VIDEHA — Issue 323 / अंक ३२३

Publication: VIDEHA · Issue: 323
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विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन मानुषीमिह संस्कृताम् ISSN 2229-547X VIDEHA ISSN 2229-547X VIDEHA 'विदेह' ३२३ म अंक ०१ जून २०२१ (वर्ष १४ मास १६२ अंक ३२३) १. गजेन्द्र ठाकुर- संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] २. गद्य २.१.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिलीकेर (आत्मकथा) २.२.सदानन्द कविश्वर- पुंछ हिलेबाक फयदा २.३.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर (धारावाहिक उपन्यास) ३. पद्य ३.१.बिनय भूषण- ३ टा कविता ३.२.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- गजल ३.३.आशीष अनचिन्हार- दूटा गजल ४.स्त्री कोना (सम्पादक- इरा मल्लिक) ४.१.सविता 'सुमन'- उमंग ४.२.आभा झा- अस्मिता ४.३.कंचन कण्ठ-आराधना ४.४.ममता कर्ण- निर्भर Go to the link below for download of old issues of VIDEHA Maithili e magazine in .pdf format and Maithili Audio/ Video/ Books/ paintings/ photo files. विदेहक पुरान अंक आ ऑडियो/ वीडियो/ पोथी/ चित्रकला/ फोटो सभक फाइल सभ डाउनलोड करबाक हेतु नीचाँक लिंक पर जाउ। VIDEHA ARCHIVE विदेह पेटार View Videha googlegroups (since July 2008) view Videha Facebook Official Group (since January 2008)- for announcements १. गजेन्द्र ठाकुर ........................................................................................................................ ........................................................................................................................ [संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री] [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] यू. पी. एस. सी. (मेन्स) २०२० ऑप्शनल: मैथिली साहित्य विषयक टेस्ट सीरीज यू.पी.एस.सी. क प्रिलिमिनरी परीक्षा २०२० सम्पन्न भऽ गेल अछि। जे परीक्षार्थी एहि परीक्षामे उत्तीर्ण करताह आ जँ मेन्समे हुनकर ऑप्शनल विषय मैथिली साहित्य हेतन्हि तँ ओ एहि टेस्ट-सीरीजमे सम्मिलित भऽ सकैत छथि। टेस्ट सीरीजक प्रारम्भ प्रिलिम्सक रिजल्टक तत्काल बाद होयत। टेस्ट-सीरीजक उत्तर विद्यार्थी स्कैन कऽ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकैत छथि, जँ मेलसँ पठेबामे असोकर्ज होइन्हि तँ ओ हमर ह्वाट्सएप नम्बर 9560960721 पर सेहो प्रश्नोत्तर पठा सकैत छथि। संगमे ओ अपन प्रिलिम्सक एडमिट कार्डक स्कैन कएल कॉपी सेहो वेरीफिकेशन लेल पठाबथि। परीक्षामे सभ प्रश्नक उत्तर नहि देमय पड़ैत छैक मुदा जँ टेस्ट सीरीजमे विद्यार्थी सभ प्रश्नक उत्तर देताह तँ हुनका लेल श्रेयस्कर रहतन्हि। विदेहक सभ स्कीम जेकाँ ईहो पूर्णतः निःशुल्क अछि।- गजेन्द्र ठाकुर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज (मुख्य) परीक्षा, २०२० मैथिली (ऐच्छिक) लेल टेस्ट सीरीज/ प्रश्न-पत्र- १ आ २ TEST SERIES-1 TEST SERIES-2 [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल/ FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI] NTA_UGC_NET_MAITHILI_01 NTA_UGC_NET_MAITHILI_02 NTA_UGC_NET_MAITHILI_03 (श्री शम्भु कुमार सिंह द्वारा संकलित) Videha e-Learning MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) UPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS BPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (ऐच्छिक) मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (अनिवार्य) मैथिली प्रश्नपत्र- बी.पी.एस.सी.(ऐच्छिक) मैथिलीक वर्तनी १ भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 ........................................................................................................................ MAITHILI (OPTIONAL) TOPIC 1    [Place of Maithili in Indo-European Language Family/ Origin and development of Maithili language (Sanskrit, Prakrit, Avhatt, Maithili) भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान/ मैथिली भाषाक उद्भव ओ विकास (संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली)] TOPIC 2    (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) TOPIC 3    (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतय समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होयत, लेखनीमे प्रवाह आयत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भय सकत।) TOPIC 4                (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) TOPIC 5                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) TOPIC 6                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) TOPIC 7                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) TOPIC 8                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) TOPIC 9                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) TOPIC 10               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) TOPIC 11               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) TOPIC 12               (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) TOPIC 13               (तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास) TOPIC 14                 (आधुनिक नाटकमे चित्रित निर्धनताक समस्या- शम्भु कुमार सिंह)् TOPIC 15                 (स्वातंत्र्योत्तर मैथिली कथामे सामाजिक समरसता- अरुण कुमार सिंह) TOPIC 16                 (यू. पी.एस.सी. मैथिली प्रथम पत्रक परीक्षार्थी हेतु उपयोगी संकलन, मैथिलीक प्रमुख उपभाषाक क्षेत्र आ ओकर प्रमुख विशेषता, मैथिली साहित्यक आदिकाल, मैथिली साहित्यक काल-निर्धारण- शम्भु कुमार सिंह) TOPIC 17                (मैथिली आ दोसर पुबरिया भाषाक बीचमे सम्बन्ध (बांग्ला, असमिया आ ओड़िया) [यू.पी.एस.सी. सिलेबस, पत्र-१, भाग-“ए”, क्रम-५]) TOPIC 18                 [मैथिली आ हिन्दी/ बांग्ला/ भोजपुरी/ मगही/ संथाली- बिहार लोक सेवा आयोग (बी.पी.एस.सी.) केर सिविल सेवा परीक्षाक मैथिली (ऐच्छिक) विषय लेल] ........................................................................................................................ GENERAL STUDIES (PRELIMINARY & MAINS) GS (Pre) TOPIC 1 GS (Mains) NCERT-ENVIRONMENT CLASS XI-XII NCERT PDF I-XII TN BOARD PDF I-XII ALL INDIA RADIO ENGLISH NEWS ALL INDIA RADIO NEWS ARCHIVE ALL INDIA RADIO TALKS AND CURRENT AFFAIRS RAJYA SABHA TV NEWS DISCUSSIONS OTHER OPTIONALS IGNOU eGYANKOSH (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर २. गद्य २.१.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिलीकेर (आत्मकथा) २.२.सदानन्द कविश्वर- पुंछ हिलेबाक फयदा २.३.