VIDEHA — Issue 365 / अंक ३६५

Publication: VIDEHA · Issue: 365
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ISSN 2229-547X VIDEHA 𑒀 विदेह ३६५ म अंक ०१ मार्च २०२३ (वर्ष १६ मास १८३ अंक ३६५) (विदेह www.videha.co.in ) विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। ऐ पोथी‍क सर्वाधि‍कार सुरक्षि‍त अछि‍। कॉपीराइट (©) धारकक लि‍खि‍त अनुमति‍क बि‍ना पोथीक कोनो अंशक छाया प्रति ‍एवं रि‍कॉडिंग सहि‍त इलेक्‍ट्रॉनि‍क अथवा यांत्रि‍क, कोनो माध्‍यमसँ, अथवा ज्ञानक संग्रहण वा पुनर्प्रयोगक प्रणाली द्वारा कोनो रूपमे पुनरुत्‍पादन अथवा संचारन-प्रसारण नै कएल जा सकैत अछि‍। (c) २०००- २०२३. सर्वाधिकार सुरक्षित। भालसरिक गाछ जे सन २००० सँ याहूसिटीजपर छल http://www.geocities.com/.../bhalsarik_gachh.html , http://www.geocities.com/ggajendra आदि लिंकपर आ अखनो ५ जुलाइ २००४ क पोस्ट http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html केर रूपमे इन्टरनेटपर मैथिलीक प्राचीनतम उपस्थितक रूपमे विद्यमान अछि (किछु दिन लेल http://videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html लिंकपर, स्रोत wayback machine of https://web.archive.org/web/*/videha 258 capture(s) from 2004 to 2016- http://videha.com/ भालसरिक गाछ-प्रथम मैथिली ब्लॉग / मैथिली ब्लॉगक एग्रीगेटर)। ई मैथिलीक पहिल इंटरनेट पत्रिका थिक जकर नाम बादमे १ जनवरी २००८ सँ ’विदेह’ पड़लै। इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि, जे http://www.videha.co.in/ पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब “भालसरिक गाछ” जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। (c)२०००- २०२३. विदेह: प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA (since 2004). सम्पादक: गजेन्द्र ठाकुर। Editor: Gajendra Thakur. In respect of materials e-published in Videha, the Editor, Videha holds the right to create the web archives/ theme-based web archives, right to translate/ transliterate those archives and create translated/ transliterated web-archives; and the right to e-publish/ print-publish all these archives. रचनाकार/ संग्रहकर्त्ता अपन मौलिक आ अप्रकाशित रचना/ संग्रह (संपूर्ण उत्तरदायित्व रचनाकार/ संग्रहकर्त्ता मध्य) editorial.staff.videha@gmail.com केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ पठा सकैत छथि, संगमे ओ अपन संक्षिप्त परिचय आ अपन स्कैन कएल गेल फोटो सेहो पठाबथि। एतऽ प्रकाशित रचना/ संग्रह सभक कॉपीराइट रचनाकार/ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि आ जतऽ रचनाकार/ संग्रहकर्त्ताक नाम नै अछि ततऽ ई संपादकाधीन अछि। सम्पादक: विदेह ई-प्रकाशित रचनाक वेब-आर्काइव/ थीम-आधारित वेब-आर्काइवक निर्माणक अधिकार, ऐ सभ आर्काइवक अनुवाद आ लिप्यंतरण आ तकरो वेब-आर्काइवक निर्माणक अधिकार; आ ऐ सभ आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार रखैत छथि। ऐ सभ लेल कोनो रॉयल्टी/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै, से रॉयल्टी/ पारिश्रमिकक इच्छुक रचनाकार/ संग्रहकर्त्ता विदेहसँ नै जुड़थु। विदेह ई पत्रिकाक मासमे दू टा अंक निकलैत अछि जे मासक ०१ आ १५ तिथिकेँ www.videha.co.in पर ई प्रकाशित कएल जाइत अछि। Videha eJournal (link www.videha.co.in) is a multidisciplinary online journal dedicated to the promotion and preservation of the Maithili language, literature and culture. It is a platform for scholars, researchers, writers and poets to publish their works and share their knowledge about Maithili language, literature, and culture. The journal is published online to promote and preserve Maithili language and culture. The journal publishes articles, research papers, book reviews, and poetry in Maithili and English languages. It also features translations of literary works from other languages into Maithili. It is a peer-reviewed journal, which means that articles and papers are reviewed by experts in the field before they are accepted for publication. Videha e-Journal: Issue No. 365 at www.videha.co.in समानान्तर परम्पराक विद्यापति- चित्र विदेह सम्मानसँ सम्मानित श्री पनकलाल मण्डल द्वारा मैथिली भाषा जगज्जननी सीतायाः भाषा आसीत्। हनुमन्तः उक्तवान- मानुषीमिह संस्कृताम्। अक्खर खम्भा (आखर खाम्ह) तिहुअन खेत्तहि काञि तसु कित्तिवल्लि पसरेइ। अक्खर खम्भारम्भ जउ मञ्चो बन्धि न देइ॥ (कीर्तिलता प्रथमः पल्लवः पहिल दोहा।) माने आखर रूपी खाम्ह निर्माण कऽ ओइपर (गद्य-पद्य रूपी) मंच जँ नै बान्हल जाय तँ ऐ त्रिभुवनरूपी क्षेत्रमे ओकर कीर्तिरूपी लत्ती केना पसरत। Do not judge each day by the harvest you reap but by the seeds that you plant. -Robert Louis Stevenson ... Videha: Maithili Literature Movement 𑒀 ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष ग्वंग शान्ति: 𑓇 𑒠𑓂𑒨𑒾: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑒢𑓂𑒞𑒩𑒱𑒏𑓂𑒭 𑓅 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱: अनुक्रम ऐ अंकमे अछि:- १.१.गजेन्द्र ठाकुर- नूतन अंक सम्पादकीय (पृ. २-६) १.२. अंक ३६४ पर टिप्पणी (पृ. ७-७) २.गद्य खण्ड २.१.डॉ शम्भु कुमार सिंह- स्मृति शेष: स्नेहिल आशीर्वचन (पृ. ९-१२) ‍२.२.रोशन जनकपुरी- नटकिया (पृ. १३-३२) २.३.आचार्य रामानन्द मण्डल- कोरोना (पृ. ३३-३६) २.४.आचार्य रामानंद मंडल- मैथिली (पृ. ३७-४१) २.५.आचार्य रामानंद मंडल- नेपाल: मधेश बनाम मिथिला (पृ. ४२-४५) २.६.आशीष अनचिन्हार-पाठक हमर पोथी किए पढ़थि? (पृ. ४६-४८) २.७.कुमार मनोज कश्यप- गनगुआरि (पृ. ४९-५०) २.८.निर्मला कर्ण- अग्नि शिखा (खेप-१४) (पृ. ५१-५५) २.९.जगदीश प्रसाद मण्डल- मोड़पर (धारावाहिक उपन्यास दसम पड़ाव) (पृ. ५६-६०) २.१०.जगदीश प्रसाद मण्डल- पुरुखढौह (पृ. ६१-६८) २.११.रबीन्द्र नारायण मिश्र- मातृभूमि (उपन्यास)- २२ म खेप (पृ. ६९-७३) २.१२.नित नवल दिनेश कुमार मिश्र (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) (पृ. ७४-७९) २.१३.नित नवल सुशील (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) (पृ. ८०-८१) ३.पद्य खण्ड ३.१.राज किशोर मिश्र- दूभि (पृ. ८३-८५) ३.२.जगदानन्द झा 'मनु'- ५ टा गजल (पृ. ८६-९१) ४.विदेह पेटार VIDEHA ARCHIVE (पृ. ९२-४८१) ४.१.विदेह ई-पत्रिकाक सभटा पुरान अंक Videha e journal's all old issues (पृ. ९३-११३) ४.२.मैथिली पोथी डाउनलोड Maithili Books Download (पृ. ११३-१३८) ४.३.मैथिली वीडियोक संकलन Maithili Videos (पृ. १३८-१४३) ४.४.मैथिली शिशु, बाल आ किशोर साहित्य Maithili Children Literature (पृ. १४४-१५२) ४.५.विदेह स्त्री कोना (पृ. १५२-१५६) ४.६.विदेह सूचना संपर्क अन्वेषण (पृ. १५६-२०२) ४.७.विदेह ई-लर्निङ्ग (पृ. २०२-२११) ४.८.मिथिला रत्न (पृ. २१२-४४०) ४.९.मिथिलाक खोज (पृ. ४४१-४८१) 𑒀 ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष ग्वंग शान्तिः पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म 𑓇 𑒠𑓂𑒨𑒾: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑒢𑓂𑒞𑒩𑒱𑒏𑓂𑒭 𑓅 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑓁 𑒣𑒵𑒟𑓂𑒫𑒲 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑒰𑒣: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑒼𑒭𑒡𑒨: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱 𑒫𑒢𑒮𑓂𑒣𑒞𑒨: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑓂𑒫𑒱𑒬𑓂𑒫𑒹 𑒠𑒹𑒫𑒰: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑓂𑒥𑓂𑒩𑒯𑓂𑒧 ब्रह्मणसँ प्रार्थना जे द्युलोकमे, अंतरिक्षमे, पृथ्वीपर, जलमे, औषधमे, वनस्पतिमे, विश्वमे, सभ देवतागणमे आ ब्रह्ममे शांति हुअय। ॐ-ब्रह्मण, द्यौ-सूर्य-तरेगण, अंतरिक्ष- पृथ्वी आ द्यूलोकक बीच, आप:-जल, विश्वेदेवा- सभ देवता, ब्रह्म- सर्जक। 𑒥𑓂𑒩𑒯𑓂𑒧𑒝𑒮𑒿 𑒣𑓂𑒩𑒰𑒩𑓂𑒟𑒢𑒰 𑒖𑒹 𑒠𑓂𑒨𑒳𑒪𑒼𑒏𑒧𑒹, 𑒁𑓀𑒞𑒩𑒱𑒏𑓂𑒭𑒧𑒹, 𑒣𑒵𑒟𑓂𑒫𑒲𑒣𑒩, 𑒖𑒪𑒧𑒹, 𑒎𑒭𑒡𑒧𑒹, 𑒫𑒢𑒮𑓂𑒣𑒞𑒱𑒧𑒹, 𑒫𑒱𑒬𑓂𑒫𑒧𑒹, 𑒮𑒦 𑒠𑒹𑒫𑒞𑒰𑒑𑒝𑒧𑒹 𑒂 𑒥𑓂𑒩𑒯𑓂𑒧𑒧𑒹 𑒬𑒰𑓀𑒞𑒱 𑒯𑒳𑒁𑒨। 𑓇-𑒥𑓂𑒩𑒯𑓂𑒧𑒝, 𑒠𑓂𑒨𑒾-𑒮𑒴𑒩𑓂𑒨-𑒞𑒩𑒹𑒑𑒝, 𑒁𑓀𑒞𑒩𑒱𑒏𑓂𑒭- 𑒣𑒵𑒟𑓂𑒫𑒲 𑒂 𑒠𑓂𑒨𑒳𑒪𑒼𑒏𑒏 𑒥𑒲𑒔, 𑒂𑒣:-𑒖𑒪, 𑒫𑒱𑒬𑓂𑒫𑒹𑒠𑒹𑒫𑒰- 𑒮𑒦 𑒠𑒹𑒫𑒞𑒰, 𑒥𑓂𑒩𑒯𑓂𑒧- 𑒮𑒩𑓂𑒖𑒏। 𑒀 ॐ, स॒हस्र॑शीर्षा॒ पुरु॑षः। स॒ह॒स्रा॒क्षः स॒हस्र॑पात्। 𑓇, 𑒮↓𑒯𑒮𑓂𑒩↑𑒬𑒲𑒩𑓂𑒭𑒰↓ 𑒣𑒳𑒩𑒳↑𑒭𑓁। 𑒮↓𑒯↓𑒮𑓂𑒩𑒰↓𑒏𑓂𑒭𑓁 𑒮↓𑒯𑒮𑓂𑒩↑𑒣𑒰𑒞𑓂। स भूमिं॑ ग्वंग वि॒श्वतो॑ वृ॒त्वा। अत्य॑तिष्ठद् दशाङ्गु॒लम्॥ 𑒮 𑒦𑒴𑒧𑒱𑓀↑𑓅 𑒫𑒱↓𑒬𑓂𑒫𑒞𑒼↑ 𑒫𑒵↓𑒞𑓂𑒫𑒰। 𑒁𑒞𑓂𑒨↑𑒞𑒱𑒭𑓂𑒚𑒠𑓂 𑒠𑒬𑒰𑒓𑓂𑒑𑒳↓𑒪𑒧𑓂॥ हजार माथ, हजार आँखि, हजार पएर संग विश्वकेँ आच्छादित केने अछि, दस आंगुरक गनतीक वशमे नै अछि ओ। प॒द्भ्याग्ँ॑ शू॒द्रो अ॑जायत॥ 𑒣↓𑒠𑓂𑒦𑓂𑒨𑒰𑒑𑓂𑒿↑ 𑒬𑒴↓𑒠𑓂𑒩𑒼 𑒁↑𑒖𑒰𑒨𑒞॥ पएरसँ शूद्रक उत्पत्ति भेल॥ प॒द्भ्यां भूमि॒र्दिशः॒ श्रोत्रा᳚त्। 𑒣↓𑒠𑓂𑒦𑓂𑒨𑒰𑓀 𑒦𑒴𑒧𑒱↓𑒩𑓂𑒠𑒱𑒬𑓁↓ 𑒬𑓂𑒩𑒼𑒞𑓂𑒩𑒰↑↑𑒞𑓂। मुदा पएरेसँ भूमियोक उत्पत्ति। ❀ (White Florette- innocence and purity) ☸ (Wheel of Dharma) ࿕(Swastik) ꣼ (सिद्धिरस्तु, सिद्धम 𑒮𑒱𑒠𑓂𑒡𑒱𑒩𑒮𑓂𑒞𑒳, 𑒮𑒱𑒠𑓂𑒡𑒧 Devanagari Anji) 𑓅 (Gwang ग्वंग (two small circles connected by u and a dot placed over it, used in reference of Vedic texts) 𑒀 (Tirhuta Anji, Ankush of Ganeshji, placed at the beginning of something) 𑒀

𑒀 𑒀 ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष ग्वंग शान्ति: 𑓇 𑒠𑓂𑒨𑒾: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑒢𑓂𑒞𑒩𑒱𑒏𑓂𑒭 𑓅 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱: १.१.गजेन्द्र ठाकुर- नूतन अंक सम्पादकीय १.२.अंक ३६४ पर टिप्पणी १.१.गजेन्द्र ठाकुर- नूतन अंक सम्पादकीय एकटा अपन छवि बनाउ, जकरासँ नीक लोक प्रेम करैए आ जे योग्य अछि कर्मठ अछि। मुदा जेना जेना अहाँ आगाँ बढ़ब, समय बीतत हमरा सभमेसँ बहुतक अपन मोनक छवि दूषित हेबऽ लागै छन्हि आ से होइए ओइ गप सभपर ध्यान देलासँ जे दोसर हमरा विषयमे की सोचैए बा बाजैए। मुदा ओ अपन छद्म ज्ञान बा कहियो काल नीको ज्ञान बा कहू जानकारी तँ दऽ सकै छथि मुदा की ओ हमर अपन छवि बा योग्यता हमरा दऽ सकै छथि, नै वरन् ओ बेशीकाल तकर उनटा करै छथि। माता-पिता आ शिक्षक सेहो कखनो काल अनायास ऐमे सम्मिलित भऽ जाइ छथि। संगी-साथी, सर-समाज आ सम्बन्धी सेहो। ओ कम बा बेशी सुन्दर अछि, ओकर गणित ओइ बच्चासँ नीक-अधला छै, ओइ तेज बा बुड़बककेँ दोस्त बनाउ बा नै बनाउ, ओकरे दुआरे हम सभ जितलौं बा हारलौं। हुनकर क्रियाकलाप आ बोल ई सभ करैए, मुदा से तखने हएत ने जखन अहाँ तइपर कान-बात देबै। सफलता जे वास्तवमे सफलता होइ, बिनु कम्प्रोमाइजबला सफलता, तइसँ अहाँक आत्मविश्वास आगाँ बढ़त। असफलता लोककेँ हतोत्साहित तखने करत जखन ओ वास्तवमे असफलता होइ। जेक्स डेरीडाक विखण्डनवाद कतेक साहित्यकेँ नीचाँसँ ऊपर लऽ गेल आ कतेक केँ ऊपरसँ नीचाँ। तँ चोरि कऽ कय रचनात्मक साहित्य लिखब आ तइपर मिशेल फोकोक डिसीप्लीनरी इंस्टीट्यूशन सभसँ पुरस्कार लेब मूल्य लेब सफलता भेल आकि सफलता? आ सुभाष चन्द्र यादव सन सुशील सन जिनगी भरि अड़नाइ आ तकर मूल्य चुकेनाइ भेल सफलता आकि असफलता? तँ अपन आत्मविश्वास बनेने रहू, अनुशासन अडिग राखू। योग्यतामे सभदिन वृद्धि करैत रहू, जे एक दिन एहेन बीतय जे अहाँक योग्यतामे कोनो वृद्धि नै भेल तँ बुझू ओ दिन बर्बाद भऽ गेल। आ स्थितप्रज्ञ बनू, आत्मविश्वास राखू। आ जँ अहाँमे ई सभ गुण अछि तँ अहाँ समानान्तर धाराक लोक छी, अहाँक स्वागत अछि। भोरे सकाले उठू, घरक काज सेहो करू, ऐसँ अहाँ जबाबदेह आ आत्मनिर्भर भऽ सकब। समस्या एलापर सहायता मांगैसँ लाज नै करू आ दोसराक समस्यामे दोसराकेँ सेहो सहायता करू। शक्तिशाली दुश्मनक सोझाँ ठाढ़ भेनाइ कठिन अछि, ऐ लेल चाही साहस, नीक-अधलाक फरिच्छ दृष्टि आ सत्य, आ अन्यायक खिलाफ कखनो हथियार नै राखू। चिचियेलासँ कियो नै सुनत, कऽ कय देखाउ, कन्नारोहट आ उपरागा-उपरागीसँ किछु नै हएत, कऽ कय देखाउ, जे भाषण दै छी से करबो करू। अन्तर्जालपर सेहो बहुत रास खरा छै, ने फेक न्यू बनाउ नहिये पसारू, अन्तर्जालक अपराधी सभसँ बचू। अपनासँ कमजोर आ छोटकेँ डराउ नै, ओकरा प्रतारित नै करू, जे कियो अहाँ संग ई करैए तकर खिलाफ शिकाइत करू। जयपुर-फुट (नकली पएर), कम धुँआ बला चुल्हा सन समानान्तर साहित्य सेहो अन्वेषण, निष्काम कर्म आ बिनु पाइ/ पुरस्कारक लालचक कएल जा रहल अछि ज इसँ हम सभ नीक समाज बनाबी आगाँ बढ़ाबी। सभमे किछु ईलम होइ छै, जेना पिपही बजेबाक ईलम। जँ विश्वास नै हुअय तँ ओइमे फूकि कऽ देखियौ। ओइलेल कएक बर्खक प्रशिक्षणक आवश्यकता होइ छै। तहिना लोक नृत्य, नाचमे सेहो छै आ लकड़ी आ माटि सम्बन्धी ईलम सेहो छै। ओइ कलाक सम्मान करू। ओही विकासक स्वागत करू जइसँ पर्यावरण नष्ट नै होइत अछि, जतेक गाछ काटै छी तइसँ दस गुणा गाछ रोपू। असगर काज करैमे डर लागैए, छोटोसँ छोटो काज? मुदा से सभ काल नै भेटत, सभ काल ने संगे भेटत ने समर्थने। भूत केँ बिसरि जाउ, ई नीक हुअय तखनो, बा अधला हुअय तखनो। किछु संगी साथी आ संगठन अहाँकेँ दुखी करै छथि, तामस उठबै छथि, हतोत्साहित करै छथि, हुनका बिदा करबाक समय आबि गेल। नीक दिन अखनो आबैबल अछि, अधला समय कहियाधरि चलत। अधला समयमे सीखल शिक्षा दूरगामी होइत अछि जइसँ हम अपन गलती नै दोहराबी। काजक बीच विराम दऽ चिन्तन करब सेहो आवश्यक, गाम, सर-कुटुम, दोस-महीम ओइठाम एनाइ-गेनाइ सेहो आवश्यक। बिहारिक बाद पनिसोखा देखबा लेल तैयार रहू। सभ दिन हएत जादू। आ से हएत जखन अहाँ सभ दिन कोनो ने कोनो एक्को गोटेक सहायता करी। सदा अपन विचारकेँ लिखि कऽ जमा करैत रहू। जलखै बिनु नागा केने करू, सात-आठ घण्टा सूतू, भोजन एहेन करू जे शरीर लेल स्वास्थ्यकारी हुअय। मोन तैयो उचटऽ लागय तँ ध्यान लगाउ, चित्र बनाउ, पढ़ू, संगीसँ गप करू, घूमू फिरू, संगीतपर नाचू। जीवन अमूल्य अछि, एकर सभ क्षणक प्रति सम्मान राखू। बिनु शिकाइतक मेहनति करू आ से तखन तँ आरो करू जखन ऐसँ असफलता प्राप्त हुअय। देखल सपना माने लक्ष्य दिस सभ दिन एक डेग, आ ओ जँ मनोरंजक लागय तँ बुझू जे अहाँ समानान्तर धाराक लोक छी, अहाँक स्वागत अछि। कठहँसी, आँखि धरि नै गेल, तामसकेँ नुकेबा लेल, ई खुशी नै देखेलक, ई हास्यकणिका सुनलाक बादक हास्य हँसी नै छल, ई दोसराकेँ संगी बनाबैबला ओकरा विश्वास दिआबैबला जे ओ हमरा लेल खतरा नै अछि से हँसी नै छल। वृद्ध आ बेमारक सहायता करबाक चाही, युद्ध आ प्राकृतिक आपदासँ प्रभावित लोक आ देशक मदति करबाक चाही, ई कहियो निरर्थक नै हएत। अहाँक सोझाँ स्पष्ट लक्ष्य हेबाक चाही, परिश्रम आ लगनसँ ओ प्राप्त सेहो हएत। अन्यायी आ कष्ट पहुँचेनिहारक प्रति बजनाइ सीखू, मानवताक प्रति निष्काम भावसँ सेवा केनिहारक प्रति कृतज्ञ हौ। दिव्यांग लोकक प्रति हमरा सभकेँ ध्यान राखबाक चाही, हुनका प्रति संवेदनशील रहबाक चाही। दिव्यांक लोक दिव्यांगताक अलाबे सेहो बहुत रास गुणसँ विभूषित छथि, हमरा से देखबाक चाही, आ हुनका अपन अधिकार भेटनि तइमे संग देबाक चाही। विश्व स्वास्थ्य संगठनक अनुसार विश्वमे पन्द्रह प्रतिशत लोक दिव्यांग छथि। भारतमे पहिल बेर २००१ मे दिव्यांग लोकक गणना भेल जे मात्र २.१ प्रतिशत अछि, ई प्रतिशत विश्वास योग्य नै अछि। सहकर्मी, संगी साथी सन बनबाक द्वाब अहाँपर सदिखन रहत, मुदा अहाँ ओइ दवाबमे नै आउ। अपन व्यक्तित्व विकसित करू। हँसी-ठट्ठा लेल अपन जान गमेनाइ नीक गप नै। खेतमे रसायनिक पदार्थ वातावरणकेँ दूषित करैत अछि। जैविक पदार्थक उपजा बिनु रसायनिक पदार्थक होइत अछि, ई बेशी स्वस्थ्यकारी आ चहटगर होइत अछि। जिनकामे आत्म-सम्मानक भाव कम छन्हि ओ नीक अनुभव करै लेल दोसराक मान्यताक आवश्यकता पड़ैत अछि। फेसबुकपर पोस्ट कऽ कय लाइक गानैबला लेल ई गप अछि। कतेक घटना घटित भेल अछि जइमे सेल्फी लै काल व्यक्ति खधाइमे खसि पड़लथि, छातसँ खसि पड़लथि आ मृत्यु भऽ गेलन्हि। हँ मुदा सेल्फी केर प्रयोग अहाँ नीक उद्देश्य जेना बेटी संग सेल्फी आदिक रूपमे कऽ सकै छी। समयक महत्व बुझू, फालतू सभा समिति, खास कऽ प्रतिक्रियावादी समिति-संस्था अहाँक बहुत समय खराप कऽ सकैत अछि। कखनो नियत समयसँ नै पहुँचि सकी तँ दुख व्यक्त केनाइ नै बिसरू। पाइ हमरा सभकेँ प्रकृतिसँ दूर कऽ देने अछि। कनाडाक मूल इण्डियन अबेनाकी कबीला जे हुनका सभ लेल आरक्षित रिजर्व ओडानाकमे रहैए पर्यावरणक लेल कतेक सुन्दर सुन्दर लोकोक्ति बनेने अछि 'तखन जखन आखिरी गाछ कटि जायत, आ सभ धारमे माहुर दऽ देल जायत, तखन जखन गोट-गोट माँछ अहाँ मारि देब, तखने अहाँ बूझि सकब जे अहाँ पाइ नै खा सकै छी।' सामान्य जीवन जीबू जइसँ पर्यावरणकेँ नुकसान नै होइ, प्रकृतिसँ जुड़ि कऽ रहू। एक दोसरासँ मिलि जुलि कऽ रहू, मनुक्खे टा नै, माल-जाल, चिड़ै चुनमुनी, सभसँ, प्रकृतिसँ धारसँ। आ से जँ अछि तँ बुझू जे अहाँ समानान्तर धाराक लोक छी, अहाँक स्वागत अछि। कियो सम्पूर्ण नै होइए मुदा नीक बनबाक प्रयास तँ कैये सकै छी। हमरा सभकेँ सत्यवादी, इमानदार आ दयालु बनल रहबाक प्रयास करबाक चाही। ई संसार रहबा योग्य एकटा नीक स्थान बनल रहय तकर प्रयास सभकेँ करबाक चाही। हमरा सभकेँ खूब पढ़बाक चाही, नव नव चीज सिखैत रहबाक चाही। - Gajendra Thakur, editor, Videha (Be part of Videha www.videha.co.in -send your WhatsApp no to +919560960721 so that it can be added to the Videha WhatsApp Broadcast list.) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। १.२.अंक ३६४ पर टिप्पणी प्रोफेसर उषा चौधरी अद्भुत सम्पादकीय आलेख। रबीन्द्र नारायण मिश्र अपनेक संपादकीय पढ़लहुं। बहुत नीक लिखने छी अपने। हार्दिक शुभकामना! अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। 𑒀 𑒀 ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष ग्वंग शान्ति: 𑓇 𑒠𑓂𑒨𑒾: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑒢𑓂𑒞𑒩𑒱𑒏𑓂𑒭 𑓅 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱: २.गद्य खण्ड २.१.डॉ शम्भु कुमार सिंह- स्मृति शेष: स्नेहिल आशीर्वचन ‍२.२.रोशन जनकपुरी- नटकिया २.३.आचार्य रामानन्द मण्डल- कोरोना २.४.आचार्य रामानंद मंडल- मैथिली २.५.आचार्य रामानंद मंडल- नेपाल: मधेश बनाम मिथिला २.६.आशीष अनचिन्हार-पाठक हमर पोथी किए पढ़थि? २.७.कुमार मनोज कश्यप- गनगुआरि २.८.निर्मला कर्ण- अग्नि शिखा (खेप-१४) २.९.जगदीश प्रसाद मण्डल- मोड़पर (धारावाहिक उपन्यास दसम पड़ाव) २.१०.जगदीश प्रसाद मण्डल- पुरुखढौह २.११.रबीन्द्र नारायण मिश्र- मातृभूमि (उपन्यास)- २२ म खेप २.१२.नित नवल दिनेश कुमार मिश्र (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) २.१३.नित नवल सुशील (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) २.१.डॉ शम्भु कुमार सिंह- स्मृति शेष: स्नेहिल आशीर्वचन डॉ. शम्भु कुमार सिंह स्मृति शेष : स्नेहिल आशीर्वचन सहरसा, 12 मार्च, 2016, दैनिक हिन्दुस्तान समाचार पत्रक एकटा समाचार पर नजरि गेल 'मैथिली साहित्य की सुप्रसिद्ध लेखिका श्रीमती अणिमा सिंह का निधन (वास्तविक अवसान दिवस 09 मार्च, 2016)।' मोन पड़ि गेल आइसँ लगभग 7 वर्ष पहिने देल गेल हुनक आशीर्वचन-"जीबू! खूब तरक्की करू!" प्रो. अणिमा सिंह सँ हमर परिचयक दू टा कारण छल। एक, मैथिलीक विद्यार्थी हेबाक कारणेँ आ दोसर प्रो. नचिकेताजीक माय हेबाक कारणेँ। पहिल कारणक साक्ष्य इतिहासक ओ पन्ना थिक जतय आधुनिक मैथिली भाषा साहित्यक उन्नायकक श्रेणीमे एहि दम्पति (प्रो. अणिमा सिंह ओ प्रो. प्रबोध नारायण सिंह)क नाम स्वर्णाक्षरमे अंकित अछि आ दोसर कारण हमर व्यक्तिगत अछि। व्यक्तिगत एहि लेल जे भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर मे सेवाक अवसर हमरा श्री नचिकेताजीक कलमसँ भेटल छल। तारीख कोन रहैक से मोन नहि अछि, हँ, 2009क जुलाई मास रहल हेतैक। एहिबेर गामसँ मैसूर भाया कोलकाता टिकट छल। सहरसा सँ सियालदह 7 बजे भोरे पहुँचि गेल रही। हावड़ासँ मैसूरक रेलगाड़ी आब 8 बजे रातिमे भेटत। भरि दिन की करब? कोना समय कटत? मोनमे आएल, किएक नहि प्रो. अणिमा सिंहक दर्शन क' लेल जाय? हमरा पता बूझल रहय, A-132, लेक गार्डेन, कोलकाता। सोचलहुँ जे अपन बैग 'अमानती घर'मे राखि हुनकर दर्शन क' आबी। रेलवेक कर्मचारी कहलक- "बैग में खाने-पीने की कुछ सामग्री हो तो निकाल लीजिए नहीं तो चूहे बैग को कुतर देंगे"। मोन पड़ल जे एहिबेर अएबाकाल हमर माय गोटेक किलो मूँगक दालि देने छलीह। हम दालिक ओ पोटरी अपना बैगसँ निकालि हैण्डबैगमे राखि लेलहुँ। 12 बजे दूपहरक समय रहल हेतैक। हम लेक गार्डेन दिस बिदा भेलहुँ। दालिक पोटरी हमरा संगहि रहए। A-132, लेक गार्डेन। घंटी (कॉलबेल) बजेबाक प्रयोजन नहि पड़ल। घरक मुख्य द्वारकेँ देखतहि पता लागि गेल छल जे एहि घरक मरम्मतिक काज चलि रहल अछि। मुख्यद्वारक हॉलनुमा घरमे बहुत रास चीज-बीत सभ छितिर-बितिर भेल रहैक। कतहु चूनाक खुरचन तँ कतहुँ बिजलीक नबका-पुरनका तार, बल्ब आदि। घरक बीचोबीच एकठाम बहुत रास समान सभ जमा कएल रहैक, जाहिपर झाँपल कपड़ा सेहो धूल-धूसरित भ' गेल रहैक। हमरा ओहि घरक द्वार पर पहुँचबाक देरी की किछुए क्षणमे एकटा दिव्य व्यक्तित्व हमरा सोझामे आबि कए ठाढि भ' गेलीह। गौर वर्ण, उज्जर धप-धप केश, नील रंगक पट्टीदार पाढ़ि बला उज्जर धप-धप साड़ी, दालि-तरकारीसँ सानल हाथ (हमरा बुझाएल जे ओ भोजन क' रहल छलीह)। हम चरण स्पर्श केलिएनि। ओ पूछलथि, अहाँ के? "जी हमर नाम शंभु...जिला-सहरसा...। हम भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर मे काज क' रहल छी, अपनेक दर्शनार्थ आएल छी।" "हमर अहोभाग्य! बुबू (प्रो. उदय नारायण सिंह) केहन छथि? हुनक स्वास्थ्य केहन छनि? नीक जकाँ रहैत छी ने? मैसूर शहर केहन लागल? मैथिलीक लेल काज केनिहार अहाँ सभ कतेक गोटे थिकहुँ ओहिठाम? एखन ओतए मैथिलीक लेल कोन-कोन काज सभ चलि रहल छैक? अहाँ सभ नव तूरक लोक थिकहुँ, खूब  मेहनतिसँ काज करू। आब अहीँ सभ मैथिलीक भविष्य थिकहुँ। बुबूओ सपरिवार आबएबला रहथि, मुदा नहि आबि सकलाह। की करबै, जे जतबे पैघ पद पर, तिनका झंझटो ततबे। देखै नै छियै घरक दशा! एखन सभटा काज हमहीं करबा रहल छी। ने बुबूकेँ फूरसति ने अजयकेँ...। गाड़ी कए बजे अछि? ...आहि रे बा! से कोना होएत! बिना भोजन केने अहाँ कोना जाएब? खा लिअ, हमरो ओहिठाम गमैये भोजन भेटत। ...अहाँ तँ गामसँ आबि रहल छी। माय खूब नीक नुकूत बना क' खुऔने हेतीह, तिलौरी, अदौरी, अरिकंचनक साग...। एतए ओ सभ चीज कतए भेटत? शहरक जीवन। हमरा तँ एखनहुँ जे माटिक खापड़िमे भूजल आ जाँतमे दरड़ल मूँग दालिक स्मरण अबैत अछि तँ मोन होइए जे गामहि जा कए रही। मुदा आब से संभव नहि अछि। हे देखियौक हमहुँ केहन लोक छी! हम एखन धरि अहाँकेँ बैसबाक लेल नहि कहि सकलहुँ। कत' बैसाउ! हे, एतए आउ! बैसू!" ओहि घरक एकटा कोनमे दू-तीनटा कुर्सी छलैक आ एकटा छोट-सन टेबुल। टेबुल पर थारीमे लागल हुनकर भोजन जाहिमे सँ ओ किछुए कौर खेने हेतीह। खेलहा भागक थारी सुखा गेल छलैक। हुनकर ऐंठ हाथक दालि-तरकारी सेहो सूखि कए टटा गेल छलनि। ओहि कुर्सी पर हम दुनू गोटे सोझा-सोझी बैसि गेलहुँ। "हँ! तँ हम कहैत रही जे..." ओ बाजिते जा रहल छलीह, आ हम! हमर ध्यान आब हुनकर कोनो गप्प पर नहि रहए। हम दोसरे दुनियामे चलि गेल रही। हम अपना मोनमे हुनकर वैह सभ बात दोहरा रहल छलहुँ, "बूबू केहन छथि..., मैथिलीक लेल काज केनिहार..., अहीँ सभ आब मैथिलीक भविष्य थिकहुँ..., खापड़िमे भूजल आ जाँतमे दरड़ल मूँगक दालि...।" "मूँगक दालि!" हमरा भेल जे मूँग दालिक पोटरी तँ हमरा लग अछिए हम हिनका द' दैत छियनि। फेर मोन कहए जे 'दूर जी! एतबा रास मूँगक दालि हिनका दए अहाँ सुदामाक पद प्राप्त करए चाहैत छी?' अंततोगत्वा हम हुनका कहलियनि, "जी, हमरा लग थोड़ेक मूँगक दालि अछि जँ अपनेकेँ कोनो असौकर्य नहि हो तँ अपने एकरा स्वीकार कएल जाओ।" ओ कहलनि, "असौकर्य कोन? अहाँ हमर सासुरक लोक छी, हमर जिला (सहरसा)क लोक छी, मिथिलाक लोक छी, दिअ! दिअ!" हम पोटरी हुनका दिस बढ़ा देलियनि। ओ ओहि छोट-सन पोटरीकेँ हाथमे लए नाकसँ सटा कए सूँघलनि... आह! अपूर्व! खापड़िमे भूजल आ जाँतमे दरड़ल मूँगक दालि...अपूर्व गमक! "..........." अबैत काल हुनक चरण स्पर्श केने छलहुँ तँ ओ आशीर्वचन देने छलीह, "जीबू! खूब तरक्की करू!" आइ फेर वएह समाचार मोन पड़ि गेल "मैथिली साहित्य की सुप्रसिद्ध लेखिका श्रीमती अणिमा सिंह का निधन।" तँ हुनक ओ आशीर्वचन "जीबू! खूब तरक्की करू!" मोन पड़ि गेल। स्नेहिल आशीर्वचनक स्नेहिल गमक!!! -डॉ. शंभु कुमार सिंह, संपर्क सूत्र : 9986890429 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ‍२.२.रोशन जनकपुरी- नटकिया रोशन जनकपुरी नटकिया मलंगवामे भोरका दस बजे । मेघनाथ बाजल -"मोटरसाइकल त दोसरिए ओरि ले गेलै । बसे से चले परतै ।" "होतै ।"-भोरे स नवलपुर तकके यात्राके लेल ओकर मोटरसाइकलके प्रतिक्षा समाप्त भेल । बैग उठा मेघनाथके पाछु पाछु ओहो बिदा भ'गेल । ओ परसू साँझमे,  किछु अन्हारेमे,  एहि जिला सदरमुकाममे आयल छल । उत्पीडित वर्गमे अधिकारके लेल एकता आ संघर्षक चेतना अभिवृद्धि सम्बन्धी एकटा एकदिनहा अन्तर्क्रिया गोष्ठीमे विशेषज्ञ वक्ताके रुपमे आमन्त्रित भ'क' आयल छल ओ । मलंगवा, पारम्परिक छोटछिन आ बोर्डर परके बजार स, अखन शहरोन्मुख बेसे नम्हर बजारमे बदैल गेल अइछ । मुदा अइछ त नेपाले आ तराइएके जिला सदरमुकाम । एतहुक सड़क बालुए आ गिट्टी स साले साले बनैत अइछ । बरखा मास शुरु होब' स दू एक महिना पहिने बनल ई सड़कसबके बालू आ किछु गिट्टी, बरखाके पाइनसंगे सड़क कातक खखोरलाहा नालीमे बहि जाइत अइछ, आ साल भइर हाकिम हुक्काम, मंत्री, नेतासबके विदेशी गाड़ीसब सड़कपर टहलैत वा सड़क कातमे चलैत लोकसब संग बरमसिया धुरखेल करैत रहैत अइछ ।  'मार बहाँ......' स शुरु क'क' गाड़ीबलाके मातृपक्ष आ पितृपक्षके सस्वर आ शैलीबद्ध उद्धार करैत किछु लोक धूरा स भरल केश झाड़ैत, नाकेमे औँड़ी घुसियाक' साफ करैत अइछ । मूँहमे कचकचाइत बालू एना थूकैत अइछ जेना गाड़िए पर थुकने हो । नजैर उठाक'  दूर दृष्टिक्षितीज स उड़ैत धूराक बीच हेराइत वा हेरागेल गाड़ी दिस तकैत अइछ । आ  'साला ई देशे एहने हइ' सनके कोनो देश सम्बन्धी डायलगसंगे पहिनहीँ जका संगी सबहक गप्पमे मसगूल भ' जाइत अइछ । आ किछु भद्रजन  'उहँ !' सन संक्षिप्त टिप्पणी व्यक्त करैत छइथ, सलीका आ शान स केश झाड़ैत छइथ, जेबी स रुमाल निकालैत छइथ, मूँह कान पोछैत छइथ आ घर जा क' पूर्ण वाक्य बजैत छइथ -"ई सड़कसब त पैदल चल' जोकर रहिए नइँ गेलै ।" हरेक सरकार परिवर्तनमे एहि जिला स मंत्री प्रायः रहिते अइछ । अखनो एहि जिलाक दू टा मंत्री अइछ । स्थानीय विकास मंत्री, जे अलकतरामे मिलाक' गिट्टी आ बालूक अनन्त महाभोजन क' रहल अइछ,  आ दोसर पेट्रोलियम मंत्री,  जे डीजल, पेट्रोल आ एलपीजी गैसके मस्त मस्त पान क'क' अपन अगिलका दश पुस्ताके तृप्त क'रहल अइछ ।  'वाह मंत्रीजी सब !  आ जय हो मलंगवा ! ....' , ओकरा मनेमन हँसा गेलै । मुदा आई सड़कपर धूरा कम्मे उइड़ रहल छल, आ सड़क सेहो किछु साफ बुझयलै ओकरा । "सड़क पर बुझाइछै जेना भोरे भोरे पाइन पटौने छै । कोनो मंत्री जन्त्री आयल छै कि ?"- ओ पुछलक । "हँ ! पेट्रोलियम मंत्रीके अबाइ हइ ।"- मेघनाथ बाजल । "कतेक नीक होइतै जँ सब दिन क' एकटा मंत्री अबैत,  ई सदरमुकाम उजिया जाइत - सफा आ विकसित ।"- ओ चौल कयलक । "नीमने हइ जे कहियो काल अबै हइ सर ! अखनी दूर स गिट्टीए बालू खाइ हइ आ तेल पीबै हइ । सब दिन जे अतै त एकरा सबके स्वागतमे सदरमुकामे साफ हो जतै ।"-मेघनाथ भभा क' हँसल । मेघनाथ ओकर स्थानीय सहयोगी अइछ । "उप्पर अहाँसब सरकारके आ मंत्रीसबके कथिला न कुछ कहै छियै ? अहाँसब त संघर्ष आ अधिकारके पाठ पढ़बै छियै ।"- मेघनाथ हँसिते हँसिते गम्भीर प्रश्न कयलक । "हमसब त विशेषज्ञ छियै ने,  उत्पीड़नके तथ्यांक आ अधिकार सम्बन्धी कानूनी व्यवस्था आ कानूनी संघर्ष के बारेमे जानकारी त देबे करै छियै ।"- ओ जबाब देलक । "लेकिन खाली जानकारिए देला स त न होतै,  घोटालोसब त कागज पत्तर मिलाइएके होइ हइ ।"- मेघनाथके स्वरमे वितृष्णा छल । "हमसब जै आइएनजीओमे काम करै छी,  ओ तथ्यांक आ कानून स बेसी नइँ देखै छै । तहुँ नइँ बेसी देख, अपन काज देख बस !" मेघनाथके मूँहपर किछु नइँ नीक भाव ओकरा बुझयलै । जेना ओकर बात नइँ नीक लागल होइ । मेघनाथ चुप्पे रहल । "नमस्कार हो मेघनाथ ! केन्हरो जाइछा कि ?"- तखने एकगोटे पाछू स टोकलकै मेघनाथके । "नमस्कार ,  नवलपुर जाइछी ।"- मेघनाथ जबाब देलक । "इनका न चिन्हलियन ?" "ई,  ई हमर सर छथिन,  अधिकार आ संघर्षके विशेषज्ञ । एगो गोष्ठीमे आयल रहलखिन ग' । आपस जा रहल छथिन ।"-मेघनाथ ओकर परिचय करौलक । "नमस्कार सर !"- कहैत मेघनाथक परिचित एकटा गलीमे हेरा गेल । 'अधिकार आ संघर्षक विशेषज्ञ ।'  अपन परिचयपर ओ मनेमन हँसल । बस स्टैन्ड आइब गेल छल । गाडी लागल छल । "सीट त सभ्भे भर गेल हइ,  पिछलके सीट पर बइठे परत सर !"-मेघनाथ बाजल । "की करबीही त, चल । उपाय कोन छौ दोसर ?"- ओ जबाब देलक । "बिच्चेमे बइठू सर ! खिड़की साइडमे बड्डे कुदक'बइ हइ ।"- मेघनाथ सलाह देलक । "ठीके छै ।"- ओ कहलक । दुनु गोटे बिच्चेमे बइस गेल । तखने गाडीके इन्जन जोड़ स घरघरायल आ संगेसंग गाड़ीके सउँसे अडी बडी आ आँजर पाँजर खड़खड़ा उठल । पता नइँ कता'  रुट स रिटायर भ'क' मलंगवा रुटमे  'डालल' गेल (चइल रहल) अइछ । ओकर नजैर आगूमे के सीट आ पैसेन्जरसबके नँघैत ड्राइभिंग सीट दिस गेल । ड्राइभिंग सीटक उप्पर एकटा चानी उड़ल मूँड़ी नजैर आयल, जकर पछिलका भागमे चन्द्राकार सनपटुआ सन् उज्जर केशके पातर धारी निच्चा मूँहे लटकल छल आ ओकरा बीचमे नम्हर मुसरीके नाङ्गैर जका टेँढ़-मेँढ़ मुदा सीटल सोँटल टीकी लटैक रहल छल । नइँ जाइन कतेक बसन्त पार क'क' स्थायी पतझड'मे प्रवेश क'रहल छल  'गुरुजी' (ड्राइभर) ! "ड्राइभर आ गाड़ी तुरिए बुझाइछै ।"- ओ हँसल । "हुँ ! ..."-ड्राइभर दिस तकैत मेघनाथ बाजल - "...लेकिन बिसबास करु, नवलपुर पहुँचबे करबै !" "माँ ! तोँही रक्षा करिहा । "- ओ मनेमने प्रार्थना कयलक । गाड़ीके गेटपर चाइर पाँच गोटे एक्के बेर गाड़ीमे पैसलै । इन्जन फेर जोर स घरघरयलै आ खड़खड़ाइत गाड़ी आगू बइढ़ गेलै । बुझयलै जेना कुद्का जायत,  ओ झट् द' अगिलका सीटक कोना पकड़िलेलक । मूँह स फेर प्रार्थना बीज छिटैक गेल्र - 'माँ !' मेघनाथ ओकरा देख क' मुस्कायल । तखने एकटा दुबर पातर छौँड़ा  'जय हो'  के चन्ठ उद्घोष करैत ओकरा बगलमे आइब क' बइस गेल । खिड़की कातमे पहिनही स एकटा फूलपैन्ट, बूस्सर्ट आ चप्पल पहिरने,  सामान्य मुदा ग्रामीण आ भलादमीसन बुझाइत लोक बइसल छल । ओहो छौँड़ा दिस तकलक । छौँड़ा अइगमुत्ता सन् बुझयलै ओकरा । गाड़ी मलंगवामे सीमा छोइड़ चुकल छल । एहि बीच किछु आओर गोटे गाड़ीमे चढ़ल छल आ दुनु दिसक बिचला खाली भागमे किछु धक्कम धक्का बइढ़ गेल छल । "हँ, लाउ त !"-कन्डक्टर हाथ पसारलक । "कते दियो ?  नवलपुर । दू गोटे ।"- ओ पुछलक । "एक सय दियौ न ।"- कन्डक्टर जबाब देलक । "एक सय !"- ओ मेघनाथ दिस तकलक । मेघनाथ  'ठीक' मे मूँड़ी हिलयलक । "दूः लाउ न, अहुँसुन कथी कचकच करै छी !"- कन्डक्टर झझकल । ओ द' देलक । छौँड़ा खिड़की स बहरा देइख रहल छल । कन्डक्टर ओकरा टोकलक - "हय ! भाड़ा ला ।" "एतही, गम्हरिए त उतरबै ।"- छौँड़ा ठार स्वरमे बाजल । "त गम्हरियाके पैसा न लगै हइ कि ?"- कन्डक्टर गुम्हरैत आँइख स ओकरा देखलक आ घुइम गेल । "केहन केहन पसिन्जर गाड़ीमे चढ़ जाइय ।"- कन्डक्टरके बड़बड़ाहट साफ सुनाई द'रहल छल । खिड़की कातक पैसेन्जर शायद काउन्टरे पर स टीकट लेने छल । गाड़ी गति पकैरलेने छल । सड़कक बीचमे के हुच्चा हुच्ची (खधिया खुधिया)मे परैत निकलैत गाड़ीके चक्का पछिलका सीटके यात्रीसबके बेर बेर स्प्रिङ्ग बौल जका कुद्का रहल छल । कखनो काल त ओकर कण्ठेमे साँस  अटैक जाइ ।  'पछिलका सीटके मइरम् ओहे जानय जे बइसय ।' कन्डक्टर एकटा ठाढ़ भेल पैसेन्जरके टोकलकै "हँ, भाड़ा लाबा !" पैसेन्जर किछु रुपैया कन्डक्टरके देलक । "कहाँ जयबा ?"-कन्डक्टर पुछलक । "नवलपुर ।"-पैसेन्जर कहलक । "बीस रुपैया आरो लाबा ।"- कन्डक्टर बाजल । पैसेन्जर धौँस देखयलक -"कथी के बीस ?" "पचास रुपैया भाड़ा हइ ।"- कन्डक्टरो कड़कल । "तोँ जेहे कहबहो सेहे होतै ?" - पैसेन्जर फेर ऐँठल । "जल्दी कर',  लाब न त गाड़ी से उतर' ।"- कन्डक्टरक ताव कने आओर कड़ा भेलै । युवक जेबी स किछु आरो रुपैया निकाइल क' कन्डक्टरके हाथमे देलक । "दश रुपैया आरो ।" - कन्डक्टर बाजल । "बेसी धङियइ न न देखाबे के ! हमहुँ एहि बा के लोक छी ।"-युबक कने रंगदारीबला तेवर  देखयलक आ कन्डक्टरके अस्थीर स आगू मूँहे घुमादेलक । आ कन्डक्टर युवक के जेना बिसैर गेल । ओ दोसर के टोकलक -" भाड़ा ।" 'आ हमरा स पचास रुपैया भाड़ा.....' , ओ मेघनाथ दिस तकलक । जेना मनक बात बुइझ गेल मेघनाथ ,  मुस्काइत बाजल -"सकबै सर ?" ओ किछु नइँ बाजल । ओकरा याद पइर गेलै ओकर प्रोजेक्ट प्रमुख शर्माजी आ दाता देशक आइएनजीओके गोरका कुइस स्मिथ । स्मिथ,  जे कन्सलटेन्ट खर्च आ अपन विविध खर्चके बहाने प्रोजेक्टके नामपर आयल पाईमे स आधा स बेसी अपना जेबीमे पहिनही ध' लैत अइछ । बाँकी बचलमे स कार्यक्रमके स्थानीय आयोजक,  शर्माजी, ओ आ ओकर सहकर्मीसब बेसी स बेसी रकम अपना जेबीमे आबय,  तकरा लेल खीँचा तानी आ मोल मोलाइ करैत रहैय । अहिना जेना ई कन्डक्टर आ पैसेन्जर कयलक अइछ । की बस मे,  सरकारी गैरसरकारी, सब ठाम मोल मोलाई अइछ,  तानातान अइछ । जेना सउँसे देशे मोल मोलाई भ'गेल हो । " गाड़ीके हरहर्री के चीरैत खलासीके तेज स्वर स ओकर मनोलाप भंग भेलै -"गम्हरिया ।" ओकरा कातके खिड़की लग बैसल ग्रामीण भलादमी बगलमे बैसल छौँड़ाके याद पारलकै -"गम्हरिया आ गेलो ।" कन्डक्टरोके जेना याद रहइ,  ओहो हाक देलकै -"हँ.... उतरा न ।" "अगिलका चौक पर उतरबै ।"- छौँड़ा जोरे स जबाब देलकै । कन्डक्टर जेना मनेमने गाइर देने होइ, ओकर आँइख मे तेहने भाव छल,  मुदा मूँह स किछु नइँ बाजल । छौँड़ा जेना कन्डक्टरके भाव बुइझ रहल छल,  ओ मुस्कायल आ अपन  नङटइबला नजैर स एम्हर ओम्हर तकलक आ जोर स नारा लगयलक - " चमेलिया माईकी जय !" चमेलिया माई दू स्टोपेज आरो आगू के चौक छल । छौँड़ाके बोली आ भाव नाँगट छल । छौँड़ा देख' मे त सिकिए पहलमान छल,  तैयो ई तेवर ?  वाह !  'अहिना जे मलंगवा आ मलंगवा की,  देशेके लोकसब मंत्री,  हाकिम हुक्काम आ सरकारके तेवर देखाब'  सकितै !'- ओ मनेमने सोचलक । तखने गाड़ी पइर गेलै हुच्चामे । पछिलका सीटपरके सबगोटेके कुद्का गेलै ।  असावधान ओकर त माथा जेना बसके छत स ठोकरा जाई,  तेना बुझयलै । ओ जोर स अगिलका सीट पकरलक ।  '.....त जनताके गाड़ी अहिना हुच्चामे परत आ ओकर माथ बस स ठोकरायत ।'- ओ मनेमने हँसल आ श्वेतकेशी  ड्राइभर दिस तकलक । ड्राइभर जेना अविचल सुनामीमे जहाज खेइब रहल छल । ओकर मुसरीके नाङ्गैरबला टीकी हील रहल छल । एहि सुनामीमे छौँड़ा फेर नारा लगौलक - 'चमेलिया माई की जय !' अगिलका सीट परके गोलगला,  ओछ लुंगी आ प्लास्टिकके चप्पल पहिरने एकटा पहलमान सन् अधबैसु ग्रामीण, छौँड़ा पर व्यंग्य कयलक -"मानलियौ रे बौवो तोरो !" "सातो दिन अबै जाइछी,  बिदारथीयो से पइसा लेतै,  त कइसे होतै ?  फेनु धनिक रहतै त एगो बात, की हो काका ?"- छौँड़ा शान झारलक । एकटा चौक आयल । गाड़ी रुकल आ फेर चलल ।  किछु उतरल आ किछु बेसिए चढ़ल । गाड़ीमे गहमा गहमी किछु आरो बइढ़ गेल । भाड़ा देनाई आ लेनाईके क्रममे पैसेन्जर आ कन्डक्टरके तीव्र आ मध्धिम स्वर गाँय भाँयके बीच सुनाई द'रहल छल । गेटपर कन्डक्टरके स्वर सुनाई देलक -" गेटपर भीड़ न करु,  पिछाड़ी जाउ ।"  सम्भवतः ओ पैसेन्जरसबके धकियएबो कयलक । एहि धरफरीमे कने खसैत परैत एकटा कने हेभीवेट युवक ओकरा स दू सीट आगू नजैर आयल । पहिल नजैर मे ओ,  नील रंगक जीन्स पैन्ट आ पीयरका भेस्ट पहिरने ओहि युवकके पाछुए स देखलक । युवक अपन झोँटासन झमटगर नम्हर केशके रबर बैन्ड स बन्हने छल । आ अपन सूटकेस सीट स उपर बनाओल गेल सामान राख'बला खानामे राइख रहल छल । ओ विस्मित भेल । एहि शुद्ध ग्रामीण क्षेत्रमे अत्याधुनिक शहरक फैसन कत' स आयल ? सूटकेस रखलाक बाद युवक चारुदिस नजैर घुमयलक । शायद कतौ खाली सीट खोइज रहल छल । सुगढ़ आ स्वच्छ नयन नक्सबला ओहि युवकक चेहरा आ आँइखमे कलात्मक आ कोमल भाव स्थायीरुपे जेना वास करैत हो, तेना बुझयलै ओकरा । एकटा चौक अयलै । किछु गोटे उतरलै । युवकक बगलके सीट खाली भेलै । युवक पुछलक -"बइठू ?" "खाली हइए,  पूछे के कोन जरुरी हइ,  बइठ जा ।"-सीटपरके पैसेन्जर बाजल । युवक बइस गेल । युवकक स्वरमे स्त्रैन्य कोमलता छल आ सम्वाद प्रस्तुतिमे लचकता । ओकरा आगूके सीटपर बैसल दू टा युवतीमे स एकटा सुनल जायबला आवाजमे फुसफुसायल -"मौगमेहरा हइ,  गम्हरिएके हइ,  नटुआमे काम करै हइ ।" किछु पैसेन्जरक नजैर ओहि युवक दिस घूमल । जेना सड़कक हुच्चा हुच्चीक सुनामीमे समय काट'के जोगाड़ भेटि गेल हो ।  गाड़ी फेर रुकल । कोनो पुलिस चेक पोस्ट छल चौरीमे । दू टा पुलिस गाड़ीमे पैसल,  पैसेन्जरसब पर नजैर दौड़यलक,  सीटसबके निचलका भागमे डन्टा स ठकठकयलक आ गाड़ी स निच्चा उतैर गेल । गाड़ी रुकले रहल । सड़क स निच्चा खेतमे पुलिस भैन लग कोनो वरिष्ठ सन बुझाइत पुलिस अधिकारी किछु भनभनाइत भैनके एक कात स दोसर कात जा रहल छल आ कन्डक्टर विनीत भावमे किछु कहैत ओकरा पाछू पाछू घुइम रहल छल । ड्राइभर सेहो गाड़ी बन्द क'क'  निच्चा उतैर गेल । "कथी के देरी हइ ?"- एकटा पैसेन्जर प्रश्न कयलक । "जानु बात न मिललैय । परहरीके हाकिम कहै हइ डिक्की खोलेके ।"- पुलिसके भैन लग स लौटल दोसर पैसेन्जर बाजल । "त खोल देबे के न चाही ।"- पहिलका पैसेन्जर बाजल । "न,  कहै हइ समान खोलके देखबउ ।"-दोसर जबाब देलक । "कुछ ले दे के मिलाबे न चाही,  पसिन्जर के देरी न होइ छइ ।"- पहिलका फेर बाजल । " त जाउ न अपने,  कहीँ बात मील जतै कि !"-दोसर व्यंग्य कयलक । "उँह !"- पहिलका अपन बचाव कयलक । "रोजिन्ना के बात हइ,  बात मिलबे करतै ।"-तेसर भरोस देअयलक । ताबत तक किछु आओर पैसेन्जर पुलिस भैन तक पहुँच गेल । ओहोसब किछु कागज देखबैत पुलिस अधिकारी स नेहोरा भावमे बात क' रहल छल । ओसब शायद व्यापारी छल,  जकर माल गाड़ीमे लोड छल । ओ गाडि़एमे स देइख रहल छल । खेतमे कन्डक्टर,  ड्राइभर,  ओ व्यापारीसब आ पुलिससब मिलाक' करीब तीस पैँतिसटा लोकक समूह बहूत रास समूहमे विभाजित भ'क'  बतियाय लागल । ओकरा सम्विधान सभामे बहसक लेल प्रस्तुत आ अटकल कोनो गम्भीर एजेन्डा पर के अवस्था याद परलै । स्थगन कालमे सम्विधान सभाके प्रांगनमे सभासद्सब एहिना अनेक समूहमे विभाजित भ'क' अत्यन्त गम्भीर छलफल आ बहसमे लीन भ'जाइत छल । खेतमे एहने गम्भीर स्थिति छल । किछु कालक बाद सब समूहमे स किछु गोटे निकइलक'  एकटा गाछक तरमे जमा भ'क'  किछु आओर घनीभूत बहसमे लीन भ'गेल । ओकरा बुझयलै जे सम्विधान सभाके प्रांगनमे विभाजित समूह सबहक नेता आ सभामुख, उपसभामुख सबसंगे गोप्य वार्ता क'रहल हो । खेतमे गाछक निच्चा ड्राइभर, कन्डक्टर,  व्यापारी आ किछु पुलिससब छल । हाकिमसन लगैत पुलिस, भैनलग असगरे ठाढ़ सिगरेट फुइक रहल छल । गाछक निच्चा किछुकाल गहन छलफल चलल । तकराबाद कन्डक्टर,  एकटा व्यापारी आ एकटा पुलिस,  जे शायद हाकिम पुलिसक सहायक छल,  हाकिम पुलिसलग पहुँचल । किछु गप्प भेल । हाकिम पुलिसके छोइड़ क' बाँकी पुलिस पार्टीके प्रतिनिधिसब पुलिसभैनके अओढ़मे चइल गेल । किछु क्षणक बाद लौटल । पुलिसक सहायक हाकिम अपन सीनियर दिस देइख क' मुस्काइत  'ठिक ठाक' मे मूँड़ी हिलयलक । कन्डक्टर आ व्यापारी दुनु हाकिमके बत्तीसी देखाक'  नमस्कार कयलक आ तेजी स गाड़ी दिस लौटल । ड्राइभर सीटपर पहिनही बइस चुकल छल । गाड़ी जोर स घरघरायल, खलासी गेटपर जोर स दू बेर धाप मारलक आ हाँक देलक -"हँ,  बढ़ौने ।"  आ सुनामी यात्रा फेर शुरु भ'गेल । ओ सोचलक, अहुना क'क' केओ सम्विधान सभाके समस्या समाधान नइँ कयलक । वृथेमे विघटित भ'गेल सम्विधान सभा,  हह ! एकटा पैसेन्जर कन्डक्टरके रुआब देखयलक -" शुरुए मे मिला नेने रहिता त देरी नइँ न होइतो । केकरा कहाँ कहाँ जायके छै ।" "गाड़िएमे बइठके गप्प मारै छी से निच्चे न आबे के चाही !"- कन्डक्टर शायद किछु बेसिए परेशान भ'गेल छल । "नइँ एगो बात कहलियो ह ।"- ओ पैसेन्जर बात सम्हारलक । "ई बेपारी सुन कथी कथी लोड क' लइ हइ,  आ ऊ स्साला पुलिसबासुन हमरासुनके माय बहिनके एक करैय ...."-कन्डक्टर बड़बड़ाइए रहल छल -".....ओकरासुनके पेट न भरै हइ त सरकार से न माँगेके चाही कि......।" "ई बेसरमी इहे देशमे हय,  न त एहन पुलिससबके बान्हके बीच चौराहापर पिटाई करेके चाही ।"-सर्ट कोट पैन्ट आ चमकैत जुत्ताधारी एकटा आधुनिक भलादमी युवक पढ़ाकु शेखी बघारलक । "भेलै,  बेसी सेखी न न बघारु । अहाँ पढ़लहबासुनके बोली गड़िएमे इकलत । परहरीसुनके आगे अहुँसुनके ठन्डी मार दइय ।"- कन्डक्टर ओहि आधुनिक भलादमी युवकके दबारलक । युवक सकपका गेल । युवकक फैसन कहि रहल छल जे ओ राजधानी वा कोनो नम्हर शहरमे रहैत अइछ । कन्डक्टर एकटा गरीबसन महिलाके टोकलक -"भाड़ा ला,  कहाँ जयबे !" "गैर बजार ।"-महिला बाजल आ भाड़ा देलक । पाई कम्मे छल । कन्डक्टर कड़कल -"पचीस रुपैया ला ।" "एतने हइ ओ मालिक ।"- गरिबनी गिड़गिड़ायल । "हइ,  ई बस तोहर बापके हउ ?  रुपैया न हउ त उतर गाड़ी से ।"- पुलिस स भेटल सब फजीहत ओहि गरिबनीएपर उताइर रहल छल कन्डक्टर । "काहे गरियबइ छी ओ मालिक,  कुटान पिसान आ ईँटा भठ्ठामे काम काज क' के बाल बच्चाके पेट पालै छी । तइका दया क' देबै त कुच्छो न बिगरत ओ मालिक !"-मजदुरनी फेर गिड़गिड़ायल । कन्डक्टर फेर कडकल -"फाल्तु बात न करेके,  पूरा भाड़ा दे ।" मजदूरनी आँइखमे याचनाके भाव नेने चारुदिस नजैर घुमयलक । बसमेके किछु लोक सुनियो क', देखियो क' नइँ देखल सुनलजका आपसी गप्पमे मसगूल छल । एहि गप्पमे गाम शहर,  देश विदेश, भ्रष्टाचार,  कमीशन,  लोकतन्त्र,  तानाशाही,  मानवीयता आ बहादुरी तकके विषय सामिल छल । किछुगोटे निर्णीमेष निर्भाव गरिबनी आ कन्डक्टरके वार्तालाप आ दृश्य सुइन आ देइख रहल छल । जीन्स पैन्ट आ भेस्टबला मौगमेहरा युवक सेहो देइख रहल छल ई दृश्य ।  ओ बाजल -"केतना पैसा कम हइ ओ कन्डक्टर साहेब ?" "पाँच रुपैया ।"- कन्डक्टर जबाब देलक । "पाँचे रुपैया ला एतना घोल मचयने छी । लू,  हम दे दइछी.....।"- मौगमेहरा पाँच रुपैया कन्डक्टर दिस बढ़यलक । महिला ससइर क' मौगमेहरा लग आइब गेल । -"... अइ सीट प' बइठ जाउ " - मौगमेहरा बाजल आ अपने ठाढ़ भ'गेल । महिला बइस गेल । गाड़ीमे किछुगोटेके ई दृश्य नीक लगलै । ओकरो नीक लगलै । एकगोटे मौगमेहराके पुछलकै - "कत्त जाइछा ?" "छपरा जिला ।" -मौगमेहरा जबाब देलक । "उहाँ कोनो काम वाम करैछहो की ?" - ओ पैसेन्जर खोधियारलक । "हँ,  काम उम कथी । नाच उचमे काम करै छी ।" "नाचेमे मन लगै हओ ?"- प्रश्नकर्ता चौलके भावमे बुझायल । "नीमन कथी लगतै हजूर ! बच्चेसे नाचेमे लाग गेलियै । से एहीमे मन लाग गेलै । घरमे बुढ़बा बुढि़या माय बाप हइ । केनाहुके पालै छी ।"-मौगमेहरा बाजल । बजैतकाल ओकर स्त्रीजन्य भावभंगिमा आ लचकता किछु पैसेन्जरके शायद मजा द'रहल छल । "नीमन की ! मजे अबैत होतै कि । छपरिया जिम्दारसबके त  'हाथी' पालेके सौख त रहबे करै छै ।"-एकटा अधेड़ खद्दर धोती कुर्ताधारी भलमानुस बेशरमी स खिखियायल । मौगमेहरा जरैत आँइख स ओकरा देखलक, मुदा बाजल किछु नइँ । चुपचाप ठाढ़ रहल । ओकरो नइँ नीक लगलै, मन भेलै झझकाइर दी ओहि भलमानुसके,  मुदा ओहो नइँ किछु बाजल । "पढ़ल लिखल छहो ?" - ओ पुछलक । " न ! बच्चेमे आठ किलासतक पढ़लियै । गरीब बाप माय खर्चे न देबे सकलै । गाउँएमेके रमेसर ब्यासजीके साथे लाग गेलियै । हो गेलियै नटुआ । देस बिदेस भरमनो हो जाइछै आ कुछ आमदनियो हो जाइछै ।"- मौगमेहरा सहज भाव स उत्तर देलक । "नटुआ आ मौगमेहरा कहि क' तोरा जे टिहकारी पारै छो से नीक लगै छो ?"-ओ फेर प्रश्न कयलक । "छोइर दू हजूर ! हमरा काम करे के हय,  जेकरा जे कहेके हइ कहे दियौ । कोइ हमरा खायला न दइय । बाकी, हम बहुत जिम्दारसुन आ भलमानुससुनके देखले छीयै, जेकर बहु बेटी काठमान्डू, पटना दिल्लीमे बिकाइ हइ आ ऊ सुन गड़ी आ चीलगड़ीमे उड़ै हइ ।"- मौगमेहरा मनके तीत उझलिए देलक । ओ गप्पके दिशा मोड़लक -" अपन गाम घर नीक नइँ लगै छो,  जे एतेक दूर जाइछा ?" "अप्पन गाउँ घर केकरा निम्मन न लगतै हजूर,  लेकिन करबै कथी ?  काम त करही परतै ।"-मौगमेहरा मनक दुःख व्यक्त कयलक । "ओनियोँके पुलिस अइसने होइ हइ ?"-एकटा पैसेन्जर प्रश्न कयलक । "अउरो कइसन होतै"- मौगमेहरा बाजल -"ओन्हिएके त सिखले हय एनिके पुलिससब ।" "तोरा त तनि बेसिए पिरसान करैत होतौ ।"-दोसर पैसेन्जर रुप,  रंग आ ढंगपर प्रश्न कयलक । "न पुछु, कहीँ कहीँ त कुछ बेसिए फिरसानी भोगे परैय । फेनु एगो खराब आदत हय हमरा,  बदमस्ती आ बेज्जत निमने न लगैय । कहीँ कहीँ त झगड़ा फसाद आ दू तरफा हाथ पातके नौबत भोगे परल हय ....।"-मौगमेहरा सहजे भावमे अपन मन खोइल रहल छल -".....एक त गरीब,  दोसर नटुआ , तेसर नेपालके आ ओहोमे ओकरे देशमे । ओ सुन बुझैय जे कुछो करबै त छज ज'तै ।" "तोँहु झगड़ा आ हाथ पात क'लै छही ?"-दोसर पैसेन्जर मुस्काइत फेर खोधियारलक । "परै हइ त लोक फुरा लइ हइ,  फेन हम खाली नटुए न न छी । आखिर मेहनत मजूरी करेबलाके बेटा छी । धनकटनी,  हँसुआ आ लकड़ी चीरेमे टाँङ्गी त पकरबे करैछी । फुरसदमे न नटुआगिरी करे चल जाइछी ।"- मौगमेहरा सबहक अपेक्षा विपरीत बाजल । "ठिके ?  जय हो !"- नङटहबा छौँड़ा बाजल आ पहलमान एक्केसंगे चौल कयलक । " जादे धाख न न देखाबे के । तोरो सुनके देखलियो ह' । पुलिसबासुन रहलो ह' सबके पेरले, त मूँहमे लड्डू धयने बैठल रहला ह' ।"- मौगमेहरा खौँझायल । ओ आब जटिल बुझा रहल छल । "तोँही कथी क' लेबही ?"- नङटहबा छौँड़ा कने पितायलसन बाजल । " से समयपर न बुझाइछै ।"- हैभीवेट मौगमेहराके आवाज दृढ रहितो नटुआपन झलकि गेल । किछु गोटेके संगे ओकरो हँसा गेलै । वातावरण किछु तीत भ'गेलै आ वार्तालापक क्रम रुइक गेल । जे होइ मौगमेहरा सबके अपेक्षा विपरीत प्रस्तुत भेल छल । सुनामीमे जहाज हीलैत डोलैत अपना गतिमे आगू बढ़ल जा रहल छल । ओ खिड़की स बहरा तकलक । गाड़ी एकटा बेस नम्हर पाँतर स गुजैर रहल छल । आगू पाछू,  दायाँ बायाँ कोनो गाम घर नइँ देखाइ द'रहल छल । कतौ कतौ सड़क स दूर खेतमे किछु ईँटा भठ्ठा नजैर आइब रहल छल । सड़क कातमे एकटा गाछीके निच्चा ठाढ़ दू टा युवक गाड़ीके रोकबाक इशारा कयलक । रुकिते,  दुनुगोटे गाड़ीमे फुर्ती स पैसल । एकटा जोरके आवाज सुनाई परल -"हय, गाड़ी बन्द कर ।" "बुझाइय बदमाससुन गाड़ीमे चढ़ गेल हय ।"- मौगमेहरा फुसफुसायल । "हय,  जेतना गोटे ठरा छे बइठ जो,  न त गोली मार देबौ ।"- एकटा युबक धमकीयलक । सब पैसेन्जर बइस गेल । मौगमेहरा घुसइक क' ओकरा आ मेघनाथक बीचमे बइस गेल । दुनु युवकक हाथमे नलकटुवा छल । जेना लकवा माइर देने होइ,  गाड़ीमे मरकी पसैर गेल छल । .....गाम शहर, देश विदेश,  भ्रष्टाचार,  कमीशन,  लोकतन्त्र,  तानाशाही,  मानवीयता,  बहादुरी आदि सब विषयसब शान्त छल । पछिलका सीटपरके नङटा छौँड़ा,  गोल गलाबला पहलमान,  पढ़ाकु युवक,  खद्दरधारी भलमानुस, सब थरथर,  शान्त छल । "पैसा निकाल !"- एकटा युवक कन्डक्टर दिस नलकटुवा तनलक । कन्डक्टर झट् द' पैसाबला बैग आगू क'देलक । जानक डर सबके होइछै ।  दोसर युबक बैगमे स रुपैया निकाइलक'  अपन जैकेटमे कोँचलक । दुनु युवक गाड़ीमे चारु दिस नजैर दौड़यलक । पाछू दिस ओकर सबके नजैर दुनु युवतीपर परलै । पहिरन ओढ़न स युवतीसब सम्भ्रान्त परिवारके लगैत छल । दुनु युवक बसके बीचमे बैसल लोकसबके नँघैत पछिलका सीट धइर पहुँछल आ युवतीके हाथ पकैर क'  खीच' लागल -"उठ् !" युवतीसब घिघियाइत हाथ छोड़यबाक कोशीस क'रहल छल । दुनु युवक पूरा दम लगाक'  युवतीके गरियबैत सीट स बाहर खीँच रहल छल । दुनुके ध्यान युवती दिस छल । "उठ् नइँ त गोली मार देबौ ....." - गरियबैत  एकटा युवक नलकटुवा सोझ कयलक । तखने मौगमेहरा फुतिै स ओकर हाथ पकैर क'  बसके छत दिस उठा देलक । ई सबहक अपेक्षा विपरीत छल । ओ त विस्मिते रहि गेल । हड़बड़ीमे घोड़ा दबा गेल आ फायर भेल - 'धायँ' । "माँइँ गे !"-युवती चिचियायल आ सीटक बीचमे घुसिया गेल । ताधइर मौगमेहरा ओहि युवकके मूँड़ीके जोर स एकटा सीट स टकरा देलक,  ओ धड़फड़ा क' खसल । दोसर युवक तेजी स मौगमेहरापर नलकटुवा सोझ कयलक । मौगमेहरा झट् द' ओकरो हाथके झटैक देलक,  मुदा फायर भेलै । सुसंजोग जे गोली मौगमेहराके केश छूबैत पछिलका सीसा तोरैत बहरा निकैल गेल । ओ युवक मौगमेहराके कपारपर नलकटुवाके हत्था स प्रहार कयलक । बहैत खूनके बिनु परबाह कयने मौगमेहरा दुनु युवकके ठोँठरी धयने छल । शारीरिक मेहनति आ नाँचक अभ्यासक क्रममे शारीरिक कसरत स बलिष्ठ मौगमेहरा असगरे दुनु युवकके रगड़ने छल । मौगमेहराक ठेहुन आ मुक्काके प्रहार स दुनु युवकके सेहो माथ आ नाक स खून बहि रहल छल । माइर देबाक,  गोली मारबाक आ बम स उड़ा देबाक धम्की आ गाइर दैत ओहो दुनु युवकसब अपन पूरा तागत लगा रहल छल । मौगमेहरा अकसक भ'  रहल छल । अचानक मौगमेहरा गरजल -"रे साला सुन ! आब कथीके डर लगैछौ,  नलकटुवामे के गोली सठ न गेलै । रे मार न सारसुन के ।" अखन धइर बस भयग्रस्त आ स्तब्ध छल । सबकिछु जेना अविश्वसनीय छल । मौगमेहरा फेर गरिययलक । अचानक ओकरा बगल स मेघनाथ छड़पल । ओ धयलक एकटा के । आब मोकाबिला बराबर छल । दू भर्सेज दू । दुनु बदमास युवक अधमरु भ'गेल छल । नङटा छौँड़ा सेहो आगू बढ़ल । पहलमानजी सेहो,  आरो कतेको । सब मिलिक' ओहि दुनु युवकके थौआ करैत गाड़ी स घीच क' निच्चा उतारक । दुनुमे हील' डोल' के तागत तक समाप्त भ'  चुकल छल । मुदा ओकरा सबके चारुकात स घेरने पैसेन्जरसब दे लात  दे मुक्का,  दे एँड़,  थौआ क'रहल छल । मौगमेहराके माथ फूटल छलै आ हाथ पैरमे कय ठाम छिला गेल छलै । मौगमेहरा सीटपर बइस क' अपन फूलल साँसके नियन्त्रण कर'के कोशीस क' रहल छल आ फूटल छिलायल ठामसबके देइख रहल छल । ओकरा अखनो विश्वास नइँ भ'रहल छल । मौगमेहराके ई रुप अप्रत्यासित छल । गरीबनी अपन मोटरीमे स एकटा कपड़ाके टुकड़ा फाइरक'  मौगमेहराके माथ स बहैत खूनके पोछलक आ कपड़ाके पट्टी बाइन्ह देलक । गरिबनी गरिययलक- " सरधुवा, मरकीबला,  मायो बहिनके न चिन्हइ हइ । कहु त, एत्तेगो बलजोरी !" मौगमेहरा,  सड़कपर दुनु बदमासके पीटि रहल पैसेन्जरसबके देइख क'  मुस्कायल -"मरल बाघके मोँछ कइसे उखाड़ रहल हइ,  देखियउ न हजूर !" मौगमेहराक सौर्य सत्य छल । ओ मात्र नटुवे नइँ छल । नचनाइ त ओकर पेट भरबाक रस्ता छल । ओहिना जेना धनकटनी,  जेना कारीगरी वा बूट पालिस वा जेना कारखानामे कारीगरी । नटुआगिरी ओकर ढंग छल,  कमजोरी नइँ । ओकरा अपन सोँचपर लाज लाइग गेलै ।  'ओउफ् !'  मौगमेहराक व्यंग्य । ओकरा बुझयलै जेना केओ छातीमे छूरा भोँइक देने होय । "हे, आब नइँ, मइर जतै त खून मुद्दा लगतो"-केओ बाजल । "बान्ह के ले चला सला सुनके । परहरी के बुझा देबै ।"- दोसर सुझाव देलक । दुनुके उनटा बान्ह बाइन्हक' गाड़ीमे लादल गेल ।  'गुरुजी' गाड़ीके स्टार्ट कयलक । सुनामी यात्रा फेर शूरु भ'गेल ।  आगू चमेलिया माई आयल । अइगमुत्ता छौँड़ा  'चमेलिया माई की जय' के नारा बिनु लगेनही गाड़ी स उतैर गेल । ओतहके पुलिस चौकीमे दुनु बदमासके बुझाओल गेल । इन्सपेक्टर बाजल -"एना कतौ मारलकैय,  मइर जइतै त सबके खून मुद्दा लगितै । कथी भेल छलै ?"  पैसेन्जरसब ओकरा सब बात जानकारी करौलककै । मौगमेहराके बयान लेलगेल,  कन्डक्टरके सेहो । इन्सपेक्टर कानूनी प्रक्रिया देखबैत गाड़ीके किछुकाल आरो रोक'  चाहैत छल । मुदा कन्डक्टरके कतेक हाथ पैर जोड़लाक बाद,  बजौलापर हाजिर होबाक शर्त आ  'गोप्य' वार्ताके बाद पिण्ड छूटल । गाड़ी आगू बढ़ल । गाड़ीमे शान्ति छल, लोकक चेहरापर भय अखनो जेना कायमे छल । लोकक नजैर घुइम घुइम क' मौगमेहरेपर अटैक जाइत छल । मौगमेहराके चेहरापर एकटा आश्वस्तपन आ सौर्य छल ।  'गैर बजार' आयल । ओ गरिबनी मोटरी काँख तर धयलक आ मौगमेहरा दिस तकलक । मौगमेहरा आँइख मुनने चोटसबके दर्दपर काबू पाब'के कोशीस क'रहल छल शायद । "बौआ ! बड़ दुखाइछौ ?"- गरिबनी मौगमेहराके माथपर हाथ देलक । "न ,  ठीके हइ ।"-मौगमेहरा मुस्काइत आँइख खोललक । "नवलपुरमे दरदके गोटी कीन के खा लिहा ,  न दुखयतो,  गैर बजार आ गेलै । हम उतरइ छियो ।"-गरिबनीके स्वरमे स्नेह छल । "होतै बहिन,  जाउ !"- मौगमेहरा नम्र स्वरमे बाजल । आन पैसेन्जरसंगे गरिबनीओ उतैर गेल । भयके मात्रा आब किछु घटल जका बुझायल । तैयो गाड़ीमे गाँयँ भाँयँ नइँ छल । हँ ! गुन गुन,  भुन भुन बइढ़ रहल छल । नवका पैसेन्जरसब पुरनासब स घटनाके बारेमे बूझ चाहि रहल छल । नजैरसब  घूइम घूइम क' मौगमेहरेपर केन्द्रित भ'रहल छल । मौगमेहरा हीरो भ'गेल छल । मौगमेहरालेल धन सन,  ओ आँइख मुनने सीट स पीठ्ठी सटयने ओङ्गठल छल । आब सुनामी कम भ'गेल छल । ग्रेभेलबला सड़क आइब गेल छल,  तैँ गाड़ीके गति बइढ़ गेल छल । "तइके देरीमे अब नवलपुर आ जतै ।"- मेघनाथ बाजल । ओकरा मनमे अखनो किछुकाल पहिनेके दृश्य नाइच रहल छल । ओकर उत्पीडित वर्गक अधिकार आ संघर्ष सम्बन्धी प्रशिक्षण ,  बसमेके पैसेन्जरसबके रबैया आ मौगमेहराके सौर्यमे कतह तालमेल अइछ ? राजमार्ग नजैर आयल । बस स्टैन्ड आइब गेल । गाड़ी अन्तिमबेर साँस लेलक । श्वेतकेशी आ मुसरी नाँङैरसन टीकीबला वृद्ध ड्राइभर गाड़ी स उतरल । खलासी अन्तिम बेर चिचियायल -" नवलपुर,  उतरै जाउ !" मेघनाथ आ ओ, दुनु गाड़ी स उतरल । मौगमेहरा सेहो उतरल । "आब केम्हर जयबा तोँ ?"- ओ मौगमेहरा स पुछलक । "अब कहीँ न जबै हजूर,  जहाँ जहाँ चोट लागल हय,  से दरद करैय,  माइ बाउ याद पर गेल । फेनु लउटके गउँए जबै । घाउ चोट ठीक हो जतै तभिए कहीँ जबै ।"-मौगमेहराके स्वरमे जेना कोनो अबोध बालक बाइज रहल छल । दुनु युवती अपन परिजनके कन्हापर,  सिसकैत,  घटनाके बयान क' रहल छल । किछुए क्षणमे मौगमेहराक बहादुरीके कथा पसैर गेल छल । लोकसब मौगमेहराके कोमल भाव, लचकदार चाइल ढाल आ सौर्यक कथाके मिलाक' ओकरा दिस आश्चर्य मिश्रित नजैर स देइख रहल छल । "अगिलका चौकपर,  रोडपर गाड़ी लागल होतै ।"- मेघनाथ बाजल आ दुनुगोटे आगू बइढ़ गेल । ओकरा मनमे एकटा भाव उठले,  देशमे जौँ एहने किछु निर्दोष,  इमान्दार,  मेहनतिया आ बहादुर मौगमेहरा भ'जाय, त देशके उद्धार भ'जाइत ।  'खोज' परतै,  एकटा अइछ, त आरो अवश्ये होयत,  आ सबके एक ठाम जमा कर' परतै '- ओ मनेमने सोँचलक । राजमार्ग पर राजधानी एक्सप्रेस ठाढ़ छल । मेघनाथ नमस्कार कयलकै -"याद रखबै सर !"  ओ मूँड़ी हिलयलक,  आ गाड़ीमे चइढ़ गेल । ओकरा छातीमे छूरा अखनो गाड़ले बुझयलै । मौगमेहरा कहने छल - 'मरल बाघके मोँछ कइसे उखाड़ रहल हइ,  देखियउ न हजूर !' राजमार्गपर राजधानी एक्सप्रेस दौड़ रहल छल । (०६९ ९ ८, रइब दिन) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.३.आचार्य रामानन्द मण्डल- कोरोना आचार्य रामानंद मंडल कोरोना मास्टरनी पत्नी के सहयोग लेल जातिगत जनगनना के पहिला दौर मकान गनना करे पंचायत के गनना ब्लाक मे गेली।दस गो भवन गनना के बाद एगो भवन प्रांगन मे पहुंचली। बरामद पर राखल अंखरा चौकी पर बैठे के चाह ली।तभीये एगो बुढी के आवाज आयल -रुकल जाव।अंखरा चौकी पर न बैठू। हमरा जाजिम बिछाबे देल जाउ।तब बैठल जतैय।हम कहली -कोनो बात न हय।कनिके देर के बात हय। हमरा सभ के देर हो जायत।बुढी बोललन -न।जाजिम बिछाबे दूं।तब बैठब। अंहा सभ अभी अइली हय।फेर कब आयब। अंहा सभ शिक्षक छी। शिक्षक आदरनीय होइ छथिन। बुढी चौकी पर जाजिम बिछैलन आ कहलन -आबि बैठ के काज करु। हम पुछलियेन -कै गो बेटा हय।बुढी बोललन -तीन गो बेटा हय।आंसू भरल आंखि आ भर्राइत आवाज मे बोललन -बड़का बेटा न हबे।छोटका बेटा कंहा भाग गेल से पता न हय।मंझला बेटा,पुतोहु आ एकटा पोता हय। हम पुछलियेन -छोटका बेटा कैला भाग गेल।बुढी डबडबाइत आंख आ रोइत आवाज मे बजलन -वोकर संगत खराब भे गेल रहैय। गांजा,भांग,शराब खाय पियैत रहेय।वोकर बिआहो हो गेल रहेय। औंरी दिखा के बोललन-एगो इहे पोता वोकर जनमल हय।पुतोहुओ छोड़ के चल गेल। हम पुछलियेन -आ बड़का बेटा। बुढी बोललन -वो करोना से मर गेल। हम कहलियेन -कोरोना से। बुढी बजलन -हं।वो हैदराबाद मे एगो अखबार मे काज करैत रहैय।दू गो बेटी आ पत्नी संग उंहे रहे। पहिले वोकर पत्नी के कोरोना भे गेल रहैय।हमर बेटा छुट्टी लेके वोकरा खूब सेवा सुसुर्सा कैलक।वोकर कोरोना छूट गेलैय आ हमरा बेटा के कोरोना भे गेल।वोकर पत्नी वोकर सेवा सुसुर्सा न कलकैय आ हमर बेटा मर गेल। हम कहलियेन -सेवा सुसुर्सा न कैलन। कैला। बुढी बजलन -वोकर पत्नी एगो एनजीओ मे काज करैत रहय।वो वोकरा छुट्टी न देइ। हमर बेटा सेवा सुसुर्सा न होय के कारण मर गेल। हम पुछलियेन -पुतौहु आ पोती आबि कंहा हय। बुढी बजलन -सभ हैदराबाद में।वो अभियो वही एनजीओ मे काज करैत हय।वो हमरा सभ के न देखैय हय। मंझिला बेटा देखभाल करैय हय।पुतौह आ  एकरा से एगो पोता हय। हम पुछलियेन -कि करैय बेटा। बुढी बजलन -बाजार पर एगो छोट मोट किराना के दूकान हय। हम कहलियेन -सभ परिवार एके जगह राखब कि अलग अलग। बुड्ढी बजलन -सभ के अलग अलग लिख दिऔ। हमरा छोटका बेटा संग लिख दिऔ। हम कहलियेन -सभ लिख देली। बुड्ढी अपन पोता से बजलन -बौआ। मम्मी के कहु चाह बनाबे के। हम कहलियेन -छोड़ दिऔ। बुड्ढी बजलन -न चाह त पिये के परत। हम्मर मालिक पति जौ तक जीवित रहला। हमरा दरबाजा पर से बिना चाह पीले कोई न गेलन।हम वो रिवाज केना छोड़ दूं। बचबा चाह लेके आइल।हम एगो कप बुढी के ओर बढैली। बुड्ढी बजलन -हम आबि चाह न पियैछी। जौं तकि मालिक रहलन।दूंनू गोरे साथे चाह पीबि। हम कहलियेन -आबि दसखत क दियौ। बुड्ढी दसखत कैलन - राधा झा। हम दूनू गोरे परनाम क के उंहा से आगे बढ़ गेली। याद रह गेल बुढी के डबडबाइत आंखि आ कोरोना। -आचार्य रामानंद मंडल सामाजिक चिंतक सीतामढ़ी,सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक, माता-चन्द्र देवी, पिता-स्व०राजेश्वर मंडल, पत्नी-प्रमिला देवी, जन्म तिथि-०१ जनवरी १९६० योग्यता- एम-एससी (रसायन शास्त्र), एम ए (हिन्दी)। रूचि- साहित्यिक, मैथिली-हिन्दी कविता -कहानी लेखन आ आलेख। प्रकाशित पोथी - मैथिली कविता संग्रह भासा के न बांटियो। २०२२ प्रकाशित रचना - सझिया कविता संग्रह पोथी - जनक नंदिनी जानकी आ शौर्य गान। २०२२ पत्रिका -मिथिला समाज, घर -बाहर आ अपूर्वा (मैसाम)। अखबार -दैनिक मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश। सामाजिक-सामाजिक चिंतन, दायित्व- पूर्व जिला प्रतिनिधि, प्राथमिक शिक्षक संघ, डुमरा, सीतामढ़ी। स्थायी पत्ता- ग्राम-पिपरा विशनपुर थाना-परिहार जिला-सीतामढी। वर्तमान पता-पिपरा सदन,मुरलियाचक वार्ड-04 सीतामढ़ी पोस्ट-चकमहिला जिला-सीतामढी राज्य-बिहार पिन-843302 ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.४.आचार्य रामानंद मंडल- मैथिली आचार्य रामानंद मंडल मैथिली हे सुनु त। कहु कि कहइ छी। पढियो न।हम एगो कथा लिखली हए। लाउ पढैय छी। एगो राजा रहैय।नाम वोकर दशरथ रहै।हुनका तीन गो रानी रहैय।बड़की के नाउ कौशल्या,मंझली के कैकेई आ छोटकी के नाउ सुमित्रा रहैइ। हे।हम आबि न पढ़ब। कैला। हमर मुंह दुखाइ हैय। बुझाई जेना जीउ ऐठाईं गेल। आउर पढूं न। न। हमरा सं न पढ़ाई हए। देखियौ न।आइ के दैनिक मैथिल पुनर्जागरन प्रकाश मे विभूति आनंद के कथा छपल हए।वो कालेज मे प्रोफेसर रहलथिन हए । ज्या दियौ।इ मैथिली मे हए।अपन सभ के भासा इ न हए। अंहु त मैथिलीये बोलैय छी। हम मैथिली न बोलैय छी।हम घर मे टुटल फूटल हिंदी बोलैय छी।आ बाहर खड़ी हिंदी बोलैय छी।देखैय न छी।जे न पढल लिखल हैय वोहो अपना बच्चा के खड़ी हिंदी सिखावैय छियै। इ अंहा कि भे गेल हए ।अंहा अपनो भासा के खराब क रहल छी। बिना पढल लिखल के भासा बोल आ लिख रहल छी। आब अंहा पानी के पाइन,थाली के थारी, ग्लास के गिलास कहैय छी।इ ठीक बात हैय।पढ लिख के लोग एना बोलैय छी।धियो पूता के बोली बानी बिगड़ जतैय। एना न कहु।इ मैथिली भासा लेके  युवक सभ आई ए एसो बन रहल हए।देखियौ न। शिवहर के एगो लड़िका मैथिली लेके आइ ए एस बनलैय हए। मिथिला मिरर के ललित नारायन झा इन्टरव्यू लेलथिन हए। त इ बात हए । हं। मिथिला के मातृभासा मैथिली हए।अपना सभ त सीता के जनम स्थली सीतामढ़ी के छी।त हमरा सभ के मातृभासा मैथिलीये हए।आउर नयका शिक्षा नीति मे त प्राथमिक शिक्षा मातृभासा मे ही देल जतैय। बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा मैथिली विसय लेके बहुते युवक बिहार प्रशासनिक सेवा मे गेल हए। आंय।इ बात त हम न जनैत रहली हइ।हम त अपना धिया पुता के औफीसर बनाबे के सोचैत रहली हए।हम त बुझैत रहली हए कि एहन बोली भासा से हमर धिया पुता खराब हो जायत।अहिला हमरा इ बोली भासा न निमन लगैत रहल हए।अब त हम इहे भासा बोलब आ लिखब।चाहे जिउ ऐंठाय चाहे अउंरी दुखाय। हे।आबि कनिका हमरा पढ़ के सुनाउ।तब फेर हम पढब। त अच्छा सुनूं। कौशल्या से राम, कैकेई सं भरत आ सुमित्रा सं लक्षमन आ शत्रुधन जनम लेलक। विश्वामित्र मुनि अपना यज्ञ के राक्षस सभ सं रक्षा के लेल राम आ लक्षमन के राजा दशरथ से मांग के ले गेलन।राम आ लक्षमन के विश्वामित्र जी धनुस यज्ञ देखाबे जनकपुर ले गेलन। रस्ता में एगो नारी अहिल्या अपना पति रिसी गौतम के त्याग के दुख सं पत्थर जेका भे गेल रहे। राम के पग ध्वनि सुन के होश मे आ गेलन। उ स्थान के अहिल्या स्थान आइ कहल जाइ हए।जनकपुर के राजा जनक अपना बेटी सीता के विआह लेल प्रतीज्ञा कैले रहलन कि जे वीर अइ शिव धनुस के तोड़ देत,हुनके से अपन बेटी सीता सं विआह करब। सीता के जनम त सीतामढ़ी मे होयल रहे। हं। मिथिला मे जौ अकाल परल रहे त राजा जनक कृसक बन के हर जोते सं पहिले महादेव के स्थापना आ पुजा कैलन उ स्थान के लोग हलेसर स्थान कहैय हए। हं।हमहु दूनू गोरे त बसंत पंचमी के जल ढारे हलेसर स्थान गेल रही। त सुनूं। हर जोतैत रहलन त सीतामढ़ी के पुनौरा मे खेत में एगो बच्ची  हर के फार के नोक तर मिलल रहै नोक के सीत कहल जाइ हए। तैइला बच्ची के नाउ  सीता रखल गेल।राजा जनक सीता के अपना राजधानी जनकपुर ले गेलन। वही सीता के विआह राम से धनुस तोड़ला के बाद भे गेल।जनक जी के दोसर बेटी उरमिला स लक्षमन के आ जनक जी के छोट भाई के बेटी मांडवी स भरत के आ दोसरकी बेटी श्रुतिकिरती सं शत्रुधन के बिआह भे गेल।बिआह क के अयोध्या जाइत रहत त सीता के डोली के एगो विशाल पाकर के गाछ तर रखल गेल।वोइ तर एगो मनोरम पोखरो रहे । आइ  वो स्थान के पंथपाकर कहल जाइ हए। बाद मे राजा दशरथ राम के जुवराज बनाबे के चाहलन। परंच दोसरकी पत्नी  कैकेई के चलते राम के वन जाय के परलैन।राम के संगे सीता आ लक्षमन जीयो वन चल गेलन। वन मे सीता के राक्षस के राजा रावन अपहरन क के अपन राजधानी लंका ले गेल। हनुमान आ सुग्रीव के सहायता सं राम के वान से रावन मारल गेल। राम अयोध्या के राजा बन लन। हे।इ खिस्सा पहलेहु सुन ले रहली हैय परंच हिंदी मे।आबि अंहा के मुंह स मैथिली मे सुन ली हैय त बड़ा सुन्नर आ मिठगर लगैय हए। हं। मैथिली भासा बड़ा मिठ भासा हए। ऐही लेल विआहो सादी मे मैथिलीये मे लोग गीत गबैय हए। लाउ।आबि हम पढैय छी। राम जी के दुगो पुत भेल रहैय।लव आ कुश। हे।सीता के एगो नाउ मैथिली हए। हं।एहीले भसो मैथिली हए। -आचार्य रामानंद मंडल, सामाजिक चिंतक सीतामढ़ी,सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक, माता-चन्द्र देवी, पिता-स्व०राजेश्वर मंडल, पत्नी-प्रमिला देवी, जन्म तिथि-०१ जनवरी १९६० योग्यता- एम-एससी (रसायन शास्त्र), एम ए (हिन्दी)। रूचि- साहित्यिक, मैथिली-हिन्दी कविता -कहानी लेखन आ आलेख। प्रकाशित पोथी - मैथिली कविता संग्रह भासा के न बांटियो। २०२२ प्रकाशित रचना - सझिया कविता संग्रह पोथी - जनक नंदिनी जानकी आ शौर्य गान। २०२२ पत्रिका -मिथिला समाज, घर -बाहर आ अपूर्वा (मैसाम)। अखबार -दैनिक मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश। सामाजिक-सामाजिक चिंतन, दायित्व- पूर्व जिला प्रतिनिधि, प्राथमिक शिक्षक संघ, डुमरा, सीतामढ़ी। स्थायी पत्ता- ग्राम-पिपरा विशनपुर थाना-परिहार जिला-सीतामढी। वर्तमान पता-पिपरा सदन,मुरलियाचक वार्ड-04 सीतामढ़ी पोस्ट-चकमहिला जिला-सीतामढी राज्य-बिहार पिन-843302 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.५.आचार्य रामानंद मंडल- नेपाल: मधेश बनाम मिथिला आचार्य रामानंद मंडल नेपाल: मधेश बनाम मिथिला आइ कालि पड़ोसी देश नेपाल में मधेश के लेके हंगामा मचल हैय।कि आठ जिला जे मिथिला क्षेत्र हैय,वोकरा नेपाली संसद दू तिहाई मत से मधेश प्रदेश नाउ घोषित कै देलिके। पहिले एकर नाम प्रांत नंबर-०२ रहै। अइ ऐतिहासिक घटना के लेल नेपाल में राजशाही के समाप्त भेला पर आ प्रजातंत्र घोषित भेला के घटना के देखनाइ आवश्यक हैइ। वर्तमान संविधान -2015 सातवां संविधान हैइ।2007 के अंतरिम संविधान आ 2006 के शांति समझौता से निर्देशित हैइ। नयका संविधान लैंगिक भेदभाव पूर्ण हैइ।इ एकल महिला के बच्चा के नागरिकता देबे से मना करैय छैय। नागरिकता के लेल माय बाप के नेपाली नागरिक होनाइ आवश्यक हैइ। विदेशी महिला से शादी करने वाले नेपाली नागरिक के बच्चा के नेपाली नागरिकता मिलतै परंच विदेशी महिला मां को नागरिकता नै मिलतै।अइ आधार पर मधेशी समुदाय,जे सीमा पार भारतीय महिला के संग विआह करै छैय, असमानता से प्रभावित होइ छैय। मधेशी लोग उत्तर भारत के लोग से जाति आ सामाजिक रूप से जुड़ल हैइ। मधेशी राजनीतिक दल राज्य में आनुपातिक प्रतिनिधित्व के मांग करैत रहे। परंच तराई क्षेत्र के75 में20 जिला में50 प्रतिशत आबादी रहै हैइ।संसद में165 में100सीट पहाड़ी आ पर्वतीय क्षेत्र के। जौं कि कुल आबादी के50 प्रतिशत से भी कम हैइ। जौं कि तराई के आबादी 50प्रतिशत सं ज्यादा हैइ।आ तराई क्षेत्र के65 सीट देल गेल हैय। अइ लेल मधेशी विरोध में मधेश आन्दोलन चलैलक। मधेश आन्दोलन मुख्य रूप से राजनीतिक आंदोलन हैइ। पहिला मधेश आन्दोलन- 2007 अंतरिम संविधान के घोषणा के बाद शुरू भेल। संविधान में मधेशी आ हाशिया के समुदाय आ जातिय समुदाय के समान प्रतिनिधित्व के अनदेखी पर।जन आन्दोलन राज्य के पुनर्गठन के राष्ट्रीय विमर्श में जातीय राष्ट्रवाद के प्रमुख मुद्दा बनल।पहिला आंदोलन संविधानिक पहिचान, प्रतिनिधित्व आ राजनीतिक शक्ति के कुछ हद तक लावे में सफल भेल।इ आंदोलन राज्य के खिलाफ जातीय समूह के शिकायत के परिणाम रहें। दोसर मधेश आन्दोलन-2008 दोसर आंदोलन संघवाद, आनुपातिक प्रतिनिधित्व आ जनसंख्या के अनुसार चुनाव क्षेत्र के लेल भेल। जनसंख्या के आधार पर चुनाव क्षेत्र आ संघवाद मान लेल गेल। तेसर  मधेश आन्दोलन-2015 सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन बाद भी मधेशी के संग गलत व्यवहार आ समान अधिकार सं बंचित राखल गेलैय। संघीय प्रांत के अनुचित गठन आ तराई के केवल आठ जिला के एकटा प्रान्त बनायल गेल। जौं कि चौदह जिला पहाड़ी क्षेत्र से रहे। भागेदारी आ  आनुपातिक प्रतिनिधित्व- राज्य के अंगों आ सार्वजनिक रोजगार में45प्रतिशत सत्तरह समूहों के लिए आरक्षित हैइ। सामाजिक रूप से पिछडल महिला, दलित, आदिवासी, जनजाति,खास आर्य,थारू, अल्पसंख्यक समूह, विकलांग, हाशिया समूह, मुस्लिम, पिछड़ा वर्ग,, लिंग आ धर्मनिरपेक्ष रुप से अल्पसंख्यक समूह, युवा, किसान, मजदूर,उत्पीडीत आ पिछड़ा क्षेत्र के नागरिक।इ सामान्य विभाजन रहै। युवा आ ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहेवाला मधेशी या खास आर्य, पहाड़ी उच्च जाति समुदाय से पहिले से ही राजनीति में प्रमुख हैइ,आ एक ही श्रेणी में आवैत रहे। मधेशी आंदोलन बाइस जिला के मधेश प्रदेश के लेल रहे। परंच  आठ जिला के संसद दो तिहाई मत से मधेश प्रदेश तथा राजधानी जनकपुर धाम घोषित कै देल के,जे नंपहिले प्रांत नंबर-०२ रहै। आबि विवाद इ हैइ कि जौ बाइस जिला के मधेश प्रदेश रहितै  जे चूरे पर्वत श्रृंखला से लेके दच्छिन सीमा भारत पुरब से पच्छिम तक हैंय त कोनो विवाद नै रहतै। परंच वर्तमान जे आठ जिला हैइ, विशुद्ध रूप से पौराणिक मिथिला क्षेत्र हैइ।तै मधेश प्रदेश के नाउ मिथिला प्रदेश रहे के चाही। जनकपुर धाम त राजधानी घोषित भे चूकल हैयै। मिथिला के संस्कृति पर इ कुठाराघात हैइ। परंच अइ मामला पर मधेशी दू फांक हैइ। मिथिला में मैथिली भाषा के आंदोलन पर दू फांक के बड़ा घड़ा गैर ब्राह्मण कायस्थ मिथिला प्रदेश के नाउ पर एक्का नै हैय।इ वर्ग सांस्कृतिक आ मैथिली भाषा के नाम पर दूतकारल आ उपेक्षित कैल गेल हैइ।अइ वर्ग के भाषा मैथिली के रार (बज्जिका)आ ठेठ मानल जाइ छैय। मैथिली अकादमी अइ वर्ग के साहित्य के मान्यता नै देइ छैय । कुछ लोग मगही के समर्थन में छैय।  इ वर्ग मिथिला नाउ के ब्राह्मणवादी मानै छैय। तैं मिथिला नाउ के विरोध करैत छथि। तैं प्रदेश के नाम मधेश प्रदेश घोषित भेल। परंच मिथिला के समर्थक मिथिला आ संस्कृति के लेल उद्यम हैइ। निष्कर्ष रूप में मधेश प्रदेश जातीय राष्ट्रवादवाद के परिणाम हैइ। -आचार्य रामानंद मंडल सामाजिक चिंतक सीतामढ़ी,सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक, माता-चन्द्र देवी, पिता-स्व०राजेश्वर मंडल, पत्नी-प्रमिला देवी, जन्म तिथि-०१ जनवरी १९६० योग्यता- एम-एससी (रसायन शास्त्र), एम ए (हिन्दी)। रूचि- साहित्यिक, मैथिली-हिन्दी कविता -कहानी लेखन आ आलेख। प्रकाशित पोथी - मैथिली कविता संग्रह भासा के न बांटियो। २०२२ प्रकाशित रचना - सझिया कविता संग्रह पोथी - जनक नंदिनी जानकी आ शौर्य गान। २०२२ पत्रिका -मिथिला समाज, घर -बाहर आ अपूर्वा (मैसाम)। अखबार -दैनिक मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश। सामाजिक-सामाजिक चिंतन, दायित्व- पूर्व जिला प्रतिनिधि, प्राथमिक शिक्षक संघ, डुमरा, सीतामढ़ी। स्थायी पत्ता- ग्राम-पिपरा विशनपुर थाना-परिहार जिला-सीतामढी। वर्तमान पता-पिपरा सदन,मुरलियाचक वार्ड-04 सीतामढ़ी पोस्ट-चकमहिला जिला-सीतामढी राज्य-बिहार पिन-843302 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.६.आशीष अनचिन्हार-पाठक हमर पोथी किए पढ़थि? आशीष अनचिन्हार पाठक हमर पोथी किए पढ़थि? एहि शीर्षककेँ एनाहुतो लीखि सकैत छी जे "पाठक हमर पोथी किए किनताह"। एहि तरहक विषयपर विवाद होइत रहत मुदा हमरा लाभ बुझाइए जे हम पाठक लग अपन self-appraisal प्रस्तुत कऽ रहल छी। बहुत लोक एकरा नैतिक रूपे खराप मानताह तँइ मैथिलीमे एहन विषयपर नै लीखल गेल (मौखिक तँ सभ लेखक करिते छथि) मुदा हम नहि मानैत छी। कहबाक लेल तँ ई  self-appraisal प्राइभेट नौकरी लेल छै जाहिमे कर्मचारी अपन गुणक विवरण दैत छै आ ओकर बॅास ओकरा देखि कऽ मिलान करै छै जे लिखल चीज वास्तवमे सही छै कि नै आ तकर बाद ओहि कर्मचारीक वेतन वृद्धि वा प्रमोशन होइत छै। हमरा लगैए जे ई साहित्यो लेल नीक काज करत। एहि विषय अंतर्गत लेखक अपन पोथीक ओहन किछु विशेषता अवश्य लीखथि जकरा बादमे समीक्षक-आलोचक देखि कऽ तय कऽ सकथि जे देल गेल विशेषता केर निर्वाह पोथीमे भेल छैक वा कि नै। आ एहि क्रममे हम अपन पोथी "अनचिन्हार आखर" जे कि 2011 मे श्रुति प्रकाशन, दिल्लीसँ प्रकाशित भेल छल तकर विवरण प्रस्तुत केने रही जे कि विदेहक 1 अगस्त 2021 केर अंकमे प्रकाशित भेल छल। आब अही क्रममे हमरा एवं गजेन्द्र ठाकुरजी द्वारा संपादित पोथी "मैथिलीक प्रतिनिधि गजल 1905 सँ 2022 धरि" पाठक लग प्रस्तुत कऽ रहल छी। आबी किछु एहन बातपर जाहिसँ ई पाठककेँ ई सहूलियत हेतनि जे उपरमे लिखल पोथी किए पढ़बाक चाही वा कि किए किनबाक चाही--- 1) आन जे कारण हो मुदा एहि पोथीकेँ एकमात्र कारणसँ पढ़ल-कीनल जा सकैए आ ओ कारण अछि जे एहिमे लगभग हरेक पुरान गजलकारक गजल संग्रहीत अछि। एहिसँ पहिने गजलक नामपर जे कोनो संकलन आएल ताहिमे मैथिलीक प्राचीन गजलकेँ नै राखल गेल। कोन कारणसँ नै राखल गेल से स्प्ष्ट छै। प्राचीन गजल सभ पूर्णतः व्याकरणक पालन करैए मुदा आन संपादक सभ एहि प्राचीन गजलकेँ ई सोचि कात रखने हेता जे कहीं जनताक सामनेमे हमर सभहक कथित गजलक पोल ने खुजि जाए। हम ई दावा नै करैत छी जे एहि पोथीमे 100 प्रतिशत प्राचीन गजल संकलित भेल हएत मुदा हमरा एतेक भोरस अछि जे एहिमे 98-99 प्रतिशत प्राचीन गजल पाठककेँ भेटि जेतनि। 2) प्राचीन गजलमे व्याकरणक पालन केना भेल छै से जनबाक लेल एहि पोथीकेँ पढ़ल-कीनल जेबाक चाही। 3) ई पोथी एकमात्र संकलन अछि जे मैथिली गजलकेँ संपूर्णता संग प्रकाशित करैत अछि। पाठक एकै बेरमे मैथिली गजलक आदि, मध्य ओ वर्तमान जानि सकै छथि। 4) साहित्यमे खास कऽ गजलमे प्रेमपरक विषय अनिवार्य रूपसँ अबैत छै मुदा अधिकांशतः प्रेमपरक रचना एक सीमाक बाद बाधक भऽ जाइत छै। मुदा प्रस्तुत पोथीमे प्रेमक प्रयोग एना भेल छै जे बाप-बेटी वा कि भाए-बहीनि एकै संगे एहि पोथीक रचना सभकेँ पढ़ि सकैत छथि। 5) जे पाठक मैथिली गजलक विकास बूझए चाहै छथि तिनका ई पोथी अवश्य पढ़बाक चाही। ई पोथी अही विधा केर अछि। एहि पाँच टाक अतिरिक्त आरो बात सभ अछि जाहि लेल पाठककेँ ई पोथी पढ़बाक चाही मुदा एहि ठाम ओ बात सभहक खोज करबाक लेल हम पाठक एवं आलोचक दूनूकेँ आग्रह करबनि। अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.७.कुमार मनोज कश्यप- गनगुआरि कुमार मनोज कश्यप १ टा लघुकथा गनगुआरि कोन धरानिये एक-एक टा पाई जोड़िया  ओ दू  रूमक  फ्लैट बुक करा पाओल  रहै से  वैह जनै छै1 बैंक के किश्त चुकबै मे खान-पान, रहन-सहन सभक स्तर न्यूनतम भs  गेल रहै। मोनेमोन हिसाब लगाबय जे फ्लैट भेट गेला पर मकान किराया बाँचि जेतै तs आर्थिक स्थितियो सुधरि जेतै। मुदा अपन सोचल केकरा भेलैयै ? फ्लैट कब्ज़ा मे देरी जखन  सभ के असह्य बुझे लै तखन दिन राति एक कs कs यूनियन बनलै आ शुरू भेलै धरना-प्रदर्शन के दौड़।  एम्हर बिल्डर दिस सs नोटिस भेटलै  दू लाख रूपया आओर जमा करबै लै; कारण निर्धारित सुपर बिल्ट-इन-एरिया अंतिम निर्माण मे बढ़ि गेल छलै।  बिल्डर संग एकरा सभक प्रतिनिधि के कैक दौड़क बैसार भेलै।  एक दिन मीटिंग सs बाहर आबि प्रतिनिधि सभ के सम्बोधित करैत कहलकै - 'एरिया के संग-संग निर्माण-सामग्री के लागत बढ़ने ई बढ़ल राशि युक्तिसंगत छै आ हमरा सभ के देबहि पड़त। बिल्डर अपना घर सs डाँड़ तs नहिं सहतै? हमरा सभ लै खुशखबरी अछि जे आहाँक प्रतिनिधि सभ के सतत जोर देला आ कतेक घमर्थन के बाद बिल्डर दस प्रतिशत राशि कम करबा लै तैयार भs गेल अछि। जैह हाथ सैह साथ!  आब हमरा सभ बाकी रकम जतेक जल्दी जमा करबा देबै ततेक जल्दी फ्लैट के कब्ज़ा भेट जैत।' लोकक मुँह खुजल के खुजले रही गेल रहै.. मुस्कान छलै तs मात्र प्रतिनिधि सभ के चेहरा पर! -कुमार मनोज कश्यप, सम्प्रति: भारत सरकार के उप-सचिव, संपर्क: सी-11, टावर-4, टाइप-5, किदवई नगर पूर्व (दिल्ली हाट के सामने), नई दिल्ली-110023 मो. 9810811850 / 8178216239 ई-मेल : writetokmanoj@gmail.com अपन मंतव्य editorial.ऽtaff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.८.निर्मला कर्ण- अग्नि शिखा (खेप-१४) निर्मला कर्ण (१९६०- ), शिक्षा - एम् ए, नैहर - खराजपुर,दरभङ्गा, सासुर - गोढ़ियारी (बलहा), वर्त्तमान निवास - राँची,झारखण्ड, झारखंड सरकार महिला एवं बाल विकास सामाजिक सुरक्षा विभाग मे बाल विकास परियोजना पदाधिकारी पद सँऽ सेवानिवृत्ति उपरान्त स्वतंत्र लेखन। मूल हिन्दी- स्वर्गीय जितेन्द्र कुमार कर्ण, मैथिली अनुवाद- निर्मला कर्ण अग्नि शिखा (भाग - १४)

