PREETI × GAJENDRATHE VIDEHA LITERARY ATLAS

40 मुख्य योगदान / उपलब्ध अंग्रेजी संस्करण

प्रीति कारण सेतु बान्हल

प्रीतिक कारण बनल सेतु · मैथिलीक नव परिभाषा

सम्पादक Ashish Anchinhar

योगदानकर्तासभक लेखनक सार पूर्ण सन्दर्भसहित। प्रत्येक सार अपन स्रोतक तर्क बतबैत अछि; ई मूल लेखक स्थान नहि लैत आ ओकर सभ दावाक सत्यापन नहि करैत।

संस्करण-विवरण ↓ · दुनू पोथीमे खोजू →

सम्पादकीय रूपरेखा

pp. 10–26

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पहिने गणेशक पद गाओल गेल… — सम्पादकीय

Ashish Anchinhaar

अनचिन्हार एहि खण्डक तीन विभाग, पुरान आ नव लिखाओल सामग्रीक मिश्रण, आ लोकगीत-आधारित संरचनाक व्याख्या करैत छथि। संयुक्त सम्पादनसँ जुड़ल काजमे, जतेक ठाम लेखसभमे नाम छुटल अछि, ओ नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झाक योगदान पहिचानबाक आग्रह करैत छथि। ओ एहन विषय सेहो गनबैत छथि जिनकर मूल्यांकन एखन बाँकी अछि आ सुधारक स्वागत करैत छथि। सम्पादकीय दृष्टि, नाम-लेखनक भिन्नता आ जोड़ल सन्दर्भक चर्चा ई स्पष्ट करैत अछि जे ई खास संग्रह कोना बनाओल गेल।

पोथी-सन्दर्भ

Ashish Anchinhaar. “पहिने गणेशक पद गाओल गेल… — सम्पादकीय.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 10–26. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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Summary prepared for the Videha Literary Atlas with AI assistance, 13 September 2026. It is not a text signed by the article’s author.

सम्पादकीय रूपरेखा

pp. 27–37

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प्रस्तुति: वैशिष्ट्य आ योगदान

Ashish Anchinhaar

ई क्रमांकित प्रस्तुति प्रीति ठाकुरक चित्रकथा आ गजेन्द्र ठाकुरक डिजिटल, अभिलेखीय, भाषिक आ प्रकाशकीय काजपर सम्पादकक विवरण एकठाम करैत अछि। ई लिप्यन्तरण-तकनीककेँ प्रत्येक लिपिक विशेषज्ञतासँ अलग करैत अछि आ विकिपीडियाकेँ सहयोगी परियोजनाक रूपमे वर्णित करैत अछि। अनचिन्हारक वेब-पत्रकारिताक इतिहाससँ लेल एहि सूचीमे अनेक प्राथमिकता-दावा अछि, मुदा संगहि दस्तावेजी सुधारक निमन्त्रण सेहो अछि। तेँ एकरा स्वतंत्र रूपसँ सत्यापित कालक्रम नहि, सम्पादकीय सन्दर्भ-ढाँचा मानि पढ़बाक चाही।

पोथी-सन्दर्भ

Ashish Anchinhaar. “प्रस्तुति: वैशिष्ट्य आ योगदान.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 27–37. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 39–79

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पन्ना पलटैत, गामक निर्देशक: के.एन.टी.

Siyaram Jha ‘Saras’

सियाराम झा ‘सरस’ कृपानन्द ठाकुरकेँ गामक संस्थागत जीवनक माध्यमसँ स्मरण करैत छथि—पढ़ेनाइ, रामबहादुर सार्वजनिक पुस्तकालय, रंगमंच, फुटबॉल आ अभियान्त्रिकी सेवा। व्यक्तिगत संस्मरण देखबैत अछि जे सामूहिक प्रयास शिक्षा आ संस्कृतिक अवसर बढ़ा सकैत अछि, मुदा गुटबाजी ओकरा फेर बिगाड़ि सेहो सकैत अछि। अन्तिम पेशेवर ईमानदारीक प्रसंग एहि स्मृत उदाहरणकेँ गजेन्द्र आ प्रीतिक काजसँ जोड़ैत अछि। ई सहभागी संस्मरण अछि, स्वतंत्र रूपसँ सत्यापित संस्थागत इतिहास नहि।

स्रोत-टिप्पणी। विषय-सूचीमे अंग्रेजी शीर्षकक आन रूप ‘The Village Director Who Turned the Crank: K.N.T.’ अछि। पृ. 79 अनुसार ई विदेह अंक 386, 15 जनवरी 2024 सँ पुनर्मुद्रित अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Siyaram Jha ‘Saras’. “पन्ना पलटैत, गामक निर्देशक: के.एन.टी..” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 39–79. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 81–82

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प्रीति ठाकुरक ‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’

Dr. Shefalika Verma

डा. शेफालिका वर्मा प्रीति ठाकुरक चित्रकथाक प्रशंसाकेँ साहित्यिक समालोचनामे स्त्रीक उपेक्षाक व्यापक प्रश्नसँ जोड़ैत छथि। ओ स्मृत लोककथाकेँ संक्षिप्त, सुगम दृश्य-रूपमे आनबाक गुणकेँ महत्वपूर्ण मानैत आ कोसीक किंवदन्तीसँ एहि काजकेँ आगाँ बढ़ेबाक सुझाव दैत छथि। लेख मूलतः सराहनापरक प्रतिक्रिया आ भविष्यक कथाकथन लेल प्रस्ताव अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Dr. Shefalika Verma. “प्रीति ठाकुरक ‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 81–82. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 83–89

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गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा

Prof. Veena Thakur

प्रो. वीणा ठाकुर शब्द, रेखा आ रंगक परस्पर काजकेँ मिथिलाक लोक-संस्कृति संचारित करबाक माध्यम मानैत छथि। संग्रहक नायक आ परम्परासभक चर्चा करैत ओ तर्क दैत छथि जे चित्र-आख्यान मिथिला-चित्रकलाकेँ परिचित संस्कार-केंद्रित विषयसँ आगाँ लऽ जाइत अछि। हुनक विवेचन कलात्मक परिवर्तनकेँ सांस्कृतिक निरन्तरतासँ जोड़ैत आ लोककलाक संरक्षण तथा नवीकरणमे स्त्रीक भूमिकापर बल दैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Prof. Veena Thakur. “गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 83–89. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 90–93

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‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’ आ ‘मैथिली चित्रकथा’

Dr. Raman Jha

डा. रमण झा दुनू संग्रहकेँ मौखिक कथाकथन आ बच्चासँ मैथिली बजबाक घटैत चलनक संग रखि देखैत छथि। ओ शब्द आ चित्रक साझा कथात्मक काजपर बल दैत छथि, जाहिसँ परिचित लोक-पात्र किशोर पाठकक समक्ष दृश्य रूपमे उपस्थित होइत अछि। हुनक प्रशंसा सहज भाषा आ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सांस्कृतिक संचरणपर टिकल अछि; सम्पादकीय टिप्पणी लेखक बादमे ‘पारिजात मञ्जरी’मे एहि लेखक समावेशक सूचना दैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Dr. Raman Jha. “‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’ आ ‘मैथिली चित्रकथा’.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 90–93. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा · Maithili Picture Stories. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 93–98

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गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा

Shiv Kumar Jha ‘Tillu’

शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ अलग-अलग कथाक बाल-आकर्षण आ मिथिलाक जातीय तथा क्षेत्रीय विविधताक प्रस्तुति देखैत छथि। ओ किंवदन्तीक कल्पनात्मक बलकेँ ऐतिहासिक सत्यापनसँ अलग करैत, सरल भाषा आ दृश्य प्रस्तुति सराहैत, आ सिंहक एक चित्रमे स्पष्ट कमजोरी सेहो चिन्हित करैत छथि। एहि तरहें समीक्षा सांस्कृतिक प्रशंसा आ चित्रक व्यवहारिक अवलोकन दुनूकेँ संग रखैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Shiv Kumar Jha ‘Tillu’. “गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 93–98. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 99–102

