VIDEHA — Issue 341 / अंक ३४१

Publication: VIDEHA · Issue: 341
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'विदेह' ३४१ म अंक ०१ मार्च २०२२ (वर्ष १५ मास १७१ अंक ३४१) ऐ अंकमे अछि:- १. गजेन्द्र ठाकुर- संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] २. गद्य २.१.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- २६म खेप २.२.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर- ३८म खेप २.३.डॉ. किशन कारीगर-मिथिला मैथिली आंदोलनक मिथक प्रयास आ समाधान? २.४.मुन्नाजी- बीहनि कथा-निमुधन नै छी । ३. पद्य ३.१.दिनकर कुमार- दस टा कविता ३.२.डाॅ किशन कारीगर-कतअ हेरा गेलै मनुक्खक जिनगी Go to the link below for download of old issues of VIDEHA Maithili e magazine in .pdf format and Maithili Audio/ Video/ Books/ paintings/ photo files. विदेहक पुरान अंक आ ऑडियो/ वीडियो/ पोथी/ चित्रकला/ फोटो सभक फाइल सभ डाउनलोड करबाक हेतु नीचाँक लिंक पर जाउ। VIDEHA ARCHIVE विदेह पेटार View Videha googlegroups (since July 2008) view Videha Facebook Official Group (since January 2008)- for announcements १. गजेन्द्र ठाकुर ........................................................................................................................ ........................................................................................................................ [संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री] [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] [FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI ALSO] यू. पी. एस. सी. (मेन्स) २०२० ऑप्शनल: मैथिली साहित्य विषयक टेस्ट सीरीज यू.पी.एस.सी. क प्रिलिमिनरी परीक्षा २०२० सम्पन्न भऽ गेल अछि। जे परीक्षार्थी एहि परीक्षामे उत्तीर्ण करताह आ जँ मेन्समे हुनकर ऑप्शनल विषय मैथिली साहित्य हेतन्हि तँ ओ एहि टेस्ट-सीरीजमे सम्मिलित भऽ सकैत छथि। टेस्ट सीरीजक प्रारम्भ प्रिलिम्सक रिजल्टक तत्काल बाद होयत। टेस्ट-सीरीजक उत्तर विद्यार्थी स्कैन कऽ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकैत छथि, जँ मेलसँ पठेबामे असोकर्ज होइन्हि तँ ओ हमर ह्वाट्सएप नम्बर 9560960721 पर सेहो प्रश्नोत्तर पठा सकैत छथि। संगमे ओ अपन प्रिलिम्सक एडमिट कार्डक स्कैन कएल कॉपी सेहो वेरीफिकेशन लेल पठाबथि। परीक्षामे सभ प्रश्नक उत्तर नहि देमय पड़ैत छैक मुदा जँ टेस्ट सीरीजमे विद्यार्थी सभ प्रश्नक उत्तर देताह तँ हुनका लेल श्रेयस्कर रहतन्हि। विदेहक सभ स्कीम जेकाँ ईहो पूर्णतः निःशुल्क अछि।- गजेन्द्र ठाकुर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज (मुख्य) परीक्षा, २०२० मैथिली (ऐच्छिक) लेल टेस्ट सीरीज/ प्रश्न-पत्र- १ आ २ TEST SERIES-1 TEST SERIES-2 [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल/ FOR NTA-UGC-NET-MAITHILI] NTA_UGC_NET_MAITHILI_01 NTA_UGC_NET_MAITHILI_02 NTA_UGC_NET_MAITHILI_03 (श्री शम्भु कुमार सिंह द्वारा संकलित) Videha e-Learning MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) UPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS BPSC MAITHILI OPTIONAL SYLLABUS मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (ऐच्छिक) मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (अनिवार्य) मैथिली प्रश्नपत्र- बी.पी.एस.सी.(ऐच्छिक) मैथिलीक वर्तनी १ भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 ........................................................................................................................ MAITHILI (OPTIONAL) TOPIC 1    [Place of Maithili in Indo-European Language Family/ Origin and development of Maithili language (Sanskrit, Prakrit, Avhatt, Maithili) भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान/ मैथिली भाषाक उद्भव ओ विकास (संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली)] TOPIC 2    (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) TOPIC 3    (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतय समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होयत, लेखनीमे प्रवाह आयत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भय सकत।) TOPIC 4                (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) TOPIC 5                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) TOPIC 6                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) TOPIC 7                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) TOPIC 8                (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) TOPIC 9                (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) TOPIC 10               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) TOPIC 11               (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) TOPIC 12               (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) TOPIC 13               (तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास) TOPIC 14                 (आधुनिक नाटकमे चित्रित निर्धनताक समस्या- शम्भु कुमार सिंह)् TOPIC 15                 (स्वातंत्र्योत्तर मैथिली कथामे सामाजिक समरसता- अरुण कुमार सिंह) TOPIC 16                 (यू. पी.एस.सी. मैथिली प्रथम पत्रक परीक्षार्थी हेतु उपयोगी संकलन, मैथिलीक प्रमुख उपभाषाक क्षेत्र आ ओकर प्रमुख विशेषता, मैथिली साहित्यक आदिकाल, मैथिली साहित्यक काल-निर्धारण- शम्भु कुमार सिंह) TOPIC 17                (मैथिली आ दोसर पुबरिया भाषाक बीचमे सम्बन्ध (बांग्ला, असमिया आ ओड़िया) [यू.पी.एस.सी. सिलेबस, पत्र-१, भाग-“ए”, क्रम-५]) TOPIC 18                 [मैथिली आ हिन्दी/ बांग्ला/ भोजपुरी/ मगही/ संथाली- बिहार लोक सेवा आयोग (बी.पी.एस.सी.) केर सिविल सेवा परीक्षाक मैथिली (ऐच्छिक) विषय लेल] ........................................................................................................................ GENERAL STUDIES (PRELIMINARY & MAINS) GS (Pre) TOPIC 1 GS (Mains) NCERT-ENVIRONMENT CLASS XI-XII NCERT PDF I-XII TN BOARD PDF I-XII ALL INDIA RADIO ENGLISH NEWS ALL INDIA RADIO NEWS ARCHIVE ALL INDIA RADIO TALKS AND CURRENT AFFAIRS RAJYA SABHA TV NEWS DISCUSSIONS SANSAD TV OTHER OPTIONALS IGNOU eGYANKOSH (अनुवर्तते) -गजेन्द्र ठाकुर २. गद्य २.१.जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’- आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- २६म खेप २.२.रबीन्द्र नारायण मिश्र- लजकोटर- ३८म खेप २.३.डॉ. किशन कारीगर-मिथिला मैथिली आंदोलनक मिथक प्रयास आ समाधान? २.४.मुन्नाजी- बीहनि कथा-निमुधन नै छी । जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा)- २६.मिलौनीगंजसँ गोरखपुर धरि २६. मिलौनीगंजसँ गोरखपुर धरि 24.11.2005 क’ हम जबलपुर स्थित मिलौनीगंज शाखामे कार्य- भार ग्रहण केलहुँ | पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक पी.जी.कांगे दू दिन पहिने भारमुक्त भ’क’ चलि गेल छलाह | शाखामे दूटा सहायक प्रबन्धक(कर्ण जी आ गोपालजी ) एकटा प्रधान खजांची(वीरेंद्र सिंह),तीनटा सी.टी.ओ.( रीना चक्रवर्ती,प्रतिभा पटेल आ अनीता जाधव )आ कुशल सिंह राठौर सहित  तीनटा अधीनस्थ कर्मचारी छलाह | गोपालजीक स्थानान्तरणक बाद बी.पी.पटेल, प्रबंधकक पदपर एलाह आ कर्णजीक स्थानपर आर.के.कपूर एलाह |कर्णजी बिहारेक छलाह, पटेलजीक घर  जबलपुरसँ किछुए दूर छलनि |कपूरजीक घर जबलपुरमे छलनि |सी टी ओ सभ सेहो जबलपुरमे रहैत छलीह | शाखा बजारक  बीच प्रथम तलपर छलैक | क्षेत्रीय कार्यालय गेलहुँ | गोरखपुरमे छलै | चाहर साहेब (क्षेत्रीय प्रबंधक), जैन साहेब (सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक) और अन्य अधिकारी ओझाजी,नन्देश्वरजी,वर्माजी,चमोली जी,अनिल सिन्हा सभ गोटेसँ भेंट भेल | ओझाजी हमर पूर्व परिचित अधिकारी छलाह | सदर बाजार रायपुर शाखासँ स्थानान्तरित भ’ क’ आएल छलाह | जबलपुरमे बैंकक अन्य  शाखा सभ छलै नेपियर टाउन, गढ़ा, सिटी,एम.आइ.सी.आइ.,एम.पी.एच.बी.