VIDEHA — Issue 338 / अंक ३३८

Publication: VIDEHA · Issue: 338
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'विदेह' ३३८ म अंक १५ जनवरी २०२२ (वर्ष १५ मास १६९ अंक ३३८) ऐ अंकमे अछि:- १. गजेन्द्र ठाकुर- संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] २. गद्य २.१.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)-२३.परिवर्तन २.२.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर- ३५म खेप २.३.डॉ. किशन कारीगर-मिथिला मैथिली के दुर्दशा लैए दोखी के सब हइ/अछि? २.४.मुन्नाजी- बीहनि कथा- विधान २.५.संतोष कुमार राय 'बटोही' केर (डायरी) 'लव यू टू' २.६.संतोष कुमार राय 'बटोही'- मंगरौना (धारावाहिक उपन्यास)-(५म खेप) ३. पद्य ३.१.डाॅ. किशन कारीगर-जेकरा देखू सैह नेता? (हास्य कविता) ३.२.आशीष अनचिन्हार- २ टा गजल Go to the link below for download of old issues of VIDEHA Maithili e magazine in .pdf format and Maithili Audio/ Video/ Books/ paintings/ photo files. विदेहक पुरान अंक आ ऑडियो/ वीडियो/ पोथी/ चित्रकला/ फोटो सभक फाइल सभ डाउनलोड करबाक हेतु नीचाँक लिंक पर जाउ। VIDEHA ARCHIVE विदेह पेटार View Videha googlegroups (since July 2008) view Videha Facebook Official Group (since January 2008)- for announcements १. गजेन्द्र ठाकुर ........................................................................................................................ ........................................................................................................................ [संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री] [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] यू. पी. एस. सी. (मेन्स) २०२० ऑप्शनल: मैथिली साहित्य विषयक टेस्ट सीरीज यू.पी.एस.सी. क प्रिलिमिनरी परीक्षा २०२० सम्पन्न भऽ गेल अछि। जे परीक्षार्थी एहि परीक्षामे उत्तीर्ण करताह आ जँ मेन्समे हुनकर ऑप्शनल विषय मैथिली साहित्य हेतन्हि तँ ओ एहि टेस्ट-सीरीजमे सम्मिलित भऽ सकैत छथि। टेस्ट सीरीजक प्रारम्भ प्रिलिम्सक रिजल्टक तत्काल बाद होयत। टेस्ट-सीरीजक उत्तर विद्यार्थी स्कैन कऽ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकैत छथि, जँ मेलसँ पठेबामे असोकर्ज होइन्हि तँ ओ हमर ह्वाट्सएप नम्बर 9560960721 पर सेहो प्रश्नोत्तर पठा सकैत छथि। संगमे ओ अपन प्रिलिम्सक एडमिट कार्डक स्कैन कएल कॉपी सेहो वेरीफिकेशन लेल पठाबथि। परीक्षामे सभ प्रश्नक उत्तर नहि देमय पड़ैत छैक मुदा जँ टेस्ट सीरीजमे विद्यार्थी सभ प्रश्नक उत्तर देताह तँ हुनका लेल श्रेयस्कर रहतन्हि। विदेहक सभ स्कीम जेकाँ ईहो पूर्णतः निःशुल्क अछि।- गजेन्द्र ठाकुर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज (मुख्य) परीक्षा, २०२० मैथिली (ऐच्छिक) लेल टेस्ट सीरीज/ प्रश्न-पत्र- १ आ २ TEST SERIES-1 TEST SERIES-2 [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल/ FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI] NTA_UGC_NET_MAITHILI_01 NTA_UGC_NET_MAITHILI_02 NTA_UGC_NET_MAITHILI_03 (श्री शम्भु कुमार सिंह द्वारा संकलित) Videha e-Learning MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) UPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS BPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (ऐच्छिक) मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (अनिवार्य) मैथिली प्रश्नपत्र- बी.पी.एस.सी.(ऐच्छिक) मैथिलीक वर्तनी १ भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 ........................................................................................................................ MAITHILI (OPTIONAL) TOPIC 1    [Place of Maithili in Indo-European Language Family/ Origin and development of Maithili language (Sanskrit, Prakrit, Avhatt, Maithili) भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान/ मैथिली भाषाक उद्भव ओ विकास (संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली)] TOPIC 2    (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) TOPIC 3    (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतय समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होयत, लेखनीमे प्रवाह आयत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भय सकत।) TOPIC 4                (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) TOPIC 5                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) TOPIC 6                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) TOPIC 7                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) TOPIC 8                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) TOPIC 9                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) TOPIC 10               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) TOPIC 11               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) TOPIC 12               (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) TOPIC 13               (तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास) TOPIC 14                 (आधुनिक नाटकमे चित्रित निर्धनताक समस्या- शम्भु कुमार सिंह)् TOPIC 15                 (स्वातंत्र्योत्तर मैथिली कथामे सामाजिक समरसता- अरुण कुमार सिंह) TOPIC 16                 (यू. पी.एस.सी. मैथिली प्रथम पत्रक परीक्षार्थी हेतु उपयोगी संकलन, मैथिलीक प्रमुख उपभाषाक क्षेत्र आ ओकर प्रमुख विशेषता, मैथिली साहित्यक आदिकाल, मैथिली साहित्यक काल-निर्धारण- शम्भु कुमार सिंह) TOPIC 17                (मैथिली आ दोसर पुबरिया भाषाक बीचमे सम्बन्ध (बांग्ला, असमिया आ ओड़िया) [यू.पी.एस.सी. सिलेबस, पत्र-१, भाग-“ए”, क्रम-५]) TOPIC 18                 [मैथिली आ हिन्दी/ बांग्ला/ भोजपुरी/ मगही/ संथाली- बिहार लोक सेवा आयोग (बी.पी.एस.सी.) केर सिविल सेवा परीक्षाक मैथिली (ऐच्छिक) विषय लेल] ........................................................................................................................ GENERAL STUDIES (PRELIMINARY & MAINS) GS (Pre) TOPIC 1 GS (Mains) NCERT-ENVIRONMENT CLASS XI-XII NCERT PDF I-XII TN BOARD PDF I-XII ALL INDIA RADIO ENGLISH NEWS ALL INDIA RADIO NEWS ARCHIVE ALL INDIA RADIO TALKS AND CURRENT AFFAIRS RAJYA SABHA TV NEWS DISCUSSIONS SANSAD TV OTHER OPTIONALS IGNOU eGYANKOSH (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर २. गद्य २.