विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन मानुषीमिह संस्कृताम् ISSN 2229-547X VIDEHA ISSN 2229-547X VIDEHA 'विदेह' ३२८ म अंक १५ अगस्त २०२१ (वर्ष १४ मास १६४ अंक ३२८) १. गजेन्द्र ठाकुर- संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] २. गद्य २.१.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर (धारावाहिक उपन्यास)- २६म खेप २.२.जगदीश चन्द्र ठाकुर ’अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- १६.दृश्य परिवर्तन २.३.मुन्नाजी-बीहनि कथा- रिपोर्ताज ३. पद्य ३.१.आशीष अनचिन्हार- २ टा गजल ३.२.ज्ञानवर्द्धन कंठ- २ टा गजल ४.स्त्री कोना (सम्पादक- इरा मल्लिक) ४.१.सुचिता कुमारी- बीहनि कथा- अनेरुआ Go to the link below for download of old issues of VIDEHA Maithili e magazine in .pdf format and Maithili Audio/ Video/ Books/ paintings/ photo files. विदेहक पुरान अंक आ ऑडियो/ वीडियो/ पोथी/ चित्रकला/ फोटो सभक फाइल सभ डाउनलोड करबाक हेतु नीचाँक लिंक पर जाउ। VIDEHA ARCHIVE विदेह पेटार View Videha googlegroups (since July 2008) view Videha Facebook Official Group (since January 2008)- for announcements १. गजेन्द्र ठाकुर ........................................................................................................................ ........................................................................................................................ [संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री] [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] यू. पी. एस. सी. (मेन्स) २०२० ऑप्शनल: मैथिली साहित्य विषयक टेस्ट सीरीज यू.पी.एस.सी. क प्रिलिमिनरी परीक्षा २०२० सम्पन्न भऽ गेल अछि। जे परीक्षार्थी एहि परीक्षामे उत्तीर्ण करताह आ जँ मेन्समे हुनकर ऑप्शनल विषय मैथिली साहित्य हेतन्हि तँ ओ एहि टेस्ट-सीरीजमे सम्मिलित भऽ सकैत छथि। टेस्ट सीरीजक प्रारम्भ प्रिलिम्सक रिजल्टक तत्काल बाद होयत। टेस्ट-सीरीजक उत्तर विद्यार्थी स्कैन कऽ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकैत छथि, जँ मेलसँ पठेबामे असोकर्ज होइन्हि तँ ओ हमर ह्वाट्सएप नम्बर 9560960721 पर सेहो प्रश्नोत्तर पठा सकैत छथि। संगमे ओ अपन प्रिलिम्सक एडमिट कार्डक स्कैन कएल कॉपी सेहो वेरीफिकेशन लेल पठाबथि। परीक्षामे सभ प्रश्नक उत्तर नहि देमय पड़ैत छैक मुदा जँ टेस्ट सीरीजमे विद्यार्थी सभ प्रश्नक उत्तर देताह तँ हुनका लेल श्रेयस्कर रहतन्हि। विदेहक सभ स्कीम जेकाँ ईहो पूर्णतः निःशुल्क अछि।- गजेन्द्र ठाकुर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज (मुख्य) परीक्षा, २०२० मैथिली (ऐच्छिक) लेल टेस्ट सीरीज/ प्रश्न-पत्र- १ आ २ TEST SERIES-1 TEST SERIES-2 [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल/ FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI] NTA_UGC_NET_MAITHILI_01 NTA_UGC_NET_MAITHILI_02 NTA_UGC_NET_MAITHILI_03 (श्री शम्भु कुमार सिंह द्वारा संकलित) Videha e-Learning MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) UPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS BPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (ऐच्छिक) मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (अनिवार्य) मैथिली प्रश्नपत्र- बी.पी.एस.सी.(ऐच्छिक) मैथिलीक वर्तनी १ भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU इग्नू BMAF-001 ........................................................................................................................ MAITHILI (OPTIONAL) TOPIC 1 [Place of Maithili in Indo-European Language Family/ Origin and development of Maithili language (Sanskrit, Prakrit, Avhatt, Maithili) भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान/ मैथिली भाषाक उद्भव ओ विकास (संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली)] TOPIC 2 (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) TOPIC 3 (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतय समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होयत, लेखनीमे प्रवाह आयत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भय सकत।) TOPIC 4 (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) TOPIC 5 (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) TOPIC 6 (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) TOPIC 7 (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) TOPIC 8 (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) TOPIC 9 (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) TOPIC 10 (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) TOPIC 11 (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) TOPIC 12 (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) TOPIC 13 (तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास) TOPIC 14 (आधुनिक नाटकमे चित्रित निर्धनताक समस्या- शम्भु कुमार सिंह)् TOPIC 15 (स्वातंत्र्योत्तर मैथिली कथामे सामाजिक समरसता- अरुण कुमार सिंह) TOPIC 16 (यू. पी.एस.सी. मैथिली प्रथम पत्रक परीक्षार्थी हेतु उपयोगी संकलन, मैथिलीक प्रमुख उपभाषाक क्षेत्र आ ओकर प्रमुख विशेषता, मैथिली साहित्यक आदिकाल, मैथिली साहित्यक काल-निर्धारण- शम्भु कुमार सिंह) TOPIC 17 (मैथिली आ दोसर पुबरिया भाषाक बीचमे सम्बन्ध (बांग्ला, असमिया आ ओड़िया) [यू.पी.एस.सी. सिलेबस, पत्र-१, भाग-“ए”, क्रम-५]) TOPIC 18 [मैथिली आ हिन्दी/ बांग्ला/ भोजपुरी/ मगही/ संथाली- बिहार लोक सेवा आयोग (बी.पी.एस.सी.) केर सिविल सेवा परीक्षाक मैथिली (ऐच्छिक) विषय लेल] ........................................................................................................................ GENERAL STUDIES (PRELIMINARY & MAINS) GS (Pre) TOPIC 1 GS (Mains) NCERT-ENVIRONMENT CLASS XI-XII NCERT PDF I-XII TN BOARD PDF I-XII ALL INDIA RADIO ENGLISH NEWS ALL INDIA RADIO NEWS ARCHIVE ALL INDIA RADIO TALKS AND CURRENT AFFAIRS RAJYA SABHA TV NEWS DISCUSSIONS OTHER OPTIONALS IGNOU eGYANKOSH (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर २. गद्य २.