पूर्व कथा: देवर्षि नारद संs सम्राट पुरूरवाक यशोगाथा सुनि कs देव लोक मे सभ कियो चमत्कृत भेल छथि l इन्द्र अपन समस्याक समाधान पाबि प्रसन्नचित्त छथि । अप्सरा उर्वशी सम्राट पुरूरवाक यशोगाथा सुनि हुनका अपन दिल समर्पित कs देलथि । आब आगू: पुरंदर के निमंत्रण पर आई पुरूरवा सदेह स्वर्ग मे समुपस्थित भेल छथि l इन्द्रक प्रसन्नताक ओर अन्त नहि अछि l स्वर्ग लोक आई आनंद सरोवर मे सराबोर भेल अछि l इन्द्रक प्रासाद पुरुरवा के पाबि प्रफुल्लित अछि l पुरंदर भूपति के भांति-भांति के व्यंजन संs स्वागत सत्कार केलनि l हुनक गुणगान गंधर्व गण सुर लय बद्ध कs सुनाओल l स्वर्गक अप्सरा मेनका अपना हाथें सोमरस स्वर्ण पात्र मे भरि-भरि कs राजा के पान करवा हेतु साग्रह प्रस्तुत कएल l पुरूरवा इन्द्र के द्वारा कएल अपन एहि स्वागत सत्कार संs अत्यन्त प्रसन्न भेलाह l मणि रचित सिंहासन पर एक दूसर के समक्ष पुरूरवा आ पुरंदर बैसल छलाह l पुरूरवाक सुंदरता इन्द्र के समक्ष द्विगुणित भेल छलनि l आई इन्द्रक आभा भूमंडलेश्वर के समक्ष क्षीण परि गेलनि l अपन हृदय के वश मे नहि पाबि उर्वशी हुनक स्वागत मे उपस्थित नहि भेलिह l ओ शव के भांति अपन स्वर्ण-पर्यंक पर निज प्रासाद मे बैसल छलीह l हुनक सखी चित्रलेखा हुनक समक्ष बैसल छलीह l ओ भरि मोन राजाक सौंदर्य के यशोगाण उर्वशी के समक्ष कs रहल छलीह l उर्वशी अन्तरमन मे मुग्ध भs रहल छलीह राजाक यशोगान संs l ओ पुरूरवा के विषय मे चित्रलेखा संs एक-एक बात विश्लेषण करइत पूछि रहल छलीह l चित्रलेखा पूछलथि हुनका संs - "तों किएक नहि हुनक परिचर्या मे जाइत छह"? "ह _ ह_ हमर हालत ठीक नहि अछि"| " मुदा हम तs देखि रहल छियह जे तों बहुत नीक सs छह। तों पूर्ण स्वस्थ छह। फेर एहन बेरुखी किएक केने छह"? "काल्हिये सs हमर मोन स्वस्थ नहि अछि,ताहि संs हम ओतह नहि गेलहुँ। यदि हम ओतह गेल रहितहूँ आ अस्वस्थताक कारण चेतना शून्य भs जइतहूँ तखन हमर कतेक उपहास होइत!सखी!तों कनिक ई बात सोचs । तोरा ई बात किएक नहि बुझाइत छह"? " अहुना कतहु होइत छैक सखी ! हमहूं सभ कतेक अप्सरा सभ ने गेल रहियैक,ओहि मे की सब केओ स्वस्थ छल ? मुदा केकरो संग एहेन घटना कहाँ भेल!फेर तों किएक एना डेराइत छह"? "तोहर सबहक बात किछु आओर छैक,तों सभपूर्ण रूपेण स्वस्थ छह l हम किछु दिन संs अस्वस्थ छी,एहि कारण ई सभ कोनो बात अथवा काज मे हमरा रूचि नहि रहि गेल अछि"| चित्रलेखा के उर्वशीक एहन व्यवहार संs किछु-किछु आशंका होमय लगलइन्हि,मुदा ओ उर्वशी पर ई बात प्रगट नहि केलन्हि l ओ मौन भs गेलीह l -  -  -

इन्द्र अपन व्यथा कथा आ दानव गणक दु:स्साहस केर वर्णन पुरूरवा संs सांगोपाँग केलनि l भूपति हुनक सभ बात दत्तचित्त भs सुनति रहलाह। तदुपरांत अपन युद्ध व्यवस्था के स्पष्ट करैत इन्द्र अपन मूल मंतव्य प्रगट केलनि - "भूपति ! हमर इच्छा अछि आहाँ देव दानव के अहि युद्ध मे देवताक सहायता करी l स्वर्गक प्रतिष्ठा बचेवाक आब मात्र यैह एक मार्ग शेष अछि"| "हम देवताक सहायता कs अपना के कृतकृत्य बुझब, देवेन्द्र ! मानव आ देवताक मित्रता तs सदिखन सs रहल,हम भला ओकर प्रतिकूल कोना जा सकैत छी "? "तखन अहि युद्ध के लेल योजना बनाबै मे आहाँ हमर सहायता करु।" इन्द्रक अनुरोध पर पुरूरवा सहमति देलथि। तदुपरांत देवता के दानव पर आक्रमणक भावी योजना केर संबंध मे दुनू गोटे बहुत काल तक मंत्रणा करैत रहलथि l कतेको योजना बनल बिगड़ल। कोनो योजना मे कनियों त्रुटि बुझना गेला पर ओहि योजना के छोड़ि एक नव योजना पर विचार होमय लागै । अन्त मे एक योजना पर दुनू गोटे के पूर्ण सहमति बनि गेलनि l पुरूरवा आ पुरंदर दुनू गोटे ओहि योजना पर सभ दृष्टिकोण संs विचार विमर्श केलनि,पुनः ओकरा कार्य रूप मे अनवा हेतु कटिबद्ध भs गेलाह l इन्द्र निश्चय केलथि जे ई युद्ध काल्हिये संs प्रारम्भ भs गेनाई उचित होयत l पुरूरवा के एहि मे कोई आपत्ति नहि भेलैन्हि l तत्पश्चात इन्द्र अपन सभाकक्ष मे चलि गेलाह। पुरूरवा के ओतहि विश्राम के व्यवस्था कs देल गेल । पुरूरवा विश्राम करवा हेतु अतिथि शाला मे स्थित अपन शयन कक्ष मे प्रस्थान केलथि।

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पाताल लोक मे दानव राज केशि अत्यन्त क्रुद्ध अवस्था मे दृष्टिगत होईत छल l ओ अपन भवन मे उद्गिनता संs एम्हर सs ओम्हर टहलि रहल छल। कखनो कs अपने बाम हाथ पर दाहिन हाथक मुष्टि-प्रहार कs रहल छल l ओकरा देखि कs बुझाइत छल ओ तामसे माहुर भेल अछि। ओ तमतमाईत अपन दूत मय संs पुछलक - "तों ई सूचना एतेक विलंब सs हमरा किएक देलह"? "दानवपति हम अपन क्षमता भरि भरपूर प्रयत्न कएल,मुदा पृथ्वीक मार्ग संs पाताल लोकक मार्ग अवरुद्ध अछि l एहि कारण हमरा बहुत लंबा मार्ग तय करs परल एतह अयवा हेतु "| "हूँssss   तs एकर अर्थ ई भेल जे सम्पूर्ण पृथ्वी पर एकछत्र शासन पुरूरवाक भs गेल अछि! दानव के लेल पृथ्वीक मार्ग पर्यन्त अवरुद्ध भs गेल"? "जी दानवपति   बात यैह थिक "! "हम दुनू गोटे के देख लेब | अहि बेर एहन ने युद्ध होयत कि पुरूरवा आ इन्द्र दुनू के पानि पिया देब। दुनू गोटे हमर पर्यंक सs बन्हायल कलपत, भोजन वास्ते,एक घोंट पानि के लेल गिड़-गिड़ायत मुदा हम ओकरा एक घोंट पानियों के लेल तरसा देब l त्रिलोक देखत हमर क्रोध के "| "लेकिन असुराधिपति ! हम सभ तs पहिलहि पुरूरवा सs हारि चुकल छी"! "तों चुप रह,बिना बुझने सुझने किछु बाजह नहि l एक बेर हारि गेलहुँ तेकर की मतलब ? हम पुनः युद्ध करब आ ओकर एहन दुर्गति करब कि त्रिलोक मे कतहु शरण नहि भेटत ओकरा। हम पुरूरवा आ इन्द्र दुनू के अपन भृत्य बना लेब l बुझलहक"! दानव दूत मौन रहल l क्रोधाविष्ट भs असुराधिपति अपन पैर धरती पर पटकैत रहल आ हुंकार भरैत रहल l फेर अपन शूरवीर दानव सेनानायक के सभाकक्ष मे अबई के सूचना पठाओल मंत्रणा हेतु l किछु देरी के बाद केशि अपन वीर योद्धा सेनानायक केर संग जीत के संबंध मे मंत्रणा करैत युद्ध सs संबंधित अनेक प्रकारक निर्देश देलक। ओकर निर्देशक मूल मंत्र छल - 'अपन समस्त युद्ध कौशल संग राक्षसी मायाक प्रदर्शन करवाक उचित अवसर यैह थिक। अपन पूर्ण शक्ति सs सभ दानव गण संगठित भs पुरूरवा आ इन्द्र दुनू सs युद्ध करवा हेतु कटिबद्ध भs जाई l सभ दानव ई दृढ़ निश्चय कs ली जे एहि युद्ध मे स्वर्ग एवं धरती दुनू पर अधिकार प्राप्त करवाक अछि l इंद्र आ पुरूरवा दुनू के येन केन प्रकारेण पराजित कs ओहि दुनू के दानवगणक भृत्य बनय वाक अछि।" एकर उपरांत अपन सब सेनानायके युद्धक तैयारी करवा हेतु आदेश दs दानव राज केशि विदा केलक आ स्वयं अपन राजप्रासाद मे जयवा हेतु प्रस्थान केलक।

क्रमशः

अपन मंतव्य editorial.ऽtaff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.९.जगदीश प्रसाद मण्डल- मोड़पर (धारावाहिक उपन्यास दसम पड़ाव) जगदीश प्रसाद मण्डल मोड़पर (धारावाहिक उपन्यास) दसम पड़ाव अखन धरि जे सामान्य जिनगीक आयुक अँटकार रहल अछि, माने शतायुक आधारपर, तइ हिसाबे कामेसर आधापर पहुँच चुकल छैथ। माने अर्द्धायुपर पहुँच चुकल छैथ। विद्यालयमे पहिने जेना होइ छल जे सालमे वर्ग बदलै छल आ बीचमे, छह मासपर एकटा छमाही परीक्षा सेहो होइ छल, जे अखन तीन मास, छह मास, नअ मास आ बारह मासक भऽ गेल अछि। तहिना आइ जीवनक आधा उमेर बीतला पछाइत कामेसर अपन जीवनक परीक्षा मने-मन लऽ रहला अछि। लेबो केना ने करता, धर्मान्ध तँ छैथ नहि, बेवहारान्ध रूपमे एकटा श्रमिकक जीवन तँ छैन्हे। परिवारमे कामेसर देख रहला अछि जे छह सन्तानमे सभसँ छोट बेटा आ पाँच बेटी जेठ अछि। जइमे जेठ तीनू बेटीक बिआह, तीनू कीनल घराड़ी बेचि केने छैथ, बाँकी दू शेष छैन। केतए-सँ दुनूक बिआह करब? तहूमे दिनानुदिन बेटी बिआहक खर्च बढ़ले जा रहल अछि। जहिना अनभुआर जगहपर रस्तामे बोन-झाड़ देखने मन डेरा जाइए, तहिना कामेसरकेँ आगूक रस्ता डेरौन लगि रहल छैन। संगे मनमे ईहो सुमार उठि रहल छैन जे दुनू छोट बेटीकेँ कहुना-कहुना खाली नाम-गामटा लिखब सिखा सकलिऐ.! अपनो तँ पिता छला, जिनगी भरि गोदामक बोरा पीठपर उठा, पसीना चुबा एक सीमा तक पढ़ौलैन.! की हम अपन बाल-बच्चाकेँ तेतबो कऽ सकलिऐ.? ने अखन तक एकोटा घर बना सकलौं आ ने..! तैपर परिवार सेहो पहिनेसँ आब नमहर भऽ गेल अछि..! विसमित भेल कामेसर मने-मन अपन जिनगीकेँ परीक्षित रूपमे निहारि रहल छला। तहीकाल सुभद्रा लगमे आबि पुछलकैन-  "मन किए मारने छी, एक गड़ूकेँ बहत्तैर आशा होइए। आबो जीवनकेँ ढंगसँ चीन्हू। जखनेसँ लोक जीवनकेँ चीन्हैक कोशिश करए लगै छैथ तखनेसँ जीवनमे जगमगपन रस्ता जगमगाए लगै छैन।" पत्नीक विचार सुनि कामेसरक मन जेना सचेत भेलैन। जइसँ पत्नीपर जेतेक बिसवास अखन धरि छेलैन तइमे बढ़ोत्तरी भेलैन, जइसँ पत्नीक विचारक प्रति आकर्षण बढ़लैन। नि:सहाय जकाँ कामेसर सुभद्रा दिस तकैत बजला-  "की करब नीक हएत, से बुझिये ने पेब रहल छी।" पतिक विचार सुनि अपन विचारकेँ जगमगबैत सुभद्रा बजली-  "शुरूहेमे जखन कहने रही जे सरकार दूटा ट्रेक्टर देलक, अहाँ ओकरा बेचिकऽ नोकरी पकैड़ लिअ। तैपर अहाँ की बाजल रही?" जेना कियो केकरो उठाकऽ पटैक छातीपर बैस पुछैए, तहिना पत्नीक बोलसँ कामेसर मर्माहत हुअ लगला। सुमारक हुअ लगलैन, स्वतंत्र जीवनक स्वतंत्र बेवसाय..! मुदा स्वतंत्र जीवन जीबैक जे कला अछि, भरिसक तइमे भारी चूक भेल अछि.! जँ से नहि भेल अछि तँ केना बनर्जीदादा अस्सी बर्खक उम्र धरि दनदनाइत जीवन बितौलैन जे कहियो दोसराक खगता नहि भेलैन। जहिना नोकरीक जीवन आ क्रिया-कलाप शुरूमे छेलैन तहिना जीवनक अन्तिम सीमा धरि निमाहबो केलैन। अतीतपर परदा दैत कामेसर बजला-  "आब की करब नीक हएत?" संजोग बनल। एन.एच.57 बनल शुरू भेल जइमे इंजीनियरक खगता भेल। प्राइवेट कम्पनीक काज, उम्रक कोनो आधार नहि, काज करै जोकर इंजीनियर चाही। ई बात जहिना कामेसरकेँ बुझल छेलैन तहिना सुभद्राकेँ सेहो बुझले रहैन। अपन विचार दैत सुभद्रा बजली-  "एन.एच. सतावनमे काज शुरू भेल अछि, जइमे इंजीनियरक खगता अछि, बहाल भऽ जाउ।" पत्नीक विचार सुनि कामेसर आइ ओहन मोड़पर पहुँच गेला, जेतए एक दिस स्वतंत्र जीवनक विचारक हत्या भऽ रहल छैन तँ दोसर दिस आर्थिक तंगी जान लेबापर तूलल छैन। जहिना जीवन सभकेँ प्रिय होइए तहिना कामेसरकेँ सेहो छैन्हे। मुदा जीवनो तँ जीवन छी, कियो विचारक संग जीवन बेतीत करै छैथ तँ कियो शरीरक रक्षाकेँ जीवन बुझै छैथ। ओना, कामेसरक जीवन जँ एकाएक टुटल रहैत तँ किछु जीवित रक्त विचारमे रहबो करितैन, मुदा आइ बीस बर्खसँ टुटैत-टुटैत एतेक टुटि गेलैन अछि जे विचारक रक्तो या तँ रंग बदैल पानि जकाँ भऽ गेलैन अछि वा मरूभूमिक जलाशय जकाँ सुखि गेलैन। हारैत जीवन आ ढहैत विचारक मोड़पर आबि कामेसर बजला-  "काल्हिये जाकऽ बहाल भऽ जाएब।" पतिक विचार सुनि सुभद्राक अपन पैत्रिक परिवारक दृश्य पुन: मनमे नाचए लगलैन। बजली किछु ने, मुदा मन मधुआ गेलैन। -जगदीश प्रसाद मण्डलजीक जन्म मधुबनी जिलाक बेरमा गाममे 5 जुलाई 1947 इस्वीमे भेलैन। मण्डलजी हिन्दी एवं राजनीति शास्त्रमे एम.ए.क अहर्ता पाबि जीवि‍कोपार्जन हेतु कृषि कार्यमे संलग्न भऽ रूचि पूर्वक समाज सेवामे लागि गेला। समाजमे व्याप्त रूढ़िवादी एवं सामन्ती व्यवहार सामाजिक विकासमे हिनका वाधक बुझि पड़लैन। फलत: जमीन्दार, सामन्तक संग गाममे पुरजोर लड़ाइ ठाढ़ भऽ गेलैन। फलत: मण्डलजी अपन जीवनक अधिकांश समय केस-मोकदमा, जहल यात्रादिमे व्यतीत केलाह। 2001 इस्वीक पछाइत साहित्य लेखन-क्षेत्रमे एला। 2008 इस्वीसँ विभिन्न पत्र-पत्रिकादिमे हिनक रचना प्रकाशित हुअ लगलैन। गीत, काव्य, नाटक, एकांकी, कथा, उपन्यास इत्यादि साहित्यक मौलिक विधामे हिनक अनवरत लेखन अद्वितीय सिद्ध भऽ रहलैन अछि। अखन धरि दर्जन भरि नाटक/एकांकी, पाँच साएसँ ऊपर गीत/काव्य, उन्नैस गोट उपन्यास आ साढ़े आठसाए कथा-कहानीक संग किछु महत्वपूर्ण विषयक शोधालेख आदिक पुस्तकाकार, साएसँ ऊपर ग्रन्थमे प्रकाशित छैन। मिथिला-मैथिलीक विकासमे श्री जगदीश प्रसाद मण्डलजीक योगदान अविस्मरणीय छैन। ई अपन सतत क्रियाशीलता ओ रचना धर्मिताक लेल विभिन्न संस्थासभक द्वारा सम्मानित/पुरस्कृत होइत रहला अछि, यथा- विदेह सम्पादक मण्डल द्वारा "गामक जिनगी" लघु कथा संग्रह लेल "विदेह सम्मान- 2011", "गामक जिनगी व समग्र योगदान हेतु साहित्य अकादेमी द्वारा- "टैगोर लिटिरेचर एवार्ड- 2011", मिथिला मैथिलीक उन्नयन लेल साक्षर दरभंगा द्वारा- "वैदेह सम्‍मान- 2012", विदेह सम्पादक मण्डल द्वारा "नै धारैए" उपन्यास लेल "विदेह बाल साहित्य पुरस्कार- 2014", साहित्यमे समग्र योदान लेल एस.एन.एस. ग्लोबल सेमिनरी द्वारा "कौशिकी साहित्य सम्मान- 2015", मिथिला-मैथिलीक विकास लेल सतत क्रियाशील रहबाक हेतु अखिल भारतीय मिथिला संघ द्वारा- "वैद्यनाथ मिश्र "यात्री" सम्मान- 2016", रचना धर्मिताक क्षेत्रमे अमूल्य योगदान हेतु ज्योत्स्ना-मण्डल द्वारा- "कौमुदी सम्मान- 2017", मिथिला-मैथिलीक संग अन्य उत्कृष्ट सेवा लेल अखिल भारतीय मिथिला संघ द्वारा "स्व. बाबू साहेव चौधरी सम्मान- 2018", चेतना समिति, पटनाक प्रसिद्ध "यात्री चेतना पुरस्कार- 2020", मैथिली साहित्यक अहर्निश सेवा आ सृजन हेतु मिथिला सांस्कृतिक समन्वय समिति, गुवाहाटी-असम द्वारा "राजकमल चौधरी साहित्य सम्मान- 2020", भारत सरकार द्वारा "साहित्य अकादेमी पुरस्कार- 2021" तथा साहित्य ओ संस्कृतिमे महत्वपूर्ण अवदान लेल अमर शहीद रामफल मंडल विचार मंच द्वारा "अमर शहीद रामफल मंडल राष्ट्रीय पुरस्कार- 2022"

रचना संसार : 1. इन्द्रधनुषी अकास, 2. राति-दिन, 3. तीन जेठ एगारहम माघ, 4. सरिता, 5. गीतांजलि, 6. सुखाएल पोखरि‍क जाइठ, 7. सतबेध, 8. चुनौती, 9. रहसा चौरी, 10. कामधेनु, 11. मन मथन, 12. अकास गंगा - कविता संग्रह। 13. पंचवटी- एकांकी संचयन। 14. मिथिलाक बेटी, 15. कम्प्रोमाइज, 16. झमेलिया बिआह, 17. रत्नाकर डकैत, 18. स्वयंवर- नाटक। 19. मौलाइल गाछक फूल, 20. उत्थान-पतन, 21. जिनगीक जीत, 22. जीवन-मरण, 23. जीवन संघर्ष, 24. नै धाड़ैए, 25. बड़की बहिन, 26. भादवक आठ अन्हार, 27. सधवा-विधवा, 28. ठूठ गाछ, 29. इज्जत गमा इज्जत बँचेलौं, 30. लहसन, 31. पंगु, 32. आमक गाछी, 33. सुचिता, 34. मोड़पर, 35. संकल्प, 36. अन्तिम क्षण, 37. कुण्ठा- उपन्यास। 38. पयस्विनी- प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना। 39. कल्याणी, 40. सतमाए, 41. समझौता, 42. तामक तमघैल, 43. बीरांगना- एकांकी। 44. तरेगन, 45. बजन्ता-बुझन्ता- बीहैन कथा संग्रह। 46. शंभुदास, 47. रटनी खढ़- दीर्घ कथा संग्रह। 48. गामक जिनगी, 49. अर्द्धांगिनी, 50. सतभैंया पोखैर, 51. गामक शकल-सूरत, 52. अपन मन अपन धन, 53. समरथाइक भूत, 54. अप्‍पन-बीरान, 55. बाल गोपाल, 56. भकमोड़, 57. उलबा चाउर, 58. पतझाड़, 59. गढ़ैनगर हाथ, 60. लजबि‍जी, 61. उकड़ू समय, 62. मधुमाछी, 63. पसेनाक धरम, 64. गुड़ा-खुद्दीक रोटी, 65. फलहार, 66. खसैत गाछ, 67. एगच्छा आमक गाछ, 68. शुभचिन्तक, 69. गाछपर सँ खसला, 70. डभियाएल गाम, 71. गुलेती दास, 72. मुड़ियाएल घर, 73. बीरांगना, 74. स्मृति शेष, 75. बेटीक पैरुख, 76. क्रान्तियोग, 77. त्रिकालदर्शी, 78. पैंतीस साल पछुआ गेलौं, 79. दोहरी हाक, 80. सुभिमानी जिनगी, 81. देखल दिन, 82. गपक पियाहुल लोक, 83. दिवालीक दीप, 84. अप्पन गाम, 85. खिलतोड़ भूमि, 86. चितवनक शिकार, 87. चौरस खेतक चौरस उपज, 88. समयसँ पहिने चेत किसान, 89. भौक, 90. गामक आशा टुटि गेल, 91. पसेनाक मोल, 92. कृषियोग, 93. हारल चेहरा जीतल रूप, 94. रहै जोकर परिवार, 95. कर्ताक रंग कर्मक संग, 96. गामक सूरत बदैल गेल, 97. अन्तिम परीक्षा, 98. घरक खर्च, 99. नीक ठकान ठकेलौं, 100. जीवनक कर्म जीवनक मर्म, 101. संचरण, 102. भरि मन काज, 103. आएल आशा चलि गेल, 104. जीवन दान तथा 105. अप्पन साती- लघु कथा संग्रह। अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.१०.जगदीश प्रसाद मण्डल- पुरुखढौह जगदीश प्रसाद मण्डल पुरुखढौह समाजमे कोन हवा उठत आ केम्हर मुहेँ उठत, एकरा थाहब कनी भरिगर अछिए। खाएर ई तँ भेल गाम-गामक, टोल-टोलक, जाति-जातिक आ धर्म-धर्मक संग सम्प्रदाय-सम्प्रदायक रूप, मुदा अपना तइसँ मतलब कोन अछि। मतलब अछि अप्पन गाम, अप्पन समाज आ अपना सन दुनियाँक लोकक। जहिना गाम-गाममे केतौ-केतौ, ओझा-गुनीक धर्म स्थल अछि तँ केतौ-केतौ अस्पताल, पढ़ैक विद्यालय नहि अछि सेहो बात नहियेँ अछि, सेहो अछिए। तइसँ दुनूक रंगक माने दू-दिशिया हवा सदिकाल उठैक सम्भावना रहिते अछि। एक दिस, देखते-सुनिते छी, अस्पतालमे औजारसँ बीमारीकेँ भगौल जाइए आ दोसर दिस ओझा-गुनीक गहवरमे मुँहदान नइ भेटैए, सेहो बात नहियेँ अछि, सेहो अछिए। मुहेँसँ डॉक्टर बनैक, इंजीनियर बनैक परसादीक बिलहा-बाँट सेहो होइते अछि। विकासपुरमे सेहो अपना ढंगक हवा उठल। हवा उठल जे गाममे पुस्तकालय बनइ। पुस्तकालयक माने एतबे नहि जे घर बना आलमारीमे पोथी साजि ताला लगा साले-साल जन्मोत्सव मनबैत रहलौं। समाजक बीच पुस्तकालय ओहन सार्वजनिक जगह छीहे जैठाम दस गोरे एकठाम बैस जीवन-मरणक विचार सेहो करिते छैथ। आठ बजे भिनसुरका पहर, सुशील भायकेँ मुस्कुराइत अपना घर दिससँ अबैत देखलयैन। दुनू गोरेक बीच कहा-बद्धीक सम्बन्ध अछि। कहब जे की कहा-बद्धीक सम्बन्ध अछि? दुनू गोरेक बीच जे अछि से अहूँ देखते छी जे ओ पढ़ल-लिखल गुणशील छैथ आ अपने बच्चेसँ जे महींसवारि शुरू केलौं, सएह अखनो करै छी। एहेन भ्रम नइ हुअए जे जहिना बारह रूपैआक साल भैंसवारक दरमाहा छल, तहिना अछिए। हम से नइ छी, बच्चेसँ जहिना दूध-दही खाइक चसकियो लगल आ पोसैक वृत्तिसँ मन खुशियो अछिए जइसँ पोसैक काज तहिना अखनो अछि। आठटा महींस रखने छी। एक क्वीन्टल दूध होइए, अपन परिवारक खर्च जुमा पाँच किलो कम एक क्वीन्टल दूध प्रतिदिन बेचै छी। गोबरक तेते उपयोग बढ़ि गेल अछि जे दिन-दिनक बिक्री हुअ लगल अछि। दुनू गोरेक बीच कहा-बद्धीक सम्बन्ध ई अछि जे जहिया दुनू गोरे सम्बन्ध बनबए लगलौं तहिया पहिल कहाबद्धी भेल जे जिनगीक सम्बन्ध बना रहल छी, पँचबर्खा सम्बन्ध नहि, जेना अदली-बदली होइबला नोकरिहाराक होइए। तेना नइ करै छी। तहूमे गौंआँ छी, बाप-दादाक बनौल-बसौल गाम छीहे। जहिना ओ सभ पुलिस-दरोगाकेँ गाम नहि आबए देलखिन। जइ शर्त्तपर दुनू गोरेक सम्बन्ध भेल, तइमे एकटा शर्त्त ईहो छल जे संग पुरैमे जँ जहल जाए पड़त, तँ एक-दोसरक संग सेहो जाएब आ संग-संग निकलबो करब। से कहब जे अखन तक गप्पे-सप्पक क्रम अछि, सेहो बात नहियेँ अछि। पढ़ल-लिखल सुशील भाय जहिना छैथ तहिना समाजसँ जुड़ल समाज निर्माता सेहो छथिए। सुशील भायकेँ, कनी फरिक्केसँ कहलयैन- "भाय, मन बड़ मुस्किआइए, केतौ किछु पेलौं अछि की?" जहिना बजलौं तहिना सुशील भाय झँपले-तोपल उत्तर देलैन- "जँए पेलौं हेन तँए ने मुस्किआइ छी।" सुशील भाइक जवाब पेब अकबका गेलौं जे हम की कहलयैन आ ओ की बुझिकऽ कहलैन। जखन दू गोरे एकठाम छी, तखन मुहोँ चुप राखब उचित नहियेँ हएत। तँए पैछला बातकेँ दबैत बजलौं- "भाय, किमहर-किमहर सवारी चललै-ए?" सुशील भाय बजला- "भिनसुरका तोरक काजसँ तँ निवृत्त भइये गेल हेबह किने?" बजलौं- "काज सँ पहिलुका पीलहा चाह पचि गेल, काजक पछातिक माने काज केलाक पछातिक चाह पछुआएल अछि।" सुशील भाय पुछलैन- "केते देरी लगतह।" कहलयैन- "दरबज्जापर पहिने चलू ने। आब कि गोबरक चिपरी आकि गोरहा-गोइठाबला जरनाक चुल्हि अछि, आब तँ ओ गोबर गैसक घटक भऽ गेल अछि। गैसक चुल्हिपर चाह बनैमे देरी लागत।" दरबज्जापर बैसते सुशील भाय बजला- "भने तोंहू काजसँ निचेने भऽ गेलह, दुनू भाँइ रहब तँ गप्पो-सप्प करैमे नीक लागत।" टोकारा दैत बजलौं- "भाय कहियो अहाँक आदेशकेँ कटलौं हेन।" 'काटब' सुनि सुशील भाइक मन जेना बिजलौका जकाँ चौंकलैन। चौंकलैन ई जे विचार केना समाजमे कटाइए आ केना जोड़ाइए...। मनक भीतरेसँ सुशील भायकेँ अपने मनमे विचार उठलैन जे अपना मुहेँ जे जवाब जीवन्तलालकेँ देब तइमे झूठ-सच दुनू एक्के रंग रहत। तँए सतो भऽ सकैए आ झूठो तँ भइये सकैए। मुदा जँ हृदयकान्त कक्काक मुहेँ वएह विचार औत आ अपने हूँहकारी दैत मानि लेब तँ जीवन्तलालकेँ सेहो मानैमे हिचक नइ हएत। संयोगो नीक रहल, तइ बिच्चेमे चाह आबि गेल। केहनो विचार वा काज किए ने रहह, चाह किछु ने किछु समयकेँ बाधित कइये दइए। तैबीच मन सेहो केता बेर उनैट-पुनैट जाइते अछि। जखने मनमे उनट-पुनट भेल तखने विचारो उनैट-पुनैट जाइते अछि। चाह देख सुशील भाय बजला- "जीवन्त, चाहे देख जेना मन भरि गेल। आब लोक चाह पीबैए आकि खानापूरी करैए। किसानक घरक, माने जे माल-जाल पोसै छैथ तिनकर जेहेन चाह होइए तेहेन दोकान-दौरी आ नोकरिहारा घरक हएत।" चाह पीब दुनू गोरे हृदयकान्त काका ऐठाम विदा भेलौं। हृदयकान्त काका दरबज्जेपर रहैथ। मुहसँ प्रणामो केलिऐन आ आँखिसँ मनो टोबलयैन। टोबिते-टोबिते टोबा गेल जे हृदयकान्त काका केकरोसँ गप-सप्प करए चाहि रहला अछि। युग तँ तेहेन भऽ गेल अछि जे आँखिक गड़बड़ी दुआरे लोक चश्मा लगबैए आ ओइ चश्माक तरसँ आँखि निड़ारि-निड़ारि तेना मोबालिक दृश्य देखैए जे आँखिक जे प्राण-सूत अछि सेहो खिंचा जाइए। तँए किए ने आँखिकेँ बँचा कानसँ काज लेब। सुशील भाय बजला- "काका, पुस्तकालय स्थापनाक विचार समाजमे उठि गेल अछि।" बिच्चेमे हृदयकान्त काका बजला- "बौआ, नीक विचार समाजमे जागि रहल अछि। समाजोक जे रूखि बनल देख रहल छी से अनुकूलोसँ अनुकूल अछि। अहिना होइ छै, कोनो गाममे कोनो पूजा करैले जागरण होइए तँ कोनो-कोनो गाममे अस्पताल बनबैक, तहिना कोनो-कोनो गाममे विद्यालय बनबैले तँ कोनो-कोनो गाममे पुस्तकालय, कला-संस्कृति केन्द्र बनबैले होइए।" हृदयकान्त काका बाजिये रहल छला कि बिच्चेमे सुशील भाय बजला- "हँ, से तँ होइते अछि।" ओना, अपने हृदयकान्त कक्काक विचार नीक जकाँ नइ बुझिमे आएल, मुदा तैयो सुशील भाइक समर्थन देख बजलौं- "होइते किए अछि, आगूओ हएत।" बजला पछाइत मिसियो भरि खोंच-खरोंच मनमे नइ उठल। मन मानियेँ रहल अछि जे पाँच मिलि करी काज, हार हारने कोनो ने लाज। तहूमे सुशील भाय जखन जिनगीक गतिक रेमन्त जकाँ घोड़सवार छैथ, तखन चिन्ता कथीक। बड़ हएत तँ पुलिस पकैड़ कऽ जहल लऽ जाएत, सएह ने हएत। सेहो तँ देखले अछि। दुनू गोरेक समर्थन देख आकि अपन मनक विचारकेँ जगैत हृदयकान्त कक्काक मन खिल उठलैन। बजला- "बौआ सुशील, आइये नहि सभ दिनसँ एहेन होइत आबि रहल अछि जे केहनो उचित कल्याण काज समाजमे किए ने हुअए मुदा मुँह दुसैबला लोक मुँह दुसबे करैए। तेकर कोनो चिन्ता नहि करह।" बीचमे बैसल रही, सभ बाजैथ आ अपने चुप रहब तखन तँ गरूड़ आ साँपक खिस्सा भऽ जाएत। 'भुजंग प्रयात, भुंजग प्रयात..।' बजलौं- "काका, जहिना महाभारतक समयमे भीम रहैथ, जिनकर बुद्धि हमरे सन लोक जकाँ गोबर उठबैत-उठबैत गोबराह भऽ गेल रहैन, से जखन अर्जुन सन भाय आ अभिमन्यु सन भातीज पेब समाजक रणभूमिक फाटक तोड़ैले तैयार भऽ गेला तखन अपने सन पित्ती आ सुशील सन भाए पेब हमहूँ अपन जीवन दान करैले तैयार छी।" हमर विचारक गदगदीसँ आकि अपन मनमे उठैत गदगदीक शक्तिसँ, से हृदयकान्त काका जानैथ। बजला- "बौआ जीवन्त, भरि रौतुका माने एकरतुका पाठसँ तँ कालिदास महापण्डित भऽ गेला, आ जँ अपना गाममे सभदिना पुस्तकालय बनि जाएत तइमे विद्यार्थी बनैले तैयार छह।" हृदयकान्त कक्काक विचारक प्रवाहमे आकि अपन मनक उद्वेगक उजाहिमे, मुहसँ बजा गेल- "भरि दिन ने परिवारक चिन्तामे चिन्तित रहै छी, मुदा राति तँ अपन करैले अछि। अही आरामक समयकेँ जँ अपनामे लगा लेब तँ भनसिया कालिदासकेँ के कहए जे मसल्ला पिसनिहार मांगैनियो खबाससँ टपि सकै छी।" हमर विचार सुनि हृदयकान्त कक्काक दृष्टिमे चिन्तन-रेख जगलैन। बजला- "आजुक परिवेशमे वृद्धजनकेँ समय बिताएब कठिन भऽ रहल छैन, तैठाम गामक बीच जँ ओहन स्थान स्थापित भऽ जाइए, जैठाम सामाजिक सौहार्दपूर्ण रूप चलैत रहत तँ मनुक्ख तँ सहजे मनुक्खे छिया। सदैत समूह (समाज) मे रहए चाहिते छैथ।" हृदयकान्त कक्काक विचार अन्तो ने भेल छेलैन कि बिच्चेमे सुशील भाय बजला- "काका, जहिना वृद्धजनक स्थिति बनि रहल छैन तहिना नब पीढ़ी पढ़ल-बिन-पढ़ल, सेहो भटैक रहल अछि।" हृदयकान्त काका बजला- "यएह छी जीवनक सीमान। ढेरो तरहक, गुलामीक जिनगी, भारतीय जीवनकेँ तेना जकैड़ कऽ पकैड़ नेने अछि, जे आगू-पाछूक माने भूत-भविष्यक, बोधे मेटा गेल अछि। पुरुखसँ बेसी पुरुखढौह समाजमे पैदा लऽ रहल अछि। ढौह माने ढहल, घटल।" हृदयकान्त कक्काक चिन्तित मन देख आकि अप्पन उत्सित मनक उत्साहसँ, सुशील भाय बजला- "काका, जखन डेग उठेलौं तखन पुस्तकालय बनाइये कऽ छोड़ब।" हृदयकान्त काका बजला- "अपनो इच्छाक पूर्ति हएत।"

-जगदीश प्रसाद मण्डलजीक जन्म मधुबनी जिलाक बेरमा गाममे 5 जुलाई 1947 इस्वीमे भेलैन। मण्डलजी हिन्दी एवं राजनीति शास्त्रमे एम.ए.क अहर्ता पाबि जीवि‍कोपार्जन हेतु कृषि कार्यमे संलग्न भऽ रूचि पूर्वक समाज सेवामे लागि गेला। समाजमे व्याप्त रूढ़िवादी एवं सामन्ती व्यवहार सामाजिक विकासमे हिनका वाधक बुझि पड़लैन। फलत: जमीन्दार, सामन्तक संग गाममे पुरजोर लड़ाइ ठाढ़ भऽ गेलैन। फलत: मण्डलजी अपन जीवनक अधिकांश समय केस-मोकदमा, जहल यात्रादिमे व्यतीत केलाह। 2001 इस्वीक पछाइत साहित्य लेखन-क्षेत्रमे एला। 2008 इस्वीसँ विभिन्न पत्र-पत्रिकादिमे हिनक रचना प्रकाशित हुअ लगलैन। गीत, काव्य, नाटक, एकांकी, कथा, उपन्यास इत्यादि साहित्यक मौलिक विधामे हिनक अनवरत लेखन अद्वितीय सिद्ध भऽ रहलैन अछि। अखन धरि दर्जन भरि नाटक/एकांकी, पाँच साएसँ ऊपर गीत/काव्य, उन्नैस गोट उपन्यास आ साढ़े आठसाए कथा-कहानीक संग किछु महत्वपूर्ण विषयक शोधालेख आदिक पुस्तकाकार, साएसँ ऊपर ग्रन्थमे प्रकाशित छैन। मिथिला-मैथिलीक विकासमे श्री जगदीश प्रसाद मण्डलजीक योगदान अविस्मरणीय छैन। ई अपन सतत क्रियाशीलता ओ रचना धर्मिताक लेल विभिन्न संस्थासभक द्वारा सम्मानित/पुरस्कृत होइत रहला अछि, यथा- विदेह सम्पादक मण्डल द्वारा गामक जिनगी' लघु कथा संग्रह लेल 'विदेह सम्मान- 2011', 'गामक जिनगी व समग्र योगदान हेतु साहित्य अकादेमी द्वारा- 'टैगोर लिटिरेचर एवार्ड- 2011', मिथिला मैथिलीक उन्नयन लेल साक्षर दरभंगा द्वारा- 'वैदेह सम्‍मान- 2012', विदेह सम्पादक मण्डल द्वारा 'नै धारैए' उपन्यास लेल 'विदेह बाल साहित्य पुरस्कार- 2014', साहित्यमे समग्र योदान लेल एस.एन.एस. ग्लोबल सेमिनरी द्वारा 'कौशिकी साहित्य सम्मान- 2015', मिथिला-मैथिलीक विकास लेल सतत क्रियाशील रहबाक हेतु अखिल भारतीय मिथिला संघ द्वारा- 'वैद्यनाथ मिश्र 'यात्री' सम्मान- 2016', रचना धर्मिताक क्षेत्रमे अमूल्य योगदान हेतु ज्योत्स्ना-मण्डल द्वारा- 'कौमुदी सम्मान- 2017', मिथिला-मैथिलीक संग अन्य उत्कृष्ट सेवा लेल अखिल भारतीय मिथिला संघ द्वारा 'स्व. बाबू साहेव चौधरी सम्मान- 2018', चेतना समिति, पटनाक प्रसिद्ध 'यात्री चेतना पुरस्कार- 2020', मैथिली साहित्यक अहर्निश सेवा आ सृजन हेतु मिथिला सांस्कृतिक समन्वय समिति, गुवाहाटी-असम द्वारा 'राजकमल चौधरी साहित्य सम्मान- 2020', भारत सरकार द्वारा 'साहित्य अकादेमी पुरस्कार- 2021' तथा साहित्य ओ संस्कृतिमे महत्वपूर्ण अवदान लेल अमर शहीद रामफल मंडल विचार मंच द्वारा 'अमर शहीद रामफल मंडल राष्ट्रीय पुरस्कार- 2022'

