VIDEHA — Issue 340 / अंक ३४०

Publication: VIDEHA · Issue: 340
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'विदेह' ३४० म अंक १५ फरबरी २०२२ (वर्ष १५ मास १७० अंक ३४०) ऐ अंकमे अछि:- १. गजेन्द्र ठाकुर- संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] २. गद्य २.१.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- २५म खेप २.२.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर- ३७म खेप २.३.डॉ. किशन कारीगर-भगम भग्गी फैशन (हास्य कटाक्ष) २.४.मुन्नाजी- बीहनि कथा-भार उघैत ३. पद्य ३.१.आशीष अनचिन्हार- दूटा गजल ३.२.डाॅ किशन कारीगर- मिथिला मैथिली के ठीकेदारी? (हास्य कविता) Go to the link below for download of old issues of VIDEHA Maithili e magazine in .pdf format and Maithili Audio/ Video/ Books/ paintings/ photo files. विदेहक पुरान अंक आ ऑडियो/ वीडियो/ पोथी/ चित्रकला/ फोटो सभक फाइल सभ डाउनलोड करबाक हेतु नीचाँक लिंक पर जाउ। VIDEHA ARCHIVE विदेह पेटार View Videha googlegroups (since July 2008) view Videha Facebook Official Group (since January 2008)- for announcements १. गजेन्द्र ठाकुर ........................................................................................................................ ........................................................................................................................ [संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री] [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] यू. पी. एस. सी. (मेन्स) २०२० ऑप्शनल: मैथिली साहित्य विषयक टेस्ट सीरीज यू.पी.एस.सी. क प्रिलिमिनरी परीक्षा २०२० सम्पन्न भऽ गेल अछि। जे परीक्षार्थी एहि परीक्षामे उत्तीर्ण करताह आ जँ मेन्समे हुनकर ऑप्शनल विषय मैथिली साहित्य हेतन्हि तँ ओ एहि टेस्ट-सीरीजमे सम्मिलित भऽ सकैत छथि। टेस्ट सीरीजक प्रारम्भ प्रिलिम्सक रिजल्टक तत्काल बाद होयत। टेस्ट-सीरीजक उत्तर विद्यार्थी स्कैन कऽ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकैत छथि, जँ मेलसँ पठेबामे असोकर्ज होइन्हि तँ ओ हमर ह्वाट्सएप नम्बर 9560960721 पर सेहो प्रश्नोत्तर पठा सकैत छथि। संगमे ओ अपन प्रिलिम्सक एडमिट कार्डक स्कैन कएल कॉपी सेहो वेरीफिकेशन लेल पठाबथि। परीक्षामे सभ प्रश्नक उत्तर नहि देमय पड़ैत छैक मुदा जँ टेस्ट सीरीजमे विद्यार्थी सभ प्रश्नक उत्तर देताह तँ हुनका लेल श्रेयस्कर रहतन्हि। विदेहक सभ स्कीम जेकाँ ईहो पूर्णतः निःशुल्क अछि।- गजेन्द्र ठाकुर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज (मुख्य) परीक्षा, २०२० मैथिली (ऐच्छिक) लेल टेस्ट सीरीज/ प्रश्न-पत्र- १ आ २ TEST SERIES-1 TEST SERIES-2 [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल/ FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI] NTA_UGC_NET_MAITHILI_01 NTA_UGC_NET_MAITHILI_02 NTA_UGC_NET_MAITHILI_03 (श्री शम्भु कुमार सिंह द्वारा संकलित) Videha e-Learning MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) UPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS BPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (ऐच्छिक) मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (अनिवार्य) मैथिली प्रश्नपत्र- बी.पी.एस.सी.(ऐच्छिक) मैथिलीक वर्तनी १ भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 ........................................................................................................................ MAITHILI (OPTIONAL) TOPIC 1    [Place of Maithili in Indo-European Language Family/ Origin and development of Maithili language (Sanskrit, Prakrit, Avhatt, Maithili) भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान/ मैथिली भाषाक उद्भव ओ विकास (संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली)] TOPIC 2    (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) TOPIC 3    (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतय समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होयत, लेखनीमे प्रवाह आयत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भय सकत।) TOPIC 4                (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) TOPIC 5                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) TOPIC 6                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) TOPIC 7                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) TOPIC 8                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) TOPIC 9                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) TOPIC 10               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) TOPIC 11               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) TOPIC 12               (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) TOPIC 13               (तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास) TOPIC 14                 (आधुनिक नाटकमे चित्रित निर्धनताक समस्या- शम्भु कुमार सिंह)् TOPIC 15                 (स्वातंत्र्योत्तर मैथिली कथामे सामाजिक समरसता- अरुण कुमार सिंह) TOPIC 16                 (यू. पी.एस.सी. मैथिली प्रथम पत्रक परीक्षार्थी हेतु उपयोगी संकलन, मैथिलीक प्रमुख उपभाषाक क्षेत्र आ ओकर प्रमुख विशेषता, मैथिली साहित्यक आदिकाल, मैथिली साहित्यक काल-निर्धारण- शम्भु कुमार सिंह) TOPIC 17                (मैथिली आ दोसर पुबरिया भाषाक बीचमे सम्बन्ध (बांग्ला, असमिया आ ओड़िया) [यू.पी.एस.सी. सिलेबस, पत्र-१, भाग-“ए”, क्रम-५]) TOPIC 18                 [मैथिली आ हिन्दी/ बांग्ला/ भोजपुरी/ मगही/ संथाली- बिहार लोक सेवा आयोग (बी.पी.एस.सी.) केर सिविल सेवा परीक्षाक मैथिली (ऐच्छिक) विषय लेल] ........................................................................................................................ GENERAL STUDIES (PRELIMINARY & MAINS) GS (Pre) TOPIC 1 GS (Mains) NCERT-ENVIRONMENT CLASS XI-XII NCERT PDF I-XII TN BOARD PDF I-XII ALL INDIA RADIO ENGLISH NEWS ALL INDIA RADIO NEWS ARCHIVE ALL INDIA RADIO TALKS AND CURRENT AFFAIRS RAJYA SABHA TV NEWS DISCUSSIONS SANSAD TV OTHER OPTIONALS IGNOU eGYANKOSH (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर २. गद्य २.१.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- २५म खेप २.२.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर- ३७म खेप २.३.डॉ. किशन कारीगर-भगम भग्गी फैशन (हास्य कटाक्ष) २.४.मुन्नाजी- बीहनि कथा-भार उघैत जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- २५.सपता-विपताक कथा जिनगी (?) रायपुरमे मैथिली : समता कॉलोनीमे हमर आवासक लगेमे श्रीचन्द्र झाजीक आवास छलनि | झाजी बरदेपुर गामक छलाह, सासुर कटैया छलनि | शासकीय विभागमे इंजिनियर    छलाह | हुनका सभसँ अधिक काल भेंट-घाँट भ’ जाइत छल | झाजीक बहिन-बहिनो कुशालपुर मोहल्लामे रहैत छलखिन | बहिनो छलखिन शोभाकान्त झा | शोभाकान्त बाबू सेवानिवृत शिक्षक छलाह आ साहित्यकार सेहो छलाह |हुनक मैथिली गीतक पोथी ‘राजा जनक जी के बाग़मे’ प्रकाशित छलनि | ओ मैथिली पत्रिका ‘मिथिलायतन’क सम्पादक सेहो छलाह | मैथिलीक कार्यक्रम सबहक आयोजन करैत छलाह शोभाकान्त बाबू | हुनक पुत्र संदीपजी जे भिलाइमे इंजिनियर छलखिन सेहो मैथिली कार्यक्रम सभमे रूचि लैत छलाह | शोभाकान्त बाबूक  एकटा बेटी-जमाय सेहो ओही मोहल्लामे रहैत छलखिन आ ओहो सभ मैथिली कार्यक्रममे रूचि लैत छलाह | हुनका सभसँ परिचय भेल, नीक लागल | पुरानी बस्तीमे बहुत मैथिल छलाह | ओत’ सरयूकान्त झा जीसँ परिचय भेल | ओ सभ मधुबनी लगक भरिसक हरिपुर गामसँ बहुत पहिने गेल छलाह, ओ अवकाशप्राप्त प्राचार्य छलाह | हुनकर सबहक भाषा मैथिली नहि रहि गेल छलनि | ओ सभ छत्तीसगढ़ी आ हिन्दीमे गप करैत छलाह | विधि-व्यवहारमे मिथिलाक  संस्कार बचाक’ रखने छलाह आ अपनाकें मैथिल कहैत-बुझैत छलाह | गणेश मन्दिरपर सप्ताहमे एक दिन भरिसक रविदिनक’ साँझमे कीर्तन, रामचरित मानसक पाठ होइत छलैक, बहुत गोटे जुटैत छलाह, हरमुनियाँ, ढोलक,झालि बजैत छलै |कहियोक’ अष्टियाम सेहो होइ छलै | एक बेर हमहूँ सम्मिलित भेल छी | रायपुरमे बहुत मैथिल छलाह जिनकर पूर्वज बहुत पहिने आएल छलखिन, हुनकर मातृभाषा मैथिली नहि रहि गेल छलनि, ओ सभ छत्तीसगढ़ी,हिन्दी, अंग्रेजी बजैत छलाह | 2002 मे  24 फरबरीक’ छत्तीसगढ़ मैथिल ब्राह्मण सभाक सम्मेलनमे हमहूँ उपस्थित छलहुँ | ओहि सभामे विद्यापतिक नामपर एकटा इंजीनियरिंग कॉलेज खोलबाक प्रस्ताव पारित भेल रहै | अशोक चौधरी अध्यक्ष चुनल गेल छलाह | ओ राजनन्दगाँवक छलाह | ओहि सभामे क्यो कविवर सीताराम झाक कविताक उल्लेख केने छलाह : ‘पढ़ि-लिखिक’ जे नहि बजै छथि मातृभाषा मैथिली मोन होइछ झुटकासँ हुनकर कान दूनू ऐंठ ली |’ सरयू कान्त बाबू कहलखिन ‘ इसे ठीक से समझने की जरूरत है,यह उनके लिए कहा गया है जिनकी मातृभाषा मैथिली है और मैथिली नहीं बोलते हैं |’ हुनका सभकेँ मैथिली बाजब आब बहुत कठिनाह लगैत छनि, तथापि ओ सभ अपनाकें मैथिल कहनाइ नै छोड़ने छथि, बल्कि ताहिसँ गौरवान्वित अनुभव करैत छथि | तें ‘मिथिलायतन’ पत्रिकामे मैथिली आ हिन्दी दुनू भाषामे रचना सभ छपैत छलै | विद्यापति पर्वमे कार्यक्रम मैथिली आ हिन्दी दुनूमे चलैत छलै |एक बेर आकाशवाणी दरभंगाक गीत आ नाटक प्रभाग द्वारा मैथिलीमे बहुत आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत भेल छलै | ई