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प्रीति ठाकुरक दुनू चित्रकथा-पोथीपर एक दृष्टि

Dharendra Kumar

धरेन्द्र कुमार दुनू चित्रकथा-संग्रहकेँ सामुदायिक स्मृतिमे जीवित कथासभक संरक्षणक माध्यम मानैत छथि। ओ दृश्य कथाकथनक तुलना रंगमंचमे रंग, ध्वनि आ प्रकाशक सहायक भूमिकासँ करैत आ एहि बातपर बल दैत छथि जे बच्चा अक्षर चिन्हबासँ पहिनहूँ चित्रसँ अर्थ ग्रहण कऽ सकैत अछि। हुनक मुख्य चिन्ता मैथिली प्रकाशनक कम विकसित चित्रकथा क्षेत्रकेँ समृद्ध करब अछि।

स्रोत-टिप्पणी। विषय-सूचीमे ‘Dhirendra Kumar’ लिखल अछि; लेखक शीर्षकमे ‘Dharendra Kumar’।

पोथी-सन्दर्भ

Dharendra Kumar. “प्रीति ठाकुरक दुनू चित्रकथा-पोथीपर एक दृष्टि.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 99–102. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा · Maithili Picture Stories. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 103–107

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बालक लेल सुन्दर चित्रकथा

Durganand Mandal

दुर्गानन्द मण्डल अँगनाक कथाकथनक स्मृतिसँ आरम्भ कऽ संग्रहसभमे प्रेम-कथा, लोकनायक आ सामुदायिक परम्पराक पाछाँ चलैत छथि। ओ विशेष रूपसँ विभिन्न जाति-समुदायक प्रतिनिधित्व आ आन भाषाक पत्रिका पढ़ैत बच्चासभ लेल लोककथा फेर उपलब्ध कराएब सराहैत छथि। हुनक तर्क एहि पोथीकेँ मनोरंजक सांस्कृतिक संरक्षण मानैत अछि; इतिहास आ प्राथमिकतासँ जुड़ल दावासभ योगदानकर्ताक अपन दावा बनल रहैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Durganand Mandal. “बालक लेल सुन्दर चित्रकथा.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 103–107. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा · Maithili Picture Stories. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 108–111

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मैथिली चित्रकथा

Shiv Kumar Jha ‘Tillu’

शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ प्रश्न करैत छथि जे जँ बच्चा मैथिली बजेनाइ छोड़ि देत तँ संवैधानिक मान्यताक व्यवहारिक अर्थ की रहत। ओ संग्रहक सभसँ पैघ योगदान विभिन्न समुदाय आ क्षेत्र—बेगूसराय आ मुसहर परम्परा सहित—क कथा समेटब मानैत छथि। ओ परम्परागत कथाक पुनर्कथनकेँ नव कथानक गढ़बासँ अलग करैत, सम्पादन, चित्रण आ भाषासँ अनुराग बढ़ेबाक क्षमताक प्रशंसा करैत छथि।

पोथी-सन्दर्भ

Shiv Kumar Jha ‘Tillu’. “मैथिली चित्रकथा.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 108–111. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 112–116

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मिथिलाक लोकदेवता

Shiv Kumar Jha ‘Tillu’

शिव कुमार झा ‘टिल्लू’ एहि पोथीकेँ बच्चाक आवश्यकता, प्रवास, पर्व-त्योहार आ लोक-स्मृतिक संचरणक दृष्टिसँ परखैत छथि। हुनका अनुसार पुरान कथानक नव चित्र आ बच्चाकेँ रंग भरबाक सहभागितापूर्ण पन्नासँ नवीकृत मूल्य पाबि सकैत अछि। दृश्य-उपचारक प्रशंसाक संग ओ किछु कथात्मक संक्रमण अत्यधिक संक्षिप्त मानैत आ विशेषतः जतय एक कथा अचानक दोसरमे सरकैत अछि, ओतय अधिक विस्तृत कथनक माँग करैत छथि।

पोथी-सन्दर्भ

Shiv Kumar Jha ‘Tillu’. “मिथिलाक लोकदेवता.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 112–116. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 117–125

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The Early History of मैथिली चित्रकथा (2002 to 2016)

Ashish Anchinhaar

आशीष अनचिन्हार एहन कालक्रम बनबैत छथि जे अनूदित चित्र-पोथी, मौलिक संग्रह आ पत्रिका-प्रकाशनकेँ अलग-अलग देखैत अछि। ओ प्रीति ठाकुरक आरम्भिक अनुवाद आ बादक मौलिक काजकेँ आन रचनाकार आ वेब-प्रकाशनक प्रसारक संग रखैत छथि। हुनक विवेचन एक प्रचलित प्राथमिकता-दावाकेँ चुनौती दैत अछि, मुदा पहिलुक उदाहरणक प्रमाण भेटला पर सुधारक स्पष्ट निमन्त्रण सेहो दैत अछि; प्रकाशन-इतिहासक दावासभ हुनक शोध-स्थिति बनल रहैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Ashish Anchinhaar. “The Early History of मैथिली चित्रकथा (2002 to 2016).” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 117–125. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 126–129

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प्रीति ठाकुरसँ साक्षात्कार

प्रीति ठाकुर; interviewed by Ashish Anchinhaar

प्रीति ठाकुर अपन बाल्यकालक पढ़ाइ आ चित्र बनएबाक स्मृति, मैथिली चित्र-पोथी बनएबाक रुचि, आ बच्चाकेँ रुचिकर भाषा-चित्रक महत्व बतबैत छथि। ओ मुद्रित आ डिजिटल पठन, सार्वजनिक मंचसँ दूरी राखबाक अपन पसिन्न, आ घरक भीतर काजक व्यवहारिक बाँट पर चर्चा करैत छथि—पति कखनो विचार दैत आ अक्षरांकनमे सहायता करैत छथि, जखनकि चित्र ओ स्वयं बनबैत छथि।

पोथी-सन्दर्भ

प्रीति ठाकुर; interviewed by Ashish Anchinhaar. “प्रीति ठाकुरसँ साक्षात्कार.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 126–129. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 131–144

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विदेह डिजिटल पुस्तकालय: पढ़निहार आ अध्ययनशील लोकक लेल वरदान

Kalpana Jha

कल्पना झा डिजिटल पुस्तकालयकेँ पाठकक व्यवहारिक कठिनाइ—पोथी पाबनाइ, रखबाक जगह, मूल्य चुकौनाइ आ रुचिक सामग्री खोजब—क दृष्टिसँ देखैत छथि। दुर्लभ साहित्य, शोध आ परीक्षा-संसाधनक निःशुल्क पहुँचकेँ ओ महत्वपूर्ण मानैत छथि। हुनक प्रशंसामे ठोस सुधार-सुझाव सेहो अछि: टूटल लिंक, अव्यवस्थित पृष्ठ आ शीर्षक-लेखकक वर्णानुक्रमिक व्यवस्था। एतय पहुँचक अर्थ केवल संग्रह नहि, वास्तवमे खोजि आ पढ़ि सकबाक सुविधा अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Kalpana Jha. “विदेह डिजिटल पुस्तकालय: पढ़निहार आ अध्ययनशील लोकक लेल वरदान.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 131–144. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 145–150

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मैथिली डिजिटल पत्रकारिताक प्रवर्तक: गजेन्द्र ठाकुर