रचना संसार : 1. इन्द्रधनुषी अकास, 2. राति-दिन, 3. तीन जेठ एगारहम माघ, 4. सरिता, 5. गीतांजलि, 6. सुखाएल पोखरि‍क जाइठ, 7. सतबेध, 8. चुनौती, 9. रहसा चौरी, 10. कामधेनु, 11. मन मथन, 12. अकास गंगा - कविता संग्रह। 13. पंचवटी- एकांकी संचयन। 14. मिथिलाक बेटी, 15. कम्प्रोमाइज, 16. झमेलिया बिआह, 17. रत्नाकर डकैत, 18. स्वयंवर- नाटक। 19. मौलाइल गाछक फूल, 20. उत्थान-पतन, 21. जिनगीक जीत, 22. जीवन-मरण, 23. जीवन संघर्ष, 24. नै धाड़ैए, 25. बड़की बहिन, 26. भादवक आठ अन्हार, 27. सधवा-विधवा, 28. ठूठ गाछ, 29. इज्जत गमा इज्जत बँचेलौं, 30. लहसन, 31. पंगु, 32. आमक गाछी, 33. सुचिता, 34. मोड़पर, 35. संकल्प, 36. अन्तिम क्षण, 37. कुण्ठा- उपन्यास। 38. पयस्विनी- प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना। 39. कल्याणी, 40. सतमाए, 41. समझौता, 42. तामक तमघैल, 43. बीरांगना- एकांकी। 44. तरेगन, 45. बजन्ता-बुझन्ता- बीहैन कथा संग्रह। 46. शंभुदास, 47. रटनी खढ़- दीर्घ कथा संग्रह। 48. गामक जिनगी, 49. अर्द्धांगिनी, 50. सतभैंया पोखैर, 51. गामक शकल-सूरत, 52. अपन मन अपन धन, 53. समरथाइक भूत, 54. अप्‍पन-बीरान, 55. बाल गोपाल, 56. भकमोड़, 57. उलबा चाउर, 58. पतझाड़, 59. गढ़ैनगर हाथ, 60. लजबि‍जी, 61. उकड़ू समय, 62. मधुमाछी, 63. पसेनाक धरम, 64. गुड़ा-खुद्दीक रोटी, 65. फलहार, 66. खसैत गाछ, 67. एगच्छा आमक गाछ, 68. शुभचिन्तक, 69. गाछपर सँ खसला, 70. डभियाएल गाम, 71. गुलेती दास, 72. मुड़ियाएल घर, 73. बीरांगना, 74. स्मृति शेष, 75. बेटीक पैरुख, 76. क्रान्तियोग, 77. त्रिकालदर्शी, 78. पैंतीस साल पछुआ गेलौं, 79. दोहरी हाक, 80. सुभिमानी जिनगी, 81. देखल दिन, 82. गपक पियाहुल लोक, 83. दिवालीक दीप, 84. अप्पन गाम, 85. खिलतोड़ भूमि, 86. चितवनक शिकार, 87. चौरस खेतक चौरस उपज, 88. समयसँ पहिने चेत किसान, 89. भौक, 90. गामक आशा टुटि गेल, 91. पसेनाक मोल, 92. कृषियोग, 93. हारल चेहरा जीतल रूप, 94. रहै जोकर परिवार, 95. कर्ताक रंग कर्मक संग, 96. गामक सूरत बदैल गेल, 97. अन्तिम परीक्षा, 98. घरक खर्च, 99. नीक ठकान ठकेलौं, 100. जीवनक कर्म जीवनक मर्म, 101. संचरण, 102. भरि मन काज, 103. आएल आशा चलि गेल, 104. जीवन दान तथा 105. अप्पन साती- लघु कथा संग्रह। ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.११.रबीन्द्र नारायण मिश्र- मातृभूमि (उपन्यास)- २२ म खेप रबीन्द्र नारायण मिश्र मातृभूमि (उपन्यास)- २२ म खेप २२ जयन्तकेँ गामसँ चलि जएबाक समाचारसँ अनका जे किछु भेल होइक, मुदा हुनकर पितिऔत सुधाकरकेँ तँ लगलनि जेना स्वर्ग भेटि गेल । थानासँ जमानत करा कए लौटलाक बाद घर पहुँचितहि ओ आगूक योजनामे लागि गेलाह । दरबजेपर पिता भेटि गेलखिन। सुधाकरकेँ देखितहि ओ पुछैत छथि- "सुनैत छी जे जयन्त चलि गेलाह ।" "सभ दिन स्वतंत्र रहएबला लोककेँ गाम-घर कोना नीक लगितनि?"-सुधाकर बजलाह । "से की?" "हुनका नागबाबा अपना संगे लेने गेलखिन । सुनैत छी आब हुनके संगे रहताह ।" "हमरा ई बातपर विश्वास नहि होइत अछि । ओ तँ अपन समाजक बीचमे रहए आएल छलाह । कौलिक परंपराक अनुसार पाठशालाकेँ पुनःस्थापित करए चाहैत छलाह । फेर अचानक एहन निर्णय किएक केलनि?" "जे केलनि, से केलनि । आब अहाँ तकर शोक नहि मनाउ। काज हमहीं आएब । जयन्तक आशा छोड़ू । ओ महास्वार्थी आदमी थिक । अपन फएदा जतए देखलक ततए गेल। हमरा-अहाँ सँ ओकरा की मतलब? जखन ओकरा आँखिमे पानि नहि छैक तखन हमसभ ओकर चिंता किएक करी? हमरा विचारसँ तँ इएह मौका थिक । पाठशाला जगहमे अपन पक्का मकान बनाली। ई घर अछिओ छोट ,फेर बहुत पुरान भए गेल अछि,कखन खसत तकर कोनो ठेकान नहि ।" "ई कोना भए सकैत अछि । ओ जगह तँ सभदिनसँ पाठशालाक रहलैक अछि । पूर्वजक कृतिकेँ हमही नष्ट कोना कए लेब?" "इएह तँ अहाँकेँ लए बैसल । सभदिन खाली कबाइत पढ़ैत रहि गेलहुँ । सौंसे उतरबारिटोल ओहि जगहपर नजरि गरओने अछि । चाहैत अछि जे कहुना कब्जा कए ली । हमरा लोकनिक आपसी मतभेदक सद्यः फएदा उठाबएमे लागल अछि । ओ सभ तँ हसेरीकेँ जोगार सेहो कए लेने छल । संयोग कहू जे जयन्त अपने हटि गेलाह । यदि ई मौका हाथसँ गेल तँ ओ जगह सभदिनसँ अपन परिवारक हाथसँ गेल । बुझलिऐक किछु की नहि?" "कहि नहि तोरा ई कुबुद्धि कोना भए गेलह । जयन्त परिवारक विद्वान छथि । हमरा लोकनिक वंशमे एहन विद्वान आइ धरि नहि भेल छल । हमर सभक कर्तव्य अछि जे हुनका उचित सम्मान दी, हुनकर योजनामे मदति करी।" "शुरु भए गेलहुँ ने । हम बुझिते रही । जखन अहाँसन बाप होथि तखन शत्रुक कोन काज? अपना बुतेँ तँ अहाँकेँ किछु भेल नहि । तखन हमहु जे किछु करितहुँ से तरह-तरहक दिक्कति केने जा रहल छी । एकबेर यदि उतरबारिटोलबलाक हाथमे ओ जगह चलि गेल तखन फेर ठाढ़ो होबए नहि देत से बुझा रहल अछि कि नहि?" सुधाकरक वयोवृद्ध पिता आगू किछु नहि बाजि सकलाह। सुधाकर लठैतसभकेँ बजओलक,बुलडोजरक ओरिआन केलक आ पाठशालाक जमीनपर सदल-बल पहुँचि गेल । बुलडोजरक काजे नहि रहैक । असलमे पाठशाला तँ कहुनाक सोङरसभपर लटकल छल । जहाँ सोङर हटाओल गेल,ओकर चार धराम दए खसि पड़ल। अधपक्कु इंटासँ गिलेबापर जोड़ल  गेल  देबाल बुलडोजरक पहिले चोटमे मटिआमेट भए गेल । से तँ भेल ।  मुदा बात एतबे पर नहि रुकल । उतरबारिटोलमे हल्ला भए गेल । जकरे देखू सएह पाठशाला दिस दौड़ल आबि रहल अछि । बच्चा,बूढ़,जबान सभ दौड़ल। ककरो हाथमे लाठी,ककरो हाथमे भाला,ककरो किछु..जकरा जे भेटलैक से लेने फानल । देखिते-देखिते पाठशालाक चारूकात लोकक करमान लागि गेल । सुधाकरक लठैतसभ सेहो पूरा तैयारीमे छल । ओ सभ सुधाकरकेँ इसारासँ पुछलकैक। सुधाकर सहमति देलखिन । लठैतसभक बंदूकसँ धराधर गोली निकलए लागल । फटाक...फटाक.....फटाक.....। औ बाबू देखिते-देखिते पड़ाहि लागि गेल। मिनटोमे सभटा भीड़ निपत्ता भए गेल । सुधाकर मोछपर  ताव देलाह । "फसाद करए चलल छलाह । हुनकासभकेँ पता हेबाक चाही जे ककरा संगे भिरंत छनि?" -से कहि लठैतसभकेँ पीठ ठोकैत सुधाकर कहैत छथि- "हमर ई खानदानी जमीन अछि । अहींसभ कहू एकरा कोना छोड़ि देबैक?" "सत्य वचन । आब जे करबाक अछि से कए लिअ । समय नहि बिताउ ।"-लठैत सभ बाजल । बुलडोजर लगाकए पाठशालाक जगहकेँ किछुए कालमे समतल कए देल गेल । पुरनका चीज-वस्तुक कतहु नामो-निसान नहि रहि गेल । रहि गेल तँ बस सुधाकर आ ओकर घमंड । उतरबारिटोलक लोकसभ ओहिठामसँ भागल तँ थानेमे जा कए ठाढ़ भेल। एतेक लोककेँ एना एकहिठाम अपसियाँत देखि कए थानेदार चिचिआएल- "की बात छैक? अहाँसभ एना गाम छोड़ि कए कतएसँ आबि रहल छी?" "जुलुम भए गेलैक दरोगाबाबू! "की भेलैक से कहू ने?" "पाठशालाक जमीन सुधाकर कब्जा कए लेलक । पाठशालाकेँ बुलडोजर लगाकए उड़ा देलक। सुनैत छी आब ओहिपर अपन मकान बनाओत ।" "एहि लेल अहाँसभ किएक परेसान छी । ओकर दियादी झंझटमे अनेरे ने जान देबएपर लागल छी ।" " एहनो कतहु भेलैक अछि? ओ जगह सार्वजनिक छैक। सभदिनसँ ओहिठाम पाठशाला छलैक । ताहिठाम आब ओ अपन घर कोना बना सकैत अछि ।" " अहाँसभ अपन-अपन घर जाउ । व्यर्थक फसाद नहि करू । नहि तँ जहलमे सड़ि जाएब । सुधाकर कोनो मामुली आदमी नहि अछि । मंत्रीसँ लए कए सन्तरी धरि सभ ओकर पाकिटमे छैक। किछु बुझलिऐक की नहि?" दरोगाजीक बात सुनि लोकसभ छगुन्तामे रहए । मुदा करितए की ? तैओ केओ थानालगसँ हटबाक नामे नहि लैक । किछु अगत्ती छौंड़ासभ अड़-बड़ सेहो बाजए लागल छल । ई बात सुधाकरकेँ पता चललैक । ओ लठैतसभकेँ लेने थाना पहुँचि गेल । कहि नहि दरोगाजीसँ की बतिआएल ,की केलक की नहि? कनीके कालक बाद ओ थानासँ चलि गेल । तकरबाद तँ जे भेल से की कहू? दरोगाजीक सामनेमे जे केओ अएलैक तकरा मारि डंटासँ,मारि डंटासँ ओधबाध कए देलकैक । सभ जान-बेजान भागल । -रबीन्द्र नारायण मिश्र, पिताक नाम: स्वर्गीय सूर्य नारायण मिश्र, माताक नाम: स्वर्गीया दयाकाशी देवी, बएस: ६९ वर्ष, पैतृक ग्राम: अड़ेर डीह, मातृक: सिन्घिआ ड्योढ़ी, वृति: भारत सरकारक उप सचिव (सेवानिवृत्त), स्पेशल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट, दिल्ली(सेवानिवृत्त), शिक्षा: चन्द्रधारी मिथिला महाविद्यालयसँ बी.एस-सी. भौतिक विज्ञानमे प्रतिष्ठा : दिल्ली विश्वविद्यालयसँ विधि स्नातक, प्रकाशित कृति: मैथिलीमे: प्रकाशन वर्षः२०१७ १.भोरसँ साँझ धरि (आत्म कथा),२. प्रसंगवश (निवंध), ३.स्वर्ग एतहि अछि (यात्रा प्रसंग); प्रकाशन वर्षः२०१८ ४. फसाद (कथा संग्रह) ५. नमस्तस्यै (उपन्यास) ६. विविध प्रसंग (निवंध) ७.महराज(उपन्यास) ८.लजकोटर(उपन्यास); प्रकाशन वर्षः२०१९ ९.सीमाक ओहि पार(उपन्यास)१०.समाधान(निवंध संग्रह) ११.मातृभूमि(उपन्यास) १२.स्वप्नलोक(उपन्यास); प्रकाशन वर्षः२०२० १३.शंखनाद(उपन्यास) १४.इएह थिक जीवन(संस्मरण)१५.ढहैत देबाल(उपन्यास); प्रकाशन वर्षः२०२१ १६.पाथेय(संस्मरण) १७.हम आबि रहल छी(उपन्यास) १८.प्रलयक परात(उपन्यास); प्रकाशन वर्षः२०२२ १९.बीति गेल समय(उपन्यास) २०.प्रतिबिम्ब(उपन्यास) २१.बदलि रहल अछि सभकिछु(उपन्यास) २२.राष्ट्र मंदिर(उपन्यास) २३.संयोग(कथा संग्रह) २४.नाचि रहल छलि वसुधा(उपन्यास)। अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.१२.नित नवल दिनेश कुमार मिश्र (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) नित नवल दिनेश कुमार मिश्र (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) दिनेश कुमार मिश्र, मिथिलाक बाढ़ि, धार आ ओइपर बनाओल छहर/ बान्ह, सन्दर्भ हुनकर बन्दिनी महानन्दा, बागमतीक सद्गति!, दुइ पाटनक बीच.. (कोसी धारक कथा), ने घाट ने घर, बगावत पर मजबूर मिथिलाक कमला धार, भुतही धार आ तकनीकी झाड़ा-फूंकी। दिनेश क़ुमार मिश्रक सभटा पोथी आब हुनकर अनुमतिसँ उपलब्ध अछि विदेह आर्काइवमेः http://videha.co.in/pothi.htm (साहित्य अकादेमीक मैथिली परामर्शदात्री समितिक सदस्य पंकज झा पराशर द्वारा दिनेश कुमार मिश्र जीक पोथी सभसँ पैराक पैरा चोरा कऽ अपना नामे उपन्यास छपबाओल गेल अछि, जकरा छद्म समीक्षक कमलानन्द झा ऐ चोर लेखक पंकज झा पराशरक रिसर्च कहै छथि! लिंक http://videha.co.in/investigation.htm पर स्क्रीनशॉट अपडेट कएल गेल अछि।) बन्दिनी महानन्दा- दिनेश कुमार मिश्र (पछिला अंकसँ आगाँ) गंगा घाटीक निर्माण मोटामोटी ३३,५०० लाख बर्ख पहिने अपन पृथ्वी सूर्यसँ आगिक गोलाक रूपमे अलग भऽ गेल छल। तखन एकर ऊपरी सतहपर बड़कल चट्टानक पड़त रहै छलै। समयक संग भारी चट्टान तखन धरती। मुदा हल्लुक चट्टान सभ ऊपरे रहि गेल। भूकंपक प्रभाव ऐ बड़कल चट्टान आ तइसँ निकलल गैसक प्रभावसँ वायुमंडलकक निर्माणमे हुअय लगलै। आस्ते-आस्ते जखन पृथ्वी आरो ठंढ़ा भेल तँ वायुमंडलमे भापक रूपमे वर्तमान पानि ठंडा भऽ गेल, बर्खा-बुन्नीमे बदलि कऽ वापस जमीनपर खसि पड़ल आ लाख बर्ख धरि ऐ तरहक घटनाक कारण समुद्रक निर्माण भऽ गेल। ऐ तरहें पृथ्वीक सतहपर तापमान कम भेल मुदा जमीनक भीतरक गर्मी आ उथल-पुथल जारी रहल आ आइयो जारी अछि। आइ अपन धरतीक पपड़ी) कतेको पैघ मजबूत टुकड़ामे बँटल अछि आ ऐपर बहुतो देश आ महाद्वीप बसल अछि । मुदा मोटामोटी ३० करोड़ बर्ख पूर्व धरि पृथ्वीक सतह एहन टुकड़ामे नै बँटल छल। ताबत धरि सभ द्वीप वा महाद्वीप एक्के भूखण्डमे विद्यमान छल। मुदा पछिला २० करोड़ बर्खमे धरतीक सतहमे खाली दराड़े नै भेल छै, वरन् ओइ कारणसँ विभाजित टुकड़ामे गति सेहो हुअय लागल छै, जकरा प्लेट कहल जाइ छै। ऐ प्लेट सभक पसरलासँ आइक दुनियाँक रूप निकलल अछि। ई प्रक्रिया अखनो रुकल नै अछि। आइयो ई प्लेट सभ एक दोसरासँ रगड़ा लैत रहैए। एक भाग दोसरपर चढ़ैए। एतेक रास बात हमरा सभक धरतीक नीचाँ प्रति क्षण भऽ रहल अछि, जे कखनो काल भूकम्पक रूपमे अबैए। एकटा अनुमानक अनुसार दुनियामे सालमे लगभग १०,००० छोट-पैघ भूकंप दर्ज होइए, मुदा ओइमे एहन भूकंपक संख्या दससँ बेसी नै अछि जइसँ जान-मालक नुकसान होइत अछि। २०म शताब्दीक प्रारंभमे अमेरिकी वैज्ञानिक टेलर आ जर्मन वैज्ञानिक अल्फ्रेड पृथ्वीक विकास आ महाद्वीपक वर्तमान रूपक अध्ययन केलन्हि। पृथ्वीक विकासक जे चित्र ऐ दूनूक शोधसँ निकलै छै, ओइसँ पता चलै छै जे एक समयमे दक्षिण अमेरिकाक पूर्वी सीमा आ अफ्रीकाक पश्चिमी सीमा एक सन छलै। तहिना उत्तर-पश्चिम अफ्रीकाक सीमा उत्तरी अमेरिकाक सीमाक संग मेल खाइ छल। आइक ऑस्ट्रेलिया कहियो अंटार्कटिकाक हिस्सा छल। आइक भारतक विन्ध्य आ राजमहल पर्वत श्रृंखलाक नीचाँक भाग कहियो दक्षिण ध्रुवक बीचोबीच द्वीप जकाँ छल। भूवैज्ञानिक लोकनि ऐ जमीनक टुकड़ाकेँ गोंडवाना भूमि कहै छथि। समयक संग गोंडवानाक भूमि पूर्वोत्तर दिशामे एशिया लग आबय लागल । एशिया आ गोंडवाना भूमिक बीच टेथिज सागर छल। मुदा करीब ५.३ करोड़ साल पहिने गोंडवाना भूमि आ एशियाक मुख्य भूमि एक दोसरासँ जुड़ि गेल छल। टेथिस सागर पहिने छोट भऽ गेल, मुदा बादमे एशियाक मुख्य भूमिपर लगातार बर्खा आ ओकर संग आयल बालु आ गाद ऐ समुद्रकेँ पूर्ण रूपसँ भरि देलक। आइक गंगा घाटी एशियाक मुख्य भूमि आ गोंडवाना भूमिक बीचक भरल समुद्रे अछि। ऐ समस्त कथाक एकटा आर पक्ष अछि। वैज्ञानिक लोकनिक मानब​​छै जे जखन एशिया आ गोंडवाना केर भूमि एक संग ऐलै तखन आइक छोटानागपुर-संथाल परगनाक राजमहल श्रृंखला आ पूर्वोत्तर राज्य क गारो श्रृंखला सभसँ पहिने एक-दोसरासँ टकरा गेलै। ऐ संयोगक कारण पानिक प्रवाहक लेल पूब दिसक बाट बन्न भऽ गेल छल। आब एशियाक भूमिक दक्षिण वा गोंडवाना भूमिक उत्तरमे जे किछु पानि बरसै छल, से सभटा पश्चिम दिस बहैत समुद्र धरि पहुँचि जाइ छल। माने ओइ समयमे गंगा वास्तवमे उल्टा बहै छल, जखन कि ब्रह्मपुत्र घाटीक पानि सेहो अरब सागरमे बहैत छल । मुदा आस्ते-आस्ते पूरा गोंडवाना भूमि एशियासँ जुड़ि गेल, ओकर पश्चिम-उत्तर कात एशिया दिस बेसी मजबूतीसँ बढ़ल आ गारो आ राजमहल पहाड़ी फेरसँ एक दोसरसँ अलग भऽ गेल। ऐ तरहें जलक अधिकांश जल निकासी पूर्व दिस शुरू भेल आ गंगाक जन्म भेल जे हिमालयसँ बंगालक खाड़ी धरि जाइत अछि । गोंडवाना भूमिक उत्तरी सीमापर जे पहाड़ वा चट्टान अछि, जकरा राजमहल श्रृंखला आ विन्ध्य पर्वत श्रृंखला कहल जाइत अछि, बहुत पुरान छल, मुदा एशियाक भूमि मात्र नव काँच माटि छल। एहन भुरभुर माटिपर जखन गोंडवाना जमीनक दबाव आयल तखन ओ पहाड़मे बदलि गेल, मुदा ई पहाड़ पाथर नै अछि, काँच माटिसँ बनल अछि, जकरा चट्टान बनबामे लाख बर्ख लागत। आइक नेपाल आ भूटानक पहाड़ अखनो नव अछि आ ऐ मे सेहो एहने थाल-कादोक अछि। एहन स्थितिमे जखन ऐ पहाड़पर पानिक संग बर्खा होइत अछि तँ ओइमे सँ निकलैत धारमे मात्रामे माटि आ बालु आबि जाइत अछि। कइएक सय सालसँ उत्तरमे पहाड़सँ नीचाँ बहैत माटि आ बालु गंगा घाटी आ ओकर मैदानक निर्माण केलक। पृथ्वीक विभिन्न प्लेटकसँ दूटा बात स्पष्ट अछि । एकटा ई जे आइक भारतीय भूमिक दबाव उत्तर दिस एशियाक मुख्य भूमिपर अछि आ दोसर बात जे भारतक लगभग पूरा उत्तरी भागमे दू प्लेटक जंक्शन जोन अछि । प्लेटक रगड़ाक कारण ऐ क्षेत्रमे भयंकर भूकंप आबै छै। पृथ्वीक द्रव्यमान विस्थापन बहुत सुस्त प्रक्रिया छै, जकर अनुभव सय-पचास वर्षमे नै कयल जा सकैत अछि। एहन परिवर्तन हजार वर्षमे अनुभव कयल जा सकैत अछि। गंगा घाटीक निर्माण सेहो एहने घटना थिक। हजार वर्षक वर्षा आ परिणामस्वरूप गादक बालु ऐ घाटीक निर्माणमे योगदान देलक अछि। जल-चक्र बर्खाक अपन सिद्धांत होइ छै। सूर्यक रोशनीक कारण समुद्रक पानि वाष्पित भऽ आकाश दिस बढ़ि जाइ छै। ऊपर पहुँचलापर कम तापमानक कारण ई भाप ठंडा भऽ जाइ छै आ मेघक रूप लऽ हवाक प्रभावक कारण जमीन दिस बढ़ि जाइ छै। ई जल मेघमे बरखाक बुन्न, ओला वा बर्फक रूपमे संग्रहित होइत अछि आ अनुकूल परिस्थितिमे जमीनपर खसि पड़ैत अछि आ जीवक जीवनक आधार बनि जाइत अछि। ओस वा कुहेस सेहो ऐ पानिक एकटा आर रूप अछि। जमीनपर खसैत पानिक किछु हिस्सा नाली आ धार होइत वापस समुद्र तक पहुँचैत अछि। किछु पानि गाछक श्वसन सन गतिविधिक माध्यमसँ वापस वायुमंडलमे पहुँचि जाइ छै आ किछु पानि जमीनक भीतर जा कऽ भूमिगत जल स्तरकेँ समृद्ध करै छै। असलमे वएह पानिक धार जमीनक नीचाँ विद्यमान अछि जेना जमीनक ऊपर धार आदिक रूपमे देखै छी । जमीनक नीचाँक पानि सेहो सतही पानि जकाँ समुद्रसँ अपन संपर्क बनौने रहैत अछि। ऐ तरहें समुद्रसँ समुद्रमे पानिक चक्र पूरा भऽ जाइत अछि । ई पूरा प्रक्रिया जल चक्र कहाइ छै, जइमे प्रकृति समुद्रक नमकीन पानिकेँ उपयोगी मीठ पानिमे बदलि दै छै। पृथ्वीपर जीवनक कल्पना बिना मीठ पानिक नै कयल जा सकैत अछि। समुद्र सँ समुद्र धरि पानिक ई निरंतर यात्रा कहियो नै रुकैत अछि । धारक मार्ग परिवर्तन पहाड़ी इलाकामे जमीनक ढलान एतेक ऊँच होइ छै जे पानि नै रुकै छै, मुदा धारक पहाड़सँ मैदानमे उतरैत देरी जमीनक ढलान बहुत कम भऽ जाइ छै, जकर कारण पानिक गति काफी कम भऽ जाइ छै। पहाड़सॅं उतरैत धारक पानि मात्र पानि नै, काफी मात्रामे गाछ, चट्टान, पाथर, बालु आ माटि सेहो लऽ जाइत अछि। जमीनक ढलान कम भेलापर पाथर आदि बेसी दूर धरि नै जाइत अछि। मुदा माटि/बालु धारक पानिक संग चलैत रहैत अछि। जमीनक ढलान आ पानिक वेग कम हेबाक कारणेँ ऐ माटि/बालुकेँ धारक तलहटीमे बैसबाक मौका भेटै छै। एकर अलाबे जखन धार किनार तोड़ि बहै छै तँ पानिक संग आनल गेल बालू आ माटि पूरा क्षेत्रमे पसरि जाइ छै आ जमा भऽ जाइ छै। धार ऐ तरहेँ जमीनक निर्माण करैत अछि। धारक गतिमे कमी ओइ स्थानपर देखल जाइत अछि जतऽ ई पहाड़सँ मैदानमे उतरैत अछि, मुदा जतऽ ई धार बाढ़िक समय पैघ धारसँ मिलैत अछि, छोट धारक गति प्रायः ठहरावमे बदलि जाइत अछि, कारण बड़का धारमे जलस्तरक अनुसार छोट धारक पानि बहैत अछि। समुद्रक कातमे समुद्रमे बढ़ैत ज्वारमे आ ओतय समुद्रसँ मिलय बला धारक मुहानापर सेहो लगभग एहने स्थिति उत्पन्न होइ छै। गति रुकलाक कारण ऐ दुनू ठाम माटि/बालुक जमाव तेज भऽ जाइत अछि जकर कारण नव भूमि/ डेल्टा बनैत अछि। अमेरिकाक मिसिसिपी धारक मुहानापर ६.५ किमी चाकर पट्टीक निर्माण सय सालक भीतर पूर्ण भऽ जाइ छै। चीनक यांगत्से-कियांग धार ऐतिहासिक कालसँ ४८ किमी चाकर डेल्टाक निर्माण केने अछि, चीनक शोक ह्वांग हो धार ५,५०० कॉमन एरा पूर्वसँ लगभग ५०० किमी चाकर डेल्टाक निर्माण केने छै। तहिना गंगा धार सेहो समुद्रसँ पहिने करीब २५० किलोमीटर इलाकापर डेल्टा बनेने अछि। यूरोपक अधिकांश देशक पैघ हिस्सामे लगभग साल भरि बरसात होइ छै। हमर देशमे बरसातक मौसम होइ छै आ कुल वार्षिक वर्षाक लगभग ८७ प्रतिशत जूनक मध्यसँ अक्टूबरक मध्य होइ छै। बर्खा आ बाढ़िक अंत भेलापर किछु बालु/माटि ओइ इलाकामे जमा करय भऽ जाइ छै। बाढ़िक कारण मोट बालु/माटिक परत जमा भऽ जाइत अछि, किछु ठाम पातर भऽ जाइत अछि, कटावक कारण खधाइ बनैत अछि आ किछु ठाम पानि जमा भऽ जाइत अछि। आगामी मौसममे जखन बाढ़िक पानि फेर बढ़ैत अछि तँ पिछला सालसँ जमा भेल माटि काटि कऽ नव बाट बनि जाइत अछि। कखनो काल ई नव मार्ग एतेक पैघ आ प्रभावी होइत अछि जे ऐ नव मार्गपर धार स्वयं फाटि जाइत अछि । जइ धारक पानिमे बालू/माटिक मात्रा अधिक होइ छै, ओकर कछारमे बालू/माटिक जमाव बेशी हेतै आ एहन धारमे  बदलावक गुंजाइश बेशी हेतै। यएह कारण अछि जे गंगाक दहिना कातमे मिलैबला धारमे परिवर्तनक संभावना गंगाक बाम कातमे मिलैबला धारक तुलनामे कम अछि, कारण दहिना कातमे मिलैबला धार पठारसँ अबैत अछि आ बामबला धार हिमालयक काँच कच्चा आ भंगुर पहाड़सँ अपना संग बहुत रास माटि/बालु लऽ कऽ अबैत अछि। अधिक गादबला धारक मार्ग बदलनाइ ओतबे स्वाभाविक आ प्राकृतिक घटना छै जेना पृथ्वीक विभिन्न प्लेटक गति, वर्षा आ धार द्वारा डेल्टाक निर्माण। ऐ तरहें बाढ़ि, कटाव, जल-जमाव, धारक मार्ग बदलब सन प्रश्न गंगाक बाम (उत्तरी) भागमे बेसी गंभीर अछि। ई सवाल ओइ ठाम आर गंभीर अछि जतऽ जमीनक ढलान लगभग समतल अछि। एहन स्थल पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर बिहारक मैदान आ उत्तर बंगालमे गंगा घाटीमे भेटैत अछि। लेकिन एकर मतलब एकदम नै छै जे बाढ़िक मामिलामे गंगाक दहिन किनारमे पूर्ण शांति छै। ओतऽ कमसँ कम मैदानमे समस्या ओतबे छै जतेक गंगाक उत्तरी तटपर। बिहारक भोजपुर, रोहतास, पटना, मुंगेर, भागलपुर आ साहेब गंज जिलामे बाढ़िसँ उत्पन्न मुद्दा तकर प्रमाण अछि। ऐ घाटीक दक्षिणमे विन्ध्य आ सतपुरा पर्वत श्रृंखला अछि, जे गोंडवाना भूमिक हिस्सा अछि। ई पहाड़ी हिमालयक पहाड़सँ बहुत पुरान अछि आ मजगूत पाथर बनि गेल अछि। से शिवालिक आ हिमालयक तुलनामे ऐ पहाड़ीमे माटिक कटाव कम होइ छै। मुदा क्षेत्रफलक हिसाबसँ गंगाक उतरबाड़ी इलाका बाढ़िसँ बेसी तबाह अछि। (अगिला अंकमे जारी) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। २.१३.नित नवल सुशील (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) नित नवल सुशील (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) सुशीलक रचना संसार: हुनकर रचना संसार छन्हि- घराड़ी (उपन्यास) (१९७३), गामबाली (उपन्यास) (१९८२), भामती (नाटक) (पहिल मंचन १९९१, प्रकाशन २०१३) आ अस्मिता (लघुकथा संग्रह) (२०१६) आ ई चारू पोथी हुनकर अनुमतिसँ विदेह पेटारमे उपलब्ध अछि लिंक www.videha.co.in/pothi.htm पर। कमलानन्द झाक पोथी "मैथिली उपन्यास: समय समाज आ सवाल" (२०२१) मे लिखै छथि- "मैथिली उपन्यास-यात्राक लगभग सय वर्षक बाद मैथिल अन्तरजातीय विवाहक सपना, संघर्ष आ विडम्बना पर गरिमायुक्त उपन्यास लिखबाक श्रेय गौरीनाथकेँ जाइत छनि।" तँ की कमलानन्द झा सुशीलसँ ई श्रेय छीनि लेलनि? चलू अहाँकेँ लऽ चली कमलानन्द झा केर स्वार्थी दुनियाँसँ दूर, छल-छद्मसँ दूर सुशीलक जादूबला साहित्यक निश्छल दुनियाँमे। गामबाली (उपन्यास)- सुशील (पछिला अंकसँ आगाँ) सभक आँखिक काँट गामबाली आइ ओ बबूर सेहो कटि गेल! ओकरा चाहऽ बला, नै चाहऽ बला आ कात रहनिहार, तीनू तरहक लोक खुश अछि। ओकर अन्तिम संस्कार के करतै? जादव समाज आकि ब्राह्मण समाज। जादव समाज आ ब्राह्मण समाजक लोक पहुँचै छथि मालिक माने सोनमनि झा लग, ओ छथि पाउ-पाउ करैत, मसलनमे ओङठल। गामबालीक संस्कार जादव समाज मिलि कऽ करतै। गोअर टोलीक लोक ओकरा गामबाली कहब शुरू केलकै आ फेर बभनटोली, कैथटोली, जोलहा टोलीक लोक सेहो ओकरा गामबाली कहऽ लगलै। गामबालीक वर बूढ़, ओ तेसर बहु छली, पहिलसँ बच्चा नै भेलै तँ दोसर बियाह आ फेर दोसरोमे बच्चा आ पहिलोमे। आ फेर तेसर बियाह सौख लेल। बाबू पैरुखक गप छै, के कत्ते बहु डेबि सकैए। ज्ञानचन यादव माने ज्ञनचनमाकेँ लोक मरखाह बना देलकै, अपने बलजोरी ओकरा घरो कऽ दऽ जाइ गेलै आ तहन लाहेब मचा दइ गेलै गाममे। (अगिला अंकमे जारी) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। 𑒀 ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष ग्वंग शान्ति: 𑓇 𑒠𑓂𑒨𑒾: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑒢𑓂𑒞𑒩𑒱𑒏𑓂𑒭 𑓅 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱: ३.पद्य खण्ड ३.१.राज किशोर मिश्र- दूभि ३.२.जगदानन्द झा 'मनु'- ५ टा गजल ३.१.राज किशोर मिश्र- दूभि राज किशोर मिश्र, रिटायर्ड चीफ जेनरल मैनेजर (ई), बी.एस.एन.एल.(मुख्यालय), दिल्ली,गाम- अरेर डीह, पो. अरेर हाट, मधुबनी दूभि कि ओ रो पलक नहि ,नहि छि टलक बी आ, तैओ, जनमल दूभि क धी आ ,

के पटबैत अछि पा नि ? दूर्वा दल, अपने बल पर सबतरि चतरल,

पनुगैत अछि , दै छै मेघ पा नि बरखा मे, जेठमा स,दूर्वा -शि शु छल ,ममरखा मे।

भेटैत छै फेर, शि शि र सँ, शी तक पी यूष, रवि नहि कनि को रश्मि परसए मे कंजूस।

भो रे चमकै चा नी सन ओ शी त बून्द, ओहि आगू तऽ ,चन्द्रकां त मणि सेहो कुन्द।

दूभि क जड़ि जुड़ल धरती सँ, पहुँचल तल सँ पता ल, अपना बल सँ पसरि रहल छै , दूर -दूर, जड़ि -जा ल।

कि ओ देखनि हा र नहि ,अपन बऽल, नि ज पुरुषा रथ पर, दूर्वा दल।

भगा देलकै खुरपी सँ ओकरा ,छि लि -छि लि , रक्तबी ज सन उगि आएल ओ, पुनि -पुनि जी लि ।

सहस्त्रबा ढ़नि क रश्मि सन, अनगनि त मूड़ी , खोॅं छि मे छै रा खल ई ,संग लहठी -चूड़ी ।

दूर्वा क्षत लेल, अक्षत तऽ,अछि पो सल पा लल, मुदा , दूभि अनेरुआ, ओकरा के नहि ता ड़ल?

अछि कठजी ब ,अक्खज, मुदा जखन सजा ओल, पो छल -पा छल तृण कतेक सुन्दरता पा ओल?

कतबो बि द्दति हो इक, मुदा ई डरत नहि , पा नि -पा थर खसअओ ,परञ्च मरत नहि ।

तेँ तऽ, आशी र्वा दक समदा मे अछि बा न्हल, दी र्घ जि नगी क प्रती क रूप मे एकरा मा नल।