टीम भिलाइमे सेहो अपन प्रस्तुति देलक | पंजाब नेशनल  बैंकक प्रबन्धक छलाह उमा शंकर झा जे दुल्हा गामक छलाह | हुनकासँ परिचय भेल | ओ विशुद्ध मैथिलीमे एकटा पत्रिका निकालबाक विचार केलनि, किछु काज भेलै मुदा बादमे मैथिली भाषी आ अमैथिली भाषी सबहक बीच एकता  प्रभावित हेबाक आशंकासँ ई कार्यक्रम स्थगित भ’ गेल | एत’ मैथिल लोकनि पुत्र-पुत्री सभकें शिक्षाक समान अबसर दैत भेटलाह | पुत्रीक इच्छा-आकांछाक आदर करैत लोक भेटलाह | पुत्रीक इच्छानुसार  विवाहक स्वीकृति देबामे उदारता  देखबैत लोक सभ भेटलाह | एकटा प्रतिष्ठित परिवारक मुखिया कहलनि जे हुनकर छोट पुत्री जे कृषि महाविद्यालयमे व्याख्याता छलखिन, एकटा बंगाली ब्राह्मण परिवारक लड़काक संग विवाहक अनुमति मंगलखिन, लड़का बिल्डर छलाह, कन्याकें ठीकसँ सोचि-विचारि लेबाक सलाह देलखिन आ अन्ततः कन्याक परिपक्व  निर्णयकें स्वकृति द’ क’   सभकें सही सूचना दैत शुभ-शुभक’ विवाह करा देलखिन | ओ कहलनि जे दुनू परिवारक सलाहसँ बेटी जाधरि नैहरमे छलीह ताधरि मैथिल ब्राह्मणक रीतिसँ आ जखन सासुर गेलीह त ओहि समाजक रीतिसँ सभ कार्यक्रम भेलै | हुनक जेठ कन्या इंजिनियर छलखिन |  बादमे हुनकर विवाह भेलनि | ओ मैथिले ब्राह्मण परिवारमे विवाह कर’ चाहैत छलीह, तें बिहारेक एकटा मैथिल ब्राह्मण इंजिनियर लड़कासँ हुनकर विवाह भेलनि | ओहि विवाहमे हमहूँ उपस्थित रही | दूधाधारी मठक सत्संग भवनमे 20  जून 2002क’ ओ समारोह आयोजित भेल छलै | बहुत विधि-व्यवहार परिचित लागल छल |लड़का पक्षक लोक सभ मैथिली भाषी छलाह | एकटा डेंटिस्टसँ सम्पर्क केलहुँ, मैथिल ब्राह्मण छलाह, नाममे झा जोड़ल छलनि | पत्नी सेहो डेंटिस्ट छलखिन, हुनकर  नाममे  दोसर किछु जोड़ल छलनि | डॉक्टर साहेब कहलनि जे दुनू गोटे एके कॉलेजमे पढैत छलाह, बादमे पति-पत्नी बनि गेलाह,पत्नी गुजराती छथिन | हमरा अपन जेठ कन्याक लेल ओतहु लड़का तकबाक मोन भेल | एक दिन शरद बाबूक संग प्रसन्न कुमार ठाकुरजी ओत’ गेल रही |  हुनकर पुत्र एम आर छलखिन, अपने कोनो नोकरीसँ सेवामुक्त छलाह | ओ कहलनि जे अगिला साल बालकक विवाह करताह | हुनक टिप्पणी रहनि जे अधिकतर बिहारक मैथिल ब्राह्मण सभ अपन बेटाक विवाह बिहारेमे कर’ चाहैत छथि, मुदा बेटीक विवाह एमहर कर’ चाहैत छथि | एक गोटे भेटलाह जे शिक्षक छलाह,हुनक पत्नी सेहो शिक्षा-सेवामे छलखिन | हुनक पुत्र कोनो खदानमे अधिकारीक पदपर काज करैत छलखिन | ओ अपने हिन्दी भाषी मैथिल ब्राह्मण छलाह, पत्नी ओही ठामक अग्रवाल परिवारसँ आएल छलखिन | हुनका ओत’ गेल रही | नीक लागल रह्य |  हुनका फोटो आ बायोडाटा देने रहियनि | बादमे मैथिली-हिन्दीक कारण हमरा घरमे मतैक्य नहि भ’ सकल | हुनका कहि देलियनि | ओहो फोटो आ बायोडाटा घुरा देलनि | हमरा अनुभव भेल जे मैथिली-हिन्दी ल’क’ आपसमे ठीकसँ गप नै भ’ पबैत अछि | असलमे जत’ प्रेम उपस्थित भ’ जाइत छैक,ओत’ भाषा सेहो बाधा नै बनैत छै,मुदा प्रेम हेबाक लेल भाषाक योगदानक  सेहो अधिक ठाम नीक भूमिका रहैत छैक | रायपुरक निकट भिलाइ आ राजनंदगाँवमे सेहो मैथिल सभ रहैत छथि | एक बेर रायपुरसँ बरियातीमे राजनंदगाँव गेल रही | ओहि बरियातीमे जे सभ गेल छलाह ओहिमे किछु गोटे  ओहि ठामक चलनक अनुसार नचैत छलाह,से हमरा नीक नै लागल रह्य किएक त हम एना अपना सभ दिस नै देखने रहिऐ | भोजनमे दुराग्रह एम्हरे जकाँ देखल | विद्यापति भवनमे आयोजित सभामे दू बेर गेलहुँ | बहुत गोटेसँ परिचय भेल | ओतहु वैह | किछु गोटे मैथिली भाषी, किछु अमैथिली भाषी | अमैथिली भाषीमे मनीष कुमार झा युवा आ चर्चित नाम छलाह | मैथिली भाषी सबहक इच्छा होइत छलनि जे शेष मैथिल सभ सेहो मैथिली सीखथि, लीखथि आ बाजथि, मुदा हुनका सबहक लेल ई काज ओतबे कठिन भ’ गेल छलनि जतेक  कठिन हमरा सभमेसँ  अधिक लोकक लेल आब  मिथिलाक्षरमे लीखब भ’ गेल अछि | राधा कृष्ण झा,अरुण कुमार झा,जयेश झा(अरेड़क),अरविन्द कुमार मिश्र           ( भवानीपुरक),कवीन्द्र झा,विभाकर ठाकुर (समौलक),शशिकांत झा,कार्तिकेश झा,प्रफुल्लजी,सत्येन जी  आदि लोकनि सभसँ सेहो भेंट-घाँट आ परिचय भेल | राधा कृष्ण बाबू संगीतक क्षेत्रमे पैघ नाम छलाह आ शासकीय सेवासँ अवकाश प्राप्त केने छलाह, तथापि दूरदर्शनमे सेवा दैत छलाह | अरुण कुमार झा जी रायपुर इंजीनियरिंग कॉलेजमे प्रोफेसर छलाह | अरविन्द कुमार मिश्रजी इंजिनियर छलाह | कवीन्द्र झाजी इंगलिश स्पोकन कोर्स चलबैत छलाह | कार्तिकेश झा शिक्षा सेवामे छलाह, बादमे मुख्य मंत्रीक कार्यालयमे चर्चित नाम भेलाह | विभाकर ठाकुरजी भिलाइमे सेन्ट्रल बैंकक कोनो शाखामे काज करैत छलाह | जयेशजी सभ सामाजिक काजमे सक्रिय रहैत छलाह, कोनो नोकरीमे छलाह आ एकटा पुत्र इंजीनियरिंगक पढाइ क’ रहल छलखिन | प्रफुल्लजी साहित्यकार-पत्रकार छलाह | रायपुरमे किछु भोजमे सेहो सम्मिलित हेबाक अवसर भेटल | 14,15  अगस्त 2005 क’ सुमनजीक पिताक एकादशा-द्वादशा छलनि, जयेश जी  नोत द’ गेल छलाह | उमाशंकरजीक संग भोजमे सम्मिलित भेलहुँ | ओत’ मेघौलक चौधरीजी  आ पनिचोभक चौधरी जीसँ सेहो परिचय भेल | मेघौलक चौधरीजी पंजाब एंड सिन्ध बैंकमे सहायक प्रबंधक छलाह | अरुण कुमार झाजीक आवासपर सेहो कोनो भोजमे सम्मिलित भेल छी | भोज सबहक विन्यास परिचित लागल,आकर्षक लागल | हमरा गामक अनिल कुमार ठाकुरजी  ओरिएण्टल बैंक ऑफ़ कॉमर्समे हेड केशियर छलाह,भेंट भेल, बहुत नीक लागल | ओ रायपुरमे घर बनौलनि, पिताजी एत’ रहिक’ बहुत सहयोग केलखिन | समय-समयपर हमरा सबहक भेंट-घाँट होइत रहैत  छल | वीर सावरकर नगरमे रतन मिश्रजीसँ भेंट भेल,परिचय भेल |ओ एक समय सिवान मे नोकरीमे छलाह,वर्तमानमे वूलवर्थ कम्पनीमे काज करैत छलाह | आंचलिक कार्यालयमे हम : आंचलिक कार्यालयमे हमरा दू टा विभागक देख-रेखक काज देल गेल छल  : ग्रामीण विकास आ योजना-विकास | दुनू विभागमे आरम्भमे दू-दू टा अधिकारी छलाह | दूनू विभागक मुख्य काज छलै : केन्द्रीय कार्यालयसँ प्राप्त सर्कुलरक अनुसार विभिन्न योजनाक क्रियान्वयन शाखा स्तरपर सुनिश्चित करबाक लेल क्षेत्रीय कार्यालय सभकें आ अग्रणी बैंक कार्यालय सभकें उचित दिशा-निर्देश जारी करब, क्षेत्रीय कार्यालय सबहक माध्यमसँ शाखा सबहक प्रगतिक आँकड़ा प्राप्त कय ओहिसँ सम्पूर्ण अंचलक आँकड़ा तैयार क’ क’ केन्द्रीय कार्यालयकें प्रेषित करब, राज्य स्तरपर दुनू विभागसँ सम्बंधित बैसक सभमे ( जाहिमे नाबार्ड द्वारा आयोजित बैसक सेहो छल ) भाग लेब आ बैसकमे लेल गेल निर्णयसँ सम्बंधित सभ कार्यालय आ अधिकारी लोकनिकें सूचित करब आ ओकर क्रियान्वयन सुनिश्चित करबाक लेल आवश्यक पत्राचार आ सम्पर्क करब | दू टा मुख्य प्रबंधक आ आंचलिक प्रबंधक महोदय हमर अभिभावक छलाह | हुनका लोकनिक  मार्गदर्शनमे सभ काज करबाक छल | आंचलिक कार्यालयमे हमर समकक्ष तीन गोटे और छलाह जे कार्मिक,परिचालन आ विधि विभागमे छलाह | रायपुर अंचलमे पाँचटा क्षेत्रीय कार्यालय छलै : रायपुर, शहडोल, अम्बिकापुर,जबलपुर आ छिंदवाड़ा | एत’ एलाक बाद वर्मा साहेबक मधुर पक्षसँ परिचित भेलहुँ | सभ अधिकारी-कर्मचारी लग जाक’ हाथ मिलबैत छलाह, कुशल-क्षेम पुछैत छलाह | सेवा निवृतिक समय लग आबि गेल छलनि,मुदा अनुशासनप्रियता एखनहुँ ओतबे छलनि | एक साँझ  हुनका सम्मानमे आंचलिक कार्यालय स्टाफ मनोरंजन क्लब दिससँ छत्तीसगढ़ क्लबमे आयोजित भोजमे आंचलिक कार्यालयक अधिकारी लोकनिक संग हमहूँ  रही | ठाढ़ भ’ क’ सभ गोटे प्लेटमे ल’क’ भोजन करैत छलाह | सभ गोटेक भोजन समाप्त भ’ गेल छलनि, हमरा आ साहूजी ( वरिष्ठ प्रबंधक,कार्मिक विभाग)क हाथमे प्लेट रहबे करय | वर्मा साहेब आनन्दित भए चुटकुला सुना रहल छलाह | सभ गोटे चुटकुलापर ठहक्का मारिक’ हँसैत छलाह | वर्मा साहेब हमरा आ साहूजीकें कहलनि, नजदीक आओ यार, चुटकुला सुनो और अच्छा नहीं लगे तब भी जोर से हँसो | हम सभ कनी लग गेलहुँ | हुनकर बातक समर्थनमे अति उत्साहमे आबि गेलाह वरिष्ठ प्रबंधक,राजभाषा आ  हमरा हाथक प्लेट छीनिक’ नीचाँ पटकैत बजलाह, ‘हाँ सर, प्लेट तोड़कर हँसा जाय |’ प्लेट नीचाँ खसलै आ फूटि गेलै, खाए जोग्य त कनिएँ वस्तु बाँचल छलै, जे छलै से नीचाँ छिड़िया गेलै | तकरा बाद वर्मा साहेबक तामस जागि गेलनि | बड्ड गन्जन केलखिन हुनका | सभ कियो अबाक ! हम कहलियनि जे हम भोजन क’ चुकल छलहुँ, हुनकर कहब रहनि ‘ये लोग क्या समझेंगे कि इतने असभ्य होते हैं ये लोग !’ वरिष्ठ प्रबंधक,राजभाषा नीक लोक छलाह, मुदा चुटकुला सुनैत-सुनैत भावावेशमे आबि गेल छलाह आ एक छण लेल  बिसरि गेलाह जे चुटकुला सुनबै बला एखनो हमर आंचलिक प्रबंधक महोदय छथि | ओ माफी मँगलखिन तथापि बड़ी काल धरि डाँट-फटकार सून’ पड़लनि | जहिना सभ ठहक्का मारिक’ हँसैत छलाह, तहिना ओत’ एकदम मरघटक शान्ति उपस्थित  भ’ गेलै | मुख्य प्रबंधक महोदय हुनका कार लग ल’ गेलाह आ चुपचाप सभ कियो अपन-अपन घर गेलाह | आंचलिक कार्यालयमे कंप्यूटरपर वर्ड आ एक्सेलमे काज केनाइ सीखि लेलहुँ | अपनेसँ चिट्ठी टाइप केनाइ आ क्षेत्रीय कार्यालय सभसँ प्राप्त कोनो विवरणक समेकित विवरण तैयार केनाइ सिखलहुँ | एहि लेल ऑफिस समयक बादो एक घंटा अथवा बेशी रहि जाइत छलहुँ | एक दिन दूरदर्शनमे एकटा बैसकमे भाग लेबय गेलहुँ | गुप्ताजी, निदेशक महोदयसँ परिचय भेल | ओ भरिसक सहरसा जिलाक छलाह, रायपुरमे अपन घर बना नेने छलाह, मैथिलीमे हमरासँ गप केलनि त बहुत नीक लागल | हुनका अपन प्रकाशित पोथी देलियनि |ओ हिन्दी कार्यक्रमक लेल  हमरा एकटा कॉन्ट्रैक्ट देबाक इच्छा व्यक्त केलनि | हमरा नीक लागल, मुदा हम कहलियनि जे हम त एखन तीन साल रहब, हमरा अवसर बादमे देब, हमर आंचलिक प्रबंधक महोदय अही मासमे सेवानिवृत होम’ जा रहल छथि, हुनकासँ साक्षात्कारक एकटा कार्यक्रमक व्यवस्था करबाबी त हमरा नीक लागत | ओ कहलनि जे अहाँक आंचलिक प्रबंधक दूरदर्शन लेल सेहो  महत्वपूर्ण भ’ सकैत छथि जँ ओ शासकीय योजनामे बैंक सभक योगदानपर बात करबाक लेल तैयार होथि | हम कहलयनि, तैयार  भ’ जेताह | ओ कहलनि जे एकटा महिला हुनकासँ छत्तीसगढ़ीमे प्रश्न पुछथिन, ओ हिन्दीमे जबाब द’ सकै छथिन | निदेशक महोदय आ सहगल