१.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर (धारावाहिक उपन्यास)- २६म खेप २.२.जगदीश चन्द्र ठाकुर ’अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- १६.दृश्य परिवर्तन २.३.मुन्नाजी-बीहनि कथा- रिपोर्ताज रबीन्द्र नारायण मिश्र लजकोटर (धारावाहिक उपन्यास) २६म खेप विजयक मृत्यक दोसरे दिन किशुन अपन पत्नीक संगे औने-पौने दाममे ओहिठामक चीज-वस्तुकेँ बेचि देलनि ।घरमे ताला मारि कुंजी संगे लेने चलि गेलाह । लोकसभकेँ कहलखिन जे ओसभ श्राद्ध करए विजयक गाम जा रहल छथि । असलमे ओ सभ कतहुँ नहि गेलाह । मौकापाबि विजयक घरोकेँ बेचि देलथि।कहाँदनि ओहिघरक कागज मालती लगमे छलैक ।आश्चर्यक बात ई जे विजयक क्यो परिजन गामसँ नहि आएल । कहि नहि,हुनका लोकनिकेँ खबरिओ भेलनिकि नहि? दिल्लीक बात छलैक। लोक बेसी मतलब नहि रखैत अछि । बात अएल गेल भए गेल ।एवम् प्रकारेण विजयक सभटा संपत्तिकेँ हथिआ कए किशुन निश्चिन्त भए गेलाह । एहिमे किसुनक मामा दामोदरक सेहो बेस योगदान छल। असलमे ओ डकैती करैत पकड़ल गेल छल । मामला बहुत दिन चलैत रहल । कार्यालयक उपस्थिति बहीमे ओकर नाम ओहिदिन नहि छल । एहि आधारपर ओकरा न्यायलयमे अपराध सिद्ध भए गेल । तीनसालक जहल काटए पड़ल आनौकरीसँ बर्खास्त कए देल । नौकरी छुटि जेबाक ओकरा मोनमेबहुत कष्ट रहैक ।डकैती करब तँ ओकर अंशकालिक काज रहैक आ से ओ कोनो आइसँ कएरहल छल से बात नहि । ई एकटा संयोग रहैक जे एकबेर पकड़ा गेल । जखन पकड़ाइए गेल तँ मोकदमा तँ चलबेक रहैक,से चललैक मुदा गड़बड़ी तँ ओकरे कार्यालयक बाबू केलकैक जे न्यायलयमे सभ कागज पत्तर देखा ईसाबित करबा देलक जे दामोदर ओहिदिन के कहए तीनदिनसँ कार्यालयसँ बिना अनुमतिकेँ गायब छल। ओना ई तँ ओकर पुरान धंधा रहैक। बाबूसभकेँ खुआ-पिआकए बादमे हाजिरी बना लैत छल। एहिबेर से सुतार नहि लगलैक आओर बातसभटा उल्टे होइत गेल । तैँ दामोदरकेँ कार्यालयक बाबूपर बहुत तामस रहैक । मौका पबितहि शुरु भए जाइत ।ओकर इच्छा रहैक जे नौकरी गेल तँ गेल कम सँ कम पेंशन भेंटिजाए । तकर बिना आर्थिक कष्ट तँ होइतेछलैक संगहि समाजमे अप्रतिष्ठा सेहो होइत छलैक । पेंशन बहालीक हेतु ओ कोनो कसरि नहि छोड़लक। कार्यालयबलासभ ओकर दर्खास्तक जबाब दैत-दैत थाकि गेल ।सभमे एकहि बात रहैत छलैक। एक्के रंग सबाल आ एक्के रंग जबाब । नीरज ओहि कार्यालयक उच्च अधिकारी छलाह । हुनको एहि मामलामे ओ भेंट कए मदति मंगने रहए । मुदा ओ एहन काजे नहि रहैक जाहिमे केओ किछु कइओ सकैत । सेबात दामोदर ने बुझए चाहए ने बुझलक।मुदा नीरजसँ ओकरामोनमे खुन्नस सभ दिनक हेतु रहि गेलैक । ओहिदिन बैसारमे जे हंगामा भेल ताहि मे दामोदर अगुआ छल। ई बात सीआइडीक रेपोर्टमे सेहो आएल । मुदा केओ ध्यान नहि देलक । बातकेँ झाँपतोप कए देल गेल । सभक ध्यान विजयक मृत्युपर केन्द्रित भए गेल ।स्वयं दामोदर अपन भागिनसंगे विजयक संपत्ति हथिआबएमे लागि गेल । किछु हद धरि ताहिमे सफलो भेल । मुदा लूटपाटसँ संतोख होइतैक आ ताहिसँ धनिक हेबाक होइतैकतँ दामोदर कहिआ ने धन्नासेठ भए गेल रहितथि । जे धन जहिना अबैत अछि से तहिना चलोजाइत अछि । दामोदरक संपत्ति झूठमूठके देखाबामे,कुव्यसनमे चलि जाइत छलैक। परिणाम भेल जे आब ने ओकरा नौकरी छलैक आ ने संपत्ति । ऐहन हालतमे विजयक मालपानीके हथिआकए दुनू मामा-भगिना प्रशन्न रहए । कहबी छैक जे लालच सँलालच बढ़ैत छैक ।सएह दामोदर आ किशुनक संगे भेलैक। विजयक चीजवस्तु लेलाक बाद ओकरध्यान नीरजपर गेलैक । नौकरीसँ इस्तिफा देलाक बाद नीरज “अपन समाज संस्था’’क स्थापना केलाह । एकर उद्येश्य दिल्लीमे रहि रहल समस्त प्रवासी लोकनिक सुख-सुविधाक ध्यान राखब छल । आपसमे मेलजोल बढ़ाएबछल । अपन संस्कृतिकेँ समृद्धकरब छल । ताहीक्रममे ओहिदिन बैसार भेल छल मुदा ओ तँ से रूप धेलक जे तकरबाद किछु करबाक साहस नीरजमे नहि रहि गेलनि। विजयाक मृत्युक संगे-संग कतेको निर्दोषलोकसभ आहत भेल। एहन समाजकेँ के जोड़त जे जाति,भाषा धर्म लए कए पहिनहिसँ खंड-खंड अछि । गाम-घरसँ एतेक फराक रहितहुँ एतए लोकसभ जातिक आधारपर गोलैसी करैत छथि ।आपसमे अपन भाषाछोड़िकए काहे-कुहे बजैत छथि जाहिसँ केओ ई नहि बुझए जे ओ असलमे कतएसँ आएल छथि । अपन पहिचान मिटाबक हेति कृतसंकल्प एहन विभ्रमित लोकक की कएल जा सकैत अछि? से बात नीरजकेँ कैकगोटेपहिनहि चेतओने रहनि मुदा ओ हुनकर बातसभपर ध्यान नहि देलाह । परिणाम सामने छल । नीरजक मनोदशाक फएदा उठबैत दामोदर आ ओकर भागिन किशुन हुनकासँ हेमछेम बढबए लगलाह । नीरजोकेँ नीक लागनि जे केओ तँ पुछि रहल अछि ।एसगर घरमे पड़ल-पड़ल नीरज कैकबेर उबि कए अपनो हुनकासभकेँ गप्प-सप्प हेतु बजा लैत छलाह ।संगे मालती सेहो आबि जाइत छलीह । " अपन समाज संस्थाक काजकेँ आगा बढ़ैबाक हेतु हमसभ कृतसंकल्प छी ।"-दामोदर बजलाह ।किशुन सेहो समर्थन करैत बजलाह-"जखन नीरज बाबू सन लोक एहिमे पड़ल छथि तँ सफलता भेटबे करत । " "सत्ते कहलह । मुदा काज आगा कोना बढ़ाओल जाए?"-दामोदर बजलाह । "पहिनेहिनका ठीक भए जाए दिऔन । तकरबाद हमसभ जान लगा देबैक ।"-किशुन बजलाह । ई सभ गप्प-सप्प भइए रहल छल कि नौकर-चाकरकेँ कात कए मालती अपने भनसा घरमे पैसि गेलीह । कनीके कालमे ओ भफाइत चाह लए अनलीह । "बैसू, बैसू । की लाजबाब चाह बनओलहुँ । कैक युगक बाद एहन चाह पीबि रहल छी।" -नीरज बजलाह । सभदिनसँ ऐश-मौजमे समय बिताबक अभ्यस्त नीरजकेँ मालतीक उपस्थितिएसँ जेना निशा लागि गेलनि।दामोदर पाकल आदमी छलाह। ओ अपन दबाइकेँ असरदार होइत देखि प्रशन्नछलाह । "एतेक टा घरमे अपने असगर कोना रहैत छी? "-दामोदर बजलाह। "असगर तँ नहि छी मुदा भए गेल छी ।" "से की?" नीरज किछु नहि बजलाह ।साँझभएरहलछलैक।दामोदारआबवापसजाएचाहैतछलाह। “आब जेबाक आज्ञा देल जाए ।"-दामोदर बजलाह । "अहाँसभ अएलहुँ तँ मोन लागि गेल ।अबैत-जाइत रहब। "-नीरज बजलाह । “अवश्य आएब"-से कहि दामोदर, किशुन ओ मालतीक संग ओहिठामसँ बिदा भेलाह। अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। जगदीश चन्द्र ठाकुर ’अनिल’ आँखिमे चित्र हो मैथिली केर ( आत्मकथा ) १६.दृश्य परिवर्तन बेरोजगारीक अवधि बढ़ल जा रहल छल | गामक वातावरणमे हम सहज अनुभव नहि करैत छलहुँ | एक बेर पटनामे अपन हाइ स्कूलक संगी नागेन्द्र कुमार झासँ भेंट केलहुँ | हुनका संगे दू दिन रहलहुँ | ओ बी.