१.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)-२३.परिवर्तन २.२.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर- ३५म खेप २.३.डॉ. किशन कारीगर-मिथिला मैथिली के दुर्दशा लैए दोखी के सब हइ/अछि? २.४.मुन्नाजी- बीहनि कथा- विधान २.५.संतोष कुमार राय 'बटोही' केर (डायरी) 'लव यू टू' २.६.संतोष कुमार राय 'बटोही'- मंगरौना (धारावाहिक उपन्यास)-(५म खेप) जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- २३.परिवर्तन हम एसगर कोतमामे छलहुँ, पत्नी तीनू बच्चा सभ संगे मनेन्द्रगढ़मे रहैत छलीह,दुनू छोट भाए दिल्लीमे लगेमे किन्तु अलग-अलग रहै छलाह, गाममे क्यो नहि छल | हमरा दाँतक कष्ट भेल | मैथिलीके सेहो दाँतक कष्ट भेलनि | मनेन्द्रगढ़मे डा. केशरवानीसँ आ बादमे पटनामे डा. ज्योति प्रसादसँ इलाज भेल | बच्चीकें मनेन्द्रगढ़ आ बैकुंठपुरमे प्राप्त इलाज सँ लाभ नहि भेलनि | पटना गेलहुँ, डा.अरुण तिवारीसँ संपर्क केलहुँ | तिवारीजी तेल-नून-मसल्लाक न्यूनतम उपयोग करबाक आ रातिक’ नून नहि खेबाक सलाह दैत प्रतिदिन एकटा Amtas-5 (Amlodipin 5 mg) लेबाक सलाह देलखिन | यैह दबाइ किछु बरख धरि बच्चीक रक्षा करैत रहलनि | एहि यात्रामे हम बच्चीक संग गाम सेहो गेलहुँ | बहिनक सासुर शिशवा आ अपन सासुर लदारी सेहो गेलहुँ | रतनजीक विवाह : हम सभ गाम-घरसँ दूर छलहुँ | पटनामे मामा छलाह जिनकासँ जूनमे पता चलल जे मौसा-मौसी रतनजीक वियाह ठीक क’ देने छथिन, अगहनमे विवाह हेतै | दिसम्बरमे रतनजी दिल्लीसँ पत्र द्वारा सूचित केलनि जे ओ सभ सम्पर्क नहि क’ रहल छलखिन तें गोरलगाइ जे भेटल छलनि से मौसाके वापस क’ देलखिन, आब ओत’ विवाह नै कर’ चाहैत छथि | किछु दिनक बाद कन्याक नाना दिल्ली पहुँचि विवाहक गपपर जोर देलखिन | हमर बहिन-बहिनो अभिभावकक रूपमें सहयोग केलखिन | 2000 मे 12 मार्चक’ विवाहक दिन निश्चित भेल,से सूचना भेटल | पाँचो गोटे लेल आरक्षण करौलहुँ | पाँच दिन पहिने विवेक टाइफाइडसँ पीड़ित भ’ गेलाह | 10 क’ चिकन पॉक्स निकलि गेलनि | हम अपन यात्रा स्थगित कर’ चाहलहुँ, रतनजी सुचित केलनि जे हम सभ नै जेबै त विवाह नै हेतै | अंततः यात्रा-कार्यक्रममे किछु सुधार कर’ पड़ल | तीनटा टिकट रद्द करौलहुँ | विवेकके डॉक्टरसँ देखौलियनि | डॉक्टर 5 दिन लेल दबाइ लिखलखिन | बच्चीकें आवश्यक सुझाव दैत हम 11 क’ वसन्तके संग नेने विदा भ’ गेलहुँ | गाममे घोंघौरसँ हमर मौसी आएल छलीह | हमर दुनू छोट बहिन शान्ती आ बच्ची आएल छलीह आ दिल्लीसँ ललनजी अपन परिवारक संग आएल छलाह | 12 क’ 12.30  बजे रातिमे वरियाती गेलै | विवाह भेलनि | 16 क’ चतुर्थीक भार साँठल गेल | 17 क’ द्विरागमन भेलनि | 20 क’ भरफोरी भेलनि | रातिमे भगवानक पूजा कएल गेल | फगुआ सेहो छलै | हम 22 क’ गामसँ विदा भेलहुँ | 24 क’ रातिमे मनेन्द्रगढ़ पहुँचलहुँ | विवेकक स्थितिमे सुधार भेल छलनि | आवास परिवर्तन : मनेन्द्रगढ़क कॉलेजक पढ़ाइसँ मैथिली आ विवेक संतुष्ट नहि छलाह | ओहिसँ नीक विकल्पक खोज शुरू भेल | हम कोतमामे पहिनेसँ नमहर एकटा आवास तकलहुँ | परिवार सेहो मनेन्द्रगढ़सँ कोतमा आबि गेल | भिलाइसँ वीणाक संग मिश्र जी एलाह, हुनका सबहक संग अमरकंटक सेहो गेलहुँ | ओहो सभ हमर सबहक खोजमे सहयोग केलनि | तय भेल जे बिलासपुरमे एकटा आवास लेल जाए | ओत’ रहिक’ वसंत, मैथिली आ विवेक प्रतियोगिता परीक्षाक तैयारी करथि, हम शनि दिनक’ मनेन्द्रगढ़क बदला बिलासपुर जाइ | वैह भेल | बिलासपुरमे विवेक पी.ई.टी.क तैयारी लेल अक्षय गुरुकुल जाए लगलाह | मैथिली पी.एम.टी.क तैयारीक लेल सचदेवा कोचिंग सेन्टर जाए लगलीह | वसन्त बैंकिंग परीक्षाक तैयारीक  लेल श्री  कोचिंग सेन्टर जाए लगलीह | एकटा आवासक प्रबन्ध भेल | एकटा लैंडलाइन फोन लेल गेल | कोतमामे हमरा आवास लग एकटा कालिंग बूथ छल | ओहि ठाम जाक’ हिनका सभसँ सम्पर्क करैत छलहुँ | शनि दिन रातिमे कोतमामे गाड़ी पकड़ैत छलहुँ | भोरे बिलासपुर पहुँचैत छलहुँ | दिन भरि बिलासपुरमे रहि रातिमे ट्रेन धरैत छलहुँ | सोम दिन  भोरे कोतमा पहुँचि जाइत छलहुँ | कतेक मास धरि अहिना कोतमासँ बिलासपुर आ बिलासपुरसँ कोतमा करैत रहलहुँ | पदोन्नति : पदोन्नति हेतु 2001 मे 27 मइक’ रायपुरमे लिखित परीक्षामे सम्मिलित भेलहुँ | 7 जुलाइक’ सेन्ट्रल बैंक अधिकारी प्रशिक्षण केन्द्र, भोपालमे साक्षात्कारमे सम्मिलित भेलहुँ | 27 जुलाइक’ पता चलल जे हमहूँ सफल भेलहुँ आ हमर पोस्टिंग सदर बाजार, रायपुर शाखामे भेल अछि | हम शनि दिन 4 अगस्तक’ दिलावर सिंह, प्रबन्धककें शाखाक प्रभार सौंपिक’ शाखासँ भारमुक्त भेलहुँ | 5 क’ कोतमासँ विदा भेलहुँ आ रातिमे रायपुर पहुँचि गेलहुँ | होटल आलनियरमे तत्काल रहबाक व्यवस्था भेल | ओत’ जबलपुरसँ आर.के. साहू जी सेहो आएल छलाह, भेंट भेलाह |    (क्रमशः) पटना / 12 जनवरी 2022 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। रबीन्द्र नारायण मिश्र लजकोटर -३५- दिल्ली अएला हमरा कतेको साल गुजरि गेल। ऐहि क्रममे एकसँ -एक नीक लोक भेटलाह, खरापो लोक भेटलाह। मुदा मदनबाबू सन केओ नहि भेटलाह। ओ अपना-आपमे एकटा दृष्टान्त छलाह। जाबे दिल्लीमे रहथि ताबे तँ मदति करिते रहलाह, देशसँ बाहर गेलाक बादो ओ ओहिना ध्यान रखैत रहलाह। सप्ताहमे एक दिन अवश्य फोन करितथि। दिल्लीक गतिविधि खास कए अपन समाज-संस्थाक बारेमे जरूरसँ ओ पुछितथि। विदेशमे हुनकर कारबार ततेक बढ़ि गेल छल जे दिल्लीक चीज-वस्तुक ने प्रयोजन बुझानि ने ओकर देखभाल करब संभव छल। हम असगरे कतेक की करितहुँ? बीचमे माधव आर चना उकबा कइए देने रहए। ताहिसँ अदकल रहबे करी। ओहि दिन जखन हुनकर फोन आएल तँ हम कहलिअनि- " दिल्लीमे अपन मकानक किछु व्यवस्था किएक नहि कए लैत छी?" "की कहैत छी? एसगरे कतए-कतए देखबैक? हमरा इच्छा अछि जे एहि मकानकेँ अपन समाज-संस्थामे दान दए दिऐक। एहि संस्थाकेँ मजगूत करब बहुत जरुरी अछि जाहिसँ दिल्लीमे अएनिहार अपन समाजक लोककेँ एकटा आश्रय होइक।" "मुदा ताहू हेतु तँ सही आदमी चाही। एहि ठाम लोक गामसँ भने उठि कए चलि आएल अछि मुदा माथा गामेक छैक। ओहिना गोलैसी, जाति-पाँतिक उठा-पटक होइत रहैत अछि। कोनो आन प्रान्तक लोकमे एहन समस्या नहि अछि। केरल, कर्णाटक, तामिलनाडु, आनो, आनो प्रान्तक अपन संस्था छैक, अपन भाषाक इसकूल छैक मुदा अपना सभक किछु नहि अछि जखन की गामक-गाम उठिकए आब एतहि चलि आएल अछि।" "समस्या तँ छैहे। मुदा समाधानो तँ हमही-अहाँ करबैक। नीकलोक जँ आगा नहि आओत तँ जाहिर छैक जे बेजाए लोक हाबी भए जाएत। गुन्डा-अबारा राज करत आ नीक लोक नुकाइत रहत। अहीं कहू से नीक होएत? नहिने? तेँ हमरा सभकेँ आगा आबए पड़त। हम अपन मकान आ दिल्लीक आओर संपत्ति अपन समाज संस्थाकेँ दान देबाक निर्णय केलहुँ अछि। एहि संस्थाक काज नीक लोकक हाथमे जाए से प्रयास करू। नीक इसकूल, कालेज सभ बनाउ। अपन भाषामे