मैडम 23  जनवरीक’ साक्षात्कारक कार्यक्रमक रिकॉर्डिंगक  तिथि निर्धारित केलनि | मैडम  हमरा एकटा रसीद पर हस्ताक्षर करबाक’ पहिने जमा क’ देबाक सलाह देलनि जाहिसँ चेक बनिक’ तैयार रहनि आ साक्षात्कारक बाद हुनका  उपलब्ध भ’ जाइन | हम जखन ऑफिसमे अपन साहेबकें एहि कार्यक्रमक सूचना देलियनि त हुनका नीक त लगलनि कारण भरिसक पहिल बेर एकर अनुभव होइबला रहनि | मुदा हमरा चेतावनी देलनि जे एहि कार्यक्रमक तैयारीक लेल अहीं जबाबदेह हएब | जखन खाली रसीदपर हस्ताक्षर लेल कहलयनि त तमसा गेलाह | कहलनि, अहाँ बैंकमे वरिष्ठ प्रबंधक  छी आ हमरा ब्लैंक रसीदपर हस्ताक्षर कर’ कहैत छी | हुनकर कहब छलनि जे बिना प्राप्त केने किए लीखिक’ दियौ जे पन्द्रह सौ रुपैया प्राप्त केलहुँ | हम साहेबकें नै समझा सकलियनि जे किए आवश्यक छै | सभ ऑफिसक विधि-व्यवहार,  परम्परा आ संस्कृतिमे किछु-किछु अन्तर होइत छैक | हम कतबो कहलियनि, ओ हस्ताक्षर नै केलनि | हम ओ पेपर दूरदर्शनकें घुरा देलिऐ | साहेबकें साक्षात्कारक तैयारीक हेतु ग्रामीण क्षेत्रक सभ योजनाक सार कागजपर लीखिक’ द’ देलियनि | बहुत किछु त बुझले रहनि, फेरसँ देखिक’ किछु चर्चा क’ क’ संतुष्ट भ’ गेलाह | रिकॉर्डिंग दिन हमरो चल’ कहलनि | संगे गेलहुँ | स्टूडियोमे रिकॉर्डिंगसँ पहिने किछु मेक-अप सेहो कएल जाइत छै, से सभ भेलनि | साक्षात्कार आरम्भ भेलै | प्रसन्न मुद्रामे छलाह | हम कातमे रही, सुनैत रही जे की पूछल जाइ छनि आ की जबाब दैत छथिन | मुदा सभ किछु ठीक रह्लै | साक्षात्कार नीक रहलनि | हमरो नीक लागल | कार्यक्रममे कोनो व्यवधान नै होइ, से चिंता छल | मगर एकटा व्यवधान त भइए गेलनि जे साहेबकें एक हजार पांच सय रुपैयाक चेक ओहि दिन नै भेटलनि | कार्यक्रम अधिकारी कहलकनि जे पेपरपर हस्ताक्षर क’क’ पहिने द’ देने रहितिऐ त आइ चेक भेटि जाइत | जाधरि चेक भेटलनि, साहेब कतेक बेर पुछलनि, ‘दूरदर्शन को मुझे पंद्रह सौ देने के लिए पैसे नहीं हैं ?’ वर्मा साहेब हिमाचल प्रदेशक छलाह | अवकाश प्राप्तिक बाद घर जेबाक लेल तिथि   निश्चित भ’ गेल छलनि, तें चिन्ता होइ छलनि | जहिया चेक आबि गेलनि, हुनकासँ बेशी ख़ुशी हमरा भेल | वर्मा साहेब 31जनवरीक’ सेवा निवृत भेलाह, 30 क’ हुनक साक्षात्कारक कार्यक्रम दूरदर्शनपर प्रसारित भेलनि | अंचलमे सभ शाखाकें एहि कार्यक्रमक सूचना द’ देल गेल छलै | बादमे हमरा दूरदर्शनमे एकटा कवि गोष्ठीमे भाग लेबाक अवसर सेहो भेटल जाहिमे तीनटा और साहित्यकार छलाह | गोष्ठीक संचालनक भार सेहो हमरे देल गेल छल | ओहिमे सभ कियो हिन्दी रचना प्रस्तुत केने छलाह | वसन्तक विवाह : वसन्त अर्थशास्त्रमे एम. ए. क’क’ लाइब्रेरी साइंसमे स्नातक भ’ गेल छलीह आ ओहीमे एम.ए.क’ तैयारी क’ रहल छलीह | बाहर रहबाक कारण गाम-घरसँ सम्पर्क नीक नहि रहि गेल छल | रायपुरमे सेहो उपयुक्त कथाक व्यवस्था नहि भ’ सकल | 2002 मे  दू-तीन सप्ताहक लेल गाम, सासुर आ किछु आन ठामक  यात्राक विचार केलहुँ | हमर नेताजी  अग्रवाल साहेब एल.टी.सी.क उपयोग करबाक सुझाव देलनि,क्षेत्रीय प्रबंधक कतहु आन ठाम गेल छलाह,हुनकासँ फोनपर स्वीकृति प्राप्त करबाय रायपुरसँ दिल्ली आ दिल्लीसँ पटनाक प्लेनक टिकट उपलब्ध करबा देने छलाह | परिवारक संग पहिने दिल्ली गेलहुँ | ओत’ हमर बहिन-बहिनो लक्ष्मीनगर आ किछु आन ठाम संपर्क करबाक सुझाव देलनि, ओत’ ओझाजीक संग गेलहुँ | दिल्लीसँ पटना आ ओत’सँ गाम गेलहुँ | गामसँ सासुर लदारी गेलहुँ |ओत’सँ राजू (हमर साढ़ूक पुत्र ) संगे मोटर साइकिलसँ डुमरा, देपुरा,बेलौंजा,मुरलिया चक घूमि साँझमे लदारी गेलहुँ | लदारीसँ छोट सार, जे शिक्षक छलाह,हुनका संग दरभंगा गेलहुँ | दरभंगामे भारतीय स्टेट बैंकक सिटी ब्रांचमे सुशील कुमार झासँ संपर्क केलहुँ, हुनक बालक छत्तीसगढ़क भाटापारा शाखामे पी.ओ.छलखिन | ओ बायोडाटा आ फोटो राखि लेलनि, मुदा संतोषप्रद गप नै भेल | मास्टर साहेब बिन्देजीक संग मोटर साइकिलसँ नभहत आ मधुबनी गेलहुँ | गाम घुरलहुँ त हमर कक्का कहलनि जे एकटा कथा जँ अहाँके पसंद हो त भ’ सकैए | हमरा ई अनुभव भेल अछि जे हम सभ जखन अनकहु  पसन्दक सम्मान कर’ लगैत छी त काज कठिन नहि रहि जाइत अछि | हम जखन पी. ओ. तकैत छलहुँ त कठिन छल, क्लर्क पर विचार कर’ लगलहुँ त आसान भ’ गेल | हम सोचलहुँ हमहूँ त कहियो बैंकमे कृषि सहायकक काज केने छी | हम सभ गेलहुँ राघोपुर | संगमे ककाक अतिरिक्त पितिऔत दिलीप,भातिज सुशील आ मास्टर साहेब  बिन्देजी सेहो छलाह | ककाक एक पुत्रीक विवाह सेहो ओहि टोलमे भेल छलनि | सुशीलक एकटा भौजी सेहो ओही टोलक छलखिन | घर-दरबज्जा आदि देखि सभ गोटेकें कथा पसंद भेलनि | लड़का द’ पता चलल जे बी. एस.सी. क’ क’ एस.एस.सी.क परीक्षा पास क’ क’ कर्मचारी भविष्य निधि संगठनमे मुंबइमे नोकरी करैत छथि | पिता शासकीय सेवामे छ्लखिन  | हुनकासँ गप भेल | कहलनि जे दुर्गा पूजामे बालक एताह तखने किछु गप भ’ सकैत अछि | हमरो सभकें हुनका सबहक विषयमे जानब आसान भेल आ हुनको सभकें हमरा सभक विषयमे आसानीसँ बहुत जानकारी प्राप्त भ’ गेलनि | दुर्गा पूजाक समय हमर अनुज रतनजी राघोपुर जाक’ लड़काकें देखि एलाह | हम मुंबईमे एकटा परिचित लोकक माध्यमसँ लड़काक विषयमे जानकारी प्राप्त केलहुँ, फेर अपनो जाक’ देखि एलहुँ | डोमनहिलमे रही त गुदरीपाड़ाक मनीषसँ परिचय भेल छल, ओ अँधेरीमे रहैत छलाह, कोनो सीरियलक लेल  लीखि रहल छलाह | हुनके संगे गेलहुँ नवी मुंबइमे वाशी स्टेशनसँ जूइनगर स्टेशन लग | अपना बैचक किछु गोटेक संग झाजी एक ठाम रहैत छलाह | सभ गोटेक पोस्टिंग सेहो लगे-लगेमे छलनि | रवि दिन छलै |मनीष संगे पहुँचल रही | जलखै आ भोजन एतेक करबै गेलाह जे अगिला दू दिन धरि किछु खेबाक इच्छा नहि भेल | हमर छोट सार बिन्देजी आ हुनक छोट पुत्र आशुतोष राघोपुर जाक’ शेष  गप क’क’ हमरा जना देलनि, विवाह तय भ’ गेलै | विवाहक तिथिसँ किछु दिन पहिने 2003 मे 25 फरबरीक’ दरभंगा काली मन्दिरस्थानमे भेंट-घाँटक कार्यक्रम निश्चित भेल | राघोपुरसँ ओझाजीक  माए आ बाबू आएल छलखिन | एमहरसँ वसन्तक संग हम दुनू गोटे रही,हमर छोट सार, सरहोजि आ आशुतोष छलाह | ओकरा प्रात हमरा सूचना भेटल जे झाजीक माए बहुत दुखी छथिन | वसन्तक मुँहपर बर्रेक चेन्ह छलै, ओइ दिन ब्लीचिंग भेल रहै से कनी और पसरल लगै छलै, से हुनक चिन्ताक कारण भ’ गेल छलनि जे बेटा ई ने कहय जे तों सभ की देखलहिन | हम हुनका फोन क’ क’ कहलियनि जे चिन्ता नै करू, ई ठीक भ’ जाइबला छै | हुनका ईहो कहि देलियनि जे मोन स्थिर क’ लिय’, एखन देरी नै भेल छै, एत’ नै हेतै त दोसर ठाम हेतै विवाह, अहाँ सबहक मोन नै हएत त नै हेतै | हमरा कहलनि जे एक बेर हमरा बेटीकें सेहो देखा देबाक व्यवस्था करू | सैह भेलै | मधुबनीमे हुनक पुत्री एलखिन | वसन्तक संग हम रही आ आशुतोष  छलाह | वसन्तकें कृष्णादाइसँ भेंट-घाँटक संग  खूब गप-सप भेलनि | कृष्णादाइक स्वीकृतिसँ सभ गोटे संतुष्ट भ’ गेलाह | विवाहक तिथि ओहिना रहलै | विवाहसँ पहिने 6  मार्चक’ किछु सामान सभ ल’क’ नौ गोटे गेलहुँ खान-पीनक औपचारिकतामे | बैंकसँ हम आवास ऋण नहि नेने छलहुँ | पी. एफ. आ एल.आइ.सी. पालिसीक विरुद्ध ऋण प्राप्त केने रही |एन.एस.सीक विरुद्ध ओ डी स्वीकृत छल | हमर छोट भाए रतनजी गाममे छलाह | ओ शामियाना,टेबल,कुर्सी, हलुआइ आ अन्य बहुत रास सामानक व्यवस्था केने छलाह | बर आ बरियाती अनबाक लेल हमर ससुर आ हमर अनुज ललनजी गेल छलाह | 2003 मे  7 मार्चक’ विवाह कार्य संपन्न भेलै | 11  क’ चतुर्थी भेलै,13 क’ ओझाजी विदा भेलाह | द्विरागमन दू सालक बाद हेबाक छलै | हम सभ वसन्तक संग 22  क’ गामसँ रायपुर लेल प्रस्थान केलहुँ | रायपुरमे 4 अप्रैल क’ ओझाजी मुंबइसँ एलाह आ 21 क’ गेलाह | 30  मइक’ बट-सावित्री पावनि भेलै | ओइ दिन हमरा गामक अनिल ठाकुरजी परिवारक संग डेरापर एलाह | पंचमीसँ कोजगरा धरि : बच्चीक (हमर पत्नीक ) स्वास्थ्य ठीक नहि रहैत छलनि | सोनोग्राफी रिपोर्ट देखि चिकित्सक लोकनि ऑपरेशनक सलाह देलकनि | 1 जुलाइक’ पाण्डेय नर्सिंग होममे बच्चीक ऑपरेशन भेलनि | पटनासँ हमर साढ़ूक माझिल पुत्र राजू आएल छलाह | बच्चीक ब्लड ग्रुपसँ राजूक ब्लड ग्रुप मिलैत छलनि | ओ एहि लेल 27  जूनक’ माएक संग  आबि गेल छलाह | हुनका संगे ब्लड बैंक गेलहुँ, राजू 350 cc ब्लड देलखिन | ऑपरेशन 2.30  बजे शुरू भेलै 4.15 तक चललै | 18  जुलाइक’ पंचमी पावनि भेलै | 26  क’ ओझाजी मुंबइसँ एलाह | राजू  9 जुलाइक’ एसगरे पटना चलि गेलाह | साढ़ू 29 जुलाइक’ एलाह आ 4  अगस्तक’ पत्नीक संग पटना गेलाह | 1 अगस्तक’ मधुश्रावणी पावनि भेलै | 9 अक्टूबर क’ कोजगरा छलै, 6 क’ गाम पहुँचलहुँ |  7 आ  8 क’ रतनजीक संग मधुबनी जाक’ बजारक सामान कीनै गेलहुँ |                               9  क’ साँझमे 6 बजे राघोपुर पहुँचलहुँ | 12  क’ राघोपुरसँ गाम गेलहुँ |  14 क’ गामसँ चलिक’ 15  क’ रातिमे 9 बजे रायपुर पहुँचलहुँ | मुंबइ आ चंडीगढ़ देखल : ओझाजीक सहमतिसँ 2004  मे 26 जनवरीक’ रायपुरसँ प्रस्थान कय वसन्त 27  क’ मुंबइ पहुँचलीह | 3 मार्चक’ दुखित पड़ि गेलीह | 3 स 6 धरि अस्पतालमे रहलीह | बेर-बेर दुखित पड़बाक समाचार आब’ लागल | सभ गोटे चिंतित भेलहुँ | ओझाजीक नव नोकरी | बेर-बेर छुट्टी ल’क’ इलाज करेबाक व्यवस्थामे हुनकर परेशानीक अनुमान करैत हम अपन छुट्टी स्वीकृत कराय                        9 अप्रैलक’ मुंबइ लेल रायपुरसँ प्रस्थान केलहुँ | 10 क’ नवी मुंबईमे जूइनगर आवासपर पहुँचलहुँ | एम जी एम हॉस्पिटलमे डा.सुमित मेहतासँ संपर्क करै गेलहुँ | डॉक्टरक सलाहक अनुसार वसन्त 13 क’ अस्पतालमे भर्ती भेलीह |14  क’ किछु जाँच भेलनि | 15 क’ डॉक्टर  रीनोग्राम टेस्ट करब’ कहलखिन | 19  क’ हिन्दूजा अस्पतालमे रीनोग्राम टेस्ट भेलनि | 23 क’ एम.जी.