गोकलपुर,बिलहरी आदि | समय-समयपर समीक्षा बैसकमे सभ शाखा प्रबंधक एक ठाम जमा होइत छलाह | पन्द्रह अगस्त आ छब्बीस जनवरीक’ क्षेत्रीय कार्यालयमे सभ शाखाक प्रबंधक आ अन्य अधिकारी-कर्मचारी सभ सेहो जमा होइत छलाह आ झंडोत्तोलनमे भाग लैत छलाह | आवास व्यवस्था : हम एसगर पन्द्रह दिन रसल चौक लग होटल समदरियामे रहलहुँ | दिनमे भोजन मिलौनीगंज लग कोनो होटलमे आ रातिमे होटल समदरियामे अथवा पंचवटीमे करैत छलहुँ | बादमे दमोह नाका लग शान्तिनगरमे एक  कोठलीक एकटा डेरा लेलहुँ | ई डेरा बैंकक गढ़ा शाखाक प्रबन्धक अग्रवाल साहेबक बहिन-बहिनोक छलनि | परिवार रायपुरमे छल,हमरा एसगर जाधरि रहबाक छल, ताधरि अही आवासमे रहलहुँ | बादमे विजयनगरमे परिवारक संग रह’ लेल एकटा घर भेटल | ओ घर भारतीय स्टेट बैंकक सदस्य ओम राज बुलबुलक छलनि | ओ डुप्लेक्स छलैक | जबलपुरमे जाधरि रहलहुँ ओही घरमे रहलहुँ | ओहि ठाम कनिए दूरपर महादेवक एकटा विशाल मूर्ति छनि | कहियोक’ ओहि ठाम जाइत छलहुँ, नीक लगैत छल | ओहि घरसँ किछु दूरपर हमरा शाखाक प्रधान खजांची वीरेंद्र सिंह जीक अपन घर  छलनि | एसगर छलहुँ त ओ अधिक काल अपने ओत’ भोजन करा दैत छलाह, होटल नै जाए दैत छलाह |भोजनक बदला कोनहुँ रूपमे हम हुनका उपकृत कर’ चाहलहुँ त ओ विनम्रताक संग अस्वीकार क’ देलनि | प्रथमेशक जन्म : रायपुरमे पाण्डेय नर्सिंग होममे 2006  मे 24 जनवरीक’ वसन्त भर्ती भेलीह | 26 क’ 5 बाजिक’ एक मिनटपर सांझमे प्रथमेशक जन्म भेलनि | हम जबलपुरमे रही | ओहि समय रायपुरमे प्रफुल्लजी आ हुनक पत्नी आवश्यकतानुसार उपस्थितिसँ सहायता केलखिन | 31 जनवरीक’ बच्चाक छठिहार भेलै | हमहूँ जबलपुरसँ रायपुर पहुचलहुँ | जमाए  मुंबइसँ एलाह | विवेक भोपालसँ एलाह | ओहि अवसरपर ओझाजीक खर्चसँ आ प्रफुल्लजीक निदेशनमे आवासक छतपर भोजक आयोजन भेल जाहिमे 52 गोटे सम्मिलित भेलाह | वसन्तक द्विरागमन : हमरा पुत्रीक द्विरागमनक अवसरपर गाम जेबाक लेल अवकाश स्वीकृत नहि भेल | हम नहि जा सकलहुँ | विवेक शेष सभ गोटेक संग गाम गेलाह | हमर अनुज रतनजी गाममे छलाह | हुनका किछु पाइ पठा देलियनि, ओ फर्नीचर आदिक व्यवस्था क’ नेने छलाह | हम मास्टर साहेब (अपन छोट सार ) कें कहलियनि जे आवश्यतानुसार किछु पाइ उपलब्ध करा देथिन, बादमे प्रतिपूर्ति भ’ जेतनि | ओ सहयोग केलखिन | हमरा मोबाइलसँ संपर्क होइत छल | जेना-तेना 6 मार्चक’ वसन्त प्रथमेशक संग सासुर गेलीह | संगमे विवेक गेलखिन | मैथिलीक स्थिति : मैथिली जबलपुरक शाम्भवी कॉलेजसँ बी.एड. केलनि | एम. बी. ए. करबाक लेल भोपालमे मैट(MAT) मे सम्मिलित भेलीह | बैंकसँ ऋण स्वीकृत करौलहुँ | संग गेलहुँ | पुणेमे आइ.बी.एस.ए.आर मे 2007-2009  सत्रमे  नामांकन भेलनि | विवेकक स्थिति : विवेक कंप्यूटर साइंसमे इंजीनियरिंग केलाक बाद सी-डैक कोर्स केलनि | मुंबईमे वेब एक्सेस कम्पनीमे सेलेक्शन भेलनि | नोकरीसँ पहिने जबलपुर एलाह |ओही राति पेटमे बहुत दर्द भेलनि, बेचैन भ’ गेलाह | एकटा नर्सिंग होम ल’ गेलियनि, किछु दबाइसँ तत्काल दर्द बंद भेलनि, मुदा आइ वी यू जाँचसँ पता चललै जे युरेटर आ ब्लैडर के जॉइंट पर 7 mm के स्टोन छनि | डॉक्टर ऑपरेशनक सलाह देलनि | दिल्लीसँ हमर बहिन आ भागिन  दिल्लीक एकटा होमियोपैथ डा.डोगरासँ सम्पर्क करबाक सलाह देलनि, सम्पर्क नम्बर देलनि आ फोनपर सलाह ल’क’ दबाइ लेब’ कहलनि | सैह केलहुँ | ऑपरेशन नहि भेलनि | फोनपर डॉक्टर डोगरासँ संपर्क भेल | डॉक्टर साहेब पुछ्लनि लड़का पतला है कि मोटा, स्टोन बाएं साइडमे है कि दाएं साइडमे, सभ विवरण देलियनि | दबाइ सबहक नाम लिखा देलनि : (1)licopodium 30 (liquid) (2 ) Ocimum Can -30 दुनूक पांच-पांच बूंद आधा कप पानिमे मिलाक’ दिनमे चारि बेर दस दिन तक देबा लेल कहलनि | दस दिनक बाद Epigea mother tincture दस दिन देबा लेल कहलनि | भात बंद करबाक सलाह देलनि  आ प्रतिदिन पानि कम-सँ-कम 2-3 लीटर देब’ कहलनि | एक सप्ताहमे प्रगतिक सूचना देब’ कहलनि | जबलपुरक दोकानसँ दबाइ कीनिक’ देब’ लगलियनि | लाभ भेलनि | बादमे दू टा दबाइ (1)licopodium 30 (liquid) (2 ) Ocimum Can -30 और पन्द्रह दिन देब’ कहलनि, सेहो लेलनि | स्वस्थ भेलाह | मुंबई जाक’ वेब एक्सेसमे नोकरी शुरू केलनि | नोकरी अन्धेरीमे छलनि | ओत’ लगमे कतहु डेरा नहि भेटलनि | नवी मुंबइमे कोपरखैरना स्थित बहिन-बहिनोक डेरासँ भोरे जाइ छलाह, जाएमे तीन घंटा लगैत छलनि रातिमे दस बजे घुरैत छलाह | ई जाएब-आएब ततेक कष्टप्रद भेलनि जे तीनो मास नोकरी नहि क’ सकलाह | ओ  नोकरी छोडिक’ लगमे दोसर कोनो नोकरी ताक’ लगलाह | बादमे किछु अवधि धरि एकटा पॉलिटेक्निक कॉलेजमे आ तकर बाद ओतहि एकटा इंजीनियरिंग कॉलेजमे अध्यापनक काज केलनि | ललनजीक स्थिति : ललनजी दिल्लीमे आजादपुर सब्जी मंडीमे नोकरी करैत छलाह | पत्नी, पुत्री  रश्मि आ पुत्र शुभमक संग रहैत छलाह | रतनजीक स्थिति : सबसँ छोट भाए रतनजी 28.02.2007 क’ मिडिल स्कूल,बेलाही (जिला मधुबनी) मे शिक्षकक नोकरी शुरू केलनि | दू टा पुत्र ऋतुराज आ धनञ्जय आ पत्नीक संग गाममे रहैत छलाह | किछु मास साइकिलसँ गामसँ स्कूल जाइत छलाह | बहुत बादमे एकटा मोटर साइकिल लेलनि | रोग-शोक-संताप : दिनकर जीक  ‘उर्वशी’मे एक ठाम अछि : ‘रोग-शोक-संताप धरा पर आते ही रहते हैं पृथ्वी के प्राणी विषाद नित पाते ही रहते हैं |’ भरिसके कोनो परिवार एकर अपवाद हुए | हमहूँ सभ एकर अपवाद नहि छलहुँ | अपने दाँतक पीड़ा जखन-तखन भोगैत छलहुँ | दहिना गालपर मसुबृद्धि जकाँ भेल | दाढ़ी बनबैत काल बेर-बेर कटि जाइत छल, खून बह’ लगैत छल | दबाइसँ ठीक नै भेल | बादमे एक बेर गाम गेलहुँ त रतनजी कहलनि जे गाममे ककरो भेल छलै आ ठीक भ’ गेलै | ओ जेना कहलनि तहिना जरैत अगरबत्ती ल’क’ दू-तीन दिन ओइमे सटा देलिऐ | ओ मसुबृद्धि अलोपित भ’ गेल |फेर कहियो नै भेल | पत्नी उच्च रक्त चापसँ पीड़ित छलीह | अधिक काल डॉक्टरक संपर्कमे जाए पड़ैत छल | जबलपुरमे डा. बहरानीक  इलाजसँ लाभ भेलनि | पुत्र थोड़े दिन पथरीक उपचारमे बाझल छलाह | 2007 मे हमर ससुर सेहो कोनो बिमारीक चपेटमे पड़लाह आ 5 अप्रैलक’ हुनक देहान्त भ’ गेलनि | एहिसँ भारी दुखक बात ई भेलै जे हमर छोट सार मास्टर साहेबक छोट बालक आशुतोषकें कष्ट भेलनि | पहिने संदेहपर बबासीरक दबाइ करौलनि, बहुत बादमे कैंसरक पहचान भेलनि | मुंबइ टाटा मेमोरियल अस्पताल गेलाह, मुदा लाभ नहि भेलनि, बादमे पटना आबि किछु दिन इलाजमे रहलाह, गाम गेलाह आ ओही साल अक्टूबरक अन्तमे हुनकहु देहान्त भ’ गेलनि | हुनक देहावसान हुनक परिवार आ शुभचिंतक लोकनिक लेल बज्रपातसँ कम नहि छल | हुनक पिता एतेक प्रभावित भेलाह जे बहुत कष्टकर स्थितिमे मोनकें चौदह बरख धरि कहुनाक’ घिसियबैत रहलाह | आशुतोष अपन बुद्धि-व्यवहारसँ ह्मरहु सभकें अपन प्रशंसक बना नेने छलाह | हुनक देहावसान ह्मरहु सभकें बहुत व्यथित केलक | हमर पत्नीक स्वास्थ्यपर सेहो एहि दुनू देहान्तक असरि पड़लनि | दुखक बात ई छलै जे हम सभ फोनेपर संवेदना व्यक्त क’ सकैत छलहुँ,ओत’ उपस्थित हएब संभव नहि भ’ सकल कारण हमर प्रबंधन हमरा कोनो स्थितिमे तीन दिन सँ अधिक अवकाशमे रहबाक अनुमति देबाक लेल तैयार नहि छल आ हमर पत्नी एसगर यात्रा करबाक लेल तैयार नहि छलीह | हमर जीवनलेल  नोकरी परम आवश्यक छल आ ताहिलेल प्रबंधनक आदेशक पालन करब आवश्यक छल, तें हम अपना लेल ई अनुशासन सुनिश्चित केलहुँ जे आब ओतहि जाएब जाहि ठाम हमर जाएब अनिवार्य होइ | हम बेटीक द्विरागमनमे गाम नहि जा सकलहुँ | जेठ सारक पौत्रक उपनयनमे सासुर नै जा सकलहुँ | हमर साढ़ूक पौत्रीक विवाह भेलनि जमशेदपुरमे, हम नहि गेलहुँ | गाममे भातिजक मूड़न आ यमसम गाममे भागिनक विवाहमे नै गेलहुँ | ससुरक श्राद्ध-कर्मक समय सासुर नहि गेलहुँ | आशुतोषकें मुंबइमे टाटा मेमोरियल अस्पतालमे देखने रहियनि, ओत’सँ घुरैत काल जबलपुर स्टेशनपर भेंट केने रहियनि,फोनसँ संपर्क करैत छलहुँ, मुदा हुनक देहान्त भेलापर संवेदना प्रगट करबाक लेल सासुर नहि गेलहुँ | बच्चीकें एसगर जेबाक साहस नहि भेलनि, तें ईहो नहि गेलीह | बिहाड़िक बाद : समधियानमे नातिक मूड़नमे आ मैथिलीक विवाहक प्रसंगमे जमशेदपुर जाएब अनिवार्य भेल त गेलहुँ | 2008 मे 18 अप्रैलक’ राघोपुरमे नाति प्रथमेशक मूड़नक अवसरपर हम दूनू गोटे 17  क’ गाम पहुँचलहुँ, 18 क’ हम भातिज विकासक संग राघोपुर गेलहुँ, 19 क’ ओत’सँ गाम पहुँचि बहिन सबहक सासुर लखनपट्टी, शिशवा घूमिक’ गाम पहुँचलहुँ | 20 क’ गामसँ विदा भ क’ हम दुनू गोटे मधुबनी स्टेशनपर ‘गंगासागर एक्सप्रेस’ पकड़ि आसनसोल होइत 21 क’ टाटानगर पहुँचलहुँ | ओत’ साढ़ूपुत्र सरोजक आवासपर रहलहुँ | मैथिलीक विवाहक प्रसंगमे एकठाम संपर्क करबाक उद्देश्यसँ पूर्व निर्धारित कार्यक्रमक अनुसार ओत’ गेल रही | सरोजक संग टाटा स्टील ऑफिसमे प्रशांतजीसँ भेंट केलहुँ, हुनक आवासपर हुनक पिताजीसँ सेहो संपर्क कएल | 22  क’ जुबली पार्कमे पुनः कुमरजीसँ गप-सप भेल आ 23 क’ हम सभ जमशेदपुरसँ प्रस्थान कय 24 क’ जबलपुर पहुचै गेलहुँ | नोकरीक दुख-सुख : हम जबलपुरमे बहुत झंझटसँ बचबाक लेल एकटा शाखाक वरिष्ठ प्रबंधकक पद चुनने रही | मुदा जाही डरे भीन भेलौं सैह पड़ल बखरा बला स्थिति भ’ गेल | शाखाक मुख्य काज छलै जमा, अग्रिममे बृद्धि आ एन पी ए मे कमी करबाक लक्ष्य पूर्ण करब | जाहि ऋण खातामे ऋणक किश्त जमा नहि होइत छैक तकरा एन. पी. ए. ( नन परर्फोर्मिंग एसेट माने गैर-निष्पादित आस्ति ) कहल जाइ छै |जे खाता सभ एन पी ए भ’ गेल छलै, ताहिमे वसूली आ जे खाता नव छै तकरा एन पी ए हेबासँ बचयबाक काज आसान नहि होइत छै | ई काज बहुत सावधानी,समय आ समर्पण मंगैत छैक | शाखामे सेहो एहेन खाता सभ छलै आ बहुत ठामसँ जे कपट आ धोखाधडीक समाचार प्रकाशमे अबैत छलैक से आतंकित करैत छल | सभ ठाम सभ समाजमे  