लोक लिखए-पढ़ए तकर ओरिआन करू।" हम सोचलहुँ जे मदनबाबूक अभिलाषाकेँ साकार करबामे योगदान करक चाही। कालान्तरमे ई अपन समाजक हेतु एकटा महान प्रकाश स्तंभ बनि सकैत अछि। केहनो समय आबि गेलैक तैओ नीक लोकक पुछारी रहबे करतैक। मुदा हम एसगरे एतेक झंझटकेँ सम्हारबाक स्थितिमे नहि रही। अस्तु, हम हुनका कहलिअनि- “अपने अएबैक तखने ई काज सभ आगा बढ़त।" "हमरा आबक कोन छैक। जखने कहब, आबि जाएब। मुदा अहाँ काज शुरु तँ करू।" “ठीक छैक।" मदन बाबूक इच्छाक अनुसार अपन समाज संस्थाकेँ शरद पूर्णिमाक रातिमे बैसार करबाक निर्णय भेल। मदन बाबू सेहो उपस्थित रहथि। दिल्लीक समस्त प्रावासी एहिमे आमंत्रित छलाह। सबेरे सकाल लोकक अएनाइ शुरु भए गेल। दक्षिणी दिल्लीक प्रतिष्ठित मोहल्ला जोरबागमे मदन बाबूक घर छल। ओतहि बैसार भए रहल छल। सभा मंडप सुसज्जित छल । कनीके कालमे लोक खचाखच भरि गेल। आगा पाँतिमे महिला समाजक प्रमुख लोक सभ छलीह। मालती आओर कुसुम ‘जय जय भैरवि’ गेलथि’। मैथिलीक प्रतिष्ठित महिल ाकवि ओ साहित्यकार बैसारक अध्यक्षता कए रहल छलीह। कार्यक्रमक शुरुआतेमे मदन बाबू दिल्लीक अपन समस्त संपत्ति अपन समाज संस्थाकेँ दानमे देबाक घोषणा केलाह। सभा-मंडप हुनक घोषणाक करतल ध्वनिसँ स्वागत केलक। बैसारक प्रयोजन स्पस्ट करैत मदन बाबू बजलाह- “समय एकटा एहन वस्तु अछि जकरा केओ आइ धरि नहि देखलक मुदा एहि संसारकक समस्तप्राणी एकर चपेटमे अबिते अछि, अबिते रहल। केओ एकर अपवाद नहि भए सकल। हम गामकेँ छोड़ि रोजी-रोटीक फिराकमे दिल्ली अएलहुँ। तहिआ गाम छोड़नाइ कोनो सोहनगर गप्प नहि रहैक। लोक कुचेष्टा करैक। मुदा हालत एहन होइत गेलैक जे आब दिल्ली लोकक घर-आङन भए गेल। जे जतएसँ आएल जेना-तेना अपन खोपड़ी ठाढ़ कए लेलक। एतहि बसि गेल। महानगरक चक्रव्युहमे जे जतहि फँसल से फँसले रहि गेल। साइते केओ वापस गेल। एहि ठाम लोक बसि तँ गेल मुदा अधिकांश परिचयहीन भए गेल। बेसक ओ अखनो अपन गामक नाम लए लेथु मुदा हुनका अपनो बूझल छनि जे जँ गाम जेताह तँ अपन परिचय देबाक हेतु माइक लगाबए पड़तनि। एहन बात तँ नहि अछि जे जतेक गोटे एहि ठाम अएलाह से सभ कोठिएमे छथि। अखनो कतेको गोटे फूटपाथपर भोर जाइत काल देखाइत छथि आसाँझमे जखन वापस जाइत रहैत छी तँ ओहिनाक ओहिना रहैत छथि। मुदा ककरो लगमे कोनो विकल्प नहि रहि गेल छैक। जेना गाम आपसीक संभावनाकेँ अपनहि लोक निठ्ठाहक डाहि देलकैक जाहिसँ ओ घुरि नहि जाए, जाहिसँ जे किछु किछु खेत-पथार बाँचल छैक से सभ सोलहन्नी ओकरे संतानकेँ रहि जाइक, केओ बाँटै नहि। अस्तु, अधिकाँश लोक जे महानगरक मायामे पड़लाह सेसामाजिक/ सांस्कृतिक विकलांगताक शिकार भए गेलाह। समस्या अछि जे अपन समाज संस्था एहन लोकक किछुओ कल्याण कए सकत कि नहि? अपन समाजक एहन लोक सभक समस्याक समाधानमे मदति भए सकतैक कि नहि? हम सभ बहुत आशावान लोक छी। सभकेँ बूझल अछि जे अपन समाज केहन अछि। मुदा तेँ की? जकर माए आन्हर होइत छैक सएह गामक इनार भरैत अछि। अपन लोकक काज आन के करत आ किए ककरत?” आजुक अपन भाषाक इसकूलक स्थापनक सेहो निर्णय भेल। ऐहन बैसार भविष्योमे होइत रहए ताहि हेतु एकटा समिति बनाओल। लोक जीवन भरि संपत्ति जोड़ैत रहि जाइत अछि आ अंतमे सभ किछु छोड़ि अंतहीन यात्रापर चलि जाइत अछि अंत-अंत धरि संपत्तिकेँ बकोटने रहैत छथि। एहन कमे लोक होइत छथि जे समय रहिते चेति जाथि। मदनबाबू एहने लोकछथि। ओ एकटा मामुली आदमी छलाह। भाग्य संग देलकनि। आगा बढ़ए लगलाह तँ कहिओ पाछा घुमिकए नहि देखलाह। मुदा कोनो वस्तुक व्यर्थ मोह नहि रखलनि। दिल्लीक एतेक मुल्यवान घर आ आन-आन संपत्तिकेँ जाइत-जाइत अपन समाज संस्थाकेँ दए गेलखिन। ततबे नहि जेबासँ पहिने ई सुनिश्चित कए केलाह जे कुसुम,मालती आ एहन-एहन आओर महिला सभक अपने लोकक देल गेल त्रासदीसँ मुक्ति भेटए जाहिसँ ओ सभ मर्यादित जीवन जीवि सकथि। गाम-घरसँ फटकी रहितहुँ अपन लोक सभ अपन भाषा अपन संस्कृतिसँ जुड़ल रहथि ताहि हेतु पर्याप्त जोगार कए गेलाह। जाइत-जाइत इहो कहि गेलाह -"अहाँ सभ आगा बढ़ू। हम सदिखन अहाँक संगे ठाढ़ भेटब।" मदन बाबूसन-सन लोक जाहि समाजमे होएत से कदापि पाछा नहि रहत, बढ़बे करत, सभ एतबे बात बाजथि। अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। डॉ. किशन कारीगर मिथिला मैथिली के दुर्दशा लैए दोखी के सब हइ/अछि? के नै दोखी हइ? दोखी सब अछि/हइ अहूं हमहूँ आ समाजक लोक हइ जे सुआर्थ दुआरे मिथिला मैथिली के जरा देलकै हअ? सुआर्थी बाभनवाद, पिछलगुआ सोलकन, चोरनुकबा मिथिला समाज मिथिला के दुर्गति के इनार मे खसा देलकै. इ यथार्थ आ सांचो गप हइ जे बाभनवाद बेबस्था मे सुआर्थी आ चलाक बाभन अरू अपने टा फायदा दुआरे आन जाति सोलकन सब के नै अगुआ देलकै ने ओकरा बोली के मोजर बाजब स लिखब तक कतौ ने देलकै आ राड़ कहि उपहास उड़ेलकै. इ कटुचालि दरभंगे राजकाल मे मैथिल अमैथिल के भेद कए मैथिली महासभा रूपे लिखा गेल रहै. कायस्थ सभ के स्थान देल गेलै आ उहो सब अपने फायदा लै मैथिल बनल रहलै आ इहो अरू चुपचाप अपन काज मे रहल आ कहियो बाभनवाद के बिरोध नै केलकै? भूमिहार राजपूत संपन्न रहै ओकरा अरू के मिथिला मैथिली स ओतेक मतलब नै रहलै. ओ सब अप्पन समपन्नता लेल लागल रहल आ इ अरू बलू मिथिला मैथिली पेटपोसुआ वृति स दूरे रहल आ तेहेन कोनो माने मतलब नै रहलै. मिथिला मे सोलकन सब गरीब असहाय कम पढल लिखल रहै आ अन्याय सहैत रहलै बलू राड़ कहा अपमानित होइतो निरलज्ज भेल मिथिला समाज मे रहल. सोलकन मे जे सब थोड़े पढ़ल रहै ओ सब बाभनवाद के पिछलग्गू बनि अपन मान बढेबा लेल नमरी लूच्चा बनल रहल, बाभनवाद के बिरोध ने केलक आ सोलकन बोली संस्कृति के रैछा मान सम्मान लै कहियो ने अगुआएल. एतेक जे पढलाहा सोलकन सब लिखब बाजब आ पहिरब तक मैथिली मानक के आरो सपोट केलक? जेना पाग पहिरब, मानक मैथिली लिखब बाजब, मिथिला राज हो हो आदि. इ कोनो मजबूरी मे नै उहो अपना फायदा बुझि बाभनेवाद मे मूड़ि डोलबैत रहल. एइ दुआरे मैथिली भाषा पर बाभन कायस्थ कब्जा जमौने रहल आ अनजाति के कहियो मोजर ने देलकै आ लाॅबी बना अपन सुआर्थ सिद्धी मे रमकल रहल. साहित्य अकादेमी, आयोजन, पुरस्कार, पत्र पत्रिका, सरकारी फंड सब पर एकरे कब्जा आ दोसर जाति के नाम नै हुअ देबै तै लै नियोजित षडयंत्र होइते रहल. अकादमी पुरस्कार,संयोजक, संपादक के इतिहास मैथिली मे बाभनवाद के देखार चिनहार क दै छै. अपवाद रूपे एक आध सोलकन नाम सिरिफ नाम लेल. आ उहो सोलकन लेखक सब सोलकन के आगा बढबै ले किछो ने करै जाइ गेलै? कहबी लैए सब मैथिल हइ मैथिली सबके भाषा हइ. लिखबा बजबा, पुरस्कार काल से बात छैहे ने? एकेक वर्ग भेद आ जातिवादी बेबहार किनसाइते दोसर भाषा मे देखबै. मैथिली मे जातिवाद गहे गहे पसरल हइ क. विद्यापति छोड़ि सलहेस, दिना भदरी, लोड़िक, सहित आन महान विभूति के जंयति नै मनबै जाइ हइ आ ने तेकर कोनो मोजर देतै ग? मैथिली लाॅबी दुआरे एहि तरहे सोलकन सब मिथिला मैथिली स दूर होइत गेल. अंगिका बज्जिका कोसिकन्हा मधेशी बोली बनि गेलै आ ओकरा मैथिली भाषा मे मोजर नै देल गेलै. आब लोक जागरूक भेल मान सम्मान तकै हइ, जगह मंगै हइ त ओकरा षडयंत्रकारी कैह लाॅबी वला अप्पन दोख झांपै मे लागल हइ? अहि तरहे आस्ते आस्ते मिथिला समाज आ मैथिली भाषा के दुर्दशा होइते रहल आ ओ सामूहिक, सर्वजन, जनसरोकारी नै भऽ एकभगाह, पेटपोसुआ, वर्चस्वादी सुआर्थी होइत गेल आ दुर्गतिक देवार मिथिला समाजक लोक स्वयं ठार केलक. इ कटु सत्य जैनतो मिथिला समाजक लोक ने आगू एलै ने पंचैती केलक आ ने समाधान तकलक? सब परदेश कमा बमफलाट रहल. मैथिली लाॅबी मिथिला मैथिली के सुडाह केलकै ग आ अखैनियो हठ क आन जाति के नाम नैहे दै हइ साहित्य अकादमी मे? बाभन सोलकन मिथिलाक लोक, कोइ जवाब ने मंगलकै एकरा अरू स आ तहि दुआरे इ सब मनमाना क मिथिला मैथिली के दुर्गति क छोड़ि देलकै ग? ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। मुन्नाजी- बीहनि कथा विधान तों किए एना धौना खसेने छें गै,जो ने झंडा ल' के ,सब धीया-पुता खुशी मनबै छै। कथी के खुशी यौ ? अझुके दिन देशक अपन विधान बनल रहै। उंह! भइया लेल हमरा लेल थोड़े न । इह! छौड़ी मुंह केना तुरूच्छ जकां केने ऐछ । गै मम्मी तों त' नहिये बाज,भइया के बड़का झंडा आ हमरा छोटकी सन। माने दुनू भाय- बहीन लेल अलग- अलग विधान ने ? गै बुच्ची,की भेलौ तहन सं एना किए घाठि फेनने छें ? यौ पप्पा,सांझ खन मम्मी के कहलियै- डोलकी ला दुध नेने अबै छी। कहलक- बताहि भेलें हें।मुनहारि सांझ के जुआन बेटी जेतै दोसरा टोल,भइया के कही  अनतौ दुध। तमसा जुनि।स्त्री कखनो पुरूषक चांगुर सं नोछड़ा जाइए। " त' झंडा फहरा एहने परतंत्रताक  जश्न मनाबी ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। संतोष कुमार राय 'बटोही' केर (डायरी) 'लव यू टू' 07.04. 2008 लाठी बीचे कपाड़ आइ लल्ली केँ पढ़ा कs हम निकलि गेलहुँ अछि। गलती हमर इ छल जे हम हुनका प्रति मोहित भs कs 'किस' कs लेललियैन्ह। इ गुनाह महग पड़ल। लल्ली अपन माए केँ इ गप्प कहि देलथिन्ह। बस आब की भेलैह - बेल्ट सँ पीटल गेलहुँ। हुनकर माए करौछ सँ पजरा मे मारलीहि। इ छियैय परेमक फल। परेमक नशा उतरि गेल। परेम मे धोखा मिलल। लल्ली अइ 'किस' केँ हवस केँ संज्ञा देलथिन्ह। ओ लव लेटर आओर ओही मे लिखल 'लैला - मजनू' केँ मतलब हम आइ धरि नहि बुझलियै। मारि खेलाक बाद हम अइ लव स्टोरी केँ अंत बुझि रहल छी। 27.09.2008 अमृता चुलबुली संजय , अमृता, खुशबू सक्सेना आओर हम गालिब पार्क जामिया मे बैठल छी। विषय किछु नहि छै। 'टाइम पास' कs रहल छी। दिल हमर टुटि गेल अछि। हम पहिल परेम केँ भुलि नहि सकैत छियैय, परञ्च एकरा यादो रखनै उचित नहि लगैत अछि। एक सप्ताह सँ नीक जँका भोजन नहि केलहुँ अछि। परेम मे धोखा खायल इंसान छी हम। आब हमर हिम्मत नहि अछि जे किनको सँ परेम करबैन्ह। इ छथि हमर क्लासमेट अमृता । हिनका दिस झुकाव तँ हमरो छल, परञ्च संजय हुनका पसंद करैत छलाह। हमरा हुनकर चुलबुलापन नीक लगैत छल। 03.02.2009 आई एम सॉरी...आई एम सॉरी राति केँ साढ़े आठ बाजि रहल छै। हम जे ब्लॉक मे छत पर ओछान कs केँँ सुतै लेल प्रयासरत छलहुँ। बगल मे एकटा ड्रायवर छथि। हम दुनू गोटे नेपाल मे माओवादी विषय पर विचार कs रहल छी। माओवादी नेपालक लेल नीक छियैय वा नहि ओ तs भविष्य तय करतै। ओही बीच हमर फोनक रिंग टोन बाजल। हम फोन उठौलहुँ । ओनs सँ आवाज़ आयल, - " आई एम सॉरी... आई एम सॉरी." कनेक देर हम विस्मित भेलहुँ। ओ फेर बजलीहि, " हमे माफ नहि करोगे।" हम बुझैत छेलियै- हमर परेम सच्चा परेम छल। हम जवाब देलियैन्ह, - "इट्स ओके। हमने कब का तुम्हें माफ कर दिया है।" ओनs सँ ओ फोन काटि देलीह। 25.07.2010 सेकेण्ड डिविजन आइ बीए के फैनल रिजल्ट निकललैए। चारिटा विद्यार्थी पास भेल छै। हमर तेसर नंबर अछि -'सेकेण्ड डिविजन 50.5℅' । अइ रिजल्टक पाँछाक कारण छल - पहिल गरीबी, दोसर परिवारक उच्च शिक्षाक बैकग्राउंड नहि, तेसर नमहर परिवार, चारिम परिवारक कलह, पाँचम समाजक गिरल मानसिकता आओर अंतिम लल्ली संग परेम आओर धोखा। राति केँँ नौकरी आओर दिन केँ जामिया। असंतुलित जिनगी अछि हमर। पढ़ि कs किछु नीक करी से विचार अछि। जेएनयू केँ एंट्रेंस कतेक बेर देलियै, परञ्च हम गांधीवादी लोक आओर ओ मार्क्सवादी विचारधाराक संस्थान, तैं एंट्रैंस क्लीयर नहि भेल। जामिया मे बीएड मे दाखिला लेलहुँ अछि। 12.12.2010 दरियागंज बाया जामा-मस्जिद, दिल्ली आइ 'पहिल लेसन प्लान' नवाब पटौदी मध्य विद्यालय , दरियागंज मे डिलिवर केलहुँ अछि। हमरा हेड बना कs जामिया अइ इस्कूल भेजने अछि।  हेड केँ कुर्सी केँ सम्मान दैत हम 'लेसन प्लान' डिलिवर कs रहल छी। आइ अली मुहम्मद सर हिंदी केँ क्लास मे हमरा सुपरवाइज केलाथि। इ पच्चीस नंबर केँ लेसन प्लान छल। ओ कतेक नंबर देलथिन्ह हमरा नहि पता। त्रिवेणी एकटा दृष्टि बाधित विकलांग छेलाथि। हुनकर जिनगी केँ गाड़ी अली मुहम्मद सर पटरी पर सँ उतारि देलथिन्ह। हम सभ कतेक प्रयास केलियैन्ह जे ओ लेसन प्लान डिलिवर कs सकैत, परञ्च अली मुहम्मद सर सँ ओ ततेक ने डरा गेलाह जे ओ जामिया छोड़ि देलथिन्ह। इ छियैय लोकतांत्रिक देश मे निसाफ। 04.06.2011 नो  डिक्टेटरशिप विदेशक बैंक मे ब्लैकमनी केँ जमा केनिहार आओर सरकार केँ आँखि खोलै लेल पूरा देश केँ यात्रा करैत एवं जनसमर्थन जुटबैत योग गुरु स्वामी रामदेव बाबा रामलीला मैदान, दिल्ली मे अन्नशन शुरू केलाथि। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर हुनका मनमोहन सरकार केँ पैघ मंत्री प्रणव मुखर्जी, पी चिदंबरम आओर कपिल सिब्बल अन्नशन नहि करै लेल मनवै केँ प्रयास केलथिन्ह। परञ्च बाबा रामदेव आइ अन्नशन पर बैठ गेलाह। कानून मंत्री कपिल सिब्बल बाबा रामदेव केँ सहयोगी बालकृष्ण केँ दस्तखत केलहा एकटा चिट्टी मीडिया केँ देखौलकीहिन जाहि मे एक दिन योग लेल परमिशन भेटल छेलैन्ह। राति मे करीब बारह बजे गृह मंत्री केँ आदेश सँ आइ पुलिस केँ लाठी चार्ज होम लगलै। पुलिस केँँ लाठी सँ अपनाआप केँ बचेवाक लेल ओ मंच पर सँ नीचा कुदलाहा। दोसर दिन उत्तराखण्ड मे सलवार-सूट मे मीडिया केँ समक्ष देखेलाहा। बाबा रामदेव के भक्त राजबाला बाबा केँ बचेवाक क्रम मे घायल भेलीह आओर अपन प्राण त्याग देलथिन्ह। वतन केँ टाका दोसर देश मे नुकौल गेल उचित नहि छियैय। कियो अइ लेल बाजैत छथि, तँ अहाँ लाठी मारबै से लोकतंत्र छियैय डिक्टेटरशिप नहि। हिटलरशाही नहि चलतन्हि अइ देश मे। 31.08.2011 मैं अन्ना हूँ इ रामलीला केर मैदान छियैए। नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन, दरियागंज, दिल्ली गेट वगैरह नजदीके मे छै।कमला मार्किट केँ ठीक बगल मे इ मैदान छै। दशहरा मे रामलीला केँ मंचनक लेल इ मैदान जानल जाएत छै, परञ्च राजनीतिक पार्टी अपन रैली लेल अतs अबैत छथि। 