Kirtinath Jha

कीर्तिनाथ झा धन, वितरण आ सम्पादकीय स्वीकृतिक कठिनाइकेँ मैथिली प्रकाशनक बाधा मानैत छथि। ओ विदेहक नियमित डिजिटल प्रकाशन आ निःशुल्क अभिलेखागारकेँ एहन उत्तरक रूपमे प्रस्तुत करैत छथि जे नव लेखक आ दूर-दूरक पाठककेँ अधिक पहुँच दैत अछि। संगहि प्रारम्भिक सामग्रीक सीमा आ विविधताक अपूर्णताकेँ सेहो स्वीकार करैत छथि। विशेषांक आ परीक्षा-संसाधन मंचक विस्तारक उदाहरण अछि; निष्कर्ष प्रशंसापरक अछि, मुदा विकासकेँ पूर्ण मानि नहि लैत।

स्रोत-टिप्पणी। विषय-सूचीमे ‘Pioneer’ शब्द अछि, जखनकि लेखक शीर्षकमे ‘Founder’।

पोथी-सन्दर्भ

Kirtinath Jha. “मैथिली डिजिटल पत्रकारिताक प्रवर्तक: गजेन्द्र ठाकुर.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 145–150. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 151–154

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मैथिलीक इंटरनेट-पुरुष: गजेन्द्र ठाकुर

Lal Dev Kamat

लाल देव कामत गजेन्द्र ठाकुरक काजकेँ मुद्रणसँ इलेक्ट्रॉनिक संचारक संक्रमणक भीतर रखैत छथि। हुनक मुख्य चिन्ता सहयोगी भाषा-परियोजनामे श्रेय कोना दर्ज होए—ओ विकिपीडियाक तैयारी-काजकेँ बादक अनुमोदनसँ अलग करैत आ दस्तावेजी पत्राचारक दिस पाठककेँ पठबैत छथि। लेख आरम्भिक वेबसाइट आ बहुलिपि प्रकाशनसँ एहि तर्ककेँ जोड़ैत अछि। प्राथमिकता आ विवादित श्रेयक दावासभ योगदानकर्ताक दावा अछि, स्वतंत्र निष्कर्ष नहि।

पोथी-सन्दर्भ

Lal Dev Kamat. “मैथिलीक इंटरनेट-पुरुष: गजेन्द्र ठाकुर.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 151–154. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 155–171

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पञ्जी-साहित्यमे गजेन्द्र ठाकुरक योगदान

Binayanand Jha

विनयानन्द झा संयुक्त रूपसँ सम्पादित पञ्जी-खण्डक स्वागत करैत छथि, मुदा ओकर वंशावली-पाठकेँ आन अभिलेखसँ मिलाकऽ जाँचैत छथि। मन्दार वंशक तुलनामे नामान्तर, छुटल पीढ़ी आ अनिश्चित पहिचान सामने अबैत अछि; प्रस्तावित मेल अभी अस्थायी रहैत अछि। ओ मूलगाम आ शाखाक बेहतर अनुक्रमणिका तथा राजवंशावलीपर आगाँ शोधक आग्रह करैत छथि। लेख देखबैत अछि जे पाण्डुलिपि उपलब्ध करब आ विश्वसनीय वंश-श्रृंखला स्थापित करब दू अलग शोध-काज अछि।

स्रोत-टिप्पणी। शीर्षकमे लेखक ‘Binayanand’ छथि; विषय-सूचीमे ‘Binyanand’। पृ. 170–171 पर सम्पादकीय प्रतिक्रिया अलग प्रकाशन आ श्रेय-विवाद पर अछि; ओ योगदानकर्ताक निष्कर्ष नहि।

पोथी-सन्दर्भ

Binayanand Jha. “पञ्जी-साहित्यमे गजेन्द्र ठाकुरक योगदान.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 155–171. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: Decoding Panji: Mithila · Original Tirhuta Palm-leaf Panji Archive. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 172–180

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पञ्जी प्रबन्ध की अछि?

Jagdish Chandra Thakur ‘Anil’

जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ पञ्जीक पारिभाषिक शब्द, अभिलेखक प्रकार, पञ्जीकार आ विवाह-दस्तावेज तथा सामाजिक श्रेणीकरणक सम्बन्धक परिचय दैत छथि। पुरान लिपि पढ़बाक कठिनाइ आ पाठक लेल लिप्यन्तरणक उपयोगितापर ओ जोर दैत छथि। महत्वपूर्ण रूपसँ ओ स्वीकार करैत छथि जे बहुत पन्ना एखन पढ़ल नहि गेल अछि; तेँ ई अपूर्ण पठनक बीचक परिचयात्मक प्रतिक्रिया अछि, सम्पूर्ण मूल्यांकन नहि। ऐतिहासिक नियमक वर्णनकेँ वर्तमान अनुमोदनसँ अलग बुझबाक चाही।

पोथी-सन्दर्भ

Jagdish Chandra Thakur ‘Anil’. “पञ्जी प्रबन्ध की अछि?.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 172–180. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: Decoding Panji: Mithila · Original Tirhuta Palm-leaf Panji Archive. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 181–232

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दूषण पञ्जी: मैथिली संस्कृतिक लेल गजेन्द्र ठाकुरक सार्वजनीन योगदान

Dr. Kailash Kumar Mishra

डा. कैलाश कुमार मिश्र पञ्जीकेँ सामाजिक व्यवस्थाक एहन अभिलेखक रूपमे पढ़ैत छथि जाहिमे बहिष्कारक जाँच आवश्यक अछि। निर्धारित सीमा बाहर विवाहक विवरण सहित दूषण-अभिलेख ‘शुद्धता’क आदर्शीकृत आख्यानकेँ जटिल बनबैत अछि। ओ पाण्डुलिपि-लिप्यन्तरण तुलनाक, तिरहुता-पाठक प्रशिक्षण, स्त्री आ आन समुदायक दिस ध्यान बढ़ेबाक प्रस्ताव दैत छथि। ई दीर्घ विवेचन पुस्तक-प्रतिक्रियाक संग समाजशास्त्रीय शोध-कार्यसूची सेहो अछि; लेखक अतिरंजित वैज्ञानिक दावासँ सावधान करैत आ अपन मूल्यांकनक सीमा मानैत छथि।

पोथी-सन्दर्भ

Dr. Kailash Kumar Mishra. “दूषण पञ्जी: मैथिली संस्कृतिक लेल गजेन्द्र ठाकुरक सार्वजनीन योगदान.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 181–232. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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Summary prepared for the Videha Literary Atlas with AI assistance, 13 September 2026. It is not a text signed by the article’s author.

सम्बद्ध एटलस-समालोचना: Decoding Panji: Mithila. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 233–242

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मिथिलाक पञ्जी आ ओकर संरक्षणमे श्री गजेन्द्र ठाकुरक प्रयास

Bhavanath Jha

भवनाथ झा वंशावली-अभिलेखकेँ विवाहक नियामक नियमसँ अलग करैत आ नाजुक सामग्री—बीचमे भेटल आन दस्तावेज सहित—व्यापक रूपसँ बचाएब महत्वपूर्ण मानैत छथि। तइयो उपलब्ध संग्रहकेँ ओ आंशिक मानैत छथि। शीर्षकक अभाव, असंगत दृश्य-क्रम, उलट-पलट पात आ अत्यधिक पैघ फाइल शोधमे बाधा बनैत अछि; ओ स्पष्ट संगठन आ बेहतर स्कैनक सुझाव दैत छथि। लेखक आग्रह अछि जे संरक्षणक बाद दस्तावेजकेँ बुझबा आ खोजबा योग्य बनेबाक सम्पादकीय काज सेहो जरूरी अछि।

स्रोत-टिप्पणी। विषय-सूचीमे लेखकक नाम ‘Bhavnath’ रूपमे अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Bhavanath Jha. “मिथिलाक पञ्जी आ ओकर संरक्षणमे श्री गजेन्द्र ठाकुरक प्रयास.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 233–242. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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Summary prepared for the Videha Literary Atlas with AI assistance, 13 September 2026. It is not a text signed by the article’s author.