नीक आ अधलाह दुनू तरहक लोक रहैत छथि, ऋण लेबाक समयमे सभ कियो बहुत शालीनता देखबैत छलाह, किन्तु एक साल बाद हुनक असली रूप प्रगट होइत छलनि | किछु लोक एहनो होइ छथि जे आकस्मिक विकट परिस्थितिक कारण समयपर ऋणक वापसी करबामे असमर्थ भ’ जाइत छथि |किछु लोक समयपर बैंकक ऋण-क़िस्त जमा करैत अपन उन्नति करबाक प्रयास करैत छथि | विभिन्न योजनामे लक्ष्य प्राप्त करब आवश्यक छलैक, किन्तु कपट आ धोखाधड़ीसँ बचब सेहो आवश्यक छलैक तें बैंकक दिशा-निर्देशक पालन सुनिश्चित करब अनिवार्य छलै | एतहु हम निश्चित केलहुँ जे बैंकक दिशा-निर्देशक पालन करब, कखनहुँ ककरो दबाबमे कोनो निर्णय नहि लेब, अपन पवित्रता बचाक’ राखब आ ककरो कटु वचन नहि कहब | कोनो प्रस्तावपर शीघ्र निर्णय लेबाक आदति छल | आवश्यकतानुसार जाँच-पड़तालमे कोनो अधिकारीक संग अपनहुँ संलग्न होइत छलहुँ |अवकाश दिन सेहो बैंकक काजमे लगबैत छलहुँ | एतेक समय आ सावधानीमे तनाव सेहो अनुभव करैत छलहुँ | तनावसँ मुक्तिक उपाय साहित्यमे तकैत छलहुँ | ओहि समयमे बाबा रामदेवक जबलपुर आगमनसँ हमहूँ लाभान्वित भेलहुँ | भिलाइसँ हमर साढ़ूक पुत्री वीणा आ जमाए मिश्र जी आएल छलाह योग-शिविरमे भाग लेबाक हेतु | हमहूँ सभ शामिल भ’ गेलहुँ | चारि बजे भोरसँ सात बजे धरि होइत छलै, तें बैंकसँ छुट्टी लेबाक काज नै पड़ल | 2006 के नवम्बरमे 25 सँ  30 धरि शिविर चललै | ओहि  शिविरमे भाग लेबाक बाद भोरे उठबाक, आसन-प्राणायाम करबाक तेहेन अभ्यास लागल जे संकल्प-शक्ति दृढ़ भ’ गेल आ आत्मबल और मजबूत भेल | एहिसँ बड़का लाभ ई भेल जे  कतेक बरखसँ कखनो–कखनो तमाकुल लेबाक अभ्यास छल, से सभ दिन लेल छुटि गेल | कहियो-कहियो अशाकाहारी भोजन क’ लैत छलहुँ, सेहो दुनू गोटेक छुटि गेल | सबेरे 30 मिनटमे 900 बेर कपालभाति आ 100 बेर अनुलोम-बिलोम करय लगलहुँ | सूर्य नमस्कार सेहो करैत छलहुँ | एकर नीक असरि स्वास्थ्यपर पड़ल | जे नीक अभ्यास सभ लागल से एखनो अछि आ सभ परिस्थितिमे अपनाकें संतुलित रखबामे सहयोग करैत आबि रहल अछि | बाबा रामदेव आसन-प्राणायाम सिखबैत-सिखबैत नैतिक, शारीरिक आ मानसिक अनुशासनक लेल यम आ नियमक जे पाठ पढबैत छलाह, से अद्भुत छल |                                 यमक अंतर्गत अहिंसा,सत्य,अस्तेय,ब्रह्मचर्य,अपरिग्रह आ नियमक अन्तर्गत शौच,सन्तोष,तप,स्वाध्याय,ईश्वर-प्राणिधानक हुनक व्याख्या प्रशंसनीय छल | उपनयनक समय भोजक स्थानपर जँ एहि ज्ञान दिस ध्यान देल जाए त समाज आ देशमे अद्भुत सकारात्मक परिवर्तन भ’ सकैत अछि | बच्ची ओही साल अगस्तमे 21 सँ 27 धरि ‘आर्ट ऑफ़ लिविंग’क कार्यक्रममे भाग नेने छलीह,मुदा हिनका ओहिसँ कोनो लाभ नहि भेल छलनि | ऋण-वसूली कथा : जाहि ऋण-खातामे समयपर किश्त जमा हएब बंद भ’ जाइत छैक तकरा गैर निष्पादक आस्ति ( Non-performing Asset ) कहल जाइत छैक | एहि तरहक खाताबला लोक सभ दू तरहक होइत छथि : किछु लोक एहि तरहक होइत छथि जे किछु परिस्थितिक  कारण ऋणक किश्त जमा करबामे असमर्थ भ’ जाइत छथि आ किछु एहन होइत छथि जे लाचार नहि रहैत छथि अथवा ई बूझल जाए जे ओ जानि-बूझिक’ किश्त नै जमा करैत छथि | किछु ऋणक खातेदारक लगमे कोनो संपत्ति नै रहैत छनि जाहिकें जप्त क’क’ आ बेचिक असूली क’ लेल जाए, किछु लोक लग संपत्ति रहै छनि जाहिसँ ऋणक असूली क’ लेल जाए | सभ तरहक स्थितिक लेल अलग-अलग प्रक्रियाक विधान छैक | शाखामे एहि तरहक खातामे बृद्धिसँ बैंकक लाभमे कमी अबैत छैक | तें एहि तरहक खाता बैंकक लेल चिंताक विषय होइत छैक, ओहि खातामे वसूली करबाक लेल बैंक द्वारा समय-समयपर विभिन्न उपाय करबाक लेल निर्देश देल गेल छैक | एकरा अंतर्गत सम्बंधित खातेदारकें नोटिस पठाएब, व्यक्तिगत रूपसँ सम्पर्क करब आ एहि सभसँ काज नै चलै त कानूनी प्रक्रियाक पालन सुनिश्चित करबाक नियम छै | कानूनी प्रक्रियामे लोक मांग वसूली एक्टक अन्तर्गत तहसीलदार कार्यालयमे सम्बंधित खातेदारक आवश्यक विवरणक संग प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करब आ विशेष स्थितिमे अधिवक्ताक सलाहसँ न्यायालयमे मोकदिमा दायर करब अबैत छैक | लोक मांग असूली अधिनियमक अंतर्गत सम्बंधित तहसीलदार राजस्व वसूली अधिकारी होइत छथि | शासकीय नियमानुसार तहसीदार कार्यालयमे विभिन्न बैंकसँ प्राप्त केसमे वसूलीक लेल नोटिस जारी करब आ साधारण प्रयाससँ काज नै चलै त असूलीक लेल कठोर  उपाय कएल जाइत अछि | समय-समयपर बैंक अधिकारी सबहक संग तहसीलदार साहेबक बैसक आयोजित होइत अछि | तहसीलदार लोकनिकें सेहो बैंक ऋण वसूलीक लक्ष्य देल जाइत छनि, जिला स्तरपर एकर समीक्षा सेहो होइत छैक | तहसीलदार साहेब सब कोनो चूककर्ताक संग वसूलीक लेल कठोर कारबाइ करबाकाल स्थानीय प्रभावशाली लोक सभसँ बचबाक प्रयास करैत छथि | एक बेर हमरा शाखाक एकटा एहेन चूककर्ताकें चुनलनि जे कते बरखसँ ऋण नै जमा करैत छलाह | शाखासँ हुनका कयटा नोटिस देल गेल छलनि, ओ कोनो संतोषजनक जबाब नै दैत छलाह | हुनक दबाइक दोकान खूब चलै छलनि, बैंकक अधिकारी तगादामे जाइत छलाह त किछु कहिक’ घुरा दैत छलखिन | हम स्वयं एक बेर गेलहुँ, मुदा कोनो लाभ नै भेल | तहसीलदार साहेबकें कहलियनि | ओ कहलनि, अहाँ सभ दूटा ताला आ जीपक व्यवस्था  केने रहू, हम जखन फोन करी त जल्दी आबि जाएब ताला ल’ क’ | हम सभ से व्यवस्था केलहुँ | किछु दिनक बाद एक दिन ओ फोन केलनि | हम एकटा अधिकारीक संग जीपसँ गेलहुँ ताला ल’क’ | तहसीलदार किछु सिपाही सबहक संग दोसर जीपसँ विदा भेलाह | ओहि दोकान पर सभ सिपाहीक संग पहुँचिक’ दोकानपर जे स्टाफ छलाह सभकें बाहर क’क’ दोकानमे ताला लगाक’ दोकानके सील क’ क’ ओत’सँ बहुत तेजीसँ निकलि गेलाह | बादमे एकटा प्रभावशाली व्यक्तिक नाम कहलनि जे ओ हबाइ  जहाजसँ कतहु निकलि गेलाह,तें एहि कार्यवाहीक लेल ई उपयुक्त समय छल | साँझमे बैंक बन्द भेलाक बाद हम सभ अपन-अपन डेरा चल गेल रही | हमरा फोन आयल, हम पाइ  एखन जमा कर’ चाहैत छी, हमरा दबाइ  दोकान बंद भेलासँ बहुत नोकसान हएत, कृपया पाइ जमा करबा लेल जाए | हम कहलियनि जे हमरा संगमे खजानाक कुंजी नहि रहैत अछि, जिनका संग छनि ओ काल्हि दस बजे भेंट हेताह, काल्हि दस बजे आबि जाउ,सभसँ पहिने अहींक काज कएल जाएत | दोसर दिन ओ बैंक आबि सभटा बकाया जमा क’ क’ बैंकसँ अदायगीक रसीद ल’क’ तहसीलदार साहेब कें देखाक’ अपन दोकानक सील हटबौलनि | एहि तरहें कए बरखसँ बाँकी राशिक असूली भ’ गेल | एकटा दोसर तहसीलदार एलाह जे दोसर तरहक प्रयोग केलनि | ओ सभ बैंकसँ किछु एहेन चूककर्ता सबहक सूची तैयार करबौलनि जिनका लग दोकान अथवा दोसर चल संपत्ति छलनि | ओ एहि सूचीकें अखबारमे प्रकाशित करबा देलनि | प्रकाशित सूचीमे हमरा शाखाक एकटा एहेन चूककर्ताक नाम छलनि जिनकर नीक दोकान छलनि आ हुनकर दूर धरि पहुँच सेहो छलनि | सबेरेसँ फोन आब’ लागल | हमरा आएल, हमरा क्षेत्रीय प्रबंधक कें एलनि | अखबारमे चूककर्तामे नाम प्रकाशित भेलासँ अपमानित अनुभव क’ रहल छलाह | भरिसक एकर असरि हुनका सबहक सम्बन्धी लोकनिक राजनीतिक भविष्यपर पड़ैबला लगैत छलनि | सांझमे कलेक्टर साहेब हमरा बजौलनि, हुनको लग  किनको फोन प्राप्त भेल छलनि | हम एकटा अधिकारी संगे सम्बंधित फाइल ल’क’ गेलहुँ | कलेक्टर साहेब पूरा फाइल देखलनि | शाखा द्वारा कयटा नोटिस देल गेल छलनि, हम व्यक्तिगत रूपसँ सेहो संपर्क केने रहियनि | सभटा रिपोर्ट फाइलमे छलै | कलेक्टर साहेब कहलनि ‘गो अहेड’ | दोसर दिन हुनका घरक एक टा सदस्य एक गोटेकें संग क’क’ एलाह, अपन परिवारक विशिष्टतासँ परिचय करौलनि, ईहो कहलनि जे हम सभ चाहितहुँ  त अपन गाड़ीसँ  अहाँकें ठोकर लगाक’ निकलि जैतहुँ, ककरो पतो नै चलितै, मुदा अहाँक विषयमे जे लोक सभ कहलक ताहिसँ हम सभ ओइ स्तरधरि नहि गेलहुँ |फेर ओ ऋण चुकयबाक लेल एकटा चेक देलनि आ ऋण अदायगीक प्रमाणपत्र जारी कर’ कहलनि | हम ओहि चेकक विवरण दैत अदायगीक प्रमाण पत्र द’ देलियनि | हुनका कहलियनि जे बैंक अपन ग्राहककें अपमानित करबाक उद्देश्यसँ कोनो डेग नहि उठबैत अछि,बैंक अपन ग्राहकक सुख आ समृद्धिक कामना करैत अछि,  सामर्थ्य रहैत कर्जक अदायगी नहि करब पाप थीक, बैंक अपन ग्राहककें पापसँ बचयबाक प्रयास करैत अछि, हम सभ त अपन कर्तव्यक पालन मात्र करैत छी | हुनका दुनू गोटेकें चाह पियाक’ विदा केलियनि | एहि तरहें ओहि बकाया ऋणक असूली बैंककें प्राप्त भ’ गेलै | एहि तरहक कारबाइक असरि किछु और चूककर्ता लोकनिपर सेहो पड़लनि | बादमे पता लागल जे सम्बंधित तहसीलदार साहेबक बदली भ’ गेलनि | पूर्व जन्मक कर्जक अदायगी : धर्म शास्त्र कहैत अछि, जे किछु नीक-अधलाह हमरा भोग’ पड़ैत अछि,से हमरे एहि जन्मक अथवा पूर्व जन्मक कर्मक फल थिक | बहुत किछु त साफ देखाइत अछि जे अपने कर्मक फल थिक, किछु साफ-साफ नहि देखाइत अछि | शास्त्रमे हजारो बरखक अनुभवक ज्ञान अछि | शास्त्र कहैत अछि जे अज्ञान थिक सभ दुखक जड़ि | अज्ञानताक कारणे समयपर लोक उचित निर्णय नै ल’ पबैत अछि आ जे निर्णय लैत अछि से अंततः दुखमे परिवर्तित भ’ जाइत छैक | अपन कर्ममे पूर्व जन्मक संस्कारक  कतेक योगदान रहैत छैक आ एहि जन्ममे घटैत घटना सभकें देखि-सूनिक’ जे अनुभव करैत अछि ताहिसँ की निर्णय लैत अछि अथवा ओहि सबहक जे असरि ओकर जीवनपर पड़ैत छैक से गम्भीर चिन्तनक  विषय अछि | अपना जीवनमे एहि सबहक खोद-बेद करबाक चाही | हमरा अपनहु जीवनमे अज्ञानताक दुष्परिणामक प्रमाण भेटैत अछि | हम जखन तिरहुत कृषि महाविद्यालयमे पहिल बेर नामांकन लेलहुँ त हमरा नहि बूझल छल जे हमरा आइ.