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर (धारावाहिक उपन्यास) जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ आँखिमे चित्र हो मैथिलीकेर ( आत्मकथा ) 12. चरैवेति-चरैवेति-दू रामेश्वरमसं गाड़ी 20 अप्रैल क’ रातिमे साढ़े दस बजे प्रस्थान केलक | 21 क’  6 बजे सबेरे मदुरै पहुंचल | मीनाक्षी मन्दिर जा क’ दर्शन क’क’ 9 बजे प्रस्थान - 4 बजे तीरू जंक्शन पहुंचै गेलहुँ | ओत’सं 11.50 बजे रातिमे प्रस्थान - 6  बजे ईरोड आ ओत’ सं  7 बजे प्रस्थान क’ 2 बजे जल्लारपेट  पहुचै गेलहुँ | ओत’ सं 9 बजे रातिमे प्रस्थान - 23 क’ भोरे आर्कोनम पहुँचलहुँ | 24  क’ 3.20  बजे दुपहरमे जनता एक्सप्रेससं पुणे लेल प्रस्थान क’  25  क’ साँझमे 7 बजे पुणे  पहुँचै गेलहुँ | 27  क’    4.30 बजे भोरे बॉम्बे वी टी पहुँचलहुँ | 8.30     बजे खेलानन्दक डेरा गेलहुँ |  हमरासं एक कक्षा आगाँ पढैत छलाह | गामसं एक साल पहिने आएल छलाह  खेलानन्द | मामा गामक किछु गोटे काज करै छलखिन, हुनके सभ लग रहै छलाह |  कहलनि  जे आब दुःख होइए जे कम-सं-कम मैट्रिक पास क’ क’ आएल रहितहुँ त ढंगक नोकरी भेटल रहैत | नीक लागल ई देखि जे अपन पूर्व परिचित लोक सबहक संग नीक ठाम रहैत छथि | बिना भोजन केने नहि आब’ देलनि | ओत’सं घूरिक’   10.30 बजे स्टेशन एलहुँ | फेर अजायब घर, शंताकृज़ हबाई अड्डा घूमि अबै गेलहुँ | 28   क’ हबाई अड्डा, ओत’सं हैंगिंग गार्डन घुमैत साँझमे 8.30 बजे समुद्रक किछेरमे चौपाटी जाइ गेलहुँ | 3 मईक’ आगरा किला,ताजमहल,फतेहपुर सिकरी घूमि स्टेशन आबि गेलहुँ | 4  क’ आगरासं मथुरा, वृन्दावन घूमि मथुरा जंक्शनसं राति 11.40 बजे  दिल्लीक लेल प्रस्थान | 5 क’ सबेरे नई दिल्ली जंक्शन पहुँचै गेलहुँ | आइ. ए. आर. आइ., जंतर-मंतर, जवाहरलाल नेहरु मेमोरियल, क़ुतुब मीनार,राष्ट्रपति भवन, संसद भवन,लाल किला,राजघाट समाधि, शान्ति घाट, विजय घाट घुमै गेलहुँ | कृष्ण कान्त जीसं भेंट करबाक प्रयास केलहुँ |  पता चलल  जे तीन दिन पहिने गाम चलि गेलाह | हमर प्रिय लोक छलाह | पढैमे खूब मेधावी | मुदा गाममे नीक वातावरण नहि भेटबाक कारण पढ़ाइ छोडि दिल्ली चलि गेल छलाह | हम हुनकासं भेंट कर’ चाहैत छलहुँ | हुनक स्थिति देख’ चाहैत छलहुँ | नहि भेटलाह त सोचलहुँ  आब गामे जाएब त भेंट करबनि | 6 क’ इंडिया गेट, ललित बाबू ओत’, राष्ट्रपति भवन घूमि  सहरसाक सांसद चिरंजीव झा जी ओत’ भोजन हम आ मिश्रजी केलहुँ | सी पी आइ नेता-सांसद भोगेन्द्र बाबू ओत’ गेलहुँ | हुनका संगे संसद भवन गेलहुँ | हुनकासँ  पहिल बेर भेंट भेल छल मुदा ओ से भान नै हुअ’ देलनि |संगे नेने गेलाह संसद भवन, कत’ की होइ छै से जानकारी भेटल, हुनका संगे सी पी आइ कार्यालय गेलहुँ | हुनका संगे फोटो खिचबै गेलहुँ | तीन-चारि घंटा हुनका संग रहलहुँ हम दूनू गोटे,  नीक लागल | बादमे स्टेशन आबि पुरानी दिल्ली स्टेशन गेलहुँ | राति 9.45 बजे लुधियानाक लेल गाड़ी प्रस्थान केलक | 7 क’ रवि रहै | हम आ मिश्रजी ओहिना घूमय निकललहुँ | एक ठाम ऊनक फैक्ट्रीक शाइन बोर्ड देखलिऐ | गेट कीपरकें कहलिऐ जे हम सभ फैक्ट्री घूम’ चाहै छी | कहलक, साहब से जाकर पूछो | गेलहुँ | कहलियनि, हम लोग बिहार के एग्रीकल्चर कॉलेज से टूर पर आए हैं, फैक्ट्री घूमना चाहते हैं | कहलनि, पहले से कोई अनुमति लिये हैं, कोई पत्राचार किया गया था ? कहलियनि, नहीं | त कहलनि, फिर मुश्किल है | हम मिश्र जी कें कहलियनि, चलू-चलू, हम सभ यूनिवर्सिटी चलै छी | हम सभ मैथिलीमे गप करैत वापस हुअ’ लगलहुँ, त ओ सोर पाडलनि | हम सभ घुमलहुँ | एहि बेर ओ बहुत आदरसँ  कुर्सीपर बैसौलनि | दू-दू टा सिंघारा आ दू-दू टा रसगुल्ला मंगबौलनि | नाम-गाम सभ मैथिलीमे पुछलनि | फेर कहलनि जे हमहूँ  सभ दरभंगे जिलाक विभिन्न  गामक छी, हमर गाम झंझारपुर लग अछि | बहुत आनन्दित भेलहुँ | एक गोटे एलाह, हुनका हमरा सबहक परिचय देलखिन | ओ हमरा सभकें संग ल’ गेलाह आ सभ किछु देखा देलनि | एक घंटा घूमि-फीरि एलाक बाद एलहुँ त हुनका धन्यवाद दैत बिदा हुअ’  लगलहुँ त रोकि लेलनि, कहलनि, अहाँ सभले’ भोजन तैयार अछि, बिना भोजन केने नै जा सकै छी | हमरा सभकें आश्चर्य भेल जे पहिल परिचयमे एतेक अपनापन हमरा सभकें कोना उपलब्ध भ’ गेल | हम सभ कहलियनि जे साँझमे हमरा सबहक गाड़ी खूजत | ओ कहलनि जे भोजन क’ क’ थोड़े काल आराम करब, समयसं एक घंटा पहिने स्टेशन पहुचायब हमर काज थिक | ओ बड्ड आग्रह केलनि जे आबि गेल छी त सभ गोटेसं भेंट-घाँट क’ लिय’, हुनको सभकें नीक लगतनि | नहि मानलनि, ल’ गेलाह डेरा | ओत’ जाइत लागल जेना पहिल बेर  समधियान पहुँचल होइ | पयर धोब’ सं ल’ क’ भोजन –आराम धरिमे बहुत पैघ पाहुनक सत्कार जकाँ व्यवस्था देखि चकित भ’ गेलहुँ | बडकी टा हॉल छलै | सत्ताइस गोटे रहैत छलाह | विभिन्न शिफ्टमे ड्यूटी रहैत छलनि | शिफ्टक अनुसार जे उपलब्ध रहैत छलाह हुनके देख-रेखमे भोजन बनैत छल | एक आदमी सहायताक लेल रखने छलाह | भोजनक सँचार देखि गुम्म भ’ गेलहुँ |हमरा सबहक आग्रहपर एकटा थारी उपलब्ध भेल | हम सभ  जते भोजन क’ सकैत छलहुँ ततेक राखि शेष भात,तडुआ, तरकारी वापस केलहुँ | एहि लेल बहुत संघर्ष कर’ पड़ल | रंग-विरंगक  मुट्ठी काटल  आम एकटा बाल्टीमे रखने छलाह, से चलब’ लगलाह | दही आ रसगुल्ला बेरमे फेर बड़का लीला भेल | हम दूनू गोटे मध्यम कोटिक खौकार छलहुँ | ओ सभ बरियाती जकाँ जोर करैत छलाह | कहुना-कहुनाक’ हम दूनू गोटे भोजन समाप्त केलहुँ | पान-सुपारी आएल |ओहो सभ जे ओइ दिन छलाह से भोजन केलनि आ तकर बाद आराम करैत-करैत मिथिलाक संस्कृति, भोज, बरियाती आदि विषयपर गप्प आ ठहक्काक कार्यक्रम प्रारम्भ  भेल से  बड़ी काल धरि चलल | न्यू एरा वूलेन फैक्ट्री, ओसवाल  फैक्ट्री आ एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कैंपस घूमि साँझमे हम सभ स्टेशन पहुंचि गेलहुँ | रातिमे बर्थपर पडल-पडल बड़ी काल धरि सोचैत रहलहुँ  जे अपन भाषामे गप करबाक कारणे हमरा सभकें एकदम नव स्थानमे अपरिचित लोक सभसं अप्रत्यासित सम्मान प्राप्त भेल मुदा की बहुत आवेशसं  भोजने कराएब मात्र मिथिलाक संस्कृति छै | कतहु किछु कमीक आभास भेल | किनको  मैथिली साहित्यसं रूचि किएक नहि देखलियनि | चारि आनामे मिथिला मिहिर भेटैत छलै,मुदा एतेक मैथिलक बीच एकटा ‘मिथिला मिहिर’ किए नहि उपलब्ध छल | भाषाक प्रति जागरूकताक अभाव किएक छल, ई प्रश्न बेर-बेर मोनमे उठैत रहल | मुदा हिनका सभकें की कह्बनि जखन गाम-घरमे सेहो स्थिति एहने अछि, लोक भोज करबामे ओतेक खर्च क’ लैत अछि,किन्तु  चारि आनाक एकटा पत्रिका कियो कीनैत होथि से ताकब  कठिन अछि |  पत्रिका कीनब आवश्यक नहि मानल जाड़त अछि | जखन मधुबनी-दरभंगाक  इएह स्थिति अछि त एतेक दूर चाकरी कर’ आएल लुधियानाक मैथिलकें की कहबनि | 8  क’ 3 बजे दिनमे पठानकोट जंक्शन पहुँचलहुँ | रात्रि विश्राम एतहि करै गेलहुँ | 9 क’ 7.30  बजे श्रीनगर लेल प्रस्थान करै गेलहुँ |  2.45  बजे 34000 फीट ऊंचाइपर पत्नी टॉप पहुंचलहुँ | कूदमे भोजन करै गेलहुँ | 9.30 बजे रातिमे श्रीनगर पहुंचलहुँ | एकटा अप्रिय घटना एत’ घटि गेलै | किछु गोटे होटलमे अपन सामान राखि बाहर निकलि गेलाह | हम ठाकुरजी (अशोक  कुमार ठाकुर)  आ मिश्र जी फ्रेश भ’ क’ चाह पीबि बाहर निकललहुँ | घूमि-फीरिक’ भोजन क’ क’ राति 11.40  बजे एम्बेसी होटल पहुंचलहुँ | हमरा सभकें देखिते हमर सबहक एकटा संगी जोर-जोरसं अप्रिय शब्द सभ मूँहसं उगिल’ लगलाह, जकरा लोक गारि कहैत छैक | हम सभ सोच’ लगलहु जे की भ’ गेलै | गपसं लगैत छल जे ओ विशेष स्थितिमे छथि | किछु कालक बाद पता चलल जे हम सभ चाह पीबि क’ निकलि गेलिऐ घूम’ ले’ बाहर, ई सभ तखन बाहरसं आबि गेलाह | होटलक बैरा नहि बुझलकै जे ई सभ नहि पीने छलाह, हिनका सभकें देखि हिनके हाथमे बिल द’ देलकनि | ई किछु विशेष स्थितिमे छलाहे,पाइ द’ क’ झगडा करबाक तैयारी केलनि आ  हमरा सभकें देखिते शुरू भ’ गेलाह | हमरा मोन पडल रस्तामे एकठाम कहने छलाह, हमारी