PREETI × GAJENDRATHE VIDEHA LITERARY ATLAS

समालोचना-अध्याय · G20

‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’ लेल एक पत्र: पत्र-शैलीमे समीक्षा

Rajdeo Mandal

विस्तृत विवरण

राजदेव मण्डल पेशेवर समालोचकक अधिकार दावा कए बिना सजग पाठकक रूपमे संग्रहक विभिन्न विधामे घूमैत छथि। ओ लोककथाक पुनरुद्धार, नाटकक संक्षिप्त संवाद, असमानतापर कथा, उपन्यासक दैनिक भाषा आ बाल-कविताक जिज्ञासा सराहैत छथि। खास उदाहरण हुनक प्रतिक्रियाकेँ सामान्य अभिनन्दनसँ अलग बनबैत अछि। महाकाव्य-सदृश शीर्षक बुझबामे कठिनाइ स्वीकार करैत ओ एहि बातकेँ मूल्यवान मानैत छथि जे भिन्न पाठक एकहि संग्रहमे भिन्न लेखन-रूप पाबि सकैत छथि।

ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।

स्रोत-टिप्पणी. स्रोत 7 अप्रैल 2012 क विदेह-संचालित ‘मैथिली समालोचना’ ब्लॉग प्रकाशनक उल्लेख करैत अछि।

स्रोत-संस्करण आ प्रमाण

रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗

मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 360–382 अछि।

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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