सी.ए.आर. द्वारा एक सय टाका मासिकबला छात्रवृति भेटत | हम जनैत रहितहुँ त ओ छोड़िक’ नै जैतहुँ आ हमरा पढ़ाइक लेल विवाह करब आवश्यक नै होइतय | मधुबनीमे बायोलॉजी पढबाक लेल गेलहुँ त ट्यूशन पढ़ि नेने रहितहुँ त प्रैक्टिकल मे कम-स-कम पांच अंक अवश्य बेशी आएल रहैत आ मेडिकलमे हमर नामांकन भ’ गेल रहितय | एहि पोस्टिंगक समय हम अग्रणी बैंक प्रबंधकक पदपर काज कर’ चाहितहुँ त हमरा भेटि जाइत किएक त हम आंचलिक कार्यालयमे छलहुँ आ हमरासँ पूछल गेल छल   | पूर्व अग्रणी जिला प्रबंधकक विरुद्ध किछु लोकक शिकायत देखि हम डेरा गेलहुँ |मुख्य बात ई छलैक जे हमरा अग्रणी जिला प्रबंधकक पदक कार्यक जानकारीक अभाव छल | आब जत’ आएल छलहुँ ओतहु अज्ञानताक कारण एकटा गलती भ’ गेल | शाखाक एकटा नीक ग्राहक छलाह | अनाजक व्यवसाय करैत छलाह | ओ एक दिन एन.एस.सी.क विरुद्ध  ऋण लेबाक  लेल पुछलनि | ओ कहलनि कतेक ब्याज आदि लागत | हम कहलियनि जे ब्याज मात्र लागत, कोनो सर्विस चार्ज नै लागत | हुनक ऋण स्वीकृत भेलनि | हुनका ऋण खातामे पांच हजार सर्विस चार्ज डेबिट  भ’ गेलनि | ओ अपन खाता देखलनि त परेशान भ’ गेलाह | दोसर दिन दौगल एलाह | हमरा कहलनि, हमरा रातिमे नीन नै भेल, हम एक-एकटा रुपैयाक हिसाब रखैत छी, हमरा बूझल रहैत जे पाँच हजार सर्विस चार्ज लागि जाएत त हम किन्नहु लोन नै लीतहुँ, अहाँ कहलहुँ जे नै लागत तें हम लोन लेलहुँ | हमर अधिकारी हमरा सर्कुलर देखौलनि,हम पहिने नै देखने छलिऐ | ओ कहलखिन, नियमानुसार चार्ज लागल अछि | ग्राहकक कहब रहनि जे मैनेजर साहेब पहिने नै कहने छलाह ने त हम लोन लेबे नै करितहुँ | हम परीक्षा  छल | हम देखलहुँ नियमानुसार सर्विस चार्ज लागल छलनि आ हम हुनका नै कहने छलियनि जे सर्विस चार्ज लागत दूनू बात ठीक छलै | एहिमे दोखी हमहीं छलहुँ |हमर जानकारी अद्यतन नहि छल | हमरा लागल जे दोख हमर अछि,तें दण्ड हमरे भोगक चाही | हम सोचलहुँ भ’ सकैए पछिला कोनो जन्ममे हिनकासँ किछु उधार नेने हेबनि आ  वापस नै केने हेबनि, आइ वापस करबाक समय आबि गेल अछि, एहिमे विलम्ब करब उचित नहि | हम पाँच हजार के चेक द’क’ हुनका चिन्तासँ मुक्त क’ देलियनि आ एकरा पूर्व जन्ममे लेल कर्जक अदायगी मानिक’ हमहूँ दुखी नै भेलहुँ आ ने हुनका प्रति मोन मे कोनो शिकायत रहल | एहेन स्थितिमे प्रसन्न रहबाक लेल चिन्तक लोकनि द्वारा देल गेल सूत्र बड काजक अछि : ‘ध’न गेल त किछु नै गेल बूझू करजा चुकता भेल’ सावधानीपूर्वक काज करबाक चाही, कोशिश करबाक चाही जे गलती नै हुअए, मुदा जँ गलती भइए जाए त परिणाम जे आबय ताहिसँ  सन्तोष करबाक चाही, ओहिसँ शिक्षा ग्रहण करैत आगाँ बढ़ि जेबाक चाही, यैह त धर्मशास्त्र सभक सन्देश अछि | जे एहि सन्देशक पालन नहि करैत छथि से भारी गलती करैत छथि कारण ओहिसँ स्वास्थ्य आ चरित्रक क्षरण हेबाक संभावना बढि जाइत छैक | स्वास्थ्य आ चरित्रक क्षरण अशान्ति उत्पन्न करैत अछि | शास्त्र कहैत अछि जे मोनक शान्ति सभसँ बड़का धन थिक | जबलपुरमे मैथिल आ मैथिली : जबलपुरमे सेहो मैथिल सभ छलाह, मुदा हमरा किछुए गोटेसँ परिचय भेल | आरम्भमे जखन होटलमे रहैत रही त होटलक हेल्थ-क्लबमे अरविन्द झा नामक व्यक्तिसँ भेंट भेल | ओ नोकरी करैत छलाह | हम मैथिलीमे हुनकासँ गप कर’ चाहलहुँ | पता चलल ओ मैथिली नै बुझैत छथि | हमरा शाखामे कर्णजी मैथिल छलाह, हुनकासँ मैथिलीमे बात करबामे आनन्द अबैत छल | हुनका ओत’ कोनो बच्चाक जन्मदिनक भोजमे गेल रही, ओत’ सेहो किछु मैथिल सभ भेटलाह,गप भेल, नीक लागल | विजयनगरक आवाससँ कनिए दूरपर डी. के. झाक आवास छलनि | हुनक पुत्री आ जमाए लन्दनमे रहैत छलखिन | पुत्र सेहो लन्दन कि अमेरिकामे रहै छलखिन | झाजी पत्नीक संग लन्दन गेल छलाह | ओहि ठामक विधि-व्यवस्थाक वर्णन  करैत छलाह | समय बदलि गेल छैक, हमरा सबहक भूमिक लोक लन्दन जाक’ गौरवक अनुभव करैत छथि | एक बेर कोनो अवसरपर सभ गोटे जुटल छलखिन त बहुत गोटेकें भोज खुएबाक आयोजन केने छलाह | ओहि अवसरपर किछु गोटेसँ परिचय भेल | हमर बैंक शाखामे एकटा खातेदार छलाह जय कान्त झा | हुनकासँ ज्ञात भेल जे जबलपुरक सभ मन्दिरपर एक समय मिथिलाक पंडित लोकनि छलाह, एखन कम छथि | ओहो पंडित छलाह | एक दिन कोनो अवसरपर हमरा आ डी.के.झाजी कें नोत द’ क’ बहुत विन्याससँ भोजन करौने छलाह, पुतहु सभ सेहो मिथिलेक छथिन | छठि पावनिमे ग्वारीघाटपर मैथिल लोकनिक बहुत भीड़ देखबामे अबैत छल | ओहि ठामक राजन झा आ मनीष झासँ सेहो परिचय भेल | एक बेर राजन झा जी सेहो अपना ओत’ नोत द’ क’ विलक्षण भोजन करौलनि | मैथिलीक कोनो आयोजन कतहु नहि देखलिऐ | हमहूँ अपना काजमे एतेक बाझल रहैत छलहुँ जे स्वयं कोनो आयोजन नहि करबा सकलहुँ | साहित्य पढ़ि लैत छलहुँ, किछु लिखल नहि भेल | एक बेर जमाए एकटा सी डीमे नेपालमे बनल मैथिली फिल्म अनने छलाह, से देखलहुँ | आदरणीय प्रो. गंगानंद झाजीसँ पत्राचारक क्रममे साहित्य–संसारक माधुर्य आकर्षित करैत छल | पदोन्नति-स्थानान्तरण : पदोन्नतिक लेल भेल साक्षात्कारमे सम्मिलित भेलहुँ |कार्य निष्पादन द्वारा  पदोन्नतिक लेल अपन योग्यता प्रमाणित नहि क’ सकल छलहुँ, तें सफल नहि भेलहुँ | 2008 मे 31 मार्चक’ जबलपुरक अग्रणी जिला प्रबंधक थावरानी साहेब सेवानिवृत भ’ रहल छलाह | मार्चक अंतिम सप्ताहमे हमरासँ क्षेत्रीय प्रबंधक महोदय पुछ्लनि जे हम अग्रणी जिला प्रबंधकक पदपर काज करबा लेल इच्छुक छी कि नहि, हम अपन सहमति प्रगट केलियनि | 7 अप्रैलसँ 10 मई धरि जबलपुर अग्रणी बैंक कार्यालयमे अग्रणी जिला प्रबंधकक पदपर रहलहुँ | ओही अवधिमे एक सप्ताहक अवकाश भेटल जाहिमे नातिक मूड़नमे गाम आ राघोपुरक यात्रा करैत छोट पुत्रीक विवाहक प्रसंगमे एकठाम संपर्क करबा लेल जमशेदपुर गेलहुँ | जबलपुरमे अग्रणी जिला प्रबंधकक पदपर काज करैत अनुभव भेल जे मनपसन्द वस्तुक आकर्षण सेहो किछुए दिनमे समाप्त भ’ जाइत छैक | बैंक शाखा सभमे स्टाफ-शक्ति कम रहबाक कारण बैंक सभ जिला कलेक्टर आ जिला पंचायतक सी. ई. ओ.क अपेक्षाक अनुसार चलबामे असमर्थ छल तें ओ सभ बैंक सभपर खबखबाएल रहैत छलाह आ बैंक सभकें अपना वशमे करबाक लेल अग्रणी जिला प्रबन्धकक सहयोग चाहैत छलाह | बैंक प्रबंधन सभ अग्रणी जिला प्रबंधककें अपन बुझैत छलाह तें हुनकासँ अपेक्षा करैत छलाह जे बैंकक सहयोग करथि आ कलेक्टर-सी.ई.ओ.कें हाबी नै होम’ देथि | जिला बैंक प्रबन्धकक काज छलनि जे जिला प्रशासन आ बैंकक बीच मजबूत कड़ीक काज करथि आ विभिन्न शासकीय योजनाक अन्तर्गत जिलाक निर्धारित लक्ष्य प्राप्तिक हेतु दुनूक सहयोग प्राप्त करथि | कोनो योजनाक अंतर्गत प्रगतिक आंकड़ा प्राप्त करबाक लेल जिला भरिक सभ बैंक सबहक नियंत्रक कार्यालय सभसँ निरन्तर सम्पर्कक आवश्यकता होइत छैक | फोनपर संपर्क करैत रहबाक अतिरिक्त व्यक्तिगत रूपसँ सेहो संपर्क करब आवश्यक होइत छैक | ओहि समय अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालयकें जीप नहि उपलब्ध कराओल गेल छलैक, जिला स्तरपर समीक्षाक लेल किसान क्रेडिट कार्ड आ अन्य योजनाक अन्तर्गत बैंक सबहक प्रगतिक आंकड़ा प्राप्त करबामे मास दिनक मोटर साइकिलसँ दौड़-धूपक अनुभव कटु रहल | ओही पदपर 12 मइसँ मध्य प्रदेशक सिवनी जिलामे काज करबाक लेल 10 मइक’ जबलपुर कार्यालयसँ भारमुक्त भेलहुँ | पटना / 28.02.2022 (क्रमशः) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। रबीन्द्र नारायण मिश्र लजकोटर -३८- ओहि दिन ओसारापर बैसले-बैसल आँखि लागि गेल।सपनामे देखैत छी एकटा बुढि़आकेँ। ओ बेर-बेर हमर माथ हँसोथ िरहल छथि। किछु-किछु कहिओ रहल छथि। "अहाँ के छी?" "लएह सभ दिन अबंडे रहि गेलह। हम छी अहाँक माए।" " ओ! मुद ाअहाँ तँ दोसर रंग लागि रहल छी। अहाँक पैर सोझ किएक नहि अछि?अहाँ नीकसँ ठाढ़ किएक नहि होइत छी?" हमर पैर अहीं सोझ कए सकैत छी।" "से कोना?" "हमर मोन अहींमे अटकि गेल अछि। जाधरि अहाँकेँ सभ तरहेँ सुखी नहि देखि लेब, हम मुक्त नहि भए सकैत छी।" "हम तँ आब केहन सुखी, संपन्न छी।" " की बात कए रहल छी? अहाँ संपन्न तँ छी मुदा सुखी नहि छी।" "से की?" " हमरासँ बात नहि नुकाउ। राति भरि अहाँ करोट बदलैत रहैत छी। हम ई दृश्य देखैत-देखैत आजिज भए गेल छी।" " अहाँ से सभ कोना देखैत रहैत छी? अहाँ कतए रहैत छी?" "सभटा बात अहाँ नहि बुझि सकैत छी। हमर बात ध्यानसँ सुनू। दिल्लीकेँ तँ देखिए लेलिऐक। ई तँ एकटा बजार छैक। अपन माटि-पानि अपने होइ छैक। अपन गाम घुरि जाउ। जे धन-संपत्ति कमेलहुँ ओकरा सदुपयोग गामेमे भए सकैत अछि। हम अहाँ लेल एकटा कनिआ ठीक केने छी। ओकरासँ बिआह कए लिअ। अहाँ सभ दिन सुखी रहब। अहाँके सुखित देखिते हम मुक्त भए जाएब। " ओ के छथि?" " अहींक बाल सखा- कान्ता। अहाँ दिल्लीमे बड़का लोक बनबाक फेरमे पड़ि गेलहुँ। जहिआ अहाँ टीसनपर ट्रेन पकड़ैत रही तहिओ अहाँक पाछा-पाछा ओ आएल रहथि। " "हमरा से बुझाएल । मुदा ताबे ट्रेन ससरि रहल छल। ओ ट्रेनक संगे कनी काल दौड़लि, हाथ हिला-हिला कए किछु कहए चाहलीह। ट्रेन गति धए लेलक आ प्लेटफार्मसँ आगा बढ़ि गेल।” “जखन हम टीसनपर सँ अहाँकेँ बिदा कए घुरैत रही तँ ओकरा सिसकी पाड़ैत देखलिऐक। संकोचवश ओ किछु बाजलि नहि। हमहु नहि टोकलिऐक, हम आगु बढ़ि गेल रही। तहिआसँ ओ अहाँक बाट ताकि रहल छथि।” "ओ छथि कतए?" “चिंता नहि करू। हम सभटा इंतजाम केने छी।