हंगामा पार्टी किसी से कहीं भी और कभी भी उलझ सकती है | पुछने रहियनि, बिना कारण के भी आप किसी से उलझ जाएंगे त कहलनि, कारण हम ढूढ लेंगे न | हमरा लागल जे एखन धरि हम सभ बांचल छलहुँ मुदा आब हिनका कारण भेटि गेलनि | हमरा एखन पाइ चुकता क’  चुप रहि जाएब उचित बुझाएल | हम एहेन स्थितिमे कमजोर भ’ जाइ छलहुँ | अशोक कुमार ठाकुरजीकें अनर्गल बात बर्दाश्त नै होइत छलनि | ओ डांटिक’ गारि नै पढबाक लेल चेतौनी देलखिन | ओ ढूसि लडबाक लेल तैयार छल | आगू बढल | हम सभ ठाकुरजीकें रोकि लेलियनि | मिश्र जी ओकरा सामने ठाढ़ भ’ गेलखिन | ओ चिकरल, आप हमारे सामने आनेबाले कौन हैं | मिश्र जी कहलखिन, मैं तुम्हारा पैगम्बर हूँ | दू गोटे ओकरो पकड़िक’ ओकरा शांत करबाक कोशिश केलक | ओ शांत होइते नहि छल | ठाकुर जी कहलखिन, तुमने हमें गाली दी है, मैं तुम्हें शाप देता हू कि तुम फेल कर जाओगे | बड़ी काल पर लोक सूतल | सबेरे ओ एलाह, रात की गलती के लिए मुझे माफ़ कर दीजिए | कहलियनि, ठाकुरजी से कहिये | ठाकुरजी सं सेहो माफ़ी मंगलनि | सभ यज्ञमे व्यवधान होइत अछि, से भेलै | यात्रा आगाँ बढ़ल | 10 क’  9.45 बजे होटलसं प्रस्थान क’ 12.30 बजे दुपहरमे सोनमर्ग पहुंचै गेलहुँ | 2.30 बजे ओत’सं प्रस्थान क’ 5  बजे होटल वापस आबि जाइ गेलहुँ | 6 बजे चाह पीबि बजार घूमय गेलहुँ | 9.30  बजे होटल घूरि अबै गेलहुँ | 11 क’   7.30 बजे बससं प्रस्थान क’ चश्मेशाही, निसाद्बाग,आदि रमणीय स्थान सभ देखैत 12.30  बजे  87 किलोमीटरपर स्थित पहलगाम पहुंचै गेलहुँ | भोजन क’ घोडासं पहलगामसं 2 मीलपर स्थित बेईशरण गेलहुँ | आधा घंटा ओत’ ठहरि ओइठामक मनोहर दृश्य देखैत घोडासं घूरि अबै गेलहुँ | 6 बजे घूरि क’ आबिक’, जलखै क’ क’ सिंकारासँ डल झीलमे 7   बजेसँ    10 बजे धरि विचरण करैत झीलक मध्यसं चारू कात पहाडक मनमोहक दृश्यक अवलोकन करैत नेहरू पार्क, कबूतरखाना, चार चिनार आदि महत्वपूर्ण स्थानक आनन्ददायक दृश्यसं लाभान्वित होइत गेलहुँ | श्रीनगरक ओ  साँझ, गार्डन बुलबुल (सिंकाराक )क मांझी नूर अहमदक मस्ती भरल  प्रेम गीत ‘ ओलाइश्चिगो गाइश्चे दिलदार मे .......’ अविस्मरनीय  रहल | 12 क’ साढ़े नौ बजे होटलसँ  प्रस्थान क’  साढ़े बारह बजे गुलमर्ग, डेढ़ बजे खिलनमर्ग पहुंचि क’, ओतहि भोजन क’ पुनः गुलमर्ग होइत घूरि आबि डल झील, बाजार घुमैत, भोजन करैत साढ़े दस बजे होटल आबि गेलहुँ | 13 क’ टूरिस्ट सेंटरसँ  प्रस्थान क’, पौने दू बजे बाटमे भोजन क’ साढ़े नौ बजे पठानकोट जंक्शन पहुँचैत गेलहुँ | 14 क’ 1.40 बजे पठानकोट जंक्शनसँ प्रस्थान क’ 6 बजे जल्लारपेट जंक्शन, 10   बजे लुधियाना जंक्शन आ ओत’सँ हरिद्वार लेल प्रस्थान करै गेलहुँ | 15  क’ 11 बजे हरिद्वार पहुंचि स्नान  क’,मन्दिरमे दर्शन-पूजाक बाद भोजन क’ क’ बोगीमे चलि एलहुँ | 16 क’ सबेरे ऋषिकेश लेल प्रस्थान करै गेलहुँ | 9.30 बजे ऋषिकेश पहुंचि साढ़े दस वला ट्रेनसं पुनः हरिद्वार आबि संध्या  3.45 बजे हरिद्वारसं देहरादून लेल प्रस्थान क’ साढ़े पाँच बजे देहरादून पहुंचै गेलहुँ | 17 क’ सबेरे आठ बजे मसूरीक लेल प्रस्थान क’ पौने दस बजे मसूरी पहुँचै गेलहुँ | रोप-वे पर यात्रा केलहुं | लाल टिब्बा गेलहुँ, जतय टेलिस्कोपसं हिमालय, तिलायनामाक गौतम मन्दिर, दुर्गा मन्दिर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, सेंट जेवियर्स कॉलेज देखिक’  डेढ़ बजे बससं विदा भ’ क’ साढ़े तीन बजे स्टेशन पहुँचै गेलहुँ | 18 क’ भोरे साढ़े तीन बजे बरेलीसं प्रस्थान क’ काठगोदाम आ ओत’ सं साढ़े नौ बजे बससं नैनीताल लेल प्रस्थान करै गेलहुँ | साढ़े ग्यारह बजे नैनीताल पहुँचै गेलहुँ | साँझमे नावसं झीलमे विचरण करै गेलहुँ | बजार घूमि, भोजन क’ क’ दस बजे रातिमे वापस अबै गेलहुँ | 19 क’ साढ़े दस बजे नैनीतालसँ प्रस्थान क’ काठगोदाम होइत सबा बारह बजे पन्तनगर पहुँचै गेलहुँ | साढ़े तीन बजे पन्तनगर कृषि कॉलेज पहुँचै गेलहुँ | साँझमे सबा छौ बजे पन्तनगरसँ ट्रेनसँ बरेली लेल प्रस्थान करै गेलहुँ | 20 क’ 2.30 बजे भोरमे बरेलीसं लखनऊ लेल प्रस्थान क’ सबा नौ बजे लखनउ  पहुँचै गेलहुँ | छोटा इमामबाडा, बड़ा इमामबाडा, भूल भुलैया, चिड़ियाखाना, म्यूजियम, बोटैनिकल गार्डन घूमै गेलहुँ | 21 क’ भोरे 4  बजे लखनउसँ  कानपुर लेल प्रस्थान कएल गेल | 7  बजे कानपुर पहुँचै गेलहुँ | बड गरमी छलै | दिन भरि ओतहि विश्राम करै गेलहुँ | 22 क’ भोरे 2.30 बजे कानपुरसँ वनारसक लेल प्रस्थान कएल गेल | सबेरे आठ बजे इलाहाबाद पहुँचै गेलहुँ | 9.30 बजे ओत’सँ  प्रस्थान क’ तीन बजे वनारस पहुँचै गेलहुँ | हिन्दू यूनिवर्सिटी, बिडला मन्दिर,संकट मोचन,श्री सत्य नारायण तुलसी मानस मन्दिर, दुर्गा मन्दिर, बाबा विश्वनाथ मन्दिर घूमै गेलहुँ | गंगामे स्नान क’, बाबा विश्वनाथक पूजा क’ क’ राति पौने नौ बजे स्टेशन घूरि अबै गेलहुँ | 23 क’ 12.15 बजे वनारससँ प्रस्थान कय मुग़लसराय होइत तीन बजे अपराह्नमे पटना जंक्शन पहुँचै गेलहुँ | आकाशवाणी,पटना गेलहुँ | साढ़े नौ बजे रातिमे पटना जंक्शनसँ प्रस्थान कय राति बारह बजे बरौनी जंक्शन पहुँचलहुँ | 24 क’ भोरे पाँच बजे बरौनीसँ प्रस्थान क’ सात बजे समस्तीपुर जंक्शन पहुँचै गेलहुँ | समस्तीपुर जंक्शनसं आठ बजे प्रस्थान क’ सबा नौ बजे दरभंगा पहुँचलहुँ | दरभंगासँ बससँ एगारह बजे गाम सलमपुर –शम्भुआड (मधुबनी)पहुँचि गेलहुँ | टूर प्रोग्रामक समाप्तिपर एक सप्ताहक विशेष अवकाश स्वीकृत भेल छलै, से तीन दिन गाममे बीतल आ तीन दिन सासुरमे | ढोली पहुंचि फेर सभ गोटे पढाइमे लागि गेलहुँ | दू मासक बाद परीक्षा भेलै | ठाकुरजीक श्राप फलित भेलनि | अशोक कुमार ठाकुर प्रथम श्रेणीमे प्रथम एलाह | हम, मिश्र जी, नन्द कुमार झाजी द्वितीय श्रेणीमे उतीर्ण भेलहुँ | हमरा संतोष भेल जे प्राप्तांक 56.2 % आएल, एहि आधारपर बैंकमे बहालीक लेल होइबला प्रतियोगिता परीक्षामे सम्मिलित भ’ सकै छी | ठाकुरजी ओही कॉलेजमे एम्.एस.सी.(ए जी) कर’ लगलाह | हम सभ बैंकमे नोकरीक लेल प्रतियोगिता परीक्षाक प्रतीक्षा कर’ लगलहुँ | ( क्रमशः ) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। सदानन्द कविश्वर पुंछ हिलेबाक फयदा हाउसिंग सोसाइटीक पार्क मे पोसुआ आ अनेरूआ कुकुर संगे खेलाइत आ बतियाइत छल. वर्मा जीक पोसुआ भूरा कुकुर सं अनेरूआ  कुकुर पूछलक- भूरा, तोरा हरदम पूंछ हिलबैत आ मालिकक तरबा चटैत देखै छियौ.से किए? हा... हा... हा! " भाटिया जीक प्रोमोशन अहू बेर नै भेल आ गुप्ता जीक चारि बरखमें दोसर प्रोमोशन भ' गेल."- मालिक, मालकिन कें सुनबै छलखिन. आंइ एना किए, ओ जातात' काजो नै नीक सं करै छथि? मालिक कहलनि- काज अबै कि नै, ओकरा पूंछ हिलाब' आ तरबा चटबाक लूरि नीक छै. " हम सुनि गद् गद् भ' गेलौं!आ तहिये सं हमहूं....! वर्मा जीक बेटाक स्वर बहरएल- भूरा? " भूरा, कालू दोस के छोड़ि पूंछ हिलबैत दौगल....! -सदानन्द कविश्वर, हिन्दी सं मैथिली भाषान्तर - मुन्ना जी -सदानंद कवीश्वर, 39- बी, पॉकेट ए-11, कालकाजी एक्सटेंशन, नई दिल्ली- 110019, मो.9810420825 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। रबीन्द्र नारायण मिश्र लजकोटर (धारावाहिक उपन्यास) २१म खेप किछुदिनमे बहादुर अस्पतालसँ घुरि आएल । कतबो इलाज भेलैक मुदा ओकरा टांग सोझ नहि भेलैक। ओ नाङर भए गेल । लाठी पकड़ि कए कहुना कए ठाढ़ होइत छल । डाक्टरक कहब रहैकजे क्रमशः ठीक हेबाक चाही मुदा कोनो गारंटीनहि जे फेर ओहिना भए जेताह ।एकटा मामुली घटना केहन भयावह भए गेल  । ई सभ दारूक चलतेभेल ।