एम. अस्पतालमे पुनः भर्ती भेलीह | डा. कहलनि जे गर्भाशय लग एकटा नली टेढ़ भ’ गेल छै,ओहि कारण बेर-बेर इन्फेक्शन भ’ जाइ छनि  आ तें बोखार आबि जाइत छनि, साधारण ऑपरेशन द्वारा ओकरा ठीक क’ देल जेतै | की भेलै, कोना भेलै आ किए भेलै ई सोचबाक समय नहि रहि गेल छल, समस्या सामने छल, समाधान आवश्यक छल | डा, सुमित मेहता कहलनि जे मामूली खर्चमे सभ किछु भ’ जाएत | 24  क’ वसन्तक ऑपरेशन भेलनि | 29 क’ रायपुरसँ विवेकक संग बच्ची ( हमर पत्नी ) सेहो मुंबइ पहुँचि गेलीह | 5  मइक’ वसन्त अस्पतालसँ डेरापर एलीह | 18  क’ पुनः बोखारक कारण अस्पतालमे भर्ती भेलीह | अस्पतालमे कय बेर मलेरियाक जाँच भेलनि, जाँचमे मलेरियाक पुष्टि नै होइत छलैक |  24 क’ वसन्त अस्पतालसँ डेरा एलीह | फेर बोखार एलनि, डॉक्टरसँ संपर्क करैत छलहुँ त कहैत छलाह, मलेरिया की दवा दे दीजिए | डॉक्टर लिखितमे ई आदेश नै दैत छलाह, मुँहसँ कहैत छलाह, जाँचमे नहीं आ रहा है,मगर मुझे लगता है कि मलेरिया है,इसलिए मलेरिया की दवा दे दीजिए | हमरा सभकें आब अस्पतालपर विश्वास नहि रहि गेल छल | डॉक्टर आरम्भमे कहने छलाह मामूली ऑपरेशन होगा, से सही नै भेल | कहने छलाह जे मामूली खर्चमे सभ भ’ जाएत सेहो गलत सिद्ध भेल | तें आब जे ओ विना जाँचक आधार नेने मलेरियाक दबाइ द’ देब’ कहैत छलाह, ई सलाह विश्वसनीय नै लागल | नोकरी आ अस्पतालक चक्करमे जमाए सेहो परेशान भ’ गेल छलाह | हम सभ मुंबइ छोड़ि देबाक निर्णय लेलहुँ आ 29  मइक’ वसन्तक संग हम दुनू गोटे मुंबइसँ प्रस्थान कय 30 क’ रायपुर पहुँचि गेलहुँ | राघोपुर आ मुंबइसँ वसन्तक समाचार जनबाक लेल संपर्क होइत रहल | बोखार कहियोक’ आबिए जाइत छलनि | रायपुरमे 15 जूनक’ डा. गोयलसँ संपर्क कएल गेल | ओहो मलेरियाक दबाइक प्रयोगक सलाह नै देलनि | 17 जून  क’ यूरिन कल्चर टेस्ट तिवारी पैथोलॉजीमे भेलनि | 21 क’ यूरोलोजिस्ट डा.शाहसँ संपर्क कएल गेल | चंडीगढ़मे छलाह प्रो.गंगानंद झा, हुनक जेठ बालक डा. विवेकानंद झा पी.जी.आइ.मे छलखिन | हुनका सभसँ सेहो संपर्क करैत रहलहुँ | गंगा बाबू अधिक काल समाचार पूछैत रहैत छलाह आ प्रगतिक जिज्ञासा करैत छलाह | डा.साहेबक सलाहसँ नोर्फ्लोक्स देल गेलनि | बोखार कम भ’ क’ फेर बढि जाइत छलैक | रायपुरक डॉक्टर दिलीप झा आ डा. संदीप जैनसँ सेहो संपर्क कएल गेल | डा.सांत्वना दास ओत’ 1 जुलाइक’ मलेरियाक लेल जाँच भेलनि |रिपोर्ट निगेटिव एलै | 11 जुलाईक’ रूपरेला एक्स-रे क्लिनिकमे आइ.वी.यू.टेस्ट कराओल गेलनि | एहि टेस्टसँ ई पता चलल जे मुंबइमे भेल ऑपरेशन सफल नै भेलनि आ जे समस्या छलै से ओहिना रहि गेल छै | आब एना किए भेलै, से विचार करबाक समय नहि रहि गेल छल | अस्पतालक दोख ताकिक’ किछु समाधान नहि भ’ सकैत छल | शीघ्र विकल्पक खोज करबाक छल | 14  क’ गंगा बाबूसँ संपर्क केलहुँ आ अविलम्ब चंडीगढ़ जेबाक निर्णय लेलहुँ | हमरा लागल जे निदान लेल चंडीगढ़ पहुँचब आवश्यक अछि | हम अपन मुख्य प्रबंधक आ नव आंचलिक प्रबंधक महोदयकें सभ बात कहलियनि, अवकाश स्वीकृत भ’ गेल | मुख्य प्रबंधक आर.जी.अग्रवाल सर चंडीगढ़सँ किछु दिन पूर्व आएल आ कटनी शाखामे पदस्थापित प्रबंधक सरदारजीसँ गप क’ क’ किछु अवधि हेतु चंडीगढ़मे हमरा सभक आवासक व्यवस्था करबा  देलनि | हम सभ  18 जुलाइक’ रायपुरसँ प्रस्थान क’ क’ 20 क’ चंडीगढ़ पहुँचि गेलहुँ | हम सर्व प्रथम  आवासपर जाक’ गंगा बाबूसँ  भेंट केलहुँ | हुनकासँ भेंट भेलाक बाद हम चिन्तामुक्त भ’ गेलहुँ | ओ हमरा संगहि पी. जी. आइ. गेलाह | अपन पुत्र डा.विवेकानंद झासँ भेंट करौलनि | डॉक्टर साहेब एकटा पत्र देलनि यूरोलोजिस्ट डॉक्टर सिंहजीसँ संपर्क करबाक हेतु |22 क’ डॉक्टर सिंहसँ संपर्क भेल | ओ सभ रिपोर्ट देखलनि आ सही निदानक दिशामे उपचार आरम्भ भ’ गेल | 13 अगस्तक’ वसन्त अस्पतालमे भर्ती भेलीह | 23  क’ ऑपरेशन हेबाक छलनि किन्तु सबेरे 103  डिग्री बोखार रहबाक कारण ओहि दिन ऑपरेशन स्थगित कएल गेलनि | 3 सितम्बरक’ ऑपरेशन भेलनि | 4 क’ दुपहरमे डॉक्टर मंडल एलाह त कहलनि,’समस्या का निदान हो चुका है |’ चंडीगढ़ अस्पतालमे कम-सँ-कम लोकसँ काज चलाब’ चाहैत छलहुँ | तें किनको एबाक लेल नहि कहैत छलियनि, तथापि दिल्लीसँ हमर भागिन पवन आ अमन बेरा-बेरी चंडीगढ़ पहुँचि हमरा सबहक  सहायता केलनि | हम  26  सितम्बरक’ एसगर चंडीगढ़सँ प्रस्थान कय 28  क’ रायपुर पहुँचलहुँ | 7  अक्टूबर क’ वसन्त आ हुनक माए  ट्रेनसँ अमनक संग चंडीगढ़सँ दिल्ली गेलीह आ 13  क’ पवन संगे दिल्लीसँ रायपुर पहुँचैत गेलीह | डॉक्टर साहेबक सलाहक अनुसार हम सभ फेर एक बेर चेक करयबाक हेतु 24 नवम्बरक’ पी जी आइ चंडीगढ़ गेलहुँ, 25 क’ डॉक्टर  साहेबसँ संपर्क कएल गेल, आइ वी यू टेस्ट भेलनि | रिपोर्टक अनुसार दुनू किडनीक फंक्शन नार्मल छलनि | 27 क’ पी जी आइमे डॉक्टर मंडल 6 मास प्रिगनेंसी रोकबाक आ नीक डॉक्टरक देख-रेखमे बच्चाक जन्म सुनिश्चित करबाक सलाह दैत रायपुर घुरबाक अनुमति देलखिन | हम 29 क’ एसगर रायपुर पहुँचि गेलहुँ | बसन्त माएक संग दिल्लीमे दू-तीन दिन सच्चीक  (हमर बहिन) ओत’ आ करीब एक मास हमर अनुज ललनजीक डेरापर रहलीह | 20 दिसम्बर क’ ललनजीक पुत्रक जन्म भेलनि | विवेक(पुत्र) 22 क’ भोपालसँ दिल्ली गेलाह आ 2005 मे  2 जनवरीक’ माए आ बहिनक  संग रायपुर पहुँचलाह | वसन्त जाहि समस्यासँ गत आठ माससँ पीड़ित छलीह ओहिसँ मुक्ति भेटलनि | बोखार एनाइ बंद भ’ गेलनि आ बहुत जल्दी सामान्य स्वास्थ्य प्राप्त क’ लेलनि | अपन दुख लोककें बड़ भारी लगैत छैक, लोक सोचैत अछि ई दुख हमरे  किएक भेल, मुदा जखन अनकर दुख लोक देखैत अछि तखन अपन दुख छोट लाग’ लगैत छै | हमर सबहक दुख एहेन छल जकर निदान भेल, मुदा कतेक परिचित लोकक संग एहेन दुर्घटना भेलनि जे ककरो किछु करबाक अवसरे नहि भेटलै | रायपुरक क्षेत्रीय प्रबन्धक अपन पत्नीक हड्डी सम्बन्धी रोगक इलाज हेतु भेलूर गेल छलाह, अस्पतालक वरंडापर पत्नीकें व्हील चेयरसँ नीचाँ खसैत देखि हुनक ह्रदय गति बंद भ’ गेलनि, नहि बचि सकलाह (30.5.2003)| पुत्र मेडिकलमे पढैत छलखिन, एकटा बेटी कुमारि छलखिन | आंचलिक कार्यालयमे चपरासी छलाह  मोहन यादव | एक दिन  ऑफिस नै एलाह, पता चलल बीमार भ’ क’ अस्पताल गेल छथि | दोसर दिन पता चलल नै बँचलाह(13.08.2005)|घरमे पत्नी आ अबोध बच्चा सभ छलनि | आंचलिक कार्यालयमे एकटा अधिकारी छलाह लाल मोहन पटेल | नीक कवि छलाह,चित्रकार छलाह,हमर प्रिय मित्र छलाह | भिलाइमे आवास छलनि, ओतहिसँ मोटर साइकिलसँ रायपुर अबैत छलाह आ साँझमे भिलाइ घुरि जाइत छलाह | एक साँझ एकटा बसक चपेटमे आबि गेलाह, नहि बाँचि सकलाह | हमर साढूक छोट भाए उदय चन्द्र झा रांचीमे डी.एस.पी. छलखिन | एकटा आक्रोशित भीड़कें शान्त करबाक प्रयासमे गेल छलाह | क्यो पाथर चला देलकनि, माथमे लगलनि, नहि बाँचि सकलाह | 26  दिसम्बर(2004)क’ सबेरे 6.30  बजे हिन्द महासागरमे विनाशकारी भूकंप एलै | एहिसँ उठल तूफानी लहरिक कारण दक्षिण पूर्व एशियाक भारत सहित आठटा देशमे तबाही मचि गेलै | सोलह हजारसँ बेसी लोक मरि गेलाह  आ हजारो लापता भ’ गेलाह | 40 फीट तक ऊँच समुद्री लहरि 750  किलोमीटर प्रति घंटाक रफ़्तारसँ तटीय शहरमे घुसि गेलै | जाहि समयमे हम सभ कोनो कष्टमे रहैत छी, ओही समय कतेक लोक केहेन-केहेन कष्टमे रहैत अछि तकर पता कहाँ चलि पबैत छै | किछु पता चलितो छै त ओहने लोकक जिनकासँ कोनो सम्बन्ध रहैत छैक | किछु लोकक स्थितिक पता अखबार आदिसँ चलैत छैक | बहुत लोकक दुर्दिनक विषयमे कमे लोककें पता चलि पबैत छैक | सपता-विपताक कथा आ वसन्तक जीवन : माएकें सपता-विपताक कथा कहैत सुनने छियनि | कथा कहैत-कहैत कतेक बेर कनैत छलीह | सुननिहारि सबहक सेहो एहने हाल रहै छलनि | राजा-रानीक जीवनमे हर्ष-विषाद-हर्ष, सुख-दुख-सुख, सम्मान-अपमान-सम्मानक कथा अछि | कथा कहै वाली कथाक अन्तमे ईहो कहैत छथि जे राजा-रानीक जीवनमे जे आरम्भमे आ अन्तमे भेलनि से सभकें होइ आ जेहेन बीचमे भेलनि तेहेन ककरो नहि होइ | कथा ई कहैत अछि जे दुर्दिनमे अपनो लोक सभ संग छोड़ि दैत छैक | मुदा हमरा लगैत अछि जे दुर्दिनसँ निकलबामे अपन आत्मबलक संग  बहुत लोकक स्नेह,शुभकामना,सहयोग आ आशीर्वादक आवश्यकता होइत छैक | मुंबइमे एक राति हमरा सभकें कना गेल, बोखार कम होइते ने छलै, भेल जे बेटी आब नै बाँचत | जमाए सेहो कान’ लगलाह, मुदा फेर वैह हमरा सभकें भरोस देलनि, ई सभ किए कनैत छथि, हम हिनका मर’ नै देबनि चाहे जे खर्च होइ | जमाएक बातसँ बल त भेटल, मुदा चिन्ताक बात छल जे जखन ऑपरेशन भेलाक बादो बोखार अबिते छै आ डॉक्टरकें सेहो नहि बुझा रहल छनि  तखन ठीक हेतै कोना,ओहि राति दू बेर स्पोंजिंगक बाद बोखार कम भेलापर खून चढ़’ लगलै | ओहि राति हम सभ अस्पतालेमे रहलहुँ, ओझाजीक दूटा संगी सेहो अस्पतालमे रहि हमरा सभकें सहयोग करैत रहलाह | ओझाजी दिनमे ऑफिस आ रातिमे अस्पतालमे रहैत छलाह | पाइ सेहो बहुत खर्च भेलनि | चंडीगढ़ जेबाक निर्णय लेलहुँ त बीस हजार रुपैया पठा देलनि | किछु अवधिक बाद फेर पन्द्रह हजार पठा देलनि | अधिक काल संपर्क करैत हाल-समाचार पुछैत रहैत छलाह | राघोपुरसँ समधि, समधिन,वसन्तक ननदि-ननदोसि सभ सेहो संपर्क करैत रहैत छलाह | समधि-समधिन बाबा धामक कबुला सेहो केलनि | हमर माझिल भाए ललनजी दिल्लीमे आजादपुर मंडीमे एकटा साधारण नोकरी करैत छलाह | छओ बरखक एकटा कन्या आ पत्नी संग रहैत छलाह | पत्नीकें सेहो मदतिक आवश्यकता छलनि, ताहि लेल माए आबि गेल छलखिन | ललनजी  शारीरिक रूपसँ मदति कर’ चाहैत छलाह, मुदा हम बुझैत छलिऐक जे ओ मदति करबाक स्थितिमे नहि छलाह | फोनपर समाचारसँ अवगत करबैत रहैत छलियनि | सभसँ छोट भाए रतनजीक जीवन अस्त-व्यस्त भ’ गेल छलनि | विवाह क’क’ पत्नीक संग दिल्लीमे जीवन-यापन कर’ चाहैत छलाह | फिजिक्ससँ एम.एस.