सम्बद्ध एटलस-समालोचना: Original Tirhuta Palm-leaf Panji Archive. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 243–249

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सौजन्य-मूर्ति श्री गजेन्द्र बाबू

Bhimnath Jha

भीमनाथ झाक व्यक्तिगत श्रद्धांजलि पोथीक प्रसार आ सजग सहयोगपर केन्द्रित अछि। ओ ‘सहस्रबाधनी’क ब्रेल संस्करण दृष्टिबाधित विद्यार्थीक विद्यालय लऽ जाएब, संस्थासभकेँ पोथी देब, आ दूरभाषपर वंशावलीक चर्चा करबाक स्मृति सुनबैत छथि। परिवार-अभिलेखमे बेटीसभक नाम जोड़बाक उदाहरण मान्यताकेँ ठोस बनबैत अछि। व्यवस्थित साहित्यिक निर्णयसँ बेसी आतिथ्य आ पहुँचक व्यवहारिक कर्म एहि संस्मरणक मूल बल अछि।

स्रोत-टिप्पणी। विषय-सूचीमे लेखक ‘Bhimanath’ लिखल छथि। अन्तक सम्पादकीय टिप्पणी ब्रेल संस्करणक संस्थागत सन्दर्भ जोड़ैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Bhimnath Jha. “सौजन्य-मूर्ति श्री गजेन्द्र बाबू.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 243–249. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 250–259

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गजेन्द्र ठाकुर: मिथिलाक धरोहरक संरक्षक

Dr. Shiv Kumar Mishra

डा. शिव कुमार मिश्र पाण्डुलिपि-अंकीकरणकेँ संरक्षणक व्यवहारिक कठिनाइ—स्वामिसभक अनिच्छा, सीमित सहयोग आ पुरान लिपि पढ़बाक घटैत क्षमता—क संग रखैत छथि। संरक्षण-प्रयासक हुनक विवरण अभिरक्षकक भरोसा अर्जित करबाक आवश्यकता देखबैत अछि। ओ गजेन्द्र ठाकुरक संरक्षण-काज सराहैत, लिपि-प्रशिक्षण आ दीर्घकालीन विद्वत् ध्यानक आग्रह करैत छथि। केवल डिजिटल छवि बचि गेलासँ पाण्डुलिपिक अर्थ भविष्यक पाठक लेल स्वतः उपलब्ध नहि होइत।

पोथी-सन्दर्भ

Dr. Shiv Kumar Mishra. “गजेन्द्र ठाकुर: मिथिलाक धरोहरक संरक्षक.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 250–259. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 260–274

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गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली–अंग्रेजी, अंग्रेजी–मैथिली आ अंग्रेजी–मैथिली कम्प्यूटर शब्दकोशपर

Uday Narayan Singh ‘Nachiketa’

उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’ शब्दकोशसभकेँ कोश-विज्ञान आ बदलैत मैथिली भाषिक आवश्यकताक सन्दर्भमे रखैत छथि। पाठक-समूह, प्रविष्टि-चयन, उच्चारण, क्षेत्रीय शब्दावली आ तकनीकी पद केवल शब्दक संख्या बढ़ेबासँ अधिक महत्वपूर्ण प्रश्न बनैत अछि। हुनक चर्चा उपयोगी सन्दर्भ-डिजाइनकेँ बहुभाषिक जीवन आ आधुनिक ज्ञानसँ जोड़ैत अछि। एहि दृष्टिमे शब्दकोश स्पष्ट सम्पादकीय चुनाव आ निरन्तर विकास चाहनिहार औजार अछि, जतय संयुक्त योगदानकर्ताक श्रमक पहचान जरूरी अछि।

स्रोत-टिप्पणी। लेखमे 19 जुलाई 2009 क विदेह WordPress प्रकाशनक उल्लेख अछि। संयुक्त शब्दकोश-काजमे नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झाक योगदान सेहो अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Uday Narayan Singh ‘Nachiketa’. “गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली–अंग्रेजी, अंग्रेजी–मैथिली आ अंग्रेजी–मैथिली कम्प्यूटर शब्दकोशपर.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 260–274. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 274–282

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हमर दृष्टिमे श्री गजेन्द्र ठाकुर

Pranav Kumar Jha

प्रणव कुमार झा महाविद्यालयक कम्प्यूटर प्रयोगशालामे मैथिली सामग्री भेटबाक आ बादमे अपन लेखन लेल प्रोत्साहन पएबाक अनुभव स्मरण करैत छथि। निःशुल्क पोथी, परीक्षा-सामग्री आ सहज सम्पादकीय सम्पर्क हुनका औपचारिक मैथिली-अध्ययनक पैघ पृष्ठभूमि बिना सेहो सहभागी बनबैत अछि। बच्चाक लेल मैथिलीकेँ सीधे अंग्रेजीसँ जोड़ैत संसाधनकेँ सेहो ओ उपयोगी मानैत छथि। ई पाठक-लेखकक अनुभवपर आधारित विवरण अछि; व्यक्तिगत घनिष्ठता वा मापल परीक्षा-परिणामक दावा नहि।

पोथी-सन्दर्भ

Pranav Kumar Jha. “हमर दृष्टिमे श्री गजेन्द्र ठाकुर.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 274–282. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 283–292

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मिथिला मिहिर आ विदेह वेब पत्रिका

Lakshman Jha ‘Sagar’

लक्ष्मण झा ‘सागर’ दू प्रकाशन-परिसरक तुलना करैत छथि—मिथिला मिहिरक मुद्रित पाठक-वर्ग आ साहित्यिक संस्कार, तथा विदेहक डिजिटल प्रसार, नियमितता आ अधिक व्यापक लेखक-प्रवेश। ओ जीवित लेखकक विशेषांक, वर्तनीक लचीलापन आ दूरी पार पहुँचपर बल दैत छथि। व्यक्तिगत सम्पर्क आ पोथी-उपहार गजेन्द्र-प्रीतिक प्रति हुनक प्रशंसाकेँ आधार दैत अछि। ई सहभागी ऐतिहासिक दृष्टि अछि; स्रोतमे भेटल असंगत काल-अवधि कथनसँ स्वतंत्र कालक्रम स्थापित नहि कएल गेल अछि।

स्रोत-टिप्पणी। विषय-सूचीमे लेखक ‘Laxman’ रूपमे लिखल छथि।

पोथी-सन्दर्भ

Lakshman Jha ‘Sagar’. “मिथिला मिहिर आ विदेह वेब पत्रिका.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 283–292. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 293–303

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मैथिली पत्रिकामे विशेषांक: व्यक्ति-केंद्रित विशेषांकक विशेष सन्दर्भ

Shivshankar Srinivas

शिवशंकर श्रीनिवास लेखक-केंद्रित पत्रिका-विशेषांकक सर्वेक्षण करैत आ तर्क दैत छथि जे जीवित लेखकक समयमे मूल्यांकन आगाँक लेखनकेँ प्रेरित कऽ सकैत अछि। ओ एहन विशेषांकक आलोचनात्मक स्वतंत्रताकेँ अभिनन्दन-ग्रन्थसँ अलग मानैत आ अपन सर्वेक्षणकेँ स्पष्ट रूपसँ अपन जानकारी धरि सीमित रखैत छथि। जोड़ल सम्पादकीय विवरण विदेहक चयन-पद्धति आ ‘नित नवल’ शृंखलाक चर्चा करैत, सीमित संसाधनक कारण योग्य लेखक छुटि सकबाक बात स्वीकार करैत अछि। सर्वेक्षण आ सम्पादकीय संस्थागत उत्तर अलग-अलग स्वर अछि।

स्रोत-टिप्पणी। सम्पादक अनुसार मूल शीर्षक ‘Patrika Visheshank’ बदलल गेल। विषय-सूचीमे ‘Theme-Based’ अछि, जखनकि लेख-शीर्षक व्यक्ति-केंद्रित विशेषांक कहैत अछि। सम्पादकीय सामग्री पृ. 299 सँ आरम्भ होइत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Shivshankar Srinivas. “मैथिली पत्रिकामे विशेषांक: व्यक्ति-केंद्रित विशेषांकक विशेष सन्दर्भ.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 293–303. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 304–309