एस.सी. केलाक बाद इंडियन नेशन प्रेसमे काज क’रहल छलाह,एसगर रहैत छलाह | हुनकासँ बहुत गप-शप भेल | हुनका ओहि ठामसँ एकटा नव उर्जाक संग गाम घुरलहुँ | हमर साढ़ूक जेठ भाइ साहेब आरामे रहैत छलखिन, सिविल इंजिनियर (एस. डी.ओ.)छलखिन | छोट भाए (हमर साढ़ू ), दुनू छोट बहिन,अपन दूटा छोट बच्चा-बच्चीक संग अपने दुनू गोटे रहैत छलाह | दोसर छोट भाए चीनू बाबू सेहो पटनासँ कहियो-कहियो अबैत छलाह | इंजिनियर साहेब हमरो छोट भाए जकाँ मानैत छलाह | हुनका सभ लग हम सहज रहैत छलहुँ | साँझ क’ अथवा रातिमे भोजनक बाद गीत-नाद होइत छलैक | कहियो क’ अपना संगे जीपपर हमरो घुमा दैत छलाह साइटपर | हमरा नोकरी लेल सेहो सोचैत छलाह,मुदा बैंकमे हमर नोकरी पक्का अछि, से जनैत छलाह | मधुर स्मृतिक संग हुनका ओत’सँ गाम घुरलहुँ | हमर छोटका मामा डाक-तार विभागमे जमशेदपुरमे काज करैत छलाह | अपन भतीजी आ एकटा सारक संग अपने दुनू गोटे साकचीमे रहैत छलाह | हुनको ओत’ गेलहुँ | रवि दिन क’ जुबली पार्क घूम’ सभ गोटे जाइत छलहुँ | जमशेदपुर शहर नीक लगैत छल | जमशेदपुरसँ गामक जे दृश्य हमरा सोझाँ अबैत छल तकरा हम अतुकांत कवितामे व्यक्त करबाक कोशिश कर’ लगलहुँ |मामाकें अतुकांत कविता नीक नहि लगैत छलनि, ककरो नीक नहि लगैत छलैक |हमरा नीक लगैत छल | लिखैत गेलहुँ | वैह कविता सभ पच्चीस बरखक बाद आ दू संशोधनक बाद ‘धारक ओइ पार’ नामक दीर्घ कविताक आकार ग्रहण केलक | जमशेदपुर अथवा एहने कोनो जगह नोकरी पयबाक कामना करैत गाम घुरल रही | बेरोजगारीक अवधि एखनो समाप्त नहि भेल छल |आब होइत छल जे किछु करक चाही | आब बहालीक चिट्ठीक प्रतीक्षामे बैसल रहब उचित नहि | मुजफ्फरपुरमे सेनाक भर्ती भ’ रहल छलै, एकटा संगी आशा भाइक संग चलि गेलहुँ | मैट्रिकक प्राप्तांकक आधारपर कहलक, जाना चाहते हो तो ओरिजिनल सर्टिफिकेट जमा करो | हम सोचलहुँ जे हमरा त बैकमे हेबे करत, तखन ऐ ठाम मूल प्रमाण-पत्र जमा करब उचित नहि, नै जमा केलिऐ, दुनू गोटे घूरिक’ गाम चलि गेलहुँ | भूमि विकास बैंकक विज्ञापन निकललै, ओइमे आवेदन पठा देलिऐ, लिखित परीक्षा देब’ पटना गेलहुँ | आकाशवाणी लग कोनो होटलमे ठहरलहुँ | एक दिनक भाड़ा जमा करबा लेलक, रातिमे भोजनक बाद हमरा लग बीस रुपैया बाँचल रह्य, से कतहु रखलिऐ | सबेरे स्नान क’ क’ जलखै कर’ बिदा भेलहुँ, त रुपैया हमरा नै भेटल | परीक्षा-केन्द्र कंकडबागमे रहै, पयरे विदा भेलहुँ बिना किछु खेने | जाइत रही ई सोचैत जे गाम वापस कोना हएब | चिड़ियाटांड़ पुल लग गेलहुँ त सुनाइ पडल ‘यौ अनिल जी’ | रामपट्टीक रमणजी छलाह, आर. के. रमण, रिक्शासँ एक गोटेक संग कतहु जा रहल छलाह | रिक्शा रोकबाक’ कहलनि कलकत्ता चलबाक अछि विद्यापति पर्वमे, समय हो त तीन बजे आउ आर ब्लाक लग एम एल ए फ्लैटमे हम एखन रहै छी, ओत’ आएब त विस्तृत गप हयत | पता बताक’ ओहो रिक्शासँ बढि गेलाह, हमहूँ किछु ख़ुशीक संग परीक्षा केन्द्र दिस बढलहुँ | परीक्षा बारह बजे समाप्त भेलापर भूख बड्ड जोर लागल,मुदा संगमे पाइ त नै छल | एखन भोजन लेल तत्काल दू टाका चाही आ गाम घुरबा लेल स्टीमर आ ट्रेन-बसक किराया करीब आठ टाका माने दस टाकाक आवश्यकता अछि | हमरा गामक वर्माजीक डेराक पता बूझल रहय, पयरे हुनका ओत’ गेलहुँ त पता चलल जे ओ काल्हि गाम चल गेलाह | भूख आर जोर केलक | हम आर ब्लाक लग जायसवाल होटल लग गेलहुँ | होटल बलाकें अपन हाथक घडी खोलिक’ दैत कहलिऐ, अभी मेरे पास पैसे नहीं हैं, ये घडी आप अपने पास रखिए, खाने का जो भी बिल होगा, दे देनेपर आप मुझे घडी लौटा देंगे | काउंटरपर जे बैसल छलाह, से कहलनि, मुझे आपपर विश्वास है, आप खाना खाइए, अपनी घडी अपने साथ रखिए, इसकी कोई जरूरत नहीं है | कहलियनि,मगर मेरा मन तैयार नहीं हो रहा है, मैं कल घडी ले जाऊँगा | हमर जिद्दपर ओ घडी सम्हारिक’ राखि लेलनि, हमरा नीक जकाँ भोजन करौलनि | हम भोजन करैत रही तखने रमणजी सेहो ओही व्यक्तिक संग होटलमे प्रवेश केलनि आ दोसर दिस जेम्हर कुरसी खाली छलै, ओम्हर चलि गेलाह |ओ हमरा नै देखलनि | ओ सभ भोजन करिते रहथि, हम उठिक’ पुछलिऐ, कते भेल, त कहलनि,एक रुपैया नब्बे पाइ | हम पान खाइ लेल दस पाइ और हुनकासँ ल’ क’ पान खाक’ आगाँ बढ़ि गेलहुँ | हुनकासँ पहिने हम हुनका डेरापर पहुँचि गेलहुँ | कम्युनिस्ट पार्टीक एम एल ए साहेबक डेरा छलनि |एकटा कोठलीमे रमण जी रहैत छलाह |ऐ बेर विद्यापति पर्वमे कलकत्ता जेबाक कार्यक्रमपर चर्च भेल | किछु गीत नाद सेहो भेलै | गीत लिखबाक विषयक चयनपर चर्च भेल | हम कहलियनि, हमरा साँझ बला स्टीमर पकडबाक अछि, विदा भेलहुँ त पुछलनि, संगमे पाइ-ताइ अछि ने ? हम कहलियनि, दस टाका अछि अपन जरुरतिसँ अधिक त द’ दिय’ | नोकरकें बजाक’ कहलखिन, जो त मलिकिनीकें कहिहनु, कविजीकें दस टाका दियनु त | नोकर भीतर गेल आ तुरत एकटा दसटकही आनिक’ हुनका देलकनि, ओ हमरा दैत कहलनि, और के आवश्यकता हो त कहू | हम कहलियनि,नै,पुछलियनि गाम कहिया एबै,त कहलनि, एक मासक बाद आएब, मुदा अहाँ ई वापस करबा लेल आएब त हम भेंट नै देब | हमरा बूझल छल ओहो नोकरीमे नै छथि | हुनका ओत’सँ जायसवाल होटल गेलहुँ, हुनका दू टाका द’ क’ धन्यवाद दैत अपन घड़ी ल’क’ रिक्शासँ बाँसघाट जाक’ प्राइवेट स्टीमर पकड़ि पह्लेजाघाट, ओत’सँ ट्रेन पकड़िक’ दरभंगा आ ओत’सँ बससँ गाम पहुंचि गेलहुँ | एक मासक बाद साइकिलसँ रामपट्टी जाक’ रमणजीकें दस टाका बहुत-बहुत धन्यवादक संग द’ देलियनि | बिना जलखै करौने वापस नै आब’ देलनि | केन्द्र सरकार द्वारा बेरोजगार युवक सबहक लेल राष्ट्रीयकृत बैंक सबहक माध्यमसँ रिटेल कण्ट्रोल क्लॉथक व्यवसाय लेल पाँच हजार रुपैयाक ऋणक योजना चालू भेलै | हमर स्वभाव एहि व्यवसाय लेल उपयुक्त नहि छल, तथापि हम अपनाकें तैयार केलहुँ | हमरा टोलक मुखियाजी (अमीरी लाल ठाकुर ) कहलनि जे हम एहिमे मदति करबह, शुरू करह | आवेदन देलिऐ भारतीय स्टेट बैंक, मधुबनीमे | दौड़-धूप केलहुँ | ऋण स्वीकृत भेल | जिला उद्योग केन्द्र,मधुबनीसँ मार्जिन मनी सेहो स्वीकृत भेल | आब बैंक ऋण वितरणक प्रक्रिया करितै | बैंक रुपैया नहि दैत छलै, कपडाक लेल कोनो संस्थाकें आदेश दितै, कपडा हम किनलिऐ कि नै, तकर निरीक्षण होइतै, तखन बैंक ओइ संस्थाकें बिलक भुगतान करितै | ई प्रक्रिया होइतै, मुदा दृश्य बदलि गेलै | मुजफ्फरपुर जिलामे मुशहरी प्रखण्डमे किछु क्षेत्र नक्सल आन्दोलनसँ एक समय बहुत प्रभावित भेल रहै | चर्चित नेता जय प्रकाश नारायण