सी. आ बी. एड. केने छलाह | माएक नामपर एकटा कोचिंग सेण्टर खोलने छलाह | एक बेर रस्तामे किछु  बदमास सभ किछु टाका छीनि लेलकनि |एक दिन पियासलमे कोनो फोटोकॉपीबला दोकानपर धोखासँ कोनो तेहेन चीज पिया गेलनि जे अस्पतालमे किछु दिन भर्ती हुअ’ पड़लनि | एहि सभसँ उबरलाह त पत्नी ख़तम भ’ गेलखिन | दिल्लीसँ मोह भंग भ’ गेलनि | किछु मास हमरा सबहक संग रायपुरमे रहि बादमे गाम ध’ लेलनि | अपनेसँ भानस-भात करैत जीवन-यापन लेल शिक्षकक नोकरीक प्रयासमे लागि गेल छलाह | बादमे दोसर ठाम विवाह भेलनि, ओहो पत्नी छतपरसँ खसि पड़लखिन | अपन दुखसँ उबरलाह त वसन्तक दुखक जानकारी प्राप्त भेलापर शारीरिक रूपसँ मदति करबाक इच्छा प्रगट केलनि | हम हुनका अपनहि लक्ष्य दिस सक्रिय रह’ कहलियनि | ओहो सभ  अधिक काल हमरा सभ लेल चिन्तित रहैत छलाह, वसन्त स्वस्थ भ’ जाथि ताहि लेल दुर्गा महरानीसँ  कबुला केने छलाह | हमर मामा पटनामे नोकरी करैत छलाह, अपने तीनटा पुत्र-पुत्रीक पढ़ाइक खर्चमे परेशान रहैत छलाह, तथापि जेना-तेना पन्द्रह हजार रुपैया पठा देलनि | फोनसँ लगातार संपर्क रखैत शुभकामना, सहयोग आ आशीर्वाद प्रेषित करैत रहलाह | पटनासँ साढ़ू, जेठ सारि, हुनक पुत्र,पुतोहु सभ गोटे सेहो संपर्क करैत रहैत छलाह | लदारीसँ हमर ससुर, सार ,सरहोजि,हुनक पुत्र-पुत्री सभक शुभकामना प्राप्त होइत  रहैत छल | प्रो. गंगा बाबू अपन बैंकक ए. टी. एम. कार्ड द’ देलनि, पासवर्ड कहि देलनि | ओ अपन आ अपन पुत्र डा.विवेकानंद झाक प्रत्यक्ष आ अप्रत्यक्ष सहायतासँ निरंतर हमर आत्मबल बढबैत रहलाह | यूरोलोजिस्ट डा. सिंह आ डा.मंडल द्वारा  विशेष ध्यान रखबयबामे सदैब हुनक सहयोग प्राप्त होइत रहल | ओ सभ दिन अस्पताल आबि वसन्तकें देखि जाइत छलाह, स्थितिक समीक्षा करैत छलाह आ वसन्तक मनोबल बढबैत रहैत छलाह | हुनक पुत्र डा. विवेकानंद झा एखन विश्व प्रसिद्द किडनी रोग विशेषग्य छथिन | हमर सबहक सौभाग्य अछि जे हुनका लोकनिक  स्नेह, सहायता आ शुभकामना सदैव हमरा सभकें भेटैत रहल अछि आ एखनहुँ भेटैत अछि | हमर आंचलिक प्रबंधक महोदय सेहो आवश्यकतानुसार अवकाश स्वीकृत करबामे उदारता देखौलनि | कहने छलाह, बेटी ठीक हो जाय तभी आना, यहाँ हम देख लेंगे | ओ उदारता नहि देखौने रहितथि त मुंबइमे 52 दिन आ चंडीगढ़मे 72  दिन अवकाशमे रहब संभव नहि होइत | आंचलिक कार्यालयमे एकटा लिपिक छलीह प्रतिभा, हुनका भेलनि जे हमर बेटीक स्थिति असामान्य छनि, त हमरा फोन केलनि, ‘सर बेटी को बचाने के लिए आपको पैसे की जरूरत हो तो मुझे कहिए |’ हम प्रतिभाकें  धन्यवाद देलियनि, मुदा हमरा हुनक आर्थिक सहयोगक आवश्यकता नहि पडल | आंचलिक कार्यालयमे हमर मुख्य प्रबन्धक आर. जी. अग्रवाल सर कटनी शाखाक प्रबंधककें कहिक’ चंडीगढ़मे हमर आवासक व्यवस्था सुनिश्चित करा देने छलाह | सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया,चंडीगढ़ शाखाक वरिष्ठ प्रबंधक किछु दिन लेल एक कोठलीक आवास उपलब्ध करबामे सहयोग केलनि | मधुबनीसँ मोद नारायण झाजी सेहो सम्पर्क केने छलाह | एहि तरहें प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूपसँ बहुत  गोटेक स्नेह,सहायता आ शुभकामना प्राप्त भेल | एहिसँ सपता-विपताक कथाक ओ सन्देश जे दुर्दिनमे अपनो लोक सभ दूरी बना लैत छैक, हमरा सही नहि लगैत अछि | हमरा लगैत अछि जे ओहि कथाक अभिप्राय ई भ’ सकैत अछि जे यदि एहनो स्थिति जीवनमे आबय त निराश नहि हेबाक चाही, अपन कर्ममे लागल रही आ नीक दिनक आशा आ प्रतीक्षा करी | बच्चन जीक एकटा गीत छनि, ‘साथी, साथ न देगा दुख भी |’ चिन्तक लोकनिक एहि कथ्यक हम समर्थन करैत छी जे जखन एकटा कोनो रस्ता  बन्द होइत छैक त अस्तित्व कोनो दोसर रस्ता खोलि दैत छैक | वसन्तक इलाज हेतु एम.जी.एम. हॉस्पिटलक चुनावक निर्णय गलत सिद्ध भेल, मुदा पी. जी.आइ. चंडीगढ़ जेबाक निर्णय एकदम सही सिद्ध भेल | वसन्तक दिन घुरलनि | माए संगे 6.5.2005 क’ गाम पहुँचलीह | सवा लाख महादेवक पूजाक आयोजन 22.03.2005 क’ पूर्ण भेल | रतनजी जे कबुला केने छलाह से पूर्ण कएल गेल | मुम्बइसँ ओझाजी गाम गेलाह आ वसन्तकें संग नेने 14.05.2005 क’ मुंबइ पहुँचलाह | ओही साल 15 अक्टूबरक’ रायपुरमे दुनू गोटेकें प्रसन्न देखलियनि त हर्ष भेल | दीयाबातीक प्रात 2 नवम्बरक’ भिलाइसँ वीणा आ मिश्रजीक संग अशोक बाबू (हमर जेठ साढ़ूक छोट पुत्र) पत्नी नीलम आ पुत्र अमनक संग डेरापर एलाह | 5 नवम्बरक’ ओझाजी मुम्बइ गेलाह | विवेक भोपाल गेलाह | हमर साहित्यिक गतिविधि : हमर साहित्यिक गतिविधि रायपुरमे बहुत सीमित रहल | राधाकृष्ण बाबू ओत’ 3  फरबरी 2002   क’ ‘मिथिलायतन’ गोष्ठीमे भाग लेलहुँ | मैथिलीमे एकटा गीत लिखलहुँ जे ‘मिथिलायतन’ पत्रिकामे छपल | 20.09.2003 क’ प्रगतिशील लेखक संघक सभाक उदघाटन डा.नामवर सिंह द्वारा भेल छलै | हम उपस्थित भेल रही | आदरणीय नामवरजीक दू पाँती  मोन अछि : ‘भाईचारा का तो मतलब ये न होना चाहिए हम उन्हें भाई कहें और वे चारा मुझे |’ 21 क’ सेहो कोनो सन्दर्भमे कहने छलाह : ‘ सब हमारे चाहने वाले हैं, मेरा कोई नहीं मैं रह रहा हूँ  देश में  उर्दू की  तरह |’ 30.01.2005 क’ शोभाकान्त बाबू ओत’मैथिली दिवस मनाओल गेलै | सरयूकांत बाबू मुख्य अतिथि आ जीवेन्द्र नाथ ठाकुर अध्यक्ष छलाह | प्रो. अरुण कुमार झा,शोभाकान्त बाबू आ हम काव्य-पाठमे भाग लेलहुँ | हम प्रस्तुत केने रही गीत : घरेकें मन्दिर बनाउ बनाउ हे यै कनियाँ घरेकें मन्दिर बनाउ | कखनहु घर अन्हार रह्य नहि अखण्ड ज्योति प्रेमक जराउ | गमकय भरि घर-आङन गम-गम बातेकें बेली बनाउ | हो सिनेह मनमे सभ जन लय आसक अछिजल चढ़ाउ | धूप-दीप-नैवेद्य हो करुणा सेवाकें पूजा बनाउ | सासु-ससुर छथि देवी-देवता श्रद्धासँ माथा झुकाउ | अध्यक्ष जी उद्गार व्यक्त केलनि जे एहि गीतक एक हजार प्रति छपाक’ बेटीक द्विरागमन काल देबाक हेतु राखक व्यवस्था कएल जाएत | 13 फरबरी 2005 क’ सरस्वती पूजाक अवसरपर शोभाकान्त बाबूक ओत’ हम दुनू गोटे गेलहुँ | हम आ शोभाकान्त बाबू कविता पढ़लहुँ, इंद्रकान्त जी गीत गौलनि | 16 क’नेताजी सुभाष स्टेडियममे आयोजित पुस्तक मेलाक उदघाटनमे लेखिका तसलीमा नसरीनसँ अंग्रेजीमे हुनक भाषणक बाद  हुनक बंगला कविता आ ओकर हिन्दी अनुवाद सुनलहुँ | 18 जुलाइक’ प्रफुल्लजी सपरिवार एलाह आ तीनटा पोथी देलनि जे दरभंगासँ अनने छलाह : केदार नाथ चौधरी लिखित ‘चमेली रानी’ आ सोमदेवजी लिखित ‘सहसमुखी चौकपर’ और  ‘सोम पदावली’ | नीक लागल | ‘चमेली रानी’पर समीक्षा  लिखलहुँ आ प्रफुल्लजीक माध्यमसँ लेखककें पठौलियनि | हुनकासँ 3.9.2005क’ फोनपर गप सेहो भेल | ओ हमर समीक्षा पढ़िक’ आ सूनिक’ कहलनि, ‘हमरा पुरस्कार भेटि गेल |’ जगन्नाथ धामक दर्शन : 8  जुलाइ 2005 क’ करीब 34 बरखक बाद प्राचीक शब्द सुनलहुँ |काठमांडूमे एकटा गीतक पोथी (गीतक फुलवारी)मे हमर गीत सभ देखलनि |बड़ौदामे रहै जाइ छथि | इंजिनियर पति अधिक काल विदेशमे रहैत छथिन | हुनक प्रथम विवाहक एकटा बालक आइ आइ टी क’क’ हिन्दुस्तान लीवरमे शिकागोमे छथिन, अविवाहित छथिन | इंजिनियर कल्याणी विवाहित छथिन | किछु दिनक बाद हुनक पति झाजीसँ सेहो गप भेल | पूर्व निर्धारित कार्यक्रमक अनुसार प्राची 17.09.2005 क’ 12.15 बजे रायपुर जंक्शनपर उतरलीह | संगक यात्री सभ सामान उतारि देलकनि | कपारपर त्रिपुण्ड चानन, बाँहिमे रुद्राक्ष,केसरिया रंगक वस्त्रमे नीक लगलीह प्राची | दू पुत्री आ एक पुत्रक माए प्राची, भगवानक भक्तिक रंगमे रंगल प्राची | जेठ पुत्री नन्दिनी विशाखापतनममे कोनो बैंकमे काज करैत छथिन | रायपुरसँ पुरी होइत विशाखापतनम जेबाक छनि | आठटा ज्योतिर्लिंग दर्शन भ’ गेल छनि | कखनो अयोध्या, कहियो नीलकंठ घुमैत रहैत छथि | मैथिली सेहो स्टेशन गेल छलीह | बड़ी राति धरि सभ गोटे गपमे बाझल रहलहुँ | 4 बजे भोरे उठि स्नान आदि कए पूजापर बैसि गेलीह | रवि दिन रहै | 10 बजेसँ हुनक पुत्री रागिनीक भरत नाट्यमक कार्यक्रम सी डी प्लेयरक सहायतासँ देखै गेलहुँ | प्राचीक संगमे बड़का झोड़ा छलनि जाहिमे पूजा-पाठक बहुत सामानक संग एकटा हरमुनियाँ सेहो छलनि, ओहिपर गीत गाबि क’ सेहो सुनौलनि | दोसर दिन मौनमे रहलीह भरि दिन | ऑफिससँ एलहुँ तकर बाद साँझमे बाजब शुरू केलनि आ 2.30 बजे राति धरि गप होइते रहल | 20क’ स्नान कए पूजा पर छलीह त हमरो सभकें अपन पुरी यात्रामे संग चलबाक आग्रह केलनि | दिव्यताक तेहेन आकर्षण प्राचीमे विद्यमान छलनि जे किछुए घंटामे आकर्षणक केन्द्र भ’ गेल छलीह | एकटा पत्रकार सेहो आबिक’ साक्षात्कार आ फोटो लेलकनि | हमरा डी.जी.एम. साहेब धमतरी शाखा कोनो काजसँ किछु दिन लेल जेबाक हेतु कहने छलाह, हम प्राचीकें कहलियनि जे हमरा दोसर ठाम ऑफिसक काजसँ जेबाक अछि | प्राची कहलनि,अहाँ फोन करियौ, छुट्टी भेटि जाएत | हम वरिष्ठ प्रबंधक,कार्मिककें फोन केलियनि, ओ कहलनि अहाँ जा सकैत छी,हम कोशिश करब जे अहाँकें धमतरी नै जाए पड़ए |हमरा जे काज असंभव लगैत छल से एते आसान कोना भ’ गेलै, पता नहि |एहिमे प्राचीक पूजा-पाठक अथवा विचार-तरंगक कतेक योगदान छल से नहि बूझि सकलहुँ | ट्रेनमे आरक्षण नै भेल | प्राची कहलनि,कोनो बात नै, हमर एकटा टिकट अछि, ट्रेनमे जगह भेटि जाएत | हम सभ हुनका आग्रहपर ट्रेनमे चढ़ि त गेलहुँ, मुदा डर रह्य जे बर्थ नै भेटत त कोना जाएब | मुदा प्राचीक  भेष-भूषाक कमाल छल जे बिना कोनो पूर्व तैयारीके हम सभ आरामसँ पुरी पहुँचि गेलहुँ | पूरीसँ पहिने एकटा पंडाजीसँ गपक’क’ प्राची ओत’रहबाक, आरती देखबाक, दर्शन, प्रसाद,बिना प्याज-लहसुनके भोजन आदिक  व्यवस्था सुनिश्चित क’ लेलनि | नरेन्द्र कोना लग स्वस्तिक लॉजमे रहबाक व्यवस्था भेल | दोसर दिन बससँ कए ठाम घूमै गेलहुँ | तेसर दिन भोरे उठि स्नान आदिक बाद मन्दिर जाक’ आरती देखलहुँ,लगसँ जगन्नाथ भगवान,सुभद्रा माता आ बल्ररामजीक दर्शन भेल | 9.30 बजे नीलांचल एक्सप्रेससँ खुरदा स्टेशन गेलहुँ | मठ होटलमे बिना प्याज-लहसुनक भोजन नीक लागल |  बच्ची ओहि दिन खीरा खाक’ रहलीह | 8  बजे रातिमे प्राची विशाखापतनम लेल ट्रेन पकड़लनि | हम सभ बिलासपुर बला गाड़ी पकड़ि 24  क’ रायपुर पहुचि गेलहुँ | हम त एक बेर पुरी गेल रही, बच्ची नै गेल छलीह | भरिसक हुनके लेल इ यात्राक अकस्मात आयोजन भेल | अस्तित्वक लेल कखनो कोनो आयोजन असंभव नहि छैक | प्राची कहने छलीह आब अहाँ अपन पुत्र आ दोसर पुत्रीक विवाहक चिन्ता छोड़ि दिय’ किन्तु से कहाँ भेल | बादमे चारि-पाँच बरख पहिने सेहो संपर्क केने रहथि,मुदा तकर बाद कए बरखसँ  संपर्क नहि अछि | की पता कोन स्थितिमे छथि प्राची, कोना छथिन झाजी आ सभ धिया-पूता | नीकक आशा करबाक चाही | आशा करैत छी सभ गोटे जत’ छथि, नीके