अछि । ~ A-DTN-K-—JM-0/28 3 | P.T.o. .

| a संस्कृतिक समर्थक परिवर्तन सँ sft जी तोड़ि प्रयास सँ r यधास्थितियसे रहबाक सत्न कौत छथि। औओ स्वयं अपनाकें: चैतिक मूल्य sa सभ्यताक संरक्षक घोषित ss दैत of एवं नहिं मन उावयवला प्रत्येक Vash टालैत ta छथि। एकरा परियर्त्तनक समर्थक नहि aes) आओ ate पुरान मान्यता an frags अवज्ञा ata छथि। सामाजिक vedas प्रत्येक आकृति एक सांस्कृतिक प्रारूपक मांग ata अछि। जे अपन आवश्यकताकें स्वयं व्यक्त ate अछि। Soy कि '“प्राचीन' जकरा विगत ane रचल गेल छल आन नव wR st नव तकनीकक उपयोग ate कड पाबनि tea अछि एवं अपन स्थापित धारणामे नव औआदर्शके प्रतिबिम्बित नहि Hs ace! एहि संदर्भमे पुरान संस्कृतिक समर्थक उसांस्कृविकेटा afe बर्बरतापूर्ण तरीका asd अपनाबैत छथि, SR ST) स्वयं एक समय उपेक्षा आ भर्त्सना कैने छलाह। जखन कोनो शक्ति प्रगतिशील नहिं रहि yea अछि आओ दमनकारी aff जाइत अछि। मबीने समाजटा संस्कृति आ fears प्रत्येक | शाखामे कलाकारकें सम्पूर्ण विकासक हेतु अवसर प्रदान Hs wha | ates) | Sg समयमे अव्यवस्थित समाजक कारणें जीवन संश्लेषण टूटि | wea ste जाहिमे प्रत्येक शाखाक गतिविधि एक-दोसरा सँ Sar भड गेल sft, दार्शनिक वैज्ञानिक सँ अलग ys गेल उऊछि। कलाकार ईंजिनियर सँ तथा एक अथवा सब अविभक्त जीवनक महान स्पंदमान serch झटकि अलग us गेल aries) जखन कि प्रत्येक संतुलन सौन्दर्य an पूर्णताक bark जोड़यवला कारक अछि । saree was यांत्रिक यंत्रों we गणितीय tart " विषादमय sai an ys अचेतन आवेगहीनक कर्त्ता नहि मानल जाइत atest StH सामान्य रूप सँ नीचाँ धरती oot उपर महाव्योमक समाने स्वीकार ce जाइछ। जेना कि प्राचीन पुराणक कशथामे नैपुण्य an जीवन्तताकँँ गतिमान an नायकत्वपूर्ण वृत्त स्वीकार Sa गेल अछि। यंत्र amd मतुष्य अंगक चिस्तार am गेल af st देखबैत अछि जे मनुष्य निसर्ग पर अपन वर्चस्त॒ स्थापित कैल ste यैह ae आदि पर atten ' A | A-DTN-K—JIM-l0/28 4

. विजय अभियानक गाथा अछि। gat लड़ाई मतुष्येक समान पुरान उखछि। ई संघर्ष परिपूर्ण सौन्दर्य, लय, संगीत एवं रंग सँ भरल et अछि | अगर मनुष्य अपना कमजोरी सँ यंत्र के स्वयं पर प्रभुत्व देने छथि as ई यंत्रक दोष afe fern, जकर सृजन स्वयं मनुष्य कैने अछि | street द्वारा बनाओल गेल अछि an asl ha गेल ake परनिंदाक भूख़ स्वयं मनुष्येकँ ग्रसित ws लेत। रेडियो केवल मनुष्यक फेफड़ाक ध्वनि विस्तारक अछि, टेलीफोन आओकर arr | Rages पर. आँखि te ata sn खड़खड़ाइत ग्रामीण | बैलगाड़ीक गीत गायब कवित्वक प्रति saat ae fern, ई केवल दकियानुसी साम्प्रदायिकता थिक ! हइर एकटा युगाम्तकारी आविष्कार अछि जेना कि deer अछि। नव उपकरणकें गढ़वाक मानवक अक्षय प्रतिभाक उपेक्षा करब परिवर्तनक नियमक उपेक्षा करब Bra, कोनों कलाकार wet उपेक्षाक सामर्थ नहि जुटा सकैछ । “wr कलाकार जैविक प्रयोजनक समान उत्पादन ata ats? पहन मान्यता oa wea मेक्सिकोवासी कलाकार रिवेरा डियागोक “Sal Uhl gal फूल आ फल ta अछि an वर्ष afte पत्र पतन पर विलाप नहि ata af’? att जानैछ जे नव मौसममे at पुनः फुलायत आ फल देत। Hers सिर्फ की fara a नहि चित्रित acre अछि। अपितु की हेतैक सामान्य aera जे मिलावटी aes, ने सिर्फ हताश arated पराजयकँ बल्कि रूपान्तरित करयवाली ates अभिव्यक्त करैछ | 4. निम्नलिखित अंग्रेजी गयांशक अनुवाद मैथिलीमे करू : 20 The world does not need extraordinarily talented people. It does not need highly skilled peopte either. It has plenty of super- intelligent people. We need ordinary people with extraordinary motivation. M. K. Gandhi was an ordinary man with amazing motivation ta establish truth and justice. The Wright - brothers were ordinary people with a dream ve of flying. दी औ-शपकजए-चाएत-0/28 5 [ P.T.O.

| ! EI can also achieve exceptional results if . | you are inspired with a higher ideal. Replacing ‘inspiration’ with ‘information’ has led to knowledge being viewed as drudgery rather than as pleasure. Education has degenerated to data being transmitted from teacher to the taught without igniting the minds of the young with a higher purpose. How many of us wake up inspired, looking forward to a day of service? Who among us finds exhilaration in contributing to society? , Life changes magically from boredom to | excitement when you are inspired to serve. | You redefine norms and achieve the | impossible, paving the way to outstanding | success. You find happiness at work, not | in escaping from it. Most importantly, you | evolve spiritually and attain Godhood. | Inspiration gives ordinary people the courage and hope to make life better for themselves and for the posterity. Find inspiration and life will transform into an exciting adventure of self-discovery. 5. निम्नलिखित मैथिली गद्यांशक अंग्रेजीमे अनुवाद करू : 20 आई विज्ञानक सामाजिक दायित्वक् हेतु बाजैत हम औओहि चीजक लेल सेहो ase जे युवाक हेतु अपेक्षाकृत आसाम अछि परन्तु उम्रदराज लोकक समझमे कठिन। कारण जे युवा एक गुण सँ सम्पन्न अछि जे सामान्य रूप से किछु साल ae शिथिल of जाइत as) sit si कल्पनोशीलताक yo कल्पनाशीलता Usd गुण अछि जे विज्ञानक अपरिहार्य sin अछि sn Aafia रूप सँ युवाकें प्रदत्त अछि gaa बात ई अछि जे ada उमरक संग ई गुण सुखा जाइत अछि! तथापि ई गुण थिक जकर आजुक अपना सभक संसारकें प्रचुर मात्रामे जरूरत aes 4 sf A-DTN-K-—JM-0/28 6

“पमनममसामय गत तीन सदी सँ विज्ञानक खोज समाज पर अपन प्रभाव छोड़ने अछि परन्तु सामान्यतः लोक ई नहि बुझलैक जे हमरा सभद एहि विश्वरकें ओ कोना प्रभावित कैलक। aft लोकनि एकर परवाह नहि | कैलनि। न्यूटनक समय सँ मनुष्यक बोध भेलैक कि प्रौद्योगिकी, जे | कि विज्ञानक स्त्रोज पर आधारित अछि, प्रचुर आराम आ लाभ | @a जा सकैछ। wea लोक जानव आरम्भ कैलन्हि जे विज्ञानक | संसर्ग सँ बनल दबाई © Prog जीवन जील जा सकैत arfeey लियोनार्दों द विंशिक समय सँ लोक ay सराहना hare जे विज्ञान युद्धमे विजय प्राप्तिक भौतिक सहयोंगी aff सकैत अछि। जेना-जेना साल बीतैत गेल एक प्रौद्योगिक भौतिकवाद विकसित भेल। नव-नव उद्योगक ज्ञानक मांग खूब तेजी सँ बढ़ल। अधिक सँ अधिक लोक वैज्ञानिक an तकनीकी विशेषज्ञ बनय लगलाह। 6. (क) dare परिभाषा अपना शब्दमें लिखू तथा संज्ञाक कतेक भेद अछि, सोदाहरण स्पष्ट करू। 0 (a) उपसर्ग sn प्रत्ययमे की भेद अछि? दोनहुक परिभाषा लिखैत उदाहरण प्रस्तुत करू । 0 (ग.) निम्नलिखित मुहावरा af लोकोक्ति wat सँ मात्र पाँचक अर्थ स्पष्ट कौत' वाक्यमे प्रयोग करू : 4x5=20 fi) जोझा Ae गाम बताह fii) ole मुँह ta लात (iii) चलय न sera apm te (iv) भूत बेताल जेकाँ fv) गामक Tet भुताह ; (vi) अन्हेर नगरी चौपट राजा ‘4 A-DTN-K—JM-i0/28 7 [ P-T.O.

लूटि ana खूब ara दर (viii) सम नाम सत होयबन fp डपोरसंख न (x) जान ds a जहान oH | kk ज़ी | | १ न श-एछाि-ाइ-पाव-ग0/ 28 8 BS—s00 ¢ Pe

cousin eva, anit Serial No.[ CJ} [F-DTN-L-SaD-J] MAITHILI . ; (Compulsory) Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 300 INSTRUCTIONS ी Candidates should attempt ALL questions. The number of marks carried by each.question is indicated at the end of the question. Answers must be written in Maithili (Devanagari Script) unless otherwise directeds Prescribed word limit must be followed for (2. No. 3. The precis must be attempted only on the special precis sheets attached to this question paper. These _precis sheets are to be carefully detached from the question paper and securely attached ¢ to the answer book. l. निम्नलिखित विषय में सँ कोनो एक विषय पर लगभग 300 शब्द मे निबंध ल़िखू :-- 00 किं) राजनीति 'आ व्यक्तिगत नैतिकताक प्रश्न ! (ख) सामाजिक विकास लेल मुख्य प्रेरक के-धर्म आ कि fasta ? . (ग) aa लेल भोजन : हमर संबहक प्रजातांत्रिक प्रणाली लेल एकटा चुनौती ! , l (Contd.) xx

() त्वरित गतिक' संस्कृति हड़बड़ी आ अपराधवृत्ति F जन्म दैत af!” 7 (=) कृत्रिम बुद्धि, मानव बुद्धिक विकल्पक रूप में | 2. निम्नलिखित गद्यांश # ध्यानपूर्वक we गद्यांशक अंत में . देल ह गेल प्रशनक उत्तर लिखू। उत्तर स्पष्ट, सटीक aT SR Sara चाही, :-- 6050 हमरा सभ औद्योगिकताक तीव्र. दौर सँ गुजरि wet at आ at उद्योग में बेसी सँ बेसी संख्या में नोकरी से हो espe छी। भारत में एकर कोनों महत्व नृहि Ue te अछ जे Set of faa कार्य a करवा लेल चाहित॑ St ate विषय में कतेक जनैत छी, set किनका wag छी. सै! बेसी' महत्वपूर्ण अछि ताकि रोजगार fear मे अहाँ SE प्रभाव केर उपयोग as सकी | लोग ई नहि सोचैत अछि जे नीक़ं/परिणाम लेल योग्यता aa आवश्यक अछि । हमर सबहक filet में: 'उत्कृष्टताक विकासक (OP Rar महत्व अछि yer, हम fie उत्कृष्टता के मोजर नहि दैत छी तँँ एहि ँ .जऔग्यताक अवमानना होयत अछि | एहि कारण हमर शिक्षा; पद्धति एक fee तूँ विषाक्त आ दूषित भड़ रहल अछि ud dex दिसि सामाजिक शिक्षाक Sa आंदोलन प्रारम्भ ete 'इच्छाक गुर, घोंटि देल ora अछि। जखन कोनों पुलक निर्माण कयल जाइत अछि आकि सड़क casita जाइंत अछि हूँ बौल, are, चून आदिक उचित मिश्रण cay एकृटा निश्चित अनुपातक अनुसरण कयल जाइत' अछि जाहि a asap निर्माण 'नीक सँ भघ्.सकय आ बेसी काल धरि स्थायी रहिं सकय ! मुद्दा, हमर अनुभव we 'विषय मे हमरा सभ कें एकर अधोगतिक कथा सुनवैत अछि, कथा सूनवैत अछि, wet हमरा ज्ञात होइत 'अछि जे. कोनो. बाँध में कटैया लागि गेल आ कि कोनो सड़क बरखाक पानि मे a गेल । 2 (Contd)

ई विषय गुणवत्ता नियंत्रण सँ' age अछि जकर संबंध खाली . भौतिक सामग्री & नहि Far, ALS आ ओकर अपन उत्तंरदायित्वक ज्ञान सँ सेहो अछि । अभाग्यवश हमर प्रजातांत्रिक व्यवस्था fre एहेन परिस्थितिक निर्माण करैत अछि जाहि मे योग्यता ef व्यवस्थित रूप सँ “उपेक्षित कयल जायत अछि at लोगबाग बजैत छथि जे > We देश मे aes कोनो महत्व नहि। एहि बात सँ मोने ye RE भाव ate अछि जे एहि ठाम' योग्यता, aden आ नैतिक -«. औचित्य कँ कोनो मोजर नहि cs लोकसेवाक' ert पद प्राप्त « .... कैंपल जा सकैत आ सार्वजनिक काज से हो कयल जा सकैत A | (क) एहि देश मे लोग नीक रोजगार पएवाक हेतु ४की arta aie ? (@) हम योग्यताक प्रति सम्मान weg cele Hs दैत छी ? (गे) योग्यताक प्रति असंम्मानक goats की होयत Sa ? (4) जखन हम आन लोगक उत्तरद्वीयित्वशबोध॑ केर सम्मान a कई सकैत ST एकर' की 'परिणार्म Are dw ? (=) योग्यता, कार्यक्षमता आ उत्तरदायित्वकृःप्रतिं उपेक्षाक की कारण AS सकैत अछि ? (च) ware में रेखांकित वाक्यांशक अर्थ अपन भाषा मे समझाबू | 3. निम्नलिखित weirs करीब ॥90--20 शब्द में संक्षेपण तैयार करू । शब्द-सीमाक उल्लंघन भेला पर अंक 'कटि जायत। अपन संक्षेपण hare 'सँ देल 'कागतं पर लिखू आ ई संक्षेपण 50 शब्द a कम आ 250 शब्द सँ नम्हर भेला पर अंक एकदम्मे AB देल ना सकैत अछि :--- 60 हम ओहि समय लगभग सात. बरखक होयब जखन हमर पिता राजस्थानिक न्यायालयक संदेस्य बनवा लेल पोरबंदर सँ राजकोट ait ए लाह। wt sa हमरा प्राथमिक पाठशाला मे भरती we देल गेल se. पाठशाला मे हमरा पढ़व६ वला शिक्षक 3 (Contd.) xx

सबहक- नाम एवं अन्य विशेषता हमरा नीक जकाँ मोन अछि | जहिना पोरबंदर में छल व एह सभ Tg एहि ठामो हमर पढ़ाईक विषय में कोनों खास उल्लेखनीय गप्प ae wal हम हूँ औसत प्रतिभाक एकटा विद्यार्थी मात्र wag | UR पाठशाला सँ हम एकटा उपनगरीय पाठशाला में गेलहूँ आ ओहि ठामसँ हाईस्कूल। तखन aft हम बारह बरखक भड गेल Ges! हमरा मोन नहि पड़ैत | अछि जे एहि थोड़बा काल मे हम अपन अध्यापक आ कि सहपाठी a कहियो फुसि बाजल होयब। हम बड़ लजकोटर छलहूँ। TA तरहक लोग सँ काते wa छलहूँ। हमर पोथी आ हमर पाठ हमर एकमात्र संगी oa ठीक समय मे स्कूल गेनाय आ स्कूल बंद होयतहि घर भागि कँँ आबि जायत छलहूँ। ई हमर प्रतिदिनक हिस्सक wal सरि पहुँ, हम॑ केकरो dmg नहि os wed छलहूँ J भागि. के घर आबि जायत Bag | हमरा YS बातक भय सेहों होयंत छल जे केओ हमर उपहास नहि Fe लागैक | एकटा घटना बड़ उल्लेखनीय अछि जे हमर हाईस्कूलक पहिलुक बरख मे घटल Sal शिक्षा निरीक्षक मिस्टर Sect निरीक्षण लेल आयल छलाह | वर्तनी अभ्यास (spelling exercise) लेल ओ हमरा सभ & पाँच शब्द लिखवा लेल देलनि | we मे सँ एकटा शब्द छल ‘Kettle’ | हम ओकर वर्त्तनी गलतिए लिखि देने wal | हमर अध्यापक अपन जूताक द्वारा हमरा ओहि शब्द कँँ ठीक कंरबाक लेल संकेतक प्रयास केलनि । मुदा, ओ सहायता नहि लेवाक छल। ई गप हमरा बुझवा मे ,नहि आबि रहल छल जे ओ चाहैत छलाह' जे. लग मे बैसल छात्रक We FT नकल FS aaa गलती ठीक as ली । हम d इएह बुैत छलहूँ जे अध्यापक TH नकल करवा a रोकवा aa हमर सबहक निरीक्षण करैत छथि। परिणाम 3 भेल जे हमरा छोड़ि सभ विद्यार्थीक लिखलाहा प्रत्येक शब्दक हिज्जे सही पाओल गेल। एकटा हम हीं बेकूफ बनि रहि गेल हूँ । बाद मे शिक्षक महोदय हमर एहि बेकूफीक cet हमरा समझएवाक 4 (Contd.) xx

प्रयत्न केलनि Ae, हमरा पर एकर कोनों प्रभाव नहि. पड़ल । हम नकल करवाक 'कला कहियो ate सीखि सकलहूँ | एहेन ae जे एहि घटना सँ हमरा अपन अध्यापकक प्रति सम्मान एकदम्मे कम भड गेल होय। हमर, स्वभावे WA छल जे 'हम आन कँ de नहि दैत oes | बाद मे एहि अध्यापक. महोदयक कतेको दुर्बलताक पता. लागल मुद्दा, हुनका प्रति हमर सम्मान, पूर्वत छल | हम अपना सँ ten आज्ञाक पालन करवा लेल सीखने wae, ओकर विश्लेषण weal नहि कयल हूँ--आ RUS FT छल | Ue कालावधि सँ Ysa दुई टा आर घटना ER स्मृति में अक्षुण्ण रंहल | विद्यालय' लेल निर्धारित .पोथीक/ अत्तिरिक्त 'आर 'किछु पढ़वा मे' हमरा अरुचि Wasa) प्रतिदिनके निर्धारित अध्ययन तँँ हमरा करवाके छल कारण जे हमरा अध्यापक द्वारा दंडित भेनाय shad ast छल जतवा कि हुनका धोखा देनाय! WS कारण हम बड़ मनोयोग सँ अपन HS पूरा Hs लैत BoE | wet कि हमर पाठे सम्यक रूप at tof नहि होयत छत तूँ अतिरिक्त अध्ययनक 'प्रश्ने*ैकत5 छल ? मुदां, हमर पिताजी द्वारा कीनल एकटा पोधी, परे eax दृष्टि eo भेल, ओ पोधी छल श्रवण पितृ-भक्ति area’ (अपन मातापिताक लेल श्रवणक भक्ति-भाव PL नाटक) हंमूं बड़ TE HS SS ओ पोथी yeas) A समय हमरां GS घूमंतू, कलाकार आयल छलाह। ओ हमरा चित्र aa देखेलस्हि जाहि मे 'एकटा चित्र श्रवण केर छल जे Tre पर राखल झोराक मदति सँ' अपन आन्हर माता- पिता . के ,तीर्थयात्रा' पर, aS: जा रहल छलाह। ई पोथी आ ई Pt Sa पर अभूतपूर्व प्रभाव छोड़लक | हम स्वयं सँ बाज लहूँ ई Whe Wet उदाहरण थीक' जकर, नकल हमरा करवाक चाही' | श्रवणक मृत्यु पर हुनक मातापिताक केरुण रोदन एखनहूँ हमर स्मृति मे/सजल अछि | द्रंवित्त कर५ बला ओकर धुन हमरा अन्तरतम aR प्रभावित केलक st us धुन A हम पिताजी द्वारा कीनल Ta पर बजओने Bas | 5 (Contd.) Kx

4... निम्नलिखित अंग्रेजी गद्यांशक . अनुवाद मैथिली 'मे करू :-- 20 Tulasidas’s imagery covers a vast range. No poet of medieval period — not even his great_ contemporary Surdas — can vie with Tulasidas‘in respect of the infinite variety of imagery employed by him. He has colléeted his images from peasant life, court, life, priestly environments, rural and Civic life, philosophical treatises, literary classics, mythological works and {lk literature. His poetry is a vast.gallery ofall kinds of images ranging from exquisite minjature paintings to large frescoes. Normally he likes simple'and integrated images, but is quite capable of. creating complex imagery as well. What he seems to-abhor.is 4-truncated image of which we can hardly seatch out a single example. His whole poetic creation isn endless endeavour to give a concrete tangible form té the abstract — to impart physical charms and mental qualities of human personality. toyan absolute concept. Actually the very conception of Personified Godhood is a grand exercise in image-making. In this context, what is of spécial relevance to the modern reader in Tulasidas’s art is his unconventional approach to literary-cultural tradition and. religion. A number of poets in other Indian languages have also produced great’ literature in this regard, but Tulasi appears to ‘have surpassed. them all. 5. निम्नलिखित मैथिली गद्यांशक अनुवाद अंग्रेजी मे करू :--- 20 ई सर्वविदित अछि जे विश्वक निर्माण, विकास आ रक्षा प्रकृति 6 (Contd.) xx

पर निर्भर छैक आओर प्रकृतिक निर्माण आ रक्षा में वृक्ष, बोन, ore, पादप, गुल्म, qs बड़ पैघ महत्व Sa | सरिपहूँ, मनुखक अस्तित्व ga, बोन आदि पर आधारित अछि । me बीरीछ माटिक मुख्य रक्षक सेहो अछि । at अन्हड़-बिरड़ों केर वेग केँ रोकैत अछि आ माटि. कँ उड़वा सँ बचबैत अछि ।' गाछ बीरीछ' verse aor A Set रोकैत अछिः एवं ओकरा स्थिर raat मे समर्थ अछि | ine सँँ -माल-जाल, Pe चुनमुनर्क रक्षा होयत अछि at 'पारिस्थितिक' संरक्षण से हो। बंरखाक « कारणों 'इएह थीक। जाहि ठाम me. बेसी होयत da! बरखों ओहि om बेसिए होइत OH मुदा, मरुभूमि sie बरखौलेंल , तरसिं जायत छैक | Tea सँ अनाजक उत्पादन Vel “संभव होइत de at पर d ware जीवितुअरहैत “अछिं। नाना प्रकारक गाछ atten पात 44 खाय माल-जाल सेहो जीवित Wei Wee a हमरा! aA कँ जारन आ घर wa लेल लकड़ीक जोगार सेहों होयत aie रेलगाड़ी, पानिक जहाज, हवाईजहाज -आदिक निर्माण azarae गाछ-बीरीछ सँ प्राप्त लकड़ी सेहो उपलब्ध होइत अछि। नाना Ware arg, गोंद, क़ागत, सलाइ संगहि भाँति ate |’ केर रसगर आ . पौष्टिक फल-फलहारिंक ae स्रोत अछि गाछ-बीरीछ | गाछक शीतल छाहरि मे हमरा सभकेँ घाम-पसेना a मुक्तिं भेटैत, अंछि। एकर फूलक सुरभि हमर सबहक मोन मस्तिष्क, मे नव ऊर्जा सेहो ata अछि। 6. (क) सर्वक्षमिक परिभाषा अपन' शब्द में लिखू तथा सर्वनामक कतेक भेद अछि, सोदाहरण' स्पष्ट करू 0 (a) अनेक शब्दक बदला एकटा शब्द लिखू मात्र पाँच टा चुनिकें :-- 250 (0 जे माटिक बरतन बनवैत अछि ba 7 (Contd.)

Gi) कम बाजयबला (iii) जकरा मे स्वार्धक भावना होय (iv) जे बहु बजैत अछि (४) कम खरच ea बला (vi) जाहि में art गुण नहि (vii) frat लिखल (viiil)t मीठ बजैत अछ ( (ix) जकरा संतान नहिं अछि (x) जकर मुँह मे बाजब नहि। ग) निम्नलिखित मोहावरा मे सँँ mh पांचक अर्थ स्पष्ट करैत वाक्य मे प्रयोग we; 4x5=20 @) बड़े बड़ गेला तूँ /मोछ 'बला' एला Gi) तामसे माहुर faq '# (ii) frat बुझलकु fet . /7 (iv) डुमरिक<प्पूल (v) घाहे पर नोन dice (vi), TRU नाचे अपने ताल (ना) नाव ने जाने तँँ अंगने टेढ़ (viii) at उगब G®) जान ने पहिचान asa मियाँ सलाम (%) aT हाथक stat | :

कह व En on tt in pe © Sr. No, () F-DTN-L-SAD-J अपना अनुक्रमांक इन पत्रकों पर न लिखें DO NOT WRITE YOUR ROLL NO. ON THESE SHEETS MAITHILI (Compulsory) सार लेखन के लिए विशेष पत्रक SPECIAL SHEETS FOR PRECIS f Wa पत्रक के दोनों ओर लिखिए । प्रत्येक खण्ड में एक शब्द और प्रत्येक पंक्ति में पांच शब्द लिखिए । अपने geo में सामान्य हँप से विराम आदि चिन्ह लगाइए और यदि आवश्यक हो लो प्रत्येक पैराप्राफ के अन्त में एक पंक्ति खाली छोड़ते हुए इसे oat में aa कीजिए | यदि चाहें W उत्तर-पुस्तिका के साघारण कागज पर पहले एक फच्चा प्रारूप तैयार कर सकते हैं। अपनी उसर-पुस्तिका.दे देने से पहले कैच्चे कार्य को आर-पार पंक्ति डालकर काट दिया जाना 'चाहिए। आप सारपत्रक को अपनी उत्तर-पुस्तिका के अन्दर सुरक्षित रूप से चांघ दीजिएँ। Use both sides of this sheet. Write one word in each division and five words ih each line. Punctuate your passagein the usual way and divide it into paragraphs, if necessary, leaving a line blank at the end of each paragraph. You may make a rough copy first, if you so wish, on ordinary paper in thé answer-book. The rough work should be scored through before you hand over your answer-book. You should fasten the precis sheet securely inside your answer-book. l, इस हाशिए शीर्षक \/ में न लिखें Title ¢ Do not write on | this margin ea i} 0 ' है लि oe eseee nectar er edipontceey PET Teter eet eeeesceese निकल कक न कर सा न कअकककक लटका नकल 20 . 30 / ‘BESS 50 दी 60 किपू.उ.तहा.0.]