ओइ क्षेत्रमे भ्रमण कय ओहि ठामक समस्याकें दूर करबाक प्रयास केने छलाह | हुनका आह्वान पर हजारो युवक आत्मसमर्पण केलनि | मुख्य धारामे एलाह | ओहि इलाकाक भूमिकें शत प्रतिशत सिंचित करबाक योजना बनल, तकर क्रियान्वयन भेल | लोक सभकें रोजगार दिययबाक किछु व्यवस्था कयल गेल छल | एहि योजना सबहक प्रभावसँ की परिवर्तन भेलै, तकर अध्ययन करबाक लेल नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ कम्युनिटी डेवलपमेंट, हैदराबाद द्वारा पच्चीसटा फील्ड इन्वेस्टिगेटरक बहाली कराओल जा रहल छल | जाहि कृषि स्नातककें एग्रीकल्चर एक्सटेंशन विषयमे साठि प्रतिशतसं अधिक अंक प्राप्त भेल छलनि, हुनकर सिलेक्शन भ’ रहल छलनि | ई काज हमर पसन्दक छल, तें हम ई नोकरी स्वीकार क’ लेलहुँ | एहिमे पन्द्रह टाका प्रतिदिन भेटब निश्चित छल यद्यपि नोकरी एकदम अस्थायी छल | हम ढोली चल गेलहुँ | रिटेल कण्ट्रोल क्लॉथक व्यवसायबला योजनाकें बिसरि गेलहुँ | ढोलीमे दू दिनक प्रशिक्षण प्राप्त केलहुँ | करीब बीस पेजक प्रश्नावालीक पुस्तिका छलै | एहिमे बहुत तरहक सूचना सीधे परिवारक मुखियासँ सम्पर्क क’ क’ भरबाक छलै | प्रतिदिन कम-सँ-कम पाँचटा परिवारसँ सूचना प्राप्त करबाक लक्ष्य देल गेल छलै | दोसर दिनक प्रशिक्षण समाप्त भ’ रहल छल, तखने एकटा अधिकारी खबरि ल’ क’ एलाह जे पूरा मुशहरी ब्लाक बाढ़िमे डूबि गेल अछि, तें एखन ई कार्यक्रम स्थगित कयल जा रहल अछि | आगाँ कहिया शुरू होयत तकर सूचना सभकें प्रेषित कयल जाएत | बाढ़ि ततेक भयंकर एलै जे ढोलीसँ गाम घूरिक’ आएब बहुत कठिन भ’ गेल | ट्रेन, बस सभ टा बन्द भ’ गेलै | सात दिन ढोलीएमे छात्रावासमे रहि जाए पड़ल | संगी अशोक कुमार ठाकुर जी ओतहि एम. एस. सी. (ए जी ) क’ रहल छलाह, तें ओत’ रहबामे असौकर्य नहि भेल | बस-ट्रेन चालू भेलै, तखन गाम घूरि एलहुँ आ फेर नव सूचनाक प्रतीक्षा कर’ लगलहुँ | दुर्गा पूजा शुरू भेलै | गाममे हलचल शुरू भेल | दुर्गास्थानमे हूलि-मालि बढल | चौकपर आ दुर्गास्थान दुनू ठाम दुर्गा पूजाक आयोजन होइत छल | दुनू ठाम सांस्कृतिक आयोजन होइत छलै | चौकपर जे आयोजन होइत छल तकर प्रमुख छलाह मुखिया जी श्री राम लखन सिंह | दुर्गास्थानमे आयोजनक प्रमुख छलाह देबू बाबू अर्थात श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह | दुर्गास्थानमे एहिबेर देबू बाबूक आग्रहपर एक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रममे हमहूँ रूचि लेलहुँ | बैद्यनाथ बाबू मास्टर साहेब संग देलनि | यमसम गेलहुँ | प्रसिद्द गायक महेन्द्र झा जीसँ भेंट केलहुँ | एक दिन दू-तीन घंटा समय देबाक अनुरोध केलियनि | भरिसक नवमी दिन रहै | महेन्द्रजी, जेना कहने रहथि, साँझमे सासुरसँ घुरैत काल एलाह दुर्गास्थान | महेंद्रजीक कार्यक्रमक लेल हम सभ बहुत गोटेसँ व्यक्तिगत रूपें सेहो सम्पर्क केने रही | हम सभ जेना चाहैत रही, नीक संख्यामे लोक सभ महेन्द्रजीकें सून’ आएल छलाह | रामपट्टीक कवि-गीतकार आर. के. रमण जी सेहो आएल छलाह | रमणजीक स्वर सेहो बहुत मधुर छलनि, ओ चारि-पाँचटा अपन रचना सुनौलखिन, लोककें बहुत नीक लगलनि | अन्तमे महेन्द्रजी माइक पकड़लनि त दू घंटा धरि लोक मंत्रमुग्ध भेल हुनका सुनैत रहल | जेहने आदरणीय रवीन्द्रजी ( श्री रवीन्द्र नाथ ठाकुर, धमदाहा, पूर्णिया )क सरल,आकर्षक आ अनमोल शब्द सभ, तहिना महेन्द्र जीक अदभुत आ अनमोल स्वर परमानन्दक अनुभव करबैत छल | देबू बाबूक पिता स्व. प्रताप भानु वर्मा, जे हमरा इलाकामे चर्चित लोक छलाह, ओहो पहिल बेर महेन्द्रजीकें एना सुनने छलाह, सुनैत-सुनैत भावुक भ’ गेलाह, मंचपर आबि जे उदगार व्यक्त केलनि, से सभ गोटेकें भावुक क’ देलकनि | कार्यक्रम बहुत दिन धरि चर्चाक विषय बनल रहल | कार्यक्रमक आयोजन लेल हमरो मंगनीमे प्रशंसा भेटि रहल छल | हमरो नीक लागल आ नोकरीक चिट्ठीक बाट ताकब आसान भ’ गेल | करीब एक मासक बाद ढोलीसँ एबाक सूचना प्राप्त भेल | ढोली पहुँचलहुँ | पाँच-पाँच गोटेक समूह बनाक’ अलग-अलग गाम निर्धारित क’ हमरा सभकें मुशहरी ब्लाक लेल विदा क’ देल गेल | हमर सबहक निदेशक हमरा सभकें सहायता आ सुझाव देबाक लेल आवश्यकतानुसार उपलब्ध रहैत छलाह | हमर सबहक समूह पहिने सुस्ता गाम गेल | ओहि गामक काज पूर्ण भेलाक बाद गेल माधोपुर | माधोपुरमे मुखियाजीसँ सम्पर्क भेलापर एकटा खूब नमहर दलानपर हमरा पाँचो गोटेक रहबाक व्यवस्था भेल | लक्ष्मी सिंह नामक एक अविवाहित सज्जन छलाह, वैह हमरा सभ लेल भोजन, जलखै बनेबाक भार उठेलनि | पता चलल जे हिनका बाहरसँ अबैबला हाकिम-कर्मचारी सबहक सेवा करब नीक लगैत छनि, सेहो बिना कोनो लोभ-लालचके | हमरा सबहक समूहमे एकटा मुस्लिम भाइ सेहो छलाह | सिंह जी माए जकाँ सभ गोटेक देख-भाल करैत छलाह | सभकें बड्ड जिद्द क’क’ परसन द’ क’ प्रेमसँ केराक पातपर भोजन करबैत छलाह | साँझमे दलानपर बहुत गोटे जमा होइत छलाह जिनका सभसँ हम सभ गामक इतिहास सुनैत छलहुँ | अपने गामक लोक जकाँ लगैत छलाह सभ गोटे | एक दिन हम सभ कोनो गाममे साढ़े पाँच बजेक बाद तक रहि गेल रही | सिंहजी गमछामे चूड़ा भूजल आ मुरही ल’क’ पहुंचि गेलाह | हुनका भेलनि जे सभकें भूख लागि गेल हेतै आ चिन्ता सेहो भेलनि जे कोनो अनहोनी त’ ने हमरा सबहक संग भेल | से बादमे कहलनि आ अभिभावक जकाँ हिदायत देलनि जे हम सभ पाँच बजे अवश्य बिदा भ’ जाइ | सिंहजी पहिने गामक जे स्थिति रहै तकरे अनुभवसँ हमरा सभकें सलाह दैत छलाह | हम सभ करीब बीस दिन ओइ गाममे रहलहुँ | जहिया ओत’सँ विदा भेलहुँ,सिंहजी एना उदास भेलाह जेना अपन कोनो निकटतम सम्बन्धी सभसँ बिछुडन भ’ रहल होनि | हम सभ सिंहजीसँ ई कहियो नै पुछलियनि जे ओ विवाह किए नहि केलनि | डर होइत छल जे पता नहि पुछलासँ ओ भावुक भ’ जाथि | एहि संसारमे कतेक लोक केहेन-केहेन कष्टकें भोगैत-भोगैत चुप-चाप प्रस्थान क’ जाइत अछि, तकर हिसाब के करत ? कोना करत ? तकर बाद जाहि गाममे काज करबाक छल से मुजफ्फरपुरसँ लग छलै | ओत’ सँ शनि दिन मुजफ्फरपुर गेलहुँ, सेंट्रल बैंकक क्षेत्रीय कार्यालय | कार्मिक विभागमे जाक’ सम्पर्क केलहुँ त कहलनि, जल्द ही आदेश आनेबाला है,अगले सप्ताह आइए | दोसर शनि दिन गेलहुँ त कहलनि, सिविल सर्जन से फिटनेस सर्टिफिकेट लेकर तीन दिन के भीतर आ जाइए | मेडिकल सर्टिफिकेट ल’ क’ पहुँचलहुँ | दस दिसम्बरक’ सिवान जिलामे बसंतपुर शाखामे योगदान करबाक लेल आदेश प्राप्त भेल | हमरा कहल गेल जे मुजफ्फरपुरसँ बस पकडिक’ मोहम्मदपुर