तेँ नशाकेँ एतेक खराप बूझल जाइत अछि  । मुदा बहादुर कोनो पहिलबेर पीने रहए से बात नहि रहैक। ओहिदिन बटुक सेहो पहिलबेर ओकरा संग देलकैक । ताहि उत्साहमे बेसी चढ़ा देने रहैक। तकरबाद तँ जे भेलैक से बुझले अछि । जे भेलैक ,से भेलैक । मुदा ई नहि बुझएमे आएल जे बटुकक घरबाली एना किएक केलक? बादमेपतालागलजेबटुकक ध्यान रचना छोड़िकए एमहर-ओमहर रहैत छलैक । एहिबातसभ रचना बहुत परेसान रहैत छलीह । अपनाभरिओकराबुझेबाक बहुत प्रयास केलथि मुदा ओ किछु नहि सुनैक,उल्टे तरह-तरहक समस्या ठाढ़ कए दैक। रचना एहि मकड़जालसँ निकलबाक हेतु इएह मौका देखलनि ।एकराति जखन हम घोर निन्नमे रही तँ बुझाएल जेना केओ केबारपर धक्का मारि रहल अछि ।हमरा डर भेल। केबार नहि खोलिऐक । केबारमे बनल फाटसँ देखलहुँ ।बटुकक घरबालीसजल-धजल ठाढ़ि छलि।हम अंठा देलिऐक ।विजयक बात मोन पड़ल ।ई महानगर छैक, बँचि कए रहू ।भोरे उठलहुँ तँ बटुकक घरमे ताला ठोकल रहैक। पत्नीक असामयिक मृत्यु आ अस्पतालक प्रवाससँबहादुर भीतरसँ टुटि गेल छल ।ओकरा आब दिल्ली जेना काटि रहल छल । ओ तुरंतअपन देश वापस जाए चाहैत छल मुदा पुलिस ओझरओने रहैक । थाना / कचहरीक चक्कर लगाएब ओकरा वशमे नहि रहैक । फेर ककरा खिलाफ?ओ ई बात नीकसँ जनैत छल जे बटुक निर्दोष अछि । पुलिस अनेरे ओकरा पाछा पड़ल रहैक । ओ कोटमे साफे कहि देलकैक –“एहि मामलामे बटुकक किछु दोख नहि छैक । हमही ओकरा दारु पिआ देने रहिऐक । हमर घरनीक मृत्यु मात्र एकटा दुर्घटना छल आ हमर निवेदन अछि जे एहि मामलाकेँ बंद कएल जाए । एहिमे कोनो जान नहि अछि।” ओकर बात सुनि जज बहुत खुश भेल। तुरंत केसकेँ बंद कए देलक आ ओकर प्रशंसो केलक । बहादुर न्यायलयसँ घुरि आएल ।मदनबाबू  सेहोसंगे छलाह। मदनबाबू ई समाचार बटुककेँ देबए हेतु ओकरा फोन केलाह मुदा फोन नहि लागल । फोनसँ लगातार स्वीच आफ,स्वीच आफक आबाज अबैत रहल। मदनबाबूक कान ठाढ़ भेलनि। जरूर किछु गड़बड़ अछि।ओकरा लगमे गोलूक मोबाइलनंबर रहैक । संयोगसँ एकहिबेरमे गोलूक फोन लागि गेल। “हम छी मदन । " "गोर लगैत छी काका ।" " नीके रहह । बटुकक की हाल छैक?कैकबेर  फोन लगाबक कोशिश केलिऐक मुदा नहि लागि रहल छैक ।" बटुकक नाम लितहि ओ कानए लागल । "की भेलैक? "ओ तँ धारमे डुबिकए मरि गेल ।" मदनबाबू समाचार सुनि गुम्म पड़ि गेलाह । बटुक मदनबाबूक गौंवा छल । गाम गेल रहए तँ बटुकक पिता बहुत आग्रह केने रहथिन । घरक हालत बहुत गड़बड़ा गेल रहनि । तकर आइ कतेकोसाल  भए गेल । बटुकक जिनगी नीकसँ कटि रहल छलैक। मुदा घटनाक्रम एहन घुमत से के जानैत छल? सभ इएह कहैक जे ओकर पत्नीकेँ एना नहि करक चाही । ओकरे चलते बटुक प्राण दए देलक । बटुकोकेँ एना नहि करक चाही । गाममे बूढ़ माए-बापकेँ आब के देखत ? मुदा जे हेबाक से भए चुकल छल । गाममे बटुकक माए-बाप कनैत-कनैत बेहाल छलाह । बहादुर अपन देश वापस जाएत । आब एतए काज नहि करत । मदनबाबू ओकरा रोकबो नहि केलथि । ओकर आंतरिक दुखक समाधान आब हुनका लगमे नहि छलनि ।जाइत काल ओ बहादुरकेँ एकटा लिफाफा देलखिन आ कहलखिन जे एकरा जनकपुर पहुँचलाक बादे खोलिअह । दिल्लीसँ जनकपुर धरिक किराया,कपड़ा-लत्ता फराकसँ  देबे केलखिन । बहादुर जेबा काल कानए लागल । मदनबाबूकेँ सेहो नहि रहल गेलनि। “एहन सोझ, परिश्रमी आ इमान्दार लोक एहिमहानगरमे कतए पाबी ?”-मदनबाबू बजलाह । ओ मदनबाबूकेँ प्रणाम केलक। ओहिमाटिकेँ दंडवत भए प्रणाम केलक जतए ओकर सालो जीविका चललैक आ जोरसँ चिकरल- "सीता महरानीक जय।" एहि भावुक क्षणमे हमरो नहि रहि भेल। आँखि नोरसँ भरि गेल । बहुत काल धरि हम ओकरे दिस तकैत रहि गेलहुँ ।दुनू हाथमे झोरा लदने बहादुर चलिगेल। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ३. पद्य ३.१.बिनय भूषण- ३ टा कविता ३.२.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- गजल ३.३.आशीष अनचिन्हार- दूटा गजल बिनय भूषण-संपर्क-7003286056 ३ टा कविता १ मृत्युगीतक डेराओन राग कोरोनाक ठोर पर थिरकि रहल अछि मृत्युगीत एकर गीतक स्वर सँ बहरा' रहल अछि विध्वंस - राग एहि राग मे सन्हियायल अछि संदेह , भय आ अदंक मनुक्खक आर्तनाद केँ बना' रहल अछि आओर बेशी त्रासद ई गीत असंख्य व्यंग्य - भावक रस मे बोरल अछि एहि गीतक स्वर एहि गीतक कोलाहल सँ डेरायल अछि मृत्यु कान सँ टकराइत अछि मृत्युक अरण्य - रोदन जोर - जोर सँ घिनाओन हँसीक संग अट्टाहस क' रहल अछि कोरोना । मृत आत्माक लेखा - जोखा करैत अकच्छ भ' गेल छथि चित्रगुप्त महाराज फेंकि देनय छथि खाता - पत्तर थाकि गेल अछि यमराजक महींस उठान हारि रहल अछि महींस पैदल दौड़ैत - दौड़ैत थाकि गेल छथि यमराज प्राण राखबाक लेल यमराजक झोड़ा मे नञि अछि मिसियो भरि जग्गह यमराज अकानि रहल छथि कोरोनाक संगीतक ध्वनि यमराजक ह्रृदय मे उमरि गेल अछि दयाक महासमुद्र भोकारि पारि केँ कानि रहल छथि यमराज यमराजक आँखि सँ बहि रहल अछि दहो - बहो नोर । निःसहाय भ' गेल अछि लोक समस्त असरा पर लोक केँ नञि अछि मिसियो भरि विश्वास अस्पतालो मे कहाँ बाँचि पाबैत अछि लोकक प्राण एहि कोरोना - कालक गाल मे समा' गेल अछि असंख्य आत्मीय लोकक प्राण मित्र आ परिजन - पुरजनक आँखि मे कहाँ बाँचल अछि मिसियो भरि नोर कानैत - कानैत लोकक सुखा' गेल अछि कण्ठ बौक बनल लोकक हृदयक जमीन पर पसरि गेल अछि मृत्युक मरुस्थलक दृश्य । आत्मनिर्भरताक महामंत्र कहाँ आबि रहल अछि काज भगवानक पूजा - पाठ समस्त कीर्तन - भजन यज्ञ परयोजन तंत्र मंत्र लागि रहल अछि व्यर्थ कोरोनाक तांडवक आगां भगवानो भ' गेल छथि हतप्रभ अपन सन्तान केँ काल - कवलित होइत देखि भगवानोक आँखि सँ बहि रहल अछि दहो - बहो नोर नीमन दिनक संभावनाक आश मे कोरोनाक कीड़ाक भय केँ ललकारैत अपन बाधित श्वासक संग दौड़ैत - दौड़ैत सकाले पहूँचि गेल छल मतदान - केन्द्र अत्यंत उत्साहक संग टिपने छल बटन लोक गणपति पर आश लगौनय असीम आशाक संग निश्चिन्त भ' सुख - चैन सँ घर मे सुतबाक सपना सजौनय छल लोक । आइ प्राणवायुक लेल अहुँछिया काटैत - काटैत लोक त्यागि रहल अछि अपन प्राण असगरे घर मे बैसल - बैसल थस्स ल' रहल अछि काया निस्तेज भेल जा रहल अछि माथ संदेहक सियाह अन्हार मे औना' रहल अछि लोक अपन हृदय मे अदंक केँ जोगने डर आ मृत्युक डेराओन कारी बादरि केँ निहारि रहल अछि लोक अपन परिजन - पुरजन , दोस - महीम दर - दियाद , सर - समाज  आ कर - कुटुम सँ दूर दूर - बहुत दूर रहबाक विवशताक संग उठैत - बैसैत , भूख सँ कुहरैत एकान्त मे सुनैत रहैत अछि वीभत्स आ डेराओन संगीतक स्वर । कोरोना खौंझा' रहल अछि लोक केँ लोक कोरोना सँ लड़बाक लेल गाब' चाहैत अछि एकटा विजयोल्लासक गीत लोक कोरोनाक विनाशक लेल गढ़' चाहैत अछि एकटा अस्त्र लोक लोक केँ भरोस देबाक लेल लिख' चाहैत अछि एकटा आशावादी महागाथा कोरोना कोनो मायावी जकाँ बदलि रहल अछि अपन रुप कोरोना रचि रहल अछि असंख्य भयाओन विध्वंस - राग कोरोनाक संगीतक स्वर भेल जा रहल अछि डेराओन डेराओन आओर बेशी डेराओन । ठमकि गेल अछि लोकक पायर सुन्न भ' गेल अछि लोकक माथ टूटि गेल अछि सम्बन्धक डोरि थमि गेल अछि कलम नमरल जा रहल अछि लोकक स्वार्थक क्षेत्रफल धरती बनि गेल अछि फूटबालक मैदान लोक गेंद जकाँ खा' रहल अछि आजुक बुधियार लोकक पायरक ठोकर कतेको गमा' देलक अपन प्राण बहि गेल गंगाधार मे श्मशान मे अंत्येष्टिक इन्तिज़ार करैत -करैत निभरोस भ' रहल अछि असंख्य लहास लहास सँ बहराइत अछि डेराओन गंध एहि गंध मे मदमस्त भ' प्रफुल्लित मुद्रा मे  नाच' लागैत अछि कोरोना नदी मे बहैत लहास सँ बहरा' रहल अछि कोरोना गाबि रहल अछि नव - नव मृत्युगीत नव - नव परिधान मे सजि - धजि गली - गली घूमि रहल अछि कोरोना क' रहल अछि महामृत्युक नृत्य कोरोनाक संगीतक विध्वंस - राग सँ दलमलित भ' गेल अछि हवा पतनुकान लेनय लोकक मोन