काल्हि भोरे ओ सभ अपने अओताह।" " अहाँ एतेक दिन हमरा चलते बौआइत रहि गेलहुँ, हमरा पहिने किएक नहि कहलहुँ?"- से कहि हम ठोह पड़ि कए कानए लगैत छी। " अहाँ एहि लेल बेसी नहि सोचू । सभ बातक समय होइत छैक। जखन जे हेबाक छैक, तखने होइत छैक।” एतबा गप्प कहि ओ निपत्ता भए गेलीह। हमर निन्न टुटि गेल। सपनाक बात अखनो हमरा मोनमे घुरिआ रहल छल, लगैत छल जेना माए अखनो सद्यः ठाढ़ि होथि। माएक मुँहे कान्ताक नाम सुनिते सीनेमाक रील जकाँ सभ बात मोनमे घुमए लागल। केना इसकूलमे ओ हमरा लेल कैक बेर जलखै अनैत छलीह आ जाबे हम नहि खइतहुँ ओ किन्नहु नहि खइतथि। कैक बेर संगतुरिआ सभसँ हमरा चलते झगड़ा कए लितथि। आओर कतेको बात सभ ध्यानमे अबैत रहल। भोर भए गेल छल। हम उठले छलहुँ कि केओ केबार ठकठकओलथि। देखैत छी जे हमर काका एकटा अपरिचित व्यक्तिक संगे ठाढ़ छथि। हुनका संगे एकटा अत्यंत सौम्य, तेजस्वी कन्या सेहो छथि। हम काकाकेँ प्रणाम करैत छी आ उत्सुकतासँ हुनका सभ दिस देखि रहल छी। "इहो सभ अपने लोक छथि। मदनबाबू अहाँक बारेमे फोन कए कहने रहथिन। हिनकर कन्या छथिन। हिनकर नाम छनि मोहित। सभ दिन गामेकेँ धेने रहलाह। ताहिसँ हिनका कष्टो भेलनि मुदा समाजक बहुत उपकार केलाह। हिनका सभटा जड़ी-बूटीक ज्ञान छनि। केहनो विमारीक इलाज कए दैत छथि। आ ई छथि हिनकर एकमात्र संतान- कान्ता। हिनक ाप्रणाम करिअनु।’’- हमर काका बजलाह। हम हुनका प्रणाम करैत छी। दुनू गोटे हमरा आशीर्वाद दैत छथि। मोहित बाबू कान्ताक हाथ हमरा पकड़बैत कहैत छथि- अहाँक धरोहर अहींक ेँसमर्पित अछि।" ओहि राति जखन हम सुतए गेलहुँ तँ आँखि लगिते माएकेँ पुष्पक विमानमे उड़ैत देखलहुँ। (समाप्त) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। डॉ. किशन कारीगर मिथिला मैथिली आंदोलनक मिथक प्रयास आ समाधान? यथार्थ कहब त भक द लागत. मिथिला मैथिलीक आंदोलन जे भ रहल ओ की समाज हित मे वा पेटपोसुआक हित मे? प्रशन रेखांकित करू यथार्थ देखू ताकू त जवाब स्पष्ट रूपे भेटि जाएत. मिथिला मैथिली आंदोलनक कएटा मिथक छै जे बुझहै परत आ स्पष्ट रूपे चिंता करैए पड़तै. कहै लै जे मिथिला मैथिली सबहक त फेर दूए टा जाति आ ओकर चटिया सब टा किए मैथिली सुख भोग कए रहल? की मिथिला समाजक बारहो बरण तक मैथिली के कहियो पहुँचअ देल गेल? साहित्य अकादेमी मैथिली भोजपुरी अकादमी, मैथिली अकादमी सबठाम दू जातिक वर्चस्व आ कब्जा से किएक? मिथिला मैथिलीक मिथक:- 1. मिथिला मैथिली स जुड़ल आंदोलन बेर बदलाव अनै बेर मैथिली विभागक लोक किए कुंभकरणी नीन में बमफलाट भेल सूतल रहैए.? किए ने आगू अबैए? तनखा उठाएब छोड़ि मैथिली हित मे तेसर कोन काज केलक मैथिली विभागक लोक? 2. मैथिली साहित्य मिथिला समाज तक नहि पहुंचल किए? साहित्यकारक गिरोह तक घूरिया के रहि गेलै आखिर किएक? कोई सवाल जबाज नै केलकै हिसाब नै मंगलकै किएक? 3. लोक के भ्रमित कएल गेलै जे मिथिला अहूँ के छी आ पेटपोसुआ सब टा मैथिली स लाभ उठा समाज मे वर्गभेद करैत रैह गेल? ओकरा खिहारबा काल लोक किए ने अगुआएल? 4. मिथिला मैथिली आंदोलनक जड़ि मे सब जाति के सब इलाका के लोक सब किए ने अछि. लोक के भ्रम मे किए राखल गेलै जे सबहक मिथिला आ सबहक सहभागिता बेर मानकी आ जातिवादी चाबूक. 5. मिथिला मैथिलीक यथार्थ के झंपबाक प्रयास हरदम होइत रहल तेकर बिरोध मे लोक किए नै आएल. गिरोहवादी चटिया बना धूर्तै होइत रहल तेकरा रोकनाहर मे के सब आगू आएल? कियो ने? 6. मैथिली भाषा के अकादमी पुरूस्कार विभागीय नोकरी चंदा/ समारोह तक ओझरा देल गेल? यथार्थ देखितौ लोक बिरोध मे किए ने आगू अबैए? केकरा कोन माने मतलब? 7. मैथिली के अष्टम सूची मे जोड़ाएब सेहो एकटा पेटपोसुआ रणनीति रहै आ तेकर लाभ पेटपोसुआ सब के वाजपेयी जीक अशीर्वादे रूपे प्रसाद भेट रहल 8. मैथिली आंदोलनक नाम पर कतेको संस्था बनल होहकारी सेहो भ रहलै आ मिथिला राजक आ मैथिली भाषा के नाम पर फेर स लोक के ठकबाक नीक स्वांग रचल जा रहल? 9. मिथिला मैथिली दैनिक अखबार चैनल तक नहिं आ गुमाने चूर जे करोड़ो मैथिली भाषी? साहित्यक पत्रिका छापि सोझहे दोकनादारी टा होइत रहलै आ पद कब्जिऔने राखल गेलै. 10. जंतर मंतर पर जा चारि टा चेला चटिया संगे अनशन पर बैसि नेतागिरी वला फोटो देखा मिथिला राजक सपना? आ पटनाक गांधी मैदान मे आंदोलन बेर डरे लघ्घी भऽ जाएब. मैथिली आंदोलनक प्रयास:- 1. मिथिला मैथिलीक आंदोलनक प्रयास मे दू तरहक लोक लागल यै. एकटा एहेन जेकरा लगै छै मिथिला मैथिली मे बदलाव हेतै आ समाजक लोक जागरूक हेतै? 2. दोसर कतेक एहनो अछि जेकर एकमात्र धियेए जे मिथिला मैथिली हो हो क फेर स आधिपत्य बनौने रही. आ देखावटी केने संपूर्ण मिथिला के गप कहि लोक के ठकैत रही. 3. मैथिली स लाभ लेनिहार सब कहियो मैथिली आंदोलन मे आगू नै आएल? ओकरा तनखा उठलै अप्पन पेट भरलै धैन सति लै मिथिला मैथिली? 4. दरभंगा मधुबनी छोड़ि आन जिलाके लोक वा आन जिला मे मैथिली आंदोलन किए ने भ रहलै. मिथिला राजक नक्शा बेर सबटा मिथिले आ पुरूस्कार बेर सहभागिता बेर दूए चारि टा जिला किए? आन जिलाक लोक किए ने आंदोलन करैए? 5. आंदोलन स पहिने समावेशी मैथिली लेल किए ने कहियो डेग आगू बढ़ल? समावेशी मैथिली के बेगरता किए नै बुझाएल आ आंदोलनक नाम पर हो हो टा होइत रहल? 6. मिथिला मैथिली मे निष्पक्षता अबै सब लेल एक समान अवसर बनै तै लै किए ने आंदोलन भेल? मैथिली मानक मे बदलाव लेल किए ने अनशन आ बिरोध प्रदर्शन भेल? 7. मिथिला मैथिली मे धूर्तै के पराकाष्टा रहलै तइयो लोक बिरोध सवाल जवाब बेर चोरनुकबा किए बनल रहल? आभासीओ पटल पर आगां नै अबैए त परोछ रूपे सोझहा किए आउत? समाधन:- 1. मैथिली मानक मे बदलाव आनि संशोधित केने बारहो बरण के शैली के लिखबा बजबा काल मैथिली रूपे मोजर दिअ परत. मिथिला समाज के आमजन तक मैथिली साहित्य के पहुँचाबै पड़त. 2. मिथिला मैथिली मंच के समावेशी बना बारहो बरण स योगय लोक के ताकि हेर के बेरा बेरी मौका दियै पड़त? मैथिली के निष्पक्ष वेबस्था बनाबै पड़त. सब जिला आ सब जातिक लोक के सहभागी बनाबै लै निष्पक्ष डेग आगू बढ़बै पड़त. 3. चोरनुकबा बनने काज नै चलत. यथार्थ देखा तका मिथिला मैथिलीक धूर्त ठकहर पेटपोसुआ सबके खिहारै पड़त. कवि सम्मेलन लोकार्पण पुरूस्कारी धूर्तै सब अविलंब बंद करै पड़त. 4. मिथिला मैथिली के यथास्थिति आ टेक्नीकल मेकानीज्म के आम लोक जन तक स्पष्ट रूपे देखार चिन्हार करै पड़त. पब्लिक यथार्थ देखि बुझि अपने आंगोलनरत हेतै? 5. मैथिली दैनिक अखबार चैनल पत्र पत्रिका के स्थापित करबा मे सामूहिक सहयोग करै पड़त? मिथिला मैथिली नाम पर लाभ लेनिहार सब पर प्रशन चेह्न लगा सवाल जवाब करै पड़त. 6. अकादमी पुरूस्कार मिथिला रत्न चंदाखोरी वरिष्ट साहित्यकार, आंदोलनी सब वला सबटा नटकबाजी बन्न करै पड़त. एहि स नीक जे मैथिली साहित्य के समाज स जोड़ू आ विकसित मिथिला लेल सामूहिक प्रयास भागिदारी करै जाउ. -डाॅ किशन कारीगर (मूल नाम- डाॅ कृष्ण कुमार राय) ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। मुन्नाजी- बीहनि कथा निमुधन नै छी । चट...चट....चटाक!निकल, दूर भ' जो दुरा पर सं।हम सैनिकक अंग छी,कोठा वाली नै। यै,हम किछु दिन सं नवीनक घर मे नित नव लोकक अबैया सं फिरिशान छी।नवीन विआहि क' सीमा पर चल गेल मुदा बहुरिया सीमा नंघैत सन..! चुप्प करू,जहिया सं नवीन गेलैए,कनिञा के चौकठि सं बहरी देखलियैए।अपन परार एतै त' बैला देतै की ? उंह,सब दिन नवका मनसा सबहक जात अवरजात सं सती लगैए ने। जं अहीं मुहपुरूष छी त' दंडित करू ने ओहि मनसा सबके जे जबरदस्ती घर घुइस ओकरा प्रताड़ित करै छै।आ असगर घर में ओ निमुधन भेल छै। कनिञा एकटा छओंड़ाक नरेठी धेने दुर्गा रूप में चौकठि नांघि गेलि- 'आइ कोनो बाप नै बचेतौ।तोहर मुक्ति हमरे हाथे।' ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ३. पद्य ३.१.दिनकर कुमार- दस टा कविता ३.२.