तक जाएब, मोहम्मदपुरसँ मलमलियाक लेल बस पकड़ब आ ओत’सँ सिवानबला बस अथवा रिक्शासँ बसंतपुर जाएब, कुल पाँच-छओ घंटाक रस्ता अछि | ईहो सूचना भेटल जे मुजफ्फरपुरक कोनो शाखासँ रामेश्वर ठाकुर डेपुटेशनपर गेल छथि जे बसंतपुरमे हेड केशियरक रूपमे कार्य क’ रहल छथि | अपन निदेशककें कहलियनि जे हम आठ तक काज क’ क’ चल जाएब | हमरा जतेक भेटबाक चाही से आठ समयपर भेटि गेल | हम नओ तारीखक’ मुजफ्फरपुर बस स्टैंडपर गोपालगंज होइत सिवान जाइबला बसमे बैसलहुँ | करीब चारि घंटामे मोहम्मदपुर, ओत’सँ एक घंटामे मलमलिया आ ओत’सँ रिक्शासँ दस-बारह मिनटमे बसंतपुर पहुंचि गेलहुँ | साँझ भ’ गेल छलै | बैंकक गेटक सामने थोड़े काल ठाढ़ भेलहुँ त ठाकुरजी (रामेश्वर ठाकुर )एलाह, अपन परिचय देलियनि | गेट खोललनि | भीतर गेलहुँ | ठाकुर जी रातिमे शाखा प्रबंधकबला टेबलपर अपन बेडिंग पसारैत छलाह | हमरा एग्रीकल्चर विभाग बला टेबलपर अपन बेडिंग रखबाक सुझाव देलनि | थोड़े काल गप भेल | फेर फ्रेश भ’ क’ हम सभ बत्तक साहक होटलमे भोजन कर’ गेलहुँ | भोजन क’ क’ एलहुँ त थोड़े काल फेर गप-शप भेल, ओकर बाद ओ शाखा प्रबंधक बला टेबलपर अपन बेडपर पड़ि रहलाह | हम एग्रीकल्चर विभाग बला टेबलपर अपन ओछाइन ओछाक’ पड़ि रहलहुँ | बड़ी काल धरि निन्न नहि भेल | अतीतक दृश्य सभ सोझाँमे आबि गेल : पटनामे नागेन्द्रजीसँ भेंट, आरामे साढ़ूक भैयाक डेरा, जमशेदपुरमे मामाक डेरा, रिटेल कण्ट्रोल क्लॉथक व्यवसायक लेल दौड़-धूप, फील्ड इन्वेस्टिगेटरक प्रशिक्षण, मुशहरी ब्लाकमे बाढ़ि, गामक दुर्गा-पूजा, दुर्गास्थानमे महेन्द्र झाजीक कार्यक्रम,फेर मुशहरी ब्लाक आगमन,सुस्ता गाम, माधोपुर गामक लक्ष्मी सिंह, सेंट्रल बैंकक क्षेत्रीय कार्यालय, बहालीक चिट्ठी, मुजफ्फरपुरसँ बसंतपुरक यात्रा | लगैत छल जेना धीरे-धीरे एहि पहाड़पर बहुत दूरसँ आबि रहल छी, बहुत दूरसँ | मोन पड़ल अपन गाम | मोन पड़ल अपन घर | मोन पड़लाह पिता, मोन पड़लीह माए, मोन पड़लाह दुनू अनुज, मोन पड़लीह पत्नी मोने मोन सभकें कहलियनि, आब अहाँ सभ चिन्ता नहि करू, जकर प्रतीक्षा कतेक माससँ करैत आबि रहल छलहुँ, से नोकरी हमरा भेटि गेल अछि | (क्रमशः) पटना / १४.०८.२०२१ अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। मुन्नाजी बीहनि कथा रिपोर्ताज आई बारहवीं वर्गक परीक्षा परिणाम बहरेलै .चारू भ'र गहमा गहमी बढ़ि गेल छल.जत' सँ जे जनतब दिए सभ ठाम टॉपर मे धीये/ सुआसिन. पत्रकारक एक टा दल , खुशी मनबैत धीया सबहक समूह मे जा प्रश्न केलनि --" सब ठाम सँ जनतब भेटैए जे ऐ बेरक टॉपर बेटीये सब ऐछ ! अहाँ सबहक की प्रतिक्रिया ? " -- यौ, पढनिहार बेटा पढि- लिखि जोकरक हेबे करतै .नै पढ़निहारो लग बड्ड विकल्प छै, कियो जूस बेचतै, कियो रिक्सा - ठेला चलेतै , तीमन - तरकारी बेचतै, नै त' जेबीये कटतै. आ ताहू सँ मोन नै भरतै त' हमर सबहक पछोड़ ध' फिरिशान हेतै. -- पूत धन के त' लपेट देलियै आ धीया सब ? -एक गोट पत्रकार टीपलक. -- " धीया सब आब टॉप क' टॉप पद पर जा अपन जूति चलेतै ." ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ३. पद्य ३.१.आशीष अनचिन्हार- २ टा गजल ३.२.ज्ञानवर्द्धन कंठ- २ टा गजल आशीष अनचिन्हार २ टा गजल १ आइ जे इतिहास हेतै काल्हि से उग्रास हेतै पाइ बिन अतिचार मानू पाइ बिन मलमास हेतै की जरूरी हारि मानी आस रखने रास हेतै बूझि गेलहुँ बात हुनकर दोसरे सभ खास हेतै छल अभयमुद्रा बहुत दिन आब ओ संत्रास हेतै सभ पाँतिमे 2122-2122 मात्राक्रम अछि (बहरे रमल मोरब्बा सालिम वा बहरे रमल सालिम चारि रुक्नी)। २
गरीबक नाम मजबूरी मिश्रा अमीरक नाम अंगूरी मिश्रा प्रस्ताव लटकल रहलै अधरमे नहिए भेलै मंजूरी मिश्रा भेल छै हुनकर ठोरक लालीसँ पूरा जीवन सिंदूरी मिश्रा छै अपने लेखक अपने पोथी संस्था छै अपने जूरी मिश्रा केकरो दोस्ती नै टूटै मुदा ईहो छलै बड़ जरूरी मिश्रा सभ पाँतिमे मात्राक्रम 222-222-222 अछि। दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि। ई बहरे मीर अछि। अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ज्ञानवर्द्धन कंठ २ टा गजल १ काज भेलै ओकर ओ दफा भ' गेलै लाज एलै नै तनिको बिदा भ' गेलै मेघ कारी ओमड़लै गरजि क' खूबे नै बरिसलै ओ कनियो हवा भ' गेलै जे गछलकै ओ तहिया तकर गपे की बेरि बितलै एलेक्शन नफा भ' गेलै ठामठामे दोकाने बहुत लगे मे ज्ञान कीनब से कैंचा सफा भ' गेलै भेल झौहरि दोकानेदलान खूबे भाव नेहक ओ चिंता हवा भ' गेलै २ हमरा सन केओ नीक नै छै यौ हुनका सन बड़ बेठीक नै छै यौ हम्मर कनियाँ सैंतल बड़ी चिक्कनि हमरा सन उँचगर टीक नै छै यौ भैया छथि खूबेखूब बैमनमा हुनकर ई रंगत ठीक नै छै यौ सभदिन रहलौं दुब्बर मुदा दाबल तैयो नै खोंखी छीक नै छै यौ छी हम बड़गुन्ना की कहू अपने दुनियाँमे सुल्टा लीक नै छै यौ (22 222 21 222) ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.स्त्री कोना (सम्पादक- इरा मल्लिक) ४.१.सुचिता कुमारी- बीहनि कथा- अनेरुआ सुचिता कुमारी बीहनि कथा अनेरुआ
आइ भोरे सअ एतेक जोर बरखा भ रहल छल जे घर स निकलब दुरलभ छल। सुनैना चिंतित छलीह जे कखन ई पानि छूटत से नहि जानी। धिया-पुता के स्कूलक देरी भ गेल आ ओ अपनो आइ ऑफिस नहि गेला। ओ ई सब सोचिते छलीह कि तखनहि हुनक दस बरखक बेटा आबि क कहअ लगलनि , "मम्मी मम्मी आब स्कूल कखन जाएब, देखु ने कतेक देरी भ गेल। " "आब आइ कोना स्कूल जाएब एतेक पानि में। " "की हेतै हम छत्ता लगा कअ चलि जाएब।" "एहन पानि में जे निकलत ओकर दिने बूरल हेतै ने। " "देखियौ, गली में कए गोट अनेरुआ गै घूमैत अछि ,त कि ओकर सबहक दिन बूरल छै।" अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ........................................................................................................................ संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] Videha e-Learning पेटार (रिसोर्स सेन्टर) शब्द-व्याकरण-इतिहास MAITHILI IDIOMS & PHRASES मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश- रमाकान्त मिश्र मिहिर (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) डॉ. ललिता झा- मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) मैथिली शब्द संचय MAITHILI DICTIONARY- RAMDEO JHA (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) ENGLISH MAITHILI COMPUTER DICTIONARY