समालोचना-अध्याय · EDITORIAL
गणपति-वन्दना — सम्पादकीय
Ashish Anchinhaar
विस्तृत विवरण
आशीष अनचिन्हार सामवेदीय स्तुतिक माध्यमसँ ‘सेतुशम’क सेतु-रूपक समझबैत आ ओकरा साहित्यिक जीवनक नैतिक बाधासँ जोड़ैत छथि। ओ दोसर खण्डकेँ पहिल खण्डक पूरक बतबैत छथि, जाहिमे अधिकतर अलग योगदानकर्तासँ नव लेख लिखाओल गेल। सात वन्दना प्रस्तुति-संरचना बनबैत अछि। भूमिका एखनहुँ अनछुअल विषय स्वीकार करैत आ सुधारक स्वागत करैत अछि; वैदिक व्याख्या आ साहित्यिक क्षेत्रक विवरण सम्पादकक अपन फ्रेम अछि।
ई पोथीक सम्पादकीय रूपरेखा आ प्रसंग-सामग्री धाराक सम्पादकीय रूपरेखा अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।
स्रोत-संस्करण आ प्रमाण
रिपॉजिटरी स्रोत: SETUSHAM.pdf ↗
मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 11–38 अछि।
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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_SETUSHAM.pdf ↗