सनेस थि क दूर्वा दल, आशी र्वा दक, मा ल -जा ल अछि रकटल , अकरे सो आदक।

छै की ता गति तुफा न के? कऽ सकतै दूभि के अङ्ग-भङ्ग? खसौ वज्र,बि ड़रो उठौ , कऽ पअओतै कि ओ दूभि के तंग? अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ३.२.जगदानन्द झा 'मनु'- ५ टा गजल जगदानन्द झा 'मनु' ५ टा गजल गजल १ जखन कखनो जे सोचब हमरा अपन लअगेमे पायब हमरा गजल हमर शव्द बनि तनमनमे  कचोटत तँ अहाँ ताकब हमरा बहुत दुर छी कोनो बाते नै अपन मोनेमे देखब हमरा दुनू दू तन  एक्के जिनगी छी अहाँ कखनो नै बिसरब हमरा अहाँकेँ हम छी कहलौं जे 'मनु' कि मुइला बादो मानब हमरा (बहरे गोविंद, मात्राक्रम : 12 22 22 22 2, सभ पाँतिमे। दोसर शेरकेँ दोसर पाँतिमे दूटा अलग-अलग लघुकेँ दिर्ध मानक छुट लेल गेल अछि) गजल २ दर्द देखायब करेजाक मानब की काल्हि सपनोमे हँसी छोरि कानब की प्रेम पुरुषक छैक गोबर अहाँ कहलौं चीर देखायब करेजा तँ गानब की दोख सभमे नै कतउ एकमे हेते संग हमरा ओहिमे सभक सानब की आइ छै अन्हार सगरो अहाँ कहलौं आँखि मुनि लाइटसँ अन्हार आनब की कनिक हमरोपर भरोसा क कय देखू प्रेम ककरा छै कहै  'मनु'सँ जानब की (बहरे कलीब, मात्राक्रम : 2122-2122-1222) गजल ३ भगवती जकर माए ओ टुगर कहल कोना हाथ छै दुनू भेटल रंक ओ रहल कोना माथ पर हमर सदिखन जखन हाथ मैयाकेँ एहिठाम रहलै कोनो  कठिन टहल कोना लेब छोरि कखनो देबाक बात कनि सोचू सगर गाम देखू सुख शांति नहि बहल कोना शेरकेँ घरे बैसल   नहि शिकार भेटै छै घरसँ जे निकलबै नहि घर बनत महल कोना काज नहि अपन हिस्सा केर 'मनु' करी हम सब ई सहज सगर दुनिया नहि  बनत जहल कोना (मात्राक्रम : 212-1222/ 212-1222 सभ पाँतिमे) गजल ४ जखन सगरो दर्द भेटल अपन सीलौं ठोर रेतल द'बल अपने हाथ गरदनि तखन के ई नोर मेटल घरक बन्हन छोरि दुनिया सटल जतए नोट गेटल भरोसा करु आब कोना लखन भेषे चोर फेटल दहेजक 'मनु' चारिचक्का बियाहक पहिनेसँ सेटल (बहरे मजरिअ, मात्राक्रम 1222-2122) गजल ५ जखन मोन कानल गजल कहलौं रहल कोंढ़ छानल गजल कहलौं जमाना सुतल छल जखन नींदसँ तहन राति जानल गजल कहलौं लगन भेल तीसम बरख धरि नहि पड़ोसनसँ गानल गजल कहलौं जुआ छल लदल कांहपर लोकक पसीनासँ सानल गजल कहलौं उमर 'मनु' बितल आर की करबै अपन मोन ठानल गजल कहलौं (मात्राक्रम सभ पाँतिमे 122-122-1222) अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। 𑒀 ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष ग्वंग शान्ति: 𑓇 𑒠𑓂𑒨𑒾: 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱𑒩𑒢𑓂𑒞𑒩𑒱𑒏𑓂𑒭 𑓅 𑒬𑒰𑒢𑓂𑒞𑒱: ४.विदेह पेटार VIDEHA ARCHIVE ४.१.विदेह ई-पत्रिकाक सभटा पुरान अंक Videha e journal's all old issues ४.२.मैथिली पोथी डाउनलोड Maithili Books Download ४.३.मैथिली वीडियोक संकलन Maithili Videos ४.४.मैथिली शिशु, बाल आ किशोर साहित्य Maithili Children Literature ४.५.विदेह स्त्री कोना ४.६.विदेह सूचना संपर्क अन्वेषण ४.७.विदेह ई-लर्निङ्ग ४.८.मिथिला रत्न ४.९.मिथिलाक खोज ४.१.विदेह ई-पत्रिकाक सभटा पुरान अंक Videha e journal's all old issues वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA. Top of Form Search above & below within more than 350 old issues of Videha eJournal विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् www.videha.co.in Bottom of Form https://books.google.com/ Top of Form Bottom of Form Videha Archive of Old Issues विदेह पुरान अंकक आर्काइव (पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल) विदेह ई-पत्रिकाक सभटा पुरान अंक पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल क्रमानुसार नीचाँक लिंकपर उपलब्ध अछि। All the old issues of Videha e journal are available for pdf download at the respective links below. ............. तिरहुता, नेवाड़ी आ कैथी फॉण्ट डाउनलोड Google's Noto Fonts project/ GitHub तिरहुता नोटो फॉण्ट कैथी ओटीएफ कैथी टीटीएफ नेवाड़ी ओ.टी.एफ. नेवाड़ी टी.टी.एफ. https://fonts.google.com/ (Google Open Fonts download) Tirhuta Offline Keyboard download https://malarproject.gitlab.io/tirhuta (Tirhuta Keyboard Online) .......... १ गजेन्द्र ठाकुर (सम्पादन) विदेह-सदेह १-२५ www.videha.co.in  विदेह ई-पत्रिकाक अंक १-३५० सँ- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ गद्य आ पद्यक एकटा समानान्तर संकलन देवनागरी मिथिलाक्षर विदेह:सदेह १ विदेह: सदेह १ तिरहुता विदेह:सदेह २ मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना विदेह: सदेह २ तिरहुता विदेह:सदेह ३ मैथिली पद्य विदेह: सदेह ३ तिरहुता विदेह:सदेह ४ मैथिली कथा विदेह: सदेह ४ तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [विदेह सदेह ५] विदेह: सदेह ५ तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५]- संस्करण-२ विदेह: सदेह ५ संस्करण-२ तिरहुता विदेह मैथिली लघुकथा [विदेह सदेह ६] विदेह: सदेह ६ तिरहुता विदेह मैथिली पद्य [विदेह सदेह ७] विदेह: सदेह ७ तिरहुता विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [विदेह सदेह ८] विदेह: सदेह ८ तिरहुता विदेह मैथिली शिशु उत्सव [विदेह सदेह ९] विदेह: सदेह ९ तिरहुता विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [विदेह सदेह १०] विदेह: सदेह १० तिरहुता विदेह:सदेह ११ विदेह: सदेह ११ तिरहुता विदेह:सदेह १२ विदेह: सदेह १२ तिरहुता विदेह:सदेह १३ विदेह: सदेह १३ तिरहुता विदेह:सदेह १४ विदेह: सदेह १४ तिरहुता विदेह:सदेह १५ विदेह: सदेह १५ तिरहुता विदेह:सदेह १६ विदेह: सदेह १६ तिरहुता विदेह:सदेह १७ विदेह: सदेह १७ तिरहुता विदेह:सदेह १८ विदेह: सदेह १८ तिरहुता विदेह:सदेह १९ विदेह: सदेह १९ तिरहुता विदेह:सदेह २० विदेह: सदेह २० तिरहुता विदेह:सदेह २१ विदेह: सदेह २१ तिरहुता विदेह:सदेह २२ विदेह: सदेह २२ तिरहुता विदेह:सदेह २३ विदेह: सदेह २३ तिरहुता विदेह:सदेह २४ विदेह: सदेह २४ तिरहुता विदेह:सदेह २५ विदेह: सदेह २५ तिरहुता विदेह-सदेह २६-३६ www.videha.co.in  विदेह ई-पत्रिकाक अंक १-३५० सँ- थीम आधारित मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ मूल आ अनूदित गद्य आ पद्यक एकटा समानान्तर संकलन विदेह:सदेह २६ (डॉ शम्भु कुमार सिंह आ डॉ अरुण कुमार सिंह अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह २६ तिरहुता विदेह:सदेह २७ (गजेन्द्र ठाकुर आ रवि भूषण पाठकक आन भाषासँ अनूदित गद्य आ पद्य- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह २७ तिरहुता विदेह:सदेह २८ (अनूदित गद्य आ पद्य- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह २८ तिरहुता विदेह:सदेह २९ (रवि भूषण पाठक आ डॉ. कैलाश कुमार मिश्र- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह २९ तिरहुता विदेह:सदेह ३० (स्कूल-कॉलेजक विद्यार्थी लेल- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३० तिरहुता विदेह:सदेह ३१ (डॉ. कामिनी कामायनी आ कुमार मनोज कश्यप- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३१ तिरहुता विदेह:सदेह ३२ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-१- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३२ तिरहुता विदेह:सदेह ३३ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-२- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३३ तिरहुता विदेह:सदेह ३४ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-३- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३४ तिरहुता विदेह:सदेह ३५ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-४- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३५ तिरहुता विदेह:सदेह ३६ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-५- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३६ तिरहुता ................... यू.पी.एस.सी. आ आन प्रतियोगिता परीक्षा लेल देखू: विदेह:सदेह १७ विदेह:सदेह २१ विदेह:सदेह २३ विदेह:सदेह २६ विदेह:सदेह २९ विदेह:सदेह ३० विदेह:सदेह ३२ विदेह:सदेह ३३ विदेह:सदेह ३४ विदेह:सदेह ३५ ................ २ विदेहक सभटा पुरान अंक (अंक १ सँ ३५४ आ आगाँ) विदेहक अंक १-१४९ (देवनागरी, मिथिलाक्षर आ ब्रेलमे) देवनागरी मिथिलाक्षर ब्रेल Videha_01_01_08 Videha_01_01_08_Tirhuta 1 Videha_15_01_08 Videha_15_01_08_Tirhuta 2 Videha_01_02_08 Videha_01_02_08_Tirhuta 3 Videha_15_02_08 Videha_15_02_08_Tirhuta 4 Videha_01_03_08 Videha_01_03_08_Tirhuta 5 Videha_15_03_08 Videha_15_03_08_Tirhuta 6 Videha_01_04_2008 Videha_01_04_2008_Tirhuta 7 Videha_15_04_2008 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VIDEHA_169 VIDEHA_170 VIDEHA_171 VIDEHA_172 VIDEHA_173 VIDEHA_174 VIDEHA_175 VIDEHA_176 VIDEHA_177 VIDEHA_178 VIDEHA_179 VIDEHA_180 VIDEHA_181 VIDEHA_182 VIDEHA_183 VIDEHA_184 VIDEHA_185 VIDEHA_186 VIDEHA_187 VIDEHA_188 VIDEHA_189 VIDEHA_190 VIDEHA_191 VIDEHA_192 VIDEHA_193 VIDEHA_194 VIDEHA_195 VIDEHA_196 VIDEHA_197 VIDEHA_198 VIDEHA_199 VIDEHA_200 VIDEHA_201 VIDEHA_202 VIDEHA_203 VIDEHA_204 VIDEHA_205 VIDEHA_206 VIDEHA_207 VIDEHA_208 VIDEHA_209 VIDEHA_210 VIDEHA_211 VIDEHA_212 VIDEHA_213 VIDEHA_214 VIDEHA_215 VIDEHA_216 VIDEHA_217 VIDEHA_218 VIDEHA_219 VIDEHA_220 VIDEHA_221 VIDEHA_222 VIDEHA_223 VIDEHA_224 VIDEHA_225 VIDEHA_226 VIDEHA_227 VIDEHA_228 VIDEHA_229 VIDEHA_230 VIDEHA_231 VIDEHA_232 VIDEHA_233 VIDEHA_234 VIDEHA_235 VIDEHA_236 VIDEHA_237 VIDEHA_238 VIDEHA_239 VIDEHA_240 VIDEHA_241 VIDEHA_242 VIDEHA_243 VIDEHA_244 VIDEHA_245 VIDEHA_246 VIDEHA_247 VIDEHA_248 VIDEHA_249 VIDEHA_250 VIDEHA_251 VIDEHA_252 VIDEHA_253 VIDEHA_254 VIDEHA_255 VIDEHA_256 VIDEHA_257 VIDEHA_258 VIDEHA_259 VIDEHA_260 VIDEHA_261 VIDEHA_262 VIDEHA_263 VIDEHA_264 VIDEHA_265 VIDEHA_266 VIDEHA_267 VIDEHA_268 VIDEHA_269 VIDEHA_270 VIDEHA_271 VIDEHA_272 VIDEHA_273 VIDEHA_274 VIDEHA_275 VIDEHA_276 VIDEHA_277 VIDEHA_278 VIDEHA_279 VIDEHA_280 VIDEHA_281 VIDEHA_282 VIDEHA_283 VIDEHA_284 VIDEHA_285 VIDEHA_286 VIDEHA_287 VIDEHA_288 VIDEHA_289 VIDEHA_290 VIDEHA_291 VIDEHA_292 VIDEHA_293 VIDEHA_294 VIDEHA_295 VIDEHA_296 VIDEHA_297 VIDEHA_298 VIDEHA_299 VIDEHA_300 VIDEHA_301 VIDEHA_302 VIDEHA_303 VIDEHA_304 VIDEHA_305 VIDEHA_306 VIDEHA_307 VIDEHA_308 VIDEHA_309 VIDEHA_310 VIDEHA_311 VIDEHA_312 VIDEHA_313 VIDEHA_314 VIDEHA_315 VIDEHA_316 VIDEHA_317 VIDEHA_318 VIDEHA_319 VIDEHA_320 VIDEHA_321 VIDEHA_322 VIDEHA_323 VIDEHA_324 VIDEHA_325 VIDEHA_326 VIDEHA_327 VIDEHA_328 VIDEHA_329 VIDEHA_330 VIDEHA_331 VIDEHA_332 VIDEHA_333 VIDEHA_334 VIDEHA_335 VIDEHA_336 VIDEHA_337 VIDEHA_338 VIDEHA_339 VIDEHA_340 VIDEHA_341 VIDEHA_342 VIDEHA_343 VIDEHA_344 विदेहक सभ अंक सम्बन्धी किछु आवश्यक पोथी/ जानकारी Learn Mithilakshar- Gajendra Thakur (2009) Learn IPA through Mithilakshar- Gajendra Thakur (2009) Learn Braille through Mithilakshar- Gajendra Thakur (2009) Learn Kaithi- Gajendra Thakur (2009) कैथी लिपि (मैथिली साहित्य संस्थान डाउनलोड लिंक) Learn Newari- Gajendra Thakur (2009) Learn Calligraphic Newari (Ranjana)- Gajendra Thakur (2009) Learn Urdu Script- Gajendra Thakur (2009) Learn Tibetan Script- Gajendra Thakur (2009) Learn Japanese Script for Haiku- Gajendra Thakur (2009) Learn Brahmi- Gajendra Thakur (2009) Learn Kharoshthi- Gajendra Thakur (2009) स्थायी स्तम्भ जेना मिथिला-रत्न, मिथिलाक खोज, विदेह पेटार आ सूचना-संपर्क-अन्वेषण सभ अंकमे समान अछि, ताहि हेतु ई सभ स्तम्भ सभ अंकमे नै देल जाइत अछि, ई सभ स्तम्भ देखबा लेल क्लिक करू नीचाँ देल विदेहक ३४६ म आ ३४७ म अंक, ऐ दुनू अंकमे सम्मिलित रूपेँ ई सभ स्तम्भ देल गेल अछि। विदेहक ३४५म आ आगाँक अंक देवनागरी मिथिलाक्षर आइ.पी.ए. मैथिली ब्रेल VIDEHA_345 VIDEHA_345_Tirhuta VIDEHA_345_IPA VIDEHA_345_Braille VIDEHA_346 VIDEHA_346_Tirhuta VIDEHA_346_IPA VIDEHA_346_Braille VIDEHA_347 VIDEHA_347_Tirhuta VIDEHA_347_IPA VIDEHA_347_Braille VIDEHA_348 VIDEHA_348_Tirhuta VIDEHA_348_IPA VIDEHA_348_Braille VIDEHA_349 VIDEHA_349_Tirhuta VIDEHA_349_IPA VIDEHA_349_Braille देवनागरी मिथिलाक्षर आइ.पी.ए. मैथिली ब्रेल कैथी VIDEHA_350 VIDEHA_350_Tirhuta VIDEHA_350_IPA VIDEHA_350_Braille VIDEHA_350_KAITHI VIDEHA_351 VIDEHA_351_Tirhuta VIDEHA_351_IPA VIDEHA_351_Braille VIDEHA_351_KAITHI VIDEHA_352 VIDEHA_352_Tirhuta VIDEHA_352_IPA VIDEHA_352_Braille VIDEHA_352_KAITHI VIDEHA_353 VIDEHA_353_Tirhuta VIDEHA_353_IPA VIDEHA_353_Braille VIDEHA_353_KAITHI VIDEHA_354 VIDEHA_354_Tirhuta VIDEHA_354_IPA VIDEHA_354_Braille VIDEHA_354_KAITHI नागरी तिरहुता आइपीए ब्रेल कैथी रंजना नेवाड़ी खरोष्ठी ब्राह्मी 355 Tirhu IPA Brail KAI Ran Newa Kharo Brahmi नागरी तिरहुता कैथी रंजना प्रचलित ब्राह्मी IPA ब्रेल खरोष्ठी उर्दू तिब्बती तिब्बती-उमे 356 Tirhu Kai Ran Newa Brah IPA ब्रेल खरोष्ठी उर्दू Tib Ume 357 Tirhu Kai Ran Newa Brah IPA ब्रेल खरोष्ठी उर्दू Tib Ume नागरी तिरहुता कैथी रंजना प्रचलित ब्राह्मी IPA ब्रेल तिब्बती तिब्बती-उमे 358 Tirhu Kai Ran Newa Brah IPA ब्रेल Tib Ume 359 Tirhu Kai Ran Newa Brah IPA ब्रेल Tib Ume 360 Tirhu Kai Ran Newa Brah IPA ब्रेल Tib Ume नागरी तिरहुता कैथी नेवाड़ी आइ.पी.ए. ब्रेल 361 Tirhuta Kaithi Newari IPA Braille 362 Tirhuta Kaithi Newari IPA Braille 363 Tirhuta Kaithi Newari IPA Braille 364 Tirhuta Kaithi Newari IPA Braille ............. ३ विदेहक विशेषांक १) हाइकू विशेषांक Videha_15_06_2008 Videha_15_06_2008_Tirhuta 12 २) गजल विशेषांक Videha_01_11_2008 Videha_01_11_2008_Tirhuta 21 ३) विहनि कथा विशेषांक videha_01_10_2010 videha_01_10_2010_tirhuta 67 ४) बाल साहित्य विशेषांक videha_15_11_2010 videha_15_11_2010_tirhuta 70 ५) नाटक विशेषांक videha_15_12_2010 videha_15_12_2010_tirhuta 72 ६) समीक्षा विशेषांक videha_15_01_2011 videha_15_01_2011_tirhuta 74 ७) नारी विशेषांक videha_01_03_2011 videha_01_03_2011_tirhuta 77 ८) अनुवाद विशेषांक (गद्य-पद्य भारती) videha_01_01_2012 videha_01_01_2012_tirhuta 97 ९) बाल गजल विशेषांक videha_01_08_2012 videha_01_08_2012_tirhuta 111 १०) भक्ति गजल विशेषांक videha_15_03_2013 videha_15_03_2013_tirhuta 126 ११) गजल आलोचना-समालोचना-समीक्षा विशेषांक videha_15_11_2013 videha_15_11_2013_tirhuta 142 १२) काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक Videha_01_01_2015 १३) अरविन्द ठाकुर विशेषांक Videha_01_11_2015 १४) जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक Videha_01_12_2015 १५) विदेह सम्मान विशेषा‍ंक विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी, समानान्तर ललित कला अकादेमी आ समानान्तर संगीत-नाटक अकादेमी सम्मान/ पुरस्कार नामसँ विख्यात) साक्षात्कार/ समारोह साक्षात्कार videha_15_12_2011 videha_15_01_2012 videha_01_02_2012 videha_01_03_2012 videha_01_09_2012 videha_15_01_2013 videha_01_03_2013 Videha_15_04_2016 Videha_01_07_2016 १६) मैथिली सी.डी./ अल्बम गीत संगीत विशेषांक Videha_01_01_2017 १७) मैथिली वेब पत्रकारिता विशेषांक VIDEHA 313 १८) मैथिली बीहनि कथा विशेषांक-२ VIDEHA 317 १९) रामलोचन ठाकुर विशेषांक VIDEHA 319 २०) रामलोचन ठाकुर श्रद्धांजलि विशेषांक VIDEHA 320 २१) राजनन्दन लाल दास विशेषांक VIDEHA 333 २२) रवीन्द्र नाथ ठाकुर विशेषांक VIDEHA_348 VIDEHA_348_Tirhuta VIDEHA_348_IPA VIDEHA_348_Braille २३) केदार नाथ चौधरी विशेषांक VIDEHA_352 VIDEHA_352_Tirhuta VIDEHA_352_IPA VIDEHA_352_Braille VIDEHA_352_KAITHI २४) प्रेमलता मिश्र 'प्रेम' विशेषांक Videha_357 Videha_357_Tirhuta २५) शरदिन्दु चौधरी विशेषांक Videha_358 Videha_358_Tirhuta ............. ४ लेखकक आमंत्रित रचना आ ओइपर आमंत्रित समीक्षकक समीक्षा सीरीज १.कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी Videha_01_09_2016 २.जगदानन्द झा "मनु"क "माटिक बासन"पर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी VIDEHA_353 ३.मुन्नी कामतक एकांकी "जिन्दगीक मोल" आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी VIDEHA_354 ४.कपिलेश्वर राउतक ५ टा कथा आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी VIDEHA_356 ५.उमेश मण्डलक ५ टा कथा आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी Videha_357 ६.राम विलास साहुक ५ टा कथा आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी Videha_358 ७.नित नवल सुभाष चन्द्र यादव- सुभाष चन्द्र यादवक समस्त साहित्य आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी नित नवल सुभाष चन्द्र यादव नित नवल सुभाष चन्द्र यादव (मिथिलाक्षर) ८.राजदेव मण्डलक साहित्यपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी Rajdeo Mandal- Maithili Writer ९.आचार्य रामदेव मण्डलक ५ टा कथा आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी Videha_360 १०.नन्द विलास रायक चारिटा कथा आ एकटा एकांकी आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी Videha_361 ११.जगदीश प्रसाद मण्डलक साहित्यपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी Videha_362 १२.दुर्गानन्द मण्डलक पाँचटा कथा आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी Videha_363 १३.नारायण यादवक पाँचटा कथा आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी Videha_364 ................... ५ "पाठक हमर पोथी किए पढ़थि"- लेखक द्वारा अप्पन पोथी/ रचनाक समीक्षा सीरीज १. आशीष अनचिन्हार ०१ अगस्त २०२१ २. गजेन्द्र ठाकुर ०१ सितम्बर २०२२ ............... ६ एडिटर्स चोइस सीरीज एडिटर्स चोइस सीरीज-१ विदेहमे बलात्कारपर मैथिलीमे पहिल कविता प्रकाशित भेल छल। ई दिसम्बर २०१२ क दिल्लीक निर्भया बलात्कार काण्डक बादक समय छल। ओना ई अनूदित रचना छल, तेलुगुमे पसुपुलेटी गीताक कविताक हिन्दी अनुवाद केने छलीह आर. शांता सुन्दरी आ हिन्दीसँ मैथिली अनुवाद केने छलाह विनीत उत्पल। हमर जानकारीमे ऐसँ बेशी सिहराबैबला कविता ऐ विषयपर कोनो भाषामे नै रचल गेल अछि। कताक सालक बादो ई समस्या ओहने अछि। ई कविता सभकेँ पढ़बाक चाही, खास कऽ सभ बेटीक बापकेँ, सभ बहिनक भाएकेँ आ सभ पत्नीक पतिकेँ। आ विचारबाक चाही जे हम सभ अपना बच्चा सभ लेल केहन समाज बनेने छी। एडिटर्स चोइस सीरीज-१ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-२ विदेहमे ब्रेस्ट कैसरक समस्यापर विदेह मे मीना झा केर एकटा लघु कथा प्रकाशित भेल। ई मैथिलीक पहिल कथा छल जे ब्रेस्ट कैसर पर लिखल गेल। हिन्दीमे सेहो ताधरि ऐ विषयपर कथा नै लिखल गेल छल, कारण ऐ कथाक ई-प्रकाशित भेलाक १-२ सालक बाद हिन्दीमे दू गोटेमे घोंघाउज भऽ रहल छल कि पहिल हम आकि हम, मुदा दुनूक तिथि मैथिलीक कथाक परवर्ती छल। बादमे ई विदेह लघु कथामे सेहो संकलित भेल। एडिटर्स चोइस सीरीज-२ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-३ विदेहमे जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिलक किछु बाल कविता प्रकाशित भेल। बादमे हुनकर ३ टा बाल कविता विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल जइमे २ टा कविता बेबी चाइल्डपर छल। पढ़ू ई तीनू कविता, बादक दुनू बेबी चाइल्डपर लिखल कविता पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-३ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-४ विदेहमे जगदानन्द झा "मनु"क एकटा दीर्घ बाल कथा कहि लिअ बा उपन्यास प्रकाशित भेल, नाम छल चोनहा। बादमे ई रचना विदेह शिशु उत्सवमे संकलित भेल, ई रचना बाल मनोविज्ञानपर आधारित मैथिलीक पहिल रचना छी, मैथिली बाल साहित्य कोना लिखी तकर ट्रेनिंग कोर्समे ऐ उपन्यासकेँ राखल जेबाक चाही। कोना मॊडर्न उपन्यास आगाँ बढ़ै छै, स्टेप बाइ स्टेप आ सेहो बाल उपन्यास। पढ़बे टा करू से आग्रह। एडिटर्स चोइस सीरीज-४ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-५ एडिटर्स चोइस ५ मे मैथिलीक "उसने कहा था" माने कुमार पवनक दीर्घकथा "पइठ" (साभार अंतिका) । हिन्दीक पाठक, जे "उसने कहा था" पढ़ने हेता, केँ बुझल छन्हि जे कोना अहि कथाकेँ रचि चन्द्रधर शर्मा "गुलेरी" अमर भऽ गेलाह। हम चर्चा कऽ रहल छी, कुमार पवनक "पइठ" दीर्घकथाक। एकरा पढ़लाक बाद अहाँकेँ एकटा विचित्र, सुखद आ मोन हौल करैबला अनुभव भेटत, जे सेक्सपीरिअन ट्रेजेडी सँ मिलितो लागत आ फराको। मुदा ऐ रचनाकेँ पढ़लाक बाद तामस, घृणा सभपर नियंत्रणकेँ आ सामाजिक/ पारिवारिक दायित्वकेँ सेहो अहाँ आर गंभीरतासँ लेबै, से धरि पक्का अछि। मुदा एकर एकटा शर्त अछि जे एकरा समै निकालि कऽ एक्के उखड़ाहामे पढ़ि जाइ। एडिटर्स चोइस सीरीज-५ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-६ जगदीश प्रसाद मण्डलक लघुकथा "बिसाँढ़": १९४२-४३ क अकालमे बंगालमे १५ लाख लोक मुइला, मुदा अमर्त्य सेन लिखैत छथि जे हुनकर कोनो सर-सम्बन्धी ऐ अकालमे नै मरलन्हि। मिथिलोमे अकाल आएल १९६७ ई. मे आ इन्दिरा गाँधी जखन ऐ क्षेत्र अएली तँ हुनका देखाओल गेल जे कोना मुसहर जातिक लोक बिसाँढ़ खा कऽ ऐ अकालकेँ जीति लेलन्हि। मैथिलीमे लेखनक एकभगाह स्थिति विदेहक आगमनसँ पहिने छल। मैथिलीक लेखक लोकनि सेहो अमर्त्य सेन जेकाँ ओहि महाविभीषिकासँ प्रभावित नै छला आ तेँ बिसाँढ़पर कथा नै लिखि सकला। जगदीश प्रसाद मण्डल ऐपर कथा लिखलन्हि जे प्रकाशित भेल चेतना समितिक पत्रिकामे, मुदा कार्यकारी सम्पादक द्वारा वर्तनी परिवर्तनक कारण ओ मैथिलीमे नै वरण् अवहट्ठमे लिखल बुझा पड़ल, आ ओतेक प्रभावी नै भऽ सकल कारण विषय रहै खाँटी आ वर्तनी कृत्रिम। से एकर पुनः ई-प्रकाशन अपन असली रूपमे भेल विदेहमे आ ई संकलित भेल "गामक जिनगी" लघुकथा संग्रहमे। ऐ पोथीपर जगदीश प्रसाद मण्डलकेँ टैगोर लिटरेचर अवार्ड भेटलनि। जगदीश प्रसाद मण्डलक लेखनी मैथिली कथाधाराकेँ एकभगाह हेबासँ बचा लेलक, आ मैथिलीक समानान्तर इतिहासमे मैथिली साहित्यकेँ दू कालखण्डमे बाँटि कऽ पढ़ए जाए लागल- जगदीश प्रसाद मण्डलसँ पूर्व आ जगदीश प्रसाद मण्डल आगमनक बाद। तँ प्रस्तुत अछि लघुकथा बिसाँढ़- अपन सुच्चा स्वरूपमे। एडिटर्स चोइस सीरीज-६ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-७ मैथिलीक पहिल आ एकमात्र दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफी। सन्दीप कुमार साफीक दलित आत्मकथा जे अहाँकेँ अपन लघु आकाराक अछैत हिलोड़ि देत आ अहाँक ई स्थिति कऽ देत जे समानान्तर मैथिली साहित्य कतबो पढ़ू अहाँकेँ अछौं नै हएत। ई आत्मकथा विदेहमे ई-प्रकाशित भेलाक बाद लेखकक पोथी "बैशाखमे दलानपर"मे संकलित भेल आ ई मैथिलीक अखन धरिक एकमात्र दलित आत्मकथा थिक। तँ प्रस्तुत अछि मैथिलीक पहिल दलित आत्मकथा: सन्दीप कुमार साफीक कलमसँ। एडिटर्स चोइस सीरीज-७  (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-८ नेना भुटकाकेँ रातिमे सुनेबा लेल किछु लोककथा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-८ (डाउनलोड लिंक) एडिटर्स चोइस सीरीज-९ मैथिली गजलपर परिचर्चा (विदेह पेटारसँ)। एडिटर्स चोइस सीरीज-९ (डाउनलोड लिंक) ...................... विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी, समानान्तर ललित कला अकादेमी आ समानान्तर संगीत-नाटक अकादेमी सम्मान/ पुरस्कार नामसँ विख्यात) .................... मैथिलीक वर्तनी १ मैथिलीक वर्तनी- विदेह मैथिली मानक भाषा आ मैथिली भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.२.मैथिली पोथी डाउनलोड Maithili Books Download वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA. Top of Form Search above & below within more than 350 old issues of Videha eJournal विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् www.videha.co.in Bottom of Form https://books.google.com/ Top of Form Bottom of Form Videha Archive of Maithili Books विदेह मैथिली पोथीक आर्काइव (पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल) सभ पोथी पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल क्रमानुसार नीचाँक लिंक सभपर उपलब्ध अछि। All the books are available for pdf download at the respective links below .............. तिरहुता, नेवाड़ी आ कैथी फॉण्ट डाउनलोड Google's Noto Fonts project/ GitHub तिरहुता नोटो फॉण्ट कैथी ओटीएफ कैथी टीटीएफ नेवाड़ी ओ.टी.एफ. नेवाड़ी टी.टी.एफ. https://fonts.google.com/ (Google Open Fonts download) Tirhuta Offline Keyboard download https://malarproject.gitlab.io/tirhuta (Tirhuta Keyboard Online) ................. बौद्ध चर्यापद चर्यापद महाकवि डाक डाकवचन ज्योतिरीश्वर ठाकुर मैथिली धूर्तसमागम विद्यापति व्याडीभक्ति तरङ्गिणी गोरक्षविजयम् शंकरदेव पारिजातहरण रामविजय दैत्यारि ठाकुर श्यामंत हरण यात्रा (अंकिया नाट) लक्ष्मीदेव कुमारहरण नाट शत स्कंध रावण वध (अंकिया नाट) जगत्प्रकाशमल्ल प्रभावतीहरण नाटक सिद्ध नरसिंहमल्ल गीतावली सिद्धि जगत्ज्योतिर्रमल्ल हरगौरी विवाह नाटक कुञ्जविहार नाटक हर्षनाथ झा माधवानन्द नाटक उषाहरण हर्षनाथ काव्यग्रन्थावली (संकलन अमरनाथ झा १८९७-१९५५) रत्नपाणि उषाहरण नाटक श्रीकांत श्रीकृष्ण जन्म रहस्य नन्दीपति कृष्णकेलिमाला गीतमाला कान्हा रामदास गौरीस्वयंवर लाल गौरीस्वयंवर नाटक उमापति पारिजात हरण भानुनाथ प्रभावती हरण देवानन्द उषाहरण रमापति रुक्मणी परिचय उपाध्याय रामदास आनन्द विजयाभिदान नाटिका शिवदत्त गौरीपरिणय सीतास्वयंवर दुर्गाविजय पारिजात नाटक .................... कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा (बाल साहित्य केन्द्रित) मेंहथमे भेल ८२ म सगर राति दीप जरयमे पठित कथा सभक संकलन कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा सखुआवाली (नारी विमर्श केन्द्रित) भपटियाहीमे भेल ८३ म सगर राति दीप जरयमे पठित कथा सभक संकलन सखुआवाली मुंशी रघुनन्दन दास (१८६०-१९४५) (सौजन्य- राधाकृष्णन् दास) सुभद्रा हरण रासबिहारी लाल दास (१८७२-१९४०) (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") सुमति हरिनन्दन दास (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") सुदामा चरित पं रामजी चौधरी (१८७८-१९५२) (सौजन्य- श्री श्रीमोहन चौधरी) विविध भजनावली धनुषधारी दास (१८९५-१९६५) (सौजन्य- पञ्जीकार विद्यानन्द झा) मैथिली में बिहारी ................ डॉ. रामभरोस कापड़ि "भ्रमर" (सौजन्य- रामभरोस कापड़ि भ्रमर) महिषासुर मुर्दावाद एवं अन्य नाटक (१९९७) लोक नाट्य: जट जटिन (२००७) (शोध) हुगली ऊपर बहैत गंगा आ आन कथा (कथा संग्रह) (२००८) भ्रमर मैथिली दीर्घ कविता (हिन्दी अनुवाद-अब बस नहीं) (२००९) मैथिली लोक संस्कृति (नेपाली भाषामे) (२००९) भैया अएलै अपन सोराज (नाटक संग्रह) (२०१०) घरमुहाँ (उपन्यास) (२०१२)- ई बुक वर्जन घरमुँहा (उपन्यास) (२०१२)- प्रिंट वर्जन अनहरियाक चान (गजल संग्रह) (२०१३) चीन जे हम देखल (यात्रा संस्मरण) (२०१४) सूली पर इजोत एवं अन्य नाटक (२०१५) सीमाके आर-पार (यात्रा संस्मरण) (२०१६) युद्धभूमिक एसगर योद्धा (कविता संग्रह) (२०१७) एंटीवायरस (कथा संग्रह) (२०१९) कोरोनाक संत्रासमे ओझरायल जिनगी (लकडाउन डायरी) (२०२०) मिथिलाक लोकजीवन लोकसन्दर्भ (२०२२) सोन्हगर गन्धक अन्वेषी डा. प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन' मैथिली लोक संस्कृति संगोष्ठी स्मारिका (२०१०) आंगन अंक-४ (२०१२) गामघर-३०-०८-२०१८ गामघर-०४-१०-२०१८ गामघर-१६-०५-२०१९ गामघर-२७-०६-२०१९ आँजुर (अंक वर्ष ३६, अंक ३) रामभरोस कापड़ि "भ्रमर"क किछु नाटक मुन्नाजी द्वारा साक्षात्कार पृ. ३२१-३२८ देसिल बयनाक बहन्ने रामलोचन ठाकुर प्रसंग पृ. ३४७-३५७ हमर ज्ञान-पिपाशाक स्रोत: शरदिन्दु चौधरी पृ. ३१-३४ जट जटिन पृ. ५६८-७०५ भैया, अएलै अपन सोराज पृ. ५६८-७०५ आलेख कथा-फ्लैशबैक पृ. ८४-८८ आलेख पृ. पृ. ११७-१२५ आलेख पृ. १२७६-१२९० आलेख पृ. ९७-९८ रायपुर यात्रा प्रसंग पृ. १५०-१५४ सलहेस परिचर्चा रिपोर्ट पृ. ४१-४५ रिपोर्ट पृ. २३१-२४३ रिपोर्ट पृ. ४४५ रिपोर्ट पृ ५६८-६०५ रिपोर्ट पृ. ५८३-५८५ गंगा प्रसादक स्वायत्तता आ हुगलीपर बहैत गंगा पृ. २२३-२२६ गीत पृ. १४४९-१४५० गजल गीत पृ. २११ अन्हारक विरुद्ध आ आजाद गजल पृ. ६१९-६२१) बृषेश चन्द्र लाल (सौजन्य- बृषेश चन्द्र लाल) आन्दोलन (कविता संग्रह) ढोलक (बाल कविता संग्रह) सुम्निमा (अनूदित उपन्यास) मोदिआइन (बी.पी.कोइरालाक कथा) माल्हो (कथा संग्रह) गोलबा (कथा संग्रह) परमेश्वर कापड़ि (सौजन्य- परमेश्वर कापड़ि) धूआ-धजा अंक ७ अंक १४ अंक १५ अंक १६ अंक १८ अंक १० जून २०१२ अंक २४ जून २०१२ २५ जुलाइ २०१२ ०५ अगस्त २०१२ २३ फरबरी २०१६ आसिन २०७३ सुजीत कुमार झा (सौजन्य- सुजीत कुमार झा) रिपोर्टर डायरी (रिपोर्ताज) चिड़ै (लघुकथा-संग्रह) जिद्दी (लघुकथा संग्रह) कोइली घूरि आउ (बाल लघु-विहनि कथा संग्रह) गन्ध (लघु कथा संग्रह) खजुरीबाली (लघु कथा संग्रह) बुलबुल (कथा संग्रह) दूधमती- (नेपाली आ मैथिलीमे) अंक ३१ अंक ३२ अंक ३३ अंक ३४ अंक 35 अंक 36 अंक 37 अंक 38 अंक 39 अंक 40 अंक 41 विन्देश्वर ठाकुर नेपालक नोर मरुभूमिमे विनीत ठाकुर (सौजन्य- विनीत ठाकुर) बाँकी अछि हम्मर दूधक कर्ज संतोष मिश्र (सौजन्य- संतोष मिश्र) पोसपुत (लघुकथा-संग्रह) उदास मोन (लघुकथा-संग्रह) एना-किए (कविता-संग्रह) अएना (संपादन- कविता-संग्रह) कनकमणि दीक्षित (मूल नेपालीसँ मैथिली अनुवाद रूपा धीरू आ धीरेन्द्र प्रेमर्षि, बाल साहित्य) (सौजन्य- धीरेन्द्र प्रेमर्षि) भगता बेङक देश-भ्रमण ... डॉ शशिधर कुमर आ सुप्रिया बेबी कुमारी भूकम्प (पृ. ६३८-६७४) अणिमा सिंह (सौजन्य- नचिकेता) शिशु गीत खेल इलारानी सिंह (सौजन्य- नचिकेता) प्रेम- एक कविता (अनूदित नाटक) अरुन्धती देवी (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") मिथिलाक विदुषी महिला कल्पना झा (सौजन्य- कल्पना झा) गोसाउनिक गीत नशामुक्ति हित गाबी गीत निनियाँ यायावरी- शेफालिका वर्मा (हिन्दी अनुवाद कल्पना झा) मुन्नी कामत (सौजन्य- मुन्नी कामत) सुखल मन तरसल आँखि (पद्य आ गद्य) सुखल मन तरसल आँखि (कविता) अंततः (कविता संग्रह) चुक्का (बाल कथा संग्रह) नीता झा (सौजन्य- नीता झा) बिलाइ मौसी (बाल लघुकथा संग्रह) शेफालिका वर्मा (सौजन्य- शेफालिका वर्मा) यायावरी (यात्रावृत्तान्त) यायावरी (हिन्दी अनुवाद- कल्पना झा) अर्थयुग (लघुकथा संग्रह) एकटा अकास (लघुकथा संग्रह) भावांजलि (गद्य गीत) किस्त-किस्त जीवन (आत्म कथा) आखर-आखर प्रीत नागफांस (उपन्यास) Naagphans (In English) विभा रानी विभा रानीक दूटा नाटक (भाग रौ आ बलचन्दा) पन्ना झा (सौजन्य- नरेन्द्र झा) अनुभूति (लघुकथा स‍ंग्रह) सुशीला झा (सौजन्य- प्रभा खेतान/ सुशीला झा) छिन्नमस्ता- प्रभा खेतानक हिन्दी उपन्यासक मैथिली अनुवाद डॉ. ललिता झा (सौजन्य- ललिता झा) मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली डॉ. कामिनी कामायनी विदेह:सदेह ३१ (डॉ. कामिनी कामायनी आ कुमार मनोज कश्यप- अंक १-३५० सँ) प्रीति ठाकुर गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा -पहिल मैथिली चित्रकथा (बाल साहित्य) मैथिली चित्रकथा (बाल साहित्य) मिथिलाक लोकदेवता (बाल साहित्य) विद्यापतिक पुरुष परीक्षा (बाल साहित्य) रेस (अनुवाद- बाल चित्रकथा) ए बी सी डी- प्रकृति अक्षर पोथी (अनुवाद- बाल चित्रकथा) सभ खाइत अछि (अनुवाद- बाल चित्रकथा) बो म्याउ बाह (अनुवाद- बाल चित्रकथा) रङ सभ (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (०६) छोट आ पैघ (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (०७) माल-जाल आ जानवर दिस देखू (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (१७) हमर परिवार (अनुवाद- बाल चित्रकथा) जानवर (अनुवाद- बाल चित्रकथा) पोथी १३: १...२...३... (अनुवाद- बाल चित्रकथा) बाजाक अबाज (अनुवाद- बाल चित्रकथा) नीतू कुमारी मैथिली चित्रकथा ( बाल साहित्य) किरण चौधरी (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) पिसी संग हम हमर बाल-वाड़ी आर्या कॉकपिट मे दीपा करमाकर- सही संतुलन मे जंगल मे अहाँक स्वागत अछि व्हेल छथि आकाश मे भैया के मुस्कान के चोरौलक बीज संचयक अचंभित करय "फिबोनाची" शौचालयक खिस्सा लाल बरसाती गुल्लीक जादुई पेटी समीराक विकठ भोजन विवाह मे जाई छी प्रियंका झा (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमर माँछ! नै हमर माँछ! रश्मि प्रिया (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) कैयो सकै छी, नहियो कऽ सकै छी सुनीता ठाकुर (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) बण्टी आ बबली नीलिमा चौधरी (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमर सभसँ नीक संगी स्वास्तिका ठाकुर (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) गप्पू बुते नाचल नै होइ छै तूलिका (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमरा ओ चाही! मधूलिका मिश्र (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) ओंघाइत भीमा लक्ष्मी ठाकुर जानवर सभ संगे भेँट-घाँट पूनम मण्डल सुतै कालक खिस्सा .................. राधाकृष्ण चौधरी (सौजन्य- प्रभात कुमार चौधरी/ IGNCA) मिथिलाक इतिहास A Survey of Maithili Literature The Political and Cultural Heritage of Mithila Mithila in the Age of Vidyapati सुभाष चन्द्र यादव (सौजन्य- सुभाष चन्द्र यादव) राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ (नित नवल राजकमल) बनैत बिगड़ैत (लघुकथा संग्रह) गुलो रमता जोगी मडर भोट गुलो: कला आ भाषा (सम्पादक तारानन्द वियोगी आ केदार कानन) नित नवल सुभाष चन्द्र यादव (लेखक गजेन्द्र ठाकुर) नित नवल सुभाष चन्द्र यादव (मिथिलाक्षर) अशोक (सौजन्य- अशोक आ शिवशंकर श्रीनिवास) चक्रव्यूह (कविता संग्रह) (१९८६) त्रिकोण (कथा संग्रह) (१९८६) ओहि रातिक भोर (कथा संग्रह) (१९९१) मातबर (कथा संग्रह) (२००१) संवाद (साक्षात्कार संग्रह) (२००७) आँखिमे बसल (यात्रा कथा) (२०१३) बात-विचार (आलोचना) (२०१५) डैडीगाम (कथा संग्रह) (२०१७) अशोक-सेलेक्शन्स (विविध) अशोक-नव कविता नीक दिनक बाइस्कोप (व्यंग्य संग्रह) (२०१८) मुन्ना जी द्वारा साक्षात्कार (पृ. ३८२-३८५) बनैत कम बिगड़ैत बेसी (पृ. २०२३-२०३१) सम्पादक राजनन्दन लाल दास आ कर्णामृत (पृ. ११९-१२२) रामलोचन ठाकुरक कविता पढ़ैत (पृ. ३२७-३४१) केदार नाथ चौधरीक उपन्यास (पृ. १०१-१०६) शरदिन्दुजी (पृ. ७०-७३) सुधांशु शेखर चौधरी (सौजन्य- शरदिन्दु चौधरी) शेखर रचित गजल ओ गीत शरदिन्दु चौधरी (सौजन्य- शरदिन्दु चौधरी) जँ हम जनितहुँ (२००२) बड़ अजगुत देखल (२००५) गोबरगणेश (२०११) करिया कक्काक कोरामिन (२०१६) बात-बातपर बात खण्ड-१ (२०१९) मर्मान्तक-शब्दानुभूति (बात-बातपर बात खण्ड-२) (२०२०) हमर अभाग: हुनक नहि दोष (बात-बातपर बात-३) (२०२१) साक्षात् (बात-बातपर बात-४) (२०२१) विदेह शरदिन्दु चौधरी विशेषांक काशीकान्त मिश्र मधुप विदेह काशीकांत मिश्र मधुप विशेषांक राजनन्दन लाल दास विदेह राजनन्दन लाल दास विशेषांक प्रेमलता मिश्र प्रेम विदेह प्रेमलता मिश्र प्रेम विशेषांक रवीन्द्र नाथ ठाकुर विदेह रवीन्द्र नाथ ठाकुर विशेषांक कलानन्द भट्ट (सौजन्य- केदार कानन) कान्ह पर लहास हमर मैथिली गजल संग्रह अनुलग्नक-कोसी कॉलोनी सँ किशन कुटीर धरि मायानन्द मिश्र (सौजन्य- केदार कानन) अवांतर (गजल-गीतल) केदार कानन (सौजन्य केदार कानन/ CIIL) सृजन केर दीप पर्व- सं किशुन समग्र-१ (सम्पादक केदार कानन आ रमण कुमार सिंह) किशुन समग्र-२ (सम्पादक केदार कानन आ रमण कुमार सिंह) महेन्द्र (CIIL) जुआयल कनकनी बाबा बैद्यनाथ (सौजन्य- बाबा बैद्यनाथ) पहरा इमानपर (गजल संग्रह) अरविन्द ठाकुर (सौजन्य- अरविन्द ठाकुर/ CIIL) परती टूटि रहल अछि (कविता संग्रह) अन्हारक विरोध मे (लघु कथा संग्रह) बहुरुपिया प्रदेश मे (गजल संग्रह) सृजन केर दीप पर्व- सं विदेह अरविन्द ठाकुर विशेषांक नरेन्द्र झा (सौजन्य- नरेन्द्र झा) विकास ओ अर्थतंत्र राजेश्वर झा (मैथिली साहित्य संस्थान आर्काइव) मिथिलाक्षरक उद्भव ओ विकास सुरेन्द्र झा सुमन (आर्काइव डॊट कॊम) दत्त-वती (मूल) गोविंद झा ((IGNCA Site आर्काइव) Maithili-English Dictionary रामदेव झा (सौजन्य- शंकरदेव झा) सव्यसाची (अभिनन्दन ग्रन्थ) मैथिली शब्द संचय दत्त-वतीक वस्तु कौशल डॊ शैलेन्द्र मोहन झा (आर्काइव डॊट कॊम/ CIIL) परिचय निचय मैथिली गद्य संग्रह- सं रमानाथ झा (CIIL Site आर्काइव) प्रबन्ध संग्रह रमानाथ मिश्र "मिहिर" (आर्काइव डॊट कॊम) मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश आनन्द मिश्र (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") मिथिला भाषाक सुबोध व्याकरण श्यामानन्द झा (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") मैथिली गीत चन्द्रिका मैथिली संदेश (विभिन्न कविक कविता-सम्पादित) भवप्रीतानन्द ओझा (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") पदावली गणनाथ-विन्ध्यनाथ पदावली (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") गणनाथ-विन्ध्यनाथ पदावली रूपनारायण झा "राकेश" (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") मनमोहन लड्डू भोला लाल दास (आर्काइव डॊट कॊम) मैथिली सुबोध व्याकरण खड्ग वल्लभ दास 'स्वजन' (सौजन्य- हेमन्त दास "हिम") सीता-शील डॉ. मदनेश्वर मिश्र (सौजन्य- पञ्जीकार विद्यानन्द झा) एक छलीह महारानी यात्री (नागार्जुन) (सौजन्य- मिथिला सांस्कृतिक परिषद) बलचनमा कालीकान्त झा "बूच" कलानिधि- कविता-संग्रह उपेन्द्रनाथ झा "व्यास" (सौजन्य- मयंक झा) रूबाइयात-ए-ओमर खैयाम (मैथिली पद्यानुवाद) प्रतीक (कविता संग्रह) संन्यासी (काव्य) रमेश नारायण (सौजन्य- शेफालिका वर्मा) पाथरक नाव (लघुकथा संग्रह) गोपालजी झा "गोपेश" (सौजन्य- गोपालजी झा "गोपेश") गुम्म भेल ठाढ़ छी विजय नाथ झा (सौजन्य- विजय नाथ झा) अहींक लेल (गीत-गजल संग्रह) नगेन्द्र कुमर (सौजन्य- प्रसन्न कुमार झा) ससरफानी प्रबोध नारायण सिंह (सौजन्य- नचिकेता) अन्हेर नगरी (अनुवाद) चयनिका (सम्पादन) वैजयन्ती (कविता) हाथीक दाँत टटका गप (सम्पादित कथा संकलन) प्रेमक रोग (नाटक) अमरनाथ (सौजन्य- अमरनाथ) क्षणिका- विहनि कथा संग्रह प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन' पंचदेवोपासक भूमि मिथिला पृ. १००१-१०८० डॉ. गंगेश गुंजन (सौजन्य- गंगेश गुंजन) राधा (१-३०) पृ. १३७३-१५८० प्रथम-चौबटिया-नाटक (बुधिबधिया) नाटक आइ भोर कथा-संग्रह उचितवक्ता गीत-गजल दुखक दुपहरिया कमलधर दास (सौजन्य- कमलधर दास) मैथिल कर्ण कायस्थक गोत्र, प्रवर, मूल आ वैवाहिक सम्बन्ध कीर्तिनारायण मिश्र (सौजन्य- कीर्तिनारायण मिश्र) ध्वस्त होइत शान्ति स्तूप सीमान्त आदमीकेँ जोहैत अपन एकान्त मे लल्लन प्रसाद ठाकुर (सौजन्य- कुसुम ठाकुर) लौंगिया मिरचाइ कुसुम ठाकुर प्रत्यावर्तन (आत्मकथा)(पृ. ४५९-५७२) राजनाथ मिश्र Mithila_Painting-Modern Art-Photos प्रेमशंकर सिंह मैथिली भाषा साहित्य:बीसम शताब्दी (आलोचना) डॉ. रमण झा (सौजन्य- रमण झा) मैथिली काव्यमे अलङ्कार अलङ्कार-भास्कर मैथिली काव्यमे ज्योतिष भिन्न-अभिन्न डॉ. रमानन्द झा 'रमण' (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण"/ CIIL Site आर्काइव) हिआओल सगर राति दीप जरय राजू आ टाकाक गाछ (अनुवाद) अखियासल केदार नाथ चौधरी (सौजन्य- केदार नाथ चौधरी) चमेलीरानी माहुर करार अबारा नहितन अयना हीना विदेह केदार नाथ चौधरी विशेषांक योगेन्द्र पाठक "वियोगी" (सौजन्य- योगेन्द्र पाठक "वियोगी") विज्ञानक बतकही विज्ञानक बतकही भाग-२ नरक विजय (सम्पूर्ण) नरक विजय (संशोधित) हमर गाम (बाल उपन्यास) पिरामिडक देशमे अकटा मिसिया (कथा संग्रह) रोबोट (अनूदित साइंस-फिक्शन नाटक) किछु तीत मधुर (यात्रा वृत्तांत) सुशील (सौजन्य- सुशील) घराड़ी (उपन्यास) (१९७३) गामबाली (उपन्यास) (१९८२) भामती (नाटक) (पहिल मंचन १९९१, प्रकाशन २०१३) अस्मिता (लघुकथा संग्रह) (२०१६) कामेश्वर झा 'कमल' (सौजन्य- नबोनारायण मिश्र) कमल-ताल (गीत संग्रह) रामलोचन ठाकुर (सौजन्य- रामलोचन ठाकुर) आँखि मुनने आँखि खोलने (संस्मरण) स्मृतिक धोखरल रंग (संस्मरण) अपूर्वा (कविता संग्रह) इतिहासहन्ता (कविता संग्रह) देशक नाम छलै सोन चिड़ैया (कविता संग्रह) लाख प्रश्न अनुत्तरित (कविता संग्रह) प्रतिध्वनि (विदेशी भाषाक कविताक मैथिली रूपान्तरण) पद्मानदीक माझी (अनूदित उपन्यास) मैथिली लोककथा आजुक कविता (सम्पादित कविता संग्रह) बेताल कथा (हास्य-व्यंग) देसिल बयना (अख़बार) विदेह रामलोचन ठाकुर विशेषांक डॉ. देवशंकर नवीन (सौजन्य- देवशंकर नवीन) आधुनिक साहित्यक परिदृश्य डॉ बचेश्वर झा निवन्ध-निकुञ्ज कीर्तिनाथ झा (सौजन्य- कीर्तिनाथ झा) कुरल: मैथिली भावानुवाद जगदीश चन्द्र ठाकुर "अनिल" (सौजन्य- जगदीश चन्द्र ठाकुर "अनिल") आँखिमे चित्र हो मैथिली केर (आत्मकथा- जारी) धारक ओइ पार (दीर्घ कविता) गीत गंगा (गीत संग्रह) गजल गंगा (गजल संग्रह) तोरा अंगना मे (गीत संग्रह) तोरा अंगना मे (गीत संग्रह)- मूल विदेह जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक राज किशोर मिश्र चाननि (कविता संग्रह) सप्तपर्ण (कविता संग्रह) रबीन्द्र नारायण मिश्र (सौजन्य- रबीन्द्र नारायण मिश्र) भोरसँ साँझ धरि (आत्म कथा) प्रसंगवश (निवंध) स्वर्ग एतहि अछि (यात्रा प्रसंग) फसाद (कथा संग्रह) नमस्तस्यै (उपन्यास) विविध प्रसंग (निवंध) महराज (उपन्यास) लजकोटर (उपन्यास) सीमाक ओहि पार (उपन्यास) समाधान (निवंध संग्रह) मातृभूमि (उपन्यास) स्वप्नलोक (उपन्यास) शंखनाद (उपन्यास) इएह थिक जीवन (संस्मरण) ढहैत देबाल (उपन्यास) पाथेय (संस्मरण) हम आबि रहल छी (उपन्यास) प्रलयक परात (उपन्यास) बीति गेल समय (उपन्यास) प्रतिबिम्ब (उपन्यास) बदलि रहल अछि सभ किछु (उपन्यास) राष्ट्र मंदिर (उपन्यास) संयोग (कथा संग्रह) नाचि रहल छलि वसुधा (उपन्यास) नन्द कुमार मिश्र 'नन्द' (सौजन्य- नन्द कुमार मिश्र 'नन्द') गामघर (कथा संग्रह) सुजाता (उपन्यास) महारानी कैकेयी (प्रवचनात्मक निबन्ध) गुदरीक लाल (उपन्यास) अनठिया कुकुर (उपन्यास) आडम्बर (कथा संग्रह) दिल्लीक पार्क (शब्द चित्र) सुकन्या (उपन्यास) स्वर्ण कमल (बाल उपन्यास) काव्य सरिता (मैथिली काव्य संग्रह) परिवार (संस्मरणात्मक उपन्यास) याचक के नञि (मैथिली शब्द-चित्र) तारानन्द वियोगी (सौजन्य- तारानन्द वियोगी) प्रलय रहस्य सत्यानन्द पाठक (सौजन्य- सत्यानन्द पाठक) हमर गाम डॉ. उदय नारायण सिं‍ह "नचिकेता" (सौजन्य- नचिकेता) नो एण्ट्री : मा प्रविश आन्दोलन एक छल राजा जनक आ' अन्यान्य एकांकी नाटक क लेल नायक क नाम जीवन प्रत्यावर्त्तन रामलीला प्रियंवदा (एकांकी) मैथिली कविता-त्रैमासिक (अप्रैल १९६९) मैथिली कविता-त्रैमासिक (जुलाइ १९६९) रवि भूषण पाठक रिहर्सल (नाटक) विदेह:सदेह २९ (रवि भूषण पाठक आ डॉ. कैलाश कुमार मिश्र- अंक १-३५० सँ) विदेह:सदेह २७ (गजेन्द्र ठाकुर आ रवि भूषण पाठकक आन भाषासँ अनूदित गद्य आ पद्य- अंक १-३५० सँ) डॉ. कैलाश कुमार मिश्र विदेह:सदेह २९ (रवि भूषण पाठक आ डॉ. कैलाश कुमार मिश्र- अंक १-३५० सँ) कुमार मनोज कश्यप विदेह:सदेह ३१ (डॉ. कामिनी कामायनी आ कुमार मनोज कश्यप- अंक १-३५० सँ) डॉ. शम्भु कुमार सिंह (तुकाराम रामा शेटक कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद डॉ शम्भु कुमार सिंह द्वारा) पाखलो विदेह:सदेह २६ (डॉ शम्भु कुमार सिंह आ डॉ अरुण कुमार सिंह अंक १-३५० सँ) डॉ. अरुण कुमार सिंह विदेह:सदेह २६ (डॉ शम्भु कुमार सिंह आ डॉ अरुण कुमार सिंह अंक १-३५० सँ) कुमार पवन (सौजन्य- अंतिका) पइठ (मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ कथा) डायरीक खाली पन्ना केशव भारद्वाज अजगुत अफ्रीका (अफ्रीका डायरी) पृ. २१४-४६६ किछु पढ़ल आ किछु सुनल- ईदी अमीन पृ. ४८८-५४८ खेलौना पृ. ४६७-४८७ पैबन्द पृ. ५४९-७९८ किछु कथा ५०-४६३ गोपाल झा 'अभिषेक' (सौजन्य- गोपाल झा 'अभिषेक') आउ स्वप्न साझी करी (कविता संग्रह) आमोद कुमार झा (सौजन्य- आमोद कुमार झा) बिम्बक पथार (कविता संग्रह) आशीष अनचिन्हार संदर्भ सहित (गजल-आलोचना) कुमारि इच्छा (गजल संग्रह) जंघाजोड़ी (गजल संग्रह) अनचिन्हार आखर (गजल, रुबाइ आ कताक संग्रह) मैथिली गजलक व्याकरण ओ इतिहास मैथिली वेब पत्रकारिताक इतिहास (अनुलग्नक: अंतिका आलेख:अंतर्जाल आ मैथिली: गजेन्द्र ठाकुर ) मैथिली गजलक रेडी रेकोनर शब्द-अर्थ-शक्ति मुन्नाजी मोकाम दिस (बीहनि कथा संग्रह) प्रतीक (विहनि कथा संग्रह) माँझ आंगनमे कतिआएल छी (मैथिली गजल संग्रह) हम पुछैत छी (साक्षात्कार) तीन टा बाल नाटक (मैथिली बाल साहित्य) खुरलुच्ची (मैथिली बाल कविता- बाल साहित्य) घाह (हाइकू-टंका संग्रह) सन्दीप कुमार साफी बैशाखमे दलानपर ओम प्रकाश झा कियो बूझि नै सकल हमरा (गजल, रुबाइ आ कता संग्रह) अमित मिश्र नव अंशु (गजल-हजल, रुबाइ संकलन) चन्दन कुमार झा मोनक बात (गजल, हजल,बाल गजल, रुबाइ आ कताक संकलन) डॉ. अनमोल झा समय साक्षी थिक (विहनि कथा संग्रह) ई जे समय अछि (विहनि कथा संग्रह) बिनय भूषण (सौजन्य- आशीष अनचिन्हार) उजरा परवाक खोज (कविता संग्रह) आनन्द कुमार झा टाकाक मोल (नाटक) कलह (नाटक) बदलैत समाज (नाटक) धधाइत नवकी कनियाँक लहास (नाटक) हठात् परिवर्तन (नाटक) मुक्ति यात्रा (नाटक) शिव कुमार झा "टिल्लू" क्षणप्रभा-कविता-संग्रह अंशु-समालोचना देवांशु वत्स नताशा -मैथिली बाल चित्रशृंखला (कौमिक्स) डॉ. विनीत उत्पल हम पुछैत छी (कविता संग्रह) रेहन पर रग्घू - काशीनाथ सि‍ंहक हिन्दी उपन्यासक विनीत उत्पल द्वारा मैथिली अनुवाद मन्त्रद्रष्टाऋष्यश्रृङ्ग- लेखक हरिशंकरश्रीवास्तव "शलभ" (हिन्दीसं मैथिली अनुवाद विनीत उत्पल द्वारा) मोहनदास- उदय प्रकाशक हिन्दी उपन्यासक विनीत उत्पल द्वारा मैथिली अनुवाद मोहनदास (मैथिली-देवनागरी) मोहनदास (मैथिली-मिथिलाक्षर) मोहनदास (मैथिली-ब्रेल) जगदानन्द झा "मनु" (सौजन्य- जगदानन्द झा "मनु") नढ़िया भुकैए हमर घराड़ीपर (गजल संग्रह) तोहर कतेक रंग (विहनि कथा संग्रह) चोनहा- (बाल उपन्यास) व्यथा- (कविता-गीत संग्रह) राजदेव मण्डल अम्बरा-कविता-संग्रह हमर टोल (उपन्यास) बसुंधरा(कविता संग्रह) जाल (पटकथा) लाज (एकांकी) जल भंवर (उपन्यास) त्रिवेणीक रंग (विहनि आ लघु कथा संग्रह) पंचैती (लघु पटकथा) वापसी Rajdeo Mandal- Maithili Writer by Gajendra Thakur दुर्गानन्द मण्डल संचयिका कथा कुसुम (विहनि आ लघु कथा संग्रह) चक्षु राम विलास साहु अंकुर- लघुकथा संग्रह रथक चक्का उलटि चलै बाट (कविता/ टनका संग्रह) कर्म बिनु जग सुन्ना (दोसर कविता/ टनका संग्रह) स्कूलक खिचड़ी (विहनि/ लघु कथा संग्रह) दूधबेचनी (लघु कथा संग्रह) मनक मैल नारायण यादव (सौजन्य- उमेश मण्डल) खाली घर रामदेव प्रसाद मण्डल "झारूदार" हमरा बिनु जगत सूना छै गीतांजलि झारू कपिलेश्वर राउत उलहन (विहनि - लघु कथा संग्रह) नंद विलास राय सखारी-पेटारी(लघुकथा संग्रह) मदन अमर (दोसर लघु कथा संग्रह) मरजादक भोज (तेसर लघुकथा संग्रह) भरदुतिया छठिक डाला हमर चारूधाम ललन कुमार कामत (सौजन्य- उमेश मण्डल) किछु विहनि आ लघुकथा उमेश पासवान वर्णित रस बेचन ठाकुर बेटीक अपमान आ छीनरदेवी (नाटक) बाप भेल पित्ती आ अधिकार (नाटक) बिसवासघात (नाटक) ऊँच-नीच (नाटक) भोँट (नाटक) डॉ. उमेश मण्डल जगदीश प्रसाद मण्डलक काव्य संसार (अनुसन्धान विश्लेषण) अभ्यन्तर (संकलन-सम्पादन) हेन्डबुक सँ फेसबुक धरि (संकलन-सम्पादन) जेतए ने जाए कवि ओतए जाए अनुभवी (संकलन-सम्पादन) निर्विकल्प (संकलन-सम्पादन) समस्या सँ समाधान धरि (संकलन-सम्पादन) निश्तुकी- कविता संग्रह मिथिलाक संस्कार गीत, विध-व्यवहार गीत आ गीतनाद (संकलन) मिथिलाक वनस्पति स्लाइड शो मिथिलाक जीव-जन्तु स्लाइड शो मिथिलाक जिनगी स्लाइड शो Mithila_Painting-Modern Art-Photos सगर राति दीप जरय- इतिहास सगर राति दीप जरय- आरती कुमारी फाइल दुध-पानि फराक-फराक (कथा एवं पाण्डुलिपि जगदीश प्रसाद मण्डल)-(छाया एवं सम्पादन- उमेश मण्डल) हिन्दुस्तानी मुसलमान और हिन्दुस्तानियत - मूल हिन्दी लेख- गीतेश शर्मा, मैथिली अनुवाद- उमेश मण्डल उमेश मण्डल द्वारा मैथिली लेखकक रचना संसारसँ बीछल विचारक पाम्फलेटक पोथी जगदीश प्रसाद मण्डल राजदेव मण्डल डॊ. शिव कुमार प्रसाद रामदेव प्रसाद मण्डल "झारूदार"  राम विलास साहु नन्दविलास राय कपिलेश्वर राउत प्रीतम कुमार निषाद मिथिलाक सभ जाति आ धर्मक संस्कार, लोकगीत आ व्यवहार गीत (सौजन्य: उमेश मंडल) 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 ................ जगदीश प्रसाद मण्डल गामक जिनगी (लघुकथा संग्रह) मिथिलाक बेटी (नाटक) मौलाइल गाछक फूल (उपन्यास) जिनगीक जीत (उपन्यास) उत्थान-पतन (उपन्यास) जीबन-मरन (उपन्यास) जीवन-संघर्ष (उपन्यास) तरेगन (बाल प्रेरक विहनि कथा संग्रह) पंचवटी (एकांकी-संचयन) अर्द्धांगि‍नी..सरोजनी.. सुभद्रा.. भाइक सिनेह इत्‍यादि (लघुकथा संग्रह) कम्प्रोमाइज (नाटक) झमेलिया बिआह (नाटक) इन्द्रधनुषी अकास (पद्य संग्रह) शंभुदास (तीनटा दीर्घ कथा मइटुग्गर, शंभुदास आ फाँसी) गीतांजलि (गीत संग्रह) राति-दिन (कविता संग्रह) सतभैंया पोखरि (लघु कथा संग्रह) तीन जेठ एगारहम माघ (गीत संग्रह) बजन्ता-बुझन्ता (विहनि कथा संग्रह) रत्नाकर डकैत (नाटक) बड़की बहिन (उपन्यास) भकमोड़ (लघुकथा संग्रह) उलबा चाउर (लघुकथा संग्रह) सरिता (कविता संग्रह) सुखाएल पोखरिक जाइठ (गीत संग्रह) नै धाड़ैए (बाल उपन्यास) स्वयंवर (नाटक) पतझाड़ (लघु कथा संग्रह) फलहार (लघु कथा संग्रह) गामक शकल सूरत (लघु कथा संग्रह) लजबिजी (लघु कथा संग्रह) बटेसर काका (लघु कथा संग्रह) आमक गाछी अप्पन गाम दिवालीक दीप पंचदेव सीरीज पंचदेव-१  पंचदेव-२  पंचदेव-३  पंचदेव-४  पंचदेव-५  पंचदेव-६  पंचदेव-७  पंचदेव-८  पंचदेव-९  पंचदेव-१०  पंचदेव-२०  पंचदेव-३०  पंचदेव-४०  पंचदेव-५०  पंचदेव-६०  पंचदेव-७०  पंचदेव-८०  पंचदेव-९०  पंचदेव-१०० दुध-पानि फराक-फराक (कथा एवं पाण्डुलिपि जगदीश प्रसाद मण्डल)- (छाया एवं सम्पादन- उमेश मण्डल) जगदीश प्रसाद मण्डल जीक ६५ टा पोथीक नव संस्करण विदेहक २३३ (Videha_01_09_2017) सँ २५० (Videha_15_05_2018 ) धरिक अंकमे धारावाहिक प्रकाशन नीचाँक लिंकपर पढ़ू:- VIDEHA_233 VIDEHA_234 VIDEHA_235 VIDEHA_236 VIDEHA_237 VIDEHA_238 VIDEHA_239 VIDEHA_240 VIDEHA_241 VIDEHA_242 VIDEHA_243 VIDEHA_244 VIDEHA_245 VIDEHA_246 VIDEHA_247 VIDEHA_248 VIDEHA_249 VIDEHA_250 पंगु (उपन्यास)- साहित्य अकादेमी मूल पुरस्कार २०२१ सँ सम्मानित पोथी पंगु (हिन्दी अनुवाद रामेश्वर प्रसाद मण्डल) डॉ. शशिधर कुमर उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम (भाग १-२) (पृ. १०५४-१०९५) खिस्सा अण्टार्कटिका केर (पृ. १०५४-१०९५) बाल कविता (पृ. ९९३-१२१५) बाल कविता (पृ. १००४-११७३) सचित्र बाल कविता (पृ. ७४७-८३४) सचित्र बाल कविता (पृ. १४६८-१८५०) .................. गजेन्द्र ठाकुर तेलुगु कथा आ ओड़िया, तेलुगु, गुजराती, भोजपुरी आ कश्मीरी कविता तेलुगु कथा आ ओड़िया, तेलुगु, गुजराती, भोजपुरी आ कश्मीरी कविता (मिथिलाक्षर) मैथिली समीक्षाशास्त्र मैथिली समीक्षाशास्त्र (तिरहुता) मैथिली समीक्षाशास्त्र (भाग-२, अनुप्रयोग) मैथिली प्रतियोगिता प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना भाग-१ प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना भाग दू (कुरुक्षेत्रम अन्तर्मनक-२) प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना (भाग-२, कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक खण्ड-८) (संक्षिप्त) नित नवल दिनेश कुमार मिश्र नित नवल दिनेश कुमार मिश्र (मिथिलाक्षर) नित नवल दिनेश कुमार मिश्र (कैथी) नित नवल दिनेश कुमार मिश्र (नेवाड़ी) नित नवल दिनेश कुमार मिश्र (IPA) दूषण पञ्जी- The Black Book दूषण पञ्जी- The Black Book (मिथिलाक्षर) पर्वत ऊपर भमरा जे सूतल (बीहनि, लघु आ दीर्घ कथा संग्रह) पर्वत ऊपर भमरा जे सूतल (मिथिलाक्षर) पर्वत ऊपर भमरा जे सूतल (कैथी) पर्वत ऊपर भमरा जे सूतल (नेवाड़ी) पर्वत ऊपर भमरा जे सूतल (IPA) The_Science_of_Words Rajdeo Mandal- Maithili Writer (Now with Supplement I & II) नित नवल सुभाष चन्द्र यादव नित नवल सुभाष चन्द्र यादव (मिथिलाक्षर) जगदीश प्रसाद मण्डल- एकटा बायोग्राफी गंगा ब्रिज (नाटक) उल्कामुख (नाटक) संकर्षण (नाटक) धांगि बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ (रुबाइ, कता आ गजल संग्रह) सहस्रजित् (पद्य संग्रह) सहस्राब्दीक चौपड़पर (पद्य संग्रह) त्वञ्चाहञ्च आ असञ्जाति मन (दूटा गीत प्रबन्ध) सहस्रबाढ़नि (उपन्यास) सहस्रबाढ़नि_ब्रेल-मैथिली (मैथिलीक पहिल ब्रेल पोथी) सहस्रशीर्षा (उपन्यास) गल्प-गुच्छ (विहनि आ लघु कथा संग्रह) शब्दशास्त्रम् (लघुकथा संग्रह) बाल मण्डली/ किशोर जगत (बाल नाटक, लघुकथा, कविता आदि) कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक देवनागरी वर्सन तिरहुता वर्सन ब्रेल वर्सन Learn Mithilakshar Script Learn Braille through Mithilakshar Script Learn International Phonetic Script through Mithilakshar Script Learn Kaithi Learn Newari Learn Calligraphic Newari (Ranjana) Learn Urdu Script Learn Tibetan Script Learn Japanese Script for Haiku Learn Brahmi Learn Kharoshthi मिथिला रत्न/ मिथिला चित्रकला/ मिथिलाक पाबनि तिहार (कथा) आ मिथिलाक संगीत जलोदीप (बाल-नाटक संग्रह) अक्षरमुष्टिका (बाल-लघुकथा संग्रह) बाङक बङौरा (बाल-पद्य संग्रह) नाराशंसी (गीत-प्रबन्ध) मचण्ड (नाटक) बाल साहित्य (मूल)- गजेन्द्र ठाकुर भऽ जाएब छू(मैथिलीक २०१२ मे प्रकाशित पहिल क्लाइमेट-फिक्शन प्ले- Maithili's first climate-fiction play originally published in 2012) कमलाक भगता तरहरिमे परीलोक बेसी छुट्टी कम इसकूल बड़द करैए दाउन ने यौ बाल गजल फिनिश लाइन अनूदित साहित्य (आन भाषासँ)- गजेन्द्र ठाकुर विदेह:सदेह २७ (गजेन्द्र ठाकुर आ रवि भूषण पाठकक आन भाषासँ अनूदित गद्य आ पद्य- अंक १-३५० सँ) बाल साहित्य (अनुवाद- द्विभाषिक- मैथिली-अंग्रेजी)- गजेन्द्र ठाकुर मसाई केर परिवर्तनकारी रेबेका शेष ४० टा बाल चित्र-पोथी नीचाँक लिंकपर:- सुनू घर सभ एकटा नीक दिन चलू हम तँ ठीक छी ने! की अहाँ ऐ चिड़ै सभकेँ देखने छी? टोस्ट बड़ीटा! कनियेटा! एतऽ हम सभ रहै छी भारतोल्लक राजकुमारी भारतोल्लक राजकुमारी (बिनु शब्दक) वुयो कच-कच कचाक चुन्नू-मुन्नूक नहेनाइ नेना जे बैलूनसँ डेराइत छल अद्भुत फिबोनाची अंक-शृंखला हारू अखन नै, अखन नै! जन्मदिनक उत्सव भोज मोट राजा पातर-दुब्बड़ कुकुड़ बचिया जे अपन हँसी नै रोकि सकैत छलि अंग्रेजी हम सूंघि सकै छी छोट लाल-टुहटुह डोरी करू नीक, भोगू नीक ई सभटा बिलाड़िक दोख अछि! चोभा आम! हमर टोलक बाट जखन इकड़ू स्कूल गेल माछी फेर आउ टाटा! अमाचीक जुलुम मशीन सभ टिंग टोंग पाउ-म्याऊ-वाह कुकुड़क एकटा दिन हमरा नीक लगैए रीताक नव-स्कूलमे पहिल दिन कनी हँसियौ ने! लाल बरसाती भूत-प्रेतक नाट्यशाला आउ पएर गानी कतऽ अछि ई अंक ५? विदेह मैथिली-अंग्रेजी टॉकिंग रीड-अलाउड ऑडियो बुक https://bloomlibrary.org/player/Wcf6zr5CoF (मसाई केर परिवर्तनकारी रेबेका) https://bloomlibrary.org/player/p3sHdYBgiT (चलू हम तँ ठीक छी ने!) https://bloomlibrary.org/player/f19pSdhGMo (एकटा नीक दिन) https://bloomlibrary.org/player/b2l5wesxCp (घर सभ) https://bloomlibrary.org/player/dAzC0Fubt7 (की अहाँ ऐ चिड़ै सभकेँ देखने छी?) NTA-UGC/ UPSC/ BPSC Maithili Optional- गजेन्द्र ठाकुर मैथिली समीक्षाशास्त्र मैथिली समीक्षाशास्त्र (तिरहुता) मैथिली समीक्षाशास्त्र (भाग-२, अनुप्रयोग) मैथिली प्रतियोगिता [Place of Maithili in Indo-European Language Family/ Origin and development of Maithili language (Sanskrit, Prakrit, Avhatt, Maithili) भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान/ मैथिली भाषाक उद्भव ओ विकास (संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली)] (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतय समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होयत, लेखनीमे प्रवाह आयत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भय सकत।) (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) (तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास) अनुलग्नक-१-२-३    अनुलग्नक- ४-५ (मैथिली आ दोसर पुबरिया भाषाक बीचमे सम्बन्ध (बांग्ला, असमिया आ ओड़िया) [यू.पी.एस.सी. सिलेबस, पत्र-१, भाग-"ए", क्रम-५]) [मैथिली आ हिन्दी/ बांग्ला/ भोजपुरी/ मगही/ संथाली- बिहार लोक सेवा आयोग (बी.पी.एस.सी.) केर सिविल सेवा परीक्षाक मैथिली (ऐच्छिक) विषय लेल] NTA_UGC_NET_Maithili_01- गजेन्द्र ठाकुर NTA_UGC_NET_Maithili_02- गजेन्द्र ठाकुर Test Series-1- गजेन्द्र ठाकुर Test Series-2- गजेन्द्र ठाकुर GS (Pre) Topic 1 - गजेन्द्र ठाकुर गजेन्द्र ठाकुर (सम्पादन) विदेह-सदेह १-२५ www.videha.co.in  विदेह ई-पत्रिकाक अंक १-३५० सँ- मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ गद्य आ पद्यक एकटा समानान्तर संकलन देवनागरी मिथिलाक्षर विदेह:सदेह १ विदेह: सदेह १ तिरहुता विदेह:सदेह २ मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना विदेह: सदेह २ तिरहुता विदेह:सदेह ३ मैथिली पद्य विदेह: सदेह ३ तिरहुता विदेह:सदेह ४ मैथिली कथा विदेह: सदेह ४ तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [विदेह सदेह ५] विदेह: सदेह ५ तिरहुता विदेह मैथिली विहनि कथा [ विदेह सदेह ५]- संस्करण-२ विदेह: सदेह ५ संस्करण-२ तिरहुता विदेह मैथिली लघुकथा [विदेह सदेह ६] विदेह: सदेह ६ तिरहुता विदेह मैथिली पद्य [विदेह सदेह ७] विदेह: सदेह ७ तिरहुता विदेह मैथिली नाट्य उत्सव [विदेह सदेह ८] विदेह: सदेह ८ तिरहुता विदेह मैथिली शिशु उत्सव [विदेह सदेह ९] विदेह: सदेह ९ तिरहुता विदेह मैथिली प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना [विदेह सदेह १०] विदेह: सदेह १० तिरहुता विदेह:सदेह ११ विदेह: सदेह ११ तिरहुता विदेह:सदेह १२ विदेह: सदेह १२ तिरहुता विदेह:सदेह १३ विदेह: सदेह १३ तिरहुता विदेह:सदेह १४ विदेह: सदेह १४ तिरहुता विदेह:सदेह १५ विदेह: सदेह १५ तिरहुता विदेह:सदेह १६ विदेह: सदेह १६ तिरहुता विदेह:सदेह १७ विदेह: सदेह १७ तिरहुता विदेह:सदेह १८ विदेह: सदेह १८ तिरहुता विदेह:सदेह १९ विदेह: सदेह १९ तिरहुता विदेह:सदेह २० विदेह: सदेह २० तिरहुता विदेह:सदेह २१ विदेह: सदेह २१ तिरहुता विदेह:सदेह २२ विदेह: सदेह २२ तिरहुता विदेह:सदेह २३ विदेह: सदेह २३ तिरहुता विदेह:सदेह २४ विदेह: सदेह २४ तिरहुता विदेह:सदेह २५ विदेह: सदेह २५ तिरहुता विदेह-सदेह २६-३६ www.videha.co.in  विदेह ई-पत्रिकाक अंक १-३५० सँ- थीम आधारित मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ मूल आ अनूदित गद्य आ पद्यक एकटा समानान्तर संकलन विदेह:सदेह २६ (डॉ शम्भु कुमार सिंह आ डॉ अरुण कुमार सिंह अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह २६ तिरहुता विदेह:सदेह २७ (गजेन्द्र ठाकुर आ रवि भूषण पाठकक आन भाषासँ अनूदित गद्य आ पद्य- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह २७ तिरहुता विदेह:सदेह २८ (अनूदित गद्य आ पद्य- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह २८ तिरहुता विदेह:सदेह २९ (रवि भूषण पाठक आ डॉ. कैलाश कुमार मिश्र- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह २९ तिरहुता विदेह:सदेह ३० (स्कूल-कॉलेजक विद्यार्थी लेल- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३० तिरहुता विदेह:सदेह ३१ (डॉ. कामिनी कामायनी आ कुमार मनोज कश्यप- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३१ तिरहुता विदेह:सदेह ३२ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-१- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३२ तिरहुता विदेह:सदेह ३३ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-२- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३३ तिरहुता विदेह:सदेह ३४ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-३- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३४ तिरहुता विदेह:सदेह ३५ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-४- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३५ तिरहुता विदेह:सदेह ३६ (रचनात्मक गद्य-पद्य लेखन भाग-५- अंक १-३५० सँ) विदेह: सदेह ३६ तिरहुता ................ यू.पी.एस.सी. आ आन प्रतियोगिता परीक्षा लेल देखू: विदेह:सदेह १७ विदेह:सदेह २१ विदेह:सदेह २३ विदेह:सदेह २६ विदेह:सदेह २९ विदेह:सदेह ३० विदेह:सदेह ३२ विदेह:सदेह ३३ विदेह:सदेह ३४ विदेह:सदेह ३५ ............ Videha-Sadeha भाषापाक -विदेह मैथिली मानक भाषा आ मैथिली भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम विदेह पुरान अंकक आर्काइव Videha 1-50 Videha 51-100 Videha 101-149 Videha 150-250 Videha 251-Onwards Audio Archive Folder Mithila_Painting-Modern Art-Photos Videha Old Issues Folder Videha Classical Sites Folder पंजी (११००० मूल मिथिलाक्षर ताड़पत्र १७ टा पी.डी.एफ. फाइलमे) दूषण पंजी मोदानन्द झा शाखा पञ्जी मंडार- मरड़े कश्यप-प्राचीन प्राचीन पंजी (लेमीनेट कएल) उतेढ़ पंजी पनिचोभे बीरपुर दरभंगा राज आदेश उतेढ आदि छोटी झा पुस्तक निर्देशिका पत्र पंजी मूलग्राम पंजी मूलग्राम परगना हिसाबे पंजी मूल पंजी-२ मूल पंजी-३ मूल पंजी-४ मूल पंजी-५ मूल पंजी-६ मूल पंजी-७ .................. गजेन्द्र ठाकुर आ आशीष अनचिन्हार (सम्पादन) मैथिलीक प्रतिनिधि गजल मैथिली गजल: आगमन ओ प्रस्थान बिंदु (गजलक आलोचना-समालोचना-समीक्षा) ................ गजेन्द्र ठाकुर, नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा (सम्पादन) जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध जीनियोलोजिकल मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध -भाग-२ MAITHILI-ENGLISH DICTIONARIES Maithili-English Dictionary Vol.I Maithili-English Dictionary Vol.II ENGLISH-MAITHILI DICTIONARIES Videha English Maithili Dictionary English-Maithili Computer Dictionary .................. दिनेश कुमार मिश्र (सौजन्य दिनेश कुमार मिश्र) बन्दिनी महानन्दा बागमती की सद्गति! दुइ पाटन के बीच में.. (कोसी नदी की कहानी) न घाट न घर बगावत पर मजबूर मिथिला की कमला नदी भुतही नदी और तकनीकी झाड़-फूंक The Kamla River and People On Collision Course Bhutahi Balan- Story of a ghost river and engineering witchcraft Refugees of the Kosi Embankments ................ पत्रिका-जर्नल-स्मारिका मैथिली कविता-त्रैमासिक (सौजन्य- नचिकेता) मैथिली कविता-त्रैमासिक (अप्रैल १९६९) मैथिली कविता-त्रैमासिक (जुलाइ १९६९) कौशिकी (सौजन्य- पञ्जीकार विद्यानन्द झा) कौशिकी (१९७१-७२) देसिल बयना (अख़बार) (सौजन्य- रामलोचन ठाकुर) देसिल बयना (अख़बार) Society Today (सौजन्य- सुमित आनन्द) अंक ११ अंतिका (सौजन्य- गौरीनाथ) जुलाइ-सितम्बर २००८ (हरिमोहन झा विशेषांक) अक्टूबर २०१०सँ मार्च २०११ अक्टूबर २०११ सँ मार्च २०१२ मिथिलांगन (सौजन्य मुकेश दत्त) अप्रैल-सितम्बर २०२२ मैलोरंग (सौजन्य- प्रकाश झा) अंक२-३ धूआ-धजा (सौजन्य- परमेश्वर कापड़ि) अंक ७ अंक १४ अंक १५ अंक १६ अंक १८ अंक १० जून २०१२ अंक २४ जून २०१२  23February2016 २५ जुलाइ २०१२ ०५ अगस्त २०१२ आसिन २०७३ स्मारिका (सौजन्य- रामभरोस कापड़ि भ्रमर) स्मारिका (२०१०) आंगन (सौजन्य- रामभरोस कापड़ि भ्रमर) आंगन अंक-४ (२०१२) गामघर (सौजन्य- रामभरोस कापड़ि "भ्रमर") गामघर-३०-०८-२०१८ गामघर-०४-१०-२०१८ गामघर-१६-०५-२०१९ गामघर-२७-०६-२०१९ आँजुर (सौजन्य- रामभरोस कापड़ि भ्रमर) आँजुर (अंक वर्ष ३६, अंक ३) दूधमती- (नेपाली आ मैथिलीमे) (सौजन्य- सुजीत कुमार झा) अंक ३१ अंक ३२ अंक ३३ अंक ३४ अंक 35 अंक 36 अंक 37 अंक 38 अंक 39 अंक 40 अंक 41 घर-बाहर (सौजन्य- चेतना समिति) अप्रैल-जून २०११ रचना (सौजन्य- सुभाष चन्द्र यादव) दिसम्बर "०५ मार्च "०६राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ पल्लव (सौजन्य- धीरेन्द्र प्रेमर्षि) पल्लव- १ गजल अंक पूर्वोत्तर मैथिल (सौजन्य- प्रेमकान्त चौधरी) अप्रैल-जून 2010 जुलाइ-सितम्बर 2010 जनवरी सँ मार्च 2011 अप्रैल-जून २०११  जुलाइ-सितम्बर २०११ लालदास भावांजलि स्मारिका २०२२ (सौजन्य डॉ संजीव शमा) .................. किछु मैथिली पोथी डाउनलोड साइट (ओपन सोर्स) Sahitya Akademi प्रकाशन डिजिटल-पोथी CIIL अखियासल (रमानन्द झा रमण) जुआयल कनकनी- महेन्द्र प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा Archive.Org (विजयदेव झा) Videha Maithili eBooks/ eJournals/ Video Archive IGNCA Maithili English Dictionary विज्ञान रत्नाकर मिथिला दर्शन तीरभुक्ति OLE Nepal's e-Pustakalaya पोथीक लिंक IGNCA-ASI (search keyword Mithila) History of Navya-Nyaya in Mithila Studies in Jainism and Buddism in Mithila Mithila in the Age of Vidyapati Cultural Heritage of Mithila Mithila under the Karnatas Temple Survey Project ASI- English आ Hindi मैथिली साहित्य संस्थान दर्शनीय मिथिला (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 1 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 2 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 3 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) ब्लूम लाइब्रेरी मैथिली अरिपन फाउण्डेशन Pratham Books Maithili Storyweaver मैथिली ऑडियो बुक्स Videha Read Aloud Talking Maithili Audio Books पोथी डॉट कॉम I Love Mithila (पोथी डाउनलोड लिंक) online maithili journal owner I Love Mithila प्यारे मैथिल चैनल- किरण चौधरी आ संगीता आनन्द- मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय यू ट्यूब चैनल मिथिला चैप्टर खिस्सा-पिहानी नेना भुटका लेल जानकी एफ.एम समाचार आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल ............ JNU मैथिली मैथिली लेक्सिकन ............... Videha e-Learning YouTube Channel ................. विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी, समानान्तर ललित कला अकादेमी आ समानान्तर संगीत-नाटक अकादेमी सम्मान/ पुरस्कार नामसँ विख्यात) ................ मैथिलीक वर्तनी १ मैथिलीक वर्तनी- विदेह मैथिली मानक भाषा आ मैथिली भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.३.मैथिली वीडियोक संकलन Maithili Videos वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA. "Videha" Ist Maithili Fortnightly ejournal Archive of Videos 'विदेह' प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका वीडियो आर्काइव मैथिली वीडियोक संकलन (पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल) वीडियो देखबाक लेल सबधित लिककें क्लिक करू। For viewing videos click the respective links. ...................... मिथिलाक सभ जाति आ धर्मक संस्कार, लोकगीत आ व्यवहार गीत (सौजन्य: उमेश मंडल) 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 ...................... गुवाहाटी विद्यापति पर्व २०१० पहिल भाग  दोसर भाग  तेसर भाग  चारिम भाग  पाँचम भाग गुवाहाटी अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन आ विद्यापति पर्व २०११ 01 02 03 04 05 06 07 08 09 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 ................ चौबटिया (सौजन्य- धीरेन्द्र प्रेमर्षि) चौबटिया सौभाग्य मिथिला ललका पाग भाग-१ ललका पाग भाग-२ ................ मिनाप-१ बुधियार छौड़ा आ राक्षस मिनाप-२ भाग-१  भाग-२  भाग-३  भाग-४ ............... प्यारे मैथिल चैनल- किरण चौधरी आ संगीता आनन्द- मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय यू ट्यूब चैनल मिथिला चैप्टर खिस्सा-पिहानी नेना भुटका लेल ब्लूम लाइब्रेरी मैथिली अरिपन फाउण्डेशन Pratham Books Maithili Storyweaver मैथिली ऑडियो बुक्स Videha Read Aloud Talking Maithili Audio Books https://bloomlibrary.org/player/Wcf6zr5CoF (मसाई केर परिवर्तनकारी रेबेका) https://bloomlibrary.org/player/p3sHdYBgiT (चलू हम तँ ठीक छी ने!) https://bloomlibrary.org/player/f19pSdhGMo (एकटा नीक दिन) https://bloomlibrary.org/player/b2l5wesxCp (घर सभ) https://bloomlibrary.org/player/dAzC0Fubt7 (की अहाँ ऐ चिड़ै सभकेँ देखने छी?) जानकी एफ.एम समाचार ममता गाबय गीत (सौजन्य- श्री केदारनाथ चौधरी) गीत आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल I Love Mithila online maithili journal owner I Love Mithila ................ बृखेश चन्द्र लाल, जनकपुरक सौजन्यसँ झिझिया ढोल-पिपही पवनकान्त झा (काश्यप कमल), भटसिमरि, मधुबनीक सौजन्यसँ रसनचौकी ................ विद्यापति गीत तूलिका गीत-गोविन्ददास (गायन दीक्षा भारती) गोविन्ददास-१ गोविन्ददास-२ गोविन्ददास-३ गोविन्ददास-४ गोविन्ददास-५ गोविन्ददास-६ ................... मैथिली गजल (गजल- गजेन्द्र ठाकुर, गायन दीक्षा भारती) बहरे मुतकारिब गजल-२ गजल-३ गजल-४ ................. ७१म सगर राति दीप जरए (०२ अक्टूबर २०१०), गाम बेरमा , जिला मधुबनी (संयोजक- जगदीश प्रसाद मंडल) भाग-१  भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५  भाग-६ 82 म सगर राति‍ दीप जरए, स्‍थान- गजेन्‍द्र ठाकुर जीक नि‍ज आवास, गाम- मेंहथ, जि‍ला- मधुबनी। दि‍नांक- 31 मई 2014 (शनि‍ दि‍न), समए- संध्‍या छह बजेसँ। गोष्‍ठीक नाओं- कथा बौद्ध सि‍द्ध मेहथपा सगर राति‍ दीप जरए। आयोजनक खेप- ८२ म आयोजन, संयोजक- गजेन्‍द्र ठाकुर। वि‍शेषता- बाल साहि‍त्‍यपर केन्‍द्रि‍त। ............... मैलोरंग-१ (सौजन्य- प्रकाश झा) नचिकेताक एक छल राजा - भाग-1 नचिकेताक एक छल राजा - भाग- 2 काठक लोक- महेन्द्र मलंगिया भाग-1 काठक लोक- महेन्द्र मलंगिया भाग-2 मैलोरंग-२ कोसी सेमीनार 12 सितम्बर 2008 भाग-१ कोसी सेमीनार 12 सितम्बर 2008 भाग-२ ................. मिथिलांगन विदेह मैथिली नाट्य उत्सव यू ट्यूब लिंक विदेह मैथिली साहित्य/ नाट्य/ कविता/ परिचर्चा उत्सव विदेह समानान्तर साहित्य अकादेमी सम्मान समारोह जनकपुर- विद्यापति पर्व जितेन्द्र झा, जनकपुर रामभद्र सामा चकेवा 1 सामा चकेवा 2 मैथिली कवि सम्मेलन (मिथिला कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन, यू.के.) रिपब्लिक डे 2009 (भारत) सगर राति दीप जरए, कबिलपुर, जून २०१० भाग-१ भाग-२ कृष्ण कुमार कश्यपसँ गजेन्द्र ठाकुर द्वारा लेल साक्षात्कार भाग-१  भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५ भाग-६  भाग-७ प्रबोध सम्मान: राजमोहन झा (स्लाइडरकेँ बीचमे ल' जाउ, अदहाक बाद राजमोहन झासँ विनीत उत्पलक साक्षात्कार छन्हि।) साहित्य अकादमी पुरस्कार: मन्त्रेश्वर झा मिथिलाक खोज 1.गौरीशकर भाग-१ भाग-२ 2. बाइसी-बसैटी वर्षकृत्य भाग-१ भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५ भाग-६  भाग-७  भाग-८  भाग-९  भाग-१० समन्वय २-४ नवम्बर २०१२ इण्डिया हैबीटेट सेन्टर भारतीय भाषा महोत्सव Samanvay 2-4 November 2012 IHC Indian Languages' Festival. Venue: India Habitat Centre, Lodhi Road, New Delhi -- 110 003. 3rd November 2012 Maithili- Love's Own Language/ Brahminism in Maithili/ Pre-Jyotirishwar Non-Brahmin Vidyapati भाग-१  भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५ भाग-६  भाग-७  भाग-८  भाग-९  भाग-१० भाग-११  भाग-१२ 2nd November 2012 Ugna Re- By Shovna Narayan (Pre-Jyotirishwar Non Brahmin Vidyapati's Life Episode) भाग-१  भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५ भाग-६  भाग-७  भाग-८ ७५म सगर राति दीप जरए मे मुन्नाजीक पहिल विहनि कथा पोस्टर प्रदर्शनी मिथिलाक मूड़न- (रसनचौकीक स्वरक संग) हृदयनारायण झा भाग-१  भाग-२  भाग-३ रंजन चौधरी आ हनी मिश्र (तबला) भाग-१ भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५ भाग-६  भाग-७  भाग-८  भाग-९ ललित रंग आ हनी मिश्र (तबला) भाग-१  भाग-२  भाग-३ दीक्षा भारती भाग-१ भाग-२  भाग-३  भाग-४ सुषमा बटगमनी नन्द कुमार मिश्रक गजल पाठ नन्द कुमार मिश्र जीक कविता पाठ भाग-१  भाग-२ मैथिली- भोजपुरी अकादमी, नई दिल्ली भाग-१  भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५ मैथिली- भोजपुरी अकादमी, नई दिल्ली सेमीनार 29 मार्च 2009 भाग-१  भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५ भाग-६  भाग-७  भाग-८  भाग-९ मैथिली- भोजपुरी अकादमी, द्वारका, नई दिल्ली सेमीनार भाग-१  भाग-२  भाग-३  भाग-४  भाग-५ भाग-६ .................. विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी, समानान्तर ललित कला अकादेमी आ समानान्तर संगीत-नाटक अकादेमी सम्मान/ पुरस्कार नामसँ विख्यात) .................. मैथिलीक वर्तनी १ मैथिलीक वर्तनी- विदेह मैथिली मानक भाषा आ मैथिली भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.४.मैथिली शिशु, बाल आ किशोर साहित्य Maithili Children Literature वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA. Top of Form Search above & below within more than 350 old issues of Videha eJournal विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् www.videha.co.in Bottom of Form https://books.google.com/ Top of Form Bottom of Form Videha Archive of Maithili Children Literature विदेह मैथिली शिशु, बाल आ किशोर साहित्यक आर्काइव (पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल) सभ पोथी पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल क्रमानुसार नीचाँक लिंक सभपर उपलब्ध अछि। All the books are available for pdf download at the respective links below ................. विदेह मैथिली शिशु उत्सव कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा (बाल साहित्य केन्द्रित) मेंहथमे भेल ८२ म सगर राति दीप जरयमे पठित कथा सभक संकलन कथा बौद्ध सिद्ध मेहथपा नेना भुटकाकेँ रातिमे सुनेबा लेल किछु लोककथा भोला लाल दास (आर्काइव डॊट कॊम) मैथिली सुबोध व्याकरण डॉ. रमानन्द झा 'रमण' (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") राजू आ टाकाक गाछ (अनुवाद) योगेन्द्र पाठक "वियोगी" (सौजन्य- योगेन्द्र पाठक "वियोगी") विज्ञानक बतकही विज्ञानक बतकही भाग-२ नरक विजय (सम्पूर्ण) नरक विजय (संशोधित) हमर गाम (बाल उपन्यास) पिरामिडक देशमे रोबोट (अनूदित साइंस-फिक्शन नाटक) रामलोचन ठाकुर (सौजन्य- रामलोचन ठाकुर) मैथिली लोककथा कीर्तिनाथ झा (सौजन्य- कीर्तिनाथ झा) कुरल: मैथिली भावानुवाद जगदीश चन्द्र ठाकुर "अनिल" (सौजन्य- जगदीश चन्द्र ठाकुर "अनिल") बाल कविता मुन्नाजी तीन टा बाल नाटक (मैथिली बाल साहित्य) खुरलुच्ची (मैथिली बाल कविता- बाल साहित्य) देवांशु वत्स नताशा -मैथिली बाल चित्रशृंखला (कौमिक्स) जगदानन्द झा "मनु" (सौजन्य- जगदानन्द झा "मनु") चोनहा (बाल उपन्यास) जगदीश प्रसाद मण्डल तरेगन (बाल प्रेरक विहनि कथा संग्रह) नै धाड़ैए (बाल उपन्यास) नन्द कुमार मिश्र 'नन्द' (सौजन्य- नन्द कुमार मिश्र 'नन्द') स्वर्ण कमल (बाल उपन्यास) बृषेश चन्द्र लाल (सौजन्य- बृषेश चन्द्र लाल) ढोलक (बाल कविता संग्रह) सुजीत कुमार झा (सौजन्य- सुजीत कुमार झा) कोइली घूरि आउ (बाल लघु-विहनि कथा संग्रह) डॉ. शशिधर कुमर उड़ि ने सकी पर चिड़ै छी हम (भाग १-२) (पृ. १०५४-१०९५) खिस्सा अण्टार्कटिका केर (पृ. १०५४-१०९५) बाल कविता (पृ. ९९३-१२१५) बाल कविता (पृ. १००४-११७३) सचित्र बाल कविता (पृ. ७४७-८३४) सचित्र बाल कविता (पृ. १४६८-१८५१) डॉ शशिधर कुमर आ सुप्रिया बेबी कुमारी भूकम्प (पृ. ६३८-६७४) कनकमणि दीक्षित (मूल नेपालीसँ मैथिली अनुवाद रूपा धीरू आ धीरेन्द्र प्रेमर्षि, बाल साहित्य) (सौजन्य- धीरेन्द्र प्रेमर्षि) भगता बेङक देश-भ्रमण अणिमा सिंह (सौजन्य- नचिकेता) शिशु गीत खेल कल्पना झा (सौजन्य- कल्पना झा) नशामुक्ति हित गाबी गीत निनियाँ मुन्नी कामत (सौजन्य- मुन्नी कामत) चुक्का (बाल कथा संग्रह) प्रीति ठाकुर गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा -पहिल मैथिली चित्रकथा (बाल साहित्य) मैथिली चित्रकथा (बाल साहित्य) मिथिलाक लोकदेवता (बाल साहित्य) विद्यापतिक पुरुष परीक्षा (बाल साहित्य) रेस (अनुवाद- बाल चित्रकथा) ए बी सी डी- प्रकृति अक्षर पोथी (अनुवाद- बाल चित्रकथा) सभ खाइत अछि (अनुवाद- बाल चित्रकथा) बो म्याउ बाह (अनुवाद- बाल चित्रकथा) रङ सभ (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (०६) छोट आ पैघ (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (०७) माल-जाल आ जानवर दिस देखू (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (१७) हमर परिवार (अनुवाद- बाल चित्रकथा) जानवर (अनुवाद- बाल चित्रकथा) पोथी १३: १...२...३... (अनुवाद- बाल चित्रकथा) बाजाक अबाज (अनुवाद- बाल चित्रकथा) नीतू कुमारी मैथिली चित्रकथा ( बाल साहित्य) नीता झा (सौजन्य- नीता झा) बिलाइ मौसी (बाल लघुकथा संग्रह) किरण चौधरी (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) पिसी संग हम हमर बाल-वाड़ी आर्या कॉकपिट मे दीपा करमाकर- सही संतुलन मे जंगल मे अहाँक स्वागत अछि व्हेल छथि आकाश मे भैया के मुस्कान के चोरौलक बीज संचयक अचंभित करय "फिबोनाची" शौचालयक खिस्सा लाल बरसाती गुल्लीक जादुई पेटी समीराक विकठ भोजन विवाह मे जाई छी प्रियंका झा (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमर माँछ! नै हमर माँछ! रश्मि प्रिया (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) कैयो सकै छी, नहियो कऽ सकै छी सुनीता ठाकुर (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) बण्टी आ बबली नीलिमा चौधरी (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमर सभसँ नीक संगी स्वास्तिका ठाकुर (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) गप्पू बुते नाचल नै होइ छै तूलिका (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमरा ओ चाही! मधूलिका मिश्र (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) ओंघाइत भीमा लक्ष्मी ठाकुर जानवर सभ संगे भेँट-घाँट पूनम मण्डल सुतै कालक खिस्सा गजेन्द्र ठाकुर बाल साहित्य (मूल)- गजेन्द्र ठाकुर बाल मण्डली/ किशोर जगत (बाल नाटक, लघुकथा, कविता आदि) Learn Mithilakshar Script जलोदीप (बाल-नाटक संग्रह) अक्षरमुष्टिका (बाल-लघुकथा संग्रह) बाङक बङौरा (बाल-पद्य संग्रह) भऽ जाएब छू(मैथिलीक २०१२ मे प्रकाशित पहिल क्लाइमेट-फिक्शन प्ले- Maithili's first climate-fiction play originally published in 2012) कमलाक भगता तरहरिमे परीलोक बेसी छुट्टी कम इसकूल बड़द करैए दाउन ने यौ बाल गजल फिनिश लाइन बाल साहित्य (अनुवाद- द्विभाषिक- मैथिली-अंग्रेजी)- गजेन्द्र ठाकुर मसाई केर परिवर्तनकारी रेबेका सुनू घर सभ एकटा नीक दिन चलू हम तँ ठीक छी ने! की अहाँ ऐ चिड़ै सभकेँ देखने छी? टोस्ट बड़ीटा! कनियेटा! एतऽ हम सभ रहै छी भारतोल्लक राजकुमारी भारतोल्लक राजकुमारी (बिनु शब्दक) वुयो कच-कच कचाक चुन्नू-मुन्नूक नहेनाइ नेना जे बैलूनसँ डेराइत छल अद्भुत फिबोनाची अंक-शृंखला हारू अखन नै, अखन नै! जन्मदिनक उत्सव भोज मोट राजा पातर-दुब्बड़ कुकुड़ बचिया जे अपन हँसी नै रोकि सकैत छलि अंग्रेजी हम सूंघि सकै छी छोट लाल-टुहटुह डोरी करू नीक, भोगू नीक ई सभटा बिलाड़िक दोख अछि! चोभा आम! हमर टोलक बाट जखन इकड़ू स्कूल गेल माछी फेर आउ टाटा! अमाचीक जुलुम मशीन सभ टिंग टोंग पाउ-म्याऊ-वाह कुकुड़क एकटा दिन हमरा नीक लगैए रीताक नव-स्कूलमे पहिल दिन कनी हँसियौ ने! लाल बरसाती भूत-प्रेतक नाट्यशाला आउ पएर गानी कतऽ अछि ई अंक ५? विदेह मैथिली-अंग्रेजी टॉकिंग रीड-अलाउड ऑडियो बुक https://bloomlibrary.org/player/Wcf6zr5CoF (मसाई केर परिवर्तनकारी रेबेका) https://bloomlibrary.org/player/p3sHdYBgiT (चलू हम तँ ठीक छी ने!) https://bloomlibrary.org/player/f19pSdhGMo (एकटा नीक दिन) https://bloomlibrary.org/player/b2l5wesxCp (घर सभ) https://bloomlibrary.org/player/dAzC0Fubt7 (की अहाँ ऐ चिड़ै सभकेँ देखने छी?) गजेन्द्र ठाकुर (सम्पादन) विदेह मैथिली शिशु उत्सव [विदेह सदेह ९] विदेह: सदेह ९ तिरहुता गजेन्द्र ठाकुर, नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा (सम्पादन) English-Maithili Computer Dictionary डॉ. ललिता झा (सौजन्य- ललिता झा) मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली गोविंद झा ((IGNCA Site आर्काइव) Maithili-English Dictionary रामदेव झा (सौजन्य- शंकरदेव झा) मैथिली शब्द संचय ................ किछु मैथिली पोथी डाउनलोड साइट (ओपन सोर्स) Videha Maithili eBooks/ eJournals/ Video Archive विज्ञान रत्नाकर OLE Nepal's e-Pustakalaya पोथीक लिंक IGNCA-ASI (search keyword Mithila) History of Navya-Nyaya in Mithila Studies in Jainism and Buddism in Mithila Mithila in the Age of Vidyapati Cultural Heritage of Mithila Mithila under the Karnatas Temple Survey Project ASI- English आ Hindi मैथिली साहित्य संस्थान दर्शनीय मिथिला (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 1 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 2 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 3 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) ब्लूम लाइब्रेरी मैथिली अरिपन फाउण्डेशन Pratham Books Maithili Storyweaver मैथिली ऑडियो बुक्स Videha Read Aloud Talking Maithili Audio Books पोथी डॉट कॉम खिस्सा-पिहानी नेना भुटका लेल जानकी एफ.एम समाचार आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल ................. विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी, समानान्तर ललित कला अकादेमी आ समानान्तर संगीत-नाटक अकादेमी सम्मान/ पुरस्कार नामसँ विख्यात) ................ मैथिलीक वर्तनी १ मैथिलीक वर्तनी- विदेह मैथिली मानक भाषा आ मैथिली भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.५.विदेह स्त्री कोना वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA. Top of Form Search above & below within more than 350 old issues of Videha eJournal विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् www.videha.co.in Bottom of Form https://books.google.com/ Top of Form Bottom of Form (पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल) सभ पोथी पी.डी.एफ. डाउनलोड लेल क्रमानुसार नीचाँक लिंक सभपर उपलब्ध अछि। All the books are available for pdf download at the respective links below. .... सखुआवाली (नारी विमर्श केन्द्रित) भपटियाहीमे भेल ८३ म सगर राति दीप जरयमे पठित कथा सभक संकलन सखुआवाली अणिमा सिंह (सौजन्य- नचिकेता) शिशु गीत खेल इलारानी सिंह (सौजन्य- नचिकेता) प्रेम- एक कविता (अनूदित नाटक) अरुन्धती देवी (सौजन्य- रमानन्द झा "रमण") मिथिलाक विदुषी महिला कल्पना झा (सौजन्य- कल्पना झा) गोसाउनिक गीत नशामुक्ति हित गाबी गीत निनियाँ यायावरी- शेफालिका वर्मा (हिन्दी अनुवाद कल्पना झा) मुन्नी कामत (सौजन्य- मुन्नी कामत) सुखल मन तरसल आँखि (पद्य आ गद्य) सुखल मन तरसल आँखि (कविता) अंततः (कविता संग्रह) चुक्का (बाल कथा संग्रह) नीता झा (सौजन्य- नीता झा) बिलाइ मौसी (बाल लघुकथा संग्रह) शेफालिका वर्मा (सौजन्य- शेफालिका वर्मा) यायावरी (यात्रावृत्तान्त) यायावरी (हिन्दी अनुवाद- कल्पना झा) अर्थयुग (लघुकथा संग्रह) एकटा अकास (लघुकथा संग्रह) भावांजलि (गद्य गीत) किस्त-किस्त जीवन (आत्म कथा) आखर-आखर प्रीत नागफांस (उपन्यास) Naagphans (In English) विभा रानी विभा रानीक दूटा नाटक (भाग रौ आ बलचन्दा) पन्ना झा (सौजन्य- नरेन्द्र झा) अनुभूति (लघुकथा स‍ंग्रह) सुशीला झा (सौजन्य- प्रभा खेतान/ सुशीला झा) छिन्नमस्ता- प्रभा खेतानक हिन्दी उपन्यासक मैथिली अनुवाद डॉ. ललिता झा (सौजन्य- ललिता झा) मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली डॉ. कामिनी कामायनी विदेह:सदेह ३१ (डॉ. कामिनी कामायनी आ कुमार मनोज कश्यप- अंक १-३५० सँ) प्रीति ठाकुर गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा -पहिल मैथिली चित्रकथा (बाल साहित्य) मैथिली चित्रकथा (बाल साहित्य) मिथिलाक लोकदेवता (बाल साहित्य) विद्यापतिक पुरुष परीक्षा (बाल साहित्य) रेस (अनुवाद- बाल चित्रकथा) ए बी सी डी- प्रकृति अक्षर पोथी (अनुवाद- बाल चित्रकथा) सभ खाइत अछि (अनुवाद- बाल चित्रकथा) बो म्याउ बाह (अनुवाद- बाल चित्रकथा) रङ सभ (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (०६) छोट आ पैघ (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (०७) माल-जाल आ जानवर दिस देखू (अनुवाद- बाल चित्रकथा) (१७) हमर परिवार (अनुवाद- बाल चित्रकथा) जानवर (अनुवाद- बाल चित्रकथा) पोथी १३: १...२...३... (अनुवाद- बाल चित्रकथा) बाजाक अबाज (अनुवाद- बाल चित्रकथा) नीतू कुमारी मैथिली चित्रकथा (बाल साहित्य) किरण चौधरी (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) पिसी संग हम हमर बाल-वाड़ी आर्या कॉकपिट मे दीपा करमाकर- सही संतुलन मे जंगल मे अहाँक स्वागत अछि व्हेल छथि आकाश मे भैया के मुस्कान के चोरौलक बीज संचयक अचंभित करय "फिबोनाची" शौचालयक खिस्सा लाल बरसाती गुल्लीक जादुई पेटी समीराक विकठ भोजन विवाह मे जाई छी प्रियंका झा (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमर माँछ! नै हमर माँछ! रश्मि प्रिया (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) कैयो सकै छी, नहियो कऽ सकै छी सुनीता ठाकुर (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) बण्टी आ बबली नीलिमा चौधरी (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमर सभसँ नीक संगी स्वास्तिका ठाकुर (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) गप्पू बुते नाचल नै होइ छै तूलिका (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) हमरा ओ चाही! मधूलिका मिश्र (अनूदित सचित्र मैथिली बाल कथा) ओंघाइत भीमा लक्ष्मी ठाकुर जानवर सभ संगे भेँट-घाँट पूनम मण्डल सुतै कालक खिस्सा कनकमणि दीक्षित (मूल नेपालीसँ मैथिली अनुवाद रूपा धीरू आ धीरेन्द्र प्रेमर्षि, बाल साहित्य) (सौजन्य- धीरेन्द्र प्रेमर्षि) भगता बेङक देश-भ्रमण डॉ शशिधर कुमर आ सुप्रिया बेबी कुमारी भूकम्प (पृ. ६३८-६७४) .... लेखकक आमंत्रित रचना आ ओइपर आमंत्रित समीक्षकक समीक्षा सीरीज १. कामिनीक पांच टा कविता आ ओइपर मधुकान्त झाक टिप्पणी Videha_01_09_2016 ३. मुन्नी कामतक एकांकी "जिन्दगीक मोल" आ ओइपर गजेन्द्र ठाकुरक टिप्पणी VIDEHA_354 पसुपुलेटी गीता एडिटर्स चोइस सीरीज-१ मीना झा एडिटर्स चोइस सीरीज-२ जगदीश चन्द्र ठाकुर (३ टा बाल कविता जइमे २ टा कविता बेबी चाइल्डपर) एडिटर्स चोइस सीरीज-३ .... विद्यापति गीत तूलिका गीत-गोविन्ददास (गायन दीक्षा भारती) गोविन्ददास-१ गोविन्ददास-२ गोविन्ददास-३ गोविन्ददास-४ गोविन्ददास-५ गोविन्ददास-६ मैथिली गजल (गजल- गजेन्द्र ठाकुर, गायन दीक्षा भारती) बहरे मुतकारिब गजल-२ गजल-३ गजल-४ प्यारे मैथिल चैनल- किरण चौधरी आ संगीता आनन्द- मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय यू ट्यूब चैनल अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.६.विदेह सूचना संपर्क अन्वेषण वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA. Top of Form Search above & below within more than 350 old issues of Videha eJournal विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृताम् www.videha.co.in Bottom of Form https://books.google.com/ Top of Form Bottom of Form Top of Form Bottom of Form सूचना Do not judge each day by the harvest you reap but by the seeds that you plant. - Robert Louis Stevenson ............................................ Videha: Maithili Literature Movement Videha eJournal (link www.videha.co.in) is a multidisciplinary online journal dedicated to the promotion and preservation of the Maithili language, literature and culture. It is a platform for scholars, researchers, writers and poets to publish their works and share their knowledge about Maithili language, literature, and culture. The journal is published online to promote and preserve Maithili language and culture. The journal publishes articles, research papers, book reviews, and poetry in Maithili and English languages. It also features translations of literary works from other languages into Maithili. It is a peer-reviewed journal, which means that articles and papers are reviewed by experts in the field before they are accepted for publication. १ "विदेहक जीवित साहित्यकार-सम्पादक आ रंगमंचकर्मी- रंगमंच-निर्देशक पर विशेषांक शृंखला" विदेह अपन ३६९ म (०१ मई २०२३) अंकमे मैथिली लेखक अशोक पर आ ३७० म (१५ मई २०२३) अंकमे मैथिली लेखक राम भरोस कापड़ि 'भ्रमर' पर विशेषांक निकालत। विशेषांक लेल रचनाकार/ कलाकर्मीक काज, रचना-संपादन, संस्मरण आ अन्य रचनात्मक कार्यपर सभ प्रकारक रचना (संस्मरण, आलोचना, समालोचना, समीक्षा आदि) आमंत्रित अछि। अहाँ अपन रचना ३६९म अंकक विशेषांक लेल २४ अप्रैल २०२३ धरि आ ३७०म अंकक विशेषांक लेल ८ मई २०२३ धरि वर्ड फाइलमे ई-पत्र सङ्केत editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकै छी। विदेह अरविन्द ठाकुर विशेषांक विदेह जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक विदेह रामलोचन ठाकुर विशेषांक विदेह राजनन्दन लाल दास विशेषांक विदेह रवीन्द्र नाथ ठाकुर विशेषांक विदेह केदार नाथ चौधरी विशेषांक विदेह प्रेमलता मिश्र प्रेम विशेषांक विदेह शरदिन्दु चौधरी विशेषांक -गजेन्द्र ठाकुर, सम्पादक विदेह, whatsapp no +919560960721 HTTP://VIDEHA.CO.IN/ ISSN 2229-547X VIDEHA २ "विदेह द्वारा एक बेरमे कोनो एकटा संस्थाक समग्र मूल्याकंन शृंखला" विदेह अपन ३७१ म (०१ जून २०२३) अंकमे "मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एम.एस.यू.)" पर विशेषांक निकालत। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एम.एस.यू.) पर निच्चा लीखल बिंदुपर मैथिलीमे आलेख आमंत्रित अछि। १) एम.एस.यू. केर गठनक प्रमाणिक इतिहास, २) एम.एस.यू. आ मिथिला केर नव चेतना, ३) एम.एस.यू. आ विभिन्न जाति केर समन्वय, ४) एम.एस.यू. द्वारा भेल विभिन्न आंदोलन आ तकर लेखा-जोखा एवम् ओकर प्रभाव बा ५) एम.एस.यू. संदर्भित आन कोनो लेख। ३७१म अंकक विशेषांक लेल अहाँ अपन रचना २५ मई २०२३ धरि वर्ड फाइलमे ई-पत्र सङ्केत editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकै छी। -गजेन्द्र ठाकुर, सम्पादक विदेह, whatsapp no +919560960721 HTTP://VIDEHA.CO.IN/ ISSN 2229-547X VIDEHA ३ "विदेह मोनोग्राफ" शृंखला विदेह अपन जीवित रचनाकार/ कलाकर्मी पर विशेषांक शृंखलाक अन्तर्गत (१)अरविन्द ठाकुर, (२)जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल, (३)रामलोचन ठाकुर, (४) राजनन्दन लाल दास, (५)रवीन्द्र नाथ ठाकुर, (६) केदार नाथ चौधरी, (७) प्रेमलता मिश्र 'प्रेम' आ (८) शरदिन्दु चौधरी विशेषांक निकालने अछि। अही सन्दर्भमे आठो साहित्यकार पर "विदेह मोनोग्राफ" शृंखला अन्तर्गत "मोनोग्राफ" आमंत्रित कयल जा रहल अछि। "विदेह मोनोग्राफ" शृंखलाक विवरण निम्न प्रकार अछि: (१) इच्छुक लेखक ऊपरमे कोनो एक रचनाकार पर अपन मोनोग्राफ लिखबाक इच्छा editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकै छथि। मोनोग्राफ लिखबाक अवधि सामान्यः एक मास रहत। (२) विदेह आठ रचनाकारपर आठ लेखकक नाम मोनोग्राफ लिखबाक लेल चयनित कऽ ओकर सार्वजनिक घोषणा करत। "विदेह मोनोग्राफ" लिखबाक निअम: (१) मोनोग्राफ पूर्ण रूपेँ रचनाकारपर केन्द्रित हुअय। साहित्य अकादेमी, एन.बी.टी. आ किछु व्यक्तिगत रूपेँ लिखल मोनोग्राफ/ बायोग्राफीमे लेखक संस्मरण आ व्यक्तिगत प्रसंग जोड़ि कय रचनाकारक बहन्ने अपन-आत्म-प्रशंसा लिखैत छथि। "विदेह मोनोग्राफ" फीफा वर्ल्ड कप फुटबाल सन रहत। फीफा वर्ल्ड कप फुटबाल एहेन एकमात्र टूर्नामेण्ट अछि जतय कोनो "ओपेनिंग" बा "क्लोजिंग" सेरीमनी नै होइत छै आ तकर कारण छै जे "ओपेनिंग" बा "क्लोजिंग" मे टूर्नामेण्टमे नै खेला रहल लोक मुख्य अतिथि/ अतिथि होइत छथि आ फोकस खिलाड़ी सँ दूर चलि जाइत अछि। फीफा मात्र आ मात्र फुटबाल खिलाड़ीपर केन्द्रित रहैत अछि से ओकर टूर्नामेण्ट "ओपेनिंग सेरीमनी" नै वरन् सोझे "ओपेनिंग मैच" सँ आरम्भ होइत अछि आ ओकर समापन "क्लोजिंग सेरीमनी"सँ नै वरन् "फाइनल मैच आ ट्राफी"सँ खतम होइत अछि आ फोकस मात्र आ मात्र खिलाड़ी रहैत छथि। तहिना "विदेह मोनोग्राफ" मात्र आ मात्र ऐ "सातो रचनाकार"पर केन्द्रित रहत आ कोनो संस्मरण आदि जोड़ि कऽ फोकस रचनाकारसँ अपनापर केन्द्रित करबाक अनुमति नै रहत। (२) मोनोग्राफ लेल "विदेह पेटार"मे उपलब्ध सामग्रीक सन्दर्भ सहित उपयोग कयल जा सकैए। (३) विदेहमे ई-प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि। सम्पादक 'विदेह' ई-पत्रिकामे प्रकाशित रचनाक प्रिंट-वेब आर्काइवक/ आर्काइवक अनुवादक आ मूल आ अनूदित आर्काइवक ई-प्रकाशन/ प्रिंट-प्रकाशनक अधिकार रखैत छथि। ऐ ई-पत्रिकामे कोनो रॊयल्टीक/ पारिश्रमिकक प्रावधान नै छै। (४) "विदेह मोनोग्राफ"क फॉर्मेट: रचनाकारक परिचय (रचनाकारक जन्म, निवास-स्थान आ कार्यस्थलक भौगोलिक-सांस्कृतिक विवेचना सहित) आ रचनावली (समीक्षा सहित)। घोषणा: "विदेह मोनोग्राफ" शृंखला अन्तर्गत (१) राजनन्दन लाल दास जी पर मोनोग्राफ निर्मला कर्ण, (२) रवीन्द्र नाथ ठाकुर पर मुन्नी कामत आ (३) केदार नाथ चौधरी पर प्रेम मोहन मिश्र द्वारा लिखल जायत। मैथिली पुत्र प्रदीप पर "विदेह मोनोग्राफ" लिखताह प्रेमशंकर झा "पवन"। शेष ५ गोटेपर निर्णय शीघ्र कएल जायत। घोषणा २: ओना तँ मैथिली पुत्र प्रदीप पर विदेह विशेषांक नै निकालने अछि, मुदा हुनकर अवदान केँ देखैत प्रेमशंकर झा "पवन"क हुनका ऊपर "विदेह मोनोग्राफ" लिखबाक विचार आयल तँ ओकरा स्वीकार कयल गेल। -गजेन्द्र ठाकुर, सम्पादक विदेह, whatsapp no +919560960721 HTTP://VIDEHA.CO.IN/ ISSN 2229-547X VIDEHA ४ (१) विदेह द्वारा जे विशेषांक प्रकाशित होइ छै तकर संगे विदेह ओहन लेखक-साहित्यपर अपन धेआन सेहो केंद्रित करत जिनकापर विदेहक विशेषांक कोनो कारणवश नै प्रकाशित भऽ सकल। ऐ नव विचारक मुख्य बिंदु एना अछि- १) हम एकटा कोनो लेखक वा कलाकारपर एकाग्र आलोचना करब जकर भाषा मैथिली अथवा अंग्रेजी रहत। ऐ पोथीक पहिल रूप ई-बुक केर रूपमे ऐत आ प्रयास रहत जे एकर प्रिंट सेहो आबए जे कि परिस्थितिपर निर्भर करत। २) ऐ शृंखलामे सुभाष चंद्र यादवपर केंद्रित "नित नवल सुभाष चंद्र यादव" एवं राजदेव मंडलपर केंद्रित "Rajdeo Mandal- Maithili Writer" प्रकाशित भेल अछि। दुनू पोथीक लोकार्पण ३१ दिसम्बर २०२२ केँ १११म सगर राति दीप जरय मे कएल गेल। ३)आगाँक घोषणा लेल http://videha.co.in/investigation.htm देखैत रही। कमलानन्द झाक पोथी "मैथिली उपन्यास: समय समाज आ सवाल" (२०२१) क शीर्षक भ्रामक अछि। ई हुनकर किछु सवर्ण उपन्यासकारपर किछु सिण्डिकेटेड कथित समीक्षात्मक आलेखक संग्रह अछि, २६३ पन्नाक ई पोथी हार्डबाउण्डमे लाइब्रेरीकेँ मात्र बेचल जा सकत, जतऽ ई सड़ि जायत, अमेजनसँ हम ई चारि सय पाँच टाकामे किनलौं मुदा ऐमे पाँचो पाइक सामिग्री नै अछि। एतऽ एकटा भूल सुधार अछि, एकटा गएर सवर्ण लेखक सुभाष चन्द्र यादवक उपन्यास 'गुलो'केँ बिनु पढ़ने ओ दू पाँति लिखलन्हि आ निपटा देलन्हि, ओ दुनू पाँति हम एतऽ अहाँक मनोरंजनार्थ प्रस्तुत कऽ रहल छी। अहाँ गुलो पढ़नहिये हएब, जँ नै पढ़ने छी तँ पहिने पढ़ि लिअ, कारण तखन बेशी मनोरंजक अनुभव हएत, गुलो सुभाष चन्द्र यादव जीक अनुमति सँ उपलब्ध अछि विदेह आर्काइवपर ऐ http://videha.co.in/pothi.htm लिंकपर। "उपन्यासक कमजोरी अछि लेखकक राजनीतिक पूर्वाग्रह। राजनीति विशेषक पक्षधरता रचनाक संग न्याय नहि कऽ पबैत अछि।" जइ उपन्यासमे राजनीति दूर-दूर धरि नै छै ओतऽ 'राजनैतिक पूर्वाग्रह' आ 'राजनीति विशेषक पक्षधरता'क तँ प्रश्ने नै छै। राजनीतिक पूर्वाग्रह बा पक्षधरताक सोङर धूमकेतु आ यात्री प्रयुक्त केलन्हि। सुभाष चन्द्र यादव जीक 'भोट' जे २०२२मे आयल जे सुभाष चन्द्र यादव जीक अनुमति सँ उपलब्ध अछि विदेह आर्काइवपर ऐ http://videha.co.in/pothi.htm लिंकपर, से राजनीतिपर अछि मुदा ओतहुओ सुभाषजीक भगता शैलीकेँ राजनीतिक पूर्वाग्रह बा पक्षधरताक सोङरक आवश्यकता नै पड़लै। पढ़ू हमर पोथी 'नित नवल सुभाष चन्द्र यादव' जे उपलब्ध अछि ऐ http://videha.co.in/pothi.htm लिंकपर। कमलानन्द झाक बिनु पढ़ने सुभाष चन्द्र यादवक विरुद्ध ब्राह्मणवादी जातिगत पूर्वाग्रह एकटा खतराक घण्टी अछि। जइ हिसाबे ब्राह्मणवादकेँ आगाँ बढ़बैले कमलानन्द झा वामपंथक सोङर पकड़ै छथि आ सामाजिक न्यायक बलि चढ़बऽ चाहै छथि, तकर प्रति समानान्तर धारा सचेत अछि। ई अपन बायोडाटामे गएर सवर्णसँ छीनि कऽ, समानान्तर धाराक लोकक हककेँ मारि कऽ लेल साहित्य अकादेमीक मैथिल अनुवाद असाइनमेण्टक गर्वसँ चर्चा करैत छथि। आ ई असाइनमेण्ट हिनका मेरिटसँ नै जातिगत टाइटिलसँ भेटल छन्हि, अही सभ किरदानीक एवजमे भेटल छन्हि। हिनका सन लोक लेल मैथिली बायोडेटाक एकटा पाँति अछि, समानान्तर धारा लेल जीवन-मरणक प्रश्न। आब अहाँ पुछब जे तकर प्रतिकार समानान्तर धारा केना केलक, ओ तँ कन्नारोहट नै करैए, तँ तकर उत्तर अछि हमर ३ टा पोथी जे १११म सगर राति दीप जरय मे लोकार्पित भेल ३१ दिसम्बर २०२२ केँ, वएह सगर राति दीप जरय जकरा साहित्य अकादेमी गत दस बर्खसँ गीड़ि लेबाक प्रयास कऽ रहल अछि। अहाँसँ ऐ तीनू पोथीपर टिप्पणी ई-पत्र सङ्केत editorial.staff.videha@gmail.com पर आमंत्रित अछि। पहिल दू पोथी मे राजदेव मण्डल आ सुभाष चन्द्र यादवक साहित्यक समीक्षा अछि जे हमर तेसर पोथी मैथिली समीक्षशास्त्रक सिद्धांतक आधारपर कएल गेल अछि। तीनू पोथीक लिंक नीचाँ देल गेल अछि। Rajdeo Mandal- Maithili Writer (Now with Supplement I & II) नित नवल सुभाष चन्द्र यादव नित नवल सुभाष चन्द्र यादव (मिथिलाक्षर) मैथिली समीक्षाशास्त्र मैथिली समीक्षाशास्त्र (तिरहुता) संगमे पढ़ू कमलानन्द झा क ब्राह्मणवादपर प्रहार: दूषण पञ्जी- The Black Book दूषण पञ्जी- The Black Book (मिथिलाक्षर) -गजेन्द्र ठाकुर, सम्पादक विदेह, whatsapp no +919560960721 HTTP://VIDEHA.CO.IN/ ISSN 2229-547X VIDEHA ४(२) नित नवल दिनेश कुमार मिश्र दिनेश कुमार मिश्रक 'दुइ पाटन के बीच मे' कोसी नदीक ऐतिहासिक आत्मकथा थीक, ओ मिथिलाक आन धार सभक ऐतिहासिक आत्मकथा सेहो लिखने छथि जेना बन्दिनी महानन्दा, बागमती की सद्गति!, दुइ पाटन के बीच में.. (कोसी नदी की कहानी), न घाट न घर, बगावत पर मजबूर मिथिला की कमला नदी, भुतही नदी और तकनीकी झाड़-फूंक, The Kamla River and People On Collision Course, Bhutahi Balan- Story of a ghost river and engineering witchcraft, Refugees of the Kosi Embankments। साहित्य अकादेमीक मैथिली परामर्शदात्री समितिक सदस्य पंकज झा पराशर द्वारा हिनकर पोथी सभसँ पैराक पैरा मैथिली अनुवाद कऽ अपना नामे उपन्यास छपबाओल गेल अछि, जकरा छद्म समीक्षक कमलानन्द झा ऐ चोर लेखकक रिसर्च कहै छथि! एतऽ स्पष्ट कऽ दी जे ई चोर लेखक आ छद्म समीक्षक दुनू अलीगढ़ मुस्लिम विद्यालयक हिन्दी विभागमे छथि। ई रिसर्च दिनेश कुमार मिश्रक थीक, जे आइ.आइ.टी. खड़गपुरसँ सिविल इन्जीनियरिङ मे बी. टेक. १९६८मे आ स्ट्रक्चरल इन्जीनियरिङमे एम.टेक. १९७०मे केने छथि, आ ओइ रिसर्च लेल क्वालिफाइड छथि। जखन कोनो विषयमे नामांकन नै होइ छै तखन लोक हारि-थाकि हिन्दीमे नामांकन लइए, नै तँ कमलानन्द झा केँ बुझऽ मे आबि जइतन्हि जे ई रिसर्च कोनो सिविल इन्जीनियरेक भऽ सकैत अछि, भऽ सकैए बुझलो होइन्ह। हिन्दी मूल आ मैथिलीक स्क्रीनशॉट आँगा संलग्न अछि। दिनेश कुमार मिश्र मिथिलाक नै छथि मुदा मिथिलाक सभ धारक कथा ओ लिखने छथि, हम सभ हुनका प्रति कृतज्ञ छी आ हुनकर ऋणसँ मिथिलावासी कहियो उऋण नै भऽ सकता, मुदा मूलधाराक पुरस्कार आ पाइ लोलुप लोकसँ कृतघ्नते भेटत से फेर सिद्ध भेल। ऐ लेखककेँ दस बारह बर्ख पहिने सेहो तारानन्द वियोगी उद्धारक भेटल छलखिन्ह जे लिखने रहथिन्ह जे ओ कवितामे प्रभावित भऽ अनायासे अपन रचनामे दोसरक सामिग्री चोरि कऽ लइ छथि, एहने सन। आब ऐ कमलानन्द झा क आश्रय तकलन्हि मुदा दुर्भाग्य! जइ हिसाबे ब्राह्मणवादकेँ आगाँ बढ़बैले कमलानन्द झा वामपंथक सोङर पकड़ै छथि आ सामाजिक न्यायक बलि चढ़बऽ चाहै छथि, तकर प्रति समानान्तर धारा सचेत अछि। सीलिंगसँ बचबा लेल जमीन-जत्थाबला लोक कम्यूनिस्ट बनला आ आब ब्राह्मणवाद बचेबालेल वामपंथक शरण, एहेन लोक सभसँ कम्यूनिज्मकेँ बहुत नुकसान भेल छै। दिनेश क़ुमार मिश्रक सभटा पोथी आब हुनकर अनुमतिसँ उपलब्ध अछि विदेह आर्काइवमेः http://videha.co.in/pothi.htm एतऽ एकटा गप मोन पाड़ि दी जे जखन बिल गेट्सकेँ पूछल गेलन्हि जे की ओ एक्स बॉक्स भारतमे पाइरेशीक डरसँ देरीसँ आनि रहल छथि? तँ हुनकर उत्तर रहन्हि जे माइक्रोसॉफ्ट पाइरेशीक डरे कोनो उत्पाद देरीसँ नै उतारने अछि। से विदेह पेटारमे हम सभ ऐ तरहक रिस्क रहितो एकरा आर समृद्ध करैत रहब, कारण समानान्तर धारामे सड़ल माँछ द्वारे पोखरिक सभ माँछ नै सड़ैए, एतुक्का मलाह गोट-गोट कऽ सड़ल माँछ निकालैत रहल छथि, निकालैत रहता। सिण्डीकेटेड समीक्षापर अन्तिम प्रहार। मूल दिनेश कुमार मिश्र (दुइ पाटन के बीच में... २००६): यह ध्यान देने की बात है कि 1923 से 1946 के बीच कोसी क्षेत्र में मलेरिया से 5,10,000, कालाजार से 2,10,000, हैजे से 60,000 तथा चेचक से 3,000 मौतें (कुल 7,83,000) हुईं। चोर पंकज झा पराशर (साहित्य अकादेमीक मैथिली परामर्शदात्री समितिक सदस्य) [जलप्रांतर २०१७ (पृ. १०३)]: मूल दिनेश कुमार मिश्र (दुइ पाटन के बीच में... २००६): भारतवर्ष में बिहार में कोसी नदी को बांधने का काम 12वीं शताब्दी में किसी राजा लक्ष्मण द्वितीय ने करवाया था और इस काम के लिए उसने प्रजा से 'बीर' की उपाधि पाई और नदी का तटबन्ध 'बीर बांध' कहलाया। इस तटबन्ध के अवशेष अभी भी सुपौल जिले में भीम नगर से कोई 5 किलोमीटर दक्षिण में दिखाई पड़ते हैं। डॉ. फ्रांसिस बुकानन (1810-11) का अनुमान था कि यह बांध किसी किले की सुरक्षा के लिए बनी बाहरी दीवार रहा होगा क्योंकि यह बांध धौस नदी के पश्चिमी किनारे पर तिलयुगा से उसके संगम तक 32 किलोमीटर की दूरी में फैला हुआ था। डॉ. डब्लू.डब्लू. हन्टर (1877) बुकानन के इस तर्क के साथ सहमत नहीं थे कि यह बांध किसी किले की सुरक्षा दीवार था। स्थानीय लोगों के हवाले से हन्टर का मानना था कि अधिकांश लोग इसे किले की दीवार नहीं मानते और उनके हिसाब से यह कुछ और ही चीज थी मगर वह निश्चित रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं थे। फिर भी जो आम धारणा बनती है वह यह है कि यह कोसी नदी के किनारे बना कोई तटबन्ध रहा होगा जिससे नदी की धारा को पश्चिम की ओर खिसकने से रोका जा सके। लोगों का यह भी कहना था कि ऐसा लगता था कि इस तटबन्ध का निर्माण कार्य एकाएक रोक दिया गया होगा। छद्म समीक्षक कमलानन्द झा द्वारा चोर उपन्यासकारक पीठ ठोकब, देखू छद्म समीक्षक कमलानन्द झा द्वारा उद्धृत चोर पंकज झा पराशर (मैथिली उपन्यास, समय, समाज आ सवाल पृ. २५७-२५८): चोर पंकज झा पराशर (साहित्य अकादेमीक मैथिली परामर्शदात्री समितिक सदस्य) [जलप्रांतर २०१७ (पृ. ३१)]: मूल दिनेश कुमार मिश्र (दुइ पाटन के बीच में... २००६): कोसी के प्रवाह कि भयावहता की एक झलकफिरोजशाह तुगलक की फौज के सन् 1354 में बंगाल से दिल्ली लौटने के समय मिलती है। बताया जाता है कि जब सुल्तान की फौजें कोसी के किनारे पहुँचीं तो देखा कि नदी के दूसरे किनारे पर हाजी शम्सुद्दीन इलियास की फौजें मुकाबले के लिए तैयार खड़ी हैं। यह वही हाजी शम्सुद्दीन थे जिन्होंने हाजीपुर तथा समस्तीपुर शहर बसाये थे। फिरोज की फौजें शायद कुरसेला के आस-पास किसी जगह पर कोसी के किनारे सोच में पड़ गईं। नदी की रफ्तार उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही थी। आखिरकार फैसला हुआ कि नदी के साथ-साथ उत्तर की ओर बढ़ा जाय और जहाँ नदी पार करने लायक हो जाय वहाँ पानी की थाह ली जाये। सुल्तान की फौजें प्रायः सौ कोस ऊपर गईं और जियारन के पास, जो कि उसी स्थान पर अवस्थित था जहाँ नदी पहाड़ों से मैदानों में उतरती थी, नदी को पार किया। नदी की धारा तो यहाँ पतली जरूर थी पर प्रवाह इतना तेज था कि पाँच-पाँच सौ मन के भारी पत्थर नदी में तिनकों की तरह बह रहे थे। जहाँ नदी को पार करना मुमकिन लगा उसके दोनों ओर सुल्तान ने हाथियों की कतार खड़ी कर दी और नीचे वाली कतार में रस्से लटकाये गये जिससे कि यदि कोई आदमी बहता हुआ हो तो इस रस्सों की मदद से उसे बचाया जा सके। शम्सुद्दीन ने कभी सोचा भी न था कि सुल्तान की फौजें कोसी को पार कर लेंगी और जब उस को इस बात का पता लगा कि सुलतान की फौजों ने कोसी को पार करने में कामयाबी पा ली है तो वह भाग निकला। चोर पंकज झा पराशर (साहित्य अकादेमीक मैथिली परामर्शदात्री समितिक सदस्य) [जलप्रांतर २०१७ (पृ. १०५)]: (... शीघ्र अही लिंकपर आर स्क्रीनशॉट अपडेट कएल जायत।) विदेहक ३६३ म अंक दिनांक ०१ फरबरी २०२३ सँ प्रारम्भ... नित नवल दिनेश कुमार मिश्र http://videha.co.in/ विदेह: प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA (since 2004) पर। -गजेन्द्र ठाकुर, सम्पादक विदेह, whatsapp no +919560960721 HTTP://VIDEHA.CO.IN/ ISSN 2229-547X VIDEHA ४ (३) नित नवल सुशील कमलानन्द झाकेँ हम किए छद्म समीक्षक कहलियनि? कारण ओ छद्म समीक्षक छथि। ओ लिखै छथि- "मैथिली उपन्यास-यात्राक लगभग सय वर्षक बाद मैथिल अन्तरजातीय विवाहक सपना, संघर्ष आ विडम्बना पर गरिमायुक्त उपन्यास लिखबाक श्रेय गौरीनाथकेँ जाइत छनि।" तँ की कमलानन्द झा सुशीलसँ ई श्रेय छीनि लेलनि? की ई हुनकर ब्राह्मणवादी संस्कारक अहंकार- जे हम ककरो चढ़ा सकै छिऐ आ ककरो उतारि सकै छिऐ- केर पराकाष्ठा थीक, आकि हुनकर अध्ययनक अभावक प्रमाण? चलू अहाँकेँ लऽ चली कमलानन्द झा केर स्वार्थी दुनियाँसँ दूर, छल-छद्मसँ दूर सुशीलक जादूबला साहित्यक निश्छल दुनियाँमे। अहाँक स्वागत अछि सुशीलक साहित्यक दुनियाँमे। प्रस्तुत अछि सुशीलक 'गामबाली' (१९८२) जे आब उपलब्ध अछि विदेह आर्काइवमे लिंक http://videha.co.in/pothi.htm पर। पहिल पाँतीमे उपन्यास आरम्भसँ पहिनहिये 'गामबाली' उपन्यासक सम्बन्धमे सुशील लिखै छथि- "विधवा विवाह आ अन्तर्जातीय विवाहक समर्थनमे।" आ उपन्यास आरम्भ। गामबालीक मृत्यु आ तखने झमेला, गामबालीक दाह संस्कार के करतै? ब्राह्मण समाज कि जादव समाज? मैथिलीक सिण्डीकेटेड समीक्षापर अन्तिम प्रहार। विदेहक ३६३ म अंक दिनांक ०१ फरबरी २०२३ सँ प्रारम्भ... नित नवल सुशील http://videha.co.in/ विदेह: प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA (since 2004) पर। -गजेन्द्र ठाकुर, सम्पादक विदेह, whatsapp no +919560960721 HTTP://VIDEHA.CO.IN/ ISSN 2229-547X VIDEHA ५ संजू दास जीक चित्रकलापर बहस चलि रहल अछि। किछु गोटे एकरा अश्लील मानि रहल छथि तँ किछु गोटे एकरा कलाक स्वतंत्र हेबाक परिचायक मानै छथि। विदेह दूनू पक्षसँ टाइप कएल आलेखक अपील कऽ रहल अछि, आलेख तथ्यपरक हेबाक चाही। व्यक्तिगत लगाव बा दुश्मनी बला आलेख नै हुअय। अपन आलेख editorial.staff.videha@gmail.com पर सेहो पठाउ। ६ विदेहक "साहित्यिक भ्रष्टाचार विशेषांक" विदेह "साहित्यिक भ्रष्टाचार विशेषांक" लेल निम्नलिखित विषयपर आलेख ई-मेल editorial.staff.videha@gmail.com पर आमंत्रित अछि। १. साहित्य, कला आ सरकारी अकादमीः- (क) पुरस्कारक राजनीति (ख) सरकारी अकादेमीमे पैसबाक गएर-लोकतांत्रिक विधान (ग) सत्तागुट आ अकादमी केर काज करबाक तरीका (घ) सरकारी सत्ताक छद्म विरोधमे उपजल तात्कालिक समानांतर सत्ताक कार्यपद्धति (ङ) अकादेमी पुरस्कारमे पाइ फैक्टरः मिथक बा यथार्थ २. व्यक्तिगत साहित्य संस्थान आ पुरस्कारक राजनीति ३. प्रकाशन जगतमे पसरल भ्रष्टाचार आ लेखक ४. मैथिलीक छद्म लेखक संगठन आ ओकर पदाधिकारी सबहक आचरण ५. स्कूल-कॉलेजक मैथिली विभागमे पसरल साहित्यिक भ्रष्टाचारक विविध रूप- (क) पाठ्यक्रम (ख) अध्ययन-अध्यापन (ग) नियुक्ति ६. साहित्यिक पत्रकारिता, रिव्यू, मंच-माला-माइक आ लोकार्पणक खेल-तमाशा ७. लेखक सबहक जन्म-मरण शताब्दी केर चुनाव , कैलेंडरवाद आ तकरा पाछूक राजनीति ८. दलित एवं लेखिका सबहक संगे भेद-भाव आ ओकर शोषणक विविध तरीका ९. कोनो आन विषय। ७ विदेह ब्रॉडकास्ट लिस्ट विदेह WWW.VIDEHA.CO.IN सम्बन्धी सूचना लेल अपन whatsapp नम्बर हमर whatsapp no +919560960721 पर पठाउ, ओकर प्रयोग मात्र विदेह सम्बन्धी समाचार देबाक लेल कएल जाएत। -गजेन्द्र ठाकुर, सम्पादक विदेह, whatsapp no +919560960721 HTTP://VIDEHA.CO.IN/ ISSN 2229-547X VIDEHA ...................... मैथिली आ मिथिलासँ संबंधित किछु मुख्य साइट:- आन लिंकक विषयमे सूचना editorial.staff.videha@gmail.com केँ ई मेलसँ पठाबी। http://www.videha.co.in/ ("विदेह" प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका) http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html (इंटरनेटपर मैथिली भाषाक प्राचीनतम उपस्थिति/ मैथिलीक पहिल ब्लॉग- मैथिली भाषा ब्लॉगक एग्रीगेटर, ५ जुलाइ २००४) http://videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html (इंटरनेटपर मैथिली भाषाक प्राचीनतम उपस्थिति/ मैथिलीक पहिल ब्लॉग- मैथिली भाषा ब्लॉगक एग्रीगेटर, ५ जुलाइ २००४) भालसरिक गाछ जे सन २००० सँ याहूसिटीजपर छल http://www.geocities.com/.../bhalsarik_gachh.html, http://www.geocities.com/ggajendra आदि लिंकपर आ अखनो ५ जुलाइ २००४ क पोस्ट http://gajendrathakur.blogspot.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html (किछु दिन लेल http://videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html लिंकपर, स्रोत wayback machine of https://web.archive.org/web/*/videha  258 capture(s) from 2004 to 2016- http://videha.com/ भालसरिक गाछ-प्रथम मैथिली ब्लॉग / मैथिली ब्लॉगक एग्रीगेटर) केर रूपमे इन्टरनेटपर मैथिलीक प्रचीनतम उपस्थितिक रूपमे विद्यमान अछि। ई मैथिलीक पहिल इंटरनेट पत्रिका थिक जकर नाम बादमे १ जनवरी २००८ सँ "विदेह" पड़लै।इंटरनेटपर मैथिलीक प्रथम उपस्थितिक यात्रा विदेह- प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका धरि पहुँचल अछि,जे http://www.videha.co.in/  पर ई प्रकाशित होइत अछि। आब "भालसरिक गाछ" जालवृत्त 'विदेह' ई-पत्रिकाक प्रवक्ताक संग मैथिली भाषाक जालवृत्तक एग्रीगेटरक रूपमे प्रयुक्त भऽ रहल अछि। विदेह ई-पत्रिका ISSN 2229-547X VIDEHA पल्लवमिथिला (धीरेन्द्र प्रेमर्षि) २०५९ माघे संक्रान्ति- २००३ जनवरी मैथिलीक दोसर इंटरनेट पत्रिका अछि जे ऐ लिंक www.pallavmithila.mainpage.net पर छल मुदा आब ई उपलब्ध नै अछि। ई टिप्पणी मात्र इतिहास शुद्धता लेल अछि। ................. http://videha-aggregator.blogspot.com/ (मैथिली भाषा ब्लॉगक एग्रीगेटर) http://www.videha.com/ (इंटरनेटपर मैथिली भाषाक सभसँ पुरान उपलब्ध उपस्थिति/ लोकप्रिय ब्लॉग- मैथिली भाषा ब्लॉगक एग्रीगेटर ५ जुलाइ २००४ www.gajendrathakur.blogspot.com ) http://esamaad.blogspot.com/ (पूनम मंडल आ प्रियंका झाक पहिल मैथिली न्यूज पोर्टल, ९ अगस्त २००४ सँ) http://prakarantar.blogspot.com/ (प्रकारांतर मैथिलीक लोकप्रिय ब्लॉग, फरबरी २००५) http://vidyapati.blogspot.com/ (मैथिलीक  लोकप्रिय ब्लॉग, अगस्त २००५) http://www.vidyapati.org/ (मैथिलीक  लोकप्रिय ब्लॉग, अगस्त २००५) http://hellomithila.blogspot.com/  (हेलो मिथिला- धीरेन्द्र प्रेमर्षि, सम्पादक-प्रकाशक, रूपा झा, सम्पादन सहयोग, पल्लव, मैथिली साहित्यिक, ३ मइ २००६) http://pallav.blogsome.com/  (हेलो मिथिला- धीरेन्द्र प्रेमर्षि, सम्पादक-प्रकाशक, रूपा झा, सम्पादन सहयोग, पल्लव, मैथिली साहित्यिक,  १७ मइ २००६) http://hellomithilaa.blogspot.com/ (मैथिली न्यूज पोर्टल, सितम्बर २००७) http://www.hellomithila.com/ (मैथिली न्यूज पोर्टल, सितम्बर २००७) http://shampadak.wordpress.com/ (मैथिली न्यूज पोर्टल, जनवरी-फरबरी २००८) http://www.esamaad.com/  (मैथिली न्यूज पोर्टल, जनवरी-फरबरी २००८) http://hellomithilaa.wordpress.com/ http://premarshi.wordpress.com/ (धीरेन्द्र प्रेमर्षि) .................... http://anchinharakharkolkata.blogspot.com/  (मैथिलीक लोकप्रिय गजलक ब्लॉग) ....................... https://vigyanprasar.gov.in/vigyan-ratnakar/ (विज्ञान रत्नाकर) JNU http://sanskrit.jnu.ac.in/maithili/index.jsp http://sanskrit.jnu.ac.in/student_projects/lexicon.jsp?lexicon=maithili ........................... 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आवेदन ३० सितम्बर २००९- विदेहक सहयोग) https://www.unicode.org/L2/L2011/11175r-tirhuta.pdf (यूनीकोड तिरहुता फॉण्ट लेल आवेदन ५ मई २०११- विदेहक सहयोग) http://www.tirhutalipi.4t.com/ (देवनागरी-तिरहुता फॉण्ट- वेस्टर्न आधारित) http://www.anujha.co.cc/ (देवनागरी यूनीकोड आधारित तिरहुता फॉन्ट-मिथिला) "विकीपीडिया"मे मैथिली http://translatewiki.net/wiki/Project:Translator http://meta.wikimedia.org/wiki/Requests_for_new_languages/Wikipedia_Maithili http://translatewiki.net/wiki/Special:Translate?task=untranslated&group=core-mostused&limit=2000&language=mai http://incubator.wikimedia.org/wiki/Wp/mai http://translatewiki.net/wiki/MediaWiki:Mainpage/mai अंतिम पाँचू साइट विकी मैथिली प्रोजेक्टक अछि। एहि लिंक सभ पर जा कय प्रोजेक्टकेँ आगाँ बढ़ाऊ। यूनीकोड तिरहुता फॉण्ट, "विकीपीडिया"मे मैथिली आ आब मैथिली "गूगल ट्रान्सलेट"मे सेहो। अगिला लक्ष्य "अमेजन अलेक्सा" गूगल ट्रान्सलेट गूगल ट्रान्सलेटक लिंक https://translate.google.com/?sl=en&tl=mai&op=translate गूगल ट्रान्सलेटकेँ आर पुष्ट करबाक खगता छै तइ लेल अगिला काज अढ़ा रहल छी: https://translate.google.com/about/contribute/ Crowdsource Maithili Community Please fill the form Next Step Download the Crowdsource app from android play store and start contributing or go to web on the following link for contributing: https://crowdsource.google.com/about/ Crowdsource by Google is a gamified platform that empowers users to directly train Google's artificial intelligence systems and make Google products work equally well for everyone, everywhere. प्रारम्भ: विकीपीडिया ०१ फरबरी २००८ लिंक https://books.google.co.in/books?id=VC-BD5Ad6z4C&lpg=PA1&pg=PA1#v=onepage&q&f=false  (मैथिली देवनागरी) https://books.google.co.in/books?id=cTezCU59bJwC&lpg=PP1&pg=PP1#v=onepage&q&f=false  (मैथिली तिरहुता) https://books.google.co.in/books?id=3zKudz6wAO8C&lpg=PP1&pg=PP1#v=onepage&q&f=false  (मैथिली ब्रेल) गूगल ट्रन्सलेट २३ जून २०११क लिंक https://www.facebook.com/groups/videha/permalink/138489416229195/ गूगल ट्रांसलेशन टूलमे "बिहारी" भाषाक बदलामे मैथिली लेल अलग ट्रांसलेशन टूल बनेबाक आवेदन विदेहक सदस्यगण द्वारा देल गेल अछि। अपन योगदान गूगल ट्रांसलेट लेल करू, आ कएल सम्पादन बदलबा काल कारण मे (अंग्रेजीमे) "बिहारी" नाम्ना कोनो भाषा नै हेबाक चर्चा करू। ऐ लिंकपर अनुवाद करू; गूगल एकाउंटसँ लॉग इन केलाक बाद । http://www.google.com/transconsole/giyl/chooseProject http://www.google.com/transconsole/giyl/chooseActivity?project=gws&langcode=bh  (link closed) मिथिलाक्षर (तिरहुता) फॉण्ट लेल आवेदन ३० सितम्बर २००९ आ फेर संशोधित आवेदन ५ मई २०११ केँ श्री अंशुमन पाण्डेय द्वारा देल गेल आ दुनू बेर ऐमे विदेहक सहयोगक वर्णन भेल। ११ जूनकेँ श्री अंशुमन पाण्डेय एकर स्वीकृतिक सूचना विदेहक फेसबुक ग्रुपपर देलनि। आब ई फॉण्ट बनि कऽ तैयार अछि आ नीचाँक लिकपर डाउनलोड लेल उपलब्ध अछि। तिरहुता, नेवाड़ी आ कैथी फॉण्ट डाउनलोड Google's Noto Fonts project/ GitHub तिरहुता नोटो फॉण्ट कैथी ओटीएफ कैथी टीटीएफ नेवाड़ी ओ.टी.एफ. नेवाड़ी टी.टी.एफ. https://fonts.google.com/ (Google Open Fonts download) Tirhuta Offline Keyboard download https://malarproject.gitlab.io/tirhuta (Tirhuta Keyboard Online) https://keymanweb.com/?_ga=2.7155890.1818820209.1675749426-2042013574.1675749426#mai-tirh,Keyboard_tirhuta https://keymanweb.com/?_ga=2.241635586.1818820209.1675749426-2042013574.1675749426#mai-tirh,Keyboard_malar_tirhuta https://aksharamukha.appspot.com/converter (Script/ Website Convertor) https://aksharamukha.appspot.com/keyboards [Input (IME] https://github.com/virtualvinodh/aksharamukha-fonts (fonts- opensource) https://www.cdac.in/ (Tirhuta/ Unicode Typing Tool) अमेजन अलेक्सा मैथिली (शीघ्र....) किछु मैथिली विकिपिडिया पेजक लिंक: विदेह (पत्रिका) https://mai.wikipedia.org/s/kgv इन्टरनेटक संसारमे मैथिली भाषा https://mai.wikipedia.org/s/s6h भालसरिक गाछ https://mai.wikipedia.org/s/ipm विदेह https://mai.wikipedia.org/s/ie1 विदेहक फेसबुक भर्सन https://mai.wikipedia.org/s/iu1 विदेह सम्मान https://mai.wikipedia.org/s/jc2 विदेह आर्काइभ https://mai.wikipedia.org/s/jc0 विदेह मिथिला रत्न https://mai.wikipedia.org/s/jc3 विदेह मिथिलाक खोज https://mai.wikipedia.org/s/jc4 विदेह सूचना संपर्क अन्वेषण https://mai.wikipedia.org/s/jc5 श्रुति प्रकाशन https://mai.wikipedia.org/s/iu7 अनचिन्हार आखर https://mai.wikipedia.org/s/ion मैथिली गजल https://mai.wikipedia.org/s/idz मैथिली बाल गजल https://mai.wikipedia.org/s/iex मैथिली भक्ति गजल https://mai.wikipedia.org/s/if1 ...................... किछु मैथिल पोथी, ऑडियो-वीडियो, कलाकृति/ यू ट्यूब चैनल डाउनलोड साइट (ओपन सोर्स) SAHITYA AKADEMI http://sahitya-akademi.gov.in/publications/e-books.jsp http://sahitya-akademi.gov.in/general/Digitalbooks.jsp CIIL http://corpora.ciil.org/maisam.htm अखियासल (रमानन्द झा रमण) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI1.pdf जुआयल कनकनी- महेन्द्र http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI2.pdf प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI3.pdf सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI4.pdf मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा http://corpora.ciil.org/pdf/maidhilipdf/MAI5.pdf ARCHIVE.ORG (विजयदेव झा) https://archive.org/details/%40vijay_deo_jha?&sort=-publicdate&page=2 Videha Maithili eBooks/ eJournals/ Video Archive http://videha.co.in/archive.htm IGNCA http://ignca.nic.in/coilnet/mithila.htm http://ignca.nic.in/coilnet/kalyani.htm (MAITHILI ENGLISH DICTIONARY) मिथिला दर्शन https://mithiladarshan.com/ (online pdf of Maithili journal) तीरभुक्ति https://archive.org/details/@teerbhukti_journal OLE NEPAL's E-PUSTAKALAYA (https://pustakalaya.org/en/) पोथीक लिंक आइ.जी.एन.सी.ए.- ए.एस.आइ. https://ignca.gov.in/divisionss/asi-books/ https://ignca.gov.in/Asi_data/16612.pdf (History of Navya-Nyaya in Mithila) https://ignca.gov.in/Asi_data/42365.pdf (Studies in Jainism and Buddism in Mithila) https://ignca.gov.in/Asi_data/63227.pdf (Mithila in the Age of Vidyapati) https://ignca.gov.in/Asi_data/64994.pdf (Cultural Heritage of Mithila) https://ignca.gov.in/Asi_data/72754.pdf (Mithila under the Karnatas) ए.एस.आइ.अंग्रेजी https://tspasibhopal.nic.in/assets/pdf/publication/temples_of_mithila_english.pdf ए.एस.आइ.हिन्दी https://tspasibhopal.nic.in/assets/pdf/publication/temple_of_mithila_hindi.pdf मैथिली साहित्य संस्थान https://www.maithilisahityasansthan.org/resources दर्शनीय मिथिला (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 1 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 2 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 3 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) https://bloomlibrary.org/language:mai (ब्लूम लाइब्रेरी मैथिली) अरिपन फाउण्डेशन (http://www.aripanafoundation.org/) PRATHAM BOOKS MAITHILI STORYWEAVER https://www.youtube.com/playlist?list=PLAT74nNc2fmYaW29mRVAIgzRq63_9zWbI (मैथिली ऑडियो बुक्स) https://www.youtube.com/channel/UCE1HEUJEzc-NUbMsHzklHLw (विदेह मैथिली-अंग्रेजी टॉकिंग रीड-अलाउड ऑडियो बुक) https://bloomlibrary.org/player/Wcf6zr5CoF (मसाई केर परिवर्तनकारी रेबेका) https://bloomlibrary.org/player/p3sHdYBgiT (चलू हम तँ ठीक छी ने!) https://bloomlibrary.org/player/f19pSdhGMo (एकटा नीक दिन) https://bloomlibrary.org/player/b2l5wesxCp (घर सभ) https://bloomlibrary.org/player/dAzC0Fubt7 (की अहाँ ऐ चिड़ै सभकेँ देखने छी?) पोथी डॉट कॉम https://store.pothi.com/browse/free-ebooks/?language=Maithili I LOVE MITHILA https://www.ilovemithila.com/maithili-books-pdf-free-download/ (पोथी डाउनलोड लिंक) https://www.ilovemithila.com/  (online maithili journal) https://maithili.com.np/ (owner I Love Mithila) प्यारे मैथिल https://www.youtube.com/channel/UCq30Llck2tNw8BI4t8jjzQg (प्यारे मैथिल चैनल- किरण चौधरी आ संगीता आनन्द- मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय यू ट्यूब चैनल) https://www.youtube.com/MithilaChapter (मिथिला चैप्टर) https://www.youtube.com/soumyajha (खिस्सा-पिहानी नेना भुटका लेल) जानकी एफ.एम समाचार https://www.youtube.com/user/Janakifm/videos (जानकी एफ.एम समाचार) Videha e-Learning https://www.youtube.com/channel/UC4abVKqMj2pDWIAkXiOHp7A संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] ....................... http://www.youtube.com/user/ggajendra71(विदेह) https://www.youtube.com/gunjanshree http://www.youtube.com/user/Maithilinews http://www.youtube.com/user/jitumaithil (जितेन्द्र झा, जनकपुर) http://www.youtube.com/user/sobhagya8 (सौभाग्य मिथिला) http://www.youtube.com/user/rajnipallavi  (रजनी पल्लवी) http://www.youtube.com/user/bhaskaranjha  (भाष्कर झा) http://www.youtube.com/user/mahakalijha http://www.youtube.com/user/karia1885 http://www.youtube.com/user/omuniv http://www.youtube.com/user/sumankumar137 http://www.youtube.com/user/gyansjha http://www.youtube.com/user/bclalan http://www.youtube.com/user/gareri1986 http://www.youtube.com/user/avinashjha84 http://www.youtube.com/user/chandankumarjha1 http://www.youtube.com/user/mailorang http://www.youtube.com/user/chandanmishra2010 http://www.youtube.com/user/nirmaana http://www.youtube.com/user/Janakifm1 http://www.youtube.com/watch?v=XpSuVHtbaQ8&feature=mfu_in_order&list=UL http://www.youtube.com/user/gxcng http://www.youtube.com/user/gautamkrishna85 http://youtu.be/3i3OG5Nf3y8 http://youtu.be/sJnxSe-ckmo http://www.youtube.com/user/jitmohanjha http://www.youtube.com/user/MiTJnPNN http://www.youtube.com/watch?v=-9KaC8ji9t4 http://www.youtube.com/user/luvvivek2k7 http://www.youtube.com/user/bindassatyandra http://www.youtube.com/user/rustymind1 http://www.youtube.com/user/MrDeveshKarna http://www.youtube.com/user/rambabushah http://www.youtube.com/user/mukeshjha84 http://www.youtube.com/user/Mauahi www.youtube.com/user/MrBasantjha http://www.youtube.com/user/themadan http://www.youtube.com/user/sentukhu http://www.youtube.com/user/yarowjha http://www.youtube.com/user/mkoxp http://www.youtube.com/user/luvvick21 http://www.youtube.com/user/njyclubashok http://www.youtube.com/user/MrRamkisor http://www.youtube.com/user/pratyushsangita/ http://www.youtube.com/user/hellomithilaa http://www.youtube.com/user/mariyoshj http://www.youtube.com/user/dearshantanu/ www.youtube.com/user/RajuPrasadRajbanshi www.youtube.com/user/premarshi http://www.youtube.com/user/Dhipre (धीरेन्द्र प्रेमर्षि) http://www.youtube.com/user/TheShubhaprabhat http://www.youtube.com/user/njyclubashok http://www.youtube.com/user/mithilaconnect http://www.youtube.com/user/NAYAKSAURABH80 http://www.youtube.com/user/Rabindra888 http://www.youtube.com/user/uday88mandal http://www.youtube.com/user/nimesdeath http://www.youtube.com/user/pawanks6102 http://www.youtube.com/user/sahayogee http://www.youtube.com/user/sunilkumarpawan http://www.youtube.com/user/videhuk http://www.dailymotion.com/video/xjophq_documentary-kosi-katha_shortfilms#from=embed http://blackbuddhas.com/ http://youtu.be/CPwpkn5YI1I Top of Form Bottom of Form अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.७.विदेह ई-लर्निङ्ग [संघ लोक सेवा आयोग/ बिहार लोक सेवा आयोगक परीक्षा लेल  मैथिली (अनिवार्य आ ऐच्छिक) आ आन ऐच्छिक विषय आ सामान्य ज्ञान (अंग्रेजी माध्यम) हेतु सामिग्री] [एन.टी.ए.- यू.जी.सी.-नेट-मैथिली लेल सेहो] ................. मैथिलीक वर्तनी १ मैथिलीक वर्तनी- विदेह मैथिली मानक भाषा आ मैथिली भाषा सम्पादन पाठ्यक्रम भाषापाक २ मैथिलीक वर्तनीमे पर्याप्त विविधता अछि। मुदा प्रश्नपत्र देखला उत्तर एकर वर्तनी इग्नू BMAF001 सँ प्रेरित बुझाइत अछि, से एकर एकरा एक उखड़ाहामे उनटा-पुनटा दियौ, ततबे धरि पर्याप्त अछि। यू.पी.एस.सी. क मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेल सेहो ई पर्याप्त अछि, से जे विद्यार्थी मैथिली (कम्पलसरी) पेपर लेने छथि से एकर एकटा आर फास्ट-रीडिंग दोसर-उखड़ाहामे करथि| IGNOU  इग्नू       BMAF-001 ................... Maithili (Compulsory & Optional) UPSC Maithili Optional Syllabus BPSC Maithili Optional Syllabus मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (ऐच्छिक) मैथिली प्रश्नपत्र- यू.पी.एस.सी. (अनिवार्य) मैथिली प्रश्नपत्र- बी.पी.एस.सी.(ऐच्छिक) .................. यू. पी. एस. सी. (मेन्स) ऑप्शनल: मैथिली साहित्य विषयक टेस्ट सीरीज यू.पी.एस.सी. क प्रिलिमिनरी परीक्षा सम्पन्न भऽ गेल अछि। जे परीक्षार्थी एहि परीक्षामे उत्तीर्ण करताह आ जँ मेन्समे हुनकर ऑप्शनल विषय मैथिली साहित्य हेतन्हि तँ ओ एहि टेस्ट-सीरीजमे सम्मिलित भऽ सकैत छथि। टेस्ट सीरीजक प्रारम्भ प्रिलिम्सक रिजल्टक तत्काल बाद होयत। टेस्ट-सीरीजक उत्तर विद्यार्थी स्कैन कऽ editorial.staff.videha@gmail.com पर पठा सकैत छथि, जँ मेलसँ पठेबामे असोकर्ज होइन्हि तँ ओ हमर ह्वाट्सएप नम्बर 9560960721 पर सेहो प्रश्नोत्तर पठा सकैत छथि। संगमे ओ अपन प्रिलिम्सक एडमिट कार्डक स्कैन कएल कॉपी सेहो वेरीफिकेशन लेल पठाबथि। परीक्षामे सभ प्रश्नक उत्तर नहि देमय पड़ैत छैक मुदा जँ टेस्ट सीरीजमे विद्यार्थी सभ प्रश्नक उत्तर देताह तँ हुनका लेल श्रेयस्कर रहतन्हि। विदेहक सभ स्कीम जेकाँ ईहो पूर्णतः निःशुल्क अछि।- गजेन्द्र ठाकुर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज (मुख्य) परीक्षा, मैथिली (ऐच्छिक) लेल टेस्ट सीरीज/ प्रश्न-पत्र- १ आ २ Test Series-1- गजेन्द्र ठाकुर Test Series-2- गजेन्द्र ठाकुर ........................... NTA-UGC/ UPSC/ BPSC Maithili Optional- गजेन्द्र ठाकुर मैथिली समीक्षाशास्त्र मैथिली समीक्षाशास्त्र (तिरहुता) मैथिली समीक्षाशास्त्र (भाग-२, अनुप्रयोग) मैथिली प्रतियोगिता [Place of Maithili in Indo-European Language Family/ Origin and development of Maithili language (Sanskrit, Prakrit, Avhatt, Maithili) भारोपीय भाषा परिवार मध्य मैथिलीक स्थान/ मैथिली भाषाक उद्भव ओ विकास (संस्कृत, प्राकृत, अवहट्ट, मैथिली)] (Criticism- Different Literary Forms in Modern Era/ test of critical ability of the candidates) (ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददास सिलेबसमे छथि आ रसमय कवि चतुर चतुरभुज विद्यापति कालीन कवि छथि। एतय समीक्षा शृंखलाक प्रारम्भ करबासँ पूर्व चारू गोटेक शब्दावली नव शब्दक पर्याय संग देल जा रहल अछि। नव आ पुरान शब्दावलीक ज्ञानसँ ज्योतिरीश्वर, विद्यापति आ गोविन्ददासक प्रश्नोत्तरमे धार आओत, संगहि शब्दकोष बढ़लासँ खाँटी मैथिलीमे प्रश्नोत्तर लिखबामे धाख आस्ते-आस्ते खतम होयत, लेखनीमे प्रवाह आयत आ सुच्चा भावक अभिव्यक्ति भय सकत।) (बद्रीनाथ झा शब्दावली आ मिथिलाक कृषि-मत्स्य शब्दावली) (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोरिक गाथामे समाज ओ संस्कृति) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- विद्यापति) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- पद्य समीक्षा- बानगी) (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- लोक गाथा नृत्य नाटक संगीत) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- यात्री) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली रामायण) (वैल्यू एडीशन- द्वितीय पत्र- मैथिली उपन्यास) (वैल्यू एडीशन- प्रथम पत्र- शब्द विचार) (तिरहुता लिपिक उद्भव ओ विकास) अनुलग्नक-१-२-३    अनुलग्नक- ४-५ (मैथिली आ दोसर पुबरिया भाषाक बीचमे सम्बन्ध (बांग्ला, असमिया आ ओड़िया) [यू.पी.एस.सी. सिलेबस, पत्र-१, भाग-'ए', क्रम-५]) [मैथिली आ हिन्दी/ बांग्ला/ भोजपुरी/ मगही/ संथाली- बिहार लोक सेवा आयोग (बी.पी.एस.सी.) केर सिविल सेवा परीक्षाक मैथिली (ऐच्छिक) विषय लेल] NTA_UGC_NET_Maithili_01 NTA_UGC_NET_Maithili_02 GS (Pre) Topic 1 ........................ यू.पी.एस.सी. आ आन प्रतियोगिता परीक्षा लेल देखू: विदेह:सदेह १७ विदेह:सदेह २१ विदेह:सदेह २३ विदेह:सदेह २६ विदेह:सदेह २९ विदेह:सदेह ३० विदेह:सदेह ३२ विदेह:सदेह ३३ विदेह:सदेह ३४ विदेह:सदेह ३५ ....................... General Studies NCERT-Environment Class XI-XII NCERT PDF I-XII Sansad TV http://prasarbharati.gov.in/ http://newsonair.com/ ................... Other Optionals IGNOU eGyankosh ................... पेटार (रिसोर्स सेन्टर) ................. मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश- रमानाथ मिश्र मिहिर (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) डॉ. ललिता झा- मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) मैथिली शब्द संचय- डॉ श्रीरामदेव झा (खाँटी प्रवाहयुक्त मैथिली लिखबामे सहायक) दत्त-वतीक वस्तु कौशल- डॊ. श्रीरामदेवझा परिचय निचय- डॊ शैलेन्द्र मोहन झा English Maithili Computer Dictionary (Complete)- Gajendra Thakur Maithili English Dictionary- गोविंद झा अणिमा सिंह -शिशु गीत खेल आनन्द मिश्र (सौजन्य श्री रमानन्द झा 'रमण')- मिथिला भाषाक सुबोध व्याकरण मैथिली सुबोध व्याकरण- भोला लाल दास राधाकृष्ण चौधरी- A Survey of Maithili Literature राधाकृष्ण चौधरी- मिथिलाक इतिहास राजेश्वर झा- मिथिलाक्षरक उद्भव ओ विकास (मैथिली साहित्य संस्थान आर्काइव) (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) दत्त-वती (मूल)- श्री सुरेन्द्र झा सुमन (यू.पी.एस.सी. सिलेबस) प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) CIIL Site सुभाष चन्द्र यादव-राजकमल चौधरी: मोनोग्राफ शिव कुमार झा 'टिल्लू' अंशु-समालोचना डॉ बचेश्वर झा- निवन्ध-निकुञ्ज डॉ. देवशंकर नवीन- आधुनिक साहित्यक परिदृश्य प्रेमशंकर सिंह- मैथिली भाषा साहित्य:बीसम शताब्दी (आलोचना) डॉ. रमानन्द झा 'रमण' हिआओल अखियासल CIIL Site दुर्गानन्द मण्डल-चक्षु फेर एहि मनलग्गू फाइल सभकेँ सेहो पढ़ू:- रामलोचन ठाकुर- मैथिली लोककथा कुमार पवन (साभार अंतिका) पइठ (मैथिलीक सर्वश्रेष्ठ कथा) डायरीक खाली पन्ना केदारनाथ चौधरी अबारा नहितन चमेलीरानी माहुर करार अयना हीना डॉ. रमण झा भिन्न-अभिन्न मैथिली काव्यमे अलङ्कार अलङ्कार-भास्कर मैथिली काव्यमे ज्योतिष योगेन्द्र पाठक 'वियोगी' विज्ञानक बतकही विज्ञानक बतकही भाग-२ अकटा मिसिया (कथा संग्रह) नरक विजय (सम्पूर्ण) नरक विजय (संशोधित) किछु तीत मधुर (यात्रा वृत्तांत) हमर गाम पिरामिडक देशमे रोबोट (अनूदित साइंस-फिक्शन नाटक) अनूदित साहित्य (आन भाषासँ)- गजेन्द्र ठाकुर विदेह:सदेह २७ (गजेन्द्र ठाकुर आ रवि भूषण पाठकक आन भाषासँ अनूदित गद्य आ पद्य- अंक १-३५० सँ) बाल साहित्य (अनुवाद- द्विभाषिक- मैथिली-अंग्रेजी)- गजेन्द्र ठाकुर मसाई केर परिवर्तनकारी रेबेका शेष ४० टा बाल चित्र-पोथी नीचाँक लिंकपर:- सुनू घर सभ एकटा नीक दिन चलू हम तँ ठीक छी ने! की अहाँ ऐ चिड़ै सभकेँ देखने छी? टोस्ट बड़ीटा! कनियेटा! एतऽ हम सभ रहै छी भारतोल्लक राजकुमारी भारतोल्लक राजकुमारी (बिनु शब्दक) वुयो कच-कच कचाक चुन्नू-मुन्नूक नहेनाइ नेना जे बैलूनसँ डेराइत छल अद्भुत फिबोनाची अंक-शृंखला हारू अखन नै, अखन नै! जन्मदिनक उत्सव भोज मोट राजा पातर-दुब्बड़ कुकुड़ बचिया जे अपन हँसी नै रोकि सकैत छलि अंग्रेजी हम सूंघि सकै छी छोट लाल-टुहटुह डोरी करू नीक, भोगू नीक ई सभटा बिलाड़िक दोख अछि! चोभा आम! हमर टोलक बाट जखन इकड़ू स्कूल गेल माछी फेर आउ टाटा! अमाचीक जुलुम मशीन सभ टिंग टोंग पाउ-म्याऊ-वाह कुकुड़क एकटा दिन हमरा नीक लगैए रीताक नव-स्कूलमे पहिल दिन कनी हँसियौ ने! लाल बरसाती भूत-प्रेतक नाट्यशाला आउ पएर गानी कतऽ अछि ई अंक ५? विदेह मैथिली-अंग्रेजी टॉकिंग रीड-अलाउड ऑडियो बुक https://bloomlibrary.org/player/Wcf6zr5CoF (मसाई केर परिवर्तनकारी रेबेका) https://bloomlibrary.org/player/p3sHdYBgiT (चलू हम तँ ठीक छी ने!) https://bloomlibrary.org/player/f19pSdhGMo (एकटा नीक दिन) https://bloomlibrary.org/player/b2l5wesxCp (घर सभ) https://bloomlibrary.org/player/dAzC0Fubt7 (की अहाँ ऐ चिड़ै सभकेँ देखने छी?) ...................... किछु मैथिली पोथी डाउनलोड साइट (ओपन सोर्स) Sahitya Akademi प्रकाशन डिजिटल-पोथी CIIL अखियासल (रमानन्द झा रमण) जुआयल कनकनी- महेन्द्र प्रबन्ध संग्रह- रमानाथ झा (बी.पी.एस.सी. सिलेबस) सृजन केर दीप पर्व- सं केदार कानन आ अरविन्द ठाकुर मैथिली गद्य संग्रह- सं शैलेन्द्र मोहन झा Archive.Org (विजयदेव झा) Videha Maithili eBooks/ eJournals/ Video Archive IGNCA Maithili English Dictionary विज्ञान रत्नाकर मिथिला दर्शन तीरभुक्ति OLE Nepal's e-Pustakalaya पोथीक लिंक IGNCA-ASI (search keyword Mithila) History of Navya-Nyaya in Mithila Studies in Jainism and Buddism in Mithila Mithila in the Age of Vidyapati Cultural Heritage of Mithila Mithila under the Karnatas Temple Survey Project ASI- English आ Hindi मैथिली साहित्य संस्थान दर्शनीय मिथिला (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 1 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 2 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) Brochure 3 (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक) ब्लूम लाइब्रेरी मैथिली अरिपन फाउण्डेशन Pratham Books Maithili Storyweaver मैथिली ऑडियो बुक्स Videha Read Aloud Talking Maithili Audio Books पोथी डॉट कॉम I Love Mithila (पोथी डाउनलोड लिंक) online maithili journal owner I Love Mithila प्यारे मैथिल चैनल- किरण चौधरी आ संगीता आनन्द- मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय यू ट्यूब चैनल मिथिला चैप्टर खिस्सा-पिहानी नेना भुटका लेल जानकी एफ.एम समाचार आकाशवाणी दरभंगा यू ट्यूब चैनल ................. JNU मैथिली मैथिली लेक्सिकन .................. Videha e-Learning YouTube Channel ........... विदेह सम्मान: सम्मान-सूची (समानान्तर साहित्य अकादेमी, समानान्तर ललित कला अकादेमी आ समानान्तर संगीत-नाटक अकादेमी सम्मान/ पुरस्कार नामसँ विख्यात) ......... Maithili eBooks/ eJournals/ Videos can be downloaded from: Maithili eBOOKS/ eJournals/ Videos अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ। ४.८.मिथिला रत्न वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA. भारत आ नेपालक माटिमे पसरल मिथिलाक धरती प्राचीन कालहिसँ महान पुरुष ओ महिला लोकनिक कर्मभूमि रहल अछि। प्रस्तुत अछि मिथिला रत्नक एकटा छोट संग्रह। एहि संग्रहकेँ पूर्ण करबाक हेतु अपन बहुमूल्य संग्रहकेँ editorial.staff.videha@gmail.com केँ पठाउ। आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार, सम्बन्धित फोटोग्राफर आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। फोटो सभ पठएबाक लेल धन्यवाद पाठकगण। साभार। पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल। विशेष विवरण देखबा लेल क्लिक करू  VIDEHA_346, VIDEHA_347 आ  मिथिला रत्न/ मिथिला चित्रकला/ मिथिलाक पाबनि तिहार (कथा) आ मिथिलाक संगीत । वैदिक जनक 'वैदेह राजा' ऋगवेदिक कालक नमी सप्याक नामसँ छलाह, यज्ञ करैत सदेह स्वर्ग गेलाह, ऋगवेदमे वर्णन अछि। ओ इन्द्रक संग देलन्हि असुर नमुचीक विरुद्ध आ ताहिमे इन्द्र हुनका बचओलन्हि।शतपथ ब्राह्मणक विदेघमाथव आ पुराणक निमि दुनू गोटेक पुरोहित गौतम छथि से दुनू एके छथि आ एतएसँ विदेह राज्यक प्रारम्भ। माथवक पुरहित गौतम मित्रविन्द यज्ञक/ बलिक प्रारम्भ कएलन्हि आ पुनः एकर पुनःस्थापना भेल महाजनक-२ क समयमे याज्ञवल्क्य द्वारा। निमि गौतमक आश्रमक लग जयन्त आ मिथि -जिनका मिथिला नामसँ सेहो सोर कएल जाइत छन्हि, मिथिला नगरक निर्माण कएलन्हि। निमीक जयन्तपुर वर्तमान जनकपुरमे छल, मिथीक मिथिलानगरीक स्थान एखन धरि निर्धारित नहि भए सकल अछि, अनुमानित अछि जनकपुरक लग । �सीरध्वज जनक� सीताक पिता छथि आ एतयसँ मिथिलाक राजाक सुदृढ़ परम्परा देखबामे अबैत अछि। �कृति जनक� सीरध्वजक बादक 18म पुस्तमे भेल छलाह। कृति हिरण्यनाभक पुत्र छलाह आ जनक बहुलाश्वक पुत्र छलाह। याज्ञवलक्य हिरण्याभक शिष्य छलाह, हुनकासँ योगक शिक्षा लेने छलाह। कराल जनक द्वारा एकटा ब्राह्मण युवतीक शील-अपहरणक प्रयास भेल आ जनक राजवंश समाप्त भए गेल (संदर्भ अश्वघोष-बुद्धचरित आ कौटिल्य-अर्थशास्त्र)। वाल्मीकि सीतापति राम लव कुश विदेघ माथव शतपथ ब्राह्मणक विदेघ माथवक विदेह आगमन, आगिक सदानीरासँ आगाँ नहि बढ़बाक चर्च। शतपथ ब्राह्मणक विदेघमाथव आ पुराणक निमि दुनू गोटेक पुरोहित गौतम छथि से दुनू एके छथि आ एतएसँ विदेह राज्यक प्रारम्भ। वाजसनेयी याज्ञवल्क्य याज्ञवल्क्य मिथिलाक दार्शनिक राजा कृति जनकक दरबारमे छलाह। हुनकर माताक वा पिताक नाम सम्भवतः वाजसनी छलन्हि। ओना हुनकर पिता देवरातकेँ मानल जाइत छन्हि। याज्ञवल्क्य १. शुक्ल यजुरवेद, २. शतपथ ब्राह्मण, ३.बृहदारण्यक उपनिषद आ ४.याज्ञवल्क्य स्मृतिक दृष्टा/लेखक छथि। अंगराज कर्ण वैशेषिक दर्शन कणाद वैशेषिक दर्शन कणाद महावीर जैन 599-527 महावीर विदेहमे छह टा बस्सावास बितेलन्हि। गौतम बुद्ध BC 563-483 ओना तँ महावीर विदेहमे छह टा बस्सावास बितेलन्हि मुदा बुद्ध एकोटा नै मुदा मिथिलामे बौद्ध धर्मक प्रभाव पछाति बढ़ल। बुद्ध वैशाली नगरीमे आम्रपालीक उद्यानमे लिच्छवीगणकेँ सन्देश देने छलाह। चाणक्य BC 350-283 धर्म आ विधिक क्षेत्रमे कौटिल्यक अर्थशास्त्र आ याज्ञवल्क्य स्मृतिमे बड्ड समानता अछि जे चाणक्यक मिथिलावासी होयबाक प्रमाण अछि।