MAITHILI ENGLISH DICTIONARY अणिमा सिंह -Shishu_Geet_Khel_Anima_Singh डॉ. रमण झा मैथिली काव्यमे अलङ्कार अलङ्कार-भास्कर आनन्द मिश्र (सौजन्य श्री रमानन्द झा "रमण")- मिथिला भाषाक सुबोध व्याकरण BHOLALAL DAS मैथिली सुबोध व्याकरण- भोला लाल दास राधाकृष्ण चौधरी- A Survey of Maithili Literature ........................................................................................................................ मूलपाठ तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) राजेश्वर झा- मिथिलाक्षरक उद्भव ओ विकास (मैथिली साहित्य संस्थान आर्काइव) Surendra Jha Suman दत्त-वती (मूल)- श्री सुरेन्द्र झा सुमन (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) CIIL SITE ........................................................................................................................ समीक्षा सुभाष चन्द्र यादव-राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ शिव कुमार झा "टिल्लू" अंशु-समालोचना डॉ बचेश्वर झा- B_JHA_Nibhand_Nikunj.pdf डॉ. देवशंकर नवीन- Adhunik_Sahityak_Paridrishya डॉ. रमण झा- भिन्न-अभिन्न प्रेमशंकर सिंह- मैथिली भाषा साहित्य:बीसम शताब्दी (आलोचना) डॉ. रमानन्द झा 'रमण' हिआओल अखियासल CIIL SITE दुर्गानन्द मण्डल-चक्षु RAMDEO JHA दत्त-वतीक वस्तु कौशल- डॊ. श्रीरामदेवझा SHAILENDRA MOHAN JHA परिचय निचय- डॊ शैलेन्द्र मोहन झा ........................................................................................................................ अतिरिक्त पाठ पहिने मिथिला मैथिलीक सामान्य जानकारी लेल एहि पोथी केँ पढ़ू:- राधाकृष्ण चौधरी- मिथिलाक इतिहास फेर एहि मनलग्गू फाइल सभकेँ सेहो पढ़ू:- केदारनाथ चौधरी चमेलीरानी माहुर करार कुमार पवन पइठ (मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ कथा) (साभार अंतिका) डायरीक खाली पन्ना (साभार अंतिका) याेगेन्द्र पाठक वियाेगी- विज्ञानक बतकही रामलोचन ठाकुर- मैथिली लोककथा SAHITYA AKADEMI http://sahitya-akademi.gov.in/publications/e-books.jsp http://sahitya-akademi.gov.in/general/Digitalbooks.jsp CIIL http://corpora.ciil.org/maisam.htm अखियासल (रमानन्द झा रमण) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI1.pdf जुआयल कनकनी- महेन्द्र http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI2.pdf प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI3.pdf सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI4.pdf मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI5.pdf JNU http://sanskrit.jnu.ac.in/maithili/index.jsp http://sanskrit.jnu.ac.in/student_projects/lexicon.jsp?lexicon=maithili ARCHIVE.ORG https://archive.org/details/%40vijay_deo_jha?&sort=-publicdate&page=2 VIDEHA MAITHILI BOOKS/ PICTURE-AUDIO-VIDEO ARCHIVE http://videha.co.in/new_page_15.htm https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ ALL INDIA RADIO DOORDARSHAN आकाशवाणी दूरदर्शन http://prasarbharati.gov.in/ http://newsonair.com/ https://doordarshan.gov.in/ आकाशवाणी मैथिली पोडकास्ट http://prasarbharati.gov.in/podcast.php?filterlang=Maithili&from=1947-08-15&fromwp=2020-08-29&to=2050-12-31&search=GO आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-1 http://newsonair.com/RNU-NSD-Audio-Archive-Search.aspx आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-2 http://newsonair.com/Regional-Text.aspx आकाशवाणी दरभंगा http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=282 आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल https://www.youtube.com/channel/UCGdNveEFmv4pPolWiTEMxVA आकाशवाणी भागलपुर http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=359 आकाशवाणी पूर्णियाँ http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=256 आकाशवाणी पटना http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=122 IGNCA http://ignca.nic.in/coilnet/mithila.htm http://ignca.nic.in/coilnet/kalyani.htm (MAITHILI ENGLISH DICTIONARY) http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/mithila.htm MITHILA DARSHAN https://mithiladarshan.com/ (online pdf of Maithili journal) I LOVE MITHILA https://www.ilovemithila.com/ (online maithili journal) मैथिली साहित्य संस्थान https://www.maithilisahityasansthan.org/ https://www.maithilisahityasansthan.org/resources (online pdf of Reasearch Papers/ books) ........................................................................................................................ VIDEHA e-LEARNING YOUTUBE CHANNEL https://www.youtube.com/channel/UC4abVKqMj2pDWIAkXiOHp7A (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर विदेहक किछु विशेषांक:- १) हाइकू विशेषांक १२ म अंक, १५ जून २००८ Videha_15_06_2008.pdf Videha_15_06_2008_Tirhuta.pdf 12.pdf २) गजल विशेषांक २१ म अंक, १ नवम्बर २००८ Videha_01_11_2008.pdf Videha_01_11_2008_Tirhuta.pdf 21.pdf ३) विहनि कथा विशेषांक ६७ म अंक, १ अक्टूबर २०१० Videha_01_10_2010 Videha_01_10_2010_Tirhuta 67 ४) बाल साहित्य विशेषांक ७० म अंक, १५ नवम्बर २०१० Videha_15_11_2010 Videha_15_11_2010_Tirhuta 70 ५) नाटक विशेषांक ७२ म अंक १५ दिसम्बर२०१० Videha_15_12_2010 Videha_15_12_2010_Tirhuta 72 ६) नारी विशेषांक ७७म अंक ०१ मार्च २०११ Videha_01_03_2011 Videha_01_03_2011_Tirhuta 77 ७) अनुवाद विशेषांक (गद्य-पद्य भारती) ९७म अंक Videha_01_01_2012 Videha_01_01_2012_Tirhuta 97 ८) बाल गजल विशेषांक विदेहक अंक १११ म अंक, १ अगस्त २०१२ Videha_01_08_2012 Videha_01_08_2012_Tirhuta 111 ९) भक्ति गजल विशेषांक १२६ म अंक, १५ मार्च २०१३ Videha_15_03_2013 Videha_15_03_2013_Tirhuta 126 १०) गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक १४२ म, अंक १५ नवम्बर २०१३ Videha_15_11_2013 Videha_15_11_2013_Tirhuta 142 ११) काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक १६९ म अंक १ जनवरी २०१५ Videha_01_01_2015 १२) अरविन्द ठाकुर विशेषांक १८९ म अंक १ नवम्बर २०१५ Videha_01_11_2015 १३) जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक १९१ म अंक १ दिसम्बर २०१५ Videha_01_12_2015 १४) विदेह सम्मान विशेषाक- २००म अक १५ अप्रैल २०१६/ २०५ म अक १ जुलाई २०१६ Videha_15_04_2016 Videha_01_07_2016 १५) मैथिली सी.