डाॅ किशन कारीगर-कतअ हेरा गेलै मनुक्खक जिनगी दिनकर कुमार दस टा कविता नीनमे सोहर वृद्ध लोकगायकके करुण स्वरमे रुईया जेंका उड़ल जा रहल छल अंधकार प्राचीन हारमोनियमके धुन पर आसीन भ' क' हम उड़ल जा रहल छलौंह लोकाचारके जगतमे नीनमे सोहर सुनैत सुनैत स्पंदित कंपित भ' रहल छल हृदय करुणाके प्रवाहमे बहुत दिनके पश्चात एना बहल जा रहल छलौंह 'नैया पहुंचा द तनी ओहि पार ओ कन्हैयाजी...' वृद्ध लोकगायकके करुण स्वर समय आ स्थानके सीमाके लांघिके बहुत शताब्दी सS सुनि रहल छलौंह हमर नीनमे भ' रहल छल सूर्योदय चेरापूंजी बरखा बांहि पसारिके दौड़ल आयल सम्मोहित करैत बाजल आऊ प्रिय पर्यटक हम अहींके प्रतीक्षा क' रहल छलौंह बरखा बांहि पसारिके दौड़ल आयल हरीतिमा हमरा शिरा शिरामे व्याप्त भ' गेल सुगंध जेंका सांस जेंका रंग जेंका प्रसन्नता जेंका बरखा बांहि पसारिके दौड़ल आयल कुहेस ओढ़ने नीनायल पहाड़ सभ कहलक आऊ मैदानी अंचलके मनुख उच्चता पर चढ़िके प्रकृतिके विराट स्वरूपके अनुभव करू फूलक बरखा राति भरि होइत अछि फूलक बरखा नगरके दुर्गम अंचलमे राति भरि सुगंध खिड़की वेंटिलेटर सS अबैत अछि शयनकक्षमे मशीन मानव स्पंदित होइत अछि राति भरि होइत अछि फूलक बरखा शरत ऋतुके पदचाप एकांतमे सुनाइत अछि इजोरिया केराके पात पर ससरैत अछि राति भरि होइत अछि फूलक बरखा भिनसर अपराजिताके कालीन पर चलैत अछि नेना सभ ओ सभ कहैत अछि अखनो बाचल अछि पृथ्वी बाचल अछि ऋतु बाचल अछि जीवनके मर्यादा एकटा बोड़ो कवयित्रीके गाममे ओ कहि रहल छल एतय पसरल अछि सभटा बिम्ब सभटा प्रतीक जे हमरा कवितामे बजैत अछि घरके पाछूमे अछि नदी जे हमर नेनाकालके सखी छी आ चारू दिस जे देखि रहल छी हरीतिमा एहि हरीतिमामे कुदैत चलैत एक दिन जवान भेल छलौंह हम देखलौंह हरीतिमाके दृश्यमे एके सैंतालीस संगे सैनिक सभके स्तब्ध भ' गेल छल बतास प्रकृतिके सौन्दर्यके स्थान पर संशयके भाव चारू दिस नाचि रहल छल ओकर माय कहलक परिवारके दू टा सदस्य मारल जा चुकल अछि फायरिंगमे पहिले जेंका सहज सरल जीवन आब नहि खेत सभ सम्हारैत अछि बंटाईदार ओ प्रफुल्लित भ' क' देखा रहल छल फूल एकरा कहैत छै उज्जर जवा आ एहि लतामके गाछ पर चढ़िके हम खाइत छलौंह लताम पहिले ई एतेक नमहर नहि छल तखन हमहूं छोट छलौंह ओकरा लताम मोन परैत छलै ओ नेनाकाल दिस घूरि रहल छल जतय नहि छल हिंसा विकृति राजनीति जतय जीवन छल एकटा मधुर पद्य जतय धानके खेतमे जगमगाइत छल स्वप्न नबका साल आबि रहल छल कुहेस ओढ़िके सूतल छल नदी जखन कैलेंडर बदैल रहल छल जनपदके लोक मंदिरके आगू आगि जरेने भिखमंगा सभ जाड़ सS युद्ध क' रहल छल आयोजित उत्सव सभमे बहायल जा रहल छल मदिरा अठारह डिग्री तापमानमे नचनिया सभके गरम लागि रहल छल आ ओ सभ वस्त्र उतारि रहल छल कुहेस ओढ़िके सूतल छल नदी नबका साल आबि रहल छल आ जादूगर जेंका प्रभुगण मिथ्या स्वप्नके परबा उड़बैत छल तखन सूति रहल छल जनपदके निर्धन प्रजा स्टेशन: अनुभव ओ चिर परिचित रेलवे स्टेशन छल नेनाकाल सS अखन धरि कयक बेर जतय अबैत जाइत रहल छलौंह एकटा गाड़ी सS उतैर दोसर गाड़ीमे यात्रा करके लेल अंतरालक प्रतीक्षाके समय व्यतीत करैत छलौंह परिचित कुलीके संगे कुल्हड़मे चाह पीबैत गप क' रहल छलौंह ओ कहलक पाथरके बैंच पर नहि बैसू ठंडा रहैत छै गार्डके बक्सा पर बैसब सुविधाजनक रहत प्रतीक्षालयके परिचारिका अधबेसू विधवा छल जेकरा गठियाके पीड़ा छल ओकरा दस टाकाके खगता छलय ई शुल्क छल प्रत्येक यात्रीके प्रतीक्षालयमे तीनटा मोट मूस यात्री सभके निद्रामे आवागमन क' रहल छल परिचारिका कहलक एतय बहुत रास मूस अछि मूसके बिसैर विश्राम करू दरिद्रताके उपनिवेश दरिद्रताके उपनिवेशमे गहन अन्हार अछि जेना अनेक शताब्दी सS नहि घमल दुखके पर्वत जेना अनेक शताब्दी सS नहि आयल इजोत जेना अनेक शताब्दी सS मूर्छित भ' क' पड़ल अछि गाम दरिद्रताके उपनिवेशमे गहन अन्हार अछि लोकगीत सभमे अभाव आ क्षुधाके वर्णन अछि कोनो अज्ञात ईश्वर सS प्रार्थना अछि जे यातनाके कतेक दिन उठबय पड़त कतेक दिन जीबय पड़त दरिद्रताके उपनिवेशमे चलैत फिरैत छाहैर अछि छाहैरके संगे चलैत छाहैर अछि छाहैरके नोर पोछैत छाहैर अछि छाहैरके सांत्वना दैत छाहैर अछि एकटा मानचित्र अछि शनैः शनैः नष्ट होइत सभ्यताके शारदा सिन्हाके सुनैत ओहि कंठमे बाझल स्वरके कंपनमे हम प्रवाहित होइत जाइत छी जेना बतासमे उड़इत अछि कोनो तृण अकास दिस समस्त लोकाचारके मधुरता प्रविष्ट होइत जाइत अछि हमरा अंदर  आवेग सS भीजैत अछि नयन सीताके विदाईके वर्णन करेजके मथि दैत अछि केना एतेक जतन सS पोसल धीयाके ल' क' चलि जाइत छथि रघुवंशी ओहि कंठमे बाझल स्वरके कंपनमे हम प्रवाहित होइत जाइत छी केना देवता सेहो मनुख सन करैत छथि आचरण केना भिनसरे गौरा जगैत छथि स्वामीके लेल पीसैत छथि भांगक गोला केना अयोध्या सS आयल राजकुमारके मिथिलाके नारी सभ दैत छैन्ह मधुर गारि ओहि कंठमे बाझल स्वरके कंपनमे हम प्रवाहित होइत जाइत छी केना विद्यापति जीवित रहैत छथि जनपदके निरक्षरके मोनमे सोहर समदाओन नचारीके पंक्तिके रूपमे केहन सम्मोहक अछि ई स्वर जे हमरा स्वप्नमे मिश्रित करैत अछि हमर माटिके मादक गंध पलायनके हाहाकारी दृश्य देखैत पलायनके हाहाकारी दृश्य देखैत करेजमे पसरल जाइत अछि अवसाद गामके लगमे छोट स्टेशन पर नवविवाहिता कनिया आ टीनके पेटी संगे बैसल श्रमिक सभ अपन बूढ़ पिता सS कहैत अछि चिंता करयके कोनो आवश्यकता नहि अगिला मास पठायब टाका मायके उपचार भ' जायत  आ बंधकी पड़ल खेत सेहो छूटि जायत पलायनके हाहाकारी दृश्य देखैत कानमे ध्वनित होइत रहैत अछि विरहके लोकगीत शनैः शनैः विदा होइत अछि समस्त सर्वहारा समस्त मेधावी समस्त ऊर्जावान लोक गाम बनि जाइत अछि शरणार्थी कैंप जतय रोग शोक दुख सS युद्ध करैत रहैत अछि अक्षम वृद्ध स्त्री नेना किछु धूर्त लोक निर्धारित करैत अछि जनपदके भाग्य करेजमे बजैत रहैत अछि प्रेम करेजमे बजैत रहैत अछि प्रेम कोनो लोकगीतके करुण धुन जेंका एकटा प्राचीन नदी जेंका ककरो उपस्थितिमे शिरामे तीव्र भ' जाइत अछि रक्तके आवागमन प्रतिकूल समयमे व्याकुल क' दैत अछि ककरो विषादमे भीजल नयन ककरो कोमल स्पर्श सोखि लैत अछि अंदरके पीड़ा ककरो मंद हास्य धोइत अछि कलुषताके दाग सभ करेजमे बजैत रहैत अछि प्रेम कोनो लोकगीतके करुण धुन जेंका स्मृतिके मार्ग सS डेग बढ़बैत अबैत अछि कियो बतासमे उड़बैत अपन केश श्वासमे सुरक्षित राख़य चाहैत छी ओकर गंध पान करय चाहैत छी सौन्दर्यके अमृत संपर्क: दिनकर कुमार, 4-बी-1, ग्लोरी अपार्टमेंट, तरुण नगर मेन रोड, गुवाहाटी-781005(असम) फोन-9476844365 (दिनकर कुमार क जन्म 5-10-1967 के ब्रह्मपुरा गाम, प्रखण्ड मनीगाछी, जिला दरभंगामे भेल। नेनाकालमे गुवाहाटी आबिके कर्मभूमि बनेलैथ। 32 वर्ष धरि पत्रकारिता, लेखन आ अनुवादके अनुभव। हिन्दीमे दस टा कविता संग्रह, दू टा उपन्यास, असमियाके साठि टा पोथीके हिन्दी अनुवाद प्रकाशित। पुश्किन सम्मान सहित विभिन्न पुरस्कार।) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। डाॅ किशन कारीगर कतअ हेरा गेलै मनुक्खक जिनगी हे रूप्पैया रूप्पैया खाली रूप्पैया? सबके रूप्पैया लै बिरड़ो उठल छै? रूप्पैया आगू कोई केकरो ने चिन्ह रहल छै? कतअ हेरा गेलै मनुक्खक जिनगी? हौ आफत विपैत मे कोई केकरो देखनाहर नै? सब अपना सुआर्थे आन्हर भेल जा रहल? केकरा समय? कोई केकरो बोल भरोस नै दै छै? मनुक्खक जिनगी बिला रहल छै? कहां रहलै लोकाचार आत्म सरोकार? सब अपना स्टेटस बढ़बै मे लागल रहै छै? लाज धाख मान राखब सबटा बिसरेलै? केकरो सुधि नै जे मनुक्खक जिनगी हेरा गेलै? फलैट मे बन्न भऽ गेल अछि मनुक्ख? रूप्पैया पावर दुआरे लोक ओझरा गेल? सब एक दोसर के गरदैन कटबा पर उतारू? कतअ हरा गेलै मनुक्खक जिनगी? निसाफ बजनिहार कोई ने बंचलै बात बात पर लोक खून खूनामे पर उतारू? कोई ककरो हंटनाहर डंटनाहर नै बचलै? मुपुर्खीक दखली मे केकरो नै मोजर दै छै? मूइलाक बाद सबटा धन बित रखले रैह जेतै? मनुक्खक करम छोड़ि किछ संगे ने जेतै? तइयो रूप्पैया दुआरे लोक चोरी छिनरपन डकैती? आ शोषण कअ लचार लोकक खून पीबै छै? रूप्पैया स रिशता नाता जोखाई लगलै? आब के केकरा बिपैत मे काज औतै? लोक समाज अपनैती सबटा उधिया गेलै? कारीगर कतेक कनतै? कतौ हेरा गेलै मनुक्खक जिनगी? -डाॅ किशन कारीगर (मूल नाम- डाॅ कृष्ण कुमार राय) ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ....................................................................................................................... संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [STUDY MATERIALS FOR UPSC (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION) & BPSC (BIHAR PUBLIC SERVICE COMMISSION) EXAMS- MAITHILI (COMPULSORY & OPTIONAL) AND OTHER OPTIONALS AND GENERAL STUDIES (ENGLISH MEDIUM)] Videha e-Learning पेटार (रिसोर्स सेन्टर) शब्द-व्याकरण-इतिहास MAITHILI IDIOMS & PHRASES मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश- रमाकान्त मिश्र मिहिर (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) डॉ. ललिता झा- मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) मैथिली शब्द संचय MAITHILI DICTIONARY- RAMDEO JHA (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) ENGLISH MAITHILI COMPUTER DICTIONARY MAITHILI ENGLISH DICTIONARY अणिमा सिंह -Shishu_Geet_Khel_Anima_Singh डॉ. रमण झा मैथिली काव्यमे अलङ्कार    अलङ्कार-भास्कर आनन्द मिश्र (सौजन्य श्री रमानन्द झा "रमण")- मिथिला भाषाक सुबोध व्याकरण BHOLALAL DAS मैथिली सुबोध व्याकरण- भोला लाल दास राधाकृष्ण चौधरी- A Survey of Maithili Literature ........................................................................................................................ मूलपाठ तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) राजेश्वर झा- मिथिलाक्षरक उद्भव ओ विकास (मैथिली साहित्य संस्थान आर्काइव) Surendra Jha Suman दत्त-वती (मूल)- श्री सुरेन्द्र झा सुमन (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) CIIL