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Le 2. (Me'n) Exam : 2072 Sl. J E-DTN-M-JMD-0 MAITHILI ( Compulsory ) [Time Allowed ; Three Hours | Allowed : Three Hours Maximum Marks : 300 i INSTRUCTIONS 4 Candidates should attempt ALL questions. f f The number of marks carried by each question is 4 indicated at the end of the question. » Answers must be written in Maithili (Devanagari दर ( Script), unless otherwise directed. Prescribed word limit must be followed for i Question No. 3. The précis must be attempted only i on the special précis sheets provided separately. | These précis sheets are to be securely attached to the answer-book. Important Note 7 f Whenever a question is being attempted, all its parts/sub-parts must be attempted contiguously. This means that before moving on to the next question to be attempted, candidates must finish attempting all parts/sub-parts of the previous question attempted. This is to be strictly followed. Pages left blank in the answer-book are to be clearly struck out in ink. Any answers that follow pages left blank may not be given credit. tA roman : \ गे , हर

.. निम्नलिखित विषयमेसँ कोनो एक विषय पर लगभग 300 शब्दमे fara लिखू : 00 (क) भारत : व्यापारिक विकासक एक बढ़ैत क्षेत्र (ख) हमर महानगर महिला सभक लेल कतेक सुरक्षित अछि? (ग). वन-जीवक संरक्षण ओ प्रबन्धन (a) भारतमे व्यावसायिक शिक्षा (S) फिल्मक मिथकीय संसार हे 2. निम्नलिखित nei ध्यानपूर्वक पढ़ि गद्यांशक aa ta स P हि pers उत्तर लिखू। उत्तर स्पष्ट, सटीक आ संक्षिप्त भाषामे होएवाक है चाही : 0>6+60 पाठकक बहुसंख्या ad क्षणिक मनोरंजनक लेल पढ़ैत अछि या ‘ फेर ओहि विश्रान्तिक लेल जे पुस्तक हुनका प्रदान कौत छनि। को , f दोसर wed ओ सामान्यतः समयकटबाक लेल पुस्तक पढ़ैत ' ( छथि। समय जेना कि हमेशा आँकल जाइत अछि एक विरल द वेशकीमती खजाना अछि। एहिं वेशकीमती खजानाकें पाठकगण व्यर्थमे खर्च कए दैत छथि। अविश्वसनीय सन लगैत अछि कि | समय वा काल पाठकक उपर बहुत भारीपनसँ लादल रहैत अछि आओर फेर ओ खोज कए vad छथि। समयक ओहि अतिरिक्त and छुटकाराक, जकर हुनका आवश्यकता छनि, ई पुस्तके of दिआ सकैत अछि। एतेक त' पर्याप्त स्पष्ट अछि जे ओ कोनो दोसर प्रयोजनक हेतु नहि पढ़ि सकताह। यदि ओ एहन करताह त' ओहि पढ़बसैँ हुनका अपना लेल किछु हासिल we सकैत छनि। मुद्दा एहन कोनो संकेत नहि अछि कि पढ़बाक कोनो अन्य प्रयोजन हो। aged हुनका पर fag प्रभाव अवश्य पड़ैत होएतनि मुदा ae प्रभावक सम्बन्धमे ओ अनभिज्ञ छथि। प्रभाव लाभप्रद भए सकैत अछि, निर्णायक भए सकैत अछि--ई निष्कर्ष हम नहि बहार कए सकैत छी, एकर प्रमाण इएह अछि जे पढ़बाक कारणें at का Me पाघाज-04 | 2 , | \ v P r

अपना संग कोनो एहेन वस्तु नहि लए जएताह जे बादमे कहि सकथि जे हुनकालोकनि अमुक चीज पढ़ने छथि। (क) लोकक द्वारा पुस्तक सभ पढ़बाक कारणक सम्बन्धमे लेखक की कहैत छथि? अधिकांश लोक पोथी fede पढ़ैत छथि? (ख) लेखक wa कियैक अनुभव ate छथि जे पाठक अपन समयक मूल्यक आकलन नहि ata छथि? (i) Ue तथ्यक संकेत की अछि जे पाठकक समयक सही Py & उपयोग नहि भेल? (4) पढ़ब समाप्त कएलाक उपरान्त लेखकक की अपेक्षा छनि जे . ( y पाठकगण की करथि? f () असजग पढ़बाक प्रति लेखकक प्रतिकूल दृष्टिकोण कियैक d छनि? . ( न (3) लेखक केहन लक्ष्यक पाठक चाहैत छथि? ‘ ( 3. निम्नलिखित गद्यांशक संक्षेपण मूल गद्यांशक शब्द संख्यासँ एक-तिहाई शब्द संख्यामे प्रस्तुत करू। शब्दसीमाक अन्तर्गत | संक्षेपण ae कएल गेला पर अंक Sea जा सकैत अछि। संक्षेपण फराकसँ देल गेल कागज पर करू आ ओकरा नीक जकाँ उत्तर-पुस्तिकाक संग बान्हि लिअ : 60 4 पानि पृथ्वीक धरातलीय क्षेत्रक 70% भागमे सामान्य रूपसँ पर्याप्त मात्रामे पाओल जाय बला पदार्थ अछि। वैश्विक पानिक उपलब्धि -386 बिलियन क्यूबिक किलोमीटर अछि जाहिमेसँँ 97% जुनगर पानि अछि आओर मानव उपयोगक हेतु उपयुक्त नहि अछि! शेष मात्र 3% पानि स्वच्छ ओ पीबाक योग्य अछि। yer ओकर 68:5% Th ग्लेशियरक हिमशीर्ष ओ शाश्वत बर्फमे अछि जे मानव उपयोगक हेतु उपलब्ध नहि अछि। लगभग 30% soda wh af wat 09% नदी, झरना ओ हनणप्फाजधनयए-0/4 3 [ P.T.o. v P r

झीलमे अछि। हम अधिकांशतः 70 क्यूबिक किलोमीटर स्वच्छ पानि पर प्रतिदिन निर्भर कौत छी जे हमरा नदी, झरना आ झीलक अन्तःस्रोतसैँ प्राप्त aga अछि af प्रतिदिन 70 क्यूबिक किलोमीटर of भूगर्भ मध्यस्थ जलाधार होइत बहैत अछि। एहिं प्रकारक सुविधा आदिकालसंँ निरन्तर प्राप्त भए रहल अछि। मुद्दा पढ़िला fag ead खासकए घरेलू आवश्यकता, खेती at औद्योगिक गतिविधिक कारणेँँ पानिक माँग asd बढ़ैत जा tect अछि। 940 मे waa संसारक जनसंख्या 2 बिलियन छल, प्रतिवर्ष पानिक आमद प्रतिव्यक्ति 000 क्यूबिक मीटर धरि My सीमित छल। 2000 aft जनसंख्या 6 बिलियनक आँकड़ा पार f कए गेल छल आओर प्रतिव्यक्ति प्रतिवर्ष खपत 6000 क्यूबिक " रब . मीटर बढ़ि गेल जाहिसँ जलप्राप्तिक संसाधन पर अतिरिक्त दबाव « USt लागल, खासकए सघन जनसंख्या वला क्षेत्र आ ओहि स्थान है पर जाहिठाम पानि बहुत कम अछि। कृषि 70%, औद्योगिक क्षेत्र है 22% आ घरेलू क्षेत्र 8% पानिक खपतक आँकड़ा दर्ज कौत > > f अछि। स्वच्छ जल विश्वक जनसंख्याकँ तेजीसँँ बढ़ए आ पीबा ‘ ( योग्य पानिक माँग बढ़एक कारण अआप्राप्त संसाधन बनए जा रहल अछि। प्रतिवर्ष कुल उपलब्ध पानिक आधा हिस्सा प्रयोगमे आबि रहल अछि। ई 2050 afte जनसंख्याक माँग बढ़लाक कारणों | 74% of बढ़ि सकैत अछि। fay स्थानक लोक सामान्य अमेरिकावासी sat पानिक खर्च करए लगताह जे पानिक खर्चक सम्बन्धमे जे अपने अधिक खाउलोक छथि, तखन उपयोग 90% 4 बढ़ि सकैत अछि। ’ स्वच्छ जलकें रेखांकित करए वला पक्ष ई अछि जे ओकर उपलब्धता सम्पूर्ण संसारमे समान रूपसैँ विभाजित नहि अछि। पानिक भरपूर स्रोतक अनेक देश अछि संगहि पानिक उपलब्धताक लेल अनेक गरीब देश सेहो अछि। प्रतिवर्ष प्रतिव्यक्ति उपलब्धता यदि ग्रीनलैण्डमे 0767 मिलियन क्यूबिक मीटर अछि ता gaat ओ मात्र 0 क्यूबिक मीटर अछि। भारतमे 95 मे प्रतिवर्ष प्रतिव्यक्ति पानिक उपलब्धता 577 क्यूबिक मीटर E-DTN-M-JMD-0/4 4 f छू 7 \ Vv व,

छल जे 200] मे घटि कए i820 क्यूबिक मीटर रहि गेल अछि। 2007 मे त' भारत गरीब देशक श्रेणीमे आबि गेल छल। 2025 af प्रतिवर्ष प्रतिव्यक्ति खपत 340 क्यूबिक मीटर aft घटिकए आबि जएतैक। विश्वक अनेक ty ओ ओकर सहायक नदी ay wad after देशक dred बहैत अछि। उदाहरणक लेल गंगा an sitar सहायक नदी नेपाल, भारत आ बंगलादेश होइत wea अछि। रस fara ओ ओकर सहायक नदी सभ a’ भारत आ पाकिस्तान होइत बहैत अछि देन्यूब जाहिठाम जर्मनीसैँ बहार होइत अछि अस्ट्रिया, रब क स्लोवाकिया, हंगरी, क्रोएशिया, सर्बिया, रोमानिया, बल्गारिया, f f माल्देविया ओ यूक्रेन भए ata अछि। जाम्बेजी नदी जाम्बिया, अंगोला, नामेबिया, बोट्सवाना, जिम्बावे आ मोजाम्बीक भ' कए < : . बहैत अछि। मिस्रक जीवनधारा नीलक उद्गम आठ देशमे अछि-- कण सूडान, इथियोपिया, San, रवांडा, बुरूण्डी, युगाण्डा, तंजानिया | आ जायरे। जखन कोनो एक नदी wre site देश भए बहैत अछि तखन अनेक विवाद जन्म लैत अछि। एहेन विवाद ईसापूर्व | 3000 ada दक्षिण आ मध्यएसिया, मध्ययूरोप तथा मध्यपूर्वक क्षेत्रे उठैत अछि। कृषि, उद्योग आ घरेलू उपयोगक हेतु पानिक , माँग ated जा रहल अछि। wed सम्बन्धित विवाद सेहो गम्भीर ~ 4 स्थितिक जन्म दैत अछि आ कखनो काल कए ई आक्रामक रूप ग्रहण BU लैत अछि। एकहिं देशमे seu वाली नदी सभक पानिक हिस्सा-बखरामे स्थानीय आ क्षेत्रीय स्तर पर संवेदनशील समस्या अछि। गौतम बुद्ध (563-483 ईसापूर्व) के शाक्य ओ कोटिया सभक बीच रोहिणी नदीक पानिक हिस्सेदारीक हेतु हस्तक्षेप करए पड़ल छलनि। E~DTN-M-JMD-0/4 5 [ P.T.O. F | \ v , r

4. निम्नलिखित अंग्रेजी गद्यांशक अनुवाद मैथिलीमे करू : 20 I remember my father starting his day at 4am. by reading the namaz before dawn. After the namaz, he used to walk down to a small coconut grove we owned, about 4 miles from our home. He would return, with about a dozen coconuts tied together thrown over his shoulder, and only then would he have his breakfast. This remained his routine even be when he was in his late sixties. ह्ष I have throughout my life tried to emulate ’ f . my father in my own world of science f . and technology. I have endeavoured to understand the fundamental truths revealed 4 to me by my father, and feel convinced that . P there exists a divine power that can lift one ae up from confusion, misery, melancholy and { failure, and guide one to one’s true place. | And once an individual severs his emotional j and physical bondage, he is on the road to | freedom, happiness and peace of mind. 5. निम्नलिखित मैथिली गद्यांशक अनुवाद अंग्रेजीमे करू : 20 = अस्पतालक उदय अत्यन्त प्राचीन समयमे भेल होएत, ईसाई काल-गणनासंँ बहुत पूर्व, एहिं तथ्यमे एहन मानल जाइत अछि जे अस्पतालक उदय यूनान, मिस्र आ भारतमे भेल। विश्वक अनेक देशमे आब अनेक पैघ सर्वरोगोपचारी अस्पताल अछि जाहिठाम सभ प्रकारक समस्या पर ध्यान देल जाइत अछि आ ओहिठाम सभ प्रकारक प्रशिक्षण एवं शोधक साधन उपलब्ध अछि। आब a छोट-पैघ अनेक महत्त्वपूर्ण संस्था सभ अछि जे विशेष प-णपजन-पाण-0/4 6 : \ v “

प्रकारक बीमारी सभक - कारगर उपचार ata अछि। किछुएक त' स्वयंकेँ बच्चा आ ख्रीक लेल समर्पित कएने अछि। ब्रिटेन on संयुक्त राष्ट्र अमेरिकामे त' अस्पतालमे रोगोपचारक हेतु राज्य वा नगर निकाय सहयोग राशि प्रदान ata अछि। एहन प्रकारक पद्धतिसँ नहि मात्र कार्य होइत बाधा दूर भेल भेल अछि अपितु वित्तीय कठिनाईकेँ कएल गेल अछि जे सम्पूर्ण समुदायक कष्ट निवारण कएलक अछि। wed sates सदुपयोग सम्भव भए सकल अछि! संगहि एहि विधि द्वारा एक प्राणहीन, यांत्रिक, आत्मविहीन Pi & दिनचर्या एवं कार्य-कुशलताक घटैत स्तर Heh कम कएल जा सकैत अछि जे उर्जस्वी आलोचना आ बेकारखर्च पर लगाम नहि . ( : लगौल जणएवाक कारणें बढ़ैत अछि। f f 6. (%) समास ककरा कहल जाइत अछि? समासक भेद सोदाहरण “ : 7 स्पष्ट करू। 0 [| (a) निम्नलिखित weed कोनो पाँचक विपरीतार्थक शब्द fea: 2x5=0 i () Fer | (ii) तामसिक (ii) आयात ie (iv) संधि (vy) कनिष्ठ (vi) प्रसारण (vii) APE (viii) अभिज्ञा (ix) FRAT (x) सुदूर E-DTN-M-JMD-0/4 7 [ P.T.O. है | \ v P r

(0) निम्नलिखित मोहावरा ओ लोकोक्तिमेसैँ कोनो पाँचक अर्थ स्पष्ट कौत वाक्यमे प्रयोग करू : 4x5=20 () आगिमे घी ढारब (ii) पैरमे तेल लगाकए सूतब (it) Sen पड़ब (iv) बावन हाथक अतड़ी (v) लंका Bre हाथ उनचास , (vi) अस्सी मोन पानि पड़ब { (vii) बिनु पेनक लोटा ' ¢ ’ (viii) कागजी घोड़ा दौड़ाएब f fo) बाड़ीक पटुआ तीत ह d 6) फूलिकए gen होएब y , f { kak | aa E-DTN-M-JMD-0/4 8 JS3—500 डी \ v r

A-BRL-M-NBJC © ६.८१) 03 MAITHILI (Compulsory) Time Allowed : Three Hours | Maximum Marks : 300 | QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions. All questions are to be attempted. The number of marks carried by a question is indicated against it. Answers must be written in Maithili unless otherwise directed in the question. Word limit in questions; wherever specified, should be adhered to and if answered in much longer or shorter than the prescribed length, marks may be deducted. Any page or portion of the page left blank in the answer book must be clearly struck off. Ql. प्रत्येक विषय पर 300 शब्दमे निबंध लीखू :-- 50>2न00 Ql@ व्यक्ति ed जीबैत अछि, जीवनकालसेँ नहि। 50 0. l(b) समय पर न्याय मिलने बिना कोनो समाज स्थिर नहि रहि aha अछि। 50 0.2. निम्नलिखित aera सावधानीपूर्वक पढ़ at तकरे आधार पर निम्नांकित प्रश्नक स्पष्ट, सटीक आ संक्षिप्त उत्तर दिअ :-- 60-60 “सत्रकारक वैचारिक मतभिन्‍नता प्रशासन लेल सुविधाजनक साधन अछि। एकर अर्थ ई जे प्रेसशक्तिक स्वर विविधताक कारें छिड़िआ गेल छैक, sf. गेल dai जोरसँ बाजब महत्वपूर्ण नहि, श्रोताक संख्या जकरा सुनाओल जाइत SH, से समाचार पत्रक प्रभावी होयबाक सही मापदण्ड छैक | प्रेस-शक्ति एकटा कपट/छलावा Re और ई ने a समाचार wae बिकीसँ पाइ कमाइ बलाक PH, आ, ने त ओकर जे सर्वाधिक प्रचार-प्रसारक बल पर अर्थ कमाइ अछि। प्रचार-प्रसारमे योगदान जनता द्वारा देल जाइत oa आ, एड़ी दुर्बलताक लाभ ओ soda अछि at तकरा बढ़ावा दैत da) सिनेमाक बौक्स-आफिस अपील लेल ई आवश्यक da सिनेमा dea धरि दर्शककें de क' a जायबला चरित्र बहुमुखी होइत छैक जे दर्शक S देखाओल जाइछ । सिनेमाक A-BRL-UM-NBIE A,

व्यावसायिक सफलता बिल्कुल अलग Se, ओकर अपूर्वता आ संगहि कलात्मकता at इन्स्टूमेंटलक सटीक प्रदर्शनक arent | फिल्मक बनावट/सजावट प्रशंसाक हकदार BH जे सामान्य दर्शकर्सँ प्राप्त ae होइत Sa | इई प्राप्त होइत oH, आ से भेटैत Sa खास-विशिष्ट दर्शकर्स, जकर संख्या कम Ba we खास विशिष्ट व्यक्तिक चुनाव करब आ तकर प्रशंसा प्राप्त होयब कठिन Oa, संघर्षपूर्ण छैक, ओकर तुलनामे जे -आम दर्शक सिनेमाकेँ मनोरंजन लेल tea SH समाचारपत्र आ प्रकाशकक ई आन्तरिक उद्देश्य होयबाक चाही जे ओ दोसर ates लोककें शिक्षित-विकसित करय। दुनूक लेल एके प्रकारक प्रयास Ho जयबाक चाही। प्रलोभनसूँ ऊपर उठब दुनूक लेल समान अछि ।”' प्रश्न : 0.20) wer कोन दू वस्तुक मध्य तुलना क' wa छथि ? 0 Q.2Gi) समाचार पत्रक प्रति जनता कोन तरहें प्रतिक्रिया अभिव्यक्त करय जे ओकरा aa विचारशील oH ? 0 0.20) लेखक “इंक्विपमेंट'क रूपमे कोन वस्तुक संकेत-सन्दर्भ दे wa छथि ? [0 Q.2(iv) लेखकक विचारमे समाचार caw लक्ष्य की होयबाक चाही ? 0 0.2(४) लेखक कोन कोटिक व्यक्तिसँ सहमत नहि छथि ? [0 Q.2vi) कोन अधलाह प्रवृत्ति समाचार पत्रक गुणवत्ताकें प्रभावित क' wha छैक ? ]0 (0.3. निम्नलिखित गद्यांशक संक्षेपण मूल गद्यांशक शब्द संख्यासँ एक तिहाई शब्द संख्यासे करू। गद्यांशक शीर्षक दैने आवश्यक नहि छथि। शब्द सीमाक अन्तर्गत नहि war पर अंक काटल जा सकैत अछि :-- 60 us समकालीन विश्वमे राष्ट्र आ राष्ट्र-राज्यक (nation and nation-state) अवधारणा मध्य बहुत पैध आ सर्वव्यापी भ्रम व्याप्त SH) राष्ट्र-राज्यकें परिभाषित करब अपेक्षाकृत आसान छैक -- ओ विश्व राजनैतिक संगठनक एकटा आधारभूत इकाई OH ओ सभ प्राय: सार्वभौम देशक समरूप अछि, ओ सभ एहन इकाई अछि जकरा युनाइटेड नेशन्सक सदस्यता प्राप्त छैक, अंग्रेजीमे ओकरा सभक da देश शब्दक प्रयोग कयल जाइत छैक। ई सुविधाजनक होयत 'यदि हम सभ सोझ शब्दमे ओकरा स्टेट्स (States) कहो, किन्तु ई शब्द दुर्भाग्यसँ fro देशक ole इकाई यथा राज्य-प्रान्तक लेल व्यवहत होइत Oo, ने कि राष्ट्र-राज्यंक (nation-state) लेल | राष्ट्र-राज्य आ सार्वभौम राज्यकँ UH दर्जा देब स्पृहणीय अछि, किन्तु ई गलत धारणा उत्पन्न क' सकैत ’ अछि, कारण ue आधुनिक दुनियामे सार्वमौमिकतावकेँ उच्च प्रकृतिक प्रवहमान गति द' देल Ta छैक । वस्तुतः प्रत्येक राष्ट्र-राज्य अन्तर्राष्ट्रीय संगठनक समक्ष fees सीमा aft आत्मसमर्पण क' देने अछि, एहि संस्था was छोड़िओदी a यू. एन. (UN) weet अभूतपूर्व उदाहरण अछि wa जे अपन अधिकार ल' लेलक, लेकिन अधिकार दैत नहि अछि --एहि vers किछु राज्यसँ सम्बन्ध सम्पर्क बनौने राखबाक लेल एक कठोर आ संगठित ae रचना da जे अपन प्रभुत्व प्रदर्शन द्वारा अनुबन्ध कराबैत छैक। एक दिस तकर परिणाम ई होइत छैक जे खास-खास पैघ स्टेट्सकँ अत्यधिक आ व्यापक स्तरक प्रभुत्व द' दैत छैक। दोसर दिस कइयेक Be स्टेट्स शक्तिशाली पड़ोसी देश आ अन्तर्राष्ट्रीय संगठनक छत्रछायामे आबि जाइछ और स्वतंत्र क्रिया-कलापक aga: कोनो अवकाश /मार्ग नहि रहि जाइत Sa | A-ERL-U-NBIE ae