16 अगस्त केँ दिल्ली पुलिस केँ स्पेशल सेल मयूर विहार सँ अन्ना हजारे, मनीष सिसोदिया, अरविन्द केजरीवाल केँ विहंसरे गिरफ्तार कs तिहाड़ जेल भेज देलथिहीन। जनलोकपाल आओर भ्रष्टाचार केँ खिलाफ़ इ  आंदोलन केँ समर्थन पूरा देश सँ मिललन्हि। हम 19 अगस्त केँ  'मैं अन्ना हूँ' वाला टोपी पहिर कs रामलीला मैदान पहुँच गेलहुँ। इ आंदोलन सड़क सँ शुरू भेल छै। पूरा देश मे जनता सड़क पर छै। गरीब-गुरबा, मजदूर, सिनेस्टार सभ कियो अइ आंदोलन केँ समर्थन देलथिन्ह। पहिल मउगी आईपीएस किरण वेदी  मंच सँ तिरंगा झंडा फहरबैत छलीह। ( 'लव यू टू' डायरी केर बाकी अंश अगिला खेप मे ) ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। संतोष कुमार राय 'बटोही' मंगरौना (धारावाहिक उपन्यास) (पाँचम खेप) कोलकाताक बंगाली मानुस केँ दाद देवाक चाही जे अखनो धरि बंगाल मे मनुख बाँचल छै।संतोषक परिवारक बर्बादी मे कोलकाताक सेहो करिश्मा रहल छै। 1992 मे ओ अपन माए संग कोलकाता गेल छलाथि। कोलकाता कालीघाट मे रहल छलाथि। ओही समय मे दोसरा वा तीसरा मे गामक विद्यालय मे ओ पढ़ैत छलाह अछि। गाम सँ शहर जेवाक कारण छलन्हि - परिवारक गरीबी। 'व्यासजी' कमैत नहि छलथिहीन। 1993 मे गाम वापिस भेल छल ओ। 'मंगरौना' गाम ओह गाम छल जकर नाम बिकैत छेलैह। बिहार मे स्वर्गीय जगन्नाथ मिश्र मुख्यमंत्री छलाह । मंगरौना कांग्रेस केँँ झंडा केर नीचा खड़ा छल। झंझारपुर विधानसभा सीट सँ स्वर्गीय उमाकांत राय चुनाव मे ठाड़ भेलाथि। अमातक पहिल आदमी ओ छलाह जे विधानसभा लेल ठाड़ छलाथि। पूरा अमात जाति मे गौरव केर गप्प छेलैह। परञ्च भगवान जनतिन्ह जे ओ चुनाव मे बैस गेलथिन्ह। शिवा चौक दिस जगन्नाथ जी सँ नेताजी केँ की गप्प भेलन्हि ? राजनीति जमीन पर मंगरौना केँ इ हार छल। जातिक छवि केँ बंटाधार लागि गेलै। फेर जिनगीभरि नेताजी केँ ऊपर उठवाक मौका नहि भेटलन्हि। मंगरौना केँ थू-थू भेलै। हम विश्वास हारि गेदहुँ अछि। मंगरौना अपन इतिहास माटि पलित कs लेलक। मंगरौना नाम पर लोक धूर-छिया करs लगलै। 2021 केँ पंचायत चुनाव मे श्री रामानंद जी केँ जिला परिषद्  सीट संख्या -46 सँ विजय हेनै 'मंगरौना' केँ इतिहास केँ पुनर्जीवित केनै भेलैह। राजनीति मे मंगरौना पछुएल छल। इ हिनकर चारिम प्रयास छलन्हि। मंगरौना मे किछु भs सकैत अछि। एकटा नवयुवक रिक्शा पर मूरैय के महादेव बाबा जँका रूप लकs भरि गाम सँ महादेव बाबा केँ नाम पर चंदा वसुल लैत छथि। हुनका कियो किछु कहनिहार नहि। दानी लोकनि दानों दति छन्हि। ओ नवयुवक लाउडस्पीकर मे सस्वर मे मूरैय वाला भोला बाबा केँ उत्पत्ति केँ वर्णन करैत छथिन्ह। "सुनलियौ मंजू, तोरा गाम मे महादेव उखड़थिन्हहें।" "नहि गै, के कहलथुहुन तोरा।" " झबरी केँ माए बजैत छलथिहिन।" " हँ, एकटा छौरा, झूठ-मूठ केँँ मूरैय केँ महादेव बाबा बना कs लोक सभ केँ ठगि रहल छै। आस्था केँ नाम पर ठगि रहल छै। लोक सेहो ठगा रहल छथि।" लक्ष्मीनारायण केँ मर्डर मे कतेक लोक बर्बाद भs गेलै। इ छथि - 'लालबत्ती देवी'। ओई मर्डर कांड मे हिनकर सभटा गहना गनौलीक कोतवाल ठगि लेलकिहिन। लक्ष्मीनारायण केँ मर्डर मे उपयोग केल गेल पंचकमियाँ, फरसा भाला वगैरह सतनजीव काका केँ द देलकन्हि जे जो तू घर मे मचान पर नुका दिहै। ओ इ गप्प सँ अनजान जे एकर की परिणाम हेतै। झंझारपुर पुलिस केँ रेड गाम मे पड़s लगलै। चारू दिस सभ भागि गेलाह। ओइह हथियार केँ चबहच्चा पोखरि मे कटहर गाछ लग नीचा पानि मे छुपौल गेल । लालबत्ती देवी बथान पर ठाड़ बाछी केँ लकs अपन नैहर घंघोर जाएत छलीह। माथ पर मोटा मे दस-बारह टा गहना छलैक। गनौली मिडिल स्कूल पर किछु चीजक चुनाव छेलैक। कोतवाल एक गोट नवकनिया केँ जैत देखि कs हुनका लग जाकs हुनका डरा-धमका कs ओ सभटा गहना छिन लेलकैन्ह। इ घटना व्यासजी केँ परिवार मे कलह पैदा केलकन्हि। आओर परिवार बर्बाद भs गेलैक। लालबत्ती केँ जिनगी भरि गहना लेल मन लगले रहि गेलन्हि अछि। परञ्च बूढ़ाढ़ी में नाक मे नथ आओर गला मे चेन खरीद कs संतोष हुनकर गहना पहिरवाक सपना पूरा केलथिहिन। लक्ष्मीनारायण के मर्डर मे मोदी लाल लगभग तीन साल झंझारपुर जेल मे बितौलथि । परिणाम मे हिनका किछु नहि केल भेलन्हि अछि। परिवार बरबाद भs गेलन्हि हुनकर। इ घटना मंगरौनाक व्यथाक घटना छियैय। स्वर्गीय  मोदी लाल राय दोसर लेल बेमतलब केँ जेल खटलाथि। परञ्च जेकरा लेल ओ जेल गेलाथि आओर परिवारक विकास अवरूद्ध भेलन्हि  ओ लोकनिक संतान तानाशाही हुनकर संतान केँ प्रति केलन्हि। इ मंगरौना छियैय। श्री राजेन्द्र राय हार नहि मानलकिन्ह। 1984 (काल्पनिक) मे सूद पर लेल टाकाक सूद मूरि जोड़ि कs केतक गामक पंच मे हुनका कहलकिन्ह, परञ्च ओ पंचक फैसला नहि मानलकिन्ह। तकर भूगतान हुनका बाद मे सामाजिक बहिष्कार रूप मे भेलन्हि। व्यास जीक विषय कीर्तन मे करेकमान लोकनि भवानीपुर मे सुनि रहल छथिन्ह। विषय छन्हि - 'होलिका केँ दहन'। ओ कहति छथिन्ह सबको बहिन होलिका सन होई जे अपन भैय्या केँ आदेश पर आगि मे जरै लेल तैयार भs जाएत छथिन्ह - " बहिन हो, तो होलिका जैसन ,जो भाई हरिण्यकशिपु  के एक आदेश पर आग में जल गयी।" होलिका केँ वरदान केँ की भेलन्हि ? असत्यक संग देनै केँ कारने  वरदान बुढ़ियाफुंसि भs गेलन्हि। '31 ए सतीश मुखर्जी रोड' कतेक केँ जिनगी सँवारलकै अछि। अइ बासा मे मंगरौना केँ संग आनो गामक लोकनि गुजर-बसर केने छथि। इ बासा अइ रूपे ऐतिहासिक अछि। 'कालीघाट' हरैलो-भुतलैहो आबि - जा सकैत अछि। बिहारी लेल इ प्रसिद्ध जगह अछि जेना दिल्ली केँ शकुरपुर मे बिहारी चौक। इ बासा दोसरक लेल वरदान साबित भेलन्हि, परञ्च हमरा लेल अभिशाप ! इ ककरो जिनगी केँ उठान देलकैन्ह,  हमर जिनगी के बेपटरी केलक। पटना मे साइंस रैख कs पढ़वाक इच्छा केँ इ बासा खा गेल। परिवार मे आगि लगौनिहार सभहक करेज शीतल भेलन्हि। हम नीक छात्र रहितौंह नहि पढ़ि पैलहुँ। 'घरक भेदिया लंका डाह' इ हमर जिनगी मे घुन लगौलक अछि। जिनगी बड़ि खेल खेलैत छै वा लोक जिनगी के खेल बना देत छै। आइ हम इंजीनियर रहितहुँ , परञ्च हम गाम ओगरने छी।  चारि भैय्यारी रहितहुँ हमर परिवरिश अनाथ जँका भेल।  आँखिक नोर बहैत रहि गेल । ख्वाब ख्वाबे बनि कs रहि गेल। मधुबनी मे आर के कॉलेज मे केमेस्ट्री सँ बी एससी दाखिला लs कs जयपुर भागs पड़लन्हि संतोष केँ। संतोष केँ जिनगी नरक बनाबै मे हुनकर भौजाई केँ हाथ रहलन्हि । शिक्षा केँ बड़ि जरूरत पड़ैत छै। निरक्षर आओर नासमझ लोकनि नीक विद्यार्थी केँ जिनगी नरक बना दैत छै। ( धारावाहिक उपन्यास 'मंगरौना' केर  बाकी अंश अगिला खेप मे ) -संतोष कुमार राय 'बटोही', ग्राम-मंगरौना, पोस्ट- गोनौली, थाना- अंधराठाढ़ी, जिला- मधुबनी, बिहार-847401. मोबाईल नंबर- 6204644978 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ३. पद्य ३.१.डाॅ. किशन कारीगर-जेकरा देखू सैह नेता? (हास्य कविता) ३.२.