समालोचना-अध्याय · G12
मिथिला मिहिर आ विदेह वेब पत्रिका
Lakshman Jha ‘Sagar’
विस्तृत विवरण
लक्ष्मण झा ‘सागर’ दू प्रकाशन-परिसरक तुलना करैत छथि—मिथिला मिहिरक मुद्रित पाठक-वर्ग आ साहित्यिक संस्कार, तथा विदेहक डिजिटल प्रसार, नियमितता आ अधिक व्यापक लेखक-प्रवेश। ओ जीवित लेखकक विशेषांक, वर्तनीक लचीलापन आ दूरी पार पहुँचपर बल दैत छथि। व्यक्तिगत सम्पर्क आ पोथी-उपहार गजेन्द्र-प्रीतिक प्रति हुनक प्रशंसाकेँ आधार दैत अछि। ई सहभागी ऐतिहासिक दृष्टि अछि; स्रोतमे भेटल असंगत काल-अवधि कथनसँ स्वतंत्र कालक्रम स्थापित नहि कएल गेल अछि।
ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।
स्रोत-टिप्पणी. विषय-सूचीमे लेखक ‘Laxman’ रूपमे लिखल छथि।
स्रोत-संस्करण आ प्रमाण
रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗
मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 283–292 अछि।
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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