अधिकांश राष्ट्-राज्य स्वयंकेँ Agra’ रूपमे उल्लेख करैत छथि, cat कियेक नहि ene सभ हुनका at ही रूपमे ली आ कही जे नेशन-स्टेद्स आ नेशन्स gy एके थीक। ई संभव ae थिक कियेक त' ओ ध्यान हटयबाकु लेल ई सभ करैत Of, नेशन-स्टेट्सक वैधानिक रूपसँ परिभाषित अस्तित्व छैक आ नेशन एकटा जनसंख्या थिकै। जखन कि आधुनिक जनसंख्या जे cada! नेशन रूपमे स्वीकार करैत अछि आ सामान्यतः नेशन-स्टेट्सक रूपमे एकटा राष्ट्रक क्षमता-योग्यता प्राप्त कर' चाहैत अछि, एक नेशनक परिभाषा रूपमे जे दावा चाहैत अछि, ओकर अपन नेशन-स्टेट्स अत्यधिक नियंत्रित छैक, अधिकांश प्रतिक्रिया व्यक्त कयनिहार स्वीकार were जे पूर्वक सोवियत युनियनक अधिकांश युनियन रिपब्लिक, जेना कि जौर्जियन्स, लिधुआनिन्स an यूक्रेनियन्स रिपब्लिक्सक ytd स्वतंत्र राष्ट्र रहय और आओ सभ जनसंख्या जे सुपरिभाषित क्षेत्रक स्टेट्स अछि, जेना कि स्कौटलैण्ड, ओ बहुमतसेँ विचार ata छथि, जे हुनका सभकेँ नेशन स्टेट्स (nation-states) प्राप्त छथि और हुनका सभकें ओही रूपमे स्वीकृति भेटय। दोसर रूपमे एकरा कहब जे स्वायत्तता अथवा स्वतंत्रताक लेल इच्छा करब पर्याप्त अछि । यद्यपि राजतंत्र सतही तौर पर प्राचीन आ आधुनिक नेशन-स्टेट्सकें एकरूपता दैत अछि। wearer पूर्व विश्वक fre भागमे जेना कि चीन, भारत आ मेडिटेरेनियन बेसिन, ई सभ संगठन मूलरूपमे बहुत प्राचीन भू-भाग छल जे विशिष्ट द्वारा संचालित छल । ई सभ पूर्वक राजतंत्र विकसित भेल आ आधुनिक नेशन-स्टेट्स द्वारा विस्थापित कयल गेल, एखनहूँ शनै: शनै: आधुनिक काल aft पहचान जीवित अछि ऑस्ट्रो-हंगेरियन, रशियन और ऑटमन शासक जे [97/98 धरि जीवित रहि सकलाह, ओ सभ निश्चित ew वंशवादी wae रहथि, जतिक जनसंख्यामे सामूहिक राष्ट्रीय पहचान/अस्तित्वक भाव ale रहैक और सोवियत यूनियन शासक जे 99] इस्वी at वास्तविक अर्थमे pede परम्पराकों जीवित रखलनि, कइयेक देशकें संवैधानिक eat संगठित-एकत्रित राखलनि। सम्प्रति आइओ कशइयेक उदाहरण प्रस्तुत wea संभव SH जतय कि नेशन-स्टेद्स और Aged योगायोग नहि SH) अनेक राष्ट्रक सरकार वस्तुत: अपन-अपन नेशन-स्टेट्स 'राजतन्त्रकँ Aura रूपमे उल्लिखित ate छथि, wate राष्ट्र जनसंख्योकें धारण करैत तकरा प्रख्यापित कयल, जे राष्ट्रीय पहचानक रूपमे स्वीकृत ae छैक, ब्रिटेनमे बहुत aie और वेल्स अनुभव करैत छथि जे ओ स्कॉटिश sear aca छथि ने कि बिटिश अथवा हुनका स्कॉटिश-ब्रिटिश या वेल्स-ब्रिटिश राष्ट्रीयता छनि | अरब देशमे बहुत लोक ई अनुभव करैत छथि जे ओ अरब नेशनकवासी छथि, ने कि जेना अधिकांश अरब स्टेट्स wud coed dre और साउथ यमन ak जोड़ेत परिभाषित करैत छथि। aie व्यक्तिक ae राष्ट्र या जाति सम्बन्धी पहचान ततेक मजगूत अछि जे ओ राष्ट्र द्वारा निर्धारित (state oriented) राष्ट्रीय Wass समर्पित क' दैत SH, ओ गौण म' जाइत Oe | wae प्रथम अमेरिकन (First American) अथवा अफ्रिकनक राष्ट्र या जाति सम्बन्धी समूहक (tribes) उदाहरण देल जा सकैत OF | यद्यपि नेशन-स्टेद्स और नेशन्स एक नहि छैक, तथापि दुर घनिष्ठ ead जुडल छैक। wart स्मिथ (खासक' Smith 99] देखू) राष्ट्रकें (nations) रूपमे faved करैत wie, जे मुख्यतः: राष्ट्र या जाति सम्बन्धी ead विकसित भेल, aid रूपान्तरित कयल, अपन wee या जातीय wert amt बढ़बैत एक A-BRL-MU-NEIE ED

वृहत्‌ जनसंख्या oft पहुँचीलनि | और दोसर ओ जे अपन खास राष्ट्रीय seh राष्ट्रीय पहचान/अल्तित्व रूपमे विकसित कयल आ अपन विविधतसें परिपूर्ण जनसंख्या बहुत ऊपर oft उठौलनि आ राष्ट्रीय परिवृत्त बनौलनि | (467 शब्द में) 0.4. निम्नलिखित अंग्रेजी गद्यांशक अनुवाद मैथिलीसे करू :-- 20 Raman completed school when he was just eleven years old and spent two years studying in his father’s college. When he was only thirteen years old, he went to Madras | (which is now Chennai) , to join the B.A. course at Presidency College. Besides being young for his class, Raman was also quite unimpressive in appearance and recalls, ‘.....in the first English class that I attended, Professor E.H. Elliot addressing me, asked if I really belonged to the junior B.A. class, and [ had to answer him in the affirmative’. He, however, stunned हर all the sceptics when he stood first in the B.A. examinations. i Seeing what a brilliant student he was, his teachers asked him to prepare for the Indian Civil Services (ICS) examination. It was a very prestigious examination and very ' rarely did non-Britishers get through it. Yet Raman had impressed his teachers so much that | they urged him to take it up at such an early age. In spite of their student’s brilliance, the \ plan was not to work. Raman had to undergo a medical examination before he could qualify to take the ICS test and the Civil Surgeon of Madras declared him medically unfit to travel i to England ! This was the only examination that Raman failed, and he would later remark | in his characteristic style about the man who disqualified him, ‘I shall ever be grateful to this | man,” but at that time, he simply put the attempt behind him and went on to study Physics. i 0.5. निम्नलिखित मैथिली गद्यांशक अनुवाद अंग्रेजीमे करू :-- 20 | टाकाकँ कोनो रूपमे परिभाषित कयल जा aaa अछि जे एक दो सराक हाथें सहजतासँ क्रय करबाक | एक साधन fa बदलैन अथवा रूपैआक बदलामे वस्तु देबाक yor टाकाक उपयोग द्वारा बदलि देल गेल | BH, जकर प्रक्रिया अत्यन्त असुविधाजनक आ कठिन रहैक वस्तुक समान मूल्यांकन ओ विनिमय करबाक लेल, i संगहि लेमयबला आ देमयबलाक मध्य लेन-देनक सहमति होयब। विनिमयक सुविधा And श्रमिकक श्रम i वैशिष्ट्यकँ टाका सहयोग ata oa, जे उत्पादनक आधार Sa, Ge पैमाना पर। टाका कोनों तत्त्वक रूपमे | W सकै छ अथवा ओहि कोनो रूपमे जकरा कानून अथवा प्रथा-रेवाज द्वारा सहमति होइ, किन्तु एकटा आवश्यक तथ्य ई जे ओ सर्व व्यापक आ सहज रूपमे मान्य होइक। आदिम समाजमे एडहि प्रकारक वस्तु aH रहैक, | यथा — मवेशी, शंख, चाउर, चाहक पत्ती -- जकर उपयोग अदला-बदलीमे होइत छलैक, किन्तु आधुनिक | सभ्य समाजमे प्राय: धातु अथवा कागतक उपयोग एहिलेल ses! ई सिक्का अथवा नोटक रूपमे अछि, मुद्राक | em इयह स्पृहणीय da । कारण, ई caer आसान टिकाउ, गुणवत्तामे एकसमान आ ash स्वीकार्य Ow एहिलेल जे धातु मुख्य ead प्रयोग aaa जाइछ, ओ थिकै--सोना, चानी, तामा आ निकेल। नोट विभिन्‍न रूप at तरीकासँ निर्गत कयल जाइछ । 2-2: आ:2:2:222 pan

wet सभक अतिरिक्त विनिमयक एक माध्यम Soy रूपैआ/टाका गुणवत्ताक मापदण्ड थिक, अत: अन्य सभ गुणवत्ताक तुलनामे स्तरीय मानदण्डक रूपसेँ अलगसँ अदायगीक लेल राशि -- जेना कि ऋण राशि और राशिक संभरण S| एकटा मुख्य अन्तर SH स्तरीय (standard) टाका आ ASA (Token) टाकामे, aT ओ ई Sh जे कोनो एक वस्तु जकर तुलना aed कयल जा सकैत छैक, तकर मूल्यांकन करबाक हेतु । स्तरीय (standard) टाकाक मूल्य वस्तु पर निर्भर ate Se किन्तु टोकेन (token) टाका रूपैआक स्थितिमे कानून आ प्रथा-रेवाज द्वारा. निर्धारित अपन मूल्य a’ लैत छैक, UB बातक ध्यान देने बिना जे एकर तात्ततिक मूल्य की होयतैक | (0. 6. सभ प्रश्नक उत्तर fer — Q. 6a) fram परिभाणा सोदाहरण लीखू। 0 Q. 6(b) पाँच शब्द पर्यायवाची शब्द लीखू :-- ; 250 (0. शाश्वत 2 Gi) पर्यावरण 2, (ii) वन 3 (iv) सूर्य 2 (४ vat 2 0. 6c) FA पाँच टाक अनेक शब्दक बदलामे एक शब्द लीखू :-- 2><5न0 @ जे तेल tee अछि। 2 Gi) जे सभ जनैत अछि। 2 Gi) जकरामे बड़ गुण छैक | 2 Gv) बहुत तेज गतिसँ दौड़य बला। 2 (v) जे नहि gta अछि। 2 0. 6) निम्नलिखितमे ef कोनो चारि टाक अर्थ स्पष्ट ata वाक्यमे प्रयोग करू :-- 250 (0) अलखक चान होयब | Ms Gi) अपने मुँह Par मिट्ठू। 2% Gii) कदुआ पर. सितुआ चोख | 2% (४) ने तीन मे ने तेरह मे। 2% 4-BRL-M-NEIC 2,

जद ख anes C-AVZ-O-NBUC CS (teat) की MAITHILI ( Compulsory ) Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 300 QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions All questions are to be attempted. The number of marks carried by a question/part is indicated against it. Answer must be written in MAITHILI (Devanagari script) unless otherwise directed in the question. Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to and if answered in much longer or shorter than the prescribed length, marks may be deducted. Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. t C.ADF-0-NBUC/47 ह [ P.T.O. www.examrace.com

l. निम्नलिखित कोनो एक विषय पर लगभग 600 शब्दमे Fara लिखू : 00 (a) युवामे aga असहिष्णुता (b) असफलता सफलाताक प्रथम सीढ़ी थिक (५. पढ़बाक आदत समाप्त भ5 रहल अछि (८). अन्धविश्वासक विरोधमे संघर्ष और समाज 2. निम्नलिखित गद्यांशकेँ ध्यानपूर्वक पढ़ि ओकर ae देल गेल प्रश्नक सटीक एवं स्पष्ट उत्तर अपना शब्दमे लिखू : 2x5=60 रिपोर्ट कहैत अछि जे भारतवर्षक महाविद्यालय उत्तीर्ण भेनिहार 80 प्रतिशत लोक बेरोजगार छथि। युवा-पीढ़ीक सम्पर्कमे रहनिहारमेसैँ एक, हम मुदा एहि आँकड़ासँ असहमत छी। युवावर्गक सम्पर्कक आधार पर हम मात्र एतेक कहि सकैत छी जे लगभग 90 प्रतिशत युवाक बेरोजगारीक कारण थिक हुनक अस्पष्ट और उत्तरदायित्वहीन दृष्टिकोण। वर्तमानमे युवावर्ग, wag पार्श्वमे रहैत गलतिक आरम्भ अशिष्ट आचरणसँ भरल आत्मविश्वाससैँ eta छथि। ओ बिना किछु प्रयास कयने aft धन कमाबय चाहित छथि। wt अर्थ ई नहि जे हुनकामे क्षमताक अभाव अछि, ओ बढ़ियाँ अंग्रेजी बाजि सकैत छथि और अपना संबंधमे अति raed भरल छथि। ओ नवीनतम रिंग-टोन, सिनेमा और चुटकुलाक जानकार छथि मुदा जखने feat थोड़ेक आगाँ बढ़ैत अछि as ओ अपन रिक्त आँखिसैं हमरा दिस देखय atta छथि। ओ बहुत पैसा अर्जित करय चाहैत छथि, ane लेल मीडिया-हाइप और नियमित प्रकाशित होमय बला वेतन-सर्वेके धन्यवाद, Yet हुनका ओ दक्षता नहिं छनि, जे ae प्रकारैं धन अर्जित करबामे हुनक सहयोगी होनि। हुनक डिग्रीक सम्मान eta स्नातक-स्तरक विषयक प्रश्न जौं grag पूछल जाय as अधिकांश विचलित vs जाइत छथि। विषयक अतिरिक्त हुनका कोनहूँ विषयक जानकारी नहि tea अछि अथवा ओ ade नहि छथि। ger एतय किछु wea और अछि। सदाचार और व्यवहारक संबंधमे प्रश्न, अहाँगे और की बढ़ियाँ अछि, अहाँ अपन अतिरिक्त समय कोना व्यतीत sta छी, और तखन एहन आश्वस्त लड़का-लड़किकसमूह हमरा we संशवसँ ग्रसित देखाइ पड़ैत छथि--हमरा ue wets की उत्तर देबाक चाही? Gran Hea उचित ale अछि जे ई हुनक अपन जिन्दगी थिक और हुनका अपना संबंधमे हमरा स्वयं कहय चाहियनि। fees as ओ हरदम बनल-बनायल के उत्तर देमय चाहैत छथि, एहन भाव रहैत OM जेना हुनका एहिसैं मुक्ति देल जाय। ओ कहैत छथि जे--““जॉ हम पर्याप्त मात्रामे अभ्यास करब तड एहन अवश्य प्रमाणित ws देव।'” एवम्‌ wat युवावर्ग लोलुप पाठक, गिटार-वादक, स्टार-बल्लेबाज और एतेक धरि जे माली aft as जाइत छथि। हमरा आश्चर्य Sea अछि, ST कोनो नासमझ भेंटकर्त्ता हुनक आधा-अधुरा कथा पर विश्वास Sta अछि As! &-#09-6-8क46/4क7 2 www.examrace.com

यद्यपि भारतवर्ष आगाँ बढ़ि रहल अछि और हमरा समक्ष एहन उत्तरदायित्वहीन पीढ़ी तैयार अछि, जकर एकमात्र लक्ष्य बिना प्रयासक बढ़ियाँ जिन्दगी जियब अछि। एना प्रतीत भ$ रहल अछि जे हम एहन फौज निर्मित as रहल छी, जे बिना 'किछ दर्शन, बिना वचनबद्धता या सदाचारसैँ भरल अछि! अपन चमड़ीके बचायब और fag उपयुक्त aad कोनो एकटाक चुनाव करय हेतु कहला पर, अधिकांश युवाक जवाब वस्तुतः STATA बचायब होयत्त। एना मानल जाइत अछि जे जखन हम युवा रहैत छी as हमरा भीतर किछु आदर्शवाद विद्यमान रहैत अछि, यद्यपि हमर विचार ठोस नहि होइत अछि तथापि हम कोनहूँ प्रयोजनक प्रति ठाढ़ रहबाक इच्छुक as रहैत छी। आई-काल्हि युवावर्गमे कोनहूँ प्रयोजनक प्रति भावावेश नहि अछि। एहिं पीढ़ीक अत्यन्त पूर्वाभ्याससँ विनिर्मित उत्तर सुनि हम aaa छी जे नव मंत्र मात्र रुपया थिक। 'एकर अतिरिक्त जाँ और कियो fag महत्त्वपूर्ण बात कहैत छथि as ओ पुरातन थिक। ; (a) at की कारण थिक Safed युवा रोजगार हेतु अयोग्य छथि? (b) वर्तमानमे युवा Saad की अपेक्षा wa छथि? (oc) लेखकक अनुसार, वर्तमानमे युवा पीढ़ीक एकमात्र प्रयोजन की थिक? (@) आजुक युवाक बीच विचारणीय नव मंत्र की fire? (e) वर्तमान युवा पीढ़ीक आदर्शवादक प्रति की दृष्टिकोण अछि? 3. निम्नलिखित गद्यांशक PAT मात्र एक-तेहाइ शब्दमे लिखू। शीर्षकक उल्लेख करबाक प्रयोजन नहि अछि। संक्षेपण अपन भाषामे लिखू : 60 रक्षा क्षेत्र विदेश पर निर्भरता कम करब और आत्मनिर्भरता प्राप्त करब सामरिक और आर्थिक gq ered वर्तमानमे विकल्पक अपेक्षा आवश्यकता थिक। अतीतमे सरकार हमर सशख्र बलक आवश्यकता पूर्ण करबाक हेतु आयुध निर्माण कयलक और सार्वजनिक क्षेत्रक उपक्रमक रूपमे उत्पादन क्षमताक निर्माण कलयक। यद्यपि, विभिन्न रक्षा उपक्रमक उत्पादन क्षमताकं विकसित करबाक लेल भारतमे निजी क्षेत्रक भूमिका बढ़यबा पर बल देबाक आवश्यकता अछि। विभिन्न वस्तुक ह Patek बढ़ावा tare हेतु “मेक इन इन्डिया' सदृश महत्त्वपूर्ण पहल कयल गेल अछि। अन्य वस्तुक अपेक्षा रक्षा थक उपकरणक घरेलू उत्पादनक अधिक आवश्यकता अछि, किवैक as ued नहि मात्र बहुमूल्य विदेशी मुद्राक बचत होयत, अपितु राष्ट्रीय सुरक्षाक Peach el दूर कयल जा सकत। रक्षा क्षेत्रे सरकार एकमात्र उपभोक्ता थिक। अतः “मेक इन इन्डिया' हमर खरीद नीति द्वारा संचालित होयत। सरकारक घरेलू रक्षा उद्योगकें बढ़ावा देबाक नीति, रक्षा खरीद नीतिमे नींक जकाँ परिलक्षित होइते अछि। जतय ‘ag एंड मेक &-हए9-9-9फक९/47 3 [ P.T.O. www.examrace.com

इन्डियन' तथा “बाइ इन्डियन' श्रेणिक बाइ ग्लोबलसँ पूर्व स्थान अबैत अछि। आबय बला समयमे आयात Bein दुर्लभतम भेल जायत और आवश्यक व्यवस्थाक निर्माण और विकासक हेतु सर्वप्रथम अवसर भारतीय उद्योगकें प्राप्त होयत। भनहिं वर्तमानमे भारतीय कम्पनिकें प्रौद्योगिकीक संबंधमे पर्याप्त क्षमता नहि होमय, ओकरा विदेशी कम्पनिक संग संयुक्त उद्यम, प्रौद्योगिकी हस्तांतरणक व्यवस्था और गठबंधन हेतु प्रोत्साहित कयल जाइत अछि। Wer धरि रक्षा क्षेत्र घरेलू उद्योगक प्रवेश हेतु लाइसेन्स और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबन्ध आदिक सन्दर्भभे कतेक बाधा छल। रक्षा विनिर्माणक क्षेत्र निवेशक प्रक्रियाकँ आसान बनयबाक हेतु आब कतेको Aas उदार बनाओल गेल अछि। and महत्त्वपूर्ण रक्षा क्षेत्र प्रत्यक्ष विदेशी Fah बढ़ावा tars हेतु who डी० ange नीतिकें उदार बनाओल गेल अछि। लाइसेन्स नीतिकँ सेहो उदार बनाओल गेल अछि और ana घटक, हिस्सा-पुर्जा, काँच-माल, परीक्षण उपकरण, उत्पादन मशीनरी आदिकें लाइसेन्सक क्षेत्रसँ बाहर राखल गेल अछि। जे कम्पनि एहि प्रकारक वस्तुक उत्पादन करय चाहैत + अछि, आब ओकरा लाइसेन्सक आवश्यकता ae होयत। रक्षा aaa ata और विदेशी दुनू निवेशक हेतु एकटा te अवसर उपलब्ध अछि। एक दिस जतय सरकार निर्यात, लाइसेन्सिंग, Tho डी० आइ० सहित निवेश और खरीद हेतु नीतिमे आवश्यक परिवर्तन ms रहल अछि, state sans सेहो आवश्यक निवेश और प्रौद्योगिकीक संबंधमे उन्नयन करबाक चुनौतीकँ स्वीकार करबाक हेतु समक्ष अयबाक चाही। रक्षा एकटा एहन क्षेत्र थिक जे नवाचारसँ संचालित होइत अछि और जाहिमे भारी निवेश और प्रौद्योगिकीक आवश्यकता अछि। वस्तुतः उद्योग के सेहो अस्थायी लाभक अपेक्षा विस्तृत अवधि हेतु सोचबाक मानसिकता बनबय पड़त। हमरा अनुसन्धान विकास तथा नवीनतम विनिर्माण क्षमता पर अधिक ध्यान देमय पड़त। सरकार, घरेलू उद्योग हेतु एकटा एहन पारिस्थितिकी प्रणाली विकसित करबाक हेतु प्रतिबद्ध अछि, जाहिसैँ ओ सार्वजनिक और निजी दुनू क्षेत्रगे बराबरक स्तर पर व्यावसायिक उन्नति HS सकय | 4. निम्नलिखित मैथिली गद्यांशक अंग्रेजीमे अनुवाद करू : 20 | अरब देशक बेसी हिस्सा रेगिस्तान अछि। एतय चारु दिस रेत और चट्टान अछि। रेत अथवा बाउल एतेक गर्म होइत अछि ने जे दिनमे खाली पैर अहाँ ओहि पर चलि नहि सकैत छी। रेगिस्तानमे एम्हर-ओम्हर पानिक स्रोत अछि, जे धरतीक बहुत नींचा प्रवाहित होइत अछि, ओ एतेक नींचा अछि जे सूरज सेहो ओकरा सोखि नहिं सकैत अछि। अछि as ओहन स्रोत बहुत कम, मुदा जतय कतहूँ कोनो wage स्रोत अछि ओतय नम्हर गाछ होइत अछि और ओ अत्यन्त सुन्दर देखाई दैत अछि। स्रोतक चारु दिस छायादार हरियर गाछी बनबैत स्थानकें नखलिस्तान कहल जाइत अछि। C.@0F-0-NBUC/47 4 www.examrace.com

अरबवासी जे शहरमे निवास नहिं ate छथि, बरख-भरि रेगिस्तानेमे रहैत छथि। ओ तम्बुमे tea छथि, जे आसानीसँँ गाड़ल और उखाइल जा सकैत अछि, जाहिसँ ओ एक नखलिस्तानसैँ दोसर नखलिस्तान ok अपन भेड़, बकरि, Jz और घोड़ाक aa घास-पानिक हेतु जा सकैत छथि। रेगिस्तानवासी अरब खूब पाकल अंजीर और खजूर खाइत छथि, जे खजूरक TSA wed अछि। ओ ओकरा सुखाबैत छथि और भरि बरख खाद्य पदार्थक STA sila उपयोग ata छथि। we अरबवासी लडग संसारक सर्वोत्तम घोड़ा wee अछि। एकटा अरबवासी अपन सवारी घोड़ाक कारणेँ अपनाकें गौरवान्वित अनुभव करैत अछि और घोड़ाकें अपन पत्नी और बच्चा सदृश प्रेम कौत अछि। उँट as ओकर अत्यन्त सुन्दर घोड़ासँ बेसी उपयोगी अछि, अत्यन्त विशाल और ताकतवर सेहो। एकटा Se लगभग दूटा घोड़ासँ बेसी सामान उठा सकैत अछि। अरब लोकनि अपन उँटकें amd खूब लादैत छथि और रेगिस्तानमे मीलक मील सवारी सेहो ata छथि। जेना at सच्चेमे 'रेगिस्तानक जहाज' होमय। बेसी काल ओकरा अहिना सम्बोधित कयल जाइत अछि। 5. निम्नलिखित अंग्रेजी गद्यांशक अनुवाद मैथिलीमे करू : 20 Language and communication are something that children learn by talking to one another. But schools consider this an act of indiscipline. Instead, we have a special grammar class to learn language! One educationist remarked, “It is nice that children spend just a few hours at school. If they spend all 24 hours in schools, they will turn out to be dumb!” In most schools, teachers talk, children listen. The same is true for other skills also. Children learn a great deal without being taught, by tinkering and pottering on their own. Changes in the school system, if they are to be of lasting significance, must spring from the actions of teachers in their classrooms, teachers who are able to help children collectively. New programmes, new materials and even basic changes in organizational structure will not necessarily bring about healthy growth. A dynamic and vital atmosphere can develop when teachers are given the freedom and support : to innovate. One must depend ultimately upon the initiative and respectfulness of ही such teachers and this cannot be promoted by prescribing continuously and in detail what is to be done. In education, we can cry too much about money. Sure, we could use more, but some of the best classrooms and schools I have seen or heard of, spend far less per pupil than the average in our schools today. We often don’t spend well what money C.E09-0-NBUC/ AT 5 [P.T.0. www.examrace.com

we have. We waste large sums on fancy buildings, unproductive administrative staff, on diagnostic and remedial specialists, on expensive equipment that is either not needed, or underused or badly misused, on tons of identical and dull textbooks, readers and workbooks, and now on latest devices like computers. For much less than what we do spend, we could make our classrooms into far better learning environments than most of them are today. 6. (a) निम्नलिखित शब्दक विपरीतार्थक शब्द लिखू : 2+570 () अनुकूल (i) उत्कृष्ट ( आत्मवादी (iv) उत्कर्ष (v) परमार्थ (b) निम्नलिखित शब्दयुगलमे भेद स्पष्ट करू : 2+50 () जड़-जर (i) तप-ताप (iii) चालि-चाली (iv) चानि-चानी | (vy) पुरान-पुराण (५. निम्नलिखित लोकोक्तिकेँ art प्रयोग करू : 25न0 () कनहीं गायक fra aera हर (i) rd अक्षर महिस बरोबरि (iii) Teel खसलाह SATS, रु सलाह गामक लोकसँ (iv) चट Arh पट बिआह (vy) चोर Fag इजोत सहय 6 #0%.0-9.0%0/47 6 www.examrace.com

(a) निम्नलिखित अनेक शब्दक एक शब्द लिखू : 25+0 () जे कम बाजय (i) जे पालन करय (iy जकर दमन कठिन हो (iv) safe पुरुषक पत्नी नहि हो (v) सत्य बजनिहार kkk C.409-0-NBUC/47T 7 SB6—20 www.examrace.com

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= a, e'SCMe g Sl.No. 3° D-DTN-—J-NUA MAITHILI Paper—I ( Literature ) | Time Allowed : Three Hours | | Maximum Marks : 300 INSTRUCTIONS Candidates should attempt Question Nos. 3 and 5 which are compulsory, and any THREE of the remaining questions, selecting at least ONE question from each Section. The number of marks carried by each question is indicated at the end of the question. Answers must be written in Maithili. Section—A , l. निम्नलिखित art dir पर टिप्पणी लिखू : 20*3=60 (क) were आकृतिमूलक वर्गीकरण (ख) संस्कृत at Arete सम्बन्ध CT) मैथिलीक विविध बोली (a) मैथिली at भोजपुरी 2. मध्यकालीन मैथिली भाषाक स्वरूप विवेचन करू | 60 3. मैथिली क्रियापदक विशेषता विवेचन करू । 60 4. भारोपीय भाषा परिवारमे मैथिलीक स्थान निरूपित wel 60 ली. S57 [| P.T.o.

al | Section—-B ‘ | 5. निम्नलिखित कोनो तीन पर टिप्पणी rq: 20x a=60 (क) मैथिली साहित्यमे कृष्णकाव्य । (a) नेपालक मैथिली नाटक । CT) मैथिलीक लोक-साहित्य ! (a) कबीश्वर चन्दा झाक रामायण | : | 6. विद्यापतिक बहुमुखी प्रतिभाक विवेचन करू। 60 7. मैथिली पत्रकारिताक विकास सँ afer कराउ। | 60 | 8. आदिकालीन गैथिली after अध्ययनक सामग्री पर प्रकाश, दिअ। | 60 * kok | | | | | | | D-DTN—J-NUA/57 2 JS—500 | ||

co cS CM) | Sl. No. 398 D-DTN-—J-NUB MAITHILI Paper—IlI ( Literature ) INSTRUCTIONS Candidates should attempt Question Nos. 2 and 5 which are compulsory, and any THREE of the remaining questions, selecting at least ONE question from each Section. The number of marks carried by each question is indicated at the end of the question. ; Answers must be written in Maithili. Section—A ग. Preafafact सँ कोनों तीन अवतरणक सप्रसंग व्याख्या प्रस्तुत ata आओहिमे सन्निहित भाव an sitet काव्यगत वैशिष्स्यक स्पष्ट करूं (उत्तर अधिकत्तम 200 शब्दने दातन्य) ८ 20x3=60 (के Yaar deste काली नाग, wd दिन से बड़ अजगुत लाग। ufé ah संसए am बिसेखी , कृष्णक जन्म अआअमानुष wet के ई थिकाह ककर अवतार, संसय बस भेल सकल MSI संसय अन्त कोनहु नहि asia, सखन कृष्ण पुन मोहनि लगाओल। /58 [ P.T.O.