अर्थशास्त्रमे(१.६ विनयाधिकारिके प्रथमाधिकरणे षडोऽध्यायः इन्द्रियजये अरिषड्वर्गत्यागः) कराल जनकक पतनक सेहो चर्चा अछि।

तद्विरुद्धवृत्तिरवश्येन्द्रियश्चातुरन्तोऽपि राजा सद्यो विनश्यति- यथा दाण्डक्यो नाम भोजः कामाद् ब्राह्मण कन्यायमभिमन्यमानः सबन्धराष्ट्रो विननाश करालश्च वैदेहः,...। चन्द्रगुप्त मौर्य चाणक्यक शिष्य BC 340-293 चाणक्यक शिष्य आर्यभट्ट वैज्ञानिक 476-550 पञ्जीमे आर्यभट्टक विवरण- (२७) (३४/०८) महिपतिय: मंगरौनी माण्डैर सै पीताम्ब र सुत दामू दौ माण्ड्र सै वीजी त्रिनयनभट्ट: ए सुतो आर्यभट्ट: ए सुतो उदयभट्ट: ए सुतो विजयभट्ट ए सुतो सुलोचनभट (सुनयनभट्ट) ए सुतो भट्ट ए सुतो धर्मजटीमिश्र ए सुतो धाराजटी मिश्र ए सुतोब्रह्मजरी मिश्र ए सुतो त्रिपुरजटी मिश्र ए सुत विघुजटी मिश्र ए सुतो अजयसिंह: ए सुतो विजयसिंह: ए सुतो ए सुतो आदिवराह: ए सुतो महोवराह: ए सुतो दुर्योधन सिंह: ए सुतो सोढ़र जयसिंहर्काचार्यास्त्रस महास्त्र विद्या पारङगत महामहोपाध्या य: नरसिंह:।। सिद्ध सरहपाद 700-780 सरहपाद-�सिद्धिरत्थु मइ पढ़मे पढ़िअउ ,मण्ड पिबन्तोँ बिसरउ एमइउ�।मिथिलामे अक्षरारम्भ सिद्धिरस्तु जकर पूर्वमे सिद्धिरस्तु, गणेशजीक अंकुश आँजी, लिखल जाइत अछि। मिथिलामे ई धारणा जे माँड़ पिलासँ स्मरण शक्ति क्षीण होइत अछि; ई सरहपादक मिथिलावासी होएबाक प्रमाण अछि। आदि शंकराचार्य 788-820 मंडन मिश्रसँ शास्त्रार्थ म.म.गोनू झा 1050-1150 करमहे सोनकरियाम गोनू झाक वर्णन पञ्जीमे अछि- महामहोपाध्याय धूर्तराज गोनू। पञ्जीक अनुसार पीढ़ीक गणना कएलासँ गोनूक जन्म ( गोनूक सोनकरियाम करमहे-वत्समे २४म पीढ़ी चलि रहल अछि) आर्यभट्टक बाद (आर्यभट्टक माण्डर-काश्यपमे ३९ म पीढ़ी चलि रहल अछि) आ विद्यापतिक पहिने (विद्यापतिक विषएवार बिस्फी-काश्यपमे १४म पीढ़ी चलि रहल अछि) लगभग १०५० ई.मे सिद्ध होइत अछि। कारण एहि तरहेँ एक पीढ़ीकेँ ४० सँ गुणा केला सँ आर्यभट्टक जन्म लगभग ४७६ ई. आ विद्यापतिक जन्म लगभग १३५० ई. अबैत अछि जे इतिहाससम्मत अछि। कृष्णाराम आ हाथी सुबरन मिथिलाक यादव (गुआर) जातिक लोकदेवता कृष्णाराम अपन हाथी सुबरनपर सवार। वंशीधर ब्राह्मण छेछन महराज मिथिलाक डोम जातिक लोकदेवता दीना- भदरी मिथिलाक मुसहर जातिक लोकदेवता ज्योति पँजियार राजा सलहेस मिथिलाक दूधवंशी (दुसाध) जातिक लोकदेवता दुलरा दयाल गोनू झाक गाम भरौड़ाक राजकुमार, "बहुरा गोढिन नटुआ दयाल" लोककथाक मलाह कथानायक। भरौड़ामे एखनो हिनकर गहबर छन्हि। कालिदास बोधि कायस्थ विद्यापतिक पुरुष-परीक्षामे मृत्युकालमे गंगा नदीक आयब आ बोधि-कायस्थकेँ अपनामे समेबाक खिसा वर्णित अछि जे बादमे विद्यापतिकेँ लऽ कऽ सेहो प्रचलित भेल। राधाकृष्ण आ करताराम मल्लिक मिथिलाक अमता घरेनक प्रारम्भिक गबैय्या महाराज नान्यदेव मिथिलाक कर्णाट वंशक 1097 ई. मे स्थापना। 1147 ई. मे मृत्यु। मल्लदेव मिथिलाक कर्णाट वंशक संस्थापक नान्यदेवक पुत्र। मिथिलाक गंधवरिया राजपूत मल्लदेवकेँ अपन बीजीपुरुष मानैत छथि। महाराज हरसिंहदेव मिथिलाक कर्णाट वंशक। ज्योतिरीश्वर ठाकुरक वर्ण-रत्नाकरमे हरसिंहदेव नायक आकि राजा छलाह। 1294 ई. मे जन्म आ 1307 ई. मे राजसिंहासन। घियासुद्दीन तुगलकसँ 1324-25 ई. मे हारिक बाद नेपाल पलायन। मिथिलाक पञ्जी-प्रबन्धक ब्राह्मण, कायस्थ आ क्षत्रिय मध्य आधिकारिक स्थापक, मैथिल ब्राह्मणक हेतु गुणाकर झा, कर्ण कायस्थक लेल शंकरदत्त, आ क्षत्रियक हेतु विजयदत्त एहि हेतु प्रथमतया नियुक्त्त भेलाह। हरसिंहदेवक प्रेरणासँ- आ ई हरसिंहदेव नान्यदेवक वंशज छलाह, जे नान्यदेव कार्णाट वंशक १००९ शाकेमे स्थापना केने रहथि- नन्दैद शुन्यं शशि शाक वर्षे (१०१९ शाके)... मिथिलाक पण्डित लोकनि शाके १२४८ तदनुसार १३२६ ई. मे पञ्जी-प्रबन्धक वर्तमान स्वरूपक प्रारम्भक निर्णय कएलन्हि। पुनः वर्तमान स्‍वरूपमे थोडे बुद्धि विलासी लोकनि मिथिलेश महाराज माधव सिंहसँ १७६० ई. मे आदेश करबाए पञ्जीकारसँ शाखा पुस्तकक प्रणयन करबओलन्हि। ओकर बाद पाँजिमे (कखनो काल वर्णित १६०० शाके माने १६७८ ई. वास्तवमे माधव सिंहक बादमे १८०० ई.क आसपास) श्रोत्रिय नामक एकटा नव ब्राह्मण उपजातिक मिथिलामे उत्पत्ति भेल। मंत्री गणेश्वर मिथिलाक कर्णाट वंशक नरेश हरसिंहदेवक मंत्री। सुगतिसोपानमे मिथिलाक सांवैधानिक इतिहासक वर्णन। मीरां साहेब मिथिलाक मुस्लिम लोकनिक बीच प्रसिद्ध लोकगाथाक नायक। अमर बाबा मिथिलाक मलाह जातिक लोकदेवता। गरीबन बाबा मिथिलाक धोबि जातिक लोकदेवता। लालबन बाबा मिथिलाक चर्मकार जातिक लोकदेवता। बंठा चमार कारिख पजियार लोरिक राय रणपाल अयाची मिश्र पन्द्रहम शताब्दीक भवनाथ मिश्र बड पैघ नैय्यायिक छलाह आ कहियो ककरोसँ कोनो वस्तुक याचना नहि कएलन्हि, ताहि लेल सभ हुनका अयाची मिश्र कहए लगलन्हि। शंकर मिश्र "बालोऽहं जगदानन्द न मे बाला सरस्वती। अपूर्णे पंचमे वर्षे वर्णयामि जगत्त्रयम् ॥" क वक्ता। पन्द्रहम शताब्दीमे भवनाथ मिश्रक घरमे मधुबनी जिलाक सरिसव ग्राममे शंकर मिश्रक जन्म भेल।शंकर मिश्र महाराज भैरव सिंहक कनिष्ठ पुत्र राजा पुरुषोत्तमदेवक आश्रित छलाह। एकर वर्णन रसार्णव ग्रंथमे भेटैत अछि। शंकर मिश्र कवि, नाटककार, धर्मशास्त्री आ न्याय-वैशेषिकक व्याख्याकार रहथि।शंकर मिश्र ग्रंथावली- १.गौरी दिगम्बर प्रहसन २.कृष्ण विनोद नाटक ३.मनोभवपराभव नाटक४.रसार्णव५.दुर्गा-टीका६.वादिविनोद७.वैशेषिक सूत्र पर उपस्कार८.कुसुमांजलि पर आमोद९.खण्डनखण्ड-खाद्य टीका १०.छन्दोगाह्निकोद्धार ११.श्राद्ध प्रदीप १२.प्रायश्चित प्रदीप। पक्षधर मिश्र विद्यापतिक समकालीन जयदेव मिश्र, जे अपन अकाट्य तर्कक कारण पक्षधर मिश्रक नामसँ जानल गेलाह। मैथिलीक आदिकवि विद्यापति (ज्योतिरीश्वर पूर्व) मैथिलीक आदिकवि विद्यापति ( विद्यापतिक चित्र: विदेह चित्रकला सम्मानसँ पुरस्कृत पनकलाल मण्डल द्वारा) कवीश्वर ज्योतिरीश्वर(लगभग १२७५-१३५०)सँ पूर्व (कारण ज्योतिरीश्वरक ग्रन्थमे हिनक चर्च अछि), मैथिलीक आदि कवि। संस्कृत आ अवहट्ठक विद्यापति ठक्कुरःसँ भिन्न। सम्भवतः बिस्फी गामक बार्बर कास्टक श्री महेश ठाकुरक पुत्र। समानान्तर परम्पराक बिदापत नाचमे विद्यापति पदावलीक (ज्योतिरीश्वरसँ पूर्वसँ) नृत्य-अभिनय होइत अछि।ज्योतिरीश्वर पूर्व विद्यापति:- कश्मीरक अभिनव गुप्त (दशम शताब्दीक अन्त आ एगारहम शताब्दीक प्रारम्भ)- ग्रन्थ �ईश्वर प्रत्याभिज्ञा- विभर्षिणी� मे विद्यापतिक उल्लेख करै छथि। श्रीधर दासक सदुक्तिकर्णामृत, (रचना ११ फरबरी १२०६, मध्यकालीन मिथिला, वि.कु. ठाकुर)- श्रीधर दास विद्यापतिक पाँच टा पद उद्धृत केने छथि जे विद्यापतिक पदावलीक भाषा छी। �जाव न मालतो कर परगास तावे न ताहि मधुकर विलास।� आ �मुन्दला मुकुल कतय मकरन्द� ज्योतिरीश्वर (१२७५-१३५०) षष्ठः कल्लोल- ॥अथ विद्यावन्त वर्णना॥ अष्टमः कल्लोलः- ॥अथ राज्य वर्णना॥ मे उल्लेख। महाराज शिव सिंह मिथिला नरेश विद्यापतिक आश्रयदाता ओइनवार वंशक महाराज शिव सिंह। उगना महादेव महादेव विद्यापतिक अहिठाम गीत सुनबा लेल उगना नोकर बनि रहैत छलाह। महाकवि विद्यापति ठाकुर 1350-1435 (मैथिलीक आदि कवि ज्योतिरीश्वर-पूर्व विद्यापतिसँ भिन्न, संस्कृत आ अवहट्ठमे लेखन) महाकवि विद्यापति ठाकुर 1350-1435 विद्यापति ठक्कुरः 1350-1435 विषएवार बिस्फी-काश्यप (राजा शिवसिंहक दरबारी) आ संस्कृत आ अवहट्ठ लेखक। कीर्तिलता, कीर्तिपताका, पुरुष परीक्षा, गोरक्षविजय, लिखनावली आदि ग्रंथ समेत विपुल संख्यामे कालजयी रचना। ई मैथिलीक आदिकवि विद्यापति (ज्योतिरीश्वर पूर्व)सँ भिन्न छथि। (चित्रक आधार मिथिला सांस्कृतिक परिषद, कोलकाता द्वारा कोनो कलाकारसँ बनबाओल , कलाकारक नाम ६०-७० सालसँ अज्ञात कारणसँ गुप्त राखल गेल अछि।) शंकरदेव 1449-1569 पारिजातहरण। जगज्ज्योतिर्मल्ल १६१३-३७ हरगौरी विवाह नाटक, कुञ्ज विहार नाटक। सुनीति कुमार चटर्जी मैथिली प्रेमी 1890-1977 अरविन्द घोष मैथिली प्रेमी 1872-1950 विद्यापति गीतक अंग्रेजीमे अनुवाद डॉ. सर आशुतोष मुखर्जी मैथिली प्रेमी 1864-1924 सर जी. ए. ग्रियर्सन मैथिली प्रेमी 1851-1941 कवि चन्दा झा 1831-1907 मूलनाम चन्द्रनाथ झा, ग्राम- पिण्डारुछ, दरभंगा। कवीश्वर, कविचन्द्र नामसँ विभूषित। ग्रिएर्सनकेँ मैथिलीक प्रसंगमे मुख्य सहायता केनिहार।

