गजेन्द्र ठाकुर / छह स्रोत-संस्करण
कूट नाम : तरहड़िमे गोहि
गजेन्द्र ठाकुर · सचित्र उपन्यास · 144 PDF पृष्ठ
पोथी आ ओकर विषय
एहि उपन्यासमे नाम, जाल आ बदलैत पहिचानक बचल निशान प्रमुख बनैत अछि। बीचक पढ़ल संवादमे सुनयना दोहराइत ढंग चिन्हैत छथि; अभयकान्त बदलि सकैवला नामकेँ आदति आ बारम्बार होमएवला भूलसँ अलग करैत छथि। पहिचान केवल नाम मानि लेनाइ नहि, व्यवहारक तुलना सेहो थिक।
अन्तमे हिंसाक स्मृति नव आ कम देखाइत खतराक सम्भावनासँ जुड़ैत अछि। नन्द आरुणि शान्त पानिक भीतर नुकाएल वस्तुक नव बोधसँ नदीकेँ देखैत छथि। प्रश्न अगिला नाम पहिनेसँ जनबाक नहि, अगिला निशान चिन्हबाक अछि। ई पाठ चुनल अंश आ विषय-सूचीपर आधारित अछि; प्रत्येक घटनाक पूर्ण विवेचनक दावा नहि। स्रोत पात्र आ घटनाकेँ काल्पनिक कहैत अछि।
स्रोत-संस्करण आ पाठक आधार
देल PDF: Kut_Naam_Tarhadime_Gohi_Final_Illustrated_45_QA_Passed.pdf. संगमे देल Word फाइल सेहो देखल गेल: Kut_Naam_Tarhadime_Gohi_Final_Illustrated_45_QA_Passed.docx.
सन्दर्भ: गजेन्द्र ठाकुर, कूट नाम : तरहड़िमे गोहि, विदेह, 2026 कॉपीराइट दर्ज देल संस्करण। एकर अर्थ प्रथम प्रकाशन नहि।
पाठक आधार: शीर्षक, कॉपीराइट, उपलब्ध विषय-सूची तथा बीच आ अन्तक चुनल अंश। Word पाठक जाँचयोग्य स्थान (दस्तावेजक क्रममे गैर-खाली अनुच्छेद, तालिकाक पाठ सहित): 1–18; 375–379; 742–749. निष्कर्षित अनुच्छेद: 749.
PDF पहिचान
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