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मैथिलीक लेल श्री गजेन्द्र ठाकुरजीक अमूल्य योगदान: विदेह ई-पत्रिका

Rabindra Narayan Mishra

रवीन्द्र नारायण मिश्र बतबैत छथि जे सम्पादकीय सहायता व्यवहारिक लेखन-कौशल कोना बनल—हस्तलिखित रचना भेजलापर भेटल सॉफ्टवेयर आ उमेश मण्डलक सहयोगसँ ओ डिजिटल रूपमे लिखब-सुधारब सीखलाह। ओ अपन रचनाक धारावाहिक प्रकाशनक उल्लेख करैत आ अभिलेखागारकेँ पाठक-विद्यार्थीक लेल उपयोगी मानैत छथि। मिथिला मिहिरक बन्द भऽ जाएबाक अनुभवसँ तुलना करैत हुनक मूल्यांकन निरन्तरता, प्रकाशनक सहजता आ नव लेखकक उत्साहवर्धनपर केन्द्रित अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Rabindra Narayan Mishra. “मैथिलीक लेल श्री गजेन्द्र ठाकुरजीक अमूल्य योगदान: विदेह ई-पत्रिका.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 304–309. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 310–314

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विदेह आ गजेन्द्र

Dhanakar Thakur

धनाकर ठाकुर नियमित प्रकाशन आ उपयोगी अभिलेखागारक प्रशंसा करैत छथि, मुदा पत्रिकाकेँ एक व्यक्तिसँ पूर्णतः एकरूप मानबाक विरोध करैत छथि। ओ कथानकक अत्यधिक खुलासा, समानान्तर पुरस्कार, चित्र-परिचयक अपर्याप्त कालानुक्रमिक व्यवस्था आ संस्थान-केंद्रित सामग्रीक अनुपातपर प्रश्न उठबैत छथि। संगहि स्वीकार करैत छथि जे विदेहकेँ पूरा विस्तारसँ नहि पढ़ने छथि। ई स्पष्ट असहमतिक संग योग्य समर्थन अछि; अन्तक सम्पादकीय टिप्पणी समालोचनापर विदेहक उत्तरक दिस पाठककेँ पठबैत अछि।

स्रोत-टिप्पणी। पृ. 313–314 पर सम्पादकीय टिप्पणी धनाकर ठाकुरक मूल योगदानसँ अलग अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Dhanakar Thakur. “विदेह आ गजेन्द्र.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 310–314. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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pp. 315–326

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मैथिली साहित्यक साधक-उपासक श्री गजेन्द्र ठाकुर

Dr. Yoganand Jha

डा. योगानन्द झा साहित्यिक सृजनकेँ संकटग्रस्त शब्दावली, मौखिक आख्यान आ उपेक्षित लेखनक पुनरुद्धारसँ जोड़ैत छथि। हुनक मुख्य उदाहरण भक्त कवि रामजी चौधरीपर गजेन्द्र ठाकुरक काज अछि: प्रकाशन आ व्याख्याद्वारा उपेक्षित रचना-समूह फेर प्रसारमे अबैत अछि। शीत-बसन्त आ पुरान शब्दक चर्चा एहि तर्ककेँ विस्तार दैत अछि। ओ शोध, पुनर्प्रकाशन आ डिजिटल अभिलेखकेँ संरक्षणक परस्पर सम्बद्ध रूप मानैत छथि जे आगाँक शोधार्थीकेँ बाट देखबैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Dr. Yoganand Jha. “मैथिली साहित्यक साधक-उपासक श्री गजेन्द्र ठाकुर.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 315–326. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 327–331

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गजेन्द्र ठाकुरक ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’

Uday Narayan Singh ‘Nachiketa’

उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’ सात-खंडीय संग्रहकेँ एकहि लेखकक शोध, कथा, कविता, नाटक आ बाल-साहित्य एकत्र आनबाक प्रयोगक रूपमे पढ़ैत छथि। ओ सांस्कृतिक विस्तार, राजनीतिक टिप्पणी आ कोशकारक तकनीकी व्यक्तित्वसँ अलग सर्जनात्मक स्वर चिन्हित करैत छथि। पोथीकेँ मेटा-पाठ वा आधुनिक महाकाव्यक तरहें पढ़बाक सम्भावना बतबैत, प्रशंसाकेँ पूर्ण निरपेक्ष नहि रखैत छथि—बहुल सामग्रीक भीतर गुणवत्ताक असमानता सेहो देखैत छथि।

स्रोत-टिप्पणी। स्रोतमे 9 जून 2009 क विदेह WordPress प्रकाशनक उल्लेख अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Uday Narayan Singh ‘Nachiketa’. “गजेन्द्र ठाकुरक ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 327–331. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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pp. 332–336

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गजेन्द्र ठाकुर आ हुनक उपन्यास

Ashok

अशोक ‘सहस्रबाधनी’ आ ‘सहस्रशीर्ष’ दू उपन्यासक तुलना करैत छथि। पहिल रचना पीढ़ी-दर-पीढ़ी सरकारी सेवाक भीतर ईमानदारी आ भ्रष्टाचारक प्रश्न जाँचैत अछि; दोसर गामक इतिहास, गीत, जातीय आख्यान आ स्थानीय ज्ञानकेँ व्यापक सामाजिक भूगोलमे समेटैत अछि। हुनका दोसरमे मौखिक इतिहासक लेखाजोखा आ पहिलमे संस्थागत कामकाजक निरीक्षण मूल्यवान लगैत अछि। आरम्भिक डिजिटल गतिविधिक चर्चा कथा-विवेचनक सन्दर्भ बनैत अछि, ओकर स्थान नहि लैत।

पोथी-सन्दर्भ

Ashok. “गजेन्द्र ठाकुर आ हुनक उपन्यास.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 332–336. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 336–359

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सहस्रबाधनी: हमर दृष्टिमे—किछु टिप्पणी

Arvind Thakur

अरविन्द ठाकुर चारि पीढ़ी, दस्तावेजी विस्तार, स्मृति आ उपन्यासक क्षेत्रीय सीमासँ बाहर जाएबाक आकांक्षाक विवेचन करैत छथि। ओ एकर एकरूपता आ पठनीयता सराहैत, मुदा मानैत छथि जे भ्रष्टाचारक व्यापक सार्वजनिक परिणाम व्यक्तिगत हानिक तुलना मे कम विकसित अछि। मैथिली आ अंग्रेजी दुनू संस्करण पढ़लाक बाद ओ अंग्रेजी पाठकेँ अधिक पसिन्न करैत छथि। धूमकेतुक प्रतीकपर हुनक अन्तिम अनिश्चितता प्रशंसासँ प्रश्न बंद नहि करैत, बल्कि वास्तविक व्याख्यात्मक प्रश्न खुला छोड़ैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Arvind Thakur. “सहस्रबाधनी: हमर दृष्टिमे—किछु टिप्पणी.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 336–359. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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pp. 360–382

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‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ लेल एक पत्र: पत्र-शैलीमे समीक्षा

Rajdeo Mandal

राजदेव मण्डल पेशेवर समालोचकक अधिकार दावा कए बिना सजग पाठकक रूपमे संग्रहक विभिन्न विधामे घूमैत छथि। ओ लोककथाक पुनरुद्धार, नाटकक संक्षिप्त संवाद, असमानतापर कथा, उपन्यासक दैनिक भाषा आ बाल-कविताक जिज्ञासा सराहैत छथि। खास उदाहरण हुनक प्रतिक्रियाकेँ सामान्य अभिनन्दनसँ अलग बनबैत अछि। महाकाव्य-सदृश शीर्षक बुझबामे कठिनाइ स्वीकार करैत ओ एहि बातकेँ मूल्यवान मानैत छथि जे भिन्न पाठक एकहि संग्रहमे भिन्न लेखन-रूप पाबि सकैत छथि।