कृति- मिथिला भाषा रामायण, गीति-सुधा, महेशवाणी संग्रह, चन्द्र पदावली, लक्ष्मीश्वर विलास, अहिल्याचरित आऽ विद्यापति रचित संस्कृत पुरुष-परीक्षाक गद्य-पद्यमय अनुवाद। महाकवि लालदास 1856-1921 हिनक जन्म खड़ौआ ग्राममे १८५६ ई. मे तथा मृत्यु १९२१ ई. मे भेलन्हि । हिनक अनेक रचना उपलब्ध होइत अछि, यथा�रमेश्वर चरित रामायाण,� स्त्री शिक्षा,� �सावित्री-सत्यवान,� �चण्डी चरित,� �विरुदावली,� �दुर्गा सप्तशती,� तन्त्रोक्त मिथिला माहात्म्य� आदि । मैथिलीक अतिरिक्त ई संस्कृत, हिन्दी तथा फारसीक ज्ञाता छलाह । कविताक अतिरिक्त गद्यमे सेहो ई रचना कएल । रमेश्वर चरित रामायण हिनक सभसँ विशिष्ट ग्रन्थ अछि । राम-कथाक उल्लेखमे सीताक महिमाक महत्त्व दए मिथिला तथा मैथिलीक प्रति ई अपन श्रद्धा तथा भक्तिकेँ व्यक्त कएल अछि । म. म. परमेश्वर झा 1856-1924 जन्म 1856 ई. मे तरौनी ग्राम (दरभंगा) जिलामे भेल छलन्हि तथा निधन 1924 ई. मे । संस्कृत व्याकरणक ई दिग्गज विद्वान् छलाह तथा �वैयाकरण केशरी� क उपाधिसँ विभूषित छलाह । मैथिली साहित्यमे अपन कृति �मिथिलातत्त्व विमर्श� तथा �सीमंतिनी आख्यायिका�क कारणे महत्त्वपूर्ण स्थान रखैत छथि । ई महाराज रमेश्वर सिंहक दरवारमे राज-पंडितक पदपर अनेको वर्ष धरि सुप्रतिष्ठित छलाह । अवध बिहारी प्रसाद शाही 1859-1929 सर्वतंत्र स्वतंत्र बच्चा झा 1860-1921 मधुबनी जिलांतर्गत लवाणी(नवानी) गाममे हिनकर जन्म भेलन्हि।हिनक कृति सभ अछि। 1. सुलोचन-माधव चम्पू काव्य, 2.न्यायवार्त्तिक तात्पर्य व्याख्यान, 3.गूढ़ार्थ तत्त्वलोक(श्री मदभागवतगीता व्याख्याभूत मधुसूदनी टीका पर) 4.व्याप्तिपंचक टीका 5.अवच्छदकत्व निरुक्त्ति विवेचन 6.सव्यभिचार टिप्पण 7.सतप्रतिपक्ष टिप्पण 8.व्याप्तनुगन विवेचन 9.सिद्धांत लक्षण विवेक 10.व्युत्पत्तिवाद गूढार्थ तत्वालोक 11.शक्त्तिवाद टिप्पण 12.खण्डन-ख़ण्ड खाद्य टिप्पण 13. अद्वैत सिद्धि चन्द्रिका टिप्पण 14.कुकुकाञ्जलि प्रकाश टिप्पण। म. म. शशिनाथ झा 1860-1930 मुंशी रघुनन्दन दास 1860-1945 गाम-सखबार, ज़िला-मधुबनी। "मिथिला नाटक" आ "दूतांगद व्यायोग"क लेखक। मधुसूदन ओझा 1866-1939 म.म. मुरलीधर झा १८६८-१९२९ जन्म- गाम- भराम (जिला मधुबनी), अपन मातृक श्यामसीधपमे बसि गेलाह। काशीसँ १९०६ ई. मे ई "मिथिलामोद" नामक मासिक मैथिली पत्रिकाक प्रकाशन शुरु केलन्हि। हितोपदेश (अनुवाद), मैथिली व्याकरण, "अर्जुन तपस्या" (उपन्यास) प्रकाशित। मुकुन्द झा "बख्शी" 1869-1936 जन्म हरिपुर बख्शी टोल ग्राम (मधुबनी जिला) मे 1869 ई. मे भेल तथा हिनक निधन काशीमे 1937 ई. मे भेलन्हि । हिनक लिखल संस्कृत मे अनेक ग्रंथ अछि । मैथिलीमे हिनक महत्त्वपूर्ण कृति अछि �मिथिला भाषामय इतिहास� । एकर अतिरिक्त मैथिलीमे हिनक स्फुट निबन्ध सभ सेहो प्रकाशित भेल । मिथिलाक ऐतिहासिक वर्णन सभसँ पहिने हिनके प्रकाशित भेल । एहि इतिहासमे मिथिलाक सर्वतोमुखी परिचय प्रस्तुत कएल गेल अछि । डॉ. सर गंगानाथ झा 1871-1941 जन्म मधुबनी जिलाक सरिसब-पाही ग्राममे 1871 ई. मे भेल तथा निधन प्रयागमे 1941 ई. मे । ई अपना समयक संस्कृतक प्रकाण्ड विद्वान म. म. चित्रधर मिश्र, म. म. जयदेव मिश्र तथा म. म. शिवकुमार शास्त्नीसँ मीमांसा एवं दर्शनक अध्ययन कएलन्हि तथा दर्शनक विभित्र दुरूह ग्रंथक अङरेजीमे अनुवाद कए पाश्चात्य संसारक ध्यान आकृष्ट कएलन्हि । ई गवर्नमेन्ट संस्कृत कॉलेज बनारसमे 1917 सँ 1923 धरि प्रिसिपल छलाह तथा एलाहाबाद विश्वविद्यालयक 1923 सँ 1932 पर्यन्त कुलपति रहलाह । मैथिलीमे हिनक सम्पादित चन्दा झाक �महेशवाणी संग्रह� तथा �गणनाथ-विन्ध्यनाथ पदावली� प्रकाशित अछि । मैथिली साहित्य परिषद् द्वारा प्रकाशित हिनक �वेदान्त दीपक� (दर्शन) विषयक अपूर्व ग्रंथ अछि । एहिसँ भिन्न हिनक निबंध सभ सामयिक मैथिली पत्न-पत्निकामे प्रकाशित अछि । जनार्दन झा जनसीदन 1872-1951 रासबिहारी लालदास 1872-1940 "मिथिला दर्पण" क लेखक। रामचन्द्र मिश्र "चन्द्र" 1873-1937 मैथिल प्रभा महावैय्याकरणाचार्य पं दीनबन्धु झा 1878-1955 भवनाथ मिश्र 1879-1933 मैथिली शब्दकोष "मिथिला शब्द प्रकाश"क लेखक। कीर्त्यानन्द सिंह टंकनाथ चौधरी 1884-1928 भवप्रीतानन्द ओझा 1886-1970 कपिलेश्वर मिश्र 1887-1987 गाम सलेमपुर, थाना- उजियारपुर, जिला समस्तीपुर। �सीतादाइ� पुस्तक भंडारसँ प्रकाशित। बालकृष्ण मिश्र 1888-1948 बलदेव मिश्र 1890-1975 हिनक जन्म सहरसा जिलाक वनगाँव ग्राममे 1890 ई. मे एवं निधन फरवरी, 1975मे भेलन्हि । प्रारम्भमे पं. गेनालाल चौधरीसँ ज्यौतिष पढ़ि ई काशीमे पं. सुधाकर द्विवेदीजीक शिष्य भेलाह । बहुत वर्ष धरि सरस्वती भवन (वाराणसी) मे हस्तलिखित विभागमे कार्य कएल । पश्चात् पटनाक काशीप्रसाद जयसवाल रिसर्च संस्थानमे अनेक प्राचीन तिब्बती हस्तलिपिकेँ देवनारीमे लिप्यन्तरित कएल। �मिथिलामोद� प्रकाशन एवं म.म. मुरलीधर झाक प्रोत्साहनसँ ज्यौतिषीजी १९१० ई.सँ �मोद�मे लिखए लगलाह। हिनक प्रकाशित रचना अछि��रामायण शिक्षा�, �चन्दा झा�, �संस्कृति�, �भारत शिक्षा�, �गप्प-सप्प विवेक�, �समाज� आदि । पण्डितजी यावत् धरि पटना रहलाह बराबरि �मिहिर�मे लिखैत रहलाह । आचार्य रामलोचन शरण 1889-1971 सीतामढ़ीमे जन्म आ दरभंगामे मृत्यु। "मैथिली रामचरित मानस" सहित तुलसीदासक समस्त रचनाक मैथिलीमे लेखन। मिथिलाक्षरमे मैथिलीक प्रकाशनक प्रारम्भ केनिहार। प्रकाशन संस्था "पुस्तक भण्डार", लहेरियासराय, पटनाक संस्थापक। सीताराम झा 1891-1975 जन्म चौगामा ग्राममे १८९१ ई.मे तथा निधन १९७५ ई. मे भेलन्हि । संस्कृतमे ज्योतिष शास्त्रक अनेक रचनाक .अतिरिक्त मैथिलीमे हिनक �अम्ब चरित� (महाकाव्य), �सूक्ति सुधा,� लोक लक्षण,� �पढ़ुआचरित,� �पूर्वापर व्यवहार,� उनटा बसात,� �अलंकार दर्पण�, �भूकम्प वर्णन�, �काव्य षट-रस�, �मैथिली काव्योपवन�, आदि ग्रन्थ उपलब्ध अछि । हिनक गीताक मैथिली अनुवाद सेहो उपलब्ध अछि । मिथिला मोदक सम्पादन १९२० ई.सँ १९२७ ई. धरि ई कएल । ताराचरण झा 1892-1928 बद्रीनाथ झा 1893-1973 जन्म मधुबनी जिलाक सरिसव ग्राममे १८९३ ई. मे भेलन्हि तथा १९१४ ई. मे ई काशी लाभ कएलिन्ह । बहुत दिन धरि ई मुजफ्फरपुरक धर्म्म समाज संस्कृत कॉलेजमे साहित्यक अध्यापक छलाह । मैथिलीक विख्यात कवि लोकनि यथा सुमनजी, मधुपजी, मोहनजी आदि हिनक शिष्य छथिन्ह । संस्कृत साहित्यमे हिनक अनेक रचना अछि । जाहिमे राधा परिणय� (महाकाव्य) क स्थान विशिष्ट अछि । मैथिलीमे हिनक �एकावली परिणय� (महाकाव्य) एक नवीन कीर्तिमान स्थापित कएलक। कोनो अलंकारक दृष्टान्त तकबाक हेतु �एकावली परिणय� पर्याप्त अछि । जीवनाथ राय 1893-1964 उमेश मिश्र 1895-1967 जन्म मधुबनी जिलाक गजहरा ग्राममे 1895 ई. मे भेल छलन्हि । ई एकहतरि वर्षक आयुमे १९६७ ई. मे प्रयागमे स्वर्गवासी भेलाह । ई अपन स्वनाम-धन्य पिता म. म. जयदेव मिश्र तथा म. म. डा. गंगानाथ झाक सान्निध्यमे विद्यार्जन कएल। १९२३ सँ १९५९ धरि मिश्रजी एलाहाबाद विश्वविद्यालयमे संस्कृतक प्राध्यापक छलाह । दरभंगा �मिथिला शोध संस्थान�क निदेशक पदपर किछु समय कार्य कए १९६२ सँ ६५ धरि कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालयक कुलपति रहलाह ।म. म. मुरलीधर झासँ प्रभावित भए �मिथिलामोद�मे ई लिखब प्रारम्भ कएलन्हि तथा अपन विविध प्रकारक रचनासँ मैथिलीक गद्यकेँ समृद्ध् कएलन्हि । मैथिलीमे हिनक प्रसिद्ध ग्रन्थ अछि��कमला� (शेक्सपीयरक �टेम्पेस्ट�क भावानुवाद), �नलोपाख्यान�, �मैथिली-संस्कृति� तथा अनेक वर्णनात्मक एवं आलोचनात्मक निबन्ध; मनबोधक कृष्णजन्मक सम्पादन, विद्यापतिक कीर्तिलता, कीर्तिपताका, गोरक्ष विजय आदिक अनुवाद-सम्पादन सेहो कएल। बाबू धनुषधारी दास 1895-1965 मैथिलीमे बिहारी कविक अनुवाद प्रकाशित। अमरनाथ झा 1897-1955 सरिसब पाहीटोल ग्राममे १८९७ ई. मे भेल । हिनक निधन पटनामे जखन ई बिहार लोक सेवा आयोगक अध्यक्ष छलाह, १९५५ मे भेलन्हि । ई एलाहाबाद विश्वविद्यालयक नओ वर्ष धरि कुलपति रहि पश्चात् हिन्दू विश्वविद्यालयक सेहो कुलपतिक पदकेँ सुशोभित कएलन्हि । ई अंगरेजीक प्रकाण्ड विद्वान् छलाह, ताहि संग हिन्दी, उर्दू, फारसी, संस्कृत, बङला एवं मैथिलीक सेहो अद्भुत विद्वान् छलाह ।मैथिलीमे हिनका द्वारा सम्पादित �हर्षनाथ काव्य ग्रन्थावली� तथा �गोविन्ददासक श्रृग्ङारभजन� महत्त्वपूर्ण अछि । एहिसँ भिन्न हिनक मैथिली साहित्य परिषदक अध्यक्षीय भाषण तथा अन्य लेख प्रकाशित अछि । भोलालाल दास 1897-1977 हिनक जन्म दरभंगा जिलाक कसरौर मे भेलन्हि । साहित्य सर्जनाक अतिरिक्त अपन संगठन क्षमता तथा मैथिली साहित्यक सर्वतोमुखी विकासक हेतु सतत तत्पर रहबाक कारणेँ भोला बाबू मैथिली संसारक एक स्तम्भक रूपमे रहलाह । हिनक निधन 1977 ई. मे भेल । मैथिलीक प्रचार-प्रसारमे ई अपन जीवन समपित कएने छलाह। पाठ्यक्रममे मैथिलीकेँ स्थान हो ताहि हेतु ई बीड़ा उठओलन्हि । विद्यालय स्तरक अनेक पोथीक निर्माण कएल । मैथिली साहित्य परिषदक ई संस्थापक मण्डलक सदस्य छलाह । 1931 सँ 1940 ई. पर्यन्त ओकर प्रधान मन्त्नी रहलाह । हिनक मन्त्नित्वकालमे �भारती� नामक मासिक पत्नक प्रकाशन भेल । एहिसँ पूर्व (१९२९-३१) कुशेश्वर कुमरजीक संग संयुक्त सम्पादनमे �मिथिला� नामक पत्न चलाओल । ई नवीन एवं प्रगतिशील विचारक लोक छलाह । ननव लेखककेँ प्रोत्साहित करब, शैलीमे एकरूपता आनब, नव प्रकाशनसँ मैथिलीक साहित्य भंडारक पूर्त्ति करब हिनक कर्त्तव्य बनि गेल छल । हिनक लिखल �मैथिली व्याकरण� तथा हिनकहि द्वारा सम्पादित �गद्यकुसुमांजलि बहुत दिन धरि विद्यालयमे पढ़ाओल जाइत रहल । हिनक लिखल अनेक निबन्ध समालोचना, कविता, संस्मरण, जीवनी-साहित्य मैथिलीक पत्र-पत्निकामे छिड़िआएल अछि । कुमार गंगानन्द सिंह 1898-1971 जन्म�बनैली राजपरिवारमे 24-9-1898, मृत्यु:-श्रीनगर पूर्णिञा 17-1-1970 । भूतपूर्व शिक्षामंत्नी, बिहार एबं कुलपति, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय ।रचना�अगिलही (अपूर्ण उपन्यास) तथा अनेक कथा एवं एकांकी । युगक अनुरूप सामाजिक कुरीति आदिकेँ आधार बनाए सुधारवादी दृष्टिएँ कथा सभहिक रचना । ब्रजमोहन ठाकुर 1899-1977 भुवनेश्वर प्रसाद 1902- दरभंगा जिलाक बनौली गाम, निवास रायसाहेब पोखरि लहेरियासराय। सरस्वती स्कूल लहेरियासरायमे १९३०-१९६४ ई. धरि अध्यापन। मैथिलीमे "बाल रामायण� प्रकाशित। जयनारायण झा 'विनीत' 1902-1991 नरेन्द्र नाथ दास विद्यालंकार १९०४-१९९३ सुधाकर झा "शास्त्री" 1904-1974 दामोदर लाल दास विशारद 1904-1981 बबुआजी झा 'अज्ञात' 1904-1996 २००१- बबुआजी झा �अज्ञात� (प्रतिज्ञा पाण्डव, महाकाव्य)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार। श्रीवल्लभ झा हाटी 1905-1940 रमानाथ झा 1906-1971 जन्म दरभंगा जिलाक उजान (धर्मपुर) ग्राममे 1906 ई. मे एवं हिनक निधन दरभंगामे १९७१ ई. मे भेलन्हि । 1930 ई. मे अङरेजीमे एम. ए. कएलाक बाद ई कतोक वर्ष धरि मधेपुर उच्च विद्यालयक प्रधानाध्यापक छलाह, तकरा बाद दरभग्ङा-राज-लाइब्रेरीक पुस्तकालयाध्यक्षक रूपमे 1936 सँ अन्तिम समय धरि रहलाह । 1952 सँ 62 चन्द्रधारी मिथिला कॉलेजमे प्रो. झा अङरेजीक प्राध्यापक रूपेँ काजka पश्चात् ओही कॉलेजमे मैथिली विभागाध्यक्ष बनाओल गेलाह । 1965 मे रमानाथ बाबू साहित्य अकादमीक मैथिलीक प्रतिनिधि निर्वाचित भेलाह जाहि पद पर ओ जीवनक अन्त समय तक रहलाह । हिनक रचनाक क्षेत्न बहुत व्यापक छल । हिनक अनुसंधानात्मक निबंक दू गोट संग्रह �निबन्धमाला� तथा �प्रबंध संग्रह� प्रकाशित अछि । संकलित सम्पादित पुस्तक सभमे �मैथिली पद्य-संग्रह�, �मैथिली गद्य-संग्रह�, �प्राचीन गीत�, �कथा काव्य�, �नवीन गीत�, �कविता कुसुम�, �कथा संग्रह� आदि अछि । �कथासरित्सागर�क आधार पर प्राञ्जल गद्य शैलीमे हिनक �उदयन-कथा� तथा �बररुचि-कथा� बेश ख्याति पओलक । व्याकरणक �मिथिला भाषा प्रकाश�, �अलक्ङारप्रवेश� आदि अनेक ग्रन्थ प्रकाशित अछि । �मैथिली साहित्य पत्र� त्नैमासिक पत्रिकाक संपादक। काशीकान्त मिश्र "मधुप" 1906-1987 १९७०- काशीकान्त मिश्र �मधुप� (राधा विरह, महाकाव्य) पर साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त मैथिलीक प्रशस्त कवि आ मैथिलीक प्रचार-प्रसारक समर्पित कार्यकर्ता �झंकार� कवितासँ क्रान्ति गीतक आह्वान कएलनि । प्रकृति प्रेमक विलक्षण कवि । �घसल अठन्नी कविताक लेल कथ्य आ शिल्प-संवेदना�दुहू स्तर पर चरम लोकप्रियता भेटलनि। लक्ष्मीनाथ गोसाई 1793-1872 मेही दास धरहरा कोठी_बनमनखी_असली नाम_रामानुग्रहलाल दास_आश्रम_मायामोहल्ला, कुप्पाघाट, भागलपुर बुचन भगत, संत 1928-1991 अभिराम दास मिथिलाक प्रसिद्ध भागवत वाचक। स्नेहलता 1909-1993 गाम- डरोड़ी, समस्तीपुर। पूर्ण नाम- कपिलदेव ठाकुर "स्नेहलता"। रामाश्रयी रसिक सम्प्रदायक संत। हिनकर रचित वैदेही विवाह संकीर्तन, विनय पदावली, शिववाणी, चेतावनी, झूला-संकीर्तन, सीतावतरण प्रबन्धकाव्य आ स्नेहशतक- दोहावली-कवित्त आदि मिथिलाक महिला वर्ग आ संकीर्तनकार लोकनिक कंठमे परिव्याप्त अछि आ लोकमंगलक अनुष्ठानमे व्यापक रूपेँ व्यवहृत अछि। हिनक "वैदेही विवाह" मिथिलाक कीर्तनिया नाट्य परम्पराकेँ लोकरुचिक अनुकूल बनौने अछि। स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामफल मण्डल सुन्दर झा "शास्त्री" 1930-1998 जनकपुर, नेपाल, युवावस्थाक जेलक दुर्लभ फोटो।नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक मानद सदस्यता- स्व. सुन्दर झा शास्त्री। कांञ्चीनाथ झा "किरण" 1906-1988 जन्म स्थान-धर्मपुर,लोहना रोड, दरभंगा बिहार । मैथिली भाषा आंदोलनमे महत्वपूर्ण भूमिका। �पराशर� महाकाव्य लेल साहित्य अकादमी ओ �कथा किरण� लेल वैदेही पुरस्कारसँ सम्मानित । प्रकाशित कृति: चंद्रग्रहण (उपन्यास), वीर-प्रसून (बालकथा), जय जन्मभूमि (एकांकी), विजेता विद्यापति (नाटक), कथा-किरण (कथा-संग्रह), किरण-कवितावली, कतेक दिनक बाद (कविता-संग्रह), पराशर (महाकाव्य) ओ किरण-निबंधावली (निबंध-संग्रह) आदि।१९८९- काञ्चीनाथ झा �किरण� (पराशर, महाकाव्य)पर मैथिली मे साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित। श्यामानन्द झा 1906-1949 रमाकांत झा, नेपाल 1907-1971 ईशनाथ झा 1907-1965 बहुमुखी प्रतिभाक कवि । प्राचीन आ नवीन पद्धतिक काव्य-रचनाक विलक्षण संयोग हिनकर कवितामे भेटैत अछि । दलित वर्ग, शोषणक समस्या, स्वदेश प्रेमक यथार्थवादी रचनाक संग संग व्यक्तिनिष्ठ कल्पनाक अनेक विशिष्ट कविता मैथिलीमे लिखलनि । भुवनेश्वर सिंह 'भुवन' 1907-1944 अपन खाढ़ीक बहुमुखी प्रतिभाक कवि । प्राचीन आ नवीन रीतिक कविताक रचना विपुल संख्यामे कएलनि । �भुवन भारती� कविता संकलन प्रकाशनसँ मैथिली ओज आ नव चेतनाक शंख फुकलनि। हरिमोहन झा 1908-1984 हिनकर मैथिली कृति १९३३ मे �कन्यादान� (उपन्यास), १९४३ मे "द्विरागमन�(उपन्यास), १९४५ मे �प्रणम्य देवता� (कथा-संग्रह), १९४९ मे �रंगशाला�(कथा-संग्रह), १९६० मे �चर्चरी�(कथा-संग्रह) आऽ १९४८ ई. मे �खट्टर ककाक तरंग� (व्यंग्य) अछि। मृत्योपरांत १९८५मे (जीवन यात्रा, आत्मकथा)पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित। कालीकान्त झा 1909- मूल गाम ढंगा (हरिपुर), मधुबनी। फेर मातृक बरदबट्टा,पो. उरलाहा, भाया- मदनपुर, जिला-पूर्णियामे बसि गेलाह। सतघरा (मधुबनी), मदनपुर आ काशीमे पाणिनी व्याकरणक अध्ययन। "हनुमान चरित"क लेखक। तंत्रनाथ झा 1909-1984 जन्म १९०९ ई मे दरभंगा जिलाक धर्मपुर ग्राममे भेलन्हि मुत्यु ४-५-�८४,चन्द्रधारी मिथिला कॉलेजमे अर्थशास्त्नक प्राध्यापक छलाह । अवकाश ग्रहण क काव्य साधनामे लागल रहलाह । महाकाव्य, मुक्तक, एकांकी सभ विधामे ई सिद्ध हस्त छलाह । हिनक �कीचक वंध� महाकाव्य अङरेजीक �ब्लैक्ङ भर्स� (अमित्नाक्षर छन्द) म लिखल अछि । मैथिलीमे �सौनेट� एवं ब्लैक्ङ भर्स�क ई प्रथम प्रयोक्ता थिकाह । संस्कृत परम्परामे काव्य रचना करितहुँ पाश्चात्य शैलीक नवीनता हिनका रचनामे भेल । हिनक �कीचक वध� ओ �कृष्ण चरित� महाकाव्य��मङ्गल-पञ्चाशिका� एवं �नमस्या� मैथिली साहित्यमे अपन विशिष्ट स्थान रखैछ । तकर अतिरिक्त मुक्तक काव्यमे विषय वस्तुक व्यापकता एवं शिल्प शैलिक प्रचुरता अबैत अछि । एक दिश यदि प्राचीन ढंगक ईश्बर वन्दनाक रचना कएलन्हि तँ दोसर दिस �सौनेट� (चतुर्दशपदी) �बैलेड� आदि लिखबामे पूर्ण सफलता प्राप्त कएलन्हि ।�कृष्ण चरित� महाकाव्य पर हिनका 1979 ई क साहित्यक अकादमी पुरस्कार भेटलन्हि । 1980 ई. मे हिनका अभिनन्दन ग्रन्थसमर्पित कएल गेलन्हि । जीवनाथ झा 1910-1977 सुरेन्द्र झा 'सुमन' 1910-2002 जन्म: ग्राम : बल्लीपुर, जिला-समस्तीपुर । प्रकाशित कृति: प्रतिपदा, अर्चना,साओन-भादव,अंकावली, अन्तर्नाद, पयस्विनी, उत्तरा आदि तीससँ अधिक मौलिक कविता-पुस्तक;पुरुष-परीक्षा, अनुगीतांजलि, ऋतु श्रृंगार तथा वर्णरत्नाकर, पारिजात-हरण, कृष्णजन्म, आनन्द-विजय आदि कतिपय ग्रन्थक अनुवाद-संपादन; �मैथिली काव्य पर संस्कृतक प्रभाव� नामक समीक्षा-ग्रंथ। �पयस्विनी� लेल १९७१ मे साहित्य अकादेमी पुरस्कार तथा �उत्तरा� पर १९१८ मे मैथिली अकादेमीक विद्यापति पुरस्कार प्राप्त । मैथिलीक प्रथम दैनिक पत्र �स्वदेश�क लब्धप्रतिष्ठ सम्पादक।१९९५- सुरेन्द्र झा �सुमन� (रवीन्द्र नाटकावली- रवीन्द्रनाथ टैगोर, बांग्ला)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। २००० ई.- पं.सुरेन्द्र झा �सुमन�, दरभंगा;यात्री-चेतना पुरस्कार। पं. रामचन्द्र झा 1910- गाम तरौनी। काशी मिथिला ग्रन्थमालाक सम्पादक। 'नागार्जुन' वैद्यनाथ मिश्र 'यात्री' 1911-1998 जन्म अपन मामागाम सतलखामे भेलन्हि, जे हुनकर गाम तरौनीक समीपहिमे अछि, जिला-दरभ्गा । मूल नाम: वैद्यनाथ मिश्र । हिन्दीमे नागार्जुन नामे प्रख्यात । प्रकाशित कृति: चित्रा, पत्रहीन नग्न गाछ (मैथिली कविता-संग्रह); पारो, बलचनमा, नवतुरिया (मैथिली उपन्यास); युगधारा, सतरंगे पंखोंवाली, प्यासी पथराई आंखें, खिचड़ी विप्लव देखा हमने, तुमने कहा था, हजार हजार बाहो वाली, पुरानी जूतियो का कोरस, रत्नगर्भा, ऐसे भी हम क्या ! ऐसे भी तुम क्या ! (हिन्दी कविता-संग्रह); रतिनाथ की चाची, बलचनमा, नई पौध, बाबा बटेसरनाथ, वरुण के बेटे, दुखमोचन, कुम्भीपाक, अभिनन्दन, उग्रतारा, इमरतिया (हिन्दी उपन्यास); आसमान में चन्दा तैरे (कहानी संग्रह); भस्मांकुर (हिन्दी खण्ड काव्य); अन्नहीनम् क्रियाहीनम् (निबन्ध-संग्रह); गीत गोविन्द; मेघदूत; विद्यापति के गीत, विद्यापति की कहानियां (अनुवाद) । �पत्रहीन नग्न गाछ� लेल १९६८ मे साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त । यायावरी जीवन । मैथिली प्रतिनिधिक रूपमे रूस भ्रमण । नागार्जुन (स्व. श्री वैद्यनाथ मिश्र �यात्री� ), हिन्दी आ मैथिली कवि, १९९४ ई.मे साहित्य अकादेमीक फेलो (भारत देशक सर्वोच्च साहित्यक पुरस्कार)। आरसीप्रसाद सिंह 1911-1996 जन्म: ग्राम-एरौत, जिला-समस्तीपुर । प्रकाशित कृति: माटिक दीप, पूजाक फूल, सूर्यमुखी (कविता-संग्रह), मेघदूत (अनुवाद), आरसी, नन्ददास, संजीवनी (हिन्दी काव्य संग्रह)। �सूर्यमुखी� लेल १९८४ मे साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त । गुरु जयदेव मिश्र 1911-1991 शिष्य गंगानाथ झा यशोधर झा मिथिला वैभव, दर्शन मैथिली पोथीपर 1966 मे पहिल साहित्य अकादमी पुरस्कार मैथिली लेल प्राप्त। वैद्यनाथ मल्लिक 'विधु' 1912-1987 १९७६- वैद्यनाथ मल्लिक �विधु� (सीतायन, महाकाव्य) लेल मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कार। भीम झा 1912- पूर्णिया जिलाक मदनपुर गामक। जन्म ५ नवम्बर १९१२ ई.। बनैलीक श्री श्यामानन्द सिंहक अध्यक्षतामे �नारायण संकीर्तन महामण्डली�क स्थापना। राधानाथ दास १९१२- उपेन्द्र ठाकुर 'मोहन' 1913-1980 जन्म १९१३ ई. मे दरभंगा जिलाक चतरिया ग्राममे भेलन्हि । मृत्यु २४-५-१९८० । संस्कृत शिक्षामे साहित्याचार्य ओ बड़ौदा राजक विद्वत्-परीक्षासँ �साहित्य-रत्न�क उपाधिसँ विभूषित भेलाह । दैनिक आर्यावर्तमे आदिअहिसँ, पश्चात् १९६० सँ मिथिला मिहिरक उप-सम्पादक एवं सह-सम्पादक रूपेँ कार्य करैत १९७७ मे सेवा निवृत भेलाह ।मोहनजी करीब पचास वर्ष साहित्य साधनामे लागल रहलाह । विजयानन्द, कुंजरंजन, सुदर्शन, पुण्डरीक, शास्त्नी, बामन आदि छद्म नामसँ पत्न-पत्निकामे विविध विषयपर हिनक लेख सभ प्रकाशित भेल अछि ।मोहन जीक �बाजि उठल मुरली�मे १०१ गोट कविताक संकलन अछि जाहिमे हिनक सुदीर्घ काव्य-आराधनाक विभित्र विचारधाराक ओ विभित्र अनुभूतिक सामग्री उपलब्ध अछि । एहि पुस्तकपर मोहन�जीकेँ १९७८ मे साहित्य अकादम् पुरस्कार भेटलन्हि। एहिसँ बहुत पूर्व हिनक �फुलडाली� नामक कविता संग्रह सेहो प्रकाशित भेल छल । जयनाथ मिश्र 1913-1985 श्रीकांत ठाकुर "विद्यालंकार" पञ्जीकार मोदानन्द झा 1914-1998 लब्ध धौत पञ्जीशास्त्र मार्त्तण्ड पञ्जीकार मोदानन्द झा, शिवनगर, अररिया, पूर्णिया। पिता-स्व. श्री भिखिया झा। गुरु- पञ्जीकार भिखिया झा। पूर्णिया जिलाक बनैली लगक शिवनगर गामक। जन्म २२ सितम्बर १९१४ ई.।सौराठमे अपन मौसा स्व. लूटनझा सँ पंजीशास्त्रक अध्ययन। १९४८-१९५१ ई. धरि दरभंगामे रहि आचार्य रमानाथ झाकेँ पाँजि पढ़ओलनि।शास्त्रार्थ परीक्षा- दरभंगा महाराज कुमार जीवेश्वर सिंहक यज्ञोपवीत संस्कारक अवसर पर महाराजाधिराज(दरभंगा) कामेश्वर सिंह द्वारा आयोजित परीक्षा-1937 ई. जाहिमे मौखिक परीक्षाक मुख्य परीक्षक म.म. डॉ. सर गंगानाथ झा छलाह। आनन्द झा 1914-1988 टोक्यो हासेगावा, निदेशक मिथिला म्यूजियम, निगाटा माँगनि खबास 1908-1943 संगीतज्ञ पचगछियामे जन्म आ अल्प बएसमे मृत्यु। पचगछियाक रायबहादुर लक्ष्मीनारायण सिंहक शिष्य। रामाश्रय झा 'रामरंग' अभिनव भातखण्डे 1928-2009 जन्म ११ अगस्त १९२८ ई. तदनुसारभाद्र कृष्णपक्ष एकादशी तिथिकेँ मधुबनी जिलान्तर्गत खजुरा नामक गाममे भेलन्हि। अभिनव गीतांजलि, हुनकर उच्चकोटिक शास्त्र रचना अछि।मिथिलावासी श्री रामरंग राग तीरभुक्त्ति, राग वैदेही भैरव, आऽ राग विद्यापति कल्याण केर रचना सेहो कएने छथि आऽ मैथिली भाषामे हिनकर खयाल �रंजयति इति रागः� केर अनुरूप अछि। रामचतुर मल्लिक ध्रुपद संगीत 1905-1990 अभयनारायण मल्लिक कुमार तारानन्द सिंह, संगीतज्ञ संगीताचार्य रायबहादुर लक्ष्मीनारायण सिंह पंडित परमानन्द चौधरी, संगीतज्ञ हृदयनारायण झा संगीत भाष्कर राजकुमार श्यामानन्द सिंह १९१६-१९९४ मिथिलेश कुमार झा, तबला वादन नागेश्वर लाल कर्ण, तबला वादक बाबू साहेब चौधरी 1916-1998 दरभंगा जिलाक दुलारपुर गामक। १९४३ ई. मे जीविकार्थ कलकत्ता अएलाह। नवम कक्षामे स्वराज्य आन्दोलनमे बाझि कए शिक्षाक इतिश्री। कलकत्तामे स्थानीत मैथिल संघमे प्रवेश। कलकक्तामे मैथिली आर्ट प्रेस. ९/१, खिलात घोष लेन, कलकत्ता-७००००६ सँ मैथिली-मिथिला आन्दोलनमे सक्रिय। �कुहेस� आ �चाणक्य� दूटा नाटक। १९७१-७९ धरि �मिथिला दर्शन� आ �मैथिली दर्शन� मैथिली मासिकक सम्पादन। लक्ष्मण (लखन) झा 1916-2000 मिथिला राज्य अभियानी। शुद्धदेव झा 'उत्पल' 1916- गोड्डा जिलाक अलखदत्त-महेनपुरक निवासी। जन्म १६ अक्टूबर १९१६ ई.। रामचरित्र पाण्डेय "अणु" १९१७-२०१० लक्ष्मीनाथ झा मिथिला चित्रकला 1917-1990 उपेन्द्र नाथ झा 'व्यास' 1917-2002 जन्म स्थान-हरिपुर वकशीटोल, मधुबनी, बिहार । १९६९- उपेन्द्रनाथ झा �व्यास� (दू पत्र, उपन्यास) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित । साहित्य अकादेमीक अनुवाद पुरस्कार प्राप्त । प्रकाशित कृति: कुमार, दू पत्र (उपन्यास), विडंबना, भजना भजले (कथा-संग्रह), पतन संन्यासी, प्रतीक (काव्य), महाभारत (पहिल दू पर्व) आदि। मनमोहन झा 1918-2009 जन्म सरिसबमे, अश्रुकण, वीरभोग्या, मिथिलाक निशापुरमे।२००९- स्व.मनमोहन झा (गंगापुत्र, कथासंग्रह)पर मृत्योपरांत साहित्य अकादमी पुरस्कार। ब्रजकिशोर वर्मा 'मणिपद्म' 1918-1986 जन्म स्थान-बहेड़ा, दरभंगा बिहार । १९७३- ब्रजकिशोर वर्मा �मणिपद्म� (नैका बनिजारा, उपन्यास) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित । उपन्यासकार, कथाकार ओ कवि । प्रकाशित कृति: कोब्रागर्ल, कनकी, अर्द्धनारीश्वर, लोरिक विजय, नैका-बनिजारा, लवहरि-कुशहरि, राय रणपाल, आदिम गुलाम आदि उपन्यास ओ कंठहार (नाटक) आदि। पं. सहदेव झा १९१९- "मिथिला की धरोहर" पोथी प्रकाशित। बुद्धिधारी सिंह रमाकर 1919-1991 जन्म मधुबनीमे 1919 ई. मे भेल । अपन पिता स्व. क्षेमधारी सिंहसँ विभित्र विषयक शिक्षा ग्रहण कएलन्हि । ई रामकृष्ण कॉलेज, मधुबनीक मैथिली विभागाध्यक्ष छलाह । जतएसँ अवकाश प्राप्त कएलन्हि । बाल्या-वस्थहिसँ ई कविकार्यमे लागल रहलाह अछि । संस्कृत तथा मैथिली दुनू भाषामे हिनक रचना प्रकाशित अछि । यथा�मैथिलीमे �प्रयास� (कथा-संग्रह), �मधुमती�, �अमरबापू� (कविता-संग्रह), �शरशय्या� (खंड-काव्य) �स्मृति साहस्री� (महाकाव्य) आदि । आद्याचरण झा 1920- चन्द्र भानु सिंह 1922- २००४- चन्द्रभानु सिंह (शकुन्तला, महाकाव्य)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार। सुधांशु शेखर चौधरी 1922-1990 जन्म दरभंगाक मिश्रटोलामे 1922 ई. मे भेलन्हि तथा मृत्यु 1990 ई. मे भेलन्हि । किछु दिन विभिन्न जीविकामे रहि पश्चात् साहित्यकारक जीवन प्रारम्भ कएल । किछु दिन �बैदेही�क सम्पादन श्री सुमनजी एवं श्री कृष्णकान्त मिश्रजीक संग कएल तत्पश्चात् 1960 ई. सँ 1982 ई. धरि पटनामे �मिथिला मिहिर��क सफल सम्पादन कएल ।हिनक दू गोट नाट्यकृति-�भफाइत चाहक जिनगी�, लेटाइत आँचर�, तथा �पहिल साँझ� हिनक नाटकक नीक व्यावहारिक अनुभवक परिचायक अछि ।छद्मनामसँ हिनक दू गोट उपन्यास मिहिर� मे प्रकाशित भेल अछि । हिनक उपन्यास ई वतहा संसार� जे मैथिली अकादमी द्वारा प्रकाशित भेल आ जाहि पर 1980 क साहित्य अकादमीक पुरस्कार देल गेल । गोविन्द झा 1923- जन्मस्थान- इसहपुर, सरिसब पाही, मधुबनी, बिहार । सिद्ध कथाकार, उपन्यासकार, नाटककार, भाषा वैज्ञानिक ओ अनुवादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार, साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कारसँ सम्मानित। बिहार सरकारसँ कामिल बुल्के पुरस्कार, ग्रियर्सन पुरस्कार आदिसँ सम्मानित । प्रकाशित कृति: उपन्यास, नाटक, कथा, कविता, भाषा विज्ञान आदि विभिन्न विधामे अड़तीस टा पोथी प्रकाशित । प्रकाशन: सामाक पौती,नेपाली साहित्यक इतिहास (अनु) आदि । १९९३- गोविन्द झा (सामाक पौती, कथा)पुस्तक लेल सहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित ।१९९३- गोविन्द झा (नेपाली साहित्यक इतिहास- कुमार प्रधान, अंग्रेजी) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। प्रबोध सम्मान 2006 सँ सम्मानित। विदेह सम्पादकक समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०१० (समग्र योगदान लेल) योगानन्द झा 1923-1986 हिनक जन्म मधुबनी जिलाक कोइलख ग्राममे 1923 ई. मे भेलन्हि । मृत्यु 1986 मे भेलनि । अग्रेजीमे एम. ए. कएलाक पश्चात् ई किछु दिन चन्द्रधरी मिथिला कॉलेजमे प्राध्यापक रहलाह । बिहार प्रशासनिक सेवामे 1981 धरि विभिन्न पदपर कार्य कएल । तत्पश्चात्मैथिली अकादमीक निदेशक �84 धरि ।योगानन्द झाजी मैथिली साहित्यमे अपन उपन्यास �भलमानुस� एवं �पवित्ना�क हेतु ख्यात छथि । हिनक नाटक �मुनिक मतिभ्रम� एवं कथा संग्रह �उड़ैत वंशी� यथेष्ट प्रतिष्ठा प्राप्त कएने अछि । एकर अतिरिक्त ई महात्मा गान्धीक आत्मकथाक अनुवाद एवं �आमक जलखरी� नामक एक कथा संग्रहक सम्पादन सेहो कएने छथि । रामकृष्ण झा 'किसुन' 1923-1970 आधुनिक धाराक विशिष्ट कवि, कथाकार, चिन्तक । प्रकाशित कृति: आत्मनेपद (कविता संग्रह), मैथिली नवकविता (सम्पादन)। उमानाथ झा 1923-2009 जन्म:-01-01-1923, मृत्यु 07-12-2009 महरैल, भधुबनी ।भूतपूर्व अङरेजी विभागाध्यक्ष एवं प्रति-कुलपति मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा । रचना:-रेखाचित्न, अतीत (कथा संग्रह); मैथिली नवीन साहित्य, इन्द्र धनुष, विद्यापति गीतशती (सम्पादन)।१९८७- उमानाथ झा (अतीत, कथा) पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित। ज़टाशंकर दास 1923-2006 प्रबोध नारायण सिंह 1924-2005 हिन्दी, संस्कृत, मैथिली, पाली एवं फारसीक विद्वान्। मिथिला, मैथिल एवं मैथिलीक ई अनन्य भक्त छथि । कलकत्ता रहि मिथिला दर्शन�, मैथिली कविता�, मैथिली रंगमंच� आदि पत्निकाक प्रकाशनक माध्यमसँ श्री प्रबोधजी मैथिलीक जे सेवा कएल अछि तकर वर्णन थोड़मे सम्भव नहि । अनेक बङला कृतिक ई अनुवाद सेहो कएल अछि ।हिन्दीमे सेहो हिनक �कविता संग्रह� प्रकाशित अछि ।कलकत्ता विश्वविद्यालयमे हिन्दीक पूर्व अध्यक्ष। २००२- डॉ. प्रबोध नारायण सिंह (पतझड़क स्वर- कुर्तुल ऐन हैदर, उर्दू) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। मदनेश्वर मिश्र 1924-2004 "एक छलीह महारानी" प्रकाशित। अमोघ नारायण झा "अमोघ" 1924- मुरलीधर सिंह, ब्रजमोहन ठाकुर, शुभंकर झा, मदनेश्वर मिश्र 1924-2004, ललित नारायण मिश्र, देवनाथ राय मतिनाथ मिश्र मतंग 1924- आनन्द मिश्र 1924-2007 डॉ. जयमन्त मिश्र १९२५-२०१० जन्म १५-१०-१९२५ मृत्यु ०७-०९-२०१०, गाम-ढंगा-हरिपुर-मजरही। १९९५- जयमन्त मिश्र (कविता कुसुमांजलि, पद्य) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कार- मैथिली। चन्द्रनाथ मिश्र अमर 1925- जन्म: खोजपुर, मधुबनी । वरिष्ठ कवि, कथाकार-उपन्यासकार । हास्य-व्यंग्यक कवितामे बेजोड़। मैथिलीक लेल समर्पित व्यक्तित्व । पांच दर्जनसं बेसी कथा आ विदागरी, वीरकन्या (उपन्यास) जल समाधि (कथा संग्रह) प्रकाशित ।१९८३- चन्द्रनाथ मिश्र �अमर� (मैथिली पत्रकारिताक इतिहास) लेल साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित। एम. एल. एकेडमी, लहेरिरियासरायसं शिक्षकक रूपमे अवकाश प्राप्त। आशा दिशा, गुदगुदी, युगचक्र, उनटा पाल आदि कविता संग्रह प्रकाशित। १९९८- चन्द्रनाथ मिश्र �अमर� (परशुरामक बीछल बेरायल कथा- राजशेखर बसु, बांग्ला) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। चन्द्रनाथ मिश्र अमर २०१० मे मैथिली साहित्य लेल साहित्य अकादेमीक फेलो (भारत देशक सर्वोच्च साहित्यक पुरस्कार)। मुक्तिनाथ झा (1926-2009) शुभंकर झा 1926- दीनानाथ पाठक 'बन्धु' 1928-1962 अनंत बिहारी लाल दास "इन्दु" 1928-2010 २००७- अनन्त बिहारी लाल दास �इन्दु� (युद्ध आ योद्धा-अगम सिंह गिरि, नेपाली)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। कृष्णकान्त मिश्र १९२८-२००० जगदानन्द झा 1928- दुर्गानाथ झा "श्रीश" हिनकर जन्म मधुबनी जिलाक विट्ठो गाममे १९२९ ई. मे भेलन्हि। हिन्दी आ मैथिलीमे एम.ए. आ बी.एड. केलाक बाद किछु दिन स्कूलमे अध्यापन, फेर मिल्लत कॉलेज, लहेरियासरायमे मैथिली आ हिन्दी विभागक अध्यक्ष। मैथिली भाषामे पहिल पी.एच. डी.। "श्रीश" जीक मैथिलीमे प्रकाशित रचना अछि- "मैथिली साहित्यक इतिहास", "भुवन भारती" (सम्पादन), "महामत्स्य ओ मनु" (कविता), "नाट्य कथा सार"(सम्पादन), "पुरुषार्थ"(पद्य नाटक) आ अनेक कविता, एकांकी आ आलोचनात्मक निबन्ध। राजकमल चौधरी 1929-1967 महिषी, सहरसा। रचना:- आदि कथा, आन्दोलन, पाथर फूल (उपन्यास), स्वरगंधा (कविता संग्रह), ललका पाग (कथा संग्रह), कथा पराग (कथा संग्रह सम्पादन)। हिन्दीमे अनेक उपन्यास, कविताक रचना, चौरङ्गी (बङला उपन्यासक हिन्दी रूपान्तर) अत्यन्त प्रसिद्ध। विश्वनाथ झा "विषपायी" 1929-2005 "राम सुयश सागर" (मैथिली रामायण) १९८० ई. मे प्रकाशित। २५ जनवरी २००५ केँ मृत्यु। जयधारी सिंह 1929-2007 समीक्षक, कवि । प्रकाशन: बौद्धगानमे तांत्रिक सिद्धांत, समीक्षा शास्त्रा अदि । रामकृष्ण कॉलेज, मधुबनीमै मैथिली विभागक पूर्व अध्यक्ष । शैलेन्द्र मोहन झा 1929-1994 १९९२- शैलेन्द्र मोहन झा (शरतचन्द्र व्यक्ति आ कलाकार-सुबोधचन्द्र सेन, अंग्रेजी)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। विजयनाथ ठाकुर 1929-2008 रमेशचन्द्र वर्मा 1930- गोपालजी झा 'गोपेश' 1931-2008 जन्म मधुबनी जिलाक मेहथ गाममे १९३१ ई.मे भेलन्हि।हिनकर रचित �सोन दाइक चिट्ठी�, �गुम भेल ठाढ़ छी�, �एलबम� �आब कहू मन केहन लगैए�, "मखानक पात" प्रकाशित भेल जाहिमे सोनदाइक चिट्ठी बेश लोकप्रिय भेल।२००६ ई.-श्री गोपालजी झा गोपेश, मेंहथ, मधुबनी;यात्री-चेतना पुरस्कार। विवेकानन्द ठाकुर 1931- २००५- विवेकानन्द ठाकुर (चानन घन गछिया, पद्य)मैथिली लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार। ताराकांत मिश्र 1931- ललित 1932-1983 जन्म स्थान बसैठ चानपुरा मधुबनी, बिहार । प्रसिद्ध कथाकार ओ उपन्यासकार । प्रकाशित कृति: प्रतिनिधि, (कथा संग्रह), पृथ्वी-पुत्र (उपन्यास) आदि। मुरारि मधुसूदन ठाकुर 1932- ताराशंकर बंदोपाध्यायक बंगला उपन्यास "आरोग्य निकेतन"क मैथिली अनुवाद लेल साहित्य अकादमीक अनुवाद पुरस्कार 1999 भेटल छन्हि। विद्यानारायण ठाकुर 1933- धूमकेतु 1932-2000 जन्म स्थान कोइलख, मधुबनी, बिहार । प्रसिद्ध कथाकार, उपन्यासकार ओ कवि । प्रकाशित कृति : दू टा कथा संग्रह ओ एक टा उपन्यास । राजमोहन झा 1934- जन्म स्थान कुमरबाजितपुर, वैशाली, बिहार । प्रख्यात कथाकार ओ संपादक । आइ काल्हि परसू (कथा-संग्रह) लेल १९९६ मे साहित्य अकादेमीसँ सम्मानित । प्रकाशित कृति : एक आदि एकांत, झूठ साँच, एकटा तेसर, अनुलग्नक, आइ काल्हि परसू (कथा संग्रह), गलतीनामा, भनहि विद्यापति, टीप्पणीत्यादि (आलोचना)। �आरम्भ� पत्रिकाक संपादन।प्रबोध सम्मान 2009 सँ सम्मानित। डॉ. धीरेन्द्र 1934-2004 जन्म स्थान लोहना, मधुबनी, बिहार । प्रसिद्ध कथाकार,उपन्यासकार ओ कवि । प्रकाशित कृति: कुहेस आ किरण, पझाइत घूरक आगि, शतरूपा ओ मनु अपन मन्दिर (कथासंग्रह) हैंगरमे टाँगल कोट, काल्हि ओ आइ (कविता संग्रह) सहित कैक विधामे विभिन्न पोथी। रमेश नारायण १९३४- २०११ नाम- रमेश नारायण दास, जन्म १५ मार्च १९३४ केँ मधुबनीक बहेरा गाममे। पिता-श्री हरिवल्लभ लाल दास। शिक्षा मधेपुर, मधुबनी आ पटनामे। १९६१ ई.सँ १९९४ ई. धरि ए.एन. कॉलेज, पटनामे हिन्दी विभागमे अध्यापन। पाथरक नाव (मैथिली कथा संग्रह, १९७२) प्रकाशित। मृत्यु १२ जनवरी २०११ केँ पटनामे। बाबू श्री सत्यनारायण सिंह आ राघवाचार्य मायानन्द मिश्र 1934- हिनक जन्म १७ अगस्त १९३४ ई. केँ सुपौल जिलाक बनैनियाँ गाममे भेलनि।भाङ्क लोटा, आगि मोम आ� पाथर आओर चन्द्र-बिन्दु- हिनकर कथा संग्रह सभ छन्हि। बिहाड़ि पात पाथर , मंत्र-पुत्र ,खोता आ� चिडै आ� सूर्यास्त हिनकर उपन्यास सभ अछि॥ दिशांतर हिनकर कविता संग्रह अछि। एकर अतिरिक्त सोने की नैय्या माटी के लोग, प्रथमं शैल पुत्री च,मंत्रपुत्र, पुरोहित आ� स्त्री-धन हिनकर हिन्दीक कृति अछि।१९८८- मायानन्द मिश्र (मंत्रपुत्र, उपन्यास)पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित। प्रबोध सम्मान 2007सँ सम्मानित। तारानन्द तरुण १९३५-२०११ सोमदेव 1934- उपन्यासकार ओ कवि । साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित । प्रकाशित कृति: चानोदाइ, होटल अनारकली (उपन्यास), काल ध्वनि (कविता संग्रह), चरैवेति (गीति नाट्य) सोम सतसइ (दोहा)।२००२- सोमदेव (सहस्रमुखी चौक पर, पद्य) लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार। २००१ ई. - श्री सोमदेव, दरभंगा;यात्री-चेतना पुरस्कार, प्रबोध साहित्य सम्मान २०११। राजनन्दन लाल दास 1934- "कर्णामृतक"क सम्पादन। "चित्रा-विचित्रा" प्रकाशित। रमानन्द रेणु 1934-2011 जन्म स्थान उसमामठ, दरभंगा, बिहार । वरिष्ठ कवि, कथाकार ओ उपन्यासकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित। प्रकाशित कृति: कचोट, त्रिकोण, अंतहीन आकाश (कथा-संग्रह), दूधफूल (उपन्यास), अंतत:, ओकरे नाम (कविता-संग्रह)। २०००- रमानन्द रेणु (कतेक रास बात, पद्य)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार। विदेह सम्पादकक समानान्तर साहित्य अकादेमी फेलो पुरस्कार २०११ (समग्र योगदान लेल) कालीकांत झा "बूच" 1934-2009 हिनक जन्म, महान दार्शनिक उदयनाचार्यक कर्मभूमि समस्तीपुर जिलाक करियन ग्राममे 1934 ई. मे भेलनि । पिता स्व. पंडित राजकिशोर झा गामक मध्य विद्यालयक प्रथम प्रधानाध्यापक छलाह । माता स्व. कला देवी गृहिणी छलीह । अंतरस्नातक समस्तीपुर काॅलेज, समस्तीपुरसँ कयलाक पश्चात् बिहार सरकारक प्रखंड कर्मचारीक रूपमे सेवा प्रारंभ कयलनि । बालहिं कालसँ कविता लेखनमे विषेश रूचि छल । मैथिली पत्रिका - मिथिला मिहिर, माटि - पानि, भाखा तथा मैथिली अकादमी पटना द्वारा प्रकाशित पत्रिकामे समय - समय पर हिनक रचना प्रकाशित होइत रहलनि । जीवनक विविध विधाकेँ अपन कविता एवं गीत प्रस्तुत कयलनि । साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा प्रकाशित मैथिली कथाक विकास (संपादक डाॅ बासुकीनाथ झा ) मे हास्य कथा कारक सूची मे डाॅ विद्यापति झा हिनक रचना ��धर्म शास्त्राचार्यक उल्लेख कयलनि । मैथिली अकादमी पटना एवं मिथिला मिहिर द्वारा प्रशंसा पत्र भेजल जाइत छल ।श्रृंगाररस एवं हास्य रसक संग-संग विचार मूलक कविताक रचना सेहो कयलनि । डाॅ दुर्गानाथ झा श्रीश संकलित मैथिली साहित्यक इतिहासमे कविक रूपमे हिनक उल्लेख कएल गेल अछि । प्रकाशित कृति (मृत्योपरांत) : कलानिधि- कविता-संग्रह। श्याम चन्द्र 1934- उपन्यास "रूपा दीदी" प्रकाशित। गाम मलंगिया, जिला- मधुबनी। डोरीलाल शर्मा "श्रोत्रिय" १९३५- "मिथिला की पाण्डित्य परम्परा" पोथी प्रकाशित। रामभद्र, धनुषा, नेपाल १९३५-२०२० साहित्य तथा अन्यान्य क्षेत्रक कतोक सफल व्यक्तिसभ अपन प्रेरणास्रोत आ पथ-प्रदर्शक मानैत छथि । मैथिली साहित्य-क्षेत्रमे हिनक परिचयक मादे एतबाए कहब पर्याप्त होएत जे मैथिलीक मूर्द्धन्य साहित्यकार डा. धीरेन्द्र हिनका मैथिली साहित्यक सर्वश्रेष्ठ कथाकार मानैत छथि ।हिनक कथामे प्रतीकात्मकताक अदभुत प्रयोगहिटा नहि, अपितु एकटा आदर्श कथाक समस्त वैशिष्टसभविद्यमान रहैत अछि । कथाकारक अतिरिक्त ई उत्कृष्ट समालोचक, नाटककार आ कवि सेहो छथि । नेपालमे मैथिलीक पहिल मोनोड्रामा लिखबाक श्रेय सेहो हिनका जाइत छनि ।सामाजिक कुरीतिसभकँ कुशलतासँ चित्रण करबामे, चिन्तनीय बनएबामे आ मन-मस्तिष्कपर अमिट छाप छोड़बामे रामभद्र सिद्धहस्त छथि । धनुषा जिलाक कुर्था गाममे जनमल रामभद्रक पूर्ण नाम रामभद्र कर्ण छनि । अग्ङरेजी विषयक अवकाशप्राप्त शिक्षक रामभद्र व्याकरण, पाठयपुस्तक आ सहायक पुस्तकसभ लिखबाक काजमे निरन्तर सक्रिय छथि। केदारनाथ चौधरी (१९३६-) मैथिलीक पहिल फिल्म 'ममता गाबय गीत' केर निर्माता द्वयमेसँ एकटा निर्माता छथि केदारनाथ चौधरी आ दोसर मदनमोहन दास। बादमे आर्थिक मजबूरीवश तेसर सहनिर्माता भेलखिन उदयभानु सिंह। माता-स्व. कुसुमपरी देवी, पिता- स्व. किशोरी चौधरी, जन्म: ०३/०१/१९३६ ग्रा.+पत्रा. नेहरा (दरभंगा), अन्य पारिवारिक सदस्य-पत्नी-श्रीमती कुमुद चौधरी, संतान- प्रथम पुत्री-श्रीमती किरण झा, द्वितीय पुत्री-श्रीमती अर्चना चौधरी, शिक्षा- १९५८ ई.मे अर्थशास्त्रमे स्नातकोत्तर, १९५९ ई.मे लॉ। १९६९ ई.मे कैलिफोर्निया वि.वि.सँ अर्थस्थास्त्र मे स्नातकोत्तर, १९७१ ई.मे मार्केटिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन विषयमे गोल्डेन गेट यूनिवर्सिटी, सानफ्रांसिस्को, USA सँ एम.बी.ए., १९७८ मे भारत आगमन। १९८१-८६ क बीच तेहरान आ प्रैंकफुर्तमे। फेर बम्बई, पुणे होइत रिटायरमेंटक बाद २००० सँ लहेरियासराय, दरभंगामे निवास।६ टा उपन्यास- चमेलीरानी २००४, करार २००६, माहुर २००८, अबारा नहितन २०१२, हीना २०१३, अयना २०१८. सम्मान- १) विदेह साहित्य सम्मान, बर्ख-२०१३ (झारखंड मैथिली मंच, राँची द्वारा), २) प्रबोध साहित्य सम्मान, बर्ख-२०१६ आ ३) केदार सम्मान, बर्ख-२०१६,'अबारा नहितन' लेल। जीवकांत 1936- नाम- जीवकान्त झा,पिता-गुणानन्द झा, माता-महेश्वरी देवी, जन्म-२५.०७.१९३६ अभुआढ़, जिला-सुपौल। नौकरी-विज्ञान शिक्षक (उ.वि.खजौली १९५७-८१), हिन्दी शिक्षक (उ.वि.डेओढ़ एवं उ.वि.पोखराम १९८१-९८)।पहिल रचना-इजोड़िया आ टिटही (कविता, जनवरी १९६५ मिथिला मिहिर)।पहिल छपल पोथी- दू कुहेसक बाट (उपन्यास १९६८)।नूतन पोथी-खिखिरक बीअरि (२००७ बाल पद्य कथा), अठन्नी खसलइ वनमे (पद्य-कथा संग्रह) आ पंजरि प्रेम प्रकासिया (जीवन-वृत्तक अंश)।पुरस्कार-साहित्य अकादेमी 1998 तकै अछि चिड़ै, पद्य , किरण सम्मान (१९९८), वैदेही सम्मान (१९८५)।प्रकाशित पोथी- कविता संग्रह:नाचू हे पृथ्वी (७१), धार नहि होइछ मुक्त (९१), तकैत अछि चिड़ै (९५), खाँड़ो (१९९६), पानिमे जोगने अछि बस्ती (९८), फुनगी नीलाकाशमे (२०००), गाछ झूल-झूल (२००४), छाह सोहाओन (२००६), खिखिरिक बीअरि (२००७) कथा-संग्रह:एकसरि ठाढ़ि कदम तर रे (७२), सूर्य गलि रहल अछि (७५), वस्तु (८३), करमी झील (९८) उपन्यास:दू कुहेसक बाट(६८), पनिपत(७७), नहि, कतहु नहि (७६), पीयर गुलाब छल (७१), अगिनबान (८१) हिन्दी अनुवाद- निशान्त की चिड़िया (तकैत अछि चिड़ै, साहित्य अकादमी, दिल्ली २००३)। प्रबोध सम्मान 2010 सँ सम्मानित। देवकांत झा 1936- डॉ अमरेश पाठक 1936- हिनक जन्म सीतामढ़ी जिलाक अन्तर्गत सामारि ग्राममे १९३६ मे भेलन्हि । १९५७ मे पटना विश्वविद्यालयसँ मैथिलीक एम. ए. परीक्षामे प्रथम श्रेणीमे प्रथमस्थान पाओल । १९५७ सँ १९६० धरि रामकृष्ण महाविद्यालय, मधुबनीमे व्याख्याता रूपेँ तकरा बाद पटना विश्वविद्यालयमे व्याख्याता रूपमे कार्य करए लगलाह । पटना विश्वविद्यालयमे मैथिली विभागाध्यक्ष रूपेँ । मैथिली उपन्यासक आलोचनात्मक अध्ययन� शोध प्रबन्धपर हिनका बिहार विश्व-विद्यालय द्वारा डि. लिट्क उपाधि भेटलन्हि । ई शोध प्रबन्ध पुस्तकाकार रूपेँ सेहो प्रकाशित भेल अछि बिहार राष्ट्रभाषा परिषदक विद्यापति ग्रन्थावलीक सम्पादक मण्डलक सदस्य । हिनक अन्य प्रकाशित रचना अछि �निबन्ध संकलन� । एकरा छोड़ि विभित्र पत्न-पत्निकामे हिनक कतेको निबन्ध प्रकाशित छन्हि । मैथिली अकादमी द्वारा प्रकाशित कथा-संग्रहक इहो एक सम्पादक छथि । ई अधिकतर उच्च स्तरीय आलोचनात्मक निबन्ध लिखैत छथि । २०००- डॉ. अमरेश पाठक, (तमस- भीष्म साहनी, हिन्दी)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। बलराम 1936-2008 जन्म स्थान पचही, मधुबनी, बिहार । विशिष्ट कथाकार । प्रकाशित कृति : दकचल देबाल (कथा-संग्रह)। मैथिलीपुत्र प्रदीप 1936- ग्राम- कथवार, दरभंगा। प्रशिक्षित एम.ए., साहित्य रत्न, नवीन शास्त्री, पंचाग्नि साधक। हिनकर रचित "जगदम्ब अहीं अवलम्ब हमर" आ "सभक सुधि अहाँ लए छी हे अम्बे, हमरा किए बिसरै छी यै" मिथिलामे लेजेंड भए गेल अछि। रामदेव झा 1936- कथाकर, समीक्षक, अनुवादक, ग्रंथ सम्पादक । साहित्य अकादेमीक मूल एवं अनुवाद पुरस्कार प्राप्त कर्त्ता ल. ना. मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगाक मैथिली विभागक पूर्व प्राचार्य । प्रकाशन: पसिझैत पाथर, (अनु.) आदि । १९९१- रामदेव झा (पसिझैत पाथर, एकांकी)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित ।१९९४- रामदेव झा (सगाइ- राजिन्दर सिंह बेदी, उर्दू) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। रवीन्द्र नाथ ठाकुर 1936- जन्म पूर्णिञा जिलाक धमदाहा ग्राममे 1936 ई. मे भेलन्हि । नेने अवस्थासँ गीत गएबामे एवं कविता लिखबामे विशेष रुचि । कोनो मंच पर ठाढ़ भेला पर ई सहजहि श्रीताकेँ आह्लादित करैत छथि । हिनक सात गोट मैथिलीक गीत संग्रह, एक मिनी महाकाव्य, एक प्रयोगधर्मी काव्य, एक उपन्यास, एक नाटक �एक राति� एवं एक हिन्दी नाटक, प्रकाशित भेल छन्हि । बिनोद बिहारी वर्मा 1937-2003 मैथिल करण कायस्थक पाँजिक सर्वेक्षण, बलानक बोनिहार ओ पल्लवी तथा अन्य कथा (कथा संग्रह) वीरेन्द्र मल्लिक 1937- जन्म- 3 जनबरी 1937 ई. परसौनी, मधुबनीमे।कवि, सम्पादक, समीक्षक । आखर, अगनिपत्रक सम्पादन ।अग्नि-शिखा (कविता संग्रह)। कीर्तिनारायण मिश्र 1937- जन्म १७ जुलाई १९३७ ई. केँ ग्राम शोकहारा (बरौनी), जिला बेगूसरायमे भेलन्हि। हुनकर प्रकाशित कृति अछि सीमान्त,महानगर (दीर्घ कविता), हम स्तवन नहि लिखब, ध्वस्त होइत शांति स्तूप (एहि पोथीपर साहित्य अकादमी 1997 पुरस्कार), आदमीकेँ जोहैत (कविता संग्रह)। संस्मरण-अपन एकांतमे, स्मृति यात्रा, पत्रक दर्पणमे। सम्पादन- आखर मासिक पत्रिका, आधुनिक मैथिली साहित्य, '63, राजकमल जीवन आ साहित्य, '68, कथा-संकलन- काल कोठरी। आलोचना- अर्थांतर-2004 गौरीकांत चौधरीकांत 1937-2001 युगल किशोर मिश्र १९३८-२००७ मैथिली शब्दकोष। प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन' 1938- ग्राम+पोस्ट- हसनपुर, जिला-समस्तीपुर।मैथिलीमे १.नेपालक मैथिली साहित्यक इतिहास(विराटनगर,१९७२ई.), २.ब्रह्मग्राम(रिपोर्ताज दरभंगा १९७२ ई.), ३.�मैथिली� त्रैमासिकक सम्पादन (विराटनगर,नेपाल १९७०-७३ई.), ४.मैथिलीक नेनागीत (पटना, १९८८ ई.), ५.नेपालक आधुनिक मैथिली साहित्य (पटना, १९९८ ई.), ६. प्रेमचन्द चयनित कथा, भाग- १ आऽ २ (अनुवाद), ७. वाल्मीकिक देशमे (महनार, २००५ ई.)।२००४- डॉ. प्रफुल्ल कुमार सिंह �मौन� (प्रेमचन्द की कहानी-प्रेमचन्द, हिन्दी) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। महेश्वरनाथ मल्लिक 1938- परशुराम झा १९३८- गाम- मेंहथ (मधुबनी), कृति- डाइमेन्शन्स ऑफ पीस इन इन्गलिश ड्रामा,क्रिश्चियन पोएटिक ड्रामा। कुलानन्द मिश्र 1940-2000 जन्म पकड़ी कोठी, सीतामढ़ी, बिहार। सुविख्यात कवि,, संपादक, समालोचक। प्रकाशित कृति- तावत एतबे, भोरक प्रतीक्षामे (कविता संग्रह), भारतक भाषा सर्वेक्षण, पारो, राजकमल चौधरी की ग्यारह कहानियाँ (अनुवाद)। बिलट पासवान 'विहंगम' 1940- जन्म मधुबनी जिलाक एकहत्था ग्राममे १९४० ई. मे भेलन्हि। फजलुर रहमान हासमी 1940-2011 जन्म-पटना जिलाक बराह गाममे। वृत्ति अध्यापक। हिन्दी कविता संग्रह "रश्मि राशि" आ मैथिली कविता संग्रह "निर्मोही" प्रकाशित। १९९६मे अबुलकलाम आजाद- अब्दुलकवी देसनवी, उर्दूसँ मैथिली अनुवादपर साहित्य अकादमीक मैथिली अनुवाद पुरस्कार। गुणनाथ झा गुणनाथ झा "लोक मञ्च" मैथिली नाट्य पत्रिकाक संचालन- सम्पादन केने छथि। मैथिलीमे आधुनिक नाटकक प्रणयन। हुनकर नाटक सभ अछि: मधुयामिनी: एकाङ्क नाट्य शैलीमे दूटा पात्र, पुरुष संयुक्त परिवारक पक्ष लेनिहार आ स्त्री तकर विरोधी। पाथेय: एकाङ्क नाट्य शैलीमे रचित, मुदा पूर्णाङ्कक सभ विशेषता ऐमे भेटत। मुख्य अभिनेता मिथिलाक अधोगतिसँ दुखी भऽ गामकेँ कर्मस्थली बनबैत छथि, स्वजन विरोध करै छथि। लाल-बुझक्कर: एकाङ्क नाट्य शैलीमे रचित। दाही रौदीसँ झमारल निम्न आ मध्य-निम्न वर्ग स्वतंत्रताक पहिनहियो आ बादो जीविकोपार्जन लेल प्रवास करबा लेल अभिशप्त छथि। सातम चरित्र: एकाङ्क नाट्य शैलीमे रचित। मैथिली रंगमंचपर महिला अभिनेत्रीक अभाव, सातम चरित्रक प्रतीक्षामे पूर्वाभ्यास खतम भऽ जाइत अछि। शेष नञि: आधुनिक सामाजिक पूर्णाङ्क नाटक। पिता-माताक मृत्युक बाद अग्रजक अनुजक प्रति पितृवत व्यवहार। आजुक लोक: पूर्णाङ्क नाटक। विषय निम्नमध्यवर्गीय बेरोजगारी आ बियाहक दायित्वक बोझ। जय मैथिली: पूर्णाङ्क नाटक। मिथिलाक भाषिक-सांस्कृतिक समस्या एकर कथावस्तु अछि। महाकवि विद्यापति: विद्यापतिक नव विश्लेषण। प्रभास कुमार चौधरी 1941-1998 गाम- पिंडारुछ, जिला- दरभंगा ।प्रख्यात कथाकार ओ उपन्यासकार । प्रभासक प्रकाशित कृति : कथा-प्रभास, प्रभासक कथा, नव घर उठय पुरान घर खसय, दिदवल (कथासंग्रह), अभिशप्त, युगपुरुष, हमरा लग रहब, नवारम्भ, राजा पोखरिमे कतेक मछरी (उपन्यास) । विभिन्न महत्वपूर्ण पत्रिकाक सम्पादन । त्रैमासिक कथा गोष्ठी 'सगर राति दीप जरय' केर प्रारम्भ।१९९०- प्रभास कुमार चौधरी (प्रभासक कथा, कथा) लेल साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित । साकेतानन्द 1940- वरिष्ठ कथाकार, गणनायक (कथा-संग्रह) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित। प्रकाशित कृति: मैथिली कथा साहित्यमे 1962 स� सक्रिय । गोडेक चालिस_पचास टा कथा, रिपोर्ताज. संस्मरण, यात्रा_विवरण मैथिलीमे प्रकाशित अधिकांश पत्र_पत्रिकामे छपल । पहिल मैथिली कथा �ग्लेसियर� 1962मे �मिथिलामिहिर�मे प्रकाशित । हिन्दियोमे दू दर्जन कथा आदि प्रकाशित । सन 99मे छपल पहिल कथा_संग्रह �गणनायक� के ओही वर्ष �साहित्य अकादमी पुरस्कार। पैघ बान्ध� स� अबैबला विपत्तिके रेखांकित करैत, पर्यावरण के कथा वस्तु बना क� राजकमल प्रकाशन स� प्रकाशित एवं अत्यंत चर्चित उपन्यास (�डौकूमेंट्री फिक्शन�) �सर्वस्वांत� ।आकाशवाणीक राष्ट्रीय कार्यक्रममे प्रसारित दू टा उल्लेखनीय वृत्त रूपक_ �महानन्दा अभयारण्य� पर आधारित �जंगल बोलता है� एवं झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रक ज्वलंत डाइनक समस्या पर आधारित वृत्तरूपक � नैना जोगन � चर्चित एवं प्रसिद्ध । गंगेश गुंजन 1942- जन्म स्थान- पिलखबाड़, मधुबनी।श्री गंगेश गुंजन मैथिलीक प्रथम चौबटिया नाटक बुधिबधियाक लेखक छथि आ हिनका उचितवक्ता (कथा संग्रह) क लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार भेटल छन्हि। एकर अतिरिक्त्त मैथिलीमे हम एकटा मिथ्या परिचय, लोक सुनू (कविता संग्रह), अन्हार- इजोत (कथा संग्रह), पहिल लोक (उपन्यास), आइ भोर (नाटक)प्रकाशित। हिन्दीमे मिथिलांचल की लोक कथाएँ, मणिपद्मक नैका- बनिजाराक मैथिलीसँ हिन्दी अनुवाद आ शब्द तैयार है (कविता संग्रह)।१९९४- गंगेश गुंजन (उचितवक्ता, कथा)पुस्तक लेल सहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित । प्रेमशंकर सिंह 1942- ग्राम+पोस्ट- जोगियारा, थाना- जाले, जिला- दरभंगा।मौलिक मैथिली: १.मैथिली नाटक ओ रंगमंच,मैथिली अकादमी, पटना, १९७८ २.मैथिली नाटक परिचय, मैथिली अकादमी, पटना, १९८१ ३.पुरुषार्थ ओ विद्यापति, ऋचा प्रकाशन, भागलपुर, १९८६ ४.मिथिलाक विभूति जीवन झा, मैथिली अकादमी, पटना, १९८७५.नाट्यान्वाचय, शेखर प्रकाशन, पटना २००२ ६.आधुनिक मैथिली साहित्यमे हास्य-व्यंग्य, मैथिली अकादमी, पटना, २००४ ७.प्रपाणिका, कर्णगोष्ठी, कोलकाता २००५, ८.ईक्षण, ऋचा प्रकाशन भागलपुर २००८ ९.युगसंधिक प्रतिमान, ऋचा प्रकाशन, भागलपुर २००८ १०.चेतना समिति ओ नाट्यमंच, चेतना समिति, पटना २००८। २००९ ई.-श्री प्रेमशंकर सिंह, जोगियारा, दरभंगा यात्री-चेतना पुरस्कार। मार्कण्डेय प्रवासी 1942-2010 जन्म ग्राम: गरुआर, जिला: समस्तीपुर । प्रकाशित कृति: अगस्त्यायिनी (महाकाव्य); एतदर्थ (कविता संग्रह), अक्षर चेतना (काव्य संग्रह)। अभियान, हम कालिदास (उपन्यास)। �अगस्त्यायिनी� लेल १९८१मे साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त। देवेन्द्र झा १९४३- गाम- चानपुरा (मधुबनी), कृति- विद्यापतिक श्रृंगारिक पदक काव्यशास्त्रीय अध्ययन, लालदास, सुधाकर झा "शास्त्री", अनुभव, बदलि जाइछ घरे टा। डॉ. भीमनाथ झा 1945- जन्म:कोइलख, मधुबनी, बिहार । प्रखर कवि, समालोचक, प्राध्यापक । �विविधा�निबन्ध पुस्तक लेल सन् १९९२मे सहित्य अकादेमी पुरस्कारसँ सम्मानित । प्रकाशित कृति: त्रिधारा, वीणा, की फुरैए की नहि, नाम तँ थिक ओएह (कविता संकलन), परिचायिका, सीताराम झा, कवि चूड़ामणिक काव्य साधना, विविधा (निबंध, आलोचना),टावर चौकसँ आदि । महेन्द्र मलंगिया 1946- गाम- मलंगिया, जिला- मधुबनी । मैथिलीक सुपरिचित नाटककार, रंग निर्देशक एवं मैलोरंगक संस्थापक अध्यक्ष । लोक साहित्य पर गंभीर शोध आलेख । मैथिलीमे 13टा नाटक, 19टा एकांकी, 14टा नुक्कड़ आ 10टा रेडियो नाटक प्रकाशित आ आकाशवाणी सँ प्रसारित । सीनियर फेलोशिप (भारत सरकार), इंटरनेशनल थिएटर इंस्टिच्यूट (नेपाल), प्रबोध साहित्य सम्मान आदि सँ सम्मानित । संप्रति ज्योतिरीश्वर लिखित मैथिलीक प्रथम पुस्तक वर्णरत्नाकर पर शोध कार्य । श्री महेन्द्र मलगियाक जन्म २० जनबरी १९४६ मे मधुबनी जिलाक मलंगिया गाममे भेलन्हि। मलंगियाजी मैथिली हिन्दी, अंग्रेजी आ नेपाली भाषाक जानकार आ थियेटर शिक्षण, पटकथा लेखन आ तत्सम्बन्धी शोधक फ्रीलान्स शिक्षक छथि।२००२ ई.- श्री महेन्द्र मलंगिया, मलंगिया;यात्री-चेतना पुरस्कार। प्रबोध सम्मान 2005 सँ सम्मानित। डॉ राम दयाल राकेश, सर्लाही, नेपाल 1942- मैथिली मातृभाषा, हिन्दीक प्राध्यापक आ नेपालीक लेखक ई तीनू भाषा �राकेश�क व्यक्तित्वमे एना ने मिझराएल छैक जे कोनहुसँ हिनका भिन्न नहि कएल जा सकैत अछि । ई विशेषत: नेपालीमे लिखैत छथि, मुदा लेखनक विषय मूलत: मैथिलीए संस्कृति रहैत छनि । ओना मैथिली, हिन्दी आ अग्ङरेजीमे सेहो ई अनेक रचना कएने छथि ।नेपालक राजकीय-प्रज्ञा-प्रतिष्ठानक सदस्य �राकेश� दिल्ली विश्वविद्यालयसँ पीएचडी आ अमेरिकास्थित इण्डियाना यूनिभर्सिटीसँ पोस्ट डाक्टरल रिसर्च कएने छथि । डा. �राकेश�क जन्म २५ जुलाइ १९४२ ई. कऽ सर्लाही जिलाक सिसौटियामे भेल छनि । नेपाली, मैथिली, हिन्दी आ अग्ङरेजीमे मौलिक, सम्पादित आ अनूदित कऽ करीब दू दर्जन पोथी प्रकाशित , दर्जनभरि देशक भ्रमण सेहो कएने छथि । नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्यता- श्री राम दयाल राकेश (1999)। उपेन्द्र दोषी 1943-2001 जन्म स्थान रामपुर-कोरिगामा, दरभंगा । कवि-कथाकार, गीत-गजलकार । प्रकाशित कृति: यंत्रणाक क्षणमे (कविता संग्रह)। हिन्दीमे अनेक पोथी प्रकाशित। ओड़ियासँ मैथिली अनुवाद हेतु मृत्युपरान्त साहित्य अकादेमीसँ पुरस्कृत। २००३- उपेन्द दोषी (कथा कहिनी- मनोज दास, उड़िया) लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। उदयचन्द्र झा "विनोद" 1943- जन्म 5 अप्रैल 1943 ई.। गाम- रहिका, मधुबनी । जन्म-ग्राम- दुलहा, मधुबनी । प्रकाशित कृति: संक्रान्ति, मौसम अयला पर, एहना स्थितिमे, भरि देह गौरा, एहि जनपदमे, दोहा तीन सय दू, कहलनि पत्नी, सहरजमीन, अपक्ष, प्रश्नवाचक (कविता-संग्रह), धूरी (सहयोगी कविता संग्रह); जाँत (कथा संग्रह), उदास गाछक वसंत (नाटक)। �माटि पानि�क वरेण्य सम्पादक।२००५ ई.-श्री उदय चन्द्र झा �विनोद�, रहिका, मधुबनी;यात्री-चेतना पुरस्कार। रेवती रमण लाल, जनकपुर 1943- मंत्रेश्वर झा 1944- जन्म ६ जनवरी १९४४ ई.ग्राम-लालगंज, जिला-मधुबनीमे। प्रकाशित कृति: खाधि, अन्चिनहार गाम, बहसल रातिक इजोत (कविता संग्रह); एक बटे दू (कथा संग्रह), ओझा लेखे गाम बताह (ललित निबन्ध)। मैथिली कथा संग्रहक हिन्दी अनुवाद �कुंडली� नामसँ प्रकाशित। दि फूल्स पैराडाइज (अंग्रेजीमे ललित निबन्ध)। २००८ ई.-श्री मंत्रेश्वर झा, लालगंज,मधुबनी यात्री-चेतना पुरस्कार। २००८- मंत्रेश्वर झा (कतेक डारि पर, आत्मकथा) पर साहित्य अकादमी पुरस्कार। रत्नेश्वर मिश्र 1945- अनुवादक, निबंधकार । प्रकाशन: तमिल साहित्यक इतिहास,भवभूति (दुनू अनुवाद)। जगदीश प्रसाद मंडल गाम-बेरमा, तमुरिया, जिला-मधुबनी। एम.ए.।कथाकार (गामक जिनगी-कथा संग्रह आ तरेगण- बाल-प्रेरक लघुकथा संग्रह), नाटककार(मिथिलाक बेटी-नाटक), उपन्यासकार(मौलाइल गाछक फूल, जीवन संघर्ष, जीवन मरण, उत्थान-पतन, जिनगीक जीत- उपन्यास)। मार्क्सवादक गहन अध्ययन। हिनकर कथामे गामक लोकक जिजीविषाक वर्णन आ नव दृष्टिकोण दृष्टिगोचर होइत अछि। विदेह सम्पादकक समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार २०११ मूल पुरस्कार- श्री जगदीश प्रसाद मण्डल (गामक जिनगी, कथा संग्रह)।मैथिली उपन्यास 'पंगु' लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार २०२१ राज महाराजाधिराज लक्ष्मीश्वर सिंह 1858-1898 महाराजाधिराज रमेश्वर सिंह 1860-1929 महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह 1907-1962 सर हरगोविन्द मिश्र, अलीगढ़ आ कामेश्वर सिंह बिनोदानन्द झा 1895-1971 ललित नारायण मिश्र 1922-1975 डॉ. रामबरन यादव, नेपाल राष्ट्रपति स्वर्गीय विन्ध्येश्वरी प्रसाद मंडल, राजनेता 1919-1982 भूपेन्द्र नारायण मण्डल कर्पूरी ठाकुर 1921-1988 रामविलास पासवान १९४६- जन्म ५ जुलाइ १९४६, गाम- शहरबन्नी, जिला खगड़िया। भारतीय राजनीतिज्ञ। राम लषण राम "रमण" भोगेन्द्र झा चतुरानन मिश्र रमाकांत मिश्र रमानाथ मिश्र "मिहिर" "मैथिली मुहावरा एवम् लोकोक्ति प्रकाश" प्रकाशित। गजेन्द्र नारायण चौधरी, पत्रकार 1929-2008 मोहन भारद्वाज 1943- गाम- नवानी, जिला- मधुबनी । मैथिलीक प्रखर समालोचक।२००७ ई.-श्री आनन्द मोहन झा, भारद्वाज, नवानी, मधुबनी;यात्री-चेतना पुरस्कार। प्रबोध सम्मान 2008 सँ सम्मानित। योगानन्द झा 1955- २००५- डॉ. योगानन्द झा (बिहारक लोककथा- पी.सी.राय चौधरी, अंग्रेजी)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। प्रकाशित कृति: लोकजीवन ओ लोक साहित्‍य (निबन्‍ध) 1986, परिणीता (कथाकव्‍यांश) 1987, फकीर मोहन सेनापति (अनुवाद) 2000, आलेख सञ्चयन (निबन्‍ध) 2002, बिहारक लोककथा (अनुवाद) 2003, स्‍नेहलता (विनिबन्ध) 2006, मैथिली पत्रकारिताकेँ सौ वर्ष (निबन्‍ध) 2006, गहबरगीत (निबन्‍ध) 2007, लोक-साहित्‍य ओ शब्‍द-सम्‍पदा (निबन्‍ध) 2007, मैथिलीक पारम्‍परिक जातीय व्‍यवसायक शब्‍दावली (शोघ-ग्रन्‍थ) 2009 हीरानन्द झा "शास्त्री" ,पत्रकार दीनानाथ झा, पत्रकार नरेन्द्र झा, अर्थशास्त्र-पत्रकार "विकास ओ अर्थतंत्र" प्रकाशित। प्रेमशंकर झा, पत्रकार शरदिन्दु चौधरी, पत्रकार राजेश्वर झा (१९२३-१९७७) जन्म- सहरसा जिलाक रसुआर गाम (आब सुपौल जिला)। कृति- मिथिलाक्षरक उद्भव ओ विकास, अवहट्ठ: उद्भव ओ विकास, मैथिली साहित्यक आदिकाल, विद्यापतिक संगीतमे वर्णित नायक-नायिका भेद एवं राग-रागिनी वर्गीकरण। महाकवि विद्यापति नाटक, शास्त्रार्थ नाटक, कन्दर्पीघाट नाटक, एकादशी, विद्याधर-कथा, उर्वशी, धर्मव्याध- कथा, मेनका। एस.एन.सत्यार्थी मिथिलाक कला आ शिल्पकलापर लेखन। राधाकृष्ण चौधरी, इतिहासकार 1921-1985 मिथिलाक इतिहास, A Survey of Maithili Literature, THE POLITICAL AND CULTURALHERITAGE OF MITHILA प्रकाशित। प्रो. रामशरण शर्मा १९२०-२०११ विजयकान्त मिश्र इतिहासकार 1927-1994 डॉ. विजयकांत मिश्रक जन्म १० अगस्त १९२७ मंगरौनी गाम - जे नव्य न्याय आ तांत्रिक साधनाक जन्म-स्थली अछि- (जिला मधुबनी) मे भेलन्हि। ओ 1948 मे प्राचीन भारतीय इतिहास आ संस्कृति विषयमे एलाहाबाद विश्वविद्यालयसँ सनात्तकोत्तर उपाधि कएलाक बाद कतेक बरख धरि बिहार सरकार आ पटना विश्वद्यालयसँ सम्बद्ध रहलाह आ 1957 ई. सँ भारतीय पुरात्तत्व विभागमे काज कएलन्हि आ ओकर शिशुपालगढ़, कौशाम्बी, वैशाली, हस्तिनापुर, कुम्हरार, पाटलिपुत्र, करियन, सोनपुर, बिलावली, नालन्दा, राजगीर, चन्द्रवल्ली, आ हम्पी खुदाइमे विभिना भूमिकामे भाग लेलन्हि।हिनकर लिखल-सम्पादित पोथी सभमे अछि: 1.वैशाली,1950 2.कुम्हरार एक्सकेवेशंस: 1950-1957 3.पुरातत्व की दृष्टिमे वैशाली 4.नागेश भट्टाज पारिभाषेन्दुशेखर 5.मिथिला आर्ट एण्ड आर्किटेक्चर (सम्पादित) 6.कल्चरल हेरिटेज ऑफ मिथिला 7.श्रृंगार भजनावली- एक अध्ययन 8.क्षेत्र पुरातत्वविज्ञान- 9.पुरातत्व शब्दावली। द्विजेन्द्र नारायण झा, इतिहासकार सुरेश्वर झा, राजनीति विज्ञान २००१- सुरेश्वर झा (अन्तरिक्षमे विस्फोट- जयन्त विष्णु नार्लीकर, मराठी)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। भागीरथ लाल दास भारतक कएक देशमे राजदूत रहल छथि आ जी.ए.टी.टी. मे भारतक प्रतिनिधि सेहो छलाह। लक्ष्मीकान्त झा रिजर्व बैंक गवर्नर 1913-1988 एन. एन. झा डिप्लोमेट कामेन्द्रनाथ झा "अमल" 1938- जन्म- 4 जनवरी 1938, गाम कोइलख (मधुबनी)। ग्रिभांस (कथासंग्रह) प्रकाशित। भाग्यनारायण झा 1941- रमाकांत राय "रमा" 1947 जन्‍म- भादो पूर्णिमा सम्‍वत् 2003, प्रथम रचना- बटुक, बाल मासिक प्रयाग, कथा वि‍शेषांक द्वि‍तीय भागमे 1964ई., प्रकाशि‍त कृति‍(क) ती‍नटा बाबाजी-(रूसीसँ मैथि‍लीमे मैथि‍लीमे टाल्‍स्‍टायक कथाक अनुवाद-1967ई.मे, (ख) फूलपात, कवि‍ता संग्रह 1978, (ग) भांगक गोला (2004 ई.मे), (घ) कटैत पाँखि‍: हँसैत आँखि‍, कथा संग्रह-2005, शीघ्र प्रकाश्‍य- कृष्‍णकान्‍त मि‍श्र (विनि‍बन्‍ध) साहि‍त्‍य अकादेमी नई दि‍ल्‍ली। प्राय: डेढ़ सए रचना (कथा-नि‍बन्‍ध कवि‍ता) मैथि‍ली हि‍न्‍दीक पत्र-पत्रि‍का, आकाशवाणी एवं दूरदर्शनसँ प्रकाशि‍त/ प्रसारि‍त। साहि‍त्‍य अकादेमी द्वारा आयोजि‍त कवि‍ सम्‍मेलनक आयोजनक क्रममे रेलक चपेटमे पड़ि‍दहि‍ना पएर छाबा धरि‍गमा वि‍कलांग। सेवा नि‍वृत अध्‍यापक (उच्‍च वि‍द्यालय) सम्‍पर्क- श्री रमानि‍वास, मानाराय टोल पो. नरहन (समस्‍तीपुर)। प्रोफेसर महेन्द्र 1947- जन्म: भेलाही, सुपौल, बिहार । प्रसिद्ध कवि, कथाकार, आलोचक । वृत्ति: भू.ना. विश्वविद्यालयक स्नातकोत्तर केन्द्र, सहरसामे मैथिली विभागाध्यक्ष। प्रकाशित कृति साहित्य अकादेमीसँ प्राकाशित मोनोग्राफ शैलेन्द्र मोहन झा । सहयोगी संकलन-संकल्प । �राजकमल जयन्ती प्रसंगक संपादन। महेन्द्र 1944-2009 जन्म मधुबनी जिलाक जमसम गाममे। प्रसिद्ध मैथिली गीतकार आ गायक। सुभाषचन्द्र यादव 1948- जन्म ०५ मार्च १९४८, मातृक दीवानगंज, सुपौलमे। पैतृक स्थान: बलबा-मेनाही, सुपौल।घरदेखिया (मैथिली कथा-संग्रह), मैथिली अकादमी, पटना, १९८३, हाली (अंग्रेजीसँ मैथिली अनुवाद), साहित्य अकादमी, नई दिल्ली, १९८८, बीछल कथा (हरिमोहन झाक कथाक चयन एवं भूमिका), साहित्य अकादमी, नई दिल्ली, १९९९, बिहाड़ि आउ (बंगला सँ मैथिली अनुवाद), किसुन संकल्प लोक, सुपौल, १९९५, भारत-विभाजन और हिन्दी उपन्यास (हिन्दी आलोचना), बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना, २००१, राजकमल चौधरी का सफर (हिन्दी जीवनी) सारांश प्रकाशन, नई दिल्ली, २००१, बनैत-बिगड़ैत (कथा-संग्रह) २००९। मैथिलीमे करीब सत्तरि टा कथा, तीस टा समीक्षा आ हिन्दी, बंगला तथा अंग्रेजी मे अनेक अनुवाद प्रकाशित। सुभद्र झा 1909-2000 "फॉर्मेशन ऑफ मैथिली लैंगुएज"क लेखक। १९८६- सुभद्र झा (नातिक पत्रक उत्तर, निबन्ध)पर मैथिलीक साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित। रामावतार यादव, मैथिली भाषिकी, नेपाल 1942- देश-विदेशक भाषाविज्ञान जर्नलमे पचासो आलेखक द्वारा मैथिलीक विशिष्टताकेँ उजागर केनिहार। मैथिली ध्वनिशास्त्र 1984 ई. मे जर्मनीसँ आ मैथिलीक सन्दर्भ व्याकरण 1996 ई. मे बर्लिन आ न्यूयार्कसँ प्रकाशित। 2000 ई..मे लंदनसँ प्रकाशित भारतीय आर्यभाषा पुस्तक मे संकलित हिनकर मैथिली भाषा संबंधी आलेख विशेष उल्लेखनीय। नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठानसँ पासाङ ल्हामु प्रज्ञा-पुरस्कारसँ सम्मानित। योगेन्द्र प्रसाद यादव, भाषिकी,सिरहा, नेपाल 1946- 1998 ई. मे जर्मनीसँ प्रकाशित इशुज इन मैथिली सिंटैक्स आ टॉपिक्स इन नेपालीज लिग्विस्टिक्स, रीडिंग्स इन मैथिली लंगुएज- लिटरेचर एण्ड कल्चर आ लेक्सीग्राफी इन नेपाल (सम्पादित) प्रकाशित। नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठानमे भाषा-विभागक प्राज्ञ रहि कतोक महत्वपूर्ण कार्यक सम्पादन। नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्यता श्री योगेन्द्र प्रसाद यादव (1994)। नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान आजीवन सदस्यता श्री योगेन्द्र प्रसाद यादव। रमानन्द झा 'रमण' 1949- जन्म: 02 जनबरी 1949, शिक्षा-एम.ए., पीएच.डी., आजीविका-भारतीय रिजर्व बैंक, पटना (सेवा निवृत्त)। प्रकाशन: 1. नवीन मैथिली कविता,1982, 2. मैथिली नऽव कविता,1993, 3. मैथिली साहित्य ओ राजनीति, 1994, 4. अखियासल, 1995, 5. बेसाहल,2003, 6. भजारल, 2005., 7. निर्यात कैसे शुरू करें? हिन्दी- रिजर्व बैंक, पटनाक प्रकाशन सम्पादित 8. मैथिलीक आरम्भिक कथा, 1978 समीक्षा, 9. श्यामानन्द रचनावली, 1981, 10. जनार्दन झा जनसीदन कृत निर्दयीसासु (1914) आ पुनर्विवाह (1926), 1984, 11. चेतनाथझाकृत श्रीजगन्नाथपुरी यात्रा (1910), 1994, 12. तेजनाथ झाकृत सुरराजविजय नाटक (1919), 1994, 13. रासबिहारीलाल दासकृत सुमति (1918), 1996, 14. जीबछ मिश्रकृत रामेश्वर (1916), 1996, 15. भेटघॉंट (भेटवार्ता), 1998, 16. रूचय तँ सत्य ने तँ फूसि, 1998, 17. पुण्यानन्द झाकृत मिथिला दर्पण (1925), 2003, 18. यदुवर रचनावली (1888-1934) 2003, 19. श्रीवल्लभ झा (1905-1940) कृत विद्यापति विवरण, 2005, 20. मैथिली उपन्यासमे चित्रित समाज, 2003। अनुवाद लेल भाषा-भारती सम्मान 2004-05 (सी.आइ.आइ.एल., मैसूर) छओ बिगहा आठ कट्ठा- फकीर मोहन सेनापतिक ओड़िया उपन्यासक मैथिली अनुवाद लेल प्राप्त। रामलोचन ठाकुर 1949- श्री रामलचन ठाकुर, जन्म १८ मार्च १९४९ ई.पलिमोहन, मधुबनीमे। वरिष्ठ कवि, रंगकर्मी, सम्पादक, समीक्षक। भाषाई आन्दोलनमे सक्रिय भागीदारी। प्रकाशित कृति- इतिहासहन्ता, माटिपानिक गीत, देशक नाम छल सोन चिड़ैया, अपूर्वा (कविता संग्रह), बेताल कथा (व्यंग्य), मैथिली लोक कथा (लोककथा), प्रतिध्वनि (अनुदित कविता), जा सकै छी, किन्तु किए जाउ(अनुदित कविता), लाख प्रश्न अनुत्तरित (कविता), जादूगर (अनुवाद), स्मृतिक धोखरल रंग (संस्मरणात्मक निबन्ध), आंखि मुनने: आंखि खोलने (निबन्ध)। अनुवाद लेल भाषा-भारती सम्मान 2003-04 (सी.आइ.आइ.एल., मैसूर) जा सकै छी, किन्तु किए जाउ- शक्ति चट्टोपाध्यायक बांग्ला कविता-संग्रहक मैथिली अनुवाद लेल प्राप्त। विदेह सम्पादकक समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार २०१२ अनुवाद पुरस्कार- श्री रामलोचन ठाकुर- (पद्मानदीक माझी, बांग्लासँ मैथिली अनुवाद, बांग्ला-उपन्यास - मानिक बंद्योपाध्याय) गंगा प्रसाद मंडल "अकेला", नेपाल 1944- पं सुन्दर झा शास्त्री राष्ट्रिय प्रतिभा पुरस्कारसँ सम्मानित। मिथिलांचलक किछु लोक कथा (संकलन आ सम्पादन) आ शिरीषक फूल (अनुवाद) प्रकाशित। महेन्द्रनारायण निधि, धनुषा, नेपाल परमेश्वर कापड़ि, धनुषा, नेपाल जयनारायण झा "जिज्ञासु", नेपाल सुरेश झा, नेपाल 1920-1995 रोहिणी रमण झा 1950- डॉ. कमलाकान्त भण्डारी 1952- कबीर (मैथिली) पर शोध। विनोद बिहारी लाल 1953- जन्म स्थान पचही, मधुबनी, बिहार ।चर्चित कथाकार । सयसँ ऊपर कथा प्रकाशित । अरविन्द ठाकुर 1954- परती टूटि रहल अछि (कविता संग्रह), अन्हारक विरोधमे (कथा संग्रह), बहुरुपिया प्रदेश मे (गजल संग्रह)। श्याम दरिहरे 1954- जन्म स्थान बरहा, बेनीपट्टी मधुबनी, बिहार । कवि, कथाकार । प्रकाशित कृति : सरिसोमे भूत (कथा संग्रह) अनूदित कृति : कनिप्रिया (धर्मवीर भारती) दिनेश कुमार झा मैथिलीक इतिहासपर लेखन। अशोक कुमार ठाकुर जन्म 2 जनवरी 1944 ई.। गाम बड़ागाँव (पंडौल)। नागमंडल (नाटक-अनुवाद), निशांत, वसुधाक संसार (उपन्यास) प्रतापनारायण झा, नेपाल शीतल झा, नेपाल उग्रनारायण मिश्र "कनक" डॉ. शम्भूनाथ चौधरी 1920-2008 इन्द्रकांत झा पंचानन मिश्र प्रोफेसर गुरमैता ज्योतिरीश्वरपर लेखन। महेन्द्र नारायण सिंह "मगन" सूर्यकांत झा, जनकपुर रमण झा (1957- ) रचना: पश्चात्ताप (कथा-संग्रह)-1995, काव्य-वाटिका (कविता-संग्रह)- 1999, अलंकार-भास्कर (पूर्व-खण्ड) - 2002, अलंकार-भास्कर (अलंकार शास्त्र)- 2003, भिन्न-अभिन्न (समीक्षा)- 2008, संग सम्पादन: मैथिली (मिथिला विश्वविद्यालय, मैथिली विभागक शोध-पत्रिका) - 1996, सम्पादन: मैथिली (मिथिला विश्वविद्यालय, मैथिली विभागक शोध-पत्रिका)- 2007,2008 विजयनाथ झा "अहींक लेल" (गीत-गजल संग्रह प्रकाशित)। योगानन्द हीरा बाबा बैद्यनाथ पहरा इमानपर (गजल संग्रह) जगदीश चन्द्र ठाकुर "अनिल" १९५०- मूल नाम जगदीश चन्द्र ठाकुर, जन्म: 27.11.1950,शंभुआर, मधुबनी । सेवा निवृत बैंक अधिकारी। मैथिलीमे प्रकाशित पोथी-1. तोरा अडनामे -गीत संग्रह-1978; 2. धारक ओइ पार-दीर्घ कविता-1999, गीत गंगा (गीत संग्रह), गजल गंगा (गजल संग्रह)। विद्यानन्द झा 1965- बुद्धपूर्णिमा, १९६५कें कैथिनियाँ, झंझारपुर मुधुबनीमे जन्म। पराती जकाँ, बिछड़ल कोनो पिरीत जकाँ, दनुफक फूल जकाँ (कविता संग्रह) प्रकाशित । मूलतः कवि, थोड़ कथा लिखलनि, जे अपन मार्मिक अभिव्यक्तिक कारण बेस चर्चित भेल । विडम्बनापूर्ण परिस्थितिक पाछू जिम्मेवार समाजार्थिक कारणक खोज हिनकर मूल सृजन प्रेरणा थिक । हरेकृष्ण झा 1950- जन्म १० जुलाई १९५० ई. गाम- कोइलखमे। अभियंत्रणक अध्ययण छोड़ि मार्क्सवादी राजनीतिमे सक्रिय। अनेक कविता आ आलोचनात्मक निबन्ध प्रकाशित। अनुवाद एवं विकास विषयक शोध कार्यमे रुचि। स्वतंत्र लेखन। प्रकृति एवं जीवनक तादात्म्य बोधक अग्रणी कवि। "एना त� नहि जे" (कविता संग्रह)।२००८ ई. - श्री हरेकृष्ण झाकेँ कविता संग्रह �एना त नहि जे�लेल कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान। उदय नारायण सिंह नचिकेता 1951- जन्म-१९५१ ई. कलकत्तामे।पहिल काव्य संग्रह �कवयो वदन्ति�। १९७१ �अमृतस्य पुत्राः� (कविता संकलन) आऽ �नायकक नाम जीवन� (नाटक)| १९७४ मे �एक छल राजा�/ �नाटकक लेल� (नाटक)। १९७६-७७ �प्रत्यावर्त्तन�/ �रामलीला�(नाटक)। १९७८मे जनक आऽ अन्य एकांकी। १९८१ �अनुत्तरण�(कविता-संकलन)। १९८८ �प्रियंवदा� (नाटिका)। १९९७-�रवीन्द्रनाथक बाल-साहित्य�(अनुवाद)। १९९८ �अनुकृति�- आधुनिक मैथिली कविताक बंगलामे अनुवाद, संगहि बंगलामे दूटा कविता संकलन। १९९९ �अश्रु ओ परिहास�। २००२ �खाम खेयाली�। २००६मे �मध्यमपुरुष एकवचन�(कविता संग्रह। २००८ ई. मे नाटक "नो एण्ट्री: मा प्रविश" सम्पूर्ण रूपेँ "विदेह" ई- पत्रिकामे धारावाहिक रूपेँ ई-प्रकाशित भए एकटा कीर्तिमान बनेलक।२००९ ई.-श्री उदय नारायण सिंह �नचिकेता�केँ नाटक नो एण्ट्री: मा प्रविश लेल कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान। आशीष अनचिन्हार मूल लेखन: कुमारि इच्छा (गजल संग्रह), जंघाजोड़ी (गजल संग्रह), अनचिन्हार आखर (गजल, रुबाइ आ कताक संग्रह), मैथिली गजलक व्याकरण ओ इतिहास, मैथिली वेब पत्रकारिताक इतिहास, मैथिली गजलक रेडी रेकोनर, शब्द-अर्थ-शक्ति। गजेन्द्र ठाकुर आ आशीष अनचिन्हार (सम्पादन): मैथिलीक प्रतिनिधि गजल, मैथिली गजल: आगमन ओ प्रस्थान बिंदु (गजलक आलोचना-समालोचना-समीक्षा) कुमार पवन 1958 गाम मुरैठा। कथा संग्रह, कविता संग्रह आ व्यंग्य संग्रह शीघ्र प्रकाश्य। मैथिलीमे १९९० ई सँ विरल लेखन। २००८ ई. सँ दस सालक मौन भंगक बाद पुनः रचनाक दोसर पालीक प्रारम्भ। कीर्तिनाथ झा 1955- कुरल: मैथिली भावानुवाद महेन्द्र हजारी स्व. चन्द्रकान्त मिश्र, आसी, दरभंगा स्व. महेन्द्र नारायण झा, बेलौंजा, मधुबनी स्व.राजकुमार मल्लिक, सोहराय (पोखरिभीड़ा), मधुबनी लक्ष्मीपति सिंह फूलचन्द्र मिश्र रमण किशोरनाथ झा गाम- विट्ठो, पो. सरिसवपाही, मधुबनी। "लोकवेद" पोथी प्रकाशित। सूर्यनारायण झा "सरस" पोथी "मैथिली श्री सीतारामचरितमानस" प्रकाशित। कलानन्द भट्ट कान्ह पर लहास हमर मैथिली गजल संग्रह दयानाथ झा गाम नागदह, मधुबनी। मैथिली रंगमंडल मिथि-यात्रिक, कोलकाता। डॉ. सुधाकर चौधरी १९४६- जन्म १५ मार्च १९४६ ई.। प्रकाशित पोथी: काजर, तीन रंग तेरह चित्र (कथा संग्रह), पंडी जी छत्ता (प्रहसन), विप्लवी सुभाष (नाटक)। स्व. चुनचुन मिश्र, रहिका, मधुबनी। मिथिला राज्यक आन्दोलन कर्मी। सत्यनारायण लाल कर्ण मिथिला चित्रकला ले. कर्नल मायानाथ झा 1945- जन्म 1 अप्रैल 1945 ई.। गाम- भराम (मधुबनी)। जकर नारि चतुर होइ (मैथिली लोक कथा संग्रह) प्रकाशित। विदेह सम्पादकक समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार २०११ बाल साहित्य पुरस्कार- ले.क. मायानाथ झा (जकर नारी चतुर होइ, कथा संग्रह) श्याम किशोर सिंह सचिन्द्रनाथ झा मिथिला लोक चित्रकला कालीनाथ ठाकुर ग्राम सर्वसीमा राजेन्द्र विमल, जनकपुर, नेपाल 1949- मैथिली, नेपाली आ हिन्दी भाषाक प्राज्ञ विमल शिक्षाक हकमे विद्यावारिधि (पी.एच.डी.)क उपाधि प्राप्त कएने छथि।कम्मो लिखिकऽ यथेष्ट यश अरजनिहार डा. विमलक लेखनीक प्रशंसा मैथिलीक सङ्गसङ्ग नेपाली आ हिन्दी साहित्यमे सेहो होइत रहलनि अछि। त्रिभुवन विश्वविद्यालयअन्तर्गत रा.