आशीष अनचिन्हार- २ टा गजल डाॅ. किशन कारीगर जेकरा देखू सैह नेता? (हास्य कविता) अहूँ नेता त हमहूँ नेता ? जेकरा देखू सैह नेता? उज्जर कुर्ता पर चमकी वला माला, पंचायत मे के नै नेता? नेता पर नेता? पंचायत भोंट दुआरे जेकरा देखियौ सैह बनल छै बौहअक ओजी पर नेता? सब कहैया पंतायतक बिकास करब? अप्पन पेट भरब की अंगोरा बिकास करब? योजना वला रूपैया स जेबी टा भरब? हे धधकलहा गामक बिकास करब? भोंट दुआरे नेता सब की की ने करैए? हथजोरी, गलजोरी फेर बलजोरी? दिन भैर प्रचार वला नेता सब? दरबज्जा पर धरफरन देने रहै छै? कोन प्रतियोगिता परीक्षा पासक झंझट? तैं जेकरा देखू सैह नेता? नेता पर नेता? जे जेहेन लब्बर झूठबज्जा? ओ ओतेक बड्ड पैघ नेता? आब हमहूँ चमकी वला माला पहिर घूमै छी? पंचायत भोंट मे जेकरा देखू सैह बनल नेता? अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। आशीष अनचिन्हार दू टा गजल १ चिन्ते चिन्ता छै तैयो जिन्दा छै   ठक के नगरीमे ठक बासिन्दा छै   किछु छै मालिक सन किछु कारिन्दा छै   नीके लगलै से केहन निन्दा छै   जे राधा रानी से गोविन्दा छै   सभ पाँतिमे 22-22-2 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि।   २

काज कम जोर बेसी मूँह कम ठोर बेसी

आँखि हुनकर कहैए दर्द कम नोर बेसी

देशमे आबि गेलै आब लतखोर बेसी

ई बजट एहने छै माछ कम बोर बेसी

हाल पिच केर अतबे सिक्स कम फोर बेसी

सभ पाँतिमे 2122-122 मात्राक्रम अछि। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ....................................................................................................................... संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] Videha e-Learning पेटार (रिसोर्स सेन्टर) शब्द-व्याकरण-इतिहास MAITHILI IDIOMS & PHRASES मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश- रमाकान्त मिश्र मिहिर (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) डॉ. ललिता झा- मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) मैथिली शब्द संचय MAITHILI DICTIONARY- RAMDEO JHA (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) ENGLISH MAITHILI COMPUTER DICTIONARY MAITHILI ENGLISH DICTIONARY अणिमा सिंह -Shishu_Geet_Khel_Anima_Singh डॉ. रमण झा मैथिली काव्यमे अलङ्कार    अलङ्कार-भास्कर आनन्द मिश्र (सौजन्य श्री रमानन्द झा "रमण")- मिथिला भाषाक सुबोध व्याकरण BHOLALAL DAS मैथिली सुबोध व्याकरण- भोला लाल दास राधाकृष्ण चौधरी- A Survey of Maithili Literature ........................................................................................................................ मूलपाठ तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) राजेश्वर झा- मिथिलाक्षरक उद्भव ओ विकास (मैथिली साहित्य संस्थान आर्काइव) Surendra Jha Suman दत्त-वती (मूल)- श्री सुरेन्द्र झा सुमन (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) CIIL SITE ........................................................................................................................ समीक्षा सुभाष चन्द्र यादव-राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ शिव कुमार झा "टिल्लू" अंशु-समालोचना डॉ बचेश्वर झा- B_JHA_Nibhand_Nikunj.pdf डॉ. देवशंकर नवीन- Adhunik_Sahityak_Paridrishya डॉ. रमण झा- भिन्न-अभिन्न प्रेमशंकर सिंह- मैथिली भाषा साहित्य:बीसम शताब्दी (आलोचना) डॉ. रमानन्द झा 'रमण' हिआओल अखियासल     CIIL SITE दुर्गानन्द मण्डल-चक्षु RAMDEO JHA दत्त-वतीक वस्तु कौशल- डॊ. श्रीरामदेवझा SHAILENDRA MOHAN JHA परिचय निचय- डॊ शैलेन्द्र मोहन झा ........................................................................................................................ अतिरिक्त पाठ पहिने मिथिला मैथिलीक सामान्य जानकारी लेल एहि पोथी केँ पढ़ू:- राधाकृष्ण चौधरी- मिथिलाक इतिहास फेर एहि मनलग्गू फाइल सभकेँ सेहो पढ़ू:- केदारनाथ चौधरी चमेलीरानी                         माहुर                          करार कुमार पवन पइठ (मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ कथा) (साभार अंतिका)       डायरीक खाली पन्ना (साभार अंतिका) याेगेन्द्र पाठक वियाेगी- विज्ञानक बतकही रामलोचन ठाकुर- मैथिली लोककथा SAHITYA AKADEMI http://sahitya-akademi.gov.in/publications/e-books.jsp http://sahitya-akademi.gov.in/general/Digitalbooks.jsp CIIL http://corpora.ciil.org/maisam.htm अखियासल (रमानन्द झा रमण) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI1.pdf जुआयल कनकनी- महेन्द्र http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI2.pdf प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI3.pdf सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI4.pdf मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI5.pdf JNU http://sanskrit.jnu.ac.in/maithili/index.jsp http://sanskrit.jnu.ac.in/student_projects/lexicon.jsp?lexicon=maithili ARCHIVE.ORG https://archive.org/details/%40vijay_deo_jha?&sort=-publicdate&page=2 VIDEHA MAITHILI BOOKS/ PICTURE-AUDIO-VIDEO ARCHIVE http://videha.co.in/new_page_15.htm https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ ALL INDIA RADIO DOORDARSHAN आकाशवाणी दूरदर्शन http://prasarbharati.gov.in/ http://newsonair.com/ https://doordarshan.gov.in/ आकाशवाणी मैथिली पोडकास्ट http://prasarbharati.gov.in/podcast.php?filterlang=Maithili&from=1947-08-15&fromwp=2020-08-29&to=2050-12-31&search=GO आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-1 http://newsonair.com/RNU-NSD-Audio-Archive-Search.aspx आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-2 http://newsonair.com/Regional-Text.aspx आकाशवाणी दरभंगा http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=282 आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल https://www.youtube.com/channel/UCGdNveEFmv4pPolWiTEMxVA आकाशवाणी भागलपुर http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=359 आकाशवाणी पूर्णियाँ http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=256 आकाशवाणी पटना http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=122 IGNCA http://ignca.nic.in/coilnet/mithila.htm http://ignca.nic.in/coilnet/kalyani.htm (MAITHILI ENGLISH DICTIONARY) http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/mithila.htm MITHILA DARSHAN https://mithiladarshan.com/ (online pdf of Maithili journal) I LOVE MITHILA https://www.ilovemithila.com/  (online maithili journal) मैथिली साहित्य संस्थान