E फूल जे गमकैत बन-वनमे ela अछि सुरभि-घट © | खिलखिला ms जे €8 अछि भव-भुवन-भरिमे हृदय से। | wat जे गुजन कौ अछि, गीत wre अछि विहंगम | . मम-तन ada कलापी जे कौ अछि चिर-प्रणय सँ।। | (Tt) कुल-वैभव रुचि रूप aga शुचि afta आचरित तूल। । | SE कुमार सुकुंमार Gags एक तरुक Gs फूल !। \ मधु माधव जनु, A नभस्य जनु, तप-तपस्य SZ TI | एक क्रतुक दुइ मास प्रकृति गुण समगम fag मृदु-तिग्म ॥ (a) meat मीतिशास्त्र-अनुसार। चारक वध नहि अछि व्यवहार॥ दूत बेचारा मारल जयत। रामचन्द्र सौँ युद्ध न Saal \ अक्षित हयता कहता जाय। wae नहि थिक दूत बझाय।। | नीति विभीषण weed नीक। मानल बचन सदर्थ आअर्हीक ॥। \ \ 2. “लालदासक *रमेश्वर-चरित मिथिला रासायण' मैथिली राम-काव्य । To विकासमे agi कारें अत्यन्त महत्त्वपूर्ण aie)” ! ‘arene & आधार पर लालदासक काव्य-सौष्वक विवेचन ) ata Ue कथनक समीक्षा करू। 60 | 3. “'योविन्ददासक काव्य सुंगारपरक होइतहैँ समष्टिरूपँ भक्तिभावक अभिव्यक्ति fire’ Neer भजनावली 'क पठित अंशक i आधार पर एहि उक्तिक समीक्षा eta अपन स्वतन्त्र विचार प्रगट 7 4 we! _ 60 : 4. ‘Rea शब्दचित्रक gro परिस्थिति, व्यक्ति at मिधिलाक । नारीक समस्याक चित्रण तथा व्यंजना भेल afer’ “ara : नामकरणक सार्थकता प्रमाणित sta एहि उक्तिक समीक्षा bel 60 | \ \ D-DTN-—J-NUB/58 2 . ।

| | . ' Section—B 5. निम्नलिखितमे w art तीन गद्यांशक सन्दर्भ सहित व्याख्या ata | ates सच्निहित विचार an काव्यगत विशेषताकें स्पष्ट करू (उत्तर | अधिकतम 200 शब्दमे दातव्य) : 20*3=60 | (क) vate जिनगी महाग विचित्र होइत Sa औआओकरा नीको ं मोन पड़े & आ अधलाहो मोन aed नीक लगै Sa! ओइ दिन मोन होअय जे भने sient Ter af तोड़ि दितही। मगर फेर जखन पंचमे sau जबाव भेटलै a’ कहाँदन Bit बड़ हिचकि-हिचकि ow” 23) आब ara feat जे ait जेहन | ae ताहिमे ओकर कोनो दोख ने। ae जेहन छी age न Baa कोनो दोख Al Ga) emt Baan अपना प्रेमीक aa नहि saga) कनइए | केवल HA) कनइणए केवल कन्या अपन मायक स्तन A | ata gua fists cia, मायक हृदय सेँ ata | स्नेह-वात्सल्यक Pete लेल। आ माय? 3 मदालसा? | मदालसा एहिना ath ओछान पर सूतलि छोड़ि अन्हार | waa, साओन-भादोक बरखामे अभिसारिका aa’ ata | जाइत अछि | (ग). arm aif an गेल छलैक। एक Rae सँ फिरीसान 0 क' बिछने ofa, sar से एक मिनटक ककरो चंठपनीमे नाश a’ गेलैक। at हतप्रभ भेलि ठाढ़ि ofa, आऔओकर मुँह दयनीयता सँ भरल wets! आओकर करुण मुँह देखि सभक मन edi छलैक। दुःखक oe धरातलकें फोड़ि कड बहार भेलैक तामस, आक्रोश आ गारि जे स्वाभाविक छलैक, जे निर्वलक प्रतिकारक साधन were | D-DTN-J-NUB/S8 3. : [P.T.O. 7

= | (3) आओ दुनू धारमे स्नान कए घूरि we छलीह। og ar ; | धरती पर दूटा चान zak area हो। ash जेना भिनसरबाक चान हो आ छोटकी dyer) लगइ जेना दूटा | कमल छवि छिरिया रहल हो। बड़की जेना फूलडालीमे | Tae उदास सरोरुह आ छोटकी Bar सरोवरमे Daa ं अर्द्धविकसित सरसिज | | 6. 'कथा-संग्रह'क आधार पर एहिं aeqdh विवेचित-विश्लेषित करू | जे-र' आधुनिक मैथिली कथा समकालीन सामाजिक, आर्थिक । विसंगति पर विभिन्न ad चोट ata अछि" | 60; 7... लोरिक विजय उपन्यासमे मिथिलाक माटि-पानि an संस्कारक । | सम्पूर्ण सौन्दर्य at सौरभ उद्भासित us gaa afte’? एहिं | उक्तिक समीक्षा ata “afte विजय 'क अआौपन्यासिक चैशिष्स्य पर । प्रकाश दिअ। 60 | 8. “gant Gan देह आ मोनक यथावत्‌ उपस्थापम राजकमलक | कथाक निजता अछि।''--कृति राजकमलक 'क आधार पर एहि ' कथनक Wt मूल्यांकन कौत मैथिलीक कथाकारक wah | राजकमल dette योगदानक विश्लेषण करू। 60 । i i | | | | | | D-DTN-J-NUB/58 4 JS—600 | a a

CS = EXAM, 2040 ' sino. 27 D-DTN-K-NJA MAITHILI Paper—I ( Literature है Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 300 INSTRUCTIONS Candidates should attempt Question Nos. द and 5 which are compulsory, and any THREE of the remaining questions, selecting at least ONE question from each Section. The number of marks carried by cach question is indicated at the end of the question. कि Answers must be written in Maithili. Section—A . निम्नलिखित कोनो तीन पर fect faq : 20x3=60 एक) भाषाक वर्गीकरणक sar (a) प्राकृत 3h मैथिलीक सम्बन्ध CT) मैथिलीक विभिन्न बोलीक परिचय C3) मैथिली भाषाक क्षेत्राजुसार विभाजन 2. मैथिली sere विकास-क्रम सँ परिचय कराउ। 60 /उर | P.T.O.

= . a ~ “ , 3. मैथिली एवं उड़िया भाषाक सम्बन्धक विवेचना we 60 4. तिरहुता लिपिक उद्भव at विकासक रूपोखा प्रस्तुत करू। 60 | Section—B | 5. निम्नलिखित art तीन पर टिप्पणी लिखू : 20>उन्60 (क) कीर्त्तनियाक विशेषता | (a) मैथिली साहित्यमे रामकाव्यक परम्परा | | CT) मैथिली लोकगीत | (3) ज्योतिरीश्ररक वर्णरत्नाकर | कि | 6. विद्यापतिक परम्परा 4 की तात्पर्य? विवेचन wet 60 | 7. मैथिली कथा -साहित्यक विकास सँ परिचय कराउ। 60 | 8. मैथिली साहित्यक काल-विभाजनक प्रसंग विभिन्न विद्वानक can समीक्षा करू 60 | kek ; | D-DTN-K-NJA/57 2 BS—600

न CS (MAIN) EXAM, 2040 | Sl. No. i D-DTN-K-NJB | MAITHILI Paper—lIlI ( Literature ) Time Allowed : Three Hours ) INSTRUCTIONS Candidates should attempt Question Nos. and 5 which are compulsory, and any THREE of the remaining questions, selecting at least ONE question from each Section. The number of marks carried by each question is indicated at the end of the question. Answers must be written in Maithili. Section—A l. निम्नलिखित कोनो तीन अवतरणक सप्रसंग व्याख्या प्रस्तुत ata sea सच्नरिहित भाव आ sitet काव्यगत area स्पष्ट करू (उत्तर अधिकतम 200 शब्दमे दातन्य) : 20x3=60 (=) अगमने फ्रेम गमने कुल जाएत चिन्ता पंक लागलि करिणी मजे अबला ag दिस भमि झाखजों जनि eng डरे भीरु हरिणी।। wa gor गमन विरोधक उंगल गगन wit att मोरा॥। थे Be भरमे पथ पद anise ः आए तुलाएल पंचदशी हरि अभिसार मार उदबेजक ania Para pra ससी ॥ /58 { P.T.o.

| & सुइ लय बेधिअ TST ATT ere छुबिअ cant हाथहि लाग॥ । mit सघन घन बरिसय ai हैं फनिपति फना tare vert | लागल झड़ी yea सब दीग | . पशु पच्छी सब परल अदीग ॥। | | सूर्य सुधाकर स्वोजलों ने पाबिउ | | कमल aye निसि बासर जानिअ॥। | (7) जाप सुकानन पनसोद्यान। सुभग सुशीतल serail न aun पवित्रित प्रचुर तड़ाग। निर्मल art अमृतसन aris धेनु बकेन aay गाय। झुराड झुराड देखल TTT अति अपूर्व शोभा विस्तार। धर्म-निरत सभ शुद्धाचार |! वन -उपवभ मुनि आश्रम सहित। मंजुल बंजुल दूषण-रहित | (a) दशरथ रथ सँ पथ प्रशस्त जत परम पुरुष अवतार। ही आदर्श उपस्थित विश्व-शासनक सार।। मैथिलीक पत्ति-भक्ति एतहि भरतक werd अनूप | सौमित्रिक चारिन्य fra सँ जगमग कीर्त्ति-स्तुप n =m पखारथि भक्ति-भाव सँ सरयू पावन नीर। । वन उपवन फल फूल चढ़ाबथि डोलबधि चमर समीर ॥। ईति-भीति नहि एको anita रोग-शोक नहि संच। . प्रजा धर्मपथ चलथि स्वयं, ने ash कपट प्रपंच ॥। 2. “'कवीश्वर ser झा “मिथिला भाषा रामायण में छन्दक विविधता आओ लोकोक्तिक विलक्षणताक संगहि avian चित्ताकर्षक छवि प्रस्तुत कयने छथि''--पएहि कथन पर विचार करू। 60 3. ‘Vaal रोचन श्रवण-विलास : vag een पद गसोविन्ददास we पंक्तिक आलोकमे गोविन्ददासक काव्य-सौन्दर्यक निरूपण करू | 60 D-DTN-K-NJB/58 2

: | . |. न 4. लोकमुखी शब्दावलीक wom द्वारा साहित्यक आत्मीयता एवं | eer ag aaa प्रगतिवादी यात्रीक 'चित्रा' सर्वाधिक न लोकप्रिय ta अछि--सयुक्ति विवेचन करू। 60 ; Section—B हर 5. निम्नलिखित art तीन गद्यांशक सम्दर्भसहित aren ata ates निहित अभिव्यंजनागत at कथ्यगत विशेषता पर प्रकाश | दिअ (उत्तर अधिकतम 200 ween दातव्य) : 20*3=60 (क) कँपैत हाथ a अलमुनियमक vance बाटी उठा का YA गनलक। aati आ पाइ मिला क' सबा तीन ':. आना। देनालमे सटलि, जाड़ें धर-थर ata छड़ी दिस बिन तकमहिं afgen बाजलि--र्' ‘teh सँ दया-धरम उठि गेलइ... एगो पइसो दइमे मोह होइ हइ लोकके a’ गरीब भिखमडगा कोना जीउतइ ... छड़ी घुसकि a’ नानीक देहमे सटि गेलि। तेहेन ने कटकटौआ बसात wea west waa, बुढ़िआ wea Su a क* उठलि। मुदा get ने तेहेन सन-सन कौत पछना उठलैक जे PSST पाकल आम went wore स्वसि पड़लि। विवस्त्र शरीरक गत्र-गत्र पछना aa’ लगलैक i (a) भोजने सँ प्रकृति ata Sa चाली माटि खा ws माटि ग भेल tea अछिं। साँप बसात dif ws फनकैत अछि। wea ay डबल रोटी खा HS फूलल tea अछि। मुर्गा सैनिहार मुर्गा जकाँ asa अछि। और हम सभ साग-भाँटा खा RS साग-भाँटा भेल छी। हमरालोकनि भक्त (भात)क * प्रेमी थिकहूँ, ते एक dau सँ विभक्त रहित छी। ae पर की a ड्िदल Cateye योग भेले areal तखन एक eat aS HS कोना रहि सकैत छी ? D-DTN-K-NJB/58 3 | P.T.O.

ही जैं आइ सभ नवयुवकक लक्ष्य नोकरियेटा us Wau a सभतरि निराशाक वातावरण af गेल ai चाही ई जे नोकरीयोकेँ एक साधन बूझल जाय। जेना ई संसार अनन्त अछि तहिना साधनों असीमित dat मोनकें एके wert wet Wa मनुक्खक मर्यादाकँ an sitet साम्थ्यकिं अपमान करब fre! (3) कुमुद' Ge कदम्ब' ara’ भास कैलास' कर्प्पूर पीयूषक ait प्रसारी सन क्षीरसमुद्रक दक्षिणानिले चालल aor wet AEWA. shan सरोवर तरन्नक सहोदर सन- शरतक पूर्णिमाचान्दक Steer ages अभिनव प्रकाशित कमलकोष werkt शोभा da. कन्दर्प्पक दर्प्पप्रकाशन सम- त्रैलोक्यक ANTS YaST हृदयमोहन मन्त्रसन- स्वेद- स्तम्भ: ars. cane. कम्प- वैवर्ण्य- sry. wea ड़ ये आठओ aie भाव ताक भण्डार सन- | 6. “usenet मैथिली. कथाक. शब्द-शब्दमे adam at | प्रयोगधर्मिताक झलक देखबैत of, जेहने भाव-वस्तुमे, aa | अभिव्यक्ति -शैलीमे।'' एहि उक्तिक समीक्षा करू | 60 7. ‘efter झा eieck विधाक मान्यता प्रदान करबैत दार्शनिक चिन्तनक ant cede पांडित्यक परिचय देबामे पूर्ण सफल भेल of’ —an ककाक तरंग'क आलोॉकमे एहि कथन पर ॥ विचार करू। 60 | 8. मैथिली भाषा-साहित्यक आदि गद्दा-ग्रन्थ *चर्णरत्नाकर' काव्य ate काव्योपयोगी ग्रन्थ d अछि ये संगहि uk सँ मध्यकालीन मिथिलाक सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितिक परिचय प्राप्त होइत ' अछि--युक्तियुक्त विवेचन ae 60 जी kk D-DTN-K-NJB/58 4 BS—600

I -_ C. S. (Main) Exam : 2074 SI. No. D=-DTN-L-NJA MAITHILI Paper—I ( Literature ) | Time Allowed : Three Hours | Maximum Marks : 300 INSTRUCTIONS Candidates should attempt Question Nos. and 5 which ‘are compulsory, and. any THREE of the remaining questions, selecting at least ONE question from each Section. The -number of ‘marks carried by each question is indicated at ‘the end of the question. Answers must be. written in, Maithili. Section—A L. टिप्पणी. ferg_ (seeder 200 सँ अधिक अपेक्षित नहि) : 20x3=60 (क) मैथिली क्रियाक भाव-भेद (ख) मैथिली भांषाक विविध रूप ".. (ग). राजिश्वर ere भाषावैज्ञानिक कृति 2. (कं) पूर्वाथलीय भाषाक संग मैथिलीक सम्बन्ध पर प्रकाश दिअ। 30 (a) मध्यकालीन मैथिली भाषाक स्वरूप पर विचार करूँ। 30 /39 [ P.T:O.

| 3. (क) भाषाक पारिवारिक वर्गीकरणसँ परिचय aS | 30 (a) मैथिंली सर्वनामक प्रमुख विशेषताक विवेचन करू। 30 4. (क) मैथिली भाषाक विकासमे अवहडडक योगदानक मूल्यांकन PS | 20 (ख) मैथिली भाषाक इतिहासमें' ग्रिंर्सनक भूमिका निरूपित करू। 20 (7) व्याकरणंक दृष्टिस मैथिली. भाषाक विशेषता देखाउ। 20 Section—B 5. टिप्पणी लिखू (शब्द-सीमा 200 &. अधिक ' अपेक्षित नहि) : 20x3=60 (क) मैथिली साहित्यक सामाजिक पृष्ठभूमि (a) आधुनिक मैथिली "कविताक' 'प्रमुख' प्रवृत्ति (7) हरिमोहन झाक “खट्टर. ककाक तरंग 6. (क) Acta We समालोचना साहित्यसँ "परिचय ang I 20 (ख) मैथिली एकांकी नाटकक संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत BR} 20 (ग) मैथिली शैव साहित्यक विवेचन करू। 20 7. (क) विद्यापतिकालीन सामाजिक परिस्थिति पर प्रकाश दिअ |. 20 (खि) मैथिली साहित्यक Barat अभिनन्दनग्रन्थक योगदान देखाउ। ‘20 CT) आसामक “अंकीया नाटक महत्त्वक प्रतिपादन करू। 20 | D-DTN-L-NJA/39 2 .

OS eae Sen anaeicomaBe reer crpir mes ......... (..ह. Ce co . 8. (क) मैथिली साहित्यक आदिकालीन सामग्री पर प्रकाश fer 20 (ख) आधुनिक मैथिली कथा साहित्यमे सामाजिक चेतना पर विचार करू। 20 (7). मैथिली साहित्यक बविकासमे वैद्यनाथ मिश्र “यात्री'क योगदानक मूल्यांकन करू। ह 20 kkk D-DTN-L-NJA/39 3 SJ—500

EE eT कण BO eA a le =x - <n [C.S. (Mair Fy | C.8, (Mair! ? 2m: 20T7] 204 Sl. No. > D-DTN-L-NJB Ce MAITHILI Paper—II ( Literature } Time Allowed : Three’ Hours Maximum Marks : 300 INSTRUCTIONS Candidates should attempt Question Nos. 7 and 5 which are compulsory, and any THREE of the remaining questions, selecting at least ONE question from each Section. The number of marks carried by each question is indicated at the end of the question. Answers must be written in. Maithili. Section—A l. निम्नलिखित अवतरणक भावकें स्पष्ट ag TR काव्य- वैशिष्स्यकें Fite au सप्रसंग व्याख्या करू (उत्तर अधिकतम 250 शब्दमे दातव्य) : ]5वन्60 (क) अभियान करक अछि आइ शक्ति-संचय हित अभियान हमर सत्पथ पर दृढ़ Raa हित दानवताकें निर्मूल करय भूतलसंँ अभियान हमर ई निज शक्तिक परिचय far {40 [ P.T.O.

(ख़) ame अनिल बम मलयज बीख जे छल सीतल से भेल dha ! ars सन्ताबए सविताहु जीनि नहि जीवन एकमत de Ath fg उपचार न मानए आन एहि बेआधि अधिक 'पचवान॥ (ग). पाबि पराभव जे बैसथि करे जोड़ि Pd अपन सहन शक्तिक व्यवहार पौरुष तनिक Refi बहुविध सन्ताप होइछ व्यर्थ यथा यौवन विधवाक।| (घ). बनिजा-लीडर-अफसर तीन 'िमूर्ति, क. रहला अछि अपन मनोरथ पूर्ति | अपना लए सभ अनकी हेतु 'बडौर,' "AER फाटत्हिं रहि-रहि ad gate 2. (%) 'सुन्दर-काण्ड'क् आधार पर wie: wee “aire काव्य-सौषवक विवेचना' करूं 30 (a) “adi wer झा 'अपन रामायंणक रचना अध्यात्म रामांयणक आधार: पर कएल, ओ से मूलसँ ततेंक अधिक मिलैत' अछि 'जे 'एकरा 'अधिकांशत: अध्यात्म रामायणकं age कही ef दोष नहि”--एहि कथनक सत्यता प्रमाणित aE | 30 3. (क) amie ga पिसाइत arts मनोवैज्ञानिक aga चित्रित करएमे “यात्री जी. अत्यन्त संवेदनशील छथि-“चित्राटक आधार पर एहिं उक्तिक समीक्षा करू। 30 (ख) wane झा-द्वारा रचित 'कीचक-वध' महाकाव्यक आधार पर हुनक काव्य-प्रतिभाक परिचय 'दिअ। 30 D-DTN-L-NJB/40 2

4. (क) 'कृष्ण-जन्म॑ं' .महाकाव्य अछि--प्रमाणित करू। 30 (ख) भाव, भाषा ओ -काव्य-सौष्ठव तीनू, दृष्टिएँ गोविन्ददासक रचना नारिकेल फलसम्मतक रसास्वादन “करबैछ--एहि उंक्तिक समीक्षा करूं। 30 Section—B 5. निम्नलिखित var अभिव्यंजनागत at meme वैशिष्स्यकें निर्दिष्ट ata सन्दर्भ-सहित व्याख्या करू (उत्तर अधिकतम 200 शब्दमे दातव्य) : 20«3=60 (#) भाषांक विकासों d सरकारैक aia छैक। जतेक सहयोगक आशा हमरालोकनि सरकारसँ कौत छीं की तकर :दसमांसो पूरा भेल? कतेको बहुमूल्य oer लिखल waa अछि, तकरा दिवार खा wa 3) wk प्रकाशनक व्यवस्था' होयबाक- चाही कि नै? ताहि लेल सरकार की Hs रहल अछि? (@) sae धरती जोतनिहारक fier sare थिंक जे धरतीक असल बेटा थिक! जे अपन aad धरती-माताकें पूजै 'अछि। कएदिन देखलहक अछि मालिककें. अपन पसेनासँ धरती-माताक पूजा: कौत? देखहक सरकारी कानून a जरूर सोचि विचारिक' at छैक मे । 'बटीदारक नामे खाता कि सिकभी-खाता खोलबाक कानूत जरूर कोनो FETE बनल हेतैक। हम ay निपढ़ छी ag भने मै ga, मगर ई सोचबाक चाही जे सब 'कानूनक पाछाँ कोनो निसाफ जरूर रहै छैक। D-DTN-L-NJB/40 3 [ P.T.O.