रा.ब. कैम्पस, जनकपुरधाममे प्राध्यापन कएनिहार डा. विमलक पूर्ण नाम राजेन्द्र लाभ छियनि। हिनक जन्म २६ जुलाई १९४९ ई. कऽ भेल अछि। साहित्यकारक नव पीढ़ीकेँ निरन्तर उत्प्रेरित करबाक कारणे ई डा.धीरेन्द्रक बाद जनकपुर-परिसरक साहित्यिक गुरुक रूपमे स्थापित भऽ गेल छथि। नरेश कुमार विकल 1950- जन्म २७ जुलाइ १९५० भगवानपुर देसुआ (समस्तीपुर)। काव्य- अरिपन, महुआ मदन रस टपकय, बिन बाती दीप जरय। कथा-संग्रह- भरि गेल दर्दक इनार। उपन्यास- टहकैत टीस। नाटक- चोखगर खौंच। जनक किशोर लाल दास कृष्णचन्द्र झा "मयंक" लक्ष्मण झा "सागर" 1953- "उचरि बैसू कौआ" मैथिली कविता संग्रह प्रकाशित। रघुवीर मोची शारदानन्द दास "परिमल" शशिबोध मिश्र "शशि" 1946- सुरेन्द्रनाथ अमरनाथ १९७५ ई. मे "क्षणिका" लघुकथा संग्रह प्रकाशित। हास्य कथाकार। बच्चा ठाकुर बुद्धिनाथ मिश्र राजाराम सिंह राठौर, धनुषा वैद्यनाथ विमल 1955- डॉ वासुकीनाथ झा 1940- जितेन्द्र मिश्र "जीवन" वीरेन्द्र नारायण झा वीरेन्द्र झा 1956- गोनू झा पर लेखन। वैकुण्ठ झा 1954- पिता-स्वर्गीय रामचन्द्र झा, जन्म-२४ - ०७ - १९५४ (ग्राम-भरवाड़ा, जिला-दरभंगा), शिक्षा-स्नात्कोत्तर (अर्थशास्त्र), पेशा- शिक्षक। मैथिली, हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषा मे लगभग २०० गीतक रचना। गोनू झा पर आधारित नाटक ''हास्यशिरोमणि गोनू झा तथा अन्य कहानी" क लेखन। एकर अलावा हिन्दीमे लगभग १५ उपन्यास तथा कथाक लेखन। वैकुण्ठ झा विद्यानन्द झा 'पञ्जीकार' 1957- जन्म-09.04.1957,पण्डुआ, ततैल, ककरौड़(मधुबनी), रशाढ़य(पूर्णिया), शिवनगर (अररिया) आ सम्प्रति पूर्णिया। पिता लब्ध धौत पञ्जीशास्त्र मार्त्तण्ड पञ्जीकार मोदानन्द झा, शिवनगर, अररिया, पूर्णिया| पितामह-स्व. श्री भिखिया झा। पञ्जीशास्त्रक दस वर्ष धरि 1970 ई.सँ 1979 ई. धरि अध्ययन, 22 वर्षक बएससँ पञ्जी-प्रबंधक संवर्द्धन आ संरक्षणमे संलग्न। कृति- पञ्जी शाखा पुस्तकक लिप्यंतरण आ संवर्द्धन। महेन्द्र नारायण कर्ण डॉ. विश्वेश्वर मिश्र अर्जुन नारायण चौधरी नरेन्द्र गजलकार। महेन्द्र मिश्र, नेपाल कमल कांत झा 1943- महाप्रकाश 1946- जन्म: बनगांव, सहरसा, बिहार । वरिष्ट कवि ओ कथाकार। प्रकाशित कृति: कविता संभवा, संग समय के (कविता संग्रह)। कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान २०१० ई.- श्री महाप्रकाश (कविता संग्रह �संग समय के�)। छत्रानन्द सिंह झा 1946- अयोध्यानाथ चौधरी, धनुषा, नेपाल 1947- मूलत: कविक रूपमे परिचित छथि । नेपालक आधुनिक कविताक क्षेत्रमे हिनक नाम उल्लेखनीय अछि । श्री चौधरीक लेखनमे मानवीय संवेदनाक प्रतिबिम्ब पाओल जाइत अछि । कविताक संग कथा आ निबन्धमे सेहो ई कलम चलबैत छथि । फड़िछाएल लेखन हिनक विशेषता थिकनि ।धनुषा जिलाक दुहबी गामक रहनिहार श्री चौधरीक जन्म ६अक्टुबर १९४७कऽ भेल छनि । हिनक क्षितिजक ओहिपार नामसँ एक कविता-सग्ङप्रह प्रकाशित छनि । विद्यानाथ झा 'विदित' सियाराम झा "सरस" 1948- जन्म स्थान मेंहथ, मधुबनी बिहार । प्रसिद्ध गीतकार, बादमे कथा लेखन प्रारम्भ केलनि । प्रकाशित कृति आंजुर भरि सिंगरहार, शोणिताएल उगैत सूर्यक धम्मक (कथा संग्रह)। अग्निपुष्प 1948- जन्म: तरौनी, दरभंगा। मूलनाम : महेन्द्र झा । मैथिलीमे सहस्त्रबाहु कविता संग्रह प्रकाशित । मुक्ति प्रसंगक अनुवाद प्रकाशित । वामपंथी आन्दोलनमे सक्रिय। शिक्षा, सम्वाद आदि पत्रिकाक सम्पादन । वामपंथी विचारधाराक सशक्त कवि। मधुकांत झा 1949- वीनू भाइ सत्यानन्द पाठक योगीराज कुणाल 1951- राम भरोस कापड़ि भ्रमर, धनुषा, नेपाल 1951- जन्म-बघचौरा, जिला धनुषा (नेपाल)।बन्नकोठरी: औनाइत धुँआ (कविता संग्रह), नहि, आब नहि (दीर्घ कविता), तोरा संगे जएबौ रे कुजबा (कथा संग्रह, मैथिली अकादमी पटना, १९८४), मोमक पघलैत अधर (गीत, गजल संग्रह, १९८३), अप्पन अनचिन्हार (कविता संग्रह, १९९० ई.), रानी चन्द्रावती (नाटक), एकटा आओर बसन्त (नाटक), महिषासुर मुर्दाबाद एवं अन्य नाटक (नाटक संग्रह), अन्ततः (कथा-संग्रह), मैथिली संस्कृति बीच रमाउंदा (सांस्कृतिक निबन्ध सभक संग्रह), बिसरल-बिसरल सन (कविता-संग्रह), जनकपुर लोक चित्र (मिथिला पेंटिङ्गस), लोक नाट्य: जट-जटिन (अनुसन्धान)। नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्यता- श्री राम भरोस कापड़ि 'भ्रमर' (2010)। धीरेन्द्रनाथ मिश्र शिवेन्द्रलाल कर्ण, धनुषा, नेपाल 1951- लेखकसँ अधिक शिक्षकक रूपमे परिचित आ प्रतिष्ठित छथि । त्रिभुवन विश्वविद्यालयअन्तर्गतरा. रा. ब. कैम्पस, जनकपुर-धामक सह-प्राध्यापक श्री कर्णक ऐतिहासिक विषय-वस्तुपर लिखल कतोक लेख मैथिली, हिन्दी आ अग्ङरेजी भाषामे प्रकाशित अछि । स्वान्त-सुखाय ई कहियो कालकऽ कविता-कथा सेहो लिखि लैत छथि । हिनक लेखन ज्ञानवर्द्धक, जानकारीमूलक एवं सोझारएल रहैत अछि । देखलापर बुझना जाइत अछि जे ई हिनक गम्भीर अध्ययनक परिणति थिक ।सामाजिक तथा साहित्यिक सङ्घ-संस्थासभमे सेहो सक्रिय प्राध्यापक कर्णक जन्म धनुषा जिलाक देवडीहा गाममे २ जनवरी १९५१ ई. कऽ भेल छनि । ब्रह्मदेव लाल दास चण्डेश्वर खान गाम- पट्टीटोल, जिला मधुबनी। लघुकथा लेल चर्चित प्रशंसित। दयाकान्त झा गजेन्द्र नारायण सिंह, नेपाल पद्मश्री श्री गजेन्द्र नारायण सिंह हरिकान्त झा इन्द्रनारायण झा प्रवासी साहित्यालंकार सीताराम सिंह तुलानन्द मिश्र शैलेन्द्र कुमार झा 1952- जन्म स्थान हरिपुर, वकशी टोल, मधुबनी बिहार। प्रकाशित कृति: आरोह अवरोह, दशम खुट्टी (कथा संग्रह), इकोनोमिक हिस्ट्री ऑफ मिथिला (अंग्रेजी) । शिवशंकर श्रीनिवास 1953- जन्म स्थान लोहना मधुबनी, बिहार । चर्चित कथाकार ओ आलोचक । गीत ओ कविता सेहो कहियो काल लिखैत छथि । प्रकाशित कृति : त्रिकोण, अदहन, गाछ-पात, गामक लोक (कथा संग्रह)। अशोक 1953- जन्म स्थान लोहना, मधुबनी, बिहार। चर्चित कथाकार, कवि ओ सम्पादक । प्रकाशित कृति : चक्रव्यूह (कविता संग्रह) त्रिकोण (सहयोगी कथा संग्रह), ओहि रातिक भोर (कथा-संग्रह), मातवर (कथा संग्रह)। विभूति आनन्द 1953- जन्म: शिवनगर, मधुबनी, बिहार। चर्चित कवि, कथाकार, संपादक । प्रकाशित कृति टूटा उपन्यास टूटा समीक्षा, तीन टा कथ संग्रह, टूटा गीत-गजल संग्रह ओ चारिटा कथा-संग्रह प्रकाशित।२००६- विभूति आनन्द (काठ, कथा)मैथिली लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार । केदार कानन 1959- जन्म स्थान सुपौल, बिहार। चर्चित कवि, कथाकार ओ संपादक। प्रकाशित कृति : आकार लैत शब्द (कविता संग्रह), अनूदित कृति राजा राम मोहन राय, प्रायश्चित। सम्पादन संकल्प, भारती मंडन (पत्रिका)। डॉ. शशिनाथ झा 1954- गाम-दीप, जिला- मधुबनी। मैथिली, बांग्ला, नेवारी आ देवनागरी पांडुलिपिक विशेषज्ञ। साहित्य अकादमीक भाषा सम्मान 2007 क्लासिकल आ मध्यकालीन साहित्य लेल। धनुर्धर झा गाम- विशौल। "वाक्यार्थविवेचनम्" लेल श्रीवाणीयुवालंकरण पुरस्कार 2010 प्राप्त। शिवकान्त पाठक डॉ. योगेन्द्र पाठक "वियोगी" , वैज्ञानिक "विज्ञानक बतकही" प्रकाशित। राजनन्द झा २००६- राजनन्द झा (कालबेला- समरेश मजुमदार, बांग्ला)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। आद्यानाथ झा "नवीन" अमलतास 1956- यंत्रनाथ मिश्र दिगम्बर ठाकुर गणेश झा 1950- कन्दर्पनारायण लाल कर्ण शैलेन्द्र आनन्द 1955- कमलाकांत झा अध्यक्ष, मैथिली अकादमी, पटना लल्लन प्रसाद ठाकुर 1951-1995 जन्म ५ फरबरी १९५१ मुंगेर मे श्रीमती सुभद्रा देवी आ श्री हीरानंद ठाकुरक द्वितीय बालक । हिनक ग्राम- समौल,जिला-मधुबनी। सिविल इंजीनियर, टाटा स्टीलमे चाकरी। प्रकाश झाक फ़िल्म "कथा माधोपुर की" मे मुख्य भुमिका। नाटककार आ मंच अभिनेता। हुनक लिखल किछु प्रसिद्ध मैथिली नाटक छन्हि :बडका साहेब,मिस्टर निलो काका, लोंगिया मिरचाई,बकलेल आदि वा अंत। डॉ. कमलानन्द झा लोकनाथ मिश्र डॉ. रवीन्द्र कुमार चौधरी 1966- जन्म:5 मार्च 1966 ई. गनपतगंज, सुपौल। मैथिलीक प्राध्यापक। रक्षामंत्रीक पदक आ बिहार आ झारखण्ड सरकार द्वारा पुरस्कृत। झारखण्डक मैथिली आन्दोलनमे अग्रणी। अशोक अविचल जन्म- ५ जनवरी १९६७, गाम- रहुआ संग्राम, जिला मधुबनी। मैथिली प्राध्यापक। रचना: एक बनू नेक बनू (लघु नाटक), मैथिली भाषा: सर्वेक्षण आ विश्लेषण, हमरा देशक भागमे (मैथिलीक प्रथम असंगत नाटक), सम्पादन: झारखण्डक सनेश, कचोट (नौ अंक), झारखण्ड वाणी (हिन्दी साप्ताहिक), सम्मान: अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनमे सम्मान (२०००), परमहंस लक्ष्मीनाथ गोस्वामी समिति सम्मान (२००८) डॉ. श्रीपति सिंह १९४४- "उमंग-तरंग" कविता-संग्रह प्रकाशित। डॉ. उमाकान्त मैथिली व्यंग्य-आलेखक पोथी "अपन बात" प्रकाशित। सुशील 1942- अस्मिता (लघुकथा संग्रह), भामती (नाटक) प्रकाशित। श्रीदेव मूल नाम- वागेश्वर झा। कथा-सँग्रह "हिलकोर", नाटक "लोहक कङना", गीत-प्रबन्ध "पुलोमा" प्रकाशित। सुकांत सोम 1950- जन्म दरभंगा जिलाक तरौनी गाममे 1950 ई. मे भेलन्हि । बी. ए. पास कए ई पटनाक दैनिक �जनशक्ति�क सहायक सम्पादक छलाह । फेर नव भारत टाइम्स, पटनामे।बाल्यवस्थासँ अपन पैतृक (पिता यात्नीजी) गुण कविता करबाक तथा कथा लिखबामे सेहो यश अर्जन कएलन्हि अछि । वर्त्तमान राजनीति सामाजिक विषयसँ सम्बद्ध व्यंग्यात्मक, सरल भाषामे लिखल नव कविता हिनक विशेषता छन्हि । गामघरक परिवेश तदनुकूल शब्द एवं बिम्ब रचनामे क्रमहि सिद्ध छथि । डॉ. देवकांत मिश्र 1952- पिता कविचूड्क्षामणि पं. काशीकांत मिश्र "मधुप", "बेनीपुर अनुमण्डलमे मैथिली" पोथी प्रकाशित। डॉ. नित्यानन्द लाल दास पिता स्वर्गीय सूर्यनारायण दास। फारबिसगंज कॉलेज, फारबिसगंज सँ अंग्रेजी विभागाध्यक्ष पदसँ १९९८ मे अवकाशप्राप्त। डॉ. सुरेन्द्र झा "सुमन"क संयोजकत्वक कार्यकालमे "मैथिली परामर्शदातृ समिति" (साहित्य अकादेमी, दिल्ली)क सदस्य। मैथिली पत्रिका सभ जेना बटुक, प्रयाग; मिथिला मिहिर, पटना; स्वदेश, दरभंगा; पहुँच, पटना आ परती पलार, अररियामे रचना प्रकाशित। १९६७ ई. सँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मे सक्रिय। प्रांतीय प्रतिनिधि २००४ धरि जिला सरसंघचालक। जे.पी.आन्दोलनमे लोकतंत्र सेनानी। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलामक अंग्रेजी पोथी "इग्नाइटेड माइण्ड्स"क मैथिलीमे "प्रज्वलित प्रज्ञा" नामसँ अनुवाद। साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार २०१०- डॉ. नित्यानन्द लाल दास- (इग्नाइटेड माइण्ड्स- डॉ.ए.पी.जे. कलाम, अंग्रेजी) लेल। राजनाथ मिश्र 1950- "अ बर्ड्स आइ व्यू ऑन मिथिला" प्रकाशित। पशुपतिनाथ झा, महोत्तरी, नेपाल 1954- हिनक लेखन विवरणात्मक होइत अछि आ सम्बद्ध विषयमे नीकजकॉ जानकारी दैत अछि । विभिन्न पत्र-पत्रिकामे हिनक लेख-रचना बरोबरि देखबामे अबैत रहैछ ।रा.रा.ब. कैम्पस, जनकपुरधाममे मैथिली विषयक प्राध्यापनमे संलग्न श्री झा मैथिलीसम्बन्धी सग्ङठनात्मक गतिविधिसँ सेहो जुड़ल छथि । मैथिली भाषाक लोपोन्मुख अवस्थामे रहल अपन लिपि तिरहुतामे विशेषज्ञता रखनिहार श्री झा एकर संरक्षण-सम्बर्द्धनक दिशामे सेहो क्रियाशील छथि ।प्रध्यापक झा मैथिली महाकाव्यमे रस निरूपण विषयपर विद्यावारिधि कएने छथि आ शिक्षा तथा कानून विषयमे सेहो स्नातक छथि । महोत्तरी जिलाक एकरहिया रहनिहार श्री झाक जन्म ४ दिसम्बर १९५४ कऽ भेलछनि ।चेन्नैमे मिथिला रत्नसँ सम्मानित। अनिलचन्द्र ठाकुर 1954-2009 जन्म 13 सितम्बर 1954 ई.केँ कटिहार जिलाक समेली गाममे भेलन्हि। 1982 ई.मे हिन्दी साहित्यमे स्नातकोत्तर केलाक बाद नवम्बर '93 सँ नवम्बर '94 धरि "सुबह" हस्तलिखित पत्रिकाक सम्पादन-प्रकाशन कएलन्हि आ कोशी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकमे अधिकारी रहथि। मैथिली, अंगिका, हिन्दी आ अंग्रेजीमे समानरूपेँ लेखन। मृत्युक पूर्व ब्रेन ट्यूमरसँ बीमार चलि रहल छलाह। प्रकाशित कृति: आब मानि जाउ(मैथिली उपन्यास)- पहिने भारती-मंडन पत्रिकामे प्रकाशित भेल, फेर मैलोरंग द्वारा पुस्तकाकार प्रकाशित भेल।; कच( अंगिकाक पहिल खण्ड काव्य,1975); एक और राम (हिन्दी नाटक,1981); एक घर सड़क पर (हिन्दी उपन्यास, 1982); द पपेट्स (अंग्रेजी उपन्यास, 1990); अनत कहाँ सुख पावै (हिन्दी कहानी संग्रह,2007)। आब मानि जाउ (मैथिली उपन्यास) - एहि उपन्यासमे एक एहन युवतीक संघर्ष-गाथा अंकित अछि जे अपन लगनसँ जीवन बदलैत अछि। असंख्य गामक ई कथा कुलीनताक अधःपतनक कथा, संस्कारविहीनताक उद्घाटन आ भविष्यक पीढ़ीकेँ बचएबाक चेतौनी छी। बृषेश चन्द्र लाल जन्म 29 मार्च 1955 ई. केँ भेलन्हि। पिताः स्व. उदितनारायण लाल,माताः श्रीमती भुवनेश्वरी देव। हिनकर छठिहारक नाम विश्वेश्वर छन्हि। मूलतः राजनीतिककर्मी । नेपालमे लोकतन्त्रलेल निरन्तर संघर्षक क्रममे १७ बेर गिरफ्तार । लगभग ८ वर्ष जेल ।सम्प्रति तराई�मधेश लोकतान्त्रिक पार्टीक राष्ट�ीय उपाध्यक्ष । मैथिलीमे किछु कथा विभिन्न पत्रपत्रिकामे प्रकाशित । आन्दोलन कविता संग्रह आ बी.पीं कोइरालाक प्रसिद्ध लघु उपन्यास मोदिआइनक मैथिली रुपान्तरण तथा नेपालीमे संघीय शासनतिर नामक पुस्तक प्रकाशित । ओ विश्वेश्वर प्रसाद कोइरालाक प्रतिबद्ध राजनीति अनुयायी आ नेपालक प्रजातांत्रिक आन्दोलनक सक्रिय योद्धा छथि। नेपाली राजनीतिपर बरोबरि लिखैत रहैत छथि। नारायणजी 1956- जन्म: घोघरडीहा (मधुबनी)। मैथिली भाषा-साहित्यमे एम. ए., पी-एच. डी. कामेश्वर लता संस्कृत विद्यालय, घोघरडीहामे अध्यापन । प्रकाशित कृति: �घरि घुरि रहल छी� (काव्य-संग्रह)। डॉ. श्री श्रीशंकर झा 1952- जगदीपनारायण "दीपक" राजदेव मंडल शिक्षा- एम.ए.द्वय, एल एल बी.,पता- ग्राम-मुसहरनियाँ, रतनसारा (निर्मली, मधुबनी)। प्रकाशित कृति- अम्बरा-कविता-संग्रह, हमर टोल (उपन्यास), बसुंधरा(कविता संग्रह), जाल (पटकथा), लाज (एकांकी), जल भंवर (उपन्यास), त्रिवेणीक रंग (विहनि आ लघु कथा संग्रह), पंचैती (लघु पटकथा), वापसी। शिवप्रसाद यादव हीरेन्द्र कुमार झा 1958- जन्म 30 अगस्त 1958,गाम- कोइलख (मधुबनी), पिता श्री कामेन्द्र नाथ झा। ट्रांसफर्मर (मैथिली कथा संग्रह) प्रकाशित। मानेश्वर मनुज 1958- जन्म गम्हरिया (मानपौर, मधुबनी)मे, 1978सँ 1992 धरि नौसेनामे विभिन्न जहाजपर कार्यरत, फेर यात्री रेलमे। सम्बन्ध (कथा संग्रह) प्रकाशित। नबोनाथ झा महेन्द्र नारायण राम 1958- तारानन्द वियोगी 1966- महिषी, सहरसामे जन्म। पहिल पोथी अपन युद्धक साक्ष्य (गजल संग्रह) १९९१ मे प्रकाशित। अन्य पुस्तक हस्तक्षेप, प्रलय रहस्य(कविता-संग्रह), अतिक्रमण (कथा-संग्रह), शिलालेख (लघुकथा संग्रह), कर्मधारय। राजकमल चौधरीक कथाकृति एकटा चंपाकली एकटा विषधर संकलन-स‍पादन। साहित्य अकादेमी मैथिली बाल साहित्य पुरस्कार २०१०-तारानन्द वियोगीकेँ पोथी "ई भेटल तँ की भेटल" लेल। यात्री-चेतना पुरस्कार २०१० ई.- डॉ. तारानन्द वियोगी। भालचन्द्र झा ए.टी.डी., बी.ए., (अर्थशास्त्र), मुम्बईसँ थिएटर कलामे डिप्लोमा। मैथिलीक अतिरिक्त हिन्दी, मराठी, अग्रेजी आ गुजरातीमे निष्णात। १९७४ ई.सँ मराठी आ हिन्दी थिएटरमे निदेशक। महाराष्ट्र राज्य उपाधि १९८६ आ १९९९ मे। आइ.एन.टी. केर लेल नाटक �सीता� क निर्देशन। �वासुदेव संगति� आइ.एन.टी.क लोक कलाक शोध आ प्रदर्शनसँ जुड़ल छथि आ नाट्यशालासँ जुड़ल छथि विकलांग बाल लेल थिएटरसँ। निम्न टी.वी. मीडियामे रचनात्मक निदेशक रूपेँ कार्य।लेखन-बीछल बेरायल मराठी एकांकी(अनुवाद), सिंहावलोकन (मराठी साहित्यक १५० वर्ष), आकाश (जी.टी.वी.क धारावाहिकक ३० एपीसोड), जीवन सन्ध्या( मराठी साप्ताहिक, डी.डी, मुम्बई), धनाजी नाना चौधरी (मराठी), स्वयम्बर (मराठी), फिर नहीं कभी नहीं( हिन्दी), आहट (हिन्दी), यात्रा ( मराठी सीरयल), मयूरपन्ख ( मराठी बाल-धारावाहिक), हेल्थकेअर इन २०० ए.डी.) (डी.डी.)।२००९ मे- भालचन्द्र झा (बीछल बेरायल मराठी एकाँकी- सम्पादक सुधा जोशी आ रत्नाकर मतकरी, मराठी)लेल साहित्य अकादेमी मैथिली अनुवाद पुरस्कार। मनमोहन झा कुमार शैलेन्द्र रमेश 1961- जन्म स्थान मेंहथ, मधुबनी, बिहार। चर्चित कथाकार ओ कवि । प्रकाशित कृति: समांग, समानांतर, दखल (कथा संग्रह), नागफेनी (गजल संग्रह), संगोर, समवेत स्वरक आगू, कोसी धारक सभ्यता, पाथर पर दूभि (काव्य संग्रह), प्रतिक्रिया (आलोचनात्मक निबंध)। मेघन प्रसाद 1961- प्रदीप बिहारी 1963- जन्म स्थान कन्हौली मल्लिक टोल, खजौली, मधुबनी, बिहार। चर्चित कथाकार, उपन्यासकार ओ रंगकर्मी । प्रकाशित कृति: गुमकी ओ बिहाड़ि, विसूवियस (उपन्यास), औतीह कमला जयतीह कमला, खण्ड-खण्ड जिनगी, सरोकार (कथा संग्रह)। २००७- प्रदीप बिहारी (सरोकार, कथा)मैथिली लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार । चन्द्रमोहन झा पर्वा डॉ. सुरेन्द्र लाभ, नेपाल रोशन जनकपुरी, नेपाल डॉ. अरविन्द अक्कू 1957- फूलचन्द्र झा "प्रवीण" 1961- गाम तुमौल दरभंगा, आयल नवल प्रभात, पांगल गाछक छाहरि, हमरा मोनक खजन चिड़ैया, बसंतक बजनिञा (कविता संग्रह), भूत होइत भविष्य़ (कथा संग्रह)। देवशंकर नवीन 1962- ओ ना मा सी (गद्य-पद्य मिश्रित हिन्दी-मैथिलीक प्रारम्भिक सर्जना), चानन-काजर (मैथिली कविता संग्रह), आधुनिक (मैथिली) साहित्यक परिदृश्य, गीतिकाव्य के रूप में विद्यापति पदावली, राजकमल चौधरी का रचनाकर्म (आलोचना), जमाना बदल गया, सोना बाबू का यार, पहचान (हिन्दी कहानी), अभिधा (हिन्दी कविता-संग्रह), हाथी चलए बजार (कथा-संग्रह)। कुमार मनीष अरविन्द 1964- बदरी नारायण बर्मा राजेन्द्र किशोर, नेपाल श्याम सुन्दर शशि, नेपाल श्याम सुन्दर शशि, जनकपुरधाम, नेपाल। पेशा-पत्रकारिता। शिक्षा: त्रिभुवन विश्वविद्यालयसँ,एम.ए. मैथिली, प्रथम श्रेणीमे प्रथम स्थान। मैथिलीक प्रायः सभ विधामे रचनारत। बहुत रास रचना विभिन्न पत्र-पत्रिकामे प्रकाशित। हिन्दी, नेपाली आऽ अंग्रेजी भाषामे सेहो रचनारत आऽ बहुतरास रचना प्रकाशित। सम्प्रति- कान्तिपुर प्रवासक अरब ब्यूरोमे कार्यरत। हिमांशु चौधरी, नेपाल पिता : स्वर्गीय कामेश्र्वर चौधरी,माताः श्रीमती चन्द्रावती चौधरी,जन्मः वि स २०२०/६/५ लहान, सिरहा,शिक्षाः स्नातकोत्तर(नेपाली),पेशाः पत्रकारिता (सम्प्रति : राष्ट्रिय समाचार समिति ),कृति : की भार सांठू ? (मैथिली कविता संग्रह ),विगत दू दशकसं नेपाली आ मैथिली लेखन तथा अभियानमे निरन्तर क्रियाशील आ विभिन्न संघ संस्थासं आबद्ध । सत्यनारायण मेहता भुवनेश्वर पाथेय राजेन्द्र झा, धनुषा अशोक कुमार मेहता धर्मेन्द्र विह्वल, सिरहा, नेपाल 1967- रस्ता तकैत जिनगी, एक सृष्टि एक कविता, एक समयक बात, धुअनाएल आकृति सभ (मैथिली कविता संग्रह), भ्रमरका उत्कृष्ट नाटकहरु, गोनूझाका कथाहरु (मैथिलीसँ नेपाली अनुवाद), मैथिलीक कक्षा 1 सँ 5 आ बाल-साहित्य संदर्भक तीनटा पोथीक सह-लेखक। पत्रकारिताक मूल सिद्धांत (मैथिली, प्रेसमे), दलित रिपोर्टिंग मैनुअल (नेपाली, प्रेसमे)। धीरेन्द्र कुमार झा निमिष झा, नेपाल गौरीनाथ (अनलकान्त) "अन्तिका"क सम्पादन। आनन्द कुमार झा 1977- जन्म स्थान: मेंहथ, झंझारपुर; पिता स्व. अभयकांत झा, माता श्रीमती इन्द्रकाली देवी, प्रकाशन- "धधाइत नवकी कनियाँक लहास", "हठात् परिवर्तन", "बदलैत समाज", "टाकाक मोल", "कलह" (पाँचू मैथिली नाटक) प्रकाशित। विदेह सम्पादकक समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार २०११ युवा पुरस्कार- आनन्द कुमार झा (कलह, नाटक) वनदेवीपुत्र भवनाथ, नाटककार चन्द्रेश राम सेवक सिंह शहीद दुर्गानन्द झा, नेपाल उदयनाथ झा "अशोक" कपिलेश्वर राउत उलहन (विहनि - लघु कथा संग्रह) प्रकाशित। कपिलेश्वर साहू डॉ. शम्भु कुमार सिंह जन्म: 18 अप्रील 1965 सहरसा जिलाक महिषी प्रखंडक लहुआर गाममे। आरंभिक शिक्षा, गामहिसँ, आइ.ए., बी.ए. (मैथिली सम्मान) एम.ए. मैथिली (स्वर्णपदक प्राप्त) तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर, बिहार सँ। BET [बिहार पात्रता परीक्षा (NET क समतुल्य) व्याख्याता हेतु उत्तीर्ण, 1995] �मैथिली नाटकक सामाजिक विवर्त्तन� विषय पर पी-एच.डी. वर्ष 2008, तिलका माँ. भा.विश्वविद्यालय, भागलपुर, बिहार सँ। मैथिलीक कतोक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिका सभमे कविता, कथा, निबंध आदि समय-समय पर प्रकाशित। वर्तमानमे शैक्षिक सलाहकार (मैथिली) राष्ट्रीय अनुवाद मिशन, केन्द्रीय भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर-6 मे कार्यरत। कृष्णचन्द्र यादव, नेपाल शिवकान्त ठाकुर शोभाकान्त झा उमाकान्त झा आ प्रियंका, मैथिली रंगमंच श्यामानन्द ठाकुर हरिकांत लाल दास, नेपाल शशिनाथ ठाकुर, नेपाल दुर्गानन्द मंडल संचयिका, कथा कुसुम (विहनि आ लघु कथा संग्रह), चक्षु प्रकाशित। शिव कुमार झा 1973- शिव कुमार झा ��टिल्लू��,पिताक नामः स्व. काली कान्त झा ��बूच��, माताक नामः स्व. चन्द्रकला देवी,जन्म तिथिः 11-12-1973,शिक्षाः स्नातक (प्रतिष्ठा),जन्म स्थानः मातृक- मालीपुर मोड़तर, जि. - बेगूसराय, मूलग्रामः ग्राम-पत्रालय - करियन, जिला - समस्तीपुर, पिन: 848101,संप्रतिः प्रबंधक, संग्रहण,जे. एम. ए. स्टोर्स लि.,मेन रोड, बिस्टुपुर जमशेदपुर - 831 001, अन्य गतिविधिः वर्ष 1996 सँ वर्ष 2002 धरि विद्यापति परिषद समस्तीपुरक सांस्कृतिक ,गतिवधि एवं मैथिलीक प्रचार-प्रसार हेतु डॉ. नरेश कुमार विकल आ श्री उदय नारायण चौधरी (राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक) क नेतृत्वमे संलग्न। प्रकाशित कृति: क्षणप्रभा-कविता-संग्रह, अंशु-समालोचना। राम विलास साहु मनक मैल, अंकुर- लघुकथा संग्रह, रथक चक्का उलटि चलै बाट (कविता/ टनका संग्रह), कर्म बिनु जग सुन्ना (दोसर कविता/ टनका संग्रह), स्कूलक खिचड़ी (विहनि/ लघु कथा संग्रह), दूधबेचनी (लघु कथा संग्रह) प्रकाशित। महाकान्त ठाकुर बचेश्वर झा, निर्मली "निबन्ध-निकुञ्ज" प्रकाशित। धीरेन्द्र कुमार, निर्मली चन्द्रशेखर कामति 1959- मैथिली कवि। शि‍क्षा- एम.ए. (राजनीति‍शास्‍त्र)‍, पि‍ता- स्‍व. योगेन्‍द्र कामति‍, गाम-पोस्‍ट- करि‍यन, भाया- इलमास नगर, थाना- रोसड़ा, जि‍ला- समस्‍तीपुर, बि‍हार। संप्रति‍प्रखण्‍ड सहकारि‍ता प्रसार पदाधि‍कारी (बेनीपट्टी)। नन्द विलास राय "भरदुतिया", "छठिक डाला", "हमर चारूधाम" प्रकाशित। बिनय भूषण उजरा परवाक खोज (कविता संग्रह) सुधाकर झा, महोत्तरी , नेपाल सएसँ बेशी सड़क नाटकमे मंचन। सदरे आलम "गौहर" गाम-पुरसौलिया, भाया- जयनगर, जिला मधुबनी। डॉ. भुवन किशोर मिश्र "भुवनेश" मैथिली कथा संग्रह- गोबरछत्ता। दिनकर कुमार "पूर्वोत्तर मैथिल"क सम्पादन। डॉ. विनय विश्वबन्धु रामदेव प्रसाद मण्डल झारूदार मैथिलीक भिखारी ठाकुरक नामसँ प्रसिद्ध मैथिलीक पहिल जनकवि रामदेव प्रसाद मण्‍डल �झारूदार�। "हमरा बिनु जगत सूना छै" आ "गीताञ्जलि झाड़ू" प्रकाशित। उमेश पासवान "वर्णित रस" प्रकाशित। ओम प्रकाश झा घोघरडीहा (मधुबनी)। "कियो बूझि नै सकल हमरा" (गजल, रुबाइ आ कता संग्रह) प्रकाशित। जगदानन्द झा मनु नढ़िया भुकैए हमर घराड़ीपर (गजल संग्रह), तोहर कतेक रंग (विहनि कथा संग्रह), चोनहा- (बाल उपन्यास), व्यथा- (कविता-गीत संग्रह)। अच्छेलाल शास्त्री डॉ अमोल राय नन्द कुमार मिश्र नन्द डॉ. नन्द कुमार मिश्र शिव कुमार प्रसाद दिलीप कुमार झा डॉ ताराकान्त झा अमरकान्त, नेपाल मुरलीधर झा कबिलपुर, दरभंगा। बाल कथा संग्रह "पिलपिलहा गाछ" (2010) प्रकाशित। कमलधर दास "मैथिल कर्ण कायस्थक गोत्र, प्रवर, मूल आ वैवाहिक सम्बन्ध" पोथी प्रकाशित। श्रीकान्त मण्डल, मैथिली रंगमंच बेचन ठाकुर गाम: चनौरागंज, मधुबनी। प्रकाशित कृति: बेटीक अपमान आ छीनरदेवी (नाटक), बाप भेल पित्ती आ अधिकार (नाटक), बिसवासघात (नाटक), ऊँच-नीच (नाटक), भोँट (नाटक); एक दर्जनसँ बेशी नाटक प्रकाशनक प्रतीक्षामे। गंगा झा मैथिली रंगमंडल कोकिल मंच, कोलकाता। कोलकाता आ गाम पजुआरिडीह टोलमे मैथिली रंगमंच निर्देशन। नबोनारायण मिश्र 1955- पिता-श्री गोबिन्द मिश्र, माता- श्रीमति अढ़ूला देवी। गाम- कुशमौल,पो.नागदह-बलाइन, भाया-अरेड़हाट, जिला-मधुबनी। मैथिली रंगमंचसँ सम्बद्ध "कोकिल मंच" संस्थाक माध्यमसँ। कमलेश कुमार दास, रंगमंच कलाकार किशोर केशव, मैथिली रंगमंच कुमार गगन, मैथिली रंगमंच अशोक दत्त, जनकपुर मदन ठाकुर चर्चित रंगकर्मी, जनकपुरक चर्चित संस्‍था मिथिला नाट्यकला परिषदक संस्‍थापक । तीन दशकसँ बेसी समयसँ रंगक्षेत्रमे सक्रिय। करीब ३०�४० गोट मंचीय नाटकक सयो प्रस्‍तुति , २०�२५ गोट सड़क नाटकक हजारसँ बेसी प्रदर्शनमे अभिनय ।२० गोट टेली-सीरियल आ आधा दर्जन मैथिली फीचर फिल्‍ममे अभिनय । पुरस्‍कार: सप्‍तम अन्‍तर्राष्‍ट्रिय महोत्‍सवमे सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेता २०४९ वि.स., क्षेत्रीय प्रतिभा पुरस्‍कार (नेपाल सरकार) २०६३ वि.स.। अभय कुमार यादव, मैथिली रंगमंच आशुतोष यादव अभिज्ञ कृष्ण कुमार कश्यप 1949- जन्म १५ सितम्बर १९४९ ई.। पिता- कवि-उपन्यासकार स्व. इन्द्रनारायण लाल "सँवलिया"। जनबरी १९६५ ई. मे नेना सभ लेल "नाइट स्कूल", १९८१ ई. मे "कला आधारित जीवन आ शिक्षण पद्धति"क प्रवर्तन आ तकर कार्यान्वयन लेल शिवा कश्यप आ शशिबालाक सहयोगसँ "भारती विकास संस्था"क स्थापना। रचना: शशिबालाक संग "मेघदूत" आ "गीत-गोविन्द"क मैथिली अनुवाद, माछ-भात, मिथिला चित्र-शिक्षा, भाग-१, मिथिला चित्र-कोर, भाग-३। ललित कुमुद बटोही झा, मिथिला चित्रकला प्रवीण कुमार ठाकुर जन्म तिथि -31 दिसम्बर 1977; जन्म स्थान -कन्हौली , सकरी , मधुबनी ; शिक्षा- सूर्य नारायण हाई स्कूल - नरपतिनगर , बी . एस . सी - मेमोरिअल कॉलेज - दरभंगा , डिप्लोमा इन फैशन डिजाईन (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन डिजाईन - नयी दिल्ली ) , चित्रकला �आओर फैशन पूर्वानुमानमे विशेष योग्यता, निवास स्थान- दिल्ली , इंडिया; पिता- श्री सत्य नारायण ठाकुर , सकरी - कन्हौली� ; माता- श्रीमती मालती ठाकुर , सकरी - कन्हौली । वर्तमानमे अपन एक्सपोर्ट बिज़नस एस्थेट ) �क नामसँ शुरुआत , पूर्वमे प्रोडक्ट डेवेलोप्मेंट आओर मर्चंटक रूपमे कार्यरत। लाला पंडित, मिथिला मूर्तिकला राजेन्द्र पंडित, मिथिला मूर्तिकला गिरीश चन्द्र लाल नवेन्दु कुमार झा, पत्रकार चन्द्र किशोर लाल, पत्रकार, नेपाल उपेन्द्र भगत नागवंशी, नेपाल सड़क नाटक। रमेश रंजन, परवाहा, नेपाल 1966- परवाहा, नेपालमे जन्म । नेपालीय कथा-जगतक नवीन मुदा सम्मानित नाम । जनपक्षधर कथा-दृष्टि आ मोहक शिल्प । थोड़ लिखलनि, मुदा बेर-बेर चर्चित रहलाह । विनीत ठाकुर "बाँकी अछि हम्मर दूधक कर्ज" प्रकाशित। सुजीत कुमार झा, नेपाल जिद्दी (लघुकथा संग्रह), चिड़ै (लघुकथा-संग्रह), रिपोर्टर डायरी (रिपोर्ताज), गन्ध (लघु कथा संग्रह), खजुरीबाली (लघु कथा संग्रह), कोइली घूरि आउ (बाल लघु-विहनि कथा संग्रह), दूधमती- (सम्पादन- नेपाली आ मैथिलीमे)। सरोज खिलाड़ी नेपालक पहिल मैथिली रेडियो नाटक संचालक देवांशु वत्स जन्म- तुलापट्टी, सुपौल। मास कम्युनिकेशनमे एम.ए., हिन्दी, अंग्रेजी आ मैथिलीक विभिन्न पत्र-पत्र्रिकामे कथा, लघुकथा, विज्ञान-कथा, चित्र-कथा, कार्टून, चित्र-प्रहेलिका इत्यादिक प्रकाशन। विशेष: गुजरात राज्य शाला पाठ्य-पुस्तक मंडल द्वारा आठम कक्षाक लेल विज्ञान कथा �जंग� प्रकाशित (2004 ई.), नताशा: मैथिलीक पहिल-चित्र-श्रृंखला (कॉमिक्स) प्रकाशित। संतोष मिश्र, नेपाल पोसपुत (लघुकथा-संग्रह), उदास मोन (लघुकथा-संग्रह), एना-किए (कविता-संग्रह), अएना (संपादन- कविता-संग्रह)। सुनील कुमार मल्लिक, गायक, जनकपुर, नेपाल 1968- मैथिलीक गायक-सग्ङीतकारक रूपमे प्रसिद्ध छथि । मैथिली भाषाक गीतसभमे मौलिक तथा सार्थक सग्ङीतक सृजनमे हिनक सक्रियता प्रशंसनीय छनि । सुनीलक गायन तथा सग्ङीतमे कैसेट एलबमसभ सेहो बाहर भेल अछि ।लेखनदिस हिनक सक्रियता परिमाणात्मक रूपमे कम रहितहुँ गुणात्मक दृष्टिएँ हृदयस्पर्शी मानल जाइत अछि ।पेशासँ विज्ञान-शिक्षक छथि । धीरेन्द्र प्रेमर्षि, सिरहा, नेपाल 1967- वि.सं.२०२४ साल भादब १८ गते सिरहा जिलाक गोविन्दपुर-१, बस्तीपुर गाममे जन्म लेनिहार प्रेमर्षिक पूर्ण नाम धीरेन्द्र झा छियनि।कान्तिपुरसँ हेल्लो मिथिला कार्यक्रम प्रस्तुत कर्ता जोड़ी रूपा-धीरेन्द्रक धीरेन्द्रक अबाज गामक बच्चा-बच्चा चिन्हैत अछि। �पल्लव� मैथिली साहित्यिक पत्रिका आ �समाज� मैथिली सामाजिक पत्रिकाक सम्पादन। रबीन्द्र नारायण मिश्र पिताक नामःस्वर्गीय सूर्य नारायण मिश्र, माताक नामःस्वर्गीया दयाकाशी देवी, पैतृक ग्रामःअडेर डीह, मातृकःसिन्घिआ ड्योढी। वृतिःयोजना आयोगक उप सचिव, दिल्लीमे स्पेशल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट। आब सेवा निवृत्त। शिक्षा: चन्द्रधारी मिथिला महाविद्यालयसँ बी.एस-सी. भौतिकी विज्ञानमे प्रतिष्ठा; दिल्ली विश्वविद्यालयसँ विधि स्नातक। प्रकाशित कृति : मैथिली:- १. �भोरसँ साँझ धरि� (आत्म कथा), २. �प्रसंगवश� (निवंध), ३. �स्वर्ग एतहि अछि� (यात्रा प्रसंग), ४. �फसाद� (कथा संग्रह) ५. `नमस्तस्यै� (उपन्यास) ६. विविध प्रसंग (निवंध ) ७.महराज (मैथिली उपन्यास) ,८.लजकोटर (मैथिली उपन्यास) ,९.सीमाक ओहि पार (मैथिली उपन्यास) १०.समाधान(निवंध संग्रह) ११.मातृभूमि(उपन्यास) १२.स्वप्नलोक(उपन्यास) १३.शंखनाद(उपन्यास)। कुमार भास्कर अमरेन्द्र यादव, नेपाल रघुनाथ मुखिया प्रदीप पुष्प संदीप कुमार साफी "बैशाखमे दलानपर" प्रकाशित। उमेश मंडल निश्तुकी- कविता संग्रह, मिथिलाक संस्कार गीत, विध-व्यवहार गीत आ गीतनाद (संकलन), "मिथिलाक वनस्पति स्लाइड शो मिथिलाक जीव-जन्तु स्लाइड शो मिथिलाक जिनगी स्लाइड शो", सगर राति दीप जरय- इतिहास, दुध-पानि फराक-फराक (कथा एवं पाण्डुलिपि जगदीश प्रसाद मण्डल)-(छाया एवं सम्पादन- उमेश मण्डल), हिन्दुस्तानी मुसलमान और हिन्दुस्तानियत - मूल हिन्दी लेख- गीतेश शर्मा, मैथिली अनुवाद- उमेश मण्डल। चन्द्रमणि स्व. हेमकान्त झा, गायक मुरलीधर, मैथिली फिल्म निर्देशक कुंज बिहारी, मैथिली गायक रामबाबू झा, गायक बि.पि.उदासी जितेन्द्र सहयोगी उदितनारायण फिल्म गायक प्रकाश झा, फिल्म निर्देशक कीर्ति आजाद क्रिकेट श्रीराम झा शतरंज अभिषेक झा गोल्फ अशोक कुमार 1981- साधारण काष्ठकारक परिवारमे समस्तीपुर जिलाक मोखियारपुर सखलानी गाममे जनमल अशोक कुमार कहियो स्कूल नहि गेलाह। दिनमे पचास टाका कमेनिहार दिल्लीक एकटा गोल्फ क्लबक एहि कैडीकेँ 1994 ई. मे चोरिक मिथ्यारोप लगा कए गोल्फ कोर्ससँ बाहर कए देल गेल। वैह कैडी दस सालक भीतर भारतक नम्बर एक गोल्फर बनि गेल। राजेश रंजन, मैथिली फेडोरा प्रोजेक्ट संजय झा सुल्तानगंज, भागलपुर। मोटोरोलाक सी.ई.ओ.। बिन्देश्वर पाठक बिनोद मिश्र डॉ. बिनोद मिश्र सम्प्रति आई आई टी रूडकी, उत्तराखंडमे अंग्रेजी पढ़बैत छथि आ हिनक रचनाb अंग्रेजी आ हिंदी मे प्रकाशित भेल छन्हि। अहि वर्ष हिनक कविता संग्रह Silent Steps and Other Poems प्रकाशित भेल छन्हि। एकर अतिरिक्त ई अंग्रेजीमे आलोचनाक क्षेत्रमे आठ टा पोथी संपादित केने छथि। हिनक पोथी Communication Skills for Engineers and Scientists बहुतो इंजीनियरिंग संस्थानमे पाठ्य पुस्तक रूपमे पढ़ाओल जाइत अछि। राजकमल झा, अंग्रेजी लेखक, पत्रकार हिनकर अंग्रेजी उपन्यास "द ब्लू बेडस्प्रेड" , "इफ यू आर अफरेड ऑफ हाइट्स" आ "फायरप्रूफ" प्रकाशित छन्हि। "द ब्लू बेडस्प्रेड" (१९९९)पर हुनका "कॉमनवेल्थ राइटर्स प्राइज फॉर बेस्ट फर्स्ट बुक- यूरेशिया" भेटल छन्हि। राजकमल झा श्री मुनीश्वर झा आ श्रीमती रंजना झाक पुत्र छथि, "आइ.आइ.टी.खड़गपुर"सँ बी.टेक.छथि, आ आइ काल्हि दिल्लीमे रहै छथि, जतए ओ "इण्डियन एक्सप्रेस" मे एडिटर छथि। मानस बिहारी वर्मा, वैज्ञानिक फणीश्वर नाथ 'रेणु' मिथिला रत्न 1921-1977 रामधारी सिंह 'दिनकर' मिथिला रत्न 1908-1974 रामवृक्ष बेनीपुरी 1899-1967 डॉ. हरिवंश तरुण 1927-2009 जन्म 21 जून 1927 ई.। गाम- चकसलेम, पो.- पटोरी, जिला- समस्तीपुर। तीन दर्जन सँ बेशी हिन्दी पोथी जाहिमे काव्य-कथा-प्रबन्ध सम्मिलित अछि। हरिशंकर श्रीवास्तव "शलभ" 1934- स्व. जनार्दन प्रसाद झा 'द्विज' हिन्दीक साहित्यकार। रामेश्वर प्रेम हिन्दीक नाटककार। डॉ. नवल किशोर दास "नवल" मोहनानन्द झा 1955- रामाज्ञा शशिधर गणेश चंचल १९३०-२०११ डॉ. अमरेन्द्र गोरेलाल मनीषी कुन्दन अमिताभ शंभु अगेही जन्म ८ जनवरी १९४१, प्रकाशित कृति:ओझराएल डीह (कथा-काव्य) १९९८, सतंजा (कथा संग्रह)१९९९, तेसरी बेरिआ (कथा काव्य)२००३, बज्जिका छंद विभास २००७ पोद्दार रामावतार अरुण १९२३-१९९९ मजहर इमाम १९३०-२०१२ अरुण प्रकाश १९४८-२०१२ अंशुमन पाण्डेय तिरहुता यूनीकोडक आवेदनकर्ता। दिनेश कुमार मिश्र मिथिलाक बाढ़िक एक्स्पर्ट। मिथिलाक मोटा-मोटी सभ धारपर किताब प्रकाशित। उत्तर बिहार की व्यथा कथा (१९९०), कोसी- उम्र कैद से सजा-ए-मौत तक (१९९२) बंदिनी महानंदा (१९९४), बोया पेड़ बबूल का- बाढ़ नियंत्रण का रहस्य (२०००), बगावत पर मजबूर मिथिला की कमला नदी (२००४), भुतही नदी और तकनीकी झाड़- फूक (२००५), , दुई पाटन के बीच में- कोसी नदी की कहानी (२००६) तथा बागमती की सद्गति (२०१०)। ओमप्रकाश भारती १९६८- कोसी नदीक लोक सांस्कृतिक अध्ययन - नदियाँ गाती हैं, बिहार के पारम्परिक नाट्य आ मैथिलीक लोक नाट्य प्रकाशित वैदेही सीता याज्ञवल्क्य पत्नी मैत्रेयी याज्ञवल्क्यक दू टा पत्नी छलथिन्ह पहिल कात्यायनी आ दोसर मैत्रेयी। मैत्रेयी ब्रह्मवादिनी छलीह। कात्यायनीसँ हुनका तीनटा पुत्र छलन्हि- चन्द्रकान्ता, महामेघ आ विजय। मोतीदाइ मिथिलाक रजक (धोबि) जातिक लोकदेवता बिहुला चम्पानगरक बिहुला। गांगो देवी मिथिलाक मलाह जातिक लोकदेवता। गांगोदेवीक भगता अखनो मिथिलाक मलाह लोकनिमे प्रचलित अछि। रेशमा, कुसुमा, फुल्वा मोरंगक मोतीसायर विन्ध्यवासिनी देवी मैथिली लोकगीत 1920-2006 कामेश्वरी देवी 1922- मधुबनी जिलाक नवानी गामक। जन्म १९२२ ई. मे अपन मातृक नाहरमे भेलनि। पति पं मदनमोहन झा। बरौनीवासी प्रसिद्ध तान्त्रिक पण्डित केशव मिश्र हिनक पिता छलथिन। "मिथिला संस्कार गीत" पोथी। कुसुमलता कर्ण अणिमा सिंह 1924- समीक्षिका, अनुवादिका, सम्पादिका । प्रकाशन: मैथिली लोकगीत, वसवेश्वर (अनु.), शिशु खेल गीत आदि। लेडी ब्रेबोर्न कॉलेज, कलकत्तामे पूर्व प्राध्यापिका। लिली रे 1933- जन्म:२६ जनवरी, १९३३,पिता:भीमनाथ मिश्र,पति:डॉ. एच.एन्.रे, दुर्गागंज, मैथिलीक विशिष्ट कथाकार एवं उपन्यासकार । मरीचिका उपन्यासपर साहित्य अकादेमीक १९८२ ई. मे पुरस्कार । मैथिलीमे लगभग दू सय कथा आ पाँच टा उपन्यास प्रकाशित । विपुल बाल साहित्यक सृजन। अनेक भारतीय भाषामे कथाक अनुवाद-प्रकाशित। पहिल प्रबोध सम्मान 2004 सँ सम्मानित। चित्रलेखा देवी 1935- मोहिनी झा 1937- डॉ. सावित्री झा कविता देवी 1942- प्रमिला झा शान्ति सुमन 1942- जन्म 15 सितम्बर 1942, कासिमपुर, सहरसा, बिहार, प्रकाशित कृति, �ओ प्रतीक्षित, परछाई टूटती, सुलगते पसीने, पसीने के रिश्त, मौसम हुआ कबीर, समय चेतावनी नहीं देता, तप रेहे कचनार, भीतर-भीतर आग, मेघ इन्द्रनील (मैथिली गीत संग्रह), शोध प्रबंध: मध्यवर्गीय चेतना और हिन्दी का आधुनिक काव्य, उपन्यास: जल झुका हिरन। सम्मान: साहित्य सेवा सम्मान, कवि रत्न सम्मान, महादेवी वर्मा सम्मान। अध्यापन कार्य। प्रभावती झा 1945-1999 स्व. इलारानी सिंह 1945-1993 इलारानी सिंह: जन्म 1 जुलाई, 1945, निधन : 13 जून, 1993, पिता : प्रो. प्रबोध नारायण सिंह सम्पादिका : मिथिला दर्शन, विशेष अध्ययन : मैथिली, हिन्दी, बंगला, अंग्रेजी, भाषा विज्ञान एवं लोक साहित्य । प्रकाशित कृति : सलोमा (आस्कर वाइल्डक फ्रेंच नाटकक अनुवाद 1965), प्रेम एक कविता (1968) बंगला नाटकक अनुवाद, विषवृक्ष (1968) बंगला नाटकक अनुवाद, विन्दंती (1972), स्वरचित: मैथिली कविता संग्रह (1973), हिन्दी संग्रह। उषाकिरण खान 1945- जन्म:२४ अक्टूबर १९४५,कथा एवं उपन्यास लेखनमे प्रख्यात । मैथिली तथा हिन्दी दूनू भाषाक चर्चित लेखिका ।प्रकाशित कृति:अनुंत्तरित प्रश्न, दूर्वाक्षत, हसीना मंज़िल, भामती (उपन्यास) । २०१०-श्रीमति उषाकिरण खान (भामती, उपन्यास) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कार- मैथिली। नीरजा रेणु 1945- जन्म: ११ अक्टूबर १९४५,नाम: कामाख्या देवी,उपनाम:नीरजा रेणु,जन्म स्थान:नवटोल,सरिसबपाही ।शिक्षा: बी.ए. (आनर्स) एम.ए., पी-एच.डी.,गृहिणी ।प्रकाशित रचना : ओसकण (कविता मि.मि., १९६०) लेखन पर पारिवारिक, सांस्कृतिक परिवेशक प्रभाव । मैथिली कथा धारा साहित्य अकादेमी नई दिल्लीसँ स्वातन्त्र्योत्तर मैथिली कथाक पन्द्रह टा प्रतिनिधि कथाक सम्पादन ।सृजन धार पियासल कथा संग्रह,आगत क्षण ले कविता संग्रह,ऋतम्भरा कथा संग्रह,प्रतिच्छवि हिन्दी कथा संग्रह,१९६० सँ आइधरि सएसँ अधिक कथा, कविता, शोधनिबन्ध, ललितनिबन्ध,आदि अनेक पत्र-पत्रिका तथा अभिनन्दनग्रन्थमे प्रकाशित ।मैथिलीक अतिरिक्त किछु रचना हिन्दी तथा अंग्रेजीमे सेहो।२००३- नीरजा रेणु (ऋतम्भरा, कथा)लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार। वीणा ठाकुर 1954- जन्म- भवानीपुर, पण्डौल (मधुबनी)। पिता श्री श्रीमोहन ठाकुर। प्रकाशित कृति: मैथिली रामकाव्यक परम्परा, इतिहास-दर्पण (समीक्षा), विद्यापतिक उत्स (समालोचना), भारती (उपन्यास) ज्ञानसुधा मिश्र भारतक उच्चतम न्यायालयक चारिम महिला न्यायाधीश आ पहिल मैथिलानी। जस्टिस मृदुला मिश्र वीणा कर्ण 1946- जन्म 3 नवम्बर 1946, गाम- पटोरी, पो.पंचगछिया, जिला- सहरसा। सदस्य, मैथिली साहित्य अकादेमी परामर्शदातृ समिति 1987-1993, सदस्य, भाषा परामर्शदातृ समिति (मैथिली), भारतीय ज्ञानपीठ। अवकाशप्राप्त विश्वविद्यालय आचार्य आ अध्यक्ष, मैथिली विभाग, पटना विश्वविद्यालय। प्रकाशित कृति- अर्गला, भावनाक अस्थिपंजर (मैथिली काव्य संग्रह), शंखनाद, तुभ्यमेव समर्पये, अनुबन्ध (हिन्दी काव्य संग्रह)। प्रकाश्य: सप्तपदी (मैथिली निबन्ध संग्रह), चारित्रिक पृष्ठभूमिमे मैथिलीक प्रसिद्ध उपन्यास, मैथिली-उपन्यासक कथा किछु कहैत अछि (मैथिली आलोचना); जिन्दगीनामा (हिन्दी काव्य संग्रह), क्रमशः (हिन्दी आलोचना)। शेफालिका वर्मा 1943- जन्म:९ अगस्त, १९४३,जन्म स्थान : बंगाली टोला, भागलपुर । शिक्षा:एम., पी-एच.डी. (पटना विश्वविद्यालय), ए. एन. कालेज, पटना मे हिन्दीक प्राध्यापिका पदसँ सेवानिवृत्त । नारी मनक ग्रन्थिकेँ खोलि:करुण रससँ भरल अधिकतर रचना। प्रकाशित रचना:झहरैत नोर, बिजुकैत ठोर; विप्रलब्धा (कविता संग्रह), स्मृति रेखा (संस्मरण संग्रह), एकटा आकाश (लघुकथा संग्रह), यायावरी (यात्रा-वृत्तान्त), भावाञ्जलि (काव्य-प्रगीत) , किस्त-किस्त जीवन (आत्मकथापर साहित्य अकादेमी पुरस्कार)। अर्थयुग (लघुकथा संग्रह)आखर-आखर प्रीत, नागफांस (उपन्यास)। २००४ ई.- डॉ. श्रीमती शेफालिका वर्मा, पटना;यात्री-चेतना पुरस्कार। नीता झा 1953- जन्म : २१-०१-१९५३,व्यवसाय:प्राध्यापिका । लेखन पर समाजक परम्परा तथा आधुनिकताक संस्कार सँ होइत विसंगतिक प्रभाव।प्रकाशित कृति : फरिच्छ, कथा संग्रह १९८४, कथानवनीत १९९०,सामाजिक असन्तोष ओ मैथिली साहित्य शोध समीक्षा । बिलाइ मौसी (बाल लघुकथा संग्रह)। आशा मिश्र 1950- जन्म:६-७-१९५० ई.,प्रकाशित कथा मे मैथिकीक संग हिन्दी मे सेहो । सभसँ पैघ विजय मैथिली कथा संग्रह । डॉ. सुनीति झा प्रेमलता मिश्र 'प्रेम' 1948- जन्मस्थान:रहिका,माता:श्रीमती वृन्दा देवी,पिता:पं. दीनानाथ झा,शिक्षा:एम.ए., बी.एड.,प्रसिद्ध अभिनेत्री दू सयसँ बेशी नाटकमे भाग लेलनि ।भंगिमा (नाट्यमंच) क भूतपूर्व उपाध्यक्षा, पत्रिकाक सम्पादन, कथालेखन आदिमे कुशल । �अरिपन� आदि अनेक संस्था द्वारा पुरस्कृत-सम्मानित। डॉ. इन्दिरा झा 1957 मेनका मल्लिक 1966- शारदा सिन्हा मैथिली लोकगीत 1953- लालपरी देवी शकुंतला चौधरी गोदावरी दत्ता, मिथिला चित्रकला उषा वर्मा 1948- कमला चौधरी 1953- कृति- मैथिलीक वेश-भूषा-प्रसाधन सम्बन्धी शब्दावली, प्रकाशनाधीन: बाटे बिलायल पानि (कथा संग्रह), पिया मधुमास (कविता संग्रह), आशापूर्णा देवीक बंगला लघु उपन्यास मन मंजूषाक मैथिली अनुवाद। मुजफ्फरपुरसँ प्रकाशित मैथिली साहित्यिक पत्रिका स्वातीक सम्पादन (१९८४-८५)। सीता देवी, मिथिला चित्रकला सरस्वती चौधरी, जनकपुर डॉ. अरुणा चौधरी विभा रानी 1959- मैथिली क 3 साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखकक 4 गोट किताब "कन्यादान" (हरिमोहन झा), "राजा पोखरे में कितनी मछलियां" (प्रभास कुमार चाऊधरी), "बिल टेलर की डायरी" व "पटाक्षेप" (लिली रे) हिन्दीमे अनूदित छन्हि।2 गोट लोककथाक पुस्तक "मिथिला की लोक कथाएं" व "गोनू झा के किस्से"। मैथिली कथा संग्रह "खोहसँ निकसैत"। ज्योत्सना चन्द्रम 1963- जन्मतिथि: १५ दिसम्बर, १९६३,जन्मस्थान : मरूआरा, सिंधिया खुर्द, समस्तीपुर,पिता : श्री मार्कण्डेय प्रवासी,माता: श्रीमती सुशीला झा,अध्यापन ।सुपरिचित कवयित्री, कथाकार । प्रकाशित कृति: बोनसाई (कविता संग्रह), झिझिरकोना (कथासंग्रह)। सुस्मिता पाठक 1962- जन्म: सुपौल, बिहार । परिचिति कविता संग्रह प्रकाशित । कथावाचक, कथासंग्रह प्रकाशनाधीन । राजनीति शास्त्रमे एम.ए.। संगीत, पेंटिंगमे रुचि । मैथिलीक पोथी पत्रिका पर अनेक रेखाचित्र प्रकाशित । समकालीन जीवन, समय, आ तकर स्पंदनक कवयित्री । अनेक भाषामे रचनाक अनुवाद प्रकाशित। उर्मिला देवी, मिथिला चित्रकला यमुना देवी, मिथिला चित्रकला यशोदा देवी, मिथिला चित्रकला रमा झा, सम्पादक मिथिला दर्पण पन्ना झा अनुभूति (लघुकथा स‍ंग्रह)। सुधा कर्ण नूतन दास सम्पादिका, मिथिलांगन राधिका झा, अंग्रेजी लेखिका हुनकर अंग्रेजी उपन्यास "स्मेल" आ "लैन्टर्न्स ऑन देयर हॉर्न्स" आ अंग्रेजी लघु कथा संग्रह "द एलीफेन्ट एण्ड द मारुति" प्रकाशित अछि। उपन्यास "स्मेल" लेल हुनका "फ्रेन्च प्रिक्स गुएरलेन" पुरस्कार भेटल छन्हि आ ई पोथी सोलह भाषामे अनूदित भेल अछि। राधिका "एमहर्स्ट कॉलेज"सँ "एन्थ्रोपोलोजी" पढ़ने छथि आ "शिकागो विश्वविद्यालय"सँ राजनीति विज्ञानमे मास्टर्स डिग्री लेने छथि। ओ "हिन्दुस्तान टाइम्स" आ "बिजनेस वर्ल्ड"मे काज केने छथि आ संगमे "राजीव गांधी फाउन्डेशन, दिल्ली" मे सेहो, जतए ओ आतंकवादसँ पीड़ित बच्चा सभ लेल सम्पर्क कार्यक्रमक प्रारम्भ केने रहथि। आइ काल्हि ओ अपन पति आ बच्चीक संग टोक्योमे रहै छथि। स्वयंप्रभा झा 1970- रूपा धीरू 1973- रूपा धीरू- जन्मस्थान-मयनाकडेरी, सप्तरी, श्रीमती पूनम झा आ श्री अरूणकुमार झाक पुत्री।स्थायी पता- अञ्चल- सगरमाथा, जिल्ला- सिरहा। प्रथम प्रकाशित रचना-कोइली कानए, माटिसँ सिनेह (कविता),भगता बेङक देश-भ्रमण (कनक दीक्षितक पुस्तकक धीरेन्द्र प्रेमर्षिसँग मैथिलीमे सहअनुवाद,सङ्गीतसम्बन्धी कृति- राष्ट्रियगान, भोर, नेहक वएन, चेतना, प्रियतम हमर कमौआ (पहिल मैथिली सीडी), प्रेम भेल तरघुस्कीमे, सुरक्षित मातृत्व गीतमाला, सुखक सनेस। सम्पादन-पल्लव, मैथिली साहित्यिक मासिक पत्रिका, सम्पादन-सहयोग,हमर मैथिली पोथी (कक्षा १, २, ३, ४ आ ५ आ कक्षा 9-10 क ऐच्छिक मैथिली विषय पाठ्यपुस्तकक भाषा सम्पादन)। रंजना झा, विद्यापति संगीत गायिका रश्मि दत्त, गायिका, जनकपुर कामिनी कामायनी मुन्नी झा युवा रचनाकार कामिनी 1978- युवा कवियित्री रुक्साना सिद्दीकी कल्पना मिश्र, मैथिली रंगमंच ज्योति झा, , मैथिली रंगमंच किरण झा, मैथिली रंगमंच प्रियंका झा, मैथिली रंगमंच ऋतु कर्ण, मैथिली रंगमंच ज्योति वत्स, रंगमंच नेहा वर्मा, रंगमंच सविता अनुप्रिया मृदुला प्रधान अरुण मिश्र, महिला बॉक्सिंग राखी दास, मिथिला चित्रकला बनारसी पंडित,मिथिला चित्रकला, धनुषा, नेपाल देवकला देवी कर्ण,मिथिला चित्रकला, नेपाल मदनकला कर्ण,मिथिला चित्रकला, नेपाल महासुन्दरी देवी,मिथिला चित्रकला निर्जला झा, मिथिला चित्रकला, नेपाल फुलो साह, मिथिला चित्रकला, महोत्तरी, नेपाल रजनी पल्लवी संगीता कुमारी, मैथिली फेडोरा प्रोजेक्ट विन्देश्वरी दास गौरी सेन सीमा झा वाणी मिश्र, कवियित्री १९५३-१९९६ कोइलख, मधुबनी। जन्मस्थान तिलाठी, नेपाल। मौसमी बनर्जी, कवियित्री शैल झा शान्ति देवी शशिबाला पिता श्री उग्र नारायण लाल, पति श्री उमेश कुमार कण्ठ (बिसहथ)। शिवा कश्यप आ कृष्ण कुमार कश्यपक सहयोगसँ "भारती विकास संस्था"क स्थापना। रचना: कृष्ण कुमार कश्यपक संग "मेघदूत" आ "गीत-गोविन्द"क मैथिली अनुवाद, माछ-भात, मिथिला चित्र-शिक्षा, भाग-१, मिथिला चित्र-कोर, भाग-३। मुन्नी कामत सुखल मन तरसल आँखि (कविता संग्रह)। प्रेरणा झा मिथिला लोक कला अंशुमाला मैथिली लोकगीत। श्वेता झा चौधरी, चित्रकार गाम सरिसव-पाही, ललित कला आ गृहविज्ञानमे स्नातक। मिथिला चित्रकलामे सर्टिफिकेट कोर्स।कला प्रदर्शिनी: एक्स.एल.आर.आइ., जमशेदपुरक सांस्कृतिक कार्यक्रम, ग्राम-श्री मेला जमशेदपुर, कला मन्दिर जमशेदपुर ( एक्जीवीशन आ वर्कशॉप)।कला सम्बन्धी कार्य: एन.आइ.टी. जमशेदपुरमे कला प्रतियोगितामे निर्णायकक रूपमे सहभागिता, २००२-०७ धरि बसेरा, जमशेदपुरमे कला-शिक्षक (मिथिला चित्रकला), वूमेन कॉलेज पुस्तकालय आ हॉटेल बूलेवार्ड लेल वाल-पेंटिंग।प्रतिष्ठित स्पॉन्सर: कॉरपोरेट कम्युनिकेशन्स, टिस्को; टी.एस.आर.डी.एस, टिस्को; ए.आइ.ए.डी.ए., स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, जमशेदपुर; विभिन्न व्यक्ति, हॉटेल, संगठन आ व्यक्तिगत कला संग्राहक। हॉबी: मिथिला चित्रकला, ललित कला, संगीत आ भानस-भात। श्वेता झा मिथिला चित्रकला, सम्प्रति सिंगापुरमे निवास। रानी झा मोती कर्ण मिथिला चित्रकला निक्की प्रियदर्शिनी प्रज्ञा झा डॉ. नलिनी चौधरी नीलम चौधरी, कथक नृत्यांगना इरा मल्लिक पिता स्व. शिवनन्दन मल्लिक, गाम- महिसारि, दरभंगा। पति श्री कमलेश कुमार, भरहुल्ली, दरभंगा। गुंजन कर्ण राँटी मधुबनी, सम्प्रति यू.के.मे रहै छथि। www.madhubaniarts.co.uk पर हुनकर कलाकृति देखि सकै छी। पूनम मंडल प्रियंका झाक संग मैथिली न्यूज पोर्टल "समदिया" www.esamaad.blogspot.com क संचालन । प्रियंका झा पूनम मंडलक संग मैथिली न्यूज पोर्टल "समदिया" www.esamaad.blogspot.com क संचालन । स्तुति नारायण डॉ. ललिता झा १९५१ जन्म पनिचोभ, दरभंगामे। "मैथिलीक भोजन सम्बन्धी शब्दावली" प्रकाशित"। आरती कुमारी १९६७- "मैथिली मुक्तक काव्यमे नारी" प्रकाशित। मीना झा ब्रेस्ट कैसरक समस्यापर विदेह मे मीना झा केर एकटा लघु कथा प्रकाशित भेल। ई मैथिलीक पहिल कथा छल जे ब्रेस्ट कैसर पर लिखल गेल। हिन्दीमे सेहो ताधरि एहि विषयपर कथा नहि लिखल गेल छल। अनुपमा प्रियदर्शिनी पति डॉ. रतन कर्ण, गाम- उजान (बड़कागाम), पो. लोहना रोड, जिला दरभंगा। सम्प्रति लोजियाना (संयुक्त राज्य अमेरिकामे), शिक्षा- एम.एस.सी. (जंतु विज्ञान), ल.ना. मिथिला वि.वि., दरभंगा; बी.एस.सी. बी.आर. अम्बेडकर वि.वि. मुजफ्फरपुरसँ, हॉबी, मिथिला चित्रकला, कमप्यूटराइज्ड चित्रकला, ललित कला। उपलब्धि: अखिल भारतीय कला आ दस्तकारी प्रतियोगिताक पुरस्कार 1995 मे; संस्कार भारती भाव नृत्य प्रतियोगिता 1989 मे सहभागी। आराधना मल्लिक मैथिली रंगमंच। शिखा मैथिली रंगमंच। प्रीति ठाकुर गाम- जगेली, भाया तारानगर, पूर्णियाँ। मैथिली बाल साहित्यमे "गोनू झा आ आन चित्र कथा २००८", "मैथिली चित्रकथा २००९" आ "मिथिलाक लोकदेवता २०१०", विद्यापतिक पुरुष परीक्षा (बाल साहित्य) २०१४ प्रकाशित। अनुपमा झा ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल, भारत। विनीता मल्लिक रेवती मिश्र अनामिका राज आभा झा प्रियंवदा तारा झा डॉ अपर्णा शान्ति लक्ष्मी चौधरी ग्राम गोविन्दपुर, जिला सुपौल निवासी आ राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा मे कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्ष श्री श्यामानन्द झाक जेष्ठ सुपुत्री, आओर ग्राम महिषी (पुनर्वास आरापट्टी), जिला सहरसा निवासी आ दिल्ली स्कूल ऑफ इकानोमिक्स सँ जुड़ल अन्वेषक आ समाजशास्त्री श्री अक्षय कुमार चौधरीक अर्धांगिनी छथि। प्राणीशास्त्र सँ स्नातकोत्तर रहितो शिक्षाशास्त्रक स्नातक शिक्षार्थी आ एकटा समाजशास्त्री सँ सानिध्यक चलिते आम जीवनक सामाजिक बिषय-बौस्तु आ खास कऽ महिलाजन्य सामाजिक समस्या आ प्रघटनामे हिनक विशेष अभिरूचि स्वभाविक। अनुपम रैना डॉ चित्रलेखा डॉ कल्पना मणिकान्त मिश्र पिता डॉ शिव कुमार झा, गाम राटी, सासुर- गजहारा। मेडिकल शिक्षा जे. जे. हॉस्पीटल/ ग्रान्ट हॉस्पीटलसँ सम्पन्न कय स्त्री-रोग विशेषज्ञ। मुम्बइसँ १९८०-८२ मे प्रकाशित होइबला मैथिली पत्रिका "विदेह"क पति डॉ मणिकान्त मिश्र (निर्माता- मैथिली फिल्म- आउ पिया हमर नगरी) संग सम्पादन। ४.९.मिथिलाक खोज वि दे ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly ejournal विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू। Always refresh the pages for viewing new issue of VIDEHA. प्रस्तुत अछि विदेह, मिथिला, तीरभुक्ति आ तिरहुतक नामसँ विख्यात वर्त्तमान भारत आ नेपालमे पसरल माटिक प्राचीन आ नव स्थापत्य, चित्रांकित अभिलेख आ मूर्त्तिकलाक एकटा छोट संग्रह। एहि संग्रहकेँ पूर्ण करबाक हेतु अपन बहुमूल्य संग्रह editorial.staff.videha@gmail.com केँ पठाऊ। आर्काइवक सर्वाधिकार रचनाकार, सम्बन्धित फोटोग्राफर आ संग्रहकर्त्ताक लगमे छन्हि। फोटो सभ पठएबाक लेल धन्यवाद पाठकगण। साभार। विशेष विवरण देखबा लेल क्लिक करू, दर्शनीय मिथिला, Brochure 1, Brochure 2, Brochure 3  (मैथिली साहित्य  संस्थान लिंक), IGNCA ASI (Cultural Heritage of Mithila- search keyword Mithila), Temple Survey Project ASI- English आ Hindi .पूर्णतः अव्यवसायिक उद्देश्य आ मात्र एकेडमिक प्रयोग लेल। भुवनेश्वरी भगवतीपुर (Madhubani, Bihar) बौद्ध तारा सँ समानता नाकमे कुण्डल देखू सूर्य भगवतीपुर (Madhubani Bihar) विष्णु भगवतीपुर (Madhubani, Bihar) दुर्गा, पोखरिसँ भेटल, ओतहि बहेरी मन्दिर (बजारसँ दक्षिण)मे स्थापित हरद्वार मन्दिर घनश्यामपुर (दरभंगा)- चोरि भऽ गेल गौरीशंकर, जमथरि, हैंठी बाली, मधुबनी गौरीशंकर, जमथरि, हैंठी बाली, मधुबनी गौरीशंकर, जमथरि, हैंठी बाली, मधुबनी गौरीशंकर, जमथरि, हैंठी बाली, मधुबनी गौरीशंकर, जमथरि, हैंठी बाली, मधुबनी गौरीशंकर, जमथरि, हैंठी बाली, मधुबनी बाइसी-बसैटी, अररिया मिथिलाक्षर ताम्रलेख बाइसी-बसैटी, अररिया मिथिलाक्षर ताम्रलेख बाइसी-बसैटी, अररिया मिथिलाक्षर ताम्रलेख बाइसी-बसैटी, अररिया मिथिलाक्षर ताम्रलेख धरहरा, बनमनखी, पूर्णियाँ, नरसिंह अवतार धरहरा, बनमनखी, पूर्णियाँ, नरसिंह अवतार पूरणदेवी, पूर्णियाँ बिदेश्वर स्थान अभिलेख, मधुबनी अन्ध्राठाढी अभिलेख, मधुबनी बुद्ध अष्टधातु, सिसव बसंतपुर, बगहा 12 शताब्दी, कोइलख, मधुबनी अग्नि बिदेश्वर स्थान, मधुबनी बुद्ध, मुंगेर अहिल्या स्थान अन्ध्राठाढी, मधुबनी अशोक स्तंभ, बसाढ, वैशाली बुद्ध अवलोकितेश्वर तारा, भागलपुर बसाढ, वैशाली बुद्ध भूमिस्पर्श बुद्ध, ताम्र बुद्ध मस्तक, सुलतानगंज वैशाली मूर्त्ति चामुण्डा नाग-नागिनी, मुंगेर मुकुटधारी बुद्ध, अंतीचक, भागलपुर नाचैत गणेश, 10म शताब्दी, दरभंगा दरभंगा म्युजियम दरभंगा म्युजियम दुर्गा, कार्त्तिकेय 10म शताब्दी, भीट भगवानपुर, अन्ध्रा ठाढी गणेश बुद्ध गौतम बुद्ध, वैशाली हरिहर बुद्ध चिड़ैकेँ खुआबैत महिला, राजमहल लौरिया नन्दनगढ, अशोक स्तंभ लोमश सुदामा गुफा मुंगेर नागराज तीर्थंकर कुमारिल भटट फेकेलाह, नालन्दा विक्रमशिला विश्वविद्यालय, भागलपुर ठाढ बुद्ध पार्वती रामायण रामपुरवा वृषभ रामपुरवा बुद्धक अवशेष संकिसा सप्तमातृका सर्वतो भद्र मण्डल सूर्य सूर्य सूर्यक संगी सूर्य, मधुबनी आ भागलपुर मूर्त्ति मूर्त्ति मूर्त्ति, वैशाली उमा माहेश्वर, कल्याणसुन्दर वैशाली वृषभ शीर्ष वैशाली, शालभंजिका भागलपुर विष्णु बुद्धा पाँखियुक्त्त महिला अहिल्या अष्टयोगिनी मन्दिर, सहरसा बनगंगा दरभंगा दरभंगा नगर, 1934 दरभंगा मेडिकल कॉलेज दुल्हदुल्हिन मन्दिर, जनकपुर गण्डीश्वर गंगासागर पोखरि, मधुबनी हनुमान मन्दिर, मधुबनी हरिहरस्थान मधुबनी हॉस्पीटल जनकपुर जानकी मन्दिर जानकी मन्दिर जानकी मन्दिर, सीतामढी जानकी मन्दिर, सीतामढी जिला स्वास्थ्य कार्यालय राजबिराज, नेपाल कलनेश्वर बाबा कपिलेश्वर कोषलेखाकार्यालय, राजबिराज, नेपाल मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा लक्ष्मीश्वर पैलेस, 1934 माध्यमिकविद्यालय , जनकपुर महेन्द्र चौक, जनकपुर जनकपुर मंडप मिथिला, 1988 भूकम्प पगलाबाबा धर्मशाला, जनकपुर, नेपाल पंडौल अहल्या मधुबनी बस स्टैंड राज हेड ऑफिस, 1934 राज हॉस्पीटल, दरभंगा, 1934 सौराठ सभा शिव मन्दिर, 1934 शिवशंकर सिनेमा, मधुबनी श्यामा मन्दिर विद्यापति मूर्त्ति, बिस्फी उग्रतारा, तारास्थान, महिषी, सहरसा विद्यापति स्मारक, बिस्फी विस्फी, उदना महादेव बिस्फी, विश्वेश्वरी भगवती अहल्या मन्दिर, अहियारी अशोक स्तंभ, वैशाली स्तूप अशोक स्तंभ, वैशाली बलिराजपुर किला पूर्वी गेट बलिराजपुर किला मीनार चण्डी स्थान, बिराटपुर, सहरसा गाँधी पोखरि, ढाका, मोतिहारी गाँधी विद्यालय, ढाका, मोतिहारी गिरिजा स्थान, मधुबनी हरिहर मन्दिर, सोनपुर जैन मन्दिर, भागलपुर जैन मन्दिर, वैशाली कमलादित्य स्थान कपिलेश्वर शिव मन्दिर लौरिया नन्दनगढ मदनेश्वर शिव मन्दिर मन्दार पर्वत, बाँका मोतिहारी सत्याग्रह स्मारक परमेश्वरी मन्दिर, ठाढी, मधुबनी रामजानकी मन्दिर, सीतामढी सत्याग्रह स्मारक, सीतामढी शांति स्तूप, वैशाली उच्चैठ भगवती उच्चैठ मन्दिर सिंघेश्वर स्थान, मधेपुरा सूर्यधाम, परसा उग्रतारा मन्दिर, महिषी, सहरसा वैशाली स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय, भागलपुर विराटपुर मन्दिर, मधेपुरा वृषभ शीर्ष, रामपुरवा सिंह शीर्ष, रामपुरवा शरभ, नेपाल पाँखियुक्त्त देवी, वैशाली बाबा बडेश्वर, देवना, बनगाँव वट वृक्ष, बनगाँव भगवान विष्णु, देवना, बनगाँव शास्त्रार्थ स्थल,तारास्थान महिषी शास्त्रार्थ स्थल,तारास्थान महिषी तारास्थान महिषी माता तारा, तारास्थान महिषी उग्रतारा (खादर वाणी तारा) मूर्ति, महिषी वशिष्ठ मुनि, तारास्थान महिषी आवर्धित काली उच्चैठ बौद्धदेवी तारा वारी समस्तीपुर भगवती देकुली भगवती गिरिजा फुल्हर भगवती मृणमूर्ति गन्धबारि भगवती वारी समस्तीपुर भुवनेश्वरी कोर्थ देवीकाली कोर्थ गंगामूर्ति नगरडीह दरभंगा गोसाउनि मन्दिर कोर्थ हैहट्ट देवी हाबीडीह काली उच्चैठ महिषासुरमर्दिनी बहेरी दरभंगा महिषासुरमर्दिनी हाबीडीह महिषासुरमर्दिनी नाहर-भगवतीपुर उमा म्लेच्छमर्दिनी मिर्जापुर दरभंगा यमुना भैरव बलिया मधुबनी भैरव, भैरव-बलिया नटराज, तारालाही शिव-पार्वती मन्दिर, कपिलेश्वरस्थान शिव-पार्वती मन्दिर, कपिलेश्वरस्थान शिव मन्दिर, सिंगिया, विस्पी उमामाहेश्वर, महादेवमठ उमामाहेश्वर, तिरहुत विष्णु, भवानीपुर विष्णु, भीठ भगवानपुर विष्णु, जयनगर विष्णु, लदहो विष्णु, साहो-पररी, हाबीडीह शेषशायी विष्णु, सवास, मुजफ्फरपुर वराह मूर्ति, तिलकेश्वरस्थान मिथिलाक्षर अभिलेख, विष्णु बुद्ध मूर्ति भगवती उच्चैठ, बेनीपट्टी भगवती वाणेश्वरी, भंडारीसम चामुण्डा मन्दिर, कटरा, मुजफ्फरपुर अष्टभुज गणेश, हाबीडीह अष्टभुज गणेश, कोर्थ गंगा, आन्ध्रा-ठाढ़ी महिषासुरमर्दिनी, दुर्गा म्लेच्छमर्दिनी मन्दिर, मिर्जापुर, दरभंगा नटराज राममन्दिर, अहिल्यास्थान सेहनी, वैशाली, विष्णु तिलक-यज्ञोपवीतधारी रूपनगर शिव मन्दिर सूर्य, देकुली सूर्य मूर्ति, डिलाही सूर्य मूर्ति, विष्णु, बरुआर उमामाहेश्वर यमुना, आन्ध्रा-ठाढ़ी सिमरौनागढ़ मूर्ति आदि काली, चैनपुर सहरसा चैनपुर सहरसा- मिथिलाक एकमात्र नीलकंठ मन्दिर, संगमे आदिकालीन भव्य काली-मन्दिर सेहो एहि गाममे अछि। महाशिवरात्रि आ कालीपूजा बड़ धूमधामसँ चैनपुरमे होइत अछि। त्योथागढ़क स्वामी माध्वानन्द कौलाचार्य काली मन्दिर त्योथा गढ़ लग। पुरान गढ़। एकर पूबमे ब्रह्मपुराक बाबा हरिहरनाथ महादेव मन्दिर आ दक्षिणमे उच्चैठ भगवती छथि। त्योथागढ़क दसमुखी काली त्योथा गढ़ लग। पुरान गढ़। एकर पूबमे ब्रह्मपुराक बाबा हरिहरनाथ महादेव मन्दिर आ दक्षिणमे उच्चैठ भगवती छथि। कोइलख (मधुबनी) देवीक मन्दिर अकौर, बेनीपट्टी, भगवती दुर्गा, भगवतीपीठ अकौर, बेनीपट्टी, भगवती दुर्गा, भगवतीपीठ १.अष्टभुज गणेश, कोर्थ २.शिव मन्दिर, सिंघिया, बिस्फी १. बौद्ध देवी तारा, वारी, समस्तीपुर २.उग्रतारा मन्दिर, महिषी, सहरसा १.भगवती, वारी २.भगवती, देकुली १. भगवती गिरिजा, फुलहर २.काली, उच्चैठ १. भैरव, भैरव बलिया २. उमामाहेश्वर, महादेवमठ १. देवीकाली, कोर्थ २. गुसाउनि स्थल मन्दिर, कोर्थ १. गणेश, लहेरियासराय २.उमामाहेश्वर ३. नटराज, ४. विष्णु, तिलक, जनउ धारी, सेहान, वैशाली १. गंगा मूर्ति, नगरडीह, दरभंगा २. भगवती मृण्मूर्ति, गन्धवारि १. हैहट्ट देवी, हाबीडीह २.भुवनेश्वरी, कोर्थ १. कथित काली, उच्चैठ, २.अष्टभुज गणेश, कोर्थ १. महिषासुर मर्दिनी, हाबीडीह, २.उमा, म्लेच्छमर्दिनी, मिर्जापुर, दरभंगा १.महिषासुरमर्दिनी, भगवतीपुर, नाहर, महिषासुर मर्दिनी, बहेरी, दरभंगा १. म्लेच्छमर्दिनी भगवती, मिर्जापुर, दरभंगा २. राम मन्दिर, अहिल्यास्थान १. म्लेच्छमर्दिनी भगवती, मिर्जापुर, दरभंगा २.सिंहेश्वर स्थान, मधेपुरा १. नटराज, तारालाही २. उमामाहेश्वर १_शेषसायी, सवास, मुजफ्फरपुर, २_नटराज_तारालाही ३_ भगवती ४_ उमा माहेश्वरी १-शिव पार्वती मन्दिर, कपिलेश्वर स्थान २. सूर्य मूर्ति डिलाही १_ सूर्यमूर्ति, विष्णु बरुआर २. गंगा, आन्ध्रा ठाढ़ी १_उच्चैठ भ्हगवती, बेनीपट्टी २_महिषासुरमर्दिनी, दुर्गा ३_ चामुण्डा मन्दिर, कटरा, मुजफ्फरपुर ४._भगवती वानेश्वरी, भण्डारिसम १. वराहमूर्ति, तिलकेश्वरस्थान, २.विष्णु, भवानीपुर १. विष्णु, जयनगर २.विष्णु, भीठ भगवानपुर १_विष्णु, लदहो, २.सूर्य, देकुली १_विष्णु_साहो परड़ी, स्थापित-हाभीडीह २.बुद्ध-विष्णु मूर्ति अभिलेख १_विष्णु, सेहान, २_वराह ३_गणेश ४.शिव मन्दिर_रूपनगर १_यमुना, आन्ध्रा ठाढ़ी, २.अष्टभुज गणेश, हाबीडीह १_यमुना, भैरव बलिया, २_शेषसायी, सवास, मुजफ्फरपुर, ३_नटराज_तारालाही ४_ भगवती ५_ उमा माहेश्वरी कथित, काली, उच्चैठ, बेनीपट्टी मूर्ति (मिथिला क्षेत्र) सम्भवतः सूर्य वेणुगोपाल, मिथिला विष्णु, जाले, दरभंगा विष्णु विष्णु, ओझौल, दरभंगा मिथिलाक खोज ई आलेख हमर दशकसँ ऊपरक मिथिलाक यात्राक उपरान्तक सूत्र-वृत्तान्त अछि आ ऐमे ऐ सभ स्थानक स्थानीय निवासी आ गाइड सभक अकथनीय योगदान छन्हि । कखनो कालतँ भाड़ाक गाड़ीक ड्राइवर लोकनि सेहो नीक गाइड सिद्ध भेला।-गजेन्द्र ठाकुर "मिथिलायदयश्च मध्यंते रिपवो इति मिथिला नगरी" - मिथिला जतऽ शत्रुकेँ मथल जाइत अछि- पाणिनीक विवरण। किला आ गढ़ बलिराजपुर किला- मधुबनी जिलाक बाबूबरही प्रखण्डसँ ५ किलोमीटर पूब बलिराजपुर गाम अछि। एकर दक्षिण दिशामे एकटा पुरान किलाक अवशेष अछि। किला चारि किलोमीटर नमगर आ एक किलोमीटर चाकर अछि। दस फीटक मोट देबालसँ ई घेरल अछि। असुरगढ़ किला- मिथिलाक दोसर किला मधुबनी जिलाक पूब आ उत्तर सीमा पर तिलयुगा धारक कातमे महादेव मठ लग ५० एकड़मे पसरल अछि। जयनगर किला- मिथिलाक तेसर किला अछि भारत नेपाल सीमा पर प्राचीन जयपुर आ वर्त्तमान जयनगर लग। दरभंगा लग पंचोभ गामसँ प्राप्त ताम्र अभिलेख पर जयपुर केर वर्णन अछि। नन्दनगढ़- बेतियासँ १२ मील पश्चिम-उत्तरमे ई किला अछि। तीन पंक्त्तिमे १५ टा ऊँच डीह अछि। लौरिया-नन्दनगढ़- नन्दनगढ़सँ उत्तर स्थित अछि, एतऽ अशोक स्तंभ आ बौद्ध स्तूप अछि। देकुलीगढ़- शिवहर जिलासँ तीन किलोमीटर पूब हाइवे केर कातमे दू टा किलाक अवशेष अछि। चारू दिस खधाइ अछि। कटरागढ़- मुजफ्फरपुरमे कटरा गाममे विशाल गढ़ अछि, देकुली गढ़ जकाँ चारू कात खधाइ खुनल अछि। नौलागढ़-बेगुसरायसँ २५ किलोमीटर उत्तर ३५० एकड़मे पसरल ई गढ़ अछि। जयमंगलगढ़- बेगूसरायमे बरियारपुर थानामे काबर झीलक मध्य एकटा ऊँच डीह अछि। एतऽ ई गढ़ अछि। नाओकोठी (मझौल) गाम लग ई गढ़ अछि। मंगलगढ़- समस्तीपुर जिलामे हसनपुर ब्‍लॉकमे दुधपुरा बजार लग देओढ गाम लग। भगवान बुद्धक उपदेश एतऽ भेल, स्थानीय राजा मंगलदेवक आग्रहपर बुद्ध किछु दिन एतऽ निवास सेहो केलन्हि। अलौलीगढ़- खगड़ियासँ १५ किलोमीटर उत्तर अलौली गाम लग १०० एकड़मे पसरल ई गढ़ अछि। कीचकगढ़- पूर्णिया जिलामे डेंगरघाटसँ १० किलोमीटर उत्तर महानन्दा नदीक पूबमे ई गढ़ अछि। बेनूगढ़- टेढ़गाछ थानामे कवल धारक कातमे ई गढ़ अछि। वरिजनगढ़- बहादुरगंजसँ छह किलोमीटर दक्षिणमे लोनसवरी धारक कातमे ई गढ़ अछि। नेऊरी- दरभंगाक बिरौल प्रखण्डसँ १३ किलोमीटर पश्चिममे एकटा गढ़ अछि जे लोरिकक मानल जाइत अछि। बुद्ध कुन्दग्राम- हाजीपुरसँ बत्तीस किलोमीटर उत्तर-पूर्वमे बसाढ़-वैशाली आ लगमे वासोकुण्ड लग गाम गढ़-टीलासँ २ कि.मी. उत्तर-पूर्व अछि कुन्दग्राम , जतऽ जैनक २४म तीर्थंकर महावीरक जन्म भेल छलन्हि। एतऽ बुद्धक छाउर, अभिषेक पुषकरणी (राजा अभिषेकसँ पूर्व एतऽ नहाइत रहथि), अशोक स्तम्भ आ संसद-भवन (राजा विशालक गढ़) अछि। पजेबागढ़ वनही टोल- एतऽ एकटा बुद्ध मूर्त्ति भेटल छल, मुदा ओकर आब कोनो पता नै अछि। ई स्थल सेहो रखबारी गामक लगे अछि। मंगलगढ़- समस्तीपुर जिलामे हसनपुर ब्‍लॉकमे दुधपुरा बजार लग देओढ गाम लग। भगवान बुद्धक उपदेश एतऽ भेल, स्थानीय राजा मंगलदेवक आग्रहपर बुद्ध किछु दिन एतऽ निवास सेहो केलन्हि। मुसहरनियां डीह- अंधरा ठाढ़ीसँ ३ किलोमीटर पश्चिम पस्टन गाम लग एकटा ऊँच डीह अछि। बुद्धकालीन एकजनियाँ कोठली, बौद्धकालीन मूर्त्ति, पाइ, बर्त्तनक टुकड़ी आ पजेबाक अवशेष एतऽ अछि। अकौर- मधुबनीसँ २० किलोमीटर पश्चिम आ उत्तरमे अकौर गाममे एकटा ऊँच डीह अछि, जतऽ बौद्धकालक मूर्त्ति अछि। लौरिया-नन्दनगढ़- नन्दनगढ़सँ उत्तर स्थित अछि, एतऽ अशोक स्तंभ आ बौद्ध स्तूप अछि। विक्रमशिला- भागलपुरमे स्थित प्राचीन विश्वविद्यालय। भागलपुर जिलाक अंतीचक गाममे राजा धर्मपालक बनाओल बुद्ध विश्वविद्यालय अछि। १०८ व्याख्याता लेल रहबाक स्थान आ बाहरसँ पढ़य बला लेल सेहो स्थान एतऽ निर्मित अछि। चम्पानगर- भागलपुरक पश्चिममे, आब नगरसँ सटि गेल अछि। ई जैन लोकनिक एकटा पवित्रस्थल अछि, एतऽ महावीर तीनटा बस्सावास केने रहथि। दू टा जैन मन्दिर एतऽ अछि, जे जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथकेँ समर्पित अछि। महावीर विदेहमे छह टा बस्सावास बितेलन्हि। बर्खा ऋतुमे चारि मास एक ठाम निवासकेँ बस्सावास कहल जाइ छल। बुद्ध एकोटा बस्सावास विदेहमे नै बितेलन्हि, मुदा वैशाली नगरीमे आम्रपालीक उद्यानमे लिच्छवीगणकेँ सन्देश देने छला।  आम्रपालीसँ  भिक्षा ग्रहण कऽ बुद्ध गेला वेणुमती करय चारि मासक बस्सावास। अभिलेख गौरी-शंकर स्थान, मधुबनी जिलाक जमथरि गाम आ हैंठी बाली गामक बीच ई स्थान गौरी आ शङ्करक सम्मिलित मूर्त्ति आ ऐपर मिथिलाक्षरमे लिखल पालवंशीय अभिलेख। बिदेश्वरस्थानसँ २-३ किलोमीटर उत्तर दिशामे ई स्थान अछि। भीठ-भगवानपुर अभिलेख- राजा नान्यदेवक पुत्र मल्लदेवसँ संबंधित अभिलेख एतऽ अछि। मधुबनी जिलाक मधेपुर थानामे ई स्थल अछि। भगीरथपुर- पण्डौल लग भगीरथपुर गाममे अभिलेख अछि जइसँ ओइनवार वंशक अंतिम दुनू शासक रामभद्रदेव आ लक्ष्मीनाथक प्रशासनक विषयमे सूचना भेटैत अछि। मंदार पर्वत- बांका स्थित स्थलमे मिथिलाक्षरक गुप्तवंशीय ७म् शताब्दीक अभिलेख अछि। समुद्र मंथनक हेतु मंदारक प्रयोग भेल छल। निकटमे बौंसीमे जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथक दूटा मूर्त्ति अछि, पैघ मूर्ति लाल पाथरक अछि तँ दोसर काँसाक जकर सोझाँ दूटा पदचिन्ह अछि। जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथक जन्म चम्पानगरमे आ निर्वाण एत्तै भेल छलन्हि। बिदेश्वर- मधुबनी जिलामे लोहनारोड स्टेशन लग स्थित शिवधामक स्थापना महाराज माधवसिंह केलन्हि। तइ युगक मिथिलाक्षरक अभिलेख सेहो एतऽ अछि। बसैटी (बाइसी-बसैटी), अररिया अभिलेख - पूणियाँमे श्रीनगर लग मिथिलाक्षरक ई अभिलेख मिथिलाक पहिल महिला शासक रानी इद्रावतीक राज्यकालक वर्णन करैत अछि। रानी इन्द्रावती (१७८४-१८०२) जे अकालक समय फूड-फॉर-वर्क आ अन्य कल्याणकारी कार्यक प्रारम्भ केने रहथि। जयनगर किला- मिथिलाक तेसर किला अछि भारत नेपाल सीमा पर प्राचीन जयपुर आ वर्त्तमान जयनगर लग। दरभंगा लग पंचोभ गामसँ प्राप्त ताम्र अभिलेख पर जयपुर केर वर्णन अछि। विष्णु हुलासपट्टी- मधुबनी जिलाक फुलपरास थानाक जागेश्वर स्थान लग हुलासपट्टी गाम अछि। कारी पाथरक विष्णु भगवानक मूर्त्ति एतऽ अछि। पिपराही- लौकहा थानाक पिपराही गाममे विष्णुक मूर्त्तिक चारू हाथ भग्न भऽ गेल अछि। मधुबन- पिपराहीसँ १० किलोमीटर उत्तर नेपालक मधुबन गाममे चतुर्भुज विष्णुक मूर्त्ति अछि। कमलादित्य स्थान- अंधरा ठाढ़ी लगमे कमलादित्य स्थानक विष्णु मंदिर कर्णाट राजा नान्यदेवक मंत्री श्रीधर दास द्वारा स्थापित भेल। झंझारपुर अनुमण्डलक रखबारी गाममे वृक्षक नीचाँ राखल विष्णु मूर्त्ति, गांधारशैली मे बनाओल गेल अछि। मटिहानी- विष्णु मन्दिर जनकपुर- बृहद् विष्णुपुराणमे मिथिलामाहात्म्यमे जनकपुर क्षेत्रक वर्णन अछि। सत्रहम शताब्दीमे संत सूर किशोरकेँ अयोध्यामे सरयू धारमे राम आ जानकीक दू टा भव्य मूर्त्ति भेटलन्हि, जकरा ओ जानकी मन्दिर, जनकपुरमे स्थापित कऽ देलन्हि। वर्त्तमान मन्दिरक स्थापना टीकमगढ़क महारानी द्वारा १९११ ई. मे भेल। नगरक चारूकात यमुनी, गेरुखा आ दुग्धवती धार अछि। राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी),जानकी नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी) आ विवाह पंचमी (अगहन शुक्ल पंचमी) पर एतऽ मेला लगैए। अंधरा-ठाढ़ीक स्थानीय वाचस्पति संग्रहालय- गौड़ गामक यक्षिणीक भव्य मूर्त्ति एतऽ राखल अछि। गौतम तीर्थ- कमतौल स्टेशनसँ ६ किलोमीटर पश्चिम ब्रह्मपुर गाम लग एकटा गौतम कुण्ड पुष्करणी अछि। मुंगेरक पूब 'सीता-कुण्ड'गर्म कुण्ड अछि, सीता जी एत्तै पृथ्वीमे समाहित भेल छली। ठंढ़ा जलक कुण्ड 'रामकुण्ड', लक्ष्मण कुण्ड, भरत कुण्ड, आ शत्रुघ्न कुण्ड सेहो अछि, भैयारीमे बड्ड मिलान। से मिलान बाबू गढ़ नारिकेलमे सेहो छै, बेसी पढ़ल लिखल गाममे से आब कहाँ? हलावर्त्त- जनकपुरसँ ३५ किलोमीटर दक्षिण पश्चिममे सीतामढ़ी नगरमे हलवेश्वर शिव मन्दिर आ जानकी मन्दिर अछि। एतसँ डेढ़ किलोमीटर पर पुण्डरीक क्षेत्रमे सीताकुण्ड अछि। हलावर्त्तमे जनक द्वार हर चलेबा काल सीता भेटलि छली। राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी) आ जानकी नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी) पर एतऽ मेला लगैए। फुलहर-मधुबनी जिलाक हरलाखी थानामे फुलहर गाममे जनकक पुष्पवाटिका छल जतऽ सीता फूल लोढ़ै छली। धनुषा- जनकपुरसँ १५ किलोमीटर उत्तर धनुषा स्थानमे पीपरक गाछक नीचाँ एकटा धनुषाकार खण्ड पड़ल अछि। रामक तोड़ल ई धनुष अछि। ऐसँ पूब वाणगंगा धार बहैए जे लक्ष्मण द्वारा वाणसँ उद्घाटित भेल छल। सुग्गा- जनकपुर लग जलेश्वर शिवधामक समीप सुग्गा ग्राममे शुकदेवजीक आश्रम अछि। शुकदेवजी जनकसँ शिक्षा लेबाक हेतु मिथिला ऐल छला- ऐ ठाम हुनका ठहरेबाक व्यवस्था भेल छल। सिंहेश्वर- मधेपुरासँ ५ किलोमीटरपर गौरीपुर गाम लग सिंहेश्वर शिवधाम अछि। कपिलेश्वर- कपिल मुनि द्वार स्थापित महादेव मधुबनीसँ ६ किलोमीटर पश्चिममे अछि। कुशेश्वर- समस्तीपुरसँ उत्तर-पूब, लहेरियासरायसँ ६० किलोमीटर दक्षिण-पूब आ सहरसासँ २५ किलोमीटर पश्चिम ई एकटा प्रसिद्ध शिवस्थान अछि। एतऽ चिड़ै-अभ्यारण्य सेहो अछि जतऽ उज्जर आ कारी गैबर, लालसर, दिघौछ, मैल, नकटा, गैरी, गगन, सिल्ली, अधानी, हरिअल, चाहा, करन, रतबा चिड़ै सभ नवम्बरसँ मार्च धरि देखबामे अबैए। सिमरदह- थलवारा स्टेशन लग शिवसिंह द्वारा बसाओल शिवसिंहपुर गाम लग ई शिवमन्दिर अछि। सोमनाथ- मधुबनी जिलाक सौराठ गाममे सभागाछी लग सोमदेव महादेव छथि। मदनेश्वर- मधुबनी जिलाक अंधरा ठाढ़ीसँ ४ किलोमीटर पूब मदनेश्वर शिव स्थान अछि। चण्डेश्वर- झंझारपुरमे हरड़ी गाम लग चण्डेश्वर ठाकुर द्वारा स्थापित चण्डेश्वर शिवस्थान अछि। शिलानाथ- जयनगर लग कमला धारक कातमे शिलानाथ महादेव छथि। उग्रनाथ- मधुबनीसँ दक्षिण पण्डौल स्टेशन लग भवानीपुर गाममे उगना महादेवक शिवलिंग अछि। विद्यापतिकेँ प्यास लगलन्हि तँ उगनारूपी महादेव जटासँ गंगाजल निकालि जल पियेलखिन्ह। विद्यापतिक हठ केलापर ऐ स्थान पर उगना हुनका अपन असल शिवरूपक दर्शन देलखिन्ह। उच्चैठ छिन्नमस्तिका भगवती- कमतौल स्टेशनसँ १६ किलोमीटर पूर्वोत्तर उच्चैठमे कालिदास भगवतीक पूजा करैत छला। भगवतीक मौलिक मूर्त्ति मस्तक विहीन अछि। उग्रतारा- मण्डन मिश्रक जन्मभूमि महिषीमे मण्डनक गोसाउनि उग्रतारा छथि। भद्रकालिका- मधुबनी जिलाक कोइलख गाममे भद्रकालिका मंदिर अछि। चामुण्डा- मुजफ्फरपुर जिलामे कटरागढ़ लग लक्ष्मणा वा लखनदेइ धार लग दुर्गा द्वारा चण्ड-मुण्डक वध कएल गेल। ओइ स्थानपर ई मन्दिर अछि। परसा सूर्य मन्दिर- झंझारपुरमे सग्रामसँ पाँच किलोमीटर पूर्व परसा गाममे साढ़े चारि फीटक भव्य सूर्य मूर्त्ति भेटल अछि। चैनपुर सहरसा- मिथिलाक एकमात्र नीलकंठ मन्दिर, संगमे आदिकालीन भव्य काली-मन्दिर सेहो ऐ गाममे अछि। महाशिवरात्रि आ कालीपूजा बड़ धूमधामसँ चैनपुरमे होइत अछि। धरहरा, बनमनखी, पूर्णियाँमे नरसिंह अवतारक स्थान अछि, एकटा खोह जकाँ पैघ पाया अछि जइमे जे किछु फेकबै तँ बड़ी काल धरि गों-गोँ अबाज होइत रहत। ई स्थान आब नरसिंह भगवानक मूर्ति आ मन्दिरक कारणसँ बेस विकसित भऽ गेल अछि। एत्तै नरसिंह पाया फाड़ि अवतरित भेल छला। बिसफी- मधुबनी जिलाक बेनीपट्टी थानामे कमतौल रेलवे स्टेशनसँ ६ किलोमीटर पूब आ कपिलेश्वर स्थानसँ ४ किलोमीटर पश्चिम बिसफी गाम अछि। ज्योतिरीश्वर पूर्व महाकवि विद्यापतिक जन्म-स्थान ई गाम अछि। मिथिलाक बीस टा सिद्ध पीठ- १.गिरिजास्थान (फुलहर, मधुबनी), २.दुर्गास्थान (उचैठ, मधुबनी), ३.रहेश्वरी (दोखर, मधुबनी), ४.भुवनेश्वरीस्थान (भगवतीपुर, मधुबनी), ५. भद्रकालिका (कोइलख, मधुबनी), ६.चमुण्डा स्थान (पचाही, मधुबनी), ७.सोनामाइ (जनकपुर, नेपाल), ८.योगनिद्रा (जनकपुर, नेपाल), ९.कालिका स्थान (जनकपुर स्थान), १०.राजेश्वरी देवी (जनकपुर, नेपाल), ११.छिनमस्ता देवी (उजान, मधुबनी), १२.बनदुर्गा (खररख, मधुबनी), १३.सिधेश्वरी देवी (सरिसव, मधुबनी), १४.देवी-स्थान (अंधरा ठाढ़ी, मधुबनी), १५.कंकाली देवी (भारत नेपाल सीमा आ रामबाग प्लेस, दरभंगा), १६.उग्रतारा (महिषी, सहरसा), १७.कात्यानी देवी (बदलाघाट, सहरसा), १८.पुरन देवी(पूर्णियाँ), १९.काली स्थान (दरभंगा), २०.जैमंगलास्थान(मुंगेर), ५२. जनकपुर परिक्रमाक १५ स्थल आ ओतुक्का मुख्य देवता १. हनुमाननगर- हनुमानजी, २.कल्याणेश्वर- शिवलिंग, ३.गिरिजा-स्थान- शक्ति, ४.मटिहानी- विष्णु मन्दिर, ५.जालेश्वर- शिवलिंग, ६.मनाई- माण्डव ऋषि, ७. श्रुव कुण्ड- ध्रुव मन्दिर, ८.कंचन वन- कोनो मन्दिर नै मात्र मनोरम दृश्य, ९.पर्वत- पाँच टा पर्वत, १०.धनुषा- शिव धनुषक टुकड़ी, ११.सतोखड़ी- सप्तर्षिक सात टा कुण्ड, १२.हरुषाहा- विमलागंगा, १३. करुणा- कोनो मन्दिर नै मात्र मनोरम दृश्य, १४. बिसौल- विश्वामित्र मन्दिर आ १५.जनकपुर। दरभंगा कैथोलिक चर्च- १८९१मे स्थापित ई चर्च १८९७ केर भूकम्पमे क्षतिग्रस्त भऽ गेल। एकरा होली रोजेरी चर्च सेहो कहल जाइए। सेंट फांसिस ऑसिसी चर्च मुजफ्फरपुरमे अछि। भिखा सलामी मजार- गंगासागर पोखरि दरभंगाक महारपर ई मजार अछि। मकदूम बाबाक मजार:ललित नारायण मिथिला विश्ववविद्यालय आ कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगाक बीच स्थित ई मजार हिन्दू आ मुस्लिम मतावलम्बीक एकटा पावन स्थान अछि। दरभंगा टावर मस्जिद इस्लाम मतावलम्बीक एकटा भव्य मस्जिद आ धार्मिक स्थल अछि। विदेह ३६५ म अंक ०१ मार्च २०२३ (वर्ष १६ मास १८३ अंक ३६५)|| 209 210 || http://www.videha.co.in/ ISSN 2229-547X VIDEHA