मे जनम' लागल अछि एकटा संगीत संगीत मे मिझरायल अछि एकटा राग राग - अदंकक राग । २ कुर्सीक चिन्ता आ कोरोनाक कहर जनताक पेट मे धधकि रहल अछि भूखक आगि जनताक हृदय मे सन्हियायल अछि कोरोनाक अदंक जनताक दिमाग मे औना' रहल अछि भविष्यक चिन्ता जनताक ह्रदय केँ क' रहल अछि लोहुलोहान अप्पन परिजन - पुरजनक आकस्मिक मृत्यु - संवाद । जनता केँ लगैत अछि कोरोना भ' रहल अछि निपत्ता अन्नमन्न ओहिना जेना कोनो अन्धर - तुफान किछु समयक लेल धरती पर मचबैत अछि तांडव आ भ' जाइत अछि अलोपित ओ सोचैत अछि कोशीक बाढ़िक तबाही केँ ओकर आँखिक आगू नाच' लगैत अछि माय कोशीक तमसायल चेहरा आ हुनक रक्तवर्णी आँखि ओकर मोन मे जन्मैत अछि आश जे अहिना समय भ' जेतैक ठीक - ठाक लगैत अछि ओकरा समय सुधरि गेल अछि आब कोरोना भ' गेल अछि निस्तेज । निर्भीक भ' जनता मेहनति करबाक लेल अपन काया केँ कर' लगैत अछि तैयार संगोर' लगैत अछि ताकत आ साहस मृत्यु - भयक सन्देह केँ अपन हृदय सँ भगा' दैत अछि दूर दूर बहुत बहुत दूर ओकर देह सँ चूअ' लगैत अछि घाम काया पर टघरैत घाम सँ बहराइत अछि स्वाभिमानक सुगंध । सत्तासीन नेताक आँखिक आगू नाच' लगैत अछि श्रमशील जनताक स्वाभिमानक चित्र ओकरा  पता छैक जे जनताक हृदय मे जनमैत स्वाभिमानक भाव खतरनाक अछि कुर्सीक लेल डोल' लगैत अछि ओकर कुर्सी अपन कुर्सी केँ बचेबाक लेल जनता सँ ओकर भोट हथियेबाक लेल जनता केँ फुसलेबाक लेल माइक्रोफोन पर चिकर' लगैत अछि नेता अनघोल होम' लगैत अछि अकास मे आश्वासनक मंत्रोच्चार । नेता केँ पता छैक कहाँ कतौ गेल अछि कोरोना ओकरा इहो पता छैक जे अपन मारक क्षमता केँ रसे रस बढ़ा' रहल अछि कोरोना ओकरा पता छैक जे जखन कोरोना देखैत अछि भीड़ ओकर ठोर पर जोर - जोर सँ ठहक्काक संग थिरक' लगैत अछि अट्टाहस भोटक लेल तइयो ओ लगाबैत अछि मजमा जनताक कान्ह पर थमाबैत अछि झंडा थाकल पायरेँ राजपथ पर दौड़ैत अछि ओकर रोगाह काया पीठ मे सटल पेट चोटकल गाल आ पपरियायल ठोरक संग जोर - जोर सँ लगबैत अछि जिन्दाबादक नारा खत्ता मे नुकायल आँखि सँ राजपथ पर खिड़बैत अछि ओ नजरि बहीर भेल अपन कान केँ ठेकियाबैत अछि नेताजीक भाषण पर नेताजीक आँखि मे ओ ताक' लगैत अछि अपन स्वप्न । जनता केँ पता नहि छैक जे ओकर पाछाँ - पाछाँ घूमि रहल अछि कोरोना ओकरा पता नहि छैक जे कखनहु भ' सकैत अछि ओकर अकालमृत्यु नेता केँ चाही भोट भोट कुर्सीक संरक्षणक लेल ओ सोचैत अछि जे जनता द'' दिअय अपन भोट जनता तँ कोनो ने कोनो बटन केँ टिपत जरूर जनता सोचैत अछि एखन धरि सभ ठकबे केलक एहि बेर शायद नञि ठकाएब ओ कोरोना संँ बेखबर जल्दी - जल्दी भोट खसा' रोटीक जोगार मे तोड़' लगैत अछि अप्पन देह मोने मोन गज्जैत नेता कुर्सीक गद्दी केँ झार' लगैत अछि आ कर' लगैत अछि आत्मविश्वासक संग भोटफलक इन्तिज़ार  । 3 अप्पन - अप्पन ताल प्रजातंत्रक आशक इजोत केँ बूझैत अछि जनता अप्पन हिस्साक इजोत कखनो - कखनो जनता केँ लगैत अछि जेना ई प्रजातंत्र छियैक ओकर अप्पन बखरा एकर इजोतक धवल किरिण मे बिला' जेतैक ओकर निराशाक अन्हार । प्रजातंत्रक आशक इजोत केँ आओर बेशी दैदीप्यमान बनेबाक लेल भोटक पंचवर्षीय पावनि केँ ओ मनबैत अछि धूमधाम सँ नेता सभक भाषण केँ अकानैत अछि ओ नेताजीक भाषण मे ताकैत अछि ओ अप्पन जीवनक आश सोचि - समझि अछताइत - पछताइत ओ टिपैत अछि इवीएमक बटन । भोटपर्वक विसर्जनक पश्चात जनताक आँखि सँ बहराइत अछि प्रसन्नताक इजोत नेताजीक वचनबद्धता सँ ओकर ह्रृदयक जमीन पर जनम' लगैत अछि अप्पन अधिकारक गाछ दिन पर दिन बितैत जाइत अछि आश्वासन पूर्तिक आश मे ओकर अधिकारक गाछ मे फुलाबय लगैत अछि असंख्य संकटमोचक फूल लगैत अछि जेना सत्ते एखनहि धमकि जेतैक ओकर हृदयक बाड़ी मे निम्मन दिनक फूलबाड़ी । ओ सोचय लगैत अछि सत्ते बदलि रहल अछि ओकर दिन आब ओकरा नञि रहय पड़तैक उपास मे दिनक दिन आब ओकरा जरूरे भेटि जेतैक फूटपाथी जिनगी सँ मुक्ति आब जरूरे ओकरा भेटि जेतैक एकटा अप्पन छत बेमारीक आश्रय बनल ओकर काया सँ जरूरे भागि जेतैक जिद्दियाह व्याधि ओ जरूरे आब सीखि लेत अपन दसखत अपने सँ पढ़त दरखास्त ओ बूझय लागत आधार कार्ड आ भोटकार्डक महत्व । नेताजीक आगमनक आश मे मोटा' गेल अछि ओकर आँखि नेताजी विकासक नारा केँ आओर बेशी प्रभावी बनेबाक लेल बेश शक्तिशाली माइक्रोफोनक भ' रहल अछि आविष्कार जनताक दुख केँ दूर करबाक लेल भगवान सँ कयल जा रहल अछि प्रार्थना आयोजित भ' रहल अछि असंख्य पूजा - पाठ आ यज्ञ भगवान सँ कयल जा रहल अछि कामना भूखल - पियासल रहबाक अभ्यासी जनता केँ राखल जाय संतुष्ट बढ़ैत रहय हुनक सुख - समृद्धि । कल जोड़ने जनता पूजा - पाठ मे भ' रहल अछि शामिल नेताजीक चेहरा मे जनता केँ देखाइत  अछि भगवानक साकार रूप जनता केँ विश्वास अछि भगवान हुनक बात नहि सुनताह भगबान जरूरे सुनताह नेताजीक बात जनता केँ बूझाइत अछि जे नेताजीक बड़का पूजा - पाठ लग ओकर छोट - छीन गोहारिक नञि अछि कोनो महत्व  । जनताक अधिकारक स्वप्नक आस्था मे होम' लगैत अछि परिवर्तित दुख - दर्द केँ जनता मान' लगैत अछि अपन नियति शोषण केँ ओ मान' लगैत अछि नेताजीक परसाद अपन रोगाह काया केँ ओ मानैत अछि अपन पूर्वजन्मक फल नेताजीक विजय जुलूस मे भूखल पेट आ सूखल ठोरक संग होइत अछि शामिल एखनो ओकरा आश अछि ओकर जीवनक समस्त दुख - दर्द जरूरे पड़ा' जेतैक सात समुद्दर पार । अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ गजल प्यास  मेटेबालय पोखरि खुनबैत देखलिऐ भोज काल ओकरा कुमहर  रोपैत देखलिऐ कतहु  मूँह बओने धरती रहलइ  ओहिना और  मूसलाधार  कतहु बरसैत  देखलिऐ सरबन-सन  जे  पिताक सेवा छल करइत तकरा आक्सीजनक लेल  तडपैत देखलिऐ मन्दिर मसजिद गिरिजाघर गुरुद्वारा सभ सभकें बेबस आ बौक भेल देखैत देखलिऐ घरमे दुबकल त्राहि कृष्ण करय  नर-नारी सबहक छातीमे  धधरा  धधकैत देखलिऐ ( सरल वार्णिक बहर / वर्ण-18 ) ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। आशीष अनचिन्हार दूटा गजल 1   लंफ लंफा संगमे नै ढेर शंका संगमे नै   आपरूपी इष्ट भेटल धैर्य हमरा संगमे नै   ई उपासे ओ उपासे पैंट अंगा संगमे नै   पाइ कोठा फ्रीज सोफा बीत बिग्घा संगमे नै   काँट हँसलै देखि अतबे फूल भमरा संगमे नै   देह पूरा ठीक लेकिन रीढ़ हमरा संगमे नै   सभ पाँतिमे 2122-2122 मात्राक्रम अछि (बहरे रमल मोरब्बा सालिम वा बहरे रमल सालिम चारि रुक्नी)। 2

पेटक लड़ाइमे हारत के खेतक लड़ाइमे हारत के

वचन हुनकर महामिलन केर भेंटक लड़ाइमे हारत के

फरिया ने सकलै जीवन भरि नेहक लड़ाइमे हारत के

टेटर कहाँ कियो देखि सकल घेघक लड़ाइमे हारत के

अनचिन्हारक विरुद्ध समाज जीतक लड़ाइमे हारत के