(ग). महादेव त्रिलोचन cere! हमरो लोकनिं त्रिलोचन at तेसर sified केवल -अनकर छिद्रटा सुझैत अछि। महादेव नीलकण्ठ रहथि। हमरो लोकनिक कण्ठमे केहन विष रहैत अछि से दूगोटाक विवाद ter पर प्रत्यक्ष देखि cel महादेवक छाती पर साँप लोटाइत रहैन्हि। हमरो लोकनियकें स्वजातीयक अभ्युदय देखि छाती पर साँप लोटाय ata ares | 6. (&) “लोरिक fee” उपन्यास लोक संघर्षक सप्राण दस्तावेज अछि-+एहि कथनक सार्थकता सिद्ध करू। 30 (a) “खट्टर-ककाक तरंग'क माध्यमसँ लेखक सामाजिक Hw 'पर व्यंगात्मक रूपसँ प्रहार कएलन्हि अछि--स्पष्ट ee! 30 7. (क) “जिलैत wa पहिने जरूरी छैक संसारमे, aaa लोक- am, नीक-बेजाय” प्रस्तुत वाक्य-खण्डक आलोकमे “पृथ्वीपुत्र' उपन्यासक तर्कसंगत समीक्षा करू। 30 (ख) ‘vega wes जिनगी मे लेखक की. अभिप्राय छन्हि-युक्तियुक्त विवेचन करू। 30 8. (क) पठित अंशक आधार पर कतोक समीक्षाक द्वारा “वर्ण Tare’ “वर्णन रत्नाकर' कहबाक औचित्यक समीक्षा करू। 30 (ख) मैथिली साहित्यमे राजकमल चौधरीक योगदानक चर्चा करू। 30 जी जी ज़ी D-DTN-L-NJB/40 4 SJ—500

A-BRL-M-L-NBJA MAITHILI Paper—I (Literature) Time Allowed : Three Hours | Maximum Marks : 250 QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions. There are EIGHT questions divided in Two Sections. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Question no. ] and 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are to be attempted choosing at least ONE from each section. The number of marks carried by a question/part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI. Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in chronological order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the answer book must be clearly struck off. SECTION—A Q.i, निम्नलिखित विषयपर टिप्पणी freq (50 शब्दसँ अधिक नहि) — [0550 Q.i@) सुभद्र झा। 0 0. I(b) प्राकृतक विशेषता | [0 0. l(c) मैथिलीक ame [0 Q. I(d@) तिरहुता लिपिक महत्व । 0 0. i¢) मैथिली भाषाशास्त्र । 0 Q.2@) मैथिली at असमिया भाषाक संबंधक विवेचन करू। (शब्द सीमा 250) 20 0. 200) मैथिली भाषाक विकास-क्रमक समीक्षा करू। (शब्द सीमा 250) is Q. 2c) तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास पर प्रकाश दिअ। (शब्द सीमा 250) कह PBRE-S-L NDIA a

0. 3@) भारोपीय भाषा-परिवारक विश्लेषण ate wet adie स्थान निरूपित करू। (शब्द सीमा 250) 20 0. 300) are परिभाषित करैत बोलीसँ भाषा बनबाक कारणक उल्लेख करू। (शब्द सीमा 250) 5 0. 3) भाषाक परिभाषा दैत ated ओकर पार्थक्य देखाउ। (शब्द सीमा 250) 5 Q. 4a) मैथिलीक सर्वनामक विश्लेषण ae] (शब्द सीमा 250) 20 0. 40) arate आर्यभाषाक परिचय दैत ओहिमे मैथिलीक स्थान निरूपित करू। (शिव्द सीमा 250) [5 0. 4(८) मैथिली भाषाक काल विभाजन पर विचार करू। (शब्द सीमा 250) 0 SECTION—B ही 0.5. निम्नलिखित विषयपर टिप्पणी fret (50 weet अधिक नहि) :-- ह0>5न्50 Q. S(a) शंकरदेव [0 Q. 506) पारिजात-हरण नाटक 0 Q. S(c) मैथिलीक शोध-पत्रिका 0 0. 5(d) मैथिलीमे लोककथाक विकास 0 Q. 5(6) मुक्तक काव्य । [0 0. 6@) मैथिली साहित्यक काल-विभाजनक प्रसंग विद्वान लोकनिक मतक समीक्षा करू। (शब्द सीमा 250) 20 Q. 6(b) विद्यापतिकेँ set श्रृंगारी-कवि gaa छियनि वा भक्त-कवि ? सयुक्ति प्रतिपादन करू। (शब्द सीमा 250) हि Q. 6(c) विद्यापतिक अनुशरण परम्परा पर प्रकाश दिअ। (शब्द सीमा 250) [5 0. Ha) महाकाव्य ककरा कही ? मैथिलीमे महाकाव्यक विकासक रूपरेखा प्रस्तुत करू। (शब्द सीमा 250) 20 Q. 700) मैथिलीक लोकगाधात्मक उपन्याससँ परिचय कराउ। (शब्द सीमा 250) के 0. 7c) नेपालमे रचित मैथिली नाटकक वैशिष्ट्‌्यसँँ परिचय कराउ। (शब्द सीमा 250) 5 0. 8a) मैथिलीक पत्न-पत्रिकाक विकासपर प्रकाश दिअ। (शब्द सीमा 250) 20 0. 8b) “Feats काव्य-सौष्ठवपर प्रकाश दिअ। (asa सीमा 250) [5 0. 8c) मिथिलाभाषा रामायणक वैशिष्ट्यसेँ परिचय कराउ। (शब्द सीमा 250) 5 APREAL NIA Zz ः

A-BRL-M-L-NBJB | MAITHILI PAPER—II ( LITERATURE ) Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250 QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions There are EIGHT questions divided in two Sections. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Question Nos. | and 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are to be attempted choosing at least ONE question from each Section. ‘The number of marks carried by a question/part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI. Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in chronological order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. : A-BRL-M-L-HDL5/2 ह (PLC.

ह SECTION—A ह l. काव्य-वैशिष्ट्यकें निर्दिष्ट ote निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट रहए (उत्तर अधिकतम 350 शब्दमे दातव्य) : 0४5न50 (क) yearn आगि जकाँ नहूँ नहूँ जौ छी मने मने हमहूँ we छी कुसियारक पोर जकाँ ही चैतक WHA ठोर जकाँ। (ख) की हम ales एकसरि तारा area चौठिक चन्दा। ऐसन ae fra मोर मुख मानल मो पति जीवन wet amg गति sa समदि पठौलनि से aa कहि कहि Ae तेसरि तिथि ससि सामर परवनिसि दसमि दसा मोरि भेलि॥ (4) पहिलहि कूल तूल-सम ऊड़ल जाकर बेनुक फूके। धरम करम मति भरम-सरिस भेल नारी गिरिसम gen दे सजनी, fea हम करब उपाय Red से कान्ह अपन-अपनतन काहि करब अन्तराय॥ (8) देवर-तीर जेहन प्रलयानल, रावणगण वन झूर। के हम थिकहूँ ककर हम कामिनिं, परिचय पओता ACU सकल तमीचर तामस तम सम, -श्रीरघुनन्दन सूर। हमर यहन गति दैव देखे छथि, नहिं उपाय Ay il (S) शार्दूली की कखनहु पाबए वास जम्बूकक? की ज्वलित तप्न अंगार ह तृणचय सकय झोंकि? की चम्पक त्रास WR तुच्छ HU सकए Hag उपभोग? a हम कएल न af पाण्डवपति पंच : आन पुरुष प्रति कखनहु स्वपनहु चित्त नहिं कीचक कए सकत हमर तन स्पर्श। 2. (®) ‘Ava चरित मिथिला रामायण 'क “बालकाण्ड 'क काव्यगुणक समीक्षा करू। 25 (ख) काव्य-वैशिष्स्यक दृष्टिएँ 'दत्तबती' महाकाव्यक प्रथम सर्गक मूल्यांकन करू। 25 A-BRI-M-L-NEIE[ 27, 2

3. (क). “विषयवस्तुक उपस्थापनमे आडाम्बरहीन सहज, सरल भाषाक प्रयोग कए महाकवि मनबोध जेहन रचनाक सृजन uae ओ लोकोत्तर आनन्द प्रदान करत अछि।'' एहि कथनक आलोकमे “कृष्णजन्म' महाकाव्यक समीक्षा करू। 25 : (@) “समकालीन मैथिली कविताक मूल स्वर अछि सामाजिक विसंगति पर कड़गर प्रहारक स्वर Vas कथनक सार्थकता सिद्ध करू। 25 4. (क). “महाकवि बिद्यापति वियोगेकें प्रेमक कसौटी मानेन छथि तँँ हिंनक नायिकाक वियोगविगलित हृदयक कारुणिक मधुर स्वर भावुककें साधारण SKE ऊपर उठाए ब्रह्मानन्दक सुखानुभूतिसँ were कए दैत अछि।'' एहिं कथनक आलोकमे ; विद्यापतिक वियोग गीतक समीक्षा करू। 25 (ख) “ofa अंशक आधार पर गोविन्ददासक भाषा-प्रयोगक सम्बन्धमे कहल जा सकैत अछि जे कविक भाव-साधना wet शब्द-साधना सेहो श्लाध्य अछि।” एहिं कथनक मूल्यांकन करू। 25 SECTION—B 5, निम्नलिखित कथ्यक अभिव्यंजनागत वैशिष्ट्यकेँ निर्दिष्ट ata सन्दर्भ-सहित व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट रहए, (उत्तर अधिकतम 750 शब्दमे दातव्य) : 0%5न50 (क) सब मात्र पगहा तोड़ि नै पड़ाइ छै। सब Ts बिहाड़ि नै तोड़ि-मड़ोड़ि दे छैक। बहुत गाछ बिहाड़िक दोगे-दोगे बाँचि जाइत अछि। फड़ि-फुला क' सुखा जाइत अछि। मुदा कतेक अभागल गाछ बिहाड़िक बाट पर ठाढ़ झमारल जाइत अछि, बेर-बेर मचोड़ल जाइत अछि। : (a) जैह भेद रसगुल्ला ओ aga Sul रसगुल्ला सरस ओ कोमल होइछ, aE शुष्क at कंठोर। रसगुष्ठा पूर्वक प्रतीक थीक, ag पश्चिमक। हैं हम कहैत छिऔह जे ककरो जातीय ahr बुझबाक हो a ओकर प्रधान मधुर देखी । (ग). परन्तु हुनकर मन एकरा कबूल करनि तखन ने! नेनु सन कोमल हृदय एहि दृढ़ताक आँचकें कहाँ सहि पबैत अछि? fate मन हरदम हुनकहि संग रह Sa लागल रहैत OM तकर कारण ओ स्वयं नहि gH पबैत छथि। परन्तु अन्तमे fg अनुभव ata छथि--एक प्रकारक आकुलता, एक प्रकारक आकांक्षा, एक प्रकारक वेदना ...। (a) मुदा wert हमरा ई बुझल भेल अछि जे बड़का-बड़का अफसर आ बड़का-बड़का जातिक बड़हु बेटी नाटक खेलाइ कै, नाच करै है, गीत गन है .... हम छगुन्तामे पड़ि गेल oh कोम्हर जा रहल अछि अपन समाज, Fag बुझाइते ने अछि। सभलोक ve भेल जा wea अछि। (S) aerated तेहने छल ओ (हरबां-बरबा) | दुहबी-सुहबी नामक दूटा ब्राह्मण कुमारीक अपहरण कए ओकरा War अपना विलास भवनमे राखि नेने छल। ओ प्रत्येक दिन कतोक रूपसीकें पकड़ि कए मंगवालिए आ अपना विलासक हेतु किछुदिन राखि au ओकरा and घुरा दैक। 6. (&) * ‘gediga’ उपन्यास सर्वहारा वर्गक अपन अधिकारक प्रति साकांक्षताक संघर्ष-कथा अछि ।' एहिं कथनक समीक्षा करू। 25 (a) 'पाँचपत्र' कथाक माध्यमसँ सिद्ध करू जे प्री० हरिमोहन झा अपन रचनामे नै मात्र हास्य-व्यंग्यक धार प्रवाहित करैत छथि अपितु मोनकें अन्तःकरण ok द्रबीभूत करबाक सामर्थ्य सेहो रहैत अछि हिनक कथामे। 25 A-BRL-M-L-NG IB 27. 8 [ P.T.O.

7. (क). पात्र चरित्रक dit ‘cite fee’ उपन्यासक प्रमुख पात्रक चारित्रिक मूल्यांकन करू। 25 (a) “राजकमलक कथा मिथिलांचलक मध्यवर्गक ओहि समस्त संस्कार पर जमि a प्रहार करैत अछि जे ओकर आर्थिक-सामाजिक संघर्षमे बाधक थिकैक।”” “कृति राजकमल'क कथाक मादें कहल गेल एहिं कथनक समीक्षा करू | 25 8. (क) 'वर्णरत्ताकर'क दोसर कट्लोलक विषयवस्तुक उपस्थापनमे कविक सूक्ष्म सौन्दर्य-दृष्टिक परिचय Ra अछि-- प्रमाणित करू। 25 (a) “OMAR मस्त खट्टरकका विषयवस्तुक प्रस्तुतिमे विनोदक गंगा प्रवाहित कए दैत of किन्तु भांगक तरंगोमे जे कहैत of से तर्कसंगत रहैत अछि।'' “चाणक्यक जन्मभूमि' गप्पक yet Gee गेल एहि उक्तिक समीक्षा करू। 25 kk H-BLE-ACL-ABIB/24 4 BS4—300

: ag (lain) हैं 0... [EDIRNGN-L-OBJA’ , oe any Exam 04 न 7 an PaperI . ( LITERATURE ) : so दर ः Time allowed : Three Hours |. Maximuin Marks’: 250| दे _ QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS .. . Please read each of the following instructions carefully before attempting questions : re _ There are EIGHT questions divided in TWO SECTIONS. न, Candidate has to attempt FIVE questions in all. ह कल ह . Questions no. काप्प 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are. to be: attempted choosing at least ONE from each section. दि ar wo The number of marks carried by a question / part is indicated against it. , | . eo Answers must be written in MAITHILI. Se कि पा Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. , be cos oa! Attempts of questions shall be counted in chronological order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page. or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off == SECTIONA 0 .. '.. ....... Qi. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखू (लगभग 50 शब्द धरि) : ः '0ठव50 . (a) मैथिली व्याकरण ओ पाणिनि कूदे (b) प्राकृत भाषा ओ अर्धमागधी , «८ i0 (८)... वर्ण-बिपर्ययक कारण ओ महत्व ः ' io (6)... दीनबन्धुं म्याक व्याकरणक उपादेयता ..'..... 0 (e) भाषाक महत्ता ओ वैशिष्ट्य ः re

| | Q2. (9)... पूर्वान्चल भाषा साहित्यमे मैथिली ओ ओड़ियाक साम्य ओ वैषम्यक विश्लेषण करू | 20 by भाषाक उत्पत्तिक कारण ओ गैथिली भाषाक उत्पत्तिक विषयमे वर्णन करू | उठ ः by तिरहुताक विकासक्रमक ऐतिहासिक विवरण ओ साहित्यिक महत्वक प्रतिपादन करू | कं Q3. ' विद्यापति मध्यकालीन मैथिली भाषाक स्वरूपक आधार स्तम्भ छथि, fa करू | 20 (>) मैथिलीक विभिन्न बोली पर प्रकाश दैत arte? पर कोन भाषाक प्रभाव छैक, से . | देखाउ | उठ ः r भारोपीय भाषा परिवारक परिचय ओ वैशिष्ट्यक वर्णन ae). 6 Q4. ie | मैथिलीक सर्वनामक व्यापकता ओ वैशिष्ट्यक उल्लेख करू | 20 2 मैथिली भाषाक क्षेत्र में ग्रियर्सनक अवदानक उल्लेख करैत तकर वैशिष्ट्यक वर्णन करू | 5 (00... मध्यकालीन आर्यभाषाक विशेषताक विवेचन विश्लेषण करू | उठ दि | | दि :

. १ SECTION B Q5. निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 50 शब्द aft) : 00 ः (a) मैथिलीक संस्मरण साहित्य ओ साहित्य अकादेमी पुरस्कार ः उ0 . (७). मैथिलीक निबन्धक विषयगत वैविध्य 0 () प्रबन्ध काव्यक औचित्य 0. '. . (a) मैथिलीमे अनुवाद साहित्यक महत्व ः "0 4 (6)... मैथिलीक लोकोक्ति-फकरा ओ सिद्धाचार्य 0 | ६6. (a) सिद्ध साहित्यक परीचय दिउ एवं एकर भाषाक वैशिष्ट्य देखाउ | 20 | (bo) दिसिल वयना'क कवि विद्यापति मात्र मिथिले aft सीमित नहि रहथि - सयुक्ति प्रतिपादित | करू | . 5 . (८)... ऐतिहासिक, राजनीतिक ओ साहित्यिक otter विवेचन करून जे चन्दाम्या आधुनिक | कालक जनक रहथि | कठ । Q7. (a) नारी जागरणक पृष्ठभूमिमे रचित मैथिली उपन्यासक विकासमे विभिन्न पत्र-पत्रिकाक योगदानक | उल्लेख करू | 20 «| (७)... मिथिलाक मध्यकालीन नाटक त्रैमाषिक अछि, we पर प्रकाश दिआ | 45 . (०)... मैथिलीक यात्रा साहित्यक स्थिति पर विचार ate सुभद्रम्याक योगदानक महत्व पर प्रकाश दिअ | ः उठ ; Q8. (a) कृष्ण जन्मक महाकाव्यत्व ओ भाषाक प्रसंग सयुक्ति विचार करू | 20 (bo) मैथिलीमे महिला कथा-लेखन पर तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत करू | BS (८)... मैथिलीक बाल-साहित्यक भूत-वर्तमान ओ भविष्यक प्रसंग तथ्यात्मक विवेचन करू । उठ ः JJ C-DAN-N-L-OBJA] 3 | 3

१ पा... On C-DRN-N-L-OBJB CS (Mais) 2 .....८ :,2004 MAITHILI PAPER—II ( LITERATURE ) Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250 QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions . he There are EIGHT questions divided in two Sections. 7 Candidate has to attempt FIVE questions in all. Question Nos. l and 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are to be attempted choosing at least ONE question from each Section. The number of marks carried by a question/part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI (Devanagari script). Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shal! be counted in chronological order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. C-DRN-N-L-OBIN/ 6 l [ P.T.O.

SECTION~A l. काव्य-वैशिष्स्यकेँ निर्दि्ट ata निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट रहए (उत्तर अधिकतम 50 WEA दातव्य) : 0+<5-50 (a) प्राची दिशि भय गेल प्रकाश! नव तृप रविक उदय उल्लास || अरुण वसन शुभ पहिरि दिनेश। मंच उदय-गिरि बैसला Sar (ag दिशि मंगल गाब fae बाजए घंटा शंख मृदंग II ः i शिव-शिव ध्वनि भल हो ag sie) मागध सूत विरूद पढ़ शोर॥ Tra भक्त सभ भैरव राग। सुनि-सुनि सभकाँ बड़ अनुराग ॥ कमल प्रफुट्लित we समीर। बहय सुखद सौरभयुतत धीर॥। । (b) सुइ लय बेधिअ गाँधिअ ताग हाथ छुबिअ तआँ हाथहिं am गरजि सघन घन बरिसय बारी हैं फनिपति फना देलन्हि पसारी . amet झड़ी भुलल सब दीग ह पशु-पक्षी सब पड़ल अदीग : 2 सूर्यसुधाकर खोजलों ने पाबिअ a कमलकुमुद निशिवासर जानिअ। (८. सीखल कत भाषा, लीखल जत लिपि प्रचलित जग बीच। परिचित विविध देश व्यवहारक Sa रही वा नीच ॥। ह “ana, लेखन, वाचन, गायन अभिव्यक्ति हित उक्ति| | सुभाषितक उर हार पहिरि श्रुति-सूक सूक्ति रस उक्ति॥ ह |... तर्क-वितर्क वाद-संवादहु अनुवादहुमे दक्ष। eer कसरि नहि, असरि गुरुकुलक एतय भेल प्रत्यक्ष ॥ (d) चाँद सार लए मुख घटना करू ; लोचन चकित चकोरे। 7 afta धोए आँचरे जनि पोछल a दह दिस भेल उजोरे॥ ' कामिनी कोने गढ़ली। . रूप सरूप मोहि कहइते असम्भव ही लोचन लागि weet | ; गुरु नितम्भ भरे चलए न पारए, wa खीनिम निमाइ। . भांगि जाइति मनसिजे aft राखलि ‘ दि त्रिबलि लता अरुझाइ॥। C-BEN-N-£-ODIB/6 2 |

fe) तोड़ि कँ हरिसिंहदेवक zig aes जैं बौआ बिआहथिं मेम महाश्वेता बहुरिआ चिनमार पर ओ आबि बिहुँसि लगती गोसाउनिकें गोड़ a अहाँ की छाड़ि & ई माटि पड़ाएब चल जएब मोरड दीस। 2. (a) “मिथिला भाषा रामायण'क “सुन्दरकाण्ड'मे हनुमानक चरित वर्णित of” we कथनक सार्थकता सिद्ध करू। 20 (9)... 'महाभारत'क face पर्वमे वर्णित पाण्डव लोकनिक वनवासोत्तर विराट राजाक आश्रयमे अज्ञातवासक समयक वृत्तांत पर 'कीचक वध' महाकाव्यक कथावस्तु आधारित अछि”'--समीक्षा करू। 5 (co) मैथिली काव्य-साहित्यमे 'कृष्णजन्म 'क महत्त्व पर प्रकाश दिअ। 5 3. (a) “ants सामान्यतः मार्क्सवादी ओ प्रगतिशील कवि कहल जाइत छन्हि”--'चित्रा'क आधार पर ue उक्ति पर विचार करू। 20 fb) समकालीन मैथिली कविताक आधार पर मायानन्द मिश्रक कवितासँ परिचय कराउ। 5 (८). लालदासक 'रमेश्वर चरित मिथिला रामायण 'क नामकरण पर विचार करू। 5 4. (a) “गोविन्ददासक काव्य नारिकिल फलक Uge रहितहूँ श्रुति-माधुर्य्स परिपूर्ण अछि।'' पठित अंशक आधार पर एहिं कथनक मूल्यांकन करू। 20 . (b) “'विद्यापतिक पदावली गीतकाव्य fire जे हिनक भावाभिव्यक्तिक सूक्षमता राग-ताललयाश्रित कोमलकान्त पदावली प्रसादपूर्ण माधुर्यस ओतप्रोत अछि।'” पठित अंशक आधार पर युक्तिपूर्वक विचार करू। i5 (4... “सुमनजीक wart प्राचीनता ओ नवीनताक विलक्षण समन्वय भेल अछि”'--युक्तियुक्त विवेचन करू। 5 SECTION—B 5. निम्नलिखित ser अभिव्यंजनागत वैशिष्ट्यकें निर्दिष्ट ata सन्दर्भ-सहित व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट रहए (उत्तर अधिकतम 750 शब्दमे दातव्य) : 0%5+50 (a) अइ टोकमे art तेहन शक्ति रहैक जकरा नेमहिसँ मानबाक संस्कार aft गेल रहैक। कोनो अनट-बिमट काज कौत काल, कोनो अतुचित कौत काल, इएह टोक Ta सुनने रहए। आ तकरा बाद फेर आगाँ किछु कहबाक आ कि करबाक साहस कहियो ने होइक। आइओ ने भेलैक। मवीम पौरुषक of उतरि गेलैक। हठात्‌ घोर लज्जा ah लेलकै। (b) आजुक युगमे यदि क्यो सोड़हो आना भाग्यवादी बनि जाय आ हिया हारिक' अपनाकेँ भगवानक इलाका लगा देअय, a लोक ओकरा बताहे कहतैक कि! मुदा हमरा सनक भेष-भुषावाला लोक 'यदि समाजमे बताह कहाब' लागय तँँ भरिसक संसारमे बताहक संख्या ard बेसी भ' जयतैक। की सरिपहूँ लोक जानि-बुझि क' अपन बगय दि खराप बना लैए? | ए-हकुअ--ह-छड़ाउक/6 3 [ P.T.O.