छथि,जहिया भेटतीह, प्रसन्न देखबनि | रायपुरसँ जबलपुर : रायपुरमे चारि बरख आ आंचलिक कार्यालयमे लगभग तीन बरख भ’ गेल छल | हमर स्थानान्तरणक समय आबि गेल छल | हमरा जबलपुरमे मिलौनीगंज शाखा अथवा अग्रणी बैंक कार्यालय दुनूमे एकटा चुनबाक छल | शाखाक काजक अनुभव त भेल छल, अग्रणी बैंक अधिकारीक काजक व्यावहारिक अनुभव नहि छल | एकटामे शाखाक जमा-अग्रिम-लाभक लक्ष्यक पूर्ति सुनिश्चित करबाक काज दोसरमे वार्षिक साख योजना तैयार करब, जिलास्तरीय समीक्षा बैसक सबहक आयोजन करब, प्रखण्ड स्तरीय बैसक सभमे भाग लेब, सभ बैंक आ जिला कलेक्टरक बीच समन्वय सुनिश्चित करैत विभिन्न योजना अंतर्गत जिलाक लक्ष्य प्राप्तिमे बाधा दूर करबाय लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करब आदि कार्य | संयोगसँ जबलपुर अग्रणी बैंक प्रबंधकक विरुद्ध जबलपुरक बहुत गोटेक शिकायतक प्रति आंचलिक कार्यालयमे आएल छल से देखि हमरा ई अनुमान भेल जे जबलपुरमे ई पद झंझटिया अछि | आंचलिक कार्यालयमे एकटा पूर्व परिचित अधिकारी छलाह मिश्र जी | ओ कहलनि जे एक शाखाको अपने हिसाब से चलाना आसान होगा, जिले के सभी बैंकों का संयोजन जबलपुरमे कठिन होगा | हमरा हुनक सलाह ठीक लागल | हम मिलौनीगंज शाखाक वरिष्ठ प्रबंधकक पद चुनि  लेलहुँ | ई पद कतेक झंझटिया सिद्ध हएत से त बहुत बादमे पता चलल | जबलपुर स्थित  मिलौनीगंज शाखामे 24.11.2005 क’ वरिष्ठ प्रबंधकक पद भार ग्रहण करबाक लेल आंचलिक कार्यालयसँ भारमुक्त भेलहुँ | एहि अवधिमे वसन्त एम.लिब.क’ नेने छलीह, मैथिली बी.एस.सी.क’क’ पी.जी.डी.सी.ए. केलनि, एम. बी.ए. करबाक तैयारी क’ रहल छलीह | विवेक भोपालक एन आर आइ इंस्टिट्यूटसँ कंप्यूटर साइंसमे इंजीनियरिंग केलनि | धिया-पूताक  शिक्षाक लेल त हमर सक्रियता रहल किन्तु आत्मनिर्भरताक लेल सेहो आरम्भसँ ध्यान रखबाक दिशामे हम उचित व्यवस्था नहि सुनिश्चित क’ सकलहुँ, एकर परिणाम धिया-पूताकें भोग’ पड़लै | हमरा लगैत अछि, हम जे क’ सकलहुँ से हमर सीमा छल | सभकें आँखिसँ देखैत छिऐक हमरा ईहो एकटा उपलब्धि लगैत अछि, ओहिसँ बेशी जे किछु देखैत छी तकरा अस्तित्वक प्रसाद बुझैत छी | पटना / 14.02.2022 (क्रमशः) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। रबीन्द्र नारायण मिश्र लजकोटर -३७- हमरा दिल्ली अएला कैक साल भए गेल। एहि बीच समयक चक्र कतएसँ कतए पहुँचि गेल। एकट ामामुली मजदूरसँ हम सुव्यवस्थित कारखानाक मालिक भए गेल छी। कतेको लोककेँ हमरा ओहिठाम नौकरी भेटल छैक।अपन तीन महला मकान अछि। दिल्लीमे समाज तँ नहि छैक मुदा परिचित लोकक बीचमे हमर धाख अछि। अपन समाज संस्थाक गतिविधिमे सेहो हम सक्रिय छी। सभ किछु भेल मुदा हमर गिरहस्ती अखनो अधुरा अछि। कतेको बेर लता अपना दिससँ प्रयास केलीह। मुदा हमरा आगा बढ़बाक साहस नहि भेल। ओ की-की सोचैत रहलीह, की-की कहैत रहलीह। हुनका हिसाबे हम बड़ लजकोटर छी। महानगरमे रहै जोगर नहि छी। मुदा हम जे छी, से छी। तकर की कए सकैत छी?। सत्य पुछैत छी तँ एतेक दिन धरि परिचित रहितहुँ हम लताकेँ चिन्हि नहि पाबि रहल छी। पता नहि ओ हमरा बारेमे की सोचैत छथि?मुदा हुनका हमरा प्रति एकटा आकर्षण छनि से तँ बहुत दिनसँ बुझा रहल अछि। से तहिओ छलनि जखन हम एकटा मामुली मजदूर छलहुँ। मुदा ई महानगर थिक। कैक बेर कैक गोटे ई बात कहि चुकल छथि। ककरो संगे कनी काल हँसि-बाजि लेब दोसर बात छैक मुदा बिआह कए जीवन भरि रहबामे बहुत सोचबाक काज छैक। लोक कोनो अपने लेल नहि जीबैत अछि। समाजक मर्यादक सम्मान करए पड़ैत छैक, करबाक चाही नहि तँ काल्हि जा कए हमर सभक धीया-पूता कतए ठाढ़ होएत? ततबे नहि, लताकेँ सभ दिन संपन्नतामे रहबाक आभ्यास छनि। हम सभ दिन संघर्षेमे रहलहुँ। मानलहुँ जे आब हमरो हालत बहुत बदलि गेल मुदा तैँ की? इएह सभ मोनमे घुमैत रहैत छल। हम ई बात लताकेँ कैक बेर कहबो करिअनि मुदा ओ तकरा बुझबाक प्रयास नहि करथि, हँसि कए टारि देथि। ऐमहर लताक कारबार सभ बढ़लनि। अपनो एम.बी.ए. कए गेलीह। विदेशी कंपनीसँ बहुत नीक पैकेजपर नौकरी सेहो भेटि गेलनि। ई गप्प ओ हमरा अपने नहि कहलीह, कोनो आने माध्यमसँ पता लागल। साइत जानि एक नहि कहने हेतीह जे ई बात बुझि कए हम हुनकासँ आओर कन्नी ने काटि ली। एहि बातक अखिआस हुनका छलनिहेँ आ से कोनो बहुत गलत नहि रहनि। एक दिन एहिना हम अपन मकानक छतपर पड़ल छलहुँ कि घंटी बाजल। गेटपर लता ठाढ़ि छलीह। हम धरफराएल नीचा उतरलहुँ। ओ किछु-किछ ुबड़बड़ाइत छलीह। "की बात छैक, आइ अहाँ बहुत चिंतित लागि रहल छी?"- हम पुछलिअनि। "आइ हम अहाँसँ निर्णय करए अएलहुँ अछि।" "कथीक निर्णय करबै?" "देखू, बातकेँ जिलेबी जकाँ घुमाउ नहि। "हम अहाँक जोगर कतहुसँ नहि बुझाइत छी? । कहाँ राजाभोज आ कहाँ भोजबा तेली?" " अहाँ हमरा अखनो टरका रहल छी।" "से बात नहि छैक।" " तँ की छैक? किछु तँ निर्णय करक चाही कि नहि?हम तँ किछु दिनक हेतु नौकरीक प्रशिक्षणक हेतु सिंगापुर जा रहल छी। तकर बाद आनो-आनो देश जाए पड़त। कुल मिला कए दू साल धरि ई प्रशिक्षण चलत। तकर बाद अपने देशमे रहब।" "हमरा ई गप्प बूझल अछि।" ओ हमरा दिस बकर-बकर देखैत रहि गेलीह। हम किछु स्पष्ट आश्वासन नहि दए सकलिअनि। ताहि बातसँ तमसा कए ओ चाहो नहि पीलथि, चलि  गेलीह। कनी कालक हेतु हम सोचमे पड़ि गेलहुँ फेर भेल जे भगवान जे करैत छथि से नीके करैत छथि। अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। डॉ. किशन कारीगर भगम भग्गी फैशन (हास्य कटाक्ष) बाबा बड़बड़ाइत बजैत रहै जे आब केकरा रोकू? हे केकरा टोकू? ई छौंड़ा छौंड़ी सब त एकटा फैशन जेंका बना लेलक? ई भगम भग्गी फैशन जे ने कराबै? खून खूनामे, केस फौदारी, पुशतियाही दुशमनी जे ने कराबै? तइयो लोक नै चेतल आ नै समाधान करै जाई गेल? अपने भोगान भोगै जाइत की? एतेक भगम भग्गी होइ लगलै जे रोज कोनो गाम शहर मे होइते रहै छै? आ गाम समाज मुँहतक्का बनल रहैईए की? सबट्टा निरलज्जा सब लाज धाख बिसैर जाइ जाइ गेल? हम बाबा स पूछली की होलै बाबा भोरे पहर एतना कैलै बड़बड़ी करै छहू? बलू हरदम छौंड़ा छौंड़ी सबके फैशन पर खिसिआई छहू कैले? जबान लइका बच्चा सब हइ त फैशन न करतै त की तोरे सन दिन भरि बघंबर पहिरने रहतै? नबका जमाना हइ त फैशनो ने करौ? एते बोलै छहू भने कोई पूजो करै लै नै अउतहो तब की करबहो? असगरे भागेसर पंडा संगे तोंई तमाकुल खाईत रहियौ हम्मे त आब घूइरो के नै अएबौ? हमर बात सुनके बाबा बोललकै हौ कारीगर तंहू की ताल करै मे छह? एक जुम तमाकुल खुआबह हे नीचेन स सबटा गप कहै छिअह. हम बाबा लै तमाकुल चुनाबै लगली आउर बाबा बोलैत रहलै हौ छौड़ा छौंड़ी सब कपरा लता, साज सिंगार, देहदेखौआ फैशन सब करैए से अपन करै जा लेकिन ई लगले भगम भग्गी वला फैशन पर उतारू भऽ जाइए से एकदम बरदास्त स फाजिल? हम बाबा के चुनाउल तमाकुल देली औरी पूछली जे भगम भग्गी फैशन ई कोन नबका फैशन एलै हौ बज़ार मे तोंई की बोलै छहो? बाबा बोललकै एह देखै नै छहक गामे गाम छौंड़ा छौड़ी भगम भग्गी क रहल छै? एकटा फैशन बना लेलक ई छौंड़ा छौंड़ी सब? कोनो लाज धाक नै? हौ भाए बहिन तक मनबा लै तैयार नै? कहतह जे हमरा प्यार यै? एहेन कोन प्यार भेलैए जे भाए बहिन लोक लाज तक नै बुझतै? छौंड़ा छौंडी सबके एतबे मोन लचलटाई छै त अपना अपना गारजियन के कहौ बिआह कऽ दै लै? लगले सेहंता पूर भऽ जेतै की? ई सब चुपेचाप वाट्सएप पर भांज लगौने रहतह आ राता राति भगम भग्गी कए लेतह? हौ बिआह ठीक भऽ गेल रहै छै तइयो कतेक छौंड़िया सब भागि जेतह की? आ ई सरधुआ छौंड़ा सब बाल बच्चेदार रहितौ छौंड़ि सबहक फेर मे रहतह आ लाथ केहेन जे हमरा बसपन का प्यार कहीं भूइल नै जाना? हम बजली हं ई भग्म भग्गी बड्ड चिंता के गप हइ क बाबा? बलू गाम समाज के लोक कुछो नै करतहो? हमर गप सुनके बाबा खौंजा गेलौ अउरी बोललकौ हे समाजक लोक तमस्सा देखतह की? फलां के बेटी भगलै कीने? फलां घर मे एना भेलै ने? हमरा कोन मतलब? ई मौगिया सब दिन भरि शिव गुरू मे चिकरैत रहतह आ एक्को बेर चिंता नै करतह जे ओक्कर बेटी उढ़ड़लै अपटलै की कोनो छौंड़ा संगे परेलै? चिकरैत रहतह जागह जागह महादेब? कहअ त हमर त्रीनेत्र ट्वंटी फोर ऑवर जागल रहैइए?हमरा जगेबा स नीक जे अपना धिया पूता के साशन मे राख ओकरा जगा के राखै जो जे ई भग्म भग्गी वला फैशन नै करै जो? बाबा स हम पूछली जे ई मरदाबा सब नै कुछो डांट डपट करै छहो? ओकरा सबके नै कोनो चिंता फिकीर हइ की? बाबा बोललकै हौ ई मुंसा सब अनका भरोसे बैसल तमस्सा देखै मे बेहाल छै की? कोई पंचायत पोलटिक्स मे त कोई चमचै मे त कोई अठजाम भागवत के मनेजरी में? ताबे एम्हर छौंड़ा छौंड़ी भाइग परा जाउ धैन सति लै? अनकर भगलै कीने? आ ज अप्पन बेटी परा जाउ तब कान कपार पीटतह यौ बाबा हमर लड़की भाइग गेल ताकि दियअ यौ. हम की तकबै आ तूं की तकबहक? छौड़ा छौंड़ी कोर्ट मैरिज केनैहिंए औतह? भागेसर पंडा के कतेक बेर कहलियै जे एक बेर बैसार करै जाह सब मिली भगम भग्गी फैशन के रोकै जाह त भागेसरो कानून बतियाइ हमरा कोन काज? जेकरा घर भगलै से जनौ? आ जहिया भागेसर के बेटी गामे छौड़ा संगे दिल्ली परा गेल त बपहारि कटैत रहै जे जुलुम भऽ गेलै? अई भगम भग्गी दुआरे केस फौदारी खून खूनामे दुशमनी तक भऽ रहल आ तइओ समाजक लोक चेतल नै आ छौँड़ा छौंड़ी के समाजिक मरजादा के शिक्षा नै दअ रहल? -डाॅ किशन कारीगर (मूल नाम- डाॅ कृष्ण कुमार राय) ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। मुन्नाजी- बीहनि कथा भार उघैत ऐं गै मम्मी तों इ की करै छें ? की करै छी हम रौ ? सुनै छी जे आंटी के मूइला पछाति तों अंकल के संग धेने रहै छें। मार पपिआहा के केहेन बात बजै छें रौ ! होस्टल में रहि हमरा गाम घरक गप्प सं कोन सरोकार।गाम एलौं त' सुनलौं गौंवा,टोलबैया सं। धुर जो,तोहर प्रेम हमर अमृत ऐछ। सत्ते गै,तहन हमर बात मानमे ? हं रौ किए ने! तों दोसर बिआह क' ले। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ३. पद्य ३.१.आशीष अनचिन्हार- दूटा गजल ३.२.डाॅ किशन कारीगर- मिथिला मैथिली के ठीकेदारी? (हास्य कविता) आशीष अनचिन्हार दूटा गजल १ छन छनमे जे बदलल दुनियाँ अपने सनकेँ लागल दुनियाँ