सभ पाँतिमे 222-222-22 मात्राक्रम अछि। दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि। ई बहरे मीर अछि। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.स्त्री कोना (सम्पादक- इरा मल्लिक) ४.१.सविता 'सुमन'- उमंग ४.२.आभा झा- अस्मिता ४.३.कंचन कण्ठ-आराधना ४.४.ममता कर्ण- निर्भर सविता 'सुमन' उमंग मनके उमंग मनहीं रहि गेल सब दिस पसरल करोनाके बेल हाटबजार सब बंद पड़ल कोनाके जायब सौदाके लेल छोट-बबुआके मुड़न छल केश लईपीसी नहि आबि सकल कोनाके बबुआके केश कटायब कर-कुटुम्बके कोना बजायब सबहक कलेजा कांपि रहल के करत घरक टहल सुन पड़ल अछि बाबाके द्वार कहिया धरि खूजत हुनक केवाड़ असगर रहि सब समय बितायब खुशी अकेला कोना मनायब करजोरि सब बाबाके मनाबू यौ बाबा अहां समय घुराबू -सविता 'सुमन', सहरसा बिहार अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। आभा झा अस्मिता हम सिया धिया मिथिलाक, निहित निज शक्ति जगाब' अयलहुॅं शोषण- सज्जन- प्रतिकार-हेतु, वसुधा विदीर्ण क' अयलहुॅं माध्यम की, केहन, व्यर्थ प्रश्न, उद्देश्य प्रमुख हम बुझलहुॅं राजर्षि जनक दुहिताक रूप,निश्छल स्नेहामृत छकलहुॅं।। आदर्श सुता, कुलवधू, प्रिया भार्या स्वतंत्र हम वामा छी आदर्श संमंधक रखितहुॅं हम, साकार रूप में गरिमा छी। अपहृता रावणक छलहुॅं किन्तु, साहस छल स्पर्श असुर करितय? रवि सम प्रचण्ड भर्ता- तेजक सम्मुख खद्योत कोना अबितय? भय अग्नि प्रवेशो नञि किंचित, धूमिल होमय नञि पतिक कीर्ति पति राजधर्म रक्षा करितथि, वनवास पुनः, नञि कोनो भीति।। लव- कुशक जन्म, शिक्षा- दीक्षा व्यक्तित्व सबल निर्माण कयल सेसर बनाय सुत जनक- शक्ति, माताक धर्म निर्वाह कयल।। नञि सुखक कामना मिसिया भरि, स्त्री शक्तिक परिचय हमरा सॅं अस्मिता न कौखन संकट मे, तप- शौर्यक आश्रय हमरा सॅं मैथिल ललना की दीन- हीन, नञि अग्निक तेज मिझाउ क्वचित् प्रतिरोध, मान- रक्षा, न ध्वंस, ओ सृजन समाजक यत्किंचित्।। आभा झा- 20.5.2021 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। कंचन कण्ठ आराधना (सभकेँ जानकीनवमीकेँ हार्दिक शुभकामना ओ प्रणाम) जगजननी अहाँ लिय अवतार दुष्ट कोरोनाकेँ करू संहार भक्षक रहल जनु कोनो फर किछुक असरि नहि एकरापर मानवताक रक्षा करू हे माय मानवपर आब होऊ सदाय भूमिसँ लेलहुँ अहाँ अवतार भूमिजा कहय सकल संसार बाल्यकाल करपिनाक उठेलहुँ पिता जनकके चकित कय देलहुँ अपने छी शक्तिक भंडार असीम अहाँक सीमा विस्तार अछि अनंत स्वरुप महान से जानथि सकल जहान रामहु जखन कयल शक्ति पूजन तखनहि कयल संहार ओ रावण जखन मनुख भेल मदमे चूर दर्प तनिक कयलहुँ क्षणमे दूर सहस्ररावण छल जे अति बलवान तनिकहुँ पठेलहुँ यम केर धाम दया केर फेरु दृष्टि हे मैथिली भयसँ बालक भेल विथुति ममतामयी हेरु एक बेर सोर करैत भेल बरू देर छेमब मनुजक अपराध बुझि अपन बालक नेनमति अबोध करुणामयी दौड़ल चलि आऊ सकल जहानक संताप मेटाऊ अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ममता कर्ण निर्भर जनक सुता माँ मैथिली रहय वाली महलमे पलयवाली महलके सदिखन घिरल सखिके संग आगु-पाछु सेविका प्रचुर अर्धांगिनी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामके सुर्यवंशी कुलक कुलवधू दुर्भाग्यवश वनवासिनी भेली कुटिया बिच बसर केली विपत्तिके पहाड़ ढोली उखड़ि मुसरस धान कुटली अपने हाथस लकड़ी कटली पानि उभली भानस बनेली किनको नै आश केली स्यंमपर आत्मनिर्भर भेली निजसुतके आत्मनिर्भर बनेली सहन शक्ति माँ सीताके सब मिथलानीके आदर्श बनली। जानकी नवमीके शुभकामना संग -ममता कर्ण, जमशेदपुर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ........................................................................................................................ संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] Videha e-Learning पेटार (रिसोर्स सेन्टर) शब्द-व्याकरण-इतिहास MAITHILI IDIOMS & PHRASES मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश- रमाकान्त मिश्र मिहिर (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) डॉ. ललिता झा- मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) मैथिली शब्द संचय MAITHILI DICTIONARY- RAMDEO JHA (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) ENGLISH MAITHILI COMPUTER DICTIONARY MAITHILI ENGLISH DICTIONARY अणिमा सिंह -Shishu_Geet_Khel_Anima_Singh डॉ. रमण झा मैथिली काव्यमे अलङ्कार    अलङ्कार-भास्कर आनन्द मिश्र (सौजन्य श्री रमानन्द झा "रमण")- मिथिला भाषाक सुबोध व्याकरण BHOLALAL DAS मैथिली सुबोध व्याकरण- भोला लाल दास राधाकृष्ण चौधरी- A Survey of Maithili Literature ........................................................................................................................ मूलपाठ तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) राजेश्वर झा- मिथिलाक्षरक उद्भव ओ विकास (मैथिली साहित्य संस्थान आर्काइव) Surendra Jha Suman दत्त-वती (मूल)- श्री सुरेन्द्र झा सुमन (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) CIIL SITE ........................................................................................................................ समीक्षा सुभाष चन्द्र यादव-राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ शिव कुमार झा "टिल्लू" अंशु-समालोचना डॉ बचेश्वर झा- B_JHA_Nibhand_Nikunj.pdf डॉ. देवशंकर नवीन- Adhunik_Sahityak_Paridrishya डॉ. रमण झा- भिन्न-अभिन्न प्रेमशंकर सिंह- मैथिली भाषा साहित्य:बीसम शताब्दी (आलोचना) डॉ. रमानन्द झा 'रमण' हिआओल अखियासल     CIIL SITE दुर्गानन्द मण्डल-चक्षु RAMDEO JHA दत्त-वतीक वस्तु कौशल- डॊ. श्रीरामदेवझा SHAILENDRA MOHAN JHA परिचय निचय- डॊ शैलेन्द्र मोहन झा ........................................................................................................................ अतिरिक्त पाठ पहिने मिथिला मैथिलीक सामान्य जानकारी लेल एहि पोथी केँ पढ़ू:- राधाकृष्ण चौधरी- मिथिलाक इतिहास फेर एहि मनलग्गू फाइल सभकेँ सेहो पढ़ू:- केदारनाथ चौधरी चमेलीरानी                         माहुर                          करार कुमार पवन पइठ (मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ कथा) (साभार अंतिका)       डायरीक खाली पन्ना (साभार अंतिका) याेगेन्द्र पाठक वियाेगी- विज्ञानक बतकही रामलोचन ठाकुर- मैथिली लोककथा SAHITYA AKADEMI http://sahitya-akademi.gov.in/publications/e-books.jsp http://sahitya-akademi.gov.in/general/Digitalbooks.jsp CIIL http://corpora.ciil.org/maisam.htm अखियासल (रमानन्द झा रमण) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI1.pdf जुआयल कनकनी- महेन्द्र http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI2.pdf प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI3.pdf सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI4.pdf मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI5.pdf JNU http://sanskrit.jnu.ac.in/maithili/index.jsp http://sanskrit.jnu.ac.in/student_projects/lexicon.jsp?lexicon=maithili ARCHIVE.ORG https://archive.org/details/%40vijay_deo_jha?&sort=-publicdate&page=2 VIDEHA MAITHILI BOOKS/ PICTURE-AUDIO-VIDEO ARCHIVE http://videha.co.in/new_page_15.htm https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ ALL INDIA RADIO DOORDARSHAN आकाशवाणी दूरदर्शन http://prasarbharati.gov.in/ http://newsonair.com/ https://doordarshan.gov.in/ आकाशवाणी मैथिली पोडकास्ट http://prasarbharati.gov.in/podcast.php?filterlang=Maithili&from=1947-08-15&fromwp=2020-08-29&to=2050-12-31&search=GO आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-1 http://newsonair.com/RNU-NSD-Audio-Archive-Search.aspx आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-2 http://newsonair.com/Regional-Text.aspx आकाशवाणी दरभंगा http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=282 आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल https://www.youtube.com/channel/UCGdNveEFmv4pPolWiTEMxVA आकाशवाणी भागलपुर http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=359 आकाशवाणी पूर्णियाँ http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=256 आकाशवाणी पटना http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=122 IGNCA http://ignca.nic.in/coilnet/mithila.htm http://ignca.nic.in/coilnet/kalyani.htm (MAITHILI ENGLISH DICTIONARY) http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/mithila.htm MITHILA DARSHAN https://mithiladarshan.com/ (online pdf of Maithili journal) I LOVE MITHILA https://www.ilovemithila.com/  (online maithili journal) मैथिली साहित्य संस्थान https://www.maithilisahityasansthan.org/ https://www.maithilisahityasansthan.org/resources (online pdf of Reasearch Papers/ books) ........................................................................................................................ VIDEHA e-LEARNING YOUTUBE CHANNEL https://www.youtube.com/channel/UC4abVKqMj2pDWIAkXiOHp7A (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर विदेहक किछु विशेषांक:- १) हाइकू विशेषांक १२ म अंक, १५ जून २००८ Videha_15_06_2008.pdf          Videha_15_06_2008_Tirhuta.pdf       12.pdf २) गजल विशेषांक २१ म अंक,  १ नवम्बर २००८ Videha_01_11_2008.pdf       Videha_01_11_2008_Tirhuta.pdf         21.pdf ३) विहनि कथा विशेषांक ६७ म अंक, १ अक्टूबर २०१० Videha_01_10_2010        Videha_01_10_2010_Tirhuta             67 ४) बाल साहित्य विशेषांक ७० म अंक, १५ नवम्बर २०१० Videha_15_11_2010        Videha_15_11_2010_Tirhuta             70 ५) नाटक विशेषांक ७२ म अंक १५ दिसम्बर२०१० Videha_15_12_2010        Videha_15_12_2010_Tirhuta           72 ६) नारी विशेषांक ७७म अंक ०१ मार्च २०११ Videha_01_03_2011        Videha_01_03_2011_Tirhuta           77 ७) अनुवाद विशेषांक (गद्य-पद्य भारती) ९७म अंक Videha_01_01_2012 Videha_01_01_2012_Tirhuta           97 ८) बाल गजल विशेषांक विदेहक अंक १११ म अंक, १ अगस्त २०१२ Videha_01_08_2012        Videha_01_08_2012_Tirhuta           111 ९) भक्ति गजल विशेषांक १२६ म अंक, १५ मार्च २०१३ Videha_15_03_2013        Videha_15_03_2013_Tirhuta           126 १०) गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक १४२ म, अंक १५ नवम्बर २०१३ Videha_15_11_2013        Videha_15_11_2013_Tirhuta           142 ११) काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक १६९ म अंक १ जनवरी २०१५ Videha_01_01_2015 १२) अरविन्द ठाकुर विशेषांक १८९ म अंक १ नवम्बर २०१५ Videha_01_11_2015 १३) जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक १९१ म अंक १ दिसम्बर २०१५ Videha_01_12_2015 १४) विदेह सम्मान विशेषा‍क- २००म अ‍क १५ अप्रैल २०१६/ २०५ म अ‍क १ जुलाई २०१६ Videha_15_04_2016 Videha_01_07_2016 १५) मैथिली सी.डी./ अल्बम गीत संगीत विशेषांक- २१७ म अंक ०१ जनवरी २०१७ Videha_01_01_2017 १६) मैथिली वेब पत्रकारिता विशेषांक VIDEHA 313 लेखकसं आमंत्रित रचनापर आम‍ंत्रित आलोचकक टिप्पणीक शृंखला १७) मैथिली बीहनि कथा विशेषांक-२ VIDEHA 317 १८) रामलोचन ठाकुर विशेषांक VIDEHA 319 १९) रामलोचन ठाकुर श्रद्धांजलि विशेषांक VIDEHA 320 १. कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी विदेहक दू सए नौम अंक Videha_01_09_2016 एडिटर्स चोइस सीरीज एडिटर्स चोइस सीरीज-१ विदेहक १२३ म (०१ फरबरी २०१३) अंकमे बलात्कारपर मैथिलीमे पहिल कविता प्रकाशित भेल छल। ई दिसम्बर २०१२ क दिल्लीक निर्भया बलात्कार काण्डक बादक समय छल। ओना ई अनूदित रचना छल, तेलुगुमे पसुपुलेटी गीताक एहि कविताक हिन्दी अनुवाद केने छलीह आर. शांता सुन्दरी आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद केने छलाह विनीत उत्पल। हमर जानकारीमे एहिसँ बेशी सिहराबैबला कविता कोनो भाषामे नहि रचल गेल अछि। सात सालक बादो ई समस्या ओहने अछि। ई कविता सभकेँ पढ़बाक चाही, खास कऽ सभ बेटीक बापकेँ, सभ बहिनक भाएकेँ आ सभ पत्नीक पतिकेँ। आ विचारबाक चाही जे हम सभ अपना बच्चा सभ लेल केहन समाज बनेने छी। एडिटर्स चोइस सीरीज-१ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-२ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच ब्रेस्ट कैसरक समस्यापर विदेह मे मीना झा केर एकटा लघु कथा प्रकाशित भेल। ई मैथिलीक पहिल कथा छल जे ब्रेस्ट कैसर पर लिखल गेल। हिन्दीमे सेहो ताधरि एहि विषयपर कथा नहि लिखल गेल छल, कारण एहि कथाक ई-प्रकाशित भेलाक १-२ सालक बाद हिन्दीमे दू गोटेमे घोंघाउज भऽ रहल छल कि पहिल हम आकि हम, मुदा दुनूक तिथि मैथिलीक कथाक परवर्ती छल। बादमे ई विदेह लघु कथामे सेहो संकलित भेल। एडिटर्स चोइस सीरीज-२ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-३ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिलक किछु बाल कविता प्रकाशित भेल। बादमे हुनकर ३ टा बाल कविता विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल जाहिमे २ टा कविता बेबी चाइल्डपर छल। पढ़ू ई तीनू कविता, बादक दुनू बेबी चाइल्डपर लिखल कविता पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-३ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-४ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदानन्द झा मनुक एकटा दीर्घ बाल कथा कहि लिअ बा उपन्यास प्रकाशित भेल, नाम छल चोनहा। बादमे ई रचना विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल, ई रचना बाल मनोविज्ञानपर आधारित मैथिलीक पहिल रचना छी, मैथिली बाल साहित्य कोना लिखी तकर ट्रेनिंग कोर्समे एहि उपन्यासकेँ राखल जेबाक चाही। कोना मॊडर्न उपन्यास आगाँ बढ़ै छै, स्टेप बाइ स्टेप आ सेहो बाल उपन्यास। पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-४ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-५ एडिटर्स चोइस ५ मे मैथिलीक "उसने कहा था" माने कुमार पवनक दीर्घकथा "पइठ" (साभार अंतिका) । हिन्दीक पाठक, जे "उसने कहा था" पढ़ने हेता, केँ बुझल छन्हि जे कोना अहि कथाकेँ रचि चन्द्रधर शर्मा ’गुलेरी’ अमर भऽ गेलाह। हम चर्चा कऽ रहल छी, कुमार पवनक "पइठ" दीर्घकथाक। एकरा पढ़लाक बाद अहाँकेँ एकटा विचित्र, सुखद आ मोन हौल करैबला अनुभव भेटत, जे सेक्सपीरिअन ट्रेजेडी सँ मिलितो लागत आ फराको। मुदा एहि रचनाकेँ पढ़लाक बाद तामस, घृणा सभपर नियंत्रणकेँ आ सामाजिक/ पारिवारिक दायित्वकेँ सेहो अहाँ आर गंभीरतासँ लेबै, से धरि पक्का अछि। मुदा एकर एकटा शर्त अछि जे एकरा समै निकालि कऽ एक्के उखड़ाहामे पढ़ि जाइ। एडिटर्स चोइस सीरीज-५ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-६ जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा "बिसाँढ़": १९४२-४३ क अकालमे बंगालमे १५ लाख लोक मुइला, मुदा अमर्त्य सेन लिखैत छथि जे हुनकर कोनो सर-सम्बन्धी एहि अकालमे नहि मरलन्हि। मिथिलोमे अकाल आएल १९६७ ई. मे आ इन्दिरा गाँधी जखन एहि क्षेत्र अएली तँ हुनका देखाओल गेल जे कोना मुसहर जातिक लोक बिसाँढ़ खा कऽ एहि अकालकेँ जीति लेलन्हि। मैथिलीमे लेखनक एकभगाह स्थिति विदेहक आगमनसँ पहिने छल। मैथिलीक लेखक लोकनि सेहो अमर्त्य सेन जेकाँ ओहि महाविभीषिकासँ प्रभावित नहि छला आ तेँ बिसाँढ़पर कथा नहि लिखि सकला। जगदीश प्रसाद मण्डल एहिपर कथा लिखलन्हि जे प्रकाशित भेल चेतना समितिक पत्रिकामे, मुदा कार्यकारी सम्पादक द्वारा वर्तनी परिवर्तनक कारण ओ मैथिलीमे नहि