(co): पूर्णिमाक are अमृत पूल अइसन मुह। श्वेत पंकजकाँ दल भ्रमर बयिसल अइसन आँषि- काजरक कट्लोल अइसन ह WAS गथले फुले नर्मदाक शलाका पूजल अइसन घोम्पा- पखाक aga अइसन sre. कनिअराक कर अइसन , नाक सिन्दुर मोति लोटाएल अइसन दान्त। वेतक साट अइसन वाँह* पारिजातक Iga अइसन हाथ। (d) am रचब हमर जीवन आ जीविका भ' गेल अछि। बीस ad पहिने ई सत्य हमरा बुझवामे आबि गेल छल जे : जीबाक अछि; तेँ स्वांग रच' पड़त, कोनो-ने-कोनों स्वांग-नीक लोकक वा अधलाह लोकक ! जुझवामे आबि गेल i छल जे सभ लोक कोनो-ने-कोनो स्वांग रचैत अछि। जे हम छी, जे हमर असली व्यक्तित्व अछि, हमर असली । चेहरा, से व्यक्त कयने, व्यक्त कौत रहलासँ ने हमरा अन्न-पानि A सकैत अछि, ने ae होयबाक लेल कोनो ara, कोनो आडन ! (e}| देबहाक धारामे ओ राजहंस कत्ते सिनेहक संग अपना हंसिनीक संग ग्रीवामे चंचु-आधघात कए रहल अछि, लगक साहोड़क गाछ पर बैसल पंडुक दम्पति कोना अपना कलकुँजनसँ बातावरणमे मधु घोरि रहल अछि। तैयो आँहाँ हमरा एहिठाम आबंक कारण पूछ Sty एत्तेक दिन व्याह भेना भेल आँहाँ गौनाक नाम नहिं Gag! आँहाँ भने ठमकल weg किन्तु समय as नहि ठमकल रहल। हम पूछए आएल छी जे हम कोन अपराधें उपेक्षिता भए | रहल छी 6. (a) । नारी हृदयक संवेदनशीलताक चित्रणमे किरणजी कतेक दूर ak सफल भेल छथि? “मधुरमनि' कथाक आधार पर सिद्ध करू। 20 (b)| 'पृथ्वीपुत्र' उपन्यासमे ललित मानव स्वभावक नैसर्गिक safe at भावनाकेँ जाहि प्रकारें प्रधानता देल अछि से हुनक स्वस्थ दृष्टिकोणक परिचायक fern”? ule कथनक समीक्षा करू। 5 (o)| “हरिमोहन झाक रचनामे व्यंग्य-विनोद on पांडित्यक त्रिवेणी प्रवाहित होइत अछि।'” एहि उक्तिक सार्थकता cars! 5 7. (a) *' 'वर्णरत्नाकर' a द्वितीय कल्लोलमे om रसक विविध सामग्रीकं चर्चा करब कविक उद्देश्य बुझि पड़ैत अछि — प्रमाणित करू। | 20 (0). “ 'साँझक गाछ' कथामे जीवनक संघर्ष ara एवं अभ्यन्तर दुनूक समावेश पूर्णरूपेण देखवामे अबैत अछि।'' एहि कथनक समीक्षा करू। 5 (4, *' 'वर्णरत्नाकर 3h काव्य नहिं काव्योपयोगी कहल जाइत अछि' '--सयुक्ति प्रतिपादन करू। ः 5 8. al ‘Stites fee’ उपन्यासमे तत्कालीन मिथिलाक छोट-छोट सामन्तक अत्याचार ओ दुराचारसँँ सामान्य लोकक जीवन अस्त-व्यस्त छल। cite ओहि सामान्य जनजीवनमे उत्पीड़नजन्य आक्रोशकें सहन नहि कए सकलाह ST हुनका लोकनिकें संगठित कए ओहि अत्याचारी सामन्तक विरुद्ध युद्ध कएलनि--एहिं विषय पर आधारित एकर कथावस्तुक मूल्यांकन करू। 20 (o)) “ 'भफाइत चाहक जिनगी' नाटकमे नाटककार एक शिक्षित बेरोजगार युबकक चरित्रक कर्मठता ओ संघर्षक चित्रण | कएलनि अछि' --विवेचन करू। 5 . (| “मैथिली कथा-साहित्यक भव्य ललाट पर राजकमल-ललित आ मायानन्दरकें त्रिपुंडक रूपमे देखल जाइत | अछि''--एकरा युक्तियुक्त प्ठवित करू! 5 kkk copa 6 4 5BS—350

M-ESC-U-MTL MAITHILI PAPER—I ( LITERATURE ) Time Allowed : Three Hours [Maximum Marks : 250 Marks : 250 . QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions There are EIGHT questions divided in two Sections. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Question Nos. उ and 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are to be attempted choosing at least ONE from each Section. The number of marks carried by a question/part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI. Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the ' Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. मैथिली स्रश्न-पत्रजज ह ( साहित्य ) प्रश्न-पत्र विषयक विशेष निर्देश प्रश्नक उत्तर लिखबाक पूर्व कृपया निम्नलिखित निर्देशकें सावधानीपूर्वक पढ़ि लिय5 i WH दू खण्ड (Section) मे विभक्त कुल आठ प्रश्न अछि। अभ्यर्थी कुल पाँच प्रश्नक उत्तर देथि। प्रश्न संख्या तथा प्रश्न संख्या 5 अनिवार्य अछि। शेष wea तीन प्रश्नक उत्तर लिखू, जाहिमे प्रत्येक खण्ड (36८४०) सँ कम-सँ-कम एक प्रश्ञक चयन आवश्यक अछि। प्रश्न/खण्डक निर्धारित अंक ओकरा समक्ष निर्दिष्ट कयल गेल अछि। उत्तर मैथिलीमे लिखब अनिवार्य अछि। ' जतय निर्दिष्ट हो, शब्द-सीमाक अनुपालन अपेक्षित अछि। उत्तरित प्रश्नक गणना क्रमानुसार कयल जायत। यदि काटल नहि गेल हो तँँ अंशतः लिखित Tale गणना कयल जायत। प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिकाक कोनो रिक्त पृष्ठ अथवा कोनो yes रिक्त भागकें अवश्य काटि दी। M-EFC-UMIL 39 न [EEx@%

SECTION—A l. निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 750 शब्द धरि) : 095न50 (a) जॉर्ज अब्राहम ग्रिअर्सनक मैथिली व्याकरण (b) भाषाक वर्गीकरणक आधार (c) मैथिली भाषाक विविध रूप (a) मैथिली fears भाव-भेद (e) Sra ओ मैथिलीक सम्बन्ध 2. (a) Wiad भाषाक संग मैथिलीक सम्बन्ध पर प्रकाश दिअ। 20 (b) . भारोपीय भाषा परिवारक सामान्य परिचय दिअ। 5 (co) तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास पर प्रकाश दैत ओकर वर्त्तमान स्थितिक विवेचन करू। 5 3. (a) मध्यकालीय आर्यभाषाक परिचय दिअ। 20 (b) भाषाक पारिवारिक वर्गीकरणसँ परिचय कराउ। 5 (co) भाषाक विकासक प्रमुख कारक तत्त्तक विवेचन करू। 5 4. (a) मैथिली भाषाक विकासमे अवहट्टक महत्त्वक मूल्यांकन करू। 20 (b) मिधिलाक्षरक महत्त्व एवं वर्तमान स्थिति पर प्रकाश दिअ। 5 (८2) _ मैथिलीक क्रियापदक aad सयुक्ति अपन मन्तव्य प्रतिपादित करू। 5 SECTION—B 5. निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 750 शब्द AR) : ]0>5न50 (a) Tatas मैथिलीक सम्पत्ति : (b) “वर्णरत्नाकर'क महत्त्व (५). लोकगीत (८). सुन्दर संयोग' नाटक दे (e) मिथिला मिहिर M-ESC-VU-MIL, 39 2

6. (a) सिद्ध साहित्यक परिचय दैत एकर भाषागत वैशिष्स्यक विश्लेषण करू। 20 (b) विद्यापतिक लोकप्रियता गर प्रकाश feat | 5) (co) गीतिनास्यक उद्भव ओ विकास पर प्रकाश दिअ। 5 7. (a) आधुनिक मैथिली साहित्यक पृष्ठांधार पर प्रकाश दिअ। 20 (b) कवीश्वर चन्दा झाकेँ आधुनिक मैथिली साहित्यक जनक कहल जाइत अछि--सयुक्ति विवेचन करू। 5 (c) आधुनिक मैथिली साहित्यक विकासमे पत्र-पत्रिकाक महत्त्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश दिअ। 5 8. (a) मैथिलीक ऐतिहासिक उपन्यासक विकास-यात्रा पर प्रकाश दिअ। 20 (b) मैथिली समालोचना शास्त्रक विकास ओ वर्त्तमान स्थिति पर अपन मन्तव्य दिअ। 5 (५. आधुनिक मैथिली निबन्ध-साहित्यक विकास ओ परम्परा पर प्रकाश दिअ। 5 kkk M-ESC-UMTH 39 3 7BS—220 Y fie

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any Heravr 2) १6 कट ee Tet ia मैथिली / MAITHILI पेपर II / Paper II ( साहित्य ) / (LITERATURE ) Eo ae समय : तीन घंटे हिल की अंक : 260 Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250 i SSS SSS प्रेश्न-पत्र स्पष्ट निर्देश eae उत्तर लिखबाक पूर्व कृपया निम्नलिखित fader सावधानीपूर्वक ate feras : wat दू खण्ड (SECTION) में विधक्त कुल आठ WT अछि | अध्यर्थी कुल पाँच TAG उत्तर GAT | oq संख्या 7 तथा wea संख्या & आरिवार्य आठि | शोष means कोनो तीन RTH उत्तर लिखू, जाहिये प्रत्येक खण्ड (SECTION) सें ae BH एक प्रस्नक चयन आवश्यक अछि | eq / खण्डक निर्धारित अंक औओकरा समक्ष निर्दिष्ट कयल गेल अछि | उत्तर मैथिली (दिवनागरी लिपि) मे fener अनिवार्य अछि | जतय निर्दिष्ट हो, शब्द: सीमाक अनुपालन अपेक्षित अछि / उत्तारित sera गणना BUTTER कयल जायत | ae काटल Ae गेल हो वें SATA: लिखित उत्तरोक गणना BAT जायत | प्रश्न सह उत्तर पुस्तिकाक कोनो रिक्त पृष्ठ अथवा कोनो पुष्ठक रिक्त धागकें अवश्य Bile दी | QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS. Please read each of the following instructions carefully before attempting questions : There are EIGHT questions divided in TWO SECTIONS. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Questions no. दाप्ठ 5 are compulsory and out of the remaining, any THREE are to be attempted choosing at least ONE question from each. section. The number of marks carried by a question /part is indicated against it. Answers must be written in. MAITHILI (Devanagari script). Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off: OCG TU UU TENS ES Tea Peete EES EE ee Oe M-FSC-D-MTL wi

SECTION A af Qi. _ काव्य-वैशिष्ट्यकें निर्दिष्ट करैत निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट रहए | (उत्तर अधिकतम 50 शब्दमे दातव्य) : 70660 (a) नव दूर्वादल श्यामल सुन्दर कंज-नयन TT | वाम धनुर्धर दहिन निसित सर जलधि कोटि गम्भीर I श्रीपद पादुक धर भरतानुज चामर छत्र निछोड़ि | ः शिव चतुरानन सनक SAA शतमुख रहु कर जोड़ि I 70 (७). जन्म कर्म गुण-प्रकृति निरखि, रुचि परखि पारखी विज्ञ | वर्गीकृत वर्णीक वरण जत करथि नित्य कृतविद्य | जनम प्रथम गृहकुलमे पुनि गुरुकुलमे उद्गम अन्य | खनिज धातु मणि चढ़ि खराज पुनि मुकुटजड़ित हो धन्य II 70 (८)... अनिल अनलवम मलअज वीख | जे छल सीतल से भेल dre I are सन्ताबए सविताहु जीनि | afé जीवन एकमत भेल तीनि ॥। किछु उपचार न मानए आन | एहि बेआधि अधिक पचवान II 70 @) सुनि लक्ष्मी कहलनि बड़वेश | उचित विचार कयल प्राणेश | लेल अयोध्या हरि अवतार | चारि अंशयुत राम उदार ॥। लक्ष्मी अयलीह मिथिला भूमि | ऋद्धि सिद्धि संग लयिलिह जूमि I सभकाँ कयल सुखी आरोग्य | सम्प्रति भेलिह विवाहक योग्य | 70 M-ESC-D-MTL 2

(ce) सम्मिलित स्वेच्छा प्रणोदित जयति जय जनशक्ति ! हृदयमे अछि एक केवल तोहरेटा भक्ति | आन देवी देवता दिश afe नवइ अछि माथ ag dled काल्हि दाननदलक कखह HAA उच्छेद कृषक श्रमिकक जीवनोकेँ बनबिहह पुनि वेद रौत प्रायीगक रागुण रादज्ञान लोकहितमे लगविहह अपना युगक विज्ञान 70 02. (a) “ara प्राचीन-मध्य ओ आधुनिकक्रालीन मिथिलाकँ सामाजिक जीवनक सम्यक्‌ वर्णन भेल अछि - विश्लेषण करू | 20 (bo) “समकालीन मैथिली कविता”क आधार पर कविवर आरसी प्रसाद सिंहक काव्य-वैशिष्ट्य पर प्रकाश दिअ | र्ठ (oc) “कविवर लालदास अपन रामायणमे विस्तृत मंगलाचरणमे पराप्रकृति सीता एवं परमपुरुष रामक स्मरण कयलनि अछि” - युक्तियुक्त विवेचन करू | रह Qs. (a) “मिथिला भाषा रामायण”क “सुन्दरकाण्डमे वर्णित घटनाक्रम अपेक्षाकृत अधिक सारगर्भित आ प्रसंगानुकूल भेल अछि” — ule कथनक समीक्षा करू | 20 (b) “कृष्णजन्म प्रबन्ध-काव्यक रचनामे मनबोधकें मैथिली साहित्यक इतिहासमे महत्त्वपूर्ण स्थानक अधिकारी बना देने अछि” - एहि उक्ति पर विचार करू | रह © “कीचक-बध” काव्यस्वरूप ओ रचनाशैलीमे भिन्न रहितहूँ प्राच्य एवं पाश्चात्य-दुनू ठाम समान भावधाराक सम्बाहक अछि - प्रमाणित करू | ठ 64. (a) “गोविन्ददास भजनावली”क गीत aden भक्तिमूलक प्रतीत dea अछि ओ श्रृंगार एहिमे आवरणक काज करत अछि” - पठित अंशक आधार पर अपन विचार व्यक्त करू | 20 (७)... विद्यापतिक गीतसभमे श्रृंगारक बहुविध चित्र प्रस्तुत भेल अछि - पठित अंशक आधार पर Te उक्तिकें पल्‍्लवित करू | उठ (८). “त्तवती” महाकाव्यमे भारतीय सामाजिक चिंतन, राष्ट्रीय चेतना ओ सांस्कृतिक गरिमाक व्यापक चित्रण भेल अछि - स्पष्ट करू | कद M-ESC-D-MTL 3 :

SECTION B Qs. निम्नलिखित कथ्यक अभिव्यंजनागत वैशिष्ट्यकें निर्दिष्ट करैत सन्दर्भ-सहित व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट TET | उत्तर अधिकतम 50 शब्दमे दातव्य | 06-60 (a) भाइ, हम-अहाँ ओहि नजरिये देखबाक अभ्यस्त भा गेल छी | आइ समस्त मध्यमवर्गीय बुद्धिजीवीक इएह हाल कै | कमायवला एक गोट, खायवला दस | इएह 'वैरासिटिज्म' हमरा लोकनिक एहि दलित अवस्थाक कारण अछि | हजार wed हमरासँ नीक एखन अहाँक श्रमजीवी अछि । से नै, अपने Soa जे दाइ काज करै अछि तकरे देखियौ, तीनू सासु-पुतोहु तीन डेराक काज धयने अछि .... तीस टाका महीना आ तीन थारी भात नित्त | है (७)... भेद रसगुल्ला ओ TEA छैक | Wee सरस ait कोमल होइछ, TE शुष्क ओ कठोर | रसगुल्ला पूर्वक प्रतीक थीक लड्डू पश्चिमक | तेँ हम कहैत छियौह जे ककरो जातीय चरित्र देखबाक-बुझबाक हो त ओकर प्रधान मधुर देखी | 70 (८)... सोझाँगे ठाढ़ि स्त्री-छायाकें देखि क' घृणा होइत अछि | घृणा होइत अछि, क्रोध होइत अछि, सिनेह होइत अछि, दया होइत अछि, करुणा, वेदना, ग्लानि, परिताप, चिन्ता सभ किछु होइत अछि | अनिमेष दृष्टिसैं हमरा दिस, हम्मर चश्माक लाइब्रेरी फ्रेम दिस, रेशमी चद्दरि दिस, Roa कम्पनीक धोआ धोती दिस आ हम्मर आँखिमे भरल आश्चर्य दिस तकैत स्त्री-छाया त' सत्ते छाया-मात्र छथि, स्त्री नहिं छथि | 70 (2) एक sae बरखक अपन बेटीकें देखय जे वयसक बाढ़िमे भरल-उमड़ल परमान धारसन aie । फेर टोल पड़ोसक स्त्रीगणक आँखि दिस ताकय जकर आँखिमे व्यंग्य रहैक, उत्सुकता रहैक, निष्क्रिय दर्शकक क्रूरता रैक | मने मन पजरि रहिं जाय । ने धूआँ होइक ने धधरा | एहन दिन भेलै छँउड़ीकें | केहन भरल-पुरल सासुर छैक | 70 (८). ओकरा दुनू हाथमे हथकड़ी ar दूनू पएरमे बेड़ी जकड़ल रहैत छलैक | दूनू आँखि पर पट्टी aren रहैत See | दूनू कानमे बर्कल सीसा ढास्किड ओकरा at कए देल गेल छलैक । केवल भोजन कालमे ओकरा आँखिक पट्टी आ' एक हाथक बेड़ी खोलल जाइक | बड़े यंत्रणामे ओकर कारा जीवन बीति रहल छलइ | 70 M-ESC-D-MTL 4

06. (a) “घरदेखिया” कथा मिथिलाक ग्रामीण समाजक वर्ग-विशेषक यथार्थसँ साक्षात्कार करबैत अछि - स्पष्ट करू । 20 (७). “खट्टर काकाक तरंग” में हरिमोहन झा sae गंगा बहा देने छथि - एहि उक्तिक आलोकमे wert विशेषता देखाउ | कर (6)... “पृथ्वीपुत्न” उपन्यासमे निम्नवर्गक जीवन एवं ओकर सामाजिक एवं आर्थिक संघर्षकेँ व्यापक रूपेँ व्यक्त कएल गेल अछि” - एहि उक्तिक समीक्षा करू | रु Q7. (a) “ “वर्णरत्नाकरंगे उत्तम काव्यक वर्णन - चमत्कार, कल्पनाक सूक्ष्मता, चित्रणक रसमयता एवं उक्तिक सामर्थ्यक प्रदर्शन अछि” - द्वितीय कल्लोलक आलोकमे एहि कथनकेँ स्पष्ट करू | Hoe 20 (b) राजकमलक कथामे हुनक चारित्रिक वैशिष्ट्य कोनहु ने कोनहु रूपमे अवश्य Yea - fe कथन पर विचार करू । 5 (©) “पाँच पत्र” कथा पति-पत्नीक राग-वृत्ति काल-चक्र द्वारा जीवनक दशा-दिशाक बोध करबैत अछि - एहि उक्तिक आलोकमे एहि कथाक मार्मिकता देखाउ | उठ Qs. (a) “ श्पफाइत चाहक जिनगी' आदर्शवादी शिक्षित बेरोजगार नवयुवकक संघर्षपूर्ण जीवन-गाथा अछि” - स्पष्ट करू | 20 (b) लोकगाथात्मक ऐतिहासिक उपन्यास “लोरिक विजय”मे चरित-नायकक चारित्रिक विशेषताक Re भेल अछि -युक्तियुक्त पल्‍्लवित करू | र्ठ (८)... मणिपदूमक “वालगोविन” कथाक मार्मिकता पर प्रकाश दिअ | कर M-ESC-D-MTL 5

a a aaa वाद्य सटसटस्टटटयणणकथ. er el 0 wil

CS (MAIN) Exam 3204 , ee ee STH-P-MTLI मैथिली म्रश्न-पत्रज ( साहित्य ) समय : 3 घंटा ue : 250 ग्रश्न-पत्र विषयक विशेष निर्देश प्रश्नक उत्तर लिखबाक पूर्व कृपया निम्नलिखित Resa सावधानीपूर्वक पढ़ि लिय5 Wa दू खण्ड (Section)A विभक्त कुल आठ प्रश्न अछि। अध्यर्थी कुल पाँच प्रश्नक उत्तर देथि। प्रश्न संख्या lan प्रश्न संख्या 5 अनिवार्य अछि। शेष प्रश्नमेसं तीन प्रश्नक उत्तर लिखू, जाहिमे प्रत्येक खण्ड (36८007)सँ कम-सँ-कम एक WT चयन आवश्यक अछि। प्रश्न/खण्डक निर्धारित अंक ओकरा समक्ष निर्दिष्ट कयल गेल अछि। उत्तर मैथिलीमे लिखब अनिवार्य अछि। जतय निर्दिष्ट हो, शब्द-सीमाक अनुपालन अपेक्षित अछि। उत्तरित WAS गणना क्रमानुसार कयल जायत। यदि काटल नहि गेल हो Ff अंशतः लिखित उत्तरोकें गणना कयल जायत। प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिकाक कोनो रिक्त पृष्ठ अथवा कोनों पृष्ठक रिक्त भागकें अवश्य काटि दी। MAITHILI PAPER—I ( LITERATURE ) Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250 QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions There are EIGHT questions divided in two Sections. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Question Nos. घएत 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are to be attempted choosing at least ONE from each Section. The number of marks carried by a question/part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI. Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. PTH-PMTVI] VT हा [ P.T.O.

SECTION—A Z \ l. निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 750 शब्द धरि) : 05न50 (a) लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया (9). 'प्रयत्नलाघव'क विलक्षणता (५. मैथिली ओ बांग्लाक पारस्परिक सम्बन्ध (८). मैथिली भाषाक प्रमुख बोली (e) राजेश्वर झाक भाषा-वैज्ञानिक कृति 2. (a) भाषोत्पत्तिक प्रमुख सिद्धान्तक विवेचन करू। 20 (b) मैथिली ओ असमिया भाषाक सम्बन्धक विवेचन करू। i5 (co) अर्धमागधीक महत्त्व पर प्रकाश दिअ। 5 3. (a) भाषाक आकृतिमूलक वर्गीकरण एवं ओकर विशेषताक मूल्यांकन करू। 20 (2). मागधीक विकासक्रमक समीक्षा करू। ]5 (co) बोलीकें भाषा बनबाक प्रक्रिया पर प्रकाश दिअ। 5 4 (a) प्राचीन भारतीय आर्यभाषा ओ मैथिलीक सम्बन्धक विवेचन करू। 20 (b) मैथिली भाषा-विज्ञानक क्षेत्रमे Qua झाक योगदानक समीक्षा He | 5 (५)... व्याकरणक दृष्टिसँ मैथिली भाषाक विशेषताक मूल्यांकन Bw 5 SECTION—B 5. निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 50 शब्द घरि) : 0x5=50 (a) प्राक्‌ मैथिली साहित्य (b) लोचन (c) रामविजय (d) wetter (e) मिथिलामोद STH-P-MILI UT 2

J, (a) मैथिली साहित्यक काल-विभाजनक प्रसंग विद्वानलोकनिक प्रमुख मतक समीक्षा करू। 20 (8) मध्यकालीन मैथिली नाटकक विकासमें “कीर््तनिजा' नाटकक महत्त्व प्रतिपादित करू। 5 (५). मैथिलीक लोकगाथात्मक उपन्यास पर प्रकाश दिअ। 5 7. (a) विद्यापतिक व्यापक प्रभावक मुख्य कारण अछि हुनक बहुमुखी प्रतिभा--युक्तियुक्त प्रतिपादन करू। 20 (b) हरिमोहन झाक “जीवन-यात्रा' मार्मिक संस्मरण प्रस्तुत ata अछि--सयुक्ति विवेचन करू। 5 (८५)... मैथिली लघुकथाक मुख्य प्रवृत्ति पर प्रकाश दिअ। i5 8. (a) आधुनिक मैथिली कविताक पृष्ठभूमिक विवेचन करू। 20 (b) आधुनिक मैथिली नाटकक जनक जीवन ers कहल जाइत अछि--सयुक्ति विवेचन करू। ]5 (५). मैंथिली नाट्य साहित्यक संक्षिप्त परिचय दिअ। ]5 जौ ज़ी जौ STH-P-MILI{ VT 3 SB8—20

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i STH-D-MTLI मैथिली / MAITHILI पेपर IT / Paper II साहित्य / LITERATURE निर्धारित are: तीन घंटे अधिकतम अंक : 250 Time Allowed : Three Hours ग्रश्न-पत्र स्पष्ट निर्देश पप्र्नक उत्तर लिखनाक पूर्व कृपया निस्नलिखित निर्देशक सावधानीयूर्वक ae tras : एतय कू खण्ड (SECTION) मे विधक्त कुल आठ WT अछि | अध्यर्थी कुल पाँच TAK उत्तर TF | प्रश्न संख्या 2 तथा ye संख्या 5 अनिवार्य आठढि | शेष wee Bia तीन अस्नक उत्तर लिख, जाहिये प्रत्येक खण्ड (SECTION) सँ FAG कम एक प्रस्नक चयन आवश्यक अछि | प्रस्न/ खण्डक निर्धारित अंक sie समक्ष निर्किट कयल गेल अछि | उत्तर मैथिली (दिवनागरी लिपि) मे लिखब अनिवार्य अछि | TAT निर्दिष्ट हो, शब्द-सीपाक अनुपालन अपेक्षित BE | उत्तारित VIR गणना क्रसानुसार कयल जायत | यदि काटल Ae गेल हो TF अशत: लिखित उत्तरक गणना सेहो BIT जायत | प्रस्न-सह-उत्तर पुरस्तिकाक कोनो रिक्त TS अथवा कोनो पुष्ठक रिक्त TH अवश्य Ble दी | Question Paper Specific Instructions Please read each of the following instructions carefully before attempting questions : There are EIGHT questions divided in TWO SECTIONS. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Questions no. 7 and 5 are compulsory and out of the remaining, any THREE are to be attempted choosing at least ONE question from each section. The number of marks carried by a question / part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI (Devanagari script). Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off: STH-D-MTLI ||