https://www.maithilisahityasansthan.org/ https://www.maithilisahityasansthan.org/resources (online pdf of Reasearch Papers/ books) ........................................................................................................................ VIDEHA e-LEARNING YOUTUBE CHANNEL https://www.youtube.com/channel/UC4abVKqMj2pDWIAkXiOHp7A विदेहक किछु विशेषांक:- १) हाइकू विशेषांक १२ म अंक, १५ जून २००८ Videha_15_06_2008.pdf          Videha_15_06_2008_Tirhuta.pdf       12.pdf २) गजल विशेषांक २१ म अंक,  १ नवम्बर २००८ Videha_01_11_2008.pdf       Videha_01_11_2008_Tirhuta.pdf         21.pdf ३) विहनि कथा विशेषांक ६७ म अंक, १ अक्टूबर २०१० Videha_01_10_2010        Videha_01_10_2010_Tirhuta             67 ४) बाल साहित्य विशेषांक ७० म अंक, १५ नवम्बर २०१० Videha_15_11_2010        Videha_15_11_2010_Tirhuta             70 ५) नाटक विशेषांक ७२ म अंक १५ दिसम्बर२०१० Videha_15_12_2010        Videha_15_12_2010_Tirhuta           72 ६) नारी विशेषांक ७७म अंक ०१ मार्च २०११ Videha_01_03_2011        Videha_01_03_2011_Tirhuta           77 ७) अनुवाद विशेषांक (गद्य-पद्य भारती) ९७म अंक Videha_01_01_2012 Videha_01_01_2012_Tirhuta           97 ८) बाल गजल विशेषांक विदेहक अंक १११ म अंक, १ अगस्त २०१२ Videha_01_08_2012        Videha_01_08_2012_Tirhuta           111 ९) भक्ति गजल विशेषांक १२६ म अंक, १५ मार्च २०१३ Videha_15_03_2013        Videha_15_03_2013_Tirhuta           126 १०) गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक १४२ म, अंक १५ नवम्बर २०१३ Videha_15_11_2013        Videha_15_11_2013_Tirhuta           142 ११) काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक १६९ म अंक १ जनवरी २०१५ Videha_01_01_2015 १२) अरविन्द ठाकुर विशेषांक १८९ म अंक १ नवम्बर २०१५ Videha_01_11_2015 १३) जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक १९१ म अंक १ दिसम्बर २०१५ Videha_01_12_2015 १४) विदेह सम्मान विशेषा‍क- २००म अ‍क १५ अप्रैल २०१६/ २०५ म अ‍क १ जुलाई २०१६ Videha_15_04_2016 Videha_01_07_2016 १५) मैथिली सी.डी./ अल्बम गीत संगीत विशेषांक- २१७ म अंक ०१ जनवरी २०१७ Videha_01_01_2017 १६) मैथिली वेब पत्रकारिता विशेषांक VIDEHA 313 लेखकसं आमंत्रित रचनापर आम‍ंत्रित आलोचकक टिप्पणीक शृंखला १७) मैथिली बीहनि कथा विशेषांक-२ VIDEHA 317 १८) रामलोचन ठाकुर विशेषांक VIDEHA 319 १९) रामलोचन ठाकुर श्रद्धांजलि विशेषांक VIDEHA 320 २०) राजनन्दन लाल दास विशेषांक VIDEHA 333 लेखकक आमंत्रित रचना आ ओइपर आमंत्रित समीक्षकक समीक्षा सीरीज १. कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी विदेहक दू सए नौम अंक Videha_01_09_2016 "पाठक हमर पोथी किए पढ़थि"- लेखक द्वारा अप्पन पोथी/ रचनाक समीक्षा सीरीज १. आशीष अनचिन्हार 'विदेह' क ३२७ म अंक ०१ अगस्त २०२१ एडिटर्स चोइस सीरीज एडिटर्स चोइस सीरीज-१ विदेहक १२३ म (०१ फरबरी २०१३) अंकमे बलात्कारपर मैथिलीमे पहिल कविता प्रकाशित भेल छल। ई दिसम्बर २०१२ क दिल्लीक निर्भया बलात्कार काण्डक बादक समय छल। ओना ई अनूदित रचना छल, तेलुगुमे पसुपुलेटी गीताक एहि कविताक हिन्दी अनुवाद केने छलीह आर. शांता सुन्दरी आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद केने छलाह विनीत उत्पल। हमर जानकारीमे एहिसँ बेशी सिहराबैबला कविता कोनो भाषामे नहि रचल गेल अछि। सात सालक बादो ई समस्या ओहने अछि। ई कविता सभकेँ पढ़बाक चाही, खास कऽ सभ बेटीक बापकेँ, सभ बहिनक भाएकेँ आ सभ पत्नीक पतिकेँ। आ विचारबाक चाही जे हम सभ अपना बच्चा सभ लेल केहन समाज बनेने छी। एडिटर्स चोइस सीरीज-१ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-२ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच ब्रेस्ट कैसरक समस्यापर विदेह मे मीना झा केर एकटा लघु कथा प्रकाशित भेल। ई मैथिलीक पहिल कथा छल जे ब्रेस्ट कैसर पर लिखल गेल। हिन्दीमे सेहो ताधरि एहि विषयपर कथा नहि लिखल गेल छल, कारण एहि कथाक ई-प्रकाशित भेलाक १-२ सालक बाद हिन्दीमे दू गोटेमे घोंघाउज भऽ रहल छल कि पहिल हम आकि हम, मुदा दुनूक तिथि मैथिलीक कथाक परवर्ती छल। बादमे ई विदेह लघु कथामे सेहो संकलित भेल। एडिटर्स चोइस सीरीज-२ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-३ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिलक किछु बाल कविता प्रकाशित भेल। बादमे हुनकर ३ टा बाल कविता विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल जाहिमे २ टा कविता बेबी चाइल्डपर छल। पढ़ू ई तीनू कविता, बादक दुनू बेबी चाइल्डपर लिखल कविता पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-३ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-४ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदानन्द झा मनुक एकटा दीर्घ बाल कथा कहि लिअ बा उपन्यास प्रकाशित भेल, नाम छल चोनहा। बादमे ई रचना विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल, ई रचना बाल मनोविज्ञानपर आधारित मैथिलीक पहिल रचना छी, मैथिली बाल साहित्य कोना लिखी तकर ट्रेनिंग कोर्समे एहि उपन्यासकेँ राखल जेबाक चाही। कोना मॊडर्न उपन्यास आगाँ बढ़ै छै, स्टेप बाइ स्टेप आ सेहो बाल उपन्यास। पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-४ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-५ एडिटर्स चोइस ५ मे मैथिलीक "उसने कहा था" माने कुमार पवनक दीर्घकथा "पइठ" (साभार अंतिका) । हिन्दीक पाठक, जे "उसने कहा था" पढ़ने हेता, केँ बुझल छन्हि जे कोना अहि कथाकेँ रचि चन्द्रधर शर्मा ’गुलेरी’ अमर भऽ गेलाह। हम चर्चा कऽ रहल छी, कुमार पवनक "पइठ" दीर्घकथाक। एकरा पढ़लाक बाद अहाँकेँ एकटा विचित्र, सुखद आ मोन हौल करैबला अनुभव भेटत, जे सेक्सपीरिअन ट्रेजेडी सँ मिलितो लागत आ फराको। मुदा एहि रचनाकेँ पढ़लाक बाद तामस, घृणा सभपर नियंत्रणकेँ आ सामाजिक/ पारिवारिक दायित्वकेँ सेहो अहाँ आर गंभीरतासँ लेबै, से धरि पक्का अछि। मुदा एकर एकटा शर्त अछि जे एकरा समै निकालि कऽ एक्के उखड़ाहामे पढ़ि जाइ। एडिटर्स चोइस सीरीज-५ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-६ जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा "बिसाँढ़": १९४२-४३ क अकालमे बंगालमे १५ लाख लोक मुइला, मुदा अमर्त्य सेन लिखैत छथि जे हुनकर कोनो सर-सम्बन्धी एहि अकालमे नहि मरलन्हि। मिथिलोमे अकाल आएल १९६७ ई. मे आ इन्दिरा गाँधी जखन एहि क्षेत्र अएली तँ हुनका देखाओल गेल जे कोना मुसहर जातिक लोक बिसाँढ़ खा कऽ एहि अकालकेँ जीति लेलन्हि। मैथिलीमे लेखनक एकभगाह स्थिति विदेहक आगमनसँ पहिने छल। मैथिलीक