वरण् अवहट्ठमे लिखल बुझा पड़ल, आ ओतेक प्रभावी नहि भऽ सकल कारण विषय रहै खाँटी आ वर्तनी कृत्रिम। से एकर पुनः ई-प्रकाशन अपन असली रूपमे भेल विदेहमे आ ई संकलित भेल "गामक जिनगी" लघुकथा संग्रहमे। एहि पोथीपर जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ टैगोर लिटरेचर अवार्ड भेटलनि। जगदीश प्रसाद मण्डलक लेखनी मैथिली कथाधाराकेँ एकभगाह हेबासँ बचा लेलक, आ मैथिलीक समानान्तर इतिहासमे मैथिली साहित्यकेँ दू कालखण्डमे बाँटि कऽ पढ़ए जाए लागल- जगदीश प्रसाद मण्डलसँ पूर्व आ जगदीश प्रसाद मण्डल आगमनक बाद। तँ प्रस्तुत अछि लघुकथा बिसाँढ़- अपन सुच्चा स्वरूपमे। एडिटर्स चोइस सीरीज-६ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-७ मैथिलीक पहिल आ एकमात्र दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफी। सन्दीप कुमार साफीक दलित आत्मकथा जे अहाँकेँ अपन लघु आकाराक अछैत हिलोड़ि देत आ अहाँक ई स्थिति कऽ देत जे समानान्तर मैथिली साहित्य कतबो पढ़ू अहाँकेँ अछौं नहि होयत। ई आत्मकथा विदेहमे ई-प्रकाशित भेलाक बाद लेखकक पोथी "बैशाखमे दलानपर"मे संकलित भेल आ ई मैथिलीक अखन धरिक एकमात्र दलित आत्मकथा थिक। तँ प्रस्तुत अछि मैथिलीक पहिल दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफीक कलमसँ। एडिटर्स चोइस सीरीज-७  (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-८ नेना भुटकाकेँ रातिमे सुनेबा लेल किछु लोककथा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-८ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-९ मैथिली गजलपर परिचर्चा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-९ (डाउनलोड लिंक) जगदीश प्रसाद मण्डल जीक ६५ टा पोथीक नव संस्करण विदेहक २३३ सँ २५० धरिक अंकमे धारावाहिक प्रकाशन  नीचाँक लिंकपर पढ़ू:- Videha_15_05_2018 Videha_01_05_2018 Videha_15_04_2018 Videha_01_04_2018 Videha_15_03_2018 Videha_01_03_2018 Videha_15_02_2018 Videha_01_02_2018 Videha_15_01_2018 Videha_01_01_2018 Videha_15_12_2017 Videha_01_12_2017 Videha_15_11_2017 Videha_01_11_2017 Videha_15_10_2017 Videha_01_10_2017 Videha_15_09_2017 Videha_01_09_2017 विदेह ई-पत्रिकाक  बीछल रचनाक संग- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ रचनाक एकटा समानान्तर संकलन: विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) देवनागरी विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) तिरहुता विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) देवनागरी विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०) तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]देवनागरी विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]  तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]- दोसर संस्करण देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ]देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ] तिरहुता विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]देवनागरी विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]  तिरहुता विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ]देवनागरी विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ] तिरहुता विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ]देवनागरी विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ] तिरहुता विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ]देवनागरी विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ] तिरहुता विदेह:सदेह ११ विदेह:सदेह १२ विदेह:सदेह १३ The readers of English translations of Maithili Novel "sahasrabadhani" and verse collection "sahasrabdik chaupar par" has intimated that the English translation has not been able to grasp the nuances of original Maithili. Therefore the Author has started translating his Maithili works in English himself. After these translations are complete these would be the official translations authorised by the Author of the original works.-Editor Maithili Books can be downloaded from: https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार सहित) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। सूचना/ घोषणा १ "विदेह सम्मान" समानान्तर साहित्य अकदेमी पुरस्कारक नामसँ प्रचलित अछि। "समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार" (मैथिली), जे साहित्य अकादेमीक मैथिली विभागक गएर सांवैधानिक काजक विरोधमे शुरु कएल छल, लेल अनुशंसा आमन्त्रित अछि। अनुशंसा २०१९ आ २०२० बर्ख लेल निम्न कोटि सभमे आमन्त्रित अछि: १) फेलो २)मूल पुरस्कार ३)बाल-साहित्य ४)युवा पुरस्कार आ ५) अनुवाद पुरस्कार। अपन अनुशंसा ३१ दिसम्बर २०२० धरि २०१९ पुरस्कारक लेल आ ३१ मार्च २०२१ धरि २०२०क पुरस्कारक लेल पठाबी। पुरस्कारक सभ क्राइटेरिया साहित्य अकादेमी, दिल्लीक समानान्तर पुरस्कारक समक्ष रहत, जे एहि लिंक sahitya-akademi.gov.in पर उपलब्ध अछि। अपन अनुशंसा editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २ “मिथिला मखान” फिल्म देखू मात्र १०१ टाकामे। Android App “BEJOD” download करू वा जाउ www.bejod.in पर, signup करू, एकटा ईमेल जायत, अपन ईमेल खोलू आ ओकरा क्लिक करू अहाँक अकाउंट एक्टीवेट भय जायत। आब मिथिला मखान रेण्ट पर लिअ, डेबिट कार्डसँ १०१ टाका अॉनलाइन पेमेंट करू आ फिल्म देखू। ३ विदेह अपन आगामी अंक (२०२१ क प्रारम्भमे) श्री रामलोचन ठाकुर पर विशेषांक निकालबाक नेयार केने अछि। हुनका सम्बन्धी रचना आमंत्रित अछि (संस्मरण, साक्षात्कार, समीक्षा आदि) जे ३१ दिसम्बर २०२० धरि editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाओल जा सकैत अछि। विदेह पेटारक अन्तर्गत (पोथी डाउनलोड साइट) मे http://www.videha.co.in/new_page_15.htm  हुनकर मौलिक, अनूदित आ सम्पादित रचना फ्री पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल उपलब्ध अछि। विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम्: VIDEHA: AN IDEA FACTORY (c)२००४-२०२१. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHAसम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। सह-सम्पादक: डॉ उमेश मंडल। सहायक सम्पादक: राम वि‍लास साहु, नन्द विलास राय, सन्दीप कुमार साफी आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)। सम्पादक- नाटक-रंगमंच-चलचित्र- बेचन ठाकुर। सम्पादक- सूचना-सम्पर्क-समाद- पूनम मंडल। सम्पादक -स्त्री कोना- इरा मल्लिक। रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि)editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार ऐ ई-पत्रिकाकेँ छै, आ से हानि-लाभ रहित आधारपर छै आ तैँ ऐ लेल कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत।  एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। (c) 2004-2021 सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। ५ जुलाई २००४ केँ http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसरिक गाछ”- मैथिली जालवृत्तसँ प्रारम्भ इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् 'विदेह' ३२३ म अंक ०१ जून २०२१ (वर्ष १४ मास १६२ अंक ३२३)

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