हमरा कातक साफे सुत्थर हुनका कातक घोंकल दुनियाँ

बाहर बाहर संतोषी छै भीतर भीतर दग्धल दुनियाँ

कखनो लागै फूलल फूलल कखनो लागै पचकल दुनियाँ

अपने आगिसँ जरबे केलै अपने रसमे भीजल दुनियाँ

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि। ई बहरे मीर अछि।

चुप्पे चुप छै सभहँक फेस लागल हेतै कत्तौ ठेस

अपने रस्ता अपने आरि अपने हारल अपने रेस

हुनकर नेहक बनलै जेल हमहूँ हारब जीतल केस

इम्हर उम्हर सगरो देखि चल गे सजनी सुंदर देस

बहुरुपिया लग रहिते छैक जेहन तेहन बहुते ड्रेस

सभ पाँतिमे 22-22-22-21 मात्राक्रम अछि। अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। डाॅ किशन कारीगर मिथिला मैथिली के ठीकेदारी? (हास्य कविता) कोनो गतर मे लाजे नै?त बाते की? गारि गंजन लगले कपरफोरियो क लेब? हमरा सन बुझक्कर तेसर के नै जानी? करब हम मिथिला मैथिली के ठीकेदारी? दिन भरि हो हो हो करब? आ गलथोथरी भरल किरदानी? कुतर्के क पेट भरत कहाएब त मैथिली सेबी? चेला चटिया त लगले कहत बुधियार बुद्धजीवि? मिथिला मैथिली के यथार्थ किन्नौ ने मानब? स्वीकारब ने गलती बेमतलबो करैत रहब गलथोथरी? होहकारी विद्या स त राता राति प्रसिद्धी भेटत? कवि साहित्यकार मैथिली सेवी की सब ने कहाएब? कहाँदिन बड्ड फायदा छै लगले रहब हरदम देबै होहकारी? निरलज्जा बनल रहब करब हम मिथिला मैथिली के ठीकेदारी? हम कुतर्को करब तइयो लाॅबीबाज हमरा पोसत अनकर मोजर बेर मे जाति पहिने देखब? के की लेत हमरा हमहीं टा भंगपीबाह खेलाड़ी? मैथिली धो धो खाएब पकाएब आ करब ठीकेदारी? -डाॅ किशन कारीगर (मूल नाम- डाॅ कृष्ण कुमार राय) ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ....................................................................................................................... संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] Videha e-Learning पेटार (रिसोर्स सेन्टर) शब्द-व्याकरण-इतिहास MAITHILI IDIOMS & PHRASES मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश- रमाकान्त मिश्र मिहिर (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) डॉ. ललिता झा- मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) मैथिली शब्द संचय MAITHILI DICTIONARY- RAMDEO JHA (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) ENGLISH MAITHILI COMPUTER DICTIONARY MAITHILI ENGLISH DICTIONARY अणिमा सिंह -Shishu_Geet_Khel_Anima_Singh डॉ. रमण झा मैथिली काव्यमे अलङ्कार    अलङ्कार-भास्कर आनन्द मिश्र (सौजन्य श्री रमानन्द झा "रमण")- मिथिला भाषाक सुबोध व्याकरण BHOLALAL DAS मैथिली सुबोध व्याकरण- भोला लाल दास राधाकृष्ण चौधरी- A Survey of Maithili Literature ........................................................................................................................ मूलपाठ तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) राजेश्वर झा- मिथिलाक्षरक उद्भव ओ विकास (मैथिली साहित्य संस्थान आर्काइव) Surendra Jha Suman दत्त-वती (मूल)- श्री सुरेन्द्र झा सुमन (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) CIIL SITE ........................................................................................................................ समीक्षा सुभाष चन्द्र यादव-राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ शिव कुमार झा "टिल्लू" अंशु-समालोचना डॉ बचेश्वर झा- B_JHA_Nibhand_Nikunj.pdf डॉ. देवशंकर नवीन- Adhunik_Sahityak_Paridrishya डॉ. रमण झा- भिन्न-अभिन्न प्रेमशंकर सिंह- मैथिली भाषा साहित्य:बीसम शताब्दी (आलोचना) डॉ. रमानन्द झा 'रमण' हिआओल अखियासल     CIIL SITE दुर्गानन्द मण्डल-चक्षु RAMDEO JHA दत्त-वतीक वस्तु कौशल- डॊ. श्रीरामदेवझा SHAILENDRA MOHAN JHA परिचय निचय- डॊ शैलेन्द्र मोहन झा ........................................................................................................................ अतिरिक्त पाठ पहिने मिथिला मैथिलीक सामान्य जानकारी लेल एहि पोथी केँ पढ़ू:- राधाकृष्ण चौधरी- मिथिलाक इतिहास फेर एहि मनलग्गू फाइल सभकेँ सेहो पढ़ू:- केदारनाथ चौधरी चमेलीरानी                         माहुर                          करार कुमार पवन पइठ (मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ कथा) (साभार अंतिका)       डायरीक खाली पन्ना (साभार अंतिका) याेगेन्द्र पाठक वियाेगी- विज्ञानक बतकही रामलोचन ठाकुर- मैथिली लोककथा SAHITYA AKADEMI http://sahitya-akademi.gov.in/publications/e-books.jsp http://sahitya-akademi.gov.in/general/Digitalbooks.jsp CIIL http://corpora.ciil.org/maisam.htm अखियासल (रमानन्द झा रमण) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI1.pdf जुआयल कनकनी- महेन्द्र http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI2.pdf प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI3.pdf सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI4.pdf मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI5.pdf JNU http://sanskrit.jnu.ac.in/maithili/index.jsp http://sanskrit.jnu.ac.in/student_projects/lexicon.jsp?lexicon=maithili ARCHIVE.ORG https://archive.org/details/%40vijay_deo_jha?&sort=-publicdate&page=2 VIDEHA MAITHILI BOOKS/ PICTURE-AUDIO-VIDEO ARCHIVE http://videha.co.in/new_page_15.htm https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ ALL INDIA RADIO DOORDARSHAN आकाशवाणी दूरदर्शन http://prasarbharati.gov.in/ http://newsonair.com/ https://doordarshan.gov.in/ आकाशवाणी मैथिली पोडकास्ट http://prasarbharati.gov.in/podcast.php?filterlang=Maithili&from=1947-08-15&fromwp=2020-08-29&to=2050-12-31&search=GO आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-1 http://newsonair.com/RNU-NSD-Audio-Archive-Search.aspx आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल 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........................................................................................................................ VIDEHA e-LEARNING YOUTUBE CHANNEL https://www.youtube.com/channel/UC4abVKqMj2pDWIAkXiOHp7A विदेहक किछु विशेषांक:- १) हाइकू विशेषांक १२ म अंक, १५ जून २००८ Videha_15_06_2008.pdf          Videha_15_06_2008_Tirhuta.pdf       12.pdf २) गजल विशेषांक २१ म अंक,  १ नवम्बर २००८ Videha_01_11_2008.pdf       Videha_01_11_2008_Tirhuta.pdf         21.pdf ३) विहनि कथा विशेषांक ६७ म अंक, १ अक्टूबर २०१० Videha_01_10_2010        Videha_01_10_2010_Tirhuta             67 ४) बाल साहित्य विशेषांक ७० म अंक, १५ नवम्बर २०१० Videha_15_11_2010        Videha_15_11_2010_Tirhuta             70 ५) नाटक विशेषांक ७२ म अंक १५ दिसम्बर२०१० Videha_15_12_2010        Videha_15_12_2010_Tirhuta           72 ६) नारी विशेषांक ७७म अंक ०१ मार्च २०११ Videha_01_03_2011        Videha_01_03_2011_Tirhuta           77 ७) अनुवाद विशेषांक (गद्य-पद्य भारती) ९७म अंक Videha_01_01_2012 Videha_01_01_2012_Tirhuta           97 ८) बाल गजल विशेषांक विदेहक अंक १११ म अंक, १ अगस्त २०१२ Videha_01_08_2012        Videha_01_08_2012_Tirhuta           111 ९) भक्ति गजल विशेषांक १२६ म अंक, १५ मार्च २०१३ Videha_15_03_2013        Videha_15_03_2013_Tirhuta           126 १०) गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक १४२ म, अंक १५ नवम्बर २०१३ Videha_15_11_2013        Videha_15_11_2013_Tirhuta           142 ११) काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक १६९ म अंक १ जनवरी २०१५ Videha_01_01_2015 १२) अरविन्द ठाकुर विशेषांक १८९ म अंक १ नवम्बर २०१५ Videha_01_11_2015 १३) जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक १९१ म अंक १ दिसम्बर २०१५ Videha_01_12_2015 १४) विदेह सम्मान विशेषा‍क- २००म अ‍क १५ अप्रैल २०१६/ २०५ म अ‍क १ जुलाई २०१६ Videha_15_04_2016 Videha_01_07_2016 १५) मैथिली सी.