स्रोत-टिप्पणी। स्रोत 7 अप्रैल 2012 क विदेह-संचालित ‘मैथिली समालोचना’ ब्लॉग प्रकाशनक उल्लेख करैत अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Rajdeo Mandal. “‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ लेल एक पत्र: पत्र-शैलीमे समीक्षा.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 360–382. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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pp. 382–412

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कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक

Shiv Kumar Jha ‘Tillu’

शिव कुमार झा ‘टिल्लू’क विस्तृत समीक्षा संग्रहक सामाजिक विस्तार आ विशेषतः बाल-विभागक स्वागत करैत अछि, मुदा असमानता सेहो स्पष्ट करैत अछि। ओ किछु अंग्रेजी-उधार शब्द, अनेक कथाक कलात्मकता वा भाव-बल, आ ‘संकर्षण’क मंचीय उपयुक्ततापर प्रश्न करैत छथि। वेबसाइटक तकनीकी सामग्री हुनक समझसँ बाहर रहल आ क्षेत्रीय सर्वेक्षणमे किछु स्थान छुटल से सेहो ओ कहैत छथि। बादक विस्तारित कथाक उल्लेख लेखक तिथिक प्रश्न उठबैत अछि; प्रशंसाक संग ई ठोस आपत्तिसभ सुरक्षित रहबाक चाही।

स्रोत-टिप्पणी। अन्तक श्रेय 7 अप्रैल 2012 कहैत अछि, मुदा उपलब्ध पाठमे 2023 प्रकाशन आ बादक विदेह अंकक उल्लेख सेहो अछि। एतय उपलब्ध संस्करणक रूपमे उद्धृत कएल गेल अछि, अपरिवर्तित 2012 पाठक रूपमे नहि।

पोथी-सन्दर्भ

Shiv Kumar Jha ‘Tillu’. “कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 382–412. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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pp. 412–418

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मैथिली बाल-कविताक धारा

Professor Premshankar Singh

प्रो. प्रेमशंकर सिंह बाल-कविताकेँ जिज्ञासा, पारिवारिक स्नेह, विद्यालय, छुट्टी, खेल आ बचपनक असमान परिस्थितिक माध्यमसँ देखैत छथि। हुनक उदाहरण आनन्दक संग भूख आ बाल-श्रमकेँ सेहो रखैत अछि। ओ एहन लचीला शब्दावलीकेँ पसिन्न करैत छथि जे रोजमर्रा अन्तरराष्ट्रीय शब्द स्वीकार करैत हुए ग्रामीण मैथिली अभिव्यक्तिकेँ नहि हरबैत। बाल-मनोविज्ञानक हुनक कथन चुनल कवितापर साहित्यिक व्याख्या अछि, बच्चासभपर कएल अनुभवजन्य अध्ययन नहि।

स्रोत-टिप्पणी। अन्तक श्रेय अनुसार ई विदेह अंक 70, 15 नवम्बर 2010 सँ पुनर्मुद्रित अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Professor Premshankar Singh. “मैथिली बाल-कविताक धारा.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 412–418. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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pp. 418–430

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सामाजिक असमानताक तह धरि पहुँचैत कथा

Abha Jha

आभा झा ‘पर्वत ऊपर भमरा जे सूतल’केँ सम्पत्ति, विधवापन, जाति, प्रवास, दिव्यांगता आ संस्थागत अन्यायक दृष्टिसँ पढ़ैत छथि। प्रेमचन्दसँ तुलना आ अलग कथाक चर्चा सामाजिक सम्बन्ध उजागर करबाक भिन्न रूप चिन्हित करैत अछि। बौद्धिक विस्तारक प्रशंसाक संग हुनक आपत्ति सेहो अछि: घन तर्क आ शास्त्रीय सन्दर्भ कखनो कथात्मक रुचि आ प्रवाह बाधित करैत अछि। लेखकक अंग्रेजी स्व-अनुवादकेँ ओ मैथिली पाठकसँ बाहर पहुँचेबाक प्रयास मानैत छथि, मुदा एहि पहुँचकेँ रचनाक एकमात्र कसौटी नहि बनबैत।

पोथी-सन्दर्भ

Abha Jha. “सामाजिक असमानताक तह धरि पहुँचैत कथा.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 418–430. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सम्बद्ध एटलस-समालोचना: Parvat Upar Bhamara Je Sutal. These may discuss a different edition or a related project.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 431–435

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साहित्यकार गजेन्द्र ठाकुर: व्यक्तित्व आ कृतित्व

Acharya Ramanand Mandal

आचार्य रामानन्द मण्डल गजेन्द्र ठाकुरक समालोचना, जीवनपरक लेखन आ प्रकाशन-काजकेँ प्रभुत्वशाली साहित्यिक संस्थासँ उपेक्षित लेखकक समर्थनक रूपमे प्रस्तुत करैत छथि। ओ व्यापक समानान्तर रचना-समूहक नाम लैत आ मान्यताकेँ शिक्षा तथा अभिलेखक पहुँचसँ जोड़ैत छथि। जोड़ल सम्पादकीय टिप्पणी विचारधाराकेँ जातीय पहिचानसँ समान मानबाक बातसँ स्पष्ट असहमति जनबैत आ विदेहक जाति तथा मानसिकताक भेद समझबैत अछि। ई असहमति रचनाक ग्रहणक आवश्यक अंश अछि, मेटा देबाक बात नहि।

स्रोत-टिप्पणी। पृ. 435 क सम्पादकीय उत्तर मण्डलक लेखसँ अलग अछि। जीवनीपरक आ संख्यात्मक दावासभक स्वतंत्र सत्यापन एहि सारमे नहि कएल गेल।

पोथी-सन्दर्भ

Acharya Ramanand Mandal. “साहित्यकार गजेन्द्र ठाकुर: व्यक्तित्व आ कृतित्व.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 431–435. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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Summary prepared for the Videha Literary Atlas with AI assistance, 13 September 2026. It is not a text signed by the article’s author.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 436–444

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मैथिलीक सच्चा सेवक: श्री गजेन्द्र ठाकुरजी

Ajit Kumar Jha

पत्रिका-वितरणक अनुभवसँ अजित कुमार झा तर्क दैत छथि जे पाठकक उपयुक्त पोथी पएबाक कठिनाइ केवल लेखकक प्रशंसासँ हल नहि होइत। ओ निःशुल्क डिजिटल पहुँचक स्वागत करैत, लेखकक रॉयल्टी-हित स्वीकार करैत, आ सशुल्क इलेक्ट्रॉनिक वितरणक प्रस्ताव सेहो दैत छथि। सम्पादकीय उत्तर पहिलुक Kindle प्रयोग आ भाषा-लेबल सम्बन्धी कठिनाइ बतबैत अछि। एहि प्रकार चर्चा पाठक-वर्ग, संरक्षण आ टिकाऊ वितरणक प्रश्न एकठाम अनैत अछि, योगदानकर्ताक प्रस्तावकेँ सम्पादकीय विवरणसँ अलग रखैत।

स्रोत-टिप्पणी। Kindle सम्बन्धी चर्चा एहि संस्करणमे वर्णित समयक परिस्थिति अछि, वर्तमान मंच-निर्देश नहि। सम्पादकीय उत्तर: पृ. 443–444।

पोथी-सन्दर्भ

Ajit Kumar Jha. “मैथिलीक सच्चा सेवक: श्री गजेन्द्र ठाकुरजी.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 436–444. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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Summary prepared for the Videha Literary Atlas with AI assistance, 13 September 2026. It is not a text signed by the article’s author.