SITE ........................................................................................................................ समीक्षा सुभाष चन्द्र यादव-राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ शिव कुमार झा "टिल्लू" अंशु-समालोचना डॉ बचेश्वर झा- B_JHA_Nibhand_Nikunj.pdf डॉ. देवशंकर नवीन- Adhunik_Sahityak_Paridrishya डॉ. रमण झा- भिन्न-अभिन्न प्रेमशंकर सिंह- मैथिली भाषा साहित्य:बीसम शताब्दी (आलोचना) डॉ. रमानन्द झा 'रमण' हिआओल अखियासल     CIIL SITE दुर्गानन्द मण्डल-चक्षु RAMDEO JHA दत्त-वतीक वस्तु कौशल- डॊ. श्रीरामदेवझा SHAILENDRA MOHAN JHA परिचय निचय- डॊ शैलेन्द्र मोहन झा ........................................................................................................................ अतिरिक्त पाठ पहिने मिथिला मैथिलीक सामान्य जानकारी लेल एहि पोथी केँ पढ़ू:- राधाकृष्ण चौधरी- मिथिलाक इतिहास फेर एहि मनलग्गू फाइल सभकेँ सेहो पढ़ू:- केदारनाथ चौधरी चमेलीरानी                         माहुर                          करार कुमार पवन पइठ (मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ कथा) (साभार अंतिका)       डायरीक खाली पन्ना (साभार अंतिका) याेगेन्द्र पाठक वियाेगी- विज्ञानक बतकही रामलोचन ठाकुर- मैथिली लोककथा SAHITYA AKADEMI http://sahitya-akademi.gov.in/publications/e-books.jsp http://sahitya-akademi.gov.in/general/Digitalbooks.jsp CIIL http://corpora.ciil.org/maisam.htm अखियासल (रमानन्द झा रमण) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI1.pdf जुआयल कनकनी- महेन्द्र http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI2.pdf प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI3.pdf सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI4.pdf मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI5.pdf JNU http://sanskrit.jnu.ac.in/maithili/index.jsp http://sanskrit.jnu.ac.in/student_projects/lexicon.jsp?lexicon=maithili ARCHIVE.ORG https://archive.org/details/%40vijay_deo_jha?&sort=-publicdate&page=2 VIDEHA MAITHILI BOOKS/ PICTURE-AUDIO-VIDEO ARCHIVE http://videha.co.in/new_page_15.htm https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ ALL INDIA RADIO DOORDARSHAN आकाशवाणी दूरदर्शन http://prasarbharati.gov.in/ http://newsonair.com/ https://doordarshan.gov.in/ आकाशवाणी मैथिली पोडकास्ट http://prasarbharati.gov.in/podcast.php?filterlang=Maithili&from=1947-08-15&fromwp=2020-08-29&to=2050-12-31&search=GO आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-1 http://newsonair.com/RNU-NSD-Audio-Archive-Search.aspx आकाशवाणी पटना/ दरभंगा मैथिली रेजनल न्यूज टेक्स्ट डाउनलोड-2 http://newsonair.com/Regional-Text.aspx आकाशवाणी दरभंगा http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=282 आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल https://www.youtube.com/channel/UCGdNveEFmv4pPolWiTEMxVA आकाशवाणी भागलपुर http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=359 आकाशवाणी पूर्णियाँ http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=256 आकाशवाणी पटना http://prasarbharati.gov.in/playersource.php?channel=122 IGNCA http://ignca.nic.in/coilnet/mithila.htm http://ignca.nic.in/coilnet/kalyani.htm (MAITHILI ENGLISH DICTIONARY) http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/mithila.htm MITHILA DARSHAN https://mithiladarshan.com/ (online pdf of Maithili journal) I LOVE MITHILA https://www.ilovemithila.com/  (online maithili journal) मैथिली साहित्य संस्थान https://www.maithilisahityasansthan.org/ https://www.maithilisahityasansthan.org/resources (online pdf of Reasearch Papers/ books) ........................................................................................................................ VIDEHA e-LEARNING YOUTUBE CHANNEL https://www.youtube.com/channel/UC4abVKqMj2pDWIAkXiOHp7A विदेहक किछु विशेषांक:- १) हाइकू विशेषांक १२ म अंक, १५ जून २००८ Videha_15_06_2008.pdf          Videha_15_06_2008_Tirhuta.pdf       12.pdf २) गजल विशेषांक २१ म अंक,  १ नवम्बर २००८ Videha_01_11_2008.pdf       Videha_01_11_2008_Tirhuta.pdf         21.pdf ३) विहनि कथा विशेषांक ६७ म अंक, १ अक्टूबर २०१० Videha_01_10_2010        Videha_01_10_2010_Tirhuta             67 ४) बाल साहित्य विशेषांक ७० म अंक, १५ नवम्बर २०१० Videha_15_11_2010        Videha_15_11_2010_Tirhuta             70 ५) नाटक विशेषांक ७२ म अंक १५ दिसम्बर२०१० Videha_15_12_2010        Videha_15_12_2010_Tirhuta           72 ६) नारी विशेषांक ७७म अंक ०१ मार्च २०११ Videha_01_03_2011        Videha_01_03_2011_Tirhuta           77 ७) अनुवाद विशेषांक (गद्य-पद्य भारती) ९७म अंक Videha_01_01_2012 Videha_01_01_2012_Tirhuta           97 ८) बाल गजल विशेषांक विदेहक अंक १११ म अंक, १ अगस्त २०१२ Videha_01_08_2012        Videha_01_08_2012_Tirhuta           111 ९) भक्ति गजल विशेषांक १२६ म अंक, १५ मार्च २०१३ Videha_15_03_2013        Videha_15_03_2013_Tirhuta           126 १०) गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक १४२ म, अंक १५ नवम्बर २०१३ Videha_15_11_2013        Videha_15_11_2013_Tirhuta           142 ११) काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक १६९ म अंक १ जनवरी २०१५ Videha_01_01_2015 १२) अरविन्द ठाकुर विशेषांक १८९ म अंक १ नवम्बर २०१५ Videha_01_11_2015 १३) जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक १९१ म अंक १ दिसम्बर २०१५ Videha_01_12_2015 १४) विदेह सम्मान विशेषा‍क- २००म अ‍क १५ अप्रैल २०१६/ २०५ म अ‍क १ जुलाई २०१६ Videha_15_04_2016 Videha_01_07_2016 १५) मैथिली सी.डी./ अल्बम गीत संगीत विशेषांक- २१७ म अंक ०१ जनवरी २०१७ Videha_01_01_2017 १६) मैथिली वेब पत्रकारिता विशेषांक VIDEHA 313 लेखकसं आमंत्रित रचनापर आम‍ंत्रित आलोचकक टिप्पणीक शृंखला १७) मैथिली बीहनि कथा विशेषांक-२ VIDEHA 317 १८) रामलोचन ठाकुर विशेषांक VIDEHA 319 १९) रामलोचन ठाकुर श्रद्धांजलि विशेषांक VIDEHA 320 २०) राजनन्दन लाल दास विशेषांक VIDEHA 333 लेखकक आमंत्रित रचना आ ओइपर आमंत्रित समीक्षकक समीक्षा सीरीज १. कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी विदेहक दू सए नौम अंक Videha_01_09_2016 "पाठक हमर पोथी किए पढ़थि"- लेखक द्वारा अप्पन पोथी/ रचनाक समीक्षा सीरीज १. आशीष अनचिन्हार 'विदेह' क ३२७ म अंक ०१ अगस्त २०२१ एडिटर्स चोइस सीरीज एडिटर्स चोइस सीरीज-१ विदेहक १२३ म (०१ फरबरी २०१३) अंकमे बलात्कारपर मैथिलीमे पहिल कविता प्रकाशित भेल छल। ई दिसम्बर २०१२ क दिल्लीक निर्भया बलात्कार काण्डक बादक समय छल। ओना ई अनूदित रचना छल, तेलुगुमे पसुपुलेटी गीताक एहि कविताक हिन्दी अनुवाद केने छलीह आर. शांता सुन्दरी आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद केने छलाह विनीत उत्पल। हमर जानकारीमे एहिसँ बेशी सिहराबैबला कविता कोनो भाषामे नहि रचल गेल अछि। सात सालक बादो ई समस्या ओहने अछि। ई कविता सभकेँ पढ़बाक चाही, खास कऽ सभ बेटीक बापकेँ, सभ बहिनक भाएकेँ आ सभ पत्नीक पतिकेँ। आ विचारबाक चाही जे हम सभ अपना बच्चा सभ लेल केहन समाज बनेने छी। एडिटर्स चोइस सीरीज-१ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-२ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच ब्रेस्ट कैसरक समस्यापर विदेह मे मीना झा केर एकटा लघु कथा प्रकाशित भेल। ई मैथिलीक पहिल कथा छल जे ब्रेस्ट कैसर पर लिखल गेल। हिन्दीमे सेहो ताधरि एहि विषयपर कथा नहि लिखल गेल छल, कारण एहि कथाक ई-प्रकाशित भेलाक १-२ सालक बाद हिन्दीमे दू गोटेमे घोंघाउज भऽ रहल छल कि पहिल हम आकि हम, मुदा दुनूक तिथि मैथिलीक कथाक परवर्ती छल। बादमे ई विदेह लघु कथामे सेहो संकलित भेल। एडिटर्स चोइस सीरीज-२ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-३ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिलक किछु बाल कविता प्रकाशित भेल। बादमे हुनकर ३ टा बाल कविता विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल जाहिमे २ टा कविता बेबी चाइल्डपर छल। पढ़ू ई तीनू कविता, बादक दुनू बेबी चाइल्डपर लिखल कविता पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-३ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-४ विदेहक ५०-१०० म अंकक बीच जगदानन्द झा मनुक एकटा दीर्घ बाल कथा कहि लिअ बा उपन्यास प्रकाशित भेल, नाम छल चोनहा। बादमे ई रचना विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल, ई