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मैथिलीक प्रतिनिधि गजल १९०५ सँ २०२२ धरि संकलन ओ संपादन गजेन्द्र ठाकुर आशीष safer विदेह-प्रथम मैथिली पाक्षिक Safran fes vw. videha coin) tat विदेह मैथिली साहित्य आन्दोलन: मानुषीमिह संस्कृतामू Be ; = | © ;

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गे पंकज पराशरक पहिल उपन्यास “जतप्रांतर' (20i7) शोधपरक _ sore अछि। मैथिलीमे शोधपरक उपन्यास लिखबाक परम्परा Ale रहल _अछि। एहि दुआरे ई उपन्यास रेखांकन योग्य अछि । पराशरजी ue _उपन्यासमे कोसी नदीक aren इतिहास-कथा लिखलनि अछि। उपन्यासक बैशिष्ट्य ई जे बारहम शताब्दीसँ ल' क' आधुनिक काल धरि कोसी पर बान्ह ah दुसाध्य प्रयत्न, प्रशासनिक उठा-पटक, राजनीतिक cata Mee विस्तृत व्योरा रोचक कथाक माध्यम कहलनि aS | ध्यान देबाक तल ई जे सभटा सूचना आ व्योरा अत्यन्त विश्वसनीय oft पड़ल अछि। का आ फूल बाबू सदृश्य पढ़ल-लिखल आ सचेत पात्रक माध्यम नुसन्धानकें रखलनि अछि। दलान पर बैसल लोकक जिज्ञासाकें कका कहैत छथिन, “पहिल बेर बारहम शताब्दीमे लक्ष्मणसेन fe पुबरिया किनार दिस are बनौलनि। लक्ष्मण सेन बुंशक शासक छलाह जे L78e 205 ई. धरि शासन

कयने ome! We बान्हक अवशेष अहाँ एखनो भीमनगरसें दू कोस पश्चिममे देखि सकैत छी। एकटा पश्चिमी विद्वान फ्रासिस बुकाननके अनुमान रहनि, जे ई are सम्भवतः कोनो किलाकें रक्षा हेतु बनाओत गेत होयत। Hel बुकानन के Ace डब्त्यू. डन्त्यू. हंटर सहमत नहि Fae ओ साफ कहलनि जे कोसीक किनार पर are एहि दु - बनाओल गे होयत जे नदी पश्चिम दिस ae बहय लागय।” we तरहे बारह मे

USA HA WS गप के AM बढ़बेत कहलखिन, ' फूल बाबू, कोसी नदीक बेसिन प्राचीन काल सँ मनुक्खक निवास लेल उपयुक्त स्थान रहल अछि। बारहम-तेरहम सदी मे भारत मे जखन कइक टा नदी सुखा गेल, तँ ओहि ठामक पशुचारक समाजक लोक एतय आबि कए बसलाह। तहिये सँ बढ़ैत जनसंख्या आ कोसी नदीक बदलैत प्रवाहक मध्य टकराहटि होमय लागल | नदीक अनियंत्रित धारा केँ लोक बाढ़ि बूझय लागल | पहिल बेर बारहम शताब्दी मे लक्ष्मणसेन द्वितीय कोसी ade पुबरिया किनार दिस ore बनौलनि | लक्ष्मणसेन द्वितीय बंगाल के सेन वंशक शासक छलाह, F778 सँ 7205 Heat धरि शासन कयनेँ छलाह। Ue बान्हक अवशेष sel एखनो भीमनगर सँ दू कोस पश्चिम मे देखि wha छी। एकटा पश्चिमी विद्वान फ्रांसिस बुकानन के अनुमान रहनि, जे ई are संभवत: कोनो किला के रक्षा हेतु बनाओल गेल होयत | मुदा बुकानन के मत SF Se, डब्लू. हंटर सहमत नहि भेलखिन। ओ साफ कहलखिन, जे कोसीक किनार पर are एहि दुआरे बनाओल गेल होयत, जे नदी पच्छिम दिस नहि ae’ लागय।' पढ़आ कका सँ मुँहजबानी wie रास ऐतिहासिक तथ्य सुनियो कए फूल बाबू सहमति मे मूड़ी नहि डोलेलखिन | जाहि सँ ओतय बैसल लोक सबहक उत्सुकता और बढ़ि गेलनि, जे गप मे एहेन कोन तथ्य Ue गेलै जे फूल बाबू संतुष्ट नहि भेलखिन ? लोक के बुझेलनि जे फूल बाबू शास्त्रार्थ के अखड़हा पर माटि फेकि teat छथिन। पढ़आ कका केँ आइ जोड़ीदार भेटि गेलनि! जलप्रांतर / 3l

* ब्ेश, तँँ सुनू । 7354 से फिरोजशाह grees के wits जस्बन व्वंगात्त सँँ faecit aR tect wer, ते कोसीक vere aga तेज रतन greet Sar sre कोसी के किनार पर पहुँचत्त, तँँ कोसीक otf पार से हाजी शम्सखद्दीन इत्नियास से सेना ुगल्लकी सेना सै सोकाव्यस्ता sare Aer उसस्तर-शस्त्र or कप लैयार we aS हाजी शम्सऊद्दीन were, जे छाजीपुर डा समस्तीपुर नगर व्वसौनें Teles | Forester चुगलक के सेना संभवत: कुरसेत्ता के उ्मास-पास कोसी के तेज ae Sa ae सोच्च से पड़ गेल after रफ्तार Sf aoe लुगल्तकी सेना केँ नदी पार ्करव्वाक fsa afr भ' रहत्न Se! staat: लुगत्तकी सेनापति तय sacs, जे नदीक किनारे- किनार उत्तर दिस eget जाय । जलय जा कप नदीक पा करने कस व्यूझि पड़, sie पानिक ere ret जायल । एक्ठि sien से फौज उतर दिस aga रहत्न ETT aaa ate sunt गेस्ताक व्वाद व्कोसी के पेट at शिकस्त geet कोसी उ्मोलक्ि पहाड़ a नीचाँ sate sf पानिक सैर के ora ufe ef कसत्त जा सकैए, जे पाँच-पाँच सय सनक ores ere Aare creat व्यक्ति रत्न wer । तुगात्तव्की सेनासति के जलय सदी पार ae करें Sram aaah, sity एक cnet से सैकड़ों टा हाथी केँ org ae’ देस्त Fer Aral aren लाइन से ages - व्वडकका रस्सा cee ket Fret, जे St seit पानि से भास् जायत, team के safer सँँ निकात्ति Ger जायत। ule तरहेँ फिरोजशार लुगत्नकव्क सेना कोसी पार कक गेल । हाजी शम्सखद्दीन सपनों से fe सोचने च्ल,जे तुगत्नकी सेना ra पार क' जायत | Shas हाजी शस्सठद्दीन BF पता लगलनै जे तुगत्तककी सेना HA पार ae? set उसक्छि, F sit St से पड़ा गेल । ले ae Sreftes से ज enc से wt’ seu waar aneaieears करे wer रखी जय पर ग |”