SECTION A es Ql. प्रत्येक प्रश्न अनिवार्य अछि | काव्य-बैशिष्ट्यकें निर्दिष्ट करैत निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट रहए | (उत्तर अधिकतम 50 शब्दमे दातव्य ) उ0५८6>50 (a) काजर-तिमिर-भरमे जसु तन-रुचि, निबसय कुंज-कुटीर | बंसि-निसास मधुर विष उगिरए, गति अति कुटिल सुधीर ।। सजनी, कान्ह से बरजु WF | से मोर हृदय-चन्दन-रुह लागल भागल ee -faes || लोचन-कोर पड़ैते नव नागरि रहए न पारए धीर | कुंचित अरून अधर भरि पीबए कुलवबति-बरत-समीर || 0 (0)... अगमने प्रेम गमने कुल जाएत चिन्ता ve लागलि करिणी मजे अबला ce दिस ममि sree जनिव्याध डरे भीरु हरिणी ॥। Sal दुरजन गमन विरोधक उगल गगन भरि बैरि AT II HE WA पथ पद आरोपल आए तुलाएल पण्चद्शी | 0 (८)... देखि ककरहु पंकमग्न, Hebi उबारि दिऔ कूपमे खसइतकेँं अपन aife पकड़ाए fest, किन्तु कए काज ई बिसरि जाउ, बिसरि जाउ, स्मृतिसँ मेटाए लिअ; अन्यथा होएत तीव्र अनुताप | fixe sé राखू, जें Une लगानी करब सूदिक कथा कोन मूरहु्स हाथ धोउ | 70 (व). कविक कर्म थिक शशिकर-शीकर रसिक चकोरक प्राण | दोषाकर बुझि मुद्रित दूग से पंकज स्वयं न आन ॥। कविक कर्म थिक दिनकर किरणे जगतक ट्रग-आलोक । आतप वारण करथि छत्र धर अपनहि छाँयालोक II स्वातिक विन्दु पड़य शुक्तिक मुख Yaa झलकय अंग | फणिक वदन कण पड़इछ, भरइछ GIs गरल तरंग II 70 STH-D-MTLI 2

cg (ec) झमाझम बरसैत मूसलधार, माघक ठार, चैतक तस; सभ फूसि ओकरा हेतु । लगाबथु ग केओ कतेकों जोर बाप पित्तीकेँ करथु ग सोर मुदा रोइयाँ एकोटा ओकर उपाइल नहि हेतन्हि ककरो sd | 70 Q2. (a) लालदासक रमेश्वरचरित मिथिला रामायणक बालकाण्डमे मिथिलाक free संस्कृतिक मार्मिक चित्रण Yer अछि --युक्तियुक्त प्रतिपादन करू | 20 (0)... “एहि प्रबुद्धयुगमे कोन प्रकारक कवि चाही ? एहिं प्रश्नक उत्तर यात्रीक चित्रामे संकलित कवितासभ दैत अछि” --एहि कथनक समीक्षा करू | उठ (८)... मैथिलीक नव्यतम काव्य-चेतनाक कवि लोकनिक कविताक संग्रह “समकालीन मैथिली कविता मे कयल गेल अछि — सयुक्ति विवेचन करू | 5 Q3. (६)... “मैथिलीमे नव काव्य-परम्पराक wate मनबोध कृष्णाजन्ममे सर्वत्र de शब्दक did ails लोकोक्ति समक सटीक प्रयोग कय भाव एवं भाषा दुनूकें अत्यन्त हृदयग्राही एवं प्रभावपूर्ण बना देने छथि” — एहिं उक्ति पर विचार करू | 20 (bo) मिथिला भाषा रामायण'मे सुन्दरकाण्डक नामकरण पर विचार pla कवीश्वर चन्दा झाक वर्णन-कौशल पर प्रकाश दिअ | उठ (८)... * 'कीचक aera प्राच्य एवं पाश्चात्य शैलीक मर्मस्पर्शी समन्वय भेल अछि” — एहि तर्कक मूल्यांकन करू । ही 64. (a) “am कोमलता, Ween लालित्य, लय एवं तुकक कौशल, स्वरक माधुर्य एवं बिम्बक चमत्कार विद्यापति पदावलीक मुख्य विशेषता अछि” — पठित अंशक आधार पर एहि कथनक समीक्षा करू । 20 (b) “ae ललित श्रुतिमधुर, अर्थानुग्राही एवं समतासंयुक्त बनएबामे यदि weqh तोड़हु पड़लैन्हि, ओकर स्वरूप विकृतो करए पडलैन्हिं तथा अपन हृद्यक भाव झाँपलो AE Acts तथापि गोविन्ददास अर्थक प्रसादक हेतु शब्दविन्यास नहि दूरि कएलन्हि” — ule उक्तिक आलोकमे पठित अंशक आधार पर गोविन्ददासक काव्य-प्रतिभाक विवेचन करू | र्ठ (८). ‘edad’ द्वितीय सर्गमे वर्णित mann शिक्षण-व्यवस्था एवं आकर्षक वातावरण विश्वशान्तिक अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूपक चित्र प्रस्तुत करैत अछि -- सयुक्ति प्रतिपादन करू | रे STH-D-MTLI 3

SECTION B . Q5. निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट teu | (उत्तर अधिकतम 50 शब्दमे दातव्य ) 00 (a) सरिपहूँ... बागमती, कमला, बलान, गण्डक आ खास कक कोसीतँ अपराजिता अछि ने ! ककरहु सामर्थ नहिं जे एकरा पराजित कं सकय | सरकार आओत... चलि जायत... मिनिस्टरी बनत आ टूटत-मुदा ई कोसी... ई बागमती... ई कमला ST बलान... अपन एही प्रलयंकारीगतिमे गामकें भसिअवैत, हरिअर-हरिअर Gah उज्जर ald, मालं-जालकेँ नाश Pid, घर-द्वारक सत्यानाश Hd बहैत रहत आ बहैत रहत | 70 (0)... कोन काज हमरा od हयत ? भीख माडब ? भिखमंगोकें तँ लोक झझकारिते छै | अहलादि कड बैसबै कहाँ छै | आ भीख की दै छै तँ एकटा पाइ । एक मुट्ठी अन्न ! ई कने oT भरि ः पेट आगरह कड HS खुअबैए | कतेने सिनेह करैए | बीस गोटेक द्वारि घूमब | बीस गोटेक बात सुनब, तँ बीसटा पाइ होयत | at जाइ सेहे नीक | ger Gf मौगी देखि लिए ई are महँक मोटरी ? 70 (c) घामक cel कपारसँ adlehch नोक पड चुने I भरल-चढल छाती पर घाम ट्घरि-टघरि चापत पेट पर बहि डाँडक धोतीमे सुखैल चलि जाइक | मोन एकदम महुरा गेल रहैक | मुँह लाल-स्याह मुदा आँखि औओहिना निश्चल आ स्थिर रहैक | जतेक गैद तबतैक, जतेक घाममे नहाजायत, जतेक AM माहुर हेतइ, ततेक आर मस्त भय हडर जोतत | अपन घामओ गैदक माहुरमे मगन भय टिटकारलक छोट-छोट बड़दक ANI | 70 (व). सैह काल त हमरा सभक काल Hs गेल | आइ मासान्त, काल्हि संक्रान्ति, परसू भदवा | एकटा ce ares हो त नौ दिन पतड़ा देखैत बैसल रहू । औ, संसारक और कोनो देश भदवा मानैत अछि ? भद्रा महारानीमे वास्तविक सामर्थ्य छैन्ह a ओकरासभकें किऐक नहिं धौत wire ? पृथ्वी पर और-और लोककें दिक्शूल किऐक नहि लगैत छैक ? यूरोप, अमेरिका बलाकेँ अधपहरा किऐक नहि घौत छैक ? aye बुड़िबक दीनानाथ et लोकनि wt? 70 (ce) सुकर्म on अपकर्म ककरा कहै छै से बुझबाक बुद्धि Wt अहाँगे Wa Tons अहाँकें हमरासँ वा हमर ऐ स्टालसँ घृणा नै होइत | एके टोकारा पर stat लगले हमरा लग दौडल afer... पुछितौं जे हमर व्यवसाय घाटामे चलि रहल अछि कि नफामे | अहाँ से कयलौं नै आ तें हम कहब जे Bel ने केवल समाजक, ने केवल आश्रमक वा परिवारक, अपितु set अपनों लेल भारेटा छी | 70 STH-D-MTLI 4

Q6. (a2) खट्टर ककाक विनोदपूर्ण विचार-लहरी मिथिलाक संस्कृति at पुरातन सभ्यता पर मार्मिक व्यंग्यक प्रहार कयने अछि -- एहि कथन पर विचार करू | 20 (b) *लोरिक fase’ उपन्यासक कथावस्तुक मार्मिकता पर प्रकाश दिअ | र्ठ (८)... “पृथ्वीपुत्र' उपन्यासमे जीवनक ओ चित्र उतरल अछि जे सत्य पर आधारित अछि — एहि उक्तिक समीक्षा करू | ही Q7. (a) मैथिली गद्यक विकासमे “वर्णरत्नाकरक स्थान निरूपित ata ओकर नामकरण पर विचार करू | 20 (b) कोनो कथाक संगति-विसंगति कथाक afe, ओहिं समाजक wo जाहिमे ओ कथाकार रहैत अछि -- कृति राजकमलक'मे पठित प्रथम दस कथाक आधार पर US उक्तिक समीक्षा करू | र्ठ (८)... आधुनिक मैथिली कथामे adam समाजक चित्र अंकित wea अछि — “कथासंग्रहमे पठित कथाक आधार पर Us कथनक औचित्य पर प्रकाश दिअ | 5 Qs. (a) मैथिलीमे लोकगाथात्मकं उपन्यासक क्षेत्रे मणिपद्मक *लोरिक विजय'क महत्त्व निरूपित करू | 20 (b) “जखन बैसल बेटा मायो-बापकेँ नै सोहाइत BH, आन किए ककरों गरा लगोतैक ।” — Wed चाहक जिनगी मे महेशक एहि उक्तिमे सच्नरिहित व्यंग्यक समीक्षा करू | 5 (८)... 'वर्णरत्नाकरक वर्णनक चमत्कार पर प्रकाश दिअ | उठ STH-D-MTLI 5

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EGT-P-MTLI अश्न-पत्र-झू ( साहित्य ) समय : तीन घंटी | पूर्णाऋं : 250 | अश्न-पत्र विषयक्त विशेष निर्देश प्रश्नक उत्तर लिखबाक पूर्व कृपया निम्नलिखित Paes सावधानीपूर्वक पढ़ि feras एतय दू खण्ड (5८८807:)में विभक्त कुल आठ प्रश्न अछि। अभ्यर्थी कुल पाँच प्रश्नक उत्तर देखि। प्रश्न संख्या aa प्रश्न संख्या 5 अनिवार्य अछि। शेष प्रश्नमेसैं तीन wees उत्तर लिखू, जाहिये प्रत्येक खण्ड (Section)# कम-सै-कम एक प्रश्नक चयन आवश्यक अछि। प्रश्न/खण्डक निर्धारित अंक ओकरा समक्ष Pits कयल गेल अछि। उत्तर सैथिलीमे लिखब अनिवार्य sift) aaa निर्दिष्ट हो, शब्द-सीमाक अनुपालन अपेक्षित safe) उत्तरित were गणना क्रमानुसार कयल जायत। यदि काटल नहि गेल हो, A अंशतः लिखित उत्तरोकें गणना कयल जायत। प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिकाक कोनों रिक्त पृष्ठ अथवा कोनों gem रिक्त were अवश्य काटि दी। MAITHILI PAPER—I ( LITERATURE | Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250 QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions There are EIGHT questions divided in two Sections. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Question Nos. l and 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are to be attempted choosing at least ONE from each Section. The number of marks carried by a question/part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI. Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly, Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. GTP MILI] AB | [ P.T.O.

SECTION—A इ. निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 750 शब्द ft) : ]0+5-50 (fa) फॉरमेशन ऑफ मैथिली लैंग्बेज (b) 'अर्थ-संकोच 'क प्रकृति (ce) मैथिली एवं उड़ियाक पारस्परिक सम्बन्ध (a) मागधी प्राकृत fe) मिथिलाक्षरक महत्त्व 2. fa) भाषाक परिवर्तनशीलता पर विचार करू। 20 (ob) भारोपीय भाषा-परिवारक परिचय दिअ। 5 () मैथिली सर्वनामक व्यापकता ओ वैशिष्टयक उल्लेख करू। 5 3. (a) भाषाक पारिवारिक वर्गीकरण ओ ओकर वैशिष्ट्य पर प्रकाश दिअ। 20 (b) *faets कोनो पाँच tte बोलीक उदाहरण-सहित परिचय दिअ। 5 {o) मैथिली भाषाक वैशिष्टय पर प्रकाश दिअ। ग5 4. (aj) मैथिली भाषाक क्षेत्रमे डॉ० प्रियर्ससक की अवदान अछि, विवेचन करू। 20 (b) मैथिली व्याकरणक समृद्धिक दिशामे पण्डित गोविन्द झाक योगदानक मूल्यांकन करूं। 5 (co) भाषा-विज्ञानक ज्ञानक अन्य शाख्रसैं सम्बन्ध स्थापित करू। 5 SECTION—B 5. निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 750 शब्द धारि) : 0%5+50 fa) चर्णरत्नाकर (b) Wea (co) वैदेही (a) जट-जटिन fe) _ डाक-बचनावली ECT-P MIPI[ UB 2

6. (a) मैथिली साहित्यक आदिकालक उपलब्ध सामग्रीस परिचय कराउ। 20 (b) आसामक 'अंकीयानाट' पर प्रकाश दिअ। 5 (co) वैथिली लोकसाहित्यमे ब्रजकिशोर वर्मा *मणिपद्य'क योगदान पर विचार प्रस्तुत करू। i5 7. (a) “विद्यापतिक प्रभाव मिथिलेधरि सीमित नहि रहल”'--एहि उक्तिकें पट्लवित करू। 20 (b) मनमोहन झा *करुण रस क उद्गाता Sere, प्रतिपादन करू | 5 (4. आधुनिक मैथिली उपन्यासक स्थिति पर प्रकाश दिअ। प5 8. (a) महाकाव्यक निकष पर मनबोधक *कृष्णजन्प'क मूल्यांकन करू। 20 (b) सुंदर-संयोग' नाटकक वैशिष्टय पर प्रकाश दिअ। 25 (4. मैथिलीमे पत्र-पत्रिकाक स्थितिक विवेचन करू। 5 की जी जी EBT-PUTPI{LB 3 छ59--50

E6T-D-MTLI मैथिली / MAITHILI पेपर Il / Paper II साहित्य / LITERATURE | निर्धारित समय: तीन बटे | | अधिकतम अंक : 250 | Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250 } कम की किक कक किक eee | प्रश्न-पत्र स्पष्ट निर्देश प्रश्नक उत्तर लिखबास पूर्व कृपया निम्नलिखित rier सावधानीपूर्वक पाढ़ि लिअ : VAT कू खण्ड (SECTION) में विभक्त कुल आठ WI अछि | अध्यर्थी कुल पाँचा प्रश्नक उत्तर दोधि | WPT संख्या 7 तथा wet संख्या 5 अनिवार्य ate | शेष wee कोनो तीन eve उत्तर लिखू, जाहिमे प्रत्येक खण्ड (SECTION) सँ कमस कम एक प्रस्नक चयन आवश्यक अछि | Wea | खण्डक निर्धारित अंक आकरा समक्ष निर्दिष्ट कयल गेल aif | उत्तर मैथिली (aad लिपि) में लिखब अनिवार्य अछि | जतय निर्दिष्ट हो, शब्द-सीमाक अनुपालन अपेक्षित site | +..... उत्तारित RT गणना क्रमानुसार HI जायत | यादि काटल WR गेल हो A अशत: लिखित Taw गणना Ast BAT जायत | अर्न-सह-उत्तर पुस्तिकाक कोनो रिक्त TS अथवा Brat प्रष्ठक रिक्त भागकेँ अवश्य wile दी | Question Paper Specific Instructions Please read each of the following instructions carefully before attempting questions : There are EIGHT questions divided in TWO SECTIONS. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Questions no. and 5 are compulsory and out of the remaining, any THREE are to be attempted choosing at least ONE question from each section. The number of marks carried by a question / part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI (Devanagari script). Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the , Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. EGT-D-MTLI श्र

SECTION A Ql. प्रत्येक प्रश्न अनिवार्य अछि | काव्य-वैशिष्टयकेँ निर्दिष्ट ata निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट रहए | (उत्तर अधिकतम 50 शब्दमे area) उ0:८550 (a) बाग्मति - कमला कोसिक धारा जा aft पृथिवी सागर जा aft जीवित रहब अहाँ तहिआ धरि काए - बचनसँ अथवा wad हिंसा कएल न कोनों जीवक कोटिक कोटि मनुक्खक fea लए ) जिनगी अपन बिताओल गरीबक ही दुख ककरों नहि देल कनेको अपने विपति उठाओल अनेकों जिवितहिँ परसल कीर्ति yar भरि तेना बहाओल शान्तिक सुरसरि | क0 (b) चाँद सार लए मुख घटना करू लोचन चकित चकोरे । अमिय धोए आँचरे जनि पोछल ae दिस भेल उजोरे ॥। मे कामिनि कोने गढ़ली । : रूप सरूप मोहि कहइते असम्भव लोचन लागि रहली ॥। गुरू नितम्ब भरे चले न पारए माझ खीनिम निमाइ | भांगि जाइति मनसिजे धरि राखलि त्रिबलि लता अरुझाइ ॥। 70 (८)... गान विशद जानथि लयताल | कंठ मधुर स्वर सुखद विशाल |) बालमिकी मुनि शिक्षा ta | रामचरित कंठे कय लेल ॥। जखन करथि रामायण गान | वशीकरण सन मंत्र प्रमाण II सुनि सभजन हो प्रेम अधीन | मृगगण यथा विवश सुनि बीन ॥। पुलकित तन सुख हो नहिं थोर | हृदय हरष दृग बरखय नोर II 4 मुनिगण जप तप देलनि त्यागि | रामचरित सुनि भेला विरागि ॥। 70 EGT-D-MTLI 2

(@) गुरूजन सरुचि amit सकल अविकल aa शिक्षा | ग्रन्थ-ग्रन्थि पुनि fens, मुख-लेख परीक्षा | ज्ञान afta सन्धान दक्षता सभक समीक्षा | देखि सकल स्नातकर्कें देलन्हि जीवन दीक्षा | सत्य ध्येय, शिव समाधेय, सौन्दर्य साधना | जीवन काव्यादर्श प्रकृत रस गुण उपासना | साध्य-साधनक पावनता तन-मनक प्रवणता । सत्य तथा aed सभ अर्थक सिद्ध सफलता |! 0 (6)... जूड़क-चूड़ मयूर-शिखण्डक, मंडित मालति-माले | सौरभ उनमत watt sax कत चौदिशि करत झंकारे ।। सजनि के कह काम sy | केलि कदम्बतर से रति-नागर पेखल नटवर-भंग ।। कतहु विषमशर नयन-तृण भर संचर भौंह कमान | नागरि-नारि मरम मह हानए लखणएन पारए आन |! उप 62. (४)... सामाजिक विषमता an तकरा सँ उत्पन्न स्थितिक कुरूपता सहज आ सरल उपस्थापन यात्रीक कवितामे अनायासे देखल जा सकैछ --चित्राक आधार पर एहिं उत्तिक प्रतिपादन करू | 20 ; (b) “समकालीन मैथिली कविता ”क आधार पर कविवर मायानन्द मिश्रक काव्य-वैशिष्ट्य पर प्रकाश दिअ | क5 (८)... राम-सीता सहित अयोध्या प्रस्थान एवं बालकाण्डक महिमा कथन कए लालदास एहि काण्डक समापन कएने छथि — रमेश्वर afta मिथिला रामायणक आधार पर सयुक्ति विवेचन करू ।. 75 Qs. (a) “कीचक-वध” में कवि वर्णनक प्रति विशेष mead नहि देखा भावनात्मक क्रमबद्ध सुनियोजित एवं चारित्रिक विकास दिस अधिक sare भेल छथि — एहिं उक्ति पर विचार करू | 20 (b) मनबोधक “कृष्णजन्म” अपन वर्णन-वैभव हेतु मैथिल-संस्कृतिक उन्मुक्त दस्तावेज थिक' — विवेचन करू | उ5 (८)... “मिथिला भाषा रामायण क सुन्दर काण्ड में वर्णित हनुमानक साहस आ पराक्रमक सजीव चित्रण करू | है EGT-D-MTLI 3

64. (8)... “गोविन्ददास भजनावली *क सामग्री श्रृंगारक अछि परन्तु अपनाकें अलौकिक प्रणय-लीलाक साक्षी मानि गोविन्ददास अपन भक्त हृदयक परिचय दैत छथि' — एहिं उक्तिक आलोकमे गोविन्ददासक भक्ति-भावनासँ परिचय कराउ | 20 (७)... विद्यापति जनसाहित्यक निर्माण कएल, मानव हृदयक मूलभूत वासनाकें , नैसर्गिक भाव ओ भावावेशकेँ अत्यन्त gerd यथावत चित्रण कएल' — पठित sere आधार पर उपर्युक्त कथनक समीक्षा करू | उ5 () “दत्त-वती” सुरेन्द्र झा “सुमनंक जीवन-जगत aft संस्कृति-दर्शन-सम्बन्धी विचारधाराक कवित्वमय आकर-ग्रन्थ firs -- सयुक्ति प्रतिपादन करू | क्5 EGT-D-MTLI 4

SECTION B Q5. निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू जाहिमे भाव स्पष्ट रहए । (उत्तर अधिकतम 50 शब्दमे दातव्य ) 0८660 (a) «aed अन्तिम दृश्य छल en लागल कमचीमे फसल चिड़ैक, जे छटपट ata छल, अहुरिया कटैत छल, मुदा ओहि vlad छुटबाक कोनोटा रास्ता ओकरा सुझाइ ae दैत छलैक | ओ जतेक छटपटा रहल छल, was कूदि wi we छल ततेक ओकर पाँखिसभ a फैंसले aga छलैक, लभझायले जाइत छलैक । ओहिं घड़ी ओकराने flare सौन्दर्य सोहाइ, ने किछु । हड़िघड़ी ओकरा send आकुल-क्रन्दन उठैक, oy ata जकर भाफ अश्रुक रूपमे आँखिक arid बहि wa sae, sitet अतीतक अकर्मण्यतारूपी पापकेँ बहाक दूर ल' जयबाक हेतु । पश्चात्तापक धधकैत आगिमे अतीतक संचित विकार afte’ सुड्डाह afew’ जाइत छैक की ...... | 70 >) कन्दलित.तारुण्य. अपगत ates. उद्धृत अभिलाष. अपगति cron. जागरुक भाव. अज्लुरित. एवम्बिध नायिका. कुण्डल दुइ रत्नमण्डित त(क)रा कान कइसन देषु. जनि कामदेवकाँ wi Ws जालल अछ. सोनाक St मध्यभाग वाँधल कइसन ay. जनि सौन्दर्यक तुलापुरुष लि काछल बॉन्धल अछ, क0 (c) ht छथि पुरान लोक ........ पुरान मान्यतामे जिनिहार | ओ नोकरीकें प्रतिष्ठाक काज बुझैत छथि on बनियाक काजकेँ नीच कर्म मानै छथि | हुनकर मान्यता पर हम किए आघात करियनि | हम जाहि संसारमे जीवि wea छी, अपन अस्तित्वक लेल जेहन संघर्ष हमरा लोकनिकें करड पड़ि रहल अछि ताहिसँ ओ अपरिचित छथि | ओ अपन संसारमे wea, हम अपन संसारक आगिसँ हुनका किए झरकबियनु | 0 (व). पूर्णिमाक ओडइ ज्योत्स्नामय सांझमे, कमलाक धार किछु दूर पर ओ लोकनि, एकटा कारी टिलहा केँ, भसिआइत चल अबैत देखलथिन्ह | हुनका लोकनिकें छगुनता लागि take जेई पाथरक टिलहा कोना भसिआइत आबि wa छैक | तखनहि, offers वस्त्राभूषणसँ सुसज्जित नारी दल झमझम-खमखम करैत बरियाती बलासँ गुआ-पान मांगए Set अषाढ़क घटा जकाँ उमड़ि आएल | एक सँ एक कठमस्त छलि at ay | ओकरा सभहिक शरीर अपना-अपना साड़ीमे अंटियो ae रहल छलैक | 70 EGT-D-MTLI 5

(e) लोक कहैत अछि, पृथ्वी पर जतेक पाप होइत अछि, सभक एकमात्र कारण थिक इऐह वस्तु - उत्सुकता | उत्सुकता, पाप आ अपराध दुनू वस्तुक जननी ! ........ हम सभ कोनों वस्तुक प्रति, ओकरा प्राप्त करबाक लेल ओहि वस्तुक सम्पूर्ण व्यक्तित्व के अपन बाँहिमे, अपन aaa, अपन अनामा आँगुरमे सोनाक अनन्त जकाँ, नीलमणि आँठी जकाँ पहिरि लेबाक लेल उत्सुक होइत छी an उताहुल होइत छी | आ तकरा बाद हमरा सभक जीवन आ जीवनक उद्देश्य आ विधेय बदलि जाइत अछि .......... | उ0 Q6. (8)... “लोरिक विजय क कथावस्तु अति-रोचक होइतहूँ एहिमे अतिशयोक्तिक अभिव्यंजना कएल गेल af’ -- एहि कथन पर विचार करू | 20 (b) उपन्यासकार ललित “पृथ्वीपुत्र “मे मानव स्वभावक नैसर्गिक प्रवृत्ति ओ भावनाकें जे प्रधानता देल अछि से हुनक स्वस्थ दृष्टिकोणक द्योतक थिक — समीक्षा करू | उ5 (८)... “खट्टर काकाक तरंग” में वर्णित विषय विचारात्मक, सरस, मनोरंजक एवं व्यंग्यक अत्यन्त स्पष्ट रूप परिलक्षित होइछ — स्पष्ट करू | कह ; Q7. (a) “वर्णरत्नाकर” मे ज्योतिरीश्वर ada प्रतीयमान चित्त देल अछि, त' कतौ-कतौ सम्भाव्य सेहो अछि, af & वर्णनक आदर्श चित्रण प्रस्तुत भेल अछि — पठित अंशक आधार पर प्रमाणित करू | 20 (bo) “मधुरमनि' कथामे किरणजी श्रमजीवी वर्गक दाम्पत्य जीवनक अनुरागक हिलसगर कथा कहने छथि' — सिद्ध करू | फ्5 (८)... मिथिलांचलक मध्यमबर्गक afore छद्मक fags राजकमलक कथाक मूलतत्त्व कहल जा सकैत अछि -- विवेचन करू | क्5 EGT-D-MTLI 6

७8. (a) ललितक “पृथ्वीपुत्र” नवीन शिल्पक एक एहन उपन्यास अछि जाहिमे स्वातन्त्योत्तर ग्रामीण समाजक परिवर्तनशील परिवेशक संघर्षशील कृषक-मजूरक निम्नवित्तीय स्थितिक कलात्मक चित्रण कएल गेल अछि — स्पष्ट करू | 20 (७)... झगड़ा संयोगाश्रित घटना प्रधान कथा अछि जकर उद्देश्य करुणा उत्पन्न करब थिक - एहिमे ...... लेखकर्कें प्रयाप्त सफलता भेटल छनि --प्रमाणित करू | 5 (c) “भफाइत चाहक जिनगी”क नाटककार शिक्षित बेरोजगार युवकक माध्यमे समाजमें व्याप्त जीवनक समस्या एवं संघर्षक चित्रणक संग परिस्थितिक अनुसार अपनाकेँ अनुकूल बना सकए तकर बुद्धिबादी सामंजस्य प्रस्तुत कएलनि अछि — vfs तथ्यक मूल्यांकन करू | ही EGT-D-MTLI 7

अल : wn BF bd . L a a : “ हर ? लि 7 . = : iI a i. | ; क्र = : _ Fe fue, 2 ; = wi sted श्र = a ee 4 nH ae कक ही - क्र i कि शा वि : Se हर . : | ह ही . a 7 es - भी - कं ह हर दि - ; सन 0% है ै दि हे हर "a e im : : |] व | | a i = a bed ! हर = कि. के भर ः ee 7 aif 7 a ee a ¢ q

UPSC MAINS Download UPSC IAS Mains 20l9 Optional Exam Paper “Literature Subjects — Maithili (Paper -इ)”

F लि । + Downloaded From: http://www.dhyeyaias.com CS (fain) xarn,2049 SDF-U-MTLI ख्रश्न-पत्र-ा ( साहित्य ) समय : तीन घंटा wate : 250 प्रश्न-पत्र विषयक विशेष निर्देश were उत्तर लिखबाक पूर्व कृपया निम्नलिखित निर्देशकें सावधानीपूर्वक पढ़ि लिय5 एतय | खण्ड (5600ं07)में विभक्त कुल आठ प्रश्न अछि। अभ्यर्थी कुल पाँच प्रश्नक उत्तर देथि। We संख्या l तथा प्रश्न संख्या 5 अनिवार्य अछि। शेष weed die प्रश्नक उत्तर लिखू, जाहिमे प्रत्येक खण्ड (5«८0००)सँ कम-सँ-कम एक WA चयन आवश्यक अछि। प्रश्न/खण्डक निर्धारित अंक ओकरा समक्ष Affe कयल गेल अछि। उत्तर मैथिलीमे लिखब अनिवार्य अछि। जतय निर्दिष्ट हो, शब्द-सीमाक अनुपालन अपेक्षित अछि। उत्तरित प्रश्नक गणना क्रमानुसार कयल जायत। यदि काटल नहि गेल हो, AF अंशतः लिखित SA गणना कयल जायत। प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिकाक कोनो रिक्त पृष्ठ अथवा कोनो ges रिक्त भागकेँ अवश्य काटि दी। MAITHILI PAPER—I ( LITERATURE ) Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250 QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS Please read each of the following instructions carefully before attempting questions There are EIGHT questions divided in two Sections. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Question Nos. l and 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are to be attempted choosing at least ONE from each Section. The number of marks carried by a question/part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI. Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. SDF-U-MTLI/24 J [P.T.O.