डी./ अल्बम गीत संगीत विशेषांक- २१७ म अंक ०१ जनवरी २०१७ Videha_01_01_2017 १६) मैथिली वेब पत्रकारिता विशेषांक VIDEHA 313 लेखकसं आमंत्रित रचनापर आमंत्रित आलोचकक टिप्पणीक शृंखला १७) मैथिली बीहनि कथा विशेषांक-२ VIDEHA 317 १८) रामलोचन ठाकुर विशेषांक VIDEHA 319 १९) रामलोचन ठाकुर श्रद्धांजलि विशेषांक VIDEHA 320 लेखकक आमंत्रित रचना आ ओइपर आमंत्रित समीक्षकक समीक्षा सीरीज १. कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी विदेहक दू सए नौम अंक Videha_01_09_2016 "पाठक हमर पोथी किए पढ़थि"- लेखक द्वारा अप्पन पोथी/ रचनाक समीक्षा सीरीज १. आशीष अनचिन्हार 'विदेह' क ३२७ म अंक ०१ अगस्त २०२१ एडिटर्स चोइस सीरीज एडिटर्स चोइस सीरीज-१ विदेहक १२३ म (०१ फरबरी २०१३) अंकमे बलात्कारपर मैथिलीमे पहिल कविता प्रकाशित भेल छल। ई दिसम्बर २०१२ क दिल्लीक निर्भया बलात्कार काण्डक बादक समय छल। ओना ई अनूदित रचना छल, तेलुगुमे पसुपुलेटी गीताक एहि कविताक हिन्दी अनुवाद केने छलीह आर. शांता सुन्दरी आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद केने छलाह विनीत उत्पल। हमर जानकारीमे एहिसँ बेशी सिहराबैबला कविता कोनो भाषामे नहि रचल गेल अछि। सात सालक बादो ई समस्या ओहने अछि। ई कविता सभकेँ पढ़बाक चाही, खास कऽ सभ बेटीक बापकेँ, सभ बहिनक भाएकेँ आ सभ पत्नीक पतिकेँ। आ विचारबाक चाही जे हम सभ अपना बच्चा सभ लेल केहन समाज बनेने छी। एडिटर्स चोइस सीरीज-१ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-२ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच ब्रेस्ट कैसरक समस्यापर विदेह मे मीना झा केर एकटा लघु कथा प्रकाशित भेल। ई मैथिलीक पहिल कथा छल जे ब्रेस्ट कैसर पर लिखल गेल। हिन्दीमे सेहो ताधरि एहि विषयपर कथा नहि लिखल गेल छल, कारण एहि कथाक ई-प्रकाशित भेलाक १-२ सालक बाद हिन्दीमे दू गोटेमे घोंघाउज भऽ रहल छल कि पहिल हम आकि हम, मुदा दुनूक तिथि मैथिलीक कथाक परवर्ती छल। बादमे ई विदेह लघु कथामे सेहो संकलित भेल। एडिटर्स चोइस सीरीज-२ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-३ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिलक किछु बाल कविता प्रकाशित भेल। बादमे हुनकर ३ टा बाल कविता विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल जाहिमे २ टा कविता बेबी चाइल्डपर छल। पढ़ू ई तीनू कविता, बादक दुनू बेबी चाइल्डपर लिखल कविता पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-३ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-४ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदानन्द झा मनुक एकटा दीर्घ बाल कथा कहि लिअ बा उपन्यास प्रकाशित भेल, नाम छल चोनहा। बादमे ई रचना विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल, ई रचना बाल मनोविज्ञानपर आधारित मैथिलीक पहिल रचना छी, मैथिली बाल साहित्य कोना लिखी तकर ट्रेनिंग कोर्समे एहि उपन्यासकेँ राखल जेबाक चाही। कोना मॊडर्न उपन्यास आगाँ बढ़ै छै, स्टेप बाइ स्टेप आ सेहो बाल उपन्यास। पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-४ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-५ एडिटर्स चोइस ५ मे मैथिलीक "उसने कहा था" माने कुमार पवनक दीर्घकथा "पइठ" (साभार अंतिका) । हिन्दीक पाठक, जे "उसने कहा था" पढ़ने हेता, केँ बुझल छन्हि जे कोना अहि कथाकेँ रचि चन्द्रधर शर्मा ’गुलेरी’ अमर भऽ गेलाह। हम चर्चा कऽ रहल छी, कुमार पवनक "पइठ" दीर्घकथाक। एकरा पढ़लाक बाद अहाँकेँ एकटा विचित्र, सुखद आ मोन हौल करैबला अनुभव भेटत, जे सेक्सपीरिअन ट्रेजेडी सँ मिलितो लागत आ फराको। मुदा एहि रचनाकेँ पढ़लाक बाद तामस, घृणा सभपर नियंत्रणकेँ आ सामाजिक/ पारिवारिक दायित्वकेँ सेहो अहाँ आर गंभीरतासँ लेबै, से धरि पक्का अछि। मुदा एकर एकटा शर्त अछि जे एकरा समै निकालि कऽ एक्के उखड़ाहामे पढ़ि जाइ। एडिटर्स चोइस सीरीज-५ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-६ जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा "बिसाँढ़": १९४२-४३ क अकालमे बंगालमे १५ लाख लोक मुइला, मुदा अमर्त्य सेन लिखैत छथि जे हुनकर कोनो सर-सम्बन्धी एहि अकालमे नहि मरलन्हि। मिथिलोमे अकाल आएल १९६७ ई. मे आ इन्दिरा गाँधी जखन एहि क्षेत्र अएली तँ हुनका देखाओल गेल जे कोना मुसहर जातिक लोक बिसाँढ़ खा कऽ एहि अकालकेँ जीति लेलन्हि। मैथिलीमे लेखनक एकभगाह स्थिति विदेहक आगमनसँ पहिने छल। मैथिलीक लेखक लोकनि सेहो अमर्त्य सेन जेकाँ ओहि महाविभीषिकासँ प्रभावित नहि छला आ तेँ बिसाँढ़पर कथा नहि लिखि सकला। जगदीश प्रसाद मण्डल एहिपर कथा लिखलन्हि जे प्रकाशित भेल चेतना समितिक पत्रिकामे, मुदा कार्यकारी सम्पादक द्वारा वर्तनी परिवर्तनक कारण ओ मैथिलीमे नहि वरण् अवहट्ठमे लिखल बुझा पड़ल, आ ओतेक प्रभावी नहि भऽ सकल कारण विषय रहै खाँटी आ वर्तनी कृत्रिम। से एकर पुनः ई-प्रकाशन अपन असली रूपमे भेल विदेहमे आ ई संकलित भेल "गामक जिनगी" लघुकथा संग्रहमे। एहि पोथीपर जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ टैगोर लिटरेचर अवार्ड भेटलनि। जगदीश प्रसाद मण्डलक लेखनी मैथिली कथाधाराकेँ एकभगाह हेबासँ बचा लेलक, आ मैथिलीक समानान्तर इतिहासमे मैथिली साहित्यकेँ दू कालखण्डमे बाँटि कऽ पढ़ए जाए लागल- जगदीश प्रसाद मण्डलसँ पूर्व आ जगदीश प्रसाद मण्डल आगमनक बाद। तँ प्रस्तुत अछि लघुकथा बिसाँढ़- अपन सुच्चा स्वरूपमे। एडिटर्स चोइस सीरीज-६ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-७ मैथिलीक पहिल आ एकमात्र दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफी। सन्दीप कुमार साफीक दलित आत्मकथा जे अहाँकेँ अपन लघु आकाराक अछैत हिलोड़ि देत आ अहाँक ई स्थिति कऽ देत जे समानान्तर मैथिली साहित्य कतबो पढ़ू अहाँकेँ अछौं नहि होयत। ई आत्मकथा विदेहमे ई-प्रकाशित भेलाक