हस्ताक्षरित योगदान

pp. 445–448

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मैथिली वेब पत्रकारिताकेँ नव आयाम देनिहार गजेन्द्र ठाकुर

Mukesh Dutt

मुकेश दत्त अपन पिताक पत्रिका-वितरण सम्पर्कसँ भेटल पोथीक स्मृतिसँ आरम्भ कऽ डिजिटल आ अभिलेखीय काजक सर्वेक्षण करैत छथि। पञ्जी संस्करण, लिपि-समर्थन, शब्दकोश आ इंटरनेट-प्रकाशन मुख्य रूपरेखा बनैत अछि। लेख प्रशंसापरक परिचय अछि जे पाठककेँ आशीष अनचिन्हारक वेब-पत्रकारिताक इतिहासक दिस लऽ जाइत अछि; व्यापक प्राथमिकता-दावासभ एहि विवरणक अंश अछि, स्वतंत्र रूपसँ स्थापित मीलक पत्थर नहि।

पोथी-सन्दर्भ

Mukesh Dutt. “मैथिली वेब पत्रकारिताकेँ नव आयाम देनिहार गजेन्द्र ठाकुर.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 445–448. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 449–464

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पञ्जी प्रबन्ध प्रकाशन आननिहार श्रुति प्रकाशन आ नागेन्द्र कुमार झापर चर्चा

Ashish Anchinhaar

आशीष अनचिन्हार श्रुति प्रकाशनक एहन मॉडल बतबैत छथि जतय लेखक प्रकाशन लेल धन नहि दैत आ कॉपीराइट अपन रखैत छथि। ओ गजेन्द्र ठाकुरक सर्जनात्मक-सम्पादकीय भूमिका आ नागेन्द्र कुमार झाक संसाधन-तकनीकी सहयोगकेँ अलग पहिचानैत, पञ्जी प्रकाशन आ नव लेखकक अवसरपर चर्चा करैत छथि। एक सय शीर्षकक क्रमांकित सूची लेखकेँ प्रकाशकीय अभिलेख सेहो बनबैत अछि। आर्थिक आँकड़ा सम्पादकक रिपोर्ट कएल आँकड़ा बनल रहैत अछि।

स्रोत-टिप्पणी। विषय-सूचीमे शीर्षकक अधिक लम्बा रूप अछि। प्रकाशन-सूची एहि लेखक अभिन्न अंग, पृ. 453–464; ओहि समयक मूल्य वर्तमान प्रस्ताव नहि।

पोथी-सन्दर्भ

Ashish Anchinhaar. “पञ्जी प्रबन्ध प्रकाशन आननिहार श्रुति प्रकाशन आ नागेन्द्र कुमार झापर चर्चा.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 449–464. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 465–489

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गजेन्द्र ठाकुरसँ विस्तृत बातचीत

Munnaji, interviewer; Gajendra Thakur, respondent

मुन्नाजी साहित्यिक आरम्भ, विधा, सम्पादकीय समावेशन, प्रकाशन-संसाधन आ मान्यता सम्बन्धी प्रश्न पूछैत छथि। गजेन्द्र ठाकुर शोध, शब्दकोश, लिपि-काज आ सर्जनात्मक लेखनकेँ परस्पर सहयोगी क्रिया बतबैत आ संकलित पोथीकेँ परिवारक विविध पाठक लेल सोचल कहैत छथि। ओ सहयोगीसभक श्रेय आ व्यवहारिक सहायताक उल्लेख करैत, बन्द साहित्यिक घेरासँ बाहर प्रकाशनक पक्ष रखैत छथि। ई उत्तरदाता द्वारा अपन कार्य-पद्धतिक व्याख्या अछि; आन लेखकपर विवादास्पद निर्णय स्वतंत्र निष्कर्ष नहि।

स्रोत-टिप्पणी। उपलब्ध शीर्षक मुन्नाजीकेँ लेखक-समालोचक कहैत अछि। अन्तिम श्रेय ‘पूर्वोत्तर मैथिल’, जनवरी–मार्च 2011, आ विदेह-सदेह 33 कहैत अछि, मुदा उपलब्ध संस्करणमे बादक अद्यतन अंक-संख्या सेहो अछि।

पोथी-सन्दर्भ

Munnaji, interviewer; Gajendra Thakur, respondent. “गजेन्द्र ठाकुरसँ विस्तृत बातचीत.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 465–489. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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हस्ताक्षरित योगदान

pp. 490–499

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गजेन्द्र ठाकुरक साक्षात्कार

Ashish Anchinhaar, interviewer; Gajendra Thakur, respondent

आशीष अनचिन्हारक ई ईमेल-साक्षात्कार पहिल बातचीतकेँ नव पञ्जी आ इंटरनेट-समीक्षाक आलोकमे फेर उठबैत अछि। प्रश्न संस्था, लेखनक परिमाण, समालोचना, सम्पादकीय सहभागिता आ समानान्तर साहित्यिक धारापर केन्द्रित अछि। ठाकुर आयु वा संख्यासँ गुणवत्ता नापबाक विरोध करैत आ काज आ जीवनमे संगतिकेँ महत्वपूर्ण मानैत छथि। अन्तिम आदान-प्रदान एक साहित्यिक आयोजनक वर्गीकरणपर विवाद करैत अछि; ई उत्तरदाताक विवादित विवरण अछि, स्वतंत्र रूपसँ निर्णयित इतिहास नहि।

स्रोत-टिप्पणी। शीर्षक स्पष्ट रूपसँ कहैत अछि जे आशीष अनचिन्हार ई साक्षात्कार ईमेलद्वारा लेने छथि।

पोथी-सन्दर्भ

Ashish Anchinhaar, interviewer; Gajendra Thakur, respondent. “गजेन्द्र ठाकुरक साक्षात्कार.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 490–499. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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सहायक सामग्री

pp. 502–523

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परिचय, ग्रन्थसूची आ फोटो-शीर्षक

Editorial compilation; no separate byline

ई परिशिष्ट जीवनीपरक सन्दर्भ आ मौलिक लेखन, अनुवाद, लिपि-संस्करण, श्रव्य-संसाधन तथा संयुक्त सम्पादनक आधारपर वर्गीकृत ग्रन्थसूची दैत अछि। ई बुझबैत अछि जे समग्र खण्डक भीतरक अलग रचनाकेँ अलग सूची-संख्या किएक भेटि सकैत अछि आ पञ्जी सामग्रीक स्कैनिंग-सूचीकरणमे प्रीतिक योगदानक श्रेय दैत अछि। पारिवारिक आभार आ फोटो-शीर्षक सूचीसभक संग अछि। सार एहि भागक ग्रन्थसूचीगत काज बचबैत अछि, मुदा ऐतिहासिक सूचीकेँ वर्तमान पूर्ण सूची मानि नहि लैत।

पोथी-सन्दर्भ

Editorial compilation; no separate byline. “परिचय, ग्रन्थसूची आ फोटो-शीर्षक.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 502–523. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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Summary prepared for the Videha Literary Atlas with AI assistance, 13 September 2026. It is not a text signed by the article’s author.

सहायक सामग्री

pp. 524–527

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समापन-विचार आ योगदानकर्तासभक परिचय

Ashish Anchinhaar (editorial material)

समापनक लोकगीत-रूपक दम्पतिक काजकेँ आगाँक पीढ़ी धरि चलबाक कल्पना करैत अछि। तकर बाद जोड़ल योगदानकर्ता-नाम, मुद्रित पाठक लेल लिंकक सीमा, आ भविष्यमे लिंक टूटि सकबाक सम्भावना बुझाओल गेल अछि। सम्पादकक छोट परिचय खण्डक श्रेय-पृष्ठ पूरा करैत अछि। ई पन्ना सम्पादकीय समापन आ श्रेय-पहिचानक मार्गदर्शिका अछि, नव समालोचनात्मक लेख नहि।

पोथी-सन्दर्भ

Ashish Anchinhaar (editorial material). “समापन-विचार आ योगदानकर्तासभक परिचय.” In प्रीति कारण सेतु बान्हल, edited by Ashish Anchinhar, pp. 524–527. Supplied English PDF: Preeti Karan English Playbook.pdf; publication year not established.

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ई सन्दर्भ जाहि संस्करणपर आधारित अछि

प्रीति कारण सेतु बान्हल

सम्पादक Ashish Anchinhar. 531 PDF पृष्ठ। The title page uses Ashish Anchinhar; signed contributions use Ashish Anchinhaar. No English translator credit or publication year was identified in the supplied front matter.

देखल फाइल: Preeti Karan English Playbook.pdf. साइट-स्वामी द्वारा उपलब्ध; सन्दर्भ एहि अंग्रेजी संस्करणक अछि, स्वतंत्र सत्यापित ऑनलाइन प्रतिरूपक नहि। पृष्ठ-सन्दर्भ आरम्भिक सामग्री सहित PDF पृष्ठ गनैत अछि; साझा सीमा-पृष्ठपर एक योगदानक अन्त आ दोसरक आरम्भ दुनू रहि सकैत अछि।

संस्करण-पहिचान आ कवरेज

SHA-256: 2e6d5be0bbd7c1b755bc4b9ee506ec9b13e2557450d42bc202fe5bea80fa79d6

2,654,088 bytes. Title pages and article boundaries were checked in the supplied PDFs. Main contributions are counted separately from editorials and appendices. Front matter and section dividers occupy pp. 1–9, 38, 80 and 130. Pages 500–501 and 528–531 contain no extracted article text. Repeated contributors have separate entries for their separate contributions.

ई AI-सहायित मैथिली सार उपलब्ध अंग्रेजी PDF मे नामित योगदानकर्तासभक तर्क संक्षेप करैत अछि। मूल लेखकसभ ई सार नहि लिखने छथि; कोनो नामित मानवीय सम्पादकीय समीक्षा दर्ज नहि अछि। श्रेय देब प्रत्येक ऐतिहासिक दावा, प्राथमिकता-दावा वा वर्णित घटनाकेँ सत्य प्रमाणित नहि करैत। मैथिली मूलसँ अंग्रेजी अनुवादक निष्ठाक स्वतंत्र मिलान नहि कएल गेल अछि।

आगाँ पढ़ू: सेतुशम: जीवन्त मैथिली →

सत्यापित रिपॉजिटरी संस्करण

मूल मैथिली सम्पादक: Ashish Anchinhar

मैथिली मूलक सम्पादन Ashish Anchinhar द्वारा; अंग्रेजी अनुवाद गजेन्द्र ठाकुर द्वारा।

स्थायी अध्याय-पृष्ठ

सभ सम्पादकीय, हस्ताक्षरित योगदान आ सहायक सामग्रीक स्वतंत्र, उद्धरण-योग्य पृष्ठ अछि, जाहिमे विस्तृत विवरण आ रिपॉजिटरी प्रमाण देल अछि।

  1. पहिने गणेशक पद गाओल गेल… — सम्पादकीयAshish Anchinhaar
  2. प्रस्तुति: वैशिष्ट्य आ योगदानAshish Anchinhaar
  3. पन्ना पलटैत, गामक निर्देशक: के.एन.टी.Siyaram Jha ‘Saras’
  4. प्रीति ठाकुरक ‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’Dr. Shefalika Verma
  5. गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथाProf. Veena Thakur
  6. ‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’ आ ‘मैथिली चित्रकथा’Dr. Raman Jha
  7. गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथाShiv Kumar Jha ‘Tillu’
  8. प्रीति ठाकुरक दुनू चित्रकथा-पोथीपर एक दृष्टिDharendra Kumar
  9. बालक लेल सुन्दर चित्रकथाDurganand Mandal
  10. मैथिली चित्रकथाShiv Kumar Jha ‘Tillu’
  11. मिथिलाक लोकदेवताShiv Kumar Jha ‘Tillu’
  12. मैथिली चित्रकथाक आरम्भिक इतिहास (2002 सँ 2016)Ashish Anchinhaar
  13. प्रीति ठाकुरसँ साक्षात्कारPreeti Thakur; interviewed by Ashish Anchinhaar
  14. विदेह डिजिटल पुस्तकालय: पढ़निहार आ अध्ययनशील लोकक लेल वरदानKalpana Jha
  15. मैथिली डिजिटल पत्रकारिताक प्रवर्तक: गजेन्द्र ठाकुरKirtinath Jha
  16. मैथिलीक इंटरनेट-पुरुष: गजेन्द्र ठाकुरLal Dev Kamat
  17. पञ्जी-साहित्यमे गजेन्द्र ठाकुरक योगदानBinayanand Jha
  18. पञ्जी प्रबन्ध की अछि?Jagdish Chandra Thakur ‘Anil’
  19. दूषण पञ्जी: मैथिली संस्कृतिक लेल गजेन्द्र ठाकुरक सार्वजनीन योगदानDr. Kailash Kumar Mishra
  20. मिथिलाक पञ्जी आ ओकर संरक्षणमे श्री गजेन्द्र ठाकुरक प्रयासBhavanath Jha
  21. सौजन्य-मूर्ति श्री गजेन्द्र बाबूBhimnath Jha
  22. गजेन्द्र ठाकुर: मिथिलाक धरोहरक संरक्षकDr. Shiv Kumar Mishra
  23. गजेन्द्र ठाकुरक मैथिली–अंग्रेजी, अंग्रेजी–मैथिली आ अंग्रेजी–मैथिली कम्प्यूटर शब्दकोशपरUday Narayan Singh ‘Nachiketa’
  24. हमर दृष्टिमे श्री गजेन्द्र ठाकुरPranav Kumar Jha
  25. मिथिला मिहिर आ विदेह वेब पत्रिकाLakshman Jha ‘Sagar’
  26. मैथिली पत्रिकामे विशेषांक: व्यक्ति-केंद्रित विशेषांकक विशेष सन्दर्भShivshankar Srinivas
  27. मैथिलीक लेल श्री गजेन्द्र ठाकुरजीक अमूल्य योगदान: विदेह ई-पत्रिकाRabindra Narayan Mishra
  28. विदेह आ गजेन्द्रDhanakar Thakur
  29. मैथिली साहित्यक साधक-उपासक श्री गजेन्द्र ठाकुरDr. Yoganand Jha
  30. गजेन्द्र ठाकुरक ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’Uday Narayan Singh ‘Nachiketa’
  31. गजेन्द्र ठाकुर आ हुनक उपन्यासAshok
  32. सहस्रबाधनी: हमर दृष्टिमे—किछु टिप्पणीArvind Thakur
  33. ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ लेल एक पत्र: पत्र-शैलीमे समीक्षाRajdeo Mandal
  34. कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनकShiv Kumar Jha ‘Tillu’
  35. मैथिली बाल-कविताक धाराProfessor Premshankar Singh
  36. सामाजिक असमानताक तह धरि पहुँचैत कथाAbha Jha
  37. साहित्यकार गजेन्द्र ठाकुर: व्यक्तित्व आ कृतित्वAcharya Ramanand Mandal
  38. मैथिलीक सच्चा सेवक: श्री गजेन्द्र ठाकुरजीAjit Kumar Jha
  39. मैथिली वेब पत्रकारिताकेँ नव आयाम देनिहार गजेन्द्र ठाकुरMukesh Dutt
  40. पञ्जी प्रबन्ध प्रकाशन आननिहार श्रुति प्रकाशन आ नागेन्द्र कुमार झापर चर्चाAshish Anchinhaar
  41. गजेन्द्र ठाकुरसँ विस्तृत बातचीतMunnaji, interviewer; Gajendra Thakur, respondent
  42. गजेन्द्र ठाकुरक साक्षात्कारAshish Anchinhaar, interviewer; Gajendra Thakur, respondent
  43. परिचय, ग्रन्थसूची आ फोटो-शीर्षकEditorial compilation; no separate byline
  44. समापन-विचार आ योगदानकर्तासभक परिचयAshish Anchinhaar (editorial material)