Downloaded From: http://www.dhyeyaias.com । | SECTION—A . निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 750 शब्द af) : 0>550 (a) मैथिली भाषाक महत्त्व ओ वैशिष्टय (b) पाणिनि ओ मैथिली व्याकरण (५. प्राकृतक भेद ओ अपभध्रंशक विशेषता (८). दीनबन्धु झाक व्याकरणक उपादेयता (6). मैथिली भाषाक उद्गम पर प्रकाश 2. (a) भारतीय आर्यभाषाक विकासक्रमसैँ परिचय कराउ। 20 (0) मध्यकालीन आर्यभाषाक विशेषताक विवेचन ओ विश्लेषण करू। 5 (co) नवीन भारतीय आर्यभाषा-मध्य मैथिलीक स्थान निरूपित करू। 5 3. (a) भाषा-विज्ञानक आकृतिमूलक वर्गीकरण ata ओकर उपयोगिता सिद्ध करू। 20 (b) मैथिली भाषाक विकासमे अवहट्ठक महत्त्क मूल्यांकन करू। कु (oc) तिरहुता लिपिक विकासक्रमक ऐतिहासिक विवरण ओ साहित्यिक महत्त्वक विश्लेषण करू। 5 4. (a) भाषा एवं बोलीमे अन्तर स्पष्ट कौत बोलीकें भाषा बनबाक कारणक उल्लेख करू। 20 (b) Yatacta भाषा साहित्यमे मैथिली, बंगला ओ असमियाक साम्य ओ वैषम्यक विश्लेषण करू। 5 (co) मैथिलीक विभिन्न बोलीसैं परिचय कराउ। 5 SECTION—B 5. निम्नलिखित विषय पर टिप्पणी लिखू (लगभग 750 शब्द धरि) : 0<5न50 (a) मैथिलीमे सिद्धसाहित्यक महत्त्व (2). ज्योतिरीश्वरक काल निर्धारण (co) मैथिली लोकगीत ओ लोकगाथा (ad) मैथिली साहित्यक विकासमे “मिथिला मिहिर'क योगदान (2). महाकवि विद्यापतिक लोकप्रियताक॑ कारण SDF-U-MTLI/24 2

Downloaded From: http://www.dhyeyaias.com i \ 6. (a) मैथिली साहित्यक पृष्ठभूमिमे मिथिलाक सामाजिक ओ सांस्कृतिक जीवनसँँ परिचय कराउ। 20 (b) FAR चन्दा झा ओ लालदासक रामायणक तुलनात्मक विवेचन करू। 5 (५)... “*दत्तवती' महाकाव्य थिक'”--सोदाहरण प्रमाणित करू। 5 7. (@) मैथिली साहित्यक काल-विभाजनक प्रसंग विभिन्न विद्वानक मतक समीक्षा करू। 20 (>) मिथिलाक मध्यकालीन नाटकक Sires पर प्रकाश दिअ। 5 (५. मैथिलीक यात्रा साहित्यक स्थिति पर विचार ate सुभद्र झाक योगदानक महत्त्व पर प्रकाश दिअ। 5 8. (a) नारी जागरणक पृष्ठभूमिमे रचित किछु प्रमुख मैथिली उपन्याससै परिचय कराउ। 20 (9). आधुनिक मैथिलीक काव्यधाराक प्रमुख प्रवृत्तिसँ परिचय कराउ। 5 (c) मैथिली बाल-साहित्यक भूत-वर्तमान ओ भविष्यक प्रसंग पर तथ्यात्मक विचार प्रकट करू। 5 kkk SDF-U-MTLI/24 3 2058-92

UPSC MAINS Download UPSC IAS Mains 20l9 Optional Exam Paper “Literature Subjects — Maithili (Paper - 2)”

F लि Downloaded From: http://www.dhyeyaias.com ' 05 (Aan) छिआपय 8 SDF-B-MTLI | मैथिली / MAITHILI पेपर II / Paper I साहित्य / LITERATURE । निर्धारित समय / तीन घंटे अधिकतम अंक > 250 Time Allowed ; Three Hours Maximum Marks : 250 प्रष्न-पत्र स्पष्ट निर्देश | प्रश्नक उत्तर लिखबासें पूर्व कृपया निम्नलिखित Padre सावधानीपूर्वक पाढ़ि लिअ : । एक्य दू खण्ड (SECTION) में किभक्त कुल आठ TH अछि | | अध्यर्थी कुल पाँच प्रस्नक उत्तर दोधि | प्रस्न संख्या 7 तथा प्रसत संख्या 5 अनिवार्य आदि | शेव yeaa कोनों तीन were उत्तर fer, जाहिमे प्रत्येक , खण्ड (SECTION) सँ FUG कम एक WIE चयन आवश्यक Hts | wea) खण्डक निर्धारित अंक site समक्ष निर्किष्ट कयल गेल अछि | उत्तर सैधिली (दिवनागरी लिपि) मे लिखक अनिवार्य site | जतय निर्दिष्ट हो, शब्द-सीमाक अनुपालन अपेक्षित अछि | उत्तारित Wer गणना HMPA कयल जायत / Ale काटल Ae गेल हो A अशत: लिखित sew गणना सेहों कयला जायत | प्रह्न-सह-उत्तर पुस्तिकाक कोने रिक्त TS अधवा कोनो Tae रिक्त eT अवश्य काटि दी / Question Paper Specific Instructions Please read each of the following instructions carefully before attempting questions : There are EIGHT questions divided in TWO SECTIONS. Candidate has to attempt FIVE questions in ail. Questions no. and 5 are compulsory and out of the remaining, any THREE are to be attempted choosing at least ONE question from each section. The number of marks carried by a question / part is indicated against it. Answers must be written in MAITHILI (Devanagari script). Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the | Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off. SDF-B-MTLI |

Downloaded From: http://www.dhyeyaias.com SECTION A . Ql. प्रत्येक प्रश्न अनिवार्य अछि | काव्य-वैशिष्ट्यकेँ निर्दिष्ट करैत निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू, जाहिमे भाव स्पष्ट रहए | (उत्तर अधिकतम 50 शब्दमे area) 0550 (a) ares आध ane दिठि-अँचल जब oft पेखल कान | कत सत कोटि कुसुम-सरे जरजर ted कि जाएत परान I 70 | (b) कवरी भये चामरी गिरि कन्दो | मुख भये चान्द अकासे | | हरिनि नयन भये स्वर भये कोकिल | गति-भये गज वनवासे | 70 । (८)... जाहि बेर जन्म महाप्रभु भेल | तखन अन्धार एहन गोट भेल | as लय बेधिअ गाँथिअ ताग हाथ छुबिअ ast हाथहिँ लाग | 70 ‘ (dd) अन्न ने ठै, कैंचा ने छै, कौड़ी ने छै, गरीबक नेना कोना पढ़तैक रे ? उठह कवि, at दहक ललकारा Ha, गिरि-शिखर पर पथिक-दल चढ़तैक रे | 70 (c) हा रघुनाथ ! अनाथ जकाँ, दशकण्ठ-पुरी हम आइलि छी सिंहक त्रास महावनमे हरिणीक समान डराइलि छी ॥। चन्द्र-चकोरि अहँक सदा, हम शोक समुद्र समाइलि छी देवर-दोष कहू हम की, अपना अपराध काइलि छी ।॥। उ0 Q2. (a) “दत्त-वत्ती' महाकाव्यमे भारतीय सामाजिक चिन्तन, राष्ट्रीय चेतना ओ सांस्कृतिक गरिमाक चित्रण भेल अछि - स्पष्ट करू | 20 (b) समकालीन मैथिली कविता” में कविलोकनिक नव्यतम काव्य-चेतना प्रस्फुटित ta अछि - विवेचन करू | र्5 () 'कीचक-बध' मे संस्कृतक परम्परासँ भिन्न आधुनिक प्रणालीक अनुसरण कएल गेल | अछि - मूल्यांकन करू | ही | | SDF-B-MTLI 2

Downloaded From: http://www.dhyeyaias.com » Qs. (a) “यात्री' जीक faa’ मे यथार्थवादी शैली, ग्राम्य-भाषा at मुक्त-वृत्तक प्रयोग भेल । अछि -स्पष्ट करू | 20 | (७). विद्यापतिक गीत सभमे ae उभय पक्ष - संयोग एवं वियोगक चित्र प्रस्तुत भेल अछि — “विद्यापति गीतशती'क पठित अंशक आधार पर विवेचन करू | क्6 (co) गोविन्ददास भजनावली क पठित अंशक आधार पर प्रमाणित करू जे विद्यापतिक पश्चात्‌ गोविन्ददासक मैथिली साहित्यमे सर्वोपरि स्थान अछि | हि 04. (a) ‘earns रामायण'क सुन्दरकाण्डमे diam अन्तर्ट्न्द्रक स्वाभाविक चित्रण भेल अछि - विवेचन करू | 20 (७)... मैथिली साहित्यमे कृष्णजन्म'क ऐतिहासिक महत्त्व अछि - सयुक्ति विवेचन करू | 5 () ‘Wee aia मिथिला रामायण'क पठित अंशक आधार पर लालदासक काव्य वैशिष्ट्य पर प्रकाश दिअ | 75 । SDF-B-MTLI 3

Downloaded From: http://www.dhyeyaias.com SECTION B ’ 65. निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू, जाहिमे भाव स्पष्ट रहए । (उत्तर अधिकतम 50 शब्दमे दातव्य ) उ0न्ठ0 (a) मैथिल चाह तँ ने पिबैए, मीठ पिबैए | कतबों चाहमे चीनी देने रहबै .... ऊपर सँ एक वा दू चम्मच आर चाही | एहनमे लोक बिकाइये जायत | केहन महगी छै आ चीनी कोना भेटै छै से बुझिते छिए ! 70 (b) असलमे धरती जोतनिहारक थिक | हरबाहक थिक जे धरतीक असल बेटा थिक । जे अपन yaad धरती-माता केँ पूजै अछि | कय दिन देखलहक अछि mf अपन vari धरती-माताक पूजा ata ? 70 (८)... अहाँक लिखल चारि पाँती चारि सय बेर पढ़लहूँ | तथापि तृप्ति नहिं Fe | आचार्यक परीक्षा | समीप अछि | किन्तु प्रन्थमे कनेको चित्त नहि लगैत अछि | सदिखन अहींक मोहिनी मूर्ति आँखिमे नचैत रहै अछि । 70 @) ...... जैह भेद रसगुल्ला ओ ASA छैक | Ween सरस ओ कोमल होइछ, TE शुष्क ओ कठोर | रसगुल्ला पूर्वक प्रतीक थीक org पश्चिमक | तैं हम कहैत छिऔह जे ककरों जातीय चरित्र बुझबाक हो त' ओकर प्रधान मधुर देखी | उ0 (6)... पूर्णिमा arg अमृत Ye अइसन मुह | श्वेत पक्कजकाँ दल श्रमर वयिसल अइसन aif, | काजरक कल्लोल अइसन भजुह | 0 Q6. (a) “ax ककाक तरंग में तरंगित जतेक उत्कृष्ट हास्य बुझि पड़ैत अछि ताहिसँ बेसी मिश्रण अछि व्यंग्यक - सयुक्ति विवेचन करू | 20 (७)... “वर्णरत्नाकरक द्वितीय कल्लोलमे वर्णित 'विषय-वस्तु एवं ओकर महत्त्वकें स्पष्ट करू | 5 (८)... 'पृथ्वीपुत्र' एक सामाजिक उपन्यास थिक जाहिमे जीवनक at चित्र saa अछि जे सत्य पर आधारित अछि - समीक्षा करू | कं | SDF-B-MTLI 4 |

Downloaded From: http://www.dhyeyaias.com Q7. (a) लोरिक-विजय' उपन्यास अपराजेय dese लोककथा fae, ane आध्यात्मिक जीवन-दर्शन, Ya, बौद्ध, aa, इत्यादि सांस्कृतिक कथाक समावेश कएल गेल अछि - समीक्षा करू | 20 (b) “erga चाहक fart? आदर्शवादी शिक्षित बेरोजगार नवयुवकक संघर्षपूर्ण जीवनगाथा अछि - स्पष्ट करू | ही (८)... मैथिली कथा साहित्यक विकासमे “कृति राजकमल क योगदान स्पष्ट करू | 5 Qs. (a) मैथिली कथा alee “मणिपद्मक “बालगोविन' कथाक विशिष्ट स्थान प्राप्त छैक - स्पष्ट करू । 20 (७)... 'लोरिक-विजय' में मिथिलाक माटि-पानि ar deans सम्पूर्ण सौन्दर्य ओ सौरभ उद्भाषित भए soa अछि — एहिं उक्तिक समीक्षा ata *लोरिक-विजय'क औपन्यासिक वैशिष्ट्य पर प्रकाश दिअ | ही (८)... राजकमलक कथा ने हुनक चारित्रिक विशेषता कोनहु ने कोनहु रूप में अवश्य Fea - एहि कथन पर विचार करू । र्ठ SDF-B-MTLI 5

xe SEcrion—! et Gue—I 2. भारोपीय भाषा परिवारक अर्थ, नामकरणकेँ स्पष्ट कौत मैथिलीक | स्थान निरूपित करू। 50 Qe मैथिली भाषाक ऐतिहासिक विकासक्रमकें स्पष्ट करत भाषाक महत्त्व । पर विचार we! 50 ८ हिन्दी एवं बंगला भाषाक संग मैथिली भाषाक सम्बन्धक ahaa उल्लेख ata अन्तरकें स्पष्ट करू। 50 4. fous wend स्पष्ट कौत विकासक रूपरेखा प्रस्तुत करू। 50 5. आधुनिक मैथिली कविताक प्रवृत्ति पर विचार करू। 50 6 नारी-विमर्शक दृष्टिकोणसँ आधुनिक मैथिली लघु-कथाक समीक्षा करू। 50 SECTION—II खण्ड-अआ 7. विद्यापतिक शिव-विषयक गीतमे मिथिलाक संस्कृतिक अभिव्यक्ति भेल अछि--स्पष्ट करू। 50 8. गोविन्द दासक काव्य ahha सदृश होइतहूँ श्रुतिमाघुर्यसँ परिपूर्ण अछि--एहि उक्तिक विवेचन करू। 50 A मिथिला भाषा रामायणक 'सुन्दरकाण्ड'क आधार पर कवीश्वर चन्दा झाक काव्य-सौष्ठवक विवेचना करू। 50 0. “““सूर्यपुखी' चेतनाक लक्षण अछि, जे सततिकाल qa दिस उन्मुख ta छै on जकर प्रतिफलन हमर काव्य-पुरुपक अभीष्ट अछि''-'एहि उक्तिक आधार पर “सूर्यमुखी' फूलक वैशिष्टयक वर्णन करू। 50 कट /ए0,/-208-37/47 ( Continued )

(3) WC “nem कथाक नारीमे मिथिलाक आदर्श, संस्कार, त्याग, समर्पणक भाव अभिव्यक्त भेल अछि" शहि कथनक आलोकमे अपन अभिमत प्रकट Fel. 50 ३2. निम्नलिखित saad कोनो दूक सप्रसंग व्याख्या करू : 25x2=50 (क) we लिपिक मिथिलाक्षर नाम नवीन थिक; wat आदि नाम, ओ तें यथार्थ नाम, थिक तिरहुता। एही नामसँ एकर विकासक कालहुक सूचना भए जाइत अछि। we जनपदक तीरभुक्ति नाम गुप्त साप्राज्यकालक firs, कारण गुप्ललोकनि अपन राज्यक विभागकें “भुक्ति' कहथि। तीरभुक्तिक विकृत रूप थिक “तिरहुति'। गुप्नलिपिसँ fear पओने प्राच्यदेशक ई लिपि गुप्नोत्तकालमे तिरहुता ama प्रसिद्ध भेल। (ख) see आध आध दिठि-अंचल जब uf पेखल कान। aa सत कोटि कुसुम-सरे जरजर wed कि जाएत परान॥ सजनी,जानल बिहि मोर वाम | ge लोचन भरि जे हरि हेरए तसु पद मोर परनाम ॥ 'सुनयनि' कहैत are घन सामर मोहि बीजुरि सम लागि । “रसवति' करक परस-रस भासत हमर हृदय जनि आगि I (") कतए भवन, कतए आँगन, बाप कतए, कतए माए। wag ठहोर नहिं Se, के कर एहन WATT कओन कएल एहो असोजन, केओ न हिनक परिवार। जे कएल हिनक frees, firs थिक से पैजिआर॥ कुल-परिवार एकओ नहि, परिजन भूत-बेताल। देखि-देखि झूर होअए तन, के सहए हृदयक साल ॥ छए/00,/-2078-37/47 ( Turn Over }

(4) (a) “हरि अनन्त हरि-कथा अनन्ता'' एहि लोकोक्तिमे हम एतने परिवर्त्तत कर 5 चाहैत छी जे हरि-र्कथा आ मपनुक्खक कथामे कोनो भेद, कोनो अन्तर ae gal हम सभ Wa छी माने, ः हमरा सभक देह an आत्मामे मात्रि हरि, मात्र देवता aR, दैत्य आ राक्षसक निवास स्थान सेहों अछि। ong: हमरा सभक कथा,..... हमरा सभक व्यक्तित्व आ सामाजिक चरित्रक कथा अनन्त अछि, हरि कथासँ वेसी अनन्त | (ड) dt विसरल-भूलल अपनाकँ दुर्बल मानि रहल छड। af सिंहक सन्तान सनातन, छागर SIM रहल ws! | sas गेल ws उर्जा? तोहर रुधिए-प्रवाह Fas छड। amas गेल ws आस्था? जीवन-प्रति उत्साह sas छड। a ने सकब5 कालजयी af, dia अमृत-रस-लहरी। ams देश हमर हे भारत, जगा रहल युग-प्रहरी। (a) नहि अछि आज्ञा तेहन, जेहन हम कौतुक करितहूँ। लड़ापुरी उखाड़ि प्रभुक, पद लग लय धरितहूँ॥। दशमुख सौं कय ah अपन Ze पयर धरबितहूँ। anes लपटाय aie सभ लोक Preface i जननि ats दिन facia अछि, सकुल सदल रावण मरत। गृद्ध काकगण मगन मन, AST ST करत ॥। (छ) अन ने छै केंचा ने छै कौड़ी ने छै गरीबक नेना कोना पढ़तैक रे? उठह कवि, ताँ दहक ललकारा कने गिरि-शिखर पर पथिक-दल चढ़तैक रे! हमर वीणाध्वनि कने veda af सटल-पाँजर बोनिहाएक कानमे सफल होइत तखन ई स्वरसाधना चिर-उपेक्षित जनक गौरव-गानमे | जज जे ः FC/CC/M-208-37/47 w9—200

(2) Secrion— खण्ड-- el. मैथिली भाषाक ऐतिहासिक विकासक्रमक विस्तृत विवरण प्रस्तुत Fel 50 2. कोनो बोलीकें भाषाक स्वरूप Sad कारक तत्त्व पर विचार करू। i 50 $3. कृष्णकाव्य ओ रामकाव्यक set मैथिली साहित्यक काल- निर्धारण करू। . 50 4. आधुनिक मैथिली लघुकथाक विकासमे wo राजमोहन झाक योगदान पर प्रकाश दिअ। 50 5. आधुनिक मैथिली कविताक स्वरूप ओ शिल्प पर विचार करू। 50 9 “बंगला' एवं “संथाली' भाषाक संग मैथिलीक सम्बन्धक वैशिष्ट्य पर प्रकाश दिअ। 50 SECTION—II ws—Il 7. विद्यापति युगद्रश एवं युगस्रश छलाह, हुनक विभिन्न THs, . आधार पर एहि बातक विश्लेषण करू। 50 8. कविवर चन्दा झा आधुनिक मैथिली साहित्यक विकासक दिशा निर्देशित कएलन्हि, we पर प्रकाश दिअ। 50 9. “सूर्यमुखी'मे चित्रित कविवर amet प्रसाद सिंहक काव्य- प्रतिभासँ परिचय कराउ। 50 06/छा9,//00,/7-209-37/704. ( Continued )

३0. प्रबन्ध-संग्रहक लेखक मानक मैथिली meee संगहि एक उच्चकोटिक अनुसंधाता सेहो छलाह, विचार करू। 50 “Dl. wera चौधरी एक रसिंक शिल्पी कथाकार of, युक्तियुक्त विवेचन करू। 50 2. निम्नलिखित अवतरणमेस कोनो दू अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू : 25x2=50 MS) sen गाड़ि कुसुमसम पदतल मंजिर चीरहि झाँपि। गागरि वारि art कए पिच्छर चलतहैं आँगुरि चाँपि।। « %, माधव, तुअ अभिसारक लागि। Se पन्‍्थ गमन धनि साधए मन्दिर जामिनि जागि।। करयुग नयन मूँदि चलु भाविनि तिमिर पयानक आसे। | कर कंकन पन करि सुखबन्धन सिखए भुजग-गुरु पासे।। AG) ससन-परस खसु अम्बर रे aa धनि देह। नव जलधर तर चमकए रे जनि बीजुरि-रेह।। आज देखलि धनि जाइते रे मोहि उपजल THI कनकलता जनि संचर रे महि निरअवलम्ब। । ता पुनु अपरूब देखल रे कुचयुग anh विगसित नहि किछु कारण रे सोझाँ मुखचन्द| (ग). पुरुषक जाति ओकरा के की कहा ओकरे समाज ओके बात रहे उठा लितथि बरु भगवान EE कथी लए भारी लगितिअड क्यो 06/FD/CC/M-209-37/l04

(4) मरब तैँ कानत Rh नहिएँ क Ta a wh ara नहिएँ एहिसें कुकुर बिलाड़िए नीक (a) गुड़कल गुड़कल gai जाय जतय अछल दुइ ब्रिच्छ अकाय जमला अर्जुन कमलानाथ जुगुति उषाइल छुइल न हाथ खसल महातरु हँसल मु Ja अपात जगत TAT आँगन सुन देखि नयन नोणयल जसोमतिकां Ra हाथ हेगयल (ड) किछुए, वर्ष मे चेट में Ped, देह मे घाव-फोसरी, आँखि मे सेर-दू- सेर कौँची नेने, फाटल-चीटल फराक में नेटा-पोटा tea, खरिहाने- खरिहान, गाछिए-गाछी बठआइवाली तिरू, बॉसक नवका कोपर सन कोमल, कविश्रेष्ठ वाणभट्टक श्यामांगी नायिका भ'गेली। (a) ga भोगल अछि, दुख देखल अछि, दुर्लभ अछि आनन्द। स्वप्न भेल सुख, अपर भेल दुख, डूबल जीवन-छन्द॥। दुख ने माँगल, सुख ने त्यागल, आएल अपनहि आप शीतलता ले श्रमकेँ साधल सहन Ye gan 06/FD/CC/M-209- / 37/04 ( Continued

(5) (छ) हम ई नहि wea छी जे मिथिलामे नाटक लिखले नहि गेल, से ं कहि सकैत अछि? हमर अभिप्राय अछि जे Arent नाटकक अभिनय होइत छल तकर कोनो प्रमाण हमरा लोकनिकें नहि भेटैत अछि। तहिना मैथिली नाटकर्स हमर आशय मिथिलामे रचित नाटक नहि अछि, ने fires कविक रचित नाटक; हम d मैथिली Alene Gat छी ओ नाटक जे मिथिलाक जनभाषामे रचित हो, मैथिलीमे हो। एहन नाटक हमरा एहि बीसम शताब्दीसँ पूर्वक नहि भेटैत अछि मुदा से जैं भेटबो ata तँ हम ओकर नाटकीयता ताधरि स्वीकार नहि करितहूँ seit sient सफल अभिनयक प्रमाण हमरा नहि भेटैत। kkk

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