बाद लेखकक पोथी "बैशाखमे दलानपर"मे संकलित भेल आ ई मैथिलीक अखन धरिक एकमात्र दलित आत्मकथा थिक। तँ प्रस्तुत अछि मैथिलीक पहिल दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफीक कलमसँ। एडिटर्स चोइस सीरीज-७ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-८ नेना भुटकाकेँ रातिमे सुनेबा लेल किछु लोककथा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-८ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-९ मैथिली गजलपर परिचर्चा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-९ (डाउनलोड लिंक) जगदीश प्रसाद मण्डल जीक ६५ टा पोथीक नव संस्करण विदेहक २३३ सँ २५० धरिक अंकमे धारावाहिक प्रकाशन नीचाँक लिंकपर पढ़ू:- Videha_15_05_2018 Videha_01_05_2018 Videha_15_04_2018 Videha_01_04_2018 Videha_15_03_2018 Videha_01_03_2018 Videha_15_02_2018 Videha_01_02_2018 Videha_15_01_2018 Videha_01_01_2018 Videha_15_12_2017 Videha_01_12_2017 Videha_15_11_2017 Videha_01_11_2017 Videha_15_10_2017 Videha_01_10_2017 Videha_15_09_2017 Videha_01_09_2017 विदेह ई-पत्रिकाक बीछल रचनाक संग- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ रचनाक एकटा समानान्तर संकलन: विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) देवनागरी विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) तिरहुता विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) देवनागरी विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०) तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]देवनागरी विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ] तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]- दोसर संस्करण देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ]देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ] तिरहुता विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]देवनागरी विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ] तिरहुता विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ]देवनागरी विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ] तिरहुता विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ]देवनागरी विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ] तिरहुता विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ]देवनागरी विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ] तिरहुता विदेह:सदेह ११ विदेह:सदेह १२ विदेह:सदेह १३ The readers of English translations of Maithili Novel "sahasrabadhani" and verse collection "sahasrabdik chaupar par" has intimated that the English translation has not been able to grasp the nuances of original Maithili. Therefore the Author has started translating his Maithili works in English himself. After these translations are complete these would be the official translations authorised by the Author of the original works.-Editor Maithili Books can be downloaded from: https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार सहित) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। सूचना/ घोषणा १ "विदेह सम्मान" समानान्तर साहित्य अकदेमी पुरस्कारक नामसँ प्रचलित अछि। "समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार" (मैथिली), जे साहित्य अकादेमीक मैथिली विभागक गएर सांवैधानिक काजक विरोधमे शुरु कएल छल, लेल अनुशंसा आमन्त्रित अछि। अनुशंसा २०१९ आ २०२० बर्ख लेल निम्न कोटि सभमे आमन्त्रित अछि: १) फेलो २)मूल पुरस्कार ३)बाल-साहित्य ४)युवा पुरस्कार आ ५) अनुवाद पुरस्कार। अपन अनुशंसा ३१ दिसम्बर २०२० धरि २०१९ पुरस्कारक लेल आ ३१ मार्च २०२१ धरि २०२०क पुरस्कारक लेल पठाबी। पुरस्कारक सभ क्राइटेरिया साहित्य अकादेमी, दिल्लीक समानान्तर पुरस्कारक समक्ष रहत, जे एहि लिंक sahitya-akademi.gov.in पर उपलब्ध अछि। अपन अनुशंसा editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २ “मिथिला मखान” फिल्म देखू मात्र १०१ टाकामे। Android App “BEJOD” download करू वा जाउ www.bejod.in पर, signup करू, एकटा ईमेल जायत, अपन ईमेल खोलू आ ओकरा क्लिक करू अहाँक अकाउंट एक्टीवेट भय जायत। आब मिथिला मखान रेण्ट पर लिअ, डेबिट कार्डसँ १०१ टाका अॉनलाइन पेमेंट करू आ फिल्म देखू। ३ विदेह अपन आगामी अंक (२०२१ क प्रारम्भमे) श्री रामलोचन ठाकुर पर विशेषांक निकालबाक नेयार केने अछि। हुनका सम्बन्धी रचना आमंत्रित अछि (संस्मरण, साक्षात्कार, समीक्षा आदि) जे ३१ दिसम्बर २०२० धरि editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाओल जा सकैत अछि। विदेह पेटारक अन्तर्गत (पोथी डाउनलोड साइट) मे http://www.videha.co.in/new_page_15.htm हुनकर मौलिक, अनूदित आ सम्पादित रचना फ्री पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल उपलब्ध अछि। विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम्: VIDEHA: AN IDEA FACTORY (c)२००४-२०२१. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHAसम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। सह-सम्पादक: डॉ उमेश मंडल। सहायक सम्पादक: राम विलास साहु, नन्द विलास राय, सन्दीप कुमार साफी आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)। सम्पादक- नाटक-रंगमंच-चलचित्र- बेचन ठाकुर। सम्पादक- सूचना-सम्पर्क-समाद- पूनम मंडल। सम्पादक -स्त्री कोना- इरा मल्लिक। रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि)editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार ऐ ई-पत्रिकाकेँ छै, आ से हानि-लाभ रहित आधारपर छै आ तैँ ऐ लेल कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। (c) 2004-2021 सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। ५ जुलाई २००४ केँ http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसरिक गाछ”- मैथिली जालवृत्तसँ प्रारम्भ इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् 'विदेह' ३२८ म अंक १५ अगस्त २०२१ (वर्ष १४ मास १६४ अंक ३२८)
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