रचना बाल मनोविज्ञानपर आधारित मैथिलीक पहिल रचना छी, मैथिली बाल साहित्य कोना लिखी तकर ट्रेनिंग कोर्समे एहि उपन्यासकेँ राखल जेबाक चाही। कोना मॊडर्न उपन्यास आगाँ बढ़ै छै, स्टेप बाइ स्टेप आ सेहो बाल उपन्यास। पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-४ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-५ एडिटर्स चोइस ५ मे मैथिलीक "उसने कहा था" माने कुमार पवनक दीर्घकथा "पइठ" (साभार अंतिका) । हिन्दीक पाठक, जे "उसने कहा था" पढ़ने हेता, केँ बुझल छन्हि जे कोना अहि कथाकेँ रचि चन्द्रधर शर्मा ’गुलेरी’ अमर भऽ गेलाह। हम चर्चा कऽ रहल छी, कुमार पवनक "पइठ" दीर्घकथाक। एकरा पढ़लाक बाद अहाँकेँ एकटा विचित्र, सुखद आ मोन हौल करैबला अनुभव भेटत, जे सेक्सपीरिअन ट्रेजेडी सँ मिलितो लागत आ फराको। मुदा एहि रचनाकेँ पढ़लाक बाद तामस, घृणा सभपर नियंत्रणकेँ आ सामाजिक/ पारिवारिक दायित्वकेँ सेहो अहाँ आर गंभीरतासँ लेबै, से धरि पक्का अछि। मुदा एकर एकटा शर्त अछि जे एकरा समै निकालि कऽ एक्के उखड़ाहामे पढ़ि जाइ। एडिटर्स चोइस सीरीज-५ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-६ जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा "बिसाँढ़": १९४२-४३ क अकालमे बंगालमे १५ लाख लोक मुइला, मुदा अमर्त्य सेन लिखैत छथि जे हुनकर कोनो सर-सम्बन्धी एहि अकालमे नहि मरलन्हि। मिथिलोमे अकाल आएल १९६७ ई. मे आ इन्दिरा गाँधी जखन एहि क्षेत्र अएली तँ हुनका देखाओल गेल जे कोना मुसहर जातिक लोक बिसाँढ़ खा कऽ एहि अकालकेँ जीति लेलन्हि। मैथिलीमे लेखनक एकभगाह स्थिति विदेहक आगमनसँ पहिने छल। मैथिलीक लेखक लोकनि सेहो अमर्त्य सेन जेकाँ ओहि महाविभीषिकासँ प्रभावित नहि छला आ तेँ बिसाँढ़पर कथा नहि लिखि सकला। जगदीश प्रसाद मण्डल एहिपर कथा लिखलन्हि जे प्रकाशित भेल चेतना समितिक पत्रिकामे, मुदा कार्यकारी सम्पादक द्वारा वर्तनी परिवर्तनक कारण ओ मैथिलीमे नहि वरण् अवहट्ठमे लिखल बुझा पड़ल, आ ओतेक प्रभावी नहि भऽ सकल कारण विषय रहै खाँटी आ वर्तनी कृत्रिम। से एकर पुनः ई-प्रकाशन अपन असली रूपमे भेल विदेहमे आ ई संकलित भेल "गामक जिनगी" लघुकथा संग्रहमे। एहि पोथीपर जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ टैगोर लिटरेचर अवार्ड भेटलनि। जगदीश प्रसाद मण्डलक लेखनी मैथिली कथाधाराकेँ एकभगाह हेबासँ बचा लेलक, आ मैथिलीक समानान्तर इतिहासमे मैथिली साहित्यकेँ दू कालखण्डमे बाँटि कऽ पढ़ए जाए लागल- जगदीश प्रसाद मण्डलसँ पूर्व आ जगदीश प्रसाद मण्डल आगमनक बाद। तँ प्रस्तुत अछि लघुकथा बिसाँढ़- अपन सुच्चा स्वरूपमे। एडिटर्स चोइस सीरीज-६ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-७ मैथिलीक पहिल आ एकमात्र दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफी। सन्दीप कुमार साफीक दलित आत्मकथा जे अहाँकेँ अपन लघु आकाराक अछैत हिलोड़ि देत आ अहाँक ई स्थिति कऽ देत जे समानान्तर मैथिली साहित्य कतबो पढ़ू अहाँकेँ अछौं नहि होयत। ई आत्मकथा विदेहमे ई-प्रकाशित भेलाक बाद लेखकक पोथी "बैशाखमे दलानपर"मे संकलित भेल आ ई मैथिलीक अखन धरिक एकमात्र दलित आत्मकथा थिक। तँ प्रस्तुत अछि मैथिलीक पहिल दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफीक कलमसँ। एडिटर्स चोइस सीरीज-७  (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-८ नेना भुटकाकेँ रातिमे सुनेबा लेल किछु लोककथा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-८ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-९ मैथिली गजलपर परिचर्चा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-९ (डाउनलोड लिंक) जगदीश प्रसाद मण्डल जीक ६५ टा पोथीक नव संस्करण विदेहक २३३ सँ २५० धरिक अंकमे धारावाहिक प्रकाशन  नीचाँक लिंकपर पढ़ू:- Videha_15_05_2018 Videha_01_05_2018 Videha_15_04_2018 Videha_01_04_2018 Videha_15_03_2018 Videha_01_03_2018 Videha_15_02_2018 Videha_01_02_2018 Videha_15_01_2018 Videha_01_01_2018 Videha_15_12_2017 Videha_01_12_2017 Videha_15_11_2017 Videha_01_11_2017 Videha_15_10_2017 Videha_01_10_2017 Videha_15_09_2017 Videha_01_09_2017 विदेह ई-पत्रिकाक  बीछल रचनाक संग- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ रचनाक एकटा समानान्तर संकलन: विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) देवनागरी विदेह: सदेह: १ (२००८-०९) तिरहुता विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) देवनागरी विदेह:सदेह:२ (मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:३ (मैथिली पद्य २००९-१०) तिरहुता विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०)देवनागरी विदेह:सदेह:४ (मैथिली कथा २००९-१०) तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]देवनागरी विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]  तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५ ]- दोसर संस्करण देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ]देवनागरी विदेह मैथिली लघुकथा [ विदेह सदेह ६ ] तिरहुता विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]देवनागरी विदेह मैथिली पद्य [ विदेह सदेह ७ ]  तिरहुता विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ]देवनागरी विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [ विदेह सदेह ८ ] तिरहुता विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ]देवनागरी विदेह मैथिली शिशु उत्सव [ विदेह सदेह ९ ] तिरहुता विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ]देवनागरी विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [ विदेह सदेह १० ] तिरहुता विदेह:सदेह ११ विदेह:सदेह १२ विदेह:सदेह १३ The readers of English translations of Maithili Novel "sahasrabadhani" and verse collection "sahasrabdik chaupar par" has intimated that the English translation has not been able to grasp the nuances of original Maithili. Therefore the Author has started translating his Maithili works in English himself. After these translations are complete these would be the official translations authorised by the Author of the original works.-Editor Maithili Books can be downloaded from: https://sites.google.com/a/videha.com/videha-pothi/ विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार सहित) सूचना/ घोषणा "विदेह सम्मान" समानान्तर साहित्य अकदेमी पुरस्कारक नामसँ प्रचलित अछि। "समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार" (मैथिली), जे साहित्य अकादेमीक मैथिली विभागक गएर सांवैधानिक काजक विरोधमे शुरु कएल छल, लेल अनुशंसा आमन्त्रित अछि। अनुशंसा २०१९ आ २०२० बर्ख लेल निम्न कोटि सभमे आमन्त्रित अछि: १) फेलो २)मूल पुरस्कार ३)बाल-साहित्य ४)युवा पुरस्कार आ ५) अनुवाद पुरस्कार। पुरस्कारक सभ क्राइटेरिया साहित्य अकादेमी, दिल्लीक समानान्तर पुरस्कारक समक्ष रहत, जे एहि लिंक sahitya-akademi.gov.in पर उपलब्ध अछि। अपन अनुशंसा editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम्: VIDEHA: AN IDEA FACTORY (c)२००४-२०२२. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतऽ लेखकक नाम नै अछि ततऽ संपादकाधीन। विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHAसम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। सह-सम्पादक: डॉ उमेश मंडल। सहायक सम्पादक: राम वि‍लास साहु, नन्द विलास राय, सन्दीप कुमार साफी आ मुन्नाजी (मनोज कुमार कर्ण)। सम्पादक- नाटक-रंगमंच-चलचित्र- बेचन ठाकुर। सम्पादक- सूचना-सम्पर्क-समाद- पूनम मंडल। सम्पादक -स्त्री कोना- इरा मल्लिक। रचनाकार अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि)editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx, .rtf वा .txt फॉर्मेटमे पठा सकै छथि। एतऽ प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार ऐ ई-पत्रिकाकेँ छै, आ से हानि-लाभ रहित आधारपर छै आ तैँ ऐ लेल कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। तेँ रॉयल्टीक/ पारिश्रमिकक इच्छुक विदेहसँ नै जुड़थि, से आग्रह। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत।  एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। (c) 2004-2022 सर्वाधिकार सुरक्षित। विदेहमे प्रकाशित सभटा रचना आ आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। ५ जुलाई २००४ केँ http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html “भालसरिक गाछ”- मैथिली जालवृत्तसँ प्रारम्भ इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् 'विदेह' ३४१ म अंक ०१ मार्च २०२२ (वर्ष १५ मास १७१ अंक ३४१) विदेह:मैथिली साहित्य आन्दोलन मानुषीमिह संस्कृताम् ISSN 2229-547X VIDEHA ISSN 2229-547X VIDEHA

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