लेखक लोकनि सेहो अमर्त्य सेन जेकाँ ओहि महाविभीषिकासँ प्रभावित नहि छला आ तेँ बिसाँढ़पर कथा नहि लिखि सकला। जगदीश प्रसाद मण्डल एहिपर कथा लिखलन्हि जे प्रकाशित भेल चेतना समितिक पत्रिकामे, मुदा कार्यकारी सम्पादक द्वारा वर्तनी परिवर्तनक कारण ओ मैथिलीमे नहि वरण् अवहट्ठमे लिखल बुझा पड़ल, आ ओतेक प्रभावी नहि भऽ सकल कारण विषय रहै खाँटी आ वर्तनी कृत्रिम। से एकर पुनः ई-प्रकाशन अपन असली रूपमे भेल विदेहमे आ ई संकलित भेल "गामक जिनगी" लघुकथा संग्रहमे। एहि पोथीपर जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ टैगोर लिटरेचर अवार्ड भेटलनि। जगदीश प्रसाद मण्डलक लेखनी मैथिली कथाधाराकेँ एकभगाह हेबासँ बचा लेलक, आ मैथिलीक समानान्तर इतिहासमे मैथिली साहित्यकेँ दू कालखण्डमे बाँटि कऽ पढ़ए जाए लागल- जगदीश प्रसाद मण्डलसँ पूर्व आ जगदीश प्रसाद मण्डल आगमनक बाद। तँ प्रस्तुत अछि लघुकथा बिसाँढ़- अपन सुच्चा स्वरूपमे। एडिटर्स चोइस सीरीज-६ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-७ मैथिलीक पहिल आ एकमात्र दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफी। सन्दीप कुमार साफीक दलित आत्मकथा जे अहाँकेँ अपन लघु आकाराक अछैत हिलोड़ि देत आ अहाँक ई स्थिति कऽ देत जे समानान्तर मैथिली साहित्य कतबो पढ़ू अहाँकेँ अछौं नहि होयत। ई आत्मकथा विदेहमे ई-प्रकाशित भेलाक बाद लेखकक पोथी "बैशाखमे दलानपर"मे संकलित भेल आ ई मैथिलीक अखन धरिक एकमात्र दलित आत्मकथा थिक। तँ प्रस्तुत अछि मैथिलीक पहिल दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफीक कलमसँ। एडिटर्स चोइस सीरीज-७  (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-८ नेना भुटकाकेँ रातिमे सुनेबा लेल किछु लोककथा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-८ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-९ मैथिली गजलपर परिचर्चा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-९ (डाउनलोड लिंक) जगदीश प्रसाद मण्डल जीक ६५ टा पोथीक नव संस्करण विदेहक २३३ सँ २५० धरिक अंकमे धारावाहिक प्रकाशन  नीचाँक लिंकपर पढ़ू:- Videha_15_05_2018 Videha_01_05_2018 Videha_15_04_2018 Videha_01_04_2018 Videha_15_03_2018 Videha_01_03_2018 Videha_15_02_2018 Videha_01_02_2018 Videha_15_01_2018 Videha_01_01_2018 Videha_15_12_2017 Videha_01_12_2017 Videha_15_11_2017 Videha_01_11_2017 Videha_15_10_2017 Videha_01_10_2017 Videha_15_09_2017 Videha_01_09_2017 विदेह ई-पत्रिकाक  बीछल रचनाक संग- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ रचनाक एकटा समानान्तर संकलन: विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) देवनागरी विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) तिरहुता विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) देवनागरी विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०) तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]देवनागरी विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]  तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]- दोसर संस्करण देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ]देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ] तिरहुता विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]देवनागरी विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]  तिरहुता विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ]देवनागरी विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ] तिरहुता विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ]देवनागरी विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ] तिरहुता विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ]देवनागरी विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ] तिरहुता विदेह:सदेह ११ विदेह:सदेह १२ विदेह:सदेह १३ The readers of English translations of Maithili Novel "sahasrabadhani" and verse collection "sahasrabdik chaupar par" has intimated that the English translation has not been able to grasp the nuances of original Maithili. Therefore the Author has started translating his Maithili works in English himself. After these translations are complete these would be the official translations authorised by the Author of the original works.-Editor Maithili Books can be downloaded from: https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार सहित) सूचना/ घोषणा "विदेह सम्मान" समानान्तर साहित्य अकदेमी पुरस्कारक नामसँ प्रचलित अछि। "समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार" (मैथिली), जे साहित्य अकादेमीक मैथिली विभागक गएर सांवैधानिक काजक विरोधमे शुरु कएल छल, लेल अनुशंसा आमन्त्रित अछि। अनुशंसा २०१९ आ २०२० बर्ख लेल निम्न कोटि सभमे आमन्त्रित अछि: १) फेलो २)मूल पुरस्कार ३)बाल-साहित्य ४)युवा पुरस्कार आ ५) अनुवाद पुरस्कार। पुरस्कारक सभ क्राइटेरिया साहित्य अकादेमी, दिल्लीक समानान्तर पुरस्कारक समक्ष रहत, जे एहि लिंक sahitya-akademi.gov.in पर उपलब्ध अछि। अपन अनुशंसा editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम्: VIDEHA: AN IDEA FACTORY (c)२००४-२०२२. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHAसम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। सह-सम्पादक: डॉ उमेश मंडल। सहायक सम्पादक: राम वि‍लास साहु, नन्द विलास राय, सन्दीप कुमार साफी आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)। सम्पादक- नाटक-रंगमंच-चलचित्र- बेचन ठाकुर। सम्पादक- सूचना-सम्पर्क-समाद- पूनम मंडल। सम्पादक -स्त्री कोना- इरा मल्लिक। रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि)editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार ऐ ई-पत्रिकाकेँ छै, आ से हानि-लाभ रहित आधारपर छै आ तैँ ऐ लेल कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत।  एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। (c) 2004-2022 सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। ५ जुलाई २००४ केँ http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसरिक गाछ”- मैथिली जालवृत्तसँ प्रारम्भ इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् 'विदेह' ३३८ म अंक १५ जनवरी २०२२ (वर्ष १५ मास १६९ अंक ३३८) विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन मानुषीमिह संस्कृताम् ISSN 2229-547X VIDEHA ISSN 2229-547X VIDEHA

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