डी./ अल्बम गीत संगीत विशेषांक- २१७ म अंक ०१ जनवरी २०१७ Videha_01_01_2017 १६) मैथिली वेब पत्रकारिता विशेषांक VIDEHA 313 लेखकसं आमंत्रित रचनापर आम‍ंत्रित आलोचकक टिप्पणीक शृंखला १७) मैथिली बीहनि कथा विशेषांक-२ VIDEHA 317 १८) रामलोचन ठाकुर विशेषांक VIDEHA 319 १९) रामलोचन ठाकुर श्रद्धांजलि विशेषांक VIDEHA 320 २०) राजनन्दन लाल दास विशेषांक VIDEHA 333 लेखकक आमंत्रित रचना आ ओइपर आमंत्रित समीक्षकक समीक्षा सीरीज १. कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी विदेहक दू सए नौम अंक Videha_01_09_2016 "पाठक हमर पोथी किए पढ़थि"- लेखक द्वारा अप्पन पोथी/ रचनाक समीक्षा सीरीज १. आशीष अनचिन्हार 'विदेह' क ३२७ म अंक ०१ अगस्त २०२१ एडिटर्स चोइस सीरीज एडिटर्स चोइस सीरीज-१ विदेहक १२३ म (०१ फरबरी २०१३) अंकमे बलात्कारपर मैथिलीमे पहिल कविता प्रकाशित भेल छल। ई दिसम्बर २०१२ क दिल्लीक निर्भया बलात्कार काण्डक बादक समय छल। ओना ई अनूदित रचना छल, तेलुगुमे पसुपुलेटी गीताक एहि कविताक हिन्दी अनुवाद केने छलीह आर. शांता सुन्दरी आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद केने छलाह विनीत उत्पल। हमर जानकारीमे एहिसँ बेशी सिहराबैबला कविता कोनो भाषामे नहि रचल गेल अछि। सात सालक बादो ई समस्या ओहने अछि। ई कविता सभकेँ पढ़बाक चाही, खास कऽ सभ बेटीक बापकेँ, सभ बहिनक भाएकेँ आ सभ पत्नीक पतिकेँ। आ विचारबाक चाही जे हम सभ अपना बच्चा सभ लेल केहन समाज बनेने छी। एडिटर्स चोइस सीरीज-१ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-२ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच ब्रेस्ट कैसरक समस्यापर विदेह मे मीना झा केर एकटा लघु कथा प्रकाशित भेल। ई मैथिलीक पहिल कथा छल जे ब्रेस्ट कैसर पर लिखल गेल। हिन्दीमे सेहो ताधरि एहि विषयपर कथा नहि लिखल गेल छल, कारण एहि कथाक ई-प्रकाशित भेलाक १-२ सालक बाद हिन्दीमे दू गोटेमे घोंघाउज भऽ रहल छल कि पहिल हम आकि हम, मुदा दुनूक तिथि मैथिलीक कथाक परवर्ती छल। बादमे ई विदेह लघु कथामे सेहो संकलित भेल। एडिटर्स चोइस सीरीज-२ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-३ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिलक किछु बाल कविता प्रकाशित भेल। बादमे हुनकर ३ टा बाल कविता विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल जाहिमे २ टा कविता बेबी चाइल्डपर छल। पढ़ू ई तीनू कविता, बादक दुनू बेबी चाइल्डपर लिखल कविता पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-३ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-४ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदानन्द झा मनुक एकटा दीर्घ बाल कथा कहि लिअ बा उपन्यास प्रकाशित भेल, नाम छल चोनहा। बादमे ई रचना विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल, ई रचना बाल मनोविज्ञानपर आधारित मैथिलीक पहिल रचना छी, मैथिली बाल साहित्य कोना लिखी तकर ट्रेनिंग कोर्समे एहि उपन्यासकेँ राखल जेबाक चाही। कोना मॊडर्न उपन्यास आगाँ बढ़ै छै, स्टेप बाइ स्टेप आ सेहो बाल उपन्यास। पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-४ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-५ एडिटर्स चोइस ५ मे मैथिलीक "उसने कहा था" माने कुमार पवनक दीर्घकथा "पइठ" (साभार अंतिका) । हिन्दीक पाठक, जे "उसने कहा था" पढ़ने हेता, केँ बुझल छन्हि जे कोना अहि कथाकेँ रचि चन्द्रधर शर्मा ’गुलेरी’ अमर भऽ गेलाह। हम चर्चा कऽ रहल छी, कुमार पवनक "पइठ" दीर्घकथाक। एकरा पढ़लाक बाद अहाँकेँ एकटा विचित्र, सुखद आ मोन हौल करैबला अनुभव भेटत, जे सेक्सपीरिअन ट्रेजेडी सँ मिलितो लागत आ फराको। मुदा एहि रचनाकेँ पढ़लाक बाद तामस, घृणा सभपर नियंत्रणकेँ आ सामाजिक/ पारिवारिक दायित्वकेँ सेहो अहाँ आर गंभीरतासँ लेबै, से धरि पक्का अछि। मुदा एकर एकटा शर्त अछि जे एकरा समै निकालि कऽ एक्के उखड़ाहामे पढ़ि जाइ। एडिटर्स चोइस सीरीज-५ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-६ जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा "बिसाँढ़": १९४२-४३ क अकालमे बंगालमे १५ लाख लोक मुइला, मुदा अमर्त्य सेन लिखैत छथि जे हुनकर कोनो सर-सम्बन्धी एहि अकालमे नहि मरलन्हि। मिथिलोमे अकाल आएल १९६७ ई. मे आ इन्दिरा गाँधी जखन एहि क्षेत्र अएली तँ हुनका देखाओल गेल जे कोना मुसहर जातिक लोक बिसाँढ़ खा कऽ एहि अकालकेँ जीति लेलन्हि। मैथिलीमे लेखनक एकभगाह स्थिति विदेहक आगमनसँ पहिने छल। मैथिलीक लेखक लोकनि सेहो अमर्त्य सेन जेकाँ ओहि महाविभीषिकासँ प्रभावित नहि छला आ तेँ बिसाँढ़पर कथा नहि लिखि सकला। जगदीश प्रसाद मण्डल एहिपर कथा लिखलन्हि जे प्रकाशित भेल चेतना समितिक पत्रिकामे, मुदा कार्यकारी सम्पादक द्वारा वर्तनी परिवर्तनक कारण ओ मैथिलीमे नहि वरण् अवहट्ठमे लिखल बुझा पड़ल, आ ओतेक प्रभावी नहि भऽ सकल कारण विषय रहै खाँटी आ वर्तनी कृत्रिम। से एकर पुनः ई-प्रकाशन अपन असली रूपमे भेल विदेहमे आ ई संकलित भेल "गामक जिनगी" लघुकथा संग्रहमे। एहि पोथीपर जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ टैगोर लिटरेचर अवार्ड भेटलनि। जगदीश प्रसाद मण्डलक लेखनी मैथिली कथाधाराकेँ एकभगाह हेबासँ बचा लेलक, आ मैथिलीक समानान्तर इतिहासमे मैथिली साहित्यकेँ दू कालखण्डमे बाँटि कऽ पढ़ए जाए लागल- जगदीश प्रसाद मण्डलसँ पूर्व आ जगदीश प्रसाद मण्डल आगमनक बाद। तँ प्रस्तुत अछि लघुकथा बिसाँढ़- अपन सुच्चा स्वरूपमे। एडिटर्स चोइस सीरीज-६ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-७ मैथिलीक पहिल आ एकमात्र दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफी। सन्दीप कुमार साफीक दलित आत्मकथा जे अहाँकेँ अपन लघु आकाराक अछैत हिलोड़ि देत आ अहाँक ई स्थिति कऽ देत जे समानान्तर मैथिली साहित्य कतबो पढ़ू अहाँकेँ अछौं नहि होयत। ई आत्मकथा विदेहमे ई-प्रकाशित भेलाक बाद लेखकक पोथी "बैशाखमे दलानपर"मे संकलित भेल आ ई मैथिलीक अखन धरिक एकमात्र दलित आत्मकथा थिक। तँ प्रस्तुत अछि मैथिलीक पहिल दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफीक कलमसँ। एडिटर्स चोइस सीरीज-७  (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-८ नेना भुटकाकेँ रातिमे सुनेबा लेल किछु लोककथा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-८ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-९ मैथिली गजलपर परिचर्चा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-९ (डाउनलोड लिंक) जगदीश प्रसाद मण्डल जीक ६५ टा पोथीक नव संस्करण विदेहक २३३ सँ २५० धरिक अंकमे धारावाहिक प्रकाशन  नीचाँक लिंकपर पढ़ू:- Videha_15_05_2018 Videha_01_05_2018 Videha_15_04_2018 Videha_01_04_2018 Videha_15_03_2018 Videha_01_03_2018 Videha_15_02_2018 Videha_01_02_2018 Videha_15_01_2018 Videha_01_01_2018 Videha_15_12_2017 Videha_01_12_2017 Videha_15_11_2017 Videha_01_11_2017 Videha_15_10_2017 Videha_01_10_2017 Videha_15_09_2017 Videha_01_09_2017 विदेह ई-पत्रिकाक  बीछल रचनाक संग- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ रचनाक एकटा समानान्तर संकलन: विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) देवनागरी विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) तिरहुता विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) देवनागरी विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०) तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]देवनागरी विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]  तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]- दोसर संस्करण देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ]देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ] तिरहुता विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]देवनागरी विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]  तिरहुता विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ]देवनागरी विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ] तिरहुता विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ]देवनागरी विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ] तिरहुता विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ]देवनागरी विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ] तिरहुता विदेह:सदेह ११ विदेह:सदेह १२ विदेह:सदेह १३ The readers of English translations of Maithili Novel "sahasrabadhani" and verse collection "sahasrabdik chaupar par" has intimated that the English translation has not been able to grasp the nuances of original Maithili. Therefore the Author has started translating his Maithili works in English himself. After these translations are complete these would be the official translations authorised by the Author of the original works.-Editor Maithili Books can be downloaded from: https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार सहित) सूचना/ घोषणा "विदेह सम्मान" समानान्तर साहित्य अकदेमी पुरस्कारक नामसँ प्रचलित अछि। "समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार" (मैथिली), जे साहित्य अकादेमीक मैथिली विभागक गएर सांवैधानिक काजक विरोधमे शुरु कएल छल, लेल अनुशंसा आमन्त्रित अछि। अनुशंसा २०१९ आ २०२० बर्ख लेल निम्न कोटि सभमे आमन्त्रित अछि: १) फेलो २)मूल पुरस्कार ३)बाल-साहित्य ४)युवा पुरस्कार आ ५) अनुवाद पुरस्कार। पुरस्कारक सभ क्राइटेरिया साहित्य अकादेमी, दिल्लीक समानान्तर पुरस्कारक समक्ष रहत, जे एहि लिंक sahitya-akademi.gov.in पर उपलब्ध अछि। अपन अनुशंसा editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम्: VIDEHA: AN IDEA FACTORY (c)२००४-२०२२. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHAसम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। सह-सम्पादक: डॉ उमेश मंडल। सहायक सम्पादक: राम वि‍लास साहु, नन्द विलास राय, सन्दीप कुमार साफी आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)। सम्पादक- नाटक-रंगमंच-चलचित्र- बेचन ठाकुर। सम्पादक- सूचना-सम्पर्क-समाद- पूनम मंडल। सम्पादक -स्त्री कोना- इरा मल्लिक। रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि)editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार ऐ ई-पत्रिकाकेँ छै, आ से हानि-लाभ रहित आधारपर छै आ तैँ ऐ लेल कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत।  एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। (c) 2004-2022 सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। ५ जुलाई २००४ केँ http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसरिक गाछ”- मैथिली जालवृत्तसँ प्रारम्भ इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् 'विदेह' ३४० म अंक १५ फरबरी २०२२ (वर्ष १५ मास १७० अंक ३४०) विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन मानुषीमिह संस्कृताम् ISSN 2229-547X VIDEHA ISSN 2229-547X VIDEHA

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